0 महापंचायत ने 300 प्रवासियों को जीवन रक्षक दवा के साथ दिए लोटे-थाली By Published On :: Thu, 07 May 2020 23:30:00 GMT लॉकडाउन के साथ ही भिवानी महापंचायत जनता रसोई के माध्यम से जहां जरूरतमंद लोगों को भोजन मुहैया करवा रही है वहीं अब जनता अस्पताल ने भी जरूरतमंदों का उपचार शुरू कर दिया है। गुरुवार को महापंचायत ने 300 प्रवासियों को जहां दस दिन की इम्युनिटी बढ़ाने की दवाओं के साथ लोटे व थालियां भी दी। इन दवाइयों में विटामिन, आयरन, बुखार, उल्टी दस्त, दर्द रोधक व एलर्जी की गोलियां शामिल हैं। इस अवसर पर जिला राजस्व अधिकारी प्रमोद चहल, महापंचायत कार्यकारिणी सदस्य कमल सिंह प्रधान, रामदेव तायल, धर्मबीर नेहरा, शिव रत्न, ऋषिसिंह, बलवान प्रधान व राज कुमार फार्मासिस्ट आदि मौजूद थे। महापंचायत सदस्यों का कहना है कि जब ये प्रवासी अपने घरों के लिए रवाना होंगे तो उनका सफर भी लंबा होगा। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
0 बाजार में ग्राहकों की कमी, गारमेंट्स व जूतों की बिक्री में 70 प्रतिशत की कमी By Published On :: Thu, 07 May 2020 23:30:00 GMT सरकार द्वारा लाॅकडाउन में छूट देकर दुकानें खोलने की अनुमति देने के बाद बाजार खुल गए हैं। लेकिन कोरोना महामारी के भय के चलते लोग घरों से बाहर बहुत कम निकल रहे हैं। इससे गारमेंट्स व चप्पल जूतों की बिक्री 70 प्रतिशत व इलेक्ट्रॉनिक्स के सामान की बिक्री 50 प्रतिशत तक घट गई है।सरकार व प्रशासन ने 4 मई से लॉकडाउन 3 में कस्बे में गारमेंटस, चप्पल-जूता व इलेक्ट्रॉनिक्स आदि की दुकानें खोलने की छूट दी हुई है। इसके बाद बाजार में सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक दुकानें खुल रही हैं। लेकिन बाजारों में भीड़ नहीं उमड़ रही है। दुकानों पर बहुत कम ग्राहक दिखाई दे रहे हैं। इससे बाजारों में सुना पन्न महसूस किया जा रहा है।इन दिनों में पिछले वर्ष विवाह-शादियों के कारण बाजारों में काफी संख्या में भीड़ उमड़ती थी। लेकिन इस बार विवाह शादी समारोह नहीं हो रहे हैं। कोई विवाह शादी हो रही है तो गुपचुप तरीकों व बिना खर्चा किए हो रही है। जिसके कारण भारी भरकम कपड़ों की खरीददारी से लोग दूर ही रह रहे हैं।रिश्तेदारियों में शादी समारोह में आनाजाना तो दूर की बात हो गई है। काेरोना महामारी के भय के चलते लोग घरों व गांवों से बाहर ही बहुत कम निकल रहे हैं।विवाह-शादी न होने के कारण कम आ रहे ग्राहकगारमेंटस के दुकानदार सुधीर कुमार, सतीश, आशिष आदि ने बताया कि बाजार में गारमेंट्स व चप्पल जूतों की लगभग 100 दुकानें हैं। लॉकडाउन से पूर्व कस्बे बाजार में गारमेंट्स व चप्पल-जूतों की लगभग 10-12 लाख रुपये की प्रतिदिन की बिक्री होती थी। लेकिन लॉकडाउन के बाद बिक्री घट कर मात्र 3-4 लाख रुपये तक सिमट कर रह गई है। इन दिनों में विवाह-शादियों के कारण गारमेंट्स व चप्पल-जूतों की बिक्री का सीजन माना जाता था। लेकिन विवाह-शादी ना होने के कारण इस बार ग्राहक ही बाजार में बहुत कम आ रहे है। इससे गारमेंट्स व चप्पल जूतों के बिक्री में 70 प्रतिशत तक की गिरावट आ गई है।इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकानों में कूलर-पंखों की ही बिक्रीइलेक्ट्रॉनिक्स के दुकानदार ओमबीर, संजय, नरेन्द्र आदि ने बताया कि सरकार ने बाजार खोलने की छूट दे दी है। लेकिन लॉकडाउन के कारण आम आदमी खुलकर सामान की खरीददारी नहीं कर रहा है। ज्यादा जरूरत के सामान की खरीददारी ही हो रही है। जिसके कारण बाजार में बहुत कम ग्राहक आ रहे हैं। गर्मी की शुरूआत के कारण इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकानों पर इन दिनों में भीड़ उमड़ती थी। इस बार सीजन होने के बावजूद इलेक्ट्रॉनिक्स के सामान की खरीददारी आधी से भी कम हो रही है। ग्राहक लॉकडाउन के कारण घरों से बहुत कम बाहर निकल रहे है। घरों से बाहर कोई निकलता है तो केवल जरूरी सामान की खरीददारी ही करता है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
0 विद्यानगर के 350 मकानों में रहने वाले 1500 लोगों की स्क्रीनिंग कर 46 के लिए सैंपल By Published On :: Thu, 07 May 2020 23:30:00 GMT विद्यानगर निवासी बीएसएफ जवान की संदिग्ध परिस्थितियों में उपचार के दौरान दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में हुई मौत पर एहतियात के तौर स्वास्थ्य विभाग का सर्वे अभियान अभी भी जारी है। अभी तक विभाग की टीमें विद्यानगर में मृत जवान के मकान के आसपास के 350 घरों में सर्वे कर 1500 लोगों की स्क्रीनिंग कर चुकी है और परिवार के सदस्यों समेत 46 लोगों के कोरोना से संबंधित सैंपल लिए गए है। जवान के परिवार के सभी सदस्यों की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव मिली है। सिविल सर्जन डॉ. जितेन्द्र कादयान ने बताया कि गुरुवार को विभाग ने 80 व्यक्तियों के कोरोना से संबंधित सैंपल लिए है जिनमें से 52 लोगों के सैंपल जांच के लिए रोहतक पीजीआई भेजे हैं जबकि 28 सैंपल की जांच रैपिड किट से की गई है। इनमें से सभी 28 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव मिली है। अभी रोहतक पीजीआई से 45 व्यक्तियों की सैंपल रिपोर्ट आनी बाकी है। अभी सामान्य अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में 9 व्यक्तियों को रखा गया है। विभाग जिले में अभी तक 1016 व्यक्तियों के सैंपल ले चुका है। 468 ऐसे व्यक्ति हैं जिनका 28 दिन का निगरानी समय पूरा हो चुका है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today भिवानी। विद्या नगर में नागरिकों की स्वास्थ्य जांच करते स्वास्थ्य विभाग टीम सदस्य। Full Article
0 नप की अस्पष्ट अनाउंसमेंट से शहर में मिठाई की 350 दुकानें बंद, रोज डेढ़ करोड़ का नुकसान, ढाई हजार परिवार प्रभावित By Published On :: Thu, 07 May 2020 23:30:00 GMT सुनो-सुनो-सुनो, जो मिष्ठान भंडार संचालक अपनी दुकान खोलेगा उससे जुर्माना वसूला जाएगा और दुकान को सील कर दिया जाएगा। कोरोना महामारी को फैलने से रोकने के लिए शहर के सभी मिष्ठान भंडार बंद रखने के आदेश हैं, जिसने मिष्ठान भंडार खोल रखे हैं वे तुरंत प्रभाव से अपनी दुकानें बंद कर दें, नहीं तो दुकान को सील कर दिया जाएगा। नगर परिषद की आेर से इस अस्पष्ट अनाउंसमेंट के कारण शहर में 350 से अधिक मिठाई की दुकानें बंद हैं। इससे मिष्ठान भंडार संचालकों को रोजाना जहां करीब डेढ़ करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है, वहीं इस व्यवसाय से जुड़े करीब ढाई हजार परिवारों के लिए रोजी-रोटी का संकट पैदा हो रहा है।इसके अलावा हलवाइयों व व्यापारी नेताओं में प्रशासनिक आदेशों को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। नगर परिषद दो दिनों से शहर में अनाउंसमेंट करवा रही है कि मिष्ठान भंडार संचालक अपनी दुकानें न खोलें। इस असमंजस को दूर करने के लिए डीसी डॉ. अजय कुमार ने बताया कि मिठाई की दुकानें खुली रहेंगी। उपभोक्ता मिठाई ले जा सकते हैं, लेकिन अंदर बैठकर खाने की मनाही होगी।प्रशासन ने तीन दिन पहले सभी बाजार सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक खोलने की स्वीकृति दी थी। आदेशों के बाद बाजार खुल गए और मिष्ठान भंडार संचालकों ने भी अपनी दुकानें खोल ली लेकिन दो दिन से नगरपरिषद की तरफ से शहर में मुनादी करवाई जा रही हैं कि मिष्ठान भंडार संचालक अपनी दुकानों को बंद रखे। इस संबंध में व्यापार मंडल के सदस्य जब डीसी अजय कुमार से मिले तो उन्होंने व्यापारियों को आश्वासन दिया कि ऐसे कोई आदेश नहीं है। मिष्ठान भंडार संचालक अपनी दुकानें खोल सकते हैं, लेकिन नप की तरफ से दुकानें बंद रखने की मुनादी करवाई जा रही हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 350 sweets shops closed in the city due to unexplained announcements of NAP, loss of 1.5 crore daily, 2.5 thousand families affected Full Article
0 पंजाब बॉर्डर बंद होने के कारण अभी कपड़ा मार्केट और सर्राफा बाजार में लाेकल ग्राहक ही पहुंच रहा, 40% काम पटरी पर लौटा By Published On :: Thu, 07 May 2020 23:47:00 GMT वीरवार काे कपड़ा मार्केट में लेफ्ट-राइट फार्मूला के साथ दुकानें खुली। दुकानें खुलने के तीसरे दिन मार्केट में राैनक रही। दुकानाें पर ग्राहक खरीददारी करते नजर अाए। हालांकि इंटरस्टेट बंद हाेने से हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा के विभिन्न जिलाें से ग्राहक न पहुंचने से 60 प्रतिशत काराेबार अभी भी प्रभावित है। अभी सिर्फ लाेकल ग्राहक ही मार्केट में पहुंच रहे हैं। जिससे 40 प्रतिशत काम ही चल पाया है। वहीं दूसरी तरफ हाेलसेल काम बढ़ने से व्यापारियाें का उत्साह बढ़ा है। तीन दिन लेफ्ट ताे तीन दिन राइट की तरफ दुकानें खुलेंगी, जबकि रविवार काे सभी दुकान बंद रहेंगी। दी हाेलसेल क्लाॅथ मार्केट एसाेसिएशन प्रधान विशाल बतरा ने बताया कि मार्केट में 40 प्रतिशत काम चल पड़ा है। ग्राहक और दुकानदार साेशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे हैं और सेनिटाइजेशन काे लेकर भी व्यवस्था की जा रही है। लाेगाें की समझ में सिस्टम आने लगा है।वहीं, सर्राफा बाजार में अभी दुकानें कम ही खुल रही हैं। जिन दुकानदाराें के पास पहले से ऑर्डर आए हैं। वह अपने ऑर्डर तैयार करने में लगे हैं, जबकि मार्केट में अभी ग्राहक कम ही पहुंच रहे हैं। सर्राफ एसाेसिएशन के प्रदेश मीडिया प्रभारी राजेश लूथरा ने बताया कि मार्केट में अभी काम नहीं है। दुकानदार अभी सिस्टम समझने में लगे हैं कि कैसे वह काम करेंगे। कई दुकानदार लाॅकडाउन के बाद दुकानें खाेलने चाहते हैं ताे कई सिर्फ काम अाने पर ही दुकान खाेल रहे हैं। धीरे-धीरे स्थिति सुधरने के बाद ही बाजार में राैनक आएगी। दूसरे राज्य और जिला से भी ग्राहक नहीं पहुंच रहे।नियम तोड़ दुकान खोलने पर 6 के किए चालानप्रशासन ने दुकानों को खोलने के लिए अल्टरनेट डे बनाए हुए हैं। वीरवार को राइट साइड की दुकानें खोलने का दिन था, लेकिन लेफ्ट साइड के दुकानदार भी दुकानें खोलकर बैठे हुए थे। नगर निगम ने ऐसे 6 दुकानदारों को 3 हजार रुपए का जुर्माना किया। बता दें कि नगर निगम कमिश्नर को शिकायतें मिल रही थी कि दुकानदार रोजाना दुकानें खोले रहेे हैं। कमिश्नर ने एक्सइएन सुखविंद्र सिंह, रमन कुमार, राजेंद्र मेहता, सिटी प्रोजेक्ट डायरेक्टर अनिल राणा, हरीश कुमार व सेनेटरी इंस्पेक्टर नरेश की टीम बनाई। टीम ने ओल्ड सिविल अस्पताल रोड, मानव चौक, कचहरी चौक व हरि मंदिर रोड पर छापामारी की। टीम ने बॉम्बे स्वीट्स, उप्पल स्टोर, राजन रेडिएटर वर्क्स, आइडिया सर्विस सेंटर, आनंद सरिया स्टोर आदि पर कार्रवाई की। इन दुकानदारों को 500-500 रुपए जुर्माना किया है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
0 6 साल बाद शुरू हुई मार्केट कमेटी फीस, नहीं चुकाने वालों पर लगेगा 25% तक जुर्माना, न्यूनतम 500 रुपए By Published On :: Thu, 07 May 2020 23:59:00 GMT फरवरी 2014 में हरियाणा स्टेट कृषि मार्केटिंग बोर्ड (एचएसएएमबी) की बंद मार्केट फीस और हरियाणा रूरल डेवलपमेंट फंड (एचअारडीएफ) अब आढ़तियों से दोबारा वसूलनी शुरू हो गई है। वीरवार को फीस और एचआरडीएफ अदा करने का अंतिम दिन था। सबसे ज्यादा फीस कैंट मार्केट कमेटी ने 1.42 लाख, इसके बाद सिटी मार्केट कमेटी ने 21 हजार, बराड़ा मार्केट कमेटी ने 11 हजार की फीस वसूली है। फीस और एचआरडीएफ लगने से अब आढ़तियों पर मार्केट कमेटी की घुरकी भी चलेगी और समय पर फीस और एचआरडीएफ न चुकाने वाले आढ़तियों पर फीस का 25 प्रतिशत से अधिक और एचआरडीएफ पर न्यूनतम 500 रुपए का जुर्माना लगेगा। बोर्ड के अधिकारियों की मानें तो प्रदेश में साढ़े 500 करोड़ का राजस्व आया आएगा। जानकारों का कहना है कि साल 2012 में आढ़तियों से दो प्रतिशत मार्केट फीस और दो प्रतिशत एचआरडीएफ (कुल चार प्रतिशत) शुल्क लिया जाता था। जिसे साल 2013 में दो प्रतिशत और साल 2014 में पूरी तरह से बंद कर दिया गया था।कमेटियों की सुधरेगी आर्थिक स्थिति: मार्केट कमेटी अपनी सब्जी मंडी की मरम्मत, साफ-सफाई समेत अन्य व्यवस्थाओं का खर्च उठाती है।डेवलपमेंट इसका पूरा खर्च सरकार से मिलने वाले फंड से करता है। आढ़ती बीते छह साल से मंडी में अपना कारोबार करते हैं जिनसे किसी भी तरह का शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसलिए कमेटी को अपना खर्चे पूरे करने के लिए बोर्ड पर निर्भर रहना पड़ता है। यदि एक आढ़ती गोदाम के अंदर अालू-प्यास की स्टोरेज करता है तो उस पर भी मार्केट फीस एक बार में देनी होगी। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Market committee fees started after 6 years, penalties will be imposed on those who do not pay 25%, minimum Rs 500 Full Article
0 10 फीसदी तक टूटा-सिकुड़ा दाना वेल्यू कट के हिसाब से लेंगी एजेंसी By Published On :: Fri, 08 May 2020 00:24:00 GMT गेहूं का सीजन सिमटने को है, अब केंद्रीय खाद्य मंत्रालय की ओर से टूटे-सिकुड़े दाने के लिए छूट छह फीसदी से बढ़ाकर दस फीसदी की है। छह फीसदी से ऊपर वेल्यू कट लगाया जाएगा। इसके तहत आठ फीसदी तक टूटा-सिकुड़ा दाने पर 4.81 पैसे प्रति क्विंटल और आठ से दस फीसदी तक पर 9.62 प्रति क्विंटल कटौती का प्रावधान किया गया है। इसी तरह लस्टर लॉस दस फीसदी तक कोई कटौती नहीं, उससे ऊपर 11 से 50 फीसदी तक लस्टर लॉस वाली गेहूं पर समर्थन मूल्य पर 4.81 पैसे प्रति क्विंटल वेल्यू कट लगाया जाएगा। गाइडलाइन के अनुसार प्रदेश के अलग-अलग जिलों में टूटे-सिकुड़े व लस्टर लॉस यानी पानी लगने के कारण फीकी चमक वाले दाने को लेकर छूट देने की व्यवस्था की गई है। इस गाइडलाइन का व्यापारी वर्ग विरोध कर रहा है। व्यापारियों का तर्क है, लस्टर लॉस के नाम पर कटौती का खामियाजा व्यापारी को भुगतना होगा। कारण किसान को माल तुलाई कर अपनी फसल का जे फार्म लेकर जा चुका है।लस्टर लॉस को लेकर दस से 50 फीसदी तक जिला वाइज ली जाएगी गेहूं : दस फीसदी तक लस्टर लॉस में किसी तरह की कोई कटौती नहीं की जाएगी। इसके ऊपर 11 से 50 फीसदी तक लस्टर लॉस पर प्रति क्विंटल 4.81 पैसे की कटौती का प्रावधान किया गया है । मंत्रालय ने जिलों में हुई बारिश की रिपोर्ट के आधार पर जिला वाइज लस्टर लॉस का निर्धारण किया है। पंचकूला में 20 फीसदी तक, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी और सिरसा में 30 फीसदी तक, कैथल, चरखी दादरी, झज्जर, जींद, रोहतक, यमुनानगर, अम्बाला और कुरुक्षेत्र में 40 फीसदी तक लस्टर लॉस में छूट का प्रावधान किया है। इसके अलावा पलवल, नूह, सोनीपत, करनाल, पानीपत, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, फरीदाबाद और गुरुग्राम इनमें 50 फीसदी तक लस्टर लॉस गेहूं खरीदने की व्यवस्था की गई है। रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, चरखी दादरी, फतेहाबाद, भिवानी, हिसार, सिरसा, झज्जर, जींद, करनाल, पानीपत और पंचकूला इन जिलों में आठ प्रतिशत तक की छूट टूटे व सिकुड़े दाने में दी गई है । इसके तहत छह प्रतिशत से ऊपर प्रति क्विंटल 4.81 प्रति क्विंटल वेल्यू कट लगेगा ।कुरुक्षेत्र सहित दस जिलों में दस फीसदी तक की छूटकुरुक्षेत्र, कैथल, पलवल, नूह, फरीदाबाद, गुरूग्राम, सोनीपत, रोहतक, यमुनानगर और अम्बाला इन जिलों में दस फीसदी तक टूटी व सिकुड़ी गेहूं लेने को परमिशन है। इसमें भी छह फीसदी तक कोई वेल्यू कट नहीं है। आठ फीसदी तक 4.81 और दस फीसदी होने पर प्रति क्विंटल 9.62 रुपए का वेल्यू कट लगेगा।मंत्रालय से पहुंच चुकी गाइडलाइन : डीएम एफसीआई के जिला प्रबंधक जनार्दन पासवान का कहना है बुधवार को विभाग का पत्र पहुंचा है । इसकी गाइडजलाइन अनुसार ही गेहूं को लिया जाएगा। उन्होंने कहा व्यापारी वर्ग भी इस गाइडलाइन को अच्छे से समझ सहयोग करें। नई अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के सदस्य बनी सिंह ढुल, जगतार काजल और पूर्व प्रधान बलविंद्र सिंह और दौलतराम बंसल का कहना है लस्टर लॉस के नाम पर कटौती गलत है । इसका खामियाजा व्यापारी को ही भुगतना पड़ेगा । किसान पूरी कीमत के हिसाब से जे फार्म कटवा फसल बेच चुका है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
0 छात्रों की पढ़ाई खराब न हो, इसलिए लेक्चरर सुशील ने गणित के 350 से ज्यादा वीडियो बनाकर यू-ट्यूब पर डाले By Published On :: Fri, 08 May 2020 01:11:00 GMT लॉकडाउन के कारण ज्यादातर शिक्षक व विद्यार्थी परेशान हैं। लेकिन कुछ ऐसे भी हैं जो इस संकट के समय में भी अपने लिए नए लक्ष्य निर्धारित कर उनको पाने में लगे हैं। ऐसे ही हैं एक शिक्षक हैं गणित के लेक्चरर सुशील कुमार। 2019 में इन्होंने सरकारी स्कूल में बच्चों को पढ़ाने के साथ साथ यू-ट्यूब पर सुशील सर की पाठशाला के नाम से अकाउंट बनाकर ऑनलाइन वीडियो डालने शुरू किए। लॉकडाउन लागू हुअा तो व्यूवर बढ़ने लगे। अब 1.3 लाख व्यूवर हो चुके हैं। 2600 सब्सक्राइबर हो चुके हैं और 1200 से तो पिछले 28 दिन में बढ़े हैं। अब तक सभी वीडियो को पूरे प्रदेश व देश के छात्र तीन लाख मिनट से ज्यादा बार देख चुके हैं। सुशील कुमार बताते हैं कि छात्र सिर्फ वीडियो देखते ही नहीं कमेंट भी करते हैं। उन्होंने बताया कि सिर्फ यू-ट्यूब ही नहीं उनके वाट्सएप ग्रुप पर भी तीन हजार से ज्यादा विद्यार्थी और शिक्षक जुड़े हुए हैं। वे पिछले कुछ समय में ही 12वीं का पूरा सिलेबस, 11वीं का 50 प्रतिशत, दसवीं के चार चैप्टर और नौवीं के दो चेप्टर पूरे करवा चुके हैं।एक वीडियो बनाने के लिए कई घंटे लगते हैं : एक 10 से 15 मिनट के वीडियो जो देखने में हमें ऐसे लगता है कि इसको चलते फिरते बना दिया गया होगा, लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं है। सुशील कुमार ने बताया कि 15 मिनट के वीडियो को बनाने में उनके घंटे लग जाते हैं। जो टॉपिक है उसके बारे में गहन अध्ययन जिसमें कई घंटों का समय लग जाता है। रिकॉर्ड करने का टाइम और फिर एक घंटे के केरीब एडिटिंग में लग जाता है।मोबाइल पाठशाला ने बदला पढ़ाने का चलनहरियाणा स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन के जिला प्रधान ईश्वर ढांडा व सचिव सतबीर कौशिक ने कहा कि लॉकडाउन के कारण घर से पढ़ाओ अभियान प्रदेश सरकार द्वारा चलाया जा रहा है। डीईओ और डीईईओ के मार्गदर्शन में हसला ने भी मोबाइल पाठशाला का शुभारंभ कर सभी लेक्चरर को विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए प्रेरित किया और इसकी कमान हसला के पूंडरी ब्लॉक प्रधान सुशील कुमार को दी। उनके अलावा हिंदी के लेक्चरर डाॅ. विजय चावला, सुरेश राणा, अश्वनी कुमार भी ऑनलाइन कक्षाएं ले रहे हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
0 विधायक ने मीटिंग बुला दुकानदारों से मांगा सहयोग, सेक्टर-10 व 17 खोलने की रखी मांग By Published On :: Fri, 08 May 2020 01:29:00 GMT कोरोना के चलते तीसरे चरण के लॉकडाउन में प्रशासन ने बाजार खोलने की छूट दी है, लेकिन बाजारों में तमाम प्रयासों के बावजूद सोशल डिस्टेंस की पालना नहीं हो पा रही। इस चुनौती से पार पाने को प्रशासन अब दुकानदारों सहयोग मांग रहा है। गुरुवार को विधायक सुभाष सुधा की अध्यक्षता में नगरपरिषद में दुकानदारों की मीटिंग हुई। विधायक सुधा ने कहा कि कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए प्रत्येक नागरिक को अपनी सुरक्षा खुद करनी होगी। जब प्रत्येक नागरिक जागरूक होकर इस गम्भीर विषय पर फोकस करेगा तो निश्चित ही कुरुक्षेत्र इस कोरोना वायरस के प्रकोप से बचा रहेगा। इस वायरस से बचाव के लिए प्रशासन दिन-रात काम कर रहा है। अब प्रत्येक नागरिक और दुकानदार का फर्ज बनता है कि कम से कम घरों से बाहर निकलें और दुकानों पर सोशल डिस्टेंस की पालना करें। विधायक ने विभिन्न व्यापारियों के प्रतिनिधियों और सदस्यों से फीडबैक रिपोर्ट ली। सोशल डिस्टेंस को बनाने के लिए सुझाव भी आमंत्रित किए। इन सुझावों पर काफी मथन किया गया ।सेक्टर दस व 17 खोलने की मांग जिस दौरान सेक्टर-17 और 10 के व्यापारियों ने भी अपनी समस्या रखी। इन सेक्टरों में दुकानों को नियमानुसार खोलने के लिए तुरंत मुख्य सचिव और उपायुक्त से बातचीत की है। विधायक ने कहा कि सभी दुकानदार और आम नागरिक कुरुक्षेत्र को कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाने के लिए प्रशासन का हर संभव सहयोग करें। यह सहयोग तभी किया जा सकता है जब लोग किसी जरूरी कार्य के लिए ही घर से बाहर निकले और दुकानों और बाजारों में भीड ना करके सोशल डिस्टेंस बनाकर रखें। इतना ही नहीं प्रत्येक दुकानदार ग्राहक को सेनिटाइज करने के बाद ही अंदर आने की इजाजत दें। स्वयं भी मास्क और ग्लब्स का प्रयोग करें। इसके साथ ही कोई भी दुकानदार अपनी दुकान पर किसी भी व्यक्ति को बैठकर खाने की अनुमति न दें। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today कुरुक्षेत्र | बाजारों में नहीं दिखा सोशल डिस्टेंस। Full Article
0 ऑनलाइन शिक्षा को लेकर अधिकारी 20 अभिभावकों और बच्चों से फोन पर करेंगे बात, विभाग को देंगे रिपोर्ट By Published On :: Fri, 08 May 2020 02:13:00 GMT लॉकडाउन के दौरान अप्रैल से सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले हजारों छात्रों को घरों में ही वाट्सएप व टीवी चैनलों से ऑनलाइन शिक्षा दी जा रही है। सभी छात्रों तक ऑनलाइन शिक्षा पहुंचे, इसलिए बच्चों को दी जा रही ऑनलाइन शिक्षा के कार्य में आ रही समस्याओं को लेकर शिक्षा विभाग ने पत्र जारी कर सभी कर्मचारियों, अधिकारियों, स्कूल मुखिया, बीआरपी, एबीआरसी, बीईओ, फैकल्टी, ऑफ डाइट, प्रोग्राम ऑफिसर रोज 20 माता-पिता और बच्चों से फोन करसंपर्क करेंगे।प्रसारण के समय को लेकर पठन-पाठन ऑनलाइन कार्यक्रम को लेकर अवलोकन करेंगे। इसी माह सीएसआरटी द्वारा पाठ्यक्रम की मासिक बांट अनुसार प्रत्येक विषय के दो से चार पाठ कराए जाने हैं। ऑनलाइन शिक्षा का अवलोकन किया जाएगा। इस पर्यवेक्षण के लिए जिलों के लिए निदेशालय का कार्यक्रम अधिकारी और सहायक निदेशक समय सारणी व अन्य दायित्वों के लिए उत्कर्ष सोसाइटी से समन्वय बनाएंगे। डीईओ, डीईईओ, डीपीसी, प्रिंसिपल डाइट के संपर्क में रहेंगे। अधिकारियों को प्रतिदिन छात्रों की कक्षा अनुसार रिपोर्ट एक्सल सीट पर विभाग की ईमेल पर अपलोड करनी है। जिले में ये जिम्मेदारी प्रोग्राम आॅफिसर उमा को विभाग की ओर से दी गई। खंड शिक्षा अधिकारी रविंद्र राणा का कहना है कि विभाग की अच्छी योजना है।इससे ये पता चल सकेगा, छात्र ऑनलाइन पढ़ाई में कितनी रुचि ले रहे हैं। विभाग की ओर से आदेश हैं कि ऑनलाइन शिक्षा को लेकर हर रोज मूल्यांकन हो। इसके लिए सभी अधिकारियों को 20 अभिभावकों व बच्चों से रिपोर्ट लेकर विभाग को देनी है। इससे छात्रों की ऑनलाइन शिक्षा में आ रही समस्याखत्म हो सकेगी।अभिभावकों से पूछे जाने वाले सवालक्या आपके बच्चे को अध्यापक टीवी, प्रसारण एजुसेट का स्वयं प्रभा की समय सारिणी मिली है। क्या अध्यापक द्वारा ई संचार के माध्यम फोन, मेल, वाट्सएप, पड़ोसी सहपाठी के माध्यम से गृह कार्य अभ्यास दिया जा रहा है। क्या आप द्वारा बच्चों को टीवी प्रसारण एजुसेट व स्वयं प्रभा चैनल देखने का समुचित समय व वातावरण दिया जा रहा है। क्या आप अभिभावक व छात्र की समस्या का समाधान चाहते हैं। या कोई सुझाव देना चाहेंगे जिससे ऑनलाइन पढ़ाने में और सुधार हो सके, जिससे अधिक से अधिक बच्चे लाभान्वित हो सकें। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
0 लॉकडाउन ने बचाई 300 लोगों की जान, चोरियां 82 फीसदी तक घटी By Published On :: Fri, 08 May 2020 02:19:00 GMT (सुशील भार्गव)लॉकडाउन ने आर्थिक रूप से बड़ा नुकसान पहुंचाया है। वहीं, इससे सड़क हादसे घट गए हैं। बड़ा कारण सड़कों पर वाहनों की कमी है। हालांकि इसके बावजूद प्रदेश में एक से 30 अप्रैल तक लॉकडाउन की अवधि में 202 सड़क हादसे हुए हैं। इन हादसों में 100 लोगों की जान चली गई। वहीं 144 लोग घायल हुए हें। वर्ष 2019 से तुलना की जाए तो 329 कम मौत हुई हैं। हादसों के कई कारण हैं, लेकिन लॉकडाउन खुलने के बाद नियमों का पालन करना चाहिए, जिससे हादसे कम हो सकते हैं और जान बच सकती हैं। इससे न केवल हम खुद की, बल्कि दूसरों की जिंदगी भी बचा सकते हैं। प्रदेश में हर साल सड़क हादसों में करीब 5000 लोगों की जान चली जाती है। जबकि हजारों घायल हो जाते हैं। दूसरी ओर प्रदेश में चोरियाें का ग्राफ भी काफी कम हुआ है। चोरी की घटनाओं में 82 फीसदी तक की कमी आई है। लॉकडाउन से पर्यावरण में प्रदूषण भी न के बराबर रह गया था।लॉकडाउन में 732 सड़क हादसे हुए कमयदि वर्ष 2019 के अप्रैल के सड़क हादसों से अप्रैल-2020 के हादसों से तुलना की जाए तो प्रदेश में 732 सड़क हादसे कम हुए हैं। यानी अप्रैल 2019 में प्रदेश में 934 सड़क हादसे हुए थे, अबकी बार यह आंकड़ा 202 तक ही पहुंचा है। पिछले साल इसी अवधि में 429 लोगों की मौत हो गई थी, अबकी बार 100 की मौत हुई है, यानी 329 लोगों की कम मौत हुई है। अप्रैल 2019 में 817 लोग सड़क हादसों में घायल हुए थे, अबकी बार यह आंकड़ा 144 तक पहुंचा है और 673 कम लोग घायल हुए हैं।मार्च से साढ़े तीन गुना कम हादसे वर्ष 2020 के मार्च महीने में हरियाणा में 764 सड़क हादसे हुए हैं। इनमें 337 लोगों की मौत हो गई, जबकि 645 लोग घायल हुए हैं। वर्ष 2019 में सालभर में 10944 सड़क हादसे हुए थे, इनमें 9362 लोग घायल हो गए थे, जबकि 5057 लोगों की मौत हो गई थी। खास बात यह है कि अप्रैल में लोग पहाड़ों की वादियों में घूमना जाने शुरू हो जाते हैं और यह सिलसिला जून के अंत तक चलता है। अबकी बार लाॅकडाउन होने से यह संख्या लगभग शून्य ही है।30 अप्रैल तक लॉकडाउन में 24.25 करोड़ रुपए का लगाया जुर्मानालॉकडाउन में 30 अप्रैल तक प्रदेश में हरियाणा पुलिस द्वारा 13182 वाहन जब्त किए गए हैं, 7636 लोगों को गिरफ्तार किया गया। 5398 एफआईआर भी दर्ज हुई हैं। यही नहीं 24.25 करोड़ रुपए जुर्माना लगाया गया है।यातायात के नियमों का पालन करेंहमें यातायात नियमों का पालन करना चाहिए। हमेशा इनका पालन करें, तो सड़क हादसे नहीं होंगे। ट्रैफिक एवं हाइवे द्वारा प्रदेश के लोगों को ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए लगातार कार्यक्रम किए जाते हैं। लॉकडाउन में सड़क हादसे काफी कम हुए हैं।-डॉ. राजश्री सिंह, आईजी, ट्रैफिक एवं हाइवे, हरियाणा। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Lockdown saved 300 lives, theft by 82% Full Article
0 21वें जिले महेंद्रगढ़ में भी दाे पॉजिटिव, सिर्फ रेवाड़ी सेफ, 30 नए केस आए, पानीपत में दूसरी मौत By Published On :: Fri, 08 May 2020 02:32:00 GMT कोरोनावायरस अब हरियाणा के 21वें जिले महेंद्रगढ़ में भी पहुंच गया है। यहां दो मरीज मिले हैं। अब सिर्फ रेवाड़ी ही एक मात्र जिला बचा है, जहां कोरोना का कोई केस नहीं है। पिछले 24 घंटे में प्रदेश में 30 नए केस मिलने से संक्रमितों की संख्या बढ़कर 629 पर पहुंच गई है। साथ ही काेरोना से पानीपत में एक युवक की मौत हो गई है। समालखा के झट्टीपुर के 28 साल के युवक की बुधवार 6 मई को मौत हो गई थी। वह टीबी से भी ग्रसित था। उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव निकली।पानीपत में कोरोना से यह लगातार दूसरी मौत है। मंगलवार को शहर की दीनानाथ कॉलोनी में 24 साल की युवक की मौत हो गई थी। नए केसों में गुड़गांव में सबसे ज्यादा 13 नए मरीज मिलने से यहां आंकड़ा 117 पर पहुंच गया है। फरीदाबाद में छह, सोनीपत और झज्जर में तीन-तीन, पानीपत में दो और फतेहाबाद में एक केस मिला है। जबकि गुरुवार को कोई भी मरीज ठीक नहीं हुआ है। राज्य में नौ मौतों के बाद 360 मरीजों का अस्पतालों में इलाज चल रहा है। अब तक 260 मरीज ठीक हुए हैं। इधर, चरखी दादरी, कुरुक्षेत्र, कैथल और भिवानी में कोरोना का अब कोई केस नहीं है। यहां मिले मरीज ठीक हो चुके हैं।3271 की रिपोर्ट निगेटिवराज्य में पिछले 24 घंटे में 3271 संदिग्ध मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। जबकि 3216 नए संदिग्ध मरीज मिले भी हैं, जिनके सैंपल लिए गए हैं। इसके अलावा 396 लोगों का सर्विलांस का समय पूरा हो गया है। जबकि 31 नए सर्विलांस पर आए हैं।जानिए... आज तक की स्थिति 22063 लोगों का सर्विलांस का समय पूरा। 15375 लोग अभी भी हैं सर्विलांस पर। 46495 लोगों के लिए गए हैं सैंपल। 41495 सैंपल आ चुके हैं निगेटिव। 4007 की रिपोर्ट का अभी इंतजार है।रिकवरी रेट 41.60 फीसदी 1.47 प्रतिशत है पॉजिटिव रेट 41.60 प्रतिशत है रिकवरी रेट 1.12 प्रतिशत है फैटेलिटी रेट 9 दिन में अब डबल हो रहे मरीज Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 21 positive in 21st district Mahendragarh, only Rewari safe, 30 new cases, second death in Panipat Full Article
0 मुस्लिम डूम जाति के लोगों ने तोड़ी 300 साल पुरानी परंपरा, हिंदू पद्धति से किया महिला बुजुर्ग का दाह संस्कार By Published On :: Fri, 08 May 2020 12:05:08 GMT हिसार के गांव बिठमड़ा में अनुसूचित जाति से संबंधित महिला के निधन होने पर उनके परिवार ने 300 वर्ष पुरानी परंपरा तोड़ते हुए पार्थिव शरीर का हिंदू पद्धति से दाह संस्कार किया। यह परिवार मुस्लिम डूम समुदाय से है। उनके संस्कार करने पर सोशल मीडिया पर धर्म परिवर्तन की अफवाहें फैल गई। जिसका परिवार ने खंडन किया।गांव के लोगों ने अंतिम संस्कार पद्धति का स्वागत कियाबिठमड़ा गांव के 30 परिवार मुस्लिम डूम बिरादरी के हैं। अब तक इस परिवार में मृतकों को कब्रिस्तान में दफनाया जाता था, लेकिन फूली देवी की मृत्यु के बाद मौजूदा हालात को देखते हुए परिवार ने अंतिम संस्कार पर सहमति बनाई। गांव के लोगों ने भी डूम परिवार द्वारा मृतक की अंतिम संस्कार की पद्धति में परिवर्तन करने का स्वागत किया है।मृतका के पुत्र प्रकाश ने कहा, 'गांव में 30 परिवार डूम बिरादरी के हैं। हमारे बुजुर्ग पुराने समय से मृतकों का दफनाने की प्रक्रिया से अंतिम संस्कार करते आ रहे हैं। यह सही है कि औरंगजेब काल में हमारे पूर्वजों नेहिन्दू से मुस्लिम धर्म अपनाया था।लेकिन,आजादी के बाद से ही हमारा भाईचारा हिंदुओं से है, हमारे समाज में हिंदू पद्धति (गंधर्व विवाह) से बच्चों का विवाह होता है।'उन्होंने कहा,'हम निकाह नहीं करते और नही खतना करते हैं, सिर्फ अंतिम संस्कार की पद्धति दफनाने की थी, इसलिए ग्रामीण हमें मुस्लिम समझते थे। परंतु 18 अप्रैल को हमारे परिवार में जींद जिले के दनौदा गांव में एक मौत हुईथी। वहां भी अंतिम संस्कार अग्नि प्रक्रिया से किया गया था। हमारी मां को भी हमने कब्रिस्तान में दफनाने की बजाय स्वर्ग आश्रम में अग्नि प्रथा से संस्कार कर परंपरा बदलने का काम किया है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today महिला के अंतिम संस्कार के बाद मौजूद परिजन आपस में बातचीत करते हुए। Full Article
0 अपने ही घर से 1 सोने के बिस्किट समेत 530 ग्राम सोना किया चोरी, दोस्त और सुनार को बेच डाला By Published On :: Fri, 08 May 2020 12:09:00 GMT सिरसा जिले के मोचीवाली गांव में 6 मई की रात को एक घर में हुई लाखों रुपये के सोने की चोरी के मामले को डिंग थाना पुलिस ने सुलझा लिया है। इस मामले में आरोपी उसी का बेटा निकला है, जिसके घर में चोरी हुई थी। दरअसल उसने नशे की लत में घर में रखे 1 सोने के बिस्किट समते 530 ग्राम सोना चोरी कर लिया औरएक सुनार व अपने दोस्त को बेच दिया। थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस ने आरोपी युवक रविकांत पुत्र घनश्याम उसके दोस्त इंद्रपाल पुत्र ओमप्रकाश निवासी डिंग मंडी व मोचीवाली निवासी सुनार मोहनलाल पुत्र किशोरी लाल को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर लाखों रूपये का 393 ग्राम सोना बरामद कर लिया है ।थाना प्रभारी ने बताया कि प्रांरभिक पूछताछ में पता चला है कि पकड़ा गया युवक रविकांत नशे का आदी है और नशे की पूर्ति के लिए ही उसने अपने पिता घनश्याम के घर से उक्त वारदात को अंजाम दिया था। थाना प्रभारी ने बताया कि इस संबंध में घनश्याम की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।जांच के दौरान महत्तवपूर्ण सुराग जुटाते हुए घटना को चन्द घंटो में सुलझा लिया। उन्होंने आरोपियों को गिरफ्तार कर लाखों रूपये का सोना बरामद किया गया है। थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की जांच जारी है जो भी इस मामले में संलिप्त पाया गया उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today पुलिस गिरफ्त में आरोपी युवक रविकांत (बायें) व मोचीवाली निवासी सुनार मोहनलाल (दायें)। आरोपी ने कुछ सोना अपने दोस्त को तो कुछ सुनार को बेच दिया था। Full Article
0 जनधन के 1.70 लाख से अधिक खातों में आई दूसरी किस्त लेने के लिए उमड़ रही बैंकों में भीड़ By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT लॉकडाउन की पालना के साथ-साथ सोशल डिस्टेंस भी लोग भूल रहे हैं। सरकार द्वारा जनधन के महिला खातों में दूसरी किस्त डाली गई है जिसका वितरण 11 मई तक करने का शेड्यूल बनाया हुआ है। इसको लेकर अब फिर से बैंकों के सामने भीड़ उमड़ रही है। कोई जनधन राशि तो कोई पेंशन राशि निकालने के लिए पहुंच रहे हैं। इसको लेकर बैंक अधिकारी भी परेशान हैं लेकिन वे बैंक के अंदर एक ही उपभोक्ता की एंट्री करने देते हैं। शुक्रवार को ऐसा ही नजारा गुहला हलके के गांव कांगथली स्थित सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक समेत कई बैंकों के सामने देखने को मिला।लीड बैंक मैनेजर आरके कटारिया ने बताया कि जिला के करीब 1 लाख 70 हजार 765 महिलाओं के जनधन खातों में सरकार की ओर से दूसरी किस्त डाली हुई है। जनधन राशि समेत अन्य स्कीमों की राशि निकलवाने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है। बैंकों की ओर से सोशल डिस्टेंस की पालना करवाई जा रही है, बाकायदा सभी बैंकों के बाहर पुलिस कर्मचारियों को तैनात कराया गया है। इसके अलावा बैंक के अंदर कोई एंट्री नहीं कराई जाती, बल्कि गेट से ही कॉपी लेकर राशि निकाली जाती है। बैंकों को बार बार सेनेटाइज किया जाता है और हर ग्राहक के हाथ सेनीटाइजर से धुलवाए जाते हैं।महिलाओं के खातों में आई है 8.53 करोड़ से अधिक की राशिकैथल जिला में जनधन योजना के करीब 1 लाख 70 हजार 765 महिलाओं के खाते खुले हुए हैं। सरकार की ओर से अप्रैल माह में 500- 500 रुपए प्रति खाता में सहायता राशि डाली थी। अब दूसरी किश्त खातों में आ चुकी है, जिसकी राशि करीब 8 करोड़ 53 लाख 82 हजार 500 रुपए है। ये राशि 11 मई तक बांटी जानी है। इसके लिए रोजाना बैंकों में खाता धारकों की भीड़ उमड़ रही है। बैंक के बाहर खड़े बुजुर्ग रामभगत, हरविंद्र सिंह, पुष्पा देवी, भतेरी देवी ने बताया कि सुबह से ही बैंक के बाहर खड़े होना पड़ता है । Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
0 ठग ने पटवारी की फेसबुक आईडी हैक उसके जीजा व दोस्त को मैसेज किया-मुझे चोट लगी, दोनों से 10-10 हजार रुपए ठगे By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT कलायत तहसील कार्यालय में तैनात पटवारी की फेसबुक आइडी हैक कर अपराधियों ने उसके जीजा और दोस्त से 20 हजार रुपए ठग लिए। गांव खरक पांडवा निवासी महिपाल ने थाना कलायत में दी शिकायत में बताया कि उनकी फेसबुक आइडी किसी ने हैक कर ली और उनके दोस्तों व रिश्तेदारों को चोट लगने की बात कहते हुए मदद मंागी। मैसेंजर पर मैसेज देखने के बाद उनके मामा की लड़की के पति ने मैसेज में दिए गए खाते में 10 हजार रुपए डाल दिए। इसी तरह उनके एक दिल्ली के दोस्त नीशू ने भी उक्त व्यक्ति के मैसेज के बाद 10 हजार रुपए बताए खाते में डाल दिए। सुबह 10 बजे उनके पास दोस्त नरेश कुमार का फोन आया और हालचाल पूछा। साथ ही 10 हजार रुपए मांगने के बारे में पूछा, जबकि उन्हें तो कोई जानकारी ही नहीं थी। उसके बाद उनकी बहन और दोस्त ने भी रुपए मांगने के बारे में पूछा। तब उन्हें एहसास हुआ कि उनकी आइडी किसी ने हैक कर ली है और आरोपी उनके दोस्तों को मैसेज भेजकर मदद मांग रहा है। उन्होंने पुलिस को दी शिकायत में आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है।शिकायत के बाद अज्ञात आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी करने के आरोप में केस दर्ज किया गया है और मामले की जांच की जा रही है। -सुभाष चंद्र, जांच अधिकारी, थाना कलायत। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
0 जिले में अब रैपिड टेस्टिंग किट से टेस्ट होंगे, स्वास्थ्य विभाग को 600 किट मिली, पहले फ्रंट लाइन वर्कर्स की होगी जांच By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT कैथल में भी अब रैपिड टेस्टिंग किट से जांच की शुरुआत हो गई। स्वास्थ्य विभाग को पहली खेप में 600 किट मिली हैं और जल्द ही दूसरी खेप मिलने की संभावना है। शुक्रवार को किट से कोरोना वायरस के सैंपल लेने वाली दोनों टीमों समेत आइसोलेशन वार्ड में तैनात डॉक्टर्स व स्टाफ की जांच की गई। सभी 38 स्टाफ सदस्यों की किट से की जांच रिपोर्ट निगेटिव मिली। बता दें कि किट से जांच करने के लिए खून की कुछ बूंद की ही जरूरत होती है और रिपोर्ट भी 10 मिनट के अंदर आ जाती है। जबकि गले और नाक का सैंपल लेकर की जानी वाली जांच प्रक्रिया में 24 से 48 घंटे का समय लग जाता है। अधिकारियों के अनुसार किट का इस्तेमाल पहले फ्रंटलाइन वर्कर्स की जांच के लिए किया जाएगा। बता दें कि देश में पहले चीन से ये किट मंगवाई गई थी, लेकिन जांच रिपोर्ट में खामियां मिलने के कारण ये कैंसिल कर दी गई थी। उसके बाद प्रदेश सरकार ने कोरियाई कंपनी से किट खरीदी थी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मानें तो अभी भी किट से की जानी वाली जांच के परिणाम पर भरोसा नहीं किया जा सकता है और यही कारण है पहले वर्कर्स की जांच करके इन किटों के रिजल्टों को परखा जा रहा है।कोरोना पॉजिटिव ठीक होने पर डिस्चार्ज कर घर भेजेकैथल में मिले दोनों कोरोना पॉजिटिव मरीज करीब एक महीने आठ दिन के बाद शुक्रवार को डिस्चार्ज कर घर भेज दिए गए। डिस्चार्ज करने से पहले दोनों के सैंपल लेकर जांंच के लिए भेजे गए थे और दोनेां की रिपोर्ट निगेटिव आई। उसके बाद स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस दोनों को घर छोड़कर आई। बता दें कि दोनों कोरोना पॉजिटिव मिले इन मरीजों का संबंध तब्लीगी जमात से था। चार अप्रैल को सबसे पहले सिरटा रोड स्थित महादेव कॉलोनी निवासी 62 वर्षीय मदरसा संचालक पॉजिटिव मिले थे। उसके बाद उनके संपर्क में आया मदरसा का एक 9 वर्षीय छात्र अफाक भी पॉजिटिव मिला था। पॉजिटिव आने के बाद पहले कैथल और फिर शाहाबाद के आदेश मेडिकल कॉलेज में दोनों का इलाज चला था। 23 अप्रैल को अफाक और 24 को सफी मोहम्मद ठीक होकर कैथल आए थे और दोनों को 14 दिन के लिए गुहला क्वारेंटाइन सेंटर में रखा गया था।बुधवार व गुरुवार को लिए सभी 146 सैंपल की रिपोर्ट निगेटिवस्वास्थ्य विभाग ने बुधवार को 119 और गुरुवार को लिए 27 सैंपल लिए थे। शुक्रवार को इन सभी 147 सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव मिली है। इनमें नाकों पर तैनात पुलिस कर्मचारियों और गुहला व सीवन अस्पताल के स्टाफ सदस्यों के सैंपल भी शामिल थे। इसके अलावा शुक्रवार को 78 सैंपल लिए गए हैं। इनमें राजौंद व जाखौली स्वास्थ्य केंद्र से 49 और बाकी सैंपल जिला नागरिक अस्पताल में बनाए गए फ्लू क्लीनिक से लिए गए हैं। अब तक पूरे जिले से 1403 सैंपल लिए गए हैं, जिनमें से 1322 सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है। अब तक कैथल में दो पॉजिटिव केस सामने आए हैं और कोई भी एक्टिव केस वर्तमान में नहीं है।42 मोबाइल टीमें जांच चुकी 58 हजार लोगों का स्वास्थ्य: डीसीडीसी सुजान सिंह ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा आमजन तक स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ पहुंचाने के लिए 42 मोबाइल टीमों का गठन किया गया है। अब तक ये टीमें 58 हजार 801 लोगों के स्वास्थ्य की जांच कर चुकी हैं। निशुल्क दवाइयां भी दी जा रही हैं।अब तक की सभी जांच रिपोर्ट निगेटिव मिली हैं और हालात पूरी तरह से नियंत्रण में है। स्वास्थ्य विभाग के पास वर्तमान में 2154 पीपीई किट, 3329 एन-95 मास्क, 118 थर्मल स्कैनर तथा 203 ऑक्सीजन सिलेंडर हैं। लोगों से अपील है कि नियमों की पालना करें और बेवजह बाहर घूमने से बचें।हरदीप दून, आइजी एवं नोडल अधिकारी, कैथल प्रशासन। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
0 किस्त न मिलने से कैंट में 2400 परिवारों के शौचालय अधर में लटके, नप ने ओडीएफ के तहत सर्वे शुरू किया By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT कैंट में 2400 परिवार ऐसे हैं, जिन्हें स्वच्छ भारत अभियान के तहत शौचालय निर्माण की दूसरी किस्त नहीं मिली है। नगर परिषद कैंट इन परिवारों का दोबारा सर्वे करने में जुट गया है ताकि स्पष्ट हो जाए कि किन परिवारों ने किस्त न मिलने पर अपना शौचालय अधर में छोड़ा हुआ है और किन परिवारों ने तैयार कर लिया है।इसको लेकर आधार कार्ड, बैंक अकाउंट और पते को दोबारा कंफर्म किया जा रहा है। नगर परिषद सदर जोन कैंट के सभी दरोगा सर्वे करने में जुट गए हैं। स्वच्छ भारत अभियान के तहत जुटी टीम का कहना है कि एक मई से बैंकिंग सिस्टम में बदलाव हुए हैं।कुछ बैंक दूसरे बैंकों में मर्ज हो चुके हैं। इसके अलावा कुछ लोगों के आधार कार्ड भी अपडेट नहीं थे।कोरोना वायरस संक्रमण से कंटेनमेंट जोन में दिक्कत: नप कार्यालय से पहले ऐसे परिवारों से संपर्क किया जाता है और उसके बाद सर्वे करने के लिए संबंधित वार्ड का दरोगा जाएगा। कुछ घर ऐसे हैं जो कंटेनमेंट जोन में आ रहे हैं। इसलिए ऐसे परिवारों का सर्वे न होना भी एक चुनौती बना हुआ है। स्वच्छ भारत मिशन से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि दरोगा के तसदीक के बाद सफाई ब्रांच के सफाई निरीक्षक, जेई और अंत में एमई वेरिफाई करेंगे। कंटेनमेंट जोन बनने से अब सर्वे कब तक पूरा होगा, अभी यह साफ नहीं है। इसलिए दूसरी किश्त मिलने के लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ेगा।2019 में 98 प्रतिशत ओडीएफ घोषितअप्रैल 2019 में जिला प्रशासन अम्बाला अर्बन को 98 प्रतिशत ओडीएफ घोषित कर चुका है, लेकिन प्रशासन के दावों की पोल नप की ओर से दोबारा से शुरू किया सर्वे खोल रहा है। कैंट में जहां 2400 तो सिटी में 4 हजार परिवारों को स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण का पूरा पैसा नहीं मिल पाया है। प्रशासन ने करीब 4750 लोगों को मिशन के तहत 6 हजार और 12 हजार रुपए की राशि प्रदान की है। करीब पांच हजार परिवार ऐसे हैं, जिन्होंने अपने स्तर पर राशि खर्च कर शौचालय बनवा लिए हैं। कैंट और सिटी में बहुत से परिवार ऐसे हैं जहां पर अभी भी शौचालय का निर्माण नहीं हुआ है। ऐसे में सर्वे में अम्बाला अर्बन एरिया की पूरी स्थिति साफ हो जाएगी।नगर परिषद कैंट और नगर निगम सिटी में बहुत से परिवार ऐसे हैं जहां पर दूसरी किस्त नहीं मिली है। इसलिए सर्वे का काम शुरू किया गया है। सर्वे के बाद पूरी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। हमारे पास 2400 परिवार के आवेदन हैं, जिन्हें वेरिफाई किया जा रहा है।- रितु शर्मा, कोऑर्डिनेटर, स्वच्छ भारत मिशन, नगर परिषद कैंट। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
0 रेडक्राॅस के 100 साल पूरे हाेने पर वाॅलंटियर्स पर की फूलाें की वर्षा By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT शुक्रवार काे रेडक्रॉस के 100 साल पूरे होने पर रेडक्रॉस संस्थापक सर जिन हेनरी का जन्मदिवस मनाया गया। जन्मदिवस की थीम कीप क्लैप्पिंग फॉर वाॅलंटियर रखी गई। माैके पर कैंट रेलवे स्टेशन और सिटी पंचायत भवन में रेडक्राॅस वाॅलंटियर्स पर फूलाें से वर्षा कर उनका हाैसला बढ़ाया। कैंट रेलवे स्टेशन पर हुडा एस्टेट ऑफिसर सितेंद्र सिवाच, जिला रेडक्राॅस सचिव विजय लक्ष्मी, जिला प्राेग्राम ऑफिसर मनाेज सैनी ने वाॅलंटियर्स पर फूलाें की वर्षा कर उनके सेवाभाव काे देखते हुए सराहना की।माैके पर रेलवे स्टेशन पर गुलजार मेहता, अकाउंटेंट भूपेश अग्रवाल, हितेश वैश, हरविंदर, सतनाम नागपाल, सचिन, सुनैना गुप्ता सहित अनेक वाॅलंटियर्स माैजूद रहे। रेडक्राॅस वाॅलंटियर्स ने स्टेशन पर प्रवासी मजदूराें काे खाना, सेनिटाइजर, मास्क और पानी देकर सेवा की। साथ ही फीड द नीडी सोसाइटी द्वारा दोपहर का भोजन खिलाया गया। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
0 लुधियाना से पैदल अम्बाला पहुंचे 400 प्रवासी श्रमिक, पुलिस के कहने पर भी न रुके तो बल प्रयोग किया, वापस पंजाब बॉर्डर पर छोड़े By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT 6 दिन में 110 किलोमीटर पैदल चलकर लुधियाना से अम्बाला पहुंचे प्रवासी श्रमिकों को जंडली पुल के पास पुलिस ने रोकने की कोशिश की। श्रमिक नहीं रुके तो पुलिस ने लाठियां अड़ाई। इससे हाइवे पर भगदड़ मच गई। कई मजदूर ताे हाइवे के पास गंदे पानी के खदान में उतरकर बचे। कई मजदूरोंं काे चाेटें अाई अाैर मजदूरोंं के जूते-चप्पल हाइवे पर रह गए। मजदूरोंं काे नंगे पांव ही हाइवे पर पुलिस ने भगाया। जग्गी सिटी सेंटर के पास ले जाकर पुलिस ने हाइवे से जा रहे ट्रकों काे हाथ देकर रूकवाया। उन ट्रकों में भरकर मजदूरोंं काे पंजाब बॉर्डर के पास ही उतार कर चलता कर दिया गया। कई मजदूर रेल पटरी से हाेते हुए वापस जाने लगे। एक युवक के कान पर लाठी लगने से खून बह रहा था ताे एक युवक सड़क किनारे बैठकर ही राेने लगा। मजदूरोंं का कहना था कि उन्हें गाेली मार दाे या उनके घर छाेड़ दाे। यह मजदूर पंजाब के लुधियाना से उत्तर प्रदेश के लिए जा रहे थे। एसपी अभिषेक जाेरवाल ने कहा कि यह लेबर बॉर्डर के साथ लगती जगहों अाैर खेतों से हाेते हुए अंदर दाखिल हाे रही हैं। इन प्रवासी मजदूरोंं काे भी भेजने के लिए दाे-तीन दिन में बसें चलने की उम्मीद है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today अम्बाला सिटी | मजदूराें काे राेकते पुलिस कर्मी काे धक्का देती युवती। फोटो : राजेश कश्यप Full Article
0 67 पंचायतों की लगभग 2700 एकड़ भूमि को ठेके पर देने की प्रक्रिया 11 से शुरू होगी By Published On :: Sat, 09 May 2020 00:16:00 GMT ब्लॉक रादौर की 67 पंचायतों की लगभग 2700 एकड़ 67 पंचायतों की लगभग 2700 एकड़ भूमि को एक वर्ष के लिए ठेके पर देने की प्रक्रिया 11 से 17 मई तक की जाएगी। इस दौरान पंचायती भूमि के अधिक दाम देने वाले व्यक्ति को भूमि ठेके पर दी जाएगी। ब्लॉक रादौर में पंचायती भूमि पर धान की फसल की खेती करने पर सरकार ने प्रतिबंध लगाया हुआ है। इसकी एवज में पंचायती भूमि को ठेके पर लेने वाले व्यक्ति को सरकार की शर्त के अनुसार खेती करने पर 7 हजार रुपए प्रति एकड़ अनुदान दिया जाएगा। बीडीपीओ रादौर आरडी साहनी ने बताया कि 11 मई को गांव संधाला, पलाका,चमरोड़ी, सांगीपुर, इस्माईलपुर, बैंडी, ठसका, रपड़ी, धौलरा, भागु माजरा, बुबका, रादौरी, बरहेड़ी मेें पंचायती भूमि को ठेके पर दिया जायेगा। वहीं 12 मई को अलाहर, मंधार, मारूपुर, जठलाना, टोपराकलां, कांजनू, नागल, खजुरी, मंसूरपुर, अलीपुरा, सढूरा, बापौली व सतगौली की पंचायती भूमि की बोली होगी। 13 मई को नाचरौन, राझेडी, भगवानगढ़, पालेवाला, बापा, जुब्बल, दौलतपुर, फतेहगढ़, नगला साधान, खुर्दबन, सिकं दरा, अमलौहा व मॉडल टाउन करहेड़ा की पंचायतों की भूमि की बोली होगी। 14 मई को संधाली, माधुबांस, पूर्णगढ़, झगुड़ी, उन्हेड़ी, बकाना, हिरण छप्पर, छारी, झीवरेहड़ी, सांगड़ी की पंचायती भूमि की बोली होगी। 15 मई को घेसपुर, अंटावा, सिलीकलां, कंड्ररौली, लालछप्पर, रतनगढ़, बरसान, हड़तान, घिलौर की पंचायती भूमि की बोली होगी। 16 मई को लक्सीबांस, मोहडी, दौहली व खेड़की ी गांव की पंचायती भूमि की बोली होगी। 17 मई को केवल पोटली गांव की पंचायती भूमि की बोली होगी। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
0 आज भेजे जाएंगे 1200 मजदूर, 20 हजार से अधिक लोग करवा चुके रजिस्ट्रेशन, जिसमें 6800 प्रवासी By Published On :: Sat, 09 May 2020 00:57:00 GMT लॉकडाउन में सबसे बुरी स्थिति उन प्रवासी मजदूरों की बनी हुई है जो अपने अपने घर जाना चाह रहे हैं। पंजीकरण करवाए जाने के बावजूद कोई साधन मिलता न देख मजदूर पैदल ही निकल पड़ते हैं। जिले से जाने वालों की संख्या 20 हजार से अधिक है जिसमें लगभग 6800 प्रवासी मजदूर हैं। हालांकि सरकार प्रवासियों के जाने की व्यवस्था लगातार कर रहा है लेकिन प्रवासी जाने के उतावले बने हुए हैं। इससे प्रवासी 38 डिग्री से अधिक तापमान में पैदल ही जाने लग जाते हैं। इसके अतिरिक्त दूसरे गांवों व जिलों से भी आगे जाने वाले प्रवासी भी भिवानी हो कर पहुंच रहे हैं। गुरुवार देर शाम हिसार व सिवानी से पहुंचे लगभग तीन दर्जन मजदूरों का खाना तो रेडक्रास ने उपलब्ध करवा दिया लेकिन उन्हें रात सड़क के एक ओर गुजारनी पड़ी। यह स्थिति अकेले भिवानी की नहीं है बल्कि प्रदेश भर में बनी हुई है। भिवानी व दादरी के 1200 मजदूरों को लेकर शनिवार को एक ट्रेन पूर्णिया जाएंगी। प्रशासन ने एक सप्ताह पहले प्रवासी मजदूरों की घर वापसी के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू की थी। जिले में अभी तक 20 हजार से अधिक लोग रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं, जिसमें 6800 प्रवासी मजदूर हैं। भिवानी जंक्शन से पहली गाड़ी 9 मई को पूर्णिया के लिए चलेगी जिसमें भिवानी व दादरी के 1200 मजदूर जाएंगे। रेलगाड़ी में वे ही मजदूर जाएंगे जिनका रजिस्ट्रेशन हो चुका है।राजकीय कन्या स्कूल में की ठहरने की व्यवस्थाराजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में प्रशासन की तरफ से ठहरने की व्यवस्था की हुई है। जो प्रवासी मजदूर सड़कों पर घूम रहे थे और पैदल ही अपने अपने प्रदेशों में जाने के लिए भिवानी बॉर्डर पार करने का प्रयास कर रहे थे ऐसे मजदूरों को स्कूल में रखा गया है और प्रशासन उनको घर भेजने की व्यवस्था में लगा हुआ है। राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में 40 प्रवासी मजदूरों को रखा गया है। इसके अलावा जाट धर्मशाला में भी मजदूर व परिवार के सदस्यों को रखा गया है।रेलवे स्टेशन पर लिया व्यवस्थाओं का जायजाप्रवासी मजदूरों को उनके प्रदेशों में भेजने के लिए प्रशासन रेलगाड़ी की व्यवस्था कर रहा हैं। इसी के चलते डीसी अजय कुमार व एसडीएम महेश कुमार ने गुरुवार को रेलवे स्टेशन का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया, ताकि प्रवासी मजदूरों को रेल गाड़ी में बैठाने के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करवाई जा सके। स्टेशन के बाहर व प्लेट फार्म नंबर एक पर छह-छह फुट की दूरी पर गोल दायरे बनाए गए है। अगर सब कुछ ठीक रहा तो शनिवार को भिवानी रेलवे स्टेशन से एक रेलगाड़ी लगभग 1200 प्रवासी मजदूरों को लेकर पूर्णिया बिहार के लिए रवाना होगी।पुलिस कर्मचारी ने प्रवासी मजदूर के साथ की मारपीटगुरुवार देर शाम बैंक कालोनी में किराए के कमरे में रहने वाला एक प्रवासी मजदूर घर जाने के लिए पैदल ही निकल पड़ा था। जब वह रोहतक रोड पुलिस नाके पर पहुंचा तो पुलिस कर्मचारियों ने उसे रोक लिया। डूमरी परोरा बेगूसराय बिहार का रहने वाला प्रवासी मजदूर ने बताया कि जब वह पुलिस नाके पास पहुंचा तो नजदीक ही पानी से भरे मटके रखे हुए थे। उसने मटके से पानी पीने के लिए एक पुलिस कर्मचारी से कहा तो उसने कहा पानी पी ले। इसी दौरान पुलिस कर्मचारी ने पूछा की कहा से है और क्या नाम है तो उसने बताया कि वह बिहार का रहने वाला है। प्रवासी मजदूर ने बताया कि इसके बाद पुलिस कर्मचारी ने उसके साथ मारपीट की।सिवानी और हिसार से पहुंचे 36 मजदूरगांव ढाब ढाणी में 32 प्रवासी रह रहे हैं जिन्होंने चार मई को रजिस्ट्रेशन करवाया था। मजदूर हर रोज घर जाने के लिए जिद्द कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त हर रोज कहीं न कहीं से प्रवासी भिवानी पहुंच रहे हैं। गुरुवार देर शाम को भिवानी में सिवानी व हिसार से लगभग तीन दर्जन मजदूर पहुंचे। वे पैदल ही बरेली के लिए चले थे लेकिन पुलिस नेे उन्हें यही रोक दिया। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Today 1200 workers will be sent, more than 20 thousand people have got registration done, in which 6800 migrants Full Article
0 मोबाइल टीम ने जांचा 37 कर्मचारियों का स्वास्थ्य, 10 के सैंपल पीजीआई भेजे By Published On :: Sat, 09 May 2020 00:57:00 GMT लोगों के स्वास्थ्य व कोरोना वायरस की जांच के लिए दौचाना सामुदायिक सेंटर पर स्वास्थ्य विभाग की मोबाइल संपर्क टीम ने शुक्रवार काे डॉ. संजय सिंह के नेतृत्व में 37 कर्मचारियों का मेडिकल चेकअप किया। इसमें नाक-गले से संबंधित 10 व्यक्तियों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। बाकी 27 व्यक्तियों को चिकित्सीय परामर्श दिया गया। कोरोनावायरस जांच के लिए जिला चिकित्सा अधिकारी द्वारा गठित मोबाइल टीम द्वारा क्षेत्र में नियुक्त बैंक कर्मचारी, पुलिस, वेटरनरी डॉक्टर, सफाई कर्मचारी, सब्जी विक्रेता, दूध विक्रेता समेत 37 कर्मचारियों की कोरोना वायरस से संबंधित जांच की। इसके तहत टीम ने टेंपरेचर, खून के नमूने, नाक, गले की जांच की, जिसमें रैपिड टेस्ट किट द्वारा कोविड-19 की जांच में 27 कर्मचारियों की टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव आई और 10 कर्मचारी जो नाक-गले से संबंधित बीमारी से ग्रस्त थे, एहतियात के तौर पर उनकी जांच के लिए सैंपल लेकर रोहतक भेजे जाएंगे, जिसकी एक-दो दिन में रिपोर्ट आ जाएगी। इस टीम में डॉ. कृष्ण कुमार, ईएनटी के सत्येंद्र, एलटी सुरेश, हवासिंह चालक शामिल हैं।अटेली में अब तक 153 लोगों के सैंपल, 130 की रिपोर्ट निगेटिव व 23 की पेंडिंगकोरोना संक्रमण का पता लगाने के लिए अटेली अस्पताल में अब तक 153 लोगों के सैंपल लिए जा चुके हैं। इनमें अभी 23 सैंपल की रिपोर्ट आनी शेष हैं, बाकी 130 सैंपलों की रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है। डॉ. विजयसिंह ने बताया कि लैब टेक्निशियन रविदत्त के सहयोग से स्क्रीनिंग जांच यहां पीसीआर टेक्निक से हो रही है। स्वास्थ्य विभाग ट्रैवलिंग हिस्ट्री व कोविड-19 लक्षण के आधार पर सैंपल ले रहा है ताकि संक्रमण को शुरुआती दौर में ही रोका जा सके। बता दें कि जिले में मोबाइल टीम भी सब्जी विक्रेताओं व अन्य लोगों के रेपिड कोरोना टेस्ट कर रही है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
0 विद्यानगर में 449 घरों के 1909 लोगों की स्क्रीनिंग By Published On :: Sat, 09 May 2020 01:09:00 GMT स्वास्थ्य विभाग ने विद्यानगर निवासी बीएसएफ जवान के घर के आस-पास के 449 घरों में रहने वाले 1909 व्यक्तियों की स्वास्थ्य जांच की है। शुक्रवार को विभाग ने 18 लोगों के काेरोना से संबंधित सैंपल लिए है।गुरुवार को विद्यानगर के 350 घरों में रहने वाले करीब 1500 व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की गई तथा 46 लोगों के सैंपल लिए थे। शुक्रवार को 99 मकानों में ओर सर्वे कर स्क्रीनिंग की गई है। अभी तक विभाग काॅलोनी में 449 घरों में रहने वाले 1909 व्यक्तियों की स्क्रीनिंग कर चुका है। काॅलोनी के सभी घरों में रहने वाले लोगों की स्क्रीनिंग करवाने का उद्देश्य यह हैं कि अगर किसी व्यक्ति में किसी प्रकार के कोरोना के लक्षण मिले तो विभाग उसको तुरंत आइसोलेशन वार्ड में रख कर महामारी को फैलने से रोक सके। अभी तक की जांच में विद्यानगर कालोनी में किसी भी व्यक्ति में कोरोना के लक्षण नहीं मिले है। सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र कादयान ने बताया कि शुक्रवार को 18 सैंपल लिए गए, इनमें से 12 सैंपल रोहतक पीजीआई जांच के लिए भेजे गए है जबकि 6 सैंपल की जांच रैपिड किट से की गई। रैपिड किट से जांच में सभी छह सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आई है। अभी तक 78 सैंपल की रिपोर्ट आनी बाकी है। शुक्रवार तक कुल 1036 व्यक्तियों के सैंपल लिए गए थे। सिविल अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में 12 व्यक्तियों को रखा गया है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
0 अधिकारी हर रोज 20-20 अभिभावकों को कॉल करके लेंगे फीडबैक By Published On :: Sat, 09 May 2020 01:24:00 GMT (संजय आहूजा)लॉकडाउन के दौरान पिछले माह से राजकीय स्कूलों में पढ़ने वाले हजारों विद्यार्थियों को घरों में ही वाट्सएप व टीवी चैनलों से ऑनलाइन शिक्षा दी जा रही है।सभी विद्यार्थियों तक ऑनलाइन शिक्षा पूर्ण रुप से पहुंचे व बच्चों को दी जा रही ऑनलाइन शिक्षा के कार्य में आ रही समस्याओं को लेकर अब शिक्षा विभाग के अधिकारी हर रोज 20-20 अभिभावकों को कॉल करके उनका फीडबैक लेंगे।इसे लेकर शिक्षा विभाग ने पत्र जारी कर सभी कर्मचारियों व अधिकारी स्कूल मुखिया, बीआरपी, एबीआरसी, बीईओ, बीईईओ, फैकल्टी ऑफ डाइट, बाईट, जीईटीटीआई, एससीआरटी व प्रोग्राम ऑफिसर काे प्रतिदिन 20 अभिभावकों और विद्यार्थियों से फोन कर संपर्क करने के आदेश दिए हैं।जोकि प्रसारण कार्यक्रम को लेकर पठन-पाठन ऑनलाइन कार्यक्रम को लेकर अवलोकन करेंगे।हर रोज भेजनी होगी रिपोर्टमई के महीने में सीएसआरटी द्वारा पाठ्यक्रम की मासिक बांट के अनुसार प्रत्येक विषय के दो से चार पाठ करवाए जाने हैं। इस पर्यवेक्षण के लिए जिलों के लिए निदेशालय का कार्यक्रम अधिकारी और सहायक निदेशक समय सारणी एवं अन्य दायित्वों के लिए उत्कर्ष सोसाइटी से समन्वय करेंगे। डीईओ, डीईईओ, डीपीसी व प्रधानाचार्य डाइट के संपर्क में रहेंगे। अधिकारियों को प्रतिदिन विद्यार्थियों की कक्षा अनुसार रिपोर्ट विभाग की ई-मेल पर सांझा करनी होगी।ये सवाल पूछेंगे अधिकारी क्या आपके बच्चे को अध्यापक से टीवी प्रसारण एजुसेट व स्वयं प्रभा की समय-सारिणी प्राप्त हो रही है। क्या अध्यापक द्वारा ई-संचार माध्यम, फोन, मेल, वाट्सएप अथवा पड़ोसी सहपाठी के माध्यम से गृह कार्य अभ्यास कार्य दिया जा रहा है। क्या आप द्वारा बच्चों को टीवी प्रसारण एजुसेट तथा स्वयं प्रभा चैनल देखने का समुचित समय एवं वातावरण प्रदान किया जा रहा है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
0 लॉकडाउन में अब तक 76 केस दर्ज 145 गिरफ्तार, 304 वाहन इंपाउंड By Published On :: Sat, 09 May 2020 01:28:00 GMT कोरोना वायरस महामारी को लेकर देश में तीसरा लॉक डाउन शुरू हो चुका है। पहले दो फेजों में जिस प्रकार पुलिस ने लगातार सख्ती दिखाई अब भी वो जारी है। लोग बेवजह घरों से निकलने से बाज नहीं आ रही तो वहीं पुलिस इन्हें रोकने के लिए भरसक प्रयास कर रही है। पहले जहां पुलिस द्वारा सालभर में चालान की राशि वसूली जाती है उतनी राशि को करीबन डेढ़ महीने में ही वसूल कर ली।पुलिस प्रवक्ता सुमित सांगवान ने बताया कि पुलिस अधीक्षक बलवान सिंह राणा के लॉकडाउन के तहत जारी किए गए दिशा-निर्देशों को सख्ती से लागू करने में जिला पुलिस निरंतर प्रयास कर रही है। जिला पुलिस ने लॉकडाउन के तहत जारी किए गए आदेशों की अवेहलना करने पर 76 मामले दर्ज किए है। जिसमें 145 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।नाकाबंदी और गश्त पर विशेष नजर पुलिस ने प्रभावी रुप से नाकाबंदी व गश्त करते हुए जिले में 2 हजार 186 वाहनों के चालान किए है। 304 वाहनों को इंपाउंड जब्त भी किया गया। चालान किए गए वाहन चालकों पर 55 लाख 33 हजार 900 रुपये जुर्माना लगाया गया है। आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए जिला पुलिस द्वारा कुल 49 मामले दर्ज किए है। इनमें 53 आरोपियों को गिरफ्तार करके 4 हजार 422 बोतल देशी शराब, 768 बोतल अंग्रेजी शराब व 70 बीयर की बोतल अवैध शराब पकड़ी गई है।अपने घरों पर रहे, सुरक्षित रहेंजिला पुलिस की तरफ से आमजन से अपील है कि लॉक डाउन के तहत जारी आदेशों का सख्ती से पालन करें। अपने घरों पर रहे, सुरक्षित रहें। अपने नजदीकी दुकानों से ही राशन, दूध, फल, सब्जियों, दवाइयां आदि जरुरत का सामान खरीदें। सामान खरीदते वक्त एक दूसरे से दूरी बनाकर खड़े हो। बेवजह घरों से बाहर न निकलें। लॉक डाउन को सफलतापूर्वक लागू करने में पुलिस व जिला प्रशासन का सहयोग करें। अफवाहों से बचे। बगैर जांच के कोई भी मैसेज सोशल मीडिया पर साझा न करें। आदेशों की अवेहलना करने वालों के खिलाफ जिला पुलिस द्वारा सख्त कार्रवाई की जा रही है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
0 ठेकों पर मनमर्जी के भाव में बिक रही शराब, देसी शराब 250 से 300 रुपये बोतल तो अन्य शराब के रेटों में काफी उछाल आया By Published On :: Sat, 09 May 2020 01:30:00 GMT प्रदेश सरकार द्वारा शराब के ठेके खोलने के बाद ठेकेदारों द्वारा मनमर्जी के भावों में शराब बेची जा रही है। लेकिन सरकार व प्रशासन की मनमर्जी के भावों पर कोई रोक-टोक नहीं है। देशी शराब की बोतल 250 से 300 रुपये तक ठेकों पर बिक रही है। अन्य ब्रांड की शराब के रेटों में भी काफी उछाल है। लेकिन आबकारी विभाग ने शराब की अधिकतम मूल्य तय ही नहीं किया है। इससे ठेकेदारों की पौबारह हो रही है।लाॅकडाउन के बावजूद सरकार ने राजस्व बढ़ाने के लिए 6 मई से शराब के ठेके खोल दिए हैं। प्रदेश में ठेके खुलते ही शराब की बिक्री शुरू हो गई है। लेकिन सरकार व प्रशासन ने शराब बिक्री के रेट निर्धारित नहीं किए हैं। इससे शराब ठेकेदार ठेकों पर मनमर्जी के भावों में शराब की बिक्री कर रहे हैं। शराब पीने वाले लोगों की जेब पर खासी चपत लग रही है। ठेकों पर देशी शराब की बोतल 250 से 300 रुपये में बिक रही है। जबकि आबकारी विभाग द्वारा देशी शराब काउंटरी लिक्र का रेट 145 रुपये तथा मैट्रो लिक्र का 170 रुपये मिनीमम रेट तय किया हुआ है। इंपेरियल ब्लू की बोतल 600 रुपये में बिक रही है जब कि आबकारी विभाग द्वारा इंपेरियल ब्लू का मिनिमम रेट 350 रुपये बोतल निर्धारित किया हुआ है। एसी ब्लैक की बोतल 600 रुपये में बिक रही है जबकि आबकारी विभाग द्वारा 350 रुपये मिनिमम रेट निर्धारित किया हुआ है।राॅयल स्टैग की बोतल 700 रुपये में बिक रही है जबकि आबकारी विभाग द्वारा 450 रुपये मिनिमम रेट निर्धारित किया हुआ है। ब्लैंडर प्राइड की बोतल 1000 रुपये में बिक रही है जबकि आबकारी विभाग द्वारा 600 रुपये बोतल मिनिमम रेट निर्धारित किया हुआ है। बीयर की बोतल 200 रुपये में बिक रही है जबकि विभाग द्वारा 85 रुपये मिनिमम रेट निर्धारित किया हुआ है। इसके अलावा शराब के अन्य ब्रांड की बिक्री काफी उच्च दामों में की जा रही है। इससे शराबियों को करारा झटका लग रहा है।आबकारी विभाग ने शराब बिक्री का अधिकतम मूल्य तय नहीं किया : यादवआबकारी विभाग के डीटीसी अनिल कुमार यादव ने बताया कि आबकारी विभाग द्वारा शराब बिक्री के मिनिमम रेट तय किए हुए हैं। बिक्री के अधिकतम रेट तय नहीं किए हैं। इसलिए ठेकेदार मिनिमम तय रेट से कम में नही बेच सकते। इससे उपर बेच सकते हैं। अभी स्टाॅक कम हैं स्टाक ज्यादा आने के बाद कंपीटिशन में रेट घट जाएंगे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
0 पहली बार रिकॉर्ड तोड़ 324 सैंपल जांच के लिए लैब में भेजे, फ्लू क्लीनिक में लिए 150 सैंपल By Published On :: Sat, 09 May 2020 01:41:00 GMT जिला स्वास्थ्य विभाग की हेल्थ टीमों ने गुरुवार को रिकॉर्ड तोड़ 324 सैंपल लिए थे। यह अभी तक की सैंपलिंग रिपोर्ट का सर्वाधिक आंकड़ा है। इनमें से अधिकांश सैंपल जांच के लिए एनआरसीई लैब और बाकी सैंपल्स की टेस्टिंग पीजीआई रोहतक में होगी। बता दें कि इससे पहले 4 मई को 255, 5 मई को 158, 6 मई को 186 सैंपल लिए थे। दरअसल, स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना पर नियंत्रण के लिए रेंडम सैंपलिंग पर ज्यादा ध्यान दिया हुआ है। शुक्रवार को डॉ. पुलकित की टीम ने 24 सैंपल लिए। इनमें सेंट्रल जेल टू के 11 बंदी, 13 एचएयू में क्वारेंटाइन्स शामिल हैं। पैथोलॉजिस्ट डॉ. मनीष पचार की टीम ने दड़ौली पॉजिटिव रोगी की पत्नी व मां सहित हिसार शहर में रहने वाले रिश्तेदारों के सैंपल लिए हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
0 जिंदल स्टेनलेस लिमिटेड पाइप इंडस्ट्री भी हुई शुरू, प्राेडक्शन अभी केवल 25 प्रतिशत ही इन पर निर्भर जिले की 50 छाेटी-बड़ी इंडस्ट्री काे भी राहत By Published On :: Sat, 09 May 2020 01:44:00 GMT देश विदेश में विख्यात स्टील इंडस्ट्री जिंदल स्टेलनेस सहित जिंदल ग्रुप की हिसार में तीन इंडस्ट्री में डेढ़ माह बाद एक बार फिर से प्राेडक्शन शुरू हाे गया है। यानी इस पर निर्भर लाेगाें की जिंदगी पटरी पर लाैटने लगी है। सीआरडी अाैर एसअारडी प्लांट तथा पाइप इंडस्ट्री में से लगे 6900 कर्मचारियों में से करीब 3400 कर्मचारियों काे शिफ्टाें में काम मिल गया है। इन तीन बड़ी इंडस्ट्री के शुरू हाे जाने से इन पर निर्भर जिला व इसके आसपास की 50 से अधिक इंडस्ट्री में भी प्राेडक्शन की उम्मीद जग गई है। जिंदल इंडस्ट्री से जुड़े मैनेजमेंट के अधिकारियाें का कहना है कि फिलहाल प्राेडक्शन 25 प्रतिशत ही किया जा रहा है क्याेंकि मार्केट में अभी डिमांड नहीं है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
0 बीयर 3 सौ रुपए में, 120 वाला पौव्वा 280 में, जो ब्रांड पहले कभी नहीं बिके वो भी खाली हो गए दुकानों से By Published On :: Fri, 08 May 2020 01:19:00 GMT कोरोना संक्रमण में जहाँ कुछ दिलदार लोग घर बेचकर जरूरतमंदों की मदद कर रहे हैं, वहीं ना-नुकुर कर ग्रामीण क्षेत्रों की शराब दुकान खोलने वाले ठेकेदारों ने लूट की इंतेहा कर दी है। किसी भी ब्रांड की बीयर 3 सौ रुपए से कम में नहीं बिक रही है। पीने वालों की नजर में घटिया से घटिया ब्रांड की शराब जो आम दिनों में नहीं बिकती थी, वो भी ऊँचे दामों में बेच दी गई। जानकारों के मुताबिक 120 रुपए में जिस पौव्वे को कोई पूछता नहीं था, वो भी 280 रुपए का बिक गया। ग्रामीण क्षेत्रों की 73 देशी-विदेशी दुकानें हैं जिसमें मझौली पौंड़ी की दुकान कंटेनमेंट क्षेत्र के कारण बंद है। बाकी की 72 दुकानों में पिछले साल का बचा हुआ माल पूरा बिक गया, अब ठेकेदार नया माल शुक्रवार से खरीदेंगे। लॉकडाउन पीरियड में पूरे जिले में सोशल मीडिया पर प्रचार करके शराब बेचने वालों को मुनाफाखोरी में ठेकेदारों ने पीछे छोड़ दिया। प्रशासन कोरोना संक्रमण से जिले को बचाने में जुटा है, पुलिस लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई करने में व्यस्त है, जिसका फायदा शराब ठेकेदारों ने पहले दिन से उठाया। दुकान खोलने के लिए जो ठेकेदार तैयार नहीं थे, वही ग्रामीण क्षेत्रों की दुकानों में सक्रिय दिखे और स्टाफ को मैक्सिमम प्राइज से भी ज्यादा में शराब बेचने की छूट दे दी। ग्रामीण क्षेत्रों की शहर से लगी कुछ दुकानों पर तो मारामारी के दृश्य से थे। खरीदने वालों ने भी दुकान की खिड़की तक पहुँचने में जोर लगाया और जो ब्रांड मिला, वो खरीद लिया।एक दिन में ही सरकार के खजाने में आए 1.68 करोड़46 दिन बाद शराब दुकानें क्या खुलीं लोगों की भीड़ लग गई। हालाँकि ये दुकानें ग्रामीण क्षेत्र की हैं और इसमें भी विदेशी शराब की बिक्री से ही सरकार के खजाने में 80 लाख रुपये की कमाई जबलपुर से हो गई है। अभी इसमें सरकार को जो शराब बिकी है उससे भी राशि मिलेगी जिससे एक दिन में ही कमाई का आँकड़ा 1 करोड़ के पार पहुँच जायेगा। इस तरह एक दिन में लगभग 3 हजार पेटी शराब बिक चुकी है और शुक्रवार के लिये बड़ी मात्रा में शराब खरीदी के लिये डिमांड भेजी गई है। वहीं देशी शराब की बिक्री भी लगभग 48 सौ पेटी के आसपास हुई है जिससे सरकार को लगभग 88 लाख रुपये की ड्यूटी मिली है।लाइन में लगकर खरीदी शराब, जाँच में पकड़ी गईशहर की शराब दुकानें नहीं खुलीं तो लोग गाँव पहुँच गये। सालीवाड़ा क्षेत्र में तो सुबह से शराब लेने वालों की भीड़ लग गई। पुलिस और आबकारी वालों को यहाँ मोर्चा सँभालना पड़ा। यही हाल पनागर और बरेला क्षेत्र की दुकानों में भी रहा। पुलिस ने सालीवाड़ा की दुकान में लाइन लगवाई और आधार कार्ड के अनुसार ही गाँव वालों को पहले शराब बेची गई। बाद में शहर से जो लाेग पहुँचे थे उन्हें भी शराब की बोतलें मिल गईं। शाम को लौटते समय जब गोरा बाजार थाने के पास चैकिंग हुई तो ऐसे कई लोगों से शराब की बोतलें लेकर जब्त कर ली गईं।सड़कों पर पी गए शराबलॉकडाउन की वजह से शराब से वंचित लोगों ने अपनी तलब मिटाने दुकान से निकलते ही शराब पीना प्रारंभ कर दिया। कई जगह बीयर की बोतलें पीते-लहराते हुए लोग दिखे। ये शिकायतें कंट्रोल रूम तक पहुँचीं, उसके बाद प्रशासन हरकत में आया। हालाँकि तब तक दुकानें खाली हो गईं थीं।इन दुकानों में सबसे ज्यादा बिक्रीग्रामीण क्षेत्र की पनागर, सिहोरा, पाटन, मीरगंज की दुकानों से 5-5 लाख से ज्यादा की बिक्री, जबकि बेलखाड़ू व खितौला की दुकानों से 4 लाख से ज्यादा की व कटंगी, मझौली और सालीवाड़ा की दुकानों से लगभग 9 लाख की शराब बिकी। बाकी की दुकानों में भी कहीं से ढाई लाख तो कहीं दो लाख की बिक्री हुई। ज्यादातर दुकानों से 1 लाख रुपए से ज्यादा की शराब की बिक्री हुई है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Beer was sold for 3 hundred rupees, 120 in Pauva 280, brands that were never sold before were also emptied from shops Full Article
0 दो पॉजिटिव मिलने के बाद बाहर से आए लाेगों को ढूंढेंगे भितरवार में कंटेनर में भरकर पहुंचे 20 मजदूर घूमते मिले By Published On :: Fri, 08 May 2020 02:13:00 GMT बाहर से आने वाले लोगों की संख्या बढ़ने के चलते प्रशासन ने अब उनकी ढूंढ़कर स्क्रीनिंग करने का सिलसिला बढ़ा दिया है। गुरुवार को डेढ़ सौ से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की गई। यहां तक की शुक्रवार से बाहर से आने वालों की खोज के लिए सर्वे भी शुरु किया जा रहा है। वहीं भितरवार में कंटेनर में भरकर आए बीस से अधिक मजदूरों के बाजार में घूमने से पूरे शहर में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर प्रशासन मौके पर पहुंचा और सभी मजदूरों को कंटेनर में से शिवपुरी जिले की सीमा में भिजवाया गया। इसके अलावा भितरवार में दो और क्षेत्र में कुल 15 लोगों के सैंपल लिए गए। पिछोर कस्बे में विगत 4 मई को भोपाल से लौटकर आए अरविंद कुशवाह और पवन कुशवाह की बुधवार को रिपोर्ट पॉजिटिव निकलने के बाद पूरे ब्लॉक में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं एक साथ दो लोगों के पॉजिटिव मिलने के बाद प्रशासन भी अलर्ट हो गया है। क्योंकि शहर व ग्रामीण अंचल में अभी भी काफी संख्या में मजदूरों के आने का सिलसिला बना हुआ है। ऐसे में गुरुवार से ही प्रशासन द्वारा ऐसे लोगों को खोजकर उनकी स्क्रीनिंग कराए जाने की प्रक्रिया बढ़ा दी गई है। गुरुवार को कम्युनिटी हॉल में बाहर से आने वाले लोगों की जांच किए जाने के चलते और दिनों की अपेक्षा काफी भीड़ रही। करीब डेढ़ सौ से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग कराई गई। साथ ही सभी को घर में ही रहने के लिए कहा गया। इसके अलावा गुरुवार को 15 संदिग्धों की सैंपलिंग कराई गई, जिसमें दो लोग भितरवार से आए थे।सर्वे में मिलने वाले संदिग्ध लोगों की होगी सैंपलिंगबाहर से आने वाले लोगों की प्रशासन तक सही सूचना नहीं पहुंच पा रही हैं। क्योंकि कई लोग चोरी छिपे भी बाहर से अपने घरों तक पहुंच रहे हैं। वहीं आसपास के लोग भी इसकी जानकारी नहीं दे रहे हैं। क्योंकि बाहर से आने वाले और संदिग्धों की जानकारी देने पर लड़ाई-झगड़े की नौबत बन जानती है। इस वजह से वह लोग जानकारी देने के चक्कर में न पड़कर चुप रहते हैं। इस वजह से अब प्रशासन द्वारा ऐसे लोगों का पता लगाने के लिए शुक्रवार 8 मई से सर्वे कार्य शुरु कराया जा रहा है। शुक्रवार से एएनएम, एमपीडब्लयू, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व बीएलओ द्वारा बाहर से आने वाले लोगों व खांसी जुखाम से पीड़िताें का सर्वे कराया जाएगा। जिससे संदिग्धों व बाहर से आने वालों की जांच कराई जा सके और जरुरत पड़ने पर सैंपलिंग भी कराई जा सके और समय रहते कोरोना वायरस को फैलने से रोका जा सके।भितरवार पहुंचा मजदूरों से भरा कंटेनर, ड्राइवर बोला- महाराष्ट्र पुलिस ने मजदूरों को दिल्ली में उतारने का कहकर चढ़ाया थाभितरवार कस्बे में उस तक हड़कंप मच गया जब महाराष्ट्र से लगभग 20 से 22 लोग कंटेनर क्रमांक आरजे 11-जीबी- 4150 में बैठकर भितरवार पहुंचे और खाने पीने का सामान लेने के लिए बाजार में घूम रहे थे। कंटेनर में बैठे मजदूर वर्ग के लोगों की भीड़ को देखकर लोगों को शंका हुई और उन्होंने प्रशासन को सूचित किया। सूचना मिलने पर तहसीलदार कुलदीपक दुबे, एसडीओपी शैलेंद्र सिंह जादौन व थाना प्रभारी केडी सिंह कंटेनर के पास पहुंचे। पूछताछ में कंटेनर चालक मोहम्मद साबिर पुत्र हमीन खान निवासी पलवल हरियाणा ने बताया कि वह नागपुर महाराष्ट्र से आ रहा था। तभी रास्ते में दिल्ली, उत्तरप्रदेश तथा हरियाणा के लिए लगभग 20-22 मजदूर पैदल चले आ रहे थे। इन सभी मजदूरों को महाराष्ट्र पुलिस ने कंटेनर में चढ़ा दिया और कहा कि इन्हें दिल्ली जाकर उतार देना।दोबारा लौटकर न आने की दी हिदायतकंटेनर के अंदर बैठे मजदूरों से पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि सभी लोग अलग-अलग जगह के रहने वाले हैं। कोई मुजफ्फरनगर जा रहा है तो कोई हरियाणा तो कोई दिल्ली मजदूरी के लिए जा रहा है। मजदूरों ने बताया कि काम धंधे की तलाश में वह घरों से निकले हैं, ताकि उनके परिवारों का भरण पोषण हो सके। वहीं ट्रक चालक का कहना है कि इन मजदूरों को डबरा उतारना था, लेकिन वह भितरवार क्यों पहुंचा यह बात शंका का कारण बनी हुई है। ट्रक चालक की बात सुनकर तहसीलदार ने सभी मजदूरों को वापस कंटेनर में बैठाकर कैरूआ बॉर्डर से शिवपुरी जिले की सीमा के अंदर भेज दिया। साथ ही चालक को हिदायत दी वह दोबारा लौटकर न आए। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today After getting two positives, you will find the people who came from outside, 20 workers arrived in Bhitarwar filled with containers and found wandering Full Article
0 गृहस्थी का सामान रख बैलों की तरह 200 किमी खींच लाए गाड़ी By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT लॉकडाउन में फंसे मजदूर किस तरह घर जाने को बेताब हैं, इसके नजारे रोज ही विभिन्न मार्गों पर दिखाई देते हैं। कई मजदूर घर पहुंचने की जल्दी में जान भी गंवा चुके हैं। गुरुवार शाम को चार मजदूर अपने ही अंदाज में पीथमपुर से लौट रहे थे। यह मजदूर कंस्ट्रक्शन ठेकेदार के यहां काम करते थे। काम एक माह से बंद है फिर भी यह लोग निकल नहीं पा रहे थे। वे उत्तरप्रदेश या बिहार के मजदूरों की तरह डेढ़-दो हजार किमी नहीं चलना पड़ा। यह चारों पीथमपुर से बीड़ के पास ग्राम सुरगांव बंजारी जा रहे थे जो करीब 200 किमी है। एक मजदूर ने बड़े निराश अंदाज में बताया अब भी पीथमपुर व महू में सैकड़ों मजदूर फंसे हुए हैं जो निकल नहीं पा रहे हैं। हम तो बिना किसी को बताए निकल आए। घर से जो सामान ले गए थे वही वापस लाए हैं।ऐसे बनाई गाड़ी... बैलगाड़ी की तरह बांधी जूड़ीतीसरे लॉकडाउन में कुछ ढील मिलते ही इन्होंने कांक्रीट ढोलने वाली दो पहिए वाली ट्रॉली को गाड़ी का रूप दिया। ट्रॉली पर पटिये बांधे और आगे बैलगाड़ी की तरह जूड़ी बांध ली। गाड़ी पर बिस्तर और भोजन बनाने का सामान लादा और निकल पड़े घर के लिए। मजदूरों ने बताया लॉकडाउन की वजह से वे फंस गए थे, घर परिवार से दूर रहकर ठीक नहीं लग रहा था तो उन्होंने ऐसी जुगाड़कर गाड़ी बना दी। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Carriage of household goods like carts pulled 200 km Full Article
0 15 साल पुराने पेड़ को 750 मीटर दूर री-प्लांट किया By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT कोविड-19 व लॉकडाउन के तनाव के बीच नगर में शुक्रवार को एक अच्छी खबर सामने आई। हरसूद प्रशासन व नगर परिषद द्वारा मुख्य बाजार स्थित 15 साल पुराने पेड़ को 750 मीटर दूर पुन: रोपित कर कटने से बचा लिया गया। पर्यावरण संरक्षण के इस कार्य में एसडीएम डॉ. परीक्षित झाड़े की अहम भूमिका रही। उनके सुझाव पर ही नप ने नगर में पहली बार रि-प्लांटेशन प्रक्रिया को अंजाम दिया गया।अब इंतजार इस पेड़ के पुन: हरे-भरे होने का है। हरसूद विस्थापन के 10 माह बाद 24 अप्रैल 2005 को सराफा व्यापारी रामचंद्र सोनी ने पिता दगड़ूलाल सोनी की स्मृति में घर के सामने बकान (छोटा नीम) का पौधा रोपा था। मुख्यमंत्री अधोसंरचना के तहत पुलिया चौड़ीकरण में यह पेड़ बाधा बन रहा था। निर्माण कार्य के साथ इसे काटने की अनुमति मार्च अंत में नप द्वारा ले ली गई थी। लॉकडाउन में निर्माण कार्य रुक गया। लॉकडाउन पार्ट-3 में निर्माण कार्य शुरू करने पर पेड़ को काटने का तैयारी कर ली गई। पेड़ को काटने की अनुमति प्रदान करने वाले एसडीएम झाड़े ने ही नप सीएमओ मिलन पटेल व उपयंत्री आरएस मौर्य को इसे पुन: रोपण का सुझाव दिया।8 घंटे 12 मजदूर व जेसीबी की मदद : यह कार्य उपयंत्री आरएस मौर्य की देखरेख में 8 घंटे में 12 मजदूरों व जेसीबी की मदद से पूरा किया गया। पेड़ को सुरक्षित जड़ सहित निकालकर पुराने राज्य मार्ग स्थित पेट्रोल पंप के पास रि-प्लांट किया गया। इस तरह सुरक्षित उखाड़ापेड़ की टहनियों को काटकर पहले उसका वजन हल्का किया गया। मिग फर्टिलाइजर केमिकल व पावडर के घोल से जड़ों को सींचा गया। मोटी-मोटी जड़ों के मुख्य भाग पर गीली मिट्टी व कपड़ा बांधा गया। अंत में पूरी सावधानी के साथ जेसीबी से बांधकर सुरक्षित उखाड़ा गया। हरसूद-छनेरा में यह पहला प्रयोग देख लोगों ने प्रशासन की सराहना की। पेड़ हरा हो जाए तो संतुष्टि मिलेगीपुराने पेड़ को री-प्लांट किया गया है। पर्यावरण की दृष्टि से यह निर्णय लिया। अब इसकी देखभाल नगर के लोगों की जिम्मेदारी है। पेड़ पुन: हरा-भरा हो जाए तो संतुष्टि होगी।-डॉ. परीक्षित झाड़े, एसडीएम, हरसूद Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Re-planted 15 year old tree 750 meters away Full Article
0 झांझर के युवाओं ने रात 11 बजे भी 150 मजदूरों को कराया भोजन By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT बुरहानपुर सहित इंदौर-इच्छापुर हाईवे होकर गुजर रहे प्रवासी मजदूरों की हर जगह मदद की जा रही है।ग्राम झिरी में झांझर के युवाओं द्वारा मजदूरों को भोजन कराया जा रहा है। गुरुवार रात 11 बजे भी यहां 150 मजदूरों को गर्म खाना खिलाया गया। झिरी पंचायत के सरपंच प्रतिनिधि राजू चारण ने पत्तल और चावल की व्यवस्था करवाई। गांव के दिनेश सोनराज, रमेश लक्ष्मण, आपा जेठा, अजय सोनराज और भोलू सोनराज सहित अन्य युवाओं ने अपने हाथ से उनके लिए भोजन तैयार किया। एक घंटे तक सभी को भोजन कराया गया। गांव के युवा पांच दिन से लगातार हाईवे से गुजरने वाले मजदूरों को भोजन करा रहे हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
0 विवाद के बाद पुलिस को बुलाया तो डायल 100 के आरक्षक ने की मारपीट By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT नगर के वार्ड 1 की महिला शिक्षक ने डायल 100 के आरक्षक पर पाइप से मारपीट करने के आरोप लगाए है। घटनाक्रम दो दिन पहले का है। शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक को सोशल मीडिया के माध्यम से व एसडीओपी को लिखित शिकायत की गई है। पुलिस आरक्षक ने आरोपों को निराधार बताया है।शिक्षक मालती पति संजू ने बताया 5 मई मंगलवार को उसका सास के साथ विवाद हो गया था। गुस्से में 100 डाॅयल को शिकायत की। 100 डॉयल के आरक्षक राजेश जायसवाल ने गाड़ी से उतरने ही जातिसूचक शब्दों के साथ गालीगलौज शुरू कर दी। गाड़ी में से पाइप निकालकर पीटा भी। हाथ में चोट आ गई। 7 साल के बेटे को भी सिर में चोट आई है। आरक्षक ने शिकायत नहीं करने का दबाव भी बनाया। शुक्रवार को शिकायत के बाद पुलिस ने मेडिकल करवाया है। एसपी सुनील पांडेय ने शिकायत की जांच कराने की बात कह रहे हैं।आरक्षक बोला-समझाइश दी, मारपीट नहीं कीइस मामले में आरक्षक राजेश जायसवाल ने खुद पर लगे आरोपों को निराधार बताते हुए कहा 5 मई की शाम 5 बजकर 3 मिनट पर शिकायत मिली। करीब 5.15 बजे घर पहुंचे। महिला की शिकायत थी कि उसका पति मारपीट करता है। दोनों को समझाइश दी गई। पति को आगे से ऐसी हरकत करने पर थाने में बंद करने की हिदायत दी गई। कोई मारपीट नहीं की गई। वाहन चालक नरेंद्र पंवार ने कहा केवल समझाइश दी थी। किसी से मारपीट नहीं की।जांच के निर्देश दिए हैंमहिला की शिकायत मिली है। एसडीओपी को मामले की जांच व कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।- सुनील कुमार पांडेय, एसपी खरगोनतालाब किनारे भट्टी लगाकर बना रहे थे शराब, आबकारी ने कार्रवाई कीखरगोन में कोरोना महामारी के चलते लॉकडाउन में मदिरा दुकानें बंद होने से जिले में अवैध हाथभट्टी शराब का निर्माण, संग्रहण, परिवहन व बिक्री तेजी से बढ़ रही है। इसके चलते शुक्रवार का खरगोन व भीकनगांव में दो लाख की शराब पकड़ी है। प्रभारी सहायक आयुक्त हर्षवर्धन राय ने बताया खरगोन के पीपरी तालाब किनारे हाथ भट्टी शराब बनाने वालों पर कार्रवाई की है। इसी तरह भीकनगांव के सुरपाल बेड़ी में भी शराब बनाई जा रही थी। दोनों स्थानों से 340 लीटर हाथभट्टी शराब जब्त की गई। साथ ही करीब 4500 किलोग्राम महुआ लहान मौके पर विधिवत नष्ट किया गया। सहायक आबकारी अधिकारी आरएस राय ने बताया कि दो केस दर्ज किए हैं। जब्त सामग्री का मूल्य करीब 2 लाख 59 हजार रुपए है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today When the police were called after the dispute, the dial 100 constable beat up Full Article
0 टेक्सटाइल संचालक पावरलूम मालिक को देंगे प्रति लूम 1000 रुपए एडवांस By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT कोरोना महामारी के बीच लॉकडाउन में आर्थिक संकट से जूझ रहे पावरलूम संचालकों के लिए राहत की खबर है। कलेक्टर ने टेक्सटाइल संचालकों को एक आदेश जारी किया है। इसमें उन्हें पावरलूम संचालकों को प्रति लूम एक हजार रुपए देने को कहा है।पावरलूम बुनकर संघ के अध्यक्ष रियाज अहमद अंसारी ने जानकारी देते हुए बताया कि पावरलूम उद्योग से अधिकांश संचालक और मजदूर वर्ग मुस्लिम समाज से हैं। लॉकडाउन की वजह से सभी पर आर्थिक संकट गहरा रहा था। ऐसे में रमजान में सेहरी और इफ्तारी के लिए रुपए नहीं थे। जो कुछ जकात बंट रही थी, उससे गरीब लोग सुबह-शाम का गुजारा कर रहे थे। कारोबार बंद होने के कारण टेक्सटाइल संचालकों से कोई राहत नहीं मिल रही थी। टेक्सटाइल संचालकों से गुहार लगाई। टेक्सटाइल्स ट्रेडर्स वेलफेयर एसोसिएशन अध्यक्ष कन्हैयालाल मित्तल कलेक्टर से मिले और स्थिति बताई। एसोसिएशन की सहमति के बाद कलेक्टर ने पावरलूम संचालकों के हित में आदेश दिया है। कलेक्टर ने निर्देश किया कि एसोसिएशन के सदस्य अपने अधीनस्थ पावरलूम संचालकों को प्रति लूम एक हजार रुपए का सहयोग दें, ताकि वे ईद मना सकें। बाद में छूट मिलने पर राशि का समायोजन किया जाए। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Textile operators to give powerloom owner Rs 1000 per loom advance Full Article
0 लॉकडाउन का उल्लंघन करने वाले 30 आरोपियों के विरूद्ध कार्रवाई, भेजा जेल By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT धारा 144 के अंतर्गत निषेधाज्ञा का उलंघन करने पर जिले के विभिन्न थानों में 36 प्रकरण पंजीबद्ध कर 42 आरोपियों के विरूद्ध कार्रवाई की गई है। कुम्हारी में नीरज दुबे, नरेंद्र यादव, बटियागढ़ में महेश अठया, पथरिया प्रमोद प्रजापति, बहादुर अहिरवार, मडियादो सिया सींग लोधी, पटेरा में सुनील, विनोद अहिरवार, सुरेंद्र अहिरवार, चंद्रभान पटेल, नीरज सोनी, श्रीराम अहिरवार, लोकेंद्र अहिरवार, असरफ खान, बटियागढ़ जमान खान, सोनू आदिवासी, संजू गड़रिया, वीरेंद्र आदिवासी, पथरिया अंबिका चौरसिया, जबेरा संजय प्रधान, संजय जैन, रज्जू लोधी, शिवराज लोधी, नोहटा सुरेंद्र आदिवासी, करन लोधी, बेजकुमार बंसल, रनेह में संतोष कोरी, गैसाबाद गोपाल लोधी, पुष्पेंद्र सिंह, कोतवाली में राजा खटीक, तेंदूखेड़ा केशव शर्मा, हिंडोरिया गोविंद अहिरवार, दमोह देहात तीरथ लोधी, हीरा लोधी, पुष्पेंद्र, मुलायम लोधी, राजेश लोधी, राजू पटेल, देवेंद्र पांडे, भूपेंद्र पटेल, गोलू पटेल, झलकन पटेल के विरूद्ध कार्रवाई की गई। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
0 किसान नहीं आए तो 10 दिन बाद हुआ मुहूर्त By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT समर्थन मूल्य पर चना खरीदी का भी यही हाल है। यहां पिछले 9 दिन से किसान ही नहीं पहुंचे। शुक्रवार को एक किसान के पहुंचने पर खरीदी का मुहूर्त किया गया। प्रबंधक मनोज यादव ने बताया रमणगांव के शंकर पंढरी की 3 क्विंटल चना उपज खरीदी गई। क्षेत्र के 60 गांव के 1088 किसानों ने पंजीयन करवाया है। शुरूआत में लघु व सीमांत किसानों को एक क्विंटल से कम उपज लाने के मैसेज भेजे गए। अब बड़े किसानों को मैसेज भेजने की प्रक्रिया शुरू होगी। मुहूर्त में नरेंद्र पाटीदार, नंदकिशोर यादव, राहुल यादव, चिराग यादव, सुभाष यादव, मोहित यादव आदि मौजूद थे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today If farmers do not come then Muhurat will be done after 10 days Full Article
0 मैसेज की संख्या कम होने से 10 दिन में केवल 3 किसान ही पहुंचे खरीदी केंद्र By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT शासन ने समर्थन मूल्य 4875 रुपए पर चना खरीदी की शुरूआत 29 अप्रैल को की। जिले में 12 केंद्र बनाए गए। शुरूआत में 6 लघु व सीमांत किसानों को मैसेज भेजे गए। किसानों का रुझान कम देख संख्या बढ़ाकर 10 की। इसके बाद भी किसान केंद्र तक नहीं पहुंच रहे हैं। हालात यह है कि पिछले 10 दिन में केवल 3 किसान ही स्थानीय केंद्र पर पहुंचे। अन्य केंद्र पर भी यही हालात है। जिला विपणन संघ के क्षेत्र सहायक ने कहा मैसेज की संख्या बढ़ाने को लेकर पत्र लिखा है।क्षेत्र के किसानों से चना खरीदी के लिए देवश्री विपणन संस्था को केंद्र बनाया गया। यहां 10 दिन में 3 किसानों ने 11 क्विंटल उपज बेची है। संस्था के अनुसार 1300 किसानों ने पंजीयन करवाया है। रोजाना 10 किसानों को मैसेज भेजे जा रहे हैं। लेकिन कम मात्रा में खरीदी का मैसेज पहुंचने से लघु व सीमांत किसान नहीं पहुंचे। जो किसान आए वे भी 2 से 3 क्विंटल उपज लेकर ही पहुंचे। जबकि पिछले साल इस समय में रोजाना 1000 क्विंटल तक खरीदी हो रही थी।4 तौलकांटा का उपयोग ही नहींसंस्था के खरीदी केंद्र पर उपज तुलाई के लिए 5 तौलकांटे की व्यवस्था की गई। लेकिन अब तक 4 तौलकांटाें का उपयोग ही शुरू नहीं हुआ। 40 हम्मालों के पास भी सुबह 9 से शाम 5 बजे तक काम नहीं है। इनको मजदूरी तक नहीं मिल पा रही है।1 लाख 1 हजार 800 क्विंटल खरीदा गेहूंतहसील के 10 केंद्रों पर समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की जा रही है। यहां 1 लाख 1 हजार 800 क्विंटल गेहूं खरीदी का खरीदी अब तक हो चुकी है। गेहूं के लिए पंजीकृत 6000 किसानों में से 2200 अपनी उपज बेच चुके हैं। गेहूं खरीदी भी 31 मई तक होगी।भोपाल अवगत कराया हैचना खरीदी केंद्र पर किसानों के कम संख्या में पहुंचने को लेकर भोपाल स्तर पर अवगत कराया है। बड़े किसानों को मैसेज भेजने व संख्या बढ़ाने को लेकर भी लिखा है। -महेंद्र चौधरी, क्षेत्र सहायक, जिला विपणन संघ खरगोन Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Due to reduced number of messages, only 3 farmers reached the purchasing center in 10 days Full Article
0 डबडेरा में 30 मजदूर इंदाैर से आए, उन्हें पेड़ के नीचे किया क्वारेंटाइन By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT मालथाैन के गांवाें में शासकीय भवन गांव के बीच में हाेने एवं बड़े भवन न हाेने से बाहर से आ रहे लाेगाें काे क्वारेंटाइन करने में परेशानी हाे रही है। कुछ स्थान पर टाॅयलेट भी नहीं है। ऐसे में क्वारेंटाइन करने के लिए टालमटाेल भी हाेती है, अधिकारी भी हस्ताक्षेप नहीं करते हैं। ऐसे में बाहर से आए लाेग ठीक से क्वारेंटाइन भी नहीं हाे पाते हैं। जबकि हाॅटस्पाॅट इलाके से मजदूर आ रहे हैं।शुक्रवार काे इंदाैर से 30 मजदूर मालथाैन के डबडेरा गांव में आए, जाे ईट भट्टा में मजदूरी करते थे, लाॅकडाउन के बाद काम बंद हाेने से वह किराए के वाहन से लाैटकर आए। वाहन चालक ने उन्हें 5 किमी. दूर अंडेला में छाेड़ दिया, उसके बाद मजदूर पैदल चलकर गांव पहुंचे। जहां गांव वालाें के कहने पर सभी का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। उसके बाद उन्हें गांव के बाहर आवासाें के बाहर पेड़ के नीचे क्वारेंटाइन कर दिया गया। गांव में शासकीय भवन गांव के बीच में हैं, ऐसे में भवनाें का उपयाेग नहीं हाे पाया।शासकीय भवन बीच में हैं गांव से बाहर क्वारेंटाइन करना थापंचायत सचिव उदल सिंह ने बताया कि गांव में 30 लाेग शाम के समय इंदाैर से आए हैं। गांव में सभी शासकीय भवन बीच में हैं गांव से बाहर क्वारेंटाइन करना था। इसलिए आवास के बाजू में क्वारेंटाइन कर दिया है। अभी वहां लाइट नहीं लगी है। सुबह लाइट का इंतजाम कर देंगे जिससे सभी आवासाें में रूक सकेंगे। गर्मी न लगे इसलिए सभी काे अभी बाहर रखा है। खाने की व्यवस्था भी कर रहे हैं।गांव के बाहर खेताें में बने मकानाें में उन्हें क्वारेंटाइन कर दिया जाता हैजनपद सीईओ राजीव मिश्रा का कहना है कि बाहर से लाेग आए हैं, उन्हें कहां क्वारेंटाइन किया गया है इसके संबंध में मुझे जानकारी नहीं है। गांव में शासकीय भवन छाेटे हाेते हैं, सुविधाएं भी नहीं हाेती है, गांव के बीच में हाेते हैं। ऐसे में गांव के बाहर खेताें में बने मकानाें में उन्हें क्वारेंटाइन कर दिया जाता है। उन्हें पेड़ के नीचे क्वारेंटाइन किया गया है ताे जानकारी लेकर व्यवस्था कराते हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 30 workers came from Indair in Dabdera, quarantined them under trees Full Article
0 250 से अधिक किसानों ने कृषि मंडी में कराया पंजीयन, 5 वाहनों की हुई खरीदी By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT सनावद में भोगांवा रोड स्थित निजी जिनिंग में सीसीआई की खरीदी शुक्रवार से की गई। मंडी में पंजीकृत किसान कपास लेकर पहुंचे। जिसका सीसीआई के कर्मचारियों ने गुणवत्ता की जांच कर माल खरीदा। शुक्रवार को पहले दिन करीब 5 किसान वाहनों से कपास लेकर पहुंचे। सभी कपास मानक के पाए जाने पर उनसे कपास खरीदा गया।सीसीआई के वाणिज्यिक अधिकारी तुषार सोनवाने ने बताया भोगांवा रोड स्थित जिनिंग को सीसीआई का खरीदी केंद्र बनाया है। जहां पर शुक्रवार को 5 वाहन पहुंचे थे। पांचाें वाहनों को सीसीआई ने खरीदा है। उन्होंने बताया वर्तमान में लॉकडाउन के नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए है। जिससे भीड़ न होने के लिए सिर्फ 5 ही किसानों को एसएमएस भेजा जा रहा है। कुछ समय के बाद किसानों की संख्या में वृद्धि की जाएगी। 17 मई के बाद मंडी खुलने पर मंडी में ही किसानों का कपास खरीदा जाएगा। जिससे अधिक किसानों को लाभ मिल सके।अधिक घने रेशे का होना चाहिए कपास, काले कपास की नहीं होगी खरीदीउन्होंने बताया जिन किसानों का कपास काला या कम रेशे का होगा। वह कपास सीसीआई की खरीदी के लायक नहीं होता है। जो कपास सफेद व अधिक घने रेशे का होगा। उसे उतने अधिक दाम मिलेंेगे। सीसीआई के अनुसार 3.4 से 4.9 माइक्रोन तक का कपास खरीदा जाता है। वहीं किसान केंद्र पर कपास लेकर आए ताकि किसानों को परेशानी न हो।250 से अधिक किसानों ने मंडी में कराया पंजीयनमंडी के बीएस शेखावत ने बताया सीसीआई की खरीदी के लिए किसानों को मंडी में पंजीयन किया जा रहा है। इसके लिए किसानों का नाम, स्थान, मात्रा व मोबाइल नंबर लिया जा रहा है। जिसके बाद रोजाना 5 किसानों को फोन व एसएमएस कर कपास लाने की जानकारी दी जा रही है। वर्तमान में 250 से अधिक किसानों ने सीसीआई की कपास खरीदी के लिए पंजीयन कराया है।3 नगरीय क्षेत्रों के 40 व्यापारी कर सकेंगे होम डिलीवरीमहेश्वर में कोरोना से बचाव के लिए लॉकडाउन के निर्णय के बाद कुछ स्थानों पर प्रशासन ने राहत दी है। गुरुवार देर शाम जारी हुए आदेश के अनुसार कृषि संबंधी दुकानें सुबह 9 से दोपहर 12 बजे तक खुली रहेगी। यहां से एक बार में अधिकतम 5 किसानों को सामान दिया जा सकेगा। शुक्रवार को सुबह 3 घंटे व्यापारियों ने दुकानें खोली। किसानों ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए खरीदी की। शुक्रवार को जारी एक अन्य आदेश में महेश्वर, मंडलेश्वर व करही नगर के 40 से अधिक स्टेशनरी व इलेक्ट्रॉनिक व्यापारियों को सामान की होम डिलीवरी की छूट दी गई है। एसडीएम आनंदसिंह राजावत ने बताया व्यापारी संघ से मिली सूची के अनुसार करीब 40 व्यापारी मोबाइल नंबर पर ग्राहकों से जरूरत के सामान की जानकारी लेंगे और सुबह 9 से दोपहर 12 बजे तक होम डिलेवरी कर सकेंगे। दुकान खोलकर सीधे तौर पर ग्राहकों को सामान देना प्रतिबंधित है। ऐसा करने पर व्यापारी के खिलाफ कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today More than 250 farmers registered in Krishi Mandi, bought 5 vehicles Full Article
0 26 केंद्रों पर 3 हजार 842 किसानों से खरीदा 190134.97 क्विं. गेहूं By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT जिले में 26 केंद्रों पर 15 अप्रैल से समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी जारी है। जिला आपूर्ति अधिकारी बीके कोष्ठा ने बताया अभी तक 3842 किसानों से 190134.97 क्विंटल गेहूं खरीदा गया है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
0 विशेष ट्रेन से रतलाम पहुंचे 900 से ज्यादा मजदूर, 40 बसों से शहर लेकर आए, जांच के बाद घर भेजा By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT राजकोट से विशेष ट्रेन के जरिए गुजरात में फंसे जिले के 900 से ज्यादा मजदूर मजदूर शुक्रवार को रतलाम पहुंचे। इन सभी को वहां से बस के द्वारा जिले में लाया गया। जलसा गार्डन में स्वास्थ्य परीक्षण किया। भोजन के पैकेट दिए। कलेक्टर अमित तोमर ने बताया प्रत्येक मजदूर की व्यक्तिगत जानकारी नोट कर उन्हें उनके घरों तक बस से पहुंचाया गया। मजदूरों की जानकारी गांव के सरपंच व सचिव से सांझा की जाएगी, ताकि वे 14 दिन तक होम क्वारंटाइन में रहना सुनिश्चित करवा सके।6 माह पहले रोजगार के लिए गए थे गुजरातपांचपुला दक्षिण निवासी इकराम सरदार 6 माह पहले मजदूरी करने गुजरात के चरखड़ी गए थे। उनके साथ पत्नी कोमाबाई भी थी। इकराम ने बताया वह अपने 6 बच्चों को गांव में ही रिश्तेदारों के यहां छोड़ गया था। गांव के ही गुलसिंह, पत्नी फरकीबाई व दो बच्चों के साथ लौटा। गुलसिंह ने बताया डेढ़ माह से वह गोहद में फंसा हुआ था। इसी तरह सुस्तीखेड़ा निवासी दिलीप बरडे, पत्नी रमबाई व मां चेतरीबाई के साथ मजदूरी करने गुजरात के नेताखंबा गए थे। साथ में उनका छोटा बेटा भी था।निजी वाहन से पहुंचे कई मजदूर, घर जाने की खुशी में भूले सोशल डिस्टेंसिंग का पालनघर लौटने की खुशी में मजदूर सोशल डिस्टेंस का पालन करना भूल गए। वहीं कर्मचारी भी इसका पालन सख्ती से नहीं करा सके। हालांकि वे बार-बार मजदूरों को दूरी बनाने के निर्देश दे रहे थे। शुक्रवार को गुजरात से सैकड़ों मजदूर जीप, लोडिंग वाहन व बसों से पैरामाउंट स्कूल पहुंचे। इन सभी के चेहरे पर बेबसी दिख रही थी। लोडिंग वाहनों में सामान के साथ मजदूर घिरे नजर आए। वहीं जीप में क्षमता से अधिक लोग बैठे थे। इसके चलते वाहनों में भी सोशल डिस्टेंसिंग गायब हो गई।मजदूरों को अब घर लौटने की खुशी के साथ गांव में रोजगार मिलने की चिंता सता रही है। लॉकडाउन के कारण ये सभी डेढ़ माह से गुजरात में फंसे हुए थे। काम बंद होने के बाद से आर्थिक संकट से जूझ रहे मजदूर वाहनों से घर लौटे है, ताकि गांव में खेती व रोजगार हासिल कर आजीविका चला सके। स्कूल में हाथ धुलवाने के साथ सभी की जानकारी दर्ज कर स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इस दौरान भीड़ लगी रही। इस कारण सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हुआ। हालांकि यहां मौजूद कर्मचारी व स्वास्थ्य विभाग की टीम बार-बार उन्हें दूरी बनाने के निर्देश दे रही थी, जो घर लौटने की खुशी पर भारी पड़ा।मोरबी, केसूद से लौटे 5 सौ से अधिक मजदूरजानकारी अनुसार सुबह से मजदूरों का आना शुरू हो गया था। गुजरात के मोरबी, केसूद, अमराली सहित अन्य जिलों से दोपहर तक 500 से ज्यादा मजदूर लौटे। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सर्दी-जुकाम व बुखार की जानकारी लेने के साथ इनका स्वास्थ्य परीक्षण किया। इसके बाद उन्हें भोजन व नाश्ता देकर बसों से घर भेजा गया। लेकिन अधिक संख्या में आने के कारण सोशल डिस्टेंस का पालन नहीं हुआ।मेघनगर से आज आएंगे 987 मजदूर, 32 बस भेजीशनिवार 987 मजदूर ट्रेन से मेघनगर पहुंचेंगे। इन्हें लाने के लिए 32 बस मेघनगर भेजी हैं। शनिवार सुबह 6 बजे ट्रेन मेघनगर आएगी। जिले से 32 बसों को उनके प्रभारी अधिकारियों व नोडल अधिकारियो के साथ सूखा नाश्ता देकर रवाना किया गया। नोडल अधिकारी मजदूरों का ट्रेन से उतरने के साथ स्वास्थ्य परीक्षण करवाएंगे। जिला मुख्यालय आने पर फिर से उनका स्वास्थ्य परीक्षण कर भोजन करवाकर बस से घर भेजा जाएगा। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today More than 900 laborers reached Ratlam by special train, brought to the city in 40 buses, sent home after investigation Full Article
0 183 मकानों में 1062 लोगों की स्क्रीनिंग By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट प्राप्त होने पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा शुक्रवार को सुतार मोहल्ला, पूजा स्टेट, रुक्मिणी नगर के आसपास दूसरा सर्वेे किया। टीम ने 183 मकानों का सर्वे किया। इसमें रहने वाले 1062 लोगों की स्क्रीनिंग की गई। 60 साल से अधिक आयु के 89 बुजुर्ग व 104 बच्चे पाए गए। सीएमएचओ डॉ. बीएस सैत्या ने बताया खांसी से पीड़ित 1 व्यक्ति मिला। 46 लोगों को बीपी व 33 लोग शुगर से पीड़ित पाए गए। इस दौरान किसी में भी कोरोना वायरस से संबंधित लक्षण नहीं मिले। उधर, सेंधवा में सुदामा नगर, खलवाड़ी मोहल्ला के 353 मकानों का सर्वे किया गया। इसमें 1943 लोगों की स्क्रीनिंग की गई। इस दौरान बीपी के 30 व शुगर से संबंधित बीमारी के 34 लोग पाए गए। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
0 बिजली कंपनी ने 20% ज्यादा महसूस की गर्मी, मीटर में दर्ज यूनिट से पार हुआ बिल By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:34:00 GMT लॉकडाउन में बिजली कंपनी के अफसर 20 फीसदी ज्यादा गर्मी महसूस कर रहे हैं। अप्रैल माह का बिल बिना रीडिंग लिए बढ़ाकर उपभोक्ताओं को भेजा गया है। कई उपभोक्ताओं को मीटर में दर्ज यूनिट से ज्यादा दर्ज कर हजारों में बिल थमा दिए। लॉकडाउन में राशन व जरूरत के सामान से जूझ रहे मध्यमवर्गीय परिवार तिलमिला उठे हैं।औसत 100-150 रुपए बिल चुका रहे घरेलू उपभोक्ताओं को 3-4 हजार रुपए तक के बिल दे दिए गए हैं। कुछ शिकायत लेकर पहुंचे भी हैं, लेकिन अफसरों ने संशोधन में मनमानी कर रहे हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है बिजली कंपनी अफसरों की मनमानी की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। हजारों में बिल देकर मामूली कमी की। कोरोना महामारी के लाॅकडाउन में दो माह से बिजली मीटरों की रीडिंग नहीं ली जा रही है। लोगों को मोबाइल पर ऑनलाइन बिल दिए हैं। लोग शिकायत करने पहुंचे तो अफसरों ने कार्यालय का गेट लगवा दिया है। उस पर लिखा है कि बिल काउंटर पर ही जमा करें।11 हजार से ज्यादा व्यवसायिक कनेक्शन भीकार्यपालन यंत्री श्रीकांत बारस्कर के मुताबिक जिले में कमर्शियल बिजली कनेक्शन की संख्या करीब 11 व शहर में 6 हजार कमर्शियल कनेक्शन हैं। यहां लगभग बिजली का उपयोग बंद हो गया है। क्योंकि 80 प्रतिशत दुकानें व कारखाने, फैक्ट्री बंद हैं। कई लोगों ने कनेक्शन कटवा लिया है।लापरवाहीबिजली की रीडिंग जरूरी सेवा में शामिल नहीं हैबिजली कंपनी अफसरों ने लॉकडाउन व कर्फ्यू अवधि में बिजली व्यवस्था को जरूरी सेवा में शामिल किया है, लेकिन मीटर रीडिंग की अनदेखी की। मैंटेनेंस के नाम पर शहर के विभिन्न हिस्सों में कामकाज किया गया, लेकिन सीधे उपभोक्ताओं से जुड़ी रीडिंग के मामले में सुस्ती बरती। उपभोक्ताओं के आरोप है लॉकडाउन में सख्ती बरती जा रही है। बीमारी का डर है। उसके बावजूद प्रशासनिक अधिकारी बिजली रीडिंग को गंभीरता से नहीं लिया।3.34 लाख घरेलू कनेक्शन सेघरेलू बिजली कनेक्शन की संख्या 3.34 लाख है। जबकि खरगोन शहर में 38 हजार उपभोक्ता है। औसत रोजाना घरेलू बिजली की खपत 3.75 लाख यूनिट है। यह अब बढ़कर करीब 4 लाख यूनिट हो चुकी है। जिलेभर में करीब 18 करोड़ रु. व शहर में 5 करोड़ रु. जमा होते हैं।20 प्रतिशत ज्यादा का है बिलपिछले माह औसत बिल दिया था। इस माह औसत से 20 प्रतिशत बढ़ाकर दिया है। यदि इसमें कोई गड़बड़ी लग रही हो तो उपभोक्ता बिजली मीटर की फोटो खींचकर लाए। संशोधन भी हो सकता है। -श्रीकांत बारस्कर कार्यपालन यंत्री, पक्षेविविकं खरगोनशिकायतों की फेहरिस्त रीडिंग से 136 यूनिट ज्यादा का दिया बिलबिस्टान नाका क्षेत्र की मनोरमा मुरलीधर चंदात्रे ने बताया 20 अप्रैल को रीडिंग 19670 थी। 4 मई को 19507 है। जो गलत है। मीटर में रीडिंग में दर्ज आंकड़े से 163 यूनिट ज्यादा का बिल दे दिया गया। मार्च में 137 रुपए बिल आया था। अभी बिल 3598 रुपए भेज दिया गया। ऑनलाईन शिकायत की है।आशीर्वाद कॉलोनी के उपभोक्ता अरविंद जगन्नाथ जाधव ने आरोप लगाया उनका 4343 का बिल दिया। यहां शिकायत करने पर बिल में मामूली सुधार किया।ब्राम्हणपुरी क्षेत्र के बाबूलाल भीकासा 1150, राधाकृष्ण महाजन 1421, अशोक रघुवंशी 2600, यशवंतराव बंदुके 1625 रुपए का बिल मिला है। उपभोक्ताओं का कहना है कि बिजली कंपनी के कर्मचारियों ने मोबाइल पर बिल दिए। इसके बाद कार्यालय में कम्प्यूटर से प्रिंट निकालकर दिए। इसमें कोई रीडिंग का उल्लेख नहीं है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Electricity company feels 20% more heat, bill exceeded unit recorded in meters Full Article
0 प्रदेश में औसतन 16.97 संक्रमित की हो रही मौत, खरगोन में हर 10वें मरीज की जा रही जान By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:35:00 GMT निमाड़ के चार जिलाें में कोरोना का कहर जारी है। सावधानी ही बचाव है। प्रदेश में हर 16.97 मरीज पर एक मौत का औसत आ रहा है, जबकि खरगोन जिले में हर 10वें मरीज में से एक की जान जा रही है। खंडवा में तो स्थिति और भी खराब है यहां पर हर 7वें मरीज की मौत हो रही है। पहले से किसी किसी बीमारी से ग्रसित और बुजुर्ग की मौत के मामले निमाड़ में ज्यादा है। बुरहानपुर में यह 9.6 है। खरगोन में शुक्रवार तक की स्थिति में 80 लोग कोरोना पॉजिटिव निकले हैं। इनमें से 37 लोग स्वस्थ्य होकर अपने घर जा चुके हैं, वहीं 10 लोगों की मौत हो चुकी है। खरगोन में निमाड़ में सबसे ज्यादा मरीज जरूर निकले लेकिन स्वस्थ भी हो रहे हैं। देश में 31.12 प्रतिशत मरीज पर एक मृत्यु हो रही है।खरगोन जिले में इनकी हो चुकी है मौतजिले में राधेश्याम पाटीदार (63 ) धरगांव, खुर्शीद बी (70) सहकारनगर, शेख रफीक (55) अमननगर, हलीमा गनी (70) गोगावां, शिव पाटील (50) ज्योतिनगर, हनीफा बख्तावर (60) पत्थर दलाल, अशफाक खान (35) गोगावां, मोहम्मद निसार (65) पत्थर दलाल की मौत हो चुकी है।जरूरी काम होने पर ही घर के बाहर निकलें। लॉक डाउन का पालन करें। पहले से किसी बीमारी से ग्रसित, बुजुर्ग की रोगों से लड़ने की शक्ति कम हो जाती है, उन पर अधिक खतरा है।- डॉ. राजेंद्र जोशी, सिविल सर्जन जिला अस्पतालअब तक 727 सैंपल की रिपोर्ट निगेटिवमुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य कार्यालय के अनुसार जिले में अब तक 727 सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आई है। वहीं स्वस्थ्य होने वालों का आकड़ा 39 हो गया है। अब तक 1030 सैंपल जांच के लिए इंदौर व अन्य शहरों में भेजे हैं। जिले में होम क्वारंटाइन में 22 हजार 414 लोग हैं। खरगोन के 176 मरीजों की जांच रिपोर्ट आना अभी बाकी है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today On an average 16.97 infected people die in the state, every 10th patient is killed in Khargone Full Article
0 बढ़ा डिप्रेशन : 1 महीने 8 दिन में 10 लोगों ने की आत्महत्या, 35 ने किया प्रयास By Published On :: Sat, 09 May 2020 00:07:00 GMT कोरोना के खिलाफ जारी जंग में एक माह से हुए लॉकडाउन का अब स्वास्थ्य पर असर शुरू हो गया है। लॉकडाउन और कोरोना बीमारी के कारण 40 प्रतिशत लोगों में डिप्रेशन का खतरा बढ़ गया है। स्थिति यह बन रही है कि एक माह आठ दिन में करीब 35 लोगों ने आत्महत्या का प्रयास किया है। 10 लोगों ने आत्महत्या कर ली। इतना ही नहीं एक युवा की हार्टअटैक से मौत तक हो गई है। लोगों में बढ़ रहे डिप्रेशन का खुलासा हाल ही में फार्मेसी कॉलेज के प्रोफेसर द्वारा किए गए सर्वे में हुआ है। मामले में अब एक्सपर्ट डिप्रेशन से बाहर आने के लिए लोगों को योग, ध्यान व परिवार के साथ समय बिताने की सलाह दे रहे हैं।कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए केंद्र सरकार ने लॉकडाउन जारी किया है। इसके चलते व्यापार-व्यवसाय बंद हो गए लोग घर में रहने लगे। हालांकि यह विकल्प भी बीमारी से लोगों की सलामति के लिए ही था लेकिन लंबे लॉकडाउन के बाद अब इसका उलट प्रभाव सामने आए हैं। इसमें सबसे बड़ा प्रभाव लोगों की मानसिक स्थिति पर हुआ है। पुलिस विभाग के अनुसार 22 मार्च से अब तक जिले में 35 लोगों ने आत्महत्या का प्रयास किया है। करीब 10 लोगों ने आत्महत्या कर भी ली। इसमें युवा से लेकिन अधेड़ उम्र तक के लोग शामिल है। प्रारंभिक जांच में किसी भी मामले में अब तक किसी से प्रताड़ित होकर आत्महत्या किए जाने का प्रमाण नहीं मिला है। जिले में सिटी कोतवाली, पिपलियामंडी, भावगढ़, नारायणगढ़, वायडीनगर, भानपुरा में आत्महत्या के दर्ज किए हैं।हद से ज्यादा सोचने का असर हार्टअटैकनगर के दशरथनगर निवासी एक युवा हिमांशु शर्मा की 27 साल की उम्र में 1 मई को हार्ट अटैक से मौत हो गई। जिला अस्पताल में पदस्थ क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट हिमांशु यजुर्वेदी ने बताया जब कोई व्यक्ति किसी चिंता को लेकर एक पाइंट पर हद से ज्यादा सोचता है और फिर भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाता तो उसका असर हार्ट अटैक के रूप में होता है। इस केस में भी संभवत: हार्ट अटैक का यही कारण है। यहां हिमांशु के पारिवारिक पृष्ठभूमि को देखा जाए तो वह आर्थिक रूप से सक्षम थे, इतना ही नहीं वे एक आदर्श रक्तदाता भी थे। मानसिक अवसाद के कारण ही लोग सुसाइड कर रहे हैं। पिछले दिनों ऐसे केस की संख्या बढ़ी है।लॉकडाउन का जनजीवन पर प्रभाव को लेकर किया सर्वेबीआर नाहटा फार्मेसी कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. अमितकुमार जैन, डॉ. नवीनकुमार चौधरी, डॉ. रूपेश सोनी व प्रवीण भार्गव ने लाॅकडाउन को लेकर सर्वे किया। 40 प्रतिशत लोग डिप्रेशन में थे। इसके अलावा 43 प्रतिशत लोगों ने किराने की परेशानी, 31 प्रतिशत लोगों को रुपयों से संबंधित परेशानी सामने आई। चौधरी ने बताया सर्वे लॉकडाउन का जनजीवन पर प्रभाव को लेकर किया गया था ताकि भविष्य में बीमारी की दवा मिलने के बाद आने वाली पीढ़ी को गंभीरता बताई जा सके। आत्महत्या के ये हैं प्रमुख मामलेजिले में लॉकडाउन के दौरान 3 मई को नृसिंहपुरा निवासी एक नाबालिग ने फांसी लगाई। 9 अप्रैल को लुनाहेड़ा के अंकित पिता बालमुंकुद ने फांसी लगाई। 15 अप्रैल को दलौदा स्टेशन रोड के सुनील चौहान ने आत्महत्या की। हाल ही में 5 मई को यतेंद्र विहार की सीमा डिंडोर ने फांसी लगा ली। उनकी एक चार साल की बेटी है। वे पिता की इकलौती संतान थीं।कोरोना को अन्य वायरस की तरह लें और खुश रहेंकोराेना से जंग जीतने वाली डिप्टी डायरेक्टर हेल्थ रूबी खान ने बताया हमें डरना नहीं है। इसे भी अन्य वायरस की तरह ही लें। हम ठीक हो सकते हैं। इसके लिए हमें केवल अच्छी डाइट लेना होगी, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाना होगी, अच्छी नींद लेनी होगी। इन सबसे ज्यादा जरूरी है सकारात्मक सोचना। जो भी कोरोना मरीज हैं या जो इस बीमारी के चलते अवसाद में हैं वे जो उन्हें अच्छा लगता है वह काम करें। अच्छी किताबें पढ़ें, अच्छा संगीत सुनें, मेडिटेशन करें और खुश रहें। डिप्रेशन दूर करने के लिए शासन ने भी काउंसिलिंग की व्यवस्था की है। हमारी सोसायटी में भी यदि हमें कोई डिप्रेशन में नजर आता है तो उसकी काउंसिलिंग करना चाहिए। वैसे कोरोना से बचाव के लिए दिया गया शब्द सोशल डिस्टेंसिंग भी गलत है यह फिजिकल डिस्टेंसिंग होना चाहिए। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
0 500 बीघा में लहलहा रहे नवरंग और गुलाब… प्रकृति के सौंदर्य में छिपा किसानों का दर्द By Published On :: Sat, 09 May 2020 00:17:00 GMT कोरोना वायरस के कारण लॉकडाउन का असर फूलों की खेती पर भी हो रहा है। शहर में 20 से 25 क्विंटल फूलों की आवक रोज हाेती है। शहर के मंदिर बंद होने के कारण फूल खेतों से तोड़े ही नहीं जा रहे हैं। किसानों अनुसार अभी शादियों का सीजन होने के कारण फूलों के अच्छे दाम मिलते हैं लेकिन कोरोना वायरस की वजह से बहुत नुकसान हो रहा है। आसपास के क्षेत्रों में 500 बीघा से अधिक में फूलों की खेती होती है। इस बार केवल फूलों की खेती आंखों को सुकून देने का काम कर रही है। जग्गाखेडी निवासी किसान लक्ष्मीनारायण माली ने बताया इस बार मैंने 60 बीघा में फूलों की खेती की थी। पिछले साल इस समय नवरंग के 40 रुपए प्रतिकिलाे व गुलाब के 150 रुपए प्रतिकिलाे का भाव मिला था। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Navarang and roses roaring in 500 bighas… The pain of farmers hidden in the beauty of nature Full Article
0 पुणे से पत्नी और दो बच्चों के संग 1100 किमी बाइक से आया युवक, बैराड़ में पानी पीने रुका तो दूसरी बाइक ने मारी टक्कर, घर से 70 किमी पहले मौत By Published On :: Sat, 09 May 2020 00:50:00 GMT महाराष्ट्र के पुणे से पत्नी व दो बच्चों के संग बाइक से 1100 किमी का सफर तय कर सबलगढ़ निवासी युवक जीवनलाल शिवपुरी जिले के बैराड़ में पानी पीने के लिए सड़क किनारे कुछ देर रुका। गुरुवार की रात करीब 8.30 बजे स्थानीय युवक ने तेजी और लापरवाही से बाइक चलाते हुए जीवनलाल को टक्कर मार दी। हादसे में उसकी मौत हो गई है। घटना स्थल से उसका घर महज 70 किमी दूर रह गया था। वहीं बदरवास के नजदीक फोरलेन हाईवे पर ट्रक से टकराकर ऑटो पलट गया। ऑटो में सवार तीन दंपति घायल हो गए। हालांकि ऑटो में सवार छह बच्चों में से किसी को ज्यादा चोट नहीं आई है।जीवनलाल (32) पुत्र लालपत प्रजापति निवासी ग्राम जावरोल तहसील सबलगढ़ जिला मुरैना अपनी पत्नी रोहिणी, बेटा कार्तिक (6) और दूसरे बेटे मोहित (3) के संग बाइक से पुणे से 7 मई गुरुवार की रात 8.30 बजे बैराड़ से 2 किमी पहले तक आ गया। यहां वह पानी पीने के लिए बाइक रोककर खड़ा हुआ, तभी एक युवक तेजी एवं लापरवाही से बाइक चलाते हुए आया और जीवनलाल को टक्कर मार दी। हादसे में जीवनलाल गंभीर रूप से घायल हो गया। पुणे से उसके साथ आए तीन-चार अन्य बाइक सवार साथी उसे जिला अस्पताल लेकर आ गए लेकिन डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना स्थल से मृतक जीवनलाल का गांव करीब 70 किमी दूरी पर रह गया था। घर पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। लॉक डाउन में काम बंद हो जाने की वजह से जीवनलाल अपनी पत्नी व बच्चों को लेकर घर वापस जा रहा था।पुणे में टाइल्स बिछाने का काम करते थे: ज्ञान सिंह जिला अस्पताल में जीवनलाल की मौत के बारे में उसकी पत्नी रोहिणी व दोनों बच्चों को नहीं बताया गया। रात में थके हारे बच्चों को रोहिणी ने शॉल बिछाकर ट्रॉमा सेंटर के अंदर फर्श पर सुला दिया। महिला ने अपने पति के बारे में पूछा तो बताया कि अभी इलाज चल रहा है। मृतक के माता व भाई शिवपुरी पहुंचे, तब महिला को पति की मौत का पता चला। जीवनलाल के साथ ही पुणे से लौट रहे (रिश्ते में जीजा) ज्ञानसिंह प्रजापति निवासी जवेरा ने बताया कि वे पुणे में टाइल्स बिछाने का काम करते थे। लॉक डाउन खुलने के इंतजार में सारा राशन खत्म हो गया। थोड़े बहुत पैसे बचे तो पेट्रोल भरवाकर पत्नी-बच्चों को लेकर घर लौटना ही बेहतर समझा। हताश होकर ज्ञानसिंह ने कहा कि भूखों मरने से बेहतर है, फिर चाहे रास्ते में मरना लिखा है तो मर जाएंगे। उन्होंने बताया कि 5 मई की शाम पुणे से निकले थे। शराब पिए था बाइक सवार, ग्रामीणों ने भगा दियाबैराड़ के पास जिस बाइक सवार ने जीवनलाल को टक्कर मारी, वह शराब के नशे में था। ज्ञानसिंह ने बताया कि नशे की हालत में हमने बाइक सवार युवक को पकड़ लिया था लेकिन स्थानीय लोग आ गए। उन्होंने उस बाइक सवार को भगा दिया। हम जीवनलाल को लेकर अस्पताल लेकर चले आए।इधर... हाईवे पर ट्रक से टकराकर ऑटो पलटा, अहमदाबाद से अंबाह लौट रहे 3 दंपति घायलऑटो क्रमांक जीजे 01 बीबी 6418 से तीन दंपति अपने छह बच्चों के संग अहमदाबाद से लौट रहे थे। बदरवास के नजदीक गुरुवार की रात 9 बजे ट्रक से टकराकर ऑटो कुल्हाड़ी गांव के पास पलट गया। हादसे में प्रेम सिंह पुत्र पातीराम कोली के पैर और हाथ में चोट आई है। नारायणी पत्नी प्रेम सिंह चोटिल हैं। रिंकू पुत्र पूरन सिंह कोली, बेबी पत्नी रिंकू कोली और निहाल पुत्र पातीराम व हेमलता पत्नी निहाल भी घायल हैं। हालांकि ऑटो में सवार 6 बच्चे सुरक्षित हैं। घायलों का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा था, तब सारे बच्चे अपने मम्मी-पापा को लेकर लाइन से बैठकर चिंतित और मायूस नजर आए। ऑटो से 5 मई की शाम अहमदाबाद से मुरैना जिले की अंबाह तहसील के गांव पाराशर की गढ़ी के लिए निकले थे।बिना लाइट के डंपर ने बाइक सवार को टक्कर मारी, मौतशिवपुरी|पोहरी-शिवपुरी रोड पर मारोरा गांव के पास गुरुवार की रात 8 से 9 बजे के बीच बिना लाइट के डंपर ने बाइक में टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार पंकज (24) पुत्र अमरसिंह यादव निवासी खेड़ापति कॉलोनी शिवपुरी की मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि मृतक फसल के पैसे लेने के लिए मौसी के घर जा रहा था। घर पर मां से कहा था कि रात हो गई तो अगले दिन लौटूंगा। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Youth came from Pune with bike and 1100 km bike with wife and two children, stopped drinking water in Bairaad, second bike collided, 70 km before home Full Article
0 वेयर हाउस पर बने दो खरीदी केंद्र, रोज उपज लेकर पहुंच रहे 100 से ज्यादा ट्रैक्टर By Published On :: Sat, 09 May 2020 00:55:00 GMT नगर में परासली रोड स्थित डलमऊ वेयर हाउस पर विपणन सहकारी संस्था द्वारा दो खरीदी केंद्र बनाए हैं। एक खरीदी केंद्र पर 16 गांव और 600 किसान और दूसरे खरीदी केंद्र पर 13 गांव और 600 किसान प्रतिदिन प्रशासन द्वारा भेजे जा रहे मैसेज के आधार पर पहुंच रहे हैं। उपार्जन केंद्र एक पर 347 किसान 13314.962 क्विंटल गेहूं लेकर पहुंचे हैं। वहीं दूसरे उपार्जन केंद्र पर 239 किसान 10433 क्विंटल गेहूं लेकर गए है। सोसायटी द्वारा वेयर हाउस के भीतर 10 तौल- कांटे लगाए गए हैं। यहां राेज 100 से ज्यादा ट्रैक्टर उपज लेकर पहुंच रहे हैं। 1 घंटे के अंदर 10 ट्रैक्टरों का तौल हो रहा है। खरीदी केंद्र प्रभारी राजेंद्र मालवीय ने बताया सभी मजदूर व यहां आने वाले किसान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे हैं। छाया के लिए टेंट लगाया है। वहीं पुलिस की मुस्तैदी भी है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Two procurement centers built at warehouse, more than 100 tractors arriving daily with produce Full Article