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सूबे में जमुई इकलौता जहां अब तक नहीं पहुंचा कोरोना, जांच के लिए भेजे गए 397 सैंपल

कोरोना से लड़ाई की जंग अब जमुई में बेहद ही संवेदनशील और निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। सूबे में जमुई इकलौता जिला है, जहां अबतक कोरोना का एक भी पॉजिटिव नहीं है। सभी सैंपल की रिपोर्ट भी निगेटिव आई है। अबतक भेजे गए 397 सैंपल में 322 की रिपोर्ट निगेटिव आई है, जबकि 75 की रिपोर्ट आनी अभी बाकी है। इस बीच विभिन्न प्रदेशों से आने वाले परदेसियों की संख्या निरंतर बढ़ रही है। जिन्हें संबंधित प्रखंड के क्वारेंटाइन सेंटर में भेजा जा रहा है। क्वारेंटाइन करने से पहले प्रवासियों की जांच स्टेडियम मैदान में चिकित्सकों द्वारा की जा रही है। जिले में प्रवासियों के लिए 63 क्वारेंटाइन सेंटर बनाए गए हैं। अबतक जिले में दो हजार प्रवासी गुजरात, महाराष्ट्र, केरल, तमिलनाडू, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, झारखंड आदि राज्यों से आ चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रवासियों का सैंपल भी जांच के लिए भेजा जा रहा है।
शहर से सटे पॉलिटेक्निक कॉलेज में बने आपदा राहत केंद्र से एक संदिग्ध मरीज को इलाज के लिए सदर अस्पताल में बने आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है। उक्त संदिग्ध को सांस लेने में परेशानी हो रही थी। उक्त युवक महाराष्ट्र से तीन दिन पहले आया है जो आपदा राहत केन्द्र में रह रहा था। जिला स्वास्थ्य समिति के प्रबंधक सुधांशु नारायण लाल ने बताया कि फिलहाल संदिग्ध में कोई वैसा लक्षण नहीं मिला है।

क्वारेंटाइन सेंटर से घर जा रहे प्रवासी, बढ़ा खतरा

जिले के सोनो, खैरा, चकाई सहित अन्य क्वारेंटाइन केंद्रों से प्रवासी अब घर लौट रहे हैं। प्रशासन की सहमति के बाद वे होम क्वारेंटाइन के लिए शपथपत्र भरने के बाद अपने घर जा रहे हैं। इससे गांव वालों में कोरोना का भय समाया है।दरअसल प्रारंभिक जांच स्क्रीनिंग कर प्रवासियों को होम क्वारेंटाइन में भेजने से संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है। वैसी स्थिति में जब मुबई, तमिलनाडू, दिल्ली जैसे बड़े हॉटस्पाट से प्रवासी लौटे हों, ऐसे में यह कदम बिहार के इकलौते कोरोना मुक्त जिला के लिए खतरा है।



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प्रवासी की जांच करते चिकित्सक।




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2 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि के साथ जिले का अधिकतम तापमान 35, कल बारिश के आसार

शनिवार को जिले का मौसम साफ रहा। इसके साथ ही अधिकतम तापमान में 2 डिग्री और न्यूनतम तापमान में 1 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई। शनिवार को जिले का अधिकतम तापमान 35 और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि 2 दिन पूर्व मौसम में परिवर्तन हुआ था। जिससे तापमान में भी गिरावट आई थी। उसके बाद से मौसम लगातार साफ है। हालांकि हल्की हवा भी चल रही है, लेकिन तापमान में वृद्धि जारी है।
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले 2 दिनों में मौसम में काफी उतार-चढ़ाव रहेगा। कृषि विज्ञान केंद्र की मौसम वैज्ञानिक स्वीटी कुमारी ने कहा कि 10 मई को मौसम साफ रहेगा। जबकि 11, 12 और 13 मई को आसमान में बादल छाए रहने के साथ छिटपुट बारिश की संभावना है। उन्होंने कहा कि पूर्वानुमानित अवधि में अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 23 से 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। इस बीच औसतन हवा 16 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी।
जबकि सापेक्षिक आद्रता सुबह में करीब 70 फीसदी तथा दोपहर में 30 प्रतिशत रहने की संभावना है।मौसम वैज्ञानिक स्वीटी कुमारी ने किसानों से कहा है कि बारिश की संभावना को देखते हुए परिपक्व मक्का की फसल की कटाई कर उसे संरक्षित स्थान पर भंडारित कर लें।



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रेल प्रशासन ने पटरियों के सहारे जा रहे 43 मजदूरों को हटाया

महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले के करमाड के पास रेल हादसे में 16 मजदूराें के मौत की घटना से सबक लेते हुए रेल प्रशासन ने रेल लाइन या उसके सहारे सफर कर रहे 43 मजदूरों को वहां से हटा दिया।

इसके बाद ये मजदूर सड़क मार्ग से अपने घरों को रवाना हुए। शनिवार की दोपहर अलवर-मथुरा रेल लाइन पर रेवाडी की तरफ से सफर करते हुए 43 मजदूरों के दो जत्थे रेल्वे स्टेशन पर पहुंचे। यहां रेलवे सुरक्षा बल ने मजदूरों को बृज नगर स्टेशन पर रोक लिया।

मजदूरों ने रेल्वे अधिकारियों को लॉकडाउन का हवाला देकर सड़क मार्ग पर वाहन नहीं मिल पाने की मजबूरी बताई तो रेल प्रशासन ने सुरक्षा को दृष्टिगत रख मजदूरों को कस्बा नगर की तरफ भेज दिया। बाद में मजदूर सड़क मार्ग से डीग की तरफ चले गए। यूपी के जोगियापुर हरदोई निवासी राजेश, मुकेश व शहजादपुर के रामररीत ने बताया कि उक्त लोग मार्च माह में रेवाडी के लिए सरसों कटाई कार्य करने गए थे। लेकिन लॉकडाउन होने से वाहनों के बंद होने पर आवागमन रूक गया। अब 6 मई से घरों को जाने के लिए पैदल सफर करना पड़ रहा है।

सामाजिक संगठन कर रहे है खाने का इंतजाम

अलवर-मथुरा रेल लाइन पर पटरियों के सहारे घर वापिस में जुटे मजदूरों को सामाजिक संगठनों द्वारा नाश्ता व खाने की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही उक्त संगठनों के कार्यकर्ता शारीरिक परेशानी को लेकर प्राथमिक उपचार व कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव को लेकर मास्क व सेनेटाइजर का वितरण कर रहे है।



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347 में से 313 संदिग्धों की कोरोना जांच निगेटिव, 32 की रिपोर्ट का इंतजार

जिला के लिए राहत की खबर है।शनिवार को जिले के 25 सैंपल का रिपोर्ट निगेटिव आया है। डीएम राहुल कुमार ने बताया कि जिले में अभी तक 347 सैंपल जांच के लिए भेजा गया था। इसमें से 315 सैंपल की रिपोर्ट मिल चुका है। जिले में अभी सिर्फ दो ही कोरोना पॉजिटिव मरीज हंै। 313 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आया है। 32 लोगों की रिपोर्ट अभी आना बाकी है। साथ ही उन्होंने बताया कि जिले में प्रवासी लोगों का आना लगातार जारी है। जिले में कोटा के अलावा अन्य राज्यों से पहुंच रहे मदरसा के बच्चों को 14 दिनों के लिए होम क्वारेंटाइन में भेजा गया है। अन्य श्रमिकों को 21 दिनों के लिए प्रखंड स्तर पर बने होम क्वारेंटाइन सेंटर में भेजा जा रहा है।
प्रखंड स्तरीय पर 5435 व पंचायत में 199 लोग क्वारेंटाइन : प्रभारी पदाधिकारी जिला आपदा प्रबंधन ने बताया कि जिले में संचालित विभिन्न क्वारेंटाइन कैंपों में बाहर से आए 5435 प्रवासी रह रहे हैं। इनमें पूर्णिया पूर्व प्रखंड के सद्भावना मंडप कैंप में 17 तथा प्रखंड क्वारेंटाइन कैंप, प्रशिक्षण केंद्र में 20, एसबीआई, प्रशिक्षण केंद्र में 49, जवाहर लाल उच्च विद्यालय, गुलाबबाग में 85 एवं जमाना लाल बजाज बालिका उवि, गुलाबबाग में 82 प्रवासी शामिल है।वहीं श्रीनगर प्रखंड के शिक्षण-प्रशिक्षण महाविद्यालय में 99, बीएड काॅलेज, ब्याॅज हाॅस्टल, में 166 एवं बीएड काॅलेजगर्ल्स हॉस्टल में 118 व्यक्ति है। केनगर प्रखंड के मवि, प्रखंड कॉलनी कैंप में 42, आमवि काझा में 88, चंपानगर में 1 एवं विद्या बिहार, स्कूल, परोरा में 60 व्यक्ति को रखा गया है। कसबा प्रखंड के सीमांचल हॉस्पिटल कैंप में 59 एवं मिलिया कॉन्वेंट कसबा में 52 अप्रवासियों को रखा गया है। इसके अलावा जलालगढ़ प्रखंड के कस्तुरबा गांधी प्लस 2 बालिका आवासीय विद्यालय में 58, मॉडल उच्च विद्यालय एनडी रूंगटा, में 7, एनडी रूंगटा,उवि, में 85 एंव आमवि, जलालगढ़ में 68 व्यक्ति है। अमौर प्रखंड के आमवि,अमौर में 73, उउवि, बेलका में 161, मवि सिरोटोल में46 एवं कस्तुरबा गांधी बालिका आवासिय विद्याल ,अमौर में 35, मवि, गरैसा में 70, मवि मच्छट्ठा में 85, मवि, रामनगर में 10, उवि, बालुटोलइस्लामपुर में 18 एवं प्लस 2प्रोजेक्ट बालिका उवि, में 74 व्यक्ति है। प्रशासन के द्वारा बैसा प्रखंड के श्रीहाॅस्पिटल, रौटा कैंप में 19, उवि, रौटा में 64, मविआमबाड़ी में 49, आ0म0वि0 रौटा में 63, मदरसा मल्हारा, शीशाबाड़ी में 150, मदरसा, सिफातुल उलूम औरा नंदनिया में 110, मवि खुशहालपुर रायबेर में85 एवं उवि, मुंगराप्याजी में 90 व्यक्ति है।
डगरूआ प्रखंड के उवि डगरूआ, कैंप में 87, मवि, डगरूआ में 116 व्यक्ति, इंदिरा गांधी मेमोरियल हाई स्कूल,डगरूआ में 112 एवं मदरसा जामेतुल, बनात में 180 अप्रवासियों को रखा गया है। बायसी प्रखंड के उवि बायसी कैंप में 140, मवि, चरैया में 86, मवि बायसी में 63 एवं प्रोजेक्ट कन्या उवि, बायसी में 109 बहार से आए अप्रवासियों को रखा गया है। जिले केधमदाहा प्रखंड के आमवि,अमारी में 141, आमवि, सरसी में 78, बीएनसी डिग्रीकाॅलेज, धमदाहा में 58, आमवि, निरपूर कैंप में 110, संत शिवानी मिशन स्कूल संतमी कैंप में 193, राजकृत उवि, धमदाहा में 66, मवि, संझाघाट में 25, मवि, जमुनिया में 20,गंगा मवि, दमगारा 71 एवं मवि, शरणार्थी टोला रंगपुरा उत्तर में 12 व्यक्ति है।

2882 लोगों को मिला राशन
इसके अलावा शनिवार को आपदा राहत केंद्र और कम्युनिटी किचन के माध्यम से 603 लोगों को भोजन करवाने के साथ-साथ रूपौली प्रखंड में 12, भवानीपुर में10, बनमनखी में193, कसबा में 325, श्रीनगर में195 ,जलालगढ़ में 518, पूर्णिया पूर्व प्रखंड में1592, अमौर में 03 एवं डगरूआ में 34 कुल 2882 सुखा राशन पैकेट का वितरण किया गया।



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उच्च माध्यमिक विद्यालय चरैया में जांच करती मेडिकल टीम।




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जिले में मिला 5वां कोरोना पॉजिटिव, गुजरात से आया था अलौली, 36 के भेजे गए सैंपल में शामिल था युवक

जिले में शनिवार को एक और संदिग्ध की रिपोर्ट पॉजिटिव मिली। इस तरह अब जिले में कोरोना पॉजिटिव की संख्या पांच हो गई है। पांचवां मरीज अलौली प्रखंड का निवासी है। वह गुजरात से आया था। सभी कोविड-19 के चारों मरीजों की अपनी-अपनी ट्रेवल हिस्ट्री है। रास्ते इनमें से प्रत्येक के संपर्क में 15 से 30 लाेग आए थे, जो समस्तीपुर, गोपालगंज और मुंगेर के टीकारापुर के थे। खगड़िया आने के बाद भी कई लोग उनके संपर्क में आए। चारों के संपर्क में आए 36 लोगों को क्वारेंटाइन कर उनके सैंपल जांच के लिए भेजा गया है। जिसमें 24 वर्षीय युवक पॉजिटिव आया।
शनिवार को डीएम आलोक रंजन घोष ने प्रेस वार्ता आयोजित कर बताया कि चारों को जिले में प्रवेश करते ही क्वारेंटाइन कर दिया गया था। इसलिए इनसे संक्रमण का चेन बनने की आशंका कम है। उन्होंने कहा कि सदर प्रखंड के एक मरीज को गांव की एक महिला ने खाना खिलाया था। उसका भी सैंपल भेजा गया है। शनिवार को भास्कर ने कोरोना पॉजिटिव पाये गए मरीजों से फोन के जरिए बात की तो उन्होंने अपने सफर की कहानी बताई। उन्होंने बताया कि अभी वे बिल्कुल फिट हैं। न सर्दी -जुकाम है न बुखार। फिर भी उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई इससे वे आश्चर्यचकित हैं।

गोपालगंज, समस्तीपुर में भी किया चेक, खगड़िया में मिला पाॅजिटिव
राजस्थान के अलवर से 5 मई 2020 को लौटा कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। उसने फोन से भास्कर से बातचीत में बताया कि वे गोपालगंज के रास्ते बिहार में दाखिल हुए थे। उनके साथ गोपालगंज, समस्तीपुर के लगभग 30 आदमी थे। उनमें से कुछ गोपालगंज में उतरे। उस समय उनलोगों का चेकअप हुआ। फिर समस्तीपुर में भी कुछ सवार उतरे तो उनके साथ सभी का थर्मामीटर से चेकअप हुआ। इसके बाद खगड़िया के बाजार समिति में भी चेकअप हुआ। इनके साथ खगड़िया के 17 लोग थे। सभी क्वारेंटाइन किए गए हैं। उन्होंने बताया कि वे खुद एहतियात बरत रहे हैं। घर वालों को भी अपने पास आने के लिए मना कर रखा है।

सर्दी, बुखार जैसे लक्षण नहीं, 40 लोगों के साथ पहुंचे थे खगड़िया

बड़ी मशक्कत के बाद 7 मई को दिल्ली से ट्रक की मदद से खगड़िया पहुंचा था। गांव के मुखिया ने कहा कि उनके रहने की व्यवस्था प्रखंड मुख्यालय में की गई है। वहीं जाकर रहना होगा। उसके बाद मैं किसी तरह से थाने पहुंचा और वहां करीब दो घंटे तक रहा। इसके बाद वहां एंबुलेंस आई और मुझे जांच के लिए सदर अस्पताल में भर्ती किया गया। उन्होंने बताया कि वे दो लोग एक साथ गांव पहुंचे थे। उनलोगों के साथ 40 से 50 लोग थे। सभी ट्रक पर सवार होकर आए। ट्रक में सवार लोग समस्तीपुर समेत अन्य जिलों के थे। उन्होंने बताया कि वे लोग अभी पूरी तरह से फिट हैं। रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। किसी तरह की परेशानी नहीं है।

आज रेवाड़ी से खगड़िया पहुंचेंगे 1200 प्रवासी
रविवार को खगड़िया जंक्शन पर रेवाड़ी से विशेष प्रवासी ट्रेन के जरिए करीब 1200 लोग आएंगे। डीएम ने बताया कि ये सभी पूर्णिया, किशनगंज व अररिया जिले के हैं। जिनको खगड़िया जंक्शन पर विशेष जांच कर संबंधित जिलों के वाहन से संबंधित जिले के क्वारेटाइन सेंटर भेजा जाएगा।

चौथम में दो मरीजों के संपर्क में आए 22 किए गए क्वारेंटाइन

चौथम | चौथम प्रखंड के कोविड-19 पॉजिटिव आए दो मरीजों के संपर्क में आए 22 लोगों को क्वारेंटाइन कर दिया गया है। सभी को नमूना संग्रह के लिए सदर अस्पताल खगड़िया भेजा गया। बताया जाता है कि मरीजों की काउंसिलिंग के दौरान इन 22 लोगों के नाम सामने आए। थानाध्यक्ष नीलेश कुमार ने बताया कि दोनों पॉजेटिव का सम्पर्क परिवार या किसी ग्रामीण से नहीं हुआ था। पॉजिटिव पाए गए लोगों में एक युवक ट्रक से दिल्ली से आया था। बीते मंगलवार को बदला घाट के पास पुलिस ने उसे धुतौली के क्वारेंटाइन सेंटर में डाल दिया था। वहीं राजस्थान के अलवर से ट्रेन से आए युवक को बाजार समिति खगड़िया से चौथम शिवाधीन महावीर इंटर स्तरीय क्वारेंटाइन सेंटर भेज दिया गया था। तबियत खराब होने की आशंका पर हुए दोनों युवकों को सैम्पल जांच के लिए सदर अस्पताल खगड़िया भेजा गया था। जांच में दोनों युवक कोरोना पॉजेटिव पाये गये।

चारों संक्रमितों को पहुंचते ही किया गया क्वारेंटाइन: डीएम
खगड़िया |
डीएम आलोक रंजन घोष ने शनिवार को प्रेस वार्ता में बताया कि चारों मरीज अपने साधन से पहुंचे थे। स्थानीय लोगों द्वारा सूचना देने पर इनका सैंपल जांच के लिए भेजा गया था। इनमें दो लोग सदर प्रखंड और दो चौथम प्रखंड के हैं। ये लोग जिले में प्रवेश करते ही क्वारेंटाइन कर दिए गए थे। इसलिए इनके संपर्क में ज्यादा लोगों के आने की संभावना नहीं है। फिर भी मिली सूचना और संक्रमितों से हुई पूछताछ के आधार पर 36 लोगों को क्वारेंटाइन कर उनके सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। साथ ही इनके संपर्क मे आए अन्य लोगों की पहचान के लिए तेजी से काम चल रहा है। सदर प्रखंड के एक संक्रमित को गांव में एक महिला ने खाना खिलाया था। उसका भी सैंपल लिया गया है। उन्होंने बताया कि चौथम प्रखंड का एक संक्रमित भी प्रखंड के एक परिवार से मिला था। उसकी भी पहचान की जा रही है।

क्वारेंटाइन सेंटर में रखा जा रहा है पूरा ख्याल

खगड़िया | डीएम आलोक रंजन घोष ने कहा कि अभी विशेष ट्रेनों के माध्यम से बड़ी संख्या में प्रवासी लोग आ रहे हैं। सभी को प्रखंड स्तरीय क्वारेंटाइन केन्द्रों में रखा जा रहा है, जहां उनका पूरा ख्याल रखा जा रहा है। वरीय पदाधिकारी एवं सभी क्षेत्रीय पदाधिकारी की ओर से सभी क्वारेन्टाइन केन्द्रों का नियमित निरीक्षण कर वहां भोजन व रहने की व्यवस्था सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया है।



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बाजार समिति में कतार में खड़े प्रवासियों की जांच करती डॉक्टरों की टीम।
शनिवार को प्रेस वार्ता को संबोधित करते डीएम।




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हाईस्कूल और एमएच आजाद डिग्री काॅलेज में 36 प्रवासी हुए क्वारेंटाइन

अप्रवासी 36 मजदूरों का जत्था शनिवार को ठाकुरगंज पहुंचा। केरल व अन्य स्थानों से पहुंचने वाले छह मजदूरों को चिकित्सीय जांच के बाद ठाकुरगंज हाईस्कूल क्वारंटाइन सेंटर में रखा गया। दूसरी तरफ हैदराबाद और सिंकदराबाद से पहुंचे 30 मजदूरों को एम एच आजाद काॅलेज के डिग्री काॅलेज में क्वारेंटाइन किया गया।
अधिकारियों की उपस्थिति में क्वारेंटाइन किये गये लोगों ने बताया कि अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए फैक्टरियों में अलग-अलग कार्य करते थे। लेकिन कोरोना महामारी काल में हुए लाॅककडाउन के कारण फैक्टरियों के बंद होने के बाद जैसे-तैसे विभिन्न शहरों में गुजारा कर रहे थे।
सरकार द्वारा अप्रवासी मजदूरों को लाने का सिलसिला आरंभ किया गया तो इसी कड़ी में ठाकुरगंज में अप्रवासी मजदूरों का आने का सिलसिला जारी है। प्रखंड नोडल अधिकारी सह सीओ उदयकृष्ण यादव ने बताया कि अबतक ठाकुरगंज हाईस्कूल में 76 और एम एच आजाद डिग्री काॅलेज में 30 अप्रवासी मजदूरों को क्वारेंटाइन किया गया है। सभी प्रवासियाें को प्रसाधन किट के साथ दो वक्त का भोजन, नाश्ता दिया जाएगा। वहीं रोजेदारों के लिए सेहरी और इफ्तार की सुविधा मिलेगी। क्वारेंटाइन केन्द्रों में सीसीटीवी के साथ पुलिस के जवान निगरानी के लिए तैनात किए गए हैं।
पांच को जांच के लिए भेजा गया किशनगंज
डॉ. एके झा ने बताया कि सभी को 21 दिनों के लिए क्वारेंटाइन किया गया है। सुबह और संध्या समय स्वास्थ जांच के लिए दो चिकित्सकों की टीम दोनों केन्द्रों का जायजा लेगें। इसके अलावा केन्द्रों पर एक एएनएम और आशाकर्मी भी तैनात किये गये हैं। 21 दिनों बाद सभी स्वस्थ पाये गये तो इन्हें अपने-अपने घर जाने दिया जाएगा। ठाकुरगंज हाईस्कूल से तीन और डुमरिया से दो लोगों को उच्चतर जांच के लिए किशनगंज भेजा गया है। गौरतलब है कि जिले में कोरोना पाॅजेटीव एक मरीज की पुष्टि होने के बाद क्वारेंटाइन केन्द्रों पर भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है।



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क्वारंेटाइन केन्द्र मे अप्रवासी मजदूरो की जांच करते चिकित्सक।




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मुख्य डाकघर में अब तक 1.30 करोड़ का भुगतान, बेहतर कार्य वाले होंगे सम्मानित

डाक विभाग ने एक दिन में 1.55 लाख लोगों को राशि का भुगतान कर देश में नया रिकॉर्ड बनाया है। डाक विभाग के बिहार सर्किल ने पूरे देश में पहला स्थान बनाया है। लखीसराय के सहायक डाक अधीक्षक उमाशंकर कुमार ने बताया कि मुंगेर डाक प्रमंडल में लखीसराय ने 1.30 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है। सिर्फ एक दिन में शुक्रवार को 26 लाख रुपए का भुगतान किया गया।
लखीसराय मुख्य डाकघर द्वारा शहरी क्षेत्र में चलंत आधार डाक का परिचालन किया जा रहा है। घूम-घूम कर जरूरतमंदों को राशि का भुगतान किया जा रहा है। मुख्य डाकघर में पोस्टमास्टर मनीष कुमार आनंद ने बताया कि समाजसेवा से जुड़े डाक कर्मियों को अच्छे कार्यों के लिए पुरस्कृत किया जाना है। अनिमेश कुमार, सुजीत कुमार, अरविंद सिंह, रंजीत कुमार, मो. शमीम, सोनू कुमार, अनुराग कुमार, सदन सिंह, सुमित कुमार, अशोक कुमार, अमरनाथ झा एवं फूलचंद को सराहनीय कार्य के लिए डाक विभाग द्वारा पुरस्कृत किया जाएगा।



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किसानों को एक एकड़ के लिए 1 से 3 हजार में खरीदना पड़ रहा धान का बीज, अबतक नहीं मिला अनुदानित बीज

विभाग के तरफ से सस्ते दर पर उन्नत किस्म के बीज व उर्वरक समय पर उपलब्ध नहीं होने से किसान योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे है। 15 मई तक धान का बिचड़ा गिराने का सबसे उपयुक्त समय माना जाता है। इसके लिए किसान खेतों को तैयार कर लिए हैं। समय पर सरकारी बीज व उर्वरक नहीं मिलने पर किसान बाजार से ऊंची दरों पर बीज की खरीदने के लिए मजबूर हैं। किसानों को एक एकड़ के लिए एक हजार से तीन हजार तक का बीज बजार से खरीदना पड़ रहा है। जबकी अनुदानित बीज की कीमत 19 सौ से लेकर तीन हजार तक है। जिसमें बीज के साथ कीटनाशक व खाद साथ में मिलता है। इसके बाद किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान मिलता है। जिससे किसानों को 9 सौ से लेकर 15 सौ तक कीटनाशक व खाद के साथ बीज मिल जाता है।

सरकार के भरोसे नहीं होगी खेती
किसान नेता भाई उत्कर्ष, छोटे श्रीवास्तव आदि ने बताया कि धान का बिचड़ा गिराने का काम शुरू हो गया है। अगर सरकार के भरोसे रहेंगे तो खेती नहीं कर सकेंगे। देर से बिचड़ा गिराने से धान में रोग लगने का डर रहता है।

पिछले वर्ष का अबतक नहीं मिला अनुदान

किसानो ने बताया कि एक वर्ष से पिछले वर्ष के अनुदान के लिए चक्कर काट रहे है। बताते चले कि पिछले वर्ष 242 किसानों ने अनुदान पर धान का बीज खरीदा था। लेकिन इन किसानों को 7, 68, 830 रु. अबतक नहीं मिला है। जिसमें किसानों ने तनाव रोधी योजना के तहत 50 किसानों ने 1 लाख 51 हजार रुपए की। श्री विधि योजना के तहत 75 किसानों ने 2 लाख 38 हजार 725 रुपए की। जीरो टीलेज के तहत 67 किसानों ने 2 लाख 8705 रुपए की। वहीं, पैडी ट्रांसप्लांटर योजना के तहत 50 किसानों ने 1 लाख 62 हजार 245 रुपए की खरीदारी किया था।

खरीफ महोत्सव के बाद ही बीज का वितरण किया जाता है। अबतक कोई भी जिला से मार्ग दर्शन नहीं आया है। इस वर्ष कबतक बीज आएगा कहा नहीं जा सकता। अभी मै पुराने अनुदान के पैसा के लिए परेशान हूं। -पृथ्वी चंद्र, बीएओ, बगहा



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ई-किसान भवन के बाहर खड़े किसान।




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32 नए मरीज मिले सभी प्रवासी मजदूर; रिकवरी में बिहार चौथे नंबर पर, 51 और स्वस्थ

राज्य में शनिवार काे 32 नए काेराेना मरीज मिले। ये सभी हाल ही में ट्रेन से दूसरे राज्यों से आए हैं। शुक्रवार को छोड़ पिछले चार दिनों से कम पॉजिटिव केस मिलने का सिलसिला शनिवार को भी जारी रहा। राज्य में कुल कोरोना मरीजों की संख्या बढ़कर 611 हो गई है। मुजफ्फरपुर में काेराेना संक्रमण फैलने के साथ राज्य के 38 में से 37 जिलाें में कोरोना वायरस ने दस्तक दे दी है। अब केवल जमुई ही कोरोना से बचा हुअा है। शनिवार को मिले मरीजाें में बेगूसराय के 12, रोहतास के 5, मुजफ्फरपुर के 3, अरवल के 3, नालंदा व मुंगेर 2-2 व शेखपुरा, वैशाली, भोजपुर, खगड़िया और सीवान के एक-एक है। शनिवार को एक दिन में सबसे अधिक 11 जिलों से पॉजिटिव मरीज मिले हैं।
बाहर से आने वाले लोगों के साथ कोरोना वायरस भी आएगा, इसकी आशंका विशेषज्ञ पहले से ही जता रहे थे। शुक्रवार को भी जिन लोगों की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी, उनमें से अधिकांश तीन दिन पहले ही विशेष ट्रेन से बिहार आएं हैं। शुक्रवार को तीन नए जिले सहरसा, सुपौल और खगड़िया में संक्रमण पहुंचा था। यहां भी बाहर से आए श्रमिक चपेट में आए थे।

मरीजों के ठीक होने में केरल, तेलंगाना, राजस्थान हमसे आगे

बिहार के लिए खुशी की बात यह है कि कुल संक्रमित मरीजों में से लगभग 54 फीसदी इस वायरस को हराने में सफल रहे हैं। यह राष्ट्रीय औसत से अधिक है। राष्ट्रीय औसत 29 फीसदी है। शनिवार को राज्य के 51 लोगों ने कोरोना वको मात दी है। अभी तक कुल 318 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। शनिवार को गोपालगंज के 14, कैमूर-बक्सर के 9-9, रोहतास के 6, सारण के 3, प. चंपारण के 3, औरंगाबाद के 2, पटना, मुंगेर व सीवान के एक-एक संक्रमित स्वास्थ्य होकर घर गए। मरीजों के ठीक होने के मामले में बिहार का रिकार्ड शानदार है। 500 से अिधक मरीजों वाले राज्यों में बिहार चौथे स्थान पर है। सिर्फ केरल, तेलंगाना और राजस्थान हमसे आगे हैं।



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32 migrant workers found all new patients; Bihar is fourth in recovery, 51 more healthy




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सहरसा को चाहिए 50 डॉक्टर, 43 माह में स्वास्थ्य विभाग को भेजे गए 11 पत्र, तैनाती का है इंतजार

जिले के सरकारी अस्पतालों को 50 डॉक्टर चाहिए। इसके वास्ते जिले से स्वास्थ्य विभाग को पिछले 43 महीनों में 11 पत्र भेजे गए। तैनाती का इंतजार है। पहला पत्र 27 सितंबर 2016 को भेजा गया। सिविल सर्जन ने भेजा। डीएम ने 18 नवंबर 2016 को पत्र भेजा। सिविल सर्जन के हालिया पत्र के अनुसार सदर अस्पताल में अधीक्षक, उपाधीक्षक, अपर उपाधीक्षक सह सहायक अपर मुख्य चिकित्सा प्रभारी (गैर संचारी रोग) नहीं हैं। न्यूनतम जरूरत से भी कम डॉक्टर हैं। सेवा देने में कठिनाई है। आईसीयू को व्यवस्थित करने में दिक्कत है।

तत्काल 2 गाइनोकोलॉजिस्ट, एक रेडियोलॉजिस्ट, एक मूर्छक, एक पैथोलॉजिस्ट तथा 5 जनरल डॉक्टर तैनात किए जाएं।’ इधर, श्री उग्रतारा स्थान न्यास समिति के उपाध्यक्ष प्रमील कुमार मिश्र ने बताया कि उन्होंने भी स्वास्थ्य मंत्री से आग्रह किया है। बहरहाल, पत्र में सौरबाजार, पचगछिया पीएचसी में 4-4, नवहट्‌टा, सदर में 2-2, सोनवर्षा, सिमरी बख्तियारपुर, महिषी, सलखुआ, बनमा इटहरी व पतरघट पीएचसी में 3-3, रेफरल अस्पताल (नवहट्‌टा) में 3 तथा अनुमंडलीय अस्पताल (सिमरी बख्तियारपुर) में भी पांच डॉक्टरों को देने की चर्चा है।



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रेड जोन में शामिल सूरत से स्पेशल ट्रेन से गया पहुंचे बिहार के 1343 प्रवासी, दो संदिग्ध मिले

देश भर में कोरोना संक्रमण को लेकर रेड जोन में शामिल सूरत, जहां 855 संक्रमित वहां से श्रमिक स्पेशल ट्रेन 16:30 बजे ( शाम साढ़े चार) में गया जंक्शन पहुंची। ट्रेन से बिहार के विभिन्न जिलों के 1343 प्रवासी उतरे। इसमें गया जिला के 145 लोग शामिल थे। प्लेटफॉर्म एक पर रुकी ट्रेन से उतरे सभी प्रवासियों को कतारबद्ध कर थर्मल स्क्रीनिंग, हाथ पर क्वारेंटाइन मुहर व पंजीकरण के बाद प्लेटफॉर्म से बाहर निकाला गया। जांच के दौरान दो संदिग्ध मिले वहीं 25 लोगों का रैंडम सैंपलिंग ली गई।

जंक्शन परिसर में खड़ी बसों से बिहार के विभिन्न जिलों में उनके गंतव्य के लिए भेजा गया। लौटने वालों में काफी संख्या में महिलाएं व बच्चे शामिल थे। वहीं जिला प्रशासन की ओर से प्लेटफॉर्म से बाहर निकलने पर श्रमिकों को फूड पैकेट व पानी उपलब्ध कराया गया। व्यवस्था के लिए बनाए गए वरीय स्टेशन प्रभारी सह नगर निगम आयुक्त सावन कुमार के अलावे स्टेशन डायरेक्टर जेपी भरती, स्टेशन प्रबंधक केके त्रिपाठी, आरपीएफ सहायक सुरक्षा आयुक्त मनोज सिंह चौहान, रेल पुलिस डीएसपी सुनील कुमार आदि शामिल थे।

145 यात्री गया जिले के थे, सभी को क्वारेंटाइन सेंटर में भेजा गया

गुजरात के सूरत से शनिवार की शाम आई ट्रेन के यात्रियों का स्क्रीनिंग स्वास्थ्य टीम की ओर से की गई। इस टीम के नोडल पदाधिकारी डॉ. उदय मिश्रा ने बताया कि स्क्रीनिंग में दो यात्री संदिग्ध पाए गए। इन संदिग्धों को नमूना लेकर उसे जंक्शन परिसर में स्थित होटल अर्णव में बनाए गए आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है। इसके अलावा यात्रियों में 25 यात्रियों का रैंडम सैंपलिंग भी किया गया। सभी सैंपल को जांच के लिए पीएमसीएच पटना भेज दिया गया है। डॉ. मिश्रा ने बताया कि ट्रेन से कुल 145 यात्री गया जिले के थे जिन्हें बोधगया स्थित क्वारेंटीन सेंटर में भेज दिया गया है।



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1343 migrants from Bihar arrived by special train from Surat in Red zone, two suspects found




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35 दिनों से कर रहे हैं काम,अब तक 366 लाेगों का लिया सैंपल

ये हैं विजय कुमार। सदर अस्पताल में लैब टेक्नीशियन हैं। कोरोना महामारी के इस दौर में बढ़ते संक्रमण के बीच चिकित्सक से लेकर सफाई कर्मी तक सभी जी-जान से जूटे हुए हैं। खतरे के बीच ये सभी अपनी जिम्मेवारियों का बखूबी निर्वहन कर रहे हैं। लेकिन, कोरोना की इस लड़ाई में सबसे कठिन कार्य कर रहे हैं लैब टेक्नीशियन।

सभी लैब टेक्नीशियन खतरे के बीच भी कोरोना संक्रमित या इसके संदिग्ध मरीजों का सैंपल एकत्रित कर रहे हैं। इनमें लैब टेक्नीशियन विजय कुमार एक कर्मवीर योद्वा हैं। ये बिना रेस्ट लिए 35 दिनों से लगातार सैंपल कलेक्शन कर रहे हैं। अब तक 366 से अधिक लोगों के सैंपल ले चुके हैं। बता दें कि कोरोना मरीज की पहचान से लेकर इलाज तक की प्रक्रिया में लैब तकनीशियन का काम अत्यधिक जोखिम भरा होता है। क्योंकि, सैंपल लेने के मरीज और तकनीशियन के बीच दूरी न के बराबर रहती है।

कोरोना के साथ स्वयं से भी लड़ते हैं प्रतिदिन
कोरोना संदिग्धों का स्वाब लेते समय भी मरीज को कई बार खांसी आ जाती है और तो और कई बार उल्टी भी हो जाती है, जिसकी वजह से संक्रमण का खतरा हर समय बना रहता है। हालांकि, ये पीपीई किट पहनकर इस कार्य को अंजाम देते हैं लेकिन, यह कहना गलत नहीं कि इस परिस्थिति में सैंपल लेने से लेकर जांच कार्य तक लैब तकनीशियन को कोरोना के साथ स्वयं से भी लड़ना होता है।

पहले लगता था डर, अब नहीं
विजय कुमार ने बताया कि पहली बार जब सैंपल कलेक्शन कर रहे थे तो, उनके मन मे एक डर था। लेकिन अब तो हर रोज के कार्यंो में सैंपल कलेक्शन करना शुमार हो गया है। उनके पिता स्वस्थ्य विभाग से रिटायर्ड हैं। परिवार के अधिकतर लोग स्वास्थ्य सेवा जुड़े है। इसलिए उनके घर में डर का कोई माहौल नहीं है। परिवार के सभी लोगों के हौसला बढ़ाने की वजह से कोरोना मरीजों की जांच में पूरे उत्साह से दिन रात लगे रहते हैं। मन में कोरोना संक्रमण का भय भी बना रहता है। लेकिन एक विचार एक मिनट के लिए मन में आते ही अपने काम में तल्लीन हो जाते है। तुरंत ही नकारात्मक विचार मन से गायब हो जाते हैं।

कार्य को बखूबी अंजाम दे रहे हैं
लैब टेक्नीशियन अपने मानसिक द्वन्द्व पर विजय प्राप्त कर अपने कार्य को बखूबी अंजाम दे रहे हैं। विजय कुमार कहते हैं, जब पूरे विश्व पर कोरोना का संकट छाया हुआ है तो वे लोग इससे कैसे मुंह मोड़ सकते हैं।

केयर इंडिया कर रही है सहयोग
सभी लैब टेक्निशियन के साथ केयर इंडिया की टीम भी सहयोग कर रही है। केयर इंडिया के तरफ डॉ दिनेश कुमार मौर्य सैंपल कलेक्शन कार्य मे अपनी सेवा दे रहे है।



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Are working for 35 days, so far samples of 366 people have been taken




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24 घंटे में 50 नए केस आए, संक्रमितों का आंकड़ा पहुंचा 629; 37 जिले कोरोना की चपेट में

बिहार में पिछले तीन दिनों में कोरोना मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। शनिवार दोपहर से रविवार सुबह तककोरोना के 50 मामले सामने आए हैं। इसमें 32 प्रवासी मजदूर हैं जो दूसरे राज्यों से लौटे हैं। शनिवार को 32 केस सामने आए थे। रविवार को 18 नए मरीजों की पुष्टि हुई है। इसमें सहरसा और मधेपुरा के 7-7, दरभंगा के दो और बेगूसराय-अररिया के एक-एक मरीज शामिल हैं। अच्छी खबर ये है कि पिछले 24 घंटे में 51 मरीज स्वस्थ भी हुए हैं।

37 जिलों में फैला संक्रमण
बिहार के 37 जिलों में कोरोनावायरस का संक्रमण फैल गया है। शनिवार को मुजफ्फरपुर में भी कोरोना के तीन मामलों की पुष्टि हुई है। सिर्फ जमुई ही ऐसा जिला बचा है जहां अब तक कोरोना के मरीज नहीं मिले हैं।

ये तस्वीर बिहार के जमुई जिले की है जहां अब तक कोरोना का संक्रमण नहीं फैला है। यहां करीब दो सौ लोग आहर में मछली पकड़ने आए हैं।

रिकवरी में बिहार चौथे नंबर पर
बिहार के लिए अच्छी बात यह है कि कुल संक्रमित मरीजों में से 54% इस वायरस को हराने में सफल रहे हैं। यह राष्ट्रीय औसत से अधिक है। राष्ट्रीय औसत 29 फीसदी है। शनिवार को राज्य के 51 लोगों ने कोरोना को मात दी। अभी तक 318 लोग स्वस्थ हो चुके हैं।

बक्सर-कैमूर में तेजी से ठीक हो रहे मरीज
पिछले दिनों बक्सर और कैमूर में तेजी से कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ रही थी। लेकिन, अब दोनों जिलों में मरीज तेजी से रिकवर हो रहे हैं। बक्सर के 56 में से 54 और कैमूर के 32 में से 27 मरीज ठीक होकर घर लौट चुके हैं। बिहार का गया ही एकमात्र जिला हैजहां अब तक सभी मरीज ठीक हो चुके हैं। यहां अब तक 6 केस आए और सभी स्वस्थ हो गए।

पटना के बीएमपी-5 में निरीक्षण करने पहुंचे डीएम कुमार रवि और एसएसपी उपेंद्र शर्मा। यहां जवान कोरोना संक्रमित हो गए हैं।

आरा: नया मरीज मिलने से डर कायम
आरा जिले में अब तक 18 केस मिले जिसमें सभी लोग स्वस्थ हो गए। शनिवार को नया केस मिलने के बाद फिर हड़कंप मच गया। अगिआव प्रखंड में नया केस सामने आया है। एक ओर जहां जिले के सभी मरीजों के स्वस्थ होने से लोग राहत में थे वहीं, नया मरीज मिलने से प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।

हॉट स्पॉट मुंगेर: 24 घंटे में दो नया केस
हॉट स्पॉट मुंगेर में पिछले 24 घंटे में दो नए मरीजों की पुष्टि हुई है। इससे पहले तीन दिनों तक यहां कोई नया केस सामने नहीं आया था। जो दो नए केस सामने आए हैं वे खड़गपुर के क्वारैंटाइन सेंटर में पिछले दो दिनों से रह रहे थे। जिले में दूसरे राज्यों से आए लोगों से संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। मुंगेर में अब तक कोरोना के 104 मरीज मिले जिसमें 43 ठीक होकर घर लौट गए और 58 का इलाज चल रहा है।

बक्सर: कंटेंटमेंट एरिया नया भोजपुर में 63 लोगों पर केस दर्ज
बक्सर के कंटेंटमेंट एरिया नया भोजपुर में लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर 63 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस दिन भर सभी इलाकों में गश्त कर रही है और सख्ती से लॉकडाउन का पालन करा रही है। जिले में अब तक 56 मरीज मिले हैं जिसमें 54 ठीक हो गए।

कोरोना से प्रभावित टॉप 10 जिले-

जिला मरीज ठीक हुए मौत
मुंगेर 104 43 1
रोहतास 59 40 1
बक्सर 56 54 0
नालंदा 40 35 0
सीवान 33 26 0
कैमूर 32 27 0
बेगूसराय 26 8 0
मधुबनी 24 0 0
गोपालगंज 18 17 0
भोजपुर 19 10 0


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ये तस्वीर पटना के कंटेंटमेंट जोन खाजपुरा की है जहां कोरोना के केस लगातार बढ़ रहे हैं। शुक्रवार को भी खाजपुरा के पांच नए मरीज मिले थे।




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जसवंतपुरा उपखंड में दपंती सहित 3 कोरोना संक्रमित मिले, तीनों ही अहमदाबाद से आए थे

जिले में शनिवार को तीन और कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। तीनों मरीज जसवंतपुरा उपखंड क्षेत्र के हैं, इनमें से कलापुरा निवासी दंपती हैं, जबकि 1 मरीज कारलू का रहने वाला है। तीनों पॉजिटिव प्रवासी हैं, जो कुछ दिन पहले ही अहमदाबाद से गांव लौटे थे।
गांव आने के बाद इनको चांडपुरा में स्थित देवनारायण आवासीय विद्यालय में क्वारेंटाइन करके इनका सैंपल लिया गया था। गुरुवार को जिले से 130 संदिग्धों के सैंपल जांच के लिए पाली मेडिकल काॅलेज भेजे थे, जिनमें से 117 सैंपल की रिपोर्ट शनिवार सुबह आई थी, जिसमें यह तीनों मरीज पॉजिटिव मिले हैं। जसवंतपुरा उपखंड में तीनों मरीज मिलने के बाद प्रशासन भी सतर्क हो गया। कलेक्टर हिमांशु गुप्ता ने आदेश जारी करते हुए दोनों गांव में कर्फ्यू लगा दिया हैं। इसके बाद एसडीएम पुष्पा सिसोदिया समेत प्रशासनिक अधिकारियों ने दाेनाें गांवाें में पहुंचकर ग्रामीणाें से घरों में ही रहने की अपील की। साथ ही दाेनाें गांवाें में जाने वाले सभी रास्ते भी बंद कर दिए गए। इस दोरान जसवंतपुरा गांव के कलापुरा में पॉजिटिव मरीज मिले के बाद पुलिस प्रशासन ने गांव में फ्लैग मार्च निकाला।
8 में से 7 प्रवासी पॉजिटिव, सभी अहमदाबाद व सूरत से आए
5 मई तक जालोर जिला ग्रीन जोन में था, जिसके बाद मरीज पॉजिटिव आने शुरू हुए हैं। अब तक जिले में 8 कोरोना मरीज सामने आ चुके हैं, इनमें से 7 गुजरात के अहमदाबाद व सूरत निवासी हैं, जबकि एक मरीज सीकर से आई थीं। जिले में सायला के वीराणा निवासी दो पॉजिटिव सूरत से आए थे, वहीं आहोर के रायथल निवासी युवक, रानीवाड़ा कलां निवासी युवक, कलापुरा निवासी दपंती व कारलू निवासी अधेड़ भी अहमदाबाद से आया था। ऐसे में अब अहमदाबाद से आने वाले प्रवासियों को लेकर जिले में खतरा बना हुआ है।
कारलू निवासी 49 वर्षीय कोरोना संक्रमित मरीज भी 3 मई को अहमदाबाद से अपने गांव लौटा था। यह भी वहां से कार में सवार होकर आया। घर आने के बाद इसको होम क्वारेंटाइन किया, लेकिन बुखार आने पर इसे 4 मई को चांडपुरा में स्थित देवनारायण आवासीय विद्यालय में क्वारेंटाइन कर दिया। यहां 5 मई को ही इसका सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा था। इस कोरोना संक्रमित की अहमदाबाद में सेलून की दुकान है। एक दिन घर पर रहने पर यह परिवार के भी संपर्क में आया, जबकि इसके भाई ने गांव में कई घरों में जाकर लोगों के बाल काटने का भी कार्य किया था। मरीज की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उसके भाई व उसकी पत्नी भीनमाल चले गए। इसकी सूचना मिलने पर प्रशासन की टीम ने भीनमाल से एंबुलेंस से वापस दोनों काे बुलाया और उनके सैंपल लेकर क्वारेंटाइन किया है।
सबसे बड़ा खतरा : संक्रमित दपंती 51 जनों के साथ ट्रक में सवार होकर गांव आए, सभी की पहचान
2 मई को अहमदाबाद से आए कलापुरा निवासी दपंती मिनी ट्रक में सवार होकर अपने गांव पहुंचे थे। इनके साथ मिनी ट्रक में कुल 51 लाेग सवार थे। अब प्रशासन ने सभी लाेगाें की जानकारी जुटा दी है। इनमें से तीन परिवार सिरोही जिले के भी हैं। प्रशासन अब इनके साथ आने वाले सभी प्रवासियाें के सैंपल लेकर उन्हें भी क्वारेंटाइन करने की तैयारी कर रहा है। अब खतरा यह है कि एक मिनी ट्रक में 51 प्रवासी सवार होकर राजस्थान आए थे। ऐसे मेंं इनके संपर्क में और भी मरीजाें के संक्रमित होने का खतरा है।
राहत की बात : वीराणा के युवक व एएनएम के संपर्क में आने वाले कई जनों की रिपोर्ट निगेटिव
6 मई को वीराणा निवासी दो जनों की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद इनके संपर्क में आने वाले 10 जनों की रिपोर्ट आ चुकी हैं, इन सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई हैं। साथ ही एएनएम के संपर्क में आए 7 जनों के सैंपल लिए थे। इनमें उनके साथ कार में सवार होकर आने वाले उनके भाई व मां भी शामिल थे। इन दोनों की रिपोर्ट भी निगेटिव आई है। इसके अलावा रामदेव कॉलोनी में यह जिस रिश्तेदार के यहां रूके थे, उनकी रिपोर्ट भी निगेटिव मिली है।
जसवंतपुरा के कलापुरा निवासी दंपती 2 मई को अहमदाबाद से कलापुरा पहुंचे थे। गांव आने के बाद प्रशासन ने इनको होम क्वारेंटाइन किया। हालांकि दोनों को बुखार आने व कोरोना जैसे लक्षण नजर आने के बाद 5 मई को चिकित्सा विभाग की टीम ने उनके घर पर पहुंचकर दोनों का सैंपल लिया। इसकी रिपोर्ट में दोनों पॉजिटिव निकले। जानकारी के अनुसार संक्रमित मरीज अपने परिवार के साथ अहमदाबाद में ही रहता था, जहां पर सब्जी बेचता था। दंपती 51 लाेगाें के साथ एक मिनी ट्रक में सवार होकर गांव पहुंचे थे। अब इनके संपर्क में आए लाेगाें की पहचान की जा रही है। साथ ही ये दाेनाें जिनके संपर्क में आए उनकाे भी क्वारेंटाइन किया जाएगा।



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40 वर्ष पूर्व बना कंकराला माइनर आरडी 9 पर टूटा, 35 फीट के कटाव से बिजाई की वरीयता बाधित

आईजीएनपी की पूगल ब्रांच से निकलने वाला 40 साल पुराना कंकराला माइनर जर्जर होकर शुक्रवार रात को टूट गया। इससे आरडी 9 के आस-पास के खेतों में पानी भर गया। माइनर में करीब 35 फीट का कटाव आ गया। हालांकि खेतों में सरसों, चना व गेहूं की फसलें निकालने के बाद कोई नुकसान नहीं हुआ लेकिन आगामी फसलों की बिजाई के लिए तैयार की गई जमीन खराब हो गई। कई किसानों की बिजाई की वरीयता टूट गई। किसानों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों व क्षेत्रीय विधायक गोविंदराम मेघवाल को माइनर टूटने की जानकारी दी। इसके बाद शनिवार को विभागीय अधिकारी व खाजूवाला प्रधान सरिता चौहान मौके पर पहुंची। टूटे माइनर को सही करने का कार्य प्रारंभ किया गया। वहीं दूसरी ओर किसान मुमताज खान पड़िहार ने माइनर टूटने से बाधित हुई वरीयता का पानी दुबारा देने की मांग की है। माइनर की पूर्ण मरम्मत की मांग भी उठाई है। माइनर की मरम्मत के लिए विधायक गोविंदराम मेघवाल ने दो लाख रुपए स्वीकृत किए हैं।



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40 years ago on Kankrala Minor Rd 9 broken, 35 feet erosion interrupted sowing preference




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झाक गांव मदरसे के शौचालय में रात को विस्फोट, 3 किमी तक गूंज

झाक ग्राम स्थित मदरसे के शौचालय में शुक्रवार रात धमाका हो गया। जिससे शौचालय गिर गया और पत्थर दूर दूर जा गिरे। धमाके की आवाज करीब तीन किमी एरिया में सुनाई दी। इसके बाद ग्रामीणों ने पुलिस को इसकी सूचना दी। घटना की सूचना पर शनिवार सुबह एसपी ग्रामीण सहित पुलिस जाब्ता, एफएसएल टीम व डॉग स्क्वायड, बंब डिस्पोजल टीम मौके पर पहुंची। टीम ने सैंपल एकत्रित किए। थानाधिकारी मनीष देव ने बताया कि बीती रात को ग्राम झाक में स्थित दाउतुल इस्लाम मदरसा में विस्फोट होने की सूचना पर मौके पर गए थे। मदरसे में बाहरी दीवार हत्थे के एक कौने पर बने शौचालय की दीवार में विस्फोट होने से दीवार में छेद होकर आसपास मलबा व पत्थर बिखर गए। मौलवी सहजाद ने बताया कि रात को करीब साढ़े ग्यारह बजे अचानक विस्फोट हुआ।

झाक गांव में चौकीदारों के मोहल्ले के पास स्थित मदरसा दावतुल इस्लाम परिसर के एक कौने में बने शौचालय में एकाएक हुए धमाके से आसपास के क्षेत्र में सनसनी फैल गई। शोर तीन किलोमीटर तक सुनाई दी। रात में भीड़ जुट गई। धमाका इतना तेज था कि पत्थर 15-20 फ़ीट की दूर जा गिरे। शेराराम खोजा ने सरपंच ललिता खोजा व बिलाड़ा पुलिस को सूचना दी। जोधपुर से आई एफएसएल टीम ने डॉग स्क्वायड व मेटल डिटेक्टर की मदद से धमाके वाले स्थान ,मदरसा परिसर सहित आसपास के दर्जनभर घरों की जांच की।



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Explosion in the toilet of Jhaka village madrasa at night, echoed for 3 km




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बोर्ड ने 38 रिटायर्ड कार्मिकों को संविदा पद से हटाया

कोरोना वायरस संक्रमण के साइड इफेक्ट राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में संविदा पर लगे रिटायर्ड कार्मिकाें को झेलने पड़े हैं।

बोर्ड में कार्यरत ऐसे 38 कार्मिकों को एक ही आदेश में बोेर्ड से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। माना जा रहा है कि इससे बोर्ड के कामकाज पर भी असर पड़ सकता है।

बोर्ड सचिव की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि अध्यक्ष के आदेश की अनुपालना में सेवानिवृत कार्मिकों को जाॅब बेसिस पर कार्य करने के लिए अनुबंध निष्पादित कर कार्य पर लगाया गया। कार्य व्यवस्था की दृष्टि से अनुबंध की शर्तों के अनुसार इनका अनुबंध तुरंत प्रभाव से समाप्त किया जाता है।

बोर्ड ने जिन शाखाओं से इन कार्मिकाें को हटाया है उसमें सबसे अधिक 11 कार्मिक परीक्षा द्वितीय शाखा से हटाए गए हैं। इसके अलावा लेखा और लेखा ऑडिट शाखा से भी 11 कार्मिक हटाए गए हैं। शैक्षिक, विधि, संबद्धता से प्रत्येक से 3-3, जबकि प्रकाशन, निर्माण शाखा, पूछताछ और आईटी सेल से एक-एक कार्मिक को हटाया गया है। इनमें दो महिला कार्मिक भी शामिल हैं।

बोर्ड की सभी शाखाओं के संबंधित विभागाध्यक्षों को भी निर्देश दिए गए हैं कि इन कार्मिकाें के पास जो भी चार्ज पत्रावलियां आदि हैं वे प्राप्त कर कार्यमुक्त करें तथा संपूर्ण रिकॉर्ड व चार्ज प्राप्त होने के बाद ही भुगतान किया जाए।

बोर्ड के आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि बोर्ड में लंबे समय से नए कार्मिकों की भर्ती हो नहीं रही है। ऐसे में रिटायर्ड व्यक्तियों से ही कार्य लिया जा रहा था। अब इन्हें भी हटा दिया गया है, ऐसे में परीक्षा द्वितीय और लेखा शाखा में कामकाज पर असर पड़ सकता है।



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312 परिवाराें काे बांटी राशन सामग्री

शहर के विभिन्न संताें की मदद से जरूरतमंद परिवारों तक राशन सामग्री सब्जियां पहुंचाने का काम किया जा रहा है।

इसी के तहत शनिवार काे कोटडा, फाॅय सागर काॅलोनी सहित अजयनगर हाउसिंग बोर्ड, नाका मदार, अर्जुनलाल सेठी नगर, मलूसर रोड और शहर के कर्फ्यू्ग्रस्त क्षेत्राें खारी खुई, देहली गेट, डिग्गी बाजार में राशन सामग्री बांटी गई। जिसमें ईश्वर मनोहर उदासीन आश्रम, अजयनगर के महंत स्वरूपदास उदासीन, जतोई दरबार के फतनदास, संत गौतमदास, निर्मलधाम के स्वामी आत्मदास, सांई ईसरदास, ईश्वर गोविंदधाम, श्रीराम विश्वधाम के सांई अर्जुनदास के सानिध्य में 312 परिवारों को राशन वितरण किया गया। दरबारों में आरती के समय विशेष प्रार्थना भी की जा रही है।



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नूंद्री मेंद्रातान के संक्रमित व्यक्ति के 23 परिजन क्वारैंटाइन

समीपवर्ती ग्राम जसवंतपुरा निवासी एक और व्यक्ति के कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि होने के बाद हड़कंप मच गया है।

चिकित्सा विभाग द्वारा शनिवार सुबह जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार जसवंतपुरा निवासी एक 50 वर्षीय व्यक्ति के भी कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि की गई। जिससे ब्यावर क्षेत्र में कोरोना पॉजिटिव की संख्या बढ़कर 13 हो गई।

नूंद्री मेंद्रातान ग्राम पंचायत के दुर्गा कॉलोनी निवासी एक 50 वर्षीय व्यक्ति के कोरोना पॉजिटिव होने की शुक्रवार देर रात पुष्टि होने के बाद एक बार फिर अफरा तफरी मच गई।

शुक्रवार देर रात जारी रिपोर्ट में नूंद्री मेंद्रातान ग्राम पंचायत क्षेत्र की दुर्गा कॉलोनी निवासी व्यक्ति के कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि होने के बाद चिकित्सा विभाग की टीमों को शनिवार सुबह दुर्गा कॉलोनी
भेजा गया।

टीम ने क्षेत्र में 57 लाेगों के रेंडम सेंपल लिए। वहीं चिकित्सा विभाग के निर्देश पर शनिवार सुबह 108 एंबुलेंस में पीड़ित व्यक्ति के संपर्क में रहे 23 परिजनों को राजकीय अमृतकौर अस्पताल के क्वारेंटाइन वार्ड में भर्ती किया गया। इनके सेंपल भी जांच के लिए भिजवाए गए हैं।

शनिवार को कुल 110 लोगों के सेंपल जांच के लिए भिजवाए गए हैं। शनिवार को नूंद्री मेंद्रातान क्षेत्र के दुर्गा कॉलोनी क्षेत्र में सेंपल लेने वाली टीम में जवाजा बीसीएमएचओ डॉ. अमित सोनी, डॉ. पुष्पा मीणा, डीपीएम वाजिद अख्तर, ग्राम विकास अधिकारी महेंद्र चौरोटिया, सरपंच प्रतिनिधि, लैब टैक्निशियन पुष्पेंद्र चौरोटिया समेत अन्य लोग शामिल थे।

मजदूरी करता है पीड़ित

दुर्गा कॉलोनी क्षेत्र निवासी 50 वर्षीय व्यक्ति की दूसरी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। परिजनों के अनुसार कोविड 19 से ग्रसित व्यक्ति करीब 20 दिनों से अस्पताल में ही क्वारेंटाइन है। सर्दी खांसी की शिकायत होने पर उसे अस्पताल दिखाया गया था। जानकारी मिली है कि वायरस ग्रसित व्यक्ति मिस्त्री का काम करता है तथा खुली मजदूरी करता है। अब चिकित्सा विभाग और प्रशासन यह जानने का प्रयास कर रही है कि क्वारेंटाइन होने से पहले उसने कहां कहां कार्य किया और उसके संपर्क में और कितने लोग आए।

44 जनों को किया भर्ती

गौरतलब है कि 30 दिन पूर्व तक ब्यावर में एक भी व्यक्ति कोरोना ग्रसित नहीं था। लेकिन अब लगातार आंकड़ा बढ़ रहा है। अभी तक 2 जने ब्यावर शहरी क्षेत्र तथा 2 पेराफेरी क्षेत्र समेत बाकी ग्रामीण क्षेत्र में मिलाकर कुल 13 लोग पॉजिटिव आ चुके हैं। राजकीय अमृतकौर अस्पताल प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसर शनिवार को कुल 44जनों को राजकीय अमृतकौर अस्पताल वार्ड में भर्ती किया गया। इनके सेंपल भी जांच के लिए भेजे गए हैं। वहीं 6 जनों को क्वारेंटाइन सेंटर भिजवाया गया है।



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23 family quarantine of Nundri Mendratan infected person




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3 गांवों में पशुओं के लिए 50 क्विंटल तरबूज भेजे

उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ की प्रेरणा से लगातार गोशालाओं में खाद्य सामग्री भेजी जा रही है। इसी कड़ी में शनिवार को विधायक आवास से जिला प्रमुख हरलाल सहारण ने 50 क्विंटल तरबूज ग्राम पोस्ट श्योपुरा, खारिया और सूरतपुरा के लिए गाड़ियों को रवाना किया। इस अवसर पर जिला प्रमुख हरलाल सहारण, पूर्व जिलाध्यक्ष बसंत शर्मा, डाॅ. वासुदेव चावला, विधानसभा संयोजक पदमसिंह राठौड़, चंद्रप्रकाश आदि मौजूद थे।
छापर | कोलकाता प्रवासी गोभक्त गोपाल, पुष्पादेवी व सावित्रीदेवी करनाणी ने कस्बे की श्रीरामशंकर गोशाला की गायों को 25 क्विंटल तरबूज खिलाया गया। गोशाला अध्यक्ष हुलास सारड़ा ने भामाशाहों का आभार जताया। समाजसेवी कालूराम नाई, जयराम जांगिड़, राधेश्याम मूंधड़ा, गोपाल नाई,अरुण खटीक, विद्याप्रकाश सारडा़ व निर्मल स्वामी आदि ने सहयोग किया।



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Send 50 quintal watermelons to animals in 3 villages




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चूरू में कोरोना से पहली मौत : फेफड़ों की बीमारी से पीड़ित था 33 वर्षीय युवक, सुबह मौत, शाम को आई पॉजिटिव की रिपोर्ट

जिले में कोरोना से पहली मौत से हड़कंप मच गया है। 33 वर्षीय युवक सालासर उप तहसील के गांव अणखोल्या का था, जिसकी जयपुर में उपचार के दौरान शनिवार तड़के मौत हो गई। शाम को रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई। सीएमएचओ डॉ. भंवरलाल सर्वा ने बताया कि युवक को सर्दी-जुकाम से निमोनिया हो गया था, जिससे फेफड़े संक्रमित हो गए। अब जिले में संक्रमितों की संख्या 17 तक पहुंच गई है, इनमें उक्त युवक की मृत्यु भी शामिल है। हालांकि इनमें से 14 संक्रमित ठीक हो चुके हैं। मृतक युवके के परिजनों का कहना था कि युवक के फेफड़ों में संक्रमण था।

परिजनों व डॉक्टराें का कहना है कि युवक ने एक मई को कुंड का काम शुरू किया, इस दौरान पसीने में पानी पीने से उसकी तबीयत बिगड़ गई। 2 मई को डूंगरास में चैकअप कराया और दवा ली। इसकी बाद में 3 मई को बड़ाबर पीएचसी में दिखाया। 7 मई को खुड़ी निजी वाहन से दिखाने गए। 8 मई को निजी वाहन से सीकर गए। वहां एसके अस्पताल से सांवली रखा गया और यहां रात को 11.30 बजे जयपुर रैफर कर दिया, जहां से उसे जयपुर ले गए। उसके साथ निजी वाहन ड्राइवर, चचेरा लड़का व साला थे।



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First death from corona in Churu: 33-year-old man suffering from lung disease, morning death, evening positive report




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इस साल 63 में से 36 दिन भी नहीं बजेगी शहनाई

कोरोनावायरस की चेन तोड़ने के लिए लगाए गए लॉक डाउन ने अप्रैल माह के सारे विवाह मुहूर्त तो व्यर्थ कर ही दिए हैं। लेकिन मई-जून में जो मुहूर्त है उसे भी संक्रमण को देखते हुए टाल दिए गए हैं।
एक जुलाई को देवशयनी एकादशी के बाद मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाएगी। यानी 25 नवंबर को एकादशी के मौके पर ही शहनाई बजेगी। नवंबर माह में 2 दिन और दिसंबर माह में 7 दिन मुहूर्त रहेगा। इस साल 63 में से 36 दिन भी शहनाई नहीं बज पाएगी। इसके बाद अगले साल अप्रैल 2021 तक विवाह मुहूर्त के लिए इंतजार करना होगा। ज्योतिषाचाचार्य अमित शास्त्री ने बताया कि अगले साल जनवरी से मार्च तक गुरु व शुक्र ग्रह अस्त रहने पर कोई मुहूर्त नहीं रहेंगे। लॉक डाउन बढ़ने से मई व जून माह में कोई भी विवाह होने की संभावना नजर नहीं आ रही है। हालांकि अनुमति मिलने पर कुछ विवाह चंद रिश्तेदारों की मौजूदगी में हो सकते हैं।
नवंबर व दिसंबर के बाद तीन माह का इंतजार
पंडित पाशास्त्री के अनुसार 29 मई तक 5, 30 जून तक 8 विवाह मुहूर्त है। इसके बाद नवंबर माह देवउठनी एकादशी पर 26 व 27 नवंबर को विवाह मुहूर्त है। जबकि दिसंबर में 1, 2, 6, 7, 8, 9 व 11 तारीखों को विवाह के मुहूर्त रहेंगे। इस तरह नवंबर दिसंबर में देवउठनी एकादशी को शामिल किया जाए तो विवाह मुहूर्त कुल 10 रहेंगे। पंडितों के अनुसार जिन तिथियों को विवाह नहीं हो पाएंगे, उन्हें अप्रैल 2021 तक इंतजार करना पड़ेगा।पंडितों के अनुसार 16 फरवरी 2021 को बसंत पंचमी मुहूर्त वाला दिन होने के कारण विवाह हो सकते हैं। पंडितों के अनुसार अगले साल 22 अप्रैल 2021 से दिसंबर 2021 तक करीब 46 विवाह मुहूर्त रहेंगेl



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This year, out of 63, shehnai will not be played for 36 days




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यूपी के 150 यात्रियों को लेकर आईं 3 बसों को रारह बॉर्डर से लौटाया

यूपी के रारह बॉर्डर पर पैदल जा रहे प्रवासी मजदूरों के हंगामा करने के बाद यूपी पुलिस ने सीमाएं सील कर दी है। इसके चलते जयपुर से यूपी के 150 प्रवासी मजदूरों को लेकर बॉर्डर पहुंची राजस्थान रोडवेज की तीन बसों को पुलिसकर्मियों ने वापस लौटा दिया।

बस चालक ने यात्रियों को लोहागढ़ स्टेडियम में उतार दिया। इन प्रवासी मजदूरों को जयपुर के बस्सी क्षेत्र से लाया गया था और ये मजदूर यूपी के पीलीभीत, कानपुर, मुरादाबाद आदि जिलों के निवासी हैं। वहीं, प्रवासी मजदूरों के राजस्थान से यूपी और यूपी से राजस्थान आने का सिलसिला तीसरे दिन धीमा नजर आया।

शनिवार को राजस्थान रोडवेज की 25बसें यूपी के श्रमिकों को लेकर रारह बॉर्डर पहुंची, जबकि लोहागढ़ स्टेडियम से मात्र एक बस ही यात्रियों को लेकर जालौर के लिए रवाना हुई। वहीं लोहागढ़ स्टेडियम में भोजन नहीं मिलने पर बाहर से आए चालक-परिचालकों ने हंगामा किया। बाद में जिला प्रशासन ने पैकेट उपलब्ध कराए।

लोहागढ़ आगार के कार्यवाहक मुख्य प्रबंधक महेश गुप्ता ने बताया कि शनिवार को राजस्थान रोडवेज की एक बस से 22 प्रवासी मजदूरों को जालौर के लिए भेजा गया। जबकि 25 बसों से यूपी के श्रमिकों को रारह बॉर्डर तक छोड़ा गया। अब तक यूपी के कुल 8632 श्रमिकों को 228 बसों से यूपी की सीमा तक लाया गया।

दूसरी ओर दोपहर तक जिला प्रशासन की ओर से भोजन के पैकेट नहीं भेजने जाने से बाहर से आए चालक-परिचालकों ने हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान करीब एक घंटे तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। प्रबंधक प्रशासन राजेंद्र शर्मा ने बताया कि रोडवेजकर्मियों ने इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया। बाद में प्रशासन की ओर से खाने की व्यवस्था किए जाने के बाद हंगामा शांत हुआ।

चैक पोस्ट पर ही रोकनी पड़ी बसें

गुजरात और राजस्थान के विभिन्न जिलों से पैदल आ रहे यूपी, बिहार और अन्य राज्यों के श्रमिकों को रारह बॉर्डर हंगामा करने के चलते प्रवासी मजदूरों को छोड़ने जा रही राजस्थान रोडवेज की बसों को रास्ते में ही कुछ देर के लिए रोकना पड़ा। चैकपोस्ट पर तैनात रोडवेज कर्मी दलवीर सिंह ने बताया सुरक्षा की दृष्टि से चालक-परिचालकों ने बसों को सड़क के किनारे खड़ा कर लिया था। बाद में स्थिति सामान्य होने पर संचालन शुरू हो गया।



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कोटा में 23 करोड़ से बनेंगे तीन इंडोर स्टेडियम

कोटा में इंडोर गेम्स के लिए 3 इंडोर स्टेडियम तैयार किए जा रहे हैं। इनमें अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी तैयार किए जाएगा। इस पर करीब 23 कराेड़ रुपए खर्च हाेंगे। इसे स्मार्ट सिटी की तकनीकी समिति ने मंजूरी दे दी है, अब निविदा जारी हाेगी। इसे 18 माह में पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
शहर में इंडाेर गेम्स के लिए अभी काेई स्टेडियम नहीं है, इसलिए इसके लिए तीन स्टेडियम का प्रावधान किया गया है। नयापुरा में जेके पैवेलियन के पास खाली पड़ी 30 हजार स्क्वायर मीटर जमीन पर इसका निर्माण किया जाएगा। इसके बनने के बाद इस क्षेत्र काे स्पाेर्ट्स काॅम्पलेक्स का नाम दिया जाएगा। इसी क्षेत्र में पहले ही दाे बड़े स्टेडियम माैजूद हैं। यहां पर 600 चार पहिया व दुपहिया वाहनाें के लिए 19 हजार स्क्वायर मीटर जमीन पर पार्किंग भी तैयार की जाएगी। स्मार्ट सिटी तकनीकी विभाग की हुई बैठक में इसके बनी डीपीअार पर चर्चा करके इसका अनुमाेदन किया गया। इसमें तीन इंडाेर स्टेडियम बनेंगे। इसमें हैंडबाल, वाॅलीबाॅल, बैडमिंटन काेर्ट, वुशू, वेटलिफ्टिंग, कबड्डी, बाॅक्सिंग, टेबल टेनिस सहित अन्य गेम्स की सुविधाएं हाेंगी। यह सुविधाएं नेशनल व इंटरनेशनल स्तर की रहेंगी। इसमें खिलाड़ियाें के लिए कमराें के साथ ही सीसीटीवी कैमरे, फायर फाइटिंग सिस्टम, एलईडी डिस्पले बाेर्ड सहित अन्य सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। यहां पर दिन के साथ ही रात काे भी खेलने की व्यवस्था रहेगी।
अगले साल दिसंबर तक पूरा करने की है याेजना

विभाग के अनुसार इसकी 22 कराेड़ 98 लाख की डीपीआर काे मंजूरी दे दी गई है, अब इसकी निविदाएं जारी की जाएंगी, इसके लिए कार्यकारी एजेंसी यूआईटी काे बनाया गया है। बताया गया कि शीघ्र ही निविदाएं जारी करके कार्यादेश देकर काम चालू करवाया जाएगा, ताकि यह स्टेडियम भी अन्य चल रहे कामाें के साथ ही पूरे हाे जाएं। इसे दिसंबर-21 तक पूरा करने की याेजना है। इसी काे ध्यान में रखते हुए निविदाएं जारी की जा रही हैं।



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नगर परिषद के खाते में 80 कराेड़ रुपए...लेकिन जारी किए 318 कराेड़ के टेंडर

टेंडर में गड़बड़ी से अक्सर विवादाें में रहने वाली नगर परिषद एक बार फिर विवादाें में है। इस बार लाॅकडाउन अवधि में टेंडर करने का विवाद है। काेराेना वायरस के कारण चल रहे लाॅकडाउन में राज्य सरकार ने सभी तरह के कामाें पर प्रतिबंध लगाकर खर्च पर राेक लगा रखी है, लेकिन नगर परिषद ने राज्य सरकार के आदेशाे की अवहेलना कर कराेड़ाें के टेंडर जारी कर दिए।
परिषद ने 101 काम के लिए करीब 318 कराेड़ रुपए के टेंडर जारी किए हैं। ऐसी स्थिति में टेंडर जारी किए हैं जब नगर परिषद के खाते में ही करीब 80 कराेड़ रुपए ही हैं। यह 80 कराेड़ रुपए का बजट भी नगर परिषद व राज्य सरकार की सभी याेजनाओं काे मिलाकर है, लेकिन लाॅकडाउन की अवधि में करीब 318 कराेड़ रुपए के टेंडर हाेने से ये संदेह के घेरे में आ गए हैं।
नगर परिषद के पीडी अकाउंट में ताे महज 30 कराेड़ रुपए का ही बजट है। लाॅकडाउन अवधि में किए गए टेंडर की शिकायत शनिवार काे मुख्यमंत्री अशाेक गहलाेत और कलेक्टर राजेंद्र भट्ट काे की गई है। ऑनलाइन जारी की गई निविदा के नंबर 01/2020-21 है। इसमें 101 काम हैं। ऑनलाइन निविदा की काॅपी लेने की तारीख 14 से 26 मई है। 27 मई काे टेंडर खुलेंगे। नगर परिषद टेंडर के मामले में कई बार विवादाें में रह चुकी है। इसलिए कई टेंडर निरस्त भी करने पड़े थे।
ये भी लापरवाही...110 ऐसे प्रोजेक्ट हैं, जिनके टेंडर हो गए, लेकिन अभी तक वर्क ऑर्डर जारी नहीं किए
101 टेंडर में सीसी राेड, सड़क निर्माण, पेवर सड़क, व्यायामशाला और धार्मिक स्थल पर हाॅल बनाना, भाेजनशाला निर्माण, पार्क, डब्ल्यूबीएम सड़क निर्माण, विश्रांति गृह, इंटरलाॅकिंग टाइल्स लगाना, टीनशेड, सुरक्षा एवं स्वागत द्वारा बनाना, सेनेट्री गलियाें की रिपेयरिंग, चारदीवारी बनाने के काम हैं। मुख्यमंत्री व कलेक्टर काे की गई शिकायत में कहा है कि ये ऐसे काम हैं, जिनकाे अभी नहीं किया जाए ताे भी इतना जरुरी नहीं है लेकिन लाॅकडाउन में निर्माण कार्याें पर राेक हाेने के बावजूद टेंडर किए जा रहे हैं। इसलिए इसमें गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है।
पहले की निविदा में नहीं आ रहे ठेकेदार, बार-बार बढ़ा रहे हैं अवधि...

नगर परिषद में पहले जारी एक निविदा में भी ठेकेदार रुचि नहीं ले रहे हैं। इस कारण उसमें काॅपी डालने की अवधि बार-बार बढ़ानी पड़ रही है। अब तक दाे बार अवधि बढ़ा चुके हैं। इस बीच 101 नए काम के टेंडर की निविदा जारी कर दी गई।
पिछले कई काम अधूरे पड़े, शुरू करने की मांग...

नगर परिषद में पिछले कई काम अधूरे हैं। पहले इनकाे कराना जरुरी है। नगर परिषद बिल्डर एसोसिएशन ने शुक्रवार काे सभापति को ज्ञापन देकर शहर में रुके हुए काम शुरू करने की स्वीकृति दिलाने की मांग की थी। एसोसिएशन के अध्यक्ष तेजेंद्र गुर्जर ने बताया कि काम बंद होने से मजदूर बेरोजगार हाे गए हैं और आर्थिक संकट में हैं। महामंत्री महेंद्र मीणा ने बताया कि लॉकडाउन के पहले निर्माण सामग्री कार्य स्थल पर डाल दी थी। इससे लोगों को आवागमन में भी परेशानी हो रही है। उन्हाेंने बताया कि जिला प्रशासन की गाइडलाइन के अनुसार लॉकडाउन की पालना करते हुए निर्माण कार्य किए जाएंगे।
110 काम के वर्क ऑर्डर नहीं दिए...

नगर परिषद में 110 काम की एक निविदा ऐसी है जिसके टेंडर हाे गए हैं, लेकिन अभी तक वर्क ऑर्डर ही नहीं दिए हैं। ये काम करीब 15-15 लाख रुपए के हैं। इसके बाद जारी 35 काम की एक निविदा में ठेकेदाराें से काॅपी लेने के लिए तीन बार तारीख आगे बढ़ा चुके हैं।
राज्य सरकार की गाइडलाइन है कि लाॅकडाउन की अवधि में काेई भी नए काम के टेंडर नहीं कर सकते हैं। इसलिए नगर परिषद के नए टेंडर निरस्त किए जाएंगे। पुराने जाे काम अधूरे हैं। उनकी भी समीक्षा की जाएगी। समीक्षा में प्राथमिकता के आधार पर जरुरी काम ही शुरू करने की अनुमति दी जाएगी। राजेंद्र भट्ट, कलेक्टर



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कल से सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक खुलेंगी 12 तरह की दुकान, तय दिन खरीदारी कर सकेंगे लोग

जिला प्रशासन ने एक बार फिर भीलवाड़ा शहर में कर्फ्यू में 11 से 19 मई तक कुछ शर्ताें के साथ ढील देने का निर्णय किया है। पूरे शहर में करीब 12 तरह की दुकान खाेलने की अनुमति दी गई हैं। हालांकि लाेगाें के घराें से बाहर निकलने के लिए दिन निर्धारित किए हैं। इन दिनाें के अलावा लाेग घराें से बाहर खरीदारी के लिए नहीं आ सकेंगे। बाजार में भीड़ नहीं बढ़े इसके लिए मुख्य बाजार में वाहन लाने पर प्रतिबंध रहेगा। कलेक्टर राजेंद्र भट्ट ने शनिवार काे आदेश दिए हैं। अनुमत गतिविधियों का संचालन सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक हो सकेगा। नियमाें की पालना करवाने के लिए पांच अधिकारियाें काे कार्यपालक मजिस्ट्रेट बनाया है।
किस थाना क्षेत्र के लाेगाें काे कब आवागमन की अनुमति
सुभाष नगर 11 व 15 मई
प्रतापनगर, पुर, सदर 12 व 18 मई
सिटी काेतवाली, 13 मई
सिटी काेतवाली, 14 व 19 मई
दुकान के बाहर छह फीट की दूरी पर गोले, खड़े रहने जैसे चार नियम नहीं माने ताे छूट निरस्त हाेगी
दुकानाें के बाहर निर्धारत 6 फीट की दूरी पर गाेलाें में खड़े रहना हाेगा। दुकानदार की ओर से मास्क नहीं पहनने और साेशल डिस्टेंसिंग नहीं रखने पर दुकान बंद करा दी जाएगी।
शहर के मुख्य बाजार में वाहनाें का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। मेडिकल इमरजेंसी में पासधारक काे अनुमति हाेगी।
हाेम क्वारेंटाइन में रह रहे लाेगाें का घर से बाहर निकलना प्रतिबंधित हाेगा।
65 साल से अधिक, 10 साल से कम, गर्भवती महिला और बीमार व्यक्ति स्वास्थ्य कारणाें काे छाेड़कर घर पर ही रहेंगे।
16-17 मई केवल व्यापारियाें के लिए : 16 व 17 मई शनिवार एवं रविवार काे शहर के खुदरा एवं थाेक व्यापारी ट्रांसपाेर्टेशन से सामग्री अपनी दुकानाें तक ले जा सकेंगे। ग्रामीण क्षेत्र के व्यापारी भी शहर से अपने वाहनाें से माल ले जा सकेंगे। लाेगाें का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा।
सब्जी मंडी व फल की दुकानें बंद रहेगी : भीलवाड़ा शहर एवं छूट वाले एरिया में सब्जी मंडी एवं फल की दुकानाें के संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। सब्जी एवं फल की डाेर टू डाेर सप्लाई यथावत जारी रहेगी।
भीमगंज थाना (आंशिक): महावीर मौहल्ला. आर्य समाज रोड, सिरकी मौहल्ला, वीर सावरकर चैक, हरि शेवा मार्ग, अशोक नगर, महिला आश्रम, मालीखेड़ा, महेश काॅलोनी, सीताराम जी की बावड़ी, महर्षि दधिचि मार्ग, छीपा बिल्डिंग, आदर्श मौहल्ला, भदादा बाग, पुराना शिक्षा विभाग रोड, प्रताप टाॅकीज, सेवा सदन रोड़, महात्मा गांधी चिकित्सालय।
भीमगंज थाना (संपूर्ण): अशोक नगर, महताब की टाल, मालीखेड़ा ज्योतिबा फूले सर्किल, आसजी की बगीची, वीर सावरकर चैक, कचहरी, सिरकी मौहल्ला, महावीर मौहल्ला, भदादा बाग, प्रताप टाॅकिज, आजाद चौक क्षेत्रा महर्षि दधिची मार्ग, आदर्श मौहल्ला, छीपा बिल्डींग, सेवा सदन रोड़, गुलमण्डी, मंगला चैक, मौमीन मौहल्ला. माणिक्य नगर, मालीखेड़ा माणिक्य नगर, कलकीपुरा, आमलियो की बारी, भदादा मौहल्ला, सांगानेरी गेट, शहीद चौक, धानमंडी, कोली मौहल्ला, खटीक मौहल्ला, दादाबाड़ी, आदर्श नगर गुलजार नगर तिलक नगर, बोहरा काॅलोनी, आवासन मंडल काॅलोनी, हलेड़ रोड़, बाहला, चमन चैराहा, तेजाजी चौक भवानी नगर।
सिटी कोतवाली: सिन्धु नगर, शास्त्राी नगर, न्यू हाउसिंग बोर्ड, मोहम्मदी काॅलोनी, हुसैन काॅलोनी, बोहरा काॅलोनी, वैभवनगर, लक्ष्मी नगर, ज्योति नगर, भोपालपुरा रोड, पंचवटी, हरणी कला, हरणी खुर्द, समेलिया, ओडो का खेडा, जमना विहार, कुमुद विहार, कच्ची बस्ती कावाखेड़ा, हरिजन बस्ती, श्याम नगर, वकील काॅलोनी, काशीपुरी, आजाद चौक, बाजार नं. 1, 2, 3, गुर्जर मौहल्ला, मशीनरी मार्केट, मुख्य बाजार, स्टेशन चौराहा, इन्द्रा मार्केट, बालाजी मार्केट, सुभाष मार्केट, लाल बहादुर शास्त्राी मार्केट, यूआईटी मार्केट, साबुन मार्ग, एलएनटी मार्ग, मुरली विलास रोड, राजेन्द्र मार्ग, नागौरी गार्डन।
इन दुकानाें काे खाेलने की अनुमति: दवा, चिकित्सा उपकरण, अायुष, पशु चिकित्सा दवाइयाें की दुकान। किराणा, प्राेविजनल स्टाेर, दूध डेयरी, पशु अाहार, मुर्गी दानाें के विक्रय केंद्र, नजर के चश्माें की दुकानें, बीज, उर्वरक, कीटनाशक, कृषि उपकरण की दुकानें, कृषि मशीनरी यंत्र, उपकरणाें के विक्रय, स्पेयर पार्ट्स एवं मरम्मत की दुकानें, निर्धारित दूरी पर टायर पंक्चर व रिपेयर की दुकानें, वाहनाें के अधिकृत कंपनी के केवल सर्विस एवं रिपेयर सेंटर, वाहनाें के लिए स्पेयर पार्ट्स की दुकान, बिजली उपकरण की सेल्स एवं रिपेयर की दुकान खुल सकेंगी। पुस्तकाें की दुकानाें काे केवल हाेम डिलीवरी की अनुमति हाेगी।



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निंबाहेड़ा में डेढ़ साल के बच्चे सहित 10 और पॉजिटिव, जिले में संक्रमितों का आंकड़ा 137

कोरोना हॉट स्पॉट निम्बाहेड़ा में शनिवार को भी 10 नए पॉजीटिव केस निकले। इन्हें मिलाकर अकेले निम्बाहेड़ा में 136 और जिले में संक्रमितों का आंकडा 137 हो गया। जिनमें से दो की मौत हो गई थी। जो नए केस मिले, उनमें एक डेढ़ साल का मासूम बच्चा भी है।
भीलवाड़ा मेडिकल कॉलेज से शनिवार दोपहर से शाम तक तीन बार निम्बाहेड़ा की रिपोर्टस आई। जिनमें क्रमश: 4, 3 व 3 पॉजीटिव केस आए। कंघी मोहल्ला निवासी कांग्रेस पार्षद का 12 वर्षीय पुत्र और 23 वर्षीय रिश्तेदार संक्रमित मिले। पार्षद का एक भाई, रिश्तेदार व पडौसी पहले भी संक्रमित मिल चुके थे। शनिवार को इनके अलावा इंद्रा कालोनी निवासी डेढ़ वर्षीय बालक और 75 वर्षीय बुजुर्ग पॉजीटिव आए। इस बच्चे के माता-पिता पहले संक्रमित हो चुके थे। इनके साथ दो और केस इंद्रा कालोनी व एक केस माहेश्वरी मोहल्ला से है। शाम को आई रिपोर्ट के तीनों केस हॉट स्पॉट नया बाजार क्षेत्र से है। जिनमें सलावटी मोहल्ला निवासी 53 वर्षीय महिला, नया बाजार के 55 वर्षीय व 57 वर्षीय पुरुष है। महिला का पुत्र पहले पॉजीटिव आ गया था।
यह अच्छी खबर... दूसरी रिपोर्ट भी निगेटिव आने के बाद 6 मरीजों को छुट्‌टी
निम्बाहेड़ा व जिले के लिए शनिवार को एक अच्छी खबर यह रही कि उदयपुर में उपचाररत 6 संक्रमितों की लगातार दूसरी रिपोर्ट भी नेगेटिव आ चुकी है। जिसके बाद उनको वहां से चित्तौड़गढ़ के लिए डिस्चार्ज कर दिया गया। मंत्री उदयलाल आंजना के निर्देश पर कलेक्टर चेतन देवड़ा ने इनको लाने के लिए एंबुलेंस भेजी। जिसके बाद ये सभी चित्तौड़गढ़ रवाना हो गए। डाक्टरों की गाइड लाइन अनुसार इनको फिलहाल घर भेजने की बजाय चित्तौड़गढ़ के समीप एक रिसोर्ट में बनाए गए क्वारेंटाइन सेंटर पर रखा जाएगा। गौरतलब है कि इनमें से दो को तो गुरुवार शाम को ही डिस्चार्ज कर दिया गया था पर एंबुलेंस का इंतजाम नहीं होने से ये दिनभर अस्पताल में ही इंतजार करते रह गए। शनिवार को चार और मरीज डिस्चार्ज हो गए, तब तक भी यही समस्या बनी रही। छुटटी किए मरीजों में लखारा गली निवासी कांग्रेस पार्षद का छोटा भाई, चचेरा भाई, नया बाजार निवासी एक मृतक का पुत्र शामिल है। इनके कहने पर आंजना ने एंबुलेंस से लाने के लिए कलेक्टर से बात की।
अब तक 2526 सैंपल भेजे, जेके सीमेंट में सभी की सैंपलिंग हो रही
पीएमओ डाॅ. मंसूर खान के अनुसार निंबाहेड़ा से शनिवार शाम पांच बजे तक 2526 लोगों के सैंपल भेजे जा चुके। अब तक 136 पॉजीटिव में से दो की मौत हुई। शेष का उदयपुर और निम्बाहेड़ा में उपचार चल रहा। अब तक 577 की रिपोर्ट बाकी हैं। जबकि 134 सैंपल रिजेक्ट हुए है। जेके सीमेंट की निंबाहेड़ा एवं मांगरोल यूनिट में कार्यरत अधिकारियों एवं श्रमिकों की जांच के लिए ऑफिसर्स कॉलोनी में कैंप लगाया गया। जेके के डॉ चौधरी ने बताया कि सरकार की गाइडलाइन अनुसार सभी अधिकारियों एवं श्रमिकों की सैंपलिंग कराई जा रही। ताकि नियमित काम के दौरान कोई खतरा न हो।

हॉट स्पॉट और क्वारेंटाइन सेंटरों का लिया जायजा
कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखते हुए केन्द्रीय टीम ने शनिवार को नगर का जायजा लिया। महामारी विज्ञान विभाग अध्यक्ष प्रो जयंतकुमा रदास, डॉ दीपेन्द्र बनर्जी एवं प्रजनन शिशु स्वास्थ्य विभाग राजस्थान के अतिरिक्त निदेशक लक्ष्मणसिंह ओला ने एडीएम मुकेश कलाल, विशेष अधिकारी हेमेन्द्र नागर, एसडीएम पंकज शर्मा, सीएमएचओ इन्द्रजीतसिंह, बीसीएमएचओ पीयूष दूबे के साथ क्वारंटाइन सेन्टरों का निरीक्षण किया। हॉट स्पॉट बनी लखारा गली, माहेश्वरी मोहल्ला, नया बाजार क्षेत्र का भी अवलोकन किया। चित्तौड़ी गेट पर खाद्य आपूर्ति व्यवस्था की जानकारी ली।



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In Nimbahera, 10 more positive, including one and a half year old children, 137 infected in the district




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बांकोटी के किसानों ने दिया 83 बोरी अनाज

कोरोना महामारी के चलते जरूरतमंदों की मदद के लिए बीलवा पंचायत के बाकोटी गांव के किसानों ने प्रशासन को 83 बोरी गेहूं की भेंट की है।

एसडीएम शिवपाल जाट ने कहा कि खेतड़ी के किसानों जरूरतमंदों की मदद की है। किसान अमर सिंह ने बताया कि बांकोटी के किसान हरीश डोई, बलवान भरगड़, चंद्रभान, प्रकाश, नरेश मेघवाल, राजपाल, राम सिंह, मुकेश यादव, धर्मपाल ने किसानों से संपर्क किया और देवनारायण मंदिर अनाज की बोरियां लाकर एकत्र की। प्रशासन को 83 क्विंटल अनाज सुपुर्द किया।

प्रशासन ने किसानों द्वारा दी गई 83 बोरी अनाज में से दस बोरी गेहूं गांव के ही जरूरतमंदों को वितरित कर दिया। इस दौरान ईमित्र संचालक गोपाल सिंह ने अधिकारियों को मास्क, सैनेटाइजर, पेन डायरी भेंट की। गांव के ही निवास टेलर ने एक हजार मास्क बना कर लोगों को वितरित किए। कुछ मास्क प्रशासन को भी सौंपे।



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प्रवासियाें का आगमन शुरू, 30 राज्यों से 18 हजार लोग करा चुके पंजीयन, 14 दिन रहना होगा क्वारेंटाइन

लॉकडाउन-3 प्रशासन और आमजन के लिए दोहरी चुनौती बन गया है। मात्र 15 दिन में ही जिले में कोरोना पॉजिटिव केस 126 पार हो गए। दूसरी ओर इन्हीं दिनों में अन्य राज्यों से प्रवासियों का आना भी शुरू हो गया। अन्य राज्यों में रह रहे श्रमिकों के बाद अब अन्य कारणों से अटके अन्य प्रवासियों को भी लाने की कवायद चल रही है। करीब 18 हजार प्रवासियों ने जिले में आने के लिए पंजीयन कराया है।
सीएम अशोक गहलोतकी मंशा और सरकार केनिर्देश के बाद जिलाप्रशासन इनकी तैयारी मेंभी जुटा है। गृह राज्य वजिले में आने के लिएआन लाइन पंजीयन जरूरी है। भास्कर की जानकारी में सामने आया कि करीब 30 राज्यों से अब तक 18 हजार लोग जिले में आने के लिए पंजीयन करा चुके हैं। विभिन्न वाहनों से आने का क्रम एक सप्ताह से शुरू भी हो चुका है।
कलेक्टर चेतन देवड़ा ने इसके लिए मातहत अधिकारियों को निर्देश जारी कर रखे हैं। प्रभारी अधिकारी सीईओ नेएसडीएम, तहसीलदारों वबीडीओ को गाइडलाइन जारी की। जिले में आने के इच्छुक लोगों का गुरुवार रात 8 बजे तक आंकड़ा 14265 था, जो दो दिन में बढ़कर 18325 पहुंच गया। हमारे जिले के सबसे ज्यादा लोग बिहार, गुजरात, झारखंड, एमपी, यूपी, पश्चिम बंगाल में फंसे हैं।
ये 790 लोग ट्रेन से यहां आना चाहते हैं
प्रशासन के पास आए ऑनलाइन आवेदन के अनुसार जिले के 790 लोग ट्रेन से आना चाहते हैं। इसमें सबसे अधिक बिहार से 543, महाराष्ट्र से 26, आंधप्रदेश 15, कर्नाटक 2, केरला 7, तमिलनाडु 10, जम्मू-कश्मीर 4, गोवा 2, हिमाचल प्रदेश 1, उत्तराखंड 3, छतीसगढ 2, तेलंगाना 3, वेस्टबंगाल 66, झारखंड 89, मणिपुर 3, ओडिसा 11, मेघालय व आसाम 3-3 है।
जानिए किन राज्यों में हमारे जिले के कितने लोग फंसे हैं
मध्यप्रदेश 1812, उत्तरप्रदेश 3969, बिहार 3350, गुजरात 735, झारखंड 1210, दिल्ली 55, कर्नाटक 179, केरला 84, महाराष्ट्र 842, मणिपुर 15, मेघालय 6, नागालैंड 10, ओडिसा 166, पंजाब 157, सिक्कम 6, तमिलनाडु 147, तेलंगाना 169, त्रिपुरा 4, उत्तराखंड 68, वेस्टबंगाल 716, अंडमाननिकोबार 1, आंध्रप्रदेश 220, आसाम 30, चंडीगढ 8, छत्तीसगढ 101, दादर एंड नागरहवेली 14, दमन-दीप 3, गोवा 13, हरियाणा 91, हिमाचलप्रदेश 20, जम्मू कश्मीर में 23 लाेग अटके हैं।
केरल से लेकर सीमा पार नेपाल तक फंसे हैं हमारे जिले के लोग
महाराष्ट्र के चंद्रपुर,तेलंगाना, गुजरात केअहमदाबाद, भावनगर व गांधीनगर, केरल केकुडुपी एयरपोर्ट रोड,नेपाल में कपडेटी जिला बुरबल ईरा भट्टी, हरियाणा के कैथल,महाराष्ट्र के जलकी बोर्डर,आंध्रप्रदेश के चितुर,तमिलनाडु के वैलूर, गोवा के करौली, महाराष्ट्र के ठाणे, पूणे व मुंबई सहित कई जगह जिले के ऐसे सैकडों लोग फंसे है, जो आइसक्रीम या अन्य छोटे मोटे काम करते हैं। एआईसीसी सदस्य पूर्व विधायक सुरेंद्रसिंह जाड़ावत ने कहा कि ज्यादातर प्रवासी राजस्थानी मजदूर वर्ग से हैं। इनकी स्थिति कमजोर है। इसलिए कुछ प्रोत्साहन राशि व भोजन सामग्री के किट भी बनवाकर दिए जाएं।
बाॅर्डर चेक पोस्ट पर पंजीयन के साथ आरोग्य सेतु एप भी डाउनलोड करने को कहा... कलेक्टर चेतन देवड़ा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले की बार्डर चेकपोस्ट पर प्रवासियोंका मेडिकल चेकअप व पंजीयन हर हाल में किया जाएं। प्रवासी के मोबाइलपर rajcovidinfo app एवं आरोग्य सेतु एपडाउनलोड करवाएं। जिनमें कोई लक्षण नहीं है या स्वस्थ है, उनको 14 दिन होम क्वारेंटाइन किया जाए।
एकीकृत काॅल सेंटर और मोबाइल एप पर पंजीयन ... अधिकारियों के अनुसार राजस्थान के श्रमिकों या प्रवासियों को राज्य में लाने के लिए एकीकृत काॅल सेंटर लगाया है। आॅनलाइन नाम आने के बाद दोनों राज्यों की सरकार निर्णय करेगी। मोबाइल एप भी पंजीयनके लिए जारी किया है।
आने के बाद 14 दिन क्वारंटाइन रहना होगा... प्रवासियों को जिले में आने के बाद 14 दिन होम क्वारंटाइन रहना होगा। सभी एसडीओ, बीडीओ और बीसीएमओ इस पर नजर रखेंगे। संक्रमण प्रभावित जगह से आने वालाें काे एंबुलेंस से हाईवे से ही पिकअप कर निर्धारित अस्पताल लाने की व्यवस्था करेंगे। किसी भी परिस्थिति में प्रवासी को पीएचसी या सीएचसी नहीं भेजा जाना है।
प्रवासी राजस्थानियों वश्रमिकों को लाने के लिए राज्य सरकार की गाइडलाइन अनुसार कार्य किया जा रहा है। ऑनलाइन पंजीयन और स्वीकृति का प्रोसेस है। दोनों राज्यों की इसमें सहमति होगी। तबही लोग रिलीज हो पाएंगे। प्रशासन ने तैयारियां कर रखी हैं। लोगों के आते ही क्वारंटाइन सेंटरों में ले लिया जाएं। - मुकेश कलाल एडीएम प्रशासन
एमपी बाॅर्डर चेक पोस्ट से एक सप्ताह में 21 हजार लोग राजस्थान आ चुके
राजस्थान व मध्यप्रदेश सरकार के सामंजस्य के बाद दोनों स्टेट की बाॅर्डर चेकपोस्ट खोली गई तो एक सप्ताह में ही हजारों लोग इधर-उधर हुए। निंबाहेड़ा के पास एमपी बाॅर्डर की जलिया चेकपोस्ट पर 28 अप्रैल से अब तक 18721 लोग राजस्थान से एमपी जा चुके हैं। एमपी से राजस्थान आने वालों की संख्या 21 हजार से अधिक है।इसमें से 3700 लोगों को रोडवेज बसों से पहुंचाया गया। जबकि 17 हजार लोग निजी वाहनों से निकले हैं। अब आवागमन पर रोक है, लेकिन 6 मई तक जारी हो चुके पास वाले लोगों को आने दिया जा रहा। एक माह में बिना पंजीयन कराए पैदल या अन्य साधनों से जो हजारों लोग निकले वो अलग हैं।



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थाेक फल एवं सब्जी मंडी 12 व 13 मई काे रहेगी बंद

दिल्ली की आजादपुरी मंडी से सबक लेते हुए अलवर की फल एवं सब्जी मंडी आढ़ती यूनियन ने शहर की थाेक फल सब्जी मंडी दाे दिन 12 व 13 मई काे बंद रखने का फैसला किया है।

दाे दिनाें में मंडी काे पूरी तरह साफ करने के बाद सेनेटाइज कराया जाएगा। साथ ही दुकानदाराें काे जागरूक किया जाएगा कि प्रतिदिन व्यापार करने के बाद अपनी दुकानाें काे सेनेटाइज करके जाएं।

यूनियन के अध्यक्ष देवेेंद्र छाबड़ा व संरक्षक अभय सैनी ने बताया कि कोरोना से बचाव के लिए थाेक फल एवं सब्जी मंडी में भी व्यापक व्यवस्था करने के लिए आढ़ती यूनियन ने अपने सदस्याें से साेशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए बैठक में विचार विमर्श किया। सभी ने मंडी में व्यवस्था बनाए रखने के लिए सहमति जताई कि मंडी काी पूरी तरह सफाई हाे और इसे सेनिटाइज किया जाए।

उन्हाेंने बताया कि जरूरी फल-सब्जियां अलवर जिले में भेजने व उत्पादक स्थानों से शहर में मंगाने में आ रही परेशानियों के संबंध में प्रशासन से चर्चा कर उचित रास्ता निकालने का प्रयास किया जाएगा। अध्यक्ष छाबड़ा ने बताया कि प्रशासन से बातचीत करने के बाद ही व्यापारियाें ने मंडी बंद रखने का फैसला किया है।



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श्रीगंगानगर में दिन का पारा 44.30 डिग्री पहुंचा, बढ़ गई गर्मी

इलाके में गर्मी अब परवान चढ़ने लगी है। शनिवार काे दाेपहर में प्रचंड गर्मी के कारण लॉकडाउन में छूट के बावजूद इक्का दुक्का वाहन भी दिखाई नहीं दिए। इससे पहले सुबह का तापमान भी राेजाना से ज्यादा रिकाॅर्ड किया गया। भीषण गर्मी शुरू हाेते ही बेसहारा पशु, श्रमिक दाेपहर में छांव की तलाश शुरू कर दी। आमताैर पर अप्रैल के दूसरे पखवाड़े में भीषण गर्मी दस्तक दिया करती है, लेकिन बार बार माैसम के यू टर्न लेेने के कारण गर्मी देर से शुरू हुई है। शनिवार काे पहली बार तापमान 44 डिग्री का आंकड़ा पार कर 44.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जाे शुक्रवार के मुकाबले 2.4 डिग्री सेल्सियस अधिक था। शुक्रवार दिन का तापमान 41.9 डिग्री दर्ज किया गया था।



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48 दिनों से लॉकडाउन में फंसी, रोजाना 30 किमी पैदल चल रही हूं, पैरों में छाले पड़े...पर अपने बच्चे पर आंच नहीं आने दी

मेरा नाम सुनीतादेवी है। ठाकरांवाली की रहने वाली हूं। अपने मासूम बच्चे के साथ 48 दिनाें से लाॅकडाउन में फंसी हुई हूं। बीकानेर में जीरे की फसल काटने गए थे। लॉकडाउन के बाद अावागमन बंद हाे गया। तब से मैं और पूरा परिवार रास्ताें पर ही भटक रहा है। इस चिलचिलाती धूप में भी कई किलाेमीटर पैदल चली, ताकि अपने घर पहुंच सकूं। चार साल का बेटा मेरी गोद में ही रहा। उसे एक पल के लिए अपनी गोद से नहीं उतारा।

चलते-चलते मेरे पैरों में छाले पड़ गए, लेकिन उसे एक आंच तक नहीं आने दी...क्योंकि मैं मां हूं। रास्ते में मैंने महसूस किया कि मेरे जैसी न जाने कितनी माताएं सड़क पर ऐसे ही अपने बेटे को गोद में उठाए चले जा रही थी। कोरोना बीमारी भी ऐसी है, जिसने अपनों को अपनों से ही दूर कर दिया। कोई मदद करने को तैयार नहीं। हम तो मजबूर हैं, लेकिन मैं घर बैठी हर मां से अपील करती हूं कि वे घर ही रहें। अनावश्यक घर से न निकलें और अपने बच्चों का ख्याल रखें।



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Stuck in lockdown for 48 days, walking 30 km daily, blisters on feet ... but did not let my baby get hurt




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पहले 100 पाॅजिटिव 25 दिन में मिले, दूसरे 100 महज 17 दिन में बढ़े, कुल 213 पहुंचा आंकड़ा

अजमेर में रविवार सुबह 2 नए कोरोना पॉजिटिव केस सामने आए। जिसके बाद कुल संक्रमितों का आंकड़ा 213 पहुंच गया है। इससे पहले शनिवार को 15 पॉजिटिव केस सामने आए ते। इनमें 4 प्रसूताएं भी शामिल हैं। बीते 48 घंटे में छह प्रसूताएं संक्रमित हो चुकी हैं, इसमें से एक प्रसूता ने शनिवार को नवजात को जन्म दिया है। अजमेर जिले में पहला कोरोना पॉजिटिव 27 मार्च को मिला था। 25 दिन बाद यानी, 22 अप्रैल को संक्रमितों की संख्या 100 के पार पहुंच गई। वहीं 18 दिन बाद यानी, 9 मई को जिले में पॉजिटिव 211 हो गए। जो अब 213 पहुंच गई है। आंकड़ों के अनुसार जिले में पहले 100 पॉजिटिव मरीज जहां 25 दिन में सामने आए, वहीं दूसरे 100 पॉजिटिव महज 17 दिन में ही हो गए।

पिछले एक सप्ताह में 4 लोगों की मौत भी हो चुकी है। बीते 24 घंटे के आंकड़े देखें तो अजमेर के आदर्श नगर, पर्वतपुरा बाइपास, वैशाली नगर, पंचशील, अजयनगर, नसीराबाद, किशनगढ़ शहर नए कोरोना क्षेत्र बनकर सामने आए हैं। चिकित्सा विभाग ने शनिवार को 108 लोगों के सैंपल लिए हैं।

लापरवाही...दो दिन बाद भी सैंपल नहीं लिए
केसरगंज बाबू मोहल्ला में पॉजिटिव मिलने के दो दिन बाद भी मोहल्लेवासियों के सैम्पल नहीं लिए गए हैं। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि किसी भी परिवार से अबतक जानकारी भी नहीं ली है।

24 घंटे में यहां से मिले पॉजिटिव

  • अजमेर के सेटेलाइट अस्पताल में भर्ती 4 गर्भवती संक्रमित मिली हैं, सभी पर्वतपुरा बाइपास, ब्रह्मा का बाड़िया, आदर्श नगर, अजयनगर की रहने वाली हैं।
  • वैशाली नगर से एक महिला, पंचशील स्थित गणेश गुवाड़ी से एक युवक पॉजिटिव मिला है।
  • राजकीय महाविद्यालय क्वारेंटाइन सेंटर में भर्ती तीन युवक और मानसिंह होटल की एक युवती की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
  • ब्यावर के दुर्गा कॉलोनी व जसवंतपुरा निवासी दो युवक संक्रमित मिले हैं।
  • केकड़ी निवासी एक युवक की जांच रिपोर्ट भी शनिवार को कोरोना पॉजिटिव आई है।

अब जिले के 14 थाना क्षेत्रों में हॉट-स्पॉट
अजमेर जिले में लगातार कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ने से पुलिस और जिला प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। अब तक जिले में करीब 14 थाना क्षेत्रों में हॉटस्पॉट बन चुके हैं। पिछले 24 घंटे शहर में जो पॉजिटिव केस सामने आए, उनमें से आदर्श नगर, अजयनगर, परबतपुरा, बड़ल्या, पंचशील और मानसिंह होटल के क्वारेंटाइन सेंटर के लोग हैं। कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए अजमेर में अजयनगर के एक किमी क्षेत्र में और आदर्शनगर थाना क्षेत्र के कुछ इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया है। केकड़ी में भी कर्फ्यू लगा दिया गया हैं। यहां काजीपुरा क्षेत्र से एक कोरोना संक्रमित पॉजिटिव आया है। शनिवार कa यहां पुलिस अधीक्षक कुंवर राषट्रदीप ने दौरा भी किया। नसीराबाद शहर एवं अजमेर उपखण्ड के जाटिया गांव व आसपास के क्षेत्र में कर्फ्यू लगाया गया है। नसीराबाद शहर का सम्पूर्ण सीमा क्षेत्र 'जीरो मोबिलिटी एरिया' घोषित किया गया है।



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अजमेर में घर-घर सर्वे लागातार जारी।




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अब तक 692 संक्रमित; राज्य में कोरोना से 10वीं मौत, फरीदाबाद में 73 साल की शुगर पेशेंट ने ईएसआई अस्पताल में दम तोड़ा

लॉकडाउन फेज-3 का आज7वां दिन है। फरीदाबाद में कोरोना से तीसरी मौत हो गई, जबकि प्रदेश में यह 10वीं मौत है। फरीदाबाद के ईएसआई अस्पताल में भर्ती 73 साल की एक शुगर पेशेंट महिला ने दम तोड़ दिया। महिलाआशा सूरी फरीदाबाद के सेक्टर-29 की रहने वाली थी। बीती 6 मई को उनकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई थी। इसके बाद उन्हें ईएसआई अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। हरियाणा में कुल मरीजों का आंकड़ा 692 पहुंच गया है। गुड़गांव के बाद सोनीपत में मरीजों की कुल संख्या 100 पहुंच गई है।

हरियाणा में इंडस्ट्री का चक्काचला

  • हरियाणा में न केवल स्थापित इंडस्ट्री का चक्का चलाने के भरसक प्रयास किए जा रहें हैं बल्कि निवेश के लिए भी अफसरों को जिम्मेदारी सौंप दी गई है। एमएसएमई इंडस्ट्री अब शुरू होने लगी हैं। राज्य में 24 लाख श्रमिकों-कर्मचारियों में 13 लाख को काम मिल गया है। यह जानकारी मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रदेश के नाम संबोधन में दी। उन्होंने कहा कि जहां 6 लाख श्रमिकों ने अपने राज्यों में जाने के लिए पंजीकरण कराया है, वहीं एक लाख 10 हजार प्रवासी श्रमिक हरियाणा में आने के इच्छुक भी हैं।
  • चरणबद्ध तरीके से औद्योगिक औरआर्थिक गतिविधियों में औरतेजी लाने का प्रयास किया जा रहा है। चीन से जो देश अपने औद्योगिक कार्यों स्थानांतरित अन्य देशों में करने इच्छुक है, वे अब भारत में निवेश करना चाहते हैं, उन्हें हरियाणा में प्राथमिकता देने की पहल की जा रही है। जापान, अमेरिका, कोरिया, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया और ताइवान के निवेशकों के साथ हरियाणा लगातार प्रयासरत है। हरियाणा ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के मामले में तीसरे स्थान पर हैं।

कोरोना से जान गंवाने वाली युवती का परिजनने शव लेने से इनकार
कोरोना से जान गंवाने वाली पानीपत की 20 साल की युवती का अंतिम संस्कार भी खानपुर के डॉक्टरों को कराना पड़ा, क्योंकि परिजनों ने शव लेने से ही इनकार कर दिया था। प्रोटोकॉल के अनुसार,ऐसे वक्त में परिवार से किसी न किसी सदस्य कोमौजूद रहना चाहिए। दरअसल, युवती फरीदाबाद की थी और यहां बहन के पास आई थी। पानीपत के लोग फरीदाबाद औरफरीदाबाद के परिजन पानीपत में अंतिम संस्कार कराने की बात कह रहे थे। अंतत: अंतिम यात्रा में भी अपनों का साथ भी नहीं मिला।

सिंगापुर से लाए गए 19 युवकों ने अव्यवस्था पर सवालउठाए
शुक्रवार को सिंगापुर से लाकर गुड़गांव के डूंडाहेड़ा सामुदायिक केंद्र में क्वारैंटाइन किए गए 19 युवकों ने शनिवार को वहां की अव्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठाए। युवकों ने वीडियो बनाकर फेसबुक पर पोस्ट की। उन्होंने बताया कि जिस हॉल में उन्हें ठहराया गया है, वहां गंदगी फैली है। शौचालयों में न ही हाथ धोने और न ही नहाने के लिए पानी है। जब से उन्हें यहां लाया गया है, तब से कोई भी उनकी जांच करने तक नहीं आया है। खामियों को दिखाते हुए सरकार से उन्हें दूर कराने की मांग की। मामला बिगड़ता देख प्रशासन ने उन्हें बाद में दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया।


हरियाणा में 10 की कोरोना से मौत, लेकिन सरकार गुड़गांव के एक मरीज को नहीं गिन रही

  • हरियाणा में अब तक कोरोना संक्रमण से 10 लोगों की मौत हो चुकी है लेकिन स्वास्थ्य विभाग 9 मौत मान रहा है। गुड़गांव के सेक्टर-18 के 45 वर्षीय व्यक्ति की मौत रोहतक पीजीआई में इलाज के दौरान हुई थी, उन्हें सरकार ने अपने आंकड़े में नहीं जोड़ा है। सरकारी आंकड़े के मुताबिक, पहली मौत 2 अप्रैल को अम्बाला के 67 वर्षीय बुजुर्ग की हुई थी। दूसरी मौत 3 अप्रैल को हुई थी, जब रोहतक की कोरोना पॉजिटिव महिला ने दिल्ली में दम तोड़ा था।
  • तीसरी मौत 5 अप्रैल को करनाल के बुजुर्ग की हुई थी। चौथी मौत 28 अप्रैल को फरीदाबाद में 68 वर्षीय बुजुर्ग की हुई थी। पांचवीं मौत 2 मई को 63 वर्षीय कोरोना पीड़ित महिला की चंडीगढ़ पीजीआई में हुई थी। छठी मौत 4 मई को फरीदाबाद में हुई थी। 7वीं मौत भी 4 मई को पानीपत में एक युवक की हुई थी लेकिन उसकी कोरोना होने की पुष्टि 6 मई को हुई। 8वीं मौत 6 मई को पानीपत के झट्टीपुर गांव में एक 28 वर्षीय युवक की हुई, जिसे टीबी, खांसी और बुखार भी था। उसकी रिपोर्ट 7 मई को कोरोना पॉजिटिव आई थी। 9वीं मौत 8 मई को फरीदाबाद की युवती की हुई, जो पानीपत में अपनी बहन के घर रहने आई हुई थी। उसने खानपुर मेडिकल कॉलेज में दम तोड़ दिया। 10वीं मौत फरीदाबाद में हुई है, यहां 73 वर्षीय महिला ने ईएसआई अस्पताल में दम तोड़ दिया।

हरियाणा में 692 पहुंचा पॉजिटिव मरीजों का आंकड़ा

  • हरियाणा में अब तक गुड़गांव में 142, सोनीपत में 100, फरीदाबाद में 94, झज्जर में 74, नूंह में 59, अम्बाला में 41, पलवल में 36, पानीपत में 36, पंचकूला में 20, जींद में 17, करनाल में 14, यमुनानगर में 8, सिरसा में 7, फतेहाबाद में 7, महेंद्रगढ़, हिसार, रोहतक में 4-4, भिवानी और रेवाड़ी में 3-3, कुरुक्षेत्र और कैथल में 2-2, चरखी दादरी में एक पॉजिटिव मिला। इसके अलावा, मेदांता अस्पताल गुड़गांव में 14 इटली के नागरिकों को भी भर्ती करवाया गया था, जिन्हें हरियाणा ने अपनी सूची में जोड़ा है।
  • प्रदेश में अब कुल 290 मरीज ठीक हो गए हैं। नूंह में 57, गुड़गांव में 51, फरीदाबाद में 55, पलवल 32, पंचकूला में 17, अम्बाला में 11, झज्जर में 10, सोनीपत में 9, पानीपत में 6, करनाल में 5, सिरसा में 4, यमुनानगर, भिवानी और हिसार में 3-3, कैथल, कुरुक्षेत्र, रोहतक में 2-2, चरखी दादरी, फतेहाबाद 1-1 मरीज ठीक होने पर घर भेजा गया। 14 मरीज इटली के भी ठीक हुए हैं। इनके समेत कुल आंकड़ा 241 हो जाता है।


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जींद में बीच बाजार खड़ी एक कार की पुलिसवाले ने हवा निकाल दी। इस समय हरियाणा में पुलिस बाजारों में गश्त करके लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के लिए जागरूक कर रही है।




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करनाल के 3 चावल निर्यातकों पर 411 करोड़ की धोखाधड़ी का केस दर्ज, सीबीआई में दर्ज हुआ मामला

एसबीआई ने रामदेव इंटरनेशनल के 3 चावल निर्यातकों के खिलाफ सीबीआई में मामला दर्ज करवाया है। ये आरोपी भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की अगुवाई वाले 6 बैंकों के गठजोड़ के साथ 411 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के बाद देश से फरार हो चुके हैं। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि एसबीआई द्वारा इनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराए जाने से पहले ही ये देश से भाग चुके हैं।

सीबीआई ने हाल में पश्चिम एशियाई देशों और यूरोपीय देशों को बासमती चावल का निर्यात करने वाली कंपनी और उसके निदेशकों नरेश कुमार, सुरेश कुमार और संगीता के खिलाफ एसबीआई की शिकायत पर मामला दर्ज किया था। आरोप है कि इन लोगों ने उसको 173 करोड़ रुपये का चूना लगाया है।
एसबीआई ने कहा है कि कंपनी की करनाल जिले में 3 चावल मिलें, 8 छंटाई और ग्रेडिंग इकाइयां हैं।

करनाल की कंपनी ने व्यापार के लिए सऊदी अरब और दुबई में कार्यालय भी खोले हुए हैं। कंपनी को ऋण देने वाले बैंकों में केनरा बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, आईडीबीआई, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और कॉरपोरेशन बैंक शामिल हैं।



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Haryana news Karnal 411 crore export fraud cases registered against 3 rice exporters




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तेज तूफान के साथ हुई बारिश, दिन में ही हुआ अंधेरा, 13 मई तक पश्चिमी विक्षोभ दिखाएगा असर

पश्चिमी विक्षोभ से उत्तरी भारत का मौसम एकाएक बदल गया। खासकर हरियाणा में रविवार को तेज आंधी-तूफान के चलते दिन में अंधेरा छा गया। आसमान काली घटाओं से घिर गया और बारिश भी हुई। एकाएक मौसम का मिजाज बदलने से गर्मी से थोड़ी राहत जरूरी मिली, लेकिन मंडी में बिकवाली के लिए पहुंची गेहूं बारिश की भेंट चढ़ गई।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक 13 मई तक मौसम परिवर्तनशील रहेगा। आगामी तीन दिनों तक मौसम परिवर्तनशील रहेगा। आगामी 48 घंटों में मेघ गर्जना बारिश होने की संभावना है। रविवार सुबह आम दिनों की तरह धूप खिली थी लेकिन करीब 9 बजे मौसम अचानक से बदल गया। आसमान में बादल छा गए और तेज आंधी शुरू हो गई। आंधी के साथ-साथ बारिश शुरू हुई। पानीपत, करनाल, कुरुक्षेत्र में तेज आंधी और बारिश थी, जिससे सड़कों पर खड़े काफी पेड़ उखड़कर गिर गए।

चंडीगढ़ मौसम विभाग के निदेशक डॉ. सुरेंद्र पाल के अनुसार चंडीगढ़ में 22 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली। वहीं एयरपोर्ट एरिया में 66 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार रही। शहर का अधिकतम तापमान 33 डिग्री दर्ज किया गया। आगामी तीन दिनों तक मौसम परिवर्तनशील रहेगा। तेज हवाओं के साथ बारिश भी हो सकती है।

हरियाणा में चली 40 से 50 किलो मीटर प्रतिघंटा से हवाएं
पश्चिमी विक्षोभ से हरियाणा के सभी जिलों में बारिश हुई है। प्रदेश में 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा तेज धूल भरी तेजहवाएं चली। करीब दो से तीन घंटे तक हवाओं एवं रिम-झिम बारिश से मौसम सुहावना हो गया। प्रदेश के पंचकूला, अंबाला, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, कैथल, जींद, करनाल, सोनीपत, पानीपत सहित सिरसा, फतेहाबाद, भिवानी, हिसार, चरखी-दादरी, झज्जर, रोहतक, रेवाड़ी व महेंद्रगढ़ में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। अभी तक प्रदेश में लू का प्रकोप भी देखने को नहीं मिला है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मई के दूसरे पखवाड़े से ही लू का प्रकोप शुरू हो सकता है।



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यमुनानग में रविवार सुबह 10 बजे कुछ ऐसा नजारा था। ऐसा लग रहा था मानों दिन में ही रात हो गई हो। चारों तरफ काले बादल छाए हुए थे।




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हॉटस्पॉट से आए 725 लोग, 2307 की घर वापसी, स्क्रीनिंग व फॉलोअप पर जोर

इंदौर, उज्जैन, भोपाल जैसे हॉटस्पॉट शहरों से 725 लोग जावरा आ चुके हैं। इनके साथ ही महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली, राजस्थान, यूपी समेत अन्य जगह से करीब 2307 लोग शनिवार तक घर वापसी कर चुके हैं। इनमें से 40 फीसदी हॉटस्पॉट जगहों से आए और अभी 14 दिन पूरे नहीं हुए। इनसे संक्रमण का खतरा है। प्रशासन तो चौकस हो गया और स्क्रीनिंग के साथ ही नियमित फॉलोअप सिस्टम अपग्रेड कर दिया लेकिन इससे भी कारगर स्व-अनुशासन है। प्रशासन ने बाहर से आए लोगों से अपील की है कि सरकार ने आपको घर आने में मदद की। अब आपकी जिम्मेदारी है घर में रहें और खुद के साथ ही दूसरों को भी सुरक्षित रखने में सहयोग करें।
बीएमओ डॉ. दीपक पालडि़या ने बताया वैसे तो सभी बाहर से आने वाले लोगों की स्क्रीनिंग के लिए हमारी टीम दिन-रात मुस्तैद है। फिर भी हाॅटस्पॉट शहरों से ई-पास की सुविधा मिलने के बाद वहां के लोगों की आवाजाही बढ़ गई है इसलिए संक्रमण का खतरा भी बढ़ा है। फिलहाल जावरा में कोई संक्रमित नहीं है और सभी स्वस्थ है लेकिन खतरे से इनकार नहीं कर सकते। इसलिए अब हमारा फोकस हॉटस्पॉट शहरों से आए लोगों के नियमित फॉलोअप पर है। इन्हें आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करवाया जा रहा है। फील्ड वर्कर की मदद से गांव-गांव और वार्डवार ऐसी समितियां बनाने पर
विचार कर रहे हैं जो एक्टिव होकर इनकी मॉनिटरिंग में मदद करें। बाहर से आने वाले स्व-अनुशासन का पालन कर खुद को क्वारंटाइन रखेंगे। परिजन से संपर्क में नहीं आएंगे और हैंड सैनिटाइजर, हैंडवॉश, मास्क का उपयोग करेंगे तब कोई दिक्कत नहीं है।

इंदौर से 392, उज्जैन से 267 और भोपाल से 66 लोग आए
कंट्रोल रूम प्रभारी एवं नायब तहसीलदार आनंद जायसवाल ने बताया अब तक इंदौर से 392, उज्जैन से 267, भोपाल से 66 लोग आए हैं। इनके अलावा महाराष्ट्र से 204, गुजरात से 477, राजस्थान से 824, दिल्ली से 19, यूपी से 58 लोग आ चुके हैं। इनमें मजदूर व अन्य लोग शामिल हैं। सभी सर्विलांस पर हैं।

धड़ल्ले से आ रहे मजदूर, वहीं 7 साल की बेटी माता-पिता से दूर

एक तरफ मजदूरों और दूसरे राज्यों में फंसे अन्य प्रभावी लोगों का धड़ल्ले से आना जारी है। वहीं कुछ ऐसे लोग हैं जो जिनके पास नहीं बन रहे। नृसिंहपुरा निवासी कुलदीप बारोड़ सप्ताहभर से 7 साल की बेटी शावी को इंदौर से लाने के लिए एसडीएम कार्यालय के चक्कर काट रहे लेकिन कोई सुनने वाला नहीं। कुलदीप ने बताया 19 मार्च को बेटी मौसी के साथ इंदौर कालानी नगर गई। इसके बाद लॉकडाउन हो गया तो जा नहीं सके। बेटी 7 साल की है और वो वहां रो रही है। उसे लाने के लिए हम सारी शर्तें मानने को तैयार है फिर भी अनुमति नहीं मिल रही। विवेकानंद कॉलोनी के उत्तम जैलवाल ने बताया मैं, दो बच्चे व पत्नी 20 मार्च को इंदौर आए थे। तब से यहीं फंसे हैं। घर बुजुर्ग माता-पिता अकेले हैं। देखरेख के लिए जाना जरूरी है, फिर भी अनुमति नहीं मिल रही।

ई-पास में हमारा हस्तक्षेप नहीं, मदद को हेल्पडेस्क बनाई

रेड जोन के लिए ई-पास ही एकमात्र विकल्प है। इसमें हमारा कोई हस्तक्षेप नहीं। यदि किसी को ई-पास आवेदन करने में दिक्कत आ रही या फॉर्म भरना नहीं आता तो मदद के लिए एसडीएम ऑफिस में हेल्पडेस्क है। वहां केवल फॉर्म भरने में मदद होगी। पास जारी करना या नहीं करना जिला स्तर से तय होगा। जहां तक बाहर से आ रहे मजदूर व अन्य लोगों का सवाल है तो सभी की स्क्रीनिंग कर रहे और नियमित फॉलोअप लिया जा रहा है।
राहुल धोटे, एसडीएम जावरा



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लॉकडाउन में बीपी व शुगर की दवाएं 30% अधिक बिकीं

कोरोना वायरस के त्राहिमाम में सबसे ज्यादा दबाव चिकित्सा जगत पर रहा और इस दौरान दवाओं के लिए जमकर कतारें लगीं। भास्कर ने जब शहर के विभिन्न मेडिकल शॉप व सप्लायरों से रुझान लिया ताे पता चला कि लॉकडाउन में सबसे ज्यादा बिक्री हाई ब्लडप्रेशर व शुगर की दवा की रही। इसकी बिक्री सामान्य से 30 गुना अधिक हुई। शुरुआत में इस कारण इन दवाओं का शॉर्टेज हो गया क्योंकि बाहर से माल भी नहीं आ रहा था।
शहर की करीब तीन लाख आबादी ने सबसे पहले किराना और इसके बाद दवाओं के साथ मास्क व सैनिटाइजर की खरीदी की। मेडिकल संचालकाें के अनुसार इसकी बिक्री शत-प्रतिशत हुई। इस समय सैनिटाइजर की सबसे अधिक डिमांड का प्रभाव डेटॉल लिक्विड पर पड़ा है। यह सामान्यत: चिकित्सक व पुरुष ऑफ्टर शेव के रूप में इस्तेमाल करते हैं।

दवाओं का स्टॉक कर डाला
भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि यूं तो बीपी व शुगर की दवाओं की कमी नहीं थी लेकिन रोगियों ने घबराहट में दो महीने की दवाएं स्टॉक कर डालीं। विटामिन सी की लिमसी, शुगर में गलिसिटेक, ग्लाइनएस, ब्लड प्रेशर में पेलानोम-50 सहित अन्य की डिमांड ज्यादा रही। बिक्री सामान्य दिनों की तुलना में 30% अधिक हुई।
राहत : सबसे कम बच्चे बीमार पड़े
लॉकडाउन में सबसे स्वस्थ बच्चे रहे। मेेडिकल संचालक के अनुसार इस दौरान ओपीडी सामान्य दिनों की तुलना में लगभग नगण्य रही। बच्चे बाहर ही नहीं निकले। स्कूल भी बंद रहे। वातावरण भी शुद्ध रहा। इस बात की पुष्टि रावटीवाला अपार्टमेंट के समीपी अरिहंत मेडिकल संचालक संतोष पांचाल ने भी की। उन्होंने बताया लॉकडाउन के शुरुआती दोनों चरणाें में ओपीडी जीरो हो गई थी।

जानिए, लॉकडाउन में कैसे रहे शहर के मेडिकल संचालकों के अनुभव
सबसे ज्यादा च्यवनप्राश बिका

कॉलेज रोड स्थित श्रीराम केमिस्ट के चंद्रेश भाग्यवानी के अनुसार शुरुआत में स्टॉक होने से जरूरी दवाओं का संकट हो गया था। सबसे ज्यादा बिक्री च्यवनप्राश की हुई। इस दौरान शहद भी बिका। हमने भी पहली बार गर्मियों में च्यवनप्राश बेचा। यह तो ठण्ड में बिकने वाले आइटम हैं। गिलोय रस व च्यवनप्राश की डिमांड 50% बढ़ी। वहीं बुखार की दवाओं की बिक्री 20% अधिक हुई। सदी-जुकाम की दवाएं शुरुआत में अच्छी बिकीं। वहीं प्रेग्नेंसी किट की बिक्री में 10% का इजाफा हुआ। हालांकि यह आंकड़ा ज्यादा भी हो सकता है क्योंकि गली-मोहल्लाें की मेडिकल शॉप पर इसकी बिक्री ज्यादा होती है। मास्क व सैनिटाइजर का प्रतिशत नहीं निकाला जा सकता क्योंकि यह पहली बार ही बिके हैं।

विटामिन सी की डिमांड भी बढ़ी
दवाओं का मिला-जुला असर रहा है। व्यापारी मितेश अग्रवाल के अनुसार शुगर, ब्लड प्रेशर के साथ ही विटामिन सी की गोलियों की भी डिमांड रही। विटामिन सी के रूप में इस्तेमाल हाेने वाली लिम्सी का इस्तेमाल सबसे ज्यादा हुई।
डिटॉक्सिफिकेशन में भी च्यवनप्राश का इस्तेमाल-माणकचौक स्थित फखरुद्दीन नजर अली अत्तार दुकान के संचालक इकबाल हुसैन अत्तार कहते हैं कि आजकल हर चीज में मिलावट है। इस वजह से शरीर में जहर जाता है। ऐसे में लोगों का रुझान च्यवनप्राश की ओर बढ़ा। सामान्य दिनों से यह 25 से 30% बिका। हमारे वहां यूनानी व आयुर्वेदिक सभी तरह की दवाओं के ग्राहक इस दौरान इम्यूनिटी बढ़ाने वाले काढ़े, च्यवनप्राश आदि ले गए।
बाल चिकित्सालय की ओपीडी ऐसी रही

4 मई - 53
5 मई - 57
6 मई - 68
7 मई - 53
8 मई - 72
(सामान्य दिनों में ओपीडी 150 से 200 के आसपास रहती है)

एक्सपर्ट व्यू

गर्म पानी, दूध व काढ़े से बढ़ता है इम्यूनिटी सिस्टम
नोडल अधिकारी प्रमोद प्रजापति ने बताया आयुष विभाग की गाइडलाइन के मुताबिक गर्म पानी, दूध का सेवन इम्यूनिटी बढ़ाने में मददगार है। च्यवनप्राश का सेवन, तुलसी, हर्बल चाय/काढ़ा भी लाभप्रद रहता है।
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सड़क पर फेंके 20-20 रुपए के 23 नोट, प्रशासन ने बंद कराया बाजार

हरपालपुर नगर में शनिवार सुबह करीब 7 बजे अज्ञात वाहन में सवार लोगों ने 2 स्थानों पर 20-20 रुपए के नोट फैंके। इस प्रकार वाहन से नोट फेंके जाने के बाद नगर में कोरोना संक्रमण की आशंका के चलते अफरा तफरी मच गई। प्रशासन ने दोनों स्थानों पर फेंके गए 20-20 के 23 नोट जब्त कर जांच के लिए भेजे और एहतियातन बाजार बंद करवा दिया। हालांकि अभी नोट फेंकने वाले वाहन का पता नहीं चल सका है। पुलिस इन वाहनों की तलाश कर रही है।
सुबह करीब 7 बजे बाजार खुला था।

लोग सब्जी एवं अन्य उपयोगी सामग्री की खरीददारी करने के लिए बाजार पहुंचे थे। इसी दौरान एक बाइक, एक सफेद रंग का लोडर और एक स्कॉर्पियो वाहन एक साथ निकले। नगर के अग्रोहा गैस एजेंसी और पुलिस लाइन के सामने 20-20 के नोट फेंके गए। लोग यह नहीं समझ पाए कि यह नोट बाइक सवारों ने फेंके हैं, लोडर वाहन ने फेंके हैं या स्कॉर्पियों सवारों ने फेंके हैं। इस प्रकार गिरे नोटों को कुछ लोग उठाने लगे, इसी बीच किसी जागरूक व्यक्ति ने कोरोना की आशंका के चलते डायल 100 को सूचना दी, तत्काल डायल 100 टीम मौके पर पहुंची और 7 लोगों के कब्जे से 20-20 के 23 नोट जब्त किए। इस घटना के बाद नगर में अफरा तफरी मच गई। कुछ लोगों ने यह नोट संक्रमण की आशंका के चलते जला भी दिए थे।
सूचना मिलते ही नौगांव तहसीलदार बीपी सिंह, एसडीओपी श्रीनाथ सिंह बघेल, थाना प्रभारी दिलीप पांडेय मौके पर पहुंचे। लोगों से जानकारी ली। इन नोटों को उठाने वाले 7 लोगों को चिन्हित कर उन्हें थाने लेकर पहुंचे। थाने में मेडिकल टीम ने पहुंच कर सभी की थर्मल स्क्रीनिंग की। इसके बाद प्रशासन ने एसडीएम बीबी गंगेले के निर्देश पर नोट बीनने वाले इन सातों लोगों को 14 दिनों के लिए होम क्वारेंटाइन कर दिया। साथ ही उनके घरों के बाहर नोटिस चस्पा करके उन्हें बाहर नहीं निकलने की सख्त हिदायत दी। इसके बाद अधिकारियों ने एहतियात के तौर पर बाजार बंद करवा दिया। सुबह करीब 9 बजे पूरा बाजार बंद हो गया, हालांकि इसके दोपहर बाद प्रशासन ने एनाउंस करके बाजार खोलने की अनुमति दी, लेकिन फिर दोपहर करीब 12 बजे के बाद इक्का दुक्का दुकानें ही खुलीं, अधिकांश दुकानें बंद ही रहीं।
प्रशासन ने व्यापारियों और आम लोगों को चार दिनों तक 20 के नोट से लेन देन नहीं करने की दी हिदायत

तहसीलदार ने 4 दिनों के लिए 20 रुपए के नोट से लेन देन पर रोक लगा दी है। प्रशासन ने पूरे नगर में मुनादी कराई है कि 4 दिनों तक नगर का कोई भी दुकानदार या आम ग्राहक 20-20 रुपए के नोट न लें। इन नोटों में संक्रमण का खतरा हो सकता है। पुलिस प्रशासन ने इन 23 नोटों को छतरपुर भेज दिया है, वहां से उन्हें जांच के लिए लैब भेजा जाएगा।

दो घंटे में पूरे इलाके को किया सैनिटाइज
नोट फेंके जाने की इस घटना के बाद से पूरा प्रशासन अलर्ट हो गया। नगर परिषद ने जहां-जहां नोट फेंके गए थे। वहां पर कर्मचारी एवं फायर ब्रिगेड भेज कर पूरे इलाकों में सैनिटाइजर का छिड़काव किया। सैनिटाइजेशन का काम करीब दो घंटे तक चलता रहा। साथ ही लोगों से सावधानी बरतने और घरों के अंदर रहने की अपील की।
नोटों को जांच के लिए भेजा जाएगा

तहसीलदार बीपी सिंह ने बताया कि जब्त किए 23 नोटों को संक्रमण की आशंका के चलते छतरपुर भेजा है, जहां से जांच के लिए लैब भेजा जाएगा। नगर के दुकानदारों और आम लोगों से 3-4 दिन तक 20 के नोट लेने में सावधानी बरतने की अपील की है। नोट फेंकने वालों की तलाश की जा रही है।



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23 notes worth 20-20 rupees thrown on the road, the administration closed the market




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38 आदिवासी मजदूरों को कपड़े, मास्क, सैनिटाइजर देकर घर भेजा

कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए जारी राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन में अन्य प्रदेशों से क्षेत्र के मजदूर लौट रहे हैं। खालवा व बैतूल जिले के भीमपुर ब्लाक के 38 मजदूरों को गुजरात के भरूच से लाने के लिए बस भेजी गई। शनिवार को सभी मजदूर जोगीबीड़ा पहुंचे। यहां स्वास्थ्य परीक्षण उपरांत विधायक विजय शाह ने मजदूरों को कपड़े, मास्क, सैनिटाइजर व एक-एक बैग देकर घर के लिए रवाना किया।
विधायक शाह के जोगीबीड़ा स्थित वेयर हाउस प्रांगण में मजदूरों को भोजन कराया गया। उन्होंने मजदूरों से कोरोना से सुरक्षित रहने के लिए लॉकडाउन व सोशल डिस्टेंस के पालन का आग्रह किया। उन्होंने कहा सरकार प्रदेश के बाहर काम करने वाले मजदूरों को सुरक्षित घर तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व कर्नाटक के उडुपी से भी नवोदय विद्यालय के 20 बच्चों को खंडवा लाने के लिए विधायक ने बस भिजवाई थी।
इन गांवों के हैं मजदूर - जिले में खालवा ब्लाक के चाड़ीदा, चाकरा तथा बैतूल जिले के भीमपुर, चिल्लौर, दामजीपुरा व पाटलाखुर्द के 38 मजदूरों में नाहरू छोटेलाल, भोलाराम पतिराम, केंडे सोमालाल, बिल्ला मुन्नालाल, छोटू पिता गोमा ने बताया विधायक शाह की मदद से ही हम गांव तक पहुंच सके हैं। उन्होंने जिला प्रशासन का भी आभार माना। इस मौके पर भाजपा नेता अशोक वर्मा, संतोष सिटोके, संतोष सोनी, कमल खंडेलवाल, संजय जैन व केवलराम पटेल आदि भी मौजूद थे।



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38 Tribal laborers were sent home by giving clothes, masks, sanitizers




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43 डिग्री तापमान, डेढ़ हजार किमी लंबा पैदल सफर फिर भी चेहरे पर घर जाने की खुशी

महाराष्ट्र के नासिक सहित अन्य शहरों की फैक्ट्रियों में काम करने वाले सैकड़ों मजदूर रोज 43 डिग्री तापमान में पैदल आ रहे हैं। करीब डेढ़ हजार किलोमीटर पैदल सफर होने के बावजूद इन मजदूरों के चेहरों पर चिलचिलाती धूप में भी घर जाने की खुशी दिखाई दे रही है। अधिकांश मजदूर उत्तर प्रदेश और प्रदेश के रीवा-सतना जिलों के हैं। खंडवा आने के बाद प्रदेश के मजदूरों को तो राहत मिल रही है लेकिन यूपी के लोगों को पैदल ही यात्रा करना पड़ रहा है।
शनिवार दोपहर 2.40 बजे मुंबई से आए श्याम सुंदर मांझी, संतोष मांझी, दीपक केवट, अनुपम कुमार, चंदन कनौजिया, दिलीप कुमार, रमेश कुमार, विनोद कुमार का दल सिविल लाइंस क्षेत्र में दिखाई दिया। मजदूरों ने कहा कि कंपनी ने लौटा दिया है। कोई साधन नहीं होने के कारण पैदल ही अपने घर जा रहे हैं। परिस्थिति कैसी भी हो लेकिन हिम्मत नहीं हारनी चाहिए। इसीलिए यात्रा के दौरान आपस में चर्चा करते हुए खुशी-खुशी अपने घर जा रहे हैं। पीछे ही कुछ दूरी पर गोविंद यादव, राजू दीवाकर सहित 10 लोग सतना जाने के लिए खंडवा तक आए। किसी के हाथ में रास्ते के लिए नाश्ता तो किसी के सिर पर जरुरी सामान का बैग दिखाई दिया। तेज धूप में ये मजदूर तेजी से पैदल चलते नजर आए।



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43 degree temperature, 1.5 thousand km long walk, yet the joy of going home




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तीसरे दिन 137 मकानों में 506 लोगों की जांच की, सर्दी-खांसी के 13 मरीज मिले

निंबोला के आंबेडकर नगर में कोरोना संक्रमित महिला मिलने के बाद से स्वास्थ्य विभाग द्वारा पूरे गांव में सर्वे कराया जा रहा है। तीसरे दिन शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव के 137 मकानों का सर्वे किया।
इनमें रहने वाले 506 लोगों की जांच की। इनमें सामान्य सर्दी-खांसी के 13 मरीज मिले। वहीं गुजरात से आए दो लोगों को होम क्वारेंटाइन किया गया। टीम ने ग्रामीणों को लॉकडाउन का पालन करने, मास्क लगाने सहित अन्य सावधानियां बरतने की सलाह दी।
गांव में संक्रमित मरीज मिलने के बाद अब ग्रामीण भी जांच कराने के लिए खुद ही आगे आ रहे हैं। शनिवार को गांव के एक दंपत्ति ने खुद आगे आकर अपनी जांच कराई। गांव की 79 साल की बुजुर्ग महिला ने कहा जीवन में पहली बार ऐसी बीमारी देखी है। पहले कुछ होता था, लेकिन इतने दिन नहीं चलता था। दल प्रभारी योगीराज पाटेकर ने बताया गांव में दो दिन से चार टीमें जांच कर रही थीं। शनिवार को तीन टीमों ने जांच की।



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On the third day, 506 people were examined in 137 houses, 13 patients of cold and cough were found.




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सड़क पर उतरे 300 से ज्यादा लोग, बोले- दो दिन में सरकारी मदद नहीं मिली तो करेंगे अफसरों का घेराव

47 दिन से शहर में लॉकडाउन है। पावरलूम भी बंद है। रोजगार छीन गया। राशन लाने को पैसे नहीं। खाने को मोहताज हो गए। ऐसे में भी अब तक सरकार से कोई मदद नहीं मिली। दो दिन में सरकारी मदद नहीं मिली तो सड़कों पर उतरेंगे। अफसरों का घेराव करेंगे।
सरकारी सहायता और राशन नहीं मिलने से गुस्साए मोमीनपुरा और हरीरपुरा के 300 से ज्यादा लोगों ने शनिवार दोपहर 3.30 बजे ये बात कही। लॉकडाउन में भी सैकड़ों लोग विरोध करते इंदौर-इच्छापुर हाईवे तक पहुंच गए। शहर में बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच इतनी बड़ी संख्या में भीड़ को सड़क पर देख अन्य लोग घबरा गए। भीड़ सरकारी मदद नहीं मिलने पर आक्रोश जता रही थी। इसकी खबर लगते ही पुलिस मौके पर पहुंची। समझाइश और सरकारी मदद का आश्वासन देकर भीड़ को घर भेजा। लोग दो दिन में मदद नहीं मिलने पर सड़कों पर उतरने और अफसरों का घेराव करने की चेतावनी दे गए।


महिलाएं बोलीं- बीमारी से नहीं हम भूख से मर जाएंगे
दोनों क्षेत्रों की गुस्साई महिलाओं ने पुलिस से कहा- 47 दिन से हमारे आदमी और बच्चे घर पर बैठे हैं। राशन लाने को पैसे नहीं है। सरकारी मदद पहले हमें मिलना चाहिए। दूसरे वार्डों में राशन बांटा जा रहा है, लेकिन हमें आज तक कुछ नहीं मिला। पावरलूम संचालक और टेक्सटाइल मालिक भी मजदूरों की सुध नहीं ले रहे हैं। सरकारी सहायता भी नहीं मिल रही। ऐसे में बीमारी तो नहीं हम भूख से मर जाएंगे।


तहसीलदार को दी सूचना, दो दिन में सहायता का आश्वासन
मौके पर पहुंचे गणपति नाका थाना प्रभारी चैनसिंह उईके ने महिलाओं को देर तक समझाया। तहसीलदार को भी फोन पर समस्या बताई और जल्द सहायता देने का आश्वासन दिया। टीआई ने बताया कंटेनमेंट एरिया में पहले सहायता और खाद्यान्न बांटा जा रहा है, वह भी जरूरतमंद लोगों को। इसके बाद शहर के अन्य लोगों को खाद्यान्न दिया जाएगा। लोग उन तक प्रशासनिक सहायता नहीं पहुंचने से नाराज थे। इसलिए सड़क पर उतर आए।



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More than 300 people landed on the road, said - If the government does not get help in two days, then officers will be surrounded




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43 डिग्री तापमान में 101 वर्ष की वृद्ध महिला रख रही हैं रोजा

निमाड़ क्षेत्र में भीषण गर्मी से लोगों के पसीने छूट रहे हैं लेकिन स्थानीय निवासी हज्जानी फातिमा बैगम हाजी अब्दुल रहमान लोहार 101 साल की आयु में करीब 42 से 43 डिग्री तापमान में पवित्र माह रमजान के पूरे रोजे रख रही है।
उन्होंने बताया जब से होश संभाला है तब से करीब 13 वर्ष की आयु से ही वह लगातार रमजान माह के रोजे रखती आ रही है। फातिमा बैगम इस उम्र में अपनी दिनचर्या के सभी कार्य खुद ही करती है। आंखों से साफ देखने व कानों से बखूबी सुनने में उन्हें कोई तकलीफ महसूस नहीं होती। कोरोना महामारी व लॉक डाउन के कारण दु:खी है। इससे पहले उन्होंने ऐसा दौर कभी नहीं देखा। जब पूरी दुनिया थम सी गई हो। वह अल्लाह से प्रतिदिन पांचों वक्त की नमाज में दुआ करती है। इस महामारी पूरी दुनिया के लोगों को राहत मिले। उनके पुत्र न्याज मोहम्मद ने बताया वह बचपन से ही अपनी वालिदा को रमजान के रोजे रखते हुए देख रहे हैं। पोते मुजफ्फर हुसैन अगवान ने बताया सुबह सेहरी में वह सिर्फ चाय पीती है और एक पान खाती है। इफ्तार के बाद रात में खाना भी बहुत कम खाती है।



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101 year old woman is keeping Roja in 43 degree temperature




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मिनी ट्रक में 30 मजदूरों ने किया सफर, सबके हिस्से आया 3 हजार का खर्च

एबी रोड स्थित बिजासन घाट बड़ी बिजासन माता मंदिर के लिए प्रसिद्ध है लेकिन फिलहाल महाराष्ट्र से जा रहे दूसरे राज्य के मजदूरों और बीच-बीच में रोके जाने के कारण उनके विरोध के कारण सुर्खियों में है। पैदल व साइकिल सवार 3 मजदूरों की मौत भी हो चुकी है। अभी बड़ी संख्या के यूपी, बिहार व मप्र के मजदूर माल वाहन, टेम्पो, दोपहिया वाहन तो कुछ पैदल घर की ओर जा रहे हैं। कई मजदूरों के पास पैसे खत्म होने से उधार लेकर तो कई ज्यादा किराया देकर वाहनों से अपने घर जाने को मजबूर है।
कल्याण से इलाहाबाद जा रहे 30 मजदूरों ने बताया वह वहां कल्याण में गारमेंट्स कंपनी में काम करते थे। काम बंद होने के बाद कुछ दिन गुजरा किया। खाने-पीने की दिक्कत आने से घर लौट रहे हैं। एक मिनी ट्रक को प्रति व्यक्ति 3 हजार रु. के हिसाब से किराया दिया। उसमे बैठकर इलाहाबाद जा रहे हैं। अधिकांश महिलाएं और बच्चे भी थे। भीषण गर्मी में वाहन में चिपककर बैठे थे। मजबूरी में सोशल डिस्टेंस को भूल गए। जैसे-तैसे घर पहुंचाना है। इसी प्रकार दूसरी ट्रक में भी कई मजदूर ऐसे ही सफर करते नजर आए। वाहन सवार एक मजदूर ने बताया यूपी सरकार की घोषणा के बाद फॉर्म भरा लेकिन कुछ नहीं हुआ। खाना नहीं मिलने से इंतजार करना मुश्किल था इसलिए निकल पड़े। लॉकडाउन के कारण काम बंद हो गए। जमा पूंजी और सामाजिक संगठनों की मदद से पेट भरा दूसरे राज्यों के मजदूरों को खाने पीने की समस्या खड़ी हुई तो उनका सब्र टूट गया। केंद्र सरकार की घोषणा के बाद अन्य राज्य के हजारों मजदूरों मजबूरी में पैदल तो वाहनों से मजबूरी का सफर कर अपने प्रदेश में लौटने लगे। इस दौरान यूपी सरकार द्वारा अपने मजदूरों को राज्य में प्रवेश नहीं देने पर मप्र पुलिस ने सीमा पर ही रोकना शुरू किया था। इस कारण 3 से 5 मई को अलग-अलग मजदूरों ने चक्काजाम किया। इसके बाद उन्हें जाने दिया गया था। शुक्रवार को फिर मजदूरों से भरे वाहनों को आधे घंटे रोककर छोड़ा गया था। इससे जाम लगता रहा। शनिवार को स्थिति सामान्य रही। भारी वाहनों को एंट्री कर जाने दिया जा रहा है।

20 हजार रु. उधार लेकर परिवार के साथ निकला ऑटो चालक

महाराष्ट्र की सीमा में ऑटो खड़ा दिखा। उसमें सवार युवक से पूछा तो उसने अपना नाम मोहम्मद रहमान निवासी यूपी बताया। रहमान ने बताया वह मुंबई में ऑटो चलाते थे। लॉकडाउन में काम बंद होने से दिक्कत हुई। मकान का किराया नहीं दे पाए। खाने पीने को नहीं मिल रहा था। भूखमरी की स्थिति हो गई थी। ऐसे में 20 हजार रु. उधार लेकर ऑटो से ही उप्र स्थित अपने घर के लिए निकल गए। महाराष्ट्र में पेट्रोल भी नहीं मिल रहा था। पलासनेर से 70 किमी पहले संस्था ने खाना दिया था। रास्ते में मदद नहीं मिली। अब जैसे तैसे मजबूरी में बस अपने घर पहुंचाना है।

गमछा रखकर धूप से बचकर चल रहे मजदूर


महाराष्ट्र सीमा के बाद हजारों की तादात में मजदूर वाहन नहीं मिलने से पैदल चल रहे हैं। ऐसे में भीषण गर्मी होने के बाद भी उनके पैर नहीं रुक रहे हैं। गर्मी से बचाने के लिए वे अपने सिर पर गमछा रखकर चल रहे हैं। वहीं कई मजदूर दोपहर तेज धूप होने से हाईवे की किनारे पेड़ की छांव में और डिवाइडर पर लगे पेड़ों की छांव में आराम करते भी नजर आए।


गांव तक छोड़ने की बात थी, बिजासन घाट के पहले छोड़ा

दमोह जिले के राजाराम ने बताया मुंबई के पास खदान में काम करते थे। वहां काम बंद होने से खाने की फजीहत हो गई। माल वाहन में 3-3 हजार किराया देकर निकले। घर तक छोड़ने की बात थी लेकिन चालक बिजासन घाट के पहले छोड़कर चला गया। छोटे बच्चे भी है। जिन्हें कंधे पर बैठाकर पैदल चल रहे हैं। उन्होंने कहा- महाराष्ट्र में प्रदेश की तुलना में दाेगुनी मजदूरी मिलती है। अब कैसे भी करके घर पहुंचना है। रास्ते में कही भी मदद नहीं मिल रही है। वाहन चालक गाड़ी नहीं रोकते हैं।

मप्र की सीमा शुरू होते ही मिलने लगी मदद
महाराष्ट्र की सीमा से 6 किमी दूर पलासनेर तक कोई सामाजिक संगठन मदद करता नजर नहीं आया। एक युवक ने पैदल चल रहे कुछ मजदूरों को ठंडा पिलाया।। वहीं मप्र की सीमा में बड़ी बिजासन मन्दिर समिति सहित अन्य सामाजिक संगठन नाश्ता, भोजन, पानी, फल, दवा और चप्पल देकर सेवा कर रहे हैं। महाराष्ट्र से पैदल आने वालों की संख्या में कमी आई है। बिजासन घाट पर मप्र की सीमा में पुलिस व प्रशासन द्वारा पैदल जा रहे मजदूरों को भारी वाहनों में बैठाया जा रहा है। उन्हें घर पहुंचाया जा रहा है। यहां छांव के लिए टेंट भी लगाया गया है।



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30 laborers traveled in mini truck, everyone got a share of 3 thousand




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आरडी गार्डी के डॉक्टर को भी कोरोना, अब पूरे शहर में सर्वे, एक सप्ताह में 320 पार हो सकते हैं संक्रमित

उज्जैन में शनिवार को 16 और कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले। इनमें से दो की मौत हो गई है। आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज में ड्यूटी दे रहे 36 साल के डॉक्टर को भी कोरोना संक्रमण मिला है। उन्हें मरीजों से यह संक्रमण हुआ। डॉक्टर का घर आगर रोड पर शिवांश पैराडाइज सिटी में है। प्रशासन उस क्षेत्र को कंटेनमेंट एरिया बनाया है।
अब रविवार से पूरे शहर का सर्वे शुरू होगा। शनिवार को सर्वे टीम को नानाखेड़ा स्टेडियम में प्रशिक्षण दिया, जो अब मैदान में उतरेगी। सर्वे होने से बीमार मरीज सामने आएंगे। इससे अगले एक सप्ताह में संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 320 पार होने के आसार है। कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया इससे घबराने की जरूरत नहीं है, मरीज सामने आएंगे तो उनका इलाज होगा। संक्रमण और ज्यादा फैलने से रुकेगा। इधर शनिवार को 154 रिपोर्ट आई, इसमें से 132 निगेटिव रही। राहत इस बात की है कि है कि 11 मरीज और ठीक हो गए हैं। जिनकी मौत हुई, उनमें अब्दालपुरा निवासी 62 वर्षीय पुरुष और केडी गेट निवासी 43 वर्षीय महिला शामिल हैं। जिले में अब तक 45 मरीजों की मौत हो चुकी है।



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46 दिन बाद किराना व्यापार 3 दिन बंद, शेष दुकानें आज से खुलेंगी

लॉकडाउन के 46 दिन बाद बाजार में कुछ दुकानों को छोड़कर अन्य सभी दुकानों को 3 दिनों के लिए सुबह 10 से शाम 6 बजे तक खोला जा रहा है। पहली बार किराना व्यापार 3 दिनों के लिए बंद रहेगा। अभी तक लॉकडाउन में किराना व्यापारको ही अनुमति प्रदान की जाती रही है। डेयरी सुबह 6 बजे से 9 बजे तक प्रतिबंध से मुक्त रहेगी। इसके अलावा सब्जी मार्केट पूर्व की तरह डोर टू डोर ही विक्रय किया जाएगा।
इन पर रहेगी पाबंदी- आज खुलने वाले बाजार में होटल, चाय दुकान, सोना-चांदी व्यवसाय, काेल्ड्रिंक्स, आइस्क्रीम, सेलून,ब्यूटी पार्लर की दुकानें बंद रहेगी, शेष दुकानें खुली रहेगी।
जिला कलेक्टर द्वारा आदेश जारी होने के बाद शनिवार को एसडीएम मनीष जैन ने सभी व्यापारी एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ चर्चा की। साथ ही उन्हें प्रशासन के आदेश और निर्देश के बाद जानकारी दी गई। बैठक में तहसीलदार ओशीन विक्टर, सीएमओ हरिवल्लभ शर्मा आदि मौजूद थे। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन, दुकान पर आने वाले ग्राहक को मास्क बंधे होना, दुकान पर दूरी बनाकर ग्राहकों से व्यापार करना, दुकान के अंदर अगर कोई ग्राहक आता हैं तो उसके हाथों को सैिनटाइजर से साफ करवाना, दुकानों के आगे गोले में रहकर ग्राहकों से व्यापार करना आदि नियमों का पालन करना होगा।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार अगर इन 3 दिन की छूट में अगर सोशल डिस्टेसिंग का पालन सही तरीके से हुआ तो आगामी 3 दिन बाद फिर से प्रशासन छूट देगा। अगर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया तो फिर प्रतिदिन के लिए दुकानें खोलने की छूट दे दी जाएगी।
सोशल डिस्टेंसिंग व अन्य नियमों का पालन करना होगा
कुछ दुकानों को छोड़कर आज से अन्य दुकानें खोली जा रही है। इन 3 दिन में किराना दुकानें बंद रहेगी। इस दौरान व्यापारियों को सोशल डिस्टेंसिंग सहित अन्य नियमों का पालन करना होगा।
-मनीष जैन, एसडीएम सुसनेर



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Grocery business closed for 3 days after 46 days, remaining shops will open from today




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28 वार्डों में कंटेनमेंट क्षेत्र, इनमें से 13 में सर्दी-खांसी के 531, सांस के 51 रोगी मिले

ये हालात शहर के लिए ठीक नहीं है। कोरोना रोकथाम की गतिविधियों के बावजूद शहर के 54 में से 28 वार्डों में कोरोना फैल चुका है। प्रशासन अब इन वार्डों में गंभीरता से फोकस करते हुए प्रत्येक परिवार के प्रत्येक सदस्य का हेल्थ सर्वे करवा रहा है। इस उम्मीद के साथ की किसी में भी बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर उसे तत्काल इलाज दिया जाएगा।
कंटेनमेंट क्षेत्र के इन 28 में से 13 वार्डों में जिला प्रशासन दो दिन पहले ही हेल्थ सर्वे शुरू करवा चुका था। शनिवार को कंटेनमेंट क्षेत्र के बचे हुए 15 तथा नॉन कंटेमनेंट वाले 26 वार्डों में भी सर्वे के लिए दलों को प्रशिक्षण दिया गया। दावा किया जा रहा है एक-दो दिन में सभी 54 वार्डों में हेल्थ सर्वे शुरू हो जाएगा। इधर इस बीच पहले चरण में 13 वार्डों में शनिवार तक किए 8326 परिवारों के सर्वें में सर्दी-खांसी के 531, सांस लेने में तकलीफ के 51, कैंसर-हाइपरटेंशन सहित अन्य गंभीर बीमारी के 375 रोगी सामने आए हैं। 7 ऐसे परिवार भी मिले हैं जिनकी की हिस्ट्री कोरोना पॉजिटिव वाली रही हैं। उक्त बीमारों के ट्रीटमेंट शुरू किए जा चुके हैं।

सर्वे पूरी तरह सफल हो इसलिए यह करना होगा

प्रत्येक सर्वे दल के कुछ लोगों से गोपनीय स्तर पर ये फीडबैक लेते रहना होगा कि कहीं कोई तकलीफ तो नहीं, कोई असहयोग तो नहीं कर रहा? जानकारी तो नहीं छुपाई जा रही है?
जहां भी ऐसी बातें सामने आए तो संबंधित परिवारों से अधिकारी को भी बातें करना चाहिए। उन लोगों से स्थानीय जनप्रतिनिधियों व उनके धर्मगुरुओं आदि की भी बातें करवाना चाहिए ताकि वे सहीं जानकारी दें।
जिन क्षेत्र व वार्ड में सर्वे चल रहा है उन क्षेत्र के मेडिकल स्टोर्स संचालकों से भी ये जानकारी ली जा सकती हैं उनके यहां से कौन-कौन सर्दी-खांसी, बुखार या सांस में तकलीफ आदि की दवाई ले जा रहे हैं? हो सके तो केवल डॉक्टरों के पर्चे पर ही दवाई देने का पालन करवाया जाएं।

13 वार्डों में सर्वे जारी है
कंटेनमेंट से जुड़े 28 में से 13 वार्डों में पहले ही सर्वे शुरू करवा चुके है। बचे 15 कंटेनमेंट और नॉन कंटेनमेंट क्षेत्र के 26 वार्डों में भी सर्वे करवाने जा रहे हैं।
बिदिशा मुखर्जी, अपर कलेक्टर व नोडल अधिकारी

ये वार्ड जिनमें पॉजिटिव मिले, मौतें हुई
वार्ड 4 नागेश्वर धाम कॉलोनी
वार्ड 6 गांधी नगर व शिवशक्ति नगर
वार्ड 9 नयापुरा, केडी गेट मार्ग
वार्ड11 व 13 जानसापुरा वार्ड 12 दानीगेट
वार्ड14 कमरी मार्ग व रामप्रसाद भार्गव मार्ग
वार्ड 15 रवींद्रनाथ टैगोर मार्ग, अवंतिपुरा, गीता कॉलोनी व बुधवारिया बड़े साहब की गली
वार्ड 17 ढांचा भवन वार्ड 20 निकास चौराहा
वार्ड 21 सिंहपुरी वार्ड 22 बारी मोहल्ला की गली
वार्ड 23 नईपेठ व जवाहर मार्ग
वार्ड 25 निजातपुरा
वार्ड 26 ब्राह्मण गली व बहादुरगंज
वार्ड 27 अमरपुरा, खाराकुआं नईपेठ व कोट मोहल्ला
वार्ड 28 तोपखाना व शिकारी गली
वार्ड 30 बेगमबाग कॉलोनी
वार्ड 31 कोट मोहल्ला गली नंबर 5 व अहिल्याबाई गलीनंबर 6 व 4
वार्ड 32 नलिया बाखल, तोपखाना व गुदरी
वार्ड 33 मोतीबाग
वार्ड 34 नीलगंगा से जुड़ा होने के कारण
वार्ड 43 लक्ष्मीनगर
वार्ड 46 बंगाली कॉलोनी, शास्त्रीनगर
वार्ड 48 कृष्णा पार्क वार्ड 49मुनिनगर
वार्ड 51 महानंदानगर वार्ड 54 सांई बिहार कॉलोनी
जानकारी- जिला प्रशासन से प्राप्त।



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Containment area in 28 wards, out of these, 531 cold-cough, 51 respiratory patients were found.




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बिग बाजार से ऑनलाइन शॉपिंग के नाम पर 23 हजार की धोखाधड़ी

लॉकडाउन के संकट को झेल रहे लोगों को साइबर ठग शिकार बना रहे हैं। ऐसा ही एक मामला अरविंद नगर के रहने वाले बिल्डिंग मटेरियल के व्यापारी के साथ हुआ। उन्होंने ऑनलाइन शॉपिंग के लिए बिग बाजार में कॉल किया लेकिन किसी ने रिसीव नहीं किया। कुछ देर बाद एक दूसरे नंबर से कॉल आया। कॉलर ने कहा कि वह बिग बाजार से बोल रहा है। सामग्री की लिस्ट वाट्सअप पर मंगवाई। इसके कुछ ही देर बाद व्यापारी के अकाउंट से 23 हजार रुपए निकल गए।
अरविंद नगर के रहने वाले मुकेश अग्रवाल ने बताया शुक्रवार दोपहर उन्होंने बिग बाजार के मोबाइल नंबर 8825870717 पर कॉल किया था। किसी ने कॉल रिसिव नहीं किया और कुछ देर बाद मोबाइल नंबर 8250095496 से अग्रवाल के पास कॉल आया। कॉलर ने कहा- आपने बिग बाजार पर कॉल किया था अगर आपको राशन चाहिए तो सामान की सूची वाट्सएप पर भेज दीजिए। अग्रवाल ने नंबर पर राशन सामग्री की लिस्ट भेज दी। कॉलर ने फिर से कॉल किया और एक फॉर्म भरकर 11 रुपए का ऑनलाइन पेमेंट करने के लिए कहा। इसके बाद अग्रवाल के मोबाइल नंबर पर एक कोड आया। कॉलर ने कोड पूछा और कहा कि आपकी बुकिंग हो गई है। कुछ ही देर बाद अग्रवाल के बैंक खाते से पहले 19 हजार और कुछ ही मिनटों बाद 4 हजार रुपए कुल 23 हजार रुपए निकल गए। अग्रवाल को ठगी की आशंका हुई तो उन्होंने तत्काल अकाउंट का पिन नंबर बदल दिया। इसके बाद उक्त नंबर पर कॉल किया तो फिर से कॉलर ने फोन उठाकर बातचीत की, कहा कि उसने अकाउंट से कुछ भी रुपए नहीं निकाले, किसी और ने चीटिंग की है। भास्कर ने उक्त नंबर पर कॉल किया तब भी वह बातचीत कर रहा है और खुद को बिग बाजार का कर्मचारी राहुल वर्मा बता रहा है।
इधर बिग बाजार के प्रबंधन ने बताया कि राहुल नाम का कोई व्यक्ति उनकी शॉप में नहीं है। बिग बाजार ने उक्त कॉलर के खिलाफ थाने में आवेदन दिया है। प्रभारी टीआई मुनेंद्र गौतम ने बताया अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ शॉप के नाम से धोखाधड़ी करने की शिकायत की है। मामले में जांच की जा रही है। सायबर सेल प्रभारी प्रकाश वास्कले ने बताया शिकायत मिली है, जांच की जा रही है।
बिग बाजार के कर्मचारी शक के घेरे में
बिग बाजार से सामग्री मंगवाने में 23 हजार की धोखाधड़ी के शिकार हुए अग्रवाल ने कहा कि ऐसे कैसे हो सकता है कि बिग बाजार में कॉल करने पर कोई और फोन कर धोखाधड़ी करें। इसमें बिग बाजार के किसी कर्मचारी की मिलीभगत की आशंका है। बिग बाजार में किसे शिकायत करें, यहां कोई जिम्मेदार व्यक्ति नहीं हैं।



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गुजरात से लाए 130 मजदूरों को 700 किमी पहले छोड़कर भाग गई बस

गुजरात के मोरवी से मप्र के 130 मजदूरों को लेकर आई बस ने धोखे से मजदूरों को नरवर से 3 किमी दूर कड़छा फंटे पर उतार दिया। ये मजदूर सतना, रीवा, सागर, शहडोल, भोपाल आदि जिलों के हैं, जिन्हें शनिवार दोपहर 1 बजे बस ड्राइवर ने चाय-पानी के लिए उतारा और बस लेकर भाग गया।
कड़छा फंटे पर रहने वाले जितेंद्र वर्मा और संजय वर्मा ने भूखे-प्यासे मजदूरों के भोजन का इंतजाम किया और नरवर थाने पर इसकी सूचना दी। थाना प्रभारी हेमसिंह वर्मा, एसआई विक्रम सिंह चौहान, इंस्पेक्टर कांतिलाल चौधरी मौके पर पहुंचे। थाना प्रभारी वर्मा ने बताया मजदूरों को गंतव्य स्थान पर भेजने के लिए जिला पंचायत सीईओ को सूचना दी है। उमरिया जिले के रोहित पाल ने बताया शुक्रवार शाम 5 बजे बस 130 सवारियों को लेकर मोरबी से निकली थी और उन्हें उनके गंतव्य स्थान पर छोड़ना था, जिसके लिए बस मालिक ने प्रत्येक सवारी से ₹900 किराया लिया था लेकिन कड़छा फंटा नरवर आकर ड्राइवर ने सवारियों को चाय-पानी के लिए उतारा और बस लेकर भाग गया। उत्तरप्रदेश के संत कबीर नगर के मजदूर अर्जुन ने बताया हमें उप्र भिजवाने की व्यवस्था का बोलकर बस मालिक लाया था। यहां से हमारा घर 1400 किमी दूर है, हमारे साथ छोटे बच्चे भी है। हमारे पास न रुपए है न खाने-पीने का इंतजाम। एसआई चौहान ने बताया मजदूरों शासकीय स्कूल में रुकने के इंतजाम किया है।



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Bus escaped leaving 130 laborers brought from Gujarat 700 km ago