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युवक की संदिग्धावस्था में मौत, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका; शव से 200 फीट दूर मिलीं चप्पलें, शरीर पर कई जगह घाव

(अशोक भारती)। तहसील के गांव बल्लभगढ़ निवासी एक युवक शुक्रवार तड़के गाय चराने जंगल में गया। सुबह 11 बजे उसका शव जंगल में संदिग्ध अवस्था में मिलने पर क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवाया।


प्रथम दृष्टया मृतक के शरीर पर जगह-जगह घाव होने तथा उसकी चप्पल काफी दूर मिलने पर ग्रामीणों ने हत्या का शक जताया। हांलाकि पुलिस जांच में जुटी है और एफएसएल टीम ने मौके से सबूत जुटाए है। वहीं मृतक के बड़े भाई ने हत्या की आशंका जाहिर करते हुए परिवाद दिया है।


गांव बल्लभगढ़ के ग्रामीणों ने बताया कि धर्मेन्द्र जाट (25) पुत्र फत्ते सिंह जाट प्रतिदिन गाय-भैंस चराने जंगल में जाता था। शुक्रवार को ग्रामीण महिलाओं ने धर्मेंद्र जाट के घर सूचना दी कि वह जंगल में एक खेत की मेढ़ पर पड़ा है।

सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे तब तक क्षेत्र में सनसनी फैल गई। परिजन पुलिस को सूचित करते उसे अस्पताल लेकर गए जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मृतक के शव को मोर्चरी पर रखवाया। एफएसएल टीम को सूचित किया और जांच में जुट गई।


थाना प्रभारी राजेश खटाना ने बताया कि बल्लभगढ़ निवासी वीरेन्द्र सिंह जाट ने दिए परिवाद में बताया कि घर पर कुछ महिलाएं आईं उन्होंने बताया कि उसका भाई धर्मेन्द्र बलवीर मीना के खेत की मेढ़ पर पड़ा है। सूचना मिलते ही परिजन के साथ वह धर्मेंन्द्र को अस्पताल लेकर गए जहां चिकित्सकों ने उसे मृतघोषित कर दिया। उसके शरीर पर जगह-जगह निशान मिले हैं। उन्हें उसकी हत्या की आशंका है। पुलिस जांच में जुटी है। मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है।



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Corona Lockdown In Bharatpur Updates; Man dies in suspicious condition In Rajasthan Ballabhgarh




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मिर्धा अपहरण कांड के अभियुक्त आतंकी हरनेक सिंह को हाईकोर्ट से मिली 28 दिन की विशेष पैरोल, 2007 से जयपुर जेल में बंद है 

(संजीव शर्मा)। कोर्ट ने राजेन्द्र मिर्धा अपहरण केस में जयपुर जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे आतंकी अभियुक्त हरनेक सिंह को सशर्त 28 दिन की विशेष पैरोल पर रिहा करने का निर्देश दिया है। वहीं राज्य सरकार के 17 अप्रैल 2020 के उस आदेश को रद्द कर दिया जिमें अभियुक्त को 13 अप्रैल को दी गई विशेष पैरोल पर रिहा करने का आदेश निरस्त कर दिया था।

सीजे इन्द्रजीत महान्ति व जस्टिस एसके शर्मा की खंडपीठ ने यह आदेश शुक्रवार को हरनेक सिंह की आपराधिक याचिका पर दिया। अदालत ने कहा कि अभियुक्त 13 साल से ज्यादा की सजा काट चुका है और पूर्व में मिली पैरोल के तय समय में वापस आ गया था। उसे भी 13 अप्रैल के आदेश से 147 अन्य कैदियों के साथ राज्य स्तरीय पैरोल कमेटी की सिफारिश पर विशेष पैरोल मिली थी, लेकिन उसे पैरोल पर नहीं छोड़ा और बाद में 17 अप्रैल को पैरोल आदेश रद्द कर दिया। इस दौरान न तो परिस्थतियों में कोई बदलाव हुआ और न ही पैरोल रद्द करने का कोई उचित कारण दिया है। ऐसी स्थिति में प्रार्थी अभियुक्त को पैरोल मंजूर करने व राज्य सरकार का 17 अप्रैल का आदेश रद्द किया जाता है।

प्रार्थी के अधिवक्ता विश्राम प्रजापति ने कोर्ट को बताया कि राज्य सरकार ने केवल इस आधार पर हरनेक की मंजूर की गई विशेष पैरोल को रद्द कर दिया था कि वह बाहरी राज्य का है और राजेन्द्र मिर्धा अपहरण कांड का अभियुक्त है। कानूनी रूप से दी गई पैरोल रद्द करने के लिए यह कोई आधार नहीं है। इसलिए प्रार्थी अभियुक्त को विशेष पैरोल पर रिहा किया जाए। हरनेक सिंह फरवरी 2007 से ही जयपुर जेल में बंद है।

यह है मामला

प्रदेश में चर्चित रहे इस मामले में कांग्रेस के तत्कालीन वरिष्ठ नेता और पूर्व केन्द्रीय मंत्री रामनिवास मिर्धा के बेटे राजेन्द्र मिर्धा का 17 फरवरी, 1995 को सी-स्कीम स्थित घर से अपहरण हुआ था। आतंकियों ने मिर्धा का अपहरण खालिस्तान लिबरेशन फ्रंट के मुखिया देवेन्द्रपाल सिंह भुल्लर को रिहा करने के लिए किया था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए जयपुर के मॉडल टाउन कॉलोनी में मकान नंबर बी-117 पर छापा मारा और गोलीबारी की।

पुलिस कार्रवाई में आतंकी नवनीत सिंह कांदिया मारा गया जबकि दयासिंह लाहौरिया व उसकी पत्नी सुमन सूद और हरनेक सिंह फरार हो गए थे। बाद में लाहौरिया व सुमन सूद अमेरिका भाग गए थे। इन दोनों को तीन फरवरी, 1997 को प्रत्यर्पित करके भारत लाया गया।

कोर्ट ने लाहौरिया को उम्रकैद व सुमन को पांच साल कैद की सजा दी। इस दौरान पंजाब पुलिस ने हरनेक सिंह को 2004 में गिरफ्तार किया और 26 फरवरी 2007 को राजस्थान पुलिस के सुपुर्द किया। मिर्धा अपहरण कांड में महानगर की एडीजे कोर्ट ने 7 अक्टूबर 2017 को हरनेक सिंह को उम्रकैद की सजा दी।



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Rajendra Mirdha kidnapping case accused harnek singh gets 8 days parole




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महाराष्ट्र से सांगाेद पहुंचे 40 जनों को किया क्वारेंटाइन

कस्बे में वार्ड संख्या 19 चरेलिया माेहल्ला में रहने वाले सिंगी जाति के एक ही परिवार के 40 महिला-पुरूष व बच्चे तीन दिन का सफर कर महाराष्ट्र से ट्रक से शुक्रवार काे यहां पहुंचे। यहां सभी की स्क्रीनिंग कर बालिका स्कूल में बनाए क्वारेंटाइन सेंटर में रखा गया है।
नगर से प्रतिवर्ष सैकड़ों की संख्या में धंधा करने के लिए सिंगीवाले जाति के लोग महाराष्ट्र जाते हैं। पूरे देश में लागू किए गए लॉकडाउन के बाद यहां कुछ परिवार तो पहुंच गए थे, लेकिन मंजूर अली व उसके परिवार के 40 सदस्य महाराष्ट्र के चीकली जिला बुरडाना में फंस गए थे। ये लोग वहां से 5 मई को ट्रक से रवाना हुए और शुक्रवार काे यहां पहुंचे। इनके आने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया।
एसडीएम संजीव कुमार शर्मा ने ब्लॉक कोरोना नोडल अधिकारी डॉ नरेश मीणा व पुलिस अधिकारियों को सूचना दी। इस पर चिकित्सा टीम व पुलिस जाब्ता ने इनको पहले अपने कब्जे में लेकर सीधा यहां बालिका स्कूल में बनाएं गए क्वारेंटाइन सेंटर में ले गए। यहां महाराष्ट्र से आए सभी सदस्यों की स्क्रीनिंग की गई। टीम में शामिल डॉ. पवन सोनी, योगेन्द्र पंकज, राजेन्द्र सोनी व रघुराज सोनी ने इनकी जांच की। थानाधिकारी धनराज मीणा ने बताया कि सभी काे 14 दिन के लिए क्वारेन्टाइन सेंटर में रहने के लिए पाबंद किया। वहीं क्वारेन्टाइन सेंटर व चरेलिया बस्ती को सेनेटाइज किया गया। नायब तहसीलदार बजरंगसिंह व कपिल मालव ने क्वारेंटाइन सेंटर का निरीक्षण कर नगरपालिका काे बाहर से आए लाेगाें के भोजन व्यवस्था व साफ सफाई करवाने के लिए निर्देश दिए।
बाहर से आए लोगों की स्क्रीनिंग

कस्बे में शुक्रवार काे बाहर से आए 36 लोगों की स्क्रीनिंग की गई। बीसीएमओ डॉ. गिरिराज मीणा ने बताया कि किसी में कोरोना के लक्षण नहीं पाए गए है। इनमें से 16 को होम आइसोलेट कर दिया गया है। अब तक कुल 1285 लोगों की स्क्रीनिंग की गई है और 592 लोगों को होम आइसोलेट किया जा चुका है। वहीं दूसरी ओर चिकित्सा विभाग की ओर से क्षेत्र के जनकपुर में मोबाइल ओपीडी यूनिट कैंम्प लगाकर 65 मरीजों का उपचार किया गया।



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Quarantine 40 people who reached Sanghed from Maharashtra




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दुकानदार का रास्ता राेक हमला किया,23800 रुपए छीने, पांच लाेग नामजद

रामपुरा न्यौला के बाइक सवार दो जनों के साथ सादकवाला के नजदीक 23800 रुपए नगदी लूट ले जाने का मामला सामने आया है। थाने में सादकवाला के 5 लाेगाें के खिलाफ नामजद केस दर्ज किया गया है। रामपुरा न्यौला के संदीप कुमार शर्मा(28) पुत्र जगदीश प्रसाद ने एफआईआर दर्ज करवाई है। पुलिस के अनुसार संदीप अपने साथी प्रवीण कुमार पुत्र इंद्राज निवासी 3 एसएचपीडी दुकान बंद कर रात 8:40 बजे बाइक पर घर जा रहे थे। सादकवाला गांव से निकलने के बाद पुलिया के पास सामने से आ रहे बाइक चालक ने टक्कर मारी। उस बाइक से उतरे रघुवीर सिंह उर्फ सोनी पुत्र कृष्ण सिंह व उसके साथी शम्मी पुत्र करनैल सिंह, कृष्ण सिंह पुत्र जागीर सिंह ने दाेनाें से गाली गलौज किया।



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कश्मीर से आए गुजरात के 12 व्यक्ति, 7:30 घंटे की जांच के बाद दी अनुमति

संदीपसिंह धामू साधुवाली चेक पोस्ट से. अंतरराज्यीय सीमाएं सील करने के बाद शुक्रवार को भी पंजाब से आवाजाही पर सख्ती रही। जम्मू-कश्मीर में लॉकडाउन के दौरान अटके गुजरात के पालनपुर के 12 यात्रियों को एंट्री के लिए अंतरराज्यीय बॉर्डर पर 7:30 घंटे की मशक्कत करनी पड़ी। प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद इन्हें एंट्री देकर गंतव्य की ओर रवाना किया गया। जिन लोगों ने राज्य के गृह विभाग से अनुमति ली थी, उन्हें ही राज्य सीमा में एंट्री दी गई। अंतरराज्यीय बॉर्डर पर स्थित साधुवाली चेक पोस्ट पर अन्य दिनों की अपेक्षा सख्ती रही। अबोहर से आए तीन मेडिकल इमरजेंसी प्रकरणों में भी हाथोंहाथ आवेदन करवा स्वीकृति जारी होने पर ही एंट्री दी गई। चेक पोस्ट पर खाली ट्रकों की निगरानी के लिए दो सीसीटीवी कैमरे और लगाए गए हैं।
गुजरात के बनासकांठा जिले के पालनपुर निवासी यासीन अहमद, सद्दाम, फारुख, हामीद सहित 12 लोग 13 मार्च को जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले में गए। उन्हें एक माह रहने के बाद लौटना था। यासीन अहमद के अनुसार उन्होंने बड़ी मशक्कत के बाद जम्मू-कश्मीर प्रशासन से घर लौटने की अनुमति और गुजरात सरकार से एनओसी ली। गुरुवार रात 10 बजे वे गुजरात की बस से रवाना हुए। जम्मू-कश्मीर-पंजाब बॉर्डर पर उन्हें अनुमति पत्र की चेकिंग के बाद एंट्री दे दी गई। यासीन के अनुसार शुक्रवार सुबह 6 बजे वे साधुवाली स्थित पंजाब राजस्थान चेक पोस्ट पर पहुंचे। तब राजस्थान के प्रशासन ने उन्हें एंट्री नहीं दी। उन्होंने जम्मू-कश्मीर प्रशासन की ओर से दिया गया यात्रा का पास और गुजरात की एनअाेसी भी दिखाई लेकिन उन्हें आगे नहीं जाने दिया गया। चेक पोस्ट पर तैनात पुलिस कर्मियों व प्रशासनिक अमले ने अंतरराज्यीय इंट्री नहीं होने का हवाला देकर उन्हें रोक लिया। हालांकि उन्होंने राजस्थान में ठहराव नहीं करना था। उनके पास शिनाख्त के सभी दस्तावेज गुजरात के थे, फिर भी गर्मी में सात घंटे तक रोके रखा गया। जबकि उनके पास कोरोना टेस्ट की निगेटिव रिपोर्ट भी थी।
श्रीगंगानगर से इलाज करवाने के लिए अबोहर कई लोग आए। सामान्य राेगियों को अनुमति नहीं होने पर लौटा दिया गया। डायलिसिस करवाने आए तीन रोगियों को गंभीरता के आधार पर मौके पर ही ई मित्र संचालक को बुलाकर आवेदन करवाया गया। तब प्रशासनिक अमले ने कलेक्टर शिवप्रसाद मदन नकाते को फोन कर अनुमति दिलवाई। कलेक्टर नकाते के अनुसार साधुवाली चेक पोस्ट पर एक ई मित्र संचालक भी रहेगा, जो मेडिकल इमरजेंसी मामलों में लोगों की आवेदन करने में मदद करेगा। राजस्थान में पंजाब की अपेक्षा किडनी रोगियों का डायलिसिस सस्ता होने की वजह से वहां के लोग श्रीगंगानगर आते हैं।



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12 persons from Gujarat from Kashmir, permission given after 7:30 hours investigation




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50 बीघा चारागाह भूमि मुक्त कराई

सालों से यहां चारागाह भूमि पर अतिक्रमण हो रहा था। प्रशासन ने शुक्रवार को ऐसी 50 बीघा भूमि को अतिक्रमण मुक्त करवाया। विकास अधिकारी हनुमान मीणा, कार्यवाहक तहसीलदार महेश शर्मा और कामखेडा पुलिस ने मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण हटाया। बीडीओ हनुमान मीणा ने बताया कि शुक्रवार को ग्रामपंचायत बांसखेड़ी मेवातीयान के गांव घडावली में करीब 50 बीघा भूमि पर सालों से बजरंग लाल लोधा, बीरम लाल लोधा, रोडू लाल, दिनेश कुमार, राकेश, पानमल, मांगीलाल सहित अन्य ने अतिक्रमण कर रखा था। शुक्रवार को जब पूरा प्रशासनिक अमला अतिक्रमण हटाने पहुंचा तो वहां अतिक्रमियों ने विरोध करना शुरू कर दिया। काफी देर की जद्दोजहद के बाद अतिक्रमण हटाया गया। यहां महिलाओं ने अतिक्रमण हटाने का काफी विरोध किया। अतिक्रमण हटाने में पटवारी सुजान सिंह, ग्राम विकास अधिकारी रूप चंद मीणा मौजूद रहे।



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50 bigha pasture land liberated




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बनी में राशन डीलर दे रहा था 10 किलो की बजाय 5 किलो गेहूं, लोगों ने जताया विरोध

सिंहपुर ग्राम पंचायत सैकंड बनी गांव का राशन डीलर लोगों को 10 किलो की बजाय 5 किलो ही गेहूं दे रहा था। इस पर लोगों ने हंगामा कर विरोध जताया।
सरकार ने इस लॉकडाउन को देखते हुए गरीब परिवारों को 10 किलो गेहूं प्रति व्यक्ति देने की स्वीकृति जारी की है, लेकिन डीलर जब पांच किलो ही गेहूं देने लगा तो लोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। ग्रामीण सीताराम मेघवाल, भागीरथ मेघवाल, बालूराम मेघवाल, लीलाबाई मेहर, दरियाव बाई, उदय राम मेघवाल, सज्जन भाई मेहर, नंदू बाई मेघवाल सहित अन्य ने बताया कि हमें पांच किलो ही प्रति परिवार गेहूं दिया जा रहा है। जबकि गेहूं दस किलो मिलना चाहिए था। इधर, डीलर नाथूलाल का कहना है कि उसको अतिरिक्त गेहूं का आवंटन नहीं हुआ है। इस कारण पांच किलो ही गेहूं दिया जा रहा है। इधर, रसद विभाग के अधिकारियों ने यहां निरीक्षण तक नहीं किया। इसी का नतीजा है कि निरीक्षण के अभाव में डीलर भी मनमर्जी करने लगे हैं।



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Ration dealer was giving 5 kg of wheat in Bani instead of 10 kg, people protested




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पुलिस ने साधुवाली तिराहे पर एक केंटर पकड़ा, 105 कट्टे जर्दा जब्त

पंजाब से श्रीगंगानगर एक केंटर में लाया गया जर्दा सैनी का बड़ा जखीरा पुलिस ने पकड़ा है। जवाहरनगर थाना पुलिस के एएसअाई महेंद्र कुमार के नेतृत्व में टीम ने साधुवाली तिराहे के पास शुक्रवार काे शाम एक केंटर काे रुकवाकर तलाशी ली। पहले चालक से केंटर में माैजूद माल के संबंध में पूछताछ की ताे वह काेई संताेषजनक जवाब नहीं दे सका। इस पर पुलिस ने केंटर की तलाशी ली ताे केंटर में अनेक कट्टे पड़े थे। कट्टाें काे खाेलकर देखा ताे उसमें जर्दे के पैकेट निकले।
एएसअाई महेंद्र कुमार ने बताया कि हेड कांस्टेबल अब्दुल जब्बार काे मुखबिर से सूचना मिली थी कि साधुवाली हाेते हुए जर्दे का जखीरा शहर के लिए अा रहा है। इस पर तुरंत टीम गठित कर माेके के लिए रवाना हाे गए। मुखबिर से मिली जानकारी के अनुसार केंटर काे रुकवाकर तलाशी ली ताे उसमें 105 कट्टे गणेश छाप जर्दे के निकले। प्रत्येक कट्टे में 84 पैकेट थे। इस पर जर्दा जब्त कर लिया गया तथा अबाेहर निवासी रामजीत पुत्र करनैल सिंह काे गिरफ्तार कर थाने ले अाए। पुलिस ने बताया कि मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। अागे जांच व पूछताछ के बाद ही पता चल सकेगा कि अाराेपी यह माल कहां बेचने की फिराक में था अाैर लाॅकडाउन के दाैरान जर्दा कहां से लाया, पूर्व में कहां बेचा गया।



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11 साल से फरार चल रहा 10 हजार का अंतरराज्यीय इनामी बदमाश गिरफ्तार

एसपी मृदुल कच्छावा के नेतृत्व व एसपी राजेन्द्र वर्मा एवं सीओ मनियां वासुदेव सिंह के सुपरविजन में जिले में डकैतों के उन्मूलन, अपराध और अपराधियों पर लगाम लगाने एवं अपराधियों की धरपकड़ हेतु चलाये जा रहे अभियान के अन्तर्गत डीएसटी टीम एवं थाना मनियां पुलिस को एक 10000 रुपये के ईनामी बदमाश राजवीर सिंह को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल हुई है।

एसपी मृदुल कच्छावा ने बताया है कि जिले को दस्यु व बदमाशों से मुक्त करने के लिए चलाए जा रहे विशेष धरपकड़ अभियान के अन्तर्गत गुरुवार को दिहौली थाना प्रभारी अभिजीत सिंह एवं डीएसटी प्रभारी सुमन कुमार के नेतृत्व में दिहौली पुलिस व डीएसटी टीम ने संयुक्त कार्यवाही करते हुए विभिन्न मुकदमों में वांछित व 11 से फरार चल रहे 10000 रुपये के अन्तर्राज्यीय ईनामी बदमाश राजवीर पुत्र हुकम सिंह उर्फ हुक्मा गुर्जर निवासी सामौर थाना दिहौली हाल महुखेडा थाना दिमनी जिला मुरैना मध्यप्रदेश को डीएसटी टीम के कानि. रामसहाय की सूचना पर कठूमरी के जंगलों से एक अवैध देशी कट्टा 315 बोर मय 04 जिन्दा कारतूस के गिरफ्तार किया है। जिसके विरूद्ध आर्म्स एक्ट में प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान व पूछताछ कराई जा रही है। जिससे अन्य वारदातों के खुलासे की सम्भावना है।

एसपी मृदुल कच्छावा ने बताया कि उक्त अन्तर्राज्यीय बदमाश राजवीर गुर्जर मारपीट, चोरी, हत्या का प्रयास, अपहरण व आदि के विभिन्न मुकदमों में राजस्थान व मध्यप्रदेश में करीब 11 साल से फरार चल रहा है जिसकी गिरफ्तारी के लिए धौलपुर पुलिस द्वारा 5000 रुपये वाह एमपी पुलिस द्वारा 5000 का इनाम घोषित है।



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सुजानगढ़ में 200 लोगों ने पीएम केयर फंड में 5 लाख रु. दिए, चूरू में दिए एक लाख रुपए

लॉकडाउन में जरूरतमंदों की मदद व सेवा के लिए पीएम केयर्स में पांच हजार रुपए से अधिक रुपए अर्थदान करने वाले लोगों का शुक्रवार को भाजपा की ओर से सम्मान किया गया। पीएम केयर प्रभारी विजय चौहान ने बताया कि मंडल अध्यक्ष पवन माहेश्वरी के नेतृत्व में सभी का सम्मान किया गया। भाजपा कार्यकर्ताओं की प्रेरणा से 200 से ज्यादा दानदाताओं ने करीब पांच लाख रुपए से अधिक पीएम केयर्स फंड में अंशदान किया है। इस अभियान में कंचन देवी पींचा व सांवरमल खुडि़या ने एक-एक लाख रुपए, डॉ. नेहा अग्रवाल ने 51000, प्रमोद मंत्री, जगदीश जोशी ने 21-21 हजार, भारती सेठिया ने 10 हजार, विनीत सेठिया, वेदप्रकाश तिवाड़ी, भींवाराम पारीक, साेनू प्रजापत व सोनू प्रजापत ने पांच-पांच हजार रुपए का सहयोग किया।

कार्यक्रम में भाजपा जिला प्रवक्ता एड. मनीष दाधीच, जिला मंत्री भाजयुमो रिछपाल बिजारणियां, शक्ति केंद्र प्रभारी राजकुमार पारीक, अशोक तिवाड़ी सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने सभी के घर जाकर अभिनंदन पत्र भेंट कर सम्मान किया।
चूरू | सरदारशहर के वैद्य मदन लाल सैनी ने पीएम केयर फंड के लिए एक लाख रुपए का चेक जिला कलक्टर संदेश नायक को प्रदान किया। इस दौरान डीएलआर पवन कुमार तंवर, शिव भगवान सैनी आदि भी मौजूद थे। इधर, सरदारशहर के विकास राजीविका महिला ग्राम संगठन की अध्यक्ष मंजू एवं कोषाध्यक्ष बुदी ने इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी चूरू के खाते में 31 हजार रुपए का चेक कलेक्टर को भेंट किया है।



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200 people in Sujangarh, Rs 5 lakh in PM Care Fund. One lakh rupees given in Churu




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भामाशाह ने आरबीएम अस्पताल को उपलब्ध कराए 10 कम्प्यूटर

आरबीएम अस्पताल को सरकार एवं भामाशाहों के सहयोग से आधुनिक एवं सभी उपकरणों से सुसज्जित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इन प्रयासों के तहत शुक्रवार को सूर्या बिल्डर्स एवं सोसाइटी द्वारा 10 कम्प्यूटर उपलब्ध कराए हैं।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्य मंत्री डाॅ. सुभाष गर्ग द्वारा ने कहा कि जिला आरबीएम अस्पताल को आधुनिकतम चिकित्सा सुविधाओं से सुसज्जित कर संभाग स्तरीय अस्पताल बनाने के लिए राज्य सरकार, जनप्रतिनिधियों एवं भामाशाहों का हरसंभव सहयोग लिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि जिला आरबीएम अस्पताल में डाटा एंट्री एवं रिपोर्टिंग के कार्य को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए अस्पताल प्रशासन ने कम्प्यूटरों की आवश्यकता बताई थी।



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पुलिस ने कामां में 22 ड्रमों में भरी 4 हजार और विलानचट्टपुरा में 2500 लीटर वाश नष्ट की

लॉकडाउन में हथकढ़ शराब के कारोबार की सूचना पर शुक्रवार को उच्चैन थाना पुलिस ने गांव विलाचट्टपुरा में अवैध हथकढ़ शराब के खिलाफ छापामार कार्रवाई कर ढाई हजार लीटर वाॅश व शराब बनाने की चार भट्टियों को नष्ट किया है।

साथ ही मौके से 30 लीटर हथकढ़ शराब व एक बाइक को बरामद कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। उच्चैन एसएचओ जमील खान ने बताया कि पुलिस को गांव विलाचट्टपुरा में हथकढ़ शराब तैयार कर बेचने की सूचना मिली। जिस पर एसएचओ, एएसआई बृजभानसिंह, हैडकांस्टेबल बृजलाल, भरतसिंह के नेतृत्व में गठित टीमों ने शुक्रवार को गांव विलानचट्टपुरा में अलग-अलग रास्तों से पहुंचकर छापामार कार्रवाई की। जहां घरों व गैतबाडों में भट्टियों पर हथकढ़ शराब निर्मित होती हुई मिली। जिस पर पुलिस ने मौके पर ही चार भट्टियों को तोडकर मटकों व कैनों में भरी साढे ढाई हजार लीटर वाॅश को नष्ट कर दिया।

पुलिस ने गांव विलानचट्टपुरा निवासी बिरजी पुत्र कमलसिंह, राधे पुत्र नवला कंजर को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से तीस लीटर हथकढ़ शराब को बरामद कर आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। साथ ही मौके पर लावारिस खड़ी बाइक को पुलिस एक्ट में जब्त किया है।

कामां| एसपी हैदरअली जैदी के निर्देश पर कामां डीएसपी देवेंद्र सिंह राजावत ने जुरहरा के गांव बमनवाडी व खेड़ी में अवैध शराब माफियाओं पर कार्रवाई कर जंगलों में अवैध शराब निर्माण के लिए बनाई गई भट्टियां तोड़ चार हजार लीटर वाश नष्ट कराई। डीएसपी देवेंद्र सिंह राजावत ने बताया कि मेवात इलाके में शिकायते मिल रही थी कि अवैध शराब माफियाओं द्वारा जंगलों में अवैध हथकढ़ शराब बनाकर गांवों व शहरी इलाकों में शराब की सप्लाई की जा रही है।

जुरहरा थाना के गांव खेड़ी व बमनवाडी के जंगलों में कार्रवाई कर अवैध शराब निर्माण की भट्टियां तोड़कर 22 ड्रमों में भरी करीब चार हजार लीटर वाश नष्ट कराई। इसके अलावा कार्रवाई के दौरान मौके से बीस लीटर तैयार अवैध शराब भी बरामद की गई। कार्यवाही के दौरान शराब माफिया पुलिस के हाथ नहीं लग सके।



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थैलेसीमिया दिवस पर हुआ 30 यूनिट रक्तदान

विश्व थैलेसीमिया दिवस पर ब्लड बैंक बारां में रक्तदान शिविर का आयोजन हुआ। विश्व थैलेसीमिया दिवस पर शाह सतनाम जीएस वेलफेयर, फोर्स विंग के सेवादारों और डेरा सच्चा सौदा सिरसा के सदस्याें की ओर से ब्लड बैंक मेंआकर रक्तदान किया गया। शिविर में बारां ब्लॉक की सत्संगत ने रक्तदान किया।
सुबह 10 बजे से लेकर 2 बजे तक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 30 यूनिट रक्तदान किया गया। ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. बिहारीलाल मीणा ने बताया कि कल्पना, इंसा, बद्रीलाल, हेमराज, जगदीश राठौड़, गिर्राज, राकेश, संजय, विष्णु सुमन, योगेश, अमृता, विजय कुमार, निर्मल सुमन, हेमंत सुमन, मनमोहन मीणा, लोकेश मीणा, कार्तिक, दीपांशु, सुनील, नितेश, योगेश, सुरेंद्र, युवराज प्रजापति, रामेश्वर, अमित शर्मा, यशवंत, गणेश शर्मा, मनिंदर शर्मा आदि ने रक्तदान किया। बारां ब्लड बैंक से काउंसलर विनोद साहू, विकास बागड़ी, सुरेश मेघवाल, सोनू जांगिड़ ने अपनी सेवाएं दी।
संस्था के रक्त योद्धा ने गर्भवती महिला के लिए किया रक्तदान: किशनगंज. कोरोना संक्रमण महामारी के चलते हो रही रक्त की कमी को देखते हुए उत्थान ए हैल्पिंग हैंड संस्था के रक्त योद्धा तपेश त्यागी ने 38 किलोमीटर दूर रेलावन से बारां ब्लड बैंक पहंचकर गर्भवती महिला के लिए रक्तदान किया। संस्था प्रतिनिधि लालवीर मीणा ने बताया कि ग्राम मोयदा की गर्भवती महिला मूर्तिबाई सहरिया के रक्त में हीमोग्लोबिन की मात्रा केवल 4.5 ग्राम रह गई थी। ऐसे में रक्त चढ़ाना अतिआवश्यक हो गया था। परिजन परेशान हो रहे थे। सूचना मिलने पर लालवीर मीणा अपने साथ रक्त योद्धा तपेश त्यागी को लेकर बारां ब्लड बैंक पहुंचे, जहां तपेश त्यागी ने मूर्ति बाई के लिए रक्तदान किया।



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30 units of blood donation on Thalassemia Day




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किसान कल्याण कोष से बारां की मंडियों पर बढ़ेगा 70 करोड़ का भार

जिलेभर में मंडियां कृषि कल्याण कोष लगाने के विरोध में शुक्रवार को दूसरे दिन भी बंद रही। सरकार की ओर से किसान कल्याण कोष टैक्स लगाने पर जिले पर करीब 70 करोड़ रुपए का भार बढ़ जाएगा। मंडी टैक्स 1.60 रुपए सैकड़ा के हिसाब से वर्तमान में जिले की मंडियों से खरीद-फरोख्त से करीब 55 करोड़ रुपए का टैक्स मिल रहा है।
अब किसान कल्याण कोष का दो फीसदी लगाने से यह बढ़कर करीब 125 करोड़ रुपए सालाना का टैक्स होगा। व्यापारियों का कहना है कि सीमावर्ती जिला होने से किसान मध्यप्रदेश का रुख करेंगे। वहीं किसानों का कहना है कि यह महंगाई बढ़ाने वाला कदम है। जिले में बारां, अंता, छीपाबड़ौद, छबड़ा, नाहरगढ़ सहित प्रमुख मंडियों में बुधवार से ही किसान कल्याण कोष सेस को लेकर विरोध किया जा रहा है। ऐसे में मंडियां गुरुवार को भी बंद रही और लगातार दूसरे दिन शुक्रवार को भी मंडियां बंद रही हैं। व्यापारी व किसान संगठनों का कहना है कि पहले ही 1.60 रुपए प्रति सैकड़ा टैक्स दिया जा रहा है। अब दो फीसदी किसान कल्याण कोष के नाम पर बढ़ाकर 3.60 रुपए प्रति सैकड़ा कर दिया है। इससे किसान और व्यापारी तो प्रभावित होंगे ही, साथ ही प्रदेश में महंगाई भी बढ़ जाएगी। किसान इससे बचने के लिए समीपवर्ती मध्यप्रदेश का रुख करेंगे। मंडियों में आवक घटने का नुकसान व्यापारियों को उठाना पड़ेगा। इसको वापस लेने की मांग को लेकर कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजे जा रहे हैं।
देश और दुनिया में कोरोना वायरस संक्रमण के कारण लगातार हालात खराब हो रहे हैं। इससे बचाव को लेकर देश में लॉकडाउन है, ऐसे में मंडी में खरीद-फरोख्त देरी से शुरू हुई। इसमें भी किसानों से लिमिटेड मात्रा में खरीद की गई है।
पहले 1.60 रुपए प्रति सैकड़ा के हिसाब से टैक्स लिया जाता है। हाल ही में लागू किसान कल्याण कोष सेस सीधा ही राज्य सरकार के खाते में जाएगा।
- मनोज मीणा, सचिव, कृषि उपज मंडी, बारां
किसान कल्याण कोष सेस लागू करने से महंगाई बढ़ेगी। किसान समीपवर्ती मध्यप्रदेश की मंडियों का रुख करेंगे। व्यापारी, किसान, आमजन सभी इससे प्रभावित होंगे। इसलिए इसका विरोध किया जा रहा है।
- हेमराज गोयल, व्यापार संघ क वर्ग, अध्यक्ष



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Farmers Welfare Fund will increase the burden of 70 crores on Baran mandis




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बारां में अब तक 1105 कोरोना सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव, 56 जांच पेंडिंग

काेरोना वायरस की रोकथाम के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है। सीएमएचओ संपतराज नागर ने बताया कि जिले में अब तक 1161 लोगों के कोरोना सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जा चुके हैं। इनमें 1105 की रिपोर्ट निगेटिव प्राप्त हुई है।
शुक्रवार को अस्पतालाें की ओपाीडी में 5 हजार 253 मरीजों की स्क्रीनिंग की गई, जिसमें 216 मरीज आईएलआई (इन्फ्लुएंजा लाइक इलनेस) के पाए गए हैं। डिप्टी सीएमएचओ राजेंद्र मीणा ने बताया कि शुक्रवार को 51 लोगों के कोरोना सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। वहीं शुक्रवार को 39 सैंपलों की रिपोर्ट प्राप्त हुई, जो निगेटिव है। चिह्नित होम क्वारेंटाइन में कुल 3851 व्यक्तियों को रखा गया है, जिसमें से कुल 1985 व्यक्तियों को डिस्चार्ज किया गया है। जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में 5 लोगों को भर्ती कर रखा है। शुक्रवार को टीमों की ओर से 28956 घरों का सर्वे किया गया है, सर्वे में 33 लोग आईएलआई के मरीज पाए गए हैं।



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डेयरी 2 हजार गांवों व मोहल्लों में जाकर बेचेगी सरस के उत्पाद, रोजाना जाएंगी 70 गाड़ियां

सरस डेयरी अब जिले के दो हजार गांवों में जाकर डेयरी के उत्पाद बेचेगी। इसके लिए शुक्रवार को डेयरी की 70 रूटों पर 70 गाड़ियां रवाना हुई।

डेयरी के दूध, छाछ, श्रीखंड, घी सहित अन्य उत्पादों को बेचने के लिए चेयरमैन बन्नाराम मीणा ने झंडी दिखाकर गाड़ियों का रवाना किया। डेयरी चेयरमैन मीणा ने बताया कि कोरोना वायरस के कारण डेयरी उत्पादों को गांव-गांव बेचने के लिए सरस आपके द्वार पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है।

गांवों में 70 गाड़ियों में सरस के उत्पाद जाएंगे, जो गांवों के मोहल्लों में सीधे बेच जाएंगे। इन्हें बेचने और मॉनिटरिंग के लिए डेयरी के कर्मचारी लगाए गए हैं। ये पायलट प्रोजेक्ट लॉकडाउन में सरस डेयरी के दूध व उत्पादों की बिक्री को बढ़ाने और डेयरी उत्पादों को उपभोक्ताओं का घर तक पहुंचाने क लिए शुरू किया है। अभी डेयरी के दूध की बिक्री रोजाना मात्र 95 हजार लीटर है, जो पिछले साल मई में करीब दो लाख लीटर थी।

दूध की आवक लगातार करीब दो लाख लीटर बनी रहने और बिक्री कम होने के कारण अब भी पाउडर बनाया जा रहा है। अलवर शहर में भी दूध सप्लाई करने वाली गाड़ियों से उत्पादों की कॉलोनियों और मोहल्लों में पहुंचकर बिक्री की जाएगी। इससे लोगों को घर के पास ही डेयरी उत्पाद मिल सकेंगे। इस मौके पर डेयरी के एमडी एमएल जैन सहित कर्मचारी मौजूद रहे।



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नियमाें में छूट देकर 1100 जवानों को दिया जा सकेगा प्रमाेशन

कांस्टेबल से लेकर एसआई तक के पद पर पदाेन्नत 1100 जवानाें काे लाॅक डाउन में ट्रेनिंग पूरी नहीं करवाई जा सकी है और पदाेन्नति परीक्षा भी नहीं हाे पाई है। ऐसे में पुलिस मुख्यालय ने नियमाें में शिथिलता देकर प्रमाेशन देने की सिफारिश कर फाइल गृह विभाग काे भेजी है। इसमें कहा गया है कि नियमाें में कुछ संशाेधन कर व शिथलता देकर याेग्यता रखने वाले जवानाें काे प्रमाेशन दे सकते हैं। अब फैसला सरकार को करना है। लाॅक डाउन में कांस्टेबल से हैड कांस्टेबल, हैड कांस्टेबल से एएसआई और एएसआई से एसआई पद के लिए पीसीसी नहीं हाे पाई है। साथ ही दाे से तीन माह तक भी इस तरह से पीसीपी कर इंडाेर व आउटडाेर ट्रेनिंग करना मुश्किल है।

जिसके चलते समय पर पदाेन्नति देने के लिए मु्ख्यालय ने गृह विभाग काे प्रमाेशन के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा है। दाे साल पहले भी मुख्यालय ने हैड कांस्टेबल के लिए सृजित पदाें पर पदाेन्नति संवर्ग पाठ्यक्रम पूरा किए बिना ही पदाेन्नति प्रस्ताव भेजा था और सरकार ने सहमति जता दी थी मगर उस समय पदाेन्नत जवान काे उसके पद के अनुसार वेतनमान उस स्थिति में देने का नियम लगा दिया था जिसमें जवान काे पुलिस मुख्यालय की ओर से तय किया गया काेर्स पूरा कर लिया हाे। मगर इस बार पुलिस मुख्यालय ने इस तरह के किसी पाठ्यक्रम काे पूरा करने के नियम रखने की सिफारिश नहीं की है।



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102 मरीज ठीक हुए, अब केवल 14 कोरोना पाॅजिटिव

लॉकडाउन के बाद प्रवासियों का आना पिछले चार दिनाें से निरंतर जारी है। अलग-अलग प्रदेशों से सैकड़ों लोगों का आगमन तीन दिनों के अंतराल में हुआ है जो अन्य प्रदेशों से व राजस्थान में भी अलग-अलग जिलों में रहने वाले लोग शामिल हैं। बांगड़ अस्पताल के पीएमओ डॉ. जीके शर्मा ने बताया कि 3 तीनों में 258 लोगों के सैम्पल लिए जा चुके हैं, जो बाहर से आए हुए है। अभी तक 506 लोगों के लिए गए सैम्पल में 433 सैम्पल निगेटिव आ चुके हैं। 73 की रिपोर्ट आना बाकी है। प्रवासियों की स्क्रीनिंग कर जिसमें हल्के से लक्षण दिखाई देते हैं उन्हें तो बांगड़ स्कूल में क्वारेंटाइन किया जा रहा है व जो पूर्ण रूप से स्वस्थ दिखते हैं मगर फिर भी उन्हें 14 दिन के लिए होम आइसोलेट किया जा रहा है। अभी तक डीडवाना ग्रामीण क्षेत्र में 743 तो शहरी क्षेत्र में 301 लोग आ चुके हैं। मकराना से शुक्रवार को 50 लिए
इधर..., परबतसर में भी 42 नए सैंपल लिए गए
खण्ड मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. डीपी जोशी ने शुक्रवार को ग्राम भड़सिया के नाका व स्कूल में स्थापित क्वारेंटाइन सेंटर का निरीक्षण किया तथा सभी व्यवस्थाएं देखी। स्वास्थ्य कार्मिकों को मास्क व सेनिटाइजर उपलब्ध कराए। यहां व्यवस्थाएं सही पाई गई। होम क्वारेंटाइन किए गए लोगों के रेंडम सैम्पलिंग के निर्देश दिए गए। इसके पश्चात कालेटड़ा स्कूल के क्वारेंटाइन सेंटर को देखा व रिड़ तथा बाजवास में भी बाहर से आने वाले लोगों को चिकित्सा विभाग द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं व स्क्रीनिंग का कार्य देखा जो संतोषजनक पाया गया। ग्रामीण क्षेत्रों से लाए गए 38 लोगों की परबतसर में सैम्पलिंग की गई व 04 शहरी क्षेत्र के लोगों की भी सैम्पलिंग की गई। ग्रामीण स्वास्थ्य केन्द्रों से गठित टीम द्वारा डाॅ. शैलेष शर्मा के निर्देशन में कार्य किया गया। इस कार्य में राकेश गोरा (बीपीएम), बाबूलाल चौधरी, चेतनदान, डाॅ. वन्दना व्यास, बन्नाराम आदि ने सहयोग किया। इसी तरह सैंपलिंग का कार्य प्रातः 11ः00 बजे से दोपहर 02ः00 बजे तक किया जाएगा।
वर्तमान में जिले से लिए 717 सैम्पल की रिपोर्ट बाकी
जेएलएन में भर्ती कोरोना पाॅजिटिव मरीजों में से शुक्रवार को 20 की सैम्पल रिपोर्ट दो बार नेगिटिव आने पर डिस्चार्ज किया। अब 14 मरीज जेएलएन में है। सभी बासनी के है। इनमें एक दिन का शिशु अाैर तीन साल गाेसिया भी शामिल है। गांव में अब तक 106 संक्रमित पाए गए हैं, अब तक 93 की रिपोर्ट दो बार नेगेटिव आने के बाद वे ठीक हो चुके हैं। उल्लेखनीय है कि जिले से अब तक 4427 सैंपल लिए गए है, इनमें 3710 की रिपोर्ट मिल चुकी है। 3592 निगेटिव है। शुक्रवार को जिले में 379 सैंपल लिए गए। वर्तमान में 717 सैम्पल की रिपोर्ट आना शेष है



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लाडनूं: खाद्य सुरक्षा सूची से 210 अपात्र व्यक्तियों के नाम हटाए

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 के अन्तर्गत उपखंड अधिकारी द्वारा सर्वे के अनुसार अपात्र पाए गए 210 व्यक्तियों/परिवारों के नाम खाद्य सुरक्षा सूची से हटाए गए है। इन सभी अपात्र पाए गए व्यक्तियों से नियमानुसार वसूली की जाने के लिए जिला उद्योग केंद्र को लिखा गया है। उपखंड अधिकारी मुकेश चौधरी ने बताया कि खाद्य सुरक्षा सूची से अपात्र व्यक्तियों के नाम हटाए जाने के लिए भविष्य में भी सर्वे करवाया जाकर उन्हें सूची से निष्कासित किया जाएगा, जिसका अभियान निरन्तर जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि जो व्यक्ति निष्कासन श्रेणी में आते हैं अथवा राजकीय सेवा में होते हुए भी खाद्य सुरक्षा योजना का अनुचित लाभ ले रहे हैं, उन्हें स्वेच्छा से अपना नाम सूची से हटवा लेना चाहिए, ताकि पात्र लोगों को योजना का वास्तविक लाभ मिल सके। अन्यथा अपात्र पाए गए व्यक्तियों या राजकीय सेवारत कार्मिकों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।



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4 माह में 3 बार 300 किमी दूर से आया टिड्‌डी दल, सांगरी व कपास के लिए नुकसान दायक

जोधपुर की ओर से इस साल में तीसरी बार नागौर जिले में कुड़छी गांव की ओर से टिड्‌डी ने दस्तक दी है। बड़ी तादात में पहुंचे दो टिड्‌डी दलों के आने की भनक लगते ही क्षेत्र के खेतों में काम कर रहे किसानों ने हो-हल्ला कर दिया। इधर, कृषि विभाग ने भी सूचना मिलते ही दल को ट्रेक करना शुरू कर दिया। सहायक कृषि अधिकारी शंकरलाल सियाक ने बताया कि शुक्रवार को जोधपुर की ओर से खींवसर के कुड़छी से प्रवेश करते हुए टांकला, भाकरोद, खरनाल, फिड़ौद होते हुए मूंडवा क्षेत्र में टिड्‌डी ने पड़ाव डाला। शुकवार को खींवसर से प्रवेश कर दो किमी लंबा टिड्‌डी दल शाम तक मूंडवा पहुंच गया।

खेतों व सड़क मार्गों पर टिड्‌डी की चादर बिछ गई। सबसे ज्यादा नुकसान सांगरी को पहुंचाया है। वहीं किसानों ने टिड्‌डी उड़ाने के लिए बर्तनों से आवाज भी की। इन दिनों में खेतों में फसलें नहीं हैं इसलिए नुकसान की कम संभावना है। लेकिन चारे को लेकर डर है। कपास फसल बुवाई का भी समय है। टिड्‌डी जिले मेंकपास को भी नुुकसान पहुंचा सकती है। इस बार सांगरी महंगी ही है, अब और महंगी होगी। वहीं एक टिड्‌डी का दल मूंडवा क्षेत्र में शाम को देखा गया तो दूसरा दल रूण क्षेत्र में था। देर रात रुपासर के पास ट्रेक कर शनिवार सुबह चार से सात बजे तक स्प्रे किया गया।

रूपासर के पास कृषि अधिकारियों ने किया ट्रेस, आज तड़के चार बजे स्प्रे शुरू

कृषि विभाग खंड सीकर के संयुक्त निदेशक प्रमोद कुमार ने भास्कर से विशेष बातचीत में बताया कि नागौर में टिड्डी दल को प्रवेश करने के लिए हिंदी महासागर पार करते हुए पाकिस्तान होकर आना पड़ता है। ऐसा प्राकृतिक चक्र के चलते होता है। टिड्‌डी को नागौर पहुंचने के लिए 300 किमी से भी अधिक दूरी का सफर तय करना पड़ता है। टिड्‌डी दल भोजन की तलाश में समुद्र पार तक की उड़ाने भरते हैं। प्रजनन काल में टिड्‌डी पलायन करती है। यह जीव हर प्रकार की वनस्पति व हरे पौधों को खा जाता है तथा समस्त हरी वनस्पति को नष्ट कर देता है। एक वर्ग किमी में लगभग आठ करोड़ टिड्‌डी साथ चलती है तथा एक बार में 10 हाथी, 25 ऊंट व 2500 लोगों जितना भोजन नष्ट कर देती है। संयुक्त निदेशक ने बताया कि नागौर में टिड्‌डी दल की सूचना मिलते ही विभाग की टीम को सक्रिय कर दिया है। टीम दल को ट्रेक कर रही है। टिड्‌डी को समाप्त करने के लिए कीटनाशकों का छिड़काव करवाया जाएगा।

टिड्‌डी की सूचना इन नंबरों पर दे

जिला परिषद कार्यालय- 01582 240859, कृषि विभाग मेड़ता सिटी 01590 220380, कृषि विभाग कुचामनसिटी 01586 220800, टिड्‌डी मंडल नागौर 01582 245831 पर फोन करके सूचना दी जा सकती है।
खेजड़ियों का लूंग चट कर रही

कृषि उपनिदेशक हरजीराम चाैधरी ने बताया कि किसानाें काे बड़ा नुकसान नहीं हुआ। टिड्डी बिना छंगाई खेताें में खेजड़ियाें के लूंग खाकर चट कर रही है। इससे निपटने के लिए स्प्रे का छिड़काव करेंगे।

सांसद व विधायक ने सरकार काे करवाया अवगत

सांसद हनुमान बेनीवाल ने टिड्डी दल के आने के बाद केंद्रीय राज्यमंत्री कैलाश चाैधरी व कलेक्टर काे फाेन पर नियंत्रण के लिए अवगत करवाया। विधायक नारायण बेनीवाल ने सीएम व कृ‌‌षि मंत्री काे काे ट्वीट किया तथा पूर्व सांसद ज्योति मिर्धा, सवाईसिंह चौधरी ने भी टिड्‌डी नष्ट करने के लिए प्रशासन को अवगत करवाया। वहीं सहायक निदेशक मेड़ता सिटी अणदाराम चौधरी, रामप्रकाश बेड़ा, कृषि पर्यवेक्षक गोविंदराम मुंडेल, रामकिशोर जीतरवाल देर रात तक टिड्‌डी के ट्रेकिंग करने में लगे हुए थे।

नागाैर में इस साल तीसरी बार पहुंची टिड्डी

नागाैर में इस साल जनवरी माह में बीकानेर से सटे गांवाें में टिड्डी के दाे अलग-अलग दल पहुंचे थे। दवाअाें का छिड़काव कर टिड्डी काे मार दिया गया। जिले में इस साल तीसरी बार टिड्डी पहुंची है। जनवरी में एक ही सप्ताह में दो बार टिड्‌डी आई थी। वहीं खींवसर क्षेत्र में सात माह में दूसरी बार टिड्‌डी दल पहुंचा है। वहीं देर शाम तीसरा दल पोकरण में होने की सूचना भी मिली। चारणीसरा व गलनी में टिड्डी दल अक्टूबर-2019 में आया था। उस समय नुकसान का जायजा लेने माैके पर सांसद बेनीवाल पहुंचे थे।



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3 times in 4 months, grasshopper party, came from 300 km distance, damaged for Sangri and cotton




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दोपहर में 430 तक पहुंचा तापमान, रात में 30 डिग्री

शहर में 2 दिन पहले हुई बारिश भी तापमान को थाम नहीं पाई है। तेज धूप की वजह से गुरुवार को जहां पारा 42 डिग्री था वहीं शुक्रवार को 1 डिग्री बढ़कर 43 डिग्री पहुंच गया है। जो इस सीजन का सर्वाधिक तापमान है। दोपहर के समय हालत यह थी कि धूप में 2 मिनट भी खड़े नहीं हो पा रहे थे। तेज गर्मी की वजह से लॉक डाउन में फायदा हुआ, क्योंकि लोगों की आवाजाही थम गई। तेज धूप के बाद दोपहर 3 बजे से बादलों की आवाजाही बढ गई जिससे तापमान एक डिग्री गिरकर 42 पर आया और शाम 6 बजे भी तापमान 41 डिग्री से नीचे नहीं उतरा। रात को भी तापामान न्यूनतम 30 डिग्री से कम नहीं हो रहा है। इससे पूर्व मई माह का पहला और दूसरा दिन सीजन का सबसे गर्म दिन रहा था। अब बारिश नहीं होने पर रात और दिन का तापमान और ज्यादा बढ़ सकता है। मौसम विभाग ने आगामी दो दिन तक फिर से अंधड़ और बारिश की संभावना जताई है।



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Temperature reached 430 in the afternoon, 30 degrees at night




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अब तक कुल 4427 सैंपल लिए, 3710 की रिपोर्ट प्राप्त

काेराेना काल में अब तक कुल 4427 सैम्पल लिए जा चुके है। जबकि 3710 सैम्पल की रिपोर्ट प्राप्त हाे चुकी है। अब तक लिए गए कुल सैम्पल में से 3592 की रिपोर्ट नेगिटिव है और जिले में शुक्रवार को एक ही दिन में 379 नए सैम्पल लिए गए। वर्तमान में 717 सैम्पल की रिपोर्ट आना शेष है। जिले में कुल 118 कोरोना पाॅजिटिव मरीजों में से 102 उपचार के बाद ठीक हो चुके हैं, जिन्हें अस्पताल आइसोलेशन से संस्थागत क्वारेंटाइन में भेज दिया गया है। जेएलएन अस्पताल से शुक्रवार कोे 135, राजकीय बांगड़ अस्पताल, डीडवाना में 73, राजकीय जी.आर. सरावगी अस्पताल लाडनूं में 32, राजकीय अस्पताल कुचामन में 19, राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, मकराना में 50 तथा सीएचसी परबतसर में 42 सैम्पल लिए गए। राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मूंडवा में भी पहली बार शुक्रवार को 28 सैम्पल लिए गए। उल्लेखनीय है कि एक दिन के नवजात ने भी कोरोना को हरा दिया। उसकी अब रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है।



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27 हजार प्रवासी मजदूरों की हुई घर वापसी 21 हजार आए और 5 हजार 210 की रवानगी

लॉकडाउन के चलते फंसे प्रवासी मजदूरों का आवागमन जारी है। जिले में आने के लिए औसतन 62 हजार मजदूरों का ऑन लाइन पंजीयन हुआ है। इसके लिए पुलिस और प्रशासन की अपनी व्यवस्थाएं भी चाक चौबंद हैं। हालांकि अब मजदूरों का मूवमेंट थम जाएगा। क्योंकि अब तक उन्हीं मजदूरों का मूवमेंट हो रहा था जिनके 6 मई तक पास जारी हो चुके थे। ऐसे में नए मूवमेंट के अभी कोई दिशा-निर्देश नहीं हैं, लेकिन जो मजदूर आ रहे हैं उनका जिला सीमा पर बनाए गए चेक पोस्ट एवं ट्रांजिट शिविर में स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। इसके बाद पुलिस की मदद से घर भेजने या संस्थागत क्वारेंटाइन की सलाह जारी की जा रही है। वहीं जिले से बाहर जाने वाले मजदूरों को प्रशासन की मदद से रवाना किया जा रहा है।

विभिन्न राज्यों से जिले में आने के लिए 62 हजार प्रवासियों का हुआ रजिस्ट्रेशन

कार्यवाहक तहसीलदार रूघाराम सैन ने बताया उत्तर प्रदेश के श्रमिकों को शुक्रवार को दो रोड़वेज बसों से रवाना किया है। ये बसें भरतपुर सीमा तक जाएगी। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार की मदद से मजदूरों को उनके घर भेजने की व्यवस्था करवाई जा रही है। वहीं 9 बसे बिहार के मजदूरों को शनिवार सुबह अजमेर लेकर जाएगी। इसके बाद वहां से उनको ट्रेन की सहायता से घर भेजने की व्यवस्था है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ के मजदूरों को भी भेजने की योजना अभी बनाई जा रही है।
राजस्थान एवं दूसरे प्रदेशों से भी बड़े पैमाने पर मजदूरों की घर वापसी हुई है। 29 अप्रैल से 7 मई तक जिले में औसतन 21 हजार 286 मजदूरों की घर वापसी हुई है। इनमें 6 हजार 146 मजदूर तो प्रदेश के दूसरे जिलों से आए हैं। जबकि 15 हजार 140 मजदूर राजस्थान के अलावा दूसरे प्रदेशों से पहुंचे हैं। जबकि ऑन लाइन रजिस्ट्रेशन औसतन 62 हजार मजदूरों का हुआ है।
अब रुक जाएगा मूवमेंट
पुलिस अधीक्षक डाॅ. विकास पाठक ने बताया अब नया मूवमेंट रुक जाएगा। क्योंकि छह मई तक जिन लोगों के पास जारी हुए थे उन्हीं को मूवमेंट करना था। ऐसे में अब केवल पास धारको को ही आवागमन की स्वीकृति मिलेगी। इसके चलते ट्रांजिट कैंप भी बंद होंगे। जिले के 17 थानों पर पुलिस के 27 नाके लगाए हैं, जिनसे लोगों का आवागमन हो सकता है। वहीं चोरी छिपे जाने-जाने वालों के खिलाफ धरपकड़ के लिए पुलिस के जवान तैनात हैं। गुरुवार को डीडवाना पुलिस ने दो कंटेनरों को रुकवाकर उसमें भरे 120 मजदूरों को निकाला। जो चोरी छिपे जिले में घुसने का प्रयास कर रहे थे। सभी मजदूरों को क्वारेंटाइन कर चालक को गिरफ्तार किया गया।
सीमाएं बंद की हुई हैं
भारी तादात में मजदूरों के आवागन के चलते जिले की सीमाएं सील हैं। सभी जगह पुलिस की नाकेबंदी के साथ मेडिकल टीम व शिक्षक तैनात हैं। प्रत्येक आवागमन पर नजरें गड़ाए हुए हैं। इसके अलावा देहात में कई टीमें लगी हुई हैं। जो गांव में आने जाने वालों का पता लगाती हैं। उल्लेखनीय है कि पहला लॉकडाउन 25 मार्च को लगा था। इसके बाद से सभी तरह के कारखाने एवं उद्योग धंधे बंद हो गए थे। इसके चलते ज्यादातर मजदूर वर्ग बेरोजगार हो गए। कईयों के सामने खाने-पीने का संकट भी गहराने लग गया था। निर्माणाधीन अंबुजा सीमेंट प्लांट के ढाई हजार मजदूरों ने पथराव कर विरोध प्रदर्शन तक कर दिया था। इसके बाद सरकार की मदद से मजदूरों को बाहर भेजना शुरू कर दिया गया था।
28 अप्रैल से दो मई तक जिले से 5 हजार 210 प्रवासी मजदूरों की घर वापसी हो चुकी हैं। इनमें राजस्थान के अलावा उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, गुजरात, झारखंड एवं बिहार के श्रमिकों की संख्या ज्यादा है, जिनको अब तक घर भेजा जा चुका है।



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जोधपुर की तरफ बढ़ रहा टिड्‌डी दल 80 प्रतिशत नष्ट किया, अब नागौर की तरफ बढ़ रहा

जोधपुर जिले से शहर की तरफ बढ़ रहा टिड्डी दल 80 प्रतिशत नष्ट किया जा चुका है, लेकिन शेष दल का रुख अब खींवसर से होते हुए नागौर की तरफ बढ़ रहा है। विभाग का दावा है कि यह दल शनिवार को लगभग समाप्त कर दिया जाएगा। टिड्डी नियंत्रण विभाग के डिप्टी डायरेक्टर केएल गुर्जर का कहना है कि गुरुवार को विभाग की दो टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर टिड्डी दल पर नियंत्रण अभियान चलाया था, जिसमें काफी हद तक सफलता मिली है, लेकिन एक दल बाड़मेर से शेरगढ़ की तरफ बढ़ रहा है, वह जोधपुर की तरफ बढ़ सकता है। गुर्जर ने बताया कि एक बड़ा टिड्डी दल कलाऊ से ओसियां व उसके आसपास के क्षेत्रों की तरफ बढ़ने की जानकारी मिली थी। गुरुवार को विभाग की पांच टीमों ने सर्वे के आधार पर 430 हेक्टेयर एरिया में टिड्डी को समाप्त करने का अभियान चलाया और 80 फीसदी टिड्डी काे समाप्त कर दिया है। कुछ क्षेत्र कंटीले होने की वजह से टीमें वहां नहीं पहुंच सकीं तो वहां मौजूद करीब 20 प्रतिशत टिड्डी ने खींवसर से होते हुए नागौर की तरफ रुख किया है। विभाग की नागौर टीम के नेतृत्व में शनिवार सुबह उन्हें समाप्त करने का प्रयास किया जाएगा।
फलोदी टीम ने किया था टिड्डी पर हमला| फलोदी टीम के प्लांट प्रोटेक्शन ऑॅफिसर पवन कुमार ने बताया कि टीम ने कुल 580 हेक्टेयर क्षेत्र पर बैठी टिड्डी पर हमला किया था। इसके लिए 5 टीमें कार्य कर रही थी। टीम ने ओसियां के पास स्थित नांदिया जाजड़ा व नांदिया खुर्द में टिड्डी समाप्त करने के लिए कार्य किया था। पवन कुमार ने बताया कि टिड्डी का एक दल बाड़मेर से फलसूंड की तरफ से हाेते हुए सोहनपुरा की तरफ बढ़ रहा है। यह दल शनिवार तक शेरगढ़ की तरफ पहुंच सकता है। यदि हवाओं का रुख दक्षिण पश्चिम रहा तो यह दल जोधपुर की तरफ प्रवेश कर सकता है।



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चोरी मामले में 10 बार जेल जा चुके चोर ने बाइक चुरा कुएं में डाली, फिर गिरफ्तार

स्थानीय पुलिस ने शुक्रवार को एक शातिर वाहन चोर को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर कुएं के अन्दर से मोटरसाइकिल भी बरामद की है। थानाधिकारी देवीलाल बिश्नोई ने बताया कि गत सप्ताह थाना क्षेत्र के खजवाना गांव के अस्पताल के पास स्थित एक मकान से मोटरसाइकिल अज्ञात चोर द्वारा मोटरसाइकिल चुराकर ले जाने का मामला थाने में दर्ज कराया गया। जांच में खजवाना से मोटरसाइकिल चुराने के आरोपी ग्वालू निवासी पप्पूराम बावरी को थाने के हैड कांस्टेबल लाला राम, कांस्टेबल जगदीश जांगु, बलदेवराम बाना की टीम ने ग्वालू से गिरफ्तार कर पूछताछ के बाद उसकी निशानदेही पर ग्वालू गांव के कुएं में फेंकी गई मोटरसाइकिल बरामद की। थानाधिकारी बिश्नोई ने बताया कि आरोपी युवक खींवसर, भावण्डा, गोठन, भोपालगढ, सहित प्रदेश के कई थानों में मोटरसाइकिल चोरी के करीब 10 मामले में जेल जा चुका है। आरोपी आदतन चोर है। यह जेल से रिहा होते ही चोरी की वारदात को अंजाम देता है।



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देश का पहला वर्चुअल फेयर 1 जून से, 2500 एग्जीबिटर्स होंगे शामिल

एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट की ओर से देश का पहला वर्चुअल हैंडीक्राफ्ट फेयर लगाया जाएगा। इसमें 2500 एग्जीबिटर्स शामिल होंगे। यह कहना है ईपीसीएच के डायरेक्टर जनरल राकेश कुमार का। यह ऑनलाइन फेयर 1 से 9 जून तक लगेगा। राकेेश कुमार बताया कि कोरोना संक्रमण के चलते हैंडीक्राफ्ट का अप्रैल में होने वाला फेयर रद्द हो चुका है और भविष्य में निर्यातकों की स्थितियों को ध्यान में रखते हुए ईपीसीएच की बोर्ड मीटिंग में यह फैसला लिया गया है कि शीघ्र ही इंटरनेट बेस्ड वर्चुअल फेयर लगाया जाएगा। इससे निर्यातक अपने शहर में बैठे अपने प्रॉडक्ट का प्रस्तुतीकरण कर सकेंगे। इस फेयर से विश्वभर के ग्राहकों को जोड़ा जाएगा व इसके माध्यम से न केवल निर्यातकों को ऑर्डर दे सकेंगे, बल्कि उनसे संपर्क भी कर सकेंगे।

ईपीसीएच ने इसका जिम्मा यूके की एक कंपनी को दिया है व इस फेयर में करीब 10 करोड़ रुपए का खर्च आएगा। उन्होंने बताया कि उनकी प्लानिंग है कि निर्यातकों के प्रॉडक्ट्स को अब देश में भी प्रमोट किया जाए ताकि यहां भी उनको ऑर्डर मिल सकें। गौरतलब है कि अप्रैल में होने वाले फेयर के आसपास चाइना में भी एक फेयर होता है, जो इस बार नहीं हो पाया, इस फेयर के नहीं होने की वजह से चाइना की ओर से भी 9 जून से वर्चुअल हैंडीक्राफ्ट फेयर आयोजित करने की तैयारी की जा रही है।
अमेरिका से बिजनेस मिलने की उम्मीद
राकेश कुमार ने बताया कि मौजूदा हालात में अमेरिका व चाइना के बीच ट्रेडवार चल रहा है। वहीं चाइना कोरोना के चलते कई देशों का विरोध भी झेल रहा है। ऐसे में उम्मीद है कि देश के निर्यातकों को अच्छा बिजनेस मिल सकता है।
ईपीसीएच का ऑनलाइन वर्चुअल फेयर वर्तमान समय में अच्छा कॉन्सेप्ट है। यह फेयर कितना सफल रहेगा, यह कहना अभी जल्दबाजी है। इस कठिन समय में हम सरकार से इस फेयर में निर्यातकों के लिए विशेष योजना के तहत सब्सिडी की मांग भी करेंगे। - डाॅ. भरत दिनेश, अध्यक्ष, जोधपुर हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्ट‌्स एसोसिएशन



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40 डिग्री तापमान के साथ जिले में भिवाड़ी रहा सबसे गर्म

मई महीने का प्रथम सप्ताह समाप्त हाेने के बाद गर्मी के तेवर तीखे हाेने लगे हैं। शुक्रवार काे 40 डिग्री अधिकतम तापमान के साथ जिले में भिवाड़ी सबसे गर्म रहा।

पिछले दिन की तुलना में शुक्रवार काे शहर का अधिकतम तापमान 3 डिग्री जबकि न्यूनतम तापमान 4 डिग्री अधिक रहा।

शुक्रवार काे शहर का अधिकतम तापमान 38 डिग्री जबकि न्यूनतम तापमान 26 डिग्री रहा। सुबह 10 बजे बाद से ही गर्मी का असर बढ़ने लगा गया था। दिन चढ़ने के साथ पारा चढ़ता गया। दिन में गर्म हवा चल रही थी। पंखे भी गर्म हवा फेंक रहे थे। दाेपहर 3 बजे भिवाड़ी में पारा 40 डिग्री काे छू गया ताे अलवर में पारा 38 डिग्री काे छू गया।



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बिना सूचना शादी करने पर 5 हजार व 50 से अधिक लोग शामिल तो 10 हजार जुर्माना

कोरोना महामारी के कारण केंद्र सरकार ने 4 मई से लॉकडाउन को 17 मई तक आगे बढ़ाया है। इसी के तहत राज्य सरकार ने कुछ गाइड लाइन जारी की है। इसकी पालना नहीं करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जाएगी। जारी आदेश अनुसार सार्वजनिक या कार्यस्थल पर मास्क पहनकर ही जाना होगा, नाक और मुंह अच्छी तरह से ढकना होगा। मास्क पहनकर दुकान पर आने वाले व्यक्ति को ही सामान देने को कहा। बिना सूचना के शादी समारोह करने, सार्वजनिक स्थानों पर गुटखा तंबाकू खाकर थूकने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा शादी समारोह में 50 से अधिक लोगों के शामिल होने और अंतिम संस्कार में 20 से अधिक लोगों के जाने पर पाबंदी रहेगी। लॉकडाउन के दौरान नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे, इसके लिए कैटेगरी वाइज जुर्माना राशि तय की गई है। जारी गाइडलाइन के अनुसार दुकानदारों, पुलिस प्रशासन, सहित अन्य विभाग के अधिकारियों को पूर्णत: पालना करवाने के आदेश दिए हैं। हालांकि सरकार इस गाइडलाइन को लॉकडाउन के समापन के बाद भी जारी रख सकती है। ऐसे में आमजन को कड़ाई से इन नियमों की पालना करनी होगी। अन्यथा जुर्माना राशि अदा करनी पड़ सकती है।
जानिए... लॉकडाउन-3 में किस गलती पर कितना जुर्माना

> सार्वजनिक या कार्यस्थल पर बिना मास्क या फेस कवर के जाने पर (200 रुपए)
> दुकानदार द्वारा किसी व्यक्ति को मास्क या फेस कवर न पहने हुए कोई वस्तु देने पर (500 रुपए)
> गुटखा, तंबाकू खाने के बाद थूकने पर (200 रुपए)
> सार्वजनिक स्थान पर शराब पीने पर अौर शराब, गुटखा तंबाकू बेचने वाले दुकानदार या दुकान में 5 से अधिक व्यक्ति मिलने पर (500 रुपए)
> सार्वजनिक स्थान पर पान, गुटखा तंबाकू खाते
पाए जाने पर (200 रुपए)
> सार्वजनिक स्थानों पर सामाजिक दूरी (न्यूनतम 6 फीट) नहीं बनाने पर (100 रुपए)
> बिना सूचना के शादी करने, इकट्‌ठा होने पर (5000 रुपए)
> विवाह संबंधी किसी समारोह में 50 से अधिक लोग मिलने पर (10 हजार रुपए)



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अब 30 सितंबर तक जमा हो सकेगा जीएसटी रिटर्न

वित्तीय वर्ष 2018-19 का वार्षिक जीएसटी रिटर्न व ऑडिट दाखिल करने की अंतिम तिथि 30 जून से बढ़ा कर अब 30 सितंबर 2020 तक कर दी गई है।

उद्याेग और व्यवसाय के पक्ष में यह निर्णय लिया गया है। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड ने 24 मार्च को या इससे पहले लिए गए ई-वे बिलाें, जिसकी वैद्यता अवधि 20 मार्च से 15 अप्रैल की बीच थी। उनकी वैद्यता अवधि को भी बढ़ा दिया है।

सीए जिम्मी माेदी ने बताया कि जीएसटी रिटर्न फाइलिंग और कर भुगतान की इलेक्ट्राेनिक वेरिफिकेशन काेड (इवीसी) से सत्यापित करने की अनुमति भी दे दी गई है। यह 30 जून तक के लिए दी गई है।



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बॉर्डर सील फिर भी नारनौल से अलवर पहुंच गए 60 मजदूर

प्रशासन का दावा है कि काेरोना वायरस का संक्रमण रोकने के लिए राज्य व जिले की सीमाएं सील हैं, लेकिन इसके बावजूद शुक्रवार सुबह 8 बजे करीब 60 की संख्या में नारनौल से निकले मजदूर करीब 88 किलाेमीटर की दूरी पैदल ही तय कर अलवर पहुंच गए। इनमें अधिकतर युवा थे।

नायलॉन की चप्पल पहने और सिर पर सामान रख पैदल ही ये लोग अपने घर के लिए निकल पड़े। अंतरराज्यीय सीमा सील हाेने के बावजूद इन मजदूरों का यहां पहुंचना यह दर्शाता है कि सीमाओं पर कड़ाई नहीं बरती जा रही है। शहर में पहुंचे इन मजदूरों से 200 फुट रोड पर भास्कर प्रतिनिधि ने बातचीत की ताे उन्होंने कहा कि हमें सीमा पर किसी ने नहीं रोका।

नारनाैल क्षेत्र में क्रेशर व निर्माण कार्यों से जुड़े श्रमिक यूपी के शाहजहांपुर क्षेत्र के रहने वाले विमलेश ने बताया कि हम ताे संख्या में इतने अधिक हैं कि राेकने वाले हमारी व्यवस्थाएं कहां से करते। हमें देखा ताे कहा जल्दी से निकल जाओ, रुकाे मत। क्रेशराें पर हमारे पास काम नहीं था। निर्माण के काम भी रुके थे। हम वहां क्या करते। अब हमारे पास पैसा भी नहीं बचा, इसलिए निकल पड़े हैं।

हम में से ज्यादातर लोग उत्तरप्रदेश और झारखंड के हैं। हम जिस रास्ते से निकले, उसी रास्ते पर अधिकांश लाेग यह चाहते थे कि हम वहां से जल्द से जल्द निकलें। हम भी यही चाहते थे। काेई मदद नहीं मिल रही थी। ऐसे में अलवर शहर में पहुंचे तो यहां टेल्को चौराहे पर लोगों ने मिलकर हमारे के लिए भोजन की व्यवस्था की। खाना खाने के बाद हमने फिर से अपना सफर शुरू कर दिया है।

झारखंड क्षेत्र के लाल सिंह ने बताया कि हम अपने साथियाें के साथ निकले हैं। कुछ यूपी के हैं। अधिकांश झारखंड के हैं। हमने तय कर लिया है कि अपने घर पहुंचना है। जिससे हम अपने परिवार का हाल देख सकें। वे भी हमारा हाल जान सकें। हम जिन लाेगाें के लिए इतनी दूर मेहनत करने के लिए आए थे, वे भी नहीं चाहते कि हम दूर रहें। सरकार काे हमारे लिए व्यवस्था करनी चाहिए थी पर नहीं की गई, इसलिए हम निकल पड़े हैं।

अब देखते है कि रास्ते में कितने लाेग मदद करते हैं। सरकार हमारी सहायता के लिए कुछ करती है या नहीं, हमें ताे घर पहुंचना है। हम जानते हैं कि रास्ते में बहुत परेशानी आने वाली है लेकिन इसके लिए हम तैयार हैं।



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Border seals still reach 60 workers from Narnaul




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गाेल गप्पे बेचने वाले दूसरे राज्यों के 150 लाेग घर जाने को काट रहे चक्कर

शहर में चाट और गोलगप्पे बेचकर गुजारा करने वाले उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार के करीब 150 लोग अपने घर लौटना चाह रहे हैं। यहां पर लॉक डाउन के कारण काम धंधा बंद पड़ा है जिससे खाने-पीने की भी व्यवस्था नहीं हो रही है। पिछले 1 सप्ताह से प्रशासन और पुलिस के यहां चक्कर काट रहे हैं लेकिन भेजने की व्यवस्था नहीं होने से लोगों में रोष व्याप्त है। किराया मांग रहे मकान मालिकों के तानों से भी परेशान हो गए हैं। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा बताए गए उपायों के आधार पर ऑनलाइन आवेदन भी कर दिया है प्रशासन से लेकर पटवारी तक अपने लोगों की लिस्ट सौंप दी है फिर भी हर जगह से निराशा हाथ लगने से हताश हो गए हैं। यह लोग अब मांग कर रहे हैं कि प्रशासन उनको घर भेजने की व्यवस्था करें नहीं तो कलेक्ट्रेट पर आकर बैठ जाएंगे। जानकारी अनुसार एमपी यूपी और बिहार 3 राज्यों के 150 लोग अपने घर जाना चाह रहे हैं। कुम्हारी दरवाजा क्षेत्र में पांच- छह कमरों में रह रहे लोगों ने बताया कि घर में बैठे होने के कारण खाने पीने की व्यवस्था नहीं हो रही है। भामाशाह की ओर से 10 से 15 दिन में राशन आता है जो पर्याप्त नहीं हाे रहा है।



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आज से लॉकडाउन कर्फ्यू में तब्दील, 05 और रोगी मिले पाली शहर में

शहर में शुक्रवार पांच और कोरोना पॉजिटिव मिले। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने शहर के 45 वार्डों को कर्फ्यू क्षेत्र घाेषित कर दिया है। वहीं 5 वार्डों में आंशिक कर्फ्यू रहेगा। अब इन वार्डों में न तो दुकानें खुलेंगी और न ही कोई व्यक्ति बाहर आ सकेगा। आखिर पाली में 80 फीसदी शहर में कर्फ्यू क्यों लगाना पड़ा। दैनिक भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि इसकी प्रमुख 2 मई से लगातार काेराेना के मरीज सामने आना है। बीते सात दिन में 43 नए मरीज मिले हैं, जिनमें से 38 मरीज शहर के हैं। साथ ही,एक बड़ा चिंता का कारण ये है कि अब तक जिले में 55 मरीजों में से 48 मरीजों में किसी तरीके के बीमारी के कोई लक्षण नहीं मिलना है। ऐसे में ये डर है कि वायरस कितना तेजी से शहर में फैला होगा। सामाजिक संक्रमण के खतरे व सात दिन में तीन गुना रफ्तार से मरीजाें की संख्या बढ़ने पर कलेक्टर ने कर्फ्यू लगाने का फैसला किया। पाली में काेराेना मरीज का पहला केस 21 मार्च काे सामने आया। यह मरीज जिले के ढाेला का था। इसके बाद 5 अप्रैल काे लापोद का मरीज मिला। शहर में पहला काेराेना मरीज 27 अप्रैल काे सामने आया। यह पाॅजिटिव महिला नाडी माेहल्ला की रहने वाली है।

अब सूरजपाेल पर भी मिला रोगी, शुक्रवार को नहीं हो पाईं जांचें

शुक्रवार काे पाली जिले का एक भी सैंपल जांच के लिए नहीं लगा। जालाेर के 130 सैंपल काे प्राथमिकता के आधार पर लगाया गया।
शहर में नाडी माेहल्ला और शिव नगर के बाद सूरजपाेल के नाइयाें की गली से भी एक मामला सामने आया है।
एक्टिव केस के मामले में नागाैर से आगे निकला पाली, काेटा से थाेड़ा पीछे, शुक्रवार काे पाली का एक भी सैंपल नहीं लगा, जालाेर के 130 सैंपल काे दी प्राथमिकता, सुमेरपुर के मृतक की रिपाेर्ट भी निगेटिव।

गर्भवती महिलाओं के लिए एमसीएच भवन में अलग लेबर रूम बनाया
गर्भवती महिलाओं को कोरोना से बचाने के लिए अस्पताल प्रबंधन द्वारा अलग से लेबर रूम तैयार करवाया गया है। डायलिसिस के मरीजाें के लिए भी अलग से व्यवस्था की गई है। गायनिक विभाग के एचओडी डाॅ. बालगोपाल भाटी ने यह जानकारी दी।

जिस क्षेत्र में पॉजिटिव केस मिले, वहां सबकुछ बंद रहेगा

कलेक्टर अंशदीप ने बताया कि जिस क्षेत्र में पाॅजिटिव केस मिला है, उस क्षेत्र में सब कुछ बंद रहेगा। आसपास वाले कंटेनमेंट जोन में पासधारी चिकित्सा एवं किराणा दुकान खोल सकेंगे।

कोरोना का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा, इसीलिए कर्फ्यू
शहर में कोरोना महामारी का ग्राफ दोगुनी रफ्तार से बढ़ रहा है। हमें तेजी से बढ़ रहे संक्रमण को फैलने से रोकना जरूरी है। इसके लिए सख्त कदम उठाने पड़ रहे हैं। यह कर्फ्यू से ही संभव है।
-अंशदीप, कलेक्टर

भास्कर अपील: घबराएं नहीं, अब आपका धैर्य व संयम जरूरी, प्रशासन-पुलिस की मदद करें

काेराेना की चेन काे ताेड़ने के लिए अब संयम व धैर्य के साथ घराें में रहना जरूरी है। शहर में लगातार मरीज सामने आ रहे हैं, ऐसे में हमारा संयम ही काेराेना काे हराएगा। भीलवाड़ा ने भी इसी तरह कर्फ्यू का सामना किया था, उसी का नतीजा है कि वहां अब स्थिति काबू में हैं। पाली में भी यह कर्फ्यू काेराेना काे हराने के लिए अब जरूरी हाे गया है। साेशल डिस्टेंसिंग के साथ अब ज्यादा जागरूक रहने की आवश्यकता है, ताकि इस भयावह बीमारी काे हम सब मिलकर हरा सकें। इस समय यह जरूरी है कि हम अपने घरों में आवश्यक सामग्री को ही मंगवाएं। साथ ही यह सुनिश्चित करें कि रास्ते बंद न हो। आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों को दिक्कतें न हो। प्रशासन व पुलिस की पूरी मदद करें।



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Changes in lockdown curfew from today, 05 more patients found in Pali city




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दौसा जिले में बनेगा कोविड केयर सेंटर, 500 से 1000 बेड की क्षमता होगी

कोरोना से लोगों महफूज रहें इसके लिए जिले में कोविड केयर सेंटर बनाया जाएगा, जिससे संदिग्धों को हर सुविधा के इंतजाम किए जाएंगे। सेंटर की स्थापना के लिए कलेक्टर द्वारा एक पांच सदस्यीय समिति का गठन किया जाएगा। इस कमेटी में कलेक्टर का प्रतिनिधि, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग का प्रतिनिधि, लेखाधिकारी, नगर निगम/नगर पालिका/पंचायत समिति का प्रतिनिधि व सार्वजनिक निर्माण विभाग का एक प्रतिनिधि शामिल होगा। इसके लिए सेंटर पर चिकित्सा व्यवस्था के लिए सीएमएचओ नोडल अधिकारी नियुक्त करेंगे और अन्य व्यवस्था के लिए कलेक्टर की ओर से किसी भी राजपत्रित अधिकारी को नोडल अधिकारी मनोनीत किया जा सकेगा।
किन मरीजों को रखा जाएगा
कोरोना के दौरान अभी तक उपलब्ध आंकडों के अनुसार सरकार का मानना है कि 70 प्रतिशत पाॅजिटिव केस में या तो हल्के लक्षण पाए गए हैं या फिर लक्षण नहीं पाए गए। ऎसे केसेज की देखभाल के लिए इन सेंटर्स की स्थापना की जा रही है। इस केन्द्र पर असिम्टोमैटिक, मिड सिम्टोमैटिक और सस्पैक्टेड केसों को रखा जाएगा ताकि उनका स्वास्थ्य प्रबंधन बेहतर तरीके से किया जा सके।
इनकी रहेगी जिम्मेदारी
सेंटर पर भर्ती किए जाने वाले मरीजों को प्रतिदिन दो समय चाय, नाश्ता, भोजन, पानी डिस्पोजल में उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं साफ-सफाई, कचरा निस्तारण, सुरक्षा व्यवस्था, पंखे, कूलर, वाटर कूलर,पलंग, गद्दे, तकिए, चादर, बाल्टी, मग, साबुन, टूथपेस्ट, टूथब्रश, मास्क, हैंड सेनिटाइजर व अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का कार्य नगर परिषद, नगर पालिका या पंचायत समिति की होगी।
सेंटर की स्थापना के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं
सीएमएचओ डाॅ. पी.एम. वर्मा ने बताया कि सेंटर की स्थापना के लिए प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। सरकार की मंशा है कि इस सेंटर की स्थापना से कोविड 19 की रोकथाम और नियंत्रण का कार्य सुव्यवस्थित ढंग से हो सकेगा।
केयर सेंटर की स्थापना आबादी से दूर की जाएगी। सेंटर किसी सरकारी या निजी भवन में स्थापित किया जा सकेगा। इसमें आवश्यकतानुसार 500 से 1000 आइसोलेशन बेड की क्षमता होगी। पुरुष और महिलाओं के लिए अलग-अलग शौचालयों की व्यवस्था होगी और दस व्यक्तियों पर एक शौचालय, स्नान घर हो सकता है। सेंटर पर व्हील चेयर, रैंप और रेलिंग की व्यवस्था भी होना जरूरी है, ताकि दिव्यांग व्यक्तियों को आने-आने की सुविधा मिल सके। सभी रूम प्राकृतिक हवादार होंगे, जिनमें सूर्य का प्रकाश आता हो। संभव हो तो प्रत्येक व्यक्ति के लिए अलग रूम की उपलब्ध होगी, ऎसा नहीं होने की स्थिति में एक रूम में एक से अधिक व्यक्ति रखे जा सकेंगे, लेकिन दो बेड के बीच एक मीटर की दूरी जरूरी होगी। सेंटर पर सिंगल एंट्री, एग्जिट प्वाइंट, रिस्पेशन एरिया, सीसीटीवी, माईकिंग व्यवस्था, चिकित्सक कक्ष, सैंपल कलेक्शन कक्ष, दवा स्टोर, डोनिंग एवं डोफिंग कक्ष, व्हील चेयर, ट्राॅली, मनोरंजन के साधन भी उपलब्ध कराए जाएंगे।



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प्रवासियों के लौटने के बाद ग्रीन जोन जिलों में भी आए मामले, 5 हजार लौटे, 50 प्रतिशत रेड जोन से

जिले में करीब पांच हजार प्रवासी बीते दिनों लौटे हैं। इनके अलावा करीब 26650 ने लौटने के लिए आवेदन किया हुआ है। इनमें 50 प्रतिशत लोग महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली और तमिलनाडू प्रदेशों के हैं। प्रशासन के लिए यह आंकड़ा बेहद चिंता का विषय बना हुआ है।

दरअसल, दूसरे प्रदेशों में फंसे हमारे लोगों को लाने के लिए सरकार ने पहल की। ताकि उन्हें राहत मिल सके, लेकिन इससे एक नई समस्या सामने आने लगी है। प्रदेश के ऐसे दो जिले जो अब तक ग्रीन जोन में थे यानी वहां कोरोना का एक भी केस नहीं था बीते दो दिन में वहां छह मामले सामने आ गए। इनमें एक मामला सिरोही में और पांच जालोर में सामने आए। झुंझुनूं में अब तक 42 मामले सामने आ चुके हैं। दो दिन पहले ही ये सभी मरीज सही हुए हैं।

रेड जाेन से आने पर हाेगी सैंपलिंग

जिले में आने वाले प्रवासियाें के लिए प्रशासन ने थ्री लेयर याेजना बनाई है। इसमें जिले में 41 चैक पाेस्ट पर इनकी पूरी जांच की सुविधा दी गई है। रेड जाेन वाले राज्याें से आने वाले लाेगाे की सैंपलिंग करने की याेजना बनाई गई है। इनकी बार्डर पर स्क्रीनिंग हाेगी। इसके बाद इनके सैंपल लिए जाएगे। इनकाे क्वारेंटाइन किए जाने की याेजना भी बनाई गई है।

सीएमएचओ डाॅ. छाेटेलाल गुर्जर ने बताया कि रेड जाेन से आने वालाें काे हाईरिस्क पर रखा जा रहा है। इनकी पूरी निगरानी की जाएगी। ओरेंज और ग्रीन जाेन से आने वालाें की स्क्रीनिंग हाेगी। उनके लक्षण हाेने पर सैंपल लिए जाएगे। बार्डर पर ही माेहर लगाकर इनकाे क्वारेंटाइन का नाेटिस दे रहे हैं। डाॅ. गुर्जर ने बताया कि दूसरे राज्याें से आने वालाें काे अनिवार्य रूप से 14 दिन क्वारेंटाइन किया जा रहा है। इसमें काेताही बरतने पर उनके खिलाफ कार्रवाई हाेगी।

जिले में चैक पाेस्ट के अलावा अन्य रास्ताें से छिपकर आने वालाें की पहचान के लिए शुक्रवार से अभियान चलेगा। इसके लिए हर गांव और कस्बे में ग्रामसेवक, बीएलओ, पटवारी काे ऐसे लाेगाे की पहचान कर उनकी सूचना भिजवाने के निर्देश दिए गए हैं।

कई शहरों में फंसे हैं झुंझुनूके लोग

जिले में आने के लिए किए ऑनलाइन आवेदनों की संख्या देखे ताे महाराष्ट्र के मुंबई, पुणे, थाणे और सिंधदुर्ग से आवेदन अधिक हैं। दूसरे नंबर पर गुजरात के वलसाड़, सूरत, अहमदाबाद, वडाेदरा, गांधीनगर, कच्छ और भरूच से आवेदन आए हैं। इसके बाद दिल्ली में नार्थ, साउथ, वेस्ट और सेंट्रल दिल्ली से काफी आवेदन आए हैं। इसके अलावा पश्चिम बंगाल के काेलकता, हावड़ा, कर्नाटक के बैंगलाेर और तमिलनाडु के तिरूवल्लुवर, यूपी के बरेली, फरूखाबाद, लखनऊ से आवेदन मिले है। आसाम के कामरूप मैट्राेपाॅलीटन, हरियाणा के सिरसा और पंजाब के चंडीगढ़, लुधियाना, जालंधर से काफी आवेदन आ चुके हैं।

5000 अब तक लाैटे, 100 के लिए सैंपल

सीएमएचओ डाॅ. गुर्जर ने बताया कि अब तक जिले में 5 हजार लाेग दूसरे प्रदेशाें से आ चुके हैं। उनका पंजीकरण कर उनकी स्क्रीनिंग कर चुके है। इनमें 100 लाेगाे के सैंपल लिए है। इनकाे रिपाेर्ट आने तक क्वारेंटाइन में भेजा जा चुका है।



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लाॅकडाउन बढ़ते ही ठेकेदार ने 100 मजदूरों को कंपनी से निकाला, न पगार दी न खाना, थाने पहुंचे तो मिली फटकार

लॉकडाउन बढ़ते ही 100 मजदूरों से ठेकेदार से नाता तोड़ दिया। मजदूरों को बिना तनख्वाह दिए ही कंपनी से बाहर निकाल दिया। अब मजदूर एक निजी स्कूल में रहकर रात गुजार रहे हैं। मजदूरों ने जब आपबीती बताई तो आंखों से आंसू छलक आए।
मजदूरों से जब भास्कर संवाददाता ने तकलीफ जानी तो बताया कि ठेकेदार ने बाहर निकाल दिया। जेब में पैसे नहीं है। खाने के लिए भामाशाहों पर निर्भर हैं। जिस दिन भामाशाह खाना देने नहीं आते उस दिन भूखा सोना पड़ता है। मजदूरों ने जब नरैना थाने में मदद की गुहार लगाई तो थाने से मदद की जगह फटकार मिली।
मजदूरों की मदद करेंगे
मेरी जानकारी में नहीं है। पता कर के मजदूरों की मदद की जाएगी। - राजकुमार कंस्वा, एसडीएम सांभरलेक
तहसीलदार को बता दिया
मेरे पास मदद के लिए आए थे। मैंने तहसीलदार को अवगत करा दिया| - रघुवीर सिंह, एसएचओ, नरैना



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As soon as the lockdown progressed, the contractor fired 100 workers from the company, neither paid nor had food, got reprimanded when they reached the police station.




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सामान्य वर्ग को 50 के बजाय 46, ओबीसी को 21 के बजाय 17 प्रतिशत आरक्षण, एलडीसी भर्ती में गड़बड़ी

राजस्थान में एलडीसी-2018 भर्ती में आरक्षण प्रक्रिया में छेड़छाड़ की गई है। सिर्फ ओबीसी और सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के आरक्षण में ही 587 पदों में सीधे-सीधे छेड़छाड़ की गई है जबकि नोटिफिकेशन और जारी रिजल्ट की प्रेस रिलीज के आंकड़ों के अंतर को देखें तो 1271 पदों पर सवाल उठ रहे हैं। नॉन टीएसपी के 562 पदों के बारे में भी तथ्य सरकार की तरफ से छिपाए गए हैं।
आरक्षण में छेड़छाड़ की स्क्रिप्ट कैसे लिखी गई, इसे समझने के लिए दैनिक भास्कर ने तमाम दस्तावेजों की पड़ताल की है। घोटाले की पूरी कहानी समझने के लिए दो साल पहले के आंकड़े देखने होंगे। 16 अप्रैल 2018 को राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने नोटिफिकेशन जारी कर 11,255 पदों के लिए भर्ती निकाली। यह भर्ती लिपिक ग्रेड-2 और जूनियर असिस्टेंट की भर्ती के लिए थी। इसमें स्टेट सेक्रेटेरिएट के लिए 329 सीट, राजस्थान लोक सेवा आयोग में नौ सीट और अधीनस्थ विभागों की 10917 सीटों के लिए आवेदन मांगे गए थे। एक मार्च 2018 को पदों की संख्या बढ़ाकर 12456 कर दी गई।
यह पद इसलिए बढ़ाए गए, क्योंकि-प्रशासनिक सुधार विभाग ने 1175 पदों के लिए और अभिशंषा की। 12 अगस्त से 16 सितंबर 2018 तक चार पारियों में प्री-एग्जाम हुआ। एक मार्च 2019 को नया नोटिफिकेशन जारी हुआ। इसमें पदों की संख्या बढ़ाकर 12456 कर दिया गया। सात मार्च को तीन गुना अभ्यर्थियों को टाइपिंग व एफिशिएंसी टेस्ट के लिए पास किया गया। एक आरटीआई से पता चलता है कि ओबीसी के 227 और सामान्य वर्ग के 360 पदों पर आरक्षण छेड़छाड़ की गई है। क्योंकि-नियमों के अनुसार ओबीसी को 21 और सामान्य वर्ग को 50 फीसदी आरक्षण मिलना चाहिए।
आरटीआई में खुलासा हुआ-ओबीसी व सामान्य वर्ग का आरक्षण करके 587 पद ही गायब कर दिए प्रशासनिक सुधार विभाग के पत्र में ओबीसी वर्ग के कुल पद 2093 बताए गए थे जबकि आरटीआई में इनकी संख्या 1866 दिखाई गई है। सवाल है-227 पद कहां गए? जबकि प्रशासनिक सुधार विभाग के पत्र में सामान्य वर्ग के 5303 पद दिखाए गए हैं, जबकि आरटीआई में इनकी संख्या 4943 ही है। अब सवाल-सामान्य वर्ग के 360 पद कहां गए? दरअसल, ओबीसी को 21 के बजाए 17 प्रतिशत और सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को 50 के बजाए 46 प्रतिशत आरक्षण ही दिया गया। ऐसा क्यों किया गया-अधीनस्थ सेवा चयन चुप है? 587 पदों का सीधा-सीधा छेड़छाड़ की गई है?
सवाल इसलिए
आरपीएससी की सभी भर्तियों में सामान्य को 50 और ओबीसी को 21 फीसदी आरक्षण मिला : आरपीएससी की एलडीसी 2013, स्कूल व्याख्याता 2018, ग्रेड सैकंड शिक्षक भर्ती 2018 और रीट में ओबीसी को 21, सामान्य को 50, एससी को 16 और एसटी को 12 फीसदी आरक्षण दिया गया है। जबकि अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड में ओबीसी व सामान्य वर्ग का आरक्षण कम दिया। यह किस नियम के तहत किया गया?
2018 में 11,255 पदों के लिए निकाली भर्ती, बाद में बढ़ाकर 12906 किए, 2020 में भर्ती पूरे होते ही घट गए-
एमबीसी में पांच फीसदी आरक्षण से 450 पद बढ़े, कुल पद हुए 12906 : भर्ती घोटाले की पूरी स्क्रिप्ट यही से लिखनी शुरू हुई। टाइपिंग व एफिशिएंसी टेस्ट के 15 दिन बाद यानी 23 जून 2019 को कार्मिक विभाग ने सभी प्रक्रियाधीन भर्तियों में एमबीसी यानी मोस्ट बैकवर्ड क्लास के लिए पांच प्रतिशत आरक्षण देने के आदेश जारी कर दिए। एमबीसी में गुर्जर, गाडिया लोहार, बंजारा, रेबारी व राइका समुदायों को शामिल किया गया है। हालांकि इस कैटेगरी को एक प्रतिशत आरक्षण पहले से ही दिया जा रहा था। इसलिए एलडीसी में भी 450 पद और बढ़ गए। एलडीसी भर्ती के लिए कुल पदों की संख्या 12906 हो गई।
23 दिसंबर से 11 फरवरी 2020 तक दस्तावेजों का सत्यापन हुआ-
25 अक्टूबर 2019 को खाली सीटों के मुकाबले डेढ़ गुना अभ्यर्थियों को दस्तावेज वेरिफिकेशन के लिए बुलाया गया। इसमें 17451 गैर अनुसूचित क्षेत्र और 977 अनुसूचित क्षेत्र के अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन किया गया। 23 दिसंबर 2019 से लेकर 11 फरवरी 2020 तक दस्तावेज सत्यापन हुआ।
वर्गवार जानकारी नहीं दी
14 फरवरी 2020 को फाइनल रिजल्ट जारी किया गया। इस रिजल्ट में यह बताया ही नहीं गया कि कुल कितनी सीटों पर भर्ती हुई है। इसमें विभागवार सफल अभ्यर्थियों और एमबीसी के पदों की जानकारी भी नहीं थी। 14 फरवरी को ही जारी प्रेस नोट पर नजर डालिए। इसकी हैड लाइन है-लिपिक ग्रेड द्वितीय के 11 हजार 322 पदों के लिए चयन सूची जारी। छह मार्च को द्वितीय चयन सूची में 313 अभ्यर्थियों के रोल नंबर और जारी किए गए। अब सवाल यह है कि 1271 पद कहां गए?
वे सवाल, जिनके जवाब राजस्थान अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड को देने ही होंगे?-
1. आरटीआई में अभ्यर्थी ने 14 फरवरी 2020 को एलडीसी भर्ती-2018 का अंतिम परिणाम एआरडी के नए वर्गीकरण के आधार पर जारी हुआ है। इसी आधार पर वर्गवार बताए। इसी के जवाब में 10732 पदों की संख्या बताई गई। यह नोन टीएसपी क्षेत्र में अधीनस्थ विभागों के ही आंकड़े है। इसमें टीएसपी के 1241 पदों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई। अगर हम आरटीआई के आंकड़ों में 1241 को भी जोड़ दे तो यह संख्या 11973 होती है। इसमें आरपीएससी के 36 और सचिवालय के 335 पदों को भी जोड़ना होगा।
2. अंतिम अपडेट पदों की संख्या 12906 थी। सरकार ने 14 फरवरी 2020 को रिजल्ट जारी किया, उसमें चयनित अभ्यर्थियों की संख्या 11322 थी। छह मार्च 2020 को संख्या 313 बताई गई। इन्हें जोड़े तो यह संख्या 11635 होती है। सवाल उठता है कि 1271 पद कहां गए?



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चौमू में रक्तदान कर मनाई पुण्यतिथि, 103 यूनिट ब्लड जमा

रक्तदान करना महादान है। यह बात सिमरन निवास निठार वालो की ढाणी नांगल पुरोहितान में युवा सामाजिक कार्यकर्ता स्वर्गीय राजीव निठारवाल की प्रथम पुण्यतिथि पर स्वैच्छिक रक्तदान शिविर के मुख्य अतिथि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष में विधायक सतीश पूनिया ने कही।
रामपुरा डाबड़ी भाजपा मंडल अध्यक्ष पप्पू लाल सैनी ने कहा कि राजीव निठारवाल हमेशा रक्तदान शिविरों में अपनी भूमिका निभाते थे। चौमू विधायक रामलाल शर्मा, जीवन ज्योति मानवसेवा संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजीत सिंह यादव, कार्यक्रम आयोजक रमेश निठारवाल, कमल निठारवाल, मोहनलाल प्रसाद, मुकेश निठारवाल, गोवर्धन निठारवाल, हुकम सिंह निठारवाल सहित आदि ने भी संबोधित किया।
कार्यक्रम आयोजक रमेश निठारवाल ने अतिथियों को सोशल डिस्टेंस का ध्यान रखते हुए प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर पुष्पा देवी मेमोरियल ब्लड बैंक ,वडाला ब्लड बैंक के तत्वाधान में 103 यूनिट रक्तदान एकत्रित किया गया।



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अब गंगाशहर के साथ ही नूरानी मस्जिद इलाके में भी सुबह 10 से शाम 5 बजे तक छूट

पहले पाॅजिटिव राेगी रिपाेर्ट हाेने के बाद नूरानी मस्जिद क्षेत्र की जिन गलियाें में पहले कर्फ्यू और बाद में महाकर्फ्यू लगा दिया गया था वहां अब सुबह 10 से शाम पांच बजे तक की राहत दी गई है। सदरथाना क्षेत्र के इस इलाकाे काे पहले दी गई छूट में वंचित रखा गया था। जिला मजिस्ट्रेट कुमारपाल गाैतम ने शुक्रवार काे हालात की समीक्षा के बाद मस्जिद वाली गली और सांसियाें के माेहल्ले में छूट का आदेश दिया। इसके साथ ही गंगाशहर थाना क्षेत्र के भी कई इलाकाें में अब कर्फ्यू में छूट दी गई है। हरिरामजी मंदिर के पीछे पुरानी लाइन, टावरवाली गली सहित इसके एक किमी परिधि में छूट दी गई है।
कर्फ्यू में छूट के दाैरान लाेग अत्यावश्यक काम से इजाजत लेकर बाहर जा सकेंगे लेकिन पांच बजे से पहले लाैटना हाेगा। इस इलाके में सब्जी, राशन, दवाई, दूध, पंखा मिस्त्री अादि की दुकानें खुल सकेगी। पान-गुटखा, शराब की दुकान अादि यहां भी नहीं खुलेगी।



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20 दिन में तीसरा पॉजिटिव केस मिला, 21 परिजन क्वारेंटाइन, कूकडे़ला गांव में कर्फ्यू

क्षेत्र में शुक्रवार को एक व्यक्ति की रिपोर्ट कोरोनो पॉजिटिव आने पर आसपास क्षेत्र में दहशत हो गई। पुलिस ने पाजिटिव व्यक्ति के घर के अासपास के अाधा किमी क्षेत्र काे सील कर दिया है। सूचना पर ब्लाॅक सीएमएचओ डॉ.मुकेश बैरवा, सीएचसी प्रभारी डॉ.रमेश शर्मा, मेडिकल टीम पॉजिटिव मरीज के घर पहुंचे ओर परिवार के 21 सदस्यों को होम क्वारेंटाइन किया। डॉ.शर्मा ने बताया कि पॉजिटिव व्यक्ति दो दिन पहले अस्पताल में दिखाने आया था। उसको जांच कराने के लिए कहा गया था। वह फोर्टिस अस्पताल में जाकर भर्ती हो गया जिसके हार्ट की मेडिसिन भी चल रही थी। जांच करवाने पर उसकी रिपोर्ट कोरोनो पॉजिटिव आई है। सूचना मिलते ही पॉजिटिव मरीज के घर मेडिकल टीम पहुंची अाैर परिजनाें काे होम क्वारेंटाइन कर दिया। क्षेत्र में 20 दिन में तीसरे व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इससे पहले 21 अप्रैल को पीली की तलाई निवासी एसएमएस हास्पिटल में कार्यरत कर्मचारी ओर 1 मई को सीआईएसएफ के सामने रहने वाला सब इंस्पेक्टर की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इन दाेनाें के परिवार वालों को भी होम क्वारेंटाइन किया गया था।
रास्ते सील, पुलिस की नाकाबंदी, मेडिकल टीम की पैनी निगाह
मैड़| ग्राम पंचायत भामोद अंतर्गत कूकड़ेला में कोरोना संक्रमण के दस्तक देने के बाद विराटनगर एसडीएम राजवीर सिंह यादव के निर्देश पर गांव में 1 किमी तक शुक्रवार को कर्फ्यू लगा दिया। इसके चलते गांव के मुख्य मार्ग सहित आम रास्तों को पूरी तरह सील कर नाकाबंदी कर दी गई। इलाके में पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। क्षेत्र में चिकित्सा महकमे की टीम ने 111 घरों में पहुंचकर 930 लोगों के स्वास्थ्य का परीक्षण कर स्क्रीनिंग की।

एसडीएम ने बताया कि कूकड़ेला निवासी मंजू देवी अपनी बेटी अल्का देवी के कोरोना पॉजिटिव आने के बाद गांव में भी सतर्कता बढ़ा दी गई। मंजू 14 अप्रैल से बेटी के साथ रह रही है, तब से वह गांव नहीं आई है जिससे कोरोना वायरस फैलने का खतरा नहीं है। एहतियाती तौर पर कर्फ्यू लगाकर राशन सामग्री सहित मेडिकल टीम निगरानी रख रही हैं। नवरंगपुरा मोड़ से मनोहरपुर, कूकड़ेला जाने वाली सड़क को सील कर दिया गया। भामोद पंचायत मुख्यालय गांव से नवरंगपुरा मार्ग को बंद कर पुलिस जाब्ता तैनात कर दिया गया।

ब्लॉक सीएमएचओ डॉ. सुनील कुमार सिसोदिया ने बताया कि कूकड़ेला निवासी महिला जो बहरोड़ में कोरोना पॉजिटिव अपनी बेटी के संपर्क में आने से कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद चिकित्सा दल ने पूरे इलाके में घर-घर सर्वे कर स्क्रीनिंग करने का कार्य कर दिया। स्वास्थ्य टीम ने भामोद, कूकडेला में 111 घर सहित मैड़ में 193 घरों में 1295 लोगों की स्क्रीनिंग की। शंकरलाल रैगर, माया देवी, आशा वर्मा, गायत्री शर्मा, रमा मीणा, गुलाब यादव, विनोद झिगानिया उपस्थित रहे। सरपंच लक्ष्मी कंवर ने लोगों से घरों में रहने की अपील की। एसडीएम ने बताया कि मैड़, नवरंगपुरा, पालड़ी व आसपास गांव में लॉकडाउन को लेकर उल्लंघन की शिकायत मिलते ही सख्ती से कार्यवाही होगी। इसके लिए पुलिस प्रशासन को निर्देश दे दिए है। थाना अधिकारी सुरेश चंद्र ने बताया कि बेवजह सड़क पर निकलने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।



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Third positive case found in 20 days, 21 family quarantine, curfew in Kukdela village




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कृषि मंत्री ने खाद्य सामग्री में 1000 आटे के कटे वितरित किए

झोटवाड़ा विधानसभा में शुक्रवार को कृषि मंत्री ने ग्राम पंचायत मांचवा में मजदूर और जरूरतमंद लोगों के लिए खाद्य सामग्री के पैकेट वितरित किए गए। सरपंच जगदीश वर्मा ने बताया कि लॉकडाउन के कारण कई लोग बेरोजगार हो गए हैं। ऐसी स्थिति में उनके पास खाने-पीने का सामान नहीं है। इसलिए कृषि मंत्री लालचंद कटारिया ने एक हजार आटे के कट्टे भिजवाए हैं।
सबसे बड़ी बात तो यह है कि कृषि मंत्री लालचंद कटारिया ने स्वयं आकर सरपंच जगदीश वर्मा को आटे के कट्टे मजदूरों में वितरण करने के लिए दिए हैं। इस अवसर पर सरपंच जगदीश वर्मा, उपसरपंच रामफूल चौधरी, जनसेवक गोपीराम बुरी, रामनिवास चौधरी, मांगीलाल कुड़ी, महेंद्र, रामबाबू ,कमलेश सहित कई लोग उपस्थित थे।



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80 वार्डों में मौजूद 4500 प्रवासियों की चिंता दरवाजे खटखटा कह रहे कलेक्टर-बाहर मत निकलना

मुरलीधर व्यास काॅलाेनी में एक घर के दरवाजे पर पुलिसकर्मी ने दस्तक दी। अंदर से आए व्यक्ति काे उसने बताया, कलेक्टर साब आए हैं। आपसे बात करना चाहते हैं। हैरान व्यक्ति कुछ कह पाता उससे पहले कलेक्टर कुमारपाल गाैतम ने उसका नाम लेकर पूछा, बाहर से आप ही आए हैं। जवाब मिला-हां। तबीयत पूछी। घरवालाें काे बुलाया। पूछा- ये कमरे या घर से बाहर ताे नहीं निकले। उन्हाेंने कहा-नहीं। पड़ाैस का दरवाजा खटखटाया। पड़ाेसी से पूछा-इन्हें बाहर घूमते देखा। जवाब मिला-नहीं। कहा, बाहर निकलते ही फाेन कर देना। बाद में प्रवासी के परिवारजनाें काे समझाया, हाेम क्वारेंटाइन का मतलब 14 दिन तक सबसे अलग रहना है। यह बाहर से आए व्यक्ति, परिवार, समाज और शहर सभी की सुरक्षा के लिए है। यह एक घर की नहीं शहर के बीसियाें घराें में कुछ इसी तरह कलेक्टर ने दस्तक देकर हाेम क्वारेंटाइन रहने की हिदायत दी।
इसलिए सतर्कता जरूरी
प्रदेश के कई हिस्साें में प्रवासियाें के आने के बाद काेराेना पाॅजिटिव मामले बढ़े हैं। बीकानेर में भी गुजरात, महाराष्ट्र, बंगाल, बिहार, दिल्ली सहित देश के कई हिस्साें से लगभग 15 हजार लाेग आ चुके हैं। इनमें से 11432 पिछले सात दिनाें में आए हैं। सरकार की राेक के बावजूद जरूरत के मुताबिक अब भी लाेगाें का आना-जाना जारी है।

अब हर वार्ड में एक डॉक्टर टीम

सीएमएचओ ने आयुष, डेंटेस्ट्री, इंटर्न आदि डाक्टराें काे मिलाकर 80 लाेगाें की टीम तैयार कर। प्रत्येक डाक्टर काे एक वार्ड की जिम्मेवारी दी। उसके साथ तीन नर्सिंग स्टूडेंट या नर्सेज काे लगाया। समझाया, पूरी दुनिया एक वार्ड ही है। इस वार्ड में भी वे घर प्राथमिकता पर है जहां प्रवासी रह रहे हैं। हर दिन टीम में से काेई न काेई सदस्य इस घर तक दस्तक देगा। बाहर से आए व्यक्ति के हाल-चाल जानेगा। यह निश्चित करेगा कि व्यक्ति हाेम क्वारेंटाइन के सभी नियमाें का पालन कर रहा है। इसके साथ ही आईटी डिपार्टमेंट ने भी सतर्कता बढ़ा दी। एक-एक व्यक्ति की माेबाइल लाेकेशन के आधार पर दिन में तीन से चार बार ट्रेसिंग हाे रही है। यह स्थिति स्थिति सिर्फं बीकानेर शहर की ही नहीं है वरन जिले के हर उस गांव-तहसील मुख्यालय पर टीमें उन घराें की निगरानी में जुटी है जहां प्रवासी आए हैं। ज्यादा चिंता देश के विभिन्न हिस्साें से पिछले सात दिनाें में आए 11432 प्रवासियाें के स्वास्थ्य काे लेकर हैं। शहर में इन सात दिनाें में आए नए लाेगाें सहित अब तक 4500 लाेग आ चुके हैं। सभी की स्क्रीनिंग हाे चुकी है और रैंडम सैंपल टेस्ट भी हाे रहे हैं। मसलन, नाेखा में104 लाेगाें की जांच रिपाेर्ट नेगेटिव आ चुकी है। शुक्रवार काे श्रीडूंगरगढ़ में आए लाेगाें में से 185 के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।

मंत्री कल्ला बाेले, डिस्टेंट-सतर्कता रखो-अनुमति वाली आर्थिक गतिविधियां चलाओ
बीकनेर पश्चिम के विधायक एवं कैबिनेट मंत्री डा.बी.डी.कल्ला ने शुक्रवार काे पीबीएम हाॅस्पिटल, मेडिकल काॅलेज के अधिकारियाें सहित जिलेभर के प्रशासनिक अधिकारियाें की मीटिंग ली। इस लंबी मीटिंग में माेटे ताैर पर जहां अब तक के हालात की समीक्षा की वहीं इस बात पर जाेर दिया कि साेशल डिस्टेंस मेंटेन रखते हुए वे सभी आर्थिक गतिविधियां जारी रखी जाएं जिनकी अनुमति हैं। कलेक्टर कुमारपाल गाैतम से औद्याेगिक क्षेत्र में चल रही गतिविधियाें का ब्याैरा लिया। पीबीएम हाॅस्पिटल सुपरिंटेंडेंट डा.माेहम्मद सलीम काे कहा-व्यवस्थाएं इस तरह चाक-चाैबंद करें ताकि हाॅस्पिटल में नाेन-काेविड पेशेंट्स काे भी पूरी चिकित्सा सुविधा मिल सकें। सभी तरह के जरूरी ऑपरेशन शुरू किए जा सके। यह ध्यान रखें कि हाेम क्वारेंटाइन किए गए लाेग बाहर न निकलें। जरूरत पड़े ताे इन्हें स्टेट क्वारेंटाइन में भेजें। पेयजल व्यवस्था सुचारु रखने के निर्देश भी अधिकारियाें काे दिए। मीटिंग में एसपी प्रदीप माेहन शर्मा, नगर निगम आयुक्त डा.खुशाल यादव, अतिरिक्त कलेक्टर ए.एच.गाैरी, सुनीता चाैधरी, मेडिकल काॅलेज प्राचार्य डा.एस.एस.राठाैड़ आदि माैजूद रहे।



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Collectors saying about 4500 migrants present in 80 wards knocking on doors




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मोहनपुरा- जोधपुरा में पॉजिटिव मिलने के बाद 790 घरों में डोर टु जोर जांच

मोहनपुरा- जोधपुरा गांव में कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद प्रशासन सक्रिय हो गया। गांव में चिकित्सा विभाग की 17 टीमों ने शुक्रवार को 790 घरों की डोर टु डोर स्क्रीनिंग करते हुए 2690 लोगों की जांच की। पॉजीटिव व्यक्ति के संपर्क में आए बेटे, चालक सहित 5 लाेगाें की रिपोर्ट अभी नहीं आई है। शुक्रवार को एडीएम डॉ. सत्यवीर यादव, एसडीएम नानूराम सैनी, डीएसपी दिनेश यादव, तहसीलदार अनूप सिंह, एसएचओ नरेन्द्र कुमार, सरूंड एसएचओ सुभाष यादव, ब्लाॅक सीएमएचओ डॉ. रामनिवास यादव ने गांव में फ्लैग मार्च करते हुए लोगाें से घरों में ही रहने की अपील की। एसडीएम सैनी ने बताया कि गांव की सभी सीमाओं को सील करते हुए मोहनपुरा धर्मशाला, मोहनपुरा के सरकारी स्कूल, दादूपंथी रोड व मोहनपुरा ग्राम से कल्याणपुरा तिराहे पर 4 नाकों पर बैरिकेड्स लगाते हुए रास्तों को रोक दिया गया। सभी नाकों पर पुलिसकर्मियों के अलावा राजस्व कर्मियों को लगाया गया। गांव में पॉजिटिव केस के कारण दहशत के बीच शुक्रवार सुबह से ही लोग घरों में कैद रहे। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने माइक से अनाउंस कर लोगों को घरों से बाहर नहीं निकलने के लिए पाबंद किया। घरों में कैद लोग गांव में अधिकारियों की गाडी आने पर खिड़की रोशनदान व छतों से छिपकर हालात देखते रहे। उधर, कूजोता की प्रभू की ढाणी में कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद कर्फ्यू जैसे हालात बने हुए है। 11 चेकिंग प्वाइंट बनाते हुए उन पर पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया।
जुकाम खांसी के मरीजों को घरों में ही रहने के निर्देश
नारेहड़ा सीएचसी प्रभारी डाॅ. राहुल शर्मा ने बताया कि 17 टीमों ने शुक्रवार को 790 घरों का डोर टु डोर सर्वे करते हुए 2609 लोगों की जांच की। इनमें से जुकाम खांसी के 27 मरीजों को होम आइसोलेशन में रहने की हिदायत दी।
कई की रिपाेर्ट आना अभी बाकी
मोहनपुरा -जोधपुरा में मिले पॉजिटिव के संपर्क में आए उसके बेटे, चालक व अन्य तीन की रिपोर्ट शुक्रवार को नहीं आई। अस्पताल प्रशासन ने 141 मरीजों की स्क्रीनिंग की। इसके बाद आजादपुर मंडी नई दिल्ली से आए खेडा निहालपुरा निवासी युवक को आईसोलेशन वार्ड में भर्ती कर सैंपल जांच के लिए जयपुर भेजे गए। अब तक 193 मरीजों के सैंपल लिए गए थे जिनमें से 182 की रिपोर्ट निगेटिव, 2 पॉजिटिव व 8 की रिपोर्ट आना बाकी है।



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Door to loud check in 790 houses after getting positive in Mohanpura - Jodhpur




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पुलिस ने कामां में 22 ड्रमों में भरी 4 हजार और विलानचट्टपुरा में 2500 लीटर वाश नष्ट की

लॉकडाउन में हथकढ़ शराब के कारोबार की सूचना पर शुक्रवार को उच्चैन थाना पुलिस ने गांव विलाचट्टपुरा में अवैध हथकढ़ शराब के खिलाफ छापामार कार्रवाई कर ढाई हजार लीटर वाॅश व शराब बनाने की चार भट्टियों को नष्ट किया है। साथ ही मौके से 30 लीटर हथकढ़ शराब व एक बाइक को बरामद कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।

उच्चैन एसएचओ जमील खान ने बताया कि पुलिस को गांव विलाचट्टपुरा में हथकढ़ शराब तैयार कर बेचने की सूचना मिली। जिस पर एसएचओ, एएसआई बृजभानसिंह, हैडकांस्टेबल बृजलाल, भरतसिंह के नेतृत्व में गठित टीमों ने शुक्रवार को गांव विलानचट्टपुरा में अलग-अलग रास्तों से पहुंचकर छापामार कार्रवाई की। जहां घरों व गैतबाडों में भट्टियों पर हथकढ़ शराब निर्मित होती हुई मिली। जिस पर पुलिस ने मौके पर ही चार भट्टियों को तोडकर मटकों व कैनों में भरी साढे ढाई हजार लीटर वाॅश को नष्ट कर दिया।

पुलिस ने गांव विलानचट्टपुरा निवासी बिरजी पुत्र कमलसिंह, राधे पुत्र नवला कंजर को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से तीस लीटर हथकढ़ शराब को बरामद कर आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। साथ ही मौके पर लावारिस खड़ी बाइक को पुलिस एक्ट में जब्त किया है।

एसपी हैदरअली जैदी के निर्देश पर कामां डीएसपी देवेंद्र सिंह राजावत ने जुरहरा के गांव बमनवाडी व खेड़ी में अवैध शराब माफियाओं पर कार्रवाई कर जंगलों में अवैध शराब निर्माण के लिए बनाई गई भट्टियां तोड़ चार हजार लीटर वाश नष्ट कराई।

डीएसपी देवेंद्र सिंह राजावत ने बताया कि मेवात इलाके में शिकायते मिल रही थी कि अवैध शराब माफियाओं द्वारा जंगलों में अवैध हथकढ़ शराब बनाकर गांवों व शहरी इलाकों में शराब की सप्लाई की जा रही है। जिस पर जुरहरा थाना के गांव खेड़ी व बमनवाडी के जंगलों में कार्रवाई कर अवैध शराब निर्माण की भट्टियां तोड़कर 22 ड्रमों में भरी करीब चार हजार लीटर वाश नष्ट कराई। इसके अलावा कार्रवाई के दौरान मौके से बीस लीटर तैयार अवैध शराब भी बरामद की गई। कार्यवाही के दौरान शराब माफिया पुलिस के हाथ नहीं लग सके।



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ठगाें ने खाताें से उड़ाए 1.83 लाख, पुलिस ने गेटवे का पता कर दिलाए 1.50 लाख रुपए

लाॅकडाउन में सायबर ठग खाताें पैसे उड़ाने के लिए सक्रिय हैं। फाेन पर परिचित बन लिंक भेजकर खाताें साफ कर रहे हैं। पुलिस भी मुस्तैदी से ठगी के प्रकरणाें से निपट रही है। कमिश्नरेट के चार थानाें में दर्ज सायबर ठगी के प्रकरणाें में पुलिस ने राशि रिफंड करवाई है। अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर अशाेक गुप्ता ने बताया पेमेंट गेटवे का पता कर दाे दिन में 1.83 लाख मेंसे 1.50 लाख रुपए रिफंड करवाए।

पहला मामला: जगदीश प्रसाद को फाेन पर ठगों ने खुद काे परिचित बताते हुए खाते में ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करने का लिंक भेजा। क्लिक करते पीड़ित और उसके बेटे के खाते से 99 हजार रुपए निकल गए।
दूसरा मामला : बरकत नगर निवासी त्रिलाेक चन्द्र के दाे खाताें से 40 हजार निकाल लिए। इधर, सेज थाना में संजय शर्मा के माेबाइल पर लिंक भेज 13 हजार रुपए उड़ा लिए।
फेसबुक आईडी हैक 20 हजार रुपए ठगे : इस तरह एक व्यक्ति की फेसबुक आईडी हैक कर रुपए मांगे। इस पर पीड़ित ने 20 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। पीड़ित के दाेस्त ने सायबर थाने में मामला दर्ज करवाया।



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शाहपुरा से दूसरे दिन भी रोडवेज की 3 बसों से 108 श्रमिक यूपी रवाना

शहर के श्रीकल्याणसिंह राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर से दूसरे दिन शुक्रवार को भी प्रशासन ने डेढ़ माह से घर वापसी का ब्रेसबी से इंतजार कर रहे उत्तरप्रदेश के 108 मजदूरों को रवाना किया। सहायक कलेक्टर सुनील शर्मा ने बताया कि उत्तरप्रदेश के विभिन्न जिलों के 108 श्रमिकों ने अपने घर जाने के लिए ईमित्र पर ऑनलाइन पंजीयन करवाया गया था। जिला कलेक्टर से अनुमति मिलने के बाद उपखंड क्षेत्र में अलग- अलग स्थानों पर रह रहे इन श्रमिकों को श्रीकल्याणसिंह राउमावि में एकत्र किया गया। यहां पर सभी की चिकित्सा टीम से स्क्रीनिंग एवं जांच की गई। जांच सही पाए जाने पर श्रमिकों को शाहपुरा यूनिट की तीन रोडवेज बसों में बैठाकर रवाना किया गया। श्रमिकों को खाने के पैकेट तथा भामाशाह पुनीत अग्रवाल व साहिल साैंपा जाएगा। गिरदावर मदनलाल मीणा, पटवारी कालूराम जाट, सहायक प्रोग्रामर सुनील मीणा, रोडवेज यूनिट के भवानी सिंह, रोडवेज चालक कैलाश चौधरी, रामचंद्र स्वामी, दिनेश चौधरी, परिचालक प्रकाश जाट, हरफूल जाट, संजय शर्मा मौजूद रहे। लॉकडाउन से मजदूरी नहीं मिलने से परेशान श्रमिकों में खुशी का माहौल नजर आया।
मजदूरों की घर वापसी के लिए बसाें से भेजा
जमवारामगढ़| एसडीएम विश्वामित्र मीणा व नारायण मीणा ने शुक्रवार को बस को हरी झंडी दिखाकर ईंट भट्ठा मजदूरों को उनके गांव बरेली व पीलीभीत उत्तर प्रदेश के लिए रवाना किया। उन्होंने मजदूरों को गांव भेजने की शुरुआत जीबीसी ईंट भट्टा लांगडियावास से की। रोडवेज बसों से प्रशासन ने दिनभर में 700 मजदूरों को घर भेजने का काम किया।



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108 workers from UP Road in 3 buses from Shahpura left for UP




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जयपुर में अप्रैल में सिर्फ एक कार चोरी हुई; बड़े अपराधों में भी 80% तक गिरावट, सड़क दुर्घटनाओं में 39% तक की कमी

लॉकडाउन एवं कफ्रयू के चलते जयपुर कमिश्नरेट में अपराधों के मामलों में भारी कमी दर्ज की गई है। जयपुर की ओर से जारी अप्रैल के आंकड़ों के मुताबिक मार्च की तुलना में अपराध 79 प्रतिशत और पिछले साल अप्रैल के मुकाबले 88 फीसदी तक अपराध घटे हैं। हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण एवं चोरी के मामले 80 फीसदी से भी कम सामने आए हैं। यहां तक कि अप्रैल महीने में सिर्फ एक चौपहिया वाहन चोरी गया जबकि मार्च महीने में 37 ऐसे वाहन चोरी हो गए थे।

पुलिस कमिश्नरेट के अनुसार इस साल अप्रैल महीने में सिर्फ 307 एफआईआर पुलिस थानों में दर्ज की गई। जो मार्च की तुलना में 1185 यानी 79 फीसदी और पिछले साल अप्रैल के मुकाबले 2316 यानी 88 प्रतिशत कम है। अप्रैल महीने में हत्या, हत्या के प्रयास एवं चौपहिया वाहन चोरी के तो सिर्फ एक-एक मामले ही दर्ज हुए है। लूट के तीन, अपहरण के सात, दुष्कर्म के 10 एवं नकबजनी के दस मामले पुलिस थानों में आए हैं। चोरी के 86 मामले दर्ज किए गए हैं, इनमें 45 दुपहिया चोरी, 40 अन्य चोरी एवं एक मामला चौपहिया वाहन चोरी से संबंधित है। आईपीसी की अन्य धाराओं के तहत 171 मामले पुलिस ने दर्ज किए हैं।

महिला अपराध कम तो शराब तस्करी बढ़ी
महिला अत्याचाराें में 70 प्रतिशत कमी हुई है। पिछले अप्रेल में 2926 मामले दर्ज थे वहीं इस साल अप्रैल 879 मामले आए। अप्रैल में अपहरण के 123 मामले सामने आए। प्रदेश में लाॅक डाउन के कारण अवैध शराब के सबसे ज्यादा मामले सामने आए। अप्रेल में 2210 मामले दर्ज किए गए। मादक पदार्थ तस्करी में भी 166 मामले दर्ज किए ।

दुर्घटनाओं में 39% तक की कमी आई
सड़क दुर्घटनाओं में पिछले अप्रैल की तुलना में इस साल 39% की कमी आई। हादसों में मरने वालों की संख्या में 22 प्रतिशत एवं घायलों की संख्या में 37% कमी आई है। अप्रैल तक 1118 सड़क दुर्घटनाएं हुई थीं। 249 लोगों की मौत और 926 लोग घायल हुए थे। अप्रैल तक 685 दुर्घटनाएं हुई हैं। इनमें 194 मौत और 582 लोग घायल हुए। वेस्ट में 73, ईस्ट में 58, साउथ में 47 और सबसे कम नॉर्थ में 16 मौत हुई है।
एडिशनल कमिश्नर अशोक गुप्ता ने बताया लॉक डाउन के कारण अपराधों एवं दुर्घटनाओं में कमी आई है। पुलिस चौकसी की वजह से वाहन चोरी जैसी घटनाओं में गिरावट दर्ज की गई है।



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एडिशनल कमिश्नर अशोक गुप्ता ने बताया लॉक डाउन के कारण अपराधों एवं दुर्घटनाओं में कमी आई है। पुलिस चौकसी की वजह से वाहन चोरी जैसी घटनाओं में गिरावट दर्ज की गई है।




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जयपुर में एक ही दिन में 9 सब्जीवाले, 3 दुकानदार पॉजिटिव, अब तक 33 संक्रमित मिल चुके; 580 सैंपल की रिपोर्ट आज आएगी

जैसे-जैसे सुपर स्प्रेडर्स की सैंपलिंग बढ़ती जा रही है, उनके कोरोना पॉजिटिव मिलने की संख्या भी बढ़ती जा रही है। शुक्रवार काे भी 12 सुपर स्प्रेडर पाॅजिटिव पाए गए हैं। इनमें 9 सब्जी विक्रेता व 3 दुकानदार शाामिल हैं। इनके संपर्क में आने वाले 80 लाेगाें काे क्वारैंटाइन किया गया है। गुरुवार काे विद्याधर नगर, भट्टा बस्ती, रेलवे कॉलोनी, शास्त्री नगर, मुरलीपुरा, फिल्म कॉलोनी, चांदपोल गेट के पास, रामगंज और आदर्श नगर में 1007 रैंडम सैंपल लिए गए थे।

इन्हीं की रिपोर्ट शुक्रवार को आई। यही नहीं कोरोना जांच किए बिना ही नगर निगम ने शहरभर में ठेला संलाचकों को 900 पास आंवटित कर दिए। पासधारकों को अनुमति पत्र के साथ पीली टोपी भी दी गई है। बड़ा सवाल यह है कि क्या सभी पास आंवटियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया?सुपर स्प्रेडर्स के 8 दिन में 3937 रैंडम सैम्पल लिए गए। अब तक 33 पाॅजिटिव पाए गए हैं। इनमें इनमें 23 सब्जी वाले व 10 दुकानदार हैं। करीब 350 लोगों को क्वारैंटाइन किया गया।

शहर में 10 जगह से 580 सैंपल लिए
शुक्रवार काे 10 स्थानाें- विद्याधर नगर में 36, भट्टा बस्ती में 52, शास्त्री नगर में125, ढहर का बालाजी व मुरलीपुरा में 60, आदर्श नगर, राजापार्क, तिलक नगर, गलता गेट व रामगंज में 202, जवाहर नगर में 8, सिविल लाइंस व सोढ़ाला में 24, स्वेज फार्म व नंदपुरी में 17, आमेर क्षेत्र में 56 रेंडम सैंपल लिए गए।



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(प्रतीकात्मक तस्वीर) शुक्रवार को जयपुर में 10 जगह से 580 सैंपल लिए गए।




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प्रदेश में 3 हजार करोड़ से ज्यादा के निर्माण कार्य होंगे शुरू, मंत्री ताम्रध्वज साहू ने  काम में तेजी लाने के निर्देश दिए

छत्तीसगढ़ में 3022 करोड़ रूपए की लागत के 857 निर्माण कार्य जल्द ही शुरू होंगे। लोक निर्माण मंत्री ताम्रध्वज साहू ने शनिवार को रायपुर स्थित अपने आवास में एक बैठक ली। राज्य में सड़क, भवन, पुल-पुलिया, अंडरब्रीज-ओव्हर ब्रीज, राष्ट्रीय राजमार्ग और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्वीकृत कार्यों के टेंडर की प्रक्रिया को पूरा करते हुए काम शुरू करवाने के निर्देश दिए। मंत्री ने बताया कि सड़कों और पुलों के मेंटनेंस के लिए निर्धारित अवधि 3 साल से बढ़ाकर 5 साल कर दी गई है। उन्होंने विभागीय जांच समिति बनाकर निर्माण कार्यों की जांच कराने के भी निर्देश दिए।

इन कामों को लिए बड़े पैमाने पर अगले दो महीने में निविदा आमंत्रित की जायेगी। रायपुर जिले के चंदेरी से खौली तक, दुर्ग जिले के पुलगाव नाका से अंजोरा तक फोरलेन सड़क निर्माण, जिला दुर्ग के बसनी कन्हारपुरी तुमाकला बोरी पर 15 कि.मी की सड़क, बोरसी हनोदा कोकडी पाउवारा सड़क, तरीघाट कोही रानीतराई , उतई पाउवारा जंजगिरी, अंडा , छुईखदान में सड़कें बनेंगी। सभी कामों की हर अपडेट अधिकारी मंत्री को देंगे। यह तय किया गया है कि आने वाले दिनों में एक और समीक्षा बैठक के जरिए मॉनिटरिंग की जाएगी।



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यह तस्वीर शनिवार को आयोजित बैठक के दौरान ली गई, मंत्री व अधिाकारियों ने कुछ निर्माण कार्यों को मंजूरी भी दी।




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बारिश-ओलावृष्टि की दोहरी मार झेल रहा किसान गेहूं की 15% और चने की 60% फसल खराब

कोरोनाकाल में जब खेत मजदूरों के बगैर सूने पड़े हैं, मौसम ने इसमें दोहरी मार कर दी। एक तरफ खड़ी फसल पक रही है क्योंकि मजदूर नहीं हैं, वहीं दूसरी तरफ ओलावृष्टि ने सब्जियों और फलों को बुरी तरह प्रभावित किया है। ये पूरे प्रदेश का हाल है। फिलहाल के अनुमान के मुताबिक राज्य स्तर पर जो आंकड़े आए हैं, उसमें गेहूं की फसल को 15 प्रतिशत तक और चने की फसल को 60 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। गर्मी के कारण चना पक रहा है, जबकि मजदूर न होने के कारण कटाई नहीं हो पाई।
भास्कर ने पूरे प्रदेश में किसानों की खेती और सरकार द्वारा की जा रही जांच का ब्यौरा निकाला। आलम यह है कि कवर्धा, दुर्ग, धमतरी जिले के किसानों ने तो चने की फसल खेतों में ही छोड़ दी है, क्योंकि उन्हें फसल कटाई में लगने वाले मजदूरों की लागत निकलने का भी भरोसा नहीं है। कवर्धा जिले की किसान सुनीता बघेल के मुताबिक उसने 70 एकड़ में चने की फसल लगाई थी लेकिन फसल पूरी तरह खराब हो गई है। पांच से छह लाख रुपए डूब गए।
इधर, राज्य सरकार ने बेमौसम बारिश आैर ओलावृष्टि के कारण खराब हुई फसल के नुकसान का आंकलन के निर्देश सभी जिला कलेक्टरों को दिए हैं। कृषि विभाग के अपर संचालक एमएस केरकेट्‌टा ने बताया कि प्रदेश में इस बार चने की फसल को बहुत नुकसान हुआ है, लेकिन गेहूं की फसल ज्यादा प्रभावित नहीं होगी। बावजूद इसके यह अभी आकलन के दौर में है। फाइनल रिपोर्ट नहीं है। तकरीबन 60 फीसदी चने फसल खराब हो सकती है।
कृषि विभाग के अपर संचालक एमएस केरकेट्‌टा के मुताबिक सरगुजा, कवर्धा, रायगढ़, बलरामपुर, सूरजपुर, जशपुर-कांसाबेल, कोरिया-भरतपुर, बिलासपुर- पेंड्रा, गरियाबंद आैर धमतरी में गेहूं का उत्पादन होता है। प्रदेश में गेहूं का आैसत उत्पादन 10 से 12 क्विंटल प्रति हेक्टेयर होता है जबकि सरगुजा जिले में इसका उत्पादन 40 से 50 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक होता है।

जगदलपुर: 500 एकड़ में लगी सब्जी की फसल तबाह, राहत में जुटा सरकारी अमला

जगदलपुर जिले में 500 एकड़ में सब्जी की फसल को नुकसान पहुंचा है। सबसे ज्यादा नुकसान बकावंड ब्लाक में हुआ है। यहां पर करीब 400 एकड़ में लगी फसल नष्ट हो गई है, जिसमें लौकी, कुम्हड़ा, कुंदरू, करैला, बिन्स, मिर्च, बरबट्टी, टमाटर और पपीता शामिल है। सबसे ज्यादा नुकसान मिर्च की खेती करने वालों को हो रहा है। 15-20 रुपए थोक के रेट में बिकने वाली मिर्च 5-6 रुपए किलों में बिक रही है। उद्यानिकी विभाग के उपसंचालक अजय कुशवाहा ने बताया कि करीब 6 हजार हेक्टेयर में सब्जी की खेती की गई थी। नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। इधर बस्तर किसान कल्याण संघ के कोषाध्यक्ष रमेश चावड़ा के अनुसार बस्तर जिले के सब्जी उत्पादक किसानों को करीब 2 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।

मिर्च के रेट कम होने से कई किसान इसकी तुड़ाई नहीं करवा रहे हैं, क्योंकि मिर्च की कीमत से ज्यादा खर्च तुड़ाई का आ रहा है।

दुर्ग: किसानों ने मुफ्त बांटी सब्जियां, जानवरों को चराया
दुर्ग जिले में 31649 हेक्टेयर में गेंहू, चना, तिवरा, मक्का, उड़द की फसलों को नुकसान पहुंचा है। इससे 39819 किसान प्रभावित हुए। दुर्ग ब्लॉक में 5705 किसानों का 3484 हेक्टेयर व पाटन में 9569 किसानों का 20384 हेक्टेयर फसल बर्बाद हो गई। धमधा ब्लॉक में 24545 किसानों का 20384 हेक्टेयर फसल को क्षति पहुंची। यहां टमाटर सहित साग सब्जी 42699 हेक्टेयर में ली गई थी। जिसमें 21 हजार हेक्टेयर की टमाटर, लौकी, करेला, गोभी, मिर्च आदि क्षति हुई है। तीन दिन कर्फ्यू में मंडी बंद रहने से 2490 टन सब्जी इस्तेमाल करने लायक नहीं बची। जिसे मवेशियों को फार्मरों ने खिलाई। मुफ्त भी बांटे।

खेतों में यूं ही छोड़ दिए।

जांजगीर: 690 एकड़ धान व 250 एकड़ की सब्जी बर्बाद
जांजगीर में सब्जी, धान, मक्का, दलहन, तिलहन की फसल को नुकसान का आकलन चल रहा है। कृषि विभाग के सर्वे में 690 एकड़ के धान और 250 एकड़ में लगी सब्जी की फसल तथा 75 एकड़ में लगी मक्के की खेती को नुकसान हुआ है। जिले में इस बार 10 हजार हेक्टेयर में धान 54सौ हेक्टेयर में गेहूं, 2820 हेक्टेयर में सब्जी की फसल लगाई गई है। 650 हेक्टेयर में पहली बार मक्का भी लगाया गया गया है। अफसरों के मुताबिक मालखरौदा क्षेत्र में 26 हेक्टेयर में धान की फसल, जैजैपुर क्षेत्र में 250 हेक्टेयर में धान की फसल, 30 हेक्टेयर में मक्का और 100 हेक्टेयर में सब्जी की फसल को नुकसान हुआ है।

कोरबा: तीन हजार एकड़ की फसल को नुकसान
यहां सब्जी के साथ ही धान, उड़द, मटर की फसल प्रभावित है। सर्वे चल रहा है। लगभग एक हजार हेक्टेयर में लगे टमाटर, मखना व प्याज बारिश व ओले से खराब हो गए हैं। इसी तरह सूर्यमुखी, सरसो, चना व मटर की फसल को नुकसान हुआ है। पानी भरने से प्याज सड़ गया। सब्जी की फसल में लगभग 50 प्रतिशत नुकसान उठाना पड़ेगा। करतला व पाली ब्लाक में सबसे ज्यादा बारिश और ओले गिरे थे। नवापारा के किसान रामकुमार राठिया का कहना है कि हर साल सब्जी की फसल से 45 से 50 हजार तक कमाई हो जाती थी, इस साल 10 से 15 हजार हो जाए तो बहुत है।उत्पादन कम होने से सब्जी के दाम बढ़ेंगे। यहां उद्यानिकी विभाग व पटवारियों को सर्वे करने कहा गया है।

बिलासपुर: टमाटर की फसल तबाह, जो बचा उसका रेट नहीं
जिले में 14 मिलीमीटर औसत बारिश हुई, वहीं तखतपुर और कोटा के इलाके में कहीं-कहीं ओलावृष्टि भी हुई, लेकिन यहां उद्यानिकी विभाग कह रहा है कि सब्जी की फसल खराब नहीं हुई है। लेकिन ग्राम चोरभट्टी में 80 एकड़ में सब्जी उगाने वाले अयूब ने बताया कि कोरोना वायरस से वैसे ही इस बार सब्जी की कीमत नहीं मिल रही है। सेंदरी के किसान सुरेंद्र कश्यप, छतौना के शकील भाई, मोहनभाठा के प्रदीप गुप्ता भी लाखों का नुकसान होने की बात कह रहे हैं।इधर उद्यानिकी विभाग के उप संचालक राम चतुर्वेदी के मुताबिक गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में ओलावृष्टि से नुकसान हुआ होगा, बिलासपुर जिले में नहीं हुआ है। मजदूर भी लौटे हैं, और वे शायद ही जाना चाहेंगे। बता दें कि श्रम विभाग के मुताबिक जिले के करीब 50 हजार किसान पलायन करते हैं।
बालोद: गुरूर ब्लॉक में धान की बालियां गिरीं जमीन पर
बारिश और ओले से गुरूर ब्लॉक में धान को बहुत नुकसान हुआ है। सरकारी आंकलन के मुताबिक गुरूर तहसील के 6398 किसानों की कुल 4512 हेक्टेयर फसल नष्ट हुई है। किसानों के अनुमान मुताबिक 5 हजार से ज्यादा हेक्टेयर रकबे में लगी धान फसल को नुकसान हुआ है। 80 हजार से ज्यादा किसानों ने धान की फसल लगाई है। किसान महेश साहू, भोजेश साहू का कहना है कि फसल पककर तैयार होने वाली थी कि बारिश के साथ ओला गिर गया, इससे नुकसान तय है। लागत राशि भी नहीं मिल पाएगी। डिप्टी कलेक्टर हितेश्वरी बाघे ने बताया कि गुरूर में नुकसान पर सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
खरसिया: खरबूज तीन से चार रुपए किलो बिक रहा
खरसिया में लगभग 40 एकड़ में खरबूजे की खेती होती है, जो बे-मौसम बारिश और आंधी के कारण खराब हो गई सारंगढ़ और सरिया के इलाकों में थोड़ी बहुत तरबूज की फसल होती है। किसानों को तीन से चार रुपए किलो का भाव मिला।



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Farmers suffering double rains of rain and hailstorm, 15% of wheat and 60% of gram are spoiled




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3022 करोड़ के 857 काम मंजूर, मेंटेनेंस अब पांच साल

प्रदेश में 3022 करोड़ की लागत के 857 काम को सरकार ने मंजूरी दे दी है। ये काम जल्द शुरू हो जाएंगे। लोक निर्माण मंत्री ताम्रध्वज साहू ने शनिवार काे निवास कार्यालय में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में इनकी निविदा का काम जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। पिछले दिनों सीएम भूपेश बघेल ने मंजूर किये गए निर्माण कार्यो-सड़क, भवन, पुल-पुलिया, अंडरब्रीज-ओव्हर ब्रीज, राष्ट्रीय राजमार्ग एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्वीकृत कार्यो की निविदा प्रक्रिया पूर्ण कर शीघ्र कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता तथा सभी निर्माण कार्यों में थर्ड पार्टी निरीक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। मंत्री साहू ने बताया कि सड़कों-पुलों के एनुअल मेंटेनेंस कार्य की अवधि 3 साल से बढ़ाकर 5 साल कर दिया गया है। उन्होंने विभागीय जांच समिति बनाकर निर्माण कार्यों की आकस्मिक जांच कराने के भी निर्देश दिए। बैठक में ऐसे स्वीकृत कार्य जिनका निविदा आमंत्रित किया जाना है, उसकी संभागवार समीक्षा की गई। इस अवसर पर लोक निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव अमिताभ जैन, सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, प्रमुख अभियंता विजय कुमार भतपहरी एवं सभी मुख्य अभियंता उपस्थित थे।



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