0 दत्तपुरा सब्जी मंडी में 89 क्वार्टर तोड़कर हाउसिंग बोर्ड वीआईपी रोड पर बनाएगा 100 आवास By Published On :: Sat, 09 May 2020 02:03:00 GMT शहर की दत्तपुरा स्थित सब्जी मंडी आवास तोड़कर उनके स्थान पर 100 नए आवास बनाने का काम लॉकडाउन के बाद शुरू होगा। इसके लिए लिए शासन की साधिकार समिति से उक्त निर्माण कार्य के अनुमोदन का इंतजार है।जानकारी के मुताबिक, गृह निर्माण मंडल दत्तपुरा सब्जी मंडी के 89 आवास तोड़कर वहां 1.21 हेक्टेयर जमीन पर तीन मंजिला शॉपिंग माॅल का निर्माण कराएगा। आवासों में रह रहे कर्मचारियों के लिए बटालियन क्षेत्र में नए 100 आवासाें का निर्माण हाउसिंग बोर्ड कराए जाने का प्रस्ताव शासन की साधिकार समिति के विचाराधीन है। गृह निर्माण मंडल का कहना है कि इस काम का जो ठेका होगा उसका ठेकेदार पहले वीआईपी के किनारे आबंटित सरकारी जमीन पर 100 नएआावास बनाकर प्रशासन के हैंडओवर करेगा। उसके बाद पुराने 98 आवासों को तोड़कर वहां शॉपिंग मॉल बनाने का काम शुरू कराया जाएगा। नएआवास बनने के बाद प्रशासन उनको कर्मचारियों के लिए उपलब्ध कराएगा जो अभी सब्जी मंडी आवासों में रह रहे हैं। इस प्रोजेक्ट की फायनल डीपीआर स्वीकृति के लिए हाउसिंग बोर्ड कमिश्नर को भेजी गई है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
0 किसानों ने किया मार्केटिंग सिस्टम के निजीकरण का विरोध, 100 से ज्यादा गांवों में पोस्टर लगाकर मनाया मांग दिवस By Published On :: Sat, 09 May 2020 02:03:00 GMT मार्केटिंग सिस्टम के निजीकरण की सरकारी मंशा का विरोध करते हुए किसानों ने 100 से ज्यादा गांवों में पोस्टर प्रदर्शन कर गेहूं, सरसों के अलावा सभी फसलों को समर्थन मूल्य पर खरीदने का मुद्दा उठाया। शुक्रवार को सीएम को भेजे मांग-पत्र में किसान सभा ने प्रत्येक खाते 7500 रुपए के मान से पैसा जारी करने की बात भी कही है।किसान सभा के प्रांतीय उपाध्यक्ष अशोक तिवारी ने डोंगरपुर में किसानों के पोस्टर प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा सरकार मार्केटिंग सिस्टम का निजीकरण करने जा रही है। इससे किसानों को भविष्य में खाद-बीज उधार मिलने का संकट खड़ा हो जाएगा। अभी खाद व्यापारी उर्वरकों की कालाबाजारी करते हैं आने वाले समय में मार्केटिंग सिस्टम भी इसमें लिप्त हो जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए सभी फसलों की खरीद समर्थन मूल्य पर कराने की व्यवस्था की जाना चाहिए। प्रत्येक किसान के खाते में 7500 रुपए पहुंचाए जाएं।किसान सभा के जिला उपाध्यक्ष गयाराम सिंह धाकड़ ने कहा कि फसल खरीदी का पूरा भुगतान करने समय पर किया जाए ताकि पैसा किसान के काम आ सके। लॉकडाउन के दौर में बैंक ,बिजली, सोसाइटी सहित सभी तरह की वसूली स्थगित करने के आदेश जारी किए जाएं। उन्होंने मंडी एक्ट में किए संशोधन वापस लेने की बात कही। किसान नेता धाकड़ ने प्रवासी मजदूरों की वापसी की व्यवस्था का ेसहज करने की मांग की। शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन कार्रवाईयों में किसान सभा के जिला अध्यक्ष रामनिवास शर्मा,सहायक महासचिव ओमप्रकाश श्रीवास, महेश प्रजापति, बैजनाथ पिप्पल , हरी सिंह माहौर, रेखा पचौरी, सिंचाई अध्यक्ष रामलखन धाकड, सियाराम सिंह ,सुरेश धाकड़, छात्र नेता राजवीर सिंह ,इब्राहीम शाह , पवन सिंह शामिल रहे। किसान नेताओं ने गन्ना उत्पादक किसानों के बकाया एक करोड़ रुपए का भुगतान करने का मुद्दा भी उठाया। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
0 33 कंटेनमेंट क्षेत्रों में बीएसएफ के 130 जवान तैनात होंगे, बेवजह बाहर न निकलें By Published On :: Sat, 09 May 2020 02:03:00 GMT लॉकडाउन 3.0 का सख्ती से पालन कराने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जाएगी। इसके लिए बुधवार शाम को विशेष विमान से बीएसएफ की दो कंपनियां बुलाई गईं। बीएसएफ के जवान शहर के कोरोना कंटेनमेंट तथा रेड जोन में तैनात किए जाएंगे, ताकि बेवजह बाहर निकलने वालों को रोका जा सके। पुलिस आयुक्त आरबी ब्रह्मभट्ट ने बताया कि शहर में बीएसएफ की दो कंपनियां बुलाई गई हैं। ये जवान कंटेनटमेंट और रेड जोन में तैनात किए जाएंगे। दोनों कंपनियों में 100 से 130 जवान शामिल हैं। लॉकडाउन का पालन और सख्ती से किया जा सके इसके लिए इस विशेष फोर्स को बुलाया गया है। हालांकि इससे पहले शुरू से ही पुलिस के साथ शहर में सीआईएसएफ और एसआरपी बल तैनात है।अब ज्यादा सख्ती बरती जाएगी। शहर में कुल 33 क्षेत्र कंटेनमेंट अथवा रेड जोन घोषित हैं। इन इलाकों के पुलिस स्टेशनों को हमने 13 से 14 बीएसएफ के जवान दिए हैं जो लॉकडाउन का सख्ती से पालन करवाएंगे। इसमें कुछ नया नहीं होगा। ये लोग भी पुलिस की तरह बेवजह बाहर निकलने वालों पर नजर रखेंगे। उनसे पूछताछ करेंगे और कारण नहीं बता पाने पर वापस घर भेज देंगे। आयुक्त ने कहा कि हमारे पास पर्याप्त जवान नहीं हैं इसीलिए हर पुलिस स्टेशन को कुछ ही बीएसएफ तथा सीआईएसएफ के जवान मुहैया कराए गए हैं इससे रेड जोन तथा कंटेनमेंट इलाकों में ज्यादा सख्ती से लॉकडाउन का पालन करवाया जा सकेगा। 33 इलाके कंटेनमेंट अथवा रेड जोन घोषित 13-14 बीएसएफ जवान एक इलाके में तैनात 100-130 जवान दो कंपनियों में शामिल Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
0 कोरोना के 33 मरीज डिस्चार्ज, रिकवरी रेट 49.5% तक पहुंचा 30 नए केस, एक मौत, टेस्ट कराने पहुंचे ओडिशा के 500 श्रमिक By Published On :: Sat, 09 May 2020 02:06:00 GMT शुक्रवार को कोरोना के 30 नए केस आए। इनमें शहर के 26 और ग्रामीण के 4 मरीज शामिल हैं। इन नए मामलों को मिलाकर अब तक कुल 855 पॉजिटिव मामले अा चुके हैं। इनमें 47 ग्रामीण के शामिल हैं। शुक्रवार को 7 बच्चों सहित 33 कोरोना पॉजिटिव मरीज डिस्चार्ज हुए। इससे अब तक 424 मरीज डिस्चार्ज हो चुके हैं। इसमें 18 मरीज ग्रामीण के भी हैं। एक मरीज की मौत भी हुई। जानकारी के अनुसार लिंबायत के कमरू नगर निवासी 64 वर्षीय बिस्मिल्लाह खान पठान की सिविल अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। उन्हें 6 मई को गंभीर हालत में सिविल में एडमिट किया गया था जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई थी। वह पहले से डायबिटीज के मरीज थे। अब तक कोरोना से 38 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें एक मरीज ग्रामीण का है।अस्पताल से डिस्चार्ज होने वाले 33 मरीजों में सात बच्चे भी शामिलसिविल अस्पताल में इस समय 290 से ज्यादा पॉजिटिव मरीजों का इलाज चल रहा है। 20 से ज्यादा मरीजों की हालत नाजुक है। कोविड 19 अस्पताल में ग्राउंड फ्लोर पर कोरोना संदिग्ध मरीजों का इलाज चल रहा है, जबकि पहली और दूसरी मंजिल पर पॉजिटिव मरीज भर्ती हैं।कोविड-19 अस्पताल में लगी श्रमिकों की कतारओडिशा सरकार ने श्रमिकों को मेडिकल टेस्ट करवाने के बाद ही राज्य में आने के आदेश दिए हैं। इससे शुक्रवार को सिविल अस्पताल के कोविड 19 अस्पताल में ओडिशा मूल के 500 से अधिक लोग जांच के लिए पहुंच गए। इससे अस्पताल की व्यवस्था चरमरा गई। कुछ लोगों की प्राइमरी टेस्ट यानी स्क्रीनिंग की गई। बाद मरीजों के इलाज में बाधा आने लगी तो अस्पताल प्रशासन ने टेस्टिंग प्रक्रिया बंद कर दी। प्रबंधन ने कहा कि इससे इलाज में व्यवधान आया। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 33 patients of corona discharge, recovery rate reaches 49.5%, 30 new cases, one death, 500 workers of Odisha arrived for test Full Article
0 लॉकडाउन 3.0 में श्रेणीवार खोली जा रही हैं दुकानें, सदर बाजार अभी बंद By Published On :: Sat, 09 May 2020 02:07:00 GMT वैश्विक कोरोना वायरस के प्रकोप से बचने के लिए चल रहा है। तीसरे चरण के लॉकडाउन के पांचवें दिन शहरवासी जिला प्रशासन द्वारा लॉकडाउन में दी गई राहत का लाभ उठाते दिखाई दे रहे हैं। शहर के मुख्य सदर बाजार, शॉपिंग माल्स आदि को छोड़कर शहर के विभिन्न क्षेत्रों की दुकानें खुली दिखाई दीं, जिन पर लोग अपनी आवश्यकतानुसार खरीददारी करने के लिए भी पहुंचे।जिला प्रशासन ने विभिन्न वस्तुओं की बिक्री करने वाली दुकानों को चार श्रेणियों में बांटा हुआ है। किरयाना, मेडिकल स्टोर, खाद-बीज व अन्य आवश्यक वस्तुओं की दुकानों को ए श्रेणी में रखा गया है। इस प्रकार की दुकानें प्रतिदिन खोली जा रही हैं। अन्य श्रेणियों की दुकानों को सप्ताह में दो दिन खोलने के आदेश दिए गए हैं। इनके भी दिन निश्चित कर दिए गए हैं।लापरवाह लोग आग्रह नहीं मान रहेजिला प्रशासन ने यह आदेश भी दिए हुए हैं कि कोरोना संक्रमण से बचने के लिए सामाजिक दूरी का पूरा पालन किया जाए, लेकिन कुछ स्थानों पर लोग सामाजिक दूरी की धज्जियां उड़ाते नजर आए। हालांकि दुकानदार ग्राहकों से सामाजिक दूरी का पालन करने का आग्रह भी कर रहे हैं और उन्होंने अपनी दुकानों के सामने गोल घेरे बनाकर ग्राहकों की दूरियां निश्चित भी की हैं, लेकिन कुछ लापरवाह लोग उनके आग्रह को मान ही नहीं रहे हैं। जिला प्रशासन का कहना है कि फेस मास्क पहनना व हाथों को सेनिटाइज करना जरूरी है साथ ही सामाजिक दूरी का पालन भी करना है। यदि कोई व्यक्ति इनका पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही भी की जाएगी। लेकिन कोई कार्रवाई भी होती नहीं दिखाई दे रही है।शहर के कंटेनमेंट क्षेत्रों को छोड़कर अन्य क्षेत्रों मे कोई प्रतिबंध दिन के समय नहीं है, लेकिन बेवजह लोग शहर में घूमते दिखाई दे रहे हैं। गुड़गांव के विभिन्न क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण के बढ़ते लोगों की संख्या जिला प्रशासन व शहरवासियों के लिए भी चिंताजनक बनती जा रही है। पिछले सप्ताह में काफी संख्या में कोरोना पॉजिटिव मिले हैं।खुदरा व्यापारियों को पास भी जारी किए गए हैंशहर की खांडसा रोड स्थित सब्जी मंडी में कोरोना पॉजिटिव मिलने से मंडी को बंद कर दिया गया था। शनिवार को खांडसा रोड मंडी फिर से खुल जाएगी। जिला प्रशासन ने पूरी तैयारियां कर ली हैं। इसके लिए आढ़तियों व खुदरा व्यापारियों को पास भी जारी किए गए हैं। सब्जी मंडी बंद होने से जहां सब्जी व फलों की आपूर्ति बाधित हो गई है, वहीं उनके दाम भी आसमान छूते नजर आ रहे हैं। उधर देश की राजधानी दिल्ली से लगती गुड़गांव की सभी सीमाओं को सील किया हुआ है। बिना वैध पास के लोगों को दिल्ली से गुड़गांव में प्रवेश नहीं होने दिया जा रहा है। जिला प्रशासन का कहना है कि सीमाओं पर सख्ती जारी रहेगी।तावडू मेन रोड की दुकानें खुलींतावडू में लॉकडाउन के दौरान मिली छूट के चलते शुक्रवार को पहले दिन शहर की मेन रोड की दुकानें ऑड-ईवन नंबर के तहत खुली। दुकानदारों ने सोशल डिस्टेंसिंग व सरकारी आदेशों का पालन किया। वहीं शहर के बैंकों के आगे सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ गईं, जहां उपभोक्ताओं की भारी भीड़ देखी गई। शुक्रवार को जहां मेन रोड के दुकानदारों में खुशी का माहौल देखा गया।पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने नियमों का पालन न करने वाले कुछ दुकानदारों को नियमों के अनुसार दुकानें खोलने को कहा और पालन न करने पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी। सरकार ने ग्रीन व ऑरेंज जोन में कुछ छूट दी है और तावडू जिला नूंह ऑरेंज जोन का हिस्सा होने के कारण शुक्रवार से तावडू में भी सरकार के नियमानुसार लॉकडाउन में छूट दी है।कुछ दुकानदारों ने अपना नंबर न होने पर भी दुकानें खोली थीं। लेकिन पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने इन दुकानदारों को अपने नंबर पर दुकान खोलने को कहा और नियमों का पालन न करने पर कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दी। बाजार खुलने से मेन रोड के दुकानदार खुश नजर आ रहे थे। प्रशासन ने शहर का मेन बाजार संकरा होने के कारण उसे खोलने की अनुमति नहीं दी। वहीं तावडू पटौदी चौक से सोहना रोड की दुकानें भी प्रशासन के आदेशानुसार नहीं खुली। एसडीएम सतीश यादव ने बताया कि शुक्रवार को पहले दिन तावडू मेन रोड की दुकानें ओड-इवन के तहत दुकानें खोली गई हैं और पहला दिन ठीक रहा। उन्होंने बताया कि सभी दुकानदारों को सरकार की हिदायतों की जानकारी दी गई है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Category-wise shops are being opened in Lockdown 3.0, Sadar Bazar is now closed Full Article
0 छात्रों से ई-लर्निंग का लिया जाएगा फीडबैक, शिक्षक व अधिकारी रोज 20 छात्रों से पूछेंगे-कैसी चल रही है पढ़ाई, कोई दिक्कत तो नहीं By Published On :: Sat, 09 May 2020 02:12:00 GMT लाॅकडाउन के दौरान ई-लर्निंग से घर पर पढ़ाई कर रहे छात्रों से अब फीडबैक लिया जाएगा। शिक्षा निदेशालय ने सभी को इस संबंध में निर्देश जारी किया है। इसके अनुसार अब जिले के शिक्षकों के साथ ही शिक्षा विभाग के आला अधिकारी रोज कम से कम 20 छात्राें व अभिभावकों से फोन पर बात करेंगे। उनसे ई-लर्निंग के बारे में पूछेंगे। सवाल करेंगे कि केबल और डिस टीवी पर एजुसेट के प्रसारण, संपर्क बैठक एप, वॉट्सएप एप व अन्य सोशल साइट्स के माध्यम से कराई जा रही ई-लर्निंग में कोई परेशानी तो नहीं आ रही है। इसके माध्यम से पूछे गए सवाल और होम वर्क में दिक्कत तो नहीं आ रही है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार छात्रों से की गई बात और उनसे लिए गए फीडबैक को निदेशालय भेजा जाएगा। इसके बाद अगर जरूरत पड़ेगी तो ई-लर्निंग को और सरल बनाया जाएगा। कोरोना रोकथाम के लिए पूरे देश में मार्च से लॉकडाउन लागू है। ऐसे में तमाम स्कूल और कॉलेज बंद हैं। लॉकडाउन के दौरान छात्रों की पढ़ाई बर्बाद न हो, इसे देखते हुए प्रदेश सरकार ने ई-लर्निंग की सुविधा शुरू की है।बीईओ को स्कूल मुखियाओं द्वारा दी गई लिस्ट के आधार पर रोज कम से कम 20 छात्रों से बात करनी होगीशिक्षा विभाग के अनुसार निदेशालय ने कौन अधिकारी कितने छात्रों से बात करेगा, इसकी सूची जारी की है। इसमें स्कूल मुखिया 20 छात्रों से रोज बात करेंगे। इस दौरान छात्रों ने क्या कहा इसकी रिपोर्ट बनाकर बीईओ आदि को देंगे। बीईओ को स्कूल मुखियाओं द्वारा दी गई लिस्ट के आधार पर रोज कम से कम 20 छात्रों से बात करनी होगी और वह इसकी रिपोर्ट बनाकर डीईओ व डीईईओ को देंगे। इसके बाद डीईईओ भी लिस्ट के आधार पर रोज कम से कम 20 छात्रों से बात कर ई-लर्निंग का फीडबैक लेंगे।इसलिए लिया गया निर्णय जिले के करीब डेढ़ लाख से अधिक छात्र ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे हैं। साथ ही छात्रों के लिए डिस व केबल टीवी पर भी एजुसेट के चार चैनलों का प्रसारण किया जा रहा है। इससे कितना लाभ मिल रहा है, इसे जानने के लिए फीडबैक लेना तय किया है।ई-लर्निंग में लगातार किया जा रहा है सुधारई-लर्निंग में लगातार सुधार किया जा रहा है। स्कूलों की ओर से सभी छात्रों का वॉट्सएप ग्रुप बनाया गया है। उस पर रोज होम वर्क, न्यू मैथड्स आदि डाले जा रहे हैं। छात्रों को दिए गए होम वर्क आदि में कोई परेशानी होती है या फिर उसे किसी विषय को समझने में दिक्कत आ रही है तो वह अपने संबंधित वॉट्सएप ग्रुप पर सवाल भी पूछ रहे हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
0 प्रतापगढ़, फैजाबाद समेत 5 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें सूरत से रवाना, 6000 यात्री पहुंचेंगे अपने घर By Published On :: Sat, 09 May 2020 02:14:00 GMT लाॅकडाउन में फंसे श्रमिकों को ट्रेन से उनके गांव भेजा रहा है। शुक्रवार को सूरत से पांच श्रमिक स्पेशल ट्रेनों को रवाना किया गया। इसमें उत्तर प्रदेश के लिए तीन और बिहार की दो ट्रेनें शामिल हैं। शुक्रवार को पहली बार प्रतापगढ़, मलिहाबाद और फैजाबाद के लिए ट्रेनें चलाई गई। शनिवार को उत्तर प्रदेश के लिए 10 और बिहार के लिए एक ट्रेन चलेगी। कांग्रेस ने दूसरे दिन साढ़े लाख रुपए किराया देकर श्रमिकों को फैजाबाद भेजा। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़, मलिहाबाद और बिहार के छपरा, गया के लिए विभिन्न समितियों के माध्यम से श्रमिकों को ट्रेनों में रवाना किया गया। श्रमिकों को सोशल डिस्टेंस के साथ ट्रेनों में बिठाया गया। इस दौरान 400 सुरक्षकर्मी, जिसमें आरपीएफ, जीआरपी, आरएएफ और सिटी पुलिस की टीमें स्टेशन पर तैनात थीं।स्थिति: उत्तर प्रदेश 3600 और बिहार 2400 यात्री रवाना हुएशुक्रवार को सूरत से उत्तर प्रदेश के लिए तीन ट्रेनों काे रवाना किया गया। प्रत्येक ट्रेन में 1200-1200 के हिसाब से कुल 3600 यात्रियों को उत्तर प्रदेश उनके गांव भेजा गया। वहीं, बिहार के छपरा और गया के लिए रवाना हुई ट्रेनों में 2400 यात्रियों को भेजा गया। यात्रियों को नोडल अधिकारियों द्वारा सबसे पहले रेलवे का टिकट वितरित किया गया। मंडल रेल प्रबंधक समेत रेलवे के सभी उच्च अधिकारी इस दौरान स्टेशन पर मौजूद थे। इस दौरान सभी यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग भी की गई।सुविधा: 220 सिटी बसों से श्रमिकों को रेलवे स्टेशन पर लाया गयाशुक्रवार को सूरत से पहली श्रमिक स्पेशल ट्रेन बिहार के छपरा के लिए सुबह 10 बजे सूरत से रवाना हुई। दूसरी ट्रेन सुबह 11.30 बजे प्रतापगढ़, तीसरी ट्रेन दोपहर 2.30 बजे गया, चौथी ट्रेन शाम 5.30 बजे मलिहाबाद के लिए रवाना हुई। रात 8.30 बजे फैजाबाद के लिए श्रमिक एक्सप्रेस ट्रेन को रवाना किया गया। इसमें बैठे यात्रियों का पूरा किराया कांग्रेस ने चुकाया। इसके अलावा शहर के अलग-अलग इलाकों से श्रमिकों को स्टेशन तक लाने के लिए 220 सिटी और बीआरटीएस बस की मदद ली गई। प्रत्येक ट्रेन में 1200 यात्री के हिसाब से 6000 श्रमिकों को स्टेशन पर लाया गया। इन्हें सचिन, पांडेसरा, कडोदरा, गोडादरा, उन, सायण, बमरोली से बसों में बैठाकर लाया गया था। श्रमिकों के साथ उनके परिवार और छोटे-छोटे बच्चे भी थे।ओडिशा के लिए आज से चलेगी ट्रेन, सुप्रीम कोर्ट ने दिया स्थगनादेश, 3 लाख श्रमिकों को मिली राहत ओडिशा वासियों की घर वापसी का रास्ता साफ हो गया है। हाईकोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने स्थगनादेश दिया है। शनिवार से ओडिशा की ओर फिर से ट्रेनें दौड़ने लगेंगी। लॉकडाउन में दूसरे राज्यों या शहरों में फंसे लोगों को वापस बुलाने के लिए ओडिशा सरकार ने मंजूरी दी थी। हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी, जिसमें कहा गया था बाहर से आने वाले लोगों से कोरोना फैल सकता है। हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट वालों को ही प्रदेश में आने का आदेश दिया था। इसके बाद गुरुवार को ओडिशा जाने वाली ट्रेनों को रद्द कर दिया गया था। इससे सूरत में फंसे 3 लाख श्रमिकों की परेशानी बढ़ गई थी। हाईकोर्ट के आदेश से नाराज सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर स्टे दिया है। इससे ओडिशा जाने वालों का रास्ता साफ हो गया है।फैजाबाद के यात्रियों काे कांग्रेस दिए टिकटशुक्रवार को रात 8.30 बजे फैजाबाद के लिए श्रमिक एक्सप्रेस ट्रेन रवाना हुई। इसमें कुल 1200 यात्री सवार थे। पांडेसरा के पीयूष प्वाइंट से भी यात्रियों को मुफ्त में रेलवे के टिकट दिए गए। टिकट मिलने के बाद यात्रियों ने खुशी जताते हुए नेताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। ज्ञातव्य है कि गुरुवार को कांग्रेस ने सुल्तानपुर के लिए पहली श्रमिक ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। इसमें सवार सभी यात्रियों को मुफ्त में टिकट दिया गया था।गांव जा रहे मजदूर परेशान, सुबह 8.30 बजे रवाना हुई ट्रेन में रात 12 बजे यात्रियों को पानी मिलासूरत से ओडिशा, बिहार, उत्तर प्रदेश और दूसरे राज्यों में जाने वाले मजदूर परेशान हो गए हैं। इन्हें रास्ते में पानी भी नहीं मिल रहा है। सूरत से सुबह 8.30 बजे वाराणसी के लिए रवाना हुई ट्रेन में यात्रियों को रात 12 बजे और ओडिशा के बेहराम जाने वाली ट्रेन में 2.30 बजे पीने का पानी दिया गया। यात्री सुनील कुमार ने बताया कि गुरुवार को सुबह 8.30 बजे सूरत से वाराणसी के लिए ट्रेन रवाना हुई और सीधे भुसावल में रुकी। इसके बाद इसका दूसरा स्टाप इटारसी था। इन दोनों स्टेशनों पर यात्रियों को नीचे नहीं उतरने दिया गया। रात 12 बजे ट्रेन जबलपुर पहुंची। यहां यात्रियों के खाने और पानी की व्यवस्था की गई थी। भोजन बहुत खराब था यात्रियों ने फेंक दिया। सुबह मानिकपुर में ट्रेन रुकी, पर यहां भी कुछ नहीं मिला। यहां से रवाना होने के बाद दोपहर में ट्रेन वाराणसी स्टेशन पर पहुंची। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 5 workers special trains including Pratapgarh, Faizabad depart from Surat, 6000 passengers will reach their homes Full Article
0 मीटर की फाेटो देख 148 यूनिट का नया बिल बनाया, सब्सिडी 0 कर दी, बिजली बिल सुधरवाने के लिए दफ्तर पहुंच रहे उपभोक्ता By Published On :: Sat, 09 May 2020 02:18:00 GMT बिजली बिलों में एवरेज बिलों के बाद सबसीडी खत्म करने की गड़बड़ी सामने आई है। बिजली कंपनी उपभाेक्ताओं से 150 यूनिट के भीतर खपत होने पर भी इसका लाभ नहीं दिया जा रहा है। गौरतलब है लाॅकडाउन में बिजली कंपनी ने बिना रीडिंग लिए मनमाने ढंग से अनुमानित बिल दे दिए हैं। अब उपभाेक्ता बिलाें काे सुधरवाने पहुंच रहे हैं तो उसमें अफसर अपने हिसाब से नियम बता रहे हैं।बिजली कंपनी 23 दिन में दूसरी बार बिल वसूलने की तैयारी में है। 11 अप्रैल काे बिल देने के बाद कंपनी ने इस बार 4 मई काे फिर से बिल दे दिए। इस बार ऐसे बिल आए हैं जिसमें 100 यूनिट के अंदर और 150 के अंदर खपत पर मिलने वाली सब्सिडी भी देना बंद कर दिया है। बिजली अधिकारी इंदिरा ज्याेति याेजना बंद हाेने से भी इंकार कर रहे हैं और न उपभाेक्ता काे सब्सिडी का लाभ दे रहे हैं। कम रीडिंग के बिल देकर बाद में 150 से ऊपर यूनिट बनाकर लाेगाें काे ज्यादा भुगतान करने के लिए परेशान हाेना पड़ेगा।भास्कर गाइड : mpcz वेबसाइट पर उपभोक्ता बिल केलकुलेटर कर सकते हैंआपकाे यदि अपने बिजली बिल के बारे में डिटेल जानना है और खपत के आधार पर बिल कितना हाेना था, यह पता करना है ताे इसके लिए आपकाे बिजली कंपनी की साइट mpcz पर जाना होगा। इसमें बिल केलक्युलेटर काॅलम है। इसमें आपकाे अपने बिल की खपत यानी जली हुई बिजली यूनिट काे डालना है। साथ ही उसमें किलाेवाट भी लिखना है। जैसे घर के कनेक्शन मे अधिकांश दाे किलाेवाट हाेता है। इनकाे लिखने के बाद आपकाे साफ हाे जाएगा कि बिल सही है या नहीं। आपका बिल सबसीडी के दायरे में है या नहीं, यह भी स्पष्ट तौर पर इसमें लिखा आएगा। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
0 दूध चाय तक सीमित, खपत 60% घटी, डेयरी ने भाव 10 से 15 रुपए तक घटाए By Published On :: Sat, 09 May 2020 02:18:00 GMT 22 मार्च जनता कर्फ्यू व 25 मार्च से जारी लॉकडाउन के कारण मिठाई दुकानें, मावा भटि्टयां, होटलें बंद हैं। ज्यादातर डेयरियां भी नहीं खुल रहीं। सारे रिसेप्शन व बड़े आयोजन बंद हैं। ऐसे में मावा, घी, मक्खन, पनीर, मट्ठा समेत दूध के अन्य उत्पाद की डिमांड घट गई है। दूध केवल घरों में चाय-कॉपी तक सीमित रह गया है। खपत 60 फीसदी घट गई। इसका सबसे बुरा प्रभाव सरकारी सेक्टर की डेयरी से जुड़े दूध उत्पादक किसानों पर पड़ा है। उज्जैन दुग्ध संघ लॉकडाउन के पहले तक 2.70 लाख लीटर दूर रोज खरीद रही थी जो मौजूदा स्थिति में आधे से कम रह गया। खपत कम होने से दूध आगे सप्लाई नहीं हो रहा तो सरकारी डेयरियां सप्ताह में तीन दिन खुल रही हैं। किसानों को 45 दिनों से भुगतान नहीं मिला। भाव 10-15 रुपए घट गए। इधर, प्राइवेट डेयरियों ने भी खरीदी दर 5 रुपए प्रति लीटर तक घटा दी लेकिन उपभोक्ताओं को पुराने रेट पर ही दूध बेचा जा रहा है। आमजन को कोई फायदा नहीं है।उज्जैन दुग्ध संघ से रजिस्टर्ड 1600 डेयरियां हैं जिनमें से 1300 चालू है। लॉकडाउन के पहले रोज का दूध कलेक्शन 2.70 लाख रुपए था जो लॉकडाउन में एक लाख रुपए रह गया था। हाल ही में ग्रीन व अाॅरेंज जोन में छूट मिली और कुछ हद तक जिंदगी पटरी पर लौटी तो दूध की खरीदी थोड़ी बढ़ी और अभी 1.70 लाख लीटर दूध कलेक्शन होने लगा है लेकिन घी, मक्खन, पनीर, छाछ, मिठाइयां, रबड़ी, दूध पाउडर की खपत न के बराबर है इसलिए दुग्ध संघ 45 दिन से संबंधित डेयरियों से जुड़े किसानों को भुगतान नहीं कर पाया है। संघ के उपाध्यक्ष देवेंद्र शर्मा ने बताया पहले 70 हजार लीटर रोज की दूध बिक्री बड़े शहरों में थी लेकिन अभी ये 37 हजार लीटर रह गई है। दूध का उपयोग केवल चाय-कॉपी तक सीमित रह गया। बाकी प्रोडक्ट बंद हैं।750 टन दूध पाउडर व 700 टन बटर स्टॉक मेंसरकारी डेयरियों पर दूध सप्ताह में दो-तीन दिन ही खरीदा जा रहा है। भाव कम हो गए, ऐसे में दूध उत्पादन किसान घाटे में हैं। उन्हें सही भाव मिले, इसके लिए दूध की खपत बढ़ना जरूरी है। इसे लेकर दुग्ध संघ उपाध्यक्ष देवेंद्र शर्मा से पूछा तो वे बोले कि अभी दुग्ध संघ के पास 750 टन पाउडर और 700 टन बटर स्टॉक में है। सप्लाई बिल्कुल नहीं हो रही। जब तक दूध और इसके प्रोडक्ट नहीं बिकेंगे तब तक चाहकर भी हम मदद नहीं कर पाएंगे इसलिए हमने प्रधानमंत्री कार्यालय एवं मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान को पत्र ई-मेल किया। इसमें अनुरोध किया है कि गरीब बस्ती, बीपीएल व अन्य श्रेणी के ज़रुरतमंद परिवारों को सरकारी उचित मूल्य दुकानों से सस्ती दरों पर दूध पाउडर बांटे। आंगनवाड़ी से बंटने वाला दूध पाउडर घर-घर पहुंचाएं। इससे जरूरतमंद बच्चों को दूध पाउडर मिलने से कुपोषण मिटेगा और दुग्ध संघ का जो स्टॉक है, वह खत्म होकर सप्लाई बढ़ेगी तो अर्थव्यवस्था सुधरेगी। डेयरी घाटे से उभरेगी और किसानों को भी अच्छे भाव व समय पर भुगतान हो सकेगा।15 हजार लीटर थी खपत, 5 हजार लीटर रह गईजावरा शहर की बात करें तो 200 होटलें, टी-स्टॉल बंद हैं। 50 मिठाई दुकानें बंद हैं। 20 क्विंटल मावा रोज आता था जो बंद हो गया। बड़े आयोजन नहीं हो रहे। ऐसे में दूध खपत 15 हजार लीटर से घटकर 5 हजार लीटर प्रतिदिन रह गई है। प्राइवेट डेयरियों ने भी किसानों से खरीदे जा रहे दूध के भाव 5 रुपए प्रति लीटर तक घटा दिए लेकिन उपभोक्ता को वही भाव बेच रहे। इसके पीछे कारण बता रहे कि खर्चे वही है और बाकी प्रोडक्ट नहीं बिकने से आय कम हो गई। इसलिए उपभोक्ता का रेट कम नहीं कर सकते हैं।केके सिंह ने भी सिंधिया को लिखा पत्रउज्जैन सहकारी दुग्ध संघ संचालक केके सिंह कालूखेड़ा ने भी पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को पत्र लिखा। कहा कि 60 फीसदी दूध बचने से किसान परेशान हैं। दुग्ध संघ द्वारा उत्पादित पाउडर व अन्य प्रोडक्ट सरकार के माध्यम से जरूरतमंद व गरीब बस्ती में बंटवाएं। आंगनवाड़ी के बच्चों को दें। इससे रोटेशन बना रहेगा। किसानों को भाव मिलेंगे व जरूरतमंद बच्चों को पाेषण आहार। इससे कुपोषण भी दूर होगा।रोजाना में तो डेयरी निजी फंड व बचत मद से कर रही है किसानों को भुगतान रोजाना डेयरी से 186 किसान जुड़े है। यहां 950 लीटर दूध कलेक्शन होता है लेकिन लॉकडाउन में डेयरी सप्ताह में तीन दिन खुली। दूध के भाव 7 रुपए प्रति फेट से घटाकर 5.20 रुपए कर दिए। इससे जो दूध 50 से 55 रुपए लीटर जा रहा था, वह 35 से 40 रुपए तक आ गया है। डेयरी सचिव अर्जुन पाटीदार ने बताया उज्जैन दुग्ध संघ ने 45 दिन से 20 लाख रुपए रोक रखे हैं। हम तो निजी फंड और डेयरी की बचत मद में से किसानों को भुगतान कर रहे हैं, बाकी जगह तो किसानों को भुगतान ही नहीं मिल रहा है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Milk tea limited, consumption reduced by 60%, dairy reduced prices by 10 to 15 rupees Full Article
0 फेसबुक पर रेस्टोरेंट का विज्ञापन देख खाने का आॅर्डर दिया, अकाउंट से 50 हजार रुपए कट गए By Published On :: Sat, 09 May 2020 02:20:00 GMT फेसबुक पर रेस्टोरेंट का विज्ञापन देकर 50 हजार रुपए की ठगी करने का मामला सामने आया है। इसबारे में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है।जानकारी के अनुसार पांडेसरा में पीयूष प्वाइंट के पास गोपाल नगर में रहने वाला नितिन कांग्रीवाला पेशे से दर्जी है। गत 30 अप्रैल को नितिन मोबाइल पर फेसबुक देख रहा था, तभी थ्री सेवंटी किचन नामक वेबसाइट पर ऑनलाइन फूड ऑर्डर करने पर 200 रुपए में एक थाली और उस पर दो थाली फ्री का ऑफर चल रहा था। नितिन ने विज्ञापन में दिए गए ऑप्शन पर क्लिक किया तो मोबाइल नंबर 83898 53598 स्क्रीन पर दिखाई देने लगा। नितिन ने नंबर पर फोन किया तो सामने से एक युवक ने ऑर्डर के बारे में पूछा और फिर कहा कि सबसे पहले 10 रुपए डेबिड कार्ड से भरना होगा।इसके बाद 200 रुपए डिलीवरी होने के बाद नकद देना होगा। नितिन ने जैसे ही हामी भरी तो उसी मोबाइल नंबर से एक लिंक मैसेज भेजा गया। नितिन ने लिंक को ओपन किया तो उसमें एक फार्म था। जिसमें डेबिट कार्ड के 16 अंकों का नंबर और सीवीवी का पूरा डिटेल मांगा गया था। नितिन ने फार्म ने डेबिट कार्ड की सारी जानकारी भर दी तो मोबाइल पर एक और लिंक आया। आरोपी ने नितिन को लिंक से एप्लीकेशन इंस्टॉल करने के लिए कहा। इसे इंस्टॉल करते ही एक पेज ओपन हुआ जिसमें कुछ नंबर दिए हुए थे। नितिन ने आरोपी का नंबर फार्म में डाला तो उसका आर्डर कन्फर्म हो गया। कुछ देर बाद नितिन के मोबाइल पर 49,996 रुपए कटने का मैसेज आया।मोबाइल पर मैसेज देख 100 नंबर डायल कियामोबाइल पर रुपए कटने का मैसेज आते ही नितिन ने अपने भाई हेमंत को बताया। हेमंत ने तुरंत बैंक ऑफ बड़ौदा के बमरोली ब्रांच में जाकर डेबिट कार्ड बंद कराया और 100 नंबर डायल किया। दूसरे दिन अहमदाबाद साइबर क्राइम ने नितिन को फोन करके नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराने का निर्देश दिया। पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
0 लॉकडाउन-3.0: दुकानदारों की मनमानी, बिना आदेश खुल गए बाजार और दुकानें, अधिकारियों को पता ही नहीं By Published On :: Sat, 09 May 2020 02:20:00 GMT लॉकडाउन पार्ट थ्री में सरकार ने थोड़ी राहत क्या दी दुकानदारों ने तो मनमानी ही शुरू कर दी है। बिना आदेश के बाजार एवं गैर जरूरी सामान की दुकानें धड़ल्ले से खुल गई हैं। डीसी ने एनआईटी, बल्लभगढ़ और ओल्ड फरीदाबाद मार्केट की दुकानों को अभी नहीं खोलने का आदेश दिया था, लेकिन आलम यह है कि वहां दुकानें खुल गई हैं। यही नहीं किसी भी दुकान में सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन नहीं हो रहा है। कई जगह तो बाइक व कार शोरूम तक खुल गए है। ऐसे में दुकानदारों एवं अधिकारियों की यह लापरवाही कहीं भारी न पड़ जाए। क्योंकि फरीदाबाद में लगातार कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। एक सप्ताह से लगातार संक्रमित मरीज आ रहे हैं। अभी तक दो मरीजों की मौत भी हो चुकी है। पुलिस की लापरवाही का आलम यह है कि सड़कों पर ट्रैफिक बेतहाशा गति से बढ़ रहा है। सड़कों की तस्वीरों को देखकर ऐसा नहीं लगता कि अभी यहां लॉकडाउन लागू है।प्रशासन ने इन दुकानों को खोलने की अनुमति दीकेंद्रीय गृह मंत्रालय की गाइड लाइन के अनुसार डीसी यशपाल यादव ने लॉकडाउन पार्ट थ्री में जो राहत दी है उसमें दूध, फल, सब्जी, किराना, मेडिकल स्टोर, पंचर की दुकानें, इलेक्ट्रिकल की दुकानें समेत अन्य जरूरी सामान वाली दुकानें खोली जा सकती है। लेकिन शहर के प्रमुख बाजार खासकर एनआईटी एक, दो, तीन, पांच, ओल्ड फरीदाबाद और बल्लभगढ़ की मेन मार्केट, मार्केट काम्पलेक्स अथवा शोरूम अभी खोलने की इजाजत नहीं दी है।ऐसी भी क्या जल्दबाजी...अपनी मनमर्जी से खोलनी शुरू कर दी हैं दुकानेंप्रशासन के आदेश के बावजूद शहर के प्रमुख बाजारों में दुकानदारों ने एक-दूसरे की देखा देखी दुकानें खोलनी शुरू कर दी है। नगर निगम की टीमों ने एक-दो दिन इन्हें बंद कराया। इसके बाद फिर खुलनी शुरू हो गईं। एनआईटी पांच, ओल्ड फरीदाबाद और बल्लभगढ़ की मार्केट का हाल देख अंदाजा लगाया जा सकता है कि दुकानदार किस तरह प्रशासन के आदेश को ठेंगा दिखा रहे हैं। शुक्रवार को ओल्ड फरीदाबाद की मार्केट में नगर निगम की टीम जब गैरजरूरी वस्तुओं की दुकानों को बंद कराने के लिए पहुंची तो दुकानदारों ने दुकान बंद करने से मना कर दिया। हालांकि निगम की टीम म्युनिसिपल कॉरपोरेशन एक्ट 1994 की धारा 381 के तहत कार्रवाई कर सकती थी लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। जेडटीओ अनिल रखेजा के अनुसार उन्होंने इसकी शिकायत एसडीएम से की है। यही हाल एनआईटी पांच और बल्लभगढ़ का है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today फरीदाबाद। ओल्ड फरीदाबाद मार्केट में खुली गैरजरूरी सामान की दुकानें। Full Article
0 काेराेना संक्रमण से बचाने के लिए देश का सबसे लंबा कश्मीर में दंगों के कारण 1990 में 175 दिन, 2016 में 52 दिन रहा था कर्फ्यू By Published On :: Sat, 09 May 2020 02:22:00 GMT काेराेना वायरस की महामारी में संक्रमण से बचने के लिए भीलवाड़ा में चल रहा कर्फ्यू देश का सबसे लंबा कर्फ्यू बन गया है। शुक्रवार काे भीलवाड़ा में कर्फ्यू काे रिकाॅर्ड 50 दिन पूरे हाे गए। जनता पिछले 50 दिन से घराें में है। 4 मई काे जिला प्रशासन ने एक दिन के लिए कर्फ्यू में कुछ शर्ताें के साथ ढील दी, लेकिन बाजार में भीड़ बढ़ने से चार घंटे बाद ही छूट खत्म कर दी। काेराेना महामारी में देश का सबसे लंबा कर्फ्यू भीलवाड़ा में हाे गया, लेकिन देश में अब तक लगे कर्फ्यू की जानकारी करने पर सामने आया कि 50 दिन के कर्फ्यू से भी अधिक समय के लिए दाे बार कर्फ्यू लग चुके हैं। दाेनाें सबसे लंबे कर्फ्यू का रिकाॅर्ड कश्मीर के नाम है। भीलवाड़ा और कश्मीर के कर्फ्यू में अंतर है। भीलवाड़ा में काेराेना वायरस से बचाने के लिए कर्फ्यू है जबकि कश्मीर में दाेनाें समय दंगा भड़कने से कर्फ्यू लगाए थे। देश का पहला सबसे लंबा कर्फ्यू कश्मीर में 1990 में 175 दिन का था और इसके बाद दूसरा सबसे लंबा कर्फ्यू 2016 में 52 दिन के लिए भी जम्मू कश्मीर में ही लगा था। भीलवाड़ा में 20 मार्च काे छह पाॅजिटिव राेगी पर पहले ही िदन कर्फ्यू लगाया था।भीलवाड़ा 30 अप्रैल से ऑरेंज जाेन में30 अप्रैल काे भीलवाड़ा ऑरेंज जाेन में आ गया। लाेगाें का कहना है भीलवाड़ा में पहले दिन से ही कर्फ्यू लगने से ही संक्रमण ज्यादा नहीं फैला। 43 में से 30 मरीज ठीक हो चुके हैं। हालांकि लाेगाें की यह भी राय है कि ऑरेंज जाेन में आने से कंटेंटमेंट एरिया काे छाेड़कर बाकी एरिया में कुछ समय के लिए दुकान खाेलने की अनुमति देनी चाहिए। यहां के चार प्रमुख औद्याेगिक संगठनाें ने सात मई काे मुख्यमंत्री के साथ हुई वीसी में टेक्सटाइल मार्केट और कपड़ा फैक्ट्री शुरू करने की मांग उठाई। उनका कहना है कंटेंटमेंट एरिया काे छाेड़कर टेक्सटाइल मार्केट व कपड़ा फैक्ट्रियाें काे शुरू करना चाहिए ताकि यहां की अर्थव्यवस्था पटरी पर लाैट सके।जनता काे धैर्य रखना हाेगा। लाेगाें काे यह ध्यान में रखना चाहिए अब तक के अनुशासन के कारण ही हम सभी ने मिलकर जिले में काेराेना का संक्रमण फैलने से राेका है। चार मई काे कर्फ्यू में ढील दी थी लेकिन मार्केट में ज्यादा भीड़ आ जाने से छूट निरस्त करनी पड़ी। यदि जनता ने धैर्य और अनुशासन रखा ताे फिर कर्फ्यू में छूट दे सकते हैं। संक्रमण नहीं फैले इसलिए हम सभी के लिए यह जरुरी है। -राजेंद्र भट्ट, कलेक्टर1990 : 175 दिन तक कर्फ्यू : कश्मीर पंडिताें के विस्थापन के समय लगा...कश्मीरी पंडितों काे जनवरी 1990 में जम्मू कश्मीर से घर छाेड़ने के लिए कहा गया था। कई कश्मीरी पंडितों को कश्मीर से पलायन करना पड़ा। उस दौरान कश्मीर में जनवरी से लेकर आगे करीब 175 दिनों तक कर्फ्यू लगा था। यह देश में अब तक का सबसे अधिक दिनों का कर्फ्यू है।2016: 52 दिनों का कर्फ्यू : आतंकी बुरहान वानी की माैत के कारण लगा... हिज़्बुल मुजाहिदीन के कमांडर आतंकी बुरहान वानी की मुठभेड़ में मौत हाे गई थी। उसकी मौत के बाद दंगे भड़के। पत्थरबाजी, हिंसा और विरोध प्रदर्शन में कई लाेगाें की जानें गई। उस दौरान घाटी में करीब 52 दिन तक कर्फ्यू लगाया गया था। यह देश का दूसरा सबसे लंबा कर्फ्यू है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
0 होशंगाबाद से खंडवा तक 190 किमी सड़क होगी चौड़ी, जल्द बनाया जाएगा प्लान By Published On :: Sat, 09 May 2020 02:23:00 GMT होशंगाबाद से खंडवा तक 190 किलोमीटर सड़क का चाैड़ीकरण किया जाएगा। अभी तक सड़क करीब 7 मीटर है, जिसे 10 मीटर चाैड़ी किया जाएगा। कृषि विकास व किसान कल्याण मंत्री कमल पटेल ने सड़क के चाैड़ीकरण के निर्देश शुक्रवार को मंत्रालय में मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड के महाप्रबंधक सुदाम खाड़े को दिए। उन्हाेंने कहा कि जल्द प्रक्रिया शुरू की जाए। होशंगाबाद से टिमरनी तक और हरदा से खंडवा तक अभी सिंगल सड़क ही थी। इससे आवागमन में दिक्कतें हाे रही थी। सड़क 10 मीटर चौड़ी होगी। कृषि विकास व किसान कल्याण मंत्री कमल पटेल ने कहा है कि होशंगाबाद से खंडवा तक 190 किमी की सड़क का निर्माण बीओटी (बिल्ड ऑपरेट एंड ट्रांसफर) के अंतर्गत किया जाएगा। इसमें खंडवा से हरदा तक 109 कि.मी. और टिमरनी से होशंगाबाद तक 81 कि.मी.की सड़क निर्मित होगी। कमिश्नर रजनीश श्रीवास्तव ने बताया सर्वे किया जाएगा। इसमें साफ हाेगा कि कितनी जमीन अधिगृहित हाेना है और कितने पेड़ आ रहे हैं। प्लान जल्द बनाया जाएगा।कुछ दिन पहले डीपीआर मांगा गया थाएमपीआरडीसी के प्रबंधक प्रवीण निमजे ने बताया विभाग की ओर से सड़क का डीपीआर मांगा गया था। डीपीआर भोपाल मुख्यालय भेज दिया गया था। होशंगाबाद से हरदा और हरदा से खंडवा तक सड़क निर्माण की प्रक्रिया काफी पहले से चल रही थी। कार्रवाई शासन स्तर पर आगे बढ़ी हो, फिलहाल अधिकृत जानकारी नहीं है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
0 जोधपुर में एक साथ 71 राेगी डिस्चार्ज, 40% संक्रमित स्वस्थ हुए By Published On :: Sat, 09 May 2020 02:28:00 GMT शहर में शुक्रवार का दिन काेराेनाकाल का सबसे राहत भरा रहा। एक साथ 71 राेगी स्वस्थ हाेकर डिस्चार्ज हुए। इनमें से 44 काे बाेरानाडा के काेविड केयर सेंटर, 26 काे मथुरादास माथुर अस्पताल और एक काे संक्रामक राेग संस्थान से छुट्टी दी गई। साथ ही इस माह में पहली बार सबसे कम नौ नए राेगी ही सामने आए, जबकि सर्वाधिक 1299 सैंपल जांचें गए थे। कुल संक्रमिताें का आंकड़ा 851 पर पहुंच गया है।इनमें से 39.83% की दर से 339 राेगी स्वस्थ हाेकर डिस्चार्ज हाे चुके हैं। हालांकि शुक्रवार शाम एक और संक्रमित की माैत हाे गई। एमडीएमएच में बीजेएस निवासी रामसिंह (47) ने दम ताेड़ दिया। उन्हें खून की उल्टी की शिकायत पर 3 मई को भर्ती किया गया था। जांच में वे कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। उन्हें रूम एयर पर रखा गया था। यह इस माह की 10वीं मौत है। अब तक 17 संक्रमित जान गंवा चुके हैं।उत्तेसर के 5 में से 4 संक्रमित ठीक हाेकर घर लाैटेजिले में सबसे पहले पॉजिटिव उत्तेसर गांव से ही मिले थे और शुक्रवार को यहां के लिए भी राहत की खबर आई। यहां के पांच कोरोना पॉजिटिव में से चार जने ठीक हो गए, जिन्हें घर भेज दिया गया। बीसीएमओ मोहनदान देथा ने बताया कि चार पॉजिटिव मरीजों को डिस्चार्ज कर घर भेज दिया है, जबकि एक की रिपोर्ट आनी बाकी है।कलेक्टर ने 30 और चिकित्सा विभाग ने 39 को सम्मानित कियाकोरोनाकाल में फील्ड में काम करने वाले 69 वॉरियर्स डॉक्टर, एएनएम, बीएलओ व अन्य का शुक्रवार को कलेक्ट्रेट और टीबी अस्पताल जालोरी गेट पर सम्मान किया गया। कलेक्टर प्रकाश राजपुरोहित ने 30 वारियर्स को प्रशस्ति पत्र दिए। इसमें लैब टेक्निशियन किशन सिंह व डूंगरराम, सहायक पवनसिंह गहलोत, पंकज कच्छवाहा व भागीरथदान, एएनएम एलियाम्मा ऐसड, भगवतसिंह, उषा व संतोष, आशा सहयोगिनी मदीना, वरिष्ठ सहा. विकल्प गुप्ता व जितेंद्र माथुर, आयुष चिकित्सा अधिकारी राकेश सांखला, महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता रेणुका, डॉ. भूपत चौधरी, हेमाराम चौधरी, डॉ. मुकेश प्रजापत, किशनसिंह गहलोत, पार्वती विश्नोई, बीएलओ मंजू पंवार, ओम पंवार, ओमप्रकाश व सुपरवाइजर रोहित चौधरी शामिल हैं।69कोरोना वॉरियर्स सम्मानितशुक्रवार को सबसे अधिक बोरानाडा स्थित कोविड केयर सेंटर में 44 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया, वहीं एमडीएमएच से 26 और संक्रामक रोग संस्थान से दो बार नेगेटिव आने पर एक मरीज काे डिस्चार्ज किया गया। बोरानाडा कोविड केयर सेंटर पर डॉ. सुनील कुमार बिष्ट ने बताया कि सभी को होम क्वारेंटाइन में रहने और घर मंे भी समय-समय पर हाथ धोने और मास्क लगाने की सलाह दी है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today कोरोनाकाल में फील्ड में काम करने वाले 69 वॉरियर्स डॉक्टर, एएनएम, बीएलओ व अन्य का शुक्रवार को कलेक्ट्रेट और टीबी अस्पताल जालोरी गेट पर सम्मान किया गया Full Article
0 2017 में पहले ही दिन सबसे ज्यादा तपा था नौतपा, इस साल भी 45 डिग्री से ऊपर जा सकता है तापमान By Published On :: Sat, 09 May 2020 02:28:00 GMT गर्मी अब तेज हाेने लगी है। गर्मी काे देखते हुए इस बार भी नाैतपा ठीक-ठाक तपेगा। मौसम विभाग के अनुसार नौतपा इस बार भी ज्यादा तपने की संभावना है। तापमान इस बार भी 45 डिग्री के ऊपर ही रहेगा। पिछले बार भी तापमान 45.9 डिग्री तक गया था। इस बार 46 डिग्री तक जाने का पूरा अनुमान है। नौतपा 25 मई से शुरू हो रहा है और 2 जून तक चलेगा। इस बीच रविवार से फिर मौसम बदल रहा है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण बादल आएंगे और हल्की बारिश होने की संभावना है।वैज्ञानिक पक्षमौसम वैज्ञानिकों की मानें तो इस दौरान सूर्य की किरणें सीधी धरती पर आती हैं। इस कारण तपन ज्यादा हाेती है। मौसम वैज्ञानिक अजय शुक्ला ने बताया कि नाैतपा में सूर्य के तपने का यही सबसे बड़ा कारण हाेता है। 2 जून के बाद किरणें दूर हाेने लगती हैं। इसलिए धीरे-धीरे तपन कम हाेना शुरू हाे जाता है।ज्याेतिषीय पक्षज्याेतिषियाें की मानें ताे सूर्य वृषभ राशि में रहते हुए 10 हजार किरणाें के साथ धरती के करीब अाते हैं। पंडित साेमेश परसाई के अनुसार सूर्य की किरणें ज्यादा और खुद की राशि में सूर्य हाेने से नाैतपे में ज्यादा गर्मी हाेती है। राेहिण नक्षत्र में सूर्य ज्यादा गर्म हाेता है। धरती के करीब होने से नौतपा ज्यादा तपता है।दो दिन बदला रहेगा मौसमरविवार और साेमवार काे हल्की बारिश हाेने का अनुमान है। मप्र के ऊपर हवा के कम दबाव का क्षेत्र बनने से सिस्टम आ रहे हैं। इनसें नमी मिलेगी। शुक्रवार काे दिन का तापमान 42.3 डिग्री और रात का तापमान 26.6 डिग्री दर्ज हुआ है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
0 ओड़िशा को छोड़ अन्य राज्यों के लिए 30 से अधिक विशेष रेलगाड़ियों का संचालन By Published On :: Sat, 09 May 2020 02:29:00 GMT ओड़िशा हाई कोर्ट की ओर से गुजरात से प्रवासी मजदूरों में कोरोना संक्रमण की पूरी जांच के बिना नहीं भेजे जाने के फैसले के बाद आज राज्य से उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, राजस्थान और मध्य प्रदेश के लिए 30 से अधिक श्रमिक विशेष रेलगाड़ियां चलायी जा रही हैं। इसके साथ ही गत दो मई से अब तक इस पश्चिमी राज्य से चलने वाली ऐसी रेलगाड़ियाें की संख्या 120 से अधिक हो गयी हैं। पूरे देश में अब तक ऐसी 218 ट्रेने ही चली हैं।गुजरात से केवल ट्रेन से ही एक लाख 45 हजार से अधिक श्रमिकों को उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड अौर ओड़िशा जैसे राज्यों में भेजा जा चुका है। यह पूरे देश में इस मामले में अब तक सबसे अव्वल है। गुजरात से ही अब तक ऐसी सर्वाधिक श्रमिक विशेष रेलगाड़ियां चली हैं। श्रम एवं नियोजन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव तथा श्रमिकों की वापसी के लिए नोडल अधिकारी विपुल मित्रा ने यह जानकारी देते हुए बताया कि आज भी लगभग 36 हजार श्रमिकों को लेकर ट्रेने रवाना हो रही हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
0 यहां के 70 फीसदी स्टूडेंट्स ई लर्निंग से जुड़े, मेवात 19वें और फरीदाबाद 15वें स्थान पर रहा By Published On :: Sat, 09 May 2020 02:29:20 GMT लॉकडाउन में घर से पढ़ाओ अभियान में गुड़गांव ने 70 फीसदी छात्रों के ऑनलाइन एजुकेशन में एक्टिव रहकर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त कर रिकॉर्ड कायम किया है।खास बात है कि पिछले सप्ताह प्रदेश में गुड़गांव ने ई लर्निंग में दसवां स्थान प्राप्त किया था। लेकिन अब शिक्षा विभाग, अध्यापकों ने अभिभावकों और छात्रों काे जागरूक कर इस रिकॉर्ड को कायम किया है। यह शिक्षकों की मेहनत का ही नतीजा है कि प्रदेश में सबसे अधिक गुड़गांव के स्टूडेंट्स ऑनलाइन एजुकेशन का हिस्सा बन रहे हैं। एजुसेट, वाट्सएप, मैसेज व अन्य माध्यमों से छात्रों से जुड़कर उन्हें अध्ययन कराया जा रहा है। गुड़गांव के छात्रों ने इस विकल्प को बेहतरीन तरीके से अपनाया है। 70 फीसदी छात्र ऑनलाइन माध्यमों से जुड़ कर पढ़ रहे हैं।इससे पहले झज्जर जिले ने 69 प्रतिशत की उपस्थिति के साथ पहला स्थान प्राप्त किया था। वहीं 40 फीसदी के साथ कुरुक्षेत्र अंतिम स्थान पर रहा। डीसी खत्री ने कहा कि यद्यपि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के पास साधन सीमित होते हैं, परंतु सीमित साधनों में भी जिला के शिक्षकों को ऑनलाइन शिक्षा का लाभ ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थियों तक पहुंचाने के प्रयास जारी रखने चाहिए।सुधार के लिए ले रहे नियमित फीडबैकप्रत्येक खंड शिक्षा अधिकारी रोजाना 20-20 विद्यार्थियों के मोबाइल नंबर पर संपर्क कर विद्यार्थियों तथा उनके अभिभावकों से फीड बैक ले रहा है। जिला के 80 विद्यार्थियों से फोन पर रोज बातचीत कर अध्यापन-कार्य में सुधार को लेकर बात होती है। जिला शिक्षा अधिकारी इंदु बोकन स्वयं इन 80 विद्यार्थियों में से किन्ही 20 को फोन करके ई-लर्निंग की गुणवत्ता सुनिश्चित करती हैं। पढ़ाने के लिए अध्यापकों द्वारा कई इनोवेटिव आइडियाज भी निकाले जा रहे हैं। कुछ अध्यापक बच्चों को ठीक से पढ़ाने के लिए अपने घरों के दरवाजों को ब्लैकबोर्ड की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं।ऑनलाइन क्लासेज के फायदेजिला शिक्षा अधिकारी इंदु बोकन ने बताया कि शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों के वाट्सएप पर ग्रुप बनाए गए हैं जिनके एडमिन क्लास टीचर को बनाया गया है। अध्यापक यू ट्यूब चैनलों तथा अपनी वीडियो बनाकर ग्रुप में अपलोड कर रहे हैं। विद्यार्थी अध्यापकों को वीडियो कॉल करके भी उनके संशय दूर कर रहे हैं। जूम एप के माध्यम से भी बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। विद्यार्थियों को दिशा एप, संपर्क बैठक, ई-पाठशाला, स्वयम पोर्टल के माध्यम से भी पढ़ाया जा रहा है। सक्षम सेल हरियाणा की तरफ से भी प्रतिदिन कक्षावार वीडियो लिंक और अभ्यास वर्कशीट भेजी जाती है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
0 लॉकडाउन में फंसे श्रमिकों को घरों तक पहुंचाने के लिए दमण-दीव कांग्रेस ने तैयार की 10 बसें By Published On :: Sat, 09 May 2020 02:30:00 GMT दमण-दीव कांग्रेस प्रमुख ने शुक्रवार को प्रदेश में फंसे प्रवासी मजदूरों को उनके घरों तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए 10 बसों का इंतजाम किया है। दमण-दीव कांग्रेस प्रमुख ने दमण कलेक्टर डॉ राकेश मिन्हास को एक पत्र सौंपते हुए कहा है कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की अध्यक्षा सोनिया गांधी के आदेशानुसार देश के सभी प्रदेश अध्यक्षों को यह निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने राज्यों से जो भी परप्रांतीय श्रमिक कोवीड-19 के लॉकडाउन में फंसे हुए है उन्हें सुरक्षित उनके घरों तक पहुंचाया जाए, जिसके लिए तमाम वाहनों की व्यवस्था की जिम्मेदारी प्रदेश अध्यक्षों के कंधों पर साैंपी है। दमण-दीव से श्रमिक मजदूरों को उनके घरों तक पहुंचाने के लिए दमण-दीव कांग्रेस प्रमुख के तौर पर उन्होंने 10 बसों का इंतजाम किया है।केतन पटेल ने कलेक्टर से अपील की है कि परप्रांतीय मजदूर श्रमिक जो कई महीनों से रोजी-रोटी रोजगार से जूझतिे हुए प्रदेश में फंसे हुए है और अपने घरों में सुरक्षित जाना चाहते है उन्हें किस तरह से आप प्रशासन सुरक्षित उनके घरों तक पहुंचाता है इसकी अतिशिघ्र आप व्यवस्था करें। आपके आदेशानुसार जिन 10 बसों का इंतजाम कांग्रेस की तरफ से किया है उसकी विधिवत सूची प्रशासन चाहे तब उन्हें सौंप दी जाएगी। यह मजदूर श्रमिक अतिशिघ्र अपने राज्य के घरों में पहुंचे उसकी त्वरीत व्यवस्था करें। बता दें कि, दानह में भी सैंकड़ों श्रमिक फंसे हुए है। उन श्रमिकों की मांग है कि उन्हें भी उनके वतन भेजने की व्यवस्था की जाए। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
0 रांची व रायपुर से 150 मजदूर चाईबासा पहुंचे, लिया गया सैंपल By Published On :: Sat, 09 May 2020 02:31:00 GMT जिले के करीब 150 मजदूर रायपुर व रांची से चाईबासा पहुंचे हैं। दाेपहर करीब 2 बजे सभी मजदूराें रांची से काे बस से लाया गया है। यहां सभी मजदूराें काे गर्म खाना खिलाने के बाद जांच की जा रही है। जांच प्रक्रिया देर शाम तक चलती रही। इसमें जाे मजदूर रेड जाेन से अाए हुए हैं उन मजदूराें काे स्वाब लिया गया है। इसके अलावा कुछ मजदूर बाेकाराे, गिरिडीह, गढ़वा, धनबाद समेत अन्य जिले भी यहां फंसे हुए हैं। चूंकि ये लाेग सभी बाहर जिले के रहने वाले हैं। जिसके कारण गंतव्य तक पहुंचाने में देरी हाे रही है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
0 डाकघर बना मददगार...रोज दवाओं के 30-35 पार्सल की होम डिलीवरी By Published On :: Sat, 09 May 2020 02:32:00 GMT लॉकडाउन में लोग बाहर नहीं निकल पा रहे हैं, जिसके कारण दूसरे शहरों में मिलने वाली दवाइयों को हासिल करने को लेकर लोगों को खासी मशक्कत करना पड़ रही है लेकिन संकट के समय डाक विभाग अपनी सेवाओं के माध्यम से जरूरतमंदाें तक दवाइयां पहुंचा रहा है।शहर के लिए आने वाले पार्सल में प्रतिदिन 30 से 35 पार्सल दवाओं के हैं। प्रवर अधीक्षक (डाकघर) एसएन कुमावत ने बताया डाक कर्मियों के माध्यम से दवाओं के यह पार्सल संबंधित लोगों तक पहुंचाए जा रहे हैं। आवश्यक सेवाओं के अंतर्गत अब तक लॉकडाउन में भी डाकघर खुले हैं। डाक घर में सभी कार्य भी धीरे-धीरे शुरू हो गएहैं। एमएल नगर सहित अन्य डाकघर एवं उपडाकघर पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए लोगों के कार्य किए जा रहे हैं। उज्जैन के अंतर्गत 56 डाकघर के अलावा ग्रामीण इलाकों के 311 डाक घर हैं। शहर में 3 डिलीवरी पोस्ट ऑफिस के अलावा 9 पोस्ट ऑफिस हैं, जहां ट्रांजेक्शन आदि कार्य होते हैं। प्रवर अधीक्षक कुमावत ने बताया सोशल डिस्टेंसिंग के अंतर्गत डाक घरों में 50 प्रतिशत अधिकारी-कर्मचारियों की रोटेशन के आधारपर ड्यूटी लगाई गई है।दिल्ली-गुजरात तक से आ रही हैं दवाइयांउज्जैन में दवाइयों के पार्सल कई दूसरे शहरों से आ रहे हैं। इंदौर, भोपाल के अलावा नईदिल्ली, गाजियाबाद, अहमदाबाद से भी पार्सल प्राप्त हो रहे हैं। ऋषिनगर के पीएल शर्मा ने बताया पत्नी की स्किन ट्रीटमेंट की दवाएं इंदौर में मिल पाती हैं। ऑर्डर देने पर दो से तीन दिन में पार्सल घर बैठे मिल रहा है। वसंत विहार के साहा परिवार में भी अर्जेंट दवाओं का पार्सल उज्जैन आया। तीन दिन पहले मेडिकल कॉलेज के एक डॉक्टर को भी पीपीई किट का पार्सल उपलब्ध कराया गया। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today The post office became helpful ... home delivery of 30-35 parcels of daily medicines. Full Article
0 पानीपत में तीसरी मौत, रेवाड़ी में पहली बार 3 केस, राज्य में अब तक 10 की जान गई, 28 नए पॉजिटिव By Published On :: Sat, 09 May 2020 02:37:00 GMT राज्य में कोरोना संकट गहराता जा रहा है। शुक्रवार को पानीपत में 20 साल की युवती की मौत हो गई। जिले में कोरोना से यह तीसरी मौत है, जबकि राज्य में 10वीं। 24 घंटे में 28 नए केस सामने आने के साथ अब संक्रमितों का आंकड़ा 657 पर पहुंच गया है। हालांकि राहत की बात यह भी है कि तीन दिन बाद हरियाणा में 24 मरीज ठीक होकर घर भी लौटे हैं। नए मामलों में गुड़गांव के 9, फरीदाबाद-सोनीपत में 4-4, रेवाड़ी-जींद में3-3, फतेहाबाद में दो, पानीपत, झज्जर व रोहतक का एक-एक केस शामिल है। जबकि फरीदाबाद से 11, झज्जर से पांच, नूंह से चार, सोनीपत से तीन और पानीपत में एक मरीज ठीक हुआ है। राज्य में ठीक होने वालों की संख्या 284 हो गई है। बता दें कि दिल्ली से सटे गुड़गांव में अब तक 126, फरीदाबाद में 88, सोनीपत में 76, झज्जर में 74 और नूंह में 41 अन्य जिलों की अपेक्षा सबसे ज्यादा मरीज मिले हैं।24 घंटे का अपडेटराज्य में 24 घंटे में 3251 संदिग्ध मरीजों के सैंपल लिए गए हैं। जबकि 431 लोगों ने अपना सर्विलांस का समय पूरा कर लिया है। सर्विलांस पर 21 नए लोगों को लिया गया है। राज्य में 2479 की रिपोर्ट निगेटिव आई है।जानिए... आज तक की स्थिति 22063 का सर्विलांस पूरा। 15375 लोग हैं सर्विलांस पर। 46495 के लिए गए हैं सैंपल। 41495 सैंपल आए निगेटिव। 657 हो चुकी है पॉजिटिव केसों की संख्या। 5125 की रिपोर्ट का इंतजार है।रिकवरी रेट 43.12 फीसदी 1.45 प्रतिशत है पॉजिटिव रेट 43.12 प्रतिशत है रिकवरी रेट 1.24 प्रतिशत है फैटेलिटी रेट 1 मीलियन पर हो रही 1962 लोग की टेस्टिंग 8 दिन में डबल हो रहे मरीजहरियाणा में सिर्फ दो पेशेंट ऑक्सीजन पर: विजस्वास्थ्य मंत्री अनिल विज का कहना है कि यह सही है कि कुछ दिनों से केस बढ़े हैं। इनकी बड़ी वजह दिल्ली है। लेकिन, अभी हमारे सिर्फ दो मरीज ऐसे हैं जो ऑक्सीजन पर हैं। बाकी सभी की हालत ठीक है। कुछ दिन लगेंगे। रिकवरी रेट सुधरेगा। अभी रैपिड टेस्ट किट को लेकर किए गए प्रयोग की रिपोर्ट सीएमओ से ली जा रही है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today रोहतक : पीजीआईएमएस में 42 दिन से बंद चल रही ओपीडी 11 मई से शुरू होगी। शुक्रवार को न्यू ओपीडी ब्लाॅक के ग्राउंड, फर्स्ट और सेकंड फ्लोर पर मार्किंग की गई। Full Article
0 निंबाहेड़ा में 85 वर्षीय महिला, तीन वर्षीय बच्चे सहित 10 और संक्रमित, जिले के 60 सैंपल फेल, दोबारा लिए By Published On :: Sat, 09 May 2020 02:39:00 GMT जिले के कोरोना हॉट स्पॉट निम्बाहेड़ा में संक्रमित मिलने का सिलसिला रुक नहीं रहा। शुक्रवार शाम आई रिपोर्ट में 10 और पॉजिटिव मिले। इनमें से एक का सैंपल उदयपुर में ही लिया था। शेष 9 सैंपल निंबाहेड़ा से भीलवाड़ा भेजे थे। नए संक्रमितों में से 7 एक और कांग्रेस पार्षद के परिवार या पड़ाेस से हैं। इन्हें मिलाकर निंबाहेड़ा में पॉजिटिव 126 हो गए। जिनमें से दो की मौत हो चुकी। हालात को देखते हुए सांसद सीपी जोशी के बुलावे पर केंद्रीय टीम पहुंची।भीलवाड़ा मेडिकल कॉलेज से शुक्रवार शाम जारी रिपोर्ट में निंबाहेड़ा के 9 पॉजिटिव केस आए। इनमें छोटा कसाई मोहल्ला निवासी तीन वर्षीय बालक, 50 वर्षीय व्यक्ति, 48 वर्षीय महिला, 28, 24 व 18 वर्षीय युवक और 16 वर्षीय किशोर शामिल हैं। इनमें से 7 कांग्रेस पार्षद के परिवार से और एक पड़ाेसी है। इसी पार्षद का एक भाई व तीन पड़ाेसी 4 मई को संक्रमित मिले थे। लखारा गली निवासी अन्य कांग्रेस पार्षद सहित उसके परिवार के सात लोग पहले पॉजिटिव आ चुके। हालांकि इनमें से दो की पहली रिपोर्ट निगेटिव है। शाम को उदयपुर में भी निंबाहेड़ा का एक और पॉजिटिव केस सामने आया।बताया गया कि पूर्व में पत्नी के पॉजिटिव आने से यह उसे लेकर उदयपुर चला गया था। वहां जाकर खुद का भी सैंपल दिया। इन 10 नए केस के साथ निंबाहेड़ा के संक्रमितों का आंकड़ा 126 हो गया। इधर, भादसोड़ा प्राकटय स्थल पर लिए 50 और निंबाहेड़ा में लिए 10 सैंपल रिजेक्ट होने से दोबारा लेने पड़े।कलेक्टर ने केंद्रीय टीम को बताया: प्रथम केस के निकट संपर्क वाले 51 परिवारों में फैला अधिकतम संक्रमणकोरोना हाट स्पॉट बने निंबाहेड़ा का जायजा लेने केंद्रीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम शुक्रवार दोपहर पहुंची। वहां मात्र 12 दिन में 116 पॉजिटिव केस की गंभीरता को देखते हुए सांसद सीपी जोशी ने केंद्रीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री से टीम भेजने का आग्रह किया था। दिल्ली से टीम चित्तौड़ पहुंची। राष्ट्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्था महामारी विज्ञान विभाग अध्यक्ष प्रो. जयंत कुमार दास, डॉ. दिपेन बनर्जी और राजस्थान प्रजननएवं शिशु स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त निदेशक लक्ष्मणसिंह ओला तीन बजे कलेक्ट्रेट में कलेक्टर चेतन देवडा व सांसद सीपी जोशी से मिले। एडीएम मुकेश कलाल, सीएमएचओ डाॅ इंदजीतसिंह, निंबाहेड़ा एसडीएम पंकज शर्मा व विशेषाधिकारी हेमेंद्र नागर सहित जिले के अधिकारियों के साथ अलग से बैठक की। टीम ने प्रशासन से कई रिपोर्ट लेकर मुख्य कारणों को समझने की कोशिश की। टीम निंबाहेड़ा का भी दौरा करेगी। कलेक्टर ने टीम को पूरी जानकारी दी। 51 परिवारों में ही अधिकतम संक्रमण फैला जो प्रथम संक्रमित व्यक्ति के निकट संपर्क या संबंध में थे। संक्रमितों में 55 प्रतिशत पुरुष और 45 प्रतिशत महिलाएं हैं। पहला केस मिलते ही कर्फ्यू लगा दिया था। निंबाहेड़ा में 59 सीसीटीवी कैमरे लगाकर स्थिति पर निगाह रखी जा रही है।प्रभावी व्यक्तियों के साथ मिलकर जन जागरुकता पर फोकस का सुझावकेंद्रीय स्वास्थ्य टीम के प्रमुख प्रो. दास ने जिला प्रशासन के साथ समीक्षा के बाद कहा कि प्रारंभ में फैले डर के बावजूद नियंत्रण का प्रभावी प्रयास किया। उनकी स्वयं की टीम को गंगरार चैकपोस्ट पर कड़े निरीक्षण से गुजरना पड़ा। दास ने समुदाय के प्रभावी व्यक्तियों के साथ मिलकर जनता को भी जागरूक करने का सुझाव दिया ताकि कोरोना संक्रमण को रोका जा सके। दास ने बिना लक्षणों वाले संक्रमितों को क्वारेंटाइन करने के बारे में जानकारी लेकर सुझाव दिया।हॉट स्पॉट निंबाहेड़ा में संक्रमितों का आंकड़ा 126 पर पहुंचा, भादसोड़ा में लिए सभी सैंपल रिजेक्ट हुएबरखेड़ा के संक्रमित के संपर्क में आए लोगों की जांच का नतीजा तीसरे दिन भी सामने नहीं आ पाया। कारण, सभी 50 सैंपल फेल हो गए। चिकित्सा विभाग ने 5 नए संदिग्धों सहित 55 सैंपल दोबारा लेकर भीलवाड़ा भेजे। पाॅजिटिव मरीज के संपर्क में आए 50 जनाें के सैंपल बुधवार को भीलवाड़ा भेजे थे। गुरुवार शाम तक भी प्रशासन को रिपोर्ट काइंतजार था। शाम को पता चला कि सैंपल रिजेक्ट हो गए। विभाग ने शुक्रवार सुबह प्राकट्य स्थल क्वारेंटाइन सेंटर पर इनके वापस सैंपल लिए। नए 5 संदिग्धों के भी सैंपल लिए। डाक्टर्स के अनुसार रिजेक्ट होने का कारण ट्रांसपोर्टेशन या सही प्रकार से सील पैक नहीं होना हो सकता है। क्वारेंटाइन सेंटर काएसडीएम अंशुल आमेरिया, तहसीलदार शिव सिंह ने निरीक्षण कर बीसीएमओ खेमचंद सैनी, डॉ मोहम्मद अलीम खा काे निर्देश दिए। एसएचओ भवानीशंकर सुथार, सरपंच शंभूलाल सुथार माैजूद रहे।कैंची चौराहा निवासी 85 वर्षीय महिला में संक्रमण का कारण 23 वर्षीय दोहिता माना जा रहा है। महिला के पति का सैंपल पहले से जांच में है। उसके साथ रहने वाली 80 वर्षीय बहन दोनों पैर से विकलांग होने से अभी सैंपल देने नहीं जा सकी। चंदन चौक निवासी इनका दोहिता लखारा गली निवासी पार्षद परिवार के संपर्क में आने से संक्रमित हुआ था। बाद में उसके परिजन व पडौसी भी संक्रमित मिले। अब 85 वर्षीय महिला के सपति का सैंपल पहले से जांच में है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 85-year-old woman in Nimbahera, 10 including three-year-old child and infected, 60 samples failed in district, again Full Article
0 पंजाब ने नहीं संभाला तो पैदल ही भूखे-प्यासे चल पड़े श्रमिक, 400 लोगों को अम्बाला से लौटाया गया By Published On :: Sat, 09 May 2020 02:49:00 GMT पंजाब ने नहीं संभाला तो बच्चों और सामान को पीठ पर लादकर करीब 400 प्रवासी श्रमिक 6 दिन पैदल चलकर लुधियाना से अम्बाला पहुंच गए। बॉर्डर से करीब 8 किलोमीटर आगे 5-7 पुलिस कर्मियों ने डंडे अड़ाकर उन्हें रोकने की कोशिश की। श्रमिकों की भीड़ नहीं रुकी तो पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया तो डरे श्रमिक इधर-उधर भागने लगे। बाद में पुलिस ने कुछ को पकड़कर ट्रकों से वापस पंजाब बॉर्डर के आसपास छोड़ दिया। अब लॉकडाउन के तीसरे चरण में और बढ़ा पलायनअब श्रमिक परिवारों के साथ बड़े समूहों में जा रहे हैं। कुछ इस उम्मीद में हैं कि रास्ते में उन्हें न कहीं कहीं से बस या ट्रेन मिल जाएगी। फिलहाल पैदल चलने के साथ ही मौसम की गर्माहट और पेट की आग दिक्कत बढ़ा रही है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today If Punjab did not handle, then the hungry and thirsty laborers on foot, 400 people were returned from Ambala Full Article
0 रोज 7000 मास्क और 150 लीटर सेनेटाइजर की खपत By Published On :: Sat, 09 May 2020 02:56:00 GMT लॉकडाउन में मेडिकल स्टाेर पर किडनी एवं मानसिक राेगियाें की दवा की डिमांड बढ़ी है। जिलेभर के मेडिकल दूर से इन दिनाें सेटनेटाइजर एवं मास्क बेचने की दुकानाें की तरह नजर अा रहे हैं। जिले में 350 मेडिकल स्टाेर पर राेज 7000 मास्क एवं 150 लीटर सेनेटराइजर बिक रहा है। हालांकि ट्रांसपाेर्टेशन सुविधा जारी रहने से अब जिले में मास्क एवं सेनेटराइजर की कमी नहीं है। डाेर टू डाेर भी दवा पहुंचाने का सिलसिला जारी है। कैंसर एवं किडनी सहित गंभीर बीमारियाें से ग्रसित करीब 30 मरीजाेंकाे औसतन दवा उनके घर के पास के मेडिकलाें तक पहुंचाने की पहल भी वरदान साबित हाे रही है।लाॅकडाउन के शुरुआत के दिनाें में ट्रांसपाेर्टेशन बंद था। भीलवाड़ा जिला काेराेना जाेन बना ताे हमारे जिला मुख्यालय के मेडिकल स्टाेर पर मास्क एवं सेनेटाइजर खत्म हाे गए थे। 10 रुपए वाले थ्री लेयर मास्क की कीमत भी 20 रुपए हाे गई थी। ट्रांसपाेर्टेशन चालू हाेने पर मास्क एवं सेनेटराइजर की सप्लाई पटरी पर आई। अब थ्री लेयर मास्क आसानी से 8-10 रुपए में मिलने लगे। इन दिनाें दर्द के साथ किडनी, कैंसर, शुगर की दवा पहले के मुकाबले अधिक बिक रही है। कारण गंभीर राेगी उदयपुर, अहमदाबाद या अन्य शहराें में जा नहीं पा रहे हैं। जिला मुख्यालय पर लाेगाें काे घर पर दवा उपलब्ध कराने के लिए अलग से कंट्राेल रूम भी है।घर बैठे दवा पहुंचाने का जिम्मा अाैषधि नियंत्रक अधिकारी रामकृष्ण सिंह ने उठाया, पहुंचा रहे दवागांवाें में रहने वाले किडनी, मिर्गी, कैंसर व मानसिक राेगियाें काे घर बैठे दवा पहुंचाने का जिम्मा औषधि नियंत्रक अधिकारी रामकृष्ण सिंह ने उठा रखा है। उनके माेबाइल नंबर 9461782201 कंट्राेल रूम के लिए दे रखे हैं। जयपुर, अहमदाबाद, उदयपुर, काेटा से दवा मंगवाकर राेगी के गांव के पास वाले मेडिकल तक भिजवाई जा रही है। अब तक करीब 300 से अधिक मरीजाें काे दवा भेज चुके हैं। कंट्राेल रूम में ड्रग इंस्पेक्टर रामकृष्ण सिंह प्रभारी एवं अनुपम भंडारी सहायक प्रभारी है। कुंभानगर हाउसिंग बाेर्ड क्षेत्र में केमिस्ट एसाेसिएशन के सचिव सुशील अग्रवाल, सिटी क्षेत्र में ओम भंडारी, चामटीखेड़ा कैलाशनगर, नगर पालिका काॅलाेनी में जानकारीलाल साेनी, प्रतापनगर रेलवे स्टेशन क्षेत्र में धमण आनंद, सेंती क्षेत्र में प्रशांत डगवार, मधुवन सेगवा हाउसिंग बाेर्ड में भारत चांदवानी, चंदेरिया क्षेत्र में अरुण कुमार, गांधीनगर क्षेत्र में अनुराग द्विवेदी, महेशनगर, शास्त्रीनगर, कीरखेड़ा एवं भाेईखेड़ा क्षेत्र में अरविंद समदानी डाेर टू डाेर दवा उपलब्ध करा रहे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
0 लाॅकडाउन के बाद रफ्तार बनी रहे इसलिए इटारसी में खड़े करीब 100 इंजन काे हर दूसरे दिन किया जा रहा वाॅर्मअप By Published On :: Sat, 09 May 2020 03:00:00 GMT इटारसी स्टेशन परिसर पर भले सन्नाटा है, लेकिन पटरियों पर इंजनों का शोर बता रहा है कि लॉकडाउन खुलने के बाद ट्रेनों की रफ्तार कम नहीं होगी। लाॅकडाउन में ट्रेनें बंद हैं, लेकिन ट्रेनों को रफ्तार देने वाले इंजनों को हर दूसरे दिन एक से दाे घंंटे तक वॉर्मअप किया जा रहा है। डीजल और इलेक्ट्रिक लोको (इंजन) की बैटरी न उतरे, काेई तकनीकी खराबी न आए इसलिए रेलकर्मी उन्हें स्टार्ट कर चेक कर रहे हैं। इटारसी में लगभग 100 इंजनाें का डीजल और एसी (विद्युत) लोको शेड के रेलकर्मी 45 दिन मेंटेनेंस कर रहे हैं। विद्युत लोको शेड, डीजल शेड, जीसी-4, जीसी-5 और रेलवे स्टेशन परिसर में जगह-जगह रेलवे ट्रैक पर दर्जनों डीजल और इलेक्ट्रिकल लोको एक के पीछे एक कतार में खड़े हैं।लोको इंजन की बैटरी ना उतरे और खराबी ना आए इसके लिए करीब 15 रेलकर्मी (शंटर्स) कहीं 1 घंटे ताे कहीं 2 घंटे जरूरत के हिसाब से प्रतिदिन इंजनाें काे स्टार्ट करके रखते हैं। इन कर्मचारियाें की तीन शिफ्ट में ड्यूटी लगाई गई है।इतने इंजनाें का मेंटेनेंस डीजल शेड में 29 इंजन तैयार खड़े हैं। एसी शेड में 6 इंजन तैयार हैं। 11 इलेक्टिक इंजन का मेंटेनेंस हाे रहा है। जीसी 5 शेड में 36, जीसी-4 में 10 अाैर करीब 10 इंजन स्टेशन के पास खड़े हैं। 115 इंजन मालगाड़ी अाैर पार्सल ट्रेनाें मंे चल रहे हैं। शेड में अाने पर इनका मेंटेनेंस किया जाएगा। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
0 प्रदूषण का स्तर कई जिलों में बढ़कर हुआ दोगुना, राज्य के 6 जिलों में एक्यूआई पहुंचा 150 के पार By Published On :: Sat, 09 May 2020 03:00:00 GMT (सुशील भार्गव)लॉकडाउन में छूट दिए जाने के बाद प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ने लगा है। पिछले चार दिनों में ही यह कई जिलों में दोगुना हो गया है। छह जिले ऐसे हैं जहां पर यह 150 के पार पहुंच चुका है। हालांकि इन दिनों में यह अमूमन इससे भी अधिक होता रहा है। अबकी बार करीब 45 दिनों तक चले लॉकडाउन में यह सभी जिलोंमें 100 के नीचे पहुंच गया था। पर्यावरण वैज्ञानिकों के अनुसार ऐसा वर्ष 1970 से 1980 के बीच रहा है। वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है और इनसे जो धूल उड़ती है, इससे भी प्रदूषण बढ़ता है। औद्योगिक गतिविधियां भी शुरू हो गई हैं, वहीं रबी फसल की कटाई के बाद शुक्रवार को प्रदेशभर में 355 जगह फसल अवशेष जलाए गए। इससे भी प्रदूषण का स्तर बढ़ने लगा है।8 मई को कहां अधिक जले फसल अवशेषफतेहाबाद में 26, हिसार में 34, झज्जर में 98, जींद में 25, रोहतक में 34, पानीपत में 17, सिरसा मंे 21, सोनीपत में 40, कुरुक्षेत्र में 10, कैथल में 12 जगहों पर फसल अवशेष जलाए गए हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Pollution levels doubled in many districts, AQI reached 6 in 6 districts of the state Full Article
0 निंबाहेड़ा में संक्रमण फैलने से निकुंभ में लगाया तोल केंद्र, पहले दिन 60 किसान की अफीम का तोल हुआ By Published On :: Sat, 09 May 2020 03:01:00 GMT निंबाहेड़ा की बजाय इस बार निकुंभ में अफीम तोल शुरू हुआ। शुक्रवार को पहले दिन निंबाहेड़ा व बड़ीसादड़ी क्षेत्र के 60 किसानों की अफीम तुली। किसानों को सेनिटाइज कर प्रवेश दिया। शनिवार को निंबाहेड़ा क्षेत्र के ही 6 गांवों के 59 तथा रविवार को 8 गांवोंके 82 किसानों की अफीम का तोल होगा। निंबाहेड़ा व बड़ीसादड़ी तहसील क्षेत्र के 248 गांवों के 5448 किसानों में से करीब 5200 किसानों की अफीम का तोल होगा। कई किसानों ने फसल की हंकाई करवाई।खंड तृतीय के अधीन आने वाले गांवों की अफीम का ताेल प्रेमराज वाटिका आरके पब्लिक स्कूल में किया जा रहा है। जिला अफीम अधिकारी तृतीय खंड एपी चौधरी के निर्देशन में निंबाहेड़ा तहसील के सेमलिया व लक्ष्मीपुरा गांवों के 60 किसानों की अफीम दो शिफ्टों में तोली गई। नायब तहसीलदार विपिन चौधरी ने केंद्र पर सोशल डिस्टेंसिंग की जानकारी ली। दोनों फेज के किसानों की अफीम तोल के लिए अलग-अलग कांटे लगाए। शनिवार को निंबाहेड़ा क्षेत्र के ही 63नुपपुरा, देवपुरिया, रावलिया, दीपपुरा, भुवानिया, खेड़ी के 59 किसानों की अफीम का तोल होगा।अब चित्तौड़गढ़ मुख्यालय के तौल केंद्र पर बढ़ेगी किसानों की संख्याचित्तौड़गढ़ जिला मुख्यालय पर केंद्रीय नारकोटिक्स कार्यालय परिसर में चल रहे अफीम तोल केंद्र पर तीसरे दिन भी चित्तौड़ व कपासन तहसीलों के 100 किसानों की अफीम का तोल जिला अफीम अधिकारी खंड प्रथम जगदीश मावल व खंड द्वितीय के जिला अफीम अधिकारी पी सुरेश के निर्देशन में हुआ। अब प्रतिदिन किसानों की संख्या बढ़ जाएगी। इस बार बेगूं में बनाए तोल केंद्र पर भीलवाड़ा जिला अफीम अधिकारी एसके सिंह के निर्देशन में ताेल हो रहा है।किसानों के लिए टेंट, पंखे और कूलर लगाएकिसानोंके लिए सोशल डिस्टेंसिंग की पालना के लिए डोम में गोले बनाए गए। विभाग ने मास्क `में प्रवेश दिया। जिला अफीम अधिकारी तृतीय खंड एपी चौधरी ने बताया कि किसानों को सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करवा रहे हैं। मास्क दे रहे हैं। गर्मी में बैठने के लिए टेंट, पंखे, कूलर व पेयजल की व्यवस्था की है।सुबह 6 बजे लक्ष्मीपुरा गांव के 28 किसान एकसाथ अफीम लेकर पहुंचे... निकुंभ चौराहा मार्ग स्थित प्रेमराज वाटिका में बनाए केंद्र पर सुबह 6 बजे निंबाहेड़ा क्षेत्र के लक्ष्मीपुरा गांव के 28 किसान बर्तनों में अफीम लेकर पहुंच गए। वााटिका के पिछले प्रवेश द्वारा पर पार्किंग में वाहन खड़े किए। किसानों मेडिकल टीम ने थर्मल स्क्रीनिंग कर तापमान जांचा। किसान सेनेटाइजर होकर रजिस्ट्रेशन काउंटर पहुंचे। जहां किसानोंका पंजीयन कर अफीम भरने के लिए कैन उपलब्ध कराई। किसान की अफीम की विभागीय प्रक्रिया अनुसार लेबोरेट्री जांच सहित दो तीन चरणों के बाद अफीम तोल कांटे पर पहुंचती रही। किसान का नंबर आने पर रिजल्ट का अनाउंस होता रहा। दूसरे कांउटर पर वजन दोबारा चेक होने के बाद कैन पर किसान का नाम, गांव का नाम, क्रम संख्या की सूची चस्पा कर केन को सीलबंद किया। दूसरे फेज में 32 किसानों की अफीम तोल प्रक्रिया की।किसानों की अफीम दो शिफ्टों में तोली गई। नायब तहसीलदार विपिन चौधरी ने केंद्र पर सोशल डिस्टेंसिंग की जानकारी ली। दोनों फेज के किसानों की अफीम तोल के लिए अलग-अलग कांटे लगाए। शनिवार को निंबाहेड़ा क्षेत्र के ही 63नुपपुरा, देवपुरिया, रावलिया, दीपपुरा, भुवानिया, खेड़ी के 59 किसानों की अफीम का तोल होगा। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
0 जालाेर से चार दिन पहले हुए रवाना, 200 किलोमीटर पैदल चलकर रायपुर पहुंचे 34 श्रमिक, यहां से ट्राेले से पहुंचेंगे उत्तरप्रदेश By Published On :: Sat, 09 May 2020 03:05:00 GMT 42 वर्ष के मुकेश ने बताया कि जालाेर में स्थाई नौकरी कर रहे थे और वे 18000 रुपए प्रति माह कमाते थे, लेकिन इस महामारी के कारण उनकी नौकरी चली गई। आय का कोई साधन नहीं होने के कारण से जालाेर से यूपी के लिए पैदल ही निकल पड़े। पुलिस ने उन्हें बीच में पकड़ लिया और सरकारी स्कूल में पहुंचा दिया। यह कहते हुए मुकेश रो पड़ते हैं कि उनके बच्चे उनके घर लौटने का इंतजार कर रहे हैं और उन्हें बच्चों के पास जाना है वे अब जालाेर में नहीं रहना चाहते है। काम ताे यूपी मेंही मिल जाएगा। किसी तरह अपना परिवार का पेट पाल लेंगे।कोरोना के बीच फैक्ट्रियों में काम करने वाले कारीगर दो वक्त की रोटी की तलाश में घरों की तरफ निकल पड़े हैं। कोई पैदल चल रहा है, तो कोई साइकिल या ठेले पर अपनों का बोझ उठा रहा है। मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश व जालाेर से आने वाले लोगों की संख्या सबसे ज्यादा है। जालाेर से 4 दिन पैदल चलने के बाद यूपी के 34 श्रमिक रायपुर पहुंचे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Four days ahead of Zailer, 34 workers reach Raipur after walking 200 km, Uttar Pradesh will arrive from here Full Article
0 7 दिनों में 100 ट्रेनें, 5000 बसों से गृह राज्यों में भेजे जाएंगे श्रमिक By Published On :: Sat, 09 May 2020 03:07:00 GMT राज्य सरकार द्वारा घर जाने के इच्छुक प्रवासी श्रमिकों को अगले सात दिनों में 100 रेलगाड़ियों व 5000 बसों के माध्यम से उनके गृह राज्यों में निशुल्क पहुंचाया जाएगा। प्रवासी श्रमिकों को उनके गृह राज्यों में भेजने के लिए चलाई जाने वाली रेलगाड़ियों व बसों का सारा खर्च हरियाणा सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश व पूर्वी उत्तर-प्रदेश के लिए 100 विशेष श्रमिक रेलगाड़ियां चलाई जाएंगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल-प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड में 5000 बसों के माध्यम से प्रवासी श्रमिकों को उनके गृह राज्यों में भेजा जाएगा। सीएम मनोहर लाल की हर प्रवासी श्रमिक और खेतीहर मजदूर को उनके गृह राज्यों में हरियाणा सरकार की ओर से मुफत भेजने के लिए की गई घोषणा के उपरांत अब तक 23452 ऐसे प्रवासी श्रमिकों को विभिन्न रेलगाड़ियों व बसों के माध्यम से उनके गृह राज्यों में पहुंचाया जा चुका है। अब तक राज्य से 13347 प्रवासी मजदूरों को उत्तर प्रदेश पहुंचाया गया है। इसी प्रकार, उत्तराखंड राज्य के 3133 प्रवासी मजदूरों को भेजा गया है, वहीं, 3593 प्रवासी मजदूरों को बिहार भेजा गया है। 2549 प्रवासी श्रमिकों को मध्य प्रदेश, 435 प्रवासी मजदूरों को राजस्थान, 221 प्रवासी मजदूरों को पंजाब, 54 प्रवासी मजदूरों को हिमाचल प्रदेश, 46 प्रवासी मजदूरों को केरल, 32 प्रवासी मजदूरों को असम, 23 प्रवासी मजदूरों को महाराष्ट्र और 19 प्रवासी मजदूरों को गुजरात पहुंचाया जा चुका है।सूत्रों के अनुसार महज छह दिन में हरियाणा से करीब आठ लाख लोगों ने अपने राज्यों को लौटने के लिए पंजीकरण कराया है। गृह मंत्रालय के निर्देश पर हरियाणा सरकार ने पिछले रविवार को उन लोगों का पंजीकरण शुरू किया था जो लॉकडाउन के चलते अपने राज्यों को लौटना चाहते हैं। शुक्रवार दोपहर तक सरकार की इस साइट पर 7 लाख 95 हजार 465 लोगों ने पंजीकरण करवाया है। इनमें करीब 82.55 फीसदी यूपी व बिहार राज्यों के हैं, जबकि अन्य मध्यप्रदेश, झारखंड व तामिलनाडु के हैं। हरियाणा से पलायन करने वालों में 81.9 फीसदी व्यक्ति पानीपत, सोनीपत, गुड़गांव, फरीदाबाद, झज्जर, यमुनानगर और रेवाड़ी जिलों से संबंधित हैं। दूसरी ओर हरियाणा आने के लिए करीब डेढ़ लाख ने पंजीकरण कराया है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today राेहतक: रोडवेज बसों में रोहतक लाए गए मजदूरों को स्पेशल ट्रेन से भेजा जाएगा। Full Article
0 प्रदेश के 4 जिले कोरोना से ज्यादा प्रभावित, यहां संक्रमितों की संख्या पहुंची 400 के पार By Published On :: Sat, 09 May 2020 03:16:00 GMT दिल्ली से सटे चार जिलों में कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने का सिलसिला लगातार जारी है। इनमें गुड़गांव में 126, फरीदाबाद में 88, सोनीपत में 76, झज्जर में 74 और नूंह में 41 मरीज मिले हैं। यहां पूरे हरियाणा के बराबर केस मिल रहे हैं। गुड़गांव में मई महीने में बढ़ी कोरोना वायरस के पेशेंट की रफ्तार थम नहीं रही है। शुक्रवार को गुड़गांव में 9 नए पॉजिटिव केस पाए गए हैं, जिससे गुड़गांव में कुल केस की संख्या बढ़कर 126 तक पहुंच गई है। हालांकि यहां पर अब तक 51 पेशेंट ठीक हो चुके हैं, जबकि 75 पेशेंट का इलाज अलग-अलग अस्पतालों में किया जा रहा है। वहीं इनमें से 60 पेशेंट गुड़गांव के सेक्टर-9ए स्थित ईएसआईसी अस्पताल में एडमिट हैं।चिंताजनक तथ्य ये है कि पांच दिन से कोई पेशेंट रिकवर भी नहीं कर पाया है। गुड़गांव में कोरोना वायरस के पेशेंट की संख्या रोजाना तेजी से बढ़ रही है। मई महीने में गुड़गांव में शहर की अलग-अलग कालोनियों में कोरोना वायरस के पेशेंट बढ़ गए हैं। 8 दिन में गुड़गांव में 69 केस पॉजिटिव पाए गए हैं।जबकि शुक्रवार को गुड़गांव में 9 केस पॉजिटिव मिले हैं, जिनमें खांडसा मंडी से एक, एक पुलिसकर्मी, दो स्वास्थ्यकर्मी, एक सेक्टर-107, सरहौल गांव से एक, एक चार मरला से खाना वितरित करने वाला युवक, एक युवक शिवाजी पार्क व एक डीएलएफ फेस वन से शामिल हैं।25 लोगों की स्वास्थ्य विभाग ने की रैपिड एंटीबॉडी जांच : गांव चक्करपुर में शुक्रवार को 25 लोगों की स्वास्थ्य विभाग ने रैपिड एंटीबॉडी जांच की। राहत की बात यह रही कि सभी की रिपोर्ट निगेटिव मिली। अधिकारियों ने बताया कि किसी के भी एंटीबॉडी में कोरोना संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है। करीब 25 लोगों के खून के नमूने लेकर रैपिड किट से एंटीबॉडी की जांच की। सभी की जांच रिपोर्ट निगेटिव मिली है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today गुड़गांव में लोगों के स्वास्थ्य की जांच करती मेडिकल टीमें। Full Article
0 चीफ सिलेक्टर जोशी का बोर्ड को सुझाव- टी-20 टूर्नामेंट से हो घरेलू सीजन की शुरुआत, ताकि वर्ल्ड कप के लिए खिलाड़ी तैयार हो सकें By Published On :: Sat, 09 May 2020 03:24:00 GMT भारतीय क्रिकेट टीम के चीफ सिलेक्टर सुनील जोशी ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को नए सीजन की शुरुआत टी-20 से करने का सुझाव दिया है।मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीते दिनों नेशनल सिलेक्शन कमेटी कीबैठक हुई थी। इसमें जोशी ने यह प्रस्ताव दिया था। अगर बोर्ड इस पर सहमत होता है तो आमतौर पर अगस्त में शुरू होने वाले नए सीजन का आगाज सैयद मुश्ताक अली टी-20 टूर्नामेंट से हो सकता है।टी-20 वर्ल्ड कप की तैयारियों में मदद मिलेगीसिलेक्शन कमेटी के मुताबिक, इससे खिलाड़ी टी-20 वर्ल्ड कप के लिए तैयार हो सकेंगे। इस सालऑस्ट्रेलिया में अक्टूबर-नवंबर में यह टूर्नामेंट खेला जाना है। वहीं, खिलाड़ियों को इंडियन प्रीमियर लीग की तैयारी का भी मौका मिल जाएगा। हालांकि, अभी आईपीएल का शेड्यूल तय नहीं हुआ है। लेकिन मौजूदा हालात, फ्यूचर टूर प्रोग्राम को देखते हुए लीग के सितंबर-अक्टूबर में होने की उम्मीद है।रोहित, कोहली जैसे खिलाड़ियों को प्रैक्टिस का मौका मिलेगाज्यादातर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर घरेलू क्रिकेट में हिस्सा लेने को प्राथमिकता नहीं देते हैं। लेकिन मौजूदा हालात में उन्हें इसके जरिए प्रैक्टिस का मौका मिलेगा। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी से पहले विराट कोहली, रोहित शर्मा जैसे कई बड़े खिलाड़ी अपनी घरेलू टीमों की तरफ से उतर सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो विराट 2013 के बाद पहली बार दिल्ली की तरफ से खेलते नजर आ सकते हैं।धोनी भी घरेलू लीग से टी-20 में वापसी कर सकते हैंकोहली पिछली बार 2013 में एनकेपी चैलेंजर ट्रॉफी में दिल्ली की तरफ से खेले थे। वहीं, 9 महीने से क्रिकेट से दूर महेंद्र सिंह धोनी भी आईपीएल से पहले टी-20 क्रिकेट खेल सकते हैं।खाली स्टेडियम में मुश्ताक अली टूर्नामेंट कराया जा सकता हैअगर बीसीसीआई सिलेक्शन कमेटी के सुझाव मान लेती है तो उसे घरेलू टी-20 लीग के आयोजन में परेशानी नहीं होगी। क्योंकि लीग के सभी मैच लाइव नहीं दिखाए जाते। ऐसे में खाली स्टेडियम में इस टूर्नामेंट को कराने में बोर्ड को कोई परेशानी भी नहीं होगी।हालांकि, घरेलू टी-20 लीग को लेकर आए सुझाव और आईपीएल के भविष्य पर बोर्ड 17मई के बाद ही कोई फैसला लेगा। इसी दिन लॉकडाउन-3 की मियाद खत्म हो रही है।पिछले साल नवंबर में हुआ था घरेलू टी-20 टूर्नामेंटबता दें कि पिछले साल अगस्त में 2019-20 सीजन की शुरुआत दिलीप ट्रॉफी से हुई थी। सितंबर-अक्टूबर में विजय हजारे और नवंबर में देवधर ट्रॉफी खेली गई। इसके बाद सैयद मुश्ताक अली टी-20 टूर्नामेंट हुआ। इसी साल मार्च में रणजी ट्रॉफी का फाइनल हुआ। हालांकि, कोरोना की वजह से ईरानी कप नहीं खेला जा सका। इसमें रणजी ट्रॉफी चैम्पियन सौराष्ट्र और रेस्ट ऑफ इंडिया के बीच मुकाबला होना था। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today बीसीसीआई की क्रिकेट एडवाइजरी कमेटी ने इसी साल 4 मार्च को पूर्व क्रिकेटर सुनील जोशी को चीफ सिलेक्टर बनाया था। इसके अलावा हरविंदर सिंह को भी सिलेक्टर बनाया गया था। (फाइल) Full Article
0 बुंदेलखंड विवि छतरपुर ने परीक्षा फार्म जमा करने की तारीख 10 दिन बढ़ाई, 23 मई तक जमा होंगे By Published On :: Sat, 09 May 2020 03:24:00 GMT महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय छतरपुर ने पीजी के नियमित और प्राइवेट विद्यार्थियों द्वारा परीक्षा फार्म जमा किए जाने की तारीख 10 दिन बढ़ा दी है। अब विद्यार्थी एमपी ऑनलाइन पोर्टल के जरिए 23 मई तक परीक्षा फार्म जमा कर सकेंगे।इस संबंध में विश्वविद्यालय ने संशोधित अधिसूचना भी जारी कर दी है। इससे पहले विश्वविद्यालय ने परीक्षा फार्म जमा करने की अंतिम तारीख 14 मई घोषित की थी। विश्वविद्यालय द्वारा जारी संशोधित अधिसूचना के अनुसार अब एमए, एमएससी, एमकॉम, एमएचएससी, एमबीए तथा स्वाध्यायी एमए, एमएससी, एमकॉम के द्वितीय तथा चतुर्थ सेमेस्टर के एटीकेटी व फेल हुए विद्यार्थी 23 मई तक सामान्य शुल्क के साथ परीक्षा फार्म जमा कर जून 2020 में होने वाली परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। जबकि बिलंब शुल्क सहित 27 मई तक परीक्षा फाॅर्म भरे जा सकेंगे।विवेकानंद छात्र परिषद ने जताया दावाविवेकानंद छात्र परिषद परीक्षा फाॅर्म जमा करने की तारीख बढ़वाने के लिए अपना दावा जताया है। परिषद के संरक्षक विकास केसरवानी ने विज्ञप्ति में कहा कि पिछले दिनों परिषद ने 5 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तथा महाराजा छत्रसाल विश्वविद्यालय के कुलपति को ईमेल के जरिए ज्ञापन सौंपा था। इसमें एक मांग परीक्षा फार्म भरने की तारीख बढ़ाने को लेकर थी। शेष चार मांगों पर कार्रवाई बाकी है। इनमें परीक्षा फीस माफ करना, स्नातक प्रथम, द्वितीय एवं स्नातकोत्तर प्रथम, द्वितीय, तृतीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों को जनरल प्रमोशन देकर अगली कक्षा में भेजना, आवश्यकतानुसार स्नातक तृतीय वर्ष, स्नातकोत्तर चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षाएं कराएं। सभी कॉलेजों में केवल स्नातक तृतीय वर्ष एवं स्नातकोत्तर चतुर्थ सेमेस्टर के छात्रों से फीस लेकर उनकी परीक्षाएं कराई जाएं तथा सभी कॉलेजों में नवीन छात्रों के प्रवेश दिनांक की सूची समय पर लागू करने की मांग की गई है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
0 11 से 15 मई तक खरीद सकेंगे सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड, ऑनलाइन आवेदन-पेमेंट पर मिलेगी प्रति ग्राम 50 रुपए की छूट By Published On :: Sat, 09 May 2020 05:18:31 GMT वित्त वर्ष 2021 में सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की दूसरी सीरीज सोमवार से निवेश के लिए खुल रही है। इसमें 11 से 15 मई तक गोल्ड बॉन्ड में निवेश किया जा सकता है। इसके तहत प्रति ग्राम सोने की कीमत 4,590 रुपए तय की गई है। जो लोग इनके लिए ऑनलाइन आवेदन करेंगे और डिजिटल पेमेंट के जरिए भुगतान करेंगे, उन्हें प्रति ग्राम 50 रुपए का डिस्काउंट मिलेगा। आइए यहां समझें कि क्या है सॉवरेन गोल्ड बांड और क्यों है यह निवेश का बेहतर विकल्प।6 बार सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड होने थे जारीसरकार ने अगले 6 महीने में यानी 20 अप्रैल से लेकर 4 सितबंर तक 6 बार सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (Sovereign Gold Bonds) जारी करने का फैसला किया है। अप्रैल में एक बार सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड जारी हो चुके हैं।सरकार ने 20 से 24 अप्रैल के बीच पहली सीरीज लॉन्च की थी। इसके तहत प्रति ग्राम सोने की कीमत 4,639 रुपए तय की गई थी।इन्हे बैंकों और बडे डाकघरों से खरीदा जा सकेगा।निवेश के हिसाब से बेहतर विकल्पअगर आप सोने में निवेश करना चाहते है तो यह फिजिकल गोल्ड खरीदने से बेहतर है। फिजिकल गोल्ड खरीदने पर आप सोने की कीमत तो चुकाते ही हैं, आप मेकिंग चार्ज भी चुकाते हैं। आप सोने की कीमत पर तीन फीसदी जीएसटी और मेकिंग चार्ज पर 5 फीसदी जीएसटी भी चुकाते हैं। इससे सोने की कीमत काफी बढ़ जाती है। सॉवरेन गोल्ड बांड में निवेश पर कोई जीएसटी नहीं लगता है। यह चूंकि बांड है इसलिए इस पर कोई मेकिंग चार्ज भी नहीं लगता।शुद्धता और सुरक्षा की कोई चिंता नहींजब आप सोने की सिल्ली या सोने का आभूषण खरीदते हैं, तो आपको उसकी शुद्धता को लेकर संदेह हो सकता है। साथ ही उसे रखना भी सुरक्षित नहीं होता है। लेकिन सॉवरेन गोल्ड बांड में शुद्धता की चिंता करने की कोई जरूरत नहीं होती है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के मुताबिक गोल्ड बांड की कीमत इंडियन बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीरेए) द्वारा प्रकाशित 24 कैरेट शुद्धता वाले सोने की कीमत से लिंक होती है। इसके साथ ही इसे डीमैट रूप में रखा जा सकता है, जो काफी सुरक्षित है और उस पर कोई खर्च भी नहीं होता है।इश्यू प्राइस पर 2.50 फीसदी ब्याज मिलता हैसॉवरेन गोल्ड बांड में इश्यू प्राइस पर हर साल 2.50 फीसदी का निश्चित ब्याज मिलता है। यह पैसा हर 6 महीने में अपने आप आपने खाते में पहुंच जाता है। फिजिकल गोल्ड और गोल्ड ईटीएफ पर आपको इस तरह का फायदा नहीं मिलता। एनएसई के वेबइसाट पर दी गई जानकारी के अनुसार सॉवरेन गोल्ड बांड में निवेश का एक फायदा यह भी है कि 8 साल के मैच्योरिटी पीरियड के बाद इससे होने वाले लाभ पर कोई टैक्स नहीं लगता है। इसके साथ ही हर छह महीने पर मिलने वाले ब्याज पर कोई टीडीएस भी नहीं लगता।1 ग्राम से 4 किलो तक खरीद सकते हैं सोनाकोई शख्स एक वित्त वर्ष में मिनिमम 1 ग्राम और मैक्सिमम 4 किलोग्राम तक वैल्यू का बॉन्ड खरीद सकता है। हालांकि किसी ट्र्स्ट के लिए खरीद की अधिकतम सीमा 20 किग्रा है। कोई भी व्यक्ति एक फिस्कल ईयर में 500 ग्राम सोने के बॉन्ड खरीद सकता है। बॉन्ड का मेच्योरिटी पीरियड 8 साल का है। लेकिन निवेशकों को 5 साल के बाद बाहर निकलने का मौका मिलता है। यानी अगर आप निकालना चाहते हैं तो 5 साल के बाद निकाल सकते हैं। एनएसई के मुताबिक लोन लेने के दौरान कॉलैटरल के रूप में भी इन सॉवरेन गोल्ड बांड का उपयोग किया जा सकता है। इसके अलावा ये बांड एनएसई पर ट्रेड भी करते हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today सरकार ने अगले 6 महीने में यानी 20 अप्रैल से लेकर 4 सितबंर तक 6 बार सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (Sovereign Gold Bonds) जारी करने का फैसला किया है। Full Article
0 कोविड-19 के असर से उबरने के लिए वित्त वर्ष 2020-21 में ग्रॉस मार्केट बोरोइंग को बढ़ाकर 12 लाख करोड़ रुपए किया गया By Published On :: Sat, 09 May 2020 05:41:57 GMT कोविड-19 महामारी के झटकों से उबरने के लिए सरकार ने वित्त वर्ष 2020-21 के लिए अनुमानित सकल बाजार उधार (gross market borrowing) बढ़ा दिया है। इसे 7.8 लाख करोड़ रुपए के बजट से बढ़ाकर 12 लाख करोड़ रुपए कर दिया है। सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक ने दो अलग-अलग बयान में कहा, कि उधारी में संशोधन कोविड-19 महामारी के कारण आवश्यक हो गया है।गिल्ट्स के जरिए सरकार उधार लेगी 6 लाख करोड़वर्ष के लिए कुल उधारी अर्थात बोरोइंग में हुई वृद्धि के साथ-साथ वित्तीय वर्ष की पहली छमाही के शेष के लिए उधार कैलेंडर भी जारी किया गया है। संशोधित कैलेंडर के अनुसार सरकार साल की पहली छमाही के बचे हुए हिस्से से गिल्ट्स के जरिए बाजार से 6 लाख करोड़ रुपए उधार लेगी। प्रत्येक साप्ताहिक नीलामी के लिए नीलामी का आकार 11 मई के सप्ताह से बढ़कर 30,000 करोड़ रुपए हो जाएगा।अप्रैल-सितंबर में सरकार लेगी आक्रामकरूप से उधारभारत पिछले आठ हफ्तों से लॉकडाउन के दौर से गुजर रहा है, जिससे बड़े पैमाने पर आर्थिक नुकसान हुआ है। मूडीज ने इस साल देश के लिए 0 प्रतिशत की वृद्धि का पूर्वानुमान लगाया है। मार्च में आर्थिक मामलों के सचिव अतानु चक्रवर्ती ने कहा था कि सरकार कोविड-19 के प्रकोप को कम करने के लिए अप्रैल-सितंबर की अवधि में अनुमान से अधिक आक्रामक रूप से उधार लेने की योजना बना रही है। चक्रवर्ती ने कहा कि सरकार उद्योगों के पुनरुत्थान और वसूली के लिए जो कुछ भी आवश्यक होगा, वह करेगी। हमारे फंड जुटाने वाले संसाधन न केवल बाजारों से बल्कि बहुपक्षीय एजेंसियों से भी सक्षम हैं।राजकोषीय घाटे को संशोधित करना होगावित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2020-21 के अपने बजट में नए वित्त वर्ष में 7.8 लाख करोड़ रुपए की सकल उधारी का अनुमान लगाया था, जो 2019-20 के लिए अनुमानित 7.1 लाख करोड़ रुपए से अधिक है। उधारी अनुमान में वृद्धि के साथ, सरकार को चालू वित्त वर्ष के लिए 3.5 प्रतिशत आंके गए अपने राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को और ज्यादा संशोधित करना होगा।जीडीपी बुरी तरह प्रभावित, राहत पैकेज का इंतजारबता दें कि सरकार को इस बार बजट गैप, राजकोषीय घाटा के साथ जीडीपी वृद्धि के मोर्चे पर काफी कुछ करना होगा। यह सभी कोविड-19 से बुरी तरह प्रभावित हैं। यही नहीं, तमाम रेटिंग एजेंसियों ने इस साल की जीडीपी की वृद्धि दर को जीरो तक घटा दिया है। सरकार अभी तक कोविड-19 के लिए केवल एक बार 1.70 लाख करोड़ रुपए का पैकेज जाहिर की है। अगर उसे ज्यादा पैकेज जारी करना पड़ा तो सरकार को आगे और भी उधार लेने की जरूरत पड़ेगी। हालांकि सरकार से दूसरे बड़े पैकेज की उम्मीद है, लेकिन यह अभी तक जाहिर नहीं हुआ है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today मूडीज ने इस साल देश की जीडीपी के लिए 0 प्रतिशत की वृद्धि का पूर्वानुमान लगाया है। Full Article
0 छात्रों से ई-लर्निंग का लिया जाएगा फीडबैक, शिक्षक व अधिकारी रोज 20 छात्रों से पूछेंगे कैसी चल रही है पढ़ाई, कोई दिक्कत तो नहीं By Published On :: Sat, 09 May 2020 05:52:50 GMT लाॅकडाउन के दौरान ई-लर्निंग से घर पर पढ़ाई कर रहे छात्रों से अब फीडबैक लिया जाएगा। शिक्षा निदेशालय ने सभी को इस संबंध में निर्देश जारी किया है। इसके अनुसार अब जिले के शिक्षकों के साथ ही शिक्षा विभाग के आला अधिकारी रोज कम से कम 20 छात्राें व अभिभावकों से फोन पर बात करेंगे। उनसे ई-लर्निंग के बारे में पूछेंगे। सवाल करेंगे कि केबल और डिस टीवी पर एजुसेट के प्रसारण, संपर्क बैठक एप, वॉट्सएप एप व अन्य सोशल साइट्स के माध्यम से कराई जा रही ई-लर्निंग में कोई परेशानी तो नहीं आ रही है। इसके माध्यम से पूछे गए सवाल और होम वर्क में दिक्कत तो नहीं आ रही है।शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार छात्रों से की गई बात और उनसे लिए गए फीडबैक को निदेशालय भेजा जाएगा। इसके बाद अगर जरूरत पड़ेगी तो ई-लर्निंग को और सरल बनाया जाएगा। कोरोना रोकथाम के लिए पूरे देश में मार्च से लॉकडाउन लागू है। ऐसे में तमाम स्कूल और कॉलेज बंद हैं। लॉकडाउन के दौरान छात्रों की पढ़ाई बर्बाद न हो, इसे देखते हुए प्रदेश सरकार ने ई-लर्निंग की सुविधा शुरू की है।बीईओ को स्कूल मुखियाओं द्वारा दी गई लिस्ट के आधार पर रोज कम से कम 20 छात्रों से बात करनी होगी Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Feedback will be taken from students for e-learning, teachers and officials will ask 20 students daily how is the study going, no problem. Full Article
0 शिवसेना नेता संजय राउत का कटाक्ष- अंतिम संस्कार में सिर्फ 20 लोगों को छूट, शराब की दुकान पर 1000 लोग इकट्ठे हो सकते हैं By Published On :: Sat, 09 May 2020 05:54:25 GMT लॉकडाउन में शराब बिक्री की छूट देने पर शिव सेना सांसद संजय राउत ने सवाल उठाए हैं। राउत का कहना है कि अंतिम संस्कार में सिर्फ 20 लोगों के शामिल होने की इजाजत है लेकिन, शराब की दुकान पर 1 हजार लोग इकट्ठे हो सकते हैं। राउत ने कटाक्ष किया- मृत शरीर में आत्मा (स्पिरिट) नहीं होती और दुकानों में स्पिरिट (अल्कोहल) होता है! क्या इसलिए वहां ज्यादा लोगों को छूट दी जा रही है?गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव पुण्य सलिल श्रीवास्तव ने 5 मई को सोशल डिस्टेंसिंग की गाइडलाइन बताई थीं। उन्होंने कहा था कि शादी के फंक्शन में 50 से ज्यादा लोग इकट्ठे नहीं हो सकते। वहीं अंतिम संस्कार में 20 लोगों से ज्यादा के शामिल होने की इजाजत नहीं दी जाएगी।महाराष्ट्र में शराब बिक्री की छूट नहींकेंद्र सरकार ने 4 मई से शुरू हुए लॉकडाउन के तीसरे फेज में शर्तों के साथ शराब बिक्री की छूट दी है। महाराष्ट्र ने भी शराब की दुकानें खोलने का फैसला लिया था लेकिन, दुकानों पर भीड़ को देखते हुए फैसला वापस ले लिया। देशभर में शराब की दुकानों पर लंबी लाइनें लग रही हैं। कई जगह लोग सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान नहीं रख रहे। ऐसे में पुलिस को दुकानें बंद करवानी पड़ रही हैं।सुप्रीम कोर्ट ने कहा- शराब की होम डिलीवरी पर विचार करेंशुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि राज्य सरकारें सोशल डिस्टेंसिंग बनाए बनाए रखने के लिए शराब की होम डिलीवरी पर विचार करें। याचिकाकर्ता की दलील थी कि लॉकडाउन में शराब की बिक्री से आम आदमी की जिंदगी खतरे में न पड़े। गृह मंत्रालय को शराब की बिक्री पर राज्यों को सफाईदेनीचाहिए। इस याचिका परसुप्रीम कोर्ट ने कोई साफ आदेश तो नहीं दिया लेकिन, राज्यों को शराब की होम डिलीवरी की सलाह दी। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today शराब की दुकानों पर लॉकडाउन के नियमों की ध्वज्जियां उड़ रही हैं, संजय राउत ने इस पर सवाल उठाया है। (फाइल फोटो) Full Article
0 30 फीसदी रोस्टर पे काम करने को तैयार नहीं सचिवालय स्टाफ,स्टाफ में कमी हो या फिर गाड़ियों की जरूरत पूरी हो By Published On :: Sat, 09 May 2020 06:16:00 GMT काेराेना संकट के बीच सरकारी कामकाज काे दुरुस्त करने के िलए राज्य सरकार ने 40 दिन के लाॅकडाउन के बाद 30 प्रतिशत कर्मचारियाें काे ड्यूटी पर बुलाया, ताे अब इस सिस्टम का भी विराेध शुरू हाे गया है। हालांकि राज्य सचिवालय समेत अन्य सभी विभागाें में सरकार की गाइडलाइन पर ही कर्मचारी सेवाओं पर लाैट चुके हैं लेकिन संक्रमण के खतरे काे देखते हुए सचिवालय सेवाएं संगठन ने इस व्यवस्था में और सुधार करने की बात कही है।सरकार सभी क्लास वन और क्लास टू के सभी अधिकारियाें की सेवाएं ले रही है, मगर उन अधिकारियाें के साथ 30 प्रतिशत क्लास थ्री और सभी क्लास फाेर्थ कर्मचारी भी ड्यूटी दे रहे हैं। कर्मचारियाें काे यह डर है कि इतनी भीड़ से कहीं काेराेना संक्रमण न फैल जाए। प्रदेश सचिवालय के कर्मचारी 30 प्रतिशत राेस्टर पर काम करने काे तैयार नहीं हैं। यदि काम करना भी है ताे वाहनाें का पुख्ता इंतजाम करने पर अड़े हैं।कर्मचारी संगठन की मानें ताे क्लास टू के लिए भी राेस्टर के मुताबिक काम करने के लिए निर्देश जारी हाेना चाहिए।कारण यह है कि एक ब्रांच के एक ही कमरे में कम से कम दाे और अधिकतम तीन क्लास टू अधिकारी हैं और उनके साथ क्लास थ्री कर्मचारी भी। ऐसी स्थिति में संक्रमण कहां से आ रहा है काेई मालूम नहीं है। गाैरतलब है कि हिमाचल सचिवालय में इस समय 113 एसओ, 35 अंडर सेक्रेटरी, 10 लाॅ ऑफिसर और 124 सुप्रीटेंडेंट्स सेवाएं दे रहे हैं।सरकार ने लाॅकडाउन 3.0 शुरू हाेते ही ऐसे स्टाफ के लिए काेई राेस्टर लागू नहीं किया। यही वजह है कि आज क्लास टू स्टाफ वाले इस सिस्टम का विराेध कर रहे हैं। सचिवालय सेवाएं संगठन ने इस मसले काे सचिव जीएडी-एसएडी देवेश कुमार के समक्ष भी उठाया है। संगठन ने देवेश कुमार काे अवगत करवाया कि काेराेना संक्रमण के बीच सचिवालय में इतनी भीड़ ठीक नहीं हैं।मंत्रियाें के टूअर में कर्मचारी की डयूटी बंद हाेहिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवाएं संगठन ने सरकार और सेक्रेटरी जीएडी-एसएडी देवेश कुमार से मांग की है कि मंत्रियाें के टुअर में किसी भी कर्मचारी की ड्यूटी नहीं लगाई जाए। संगठन के अध्यक्ष संजीव शर्मा ने बताया कि हालांकि मंत्री शिमला से दूसरे क्षेत्राें के दाैरे पर रहते हैं, लेकिन रेड और ऑरेंज जाेन के टुअर के समय किसी भी कर्मचारी की सेवाएं न ली जाएं। उन्होंने कहा कि काेई मंत्री ऊना से आते हैं ताे काेई कांगड़ा से। ऐसी स्थिति में काेराेना संक्रमण का खतरा हाे सकता है। उन्हाेंने सेक्रेटरी एसएडी-जीएडी देवेश कुमार से भी इस व्यवस्था काे हालात ठीक हाेने तक बंद करने की मांग की है।सचिवालय प्रशासन से मांग की है कि क्लास टू स्टाफ के लिए 30 प्रतिशत राेस्टर लागू करे।पैदल संभव नहीं, वाहन मुहैया करवाए प्रशासनसचिवालय सेवाएं संगठन ने सचिवालय प्रशासन से मांग की है जिन कर्मचारियों की सेवांए ली जा रही हैं अधिकांश के पास वाहन नहीं हैं। ऐसे हालात में पैदल चलना संभव नहीं हाेगा। संगठन के अध्यक्ष संजीव शर्मा ने बताया कि जब तक शहर में ट्रांस्पाेर्ट बहाल नहीं हाेता तब तक जरूरी कार्याें के लिए ही कर्मचारियाें की सेवाएं ली जाए। बेवजह भीड़ जुटाने से आने वाले समय में दिक्कतें खड़ी हाे सकती हैं। संजीव शर्मा ने कहा कि सचिवालय के काेई कर्मचारी समर हिल, ढली और टुटू-बालूगंज से छाेटा शिमला पहुंच रहे हैं। यदि सेवाएं लेनी ही है ताे नियमाें के मुताबिक गाड़ियाें की व्यवस्था हाेनी चाहिए। गाैरतलब है कि राज्य सचिवालय में लाॅकडाउन में छूट मिलने के बाद काफी भीड़ हाे चुकी है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today हिमाचल सचिवालय में इस समय 113 एसओ, 35 अंडर सेक्रेटरी, 10 लाॅ ऑफिसर और 124 सुप्रीटेंडेंट्स सेवाएं दे रहे हैं Full Article
0 भद्रकाली मंदिर के पुजारी का पोता पॉजीटिव, पूरा मंदिर क्वारेंटाइन By Published On :: Sat, 09 May 2020 06:27:00 GMT भद्रकाली मंदिर के पुजारी के 26 वर्षीय पोते की रिपोर्ट पॉजीटिव आई है। इससे पूरे मंदिर को ही क्वारेंटाइन कर दिया गया है।मंदिर में रहने वाले 8 लोग क्वारेंटाइन मेंपुजारी का परिवार एलिसब्रिज के पास महालक्ष्मी मंदिर में रहता है। इस मंदिर के 8 लोगों को 20 मई तक क्वारेंटाइन कर दिया गया है। मंदिर के बाहर प्रतिबंधित इलाके का बोर्ड भी लगा दिया गया है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today महालक्ष्मी मंदिर Full Article
0 नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के मेगा आईपीओ में हो सकती है देरी, ग्रे मार्केट में वैल्यूएशन 10 प्रतिशत घटा By Published On :: Sat, 09 May 2020 06:34:00 GMT नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के आईपीओ में देरी हो सकती है। खबर है कि अनलिस्टेड मार्केट में इसके वैल्यूएशन में 10 प्रतिशत की गिरावट पिछले कुछ समय में आई है।50,000 करोड़ है वैल्यूएशननिवेशकों से मिली जानकारी के मुताबिक अनलिस्टेड मार्केट में एनएसई के शेयरों की कीमत 950 रुपए के भाव पर कारोबार कर रहे हैं। इस तरह से इसका वैल्यूएशन 50,000 करोड़ रुपए लगाया गया है। इसके पहले अप्रैल में यह शेयर 1,050 रुपए पर कारोबार कर रहा था। कई घरेलू और विदेशी निवेशकों ने हाल के महीनों में एनएसई के शेयर को 1,200 रुपए प्रति शेयर के हिसाब से खरीदा है। इस भाव पर इसका वैल्यूएशन 60,000 करोड़ रुपए आंका गया है।ढेर सारे ब्लू चिप स्टॉक में आई है गिरावटविश्लेषकों के मुताबिक ढेर सारे ब्लू चिप स्टॉक्स के वैल्यूएशन में इसलिए गिरावट आई है क्योंकि बाजार में आईपीओ की समय सीमा को लेकर बड़े पैमाने पर अनिश्चितता बनी हुई है। साथ ही मार्केट का सेंटीमेंट भी इस समय ठीक नहीं है। इस तरह की ज्यादा मांग संस्थागत और अल्ट्रा एचएनआई ग्राहकों से आती है, पर यह मांग अभी सुस्त है। एनएसई के वैल्यूएशन में कमी की दूसरी वजह सेकेंडरी मार्केट में लगातार गिरावट भी है। बेंचमार्क सेंसेक्स इस साल में अब तक 24 प्रतिशत गिरा है। यह इसलिए क्योंकि निवेशकों ने सुरक्षित रास्ता अपनाया है और साथ ही कोविड-19 की महामारी और लॉकडाउन से आर्थिक गतिविधियां ठप हैं।2021 की दूसरी छमाही में आईपीओ आने की उम्मीदवैसे एनएसई में एक निवेशक होने की प्रक्रिया भी बहुत जटिल है। अगर आप इसके शेयर खरीदते या बेचते हैं तो आपको एनएसई के शेयरहोल्डर कमिटी में एक औपचारिक प्रपोजल भेजना होगा। यहां से आपकी डील को मंजूरी मिलेगी। हकीकत में एफआईआई और घरेलू निवेशकों का हिस्सा अलग-अलग किया जाता है, जहां पर दोनों एक दूसरे का शेयर नहीं खरीद सकते हैं। एनएसई के आईपीओ के बारे में अनुमान है कि यह वित्तीय वर्ष 2021 की दूसरी छमाही में आ सकता है। हालांकि पिछले तीन सालों से इसका आईपीओ अटका पड़ा है। इसका कारण यह है कि सेबी लगातार एनएसई और इसके टॉप अधिकारियों की जांच कर रहा था।31 अक्टूबर तक सेबी ने लगाई है रोकसेबी ने आरोप लगाया कि एनएसई के कुछ अधिकारी कुछ कारोबारियों और ब्रोकरों को को-लोकेशन की सुविधा दे रहे थे। यह सुविधा एक विशेष फीस पर दी जा रही थी। अप्रैल में सेबी ने एनएसई और इसके अधिकारियों के खिलाफ एक ऑर्डर पास किया जिसमें 31 अ्क्टूबर तक ये दोनों पूंजी बाजार में भाग नहीं ले सकते हैं। खबर है कि इनवेस्टमेंट बैंकर्स जल्द ही नियुक्त किए जा सकते हैं। दिसंबर में एनएसई ने इस संबंध में वित्त मंत्रालय से संपर्क किया था। हाल में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने एनएसई के 50 लाख शेयर 1,000 रुपए के मूल्य पर कनाडा के अरबपति प्रेम वात्सा को बेचा था। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today पिछले तीन सालों से अटका है एनएसई का आईपीओ Full Article
0 अजमेर में 4 गर्भवती महिलाएं पॉजिटिव आईं ; कुल आंकड़ा 207 पर पहुंचा By Published On :: Sat, 09 May 2020 07:16:54 GMT शनिवार को शहर में 11 नए पॉजिटिव केस सामने आए,जिसमें पांच महिलाएं और छह पुरुष पॉजिटिव मिले हैं। संक्रमित मिली महिलाओं में 4 गर्भवती भी शामिल हैं। वहीं, शहर में कुल संक्रमितों का आंकड़ा 207 पहुंच गया है। शुक्रवार को 9 नए पॉजिटव केस सामने आए थे,जिसमें भी दो गर्भवती महिलाएं शामिल थीं।जानकारी अनुसार, सभी गर्भवती महिलाएं एक ही वार्ड में थीं। शनिवार को पॉजिटिव मिलीं चारों गर्भवती महिलाएं, पहले संक्रमित मिली दो गर्भवती महिलाओं से संपर्क में आईं थीं। जो आदर्श नगर स्थित सैटेलाइट हॉस्पिटल में भर्ती थीं।प्रसव से पूर्व कराई गई जांच में काेराेना पॉजिटिव निकली,जिसके बादसभी को जनाना अस्पताल रेफर किया गया। पूरे अस्पताल काे सैनिटाइज्ड करवाने के साथ फ्यूमीगेशन किया गया।परिजनों के साथ नसीराबाद गई थी मासूमजानकारी के अनुसार गत दिनों दिल्ली गेट पर की गई रैंडम सैंपलिंग में एक मासूम की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई थी। महकमे की पूछताछ में सामने आया था कि वह परिजनों के साथ नसीराबाद गई थी। इसके बाद जब विभाग ने नसीराबाद में रहने वाले उसके परिचितों और आसपास के इलाके में जांच कराई तो शुक्रवार को वहां से तीन लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। नसीराबाद के बद्री मंदिर क्षेत्र से दो व दूधिया मोहल्ला से एक पॉजिटिव मिलने के बाद वहां प्रशासन अलर्ट हो गया है। चिकित्सा विभाग की एक टीम वहां पर अभी भी सैंपलिंग कर रही है। इसके अलावा नसीराबाद में मिले पॉजिटिव लोगों के संपर्क में आने वाले लोगों के बारे में भी जानकारी एकत्र की जा रही है।मकान मालिक की समझदारी काम आईइधर घूघरा घाटी निवासी एक मकान मालिक की समझदारी से लोगों को राहत मिली। मकान मालिक ने जयपुर के फुलेरा से आने वाले युवक को टेस्ट करवाकर आने के बाद ही कमरा खोलने की हिदायत दी थी। मकान मालिक का यह प्रयास सभी के लिए वरदान साबित हुआ।जिले में सामने आए नए क्षेत्रचिकित्सा विभाग के लिए पहले केवल खारीकुई, दरगाह बाजार, मोची मोहल्ला, लाखन कोटड़ी, ऊसरी गेट ही कोरोना पॉजिटिव केंद्र थे, लेकिन अब नसीराबाद, पर्बतपुरा बाइपास, जटिया व घूघरा घाटी नए क्षेत्र बनने के बाद खासी परेशानी बढ़ गई है।अब तक 69 की रिपोर्ट निगेटिव आईशुक्रवार काे पांच और मरीजों की तबीयत सही होने पर उन्हें अस्पताल से छुटटी मिल गई। अब तक अस्पताल से 69 मरीजों के दोनों सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद अस्पताल प्रशासन ने उन्हें 14 दिनों के लिए क्वारेंटाइन सेंटर भेज दिया है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today गर्भवती महिलाओं को अजमेर के जनाना अस्पताल रेफर किया गया। (फाइल फोटो) Full Article
0 प्रदेश में 10वीं मौत, कोरोना से जान गंवाने वाले दिल्ली पुलिस के जवान की पत्नी और बेटा भी पॉजिटिव By Published On :: Sat, 09 May 2020 07:35:20 GMT हरियाणा में लॉकडाउन फेज-3 का छठा दिन है। कोरोना की वजह से शुक्रवार शाम को प्रदेश में 10वीं मौत हो गई। पानीपत में अपनी बहन के घर ईलाज करवाने के लिए फरीदाबाद से आई 20 वर्षीय युवती की मौत हो गई। उसने खानपुर पीजीआई में दम तोड़ा, उसे टीबी भी थी। वहीं ईलाज न मिलने पर कोरोना से जान गंवाने वाले दिल्ली पुलिस के जवान अमित राणा की पत्नी और बेटे को भी कोरोना की पुष्टि हुई है। उन्हें आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर दिया गया है। हरियाणा के लिए चिंता की बात ये है कि अभी तक कोरोना से अछूते 22वें जिले रेवाड़ी में भी कोरोना के 3 मरीज मिले हैं।प्रदेश में अबकुल मरीजों की संख्या 650 पहुंच गई है। वहीं, राज्य में अब तक संक्रमण से 10 लोगों की मौत हो चुकी है।जींद जिले के नरवाना में बाजार के अंदर वाहनों की संख्या देखकर साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि लोग कितनी संख्या में बाजार में खरीदारी के लिए निकले हुए हैँ।माता-पिता फरीदाबाद में संस्कार नहीं करवाना चाहतेकोरोना से पानीपत में लगातार तीन दिनों में तीन की मौत हो गई है। 2 मई को पॉजिटिव मिली 20 साल की युवती ने खानपुर में दम तोड़ दिया है। उसके परिजन उसका संस्कार अपने यहां नहीं करवाना चाहते। डॉक्टरों के मुताबिक, फरीदाबाद निवासी परिजन कह रहे हैं कि संस्कार पानीपत में करें, तो वहीं मृतका की पानीपत में रहने वालीबहन-जीजा कह रहे हैं कि उसका अंतिम संस्कार फरीदाबाद में होना चाहिए। यह जिले में कोरोना से लगातार तीसरी मौत है। इससे पहले 5 मई को दीनानाथ कॉलोनी में 24 साल के युवक और 6 मई को समालखा के गांव झट्टीपुर गांव में 28 साल के युवक की मौत हो गई थी। इन दोनों की रिपोर्ट बाद में पॉजिटिव मिली थी। वहीं शुक्रवार को सब्जी मंडी में काम करने वाला 25 वर्षीय युवक कोरोना पॉजिटिव मिला है।दिल्ली पुलिस के जवान की पत्नी और 3 साल का बेटा भी पॉजिटिवकोरोना संक्रमण के चलते जान गंवाने वालेदिल्ली पुलिस के जवान अमित राणा की पत्नी और तीन साल काबेटा भी कोरोना पॉजिटिव मिलेहैं। वह हाल में सोनीपत मेंजवाहर नगर में मायके में रह रही है। जवान की पत्नी व तीन साल का बेटा पॉजिटिव मिलने पर स्वास्थ्य विभाग ने इनके संपर्क में आए परिवार व अन्य को क्वारैंटाइन किया है।हरियाणा से लगातार प्रवासी मजदूरों को उनके राज्यों में भेजा जा रहा है। रेवाड़ी, रोहतक, हिसार आदि से ट्रेन में मजदूरों को यूपी व बिहार के लिए रवाना किया गया।हरियाणा में 650 पहुंचा पॉजिटिव मरीजों का आंकड़ा हरियाणा में अब तक गुड़गांव में 126, फरीदाबाद में 88, सोनीपत में 86, झज्जर में 74, नूंह में 59, अम्बाला में 41, पलवल में 36, पानीपत में 35, पंचकूला में 18, जींद में 17, करनाल में 14, यमुनानगर में 8, सिरसा में 6, फतेहाबाद में 7, हिसार, रोहतक में 4-4, भिवानी और रेवाड़ी में 3-3. महेंद्रगढ़, कुरुक्षेत्र और कैथल में 2-2, चरखी दादरी में एक पॉजिटिव मिला। इसके अलावा, मेदांता अस्पताल गुड़गांव में 14 इटली के नागरिकों को भी भर्ती करवाया गया था, जिन्हें हरियाणा ने अपनी सूची में जोड़ा है। प्रदेश में अब कुल 279 मरीज ठीक हो गए हैं। नूंह में 57, गुड़गांव में 51, फरीदाबाद में 54, पलवल 32, पंचकूला में 17, अम्बाला में 11, सोनीपत में 9, पानीपत में 6, करनाल में 5, सिरसा में 4, यमुनानगर, भिवानी और हिसार में 3-3, कैथल, कुरुक्षेत्र, रोहतक में 2-2, चरखी दादरी, फतेहाबाद 1-1 मरीज ठीक होने पर घर भेजा गया। 14 मरीज इटली के भी ठीक हुए हैं। इनके समेत कुल आंकड़ा 241 हो जाता है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today हरियाणा में लगभग बाजारों की यही हालत है कि वे आम दिनों की तरह भरे हुए हैं। जींद जिले के नरवाना में बाजार के बीच में खड़े ट्रैक्टर को स्टॉर्ट करके ले जाते हुए पुलिस। Full Article
0 मस्ती में जान्हवी कपूर ने बहन को किया जमकर परेशान, गुस्से में रोती नजर आईं खुशी By Published On :: Sat, 09 May 2020 08:29:28 GMT लॉकडाउन के पहले ही खुशी कपूर लंदन से वापस आ चुकी हैं जिसके बाद से ही वो जान्हवी के साथ मस्ती करती नजर आ रही हैं। कुकिंग एक्सपैरिमेंट और मजेदार टिकटॉक वीडियोज के बाद अब जान्हवी ने बहन को परेशान करने के अलग अलग तरीके शेयर किए हैं।जान्हवी ने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से मस्ती करते हुए कई तस्वीरें और वीडियोज शेयर किए हैं। इनमें जान्हवी कभी खुशी की सवारी करती दिख रही हैं तो कभी अजीब-अजीब आवाजें निकालते हुए उन्हें परेशान कर रही हैं। एक वीडियो में खुशी जान्हवी की मस्ती से परेशान होकर रोती हुईं भी दिख रही हैं।इस पोस्ट के साथ जान्हवी ने कैप्शन में लिखा- ‘अपनी बहन को परेशान कैसे करें 101। क्वारैंटीन एडीशन’। इससे पहले भी दोनों कई बार अपने मजेदार वीडियोज शेयर कर चुके हैं। खुशी कपूर लंदन में रहती हैं मगर लॉकडाउन से पहले उन्हें वापस बुला लिया गया है। दोनों आपस में बहुत क्लोज हैं। इनकी बेहतरीन केमिस्ट्री को सोशल मीडिया पर खूब पसंद किया जा रहा है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Janhvi Kapoor annoys her sister with differen tricks, khushi kapoor gets upset and start crying Full Article
0 रतन टाटा ने कहा फार्मेसी कंपनी 'जेनेरिक आधार' में नहीं खरीदी 50% हिस्सेदारी, छोटा सा इनवेस्टमेंट किया By Published On :: Sat, 09 May 2020 08:36:00 GMT दो दिन पहले ऐसी खबर आई थी कि टाटा ग्रुप के चेयरमैन रतन टाटा ने मुंबई स्थित 'जेनेरिक आधार' फार्मेसी में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीद ली है। कंपनी के फाउंडर अर्जुन देशपांडे ने इस डील की पुष्टि की थी, लेकिन डील की कीमत बताने से इनकार कर दिया है। ऐसे में अब रतन टाटा ने ट्वीट करके पुष्टि की है कि उन्होंने कंपनी के 50 प्रतिशत हिस्सेदारी नहीं खरीदी है। बल्कि छोटा सा इनवेस्टमेंट किया है।रतन टाटा का ट्वीटकई स्टार्टअप में निवेश कर चुके रतन टाटापहले ऐसी खबर थी कि रतन टाटा ने इस कंपनी में निजी तौर पर निवेश किया है। ये टाटा ग्रुप से जुड़ा नहीं है। रतन टाटा ने पहले भी ऐसे कई स्टार्टअप में निवेश किया है, जिसमें ओला, पेटीएम, स्नैपडील, क्योरफिट, अर्बन लैडर, लेंसकार्ट और लाइब्रेट शामिल हैं।रिटेलर्स को 20% तक मुनाफादेशपांडे ने जेनेरिक आधार कंपनी की शुरुआत दो साल पहले की थी। तब वे महज 16 साल के थे। अब उनकी कंपनी हर साल 6 करोड़ रुपए के रेवेन्यू का दावा करती है। ये स्टार्टअप यूनिक फार्मेसी-एग्रीगेटर बिजनेस मॉडल को फॉलो करता है। उसने मैन्युफैक्चरर्स को डायरेक्ट सोर्स बनाया है और रिटेल फार्मेसी तक जेनेरिक दवाओं को बेचती है। इससे रिटेल फार्मेस के 16-20 प्रतिशत मार्जिन बच जाता है, जो थोक व्याापरी कमाते हैं।देशपांडे ने कहा, "एक साल के अंदर जेनेरिक आधार के तहत 1,000 छोटे फ्रेंचाइजी मेडिकल स्टोर खोलने की योजना है। ये महाराष्ट्र, गुजरात, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और दिल्ली तक फैला हुआ है।"कंपनी मुख्य रूप से डायबिटीज और हाइपरटेंशन की दवाओं की आपूर्ति करती है, लेकिन जल्द ही बाजार मूल्य से बहुत कम दरों पर कैंसर की दवाओं की पेशकश शुरू कर देगी। इसके लिए पालघर, अहमदाबाद, पांडिचेरी और नागपुर में चार डब्ल्यूएचओ-जीएमपी प्रमाणित निर्माताओं के साथ टाइअप है। हिमाचल प्रदेश के बद्दी में एक निर्माता से कैंसर की दवाओं की खरीद की जाएगी। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today रतन टाटा के साथ 'जेनेरिक आधार' फार्मेसी कंपनी के फाउंडर अर्जुन देशपांडे। Full Article
0 कोहली के लिए यादगार लम्हा धोनी की कप्तानी में 2011 का विश्व कप जीतना; टीम इंडिया ने 28 साल बाद जीती थी ट्रॉफी By Published On :: Sat, 09 May 2020 08:41:00 GMT भारतीय कप्तान विराट कोहली 2011 वर्ल्ड कप फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ मिली जीत को आज तक नहीं भूले हैं। उनके पसंदीदा मुकाबलों की लिस्ट में यह सबसे ऊपर है।विराट ने स्टार स्पोर्ट्स के शो क्रिकेट कनेक्टेड शो में यह बात कही।वहीं, 2016 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी-20 विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में मिली जीत भी उनके दिल के करीब है। तब मोहाली में विराट ने 82 रन की नाबाद पारी खेलकरटीम को सेमीफाइनल में पहुंचाया था।2016 टी-20 वर्ल्ड कप का सेमीफाइनल भारत हार गयाथाकोहली ने कहा कि 2011 विश्व कप फाइनल के अलावा मेरा दूसरा फेवरेट मैच मोहाली में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी-20 विश्व कप का क्वार्टरफाइनल है। हालांकि, हम सेमीफाइनल में वेस्टइंडीज के हाथों सात विकेट से हारकर बाहर हो गए थे।बिना फैन्स के रोमांच नहीं होगा: विराटभविष्य में खाली स्टेडियम में मैच होने की संभावना है। इसको लेकर कोहली ने कहा था कि ऐसा हो सकता है, मुझे वाकई नहीं पता कि लोग इसे किस तरह लेने वाले हैं। क्योंकि ज्यादातर क्रिकेटर्स फैन्स के बीच खेलने के आदी हैं। ऐसे में अगर वे नहीं रहेंगे तो उनकी मौजूदगी से बनने वाले जादुई माहौल की खमी खलेगी। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today यह तस्वीर 2011 वर्ल्ड कप फाइनल जीतने के बाद की है। इसमें विराट कोहली ने अपने कंधों पर सचिन तेंदुलकर को उठा रखा है। (फाइल) Full Article
0 कनाडा में बेरोजगारी की दर बढ़कर करीब 40 साल के ऊपरी स्तर पर पहुंची By Published On :: Sat, 09 May 2020 08:50:00 GMT कोविड-19 महामारी शुरू होने के बाद से अब तक कनाडा में 30 लाख से अधिक लोग बेरोजगार हो चुके हैं। यह बात स्टैटिस्टिक्स कनाडा ने एक रिपोर्ट में शुक्रवार को कही। मार्च की तुलना में अप्रैल में करीब दोगुना लोग बेरोजगार हुए। मार्च में कनाडा में 10 लाख से ज्यादा लोगों की नौकरी छूटी थी। अप्रैल में करीब 20 लाख लोग बेरोजगार हो गए। इसके साथ ही कनाडा में बेरोजगारी की दर 5.2 फीसदी अंक बढ़कर 13 फीसदी पर पहुंच गई, जो दिसंबर 1982 से अब तक दूसरा सबसे बड़ा आंकड़ा है।अन्य लोगों को शामिल करने पर बेरोजगारी दर 18 फीसदी होने की आशंकास्टैटिस्टिक्स कनाडा ने अपनी मासिक रिपोर्ट में कहा कि 11 लाख लोग ऐसे थे जो महामारी के कारण कंपनियों के बंद होने से काम नहीं कर पाए और जिन्होंने दूसरा काम ढूंढना बंद कर दिया। यदि इन लोगों को भी आंकड़े में जोड़ लिया जाए, तो अप्रैल में कनाडा की बेरोजगारी दर और बढ़कर करीब 18 फीसदी पर पहुंच जाएगी। कर्मचारियों को कंपनियों के पेरोल पर बनाए रखने के लिए सरकार ने एक सब्सिडी कार्यक्रम शुरू किया है। इसके तहत अधिकतम 610 अमेरिकी डॉलर का साप्ताहिक वेतन उठाने वाले कर्मचारियों के लिए कंपनियां सरकार से 75 फीसदी सब्सिडी हासिल कर सकती हैं। यह सब्सिडी 12 सप्ताह तक दी जाएगी, जो 6 जून को समाप्त हो जाएगी।77 लाख ने कनाडा इमर्जेंसी रिस्पांस बनीफिट के लिए आवेदन किया हैकनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्र्रूडू ने शुक्रवार को अपने दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि कनाडा इमर्जेंसी वेज सब्सिडी कार्यक्रम को आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि कंपनियों का परिचालन फिर से शुरू करने और रोजगार बढ़ाने में मदद मिले। अगले सप्ताह इसके विवरण जारी किए जाएंगे। गुरुवार तक 1.2 लाख कंपनियों ने वेज सब्सिडी कार्यक्रम का लाभ लेने के लिए आवेदन किया था। इसका लाभ 17 लाख कर्मचारियों को मिलेगा। इसके अलावा कनाडा के करीब 77 लाख नागरिकों ने कनाडा इमर्जेंसी रिस्पांस बनीफिट के लिए आवेदन किया है। यह कार्यक्रम दिसंबर तक चलेगा। इसके तहत बेरोजगार हुए लोगों को तीन महीने तक हर सप्ताह 400 डॉलर मिलेंगे।रोजगार की दर में रिकॉर्ड 15.7 फीसदी की गिरावटरिपोर्ट के मुताबिक अप्रैल में रोजगार की दर में रिकॉर्ड गिरावट आई है। फरवरी के मुकाबले रोजगार की दर 15.7 फीसदी कम हो चुकी है। यह इससे पहले की आर्थिक सुस्ती में रोजगार की दर में हुई गिरावट के मुकाबले ज्यादा है। 1981-82 की सुस्ती में 17 महीने की अवधि में रोजगार में 5.4 फीसदी की गिरावट आाई थी। फरवरी के मुकाबले अप्रैल में ऐसे लोगों की संख्या 25 लाख बढ़ गई है, जो बेरोजगार तो नहीं हुए हैं, लेकिन वायरस के कारण उनके काम का घंटा आधे से भी कम रह गया है। 12 अप्रैल तक कोरोनावायरस लॉकडाउन के कारण ऐसे लोगों की कुल संख्या 55 लाख हो गई है, जो या तो बेरोजगार हो चुके हैं या जिनके काम का घंटा काफी कम रह गया है। यह फरवरी की रोजगार संख्या का एक तिहाई से ज्यादा है।अधिक दक्ष माने जाने वाले सेक्टरों में नहीं है बेरोजगारीअप्रैल में साल-दर-साल आधार पर प्रति घंटा औसत वेतन में करीब 11 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि स्टैटिस्टिक्स कनाडा के मुताबिक इसका एक कारण यह भी है कि कम वेतन देने वाले उद्योग में काम करने वालों की संख्या घट गई है। इनमें अकोमोडेशन, फूड सर्विसेज सेक्टटर, होलसेल और रिटेल सेक्टर शामिल हैं। अधिक वेतन देने वाले उद्योगों में काम करने वालों की नौकरी नहीं छूटी है, क्योंकि वे घर से काम कर सकते हैं। इनमें लोक प्रशासन के कर्मचारी, पेशेवर, वैज्ञानिक और टेक्निकल कर्मचारी शामिल हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today सर्विस कनाडा के दफ्तर के बाहर खड़े बेरोजगार। अप्रैल में कनाडा में बेरोजगारी की दर 5.2 फीसदी अंक बढ़कर 13 फीसदी पर पहुंच गई। यह दिसंबर 1982 से अब तक दूसरा सबसे बड़ा आंकड़ा है Full Article
0 उदयपुर में 23, जयपुर में 20 पॉजिटिव मिले; अजमेर में 13, जोधपुर में 6 और पाली में 4 संक्रमित By Published On :: Sat, 09 May 2020 08:57:34 GMT राजस्थान में कोरोनावायरस के हर दिन नए मामले सामने आ रहे हैं। शनिवार को 76 नए पॉजिटिव केस आए। इनमें उदयपुर में 23, जयपुर में 20, अजमेर में 13, जोधपुर में 6,पाली में 4, जालौर में 3,चूरू और राजसमंद में 2-2, कोटा, बाड़मेर और दौसा में 1-1 संक्रमित मिला। जिसके बाद कुल संक्रमितों का आंकड़ा 3655पहुंच गया।इससे पहले शुक्रवार को कोरोना के 152 नए पॉजिटिव मामले सामने आए। जिसमें उदयपुर में 59, जयपुर में 34, चित्तौड़गढ़ में 10, कोटा में 9, जोधपुर में 9, अजमेर में 9, राजसमंद में 6, पाली में 5, भीलवाड़ा में 4, अलवर और झालावाड़ में 2-2, सिरोही, करौली और सीकर में 1-1 संक्रमित मिला। वहीं चार लोगों की मौत भी हो गई।33 में से 31 जिलों में पहुंचा कोरोनाप्रदेश में संक्रमण के सबसे ज्यादा केस जयपुर में हैं। यहां 1169(2 इटली के नागरिक) संक्रमित हैं। इसके अलावा जोधपुर में 904 (इनमें 47 ईरान से आए), कोटा में 233, अजमेर में 209, टोंक में 136, नागौर में 119, चित्तौड़गढ़ में 126, भरतपुर में 116, बांसवाड़ा में 66, पाली में 59, जैसलमेर में 49 (इनमें 14 ईरान से आए), झालावाड़ में 47, झुंझुनूं में 42, भीलवाड़ा में 43, बीकानेर में 38, मरीज मिले हैं। उधर, उदयपुर में 102, दौसा में 22, धौलपुर में 21, अलवर में 20, चूरू में 16, राजसमंद में 15, हनुमानगढ़ में 11, सवाईमाधोपुर, डूंगरपुर और सीकर में 9-9,जालौर में 7, करौली में 5, प्रतापगढ़ में 4, बाड़मेर में 4 कोरोना मरीज मिल चुके हैं। सिरोही में 2, बारां में 1 संक्रमित मिला है। वहीं जोधपुर में बीएसएफ के 42 जवान भी संक्रमित हैं।अब तक 103 लोगों की मौतराजस्थान में कोरोना से अब तक 103 लोगों की मौत हुई है। इनमें 10 कोटा, 2 भीलवाड़ा, 2 चित्तौड़गढ़ 56 जयपुर (जिसमें दो यूपी से), 17 जोधपुर, 4 अजमेर, दो नागौर, दो सीकर, दो भरतपुर, एक करौली, एक प्रतापगढ़, एक अलवर, एक बीकानेर, एक सवाई माधोपुर और एक टोंक में हो चुकी है।जयपुर-जोधपुर मेडिकल काॅलेजों को प्लाज्मा थैरेपी की स्वीकृतिचिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने बताया कि आईसीएमआर ने जयपुर के बाद जोधपुर के राजकीय मेडिकल कॉलेज को कोरोना से संक्रमित और गंभीर रूप से पीड़ित लोगों का प्लाज्मा थैरेपी से इलाज करने के ट्रायल की अनुमति दी है। अब प्रदेश में दो सरकारी और एक निजी चिकित्सा संस्थान में प्लाज्मा थैरेपी के जरिए इलाज करवाया जा सकेगा। डॉ. शर्मा ने बताया कि कोटा, बीकानेर, अजमेर और उदयपुर मेडिकल कॉलेज को आईसीएमआर से ट्रायल की अनुमति लेेने के निर्देश दिए हैं। इस थैरेपी के द्वारा इलाज से प्रदेश में कोरोना से होनी वाली मृत्यु दर पर कमी लाई जा सकेगी।304 मरीज जिन्होंने सैंपलिंग में गलत पता दिया, ढूंढने में पुलिस को घंटों लग गए6 मई तक आए 1075 मरीजों में से 304 मरीज यानी 28% ऐसे हैं जिन्होंने कोरोना के डर से टेस्ट तो कराया लेकिन अपना पता या फोन नंबर सही नहीं दिया। ताकि अस्पताल में भर्ती न होना पड़े। हालांकि केस पॉजिटिव मिलते ही स्वास्थ्य विभाग ने पुलिस को जानकारी दी और इनका पता लगाकर अस्पतालों मंे भर्ती कराया गया, लेकिन तब तक ये ‘कोरोना बम’ बाहर ही रहे। यही नहीं कई लोग ऐसे भी हैं जिन्होंने कोई जानकारी दिए बिना ही टेस्ट करा लिया या फाॅर्म में पता नहीं भरा। रैंडम सैंपलिंग के समय भी मरीज से कोई एड्रेस प्रूफ नहीं लिया जा रहा। ऐसे में मरीज के पॉजिटिव मिलते ही पुलिस को उसे ढूंढने में काफी समय लग जाता है। तब तक कई लोगों तक संक्रमण फैलने की आशंका रहती है। चिकित्सा विभाग ने ऐसे 304 लोगों को अन्य की सूची में डाला। इनमें से 121 सही हो चुके हैं। शेष अस्पतालों में भर्ती हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today उदयपुर में बड़ी संख्या में लोगो के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद क्षेत्र में दौरा करते कलेक्टर और एसपी। Full Article
0 बच्चे और 40 साल के व्यक्ति को घायल करने वाली मादा तेंदुआ पिंजरे में कैद, बकरे को देखकर जाल में घुसी थी By Published On :: Sat, 09 May 2020 09:02:15 GMT उंडारी गांव में बालक औरएक 40 वर्षीय व्यक्ति को घायल करने वाली मादा तेंदुआ पिंजरे में फंस गई है। उसे पकड़ने के लिए इंदाैर से रेस्क्यू टीम गांव पहुंची और यहां सर्चिंग करने के बाद दो स्थानों पर बकरे रखकर दो पिंजरे लगाए। पहला पिंजरा जहां पदचिह्न मिले, वहां लगाया गया। इसी तरह दूसरा पिंजरा पेड़ के पास लगाया, यहांपर खराेंच के निशान थे। तड़के 3 बजे बकरे के लालच में पिंजरे में घुसा तेंदुआ उसी में कैद हो गया।रेंजर संदीप रावत के निर्देशन पर वन विभाग ने मंगलवार रात से क्षेत्र में सर्चिंग शुरू कर दी थी। इसदौरान मादा तेंदुआ औरशावक होने के पदचिह्न मिलने के बाद इंदौर से रेस्क्यू टीम को बुलाया गया था। बुधवार को इंदौर से 6 सदस्य टीम वाहन से ग्राम उंडारी पहुंची। टीम के सदस्य प्रमुख शेर सिंह कटारे ने बताया कि पदचिह्न, विस्टा के साथ पेड़ों पर खरोंच के चिह्न मिलने के बाद पिंजरे टेस्ट किए। अलग-अलग स्थानों पर बकरे के दो पिंजरे तेंदुए के रेस्क्यू के लिए रखे। टीम ने कहा कि हम इस पर नजर बनाए हुए हैं।बड़ी जुआरी व जमेरी से पकड़ चुके हैं तेंदुआटीम के सदस्यों ने बताया तेंदुए चट्टानी जगह में बनी खोह या पेड़ पर निवास करते हैं। एक बार बड़ा शिकार करने के बाद बाद 15 से 20 दिनों तक किसी पर भी हमला नहीं करते। पहले भीहम जोबट क्षेत्र से दो नरभक्षी तेंदुए पकड़ चुके हैं। इनमें एक तेंदुआ ग्राम बड़ी जुआरी औरदूसरा जमेरी गांव से पकड़ा था।शेर के दहाड़ने की आती है आवाज : चौकीदारग्राम उंडारी के आसपास के जंगल के चौकीदार मोहन सिंह पिता नसरू का कहना है कि इस गांव की पहाड़ियों में शेर की चार खो हैं। रात में इनके दहाड़ने की आवाज कई बार सुनने को मिलती है। चौकीदार ने कहा कि 1 माह पूर्व तेंदुए या किसी अज्ञात जानवर ने गांव के किशनसिंह की गाय का शिकार भी किया था। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today तेंदुए के रेस्क्यू के लिए इंदौर से 6 सदस्य टीम ग्राम उंडारी पहुंची थी। Full Article
0 लोगों को खूब पसंद आ रहे खादी ब्रांड के उत्पाद, 2019-20 में 88 हजार करोड़ रुपए का कारोबार By Published On :: Sat, 09 May 2020 09:03:54 GMT खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) का वित्त वर्ष 2019-20 में कुल कारोबार 88 हजार 887 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। केवीआईसी के अध्यक्ष विनय कुमार सक्सेना ने शनिवार को कहा कि खादी उद्योग को पुनर्जीवित करने के सरकार के निरंतर प्रयासों और खादी को दैनिक जीवन की आवश्यकता के रूप में अपनाने के लिए प्रधानमंत्री की अपील करने के परिणामस्वरूप केवीआईसी लगातार विकास कर रहा है।खादी फैब्रिक उत्पादों की बिक्री 179 प्रतिशत बढ़आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2015-16 में खादी का उत्पादन 1,066 करोड़ रुपए आंका गया था, जो कि वित्त वर्ष 2019-20 में बढ़कर 2,292.44 करोड़ रुपए हो गया है। इसमें 115 प्रतिशत से ज्यादा की वृद्धि दर्ज की गई। दूसरी ओर, खादी की बिक्री और भी ज्यादा रही। खादी फैब्रिक उत्पादों की बिक्री वित्त वर्ष 2015-16 में 1,510 करोड़ रुपए थी, जो कि वित्त वर्ष 2019-20 में 179 प्रतिशत बढ़कर 4,211.26 करोड़ रुपए हो गई। उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष में खादी का कारोबार वित्त वर्ष 2018-19 में 3215.13 करोड़ रुपए था जो 31 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करते हुए वित्त वर्ष 2019-20 में 4211.26 करोड़ रुपए हो गया।84 हजार 675.39 करोड़ के ग्रामोद्योग उत्पादों की बिक्रीवित्त वर्ष 2015-16 में ग्रामोद्योगों के उत्पादों का उत्पादन 33 हजार 425 करोड़ रुपए था और यह उत्पादन वित्त वर्ष 2019-20 में 96 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी के साथ 65 हजार 393.40 करोड़ रुपए हो गया। वित्त वर्ष 2015-16 में ग्रामोद्योगों के उत्पादों की बिक्री 40 हजार 385 करोड़ रुपए थी, जिसमें लगभग 110 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और यह वित्त वर्ष 2019-20 में 84 हजार 675.39 करोड़ रुपए हो गया।देश-विदेश के उपभोक्ता भी कर रहे खरीदारीसक्सेना ने बताया कि खादी परिधानों के अलावा, ग्राम उद्योग उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला जैसे सौंदर्य प्रसाधन , साबुन और शैंपू ,आयुर्वेदिक दवाएं , शहद , तेल, चाय, अचार, पापड़, हैंड सैनिटाइजर, मिष्ठान, खाद्य पदार्थ और चमड़े की वस्तुओं ने भी बड़ी संख्या में देश-विदेश के उपभोक्ताओं को आकर्षित किया है। इसके परिणामस्वरूप, पिछले पांच वर्षों में ग्रामोद्योग उत्पादों के उत्पादन और बिक्री में लगभग दोगुनी वृद्धि दर्ज की गई है।खादी का इस्तेमाल कर पीपीई किट बनाईउन्होंने कहा कि खादी इंडिया ने खादी का इस्तेमाल करते हुए पीपीई किट तैयार की है जो अभी परीक्षण के दौर पर है और इसकी मंजूरी की प्रक्रिया चल रही है। आयोग ने अभी तक खादी किट बाजार में जारी नहीं की है। खादी इंडिया ने कोरोना महामारी के खिलाफ संघर्ष में योगदान के लिए मास्क का निर्माण किया है। यह पूरी तरह से सुरक्षित है और इनको बनाने में हाथ से बुने कपड़े का इस्तेमाल किया जाता है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग का कहना है कि पिछले पांच वर्षों में ग्रामोद्योग उत्पादों के उत्पादन और बिक्री में लगभग दोगुनी वृद्धि दर्ज की गई है। Full Article
0 हल्के लक्षण वाले मरीजों को 10 दिन में छुट्टी मिलेगी; डिस्चार्ज से पहले टेस्ट जरूरी नहीं, 7 दिन होम आइसोलेशन में रहना होगा By Published On :: Sat, 09 May 2020 09:40:25 GMT स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना मरीजों को अस्पताल से डिस्चार्ज करने की पॉलिसी में बदलाव किया है। ऐसे मरीज जिनमें बहुत हल्के (वेरी माइल्ड), हल्के (माइल्ड) या फिर संक्रमण से पहले के लक्षण (प्री-सिम्पटमिक) हैं, उन्हें कोविड केयर फैसिलिटी में भर्ती किया जाएगा। उनके शरीर के तापमान और ऑक्सीजन के स्तर की नियमित जांच होगी। ऐसे मरीजों को 10 दिन बाद छुट्टी दी जा सकती है, बशर्ते उन्हें तीन दिन से बुखार नहीं आया हो। डिस्चार्ज से पहले कोरोना टेस्ट जरूरी नहीं होगा,लेकिनघर जाने के बाद 7 दिन आइसोलेशन में रहना पड़ेगा।मॉडरेट केस ऑक्सीजन बेड वाले सेंटर में भेजे जाएंगेकोरोना के औसत लक्षण(मॉडरेट) वाले मरीज ऑक्सीजन बेड वाले डेडिकेटेट कोविड हेल्थ सेंटर में भर्ती किए जाएंगे। बॉडी टेम्परेचर और ऑक्सीजन की नियमित जांच होगी। अगर बुखार 3 दिन में उतर जाता है और अगले 4 दिन तक ऑक्सीजन लेवल 95% से ज्यादा रहता है तो 10 दिन बाद छुट्टी दी जा सकती है,लेकिनसांस लेने में दिक्कत और ऑक्सीजन की जरूरत नहीं होनी चाहिए।मॉडरेट केस में भी डिस्चार्ज से पहले टेस्ट जरूरी नहीं होगा।तीन दिन में बुखार नहीं उतरे तो कितने दिन में छुट्टी मिलेगी?ऐसे मरीज जो ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं और तीन दिन में बुखार नहीं उतरता, उन्हें बीमारी के लक्षण पूरी तरह खत्म होने पर ही छुट्टी दी जाएगी। लेकिनलगातार तीन दिन ब्लड में ऑक्सीजन का लेवलमेंटेन होना चाहिए।गंभीर मरीजों को छुट्टी कब मिल पाएगी?इन मरीजों को पूरी तरह रिकवर होने के बाद ही छुट्टी मिलेगी। डिस्चार्ज से पहले कोरोना टेस्ट भी होगा। उसकी रिपोर्ट निगेटिव आनी चाहिए। गंभीर मामलों में कोरोना के वे मरीज शामिल होंगे जिनमें पहले से किसी गंभीर बीमारी की वजह से इम्युनिटी की कमी है। जैसे- एचआईवी पेशेंट, ऑर्गन ट्रांसप्लांट वाले या किसी और गंभीर बीमारी वाले मरीज। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Patients with mild symptoms will be discharged in 10 days; No test is required before discharge, 7 days stay in home isolation Full Article
0 अब डीडी मध्य प्रदेश पर लगेंगी 10वीं और 12वीं की क्लासेस, 11 मई से 30 जून तक चलेगा टीवी पर 'क्लासरूम' कार्यक्रम By Published On :: Sat, 09 May 2020 09:46:00 GMT लॉकडाउन के चलते सभी राज्य अपने- अपने स्तर पर बच्चों की पढ़ाई को जारी रखने में मदद कर रहे है। इसी क्रम में अब मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूल के बच्चों के लिए दूरदर्शन पर क्लासेस शुरू होगी। इसके लिए सरकार ने तैयारी भी शुरू कर दी गई है। फिलहाल राज्य में 10वीं और 12वीं के स्टूडेंट्स का पढ़ाई दूरदर्शन के माध्यम से शुरू होंगी। इसके लिए शिक्षा विभाग ने दूरदर्शन से अनुबंध कर लिया है। यह 'क्लासरूम' दूरदर्शन पर सोमवार, 11 मई से शुरू होगी, जो 30 जून तक चलेगी।दो पालियों में होगी क्लासेसदरअसल, राज्य में लॉकडाउन के चलते सभी स्कूल बंद हैं। ऐसे छात्रों की पढ़ाई में कई तरह की बाधाएं आ रही है। इन्हीं सब को देखते हुए शिक्षा विभाग ने दूरदर्शन के साथ अनुबंध कर यह पहल की है। जिसके बाद अब दूरदर्शन मध्य प्रदेश पर सोमवार से शुक्रवार तक दो पालियों में दो घंटे तक कक्षाएं चलेगी। 10वीं कक्षा के लिए दोपहर 12 बजे से एक बजे तक और 12वीं के छात्रों के लिए दोपहर 3 से 4 बजे तक 'क्लासरूम' चलेगा। इसमें एक घंटे का प्रसारण निशुल्क होगा और इसका खर्च विभाग करेगा।18 लाख छात्रों को फायदादूरदर्शन पर प्रसारित होने वाले 'क्लासरूम' कार्यक्रम के लिए शिक्षकों को भी डिजिटल कंटेंट उपलब्ध कराया जाएगा। ऐसा होने से ऑनलाइन क्लास के दौरान शिक्षक छात्रों के सवालों पर समझा सकेंगे। दूरदर्शन के जरिए शुरू होने वाली क्लासेस से राज्य में 10वीं- 12वीं के करीब 18 लाख छात्रों को फायदा होगा। इससे पहले बिहार, उत्तर प्रदेश, मेघालय आदि राज्य भी क्षेत्रीय दूरदर्शन पर बच्चों के लिए क्लासेस शुरू कर चुके हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Now DD Madhya Pradesh will start 10th and 12th classes, 'Classroom' program will be started on TV from May 11 to June 30 Full Article