0 ड्यूटी पर नहीं आने वाले 10 डॉक्टरों को कारण बताओ नोटिस, विभागीय जांच के बाद कार्रवाई होगी By Published On :: Fri, 01 May 2020 10:30:12 GMT कलेक्टर मनीष सिंह ने 10 सरकारी डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरूकर दी। संबंधितडॉक्टर्सकई बार संपर्क करने के बाद भी काम पर नहीं आ रहे हैं। विभाग इन्हें नोटिस भी दे चुका है। बताया गया कि कारण बताओ नोटिस थमाने और विभागीय जांच के बाद आरोपी डॉक्टर्स कोनौकरी से बर्खास्त भी किया जा सकता।स्वास्थ्य विभाग में ऐसे कई डॉक्टर्स हैं जो काम पर नहीं आ रहे हैं। कुछ तो फोन बंद किए हैं। पिछले महीने करीब 20 डॉक्टरों को नोटिस भी दिए गए थे। इसके बावजूद कई सीनियर डॉक्टर काम पर नहीं आ रहे हैं। इनडॉक्टर्सकी शिकायतें कलेक्टरेट पहुंचीं। एक स्त्री रोग विशेषज्ञ समेत सभी कोकारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। कलेक्टरका कहना कि सख्त कार्रवाई की जाएगी। अभी कारण बताओ नोटिस जारी करने के साथ ही इनकी विभागीय जांच भी शुरू करवा दीहै। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today विभाग द्वारा नोटिस जारी करने के बाद भी इनकी ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। (प्रतीकात्मक फोटो) Full Article
0 इंदाैर में संक्रमिताें का आंकड़ा 1500 के पार पहुंचा, मृतकाें की संख्या भी 72 हुई By Published On :: Fri, 01 May 2020 10:54:23 GMT कोरोना संक्रमितोंके आंकड़े में इंदौर में लगातार इजाफा हो रहा है। गुरुवार देर रात आई रिपोर्ट में 28 और लोगों मेंकोरोना की पुष्टि हुई। 4 लोगों ने दम भी तोड़ा। इसके साथ संक्रमितों का आंकड़ा 1500 के पार पहुंच गया। जिले में अब तक 1513 लोग वायरस से संक्रमित हो चुके हैं। 72 लोगोंकी जान जा चुकी है।गुरुवार को 285 सैंपल जांचे गए, इनमें 257 लोगोंकी रिपोर्ट निगेटिव आई। वहीं, अब तक जान गंवाने वाले 72 में से 45 मरीज ऐसे थे, जिन्हें शुगर, ब्लड प्रेशर समेत अन्य कई बीमारियां थीं। मरने वालों में 40 मरीजों की उम्र 50 से 70 साल के बीच थी। इनमें बीमारी का घातक प्रसार क्यों हुआ, इसका पता लगाने के लिए एमजीएम मेडिकल कॉलेज डेथ ऑडिट करवा रहा है। वह इनके सैंपल नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी पुणे भेजेगा।187 लोग ठीक होकर घर लौटेस्वास्थ्य टीमों ने गुरुवार को 550 सैंपल लिए, जो हर दिन के 300 से 400 सैंपल के मुकाबले ज्यादा हैं। अब तक 7926 सैंपलों की रिपोर्ट आ चुकी है। जिनमें से 1513 लोग संक्रमित पाए गए हैं। इनमें से जहां 187 लोग ठीक होकर अपने घर जा चुके हैं। वहीं, 1254 लोगों का इलाज जारी है। अब तक 1213 लोगों को क्वारैंटाइन हाउस से घर भेज दिया गया है। दूसरी, ओर वाटर लिली क्वारैंटाइन सेंटर से गुरुवार रात करीब 8 बजे एक मरीज भाग निकला। सुनेश पाहुजा नामक इस मरीज को हफ्तेभर पहले ही यहां लाए थे। सीएमएचओ डॉ. प्रवीण जडिया ने बताया कि अभी तक पाहुजा की रिपोर्ट नहीं आई है।ज्यादा से ज्यादा टेस्ट लें : पीएसचिकित्सा शिक्षा के प्रमुख सचिव संजय शुक्ला ने ज्यादा से ज्यादा सैंपल लेने और टेस्ट करने को कहा है। समीक्षा बैठक में शुक्ला ने मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम करने को कहा ताकि भविष्य में हर तरह की स्थिति से निपटा जा सके। 40 मृतक 50 से 70 साल के बीच के 40 मृतकों की उम्र 50 से 70 साल के बीच थी। इनमें बीमारी का घातक प्रसार क्यों हुआ, पता लगाने के लिए एमजीएम सैंपल नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी पुणे भेजेगा। 60% मरीज ए-सिम्प्टोमेटिक यानी बिना लक्षण वाले थे। इन्हें छींक भी नहीं आई, संक्रमित के संपर्क में आने से वे पॉजिटिव हो गए। 1485 में से 80% पर बीमारी का अधिक असर नहीं हुआ। शहर में मिले मरीजों की औसत आयु 57 वर्ष के आसपास है। हाई रिस्क ग्रुप को खतरा ज्यादा रहा। इसमें 5 साल से छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं, वृद्ध व बीमार शामिल हैं। सीएमएचओ डॉ. प्रवीण जड़िया के मुताबिक, मरीज अन्य बीमारी से पीड़ित होता है तो उसकी प्रतिरोधी प्रणाली तुलनात्मक रूप से कमजोर हो जाती है।कोरोना पॉजिटिव इमरा ने दिया बच्चे को जन्म, उसका भी होगा टेस्टकोरोना संक्रमण के खौफ के बीच 20 साल की इमरा के घर गुरुवार को खुशियों ने दस्तक दी। सेम्स कोविड अस्पताल में वह खुद कोरोना से लड़ रही हैं। फिलहाल मां और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। ग्रीन पार्क कॉलोनी निवासी 20 साल की इमरा और उनके पति दोनों कोरोना पॉजिटिव हैं। पीपीई किट से लैस डॉक्टरों और नर्सिंग टीम ने बुधवार रात इमरा की नाॅर्मल डिलीवरी करवाई। अब बच्चे का भी सैंपल भेजेंगे। बच्चे को मां के साथ ही रखा गया है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today लॉकडाउन का पालन करवाने के लिए पुलिस ने खजराना और विजयनगर क्षेत्र में फ्लैग मार्च निकाला। Full Article
0 कोरोनावायरस से जंग जीतकर 40 लोग और घर लौटे, अब तक 291 मरीज ठीक हुए By Published On :: Fri, 01 May 2020 13:48:44 GMT कोरोनावायरस के संक्रमण से स्वस्थ हुए 40 मरीजों को आज अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया। इनमें 20 मरीजों का उपचार नेमावर रोड स्थित इंडेक्स कॉलेज और 20 का उपचार अरबिंदो अस्पतालमें किया जा रहा था। अस्पताल के स्टाफ ने तालियां बजाकर इन्हें विदाई दी। शुक्रवार को अस्पताल से डिस्चार्ज हुए इन मरीजों के बादअबकोरोना के सक्रमण से स्वस्थ होने वालेमरीजों कीसंख्या बढ़कर 291 हो गई है।इससे पहलेगुरुवार को भी चार अस्पतालों से कोरोनावायरस की जंग जीतने वाले 30 मरीजों को छुट्टी दी गई थी।इंडेक्स अस्पताल से 13, एमआर टीबी से दो गर्भवती महिलाओं समेत 8, अरबिंदो से 5 और चोइथराम से 4 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया था। गुरुवार तक कुल 251 मरीज स्वस्थ हो चुके थे, जबकि शुक्रवार को कोरोना से स्वस्थ होने वालों की संख्या बढ़कर 291 हो गई है।उधर, गुरुवार रात प्राप्त रिपोर्ट में 28 नए मरीजों में कोरोनावायरस की पुष्टि हुई है। इसे मिलाकर इंदौर में कोरोना पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़कर 1513 हो गई है। अब तक इस बीमारी से 72 लोगों ने दम तोड़ दिया है।कोरोना पॉजिटिव इमरा ने दिया बच्चे को जन्म, उसका भी होगा टेस्टकोरोना संक्रमण के खौफ के बीच 20 साल की इमरा के घर गुरुवार को खुशियों ने दस्तक दी। सेम्स कोविड अस्पताल में वह खुद कोरोना से लड़ रही हैं। फिलहाल, मां और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। ग्रीन पार्क कॉलोनी निवासी 20 साल की इमरा और उनके पति दोनों कोरोना पॉजिटिव हैं। पीपीई किट से लैस डॉक्टरों और नर्सिंग टीम ने बुधवार रात इमरा की नाॅर्मल डिलिवरी करवाई। अब बच्चे का भी सैंपल भेजेंगे। बच्चे को मां के साथ ही रखा गया है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today गुरुवार तक कुल 251 मरीज स्वस्थ हो चुके थे। शुक्रवार को कोरोना से स्वस्थ होने वालों की संख्या बढ़कर 291 हो गई। Full Article
0 ड्यूटी नहीं दे रहे 10 डॉक्टरों को नोटिस, बर्खास्त भी हो सकते हैं By Published On :: Sat, 02 May 2020 00:23:00 GMT भास्कर संवाददाता| इंदौर.कोरोना महामारी में ड्यूटी से गैरहाजिर रहने वाले 10 सरकारी डॉक्टरों को प्रशासन ने नोटिस जारी किया है। विभागीय जांच के बाद इन्हें नौकरी से बर्खास्त करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। इनमें से कुछ डॉक्टर्स तो फोन बंद करके बैठ गए हैं। पिछले महीने ऐसे 20 डॉक्टरों को नोटिस जारी किए गए थे। इन डॉक्टरों में पूर्व जिला अंधत्व निवारण कार्यक्रम अधिकारी डॉ. टीएस होरा भी शामिल हैं। पिछले साल शिविर के दौरान मोतियाबिंद ऑपरेशन में मरीजों की आंखों की रोशनी चली गई थी। सरकार ने कार्रवाई करते हुए डॉ. होरा को निलंबित कर दिया था। शेष | पेज 7 परकोरोना संक्रमण के समय मेन पॉवर की कमी को देखते हुए डॉ. होरा का निलंबन बहाल किया था, लेकिन फिर भी डॉ. होरा ने काम करने में असमर्थता जता दी।कलेक्टर मनीष सिंह के मुताबिक डॉ. मधु भार्गव सिविल डिस्पेंसरी जूनी इंदौर, डॉ. रीना जायसवाल जिला चिकित्साल4य, डॉ. नीलम बरनवाल, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. टीएस होरा, डॉ. प्रीति शाह भंडारी अरण्य नगर, डॉ. मधु व्यास एमओजी लाइन, डॉ. भारती द्विवेदी जिला चिकित्सालय, डॉ. सतीश नेमा और डॉ. प्रियंका सखरिया पीएचसी होलकर कॉलेज के ड्यूटी पर नहीं आने की शिकायत मिली थी। एक अन्य स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. रुचि शेखावत को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया है।आप इस संकट के समय में भी ड्यूटी क्यों नहीं करना चाहते?मैं ड्यूटी कर रहा था। नेहरू स्टेडियम की मीटिंग और जोन पर गया भी था, लेकिन फील्ड पर जाने में असमर्थता जताई थी।आपकी बहाली ही इसलिए हुई कि आप कोरोना के दौरान ड्यूटी कर सकें?मेरी उम्र 64 साल है। डायबिटीज और ब्लड प्रेशर की शिकायत है। पीपीई किट पहनकर इतनी देर रहना मेरे लिए संभव नहीं है। मैंने अपना पक्ष भी रखा। मैं प्रतिवेदन भेज चुका हूं, उम्र अधिक होने से फील्ड ड्यूटी के लिए मना कर रहा हूं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today विभागीय जांच के बाद इन्हें नौकरी से बर्खास्त करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। Full Article
0 इंदौर में कोरोना वार्ड में ड्यूटी के दौरान संक्रमित वार्ड बॉय ने दम तोड़ा, मंत्री सिलावट ने परिजन को 50 लाख का चेक सौंपा By Published On :: Sat, 02 May 2020 08:15:23 GMT काेराेना संक्रमण काल में जान देने वालेवार्ड बॉय के परिजन काे सरकार की ओरसे 50 लाख रुपए का चेक शनिवार काे दिया गया। जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट और सांसद शंकर लालवानी ने कैंसर हॉस्पिटल में पदस्थ वार्ड बॉय के परिजनको कोरोना योद्धा योजना के तहत लाभान्वित किया। इस मौके पर कमिश्नर आकाश त्रिपाठी, आईजी विवेक शर्मा, कलेक्टर मनीष सिंह और एमजीएम मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. ज्योति बिंदल भी मौजूद रहीं।संक्रमण के बाद वार्ड बॉय की हुई थी मौतशासकीय कैंसर अस्पताल में पदस्थ वार्ड बॉय को कोरोना वार्ड में ड्यूटी के दौरान संक्रमण हो गया था। कर्मचारी ने गुरुवार को दम तोड़ दिया था। इसके बाद शुक्रवार को एमजीएम मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने कर्मचारी को राशि के भुगतान के लिए जिला प्रशासन को प्रस्ताव भेजा। ड्यूटी के दौरान संक्रमित होने और मौत के बाद राज्य सरकार ने 50 लाख की दिए जाने का प्रावधान किया है। कर्मचारी संगठन के शिवाकांत वाजपेयी ने कहा जिस तत्परता के साथ पुलिस के प्रकरणों को निराकृत किया। उसी तरह से स्वास्थ्य विभाग के इस चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के प्रकरण का निराकरण कर 50 लाख का भुगतान और परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाना चाहिए।कर्मचारियों से कहा- जो कोविड ड्यूटी कर रहे, ऑफिस नहीं आएंजिला क्षय कार्यालय में हाल ही में जारी एक आदेश को लेकर कर्मचारियों में काफी नाराजगी है। इसमें कहा गया है कि जिन कर्मचारियों की ड्यूटी कोविड वार्ड में लगी है, वे डीटीसी में प्रवेश नहीं करें। दरअसल, यहां के कई कर्मचारियों की ड्यूटी कोरोना प्रबंधन टीम के साथ लगाई गई है। अब इस आदेश का विरोध भी शुरू हो गया है। कर्मचारियों का कहना है कि नोटिस कार्यालय के बाहर लगा दिया गया। अधिकारी ही भेदभावपूर्ण रवैया अपना रहे हैं। यदि ऑफिस में प्रवेश से ही प्रतिबंधित किया जाएगा तो फिर अन्य कर्मचारी कोविड टीम में काम करने से डरेंगे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today मंत्री तुलसी सिलावट ने कोरोना योद्धा योजना के तहत राशि भेंट की। Full Article
0 2 मौत; 507 सैंपल में से 32 ही पॉजिटिव, हर दिन 500 सैंपल होंगे, सख्ती बरकरार By Published On :: Sat, 02 May 2020 08:28:00 GMT शुक्रवार को शहर में कोरोना के 28 नए मरीज मिले। इसे मिलाकर पॉजिटिव मरीजों की संख्या 1545 हो गई है। कुल 507 सैंपल में से 453 निगेटिव आए। दो मरीजों की मौत भी हुई, अब तक 74 लोगों की जान जा चुकी है। इधर, शहर अब लॉकडाउन 3.0 के लिए तैयार है। इसके लिए प्रशासन ने तीन बिंदुओं सैंपलिंग, टेस्टिंग और सख्ती को फोकस कर रणनीति बनाई है, जिस पर शनिवार से ही अमल शुरू होगा। संभागायुक्त आकाश त्रिपाठी के मुताबिक, हर दिन औसत 400 सैंपल ले रहे हैं, उन्हें बढ़ाकर 500 करेंगे। इसमें कंटेनमेंट एरिया के सामान्य लोग के सैंपल भी रहेंगे। कलेक्टर मनीष सिंह ने बताया कि अब कोरोना कंट्रोल में आ रहा है, लिहाजा शहर में बेवजह घूमने वालों की गाड़ी जब्त करेंगे, उन्हें गिरफ्तार कर खुली जेल में भेजा जाएगा। तीनों बिंदुओं पर सख्ती से काम करेंगे, ताकि शहर कोरोना फ्री हो जाए।सेंट्रल जेल का मुख्य द्वार प्रहरी भी कोरोना पॉजिटिवसेंट्रल जेल के मुख्य द्वार पर ड्यूटी करने वाले प्रहरी की गुरुवार रात को रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। वहीं 68 वर्षीय एक कोरोना संदिग्ध कैदी की उपचार के दौरान शुक्रवार को मौत हो गई। नया पॉजिटिव मिलने से जेल से जुड़े 32 लोग कोरोना संक्रिमत हो चुके हैं। गुरुवार रात आई रिपोर्ट में प्रहरी सचिन द्विवेदी की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। कोरोना लक्षण दिखाई देने पर सैंपल जांच के लिए भेजा गया था। जेल में कोरोना के संक्रमण को देखते हुए प्रशासन ने असरावद खुर्द में अस्थाई जेल तैयार की है, इसमें 133 कैदियों को क्वारेंटाइन किया गया है। अब तक चार प्रहरी पॉजिटिव आ चुके हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Indore Coronavirus News | Indore Coronavirus Lockdown 3.0 Latest News Updates | Corona Cases in Madhya Pradesh Indore rise to 1545; Death Toll at 74 Full Article
0 लॉकडाउन में पत्नी से दहेज में 10 लाख मांगे, पति,सास-ससुर और जेठ पर केस By Published On :: Sat, 02 May 2020 11:25:33 GMT लॉकडाउन के बाद भी महिलाओंको प्रताड़ित करने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। अब तक एक महीने में 50 से ज्यादा शिकायतें घरेलू हिंसा की आ चुकी हैं। शुक्रवार रात को विजयनगर पुलिस को एक महिला ने पति व ससुराल वालों के खिलाफ केस दर्ज करवाया, कहा कि वे उससे दस लाख रुपए की मांग कर रहे थे।विजय नगर पुलिस ने स्कीम नंबर - 54 में रहने वाली किरण चौहान की शिकायत पर उसके पति राजेश चौहान, सास मालती चौहान, ससुर परशुराम चौहान और जेठ संतोष के खिलाप दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज करवाया है। महिला ने बताया कि उसका पति सास-ससुर व जेठ ने उसे जमकर पीटा। आए -न धमकाते थे और फिर दहेज में 10 लाख रुपए लाने की मांग करने लगे। आखिर में उसे बहुत परेशान कर घर से निकाल दिया। उधर, अन्नपूर्णा पुलिस ने जनसेवा नगर की विनिता की रिपोर्ट पर भी ससुराल वालों के खिलाफ मारपीट और प्रताड़ना का केस दर्ज किया है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today प्रतीकात्मक फोटो। Full Article
0 लॉकडाउन बढ़ने के साथ ही हाईकोर्ट और अधीनस्थ कोर्ट में 17 मई तक नहीं होगी नियमित सुनवाई By Published On :: Sat, 02 May 2020 13:33:00 GMT मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने शनिवार कोनई एडवाइजरी जारी कर प्रदेश की सभी अदालतों में 17 मई तक नियमित सुनवाई नही किए जाने के निर्देश दिए है। हाईकोर्टके रजिस्ट्रार जनरल राजेंद्र कुमार वाणी ने आज हाईकोर्ट के चीफ जस्टिसएके मित्तल के आदेश पर एकपरिपत्र जारी किया है। जिसके मुताबिक,हाईकोर्ट की मुख्य बेंच जबलपुर के अलावा इंदौरऔर ग्वालियर बेंचमेंकिसी का भी प्रवेश पर बैन लगा दिया गया है। कोई भी प्रशासनिक या न्यायिक कार्य ई-मेल के जरिए जबलपुरके रजिस्ट्रार जनरल या रजिस्ट्रार ज्यूडीशियल द्वारा दोनों बेंचोंके प्रिंसिपल रजिस्ट्रारों को भेजे जाएंगे।निचली अदालतों में आगामी आदेश तक प्रवेश पूरी तरह से बैननिचली अदालतों में भी आगामी आदेश तक प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। अर्जेन्ट मामले की सुनवाई हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस या जिला अदालतों में संबंधित जिला सत्र न्यायाधीशों या फैमिली कोर्ट के प्रिंसिपल जज की अनुमति के बिना नहीं हो सकेगी। अर्जेन्ट मामलों की अनुमति मिलने पर संबंधित वकील या उनके पक्षकार को बताया जाएगा कि उन्हें किस जगह पर जाकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपना पक्ष रखना है।न्यायिक अधिकारियों व कर्मचारियों को फोन एक्टिव रखना होगापूर्व आदेश के अनुसार हाईकोर्टकी इंदौर बेंचमें अर्जेंट मामलों की सुनवाई नहीं किए जाने के संबंध में पारित आदेश को निलंबित कर दिया गया है। प्रदेश के सभी न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने मोबाईल फोन को एक्टिव मोड में रखना होगा। ऐसा इसलिए ताकि जरूरत पड़ने पर उनकी सेवाएं ली जा सकें। किसी भी अप्रत्याशित परिस्थिति में ऊपर दिए गए निर्दशों के तहत हाईकोर्ट या अन्यनिचली अदालतों में कामकाज हो सकेगा, लेकिन उसके पहले चीफ जस्टिस से अनुमति लेना जरूरी होगा। समय-समय पर केंद्र और राज्य सरकार द्वारा जारी किए जाने वाले दिशा-निर्देशों का सभी संबंधितों को अक्षरशः पालन करना होगा। किसी भी रूप में इन निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today हाईकोर्ट ने लॉकडाउन दो हफ्ते बढ़ने के साथ नई एडवाइजरी जारी की है। Full Article
0 उज्जैन में दो साल की बच्ची समेत 9 लोग कोराेना संक्रमित, अब तक कुल 156 पाॅजिटिव, 30 लाेगाें की जान गई By Published On :: Sat, 02 May 2020 14:23:04 GMT धार्मिक नगर उज्जैन में कोरोना का संक्रमण लगातार पैर पसार रहा है। शनिवारजारी रिपोर्ट में 9नए मामले सामने आए। वहीं, तीनलोगों की मौत की पुष्टि हुई। इसे मिलाकर जहां संक्रमितों का आंकड़ा अब 156पहुंच गया है। वहीं, मरने वालों की संख्या 30 हो गई है। संक्रमितों में नागदा और बड़नगर के लोग भी शामिल हैं। उज्जैन में बेगम बाग की करीब दो सालबच्ची में भी कोरोना की पुष्टि हुई है। इसके अलावा ज्यादातर पाॅजिटिव मरीज कंटेनमेंट एरिया से ही हैं।केडी गेट व कमरी मार्ग सबसे ज्यादा संक्रमितसबसे ज्यादा असर भार्गव मार्ग, केडी गेट, कमरी मार्ग के कंटेनमेंट एरिया में है, जहां 29 पॉजिटिव हैं। दूसरा नागौरी मोहल्ला, तोपखाना, अमरपुरा कंटेनमेंट क्षेत्र है जहां 25 पॉजिटिव हैं। तीसरा बेगमबाग, जबरन कॉलोनी कंटेनमेंट है जहां 12 पॉजिटिव हैं। सबसे पहले कंटेनमेंट क्षेत्र बने जांसापुरा में 8, गीता कॉलोनी, पटेल मार्ग, रविंद्रनाथ टैगोर मार्ग एरिया में 7 पॉजिटिव हैं। 9 कंटेनमेंट एरिया में 1-1, 3 में 2-2 तथा 2 में 3-3, 1 में 4 तथा 2 में 5 पॉजिटिव मरीज मिले।10 लोगों को हाई बीपी और शुगर थीकोरोना पॉजिटिव सबसे ज्यादा 10 लोगों की मौत हाई बीपी, अस्थमा, दिल की बीमारियां, शुगर के कारण चपेट में आने से हुई है। कोरोना के लक्षणों वाली बीमारियों से 4 तथा 11 अन्य की मौत कोरोना के साथ हाईपरटेंशन व बीमारियों के कारण चपेट में आने से हुई। विश्लेषकों ने पीड़ितों की बीमारियों को 12 केटेगरी में रखा है। विश्लेषकों के अनुसार जिन मरीजों को पहले से हाइपरटेंशन, शुगर, अस्थमा, बीपी जैसी गंभीर बीमारियां हैं, उन्हें बहुत सावधान रहना चाहिए। यदि उन्हें कोरोना के प्रमुख लक्षण जैसे सर्दी, जुखाम, बुखार, सिरदर्द, सांस लेने में परेशानी आदि नजर आते हैं तो तुरंत जांच कराना चाहिए।23 अप्रैल- कोरोना ब्लॉस्ट का दिन25 मार्च को पहला पॉजिटिव मिला था। इन दिनों में 23 अप्रैल ऐसी तारीख है जो कोरोना विस्फोट के रूप में जानी जाएगी। इस दिन 43 पॉजिटिव मिले। इसके पहले 22 को 20 और इसके बाद 24 को 15 पॉजिटिव आए। 39 में से 15 दिन सुकून के थे जब एक भी पॉजिटिव नहीं आया। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today वार्ड एक के पार्षद संजय कोरट अपने 10 कार्यकर्ताओं के साथ पारस नगर, राम नगर, कोलूखेड़ी, आबूखाना, तोड़ी बस्ती आदि क्षेत्रों में रोजाना 400 परिवारों तक भोजन व सूखी खाद्य सामग्री पहुंचाते थे। हालांकि बढ़ते संक्रमण की वजह से 5 कार्यकर्ताओं ने आना बंद कर दिया। Full Article
0 40 दिन बाद ग्रामीण क्षेत्र में उद्योग हुए शुरू, फैक्टरी में फिर से बनने लगी चॉकलेट By Published On :: Sat, 02 May 2020 23:30:00 GMT संजय गुप्ता.पीथमपुर में 200 से ज्यादा इंडस्ट्री शुरू होने के बाद इंदौर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भी इंडस्ट्री शुरू होने लगी हैं। शुरुआत बरदरी, भौंरासला, रंगवासा आदि क्षेत्रों की फैक्टरियों से हुई। एक चॉकलेट कंपनी के एमडी संजय अग्रवाल ने बताया कि उनकी फैक्टरी बरदरी में है। यह करीब 40 दिन बाद शुरू हुई। फैक्टरी को पूरी तरह सैनिटाइज किया गया। मप्र इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एमपीआईडीसी) के रीजनल डायरेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने बताया कुछ और इंडस्ट्री में काम शुरू करने के लिए आवेदन आए हैं।70 और उद्योगों को काम शुरू करने की मंजूरी दीग्रामीण क्षेत्र के 70 और उद्योगों को काम शुरू करने की मंजूरी जिला प्रशासन और एमपीआईडीसी ने जारी की। इसके पहले 60 उद्योगों को काम शुरू करने की इजाजत दी थी। कलेक्टर मनीष सिंह ने बताया नगरीय सीमा में भी कई इंडस्ट्री एेसी हैं जिनका माल बना है और ट्रक खड़े हैं। अब इन्हें माल लोडिंग-अनलोडिंग करने की मंजूरी जारी हो रही है। एेसे करीब 217 उद्योगों की सूची मिली है, जिनकी जांच कर अनुमति जारी की जा रही है। इसके बाद अगले चरण मंे नगरीय सीमा में इंडस्ट्री किस तरह खोली जाए, इसके िलए औद्योगिक संगठनों से सूची मांगी है और इनका परीक्षण किया जा रहा है। पहले चरण में कृषि, फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री को मंजूरी देंगे, जो अपने कैम्पस में श्रमिकों को रखकर काम करवा सकेंगे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 40 days later industries started in rural areas, chocolate started being made again in factory Full Article
0 शिकायत के बाद निगम ने फिंकवाई एक टन खराब सब्जियां, 150 रुपए में घर पहुंच रही हैं 8 तरह की सब्जियां By Published On :: Sun, 03 May 2020 07:01:24 GMT नगर निगम के अधिकारियों ने रविवार सुबह घर-घर पहुंचाई जाने सब्जियों में से लगभग एक टन खरब सब्जियां फिंकवाई। नगर निगम ने शनिवार से घर-घर सब्जियां पहुंचाने की व्यवस्था शुरूकी थी। पहले ही दिन इसके तहत 19522 ऑर्डर किराना व्यापारियों के माध्यम से मिले थे। 19 जोन के 18068 घरों तक सब्जियां डिलीवरी की गई थी। हालांकि कई लोगों की शिकायत थी कि उन्हें खराब औरकम मात्रा में सब्जियां मिलीहैं जिसके बाद रविवार को निगम अधिकारियों ने उक्त कार्रवाई को अंजाम दिया।घर-घर सब्जी पहुंचाने की व्यवस्था के तहत तीन जोन में सब्जियों के खराब होने, कम वजन और तय आठ आइटम में से दो या तीन कम होने की शिकायतें निगम को मिलीथीं। एक व्यक्ति ने फेसबुक पर खराब सब्जियों की पोस्ट डाल दी। उसकी सब्जियां तो निगम अधिकारियों ने बदलवा दी लेकिन बाकी लोगों को खराब ही रखना पड़ीं थी। शिकायत के बाद निगमायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि वे पैकिंग स्थलों पर जाकर व्यवस्था को देखें और लोगों को खराब सब्जियां नहीं मिले इसका ध्यान रखें।इस पर रविवार को अधिकारी सब्जी पैकिंग के विभिन्न स्थलों पर पहुंचे और खराब सब्जियां अलग करवाई। सूत्राें के अनुसार लगभग एक टन खराब सब्जियों को फेंकने के निर्देश अधिकारियों द्वारा दिए गए। निगमायुक्त आशीष सिंह के अनुसार सब्जियां पूरी तरह से सैनिटाइज करके भिजवाई जा रही हैं। जल्द हीअल्ट्रावायलेट लाइट से सब्जियों की ट्रॉलियों को पूरी तरह से वायरस और बैक्टीरिया फ्री कर भेजा जाएगा।आठ तरह की सब्जियां, भाव 150 रुपएखंडवा रोड स्थित एक मैरिज गार्डन में सब्जियों के पैकेट तैयार किए जा रहे हैं। चार किलो के पैकेट में आठ तरह की सब्जियां तय की हैं। भाव 150 रुपए है। पैकिंग में मिर्ची 200 ग्राम, अदरक 100 ग्राम, धनिया 200 ग्राम, नींबू दाे, लौकी/गिलकी एक किलो, भिंडी 500 ग्राम, टमाटर एक किलो, सीजनल सब्जी एक किलो (बैंगन, पालक, ककड़ी, गाजर या गोभी) दी जा रही है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today खंडवा रोड स्थित एक मैरिज गार्डन में सब्जियों के पैकेट तैयार किए जा रहे हैं। चार किलो के पैकेट में आठ तरह की सब्जियां हैं। Full Article
0 सोमवार से ऑरेंज और ग्रीन जोन में कुछ राहत मिलेगी, इंदौर और भोपाल के रेड जोन में पहले जैसी सख्ती बनी रहेगी By Published On :: Sun, 03 May 2020 16:47:11 GMT लॉकडाउन फेज-2 का आज आखिरी दिन है। प्रदेश में शनिवार देर रात तक कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 2811 पर पहुंच गई। इनमें 153 की मौत हो गई है। इंदौर में 1568 और भोपाल में 539 मरीज हैं। सोमवार से फेज-3 शुरू हो जाएगा। आगे कहां क्या रियायतें और क्या बंदिशें रहेंगी यहतय करने का जिम्मा राज्य सरकार ने कलेक्टरों को सौंपा है। कलेक्टर जिला स्तर पर स्थिति की समीक्षा करकेदेर शाम तक आदेश जारी करेंगे। इधर, भोपाल और इंदौर कलेक्टर ने साफ कर दिया है कि दोनों ही स्थानों पर सख्ती जारी रहेगी। बेवजहलोग घरों से बाहर न निकलें।राज्य सरकार ने 4 मई के बाद कंटेनमेंट क्षेत्र के बाहर प्रदेशभर में छूट देने का प्लान बना लिया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को कोरोना समीक्षा के दौरान कलेक्टरों से कहा कि वे तीन दिन में नए सिरे से अपने जिलों का आकलन कर रिपोर्ट दें। आज फिर मुख्यमंत्री एक बार चर्चा करेंगे, इसके बाद जिलों को ढील के लिए अधिकृत किया जाएगा। लेकिन, शराब औरगुटखा शॉप को 4 मई के बाद शर्तों के साथ खोला जाएगा। आबकारी विभाग ने सभी कलेक्टरों को इसके निर्देश भेज दिए हैं। ग्रीन जोन में शराब की दुकानें खुल जाएंगी।ऑरेंज औररेड जोन में कहां दुकानें खुलनी हैं, कहां नहीं, इसका फैसला कलेक्टर लेंगे।ये मजदूर बिहार के हैं। राजधानी में भदभदा के पास बन रहे एक होटल में काम कर रहे थे। घर जाने की खुशी में स्टेशन के लिए पैदल ही चल दिए।शादी में 50 और अंत्येष्टि में 20 लोग शामिल हो सकेंगेराज्य सरकार ने सिनेमाघरों को दो सप्ताह के लिए और बंद कर दिया है। इधर, शादी-समारोह के लिए 4 मई से प्रस्तावित ढील को बढ़ा दिया गया है। पहले दूल्हा-दुल्हन के साथ 5 से 10 लोगों को मंजूरी थी, लेकिन अब इसे 50 किया जा रहा है। अंत्येष्टि में अधिकतम 20 लोग शामिल हो सकेंगे।सभी जोन में ये सब बंद रहेगा स्कूल, कॉलेज, शैक्षणिक कार्य, कोचिंग बंद रहेंगी। पुलिस, शासकीय अधिकारी, स्वास्थ्य कर्मी और लॉकडाउन में फंसे लोगों के लिए हॉस्पिटेलिटी सेवाओं को छोड़कर बाकी हॉस्पिटेलिटी सेवाएं बंद रहेंगी। सिनेमाहॉल, शॉपिंग मॉल, जिम्नेजियम, स्पोटर्स कॉम्प्लेक्स, स्वीमिंग पूल, मनोरंजन पार्क, थिएटर, बार, सभागृह। सामाजिक, राजनीतिक, एकेडमी, सांस्कृतिक, धार्मिक गतिविधियां भी बंद रहेंगी। गैर जरूरी गतिविधियों के लिए आवाजाही पर शाम 7 से सुबह 7 बजे तक पाबंदी रहेगी। बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं, 10 साल से छोटे बच्चे बाहर नहीं निकलेंगे। कंटेनमेंट जोन में ओपीडी औरक्लीनिक बंद रहेंगे।रेड जोन में इनकी अनुमति बाजार में आवश्यक सामान बेचने वाली दुकानें खुलेंगी। एकल दुकानें, मोहल्ले की दुकानें और आवासीय परिसर की दुकानें खुलेंगी। ग्रामीण क्षेत्रों में सभी दुकानें खुलेंगी। ऑनलाइन बाजार में सिर्फ आवश्यक वस्तुओं को ही अनुमति रहेगी। निजी ऑफिस 33 फीसदी क्षमता के साथ चलेंगे। सरकारी दफ्तर उप सचिव स्तर तक के 100 फीसदी अफसर रहेंगे। शेष 33 फीसदी को अनुमति। दोपहिया पर एक, चार पहिया में ड्राइवर औरदो लोगों की अनुमति। ग्रामीण क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधि। जूट उद्योग, औषधि, फार्मास्यूटिकल इकाइयां।ऑरेंज जोन-एक से दूसरे जिले में निजी परिवहन सशर्त मंजूर। कैब-टैक्सी ड्राइवर औरदो यात्री की अनुमति।ग्रीन जोन-50% बैठने की क्षमता के साथ बसें चल सकती हैं। ग्रामीण औरशहरी इलाकों में ऑफिस खुलेंगे।कोरोना अपडेट्स भोपाल के बैरागढ़ में लॉकडाउन का उल्लंघन करके टहलने निकले 42 लोगों को गिरफ्तार किया गया। उनके खिलाफ केसदर्ज किया है। 25 से 30 लोग भागने में सफल हो गए। बैरागढ़ पुलिस ने बताया कि वन ट्री हिल्स इलाके में शाम को लोग टहलने निकलते थे, लेकिनपुलिस की गाड़ी देखकर घरों में छिप जाते थे। भोपाल मेंपिछले एक सप्ताह से बंद नगर निगम का आईएसबीटी स्थित कॉल सेंटर रविवार से काम करना शुरू कर देगा। 27 अप्रैल को कॉल सेंटर की दो कॉलर की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद इसे बंद कर दिया गया था। इस कॉल सेंटर के नंबर 18002330014 पर सफाई, सीवेज, अतिक्रमण, अवैध निर्माण आदि से संबंधित शिकायतें दर्ज होती हैं। पन्ना: यहां पहला कोरोना संक्रमित मिलने के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। इलाके को सील कर दिया गया है। सीएमएचओ डॉ. एलके तिवारी ने बताया कि 10 लोगों के सैम्पल जांच के लिए भेजे गए थे। पॉजिटिव मरीज का शुरुआती उपचार बनौली कोविड सेंटर में शुरू किया गया। इसके संपर्क में आए लोगों के सैम्पललिए गए हैं। जिले में अब तक 214 सैम्पलजांच के लिए भेजे गए। बाहर से आए 15345 लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। श्योपुर: कोतवाली पुलिस ने बताया कि पोस्ट ऑफिस के पास शनिवार शाम बाबूलाल विजयवर्गीय की दुकान में शटर डालकर ग्राहकों को कपड़ा बेचे जा रहे थे। पुलिस को मौके पर 15 ग्राहक और 10 से ज्यादा कर्मचारी मिले। दुकान सील कर दीगई। यहां से प्रमोद विजयवर्गीय और विनोद को हिरासत में ले लिया। दोनों के खिलाफ धारा 188 के तहत केस भी दर्ज किया गया।ये तस्वीर भोपालके जहांगीराबाद इलाके की है। यहां सबसे ज्यादा संक्रमित मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कैंप लगाया है।स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक 2837संक्रमित: इंदौर 1568, भोपाल 532, उज्जैन 156, जबलपुर 96, खरगोन 77, धार 55, खंडवा 47, रायसेन 57, होशंगाबाद 36, बड़वानी 26, देवास 26, बुरहानपुर 18, रतलाम16, मुरैना 16, विदिशा 13, आगर मालवा 12, मंदसौर 36, शाजापुर 7, सागर और छिंदवाड़ा 5-5, ग्वालियर 5, श्योपुर 4, हरदा-अलीराजपुर-शहडोल में 3-3, रीवा-शिवपुरी और टीकमगढ़ में 2-2, अनूपपुर 2,बैतूल, डिंडोरी, अशोकनगर, पन्ना-निवाड़ी में एक-एक संक्रमित मिला। अन्य राज्य के 2 मरीज हैं। अब तक 156 की मौत: इंदौर 76, उज्जैन 30, भोपाल 15, खरगोन और देवास में 7-7, खंडवा 5, होशंगाबाद में 4, रायसेन 2, मंदसौर 3, धार, जबलपुर, आगर मालवा, शाजापुर, छिंदवाड़ा, अशोकनगर में एक-एक की मौत हो गई। स्वस्थ्य हुए 798 मरीज: इंदौर 350, भोपाल 237, उज्जैन 18, जबलपुर 10, खरगोन 24, रायसेन 3, धार 11, खंडवा 32, होशंगाबाद 19, मंदसौर 5, बड़वानी 22, देवास 11, रतलाम 11,मुरैना और विदिशा 13-13, शाजापुर 6, सागर-अलीराजपुर और बैतूल 1-1, छिंदवाड़ा-ग्वालियर, शिवपुरी2-2, श्योपुर में 4मरीज स्वस्थ हुए।(स्वास्थ्य विभाग द्वारा 3मई को शाम 6 बजे जारी बुलेटिन के अनुसार) Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today गुना में लॉकडाउन और संक्रमण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए पुलिस ने मार्च निकाला। इसमें एक आरक्षक ने कोरोनावायरस का रूप रखा। Full Article
0 70 वर्षीय पहलवान ने कोरोना को पछाड़ा, स्वागत में गली ने बनाई रंगाेली By Published On :: Sun, 03 May 2020 23:13:00 GMT अस्पतालों और कोरोना सेंटर्स से मरीजों के स्वस्थ होकर घर लौटने का सिलसिला जारी है। मनोरमा राजे टीबी अस्पताल से रविवार को आठ मरीजों और चोइथराम अस्पताल से चार मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया गया। डॉक्टर्स, नर्स, पैरामेडिकल और सफाई कर्मचारियों ने तालियां बजाकर उन्हें विदाई दी। सोमवार को इंडेक्स मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल से 50 से ज्यादा मरीज स्वस्थ होकर घर लौटेंगे। टीबी अस्पताल से अब्दुल हमीद, साजिद खान, भरत पटवा, रामकुमार जाट, शबाना बी, साजिद (बड़वानी), अंकिता दास और बानो बी (बड़वानी) को डिस्चार्ज किया गया। चोइथराम अस्पताल से डिस्चार्ज हुए मरीजों में प्रगति सिंह, कमर कुरैशी, बाबूलाल यादव और ख्याति ओझा शामिल हैं।तंबोली बाखल में अद्भुत नजारा देखने को मिला। यहां कोरोना की जंग जीतकर लौटे 70 वर्षीय बाबूलाल यादव के स्वागत में दीपावली जैसा नजारा दिखा। पूरी गली में रंगोली बनाई, दीये जलाए और तालियां बजाकर रहवासियों ने स्वागत किया। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today मनोरमा राजे टीबी अस्पताल से रविवार को आठ मरीजों और चोइथराम अस्पताल से चार मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया गया। Full Article
0 लॉकडाउन में 105 परिवारों को दिया जरूरी सामान व नकद राशि By Published On :: Sun, 03 May 2020 23:30:00 GMT जरूरतमंदों को निरंतर खाद्य सामग्री व जरूरी उपयोग की वस्तुएं वितरित की जा रही हैं। लोकडाउन के दौरान मेहता परिवार द्वारा पहले 21 परिवारों को खाद्य सामग्री व अन्य जरूरी सामान वितरित किया गया। दूसरी बार 61 परिवारों को चिन्हित कर उन्हें राशन आवश्यक सामग्री दी। रविवार को 23 परिवारों को चिन्हित कर जरूरी सामग्री व सब्ज़ी क्रय करने के लिए नकद राशि का वितरण भी किया गया। इस तरह अब तक कुल 105 परिवारों की सहायता की। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
0 किसान के साथ हुई मारपीट के विरोध में युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव अनशन पर बैठे By Published On :: Sun, 03 May 2020 23:30:00 GMT युवाकांग्रेस के प्रदेश सचिव परितोष सिंह राठौड़ पिछले 8 वर्ष से श्योपुर में रह रहे हैं। पिछले महीने अपने गृह गांव काछीबड़ौदा आए थे। लाॅकडाउन में यहीं फंसने से गेहूं खरीदी केंद्र पर किसान के साथ तहसीलदार द्वारा मारपीट करने के विराेध में काछीबड़ौदा में शनिवार सुबह 9 बजे से अनशन पर बैठ गए हैं। किसान से मारपीट करने वाले तहसीलदार को सस्पेंड करने की मांग कर रहे है। परितोष सिंह राठौर ने बताया पिछले दिनों गेहूं उपार्जन केंद्र सलमान्या साइलो पर उपज लेकर गए किसान रमेश माली को प्रबंधक ने क्वालिटी अच्छी नहीं होना बताकर गेहूं का नमूना फेल कर दिया था। किसान को अपनी उपज वापस घर पर ले जाने के लिए कहा था। जिस पर कई किसानों ने केंद्र पर हंगामा किया था। हंगामे की सूचना तहसीलदार शिवराज मीणा को दी थी। तहसीलदार ने मंडला के किसान रमेश माली के साथ मारपीट की है। जिसके कारण उसके हाथ में चोट आई थी। घटना को लेकर किसानों में आक्रोश बढ़ने पर कलेक्टर ने तहसीलदार को तुरंत वहां से हटा दिया। राठौड़ इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है। जहां तक तहसीलदार को सस्पेंड नहीं किया जाता वहां तक अनशन पर बैठे रहने की बात कही। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today State Secretary of Youth Congress sat on hunger strike in protest against the fight with farmer Full Article
0 लॉकडाउन-2 में संभला इंदौर, अब 3.0 में उबर सके इसलिए सख्ती जरूरी By Published On :: Sun, 03 May 2020 23:37:00 GMT तीसरे लॉकडाउन की शुरुआत सोमवार से हो रही है। पिछले दो लॉकडाउन की तुलना करें तो सैंपलिंग दोगुना हो गई है। लेकिन रिकवरी दर में पांच गुना बढ़ोतरी हुई है और वहीं मृत्यु दर काफी कम हुई है। एेसे में संकेत हैं कि अब तीसरे लॉकडाउन के दौरान इंदौर में तेजी से सुधार होगा, क्योंकि टेस्ट पॉजिटिव रेट भी 10% के नीचे सैटल होते नजर आ रहा है। बीते चार दिनों से यह चार से दस फीसदी के बीच चल रहा है।पीपीई किट पहनने के बाद स्टाफ की तबीयत बिगड़ी, ताबड़तोड़ किट बदलवाएकोरोना से लड़ने के लिए चिकित्सकीय स्टाफ किन मुश्किलों से काम कर रहा है, इसका ताजा मामला एमवाय में सामने आया। फ्लू-ओपीडी में शनिवार सुबह स्टाफ के 2 कर्मचारी पीपीई पहनने के कुछ देर बाद घबरा गए। पसीना-पसीना हो गए। उन्हें तुरंत कैजुअल्टी ले जाया गया, जहां उनकी जांच की गई। इसी तरह की समस्या एमटीएच अस्पताल में भी एक कर्मचारी ने दर्ज करवाई।अस्पताल प्रशासन का कहना है कि यही किट स्टाफ के अन्य सदस्यों ने भी पहनी थी। सिर्फ दो लोगों को बेचैनी महसूस हुई। तत्काल उन्हें बदलकर दूसरी किट दे दी गई थी। जानकारी के अनुसार ओपीडी में शनिवार को एक वार्ड बॉय और शासकीय नर्सिंग कॉलेज की छात्रा को पीपीई किट पहनने के कुछ देर बाद ही घबराहट और बेचैनी महसूस होने लगी। चंद मिनटों में ही वह पसीना-पसीना हो गई और घबराहट के मारे गिरने की स्थिति में आ गई। अन्य स्टाफ दौड़ते हुए पहुंचा और उसे पंखे के नीचे लेटाया। इसकी सूचना अस्पताल प्रशासन को मिली। ताबड़तोड़ किट बदलकर दूसरी किट उपलब्ध करवाई गई। स्टाफ का कहना है कि किट की क्वालिटी अच्छी नहीं थी। इससे गर्मी बढ़ गई। यह प्लास्टिक के मटेरियल के बने थे। अंदर भी लेमिनेटेड लेयर थी। गर्मी बढ़ने से पसीना-पसीना हो गए और घबराहट होने लगी। वैसे भी इन दिनों तापमान 40 डिग्री के आसपास चल रहा है। ऐसे में पीपीई पहनकर काम करना दुरूह कार्य है।अधीक्षक डॉक्टर पीएस ठाकुर ने बताया कि किट की क्वालिटी में कोई खराबी नहीं है क्योंकि उस दिन सभी को यह किट उपलब्ध करवाई गई थी। अन्य स्टाफ ने भी यही किट पहनी थी। किसी को परेशानी नहीं हुई। दो लोगों को डिहाइड्रेशन की शिकायत हो गई थी। किट पहनने के बाद उन्हें गर्मी ज्यादा लगी। उन्हें बदलकर दूसरी किट दे दी गई थी। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today तीसरे लॉकडाउन की शुरुआत सोमवार से हो रही है। पिछले दो लॉकडाउन की तुलना करें तो सैंपलिंग दोगुना हो गई है। Full Article
0 समर्पण जागरण मंच दाे साल से चला रहा अभियान, लक्ष्य 300 सकाेरे बांटने का By Published On :: Sun, 03 May 2020 23:48:00 GMT गर्मी में बढ़ते तापमान से निजात दिलाने का सबसे सरल साधन पानी है। यह इंसान और पशु-पक्षियों के लिए जरूरी है। इंसान तो आसानी से इसकी व्यवस्था कर लेता है। लेकिन पशु पक्षियों को काफी दिक्कत होती है। इसको देखते हुए सामाजिक संगठन और समाजसेवी जुट गए हैं। बेजुबान पशु पक्षियों की प्यास बुझाने के लिए सकोरे की व्यवस्था कर लाेगाें काे नि:शुल्क बांट रहे हैं ताकि वे पानी भरकर छत व पेड़-पाैधाें के पास रख सकें। समर्पण जागरण मंच बगड़ी ने लाॅकडाउन में कुम्हार परिवार काे राेजगार उपलब्ध कराने के लिए मिट्टी के सकाेरे बनवाए। सकाेरे बनने के बाद नगर में घूम कर बेजुबान पशु, पक्षियों की प्यास बुझाने के 100 सकाेरे बांटे। जिस घर परिवार में यह सकाेरे दिए उन्हें राेजाना इसमें पानी भरकर घर की छत, बालकनी व पेड़-पाैधे के आसपास भरकर रखने का निवेदन किया। लाेगाें ने भी सहयाेग का भराेसा दिलाया।संस्था के कपिल चाैधरी ने बताया 2 वर्षों से सकाेरे बांट रहे हैं। अब तक 500 से अधिक सकोरों का नि:शुल्क वितरण कर चुके हैं। इस साल 300 सकोरे बांटने का लक्ष्य है। बगड़ी के अलावा आसपास के गांवों में भी सकाेरे बांट कर नियमित पानी और दाना डालने के लिए प्रेरित किया जाएगा। धीरज कामदार, निर्मल मंडलोई, हेमंत कोटवाल, अक्षय पटेल, अभिषेक सोनवानिया, अंकित राठौर, शुभम शर्मा सहयाेग कर रहे।घर की छत पर अनाज औरपानी से भरा सकोरा रखाइस भीषण गर्मी में प्यासे पक्षियों के लिए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के आह्वान पर एसएफडी द्वारा सेल्फी विथ सकाेरा अभियान चलाया जा रहा है। अभाविप की जिला विभाग छात्रा प्रमुख सृष्टि बिल्लोरे सहित पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं द्वारा अभियान में हिस्सा लेकर घर की बालकनी, छत पर पानी का सकोरा व अनाज रख सेल्फी लेकर सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही। इस अभियान में अभाविप के कार्यकर्ताओं सहित नागरिकों, समाजसेवियों, संघ के स्वयं सेवकों एवं भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी भाग लिया। भाजयुमो खेल समिति इंदौर संभाग संयोजक एवं धार जिला क्रिकेट एसोसिएशन उपाध्यक्ष निखिल ग्वाल ने भी छत पर सकोरे व अनाज रखा। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Dedication Jagran Manch campaign for the last two years, the goal of sharing 300 Full Article
0 40 लेबर सैनिटाइज होकर साबुन से धोते हैं हाथ, मास्क लगा करते हैं सब्जियां पैक By Published On :: Mon, 04 May 2020 00:22:00 GMT दीपेश शर्मा.सब्जी सप्लाय की डोर टू डोर व्यवस्था को लेकर लोगों के मन में आशंका थी कि सब्जियों के साथ कहीं कोरोना वायरस तो घर-घर नहीं पहुंच रहा है। इसकी पड़ताल के लिए रविवार को भास्कर सीधे उस स्थान पर पहुंचा जहां से सब्जियां पैक होकर आपके घरों तक पहुंच रही हैं। यहां नगर निगम की टीम दिन में चार बार पड़ताल के लिए आ रही है कि सब्जियों को पैक करने में लापरवाही तो नहीं बरती जा रही। सब्जियों को सप्लाय करने से पहले पूरी तरह सैनिटाइज किया जा रहा है। खंडवा रोड स्थित चौखी ढाणी से शनिवार को दो हजार पैकेट सब्जी के सप्लाय हुए और रविवार को चार हजार पैकेट भेजे गए। यहां 40 लेबर दिन-रात सब्जियों के पैकेट बनाने में जुटे हैं। लेबर शुभम ने बताया हमारे आने के बाद ट्रैक्टर से मशीन चलाकर केमिकल से पूरा छिड़काव करवाया जाता है। इसके बाद साबुन से अच्छे से हाथ धुलवाने के बाद फिर सब्जियों की पैकिंग में लगाया जाता है। हम सभी को मास्क या रूमाल बांधने के लिए कहा जाता है। अगर कोई मास्क उतार दे तो डांट पड़ती है। सब्जी व्यापारी अशोक चौधरी ने बताया सब्जियां सीधे खेत से आती हैं। लेबर को एक-दूसरे से 2 से 3 फीट दूर बैठाकर पैकिंग करवाई जाती है। सारे पैकेट पर सीकर मशीन से सैनिटाइजेशन किया जाता है। यहां से उन्हें लोडिंग वाहनों से संबंधित किराना दुकानदार तक पहुंचाया जाता है। खराब सब्जियों को अलग कर देते हैं।व्यापारी ने कहा किसान लाया था खराब मालअपर आयुक्त ने बताया शहनाई गार्डन में व्यापारी शक्ति विरहे का माल था जबकि शक्ति विरहे ने कहा यह माल नवीन भिलवारे का था। शक्ति विरहे ने कहा खराब माल हमने पहले ही अपर आयुक्त को बताकर अलग करने का कहा था जबकि नवीन भिलवारे ने कहा किसान खराब माल लाया था।हजार किलो खराब सब्जियां फिंकवाईजोन 13 में शनिवार को खराब सब्जियों की सबसे ज्यादा शिकायतें आई थीं। अपर आयुक्त एमपीएस अरोरा मौके पर पहुंचे तो एक हजार किलो भिंडी और बैंगन खराब मिले, जिन्हें पैकेट में भरा जा रहा था। अपर आयुक्त ने खराब सब्जियां फिंकवा दी।श्री नगर एक्सटेंशन निवासी भूपेश शर्मा ने शिकायत की कि खराब सब्जियां आईं। वजन भी कम निकला। भिंडी 500 ग्राम आना थी, वह 400 ग्राम ही आई। हरा धनिया 200 ग्राम के बजाय 78 ग्राम निकला। वह भी खराब था। सीजनल सब्जी भी 1 किलो के बजाय 400 ग्राम आई। बैंगन एक किलो के बजाय 680 ग्राम आए। उधर, जोन 13 में रविवार को भी खराब पत्ता गोभी लोगों के घरों तक पहुंची। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today सब्जी सप्लाय की डोर टू डोर व्यवस्था को लेकर लोगों के मन में आशंका थी कि सब्जियों के साथ कहीं कोरोना वायरस तो घर-घर नहीं पहुंच रहा है। Full Article
0 40 दिन से घर नहीं गए डॉक्टर भार्गव, रोज कर रहे 100 से ज्यादा मरीजों का इलाज By Published On :: Mon, 04 May 2020 00:27:00 GMT प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उमरकोट में पदस्थ डॉक्टर व यहां का स्टाफ ग्रामीणों को कोराेना संक्रमण के प्रति जागरूक कर रहा है। सबसे अहम बात यह है कि यहां पदस्थ डॉ. जितिन भार्गव करीब 40 दिनों से अपने घर नहीं गए हैं। वे लगातार यहां मरीजों का उपचार कर रहे हैं। इस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहले करीब 50 मरीज इलाज के लिए आते थे। लेकिन इन दिनों इनकी संख्या 100 से ऊपरपहुंच गई है। क्योंकि लॉकडाउन में आसपास के क्षेत्र में निजीप्रेक्टिस करने वालों ने भी मरीजों को देखना बंद कर दिया है, जो लोग सरदारपुर जाते थे वे भी कोराेना संक्रमण के डर सेवहां नहीं जा रहे। ऐसे में इस स्वास्थ्य केंद्र पर मरीजों का दबाव बढ़ गया है।डॉ. भार्गव कहते हैं ग्रामीण डर के मारे सरदारपुर (धार) नहीं जा रहे हैं, क्योंकि संक्रमण का खतरा सबसे ज्यादा अस्पताल में ही रहता है। ऐसे में क्षेत्र के मरीज उमरकोट में ही आ रहे हैं, जिन्हें उपचार दिया जा रहा है। साथ ही उन्हें संक्रमण से बचने के उपाय बताए जा रहे हैं। गौरतलब है कि डॉ. भार्गव इंदौर के रहने वाले हैं, कोरोना के चलते वे भी 40 दिनों से लगातार यहीं पर ड्यूटी दे रहे हैं।छोटी-मोटी बीमारी में ना आएं अस्पतालडॉ. भार्गव ने बताया छोटी-मोटी बीमारी में भी लोग खतरा उठाकर स्वास्थ्य केंद्र आ रहे थे। ऐसे में उन्हें समझाइश दी कि वे ऐसी छोटी-मोटी परेशानी के लिए अस्पताल ना आएं। फोन पर ही मुझसे संपर्क करें। अगर कोई इमरजेंसी हो तो ही अस्पताल आएं। डॉ. भार्गव मोबाइल पर भी मरीजों को परामर्श दे रहे हैं। वे कहते हैं क्षेत्र में बाहर से आए लोगांे के घर जाकर उनकी स्क्रीनिंग की गई। जरूरत पड़ने पर उन्हें होम क्वारेंटाइन भी किया गया। ग्रामीणों को भी घर में रहने की समझाइश दी जा रही है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Doctor Bhargava did not go home for 40 days, treating more than 100 patients daily Full Article
0 30 क्वारेंटाइन सेंटर से 1300 लोग घर पहुंचे, 450 और बचे By Published On :: Mon, 04 May 2020 00:27:00 GMT शहर में कोरोना संकट के बीच एक अच्छी खबर। कोरोना के संक्रमित व संदिग्ध मरीज और उनके परिजन के लिए 46 क्वारेंटाइन सेंटर बनाए गए। इनमें से 30 सेंटरों के सभी 1300 से ज्यादा लोग क्वारेंटाइन अवधि पूरी कर घर जा चुके हैं। ये पूरी तरह ठीक हैं। अब 16 सेंटर में 450 लोग क्वारेंटाइन में हैं। इनमें से भी ज्यादातर लोगों को एक हफ्ते या उससे ज्यादा का समय पूरा हो चुका है। शहर में जो लोग कोरोना पॉजिटिव मिले थे, उनके परिजन (प्राथमिक संपर्क में आने वाले) को क्वारेंटाइन किया था। धीरे-धीरे यह आंकड़ा बढ़ता गया। स्थिति को देखते हुए क्वारेंटाइन सेंटर की संख्या भी बढ़ाई। हालांकि अब जिन सेंटर से लोग घर जा चुके, उन्हें खाली करवाकर सैनिटाइजेशन करवा दिया है। क्वारेंटाइन सेंटर प्रभारी विवेक श्रोत्रिय के अनुसार, अब सिर्फ 450 लोग क्वारेंटाइन सेंटर में हैं। इनकी संख्या भी कम हो रही है। अब जो लोग पॉजिटिव आ रहे हैं, उनके प्राथमिक संपर्क में आने वाले लोग सक्षम हैं तो उन्हें होम क्वारेंटाइन किया जा रहा है। बाकी को क्वारेंटाइन सेंटर लाया जा रहा है।आठ सेंटरों पर 25 से ज्यादा16 सेंटर में से चार पर 15-15 से ज्यादा लोग हैं। 25 से ज्यादा लोगों वाले आठ सेंटर हैं। सबसे ज्यादा 102 लोग निर्वाणा रिजॉर्ट में हैं। बाकी कुछ सेंटर पर दो, पांच और सात लोग भी हैं।आठ सेंटरों पर 25 से ज्यादा16 सेंटर में से चार पर 15-15 से ज्यादा लोग हैं। 25 से ज्यादा लोगों वाले आठ सेंटर हैं। सबसे ज्यादा 102 लोग निर्वाणा रिजॉर्ट में हैं। बाकी कुछ सेंटर पर दो, पांच और सात लोग भी हैं।पांच सेंटर को कोविड केयर सेंटर में बदलाक्वारेंटाइन सेंटर में से ही 5 सेंटर को कोविड केयर सेंटर में बदल दिया है। यहां उन लोगों को रखा है, जिनकी रिपोर्ट पॉजिटिव है पर उन्हें सर्दी, खांसी, बुखार जैसे लक्षण नहीं हैं। डॉक्टर इनकी लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। दोनों तरह के सेंटर में रहने वाले लोगों को रोज काढ़ा, च्यवनप्राश, चाय-दूध, नाश्ता, खाना दिया जा रहा है। क्वारेंटाइन सेंटर में देखभाल के लिए 250 लोगों की टीम है।क्वारेंटाइन सेंटर में से ही 5 सेंटर को कोविड केयर सेंटर में बदल दिया है। यहां उन लोगों को रखा है, जिनकी रिपोर्ट पॉजिटिव है पर उन्हें सर्दी, खांसी, बुखार जैसे लक्षण नहीं हैं। डॉक्टर इनकी लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। दोनों तरह के सेंटर में रहने वाले लोगों को रोज काढ़ा, च्यवनप्राश, चाय-दूध, नाश्ता, खाना दिया जा रहा है। क्वारेंटाइन सेंटर में देखभाल के लिए 250 लोगों की टीम है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today तस्वीर शुभकारज मैरिज गार्डन की है। यहां 73 लोग थे। सभी अब घर चले गए। इन लोगों ने रोज योग किया। फोटो | ओपी सोनी Full Article
0 जिले में 90% हुआ मूल्यांकन, ओएमआर शीट भरने का काम हुआ 20% By Published On :: Mon, 04 May 2020 00:38:00 GMT वैश्विक महामारी कोविड-19 संक्रमण के चलते माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल द्वारा कक्षा 10वीं-12वीं की वार्षिक परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं का गृह मूल्यांकन कराया जा रहा है। कॉपिया जांचने की लिए 10 दिन की समयसीमा दी गई थी, हालांकि पूरा मूल्यांकन होने में अभी करीब एक सप्ताह और लग सकता है।जिले में 90 प्रतिशत कॉपियों का मूल्यांकन हो चुका है। चूंकि लॉकडाउन 17 मई तक आगे बढ़ा दिया गया है। लिहाजा जिस तरह शिक्षकों के घर-घर कॉपियां मूल्यांकन के लिए भेजी गई हैं, वैसे ही जमा भी कराई जाएंगी। सहायक समन्वयक एमके खुराना ने बताया प्रत्येक मूल्यांकनकर्ता शिक्षक से लगातार संपर्क हैं। रोजाना चैक होने वाली कॉपियों की गणना कर प्रतिदिन की अपडेट रिपोर्ट ली जा रही है। कॉपियां जांचने के लिए झाबुआ सहित राणापुर, पेटलावद, रामा, मेघनगर व थांदला विकासखंड के शिक्षकों को दी गई है। पूरी कॉपी जंचने में करीब एक सप्ताह और लग सकते हैं। इसके बाद इन्हें जमा करने का सिलसिला शुरू होगा। गौरतलब है कि लॉकडाउन 17 मई तक आगे बढ़ा दिया गया है। इस दौरान सभी शिक्षण संस्थान बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। इस कारण जिस तरह शिक्षकों के घरों में कॉपियां भेजी गई थी, उसी तरह जमा भी कराई जाएंगी।शुरू हुआ ओएमआर शीट भरने का कामझाबुआ विकासखंड में किए जा रहे मूल्यांकन कार्य के बाद ओएमआर शीट भरने का काम भी शुरू कर दिया गया है। शीट भरने का काम सभी विकासखंड के शिक्षकों को समन्वयक संस्था उत्कृष्ट विद्यालय झाबुआ आकर ही करना होगा। इसे प्रारंभिक अंक सूची भी कह सकते हैं। इसमें शिक्षकों को अंक भरना होंगे। ओएमआर शीट भरने का काम 20 प्रतिशत हो चुका है। खुराना ने बताया जांच गई कॉपी में से 10 प्रतिशत का मूल्यांकन डिप्टी हेड करेंगे। इसके अलावा शून्य अंक और 90 अंक व अधिक वाली कॉपियों का भी डिप्टी हेड को पुन: परीक्षण करना होगा। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
0 जिले में 90% हुआ मूल्यांकन, ओएमआर शीट भरने का काम हुआ 20% By Published On :: Mon, 04 May 2020 00:38:00 GMT वैश्विक महामारी कोविड-19 संक्रमण के चलते माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल द्वारा कक्षा 10वीं-12वीं की वार्षिक परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं का गृह मूल्यांकन कराया जा रहा है। कॉपिया जांचने की लिए 10 दिन की समयसीमा दी गई थी, हालांकि पूरा मूल्यांकन होने में अभी करीब एक सप्ताह और लग सकता है।जिले में 90 प्रतिशत कॉपियों का मूल्यांकन हो चुका है। चूंकि लॉकडाउन 17 मई तक आगे बढ़ा दिया गया है। लिहाजा जिस तरह शिक्षकों के घर-घर कॉपियां मूल्यांकन के लिए भेजी गई हैं, वैसे ही जमा भी कराई जाएंगी। सहायक समन्वयक एमके खुराना ने बताया प्रत्येक मूल्यांकनकर्ता शिक्षक से लगातार संपर्क हैं। रोजाना चैक होने वाली कॉपियों की गणना कर प्रतिदिन की अपडेट रिपोर्ट ली जा रही है। कॉपियां जांचने के लिए झाबुआ सहित राणापुर, पेटलावद, रामा, मेघनगर व थांदला विकासखंड के शिक्षकों को दी गई है। पूरी कॉपी जंचने में करीब एक सप्ताह और लग सकते हैं। इसके बाद इन्हें जमा करने का सिलसिला शुरू होगा। गौरतलब है कि लॉकडाउन 17 मई तक आगे बढ़ा दिया गया है। इस दौरान सभी शिक्षण संस्थान बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। इस कारण जिस तरह शिक्षकों के घरों में कॉपियां भेजी गई थी, उसी तरह जमा भी कराई जाएंगी।शुरू हुआ ओएमआर शीट भरने का कामझाबुआ विकासखंड में किए जा रहे मूल्यांकन कार्य के बाद ओएमआर शीट भरने का काम भी शुरू कर दिया गया है। शीट भरने का काम सभी विकासखंड के शिक्षकों को समन्वयक संस्था उत्कृष्ट विद्यालय झाबुआ आकर ही करना होगा। इसे प्रारंभिक अंक सूची भी कह सकते हैं। इसमें शिक्षकों को अंक भरना होंगे। ओएमआर शीट भरने का काम 20 प्रतिशत हो चुका है। खुराना ने बताया जांच गई कॉपी में से 10 प्रतिशत का मूल्यांकन डिप्टी हेड करेंगे। इसके अलावा शून्य अंक और 90 अंक व अधिक वाली कॉपियों का भी डिप्टी हेड को पुन: परीक्षण करना होगा। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
0 जिले में 90% हुआ मूल्यांकन, ओएमआर शीट भरने का काम हुआ 20% By Published On :: Mon, 04 May 2020 00:38:00 GMT वैश्विक महामारी कोविड-19 संक्रमण के चलते माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल द्वारा कक्षा 10वीं-12वीं की वार्षिक परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं का गृह मूल्यांकन कराया जा रहा है। कॉपिया जांचने की लिए 10 दिन की समयसीमा दी गई थी, हालांकि पूरा मूल्यांकन होने में अभी करीब एक सप्ताह और लग सकता है।जिले में 90 प्रतिशत कॉपियों का मूल्यांकन हो चुका है। चूंकि लॉकडाउन 17 मई तक आगे बढ़ा दिया गया है। लिहाजा जिस तरह शिक्षकों के घर-घर कॉपियां मूल्यांकन के लिए भेजी गई हैं, वैसे ही जमा भी कराई जाएंगी। सहायक समन्वयक एमके खुराना ने बताया प्रत्येक मूल्यांकनकर्ता शिक्षक से लगातार संपर्क हैं। रोजाना चैक होने वाली कॉपियों की गणना कर प्रतिदिन की अपडेट रिपोर्ट ली जा रही है। कॉपियां जांचने के लिए झाबुआ सहित राणापुर, पेटलावद, रामा, मेघनगर व थांदला विकासखंड के शिक्षकों को दी गई है। पूरी कॉपी जंचने में करीब एक सप्ताह और लग सकते हैं। इसके बाद इन्हें जमा करने का सिलसिला शुरू होगा। गौरतलब है कि लॉकडाउन 17 मई तक आगे बढ़ा दिया गया है। इस दौरान सभी शिक्षण संस्थान बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। इस कारण जिस तरह शिक्षकों के घरों में कॉपियां भेजी गई थी, उसी तरह जमा भी कराई जाएंगी।शुरू हुआ ओएमआर शीट भरने का कामझाबुआ विकासखंड में किए जा रहे मूल्यांकन कार्य के बाद ओएमआर शीट भरने का काम भी शुरू कर दिया गया है। शीट भरने का काम सभी विकासखंड के शिक्षकों को समन्वयक संस्था उत्कृष्ट विद्यालय झाबुआ आकर ही करना होगा। इसे प्रारंभिक अंक सूची भी कह सकते हैं। इसमें शिक्षकों को अंक भरना होंगे। ओएमआर शीट भरने का काम 20 प्रतिशत हो चुका है। खुराना ने बताया जांच गई कॉपी में से 10 प्रतिशत का मूल्यांकन डिप्टी हेड करेंगे। इसके अलावा शून्य अंक और 90 अंक व अधिक वाली कॉपियों का भी डिप्टी हेड को पुन: परीक्षण करना होगा। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
0 काेरोना से मुक्ति के लिए माता के दरबार में पहुंचे कलेक्टर, 1000 साल पुराने मंदिर में प्रार्थना की By Published On :: Mon, 04 May 2020 05:09:55 GMT कलेक्टर शशांक मिश्र ने रविवार सुबह महाकाल वन के प्राचीन द्वार चौबीस खंभा के दोनों तरफ विराजित देवी महामाया और महालया का पूजन किया। कोरोना के संक्रमण के कारण रेड जोन में रखे गए उज्जैन जिले को इस आपदा से बचाने के लिए यह प्रतीकात्मक पूजन की गई। माना जाता है कि सम्राट विक्रमादित्य ने उज्जैन नगरी को आपदाओं से बचाने और नकारात्मक वातावरण को समाप्त करने के लिए भी यह पूजा की थी। इसके बाद हर साल शारदीय नवरात्रि की अष्टमी पर यह परंपरा निभाई जाती है। अभी वर्तमान में कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बाद धर्मशास्त्रों के विद्वान पं. आनंद शंकर व्यास से सांसद अनिल फिरोजिया ने परामर्श किया। इसके बाद कलेक्टर को नगर पूजा का सुझाव दिया। शहर के कई विद्वान नगर पूजा का सुझाव दे चुके हैं। कलेक्टर ने महामाया और महालया का पूजन करने के साथ महाकालेश्वर मंदिर में भी पूजा की।यह मंदिर करीब 1000 साल पुराना है। यहां पर आपदा-विपदा से लोग बचे रहे इसलिए नगर पूजा की जाती है।ऐसे करते हैं पूजन की शुरुआतयह मंदिर विश्व का संभवत: एक मात्र ऐसा मंदिर है, जहां महाअष्टमी के दिन माता को मदिरा चढ़ाई जाती है। सैकड़ों भक्तों की मौजूदगी में ढोल-ढमाकों के साथ गुदरी स्थित चौबीस खंभा माता मंदिर से नगर पूजा की शुरुआत की जाती है। कलेक्टर मदिरा की धार चढ़ाकर पूजा शुरू करते हैं। यह पूजा माता, भैरव व हनुमान मंदिर मिलाकर कुल 40 मंदिरों में होती है। 26 किलोमीटर की पैदल यात्रा के बाद संपन्न होने वाली इस पूजा में 5 किलो सिंदूर, दो डिब्बे तेल, 25 बोतल मदिरा सहित 39 प्रकार की विशेष पूजन सामग्री रखी जाती है। हालांकि इस वर्ष काेरोना संकट के कारण यह पूजा नहीं हो सकी थी।मदिरा का भोग लगाने की है परंपरामहाकाल वन के मुख्य प्रवेश द्वार पर विराजित माता महामाया औरमाता महालाया चौबीस खंभा माता मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है। यहां पर मंदिर के भीतर 24 काले पत्थरों के खंभे हैं, इसीलिए इसे 24 खंभा माता मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। यह उज्जैन नगर में प्रवेश करने का प्राचीन द्वार हुआ करता था। पहले इसके आसपास परकोटा हुआ करता था। तंत्र साधना के लिए प्रसिद्ध उज्जैन या प्राचीन अवंतिका के चारों द्वार पर भैरव तथा देवी विराजित हैं, जो आपदा-विपदा से नगर की रक्षा करते हैं। चौबीस खंभा माता भी उनमें से एक हैं। यह मंदिर करीब 1000 साल पुराना है। नगर की सीमाओं पर स्थित इन देवी मंदिरों में राजा विक्रमादित्य के समय से नगर की सुरक्षा के लिए पूजन और मदिरा चढ़ाए जाने की परंपरा चली आ रही है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today कलेक्टर शशांक मिश्र ने माता से जिले और देश को कोरोना से मुक्ति दिलाने की प्रार्थना की। Full Article
0 इंदौर में 106 स्वस्थ, दो डॉक्टर संक्रमित; नर्सिंग होम सील, मरीज शिफ्ट By Published On :: Mon, 04 May 2020 23:30:00 GMT शहर में कोविड-19 अस्पतालों से सोमवार को कुल 106 मरीज स्वस्थ होकर घर रवाना हुए। इनमें इंडेक्स मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल से 48, अरबिंदो से 47, चोइथराम अस्पताल से 3 और वाटर लिली से 8 मरीजों को स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया। उधर, जिला प्रशासन की टीम ने राजबाड़ा स्थित अर्पण नर्सिंग होम को सील कर दिया। यहां के दो डॉक्टर्स पॉजिटिव आने के बाद ताबड़तोड़ प्रशासन की टीम पहुंची और मरीजों को शिफ्ट किया गया। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें होम-क्वारेंटाइन किया गया। भर्ती मरीजों व उनके परिजनों और स्टाफ की जांच की जानी है। बीते 15 दिनों की कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की जानी है।रावजी बाजार थाने के तीन सिपाही पॉजिटिव संक्रमित जोन में आ चुके रावजी बाजार थाने के तीन सिपाही कोरोना पॉजिटिव निकले हैं। उन्हें सोमवार को तत्काल चोइथराम अस्पताल में भर्ती किया गया है। इसके बाद उनसे संपर्क में आए 6 पुलिसकर्मियों को क्वारेंटाइन किया गया है। निगम द्वारा अन्य विभागों के साथ किए जा रहे सर्वे में अब तक 27.51 लाख लोगों का सर्वे पूरा हो चुका है। इसमें 8228 लोग हाईरिस्क पर निकले हैं। उनका ट्रीटमेंट शुरू किया गया है।धार : एक दिन में 20 नए कोरोना संक्रमितधार में साेमवार देर शाम आई रिपाेर्ट में जिले में 20 नए लाेगों में काेराेना संक्रमण की पुष्टि हुई है। धार में पहली बार इतनी संख्या में लोग एक साथ संक्रमित पाए गए हैं। अब यहां पाॅजिटिव मरीजाें की संख्या अब 75 हाे गई है। दाेपहर में जिला अस्पताल पहुंची एक वृद्धा की माैत हाे गई। उसका सैंपल लिया गया था। पुलिस अभिरक्षा में उसे कब्रिस्तान में दफनाया गया।ग्वालियर: स्क्रीनिंग कर लौटे डॉक्टर को पड़ोसियों ने मल्टी में घुसने से रोकाग्वालियर में काेराेना संदिग्ध लाेगाें की स्क्रीनिंग के लिए बनी रैपिड स्क्रीनिंग टीम के सदस्य डॉ. रवि गुप्ता काे न िसर्फ उनके फ्लैट में घुसने से रोका गया बल्कि उनसे यहां तक कहा गया कि उनकी वजह से दूसरे लोगों को संक्रमण हो सकता है इसलिए घर खाली कर दो। यह घटना सोमवार सुबह हरिशंकरपुरम स्थित साहिल अपार्टमेंट में हुई। डॉक्टर की शिकायत पर अपार्टमेंट पहुंचीं तहसीलदार शिवानी पांडेय और टीअाई रमेश शाक्य ने पहले तो मल्टी के लोगों को समझाया कि डॉक्टर से उन्हें कोई खतरा नहीं है। इसके बाद भी लोग नहीं माने तो दोनों अधिकारियों ने कहा कि अगर कोई डॉ. गुप्ता को उनके फ्लैट में घुसने से रोकेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद फ्लैट में रहने वाले लोगों ने डॉ. गुप्ता से माफी मांगी। इसके बाद डॉक्टर अपने फ्लैट में गए। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today सोमवार को परिवार के 7 सदस्यों के साथ 6 माह की अश्मायरा भी डिस्चार्ज हुई। उसके पिता राजिक खान की 7 अप्रैल को कोरोना से मौत हो गई थी। 10 साल की बहन राहेमा अभी भर्ती है। फोटो : संदीप जैन Full Article
0 17 मई तक लॉकडाउन बढ़ने से सीबीएसई बोर्ड 10वीं और 12वीं की परीक्षा भी टली By Published On :: Tue, 05 May 2020 02:35:00 GMT देश में लगातार बढ़ रहे कोरोना वायरस संक्रमण के खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार ने तीसरी बार लॉकडाउन की अवधि बढ़ाकर 17 मई कर दी है। इस दौरान स्कूल कॉलेज भी बंद रहेंगे। सीबीएसई बोर्ड परीक्षाओं का इंतजार कर रहे अभिभावकों और विद्यार्थियों को अभी और इंतजार करना होगा।29 अप्रैल को सीबीएसई बोर्ड के अधिकारियों ने कहा था कि अगर सरकार उन्हें 10 से 12 दिन का समय दे तो बोर्ड 12वीं की बची हुई मुख्य विषयों की परीक्षाएं करा लेगा। लेकिन अब लॉकडाउन की अवधि फिर से बढ़ने के बाद परीक्षाएं कराने की योजना फिर ठंडे बस्ते में चली गई है। सीबीएसई के सचिव ने सोशल डिस्टेंसिंग के पालन के साथ सरकार से उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की इजाजत भी मांगी है।साथ ही मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा 2020 की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन शुरू करने के निर्देश दे दिए हैं। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के कारण जो स्थितियां पैदा हुई उनके सामान्य होने का इंतजार किया जा रहा है। इसके बाद परीक्षा की प्रक्रिया एक बार फिर शुरू हो जाएगी। कुल 82 में से लगभग 29 विषयों की परीक्षाएं अभी भी आयोजित की जानी हैं। इसके अलावा स्कूलों को फिर से खोलने का फैसला परिस्थितियों पर टास्क फोर्स से विचार करने के बाद लिया जाएगा।20 जून से शुरू हो सकता केंद्रीय विद्यालय : स्थानीय केंद्रीय विद्यालय में इन दिनों छुटि्टयां चल रही है। स्कूल 20 जून तक ही खुलने की संभावना है। बताया जा रहा है स्कूल खोलने का अंतिम फैसला केंद्रीय विद्यालय संगठन ही लेगा। वहां से जो भी निर्देश आएंगे उसी के अनुरूप केंद्रीय विद्यालय में कक्षाएं लगेगी। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
0 1 घंटे में रिपोर्ट देने वाली 30 मशीनें, अनुमति ही नहीं, ...जबकि जांचें बढ़ाने की हर संभावना तलाशनी चाहिए By Published On :: Tue, 05 May 2020 03:37:10 GMT सुनील सिंह बघेल.कोविड-19 की जांच रिपोर्ट के लिए 3 से 10 दिन का इंतजार करना पड़ रहा है, जबकि प्रदेश में बैटरी चलित करीब 30 औरइंदौर में पांच मशीनें ऐसी भी हैं, जो 1 घंटे में संक्रमण का पता लगा सकती हैं। माइक्रो पीसीआर तकनीक की इन स्वदेशी मशीनों का उपयोग नहीं हो पा रहा क्योंकि आईसीएमआर ने सिर्फ निजी लैब संचालकों को महंगी आरटी पीसीआर मशीन भी खरीदने की शर्त लगा दी।सीनियर माइक्रोबायोलॉजिस्ट डॉक्टर नीरज कहते हैं कि किसी के पास पहले से आरटी पीसीआर है तो वह यह छोटी मशीन खरीदेगा ही क्यों। इस एक ट्रू-नेट मशीन से रोजाना 20 से 50 तक जांच की जा सकती है। इस मशीन का इस्तेमाल पहले भी देशभर में टीबी और दूसरे वायरस की जांच के लिए होता रहा है। इन्हें दूरदराज के क्षेत्रों में मोबाइल टेस्टिंग यूनिट की तरह भी इस्तेमाल किया जा सकता है। 40 डिग्री तापमान पर भी काम करने में सक्षम, प्रदेश में फिलहाल उपलब्ध ट्रू-नेट मशीनों से ही रोजाना 1 हजार से ज्यादा जांच की जा सकती हैं।इनमें एक बार सैंपल डालने के बाद जांच के लिए जरूरी आरएनए एक्सट्रैक्शन सहित सारी प्रक्रिया स्वचालित है । यही नहीं इन की स्थापना के लिए किसी विशेष कक्ष की जरूरत भी नहीं होती। संदिग्ध संक्रमित से लिए गए सैंपल को जिस वायरल ट्रांसपोर्ट मीडिया(वीटीएम) में रखने के बाद उससे संक्रमण की संभावना भी खत्म हो जाती है।आंध्र तमिलनाडु में 100 मशीनें कर रही कामदरअसल, आईसीएमआर ने माइक्रो पीसीआर तकनीक आधारित इन मशीनों से की गई कोरोना की जांच को मान्यता तो दे रखी है लेकिन वायरोलॉजी लैब से पुनः कंफर्मेशन की शर्त भी रख दी है। डॉक्टरों का कहना है कि 50 सैंपल की जांच में यदि 5 सैंपल पॉजिटिव आते हैं तो सिर्फ 5 सैंपल ही कंफर्मेशन के लिए वायरोलॉजी लैब भेजना होगा। इससे वायरोलॉजी लैब पर बोझ कम होगा। आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु सरकारें पहले से काम कर रही 100 मशीनों की संख्या 250 तक बढ़ा रही है। जबकि प्रदेश सरकार की ओर से ऐसी कोई पहल नजर नहीं आ रही। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today माइक्रो पीसीआर तकनीक की इन स्वदेशी मशीनों का उपयोग नहीं हो पा रहा क्योंकि आईसीएमआर ने सिर्फ निजी लैब संचालकों को महंगी आरटी पीसीआर मशीन भी खरीदने की शर्त लगा दी। Full Article
0 न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम बोली लगने से नाराज हुए किसान, 50 ट्राॅली गेहूं बगैर बेचे वापस ले गए By Published On :: Tue, 05 May 2020 07:30:04 GMT लॉकडाउन और कर्फ्यू के मध्य परेशानी उठाकर अपनी फसल मंडी में बेचने पहुंचे किसानों का गुस्सा उस समय फूट पड़ा जब उनके गेहूं की कीमत न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से काफी कम लगाई गई। इससे नाराज किसान अपनी 50 ट्राली फसल बगैर बेचे ही वापस ले गए।मंगलवार को सांवेर मंडी में अपनी गेहूं की फसल को बेचने के लिए लेकर पहुंचे किसान उस समय नाराज हो गए जब नीलामी में उनके गेहूं की कीमत 1500 रुपए से 1741 रुपए प्रति क्विंटल लगाई गई। राज्य सरकार द्वारा इस वर्ष गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 1925 रुपए प्रति क्विंटल तय किया गया है। अर्थात किसानों को उनके गेहूं की कीमत कम से कम 1925 रुपए प्रति क्विंटल मिलना चाहिए। इसके बावजूद प्रदेश की मंडियों में एमएसपी से कम पर ही गेहूं बिक रहा है।सांवेर मंडी में गेहूं लेकर आए किसान धर्मेन्द्र का कहना है कि मंडी में व्यापारियों द्वारा गेहूं की कीमत 1500 रुपए से 1741 रुपए लगाई जा रही है जबकि सरकार द्वारा एमएसपी 1925 रुपए तय किया गया है। किसानों का कहना है कि उन्हें गेहूं की कीमत 2000 रुपए से 2100 रुपए प्रति क्विंटल मिलनी चाहिए किंतु व्यापारियों द्वारा जानबूझकर किसानों की फसल की कम कीमत लगाई जा रही है।विडंबना यह है कि कई मंडियों में एमएसपी से कम कीमत लगाए जाने के बावजूद किसान अपनी फसल बेचने पर मजबूर है। किसानों का कहना है कि लॉकडाउन के चलते पहले तो बड़ी मुश्किल से फसल की कटाई के लिए मजदूर मिले, कटाई के बाद गेहूं का भराव कर उसे मंडी तक लाने में काफी पैसा खर्च हो गया है और अब फसल बगैर बेचे वापस ले जाएंगे तो और अधिक खर्चा होगा इसके चलते कई किसान कम कीमत पर अपनी फसल बेचने पर मजबूर है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today सांवेर मंडी में गेहूं की नीलामी में शामिल होते व्यापारी। यहां गेहूं की कीमत एमएसपी से काफी कम 1500 रुपए से 1741 रुपए प्रति क्विंटल लगाई जा रही है। Full Article
0 शहर में सामुदायिक संक्रमण की स्थिति में तो नहीं पहुंच गया कोरोना यह जानने के लिए 50 लोगाें के रेंडम सैंपल लिए गए By Published On :: Tue, 05 May 2020 12:20:52 GMT शहर में कोरोनावायरस सामुदायिक संक्रमण की स्थिति में तो नहीं पहुंच गया है, इसका पता लगाने के लिए मंगलवार को स्वास्थ्यविभाग की टीम द्वारा 50 लोगों के रेंडम सैंपल लिए गए हैं।इन सैंपलों को जांच के लिए भेजा जाएगा। प्रशासन द्वारा यह सैंपल कोरोना की थर्ड स्टेज यानी सामुदायिक संक्रमण जानने के लिए किया गया है।जानकारी के अनुसार तहसीलदार दृष्टि चौबे के नेतृत्व में मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने स्कीम नंबर-134 में पहुंचकर रेंडम रूप से 50 लोगों के सैंपल लिए। जिन लोगों के सैंपल लिए गए हैं उनमें बच्चे, महिलाएं, युवा और बुजुर्गशामिल है। अधिकारियों के अनुसार कोरोनावायरस की थर्ड स्टेज वह स्थिति होती है, जिसमें वे लोग भी संक्रमित हो जाते हैं, जिन्होंने नतो कोई यात्रा की हो और जो नही किसी कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति के संपर्क में आए हो। इस स्थिति को जानने के लिए प्रशासन द्वारा शहर के विभिन्न क्षेत्रों में रेंडम सैंपल लिए जा रहे हैं, जिसकी शुरुआत स्किम नंबर-134 से की गई।सोमवार रात आई रिपोर्ट में कोरोना के 43 नए मरीज मिलने से इंदौर में कोरोनावायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 1654 पर पहुंच गई है। वहीं, अब तक 468 पॉजिटिव मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। इस प्रकार वर्तमान में 1107 कोरोना पॉजिटिव मरीजों का उपचार कोविड अस्पतालों में किया जा रहा है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today सोमवाार रात आई रिपोर्ट में कोरोना के 43 नए मरीज मिलने से इंदौर में कोरोनावायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 1654 पर पहुंच गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा कई क्षेत्रों में जाकर सैंपल भी लिए जा रहे हैं। Full Article
0 मवेशी चराने गए 10 साल के बालक पर जानवर का हमला, सिर में 23 टांके आए By Published On :: Tue, 05 May 2020 23:30:00 GMT अपने सहयोगी के साथ मवेशी चराने गए 10 वर्षीय बालक पर तेंदुए ने हमला कर दिया। जिससे बालक गंभीर रूप से घायल हो गया। असपास के लोगों के शोर मचाने पर तेंदुआ वहां से भाग निकला। ग्रामीणों ने 108 को सूचना दी। जिससे घायल बालक को स्वास्थ्य केंद्र जोबट लाया गया। बालक बुरी तरह जख्मी है, सिर में 23 टांके आए हैं। मौके पर पहुंचे वनकर्मियों ने कहा कि तेंदुआ ही होगा। क्याेंकि तेंदुआ ही सिर और गले में वार करता है। घटना मंगलवार सुबह करीब 11 बजे जोबट से 6 किमी दूर उंडारी गांव के पटेल फलिया की है। इधर.. घटना के साढ़े 8 घंटे बाद शाम 7.30 बजे तक भी डीएफओ डूडवे को मामले की जानकारी नहीं थी। जिससे घटनास्थल के आसपास जंगल में अभी तक तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा नहीं रखा गया। वनविभाग की लापरवाही के कारण ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।जानकारी अनुसार ग्राम उंडारी के पटेल फलिया निवासी वीरेंद्र पिता केसरसिंह (10) अपने सहयोगी के साथ मवेशी चरा कर उन्हें पानी पिलाने के लिए छोटे डैम पर ले गया। उसी समय वहां छिपे तेंदुए ने उस पर हमला कर दिया। साथियों व आसपास के लोगों ने शोर मचाया। तेंदुआ बालक को छोड़कर भाग निकला। ग्रामीणों ने बताया कि उक्त जानवर तेंदुआ था। जिसके पूरे शरीर पर गोल धब्बे बने थे। सूचना पर डिप्टी रेंजर प्रकाश मकवाना, वन आरक्षक धर्मेंद्र चौहान ने बालक के घायल होने का पंचनामा बनाया।डिप्टी रेंजर मकवाना ने कहा तेंदुआ सदैव शिकार को गर्दन या सिर से पकड़ता है। इसलिए यह हमलावर तेंदुआ ही हो सकता है। हमने पंचनामा बनाकर वरिष्ठ अधिकारी को भिजवा दिया है। घायल बालक का उपचार शासकीय अस्पताल में किया जा रहा है। इसलिए फिलहाल सहायता नहीं मिल सकती। यदि बालक को इलाज के लिए यहां से अन्यत्र ले जाना पड़े तो दवाई का खर्च विभाग स्वीकृत करेगा।डीएस डूडवे, डीएफओ, वन विभाग ने कहा-टीम जंगल में होगी, इसलिए मुझे जानकारी नहींमेरे संज्ञान में अब तक ऐसा कोई मामला नहीं आया है। कहां का मामला है मैं पता करवाता हूं। हमारी टीम जंगल में होगी। वहां नेटवर्क समस्या होती है इसलिए मुझे जानकारी नहीं मिल पाई है।’ Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 10-year-old boy attacked cattle for cattle grazing, 23 stitches in his head Full Article
0 25 केंद्राें पर 5823 किसानाें से 4.21 लाख क्विंटल की खरीदी, परिवहन नहीं हाेने से 20 जगह गेहूं खुले में पड़ा, बारदान की है कमी By Published On :: Tue, 05 May 2020 23:30:00 GMT समर्थन मूल्य पर 25 केंद्राें पर गेहूं खरीदा जा रहा है। इसमें से 20 जगह खरीदा गेहूं परिवहन नहीं होने से गेहूं रखने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अब तक 5823 किसानों से 4 लाख 21 क्विंटल गेहूं खरीदा गया है। इसमें से 3 लाख क्विंटल का ही परिवहन हाे पाया है। 1 लाख 21 हजार क्विंटल गेहूं खुले में पड़ा है। जो मौसम में बदलाव से खराब होने का अंदेशा है। वहीं जिला मुख्यालय से मार्केटिंग फेडरेशन के अधिकारियों ने बारदान परिवहन नहीं किया। कई केंद्रों पर बारदान की कमी है। कुछ केंद्र प्रभारी ने स्वयं का वाहन भेज कर बारदान मंगवा कर खरीदी शुरू की है।काछीबड़ाेदा केंद्र पर गेहूं का परिवहन नहीं होने से सोमवार को खरीदी नहीं हुई। मैसेज मिलने पर उपज लेकर आए किसान परेशान होते रहे। केंद्र पर खुले में पड़े गेहूं को तिरपाल से ढंका गया है। सहकारिता अधिकारी वर्मा का कहना है गेहूं परिवहन के लिए वरिष्ठ अधिकारी को सूचित कर दिया है। वाहन की कमी होने से परिवहन में देरी होने से कई केंद्राें पर गेहूं का स्टाॅक पड़ा है। शीघ्र ही गेहूं उठवाया जाएगा।तलवाड़ा वेयर हाउस फूल, अब बगड़ी मंंडी परिसर में हाेगी खरीदीउपार्जन केंद्र तलवाड़ा वेयर हाउस में क्षेत्र के किसानों का गेहूं खरीदा जा रहा था। जहां दो संस्थाओं की खरीदी हाेने व परिवहन नहीं हाेने से वेयर हाउस पूरा भर गया। किसानों काे भी 7 से 15 किमी की दूरी तय कर तलवाड़ा जाना पड़ता था। किसानों ने एसडीएम सत्यनारायण दर्रो से चर्चा कर खरीदी केंद्र को बगड़ी में करने की मांग की थी। एसडीएम ने अधिकारियों से चर्चा कर खरीदी केंद्र बगड़ी किया है। अब बगड़ी संस्था के किसानों की उपज कृषि उप मंडी में खरीदी जाएगी। नायब तहसीलदार जितेंद्रसिंह तोमर ने गेहूं तुलाई के बाद प्रतिदिन परिवहन करने के लिए संबंधित अधिकारियाें काे निर्देश दिए। थाना प्रभारी बीएस वसुनिया, बीएमओ चमनदीप अरोरा ने भी खरीदी केंद्र का निरीक्षण कर संस्था प्रबंधन कृष्णा वर्मा, कालूराम वर्मा व किसानाें से चर्चा की।अधिक किसानाें काे बुलाने से लग रही भीड़ई-उपार्जन केंद्र पर ज्यादा किसान पहुंचने लगे हैं। भाेपाल से मैसेज मिलने के बाद उपज लेकर अाने से वाहनाें की कतार केंद्र के बाहर लग रही। खरीदी केंद्र पर भीड़ बनने से निश्चित दूरी का पालन नहीं हाे रहा। वंदना वेयर हाउस मनासा में कतार में वाहन आगे पीछे करने को लेकर किसानों के बीच विवाद हाे गया। 100 डायल व कानवन थाना बीट प्रभारी रवींद्र चाैधरी ने पहुंचकर किसानों को समझाइश दी। नागदा स्थित वेयर हाउस के बाहर वाहनाें की भीड़ बढ़ने से मंडी परिसर में खड़े कराए। नायब तहसीलदार मनीष जैन ने पहुंच कर भंडारण व रखरखाव को लेकर प्रभारी विजेंद्रसिंह बना से जानकारी ली। वेयरहाउस भर जाने से गेहूं बाहर पड़ा है। नायब तहसीलदार जैन ने किसानों से कहा कि अाप धैर्य के साथ सहयोग करें। सभी का गेहूं खरीदा जाएगा। मैसेज सीमित रखने के लिए प्रभारी बना को जीएसओ से चर्चा कर व्यवस्था बनाने की बात कही। पेयजल की व्यवस्था व निश्चित दूरी, मास्क का उपयाेग करने के निर्देश दिए। ई-उपार्जन केंद्र नागदा व मनासा में अब तक 633 किसानों से 49335 क्विंटल गेहूं खरीदा जा चुका है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Purchased 4.21 lakh quintals from 5823 farmers at 25 centers, wheat was left in the open due to lack of transportation, there is shortage of gunny bags Purchased 4.21 lakh quintals from 5823 farmers at 25 centers, wheat was left in the open due to lack of transportation, there is shortage of gunny bags Full Article
0 अमझेरा में 40 दिन से पीने के पानी के लिए भटक रहे 400 घरों के लाेग, मोटर खराब होने से बढ़ी समस्या By Published On :: Tue, 05 May 2020 23:30:00 GMT जहां हर तरफ लाॅकडाउन है लोग घरों में हैं। वहीं अमझेरा में इंदिरा काॅलोनी, होली टेकरा, कोली कुआं, बालक छात्रावास के निकट रहने वाले लोग पानी के लिए भटक रहे हैं।मामला वीर तेजाजी महाराज मंदिर के पास लगे ग्राम पंचायत द्वारा नलकूप का है जहां प्रर्याप्त पानी है। सचिव की अनदेखी के चलते 400 घरों के लोग पानी के लिए दूर-दूर भटक रहे हैं। 40 दिनों से पानी की मोटर किसी कारण से खराब हो गई है। रहवासियों ने जिसकी शिकायत पंचायत सचिव रुंगनाथ सिंह चौहान,को कई बार की लेकिन सचिव इस ध्यान नहीं दे रहे हैं। पानी की मोटर को दुरुस्त नहीं करवा रहे हैं।क्षेत्र में मात्र 6 स्थानों पर पंचायत द्वारा नल कनेक्शन लगे हैं। उक्त नलकूप का पानी सप्लाई होकर नलों में आता है, जहां से क्षेत्र के लोग इसका पेयजल में उपयोग करते हैं। पूर्व पंच सीताराम, ने बताया कि गरीब आदिवासी, बस्ती है। पानी के लिए गंगा घाट, बांद्रिया कुआं, मनावर रोड स्थित कुआं, अमका झमका स्थित हैंडपंप से महिलाएं, पुरुष, छोटे-छोटे बच्चे पीने का पानी सिर पर उठाकर ला रहे हैं। पूर्व पंच मोहनसिंह एवं राकेश बारिया ने कहा कि सचिव को एक माह से कह रहे हैं कि पानी की मोटर दुरुस्त करवा कर पानी सप्लाई किया जाए।जल्द दुरुस्त करवाएंगेरुगनाथसिंह चौहान, सचिव ग्राम पंचायत अमझेरा ने कहा-पानी की मोटर दुरुस्त करवाकर व्यवस्था जल्द करवाएंगे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 400 people wandering in Amjhera for drinking water for 40 days, problem increased due to motor failure Full Article
0 उज्जैन में 11 और संक्रमित मिले, पॉजिटिव मरीजों का आंकड़ा बढ़कर 195 हुआ, अब तक 40 की जान गई By Published On :: Wed, 06 May 2020 06:28:07 GMT कोरोना का संक्रमण अब नए शहर के नानाखेड़ा, नागेश्वर धाम कॉलोनी, सांदीपनि नगर ढांचा भवन सहित पांच नए क्षेत्र में पहुंच गया है। बुधवार को आई रिपोर्ट में 11 नए पॉजिटिव मरीज मिले। जिले में अब तक 195 मरीज पॉजिटिव मिल चुके हैं। इनमें से 40 की मौत हो गई है। वहीं, अब तक 57 लाेग काेराेना काे हराकर अपने घर लाैट चुके हैं। शहर में मरीज और मौतें तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन सैंपलिंग काफी धीमी है। यहां तक कि कंटेनमेंट एरिया में ही जांच नहीं हो पा रही है। इसका एक ताजा उदाहरण नयापुरा की जैन कॉलोनी में नजर आया है।जैन कॉलोनी मेंरहने वाले 60 वर्षीय व्यक्ति की 30 अप्रैल की दोपहर आरडी गार्डी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। 4 मई को उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद मृतक के घर बाहर व कॉलोनी में बैरिकेड्स लगाकर उसे कंटेनमेंट क्षेत्र घोषित कर दिया। 24 घंटे बाद भी मृतक की मां, पत्नी व बेटी समेत दो नाती के सैंपल लेने स्वास्थ्य विभाग की टीम नहीं पहुंची। हालांकि भास्कर टीम ने जब जिम्मेदारों से बात की तो रात में परिवार के सैंपल लेने टीम पहुंची।परिवार की विनती- रिपोर्ट पॉजिटिव आए तो आरडी गार्डी मत भेजनापिता को खोने वाली बेटी ने कहा 29 अप्रैल को पिता को शुगर बढ़ने से तकलीफ हो रही थी। हमने एंबुलेंस को फोन लगाया। तीन घंटे बाद शाम को एंबुलेंस आई। मां पिताजी को सीएचएल लेकर गई। वहां उनकी सोनोग्राफी हुई। वहां से आरडी गार्डी भेजने काे कहा। उन्होंने एंबुलेंस में मां को बैठाया व रात 11 बजे गदापुलिया पर उतार एंबुलेंस पिताजी को लेकर चली गई। मां पैदल घर आई व बताया कि तेरे पापा को आरडी गार्डी ले गए। रात 12.30 बजे फोन किया तो वे बोले- ऑक्सीजन मास्क लगाया हुआ है, बाद में बात करूंगा। सुबह बोले- वे ब्लड सैंपल ले गए हैं। दोपहर में पिता से दोबारा बात हुई, वे बोले- मुझे कोई आराम नहीं हुआ। रातभर भूखा रहा, दोपहर में पौने तीन बजे खाना दिया। यहां कुछ भी ठीक नहीं लग रहा है। शाम पांच बजे पता चला पिताजी की मौत हो गई। मेरे साथ मां-दादी व मेरे दो बच्चे हैं। प्रशासन हमारे सैंपल लेकर जांच रिपोर्ट बताए, हम भी अगर संक्रमित है तो घर आकर गोली मार दें लेकिन अब आरडी गारडी नहीं जाएंगे।रहवासी बोले- चाहकर भी मदद नहीं कर पा रहेजैन कॉलोनी में रहने वाले राजेश जैन समेत आसपास के लोगों ने बताया यहां 70 परिवार रहते हैं। पुलिस मृतक के घर वालों की जानकारी लेकर चली गई। निगम वाले सिर्फ पानी से सड़क धोकर चले गए। कॉलोनी के लोग दहशत में हैं कि संबंधित परिवार की जांच से स्थिति तो साफ हो ताकि आसपास के लोग राहत महसूस कर परिवार की मदद तो कर सकें। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today मंगलवार को 33 लोग रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद घर पहुंचे। 22 मरीजों की छुट्टी आरडी गार्डी से हुई, तो 11 लोग पीटीएस से घर पहुंचे। Full Article
0 कुत्तों को रोटी देने जाते वक्त मंदिर में बैठा दिखा मजबूर कैदी, समाजसेविका ने 20 दिन तक खाना दिया, अहमदाबाद घर भी भेजा By Published On :: Wed, 06 May 2020 10:27:22 GMT कोरोना के कारण सेंट्रल जेल से 20 दिन पहले रिहा हुआ अहमदाबाद का एक कैदी लॉकडाउन में इंदौर में फंस गया। वह खंडवा रोड स्थित एक मंदिर में समय काट रहा था। इसी दाैरान रोजाना कुत्तों को रोटी देने आने वाली एक समाजसेविका की नजर उस पर पड़ी। उन्हाेंने उसकी समस्या जानी और उसे भी रोजाना भोजन देना शुरू कर दिया। जब अंतरराज्यीय ई-पास मिला तो उनके बेटे ने मशक्कत सेपास लिया और अहमदाबाद से आई एक कार वाले से संपर्क कर कैदी काे उसके घर भिजवा दिया।जवाहर को राधास्वामी डेरे पर जगह नहीं मिलने से मंदिर में रुकना पड़ा था।जानकारी के अनुसार, 15 अप्रैल को अहमदाबाद के कांकरिया का रहने वाला कैदी जवाहर रूपन जेल से रिहा हुआ, लेकिन लॉकाउडन में फंस गया। वह राधास्वामी डेरे पर गया, लेकिन जगह नहीं होने से उसे वहां नहीं रखा गया। इस पर वह वहां माैजूद एक अन्य मंदिर में अकेला रहने लगा। तभी वहां कुत्ताें काे राेटी देने वाली समाजसेविका और भाजपा नेत्री सरिता बहरानी से संपर्क हुआ। बहरानी ने रोजाना उसे रोटी देना शुरू किया। 20 दिन तक यही चलता रहा। सरिता का बेटा सन्नी भी जवाहर को अहमदाबाद भेजने के लिए लगा था। किस्मत से पता चला कि अहमदाबाद की एक कार भोपाल के मजदूर छोड़ने आई है। तभी सन्नी ने ई-पास के लिए अप्लाई किया। एसडीएम सुनील ओझा ने इस केस को इमरजेंसी जानते हुए तत्काल पास देने की अपील कर दी। चार घंटे में पास बन गया और फिर सन्नी ने जवाहर को कार तक पहुंचा दिया। सरिता ने पिछले दिनों माणिकबाग क्षेत्र में रहने वाली कैंसर पीड़िता की भी 15 दिन सेवा की थी। उसे अस्पताल पहुंचाया और जब उसकी मृत्युहो गई तो अपने परिचित के माध्यम से उनका अंतिम संस्कार भी करवाया। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today समाजसेविका सरिता बहरानी ने अंतरराज्यीय ई-पास की व्यवस्था कर कैदी को घर भिजवाया। Full Article
0 एक हजार फीट ऊंचाई से शहर का 360 डिग्री ग्लोब फोटो ड्रोन से साकेत नगर चौराहा से खींचा गया By Published On :: Wed, 06 May 2020 23:30:00 GMT दैनिक भास्कर के लिए ये 360 डिग्री ग्लोब फोटो ड्रोन से कुलदीप सराटकर ने लिया है। देश के सबसे साफ शहरों में शुमार इंदौर का सौंदर्य लॉकडाउन के दौरान और भी निखर गया है। साकेत नगर चौराहे से ड्रोन कैमरे के जरिये एक हजार फीट ऊंचाई से ली गई इस तस्वीर में हराभरा शहर ंनजर आया। इसमें खजराना गणेश मंदिर, रेडिसन चौराहा, विजयनगर चौराहा, मालवा मिल क्षेत्र, गीता भवन चौराहा और बंगाली चौराहा दिखाई दे रहा है। लॉकडाउन के 41 दिनों में लोगों के घरों में रहने से वायु गुणवत्ता सूचकांक में 27 अंकों का सुधार हुआ है, वहीं ध्वनि प्रदूषण 75 डेसीबल घटा है। 24 मार्च को रीगल क्षेत्र में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 116 था, जो 5 मई को 89 दर्ज हुआ। वहीं 25 मार्च को ध्वनि प्रदूषण 105 डेसीबल था, जो 5 मई को 30 डेसीबल दर्ज किया गया। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today ड्रोन से साकेत नगर चौराहा से खींचा गया फोटो। Full Article
0 खजराना समेत पांच हॉट स्पॉट में 300 मरीज; 200 से ज्यादा स्वस्थ, घर लौटे By Published On :: Wed, 06 May 2020 23:30:00 GMT (गौरव शर्मा )शहर के पांच हॉट स्पॉट खजराना, टाटपट्टी बाखल, रानीपुरा क्षेत्र (दौलतगंज, हाथीपाला), चंदननगर, अहिल्या पल्टन। इन क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण में अब सुधार हो रहा है। कोरोना पॉजिटिव मरीज यहीं सबसे तेजी से बढ़े थे। अब उनमें से ज्यादातर ठीक होकर घर भी लौट आए हैं। टाटपट्टी बाखल में तो कोरोना के सभी मरीज ठीक होकर घर लौट चुके हैं। अब कोई भी अस्पताल में भर्ती नहीं है। रानीपुरा, दौलतगंज, हाथीपाला के सिर्फ दो कोरोना संक्रमित मरीज अस्पताल में भर्ती हैं, बाकी सभी लोग पूरी तरह ठीक हो गए हैं। खजराना, चंदननगर, अहिल्या पल्टन में से भी आधे से ज्यादा मरीज ठीक हो चुके हैं। जो भी मरीज ठीक होकर घर लौटे हैं, सभी होम क्वारेंटाइन हैं।टाटपट्टी बाखल : 37 में से एक मौत, बाकी सब ठीकटाटपट्टी बाखल में कुल 37 कोरोना पॉजिटिव आए थे। इनमें से एक की मौत हुई बाकी सभी 36 ठीक होकर घर लौट गए हैं। यहां पर कुल 92 लोगों को क्वारेंटाइन किया गया था। उनमें से भी सभी को सेंटर से घर भेज दिया है। खास बात ये है कि इस क्षेत्र में पिछले 15 दिनों में कोई भी नया मरीज सामने नहीं आया। चिह्नित मरीज में से ही पॉजिटिव सामने आए हैं। जिन चार मरीजों की अस्पताल से छुट्टी हुई वे जब क्षेत्र में पहुंचे तो यहां पर लोगों ने मेडिकल, पुलिस-प्रशासन के लिए तालियां बजाकर स्वागत भी किया।रानीपुरा क्षेत्र : 65 में से तीन की मौत, 2 भर्ती, बाकी सभी स्वस्थरानीपुरा, दौलतगंज, हाथीपाला क्षेत्र में 65 पॉजिटिव थे। यहां तीन मौत हुई थी। बाकी 62 में से 60 लोग ठीक होकर घर लौट आए। 2 लोग अब भी भर्ती हैं। यहां के 180 लोगों को क्वारेंटाइन सेंटर भेजा था। वे सब भी ठीक होकर घर लौट आए हैं। पिछले एक सप्ताह में इस क्षेत्र से चिह्नित मरीज को छोड़ बाकी नया कोरोना केस नहीं आया है।चंदननगर : 24 में से 11 लोग घर लौटे, पूरे थाना क्षेत्र में 18 मौतेंचंदननगर से ही कोरोना का मरीज डेढ़ महीने पहले सबसे पहले यहीं से आया था। यहां के कुल 24 मरीज में से 11 ठीक होकर घर लौट आए हैं। उधर, चंदननगर थाना क्षेत्र (गुमाश्तानगर, रामानंद नगर, सिरपुर सहित अन्य इलाकों) में कुल 105 लोगों में से 29 लोग ठीक होकर आ गए हैं। कोरोना से 18 मौत चंदननगर थाना क्षेत्र में हो चुकी है।खजराना : 155 में से 85 ठीक अहिल्या पल्टन के भी 15 लौटेइंदौर में कोरोना के सबसे ज्यादा मामले खजराना क्षेत्र में 155 हैं। यहां पर एक ही परिवार के नौ लोग पॉजिटिव भी आए थे। यहां के अब 85 मरीज ठीक होकर घर वापस आ गए हैं। अहिल्या पल्टन के भी 35 में से 15 लोग घर लौट आए हैं। पुलिस-प्रशासन ने यहां पूरे एरिया को सील किया हुआ है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 300 patients in five hot spots including Khajrana; More than 200 healthy, returned home Full Article
0 बेबस यात्रियाें से 2500-2500 रुपए किराया वसूला, बस चालक व कंडक्टर पर एफआईआर By Published On :: Wed, 06 May 2020 23:30:00 GMT काेराेना संकट के दाैर में परेशान लाेगाें की सेवा में सब लगे हैं। इस बीच एक बस वाले ने बेबस यात्रियाें की मजबूरी का फायदा उठाकर पीथमपुर से रीवा के लिए बिना अनुमति बस चला दी और यात्रियाें से 2000 से 2500 रुपए तक किराया वसूल लिया।साेशल डिस्टेंस का भी ख्याल नहीं रखा और बस के अंदर और छत पर सवारी बैठा कर ले गया। बस का किसी ने सागर के पास वीडियाे बनाया। यह वीडियाे जब वायरल हुआ ताे जांच शुरू हुई। बस का रजिस्ट्रेशन नंबर देवास का हाेने से जिला परिवहन अधिकारी जया वसावा ने कार्रवाई की। मंगलवार रात काेतवाली थाने पर बस के चालक और कंडक्टर पर एफआईआर दर्ज करवाई गई। वसावा ने बताया वीडियाे वायरल हाेने पर कोतवाली टीआई एमएस परमार ने बस के नंबर की हमें जानकारी दी। बस बालाजी के नाम से संचालित है। मालिक संतोष चौहान इंदाैर के राऊ में रहता है। उनसे पूछा कि बस कहां है ताे बाेले किसी के कहने पर बस को मजदूरों को छोड़नेभेजा है। जब अनुमति मांगी गई तो बसमालिक ने जवाब दिया कि अनुमति नहीं है। कोतवाली में बस चालक और कंडक्टर पर एफआईआर दर्ज की है। बस का परमिट भी निरस्त किया जाएगा। वसावा ने बताया सरकार मजदूराें काे उनके घर तक छाेड़ रही है। इस दाैरान बसाें में साेशल डिस्टेंस का पालन किया जा रहा है, किराया नहीं लिया जा रहा है। जिन्हें अनुमति दी जा रही है, केवल वे ही बसें मजदूराें का छाेड़ रही हैं। बस मालिक ने बिना अनुमति बस चलाई, पाबंदी के बावजूद किराया लिया और साेशल डिस्टेंस का भी ख्याल नहीं रखा। सभी धाराओं में केस दर्ज किया है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Rs 2500-2500 fare recovered from helpless passengers, FIR on bus driver and conductor Full Article
0 महिलाएं बना रहीं मास्क, खरीद रही नगर निगम, अब तक निगम में 2500 मास्क महिलाओं द्वारा जमा By Published On :: Wed, 06 May 2020 23:30:00 GMT नगर-निगम के द्वारा जीवन शक्ति योजना के तहत स्व. सहायता समूह की महिलाओं को मास्क बनाने का कार्य दिया है। योजना के तहत जिले की 142 शहरी महिलाओं का इस योजना में पंजीयन किया। प्रत्येक महिला को 200 मास्क बनाने का आदेश दिया गया।अब तक निगम में 2500 मास्क महिलाओं के द्वारा जमा किए गए। पूरे प्रदेश में 10000 महिलाओं का पंजीयन किया गया। शासन द्वारा यह मास्क महिलाअाें से 11 रुपए प्रति नग में खरीदा जाएगा। इसकी राशि उनके बैंक खाते में ऑनलाइन 2 -3 दिन में डाली जाएगी। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Women are making masks, municipal corporation is buying, so far 2500 masks deposited by women in corporation Full Article
0 साेनकच्छ में 20 मिनट बारिश, कुछ स्थानाें पर गिरे ओले, मंडी में खुले में पड़ा गेहूं भीगा By Published On :: Wed, 06 May 2020 23:30:00 GMT क्षेत्र के कई हिस्सों में बुधवार काे बेमौसम बारिश होने से पारा 3 डिग्री तक गिर गया। सुबह 10 से दाेपहर 1 बजे तक तापमान 42 डिग्री तक पहुंच गया था,लेकिन 1.15 बजे अचानक मौसम बदला और बूंदाबांदी शुरू हाे गई। दाेपहर करीब 1.30 बजेसे तेज बारिश हाेने लगी, जाे 20 मिनट तक हुई। इस दाैरान कुछ स्थानाें पर चने के अाकार के ओले भी गिरे।इधर बारिश से मौसम में ठंडक घुल गई। मौसम जरूर ठंडा हुआ, लेकिन बारिश ने व्यापारी व किसानों की मुसीबत बढ़ा दी। अनाज मंडी में खुले में पड़ा गेहूं भीग गया। किसानों के लिए राहत की बात यह रही कि कई किसानों ने अपनी ट्रॉलियां नीलामी शेड के नीचे लगा रखी थीं इसके कारण उनका अनाज ज्यादा गीला नहीं हो सका। जबकि व्यापारियों का अनाज बड़ी मात्रा में भीग गया, जिसे व्यापारी के यहां कार्य कर रहे लोगों ने नालियों की ओर बहाया।मंडी में नहीं है पानी निकासी की उचित व्यवस्था :मंडी में कहीं से भी पानी निकासी की व्यवस्था नहीं है। जहां नालियों का निर्माण किया है वहां व्यापारी अनाज में से निकली धूल व कचरा डाल देते हैं। साथ ही नाली के ऊपर एक व्यापारी ने अतिक्रमण कर दुकान बना ली है। नाली जाम होने पर उसे साफ करने की व्यवस्था भी नहीं है। इसके अलावा एक नाली होने से पानी की निकासी नहीं हाे पाती है। इसके चलते मंडी परिसर में पानी भर जाता है।बूंदाबांदी से बढ़ी परेशानी, खुले में रखे आलू-प्याज भीगेनगर में बुधवार शाम 7 बजे हुई बूंदाबांदी ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी। खुले में रखेआलू-प्याज भीग गए। वहीं दुकानें बंद होने से फसल को पानी से बचाने के लिए बरसाती के लिए किसान भटकता रहा। खरीदी केंद्र पर गेहूं से भरी ट्रॉलियों को किसानों ने जैसे-तैसे पानी से बचाया। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 20 minutes of rain in Saenkutch, hailstorms fell in some places, wheat lying in the open in the mandi Full Article
0 आबकारी ने तीन जगह दबिश देकर पकड़ी 20 लीटर अवैध कच्ची शराब, लबरावदा फाटा, किला मैदान व पीपलखेड़ा By Published On :: Wed, 06 May 2020 23:30:00 GMT लॉकडाउन मैं अवैध शराब का कारोबार चल रहा है। इसी के चलते मंगलवार रात आबकारी ने तीन जगह दबिश दी है। आबकारी टीम ने करीब 20 लीटर आवेदन कच्ची शराब पकड़ी है। हालांकि पुलिस शराब बनाने वालों को पकड़ने में नाकाम रही।सूचना मिली थी की लबरावदा फाटा, किला मैदान व पीपलखेड़ा में अवैध कच्ची शराब बनाने का कारोबार चल रहा है। कलेक्टर श्रीकांत बनोठ के निर्देशन व आबकारी आयुक्त नागेश्वर सोनकेसरी के मार्गदर्शन में आबकारी टीम ने तीनों जगह दबिश दी। टीम के पहुंचते ही शराब बनाने वाले भाग गए, टीम को यहां से 20 लीटर कच्ची शराब मिली। आबकारी आयुक्त सोनकेसरी ने बताया मप्र आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(1)(क) के अंतर्गत 05 प्रकरण कायम किए गए। पकड़ी गई शराब की कीमत करीब 4000 रुपए है।अगले दिन भी नहीं खुली शराब दुकानबुधवार को भी शराब दुकान बंद रही। इससे स्पष्ट है की शराब ठेकेदारों में कोरोना का डर है। क्योंकि धार जिला रेड जोन में है ऐसी स्थिति में अगर शराब दुकान खुलती है तो कोरोना संक्रमण का खतरा और बढ़ेगा। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Excise arrested 20 liter illegal raw liquor at three places, Labravada Phata, Fort Ground and Pipalkheda Full Article
0 11 मई से राजगढ़ मंडी में शुरू हाेगी नीलामी, भीड़ नहीं हाे इसके लिए राेजाना 50 किसानाें काे मैसेज कर बुलाएंगे By Published On :: Wed, 06 May 2020 23:30:00 GMT करीब 40 दिनों से मंडी बंद है। कोरोना संकट के कारण कामकाज ठप होकर किसानों को उपज मजबूरी में घरों में ही रखना पड़ रही हैं। गत दिनों मंडी में सौदा पत्रक बनाकर व्यापार करने की अनुमति देने के बाद व्यापारियों एवं किसानों का मंडी में कामकाज शुरू हुआ था। अब मंडी में नीलामी शुरू की जाएगी। इसके लिए गत दो दिनों में मंडी व्यापारियों व किसानों की बैठक मंडी प्रशासन ने ली। सब कुछ ठीक रहा तो 11 मई से नीलामी शुरू हाे जाएगी। डेढ़ माह से मंडी बंद हाेने से किसानों काे उपज घर व गाेडाउन में भंडार कर रखी है। गेहूं का बंपर उत्पादन होने से मंडी में इसकी भरपूर आवक होने की संभावना है। अभी सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी की जा रही है।मंडी में फिलहाल कामकाज बंद हाेकर केवल सौदा पत्रक बनाने के लिए व्यापारी एवं किसान आ रहे हैं। किसानों द्वारा नमूने के आधार पर सौदा कर व्यापारी काे उपज बेची जा रही। लाॅकडाउन के पहले तक प्रतिदिन 8 से 10 हजार क्विंटल गेहूं की आवक हो रही थी। बड़ी संख्या में ग्रामीण अंचलों से किसान गेहूं लेकर मंडी पहुंच रहे थे। ऐसे में बंपर आवक व किसानों की संख्या बढ़ने से नियमाें का पालन कराने में समस्या अा सकती है। एसडीएम विजय राय ने बताया प्रतिदिन 50 किसानों को मैसेज के माध्यम से सूचना दी जाएगी। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराया जाएगा। मंडी प्रांगण काफी बड़ा हाेने से दिक्कत नहीं अाएगी।माेबाइल नंबर जारी करेंगेमंडी सचिव रेशम मंडलोई ने बताया मंडी में गेहूं की उपज एवं अन्य उपज की नीलामी की प्रक्रिया 11 मई से शुरू करने के लिए याेजना बना ली है। एक दिन में 50 किसानाें काे ही बुलाया जाएगा। किसानाें काे पंजीयन कराने के लिए दो नए मोबाइल नंबर जारी किए जाएंगे। नियमाें का पालन भी कड़ाई से कराया जाएगा। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Auction to start in Rajgarh Mandi from May 11 Full Article
0 प्रशासन ने 850 मजदूरों को अन्य राज्याें और जिले में पहुंचाया, 1800 काे धार लाए By Published On :: Wed, 06 May 2020 23:30:00 GMT धरमपुरी के व्यक्ति सहित धार की एक बालिका की रिपाेर्ट भी पाॅजिटिव आई है। हालांकि बालिका पहले से क्वारेंटाइन थी और व्यक्ति इंदाैर में भर्ती है। दाे और संक्रमित मरीज मिलने से धार में पाॅजिटिव की कुल संख्या 78 हाे गई है, जबकि 26 लाेग डिस्चार्ज हाेकर घर जा चुके हैं।इधर पट्ठा चाैपाटी क्षेत्र के 11 संदिग्ध लाेगाें काे भी क्वारेंटाइन किया गया है। धार, पीथमपुर, कुक्षी अाैर रिपीट सैंपल मिलाकर कुल 103 सैंपल बुधवार काे जांच के लिए भेजे गए हैं। इधर धार के दाैरे पर अाए कमिश्नर अाकाश त्रिपाठी ने कहा कि धार का रिकवरी रेट 34 है यदि 12 अाैर निगेटिव अा जाते हैं ताे यह 45 हाे जाएगा। यह हमारे लिए अच्छा संकेत है।103 सैंपल लिएडाॅ. भंडारी के अनुसार पट्ठा चाैपाटी पर अासपास के 11 लाेगाें काे धरावरा अाैर पाटीदार क्वारेंटाइन किया है। इसी प्रकार जिले के पीथमपुर से 11, धार में रिपीट सैंपल 23, कुक्षी से 37 सैंपल अाैर धार के 32 सैंपल अाैर भेजे हैं। बुधवार काे कुल 103 सैंपल लिए गए।इंदाैर में भर्ती है धरमपुरी का व्यक्ति, लेकिन सैंपल धार में लिया थाधरमपुरी के 42 साल के व्यक्ति काे इंदाैर में भर्ती कराया गया है। उसका 4 मई काे सैंपल लिया गया था, जबकि 6 मई काे उसकी रिपाेर्ट पाॅजिटिव अाई है। जिला महामारी नियंत्रण अधिकारी डाॅ. संजय भंडारी के अनुसार चूंकि उसका सैंपल धार में लिया गया था, इसलिए उसे धार में गिना जाएगा। इसी प्रकार पट्ठा चाैपाटी के जिस परिवार के पांच लाेग संक्रमित पाए गए थे, उसी परिवार की 13 साल की बालिका काे भी पाॅजिटिव पाया गया है। यह बालिका भी पहले से क्वारेंटाइन में थी। इसे महाजन अस्पताल में बनाए गए अाइसाेलेशन सेंटर में शिफ्ट किया गया है।डेहरी के संक्रमित परिवार के पड़ाेसी और माेहल्ले वालाें काे क्वारेंटाइन कियाकुक्षी बीएमओ डाॅ. पवैया के अनुसार बुधवार काे उन्हाेंने डेहरी का निरीक्षण किया। उनके साथ एसडीएम बीएस कलेश, तहसीलदार सुनील डावर कुक्षी, टीआई कमल सिंह पंवार भी पहुंचे। यहां संक्रमित पाए गए परिवार के पड़ाेसी, अासपास के लाेग अाैर सामने वाले लाेगाें काे भी क्वारेंटाइन कर दिया गया है। इस क्षेत्र काे सील कर दिया है। हालांकि डेहरी के इसी परिवार के 7 लाेगाें की रिपाेर्ट निगेटिव भी अाई है। कुक्षी में गुजरात से अाने वाले मजदूराें का सिलसिला भी जारी है। अभी तक तलवाड़ा में पांच, लाेहाड़ा में 35 अाैर कुक्षी में एक मजदूर अाया है। अभी तक कुक्षी में 12 लाेग पाॅजिटिव पाए गए हैं।दामाद काे भी क्वारेंटाइन कियापट्ठा चाैपाटी की जिस वृद्ध महिला काे पाॅजिटिव पाया गया है, उनकी दाेनाें बेटियाें काे पहले ही क्वारेंटाइन किया गया है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने अब महिला के दामाद काे भी क्वारेंटाइन कर दिया है। उसका सैंपल भी लिया गया है। दामाद सरस्वती नगर में रहता है, जाे कि पट्ठा चाैपाटी से करीब डेढ़ किमी दूर है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि हम किसी तरह की चेन काे बढ़ने नहीं देना चाहते हैं। यदि रिपाेर्ट निगेटिव अाती है ताे ठीक है, लेकिन दामाद भी कहीं न कहीं इनके संपर्क में अाया हाेगा। इससे संक्रमण बढ़ने की अाशंका है।कुक्षी के संक्रमित व्यक्ति ने नहीं बताई कांटेक्ट हिस्ट्री कुक्षी में संक्रमित पाए गए सुभाष मार्ग के व्यक्ति ने अभी तक स्वास्थ्य विभाग काे सही जानकारी नहीं दी है कि वह कहां-कहां गया था। बीएमअाे डाॅ. नरेंद्र पवैया के अनुसार इस व्यक्ति से पूछताछ की जा रही है, लेकिन वह सही जानकारी नहीं दे रहा है। इससे अभी पता नहीं चल पाया है कि वह कहां से संक्रमित हुअा है। इधर कुक्षी के ही एक अन्य पाॅजिटिव युवक की मां काे सांस लेने में तकलीफ हाेने पर मंगलवार काे इंदाैर रैफर कर दिया गया है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today The administration moved 850 laborers to other states and districts, bringing in 1800 Full Article
0 40 डिग्री टेम्परेचर में पीपीई किट पहनना तपती भट्टी के पास घंटों गुजारने जैसा है, 10 मिनट में शरीर पसीना-पसीना हो जाता है By Published On :: Thu, 07 May 2020 04:28:20 GMT 7 डॉक्टर, 10 नर्स इलाज करते वक्त कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। बचाव का एक ही तरीका-पीपीई किट,लेकिन 40 से 42 डिग्री तापमान में इसे पहनना किसी तपती भट्टी के पास घंटों गुजारने जैसा है। इस किट को पहनकर संक्रमण से लड़ाई लड़ना कितना चुनौतीपूर्ण होता है, यह जानने के लिए भास्कर रिपोर्टर ने किट को पहनकरदफ्तर में चार घंटे काम किया। उनका अनुभव बताता है कि कोरोना वॉरियर्स मानवता की सेवा के लिए किन मुश्किलों का सामना कर रहे हैं।1. जैसे सिर से पैर तक बांध दिया होभास्कर रिपोर्टर नीता सिसौदिया ने पीपीई किट पहनकर 4 घंटे तक दफ्तर में काम किया।भास्कर रिपोर्टर ने बताया-दोपहर के 12 बज रहे थे और तापमान 40 डिग्री के आसपास था। मैंने पर्सनल प्रोटेक्शन इक्विपमेंट (पीपीई) किट पहनी। इसके बाद ऐसा लगा जैसे किसी ने मुझे बांध दिया हो। चश्मे-मास्क का दबाव चेहरे पर महसूस हो रहा था। किट पहनकर चलते नहीं बन रहा था। ग्लव्स के कारण मोबाइल पर पकड़ नहीं बन पा रही थी।2. दस मिनट में ही पसीने से तरबतरएन-95 मास्क पहनने के बाद लगा कि नाक पर कोई बोझ रख दिया गया हो और मजबूरी ऐसी कि आप चाहकर भी इसे हटा नहीं सकते। 10-15 मिनट में ही सिर पसीने से भर गया और इसकी बूंदें चेहरे की सतह से लुढ़कते हुए मास्क के भीतर जमा होने लगीं। पीपीई किट के अंदर भारी गर्मी का अहसास हो रहा था।3. बेचैनी, गला सूख गया, असहनीय स्थितिगला सूख रहा था।कई बार ऐसा लगा कि मास्क निकालकर पानी पी लूं लेकिन नहीं निकाल सकती थी। एक घंटा ही बीता था कि बेचैनी महसूस होने लगी। मास्क के बेल्ट चुभने लगे थे। कानों पर अलग तरह का प्रेशर लग रहा था। 4. चार घंटे में ये हाल, डॉक्टर पूरा दिन पहनते हैं4 घंटे पीपीी किट पहनने के बाद रिपोर्टर का पसीने से यह हाल हो गया।पसीने और उमस के अहसास ने परेशान कर दिया। उस पर चिलचिलाती गर्मी। चार घंटे के बाद जब पीपीई किट उतारी तो महसूस हुआ कि कोरोना वॉरियर्स के लिए यह ‘रक्षा कवच’ धारण करना कितना मुश्किल है। 250 डॉक्टररोज पीपीई किट पहनते हैं। दो हजार से ज्यादा नर्स और कर्मचारी भी। छह से आठ घंटेड्यूटी डॉक्टर इसे पहन काम कर रहे हैं। मैदानी टीम यानी सैंपल लेने वालों को दिनभर में कई बार किट बदलना पड़ता है। 35 से 40 डिग्रीतापमान रहता है आईसीयू में। वहां एसी चलता है लेकिन 25 डिग्री से ज्यादा तापमान मेंटेन करना होता है। वार्ड बाॅय, नर्स हो गए थे बेसुधहाल ही में एमवायएच में एक वार्य बॉय और एक नर्स पीपीई किट पहनने के बाद बेसुध हो गए। परेशानी छोटी, मरीज बड़ाअरबिंदो अस्पताल के डॉ. प्रकाश जोशी कहते हैं कि वार्ड में डबल लेयर का किट पहनकर जाते हैं। पसीना बहुत आता है। घबराहट होती है। लेकिन मरीजों की जान के आगे यह सब सेकंडरी है।हार्ट रेट बढ़ा देती है किटचाेइथराम में पल्मोनोलोजिस्ट डॉ. गौरव गुप्ता कहते हैं इमपरमिबल किट पहनने से मेरी हार्ट रेट एक बार 150 तक पहुंच गई थी। इसे पहन काम करना बेहद तकलीफदायक है।किट आदत में आ चुकी हैएमटीएच में ड्यूटी कर रहे डॉ. अभिमन्यु निगम बताते हैं कि पहले दिन किट पहनी तो बहुत घुटन महसूस हुई। गर्मी के कारण ऐसा लगा मानो किट निकाल दूं। अब आदत हो गई है।जयपुर के बाद रिकवरी में इंदौर दूसरे नंबर पर शहर पॉजिटिव ठीक हुए दर जयपुर 1074 446 41.52% इंदौर 1681 628 37.35% दिल्ली 5104 1468 28.76% पुणे 2062 528 25.60% ठाणे 1404 298 21.22% मुंबई 9945 1605 16.13% अहमदाबाद 4716 704 14.92% चेन्नई 2331 319 13.68% देश में 52247 14781 28.29% Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Wearing PPE kit in 40 degree temperature is like spending hours near the scorching furnace, the body becomes sweaty in 10 minutes. Full Article
0 इंदौर में अब तक 83 लोगों की मौत, पॉजिटिव मरीजों का आंकड़ा 1699 पहुंचा, कलेक्टर बोले- 7 से 10 दिन और संयम रखें By Published On :: Thu, 07 May 2020 07:31:56 GMT बुधवार देर रात कोरोना के 18 नए मरीज मिले। दो मरीजों की मौत भी हुई। इसके साथ ही कुल मरीजों का आंकड़ा 1699 हो गया। हालांकि राहत की बात ये है कि 556 सैंपल में 538 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई। पॉजिटिव रेट भी घटकर 3.23 हो गया है। कोरोना से शहर में अब तक 83 लोग जान गंवा चुके हैं। कलेक्टर मनीष सिंह ने कहा कि इंदौर काफी हद तक ठीक हो गया। लॉकडाउन की वजह से ही इंदौर में इतना सुधार हुआ है। अभी अस्पताल 75 फीसदी खाली हो गए हैं। 500 के करीब मरीज ठीक होकर जा चुके हैं। क्वारैंटाइन में करीब 2200 लोग थे। अब करीब दो से ढाई सौ लोग बचे हैं। अधिग्रहित मैरिज गार्डन और कुछ कोविड अस्पतालों को भी हम रिलीज करने का सोचरहे हैं। 7 से 10 दिन में यहां काफी सुधार दिखेगा। बस, लोगों को घरों में रहने की आवश्यकता है।सांवेर रोड स्थित पारले-जी की फैक्ट्री को बंद करने को लेकर कहा कि हमने इसे इसलिए बंद की, क्योंकि वहीं पर कर्मचारियों को रखकर काम करना था। वहां करीब ढाई से तीन सौ कर्मचारियों को ऐसे क्षेत्रों से बुलाया जा रहा था, जो कि वहां से नहीं बुलाया जाना था। लापरवाही के कारण हमने फैक्ट्री को बंद करवाया है। हमने काफी हद तक सफलता पा ली है, ऐसे में छोटी-सी भी लापरवाही नहीं करनी है। घर में रहना बहुत कठिन काम है, यह एक तपस्या जैसा है।लेकिन, यदि थोड़ा सा संयम रख लेते हैं तो हम इससे जीत जाएंगे। कलेक्टर ने संबंधित एजेंसी को हर दिन एक हजार से अधिक सैंपलिंग किट भेजने को कहा है। संभागायुक्त आकाश त्रिपाठी ने कहा कि इंदौर के सैंपल निजी लैब को दे रहे हैं, ताकि रिपोर्ट जल्दी मिले।रिकवरी दर 6.50 फीसदी से बढ़कर 37.35 फीसदी हुआलॉकडाउन वन में इंदौर में मरीजों के ठीक होने की रिकवरी दर केवल 6.50 फीसदी थी, जो बढ़कर 37.35 फीसदी हो गई है। एक हजार से अधिक कोविड मरीजों वाले शहरों में रिकवरी रेट में जयपुर (41.52 फीसदी) के बाद इंदौर दूसरे स्थान पर आ गया है, जबकि राष्ट्रीय औसत 28.29 फीसदी है। सैंपलिंग के लिए प्रशासन ने 25 टीमें बनाकर तेजी ला दी है। पहले 450 के आसपास सैंपल लिए जा रहे थे, जो मंगलवार को 723 और बुधवार को 1174 हो गए।अब रेड जोन शहरों के लिए भी ई पासप्रदेश से अन्य राज्यों में जाने और वहां से इंदौर आने के लिए mapit.gov.incovid-19 पोर्टल पर आवेदन करने पर मंजूरी मिल रही है। इसके साथ ही अब शासन ने निर्देश जारी कर रेड जोन में आए इंदौर, भोपाल, उज्जैन, खरगोन, खंडवा व धार जिलों से भी अन्य जिलों में जाने के लिए ई पास मंजूर करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। इन जिलों से अभी तक केवल मेडिकल इमरजेंसी व मृत्यु की स्थिति में ही जारी हो रहे थे।सैंपल के लिए अब आधार नंबर जरूरीजिला प्रशासन ने सैंपल लेने के लिए आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया है। इसके लिए एक मोबाइल एप लॉन्च किया गया है, जिसमें सैंपल लेने से पहले मरीज का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। दरअसल, इस हफ्ते जितने पॉजिटिव केस सामने आए, उनमें से 11 मरीज ऐसे थे जिनके मोबाइल नंबर गलत थे। जब रैपिड रिस्पांस टीम ने उन्हें फोन लगाया तो पता लगा कि नंबर्स गलत है। पता भी सही नहीं था। ऐसी परेशानियों से निपटने के लिए आधार कार्ड अनिवार्य किया है।3700 लोगों को आने और जाने की मंजूरीलॉकडाउन के कारण शहर में फंसे अन्य राज्यों के लोगों को ऑनलाइन मंजूरी देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। 24 घंटे में 3700 लोगों को ई-पास जारी किए हैं। नोडल अफसर व आईडीए सीईओ विवेक श्रोत्रिय के मुताबिक, सिर्फ उन्हीं लोगों के आवेदन रिजेक्ट हुए, जिन्होंने आईडी नहीं लगाया। वे फिर से आईडी, सदस्य संख्या, वाहन नंबर के साथ आवेदन करें, मंजूरी दी जाएगी। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today बुधवार को 140 लोग कोरोना से स्वस्थ होकर घर लौटे। अरबिंदो 100, इंडेक्स 21, एमटीएच 6, चोइथराम से 13 मरीज डिस्चार्ज हुए। 7 दिन की बच्ची भी मां इरम (20) के साथ घर लौटी। इरम पॉजिटिव निकलने के बाद से अरबिंदो अस्पताल में भर्ती थी। 30 अप्रैल को उसने बच्ची को जन्म दिया। बच्ची की रिपोर्ट निगेटिव आई। Full Article
0 राजनगर इलाके में सड़क पर पड़ा दिखा 200 रुपए का नोट, दहशत में आए लोगों ने पुलिस को दी सूचना By Published On :: Thu, 07 May 2020 07:32:00 GMT कोरोना वायरस के बीच शहर में कई जगह अब तक नोट मिलने से दहशत का माहौल बन चुका है। गुरुवार को इसी तरह चंदननगर थाना क्षेत्र के राजनगर में भी सड़क पर नोट मिले तो लोग दहशत में आ गए। लोगों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस नेयहां पड़े नोट कोसुरक्षित ढंग से उठाकर पॉलिथीन की थैली में रख लिया। नोट कोजांच के लिए भेजा जाएगा।घटना को लेकर चंदन नगर टीआई योगेश सिंह तोमर ने बताया कि क्षेत्र में वीणा वादिनी स्कूल के सामने नोट पड़े होने की सूचना मिली थी। इस पर तत्काल टीम को वहां भेज कर वहां से सड़क पर पड़े 200 के नोट को उठाया और जांच के लिए सुरक्षित ढंग से भेजा है। गौरतलब है कि इस तरह सड़कों पर नोट मिलने से दहशत का माहौल है। सुबह जब से नोट देखे गए हैं, तब से इलाके के लोगों ने कई बार पुलिस कंट्रोल रूम को शिकायत की, लेकिन आधे घंटे बाद पुलिस मौके पर आई और नोट उठाए। अब पुलिस पता लगा रही है कि यह नोट कोईफेंककर गया है या फिर किसी का गिर गया है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today सड़क किनारे ईंट के नीचे दबा हुआ था 200 का नोट। Full Article
0 350 ई-पास और जारी, अब तक 4050 लोगों को इंदौर से बाहर जाने और आने के लिए अनुमति दी गई By Published On :: Thu, 07 May 2020 07:36:06 GMT लॉकडाउन के कारण शहर में फंसे अन्य राज्यों के लोगों को इंदौर से बाहर जाने और अन्य स्थानों से इंदौर में आने के लिए ऑनलाइन मंजूरी देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बुधवार तक 3700 लोगों को ई-पास जारी किए गए थे। वहीं, गुरुवार सुबह 350 लोगों को और ई-पास जारी किए गए। इस प्रकार अब तक 4050 लोगों को इंदौर आने एवं इंदौर से जाने के लिए अनुमति प्रदान की गई है।प्रदेश से अन्य राज्यों में जाने और वहां से इंदौर आने के लिए mapit.gov.incovid-19 पोर्टल पर आवेदन करने पर मंजूरी मिल रही है। इसके साथ ही अब शासन ने निर्देश जारी कर रेड जोन में आए इंदौर, भोपाल, उज्जैन, खरगोन, खंडवा व धार जिलों से भी अन्य जिलों में जाने के लिए ई पास मंजूर करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। इन जिलों से अभी तक केवल मेडिकल इमरजेंसी व मृत्यु की स्थिति में ही जारी हो रहे थे।नोडल अफसर व आईडीए सीईओ विवेक श्रोत्रिय के मुताबिक, सिर्फ उन्हीं लोगों के आवेदन रिजेक्ट हुए, जिन्होंने आईडी नहीं लगाया। वे फिर से आईडी, सदस्य संख्या, वाहन नंबर के साथ आवेदन करें, मंजूरी दी जाएगी। ई-पास के लिएकलेक्ट्रेट या कहीं और भटकने की आवश्यकता नहीं है, अपने मोबाइल या कंप्यूटर से रेजिस्ट्रशन कर घर बैठे ही मोबाइल पर ही पास डाउनलोड कर सकते हैं।आवेदन में इन बातों का ध्यान रखें आवेदनhttps://mapit.gov.in/covid-19/पर किया जाए अपना आईडी प्रूफ़ अवश्य अपलोड करें वाहन क्रमांकएवं यात्रियों का विवरण अवश्य लिखें आपका ई-पास आपको आपके मोबाइल पे ही भेजा जाएगा Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today लॉकडाउन के चलते शहर में फंसे लोग इस तरह से कलेक्टर कार्यालय पर पहुंचकर अनुमति प्राप्त करने का प्रयास कर रहे थे। Full Article
0 लॉकडाउन में शहर के 300 सोनोग्राफी सेंटर बंद, खतरे में गर्भवती By Published On :: Thu, 07 May 2020 23:30:00 GMT (सुनील सिंह बघेल).लॉकडाउन का एक और घातक असर दिखने लगा है। शहर के लगभग 300 में से ज्यादातर सोनोग्राफी केंद्र बंद पड़े हैं। जिन बड़े निजी अस्पतालों में सुविधा है तो वे सिर्फ अपने यहां भर्ती मरीजों की ही जांच कर रहे हैं। इस सबके चलते गर्भ में पल रहे सैकड़ों बच्चों और उनकी मांओं का जीवन खतरे में पड़ गया है। सोनोग्राफी नहीं होने से गर्भाशय में पानी कम होने, गले में नाल लिपट जाने जैसी कई जटिलताओं का पता ही नहीं चल पाता। ऐसे में डॉक्टर, जच्चा-बच्चा की जान खतरे में डालकर डिलीवरी करवाने को मजबूर हैं। इंदौर जिले के 150 सरकारी और निजी अस्पतालों में हर साल 70 हजार से ज्यादा प्रसव होते हैं। इसमें से आधे यानी करीब 35 हजार निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम में होते हैं। गर्भावस्था के दौरान कम से कम चार बार सोनोग्राफी की जरूरत होती है। सिजेरियन डिलीवरी के मामले में तो अंदरूनी हालत जानने के लिए सोनोग्राफी रिपोर्ट और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। इंदौर शहर में लगभग 340 डायग्नोस्टिक सेंटर में 408 सोनोग्राफी मशीनें रजिस्टर्ड हैं। अस्पतालों और नर्सिंग होम को छोड़कर 270 से ज्यादा मशीनें छोटे डायग्नोस्टिक सेंटर के पास हैं। लॉकडाउन के चलते जिला प्रशासन ने इन सबकी अनुमति निरस्त कर रखी है। 40 हजार से लेकर एक लाख के पैकेज वाले जिन बड़े अस्पतालों में यह सुविधा है भी, वह गर्भवती को अपने यहां भर्ती करने की शर्त रख रहे हैं। ऐसे में कई परिवार ऐसे छोटे नर्सिंग होम का सहारा लेते हैं, जहां सोनोग्राफी की सुविधा नहीं है। कुछ अस्पताल रेड और यलो कैटेगरी में आ गए हैं। गर्भवती महिला को एक से दूसरे अस्पताल में भटकना पड़ रहा है। यह संक्रमण की दृष्टि से भी पेट में पल रहे बच्चे और मां दोनों के लिए बहुत खतरनाक है। फिलहाल सिर्फ एक ही निजी सोडानी डायग्नोस्टिक सेंटर को ही अनुमति है। रेडियोलॉजिस्ट एसोसिएशन के डॉ. राजेश गुप्ता कहते हैं जो डायग्नोस्टिक सेंटर सोशल डिस्टेंसिंग मेंटेन कर सकते हैं, उन्हें तत्काल अनुमति देना चाहिए।इतनी जरूरी है... गर्भावस्था में होती है चार सोनोग्राफीगर्भावस्था के दौरान सामान्य तौर पर चार बार सोनोग्राफी होती है। इसमें जुड़वां, शारीरिक विसंगति, बच्चे व मस्तिष्क का विकास, हृदय की धड़कन आदि का पता लगाया जाता है। गायनेकोलॉजिस्ट पायल तिवारी कहती हैं डायबिटीज, ब्लड प्रेशर आदि से पीड़ित गर्भवती, सिजेरियन डिलीवरी के मामले में तो यह बहुत ही जरूरी हो जाती है। जान जाने का भी खतरा होता है।जानलेवा गड़बड़ी... बच्चा पेट में और बता दिया मिस अबॉर्शनकुछ छोटे अस्पतालों में रेडियोलॉजिस्ट के बजाय गायनेकोलॉजिस्ट ही सोनोग्राफी तो कर रहे हैं, लेकिन वर्क लोड के चलते रिपोर्ट में घातक गलतियां भी हो रही हैं। ऐसे ही एक मामले में एमवायएच के सामने एक निजी नर्सिंग होम के डॉक्टर ने ‘मिस्ड अबॉर्शन’ की रिपोर्ट दे दी। यानी महिला का गर्भ खत्म हो चुका है। महिला ने जब रिपोर्ट अपनी डॉक्टर को दिखाई तो उन्हें विश्वास नहीं हुआ, कुछ शंका हुई। डॉक्टर ने पुरानी रिपोर्ट अपने पास रखकर, दो-तीन दिन बाद फिर उसी नर्सिंग होम में भेजा। नई रिपोर्ट में महिला को 7 हफ्ते से ज्यादा का स्वस्थ गर्भ बताया गया। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today शहर के लगभग 300 में से ज्यादातर सोनोग्राफी केंद्र बंद पड़े हैं। (फाइल फोटो) Full Article
0 गोदामों में पड़े 100 करोड़ के एसी, कूलर, फ्रिज; शुरू हो होम डिलीवरी By Published On :: Thu, 07 May 2020 23:30:00 GMT तेज गर्मी में आमजन को एसी, कूलर, पंखे, फ्रिज आदि की जरूरत है। इसके लिए वे कारोबारियों, शोरूम संचालकों को फोन कर रहे हैं, लेकिन लाॅकडाउन होने से वे वस्तुएं नहीं भेज पा रहे हैं। गोदामों में 1500 से ज्यादा कारोबारियों का सौ करोड़ का माल पड़ा है। इस संबंध में इंदौर इलेक्ट्रिकल मर्चेंट एसोसिएशन, महारानी रोड व्यापारी महासंघ ने कलेक्टर मनीष सिंह को पत्र लिख गोदामों से माल निकालकर बाहर भेजने की मंजूरी मांगी है। यह भी कहा है कि कारोबारियों को ग्राहकों से फोन पर आॅर्डर लेकर उनके घर तक डिलीवरी करने की सुविधा दी जाए ताकि आर्थिक गतिविधि भी धीरे-धीरे शुरू हो सके। इससे सरकार को टैक्स मिलेगा और लोगों को भी काम मिलेगा। एसोसिएशन अध्यक्ष जितेंद्र रामनानी ने कहा यदि मई में इन वस्तुओं का कारोबार नहीं हुआ तो कई व्यापारी डिफाल्टर हो जाएंगे। इस पर कलेक्टर ने कहा- हम चरणबद्ध तरीके से काम कर रहे हैं। इस मामले में भी विचार करेंगे। लोगों को इलेक्ट्रीशियन, प्लंबर की भी जरूरत है। प्रशासन विचार कर रहा है कि लोगों से आवेदन लेकर नंबर जारी किए जाएं। जिसे इनकी जरूरत होगी, वे भुगतान कर इनकी सेवा ले सकेंगे।ये फैसले भी हुए 30% कर्मचारियों के साथ आईटी कंपनियों को काम शुरू करने की इजाजत। लोहा और स्टील व्यापारी गोदामों में रखा माल बाहर भिजवा सकते हैं। सीमेंट, ईंट, गिट्टी आदि भी बाहर से बुलाने और भेजने की अनुमति। पेज 3 भी पढ़ें Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today फाइल फोटो Full Article
0 आजकोट से आलीराजपुर 400 किमी का 400 रु. लगता था किराया, पंचायत ने प्रति व्यक्ति वसूले 750 रुपए By Published On :: Thu, 07 May 2020 23:30:00 GMT शासन दूसरे राज्यों में फंसे मजदूरों को लाने का दावा कर रहा है लेकिन अभी भी कई मजदूर हैं जो अपने घर तक नहीं पहुंच पाए हैं। रोजगार छिन गया है, लोगों के पास खाने तक को नहीं बचा है। ऐसे में बेसहारा हुए इन लोगों की मदद करने की बजाय उनके साथ धोखाधड़ी की जा रही है। मजदूर उधार लेकर या लोगों के सामने गिड़गिड़ाकर किसी तरह बस अपने घर पहुंचने की आस लगा रहे हैं।गुजरात के राजकोट जिले की आजकोट पंचायत से गुरुवार को आलीराजपुर पहुंचे 20 मजदूरों ने अपनी पीड़ा बताई। मजदूरों ने कहा कि हम जामली और उदयगढ़ क्षेत्र के रहने वाले हैं। डेढ़ माह पहले गुजरात गए थेए लॉकडाउन में फंस गए। जो काम था वो भी छिन गया। किसी तरह घर पहुंचना चाहते थे। सूचना मिली की आजकोट से एक बस आलीराजपुर जाने वाली है। इसके टिकट पंचायत बनाकर दे रही है। पंचायत में टिकट बनवाने पहुंचे तो उन्होंने एक व्यक्ति का किराया 750 रुपए बताया। जबकि 400 किमी का किराया अब तक 400 रुपए देते आए थे। बच्चों का टिकट नहीं लेते थे। हमारे साथ 8 बच्चे हैं जिनमें कई बच्चे तो 1 से ड़ेढ़ साल के हैं। पंचायत ने इन बच्चों का टिकट भी हमसे लिया गया।छांव में बैठकर घर जानेका करते रहे इंतजारआजकोट से आलीराजपुर पहुंचे मजदूरों को अपने निवास स्थान तक जाने के लिए कोई साधन नहीं मिला। मजदूर सुबह करीब 11 बजे बस स्टैंड पहुंचे थे। यहां पैदल घरों की ओर निकले। दोपहर में तेज धूप होने से बच्चे चल नहीं पा रहे थे। खंडवा-बड़ोदरा राजमार्ग पर नगर पालिका के सामने फुटपाथ पर दीवार की आड़ में छांव देखकर बैठ गए।परिजन को फोन किया, 3 घंटे नहीं आया वाहनभूख से बिलख रहे बच्चे चल नहीं पा रहे थे। इसलिए मजदूरों ने अपने परिजन को फोन किया और कहा कि कोई वाहन भेजो हम यहां फंसे हुए हैं। परिजन को भी वाहनों की व्यवस्था करने में परेशानी हो रही थी। इस तरह मजदूर करीब 3 घंटे तक यहां परेशान होते रहे।उधार मांग कर दिया साढ़े सात हजार रुपए किरायामजदूरों ने बताया कि भाग पर खेती करते थे। लॉकडाउन लगने के कारण कपास बेच नहीं पाए। घर में जो अनाज था उससे थोड़े दिन गुजारा हो गया। रुपए भी नहीं बचे। हमें घर आना था, साथ आने वाले के 10 लोग थे। एक व्यक्ति के 750 रुपए किराया मांगा। 10 लोगों 7 हजार 500 रुपए लग रहे थे। हमने वहां पहचान वालों से रुपए उधार लिए। पहले पंचायत ने हमसे एडवांस रुपए लिए तब हमें बस में बैठने दिया गया।इधर... विधायक ने सभी जिलों के कलेक्टर को लिखा पत्रजोबट विधायक कलावती भूरिया ने गुजरात राज्य के सभी जिलों के कलेक्टर को पत्र लिखा कि वे हमारे क्षेत्र के मजदूरों को आने से न रोकें। केंद्र व राज्य सरकार के आदेश अनुसार मजदूरों को ई-पास के जरिए लाया जा रहा है। ई-पास वाले वाहनों को आलीराजपुर जिले की सीमा तक आने से न रोका जाए। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 400 km from Azkot to Alirajpur 400 km. The rent was found to be Rs 750 per person by the Panchayat workers. Full Article
0 10 लोगों की मौजूदगी में संपन्न हुई शादी, वर और वधू की ओर से पांच-पांच लोग हुए शामिल By Published On :: Thu, 07 May 2020 23:30:00 GMT लॉकडाउन के बीच ग्राम करड़ावद की युवती की शादी मठमठ के युवक के साथ हुई। बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर गुरुवार को चंद लोगोंकी मौजूदगी में पूरी रस्म अदा की गई। दूल्हे की तरफ से पांच व दुल्हन की तरफ से भी पांच मेहमान शामिल हुए। शादी में शामिल हुए सभी लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया।करड़ावद निवासी वरसिंह भाभर की लड़की गायत्री की शादी रामचंद्र कटारा निवासी जपतिपाड़ा (मठमठ) के साथ संपन्न हुई। पं. घनश्याम शर्मा ने मंत्रोच्चार कर विधि विधान से शादी कराई। विवाह रस्म के दौरान वर-वधू दोनों ही मुंह पर मास्क लगाकर शामिल हुए। लड़की के दादा, माता व बुआ आदि ने कन्यादान किया। विवाह ने लॉकडाउन में फिजूल खर्च नहीं करने की समाज के लोगों को शिक्षा दी। समाज के शकरलाल सिंगाड़ (तड़वी) ने बताया आज के समय में समाज में यह बहुत जरूरी हो गया कि खर्च पर लगाम लगाएं। मैं ऐसी शादी से बहुत खुश हूं। समाज को इस शादी से सीख लेते हुए फिजूल खर्च बंद करने चाहिए। यह हमारे समाज के लिए एक प्रेरणादायक शादी है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today The wedding took place in the presence of 10 people, five people joined on behalf of the bride and groom. Full Article