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बीते 24 घंटे में 42 नए केस; संक्रमितों की संख्या 74 पहुंची, चार नए हॉटस्पॉट को सील हुए 

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में तब्लीगी जमात और उनके संपर्क में आने वाले संक्रमितों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। बीते 24 घंटे के भीतर 43 नए कोरोना संक्रमण के मामले सामने आए। अब जिले में संक्रमितों की संख्या 74 पहुंच गई है। जिसमें से 7 मरीज डिस्चार्ज हो चुके हैं और एक की मौत हो चुकी है। एक साथ कई केस बढ़ने से जिला प्रशासन के साथ स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। कोरोना की चेन को तोड़ने के लिए शहर में चार नए हॉटस्पॉट बनाए गए। अब तक 17 हॉटस्पॉट को चिन्हित किया जा चुका है।

कानपुर में बढ़ रहा संक्रमण का ग्राफ

बीते 24 घंटे में गणेश शंकर विद्यार्थी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज (जीएसवीएम) ने कोविड-19 लैब से तीन रिपोर्ट जारी की गई। सोमवार को 17 नए पॉजिटिव केस की रिपोर्ट आई है। जबकि, इससे पहले रविवार को 14 लोग संक्रमित पाए गए। जिसमें कुलीबाजार के एक मदरसे के 7 छात्र शामिल थे। इसके साथ ही कुली बाजार के कर्नलगंज से 7 संक्रमित मिले थे। इन सभी को दोपहर को कोविड-19 अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसके बाद रविवार रात को दूसरी रिपोर्ट सामने आई, जिसमें 12 संक्रमितों की पुष्टि हुई। इस रिपोर्ट में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ। ग्वालटोली थाना के डीएस टॉवर में रहने वाली एक महिला संक्रमित पाई गई है। दरअसल यह महिला कोरोना संक्रमण से जान गंवाने वाले रेडीमेड कारोबारी की भांजी है। महिला पति के साथ रेडीमेड कारोबारी को अस्पताल देखने गई थी। स्वास्थ्य विभाग की टीम महिला और उसके पति की हिस्ट्री खंगलना शुरू कर दिया है। कर्नलगंज से पांच लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही जाजमऊ के अशरफाबाद मदरसे के 6 छात्र संक्रमित पाए गए हैं।

मदरसे में बिहार व झारखंड के बच्चे
इस मदरसे में बिहार और झारखंड के छात्र रह कर पढाई करते है। लॉकडाउन की वजह से 89 छात्र अपने घर नहीं जा पाए थे। दो दिन पहले मदरसे के छात्रों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई थी इसके बाद छात्रों के सैंपल लिए गए थे। मदरसे के 6 संक्रमित छात्रों को हैलट के कोविड-19 वार्ड में भर्ती कराया गया है। अभी मदरसे के और भी छात्रों की रिपोर्ट आना बाकी है। इस पूरे इलाके को हॉटस्पॉट घोषित कर दिया गया है।

ये नए चार हॉटस्पॉट सील हुए
शहर में अभी तक 13 हॉटस्पॉट थे। लेकिन कोरोना के नए मामले आने के बाद पुलिस प्रशासन ने चार नए हॉटस्पॉट एरिया घोषित किए हैं। जिसमें संक्रमितों के घरों को सेंटर प्वाईंट मानकर एक किलोमीटर के एरिया को सील किया गया है। नए हॉटस्पॉट में ग्वालटोली थाना क्षेत्र का डीएस टॉवर, चकेरी थाना क्षेत्र का जाजमऊ का अशरफाबाद मदरसा के आसपास का एरिया सील किया गया है। किदवई नगर थाना क्षेत्र का एचटू ब्लॉक व कर्नलगंज का तिकुनियापार्क का क्षेत्र सील किया गया है।

10 थाना क्षेत्रों में 13 मस्जिदों के आसपास का क्षेत्र सील
पहले से घोषित हॉटस्पॉट में चमनगंज और बेकनगंज थाना क्षेत्र में आने वाली हलीम प्राइमरी मस्जिद, कर्नलगंज और बजरिया थाना क्षेत्र की हुमांयू मस्जिद, अनवरगंज और बादशाहीनाका थाना क्षेत्र में आने वाली कुली बाजार की हाजी इनायत मस्जिद, शेख लल्लन मस्जिद व हाता वाली मस्जिद का इलाका आता है। नौबस्ता थाना क्षेत्र के मछरिया की खैर मस्जिद, नसीमाबाद मस्जिद व मदरसा इदायतुल्ला, बाबूपुरवा थाना क्षेत्र की सुफ्फा मस्जिद और मुशीपुरवा की बिलाल मस्जिद का इलाका शामिल है। घाटमपुर थाना क्षेत्र की कजियानी मस्जिद और रहमानिया मस्जिद, सजेती थाना क्षेत्र की बरीपाल बड़ी मस्जिद शामिल है। 10 थाना क्षेत्रों में आने वाली 13 मस्जिदों के एक किलोमीटर तक की सीमाओं को सील किया गया है।



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प्रशासन ने हॉटस्पॉट वाले क्षेत्रों में डोर-टू-डोर सर्वे शुरु किया है।




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पहले टीवी बंद कराया फिर रोक दी पानी की सप्लाई; होटल छोड़ने पर मजबूर हुए कोरोना वॉरियर्स 

भले ही कोरोना वॉरियर्स पर पुष्पवर्षा हो रही हो, लेकिन इससे इतर कुछ स्याह तस्वीरें भी हैं। ताजा मामला उत्तर प्रदेश के संभल जिले का है। यहां एक होटल में ठहरे सरकारी डॉक्टर व अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को होटल मानिक ने खाली करने पर मजबूर कर दिया। शनिवार रात पानी की आपूर्ति बंद कर दी गई। रविवार सुबह तक जब पानी नहीं मिला तो एक डॉक्टर ने होटल मालिक को फोन किया। जिसमें होटल मालिक ने स्थानीय लोगों, नेताओं के आक्रोश का हवाला देकर कहीं और जाने की सलाह दे दी। यह भी कहा- जंगल या मुख्य मार्ग के किनारे वाले किसी होटल में चले जाएं। मजबूरन डॉक्टरों ने होटल खाली कर दिया।

बिना नहाए ड्यूटी पर गए कर्मी

जिले के तीन डॉक्टरों और छह अन्य स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को संभल के आलमसराय के करीब एक होटल में 15 अप्रैल को प्रशासन ने ठहराने की व्यवस्था कराई थी। ये कोरोनोवायरस के उपचार में लगे हुए हैं। डॉक्टरों की मानें तो अगले दिन उनके कमरों की सफाई नहीं की गई थी और बाद में कमरों के टीवी भी बंद करा दिया गया। इसके बाद चिकित्साकर्मी ठहरे रहे। शनिवार की रात अचानक पानी खत्म हो गया। रविवार सुबह भी पानी की कोई व्यवस्था नहीं की गई। कई चिकित्साकर्मी बिना नहाए ड्यूटी पर चले गए।

अफसरों को बताया, फिर भी नहीं हुई होटल मालिक पर कार्रवाई

जो कर्मी ठहरे थे, उन लोगों ने होटन मालिक से संपर्क साधा। होटल मालिक ने बताया कि, आसपास के लोग इसका विरोध कर रहे हैं। इसलिए कहीं और ठहरने का इंतजाम कर लिया जाए। असुविधा की जानकारी अफसरों को दी गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। हालांकि, जब मामला डीएम के संज्ञान में आया तो उनके निर्देश पर सीएमओ डॉक्टर अमिता सिंह ने दूसरे होटल का इंतजाम किया है।



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होटल से बाहर निकले कोरोना वॉरियर्स।




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आईडी कार्ड दिखाया फिर भी महिला सफाईकर्मी व बेटे को पुलिस ने पीटा, साथियों में पनपा आक्रोश 

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में पुलिस कर्मियों ने बेटे के साथ ड्यूटी करने जा रही सफाईकर्मी महिला को पुलिस ने लॉकडाउन तोड़ने के आरोप में डंडे से पीट दिया। इससे अन्य सफाईकर्मी आक्रोशित हो गए। घायल महिला को हैलट अस्पताल में पहुंचाया गया। जहां उसका एक्सरे हुआ है। गुस्साए सफाई कर्मियों ने दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई न होने पर काम बंद करने की चेतवानी दी। सीएमओ नगर निगम प्रतिभा निरंजन शुक्ला भी मौके पहुंची। उन्होंने सफाई कर्मियों को समझाकर आगे कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया।

पनकी थाना इलाके का मामला

ये मामला पनकी इलाके का है। पीड़ित राजरानी ने बताया कि, वह ड्यूटी पर आ रही थी, तभी पुलिस ने रोक लिया। मैंने अपना कार्ड भी पुलिस को दिखाया। मगर पुलिस ने डंडे चला दिए और बेटे को भी जमकर पीटा। नगर निगम सुपरवाईजर उस्मान ने कहा- हम लोग भी देश सेवा कर रहे हैं। पीएम-सीएम हमें कोरोना योद्धा कहते हैं। लेकिन पुलिस हमें लाठी मरती है। इससे तो अच्छा है कि, हम काम ही बंद कर दें। लेकिन देश महामारी से परेशान है। देश सेवा को देखते हुए हम काम भी नहीं बंद कर सकते हैं। नगर निगम सीएमओ प्रतिभा निरंजन शुक्ला के कहा- मारपीट की घटना के बारें में अफसरों को अवगत कराया है। दोषियों पर कार्रवाई होगी।


पुलिस छिपे जमातियों पर रखा 10 हजार का इनाम
कानपुर में बीते 24 घंटे में 43 नए संक्रमित केस सामने आए हैं। यह सभी जमात या फिर जमातियों के संपर्क में आए हुए लोग हैं। शहर में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 74 पहुंच गई है। जिसमें से 7 संक्रमितों को कोविड-19 हॉस्पिटल से डिस्चार्ज किया जा चुका हैं। वहीं एक संक्रमित की मौत हो चुकी है। आईजी रेंज मोहित अग्रवाल ने बताया कि, संभावना है कि अभी भी तमाम जमाती छिपे हुए हैं। जो स्वयं के लिए खतरा हैं अपने परिवार व समाज को भी खतरे में डाल रहे हैं। इसलिए जनता से अपील की गई है कि वो ऐसे जमातियों के बारे में पुलिस को सूचना दें। सूचना देने को उत्साहवर्धन के लिए 10 हजार रुपए का इनाम दिया जाएगा। सूचना देने का नाम और पता गोपनीय रखा जाएगा।



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घायल बुजुर्ग सफाईकर्मी को साथियों ने हैलट पहुंचाया।




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कोरोना पर विजय के लिए वृंदावन में भगवान भोलेनाथ का अभिषेक; 21 देशों में लाइव प्रसारण, 1331 लोगों ने घर में अनुष्ठान किया

कोरोनावायरस के खिलाफ जंग में देश में लॉकडाउन है। ऐसे में मठ-मंदिरों के कपाट बंद हैं। इस बीच सोमवार को कान्हा की नगरी वृंदावन में कोरोना महामारी के सर्वनाश के लिए महाकाल भगवान भोलेनाथ की वैदिक पद्धति से अभिषेक कर पूजा अर्चना की गई। जिसे 21 से ज्यादा देशों में सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफाॅर्म के जरिए ऑनलाइन दिखाया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान में 1331 लोग जुड़े। लॉकडाउन के बीच लोगों ने घरों में रहकर पूजा अर्चना की। आयोजकों की मानें तो यह विश्व में पहली बार है जब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इतनी बड़ी संख्या में लोगों ने घर मे बैठकर रुद्राभिषेक किया है।

तीन घंटे चला अभिषेक कार्यक्रम

कोविड 19 से लड़ने के लिए हर कोई अपने अपने तरीके से प्रयासरत है। ऐसे में धर्म नगरी वृन्दावन के धर्माचार्यों ने एक अनोखी पहल की शुरुआत करते हुए ऑनलाइन पूजा शुरू की है। सोमवार को सोम प्रदोष के अवसर पर यहां के एक मन्दिर में भगवान शिव की पूजा की गई। यहां भगवान का शिव का रुद्राभिषेक आचार्य विष्णुकांत शास्त्री के निर्देशन में हुआ। इस रुद्राभिषेक से धर्माचार्यों ने 21 से ज्यादा देशों के 1331 लोग जुड़े। धर्माचार्य मृदुल कांत शास्त्री ने ऑनलाइन सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म जरिए लोगों से घर बैठे ही पूजा करायी। पूरे विधि विधान से करीब 3 घंटे तक चली इस पूजा में लोगों ने घर बैठे ही अपने परिवार के साथ अनुष्ठान किया।

कुछ इस तरह लोगों ने अपने अपने घरों में ही पूजा अर्चना।

लोगों ने घरों में की पूजा अर्चना

आचार्य मृदुल कांत शास्त्री ने कहा- महमत्र्युजय भगवान की अगर कृपा हो जाए तो निश्चित रूप से सारे विश्व में जो संकट छाया है, उसका विनाश होना है। विश्व के इतिहास में पहली बार हुआ कि श्री धाम वृन्दावन की भूमि से 1331 परिवारों ने पूरे विश्व में 21 से ज्यादा देशों में अपने अपने घरों में बैठकर लॉक डाउन का पालन करते हुए सोशल डिस्टेंसिंग रखते हुए विधि विधान से अभिषेक किया।



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भगवान भोलेनाथ के अभिषेक अनुष्ठान का हुआ लाइव प्रसारण।




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आबकारी महकमे ने छापा मारकर 1600 लीटर अवैध शराब पकड़ी, तस्कर फरार 

लॉकडाउन के बीच उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में शराब माफिया सक्रिय हो गए हैं। मंगलवार को रक्सा थाना क्षेत्र में आबकारी विभाग ने छापेमारी कर 1600 लीटर अवैध शराब पकड़ी है। मौके से शराब बनाने के उपकरण भी बरामद हुए हैं। हालांकि, आरोपी मौके से फरार हो गए। जिनकी तलाश में पुलिस टीमें जुटी हुई हैं।

शराब तस्करों को पकड़ने के लिए आबकारी विभाग ने छेड़ा अभियान

लॉक डाउन की वजह से शराब की दुकाने नहीं खुल रही हैं। जिसके चलते अवैध शराब का कारोबार फल-फूल रहा है। जनपद पुलिस को कई स्थानों से अवैध शराब की सप्लाई की सूचना आ रही थी। वहीं, अवैध कारोबार रोकने के लिए आबकारी व पुलिस ने अभियान छेड़ रखा है।ऐसी ही सूचना एक रक्सा थाना क्षेत्र से आई, जिसमें बताया गया कि यहां अवैध शराब का कारोबार हो रहा है।

सूचना पाकर सहायक उप आबकारी आयुक्त पीके मौर्या, जिला आबकारी अधिकारी प्रमोद गोयल, आबकारी निरीक्षक नगर शिशुपाल सिंह व रक्सा थानाध्यक्ष विजय पांडेय ने टीम के साथ दातारनगर कबूतरा डेरा में दबिश दी। पुलिस को देखकर सभी मौके से भगा निकले। यहां छिपाकर रखी गई 1600 लीटर अवैध शराब मिली। बरामद लहन को मौके पर ही नष्ट कराया गया। साथ ही, शराब बनाने के उपकरण व अन्य सामान पुलिस ने कब्जे में लिए। पुलिस ने अवैध कारोबारियों की तलाश शुरू कर दी है।

पुलिस टीम पर हमले करने वालों पर केस दर्ज

रक्सा थाना क्षेत्र के डेली गांव में रविवार रात जुआरियों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया था। पथराव कर सिपाही की कार तोड़ दी थी। इस दौरान शिवचरण नाम का एक राहगीर गंभीर रुप से घायल हुआ था। उसे जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। इस मामले में पुलिस ने 14 नामजद व 15 अज्ञात पर केस दर्ज किया है। सीओ सिटी संग्राम सिंह ने बताया कि, पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।



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आबकारी टीम ने बरामद लहन को नष्ट किया, भट्ठी भी तोड़ी गई।




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जौनपुर में भाजपा के 1 एमएलसी- 3 विधायक और 1 बसपा विधायक ने कोरोना से बचाव के लिए दी अपनी निधि वापस मांगी 

कोरोनावायरस (कोविड-19) को मात देने के लिए एक तरह जहां नेता-अभिनेता व समाजसेवी अपनी क्षमता के अनुसार दान दे रहे हैं, वहीं उत्तर प्रदेश के जौनपुर में हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां भाजपा के एमएलसी सहित चार विधायकों व बसपा की एक विधायक ने सीडीओ को पत्र लिखकर निधि की धनराशि का उपयोग करने से मना कर दिया है। बता दें कि, शासन ने एक साल की विधायक निधि स्थगित कर दी है।

अस्पतालों में उपकरणों के लिए दी थी धनराशि

सदर विधायक गिरीश चंद्र यादव व एमएलसी बृजेश सिंह प्रिंसू ने सीएमएस व जिला अस्पताल को निधि का पैसा आवंटित किया था, जबकि शेष आठ विधायकों ने अपने विधानसभा क्षेत्रों में सीएचसी पर उपकरण के लिए सीएमओ को राशि दी थी। वहीं, कोरोना संकट को देखते हुए सरकार ने विधायक निधि के साथ ही विधायकों के वेतन में 30 फीसदी कटौती का फरमान जारी किया था। इस आदेश के बाद पांच जनप्रतिनिधियों ने सीडीओ को पत्र भेजकर धनराशि खर्च न करने की बात कही है।

किस विधायक ने कितने दिए थे?

भाजपा एमएलसी विद्यासागर सोनकर ने एक करोड़, बदलापुर के भाजपा विधायक रमेश चंद्र मिश्रा ने 23 लाख, केराकत के भाजपा विधायक दिनेश चौधरी ने 10 लाख मुंगराबाद शाहपुर की बसपा विधायक सुषमा पटेल ने पांच लाख व जफराबाद के भाजपा विधायक डॉक्टर हरेंद्र प्रसाद सिंह ने 10 लाख रुपए दिए थे। फिलहाल सभी ने सीडीओ को पत्र भेजकर निधि की जारी धनराया के आदेश को निरस्त करने के लिए कहा है।

सीडीओ बोले- वापस दी गई धनराशि

मुख्य विकास अधिकारी अनुपम शुक्ल ने बुधवार को बताया कि बदलापुर, केराकत, मुंगराबादशाहपुर व जफराबाद क्षेत्रों के विधायकों ने पत्र भेजकर निधि से दिए गए रुपए वापस मांगा था। उन्होंने बताया कि पूर्व में दी गई धनराशि को वापस कर दी है।



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योगी सरकार ने सत्र 2020-21 की विधायक निधि स्थगित कर दी है। इसके बाद ही विधायकों ने पत्र लिखकर निधि का प्रयोग महामारी से बचाव पर खर्च करने के लिए पत्र जारी किया था। लेकिन अब वापस ले लिया है।




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25 की टीम पर 20 लीटर मिला पानी; नहाने के लिए एक वॉशरूम, वीडियो जारी कर डॉक्टर ने कहा- हमें पिकनिक नहीं, सुरक्षा तो मिले 

लॉकडाउन के बावजूद देश में कोरोना से संक्रमण के मामले बढ़ते जा रहे हैं। इससे हमारे कोरोना वॉरियर्स भी अछूते नहीं है। इस बीच रायबरेली जिले में 43 कोरोना संक्रमितों के इलाज में लगे डॉक्टरों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। यहां बछरावां में बने आइसोलेशन सेंटर के डॉक्टर ने बुधवार को वीडियो जारी किया। आरोप लगाया कि, उन्हें न तो सही भोजन दिया जा रहा न ही पर्याप्त पानी। 25 की टीम पर 20 लीटर पानी मिल रहा है। सेंटर का बाथरूम चोक है। एक बाथरूम में 25 लोगों को नहाना पड़ रहा है। पीपीई किट भी संक्रमण रोक पाने में अक्षम है। डॉक्टरों ने साफ कहा कि, वे यहां पिकनिक मनाने नहीं आए हैं। लेकिन हमें सुरक्षा तो जरूर चाहिए। यदि कोई एक पॉजिटिव हो गया तो पूरी टीम संक्रमित हो जाएगी। आरोप है कि, शिकायत करने के बाद भी सुविधाएं नहीं दी गई हैं।

उठाए सवाल- क्या हमें पॉजिटिव करने के लिए यहां भेजा गया
डाक्टर ने बताया कि सोने की व्यवस्था ऐसे दी गई है कि एक स्कूल है। जिसमे बड़े-बड़े क्लास रूम हैं और उसमें चार बेड लगाकर दे दिए गए हैं। इसके अलावा यहां तीन जेंट्स वाशरूम हैं, और तीनो चोक हैं। शिकायत पर एक सचल शौचालय बाहर खड़ा कर दिया गया है। नहाने के लिए बाथरूम नहीं है। रात भर लाइट नहीं थी, सुबह से नाश्ता पानी कुछ नहीं आया। पीने का पानी नहीं है। एक बॉटल पानी 20 लीटर का 11:30 बजे दिया गया। कहा गया कि, 25 लोगों के स्टाफ पर प्रतिदिन इतना ही दिया जाएगा।

लाल पॉलीथीन में खाने के पैकेट लपेट दिया जा रहा।

डॉक्टर ने सवाल उठाते हुए कहा- हम जानना चाहते हैं कि हम लोग अगर मरीज को देख रहे हैं तो क्या एक्टिव क्वारैंटाइन के लिए यही मानक हैं? प्रशासन क्या हम लोगों की लाइफ से खिलवाड़ करना चाहता है या वो चाहता है कि डाक्टर जाए ड्यूटी करें, पाजिटिव होंगे तो हम बाद में इलाज कर लेंगे।

खाने में सूखी रोटी व सब्जी।

डाक्टर ने कहा कि जब हम लोगों ने प्रशासन के सामने ये बात रखी तो कहा गया कि हम इससे ज्यादा कुछ नहीं कर सकते। यहां फर्श पर बड़े-बड़े गढ्ढे हैं। उसको छिपाने के लिए दरी बिछा दी गई है। इस पर सैनिटाइजेशन हो ही नहीं सकता। सेनेटाइजेशन के मानक हैं हर तीन घंटे में सैनिटाइज किया जाए। आज कुछ लोग बाहर और कुछ मोबाइल टायलेट में गए हैं। प्रिंसिपल का आफिस है। वहां एक बाथरूम है। जिसमे 25 लोग नहाते हैं। पीपीई किट पर्याप्त नहीं है। एक तो ये प्लास्टिक का नहीं झिल्ली दार है। चश्मे भी जो मिले हैं वो छोटे साइज के हैं। शू कवर छोटा दिया गया है।

जिस कमरे में डॉक्टरों को ठहराया गया है, उसका ये हाल।

सीडीओ ने खड़े किए हाथ: डॉक्टर का आरोप

डॉक्टर ने कहा- मंगलवार की रात में एक रेड कलर की झिल्ली में पूड़ी डालकर उसे बांध दिया गया था। उसी तरह रेड झिल्ली में पेपर में सब्जी बांध दी गई थी। सुबह से 11 बजे तक चाय नहीं मिली। किंग जार्ज मेडकिल यूनिवर्सिटी से जारी डाक्टरों के चार्ट का वन पर्सेंट भी फालो नहीं हो रहा है। हमें फाइव स्टार व्यवस्था नहीं चाहिए, हम अपनी सुरक्षा मांग रहे हैं, हम यहां पिकनिक मनाने नहीं आए हैं। डाक्टर ने कहा के जब हम लोगों ने सीडीओ अभिषेक गोयल से मांग की तो उन्होंने हाथ खड़े कर दिए। हालांकि इस मामले पर कोई अधिकारी अब कुछ बोलने को तैयार नहीं है।



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रायबरेली में कोरोना संक्रमितों का इलाज कर रहे डॉक्टर ने वीडियो जारी कर बयान की प्रशासनिक उदासीनता।




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ड्यूटी पर जा रहे स्वास्थ्यकर्मी को सिपाही ने पीटा, मामूला तूल पकड़ते देख फूलों का गुलदस्ता देकर मांगी माफी 

उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले में सीएचसी पर ड्यूटी करने जा रहे एक स्वास्थ्य कर्मी को पुलिसकर्मियों ने लॉकडाउन के उलंघन के आरोप में पीट दिया। जबकि, स्वास्थ्यकर्मी अपना पहचान पत्र आदि दिखाता रहा। इस घटना के बाद नाराज सहकर्मियों ने आरोपी पुलिसकर्मी पर कार्रवाई की मांग करते हुए कार्य बहिष्कार कर ऐलान कर दिया। सीएमओ को भी अवगत कराया गया। हालांकि, मामला बिगड़ता देख आरोपी सिपाही ने पीड़ित स्वास्थ्यकर्मी को फूल देकर माफी मांग ली। इसके बाद मामले का पटाक्षेप हो गया। हालांकि, इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।

मैनपुरी के कथोली गांव निवासी कन्हैया दुबे वर्तमान में सौरिख सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर आईएचआईपी (कम्प्यूटर ऑपरेटर) पद पर कार्यरत हैं और वह कैम्पस में ही रह रहते हैं। मंगलवार को कन्हैया ग्राम भारानगला में आशा सुमन से मिलकर वापस आ रहा था। आरोप है कि बेहटा के पास बैरिकेडिंग पर तैनात पुलिस कर्मी ने उसे रोक लिया। कन्हैया ने अपना परिचय देते हुए पहचान पत्र दिखाया। लेकिन उसकी एक नहीं सुनी गई और उसको पीटना शुरू कर दिया।

इसके बाद उसने अपने साथ हुए दुर्व्यवहार की जानकारी अपने चिकित्सा अधिकारी अजहर सिद्दीकी को दी। जिसपर स्वास्थ्य कर्मचारी घटनास्थल पर पहुंच कर उसे स्वास्थ्य केन्द्र ले आए और मामले की जानकरी सीएमओ कृष्ण स्वरुप को दी। सीएमओ ने मामले की जानकारी पुलिस अधीक्षक को दी और दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की बात रखी। हालांकि, सिपाही ने ऑपरेटर से माफी मांगी और फूलों का गुलदस्ता भेंट किया। एसडीएम गौरव शुक्ला ने बताया कि बैरियर पर कहासुनी हो गई थी। सिपाही के माफी मांगने पर ऑपरेटर ने माफ कर दिया।



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पुष्पगुच्छ देकर सिपाही अपनी करतूत पर हुआ शर्मिंदा।




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रोड पर फर्राटा भर रही लड़कियों को पुलिस ने रोका तो काटा हंगामा, सड़क पर फेंक दिया कागजात, गाड़ी का चालान 

कोरोनावायरस को मात देने के लिए तीन मई तक देश में लॉकडाउन है। लोगों के घरों से बाहर निकलने पर पाबंदी है। सिर्फ उन्हीं लोगों को बाहर निकलने की छूट हैं, जो इमरजेंसी सेवाओं से जुड़े हुए हैं। लेकिन कुछ लोग इसका उलंघन कर रहे हैं। कुछ ऐसा ही मामला बुधवार को राजधानी लखनऊ में देखने को मिला। यहां गौतमपल्ली थाना क्षेत्र में लोहिया पथ पर फर्राटा भर रही रईसजादी लड़कियों को पुलिस ने रोका तो उन्होंने जमकर हंगामा किया। लड़कियों ने गाड़ी के कागजात पुलिसवाले की तरफ फेंक दिया और गाड़ी से उतरकर सड़क पर बैठकर रोने लगीं। पुलिस ने गाड़ी का चालान कर दिया है।

दरअसल, बुधवार को गौतमपल्ली थाने की पुलिस लोहिया पथ पर बैरिकेडिंग कर आने जाने वाले वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी बीच एक कार आई तो पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया। गाड़ी में तीन लड़कियां बैठी थीं। जबकि, लॉकडाउन के बीच चौपहिया वाहनों पर सिर्फ दो लोगों के बैठने की अनुमति दी है। पुलिस ने लड़कियों से कागजात व पास मांगे। यह बात कार चला रही लड़की को इतना नागवार गुजरी कि, उसने कागजात पुलिसकर्मी की तरफ सड़क पर फेंक दिया और कहा कि, कर लो कागज चेक।

फिर गाड़ी से नीचे उतरकर काफी देर हंगामा किया। एक लड़की रोते राते बीच सड़क पर बैठ गई। हालांकि, पुलिसकर्मियों ने उसे वहां से गाड़ी में बैठने के लिए कहा। तब जाकर वह गाड़ी में बैठी। पुलिस का कहना है कि एक बैरियर पर पुलिस ने रोका था लेकिन वह बिना रुके फरार हो गई। जिसके बाद फोन पर सूचना के बाद अगले नाके पर लोहिया पथर पर पुलिस ने रोका। फिलहाल ट्रैफिक रुल के नियमों के तहत गाड़ी का चालान कर दिया गया और लड़कियों को जाने दिया गया।



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पुलिसकर्मी से बहस करती लड़की। इस बहसबाजी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।




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बेवजह घर निकले लोग तो पुलिस ने किसी को तपती सड़क पर लुढ़काया तो किसी ने एक-दूसरे का कान पकड़ लगाई उठक-बैठक 

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में गुरुवार को लॉकडाउन के बीच घरों से बेवजह बाहर निकलने वालों को पुलिस ने पकड़कर अनोखी सजा दी। पुलिस ने लॉकडाउन तोड़ने वालों को कड़ी धूप में रोड पर लुढ़कने का फरमान सुनाया। साथ ही एक-दूसरे के कान पकड़कर उठक बैठक कराई। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।

गुरुवार को कोविड-19 लैब से आई रिपार्ट में 11 लोग संक्रमित पाए गए हैं। शहर में संक्रमितो की संख्या 94 पहुंच गई है। हालांकि, राहत की बात है कि, इनमें सात लोगों को अस्पतालों से छुट्टी मिल चुकी है। जबकि, 2 संक्रमितों की मौत भी हुई है। शहर के 20 एरिया को हॉटस्पॉट घोषित किया जा चुके हैं। कोरोना का संक्रमण अब घनी अबादी वालों इलाकों में पैर पसार रहा है। इसके बावजूद लॉकडाउन तोड़कर लोग बड़ी संख्या में घरों से बाहर निकल रहे हैं।

गुरूवार को पनकी पुलिस ने लॉकडाउन तोड़ने वालों को तपती धूप में सड़क पर लेटाकर लुढ़ककर चलने की सजा दी। पुलिस ने बुजुर्गो और अधेड़ उम्र वालों के साथ तो कुछ रहम दिखाया। लेकिन बेवजह बाहर निकने वालों युवाओं को सड़क पर जमकर लुढ़काया। तपती धूप में सड़क भट्टी का काम कर रही थी। इसके साथ ही शहर के कई हिस्सों में पुलिस ने एक दूसरे के कान पकड़कर उठक बैठक कराई तो कहीं पर राहगीरों हाथ उपर कर खड़े रहने की सजा दी गई। बाइक पर सवार डबल सवारी घूम रहे युवकों पर पुलिस ने लाठियां भांजी।



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ये तस्वीर कानपुर में पनकी क्षेत्र की है। घर से बाहर निकले युवक को पुलिस ने धूप में तपती सड़क पर लुढ़कने की सजा दी।




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टेप बनाने वाली कंपनी में लगी आग, दमकल की 14 गाड़ियों ने हालात पर काबू पाया

दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा में मंगलवार की सुबह टेप बनाने वाली एक कंपनी में भीषण आग लग गई। मामला बादलपुर थाना क्षेत्र का है। आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई और आग को बुझाने में जुट गई। दमकल की 14 गाड़ियों ने करीब ढाई घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं है। लेकिन कंपनी में लाखों के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।

बादलपुर थाना क्षेत्र के अच्छेजा में टेप बनाने वाली हिंदुस्तान एडहैसिव लिमिटिड कंपनी है। मंगलवार की सुबह करीब आठ बजे कंपनी की बिल्डिंग से धुआं उठता दिखाई दिया। इसकी तत्काल सूचना इलाकाई पुलिस व दमकल विभाग को दी गई।

अग्निशमन अधिकारी अरुण कुमार ने बताया कि, सुबह आठ बजे आग लगने की सूचना मिली थी। उसके तुरंत बाद दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंची। लेकिन आग इतनी भीषण थी कि, काबू पाने में कठिनाई हो रही थी। जिस पर और गाड़ियां बुलाई गईं। 14 गाड़ियों ने करीब 2 से ढाई घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया है। लेकिन इस दौरान कंपनी में लाखों के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। उन्होंने बताया कि, आग लगने के कारणों की जांच होगी, तभी कुछ कहा जा सकता है। हालांकि, शार्ट सर्किट से आग लगने का अंदेशा जताया जा रहा है।



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टेप फैक्ट्री से उठता धुआं।




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काशी की आर्टिस्ट ने किचेन व मेकअप के सामानों से बनाई ज्ञान व विज्ञान के संगम की पेंटिंग; कोरोना वॉरियर्स को किया समर्पित   

कोरोनावायरस से दुनिया ठहर सी गई है। इस वैश्विक महामारी को मात देने के लिए लोग घरों में कैद हैं। ऐसे में लोग घरों में रहकर नए-नए क्रिएटिव काम कर रहे हैं। कुछ ऐसा ही अनूठा काम बलिया की रहने वाली नेहा सिंह ने किया है। उन्होंने अपने मेकअप किट व किचन के मसालों से एक पेंटिंग बनाई है। जिसमें उन्होंने ज्ञान और विज्ञान का संगम को दर्शाया है। पेंटिंग में एक तरफ वैदिक ज्ञान का जिक्र है तो दूसरी तरह आज के भगवान डॉक्टरों को दिखाया गया है। नेहा ने अपनी ये पेंटिंग डॉक्टरों, वैज्ञानिकों को समर्पित किया है।

बीएचयू में छूट गया था पेंटिंग का सामान

नेहा सिंह वर्तमान में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के वैदिक विज्ञान केन्द्र में अध्ययन कर रही हैं। कोरोना संकट काल में जब लॉकडाउन का ऐलान हुआ तो वे अपने घर बलिया चली गई थीं। पेंटिंग की सामग्री काशी में ही छूट गई थी। ऐसी परिस्थिति में नेहा ने इस बात को भी सिद्ध किया कि परिस्थिति कैसी भी हो, अभाव कितना भी हो, हुनर किसी का मोहताज नहीं होता है।

ज्ञान व विज्ञान का संगम।

इन सामानों से बनी पेंटिंग

इसके बाद नेहा ने किचेन के मसालों जैसे हल्दी, दालचीनी, लौंग, अदरख, मिर्च व मेकअप के सामान सिंदूर, लिपिस्टिक, क्रीम, पाऊडर से पेंटिंग बनाने का निर्णय लिया। उन्होंनेआधुनिक विज्ञान व वैदिक ज्ञान को आधार मानकर अपनी उंगलियां फेरना शुरू किया तो एक ऐसी कला ने मूर्तरूप लिया, जो खुद में बहुत कुछ बयां कर रही थी। नेहा ने कहा- आज आधुनिक विज्ञान कितना भी आगे चला गया हो, कहीं न कहीं उसकी जड़ें वैदिक ज्ञान से ही जुड़ी हैं। ईशावास्योपनिषद इस बात को और स्पष्ट करती है। इसी सोच विचार पर आधारित एक चित्रांकन को घर बैठकर किया है।

लिपिस्टिक का इस्तेमाल करतीं नेहा सिंह।

वेद विज्ञान एक साथ तभी कोरोना हारेगा

नेहा ने कहा- घरेलू सामानों से एक ऋषि एवं उनके बगल में बैठकर ज्ञान प्राप्त करते हुए एक आधुनिक वैज्ञानिक का चित्रांकन किया है। ऋषि, मुनियों और ऊपर वाले के आशीर्वाद से ही कोरोना का जंग जीता जा सकता है।वेद एवं विज्ञान जब एक साथ रहेंगे, तभी कोरोना हारेगा।

नेहा के नाम दर्ज है दो रिकार्ड

नेहा ने अपनी कला के माध्यम से दो रिकॉर्ड भी अपने नाम किए हैं। उन्होंने पहला रिकॉर्ड16 लाख मोतियों से 10×11 फुट का भारत का नक्शा बनाकर वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ इंडिया में नाम दर्ज कराया था। इसके बाद449 फीट कपड़े पर उंगलियों के निशान से 38417 डॉट डॉट करके हनुमान चालीसा लिख कर यूरेशिया वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करा चुकी हैं।



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बलिया की रहने वाली नेहा सिंह वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ इंडिया व यूरेशिया वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर चुकी हैं।




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लॉकडाउन का उल्लंघन और कोरोना योद्धाओं पर हमले करने वालों के खिलाफ सख्त कानून बनाएगी उत्तर प्रदेश सरकार, सात साल की जेल और पांच लाख रुपए तक होगा जुर्माना 

उत्तर प्रदेश सरकार लॉकडाउन का उल्लंघन करने और कोरोना योद्धाओं पर हमले करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए कड़े कानून बनाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदिनाथ ने इस संबंध में अपने वरिष्ठ अफसरों की टीम-11 से चर्चा की है। यहां पुराने एपीडेमिक एक्ट 1897 में संशोधन पर विचार किया जा रहा है। इसके तहत मेडिकल स्टाफ, पारा मेडिकल, क्लीनिंग स्टाफ और पुलिसकर्मियों समेत कोरोना वॉरियर्स की रक्षा के लिए कड़े कानून बनाए जाने की कवायद की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक कोरोना योद्धाओं पर हमले करने और उन पर थूकने जैसी घटनाओं को देखते हुए संशोधित कानून में सजा के कड़े प्रावधान किए जाएंगे।रिपोर्ट के अनुसार नए कानून को यूपी एपीडेमिक डिसीज कंट्रोल एक्ट 2020 के नाम से जाना जाएगा और इसे अध्यादेश के जरिये अमल में लाया जाएगा।

सख्त होगी सजा
सूत्रों के मुताबिक नए कानून में यह सजा का प्रावधान होगा कि जो भी क्वारेंटाइन या आइसोलेशन के दौरान भागेगा या फिर लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन करेगा उसे जेल के साथ जुर्माना भी लगाया जाएगा। वहीं कोरोना वॉरियर्स पर हमले करने वालों को सात साल की जेल और पांच लाख रुपए तक जुर्माना लगाया जा सकेगा।
केंद्र ने भी किया है संशोधन
हाल ही में केंद्र ने एपीडेमिक 1897 एक्ट में अध्यादेश के जरिए संशोधन किया है। इसके तहत कोरोना वॉरियर्स की रक्षा के लिए जेल और जुर्माने का प्रावधान किया गया है।



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यूपी में इस तरह लोगों ने अपने घरों की छतों से कोरोना योद्धाओं पर हमले किए थे। (फाइल फोटो)




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जौनपुर में 2 हादसे, 5 की मौत, इनमें चार एक ही परिवार के; महिलाओं के चीत्कार से गूंज उठा गांव  

उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में बुधवार को हुए दो हादसे में एक परिवार के चार लोगों समेत पांच की मौत हो गई। मृतकों में दो सगे भाई-बहन थे। एक साथ पांच मौतों से हर तरफ चीत्कार व क्रंदन की आवाज सुनाई दे रही थी। यह हादसा बरसठी थाना क्षेत्र सरसरा गांव का है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

बरसठी थाना क्षेत्र के सरसरा गांव निवासी ननकू सरोज के घरवाले पड़ोसी के मकान से सटी जमीन से बुधवार सुबह नींव खुदाई कर रहे थे। अचानक पड़ोसी के मकान की दीवार भरभराकर ढह गई। जिसमें ननकू का बेटा अखिलेश सरोज (24 वर्ष) व मजदूर पंकज बिंद (27 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गए। जबकि, बेटी कपूरा देवी (39 वर्ष) के पैर में चोट आई। परिजन अखिलेश व पंकज को बोलेरो पर लादकर दोनों को भदोही जिला अस्पताल ले गए।

जबकि, बहन कपूरा को परिवार के लक्ष्मीशंकर (26) व ऊषा देवी (35) बाइक पर बैठाकर मियांचक इलाज के लिए जा रहे थे। लेकिन रास्ते में विपरीत दिशा से आ रही सरकारी खाद्यान्न लदी पिकअप (यूपी 62 एटी 9913) ने बाइक को टक्कर मार दिया। जिससे तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।

उधर, दीवार के मलबे में दबकर घायल हुए अखिलेश व एक अन्य मजदूर पंकज बिंद (27) ने भी दम तोड़ दिया। पुलिस ने पांचों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। गांव में मातम का माहौल है।



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ये तस्वीर जौनपुर के बरसठी थाने की है। यहां शव पहुंचे तो महिलाओं के विलाप से पूरा थाना गूंज उठा।




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20 जून तक लागू रहेगी निषेधाज्ञा, नहीं कर पाएंगे सार्वजनिक कार्यक्रम 

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिला प्रशासन ने साफ किया है कि जिले में आगामी 20 जून तक निषेधाज्ञा लागू रहेगी और किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी जाएगी।
जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने गुरुवार को कहा कि बुद्धपूर्णिमा और ईद-उल-फितर मनाए जाने के अलावा नागरिक संशोधन अधिनियम के विरोध की आशंका के मद्देनजर जिले मे लोक व्यवस्था बनाए रखना बेहद जरूरी है।
जुलूस, मीटिंग, प्रदर्शन की नहीं होगी अनुमति
उन्होंने कहा, कोविड-19 कोरोना वायरस के संक्रमण की मौजूदा स्थिति को देखते हुए दंड प्रक्रिया संहिता की धारा-144 के अतंर्गत निषेधाज्ञा जारी की गई है, जो अगले माह 20 जून तक लागू रहेगी। निषेधाज्ञा की अवधि में कोई भी व्यक्ति किसी प्रकार का जुलूस, प्रदर्शन, मीटिंग या जनसभा बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के नहीं करेगा।
पांच या इससे अधिक व्यक्ति एक जगह नहीं एकत्रित होंगे
जिले में सभी प्रकार के सामाजिक, राजनैतिक, सांस्कृतिक, धार्मिक जुलूस, खेल संबंधी, व्यापारिक प्रदर्शनी, रैली तथा इस प्रकार के अन्य सभी कार्यक्रम प्रतिबन्धित रहेंगे। पांच या अधिक व्यक्ति समूह के रूप में एक स्थान पर एकत्रित नहीं होंगे। कोरोना संक्रमण के दृष्टिगत शवयात्रा में 20 व्यक्तियों से अधिक व्यक्ति सम्मिलित नही होंगे। रमजान के दौरान सामूहिक रूप से मस्जिदों/अन्य स्थलों पर नमाज अदा करना प्रतिबन्धित रहेगा।
प्रतिबंधित रहेंगे ये सामान ले जाना
कोई भी व्यक्ति किसी भी भवन पर ईंट, पत्थर के टुकड़ों को जमा नहीं करेगा, किसी भी स्थान पर गली या सड़क पर लाठी, डंडा, तलवार, भाला या आग्नेयास्त्र, विस्फोटक पदार्थ, तेजाब या अन्य चीज जो हथियार के रूप में प्रयोग की जाती हो या जिसमें जान-माल का नुकसान हो सकता है, स्वयं या किसी सवारी आदि में न ले जाएगा और न किसी को ले जाने के लिए प्रेरित करेगा। यह प्रतिबंध सिक्खों के परम्परागत कृपाण/भाला लेकर चलने पर लागू नहीं होगा।
अफवाह वाली पोस्ट पर होगी कार्रवाई
उन्होंने कहा, कोई भी व्यक्ति रेलवे प्रतिष्ठान, रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, शिक्षा संस्थान, दुकान, अथवा सार्वजनिक स्थल /प्रतिष्ठान को जबरदस्ती बंद नहीं कराएगा और न तोड़फोड़ करेगा और न ही किसी को ऐसा करने के लिए प्रेरित करेगा। कोई भी व्यक्ति इस अवधि में पड़ने वाले किसी पर्व के अवसर पर किसी नई परम्परा को कायम नहीं करेगा और न ही किसी को नई परम्परा कायम करने के लिए प्रेरित करेगा। सोशल मीडिया पर ग्रुप एडमिन का उत्तरदायित्व होगा कि ग्रुप से जुड़ा कोई भी व्यक्ति भड़काऊ अथवा अफवाह फैलाने संबंधित कोई पोस्ट नही करेगा। यदि कोई भी ऐसा पोस्ट करता है तो ग्रुप एडमिन उसे तत्काल डिलीट कराते हुए संबंधित व्यक्ति को ग्रुप से बाहर करेगा और स्थानीय पुलिस को सूचित करेगा।
संक्रमण की सूचना तत्काल देनी होगी
जिलाधिकारी ने कहा कि कोरोना वायरस से संक्रमित किसी भी व्यक्ति की जानकारी होने पर तत्काल इसकी सूचना चिकित्सा विभाग/हॉस्पिटल को दी जाएगी और संक्रमित व्यक्ति जांच/मेडिकल के लिए स्वयं उपस्थित होगा। किसी भी प्रकार से इस तथ्य को छुपाया नहीं जाएगा। इसका उल्लंघन भारतीय दंड संहिता की धारा 188, 269, 270 के अतंर्गत दण्डनीय अपराध होगा। हाॅटस्पाॅट क्षेत्रों में आम नागरिकों का आवागमन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। यहां कोई भी धार्मिक /सांस्कृतिक /राजनीतिक अथवा सार्वजनिक कोई भी आयोजन नहीं किया जाएगा।



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मुरादाबाद जिला अधिकारी कार्यालय (फाइल फोटो)




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मजदूरों को रोजगार दिया व भूखे बच्चों को दूध, कुछ ऐसा है इस कोरोना वॉरियर का आईडिया  

(रवि श्रीवास्तव).कोरोनावायरस को लेकर जारी लॉकडाउन में जरुरतमंदों की मदद करने वाले कोरोना वॉरियर्स की लंबी फेहरिस्त है। उनमें से ही एक लखनऊ के रहने वाले संजीव कुमार भी एक हैं। संजीव देश के लीडिंग सोशल एंटरप्रेन्योर्स में शामिल है और इन्हें अशोका फेलोशिप से सम्मानित किया जा चुका है। संजीव पिछले कई सालों से 'द गोट ट्रस्ट' नामक संस्था चला रहे हैं। वे कहते हैं, लॉकडाउन में कुछ दिन गुजारने के बाद लगा कि कुछ मुझे भी करना चाहिए। मैं तो घर में पेट भर खाना खा रहा हूं, लेकिन कुछ लोगों को वह भी नहीं मिल रहा होगा। इसके लिए मैंने अपनी टीम से बात की और फिर हमारा काम शुरू हो गया।

दूध खरीदकर बच्चों को पिलाने का उठाया बीड़ा

संजीव कुमार ने लॉकडाउन में भी कुछ करने के लिए सोचा तो बकरी को ही माध्यम बनाया। संजीव कुमार यूपी छोड़कर 16 राज्यों में सरकार के साथ काम कर रहे हैं। वह मूलतः बिहार के रहने वाले हैं। लेकिन पिछले कई वर्षों से लखनऊ में रह रहे हैं। फिलहाल लॉकडाउन के दौरान अपनी जेब से दूध खरीदकर बच्चों को पिलाने का खर्च उठा रहे हैं। उन्होंने यह मुहिम लॉकडाउन के दौरान शुरू की है।

बकरी का दूध निकालता पशुपालक।

संजीव कुमार अपनी टीम के साथ मिलकर लखनऊ से 30 किमी दूर 5 से 6 गांवों में बकरी पालकों से दूध लेते हैं और फिर आसपास के कुपोषित बच्चों को वही दूध मुफ्त पिलाते हैं। संजीव बताते हैं कि, बुजुर्गों को पता है कि बकरी का दूध बच्चों और बड़ों के लिए कितना फायदेमंद होता है। लेकिन इस भागती दौड़ती जिंदगी में यह कहीं पीछे छूट गया है। यही नहीं, बकरी पलने के और भी फायदे हैं। कभी आपको रूपए की इमरजेंसी पड़ती है तो आप बकरी बेचकर पैसे भी पा सकते हैं। जबकि आपकी जमीन तुरंत नहीं बिकेगी। उन्होंने बकरी के दूध के फायदे बताते हुए बताया कि इसमें शरीर के लिए जरूरी कार्बोहाइड्रेट, लिपिड, विटामिन, न्यूट्रीशन, आयरन इत्यादि मिलता है।

संजीव की टीम लखनऊ से सटे गांव बड़ा अनौरा, जामनशी, मदारपुर, अमराई और छोटा अनौरा के बकरी पालकों से दूध लेकर उसे डब्बों में बंद कर सामान ढोने वाली गाड़ियों से लेकर लखनऊ के फैजाबाद रोड स्थित गांव पर, जोकि चिनहट और देवा में स्थित है, वहां पहुंचाते हैं। संजीव बताते हैं कि मुश्किल तब आती है जब लॉकडाउन के दौरान हमें चेकिंग के लिए रोका जाता है। क्योंकि देर होने पर दूध खराब होने की समस्या रहती है।

दूध निकालने से लेकर उसकी पैकिंग में सफाई का विशेष ख्याल रखा जाता है।

कुपोषित श्रेणी के गांव को मुफ्त दूध वितरण के लिए चुना

संजीव ने बताया कि चिनहट के गोयला और ढाबा तकिया, जबकि बाराबंकी के देवा में प्रेम नगर, अचरीपुरवा और बड़ा ताल में अभी बच्चों के लिए दूध पहुंचा रहे हैं। इन गांव के बच्चे कुपोषित की श्रेणी में आते हैं। इसलिए हमने यह गांव चुना है। हमने शुरुआत 20 बच्चों से की थी जोकि अब 270 बच्चों से ज्यादा तक पहुंच गयी है। उन्होंने बताया कि हम बकरी पालकों से 50 रूपए लीटर दूध लेते हैं, जोकि 50 लीटर से ज्यादा होता है। फिर उसे बच्चों को एक एक गिलास बांटते हैं। इस एवज में बच्चों से कोई पैसा नहीं लिया जाता है।

संजीव कुमार।

दूध बेचकर कमाई हुई, बेटियों को मिल रहा मुफ्त दूध

मदारपुर के रामतेज बताते हैं कि, हमारे पास कभी कभार बकरी के दूध की मांग आती थी, लेकिन अब रोज 4 लीटर दूध जाता है और उसका हर हफ्ते 50 रूपए लीटर के हिसाब से पेमेंट हो जाता है। वहीं, बड़ा ताल गांव के रहने वाले अजय कुमार की दो बेटियां आकांक्षा और आंचल हैं। दोनों को ही बहुत पौष्टिक भोजन नहीं मिल पाता है। पिता मजदूरी करते हैं, जोकि लॉकडाउन के समय बंद है। ऐसे में यह दूध बच्चों के लिए अमृत सामान होता है। अजय बताते हैं कि लगभग 7 से 8 के बीच गाड़ी आ जाती है और बच्चे गिलास लेकर खड़े हो जाते हैं। इनका पेट भर जाता है तो सुकून मिल जाता है।



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लॉकडाउन में बच्चों की इम्युनिटी को बढ़ाने के लिए संजीव के द्वारा उन्हें बकरी का मुफ्त दूध पिलाया जा रहा है।




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डीपीएस इटावा के बच्चों ने लॉकडाउन में तैयार किया 'मुस्कुराएगा इंडिया' गीत; अपने-अपने घर रहकर किया अभिनय

हाल ही में कोरोनावायरस के विरुद्ध बॉलीवुड व खेल सितारों ने मुस्कुराएगा इंडिया गीत फिल्माया था। अब उसी गाने की तर्ज पर डीपीएस इटावा के बच्चों ने अपने घरों में ही रहकर कोरोना वॉरियर्स के उत्साहवर्द्धन के लिए मुस्कुराएगा इंडिया गीत गाकर समर्पित किया है। इस गाने को फिल्माने में सोशल डिस्टेंसिंग का बखूबी पालन किया गया। बच्चों ने अपने-अपने घरों से ही इस गाने के लिए अभिनय किया है।


कोरानावायरस बीमारी को देश से उखाड़ फेंकने की मुहिम में डीपीएस के बच्चों ने एक मिसाल कायम की है।देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्टे होम, स्टे सेफ (घर में रहें, सुरक्षित रहें) के सिद्धांत पर कोविड-19 के खिलाफ जंग में देशवासियों का सहयोग मांगा था। जिससे प्रेरित होकर डीपीएस इटावा के बच्चों ने इस जंग में लगे कोरोना वॉरियर्स (पुलिस, स्वास्थ्य, सफाई, प्रशासन व मीडिया कर्मियों) की हौसला अफजाई के लिए एक गीत तैयार किया।

खासबात यह कि इन बच्चों ने यह गीत लॉकडाउन का पालन करते हुए अपने घरों में रहकर ही तैयार किया है। इस गीत को डीपीएस के फेसबुक पेज पर न सिर्फ डेढ़ लाख से ज्यादा लोग देख चुके हैं, बल्कि प्रेरित होकर बहुत सारे लोग इसे शेयर भी कर चुके हैं।



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यह तस्वीर डीपीएस इटावा के एक छात्र की है। बच्चों द्वारा बनाए गए प्रेरणास्पद गीत में सभी आयु वर्ग के बच्चों ने सहभागिता की है।




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बहराइच में एक पुलिस चौकी का ‘इनचार्ज’ बना 14 साल का लड़का, लॉकडाउन नियमों का उल्लंघन नहीं करने की दे रहा समझाइश 

यहां एक पुलिस चौकीपर 14 साल का एक लड़का हाथ में डंडालेकर लोगों को यह समझा रहा है कि लॉकडाउन का उल्लंघन नहीं करें और फालतू घरों से नहीं निकलें। गमछा, रूमाल या फिर मास्क अपने चेहरे पर लगाएं और साबुन व सैनेटाइजर का बार-बार इस्तेमाल करें।

नियमों का उल्लंघन करने वालों को जेल भेजूंगा
सौम्या अग्रवाल बताते हैं, लॉकडाउन का पालन किया जाना चाहिए। यदि कोई लॉकडाउन नियमों का उल्लंघन करता है तो मैं इस पुलिस चौकीका ‘इनचार्ज’ हूं, मैं उसके खिलाफ केस रजिस्टर करूंगा और अपराधीको जेल भेजा जाएगा।

लोग मानते हैं सौम्य की अपील
मीठीपुरवा निवासी सौम्य की लीडरशिप क्वालिटी को देखकर पुलिस ने उसे यहां के थाने के‘इनचार्ज’ के रूप में पेश कियाहै। जब यह किशोर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कहे गए वाक्य दो गज दूरी बहुत जरूरी है को दोहराते हैं तो उसकी इस स्टाइल को यहां के लोग पसंद करते हैं और गंभीरता से लेते हैं।

सफल प्रयोग
पुलिस अधीक्षक विपिन मिश्रा कहते हैं, यह कम्युनिटी पुलिसिंग का जमाना है....हम नरमी बरत रहे हैं और अपने आपको लोगों को एक मददगारके रूप में भी बता रहे हैं। मोतीपुर पुलिस स्टेशन के एसएचओ जेपी शुक्ला कहते हैं, मीठीपुरवा पुलिस आउटपोस्ट के इनचार्ज अजय तिवारी को यह मालूम हुआ कि सौम्य पुलिस फोर्स ज्वाइन करना चाहता है तो उन्होंने यह प्रयोग किया। सौम्य को मीठीपुरवा पुलिस आउटपोस्ट का इनचार्ज घोषित किया गया था। अजय तिवारी की जगह सौम्य के साथ पुलिस टीम भेजी जाती है। अजय तिवारी ने कहा, प्रयोग सफल साबित हो रहा है और लोग लॉकडाउन नियमों का पालन कर रहे हैं।

लोग लॉकडाउन के महत्व को समझेंगे

बहराइच के सांसद अक्षयवर लाल इस प्रयोग की प्रशंसा करते हुए कहते हैं, इससे लोग लॉकडाउन के महत्व को समझेंगे। वे सौम्य की भी प्रशंसा करते हैं और उसे सलाह दी है कि वे अपना ख्याल भी रखें और अपनी पढ़ाई पर भी फोकस रखें। इससे वे पुलिस फोर्स में जाने के अपने सपने को पूरा कर सकेंगे।



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डेमो फोटो




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बुजुर्ग की मौत के तीन दिन बाद पॉजिटिव आई रिपोर्ट; दो संक्रमित प्रसूताओं का हुआ प्रसव, ऑपरेशन करने वाली टीम क्वारैंटाइन 

उद्योग नगरी कानपुर में रविवार रात तीन दिन पहले मृत बुजुर्ग महिला की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई। दरअसल, बादशाही नाका थाना क्षेत्र के रंजीतपुरवा निवासी 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला को बुखार और सांस लेने में दिक्कत थी। परिजनों ने उसे 29 अप्रैल को हैलट के न्यूरो साइंस कोविड-19 अस्पताल में भर्ती में कराया था। डाक्टरों ने अगले दिन 30 अप्रैल को महिला के सैंपल को जांच के लिए भेजा था। लेकिन उसकी दिन बुजुर्ग की मौत हो गई थी। मृतका का अंतिम संस्कार कोविड-19 प्रोटोकॉल के तहत मेडिकल टीम की निगरानी में हुआ था। मौत के तीसरे दिन आई रिपोर्ट में मृतका में संक्रमण की पुष्टि हुई है।

मृतकों की संख्या 5 पहुंची, अब तक 33 हॉटस्पॉट बने
मृतका के घर की तरफ जाने वाली सभी गलियों और रास्तों को बंद कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मृतका के परिजनों को घरों में रहने की सलाह दी है। सोमवार को परिजनों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जाएंगे और सभी को क्वारैंटाइन सेंटर भेजा जाएगा। महिला के घर के आसपास के एरिया को हॉटस्पॉट घोषित कर दिया गया है। शहर में 33 हॉटस्पॉट एरिया बनाए जा चुके हैं। जबकि, मृतकों की संख्या अब 5 पहुंच गई है।


दो संक्रमित महिलाओं का प्रसव
बीते 24 घंटे में केजीएमयू और जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की कोविड-19 लैब से आई रिपोर्ट में 18 लोग संक्रमित पाए गए। इसके साथ ही मरीजों का आंकड़ा 253 पहुंच गया है। जिसमें 19 मरीज डिस्चार्ज हो चुके हैं। शहर के डफरिन अस्पताल में भर्ती दो संक्रमित महिलाओं का ऑपरेशन कर सुरक्षित प्रसव कराया गया। प्रसव के बाद पूरे पैरामेडिकल स्टॉफ को क्वारैंटाइन कराया गया है। वहीं जच्चा-बच्चा दोनों ही सुरक्षित हैं। दोनों कुली बाजार हॉटस्पॉट एरिया की हैं। डॉक्टर रूचि जैन और कजली गुप्ता ने संक्रमित महिलाओं का प्रसव कराया। दोनों को आइसोलेश वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है।

जिन्हें बचाने के लिए किया पथराव, उनमें चार निकले संक्रमित
बीते 30 अप्रैल को बजरिया थाना क्षेत्र के हॉटस्पॉट एरिया जुगियाना मोहल्ले में एक कोरोना पॉजिटिव मरीज के परिजनों को क्वारैंटाइन कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीम पहुंची थी। इसी बीच स्थानीय लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया था। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 9 लोगों को क्वारैंटाइन कराकर उनकी सैंपलिंग कराई थी। रिपोर्ट आने पर 9 में से 4 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है।



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ये तस्वीर कानपुर के कुलीबाजार हॉटस्पॉट की है। यहां हर दिन नए रोगी सामने आ रहे हैं। प्रशासन यहां हर एक नागरिक की स्कैनिंग करा रहा है।




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आज आएंगी श्रमिक स्पेशल पांच ट्रेन, राज्य में 11 लाख के क्वारैंटाइन की व्यवस्था हुई 

प्रवासी श्रमिकों को उनके घरों तक पहुंचाने के लिए योगी सरकार जुटी है। आज गुजरात, महाराष्ट्र व कर्नाटक से पांच ट्रेनों का आवागमन होगा। इन ट्रेनों से आने वाले मजदूरों को 10 हजार बसों के जरिए उनके गृह जनपद तक छोड़ा जाएगा। सभी श्रमिकों एवं कामगारों की पहले क्वारैंटाइन सेंटर में हेल्थ चेकअप एवं मेडिकल स्क्रीनिंग होगी। इसके लिए पूरे प्रदेश में 50 हजार से अधिक मेडिकल टीमें लगाई गई हैं। अभी तक, सरकार द्वारा 11 लाख लोगों के क्वारैंटाइन सेंटर में ठहरने की व्यवस्था कर दी गई है। इन सभी को कम्युनिटी किचन के माध्यम से भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।

क्वारैंटाइन सेंटर्स की होगी जियो टैगिंग
राज्य के अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने बताया कि, प्रदेश के सभी कम्युनिटी किचन पहले से ही जियो टैग्ड हैं। सभी क्वारैंटाइन सेंटर्स को भी जियो टैग करने के निर्देश दे दिए गए हैं।जियो टैग होने से इन सभी सेंटर्स की निगरानी, राहत कंट्रोल रूम, लखनऊ से की जा सकेगी। यदि किसी जिले के क्वॉरेंटाइन सेंटर में श्रमिकों में कोरोना के लक्षण पाए जाते हैं तो उन्हें वहीं उपचार हेतु भर्ती किया जाएगा। क्वारैंटाइन सेंटर में किए गए टेस्ट के उपरांत जिन श्रमिकों में कोई लक्षण नहीं पाए जाएंगे, उनको होम क्वारंटाइन में भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि आगरा, लखनऊ, मेरठ, कानपुर, मुरादाबाद में अधिकरी लगातार कामों की समीक्षा करें।भारत सरकार की गाइडलाइन को पूरी तरह से पालन किया जाए।

64 जिलों में 2743 संक्रमित मिले
स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव अमित मोहन प्रसाद ने कहा- 64 जिलों में कोरोना का संक्रमण अपने पैर पसार चुका है। अब तक 2742 संक्रमित मिल चुके हैं। इनमें से 758 डिस्चार्ज किए गए हैं। बताया कि, 289 पूल टेट रविवार को हुए हैं। 3328 सैंपल टेस्ट के लिए भेजे गए। जबकि, 4021 कुल टेस्ट हुए हैं। अब तक प्रदेश में 90,821 टेस्ट हो चुके हैं। 50193 टीमों ने प्रदेश में 43,56,923 घरों का सर्विलांस किया है। जिससे 2,16,78,495 जनसंख्या को कवर किया गया है। 11049 मरीज क्वारैंटाइन सेंटर में भर्ती हैं।




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अवनीश अवस्थी ने कहा- आगरा, लखनऊ, मेरठ, कानपुर, मुरादाबाद में सघन मॉनिटरिंग के लिए सीएम योगी ने अफसरों को निर्देश दिए हैं।




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नशेबाज दबंग ने दिव्यांग को गोली मारकर हत्या की, ग्रामीणों ने आरोपी की पिटाई करने के बाद पुलिस को सौंपा  

उत्तर प्रदेश के कानपुर में सोमवार देर शाम एक दंबग ने नशे की हालत में पहले तो गांव के एक दिव्यांग पहले रास्ता रोका और विरोध करने पर देशी तमंचे से गोली मारकर हत्या कर दी। दिव्यांग की हत्या से पूरे गांव में तनाव की स्थित बन गई। ग्रामीणों ने आरोपी को पकड़कर जमकर पीटा। हत्या की सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह से आरोपी को ग्रामीणों के चुंगल से छुड़ाया। दरअसल दिव्यांग ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। इसके बाद भी ग्रामीण उसे अस्पताल ले गए जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया ।

पुलिस के मुताबिक, बिल्हौर थाना क्षेत्र के निबौरी गांव में रहने वाले शंभूदयाल वर्मा के पांच बेटे है। दूसरे नंबर का सुशील वर्मा (33) एक पैर से दिव्यांग था। बीते सोमवार को सुशील पड़ोस के गांव से ट्रैक्टर से तरबूज लेकर लौट रहा था। दरअसल मंगलवार को तरबूज बाजार में बेचना था। सुशील जैसे ही गांव पहुंचा तो उसे नशे में धुत किशनपाल मिल गया। किशनपाल ने ट्रैक्टर को रोक लिया और गाली गलौज करने लगा। ट्रैक्टर चला रहे प्रांशू और सुशील ने इसका विरोध किया तो भागते हुए घर के अंदर गया और तमंचा ले आया।

प्रांशू तो मौके से भाग गया लेकिन दिव्यांग होने की वजह से सुशील मौके से नहीं भाग पाया। किशनपाल ने दिव्यांग के सीने पर तमंचा सटाकर मार फायर कर दिया। सुशील लहुलुहान होकर मौके पर गिर पड़ा। कुछ ही देर में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। ग्रामीण दिव्यांग को लेकर हैलट अस्पताल पहुंचे जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

सुबह से ही शराब के नशे में था आरोपी

ग्रामीणों ने बताया कि लॉकडाउन की वजह से सभी शराब की दुकाने बंद थी। 40 दिनों बाद जब शराब की दुकानें खुली तो गांव का किशनपाल सुबह से ही शराब पी रहा था। नशे में धुत किशनपाल कह रहा था कि मैं ट्रैक्टर यहां से नहीं निकलने दूंगा। जबकि सुशील का कहना था कि यह आम रास्ता नहीं है। यहां से ट्रैक्टर नहीं जाएगा तो फिर कहां से जाएगा ।

बिल्हौर थानाध्क्षय संतोष अवस्थी के मुताबिक आरोपी पुलिस हिरासत में है। जिस हथियार से वारदात को अंजाम दिया गया है उसे भी बरामद कर लिया गया है । मृतक के परिजनों की तहरीर पर विधिक कार्रवाई की जा रही है ।



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कानपुर में नशे की हालत में एक दबंग ने दिव्यांग को गोली मार दी। आनन फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया जहां उसकी मौत हो गई।




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मज़दूरों के रेल किराए को लेकर राजनीति तेज, मायावती ने कहा- जब सरकारें हो जाएंगी नाकाम तो बसपा करेगी थोड़ा योगदान 

कोरोनावायरस के चलते देश भर में जारी लॉकडाउन का तीसरा चरण जारी है। इस दौरान देश के विभिन्न राज्यों में अटके दूसरे राज्यों के श्रमिकों को घर वापस लाने के लिए रेलवे श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चला रहा है। लेकिन अब ट्रेन के किराए को लेकर राजनीति भी शुरू हो चुकी है। बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने मंगलवार को कहा कि श्रमिकों से ट्रेनों और बसों का किराया देने में यदि सभी सरकारें नाकाम साबित हो जाएंगी तब बसपा इसमें थोड़ा योगदान जरूर देगी।

बसपा सुप्रीमों ने मज़दूरों के किराए को लेकर मंगलवार को दो टि्वट किए। मायावती ने कहा- यह अति-दुर्भाग्यपूर्ण है कि केन्द्र व राज्य सरकारें प्रवासी मज़दूरों को ट्रेनों व बसों आदि से भेजने के लिए, उनसे किराया भी वसूल रही हैं। सभी सरकारें यह स्पष्ट करें कि वे उन्हें भेजने के लिए किराया नहीं दे पाएंगी।

बसपा सुप्रीमो ने आगे लिखा- ऐसी स्थिति में बी.एस.पी. का यह भी कहना है यदि सरकारें प्रवासी मज़दूरों का किराया देने में आनाकानी करती है तो फिर बसपा अपने सामर्थवान लोगों से मदद लेकर, उनके भेजने की व्यवस्था करने में अपना थोड़ा योगदान जरूर करेगी।

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी रेल किराए को लेकर कसा तंज

इससे पहले सोमवार को कांग्रेस ने रेल का पूरा किराया देने की बात कही थी। इस पर आज केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह चुटकी लेते हुए कहा कि मजदूरों के रेल किराए का 85% केंद्र देगा और 15% राज्य, बाकी कांग्रेस देगी। गिरिराज सिंह ने मशहूर फिल्म शोले के उस सीन को ट्विटर पर पेश किया है। जिसमें असरानी आधे सिपाहियों को एक ओर और आधे को दूसरी तथा बाकी को अपने पीछे आने को कह रहे हैं। इसी तस्वीर पर लिखा गया है कि 85% केंद्र देगा और 15% राज्य, बाकी कांग्रेस देगी।

Good one ..बाक़ी के कांग्रेस देगी । pic.twitter.com/sR1O4EjUMz

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दरअसल सोमवार को ही भारतीय रेलवे की ओर से कहा गया था कि मजदूरों को किराया नहीं देना होगा, उनका 85 फीसदी खर्च रेलवे उठाएगी और 15 फीसदी राज्य उठाएंगे। श्रमिकों को वापस लाने के लिए शनिवार से शुरू हुई रेलवे की कवायद सोमवार को किराए के झमेले में फंस गई है। मज़दूरों से रेल किराया वसूले जाने की खबरों के बीच कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी का बयान सामने आया था कि कांग्रेस की राज्य कमेटियां वापस आए मज़दूरों का पूरा पैसा देंगी।



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बसपा सुप्रीमों ने मज़दूरों के किराए को लेकर मंगलवार को दो टि्वट किए। मायावती ने कहा- यह अति-दुर्भाग्यपूर्ण है




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श्रमिकों से किराया लिए जाने के आरोप के बीच योगी ने कहा- जो लोग ग़रीबों का रुपए हड़प जाते थे, आज वो लोग बौखला गए हैं 

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गैर राज्यों से आ रहे मज़दूरों के किराए को लेकर हो रही सियासत को लेकर विरोधी दलों पर निशाना साधते हुए मंगलवार को कहा कि देश इस समय बेहद संकट के दौर से गुजर रहा है, ऐसे में भी कुछ लोग राजनीति से बाज नहीं आ रहे। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। योगी ने कहा कि प्रदेश सरकार इस समय बिना भेदभाव के सबके साथ खड़ी है। सभी कामगारों को वाहनों से उनके घर पहुंचाया जा रहा है। इसपर राजनीति करने वालों को जनता जरूर जवाब देगी।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संकट की इस घड़ी में सरकार इतना कुछ कर रही है, फिर भी कुछ दल हर मुद्दे पर राजनीति करने का प्रयास कर रहे हैं। जो ग़रीबों का रुपये हड़प जाते थे, आज वह लोग बौखलाकर कर रहे राजनीति। अब तो इनके नकारात्मक रवैये का जवाब जनता स्वयं देगी।

विरोधी दल कोरोना के खिलाफ लड़ाई कमजोर कर रहे हैं- योगी

योगी आदित्यनाथ ने आपात काल में निजी स्वार्थ की राजनीति करने वालों की घोर निंदा की है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमारे विरोधी दल कोरोना के खिलाफ देश की इस लड़ाई को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। कहा कि पहली बार देश के अंदर आपदा के समय में गरीबों, मजदूरों, महिलाओं, निराश्रितों के लिए एक लाख 70 हजार करोड़ के रूप में एक बड़ी राहत पीएम गरीब कल्याण पैकेज के रूप में घोषित हुई।

कहा- मजदूर, गरीब व कामगारों पर तो जरा भी राजनीति नहीं होनी चाहिए। देश में यह पहली बार हो रहा है कि आपदा के समय एक बड़ा राहत पैकेज प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत घोषित हुआ। जो लोग अपने शासन काल में गरीब तथा महिलाओं का कल्याणकारी योजनाओं का पैसा हड़प जाते थे, वह तो कुछ भी बोलने के काबिल नहीं है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज जब पैसा उन गरीबों के खाते में पहुंच रहा है तो उनकी बौखलाहट बिल्कुल स्पष्ट दिखाई देती है।

योगी ने दिया प्रदेश सरकार के कामों का ब्यौरा

प्रदेश सरकार के कामों का ब्यौरा देते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में 2 करोड़ 34 लाख किसानों के खाते में दो-दो हजार रुपया की पहली किस्त अप्रैल में और दूसरी किस्त इसी माह भेजी जा रही है। इसके अलावा तीन करोड़ 26 लाख महिलाओं के जनधन खाते में 1630 करोड़ रुपए अप्रैल में और 1630 करोड़ रुपए की धनराशि मई महिने में भेज दी गई है। प्रदेश के एक करोड़ 47 लाख परिवारों को नि:शुल्क रसोई सिलेंडर उपलब्ध कराया गया है।

उन्होंने कहा कि इसके साथ ही 18 करोड़ गरीबों को दो बार नि:शुल्क खाद्यान्न वितरित किया गया है, तीसरी बार भी यह वितरण शुरू किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में निराश्रित, गरीब, रोज कमाने वाले, कामगार जैसे 30 लाख से अधिक गरीबों को सरकार ने एक हजार रुपये का भरण पोषण भत्ता और नि:शुल्क खाद्यान्न भी दिया है। इतना ही नहीं मनरेगा मजदूरों को बढ़े हुए पारिश्रामिक से भुगतान किया गया है। 88 लाख से अधिक पेंशन धारकों को दो महीनों की धनराशि एडवांस उपलब्ध करा दी गई है।

पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने लगाए थे आरोप

कोविड 19 महामारी के बीच दूसरे राज्यों से यूपी के श्रमिक वापस लौट रहे हैं। उनके लिए रेलवे ने विशेष ट्रेने चलवायी हैं। इस दौरान श्रमिकों से ट्रेन का किराया वसूलने को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपाई कहते फिर रहे हैं कि सरकार ट्रेन का किराया नहीं ले रही है लेकिन मजदूर लगातार अपनी टिकटें उनको दिखा रहे हैं।



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योगी ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि विरोधी बौखलाकर संकट की इस घड़ी में भी ओछी राजनीति कर रहे हैं।




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 उपचार के दौरान मरीज की मौत के बाद हंगामा; परिजनों का आरोप- कोरोना संदिग्ध बताकर डॉक्टरों ने अस्पताल में अंदर जाने नहीं दिया 

उत्तर प्रदेश के झांसी में मेडिकल कॉलेज में एक मरीज की मंगलवार को उपचार के दौरान मौत हो गई थी। परिजनों का आरोप है कि प्रशासन ने यह कहकर उनको अस्पताल में जाने नहीं दिया कि कोरोना संदिग्ध के तौर पर उसका शव अस्पताल में रखा गया है। अब 24 घंटें बाद मृतक की रिपोर्ट निगेटिव आयी है जिसके बाद परिजनों ने जमकर बुधवार सुबह जमकर हंगामा किया।

मंगलवार सुबह मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान एक मरीज की मौत हो गई। परिजनों भूख और प्यास की वजह मौत का कारण बता रहे हैं। लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजनों ने बुधवार को जेल चौराहे पर जमकर हंगामा किया। जैसे तैसे पुलिस ने हंगामा शांत कराया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

मिली जानकारी के मुताबिक, जनपद के प्रेम नगर थाना क्षेत्र के रहने वाले सेल्समैन भगवान दास साहू(58) कि 2 दिन पहले तबीयत खराब हो गई थी. उन्हें इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। मंगलवार सुबह तकरीबन 10 बजे उनकी मौत हो गई. मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा काटा।

जेल चौराहे के पास शराब बिक्री को लेकर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करा रहे पुलिसकर्मियों के परिजनों ने पैर पकड़ लिए और रो-रो कर मृतक की आपबीती सुनाने लगे। परिजनों के मुताबिक मृतक मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान 2 दिन से भूखे और प्यासे थे वे फोन पर लगातार अपने घर वालों को हाल बता रहे थे। परिजनों ने मिलने की कोशिश की तो मेडिकल कॉलेज में उन्हें भगा दिया। पुलिस ने जैसे-तैसे उन्हें सांत्वना देकर कार्रवाई का आश्वासन देकर



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झांसी मेडिकल कॉलेज में मंगलवार को एक व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। कोरोना संदिग्ध बताकर अस्पताल ने शव को रोक लिया था। 24 घंटे बाद आज सुबह मृतक की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर जेल चौराहे पर जमकर हंगामा किया।




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कोरोना संक्रमित मृतक इंजीनियर की परिजन भी हैं संक्रमित, संक्रमण की ट्रेवल हिस्ट्री अभी तक नहीं खोज पाया स्वास्थ्य विभाग

उत्तर प्रदेश की संगम नगरी प्रयागराज में वैश्विक महामारी कोरोनावायरस संक्रमण से मंगलवार देर रात पहली मौत हो गई। बिना किसी ट्रैवल हिस्ट्री के कोरोना पॉजिटिव मिले आर्किटेक्ट इंजीनियर विरेंद्र सिंह ने शहर के लेवल 3 हॉस्पिटल एसआरएन में देर रात दम तोड़ दिया। उनके साथ भर्ती कोरोना पॉजिटिव उनकी पत्नी की हालत स्थिर बनी हुई है।

शहर के लूकरगंज मोहल्ले में रहने वाले वीरेंद्र सिंह कोरोना संक्रमण की चपेट में कैसे आए फिलहाल इसका पता नहीं चल रहा है। आशंका है कि लॉकडाउन में ज़रूरतमंदों की मददगार बनाना ही आर्किटेक इंजीनियर वीरेंद्र सिंह के लिए अभिशाप बन गया और आखिरकार वह कोरोना की जंग में हार गए। मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, प्रयागराज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह ने इसकी पुष्टि की है। छह दिन पहले यानि 30 अप्रैल को तबीयत खराब होने पर इंजी. वीरेंद्र सिंह की जांच कराई गई थी।

रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें पहले कोटवां-बनी स्थित कोविड-19 लेवल-1 हॉस्पिटल ले जाया गया था लेकिन सांस लेने में तकलीफ होने पर उन्हें पहले लेवल -2 बेली हॉस्पिटल और फिर लेवल-3 हॉस्पिटल स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय रेफर कर दिया गया था।

परिजनों को नहीं दिया जाएगा शव, आज होगा अंतिम संस्कार

इंजीनियर के परिवार में चार और लोग कोरोना पॉजिटिव हैं। तीन की रिपोर्ट मंगलवार को ही आई थी। कोरोना के नोडल ऑफिसर डॉ. ऋषि सहाय ने बताया कि उनका शव उनके परिजनों को नहीं दिया जाएगा। बुधवार को प्रोटोकॉल के अनुसार अंतिम संस्कार किया जाएगा।

संक्रमण के सोर्स की नहीं मिली जानकारी

इंजीनियर वीरेंद्र सिंह को यह बीमारी कैसे हुई इसके सोर्स का पता स्वास्थ्य विभाग आज तक नहीं लगा सका है। वह 28 अप्रैल को कांलिंदीपुरम स्थित इंस्टीट्यूशन क्वारैंटाइनसेंटर खुद ही गए और अपनी जांच कराई। रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो उन्हें कोटवां-बनी स्थित कोविड19 हॉस्पिटल भेज दिया गया था। वहां सांस लेने में तकलीफ हुई तो उन्हें दो मई को एसआरएन अस्पताल रेफर कर दिया गया। मंगलवार दोपहर में अचानक बिगड़ी तबियत, शाम को रखे गए वेंटिलेटर पर, देर रात हो उनकी मौत हो गई।

पत्नी, सास, भाई और भाभी भी है संक्रमित

इंजीनियर वीरेंद्र के शव को चिकित्सकीय प्रोटोकॉल के मुताबिक बुधवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा।

एसआरएन चिकित्सालय में उनके साथ उनकी पत्नी भी कोरोना वार्ड में भर्ती हैं। जबकि सास, भाई और भाई की पत्नी कोटवा-बनी लेवल-1 हॉस्पिटल में भर्ती किया गया है।

अब तक 1 संक्रमित हुआ स्वस्थ, 12 का इलाज जारी

प्रयागराज में कोरोना संक्रमण की चपेट में अब तक 14 लोग आये हैं। जिनमें एक इंडोनेशियाई नागरिक स्वस्थ होकर कानूनी अभिरक्षा में है, जबकि 12 लोगों का अभी इलाज चल रहा है। जिनमें 5 कोरोना पॉजिटिव मंगलवार यानि 05 मई को ही सामने आए है। जिसमें मृत इंजीनियर वीरेंद्र सिंह की पत्नी सबसे ज्यादा गंभीर बताई जा रही है। हालाकी अभी उनकी स्थिति उनके पति से काफी बेहतर है।



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प्रयागराज में कोरोना से पहली मौत के बाद प्रशासन अब सख्त हो गया है। नगर निगम की गाड़ियां शहर को सैनिटाइज करने में जुटी हुई है। जगह जगह दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है।




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अब तक 2900 पॉजिटिव, इनमें 1152 तब्लीगी जमाती: 987 मरीज स्वस्थ होकर घर लौटे, लखनऊ में आज से खुलेंगी दुकानें 

उत्तर प्रदेश में संक्रमण के लगातर मामले बढ़ते जा रहे हैं। प्रदेश में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़कर 2900 तक पहुंच गए हैं। यूपी के 66 जिलों में कोरोनावायरस का असर फैल चुका है जिसमें एक्टिव केस 1845 हो गए हैं। इसमें 1152 जमातियों की संख्या शामिल हैं। पूरे राज्य में मृतकों की संख्या 57 तक पहुंच गई हैं। अब तक 987 मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं।

लखनऊ में आज आए खुलेंगी दुकानें: राजधानी में बुधवार से नाई की दुकानों, ब्यूटी पार्लर, मॉल, रेस्टोरेंट को छोड़कर अन्य दुकानें खुलेंगी। बस शर्त यहीं है कि, ये दुकानें एकल हों, बाज़ार में न हों और हॉटस्पॉट इलाकों में न हों। बाई, प्लम्बर, धोबी को भी काम करने के लिए अनुमति दे दी गई है।हालाकिं स्कूल-कॉलेज, कोचिंग, ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट, होटल, रेस्टोरेंट, सिनेमा हॉल, सभी धार्मिक संस्थानों पर प्रतिबंध जारी रहेगा।


अब तक 2900 पॉजिटिव केसों का जिलेवार विवरण: आगरा में 640, कानपुर नगर में 276, लखनऊ में 233, सहारनपुर में 205, गौतमबुद्धनगर (नोएडा) में 193, फिरोजाबाद में 165, मेरठ में 163, मुरादाबाद में 116, गाज़ियाबाद में 104, वाराणसी में 68, बुलन्दशहर में 56, रायबरेली में 46, हापुड़ में 44, अलीगढ़ में 42, मथुरा, अमरोहा, बस्ती में 32, बिजनौर में 34, शामली में 29 , रामपुर में 25, संतकबीरनगर में 26, मुज़फ़्फरनगर में 24, सीतापुर में 20, संभल में 19, बागपत में 17 और बदायूं में 16 मरीज सामने आए हैं।

वहीं बहराइच में 15, सिद्धार्थ नगर में 14, प्रतापगढ़-औरैय्या में 13, एटा में 11,बरेली-प्रयागराज में 10-10, झांसी, में 9, जौनपुर-मैनपुरी-आजमगढ़ में 8-8 पाए गए। बांदा-कन्नौज-हाथरस-श्रावस्ती-महाराजगंज में 7-7, गोंडा-ग़ाज़ीपुर में 6-6, लखीमपुर खीरी-इटावा में 4, पीलीभीत-मिर्जापुर-कासगंज-जालौन-गोरखपुर-सुल्तानपुर में 3-3, हरदोई- कौशाम्बी-गोंडा-भदोही-उन्नाव-बाराबंकी-महोबा-कानपुर देहात- देवरिया में दो-दो, शाहजहांपुर-मऊ-बलरामपुर- अयोध्या-अमेठी-कुशीनगर में एक-एक कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव पाए गए हैं।

987 कोरोना स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किए गए: आगरा से 208, मुरादाबाद से 116,गौतमबुद्धनगर (नोएडा) से 109, लखनऊ से 71,सहारनपुर से 79, मेरठ से 55, गाजियाबाद से 50, कानपुर नगर से 34, फ़िरोज़ाबाद से 33, शामली से 27, बिजनौर से 21, सीतापुर से 17, बागपत से 14, बुलन्दशहर-वाराणसी-बस्ती से 13-13, अमरोहा से 12,मुजफ्फरनगर से 9, रामपुर से 7, बरेली-हापुड़-महराजगंज-प्रतापगढ़ से 6- 6, जौनपुर- गाजीपुर से 5-5 , लखीमपुर खीरी- आज़मगढ़-हाथरस-मथुरा-औरैया से 4-4, बांदा- मैनपुरी-कन्नौज-पीलीभीत से 3-3,हरदोई-बदायूं-कौशाम्बी से 2-2, शाहजहांपुर-बाराबंकी-कासगंज- प्रयागराज-भदोही-सम्भल-इटावा से 1-1, कोरोना पेशेंट्स को स्वस्थ पूर्णतया करवाकर डिस्चार्ज किया गया।



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उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। यह आंकडा 2900 तक पहुंच गया है। अब तक यूपी में 57 लोगों की मौत हो चुकी है।




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योगी सरकार ने देशी व विदेशी मदिरा के दाम 20 से 400 रुपए बढ़ाए; वित्त मंत्री ने कहा- इससे 2,350 करोड़ का राजस्व मिलेगा

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बुधवार कोशराब के साथ पेट्रोल व डीजल के दामों में बढ़ोत्तरी की है। सरकार ने वैट बढ़ाते हुए पेट्रोल की कीमत में दो रुपए प्रति लीटर व डीजल का दाम एक रुपए प्रति लीटर बढ़ाया है। इसके अलावा देशी व विदेशी शराब के मूल्य में 20 से 400 रुपए की बढ़ोत्तरी की गई है।

शराब बंदी में लोगों ने सैनिटाइजर पी लिया, इसलिए बढ़ाए दाम

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा- लॉकडाउन के बीच प्रदेश में शराब बंदी रही। नतीजा कानपुर में 3 लोगों ने सैनिटाइजर पी लिया। जिससे उनकी मौत हो गई। इसी को देखते हुए आबकारी विभाग में भी वृद्धि की गई है। शराब पर बढ़े दाम से 2,350 करोड़ का राजस्व उत्तर प्रदेश सरकार को मिलेगा।

डीजल-पेट्रोल के दाम बढ़ने से2,070 करोड़ का होगा फायदा

उन्होंने बताया कि, सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर वैट बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके चलते पेट्रोल का दाम 2 रुपए प्रति लीटर बढ़ा है। वहीं, डीजल के दाम में 1 रुपए प्रति लीटर की वृद्धि की गई है। उन्होंने बताया कि, राज्य में पेट्रोल 73.91 रुपए प्रति लीटर और डीजल 63.86 रुपए में प्रति लीटर मिलेगा। यह नई दरें बुधवार रात 12 बजे से लागू होगी। बताया कि, राज्य में 470 करोड़ लीटर पेट्रोल व 1130 करोड़ लीटर डीजल की खपत हो रही है। दाम में
वृद्धि होने से 2,070 करोड़ रुपए का राजस्व अधिक सरकार को प्राप्त होगा।

शराब के दामों में इतने रुपए बढ़े-

रेगुलर प्रीमियम विदेशी
180 एमएल तक 20 रुपए 180 एमएल तक 20 रुपए 180 एमएल तक 100 रुपए
500 एमएल तक 30 रुपए 500 एमएल तक 30 रुपए 500 एमएल तक 200 रुपए
500 एमएल से अधिक पर 50 रुपए 500 एमएल से अधिक पर 50 रुपए 500 एमएल से अधिक पर 400 रुपए

दिल्ली सरकार ने 70 फीसदी कोरोना सेस लगाया था

दरअसल, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बीते सोमवार से लॉकडाउन फेज-तीन में शराब की दुकानों को खोलने की अनुमति प्रदान की है। यह दुकानें सुबह दस बजे से शाम सात बजे खुलेंगी। लेकिन शराब के लिए दुकानों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के नियम भी हवा में उड़े। जबकि, हिदायत दी गई थी कि कंटेनमेंट को छोड़कर जहां भी शराब की दुकानें खुलेंगी वहां सोशल डिस्टेंसिंग का नियम पालन करना होगा। पांच से अधिक लोग इकट्ठा नहीं होंगे। वहीं,राजधानी में अरविंद केजरीवाल सरकार ने मंगलवार से शराब पर 70% अतिरिक्त टैक्स वसूलना शुरू कर दिया है।



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प्रदेश सरकार के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने शराब, पेट्रोल व डीजल के दामों में बढ़ोत्तरी की जानकारी दी।




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एक दिन में 15 संक्रमित आए सामने; 17 मरीज हुए डिस्चार्ज,  मदरसा छात्र बोले डॉक्टर हमारे लिए फरिश्तें हैं

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के हैलट के मैटरनिटी विंग के कोविड-19 वार्ड से 17 मरीजों को बुधवार देर रात डिस्चार्ज कर दिया गया। पैरामेडिकल स्टॉफ ने तालियां बजाकर उनकों विदाई दी। इस दौरान स्वस्थ्य हुए मदरसा छात्रों ने सभी का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि यह डॉक्टर नहीं फरिश्ते हैं। असल तालीम इन फरिश्तों ने हासिल की है। इसके साथ ही बुधवार को 15 नए संक्रमण के मामले सामने आए हैं। सभी संक्रमितों को कोविड-19 अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शहर में संक्रमितों की संख्या बढकर 288 पहुंच गई है। वहीं 6 संक्रमितों की मौत हो चुकी है और 51 मरीज डिस्चार्ज हो चुके है ।

शहर में लगातार कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। हॉटस्पॉट एरिया से संक्रमितों का आना जारी है। इसके साथ ही संक्रमण शहर अन्य स्थानों और ग्रामीण क्षेत्रों की तरफ बढ़ रहा है। बुधवार को जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की कोविड-19 लैब और लखनऊ के केजीएमयू से आई रिपोर्ट में 15 लोग सक्रमित पाए गए है। 15 में से 10 संक्रमित हॉटस्पॉट एरिया से पाए गए है। वहीं एक कपड़ा व्यापारी का तीन साल का बच्चा और उसके परिजनों में संक्रमण की पुष्टी हुई है।

कोरोना के खिलाफ इस जंग में कानपुर का हैलट अस्पताल सबसे बेहतर काम कर रहा है। कानपुर बुंदेलखंड के सबसे बड़े हैलट अस्पताल में सबसे अधिक भार भी है। बुधवार को हैलट अस्पताल के मैटरनिटी विंग के कोविड-19 वार्ड से 17 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया। डिस्चार्ज किए गए पेसेंटों की दो कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई थी। 17 पेसेंटों में कुली बाजार , मछरिया , जाजमऊ मदरसा के छात्र समेत कर्नलगंज , किदवई नगर और कुलीबाजार की महिलाएं और पुरूष थे। शहर में अलग-अलग कोविड-19 अस्पतालों से 51 पेसेंट डिस्चार्ज किए जा चुके है। जिसमें से 39 पेसेंट सिर्फ हैलट अस्पताल से डिस्चार्ज हुए है। 11 पेसेंट सरसौल सीएचसी से और एक पेसेंट उर्सला अस्पताल से डिस्चार्ज हुए हैं।

युवक के संक्रमित पाए जाने के बाद उसके दोस्तों की नींद उड़ी

कानपुर में एक बड़ा ही अनोखा मामल सामने आया है। दोस्त की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के जानकारी दूसरे दोस्तों को हुई तो सभी में हड़कंप मच गया। संक्रमित युवक का एक दोस्त तो घर छोड़कर भाग गया । पुलिस ने उसे सर्विलांस के माध्यम से जंगलों के बीच पकड़कर लाना पड़ा। दरसल सूरत में काम करने वाले 12 दोस्त बीते 2 मई को एक साथ ट्रक से लौटे थे। कानपुर देहात के मनेथू निवासी में संक्रमित पाया गया तो दोस्तों में खलबली मच गई।

बिधनू के बाबीपुरवा में रहने वाला युवक घर से भाग गया। पुलिस को सर्विलांस की मदद लेनी पड़ी। पुलिस ने भागे हुए युवक को जंगल से बरामद किया। युवक ने बताया कि मेरे साथ ट्रक में बिधनू के करौली गांव के 10 और रमईपुर के एक युवक ट्रक में शामिल थे। फिलहाल पुलिस ने सभी को नारायणा कॉलेज में क्वारैंटाइन कराया गया है।



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कानपुर में एक साथ 15 लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है। यहां संक्रमित मरीजों का आंकड़ा लागतार बढ़ता जा रहा है।




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योगी ने राज्य सरकारों से मांगी प्रवासी कामगारों की जिलेवार सूची, कहा- वापस आए सभी श्रमिकों को रोजगार देने की व्यवस्था होगी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रदेश सरकार अपने राज्य के सभी श्रमिकों को लाना चाहती है। इसके लिए संबंधित राज्य सरकारें यूपी के प्रवासी कामगारों की जनपदवार सूची उपलब्ध करायें। जो राज्य सरकारें सूची उपलब्ध कराएं ताकिउन्हें लाने की व्यवस्था हम तत्काल दे सकें।उन्होंने कहा है कि अभी तक दूसरे प्रदेशों से प्मगारों को लेकर 37 ट्रेनें आ चुकी हैं। इससे क़रीब 30 हज़ार से अधिक प्रवासी श्रमिक कामगार आए हैं। इसके अलावा पिछले सप्ताह हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश से भी बसों से तीस हज़ार से अधिक श्रमिक एक लाए गए हैं।

योगी ने कहा कि श्रमिकों को लेकर आज 20 ट्रेनें आ रही हैं। कल भी 25 से 30 ट्रेनें प्रवासीकामगारों को लेकर प्रदेश में आएंगी। उन्होंने कहा कि श्रमिकों को सुरक्षित घरों तक पहुंचाने के लिए परिवहन निगम की 10,000 से ज्यादा बसें लगाई गई हैं। हम यहाँ आने वाले हर श्रमिक को जांच के लिए क्वारैंटाइन सेंटर में रखने और उन्हें सुरक्षित घरों तक पहुँचाने की व्यवस्था कर रहे हैं। साथ ही प्रत्येक कामगार को खाद्यान्न और एक हज़ार रुपए का भरण पोषण भत्ता भी दे रहे हैं।

यूपी में क्वारेंटाइन सेंटरों की क्षमता 12 लाख से ज्यादा

सीएम योगी ने बताया कि प्रदेश के क्वारैंटाइन सेंटरों की क्षमता अब 12 लाख से ज़्यादा की हो गई है। सभी के चेकअप के लिए 50 हज़ार से अधिक लोगों की मेडिकल टीमें लगाई गई हैं।योगी ने ज़िला प्रशासन को निर्देश दिया है कि वे सभी प्रवासी कामगारों से सहानुभूति पूर्ण सम्मान जनक व्यवहार करते हुए उन्हें समय से खाद्यान्न, भरण पोषण भत्ता व नौकरी रोज़गार उपलब्ध कराया जाए।



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योगी ने सभी राज्यों की सरकारों से यूपी के कामगारों की जिलेवार सूची मांगी है। योगी ने कहा है कि उनकी सूची तत्काल उपलब्ध कराएं ताकि उनको वापस बुलाया जा सके।




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320 प्रवासी श्रमिकों को 16 बसों से राजस्थान भेजा गया, मजदूरों के चेहरों पर दिखी अपनों के बीच जाने की खुशी 

राजस्थान सरकार के रजिस्ट्रेशन पोर्टल में रजिस्ट्रेशन कराने वाले 320 श्रमिकों को गुरुवार को कानपुर से राजस्थान भेजा गया। अपनों के बीच जाने की खुशी मजदूरों और महिलाओं में साफ देखी जा सकती थी। राजस्थान जाने से पहले महिलाओं ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का आभार भी प्रकट किया। सभी यात्रियों की झकरकटी बस अड्डे पर डॉक्टरों ने थर्मल स्क्रिनिंग कर रिपोर्ट कार्ड तैयार किया। इसके बाद सभी को लंच पैकेट के साथ 16 बसों से रवाना किया गया।

लॉकडाउन के बाद कानपुर में राजस्थान के 320 लोग फंसे हुए थे। लगभग 280 श्रमिक थे और उनके परिवार के सदस्य थे। इसके साथ ही कुछ महिलाएं अपनी रिश्तेदारी में आई शहर आई थी। कुछ छात्राएं भी शामिल थी। बीते 45 दिनों से कानपुर फंसे लोग अपने प्रदेश जाने के लिए झकरकटी बस अड्डे पहुंची तो उनके चहरे खुशी से चमकने लगे।

मां के इलाज के लिए आयी थी लेकिन लॉकडाउन में फंस गई
छात्रा प्रिया शाह ने बताया कि मैं कानपुर अपनी मां के इलाज के लिए आई थी। लॉकडाउन लगने की वजह से हम लोग यहां पर 40 दिनों से फंसे हुए है। हम उत्तर प्रदेश सरकार का धन्यवाद करना चाहते है। हमें वापस अपने राज्य पहुंचाया जा रहा है। सुरभि चौहान ने कहा- मैं चित्तौडगढ से हूं। यहां पर पिछले डेढ महीनें से फंसी हुई हूं। अब मैं वापस जा रही हूं इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बहुत-बहुत धन्यवाद देती हूं।

कानपुर में बस अडडे पर राजस्थान जाने से पहले लोगों की जांच करता स्वास्थ्यकर्मी। थर्मल स्कैनिंग के बाद ही लोगों को जाने की इजाजत दी गई।

अपर नगर मजिस्ट्रेट अमित कुमार के मुताबिक प्रदेश सरकार के अवाहान पर और राजस्थान गवर्मेंट के रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर 320 प्रवासी मजदूरों ने जो यहां फंसे हुए थे। उन्होने रजिस्ट्रेशन कराया था जिसके संबध में 13 बसों से सोशल डिस्टेसिंग की गाइड लाइन से भेजा जा रहा है। प्रवासी श्रमिकों के लिए डॉक्टरों की टीम लगाकर थर्मल स्क्रिनिंग कराई जा रही है।

उन्होंने कहा कि इसके साथ इनके लिए खाने और पीने के पानी की भी व्यवस्था कराई गई है। सुरक्षाकर्मियों के साथ भरतपुर बार्डर पर सभी को छोड़ा जाएगा। 320 यात्रियों के अलावा भी जाना चाहते है उन्हे भी भेजा रहा है।



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यह तस्वीर कानपुर झकरकट्‌टी बस अड्‌डे की है। यहां से गुरुवार को श्रमिकों को सरकारी बसों से राजस्थान भेजा गया। इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं।




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शराब के ठेके खुलने के बाद अखाड़ा परिषद ने की योगी से अपील, कहा- देवालयों के दरवाजे श्रद्धालुओं के लिए बंद क्यों 

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने शराब के ठेकों को खोलने की इजाजत दे दी है। इसे लेकर विधायक से लेकर साधु संत तक सरकार की आलोचना कर रहे हैं। प्रयागराज स्थित अखाड़ा परिषद ने लॉकडाउन में शराब की दुकानें खोले जाने के बाद अब मंदिरों को भी आम श्रद्धालुओं के लिए खोले जाने की मांग उठने लगी है। है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्रगिरी ने कहा है कि सरकार ने शराब की दुकानें खोली हैं तो आखिर देवालयों के दरवाजे श्रद्धालुओं के लिए अब तक क्यों बंद रखे गए हैं।

हरिद्वार के धर्माचार्यों और काशी विद्वत परिषद के बाद अब साधु-संतों की सर्वोच्च संस्था अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने भी लॉकडाउन में मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खोले जाने की मांग की है। उन्होंने सरकार से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए सभी छोटे-बड़े मंदिरों के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाने की मांग की है।

महंत नरेंद्र गिरी ने कहा है कि मंदिर खोले जाने की मांग को लेकर अखाड़ा परिषद के महामंत्री और पंच दशनाम जून अखाड़े के संरक्षक महंत हरि गिरि से बातचीत के बाद देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक पत्र भी लिखेंगे।

दो माह से मंदिरों कपाट बंद, पुजारियों और कर्मचारियों को नहीं मिल रहा वेतन
महंत नरेन्द्र गिरी ने कहा कि कोरोना को लेकर पिछले डेढ़ माह से लॉकडाउन है और लगभग दो माह से मंदिरों के कपाट बंद हैं। ऐसे में मंदिरों में पुजारियों और अन्य कर्मचारियों को वेतन देने में भी बहुत कठिनाई आ रही है। जब राजस्व के लिए सरकार शराब की दुकानें खोले जाने की अनुमति दे सकती है, तो उसे दूसरी दुकानें और मंदिरों को भी खोले जाने की अनुमति दे देनी चाहिए। जिससे लोगों की रोजी-रोटी भी चलती रहे।



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अखिल भारतीय अखाडा परिषद ने सीएम योगी से अपील की है कि शराब के ठेके खुलने के अब मंदिरों के कपाट भी खोलने की मंजूरी दी जाए जिससे साधु संतों की रोजी रोटी चल सके।




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सूरत से श्रमिकों को लेकर पहुंची ट्रेन, मजदूरों ने कहा- लॉकडाउन में काम बंद हो गया, गुजारे के लिए कर्ज लेना पड़ा 

उत्तर प्रदेश में गैर राज्यों से श्रमिकों के आने का सिलसिला जारी है। कई राज्यों से स्पेशल ट्रेनें कामगारों को लेकर यूपी के अलग-अलग जिलों में पहुंच रही हैं। इस बीच सूरत से श्रमिक स्पेशल ट्रेन वाराणसी रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार को सुबह ही 1200 लोगों को लेकर पहुंची। इस दौरान श्रमिकों ने कहा कि लॉकडाउन में काम बंद हो गया था जिसकी वजह से कर्ज लेकर किसी तरह गुजारा चल रहा था। अपने घर पहुंचने से काफी राहत महसूस हो रही है।

सोशल डिस्टेंसिंग के साथ ट्रेन से उतरने पर उनकी थर्मल स्कैनिंग की गई लोगों का डिटेल दर्ज किया गया उन्हें जूस और चिप्स का पैकेट दिया गया व पानी दिया गया सोशल डिस्टेंसिंग के साथ उन्हें बस पर बैठाकर रवाना किया जा रहा है।

मौके पर एडीएम सिटी और एसपी सिटी दिनेश सिंह मॉनिटरिंग कर रहे थे। पहुंचे लोगो का कहना है कि बस उनके मन मे एक ही इक्षा है कि वो अपने घरों को पहुंच जाएं।गाजीपुर ,जौनपुर,आज़मगढ़, बलिया,मऊ और अन्य जगहों पर लोगो को बसों से भेजा जा रहा है।मनोहर ने बताया कि सूरत में वो लूम चलाते थे। वहां सेठो ने पैसा देना बंद कर दिया था। कर्ज लेकर किसी तरह से जीवन कटा।

वही काशी में मरीजों की संख्या 77 जिसमे एक कि मौत 21 स्वस्थ हो गए है।272 लोगो के रिपोर्ट का इंतजार है।डीएम कौशल राज शर्मा ने कहा कि किताब और मोबाईल की दुकानें 7 से 2 बजे तक ही खुलेंगी। 10 मई से एकल चाय पान की दुकानें बंद रहेंगी। इसमें मेडिकल स्टोर,राशन गल्ला अंडा,पशु चारा की दुकानें 2 बजे तक ही रोज खुलेंगी।



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यह तस्वीर वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन की है जहां सूरत से पहुंचे कामगारों को जांच के बाद उन्हें बसों से घर भेजा गया।




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सब्जी मंडी में उमड़े हजारों लोग: सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का हुआ उल्लंघन, समिति ने कहा- हमने भीड़ रोकने की पूरी कोशिश की 

उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) जिले में कोरोनावायरस का असर तेजी से फैलता जा रहा है। नोएडा में संक्रमण के मामले लगातार सामने आ रहे हैं लेकिन जनता है कि मान नहीं रही है। इसका नजारा शुक्रवार तड़के नोएडा सेक्टर 88 की एक सब्जी मंडी में दिखा जहां सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाई गईं। सब्जी मंडी में सैकड़ों लोग इकट्ठा हो गए। इसमें सब्जी खरीदने वालों के साथ-साथ बड़ी संख्या में खरीदार भी थे। इस तरह की और भी कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। दिल्ली की आजादपुर सब्जी मंडी में इसी तरह की भीड़ के बाद कई लोगों को कोरोना संक्रमित भी पाया गया था।

सभी कॉमेंट्स देखैंअपना कॉमेंट लिखेंसोशल डिस्टेंसिंग की जमकर धज्जियां उड़ाए जाने के बाद मार्केट कमिटी के सेक्रेटरी ने कहा, 'हम कल से 100 से 150 पास ही जारे करेंगे। अब से सिर्फ पास धारक रेहड़ी वालों को ही मार्केट में आने दिया जाएगा।' सामने आई तस्वीरों में देखा जा सकता है कि सैकड़ों की संख्या में सब्जी और फल के विक्रेता अपने ठेले के साथ मौजूद हैं और उनके आसपास ढेर सारी भीड़ जमा है।

मंडी समिति का दावा- हमने काफी हद तक भीड़ कंट्रोल किया
नोएडा सेक्टर 88 की मार्केट समिति के सेक्रेटरी संतोष ने आगे कहा, 'हमने एक हद तक भीड़ को कंट्रोल किया है लेकिन लॉकडाउन के बढ़ने के कारण ही कुछ और काम करने वाले मजदूर भी मंडियों में ही काम करने आने लगे हैं। कहीं और कुछ और काम करके कमाने वाले भी यहां आ रहे हैं। हमने मार्केट में करीब पांच हजार से छह हजार मास्क और ग्ल्वस भी बांटे हैं।'



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नोएडा के सेक्टर 88 में स्थित सब्जी मंडी में लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। मंडी समिति का कहना है कि यहां आने वाले सब्जी लेने के अलावा भी बहुत सारे लोग यहां आ जा रहे हैं इसीलिए यह भीड़ हो गई। समिति की तरफ से भीड़ को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश की गई।




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 मठ- मंदिरों को खोलने की उठी आवाज: अखाड़ा परिषद ने योगी-मोदी को लिखा पत्र, कहा- तय गाइडलाइन के तहत देवालयों के ताले खुलवाए जांए

उत्तर प्रदेश में कोरोनावायरस का प्रकोप तेजी से फैलता जा रहा है। यूपी में शराब की दुकानें खुलने के बाद से ही एक तरफ तहां मुस्लिम धर्मगुरु मांस की दुकानों को खोलने की अपील कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर प्रदेश में बंद देवालयों को भी खोलने की मांग उठने लगी है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने लंबे इंतजार के बाद मंदिरों के ताले खुलवाने के लिए राज्य एवं केंद्र सरकार को पत्र लिखा है और मांग की है कि निर्धारित गाइडलाइन के तहत देवालयों के ताले खुलवाए जाएं।

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी और महामंत्री महंत हरी गिरी ने पीएम के साथ ही मुख्यमंत्री, गृहमंत्री, रक्षामंत्री को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि कोरोना वायरस के संक्रमण का प्रकोप धीरे-धीरे कम हो रहा है, लिहाजा मठ और मंदिरों के भी ताले खुलवाए जाएं । साथ ही वहां पर सोशल डिस्टेंसिंग एवं सैनिटाइजेशन का प्रबंध मठ और मंदिर के प्रबंध तंत्र के जरिए कराया जाए।

अखाड़ा परिषद ने दिया डब्लूएचओ की गाइडलाइन फालो करने का भरोसा

महंत हरिगिरि से इस मुद्दे पर विचार विमर्श के बाद पत्र लिखा गया है। पत्र में अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने कहा-डेढ़ माह से देश भर में सभी छोटे बड़े मठ-मंदिरों के द्वार बंद हैं। हालांकि परिसर में भगवान का पूजन पुजारी नियमित कर रहे हैं। कोरोना महामारी से निपटने के लिए लॉकडाउन का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साहसपूर्ण निर्णय लिया है। इससे महामारी का संकट अब कम हो रहा है। उन्होंने भरोसा दिया है कि मठ और मंदिर कोरोना से बचाव के लिए केंद्र सरकार और डब्लूएचओ के निर्देशों का पूरी तरह से पालन भी करेंगे।

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरी ने कहा कि कोरोना को लेकर पिछले डेढ़ माह से देश में लॉकडाउन है और लगभग दो माह से मंदिरों के कपाट बंद हैं। ऐसे में मंदिरों में पुजारियों और अन्य कर्मचारियों के वेतन देने में भी बहुत कठिनाई आ रही है। उन्होंने कहा है मंदिर खुलने से लोग यदि मंदिर में दर्शनों को जायेंगे तो अपने आराध्य से कोरोना को खत्म करने के लिए प्रार्थना भी करेंगे।



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अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी ने केंद्र और राज्य सरकार से अपील की है सभी मठ और मंदिरों को खोलने की इजाजत दी जाए।




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Cricket-England's 'stir-crazy' Roy happy to play behind closed doors

England's Jason Roy is ready to play in empty stadiums if the post-coronavirus situation demands so, said the opener who got a taste of it in his last outing.




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Cricket-Australia's Khawaja vows to bounce back after contract snub

Usman Khawaja believes he is still among Australia's top six batsmen and can force his way back into the squad after being dropped a few days ago from the list of contracted players.




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Cricket-Hundred delay will rob women's game of momentum, fears Edwards

Women's cricket risks losing momentum after the launch of The Hundred competition was postponed until next year due to the COVID-19 pandemic, former England captain Charlotte Edwards said.




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Cricket-Australia's Labuschagne wants to flourish across formats

Australia's Marnus Labuschagne wants to enhance his power-hitting ability in one-day internationals as he seeks to establish himself as an all-format player, the 25-year-old said on Monday.




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Cricket-England must 'make do' with limited T20 chances ahead of World Cup: Morgan

England's players would have to "make do" with limited chances to prepare for the Twenty20 World Cup scheduled for later this year in Australia due to the COVID-19 pandemic, limited-overs skipper Eoin Morgan said.




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Cricket-Playing without fans won't diminish competitive edge - Stokes

England all-rounder Ben Stokes says playing in closed stadiums would not dampen the competitive side of matches and that players "would do anything" to get cricket back on television screens for fans to watch during the COVID-19 crisis.




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Cricket-England's Morgan goes to bat for T10 format at Olympics

England's World Cup winning captain Eoin Morgan says cricket's 10-overs format would be ideal for a global multi-sport event such as the Olympics as the entire tournament could be squeezed into 10 days.




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REFILE-Cricket-MCC to extend president Sangakkara's term amid coronavirus crisis

Former Sri Lanka captain Kumar Sangakkara will be offered a one-year extension as president of the Marylebone Cricket Club in the "extraordinary circumstances" resulting from the COVID-19 pandemic, the MCC said on Wednesday.




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Cricket-Australia's Burns sees silver lining in 'longest offseason'

Having been struck down by a fatigue illness last year, Australia opener Joe Burns sees a silver lining in cricket's long offseason due to the coronavirus shutdown.




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Cricket-Restarting game should not compromise its quality, says England's Root

England test captain Joe Root is keen to play international cricket this summer but not by compromising on quality of the game or its intensity, the 29-year-old has said.




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'Twilight' prequel book coming, written from vampire Edward's perspective

Author Stephenie Meyer thrilled fans of her best-selling "Twilight" novels on Monday by announcing she will release a prequel that explores the characters' love story from the perspective of vampire Edward Cullen.




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Disney announces new 'Star Wars' theatrical film directed by Taika Waititi

Oscar-winning "Jojo Rabbit" screenwriter Taika Waititi will direct and co-write a new "Star Wars" feature film for theaters, Walt Disney Co said on Monday.




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Men's Milan Fashion Week slips to July in digital-only format due to coronavirus

The Men's Milan Fashion Week set for June will be postponed to mid-July and presented in purely digital format with photos and video to avoid the risk of coronavirus contagion, Italy's national fashion chamber said on Wednesday.




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Paris to hold men's fashion week in virtual format July 9-13: statement

Paris will hold a men's fashion week in virtual format from July 9 to July 13 for the Men Spring/Summer collections 2021, organisers said on Wednesday.




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Opera star sings Britain's VE Day hits from an empty Albert Hall

Welsh mezzo-soprano Katherine Jenkins will stream a concert from an empty Royal Albert Hall on Friday evening, as locked-down Britain marks the 75th anniversary of "Victory in Europe" Day.




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कोई भी पास कंटेनमेंट और माइक्रो कंटेनमेंट जोन में वैध नहीं, हिंदपीढ़ी में नए मजिस्ट्रेट की हुई प्रतिनियुक्ति

कंटेनमेंट जोन और माइक्रो कंटेनमेंट जोन में कोई भी पास की वैधता नहीं होगी। कोई भी व्यक्ति न तोकंटेनमेंट जोन और माइक्रो कंटेनमेंट जोन में प्रवेश कर सकते हैं और न ही वह उस क्षेत्र से निकल सकते हैं। इस नियम के मद्देनजर रांची जिला के सभी कंटेनमेंट जोन और माइक्रो कंटेनमेंट जोन में कोई भी ऑनलाइन पास की वैधता नहीं है। वहीं,हिंदपीढ़ी में नए मजिस्ट्रेटों की प्रतिनियुक्ति कर दी गई है। नए प्रतिनियुक्त मजिस्ट्रेट ने कार्य भी शुरू कर दिया। मालूम हो कि इससे पूर्व यहां कार्यरत करीब डेढ़ सौ पुलिसकर्मियों और वॉलिंटियर्स को चेंज किया गया था। यह जानकारी डीसी राय महिमापत रे गुरुवार को दी।

डीसी ने समाहरणालय सभागार में आयोजित कोरोना रोकथाम के लिए गठित विभिन्न टास्क फोर्स तथा कोषांग की बैठक की। बैठक में जानकारी दी गई कि सीएम राशन के वितरण का कार्य शुरू किया जाएगा। आवश्यकतानुसार किट की पैकिंग कर जरूरतमंद लोगों को उपलब्ध कराया जाएगा।इस बैठक में एसएसपी , उपविकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, एडीएम लॉ एंड आर्डर, एडीएम नक्सल, अनुमंडल पदाधिकारी रांची, अनुमंडल पदाधिकारी बुंडू समेत वरीय एवं नोडल पदाधिकारी उपस्थित थे।


डीसी ने निर्देश दिया कि रांची जिला से बाहर भेजी जाने वाले व्यक्ति की सूची होगी तैयार
ऐसे व्यक्ति जिन्हें रांची जिला से बाहर के जिला या किसी अन्य राज्य में भेजा जाना है। उनकी सूची तैयार कर जिला भू अर्जन पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी आपसी समन्वय स्थापित करेंगे। उन लोगों को भेजने के लिए जिला परिवहन पदाधिकारी पर्याप्त संख्या में गाड़ियों की व्यवस्था करेंगे।

रेड जोन से आने वाले व्यक्ति केस्वाबिंग की होगी जांच
रांची जिला में प्रवेश करने वाले बाहरी जिला एवं अन्य राज्य से आने वाले लोगों के लिए कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य होगा। जो लोग रांची जिला मेंरेड जोन से आने वाले हैं, उनकी स्वाबिंग की जानी अनिवार्य होगी। स्वाबिंग के पश्चात उन्हें क्वारैंटाइन किया जाएगा। सभी प्रतिनियुक्त पदाधिकारी कोविड-19 के प्रोटोकॉल का अक्षरशः पालन करना सुनिश्चित करेंगे। अन्य प्रदेशों केरेड जोन से ट्रेन से आनेवाले सभी लोगों को क्वारैंटाइन किया जाएगा। ग्रीन जोन और ऑरेंज जोन से आने वाले लोगों को शेल्टर होम में रखा जाएगा। अपर समाहर्ता, जिला मत्स्य पदाधिकारी और जिला कल्याण पदाधिकारी इस कार्य के सफल संचालन का निर्वहन करेंगे।



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डीसी ने समाहरणालय सभागार में आयोजित कोरोना रोकथाम के लिए गठित विभिन्न टास्क फोर्स तथा कोषांग की बैठक की।