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कोविड-19 से बचाव के लिए शिक्षकों को सुरक्षा के उपकरण देने की मांग

हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ ने वीरवार को डीईओ जोगेंद्र हुड्डा के माध्यम से शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव को ज्ञापन भेजा। जिला प्रधान राकेश धनखड़ व सचिव जगपाल सिंह ने बताया कि कोविड-19 विश्वव्यापी महामारी एवं लंबे लाॅकडाउन के चलते 70-80 हजार अध्यापक 45 दिनों से सेवाएं दे रहे हैं। कई-बार शिक्षा मंत्री व विभाग के उच्च अधिकारियों से आग्रह करने के बावजूद अध्यापकों को सुरक्षा संबंधी उपकरण जैसे कि पीपीई किट, मास्क, सेनिटाइजर व दस्ताने आदि उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं।

अध्यापकों का कार्यस्थल व निवास स्थान दूसरे जिलों से भी है। ऐसे अनेक अध्यापक हैं जिनके निवास स्थान फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, चरखी दादरी व रोहतक में हैं। उनकी नौकरी गुरुग्राम, नूह, पलवल, यमुनानगर व फरीदाबाद में है। संगठन के आवेदन पर ऐसे आदेश भी जारी हो चुके हैं कि जिन अध्यापकों का निवास स्थान दूसरे जिलों में हैं, उनकी ड्यूटी न लगाई जाए। फिर भी प्रशासन न केवल ड्यूटियां लगा रहा है बल्कि अनुचित दबाव भी बना रहा है। इससे पहले यमुनानगर में एक अध्यापक की सेवाएं ही समाप्त कर दी हैं। यदि उपरोक्त मुद्दों पर सरकार ने समय रहते उचित निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन करने को बाध्य होंगे।



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एसबीआई कर्मियों ने कोराेना रिलीफ फंड में डीसी को सौंपा 2.51 लाख रुपए का चेक

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की जगाधरी व यमुनानगर की शाखाओं के अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा कोरोना वायरस की बीमारी में सहायता के लिए एकत्रित की गई 2 लाख 51 हजार 500 रुपए की राशि का चेक जिलाधीश मुकुल कुुमार को कुरुक्षेत्र व यमुनानगर के क्षेत्रीय प्रबंधक रणसिंह ने सौंपे। जिलाधीश मुकुल कुमार ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया व इसके
अधिकारियों व कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया है। कहा है कि इससे पहले भी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया द्वारा 500 ग्लब्स, 500 फेस मास्क व 500 सेनिटाइजर भी उपलब्ध करवाए गए हैं। एजीएम शिव दयाल डयोल, एसएमई यमुनानगर शाखा के एजीएम जयपाल सिंह, जिला सचिवालय स्टेट बैंक आॅफ इंडिया के प्रबंध सुशील वर्मा व डीडीपीओ शंकर लाल गोयल उपस्थित थे।



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SBI personnel hand over Rs 2.51 lakh check to Koreana Relief Fund to DC




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बहादुरगढ़ में 18 लोगों की अस्थियों को अब मिली विसर्जन की अनुमति

उत्तराखंड सरकार ने गुरुवार को कैबिनेट फैसले में त्रिवेंद्र सरकार ने लॉकडाउन के बीच अंत्येष्टि के बाद हरिद्वार अस्थि विसर्जन करने की अनुमति दे दी है। बहादुरगढ़ में श्मशान घाट में 12 लोगों की व छह लोगों की घर पर अस्थियां पड़ी हैं जो हरिद्वार विसर्जन के लिए नहीं जा पा रहे थे अब उन्हें अाज्ञा मिलने लगेगी। इसके साथ साथ चौपहिया वाहन में ड्राइवर समेत तीन लोग अस्थि विसर्जन के लिए जा सकंेगे। इस फैसले से हरिद्वार में गंगा नदी में परिजन की अस्थि विसर्जन के इच्छुक लोगों को बड़ी राहत मिली है। उतराखंड सरकार के प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि सामाजिक और धार्मिक संगठन अस्थि विसर्जन की लिए रियायत देने की मांग कर रहे थे। सरकार ने व्यावहारिकता को देखते हुए अनुमति दे दी है। दूसरे राज्यों से हरिद्वार आने वाले लोगों को अपनी सरकार से इजाजत लेनी होगी। सरकार की हरी झंडी के बाद ही उन्हें उत्तराखंड की सीमा में प्रवेश दिया जाएगा।

लाॅकडाउन की वजह से राज्य की सीमाएं हैं बंद
रामबाग श्मशान सुधार समिति के प्रधान सतीश नंबरदार ने बताया कि लॉकडाउन की वजह से राज्य की सीमाएं बंद हैं। सभी परिवारों के परिजनों की यहां व घर पर अस्थियां पड़ी है उन्हें अस्थियों का विसर्जन करने की इजाजत मिल जएगी। इसी तरह से मोक्ष सेवा समिति के प्रधान सुरेंद्र चुघ ने बताया कि काफी संख्या में लोग हरिद्वार के कनखल में अस्थियों का विसर्जन करते हैं, तो कुछ लोग गढ़ मुक्तेश्वर में। अब जैसे उत्तराखंड सरकार ने अस्थियों का विसर्जन करने की इजाजत दी है उस हिसाब से अब स्थानीय प्रशासन को भी इजाजत दे देनी चाहिए।



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विदेश से आने वाले 146 लोगों को 22 होटलों में 28 दिन ठहराएंगे, देना होगा बिल

लॉकडाउन के दौरान दूसरे देशों में फंसे लोगों को लाने की पूरी तैयारियां कर ली है। पहली फ्लाइट में कोई भी रोहतक मूल का विदेशी अभी तक नहीं आया है। अब सोमवार को अगली फ्लाइट आने का इंतजार चल रहा है। इसके लिए होटलों में क्वाॅरेंटाइन करने की व्यवस्था कर दी गई है। इसके साथ अब क्वाॅरेंटाइन की अवधि भी 28 दिन तक के लिए कर दी गई है। इसके लिए जिले के 22 हाेटल काे पेड क्वाॅरेंटाइन सेंटर के ताैर पर रिजर्व किया है। इनमें 211 लाेगाें की रूम की व्यवस्था है। इनकी तीन कैटेगरी बनाई गई है, यानि विदेश से आने वाले लोगों को क्वाॅरेंटाइन के लिए निर्धारित भुगतान करना होगा। डीसी आरएस वर्मा की अध्यक्षता में जिले की होटल एसोसिएशन के साथ बैठक की गई। इसमें गृह मंत्रालय भारत सरकार से जारी किए गए दिशा-निर्देशानुसार देश के बाहर फंसे भारतीय नागरिकों और विदेश यात्रा करने वाले लोगों के लिए तय मानक परिचालन प्रोटोकॉल अनुसार आदेशों की पालना करने के लिए निर्देश जारी किए गए। बैठक में एडीसी महेंद्रपाल केे नेतृत्व में एक कमेटी का गठन किया गया। इस कमेटी ने विभिन्न होटलों के किराया और भोजन आदि के रेट तय किए।
क्वाॅरेंटाइन की समयावधि 28 दिन होगी : डीसी
डीसी आरएस वर्मा ने जिले में कोविड-19 के सामुदायिक संक्रमण को रोकने के लिए क्वाॅरेंटाइन की अवधि बढ़ाकर 28 दिन कर दी है। सिविल सर्जन की अाेर से मॉडल जिला कंटेनमेंट योजना तैयार की है। इसमें कंटेनमेंट व बफर जोन में अंतिम पुष्टि किए गए मामले को आइसोलेट करने अाैर उसके सम्पर्क में रहने वाले व्यक्तियों के 28 दिन निगरानी रखने के लगभग चार सप्ताह तक यदि किसी अन्य लेबोरेट्री की अाेर से कोविड-19 मामले की पुष्टि नहीं होती है तो कंटेनमेंट अाॅपरेशन को कम कर दिया जाएगा।

इन्हें नोडल अधिकारी नियुक्त किया

डॉ. रोहताश सिंह, डीडीए को इस कार्य के लिए नोडल कम लाइजन अधिकारी नियुक्त किया है। जो विभिन्न होटलों और विदेश मंत्रालय के ऑफिशियल के साथ समन्वय कर जिला प्रशासन और होटलों में आने वाले मेहमानों की संख्या और पहुंचने के समय के बारे में बताएंगे। सुबीर सांगवान, पीओ एडीसी कार्यालय, करतार सिंह एपीओ एडीसी कार्यालय इस संबंध में डीडीओ रोहताश की सहायता करेंगे।

ये हाेटल हैं शामिल :

पेड क्वाॅरेंटाइन सेंटर केे तौर पर ए कैटेगरी के छह होटल तय किए गए हैं। इनमें सागर विला, हरजाई गार्डन, होटल रिवोली, रमाया, लेवेनियर, महाराजा होटल शामिल हैं। {बी कैटेगरी के तौर पर होटल काेकून, होटल लगन, प्लेटिनम प्लाजा, शंगरिला, किंग, जय, अप्सरा बैंक्वेट शामिल है। {सी कैटेगरी के होटल में करण, मार्क, सनशाइन, फ्रेंड्स, स्काई हॉक, स्टार, प्लाजा, सूर्या और पैंकर शामिल हैं।

रेट और सुविधाएं होटल अथॉरिटी की ओर से दिए जाएंगे

गृह मंत्रालय के आदेशानुसार देश के बाहर फंसे भारतीय नागरिकों को क्वाॅरेंटाइन किया जाएगा। इसके लिए जिले की सीमा में आने वाले विभिन्न प्राइवेट होटलों में समिति की ओर से तय की गई दरों पर सेवाएं उपलब्ध करवाई जाएगी। ए कैटेगरी के होटल के कमरे का किराया बिना स्यूट के जीएसटी सहित 1800 रुपए होगा। बी कैटेगरी के होटल के कमरे का किराया बिना स्यूट के जीएसटी सहित 1100 रुपए होगा। सी कैटेगरी कैटेगरी के होटल के कमरे का किराया बिना स्यूट के जीएसटी सहित 900 रुपए होगा। इन बताए गए रेट और सुविधाएं होटल अथॉरिटी की ओर से प्रदान किए जाएंगे। होटल की पेमेंट वास्तविक लाभार्थी की ओर से की जाएगी। बशर्ते अग्रिम भुगतान के लिए मनाही होगी।



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आज भेजे जाएंगे 1200 मजदूर, 20 हजार से अधिक लोग करवा चुके रजिस्ट्रेशन, जिसमें 6800 प्रवासी

लॉकडाउन में सबसे बुरी स्थिति उन प्रवासी मजदूरों की बनी हुई है जो अपने अपने घर जाना चाह रहे हैं। पंजीकरण करवाए जाने के बावजूद कोई साधन मिलता न देख मजदूर पैदल ही निकल पड़ते हैं। जिले से जाने वालों की संख्या 20 हजार से अधिक है जिसमें लगभग 6800 प्रवासी मजदूर हैं। हालांकि सरकार प्रवासियों के जाने की व्यवस्था लगातार कर रहा है लेकिन प्रवासी जाने के उतावले बने हुए हैं। इससे प्रवासी 38 डिग्री से अधिक तापमान में पैदल ही जाने लग जाते हैं। इसके अतिरिक्त दूसरे गांवों व जिलों से भी आगे जाने वाले प्रवासी भी भिवानी हो कर पहुंच रहे हैं।
गुरुवार देर शाम हिसार व सिवानी से पहुंचे लगभग तीन दर्जन मजदूरों का खाना तो रेडक्रास ने उपलब्ध करवा दिया लेकिन उन्हें रात सड़क के एक ओर गुजारनी पड़ी। यह स्थिति अकेले भिवानी की नहीं है बल्कि प्रदेश भर में बनी हुई है। भिवानी व दादरी के 1200 मजदूरों को लेकर शनिवार को एक ट्रेन पूर्णिया जाएंगी। प्रशासन ने एक सप्ताह पहले प्रवासी मजदूरों की घर वापसी के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू की थी। जिले में अभी तक 20 हजार से अधिक लोग रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं, जिसमें 6800 प्रवासी मजदूर हैं। भिवानी जंक्शन से पहली गाड़ी 9 मई को पूर्णिया के लिए चलेगी जिसमें भिवानी व दादरी के 1200 मजदूर जाएंगे। रेलगाड़ी में वे ही मजदूर जाएंगे जिनका रजिस्ट्रेशन हो चुका है।

राजकीय कन्या स्कूल में की ठहरने की व्यवस्था

राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में प्रशासन की तरफ से ठहरने की व्यवस्था की हुई है। जो प्रवासी मजदूर सड़कों पर घूम रहे थे और पैदल ही अपने अपने प्रदेशों में जाने के लिए भिवानी बॉर्डर पार करने का प्रयास कर रहे थे ऐसे मजदूरों को स्कूल में रखा गया है और प्रशासन उनको घर भेजने की व्यवस्था में लगा हुआ है। राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में 40 प्रवासी मजदूरों को रखा गया है। इसके अलावा जाट धर्मशाला में भी मजदूर व परिवार के सदस्यों को रखा गया है।

रेलवे स्टेशन पर लिया व्यवस्थाओं का जायजा

प्रवासी मजदूरों को उनके प्रदेशों में भेजने के लिए प्रशासन रेलगाड़ी की व्यवस्था कर रहा हैं। इसी के चलते डीसी अजय कुमार व एसडीएम महेश कुमार ने गुरुवार को रेलवे स्टेशन का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया, ताकि प्रवासी मजदूरों को रेल गाड़ी में बैठाने के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करवाई जा सके। स्टेशन के बाहर व प्लेट फार्म नंबर एक पर छह-छह फुट की दूरी पर गोल दायरे बनाए गए है। अगर सब कुछ ठीक रहा तो शनिवार को भिवानी रेलवे स्टेशन से एक रेलगाड़ी लगभग 1200 प्रवासी मजदूरों को लेकर पूर्णिया बिहार के लिए रवाना होगी।

पुलिस कर्मचारी ने प्रवासी मजदूर के साथ की मारपीट

गुरुवार देर शाम बैंक कालोनी में किराए के कमरे में रहने वाला एक प्रवासी मजदूर घर जाने के लिए पैदल ही निकल पड़ा था। जब वह रोहतक रोड पुलिस नाके पर पहुंचा तो पुलिस कर्मचारियों ने उसे रोक लिया। डूमरी परोरा बेगूसराय बिहार का रहने वाला प्रवासी मजदूर ने बताया कि जब वह पुलिस नाके पास पहुंचा तो नजदीक ही पानी से भरे मटके रखे हुए थे। उसने मटके से पानी पीने के लिए एक पुलिस कर्मचारी से कहा तो उसने कहा पानी पी ले। इसी दौरान पुलिस कर्मचारी ने पूछा की कहा से है और क्या नाम है तो उसने बताया कि वह बिहार का रहने वाला है। प्रवासी मजदूर ने बताया कि इसके बाद पुलिस कर्मचारी ने उसके साथ मारपीट की।

सिवानी और हिसार से पहुंचे 36 मजदूर

गांव ढाब ढाणी में 32 प्रवासी रह रहे हैं जिन्होंने चार मई को रजिस्ट्रेशन करवाया था। मजदूर हर रोज घर जाने के लिए जिद्द कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त हर रोज कहीं न कहीं से प्रवासी भिवानी पहुंच रहे हैं। गुरुवार देर शाम को भिवानी में सिवानी व हिसार से लगभग तीन दर्जन मजदूर पहुंचे। वे पैदल ही बरेली के लिए चले थे लेकिन पुलिस नेे उन्हें यही रोक दिया।



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Today 1200 workers will be sent, more than 20 thousand people have got registration done, in which 6800 migrants




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मोबाइल टीम ने जांचा 37 कर्मचारियों का स्वास्थ्य, 10 के सैंपल पीजीआई भेजे

लोगों के स्वास्थ्य व कोरोना वायरस की जांच के लिए दौचाना सामुदायिक सेंटर पर स्वास्थ्य विभाग की मोबाइल संपर्क टीम ने शुक्रवार काे डॉ. संजय सिंह के नेतृत्व में 37 कर्मचारियों का मेडिकल चेकअप किया। इसमें नाक-गले से संबंधित 10 व्यक्तियों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। बाकी 27 व्यक्तियों को चिकित्सीय परामर्श दिया गया। कोरोनावायरस जांच के लिए जिला चिकित्सा अधिकारी द्वारा गठित मोबाइल टीम द्वारा क्षेत्र में नियुक्त बैंक कर्मचारी, पुलिस, वेटरनरी डॉक्टर, सफाई कर्मचारी, सब्जी विक्रेता, दूध विक्रेता समेत 37 कर्मचारियों की कोरोना वायरस से संबंधित जांच की। इसके तहत टीम ने टेंपरेचर, खून के नमूने, नाक, गले की जांच की, जिसमें रैपिड टेस्ट किट द्वारा कोविड-19 की जांच में 27 कर्मचारियों की टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव आई और 10 कर्मचारी जो नाक-गले से संबंधित बीमारी से ग्रस्त थे, एहतियात के तौर पर उनकी जांच के लिए सैंपल लेकर रोहतक भेजे जाएंगे, जिसकी एक-दो दिन में रिपोर्ट आ जाएगी। इस टीम में डॉ. कृष्ण कुमार, ईएनटी के सत्येंद्र, एलटी सुरेश, हवासिंह चालक शामिल हैं।

अटेली में अब तक 153 लोगों के सैंपल, 130 की रिपोर्ट निगेटिव व 23 की पेंडिंग

कोरोना संक्रमण का पता लगाने के लिए अटेली अस्पताल में अब तक 153 लोगों के सैंपल लिए जा चुके हैं। इनमें अभी 23 सैंपल की रिपोर्ट आनी शेष हैं, बाकी 130 सैंपलों की रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है। डॉ. विजयसिंह ने बताया कि लैब टेक्निशियन रविदत्त के सहयोग से स्क्रीनिंग जांच यहां पीसीआर टेक्निक से हो रही है। स्वास्थ्य विभाग ट्रैवलिंग हिस्ट्री व कोविड-19 लक्षण के आधार पर सैंपल ले रहा है ताकि संक्रमण को शुरुआती दौर में ही रोका जा सके। बता दें कि जिले में मोबाइल टीम भी सब्जी विक्रेताओं व अन्य लोगों के रेपिड कोरोना टेस्ट कर रही है।



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विद्यानगर में 449 घरों के 1909 लोगों की स्क्रीनिंग

स्वास्थ्य विभाग ने विद्यानगर निवासी बीएसएफ जवान के घर के आस-पास के 449 घरों में रहने वाले 1909 व्यक्तियों की स्वास्थ्य जांच की है। शुक्रवार को विभाग ने 18 लोगों के काेरोना से संबंधित सैंपल लिए है।
गुरुवार को विद्यानगर के 350 घरों में रहने वाले करीब 1500 व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की गई तथा 46 लोगों के सैंपल लिए थे। शुक्रवार को 99 मकानों में ओर सर्वे कर स्क्रीनिंग की गई है। अभी तक विभाग काॅलोनी में 449 घरों में रहने वाले 1909 व्यक्तियों की स्क्रीनिंग कर चुका है। काॅलोनी के सभी घरों में रहने वाले लोगों की स्क्रीनिंग करवाने का उद्देश्य यह हैं कि अगर किसी व्यक्ति में किसी प्रकार के कोरोना के लक्षण मिले तो विभाग उसको तुरंत आइसोलेशन वार्ड में रख कर महामारी को फैलने से रोक सके। अभी तक की जांच में विद्यानगर कालोनी में किसी भी व्यक्ति में कोरोना के लक्षण नहीं मिले है। सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र कादयान ने बताया कि शुक्रवार को 18 सैंपल लिए गए, इनमें से 12 सैंपल रोहतक पीजीआई जांच के लिए भेजे गए है जबकि 6 सैंपल की जांच रैपिड किट से की गई। रैपिड किट से जांच में सभी छह सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आई है। अभी तक 78 सैंपल की रिपोर्ट आनी बाकी है। शुक्रवार तक कुल 1036 व्यक्तियों के सैंपल लिए गए थे। सिविल अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में 12 व्यक्तियों को रखा गया है।



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लॉकडाउन में अब तक 76 केस दर्ज 145 गिरफ्तार, 304 वाहन इंपाउंड

कोरोना वायरस महामारी को लेकर देश में तीसरा लॉक डाउन शुरू हो चुका है। पहले दो फेजों में जिस प्रकार पुलिस ने लगातार सख्ती दिखाई अब भी वो जारी है। लोग बेवजह घरों से निकलने से बाज नहीं आ रही तो वहीं पुलिस इन्हें रोकने के लिए भरसक प्रयास कर रही है। पहले जहां पुलिस द्वारा सालभर में चालान की राशि वसूली जाती है उतनी राशि को करीबन डेढ़ महीने में ही वसूल कर ली।
पुलिस प्रवक्ता सुमित सांगवान ने बताया कि पुलिस अधीक्षक बलवान सिंह राणा के लॉकडाउन के तहत जारी किए गए दिशा-निर्देशों को सख्ती से लागू करने में जिला पुलिस निरंतर प्रयास कर रही है। जिला पुलिस ने लॉकडाउन के तहत जारी किए गए आदेशों की अवेहलना करने पर 76 मामले दर्ज किए है। जिसमें 145 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
नाकाबंदी और गश्त पर विशेष नजर

पुलिस ने प्रभावी रुप से नाकाबंदी व गश्त करते हुए जिले में 2 हजार 186 वाहनों के चालान किए है। 304 वाहनों को इंपाउंड जब्त भी किया गया। चालान किए गए वाहन चालकों पर 55 लाख 33 हजार 900 रुपये जुर्माना लगाया गया है। आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए जिला पुलिस द्वारा कुल 49 मामले दर्ज किए है। इनमें 53 आरोपियों को गिरफ्तार करके 4 हजार 422 बोतल देशी शराब, 768 बोतल अंग्रेजी शराब व 70 बीयर की बोतल अवैध शराब पकड़ी गई है।

अपने घरों पर रहे, सुरक्षित रहें

जिला पुलिस की तरफ से आमजन से अपील है कि लॉक डाउन के तहत जारी आदेशों का सख्ती से पालन करें। अपने घरों पर रहे, सुरक्षित रहें। अपने नजदीकी दुकानों से ही राशन, दूध, फल, सब्जियों, दवाइयां आदि जरुरत का सामान खरीदें। सामान खरीदते वक्त एक दूसरे से दूरी बनाकर खड़े हो। बेवजह घरों से बाहर न निकलें। लॉक डाउन को सफलतापूर्वक लागू करने में पुलिस व जिला प्रशासन का सहयोग करें। अफवाहों से बचे। बगैर जांच के कोई भी मैसेज सोशल मीडिया पर साझा न करें। आदेशों की अवेहलना करने वालों के खिलाफ जिला पुलिस द्वारा सख्त कार्रवाई की जा रही है।



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पहली बार रिकॉर्ड तोड़ 324 सैंपल जांच के लिए लैब में भेजे, फ्लू क्लीनिक में लिए 150 सैंपल

जिला स्वास्थ्य विभाग की हेल्थ टीमों ने गुरुवार को रिकॉर्ड तोड़ 324 सैंपल लिए थे। यह अभी तक की सैंपलिंग रिपोर्ट का सर्वाधिक आंकड़ा है। इनमें से अधिकांश सैंपल जांच के लिए एनआरसीई लैब और बाकी सैंपल्स की टेस्टिंग पीजीआई रोहतक में होगी। बता दें कि इससे पहले 4 मई को 255, 5 मई को 158, 6 मई को 186 सैंपल लिए थे। दरअसल, स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना पर नियंत्रण के लिए रेंडम सैंपलिंग पर ज्यादा ध्यान दिया हुआ है। शुक्रवार को डॉ. पुलकित की टीम ने 24 सैंपल लिए। इनमें सेंट्रल जेल टू के 11 बंदी, 13 एचएयू में क्वारेंटाइन्स शामिल हैं। पैथोलॉजिस्ट डॉ. मनीष पचार की टीम ने दड़ौली पॉजिटिव रोगी की पत्नी व मां सहित हिसार शहर में रहने वाले रिश्तेदारों के सैंपल लिए हैं।



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बीयर 3 सौ रुपए में, 120 वाला पौव्वा 280 में, जो ब्रांड पहले कभी नहीं बिके वो भी खाली हो गए दुकानों से

कोरोना संक्रमण में जहाँ कुछ दिलदार लोग घर बेचकर जरूरतमंदों की मदद कर रहे हैं, वहीं ना-नुकुर कर ग्रामीण क्षेत्रों की शराब दुकान खोलने वाले ठेकेदारों ने लूट की इंतेहा कर दी है। किसी भी ब्रांड की बीयर 3 सौ रुपए से कम में नहीं बिक रही है। पीने वालों की नजर में घटिया से घटिया ब्रांड की शराब जो आम दिनों में नहीं बिकती थी, वो भी ऊँचे दामों में बेच दी गई। जानकारों के मुताबिक 120 रुपए में जिस पौव्वे को कोई पूछता नहीं था, वो भी 280 रुपए का बिक गया। ग्रामीण क्षेत्रों की 73 देशी-विदेशी दुकानें हैं जिसमें मझौली पौंड़ी की दुकान कंटेनमेंट क्षेत्र के कारण बंद है। बाकी की 72 दुकानों में पिछले साल का बचा हुआ माल पूरा बिक गया, अब ठेकेदार नया माल शुक्रवार से खरीदेंगे। लॉकडाउन पीरियड में पूरे जिले में सोशल मीडिया पर प्रचार करके शराब बेचने वालों को मुनाफाखोरी में ठेकेदारों ने पीछे छोड़ दिया। प्रशासन कोरोना संक्रमण से जिले को बचाने में जुटा है, पुलिस लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई करने में व्यस्त है, जिसका फायदा शराब ठेकेदारों ने पहले दिन से उठाया। दुकान खोलने के लिए जो ठेकेदार तैयार नहीं थे, वही ग्रामीण क्षेत्रों की दुकानों में सक्रिय दिखे और स्टाफ को मैक्सिमम प्राइज से भी ज्यादा में शराब बेचने की छूट दे दी। ग्रामीण क्षेत्रों की शहर से लगी कुछ दुकानों पर तो मारामारी के दृश्य से थे। खरीदने वालों ने भी दुकान की खिड़की तक पहुँचने में जोर लगाया और जो ब्रांड मिला, वो खरीद लिया।

एक दिन में ही सरकार के खजाने में आए 1.68 करोड़
46 दिन बाद शराब दुकानें क्या खुलीं लोगों की भीड़ लग गई। हालाँकि ये दुकानें ग्रामीण क्षेत्र की हैं और इसमें भी विदेशी शराब की बिक्री से ही सरकार के खजाने में 80 लाख रुपये की कमाई जबलपुर से हो गई है। अभी इसमें सरकार को जो शराब बिकी है उससे भी राशि मिलेगी जिससे एक दिन में ही कमाई का आँकड़ा 1 करोड़ के पार पहुँच जायेगा। इस तरह एक दिन में लगभग 3 हजार पेटी शराब बिक चुकी है और शुक्रवार के लिये बड़ी मात्रा में शराब खरीदी के लिये डिमांड भेजी गई है। वहीं देशी शराब की बिक्री भी लगभग 48 सौ पेटी के आसपास हुई है जिससे सरकार को लगभग 88 लाख रुपये की ड्यूटी मिली है।

लाइन में लगकर खरीदी शराब, जाँच में पकड़ी गईशहर की शराब दुकानें नहीं खुलीं तो लोग गाँव पहुँच गये। सालीवाड़ा क्षेत्र में तो सुबह से शराब लेने वालों की भीड़ लग गई। पुलिस और आबकारी वालों को यहाँ मोर्चा सँभालना पड़ा। यही हाल पनागर और बरेला क्षेत्र की दुकानों में भी रहा। पुलिस ने सालीवाड़ा की दुकान में लाइन लगवाई और आधार कार्ड के अनुसार ही गाँव वालों को पहले शराब बेची गई। बाद में शहर से जो लाेग पहुँचे थे उन्हें भी शराब की बोतलें मिल गईं। शाम को लौटते समय जब गोरा बाजार थाने के पास चैकिंग हुई तो ऐसे कई लोगों से शराब की बोतलें लेकर जब्त कर ली गईं।

सड़कों पर पी गए शराबलॉकडाउन की वजह से शराब से वंचित लोगों ने अपनी तलब मिटाने दुकान से निकलते ही शराब पीना प्रारंभ कर दिया। कई जगह बीयर की बोतलें पीते-लहराते हुए लोग दिखे। ये शिकायतें कंट्रोल रूम तक पहुँचीं, उसके बाद प्रशासन हरकत में आया। हालाँकि तब तक दुकानें खाली हो गईं थीं।

इन दुकानों में सबसे ज्यादा बिक्रीग्रामीण क्षेत्र की पनागर, सिहोरा, पाटन, मीरगंज की दुकानों से 5-5 लाख से ज्यादा की बिक्री, जबकि बेलखाड़ू व खितौला की दुकानों से 4 लाख से ज्यादा की व कटंगी, मझौली और सालीवाड़ा की दुकानों से लगभग 9 लाख की शराब बिकी। बाकी की दुकानों में भी कहीं से ढाई लाख तो कहीं दो लाख की बिक्री हुई। ज्यादातर दुकानों से 1 लाख रुपए से ज्यादा की शराब की बिक्री हुई है।





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Beer was sold for 3 hundred rupees, 120 in Pauva 280, brands that were never sold before were also emptied from shops




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24 में से 21 सेंटर सूने, फिर भी बाहर से आए लोगों को कर रहे होम क्वारेंटाइन, वजह- प्रशासन पर खर्च नहीं

कोरोना संक्रमण रोकने के लिए जिले में भले ही 24 क्वारेंटाइन सेंटर के अलावा कोविड केयर सेंटर और कोविड हेल्थ सेंटर बना दिए गए हैं। लेकिन इनमें लोगों को ठहराने में कंजूसी बरती जा रही है। वजह यह है कि प्रशासन अब इन क्वारेंटाइन सेंटर का खर्चा नहीं उठा पा रहा है। स्थिति यह है कि पिछले 24 घंटे में दूसरे शहरों से जिले में 2700 लोगों ने प्रवेश किया। लेकिन प्रशासन ने इनमें से 1314 को होम क्वारेंटाइन कर दिया गया। जबकि जिले में 24 में से 21 क्वारेंटाइन सेंटर सूने पड़े हैं। हालांकि शुक्र है कि ग्वालियर में कोरोना संक्रमित मिले व्यक्ति के साथ आए 19 लोगों के सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आ गई है।
देश के विभिन्न राज्यों से भिंड जिले में लोगों के आने का दौर जारी है। अब तक जिले में 67 हजार से ज्यादा लोग आ चुके हैं। वहीं आजमगढ़ और इलाहबाद से आए 27 लोगों के साथ ग्वालियर उतरे एक युवक के कोरोना संक्रमित निकलने के बाद लोगों की धड़कनें बढ़ गई है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इनमें से 19 लोगों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए हैं। हालांकि उनके सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आ गई है। बावजूद इसके गुरुवार को दूसरे शहरों से आए लोगों को क्वारेंटाइन सेंटर में भर्ती न कर प्रशासन अभी भी होम क्वारेंटाइन पर जोर दे रहा है। यह स्थिति तब है जब प्रशासन के सामने बाहर से कोरोना संक्रमण के आने का खतरा सामने आ चुका है। यह लापरवाही जिलेवासियों पर भारी पड़ सकती है।

यह जांच है या कोरोना फैलाने की तैयारी... स्क्रीनिंग में भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं
भिंड शहर में बाहर से आने वाले लोगों की स्क्रीनिंग रोडवेज बस स्टैंड पर की जा रही है लेकिन यहां भी सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल नहीं रखा जा रहा है। गुरुवार की दोपहर जब दैनिक भास्कर टीम यहां पहुंची तो बस स्टैंड पर बाहर से आने वाले लोगों की काफी भीड़ थी। महिलाएं और बच्चे सोशल डिस्टेंसिंग भूलकर आपस में काफी सटकर खड़े और बैठे हुए थे, जबकि जिम्मेदार अफसर इस ओर ध्यान ही नहीं देख रहे।

खाने में दे रहे पतली दाल और कच्ची रोटी
शहर आईटीआई क्षेत्र में बनाए गए क्वारेंटाइन सेंटर में बुधवार को 85 लोग भर्ती थे। वे पिछले दो दिनों से खाने पीने को लेकर हंगामा कर रहे थे। गुरुवार को उन्हें घर भेज दिया गया। भर्ती लोगों का कहना था कि उन्हें पतली दाल और कच्ची रोटियां परोसी जा रही हैं। यही स्थिति फूप के दो क्वारेंटाइन सेंटर की थी, जहां एक में 47 और दूसरे में 10 लोग बुधवार को भर्ती थे लेकिन गुरुवार को यह भी खाली करा दिए गए। जिले में वर्तमान में क्वारेंटाइन सेंटर में मात्र 100 लोग और हेल्थ सेंटर में 14 व केयर सेंटर में 39 लोग भर्ती हैं जबकि क्वारेंटाइन सेंटर में कुल क्षमता 1450 पलंग की है।

21 सैंपल और भेजे... नीमच में संक्रमित मिले हम्माल के चार साथियों के भिंड में लिए सैंपल

गुरुवार को नीमच में एक हम्माल कोरोना संक्रमित निकला है। उसके साथ के चार लोग भिंड एक ट्रक से आए थे। यह सूचना जैसे ही नीमच कलेक्टर द्वारा भिंड कलेक्टर को दी गई तो आनन फानन में इन लोगों को ट्रैक कर उनके सैंपल लिए गए। उन्हें जिला अस्पताल में आईसोलेट किया गया। इसके अलावा हॉट स्पॉट क्षेत्र से आए या कोरोना काल में ड्यूटी कर रहे 11 पुलिस जवानों के भी रेंडम सैंपल लिए गए। इस प्रकार से गुरुवार को कुल 21 लोगों के सैंपल लिए गए हैं।



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21 out of 24 centers listened, yet home quarantine is done to people from outside, reason - no expenditure on administration




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कोरोना को हराकर घर पहुंचा वजीर, 14 दिन घर में ही रहना होगा सलामती के लिए बच्चे और पत्नी ने रखे रोजे, बोले- दुआ कुबूल हुई

रमजान के महीने के दूसरेे जुमा से एक दिन पहले गुरुवार को कोरोना को हराकर पिछोर कस्बे के वार्ड क्रमांक दस में रहने वाले वजीर खान अपने घर पहुंच गए। 18दिनों बाद परिजनों से मिलकर न केवल उनकी आंखें छलक उठीं, बल्कि परिजन भी खुशी के मारे रो पड़े।
पति की सलामती के लिए पत्नी फरजाना, के साथ बेटा अल्ताफ व पुत्री फिजा ने रोजे भी रखे। वजीर के सही सलामत घर पहुंचने पर परिजनों का कहना था उनकी दुआ कुबूल हो गई। अब शुक्रवार को जुमा के दिन अल्लाताला की इबादत कर शुक्रिया अदा करेंगे। पिछोर कस्बे के वार्ड दस में रहने वाले ट्रक ड्राइवर वजीर खान पुत्र वशीर खान 4 अप्रैल को जबलपुर से पानीपत ट्रक लेकर गया और 12 अप्रैल को लौटकर अपने गांव लखनपुरा आया। इसके बाद 16 अप्रैल को पिछोर में आया। सूचना मिलने पर प्रशासन ने उसकी जांच कराई है और 17 को ग्वालियर में क्वारेंटाइन में रखा। 20 अप्रैल को रिपोर्ट पॉजीटिव आने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। साथ ही वजीर के गांव और िपछोर कस्बे को पूरी तरह सील कर गहन जांच पड़ताल की गई।
वजीर के घर पहुंचने से पहले गली की सेनेटाइज
25 मई को दूसरी व 5 मई को तीसरी जांच निगेटिव आने के बाद गुरुवार को डिस्चार्ज कर दिया गया। देर शाम 108एंबूलेंस से वह घर आया। छोटी मस्जिद से उतरकर वह सीधे घर पहुंचा। इस दौरान नायब तहसीलदार आनंद गोस्वामी व थाना प्रभारी सुरेंद्र कुशवाह भी मौजूद थे। इस दौरान पूरी गली को सेनेटाइज किया गया। वजीर को हिदायत दी गई कि वह 14दिन तक घर में ही रहे और परिजनों से दूर रहे। अस्पताल से जो निर्देश दिए गए हैं उसका पालन करे।
अस्पताल में रहकर हमेेशा बच्चों की याद सताती थी
वजीर ने बताया ट्रक में सवारी बैठाने पर अच्छा किराया मिलता था, लेकिन यह पता नहीं था कि कोरोना हो जाएगा। कोरोना का पता चला तो काफी घबराहट थी और एक ही बात दिमाग में आ रही थी बच्चों का क्या होगा। अस्पताल में भी पहुंचा तो बच्चों व घरवालों की याद आती रहती थी। वीडियो कॉलिंग के जरिए उनसे बात करता रहता था और बच्चे भी दिलासा देते रहते थे कुछ नहीं होगा। उन्हीं की दुआएं काम आईं। अस्पताल में भी सभी ने पूरा ख्याल रखा।



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Wazir reached home after defeating Corona, 14 days will have to stay at home, child and wife fasts for protection;




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16 मजदूरों के शव मध्य प्रदेश लाए जाएंगे, शनिवार को जबलपुर पहुंचेगी ट्रेन

औरंगाबाद में ट्रेन हादसे का शिकार हुए 16 मजदूरों के शव मध्य प्रदेश लाए जाएंगे। इसके लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और रेल मंत्री पीयूष गोयल से बात करके ट्रेन की व्यवस्था करवाई है। शवों को ट्रेन से जबलपुर लाया जाएगा। यहां सेमजदूरों के शव उनके गृह जिलेभेजे जाएंगे। ट्रेन औरंगाबाद (महाराष्ट्र) से 8 मई को शाम 7 बजे रवाना हो गई। मुख्यमंत्री ने औरंगाबाद पहुंचे राज्य सरकार के दल से फोन पर चर्चा की औरट्रेन दुर्घटना में घायल हुए श्रमिकों के संबंध में जानकारी ली।

उन्होंने घायल व्यक्तियों की सहायता के लिए एक-एक लाख रुपए और मृतक श्रमिकों के परिजनको 5-5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने के निर्देश पहले ही दे चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि इस दु:खद घड़ी में शोकाकुल परिवार स्वयं को अकेला नहीं समझें।मैं और मेरी पूरी सरकार आपके साथ खड़ी है। औरंगाबाद में रेल हादसे में 16 प्रवासी मजदूर मारे गए हैं। ये सभी मध्य प्रदेश के रहने वाले थे। इनमें 10 शहडोल और 5 उमरिया के रहने वाले हैं।

उमरिया जिले के हैं पांच मजदूर
औरंगाबाद ट्रेन हादसे में उमरिया जिले के 5 मजदूरों की मौत हुई है।उमारिया जिले के पाली जनपद अंतर्गत ग्राम नेउसा के 3 युवक और ग्राम ममान के 1 युवक शामिल है।ग्राम ममान में पहुंची पुलिस टीम और जिला पंचायत अध्यक्ष ज्ञानवती सिंह ने परिजनसे मिलकर उन्हें सूचना दी और ढांढस बंधाया। एसडीओ पाली अरविंद तिवारी बताया कि जिले के कुल 5 मजदूरों कीहादसे में मौत हुई है।

औरंगाबाद रेल हादसे के मृतकों में 10 शहडोल के
1) धन सिंह गोंड (शहडोल)
2) निर्वेश सिंह गोंड (शहडोल)
3) बुद्धराज सिंह गोंड (शहडोल)
4) अच्छेलाल सिंह (उमरिया)
5) रबेंन्द्र सिंह गोंड (शहडोल)
6) सुरेश सिंह कौल (शहडोल)
7) राजबोहरम पारस सिंह (शहडोल)
8) धर्मेंद्र सिंह गोंड (शहडोल)
9) बिगेंद्र सिंह चैनसिंग (उमरिया)
10) प्रदीप सिंह गोंड (उमरिया)
11) संतोष नापित
12) बृजेश भैयादीन (शहडोल)
13) मुनीम सिंह शिवरतन सिंह, (उमरिया)
14) श्रीदयाल सिंह (शहडोल)
15) नेमशाह सिंह (उमरिया)
16) दीपक सिंह गौड़ (शहडोल)
जख्मी: सज्जन सिंह माखन सिंह धुर्वे (खजेरी)



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औरंगाबाद में तड़के हुए दर्दनाक रेल हादसे में 16 मजदूरों की मौत हो गई है। अब इन मजदूरों के शव ट्रेन से जबलपुर लाए जाएंगे।




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छह महीने तक खेल से दूर हाे जाएंगे खिलाड़ी, ग्रीष्मकालीन शिविर नहीं लगने से क्लबाें काे हर माह हाे रहा 1 लाख रु. तक का नुकसान

काेराेना संक्रमण के खाैफ ने खिलाड़ियाें काे भी मैदान से दूर कर दिया। जाे खिलाड़ी खेल की बारीकियां सीखना चाहते थे, उन्हें छह महीने और इंतजार करना हाेगा और जाे खिलाड़ी मेहनत कर आगे बढ़ना चाहते थे उनका करियर एक साल पीछे चला गया। वे जिला, संभाग, प्रदेश स्तरीय व राष्ट्रीय स्पर्धाओं का हिस्सा नहीं बन पाए। अगर कुछ दिनाें में लाॅकडाउन खत्म भी हाे जाए, लेकिन खिलाड़ियाें काे करीब छह महीने तक मैदान से दूरी बनाकर रखनी हाेगी।
शहर के जिन मैदानाें पर हर साल अप्रैल व मई महीने में खेल और खिलाड़ियों का मेला लगता था अब वहां सन्नाटे के अलावा कुछ नहीं है। खिलाड़ी चाहकर भी खेल की प्रैक्टिस व प्रशिक्षण नहीं ले पा रहे हैं। कारण एक ही है, लाॅकडाउन में सामाजिक दूरी काे बनाए रखना। खेल एवं युवक कल्याण विभाग सहित शहर के क्रिकेट, कबड्डी, कराते, ताईक्वांडाे, टेबल टेनिस, लाॅन टेनिस, वालीबाॅल, खाे-खाे, फुटबाॅल क्लबाें द्वारा हर साल ग्रीष्मकाल में शिविर लगाकर करीब 3 हजार खिलाड़ियाें काे प्रशिक्षण दिया जाता है, लेकिन इस साल मैदानाें पर खिलाड़ी एक भी खेल में प्रशिक्षण नहीं ले पाए, जिससे उनका खेल करियर रुक गया, वहीं प्रशिक्षण देने वाले क्लबाें काे 50 हजार रुपए महीने तक का नुकसान हुआ। खेल मैदान का रखरखाव, प्रशिक्षक, कर्मचारी, खेल किट, चाैकीदार, अंपायर आदि का खर्च प्रशिक्षण लेने आए खिलाड़ियाें की फीस पर ही निर्भर रहता है।

क्लबाें काे 5 लाख रु. तक का नुकसान; नए व पुराने बच्चों की पंजीयन फीस से खरीदते हैं सामग्री

जिमखाना क्रिकेट क्लब के सदस्य व प्रशिक्षक डीएस ताेमर ने बताया अप्रैल व मई में हर साल 100 से 150 नए बच्चे प्रशिक्षण लेने आते थे। स्कूल खत्म हाेने के बाद 100 बच्चे प्रशिक्षण लेने आने वाले थे, लेकिन नहीं आ पाए। नए व पुराने बच्चाें से रजिस्ट्रेशन फीस लेकर हर साल उनके लिए सामग्री क्रय करते हैं। बाकि अन्य पर खर्च हाे जाता है। 40 हजार रुपए प्रतिमाह नुकसान क्लब काे हुआ है। महाराणा प्रताप अकादमी के प्रशिक्षक लक्ष्मणसिंह चाैहान ने बताया उनके पास करीब एक दर्जन लड़कियां प्रशिक्षण ले रही हैं, जिनमें आधी ग्रामीण क्षेत्राें की है। क्लब काे ज्यादा नुकसान ताे नहीं हुआ, लेकिन खिलाड़ियाें का नुकसान जरूर हुआ है। किकेट अलावा अन्य खेल भी हैं जिनका प्रशिक्षण दाे महीने तक क्लब संचालकाें द्वारा दिया जाता है। जिले में करीब 3 हजार खिलाड़ी विभिन्न खेलाें का प्रशिक्षण हर साल लेते हैं, जिनके रजिस्ट्रेशन, प्रशिक्षण शुल्क सहित करीब 5 लाख रुपए का नुकसान क्लबाें काे हुआ है।

खेल, खिलाड़ी और क्लबाें काे यह हुआ नुकसान
क्लबाें काे आर्थिक व खिलाड़ियाें काे खेल का नुकसान हुआ, खिलाड़ी एक साल पीछे चले गए।
जाे बच्चे पहली बार कैंप में आते हैं ताे मानसिक रूप से सुदृढ़ हाेते हैं, खेल से शारीरिक और मानसिक विकास दाेनाें हाेता है।
खिलाड़ी खेल के साथ मैदान पर याेगा, एक्सरसाइज, खेल की बारीकियां काे समझ लेता था।
क्लब इस साल अंडर-15, अंडर-16 स्पर्धाएं नहीं करा पाए, इंटर क्लब मैच भी नहीं हुए।
समूह खेल हाेने से खिलाड़ियाें काे सामाजिक दूरी बनाकर रखनी हाेगी, बहुत दिनाें तक खेल की इजाजत नहीं मिलेगी।



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Players will be away from the game for six months, due to lack of summer camp, the clubs have been losing 1 lakh every month. Loss up to




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15 साल पुराने पेड़ को 750 मीटर दूर री-प्लांट किया

कोविड-19 व लॉकडाउन के तनाव के बीच नगर में शुक्रवार को एक अच्छी खबर सामने आई। हरसूद प्रशासन व नगर परिषद द्वारा मुख्य बाजार स्थित 15 साल पुराने पेड़ को 750 मीटर दूर पुन: रोपित कर कटने से बचा लिया गया। पर्यावरण संरक्षण के इस कार्य में एसडीएम डॉ. परीक्षित झाड़े की अहम भूमिका रही। उनके सुझाव पर ही नप ने नगर में पहली बार रि-प्लांटेशन प्रक्रिया को अंजाम दिया गया।
अब इंतजार इस पेड़ के पुन: हरे-भरे होने का है। हरसूद विस्थापन के 10 माह बाद 24 अप्रैल 2005 को सराफा व्यापारी रामचंद्र सोनी ने पिता दगड़ूलाल सोनी की स्मृति में घर के सामने बकान (छोटा नीम) का पौधा रोपा था। मुख्यमंत्री अधोसंरचना के तहत पुलिया चौड़ीकरण में यह पेड़ बाधा बन रहा था। निर्माण कार्य के साथ इसे काटने की अनुमति मार्च अंत में नप द्वारा ले ली गई थी। लॉकडाउन में निर्माण कार्य रुक गया। लॉकडाउन पार्ट-3 में निर्माण कार्य शुरू करने पर पेड़ को काटने का तैयारी कर ली गई। पेड़ को काटने की अनुमति प्रदान करने वाले एसडीएम झाड़े ने ही नप सीएमओ मिलन पटेल व उपयंत्री आरएस मौर्य को इसे पुन: रोपण का सुझाव दिया।
8 घंटे 12 मजदूर व जेसीबी की मदद : यह कार्य उपयंत्री आरएस मौर्य की देखरेख में 8 घंटे में 12 मजदूरों व जेसीबी की मदद से पूरा किया गया। पेड़ को सुरक्षित जड़ सहित निकालकर पुराने राज्य मार्ग स्थित पेट्रोल पंप के पास रि-प्लांट किया गया।

इस तरह सुरक्षित उखाड़ा
पेड़ की टहनियों को काटकर पहले उसका वजन हल्का किया गया। मिग फर्टिलाइजर केमिकल व पावडर के घोल से जड़ों को सींचा गया। मोटी-मोटी जड़ों के मुख्य भाग पर गीली मिट्‌टी व कपड़ा बांधा गया। अंत में पूरी सावधानी के साथ जेसीबी से बांधकर सुरक्षित उखाड़ा गया। हरसूद-छनेरा में यह पहला प्रयोग देख लोगों ने प्रशासन की सराहना की।
पेड़ हरा हो जाए तो संतुष्टि मिलेगी
पुराने पेड़ को री-प्लांट किया गया है। पर्यावरण की दृष्टि से यह निर्णय लिया। अब इसकी देखभाल नगर के लोगों की जिम्मेदारी है। पेड़ पुन: हरा-भरा हो जाए तो संतुष्टि होगी।
-डॉ. परीक्षित झाड़े, एसडीएम, हरसूद



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Re-planted 15 year old tree 750 meters away




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झांझर के युवाओं ने रात 11 बजे भी 150 मजदूरों को कराया भोजन

बुरहानपुर सहित इंदौर-इच्छापुर हाईवे होकर गुजर रहे प्रवासी मजदूरों की हर जगह मदद की जा रही है।
ग्राम झिरी में झांझर के युवाओं द्वारा मजदूरों को भोजन कराया जा रहा है। गुरुवार रात 11 बजे भी यहां 150 मजदूरों को गर्म खाना खिलाया गया। झिरी पंचायत के सरपंच प्रतिनिधि राजू चारण ने पत्तल और चावल की व्यवस्था करवाई। गांव के दिनेश सोनराज, रमेश लक्ष्मण, आपा जेठा, अजय सोनराज और भोलू सोनराज सहित अन्य युवाओं ने अपने हाथ से उनके लिए भोजन तैयार किया। एक घंटे तक सभी को भोजन कराया गया। गांव के युवा पांच दिन से लगातार हाईवे से गुजरने वाले मजदूरों को भोजन करा रहे हैं।



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कोरोना वायरस से मुक्ति के लिए 31 दिन से किया जा रहा रुद्राभिषेक

कोरोना महामारी की मुक्ति के लिए दशहरा मैदान स्थित नाग चंद्रेश्वर महादेव मंदिर में 31 दिन से लगातार रुद्राभिषेक किया जा रहा है। अल सुबह स्नान करके 6 बजे से पं. धर्मेंद्र शर्मा, हेमंत अंबिया दोनों मंदिर में पहुंच कर शिव महादेव जी का रूद्राभिषेक कर रहे हैं। जो सुबह 8 बजे तक चलता है। हेमंत अंबिया ने बताया जिस तरह समुद्र मंथन में निकले विष का पान कर महाकाल ने जीवों की रक्षा की थी वैसे ही बार महादेव विश्व कल्याण के लिए विषैले कोरोना वायरस का अंत करेंगे। लॉकडाउन जब तक चलेगा। हम लगातार रूद्राभिषेक करके भगवान से इस महामारी से मुक्ति के लिए प्रार्थना करेंगे।



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Rudraabhishek has been done for 31 days to get rid of corona virus




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चार साल के बच्चे ने रखा 15 घंटे का रोजा, मांगी दुआ दुनिया से खत्म हो जाए कोरोना

रमजान के पवित्र माह में बहुत से लोग रोजा रखते हैं। रोजा रखना कठिन होता है, क्योंकि सेहरी के बाद इफ्तार तक रोजेदार न तो कुछ खा सकता है और न ही कुछ पी सकता है।
फुटेरा निवासी आरिफ हुसैनी के 4 साल के पुत्र मोहम्मद आतिफ हुसैनी ने भी रोजा रखा है। आतिफ हुसैनी के दादा अकबर हुसैनी द्वारा बताया गया कि लगातार मेरा नाती रोजा रखने जिद कर रहा था, तो हम लोगों ने उस मना किया लेकिन जब उसने अधिक जिद की तो परिवार के सभी लोगों ने रोजा रखने की जिद मान ली और रोजा रखने दिया। इस प्रकार आतिफ हुसैनी का 4 साल की उम्र में पहला रोजा पूरा हुआ। बच्चे ने राेजा रखने के दाैरान दुनिया से काेराेना काे खत्म करने की दुआ मांगी।

इस माह में की गई इबादत का फल बाकी के महीनों से 70 गुना अधिक
जामा मस्जिद के इमाम हाफिज नईम मदारी के अनुसार 610 ईसवी से रमजान का पवित्र माह मनाया जाता है। कुरान में इस बात का जिक्र है कि रमजान माह में अल्लाह ने पैगंबर मोहम्मद साहब को अपने दूत के रूप में भेजा था। इस माह में की गई इबादत का फल बाकी के महीनों से 70 गुना अधिक मिलता है, रोजे रखने के दौरान रोजेदार खाने के बारे में नहीं सोच सकता है, साथ ही उसे पूरे दिन मन को साफ रखना होता है। वह किसी की बुराई नहीं कर सकता है। रोजेदार अपने दांतों में फंसे हुए खाने के टुकड़े को भी नहीं निगल सकता है। सूर्य ढलने के बाद ही भोजन किया जाता है। रोजे का अर्थ खाने पीने से भूखा प्यासा रहना नहीं है। बल्कि आंख, कान और जुबान का भी रोजा होता है, इस दौरान न तो उसे गलत देखना चाहिए, न गलत बोलना चाहिए और न ही गलत सुनना चाहिए।



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विवाद के बाद पुलिस को बुलाया तो डायल 100 के आरक्षक ने की मारपीट

नगर के वार्ड 1 की महिला शिक्षक ने डायल 100 के आरक्षक पर पाइप से मारपीट करने के आरोप लगाए है। घटनाक्रम दो दिन पहले का है। शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक को सोशल मीडिया के माध्यम से व एसडीओपी को लिखित शिकायत की गई है। पुलिस आरक्षक ने आरोपों को निराधार बताया है।
शिक्षक मालती पति संजू ने बताया 5 मई मंगलवार को उसका सास के साथ विवाद हो गया था। गुस्से में 100 डाॅयल को शिकायत की। 100 डॉयल के आरक्षक राजेश जायसवाल ने गाड़ी से उतरने ही जातिसूचक शब्दों के साथ गालीगलौज शुरू कर दी। गाड़ी में से पाइप निकालकर पीटा भी। हाथ में चोट आ गई। 7 साल के बेटे को भी सिर में चोट आई है। आरक्षक ने शिकायत नहीं करने का दबाव भी बनाया। शुक्रवार को शिकायत के बाद पुलिस ने मेडिकल करवाया है। एसपी सुनील पांडेय ने शिकायत की जांच कराने की बात कह रहे हैं।

आरक्षक बोला-समझाइश दी, मारपीट नहीं की
इस मामले में आरक्षक राजेश जायसवाल ने खुद पर लगे आरोपों को निराधार बताते हुए कहा 5 मई की शाम 5 बजकर 3 मिनट पर शिकायत मिली। करीब 5.15 बजे घर पहुंचे। महिला की शिकायत थी कि उसका पति मारपीट करता है। दोनों को समझाइश दी गई। पति को आगे से ऐसी हरकत करने पर थाने में बंद करने की हिदायत दी गई। कोई मारपीट नहीं की गई। वाहन चालक नरेंद्र पंवार ने कहा केवल समझाइश दी थी। किसी से मारपीट नहीं की।

जांच के निर्देश दिए हैं
महिला की शिकायत मिली है। एसडीओपी को मामले की जांच व कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
- सुनील कुमार पांडेय, एसपी खरगोन

तालाब किनारे भट्‌टी लगाकर बना रहे थे शराब, आबकारी ने कार्रवाई की
खरगोन में कोरोना महामारी के चलते लॉकडाउन में मदिरा दुकानें बंद होने से जिले में अवैध हाथभट्टी शराब का निर्माण, संग्रहण, परिवहन व बिक्री तेजी से बढ़ रही है। इसके चलते शुक्रवार का खरगोन व भीकनगांव में दो लाख की शराब पकड़ी है। प्रभारी सहायक आयुक्त हर्षवर्धन राय ने बताया खरगोन के पीपरी तालाब किनारे हाथ भट्‌टी शराब बनाने वालों पर कार्रवाई की है। इसी तरह भीकनगांव के सुरपाल बेड़ी में भी शराब बनाई जा रही थी। दोनों स्थानों से 340 लीटर हाथभट्टी शराब जब्त की गई। साथ ही करीब 4500 किलोग्राम महुआ लहान मौके पर विधिवत नष्ट किया गया। सहायक आबकारी अधिकारी आरएस राय ने बताया कि दो केस दर्ज किए हैं। जब्त सामग्री का मूल्य करीब 2 लाख 59 हजार रुपए है।



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When the police were called after the dispute, the dial 100 constable beat up




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टेक्सटाइल संचालक पावरलूम मालिक को देंगे प्रति लूम 1000 रुपए एडवांस

कोरोना महामारी के बीच लॉकडाउन में आर्थिक संकट से जूझ रहे पावरलूम संचालकों के लिए राहत की खबर है। कलेक्टर ने टेक्सटाइल संचालकों को एक आदेश जारी किया है। इसमें उन्हें पावरलूम संचालकों को प्रति लूम एक हजार रुपए देने को कहा है।
पावरलूम बुनकर संघ के अध्यक्ष रियाज अहमद अंसारी ने जानकारी देते हुए बताया कि पावरलूम उद्योग से अधिकांश संचालक और मजदूर वर्ग मुस्लिम समाज से हैं। लॉकडाउन की वजह से सभी पर आर्थिक संकट गहरा रहा था। ऐसे में रमजान में सेहरी और इफ्तारी के लिए रुपए नहीं थे। जो कुछ जकात बंट रही थी, उससे गरीब लोग सुबह-शाम का गुजारा कर रहे थे। कारोबार बंद होने के कारण टेक्सटाइल संचालकों से कोई राहत नहीं मिल रही थी। टेक्सटाइल संचालकों से गुहार लगाई। टेक्सटाइल्स ट्रेडर्स वेलफेयर एसोसिएशन अध्यक्ष कन्हैयालाल मित्तल कलेक्टर से मिले और स्थिति बताई। एसोसिएशन की सहमति के बाद कलेक्टर ने पावरलूम संचालकों के हित में आदेश दिया है। कलेक्टर ने निर्देश किया कि एसोसिएशन के सदस्य अपने अधीनस्थ पावरलूम संचालकों को प्रति लूम एक हजार रुपए का सहयोग दें, ताकि वे ईद मना सकें। बाद में छूट मिलने पर राशि का समायोजन किया जाए।



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Textile operators to give powerloom owner Rs 1000 per loom advance




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किसान नहीं आए तो 10 दिन बाद हुआ मुहूर्त

समर्थन मूल्य पर चना खरीदी का भी यही हाल है। यहां पिछले 9 दिन से किसान ही नहीं पहुंचे। शुक्रवार को एक किसान के पहुंचने पर खरीदी का मुहूर्त किया गया। प्रबंधक मनोज यादव ने बताया रमणगांव के शंकर पंढरी की 3 क्विंटल चना उपज खरीदी गई। क्षेत्र के 60 गांव के 1088 किसानों ने पंजीयन करवाया है। शुरूआत में लघु व सीमांत किसानों को एक क्विंटल से कम उपज लाने के मैसेज भेजे गए। अब बड़े किसानों को मैसेज भेजने की प्रक्रिया शुरू होगी। मुहूर्त में नरेंद्र पाटीदार, नंदकिशोर यादव, राहुल यादव, चिराग यादव, सुभाष यादव, मोहित यादव आदि मौजूद थे।



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If farmers do not come then Muhurat will be done after 10 days




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मैसेज की संख्या कम होने से 10 दिन में केवल 3 किसान ही पहुंचे खरीदी केंद्र

शासन ने समर्थन मूल्य 4875 रुपए पर चना खरीदी की शुरूआत 29 अप्रैल को की। जिले में 12 केंद्र बनाए गए। शुरूआत में 6 लघु व सीमांत किसानों को मैसेज भेजे गए। किसानों का रुझान कम देख संख्या बढ़ाकर 10 की। इसके बाद भी किसान केंद्र तक नहीं पहुंच रहे हैं। हालात यह है कि पिछले 10 दिन में केवल 3 किसान ही स्थानीय केंद्र पर पहुंचे। अन्य केंद्र पर भी यही हालात है। जिला विपणन संघ के क्षेत्र सहायक ने कहा मैसेज की संख्या बढ़ाने को लेकर पत्र लिखा है।
क्षेत्र के किसानों से चना खरीदी के लिए देवश्री विपणन संस्था को केंद्र बनाया गया। यहां 10 दिन में 3 किसानों ने 11 क्विंटल उपज बेची है। संस्था के अनुसार 1300 किसानों ने पंजीयन करवाया है। रोजाना 10 किसानों को मैसेज भेजे जा रहे हैं। लेकिन कम मात्रा में खरीदी का मैसेज पहुंचने से लघु व सीमांत किसान नहीं पहुंचे। जो किसान आए वे भी 2 से 3 क्विंटल उपज लेकर ही पहुंचे। जबकि पिछले साल इस समय में रोजाना 1000 क्विंटल तक खरीदी हो रही थी।

4 तौलकांटा का उपयोग ही नहीं
संस्था के खरीदी केंद्र पर उपज तुलाई के लिए 5 तौलकांटे की व्यवस्था की गई। लेकिन अब तक 4 तौलकांटाें का उपयोग ही शुरू नहीं हुआ। 40 हम्मालों के पास भी सुबह 9 से शाम 5 बजे तक काम नहीं है। इनको मजदूरी तक नहीं मिल पा रही है।

1 लाख 1 हजार 800 क्विंटल खरीदा गेहूं
तहसील के 10 केंद्रों पर समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की जा रही है। यहां 1 लाख 1 हजार 800 क्विंटल गेहूं खरीदी का खरीदी अब तक हो चुकी है। गेहूं के लिए पंजीकृत 6000 किसानों में से 2200 अपनी उपज बेच चुके हैं। गेहूं खरीदी भी 31 मई तक होगी।

भोपाल अवगत कराया है

चना खरीदी केंद्र पर किसानों के कम संख्या में पहुंचने को लेकर भोपाल स्तर पर अवगत कराया है। बड़े किसानों को मैसेज भेजने व संख्या बढ़ाने को लेकर भी लिखा है। -
महेंद्र चौधरी, क्षेत्र सहायक, जिला विपणन संघ खरगोन



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Due to reduced number of messages, only 3 farmers reached the purchasing center in 10 days




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युवती ने कुएं में छलांग लगाकर और 13 वर्षीय नाबालिग ने फांसी के फंदे पर झूलकर दी जान

सटई थाना क्षेत्र के दो अलग-अलग गांव में एक नाबालिग और एक 18 वर्षीय युवती ने आत्महत्या कर ली। जखरोंन खुर्द गांव की 18 वर्षीय युवती ने कुआं में कूदकर और नंदगाय बट्टीयन की 13 वर्षीय नाबालिग ने फांसी के फंदे पर झूलकर जान दे दी। पुलिस ने दोनों घटनाओं के बाद आत्महत्या का मामला दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी है।


सटई थाना प्रभारी दीपक प्रताप सिंह यादव ने बताया कि जखरोंन खुर्द गांव की नैनसी राजा पिता लाखन सिंह परमार उम्र 18 वर्ष ने शुक्रवार की सुबह 7 बजे अज्ञात कारणों के चलते अपने खेत के कुआं में छलांग लगा दी। युवती को मौके पर मौजूद लोगों ने बचाने की प्रयास किया, पर कुआं संकीर्ण होने के कारण उसे जल्द बाहर नहीं निकाल सके। कुआं में कूदने से युवती के चहरे में गंभीर चोट आने से वह बेहोश हो गई और वह पानी से बाहर नहीं आपाई। इस कारण युवती की मौके पर ही मौत हो गई।


वहीं दूसरी घटना में नंदगाय बट्टीयन की किरण पिता बलराम पांडे उम्र 13 वर्ष ने अज्ञात कारणों के चलते फांसी लगा ली है। जिस दौरान नाबालिग ने फांसी लगाई उस दौरान उसके पिता बलराम गांव में ही एक घर में कथा बांचने के लिए गए थे और उसकी मां छत पर नहा रही थी। मृतिका ने अपने आप को कमरे में अकेला पाकर पलंग की निवार का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। मां ने जब नीचे आकर देखा तो दरवाजा अंदर से बंद था। मोहल्ले वालों की मदद से खिड़की को तोड़कर अंदर देखा तो नाबालिग फांसी के फंदे पर झूल रही हैं। जानकारी के अनुसार पांडे के परिवार में 4 बेटियां हैं, किरण इन सबसे बड़ी है। थाना प्रभारी ने बताया कि दोनों घटनाओ में आत्महत्या का मामला कायम कर जांच शुरू की गई हैं। साथ ही दोनों का पोस्टमार्टम करवा कर शव उनके परिजनों को सौंप दिए गए है।



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ड्राइवर को आई झपकी, कार 12 फीट नीचे खाई में गिरी, एक मृत, 3 घायल

रैपुरा थाना अंतर्गत इंदौर से रीवा जा रही एक कार के चालक को शुक्रवार सुबह नींद आ गई। जिससे कार अनियंत्रित होकर 12 फीट नीचे खाई में गिर गई। जिससे एक 27 वर्षीय युवक की मौत हो गई और 3 लोग घायल हो गए।

पुलिस ने बताया कि मनमूरत प्रसाद मिश्रा पिता सूर्यप्रसाद मिश्रा उम्र 47 साल निवासी बोदाबाग रीवा ने थाना आकर बताया कि गुरुवार को मैं अपनी कार एमपी 17 सीबी 5171 से अपने बच्चों को लेने रीवा से इंदौर गया था। मेरे बच्चे इंदौर मे रहकर कोचिंग करते थे। मैं इंदौर से अपने लड़के शिवनारायण मिश्रा उम्र 27 साल, लड़की शीतल मिश्रा उम्र 23 साल को लेकर इंदौर से रात 10 बजे रीवा के लिए रवाना हुआ था। मेरी कार को चालक चक्रपाणी मिश्रा निवासी खोखरा थाना गोविंदगढ़ जिला रीवा चला रहा था। मनमूरत मिश्रा ने बताया वह अपनी कार में ड्राइवर के बगल से बैठे हुए था तथा कार में पीछे दोनों बच्चे बैठे थे। उन्होंने बताया कि जब हमारी कार शुक्रवार सुबह करीब 5.15 बजे रूपझिर मोड़ रैपुरा के पास पहुंची तभी गाड़ी अनियंत्रित होकर बहक कर नीचे खाई में गिरकर पलट गई। जिससे मेरे सीना, सिर में चोट आई हैं। मेरी लड़की शीतल मिश्रा के सिर पीठ में चोट है। लड़का शिवनारायण मिश्रा के सीने व सिर में घातक चोटें आने से उसकी मौत हो गई। जबकि चालक चक्रपाणी मिश्रा के सिर, माथे में चोटें आई हैं।



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26 केंद्रों पर 3 हजार 842 किसानों से खरीदा 190134.97 क्विं. गेहूं

जिले में 26 केंद्रों पर 15 अप्रैल से समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी जारी है। जिला आपूर्ति अधिकारी बीके कोष्ठा ने बताया अभी तक 3842 किसानों से 190134.97 क्विंटल गेहूं खरीदा गया है।



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183 मकानों में 1062 लोगों की स्क्रीनिंग

कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट प्राप्त होने पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा शुक्रवार को सुतार मोहल्ला, पूजा स्टेट, रुक्मिणी नगर के आसपास दूसरा सर्वेे किया। टीम ने 183 मकानों का सर्वे किया। इसमें रहने वाले 1062 लोगों की स्क्रीनिंग की गई। 60 साल से अधिक आयु के 89 बुजुर्ग व 104 बच्चे पाए गए। सीएमएचओ डॉ. बीएस सैत्या ने बताया खांसी से पीड़ित 1 व्यक्ति मिला। 46 लोगों को बीपी व 33 लोग शुगर से पीड़ित पाए गए। इस दौरान किसी में भी कोरोना वायरस से संबंधित लक्षण नहीं मिले। उधर, सेंधवा में सुदामा नगर, खलवाड़ी मोहल्ला के 353 मकानों का सर्वे किया गया। इसमें 1943 लोगों की स्क्रीनिंग की गई। इस दौरान बीपी के 30 व शुगर से संबंधित बीमारी के 34 लोग पाए गए।



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प्रदेश में औसतन 16.97 संक्रमित की हो रही मौत, खरगोन में हर 10वें मरीज की जा रही जान

निमाड़ के चार जिलाें में कोरोना का कहर जारी है। सावधानी ही बचाव है। प्रदेश में हर 16.97 मरीज पर एक मौत का औसत आ रहा है, जबकि खरगोन जिले में हर 10वें मरीज में से एक की जान जा रही है। खंडवा में तो स्थिति और भी खराब है यहां पर हर 7वें मरीज की मौत हो रही है। पहले से किसी किसी बीमारी से ग्रसित और बुजुर्ग की मौत के मामले निमाड़ में ज्यादा है। बुरहानपुर में यह 9.6 है। खरगोन में शुक्रवार तक की स्थिति में 80 लोग कोरोना पॉजिटिव निकले हैं। इनमें से 37 लोग स्वस्थ्य होकर अपने घर जा चुके हैं, वहीं 10 लोगों की मौत हो चुकी है। खरगोन में निमाड़ में सबसे ज्यादा मरीज जरूर निकले लेकिन स्वस्थ भी हो रहे हैं। देश में 31.12 प्रतिशत मरीज पर एक मृत्यु हो रही है।

खरगोन जिले में इनकी हो चुकी है मौत
जिले में राधेश्याम पाटीदार (63 ) धरगांव, खुर्शीद बी (70) सहकारनगर, शेख रफीक (55) अमननगर, हलीमा गनी (70) गोगावां, शिव पाटील (50) ज्योतिनगर, हनीफा बख्तावर (60) पत्थर दलाल, अशफाक खान (35) गोगावां, मोहम्मद निसार (65) पत्थर दलाल की मौत हो चुकी है।

जरूरी काम होने पर ही घर के बाहर निकलें। लॉक डाउन का पालन करें। पहले से किसी बीमारी से ग्रसित, बुजुर्ग की रोगों से लड़ने की शक्ति कम हो जाती है, उन पर अधिक खतरा है।
- डॉ. राजेंद्र जोशी, सिविल सर्जन जिला अस्पताल

अब तक 727 सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य कार्यालय के अनुसार जिले में अब तक 727 सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आई है। वहीं स्वस्थ्य होने वालों का आकड़ा 39 हो गया है। अब तक 1030 सैंपल जांच के लिए इंदौर व अन्य शहरों में भेजे हैं। जिले में होम क्वारंटाइन में 22 हजार 414 लोग हैं। खरगोन के 176 मरीजों की जांच रिपोर्ट आना अभी बाकी है।




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On an average 16.97 infected people die in the state, every 10th patient is killed in Khargone




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बढ़ा डिप्रेशन : 1 महीने 8 दिन में 10 लोगों ने की आत्महत्या, 35 ने किया प्रयास

कोरोना के खिलाफ जारी जंग में एक माह से हुए लॉकडाउन का अब स्वास्थ्य पर असर शुरू हो गया है। लॉकडाउन और कोरोना बीमारी के कारण 40 प्रतिशत लोगों में डिप्रेशन का खतरा बढ़ गया है। स्थिति यह बन रही है कि एक माह आठ दिन में करीब 35 लोगों ने आत्महत्या का प्रयास किया है। 10 लोगों ने आत्महत्या कर ली। इतना ही नहीं एक युवा की हार्ट
अटैक से मौत तक हो गई है। लोगों में बढ़ रहे डिप्रेशन का खुलासा हाल ही में फार्मेसी कॉलेज के प्रोफेसर द्वारा किए गए सर्वे में हुआ है। मामले में अब एक्सपर्ट डिप्रेशन से बाहर आने के लिए लोगों को योग, ध्यान व परिवार के साथ समय बिताने की सलाह दे रहे हैं।
कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए केंद्र सरकार ने लॉकडाउन जारी किया है। इसके चलते व्यापार-व्यवसाय बंद हो गए लोग घर में रहने लगे। हालांकि यह विकल्प भी बीमारी से लोगों की सलामति के लिए ही था लेकिन लंबे लॉकडाउन के बाद अब इसका उलट प्रभाव सामने आए हैं। इसमें सबसे बड़ा प्रभाव लोगों की मानसिक स्थिति पर हुआ है। पुलिस विभाग के अनुसार 22 मार्च से अब तक जिले में 35 लोगों ने आत्महत्या का प्रयास किया है। करीब 10 लोगों ने आत्महत्या कर भी ली। इसमें युवा से लेकिन अधेड़ उम्र तक के लोग शामिल है। प्रारंभिक जांच में किसी भी मामले में अब तक किसी से प्रताड़ित होकर आत्महत्या किए जाने का प्रमाण नहीं मिला है। जिले में सिटी कोतवाली, पिपलियामंडी, भावगढ़, नारायणगढ़, वायडीनगर, भानपुरा में आत्महत्या के दर्ज किए हैं।

हद से ज्यादा सोचने का असर हार्टअटैक
नगर के दशरथनगर निवासी एक युवा हिमांशु शर्मा की 27 साल की उम्र में 1 मई को हार्ट अटैक से मौत हो गई। जिला अस्पताल में पदस्थ क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट हिमांशु यजुर्वेदी ने बताया जब कोई व्यक्ति किसी चिंता को लेकर एक पाइंट पर हद से ज्यादा सोचता है और फिर भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाता तो उसका असर हार्ट अटैक के रूप में होता है। इस केस में भी संभवत: हार्ट अटैक का यही कारण है। यहां हिमांशु के पारिवारिक पृष्ठभूमि को देखा जाए तो वह आर्थिक रूप से सक्षम थे, इतना ही नहीं वे एक आदर्श रक्तदाता भी थे। मानसिक अवसाद के कारण ही लोग सुसाइड कर रहे हैं। पिछले दिनों ऐसे केस की संख्या बढ़ी है।

लॉकडाउन का जनजीवन पर प्रभाव को लेकर किया सर्वे

बीआर नाहटा फार्मेसी कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. अमितकुमार जैन, डॉ. नवीनकुमार चौधरी, डॉ. रूपेश सोनी व प्रवीण भार्गव ने लाॅकडाउन को लेकर सर्वे किया। 40 प्रतिशत लोग डिप्रेशन में थे। इसके अलावा 43 प्रतिशत लोगों ने किराने की परेशानी, 31 प्रतिशत लोगों को रुपयों से संबंधित परेशानी सामने आई। चौधरी ने बताया सर्वे लॉकडाउन का जनजीवन पर प्रभाव को लेकर किया गया था ताकि भविष्य में बीमारी की दवा मिलने के बाद आने वाली पीढ़ी को गंभीरता बताई जा सके।
आत्महत्या के ये हैं प्रमुख मामले
जिले में लॉकडाउन के दौरान 3 मई को नृसिंहपुरा निवासी एक नाबालिग ने फांसी लगाई। 9 अप्रैल को लुनाहेड़ा के अंकित पिता बालमुंकुद ने फांसी लगाई। 15 अप्रैल को दलौदा स्टेशन रोड के सुनील चौहान ने आत्महत्या की। हाल ही में 5 मई को यतेंद्र विहार की सीमा डिंडोर ने फांसी लगा ली। उनकी एक चार साल की बेटी है। वे पिता की इकलौती संतान थीं।

कोरोना को अन्य वायरस की तरह लें और खुश रहें

कोराेना से जंग जीतने वाली डिप्टी डायरेक्टर हेल्थ रूबी खान ने बताया हमें डरना नहीं है। इसे भी अन्य वायरस की तरह ही लें। हम ठीक हो सकते हैं। इसके लिए हमें केवल अच्छी डाइट लेना होगी, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाना होगी, अच्छी नींद लेनी होगी। इन सबसे ज्यादा जरूरी है सकारात्मक सोचना। जो भी कोरोना मरीज हैं या जो इस बीमारी के चलते अवसाद में हैं वे जो उन्हें अच्छा लगता है वह काम करें। अच्छी किताबें पढ़ें, अच्छा संगीत सुनें, मेडिटेशन करें और खुश रहें। डिप्रेशन दूर करने के लिए शासन ने भी काउंसिलिंग की व्यवस्था की है। हमारी सोसायटी में भी यदि हमें कोई डिप्रेशन में नजर आता है तो उसकी काउंसिलिंग करना चाहिए। वैसे कोरोना से बचाव के लिए दिया गया शब्द सोशल डिस्टेंसिंग भी गलत है यह फिजिकल डिस्टेंसिंग होना चाहिए।




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गुरुवार रात मिले 3 नए पॉजिटिव के संपर्क में आए 51 लोगों को किया क्वारंटाइन, 6 में दिख रहे लक्षण

गुदरी क्षेत्र से पूरे शहर में कोरोना का खतरा बढ़ने लगा है। 8 दिन में एक ही परिवार के 200 से ज्यादा लोगों की जांच कराई जिसमें से 43 लोग पॉजिटिव आ चुके हैं। इसके बाद भी क्षेत्र में लोग सावधानियों का ध्यान नहीं रख रहे हैं। गुरुवार रात को मिले 3 नए पॉजिटिव की ट्रेवल हिस्ट्री पता की तो 51 नए संदिग्ध लोग सामने आए। इसमें से करीब 6 लोगों में कोरोना के लक्षण भी दिखाई दे रहे हैं। गुदरी क्षेत्र में इतना संक्रमण फैलने के बाद भी लोग सोशल डिस्टेंसिग का पालन नहीं कर रहे हैं। यही कारण है कि वायरस फैलता जा रहा है। इससे आने वाले समय में स्थिति गंभीर हो सकती है।
मंदसौर शहर सहित जिले में कोरोना पॉजिटिव की संख्या 51 हो गई है। इसमें से 43 मरीज केवल गुदरी व आसपास क्षेत्र के ही हैं। यहां लोगों की लापरवाही शहरवासियों पर भारी पड़ सकती है। 13 दिन से प्रशासन ने इस क्षेत्र काे कंटेनमेंट एरिया बना रखा है। 8 दिन में 200 से ज्यादा लोगों की कोरोना जांच कराई जिसमें 43 पॉजिटिव मामले सामने आ गए। इसके बाद भी लोग महामारी की गंभीरता को नहीं समझ रहे हैं। कंटेनमेंट एरिया में लोग अभी भी एक-दूसरे के घर आना-जाना कर रहे हैं। निरंतर एक-दूसरे से संपर्क बना रखा है। इसका खुलासा गुरुवार रात को मिले तीन कोरोना पॉजिटिव मामलों से हुआ। 3 कोरोना पॉजिटिव की ट्रेवल हिस्ट्री निकाली गई तो प्रशासन को क्षेत्र में ही एक-दूसरे से निरंतर संपर्क बनाए रखने की जानकारी मिली है। इन लोगों की ट्रेवल हिस्ट्री के अनुसार प्रशासन ने देर रात से शुक्रवार शाम 6 बजे तक करीब 51 लोगों को क्वारंटाइन सेंटर पहुंचाया। इसके बाद भी देर रात तक लोगों को पहुंचाने का दौर जारी रहा। देर रात तक क्वारंटाइन सेंटर के चिकित्सक संदिग्ध लोगों के सैंपल लेने का काम रहे हैं।

5 लोगों को सर्दी, खांसी व बदन दर्द, एक को बुखार भी

प्रशासन ने जिन 51 लोगों को क्वारंटाइन सेंटर पर शिफ्ट किया। उसमें से करीब 6 लोगों में कोरोना के लक्षण भी दिखाई दे रहे हैं। 5 लोगों को सर्दी, खांसी व बदन दर्द की शिकायत है। जबकि एक को सर्दी-खांसी के साथ बुखार की भी शिकायत है। हालांकि चिकित्सकों ने इनका इलाज शुरू कर दिया है।

स्थिति हो सकती है गंभीर
शहर के कुछ चिकित्सकों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि शहर में आने वाले समय में स्थिति गंभीर हो सकती है। यदि 17 मई को लॉकडाउन खुलता है तो शहर में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ने लगेगी क्योंकि लोग अभी भी कोरोना को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। अभी भी लोगों में सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क लगाकर रखना व बार-बार हाथ धोने की आदत नहीं डली है।
रोकथाम के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे
कंटेनमेंट एरिया में कोरोना रोकथाम के लिए गलियाें में भी सीसीटीवी कैमरे बढ़ाए गए हैं। वहीं लाउड स्पीकर भी लगाए जा रहे हैं। इससे घर के बाहर लोगों के दिखते ही स्पीकर पर उन्हें अंदर रहने की हिदायत दी जा रही है। संक्रमण की रोकथाम के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं।
नरेंद्र साेलंकी, सीएसपी, मंदसौर



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Quarantine 51 people exposed to 3 new positives found on Thursday night, 6 showing symptoms




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छह दिन बाद पारा फिर 41.7 डिग्री पर पहुंचा

राजस्थान से गर्म हवा आने का सिलसिला शुक्रवार से शुरू हो गया। शुक्रवार को सुबह से ही तेज धूप थी। दोपहर में लोगोंने गर्म हवा चलने का अहसास किया। साथ ही पिछले दिन की तुलना में शुक्रवार को दिन का पारा 3.9 डिग्री सेल्सियस बढ़त के साथ 41.7 डिग्री दर्ज किया गया। ऐसा 6 दिन बाद हुआ है जब अधिकतम तापमान 41 डिग्री के पार पहुंचा है। इससे पहले 2 मई को अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को भी तापमान बढ़ेगा। साथ ही रात मंे भी गर्मी बढ़ेगी। लेकिन रविवार को बूंदाबांदी होने के साथ तेज हवा चल सकती हैं।

पिछले दिन की तुलना में हर तीन घंटे में चढ़ा पारा
गुरुवार की तुलना में शुक्रवार को हर तीन घंटे में पारा चढ़ा। सुबह 8:30 बजे गुरुवार को तापमान 28.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ था। वहीं शुक्रवार को 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसी तरह दोपहर 2:30 बजे का तापमान पिछले दिन की तुलना में 4.8 डिग्री सेल्सियस बढ़त के साथ दर्ज हुआ। शाम 6 बजे तक तापमान 40 डिग्री दर्ज दिया गया। पिछले दिन की तुलना में अधिकतम तापमान 3.9 डिग्री बढ़त के साथ 41.7 डिग्री दर्ज किया गया। यह सामान्य से 0.3 डिग्री अधिक रहा। जबकि न्यूनतम तापमान 1 डिग्री बढ़त के साथ 22.6 डिग्री दर्ज किया गया।



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क्वारेंटाइन सेंटर से 8 दिन बाद घर पहुंचे 11 लोग


मानहड़ पंचायत के सामुदायिक भवन में क्वारेंटाइन सेंटर बनाया है, जिसमें ठहरे 11 लोगों को शुक्रवार की सुबह जांच के बाद घर भेजा गया। सभी लोग गुजरात, महाराष्ट्र, पलवल से 8 दिन पहले आए थे। स्वास्थ्य विभाग ने जांच के बाद क्वारेंटाइन कर पंचायत सरपंच व सचिव को जिम्मेदारी सौंपी। छुट्टी मिलने के बाद यह मजदूर जब अपने घर पहुंचे तो परिवार से मिलकर गदगद हो गए।
डॉ डॉ रामकिशोर सिंह भदौरिया और डॉ कोमल सिंह भदौरिया सभी लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग कर स्वस्थ्य प्रमाण पत्र दिया। क्वारेंटाइन में ठहरे लोगों ने बताया कि 8 दिन कब बीत गए पता ही नहीं चला, क्योंकि खाने पीने और ठहरने की सुविधाओं में किसी प्रकार की कमी नहीं थी। सरपंच सावित्रीदेवी ने लोगों को समझाते हुए कहा कि आप अपने घर पहुंचने के बाद भी विशेष सावधानी बरतें। अपने हाथ साबुन या सेनेटाइजर से दिन में कम से कम 6 बार धुलें। एक दूसरे से सामाजिक दूरी बनाए रखनी है यदि आपको या आपके परिवार को कभी भी कोई खांसी, जुकाम या सांस लेने में तकलीफ होती है तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें।



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11 people arrive home after 8 days from quarantine center




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पुणे से पत्नी और दो बच्चों के संग 1100 किमी बाइक से आया युवक, बैराड़ में पानी पीने रुका तो दूसरी बाइक ने मारी टक्कर, घर से 70 किमी पहले मौत

महाराष्ट्र के पुणे से पत्नी व दो बच्चों के संग बाइक से 1100 किमी का सफर तय कर सबलगढ़ निवासी युवक जीवनलाल शिवपुरी जिले के बैराड़ में पानी पीने के लिए सड़क किनारे कुछ देर रुका। गुरुवार की रात करीब 8.30 बजे स्थानीय युवक ने तेजी और लापरवाही से बाइक चलाते हुए जीवनलाल को टक्कर मार दी। हादसे में उसकी मौत हो गई है। घटना स्थल से उसका घर महज 70 किमी दूर रह गया था। वहीं बदरवास के नजदीक फोरलेन हाईवे पर ट्रक से टकराकर ऑटो पलट गया। ऑटो में सवार तीन दंपति घायल हो गए। हालांकि ऑटो में सवार छह बच्चों में से किसी को ज्यादा चोट नहीं आई है।
जीवनलाल (32) पुत्र लालपत प्रजापति निवासी ग्राम जावरोल तहसील सबलगढ़ जिला मुरैना अपनी पत्नी रोहिणी, बेटा कार्तिक (6) और दूसरे बेटे मोहित (3) के संग बाइक से पुणे से 7 मई गुरुवार की रात 8.30 बजे बैराड़ से 2 किमी पहले तक आ गया। यहां वह पानी पीने के लिए बाइक रोककर खड़ा हुआ, तभी एक युवक तेजी एवं लापरवाही से बाइक चलाते हुए आया और जीवनलाल को टक्कर मार दी। हादसे में जीवनलाल गंभीर रूप से घायल हो गया। पुणे से उसके साथ आए तीन-चार अन्य बाइक सवार साथी उसे जिला अस्पताल लेकर आ गए लेकिन डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना स्थल से मृतक जीवनलाल का गांव करीब 70 किमी दूरी पर रह गया था। घर पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। लॉक डाउन में काम बंद हो जाने की वजह से जीवनलाल अपनी पत्नी व बच्चों को लेकर घर वापस जा रहा था।

पुणे में टाइल्स बिछाने का काम करते थे: ज्ञान सिंह

  • जिला अस्पताल में जीवनलाल की मौत के बारे में उसकी पत्नी रोहिणी व दोनों बच्चों को नहीं बताया गया। रात में थके हारे बच्चों को रोहिणी ने शॉल बिछाकर ट्रॉमा सेंटर के अंदर फर्श पर सुला दिया। महिला ने अपने पति के बारे में पूछा तो बताया कि अभी इलाज चल रहा है। मृतक के माता व भाई शिवपुरी पहुंचे, तब महिला को पति की मौत का पता चला।
  • जीवनलाल के साथ ही पुणे से लौट रहे (रिश्ते में जीजा) ज्ञानसिंह प्रजापति निवासी जवेरा ने बताया कि वे पुणे में टाइल्स बिछाने का काम करते थे। लॉक डाउन खुलने के इंतजार में सारा राशन खत्म हो गया। थोड़े बहुत पैसे बचे तो पेट्रोल भरवाकर पत्नी-बच्चों को लेकर घर लौटना ही बेहतर समझा। हताश होकर ज्ञानसिंह ने कहा कि भूखों मरने से बेहतर है, फिर चाहे रास्ते में मरना लिखा है तो मर जाएंगे। उन्होंने बताया कि 5 मई की शाम पुणे से निकले थे।

शराब पिए था बाइक सवार, ग्रामीणों ने भगा दिया
बैराड़ के पास जिस बाइक सवार ने जीवनलाल को टक्कर मारी, वह शराब के नशे में था। ज्ञानसिंह ने बताया कि नशे की हालत में हमने बाइक सवार युवक को पकड़ लिया था लेकिन स्थानीय लोग आ गए। उन्होंने उस बाइक सवार को भगा दिया। हम जीवनलाल को लेकर अस्पताल लेकर चले आए।
इधर... हाईवे पर ट्रक से टकराकर ऑटो पलटा, अहमदाबाद से अंबाह लौट रहे 3 दंपति घायल

ऑटो क्रमांक जीजे 01 बीबी 6418 से तीन दंपति अपने छह बच्चों के संग अहमदाबाद से लौट रहे थे। बदरवास के नजदीक गुरुवार की रात 9 बजे ट्रक से टकराकर ऑटो कुल्हाड़ी गांव के पास पलट गया। हादसे में प्रेम सिंह पुत्र पातीराम कोली के पैर और हाथ में चोट आई है। नारायणी पत्नी प्रेम सिंह चोटिल हैं। रिंकू पुत्र पूरन सिंह कोली, बेबी पत्नी रिंकू कोली और निहाल पुत्र पातीराम व हेमलता पत्नी निहाल भी घायल हैं। हालांकि ऑटो में सवार 6 बच्चे सुरक्षित हैं। घायलों का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा था, तब सारे बच्चे अपने मम्मी-पापा को लेकर लाइन से बैठकर चिंतित और मायूस नजर आए। ऑटो से 5 मई की शाम अहमदाबाद से मुरैना जिले की अंबाह तहसील के गांव पाराशर की गढ़ी के लिए निकले थे।

बिना लाइट के डंपर ने बाइक सवार को टक्कर मारी, मौत
शिवपुरी|पोहरी-शिवपुरी रोड पर मारोरा गांव के पास गुरुवार की रात 8 से 9 बजे के बीच बिना लाइट के डंपर ने बाइक में टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार पंकज (24) पुत्र अमरसिंह यादव निवासी खेड़ापति कॉलोनी शिवपुरी की मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि मृतक फसल के पैसे लेने के लिए मौसी के घर जा रहा था। घर पर मां से कहा था कि रात हो गई तो अगले दिन लौटूंगा।



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Youth came from Pune with bike and 1100 km bike with wife and two children, stopped drinking water in Bairaad, second bike collided, 70 km before home




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जावद की जगह 18 किमी दूर केसरपुरा मेंं गेहूं खरीदी तौल केंद्र करने से किसानों में छाया रोष, नहीं जा रहे उपज बेचने

समर्थन मूल्य पर खरीदी से पहले प्रशासन द्वारा पंजीकृत किसानों की सुविधा के लिए गांव के पास जो केंद्र है उस पर उपज बेचने की सुविधा दी। लॉकडाउन के कारण किसानों को आवागमन में परेशानी नहीं हो इसलिए खरीदी केंद्रों की संख्या में बढ़ोतरी की। लेकिन जावद उपखंड क्षेत्र में सहकारी सोसायटी के अधिकारियों की मनमानी के कारण कई गांव के किसानों को उपज बेचने 15 से 20 किमी जाना पड़ रहा है। किसानों ने इस संबंध में अधिकारियों परेशानी बताई तो उन्होंने दो टूक कह दिया जहां केंद्र आया है वहीं पर उपज बेचने जाना होगा। उपज लेकर जाने में आर्थिक भार पड़ रहा है तो हम कुछ नहीं कर सकते। एक तरफ प्रदेश की सरकार किसानों को सुविधा दे रही है। दूसरी तरफ अधिकारी किसानों को सुविधा से दूर रहे हैं। जावद तहसील के सेगवा, बरखेड़ा कामलिय, पालराखेड़ा के किसानों ने भास्कर को बताई अपनी परेशानी।

खरीदी शुरू होने के पहले पता चला केंद्र बदल दिया

प्रतिवर्ष गांव से चार किमी दूर जावद में समर्थन मूल्य पर खरीदी केंद्र पर सुविधा अनुसार उपज ले जाकर तौल कराते थे। इस बार भी पंजीयन इसी केंद्र के हिसाब से करवाया था। लेकिन केंद्र बदल दिया और सेगवा के किसानों को उपज बेचने 18 किमी दूर केसरपुरा जाना पड़ रहा है। लॉकडाउन में हर इंसान परेशान है। ऊपर से केंद्र बंद कर दिया। मेरे 200 बीघा जमीन पर करीब 200 क्विंटल गेहूं हुआ। अब इतनी उपज केसरपुरा लेकर कैसे जाए। अधिकारियों की मनमानी के कारण अन्नदाता को परेशान किया जा रहा है।
शोभाराम धाकड़, सेगवा
किसानों की सहमति के बगैर तौल बदला केंद्र

बरखेड़ा कामलिया के किसानों को पहले तीन किमी दूर जावद में उपज बेचने जाना पड़ता था। इसी बार केसरपुरा केंद्र बना दिया। अब 17 किमी दूर उपज लेकर जाने में वाहन का भाड़ा, हम्माल को मजदूरी का अतिरिक्त भुगतान करने के साथ आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों की सहमति के बगैर ही अधिकारियों ने केंद्र बदल दिया। लाॅकडाउन के साथ गर्मी में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई किसान मैसेज मिलने के बाद भी उपज लेकर नहीं जा रहे हैं।
भूरालाल अहीर, बरखेड़ा कामलिया
इतनी दूर जाने के बजाय बाजार में ही बेच देंगे उपज

पालराखेड़ा से केसरपुरा की दूरी करीब 20 किमी है। इस बार गांव से चार किमी दूर जावद तहसील मुख्यालय काे केंद्र नहीं बनाया।इससे अच्छा ताे गांव के किसान 13 किमी दूर राजस्थान के निंबाहेड़ा में जाकर ही उपज बेचेंगे। अभी काेराेना पॉजिटिव लगातार बढ़ने के कारण वह हाॅटस्पाॅट बना हुआ है। वहां के हालात सुधरने में देर लगेगी ताे बाजार में ही व्यापारियों काे गेहूं बेच देंगे। केसरपुरा ताैल केंद्र पर जाने का आर्थिक भार नहीं उठा सकते। अधिकारियों ने किसानों की सहमति लिए बिना ही केंद्र बदल दिया। इससे भी राेष है।
भंवरसिंह चुंडावत, पालराखेड़ा

जावद में केसरपुरा के नाम सेही हाेती थी खरीदी
मार्केटिंग सोसायटी ने केसरपुरा में सरकारी वेयर हाउस हाेने से उसे ताैल केंद्र पहले ही बना रखा था। जावद में सरकारी गाेदाम नहीं था। यहां उपज खरीदी केसरपुरा के नाम से हाेती थी। जावद का ताैल केंद्र ताे बाद में स्वीकृत हुआ था। इसलिए जिन गांवाें के किसानों के पंजीयन केसरपुरा साेसायटी के नाम हुए उन्हें वहीं पर उपज लेकर जाना पड़ रहा है।
राकेश जैन, मैनेजर- मार्केटिंग सोसायटी, जावद
गेहूं ताैल केंद्र नया, किसान पंजीयन का आंकड़ा नहीं
केसरपुरा काे इसी वर्षा ताैल केंद्र बनाया है। नया केंद्र हाेने के कारण कितने किसानों का यहां पंजीयन हुआ इसकी जानकारी नहीं है। 15 अप्रैल से अब तक 233 किसानों से 8679 क्विंटल गेहूं खरीदा है।
ओम प्रकाश बोहरा, प्रभारी, ताैल केंद्र-केसरपुरा



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The farmers who were buying wheat at Kesarpura, 18 km away from Javad, are not going to sell their produce




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वेयर हाउस पर बने दो खरीदी केंद्र, रोज उपज लेकर पहुंच रहे 100 से ज्यादा ट्रैक्टर

नगर में परासली रोड स्थित डलमऊ वेयर हाउस पर विपणन सहकारी संस्था द्वारा दो खरीदी केंद्र बनाए हैं। एक खरीदी केंद्र पर 16 गांव और 600 किसान और दूसरे खरीदी केंद्र पर 13 गांव और 600 किसान प्रतिदिन प्रशासन द्वारा भेजे जा रहे मैसेज के आधार पर पहुंच रहे हैं। उपार्जन केंद्र एक पर 347 किसान 13314.962 क्विंटल गेहूं लेकर पहुंचे हैं। वहीं दूसरे उपार्जन केंद्र पर 239 किसान 10433 क्विंटल गेहूं लेकर गए है। सोसायटी द्वारा वेयर हाउस के भीतर 10 तौल- कांटे लगाए गए हैं। यहां राेज 100 से ज्यादा ट्रैक्टर उपज लेकर पहुंच रहे हैं। 1 घंटे के अंदर 10 ट्रैक्टरों का तौल हो रहा है। खरीदी केंद्र प्रभारी राजेंद्र मालवीय ने बताया सभी मजदूर व यहां आने वाले किसान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे हैं। छाया के लिए टेंट लगाया है। वहीं पुलिस की मुस्तैदी भी है।



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Two procurement centers built at warehouse, more than 100 tractors arriving daily with produce




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नीमच खंड का अफीम तौल 11 से, किसानों को पांच किमी दूर जाना होगा

नारकोटिक्स विभाग द्वारा प्रथम खंड नीमच के किसानों की अफीम का तौल सोमवार से शहर से पांच किमी दूर कनावटी रोड स्थित होटल के परिसर में किया जाएगा। इसके लिए विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। रविवार से संबंधित किसानों को सूचना भेजी जाएगी।
नीमच सहित मंदसौर, रतलाम जिले में अफीम तौल 6 मई से शुरू हो गया। नीमच शहर में 6 मई को एक साथ चार पॉजिटिव मरीज सामने आने पर प्रशासन द्वारा कर्फ्यू लगा दिया था। इस कारण नीमच खंड का तौल आगामी आदेश तक निरस्त कर दिया। जबकि मनासा व सिंगोली खंड में तौल जारी है। दो दिन बाद प्रशासन ने कर्फ्यू समाप्त कर दिया। नारकोटिक्स विभाग ने तौल की तैयारी शुरू कर दी। नारकोटिक्स कार्यालय परिसर में बनाए तौल केंद्र की जगह नए स्थान का चयन किया है। यह निर्णय किसानों, तौल कार्य में लगे स्टाफ व विभाग के अधिकारी, कर्मचारियों की सुरक्षा को देखते हुए लिया। अधिकारियों ने कनावटी रोड स्थित होटल मोटल परिसर को चिह्नित किया। डीएनसी द्वारा अनुमति दिए जाने के बाद अधिकारियों ने तौल की तैयारी शुरू कर दी। पहले दिन 50 किसानों को बुलाया जाएगा। अधिकारी तौल समय पर पूरा करवाने के लिए किसानों की संख्या बढ़ा सकते हैं। इस पर अंतिम निर्णय शनिवार तक लिया जाएगा। नीमच प्रथम खंड के 5614 किसानों से अफीम खरीदी होना है।

शहर से बाहर केंद्र के लिए जगह चयन कर तैयारी शुरू कर दी
शहर में पॉजिटिव मरीज की संख्या छह होने के बाद जिला प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से तौल केंद्र शहर से बाहर बनाने के लिए कहा था। कनावटी स्थित होटल का चयन किया है। जहां ताैल की तैयारी की जा रही है। सोमवार से दो पारी में 50-50 किसान बुलाएंगे जाएंगे। समय पर तौल पूरा करवाना है। इसलिए किसानों की संख्या बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है। इस पर अंतिम निर्णय अभी नहीं लिया है। पहले दिन की व्यवस्था देखने के बाद निर्णय लेंगे।
प्रमोदसिंह, डिप्टी कमिश्नर, नारकोटिक्स कार्यालय नीमच



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केंद्र की हर गतिविधियों की 10 कैमराें से हो रही निगरानी, 161 किसानों ने 1077 किलो अफीम सौंपी

नारकोटिक्स विभाग के द्वितीय खंड मनासा क्षेत्र के अफीम उत्पादक किसानों की अफीम का तौल अल्हेड़ रोड स्थित आस्था कॉलेज परिसर में चल रहा है। जहां की प्रत्येक गतिविधियों की 10 सीसीटीवी कैमरों से अधिकारी निगरानी कर रहे हैं। सुरक्षा में 1-4 का पुलिस स्टाफ लगा हुआ है। जिला अफीम अधिकारी के. मुरलीकृष्णन ने कहा कि तीसरे दिन शुक्रवार को 161 किसानों ने विभाग को 1077.210 किलो अफीम सौंपी। इनको 17.81 लाख रुपए का भुगतान किया। विभाग द्वारा अब किसानों की संख्या बढ़ाई जा रही है। शनिवार को रूपावास, पावटी, कोटड़ी गुजरत, सुंडी, कंजार्डा क्रमांक-2, डांगड़ी एवं सोजावास के करीब 153 किसानों को बुलाया है।
अच्छी क्वालिटी के आ रही अफीम- विभाग के अधिकारियों ने कहा कि अब तक किसानों से मिली अफीम की क्वालिटी अच्छी है। कुछ ही मात्रा में डब्ल्यूएम की आ रही है। किसानों ने कहा कि तौल केंद्र पर व्यवस्था बहुत अच्छी है। अफीम तौल होने के बाद जांच के लिए 50 ग्राम अफीम का सैंपल लिया जा रहा है। इससे किसानों को किसी तरह का नुकसान नहीं है।



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All the activities of the center are monitored by 10 cameras, 161 farmers handed over 1077 kg of opium




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1 साल बाद भी नहीं मिली सम्मान निधि

उनाव के दर्जन भर से अधिक किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लिए मोहताज बने हुए हैं। लगभग एक साल पहले इन किसानों ने लाभार्थियों की सूची में शामिल होने के लिए ऑनलाइन आवेदन जमा किए थे। साथ ही दस्तावेजों की सूची भी राजस्व विभाग के कर्मचारियों को उपलब्ध कराई गई थी। लेकिन एक साल के बाद भी इन लघु व सीमांत वर्ग के किसानों को सम्मान निधि की राशि नसीब नहीं हो सकी। जिससे कृषक वर्ग के लोगों को परेशानी हो रही है, यह लोग किसान सम्मान निधि के पैसे निकालने के लिए बैंक के चक्कर लगाने को विवश हो रहे हैं। जबकि किसानों से जुड़ी इस योजना में अभी तक अन्य किसानों को छठवीं किश्त का वितरण किया जा चुका है। यहां के किसान एक साल बाद भी पहली किस्त की बेसब्री से बाट जोह रहे हैं।
देश के पीएम नरेंद्र मोदी ने किसानो को लाभ पहुंचाने के लिए पिछले साल फरवरी 2019 में पीएम किसान निधि योजना की सौगात दी थी। यह योजना लघु व सीमांत वर्ग के किसानों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं थी। क्योंकि इस तबके के किसान खेती किसानी की लग्गत के समय आर्थिक तंगी के कारण साहूकारों से पैसे लेने व उधार खाद बीज उठाने के लिए विवश हो जाते थे। जिसकी भरपाई उन्हें मय ब्याज के साथ खरीफ व रबी फसलों की उपज बेचने के समय करनी पड़ती थी। किसान सम्मान निधि की बाट जोह रहे किसान राजेश शर्मा पुत्र धनीराम, महेश पंडा पुत्र बच्चीलाल पंडा व नबल चतुर्वेदी पुत्र स्वामी चतुर्वेदी का कहना है कि उन्होंने बीते साल जुलाई माह में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लिए आवेदन हल्का पटवारी को दिया था।
दस महीने में कई बार पटवारी का ध्यान भी इस समस्या के प्रति आकृष्ट भी कराया लेकिन नतीजा सिफर रहा। उन्हें आज भी इस योजना के तहत दर्जन भर से अधिक किसानों को पहली किश्त भी नसीब नहीं हो सकी है। इस संबंध में उनाव सर्किल की नायब तहसीलदार मोहिनी साहू का कहना है कि तहसील द्वारा बिल लगाए जा चुके हैं। जल्दी ही योजना से वंचित किसानों को सम्मान निधि प्राप्त हो जाएगी।



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स्कूल प्रबंधन ने 100 पीपीई किट सौंपी

कोरोना संक्रमण से बचाव में स्वास्थ्य विभाग, पुलिस सहित प्रशासन के अधिकारियों 24 घंटे ड्यूटी दे रहे हैं। इनको सामाजिक संगठनों द्वारा पीपीई किट उपलब्ध करवाई जा रही है। स्प्रिंग वुड स्कूल प्रबंधक राहुल पाल ने जिला प्रशासन को 100 पीपीई किट प्रदान की। इस पहल को कलेक्टर जितेंद्रसिंह राजे ने सराहा है और लोगों से सहयोग की अपील की है।



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School management handed over 100 PPE kits




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पुणे से पत्नी और दो बच्चों के संग 1100 किमी बाइक से आया युवक, बैराड़ में पानी पीने रुका तो दूसरी बाइक ने मारी टक्कर, घर से 70 किमी पहले मौत

महाराष्ट्र के पुणे से पत्नी व दो बच्चों के संग बाइक से 1100 किमी का सफर तय कर सबलगढ़ निवासी युवक जीवनलाल शिवपुरी जिले के बैराड़ में पानी पीने के लिए सड़क किनारे कुछ देर रुका। गुरुवार की रात करीब 8.30 बजे स्थानीय युवक ने तेजी और लापरवाही से बाइक चलाते हुए जीवनलाल को टक्कर मार दी। हादसे में उसकी मौत हो गई है। घटना स्थल से उसका घर महज 70 किमी दूर रह गया था। वहीं बदरवास के नजदीक फोरलेन हाईवे पर ट्रक से टकराकर ऑटो पलट गया। ऑटो में सवार तीन दंपति घायल हो गए। हालांकि ऑटो में सवार छह बच्चों में से किसी को ज्यादा चोट नहीं आई है।
जीवनलाल (32) पुत्र लालपत प्रजापति निवासी ग्राम जावरोल तहसील सबलगढ़ जिला मुरैना अपनी पत्नी रोहिणी, बेटा कार्तिक (6) और दूसरे बेटे मोहित (3) के संग बाइक से पुणे से 7 मई गुरुवार की रात 8.30 बजे बैराड़ से 2 किमी पहले तक आ गया। यहां वह पानी पीने के लिए बाइक रोककर खड़ा हुआ, तभी एक युवक तेजी एवं लापरवाही से बाइक चलाते हुए आया और जीवनलाल को टक्कर मार दी। हादसे में जीवनलाल गंभीर रूप से घायल हो गया। पुणे से उसके साथ आए तीन-चार अन्य बाइक सवार साथी उसे जिला अस्पताल लेकर आ गए लेकिन डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना स्थल से मृतक जीवनलाल का गांव करीब 70 किमी दूरी पर रह गया था। घर पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। लॉक डाउन में काम बंद हो जाने की वजह से जीवनलाल अपनी पत्नी व बच्चों को लेकर घर वापस जा रहा था।

पति की मौत से अनभिज्ञ पत्नी ने शॉल बिछाकर सुला दिए अपने थके हारे बच्चे

पुणे में टाइल्स बिछाने का काम करते थे: ज्ञान सिंह

जिला अस्पताल में जीवनलाल की मौत के बारे में उसकी पत्नी रोहिणी व दोनों बच्चों को नहीं बताया गया। रात में थके हारे बच्चों को रोहिणी ने शॉल बिछाकर ट्रॉमा सेंटर के अंदर फर्श पर सुला दिया। महिला ने अपने पति के बारे में पूछा तो बताया कि अभी इलाज चल रहा है। मृतक के माता व भाई शिवपुरी पहुंचे, तब महिला को पति की मौत का पता चला।
जीवनलाल के साथ ही पुणे से लौट रहे (रिश्ते में जीजा) ज्ञानसिंह प्रजापति निवासी जवेरा ने बताया कि वे पुणे में टाइल्स बिछाने का काम करते थे। लॉक डाउन खुलने के इंतजार में सारा राशन खत्म हो गया। थोड़े बहुत पैसे बचे तो पेट्रोल भरवाकर पत्नी-बच्चों को लेकर घर लौटना ही बेहतर समझा। हताश होकर ज्ञानसिंह ने कहा कि भूखों मरने से बेहतर है, फिर चाहे रास्ते में मरना लिखा है तो मर जाएंगे। उन्होंने बताया कि 5 मई की शाम पुणे से निकले थे।

शराब पिए था बाइक सवार, ग्रामीणों ने भगा दिया
बैराड़ के पास जिस बाइक सवार ने जीवनलाल को टक्कर मारी, वह शराब के नशे में था। ज्ञानसिंह ने बताया कि नशे की हालत में हमने बाइक सवार युवक को पकड़ लिया था लेकिन स्थानीय लोग आ गए। उन्होंने उस बाइक सवार को भगा दिया। हम जीवनलाल को लेकर अस्पताल लेकर चले आए।

इधर... हाईवे पर ट्रक से टकराकर ऑटो पलटा, अहमदाबाद से अंबाह लौट रहे 3 दंपति घायल


ऑटो क्रमांक जीजे 01 बीबी 6418 से तीन दंपति अपने छह बच्चों के संग अहमदाबाद से लौट रहे थे। बदरवास के नजदीक गुरुवार की रात 9 बजे ट्रक से टकराकर ऑटो कुल्हाड़ी गांव के पास पलट गया। हादसे में प्रेम सिंह पुत्र पातीराम कोली के पैर और हाथ में चोट आई है। नारायणी पत्नी प्रेम सिंह चोटिल हैं। रिंकू पुत्र पूरन सिंह कोली, बेबी पत्नी रिंकू कोली और निहाल पुत्र पातीराम व हेमलता पत्नी निहाल भी घायल हैं। हालांकि ऑटो में सवार 6 बच्चे सुरक्षित हैं। घायलों का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा था, तब सारे बच्चे अपने मम्मी-पापा को लेकर लाइन से बैठकर चिंतित और मायूस नजर आए। ऑटो से 5 मई की शाम अहमदाबाद से मुरैना जिले की अंबाह तहसील के गांव पाराशर की गढ़ी के लिए निकले थे।



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Youth came from Pune with bike and 1100 km bike with wife and two children, stopped drinking water in Bairaad, second bike collided, 70 km before home




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रेल हादसे में मृत मजदूर परिवारों को 1-1 करोड़ रुपए की दें सहायता राशि

जब मध्यप्रदेश आने के लिए प्रवासी मजदूरों को ट्रेन की आवश्यकता थी तब ट्रेन उनके ऊपर से गुजर गई। अब विडंबना है कि ट्रेन से ही उनके शवों को मध्यप्रदेश में लाया जा रहा है। मप्र के 16 मजदूरों की औरंगाबाद के निकट रेल दुघर्टना में हुई निर्मम मृत्यु पर विधायक दिलीपसिंह गुर्जर ने आक्रोश व संवेदना व्यक्त करते हुए मजदूर परिवारों को एक-एक करोड़ की आर्थिक सहायता देने की मांग की है।
विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के उस दावे की पोल उजागर हो गई है जिसमें उन्होंने मजदूरों को ससम्मान लाने की बात कही थी। विधायक ने औरंगाबाद में सरकार की बदइंतजामी के चलते असमय ही काल के गाल में समा गए 16 से अधिक श्रमिकों को मालगाडी द्वारा रौंदने की इस हृदयविदारक घटना पर गहरा दुःख प्रकट करते हुए मध्यप्रदेश सरकार की प्रवासी मजदूरों को प्रदेश में लाने की नीति पर आरोप लगाते हुए कहा कि विगत डेढ़ माह से मध्यप्रदेश के हजारों प्रवासी मजदूर देश के विभिन्न प्रांतों में फंसे हुए थे लेकिन उनकी सुध प्रदेश सरकार ने नहीं ली। जब प्रवासी मजदूरों के पास न तो खाने को बचा था और ना ही उनके पास आने-जाने के पैसे थे ऐसे में मजदूर पैदल ही अपने घरों की और पटरी किनारे चल दिए, जिन्हें मालगाडी ने दर्दनाक तरीके से रौंद दिया। गुर्जर ने कहा कि हमारे क्षेत्र में पूर्व में जो मजदूर आये वो 1100-1200 किलोमीटर पैदल चलकर मप्र की सीमा पर पहुंचे थे। वहां से बस में बैठाकर लाया गया था। प्रदेश सरकार ने गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, पंजाब आदि प्रदेशों में अन्य राज्यों में पीडित मजदूरों से संबंधित राज्य सरकारों से न तो संवाद स्थापित किया और
न ही मजदूरों से सम्पर्क किया जिसके के कारण पूरे देश में मध्यप्रदेश के मजदूरों की दुर्दशा हो रही है। विधायक गुर्जर ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि पीड़ित मजदूरों काे लाने के लिए कोई ठोस तंत्र बनाया जाएं। अन्य राज्यों से संवाद कर मजदूरों की सकुशल वापसी सुनिश्चित की जाएं।



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मृतक कई दिनों से बुखार से पीड़ित था, जांच कर 22 में से 12 को जिला अस्पताल लाए

भैंसदेही के सायगोहान गांव में बुखार के बाद आदिवासी मजदूर उपेंद्र पिता मनीराम लोखंडे की संदिग्ध मौत होने की जानकारी स्वास्थ्य और प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। आननफानन में सीएमएचओ ने जांच के लिए एक स्वास्थ्य टीम सायगोहान गांव भेजी तो खुलासा हुआ कि गांव में बड़ी संख्या में लोग बुखार से पीड़ित हैं, लेकिन वे अंधविश्वास के कारण केवल जल चढ़ाकर ठीक होने का प्रयास कर रहे हैं। वे जांच करवाने को तैयार नहीं थे आखिरकार में पुलिस बल की मदद से 22 ग्रामीणों की जांच की गई। 12 काे जिला अस्पताल रैफर किया है। हालांकि स्वास्थ्य अमला कोरोना और चिकनपॉक्स जैसी कोई बीमारी होने की बात से इनकार कर रहा है।
वहीं मृतक का अंतिम संस्कार कर दिए जाने से उसका सैंपल भी स्वास्थ्य विभाग नहीं ले पाया है। क्योंकि काेराेना संक्रमण काल में इस तरह की संदिग्ध मौत होने और गांव में कई लाेगाें काे बुखार आने के कारण मामला और संदिग्ध हो गया है। सीएमएचओ जीसी चौरसिया का कहना है कि जरूरत पड़ने पर सैंपल भी लिए जाएंगे। अभी ग्रामीणों में काेराेना जैसे लक्षण नहीं दिख रहे हैं।

राेंढा गांव की समिति में हम्माली करता था मृतक
भैंसदेही विकासखंड की ग्राम पंचायत झल्लार के सायगोहान गांव का मजदूर उपेंद्र पिता मनीराम लोखंडे (30) जाे कि ग्राम रोंढा की सहकारी समिति में हम्माली का काम करता था। जाे पिछले कुछ दिनों से बुखार होने के कारण घर पर ही था। शुक्रवार को उपेंद्र की मौत हो गई। जानकारी मिलते ही सीएमएचओ जीसी चौरसिया ने स्वास्थ्य अमले की टीम मौके पर भेजा। स्वास्थ्य केंद्र झल्लार के डॉ. तरुण शर्मा समेत, नायब तहसीलदार और पटवारी जब मौके पर पहुंचे तो गांव वालों ने इलाज करवाने से मना कर दिया। इसके बाद पुलिस बल बुलवाकर उन्हें इलाज के लिए तैयार करवाया और ग्रामीणों की जांच शुरू करवाई। डॉ. शर्मा ने बताया कि मृतक के परिजनों और ग्रामवासियों का कहना है कि उपेंद्र को लगभग 15 दिनों से चिकन पॉक्स जिसे ग्रामीण (माता रानी) भी कहते हैं, निकलने व बुखार के कारण बीमार था, लेकिन परिजनों ने उपेंद्र का इलाज नहीं करवाया, अब तक घर में ही पूजा करते रहे। अन्य की जांच की गई है।



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The deceased had been suffering from fever for several days, investigating 12 of the 22 brought to the district hospital




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एक्सीलेंस स्कूल का स्ट्रॉग रूम कंटेनमेंट एरिया में आया बोर्ड परीक्षा की 71 हजार उत्तरपुस्तिकाएं ताले में बंद

एक्सीलेंस स्कूल के कैंटोनमेंट दायरे में आने के बाद वहां बोर्ड परीक्षा की 71 हजार उत्तर पुस्तिकाएं के स्ट्रांग रूम में फंस गई हैं। शिक्षा विभाग के अफसरों के समक्ष संकट है कि कॉपियों का मूल्यांकन समय पर नहीं कराया गया तो हाईस्कूल व इंटर का रिजल्ट लेट हो सकता है।
काेरोना वायरस संक्रमण के 9 मरीज पॉजीटिव पाए जाने के बाद प्रशासन ने शहर के वार्ड 31,32 व 33 को कंटेनमेंट घोषित कर दिया है। इन वार्डों के तहत स्थित एक्सीलेंस हायर सेकंडरी स्कूल नं.1 के प्रवेश मार्ग को पुलिस ने बेरीकेड्स लगाकर बंद कर दिया है। इसके चलते स्कूल स्टाफ से लेकर बोर्ड परीक्षा कार्य में लगा स्टाफ दो दिन से स्कूल नहीं पहुंच पा रहा है। यहां तक कि शिक्षा विभाग के अफसर भी। इस हालात में एक्सीलेंस स्कूल के स्ट्रांग रूम से हाईस्कूल व इंटर की 71 हजार उत्तर पुस्तिकाओं को वहां से निकालकर परीक्षकों को बांटने का काम ठप हो गया है। जबकि दूसरे राउंड की उत्तर पुस्तिकाआें का वितरण 11 मई से परीक्षकों को किया जाना है। जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष चंद्र शर्मा का कहना है कि अभी 7 दिन तक तो कंटेनमेंट एरिया में प्रवेश कतई संभव नहीं है। इस कारण जब एक्सीलेंस स्कूल कैंपस में पहुंचना अलाऊ होगा उसके बाद हाईस्कूल इंटर की कॉपियों का वितरण संभव हो सकेगा। विकल्प यह भी है कि कलेक्टर विशेष अनुमति प्रदान करें तो एक गाड़ी भेजकर उत्तर पुस्तिकाओं को एक्सीलेंस स्कूल के स्ट्रांग रूम से निकालकर उसे किसी दूसरे स्थान से वितरण कराया जा सकता है।
अब तक 1.41 लाख कॉपियां का मूल्यांकन
मुरैना जिले में होम वैल्यूएशन के तहत अब तक एक लाख 41 हजार उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन हो चुका है। 10 हजार कॉपियों का मूल्यांकन और होने के बाद 10 मई तक डेढ़ लाख कॉपियों का मूल्यांकन हो जाएगा। दूसरे चरण की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन 15 मई से शुरू हो सकेगा। 17 मई को तीसरे चरण का लॉकडाउन समाप्त होने के बाद हाईस्कूल व इंटर की शेष प्रश्नपत्रों की परीक्षाएं कराई जाना संभव होगा। परीक्षाएं जून महीने के दूसरे सप्ताह में आयोजित हो सकेंगी।



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8-10 दिन और लाॅकडाउन का सख्ती से करें पालन, तभी कोरोना से जीत सकेंगे -कलेक्टर

बड़नगर भी काफी संवेदनशील केंद्र बन गया है। कोरोना की दृष्टि से देखे तो 41 केस आ चुके हैं। हालांकि अच्छी बात यह है कि वायरस का जो फैलाव है, वह तीन-चार परिवार तक ही सीमित है। यहां पर स्थानीय प्रशासन व डाॅक्टर की टीम ने अच्छे कार्य करके सभी को क्वारेंटाइन करा दिया था। कोरोना जांच के संबंध में उन्होंने कहा कि अब जांच रिपोर्ट 36 घंटे में मिल जाएगी। यह बातकलेक्टर आशीषसिंह ने गुरुवार को क्वारेंटाइन केंद्र के निरीक्षण पश्चात पत्रकारों से चर्चा में कही।
पत्रकारों द्वारा पूछे गए प्रश्न कर्फ्यू में ढील के मामले में आपने कहा कि आप सभी के सहयोग से हम उस मुकाम पर आ गए है कि कोरोना की जंग जीत सकते हैं। इसके लिए हमें 8-10 दिन तक सख्ती से कर्फ्यू का पालन करना होगा। कंटेनमेंट एरिया के साथ ही पूरे नगर में आशा व स्वास्थ्य विभाग के कार्यकर्ताओं से निरंतर सर्वे व स्क्रीनिंग का कार्य करवाया जाए। यह कार्य सतत जारी रहे। इससे जैसे ही कोई सर्दी, खांसी व सांस लेने में दिक्कत के मामला सामने आए तो डाक्टर को दिखाएं।
इसके पूर्व कलेक्टर सिंह ने तहसील परिसर में स्थानीय अधिकारियों की बैठक ली और कोरोना संक्रमण की चेन ब्रेक करने के लिए सुझाव भी लिए। कलेक्टर ने एसडीएम कार्यालय के सामने वकीलों के लिए बनाए शेड में बैठकर बैठक ली। वे यहां करीब 45 मिनट तक अफसरों से चर्चा करते रहे।
बैठक में एसडीएम एकता जायसवाल, तहसीलदार सुरेश नागर, बीएमओ प्रमोद अर्गल, मेडिकल ऑॅफिसर देवेंद्र स्वामी, सुयश श्रीवास्तव, थाना प्रभारी दिनेश प्रजापति, नगर पालिका सीएमओ कुलदीप किंशुक, महिला एवं बाल विकास के एके परिहार सहित अन्य विभाग के अधिकारी उपस्थित थे। कलेक्टर सिंह ने शहर के गुप्ता नर्सिंग होम, शिवाजी रोड कंटेंनमेंट एरिए का निरीक्षण किया। पश्चात इंद्रप्रस्थ क्वारेंटाइन केंद्र में वेद परिवार के विकास वेद व प्रितेश वेद से चर्चा की।
मेडिकल संचालक 24 घंटे दे रहे सेवा
माकड़ौन में एक मेडिकल स्टोर संचालक शैलेंंद्र रावल घंटे सेवा दे रहे हैं। माकड़ौन तहसील के तहत करीब 110 गांव लगते हैं। इन गांवों से आने वालों को मेडिकल संचालक द्वारा 24 घंटे दवा दी जा रही है। इससे सभी को राहत मिल रही है। इसमें प्रशासन का भी विशेष सहयोग मिल रहा है। पुलिस विभाग,औषधि निरीक्षक, उज्जैन केमिस्ट एसोसिएशन एवं तहसीलदार सपना शर्मा का भी विशेष सहयोग रहा। इसके कारण आज तक दवाई सप्लाई सुचारू रूप से हो रही है। मेडिकल पर 24 घंटे में पहुंचकर दवा ले सकता है। मेडिकल संचालक डॉक्टर की सलाह पर दवा देते हैं।



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8-10 days and strictly follow the lockdown, only then you will be able to win from Corona - Collector




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बैरिकेड्स के पास थूकने पर 1 हजार तथा लॉकडाउन में बाइक का उपयोग करने पर 500 का जुर्माना लगाया

कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए सरकार ने सार्वजनिक स्थानों पर थूकने पर भी जुर्माना करने का ऐलान किया है। शुक्रवार शाम को गंज पुलिस ने कंट्रोल रूम चौराहे पर बैरिकेड्स के पास थूकने पर कैफ पिता सलीम पटेल पर एक हजार का जुर्माना लगाया। वहीं लॉकडाउन में बाइक का उपयोग करने पर 500 रुपए का जुर्माना लगाया।



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लाइन क्लियर नहीं होने से श्रमिक स्पेशल बैतूल में रुकी, 19 मजदूर उतरे, 2 मजदूरों को घर और 17 को छिंदवाड़ा भिजवाया

दूसरे प्रदेशों में फंसे मजदूरों को लेकर जा रही श्रमिक स्पेशल ट्रेन बैतूल में शुक्रवार को 11 मिनट तक रुकी रही। यह ट्रेन हैदराबाद से जबलपुर जा रही थी। इसके पहले एक श्रमिक स्पेशल ट्रेन होने के कारण लाइन क्लियर नहीं होने से बैतूल स्टेशन पर यह ट्रेन रुकी। ताे बैतूल के 2 तथा छिंदवाड़ा के 17 मजदूर उतर गए। स्वास्थ्य परीक्षण करवाकर रेलवे ने 19 मजदूरों को जिला प्रशासन को साैंप दिया।

हैदराबाद से जबलपुर जाने वाली श्रमिक स्पेशल ट्रेन दोपहर को बैतूल पहुंची जाे 11 मिनट तक रुकी। ट्रेन से 19 मजदूर उतरे। आरपीएफ ने सिटी पुलिस तथा प्रशासन को यह जानकारी दी। आरपीएफ द्वारा पूछताछ में 17 मजदूरों ने छिंदवाड़ा तथा 2 मजदूर कलीराम इरपाचे भीमपुर ब्लॉक के बालू गांव तथा शर्मिला उइके आमला के दीपामांडई गांव का रहना बताया। तहसीलदार अंतोनिया इक्का, गंज टीआई संतोष पटेल मौके पर पहुंचे। भोजन कराने के बाद स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। इसके बाद 2 मजदूरों को बैतूल में ही जबकि 17 मजदूरों को प्रशासन ने बस से छिंदवाड़ा रवाना करवा दिया गया।

इधर, तेलंगाना से 29 मजदूरों को बस से लाए
तेलंगाना से भोपाल तक ट्रेन में आए बैतूल के 29 मजदूरों को भोपाल से बस के द्वारा बैतूल लाया गया। डिस्ट्रीक रजिस्ट्रार दिनेश कौशले ने बताया इनमें 11 घोड़ाडोंगरी, 11 दामजीपुरा अन्य मुलताई और आमला के मजदूर थे। इन मजदूरों का स्वास्थ्य परीक्षण के बाद बस से गांव तक पहुंचाया गया।



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Workers stopped in special Betul due to lack of line clearing, 19 laborers landed, 2 laborers were sent home and 17 sent to Chhindwara




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तेंदूपत्ता संग्रहण का काम 7 दिन बाद से, 11200 मानक बोरा संग्रहण का लक्ष्य

ब्लॉक में इस बार वनोपज तेंदूपत्ता संग्रहण का काम आगामी सप्ताह से शुरू हो जाएगा। शाहपुर भौंरा रेंज की 5 समितियों काे इस बार करीब 11 हजार 200 मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहण का लक्ष्य मिला है। जानकारी के अनुसार इस बार तेंदूपत्ता बहुत अच्छी क्वालिटी का है, पत्ता बड़ा भी है और बहुतायत में है। इससे संग्रहणकर्ताओं काे इस बार काफी लाभ हाेने की उम्मीद है।

दोनों रेंज में करीब 10 हजार संग्राहक
शाहपुर रेंज की दो समितियों में करीब 3800 औैर भौंरा रेंज की धार, डाबरी और धपाड़ा समितियों में करीब 6200 तेंदूपत्ता संग्राहक हैं। बीते साल भौंरा रेंज में 9 हजार 166 मानक बोरा पत्ता संग्रहण हुआ था। इस बार 7600 मानक बोरा संग्रहण का लक्ष्य है। शाहपुर रेंज में बीते साल लगभग 4 हजार 576 मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहण हुआ था। इस बार 3 हजार 600 मानक बोरा लक्ष्य है।

संग्राहकाें काे 3 कराेड़ का नकद हाेगा भुगतान
शाहपुर तहसील क्षेत्र के 10 हजार तेंदूपत्ता संग्राहकाेें काे तेंदूपत्ता से करीब 3 कराेड़ रुपए का नकद भुगतान वन विभाग तेंदूपत्ता खरीदी के दाैरान देगा। इससे 3 कराेड़ की अाय ग्रामीण संग्राहकाें काे हाेगी। इसके अलावा तेंदूपत्ता संग्रहण पर हाेने वाले लाभांश का भी वितरण वन विभाग के माध्यम से किया जाता है। वन विभाग इसकी खरीदी करता है।

महाराष्ट्र, राजस्थान, दक्षिण भारत में डिमांड
मप्र के जंगलाें में हाेने वाले तेंदूपत्ता की मांग महाराष्ट्र, राजस्थान, दक्षिण भारत में ज्यादा है। इस पत्ते का इस्तेमाल तंबाकू बनाने औैर बीड़ी उद्याेग में हाेता है। मप्र के जंगलों में तेंदूपत्ता बड़े पैमाने पर हाेता है। जबकि दूसरी जगह हाेेने वाले तेंदूपत्ता की ज्यादा पूछ परख नहीं हाेती है।



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लॉकडाउन में नमकीन बनाने और बेचने पर दुकान सील 

नमकीन व्यापारी द्वारा प्रशासन के आदेश एवं लॉकडाउन की अनदेखी करने पर दुकान सील करने की कार्रवाई की गई। नमकीन व्यापारी द्वारा प्रशासन द्वारा निर्धारित लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन करते हुए नमकीन का निर्माण कर बेचा जा रहा था। दूसरे कई नमकीन व्यापारी अपनी दुकानें बंद कर घर बैठे हुए हैं। नमकीन भी दूसरों की तुलना में अधिक कीमत में विक्रय किया जा रहा था। मामले में कांग्रेस नेता द्वारा एसडीएम गौरव बैनल को शिकायत की गई थी। इस पर एसडीएम बैनल के निर्देश पर नमकीन व्यापारी की दुकान आगामी आदेश तक सील की गई। वही आगामी आदेश तक किराना की दुकानों के अलावा अन्य कोई दुकान खुली पाए जाने पर सील करने की कार्रवाई की जाएगी।



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34 वैगन में भरी थी 2610 टन गैस, आग न लगे इसलिए बंद की स्टेशन की बिजली

एलपीजी गैस से भरे वैगन ले जा रही मालगाड़ी शुक्रवार को खंडवा जंक्शन पर रेलवे गुड्स गार्ड की सतर्कता से हादसे का शिकार होते-हाेते बच गई। 34 वैगन की मालगाड़ी में 2610 टन एलपीजी गैस भरी थी। इसके एक वैगन में लगभग 40 टन एलपीजी थी। जिससे लगभग 20 हजार घरेलू गैस सिलेंडर भर सकते हैं। इधर, स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-2 पर देर रात इंदौर पीथमपुर से पहुंचे गैस कंपनी के इंजीनियर लीकेज को ठीक करने में जुटे रहे।
कोंकण रेलवे के थोरूर डिपो से बकनिया भोपाल जा रही मालगाड़ी शाम 4.50 बजे खंडवा पहुंची। मालगाड़ी के पहुंचने पर जब स्टाफ बदला तो गार्ड आलोक द्विवेदी ने इंजन से वैगन का निरीक्षण शुरू किया। गार्ड को वैगन क्रमांक डब्ल्यूआर-4208961158 से गैस की महक व सीटी की आवाज सुनाई दी। गार्ड ने शाम 5.25 बजे मालगाड़ी के वैगन से लीक हो रही गैस की सूचना डिप्टी स्टेशन मैनेजर एसके शर्मा व एसके मंडल को दी। दोनों अधिकारियों ने तत्काल रेलवे कंट्रोल रूम को सूचना देकर शाम 6 बजे ओवर हेड लाइन सहित स्टेशन परिसर में बिजली की सप्लाई बंद कराई। अधिकारियों नए फुट ओवर ब्रिज पर लोगों की आवाजाही रोकने के लिए आरपीएफ-जीआरपी के जवान तैनात किए। इधर, स्टेशन पहुंची कलेक्टर तन्वी सुंद्रियाल, एसपी शिवदयाल सिंह ने स्टेशन मैनेजर जीएल मीणा, आरपीएफ टीआई महेंद्र कुमार खोजा, जीआरपी टीआई हेमंत श्रीवास्तव से स्टेशन परिसर की सुरक्षा पर चर्चा की। कलेक्टर ने अकोला से खंडवा आ रही 1400 मजदूरों की श्रमिक एक्सप्रेस के यात्रियों की सुरक्षा एवं मालगाड़ी से दूरी पर भी अधिकारियों से जानकारी ली।

गार्ड की सतर्कता से टला हादसा : मालगाड़ी की 12वीं वैगन के ढक्कन से लीक हो रही थी गैस, स्टाफ बदले के दौरान गार्ड ने सीटी की आवाज व गैस की गंध से पकड़ा लीकेज, टला हादसा

रात 10.30 बजे यार्ड ले गए मालगाड़ी को
रात 10.30 बजे मालगाड़ी को बैक कर यार्ड ले जाया गया। जहां पर उसकी रिपेयरिंग हुई। पीथमपुर से आई टीम ने रात करीब 1.05 बजे लीकेज रिपेयरिंग का काम पूरा किया। जल्द ही इस ट्रेन को रवाना किया जाएगा।

डरे लोग : स्टेशन से सटे सूरजकुंड कॉलोनी व मालीकुआं तक बदबू
प्लेटफार्म पर शाम 4.50 से खड़ी मालगाड़ी के वैगन से लीक हाे रही एलपीजी गैस की गंध सूरजकुंड कॉलोनी, मालीकुआं, रविंद्र नगर तक पहुंची। रात 10 बजे स्टेशन परिसर से लगे सूरजकुंड कॉलोनी में तो लोगों ने घर खाली करना शुरू कर दिए। वहीं मालीकुआं के लोगों ने गैस के गंध की शिकायत की।

सतर्कता : सुरक्षा के लिए बंद किए ओएचई की सप्लाई
गैस लीकेज से आग नहीं लगे इसके लिए इलेक्ट्रिक इंजन के लिए ट्रैक पर की जाने वाली ओएचई लाइन व स्टेशन परिसर में बिजली की सप्लाई बंद कर दी। लीक हो रहे वैगन की सुरक्षा के लिए आरपीएफ-जीआरपी के जवान तैनात रहे।
-जीएल मीणा, स्टेशन मैनेजर

वैगन से आ रही थी स्मैल व आवाज, तत्काल डिप्टी एसएस को सूचना दी
चार्ज लेने के बाद मालगाड़ी की सुरक्षा के लिए जब मैं और मेरे सहयोग नीलेश चवरिया वैगन की जांच कर रहे थे, तब हमें गैस की स्मैल व सिटी की आवाज आई। जब नए फुट ओवर के पास खड़ी वैगन के पास पहुंचे तो वहां स्मैल तेज हो गई। हमने वैगन की जांच की तो उसके ऊपर लगे ढक्कन के वाल्व से गैस लीक हो रही थी। हमने तुरंत इसकी सूचना डिप्टी एसएस कार्यालय में लिखित रूप में दी। जिसके बाद सुरक्षा के तहत ट्रैक के ऊपर ओएचई व स्टेशन परिसर में बिजली की सप्लाई बंद कर दी गई।



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3410 wagons were filled with 2610 tonnes of gas, so there was no fire.




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10 रक्तदाताओं का सम्मान

कोरोना संक्रमण के इस दौर में हर शख्स घरों में डरा-सहमा बैठा है। वहीं निवाणा के करीब 10 लोगों ने विपत्ति के इस दौर में जरूरतमंदों की सेवा के लिए जान-जोखिम में डालकर आगे बढ़ते हुए मंगलवार को चाैमू दुसाद ब्लड बैंक में रक्तदान किया। चौमू विधायक रामलाल शर्मा के नेतृत्व में मुकेश बाडीगर सहित 10 युवकों को सम्मानित किया गया।



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चरासड़ा : दो गुटों में संघर्ष, 12 से अधिक लोग घायल

थाना क्षेत्र के ग्राम चरासड़ा में मंगलवार सुबह जमीनी विवाद को लेकर एक ही परिवार के दो गुटों में हुए खूनी संघर्ष में एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए, जिनको यहां राजकीय अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जानकारी के अनुसार चरासड़ा गांव में जमीन को लेकर पुरानी रंजिश चल रही थी। इसी के चलते मंगलवार को एक ही परिवार के दो गुटों में हुए झगड़े ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। इसमें एक गुट के बारमल, हाथीमल, नवरतन, मुकेश, नारू, दयाल घायल हो गए। वहीं दूसरे गुट के जगमाल, वीरदाराम, सबकरण, सरदार, बनवारी व नाथू एवं बलदेव घायल हुए।



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