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पीसीबी के पूर्व चेयरमैन का खुलासा- उमर अकमल को पड़ते हैं मिर्गी के दौरे, इसलिए 2013 के वेस्टइंडीज दौरे से वापस बुलाया था

पीसीबी के पूर्व चेयरमैन नजम सेठी ने खुलासा किया है कि बल्लेबाज उमर अकमल को मिर्गी के दौरे पड़ते हैं, जिसका इलाज कराने से उसनेइनकारकर दिया था। सेठी ने पाकिस्तान के एक टीवी चैनल से बातचीत में कहा- हमारे पास मेडिकल रिपोर्ट थी, जिसमें यह साफ लिखा था कि अकमल को मिर्गी के दौरे पड़ते हैं। 2013 के वेस्टइंडीज दौरे पर भीउसे मिर्गी का दौरा पड़ा और हमने उसे वापस बुला लिया।

उन्होंने आगे कहा किमैंने उसे दो महीने तक खेलने से रोक दिया, लेकिन बाद में हमने मेडिकल रिपोर्ट सिलेक्टर्स के पास भेज दी और फैसलाउन पर छोड़ दिया। क्योंकि मुझे उनके काम में दखलअंदाजी करना पसंद नहीं था।

अकमल प्रतिभाशाली क्रिकेटर है: सेठी
सेठी के मुताबिक,उमर काफी टैलेंटेड क्रिकेटर हैं, लेकिन वहखुद को टीम से बड़ा समझताहैऔर उसे कभी अनुशासन में रहना पसंद नहीं। वह टीम के लिए नहीं खुद के लिए खेलता है।अकमल कोस्पॉट फिक्सिंग के मामले में दोषी पाए जाने पर पीसीबी ने 3 साल के लिए किसी भी फॉर्मेट (टेस्ट, वनडे और टी-20) में खेलने पर प्रतिबंध लगाया है।

अकमल ने इंटरव्यू में 2 लाख डॉलर की पेशकश की बात कही थी
इससे पहले, अकमल ने एक इंटरव्यू में कहा था कि उन्हें एक बुकी ने स्पॉट फिक्सिंग के लिए 2 लाख डॉलर की पेशकश की थी। इतना ही नहीं, इस खिलाड़ी ने यह दावा भी किया था कि उसे भारत के खिलाफ मैच न खेलने के एवज में भी मोटी रकम देने का वादा किया गया था। इसके अलावा 2015 में ऑस्ट्रेलिया-न्यूजीलैंड में हुए वर्ल्ड कप के दौरान भी मैच फिक्सर ने सम्पर्क साधा था। हालांकि, अकमल पीसीबी की अनुशासन कमेटी को यह बात बताने में नाकाम रहे कि उन्होंने इसकी जानकारी आईसीसी की एंटी करप्शन यूनिट को क्यों नहीं दी।

अकमल ने अक्टूबर 2019 में पिछला अंतरराष्ट्रीय मैच खेला था
अकमल ने पिछला अंतरराष्ट्रीय मैच अक्टूबर 2019 में खेला था। वे पाकिस्तान के लिए 16 टेस्ट, 121 वनडे और 84 टी-20 खेल चुके हैं। इन तीनों फॉर्मेट में उन्होंने 1003, 3194 और 1690 रन बनाए हैं। अकमल ने अपने टेस्ट डेब्यू में न्यूजीलैंड के खिलाफ 129 रन बनाए थे। हालांकि, इसके बाद से उनका करियर कभी पटरी पर नहीं आ पाया। इसी साल फरवरी में उन्होंने फिटनेस टेस्ट के दौरान ट्रेनर से बदतमीजी की थी। इसकी शिकायत पीसीबी से की गई थी। हालांकि, बोर्ड ने उन्हेंचेतावनी देकर छोड़ दिया था।



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उमर अकमल ने अपने पहले टेस्ट में न्यूजीलैंड के खिलाफ 129 रन बनाए थे। वे अब तक 16 टेस्ट और121 वनडे खेल चुके हैं। (फाइल)




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60 फीसदी फैन्स का अब भी मानना इस साल लीग होगी; 13 फीसदी का कहना खाली स्टेडियम में मैच हों

कोरोनावायरस की वजह से इंडियन प्रीमियर लीग के 13वें सीजन को अनिश्चितकाल के लिए टाल दिया गया है। इस बीच, ई-स्पोर्ट्स प्लेटफॉर्म माय टीम11 ने इसे लेकर एक सर्वे कराया था। इसमें शामिल 60 फीसदी फैन्स ने इस साल आईपीएल होने की उम्मीद जताई है, जबकि 13 फीसदी का कहना है कि लीग के मैच जून-जुलाई के विंडो में खाली स्टेडियम में कराए जाएं। यह सर्वे 10 हजार लोगों पर किया गया।

इस सर्वे में हिस्सा लेने वाले 83 फीसदी लोगों का मानना था कि 2020 के अंत तक खेल गतिविधियां दोबारा शुरू हो सकते हैं जबकि करीब 40 फीसदी लोगों ने कहा कि वे 2021 से पहले खेल प्रतियोगिताओं को देखने जाने के लिए सहज महसूस नहीं करेंगे। ऐसे में लंबे वक्त तक स्टेडियम खाली ही रहेंगे। सर्वे के मुताबिक, 63 फीसदी लोग जल्द ही खेलों के शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं जबकि 20 फीसदी लोगों को खेल गतिविधियों के शुरू होने अगर तीन से चार महीने की देरी भी होती है तो उससे कोई परेशानी नहीं।
बोर्ड ने 16 अप्रैल को आईपीएल को स्थगित किया था
बीसीसीआई ने पिछले महीने 16 अप्रैल को लॉकडाउन की मियाद 3 मई तक बढ़ने के बाद आईपीएल को अगले आदेश तक के लिए टाल दिया था। हालांकि, तब बोर्ड ने इसके शेड्यूल के बारे में नहीं बताया था।

दिसंबर से पहले आईपीएल होना मुमकिन नहीं

मौजूदा हालात और इंटरनेशनल शेड्यूल के चलते इसका दिसंबर के पहले होना मुश्किल लग रहा। जून से सितंबर तक मॉनसून सीजन रहता है। इस दौरान भारत को श्रीलंका और जिम्बाब्वे में सीरीज भी खेलनी है। अक्टूबर-नवंबर में ऑस्ट्रेलिया में टी-20 वर्ल्ड कप खेला जाना है। इसके बाद अन्य टीमों की आपसी सीरीज का कैलेंडर भी तय रहता है। इस शेड्यूल के बीच ही बीसीसीआई को आईपीएल के लिए खाली तारीखें तलाशनी होंगी। ऐसा होता है तो भी दिसंबर के पहले आईपीएल होना संभव नहीं लग रहा है।पहले यह टूर्नामेंट 29 मार्च से शुरू होना था, लेकिन कोरोना और वीजा प्रतिबंध के कारण 15 अप्रैल तक के लिए इसे टाल दिया गया था।

आईपीएल का फॉर्मेट छोटा हो सकता है
इस बार आईपीएल 50 दिन की बजाए 44 दिन का होना था। सभी 8 टीमों को 9 शहरों में 14-14 मैच खेलने थे। इनके अलावा 2 सेमीफाइनल, 1 नॉकआउट और 24 मई को वानखेड़े में फाइनल होना था, लेकिन अब जब भी यह टूर्नामेंट होगा तो बोर्ड इसके फॉर्मेट को छोटा करके 37 दिन का कर सकता है। 2009 में भी लोकसभा चुनाव के कारण इतने दिन में ही आईपीएल हुआ था। तब दक्षिण अफ्रीका में मुकाबले हुए थे।
नीलामी में 140.3 करोड़ रुपए में 62 खिलाड़ी खरीदे गए
इस बार आईपीएल नीलामी में 62 खिलाड़ी बिके, जिनमें 33 भारतीय और 29 विदेशी हैं। फ्रेंचाइजियों ने इन खिलाड़ियों को खरीदने में 140.3 करोड़ रुपए खर्च किए थे। ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज पैट कमिंस आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे विदेशी खिलाड़ी बने थे। उन्हें कोलकाता ने 15.5 करोड़ रुपए में खरीदा था।



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आईपीएल इस साल 29 मार्च को होना था, लेकिन लॉकडाउन की वजह से पहले इसे 15 अप्रैल तक टाला गया था। लेकिन दूसरे चरण में सरकार ने लॉकडाउन को 3 मई तक बढ़ा दिया। इसके बाद लीग को अगले आदेश तक के लिए टाल दिया गया था। (फाइल)




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वर्ल्ड नंबर 1 जोकोविच का खुलासा- 2010 में फ्रेंच ओपन से बाहर होने पर खूब रोया, फेडरर-नडाल से हारने के कारण संन्यास लेना चाहता था

दुनिया के नंबर-1 टेनिस खिलाड़ी सर्बिया के नोवाक जोकोविच ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया है 2010 में रोजर फेडरर और राफेल नडाल जैसे दिग्गजों की चुनौती से पार नहीं पाने के कारण टूट गया था। जोकोविच के मुताबिक, वे इतने मायूस हो गए थे कि संन्यास लेने तक कामन बना लिया था।
32 साल के जोकोविच ने कहा 2008 में मैंने अपना पहला ग्रैंड स्लैम खिताब ऑस्ट्रेलियन ओपन के रूप में जीता था। तब में वर्ल्ड नंबर तीन था। लेकिन 2 साल बाद ही मेरा बुरा दौर शुरू हो गया। 2010 के फ्रेंच ओपन के क्वार्टर फाइनल में 2 सेट की बढ़त लेने के बावजूद ऑस्ट्रिया के जर्गन मेल्जर के हाथों हार गया।इस हार को पचा पाना मेरे लिए भावनात्मक रूप से मुश्किल था। इस हार के बाद मैं बहुत रोया। यह मेरे लिए खराब पल था। मुझे हर तरफ अंधेरा नजर आ रहा था।

2008 में ऑस्ट्रेलियन ओपन जीतने के बाद भी खुश नहीं था: जोकोविच

जोकोविच ने कहा कि 2008 में ऑस्ट्रेलियन ओपन जीतने के बाद भीमैं खुश नहीं था। मुझे लगता था कि और बेहतर कर सकता हूं। लेकिन मैं फेडरर और नडाल के खिलाफ कई अहम मैच हार गया और मेल्जर से मिली शिकस्त मेरे लिए टर्निंग पॉइंट साबित हुई।

'2010 में फ्रेंच ओपन हराने के बाद खेल बदला'

सर्बियाई खिलाड़ी के मुताबिक, इस हार की वजह से मुझ पर से दबाव हट गयाऔर मैंआक्रामक टेनिस खेलने लगा। इसका फायदा हुआ और 2011 में मैंने तीन ग्रैंड स्लैम जीते। जोकोविच अब तक17 ग्रैंड स्लैम जीत चुके हैं। जो पुरुष वर्ग में सबसे ज्यादा 20 खिताब जीतने वाले फेडरर से तीन कम है।

दोबारा टेनिस शुरू होने को लेकर उत्सुक

वर्ल्ड नंबर-1नेकहा कि वह दोबारा टेनिस शुरू होने को लेकर उत्सुक हैं। आधिकारिक तौर पर 13 जुलाई को सीजन शुरू होने की बात हो रही है। लेकिन हालात ऐसे नहीं दिख रहे कि टेनिस उस समय भी शुरू हो। जोकोविच के लिए यह साल शानदार रहा है। मार्च के मध्य में जब कोविड-19 की वजह से टेनिस रूका तब वे लगातार 18 मैच जीत चुके थे। इसमें रिकॉर्ड 8वीं बार ऑस्ट्रेलियन ओपन का खिताब भी शामिल है।



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नोवाक जोकोविच अब तक 17 ग्रैड स्लैम जीत चुके हैं। इस मामले में रोजर फेडरर बीस खिताब के साथ पहले स्थान पर हैं। (फाइल)




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टीम इंडिया ने 3 साल में पहली बार गंवाया टेस्ट में पहला स्थान, तीसरे नंबर पर फिसली; ऑस्ट्रेलिया टेस्ट और टी-20 दोनों में टॉप पर

इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने शुक्रवार को ताजा वर्ल्ड रैंकिंग जारी की है। भारतीय टीम ने अक्टूबर 2016 के बाद पहली बार टेस्ट रैंकिंग में नंबर-1 का स्थान गंवाया है। टीम अब 114 रेटिंग पॉइंटके साथ तीसरे स्थान पर पहुंच गई है। भारत अब ऑस्ट्रेलिया से 2 और न्यूजीलैंड से 1 अंक पीछे है। हालांकि, भारतीय टीम आईसीसी टेस्ट चैम्पियनशिपमें अब भी 360 पॉइंट के साथ शीर्ष पर बरकरार है। वहीं, ऑस्ट्रेलिया ने टी-20 में भी पहले स्थान पर कब्जा जमा लिया है। भारतीय टीम यहां भी तीसरे स्थान पर है।

आईसीसी ने कहा कि भारतीय टीम ने 2016-17 में रिकॉर्ड 12 टेस्ट में जीत दर्ज की थी और सिर्फ एक मुकाबला हारा था। विराट कोहली की कप्तानी में टीम ने इस दौरान ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के खिलाफ सभी 5 टेस्ट सीरीज जीती थीं। इसी दौरान ऑस्ट्रेलिया ने दक्षिण अफ्रीका और भारत से सीरीज गंवाई थी। आईसीसी ने नए चार्ट में 2016-17 के रिकॉर्ड हटा दिए हैं, इस कारण रैंकिंग में ज्यादा बदलाव देखने को मिले।मई 2019 से अब तक के सभी 100 प्रतिशत और पिछले 2 साल के आधे टेस्ट को काउंट किया है।

नंबर देश टेस्ट रेटिंग
1 ऑस्ट्रेलिया 116
2 न्यूजीलैंड 115
3 भारत 114
4 इंग्लैंड 105
5 श्रीलंका 91
6 दक्षिण अफ्रीका 90
7 पाकिस्तान 86
8 वेस्टइंडीज 79
9 अफगानिस्तान 57
10 बांग्लादेश 55

वनडे में भारतीय टीम दूसरे और इंग्लैंड टॉप पर

ऑस्ट्रेलिया टेस्ट और टी-20 रैंकिंग में भी टॉप पर पहुंच गई है। यह पहला मौका है, जब ऑस्ट्रेलिया टी-20 रैंकिंग में टॉप पर पहुंचीहै, जबकि इंग्लैंड टीम वनडे में 127 पॉइंट के साथ टॉप पर बनी हुई है। वहीं, भारतीय वनडे टीम 119 रेटिंग के साथ दूसरे नंबर पर है। ऑस्ट्रेलिया टीम एकदिवसीय रैंकिंग में 5वें नबंर पर है। टीम के 107 अंक हैं।

नंबर देश टी-20 रेंटिंंग
1 ऑस्ट्रेलिया 278
2 इंग्लैंड 268
3 भारत 266
4 पाकिस्तान 260
5 दक्षिण अफ्रीका 258
6 न्यूजीलैंंड 242
7 श्रीलंका 230
8 बांग्लादेश 229
9 वेस्टइंडीज 229
10 अफगानिस्तान 228
नंबर देश वनडे रेटिंग
1 इंग्लैंड 127
2 भारत 119
3 न्यूजीलैंड 116
4 दक्षिण अफ्रीका 108
5 ऑस्ट्रेलिया 107
6 पाकिस्तान 102
7 बांग्लादेश 88
8 श्रीलंका 85
9 वेस्टइंडीज 76
10 अफगानिस्तान 55

टेस्ट चैम्पियनशिप में भारत नंबर-1
आईसीसी की टेस्ट चैम्पियनशिप में भारतीय टीम 360 पॉइंट के साथ टॉप पर काबिज है। इस चैम्पियनशिप में भारत ने अब तक 9 में से 7 मुकाबले जीते हैं। जबकि 2 में टीम को हार का सामना करना पड़ा। वहीं, ऑस्ट्रेलिया 296 अंक के साथ दूसरे नंबर पर है। इस चैम्पियनशिप में 9 टीमें हिस्सा ले रही हैं, जिसमें सभी टीमें छह टेस्ट सीरीज खेलेंगी और इसके बाद प्वॉइंट टेबल के आधार पर टॉप-2 टीमों के बीच लॉर्ड्स के मैदान पर फाइनल टेस्ट मैच खेला जाएगा।

चैम्पियनशिप की टॉप-5 टीमें

टीम मैच जीते हारे ड्रॉ पॉइंंट
भारत 9 7 2 0 360
ऑस्ट्रेलिया 10 7 2 1 296
न्यूजीलैंड 7 3 4 0 180
इंग्लैंंड 9 5 3 1 146
पाकिस्तान 5 2 2 1 140

टी-20 रैंकिंग में पहली बार ऑस्ट्रेलिया नंबर-1

टी-20 रैंकिंग में पाकिस्तान पहले पायदान से फिसल गया है। अब ऑस्ट्रेलिय़ा इस फॉर्मेट में दुनिया की नंबर-1 टीम है। उसके 278 अंक हैं। 2011 में टी-20 रैंकिंग शुरू होने के बाद यह पहला मौका है, जब ऑस्ट्रेलियाई टीम टॉप पर पहुंचीहै। पाकिस्तान जनवरी 2018 में न्यूजीलैंड को पीछे छोड़ शीर्ष टीम बनी थी। वह 260 अंकों के साथ पिछले 27 महीने से इस स्थान पर काबिज थी। टी-20 रैंकिंग में इंग्लैंड 268 अंकों के साथ दूसरे जबकि भारत 266 अंकों के साथ तीसरे पायदान पर है।



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भारतीय टीम आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में अब भी 360 पॉइंट के साथ शीर्ष पर बरकरार है। -फाइल फोटो




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अमेरिका की पॉइंट पार्क यूनिवर्सिटी की टीम से खेलेंगे भारत के जगशानबीर, 2020-21 सीजन के लिए हुआ करार

अमेरिका के पीटसबर्ग शहर मेंस्थित पॉइंट पार्क यूनिवर्सिटी ने भारतीय बॉस्केटबॉल खिलाड़ी जगशानबीर सिंह के साथ 2020-21 सीजन के लिए करार किया है। पंजाब के रहने वाले जगशानबीर भारत के लिए भी खेल चुके हैं। उन्होंने 2018 में थाईलैंड में खेली गई फीबा अंडर-18 एशियाई चैंपियनशिप में देश का प्रतिनिधित्व किया था।

पॉइंट पार्क यूनिवर्सिटी के मुख्य कोच जोए लेवानदोवस्की ने कहा कि जगशानबीरके यूनिवर्सिटी के साथ जुड़ने से वह खुश हैं। जगशान की लंबाई का उन्हें फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि भारतीय खिलाड़ी में खेल की बेहतर समझ है और वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बास्केटबॉल खेल चुके हैं। ऐसे में टीम के बाकी खिलाड़ियों को भी उनके अनुभव का फायदा मिलेगा।
एनबीए एकेडमी इंडिया के हिस्सा रह चुके हैं जगशानबीर

जगशानबीर सिंह देश में 2017 में शुरू की गई एनबीए एकेडमी में शामिल शुरुआती खिलाड़ियों में से एक हैं। देश में चलाए गए टैलेंट हंट प्रोग्राम के तहतउन्हें एकेडमी में चुना गया था। एनबीए एकेडमी में ट्रेनिंग के बाद उन्होंने कैलिफोर्निया में गोल्डन स्टेट प्रेप में हिस्सा लिया था। वे 2017 में हुए एनबीए एकेडमी गेम्स में भी हिस्सा ले चुके हैं।



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सात फीट लंबे जगशानबीर सिंह 2017 में भारत में शुरू की गई एनबीए एकेडमी के शुरुआती खिलाड़ियों में से एक हैं।




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इंडियन क्रिकेटर्स एसोसिएशन 30 पूर्व खिलाड़ियों की सहायता करेगी, कपिल और गावस्कर मुहिम से जुड़े; अब तक 39 लाख रु. जमा हुए

देशव्यापी लॉकडाउन के बीच इंडियन क्रिकेटर्स एसोसिशन (आईसीए)30 जरूरतमंद क्रिकेटरों को आर्थिक मदद देगी। आईसीए की इस मुहिम से पूर्व कप्तान कपिल देव और सुनील गावस्कर भी जुड़े हैं। आईसीए अध्यक्ष अशोक मल्होत्रा ने बताया कि अब तक संगठन ने जरूरतमंद खिलाड़ियों के लिए 39 लाख रुपए जुटा लिए हैं। आईसीए ने खुद अपने फंड से इसमें 10 लाख रुपए दान दिए हैं।

मल्होत्रा ने कहा- सुनील गावस्कर, कपिल देव, गौतम गंभीर और गुंडप्पा विश्वनाथ जैसे बड़े खिलाड़ी भी हमसे जुड़ गए हैं और हमारी पहल का सपोर्ट कर रहे हैं। इन सभी खिलाड़ियों ने हमारी मदद की है। मोहम्मद अजहरुद्दीन ने भी इस हफ्ते के शुरू में वित्तीय सहयोग का वादा किया है। गुजरात केएक कॉर्पोरेट ग्रुप ने भी मदद की पेशकश की है।
आईसीए 15 मई तक स्वीकार करेगा दान
आईसीए 15 मई तक दान स्वीकार करेगा। इसके बाद हर जोन (उत्तर, पूर्व, पश्चिम, दक्षिण और मध्य) से 5-6 जरूरतमंद क्रिकेटरों को चुना जाएगा और इन्हें आर्थिक मदद दी जाएगी।
आईसीए अध्यक्ष ने बताया कि ऐसे क्रिकेटरों की सहायता की जाएगी, जिनके पास कोई नौकरी नहीं है और न ही कमाई का कोई जरिया। इसके अलावा उन पूर्व क्रिकेटरोंकी भी मदद की जाएगी,जिन्हें बोर्ड या स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन से पेंशन नहीं मिलती।
कई खिलाड़ी पीएम केयर्स फंड में दे चुके हैं दान
कई पूर्व और वर्तमान क्रिकेटर भी कोरोना के लिए बनाए गए पीएम केयर्स फंड और राज्य सरकार के रिलीफ फंड में दान कर चुके हैं। इसमें सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली, रोहित शर्मा, चेतेश्वर पुजारा के अलावा कई और क्रिकेटर शामिल हैं। तेंदुलकर ने 50 लाख रुपए, रोहित ने 80 लाख रुपए दान किया है। इसके अलावा, बीसीसीआई ने भी 50 करोड़ रुपए दिए हैं। वहीं, अन्य खेलों से जुड़े खिलाड़ी भी मदद के लिए आगे आए हैं। बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने 10 लाख रुपए, पहलवान बजरंग पूनिया ने एक महीने की सैलरी पीएम केयर्स फंड में दान की है।



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आईसीए 15 मई तक दान लेगा। इसके बाद अलग-अलग पांच जोन से जरूरतमंद खिलाड़ी चुने जाएंगे, जिन्हें आर्थिक मदद दी जाएगी। (फाइल)




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आईओए अध्यक्ष बोले- भारत 2032 ओलिंपिक गेम्स की मेजबानी हासिल करने की कोशिश करेगा, क्वींसलैंड और शंघाई से चुनौती मिल सकती है

भारतीय ओलिंपिक संघ (आईओए) के अध्यक्ष नरिंदर बत्रा ने कहा कि कोरोनावायरस की वजह से पैदा हुए हालात ठीक होने के बाद भारत 2032 ओलिंपिक खेलों की मेजबानी हासिल करने की कोशिशें तेज कर देगा। आईओए अध्यक्ष ने कहा कि 2010 में कॉमनवेल्थ गेम्स के आयोजन से देश ने काफी सीखा है।

बत्रा ने कहा कि हम हम 2026 के यूथ ओलिंपिक गेम्स और 2032 के ओलिंपिक खेलों की मेजबानी के लिए गंभीर हैं। इस संबंध में भारत ने अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक संघ को चिठ्ठी लिखकर मेजबानी को लेकर अपनी रूचि दिखाई है। हालांकि, भारत के लिए राह आसान नहीं होगी। क्योंकि 2026 के यूथ गेम्स को लेकर उसे थाईलैंड, रूस और कोलंबिया जैसे देशों से कड़ी चुनौती मिलेगी। यह देश भी मेजबानी हासिल करने के लिए पूरा जोर लगा रहे हैं। वहीं, 2032 ओलिंपिक की मेजबानी के लिए क्वींसलैंड (ऑस्ट्रेलिया), शंघाई और सियोलके बीच भी प्रतिस्पर्धा हो
सकती है।

'2032 ओलिंपिक की मेजबानी के लिए भारत की तैयारी जारी'

आईओए अध्यक्ष ने आगे कहा कि 2032 के खेलों के लिए डॉक्युमेंटशन शुरू हो गया था। लेकिन कोविड-19 की वजह से फिलहाल सारा काम बंद है। उन्होंने कहा कि मेजबानी से जुड़ी प्रक्रिया लंबी होती है। इससे जुड़ीटीम अलग-अलग वेन्यू पर जाती है और इंफ्रास्ट्रक्चर, ट्रैवल और सुरक्षाके अलावा गेम्स के सफल आयोजन से जुड़ी दूसरीजानकारी हासिल करती है।इसके बाद वे रिपोर्ट पेश करते हैं। हालांकि, मौजूदा हालात में मुझे दिसंबर तक इससे जुड़ा कोई काम होने की उम्मीद है। वैसे भी यह ऐसा वक्त नहीं है कि सरकार और कॉरपोरेट हाउसेस से ओलिंपिक की दावेदारी को लेकर कुछ बात की जाए। हमारे सामने पहली प्राथमिकता कोरोना से निपटना है।

कॉमनवेल्थ गेम्स की कामयाबी से भारत का दावा मजबूत: बत्रा

दिल्ली में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी के दौरान भ्रष्टाचार और हाल में ही 2021 विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप की मेजबानी छिनने से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि मुझे बॉक्सिंग विवाद के बारे में तो नहीं पता। हां, लेकिन 2010 में कॉमनवेल्थ गेम्स का सफल आयोजन करके भारत ने यह दिखाया था कि वे ओलिंपिक जैसे बड़े खेलों की मेजबानी करने में भी सक्षम है।



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आईओए अध्यक्ष नरिंदर बत्रा ने कहा- हमने 2032 ओलिंपिक की मेजबानी की तैयारी शुरू कर दी है। लेकिन कोरोनावायरस की वजह से काम रोकना पड़ा। दिसंबर तक का इंतजार करना पड़ेगा। (फाइल)




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स्पोर्ट्स सेक्टर को 90 हजार करोड़ रु. के नुकसान का अनुमान; बिना दर्शकों के बेसबॉल लीग होने पर भी रोज 15 हजार करोड़ रु. की कमाई कम होगी

कोरोनावायरस की वजह से अमेरिका के स्पोर्ट्स सेक्टर को बड़ा नुकसान होने की आशंका है। ईएसपीएन की रिपोर्ट के मुताबिक, शटडाउन के कारण देश के 100 बिलियन डॉलर( 7 लाख 54 हजार करोड़) वाले स्पोर्ट्स सेक्टर को करीब 12 बिलियन डॉलर ( 90 हजार 491 करोड़) का नुकसान होगा। वहीं,बिना दर्शकों के बेसबॉल लीग होने पर रोज 15 हजार करोड़ रु. की कमाई कम होगी।

वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी में स्पोर्ट्स बिजनेस प्रोग्राम डायरेक्टर पैट्रिक रिशे ने यह रिपोर्ट बनाई है।इसमें उन्होंने शटडाउन की वजह से देश के मेजर स्पोर्ट्स और कॉलेज लीग को होने वाले नुकसान का अध्ययन किया है। स्टडी के मुताबिक, लॉकडाउन की वजह से यूएस प्रो स्पोर्ट्स को करीब 5.5 बिलियन डॉलर( 41 हजार 250 करोड़) जबकि कॉलेज से जुड़ी स्पोर्ट्स लीगको 3.9 बिलियन डॉलर (29 हजार 250 करोड़) केराजस्व का नुकसान होगा।

एनएफएल रद्द से नुकसान और बढ़ जाएगा

नेशनल फुटबॉल लीग यानी एनएफएल के रद्द होने पर यह नुकसान और बढ़ जाएगा। इसमें बड़े खिलाड़ियों को दी जाने वाली सैलरी के अलावा स्टेडियम में काम करने वाले कर्मचारियों की तनख्वाह भी शामिल है। हालांकि, रिपोर्ट में नुकसान का आकलन कम किया गया है,क्योंकि इसमेंगैम्बलिंग (जुआ), आउटडोर स्पोर्ट्स, गोल्फ, टेनिस और नैसकार जैसीऑटो रेसिंग इवेंट के रद्द या टलने से होनेवाले आर्थिक नुकसानको नहीं जोड़ा गया है।

प्रो स्पोर्ट्स लीग में दर्शकों से होने वाली 24 हजार करोड़ की कमाई नहीं होगी
लॉकडाउन की वजह से पूरे अमेरिका में खेल गतिविधियां ठप हैं। ऐसे में टिकटों से होने वाली कमाई पर भी असर पड़ा है। अकेलेप्रो स्पोर्ट्स लीग में दर्शकों द्वारा टिकटों और बाकी चीजों पर खर्च की जाने वाली करीब 3.25 बिलियन डॉलर( 24 हजार 375 करोड़) की राशि का नुकसान होगा। इसके अलावा, टेलीविजन राइट्स के जरिए होने वाली 2.2 बिलियन डॉलर(16 हजार 500 करोड़ रुपए) की कमाई भी नहीं होगी।

बिना दर्शकों के बेसबॉल लीग होने पर भी बड़ा नुकसान

नेशनल फुटबॉल लीग के रद्द होने से टीवी राइट से होने वाली 11.5 बिलियन डॉलर(86 हजार 250 करोड़ रुपए) की कमाई भी नहीं होगी।अगर मेजर लीग बेसबॉल का आधा सीजन बिना दर्शकों के भी खेला जाता है तो भी मैच के दौरान एक दिन में दर्शकों द्वारा खर्च की जाने वाली 2 बिलियन डॉलर (15 हजार करोड़ रुपए) की राशि का नुकसान होगा।

30 लाख नौकरियों पर भी संकट

अमेरिका में करीब 30 लाख नौकरियां स्पोर्ट्स सेक्टर से जुड़ी हैं। इसमें ट्रेनर, गार्ड, स्काउट शामिल हैं। शट़डाउन बढ़ने का इस पर भी असर पड़ेगा।रिशे ने कहा कि बतौर इकोनॉमिस्ट हम कुछ नहीं कर सकते। जिस तरह का नुकसान कोरोना की वजह से हुआ है, वो हैरान करने वाला है। क्योंकि आज से पहले हमने ऐसा कुछ नहीं देखा।

मेजर सॉकर लीग के खिलाड़ियों की ट्रेनिंग बुधवार से शुरू होगी

इधर, मेजर लीग सॉकर को लेकर अच्छी खबर आई है। लीग में शामिल खिलाड़ी अगले हफ्ते बुधवार से प्रैक्टिस शुरू कर सकेंगे। हालांकि, इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का नियमों का पालन करना होगा। मैदान को चार अलग-अलग हिस्सों में बांटा जाएगा। हर खिलाड़ी अपने जोन में हीरहेगा। इससे पहले एनबीए ने भी खिलाड़ियों को व्यक्तिगत ट्रेनिंग की मंजूरी दी है।



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अमेरिका में धीरे-धीरे लॉकडाउन में रियायत दी जा रही है। अगले हफ्ते शुक्रवार से एनबीए के खिलाड़ी ट्रेनिंग शुरू कर सकेंगे। वहीं, मेजर सॉकर लीग में भी खिलाड़ी बुधवार से अभ्यास शुरू करेंगे। (फाइल)




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10 हजार की आबादी वाले जर्मनी के गांव में टेनिस टूर्नामेंट शुरू, 8 खिलाड़ी उतरे

कोई दर्शक नहीं, कोई लाइन जज नहीं, कोई बॉल किड्स नहीं। यह नजारा दिखा जर्मनी में शुरू हुए टेनिस पॉइंट एग्जिबीशन इवेंट में। 10 हजार की आबादी वाले गांव होर-ग्रेनजॉसेन में हो रहे टूर्नामेंट में 8 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। 12 दिन का इवेंट 3 सेशन में होगा। पहला सेशन 1 मई से शुरू हुआ, यह 4 को खत्म होगा। दूसरा 7-10 और तीसरा 14-17। यह पहली बार है, जब मार्च में टेनिस बंद होने के बाद प्रोफेशनल खिलाड़ी कोर्ट पर उतरे।

इस टूर्नामेंट में डस्टिन ब्राउन, हाफमैन, हाएरटेस, चोइन्स्की, बेंजामिन हसन, कोन्स्टाटिन शमिट्ज, जीन-मार्क वर्नर, फ्लोरियन ब्रोस्का जैसे दिग्गज खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। टूर्नामेंट के दौरान मैदान पर सिर्फ 3 लोग, दो खिलाड़ी और अंपायर ही होंगे।

सुरक्षा के उपाय

  • खिलाड़ी अलग-अलग दरवाजे से आते-जाते हैं, एक दूसरे से दूर बैठते हैं, नेट क्रॉस नहीं करते
  • खाने-पीने का सामान पहले से पैक कर दे दिया जाता है, खिलाड़ी अकेले बैठकर खाते हैं
  • खिलाड़ियों को सामान रखने के लिए दोxदो की जगह दी गई है

फुटबॉल क्लब कोलोन का ट्रेनिंग कैंप जारी रहेगा

जर्मन फुटबॉल लीग बुंदेसलीगा के इस महीने फिर से शुरू करने की उम्मीद को झटका लगा है। कोलोन क्लब के तीन लोग कोरोना टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए हैं। तीनों को 14 दिन के लिए क्वारेंटाइन किया गया है। टीम के सभी सदस्यों का टेस्ट कराया गया था। हालांकि क्लब का ट्रेनिंग कैंप जारी रहेगा।

इंग्लैंड की टीम जनवरी में श्रीलंका आएगी
श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड के सीईओ एश्ले डी सिल्वा ने कहा कि इंग्लैंड की टीम जनवरी में दौरे पर आएगी। काेरोनावायरस के कारण इंग्लिश टीम मार्च में होने वाली दो मैचाें की टेस्ट सीरीज बीच में ही छोड़कर स्वदेश वापस लौट गई थी। सिल्वा ने कहा कि हम कार्यक्रम को फिर से बना रहे हैं। तारीख तय नहीं है।



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इस टूर्नामेंट में डस्टिन ब्राउन, हाफमैन, हाएरटेस, चोइन्स्की, बेंजामिन हसन, कोन्स्टाटिन शमिट्ज, जीन-मार्क वर्नर, फ्लोरियन ब्रोस्का जैसे दिग्गज खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं।




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वनडे में 3 दोहरे शतक लगा चुके रोहित ने कहा- मेरे पास टी-20 में 200 रन बनाने का अच्छा मौका था

भारतीय ओपनर रोहित शर्मा लॉकडाउन के दौरान घर की बालकनी में ही फिटनेस प्रैक्टिस कर रहे हैं। खाली समय में उन्होंने अपनी आईपीएल टीम मुंबई इंडियंस के फैन्स से लाइव चैटिंग भी की। इस दौरान एक सवाल के जवाब में रोहित ने कहा कि उनके पास इंदौर टी-20 में 200 रन बनाने का शानदार मौका था। यह मैच श्रीलंका के खिलाफ 2017 में खेला गया था। इससे पहले रोहित वनडे में तीन बार दोहरा शतक लगा चुके हैं। ऐसा करने वाले वे दुनिया के एकमात्र खिलाड़ी हैं।

रोहित से चैटिंग का वीडियो फ्रेंचाइजी ने खुद शेयर किया है। इसमें एक फैन ने रोहित से इंदौर टी-20 का जिक्र किया था। इसके जवाब में रोहित ने कहा, ‘‘उस मैच में मेरे पास 200 रन बनाने का शानदार मौका था। जिस वक्त में आउट हुआ, तब 9 ओवर और बचे हुए थे। कोई बात नहीं, मैच मैंने 35 गेंद पर 100 रन बनाए थे, यह मैं हमेशा याद रखूंगा।’’ इस मैच में रोहित ने लोकेश राहुल के साथ 165 रन की साझेदारी भी की थी।

रोहित ने वनडे में तीन दोहरे शतक लगाए
कोरोनावायरस (कोविड-19) और लॉकडाउन के कारण आईपीएल को अनिश्चितकाल के लिए टाल दिया गया है। रोहित मुंबई इंडियंस के कप्तान हैं। उन्होंने टीम को तीन बार खिताब जिताया है। रोहित ने वनडे में 2014 में श्रीलंका के खिलाफ कोलकाता में 264 रन की पारी खेली थी। 2013 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 209 और 2017 में श्रीलंका के खिलाफ मोहाली में नाबाद 208 रन बनाए थे। उन्होंने 32 टेस्ट में 2141, 224 वनडे में 9115 और 108 टी-20 में 2773 रन बनाए हैं। आईपीएल के 188 मैच में रोहित के नाम 4898 रन हैं।

‘बल्लेबाजी को मिस कर रहा हूं’
वहीं, रोहित ने स्टार स्पोटर्स के शो क्रिकेट कनेक्टेड में ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज ब्रेट ली से फिटनेश को लेकर बात की। उन्होंने कहा, ‘‘उम्मीद है कि जिम जल्द ही खुल जाएं, जिससे मैं फिटनेस प्रैक्टिस कर सकूं। मैं बल्लेबाजी को बहुत मिस कर रहा हूं। काश मेरे पास भी क्रिकेट खेलने के लिए इंडोर जगह होती, लेकिन मुंबई में ऐसा होना मुश्किल है। हम आपकी तरह खुशनसीब नहीं हैं, जिनके पास खेलने के लिए खुद का बैकयार्ड होता है।’’



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रोहित शर्मा ने 32 टेस्ट में 2141, 224 वनडे में 9115 और 108 टी-20 में 2773 रन बनाए हैं। आईपीएल के 188 मैच में रोहित के नाम 4898 रन हैं। -फाइल फोटो




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आइसलैंड के जॉर्नसन ने 501 किलो वजन उठाकर डेडलिफ्ट का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया, 2 साल पहले स्ट्रॉन्गेस्ट मैन का अवॉर्ड जीते थे

आइसलैंड के पावरलिफ्टर हेफथॉर जॉर्नसन ने डेडलिफ्ट का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने गृहनगर में अपने थॉर पावर जिम में 501 किग्रा वजन उठाकर पिछला रिकॉर्ड तोड़ा। इससे पहले, ब्रिटेन के एडी हाल ने 2016 में 500 किग्रा वजन उठाया था।

31 साल के जॉर्नसन एचबीओ पर टेलीकास्ट होने वाली वेब सीरीज गेम ऑफ थ्रोन्स में ग्रेगर ‘द माउंटेन’ क्लेगन की भूमिका निभा चुके हैं। 6 फीट 9 इंच लंबे जॉर्नसन ने 501 किग्रा वजनी बारबेल को कमर तक उठाया और फिर उसे दो सेकंड तक पकड़े रहे। फिर जमीन पर रखा। जॉर्नसन 2018 में वर्ल्ड स्ट्रॉन्गेस्ट मैन का अवॉर्ड जीत चुके हैं। जॉर्नसन ने कहा कि कई लोगों को लगता था कि मैं ऐसा नहीं कर सकूंगा, लेकिन मैंने करके दिखा दिया। यह मेरी जिंदगी के अहम दिनाें में से एक है



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हेफथॉर जॉर्नसन ने कहा कि कई लोगों को लगता था कि मैं ऐसा नहीं कर सकूंगा, लेकिन मैंने करके दिखा दिया। यह मेरी जिंदगी के सबसे अहम दिनों में से एक।




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6 टीमों का ऑनलाइन नेशंस कप कल से, 10 मई को फाइनल; विश्वनाथन आनंद भी भारत के लिए खेलेंगे

कोरोनावायरसके बीच अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ (फिडे) और चेस.कॉमऑनलाइन नेशंस कप कराने जा रहा है। यह टूर्नामेंट मंगलवार से शुरू होगा और फाइनल10 मई को खेला जाएगा। इसमें भारत, रूस, अमेरिका, चीन, यूरोप और रेस्ट ऑफ द वर्ल्ड (बाकी दुनिया) की टीम शामिल होगी। इनके बीच 9 मई तक राउंड रॉबिन में मुकाबले खेले जाएंगे। इसके बाद टॉप-2 टीमों के बीच 10 मई को फाइनल होगा। इस टूर्नामेंट में भारत के लिए 5 बार के वर्ल्ड चेस चैम्पियनविश्वनाथन आनंद भी खेलेंगे।

कोरोना महामारी के कारण जून-जुलाई तक के लगभग सभी खेल टूर्नामेंट टाले या रद्द किए जा चुके हैं। खेल के सबसे बड़े इवेंट टोक्यो ओलिंपिक को भी एक साल के लिए टाल दिया गया है। वहीं, क्रिकेट टूर्नामेंट इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) भी अनिश्चितकाल के लिए स्थगितकिया गया है। ऐसे में यह ऑनलाइन टूर्नामेंट खेल प्रशंसकों के लिए एक अच्छी खबर की तरह है।

व्लादिमीर क्रेमनिक होंगे भारत के कप्तान

इस टूर्नामेंट की इनाम राशि 1 लाख 80 हजार डॉलर (करीब 1.38 करोड़ रुपए) है। संन्यास ले चुके दिग्गज गैरी कास्पारोव और व्लादिमीर क्रेमनिक भी इस टूर्नामेंट में शामिल होंगे। जो क्रमशः यूरोप और भारतीय टीम के कप्तान होंगे। इन सभी टीमों में दुनियाभर के दिग्गज खिलाड़ी शामिल होंगे,जबकि मौजूदा वर्ल्ड चैम्पियनमैग्नस कार्ल्सन इस टूर्नामेंट में नहीं खेल सकेंगे।

हर टीम में एक महिला खिलाड़ी होना जरूरी

सभी 6 टीमों में कप्तान समेत 7-7 खिलाड़ी होंगे, जिनमें एक महिला का होना जरूरी है। भारत की ओर से कप्तान व्लादिमीर के अलावा विश्वनाथन आनंद, विदित गुजराती, पेंतला हरिकृष्णा, कोनेरू हम्पी, अधिबन भास्करन और हरिका द्रोणावल्ली टीम में शामिल हैं। हर टीम से सिर्फ चार खिलाड़ी (तीन पुरुष और एक महिला) ही मुकाबले में खेलेंगे। इन खिलाड़ियों का चयन कप्तान ही करेगा। बाकी रिजर्व में रहेंगे।

हर चाल के लिए खिलाड़ी को 25 मिनट मिलेंगे
खेल में हर चाल के बाद खिलाड़ी को 25 मिनट और एक्स्ट्रा टाइम के तौर पर 10 सेकंड दिए जाएंगे। राउंड रॉबिन के बाद टॉप-2 टीमों के बीच फाइनल होगा। यह 10 राउंड तक चलेगा। फाइनल टाई होने की स्थिति में उस टीम को विजेता घोषित किया जाएगा, जिसने राउंड रॉबिन में सबसे पहले क्वालिफाई किया था। सभी मैच 4 बोर्ड पर खेले जाएंगे और हर दिन दो राउंड में मुकाबले होंगे।

मुकाबलों के दौरान कड़ी निगरानी होगी

मुकाबलों के दौरान अनुचित तरीकों का तो इस्तेमाल नहीं हो रहा, इसे देखने के लिए खिलाड़ीवीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़ेगा। साथ ही चेस.कॉम और फिडे के द्वारा सीसीटीवी, डेस्क स्कैन, रूम स्कैन, स्क्रीन शेयर, मॉनिटर चेक समेत अन्य प्रकार से निगरानी रखी जाएगी।



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6 nations online nations cup from tomorrow, final on 10 may; Vishwanathan Anand will also play for India




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खेल मंत्री रिजिजू ने कहा- मुक्केबाजों के दम पर भारत 2024 ओलिंपिक में टॉप-10 में आ सकता है

खेल मंत्री किरन रिजिजू ने रविवार को कहा कि मुक्केबाजों के दम पर भारत ओलिंपिक में टॉप-10 में आ सकता है। उन्होंने मुक्केबाजों के साथ वीडियो चैट के दौरान यह बात कही। रिजिजू ने कहा कि 2024 ओलिंपिक में देश को शीर्ष 10 में लाने में मुक्केबाजों की भूमिका अहम हो सकती है।
इस ऑनलाइन सेशन में ओलिंपिक के लिए क्वालिफाई कर चुकीं एमसी मैरीकॉम, अमित पंघल, पूजा रानी, सिमरनजीत कौर, लवलीना समेत 160 बॉक्सर और कोचों ने हिस्सा लिया। हाई परफॉरमेंस डायरेक्टर सांतियागो निएवा भी इस ऑनलाइन सेशन में शामिल हुए थे।

खेल मंत्रालय ने मिशन 2024 में बॉक्सिंग को शामिल किया
खेल मंत्रालय ने भी ओलिंपिक मिशन 2024 और 2028 को लेकर टॉप-15 खेलों की लिस्ट तैयार की है। इसमें बॉक्सिंग को भी शामिल किया गया है। रिजिजू ने कहा कि भारत को स्पोर्टिंग पावर हाउस बनाने में बॉक्सरमहत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि ओलिंपिक के बॉक्सिंग इवेंट में पुरूषों और महिलाओं को मिलाकर 13 वेट कैटेगरी हैं।
इसमें भारत को मेडल की उम्मीद है।
जून के पहले हफ्ते से खिलाड़ीदोबारा अभ्यासकर सकेंगे
खेल मंत्री ने कहा कि बहुत जल्द ही भारतीय बॉक्सर अपना ट्रेनिंग प्रोग्राम दोबारा शुरू कर पाएंगे। इसके लिए कोशिशें जारी है। सबसे पहले वह एथलीट्स अपनीट्रेनिंग शुरू कर पाएंगे, जो ओलिंपिक के लिए क्वालिफाई कर चुके हैं। इसके अलावा उन खिलाड़ियों को भी ट्रेनिंग का मौका दिया जाएगा, जिन्हें ओलिंपिक क्वालिफाइंग इवेंट में हिस्सा लेना है।
9 मुक्केबाज टोक्यो ओलिंपिक के लिए क्वालिफाई कर चुके
भारत के 9 बॉक्सर टोक्यो ओलिंपिक के लिए क्वालिफाई कर चुके हैं। इसमें 5 पुरूष और 4 महिला मुक्केबाज हैं। ओलिंपिक में पुरुष मुक्केबाजों के लिए 8 वेट कैटेगरी है, जबकि महिला वर्ग में मुक्केबाज पांच अलग-अलग वेट कैटेगरी में जोर आजमाइश करेंगी।



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खेल मंत्रालय ने ओलिंपिक मिशन 2024 और 2028 को लेकर टॉप-15 खेलों की लिस्ट तैयार की है। इसमें बॉक्सिंग को भी शामिल किया गया है। (फाइल)




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गंभीर ने कहा- रोहित वनडे और टी-20 में कोहली से ज्यादा असरदार, लेकिन रन बनाने के मामले में आगे रहेंगे विराट

पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर का कहना है कि रोहित शर्मा वनडे और टी-20 में विराट कोहली से ज्यादा असरदार हैं। लेकिन रन बनाने के मामले में विराट उनसे आगे रहेंगे। गंभीर ने एक टीवी चैनल से यह बात कही।
गंभीर ने कहा कि मुझे लगता है कि रोहितवनडे और टी-20 दोनों फॉर्मेट में अभी दुनिया के सबसे अच्छे बल्लेबाज हैं। लेकिनवह सर्वकालिक महान क्रिकेटर नहीं है।उन्होंने वनडे में तीन दोहरे शतक लगाने के अलावा एक ही वर्ल्ड कप में पांच शतकीय पारी खेली हैं।

रोहित ज्यादा प्रभावशाली: गंभीर
गंभीर ने आगे कहा कि विराट और रोहित की तुलना करना ठीक नहीं है। विराट भी सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज हैं। उनके आंकड़े यह साबित करने के लिए काफी हैं।रोहित की बात करते हुए उन्होंने कहा कि बतौर खिलाड़ी जब आप लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो लोगों की उम्मीदें बढ़ जाती हैं। ऐसे मेंजब आप किसी मैच में 100 से ज्यादा रन बनाते हैं, तो लोगों को लगता है कि आप दोहरा शतक ही बनाओगे। लेकिन आउट होने पर लोगकहते हैं कि आप दोहरा बनाने से चूक गए।

कोहली रन बनाने के मामले में रोहित से आगे

रोहित ने अब तक 224 वनडे मैचों में 49.27 की औसत से 9115 रन बनाए हैं। उनके नाम 29 शतक और 43 अर्धशतक हैं। टी-20 में रोहित ने 108 मैचों में 138.78 के स्ट्राइक रेट से 2273 रन बनाए हैं।

वहीं, विराट कोहली ने 248 वनडे में 59.33 की औसत से 11867 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट भी 93 से ज्यादा रहा है। कोहली वनडे में 43 शतक और 58 अर्धशतक लगा चुके हैं। टी-20 फॉर्मेट में भी वे 2794 रन बना चुके हैं। इसमें उनका स्ट्राइक रेट 138 से कुछ ज्यादा है।



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विराट कोहली रन बनाने के मामले में वनडे और टी-20 दोनों फॉर्मेट में रोहित शर्मा से आगे हैं। (फाइल)




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सुरेश रैना बोले- 2011 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम के दूसरे कोच जैसे थे सचिन, मैं उन्हें लियोनल मैसी की तरह मानता हूं

टीम इंडिया के पूर्व मिडल ऑर्डर बल्लेबाज सुरेश रैना ने विराट कोहली और सचिन तेंडुलकर को महान बल्लेबाज बताया। एक इंटरव्यू में रैना ने कहा- 2011 में वनडे वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम में सचिन की भूमिका दूसरे कोच की तरह थी। कोहली पर रैना ने कहा- वो गजब के बैट्समैन हैं। उनमें हर मैच जीतने का जुनून है।
बता दें कि 2011 में विश्व कप जीतने वाली टीम के मुख्य कोच साउथ अफ्रीका के पूर्व ओपनर गैरी कर्स्टन थे।

विराट-सचिन की तुलना
‘गल्फ टाइम्स’ में रैना का इंटव्यू पब्लिश हुआ है। इसमें उनसे विराट और सचिन की तुलना पर सवाल पूछा गया। इस पर रैना ने कहा, “सचिन और विराट दोनों महान बल्लेबाज हैं। दोनों ने कई शतक लगाए। विराट हर मैच जीतना चाहते हैं। सचिन बहुत शांत स्वभाव के हैं। सचिन की वजह से ही हम 2011 वर्ल्ड कप जीत सके। उन्होंने टीम के हर खिलाड़ी को यह यकीन दिलाया कि हम विश्व कप विजेता बन सकते हैं। वो टीम के दूसरे कोच की तरह थे।”

विराट भी लाजवाब
टीम इंडिया के वर्तमान कप्तान विराट कोहली पर भी रैना ने खुलकर बात की। कहा, “फॉर्मेट कोई भी हो। विराट लाजवाब हैं। इतना ही नहीं वो बहुत शानदार कप्तान भी हैं। उनका फिटनेस लेवल गजब का है और ये एक मिसाल है। मेरी ये खुशकिस्मती है कि मैं इन दोनों महान बल्लेबाजों के साथ खेल पाया।”

सचिन लियोनल मैसी जैसे
एक सवाल के जवाब में सुरेश ने कहा, “मैं सचिन की तुलना लियोनल मैसी से करना चाहूंगा। मैं एफसी बार्सिलोना के स्टार फुटबॉलर मैसी का बहुत बड़ा फैन हूं। सचिन और मैसी जमीन से जुड़ी हस्तियां हैं। दोनों अपने साथियों का बहुत दिल से ध्यान रखते हैं। खेलों में आपका मिलनसार और मददगार होना बहुत जरूरी है। हो सकता है कोई दुनिया का नंबर एक खिलाड़ी हो। लेकिन, उसे सभी का आदर करना चाहिए। इसी वजह से वो याद किया जाएगा।”



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2011 वर्ल्ड कप ट्रॉफी के साथ टीम इंडिया। सुरेश रैना के मुताबिक, सचिन तेंडुलकर इस टीम में सेकंड कोच की तरह थ। टीम के कोच पूर्व साउथ अफ्रीकी ओपनर गैरी कर्स्टन थे। (फाइल)




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कोरोना के बाद विदेशी कोच को लाना बड़ी चुनौती, पूर्व भारतीय इंटरनेशनल मेडलिस्ट को कोचिंग के लिए तैयार करें: सिंधु

वर्ल्ड चैम्पियन भारतीय बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु ने विदेश कोचों को लेकर चिंता जाहिर की है। रियो ओलिंपिक में पदक विजेता ने कहा कि कोरोनावायरस (कोविड-19) के बाद विदेशी कोचों को लाना काफी मुश्किल होगा। यह हमारे लिए बड़ी चुनौती होगी, इसलिए हमें इसकी तैयारी पहले ही करनी चाहिए। सिंधु ने सोमवार को ऑनलाइन प्लेटफार्म वेबिनार परस्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) के नए असिस्टेंट डायरेक्टर से बात की। उन्होंने कहा कि भारत के कई खिलाड़ियों ने इंटरनेशनल मेडल जीते हैं। उन्हें कोचिंग के लिए तैयार करना चाहिए।

सिंधु ने युवा अधिकारियों से कहा कि उन्हें प्रत्येक खिलाड़ी की रिपोर्ट बनानी चाहिए। सभी प्लेयर्स और उनके पैरेंट्स के साथ संपर्क बनाकर रखें और बातचीत करते रहना चाहिए। युवा अधिकारियों के लिए जरूरी है कि खिलाड़ियों और उनके पैरेंट्स से फीडबैक को लेकर योजना तैयार करना चाहिए।

सिंधु ने कहा, ‘‘कोरोना महामारी के बाद विदेशी कोच भारत आने में रूचि नहीं लेंगे। ऐसे में इस चुनौती से निपटने के लिए हमें तैयार रहना चाहिए। अपने देश में कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हैं, जिन्होंने देश के लिए मेडल जीता है। हमें उनके अनुभव का फायदा उठाना चाहिए। इन खिलाड़ियों को कोचिंग के लिए मौका देना जाना चाहिए और उन्हें प्रेरित करना चाहिए।’’

परिवार और अधिकारी मिलकर काम करेंगे, तभी चैम्पियन पैदा होंगे
सिंधु ने कोच, परिवार और खेल अधिकारियों के महत्व को भी बताया। उन्होंने कहा, ‘‘तीनों को मिलकर काम करना होगा, तभी देश को चैम्पियन खिलाड़ी दे सकते हैं। कोचों को पैरेंट्स से बातचीत कर उन्हें जागरूक करना चाहिए। पैरंट्स को खिलाड़ियों के डाइट और प्रैक्टिस के बारे में बताना चाहिए।’’

ओलिंपिक मेडल जीतने में पैरंट्स ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
बैडमिंटर स्टार ने अपनी जीवन यात्रा का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘रियो ओलिंपिक से पहले 2015 में वह चोटिल हो गई थीं। ऐसे में उनकी मां नौकरी छोड़कर उनके साथ ही रहने लगी। उनके पिता ने 2 साल की छुट्‌टी लेकर चोट से उभरने में उनकी सहायता की। तब जाकर वे रियो ओलिंपिक में देश के लिए सिल्वर मेडल जीतने में सफल हुईं।’’ सिंधु ने कहा कि युवा खिलाड़ियों को अपनी ट्रेनिंग और उम्र को लेकर ज्यादा सजग रहना चाहिए। खिलाड़ियों को उम्र की धोखाधड़ी से भी बचना चाहिए।



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भारत की स्टार शटलर पीवी सिंधु ने अगस्त 2019 में वर्ल्ड बैडमिंटन चैम्पियनशिप जीती थी। उन्होंने फाइनल में जापान की नोजोमी ओकुहारा को हराया था।




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कोरोनावायरस की वजह से ईसीबी को 3600 करोड़ के नुकसान की आशंका, 800 दिन का क्रिकेट नहीं होगा

कोरोनावायरस की वजह इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) को करीब 3600 करोड़ (380 मिलियन पाउंड) के नुकसान की आशंका है। ईसीबी के चीफ एग्जीक्यूटिव टॉम हैरिसन ने मंगलवार कोसांसदों को यह जानकारी दी।
हैरिसन के मुताबिक, कोरोना के कारण 1 जुलाई तक देश में प्रोफेशनल क्रिकेट पर पूरी तरह रोक है। 'द हंड्रेड' (100-100 गेंद का टूर्नामेंट) को भी अगले साल के लिए टाल दिया गया है। लीग इसी साल 17 जुलाई से 15 अगस्त तक होनी था। वहीं, लॉकडाउन की वजह से प्रोफेशनल क्लब को 800 दिन के क्रिकेट का नुकसान भी होगा।

टेस्ट क्रिकेट खेलकर नुकसान की भरपाई करेंगे: ईसीबी

ईसीबी चीफ ने कहा कि इस साल लिमिटेड ओवर क्रिकेट होने की संभावना बेहद कम है। हालांकि, हम गर्मियों में टेस्ट क्रिकेट खेलकर इससे होने वाले नुकसान की कुछ हद तक भरपाई कर लेंगे। इंग्लैंड को जुलाई और अगस्त में वेस्टइंडीज और पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट सीरीज खेलनी है। इसके अलावा आयरलैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भी वनडे सीरीज प्रस्तावित है।
‘द हंड्रेड’ क्रिकेट लीग कामयाब होगी
पहली बार इंग्लैंड में होने जा रही 'द हंड्रेड' लीग (100-100 गेंद का टूर्नामेंट) को कोरोना की वजह से एक साल के लिए टाल दिया गया है। इसके बावजूद ईसीबी चीफ को इसके सफल होने की पूरी उम्मीद है। उन्होंने कहा कि ईसीबी ने इस टूर्नामेंट के 1 लाख 70 हजार टिकट बेच दिए थे, जबकि पहले साल लीग का बजट करीब 376 करोड़ रुपए (40 मिलियन पाउंड) था। 1999 के बाद पहली बार बीबीसी पर क्रिकेट लाइव दिखाया जाना था। इससे रोमांच का अंदाजा लगाया जा सकता है।

पहले साल में ही 103 करोड़ रु. के मुनाफे का अनुमान

हैरिसन ने कहा कि एक अनुमान के मुताबिक, लीग को पहले साल में ही करीब 103 करोड़ रुपए(11 मिलियन पाउंड) का मुनाफा हो सकता है। इससे पता चलता है कि हम कितनी मजबूत स्थिति में है। क्रिकेट वर्ल्ड कप को छोड़ दें, तो इससे पहले इंग्लैंड में किसी भी टूर्नामेंट के टिकट इतनी तेजी से नहीं बिके।
'क्रिकेट दर्शक बढ़ाने की कोशिश सही दिशा में'
उन्होंने आगे कहा कि युवाओं के अलावा परिवारों ने भी बड़ी संख्या में द हंड्रेड लीग के टिकट खरीदे। हमने देश में क्रिकेट दर्शक बढ़ाने की सोच को लेकर जो कदम उठाए, वह बिल्कुल सही दिशा में हैं।

हर फ्रेंचाइजी की महिला और पुरुष टीम होगी

द हंड्रेड’ लीग में पुरूषों और महिलाओं की 8- 8 टीम को हिस्सा लेना था। पिछले साल अक्टूबर में लीग की 8 टीमों ने ड्राफ्ट के जरिए पुरुष खिलाड़ियों का चयन कर लिया था,जबकि महिला टीम के लिए खिलाड़ियों की चयन प्रक्रिया चल रही थी। ईसीबी ने गर्मी की छुट्टियों को ध्यान में रखकर ‘द हंड्रेड’ लीग शुरू करने की योजना बनाई गई थी। हर फ्रैंचाइजी की एक महिला और एक पुरूष टीम होगी।



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इंग्लैंड में कोविड-19 की वजह से प्रोफेशनल क्रिकेट पर 1 जुलाई तक रोक लगी है। इसी वजह से जून में वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली सीरीज को आगे बढ़ा दिया गया है। (फाइल)




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इंग्लैंड को पहली बार वर्ल्ड कप जिताने वाले मोर्गन ने कहा- ओलिंपिक में टी-10 फॉर्मेट को शामिल किया जाना चाहिए

इंग्लैंड टीम को पहली बार वनडे वर्ल्ड कप जिताने वाले कप्तान इयोन मोर्गन ने क्रिकेट को ओलिंपिक में शामिल करने की बात की है। उन्होंने कहा है कि क्रिकेट के टी-10 फॉर्मेट को ओलिंपिक में रखा जाना चाहिए। यह फॉर्मेट का काफी छोटा होता है और टूर्नामेंट 10 दिन में खत्म किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ओलिंपिक के लिहाज से ठीक भी रहेगा। इससे पहले क्रिकेट को क्रिकेट को 1900 के ओलिंपिक और 1998 के राष्ट्रमंडल खेलों में शामिल किया गया था। हालांकि, यह कई खेलों वाले इवेंट का हिस्सा नहीं रह सका।

2022 में होने वाले बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में महिला टी-20 टूर्नामेंट को शामिल किया गया है। मौजूदा समय में टी-20 फॉर्मेट काफी पसंद किया जा रहा है। आईसीसी और अन्य संस्थाएं टी-10 को भी आजमा रही हैं। हाल ही में अबुधाबी में हुए टी-20 टूर्नामेंट में दिल्ली बुल्स टीम की कप्तानी भी मोर्गन ने ही की थी।

टी-10 फॉर्मेट दर्शकों के लिए भी आकर्षित रहेगा
मोर्गन ने वीडियो कॉन्फेंसिंग में कहा, ‘‘ओलिंपिक के लिहाज से टी-20, वनडे या टेस्ट के मुकाबले टी-10 सबसे बेहतर और छोटा फॉर्मेट रहेगा। 8 या 10 दिन में खत्म होने वाला यह फॉर्मेट दर्शकों के लिए भी आकर्षित रहेगा। ओलिंपिक या कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए यह फॉर्मेट सबसे सही है।’’ इंग्लैंड ने मोर्गन की कप्तानी में पिछले साल ही अपना पहला वनडे वर्ल्ड कप खिताब जीता था। विवादित फाइनल में इंग्लैंड ने मैच और सुपरओवर टाई होने के बाद बाउंड्री काउंट नियम से हराया था।



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इंग्लैंड ने इयोन मोर्गन की कप्तानी में पिछले साल ही अपना पहला वनडे वर्ल्ड कप खिताब जीता था। विवादित फाइनल में इंग्लैंड ने मैच और सुपरओवर टाई होने के बाद बाउंड्री काउंट नियम से हराया था।




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खिलाड़ियों के प्रदर्शन के मामले में आईपीएल दुनिया की टाॅप टी-20 लीग, पांच लीग का इंपैक्ट इंटरनेशनल मैचों से भी ज्यादा

मौजूदा समय में कई खिलाड़ी अब इंटरनेशनल क्रिकेट की जगह टी-20 लीग को तरजीह दे रहे हैं। आईपीएल पैसे के लिहाज से दुनिया की सबसे बड़ी लीग तो है ही। खिलाड़ियों के प्रदर्शन के हिसाब से भी टॉप लीग है।

विजडन में छपे क्रिकबजके एनालिसिस को देखें तो आईपीएल का इंपैक्ट दुनिया की अन्य सभी लीग से ज्यादा है। क्रिकबज ने दुनिया के 4500 खिलाड़ी जो अलग-अलग लीग खेलते हैं, उनके प्रदर्शन के आधार पर यह डेटा तैयार किया गया है। पाकिस्तान सुपर लीग और ऑस्ट्रेलिया के बिग बैश लीग के खिलाड़ियों का इंपैक्ट टी20 इंटरनेशनल से ज्यादा है।

खिलाड़ी के प्रदर्शन में बदलाव का आकलन किया

उन खिलाड़ियों के प्रदर्शन को देखा, जिन्होंने कई टूर्नामेंट में हिस्सा लिया। खिलाड़ी के हर टूर्नामेंट में प्रदर्शन में बदलाव का आकलन किया। जैसे श्रीलंका का बल्लेबाज देश में अच्छा प्रदर्शन करता है, लेकिन पाक लीग (पीएसएल) में संघर्ष करता है, तो हम अनुमान लगा सकते हैं कि पीएसएल श्रीलंका में हुए टूर्नामेंट की अपेक्षा अच्छा है। यदि कोई इंग्लिश गेंदबाज भारत में संघर्ष कर रहा है तो आईपीएल को टी20 ब्लास्ट से अच्छा माना।

विदेशी खिलाड़ियों के कारण लीग इंटरनेशनल मैच से बेहतर

टी-20 लीग के इंपैक्ट को देखें तो यह इंटरनेशनल से अच्छा है, वजह-इंटरनेशनल टीमें केवल अपने देश के खिलाड़ियों का चयन कर सकती हैं, जबकि लीग में दुनिया भर के खिलाड़ियों को उतारा जा सकता है। जैसे पाक लीग से तेेज गेंदबाज मिलते हैं। बल्लेबाजी को मजबूत करने के लिए टीम विदेशी खिलाड़ियों को शामिल कर लेती हैं।

सभी फॉर्मेट के लिए अलग खिलाड़ी होते हैं, कोचिंग स्टाफ एक ही रहता है
{इंटरनेशनल टीम को टी-20 के अलावा क्रिकेट के दूसरेफॉर्मेट पर ध्यान देना होता है। सभी फॉर्मेट के लिए अलग खिलाड़ी होते हैं, लेकिन कोचिंग स्टाफ एक ही रहता है। वहीं, टी-20 लीग में टीम सिर्फ टी-20 पर ध्यान देती हैं। उनके कोचिंग स्टाफ की भी इसी फॉर्मेट के लिए विशेषज्ञता होती है।

दुनिया की आठ टी-20 लीग के प्रभाव को इन छह आधार पर समझा जा सकता है-

1. टीम की संख्या: जितनी अधिक टीमें रहेंगी, अच्छे खिलाड़ी बंट जाएंगे। आईपीएल, बांग्लादेश लीग, बिग बैश लीग में 8-8 टीम, द. अफ्रीका की मजांशी लीग, पीएसएल, कैरेबियन प्रीमियर लीग, न्यूजीलैंड के सुपर स्मैश में 6-6 जबकि इंग्लैंड के टी20 ब्लास्ट में 18 टीमें हैं।

2. टीम का उद्देश्य: जहां टीम सिर्फ टी-20 खेलती हैं, उनका प्रदर्शन अच्छा रहता है।

3. मालिकाना हक: अमीर टीमें अच्छे खिलाड़ियों को टीम में रखती हैं। आईपीएल, बांग्लादेश, वेस्टइंडीज और पाकिस्तान की लीग ऐसी हैं। अन्य लीग फंड आधारित हैं।

4. अच्छे घरेलू खिलाड़ी: जिस देश का घरेलू स्ट्रक्चर अच्छा रहता है। वहां अच्छे खिलाड़ी मिलते हैं।

5. अच्छे विदेशी खिलाड़ी: आईपीएल में अधिक पैसा होने के कारण अच्छे खिलाड़ी इसे प्राथमिकता देते हैं।

6. खिलाड़ियों का कॉन्ट्रैक्ट: आईपीएल में नीलामी के कारण कई खिलाड़ियों को बेस प्राइस से अधिक राशि मिलती है। अन्य लीग में ड्राफ्ट के हिसाब से पैसे दिए जाते हैं।

‌निष्कर्ष: आईपीएल कई बोर्ड की तुलना में काफी आगे है। इसे नेशनल और इंटरनेशनल विंडो भी दी जाती है। अन्य लीग में इंटरनेशनल विंडो नहीं है। टी20 ब्लास्ट सबसे पुरानी लीग होने के बाद भी इंपैक्ट नहीं छोड़ सकी।



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आईपीएल पैसे के लिहाज से दुनिया की सबसे बड़ी लीग तो है ही। खिलाड़ियों के प्रदर्शन के हिसाब से भी टॉप लीग है। विजडन में छपे क्रिकविज के एनालिसिस को देखें तो आईपीएल का इंपैक्ट दुनिया की अन्य सभी लीग से ज्यादा है।




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देश में खेल से जुड़े सामान के बाजार को 4700 करोड़ के घाटे की आशंका, अगले साल मार्च में ही हालात सुधरने की उम्मीद

कोरोनावायरस से देश का स्पोर्ट्स मार्केट बुरी तरह प्रभावित हुआ है। गर्मी में समर कैंप और अन्य खेलकूद की गतिविधियां होती थीं। वे भी लॉकडाउन के कारण शुरू नहीं हुईं। खेल के व्यापार और बाजार से जुड़े विशेषज्ञों की मानें तो देश में खेल से जुड़े सामान की इंडस्ट्री को 4700 करोड़ रु. का नुकसान होने की आशंका है। इसमें देश में बिकने वाले सामान के अलावा निर्यात होने वाले सामान की भी हिस्सेदारी है।

लॉकडाउन से संकट खड़ा हुआ

जालंधर मेंपूरे देश का 70% स्पोर्ट्स गुड्स बनता है। विशेषज्ञ कह रहे हैं कि इंडस्ट्री की हालत अब मार्च में ही सुधरेगी। मेरठ के हिंद स्पोर्ट्स के मालिक कुलदीप सिंंह कहते हैं, ‘इस साल ओलिंपिक सहित कई बड़े स्पोर्ट्स इवेंट होने वाले थे। मांग ज्यादा रहती इसलिए मार्केट भी पूरी तरह से तैयार था। लेकिन लॉकडाउन से संकट खड़ा हो गया। इससे उबरने में पूरा एक साल लगने वाला है।’

देश के खेल सामान का 60% निर्यात होता है

भारतीय स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चररर्स के अनुसार, देश में बनने वाले खेल सामान का 60% निर्यात होता है। मेरठ से निर्यात होने वाले सामान का हिस्सा 45% है। अप्रैल में मेरठ की कंपनियों को 200 करोड़ का नुकसान हुआ है।

अकेले मेरठ-जालंधर में 50 लाख मजदूर
जालंधर और मेरठ में कुल 4 हजार से ज्यादा कंपनियां है। ये इंडस्ट्री कुल 319 खेल सामग्री का निर्माण करती हैं। यहां करीब 50 लाख मजदूर-कारीगर काम करते हैं। इन्हें एक दिन की मजदूरी 300-400 रुपए मिलती है।

नुकसान की राज्यवार स्थिति

राज्य कितना नुकसान (रुपए में)
महाराष्ट्र 200 करोड़
राजस्थान 150 करोड़
मध्यप्रदेश 150 करोड़
पंजाब 100 करोड़
गुजरात 100 करोड़
उत्तरप्रदेश 60 करोड़
प.बंगाल 50 करोड़
छत्तीसगढ़ 40 करोड़

2 हजार करोड़ के क्रिकेट मार्केट का विकेट गिरा
इस साल क्रिकेट के सामान की बहुत ज्यादा खपत होने वाली थी क्योंकि आईपीएल के अलावा टी20 वर्ल्ड कप भी होना था। लेकिन इनके आयोजन पर संकट है। ऐसे में क्रिकेट के बाजार को दो हजार करोड़ रुपए के नुकसान का अनुमान है। इसमें भी क्रिकेट गुड्स की कंपनियों का 1300 करोड़ का स्पोर्ट्स इक्विपमेंट निर्यात होने वाला था।

ये सामान बनकर गोदामों में पड़ा

सामान संख्या
बल्ले 3.5 लाख
गेंद 2.7 लाख
विकेट 80 हजार
पैड्स 90 हजार
ग्लव्स 1 लाख
हेलमेट 1.25 लाख
किट 2 लाख

अन्य खेलों के मार्केट को 1500 करोड़ रु. का घाटा

फुटबॉल, बैडमिंटन, शतरंज, हॉकी, टेनिस, एथलेटिक्स, टेटे, वॉलीबॉल, फेंसिंग आदि खेलों का सामान बनाने वाले कारोबारियों के 1500 करोड़ डूबने की आशंका है। निर्यात न होने से इन खेलों का सामान भी गोदामों में भरा है। स्पोर्ट्सवियर बनाने वाली कंपनियों को भी 500 करोड़ का नुकसान हुआ है।

इन खेलों के बाजार को बड़ा नुकसान

खेल नुकसान (करोड़ रु. में)
क्रिकेट 2000
फुटबॉल 1200
टेनिस 500
बास्केटबॉल 300
बॉक्सिंग औरफेंसिंग 200
स्पोर्ट्स वियर 500


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मेरठ और जालंधर की कुछ कंपनियों ने लॉकडाउन के बाद प्रोडक्शन शुरू करने की तैयारी कर ली है।




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कोषाध्यक्ष धूमल ने कहा- ऑस्ट्रेलिया दौरे पर टीम इंडिया 2 हफ्ते के लिए क्वारैंटाइन होने को तैयार, टी-20 वर्ल्ड कप होना बेहद मुश्किल

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के कोषाध्यक्ष अरुण धूमल ने कहा है कि इस साल के आखिर में होने वाले ऑस्ट्रेलिया दौरे पर टीम इंडिया 2 हफ्ते के लिए क्वारैंटाइन होने को तैयार है।उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई अखबार सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड से यह बात कही।

धूमल ने कहा, ''कोई और विकल्प नहीं है... भारतीय टीम को क्वारैंटाइन में रहना ही होगा। अगर आपको क्रिकेट को फिर से शुरू करना है तो ऐसा करना ही होगा। दो हफ्ते का समय लॉकडाउन जितना लंबा नहीं है।'' उन्होंने सीरीज में 1 टेस्ट बढ़ाने के ऑस्ट्रेलियाई प्रस्ताव पर कहा-वे (ऑस्ट्रेलिया) रेवन्यू चाहते हैं और यह टेस्ट के मुकाबले वनडे और टी-20 से ज्यादा आता है।

323 करोड़ के होटल को आइसोलेशन सेंटर बनाया जा सकता है

भारतीय टीम को नवंबर-दिसंबर में होने वाले ऑस्ट्रेलिया दौरे पर 4 टेस्ट और 3 वनडे की सीरीज खेलना है। इस दौरान टीम इंडिया को42 मिलियन डॉलर ( करीब 323 करोड़ रुपए) से तैयार हुई नई ओवल होटल में ठहराया जा सकता है। कोरोनावायरस की वजह से138 रूम के इस होटल को खिलाड़ियों के लिए आइसोलेशन सेंटर के तौर पर इस्तेमाल करने का प्रस्ताव रखा गया है।

यह होटल सितंबर में शुरू हो सकता है। ऑस्ट्रेलिया इस सीरीज को किसी भी हाल में कराने की कोशिशों में जुटा हुआ है। क्योंकि अगर दौरा रद्द होताहै तो उसे टीवी राइट्स के तौर पर मिलने वाले 300 मिलियन डॉलर (करीब 2306 करोड़ रुपए) के राजस्व का नुकसान होगा।

टी-20 वर्ल्ड होना मुश्किल: धूमल

उन्होंने इस साल 18 अक्टूबर से 15 नवंबर तकऑस्ट्रेलिया में होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप को लेकर कहा कि इस पर कोरोनावायरस का खतरा मंडरा रहा है। इस टूर्नामेंट का होना फिलहाल मुश्किल नजर आ रहा है। ऑस्ट्रेलिया ने कोरोनावायरस की वजह से अपने यहां 6 महीने तक विदेशियों के आने पर रोक लगा रखी है। ऐसे में कोई भी टीम वहां नहीं जा सकती है। हालांकि, अच्छी खबर यह है कि ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर मई के अंत में प्रैक्टिस शुरू कर सकते हैं। ऐसे में देश में क्रिकेट के लौटने की उम्मीद मजबूत हुई है।

‘आईपीएल को लेकर कोई प्लान नहीं बनाया’

बोर्ड कोषाध्यक्ष ने आईपीएल को लेकर कहा कि अब तक इसके लिए कोई फॉर्मेट या प्लान नहीं बनाया गया है।टूर्नामेंट के लिए विदेशी खिलाड़ियों को भी आना है। क्या वे इसके लिए तैयार होंगे और 2 हफ्तेअलग (क्वारैंटाइन) रह सकेंगे? इसके बाद भी वे आईपीएल में खेल पाएंगे या नहीं, यह कह पाना मुश्किल है। फिलहाल, हमने आईपीएल को लेकर कुछ नहीं सोचा है, जो कुछ खबरें चल रही हैं, वे मीडिया की सोची हुई हैं।बीसीसीआई ने 29 मार्च से होने वाले आईपीएल को अनिश्चितकाल के लिए टाल दिया है।



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आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में भारतीय टीम 4 साल में पहली बार पहले नंबर से फिसलकर तीसरे पर आ गई है। वहीं, ऑस्ट्रेलिया टीम टॉप पर पहुंच गई। -फाइल फोटो




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कोरोना के बीच खाली स्टेडियम में खेला गया के-लीग सीजन का पहला मैच, जियोनबुक ने सुवॉन का 1-0 हराया

दक्षिण कोरिया में आज से के-लीग की शुरुआत हो गई है। कोरोनावायरस के बीच शुरू होने वाला यह पहला फुटबॉल टूर्नामेंट है। खाली स्टेडियम में खेले गए सीजन के पहले मैच में मौजूद चैम्पियन जियोनबुक मोटर्स ने सुवॉन ब्लूविंग्स को 1-0 से हरा दिया है।

के-लीग के इस सीजन का पहला गोल जियोनबुक मोटर्स के लिए ली डोंग-गूक ने किया। यह सफलता उन्होंने मैच के 83वें मिनट में हासिल की। मैच में सबसे 59 प्रतिशत पजेशन सुवॉन के पास रही, लेकिन टीम का कोई भी खिलाड़ी इसका फायदा नहीं उठा सका।

जियोन्जू स्टेडियम में खेला गया मैच
यह मुकाबला जियोन्जू स्टेडियम में होगा। 2002 में जब कोरिया और जापान ने संयुक्त रूप से फुटबॉल वर्ल्ड कप की मेजबानी की थी तो इस शहर में मुकाबला हुआ था। तीन दिन पहले ही देश में प्रोफेशनल बेसबॉल लीग शुरू हुई है।

पिछले साल 6 देशों में मैच लाइव दिखाया गया था
दुनियाभर के फुटबॉल फैन्स के लिए अच्छी खबर है कि इस मुकाबले के अलावा बाकी सभी मैच की यू-ट्यूब और ट्वीटर पर लाइव स्ट्रीमिंग होगी। इसके अलावा पहली बार 20 देशों में मुकाबले लाइव दिखाए जाएंगे। इसमें जर्मनी,स्विटजरलैंड और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं। इस बार लीग ने इन देशों के बड़े ब्रॉडकास्टर्स से लाइव मैच दिखाने का करार किया है। पिछले साल सिर्फ 6 देशों को भी के-लीग के राइट्स बेचे गए थे और सभी एशिया महाद्वीप के ही थे।

विदेशों में मैच दिखाने से के-लीग की लोकप्रियता बढ़ेगी
इस मौके पर के-लीग के प्रवक्ता ली जॉन्ग ने कहा कि कॉम्पीटिटिव फुटबॉल के बावजूद के-लीग की दुनिया में पहचान उतनी बुलंद नहीं थी। इसकी एक वजह यह भी थी कि हमारे पास अंतरराष्ट्रीय दर्शक नहीं थे। लेकिन इस बार 20 देशों में मुकाबले लाइव दिखाए जाएंगे। इससे के-लीग पॉपुलर होगी।

खिलाड़ियों का मेडिकल परीक्षण होगा
लीग में सभी टीमों को सेफ्टी गाइडलाइन का पालन करना होगा। खिलाड़ियों को गोल के बाद जश्न मनाने की छूट नहीं होगी और न ही वे एक-दूसरे से बात कर सकेंगे। सभी मुकाबले बिना दर्शकों के खाली स्टेडियम में ही होंगे। इसके अलावा,खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ और मैच ऑफिशियल्स का मेडिकल परीक्षण होगा।

हर मैच से पहले तापमान चेक होगा
हर मैच से पहले खिलाड़ी और कोचिंग स्टाफ का तापमान चेक किया जाएगा। पहले मैच में भी यही किया गया।अगर यह 37.5 डिग्री सेल्सियस (99.5 फारेनहाइट) से ज्यादा हुआ तो संबंधित खिलाड़ी या स्टाफ को आइसोलेट किया जाएगा और उनका कोरोना टेस्ट होगा। प्री-मैच प्रैक्टिस सेशन में भी खिलाड़ी एकदूसरे से हाथ नहीं मिला सकेंगे। उन्हें दूर से सिर झुकाकर एकदूसरे का सम्मान करने की इजाजत है।



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जियोनबुक मोटर्स के लिए ली डोंग-गूक (दाएंं) ने गोल करने के बाद जश्न मनाया। इस दौरान सभी खिलाड़ियों ने सोशल डिस्टेंसी का भी ध्यान रखा।




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प्रशासन ने तीसरी बार दिया आदेश, अब शहर के सेक्टर-17 और 10 में नहीं खुलेंगी दुकानें

लॉकडाउन तीन में सरकार ने बाजार खोलने की छूट दी है। सोमवार को पहले ही दिन शहर के अधिकांश बाजार खुल गए। स्थानीय प्रशासन की तरफ से बाकायदा रोस्टर भी तय किया। इसी रोस्टर के तहत बारी-बारी से दुकानें खोली जाएंगी। पहले दिन ही भीड़ जुटती देख प्रशासन को सुबह सात से शाम सात बजे तक दुकानें खोलने का फैसला वापस लेना पड़ा।
बाद में 9 से शाम पांच बजे तक का समय किया। शाम होते-होते इसे बदल कर 9 से 2 बजे तक की टाइमिंग तय कर दी। आदेशों के चलते दुकानदार भी दुविधा में पड़े हैं। वहीं मंगलवार को एक बार फिर से प्रशासन ने आदेश जारी किए। इसके तहत शहर के कमर्शियल सेक्टरों में अब दुकानें नहीं खुलेंगी। मंगलवार को सुबह 9 बजे इन इलाकों में दुकानें खुल भी गई, लेकिन कुछ ही देर बाद पुलिस ने दुकानें बंद करा दी। इससे दुकानदारों में भी रोष पनपा हुआ है।
सेक्टर-10 व 17 में नहीं खुलेंगी दुकानें

सोमवार को शहर के सभी बाजारों और कंटेनमेंट जोन को छोड़कर बाकी सेक्टरों में भी दुकानें खोलने की अनुमति दी थी। बाकायदा सभी दुकानदारों के पास आदेश व हिदायतों के साथ नोटिस भी भेजे गए, लेकिन मंगलवार को शहर के सेक्टर-17 और दस में दुकानों को पुलिस ने बंद करा दिया। सिटी इंस्पेक्टर जसपाल ढिल्लों की अगुवाई में पुलिस की टीमें दुकानें बंद कराने पर जुटी।
बाद में डीएसपी अजय राणा ने स्पष्ट किया कि यह प्रशासन का फैसला है। कहा कि उक्त दोनों सेक्टरों में काफी भीड़ जुटती है। क्योंकि ये कामर्शियल सेक्टर हैं। लिहाजा यहां भीड़ न जुटे, इसीलिए लॉकडाउन की अवधि तक दुकानें बंद करने का फैसला लिया है। पुलिस ने सेक्टर-17 के साथ लगते पिपली रोड पर स्थित मार्केट में भी दुकानें बंद करने के आदेश दिए, लेकिन बाद में विधायक सुभाष सुधा के हस्तक्षेप से पिपली रोड पर दुकानें खोलने की छूट दी, लेकिन सेक्टर-17 व दस में दुकानें बंद रखी जाएंगी।

15 लोगों के दोबारा लिए सैंपल श्रद्धालुओं की रिपोर्ट निगेटिव
शाहाबाद में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मंगलवार को शुगर मिल कॉलोनी के 22 लोगों के सैंपल लिए। कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज करनाल में ये सैंपल भेजे। एडिशनल एसएमओ डॉ. कुलदीप राज के मुताबिक कोरोना से पीड़ित के प्राथमिक संपर्क में आने वाले 15 लोगों के सैंपल लिए गए थे। 72 घंटे बाद उनके सैंपल दोबारा लिए गए हैं। इसके अलावा सात और लोगों के सैंपल लिए हैं। वहीं नांदेड़ से लौटे दोनों श्रद्धालुओं के सैंपल की दूसरी रिपोर्ट भी निगेटिव आई है। उन्हें शाहाबाद के गुरुद्वारा में क्वॉरेंटाइन किया है।
शुगर मिल के आसपास डेढ़ किमी एरिया में रहेगा बफरजोन
शाहाबाद में शुगर मिल कॉलोनी को कंटेनमेंट जोन बनाया है। वही शुगर मिल के डेढ़ किलोमीटर क्षेत्र को बफर जोन बनाया है। इसमें डीडी बिहार किलोनी, शांति कॉलोनी, छपरा, छपरी और जंधेड़ी गांव शामिल हैं। इन क्षेत्रों में आशा वर्कर घर-घर जाकर सर्वे कर रही हैं। सभी की थर्मल स्केनिंग से भी जांच की जा रही है।

पुलिस ने शाम को निकाला फ्लैग मार्च
विधायक सुभाष सुधा ने शहर के बाजारों का मुआयना किया। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र में रोस्टर प्रणाली के अनुसार दुकानों को सुबह 9 से दोपहर 2 बजे तक खोलने का समय निर्धारित किया है। रोस्टर प्रणाली का निरीक्षण करने और दुकानदारों को जागरुक करने के उद्देश्य से दोपहर पौने दो बजे बाजारों का निरीक्षण किया। दुकानदारों ने हिदायतों की पालना की। वहीं देर शाम पुलिस ने फ्लैग मार्च निकाला।

प्रशासन ने बंद करवाई दुकानें
मंगलवार को नायब तहसीलदार परमिंद्र सिंह ने नगर में दौरा कई दुकानों को बंद करवाया। उन्होंने बताया कि प्रशासन के आदेशानुसार मंगलवार, गुरुवार व शनिवार को केवल आयरन स्टोर, हार्डवेयर स्टोर, सेनेटरी स्टोर, शैटरिंग मैटिरियल, बिल्डिंग निर्माण सामग्री, इलैक्ट्री व इलेक्ट्रॉनिक गुड्स, मोबाईल, कम्पयूटर, ऑपटिकल, घडि़यों, क्रॉकरी, बर्तन, ज्वैलरी व स्नैक्स की दुकानें ही खोली जाएगी। जिनका समय सुबह 9 बजे से 2 बजे तक होगा। प्रशासन ने बाजार तो खोल दिए, लेकिन लोग सोशल डिस्टेंस की पालना नहीं कर रहे। अधिकांश बाजारों में भीड़ जुटी रही। पुलिस ने छोटे बाजार व बडे़ बाजार में गश्त भी की। लोगों को हिदायतें भी दी। कई वाहन चालकों के चालान भी काटे।



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The administration ordered for the third time, now shops will not open in Sector-17 and 10 of the city




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कोल्ड स्टोर में रखा खोया खराब, 10 क्विंटल कराया नष्ट

फूड सेफ्टी विभाग ने कोल्ड स्टोर का निरीक्षण किया। इस दौरान खराब हो चुके करीब 10 क्विंटल खोये को नष्ट करवाया गया। फूड सेफ्टी ऑफिसर ने उपस्थित रहकर कोल्ड स्टोर में रखा दुकानदारों का खराब हो चुका खोया निकलवाया और जांच के बाद नष्ट करवा दिया। शहर के अलग-अलग मिठाई विक्रेता और डेयरी संचालक कोल्ड स्टोर में अपने खोये के स्टॉक को रखते हैं। लेकिन खाेये को 10 से लेकर ज्यादा से ज्यादा 20 दिन तक ही सुरक्षित रखा जा सकता है।
अचानक लॉक डाउन होने के कारण दुकानदारों ने कोल्ड स्टोर में खोये का स्टॉक रखवा दिया लेकिन लॉक डाउन आगे बढ़ गया आैर 40 से भी ज्यादा दिन चला। इतने दिनों में कोल्ड स्टोर में रखा खोया खराब होने लगा। मंगलवार को फूड सेफ्टी ऑफिसर महावीर बिश्नोई ने कोल्ड स्टोर का निरीक्षण किया। स्टॉक में रखे खोये की जांच की तो पता चला कि खोया खराब होना शुरू हो गया है।
इस पर इस खोये के स्टॉक को नष्ट करने का फैसला हुआ। दुकानदारों ने स्वयं ही इस खोये को नष्ट करने की सहमति दे दी। इसके बाद फूड सेफ्टी ऑफिसर महावीर बिश्नोई ने इसे नष्ट करवाने की प्रक्रिया शुरू की।



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सेंट्रल जेल में 11 अधिकारी-कर्मचारी, डीसी कॉलोनी में 3, फ्लू क्लीनिक में 90 सैंपलिंग

लॉकडाउन 3.0 में छूट के चलते सड़कों-बाजारों में लोगों की भीड़ देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सर्विलांस के साथ रेंडम-सैंपलिंग को बढ़ा दिया है।
अभी तक 100 से 170 के बीच सैंपलिंग होती थी लेकिन इसे बढ़ाकर 200 पल्स कर दिया है। इसके अलावा रेपिड डाइग्नोस्टिक किट से भी जांच हो रही है। मंगलवार को फ्लू क्लीनिक में पैथोलॉजिस्ट डॉ. मनीष ने शाम 5 बजे तक 90 लोगों के सैंपल लिए थे। इसके बाद भी जांच के लिए पहुंचे रोगियों की सैंपलिंग जारी रही। मोबाइल टीम के डॉ. रवि ने सेंट्रल जेल में अधीक्षक, उपाधीक्षक, वार्डर सहित 11 अधिकारियों व कर्मचारियों के सैंपल लिए हैं। 1 बंदी भी शामिल है। डीसी कॉलोनी कंटेनमेंट जोन में 3 और एचएयू फार्मर हॉस्टल में क्वारेंटाइन एक व्यक्ति का सैंपल जांच के लिए लैब में भिजवाया है। दंत सर्जन डॉ. बंसीलाल, डॉ. पुलकित और एलटी वेदव्रत की टीम ने सीएचसी उकलाना एरिया में 40 सैंपल लिए हैं। इनमें महाराष्ट्र से 4, नोएडा, फिरोजपुर, तमिलनाडु, पांडेचेरी, हिमाचल प्रदेश और गुरुग्राम से 1-1, जैसलमेर और गुवाहाटी से 3-3 शामिल हैं। इधर, हेल्थ इंस्पेक्टर पवन आहुजा और एमपीएचडब्लू नूर मोहम्मद की टीम ने सब्जी मंडी चौक स्थित बड़वाली ढाणी में रेपिड डाइग्नोस्टिक किट के साथ 23 लोगों के सैंपल जांचे। हेल्थ इंस्पेक्टर पवन आहुजा ने बताया कि पांच से 10 मिनट में लोगों को रिपोर्ट भी बता दी। निगेटिव रिपोर्ट हैं। इस दौरान सैंपलिंग टीम में डॉ. पवन बगड़ानिया, एलटी दिनेश, डेटा एंट्री ऑपरेटर पवन सहित एमपीएचडब्ल्यू सौरभ, सुनील भानखड़, वेद प्रकाश, परमजीत, लकी ठकराल, नवीन, प्रवीण, कुलदीप, सीमा मिश्रा, आशा कार्यकर्ता बसंती थे। इस दौरान टीम ने एंटी लारवा एक्टिविटी व मास फीवर सर्वे किया।



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सूर्य नगर में मास फीवर सर्वे के दाैरान स्वास्थ्य जांच करती हेल्थ टीम।




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सभी जिला अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों में रखी जाएंगी दो डायलेसिस मशीनें: सीएम 

हरियाणा सरकार ने निर्णय लिया है कि राज्य के सभी जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में दो डायलेसिस मशीनें विशेष रूप से कोविड-19 के ऐसे मरीजों के लिए आरक्षित रखी जाएंगी, जिन्हें डायलेसिस की आवश्यकता है। इसके अतिरिक्त, सभी 11 विशेष कोविड-19 अस्पतालों में 100-150 बिस्तरों को कोविड मरीजों के लिए आरक्षित रखने के बाद शेष वार्ड और ओपीडी अन्य मरीजों के उपचार के लिए सामान्य रूप से कार्य शुरू कर देंगी। यह निर्णय मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में मंगलवार को चंडीगढ़ में हुई एक बैठक में लिया गया, जिसमें उप-मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला और स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज भी उपस्थित थे।

सभी उपायुक्तों को सम्बन्धित जिलों की सभी मार्केट एसोसिएशन के साथ परामर्श के बाद सामाजिक दूरी बनाए रखने के नियम का उचित अनुपालन करते हुए आवश्यकतानुसार ग्रीन और अॉरेंज जिलों में आने वाले सभी बाजारों में दुकानें खोलना सुनिश्चित करने के लिए प्राधिकृत किया गया है। इस अवसर पर प्रमुख रुप से मुख्य सचिव केशनी आनन्द अरोड़ा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अलोक निगम और स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा भी उपस्थित थे।



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हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर ने चंडीगढ़ में बैठक ली।




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गुड़गांव में 20 नए केस, प्रदेश में 8वीं मौत, पानीपत के युवक ने मरने से पहले एक महिला को काटकर किया था जख्मी

हरियाणा में कोरोना मरीजों की संख्या 595 हो गई है। बुधवार को 47 नए मरीज सामने आए हैं। वहीं प्रदेश में मरने वालों की संख्या भी 8 हो गई है। बीते सोमवार को पानीपत की दीनानाथ कॉलोनी में रहने वाले 24 वर्षीय युवक की मौत हो गई थी। स्वास्थ्य विभाग ने उसके सैंपल जांच के लिए भेजे थे। बुधवार को रिपोर्ट में उसके कोरोना की पुष्टि हुई है। उस युवक ने मरने से पहले एक महिला के हाथ पर काट लिया था। स्वास्थ्य विभाग ने उस महिला को भी क्वारैंटाइन किया हुआ है। बुधवार को प्रदेश में सामने आए 47 मरीजों में सबसे ज्यादा गुड़गांव में 20 मरीज आए। इसके अलावा, झज्जर में 6, पानीपत और करनाल में 5-5, अम्बाला में 4, सोनीपत में 3, फरीदाबाद में 2 और जींद व फतेहाबाद में 1-1 मरीज मिला है। बुधवार को महज चार मरीज ठीक हुए हैं।

गुड़गांव में एक दिन में कोरोना के 20 केस मिले, 10 केस सब्जी मंडी से जुड़े
बुधवार को एक दिन में कोरोना के एक साथ 20 पॉजिटिव मरीज मिले। जिसके साथ कोरोना संक्रमित मरीजों का आकड़ा शतक को भी पार गया। कुल पॉजिटिव मरीजों की संख्या अब 104 हो गई है। हरियाणा प्रदेश में सर्वाधिक मरीजों के साथ गुरुग्राम नंबर एक पर आ गया है। पॉजिटिव मिले मरीजों में 10 खंडसा मंडी के सब्जी व्यापारी हैं। इससे पहले भी इसी मंडी के नौ सब्जी विक्रेता कोरोना पॉजिटिव मिल चुके हैं। वहीं बचे हुए मरीजों में चार डूंडाहेड़ा गांव के रहने वाले हैं और तीन निजी अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मी है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ये सभी पॉजिटिव मरीजों के संपर्क में आने से संक्रमित हुए हैं। वहीं तेजी से बढ़ रहे पेशंट की संख्या पिछले छह दिन में ही 47 हो गई है। जबकि कुल 104 केस में से 51 पेशंट ठीक हो चुके हैं जबकि 53 का ईलाज किया जा रहा है।

पानीपत में कोरोना मरीज की सोमवार रात को साढ़े 8 बजे हुई थी मौत
दीनानाथ कॉलोनी में सोमवार रात साढ़े 8 बजे 24 साल के एक युवक की मौत हो गई थी। वह एक दिन पहले दिल्ली से आया था। स्वास्थ्य विभाग व पुलिस को मंगलवार सुबह 4 बजे सूचना मिली तो स्वैब सैंपल ले लैब में भेज दिए। डॉक्टर मान रहे थे कि उसकी रैबिज से मौत हुई है क्योंकि उसने मरने से पहले पड़ोस की एक महिला के हाथ पर काट लिया था। महिला के सैंपल ले क्वारैंटाइन कर दिया गया था। मौत से पहले युवक के मुंह से लार निकली थी। यह रैबीज के लक्षण हैं। वहीं कोरोना की दहशत के चलते कोई पड़ोसी युवक के अंतिम संस्कार में मदद कराने नहीं आया।

जिस युवक की मौत हुई वह दिल्ली से लौटा था। रात में अचानक उसे घबराहट हुई और घर से बाहर भाग गया। उसने बाहर जाकर पड़ोस की एक महिला के हाथ पर काट दिया। वापस घर में आकर गिर गया और उसकी मौत हो गई।

महिला को काटा और घर आते ही अचानक गिर गया और मौत हो गई
मृतक की दादी ने बताया, 'मेरा पोता रविवार को दिल्ली से आया था। वह मजदूरी करता था। उसके तीन-भाई बहन हैं। पिता फलों का काम करता है। मां की 7 साल पहले मौत हो गई थी। सोमवार रात को पोता बोला कि उसे पानी से डर लगा रहा है। वह बहुत घबराया हुआ था। फिर बोला दादी पपीता खाना है, वो पपीता काटने चली गई। इतने में पोता डरकर बाहर भाग गया, पड़ोस की एक महिला के हाथ पर काट लिया। फिर घर आते ही अचानक गिर गया और उसके मुंह से लार टपक रही थी। फिर अचानक मर गया। रात भर उसके शव के पास बैठी रही। कोरोना के डर के कारण कोई पड़ोसी घर नहीं आया। संस्कार में कोई शामिल नहीं हो पाया। लोग घरों की छतों पर खड़े होकर सिर्फ देखते रहे। युवक का पिता भी संस्कार में शामिल नहीं हो पाया। पिता बाहर है, दोनों बहनों की शादी हो चुकी है, वो भी नहीं आ पाई।'

करनाल में 5 पॉजिटिव मिले सभी एक ही परिवार के सदस्य
करनाल में कोरोना वायरस के पांच और पॉजिटिव केस सामने आए है। ये सभी कस्बा तरावड़ी के गांव पधाना के रहने वाले है, जो नांदेड साहिब से लोटे थे। अब इन सभी को शाहाबाद के आदेश अस्पताल में भेजा जाएगा। इससे पहले ऊतम नगर से एक केस मिला था, जबकि करनाल में ही परसो भी कोरोना वायरस के दो पॉजिटव केस मिले थे। जिनमें रामनगर से एक तथा पृथ्वी विहार इलाके का एक सब्जी विक्रेता कोरोना पॉजिटिव निकला था। इधर आज घरौंडा के विधायक हरविंद्र कल्याण व उनके तीन सहयोगियों ने भी कोरोना वायरस का टेस्ट कराया है। इन सब की रिपोर्ट निगेटिव आई है।

अम्बाला में चार नए मरीज आए सामने
बुधवार को अम्बाला में चार नए मरीज सामने आए हैं। इसकी पुष्टि अम्बाला के सिविल सर्जन कुलदीप सिंह ने की है। ये चारों कोरोना संक्रमित नांदेड़ से लौटे श्रद्धालु हैं। उन्होंने बताया कि इन्हें क्वारैंटाइन किया हुआ है। इनकी रिपोर्ट दूसरी बार भेजी गई थी, जिसमें कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई है। पहले रिपोर्ट निगेटिव आई थी।

हरियाणा में मौत का आंकड़ा 8 पहुंचा
हरियाणा में अब तक संक्रमण से कुल 8 लोगों की मौत हो चुकी है। पहली मौत 2 अप्रैल को अम्बाला के 67 वर्षीय बुजुर्ग की हुई थी। जिन्होंने चंडीगढ़ पीजीआई में दम तोड़ा था। इसके बाद दूसरी मौत 3 अप्रैल को हुई थी जब रोहतक की कोरोना पॉजिटिव महिला ने दिल्ली में दम तोड़ा था। तीसरी मौत 5 अप्रैल को करनाल के बुजुर्ग की हुई थी। उनकी मौत चंडीगढ़ पीजीआई में हुई थी। चौथी मौत 28 अप्रैल को फरीदाबाद में हुई थी। यहां 68 वर्षीय बुजुर्ग ने ईएसआई अस्पताल में दम तोड़ दिया था। पांचवीं मौत 2 मई को हुई। जब 63 वर्षीय कोरोना पीड़ित एक महिला ने चंडीगढ़ पीजीआई में दम तोड़ दिया था। छठी मौत 3 मई रात को रोहतक पीजीआई में हुई। यहां गुरुग्राम के सेक्टर-18 के रहने वाले 45 वर्षीय व्यक्ति की रोहतक पीजीआई में दम तोड़ा। 7वीं मौत 4 मई को फरीदाबाद में हुई थी। 8वीं मौत भी 4 मई को पानीपत में एक युवक की हुई थी लेकिन उसकी कोरोना होने की पुष्टि 6 मई को हुई।

गुड़गांव में एक फरीदाबाद के डॉक्टर की रिपोर्ट पॉजिटिव आई
वहीं गुड़गांव में एक डॉक्टर की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। डॉक्टर ईएसआई अस्पताल में कार्यरत है। वे मूल रूप से फरीदाबाद के रहने वाले हैं, ऐसे में उन्हें फरीदाबाद के मरीजों में जोड़ा जा रहा है। हालांकि वह संक्रमित गुड़गांव में हुए हैं और वह ड्यूटी करने के बाद पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाऊस में रह रहे थे। रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आने पर उन्हें प्राइवेट अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करवाया गया है। संक्रमित पाए गए डॉक्टर अभी तक 25 अन्य लोगों के संपर्क में आ चुके हैं।

तस्वीर कुरुक्षेत्र की है, जहां एक रेलवे फाटक पर जमा वाहनों की भीड़ बता रही है कि लोग सोशल डिस्टेंसिंग के प्रति लापरवाह है।

हरियाणा में 595 पहुंचा आंकड़ा

  • हरियाणा में अब तक गुड़गांव में 104, सोनीपत में 81, फरीदाबाद में 78, झज्जर में 70, नूंह में 59, अम्बाला में 41, पलवल में 36, पानीपत में 33, पंचकूला में 18, जींद में 11, करनाल में 14, यमुनानगर में 8, सिरसा में 6, फतेहाबाद में 6, हिसार, रोहतक में 4-4, भिवानी में 3. कुरुक्षेत्र और कैथल में 2-2, चरखी दादरी में एक पॉजिटिव मिला। इसके अलावा, मेदांता अस्पताल गुड़गांव में 14 इटली के नागरिकों को भी भर्ती करवाया गया था, जिन्हें हरियाणा ने अपनी सूची में जोड़ा है।
  • प्रदेश में अब कुल 260 मरीज ठीक हो गए हैं। नूंह में 53, गुड़गांव में 51, फरीदाबाद में 43, पलवल 32, पंचकूला में 17, अम्बाला में 11, करनाल और पानीपत में 5-5, सिरसा और सोनीपत में 4-4, यमुनानगर, भिवानी और हिसार में 3-3, कैथल, कुरुक्षेत्र, रोहतक में 2-2, चरखी दादरी, फतेहाबाद 1-1 मरीज ठीक होने पर घर भेजा गया। 14 मरीज इटली के भी ठीक हुए हैं। इनके समेत कुल आंकड़ा 241 हो जाता है।
  • प्रदेश में अब तक 133 जमाती संक्रमित मिले हैं। इनमें सबसे ज्यादा नूंह जिले से हैं। यहां कुल 42 जमाती संक्रमित पाए गए। इसके अलावा, पलवल 31, फरीदाबाद 23, गुड़गांव 15, अम्बाला 5, पंचकूला 7, यमुनागर 3, भिवानी 2, कैथल, जींद, चरखी दादरी, फतेहाबाद और सोनीपत में एक-एक मरीज संक्रमित मिला। यह सभी मरकज से लौटे थे। जिन्हें अलग-अलग मस्जिदों और गांवों से पकड़ा गया था।


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पानीपत की दीनानाथ कॉलोनी का रहने वाला था युवक। उसका संस्कार कोरोना संदिग्ध मानकर किया गया था। कोई परिजन व पड़ोसी संस्कार में शामिल नहीं हुआ था।




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हरियाणा सरकार ने अपने खर्च पर हिसार से बिहार के कटिहार भेजे 1200 मजदूर, खाना-पानी लेकर ट्रेन रवाना

हरियाणा सरकार ने बुधवार को अपने खर्च पर 1200 मजदूरों को हिसार से बिहार के कटिहार के लिए रवाना कर दिया है। इन मजदूरों के लेकर चली ट्रेन में इनके खाने-पीने की पूरी व्यवस्था का खर्च भी हरियाणा सरकार ने उठाया है। सीएम मनोहर लाल खट्टर का कहना है कि इन मजदूरों को सुरक्षित स्थानों तक भेजना हमारा दायित्व है।

ट्रेन में सफर के लिए खाना और पानी की व्यवस्था हिसार से ही करके भेजी गई है। इसका पूरा खर्च भी हरियाणा सरकार ने उठाया है।

सीएम मनोहर लाल खट्टर ने कहा है कि किसी भी श्रमिक को घर जाने के लिए कोई पैसा खर्च करने की जरुरत नहीं है। सारा खर्च हरियाणा सरकार करेगी।

सीएम मनोहर लाल का कहना है कि किसी भी श्रमिक को किसी के बहकावे में आने की भी जरुरत नहीं है। घर भेजने के नाम पर यदि कोई पैसे ऐंठने की कोशिश करे तो उससे बचें।

सीएम ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि मजदूर हरियाणा के उद्योगों की रीढ़ है। ऐसे में यदि संभव है तो उन्हें यहीं रूकना चाहिए, क्योंकि हरियाणा की स्थिति अन्य राज्यों से अच्छी है।

हिसार की तरह आने वाले दिनों में हरियाणा के दूसरे हिस्सों से भी ट्रेन मजदूरों को लेकर अलग-अलग राज्यों के लिए रवाना होंगी। इसके लिए सरकार योजना बना रही है।

सीएम मनोहर लाल खट्टर ने कहा है कि यह संकट की घड़ी है। इस महामारी के चक्र में हमें कोशिश करनी चाहिए कि जहां हैं वहीं रहें। इससे अपना भी बचाव होगा और अपने परिजनों का भी।



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ट्रेन में चढ़ने से पहले सोशल डिस्टेंसिंग बनाकर हिसार रेलवे स्टेशन पर खड़े मजदूर।




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बैंड वालों के 250 परिवारों पर गहराया आर्थिक संकट

कोविड-19 से बचाव में लॉकडाउन के दौरान विवाह- शादियों का स्वरूप भी बदलने लगा है। जिला में 150 से ज्यादा शादियों के शुभ मुहूर्त हाेने पर भी अधिकतर परिवाराें काे शादी टालनी पड़ी तो कहीं दूल्हा- दुलहन ने मास्क पहन शादी रचाई। बिना बारात, ढोल-बैंड बाजे के शांदियां हुईं। विवाह कार्यक्रमों में बैंड- बाजों की एडवांस बुकिंग तक कैंसिल हो गईं। इससे बैंड बाजे वालों के 250 परिवारों पर आर्थिक संकट गहरा गया है। शहर के मशहूर जनता बैंड के संचालक राजकुमार लाडवाल ने बताया कि 25 मार्च से 30 अप्रैल तक शादी विवाह का साल में सैकेंड सीजन होता है। जिसकी उनके पास 45 शादियों की एडवांस बुकिंग थी। इसके अलावा भी शहर में 6 बैंड हैं। जिसमें 110 के आसपास शादियांे में बैंड- बाजे की बुकिंग थी। लेकिन कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव में हुए लॉकडाउन के दौरान जिला में विवाह सम्मेलन मांगलिक कार्य सब स्थगित हो गए हैं।
आगामी समय में भी मांगलिक कार्यों पर ब्रेक लगा रह सकता है। इसके अलावा टेंट, कैटर्स व हलवाई को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ेगा। लाडवाल ने बताया कि जिला में 150 के आसपास शादियों के शुभ मुहूर्त निकल गए, जबकि कई दुल्हा- दुलहन ने मास्क पहन शादी रचाई है।

सोशल डिस्टेंसिंग की पालना के साथ रचाई शादी
कोरोना वायरस संक्रमण के फैलाव को रोकने की मुहिम में 24 मार्च को अचानक लॉकडाउन की घोषणा हो गई। यह लॉकडाउन 17 मई तक चलने वाला है। ज्यादातर शादियांे के शुभ मुहूर्त निकल गए हैं। जबकि कुछ परिवारों ने सहमति से बिना बारात, मैरिज पैलेस, ढोल-बैंड बजे और बिना दावत के शादियां निपटा ली। ऐसे कार्यक्रमों में लॉकडाउन की पालना करते हुए दोनों पक्षों के पांच-पांच घराती-बाराती शामिल हुए। जिससे उनके हलवाई, बैंड बाजे, ढोल, घोड़ी, डैकोरेशन के खर्च की बचत हुई।



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यहां नहीं हुआ महानगरों जैसा हाल, शहर के 5 ठेकों से 25 लाख की शराब ही बिकी, 50 ठेकेदारों का पास तो स्टॉक ही नहीं था

लॉकडाउन में लंबे अंतराल तक बंद रहे शराब के ठेके खोलने की परमिशन बुधवार से दी गई थी, मगर ठेकों पर शराब का स्टॉक नहीं होने के कारण अधिकतर बंद ही रहे। शहर में केवल 5 ठेके खुले जिनपर करीब 25 लाख की शराब बिकी। वहीं शराब को लेकर शाम तक लोगों में कोई रुचि नहीं दिखी। इक्का दुक्का ग्राहक ही आए। शाम को 5 बजे के बाद शराब लेने वालों में थोड़ा उत्साह दिखा। शहर के प्रमुख ठेकों पर कतारें नजर आईं। मगर इतनी भी नहीं थी कि सोशल डिस्टेंस टूटे। फिर भी सुरक्षा के लिहाज से पुलिस तैनात की गई थी। प्रत्येक ठेके पर दो से तीन मुलाजिम तैनात रहे। इसलिए किसी प्रकार की कोई गड़बड़ नजर नहीं आई। इधर शराब ठेकेदारों ने अपनी मनमर्जी से महंगे दाम पर शराब बेची। करीब डेढ गुणा अधिक रेट में शराब बेची गई थी। फिर भी लोग खुशी खुशी ले रहे थे।
ठेकेदार बोले स्टॉक नहीं

जिले में कुल 144 शराब ठेके हैं। जिनमें से 120 ठेके मार्च में छूट पाए थे। उनके सब बैंड भी है। बुधवार को इन 120 ठेकों में से भी करीब 50 ऐसे ठेके थे जिनमें स्टॉक ही नहीं था। इसलिए वे बंद रहे। ठेकेदारों का कहना था कि नया माल आया नहीं। बीच में लाॅकडाउन हो गया। जो माल था वो पुराने ठेकेदारों का था। वे अपना माल बेच गए या ले गए। इसके अलावा सेल्ज मैनेजर भी प्रवासी थे। वे भी जिला से जा चुके हैं। इन सब कारणों के चलते अधिकतर शराब ठेके बंद रहे।

स्टॉक न होने पर ठेकेदारों ने डेढ़ गुना रेट में बेची शराब

शराब ठेकेदारों ने शराब बिक्री और स्टॉक कम होने का जमकर फायदा उठाया। अपनी मनमर्जी के रेट तय करके शराब बेची । उन्होंने डेढ़ गुणा अधिक दाम वसूले। जिस प्रकार पहले देसी शराब 120 रुपये की बोतल थी। अब 200 रुपये की बोतल दी गई। वहीं अंग्रेजी में ओसियन ब्लू पहले 400 रुपये की थी। अब 500 रुपये की बेची गई। इंपिरियल ब्लू पहले 300 की अब 500 , ब्लंडर प्राइड पहले 600 रुपये की। अब 800 रुपये में बेची जा रही है। रॅायल स्टेग पहले 450 रुपये की अब 600 रुपसे की बेची जा रही है।

जिला में रोजाना 22 हजार प्रूफ लीटर पीते हैं शराब

जिला में शराब का कुल कोटा 81 लाख प्रूफ लीटर है। जिसमें देसी 72 लाख प्रूफ लीटर, जबकि 9 लाख प्रूफ लीटर अंग्रेजी शराब का कोटा है। इस हिसाब से रोजाना 22 हजार प्रूफ लीटर शराब की औसत पड़ती है। 45 से 50 लाख रुपये रोजाना की शराब बिकती है। मगर बुधवार को शराब की कमी के चलते यह आंकड़ा काफी कम रहा है। जिला में सबसे ज्यादा देसी शराब पी जाती है।



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प्रशासन ने 1200 लाेगाें की लिस्ट हेल्थ विभाग काे शेयर की, प्रवासी मजदूरों की होगी स्क्रीनिंग

जिला प्रशासन ने दूसरे दिन भी करीब 1200 लाेगाें की लिस्ट हेल्थ विभाग काे शेयर की है। इन सभी लाेगाें काे शाैर्य पैलेस व हांसी के राधा स्वामी सत्संग भवन में ठहराया गया है। जिला प्रशासन ने करीब 400 लाेगाें काे शाैर्य पैलेस में रखा है। जिला प्रशासन के अधिकारियाें का कहना है कि बिहार जाने वाले लाेगाें के लिए गुरुवार काे भी ट्रेन जाएगी। इसमें शाैर्य पैलेस व हांसी के राधा स्वामी सत्संग भवन में ही स्क्रीनिंग का काम किया जाएगा। आसपास ठहरे लाेग जाे सीधे रेलवे स्टेशन पहुंचेंगे, उनकी माैके पर ही स्क्रीनिंग की जाएगी। जिला प्रशासन ने इन स्थानाें पर ठहराने के साथ ही व्यवस्था बनाने काे लेकर 11 ड्यूटी मजिस्ट्रेट भी लगाए हैं।
यहां ठहराए श्रमिक

  • शौर्य पैलेज- कैंट एरिया-
  • राधा स्वामी सत्संग भवन दिल्ली बाइपास
  • ब्राह्मण धर्मशाला
  • विश्वकर्मा धर्मशाला
  • पंजाबी धर्मशाला
  • राधास्वामी सत्संग भवन हांसी
  • स्टेशन मुख्य प्रवेश द्वार
  • रेलवे स्टेशन हिसार अंदर
  • रेलवे स्टेशन हिसार
  • जाट धर्मशाला की तरफ

निगम टीम ने रात में फोगिंग की

शाैर्य पैलेस में ठहरा गए प्रवासियाें का रात काे मच्छराें ने परेशान कर दिया। जिला प्रशासन के अधिकारियाें के पास मामले की शिकायत पहुंची। अधिकारियाें ने तुरंत प्रभाव से निगम टीम के पास काॅल की। रात करीब 10 नगर निगम टीम फाेगिंग करने पहुंची।

इधर, खाना और मास्क का वितरण

कांग्रेस यूथ के नेशनल सेक्रेटरी कृष्ण सातरोड, नवदीप कुमार, राजेश कृष्ण और सामाजिक कार्यकर्ता राहुल राडा ने ट्रेन में जाने वाले श्रमिकों के लिए खाने और मास्क का वितरण किया।



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300 पुलिसकर्मी और 100 रेलवे कर्मचारी तैनात रहे, फिर भी प्लेटफॉर्म और ट्रेन में डिस्टेंस की उड़ीं धज्जियां, एक ही सीट पर बैठे 4-4 श्रमिक

(महबूब अली)भले ही हिसार रेलवे स्टेशन से बिहार के श्रमिकों के लिए चलाई स्पेशल ट्रेन के लिए पुलिस प्रशासन व रेलवे के अधिकारी सभी तैयारियों का दावा कर रहे हो। डिस्टेंस बनाने और सुरक्षा के लिए 300 पुलिस के जवानों के अलावा करीब 100 रेलवे के अधिकारी और कर्मचारियों को तैनात किया गया हो मगर बुधवार को दोपहर जब हिसार के अलावा हांसी, नारनौंद और बरवाला से बिहार के श्रमिक रेलवे स्टेशन पर पहंुचे तो मेन गेट के पास तो पुलिस ने श्रमिकों के बीच डिस्टेंस बना दिया। मगर आरपीएफ थाने के पास डिस्टेंस की खूब धज्जियां उड़ीं। यही नहीं ट्रेन की बोगियों में भी दो के बजाय एक सीट पर चार-चार श्रमिक बैठे नजर आए। जिनके बीच डिस्टेंस बनाने वाला कोई नहीं था। इस स्थिति में कोरोना काे किस तरह से मात दी जा सकती है। खुद ही अंदाजा लगाया जा सकता है। रेलवे स्टेशन पर पड़ताल के दौरान कुछ इस तरह का नजारा देखने को मिला। वहीं ट्रेन में सवार होते ही बिहार के कुछ श्रमिक जहां तुरंत ही सो गए। वहीं कुछ बॉलीवुड फिल्म तो कुछ सीरियल देखते नजर आए। वहीं जब एसएस से बात की तो उन्होंने कहा कि डिस्टेंस को लेकर पूरे इंतजाम किए जाएंगे।
ट्रेन में डिस्टेंस बनाने के लिए अलग से कर्मचारी किए जाएंगे तैनात

रेलवे अधिकारियों के अनुसार मुजफ्फरपुर को 7 मई को जाने वाली ट्रेन को लेकर जहां रेलवे स्टेशन पर 300 के करीब जवान तैनात रहेंगे। वहीं ट्रेन की बोगियों के अंदर डिस्टेंस बनाने को अलग से रेलवे कर्मचारियों की भी ड्यूटी लगाई जाएगी। लापरवाही किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एक एक्स्ट्रा स्वास्थ्य टीम भी तैनात रहेगी।

आज दोपहर 2 बजे चलेगी ट्रेन, मुजफ्फरपुर जाएगी

स्टेश्न अधीक्षक केएल चौधरी ने बताया कि गुरुवार को भी दोपहर दो बजे हिसार से बिहार के मुजफ्फरपुर के लिए स्पेशल ट्रेन चलेगी। जिसको चलाने की सभी व्यवस्था कर ली गई है। इस ट्रेन में भी श्रमिकों को भेजा जाएगा।

7.68 लाख के टिकट बांटे

एक टिकट की कीमत 640 रुपये थी। 1200 श्रमिकों को कुल 7 लाख 68 हजार के टिकट श्रमिकों को फ्री में दिए गए। जिनमें 85 प्रतिशत टिकट का खर्च केंद्र जबकि 15 प्रतिशत प्रदेश सरकार खुद वहन करेेगी।

डिस्टेंस के लिए ये होने चाहिए थे प्रयास

डिस्टेंस के लिए ये होने चाहिए थे प्रयास

  • हर बोगी में कर्मचारी तैनात होने चाहिए थे।
  • रेलवे स्टेशन पर डिस्टेंस बनवाने का सख्ताई से पालन करना चाहिए था।
  • लाउड स्पीकर से डिस्टेंस के साथ बैठने की अपील कर सकते थे।

हाथ सेनेटाइज कराने की तरफ नहीं दिया कोई ध्यान

  • रेलवे स्टेशन मेन गेट (सुबह 6 बजे) : एसपी गंगाराम पूनिया रेलवे स्टेशन के अंदर पहुंचते हैं। पुलिसकर्मियों को अलर्ट के साथ ड्यूटी देने के लिए कहते हैं। एसएस से भी व्यवस्था के बारे में जानकारी हासिल करते हैं। ट्रेन की बोगियों के बारे में भी जानकारी ली।
  • रेलवे स्टेशन का बाहरी गेट (10:20 बजे) : श्रमिक स्पेशल ट्रेन में सवार होने के लिए बिहार के श्रमिक स्टेशन पर पहुंचते हैं। जिन्हें रेलवे स्टेशन छावनी में तब्दील नजर आता है। यहां पर काफी संख्या में पुलिस तैनात की गई थी। दरवाजे पर बैठे स्वास्थ्य टीम स्क्रीनिंग के बाद श्रमिकों को बारी-बारी से डिस्टेंस और थर्मल स्क्रीनिंग साथ रेलवे स्टेशन के अंदर प्रवेश कराती है। हालांकि श्रमिकों के हाथ से सेनेटाइज करने की तरफ किसी ने भी कोई ध्यान नहीं दिया। बिना सेनेटाइज हुए ही श्रमिक अंदर जा रहे थे।
  • एसएस ऑफिस के बाहर (11 बजे) : डीसी डाॅ. प्रियंका सोनी व अन्य अधिकारी पहुंचते हैं। श्रमिकों को बच्चों के लिए खिलाैने व अन्य का वितरण किया जाता है। साथ ही डीसी श्रमिकों से डिस्टेंस के साथ जाने की अपील करती है।
  • आरपीएफ थाने के पास ( दोपहर 1 बजे) : यहां पर श्रमिकों के बीच डिस्टेंस के लिए सफेद निशान तो बनाए गए थे मगर श्रमिक जवानों की लापरवाही के कारण बनाए गए गोल निशान के अलावा उनके बाहर भी बिना डिस्टेंस के खड़े थे। हालांकि आरपीएफ के जवान डिस्टेंस बनाने की अपील कर रहे थे।
  • बोगी संख्या 07224 (दोपहर 1:20 बजे) : ट्रेन में रेलवे के अधिकारियों ने काेरोना वायरस से बचाव के मद्देनजर बड़ी सीट पर एक पर दो जबकि छोटी सीट पर सिर्फ एक के ही बैठने के निर्देश दिए थे मगर बोगी में अधिकतर सीट पर चार-चार यात्री बैठे हुए थे। जिनके बीच डिस्टेंस बनाने के लिए कहने वाला ट्रेन के अंदर कोई नहीं था। भास्कर संवाददाता को श्रमिक इमरान, साजिद ने बताया क उन्हें किसी ने भी ट्रेन में डिस्टेंस बनाने के लिए नहीं कहा है।
  • रेलवे स्टेशन पर ट्रेन की बोगी संख्या 09222 (दोपहर 1: 40 बजे): बोगी में जगह जगह एक सीट पर डिस्टेंस की धज्जियां उड़ाते हुए चार-चार यात्री बैठे हुए थे। जिनके बीच डिस्टेंस बनाने के लिए कहने वाला कोई नहीं था। बोगी में दस से अधिक स्थानों पर यात्री इसी तरह बैठे हुए थे।


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जाखल में 40 ट्रक चालकों की स्क्रीनिंग की

स्वास्थ्य विभाग की ओर से जाखल ट्रक यूनियन में 40 ट्रक चालकों की स्क्रीनिंग की गई। हेल्थ इंस्पेक्टर रमेश कुमार ने बताया कि ट्रक चालक विभिन्न राज्यों में माल ढोने का काम करते हैं। उनकी कोरोना की चपेट में आने की आशंका ज्यादा रहती है। इस आशंका को देखते हुए विभाग के निर्देशानुसार ट्रक यूनियन कार्यालय में जाकर सभी ट्रक चालकों एवं उनके क्लीनर की स्क्रीनिंग की गई ।

उन्होंने बताया कि हालांकि यह रिपोर्ट अभी निगेटिव पाई गई है, लेकिन उन्हें पूरी तरह से एहतियात बरतने के दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। हेल्थ इंस्पेक्टर ने बताया कि ट्रक चालकों को विशेष तौर पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने व एक राज्य से दूसरे राज्य में प्रवेश करने पर लगातार अपना मेडिकल करवाए जाने के लिए भी आह्वान किया गया है।



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ट्रक यूनियन कार्यालय में ट्रक चालकों की स्क्रीनिंग करते स्वास्थ्य कर्मी।




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150 डाक कर्मियों ने 1370 लोगों को घर बैठे 50 लाख की राशि पहुंचाई

(प्रवीन शर्मा) कोरोना व लॉकडाउन के चलते लोगों को रुपये निकलवाने के लिए बैंक व डाकघरों में न आना पड़े, इसे लेकर लोगों को ऑनलाइन अप्लाई करने पर घर पर ही राशि पहुंचाई जा रही है।
फतेहाबाद जिले में अब तक 1370 लोगों को करीब 50 लाख रुपये की राशि पहुंचाई जा चुकी है। इसमें 150 शहरी व ग्रामीण डाक सेवक सहयोग कर रहे हैं।
लोग इस सुविधा का लाभ लेने के लिए तीन-चार तरह की एप व वेबसाइट की मदद ली जा सकती है। इसमें मुख्य तौर पर डाक मित्र एप व पोस्ट इंफो एप है। प्ले स्टोर से डाउनलोड करने के बाद उसका प्रयोग किया जा सकता है। इसमें लोगों को जरूरत के हिसाब से राशि व अन्य जानकारी भरनी होगी। खाता किसी भी बैंक का हो। प्रत्येक बैंक की अपनी लिमिट है। एक से 10 हजार तक की राशि मंगवा सकते हैं।

लोग बोले-जरूरत के समय मिले रुपये

  • गांव बैजलपुर में कंबाइन चालक निर्मल सिंह ने बताया कि उसकी कंबाइन में डीजल खत्म हो गया था मौके पर उसके पास रुपये नहीं थे। उसने डाक घर की वेबसाइट पर आवेदन किया तो डाक घर का कर्मचारी मौके पर पहुंचा। बायोमेट्रिक पर अंगूठा लगाने के बाद उसे 4 हजार रुपये की नकदी दे दी गई। उसे घर से बाहर नहीं जाना पड़ा।
  • हिजरावा खुर्द की छंदों भाई ने बताया कि बैंक में रुपये निकलवाने के लिए लाइनों में लगना पड़ता है। जब उसे पता चला कि घर बैठे ही रुपये निकलवा सकते हैं। तो ऑनलाइन आवेदन किया। डाक घर के कर्मचारी पहुंचे । उसने 3 हजार रुपये मंगवाए थे।
  • गांव खैराती खेडा की करीब 80 साल की महिला को रुपयों की जरूरत थी। बैंक जाने में दिक्कत थी, इसलिए उसने किसी की मदद से डाकघर की वेबसाइट पर जानकारी डाली। जिसके बाद उसे घर पर ही दो हजार रुपये मिल गए।

नागरिक इन पर भी ले सकते हैं मदद

रुपये निकलवाने के लिए http://bankslot.haryana.gov.in पर भी जाकर आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा डाक विभाग की ओर से इंडिया पोस्ट पेमेंटस बैंक के तहत आधार एनेबेलड पेमेंट सुविधा शुरू कर दी। पोस्ट ऑफिस में जाकर राशि ले सके है।

हर सम्भव मदद कर रहे हैं : इंचार्ज

जाे लोग डाक घर की वेबसाइट पर रुपयों के लिए आवेदन करते है तो कर्मचारी मशीन लेकर मौके पर जाता है और अंगूठे को मशीन के पट पर लगाने के बाद रुपये दिए जाते हैं।'' -राममेहर, इंचार्ज, डाकघर, फतेहाबाद।

हिसार मंडल में2 करोड़ की राशि पहुंचाई

हिसार मंडल में अब तक दो करोड़ से ज्यादा की राशि इस तरह से लोगों को पहुंचाई जा चुकी है। फतेहाबाद में 1370 लोगों को करीब 50 लाख की राशि उनके घरों तक पहुंचाई गई है ताकि लोगों को बैंकों में न आना पड़े।'' -अनिल रोज, अधीक्षक डाकघर, मंडल हिसार।



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नियमों का पालन नहीं करने पर एसपी ने 10 दुकानें बंद करवाईं टोहाना में रेलवे रोड पर भीड़ बढ़ी तो बैरिकेड्स लगा रोका ट्रैफिक

लॉकडाउन 3.0 के तहत दुकानों को खोलने को लेकर मिली छूट में दुकानदार व ग्राहक लापरवाही बरत रहे हैं। ज्यादातर दुकानदार सरकार व प्रशासन की ओर से जारी गाइडलाइन को पूरा नहीं कर रहे हैं। काफी दुकानदारों ने मास्क व सेनिटाइजर के प्रयोग को गंभीरता से नहीं लिया है। बुधवार को एसपी राजेश कुमार ने बाजार का दौरा कर नियमों का पालन न करने पर 10 से ज्यादा दुकानों को बंद कराया व भविष्य में नियम पूरे न करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी। इसी तरह से टोहाना में भी वाहनों की आवाजाही पर पुलिस ने मेन बाजार में बैरिकेड्स लगा दिए। रतिया में भी भीड़ को खदेड़ने के लिए डीएसपी को आगे आना पड़ा।
बुधवार को रोस्टर के हिसाब से फतेहाबाद शहर में रेडिमेड गारमेंट, कॉस्मेटिक हैंडलूम, फर्नीचर, ऑटो मोबाइल, नाई आदि की दुकानें खुली। इससे थाना रोड, चार मरला कॉलोनी रोड, धर्मशाला रोड आदि बाजार खुले रहे। लोग खरीदारी के लिए भी आए। लोगों की आवाजाही रही। पुलिस की ओर से बाजार में फोर व्हीलर के प्रवेश को बंद किया गया था, जिसकी वजह से बाजार में भीड़ महसूस नहीं हुई। हालांकि कुछ दुकानदार सोशल डिस्टेंस के नियमों का पालन नहीं कर रहे थे। वहीं कुछ लोग बिना मास्क के घूम रहे थे तो कुछ दुकानदार सेनिटाइजर का प्रयोग नहीं कर रहे थे।

बाजार में नहीं हाे रहा था साेशल डिस्टेंस का पालन

एसपी राजेश कुमार ने बाजारों का दौरा कर 10 से ज्यादा दुकानों को बंद करा दिया क्योंकि दुकानदार सोशल डिस्टेंस, मास्क व सेनिटाइजेशन के नियमों का पालन नहीं कर रहे थे। एसपी ने चेतावनी दी कि अगली बार नियमों का पालन नहीं किया तो केस दर्ज किया जाएगा। एसडीएम संजय ने भी बाजार का जायजा लिया।



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SP shops closed 10 shops for not following rules




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मदद रसोई से 700 जरूरतमंदों को भेजा भोजन

लॉकडाउन के दौरान जरूरतमंद लोगों के लिए हनुमान जोहड़ी धाम मंदिर की मदद रसोई व बालाजी रसोई से 700 जरूरतमंद लोगों के लिए दोपहर व रात्रि का भोजन तैयार कर बैंक कॉलोनी, कमला नगर, नया बाजार, कोर्ट फुटपाथ पर, नया बस स्टैंड दिनोद गेट, ठा.बीर सिंह पार्क स्थल के पास, हालुवास गेट पर वितरण किया गया।
बाल योगी महंत चरणदास महाराज व विधायक घनश्याम सर्राफ ने कहा कि जरूरतमंद लोगों तक मदद व बालाजी रसोई के द्वारा स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए भोजन पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिले में अनेक सामाजिक संगठन इस प्रकार का प्रयास कर रहे है जिनकी बदौलत जरूरतमंद लोगों को भोजन मिल रहा है। समाजसेवी प्रवीण गर्ग व सामाजिक कार्यकर्ता रोहित गोयल दिल्ली ने कहा कि हमें लॉकडाउन के नियमों का पालन लंबे समय तक करना होगा। उन्होंने कहा कि जब लॉकडाउन खत्म हो जाएगा तब भी लोगों को डिस्टेंस, मास्क, सैनिटाइजर का प्रयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की सावधानी से हम इस प्रकार की महामारी को मात दे सकते हैं।



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मदद रसोई में जरूरतमंद लोगों के लिए भोजन तैयार करते महंत चरणदास महाराज व अन्य।




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40 दिन के बाद खुले ठेके, ग्राहकों की नहीं दिखीं लाइनें

लॉकडाउन के दौरान 40 दिन बाद जिले में शराब के ठेके खोल दिए गए हैं। मगर जिले में पहले ही दिन लोग शराब खरीदते शर्म महसूस कर रहे थे या फिर 40 दिन में उनकी आदत ही बदल गई।
बुधवार को इक्का दुक्का ही लोग शराब खरीदने ठेकों पर पहुंच रहे थे। वहीं सुबह बिना नियम पूरे किए ठेके खुलने शुरू हो गए थे। जिन्हें पुलिस ने बंद करवाते हुए नियम पूरे करने को कहा। जिले में गांव रानीला, गोपालवास व बेरला में पहले दिन शराब ठेके खाली थे और कुछ पर सिर्फ इक्का दुक्का बोतल ही थी। शराब ठेकों का निरीक्षण करने निकले डीएसपी शमशेर सिंह दहिया ने बिना नियम पूरे किए खुले ठेकों को बंद करवा दिया। इसके बाद तुरंत ठेकेदारों ने बास से बैरिगेट बनाए।

32 शराब ठेके खुले

दादरी शहर के अंदर 3 जोन के 6 शराब ठेके ही खुले। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में 14 जोन हैं लेकिन 13 जोन के 26 शराब ठेके ही खुले। शहर के 3 व 1 ग्रामीण क्षेत्र का जोन है जो अभी अलॉट नहीं हुआ है। ऐसे में बुधवार को पहले दिन 32 शराब ठेके खुले।

सुबह 8.00 बजे खुले ठेके

पूरे जिले में सिर्फ झोझू कलां कस्बा ऐसा हैं जहां पहले ही दिन शराब ठेके अपने समय पर सुबह 8 बजे खुल गए थे। 8 बजे सिर्फ दो लोग ही शराब लेने पहुंचे। वहीं शराब की बोतल हाथ में लेने के बाद युवक अपने अंदर की खुशी छुपा नहीं पाया।



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दादरी। नियम पूरे होने तक बंद करवाया शराब ठेका तो कारिंदे ने तुरंत बास का बैरिगेट किया तैयार।




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मदद रसोई से 700 जरूरतमंदों को भेजा भोजन

लॉकडाउन के दौरान जरूरतमंद लोगों के लिए हनुमान जोहड़ी धाम मंदिर की मदद रसोई व बालाजी रसोई से 700 जरूरतमंद लोगों के लिए दोपहर व रात्रि का भोजन तैयार कर बैंक कॉलोनी, कमला नगर, नया बाजार, कोर्ट फुटपाथ पर, नया बस स्टैंड दिनोद गेट, ठा.बीर सिंह पार्क स्थल के पास, हालुवास गेट पर वितरण किया गया।
बाल योगी महंत चरणदास महाराज व विधायक घनश्याम सर्राफ ने कहा कि जरूरतमंद लोगों तक मदद व बालाजी रसोई के द्वारा स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए भोजन पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिले में अनेक सामाजिक संगठन इस प्रकार का प्रयास कर रहे है जिनकी बदौलत जरूरतमंद लोगों को भोजन मिल रहा है। समाजसेवी प्रवीण गर्ग व सामाजिक कार्यकर्ता रोहित गोयल दिल्ली ने कहा कि हमें लॉकडाउन के नियमों का पालन लंबे समय तक करना होगा। उन्होंने कहा कि जब लॉकडाउन खत्म हो जाएगा तब भी लोगों को डिस्टेंस, मास्क, सैनिटाइजर का प्रयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की सावधानी से हम इस प्रकार की महामारी को मात दे सकते हैं।



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मदद रसोई में जरूरतमंद लोगों के लिए भोजन तैयार करते महंत चरणदास महाराज व अन्य।




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46 दिन बाद हिसार से 1200 श्रमिकों को लेकर स्पेशल ट्रेन बिहार के कटिहार रवाना

लॉकडाउन 3.0 के तीसरे दिन यानी 46 दिन बाद बुधवार को हिसार से बिहार के कटिहार के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेन दिन में 2:10 बजे रवाना हुई। 24 कोच की इस ट्रेन में 1200 मजदूरों को सोशल डिस्टेंसिंग के साथ बैठाया गया। ट्रेन में सवार श्रमिकों के चेहरे पर घर जाने की खुशी थी। श्रमिक स्पेशल ट्रेन को चलाने के लिए मंगलवार से जिला प्रशासन और रेलवे के अधिकारी तैयारी में जुटे थे। बुधवार तड़के ही हांसी, हिसार, बरवाला, नारनौंद में फंसे बिहार के श्रमिकों को लेकर रोडवेज की बसें स्टेशन पहुंचने लगी थीं। डीसी डाॅ. प्रियंका सोनी, एसपी की गंगाराम पूनिया साथ ही अफसरों का अमला भी स्टेशन पर मौजूद रहा। स्टेशन अधीक्षक केएल चौधरी ने बताया कि गुरुवार को भी दोपहर दो बजे हिसार से बिहार के मुजफ्फरपुर के लिए स्पेशल ट्रेन चलेगी।

फ्री टिकट देकर ट्रेन में डिस्टेंसिंग के साथ बैठाए गए श्रमिक

  • ट्रेन में डिस्टेंस बनाने में 300 से अधिक पुलिसकर्मी लगे।
  • स्क्रीनिंग के बाद श्रमिकों को स्टेशन में प्रवेश मिला ।
  • नि:शुल्क मास्क, भोजन व पानी की बोतल भी दी गई।
  • बच्चों के लिए दूध, खिलाैने, व चाॅकलेट की व्यवस्था थी।
  • 7.68 लाख के टिकट फ्री में दिए गए। 85% खर्च केंद्र व 15% प्रदेश सरकार वहन करेेगी।

सीएम ने मजदूरों से कहा-नीतीश बाबू को हमारा राम-राम कहिएगा

सीएम मनोहर लाल ने मोबाइल पर वीडियो कॉल से मजदूरों का कुशलक्षेम पूछा। सीएम ने पूछा कि पानी, खाना, दवा आदि के लिए पैसे तो नहीं लगे तो श्रमिक ने कहा एक भी पैसा नहीं लगा। मजदूरों को सीएम ने बिहार के सीएम के साथ अपने संबंधों के बारे में बताया और कहा कि नीतीश बाबू को हमारा राम-राम कहिएगा।



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हिसार : सोशल डिस्टेंसिंग के साथ लाइन में खड़े श्रमिक।




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हरियाणा में 45 साल में 10 मीटर तक नीचे चला गया भू-जल

हरियाणा में भूजल लगातार नीचे जा रहा है। प्रदेश में धान का एरिया भी बढ़ता जा रहा है और पानी की खपत भी बढ़ रही है। सीएम मनोहर लाल ने बुधवार को बुधवार को उन्होंने ‘मेरा पानी, मेरी विरासत कार्यक्रम लांच किया है, ताकि हम भावी पीढ़ियों के लिए पानी की बचत कर सकें। आंकड़ों पर गौर किया जाए तो प्रदेश में वर्ष 1974 से 2019 तक प्रदेश में भू-जल स्तर 10.65 मीटर नीचे गया है। वर्ष 1984 से 2019 तक यह 10.19 मीटर, वर्ष 1995 से 2019 तक 9.17 मीटर, वर्ष 2008 से 2019 तक 5.22 मीटर, वर्ष 2018-19 तक 0.54 मीटर पानी नीचे गया है। सीजन 2019 जून से अक्टूबर तक 0.23 मीटर पानी में सुधार हुआ है। जून-2019 में जहां प्रदेश का औसतन भू-जल स्तर 20.85 मीटर नीचे था, अक्टूबर 2019 में यह 20.65 मीटर हो गया। चिंता की बात भी है कि प्रदेश का भू-जल स्तर पिछले 45 सालों मंे 10.65 मीटर से 20.65 मीटर हो चुका है। यानी करीब 10 मीटर पानी नीचे की ओर गया है।
हरियाणा में वर्ष 1966 में जहां 1.92 लाख हेक्टेयर में धान की रोपाई होती थी, अब यह करीब सात गुणा से अधिक बढ़ चुका है। अब यह 14 लाख हेक्टेयर से अधिक हो चुका है और हर साल इसमें बढ़ोत्तरी हो रही है। वर्ष 2014 में 12.77 लाख हेक्टेयर, 2015 में 13.53, वर्ष 2016 में 13.86, वर्ष 2017 में 14.22, वर्ष 2018 में 14.47 और वर्ष 2019 में 14.70 लाख हेक्टेयर एरिया में धान की रोपाई की गई थी। हरियाणा में पिछले 67 दिनों में करीब 88 एमएम बरसात हो चुकी है। इस अवधि में अमूमन 22.5 एमएम बरसात होती है।

जल नहीं बचाया तो भावी पीढ़ियों को पेयजल की होगी दिक्कत

सरकार के निर्णय के पीछे ये बड़ा कारण
भू-जल की कमी धान उत्पादक जिलों में सबसे अधिक हो रही है। कुरूक्षेत्र में जहां यह 41.4 मीटर, करनाल में 21.2 मीटर, कैथल में 31.95 मीटर तक नीचे जा चुका है। जबकि महेंद्रगढ़ में भू-जल सबसे अधिक नीचे है, यहां आंकड़ा 47.36 मीटर तक जा चुका है। पिछले साल हरियाणा में मानसून सीजन के दौरान 255 एमएम बरसात हुई है, जो सामान्य से करीब 42 फीसदी कम है।



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फाइल फोटो।




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पीजीआई में रोजाना हो सकेगी 800 सैंपल की जांच

(विवेक मिश्र)कोरोना वायरस संक्रमण से पीड़ित मरीजों का सैंपल टेस्ट के जरिए पता लगाने के लिए राज्य सरकार ने प्रदेश भर में संचालित सरकारी लैब को अत्याधुनिक बनाने की दिशा में पहल की है। प्रदेश के सभी सात संस्थानों में संचालित लैब में कुल 31,731 सैंपल टेस्ट किए गए और 461 सैंपल की रिपोर्ट ही पॉजीटिव आई है। प्रदेश के 11 जिलों से एकत्रित किए जाने वाले कोरोना संदिग्धों की सैंपलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वहीं पीजीआई में भी अब सैंपल टेस्टिंग की क्षमता बढ़ाई गई है। दरअसल पीजीआई ने 67 लाख रुपए कीमत की एक रियल टाइम पीसीआर मशीन खरीदी है। इसके बाद लैब में 24 घंटे में पांच सौ की बजाय आठ सौ से ज्यादा सैंपल टेस्ट हो सकेंगे। अभी तक पीजीआई की वायरल रिसर्च लैब में अभी तक एक ही रियल टाइम पीसीआर मशीन से रिसर्च टीम सैंपल टेस्ट कर रही थी।

पीजीआई में अब तक 13,199 सैंपल टेस्टिंग रिपोर्ट में 176 में संक्रमण मिला
7 सरकारी व एडिड मेडिकल कॉलेजों में कोरोना सैंपल टेस्ट के लिए लैब का संचालन की है। 6 मई के आंकड़े बताते हैं कि पीजीआई लैब में पिछले 24 घंटे में 11 जिलों से आए 573 कोरोना संदिग्धों का सैंपल टेस्ट किया, जिनमें पांच सैंपल की रिपोर्ट में कोराेना पॉजीटिव आया। लैब में 13,199 सैंपल टेस्ट हो चुके हैं। 176 लोगों में कोरोना वायरस संक्रमण पाया। बीपीएस खानपुर सोनीपत की लैब में 24 घंटे में 419 सैंपल टैस्ट हुए, जिनमें 19 में कोरोना पॉजीटिव पाया गया। लैब में अभी तक 7,224 सैंपल टेस्ट किए जिनमें 224 कोरोना पॉजीटिव मिले। ईएसआईसी फरीदाबाद की लैब में 24 घंटे में 167 सैंपल टेस्ट हुए जिनमें एक भी पॉजीटिव मरीज नहीं मिला। यहां की लैब में अभी तक 2748 सैंपल टेस्ट किए गए और 49 सैंपल में कोरोना पॉजीटिव मिला।

2 दिन लगेंगे इंस्टॉल होने में

मशीन को इंस्टॉल होने में 2 दिन लगेंगे। करीब 67 लाख रुपए कीमत की एक रियल टाइम पीसीआर की मशीन की खरीद करवाकर लैब में इंस्टाल कराने के लिए भेज दिया है। 2 दिन में कंपनी की तरफ से इंजीनियर लैब में पहुंचकर आरटी पीसीआर मशीन इंस्टाल कर देंगे। लैब में 24 घंटे में पांच सौ की बजाय आठ सौ से ज्यादा सैंपल टेस्ट हो सकेंगे। 33 लाख रुपए से एक और मशीन खरीदी जाएगी।

कल्पना चावला में 5832 सैंपल टेस्ट

कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज की लैब में 24 घंटे में 405 सैंपल टेस्ट हुए। यहां लैब में अब तक 5832 सैंपल टेस्ट हो चुके हैं। हिसार के आईसीएआर एनआरसीई में लैब में अब तक 2508 सैंपल टेस्ट हुए और चार सैंपल की रिपोर्ट कोरोना पॉजीटिव आई। कमांड अस्पताल चंडी मंदिर पंचकूला में कुल 103 सैंपल ही टेस्ट किए गए हैं। सिविल हास्पिटल पंचकूला में कुल 117 सैंपल टेस्ट हुए, सभी की रिपोर्ट निगेटिव रही।



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फाइल फोटो।




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राज्य में एक सप्ताह से हर 37 मिनट में मिल रहा एक पॉजिटिव, आंकड़ा 600 के करीब पहुंचा

(मनोज कुमार).हरियाणा में कोराना का हमला बढ़ता ही जा रहा है। 24 घंटे में 45 नए केस सामने आए हैं। इनमें 18 गुड़गांव के हैं। यहां संक्रमितों का अांकड़ा 104 पर पहुंच गया है। झज्जर में 6, करनाल में 5, अम्बाला-जींद में 4-4, सोनीपत व पानीपत में 3-3, फरीदाबाद में दो नए केस मिले हैं। पिछले एक सप्ताह से राज्य में हर 37 मिनट में एक मरीज मिल रहा है। सात दिनों में 275 नए मामले सामने आ चुके हैं। रिकवरी रेट भी 70 की बजाए अब करीब 43 प्रतिशत पर आ गया। इस वक्त कुल एक्टिव मामले 331 हैं।

सात दिनों में पांच लोगों की मौत कोरोना से हो चुकी है। अब तक कुल आठ लोगों की जान जा चुकी है। बुधवार को आई रिपोर्ट में पानीपत का युवक पॉजिटिव मिला, जबकि उसकी मंगलवार को ही मौत हाे चुकी थी। वह दिल्ली से लौटा था। प्रदेश में 10 दिन में अब मरीज डबल हो रहे हैं। सरकार की ओर से टेस्टिंग बढ़ाते ही संक्रमित लोगों का आंकड़ा बढ़ने लगा है। राज्य में इस वक्त प्रति मिलियन 1707 लोगों की कोरोना की जांच की जा रही है। गुड़गांव में चार मरीज ठीक हुए हैं। राज्य में अब तक 260 मरीज ठीक हुए हैं। कुल मरीजों की संख्या 599 हो चुकी हैं।

1784 की रिपोर्ट निगेटिव

  • राज्य में 2351 व संदिग्ध मरीजों के सैंपल लिए है। 1784 की रिपोर्ट निगेटिव आई है।
  • 393 लोगों का सर्विलांस का समय पूरा हुआ। जबकि 46 लोग नए सर्विलांस पर आए हैं।

जानिए... आज तक की स्थिति

  • 21667 का हो चुका सर्विलांस का समय पूरा।
  • 15740 लोग अभी भी हैं सर्विलांस पर।
  • 43279 लोगों के लिए गए हैं सैंपल।
  • 38590 सैंपल आ चुके हैं निगेटिव।
  • 4095 की रिपोर्ट का अभी है इंतजार।

स्वास्थ्य मंत्री बोले-जनता का भरोसा नहीं टूटने देंगे

गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने बुधवार को वीडियो कान्फ्रेंस के जरिए अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने उनके काम की प्रशंसा करते हुए प्रोत्साहित भी किया। कहा कि प्रदेश की जनता का जो भरोसा हम पर है, उसे टूटने नहीं देंगे और कोरोना से इस जंग को हम जरूर जीतेंगे। उन्होंने कहा कि कोविड-19 की लड़ाई लड़ रहे सभी कर्मचारियों की जांच कराई जाए।



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Gurgaon Gurugram (Haryana) Coronavirus/Corona Outbreak Latest News Report Today Updates | Confirmed Cases in Haryana Jump To Six Hundred




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मारुति सुजूकी के मानेसर प्लांट में 12 मई से शुरू होगा उत्पादन, 1200 कर्मियों के पास जारी

हरियाणा में लॉकडाउन फेज-3 का चौथा दिन है। राज्य में कोरोना मरीजों की संख्या 602 पहुंच गई है। प्रदेश में अब तक कोरोना की वजह से 8 मौत हो चुकी है। वहीं इस बीच एक अच्छी खबर ये आ रही है कि कार बनाने वाली देश की अग्रणी कंपनी मारुति सुजूकी 12 मई से अपने मानेसर प्लांट में उत्पादन का कार्य शुरू करने जा रही है। इसके लिए प्रबंधन ने कंपनी के सभी संबंधित अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी किए और उत्पादन की तैयारी सुनिश्चित करने के लिए कहा है।

शुरुआत में 600 कर्मियों को पास मिले थे, अब 1200 कर्मियों को जिला प्रशासन ने दिए पास

  • लॉकडाउन की अवधि में कंपनी को बीते 22 अप्रैल को मानेसर प्लांट में उत्पादन कार्य शुरू करने की अनुमति मिली थी। कंपनी को शुरुआत में केवल 600 कर्मियों से काम शुरू करने के लिए पास मिले थे। लॉकडाउन के तीसरे फेज में कंपनी को गुड़गांव और मानेसर प्लांट में कुल 1200 कर्मियों को काम पर आने-जाने के लिए प्रशासन द्वारा पास जारी किए गए हैं। मगर, कंपनी ने फिलहाल केवल मानेसर प्लांट में उत्पादन कार्य शुरू करने की पहल की है।
  • इसके बाद दूसरे चरण में गुड़गांव और गुजरात प्लांट में उत्पादन कार्य शुरू करने की कोशिश होगी। मारुति सुजूकी में उत्पादन का कार्य शुरू किए जाने की तैयारी की सूचना से उद्योग जगत में राहत नजर दिख रही है। लगभग डेढ़ महीने से बंद पड़ी ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में फिर से नई जान भरने की आशा बंधी है। इससे कंपनी से जुड़े उद्योगों में भी उत्पादन का कार्य शुरू होने की संभावना बनी है।

अप्रैल में एक भी कार नहीं बिकी थी
अप्रैल में घरेलू बाजार में मारुति सुजूकी की एक भी कार की बिक्री नहीं हुई थी। इस दौरान महज 632 कार निर्यात हो सकी थी। कंपनी पहले से ही मंदी का मार झेल रही है। मारुति की मार्च 2019 में जहां 158076 कार की बिक्री हुई थी, वहीं मार्च 2020 में बिक्री घटकर 83792 रह गई, जोकि 47 फीसदी कम थी।

हरियाणा में बुधवार को शराब के ठेके खुले तो जगह-जगह शराब के ठेकों के बाहर लंबी लाइनें लग गई। लोगों ने सोशल डिस्टेंस बनाकर शराब खरीदी।

हरियाणा सरकार ने अवैध शराब की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए दिए निर्देश
सीएम मनोहर लाल ने सभी जिलों केडीसी व एसपी को निर्देश दिए हैं कि वे प्रदेश में अवैध शराब की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए जिला स्तर पर मजिस्ट्रेट की अगुवाई में पुलिस व आबकारी एवं कराधान विभाग के अधिकारियों की विशेष टीमों का गठन करें। डिस्टलरी (उत्पादन इकाई) से ठेकों तक बिना डयूटी की अदायगी वाली शराब की आपूर्ति पर भी रोक लगाएं। डीसी व एसपी को निर्देश दिए हैं किप्रत्येक डिस्टलरी में इनकी नियमित निगरानी की जाए। उन्होंने सभी एसपी को आदेश दिए कि वे अपने-अपने जिलों में शराब के अवैध गोदामों का पता लगाएं। पुलिस द्वारा जब्त की गई शराब की भी इन्वेंटरी तैयार की जानी चाहिए।

हरियाणा के हिसार से पहली ट्रेन बिहार के कटिहार के लिए रवानी की गई। इस ट्रेन में 1200 मजदूर रवाना हुए।

हरियाणा से बिहार के कटिहार के लिए विशेष ट्रेन हुई रवाना, अब 8 विशेष ट्रेन और जाएंगी
बुधवार को राज्य सरकार ने प्रवासी मजदूरों के लिए हिसार से बिहार में कटिहार तक विशेष रेलगाड़ी रवाना की है। अगले एक-दो दिन में आठ विशेष रेलगाड़ियां विभिन्न गंतव्य स्थलों पर भेजी जाएंगी। उत्तर प्रदेश जाने वाले प्रवासी मजदूरों के लिए बसों के विशेष प्रबंध भी किए गए हैं। गृह विभाग द्वारा इस सम्बंध में मानक संचालन प्रक्रिया जारी की है।

हरियाणा में 626 पहुंचा पॉजिटिव मरीजों का आंकड़ा

  • हरियाणा में अब तक गुड़गांव में 117, फरीदाबाद में 84, सोनीपत में 84, झज्जर में 73, नूंह में 59, अम्बाला में 41, पलवल में 36, पानीपत में 34, पंचकूला में 18, जींद में 14, करनाल में 14, यमुनानगर में 8, सिरसा में 6, फतेहाबाद में 6, हिसार, रोहतक में 4-4, भिवानी में 3. महेंद्रगढ़, कुरुक्षेत्र और कैथल में 2-2, चरखी दादरी में एक पॉजिटिव मिला। इसके अलावा, मेदांता अस्पताल गुड़गांव में 14 इटली के नागरिकों को भी भर्ती करवाया गया था, जिन्हें हरियाणा ने अपनी सूची में जोड़ा है।
  • प्रदेश में अब कुल 260 मरीज ठीक हो गए हैं। नूंह में 53, गुड़गांव में 51, फरीदाबाद में 43, पलवल 32, पंचकूला में 17, अम्बाला में 11, करनाल और पानीपत में 5-5, सिरसा और सोनीपत में 4-4, यमुनानगर, भिवानी और हिसार में 3-3, कैथल, कुरुक्षेत्र, रोहतक में 2-2, चरखी दादरी, फतेहाबाद 1-1 मरीज ठीक होने पर घर भेजा गया। 14 मरीज इटली के भी ठीक हुए हैं। इनके समेत कुल आंकड़ा 241 हो जाता है।


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हरियाणा में बहुत सी जगह लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं कर रहे हैं, यह तस्वीर करनाल गुड़ मंडी की है, जहां लोगों की भीड़ साफ बता रही है कि कितनी लापरवाही बरती जा रही है।




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1200 प्रवासी श्रमिकों को लेकर बिहार रवाना हुई स्पेशल ट्रेन, आज भागलपुर के लिए चलेगी

श्रमिकों को कटिहार तक ले जाने के लिए कैंट रेलवे स्टेशन से वीरवार को चलाई गई श्रमिक स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेन तय समय से डेढ़ घंटा लेट चलीं। ट्रेन चलाने के लिए शाम 4 बजे का समय निर्धारित था, लेकिन ट्रेन शाम करीब साढ़े 6 बजे रवाना हुई।
रेलवे स्टेशन पर श्रमिक यात्रियों के दस्तावेजों की पड़ताल व अन्य कार्य के चलते विलंब हुआ। ट्रेन अम्बाला कैंट से कटिहार तक 1445 किमी. का सफर 24 घंटे में तय करेगी। रेलवे स्टेशन पर अन्य श्रमिक ट्रेनों में जाने के लिए न उमड़े इसलिए रेलवे द्वारा सुबह से ही रेलवे स्टेशन व परिसर को पूरी तरह से सील कर दिया गया था। एसपी अभिषेक जोरवाल के अलावा आरपीएफ कमांडेंट चोक्का रघुबीर सहित कई अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। सुबह से ही अलग-अलग जिलों से बसें रेलवे स्टेशन पर श्रमिक यात्रियों को लेकर पहुंचने लगी थी। इंक्वायरी काउंटर के बाहर ही मुख्य काउंटर पर श्रमिकों के कार्ड चेक किए गए। इस दौरान उन्हें पानी की बोतल व खाने के पैकेट भी दिए जा रहे थे। श्रमिकों की थर्मल स्कैनिंग के बाद एक नंबर अलॉट किया जा रहा था।

मुरादाबाद तक अम्बाला का स्टाफ ले जाएगा ट्रेन

श्रमिक स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेन का संचालन अम्बाला कैंट रेलवे स्टेशन का रनिंग स्टाफ मुरादाबाद रेलवे स्टेशन तक करेगा। ट्रेन के लोको पायलट, सहायक लोको पायलट, गार्ड व आरपीएफ स्टाफ की ड्यूटी मुरादाबाद स्टेशन पर ऑफ होगी। ट्रेन का बीच मार्ग में 6 रेलवे स्टेशनों पर केवल टेक्निकल हॉल्ट होगा। इस दौरान किसी भी यात्री को ट्रेन से उतरने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

  • सात जिलों से श्रमिक अम्बाला लाए गए : श्रमिक ट्रेन में कुल 1200 यात्री 7 जिलों से रवाना हुए। इनमें सबसे ज्यादा यात्री जींद व भिवानी से थे। इनमें अम्बाला से 117, पानीपत से 23, भिवानी से 508, जींद से 512, फतेहाबाद से 25, हिसार से 7 और कैथल से 8 यात्री थे।
  • यात्रियों से बस व ट्रेन का किराया नहीं लिया : श्रमिक यात्रियों से ट्रेन या बस का कोई चार्ज नहीं वसूला गया है। रोडवेज बसों में अलग-अलग जिलों से निशुल्क श्रमिक यात्रियों को कैंट रेलवे स्टेशन पर लाया गया है। राज्य सरकार ने पहले ही राशि रेलवे के खाते में जमा करा दी गई है।
  • कैंट से भागलपुर के लिए चलेगी स्पेशल ट्रेन: शुक्रवार को कैंट रेलवे स्टेशन से दूसरी श्रमिक स्पेशल ट्रेन रेलवे द्वारा चलाई जाएगी। यह स्पेशल ट्रेन भागलपुर के लिए चलेगी। इस ट्रेन को चलाने की तैयारी भी रेलवे द्वारा कर ली गई है।


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अम्बाला कैंट के रेलवे स्टेशन पर प्रवासी मजदूर के बच्चों की टिकट बनाता रेलवे कर्मी।




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10 से 30 फीसदी लस्टर लॉस गेहूं में प्रति क्विंटल 4 रुपये 81 पैसे की कटौती

(जगसीर शर्मा)जिले में बरसात से लस्टर लॉस यानि चमक रहित दाने की श्रेणी में आई गेहूं के दाम में अब कटौती की जाएगी। मंडियों में जांच के बाद जिस गेहूं में 10 से 30 फीसदी लस्टर लॉस होगा, उस किसान को 4 रुपये 81 पैसे प्रति क्विंटल की चपत लगने वाली है। पिछले दिनों जिला की कुछ मंडियों में लस्टर लॉस की शिकायत आई थी, जिसके बाद सरकार ने यह फैसला लेते हुए खरीद एजेंसी प्रबंधकों को निर्देश दिए हैं। जबकि 10 प्रतिशत से कम लस्टर लॉस वाली गेहूं को निर्धारित सरकारी दाम पर खरीदा जाएगा।
पिछले तीन सप्ताह से अचानक बेमौसमी बरसात ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा रखी हैं। कटाई सीजन के दौरान खड़ी गेहूं की फसलें बारिश की चपेट में आई थी। जिससे कुछ इलाकों में गेहूं लस्टर लॉस की श्रेणी में आने से किसानों को परेशानी आने लगी हैं। मंडियों में किसानों की गेहूं को खरीद एजेंसियां रिजेक्ट कर देती थी। जिसके बाद लस्टर लॉस गेहूं की सैंपलिंग करवाई गई, तो सरकार ने 10 से 30 फीसदी लस्टर लॉस गेहूं को 4 रुपये 80 पैसे प्रति क्विंटल कटौती से खरीदने के निर्देश खरीद एजेंसियों को दिए हैं। जबकि 10 प्रतिशत से कम लस्टर लॉस पाया जाता है, तो किसान को गेहूं का पूरा दाम खरीद एजेंसी को देना होगा।

अधिकारियों की लापरवाही से अटकी किसानों की पेमेंट

जिले में 25 दिनों में 54 लाख 15 हजार 736 क्विंटल गेहूं खरीदी है, जबकि मंडियों में 24 लाख 14 हजार 809 क्विंटल उठान पेंडिंग है। वहीं पिछले दिनों खरीद एजेंसियों की लापरवाही से 20 लाख क्विंटल गेहूं खुले आसमान तले बरसात में भीग गया था। उन गेहूं की बोरियों को मजदूर सुखाने में जुटे हैं, लेकिन नमी की मात्रा ज्यादा होने से स्टोरेज में दिक्कतें बरकरार हैं। जिसके चलते लोडिंग गाड़ियां वापस लौटाई जाती हैं। जिससे मंडियों से उठान में देरी किसानों की मुश्किलें बढ़ाएगी। उधर दी आढ़ती एसोसिएशन के जिला प्रधान हरदीप सरकारिया ने गेहूं स्टोरेज के दौरान गोदामों में सरेआम रिश्वतखोरी चलने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जो पैसा देता है उसकी गाड़ियां बिना चेकिंग के अनलोड की जाती हैं। जबकि जो रिश्वत नहीं देता उसकी गाड़ियों में कुछ बोरियां नमी ज्यादा बता वापस लौटा दी जाती हैं। इसके अलावा अधिकारियों की लापरवाही से किसानों की पेमेंट समयानुसार नहीं मिल पाती है। सरकारिया ने बताया कि 5 मई को उनके किसानों की पेमेंट आनी थी, लेकिन तीन दिनों बाद उसके खाते में किसानों का पैसा नहीं आया है। जोकि अधिकारियों ने प्राइवेट बैंकों में खाते खुलवाए हैं और वह पेमेंट का ब्याज खाने के लिए आढ़तियों को देरी से किसानों की पेमेंट करते हैं।
गेहूं बेचने के इंतजार में हैं 50 हजार से ज्यादा किसान
जिले में 3 लाख 2 हजार हेक्टेयर में गेहूं की खेती है। सालाना सवा करोड़ क्विंटल से ज्यादा गेहूं की आवक होती है। वर्ष 2019 में गेहूं खरीद का यह आंकड़ा 1 करोड़ 24 लाख 22 हजार क्विंटल तक पहुंचा था। 7 मई तक 1 करोड़ 10 लाख क्विंटल गेहूं की खरीद हो चुकी थी। लेकिन इस बार सिर्फ 54 लाख क्विंटल गेहूं खरीद हो पाई है। कोरोना संक्रमण से बचाव के चलते मंडियों में गेहूं की 40 प्रतिशत आवक भी नहीं हो पाई है। जिससे 50 हजार से ज्यादा किसानों को अपनी गेहूं फसल बेचने का इंतजार है।

कटौती के साथ खरीदी जाएगी लस्टर लॉस गेहूं
गेहूं में लस्टर लॉस यानि चमक रहित दाने की श्रेणी में आए अनाज को पहले खरीदा नहीं जाता था, लेकिन अब सरकार ने 10 से 30 फीसदी लस्टर लॉस वाली गेहूं को 4 रुपये 81 पैसे कटौती के साथ किसानों से खरीदने के निर्देश दिए हैं। जबकि 10 प्रतिशत से कम लस्टर लॉस की गेहूं पूरे दाम में खरीदी जाएगी।'' - प्रदीप कुमार, मैनेजर एफसीआई, सिरसा।



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सिरसा| अनाज मंडी में उठान न होने के कारण पड़ी गेहूं की बोरियां।




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हांसी सब्जी मंडी में 50, बरवाला में 43, हिसार में 8 की सैंपलिंग

प्रदेश के कई जिलों की सब्जी मंडी से कोरोना मरीज मिले हैं। ये हालात हिसार में पैदा न हो, इसको लेकर जिला स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है। विभाग का मुख्य फोकस भी सब्जी-मंडियों के साथ जनता से सीधे जुड़े दुकानदार, हॉकर्स और वेंडर्स पर है। कोरोना पर नियंत्रण के लिए रेंडम सैंपलिंग जारी है।
हिसार के बाद हांसी और बरवाला सहित अन्य इलाकों की मंडियों में अलसुबह 5.30 बजे मोबाइल हेल्थ टीमें आढ़तियाें, ट्रक चालकों, क्लीनर्स, सब्जी विक्रेताओं के सैंपल लेने जा रही हैं। दंत सर्जन बंसीलाल और एलटी वेदव्रत जाखड़ की टीम ने हांसी की सब्जीमंडी में जाकर 50 सैंपल लिए। वहीं, डॉ. रवि चौहान की टीम ने बरवाला सब्जी मंडी में जाकर आढ़तियों, पल्लेदारों, सब्जी विक्रेताओं व खरीदारों के 43 सैंपल लेकर उन्हें कोरोना से बचाव एवं रोकथाम के प्रति जागरूक भी किया। इधर, हिसार शहर में डॉ. पुलकित की टीम ने फव्वारा चौक से कैंप चौक के बीच जनता से जुड़ी सुपर मार्केट में 2, एक वीटा बूथ संचालक, 4 केमिस्ट के अलावा 2 सब्जी विक्रेता, 2 किरयाना स्टोर, जिंदल चौक स्थित स्वीट्स शॉप से 1, कैमरी रोड स्थित फूड शोरूम से 2, दिल्ली रोड स्थित सैनी स्वीट्स से 1, कैंप के पास किरयाणा स्टोर से 1, कैंप चौक के पास फूड स्टोर से 2 सहित कुल 18 सैंपल लिए हैं। वहीं सिविल अस्पताल के फ्लू क्लीनिक में शाम 6 बजे तक स्वास्थ्य जांच के लिए पहुंचे 101 लोगों में इनफ्लूएंजा इलनेस के लक्षण देखते हुए सैंपल लिए हैं। इधर, एनआरसीई लैब से राहत की खबर है कि 152 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई है।



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78.10 करोड़ रुपए का बजट, 54.23 करोड़ वेतन का खर्च, विकास के लिए सिर्फ 4.21 करोड़

लाॅकडाउन के चलते नगर निगम पहली बार बजट की मीटिंग ऑनलाइन करेगा। निगम ने बजट मीटिंग 8 मई काे रखी है। मीटिंग में 78.10 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। यह पिछले साल से 20 करोड़ अधिक है। वर्ष 2019-20 का बजट 58 करोड़ रुपये का रखा गया था। ऑनलाइन मीटिंग के लिए निगम अधिकारियों की तरफ से सभी पार्षदाें, दाे विधायकों व तीनाें सांसदों तथा डिप्टी स्पीकर काे लेटर भेजकर इस बार जूम एप्लीकेशन के माध्यम से बजट की मीटिंग अटेंड करने बारे सूचना भेजी है। साेशल डिस्टेंसिंग काे ध्यान में रखते हुए घर से ही जूम एप्लीकेशन पर ऑनलाइन मीटिंग में ही हाउस की सहमति बजट पर ली जाएगी। मीटिंग ठीक 11 बजे शुरू हाेगी। शहर के विकास के लिए मदाें से हाेने वाली आय में से 4.21 करोड़ रुपये बजट रखा गया है।

हाउस टैक्स-स्टांप ड्यूटी

निगम अधिकारियों ने साल 2021 का बजट में मुख्य इनकम हाउस टैक्स और स्टांप ड्यूटी की दिखाई है। हाउस टैक्स के ~24 करोड़ की इनकम प्रपाेज की गई है। वहीं स्टांप ड्यूटी की 21 करोड़ की इनकम प्रपाेज की गई है। निगम की दुकानाें के किराये से करीब डेढ़ करोड़ रुपये की इनकम दिखाई गई है। एमटैक्स से 13 करोड़ की इनकम दिखाई है। बजट में रखा गया है कि सालभर में 54.23 करोड़ रुपये कर्मचारियाें के वेतन, पेंशन तथा अन्य भत्ताें पर खर्च हाे जाएगा। वहीं जाे दुकानें 20 साल से ज्यादा समय से किराये पर हैं उनकाे बेचा जाएगा। कलेक्टर रेट के आधार पर ये दुकानें दी जाएंगी।

पिछले साल की बजाय इस बार 20 करोड़ अधिक बजट

पार्षद उतरे विराेध में...

जुनेजा बाेले करूंगा बहिष्कार, जूम से नहीं हाे पाएगी मीटिंग, साेशल डिस्टेंसिंग का पालन कर लेते बुलानी चाहिए थी मीटिंग पार्षद महेंद्र जुनेजा ने बजट की मीटिंग काे लेकर बहिष्कार की घाेषणा की है।

पिछले साल की बजाय इस बार 20 करोड़ अधिक बजट



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हेल्थ टीम ने सब्जी मंडी में काम करने वाले 50 मजदूरों और पल्लेदारों के लिए सैंपल लिए

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अलसुबह सब्जी मंडी में 50 लोगों को सैंपल लिए। जिन लोगों के सैंपल लिए गए, वह मंडी में काम करने वाले मजदूर और पल्लेदार हैं। सैंपल जांच के लिए विभाग की प्रयोगशाला में भेजे गए। शुक्रवार तक रिपोर्ट आने के आसार हैं। लॉकडाउन में सब्जी मंडी प्रशासन के लिए सबसे बड़ी परेशानी का सबब बनी है। मंडी में उमड़ने वाली भीड़ प्रशासन और शहर के लोगों को डरा रही है। प्रशासन ने भीड़ पर नियंत्रण के लिए सख्ती की। सब्जी मंडी को दिल्ली रोड पर शिफ्ट करने की चेतावनी भी दी। मंडी के एक प्रभावशाली दुकानदार पर एफआईआर भी दर्ज की, लेकिन भीड़ लगातार जारी है। दो दिन पहले एसडीएम डॉ. जितेंद्र सिंह वेश बदलकर सवेरे साढ़े चार बजे मंडी में गए थे और हालात का निरीक्षण किया। आलम यह है कि सब्जी मंडी को हांसी शहर के हॉटस्पॉट के रूप में देखा जाने लगा है। गुरुवार अलसुबह स्वास्थ्य विभाग की हिसार की टीम डॉ. बंसीलाल बैनीवाल और तकनीकी अधिकारी वेदव्रत जाखड़ की अगुवाई मंडी में आई। मंडी में काम कर रहे लोगों के सैंपल लिए गए। सैंपल लक्षण के आधार पर नहीं, बल्कि रैंडमली लिए गए। कुल 50 लोगों के सैंपल लिए गए। जांच के लिए प्रयोगशाला में भेज दिए गए। टीम ने मजदूरों को सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर जागरूक किया।



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हांसी की सब्जी मंडी में मजदूरों और पल्लेदारों के सैंपल लेती स्वास्थ्य विभाग की टीम।




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घाटा उठा ग्राम पंचायत तलवाड़ा ने 70 एकड़ जमीन ठेके पर दी

गिरते भूजल स्तर को बचाने के लिए ग्राम पंचायत तलवाड़ा ने एक अहम संदेश दिया है। गांव तलवाड़ा की 70 एकड़ पंचायती जमीन पर इस बार सरकार के आदेश अनुसार धान की बिजाई नहीं की जाएगी। हालांकि इसके लिए ग्राम पंचायत को अपने राजस्व में 15 लाख रुपये का घाटा उठाना पड़ेगा। लेकिन पंचायत ने सरकार के दिशा निर्देशों की पालना करते हुए किसानों को इसके लिए प्रेरित कर पंचायती भूमि पर अन्य खेती करने के लिए उत्साहित किया है। इसके साथ ही गांव तलवाड़ा की ग्राम पंचायत ब्लॉक में ही नहीं बल्कि जिला स्तर पर पहली ऐसी पंचायत बन चुकी है जिसने प्रदेश प्रकार के दिशा निर्देशानुसार अपनी पंचायती भूमि पर धान की बिजाई ना करने की शर्त पर इसे ठेका पर दिया है।
ग्राम पंचायत सरपंच प्रतिनिधि प्रदीप शर्मा ने बताया कि 70 एकड़ पंचायती जमीन की बोली करवाने के लिए विशेष तौर पर जिला पंचायत एवं विकास अधिकारी बलजीत सिंह चहल, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी नरेंद्र सिंह, सरपंच सुखविंदर शर्मा, ग्राम सचिव तरसेम सिंह व पुलिस थाना प्रभारी अवतार सिंह मौजूद रहे। बोली देने आए सभी बोली दाताओं का सोशल डिस्टेंस रखते हुए उन्हें सेनिटाइज करवाया गया। जिसके बाद बोली के नियम और शर्त को पढ़ते हुए एक-एक कर बोली दी गई। उन्होंने बताया कि पंचायत की कुल 70 एकड़ जमीन का एक तिहाई भूमि अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित रखा गया। जिसके बाद पंचायती भूमि का प्लाट नंबर 1 सुखविंदर सिंह, प्लॉट नंबर 2 मलकीत सिंह, प्लॉट 3 गुरचरण सिंह, प्लॉट 4 नेक सिंह(आरक्षित), प्लॉट नंबर 5 महेंद्र सिंह, प्लॉट नंबर 6 सतपाल सिंह, व प्लॉट नंबर 7 दिलबाग सिंह को सर्वोच्च बोली देने पर इनका ठेका दे दिया गया। पिछले साल इसी पंचायती 70 एकड़ भूमि से ग्राम पंचायत को 51 लाख 24 हजार रुपये की आय हुई थी। लेकिन इस बार इस भूमि पर धान की बिजाई ना किए जाने की शर्त लगाते हुए इसे 36 लाख 25 हजार रुपये में ठेका पर दिया गया है। हालांकि इससे ग्राम पंचायत को 14 लाख 99 हजार रुपए की आय का घाटा उठाना पड़ा है। लेकिन ग्राम पंचायत ने गिरते भूजल स्तर को बचाने के लिए अन्य ग्राम पंचायतों के समक्ष एक शानदार उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि सभी बोली दाता किसानों ने आश्वस्त किया है कि वह ग्राम पंचायत की भूमि पर खड़े किसी भी पेड़ पौधे को नुकसान नहीं पहुंचाएंगे व गिरते भूजल स्तर को बचाने के लिए इस भूमि पर उपयुक्त खेती करेंगे।



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भिरडाना में 100 ट्रक-लोडिंग वाहन चालक, कोरोना प्रभावित जिलों-राज्यों में माल लेकर आ और जा रहे

फतेहाबाद के गांव भिरडाना में करीब 100 ट्रक व भारी लोडिंग वाहन हैं, जिनके चालक माल की सप्लाई करने के लिए प्रदेश के विभिन्न जिलों व देश के कई राज्यों में जाते-आते हैं। इनमें से काफी कोरोना प्रभावित रेड जोन में जाकर आते हैं। इन चालकों के साथ कोरोना का संक्रमण हिसार मंडल में न फैले, उसके लिए हिसार जिला स्वास्थ्य विभाग ने कड़ा संज्ञान लिया है। यहां के मलेरिया विभाग में कार्यरत जीव वैज्ञानिक डॉ. रमेश पूनिया ने फतेहाबाद पुलिस से संपर्क किया है। उन्हें उक्त जानकारी देकर ट्रक एवं लोडिंग वाहन चालकों की सूची मांगी है।

बताया है कि चालकों व इनके साथ रहने वाले क्लीनर्स का शारीरिक परीक्षण और सैंपलिंग होना जरूरी है। ये दूसरे राज्यों में जाकर वहां से हिसार होकर आगे जाते हैं। ऐसे में फतेहाबाद जिला प्रशासन व पुलिस विभाग के सहयोग से कोरोना पर नियंत्रण संभव है। इन चालकों का नाम, पता व मोबाइल नंबर मिलने पर उनसे संपर्क साधकर सैंपलिंग के लिए बुलाया जाएगा। फिर भी आकर सहयोग नहीं करते हैं तो स्वास्थ्य जांच व सैंपलिंग के लिए पुलिस की मदद ली जाएगी।

इनकी जांच बहुत जरूरी है
जीव वैज्ञानिक डॉ. रमेश पूनिया ने बताया कि सूचना मिली थी कि फतेहाबाद के भिरडाना में 100 के करीब ट्रक व भारी लोडिंग वाहन चालक हैं। इनका कई राज्यों में आना-जाना है मगर उनकी स्वास्थ्य जांच नहीं हुई है। यह चिंता का विषय है, जिसको गंभीरता से लेकर फतेहाबाद पुलिस के सुरक्षा प्रभारी और सदर थाना पुलिस से संपर्क साधकर सूची तैयार करने के लिए कहा है। उम्मीद है कि फतेहाबाद प्रशासन के सहयोग से सभी चालकों व क्लीनर्स की शारीरिक व कोरोना जांच होगी। पंजाब, राजस्थान, गुजरात सहित अन्य महानगरों में तूड़ी, फल और सब्जियां लेने व सप्लाई करने आते-जाते हैं।

कई बार शारीरिक जांच के लिए कहा जा चुका
यहां लगभग 100 ट्रक व भारी लोडिंग वाहन चालक हैं। तूड़ी सप्लाई करने के लिए राजस्थान जाते हैं। वहां से लौटते वक्त फल-सब्जियां भरकर सप्लाई के लिए लौटते हैं। एक बार घर से वाहन लेकर निकल जाएं फिर चार दिन बाद ही लौटते हैं। इसके बाद अगले दिन पुन: माल सप्लाई करने चले जाते हैं। कई बार शारीरिक जांच के लिए कहा जा चुका है मगर कोई गंभीरता से नहीं लेता। स्वास्थ्य विभाग को इस तरफ ध्यान देकर उनकी जांच करनी चाहिए।'' सुभाष चंद्र, सरपंच भिरडाना, फतेहाबाद।



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शहर में डाॅक्टर पुलकित दुकानदार का सैंपल जांच के लिए लेते हुए।