0 8 शिक्षकों ने बांटे 300 मास्क, राशन भी दिया By Published On :: Sat, 02 May 2020 23:30:00 GMT कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए अभियान शुरू किया गया है। जरूरतमंदों के लिए राशन सामग्री एवं मास्क संकुल केंद्र फुसेरा के 8 शिक्षकों की टीम ने दिए। इसी काम को आगे बढ़ाते हुए दर्रा के पास के गांव परसट्ठीके 10 परिवार को एक सप्ताह का राशन दिया। इसके साथ ही साथ गांव के में जाकर 300 पीस मास्क बांटे।शिक्षकों ने सोशल डिस्टेंसिंग, लॉकडाउन एवं धारा 144 का पालन करते हुए कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण एवं उनसे बचाव के लिए सावधानियां बरतने, स्वच्छता व स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने के लिए प्रेरित किया गया। वहीं छोटे बच्चों, गर्भवती माताओं एवं बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने के लिए आग्रह किया गया। संकुल केंद्र फुसेरा के समन्वयक मनोज कुमार साहू, मनोज कुमार देवांगन, लोकनाथ साहू कन्हैयालाल गुरु, डेरहुराम साहू, श्री पोखराज ध्रुव, नागेश्वर प्रसाद, लक्ष्मी गायकवाड़ के इस समूह में नए सदस्य के रूप में कल्याण सिंह खर्रा ने 1501, हेमलाल साहू दर्रा ने 1001, संतोष देवांगन परसट्ठी ने 1001 व हामेश्वर साहू, तोषण साहू धूमा ने 1001 रुपए दिए। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Harega Corona} The team of 8 teachers of Fusera is helping people, also tell the measures to avoid Corona Full Article
0 मनरेगा ने 91 हजार 888 लाेगाें काे दिया राेजगार, यह 10 साल में सबसे अधिक By Published On :: Sat, 02 May 2020 23:30:00 GMT पंचायतों में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी के काम स्वीकृत किए हैं। इसमें भूमि सुधार, मिट्टी सड़क, नया तालाब, डबरी, तालाब गहरीकरण के काम कराए जा रहे हैं। इस दौरान रिकाॅर्ड 91 हजार 888 लाेगाें को रोजगार उपलब्ध कराया गया। यह पिछले 10 साल में सबसे अधिक है। कामाें काे जल संरक्षण एवं संवर्धन के कार्यो को प्राथमिकता के आधार पर कराया जा रहा है। अाने वाले मानसून में इन कामाें से जल स्तर बढ़ने की उम्मीद है। महिला मजदूर भी काम के लिए अा रहीं हैं।विकासखंड नगरी में प्रदान संस्था एवं मगरलोड विकासखंड में एग्रोकेट सोसायटी के द्वारा ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए कार्ययोजना बनाने में सहयोग किया जा रहा है। ग्राम पंचायत के साथ क्रियान्वयन एजेंसी वन विभाग, उद्यानिकी विभाग, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग, जल संसाधन विभाग द्वारा भी काम शुरू कराए जा रहे हैं। कलेक्टर रजत बंसल ने जिले में राेज 1 लाख लाेगाें काे काम देने का लक्ष्य रखा है।जिला पंचायत सीईओ नम्रता गांधी ने बताया कि जिले में एक दशक बाद 91 हजार 888 श्रमिक मनरेगा कार्य में लगे हैं। कार्यस्थल पर मनरेगा मजदूरों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने, मास्क लगाकर कार्य करने, स्वच्छता के लिए साबुन से हाथ धोने, छाया की व्यवस्था, पेयजल की व्यवस्था, मेडिकल किट सहित अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। धमतरी ब्लॉक में 19 हजार 201, कुरूद में 27 हजार 311, मगरलोड में 21 हजार 627, नगरी ब्लॉक में 23 हजार 749 मजदूर काम कर रहे हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today MNREGA has given 91 thousand 888 jobs, this is the highest in 10 years Full Article
0 मृत शिक्षक के खाते से 4 दिन में निकाले 70 हजार, 4 गिरफ्तार By Published On :: Sat, 02 May 2020 23:30:00 GMT विश्रामपुरी थाना क्षेत्र के ग्राम हरवेल निवासी मृत शिक्षक के साले ने तीन साथियों के साथ फर्जी हस्ताक्षर करके शिक्षक के खाते से चार दिन में 70 हजार निकाल लिए। आरोपी पांचवीं बार 40,000 रुपए निकालने पहुंचा था।रकम ज्यादा देखकर शाखा प्रबंधक ने शक के आधार पर युवकों से पूछताछ की। इससे युवक घबरा गए। शाखा प्रबंधक ने शक के आधार पर युवकों के बैंक में आने की सूचना विश्रामपुरी थाना प्रभारी भापेंद्र साहू को दी। थाना प्रभारी को देखते ही एक युवक फरार हो गया। इसके बाद खुलासा हुआ। पुलिस ने मृत शिक्षक के मास्टरमाइंड साले समेत चार युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मृत शिक्षक मनीराम मंडावी का पासबुक उसके साले रूपदेव के पास था। कलगांव का रूपदेव ने मृत शिक्षक के हस्ताक्षर की व्यवस्था कर पासबुक से 3 साथियों चंपेश शोरी (गमरी), हेमलाल मरकाम (गमरी), रमेश कोर्राम (कोरेगांव) के साथ मिलकर रुपए निकाल लिए। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
0 50% यात्री ही सफर कर सकेंगे, 35 सीट की बस में बिलासपुर जा सकेंगी 15 सवारी By Published On :: Sat, 02 May 2020 23:55:00 GMT कोरोना संक्रमण के बीच 3 मई को लॉकडाउन को दूसरा चरण खत्म हो रहा है। सरकार ने लॉकडाउन को 17 मई तक बढ़ाने की घोषणा कर दी है, लेकिन ग्रीन जोन वाले जिलों में अधिकांश पाबंदियों को हटा दिया गया है। कबीरधाम जिला भी ग्रीन जोन में है। यहां कोरोना के एक भी पॉजिटिव नहीं मिले हैं। लॉकडाउन- 3 में जाे रियायत मिली है, उससे हमारा जिला भी अछूता नहीं रहेगा।कबीरधाम में 50 फीसदी सवारी के साथ कल यानि 4 मई से बसों के संचालन की छूट दी गई है। लेकिन इस छूट से बस ऑपरेटर्स ज्यादा खुश नहीं हैं। बस ऑपरेटर करन बंजारे बताते हैं कि अगर 35 सीटर बस में 15 सवारी बैठकर बिलासपुर जाते हैं तो घाटा ही होगा। हम 17 मई तक का इंतजार करेंगे। इधर अपर कलेक्टर जेके ध्रुव ने बताया कि लॉकडाउन 17 मई तक बढ़ गई है। शासन के गाइडलाइन के अनुसार जो सेवाएं संचालित होंगी उसका पालन सुनिश्चित किया जाएगा।जानिए, लॉकडाउन- 3 में शहर में क्या खुलेंगे और क्या बंद रहेंगेये सेवाएं चालू रहेंगी: गाइडलाइन के मुताबिक 50 फीसदी यात्रियों के साथ बसें चलेंगी। इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर व कारपेंटर सेवाएं, मोबाइल-लैपटॉप, स्टेशनरी और कपड़े दुकानें खुल सकेगी। सेलून, शराब, गुटखा, पानी, दूध, सब्जी, किराना की दुकानें खोल सकेंगे। लेकिन वहां एक बार में 5 से ज्यादा लोग इकट्ठा नहीं हो सकेंगे और लोगों के बीच 6 फीट की दूरी बनाए रखनी हाेगी। शॉपिंग मॉल को छोड़कर सामान बेचने वाली सभी दुकानें खुली रहेंगी।निगरानी नहीं, क्वारेंटाइन सेंटर भेजे मजदूरों के बीच मारपीटदूसरे राज्यों से पैदल आ रहे मजदूरों को रोकने बोड़ला ब्लॉक के ग्राम पालक में स्कूल भवन को क्वारेंटाइन सेंटर बनाए हैं। सेंटर में बालाघाट के 10-12 मजदूरों को क्वारेंटाइन किया गया है। निगरानी नहीं होने से शनिवार को क्वारेंटाइन किए गए मजदूरों के बीच विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि मारपीट तक हो गई। इनमें महिलाएं भी शामिल थीं। बताया जा रहा है कि मजदूरों का 14 दिन का क्वारेंटाइन अवधि खत्म हो चुका है। पंचायत से उन्हें अपने घर जाने के लिए कहा जा रहा है, लेकिन मजदूर लॉकडाउन तक यही रहने की जिद पर अड़े हैं।बंद रहेंगे मंदिर-मस्जिद, शराब दुकानें खोलने की तैयारीसहसपुर लोहारा| लॉकडाउन का दूसरा चरण 3 मई को खत्म हो रहा है। वहीं तीसरे चरण का लॉकडाउन 17 मई तक रहेगा। इस दौरान भीड़ के मद्देनजर मंदिर और मस्जिद खोलने पर प्रतिबंध है, लेकिन शराब दुकानों को खोलने की तैयारी शुरु हो गई है। सहसपुर लोहारा में लॉकडाउन के बीच शनिवार को सरकारी शराब दुकान में भीड़ को रोकने के लिए बेरीकेड लगाने का कार्य शनिवार किया जा रहा था। इसे लेकर लोनिवि ने मजदूरों लगाए थे।यह तर्क दे रहे: डीजल का खर्चा ही नहीं निकाल पाएंगे ऑपरेटर तो होगा नुकसानकवर्धा.हमेशा भीड़ से भरा रहने वाला बस स्टैंड लॉकडाउन के चलते सूना नजर आ रहा है।ये पाबंदी 17 मई तक लागू ही रहेंगी: स्कूल, कॉलेज, एजुकेशन, ट्रेनिंग, कोचिंग इंस्टिट्यूट बंद ही रहेंगे। होटल, रेस्टोरेंट, सिनेमा हॉल, शॉपिंग मॉल, जिम, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, स्वीमिंग पूल बंद रहेंगे। हर तरह के राजनीतिक, धार्मिक, सांस्कृतिक, सामाजिक कार्यक्रमों के आयोजन पर रोक जारी रहेगी। धार्मिक स्थान भी बंद रहेंगे। धार्मिक मकसद से जमावड़ों पर रोक रहेगी। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Only 50% passengers will be able to travel, 15 passengers will be able to go to Bilaspur in 35 seat bus Full Article
0 प्रदेश में 100 साल पुराना आपदा प्रबंधन कानून लागू, थूकने पर रोक जैसे कानून भी 50 साल पुराने पर अमल पहली बार By Published On :: Sun, 03 May 2020 01:15:16 GMT जाॅन राजेश पाॅल।कोरोना को लेकर प्रदेश और देश में 100 बरसों से कानून की किताबों में दबे पड़े आपदा प्रबंधन नियम अचानक झाड़कर बाहर निकाले और लागू किए गए। कुछ नए नियम नौकरी व हेल्थ सेक्टर को ध्यान में रखकर भी लागू किए। थूकने पर अपराध व सजा के 50 साल पुराने कानून व शादियों की अनुमति के नियमों में कुछ में बदलाव करके लागू किए हैं। धारा 144 के भी मायने ही बदल गए। इस धारा ने तो सबसे लंबे वक्त अब तक 45 दिन तक रहने का इतिहास बना दिया। इसमें सबसे तगड़ा होकर उभरा सन 1897 का पुराना डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट यानी आपदा प्रबंधन कानून। डिजास्टर मैनेजमेंट के इस प्रभाव को कानून के जानकार इसे कानून पर ओवरराइड इफैक्ट कहते हैं। दिलचस्प यह भी है कि डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट छत्तीसगढ़ तो क्या कभी सेंट्रल जोन में तूफान, आंधी, बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं को लेकर लागू नहीं हुआ। इस एक्ट के सेक्शन 61 को पहली दफे इसे इतनी कड़ाई से लागू किया गया वह भी लोगों को घर में कैद रखने के लिए। आपदा भी प्राकृतिक न होकर कृत्रिम वह भी अदृश्य है। इस एक्ट के तह तीन स्तर पर कमेटियां बनती हैं। और डीएम ही हेड होते हैं। समाज को एकजुट रहने का संदेश देने वाले देश में इस महामारी के चलते घरों, दुकानों सभी जगह सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराया जा रहा है। आजादी के बाद यह पहला मौका है जब केवल लॉ एंड आर्डर को काबू में रखने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली धारा 144 का उपयोग आज तक (44 दिन) तक अब तक के सबसे लंबे समय के लिए किया गया।करीब पांच दशक पहले तुलसी कांड, 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या, 1992-93 में बाबरी मस्जिद के ढहाए जाने के बाद भी इतने लंबे समय तक यह धारा प्रभावी नहीं रही। महत्वपूर्ण बात यह भी कि पहली दफे धारा 144 के उल्लंघन में थोक में 1605 एफआईआर हुईं। ज्वाइंट कलेक्टर यूएस अग्रवाल के अनुसार इंदिरा हत्या कांड व बावरी मस्जिद के समय भी अविभाजित मध्यप्रदेश में प्रमुख शहरों में एक महीने तक ही यह धारा प्रभावशील रही। इसे केवल आठ दिनों के लिए लगाया जा सकता है। फिर इसमें समय-समय पर एक्सटेंशन कर जिला प्रशासन अधिकतम 60 दिनों तक लागू कर सकता है। इसके बाद उसे राज्य शासन की अनुमति लेनी होगी।एक और खास बात यह कि धारा 144 के मायने चार या अधिक लोगों के एक स्थान पर जमा होने से रोकने को लिए हैं। यहां इसका उपयोग लोगों को घरों में कैद रखने के लिए किया गया। यानी अकेले-दुकेले को भी निकलने व घूमने की मनाही। धर्मगुरु तो यहां तक कहते हैं किसी भी युग में शादियों और अंतिम संस्कार को लेकर सख्ती नहीं की गई जो इस कलयुग में देखने को मिल रही है। सभी धर्मों के त्योहार और धार्मिक संस्कार कोरोना की भेंट चढ़ गए।थूकने पर प्रतिबंध और डाक्टरों पर हमलाकोरोना के चलते सार्वजनिक स्थलों पर थूकने पर बैन लगाया है। हालांकि यह कानून 50 साल पहले से ही बना था। इसके बाद नया मंत्रालय ने डिजास्टर मैनेजमेंट एक की धारा 51 में इसका प्रावधान किया। थूकने को अपराध माना और ऐसा करते पाए जाने पर छह महीने की सजा का प्रावधान किया। इसका पालन करना और करवाना है दोनों ने ही इसे गंभीरता से नहीं लिया। कोरोना ने 16 अप्रैल 2020 से इसका सख्ती से पालन करवा दिया। डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट में यह ताकत है कि वह किसी भी गतिविधि को रोक या लागू कर सकता है। आजादी के बाद पहली दफे डाक्टरों पर हमले पर सजा का कानून का उपयोग हुआ। शादी-अंतिम संस्कार भी सरकारी अनुमति सेप्रशासन 144 का उपयोग शादियों और अंतिम संस्कार में भी कर रहा है। वर्तमान में शादियां भी पहली बार सरकार की मर्जी से हो रही है। शादियों के लिए अनुमित व मुहूर्त की तारीख तहसीलदार दे रहे हैं। कैपिटल डिस्ट्रिक्ट में करीब 40 लोगों को अनुमति दी जा चुकी है। जबकि दर्जनभर के आवेदनों पर विचार हो रहा है। शादियों में दुल्हा-दुल्हन समेत दस से अधिक लोगों के विवाह में शामिल होने की अनुमित नहीं दी जा रही है। लोग अपने परिजनों के अंतिम संस्कार में शामिल होने शहर के बाहर नहीं जा पा रहे हैं। रिश्तेदारों ने या परिवार की लड़कियों ने बेटों की जगह चिता को मुखाग्नि दी। विशेष बात यह कि अब भी कई अस्थियां इलाहाबाद या अन्य धार्मिक शहरों में ही विसर्जन के लिए रोककर रखी हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 100-year-old disaster management law implemented in the state, laws like banning spitting are also implemented for the first time. Full Article
0 ओले-बारिश से सब्जी की 500 एकड़ बाड़ियां बर्बाद, 2 करोड़ का नुकसान By Published On :: Sun, 03 May 2020 01:24:55 GMT किसानों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। कुछ दिनों पहले जहां सब्जी को बस्तर जिले को छोड़ अन्य जिलों में नहीं भेजने से परेशान किसान लोगों को मुफ्त में सब्जी बांट रहे थे वहीं एक पखवाड़े में हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि के कारण फसल बर्बाद होने से किसानों को दोहरी मार का सामना करना पड़ रहा है।लॉकडाउन के बीच बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने जिले के सब्जी उत्पादक किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी है। इस प्राकृतिक विपदा के कारण जिले में 250 हेक्टेयर यानि करीब 500 एकड़ रकबे में ली गई फसल बरबाद हो गई। इससे किसानों को 2 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।किसानों को नुकसान से राहत देने के लिए बार-बार मिल रही शिकायत के बाद उद्यानिकी विभाग की टीम ने फसल क्षति का आंकलन कर लिया है और इसकी रिपोर्ट इसकी रिपोर्ट संचालनालय को भेज दी है। किसानों को कब तक राहत मिलेगी। इस संबंध में अफसर कुछ नहीं बता रहे हैं । उद्यानिकी विभाग के उपसंचालक अजय कुशवाहा ने कहा कि यह बात सही है कि जिस समय किसानों को अपनी उपज बेचने का सबसे अच्छा मौका था उस समय हुई बारिश और ओलावृष्टि ने कई किसानों की फसलों को नष्ट कर दिया है। किसान अब बड़े पैमाने पर नुकसान होने से परेशान हैं।6 हजार हेक्टयेर में की गई थी खेतीजिले के किसान पिछले कुछ सालों से सब्जियों की खेती बड़े पैमाने पर कर रहे हैं। इस साल भी किसानों ने 6 हजार हेक्टेयर में खेती की थी। इसमें सबसे अधिक नुकसान मिर्च, बरबट्टी, लौकी, पपीता, बैगन और गोभी की फसलों को हआ है। बस्तर किसान कल्याण संघ के कोषाध्यक्ष रमेश चावड़ा ने कहा कि सब्जियों की खेती करने में किसानों को काफी पैसा खर्च करना पड़ता है। इस साल सब्जी उत्पादक किसानों को बड़े पैमाने पर नुकसान हआ है। केवल ओला और बारिश के चलते करीब दो करोड़ रूपए का नुकसान बस्तर के किसानों को हुआ है।बस्तर-बकांवड ब्लॉक में सबसे अधिक नुकसानतेज बारिश और ओले के चलते सबसे अधिक नुकसान बस्तर और बकावंड ब्लाक के किसानों को हुआ है। किसान कल्याण संघ और उद्यानिकी विभाग से मिली जानकारी के मुताबकि जहां बस्तर ब्लाक में करीब 80 एकड़ तो वहीं बकावंड ब्लाक में यह रकबा बढ़कर 350 एकड़ है। जबकि तोकापाल ब्लाक में यह रकबा 40 और जगदलपुर में करीब 30 एकड़ की फसल को नुकसान हुआ है।इन ब्लॉक के इन गांवों में को ज्यादा नुकसानबकावंडराजनगर, कौड़ावंड, बकावंड, सतलावंड, ओडि़यापाल, बोरीगांव, सोनपुर, नरावंड, डिमरापाल, सौतपुर, चिखलकमरी, मंगलनार।जगदलपुरबालीकोंटा, तितिरगांव, घाटपदमूर, कालीपुर।बस्तरसालेमेटा 1, पखनाकोंगेरा, खंडसरा।तोकापालकोएपाल, केशलूर, रायकोट, पलवा बारूपाट, आरापुर, डोगरी गुड़ा, बड़ेमारेंगा, तेली मारेंगा, कलेपाल, सिंगनपुर और डिमरापाल। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 500 acres of vegetable fence destroyed due to hailstorm, loss of 2 crores Full Article
0 रायपुर में फंसे झारखंड के 3000 मजदूरों और लोगों की आज होगी वापसी By Published On :: Sun, 03 May 2020 01:29:30 GMT राजधानी में फंसे झारखंड के श्रमिकों, यात्रियों और लोगों की वापसी 3 मई को होगी। यहां फंसे झारखंड के लोगों की वापसी के लिए वहां के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सरकार ने 150 से ज्यादा बसें रायपुर के लिए रवाना की है। इन सभी बसों को राधास्वामी सत्संग व्यास, ऑफिसर्स कॉलोनी के पास, कृषि महाविद्यालय के सामने धरमपुरा में एक-एक कर खड़ी की जाएंगी। इसकी जानकारीझारखंड में यातायात विभाग के सचिव रवि कुमार ने रायपुर कलेक्टर डॉ. एस भारतीदासन को चिट्ठी लिखकर दी है।जिले के नोडल अधिकारी एवं उपपंजीयक सहकारी समिति एनआरके चंद्रवंशी ने बताया कि झारखंड के श्रमिक, यात्री और नागरिक रविवार को निर्धारित स्थान में झारखंड जाने के लिए उपस्थित हो सकते हैं। प्रशासन के पास अभी झारखंड के करीब 2000 लोगों की सूची है जिन्हें लॉकडाउन के दौरान हर तरह की मदद दी गई थी। लेकिन वापसी की खबर फैलने के बाद माना जा रहा है 1000 से ज्यादा लोग और तय समय पर वहां पहुंचेंगे। इनके फोन आने भी शुरू हो गए हैं। रविवार को सुबह से ही इन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। कागजी दस्तावेजों में समय लगने पर माना जा रहा है कि बसें दोपहर 3 बजे के बाद ही रवाना हो पाएंगी। इस संबंध में किसी भी तरह की जानकारी के लिए नोडल अफसर चंद्रवंशी के मोबाइल नंबर (7987774020), झारखंड के नोडल अधिकारी नितांत कुमार सिंह (9472749978) और कुमार कौशमभ (7250818520) से संपर्क किया जा सकता है। प्रशासन की ओर से झारखंड के लोगों को किसी भी तरह की परेशानी न हो इसलिए जिला प्रशासन के अफसर भी वहां मौजूद रहेंगे। एक राज्य से दूसरे राज्य में लोगों को भेजा रहा है इसलिए इस काम की मॉनिटरिंग कलेक्टर खुद कर रहे हैं। उन्होंने अफसरों से कहा है कि वे हर समय की रिपोर्ट उन्हें देते रहे।लॉकडाउन में फंसे श्रमिकों की वापसी के लिए हेल्पलाइन नंबर जारीश्रम विभाग ने लॉकडाउन में फंसे छत्तीसगढ़ एवं अन्य राज्यों के श्रमिकों की घर वापसी और अन्य जरूरी सहायता के लिए हेल्प लाइन नंबर जारी किए गए हैं। स्टेट हेल्पलाइन नंबरों के लगातार व्यस्तता को देखते हुए वर्तमान 03 हेल्पलाइन नंबर को बढ़ाकर 7 कर दी गई है जो कि 30 लाइनों के साथ संचालित होगी। यह सभी नंबर सभी राज्यों के लिए उपलब्ध रहेगी। ये हेल्पलाइन नंबर 24 घंटे कार्यरत रहेंगे। छत्तीसगढ़ वापसी के लिए ट्रेन की मांग की गई है, ट्रेन की अनुमति मिलने पर चलायी जाएगी। श्रम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि हेल्पलाइन नंबर के अलावा राज्य वापसी के लिये इच्छुक व्यक्ति अथवा उनके रिश्तेदार के द्वारा छत्तीसगढ़ के संबंधित जिले के कलेक्टर कार्यालय में श्रमिकों, व्यक्तियों के पूर्ण नाम, पता, मोबाइल नंबर एवं आधार कार्ड इत्यादि के विवरण लिखित आवेदन कर सकते हैं। अनुमति प्राप्त होने पर, वे आ सकेंगे। हॉटस्पाट जिलों को छोड़कर अन्य जिलों से अपने स्वयं के साधन, व्यय से छत्तीसगढ़ आने वाले व्यक्तियों द्वारा अपनी पूर्ण विवरण के साथ वर्तमान में जहां हैं, वहां के जिला कलेक्टर कार्यालय से अनुमति लेकर आ सकेंगे। स्टेट हेल्पलाइन नंबर : 0771-2443809, 91098-49992, 75878-21800, 75878-22800, 96858-50444, 91092-83986, 88277-73986 ये जारी किए गए है।हेल्पलाइन नंबर के काम नहीं करने की शिकायतइधर हेल्पलाइन नंबर पर कॉल रिसीव नहीं करने की शिकायतें भी आ रही हैं। अलग- अलग हिस्सों से लगातार लोग छत्तीसगढ़ वापसी के लिए संपर्क कर रहे हैं। महासमुंद के 40 मजदूर यूपी के अमेठी में फंसे हैं। मजदूर किरण बंजारे की मां की तबीयत खराब है। ठेकेदार ने पैसा नहीं दिया। इनकी शिकायत है कि राज्य सरकार द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर नहीं लग रहा है। ऐसे में ये अपनी बात कैसे पहुंचाएं? Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today तस्वीर दुर्ग संभाग के मजदूरों की है जो इन दिनों लखनऊ के गोमतीनगर के विराजखंड में है। Full Article
0 लॉकडाउन में प्रदूषण घटा, 10 साल में सबसे ठंडा रहा अप्रैल By Published On :: Sun, 03 May 2020 23:30:00 GMT इस साल मार्च के बाद से लॉकडाउन है। प्रदूषण कम है। शहर से निकले हाईवे से सैकड़ों ट्रक नहीं निकल रहे। उद्योग भी बंद हैं। यही कारण है कि बीते 10 साल में अप्रैल का महीना सबसे ठंडा रहा। केवल 2 दिन ही शहर का अधिकतम तापमान 40 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। इससे पहले 2010 में अप्रैल में अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया था। बाकी सालों में यह 42 से 43 डिग्री तक जाता रहा है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि प्रदूषण कम होने से पर्यावरण साफ हुआ हैं। इससे पर्यावरण में प्रदूषण का स्तर घटा। 2019 में अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था इस बार 40 डिग्री के पार नहीं जा सका।पिछले साल 42 तक पहुंच गया था पाराबीते साल से इस साल के तापमान के आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल के 28, 29 और 30 तक तापमान 40 या 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा था। स्थिति यह थी कि महीने में 3 से 4 बार तापमान 42 से 43 डिग्री तक दर्ज किया गया। इसके मुकाबले इस साल महज 2 दिन ही तापमान 40 डिग्री तक गया। बाकी के 26 दिन तापमान 35 से 37 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहा।कम गर्मी के ये 3 बड़े कारण अप्रैल में हर साल गर्म हवा राजस्थान की ओर से आनी शुरू हो जाती है। इस साल यह हवा नहीं आई। उद्योग बंद रहे। जमीन की गर्म तरंगों को रोकने वाले पार्टिकल एयरोसोल मौजूद नहीं है। इससे तापमान कम रहा। अप्रैल में लगातार समुद्री हवा सक्रिय रही। एक के बाद एक सिस्टम बने। बारिश से लगातार नमी बनी रही। इसकारण गर्मी का अहसास भी नहीं हुआ।एक्सपर्ट व्यू: उद्योग बंद, गाड़ियां कम चली, इसलिए तापमान कम पीजी कॉलेज के बॉटनी विभाग के प्रोफेसर डॉ. एनएस देहारी ने बताया कि तापमान कम हाेने की प्रमुख वजह प्रदूषण का स्तर कम हाेना है। ध्वनि और वायु प्रदूषण का स्तर दोनों में गिरावट आई है। बारिश भी हो रही है। उद्योगों के साथ माइंस गाडि़यां कम चल रही हैं। करीब 30 साल बाद अप्रैल महीने में पहली बार ऐसा देखने को मिला है।इस महीने बढ़ेगा तापमान, बारिश भीलालपुर रायपुर के मौसम वैज्ञानिक डॉ. हरिप्रसाद चंद्रा ने बताया कि मई में तापमान बढ़ने का अनुमान है। अभी अंडमान निकोबार में कम दबाव का क्षेत्र बना है। इससे मध्यभारत में नमी आएगी। इसकी वजह से कुछ समय बाद बारिश होने के साथ तेज आंधी चल सकती है। अगले हफ्ते अधिकांश समय बादल छाए रहेंगे। गरज-चमक के साथ बारिश होने के आसार भी हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
0 आंध्र, तेलगांना मिर्ची तोड़ने गए 180 मजदूर पहुंचे पामेड़ By Published On :: Sun, 03 May 2020 23:30:00 GMT कोरोना की सबसे ज्यादा किसी को मार लगी है तो वो मजदूर हैं । रविवार को भी जंगली रास्ते और पहाड़ी इलाकों से सैकड़ों किमी का पैदल सफर तय करके जिले के सैकड़ों मजदूर पामेड़ पहुंचे। ये सभी मजदूर आंध्र और तेलंगाना मिर्ची तोड़ने के लिए गए थे । लेकिन लंबे लॉकडाउन के बाद इनका सब्र टूट गया और ये पैदल ही चलकर यहां पहुंच गए । इनमें पेद्दाधर्मारम के 30,जीडपल्ली के 10 और कंचाल से 150 मजदूर पामेड़ के है। इन सभी को पामेड़ पोटाकेबिन में ठहराया गया है। इसकी जानकारी जिला पंचायत उपाध्यक्ष कमलेश कारम ने दी है।कारम ने बताया कि 180 मजदूरों के पामेड़ पहुंचने की सूचना मिली है। इन सभी मजदूरों का चेकअप स्वास्थ्य विभाग द्वारा किया जा रहा है। मुझे सूचना मिली है कि अभी तक 40 मजदूरों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है। किसी भी मजदूर में अभी तक सर्दी, खांसी और बुखार के लक्षण नहीं मिले है। जिन मजदूरो का स्वास्थ्य परीक्षण करने के बाद सामान्य रिपोर्ट आ रही है उन्हें छोड़ा जा रहा है और कल बाकी जो बचें मजदूर है उनका भी स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। जिनमें भी कोरोना के लक्षण मिलेंगे उन्हें वही रखा जाएगा। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 180 workers in Andhra, Telangana chilli went to Palmade Full Article
0 घरेलू सिलेंडर 80 रुपए सस्ता, 50 हजार लोगों को लाभ By Published On :: Sun, 03 May 2020 23:30:00 GMT लॉकडाउन की अवधि में रसोई गैस के उपभोक्ताओं को पेट्रोलियम कंपनियों ने राहत दी है। महंगाई बढ़ने की आशंका को तोड़ते हुए कंपनियों ने घरेलू और व्यावसायिक सिलेंडर के दामों में कमी कर दी है। पिछले महीने तक जहां 14.2 किग्रा का एक घरेलू गैस सिलेंडर लोगों को 771 रुपए में मिल रहा था तो वहीं अब यह591 रुपए मिलेगा।इसके अलावा 19 किग्रा का व्यावसायिक सिलेंडर व्यापारियों को 1324 रुपए की जगह 1073 रुपए में मिलेगा। गैस सिलेंडर के दामों में हुई कमी का फायदा जहां 51 हजार लोगों को मिलेगा तो वहीं करीब 150 व्यापारी इसका लाभ उठाएंगे। सांई एचपी गैस एजेंसी के संचालक मुरली कश्यप ने बताया सिलेंडर के दाम में हुई कमी का फायदा उज्ज्वला योजना कनेक्शनधारियोंको नहीं मिलेगा।यह केवल सामान्य कनेक्शनधारियों को मिलेगा। कश्यप ने कहा कि रेट कम होने के चलते आने वाले दिनों में बुकिंग ज्यादा होने की संभावना जताई जा रही है इसे देखते हुए सिलेंडरमंगाया जा रहा है।10 हजार 950 लोगों के खाते में अप्रैल की राशि नहीं हुई जमाजिले में उज्ज्वला योजना के कनेक्शनधारियों की संख्या 1 लाख 19 हजार है। योजना के तहत तीन महीने का पैसा लोगों के खाते में जमा हो, इसके लिए लोगों को उनके खातों को अपडेट कराने के लिए कहा गया था लेकिन मुफ्त का सिलेंडर लेने के लिए लोगों ने इस नियम को नहीं माना और इसमें लापरवाही बरती। नतीजा यह रहा कि 10 हजार 950 लोगों के खाते में गैस सिलेंडर लेने के लिए जमा की जाने वाली पहली किस्त जमा नहीं हो पाई।771 की जगह अब आएंगे 590 रुपए खाते मेंगैस सिलेंडर का दाम कम होने से उज्ज्वला योजना के कनेक्शनधारियों के खाते में मई महीने के लिए कम पैसे जमा होंगे। गैस एजेंसी संचालकों ने बताया कि अप्रैल में उज्ज्वला योजना कनेक्शनधारियों के खाते में 771 रुपए केंद्र सरकार ने जमा किए थे। जबकि मई में यह घटकर 591 रुपए जमा होगें।इस राशि से उन्हें एक माह के अंदर रिफलिंग करानी होगी। 31 मई तक रिफलिंग कराते हैं तो अगली व अंतिम किस्त जून में आएगी नहीं कराने पर अंतिम किस्त खाते में नहीं आएगी।उज्ज्वला के 65 हजार 226 हितग्राहियोंने नहीं लिया मुफ्त का सिलेंडरगरीब परिवार जिन्होंने उज्ज्वला योजना का कनेक्शन लिया है उन्हें केंद्र सरकार तीन महीने मुफ्त में गैस सिलेंडर दे रही है। लेकिन केंद्र सरकार की इस योजना का लाभ बस्तर जिले के गरीब परिवार नहीं ले रहे हैं। केंद्र सरकार ने इस जिले के 1 लाख 8 हजार 80 गैस कनेक्शनधारियों के खाते में पैसे जमा किए और कहा कि समय पर इस पैसे का उपयोग नहीं करने से उन्हें अगले महीने योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा। केंद्र सरकार द्वारा जारी इस नियम को लेकर गैस एजेंसी संचालकों ने लोगों को समझाइश देने के साथ ही प्रोत्साहित भी किया, लेकिन लोगों ने एक नहीं सुनी और मुफ्त का सिलेंडर लेने आगे नहीं आए। उज्ज्वला योजना के नोडल अधिकारी सुनील दास ने बताया कि बस्तर जिले में 65 हजार 226 लोगों ने मुफ्त का पहला सिलेंडर नहीं लिया जिसके चलते उनके खाते में इस महीने का पैसा जमा नहीं होगा। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
0 जंगल के रास्ते मध्यप्रदेश-झारखंड जा रहे 40 मजदूरों को उसूर में रोका By Published On :: Sun, 03 May 2020 23:30:00 GMT तेलंगाना के मंगूर स्थित पावर प्लांट में काम करने वाले मध्यप्रदेश और झारखंड के 40 मजदूर जंगल के रास्ते रविवार को पैदल चलकर जिले के उसूर तक पहुंचे। 500 किमी पैदल चलकर पहुंचे इन ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर इन्हें पोटाकेबिन में रखा गया है।मजदूरों ने बताया कि काम की तलाश में मंगूर गए थे। अचानक लॉकडाउन लग गया। लगभग डेढ़ माह से बिना कोई काम के वहीं फंसे रहे। इस दौरान वहां भूखे रहकर दिन काटना पड़ रहा था। डेढ़ माह से स्थिति खराब होने के बाद मंगूर से निकल पड़े और 3 दिन तक पैदल चलकर गोदावरी नदी से होते हुए जंगल के रास्ते रविवार की सुबह 10 बजे उसूर पहुंचे। सभी मजदूर को स्थानीय प्रशासन व पुलिस ने रोककर पोटाकेबिन केआश्रम में रुकवाया।उसूर थाना प्रभारी ने बताया कि सभी को आश्रम में रखा गया है। इसके साथ ही मजदूरों को खाना पीना भी दिया गया है। प्रशासन के अनुमति के बाद उन्हें भेजने की व्यवस्था की जाएगी। बीएमओ मनीष उपाध्याय ने बताया कि सभी मजदूर की जांच कर फीवर, सर्दी, खांसी व बुखार का परीक्षण किया गया है। इन सभी को कोई बीमारी नहीं है सभी नार्मल है। कलेक्टर के डी कुंजाम ने कहा कि जो मजदूर एमपी और झारखंड से पहुंचे है उन सबका सर्दी, खांसी और बुखार की जांच की गई है ।सभी में किसी प्रकार का कोई भी लक्षण नहीं मिला है। एक दो दिन में झारखंड की बस आएगी उसके बाद उनको झारखंड भेज दिया जाएगा। वहीं एमपी सरकार से भी बात करने की कोशिश की जा रही है जैसे ही उनसे बात होती है एमपी के मजदूरों को भी भेजने का प्रबंध किया जाएगा। तब तक वो उसूर पोटाकेबिन में ही रहेंगे। उन्होंने कहा कि पवार प्लांट में काम करने झारखंड के 21 व मध्यप्रदेश के 19 मजदूर तेलंगानाके मंगूर गए थे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today बीजापुर. मंगूर से पहुंचे मजदूरों की जांच करते स्वास्थ्यकर्मी Full Article
0 धूल-धुआं कम हुआ तो अस्थमा के 80 हजार मरीजों को मिली राहत By Published On :: Sun, 03 May 2020 23:30:00 GMT लॉकडाउन के चलते बीते 40 दिनों से बंदी है। इसके कारण न तो गाड़ियां चल रही हैं और न ही उद्योगों में काम हो रहा है। ऐसे में वातावरण साफ होने से अस्थमा के मरीजों को राहत मिली है। बस्तर जिले में अस्थमा से पीड़ित तकरीबन 80 हजार मरीज हैं। इन मरीजों को नियमित रूप से दवा की जरूरत होती है। इसके साथ ही धूल, धुएं और ऐसे ही महीन कण, जिनसे एलर्जी की समस्या होती है, उनसे बचना जरूरी होता है। इन दिनों लॉकडाउन के चलते जहां धूल-धुंए से शहर को राहत मिली है, वहीं इससे बड़ी राहत अस्थमा के मरीजों को मिली है। बताया जाता है कि इस मौसम में अस्थमा के मरीजों को खासी परेशानी होती है और अक्सर उनकी तबीयत बिगड़ती है, लेकिन लॉकडाउन के दरम्यान अस्पताल में इक्का-दुक्का मामलों में अस्थमा के मरीज तबीयत खराब होने के कारण पहुंचे। डॉक्टर बताते हैं कि अगर वातावरण ऐसा ही बना रहा तो अस्थमा पर नियंत्रण पाया जा सकेगा।लोग घरों में बैठे, न धूल न धुएं की जद में आ रहे: दरअसल हवा में धूल का प्रतिशत 0.025 से 0.05 प्रतिशत होना चाहिए लेकिन इस मौसम में पिछले साल जहां धूल का प्रतिशत 0.9 पीपीएम तक पहुंच गया था, वहीं इस बार लॉकडाउन के कारण फिर से ये प्रतिशत सामान्य स्थिति में आ गया है। यही कारण है कि अस्थमा के मरीजों को बहुत ज्यादा परेशानी नहीं हो रही है। दूसरी तरफ लोग अपने घरों में ही मौजूद हैं, ऐसे में एलर्जी के कारण अपने आप ही खत्म हो गए हैं।ये हैं अस्थमा के लक्षण बलगम वाली खांसी या सूखी खांसी। सीने में जकड़न जैसा महसूस होना। सांस लेने में कठिनाई। सांस लेते समय घरघराहट की आवाज आना। रात में या सुबह के समय सांस लेने में ज्यादा तकलीफ होना। व्यायाम के दौरान तबीयत का बिगड़ना। जोर-जोर से सांस लेना, जिससे थकान महसूस होना।धूल से होने वाली एलर्जी बढ़ाती है परेशानीमेकॉज के मेडिसिन विभाग के सहप्राध्यापक डॉ. नवीन दुल्हानी बताते हैं कि अस्थमा फेफड़ों की बीमारी है, जिसमें सांस लेने में तकलीफ होती है। अस्थमा से श्वसनलियां एलर्जी के कारण सिकुड़ जाती हैं, जिससे मरीज को सांस लेने में तकलीफ होती है। ऐसे में सांस लेने पर आवाज आना, सीने में जकड़न, खांसी होती है। लक्षणों के आधार अस्थमा के दो प्रकार, बाहरी और आंतरिक होते हैं। बाहरी अस्थमा बाहरी एलर्जी पैदा करने वाले, जो पराग, जानवरों, धूल जैसे पदार्थों के कारण होता है, जबकि आंतरिक अस्थमा कुछ रासायनिक तत्वों के श्वसन तंत्र में दाखिल होने से होता है, जिसमें सिगरेट का धुआं, पेंट, वेपर्स, परफ्यूम शामिल हैं। अधिकांश मरीज बाहरी अस्थमा से पीड़ित पाए जा रहे हैं।कोरोना है वायरल संक्रमण तो अस्थमा है फेफड़े की बीमारी, इसलिए मरीज घबराएं नहींडॉ. दुल्हानी ने बताया कि कोरोना वायरस के संक्रमण और अस्थमा दोनों अलग हैं। हालांकि दोनों ही बीमारियों में सांस लेने में दिक्कत होती है, लेकिन कोविड-19 वायरस के संक्रमण से होता है, जबकि अस्थमा फेफड़े की बीमारी है। इसका मुख्य कारण एलर्जी होती है, लेकिन कोविड-19 वायरल संक्रमण होने के चलते ये शरीर में दाखिल होने के बाद बीमारी पैदा करना शुरू कर देता है। इसलिए मरीजों को ये जानना बेहद जरूरी है कि कोरोना और अस्थमा में बड़ा अंतर है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
0 लॉकडाउन 2.0 के अंतिम दिन दुर्ग-कवर्धा में मिले 14 मरीज By Published On :: Sun, 03 May 2020 23:40:00 GMT लाॅकडाउन 2.0 खुलने से ठीक पहले, रविवार की शाम दुर्ग में 8 और कवर्धा में 6 मजदूरों के कोरोना पाॅजिटिव निकलने से प्रदेश में खलबली मच गई है। जो लोग पाॅजिटिव निकले हैं, सभी दूसरे प्रदेशों में मजदूरी करने गए थे और वहां से लौटने के बाद से क्वारेंटाइन थे। इन्हें मिलाकर प्रदेश में कोरोना मरीजों की संख्या 59 हो गई है। इसमें एक्टिव केस 21 हैं, बाकी स्वस्थ होकर अस्पताल से डिस्चार्ज हो चुके हैं।एम्स में हुई जांच में रविवार को देर शाम कोरोना के 14 नए मरीज मिलने की पुष्टि हुई है। नियमित रूप से चल रही जांच में दुर्ग और कवर्धा के मजदूरों के सैंपल पाॅजिटिव निकले। शनिवार को दुर्ग जिले के 85 सैंपल और कवर्धा के 33 सैंपल की जांच बची थी। उसी में से ये मरीज निकले हैं। प्रारंभिक जानकारी के आधार पर कवर्धा में मिले मरीज महाराष्ट्र से आए प्रवासी हैं। इनमें 4 पुरुष व 2 महिलाएं हैं, जबकि दुर्ग जिले के सभी केस प्रवासी पुरुष मजदूर हैैं। इन सभी संक्रमितों को देर रात एम्स में भर्ती किया गया है।कवर्धा प्रदेश का अब वो नया जिला है, जहां पहली बार कोरोना केस मिले हैं। जबकि दुर्ग में इससे पहले एक पेशेंट मिला था, जो ठीक हो चुका है। पहले लॉकडाउन के बाद से दुर्ग जिले में अब तक सोलह सौ से ज्यादा सैंपल जांचे गए हैं। इनमें से पंद्रह सौ से ज्यादा निगेटिव रहे हैं। कवर्धा में इस दौरान लिए गए डेढ़ सौ से ज्यादा सैंपलों में करीब 140 निगेटिव पाए गए थे।जरूरी काम से निकलने पर जुर्माना नहीं: डीजीपीडीजीपी डीएम अवस्थी ने सभी एसपी को निर्देश दिए हैं कि जो लोग जरूरी सामान के लिए आना-जाना कर रहे हैं, उनसे जुर्माने की कार्रवाई स्थगित कर दी जाए। डीजीपी ने कहा है कि पहले से ही लोग लॉकडाउन के कारण परेशान हैं, उनसे जुर्माना वसूलना ठीक नहीं है। उन्हीं प्रकरणों में चालानी कार्रवाई की जाए जो उद्दंड और अनावश्यक घूमते हुए पाए जाते हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today रायपुर|कोरोना वारियर्स का सम्मान करने के लिए रविवार की सुबह वायुसेना के हेलिकॉप्टर ने एम्स अस्पताल के डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के ऊपर फूलों की बारिश की। इस दौरान लोगों ने एम्स के डॉक्टराें व स्टॉफ के सम्मान में तालियां भी बजाई। Full Article
0 राजधानी में पीलिया के मरीज 700 पार, 24 नए मरीज मिले By Published On :: Mon, 04 May 2020 23:30:00 GMT राजधानी में पीलिया मरीजों की संख्या सोमवार को 24 नए मरीज मिलने के साथ ही 700 के पार पहुंच गई है। इनमें ज्यादातर पीड़ित हीरापुर, तेलीबांधा और आमापारा इलाके के हैं। इन इलाकों में अब तक दर्जनों मरीज सामने आ चुके हैं। निगम प्रशासन लीकेज पाइप लाइन बदलने का काम भी कर रहा है। इसके बावजूद पीलिया अब तक पूरी तरह से कंट्रोल में नहीं आया है। दो की लोगों की मौत भी हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग एक महीने में 2749 संदिग्धों की जांच कर चुका है। पीलिया प्रभावित इलाकों की पहचान करने के साथ वहां ऐसे स्पाॅट भी तलाश किए जा चुके हैं, जहां से लीकेज था। उसी लीकेज से बैक्टीरिया नल के पानी में घुलकर पहुंच रहा था। इन स्पाॅट पर पाइप लाइन बदली जा चुकी है।इसके बावजूद रोज नए मरीज सामने आ रहे हैं। इसके कारणों का पता लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के अफसर मंथन कर रहे हैं, लेकिन अब तक वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। राजधानी में पिछले 30 दिनों से पीलिया का प्रकोप फैला है। सोमवार तक स्थिति इतनी बिगड़ चुकी है कि अब तक 719 लोग इससे पीड़ित हो गए। 76 मरीजों का अस्पतालों मंे इलाज चल रहा है। इनमें से 36 सरकारी तथा 40 निजी अस्पतालों में भर्ती है। स्वास्थ्य विभाग और निगम की टीम ने प्रभावित इलाके में एक-एक घर दस्तक देकर परिवार के हर सदस्य के स्वास्थ्य के संबंध में जानकारी ली। निगम के अफसरों का कहना है कि जांच के दौरान यह पता चला कि एक परिवार में एक-दो लोगों में पीलिया पाया गया, जबकि बाकी सदस्य स्वस्थ हैं। इससे यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि आखिर पीलिया किस वजह से फैल रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अफसर डा. अखिलेश त्रिपाठी ने कहा कि रोग प्रतिरोधक क्षमता हर किसी की अलग-अलग होती है। इसीलिए सभी को पीलिया होना आवश्यक नहीं। खासकर छोटे बच्चों, गर्भवतियों और बुजुर्गों में पीलिया संक्रमित होने का खतरा ज्यादा रहता है। बिलिरुबीन का स्तर बढ़ना और हैपेटाइटिस-ई व अन्य हैपेटाइटिस पाजिटिव दूषित पानी, पानी में बैक्टीरिया तथा खराब खाने की वजह से होता है। राजधानी में ज्यादातर जगहों पर नल की सप्लाई लाइन नालियों व नालों के ऊपर से है। ऐसे में लीकेज होने पर नाले का गंदा पानी घरों में पहुंचने लगता है। पीलिया फैलने की सबसे प्रमुख वजह यही मानी जा रही है। मेयर ढेबर ने ली बैठकमेयर एजाज ढेबर ने सोमवार को निगम स्वास्थ्य विभाग, जल विभाग के अफसरों की बैठक लेकर शुद्ध पानी की सप्लाई और पीलिया नियंत्रण के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहर में जहां-जहां पाइप लाइन को नाले और नालियों से अलग करने का काम बाकी है वहां जल्द पूरा किया जाए। मेयर ने अफसरों से यह भी कहा कि बारिश से पहले नालों की सफाई पूरी कर ली जाए। नालों में जलभराव होने पर पानी घरों तक पहुंचता है। इससे भी कई तरह की बीमारियां फैलने का खतरा रहता है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
0 रायपुर में 10 दिन बाद मिला पाॅजिटिव, वह 50 घरों में गया था, शहर का 7वां केस By Published On :: Mon, 04 May 2020 23:30:00 GMT राजधानी रायपुर के आमानाका इलाके की एक बस्ती में रहने वाले कूलर मैकेनिक में कोरोना पाॅजिटिव निकल गया है। उसके सैंपल की जांच के बाद एम्स ने इसकी पुष्टि की है। रायपुर में यह कोरोना का 7वां केस प्रदेश में 63वां संक्रमित है। युवक को एम्स में भर्ती किया जा रहा है, जहां मरीजों की संख्या 22 हो जाएगी। इधर, बस्तर में रैपिड किट से हुई जांच में कोरोना के तीन नए केस मिले हैं। इन्हें देर रात मेडिकल कॉलेज जगदलपुर लाया गया है। एडवांस टेस्ट के लिए इनके सैंपल लिए गए हैं। पीसीआर जांच के बाद ही कोरोना वायरस होने की पुष्टि हो सकेगी।वहीं मैकेनिक के कोरोना पाॅजिटिव निकलने के बाद प्रशासन की चिंता इसलिए बढ़ी है,क्योंकि वह पिछले 15 दिन में लगभग 50 लोगों के यहां कूलर सुधारने गया था। सभी के नाम-पते लेकर संपर्क करने की कवायद शुरू कर दी गई, ताकि उनका स्वास्थ्य जांचा जाए और जरूरत पड़ने पर सैंपल लिया जाए। आमानाका इलाके की जिस बस्ती में 24 साल का यह युवक रहता है, उसका कुछ हिस्सा सील कर दिया गया है। उसकी अब तक कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है, अर्थात महीनों से वह रायपुर में ही है, कहीं आया-गया नहीं। यहां तक कि उसके परिवार के लोग भी कहीं नहीं गए हैं। डाॅक्टरों का अनुमान है कि वह अपने काम के सिलसिले में ही किसी संक्रमित के संपर्क में आया होगा। उसके घरवालों के भी सैंपल लिए गए हैं, जिनकी जांच रिपोर्ट मंगलवार को आएगी। दूसरी ओर कटघोरा में 16 अप्रैल के बाद कोई नया केस नहीं आया है। वहां के मरीज 4 अप्रैल से भर्ती होना शुरू हुए और सभी 27 की छुट्टी हो चुकी है। अंतिम दो मरीज 30 अप्रैल को डिस्चार्ज किए गए। अब सूरजपुर के 6, दुर्ग के 8, कवर्धा के 6 और रायपुर के दो मरीजों का इलाज एम्स में चल रहा है। बैकुंठपुर कोरिया में भी कोरोना के दो मरीज मिले थे, पर दोनों सैंपल देकर झारखंड चले गए थे। एम्स के डायरेक्टर डॉ. नितिन एम नागरकर ने बताया कि युवक को भर्ती करने की प्रक्रिया चल रही है।दूसरे राज्यों से आए हैंकलेक्टर डॉ. अय्याज तंबोली ने बताया बताया कि कोंडागांव जिले के कोरमेल में पिछले 8 मार्च को एक व्यक्ति बिहार से आया था। वह क्वॉरेंटाइन में भी था, जबकि दूसरा अहमदाबाद से लौटा है। तीसरी महिला बिहार से आने वाले व्यक्ति की रिश्तेदार है। रैपिड किट से टेस्ट में तीनों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। पुष्टि के बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Found positive after 10 days in Raipur, he went to 50 houses, 7th case of the city Full Article
0 237.70 लाख की वसूली अटकी, पालिका की आर्थिक स्थिति कमजोर By Published On :: Mon, 04 May 2020 23:30:00 GMT नगर में साफ-सफाई, जल प्रदाय, बिजली आदि की व्यवस्था और सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए नगर पालिका प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है, लेकिन पालिका अपनी राजस्व अाय के लिए करों की वसूली में बहुत पीछे चल रही है। चुनावी वातावरण के कारण साल 2019 के आखिरी और साल 2020 के शुरुआती महीनों में राजस्व वसूली में शिथिलता रही, इसके बाद इस कोरोना संक्रमण काल में लॉकडाउन की विषम परिस्थिति के चलते कर वसूली स्थगित है। इसके चलते 237.70 लाख की कर वसूली नहीं हो पाई है। वित्तीय वर्ष 2019-20 समाप्त हो चुका है। केवल इसी एक साल का पालिका को 290.35 लाख रुपए करों के रूप में वसूलने थे, जिसका 63.22 प्रतिशत यानी 183.57 लाख रुपए की ही वसूली हो पाई है। वहीं इस वित्तीय वर्ष के पूर्व का 177.55 लाख रुपए बकाया वसूलना था, जिसका मात्र 26.26 प्रतिशत यानी 46.63 लाख की ही वसूली हो पाई है। यदि दोनों को जोड़कर देखा जाए तो पालिका को कुल 467.90 लाख रुपए करों के रूप में वसूल करने थे, जिसमें मात्र 230.20 लाख रुपए यानी 49.20 प्रतिशत ही वसूल किया जा सका है। कर वसूली के लक्ष्य का 50 प्रतिशत भी हासिल नहीं हो पाया है। साथ पिछले कई महीनों से पालिका की राजस्व आय प्रभावित है। ऐसे में पालिका की आर्थिक स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। नगर पालिका अध्यक्ष प्रकाश चंद्राकर का कहना है कि पालिका की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। सभी जरूरी कार्य के लिए सामान की खरीदी भी क्रेडिट में की जा रही है। चूंकि आम जनता के लिए भी हालात अभी कठिन हैं, शासन ने नगरीय निकायों में संपत्ति कर अदा करने की अंतिम तिथि 15 मई तक बढ़ा दी है। पालिका को वित्तीय वर्ष 2019-20 का 70.89 लाख संपत्ति कर वसूलना है। वहीं 57.11 लाख रुपए संपत्ति कर का पूर्व बकाया है। दोनों को मिलाकर पालिका को संपत्ति कर की मांग 128 लाख रुपए है। जबकि वसूली 40.62 प्रतिशत ही हो पाई है।सबसे ज्यादा जल शुल्क की राशि बकायानगर पालिका को संपत्ति कर, समेकित कर, जल शुल्क, दुकानों के किराए व अन्य मदों से आय होती है। इसमें सबसे ज्यादा आय जल शुल्क से होती है और सबसे ज्यादा बकाया भी जल शुल्क का ही है। वित्तीय वर्ष 2019-20 में 110.50 लाख रुपए जल शुल्क होता है, वहीं पहले का 70.11 लाख रुपए का जल शुल्क बकाया है। यानी 180.61 लाख रुपए जल शुल्क की कुल मांग है। वसूली की स्थिति देखें तो सबसे ज्यादा जल शुल्क वसूल किया गया है, फिर भी चालू वर्ष की मांग की 50.48 प्रतिशत ही वसूली हुई है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
0 पौने दो लाख में से 90 हजार ने नहीं कराई गैस रीफिलिंग By Published On :: Mon, 04 May 2020 23:30:00 GMT उज्जवला गैस कनेक्शनधारियों को अप्रैल, मई व जून महीने तक गैस रिफिलिंग का नि:शुल्क लाभ लेना है तो उन्हें उसके खाते में केंद्र सरकार द्वारा जमा किए गए रुपए से गैस भराना ही होगा। जिन कनेक्शनधारियों ने अभी तक अप्रैल में रिफिलिंग नहीं कराया है, उनके लिए एक सप्ताह का और समय है। वह 10 मई तक अप्रैल में आए रुपए को निकालकर रिफिलिंग करा सकते हैं। इसके बाद उन्हें मई और जून की रिफिलिंग राशि मिलेगी। अभी भी जिले में 90 हजार उज्जवला के कनेक्शनधारी रिफिलिंग नहीं कराए हैं, जबकि उनके खाते में राशि है। 50 प्रतिशत लोगों ने ही इस योजना का लाभ उठाया है।इंडियन ऑयल के एरिया मैनेज सुनील कुमार का कहना है कि बुकिंग जारी है। लोग धीरे-धीरे करा रहे हैं। 50 प्रतिशत रिफिलिंग हो चुकी है। अभी उनके लिए समय है। वे एक सप्ताह के भीतर रिफिलिंग करा लेते है, तो उन्हें आगे योजना का लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि जिन लोगों ने अप्रैल में रिफिलिंग कराई है, उनके खातों में कुछ दिन बाद फिर मई महीने की राशि जमा होगी। जिले में उज्जवला गैस कनेक्शन के एक लाख 76386 कनेक्शनधारी हैं। योजना की शुरुआत के पूर्व केवल 5 से 10 प्रतिशत रिफिलिंग होती है। सिलेंडर के दाम बढ़ते ही उज्जवला कनेक्शनधारियों का मोह गैस सिलेंडर से भंग हो गया है। मंहगाई के बाद से उन्होंने रिफिलिंग कराना छोड़ दिया था।महिलाओं के खातों में जमा हुए 21 करोड़ रुपएजनधन योजना के तहत केंद्र सरकार ने फेज-2 में जिले के महिला हितग्राहियों के खाते में 21 करोड़ रुपए ट्रांसफर कर दिया है। मंगलवार से इसका वितरण शुरू होगा। इसके लिए सभी बैंकरों ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली है। लॉकडाउन के मद्देनजर केंद्रीय वित्त मंत्री के निर्देश के बाद मई में दूसरे फेज के तहत हितग्राहियों के खाते में जमा हो गई है। लीड बैंक अधिकारी ने बताया कि गरीब कल्याण योजना के तहत केंद्र सरकार से 500 रुपए सीधे खाते में जमा कर रही है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
0 50 शादी की अनुमति दी गई पर शर्तों का करना होगा पालन By Published On :: Mon, 04 May 2020 23:30:00 GMT शादी की घड़ी आ गई है, लेकिन प्रशासन से परमिशन नहीं मिल पाया है, अगर परमिशन नहीं मिला तो क्या होगा? इस चिंता में सोमवार को बड़ी संख्या में लोग शादी की अनुमति के लिए सुबह से एसडीएम कार्यालय पहुंच गए थे। इंतजार करते शाम हो गई। रोज-रोज आने और भूखे-प्यासे रहते हुए खाली हाथ जाने से पहले ही परेशान लोगों का धैर्य जवाब देने लगा, क्योंकि किसी के घर बारात आने में 24 घंटे भी बाकी नहीं, किसी के घर से बारात निकलनी है।इसकी जानकारी लोगों ने पूर्व विधायक डॉ विमल चोपड़ा को दी। वे कुछ लोगों के निवेदन पर एसडीएम और कलेक्टर से इस विषय में बात कर चुके थे। उन्होंने एसडीएम से दोबारा बात करने के लिए फोन लगाया तो उन्होंने रिसीव नहीं किया। इस पर पूर्व विधायक डॉ चोपड़ा एसडीएम कार्यालय पहुंच गए और वहां उनके नहीं मिलने पर जिले के प्रभारी मंत्री कवासी लखमा से फोन पर बात की। इसके कुछ देर बाद एसडीएम अपने कार्यालय पहुंचे। पूर्व विधायक ने उनसे चर्चा की। इसके बाद जितने भी आवेदन पेंडिंग थे, उन पर निर्धारित शर्तों के साथ शादी की अनुमति जारी की गई।किसी की बेटी की शादी, किसी के बेटे की सब काम छोड़कर पहले परमिशन की चिंता मोरधा से आए दामजी साहू ने बताया कि उसकी बेटी की शादी है। 6 मई को बारात आने वाली है। ग्राम सिंघी के गोपीराम साहू ने बताया कि 6 मई तो भतीजे की बारात जाएगी। ग्राम मुर्की के टीकम नारंग ने बताया 6 मई को बहन की बारात आने वाली है। छिलपावन के नरसिंग पटेल ने बताया 5 मई को बारात आने वाली है, भतीजी की शादी है। खड़सा के बिसन नेताम स्वयं की शादी के लिए परमिशन लेने पहुंचे थे, उन्होंने बताया 6 मई को शादी है। भलेसर के संतोष सिन्हा के घर 6 मई को बारात आएगी। बम्हनी के नारायण साहू ने बताया कि 5 मई को बेटे की बारात जाएगी और 6 मई को बेटी का पाणिग्रहण होगा। सिंघरूपाली के अंजोर सिंह निषाद और सोरम के मन्नू यादव के घर से 6 मई को बारात निकलनी है। इन लोगों ने बताया वे परमिशन के लिए कई दिनों से आ रहे। शनिवार को दिनभर बैठे रहे। सोमवार को पूरा दिन लग गया।अनुमति के लिए 9174495587 पर वाट्सएप से भेजें ये जानकारी पुत्री के विवाह के लिए - आवेदक का आधार कार्ड, शादी में उपस्थित होने वाले 4 व्यक्तियों के नाम। पुत्र के विवाह के लिए - आवेदक का आधार कार्ड, गाड़ी आरसी की फोटोकॉपी, शादी में शामिल होने वाले 4 व्यक्तियों के नाम50 से अधिक आवेदन थे पेंडिंग : शादियों के तमाम मुहूर्त लॉकडाउन की कड़ी बंदिशों के बीच निकल गए, अब 5 और 6 मई को मुहुर्त है। इन मुहूर्तों पर बड़ी संख्या में शादियां तय हो चुकी हैं, लेकिन शादी के लिए प्रशासन की अनुमति जरूरी है। एसडीएम कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार सोमवार को ही करीब 11 आवेदन आए, इसके पहले करीब 40 आवेदन आ चुके थे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 50 marriages allowed but conditions must be followed Full Article
0 आखिरी अंक 0-1 वाले खातों में आए 500 By Published On :: Mon, 04 May 2020 23:30:00 GMT प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत खुले महिलाओं के खातों में केंद्र सरकार ने तीन महीने तक 500-500 रुपए देने का निर्णय किया है। पहले महीने का पैसा अप्रैल में आया था, इसे निकालने सभी बैंकों में भीड़ लगी थी। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो पा रहा था। पुलिस को व्यवस्था संभालनी पड़ी। अब मई महीने का पैसा भी सोमवार से खाते में आना शुरू हो गया।अप्रैल महीने में बैंकों में पहुंच रहे लोगों को खाता संख्या के अनुसार पैसा दिया गया था। इस महीने भी इसी प्रकार दिया जाएगा। 4 मई को केवल उन्हीं खातों के रुपए निकाले जाएंगे जिनके आखरी अंक 0 और 1 हैं। इनके खाते में रुपए आ गए। यदि इनके अलावा अन्य अंक वाले पैसे लेने आएंगे तो उन्हें रुपए नहीं दिए जाएंगे। ग्रामीण बैंक, सहकारी बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा के शाखाओं में अप्रैल में ज्यादा भीड़ लगी थी, इन बैंकों के अलावा अन्य बैंकों ने भी यह सुविधा भी शुरू कर दी है।20 प्रतिशत लोग ही कर रहे एटीएम का उपयोगयोजना के तहत खुले खाते में एटीएम की सुविधा भी दी गई है लेकिन लोग इसका उपयोग नहीं कर रहे। बैंकों से मिली जानकारी के अनुसार सिर्फ 20 प्रतिशत लोग ही एटीएम का उपयोग कर रहे हैं, 80 प्रतिशत बैंकों के बाहर कतार लगाकर रुपए निकाल रहे। बैंकों के नंबर का भी उपयोग भी नहीं कर पा रहे। इसका कारण अधिकतर महिलाओं के खाते मोबाइल से लिंक नहीं हैं या उन्हें मोबाइल चलाना नहीं आता। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 500 in the last numbered 0-1 accounts Full Article
0 डेढ़ माह में टली 500 शादियां By Published On :: Mon, 04 May 2020 23:30:00 GMT कोरोना संक्रमण रोकने के लिए किए गए लॉकडाउन को 40 दिन हो गए हैं। इससे जिले में होने वाली करीब 500 से अधिक शादियां टल गई। शादी का मौसम निकलने से किराया भंडार, लाइट, डीजे, केटरिंग सहित इससे जुड़े व्यवसायियों के सामने आर्थिक संकट आ गया है। सोमवार को किराया किराया भंडार व्यवसायी संघ, डीजे एसोसिएशन ने अपनी मांगों के संबंध में जिला प्रशासन, निगम कमिश्नर और महापौर को ज्ञापन दिया। श्रम विभाग से राहत दिलाने की मांग की।किराना भंडार व्यवसायी संघ के अध्यक्ष महावीर मिश्रा, संरक्षक मोती लुनिया ने कहा कि व्यवसाय सामाजिक, धार्मिक, राजनीतिक, शादी समारोह के कार्यक्रम से जुड़ा है। लॉकडाउन के कारण व्यवसाय पूरी तरह ठप है। अक्षय तृतीया में हर साल करीब 500 शादियां जिले में होती थी, जो इस बार स्थगित हो गईं। किराया भंडार व्यवसायियों को करीब 10 करोड़ का नुकसान हुआ है। किराया भंडार से डीजे, लाइट, फूल व्यापारी, केटरिंग सहित अन्य व्यवसाय जुड़ा है। करीब 8 हजार लोग इस व्यवसाय से जुड़कर काम कर रहे है। मजदूरों को श्रम विभाग द्वारा आर्थिक मदद दी जाए। साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते सामान लगाने की अनुमति दी जाए।मई और जून के भी आर्डर रद्द: सचिव: संघ के सचिव टीकम देवांगन ने बताया कि विवाह समारोह के लिए टेंट और कैटरर्स के ऑर्डर रद्द कर दिए गए हैं। आगे दिए भी नहीं हैं। इस कारण टेंट व्यवसायी सबसे ज्यादा परेशान हैं। शहर में 50 से अधिक टेंट व्यवसायी हैं। इन्होंने ऑर्डर मिलने के बाद मजदूरों को भी रख लिया था। कईयों को पेमेंट भी कर दिया है। ऐसे में इनका नुकसान हो रहा है। टेंट व्यवसायी आगे शादी की तारीख तय होने पर ऑर्डर देने का आग्रह कर रहे हैं। इस साल मई और जून के सारे ऑर्डर रद्द कर दिए गए हैं।मई में 10 व जून में 6 मुहूर्त है, लेकिन लोग विवाह की नई तारीख तय करने से बच रहे हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 500 marriages postponed in a month and a half Full Article
0 नगरी में 80 किमी/घंटे की गति से चली आंधी, टीन शेड-पंडाल उड़े By Published On :: Mon, 04 May 2020 23:30:00 GMT मई के 4 दिन बीत गए लेकिन अब तक मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव के कारण पारा 40 डिग्री से ऊपर नहीं चढ़ रहा है। रविवार को नगरी ब्लॉक में देर-शाम को तेज आंधी के साथ हल्की बारिश हुई। बिरग़ुड़ी बस स्टैंड के पास टीन शेड, पुलिस का अस्थायी पंडालउखड़कर उड़ गया।सोमवार को दिनभर तेज धूप के बाद शाम को 30 किमी/घंटे की रफ्तार से हवा चली। हवा, बारिश के साथ खेतों में तैयार फसल को नुकसान होने की चिंता किसानों को सता रही है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में ओलावृष्टि, अंधड़ के साथ तेज बारिश की चेतावनी दी है।घर और होटल का टीन शेड उखड़ा नगरी ब्लॉक के बिरगुड़ी में रविवार को शाम करीब 5 बजे तेज आंधी चली। बिजली खंबे सहित करीब दर्जनभर पेड़ टूट गए। बस स्टैंड स्थिति एक होटल, घर का टीन शेड उड़ गया। सिहावा के पास लगाए नाकेबंदी पॉइंट का पंडाल भी उखड़ गया। देर-रात को बारिश हुई। सोमवार को क्षेत्र में तेज हवा चली। हल्की बूंदाबांदी भी हुई।दोपहर तक तेज धूप शाम को छाए रहे बादलसोमवार को मौसम में उतार-चढ़ाव दिनभर चला। सुबह से दोपहर तक तेज धूप के कारण दिन का अधिकतम तापमान 39 डिग्री रहा। यह पिछले 48 घंटे की अपेक्षा 2 डिग्री ज्यादा है। रात का तापमान भी 2 डिग्री बढ़कर 25 डिग्री पर पहुंच गया है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Storm blowing at a speed of 80 km / h in the city, Teen shed-pandal flew Full Article
0 24.5 करोड़ की कांकेर जल आवर्धन योजना हुई लेट, अब 20 मई को हो सकता है ट्रायल By Published On :: Mon, 04 May 2020 23:30:00 GMT 24 करोड़ 50 लाख रुपए की लागत से शहरवासियों के लिए अप्रैल महीने से शुरू होने वाले जल आवर्धन योजना पर कोरोना का असर पड़ गया है। जूझ लॉकडाउन के कारण यह एक बार फिर लेट हो गया। योजना के तहत कुछ काम बचे थे, लेकिन लॉकडाउन के कारण बंद हो गया था। अब पीएचई विभाग ने फिर से काम शुरू कर दिया है। विभाग के अधिकारी 20 मई से पानी के लिए ट्रायल शुरू करने की बात कह रहे हैं।दरअसल 24.5 करोड़ वाले कांकेर जल आवर्धन योजना की स्वीकृति 2013 में मिली थी। इसका काम 2016 में शुरू हुआ था। 2018 तक काम पूरा हो जाना था, लेकिन अभी तक काम पूरा हो जाना था। इस साल अभी तक की स्थिति में काम पूर्णता की ओर है। ग्राम दसपुर के जल शुध्दिकरण संयंत्र व बागोड़ के इनटेक में कुछ काम शेष है। यह काम अप्रैल तक पूरा करना था, लेकिन लॉकडाउन की वजह से 22 मार्च से काम बंद हो गया। पीएचई विभाग के अनुसार अब फिर से कुछ दिनों से जल शुध्दिकरण संयंत्र के भवन में फिनिशिंग का काम शुरू हो गया है। जल शुध्दिकरण संयंत्र में फिल्टर मशीन नहीं पहुंचा है, जो भंडारा से पहुंचेगा। इसके भी सप्ताह भर में पहुंच जाने की उम्मीद है। अभी जल शुध्दिकरण संयंत्र में ट्रांसफॉर्मर पहुंच चुका है और जिसके लिए फाउंडेशन खड़ा हो गया है, जिसे लगाने की तैयारी चल रही है। साथ ही इनटेक वेल में काम किया जा रहा है। जहां पंप डालने का काम शेष है। बिजली विभाग से हाई टेंशन तार नहीं लगाया गया है,जिसका काम शेष है। पीएचई विभाग 20 मई को जल सप्लाई के लिए ट्रायल करने की तैयारी कर रहा है। प्रति व्यक्ति 135 लीटर मिलेगा पानीशहर में महानदी से जल सप्लाई होने पर प्रति व्यक्ति 135 लीटर प्रति व्यक्ति पानी मिल पाएगा। इसमें शहर में 39 किलोमीटर का पाइपलाइन बिछाया गया है। इसका काम पूर्ण हो चुका है। जल वितरण प्रणाली पाइप लाइन में लागत 6 करोड़ 50 लाख रूपया का है। बागोड़ के महानदी में इनटेक 2 करोड़ 32 लाख रूपया का बनाया गया है। जल शुध्दिकरण संयंत्र 4 करोड़ 32 लाख रूपया का बनाया गया है। बागोड़ के महानदी से पानी दसपुर में बने जल शुध्दिकरण संयत्र में आएगा। जहां से पानी का शुध्दिकरण होगा। वहीं रॉ-वाटर में लागत 2 करोड़ 46 लाख रूपया है। शहर में चार टंकी नया बस स्टैंड, मुक्तिधाम, अलबेलापारा, श्रीराम नगर वार्ड में बनाई गई है। यहां पर दसपुर से शुध्द पानी जमा होगा। फिर शहर में पाइप लाइन से लोगों के घर में पानी पहुंचेगा। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Kanker water magnification scheme of 24.5 crore late, now trial on May 20 Full Article
0 27 रुपए का मिट्टी तेल 40 में बेचा, शिकायत के बाद नोटिस By Published On :: Mon, 04 May 2020 23:30:00 GMT ग्राम पंचायत भिंगीड़ार के उचित मूल्य दुकान संचालक द्वारा 27 रुपए का मिटटी तेल हितग्राहियों को 40 रुपए की दर से बेचा जा रहा है। जब इसकी जानकारी हितग्राहियों को लगी तो हितग्राहियों ने विक्रेता से इस संबंध में बात की।विक्रेता ने हितग्राहियों को अधिकारियों को खर्चा देने की बात कहते हुए अधिक राशि लेना बताया। इसके बाद हितग्राहियों ने इसकी शिकायत पखांजूर एसडीएम से करते हुए दुकान संचालक पर कार्रवाई की मांग की है। ग्राम भिंगीडार में उचित मूल्य की दुकान का संचालन ग्राम पंचायत द्वारा किया जाता है। समस्त राशन कार्डधारियों को मिट्टी तेल 40 रुपए लीटर की दर से बेचा जा रहा है। जबकि शासन द्वारा मिटटी तेल का मूल्य 27 रूपए निर्धारित किया गया है। ग्रामीण भुवन मंडल, नरोत्तम मंडल, हिरदास सरदार, हरिचांद बघेल, प्रताप जैन आदि ने बताया सेल्समैन द्वारा न सिर्फ मिट्टी तेल का अधिक रेट लिया जाता है, साथ ही तौल में कम सामान दिया जाता है।कार्रवाई की प्रक्रिया शुरूखाद्य निरीक्षक पखांजूर जतिन देवांगन ने बताया कि दुकानदार ने मिट्टी तेल 40 की दर में बेचा है। उसे नोटिस जारी कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
0 160 में से 60 की रिपोर्ट आई, सभी निगेटिव By Published On :: Mon, 04 May 2020 23:30:00 GMT कोविड-19 के फैलाव से अभी भी ये जिला अप्रभावित है। जबकि यह जिला सीधे तेलंगाना और महाराष्ट्र की सीमा से जुड़ा है। अभी तक जिले में एक भी पाॅजिटिव केस सामने नहीं आए हैं। इधर बाॅर्डर पर बसे तारलागुड़ा और तिमेड़ पर प्रशासन ने शुरू से ही लोगों की आवाजाही पर सख्ती बरती हुई है। सूत्रों की मानें तो अब तक इस जिले में सात हजार से भी अधिक लोग महाराष्ट्र और तेलंगाना से आ चुके हैं और इनमें से आधे लोगों का 28 दिनों की क्वारेंटाइन की अवधि भी खत्म हो चुकी है। इनमें से तो करीब 2800 लोग केवल बीजापुर ब्लाॅक में ही हैं। हर ब्लाॅक में बीएमओ कार्यालय में कंट्रोल रूम बनाया गया है। इस रूम में हमेशा तीन से चार लोग रहते हैं और वे क्वारेंटाइन में रखे गए लोगाें, सरपंच, सचिव, मितानिन आदि से संपर्क में रहते हैं। बताया गया है कि जिले से अब तक मेकाज जगदलपुर में करीब 160 सैंपल भेजे गए थे। इनमें से 60 सैंपल की रिपोर्ट आ गई है सभी निगेटिव पाए गए हैं बाकी रिपोर्ट आना बाकी है।आश्रम में ठहराए गए हैं 90 लोग : जिले में इस समय सबसे संवेदनशील ब्लाॅक भोपालपटनम को माना गया है। क्योंकि इससे दो राज्यों की सीमा छूती हैं। बताया गया है कि हैदराबाद से 21 अप्रैल को पैदल निकले कालाहांडी व ओडिशा के 21 मजदूर शनिवार को भोपालपटनम पहुंचे। इन्हें बालक छात्रावास में रुकवाया गया है। इन लोगों के समेत मध्यप्रदेश के करीब 90 श्रमिकों को यहां रखा गया है। प्रशासन की ओर से इनके राशन की व्यवस्था की गई है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Reported 60 out of 160, all negative Full Article
0 अब तक 1700 मोबाइल पर आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करा चुके स्वयंसेवी By Published On :: Tue, 05 May 2020 00:46:00 GMT कोरोना वायरस के इस संकट काल में लोगों को सुरक्षित रहने व आसपास के लोगों को भी सुरक्षित रखने के उद्देश्य से लांच किए गए आरोग्य सेतु एप डाउनलोड कराए जा रहे हैं। एनएसएस यानी राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवी इस दिशा में कार्य कर रहे हैं। वे विशेष तौर पर जारी आरोग्य सेतु एप मोबाइल में डाउनलोड करा रहे हैं और अब तक 1700 मोबाइल पर उन्होंने इस एप को डाउनलोड कराया है।एनएसएस के बेमेतरा व कबीरधाम जिला संगठक डॉ. केएस परिहार ने बताया कि बेमेतरा और कबीरधाम दोनों ही जिलों में स्वयंसेवी इस दिशा में कार्य कर रहे हैं। जिला बेमेतरा के महाविद्यालय की कार्य करने वाली इकाई में से लक्ष्मण प्रसाद वैद्य, शासकीय कन्या कॉलेज बेमेतरा में डॉ. विनिता गौतम की अगुवाई में 67, कबीरधाम जिले के 5 कॉलेज में से शास. स्नातकोत्तर कॉलेज कवर्धा में मुकेश कामले की अगुवाई में 368, प्रेमा कुमारी कुजूर की अगुवाई में शा.गजानन माधव मुक्तिबोध महा. सहसपुर लोहारा में 193, मंजूदेवी कोचे की अगुवाई में शास. स्ना. कॉलेज कवर्धा (महिला इकाई) ने 164, राजेश कुमार पाठक की अगुवाई में शास. स्वामी विवेकानंद महा. बोडला से 76 व शास. राजमाता विजया राजे सिंधिया कन्या महाविद्यालय कवर्धा से 28 मोबाइल पर इस एप को डाउनलोड कराया गया है।स्कूल की सात इकाई ने भी डाउनलोड कराएकबीरधाम जिले के हायर सेकंडरी स्कूल की 7 इकाई ने भी इस दिशा में कार्य किया है। इनमें सुजीत कुमार गुप्ता की अगुवाई में शा. उ. मा. वि. राजानवांगांव से 161, अशोक कुमार गुप्ता की अगुवाई में शा.उ.मा.वि. बिरकोना से 20, केदार चंद्रवंशी की अगुवाई में शा.उ.मा.वि. खैरबनाकला से 9, घनश्याम शर्मा की अगुवाई में महावीर स्वामी उ.मा.वि.,बैजलपुर से 5, रमेश सिंह पोर्ते की अगुवाई में शा.उ.मा.वि. कुकदूर से 28, द्वारिका यादव की अगुवाई में शा.उ.मा.वि.,तरेगांव जंगल से 49, हेमधर साहू की अगुवाई में शा.उ.मा.वि दशरंगपुर से 213 मोबाइल समेत रासेयो के वरिष्ठ स्वयंसेवक तुकाराम साहू, दीपेश जोशी, पाल सिंह धुर्वे, परमानंद वर्मा, सनत पटेल, आशीष जोशी, राकेश कुमार साहू, दीपक सोनी ने भी 319 मोबाइल में एप डाउनलोड कराए हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
0 खरीफ फसल के लिए किसानों को 4600 करोड़ का कर्ज देगी सरकार By Published On :: Tue, 05 May 2020 00:57:03 GMT खरीफ सीजन के लिए किसानों को इस साल सरकार ने 46 सौ करोड़ का कर्ज देने का फैसला किया है। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि किसानों को अग्रिम रूप से खाद-बीज का उठाव करने के लिए प्रेरित किया जाए। मुख्यमंत्री ने खरीफ सीजन के लिए अल्पकालीन ऋण वितरण, खाद एवं बीज के भंडारण वितरण की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि खाद-बीज के अग्रिम उठाव से किसानों को ब्याज अनुदान का भी अधिक लाभ प्राप्त हो सकेगा तथा सीजन के समय में किसानों को दिक्कत नहीं होगी।सहकारिता मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने बताया कि इस साल 4600 करोड़ रूपए का ऋण वितरण लक्ष्य रखा गया है। अब तक राज्य के 61 हजार 700 किसानों को 215 करोड़ रूपए वितरित किया जा चुका है। राज्य के सहकारी बैंकों ने 15 लाख 3 हजार किसान क्रेडिट कार्ड जारी किया है। राज्य में अब तक भंडारित 3 लाख 63 हजार मीट्रिक टन खाद में से 33 हजार 343 टन किसानों वितरित कर दी गई है। अब तक विभिन्न प्रकार की फसलों के लिए 2 लाख 48 हजार 118 क्विंटल प्रमाणित बीज का भंडारण किया गया है। प्रमाणित बीज का वितरण भी किसानों को शुरू कर दिया गया है। अब तक 23 हजार 320 क्विंटल बीज का उठाव किसानों ने किया है। बैठक में मुख्यमंत्री के एसीएस सुब्रत साहू, सचिव सहकारिता प्रसन्ना आर.,एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।अब तक 21 हजार बोरा तेंदूपत्ता का संग्रहणराज्य में चालू सीजन के दौरान अब तक विभिन्न वनमंडलों में 20 हजार 569 मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संग्रहण हो चुका है। इसमें संग्राहकों को 8 करोड़ 23 लाख का पारिश्रमिक भुगतान योग्य है। अब तक कुल संग्राहित तेन्दूपत्ता में से वनमंडलवार सुकमा में 13 हजार 334 मानक बोरा, दंतेवाड़ा में एक हजार 584 मानक बोरा, जगदलपुर में दो हजार 670 मानक बोरा और गरियाबंद में दो हजार 980 मानक बोरा शामिल हैं। वन मंत्री मोहम्मद अकबर के मार्गदर्शन में राज्य में शासन के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए संग्राहकों द्वारा तेन्दूपत्ता संग्रहण का कार्य शुरू कर दिया गया है। वन मंत्री अकबर ने संग्रहण में तेन्दूपत्ता की अच्छी गुणवत्ता पर भी विशेष रूप से ध्यान रखने के लिए निर्देशित किया गया है। साथ ही उन्होंने यह भी निर्देश दिए हैं कि गड्डियों में पत्तियों की संख्या 48 से कम तथा 52 से अधिक नहीं होनी चाहिए। तेन्दूपत्ता संग्राहक वर्तमान में लॉकडाउन को ध्यान में रखते हुए संग्रहण के दौरान मास्क पहनकर तथा एक दूसरे से एक मीटर की दूरी रखकर संग्रहण का कार्य करें। संग्राहकों द्वारा संग्रहण पश्चात् हाथों को साबुन से अनिवार्य रूप से धोया जाए। साथ ही संग्रहित पत्ता फड़ पर देते समय भी मास्क अनिवार्य रूप से लगाया जाए। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Government will give loan of 4600 crores to farmers for kharif crop Full Article
0 दुकान खुलते ही 150 गांवों के लोग शराब लेने पहुंचे खरोरा By Published On :: Tue, 05 May 2020 01:18:00 GMT लॉकडाउन में छूट देने के बाद शराब दुकान खुलते ही लगभग 150 ग्रामों के मदिरा प्रेमी सैकड़ों की संख्या में नगर प्रवेश किए। अल सुबह से ही नगर स्थित शराब दुकान में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। शराब के लिए इस कदर की बेकरारी थी कि सुबह 5-6 बजे से काफी संख्या में मदिरा प्रेमी मदिरालय का पट खुलने का इंतजार करते नजर आए। शराब खरीदने के लिए लोगों की बेसब्री अौर अनुशासनहीनता ने प्रशासन की सारी तैयारियों को ध्वस्त कर दिया। खरोरा नगर निरीक्षक रमेश मरकाम अपने पुलिस जवानों के साथ मदिर प्रेमियों को नियंत्रित करने अौर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाने का प्रयास करते नजर आए। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार खरोरा अंग्रेजी शराब दुकान के मैनेजर शासकीय मूल्य से अधिक दर पर शराब बेचकर आज 45 हजार से अधिक रकम जमा किए हैं। वहीं देशी शराब दुकान 300 रुपए माइनस में रही।सरकार को खजाने की चिंता, छोटे दुकानदारों की नहींनगर के अधिकांश छोटे व्यवसायी बंधुओं में भी निराशा है। इनका शासन-प्रशासन से सीधा प्रश्न की है कि हमारे ऊपर इतना सख्ती क्यों? हमने कोरोना संक्रमण के चलते लॉकडाउन व शासन-प्रशासन के सभी निर्देश तथा आदेश का पालन किया। अपने आर्थिक हितों को दरकिनार कर जनहित अौर देशहित को सर्वोपरि माना। यथा संभव लॉकडाउन में प्रभावित हमारे निर्धन भाइयों के परिवार को आर्थिक मदद में सहभागिता निभाई और आवश्यकता पड़ने पर हम मदद के तत्पर रहेंगे। मगर अफसोस जनक पहलू यह की शासन को अपनी आर्थिक हानि की चिंता हो रही है। अवसर मिलते ही अपने आर्थिक उपार्जन के मुख्य स्रोत शराब दुकान खोलने में क्षण भर देर भी नहीं की पर हम छोटे व्यापारियों का क्या होगा? हमें कब राहत मिलेगी?कोचिया को दी गई 2 से 3 पेटी दारू: खरोरा नगर पंचायत क्षेत्र स्थित अंग्रेजी शराब दुकान 4 बजे तक से भी अधिक समय तक खुली रही। पिछले दरवाजे से कोचियों को 2 से 3 पेटी दारू सप्लाई की गई। अंग्रेजी शराब दुकान के मैनेजर द्वारा अवैध शराब विक्रय करने वाले कोचियों को दारू सुबह 8 बजे तक दारू उपलब्ध करवाई गई। अंग्रेजी शराब दुकान में अप्रैल में राज्य शासन द्वारा शराब का हर वित्तीय वर्ष में रेट बढ़ाया जाता है। उससे भी अधिक मूल्य पर शराब का विक्रय किया गया। खरोरा अंग्रेजी शराब दुकान से प्रति बोतल 40 से 50 पचास रुपए अधिक वसूला जा रहा है।लोगों को नशाखोरी में ढकेल रही सरकारनगर पंचायत, महिला समूह के निर्मला देवागंन, पुष्पा यादव, मधु निषाद, कांति सिन्हा, कल्पना मंडल सहित नगर की महिलाओं ने शराब दुकानें खोले जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शराब सदा महिलाओं के लिए अभिशाप रही है। शराब विक्रय शुरू किया जाना घरेलू हिंसा सहित अन्य असामाजिक कृत्यों को पुनः जन्म देगा। नशामुक्त राज्य निर्माण का एक अच्छा अवसर सरकार खोने को है। शराबबंदी से 40 दिनों में मदिरा प्रेमियों में शराबखोरी की लत से मुक्ति पाने की इच्छा शक्ति पैदा हो रही थी, मगर सरकार एकाएक शराब दुकान खोल कर उन्हें फिर नशाखोरी की दलदल मे ढकेल रही है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today People from 150 villages reached Kharora as soon as the shop opened Full Article
0 धार में पहली बार एक साथ 20 नए कोरोना संक्रमित, 9 की सेकंड रिपाेर्ट भी पाॅजिटिव, 39 निगेटिव अाने से कुछ राहत By Published On :: Tue, 05 May 2020 01:54:00 GMT साेमवार देर शाम काे आई रिपाेर्ट में जिले में 20 नए लाेगोंमें काेराेना संक्रमण की पुष्टि हुई है। धार में पहली बार इतनी संख्या में लोग एक साथ संक्रमित पाए गए हैं। 20 लोगों के पॉजिटिव आने से स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन में हड़कंप मच गया है। अब धार में पाॅजिटिव मरीजाें की संख्या अब 75 हाे गई है। इधर नाै लाेगाें की दूसरी रिपाेर्ट भी पाॅजिटिव पाई गई हैं। इसमें काेराेना काे हराकर ठीक हाे चुकी निजी अस्पताल की स्टाफ नर्स के भाई सहित पीथमपुर की महिला भी शामिल है। 39 लाेगाें की रिपाेर्ट निगेटिव अाने से थाेड़ी राहत है।नए संक्रमित मरीजाें में धार की पट्ठा चाैपाटी के पांच, कुक्षी का एक, जिले के डेहरी भगरू चाैपाटी के 14 मरीज शामिल हैं। इधर साेमवार काे दाेपहर में जिला अस्पताल पहुंची एक वृद्धा की माैत हाे गई। उसका सैंपल लिया गया था। पुलिस अभिरक्षा में उसकाे नगर पालिका के माध्यम से कब्रिस्तान में दफनाया गया।साेमवार काे 12 से 28 अप्रैल के बीच लिए गए सैंपल की रिपाेर्ट आई। ये सभी लाेग लंबे समय से रिपाेर्ट आने का इंतजार कर रहे थे। इनमें एक पाॅजिटिव मरीज की दूसरी रिपाेर्ट निगेटिव आई है। यदि उसकी तीसरी रिपाेर्ट भी निगेटिव आती है ताे उसे डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। पांच लाेगाें काे इनवेलिड माना गया है यानी उनके सैंपल काे मशीन ने स्वीकार नहीं किया। सिविल सर्जन डाॅ. अनिल वर्मा का कहना है कि यदि ऐसे लाेग 14 दिन से क्वारेंटाइन में हैं और उन्हें किसी प्रकार के लक्षण नहीं हैं ताे वे सामान्य माने जाएंगे, उनका रिसैंपल लेने की जरूरत नहीं रहेगी। गाैरतलब है कि साेमवार की रात में आई रिपाेर्ट में 20 लाेग संक्रमित पाए गए, जबकि पीथमपुर की रामरतन पटेल कॉलोनी की महिला की सेकंड रिपाेर्ट पाॅजिटिव आई है।महाजन अस्पताल के आइसाेलेशन सेंटर से काेराेना की जंग जीत कर ठीक हुए नाै साल के बालक राज काे साेमवार काे डिस्चार्ज कर दिया गया। उसे गुलदस्ता और गिफ्ट देकर तालियां बजाकर उसका स्वागत किया। राज इस बीच अपनी मां काे देखता रहा। एक क्षण के लिए मां भी अपने बेटे काे कई दिनाें बाद देखकर कुछ नहीं बाेल पाई। हालांकि उसकी मां अाैर दाेनाें बहनाें की रिपाेर्ट भी रविवार काे निगेटिव एई है। इसलिए उसे मां के साथ एंबुलेंस से मनावर भेजा गया। अस्पताल के बाहर राज की मां रेखाबाई ने बताया कि हम काफी समय से इंदाैर चले गए हैं। बच्चे वहीं पर पढ़ते हैं। सास-ससुर ने कहा था कि गांव आ जाओ यहां परेशानी हैं इसलिए आगए थे। बाद में गांव वालाें ने हमें घुसने नहीं दिया। मनावर से धार और धार से मनावर ही करते रहे। इसी दाैरान मेरे बेटे काे काेराेना हुआ। राज ने वी का चिन्ह दिखाया।जिन मजदूराें काे गुजरात छाेड़ा, उनमें दाे पाॅजिटिव आए, बस चालक काे क्वारेंटाइन कियाजिला महामारी नियंत्रण अधिकारी डाॅ. संजय भंडारी ने बताया कुछ दिन पहले धार से प्रशासन ने गुजरात के मजदूराें काे बस से दाहाेद पहुंचाया था। लेकिन वहां से जानकारी आई है कि इनमें से दाे मजदूर पाॅजिटिव पाए गए हैं, हालांकि वे गुजरात में ही गिने जाएंगे। इसके बाद हमने धार की गुलमाेहर काॅलाेनी के बस चालक और क्लीनर की जानकारी निकाली, चालक देवास में था, उसे धार बुलाकर जांच के बाद क्वारेंटाइन कर दिया है। दाेनाें हाईरिस्क में थे।रिपोर्ट आई नहीं और स्टाफ नर्स और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियोंकाे डिस्चार्ज कर हाेम क्वारेंटाइन कियाजिला अस्पताल की स्टाॅफ नर्साें और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियाें काे रिपाेर्ट दिए बगैर ही क्वारेंटाइन सेंटर से डिस्चार्ज कर हाेम क्वारेंटाइन कर दिया है। इन स्टाॅफ नर्स और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियाें में कुछ काे गले में खराश व खांसी की शिकायत है। रिपाेर्ट नहीं आने से इन कर्मचारियाें में काेराेना काे लेकर संशय बना हुआ है। रिपाेर्ट नहीं आने की बात से समस्त स्टाॅफ नर्स व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियाें ने पत्र के माध्यम से उच्चाधिकारियाें काे अवगत भी कराया है। फिलहाल काेई जवाब नहीं मिला है। जिला अस्पताल से सफाई दराेगा के काेराेना पाॅजिटिव निकलने के बाद एसएनसीयू वार्ड की स्टाॅफ नर्स व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों(50 से अधिक) के सैंपल लेकर भेजे गए थे। उनमें करीब 25 कर्मचारियाें की रिपाेर्ट आना बाकी है।तीन दिन में आना था रिपोर्ट, 17 दिन बाद भी नहीं आई 18 अप्रैल काे सैंपल भेजे गए थे। नियमानुसार तीन दिन में रिपाेर्ट आ जाना चाहिए थी, लेकिन अब तक रिपाेर्ट नहीं आई। 17 दिन हो गए पर रिपाेर्ट नहीं आने से चिंता और बढ़ गई है। नाम न छापने की शर्त पर नर्साें ने बताया कि हम शहर की एक पाॅश एरिया में किराए के मकान में रहती हैं। हाेम क्वारेंटाइन हाेने से वे घर से बाहर नहीं निकल पा रही हैं। सामान भी नहीं ला पा रहे हैं। एक अन्य नर्स का कहना है कि वे जब क्वारेंटाइन सेंटर से डिस्चार्ज हाेकर पहुंची ताे मकान मालिक ने पहले रिपाेर्ट मांगी। मकान मालिक बार-बार रिपाेर्ट काे लेकर पूछते रहते हैं।ऑक्सीजन का लेवल कम था, रैफर न करने पर अड़े रहे परिजनसिविल सर्जन डाॅ. अनिल वर्मा ने बताया कि साेमवार दाेपहर में गुलमाेहन काॅलाेनी की 65 साल की महिला काे परिजन लेकर आए थे। उन्हें सांस लेने में परेशानी थी। पहले से अस्थमा था। ऑक्सीजन लेवल बहुत कम था। इसलिए इंदाैर रैफर किया था। एंबुलेंस के साथ अन्य सभी सुविधा भी थी, लेकिन परिजन न ले जाने पर अड़े रहे। बाद में दम ताेड़ दिया, हालांकि उसका सैंपल लिया गया था। उसकाे पुलिस अभिरक्षा में धार के कब्रिस्तान में दफनाया गया।पति के बाद बावड़ीपुरा की महिला की दाे दिन पहले इंदाैर में माैतनालछा ब्लाॅक के बावड़ीपुरा 50 साल की महिला अाैर उसके पति काे जिला अस्पताल मंे भर्ती कराया गया था। लेकिन पति मगन की जिला अस्पताल में माैत हाे गई थी। उसकाे कोरोना संदिग्ध माना गया था। जिला अस्पताल में उसका सैंपल भी लिया गया था इसलिए प्रशासन द्वारा पुलिस अभिरक्षा में उसका अंतिम संस्कार कराया गया था। उसकी पत्नी काे इंदाैर भेजा गया था, जहां दाे दिन पहले इलाज के दौरान उसकी माैत हाे गई। इंदाैर प्रशासन ने वहीं पर अंतिम संस्कार कराया। डाॅ. वर्मा का कहना है कि अभी तक दाेनाें की रिपाेर्ट नहीं अाई है। बावड़ीपुरा में परिजन हाेम क्वारेंटाइन में हैं।डाॅ. अनिल वर्मा, सिविल सर्जन, धारने कहा -लापरवाही नहींजिनकाे हाेम क्वारेंटाइन किया गया है, उन्हें जल्द काम पर बुलाया जाएगा। गले में खराब एलर्जीक है, काेराेना वाले लक्षण नहीं है। रिपाेर्ट के बारे में कुछ नहीं कह सकते। यह शासन स्तर का काम है लापरवाही जैसी बात नहीं है।शैलेंद्र साेलंकी, अपर कलेक्टर, जिला धार ने कहाआईसीएमआर की गाइडलाइन के अनुसार हाेम क्वारेंटाइन हुए कर्मचारियाें काे काम करने की छूट है। इनमें कुछ शर्ते हैं जिनका पालन उन्हें करना हाेगा। इसकी कार्रवाई सीएमएचओ ही कर सकते हैं।डाॅ. आरसी पनिका, सीएमएचओ ने कहानर्साें की रिपाेर्ट के बारे में मैं कुछ नहीं बता सकता, आप सिविल सर्जन से इस संबंध में जानकारी लें। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today For the first time in Dhar, 20 new corona infected simultaneously, 9 second report is also positive, some relief from 39 negative eyes Full Article
0 रायपुर से 450 श्रमिक लौटे झारखंड, यूपी, दिल्ली, हरियाणा के रहने वालों की भी जानकारी जुटा रहा प्रशासन By Published On :: Tue, 05 May 2020 08:56:33 GMT रायपुर जिले में फंसे झारखंड के रहने वाले ऐसे मजदूरअब घर लौट रहे हैं। करीब 450 लोगों को बस से झारखंड के लिए रवाना किया गया। झारखंड के 8 जिलों सराईकेला, बोकारो, खुटी,हजारीबाग,धनबाद,रामगढ़, सराईकेला, लातेहार और गिरीडीह के लिए 18 बस लोगों को लेने पहुंचीं। यह बस झारखंड का प्रशासन ही भेज रहा है। जैसे-जैसे बस आ रही हैं, लोगों को रवाना किया जा रहा है। जिस जिले की बस आ रही है, सिर्फ उसी जिले के लोगों को भेजा जा रहा है। रायपुर के राधा स्वामी सत्संग आश्रम को पिकआप प्वॉइंट बनाया गया है।झारखंड के करीब 13 सौ श्रमिकों ने अपना पंजीयन कराया है। इन्हें आश्रम में ही रखा गया है। कलेक्टर एस भारती दासन ने यहां की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। कलेक्टर ने यहां जिला प्रशासन द्वारा की गई रजिस्ट्रेशन, भोजन, स्वल्पाहार पानी, छाया, लाइट, पंखे, शौचालय, आराम करने आदि की व्यवस्था का जायजा लिया। अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ के जिस जिले में झारखंड के श्रमिक और नागरिक वर्तमान में फंसे हुए हैं, वेवहां के जिला प्रशासन से सम्पर्क कर रजिस्ट्रेशन का कार्य करवा सकते हैं।अन्य राज्यों के लोगों का जुटा रहे डाटाछत्तीसगढ शासन के श्रम विभाग ने श्रमिकों की सहायता के लिए सात हेल्पलाइन नम्बर जारी किया है। ये नम्बर हैं-0771-2443809, 91098-49992, 75878-21800, 75878-22800, 96858-50444, 91092-83986 और 88277-73986 है। सुबह 9 बजे से शाम के 7 बजे तक उत्तर प्रदेश के लिए 75878-21800 और 96858-50444 दिल्ली और हरियाणा के लिए 74772-13986, बिहार के लिए 88199-53807 तथा पश्चिम बंगाल एवं उत्तर पूर्वी राज्यों के लिए 83494-68006 नंबर पर संकर्प किया जा सकता है। आगामी दिनों इन राज्यों से लोगों को भी वापस भेजा जाएगा। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today तस्वीर रायपुर के राधा स्वामी आश्रम कैंपस की है, यहां मेडिकल जांच के बाद मजदूरों को भेजने की प्रक्रिया की जा रही है। Full Article
0 महिलाओं ने उखाड़ी शराब दुकान की बैरीकेड, 6 लोगों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा और बलवा जैसी 10 धाराओं में केस दर्ज By Published On :: Tue, 05 May 2020 14:40:23 GMT शहर के रावाभाटा इलाके की शराब दुकान मंगलवार को नहीं खुली। यहां क्षेत्र के आम लोग पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन करने वालों में सबसे ज्यादा महिलाएं थीं। शराब दुकान को बंद कराने के नारों के बीच महिलाओं ने धावा बोल दिया। दुकान के बाहर लगी लकड़ी की बैरीकेडिंग को तोड़ दिया गया। कुछ देर बाद खमतराई पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को हटाया।काफी देर तक हुए हंगामे के बाद 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार होने वालों में इसी इलाके के रहने वाले प्रिंस सिंह परमार, डिकेंद्र, राजन मिश्रा, जय देवांगन, लोकेश साहू और सौरभ सिंह शामिल हैं। इनके खिलाफ सोशल डिस्टेंसिंग का पालन ना करने, शासकीय कर्मचारी के साथ मारपीट, बंधक बनाने, बलवा जैसी 10 धाराओं में केस दर्ज किया गया। क्षेत्र की महापौर अंबिका यदू ने कहा कि कार्रवाई सिर्फ भाजपा के लोगों पर हुई है। जबकि विरोध में कांग्रेसी भी शामिल थे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today तस्वीर रायपुर के रावाभाटा स्थित शराब दुकान की है। महिलाओं ने शराब लेने आए पुरुषों को भी भगा दिया। Full Article
0 लॉकडाउन में फंसे झारखंड के 11 जिलों के 730 मजदूर हुए रवाना By Published On :: Tue, 05 May 2020 23:30:00 GMT लॉकडाउन की वजह से रायपुर जिले में फंसे झारखंड के सात सौ तीस श्रमिकों, यात्रियों और नागरिकों को आज बसों से रवाना किया गया। इनमें झारखंड के 11 जिलों सराईकेला, बोकारो, खुटी, हजारीबाग, धनबाद, रामगढ़,सराईकेला, लातेहार, देवघर, चकरा, गोड्डा और गिरीडीह के श्रमिक शामिल हैं। इसके अलावा रांची के नागरिकों को भी इन बसों में भेजा गया है। इसके पहले राधास्वामी सत्संग न्यास धरमपुरा में झारखंड के श्रमिकों और नागरिकों का पंजीयन और भेजना जारी रहा।बस से आने की अनुमति दे सरकार: शर्माभाजयुमो के अध्यक्ष विजय शर्मा ने श्रमिकों की वापसी को लेकर सरकार को सुझाव दिए हैं। उन्होंने कहा कि यदि श्रमिक समूह खुद बस आदि करके आना चाहें तो उन्हें अनुमति दी जाए। सरकार इस खर्च को वहन करे। शर्मा ने कहा कि अनियंत्रित स्वयं श्रमिक आयेंगे तो सारा लॉक्डाउन व्यर्थ मान लें। सरकार की निगरानी में आने से जाँच, क्वॉरंटीन आदि विधि विधान से होगा। लगभग 50 श्रमिक समूह जिनमे कुल संख्या 2000 के क़रीब है, जो अन्य प्रदेशों में हैं उनसे मैं लगातार संपर्क में हूं। समझाने के बावजूद अनेक समूहों से पैदल चलना प्रारम्भ कर दिया है। कोई प्रदेश अन्य प्रदेश के श्रमिकों को अब रखना नहीं चाह रहे - श्रमिक भाग भी रहे हैं और उन्हें भगाया भी जा रहा है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
0 रोज धूप में 10 मिनट बैठेंगे और हर आधे घंटे में धोएंगे हाथ, जहां-तहांथूकेंगे नहीं By Published On :: Tue, 05 May 2020 23:30:00 GMT लॉकडाउन अभी खुला नहीं है, लेकिन आम जन जीवन चलता रहे इसलिए सरकार की तरफ से कुछ छूट दी गई है। कोरोना संक्रमण की चेन आगे न बढ़े, ऐसे में यह जरूरी हो जाता है कि हर व्यक्ति कुछ जरूरी सावधानियाें का ख्याल रखे। और लोगों में यही जागरूकता लाने का काम कर रहे हैं टिकरापारा नूतन स्कूल के 800 बच्चे। ये अपने-अपने इलाके में लोगों 11 जरूरी नियम बता रहे हैं। लोग इनका पालन करें, इसके लिए वे उनसे संकल्प पत्र भी भरवा रहे हैं। 24 दिन में बच्चे 3 हजार से ज्यादा लोगों को संकल्प दिलवा चुके हैं। रोज धूप में समय बिताना, हाथ धोते रहना और कहीं भी थूंकना नहीं जैसे संकल्प इसमें शामिल हैं।दरअसल, नूतन स्कूल ने यह अभियान 12 अप्रैल को जलियांवाला बाग हत्याकांड की 101वीं बरसी पर शुरू किया था। स्कूल में जितने भी बच्चे पढ़ते हैं वे सभी टिकरापारा और आसपास के इलाकों के रहने वाले हैं। इन इलाकों में नगर निगम के 7 वार्ड आते हैं और इनके अंतर्गत करीब 26 झुग्गी बस्तियां हैं। अभियान में सबसे ज्यादा सबसे ज्यादा फाेकस यहीं किया गया है। किरोड़ीमल अग्रवाल बताते हैं कि बच्चे बड़े उत्साह के साथ लोगों को जागरूक करने में जुटे हुए हैं। बच्चों का अभियान से जुड़ना इसलिए फायदेमंद है क्योंकि वे उनके अपने परिवार के सदस्य तो उनकी बात मान ही रहे हैं। आसपास के लोगों पर भी इसका काफी असर दिख रहे हैं।15 हजार मास्क बांटेराशन भी बांट रहे हैंनूतन स्कूल द्वारा 15 हजार से ज्यादा मास्क भी बांटे जा चुके हैं। ये मास्क स्कूली बच्चों द्वारा ही तैयार किए गए थे। प्रति मास्क के बदले बच्चों को 1 रुपए का भुगतान भी किया गया। इसके अलावा स्कूली बच्चों ने 100 जरूरतमंद परिवारों की जानकारी भी दी थी जिनके घर तक स्कूल प्रबंधन ने राशन और दूसरी जरूरी सामग्रियां पहुंचवाई। इस काम में स्कूल की प्राचार्या ममता पांडेय, कार्यक्रम प्रभारी चेतना ठाकुर, रमा मजूमदार, वैजंती, आरती यादव आदि सहयोग कर रहे हैं। बच्चों से संकल्प लेने के बाद लोग रोजमर्रा की जिंदगी में कई सकारात्मक बदलाव कर रहे हैं। मौजूदा परिस्थितियों में जागरूकता ही सबसे ज्यादा जरूरी भी है।ये संकल्प दिलवा रहे हैं... छींकते-खांसते वक्त हमेशा मुंह पर कपड़ा रखेंगे। जहां तहां नहीं थूंकेंगे क्योंकि ये संक्रमण की वजह। नोट गिनते या पन्ना पलटते वक्त थूंक नहीं लगाएंगे। पान-गुटखा का सेवन फिलहाल बंद ही कर देंगे। किसी भी साबुन से 30 की गिनती तक हाथ धाेएंगे। दोस्तों से हाथ मिलाने के बजाय नमस्ते से अभिवादन। घर के हर मोबाइल में आरोग्य सेतु एप इंस्टॉल करेंगे। हर बार मास्क को अच्छे से धोकर इस्तेमाल करेंगे। सुबह 8 से 9 बजे के बीच धूप में 10 मिनट बैठेंगे। रोज गुनगुना पानी पीने की आदत जरूर डालेंगे। किसी भी अफवाह की सूचना पुलिस को देंगे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Will sit for 10 minutes in the sun every day and wash hands every half an hour, will not spit everywhere Full Article
0 तिल्दा-नेवरा व चांपा में बनेंगे 50-50 हजार मीट्रिक टन क्षमता वाले गोदाम By Published On :: Tue, 05 May 2020 23:30:00 GMT खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री अमरजीत भगत की अध्यक्षता में मंगलवार को यहां राज्य भंडार गृह निगम के संचालक मंडल की बैठक हुई। बैठक में रायपुर जिले के तिल्दा-नेवरा और जांजगीर-चांपा जिले के चांपा में 50-50 हजार मीट्रिक टन क्षमता का खाद्यान्न गोदाम बनाने की स्वीकृति सहित कई अहम निर्णय लिए गए।बैठक में संचालक मंडल ने खाद्यान्न भंडारण की क्षमता में वृद्धि के उद्देश्य से निजी क्षेत्र में गोदाम निर्माण को प्रोत्साहित करने का निर्णय। इसके तहत दुर्ग और सूरजपुर में निजी गोदाम का निर्माण करने वाले उद्यमियों के गोदाम में भंडार निगम अपने खाद्यान्न का भंडारण कराएगा। इसके लिए उद्यमियों से कम से कम दस साल का अनुबंध करने का भी निर्णय लिया गया। बैठक में नवा रायपुर में 15 करोड़ की लागत से नया फूड टेस्टिंग लैब निर्माण की भी स्वीकृति दी गई। लैब निर्माण के लिए नवा रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा दो एकड़ भूमि आवंटित की गई है। लैब बनने से खाद्य सामग्रियों को जांच के लिए प्रदेश से बाहर भेजने की जरूरत नहीं पड़ेगी।गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में खाद्यान्न भंडारण के लिए गोदाम निर्माण को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए हैं। संचालक मंडल ने प्रदेश के निजी गोदामों के किराया दर में 15 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी करने का भी निर्णय लिया है। बैठक में राज्य भंडार गृह निगम के अधिकारियों-कर्मचारियों के सेटअप पुनरीक्षण की बहुप्रतिक्षित मांग को भी बोर्ड ने स्वीकृति प्रदान की। इससे निगम के कर्मियों को पदोन्नति का अवसर मिलेगा। बैठक में खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में समिति द्वारा खरीदे गए धान का भंडारण और उठाव, कस्टम मिलिंग की अद्यतन स्थिति की भी समीक्षा की। भगत ने कहा कि कोरोना वायरस के संक्रमण से राज्य भंडार निगम की भूमिका और ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने निगम के अधिकारियों को खाद्यान्न भंडारण व विपणन का कार्य तत्परता से करने को कहा। लॉकडाउन के दौरान राज्य भंडार गृह निगम के कार्यों की सराहना की।बैठक में खाद्य विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, राज्य भंडार गृह निगम के प्रबंध निदेशक एलेक्स पॉल मेनन सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
0 आंधी-बारिश से 140 गांवों में 20 घंटे से अधिक समय तक बिजली गुल रही By Published On :: Tue, 05 May 2020 23:30:00 GMT सोमवार को आई आंधी बारिश के बाद शाम 5 बजे से 140 गांवों में बिजली आपूर्ति बंद रही। पूरे ब्लॉक के गांवों में 20 घंटे से अधिक समय तक बिजली बंद रही जिससे पूरा अंचल अंधेरे में रहा। बिजली बंद होने से मंगलवार सुबह लोगों को पानी के लिए बहुत तकलीफ उठानी पड़ी, लोगों को पीने तक का पानी नहीं मिला। नगर में करीब 17 घंटे बाद बिजली आई तब लोगों ने राहत की सांसें ली। इन पंक्तियों के लिखे जाने तक भी कई गांवों में बिजली बंद थी।बिजली विभाग के अधिकारी-कर्मचारी लगातार फाल्ट ठीक करने में लगे हैं। सोमवार को साम 5 बजे अचानक जोरदार आंधी-बारिश और ओले गिरने से बिजली प्रवाह बाधित हो गया क्योंकि मुख्य 33 केबी लाइन में कुकुर्दी से अमेरा तक 32 जगह तार टूटे एवं टांसफार्मर बस्ट हो जाने से बिजली सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई। विभाग के कर्मचारी फाल्ट ढूंढते रात भर खेत खलिहानों में घूमते रहे, कहीं तार टूटकर जमीन पर गिरे थे तो कहीं पेड़ पर लटककर उलझ गए थे। उलझे तारों को सुलझाने में 20 घंटे से अधिक का समय लग गया। इस संबंध में कार्यपालन यंत्री वीरेंद्र राठिया ने बताया कि फॉल्ट खोजने और उसे ठीक करने में 20 घंटे से अधिक का समय लग गया क्योंकि खेत खलिहानों में तार टूटने के कारण वहां तक पहुंचने में समय लगा।सोमवार को पूरी रात नहीं सो पाए लोगसोमवार की शाम आंधी तूफान के बाद रात भर बिजली नहीं आई जिससे लोग उमस, गर्मी और मच्छर के कारण लोग सो नहीं पाए। जिनके घरों में इनवर्टर थे वो भी कुछ घंटों के बाद बंद हो गए इसलिए उन्हें भी कोई फायदा नहीं मिला। लोग रात भर अधिकारियों-कर्मचारियों को फोन करके बिजली चालू होने का समय पूछते रहे।इन गांवों में नहीं आई रात भर बिजलीब्लॉक के 140 गांवों में पूरी तरह बिजली बंद थी जिसमें मुख्य रूप से पलारी, अमेरा, कोसमंदी, संडी, ओडान, गिधपुरी, ज़ारा, देवसुंदरा, ससहा, रोहांसी, दतान, देवसुंदरा, कोनारी, खरतोरा, जर्वे, कोदवा, वटगन, तेलासी, गिर्रा, सिसदेवरी, लटेरा, साहड़ा, भवानीपुर, नगपुरा, अछोली, बेल्हा,, परसाडीह, घिरघोल, कुसमी, घोटिया, कौड़िया आदि गांवों में बिजली रात भर बंद रही। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Thunderstorms ravaged electricity for more than 20 hours in 140 villages Full Article
0 एक सीट पर 10 आवेदन, लॉटरी से होगा फैसला, अब भी जमा हो रहे आवेदन By Published On :: Tue, 05 May 2020 23:30:00 GMT आरटीई (शिक्षा का अधिकार) के तहत 1 मार्च से ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हुई। दो माह बीतने के बाद भी अब तक ऑनलाइन आवेदन लिए जा रहे हैं। पालक भी आवेदन कर रहे। जिले में आरटीई के लिए 205 स्कूलों में 1617 सीटें आरक्षित की गई, जिनके लिए अब तक 2036 अभ्यर्थियों ने 4 हजार 408 आवेदन किए हैं। कुल आरक्षित सीट के मुकाबले ढाई गुना से ज्यादा आवेदन आए है।एक अभ्यर्थी ने एक से अधिक स्कूलों में फार्म भरा है, इस कारण कुछ निजी स्कूलों में सीटों के मुकाबले 18 गुना तक आवेदन आ चुके हैं। लॉकडाउन में ज्यादा आवेदन नहीं किए, लेकिन अब धमतरी जिले में च्वाइस सेंटर को छूट मिलने के बाद पालक आवेदन करने आने लगे हैं। सोमवार को जिले में 106नए आवेदन आए।दो माह बाद भी 14 स्कूलों में एक भी आवेदन नहींजिले के 14 स्कूल ऐसे हैं, जहां पालकों ने एक भी आवेदन नहीं किया है। आवेदन करने की तारीख दो बार बढ़ाई जा चुकी है। अभी भी पालक आवेदन कर रहे। फिर भी 9 स्कूल ऐसे हैं, जहां पालकों ने बच्चों को एडमिशन दिलाने आवेदन ही नहीं किया है। सरस्वती शिशु मंदिर कुरूद, सशिमं चिंवरी, जीओडी कसपुर, गोंडवाना प्राइमरी विद्या मंदिर गुहाननाला, सशिमं संकरी, भारतीय संस्कृति विद्यालय भखारा, सशिमं अछोटी, सशिमं गोजी, दिव्यज्ञान इंग्लिश स्कूल केरेगांव, सशिमं नवागांव धमतरी, दीप ज्योति स्कूल कुकरेल, अजीमप्रेमजी फाउंडेशन शंकरदाह, सांईबाबा यूसीसी सांकरा, हॉली चाइल्ड स्कूल धमतरी में अब तक एक भी आवेदन नहीं आए।पालकों की बढ़ी परेशानीनया शिक्षा सत्र शुरू होने में अब डेढ़ माह बाकी है। निजी स्कूलों में आरटीई के लिए अब तक एडमिशन के लिए लॉटरी शुरू नहीं हो पाई है। पालकों ने ऑनलाइन आवेदन तो किया, पर हार्डकॉपी जमा नहीं कर पाए। लॉकडाउन में छूट मिलने के बाद पालक हार्डकॉपी जमा करने नोडल स्कूलों को खोलने की मांग कर रहे हैं।6 सीट पर 112 आवेदनधमतरी पब्लिक स्कूल में 6 सीटें आरक्षित है। 4 मई तक यहां 112 अभ्यर्थियों ने आवेदन किए हैं। सीटों के मुकाबले 18 गुना से अधिक आवेदन हैं। केन एकेडमी में 16 सीट पर 111, मेनोनाइट इंग्लिश स्कूल में 10 सीट पर 158, मॉडल इंग्लिश स्कूल में 20 सीटों पर 195, टैलेंट पब्लिक स्कूल में 10 सीटों 145, शिवोम विद्या पीठ धमतरी में 4 सीट पर 72 आवेदन आए। 40 स्कूल ऐसे हैं, जहां 10 गुना से अधिक आवेदन आ चुके हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
0 30 हजार किसानों के खातों में आए 23.58 करोड़ रुपए By Published On :: Tue, 05 May 2020 23:30:00 GMT खरीफ वर्ष 2019-20 आकस्मिक वर्षा से हुए फसल नुकसान की बीमा राशि किसानों के खाते में आ गई है। 5 माह बाद किसानों के खाते रुपए आए हैं। धमतरी जिले में 30 हजार 483 किसानों को फसल बीमा का फायदा मिला है। इनके खातों में 23 करोड़ 58 लाख 16 हजार 202 रुपए बीमा कंपनी ने जमा कराए हैं।धमतरी ब्लॉक में 5 हजार किसानों के खाते में 5 करोड़ रुपए आए है। मगरलोड और कुरूद ब्लॉक में भी किसानों के खाते में 5-5 करोड़ रुपए आए। सबसे ज्यादा नगरी ब्लॉक के किसानों के खाते में रुपए डाले गए। यहां 7 करोड़ रुपए किसानों के बैंक खातों में आए हैं। खरीफ में सबसे ज्यादा नुकसान नगरी ब्लॉक में हुआ है। यहां अधिक बारिश के कारण सबसे ज्यादा धान की फसल बर्बाद हुई थी। फसल पानी में डूबने से सड़ गई।यहां ज्यादा नुकसान हुआधमतरी ब्लॉक के अर्जुनी, छाती, डोमा, शंकरदाह, तरसींवा, संबलपुर, दोनर, खरतुली, कुरूद ब्लॉक के ग्राम भखारा, दरबा, खोरपा, कोर्रा, मरौद, नारी, सिर्री, मगरलोड ब्लाक के ग्राम मेघा, मोहंदी, करेली बड़ी, भरदा, बनियातोरा, नगरी ब्लॉक के ग्राम सलोनी, दुगली, कुकरेल, सिहावा, बेलरगांव क्षेत्र में भारी नुकसान हुआ है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 23.58 crore rupees in the accounts of 30 thousand farmers Full Article
0 पहली बार संविदा में रखे केमिस्ट, रोज 20 सैंपल जांच रहे By Published On :: Tue, 05 May 2020 23:30:00 GMT रॉयपुर में पीलिया लगातार बढ़ रहा है। करीब 700 लोगों में अब तक पीलिया की शिकायत आ चुकी है। कुछ लोगों की मौत भी हो गई है। प्रदेश की राजधानी कोरोना के साथ ही पीलिया का रेड ज़ोन बन गया है। धमतरी पड़ोसी जिला है इसलिए यहां अफसर पहले से सतर्कता रख रहे हैं। कलेक्टर ने खुद सभी नगरों व गांव में साफ पानी देने के लिए जिम्मेदार अफसरों को हिदायत दी है। इसके बाद से सभी नगरों में शुद्ध पानी देने के लिए सतर्कता बढ़ा दी है। नगर निगम ने पानी की जांच के लिए संविदा पर कर्मचारी रखा है। हर रोज जांच की जा रही है।वार्डों से प्रदूषित पानी की शिकायतों को दूर करने निगम ने एक केमिस्ट श्रेया जाचक को संविदा पर रखा है। ये सभी 9 ओवरहेड टंकियों के अलावा वार्डों में पानी सप्लाई और ट्रीटमेंट प्लांट से हर दिन 20 सैंपल ले रही हैं। सुबह-शाम क्लोरीन की मात्रा की जांच करती है। रिपोर्ट दे रही हैं। इनके अलावा पीएचई की टीम भी हफ्ते में दो दिन सैंपल उठाकर ले जाती है। इनकी रिपोर्ट 2 या 3 दिन बाद निगम को मिलती है।सुबह-शाम 1.40 करोड़ लीटर पानी की सप्लाईशहर की 1 लाख 11 हजार की आबादी के लिए 40 वार्डों में 9 ओवर हैंड टंकियां है। सुबह-शाम इनसे राेज 1.40 करोड़ लीटर पानी की सप्लाई हो रही है। 14 एमएलडी क्षमता के वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट से प्रति व्यक्ति 135 लीटर के हिसाब से हर दिन पानी दिया जा रहा है। जिन क्षेत्रों में नल से पर्याप्त पानी नहीं पहुंचता, ऐसे मोहल्लों में टैंकर से पानी सप्लाई होती है।दूर होगी पानी की समस्या34 करोड़ रुपए से नया वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जाना है। नई टंकी बनाने के लिए प्रस्तावित स्थान की मिट्टी परीक्षण रिपोर्ट आईआईटी मुंबई से आ गई है। प्लांट बनाने का काम मुंबई की मार्श कंपनी को मिला है, लेकिन लॉकडाउन के कारण काम फिलहाल शुरू नहीं हुआ है। नगर निगम के पास फिलहाल 14.7 एमएलडी का वाॅटर ट्रीटमेंट प्लांट है। इसी के बगल में ही नया प्लांट बनाया जाना है। अफसरों के मुताबिक लॉकडाउन हटने के बाद प्लांट का काम शुरू होगा।रोज हो पानी की जांच इसलिए केमिस्ट रखेनगर निगम धमतरी के कमिश्नर आशीष टिकरिहा ने बताया कि शहर में सुबह-शाम मिलकर रोज 1.40 करोड़ लीटर पानी सप्लाई हो रही है। हमारा उद्देश्य हर घर तक शुद्घ पानी पहुंचाना है। पानी की जांच समय पर हो, इसलिए संविदा में एक केमिस्ट को रखा गया है, जो हर दिन 20 जगह से सैंपल लेकर तुरंत जांच करतीं है। कहीं क्लोरीन की मात्रा कम या अधिक होने पर तुरंत सुधार भी किया जाता है। ये जांच लगातार जारी रहेगी। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today For the first time, chemists placed in contract, checking 20 samples daily Full Article
0 40 डिग्री तापमान के बाद भी सड़क पर दिखी भीड़ आज से सुबह 8 से शाम 4 बजे तक खुलेंगी दुकानें By Published On :: Tue, 05 May 2020 23:30:00 GMT अब बुधवार 6 मई यानी आज से सभी दुकानें सुबह 8 बजे से खुलेंगी। यह शाम 4 बजे तक खुली रहेंगी। कलेक्टर ने यह आदेश दिए हैं। दुकानों के खुलने और बंद होने का समय बदल दिया है। कलेक्टर ने अपने आदेश में संशोधन किया है। अब तक दुकानें सुबह 7 बजे से 3 बजे तक खुल रहीं थीं। सुबह एक घंटे देरी से 8 बजे खोलने और शाम को 1 घंटे देरी से 4 बजे बंद करने के आदेश किए हैं। यह आदेश तत्काल लागू हो गए हैं।शहर की सभी दुकानें सुबह 8 से शाम 4 बजे तक खुलेंगी। हालांकि बाजार का समय बढ़ने के साथ ही बाजार में ग्राहकी बढ़ रही हैं। मंगलवार को इलेक्ट्रॉनिक, कपड़ा, फैंसी स्टोर सहित अन्य दुकानों में भीड़ नजर आई। 40 डिग्री तापमान के बाद भी दुकानों से ज्यादा भीड़ सड़क पर रही। आम दिनों में मंगलवार को शहर की अधिकतर दुकानें बंद रहती है, लेकिन लॉकडाउन के बीच करीब डेढ़ महीने बाद दुकान खोलने की छूट मिलने पर शहर के अधिकतर दुकानें खुलीं रही। सोना-चांदी, कपड़ा, इलेक्ट्रानिक, फैंसी स्टोर्स, ऑटो पार्ट्स, ऑटो मोबाइल, मोबाइल दुकानें, स्टेशनरी सहित अन्य दुकानें खुलीं रही। सदर बाजार, रत्नाबांधा रोड, सिहावा रोड, अंबेडकर चौक क्षेत्र में सुबह से दोपहर तक सड़क में भीड़ रही। गर्मी के कारण सबसेलोडिंग, अनलोडिंग रात 9.30 से सुबह 6 बजे तककलेक्टर रजत बंसल ने मंगलवार को एक और नया आदेश जारी किया। दुकानों का समय सुबह 8 से शाम 4 बजे तक करने के साथ ही आवश्यक सामान की लोडिंग, अनलोडिंग का समय भी रात 9.30 बजे से सुबह 6 बजे के बीच निर्धारित किया है।17 तक बंद ही रहेंगी पान, गुटखा की दुकानेंलॉकडाउन 3.0 अब 17 मई तक है। धमतरी ग्रीन जोन में है, इसलिए प्रशासन ने दुकान खोलने की छूट दी है, लेकिन पान-गुटखा की दुकान, तंबाखू उत्पादों को अब भी प्रतिबंधित रखा गया है। होटल, रेस्टोरेंट को होम डिलीवरी करने की छूट दी है पर ग्राहकों के पास संचालकों का नंबर नहीं है।यातायात दबाव बढ़ा पर ट्रैफिक सिग्नल बंददुकानें खुलने के साथ अब यातायात का दबाव भी बढ़ रहा है। सुबह 10 से दोपहर 12 बजे के बीच सबसे ज्यादा भीड़ रहती है। मंगलवार को सदर बाजार, मठ मंदिर चौक, घड़ी चौक के आसपास ज्यादा भीड़ रही। शहर के अंदर से नेशनल हाईवे है, इस कारण हाईवे पर भी दबाव बढ़ गया, लेकिन यातायात पुलिस ने चौराहों में लगे ट्रैफिक सिग्नल चालू नहीं किए हैं। ऐसे में सड़क दुर्घटना की भी आशंका बन रही है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Even after the 40 degree temperature, the crowd seen on the road will open from 8 am to 4 pm from today. Full Article
0 शादियां हो सकेंगी, लेकिन सिर्फ 50 लोग होंगे शामिल By Published On :: Tue, 05 May 2020 23:30:00 GMT कोरोना वायरस के कारण हुए लॉकडाउन से सभी कार्यक्रमों पर प्रतिबंध लग गए थे। ग्रीन जोन होने के कारण मिली रियायतों में अब वैवाहिक कार्यक्रम को भी शामिल कर दिया गया है। मंगलवार की देर शाम कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने आदेश जारी किया।इसके मुताबिक वैवाहिक कार्यक्रम को सशर्त छूट मिली है। यानी अब शादियां हो सकेंगी, लेकिन शर्त यह है कि घराती- बाराती की संख्या सिर्फ 50 या इससे कम होना है। इसके लिए पहले अनुमति क्षेत्र के तहसीलदार से लेनी पड़ेगी। अंतिम संस्कार कार्यक्रम में 20 लोगों के ही शामिल होने की अनुमति है। नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई की भी चेतावनी दी गई है।अप्रैल में खास मुहूर्त था, 50 से ज्यादा शादियां हुईं रद्द: शादियों के लिए अप्रैल में खास मुहूर्त था। अक्षय तृतीया के दिन सबसे ज्यादा शादियां होती हैं। इस बार शहर के मुकाबले ग्रामीण क्षेत्रों में शादियों की तैयारियां थीं। भास्कर पड़ताल में पता चला है कि करीब 50 से ज्यादा शादियां लॉकडाउन के चलते अप्रैल में रद्द हुई हैं। अब मई में 8 मुहूर्त हैं। रियायतों के बाद माना जा रहा है अब रद्द हुई शादियां इस महीने हो सकती हैं।इन नियमों का पालन जरूरी सोशल डिस्टेंस का पालन अनिवार्य होगा। किसी भी तरह का सार्वजनिक आयोजन, मार्ग पर बारात निकालने व सार्वजनिक भवनों के उपयोग पर पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा। विवाह सिर्फ अपने निवास के प्रांगण में ही करने की अनुमति होगी। ध्वनि विस्तारक यंत्र के उपयोग की अनुमति नहीं होगी। सामूहिक भोज पर प्रतिबंध रहेगा। कार्यक्रम स्थल पर मास्क व हाथ धोने की व्यवस्था जरूरी। यह अनुमति दंतेवाड़ा जिले के लिए ही प्रवृत्त होगी, जिले के बाहर जाने की अनुमति का अधिकार जिला स्तर पर सुरक्षित रखा गया है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
0 दूसरे जिलों व राज्यों में फंसे हैं दंतेवाड़ा के 180 छात्र, अब इन्हें भी लाने की तैयारी By Published On :: Tue, 05 May 2020 23:30:00 GMT मजदूरों के अलावा दूसरे राज्यों व जिलों में फंसे छात्रों को भी घर वापस लाने की तैयारी की जा रही है। दंतेवाड़ा के 180 छात्र दूसरे जिले व राज्यों में फंसे हुए हैं। अब इनकी भी सूची प्रशासन बना रहा है कि ये बच्चे उन राज्यों के किस जोन वाले जिले में हैं। इधर बच्चों की घर वापसी का परिजन भी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। लगातार अफसरों से संपर्क भी कर रहे हैं।अभी प्रशासन के पास जिन बच्चों के नामों की सूची बनी है उनमें 12 राज्यों में बच्चों के फंसे होने की जानकारी है, जो वापस अपने घर आना चाहते हैं। इनमें तेलंगाना व आंध्रप्रदेश में दंतेवाड़ा के सबसे ज्यादा बच्चे हैं। ये बच्चे पढ़ाई या कोचिंग के सिलसिले में दूसरे प्रदेशों में रह रहे हैं। कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने बताया कि दूसरे जिले व राज्यों में फंसे बच्चों को भी लाने की तैयारी है। राज्य सरकार के दिशा निर्देश के अनुरूप काम हो रहा है। नोडल अधिकारी आस्था राजपूत ने बताया बच्चों की सूची बनाई जा रही है। हर दिन संख्या बढ़ रही है। गाड़ियां तैयार हैं। राज्य स्तर से निर्देश मिलने के बाद गाड़ियां भेज दी जाएंगी।दंतेवाड़ा में फंसे ओडिशा के लोगों को भेजा गया घर: दंतेवाड़ा के लोगों को बाहर से लाने की तैयारी तो है, लेकिन दंतेवाड़ा में फंसे बाहर के लोगों को भी घर भेजा जा रहा है। दूसरे जिले के करीब 100 मजदूरों को उनके घर भेज दिया गया है। इतना ही नहीं दंतेवाड़ा में फंसे ओडिशा के लोगों को भी प्रशासन ने घर भेज दिया है, लेकिन अब भी दूसरे राज्यों के 200 से ज्यादा लोग यहां फंसे हुए हैं।क्वारेंटाइन पूरा करने के बाद ही जा सकेंगे घरजो भी बच्चे दूसरे जिलों व राज्यों से लौटेंगे उन्हें क्वारेंटाइन मे रहना होगा। इसके बाद ही वे अपने घर जा सकेंगे। इधर हैदराबाद में बालिका शिक्षा योजना के तहत नर्सिंग की पढ़ाई करने वाली छात्राओं को भी वापस लाने पर अभी असमंजस की स्थिति है, क्योंकि हैदराबाद रेड जोन में है। कोटा से लौटे दंतेवाड़ा के 13 बच्चे भी क्वारेंटाइन में हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
0 झारखंड के 80 मजदूर आज पहुंचेंगे बासागुड़ा By Published On :: Tue, 05 May 2020 23:30:00 GMT तेंलगाना के कोत्तागुड़ेम जिले के भैयारम्म में झारखंड के मजदूर एक उद्योग में कार्य करने गए थे। लेकिन पूरे देश में लॉकडाउन है वहां काम नहीं मिलने के कारण काफी दिनों से परेशानी झेलनी पड़ रही थी। मंगलवार को झारखंड के 80 मजदूर तेलंगाना के भैयारम्म गांव से पैदल छत्तीसगढ़ सीमा तक पहुंचे। सीमा से लगे जंगली रास्ते से एक ट्रैक्टर आ रहा था इसी दरमियान मजदूरों को एक साथ पैदल चलते देख ट्रैक्टर चालक ने उनसे पूछताछ की, पूछताछ करने पर उन्होंने झारखंड के मजदूर होना बताया। जानकारी के अनुसार मजदूर ट्रैक्टर से पुसगुफा के रास्ते से होते हुए छत्तीसगढ़ के उसूर ब्लॉक के कोण्डापल्ली मार्ग से बुधवार को ग्राम बासागुड़ा पहुंचेंगे। उसूर तहसीलदार सीताराम कंवर ने बताया यदि मजदूर पहुंचे तो सबसे पहले इनका स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। फिर कलेक्टर और एसडीएम के आदेशानुसार आगे की व्यवस्था होगी।पहले से ही पोटाकेबिन में 40 मजदूर रह रहे हैंउसूर के जिस पोटाकेबिन में इन मजदूरों को रखने की संभावना जताई जा रही है। उनमें पहले से ही झारखंड और एमपी के 40 मजदूर रखे गए हैं। इन सबकी थर्मल स्क्रीनिंग भी की गई है। किसी भी मजदूर में कोरोना के लक्षण नहीं पाए गए हैं। सभी को कोरोना से बचने के लिए जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इन सब मजदूरों के खाने पीने की व्यवस्था उसूर पंचायत कर रही है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
0 संग्राहकों को 2018 के लाभांश के 750 करोड़ रुपए नहीं मिले हैं By Published On :: Wed, 06 May 2020 00:26:18 GMT अंचल में हरा सोना अर्थात तेंदूपत्ता की तुड़ाई एवं खरीदी की शुरूआत मंगलवार से हो गई। बागबाहरा वन परिक्षेत्र के अंतर्गत लघु वनोपज सहकारी समिति सुखरीडबरी में इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष स्मिता हितेश चंद्राकर के साथ सांसद प्रतिनिधि एवं लघु वनोपज संघ के पूर्व जिला अध्यक्ष हितेश चंद्राकर ने विधिवत पूजा-अर्चना कर खरीदी प्रक्रिया का शुभारंभ किया। वहीं दूसरी तरफ संग्राहकों को 2018 के लाभांश का 750 करोड़ रुपए तक नहीं मिला है। दीवाली के पूर्व ही संग्राहकों के खाता में पहुंच जाना था। जबकि यह राशि राज्य लघु वनोपज संघ में जमा है। संग्राहक-मजदूर दो साल से अपना हक लेने के लिए भटक रहे हैं।तेंदूपत्ता संग्राहक भरी दोपहरी में परिवार सहित मिलकर तोड़े गए तेंदूपत्ता की गड्डी बनाकर शाम 4 बजे इसे फड़ में पहुंचाते हैं। इसके तहत उन्हें मिलने वाला संग्रहण दर की राशि नहीं मिल रहा है। जिले का लगभग 20 करोड़ सहित प्रदेशभर का लाभांश 750 करोड़ रुपए आज तक वितरण की बजाय अनावश्यक रूप से रोक कर रखा गया है। यह सरकार की मनमानी है। इस मौके पर सुखरीडबरी समिति के देवनारायण महोबिया, खेदु चक्रधारी, गोपाल ध्रुव, केशव ध्रुव आदि मौजूद रहे।पूर्व मे संचालित योजनाओं को भी फिर से शुरू करेंसांसद प्रतिनिधि हितेश चंद्राकर ने कहा कि राज्य शासन द्वारा तेंदूपत्ता संग्राहकों को उनकी वाजिब हक की लाभांश राशि का तत्काल भुगतान किया जाए। ताकि इस आपदा के समय उन्हें राहत मिल सके। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए जारी अनेक योजनाओं को बंद कर उनके साथ कुठाराघात किया गया है। प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को मिलने वाली प्रोत्साहन (छात्रवृत्ति) को भी बंद कर दिया गया है। तेंदूपत्ता मजदूरों को उनके कमाई मे से दिये जाने वाले लाभांश राशि सहित पूर्व मे संचालित योजनाओं को पुनः लागू किये जाने की मांग की गई है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Here collectors have not received ~ 750 crores of 2018 dividend Full Article
0 60% डॉक्टर ड्यूटी से गायब, अब आते-जाते समय हस्ताक्षर By Published On :: Wed, 06 May 2020 01:04:45 GMT लाॅकडाउन में पं. जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के नॉन व पैरा क्लीनिकल के 60 फीसदी डॉक्टर ड्यूटी पर नहीं आ रहे हैं। नॉन क्लीनिकल होने के कारण इन पर मरीजों के इलाज की जिम्मेदारी नहीं रहती। इसी का फायदा उठाकर डाक्टर ड्यूटी नहीं आ रहे हैं। लंबे समय से शिकायत मिलने के बाद कॉलेज प्रबंधन ने सख्ती शुरू कर दी है।अब आते-जाते समय रजिस्टर में हस्ताक्षर करना अनिवार्य कर दिया है। इस सिस्टम से पता चल जाएगा कि कौन ड्यूटी पर आ रहे हैं और कौन नहीं। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन से हस्ताक्षर के संबंध में निर्देश जारी कर दिए गए हैं। मेडिकल कॉलेज में इस नई व्यवस्था का विरोध शुरू हो गया है। इनमें कई ऐसे डॉक्टर हैं, जिनकी ड्यूटी माना स्थित नए कोविड अस्पताल लगायी गई है। वे वहां भी नहीं जा रहे हैं। अंबेडकर अस्पताल में क्लीनिकल डॉक्टरों को सही समय पर आने की जिम्मेदारी की मानीटरिंग करने का जिम्मा अधीक्षक को दिया गया है। देशभर में 25 मार्च से लॉकडाउन है। उसी समय से मेडिकल काॅलेज में एमबीबीएस की क्लास लगना बंद है। उस समय नॉन व पैरा क्लीनिकल के आठ विभागों के ज्यादातर डॉक्टर ड्यूटी नहीं आ रहे थे।नियमित ड्यूटी आने वाले डॉक्टरों ने इसकी शिकायत कॉलेज प्रबंधन की। डाक्टरों का कहना था कि जोखिम सबके लिए बराबर है। वे जब इस संकट के समय में ड्यूटी पर आ रहे हैं तो बाकी क्यों नहीं? उसके बाद ही कॉलेज प्रबंधन ने मेनगेट पर एक रजिस्टर के अलावा दीवार घड़ी व सेनेटाइजर रखवा दिया गया है। अब डॉक्टरों को आते व जाते समय हस्ताक्षर करना होगा। आने और जाने का टाइम भी लिखने को कहा गया है। डॉक्टरों के लिए आने का समय साढ़े 10 व जाने का समय शाम साढ़े 5 बजे रखा गया है। दूसरा विकल्प सुबह 9 से शाम 4 बजे तक का है।इस निर्देश का कई डाॅक्टर दोपहर 2 बजे के बाद घर जाने लगे हैं। उनका तर्क है कि हमारा काम 2 बजे के बाद नहीं रहता ऐसे में कॉलेज में क्यों रूके? कॉलेज से गायब रहने वाले डॉक्टरों में रोजाना अप-डाउन करने के अलावा स्थानीय डॉक्टर शामिल हैं। वे हफ्ते में एक बार आकर हस्ताक्षर करते रहे हैं। इसकी शिकायत डीन कार्यालय तक पहुंची है। इसके बाद डीन ने एचओडी की राय लेने के बाद नई व्यवस्था लागू की है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 60% missing from doctor duty, now signatures on arrival Full Article
0 प्रदेश में लौटेंगे सवा लाख मजदूर, क्वारेंटाइन क्षमता सिर्फ 2720 की, 4 लैब में ही जांच होने से वेटिंग लाइन में 956 सैंपल By Published On :: Wed, 06 May 2020 01:06:45 GMT राजधानी और आसपास कोरोना के नए मरीज फिर आने लगे हैं। रायपुर एम्स में मंगलवार को आधी रात तक 23 मरीज भर्ती हैं। कटघोरा संकट में एक साथ इतने मरीज भर्ती नहीं हुए। माना जा रहा है कि कोरोना जांच, मरीजों और संपर्क में आए लोगों की निगरानी (क्वारेंटाइन) और इलाज की अग्निपरीक्षा अब होगी। इन मुद्दों की पड़ताल करती भास्कर टीम की यह रिपोर्टकोरोना जांच छह में से केवल चार लैब में इसलिए वेटिंग की लाइन में 965 सैंपलप्रदेश में कोरोना टेस्टिंग के लिए छह लैब है, लेकिन केवल चार में जांच होने से वेटिंग बढ़ रही है। सोमवार को 935 सैंपल की रिपोर्ट आई थी, पिछले एक हफ्ते से यह आंकड़ा रोजाना औसतन 900 रिपोर्ट के आसपास है, लेकिन मंगलवार को केवल 517 सैंपलों की रिपोर्ट आई। यही वजह है कि बुधवार के लिए लंबित सैंपलों की संख्या 965 हो गई। इनमें से एम्स में 366, नेहरू मेडिकल कॉलेज रायपुर में 42 व जगदलपुर में 518 व रायगढ़ में 39 सैंपलों की रिपोर्ट पेंडिंग है।प्रदेश में पहले से एम्स, नेहरू मेडिकल कॉलेज रायपुर व सरकारी मेडिकल कॉलेज जगदलपुर में कोरोना की जांच हो रही है। हाल ही में मेडिकल कॉलेज रायगढ़, टीबी रिसर्च सेंटर लालपुर को जांच के लिए अनुमति मिली है। एक निजी लैब एसआरएल को माहभर पहले ही अनुमति मिल गई थी, लेकिन लॉकडाउन के कारण वहां जांच ही शुरू नहीं हो पाई है। मेडिकल बुलेटिन के अनुसार टीबी रिसर्च सेंटर लालपुर में एक भी जांच नहीं हुई है। रायगढ़ में ट्रायल के बाद सोमवार को जांच शुरू हुई। मंगलवार को जांच की संख्या में अचानक कमी क्यों आ गई, इस पर प्रबंधन कुछ भी बोलने से इनकार कर रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार जांच की संख्या बढ़ाने की जरूरत है। ताकि रिपोर्ट जल्दी आ सके और मरीजों की पहचान हो सके। एम्स में अब तक 13594, नेहरू मेडिकल कॉलेज में 4287 व जगदलपुर में 3312 व रायगढ़ में 130 सैंपलों की जांच हो चुकी है। प्रदेश में अब तक 21323 सैंपलों में 20300 की रिपोर्ट नेगेटिव रही है।अभी तक किसी की मौत नहीं हुई है। सबसे ज्यादा मरीज कोरबा जिले में 28, दुर्ग में नौ, रायपुर में सात, कवर्धा में छह, सूरजपुर में छह, काेरिया में दो, बिलासपुर व राजनांदगांव में एक-एक मरीज मिला है। इनमें 36 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। 17896 लोग होम क्वारेंटाइन में है। जबकि सरकारी क्वारेंटाइन में 566 लोगों को रखा गया है। ये दूसरे राज्यों से आए मजदूर हैं या जो कोरोना से स्वस्थ हो चुके हैं, वो लोग हैं।सवा लाख श्रमिक लौटेंगे, प्रदेश मेंसिर्फ 2720 क्वारेंटाइन क्षमताप्रदेश के करीब सवा लाख मजदूरों की वापसी इसी हफ्ते शुरू होने लगेगी और 15 मई तक पूरी हो जाएगी। इनमें रायपुर जिले के ही 1557 श्रमिक हैं। रायपुर में आधा दर्जन क्वारेंटाइन सेंटर में पूरी क्षमता के साथ बमुश्किल 500 लोगों को ही रखा जा सकता है। जबकि राजधानी और प्रदेश में मिलाकर अब तक क्वारेंटाइन की जो क्षमता विकसित की गई है, वह केवल 2720 लोगों की ही है। विशेषज्ञों का मानना है कि एक हफ्ते में करीब सवा लाख लोगों के क्वारेंटाइन के पुख्ता इंतजाम मुश्किल हैं। यही नहीं, उतनी ही संख्या में टेस्ट किट की जरूरत भी पड़ने वाली है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक अभी प्रदेशभर में लैब वाली केवल 15 हजार किट ही हैं, जिनसे कोरोना की पुष्टि हो रही है। रैपिड टेस्ट किट 70 हजार हैं, लेकिन कोरोना पाजिटिव निकला तो लैब वाली किट (आरटीपीसीआर) से जांच करनी ही होगी।भास्कर को विशेषज्ञों ने बताया कि राजधानी समेत प्रदेश में श्रमिकों के जत्थों को जहां भी ले जाया जाएगा, क्वारेंटाइन करने से पहले सभीके स्वाब की जांच कराई जाएगी। सभी मजदूरों को क्वारेंटाइन सेंटर में रखना इसलिए जरूरी है, क्योंकि वे संक्रमित राज्यों से लौटेंगे। रायपुर के मरीजों काे कहां रखा जाएगा, यह तय नहीं है। क्वारेंटाइन सेंटर में पुलिस जवानों के साथ दूसरे स्टाफ की भी निगरानी के लिए जरूरत पड़ेगी। यह व्यवस्था भी आसान नहीं है। स्वास्थ्य सचिव निहारिका बारीक ने मजदूरों के लिए गांवाें के बाहर क्वारेंटाइन सेंटर बनाए जाने की बात कही है।उन्होंने जरूरी व्यवस्था के लिए पंचायत व ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव को पत्र लिखा है। क्वारेंटाइन सेंटर में प्रवासी मजदूरों की जांच, आवास, भोजन, स्नान, शौचालय, साफ-सफाई, बेरिकेडिंग की व्यवस्था की जानी है। सूत्रों के मुताबिक यह बड़ा अभियान है, जिसके लिए बड़े सिस्टम को अभी से ऑन करने की जरूरत है, वर्ना ऐन वक्त पर समस्याएं आसकती हैं। गौरतलब है कि प्रदेश में जम्मू-कश्मीर से 24090 श्रमिक, महाराष्ट्र 18704, उत्तरप्रदेश 13172, तेलंगाना 12730, गुजरात 8071, कर्नाटक 3279, तमिलनाडु 2963, मध्यप्रदेश 2840, आंध्रप्रदेश 2392, हरियाणा 2008, दिल्ली 1967 और हिमाचल से 1665 श्रमिक 15 मई से पहले यहां पहुंचने की संभावना है।जांच की क्षमता बढ़ानी होगी : नागरकर"हम अभी रोज 500 सैंपल जांच रहे हैं, लेकिन श्रमिकों के आने के बाद 1000 सैंपल जांचने होंगे। मशीनें बढ़ानी होंगी।"-डॉ. नितिन एम नागकर, डायरेक्टर एम्सकई विभाग तैयारी में लगे हैं : त्रिपाठी"मजदूरों के लिए क्वारेंटाइन सेंटर व खाने की व्यवस्था पंचायत व राजस्व विभाग करेगा। हेल्थ विभाग इलाज की तैयारी में है।"-डॉ. अखिलेश त्रिपाठी, मीडिया प्रभारी कोरोना सेल Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today राजधानी की हर सड़क-गली में नियमों की ऐसी धज्जियां Full Article
0 20 लाख मजदूरों को दिया काम, 56 लाख को राशन By Published On :: Wed, 06 May 2020 23:30:00 GMT छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार ने कोरोना वायरस (कोविड-19) महामारी के संक्रमण को रोकने के लिये पूर्वानुमान लगाकर बेहतर तैयारी और कार्ययोजना के साथ इसका सामना किया इसके कारण अन्य राज्यों के मुकाबले छत्तीसगढ़ में संक्रमण को नियंत्रण में रखने में सफलता मिली। वहीं दूसरी ओर राज्य सरकार ने राहत भरे फैसले कर संकट में फंसे प्रदेशवासियों की हर संभव मदद की।उक्त बातें विधायक विनोद सेवनलाल चंद्राकर व जिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष रश्मि चंद्राकर ने कही है। उन्होंने जारी संयुक्त बयान में कहा है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य की जनता के नाम जारी अपने पहले ही संदेश में कह दिया था कि हम अपने राज्य में किसी को भूखा सोने नहीं देंगे और इस डेढ़ महीने से अधिक के लाॅकडाउन के दौरान धरातल पर उन्होंने ऐसा किया भी है। राज्य के 56.48 लाख गरीब परिवारों को अप्रैल, मई और जून 3 माह का राशन निःशुल्क प्रदान करने का निर्णय लिया गया।3 लाख मजदूरों की समस्याओं का निराकरण : उन्होंने कहा कि बिना राशनकार्ड वाले व्यक्तियों को भी प्रति व्यक्ति 5 किलो चांवल देने का निर्णय लिया गया। लाॅकडाउन में मनरेगा के अंतर्गत ग्रामीणों को रोजगार देने में छत्तीसगढ़ अभी पूरे देश में प्रथम स्थान पर है। देशभर में मनरेगा कार्यों में लगे कुल मजदूरों में से करीब 24 फीसदी अकेले छत्तीसगढ़ से हैं।यह संख्या देश में सर्वाधिक है। प्रदेश की 9883 ग्राम पंचायतों में चल रहे विभिन्न मनरेगा कार्यों में अभी लगभग 20 लाख मजदूर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लाॅकडाउन के दौरान राज्य एवं राज्य के बाहर के लगभग 3 लाख श्रमिकों की समस्याओं का सीधे तौर पर निराकरण किया गया। छत्तीसगढ़ राज्य में श्रमिकों, मजदूरों और अन्य व्यक्तियों को आश्रय, भोजन और अन्य सुविधायें उपलब्ध कराई गई। अन्य राज्यों में फंसे छत्तीसगढ़ के मजदूरों की समस्याओं को दूर करने के लिए वहां के मुख्यमंत्रियों, अधिकारियों से संपर्क कर उन्हें भोजन, आश्रय इत्यादि उपलब्ध कराया गया। छत्तीसगढ़ के कुल एक लाख 24 हजार 205 श्रमिकों, देश के 21 राज्यों और 4 केंद्रशासित प्रदेशों में लाॅकडाउन के कारण फंसे थे, अन्य राज्यों में संकट का सामना कर रहे 16,885 श्रमिकों को लगभग 66 लाख रुपए की राशि प्रदान की गई। शासन द्वारा छूट प्रदत्त गतिविधियों और औद्योगिक क्षेत्रों में 81,669 श्रमिकों को पुनः रोजगार मिला। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
0 9.20 लाख से ठाकुर तालाब का होगा गहरीकरण, 2.13 लाख से घाट निर्माण By Published On :: Wed, 06 May 2020 23:30:00 GMT ग्राम पंचायत सेमरा के आश्रित ग्राम भाटखार में 9.20 लाख की लागत से ठाकुर देव तालाब गहरीकरण और निर्मला घाट निर्माण शुरू हो गया है। तालाब के गहरीकरण पर 7.7 लाख और निर्मला घाट बनाने पर 2.13 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। तालाब गहरीकरण रोजगार गारंटी कार्य जारी हैं। ग्राम पंचायत सेमरा में नवनिर्वाचित जिला पंचायत सदस्य मीना बंजारे सोमवार को सेमरा भाटखार ठाकुर देव तालाब गहरीकरण कार्य देखने गए। मजदूरों से मिले। उन्होंने सभी मजदूरों का हाल चाल जाना एवं सोशल डिस्टेंस बनाकर कार्य करने को कहा।मजदूरों ने बताया कि ठाकुर देव तालाब में कार्य करने के लिए रोजगार गारंटी योजना के तहत कार्य करने के लिए मांग पत्र में अपना नाम एवं जाब कार्ड नंबर दर्ज कराया जा रहा हैं।इससे प्रति जाब कार्ड के प्रत्येक सदस्य को काम दिया जा रहा है। लॉकडाउन होने से लोगों की आर्थिक स्थिति चरमरा गई हैं। मजदूरों को रोजी रोटी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।ग्राम पंचायत सेमरा में लगभग 1600 मजदूरों का 700 जाब कार्ड बना है। सेमरा ग्राम पंचायत बड़ा ग्राम पंचायत होने के कारण मजदूरों की संख्या अधिक है, जिससे मजदूरों को बारी-बारी से काम कराया जा रहा है। सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखते हुए हर दिन लगभग 150 से 200 मजदूर काम कर रहे हैं। सेमरा सरपंच श्रवण कुमार ध्रुव, कुशल राम साहू वार्ड पंच, उपसरपंच घनश्याम साहू ने सभी लोगों ने मजदूरों से सोशल डिस्टेंस बनाकर काम करने कहा। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Thakur pond will be deepened from 9.20 lakhs, ghat construction from 2.13 lakhs Full Article
0 ओले से 80% धान को नुकसान, कुरूद व धमतरी में 1535 हेक्टेयर की फसल खराब By Published On :: Wed, 06 May 2020 23:30:00 GMT रबी फसल 2019-20 में धमतरी जिले में 27 हजार हेक्टेयर में धान की फसल ली गई। 20 अप्रैल को जिले में हुई ओलावृष्टि और बारिश ने धान की फसल खराब कर दी है। कृषि व राजस्व विभाग ने नुकसान का आकलन जारी किया है। इसमें धमतरी और कुरूद ब्लॉक में 35 से 80 प्रतिशत तक फसलों को नुकसान हुआ है। आकलन में बालियों से दाने ज्यादा गिरे हैं।ओलावृष्टि से फसल को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। धमतरी ब्लॉक के 17 गांवों में फसल को 35 प्रतिशत से अधिक नुकसान हुआ है। कुरूद ब्लॉक के 13 गांव में भी सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। दोनों ब्लॉक में 1535.250 हेक्टेयर की फसल बर्बाद हुई। मगरलोड और नगरी ब्लॉक में विभाग अब तक फसल क्षति का आकलन नहीं कर पाया है। 20 अप्रैल के बाद फिर चले आंधी तूफान व बारिश होने का कृषि व राजस्व विभाग द्वारा अंतिम आकलन किया जा रहा है।दलहन-तिलहन में 769 हेक्टेयर फसल में नुकसान हुआफरवरी माह में हुई बारिश से दलहन-तिलहन फसल को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। धमतरी ब्लॉक में 968 हेक्टेयर में चने की फसल ली गई थी, इसमें से 735 हेक्टेयर चने की फसल बर्बाद हुई। धमतरी ब्लॉक में गेंहूं की 9 हेक्टेयर की पूरी फसल बारिश से खराब हो गई। सब्जी फसल को भी भारी नुकसान हुआ है। विभाग के अनुसार सब्जी की फसल 1.800 हेक्टेयर में जिले में ली गई थी, धमतरी ब्लॉक में 4 हेक्टेयर की फसल को नुकसान हुआ है।5.7 करोड़ रुपए का कराया गया बीमाकृषि विभाग अनुसार जिले में दलहन-तिलहन व रबी धान के लिए 2121 किसानों ने 1928.89 हेक्टेयर का फसल बीमा कराया है। इन किसानों ने 5 करोड़ 78 लाख 33 हजार रुपए का बीमा कराया है। इसमें कृषक अंश राशि 86 हजार 8 लाख67 हजार 501 रुपए शामिलहै। फसल नुकसान होने केबाद किसान जिला प्रशासनको आवेदन सौंपकर जल्द मुआवजा राशि दिलाने की मांग करने लगे हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 80% paddy loss due to hail, 1535 hectare crop in Kurud and Dhamtari damaged Full Article
0 पहली बार तापमान 41 डिग्री पार, शाम 4 बजे चली धूल भरी आंधी By Published On :: Wed, 06 May 2020 23:30:00 GMT इस साल जिले में अब तक का सबसे गर्म दिन बुधवार रहा। तापमान दोपहर3बजे41 डिग्री तक गया। राजस्थान से आने वाली गर्म और सूखी हवा के कारण तापमान में बढ़ोतरी हुई। यहीं कारण है कि सुबह11बजे तक ही तापमान36डिग्री हो गया था। इसके बाद बढ़ता गया।तीन बजे तक 41 डिग्री तक गया इसके बाद नीचे आना शुरू हुआ। शाम4बजे धूल भरी तेज आंधी चली। मौसम विभाग ने अगले24घंटे में बारिश,आंधी और बिजली गिरने की आशंका जताई है। जिला में लॉकडाउन हैं। जिला प्रशासन ने दुकानों को खोलने की छूट सुबह8से4बजे तक दी है,लेकिन अंचल में बुधवार को धूप तेज रही। दोपहर1बजे ही सड़कों पर सन्नाटा रहा।गली-मोहल्लों में भी दोपहर के3से4घंटे अधिकांश घरों के दरवाजे बंद रहे। लोगों ने भीषण गर्मी में घर से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं की। दोपहर1.30से3बजे के बीच तापमान41 डिग्री के आसपास बना रहा। सुबह9बजे से शाम3बजे के बीच8किमी/घंटे की गति से गर्म हवा चलती रही।अगले 24 घंटे में बारिश के आसारएक चक्रवात 0.9 किलोमीटर ऊंचाई पर पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के ऊपर, दूसरा चक्रवात पूर्वी विदर्भ और उसके आसपास तथा एक द्रोणिका 0.9 किलोमीटर ऊंचाई पर पूर्वी विदर्भ से तमिलनाडु तक है। इसके प्रभाव से अगले 24 घंटे में बारिश, आंधी चलने, गरज चमक के साथ बौछारें पड़ने व बिजली गिरने की आशंका जताई जा रही है।तापमान43डिग्री सेऊपर नहीं जाएगामौसम विभाग के मुताबिक एक सप्ताह के अंदर सुबह से दोपहर तक गर्मी बढ़ेगीलेकिन तापमान में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं होगी। अधिकतम तापमान42से43डिग्री के आसपास ही रहेगा। इसका बड़ा कारण दूसरे राज्यों में चक्रवात व द्रोणिका सिस्टम का सक्रिय होना है। इसके असर से बादल बनेंगे। आने वाले एक सप्ताह में कभी भी गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today For the first time, the temperature crossed 41 degrees, dust storm occurred at 4 pm Full Article
0 पंडरिया नगर में 80 प्रतिशत दुकानें खुली रहीं By Published On :: Wed, 06 May 2020 23:30:00 GMT जिले में बीते दिनों 6 कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं। साथ ही ब्लाॅक मुख्यालय से करीब 23 किलोमीटर दूर ग्राम अमेरा निवासी वन कर्मचारी व उनके पूरे परिवार को सोमवार से क्वारेंटाइन किया गया। ये कर्मचारी सोमनापुर के एक मरीज के संपर्क में आया था। ब्लॉक में पहली बार कोरोना संक्रमित मजदूर के संपर्क में आने के बाद लोगों को सोशल डिस्टेंस समेत कोरोना संक्रमण की रोकथाम के नियम का पालन करना जरूरी है, लेकिन बुधवार को नगर के भीड़ को देखकर ऐसा नहीं लग रहा था।दरअसल लॉकडाउन को लेकर जिला प्रशासन ने कुछ छूट दी है। बुधवार को शहर के मार्केट में 80 प्रतिशत दुकानें खुली रहीं। इन दुकानों में सोशल डिस्टेंस का पालन नहीं हुआ। कोरोना संक्रमण को लेकर लोगों में डर व जागरूकता की कमी देखी गई। इसके साथ ही शासन के निर्देश अनुसार ब्लॉक के सभी सरकारी दफ्तर खुल गए हैं। इसमें बीईओ कार्यालय, तहसील कार्यालय, एसडीएम कार्यालय, महिला एवं बाल विकास, वन विभाग समेत अन्य ब्लॉक स्तर के कार्यालय शामिल हैं। यहां करीब 50 प्रतिशत कर्मचारियों की उपस्थिति देखी गई।दूसरे प्रदेशों से आने वाले लाेगों से संक्रमण का खतरापंडरिया क्षेत्र कोरोना के प्रकोप से सुरक्षित दिखाई पड़ रहा था। लेकिन क्षेत्र में लगातार अन्य प्रदेश महाराष्ट्र,उत्तरप्रदेश, तेलंगाना,जम्मू कश्मीर, दिल्ली, आंध्रप्रदेश, केरल से लोग पैदल आ रहे हैं। इनसे क्षेत्र में संक्रमण का खतरा अधिक बढ़ रहा है। लोगों को स्वयं ही जागरूक होकर सुरक्षित रहना होगा। साथ ही ऐसे लोगों की सूचना प्रशासन को देनी होगी। वैसे ब्लॉक में करीब 50 से अधिक क्वारेंटाइन सेंटर भी बनाया गया है,जहां दूसरे प्रदेश से आने वाले मजदूर व दूसरे लोगों को 14 दिन तक रखा जाएगा।लोगों को जागरुक होना जरूरी: सीएमओ बनर्जीलॉकडाउन के बाद दुकान शुरू किए जाने नगर पंचायत सीएमओ डीआर बनर्जी ने बताया कि लगातर लोगों को कोरोना संक्रमण की रोकथाम को लेकर अपील की रही है। कई लोगों से नियम का पालन नहीं किए जाने पर कार्रवाई कर जुर्माना भी वसूला है। इसके बाद भी लोग नियम का पालन नहीं कर रहे हैं। इसके लिए सभी लोगों को जागरूक होना जरूरी है। वैसे भीड़ की स्थिति सुबह 6 से 11 बजे तक रहती है। इसके बाद पहले की तरह मार्केट में भीड़ नहीं रहता है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 80 percent shops open in Pandaria Nagar Full Article
0 काव्य पाठ में 30 कवियों ने दी प्रस्तुति By Published On :: Wed, 06 May 2020 23:30:00 GMT मानव कल्याण एवं सामाजिक विकास संगठन द्वारा संचलित साहित्यिक एवं सांस्कृतिक उत्थान मंच द्वारा संस्था के व्हाट्सएप समूह में ऑनलाइन संसद काव्यपाठ का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य अतिथि डॉ. अजय पाल सिंह, विशिष्ट अतिथि उमेश कुमार सहित 30 से भी अधिकर रचनाकारों ने घर बैठे ऑडियो क्लिप और टंकित रचनाओं के माध्यम से अपनी प्रस्तुति दी।भानुप्रतापपुर के कवित्री नलिनीप्रभा बाजपेई बताया कवि अपनी रचना गोष्ठियों के माध्यम से लोगों के सामने लाते हंै। कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन का असर कवियों पर भी पड़ा है, जिसके कारण सभी रचनाकारों से फोन पर समन्वय स्थापित कर व्हाट्सएप ग्रुप से माध्यम से सम्मेलन आयोजित करने का निर्णय लिया गया। ऑनलाइन आयोजित कार्यक्रम आशा पांडेय प्रदेश अध्यक्ष साहित्य मंच, उपाध्यक्ष पूनम दुबे, सचिव मंशा शुक्ला के संयोजक में की गई। ऑनलाइन काव्यपाठ का संचालन अर्चना पाठक और रश्मि विपिन अग्निहोत्री, सावित्री मिश्रा, पूनम दुबे, अर्चना पाठक, मंशा शुक्ला, दीपमाला पांडेय, एकता सिरीकर, अनुसुईया झा, अनिता झा, अनिता मंदलवार, रश्मि लता मिश्रा, सुनील दत्त मिश्रा, प्रो. प्यारेलाल अदिले, डीसी त्रिपाठी, शत्रुंजय तिवारी, गजेंद्र द्विवेदी, आर्या के द्वारा स्वरचित उल्लेखनीय व उत्कृष्ट रचनाओं के प्रस्तुत करने पर उन्हें अखंड भारत सम्मान से सम्मानित किया गया।मुख्य अतिथि डॉक्टर अजय पाल सिंह व संयोजिका आशा पांडे द्वारा सभी रचनाकारों को सोशल मीडिया में माध्यम से अपने-अपने घर में एकाग्रचित होकर इस आयोजन में ऑनलाइन भाग लेकर उत्कृष्ट रचनाएं प्रस्तुत करने के लिए आभार जताया। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article