0 कोटा से लौटे 350 छात्रों ने सुनाई आपबीती : दिन तो किसी तरह कट जाता था, लेकिन रात होते ही बहुत रोते थे कि अब क्या होगा By Published On :: Thu, 07 May 2020 23:30:00 GMT लॉकडाउन में फंसे कोटा से गुरुवार को सीतामढ़ी पहंुचे 350 विद्यार्थियों ने परिवार के सदस्यों से मिलकर आपबीती बताई। छात्रों ने बताया कि लॉकडाउन में कोटा का इंस्टीच्यूट जब बंद हो गया और भोजन पानी की संकट सामने आई, तो महसूस होने लगा कि किसी भी व्यक्ति के लिए घर कितना जरूरी होता है। परिवार के सदस्यों भूमिका की लकीर मन मस्तिष्क में छाया था। दिन तो किसी तरह कट जाता था लेकिन, रात को बहुत रोते थे। अब क्या होगा। क्या परिवार के सदस्यों से मिले बगैर ही कोई अनहोनी का शिकार तो नहीं हो जाएंगे। इस तरह के कई विचार मन में उथल-पुथल मचाता था। बेलाही गांव निवासी संजय कुमार सिंह के पुत्र सिद्धांर्थ व दिव्यांग ने कोटा स्पेशल ट्रेन से मुजफ्फरपुर तक पहुंचाया गया। लेकिन, मुजफ्फरपुर से सीतामढ़ी पहुंचने में मशक्कत करनी पड़ी। किसी भी प्रकार बुधवार की देर रात बस से सीतामढ़ी लाया गया। कहा कि वह कोटा में रहकर मेडिकल की तैयारी करता था। घर पहुंचते ही पहले धरती माता को प्रणाम करते हुए ईश्वर को शुक्रिया किया। गहरी सांस लेते हुए कहा-सही सलामत घर तक पहुंच गए। परिवार के सदस्यों से कहा- लॉकडाउन में जब इंस्टीच्यूट बंद हो गया तो कुछ दिन घर में रहकर ही बिताया। लेकिन, जब भोजन पानी की समस्या हुई तो घर की याद आने लगी। गोशाला निवासी धर्मेंद्र कुमार के पुत्र विकास कुमार, मुकेंद्र साह के पुत्र शिवम कुमार व उदय साह के पुत्र रोहित कुमार ने कहा- घर वापसी के लिए हर किसी से पैरवी किया करते थे। जब लौटने के लिए कोई रास्ता नजर नहीं आया तो शांत होकर मन को दिलाश दिया करते थे। भोजन पानी की समस्या तो थी लेकिन, मन विचलित होता था। फिर परिवार के सदस्यों से मोबाइल पर बात किया करते थे। मां-पिता फोन पर हर रोज दिलासा दे रहे थे कि अब बहुत जल्द घर वापसी की व्यवस्था कर रहे है। लेकिन हर रोज निराश होते थे। पिताजी से अधिक बात इसलिए शेयर नहीं करते थे कि परिवार के सदस्य को अनावश्यक चिंता नहीं हो। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today कोटा से सीतामढ़ी आने के बाद अपने घर को बाहर खड़े होकर प्रणाम करते छात्र। Full Article
0 शिवहर में पति-पत्नी के बाद 10 साल का बेटा भी निकला कोरोना पॉजिटिव By Published On :: Thu, 07 May 2020 23:30:00 GMT जिले में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है। तीनों एक ही परिवार के है। तीनों फेनहारा के युवक के संपर्क में आए थे। अभी इस परिवार के तीन सदस्यों की जांच रिपोर्ट आना बाकी है। वैसे फेनहारा के युवक की जांच रिपोर्ट अभी निगेटिव है। वहीं तीन मामले की पुष्टि होने के बाद प्रशासनिक महकमे में चिंता बढ़ है। जानकारी के अनुसार, शिवहर स्थित नाबाव उच्च माध्यमिक स्कूल स्थित क्वारेंटाइन सेंटर में रह रहे एक ही परिवार के तीसरा व्यक्ति 10 वर्षीय एक बालक भी कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। गत 18 अप्रैल को जिले के शिवहर प्रखंड के एक गांव के कैंसर मरीज के साथ चार लोग मुंबई से शिवहर आए थे। जिसमंे मोतिहारी के फेनहारा का एक व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव पाया गया था।हालांकि उसकी दूसरी व तीसरी जांच रिपोर्ट निगेटिव पाई गई है, लेकिन इसके संपर्क में आने वाले एक ही परिवार के तीन व्यक्ति में कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। पहले कैंसर पीड़ित व्यक्ति की पहली जांच रिपोर्ट निगेटिव पाई गई। बाद में 3 मई को उनकी दूसरी जांच रिपोर्ट पॉजिटिव मिली थी। इसके बाद कैंसर पीड़ित उक्त कोरोना पॉजिटिव मरीज को अाइसोलेशन केंद्र में भेज दिया गया। गत 6 मई को उसकी पत्नी की जांच रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव पाई गई। इसके बाद 7 मई को आई रिपोर्ट में कैंसर पीड़ित दंपत्ती के 10 साल के बेटे में भी कोरोना पॉजिटिव पाया गया। इसके बाद सभी कोराेना पॉजिटिव मरीज को आइसोलेशन केंद्र में भेज दिया गया है। इस परिवार के तीन अन्य सदस्य का जांच रिपोर्ट आना शेष है।संपर्क में आने वाले 51 व्यक्तियों को किया गया है क्वारेंटाइनमोतिहारी जिले के फेनहारा गांव निवासी एक युवक का पहले जब कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आया था, उसके बाद बाद प्रशासन ने जिले के गढ़वा व सुगिया गांव को सील कर दिया। हालांकि उक्त मरीज का दूसरा व तीसरा रिपोर्ट भी निगेटिव आया है। लेकिन, इसके संपर्क में आने वाले कुल 51 व्यक्तियों को क्वारेंटाइन किया गया है। इसमें सुगिया के 41 व गढ़वा के 10 व्यक्ति शामिल है। इस बीच गांव में पुलिस की चौकसी बढ़ा दी गई है।दूसरे राज्यों से आए 6 लोगों को भेजा गया घरडुमरा | कोरोना संक्रमण को लेकर हुए लॉकडाउन के कारण बाहर फंसे लोगों को सरकार द्वारा स्पेशल ट्रेन से जिला तक लाने की व्यवस्था की गयी है। इसी बीच ट्रेन से आयी एक परिवार में महिला, उसका पति एवं दो बच्चा शामिल था। जिसे घर जाने के लिये प्रशासनिक स्तर पर कोई पहल नहीं की गयी थी। इस कारण उस परिवार के लोगों को स्टेशन परिसर में दो घंटा तक इंतजार करना पड़ा। इसकी जानकारी मिली तो उक्त परिवार के बारे में सदर एसडीओ कुमार गौरव एवं एसएन मिश्रा को दी गयी।जो भी मरीज मिले हैं, वो मुंबई से आए थेतीसरा मरीज कोरोना पॉजिटिव मिला है। इससे घबराने की कोई बात नहीं है। अभी तक जिले में जो भी मरीज मिला है, वे सभी दूसरे प्रदेश मुम्बई से आये थे। इसके संपर्क में आने वाले व्यक्ति के दोंनों गांव को सील कर दिया गया है। चिन्हित लोगों की जांच की जा रही है।- अवनीश कुमार सिंह, डीएम, शिवहर।कैंसर पीड़ित एक व्यक्ति कोराेना पॉजिटिव मिला था। इसके बाद उसकी पत्नी व 10 वर्षीय पुत्र भी कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। इनको आइसोलेशन केंद्र में रखा गया है। परिवार के अन्य तीन सदस्यों का जांच रिपोर्ट आना बाकी है।- डॉ. धनेश कुमार सिंह, सिविल सर्जन, शिवहर। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today शिवहर के गढ़वा गांव की सीमा पर मुस्तैद पुलिस और स्वाथ्य कर्मी। Full Article
0 महाराष्ट्र से आए 1006 मजदूर व छात्र हुए क्वारेंटाइन By Published On :: Thu, 07 May 2020 23:30:00 GMT कोरोना संक्रमण को लेकर लॉकडाउन में फंसे महाराष्ट्र के नंदुरबार से गुरुवार को स्पेशल ट्रेन से महाराष्ट्र से 1006 लोगों को अररिया लाया गया। जिसमें मजदूर और छात्र शामिल हैं। अररिया स्टेशन पहुंचने पर उनके बेहतर सुविधा को लेकर रेलवे स्टेशन परिसर में संचालित विभिन्न गतिविधियों का जायजा लेते हुए जिला पदाधिकारी प्रशांत कुमार सीएच एवं पुलिस अधीक्षक धुरत शायली ने जरुरी निर्देश दिए। जिसमें सामजिक दूरियों पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई। जिले के हर प्रखंड के लिय़े अलग अलग काउंटर अररिया रेलवे स्टेशन परिसर में बनाये गए हैं। मजदूर एवं छात्रों के पहुंचने के बाद स्टेशन पर तैनात अधिकारी व डाक्टरों की टीम ने स्क्रीनिंग की।21 दिनाें के बाद ही जा पाएंगे घर ट्रेन से उतरे प्रवासियों के चेहरे पर घर लौटने की खुशी देखी गई। स्क्रीनिंग के बाद अलग-अलग बसों से उन्हें उनके प्रखंड मुख्यालय में बने क्वारंटाइन सेंटर में भेज दिया गया, जहां वे 21 दिनों तक रहेंगे। इसके बाद ही अपने परिवार से मिल पाएंगे। ट्रेन से उतरने वालाें में बांका, किशनगंज, भागलपूर जिले के लोग भी शामिल थे। उनके गृह जिला भेजने के लिए बसों की व्यवस्था की गई थी। इनके अाने के पहले पहले स्टेशन परिसर को भी सैनिटाइज किया गया । Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today आरएस स्टेशन में ट्रेन पहुंचने का इंतजार करते पुलिस पदाधिकारी। Full Article
0 40 किलोमीटर की रफ्तार के साथ हुई बारिश ने बढ़ाई किसानाें की परेशानी By Published On :: Thu, 07 May 2020 23:30:00 GMT जिले में गुरुवार को 40 किलोमीटर प्रतिघंटा के रफ्तार से चली तेज हवा के कारण कुछ देर आंधी आ गई। इस दौरान 1.4 मिलीमीटर की बारिश भी हुई। तेज हवा चलने के कारण शहर के कई जगहों पर लगे सरकारी बैनर होर्डिंग भी टूटकर बिखर गए। जबकि कई जगहों पर कुछ बृक्षों के गिरने से आसपास के आशियाने भी क्षतिग्रस्त हो गए। अपराह्न के करीब पौने तीन बजे आई आंधी से शहर के खरैहिया बस्ती वार्ड संख्या 10 के अरुण झा के घर पर एक आम का पेड़ गिरा गया। पेड़ गिरने के कारण घर पूरी तरह ध्वस्त हो गया। इसी तरह शहर के कई मोहल्लों में फुस घर के टिन का छत उड़ गया। जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। गुरुवार को सुबह से काफी उमस भरी गर्मी पड़ रहा था। जिससे लोग काफी हलकान महससुस कर रहे थे। तेज रफ्तार से हवा बहने के कारण लोगों ने ठंड महसूस किया। लोगों ने गर्म कपड़े पहन पड़े। तेज रफ्तार की हवा के साथ हुई बारिश ने किसानाें ने परेशानी बढ़ा दी। मकई की फसल काटने के पूर्व ही खेताें में धराशायी हाे गए। अचानक मौसम में बदलाव और तेज रफ्तार की हवा बहने के कारण आम के बगीचों में काफी मात्रा में छोटे छोटे आम टूटकर गिर गया, जिससे आम के व्यापारियों को काफी नुकसान पहुंचा है। तेज रफ्तार की हवा बहने से किसान के खेत में लगे मकई के पौधों को काफी नुकसान हुआ है। खेत में लगी मकई के पौधे बीच से ही टूटकर खेताें में गिर गए। जिससे किसान एक बार फिर सकते में आ गई है। मकई की खेती करने वाले किसान संजय सिंह, मो मोईन, सुधीर विश्वास ने बताया कि इस वर्ष बार बार तेज आंधी तूफान आने के कारण हम किसान काफी चिंतित हैं। लॉक डाउन में सब कार्य बाधित हो गया है और खेत में लगी मकई की पौधे भी टूटकर गिर गया। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today तेज हवा से गिरा आम का वृक्ष और घर। Full Article
0 तेलंगाना के लिंगमपल्ली से 1250 प्रवासियों को ले श्रमिक ट्रेन पहुंची बांका, की गई लोगों की स्क्रीनिंग By Published On :: Thu, 07 May 2020 23:30:00 GMT लॉकडाउन के दौरान तेलंगाना राज्य के लिंगमपल्ली से जिले के 1250 श्रमिकों/व्यक्तियों को लेकर विशेष श्रमिक ट्रेन गुरुवार को अपराह्न 5.15 बजे बांका जक्शन पहुंची। सभी श्रमिको/व्यक्तियों का स्टेशन पर पंजीकरण एवं मेडिकल जांच कराने के पश्चात बस से उनके संबंधित प्रखंड के क्वारेंटाइन सेंटर में भेजा गया। विशेष रेलगाड़ी से आए लोगों को बांका जंक्शन पर सुरक्षित उतारने एवं क्वारेंटाइन सेंटर में भेजने हेतु स्टेशन परिसर में दण्डाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी/पुलिस बल की प्रतिनियुक्त थे। इधर बांका डीएम सुहर्ष भगत ने बताया कि शुक्रवार को भी एक स्पेशल ट्रेन प्रवासियों को लेकर तेलंगाना से बांका आएगी। जिनकी स्क्रीनिंग कर क्वारेंटाइन सेंटर में भेजा जाएगा।लिंगमपल्ली से विशेष श्रमिक रेलगाड़ी द्वारा आनेवाले व्यक्तियों को स्टेशन के मेनगेट से संबंधित प्रखंड के लिए चिन्ह्ति बसों में भी बैठाने की व्यवस्था दण्डाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारियों ने की। इधर गुरुवार अपराह्न 3 बजे डीएम एवं एसपी अरविंद कुमार गुप्ता द्वारा बांका जंक्शन पर स्थित दण्डाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी, मेडिकल टीम को संयुक्त ब्रिफ्रिंग में दायित्व पूरा करने का निर्देश दिया।दोनों वरीय पदाधिकारी ने कहा कि सभी अपने कर्तव्य का निष्ठा के साथ पालन करेंगे। रेलगाड़ी से आने वाले किसी भी मजदूरों को परेशानी न हो। इसके अलावे सोशल डिस्टेंसिंग का पूर्ण रूपेण पालन किया जायेगा।जंक्शन पर की गई थी नाश्ते और पेयजल की व्यवस्थारेलगाड़ी से आने वाले मजदूरों के लिए रजिस्ट्रेशन काउन्टर, सैनिटाइजर, मास्क, पीने का पानी, अल्पाहार देने का काउन्टर अलग-अलग बनाया गया था। जिले के प्रवासी श्रमिकों के विशेष ट्रेन द्वारा बांका जिला में आगमन के पश्चात स्क्रीनिंग/मेडिकल जांच हेतु आवश्यक संख्या में मेडिकल टीम की प्रतिनियुक्ति सभी चिकित्सीय उपकरणों के साथ बांका जंक्शन पर की गयी थी। सभी बसों एवं वाहनों के सेनेटाईजेशन हेतु सभी आवश्यक व्यवस्था करायी गयी थी। इसके अलावा श्रमिकों के लिए अल्पाहार एवं पेयजल की व्यवस्था की गई थी।प्रवासी का किया गया रजिस्ट्रेशन और स्क्रीनिंगबांका जक्शन पर ट्रेन पहुंचने के पश्चात सभी श्रमिकों को कतारबद्ध कर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए सभी प्रवासी का रजिस्ट्रेशन किया गया एवं सभी का स्क्रीनिंग किया गया। इसके आलावे प्रवासी लोगों को अल्पाहार, पानी, मास्क का वितरण करते हुए संबंधित प्रखंड के क्वारेंटाइन सेन्टर के लिए संबंधित प्रखंड के लिए निर्धारित बसों से रवाना किया गया। प्रखंड क्वारेंटाइन सेन्टर में 21 दिन रखने के बाद प्रवासी में कोरोना वायरस के कोई लक्षण नहीं पाये जाने पर उन्हें अपने घरों के लिए भेज दिया जाएगा। बांका जिले के 11 प्रखंडों के लिए कुल 50 बस की व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा की गयी थी।बंगलाैर से पहुंचे 81 मजदूर काे किया गया क्वारेंटाइनकटोरिया | देश के विभिन्न प्रदेश से कटोरिया क्षेत्र में प्रवासियों के आने का सिलसिला जारी है। गुरुवार को बंगलौर से 81 मजदूर, छात्र व अन्य प्रवासी लोगों कटोरिया पहुंचे। गुरुवार को संध्या पांच बजे तक कोरेनटाइन सेंटरों पर प्रवासियों की संख्या कुल 137 थी। जिसमें से एक सौ को कटोरिया हाई स्कूल व 37 बाजार के सुईया रोड स्थित कांवरिया धर्मशाला में बनाये गए कोरेनटाइन सेंटर में रखा गया है। इधर प्रवासियों के लिए कटोरिया में प्रशासन द्वारा दुरुस्त व्यवस्था की गई है। कटोरिया इंटरस्तरीय उच्च विद्यालय स्थित कोरेंटाइन सेंटर में मजिस्ट्रेट के के साथ-साथ रेफरल अस्पताल की चिकित्सा टीम तैनात है। केंद्र पर वार्ड में बेड के बीच पर्याप्त दूरी रखी गई है। इधर कांवरिया धर्मशाला स्थित सेंटर पर व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जा रहा है।सोशल डिस्टेंसिंग के साथ सभी लोगों को भेजा गया क्वारेंटाइनबांका जिला के विभिन्न प्रखंडों के प्रवासी मजदूरों को लेकर आयी स्पेशल ट्रेन से उतरते ही सभी लाेगों का थर्मल स्क्रीनिंग किया गया। ट्रेन के स्टेशन पर रूकते ही सभी यात्रियों को कोच में ही रहने का निर्देश दिया गया। सभी लोगों को एक-एक कर गोल घेरे में रखकर उनका स्क्रीनिंग किया गया। जिसके बाद सभी लोगों को संबंधित प्रखंड के गाड़ी में बैठाकर क्वारेंटाइन सेंटर में भेज दिया गया। जिला प्रशासन ने सभी लोगों को संबंधित प्रखंड के क्वारेंटाइन सेंटर में पहुंचाने के लिए 50 गाड़ियों की व्यवस्था की गयी थी। सोशल डिस्टेंसिंग के साथ सभी लोगों को बस में बैठाकर क्वारेंटाइन सेंटर में भेज दिया गया।बिना किराया लिए ही प्रवासी मजदूरों को भेजा गृह जिलाजिले के कुल 1248 लोग तेलांगाना से ट्रेन के माध्यम से बांका जंक्शन पहुंचे। प्रवासी मजदूरों ने बताया कि उनसे बिना किराये लिये ही यहां तह पहुंचाया गया। शंभूगंज व अमरपुर के प्रवासी मजदूर ने बताया कि वह बुधवार को सुबह 6 बजे सिकंदराबाद स्टेशन से ट्रेन में चढ़े। जहां उन्हें चावल दाल खाने में दिया गया। रास्ते में खाना पीना का भी व्यवस्था की गयी थी। लेकिन दूसरे दिन उन्हें आसनसोल में सुबह 6 बजे बिस्कुट, पाव रोटी नाश्ते में दिया गया। जिसके बाद पूरा दिन उन्हें कुछ खाने में नहीं दिया गया। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today थर्मल स्क्रीनिंग के बाद प्रखंड के लिए जाते प्रवासी। प्रवासी के बाद निकलने के बाद जायजा लेते एसपी व डीएम। Full Article
0 बाहर से आए 30 लोगों को किया गया क्वारेंटाइन, जरूरी चीजें कराईं मुहैया By Published On :: Thu, 07 May 2020 23:30:00 GMT बाहर से आए हुए लोगों को थर्मल स्क्रीनिंग कराने के बाद प्रखण्ड मुख्यालय स्थित उच्च विद्यालय गोड़ारी व स्थानीय बाजार स्थित मध्य विद्यालय काराकाट में बनाए गए क्वारेंटाइन सेंटर में वेलकम किट के साथ भेज दिया गया। बुधवार के शाम से लेकर गुरुवार तक कुल 30 लोगों को प्रशासनिक अधिकारियों के सहयोग से क्वारेंटाइन सेंटर लाए गए थे। बीडीओ प्रशांत कुमार के अनुसार क्वारेंटाइन में रहने वालों की संख्या 142 है।इसमें सबसे अधिक उच्च विद्यालय गोड़ारी में कुल 85 व मध्य विद्यालय काराकाट में 15 लोग स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। बाकी के लोग मध्य वि. गोड़ारी, मध्य वि. बुढ़वल, एपीएस पब्लिक स्कूल बुढ़वल सहित विभिन्न पंचायतों में बनाए गए केंद्रों पर क्वारेंटाइन हैं । तेलंगना, केरल, मध्यप्रदेश, गुजरात, हरियाणा व यूपी से आने वाले लोगों का थर्मल स्क्रीनिंग कराने के बाद आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराया गया ।साथ ही स्वास्थ्य सुधार के लिए परामर्श देते हुए 21 दिनों तक क्वारेंटाइन रहने की सलाह दी गई है।डीएम-एसपी ने किया सेंटर का निरीक्षणसंझौली मेंप्रखंड मुख्यालय स्थित के के उच्च विद्यालय क्वारेंटाइन सेंटर का निरीक्षण डीएम व एसपी ने किया। डीएम पंकज दीक्षित एवं एसपी सत्यवीर सिंह ने क्वारेंटाइन सेंटर में रह रहे प्रवासी लोगों से पूछा कि आपको यहां पर कोई परेशानी तो नहीं है। प्रवासी मजदूरों से कई सवाल पूछते हुए वहां पर उपस्थित बीडीअाे कुमुद रंजन, सीओ आशीष कुमार, थानाध्यक्ष को निर्देशित किया की किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए इन लोगों को।कहा- सेंटर में किसी को नहीं हो परेशानीसंझौली में प्रखंड मुख्यालय स्थित के के उच्च विद्यालय क्वारेंटाइन सेंटर का निरीक्षण डीएम, एसपी ने किया। डीएम पंकज दीक्षित एवं एसपी सत्यवीर सिंह ने क्वारेंटाइन सेंटर में रह रहे प्रवासी लोगों से पूछा कि आपको यहां पर कोई परेशानी तो नहीं है। प्रवासी मजदूरों से कई सवाल पूछते हुए वहां पर उपस्थित बीडीओ कुमुंद रंजन, सीओ आशीष कुमार, थानाध्यक्ष को निर्देशित किया कि किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
0 मनरेगा के तहत काम में प्रथम फेज में 500 मजदूरों को काम By Published On :: Thu, 07 May 2020 23:30:00 GMT सभी पंचायतों में मनरेगा के तहत काम शुरू होगया है।प्रथम फेज में500मजदूर लगाए गए हैं। पाइन की खुदाई एवं निजी पोखर की खुदाई का काम हो रहा है। कोरोना वायरस संक्रमण को देखते हुए सोशल डिस्टेंस का पालन किया जा रहा है। सभी मजदूरों को मास्क दिया गया है।मास्क लगाकर ही मजदूर काम कर रहे हैं।बीडीओराकेश कुमार ने बताया कि राजगीर प्रखंड के सभी पंचायतों में मनरेगा के तहत काम शुरू करदिया गया है। 500मजदूरों को लगाया है।प्रतिदिन194 रुपयाके हिसाब सेभुगतान किया जायेगा।प्रत्येक सप्ताहमजदूरों केखाते में राशिभेजदी जाएगी। उन्होंने कहा कि दूसरे प्रदेश से आने वाले मजदूरों का भी सर्वे किया जा रहा है। अब उनका मेडिकल प्रक्रिया होने के बाद इच्छुक होंगे तो मनरेगा के तहत काम दिया जाएगा। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 500 laborers in first phase of work under MNREGA Full Article
0 स्पेशल ट्रेन से 17 घंटे का सफर तय कर बिहारशरीफ पहुंचे कोटा में फंसे 1064 छात्र, एक भी संदिग्ध नहीं By Published On :: Thu, 07 May 2020 23:30:00 GMT लॉकडाउन की मजबूरी और कोरोना संक्रमण के भय के बीच राजस्थान के कोटा में फंसे 1064 छात्र-छात्राओं का जत्था गुरुवार को करीब 17 घंटे का सफर तय कर बिहारशरीफ पहुंचा। दोपहर 2 बजकर 18 मिनट पर स्पेशल ट्रेन बिहारशरीफ स्टेशन पर रूकी। ट्रेन रूकते ही स्टेशन पर मौजूद लोगों ने स्वागत किया। सबसे पहले बिहारशरीफ के विद्यार्थियों को ट्रेन से एक-एक कर उतारा गया और स्क्रीनिंग करायी गयी। बिहारशरीफ रेलवे स्टेशन पर बनाए गए 23 सुविधा काउंटरों पर सभी विद्यार्थियों की थर्मल स्क्रीनिंग की गयी।वहां मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों ने सभी को होम क्वारान्टीन की हिदायत दी। साथ ही वहां मौजूद शिक्षक सभी छात्रों को आरोग्य सेतु एप लोड करने को बोल रहे थे। साथ ही कर्मियों द्वारा छात्रों के फॉर्म को भी चेक किया जा रहा था और जिन छात्रों के पास फॉर्म उपलब्ध नहीं थे उन्हें फॉर्म उपलब्ध कराया जा रहा था। सभी का पहले थर्मल स्कैनिंग और मेडिकल चेकअप किया गया। उसके बाद छात्रों से शपथ पत्र लिया गया। जिसमें होम क्वारान्टीन रहने की बात कही गयी थी।बच्चों को दिया नाश्ता और खाने का पैकेटसभी को नाश्ता-खाने का पैकेट और पानी का बोतल देकर स्टेशन के बाहर खड़ी बस में बैठने के लिए रवाना किया गया। नाश्ते के पैकेट में मास्क भी था। वहां से बाहर जिले के विद्यार्थी उस जिले के बैनर लगे बस में बैठे। नालंदा के विद्यार्थी संबंधित प्रखंडों के बस में बैठे। रेलवे स्टेशन पर बने गए सुविधा काउंटर पर अधिकारियों की पूरी टीम पहले से ही तैनात थी।चेहरे पर दिखी खुशी: कोटा से बिहारशरीफ़ छात्रों का जत्था पहुंचने पर छात्र-छात्राओं की खुशी देखते ही बनती थी। बिहारशरीफ की छात्रा अक्षरा ने ने बताया कि कोटा में पिछले 40 दिन जिस तरह से बीता है वह बताने में भी डर लगता है।17 घंटे बाद मिला खानाबिहारशरीफ की विद्या रौशन कृति, स्वीटी आदि ने बताया कि कोटा से बुधवार की रात 9 बजे चलने के समय खाना दिया गया था। फिर रास्ते में एक जगह मात्र बिस्कुट और पानी दिया गया। इसके बाद बिहारशरीफ में ही नाश्ता और खाना का पैकेट मिला।मेस हो गया था बंद, खाने की थी मुश्किल: सौरभ व उनके अन्य साथियों ने बताया कि दूसरे राज्यों के छात्र पहले ही चले गये थे। संख्या कम होने के कारण हॉस्टल का मेस पहले तो कुछ दिन बंद रहा, फिर अनियमित रूप से चलाया जाने लगा। कई दिन पानी व बिस्कुट खाकर रहना पड़ा। दो दिन बाद किसी तरह मैगी का इंतजाम हुआ। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 1064 students stranded in Kota after traveling 17 hours by special train to Biharsharif, not a single suspect Full Article
0 60 किमी की रफ़्तार से चली हवा, हल्की बूंदाबांदी से 0.8 मिमी बारिश 48 घंटे धूल भरी आंधी का अलर्ट By Published On :: Thu, 07 May 2020 23:30:00 GMT हिमालय क्षेत्र में उच्च दबाव और मैदानी क्षेत्र के निम्न दबाव का क्षेत्र बनने के कारण गुरुवार को मौसम में काफी ज्यादा बदलाव देखने को मिला। दोपहर 3 बजे बाद तेज रफ्तार से चली धूल भरी आंधी और हल्की बूंदाबांदी बारिश हुई।शाम पांच बजे अचानक से आसमान साफ़ हुआ। अचानक से आई तेज आंधी से शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। हाल के दिनों में लगातार आंधी और बारिश से किसानों को काफी ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गुरुवार दोपहर 3 बजे के बाद करीब 20 मिनट तक 60 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवा भी चली। हवा की रफ्तार घटने से साथ बूंदाबादी शुरू हो गई। गुरुवार को शहर का न्यूनतम तापमान 22 डिग्री दर्ज किया गया। तेज आंधी और बारिश के बाद भी तापमान में हल्की बढ़ोतरी देखने को मिली। गुरुवार को शहर का अधिकतम तापमान बुधवार के अधिकतम तापमान से 0.6 डिग्री चढ़ कर 32.6 डिग्री दर्ज किया गया। इस दौरान शहर में 0.8 मिमी बारिश भी दर्ज की गई। मौसम केंद्र पूर्णिया से मिली जानकारी के अनुसार मौसम विभाग के द्वारा अगले 48 घंटे के लिए अलर्ट जारी किया गया है।अब फिर लो प्रेशर जोन बनना शुरूपूर्णिया मौसम केंद्र के सहायक वैज्ञानिक वीरेंद्र कुमार झा ने बताया कि गुरुवार को तेज धूप निकलने के कारण से मैदानी इलाके में लो प्रेशर का क्षेत्र बना गया था। इस समय हिमालय रीजन में उच्च दवाब का क्षेत्र बना हुआ है। उन्होंने बताया कि एक बार फिर से इस इलाके में लो प्रेशर का क्षेत्र बनाना शुरू हो गया है। आने वाले 48 घंटे में फिर से धूल भरी आंधी चल सकती है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today गुरुवार दोपहर करीब तीन बजे चलने वाली धूल भरी आंधी के दौरान गुजरते लोग। Full Article
0 यात्रियों ने कहा-पूरे रास्ते खाने-पीने का नहीं था इंतजाम, भूख से बिलखते रहे बच्चे, सूरत में निजी कंपनी ने 1000 तक वसूला किराया By Published On :: Thu, 07 May 2020 23:30:00 GMT लॉकडाउन के बाद पहली बार पूर्णिया जंक्शन यात्रियों से गुलजार दिखा। सूरत से चली श्रमिक स्पेशल ट्रेन छह घंटे की देरी से गुरुवार की रात 8 बजे राज्य के विभिन्न जिलों के 1200 से अधिक श्रमिक को लेकर पूर्णिया स्टेशन पहुंची। इस ट्रेन में पूर्णिया के सिर्फ 10 प्रवासी मजदूर ही आए है। पूर्णिया जंक्शन पर पहुंचते ही यात्रियों की आंखों से आंसू टपकने लगे।यात्रियों ने बताया कि ट्रेन में उन लोगों के लिए किसी भी प्रकार के खाने पीने का इंतजाम नहीं था। रास्ते में किसी ने खाना तो दूर पानी तक के लिए भी नहीं पूछा। साथ में छोटे-छोटे बच्चे थे जो भूख से बिलखते रहे। यहां तक कि सूरत में प्राइवेट कंपनी द्वारा सूरत से पूर्णिया तक का किराया छह सौ से लेकर एक हजार तक वसूला गया। अधिकांश यात्रियों का कहना था कि ट्रेन में ज्यादा यात्री पटना और उसके आस-पास के जिले के थे। ऐसे में ट्रेन को किसी ऐसे स्टेशन पर रोकना था, जहां से उन्हें लोग आसानी से अपने घर जा सकते थे। पूर्णिया स्टेशन के विधि व्यवस्था की कमान खुद जिलाधिकारी राहुल कुमार और एसपी विशाल शर्मा ने संभाल रखी थी। ट्रेन आने से पहले स्टेशन परिसर को पूरी तरह से सील करते हुए पूरे कैंपस को सेनेटाइज करवाया गया था। जैसे ही ट्रेन आने की सूचना मिली वैसे ही सभी कर्मी अपने-अपने जगहों पर अलर्ट मोड में आ गया। यात्रियों के स्क्रीनिंग की व्यवस्था प्लेटफॉर्म पर ही किया गया था। थर्मल स्कैनर से यात्रियों के स्क्रीनिंग के लिए 8 मेडिकल टीम की तैनाती की गई थी। यात्रियों को उनके गृह जिला भेजने के लिए पहले से ही बाहर में विभिन्न जिलों से पहुंची बसों को तैनात रखा गया था।स्क्रीनिंग के बाद ही लोगों को बाहर निकलने की थी अनुमतिप्रशासन ने पुरानी गलतियों से सीखते हुए इस बार स्टेशन पर बेहतर इंतजाम किया था। श्रमिकों के स्वागत से लिए स्टेशन को काफी आकर्षक तरीके से सजाने के साथ-साथ सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करने के लिए जगह-जगह सफेद चूना से गोल घेरा भी बनवाया गया था। पिछली बार जनता कर्फ्यू के दौरान 22 मार्च को जब सीमांचल एक्सप्रेस पूर्णिया पहुंची थी, उस समय बाहर से आने वाले कई लोग बिना स्क्रीनिंग के ही बाहर निकल गए थे, लेकिन इस बार प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम मुस्तैद दिखी। स्टेशन पर बाहर से आने वाले किस ी भी यात्री को बिना स्क्रीनिंग के बाहर निकलने की अनुमति नहीं थी।पहले से तैनात खड़ी थी बस, नाश्ते का भी किया गया था इंतजामसूरत से आने वाली श्रमिक स्पेशल ट्रेन में बांका, खगड़िया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा और सुपौल को छोड़कर बांकी सभी जिलों के श्रमिक शामिल थे। प्रशासन के द्वारा अन्य जिलों के श्रमिकों को भेजने के लिए पहले से ही स्टेशन पर गाड़ी को तैनात कर रखा था। इसके अलावा प्रशासन के द्वारा स्टेशन पर अग्निशमन विभाग की गाड़ी, एम्बुलेंस की भी व्यवस्था की गई थी। प्रशासन के द्वारा श्रमिकों के लिए लिट्टी, सब्जी, फल के अलावा पानी की भी व्यवस्था की गई थी। प्रशासन के द्वारा सभी श्रमिकों को दो-दो पैकेट नास्ता दिया गया। नाश्ता पाकर श्रमिकों को थोड़ी राहत मिली।कंटेनमेंट जोन में सर्वे करती टीम।जलालगढ़ में मिले पॉजिटिव युवक के संपर्क में आए 7 की रिपोर्ट निगेटिवपूर्णिया/जलालगढ़| जिले के लिए राहत की खबर है। जलालगढ़ से मिले कोरोना पॉजिटिव युवक के परिजन और उसके सीधे संपर्क में आए सभी 7 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। सीएस ने इसकी पुष्टि की है। हालांकि प्रशासन ने अभी भी पीड़ित युवकों के परिजनों को आइसोलेशन में रखा है। पांच दिन बाद एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग ने दोनों कोरोना पॉजिटिव युवकों का सैंपल जांच में भेजा जाएगा। जलालगढ़ में मिले कोरोना पॉजिटिव युवक के परिजनों की रिपोर्ट आने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली है।कंटेनमेंट जोन घोषित होने के बाद दूसरे दिन भी इलाके में हाउस होल्ड सर्वे का काम जारी रहा। मथुरा के एक कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम करने वाला एक युवक एक मई को पूर्णिया पहुंचा था। चार मई को प्रशासन के द्वारा युवक का सैंपल जांच के लिए भेजा गया था। 5 मई को युवक की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इसके बाद 6 मई को कोरोना संक्रमित युवक की मां, दादी, पत्नी, दो बहनें और दो वर्षीय भांजा और एक युवक भी शामिल है। इसके बाइक पर बैठकर पीड़ित युवक अपने गांव पहुंचा था और सभी 7 लोगों का सैंपल जांच के लिए भेजा गया था। गुरुवार को सभी की सैंपल रिपोर्ट निगेटिव आई है। जलालगढ़ से मिले कोरोना पॉजिटिव युवक का दूसरा सैंपल जांच के 12 मई को एक बार फिर से जांच के लिए भेजा जाएगा।सात मेडिकल टीम कंटेनमेंट जोन में सर्वे, आम लोगों तक पहुंचाई जा रही सामग्री : जलालगढ़ के कंटेनमेंट जोन में दूसरे दिन भी डोर-तो डोर सर्वेक्षण का काम जारी रहा। बीडीओ मोनालिसा प्रियदर्शनी और सीओ अशोक कुमार मंडल क्षेत्र में लगातार सभी विभागों के साथ बैठक करने और आमलोगों को कोई तकलीफ नहीं हो, इसकी जानकारी ले रहे हैं। बीडीओ ने बताया कि सभी तरह के आवश्यक सामानों की दुकानों के मोबाइल नम्बर सार्वजनिक रूप से जगह-जगह लगाया गया है। इसके माध्यम से लोग सब्जी-फल, राशन, दवा और दूध मंगा भी रहे हैं। क्षेत्र में सैनिटाइजेशन का काम बुधवार से शुरू कर दिया गया है। गुरुवार को भी दो बार सेनिटाइजेशन का काम किया गया है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today पूर्णिया जंक्शन के प्लेटफॉर्म पर सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए ट्रेन से उतरे यात्री। फोटो : राजीव कुमार। Full Article
0 वार्ड नंबर 34 में मेयर ने 100 परिवारों के बीच किया राहत सामग्री का वितरण By Published On :: Thu, 07 May 2020 23:30:00 GMT नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या- 34 में गुरुवार को मेयर उपेंद्र प्रसाद सिंह द्वारा निजी कोष से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए एक सौ गरीब एवं असहाय परिवारों के बीच सूखा राशन का वितरण किया गया। मेयर यूपी सिंह ने कहा कि लॉकडाउन में नगर निगम क्षेत्र में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के घर में चूल्हा जलते रहे, इसी उद्देश्य से राहत वितरण अभियान चलाया जा रहा है। उपमेयर राजीव रंजन ने बताया कि शहर में बनाए गए सभी क्वारान्टीन सेंटर एवं आइसोलेशन सेन्टर को सैनिटाइज कराया जा रहा है।अग्निशमन वाहन से वार्ड संख्या-30 एवं 32 के स्टेशन रोड, तिलक नगर, मवेशी अस्पताल सड़क, सुपर सकर मशीन से वार्ड संख्या-27 के पनहांस से पहाड़ चक जानेवाली सड़क सहित अन्य सड़कों पर सोडियम हाइपरक्लोराइड मिश्रण से सैनिटाइज कराया गया। वहीं स्वचालित स्प्रे मशीन से शहर के सभी सरकारी कार्यालय, बैंक, समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत चलनेवाली संस्था, प्रधान डाकघर, मूल्यांकन केन्द्र व अन्य सार्वजनिक संस्थानों को सैनिटाइज कराया गया। इस अवसर पर राजेश कुमार, पूर्व प्रधानाध्यापक रामाज्ञा सिंह, राम उजागर सिंह, विरेंदर सिंह, पंचानंद सिंह, मो, गियास, पूर्व टैक्स दारोगा राजेश्वर सिंह उपस्थित थे।गरीबों के बीच बांटी सामाग्रीआईआईटी दिल्ली के रिसर्च स्कॉलर ऋषिकांत की टीम ने गुरुवार को विष्णुपुर में जरूरतमंद परिवारों के बीच राहत सामाग्री का वितरण किया। उन्होंने कहा कि हमारी टीम इस वैश्विक आपदा की घड़ी में लगातार जरूरतमंदों की मदद कर रही है। साथ ही कहा कि यही समय हैं अपनी मातृभूमि के निः सहायों, दिव्यांगजनों, रिक्शा चालकों, ठेला चालकों, दैनिक मजदूरों एवं विधवा माताओं-बहनों की सेवा करने का। ऋषिकांत ने कहा कि मीडियाकर्मियों को भी 50 लाख का स्वास्थ्य बीमा लाभ दिया जाना चाहिए। क्योंकि समाज में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका हैं।घर बैठे आज हमलोग देश विदेशों की खबरें जान लेते हैं, उस खबर के लिए मीडियाकर्मी अपनी जान की परवाह किए बिना अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए दिन-रात लगे रहते हैं। इसलिए कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे स्वास्थ्यकर्मी, मीडियाकर्मी, सफाईकर्मी, बैंकर्स, सेना, डाक कर्मी, पुलिस आदि का दिल से सम्मान करे। राहत वितरण में आईआईटी दिल्ली के रिसर्च स्कॉलर प्रो. रवि कुमार, प्रो. अनुराग राठौर,कविता पांडेय, स्वाति वार्ष्णेय, कृष्णा कांत, प्रो. आशीष , विक्रम राज, सुशील पुनिया, प्रो. दीप श्री,मधुमिता सिंह, हर्ष राज, साक्षी नरूला , प्रो. सुमंत, प्रो. समता जैन आदि शामिल है।एआईवाईफ ने जरूरतमंद रोजेदारों के बीच बांटा फलबेगूसराय| लॉकडाउन के चलते रोज कमा कर खाने वाले मुस्लिम तबके के लोग दिन भर रोजा रखकर शाम में इफ्तार भी ठीक से नहीं कर पाते हैं। उक्त बातें एआईवाईएफ के जिला संयोजक अमीन हमजा ने रोजेदारों के बीच फल और खजूर वितरण करते हुए कही। साथ ही कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर मुस्लिमों की एक लिस्ट बनाकर एआईवाईएफ ने इफ्तार का सामान मुहैया कराने का मुहिम शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि पटेल चौक स्थित जिला कार्यालय में 50 लोगों के बीच फल एवं खजूर बांटा गया। सीपीआई नेता राजेंद्र चौधरी ने कहा कि लगातार जरूरतमंद असहाय लोगों के बीच राहत वितरण का काम पार्टी कर रही है। मौके पर कैसर रेहान मो. ताजुद्दीन, जन्मेजय कुमार उपस्थित थे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Mayor distributed relief material among 100 families in ward number 34 Full Article
0 सिंदूआरी गोलीकांड के पीड़ितों की मदद करे सरकार मृतक के आश्रित को दिया जाए 20 लाख मुआवजा By Published On :: Thu, 07 May 2020 23:30:00 GMT प्रखंड के गौहरपुर पंचायत की सिंदुआरी गांव में बुधवार को हुई गोलीकांड की इलाके में दिन भर चर्चा होती रही। गुरुवार को गांव में विभिन्न पार्टी के नेताओं का आने का सिलसिला चलता रहा। बिहार सरकार के पूर्व मंत्री डॉ. अनिल कुमार सिंदुआरी गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने उनका ढाढस बंधाया और धैर्य से काम करने की सलाह दी। आश्वासन दिया कि प्रशासन पर भरोसा करें। कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई होती है तो उसका हम लोग स्वागत करें।उन्होंने सरकार से मृतक के आश्रितों 20 लाख मुआवजा और घायलों का मुफ्त इलाज की व्यवस्था करने की मांग सरकार से की। उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया कि किसी भी हाल में कानून को अपने हाथ में नहीं लेना है क्योंकि एक व्यक्ति खराब हो सकता है पूरा समाज कभी खराब नहीं हो सकता है। कहा कि जिसने भी गलत काम किया है उसे प्रशासन की तरफ से कानूनी प्रक्रिया के तहत सजा अवश्य मिलेगी। वहीं गोह के पूर्व विधायक डॉ. रणविजय कुमार सिंह ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाने की बात कही।हत्याकांड के आरोपी जदयू नेता के घर मछली पार्टी में शामिल हुआ था एसआईभाजपा के जिलाध्यक्ष धनराज शर्मा ने एसएसपी से मांग किया है कि दोषियों के ऊपर कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो। कोंच थाने में पदस्थापित एसआई राजकुमार यादव के खिलाफ कार्रवाई करने की भी मांग की है। उन्होंने कहा कि एसआई की शह पर ही यह घटना हुई। उन्होंने कहा कि वरीय पुलिस अधीक्षक के द्वारा तबादला कर दिया है। चार मई को जदयू नेता के घर मछली पार्टी हुई जिसमें यह एसआई शामिल हुआ। इसमें लॉक डाउन की धज्जियां उड़ाई गई। मछली पाटी में 25 से 30 लोग शामिल हुए थे। इसलिए वरीय पुलिस अधीक्षक उसे सस्पेंड करते हुए मामले का निष्पक्ष जांच कराएं।सिंदुआरी में दो की हत्या की निंदा, जांच की मांगदो किसानों की हत्या और हत्या में शामिल सत्ताधारी दल के नेता का होना सुशासन की कथित सरकार को ठेंगा दिखा गयी है। जिले के लोगों में जंगलराज का भय घर करने लगा है। बेलागंज में पं यदुनन्दन शर्मा किसान विकास मोर्चा के सदस्यों ने कड़ी निन्दा करते हुए घटना की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। किसान विकास मोर्चा के संयोजक सह युवा सामाजिक कार्यकर्ता रविशंकर कुमार ने कहा कि एक सत्ताधारी दल के नेता द्वारा दिनदहाड़े हत्या की घटना को अंजाम दिया जाना सरकार पर सीधी उंगली उठा रही है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Government should help the victims of Sinduari firing, 20 lakh compensation should be given to the dependent of the deceased Full Article
0 80 साल की महिला गीत गाकर कोरोना से बचाव की दे रही जानकारी By Published On :: Thu, 07 May 2020 23:35:00 GMT (अखिलानंद मिश्र)कोरोना वायरस से बचाव को लेकर भोजपुरी कलाकार 80 वर्षीय कमला देवी ने अपने सुरीली आवाज में गाना गा रही “”मोदी का कहना हैं,कुछ दिन घर में रहना है’’बाहर में राक्षक कोरोना तबाह किया हर कोना----’’’’ ऐसे कई गाने वो अपने बेटों के साथ गाकर सोशल मीडिया के जरिए लाेगों का जागरूक कर रही है।बेटा का भी मिलता है साथमीरगंज निवासी 80 वर्षीय कमला देवी ने कोरोना महामारी से बचने के लिए लॉकडाउन के दौरान लोगों को जागरूक करने के लिए गीत गाकर ये पहल शुरू की। गायिका कमला देवी खुद गाने बनाकर गाती हैं। इस काम में उनका बड़ा बेटा कृष्ण कुमार ने तबला,छोटे बेटा गिटार बजाकर मदद करते है।गाने के जरिए लॉकडाउन पालन करने का दे रही हैं संदेशकोरोना जैसी महामारी को हराने के लिए हर कोई अपने-अपने स्तर से लगा हुआ है। ऐसे में गायिका कमला देवी की ये पहल लोगों को काफी पसंद आ रही है और काफी तारीफ भी हो रही है। इस उम्र में भी कमला अपने गीत के माध्यम से कोरोना के बारे में जागरुकता फैलाने में अपना योगदान दे रही हैं। गाने के जरिए लॉकडाउन पालन करने का संदेश दे रही हैं।मोबाइल कैमरे से जाती है रिकॉर्डिंगकमला देवी बताती है कि नित्य क्रिया कर्म और पूजा-पाठ करने के बाद प्रतिदिन संगीत उपकरणों की अपनी टीम के साथ स्टैंड पर मोबाइल कैमरा लगाकर कोरोना, लॉकडाउन, महामारी सम्बंधित अलग-अलग गीत बनाकर खुद गाती हैं। उसके बाद फेसबुक के जरिए यह संदेश लोगों तक पहुंचाने का काम करती है। घरों में रहने की अपीलकमला देवी बताती है कि बचपन से ही वो संगीत से जुड़ी हैं, कोरोना से पूरा विश्व परेशान है। इससे बचाव को लेकर ही सरकार ने लॉकडाउन किया है। गायिका ने कहा कि सभी को इसका पालन करते हुए अपने घर में रहकर सुरक्षित रहना चाहिए। वो अपने गाने में भी लोगों को यही संदेश देती हैं।कमेंट मिलते हैं रोजवह आगे बताती है कि इस बीमारी से लड़ने के लिए जो लोग कमर कसे हुए उनके लिए गीत के माध्यम से हौसला अफजाई करने का प्रयास किया जा रहा हैं। गीत गाकर लोगों को जागरूक करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि एक माह में 20 से 25 गीत उनके सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 80-year-old woman giving information about rescue from Corona by singing song Full Article
0 कुदरा में बना 900 बेड का क्वारेंटाइन सेंटर By Published On :: Thu, 07 May 2020 23:48:00 GMT अन्य प्रदेशों से आने वाले कुदरा प्रखंड के प्रवासी मजदूरों को क्वारेंटाइन करने के लिए 900 बेड क्वारेंटाइन सेंटर बनाया गया है। दूसरे प्रदेशों से बिहार के कैमूर जिला की सीमा में प्रवेश करते ही सभी मजदूरों की स्वास्थ्य जांच व भोजन कराकर क्वारेंटाइन कराया जा रहा है। प्रवासी मजदूरों के लिए प्रखंड मुख्यालय के बगल में आवासीय टेन प्लस टू विद्यालय में 250 बेड का क्वारेंटाइन सेंटर बनाया गया है। अब तक यहां 40 से भी अधिक प्रवासी मजदूरों को रखा गया है।इस संबंध में बीडीओ अशोक कुमार ने बताया कि क्वारेंटाइन सेंटर में प्रवासी मजदूरों के रहने खाने एवं सोने की व्यवस्था की गई है। इस सेंटर में रखे गए लोगों को 21 दिन बाद स्वास्थ्य जांच कराकर ही छोड़ा जाएगा। इसके अलावा लालापुर में पाराडाइज चिल्ड्रन एकेडमी विद्यालय में भी 200 बेड का क्वारेंटाइन सेंटर बनाया गया है। जबकि जगदेव मेमोरियल कॉलेज सकरी में भी 50 बेड के अलावा कस्तूरबा बालिका विद्यालय सकरी समेत अन्य कई स्थानों पर क्वारेंटाइन सेंटर बनाया गया।गरीबों को मास्क एवं साबुन का वितरणकुदरा | प्रखंड की सलथुआ पंचायत के बहुआरा गांव की महादलित बस्ती मुसहर टोली में कोरोना वायरस से बचाव को लेकर समाजसेवी कन्हैया राय द्वारा मास्क एवं साबुन का वितरण किया गया। लोगों को बताया कि अपने घरों में ही रहें। अनावश्यक घर से बाहर नहीं निकलें। चेहरे पर मास्क लगाकर ही घर से बाहर निकलें। समय-समय पर अपने हाथों की सफाई साबुन से करते रहें। यदि किसी को किसी प्रकार की परेशानी हो तो हमें सूचित करें। हर संभव सहयोग करने का प्रयास किया जाएगा। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 900 bed Quarantine Center in Kudra Full Article
0 10 थाना क्षेत्र के चिह्नित मार्केट में दुकान खोलने की अनुमति नहीं; आदेश के उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई By Published On :: Fri, 08 May 2020 00:45:00 GMT डीएम कुमार रवि ने कहा कि शुक्रवार, सोमवार और बुधवार को गृह विभाग द्वारा अनुमति दी जाने वाली दुकान जिले के कंटेनमेंट जोन के निकट के क्षेत्रों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में नहीं खुलेगी। सभी अनुमंडल पदाधिकारी और थानाध्यक्ष को सख्ती से आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया है। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।शहरी क्षेत्र के स्लम एरिया में हाउस टू हाउस सर्वे पूरा: डीएम कुमार रवि ने कहा कि शहरी क्षेत्र के स्लम एरिया में हाउस टू हाउस सर्वे का काम पूरा हो गया है। 145 स्लम एरिया में कुल 18702 घरों के 82957 परिवारों का सर्वे किया गया है। इस दौरान दो व्यक्ति में कोरोना वायरस संक्रमण का लक्षण पाया गया था। दोनों लोगों की जांच करायी गयी, रिपोर्ट निगेटिव आयी है। हाउस टू हाउस सर्वे के दौरान स्लम बस्ती में रहने वाले लोगों के बीच कोरोना संक्रमण की रोकथाम को लेकर ‘क्या करें एवं क्या नहीं करें’ से संबंधित लीफलेट का वितरण किया गया है।इन जगहों पर नहींखोली जाएंगी दुकानें बुद्धा कॉलोनी थाना क्षेत्र में हरिहर चेंबर। कोतवाली थाना अंतर्गत चांदनी मार्केट ,मौर्या कंपलेक्स। पाटलिपुत्र थाना क्षेत्र अंतर्गत गोसाईं टोला रोड मार्केट। शास्त्रीनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत राजा बाजार मार्केट। हवाई अड्डा थाना क्षेत्र अंतर्गत शेखपुरा बाजार ,राजा बाजार, खाजपुरा बाजार ,जगदेव पथ बाजार। श्रीकृष्णापुरी थाना क्षेत्र अंतर्गत वर्मा सेंटर मार्केट। गर्दनीबाग थाना क्षेत्र अंतर्गत चितकोहरा मार्केट। कदमकुआं थाना क्षेत्र अंतर्गत चूड़ी मार्केट। पीरबहोर थाना क्षेत्र अंतर्गत हथुआ मार्केट, खेतान मार्केट, बाकरगंज मार्केट। परसा बाजार थाना क्षेत्र अंतर्गत कुरथौल बाजार, परसा, इतवार पुर बाजार। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
0 10 थाना क्षेत्र के चिह्नित मार्केट में दुकान खोलने की अनुमति नहीं; आदेश के उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई By Published On :: Fri, 08 May 2020 00:45:00 GMT डीएम कुमार रवि ने कहा कि शुक्रवार, सोमवार और बुधवार को गृह विभाग द्वारा अनुमति दी जाने वाली दुकान जिले के कंटेनमेंट जोन के निकट के क्षेत्रों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में नहीं खुलेगी। सभी अनुमंडल पदाधिकारी और थानाध्यक्ष को सख्ती से आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया है। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।शहरी क्षेत्र के स्लम एरिया में हाउस टू हाउस सर्वे पूरा: डीएम कुमार रवि ने कहा कि शहरी क्षेत्र के स्लम एरिया में हाउस टू हाउस सर्वे का काम पूरा हो गया है। 145 स्लम एरिया में कुल 18702 घरों के 82957 परिवारों का सर्वे किया गया है। इस दौरान दो व्यक्ति में कोरोना वायरस संक्रमण का लक्षण पाया गया था। दोनों लोगों की जांच करायी गयी, रिपोर्ट निगेटिव आयी है। हाउस टू हाउस सर्वे के दौरान स्लम बस्ती में रहने वाले लोगों के बीच कोरोना संक्रमण की रोकथाम को लेकर ‘क्या करें एवं क्या नहीं करें’ से संबंधित लीफलेट का वितरण किया गया है।इन जगहों पर नहींखोली जाएंगी दुकानें बुद्धा कॉलोनी थाना क्षेत्र में हरिहर चेंबर। कोतवाली थाना अंतर्गत चांदनी मार्केट ,मौर्या कंपलेक्स। पाटलिपुत्र थाना क्षेत्र अंतर्गत गोसाईं टोला रोड मार्केट। शास्त्रीनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत राजा बाजार मार्केट। हवाई अड्डा थाना क्षेत्र अंतर्गत शेखपुरा बाजार ,राजा बाजार, खाजपुरा बाजार ,जगदेव पथ बाजार। श्रीकृष्णापुरी थाना क्षेत्र अंतर्गत वर्मा सेंटर मार्केट। गर्दनीबाग थाना क्षेत्र अंतर्गत चितकोहरा मार्केट। कदमकुआं थाना क्षेत्र अंतर्गत चूड़ी मार्केट। पीरबहोर थाना क्षेत्र अंतर्गत हथुआ मार्केट, खेतान मार्केट, बाकरगंज मार्केट। परसा बाजार थाना क्षेत्र अंतर्गत कुरथौल बाजार, परसा, इतवार पुर बाजार। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
0 तीन दिन में बिहार का रिकवरी रेट 20 फीसदी बढ़ा, अब 45 प्रतिशत की रफ्तार से ठीक हो रहे मरीज By Published On :: Fri, 08 May 2020 07:50:54 GMT बिहार में कोरोना संक्रमित मरीजों के ठीक होने की रफ्तार अब 45 फीसदी हो गई है। तीन दिन पहले यह 25 प्रतिशत था। पिछले 72 घंटे में कोरोना के 112 मरीज ठीक होकर घर लौटे हैं। अब तक कुल 246 मरीज स्वस्थ हुए हैं। कैमूर, बक्सर, रोहतास, मुंगेर और गोपालगंज में तेजी से मरीज रिकवर हो रहे हैं।चार दिनों से संक्रमण की रफ्तार कमबिहार में पिछले चार दिनों में मरीजों के संक्रमित होने की रफ्तार भी कम हुई है। चार मई को छः केस, 5 मई को सात, 6 मई को छः और सात मई को आठ नए मरीज मिले हैं। यह पिछले दो हफ्ते में सबसे कम है। यह बिहार के लिए अच्छी खबर है।मरीजों की डबलिंग रेट में भी आई कमीबिहार में कोरोना के मरीजों को दोगुनी रफ्तार में भी कमी आई है। राज्य में पहले सात दिनों में कोरोना के मरीज दोगुने हो रहे थे। उसके बाद यह रफ्तार तेज हुई और चार दिनों में ही केस डबल होने लगे। 26 अप्रैल से 5 मई तक के आंकड़ों के मुताबिक राज्य में अब 9 दिन में केस डबल हो रहे हैं।कोरोना से प्रभावित टॉप 10 जिले जिला केस ठीक हुए मौत मुंगेर 102 38 1 बक्सर 56 26 रोहतास 54 22 1 पटना 47 20 नालंदा 36 35 सीवान 32 25 कैमूर 32 16 मधुबनी 24 0 गोपालगंज 18 17 भोजपुर 18 10 Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today गुरुवार को नालंदा मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल से भी दो लोगों को छुट्टी मिली। Full Article
0 डीएम ने 150 ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को बांटे फेस सील, ड्यूटी के दौरान लगाने का निर्देश By Published On :: Fri, 08 May 2020 12:01:00 GMT जिलाधिकारी कुमार रवि और एसपी उपेंद्र शर्मा ने 150 ट्रैफिक पुलिस को फेस सील दिया और ड्यूटी के दौरान इसे लगाने को कहा है। कोरोनावायरस के संक्रमण के चलते ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को फेस सील बांटा गया है।डीएम का कहना है कि ट्रैफिक पुलिस सड़क पर लोगों के बीच अपना काम कर रहे हैं। यहां संक्रमण के खतरे की सबसे ज्यादा संभावना रहती है। इसी को लेकर संक्रमण से बचाव के लिए विशेष प्रकार का फेस सील उपलब्ध कराया गया है। बता दें कि आईटीआई द्वारा 50 और जिला प्रशासन द्वारा 100 फेस सील तैयार किया गया है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को फेस सील देते पटना के डीएम कुमार रवि। Full Article
0 मछली पकड़ने के विवाद में भिड़े दो पक्ष, गोलीबारी और मारपीट में 10 घायल, महिला की हालत गंभीर By Published On :: Fri, 08 May 2020 13:50:31 GMT मुजफ्फरपुर के कटरा प्रखंड में शुक्रवार को मछली पकड़ने के विवाद में दो पक्ष के लोग भिड़ गए। दोनों तरफ के लोगों ने पहले लाठी से एक-दूसरे पर हमला किया। इसके बाद पथराव और गोलीबारी हुई। घटना में दोनों तरफ से 10 लोग घायल हो गए। एक महिला की स्थिति गंभीर है, उसे एसकेएमसीएच में भर्ती किया गया है।घटना ऊफरौली-लोधी गांव की है। गोलीबारी में तीन माह का बच्चा भी जख्मी हुआ है। बच्चे को गोद में लेकर महिला अपने घर में बैठी थी तभी गोली दीवार भेदते हुए आई और बच्चे को जख्मी कर दिया। दोनों तरफ से छह राउंड फायरिंग हुई। भाला भी चलाया गया। गोलीबारी की सूचना पर एएसपी अमितेश कुमार पहुंचे। पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। कुछ घायलों का इलाज स्थानीय पीएचसी में हो रहा है। वहीं, कुछ को एसकेएमसीएच भेजा गया है।गोलीबारी के बाद ऊफरौली-लोधी गांव पहुंचे पुलिस ऑफिसर।तालाब से मछली पकड़ने के लिए हुआ विवाददोनों पक्ष के बीच विवाद बुधवार को शुरू हुआ था। एक पक्ष ने अपना तालाब मछली पालने के लिए पट्टा पर झमेली सहनी को दिया। झमेली ने दूसरे व्यक्ति को पट्टा दे दिया। बुधवार को दूसरा व्यक्ति मछली पकड़ने के लिए तालाब से पानी निकाल रहा था तो तालाब के मालिक की ओर से इसका विरोध किया गया। इसपर दोनों तरफ से विवाद हुआ। पुलिस आई और मामला शांत कराकर चली गई। आज फिर तालाब से मछली पकड़ने की कोशिश की गई, जिससे विवाद भड़क गया। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today लाठी लेकर आमने-सामने आए दोनों पक्ष के लोग। इस दौरान गोली चलने से अफरा-तफरी भी मची। Full Article
0 10 मई को पूरे राज्य में काला दिवस मनाएगी रालोसपा: उपेंद्र कुशवाहा By Published On :: Fri, 08 May 2020 13:58:00 GMT रालोसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि राज्य के क्वारैंटाइन सेंटर बदहाल हैं। यहां सिर्फ खानापूर्ति हो रही है। प्रवासी मजदूरों को लाने में भी सरकार की कार्रवाई नाकाफी है। 10 मई को पूरे राज्य में सरकार के विरोध में पार्टी काला दिवस मनाएगी। 10 से 12 बजे तक अपने घरों नेता व कार्यकर्ता काली पट्टी बांध सत्याग्रह करेंगे। शुकवार को वे पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं से फेसबुक लाइव के माध्यम से बात कर रहे थे।कुशवाहा ने कहा कि राज्य सरकार कोरोना जैसी महामारी से निपटने में नाकाम साबित हो रही है। क्वारैंटाइन सेंटर की बदहाली का सच उजागर करने वालों पर पाबंदी लगाना गलत है। कुशवाहा ने मांग की है कि बाहर फंसेमजदूरों के खाते में 10 हजार रुपए दिए जाएं। राज्य के गरीबों को दूसरी किस्त की एक हजार की राशि दी जाए। राज्य में रोजगार की उपलब्धता के लिए सरकार ठोस योजना बनाए। किसानों के नुकसान की भरपाई की जाए। कोरोना जांच में तेजी लाई जाए ताकि संक्रमित की पहचान की जा सके। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today रालोसपा अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने मांग की है कि राज्य के बाहर फंसे मजदूरों के खाते में 10 हजार रुपए दिए जाएं। Full Article
0 13 छात्रों ने 15 दिनों में 1260 लोगों को किया फोन, खगड़िया डीएम के अलावा किसी ने नहीं दिया रिस्पांस By Published On :: Fri, 08 May 2020 14:08:00 GMT मध्य प्रदेश के कटनी में फंसे बिहार के 13 छात्र घर वापसी के लिए 15 दिनों से लगातार प्रयास कर रहे हैं। इस दौरान वे बिहार और मध्य प्रदेश के 1260 कमिश्नर, डीएम, एसएसपी के साथ ही कोविड-19 से जुड़े अधिकारियों को फोन कर चुके हैं। इसके साथ ही फोन के माध्यम से लगभग 350 रिश्तेदारों से बिहार वापस बुलाने की गुहार लगाई है। पीएम और सीएम को ट्वीट किया। खगड़िया के डीएम को छोड़कर किसी भी ने छात्रों के बिहार वापसी की बात तो दूर फोन पर सही तरीके से रिस्पांस भी नहीं दिया। कई लोगो ने फोन ही कट कर दिया, तो कई ने वापसी के लिए इंतजार करने की बात कहकर फोन काट दिया।खगड़िया के डीएम ने छात्रों से उनकी समस्या पूछते हुए वापसी के लिए प्रयास करने का आश्वासन दिया। इसी तरह से अहमदाबाद में फंसे एक दर्जन ऐसे लोग हैं, जिनके पास पैसे खत्म हो चुके है। वे सड़क पर खड़े होकर विभिन्न संस्थाओं की ओर से दिए जाने वाले भोजन के पैकेट के सहारे अपना पेट भर रहे हैं।लॉकडाउन बढ़ा तो भोजन बांटने वाले संस्थान ने खिंचे अपने हाथअहमदाबाद में फंसे चंदन कुमार कहने को तो आईटी कंपनी में कार्यरत है। लेकिन, पिछले 20 दिनों से वे अपने दूसरे दोस्तों के साथ सड़क पर भोजन का पैकेट बांटने वालों के सहारे अपना गुजारा कर रहे हैं। उनके पास पैसे खत्म हो चुके हैं। कंपनी ने दो महीने से सैलरी नहीं दी। अब नौकरी से निकालने की धमकी दे रही है। ऐसे में चंदन कुमार सहित उनके सभी दोस्तों को काफी परेशानी हो रही है। लॉकडाउन बढ़ने की वजह से विभिन्न संस्थाओं ने भी अपने हाथ पीछे खिंच लिए हैं। ऐसे में कई संस्थाओं ने भोजन का पैकेट और राहत सामग्री बांटना बंद कर दिया।पटना के डीएम कुमार रवि का कहना है कि देश के अन्य हिस्सों में फंसे लोगों की वापसी के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। हर दिन विभिन्न स्थानों से ट्रेन के माध्यम अप्रवासी बिहार पहुंच रहे हैं। लोगों को धैर्य रखने की जरुरत है। उनकी समस्या भी खत्म की जाएगी। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today छात्रों ने अधिकारियों और परिवार वालों को फोन कर उन्हें वापस बुलाने की गुहार लगाई है। Full Article
0 तेलंगाना से 1250 प्रवासी मजदूरों को लेकर छपरा पहुंची स्पेशल ट्रेन, डीएम-एसपी ने किया स्वागत By Published On :: Fri, 08 May 2020 14:32:21 GMT तेलंगाना से 1250 प्रवासी मजदूरों को लेकर स्पेशल ट्रेन शुक्रवार को छपरा पहुंची। स्टेशन पर डीएम और एसपी ने मजदूरों का स्वागत किया। सभी लोगों के बैग सैनिटाइज करने के बाद उन्हें प्लेटफॉर्म से बाहर लगाया गया जहां उनकी स्क्रीनिंग की गई। सभी को नाश्ते का पैकेट और पानी का बोतल दिया गया।वापस लौटने वालों में छपरा के 263 लोगों के अलावा मधुबनी के 723 और सीवान के 264 लोग शामिल हैं। दूसरे जिलों के लोगों को बस से उनके घर भेजा गया जहां वे 21 दिनों तक क्वारैंटाइन सेंटर में रहेंगे।जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने बताया ने कि सभी लोगों को उनके गृह जिले में भेजा जा रहा है। सभी को 21 दिन सेंटर में रहना होगा। सेंटर में लोगों को किट दिए जाएंगे। लोगों को सुबह में नाश्ता और दो बार भोजन दिया जाएगा। क्वारैंटाइन सेंटर में मनोरंजन के लिए टीवी भी लगाया गया है। लोगों को स्वस्थ रखने के लिए सुबह-शाम योग कराया जा रहा है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today सभी लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराते हुए प्लेटफॉर्म से बाहर लाया गया। Full Article
0 दूसरे राज्यों से आने वाले लोग 21 दिनों तक क्वारान्टीन सेंटर्स में रहेंगे, रोजाना 30-40 टेस्ट ही किये जा सकेंगे By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT कोरोनावायरस डिजीज (कोविड-19) के संक्रमण के रोकथाम एवं बचाव के संबंध में विचार-विमर्श के लिए जिले के जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक पार्टी के जिलाध्यक्षों की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता डीएम अमन समीर ने की। डीएम ने बताया कि कोरोनावायरस के संक्रमण को जिले में फैलने से रोकने के लिए जिला प्रशासन पूरी दक्षता के साथ कार्य कर रहा है। इसमें आमजनों का भी पर्याप्त सहयोग प्रशासन को मिल रहा है। वर्तमान में अन्य राज्यों अथवा अन्य जिलों से आने वाले अप्रवासी कामगारों एवं मजदूरों की संख्या में काफी इजाफा हो रहा है।आंगतुकों को स्क्रीनिंग के पश्चात प्रखंडस्तरीय क्वारान्टीन सेंटर्स में 21 दिनों के लिए रखा जाना है। बाहर से आने वाले कोई भी कामगार या मजदूर स्क्रीनिंग से छूट न जाए इसके लिए डीएम ने सभी उपस्थित जनप्रतिनिधियों से सहयोग की अपील की। एक भी संक्रमित के छूट जाने से पूरी मेहनत पर पानी फिर सकता है। साथ ही कोरोनावायरस के तेजी से फैलने की भी इसकी आशंका बनी रहेगी।मौजूद रहे तीन विधायक और अन्य प्रतिनिधिबैठक में सदर विधायक संजय कुमार तिवारी उर्फ मुन्ना तिवारी, डुमरांव विधायक ददन यादव, ब्रह्मपुर विधायक शंभूनाथ यादव के अलावा जिला परिषद अध्यक्ष, नगर परिषद की मुख्य पार्षद, विभिन्न राजनीतिक दलों के जिला अध्यक्षगण, प्रमुख एवं जिलास्तरीय पदाधिकारीगण उपस्थित थे।रेडजोन से आने वाले मजदूरों का प्राथमिकता के आधार पर होगा टेस्टडीएम ने बताया कि वर्तमान में रेड जोन से आने वाले कामगारों को प्राथमिकता के आधार पर प्रतिदिन 30 से 40 टेस्ट करवाया जाएगा। इसमें वृद्ध एवं संदेह वाले व्यक्तियों को प्राथमिकता दी जाएगी। ट्रेन के द्वारा आने वाले बक्सर जिला के आप्रवासी मजदूरों, कामगारों एवं विद्यार्थियों को लाने हेतु विभिन्न जिला में बसों को जिला से भेजा जा रहा है। बसों से लाने के पश्चात उन्हें प्रखंड स्तरीय क्वारान्टीन सेंटर्स पर स्क्रीनिंग एवं रजिस्ट्रेशन के पश्चात भेज दिया जाता है।जनप्रतिनिधियों ने किया प्रशासन की मदद का वादाबैठक को संबोधित करते हुए एशपी उपेन्द्र नाथ वर्मा ने बताया कि इस समय हम सभी को दलगत भावना से ऊपर उठकर प्रशासन को पूर्ण सहयोग करना चाहिए। ताकि कोरोना संक्रमण के प्रभाव को जिला में समाप्त किया जा सके। किसी भी तरह के अवांछित तरीके से कामगारों के आगमन की सूचना प्रशासन को अविलम्ब दें। ताकि उनकी चिकित्सकीय जांंच एवं क्वारान्टीन सेंटर्स में रहने की व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके। बैठक में माननीय विधायकगणों ने मुक्त कंठ से जिला प्रशासन के द्वारा किये जा रहे कार्यों की प्रशंसा की। सभी ने क्वारान्टीन सेंटर्स पर बेहतर सुविधा देने में अपना-अपना सहयोग देने का भी वायदा किया। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today People coming from other states will stay in quarantine centers for 21 days, only 30-40 tests can be done daily. Full Article
0 4500 लाभार्थियाें को खाते में पहुंची 1 हजार की प्रोत्साहन राशि By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर इस व्यक्त पूरा देश त्रस्त है। जिसके वजह से केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा सभी लाभार्थियाें तीन माह का अनाज एवं अप्रैल मई एवं जून में इन लाभार्थी के खाते में 1 हजार रुपया प्रत्येक महीने लाभार्थी के खाते में राज्य सरकार द्वारा भेजना था। नगर पंचायत में कुल 55 सौ लाभार्थी हैं। जिसमे लगभग 43 सौ लाभार्थियाें के खाते में प्रथम किस्त की राशि भेज दी गई है। जिनके खाते में अभी प्रथम क़िस्त की राशि नहीं गई है।उनका खाता आधार से लिंक नहीं होने से उसका पैसा नहीं जा पाया है। जिसको नगर पंचायत द्वारा इसको खाता एवं आधार का लिंक कराने के लिये मांगा गया है। इसके बाद उनके खाते में प्रोत्साहन राशि के रूप में एक हजार रुपया भेजा जाएगा। इसकी जानकारी देते हुए नगर कार्यपालक पदाधिकारी सुशील कुमार ने कहा कि जिन लाभार्थी के खाता आधार से लिंक है उनको खाते में राज्य सरकार द्वारा राशि भेजी जा रही है।जिनका लिंक उसकी सूची बना कर उनको आधार लिंक खाता की मांग की गई है। उनको जांच करा सभी को अपलोड कर दिया गया है। बहुत जल्द ही उनके भी खाते में यह राशि भेज दी जाएगी। नोखा नगर पंचायत के 15 वार्ड में लगभग 12 सौ लाभार्थियाें का खाता आधार से लिंक नही है। इन सभी का कागजात आधार से लिंक वाला खाता की मांग की गई है।सभी विकास मित्र को यह निर्देश दिया गया है और उनको वैसे लाभार्थी की सूची भी दी गई है। ताकि यह कार्य को जल्द पूरा किया जा सके।212 लोगों को नया राशन कार्ड बनाने के लिये आए हैं आवेदन: नगर पंचायत में लगभग 212 लोगों को नया राशन कार्ड बनाने के लिये आवेदन कार्यालय में प्राप्त हुए हैं। जिसको जांच करा कर बहुत जल्द ही उनको कार्ड मुहैया कराया जाएगा। ताकि उन लाभार्थी को भी इसका लाभ मिल सके। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
0 कोहरे के कारण सुबह पारा पहुंचा 230, मौसम रहा ठंडा By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT खगड़िया में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। बीते गुरुवार को पूर्वानुमान के बगैर ही तेज आंधी के साथ बारिश हुई। शुक्रवार की सुबह भी शहर में घना कोहरा छाया रहा। लगातार बदलते मौसम ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। शुक्रवार की सुबह न्यूनतम तापमान 23 डिग्री थी। इस वजह से लोगों को मई में हल्की ठंड का अहसास हो रहा था। कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा जारी किये गए मौसम पूर्वानुमान में शुक्रवार को सभी प्रखंडों में बारिश की संभावना व्यक्त की गई थी। लेकिन शुक्रवार को एक भी बूंद बारिश नहीं हुई। लेकिन सुबह में कोहरे के कारण लोगों को ठंड का अहसास हो रहा था। कृषि विज्ञान केंद्र ने 8 मई को अलौली प्रखंड को छोड़कर जिले के शेष छह प्रखंडों में न्यूनतम 1.4 एमएम और अधिकतम 4.6 एमएम वर्षा होने के साथ न्यूनतम 13 किलोमीटर व अधिकतम 15 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवा चलने का अनुमान व्यक्त किया था। जानकारों की मानें तो बीते 10 वर्षों में लोगों ने मई माह में मौसम में इस तरह का बदलाव नहीं देखा था।अगले चार दिनों का मौसम पूर्वानुमानदिनांक न्यूनतम अधिकतम बारिश की संभावना8 मई 23 28 हां9 मई 24 34 नहीं10 मई 24 36 हां 11 मई 24 24 नहीं Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today सुबह खगड़िया में छाया हुआ था घना कोहरा। Full Article
0 रिवर्स माइग्रेशन: बिहार लौटने की मारामारी के बीच 20 हजार बिहारियों को तेलंगाना ने बुलाया, प्रवासियों को लाई ट्रेन से गए खगड़िया के 222 मजदूर By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT लॉकडाउन में श्रमिकों की घर वापसी के बीच उनका बिहार से बाहर जाने का क्रम भी शुरू हो गया है। खगड़िया से 222 मजदूरों को लेकर पहली ट्रेन शुक्रवार को हैदराबाद से सटे लिंगमपल्ली स्टेशन पहुंची। यह ट्रेन गुरुवार सुबह 3.45 बजे खगड़िया से रवाना हुई थी। यह वही ट्रेन थी जो सिकंदराबाद से मजदूरों को लेकर आई थी। लिंगमपल्ली स्टेशन पर स्क्रीनिंग के बाद श्रमिकों को नलगोंडा, मिरयालगुडा, करीमनगर, जगतियाल, पेड्डापल्ली, सुल्तानाबाद, मनचेरियल और सिद्दीपेट जिलों की मिलों तक भेजा गया। मजदूरों के लिए ट्रेन का इंतजाम तेलंगाना सरकार ने किया था। वहां की राइस मिलों में खगड़िया के कुशल श्रमिकों की खास मांग है। तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने कहा कि बिहार से बड़ी संख्या में श्रमिक आना चाहते हैं और हम 20,000 मजदूरों को लेने को तैयार है। राव ने बीते माह बिहार सरकार से मजदूरों को भेजने का अनुरोध किया था। तेलंगाना की राइस मिलों में 90% श्रमिक बिहार के हैं और सभी होली में घर लौटे थे।तेलंगाना ने राज्य सरकार से किया था आग्रह : डीएममजदूरों की रवानगी पर डीएम आलोक रंजन घोष ने बताया कि तेलंगाना सरकार ने बिहार सरकार से मजदूरों को वापस काम पर भेजने का आग्रह किया था। देर रात शाॅर्ट नोटिस पर सूचना मिली तो तेलंगाना सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई मजदूरों की सूची में शामिल मजदूरों से संपर्क साधा गया। उनलोगों ने काम पर वापस जाने की इच्छा जताई। इसके बाद सभी को श्रमिक स्पेशल ट्रेन से वापस भेजा गया। उल्लेखनीय है कि लॉकडाउन के दौरान यह बिहार से पहली श्रमिक स्पेशल ट्रेन है जो दूसरे प्रदेश में काम करने वाले मजदूरों को वापस काम पर भेजने के लिए खोली गई है।राजद ने मजदूरों की वापसी पर दागे सवालराजद ने मजदूरों के भेजने पर सवाल उठाए हैं। पार्टी के जिला कुमार रंजन उर्फ पप्पू यादव ने कहा कि आखिर कोरोना पीड़ित राज्य तेलंगाना में जिले से मजदूरों को ट्रेन से क्यों भेजा गया। जिला प्रशासन को भेजे गये मजदूरों का ब्योरा सार्वजनिक करना चाहिए था। लॉकडाउन के बावजूद मजदूर स्टेशन कैसे पहुंचे। आखिर भेजे गए मजदूरों के टिकट का आरक्षण कब हुआ और किसने कराया। आश्चर्य तो इस बात का है कि भारत सरकार के श्रम मंत्री ने खगड़िया से मजदूरों को तेलंगाना भेजने की जानकारी मीडिया में दी, जबकि जिला प्रशासन द्वारा इस संबंध में कोई सूचना नहीं दी।कर्नाटक के फैसले पर मचा था बवालकर्नाटक के रियल स्टेट और निर्माण क्षेत्र के दिग्गजों संग बैठक के बाद वहां की सरकार ने प्रवासी मजदूरों की घर वापसी से इनकार कर दिया था। हो-हल्ला मचा तो सरकार मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा उन्हें भेजने को राजी हो गए। शुक्रवार को वहां से बिहार, यूपी और झारखंड के लिए ट्रेनें खुलने की सूचना है। कर्नाटक सरकार ने इस संबंध में राज्यों को सूचना दे दी है। यहां बता दें कि मजदूरों की वापसी पर रोक की बात सामने आने के पूर्व कर्नाटक से दो ट्रेनें बिहार आ चुकी है Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today बाजार समिति से स्वास्थ्य जांच के बाद भेजे गए मजदूर। Full Article
0 आंध्र प्रदेश से बिहार के 34 जिलों के 1087 रेलयात्रियों को लेकर बरौनी जंक्शन पहुंची श्रमिक स्पेशल ट्रेन, प्रवासियों में दिखी खुशी By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT आंध्र प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में फंसे बिहार के 34 जिलों के 1087 प्रवासी बिहारियों को लेकर नेल्लोर रेलवे स्टेशन से बुधवार को चली 07205 श्रमिक स्पेशल ट्रेन शुक्रवार की दोपहर 12:50 बजे बरौनी जंक्शन के प्लेटफार्म संख्या 4 पर पहुंची। ट्रेन की बरौनी जंक्शन पहुंचने के पूर्व से ही आरपीएफ, आरपीएसएफ, जीआरपी व बिहार पुलिस के जवान तैनात थे। जबकि ट्रेन से आए प्रत्येक रेल यात्रियों के थर्मल स्क्रीनिंग स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक पूछताछ एवं रजिस्ट्रेशन के लिए प्रत्येक बोगी के सामने पांच-पांच कर्मियों की टीम को तैनात किया गया था। ट्रेन के प्लेटफार्म पर रुकने के बाद सोशल डिस्टेंस को ध्यान में रखते हुए बारी-बारी से यात्रियों को बोगी से उतारकर थर्मल स्कैनिंग रजिस्ट्रेशन व अन्य प्रक्रिया पूरी करने के बाद प्रत्येक यात्री को नाश्ते का पैकेट एवं सील बोतलबंद पेयजल जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध करवाया गया।बसों से अलग-अलग जिला के लोगों को भेजा गया उनके जिला मुख्यालयट्रेन से आए बेगूसराय जिला के कुल 45 लोगों को बसों से उनके प्रखंड मुख्यालय स्थित क्वारन्टीन सेंटर पहुंचाया गया। जहां 21 दिनों तक उन्हें क्वारन्टीन किया जाना है। इस दौरान सेंटर पर ही उन्हें रहने खाने-पीने एवं समय-समय पर स्वास्थ्य जांच किए जाने की समुचित व्यवस्था का दावा जिला प्रशासन ने किया है। इसके अलावा अन्य जिलों के रेल यात्रियों को अलग-अलग बसों से उनके जिला मुख्यालय भेजा गया है। इनमें अररिया के 17, अरवल के 9, औरंगाबाद के 38, बांका के 11, बेतिया के 19, भभुआ के 6, भागलपुर के 22, भोजपुर के 19, बक्सर के 21, दरभंगा के 17, गया के 17, गोपालगंज के 48, जमुई के 22, कटिहार के 30, खगड़िया के 91, किशनगंज के 1, मधेपुरा के 15, मधुबनी के 150, मोतिहारी के 43, मुंगेर के 27, मुजफ्फरपुर के 74,नालंदा के 4, नवादा के 9, पटना के 5, पूर्णिया के 70, रोहतास के 107, सहरसा के 46, समस्तीपुर के 6,सारण के 41, सीतामढ़ी के 6, सिवान के 40, सुपौल के 7 एवं वैशाली के 4 प्रवासी बिहारी सवार थे।2277 किमी की यात्रा के लिए 840 रुपए देना पड़ा ट्रेन का भाड़ाआंध्र प्रदेश के नेल्लोर रेलवे स्टेशन से श्रमिक स्पेशल ट्रेन में बरौनी जंक्शन तक की कुल 2277 किलोमीटर की यात्रा के लिए प्रत्येक रेल यात्रियों को ₹840 रेल भाड़ा के रूप में भुगतान करना पड़ा। इस संबंध में रेल यात्री राहुल कुमार ,विनोद कुमार समेत अन्य लोगों ने बताया कि ट्रेन के नेल्लौर से प्रस्थान करने के पूर्व वहां के पुलिस द्वारा उन लोगों को स्टेशन तक लाया गया। जहां प्रत्येक रेल यात्री से ₹840 लेकर सुपरफास्ट एक्सप्रेस के स्लीपर बोगी का टिकट उपलब्ध करवाया गया। जिसके बाद ही उन लोगों को ट्रेन में बैठाया गया। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Workers' special train arrived in Barauni Junction with 1087 railway passengers from Andhra Pradesh to 34 districts of Bihar Full Article
0 दुर्ग समेत 8 जिलों के 1200 से ज्यादा मजदूर ट्रेन से आएंगे, 14 दिन क्वारेंटाइन के बाद ही जा सकेंगे घर By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT जिले सहित प्रदेशभर में आने वाली 28 श्रमिक स्पेशल ट्रेन मे से एक ट्रेन दुर्ग स्टेशन भी आएगी। इस ट्रेन में दुर्ग समेत 8 जिले के 1200 मजदूर पहुंचेंगे। इसकी तैयारी शुक्रवार को की गई। आने वाले श्रमिकों का थर्मल स्क्रीनिंग स्टेशन में ही करेंगे। उसके बाद उन्हें उनके जिले के क्वारेंटाइन सेंटर में 14 दिनों तक रखेंगे। इसके बाद ही उन्हें घर जाने की अनुमति मिलेगी। बताया गया कि यह स्पेशल ट्रेन रविवार को दुर्ग आ सकती है। दुर्ग स्टेशन के प्लेटफार्म क्रमांक-1 पर श्रमिक स्पेशल ट्रेन रूकेगी। यहां से मजदूरों को 4 गेट से बाहर निकाला जाएगा। इस गेट पर ही मजदूरों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाते हुए थर्मल स्क्रीनिंग करेंगे। मजदूर बड़ी संख्या मे पहुचेंगे इसलिए स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ रेलवे विभाग के डॉक्टर और स्टाॅफ थर्मल स्क्रीनिंग का कार्य करेंगे। अधिकारियों की माने तो दुर्ग जिले के 2 हजार से ज्यादा मजदूर अन्य राज्यों में फंसे हुए हैं। जिन्हें वापस लाने की तैयारी है।जिले में सबसे ज्यादा महाराष्ट्र से आएंगेस्पेशल ट्रेन से आने वाले सबसे ज्यादा मजदूर महाराष्ट्र के हैं। यहां से 700 मजदूर पहुंचेंगे। गुजरात राज्य से 240 मजदूरों के आने का पंजीयन करवाया गया है। आन्ध्रप्रदेष, कर्नाटक, झारखंड और तेलंगाना राज्य से 260 मजदूरों की आने की सूचना हैं। इसी हिसाब से मजदूरों को क्वारेंटाइन करने के लिए प्रशासन कार्य योजना बना रही हैं।40 बसों से भेजे जाएंगे अन्य जिले: प्रशासन द्वारा स्पेशल ट्रेन से आए मजदूरों को दूसरे जिले में ले जाने के लिए 40 बसों की व्यवस्था की जा रही है। इन मजदूरों की थर्मल स्क्रीनिंग करने के बाद सोशल डिस्टेंसिंग से बसों में बिठाए जाऐंगे और रवाना करेंगे। दुर्ग, बालोद, बेमेतरा, कवर्धा, धमतरी, राजनांदगांव, कोंडागांव और नारायणपुर जिले के श्रमिक इस स्पेशल ट्रेन में दुर्ग स्टेशन पहुंचेंगे। इसके लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है।स्टेशन में थर्मल स्क्रीनिंग: मजदूरों का दुर्ग रेलवे स्टेशन में थर्मल स्क्रीनिंग होगी। इसके बाद मजदूरों को 14 दिनों तक क्वारेंटाइन सेंटर में रखा जाएगा। दुर्ग शहरी क्षेत्र के मजदूरों को सन पब्लिक स्कूल दुर्ग के क्वारेंटाइन सेंटर में भेजा जाएगा। भिलाई क्षेत्र के मजदूरों को रूंगटा कालेज में क्वारेंटाइन करेंगे। ग्रामीण क्षेत्र के मजदूरों को उनके गांव के बाहर बनाए गए सेंटर में क्वारेंटाइन किया जाएगा। यहां उनके रहने खाने-पीने की व्यवस्था ग्राम पंचायत के जिम्मे होगी।सबसे ज्यादा धमधा में सेंटर: अन्य प्रांतों से आने वाले मजदूरों की संख्या को देखते हुए प्रशासन ने जिले में 273 क्वारेंटाइन सेंटर बनाए है। दुर्ग ब्लाक में 43, धमधा ब्लाक 119 और पाटन ब्लाक में 112 क्वारेंटाइन सेंटर का इंतजाम किया गया है। इन सेंटरों में मजदूरों को क्वारेंटाइन करेंगे। अभी में 258 श्रमिक ही इन सेंटरों में क्वारेंटाइन किए गए है। ये वें मजदूर हैं जो खुद से होकर यहां पहुंचे हंै। दुर्ग क्षेत्र में 65, धमधा 43 और पाटन क्षेत्र में 60 श्रमिक क्वारेंटाइन हुए हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today More than 1200 laborers from 8 districts including Durg will come by train, will be able to go home only after 14 days quarantine Full Article
0 बंगाल के रानीनगर से पैदल चलकर 3 दिन बाद 20 मजदूर पहुंचे किशनगंज By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी स्थित रानीनगर से पैदल चलकर तीन दिन बाद शुक्रवार को 20 मजदूरों का जत्था किशनगंज पहुंचा। जत्थे में शामिल आबिद, रहमान, मोहम्मद आलम, मो. शब्बीर, तुफैल आदि ने बताया कि वे सभी पश्चिम बंगाल के रानीनगर में बीएसएफ कैंप के मकान निर्माण का काम करते थे। कोरोना संक्रमण को लेकर हुए लॉकडाउन के कारण मजदूरी का काम बंद हो गया और सभी लोग वहां फंस गए।एक माह तक सभी लोग अपने जमा पूंजी को खर्च कर खाते-पीते रहे। पैसा खत्म हो जाने के बाद वे सभी पैदल पश्चिम बंगाल के रानीनगर से भाया सिलीगुड़ी होते हुए करीब 185 किलोमीटर का सफर तय कर आज तीसरे दिन किशनगंज पहुंचे हैं। इन मजदूरों के जत्थे में चार महिलाएं तीन छोटे बच्चे और दो बूढ़े भी शामिल हैं। जत्थे में शामिल लोगों ने बताया कि इन सभी को पूर्णिया जिला स्थित धमदाहा के समीप रामपुर गांव जाना है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today बैठे मजदुर Full Article
0 धबौली गांव के पास 11000 वोल्ट तार में पाइप सटा, करंट लगने से मजदूर की मौत By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT बेगूसराय नेशनल हाईवे 31 पर धबौली गांव के पास सड़क निर्माण के लिए सर्वे के दौरान करंट लग जाने से 26 वर्षीय विजय कुमार की मौत हो गई। मृतक विजय लाखो सहायक थाना क्षेत्र के धबौली नया नगर विष्णुपुर वार्ड 1 का निवासी था। लाखों सहायक थाना के प्रभारी अरविंद कुमार सुमन ने बताया कि विजय सड़क निर्माण के दौरान किए जाने वाले सर्वे के काम में मदद कर रहा था। उन्होंने बताया कि सर्वे कर रही कंपनी रोड के लेवलिंग का काम करती है।लोहे के पाइप को ऊंचा करने के लिए कहा तो इसी दौरान शीशम के पेड़ के बीच गुजर रहे 11000 वोल्ट के तार में पाइप सट गया। जिससे विजय को करंट लग गया। आनन-फानन में परिजनों ने उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया मृतक के परिजनों ने बताया कि विजय अपने घर में कमाने वाला इकलौता कमाऊ सदस्य था। वह दो भाइयों में सबसे बड़ा था उसकी चार बहन है। परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करा कर परिजनों को सौंप दिया। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 11000 volt wire pipe near Dhabauli village, laborer dies due to current Full Article
0 जिले के 1100 केन्द्रों पर शुरू हुआ नियमित टीकाकरण By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT लॉकडाउन के कारण करीब डेढ़ माह से बंद पड़ा नियमित टीकाकरण जिला स्वास्थ्य समिति ने शुक्रवार से आरंभ कर दिया गया। कोरोना संक्रमित कंटेनमेंट जोन वाले इलाकों को छोड़ कर अन्य ग्रामीण इलाकों में ही नियमित टीकाकरण शुरू किया गया। सरकार द्वारा नियमित टीकाकरण अभियान आरंभ करने को लेकर दिए गए आवश्यक निर्देश के अनुसार कंटेनमेंट जोन, बफर जोन सहित जिन क्षेत्रों में कोरोना के संक्रमित मरीज पाए गए हैं उन क्षेत्रों में नियमित टीकाकरण नहीं किया जाना है। जिसमें मुंगेर के शहरी और ग्रामीण क्षेत्र सहित जमालपुर, बरियारपुर और टेटिया बंबर के संक्रमित क्षेत्र शामिल हैं।सिविल सर्जन डॉ. पुरुषोत्तम कुमार ने बताया कि जिले के 1475 केंद्राें पर प्रसूती महिलाओं और बच्चों का नियमित टीकाकरण सप्ताह में दो दिन किया जाता है। ग्रामीण क्षेत्र में बुधवार और शुक्रवार तथा शहरी क्षेत्र में सप्ताह में 5 दिन टीकाकरण होता है। परंतु जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों के अधिक मामले सामने आने के कारण संक्रमित क्षेत्र के 375 केन्द्रों में टीकाकरण नहीं किया जाएगा। शेष 1100 केंद्रों पर नियमित टीकाकरण आरंभ किया गया है। इस कार्य में एएनएम, आशा और आंगनबाड़ी सेविका को लगाया गया है।इन क्षेत्रों में नहीं शुरू हुआ टीकाकरणकोरोना संक्रमित पाए गए मुंगेर के सदर प्रखंड के चुरंबा व शहरी क्षेत्र के 6 लोगों के पॉजिटिव होने के कारण मुंगेर के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित टीकाकरण आरंभ नहीं किया गया है। इसके अलावा जमालपुर शहरी क्षेत्र और जमालपुर प्रखंड के चंदनपुरा पंचायत में भी नियमित टीकाकरण आरंभ नहीं किया गया है। जबकि बरियारपुर के खरिया तथा उससे सटे असरगंज प्रखंड के अमैया पंचायत और टेटियाबंबर प्रखंड के शिवनगर तथा मोहनपुर में टीकाकरण अभी शुरू नहीं किया गया है।पंचायत में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़कावबरियारपुर | कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए प्रखंड के बरियारपुर उत्तरी पंचायत की मुखिया रूबी देवी के द्वारा पंचायत की गलियों में ब्लीचिंग का छिड़काव के साथ घरों का सैनिटाइजेशन कराया गया। मुखिया प्रतिनिधि पवन कुमार ने बताया कि पंचायत के प्रत्येक गलियों में ब्लीचिंग का छिड़काव कर सभी घरों का सैनिटाइजेशन कराया जा रहा है। इस दौरान लोगों को सामाजिक दूरी का अनुपालन करने और बेवजह घरों से नहीं निकलने की अपील की जा रही है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
0 150 जरूरतमंदों के बीच खाद्य सामग्री का वितरण By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT प्रखंड के बरियारपुर उत्तरी पंचायत अंतर्गत बरियारपुर बस्ती गांव में पासवान परिवार की ओर से डेढ़ सौ गरीब लोगों को चिह्नित कर खाद्य सामग्री उपलब्ध कराया गया। खाद्यान्न वितरण का नेतृत्व कर रहे आशीष कुमार, विनोद कुमार, विवेक कुमार, दीपक कुमार, प्रिंस कुमार, विकास, चंदन, विक्रम, विशाल, कुंदन, धर्मवीर, बीरबल आदि ने बताया कि लॉक डाउन के कारण गरीबों के समक्ष विकट परिस्थिति को देखते हुए पासवान परिवार द्वारा खाद्यान्न सामग्री वितरण का निर्णय लिया गया। चिन्हित डेढ़ सौ गरीबों के बीच 5 किलो चावल, 3 किलो आटा, 2 किलो आलू, 1 किलो प्याज, 1 किलो नमक, आधा किलो सरसों तेल, सर्फ, साबुन, मास्क, सैनिटाइजर आदि का वितरण किया गया। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today गरीबों को खाद्यान्न उपलब्ध कराते। Full Article
0 रोजाना 100 ट्रक गिर रहा है फ्लाय एश, बरसात के मौसम से पहले तक बलिया से बेगूसराय तक की सड़क तैयार करने का लक्ष्य By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT लॉकडाउन के दौरान निर्माण कार्य की परमिशन मिलने के बाद एनएच-31 पर बनने वाले फोर लेन के निर्माण कार्य ने फिर से गति पकड़ ली है। एनएचएआई की देखरेख में पुंजलॉयड ने काम करना शुरू कर दिया है। जिसके तहत बलिया से बेगूसराय तक फोरलेन निर्माण को लेकर अब कहलगांव से प्रतिदिन 50-100 ट्रक प्लाय एश गिराया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर शहर के अंदर भी जहां काम अधूरा रह गया था, वहां पर फिर से काम शुरू हो गया है। हालांकि इस दौरान डीएम ने कई तरह की शर्त भी रखी है।जिसके तहत अब काम के लिए बाहर से मजदूर को नहीं लाना होगा, स्थानीय मजदूर ही काम करेंगे। काम के दौरान सोशल डिस्टेशिंग का ख्याल रखना होगा। साथ ही काम पर लौटे मजदूरों के स्वास्थ्य की जांच करानी होगी। फोरलेन निर्माण के लिए लगातार दो किश्त मिलने के बाद पुंजलॉयड द्वारा बलिया बाजार से आगे काम शुरू कर दिया गया है। काम जल्दी हो इसके लिए पहले प्लाय एश गिराया जाएगा फिर पेवर से सड़क निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इसके अलावे शहर में हर-हर महादेव चौक से कपस्या चौक के बीच भी शुक्रवार से काम शुरू कर दिया गया है।मालूम हो कि इस बीच में टेलिफोन एक्सचेंज के पास ड्रेनेज सिस्टम को पूरा करने का काम भी शुक्रवार से शुरू कर दिया गया है।बेगूसराय से बलिया तक फोर लेन निर्माण को लेकर एनएचएआई के एक अधिकारी ने बताया कि बेगूसराय से बलिया तक की सड़क की स्थिति ठीक नहीं है। लॉकडाउन के कारण कार्य काफी प्रभावित हुआ है। लेकिन चिंता की बात नहीं है, एक बार फिर से काम तेज गति से शुरू हुआ है, मेटिरियल भी समय पर बेगूसराय पहुंच रहा है। अगर किसी प्रकार की आगे बाधा नहीं होती है तो इस साल बारिश से पहले तक बेगूसराय से बलिया तक सड़क निर्माण काफी हद तक पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंनें बताया कि इस बार बेगूसराय से बलिया तक की सड़क का काम प्राथमिकता के आधार पर शुरू किया गया है।जनवरी में शुरू हुआ था काम, 23 मार्च से रुका था निर्माणमालूम हो कि जनवरी में काम शुरू होने के बाद कोरोना वायरस के कारण 23 मार्च के बाद से काम बंद हो गया था। इससे पहले पिछले साल भारी बारिश के कारण काम बंद हो गया था। बारिश जब छूटी और शर्त के साथ पुंजलॉयड को एनएचएआई और संबंधित बैंकों ने निर्माण कार्य के लिए प्रथम किश्त की राशि 7.68 लाख रुपए जारी किए तो सबसे बड़ी समस्या मिट्टी की हो गई। बाद में कहलगांव एनटीपीसी से फ्लाय एश मिलने के बाद काम शुरू हुआ था। लेकिन बीच में कोरोना के कारण काम बंद हुआ था अब फिर से काम शुरू हुआ है तो बेगूसराय के लोगों में एक उम्मीद जगी है। मालूम हो कि एनएच-31 पर बनने वाले फोरलेन निर्माण में 107 छोटे बड़े मंदिर, 16 गेट और बिजली के पोल अब भी बाधक बने हुए हैं। हालांकि मंदिर और अन्य निर्माण को हटाने के लिए कम्पनी को पांच करोड़ एप्रुवल भी मिल चुका है। लेकिन यह काम जिला प्रशासन के सहयोग के बिना संभव नहीं है। ज्ञात हो कि सिमरिया से खगड़िया तक एनएच 31 पर 60.232 किलोमीटर तक फोरलेन का निर्माण होना है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 100 trucks are falling daily, fly ash, target to prepare road from Ballia to Begusarai before the rainy season Full Article
0 बिहिया में दो पक्षों के बीच हुई मारपीट में 5 जख्मी, 4 लाेग गिरफ्तार By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT थाना क्षेत्र के बांधा गांव में बच्चों के बीच पूर्व में हुआ विवाद तूल पकड़ लिया और दो पक्ष आपस में भिड़ गये। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडे से हुई मारपीट की घटना में दोनों पक्षों के 2 महिलाओं समेत 5 लोग जख्मी हो गये। घटना को लेकर दोनों पक्षों ने थाने में अलग-अलग केस दर्ज करायी है। इस मामले में पुलिस ने दोनों पक्षों के दो-दो लोगों समेत कुल 4 लोगों को गिरफ्तार किया है। जख्मियों में एक पक्ष के स्व. नारद महतो की पत्नी लखमुना कुंअर व पुत्र शत्रुघ्न कुमार और दूसरे पक्ष के शिवशंकर यादव की पत्नी गुंजेश्वरी देवी के अलावा भगवान यादव व मरकट यादव का इलाज बिहिया स्थित सीएचसी में कराया गया।पुलिस के अनुसार मारपीट की घटना को लेकर एक पक्ष के लखमुना कुंवर और दूसरे पक्ष के गुंजेश्वरी देवी ने केस दर्ज करायी है। बिहिया के प्रभारी थानाध्यक्ष शशिकांत ने बताया कि इस मामले में एक पक्ष के श्रीभगवान यादव व मरकट यादव और दूसरे पक्ष के रामभजु महतो और धीरेन्द्र महतो समेत 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है। बताया जाता है कि बांधा गांव में पिछले दिनों बच्चों के बीच विवाद हुआ था। बच्चों के बीच हुए उक्त विवाद में रास्ते से जाने को लेकर फिर बात बिगड़ गयी और बकझक के बाद दो पक्ष आपस में भिड़ गये। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
0 लुधियाना से पहुंचे 1210 मजदूर, महाराष्ट्र के नंदूरबार मदरसा से आने वाले 88 बच्चे 14 दिनों तक रहेंगे होम क्वारेंटाइन में By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT लॉकडाउन में बाहर फंसे मजदूरों का श्रमिक स्पेशल ट्रेन के जरिए आना जारी है। 24 घंटे के अंदर पूर्णिया में चार श्रमिक स्पेशल ट्रेन से 1337 प्रवासी श्रमिक पहुंचे हैं। शुक्रवार शाम करीब 2 घंटे देरी से 4.20 में पंजाब के लुधियाना से श्रमिक स्पेशल ट्रेन पूर्णिया पहुंची। ट्रेन में पूर्णिया जिले के 1210 लोगों के साथ पड़ोसी अररिया समेत अन्य जिले के 42 लोग शामिल थे। लुधियाना से पूर्णिया पहुंचे मजदूरों ने बताया कि टिकट का पैसा नहीं लिया गया। रास्ते में भी खाने-पीने की परेशानी नहीं हुई। लेकिन, अब बाहर जाने से पहले एक बार सोचेंगे जरूर।डीएम राहुल कुमार ने बताया कि लुधियाना, भरूच, नंदूरबार और सूरत से आए अन्य जिलों के प्रवासियों को उनके जिले में भेज दिया गया है। जिले के श्रमिकों को उनके गृह प्रखंडों में बने होम क्वारेंटाइन सेंटर में भेजा गया है। महाराष्ट्र के नंदूरबार मदरसा से आए 88 बच्चे 14 दिनों तक होम क्वारेंटाइन में रहेंगे। बाहर से आ रहे मजदूरों ने बताया कि बाहर जाकर कमाना-खाना मजबूरी है। कमाने नहीं जाएंगे तो परिवार का भरण-पोषण कैसे होगा। लॉकडाउन से पहले तक कोई परेशानी नहीं थी। लॉकडाउन के बाद काफी जिल्लत उठानी पड़ी। जैसे-तैसे दिन गुजर रहा था, ट्रेन में बैठने के बाद राहत मिली।मजदूरों ने कहा-सरकार यदि बिहार में देगी रोजगार के अवसर तो नहीं जाएंगे बाहरस्टेशन पर ट्रेन से उतरे हुए मजदूरों ने काफी राहत की सांस ली। ये मजदूर काफी हतोत्साहित और परेशान नजर आ रहे थे। कहा- ऐसा महसूस हो रहा है कि जैसे उनका पुनर्जन्म हुआ है। मजदूरों ने बताया कि यदि बिहार सरकार हमें अपने ही राज्य में रोजगार का अवसर देगी तो कभी बाहर नहीं जाएंगे। आज यदि यहां रोजगार मिलता तो हमारी यह हालत नहीं होती। लाॅकडाउन लगते ही सभी उद्योग बंद हो गए। मालिक ने काम से भी निकाल दिया। जो पैसे थे उससे जैसे-जैसे गुजारा किए। पैसा खत्म होने के बाद गुरुद्वारा और अन्य दाताओं के सहयोग से एक वक्त की रोटी नसीब हो रही थी।महाराष्ट्र के नंदूरबार से पहुंचे 1282 यात्रियों में ज्यादातर मदरसा के बच्चे, सभी को भेजा गया होम क्वारेंटाइन, किशनगंज के 188गुरुवार की देर रात 1.15 बजे महाराष्ट्र के नंदूरबार से 1282 यात्रियों को लेकर ट्रेन पूर्णिया जंक्शन पहुंची। इस ट्रेन में ज्यादातर मदरसा के बच्चे थे। नंदूरबार से पहुंची ट्रेन में पूर्णिया के 88 यात्रियों के अलावा किशनगंज के 182,कटिहार के 166,अररिया के 91,अरवल के 3,औरंगाबाद के 23,बांका के 7,बेगूसराय के 30, भागलपुर के 27,भोजपुर के 1, बक्सर के 4, दरभंगा के 61,पूर्वी चंपारण के 27, गया के 24, गोपालगंज के 43, जमुई के 7, जहानाबाद के 4,कैमूर के 1, खगड़िया के 5, मधेपुरा के 5, मधुबनी के 20, मुंगेर के 11, मुजफ्फरपुर के 41, नालंदा के 14,नवादा के 17,पटना के 89, रोहतास के 22, सहरसा के 38,समस्तीपुर के 35,छपरा के 12, शेखपुरा के 5, शिवहर के 5,सीतामढ़ी के 20,सिवान के 63,सुपौल के 3,वैशाली के 6 व पश्चिमी चंपारण के 82 यात्री शामिल थे। ट्रेन से आए मदरसा के बच्चों की स्क्रीनिंग करवाकर बस के माध्यम से उन्हें विभिन्न जिलों में भेज दिया गया।भरूच से आए 1240 यात्री, अररिया के सबसे ज्यादा 633, पूर्णिया के 29गुजरात के भरूच से 1240 यात्रियों को लेकर एक ट्रेन शुक्रवार की देर रात पूर्णिया जंक्शन पहुंची। इस ट्रेन में अररिया जिले के सबसे ज्यादा 633 लोग शामिल थे। ट्रेन के स्टेशन पर पहुंचते ही सभी यात्रियों की स्टेशन पर थर्मल स्क्रीनिंग करवा कर उन्हें गृह जिला में भेजा गया।बाहर से आने वाले सभी यात्रियों को 21 दिनों तक क्वारेंटाइन में रहना होगा। भरूच से आने वाली ट्रेन में अररिया के 633 लोगों के अलावा कटिहार के 291, किशनगंज के 65, मधुबनी के 55, सहरसा के 45, सुपौल के 36, पूर्णिया के 29, गोपालगंज के 24, सिवान के 7, दरभंगा के 16, भागलपुर के 10, खगड़िया के 7, पश्चिम चंपारण के 6, मुजफ्फरपुर के 5, मधेपुरा के 3, पूर्वी चंपारण के 3, बांका के 3, सारण के 1, पटना के 1 यात्री शामिल है। अहमदाबाद के भरूच से आने वाले यात्रियों को 51 बसों के माध्यम से उनके गृह जिला भेजा गया। यात्रियों को ले जाने के लिए अररिया से 25, कटिहार से 12, किशनगंज से 3, मधुबनी, सहरसा, सुपौल से 2-2 और गोपालगंज से 1 बस पहुंची थी।24 घंटे के अंदर पूर्णिया में श्रमिक स्पेशल ट्रेन से सूबे के 5 हजार से ज्यादा श्रमिक और मदरसा के बच्चे आए24 घंटे के अंदर पूर्णिया में चार श्रमिक स्पेशल ट्रेन के सहारे सूबे के 5 हजार से ज्यादा प्रवासी श्रमिक और मदरसा के बच्चे पूर्णिया पहुंचे हैं। इनमें जिले के 1337 लोग शामिल हैं। पूर्णिया में गुरुवार की रात्र 8 बजे गुजरात के सूरत से पहली ट्रेन पहुंची थी। इसमें पूर्णिया के 10 यात्री शामिल थे। देर रात 2 बजे के आस-पास महाराष्ट्र के नंदूरबार से 1282 लोगों को लेकर एक ट्रेन पहुंची। इस ट्रेन में ज्यादातर मदरसा के बच्चे शामिल थे। इसमें पूर्णिया जिले के मदरसे के 88 बच्चे शामिल थे। शुक्रवार को पंजाब के लुधियाना से 1250 लोगों को लेकर पहली ट्रेन पहुंची। इस ट्रेन में 1210 लोग पूर्णिया के ही थे। रात में ही गुजरात के भरूच से 1240 लोगों को लेकर एक ट्रेन पहुंची। इसमें पूर्णिया के 29 यात्री शामिल थे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today महाराष्ट्र के नंदूरबार जिले से पूर्णिया पहुंचे मदरसे में पढ़ने वाले बच्चे। स्टेशन पर सोशल डिस्टेंस मेंटेन किया गया। पूर्णिया जंक्शन पर लुधियाना के स्पेशल ट्रेन से लौटने के बाद प्रवासी श्रमिकों की भीड़। प्लेटफॉर्म से निलकने के बाद यात्रियों ने सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन नहीं किया। भीड़ को कंट्रोल करने में प्रशासन विफल रहा। Full Article
0 सहरसा सीमा पर अधिकारी व 10 जवानों के लिए मात्र दो बेड, शौचालय भी उपलब्ध नहीं By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT सदर प्रखंड अंतर्गत सुपौल-सहरसा सीमा पर तैनात पुलिस कर्मी के लिए खुद को सुरक्षित कर पाना बड़ी चुनौती साबित हो रही है। गुरूवार को सुपौल-सहरसा सीमा पर उपस्थित अधिकारी एवं पुलिस बल दबी जुबान से आपबीती एक-दूसरे को सुना रहे थे। उपस्थित अधिकारी एवं पुलिस जवानों ने बताया कि हम कुछ नहीं कह सकते हैं। हम लोग कुछ कहेंगे तो हम लोगों पर कार्रवाई हो जाएगी। इसलिए हम लोग सिर्फ अपनी ड्यूटी निभाते हैं और जैसे-तैसे अपनी जिंदगी बसर करते हैं। वहीं पता चला कि सीमा पर अधिकारी एवं पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति तो कर दी गई है। लेकिन अधिकारी एवं पुलिस बल के रहने, खाने-पीने, शुद्ध पेयजल का उचित प्रबंध नहीं किया गया है। यहां तक की शौचालय एवं बिजली की कोई व्यवस्था ही नहीं है। पुलिस प्रशासन द्वारा एक टेंट बना दिया गया। जिसमें एक अवर निरीक्षक, एक सहायक अवर निरीक्षक एवं 8 पुलिस जवान रहते हैं। वहीं 10 आदमी के लिए पुलिस प्रशासन ने केवल 4 सिंगल बेड दिया है। वहीं सीमा बॉर्डर पर बनी कैंप के बगल के बगीचे में एक चदरा का घर स्थानीय लोगों का बना है। जो पुलिस बल को रहने के लिए दे दिया है।प्रतिनियुक्त अधिकारी एवं पुलिस जवानों के लिए सुबह शौचालय जाने एवं नित्य क्रिया से निवृत होने से ही परेशानी शुरू हो जाती है। कैंप के चारों ओर किसानों का खेत खलिहान होने के कारण शौचालय जाने में भी काफी कठिनाई होती है। वहीं शुद्ध पेयजल भी उपलब्ध नहीं हो पाता है। लिहाजा सभी चापाकल के आयरनयुक्त पानी पीने को विवश हैं। वहीं बिजली की कोई सुविधा नहीं रहने के कारण अधिकारी एवं पुलिस बल दिन में किसी तरह अपनी ड्यूटी तो निभा लेते हैं। लेकिन रात के समय में सीमा की सुरक्षा एवं अपने हथियार की रक्षा करने के लिए सभी जवानों पूरी रात जागना पड़ता है। दबी जुबान से पुलिस बल कहते है कि रात में अंधेरा के कारण कई तरह के कीड़े-मकोड़े एवं जहरीले सांप भी दिखाई पड़ते हैं। जिससे भय का माहौल बना रहता है। इस बाबत सदर एसडीपीओ विद्यासागर ने कहा कि कैंप प्रतिनियुक्त अधिकारियों एवं जवान को अगर किसी प्रकार की असुविधा है तो उसे जल्द ही दूर किया जाएगा। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today लौकहा कैंप में प्रतिनियुक्त अधिकारी व पुलिस जवानों के लिए बना टेंट हाउस। Full Article
0 पुलिस ने 1681 बाेतल शराब व 160 बीयर केन किया बरामद By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT थाना पुलिस ने गुरुवार की रात त्रिवेणीगंज अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी गणपति ठाकुर के नेतृत्व में थाना क्षेत्र के गुडिया पंचायत स्थित एक सुनसान बांसबाड़ी से 1681 बाेतल विदेशी शराब और 160 बोतल बीयर केन बरामद किया गया है। जदिया थाना अध्यक्ष पंकज कुमार ने बताया कि गुप्त सूचना आधार पर यह छापेमारी की गई थी। जिसमेें पुलिस को पंचायत स्थित एक सुनसान बांसबाड़ी से विभिन्न ब्रांड का 180 एमएल का 1466 बोतल व 750 एमएल का 215 बोतल विदेशी शराब बरामद किया गया। साथ ही 500 एमएल का 160 बोतल बीयर केन भी पुलिस ने बरामद किया। बताया कि मामले में उत्पाद अधिनियम की विभिन्न धराओ के तहत अज्ञात के विरुद्ध कांड दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। छापेमारी दल में डीएसपी के साथ त्रिवेणीगंज थानाध्यक्ष सुधाकर कुमार, जदिया थाना अध्यक्ष पंकज कुमार व पुलिस बल शामिल थे। पुलिस की इस कार्रवाई से शराब कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today जदिया पुलिस द्वारा जब्त शराब। Full Article
0 कोरोना संक्रमित आवास सहायक के संपर्क चेन में 50 से ज्यादा लाेग शामिल, सहकर्मियों में हड़कंप By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT कोराेना संक्रमित आवास सहायक के संपर्क चेन में 50 ज्यादा लोगों को शामिल होने की संभावना है। प्रशासन द्वारा उसका पूरा खाका तैयार किया जा रहा है। लेकिन इस संबंध में प्रशासनिक अधिकारी फिलहाल कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। आवास सहायक मदनपुर प्रखंड के दधपी गांव का रहने वाला है। लेकिन वह रफीगंज में आवास सहायक के रूप में कार्यरत है। इसलिए उसके संपर्क चेन में मदनपुर से लेकर रफीगंज तक में शामिल हैं। मदनपुर में परिवार समेत 25 से 30 लोग शामिल हैं। जबकि रफीगंज में भी इतने ही लोगों को शामिल होने की बात कही जा रही है। लेकिन रफीगंज में उसका संपर्क चेन बड़ा हो सकता है।सूत्रों के अनुसार कोरोना पॉजिटिव रफीगंज का आवास सहायक 23 अप्रैल को बलिगांव गांव में संक्रमित हुआ। वह बलिगांव के संक्रमित युवक के संपर्क में आया था। वह वहां राहत सामग्री वितरण व अन्य ड्यूटी कार्य में लगा था। लेकिन उसकी तबीयत बिल्कुल ठीक थी। लिहाजा उसे शक नहीं हुआ। जब बलिगांव का युवक कोरोना पॉजिटिव पाया गया तो तत्काल उसका संपर्क चेन खंगाला गया। जिसमें आवास सहायक भी शामिल था।औपचारिकता के लिए उसकी भी जांच करायी गई। जब जांच रिपोर्ट आया तो सभी चौंक गए। लेकिन इस दौरान वह छह दिनों तक ड्यूटी किया। 28 अप्रैल तक वह लगातार ड्यूटी किया है। मंगलवार को आयोजित आवास सहायकों के आयोजित मीटिंग में शामिल हुआ था। इस दौरान वह कई लोगों के संपर्क में आया होगा। इसलिए उसका संपर्क चेन मदनपुर के तुलना में रफीगंज में बड़ा हो सकता है। उसके संपर्क चेन को तत्काल होम क्वॉरेंटाइन करना चाहिए।ऑफिस के बाबू से लेकर सहकर्मियों मेंहड़कंप, हर कोई चाहता हमारी जांच होनाम न छापने के शर्त पर एक आवास सहायक ने बताया कि ऑफिस के बाबू से लेकर सारे सहकर्मियों में भय का माहौल है। वह ड्यूटी के दौरान रोजाना एक बाबू को रिपोर्ट सौंपता था। वह बहुत डरे हुए हैं। वहीं उसके साथ समय बिताने वाले सहकर्मी भी चिंतित हैं। उनका लिस्ट बना है या नहीं, लेकिन वह खुद को उस लिस्ट में मानते हुए अपने घरों में खुद को परिवार से अलग कर समय गुजार रहे हैं। खाना-पीना सभी अलग थाली, ग्लास में कर रहे हैं। उनके इस हरकत से घर के लोगों में भी चिंता है। लेकिन वे घबराए हुए नहीं हैं। सभी सहकर्मियों को भरोसा है कोरोना से सिर्फ जांच हो जाए, बाकी नतीजा से हम नहीं डर रहे।27 प्रवासियों की जांच रिपोर्ट आयी निगेटिवडीपीएम डॉ. कुमार मनोज ने बताया कि शुक्रवार को 27 प्रवासी मजदूराें का जांच रिपोर्ट निगेटिव आया है। लगातार निगेटिव रिपोर्ट आ रही है। 97 फीसदी से ज्यादा जांच रिपोर्ट निगेटिव है। अब तक 11 मरीज ठीक भी हो चुके हैं। शुक्रवार को 52 प्रवासियों का सैम्पल जांच के लिए पटना भेजा गया है।बोले डीएमसमाज के सभी लोगों को कोरोना के प्रति सावधान होकर सावधानी व एहतियात बरतनी चाहिए। आपकी सावधानी से ही कोरोना हारेगा और हम जीतेंगे। मरीज यहां तेजी से ठीक भी हो रहे हैं। यह अच्छी बात है।सौरभ जोरवाल, डीएम Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today More than 50 people involved in contact chain of Corona-infected housing assistant, stirring up colleagues Full Article
0 आंधी-बारिश में हुई फसल क्षति के लिए 20 मई तक किसान कर सकते हैं ऑनलाइन आवेदन By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT जिले में मार्च तथा अप्रैल माह में बेमौसम आंधी, ओलावृष्टि व बारिश के कारण लगभग 10075 हेक्टेयर खेतों में लगी गेहूं, मक्का, मौसमी सब्जी तथा फलदार पौधों को नुकसान हुआ है। नुकसान के मुआवजा के लिए अधिकांश किसानों ने अावेदन किया है। प्राप्त आवेदन की जांच कर सही पाए गए आवेदनों की अनुशंसा भी कर दी गई है। किंतु विभाग को यह सूचना मिली की अभी तक कतिपय किसान ऐसे हैं जो मुआवजा के लिए आवेदन नहीं कर पाए हैं। लिहाजा विभाग के निर्देश पर मुआवजा के लिए आवेदन की तिथि बढ़ा दी गर्द है। पंजीकृत किसान विस्तारित तिथि के अनुसार आवेदन कर मुआवजा का दावा कर सकते हैं। उक्त बातें जिला कृषि पदाधिकारी राजन बालन ने कही। उन्होंने बताया कि मार्च माह में हुई फसल क्षति के मुआवजा के लिए किसान 11 मई तथा अप्रैल माह में हुई फसल क्षति की मुआवजा के लिए किसान 20 मई तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। अगर किसी किसान को दोनों माह में आई आपदा के कारण फसल की क्षति हुई है तो वे अलग-अलग आवेदन कर मुआवजा का दावा कर सकते हैं। ज्ञज्ञत हो कि जिले में मक्का की खेती किए किसाानों को काफी नुकसान हुआ है। कई किसान तो कर्ज लेकर खेती किए थे।असिंचित तथा सिंचित क्षेत्र को ले अलग-अलग मिलेगा मुआवजाबालन ने बताया कि सिंचित क्षेत्र के लिए प्रभावित किसानों को 6800 तथा असिंचित क्षेत्र के लिए 13500 रुपए प्रति हेक्टेयर की दर से मुअावजा मिलेगा। इसके अलावा शाश्वत फसल के लिए 18 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर मुआवजा देने का प्रावधान है। मुआवजा के लिए किसान राज्य सरकार की वेबसाइट www.krishi.bih.nic.in पर दिए गए लिंक DBT in Agriculture पर मार्च एवं अप्रैल के लिए दिए गए अलग-अलग लिंक पर आवेदन कर इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। रबी फसल के मुआवजा के लिए केवल एक ही बार आवेदन कर सकते हैं। यह अनुदान प्रति किसान केवल दो हेक्टेयर के लिए ही देय होगा। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today राजन बालन। Full Article
0 आलमनगर प्रखंड में 13500 हेक्टेयर में मक्के की फसल हुई है नष्ट : डीएओ By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित कृषि भवन में रबी मौसम अप्रैल माह में असमय वर्षा आंधी ओलावृष्टि के कारण प्रभावित रवि फसलों को लेकर जिला कृषि पदाधिकारी ने कृषि सलाहकारों के साथ बैठक कर कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की। इस दौरान जिला कृषि पदाधिकारी राजन बालन ने कृषि सलाहकारों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि ऑनलाइन फॉर्म भरने के 20 दिन के अंदर आपको फॉर्म का सत्यापन एवं भौतिक सत्यापन कर फॉर्म को एक्सेप्ट या रद्द करना है। 20 दिन के भीतर अगर आपने किसानों के द्वारा भरे गए फॉर्म को लेकर रिपोर्ट नहीं किए तो आपकी कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिह्न लग जाएगा। उन्होंने बताया कि यह योजना मधेपुरा सहित 19 जिलों के चिन्हित प्रखंडों के लिए मान्य है। बताया कि आलमनगर प्रखंड से कुल 13500 प्रति हेक्टेयर मक्के की फसल के क्षति की रिपोर्ट गई है। मक्के की फसल के क्षतिग्रस्त के सत्यापन में फोटो की आवश्यकता नहीं है। जिनके पास मोबाइल की सुविधा है वह घर पर ही रहकर आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि यदि कोई किसान रबी मौसम के फरवरी एवं मार्च माह में फसल क्षति के लिए आवेदन कर चुके हैं तो कृपया अप्रैल माह में हुए फसल क्षति के लिए आवेदन नहीं करें। इस अवसर पर प्रमुख धर्मेंद्र कुमार मंडल, प्रखंड कृषि पदाधिकारी रवि लाल मुखिया व राजेश्वर राय ने भी कई बिंदुओं पर अपने सुझाव दिए। मौके पर प्रखंड को-ऑर्डिनेटर ओमप्रकाश आदित्य, अवधेश कुमार, किसान सलाहकार सुनील कुमार, सत्यदेव पंडित व नवीन कुमार सहित अन्य भी थे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today शुक्रवार को क्षतिग्रस्त फसल का मुआयना करते डीएओ व अन्य। Full Article
0 40.6 लाख की लागत से हाेगा सड़क चाैड़ीकरण व नाली निर्माण : मुख्य पार्षद By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT नगर के हटिया चाैक से सुभाष चाैक हाेते हुए डाॅ. रामानंद प्रसाद के क्लीनिक तक पक्की सड़क चाैड़ीकरण व वार्ड-9 में निर्मली यादव के घर से प्राथमिक विद्यालय पासवान टोला तक पक्की नाली सह ढक्कन निर्माण कार्य का मुख्य पार्षद दुलारी देवी ने शुक्रवार काे शिलान्यास किया। माैके पर उपमुख्य पार्षद रंजीत नायक, मुख्य पार्षद प्रतिनिधि जगरनाथ कामत, वार्ड पार्षद माे. भट्टू, संजय कुमार, समाजसेवी शंभु राय, शशि शेखर, िनर्मल साह मुकेश साह, विवेकानंद, जेई विनाेद कुमार चाैधरी, मंटू कुमार सहित अन्य माैजूद थे। इस दाैरान मुख्य पार्षद ने बताया कि नगर के हटिया चाैक से सुभाष चाैक हाेते हुए डाॅ. रामानंद प्रसाद के क्लीनिक तक 34 लाख 13 हजार रुपए की लागत से पूरब अाैर पश्चिम दिशा से सड़क चाैड़ीकरण का काम हाे रहा है। इसके अलावे वार्ड नंबर 9 के निर्मल यादव के घर से प्राथमिक विद्यालय पासवान टोला तक 6 लाख 47 हजार की लागत से पक्की नाली व ढक्कन का निर्माण हाेगा। इसके साथ ही नगर के विभिन्न वार्डाें में भी पक्की नाली व सड़क का निर्माण हाेगा। नगर में विकासात्मक कार्य काे लेकर वार्डवार सूची बनाई जा रही है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Road chaining and drainage construction to be done at a cost of 40.6 lakhs: Chief Councilor Full Article
0 कोलकाता से लौट रहा कोरियंधा का युवक कोरोना पॉजिटिव 1250 प्रवासी कामगारों को लेकर तेलंगाना से पहुंची विशेष ट्रेन By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:32:00 GMT जिले में कोरोना का एक और मरीज शुक्रवार को मिला। मरीज की उम्र 38 वर्ष है। इसके साथ ही जिले में कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है। शुक्रवार को मिला कोरोना का पांचवां मरीज बांका थाना क्षेत्र के कोरियंधा गांव का रहने वाला है। उक्त मरीज अपने पिता के साथ कोलकाता में रहता था। कुछ दिनों पहले उसके पिता की कोलकाता में मौत हुई थी। जिसके बाद वह कोलकाता से कार रिजर्व कर भागलपुर आया, जहां 6 मई को मोजाहिदपुर थाना पुलिस ने जांच के क्रम में उसे रोका। उसकी तबियत खराब देख उसे मायागंज अस्पताल में भर्ती कराया और सैंपल जांच को भेजा। जांच के बाद 8 जून को उसकी रिपोर्ट पाॅजिटिव मिली। हालांकि जिले के राहत की बात यह है कि उक्त युवक बांका नहीं आया था। फिलहाल उसका इलाज मायागंज में किया जा रहा है। दूसरी ओर शुक्रवार शाम श्रमिक स्पेशल ट्रेन 1250 प्रवासी कामगारों को लेकर तेलंगाना से बांका पहुंची। जहां सभी को जांच के बाद प्रखंड में क्वारेंटाइन करने के लिये बस से भेज दिया गया। इस दौरान बांका के डीएम सुहर्ष भगत और एसपी अरविन्द कुमार गुप्ता उपस्थित थे।लिंगमपल्ली से आई इस विशेष रेलगाड़ी से आने वाले सभी व्यक्तियों का बांका जंक्शन पर जिला प्रशासन की कड़ी निगरानी में स्वास्थ्य कर्मियों ने थर्मल स्क्रीनिंग की उसके बाद प्रखंड में बने क्वारेंटाइन सेंटर में भेज दिया गया।थर्मल स्क्रीनिंग के बाद क्वारेंटाइन सेंटर भेजाएक-एक व्यक्ति को स्टेशन परिसर में बने गोल घेरे में खड़ा कर उनका थर्मल स्क्रीनिंग कराया गया। जिसके बाद पुलिस पदाधिकारी के साथ उन्हें बस तक ले जाया गया जहां से मजिस्ट्रेट की प्रतिनियुक्ति कर उन्हें क्वॉरेंटाइन सेंटर भेज दिया गया। माइकिंग के द्वारा सभी को सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने का भी हिदायत दिया गया। लिंगमपल्ली से आए 1250 लोगों को जिला प्रशासन द्वारा नाश्ता पानी भी दिया गया।सभी प्रवासियों का किया गया रजिस्ट्रेशनलगातार दूसरे दिन तेलंगाना के लिंगमपल्ली से एक विशेष ट्रेन बांका जंक्शन पहुंची। 1250 लोग बांका जिले के अलावा अन्य जिलों के भी थे, जिन्हें संबंधित जिला भेज दिया गया। वही जितने भी लोग ट्रेन से पहुंचे उनका स्टेशन पर ही रजिस्ट्रेशन कराया गया। जिससे कि आने वाले दिनों में अगर कोई परेशानी होती है तो उनका ट्रैवल हिस्ट्री के माध्यम से जानकारी प्राप्त हो सके।बेलहर का रेल कर्मी दूसरा कोरोना पॉजिटिवइधर एम्बुलेंस में साथ चल रहे दूसरे युवक बेलहर के थे, जो मुंबई में रेलवे कर्मचारी हैं। प्रशासन ने बेलहर के विशनपुर गांव से युवक सहित उनके परिवार के छह सदस्य और चेन में आये लोगों को बांका में क्वारेंटाइन कर दिया। इन लोगों का सेंपल बांका से जांच के लिये पटना भेज दिया गया। जांच के बाद 24 अप्रैल को युवक का रिपोर्ट जहां पॉजिटिव पाया गया, वहीं उनके परिवार के छह सदस्यों सहित अन्य ग्रामीणों का रिपोर्ट निगेटिव पाया गया। जो यहां के लोगों के लिये एक राहत भरी खबर थी। हालांकि प्रशासन ने युवक का रिपोर्ट पॉजिटिव आते ही बेलहर के बिशनपुर गांव को कन्टेंमेंट जोन घोषित करते हुए तीन किलोमीटर को सील किया गया था।शंभूगंज की युवती छपरा में मिली थी पॉजिटिवशंभूगंज की युवती छपरा में कोरोना पॉजिटिव मिली है। संदेह पर उसे छपरा इंजीनियरिंग कॉलेज में क्वारेंटाइन किया गया है और उसका सैंपल जांच के लिये भेजा गया था। मंगलवार को उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। शंभूगंज की 20 वर्षीय युवती के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद शंभूगंज ही नहीं, पूरे जिले में हड़कंप मच गया था लेकिन उसके बांका नहीं आने की सूचना पर लोगों ने राहत की सांस ली। युवती छपरा में सेल्स का काम करती थी। इस दौरान किसी काम से वह यूपी के देवरिया गयी थी। जहां से लौटने के बाद उसे छपरा में क्वारेंटाइन किया गया था।महाराष्ट्र से बांका में हुई थी कोरोना की इंट्रीजिले में कोरोना का पहला केस महाराष्ट्र से आए युवक से आई थी। अमरपुर के मैनमा गांव की महिला की मुंबई में मौत हुई थी। 18 अप्रैल को मृत महिला के पुत्र के साथ एम्बुलेंस से चार व्यक्ति मुंबई से बांका के लिए चले थे। भागलपुर के विक्रमशिला पुल पर चिकित्सक ने थर्मल स्क्रीनिंग के दौरान युवक को कोरोना के संदेह के आधार पर एम्बुलेंस से उतारकर मायागंज अस्पताल भेज दिया था। जहां युवक का मायागंज अस्पताल से सैंपल जांच के लिए पटना भेजा गया था। 22 अप्रैल को युवक का जांच रिपोर्ट पॉजिटिव पाया गया। इस चेन से 70 लोगों को क्वारेंटाइन किया गया था। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today श्रमिक ट्रेन से आए युवक की थर्मल स्क्रीनिंग करते स्वास्थ्य कर्मी। स्टेशन पर जायजा लेते बांका के डीएम सुहर्ष भगत और एसपी अरविन्द कुमार गुप्ता। Full Article
0 केवटा में भूमि विवाद को लेकर हुआ एसिड अटैक दोनों पक्षों की ओर से एक दर्जन झुलसे, 10 रेफर By Published On :: Sat, 09 May 2020 00:11:00 GMT थाना क्षेत्र के केवटा गांव में शुक्रवार को भूमि विवाद में एसिड अटैक की घटना को अंजाम दिया गया है। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने एसिड से झुलसे एक ही परिवार के 9 लोगों को इलाज के लिए अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया है। घायलों में वार्ड संख्या नौ निवासी धूपा राय का पुत्र जीवछ राय (74 वर्ष) उसकी पत्नी अनूठी देवी (60 वर्ष) भाई भूपदेव राय (53 वर्ष), पुत्र अरुण राय (35 वर्ष) उसकी पत्नी गनिता देवी (24 वर्ष), प्रेम कुमार राय (40 वर्ष) उसकी पत्नी चन्द्रकला देवी ( 32 वर्ष) पुत्र निर्भय कुमार (15 वर्ष), बोढ़न राय की पत्नी राम दुलारी देवी ( 40 वर्ष) शामिल है। घटना में दूसरे पक्ष से दुपा राय के ही पुत्र विष्णु राय ( 50 वर्ष) भी जख्मी हो गए। वहीं उसकी पत्नी तारा देवी (40 वर्ष), पुत्री प्रियंका कुमारी (18 वर्ष) आंशिक रूप से घायल हो गई। अस्पताल में मौजूद चिकित्सक डॉ. अनिमा रंजन ने दूसरे पक्ष से मां व बेटी को छोड़ सभी 10 लोगों को गंभीर स्थिति में सदर अस्पताल समस्तीपुर रेफर कर दिया। इधर, घटना की सूचना मिलने के बाद थानाध्यक्ष प्रवीण कुमार मिश्र, दारोगा अनिल कुमार, एएसआई रतन दास पुलिस बल के साथ पहुंचकर जांच पड़ताल में जुट गए। एसडीपीओ कुंदन कुमार भी अस्पताल पहुंचकर जायजा लेते हुए पुलिस को दिशा-निर्देश दिया। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today रिक्शा से इलाज के लिए पहुंचा एसिड पीड़ित। Full Article
0 बाहर से आए श्रमिकों को चिह्नित कर 90 दिन काम करने पर होगा निबंधन By Published On :: Sat, 09 May 2020 00:13:00 GMT जिले में संचालित 91 क्वारेंटाइन केंद्रों पर दूसरे राज्यों से आने वाले निर्माण श्रमिकों को चिन्हित करके उन्हें श्रम विभाग की ओर से संचालित योजना के तहत निबंधन किया जाएगा। बताया जाता है कि अनुमंडल स्तर पर 15 जबकि पंचायत व प्रखंड स्तर पर 76 क्वारेंटाइन केंद्रों पर बाहर से श्रमिक आ रहे हैं। इन श्रमिकों में से निर्माण कार्य करने वाले श्रमिकों को चिह्नित कर उन्हें बताया जाएगा कि वे क्वारेंटाइन केंद्रों से घर जाने पर अपने आसपास 90 दिन तक काम करते हैं तो उनका निबंधन होगा। इससे बिहार भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड योजना के माध्यम से निबंधन कर निर्माण श्रमिकों को औजार खरीदने, चिकित्सा सहायता, बच्चों की शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता, वार्षिक चिकित्सा सहायता व पेंशन आदि दिया जाएगा। इसके लिए श्रम विभाग की ओर से टीम गठित कर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। टीम के सदस्य अलग-अलग प्रखंडों में संचालित क्वारेंटाइन केंद्रों पर निर्माण श्रमिकों को चिह्नित कर उन्हें योजना के बारे जागरूक करने के अलावा केंद्र में 14 तक दिन रहने के बारे जानकारी दी जाएगी। इस मुहिम को सफल बनाने के लिए टीम का गठन किया गया है।जिले में संचालित क्वारेंटाइन केंद्रों पर बाहर से आ रहे निर्माण श्रमिकों को चिन्हित किया जाएगा। उनके घर पर रहकर आसपास क्षेत्रों में 90 दिन तक काम करने पर उनका निबंधन कर योजना का लाभ दिलाया जाएगा। श्रमिकों को चिन्हित करने के लिए टीम गठित किया गया है।रंजीत कुमार, प्रवासी मजदूर सहायता कोषांग, नोडल पदाधिकारी Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
0 आंध्रप्रदेश व जालंधर से पहुंची श्रमिक स्पेशल ट्रेन, मजदूरों के बीच रेलवे ने 1200 पानी की बोतल व बिस्कुट फ्री में बंटवाए By Published On :: Sat, 09 May 2020 00:16:00 GMT कोरोना से परेशान यात्रियों से पानी का पैसा लिए जाने का विरोध को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने शुक्रवार शाम जालंधर से दरभंगा जा रही श्रमिक स्पेशल ट्रेन के यात्रियों को नि: शुल्क पानी व बिस्कुट का पैकेट उपलब्ध कराया। पूर्व में रेलवे द्वारा पानी व बिस्कुट के बदले राशि वसूल की जा रही थी। इसका विरोध यात्रियों ने किया था। यात्रियों से पानी का पैसा लिए जाने के संबंध में दैनिक भास्कर लगातार खबर कर रही है। इसके बाद रेलवे प्रशासन ने श्रमिकों को फ्री में पानी व बिस्कुट की सुविधा प्रदान की है। जानकारी अनुसार आज आंध्रप्रदेश के निडाडावॉली से 07206 नंबर की ट्रेन दोपहर करीब दो बजे स्थानीय स्टेशन पर पहुंची थी। ट्रेन का इंजन बदले जाने के कारण करीब 20 मिनट तक ट्रेन समस्तीपुर में रुकी थी। इस ट्रेन में सवार यात्रियों से पानी बोतल के बदले राशि की मांग की गई। इसके बाद यात्रियों ने नाराजगी व्यक्त की। कुछ यात्रियों ने पानी की खरीदारी की भी। बाद में जलंधर से दरभंगा जा रही 04624 नंबर की ट्रेन को इंजन बदले जाने के लिए स्टेशन पर करीब 20 मिनट तक रुकना पड़ा। इस समय आईआरसीटीसी व रेलवे के वाणिज्य विभाग के कर्मियों ने खुद यात्रियों के बीच पानी बोतल व बिस्कुट नि: शुल्क वितरण किया। रेलवे के इस कार्य की सराहना की जा रही है। सीनियर डीसीएम सह मीडिया प्रभारी सरस्वती चंद्र ने बताया कि इस दौरान आईआरसीटीसी के क्षेत्रीय अधिकारी प्रमोद कुमार, डीसीआई दिलीप कुमार आदि उपस्थित थे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today श्रमिकों को पानी व बिस्कुट फ्री में बांटते आईआरसीटीसी के कर्मी। Full Article
0 चकिया थाना से 200 मी. दूरी पर 70 हजार की लूट By Published On :: Sat, 09 May 2020 00:36:00 GMT प्रखंड कार्यालय के समीप थाना से मात्र 200 मीटर की दूरी पर स्थित व्यापार मंडल परिसर में अवस्थित फिनो पेमेंट्स बैंक के ग्राहक सेवा केंद्र बदमाशों ने से 70 हजार रुपए नगद व संचालक का एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन लूट लिया।घटना को अंजाम देकर बदमाश आराम से फरार हो गए। घटना शुक्रवार के शाम की है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तीन अपराधी एक काली पल्सर पर सवार होकर आए। एक अपराधी बाइक पर ही सवार रह गया, जबकि दो अपराधी उतर कर अंदर चले गए। तथा कैश मोबाइल लूट कर फरार हो गए। सीएसपी संचालक नीतेश कुमार ने बताया कि हथियार से लैस दो अपराधियों ने सीएसपी में आकर एक ने उनके ऊपर हथियार निकाल कर निशाने पर ले लिया। तथा रखे सत्तर हजार रुपए समेत मोबाइल लूट लिया। वहां मौजूद रुपए निकालने आए ग्राहक प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि हाथ मे पिस्टल लिए दूसरा अपराधी हथियार लहरा कर मौजूद अन्य ग्राहकों को शांत रहने की नसीहत देने लगा। बताते चले की उक्त परिसर के प्रथम तल्ला पर स्थानीय विधायक का भी आवास है। डीएसपी शैलेन्द्र कुमार ने घटना स्थल पर पहुंचकर घटना की छानबीन की। सीएसपी में कोई सीसीटीवी कैमरा भी नहीं लगा है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
0 आईजीआईएमएस की नर्स समेत 20 अन्य स्टाफ की जांच रिपोर्ट निगेटिव By Published On :: Sat, 09 May 2020 00:38:00 GMT आईजीआईएमएस की नर्स समेत 20 अन्य स्टाफ की कोराेना जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। पॉजिटिव मरीजों के संपर्क में आने वाले सभी चिकित्सकाें, नर्स, टेक्नीशियन, वार्ड ब्वाॅय, सफाईकर्मियाें की दोबारा जांच कराई गई। सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है। अब बंद पड़े गैस्ट्रो, नेफ्रोलॉजी, एमडीआर टीबी वार्ड काे खोलने पर विचार किया जा रहा है। सोमवार से संभवत: ये तीनों विभाग के वार्ड कार्यरत हो जाएंगे। तीन कोरोना संक्रमित मरीजों के चलते संस्थान के आठ विभागों के 20 डॉक्टराें समेत 60 से अधिक स्टाफ को क्वारेंटाइन किया गया था। सर्जरी विभाग की नर्स के पॉजिटिव मिलने से अभी सिर्फ गाइनी की चार डॉक्टर और नौ स्टाफ को क्वारेंटाइन किया गया है और लेबर रूम को सेनेटाइज करके बंद रखा गया है। इनलोगों की जांच पांच या सात दिन बाद कराई जाएगी। कम से कम 14 दिन तक ये सभी क्वारेंटाइन रहेंगी। इसके अलावा नर्सिंग क्वार्टर के जिस ब्लॉक में पॉजिटिव नर्स रहती है, उसके 11 फ्लैट में रहने वाले लोगों को भी क्वारेंटाइन किया गया है। उनकी भी जांच कराई जाएगी।नौ और स्टाफ अस्पताल में ही क्वारेंटाइनपॉजिटिव नर्स के संपर्क में आने वाले नौ और स्टाफ को अस्पताल में ही क्वारेंटाइन किया गया है। संपर्क आने वाले और लोगों की तलाश की जा रही है। नर्स का इलाज एनएमसीएच में चल रहा है। उसने मंगलवार को भी सर्जरी वार्ड में जनरल ड्यूटी की थी। बुधवार को उसकी जांच कराई गई थी। दूसरी ओर संस्थान के चिकित्सक, नर्स व कर्मचारी कोरोना से संक्रमित होने पर आईजीआईएमएस में ही इलाज की व्यवस्था करने की मांग कर रहे हैं। अस्पताल सूत्रों की मानें ताे इस मांग पर विचार किया जा रहा है। जिन कर्मचारियों का घर रेड जोन में आ गया है। उनके रहने की व्यवस्था पावर ग्रिड के विश्राम गृह में किया गया है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
0 तेलंगाना से विशेष ट्रेन से छपरा आए 1250 प्रवासी 14 काउंटरों पर स्क्रीनिंग कर भेजा गया गृह जिला By Published On :: Sat, 09 May 2020 01:02:00 GMT लगातार दूसरे दिन श्रमिक स्पेशल ट्रेन छपरा जंक्शन पहुंची। कल सूरत से पहली श्रमिक स्पेशल ट्रेन आयी थी और गुरुवार को तेलंगाना से आयी। सर्वप्रथम डीएम और एसपी के द्वारा ट्रेन की सबसे पिछली बोगी तक जाकर निकलने वाले सबसे पहले व्यक्ति का स्वागत किया गया। इसके बाद बारी-बारी से लोगों के उतरने का सिलसिला शुरू हुआ। लोगों ने अपने धैर्य का परिचय दिया और सभी प्रक्रियाओं का समुचित रूप से पालन किया।प्लेटफार्म पर ही लोगों को और उनके बैग या थैले को सेनेटाइज किया गया। इसके लिए टीम लगी हुयी थी। प्लेटफार्म से बाहर निकलने पर सभी की स्क्रीनिंग की गयी जिसके लिए 14 काउंटर बनाये गये थे और सभी काउंटर पर दो-दो प्रशिक्षित चिकित्सा कर्मी लगाये गये थे। इसके बाद सभी लोगों को जिला प्रशासन द्वारा तैयार कराए गए फूड पैकेट्स और पानी का बोतल दिया गया। बच्चों को अलग से बिस्किट, टाॅफी और कुरकुरे का पैकेट दिया गया उसके बाद लोगों को उनके गंतव्य के जिलों में बसों के माध्यम से भेज दिया गया।इलाहाबाद से पहुंचे साइकिल से मिस्कारी टोला गाव के प्रवासीबनियापुरप्रखंड के कन्हौली मनोहर पंचायत के मिस्कारी टोला गांव में 18 प्रवासी इलाहबाद से साइकिल से गांव पहुंचे जहां गांव वालों द्वारा हो हल्ला मचाने पर गांव के मदरसा को क्वारेंटाइन सेंटर बनाया है। जहां क्वारेंटाइन सेटर में प्रवासी मुन्ना मोहम्मद सहित सभी प्रवासियों ने बताया कि हम सभी इलाहबाद मेला में सदियों से बांसुरी बेचने के काम से जाते रहे है जहां लॉक डाउन के वजह से मेले में फंस गए।जिसके बाद रहने खाने की समस्या विकट हो गयी। जहां तहां लम्बे लाक डाउन से स्थित दयनीय होने के बाद सइकिल से ही हम लोग 18 आदमी एक साथ घर के लिए रवाना हो गए। बनियापुर पहुंचने पर स्थानीय मुखिया के द्वारा थाना और अस्प्ताल भेजे गए। जहां जांचोपरांत प्रखंड क्वारें टाइन सेंटर भेजा गया।परन्तु पैदल और बिना रजिस्ट्रेशन के मजदूरों का व्यवस्था नहीं होने पर कहा गया कि गाव से दो सौ मीटर की दुरी पर आईसोलेट किए जाने को कहा गया।तब हम लोगो ने गांव के मदरसा को क्वारेंटाइन सेंटर बनाने का फैसला किया जो गाव से अलग है। घर से खाना माँगकर खाते है।फूलों से सजाया गया था स्टेशनछपरा जंक्शन पर काफी अच्छी व्यवस्था की गयी थी। रेलवे स्टेशन को फूलों और गुब्बारों से सजाया गया था। प्रवासी यात्री छपरा पहुंचकर काफी खुश दिखे। आगंतुकों के द्वारा यहां की गयी व्यवस्था को काफी अच्छा बताया गया।सबसे अधिक मधुबनी के थेछपरा आए 1250 लोगों में सबसे अधिक मधुबनी के 723, सीवान के 264 तथा सारण जिला के विभिन्न प्रखंडों के 263 व्यक्ति शामिल थे।54 सैंपल जांच के लिए भेजा गयाडीएमने बताया कि बाहर से आये हुए प्रवासियों का 54 सैंपल जांच के लिए भेजा गया है तथा सिविल सर्जन को निर्देश दिया गया है कि क्वारेंटाइन कैंप में रह रहे एवं आने वाले प्रवासियों में सभी बुजुर्ग व्यक्तियों तथा इन्फ्लूएंजा के लक्षण वाले व्यक्तियों का सैंपल लेकर जांच करा ली जाए।कौन-कौन दुकानें कब खुलेगीडीएम ने बताया कि ऑटोमोबाईल्स, टायर एवं ट्यूब्स, लुब्रीकेन्ट की दुकान सुबह 9 से दोपहर 2 बजे तक सोमवार, बुधवार व शुक्रवार को, सीमेंट, स्टील, बालू, स्टोन, गिट्टी सीमेंट ब्लाॅक, ईट, प्लास्टिक पाईप, हार्डवेयर, सैनिटरी फिटिंग, लोहा, पेंट, शटरिंग सामग्री की दुकाने 10ः00 से 1ः00 बजे तक प्रतिदिन, ऑटोमोबाईल, स्पेयर पाटर्स की दुकानें 9ः00 बजे से 2ः00 बजे तक केवल सोमवार, बुधवार, शुक्रवार को, गैरेज, साईकिल, मोटर साईकिल मरम्मत एवं वर्कशॉप 9ः00 बजे से 2ः00 तक केवल सोमवार, बुधवार, शुक्रवार को, इलेक्ट्रिक गुड्स पंखा, कुलर विक्रय व मरम्मत 3ः00 बजे से 6ः00 बजे तक केवल मंगलवार, गुरुवार व शनिवार को, इलेक्ट्रिाॅनिक गुड्स-यथा, मोबाईल, कम्प्यूटर, लैपटाॅप, युपीएस एवं बैट्री की विक्रय एवं मरम्मत 3 बजे से 6 बजे तक केवल मंगलवार, गुरुवार, एवं शनिवार को, हाई सेक्युरिटी रजिस्ट्रेशन पलेट की दुकान 11 बजे से 2ः00 तक प्रति दिन खुलेगी लेकिन इसके लिए जिला परिवहन पदाधिकारी, सारण से अनुमति प्राप्त कर जिला में केवल एक सेंटर खोला जाना है। प्रदूषण जांच केन्द्र 11 बजे से 2 बजे तक प्रतिदिन, सैलून, स्पा 7 बजे से 11ः00 बजे तक केवल रविवार, सोमवार, बुधवार एवं शुक्रवार को दुकान खुलेगी।सुबह-शाम कराया जाएगा योगाभ्यास: डीएमइस अवसर पर मीडिया से वार्ता में डीएम सुब्रत कुमार सेन ने कहा कि आये हुए सभी लोगों को उनके गृह जिला में भेजा जा रहा है जहाँ से उन्हें उनके गृह प्रखंड में बनाए गये क्वारें टाइन कैम्प में रखा जाएगा। सारण जिला में भी जो 263 लोग आज तेलंगाना से आये है उन्हें भी उनके गृह प्रखंड में बनाये गये क्वारेंटाइन कैम्प में भेजा जा रहा है। इस कैम्प में उन्हें 21 दिन रखा जाएगा। वहाँ सभी लोगों को डिग्निटी किट उपलब्ध कराया जाएगा जिसमें पहनने का कपड़ा, थाली-ग्लास, बाल्टी-मग, साबुन-सर्फ, ऐनक-कंघी, टूथपेस्ट-ब्रस आदि रहेगा। इन कैम्पों में सुबह में नाश्ता और दो बार का भोजन ससमय उपलब्ध कराया जाएगा। इन कैंप में मनोरंजन के लिए टेलीविजन (एलसीडी) भी लगाया गया है तथा सुबह-शाम योगाभ्यास भी कराया जा रहा है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 1250 migrants who came to Chhapra by special train from Telangana were screened at 14 counters and sent home. Full Article
0 विधि मंडल ने 1733 वकीलों के खाते में भेजे 18.80 लाख By Published On :: Sat, 09 May 2020 01:17:00 GMT विधि मण्डल के महामंत्री रवि रंजन प्रसाद सिंह ने बताया है कि वैश्विक महामारी के चलते लॉक-डाउन होने के कारण अधिवक्ता पेशा से जुड़े अधिवक्तागण लगभग बेरोजगार हो गए हैं। उनकी परेशानियों को देखते हुए छपरा विधि मण्डल ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर नियमित 1733 सभी अधिवक्ताओं को हाजिरी प्रपत्र, वकालतनामा, बेल बॉन्ड एवं दुकान से प्राप्त किराया जोड़कर 18,80,305 रुपया भारतीय स्टेट बैंक के मुख्य शाखा में बराबर- बराबर उनके बैंक अकाउंट मे आज भेज दिया गया|प्रति अधिवक्ता 1085/- (एक हजार पचासी) रुपया भेजा गया। वैसे अधिवक्ता जिनका वेलफेयर की राशि बिहार अधिवक्ता कल्याण न्यास परिषद, पटना का बकाया है उस मद मे विधि मण्डल द्वारा 100/- (एक सौ) रुपया सीधे बिहार अधिवक्ता कल्याण न्यास परिषद,पटना को भेज दी जाएगी। अतः वैसे अधिवक्ताओं के बैंक अकाउंट में 985/- (नौ सौ पचासी) रुपया भेजी गई है| छपरा विधि मण्डल का मासिक सब्सक्रिप्शन फीस जो प्रति अधिवक्ता 10 रुपया प्रति माह छपरा विधि मण्डल,छपरा द्वारा लिया जाता है वैसे लोगों का 10 महीने का बकाया 100 रुपया छपरा विधि मण्डल,छपरा के खाते मे जमा कराया गया है|इस तरह से कुछ अधिवक्ताओं को 885 रुपया भी उनके बैंक अकाउंट मे भेजा गया है। जिन अधिवक्ताओं के बैंक अकाउंट की जानकारी विधि मण्डल को नहीं है, उनका रुपया विधि मण्डल मे ही जमा है। वैसे अधिवक्ता जब भी अपना बैंक अकाउंट डीटेल विधि मण्डल को जमा करेंगे उनके बैंक अकाउंट मे रुपया भेज दिया जाएगा। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
0 शहर के विभिन्न वार्डों में 290 वैट का होगा निर्माण By Published On :: Sat, 09 May 2020 01:33:00 GMT गया शहरी क्षेत्र के नागरिकों को गर्मी के दौरान पेयजल संकट का सामना न करना पड़े। इसके लिए गया नगर निगम कृत संकल्पित दिख रही है। यही कारण है कि निगम के द्वारा न सिर्फ युद्धस्तर पर पेयजल स्त्रोतों की मरम्मती का कार्य कराया जा रहा है। बल्कि नए जल स्त्रोतों के जरिए नागरिकों को पेयजल संकट से बचाने की भी कोशिश की जा रही है। इसी क्रम में शुक्रवार को गया नगर निगम के सभागार में मेयर वीरेंद्र कुमार उर्फ गणेश पासवान की अध्यक्षता में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए बैठक का आयोजन किया गया। बैठक का संचालन नगर आयुक्त सावन कुमार ने किया। बैठक में शहरी क्षेत्र के नागरिकों को पेयजल संकट से बचाने के लिए कई निर्णय लिए गए।बैठक में निगम के विभिन्न वार्डों में 250 वैट का निर्माण कराने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा आपदा मद से 40 अतिरिक्त वैट का निर्माण कराने का भी निर्णय लिया गया। बैठक के दौरान वैट निर्माण कार्य से जुड़े संवेदक ने निर्माण कार्य में हो रही परेशानियों की जानकारी मेयर-डिप्टी मेयर अखौरी ओंकारनाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव व नगर आयुक्त को दी।एनआईटी करेगी सिंगरा स्थाना पानी टंकी की जांचबैठक के दौरान शहरी क्षेत्र में पानी टंकी निर्माण का कार्य कर रहे संवेदक श्रीराम एजेंसी के प्रतिनिधि ने बताया कि शहर में सिंगरा स्थान और आईटीआई के समीप पानी टंकी का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। बैठक के दौरान करसिल्ली पानी टंकी का मामला भी उठाया गया। डिप्टी मेयर श्री श्रीवास्तव ने कहा कि जिस संवेदक से दो पानी टंकी का निर्माण कराया गया है। उक्त संवेदक द्वारा करसिल्ली पानी टंकी का निर्माण ढ़ग से नहीं किया गया। जिसके कारण आज भी उक्त पानी टंकी की समस्या बनी हुई है। नगर आयुक्त श्री कुमार ने कहा कि शहर के दो स्थानों पर बनाए गए नई पानी टंकी की जांच एनआईटी, पटना की टीम करेगी। जांच के दौरान निर्माण में खामी पाए जाने पर संवेदक के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।10 नए बोरिंग कराने का निर्देश: अधिकारियों ने बताया कि शहर में जलापूर्ति के लिए कराए गए 10 बोरिंग पूरी तरह से फेल हो चुके हैं। नगर आयुक्त ने उक्त सभी बोरिंग के स्थान पर नया बोरिंग कराने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त निगम के 49 बोरिंग्स में से 29 बोरिंग का ड्रेसिंग कराने का निर्णय बैठक के दौरान लिया गया। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 290 VAT to be constructed in various wards of the city Full Article