0 मुंबई में 75 वर्षीय और पालघर में 50 साल के कोरोना संक्रमित की मौत, बीएमसी ने शहर के 191 इलाके सील किए By Published On :: Wed, 01 Apr 2020 13:07:56 GMT राज्य में कोरोना संक्रमित मृतकों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार देर रात मुंबई और पालघर जिले में एक-एक संक्रमित की मौत की जानकारी सामने आई है। इसी के साथ मरने वालों का आंकड़ा महाराष्ट्र में 12 तक पहुंच गया है। वहीं संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 320 तक पहुंच गई है।बीएमसी की ओर से मुंबई के विभिन्न स्थानों में 191 क्षेत्रों को 'कंटेंटमेंट एरिया' के रूप में चिह्नित किया गया है, जहां कोरोना पॉजिटिव रोगियों की पुष्टि हुई है। ऐसे सभी क्षेत्रों के लिए प्रवेश / निकास प्रतिबंधित है और क्षेत्र के निवासियों को घर से बाहर नहीं रहने के निर्देश दिए गए हैं।पालघर में पहली मौतमुंबई से बाहर पालघर जिले में कोरोना के चलते पहली मौत हुई है। यहां के ग्रामीण हॉस्पिटल में 28 मार्च को सांस लेने में दिक्कत के बाद एक 50 वर्षीय व्यक्ति को ग्रामीण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां मंगलवार दिन में उसमें कोरोना की पुष्टि हुई और देर शाम तक उसने दम तोड़ दिया। पीड़िता ठाणे की एक फैक्ट्री में काम करता था और उसका कोई अंतर्राष्ट्रीय या घरेलू यात्रा का इतिहास नहीं था। उसकी मौत के बाद फैक्ट्री के उन कर्मचारियों को ट्रेस कर उनकी जांच का काम किया जा रहा है, जो इसके संपर्क में आए थे।सबसे ज्यादा प्रभावित वर्ली इलाके में हुई पहली मौतमुंबई में कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत का आंकड़ा बढ़कर 9 तक पहुंच गया है। शहर के वर्ली इलाके में एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती 75 वर्षीय बुजुर्ग की सोमवार को मौत हुई थी। उसे डायबिटीज और सांस लेने में दिक्कत थी। मृत होने के बाद उसकी कोरोना की जांच की गई और मंगलवार रात को उसमें कोरोना की पुष्टि हुई। फिलहाल उसके पूरे परिवार को घर में रखा गया है। बता दें कि वर्ली मुंबई का वह इलाका है जहां अब तक सबसे ज्यादा 14 मामले सामने आए हैं। जिसके बाद यहां के कोलीवाड़ा इलाके को सील कर दिया गया है।मुंबई की झुग्गी औरचॉल में फैला वायरसमुंबई की झुग्गी-झोपड़ियां और चॉल में यह वायरस तेजी से फैल रहा है और यहां पर इसे काबू पाना प्रशासन की सबसे बड़ी चुनौती है। इस वायरस को रोकने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग सबसे अहम है और इन घनी बस्तियों में यह संभव नहीं हो पा रहा है। अब तक बस्तियों में आठ लोगों को कोरोना पॉजिटिव हो चुका है। परेल की एक चॉल में रहने वाले एक 65 वर्षीय, कलिना के जम्बलिपाडा स्लम के 37 वर्षीय व्यक्ति में कोरोना पॉजिटिव मिला। घाटकोपर में झुग्गी झोपड़ी के एक 25 वर्षीय व्यक्ति और उसी झुग्गी की 68 वर्षीय महिला के साथ चार अन्य लोगों को कोरोना वायरस की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आ चुकी है।सबको ट्रैक करने में लगेंगे महीनोंघाटकोपर झुग्गी एक स्कॉयर किमी पर बसी है लेकिन इसमें 23,000 से अधिक लोग रहते हैं। स्वास्थ्य कर्मियों को हर उस व्यक्ति का पता लगाना होगा जो आदमी सामुदायिक शौचालय के पास संपर्क में आया होगा। अधिकारी ने कहा कि सभी को ट्रैक किया जाए, उनकी जांच की जाए और उन्हें 14 दिनों तक क्वॉरंटाइन किया जाएया, इसमें महीनों का समय लग सकता है।जीआरपी एक कांस्टेबल में भी कोरोना वायरस मिलेसरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) के एक 51 वर्षीय पुलिस कांस्टेबल में भी कोरोना की पुष्टि हुई है। जिसके बाद उसेकस्तूरबा अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। मुंबई के कमिश्नर रवींद्र सेंगांवकर ने कहा कि कांस्टेबल की पत्नी और दो बच्चों को अस्पताल में अलग-थलग रखा गया है।महाराष्ट्र में और कहां-कहां हुई मौतपहली मौत(17 मार्च):मुंबई में 64 साल के बुजुर्ग ने दम तोड़ा। वह उसी टैक्सी में बैठे थे, जिसमें सवारी 5 लोग पहले ही संक्रमित हो चुके थे। 64 साल के बुजुर्ग दुबई से लौटे थे और मुंबई के कस्तूरबा अस्पताल में भर्ती थे। उन्हें हिंदुजा से कस्तूरबा अस्पताल में शिफ्ट कराया गया था। मृतक की पत्नी और बेटे की भी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव थी। बुजुर्ग को हाइपरटेंशन और डायबिटीज था।दूसरी मौत( 21 मार्च):मुंबई में शनिवार रात 63 साल के एक मरीज ने दम तोड़ा। उन्हें डायबीटीज, हाई ब्लडप्रेशर और दिल की बीमारी थी। उन्हें 19 मार्च को मुंबई के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती किया गया था। 21 मार्च की रात करीब 11 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। हालांकि, इसकी कोई भी विदेश यात्रा की हिस्ट्री नहीं थी।तीसरी मौत(24 मार्च):65 वर्षीय एक मरीज को खांसी और सांस लेने में तकलीफ के कारण अस्पताल में भर्ती किया गया था। स्थिति खराब होने के कारण उसकी सोमवार को ही देर रात मौत हो गई। कोरोना के अलावा उसे डायबीटीज और उच्च रक्तचाप की भी शिकायत थी। हाल ही में यह मरीज यूएई से मुंबई लौटा था और कुछ दिन के लिए अहमदाबाद भी गया था।चौथी मौत(26 मार्च):65 वर्षीय गोवंडी की एक महिला को उच्च रक्तचाप और डायबिटीज की शिकायत के बाद नवी मुंबई के एक अस्पताल में भर्ती किया गया था। जहां उसकी मौत हो गई, गुरुवार को आई जांच रिपोर्ट के अनुसार महिला कोरोना पॉजिटिव थी।पांचवी मौत(27 मार्च):65 वर्षीय एक अन्य महिला को 23 मार्च को कस्तूरबा अस्पताल में भर्ती किया गया था। महिला को सांस लेने में तकलीफ के साथ ही बुखार और खांसी की समस्या थी। इलाज के दौरान गुरुवार को इस महिला की भी मौत हो गई। बीएमसी स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, महिला को उच्च रक्तचाप और डायबिटीज की शिकायत थी।छठवीं मौत(28 मार्च):85 वर्षीय सर्जन की 26 मार्च को मुंबई के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में मौत हो गई थी। प्राइवेट लैब से आई रिपोर्ट में उसमें कोरोना के लक्षण थे, हालांकि बीएमसी ने सरकारी लैब से उसकी फिर से जांच करवाई और 28 मार्च को घोषित किया कि डॉक्टर की मौत कोरोना के कारण हुई है। उन्हें भी डायबिटीज की शिकायत थी और सांस लेने में दिक्कत के बाद हॉस्पिटल मुंबई के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया था।सातवीं मौत(29 मार्च):40 वर्षीय महिला ने दम तोड़ा। इसे सीने में दर्द की शिकायत के बाद महानगरपालिका हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया था। महिला को हाइपरटेंशन की समस्या थी। उसे पिछले तीन दिनों से सांस लेने में दिक्कत और सीने में दर्द हो रहा था।आठवीं मौत(29 मार्च):राज्य केबुलढाणामें भी 45 वर्षीय व्यक्ति की मौत संक्रमण के चलते हुई थी। उन्हें पहले निमोनिया की शिकायत बताई गई थी। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। रविवार को आई रिपोर्ट में पता चला कि वे कोरोना से संक्रमित थे।नौवीं मौत(30 मार्च): सोमवार को पुणे में एक 52 साल के व्यक्ति की मौत हुई। यह पुणे में कोरोना संक्रमण से पहली मौत थी। वह पुणे और मुंबई के बीच अक्सर अपडटाउन करता था। मरीज को डायबिटीज और हाइपरटेंशन की शिकायत थी। 25 मार्च को सांस लेने में दिक्कत के बाद उसे पुणे के दीनानाथ मंगेशकर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था।दसवीं मौत(30 मार्च): सोमवार शाम को मुंबई में एक 80 वर्षीय बुजुर्ग की मौत की जानकारी सामने आई। उसे ह्रदय सम्बंधित बिमारी, डायबिटीज और हाइपरटेंशन था। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Mumbai Pune Coronavirus Outbreak Live | Corona Virus Cases in Maharashtra Nashik Nagpur (COVID-19) Cases Death Toll Latest News and Updates Full Article
0 मरीजों की बढ़ती संख्या को देख पुणे के इंजीनियरों ने 12 घंटे में बना डाला वेंटीलेटर, कीमत 50 हजार रुपए By Published On :: Thu, 02 Apr 2020 12:16:41 GMT कोरोना के खिलाफ लड़ाई को लेकर पुणे से कई अच्छी खबर आई है। यहां की एनओसीसीए रोबोटिक्स प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी ने पोर्टेबल वेंटीलेटर तैयार किया है। खास बात यह है कि इस वेंटीलेटर की शुरुआती कीमत 50 हजार रखी गई है। आमतौर पर हॉस्पिटल में जो वेंटीलेटर इस्तेमाल होते हैं उनकी कीमत दो लाख से 13 लाख रुपए तक होती है। एनओसीसीए के फाउंडर हर्षित राठौड़ ने दैनिक भास्कर ने बात की। इसमें उन्होंने बताया कि उन्हें वेंटीलेटर बनाने का आइडिया कैसे आया?सवाल: वेंटीलेटर बनाने का आइडिया कैसे आया?हर्षित: दिनों-दिन कोरोना के पेशेंट्स बढ़ रहे हैं। उनके ट्रीटमेंट में वेंटीलेंटर अहम है। देश में वेंटीलेटर की भारी कमी के चलते मार्च में मैंने अपने पार्टनर निखिल कुरेले से ऐसा वेंटीलेटर बनाने के बारे में बात की जो पोर्टेबल हो और उसकी कीमत कम हो। हम दोनों ने यह आइडिया अपने इंजीनियरों से शेयर किया। फिर सिर्फ दो दिन में वेंटीलेटर बनाने की प्लानिंग पर काम शुरू हुआ। आने वाले समाय में हमें बड़ी संख्या में वेंटीलेटर्स की जरुरत पड़ने वाली है।सवाल: बनाने में कितना समय लगा?हर्षित: इस वेंटीलेटर के प्रोटोटाइप को सिर्फ 12 घंटे में मेरीटीम ने तैयार किया है। हालांकि, इसे पूर्ण रुप देने में दो दिन का समय लगा। हमने 24 मार्च को सुबह इसपर काम करना शुरू किया और तकरीबन 12 घंटे के प्रयास के बाद इसका प्रोटोटाइप तैयार कर लिया।सवाल: क्या खास है इस वेंटीलेटर में?हर्षित: यह वेंटीलेटर खासतौर पर कोरोना पेशेंट्स को ध्यान में रखकर बनाया गया है। नार्मल वेंटीलेटर में कई अन्य फीचर होते हैं जो इसमें नहीं होंगे। लेकिन कोरोना पेशेंट्स के लिए बेहद कारगर होगा। यही नहीं लंग्स की हर बीमार मरीज को इससे मदद मिल सकेगी। इसमें हम बाजार में पहले से मौजूद वेंटीलेटर्स के वे सारे फीचर डाल रहे हैं जो एक कोरोना मरीज के लिए मददगार रहेंगे। ये वेंटिलेटर पोर्टेबल हैं। वेंटीलेटर में किसी तरह की कोई कमी न रहे इसके लिए आईआईटी कानपुर के कुछ डॉक्टर्स प्रोफेसर को भी इस प्रोजेक्ट्स से जोड़ा गया है।सवाल: अभी तक कुल कितने वेंटीलेटर का निर्माण हुआ?हर्षित: हमारी टीम ने अभी तक 2 वेंटीलेटर का निर्माण कर लिया और आने वाले एक सप्ताह में 20-30 वेंटीलेटर बनाने की तैयारी है। हमारा मकसदहै कि पहले से वेंटीलेटर बना रही किसी बड़ी कंपनी के साथ जुड़कर इसका कमर्शियल उत्पादन शुरू करें । कंपनी आने वाले 10 से 15 दिन में इसका क्लीनिकल ट्रायल पूरा कर लेगी और भारत सरकार के स्वास्थ्य विभाग से अनुमोदनभी प्राप्त कर लेगी। पुणे जिला प्रशासन के अधिकारी भी आवश्यक अनुमति प्राप्त करने में हमारी मदद कर रहे हैं।सवाल: किस स्तर पर होगा इसका उत्पादनहर्षित: फिलहाल,हम एक महीने में कम से कम 10 हजार पीस का निर्माण करने की सोच रहे हैं।दो साल पहले शुरू हुई है यह कंपनीआईआईटी कानपुर के पासआउट औरकंपनी में पार्टनर निखिल बताते हैं कि दो साल पहले इस कंपनी को शुरू किया था। हम ऐसे रोबोट्स का निर्माण करतेहैं जो सोलर पैनेल्स को साफ करते हैं। लेकिन दुनिया में बढ़ रहे कोरोनावायरस संक्रमित लोगों की संख्या को देखते हुए हमने यह तय किया कि वे इसके पेशेन्टस के लिए खास वेंटीलेटर का निर्माण करेंगे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today यह वेंटीलेटर पोर्टेबल है और इसे कहीं भी आसानी से ले जाया जा सकता है। हर्षित और रोहित ने अपनी टीम के साथ मिलकर सिर्फ 12 घंटे में इसका प्रोटोटाइप तैयार किया है। Full Article
0 धारावी में एक और केस सामने आने के बाद 300 फ्लैट्स को किया गया सील, शहर में 57 नए मरीज सामने आए By Published On :: Thu, 02 Apr 2020 13:16:00 GMT कोरोना वायरस मुंबई में विकराल रुप लेता जा रहा है। गुरुवार को शहर में 57 नए मामले सामने आने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि यहां कोरोना कम्युनिटी स्प्रेड की कगार पर पहुंच गया है। वहीं राज्य में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 416 तक पहुंच चुकी है। अब तक सिर्फ मुंबई में 13 लोग कोरोना के चलते अपनी जान गवां चुके हैं।बीएमसी का सफाई कर्मी था पेशेंटएशिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती धारावी में गुरुवार को कोरोना वायरस का दूसरा पॉजिटिव केस दर्ज किया गया। यहां एक 54 वर्षीय बीएमसी सफाई कर्मचारी में कोरोना वायरस के पॉजिटिव लक्षण पाए गए हैं। वह मुख्य रूप से वर्ली इलाके का रहने वाला है। लेकिन वह धारावी के माहिम फाटक रोड के पास काम करता था। डॉक्टरों के अनुसार, व्यक्ति में तीन-चार दिन पहले से कोरोना वायरस के लक्षण दिखाई दे रहे थे, जिसके बाद गुरुवार को वह कोरोना पॉजिटिव पाया गया।300 झुग्गी बस्ती और 9 हाउसिंग सोसाइटी सीलगुरुवार को यहां की 9 सोसाइटीज के 300 फ्लैट्स को लगभग सील कर दिया गया है, जिसमें करीब 2000 लोग रहते हैं।उस पर्टिकुलर कॉलोनी में रह रहे परिवार और भवन के सभी निवासियों का सैंपल कलेक्शन चल रहा है, प्रोटोकॉल के अनुसार कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की जा रही है। बस्ती में भारी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात हैं और लोगों को घरों में रहने के लिए कह रहे हैं।बुधवार को धारावी में हुई थी एक शख्स की मौतयहीं बुधवार को एक 52 वर्षीय शख्स की कोरोना की वजह से जान चली गई थी। उसके परिवार के 8 सदस्यों को भी हॉस्पिटल में क्वारंटाइन कर दिया गया है। धारावी जैसे घनी इलाके वाले क्षेत्र में कोरोना वायरस महामारी के लक्षण पाया जाना एक चिंता का विषय है। धारावी को मुंबई की सबसे घनी और गरीब आबादी वाला क्षेत्र माना जाता है। यहां करीब 15 लाख लोग रहते हैं। ऐसे में भीड़ वाले इलाके में कोरोना फैलने का खतरा अधिक बढ़ जाता है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today धारावी के कई इलाकों में आज दवाई का छिड़काव किया गया। Full Article
0 दो दिन में 10 की मौत, अब तक 19 की जान गई; राज्य में कोरोना संक्रमितों के लिए 30 नए हॉस्पिटल बनेंगे By Published On :: Thu, 02 Apr 2020 17:01:20 GMT महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण बेकाबू होता नजर आ रहा है। पिछले 48 घंटों में राज्य में संक्रमण से 10 लोगों की मौत हो गई। गुरुवार को 4 संक्रमितों की मौत हुई है। वहीं,बुधवार को राज्य में छह लोगों की जान संक्रमण से गई थी।इसे मिलाकर राज्य में संक्रमण से जान गंवाने वालों का आंकड़ा 19 तक पहुंच गया। वहीं, गुरुवार को 88 नए पॉजिटिव केस मिले हैं, इनमें सबसे ज्यादा 54 मुंबई के हैं। राज्य में अब संक्रमितों की संख्या 423पर पहुंच गई है।राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने बताया कि राज्य में कोरोना के लिए 30 डेडिकेटेड हॉस्पिटल बनाए जाएंगे। इनमें कुल 2350 बेड होंगे। वहीं, कांदिवली के शताब्दी अस्पताल के 40 स्टाफ को क्ववारैंटाइन किया गया है। यहां भर्ती एक मरीज की रिपोर्ट कोविड पॉजिटिव आई है। वहीं, बुधवार को धारावी के एक बुजुर्ग की मौत और यहां से एक संक्रमित मिलने के बाद इस इलाके के 300 घरों को सील कर दिया गया है। वहीं,लातूर में मॉर्निंग वॉक पर जाने वाले 120 लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है।आज इन चार लोगों की हुई मौतआज जिन चार लोगों की मौत हुई हैं उनमें मुंबई के नायर हॉस्पिटल में भर्ती एक 61 वर्षीय पुरुष शामिल है। उसे हाई ब्लड प्रेशर और कैंसर था। इनकी मौत कल दोपहर हुई है। इनके अलावा 29 मार्च को सायन के एक सरकारी हॉस्पिटल में भर्ती 58 वर्षीय पुरुष, मुंबई के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती 58 वर्षीय बुजुर्ग और कस्तूरबा हॉस्पिटल में भर्ती एक अन्य शख्स की मौत भी हुई है। इन सभी को हाई बल्ड प्रेशर और डायबिटीज था। इसके अलवा पुणे में भी एक महिला की मौत कोरोना के चलते हुई है। हालांकि, प्रशासन की ओर से उसकी मौत की पुष्टि होना बाकी है।मुंबई में एक महिला और उसका दिन का बच्चा कोरोना पॉजिटिव मिला है।जानकारी के मुताबिक, महिला को प्रसव पीड़ा होने पर26 मार्च कोचेम्बूर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में महिला को एक बच्चा हुआ। बाद में दोनों की मां और बेटे की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। महिला के पति ने हॉस्पिटल पर आरोप लगाया कि उसकी पत्नी को कोरोना संक्रमित पाए गए व्यक्ति के बगल में बेड दिया था, जिससे वह संक्रमित हुई है।कई स्वयंसेवी संस्थाएं हर दिन धारावी में हजारों लोगों के खाने का इंतजाम कर रही हैं।एयरपोर्ट पर तैनात 5सीआईएसएफ जवानों को भी संक्रमणकोरोनाकी चपेट में अब सीआईएसएफ के पांचजवान भी आ गए हैं। ये सभी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर तैनात थे। इससे पहले मुंबई के सीएसटी रेलवे पुलिस स्टेशन का एक कॉन्स्टेबल भी कोरोना से संक्रमित मिला था। रेलवे पुलिस के इस कॉन्स्टेबल को 30 मार्च को कल्याण के अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसका कोरोना टेस्ट की रिपोर्टपॉजिटिव आई है।5,000 लोगों को क्वारैंटाइन किया गया: स्वास्थ्य मंत्रीराज्य में 5 हजार से ज्यादा लोगों की पहचान अधिक जोखिम वाले संदिग्ध कोरोना मरीजों के तौर पर की गई है। इन मरीजों को अलग-अलग क्वारैंटाइन सेंटर्स में रखा गया है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे यह जानकारी देते हुए कहा, 'इस बात के स्पष्ट संकेत हैं कि आने वाले दिनों में कोरोना वायरस से और लोग संक्रमित होंगे। क्योंकि जिन पांच हजार लोगों कोक्वारैंटाइन किया गया। वह सभी अब संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क में आए हुए लोग हैं।पुणे के मांजरी इलाके में शिवसेना कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर खाना बांटा।मुंबई में 191 इलाके सीलमुंबई में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। राज्य में सबसे अधिक कोरोना वायरस के संक्रमित मरीजों की संख्या मुंबई में ही है। बढ़ते मामलों को देखते हुए 191 से अधिक इलाके को सील कर दिया गया है। इनमें से 46 इलाके पश्चिम उपनगर और 48 इलाके पूर्वी उपनगर में हैं। दक्षिण मुंबई के 48 इलाकों में कोरोना वायरस के संक्रमित मरीज पाए गए हैं। इन क्षेत्रों में लोगों के आने-जाने पर पाबंदी लगा दी गई है। मुंबई पुलिस लगातार इन क्षेत्रों की निगरानी कर रही है और लोगों से घरों में ही रहने की अपील कर रही है। बीएमसी यहां लगातार कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कर रही है।।पुणे में कई सेंटर पर ब्लड डोनेट करने वालों की भीड़ नजर आ रही है।महाराष्ट्र में जमातियों की पहचान, 230 को किया क्वारैंटाइनतबलीगी जमात के दिल्ली में हुए मरकज में महाराष्ट्र से शामिल होने वाले लोगों की पहचान का काम बुधवार कोतेजी से पूरे राज्य में की गई। राज्य के विभिन्न हिस्सों से बुधवार देर रात तक मिली जानकारी के मुताबिक, ठाणे पुलिस ने 25 लोगों को पकड़ा है, इनमें 13 बांग्लादेशी और 8 मलयेशियन नागरिक भी शामिल हैं। सभी को क्वारैंटाइन सेंटर भेज दिया गया है। अलावा इसके अहमदनगर से 29, औरंगाबाद से 47, पिंपरी-चिंचवड से 32, सोलापुर से 13, नांदेड से 16, अकोला से 10, परभणी से 3, चंद्रपुर से एक और नागपुर से 54 लोगों के तबलीगी जमात में शामिल होने की पुष्टि हुई है।अहमदनगर की एक सब्जी मंडी के बाहर जमा भीड़। यहां लोगों में सोशल डिस्टेंसिंग नजर नहीं आई।कोरोना संक्रमितों की तलाश के लिए बनाया ऐपसरकार के अलग-अलग विभागों ने मिलकर एक ऐसा मोबाइल ऐप तैयार किया है, जिससे कोरोना मरीजों की पहचान आसानी से की जा सकेगी। यही नहीं, यह ऐप क्वारैंटाइन में रखे गए मरीजों पर भी नजर रखेगा। नासिक जिले में इसका ट्रायल सफल रहा है। अब इसे राज्य के अन्य हिस्सों में किया जाएगा।पुणे के दादानगर में कर्फ्यू के बावजूद जमा भारी भीड़।उद्धव से पीएम मोदी ने की बातप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से फोन पर बातचीत की है। बताया जा रहा है कि पीएम नेउद्धव को पिछले महीने नई दिल्ली में तब्लीगी जमात के आयोजन से मुंबई और राज्य के अन्य हिस्से में पहुंचे लोगों का पता लगाने, जांच करने कोकहा है। गुरुवार को पीएम मोदी सभी राज्यों को मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोरनावायरस को लकेर चर्चा करेंगे।धुले जिले में लॉकडाउन के नियम को समझाने के लिए पुलिस ने कुछ ऐसा तरीका खोजा है।हैदराबाद से राजस्थान जा रहे चार ट्रकों को वाशिम जिले में पकड़ा गया। इसमें सवार 235 मजदूरों को हिरासत में लिया गया है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण के सबसे ज्यादा केस सामने आए हैं। राज्य में करीब पांच हजार लोगों को आइसोलेशन में रखा गया है। Full Article
0 190 साल पुराने अमृतांजन ब्रिज को जमींदोज किया गया, तीन साल से चल रही थी गिराने की तैयारी By Published On :: Mon, 06 Apr 2020 08:00:32 GMT पुणे. रविवार शाम को रायगढ़ जिले में स्थित ऐतिहासिक अमृतांजन ब्रिज को विस्फोटक से उड़ा दिया गया। मुंबई और पुणे को जोड़ने वाले लोनावाला के पास खंडाला में स्थित इस ब्रिज को करीब 190 साल पहले 1830 में अंग्रेजी शासन काल में बनाया गया था। रायगढ़ जिला कलेक्टर ने महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (एमएसआरडीसी) को 2 से 14 अप्रैल के बीच इस ब्रिज को हटाने की अनुमति दी थी।10 किलोमीटर का ट्रैफिक डायवर्जन किया गयालॉकडाउन के चलते मुंबई-पुणे एक्सप्रेस वे पर ट्रैफिक बेहद कम हो गया है। इस बीच सही मौका देखकर प्रशासन ने पुल को गिराने के लिए हरी झंडी दी थी। मुंबई-पुणे एक्सप्रेस वे पर दोनों लेन के लिए 10 किमी का एक ट्रैफिक डायवर्जन बनाया गया। पुल को गिराने का प्रोजेक्ट 3 साल से लंबित था। पिछले साल जून में एमएसआरडीसी ने पुल को गिराने के लिए दूसरा टेंडर जारी किया था। 2017 में जब पहली बार पुल के गिराने का प्लान बनाया गया तो इसका भारी विरोध भी हुआ था।कई साल से बंद है अवागमनअमृतांजन पुल की खराब हालत को देखते हुए पिछले कई सल से आवागमन के लिए बंद कर दिया गया था। एमएसआरडीसी ने इससे पहले इस पुल के संरक्षक रेलवे को भी लिखा था और पुल गिराने की अनुमति मांगी थी। जिला कलेक्टर और स्टेट हाईवे पुलिस से भी सुरक्षा और ट्रैफिक डायवर्जन करने की मांग की थी।गिराने की जरूरत क्यो?पुल के खंभे सड़क को कई हिस्सों में बांटते हैं। यह जर्जर हो चुके हैं। इन मोटे-मोटे खंभों की वजह से यहां सड़क की चौड़ाई कम है और अकसर जाम लगता है। कई बार हादसे भी हो चुके हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today विस्फोटक लगाकार इस ब्रिज को जमींदोज किया गया। Full Article
0 मल्टीप्लेक्स यदि दो महीने बंद रहे, तो 800 करोड़ का ऑपरेशनल नुकसान का अनुमान By Published On :: Mon, 06 Apr 2020 11:48:53 GMT कोविड-19 महामारी की वजह से देश भर के अलग-अलग राज्यों में 11 मार्च से बंद चल रहे मल्टिप्लेक्सों का लॉकडाउन यदि दो महीने चलता है, तो 800 करोड़ रुपए का ऑपरेशन एक्सपेंडिचर नुकसान होने का अनुमान है। इसी वजह से अब मल्टिप्लेक्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एमएआई) ने अपने अपने लैंडलॉर्ड और डेवलपर्स को पत्र लिखकर किराया माफ करने की गुहार लगाई है।मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक अशर ने बयान जारी कर कहा कि देश कुछ राज्यों में कोरोनावायर महामारी की वजह से 11 मार्च से 31 मार्च तक मल्टिप्लेक्स सिनेमाहॉल को बंद रखने का आदेश जारी हुआ था। 24 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 दिन का लॉकडाउन देश में घोषित किया। जिसकी वजह से 14 अप्रैल तक मल्टीप्लेक्स सिनेमाहॉल बंद रहने वाले हैं।'मल्टीप्लेक्स का रेवन्यू जीरो हुआ'देशभर के मल्टिप्लेक्स संचालकों का रातों-रात रेवन्यू घटकर जीरो हो गया है। लिहाजा अब हमने जहां मल्टिप्लेक्स हैं। उसके लैंडलॉर्ड और डेवलपर्स से निवेदन किया है कि वे स्थिति सामान्य होने तक हमारे किराये को माफ करें। गौरतलब है कि मल्टिप्लेक्स एसोसिएशन देश के 90 फीसदी मल्टिप्लेक्स इंडस्ट्री का प्रतिनिधित्व करता है। इसके सदस्य देशभर में 600 से अधिक मल्टिप्लेक्स ऑपरेट करते हैं। जिसमें करीब 2900 स्क्रिन है। जबकि पूरे देश में लगभग 9,527 स्क्रिन हैं। इसमें 3200 मल्टीप्लेक्स और 6,327 सिंगल स्क्रीन शामिल हैं।केंद्र सरकार से चाहिए ब्याज मुक्त लोनमल्टिप्लेक्स एसोसिएशन की केंद्र सरकार से भी चार प्रमुख मांग है। इसमें तीन वर्ष के लिए ब्याज मुक्त लोन देने की प्रमुख मांग है। इसमें मल्टिप्लेक्स को एक वर्ष की मोरोटोरियम की अवधि भी चाहिए। इसके अलावा उन्हें टैक्स एवं ड्यूटी में छूट चाहिए। इसी तरह मल्टिप्लेक्स को एक वर्ष के लिए न्यूनतम डिमांड चार्ज और बिजली शुल्क में छूट दी जाए। चौथी मांग मल्टिप्लेक्स एसोसिएशन की नॉन-ऑपरेशनल पीरियड के दौरान कर्मचारियों को सैलरी देने के लिए सब्सिडी दिए जाने की है।एक स्क्रीन का दो महीने का ऑपरेशन एक्सपेंसेस लगभग 25 लाखमल्टिप्लेक्स इंडस्ट्री के जानकारों के अनुसार फिक्की की एक रिपोर्ट के अनुसार देशभर में मल्टीप्लेक्सों में करीब 3200 स्क्रीन हैं। एक स्क्रिन का दो महीने का ऑपरेशन एक्सपेंडिचर लगभग 25 लाख रुपए आता है। मल्टिप्लेक्स चाहे बंद ही क्यों न हो। ऐसे में मोटे तौर पर यदि मल्टिप्लेक्स कोविड-19 की वजह से दो महीने तक बंद रहते हैं, तो 800 करोड़ रुपए का ऑपरेशनल एक्सपेंडिचर नुकसान होने का अनुमान है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Mumbai Cinema Halls Coronavirus Lockdown Impact Update; Multiplex Association of India On Theater Waive Rent Full Article
0 आज चार की मौत, संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 526 तक पहुंची, शहर के दो बड़े हॉस्पिटल कंटेनमेंट जोन घोषित By Published On :: Mon, 06 Apr 2020 13:32:46 GMT कोरोना मरीजों का हॉटस्पॉट बन चुके मुंबई में हर दिन मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। सोमवार को यहां 57 नए मामले सामने आए हैं। इसी के साथ यहां मरीजों की संख्या बढ़कर 526तक पहुंच गई है। वहीं अगर इसमें ठाणे और वसई को मिला लिया जाए तो यह संख्या 609 तक पहुंच जाती है। वहीं यहां मरने वालों की संख्या भी बढ़कर 41(34 मुंबई+7 एमएमआरडीए) हो गई है। मुंबई के दो बड़े प्राइवेट हॉस्पिटलों में भी डॉक्टर और नर्सों में कोरोना पॉजिटिव केस मिले हैं। जिसके बाद दोनों अस्पतालों को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया गया है।आज इनकी हुई मौत..1. मुंबई के ग्लोबल हॉस्पिटल में 29 मार्च को भर्ती हुए 80 वर्षीय बुजुर्ग ने दम तोड़ दिया है। उसे बुखार और लूज मोशन था साथ ही सांस लेने में भी तकलीफ थी। डॉक्टरों के मुताबिक उसे हाइपरटेंशन भी था। मरीज की मौत 5 अप्रैल की शाम को हुई है उसमें कोरोना की पुष्टि 3 अप्रैल को हुई थी।2. मुंबई के एचबीटी हॉस्पिटल में 2 अप्रैल को भर्ती हुए 41 वर्षीय पुरुष की करुणा के चलते मौत हो गई है। इसे भी बुखार और लूज मोशन था। जांच में सामने आया है कि यह क्रॉनिक एल्कोहलिक भी था। इसमें कोरोना की पुष्टि 1 अप्रैल को हुई है।3. 1 अप्रैल को मुंबई के एचबीटी हॉस्पिटल में भर्ती हुए 62 वर्षीय पुरुष की मौत 4 अप्रैल को हुई है। इनमें कोरोना की पुष्टि 31 मार्च को हुई थी, इन्हें हाइपरटेंशन एपिलेप्सी और पैरालाइसिस था।4. मुंबई के सेंट जॉर्ज हॉस्पिटल में 1 अप्रैल को कब और सांस लेने में दिक्कत के बाद भर्ती हुए 52 वर्षीय पुरुष की 4 अप्रैल को मौत हो गई। इनमें कोरोना की पुष्टि 4 अप्रैल को ही हुई थी।15 लाख लोगों का सर्वे किया गयाग्रेटर मुंबई मुंसिपल कॉरपोरेशन ने अब तक 15 लाख लोगों का सर्वे किया है, जिसमें से 665 लोगों को चिंहित किया गया और उनके टेस्ट करवाए गए हैं। इसी के साथ 1400 सैंपल भी घर जाकर टेस्टिंग के लिए कलेक्ट किए गए हैं।मुंबई में 226 कंटेनमेंट जोन चिन्हित किए गए हैं और पूरे इलाके को क्वॉरेंटाइन कर दिया गया है।10 कंटेनमेंट जोन में डॉक्टरों , नर्सों और लैब टेक्नीशियन द्वारा द्वारा स्पेशल स्क्रीनिंग क्लीनिक शुरू किया गया है।वॉकहार्ट अस्पताल में 26 नर्सों और 3 डॉक्टरों को कोरोना संक्रमणबीएमसी ने 26 नर्सों और तीन डॉक्टरों में कोरोनावायरस का टेस्ट पॉजिटिव आने के बाद मुंबई के वॉकहार्ट अस्पताल को एक निषेध क्षेत्र घोषित कर दिया है। मुंबई सेंट्रल में स्थित इस अस्पताल में किसी नए मरीज की भर्ती करने पर रोक रहेगी। आयुक्त सुरेश काकानी ने कहा कि हॉस्पिटल में कैसे इतने ज्यादा लोगों में संक्रमण फैल गया, इसकी जांच के लिए टीम गठित की गई है। उन्होंने कहा- "यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि वायरस इतने ज्यादा डॉक्टरों और नर्सों में फैल गया। सभी को सावधानी बरतनी चाहिए थी।" हॉस्पिटल में काम करने वाले 270 से अधिक कर्मचारियों और डॉक्टरों की जांच कराई जा रही है।जसलोक हॉस्पिटल भी क्वारैंटाइन जोन घोषितमुंबई के जसलोक हॉस्पिटल को भी रेड जोन घोषित कर दिया गया है। जसलोक अस्पताल की छह नर्सों समेत 19 कर्मचारियों में कोरोना की पुष्टि हुई है। इसके बाद इन अस्पतालों में आवाजाही प्रतिबंधित कर दी गई। इसके साथ ही इन मरीजों के संपर्क में आए लोगों को भी क्वारैंटाइन किया जा रहा।ऐसे वॉकहार्ट अस्पताल में फैला कोरोना27 मार्च को वॉकहार्ट अस्पताल में 70 वर्षीय एक बुजुर्ग भर्ती हुआ था। उसका एंजियोप्लास्टी होना था। इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। इस दौरान उनका कोरोना टेस्ट का रिजल्ट आया, जिसमें वह पॉजिटिव निकला। इनके संपर्क में आने वाले स्टाफ भी पॉजिटिव मिले। हाल में ही वॉकहार्ट में काम कर रहे धारावी में रहने वाले एक सर्जन में भी कोरोना की पुष्टि हुई थी। इसके बाद अस्पताल के सभी स्टाफ का चेकअप किया गया और 26 नर्स और 3 डॉक्टर कोरोना पॉजिटिव निकले हैं।मुंबई में मृत्यु दर 6.66 % तक पहुंचीमुंबई में कोरोना वायरस के कारण मृत्युदर 6.66 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है, जो देश की औसत दर 3 प्रतिशत से दोगुने से भी अधिक है। विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी बीमारी में मृत्युदर 3 प्रतिशत से ज्यादा होना चिंता की बात है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today वॉकहार्ट अस्पताल के बाहर लगा नो एडमिशन का बोर्ड। Full Article
0 आज 7 मौतें; 120 नए संक्रमित मिले; मुंबई के वॉकहार्ट अस्पताल में 26 नर्स और 3 डॉक्टर पॉजिटिव, 270 कर्मचारियों की जांच कराई जा रही By Published On :: Mon, 06 Apr 2020 17:35:00 GMT महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण की स्थिति गंभीर होती जा रही है। सोमवार को संक्रमण से सात लोगों की मौत हुई। सभी मौतें मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में हुई है। मृतकों की उम्र 30 से 80 साल के बीच है। इनमें एक गर्भवती महिला और बाकी छह पुरुष थे। इसे मिलाकर राज्य में मृतकों की संख्या 52 पहुंच गई है। सोमवार को राज्य में संक्रमण के120 नए केस आए। इनमें 68 मुंबई और 41 पुणे के हैं। बाकी सतारा, वसई-विरार और अन्य जगहों के हैं। राज्य में संक्रमितों का आंकड़ा बढ़कर 868 पर पहुंच गया है। इससे पहले रविवार को राज्य में सबसे ज्यादा 113 मरीज सामने आए थे। रविवार को ही यहां सबसे ज्यादा 13 मरीजों की मौत हुई है, जिसमें से 9 मुंबई एमएमआरडीए से, 3 पुणे और एक औरंगाबाद से थे।वॉकहार्ट के 270 कर्मचारियों की जांच, जसलोक भी रेड जोनउधर, राज्य में लॉकडाउन के बाद संक्रमण का दायरा बढ़ता जा रहा है। मुंबई के वॉकहार्ट हॉस्पिटल में 26 नर्स और 3 डॉक्टर संक्रमित मिले हैं। इसके बाद प्रशासन चिंता में पड़ गया है।बीएमसी नेवॉकहार्ट अस्पताल को एक निषेध क्षेत्र(क्वारैंटाइन जोन) घोषित कर दिया है। मुंबई सेंट्रल में स्थित इस अस्पताल में किसी नए मरीज की भर्ती करने पर रोक रहेगी। आयुक्त सुरेश काकानी ने कहा, ‘‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि हॉस्पिटल में कैसे इतने ज्यादा लोगों में संक्रमण फैल गया। सभी को सावधानी बरतनी चाहिए थी।इसकी जांच के लिए टीम गठित की गई है।’’हॉस्पिटल में काम करने वाले 270 से ज्यादा कर्मचारियों और डॉक्टरों की जांच कराई जा रही है।मुंबई के जसलोक हॉस्पिटल को भी रेड जोन घोषित कर दिया गया है। जसलोक अस्पताल की छह नर्सों समेत 19कर्मचारियों में कोरोना की पुष्टि हुई है। इसके बाद इन अस्पतालों में आवाजाही प्रतिबंधित कर दी गई। इसके साथ ही इन मरीजों के संपर्क में आए लोगों को भी क्वारैंटाइन किया जा रहा है।औरंगाबाद के जिला हॉस्पिटल में कार्यकर्ता एक 38 वर्षीय पुरुष नर्स में भी कोरोना पॉजिटिव आया है, जिसके बाद हॉस्पिटल के कई स्टाफ की कोरोना जांच करवाई गई है।सिंधुदुर्ग जिले में सड़कों पर इस तरह के संदेश लिखे गए हैं।वॉकहार्ट में ऐसे फैला कोरोना27 मार्च को वॉकहार्ट अस्पताल में 70 वर्षीय एक बुजुर्ग भर्ती हुआ था। उनकीएंजियोप्लास्टी होनी था। इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। उनका कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आया। उनके संपर्क में आने वालास्टाफ भी पॉजिटिव मिला। हाल में ही वॉकहार्ट में काम कर रहे धारावी में रहने वाले एक सर्जन में भी कोरोना की पुष्टि हुई थी। इसके बाद अस्पताल के सभी स्टाफ का चैकअप किया गया और 26 नर्स और 3 डॉक्टर कोरोना पॉजिटिव निकले।धारावी में तीन मरीज सामने आने के बाद डॉक्टर्स घर-घर जाकर यहां रहने वालों की जांच कर रहे हैं।लॉकडाउन का नियम तोड़ने पर एफआईआर दर्जमहाराष्ट्र के वर्धा की आरवी सीट से भाजपा के विधायक दादाराव किचे का रविवार को जन्मदिन था। इस वजह से उनकेघर के बाहर समर्थकों की भारी भीड़ जमा थी। इस दौरान विधायक ने लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन करते हुए राशन बांटा और लोगों की मिठाइयां खिलाई। इसके बाद उनके खिलाफ वर्धा पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।सोशल डिस्टेंसिंग किस चिड़िया का नाम है: वर्धा में विधायक के घर के बाहर राशन लेने के लिए जमा भीड़।महाराष्ट्र में 5% है मृत्यु दरकोरोनावायरस से प्रभावितों की मृत्युदर राज्य में भी 5 प्रतिशत है। राज्य में बीमारी से मरने वाले ज्यादातर लोगों की उम्र 60 साल से ज्यादाथी। उनमें से कई को हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और दिल की बीमारी की भी शिकायत थी।यह खबर राज्य और मुंबई में शनिवार शाम तक आए मरीजों और मृतकों की संख्या के आधार पर है।मुंबई में स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने तब्लीगी जमात से जुड़े लोगों से बात की।जहां कोरोना के मरीज मिले हैं, वहां न जाएं लोग: अजित पवारराज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने आम जनता से अपील की है कि जिस गली, गांव, बस्ती, सोसाइटी में कोरोना के मरीज पाए गए हैं, वहां लोग नहीं जाएं, ताकि कोरोना के वायरस से खुद को और अपने परिवार को संक्रमित होने से बचाया जा सके। पवार ने यह भी कहा किकोरोना मरीजों की सबसे ज्यादा संख्या महाराष्ट्र में है। इस पर नियंत्रणऔर प्रतिदिन होने वाली मृत्यु को रोकना राज्य के स्वास्थ्य विभाग का पहला प्रयास है। राज्य में कर्फ्यूलगा है, ऐसे में लोग घरों से बाहर ननिकलें। पुलिस दिन-रात मेहनत कर रही है। बाहर निकलकर लोग पुलिस की परेशानी नहीं बढ़ाएं।नवी मुंबई पुलिस ने शहर की बाहरी सीमाओं पर नाकेबंदी बढ़ा दी है।फिलीपिंस के 10 नागरिकों के खिलाफ केस दर्जनवी मुंबई पुलिस ने फिलीपींस के 10 नागरिकों के विरुद्ध आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है। इन लोगों में हाजी मलिक सुल्तान (68) भी शामिल है, जिसकी 23 मार्च को मौत हो गई थी। 5 अप्रैल को वाशी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई थी कि ये लोग बगैर अनुमति लिए तब्लीगी जमात की मस्जिद में रुके हुए थे। पुलिस अफसरसंतोष काशीनाथ कांबले ने बताया कि सभी आरोपी 10 मार्च से 16 मार्च के बीच वाशी सेक्टर 9ए के प्लॉट नंबर 61 स्थित नूरुल इस्लाम ट्रस्ट की नूर-ए-मस्जिद में रुके हुए थे। यह मस्जिद तब्लीगी जमात की बताई जा रही है।जालना जिले में किन्नर समुदाय से जुड़े 150 लोगों तक पुलिसकर्मियों ने राशन पहुंचाया।6 से 9 अप्रैल तक बंद रहेंगे सब्जी बाजारवसई तालुका में सब्जी मार्केट से लगातार आ रही सोशल डिस्टेंसिंग के उल्लंघन की खबरों को देखते हुए रविवार को पालघर जिलाधिकारी डॉ. कैलाश शिंदे ने 6 अप्रैल से 9 अप्रैल तक सभी सब्जी बेचने वालों पर प्रतिबंध लगा दिया है। उल्लेखनीय है कि लॉकडाउन के चलते राज्य सरकार ने दूध, राशन, मेडिकल व साग सब्जियों की दुकानों को खुले रहने की छूट दे रखी है। दूध, मेडिकल और राशन दुकानों में सोशल डिस्टेंसिग का पालन किया जा रहा है,लेकिन सब्जियों की दुकानों पर इसका उल्लंघन देखा जा रहा है।पुणे में ट्रेनों के डिब्बों कोक्वारैंटाइन रूम में बदला जा रहा है।ऑस्ट्रेलिया में फंसे महाराष्ट्र के 200 छात्रऑस्ट्रेलिया में उच्च शिक्षा के लिए महाराष्ट्र के अलग-अलग इलाकों से गए 200 से अधिक विद्यार्थी फंसे हुए हैं। कोरोना के असर को देखते हुए इन विद्यार्थियों को वापस लाने की मांग की जा रही है। वकीलों के माध्यम से सांसद कपिल पाटील ने विदेश मंत्री डॉ. एसजयशंकर से मांग की है कि इन विद्यार्थियों को तत्काल वापस लाया जाए। विदेश मंत्री को भेजे गए पत्र में पाटील ने कहा है कि ऑस्ट्रेलिया में कोविड-19 के बढ़ते प्रभाव के कारण काफी संख्या में विद्यार्थी वापस आ गए हैं, लेकिन 200 से ज्यादा विद्यार्थी अब भी ऑस्ट्रेलिया में फंसे हुए हैं। पाटील ने बताया कि विदेश मंत्रालय ने उनके पत्र को गंभीरता से लिया है और विद्यार्थियों को वापस लाने का प्रयास शुरू कर दिया है।लगातार सख्ती के बाद अहमदनगर जिले में हर पुलिस स्टेशन के बाहर गाड़ियों की संख्या बढ़ती जा रही है।.हिंगोली जिले में दमकलकर्मियों ने जरूरतमंदों को राशन वितरित किया। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today वॉकहार्ट में एक बुजुर्ग की एंजियोप्लास्टी होनी थी, इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। उनका कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आया। संपर्क में आने वाले भी संक्रमित हो गए। Full Article
0 क्वारैंटाइन आदेशों का उल्लंघन करने पर तब्लीगी जमात के 150 लोगों पर एफआईआर दर्ज By Published On :: Tue, 07 Apr 2020 10:04:00 GMT दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज में शामिल हुए तब्लीगी जमात से जुड़े 150 लोगों पर मुंबई के आजाद मैदान पुलिस स्टेशन पर केस दर्ज हुआ है। इन सभी पर क्वारैंटाइन आदेशों और सरकार के प्रतिबंधात्मक आदेशों के उल्लंघन का आरोप है।पुलिस ने कहा, 'सभी 150 लोगों के खिलाफ इंडियन पीनल कोड (आईपीसी) की धारा 271 और 188 के तहत एफईआर दर्ज की गई है। इसके अलावा सभी पर आईपीसी की धारा 269 के तहत भी कार्रवाई की जाएगी।'निजामुद्दीन मरकज में हुआ था तबलीगी जमात का जलसादिल्ली के निजामुद्दीन मरकज में तबलीगी जमात के जलसे में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे। इस जलसे में शामिल हुए सैकड़ों लोग कोरोना पॉजिटिव भी पाए गए हैं। तबलीगी जमात से जुड़े कोरोना पॉजिटिव मामले सामने आने के बाद से पूरे देश में लगातार मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है।लगातार पकड़े जा रहे हैं तबलीगी जमात के लोगदिल्ली से अलग-अलग राज्यों के लिए रवाना हो चुके तबलीगी जमात के लोगों की पहचान कर उन्हे क्वॉरंटीन किया जा रहा है। महाराष्ट्र के अलावा यूपी और तमिलनाडु समेत कई अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में तबलीगी जमात के लोगों को पकड़ा गया है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Coronavirus in Mumbai Latest Update | Maharashtra Mumbai Police On 150 Tablighi Jamaat Attendees Over COVID-19 Quarantine Orders Full Article
0 आज 12 मौतें, 7 मुंबई और 3 पुणे में; उद्धव के आवास मातोश्री के पास चाय बेचने वाला संक्रमित मिला, यहां तैनात 150 जवान क्वारैंटाइन किए गए By Published On :: Tue, 07 Apr 2020 16:00:52 GMT महाराष्ट्र में संक्रमण से हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। मंगलवार को 12 लोगों की मौत हुई है। इसमें सात मुंबई और आसपास की है जबकि तीन पुणे की है। इसके अलावा नागपुर और सतारा में भी एक-एक की मौत हुई। मृतकों की उम्र 48 से 65 साल के बीच थी। इनमें दो महिला और 10 पुरुष थे। इसमें सात को डायबिटीज, हाइपरटेंशन जैसी अन्य बीमारियां थीं, जबकि पांच की बीमारियों के बारे में पता नहीं चल पाया है। राज्य में अब तक संक्रमण से 64 लोगों की जान जा चुकी है।राज्य में एक दिन में सबसे ज्यादा 150 संक्रमण के मामले सामने आएवहीं, राज्य में मंगलवार को सबसे ज्यादा संक्रमण के 150 नए मामले सामने आए। इसमें 116 मुंबई के जबकि 18 पुणे के हैं। बाकी नागपुर, अहमदनगर, बुलढाणा समेत अन्य शहरों के हैं। इसे मिलाकर राज्य में संक्रमितों की कुल संख्या 1018 तक पहुंच गई। इसमें 590 मुंबई और 135 पुणे के हैं। इससे पहले रविवार को राज्य में सबसे ज्यादा 113 मरीज सामने आए थे।उद्धव के घर की सुरक्षा में तैनात 150 पुलिसवालेक्वारैंटाइनउधर, मुंबई में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के निजी आवास मातोश्री के पास एक चाय वाला संक्रमित मिलने के बाद हड़कंप मच गया। इसके बाद उनके घर की सिक्युरिटी में तैनात 150 जवानों को बांद्रा में क्वारैंटाइन कर दिया गया है। ये जवान संक्रमित व्यक्ति की दुकान पर चाय पीने जाते थे।बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने मातोश्री और उसके आसपास के इलाके को सील कर दिया। अब पूरे इलाके को सैनिटाइज किया जा रहा है। चायवाले के संपर्क में आए लोगों का पता लगाया जा रहा है।कोरोना अपडेट्स राज्य सरकार ने बताया कि करीब 50-60 जमाती दिल्ली से मरकज से लौटे हैं। इन लोगों ने अपना मोबाइल फोन बंद कर लिया और पुलिस से छिपने की कोशिश कर रहे हैं। इनकी तलाश की जा रही है। राज्य सरकार ने महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग की दो परीक्षाओं को अगले आदेश तक के लिए स्थगित कर दिया है। नई तारीखों की जानकारी परीक्षार्थियों को एसएमएस के माध्यम से दी जाएगी। इससे पहले 26 अप्रैल और 10 मई को होने वाली थी। इससे पहले 4 अप्रैल को एमपीएससी की परीक्षा होने वाली थी, लेकिन पीएम द्वारा लॉकडाउन घोषित किए जाने के बाद इस 26 अप्रैल तक के लिए टाल दिया गया है। राज्य में संक्रमण की चेन को रोकने के लिए जिस इलाके में भी संक्रमित मिल रहा है, उस इलाके को सील करके उसे कंटेनमेंट घोषित किया जा रहा है। ऐसे में उस इलाके के रहने वाले लोगों को दिक्कत न हो, इसके लिए वहां एक कंटेनमेंट अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। वह अधिकारी इस इलाके की पूरीदेखरेख करेगा। साथ ही,कंटेनमेंट इलाके में रहने वाले लोगों का14 दिनों स्क्रीनिंगकरके रिपोर्ट तैयार की जाएगी। मुंबई और महाराष्ट्र के लोगों को यह मानकर नहीं चलना चाहिए कि 14 अप्रैल के बाद राज्य में लॉक डाउन खत्म हो जाएगा। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा किराज्य सरकार 14 अप्रैल के आगे भी लॉक डाउन को जारी रख सकती है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि 10 अप्रैल के बाद राज्य सरकार राज्य में कोरोना के संक्रमण के फैलाव की समीक्षा करेगी और उसके बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री ने यह जानकारी भी दी कि राज्य सरकार के पास फिलहाल 37000 पीपीई किट यानी पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट किट्स हैं। राज्य में करीब सवा तीन लाख पीपीई किट्स की जरूरत है, लेकिन दिक्कत यह है कि राज्य सरकार खुद से इन्हें खरीद नहीं सकती। केंद्र सरकार ने यह निर्देश दिए हैं पीपीई किट्स, एन-95 मस्क और वेंटिलेटर की खरीदी राज्य सरकारें अपने स्तर पर नहीं कर सकते हैं। इसके लिए राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से तीन लाख 14 हजार पीपीटी किड्स,2125 वेंटिलेटर और 8 लाख 41 हजार एन-95 मास्क की मांग की है।मुंबई:करीम मोरानी की दोनों बेटियां पॉजिटिवफिल्म प्रोड्यूसर करीम मोरानी की दो बेटियां जोया और शजा कोरोना संक्रमित पाई गई हैं। दोनों को नानावती अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कर दिया गया है। मोरानी परिवार के बाकी सदस्यों को क्वारंटीन करके सैंपल जांच के लिए भेज दिए गए हैं। मोरानी का घर भी फिलहाल सील कर दिया गया है।मुंबई और आसपास के इलाके में सात मौतें हुईं1. 61 साल (पुरुष): सांस में तकलीफ और पेशाब में दिक्कत के बाद मुंबई के बीपीटी हॉस्पिटल में 6 अप्रैल को भर्ती कराया गया था। डायबिटीज, हाइपरटेंशन और हार्ट प्रॉब्लम थी। मंगलवार सुबह कोरोना की पुष्टि हुई।2. 48 साल (महिला): खांसी, बुखार और सांस लेने में तकलीफ के बाद 4 अप्रैल को मुंबई के एचबीटीएच हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। 4 अप्रैल को कोरोना की पुष्टि हुई थी।3. 66 साल (पुरुष): बुखार और सांस लेने में दिक्कत के आबाद मुंबई के एसआरवी हॉस्पिटल में 4 अप्रैल को भर्ती कराया गया था। मंगलवार को मौत हुई। इनमें कोरोना की पुष्टि 6 अप्रैल को ही हुई थी।4. 55 साल(पुरुष): डॉ बाबा साहब आंबेडकर हॉस्पिटल में 4 अप्रैल को भर्ती कराया गया था। 6 अप्रैल को मौत हुई थी। बुखार, सूखी खांसी और बदनदर्द शिकायत थी।5. 72 साल (महिला): मुंबई के केईएम हॉस्पिटल में 5 अप्रैल को भर्ती हुई महिला की मौत मंगलवार सुबह हुई। महिला को बुखार, कफ और हाइपरटेंशन की शिकायत थी। 5 अप्रैल को ही कोरोना की पुष्टि हुई थी।6.68 साल(पुरुष): 24 मार्च को मुंबई के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। डायबिटीज, हाइपरटेंशन के बाद 30 मार्च को मौत हो गई थी। बुजुर्ग की कोरोना रिपोर्ट मंगलवार को सामने आई है।7.60 वर्षीय(पुरुष):मीरा भायंदर केबाला साहब ठाकरे हॉस्पिटल में मंगलवारसुबह मृत्यु हुई है। सोमवार कोरिपोर्ट में कोरोना की पुष्टि हुई थी।पुणे में तीन और सतारा और नागपुर में एक-एक की जान गई8.67 वर्षीय( पुरुष): पार्वती इलाके के रहने वाले बुजुर्ग में 2 अप्रैल को कोरोना वायरस की पुष्टि हुई थी। मंगलवार को इनकी मौत हुई। इन्हें किडनी संबंधित बिमारी थी।9. 65 वर्षीय(पुरुष): 3 अप्रैल को पुणे के एक प्राइवेट हॉस्पिटल से रेफर होकर ससून हॉस्पिटल में भर्ती हुए बुजुर्ग ने भी दम तोड़ दिया है। इन्हें भी डायबिटीज की बिमारी थी। इनमें 4 अप्रैल को कोरोना की पुष्टि हुई थी। यह शख्स पुणे के भवानी पेठ इलाके का रहने वाला था।10. 65 वर्षीय(पुरुष): इनके अलवा ताड़ीवाला रोड़ इलाके के रहने वाले 65 वर्षीय शख्स ने भी किडनी की बिमारी के बाद दम तोड़ दिया है। इसे हाइपरटेंशन भी था।11. मुंबई के सतारा में 63 वर्षीय पुरुष की कल सुबह मृत्यु हुई है यह शख्स अमेरिका से आया था।नागपुर में एक 68 वर्षीय पुरुष की इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज में मृत्यु हुई है। इसे डायबिटीज और हाइपरटेंशन था।12. नागपुर में एक 68 वर्षीय पुरुष की इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज में मृत्यु हुई है। इसे डायबिटीज और हाइपरटेंशन था।पंढरपुर: 20 हजार लीटर दूध खेत में बहायाराज्य में लॉकडाउन सेसबसे ज्यादा किसानों और दूध का व्यापार करने वालों को नुकसान हो रहा है। इससे परेशानहोकरपंढरपुर में सुबह करीब 20 हजार लीटर दूध खेत में बहा दिया। पंढरपुर में भांडिशेगांव में पंधारी मिल्क एंड मिल्क प्रोडक्ट्स के मालिक गणेश पाटिल ने बताया कि हमारे पास दूध का स्टॉक बढ़ रहा था और खरीदार नहीं थे, जिसके बाद हमने और अन्य किसानों ने दूध अपने खेतों में बहाने का फैसला किया गया है।पंढरपुर में मिल्क कंपनी ने 20 हजार लीटर दूध को खेतों मे बहा दिया।मुंबई:जल्द शुरू होगाएंटीबॉडी टेस्ट मुंबई मेंकोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए जल्द हीरैपिड एंटीबॉडी टेस्ट शुरू किया जाएगा। एंटीबॉडी टेस्ट कोरोना टेस्ट न होकर शरीर में उपस्थित वायरस की जानकारी देता है। अगर किसी भी मरीज के शरीर में हाल फिलहालवायरस प्रवेश करता है, तो रोग प्रतिरोधक क्षमता शरीर में एंटीबॉडी पैदा करती है। इसकी जानकारी इस टेस्ट के जरिएकेवल एक खून की जांच से मिल सकती है। जांच के दौरान जिनमें एंटीबॉडी पाया जाएगा, उन्हें आइसोलेट करके उनकी कोरोना जांच होगी। इससे कम समय में अधिक से अधिक कोरोना के सस्पेक्टेड मरीजों की जांच की जा सकती है और मरीजों की समय रहते पहचान की जा सकती है।मुंबई को कोलाबा इलाके में अलग-अलग संगठन से जुड़े लोग बेघरों को खाना खिला रहे हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today मुंबई में उद्धव ठाकरे के निजी आवास मातोश्री के आसपास के इलाके को सील कर दिया गया है। Full Article
0 590 तक पहुंची कोरोना संक्रमितों की संख्या, 2 नए मामले धारावी में सामने आए, ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल की एक नर्स में मिला वायरस By Published On :: Wed, 08 Apr 2020 07:25:00 GMT बुधवार सुबह तक कोरोनावायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या मुंबई में 590 तक पहुंच गई है। वहीं यहां मृतकों का आंकड़ा 40 पर पहुंचा है। बुधवार को दो नए कोरोना संक्रमित एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी यानि धारावी में मिले हैं। इसी के साथ यहां मरीजों का आंकड़ा बढ़कर 9 तक पहुंच गया। संक्रमण के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने इस इलाके का दौरा भी किया है। मुंबई के ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में एक नर्स में कोरोनावायरस मिला है, जिसके बाद अब पूरे हॉस्पिटल स्टाफ की स्क्रीनिग की जाएगी। हॉस्पिटल के सभी स्टाफ की हो रही है कोरोना जांचब्रीच कैंडी हॉस्पिटल से मिली जानकारी के अनुसार, अस्पताल के हर स्टाफ की जांच कराई जा रही है। इससे पहले इसी अस्पताल का एक टेक्नीशियन कोरोना पॉजिटिव पाया गया था। अस्पताल ने यहां नए लोगों को भर्ती करना बंद कर दिया है और बीते हफ्ते टेक्नीशियन के पॉजिटिव पाये जाने के बाद ओपीडी बंद कर दी गई थी। बता दें कि टेक्नीशियन ने एक 85 वर्षीय शख्स का सीटी स्कैन किया था। उसे यह पता नहीं था कि बुजुर्ग कोरोनापॉजिटिव है। इससे पहले जसलोक और वॉकहॉर्ट की भी एक नर्स कोरोना पॉजिटिव पाई गई थी।धारावी पूरी तरह से लॉकडाउन हुईएशिया का सबसे बड़ा झोपड़पट्टी कहलाने वाले धारावी को पूरी तरह से लॉक डाउन कर दिया गया है। धारावी में अब तक कोरोना संक्रमण के कुल 9 मामले सामने आ चुके हैं। झुग्गी झोपड़ियों में इतने मामले सामने आने के बाद बीएमसी ने अब इस पूरे इलाके को लॉक डाउन कर दिया है। विशेषज्ञों ने पहले ही कहा था कि अगर कोरोना का संक्रमण मुंबई के झोपड़ियों में फैलता है तो ये प्रशासन के किये काफी बड़ा सिरदर्द साबित हो सकता है।धारावी में बढ़ सकता है संक्रमित लोगों का आंकड़ा5 लाख आबादी वाले धारावी में अब तक 9 कोरोना पॉजिटिव मिल चुके हैं। इन मरीजों की कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है। ये सभी किसी कोरोना पॉजिटिव के संपर्क में आने से संक्रमित हुए हैं, जो कि सबसे बड़ी चिंता की बात है। बीएमसी हेल्थ डिपार्टमेंट ने कहा है कि यदि धारावी में कोरोना संक्रमण रोकने के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए, तो समस्या काफी गंभीर हो सकती है, क्योंकि यहां जिस तरह से झोपड़ों की सघन बनावट है, वह संक्रमण बढ़ाने के लिए जिम्मेदार हो सकती है। इस बीच बीएमसी के आला अधिकारी हरकत में आ गए हैं। अब वे कार्यालय में बैठकर रणनीति बनाने के साथ-साथ विभिन्न इलाकों में जाकर तैयारियों का जायजा भी ले रहे हैं।मुंबई के 4 वॉर्ड में सबसे ज्यादा मरीजमुंबई के 24 वॉर्ड में से 4 वॉर्डों में सर्वाधिक 209 कोरोना मरीज पाए गए हैं। इसमें जी साउथ वॉर्ड में सर्वाधिक 78 कोरोना मरीज हैं। इसके बाद ई वॉर्ड में 48 और तीसरे नंबर पर डी-वार्ड है, जहां 43 मरीज मिले हैं। इसमें मुंबई का जी-साउथ इलाका टॉप पर है। लेकिन ई-वॉर्ड में 48 घंटे के भीतर सबसे तेजी से कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ी है। इस वॉर्ड में 48 घंटों के भीतर 29 नए कोरोना मरीज मिले हैं। यहां 4 अप्रैल को कोरोना के 19 मरीज थे। मुंबई के जी साउथ वॉर्ड के अंतर्गत वरली, प्रभादेवी और दादर के कुछ इलाके आते हैं। यहां 48 घंटों में 20 कोरोना के पॉजिटिव मरीज मिले हैं।हाई अलर्ट पर 'मातोश्री'महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे के निजी निवास 'मातोश्री' के बाहर एक चायवाले के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद से दहशत फैल गई है। सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों को हटाकर क्वारंटीन किए जाने के बाद घर के कामों में लगे जरूरी स्टाफ को छोड़कर बाकी को छुट्टी दे दी गई है। सीएम ने अपने ड्राइवर को भी छुट्टी दे दी है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today मुंबई में इस तरह से स्वास्थ्य विभाग की टीम पुलिसकर्मियों के सेंपल कोरोना जांच के लिए ले रही है। Full Article
0 दिल्ली-उत्तरप्रदेश की तरह मुंबई में भी कोरोना संक्रमण रोकने के लिए 21 हॉटस्पॉट चुने गए, सालभर तक सभी विधायकों की सैलरी में 30% कटौती होगी By Published On :: Thu, 09 Apr 2020 17:49:08 GMT महाराष्ट्र सरकार ने दिल्ली और उत्तर प्रदेश की तरह पर कोरोना हॉटस्पॉट की पहचान कर वहां कर्फ्यू लगाने काफैसला लिया है। शुरुआत मुंबई से होगी,यहां 21 हॉटस्पॉट चिन्हित किए गए हैं। कैबिनेट मंत्री असलम शेख ने गुरुवार को कहा कि हम मुंबई के सभी हॉटस्पॉट में कर्फ्यू लगा रहे हैं। जरूरी सेवाओं से जुड़े लोगों को छोड़कर इन इलाकों में रहने वाले किसी भी व्यक्ति को घर से निकलने की इजाजत नहीं होगी। कर्फ्यू के दौरान सिर्फ दवा की दुकानें खुली रहेंगी। राज्य सरकार सभी जरूरी चीजों को घर पहुंचाएगी। हालांकि, सरकार ने इन हॉटस्पॉट के नामों का खुलासा नहीं किया है।महाराष्ट्र में गुरुवार को सबसे ज्यादा 18 लोगों की जान गई। इसमें मुंबई और उसके आसपास 9, पुणे और उसके आसपास 7 लोगों की जान गई। वहीं, मालेगांव और रत्नागिरी में भी एक-एक की मौत हुई। इसी के साथ राज्य में मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 97 पहुंच गया। वहीं, राज्य में गुरुवार को संक्रमण के 229 मामले सामने आए। इसे मिलाकर संक्रमितों का आंकड़ा 1364 हो गया।आर्थिक नुकसान की भरपाई के लिए विधायकों की सैलरी कटेगीइधर,महाराष्ट्र कैबिनेट ने राज्य के सभी विधायकों और विधान परिषद के सदस्योंकी सैलरी में एक साल के लिए 30% की कटौती किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। गुरुवार को यह जानकारी राज्य के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने दी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने यह फैसलालॉकडाउन सेहोने वाले आर्थिक नुकसान को ध्यान में रखते हुए लिया है। वित्त मंत्रालय केप्रभारीउपमुख्यमंत्री पवार ने कहा कि अप्रैल 2020 से लेकर मार्च 2021 तक सभी एमएलए और एमएलसी के वेतन में 30% कटौती किए जाने का फैसला लिया गया है।पवार की अध्यक्षता में हुईकैबिनेट बैठक में दो समितियों का गठन करने का निर्णय भी लिया गया है, जो उन बिंदुओं पर काम करेगी जिससेअर्थव्यवस्था को पटरी पर लाया जा सके। एक समिति में अर्थशास्त्री, उद्योगपति, रिटायर्ड ब्यूरोक्रेट्स और वित्त विभाग के सीनियर अधिकारी होंगे। वहीं, दूसरी समिति मेंअजीत पवार, वरिष्ठ मंत्री जयंत पाटिल, बालासाहब थोराट, छगन भुजबल, परब, एकनाथ शिंदे और अशोक चव्हाण शामिल होंगे।धारावी में कम्युनिटी ट्रांसमिशन का खतराएशिया की सबसे बड़ी झोपड़पट्टी धारावी में अब तक 13 पॉजिटिव मिले हैं, जिनमें से दो की मौत हो चुकी है। यहां कम्युनिटी संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। हालांकि, पूरे इलाके को सील कर दिया गया है। जो भी लोग संक्रमित के संपर्क में थे उन सभी को क्वारैंटाइन किया गया है।बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) अब मुंबई मेंरैपिड टेस्टिंग शुरू करने की प्लानिंग की है। इसके लिए दक्षिण कोरिया से एक लाख टेस्टिंग किट मंगाई हैं।क्या होती है रैपिड टेस्टिंग?इसके जरिए 15-30 मिनट में ब्लड सैंपल की जांच होकर उसकी रिपोर्ट आ जाती है। जिसमें खून में मौजूद एंटीबॉडी का पता चलता है। एंटीबॉडी की उपस्थिति से संक्रमण का पता लगाया जा सकता है। डॉक्टरों के मुताबिक, रैपिड टेस्टिंग उन इलाकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है जो संक्रमण के हॉट स्पॉट हैं। वहां बड़ी आबादी की जांच के लिए इस तरह की टेस्टिंग अहम होती है।पुणे के कात्रज इलाके में पुलिस ने बुधवार सुबह फ्लैग मार्च किया।पुणे के कई इलाकों में पुलिस ने रैपिड फोर्स की तैनाती की गई है।मुंबई:बाहर निकलने पर मास्क लगाना अनिवार्यमुंबई में अब सार्वजनिक स्थान पर निकलने से पहले मास्क लगाना अनिवार्यहै। बीएमसी कमिश्नर ने साफ किया कि अगर कोई इसका उल्लंघन करता है तो उसकीगिरफ्तारी भी हो सकती है। तीन लेयर का या घर में बना अच्छी क्वॉलिटी का मास्क पहनना जरूरी है। रुमाल को मास्क के तौर पर नहीं इस्तेमाल किया जा सकता है।मुक्ताईनगर में बैंक के बाहर पैसे निकालने वालों की भीड़ नजर आई।मुंबई:वर्ली में एक दिन में कोरोना के 56मामले सामने आए वर्ली कोरोनावायरस से प्रभावितों का हॉटस्पॉट बन चुकाहै। यहां बुधवार को 56नए मरीज मिले। इस इलाके में कोरोना संक्रमितों की संख्याबढ़कर 133 हो गई है। लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए जानकार आशंका जताने लगे हैं कि यहां अब वायरस संक्रमण का तीसरा स्टेज आ गया है। घनी बस्ती को देखते हुए यह खतरनाक है।वर्ली के कोलीवाड़ा इलाके में बीएमसी ने फॉगिंग कराई।25 हजार मजदूरों को सलमान ने भेजी पहली किस्तफेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडियन सिने एम्प्लॉईज (एफडब्ल्यूआईसीई) ने बुधवार को कहा कि बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान ने फिल्म उद्योग में काम करने वाले 25,000 दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को तीन-तीन हजार रुपएका प्रारंभिक भुगतान करना शुरू कर दिया है। यह भुक्तान किश्तों में किया जा रहा है।रायगढ़ पुलिस मुख्यालय के बाहर कर्मचारियों को संक्रमण मुक्त बनाने के लिए खास टनल बनाई गई।मुंबई में 40 से ज्यादा नर्सें कोरोना संक्रमितमुंबईके निगम कमिश्नर प्रवीण परदेसीकह रहे हैं कि संक्रमित केस बढ़ने की वजह टेस्टिंगहै। उन्होंने यह भी दावा किया किदिल्ली में 10 लाख में से 96 लोगों की टेस्टिंग हो रही है जबकि मुंबई में 816 की। लेकिन यह भी सच है कि दूसरी ओर मेडिकल स्टाफ और सुरक्षाकर्मी कोरोना की चपेट में आ रहे हैं। मुंबई में 40 से ज्यादा नर्स संक्रमित हो चुकी हैं। अकेले मध्य मुंबई के वॉकहार्ट हॉस्पिटल में ही 25 से ज्यादा डॉक्टर, नर्स और कर्मचारी संक्रमित हैं। पूरा अस्पताल क्वारैंटाइन सेंटर में तब्दील हो गया है। यहां से न तो किसी को बाहर जाने और न ही किसी को अंदर आने की अनुमति है। बांद्रा के भाभा अस्पताल में नर्स की मौत के बाद बुधवार को कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। अस्पताल स्टाफ ने क्वारैंटाइन में जाने की मांग की।कोरोना से बचाव के लिए नांदेड़ पुलिस को इस तरह के स्पेशल फेस कवर दिए गए।'नर्सों कोकिट और मॉस्क नहीं लगाने की कहाथा'मुंबई मेंमेडिकल स्टाफ संक्रमित हो रहा है। जसलोक और वॉकहार्ट अस्पताल सील कर दिए गए। यहां नर्सों के पास सेफ्टी किट (पीपीई) नहीं थी। वॉकहार्ट अस्पताल की नर्स के परिवार का आरोप है कि अस्पतालमें दो संक्रमितथे, जिनका जनरल वॉर्ड में ही इलाज चल रहा था। इसी वॉर्ड में 70 साल के अन्य बुजुर्ग की कोरोना से मौत हो गई। 28 मार्च को यहां की दो नर्सों में कोरोनाके लक्षण सामने आए। लेकिन उन्हें बोला गया कि वह किट और मास्क का प्रयोग न करें इससे मरीजों के बीच डर बैठ जाएगा।रायगढ़ में इस तरह की चेतावनी वाले संदेश शहर के कई इलाकों में लिखे गए हैं।जरूरी सामान की दुकानें सुबह 9 से शाम 5 बजे तक खुलेंगीअब नवी मुंबई और पनवेल में सभी जरूरीसेवाएं दे रही दुकानें सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तकखुली रहेंगी। इनमें मेडिकल शॉप को छूट दी गई है।लॉकडाउन के बीच चित्रकारचित्रकार रा.मु.पगार ने कई स्केच तैयार किए हैं, ये सोशल मीडिया में वायरल हो रहे हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today मुंबई के वर्ली इलाके को पूरी तरह से सील कर दिया गया है। यहां बुधवार को आई रिपोर्ट में 56 लोग पॉजिटिव मिले थे। Full Article
0 संक्रमितों की संख्या 1574 हुई; 9 दिन में 80% मामले सामने आए; लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर 27 हजार पर केस By Published On :: Fri, 10 Apr 2020 17:21:41 GMT देशव्यापी लॉकडाउन का आज 17वां दिन है।मुंबई में शुक्रवार को 12 लोगों की संक्रमण के चलते मौत हुई। मुंबई में 10, पनवेल और वसई विरार में एक-एक कोरोना संक्रमित की जान गई। इनकी उम्र 46 से 75 साल के बीच की है। मृतकों में 6 पुरुष और चार महिलाएं हैं। इसमें 9 को डायबिटीज, हाइपरटेंशन व अन्य बीमारी से जुड़ी समस्याएं थीं। जबकि 45 साल की एक महिला की सायन हॉस्पिटल में मौत हुई है। उनकी कोई मेडिकल हिस्ट्री नहीं है। महाराष्ट्र में इसे मिलाकर मौत का आंकड़ा 110पर पहुंच गयाहै। वहीं, महाराष्ट्र में शुक्रवार को संक्रमण के 210 नए मामले सामने आए। इसे मिलाकर राज्य में कुल संक्रमितों का आंकड़ा 1574 पर पहुंच गया। इससे पहलेगुरुवार को सबसे ज्यादा 229 नए केस सामने आए।संक्रमितों और मौतों की संख्या के मामले मेंमहाराष्ट्र देश में अव्वल है। गुरुवार को भी प्रदेश में संक्रमण से25 लोगों की मौत हुई थी।मुंबई: धारावीमें 5 नए केस, अब तक 22 हुई संख्या एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी यानीधारावी में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। शुक्रवार सुबह यहां 5 नए केस सामने आए। इनमें से दो मरीजों का तब्लीगी जमात से कनेक्शन मिला है। इसी के साथ यहां कुल संक्रमितों की संख्या 22 हो गई। यहां रहने वाले तीन की संक्रमण से मौत हो चुकी है। धारावी के लिए सरकार ने विशेष इंतजाम किए हैं,क्योंकियहां छोटे-छोटे कमरों में 10-15 लोग रहते हैं। ऐसे में इलाके में स्थित कई बिल्डिंग को आइसोलेशन सेंटर बनाया गया है। इसके साथ ही, पूरे इलाके को सील कर दिया गया है। कुछ जगहों पर पैरामिलिट्री फोर्स भी लगवाई गई है। बीएमसी यहां अब घर-घर स्क्रीनिंग कर रही है। मुंबई में कर्फ्यू लागू होने के बाद भी प्रशासन को कोरोना को नियंत्रित करने में सफलता नहीं मिल रही है। कोरोना केंटोनमेंटजोन में तेजी से इजाफा हो रहा है। पिछले सप्ताह मुंबई में 146 कंटेनमेंट जोन थे। ये बढ़कर 381 हो गए हैं। इन्हें सील कर दिया गया है।कोरोना का ट्रेंड: राज्य में8 दिन में 80% नए मामलेमहाराष्ट्र में पिछले एक महीने में कोरोना संक्रमण तेजी से फैला है। यहां एक महीने में सबसे ज्यादा 1,297 मामले सामने आए। कोरोना ट्रेंड को देखने से पता चलता है किइनमें से 80 प्रतिशत से ज्यादा मामले अप्रैल के महज आठ दिन में आए हैं। राज्य में 31 मार्च तक कोरोना पॉजिटिव 220 थे। एक से आठ अप्रैल के बीच 915 मामले आए। राज्य में 9मार्च को कोरोना वायरस संक्रमण के तीन मामलों की पुष्टि हुई थी।लॉकडाउन: महाराष्ट्र केप्रमुख सचिव (विशेष)को छुट्टी पर भेजा गयाराज्य में जारीलॉकडाउन के बीच यस बैंक मामले से जुड़े डीएचएफएल के प्रमोटर्स कपिल वाधवानऔर उनका परिवार महाबलेश्वर पहुंच गया। इस मामले को राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने गंभीरता से लिया और गृह मंत्री अनिल देशमुख को निजी तौर पर इसे देखने के लिए कहा। इसके बादगृह विभाग में तैनात प्रधान सचिव (विशेष) अमिताभ गुप्ता को छुट्टी पर भेज दिया गया है। गुप्ता ने ही वाधवान परिवार के लिएपास जारी किए थे।बीएमसी ने नेशनल स्पोर्ट्स क्लब ऑफ इंडिया में क्वारैंटाइन सेंटर तैयार किया है।कर्फ्यू उल्लंघन पर 27 हजारपर केसमहाराष्ट्र में कर्फ्यू का उल्लंघन करने के 27,432 मामले दर्ज किए गए हैं। इन लोगों के 12,420 वाहन जब्त किए हैं। इसके अलावा95 लाख 56 हजार रुपए जुर्माने के तौर पर वसूल किए गए हैं।राज्यभर में पुलिस ने 1,886 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। राज्य के गृह विभाग के अनुसार, दर्ज किए कुल मामलों में पुणे शहर पहले नंबर पर हैं, जहां 3,255 मामले दर्ज किए गए। दूसरे नंबर पर सोलापुर शहर है, जहां 2,594 मामले और तीसरे नंबर पर अहमदनगर में 2,449 मामले और चौथे नबंर पर नागपुर शहर है, जहां 1,919 मामले दर्ज किए गए। इसके अलावा पिंपरी-चिंचवाड में 1,933 मामले दर्ज किए गए।पालघर के वालीव पुलिस स्टेशन के बाहर इस तरह की टनल तैयार की गई है।होम क्वारैंटाइन का पालन नहीं करने वाले483 के खिलाफ केस दर्जप्रदेश मेंपुलिस होम क्वारैंटाइन का पालन नहीं करने वालों के खिलाफकार्रवाई कर रही है। राज्य में ऐसे 483 लोगों पर मामले दर्ज किए गए हैं, जो होम क्वारैंटाइन का पालन नहीं किया।नांदेड़ के विधायक प्रतापराव पाटील चिखलीकर ने लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग के नियम बताएं और राशन बांटा।महाराष्ट्र: अब तक 30 हजार सैंपल की जांचगुरुवार को राज्यभर में403 कोरोना संदिग्ध मरीजों को अस्पताल में भर्ती किया गया। इनकी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने कहा किगुरुवार तक कुल 30,766 लोगों के सैंपल की जांच हुई है।इसमें से 1,364 पॉजिटिव मिले और बाकीनिगेटिव पाए गए। इसके अलावा36,533 लोगहोम क्वारैंटाइन हैं जबकि4,731 लोगों को सरकार की तरफ से तैयार किए गए क्वारैंटाइन सेंटर पर रखा गया है।औरंगाबाद सड़कों पर कोरोना से बचाव के लिएलिखा गया संदेश।बीएमसी ने आज मुंबई के कई इलाकों की एरियल फोटो जारी की फेक न्यूज को लेकर महाराष्ट्र सरकार की गाइडलाइनफेक न्यूज को लेकर महाराष्ट्र साइबर सेल ने जरूरी गाइडलाइन जारी की है।इन्हें न मानने पर फेक न्यूज पोस्ट करने वाले के साथ ग्रुप एडमिन पर भी कानूनी कार्रवाई होगी। इसके मुताबिक, वॉट्सऐप ग्रुप के ऐडमिन यह सुनिश्चित करें कि उन्होंने जिसे भी ग्रुप में जोड़ा है, वह भरोसेमंद है। वह सिर्फ पुष्ट और सही सूचनाओं को ही शेयर कर रहा है या करेगा। एडमिन इस बारे में सभी सदस्यों को सूचित भी करें। अगर सदस्य आपत्तिजनक पोस्ट करें, तो उन्हें चेतावनी दें। वह ग्रुप में पोस्ट होने वाले कॉन्टेंट को मॉनिटर करें। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today मुंबई के धारावी इलाके में हेल्थ टीम अब घर-घर जाकर लोगों की स्क्रीनिंग कर रही है। यहां अब तक संक्रमण के 22 मामले सामने आ चुके हैं। Full Article
0 राज्य में कोरोना संक्रमण से अब तक 110 लोगों की मौत, पूरे देश में 42% लोगों की जान यहीं गई By Published On :: Sat, 11 Apr 2020 00:48:15 GMT महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण से होने वाली मौत का आंकड़ा 100 पार कर गया। शुक्रवार को मुंबई में 12 लोगों की मौत हुई। इसी के साथ राज्य में मौतों का आंकड़ा 110 हो गया।वहीं, राज्य में संक्रमितों की संख्या 1574 तक पहुंच गई है। राज्य में संक्रमण से पहली मौत 17 मार्च को हुई थी। लेकिन दो अप्रैल के बाद मौत के आंकड़ों में बेहद तेजी रही। जहां 17 मार्च से एक अप्रैल तक यानी 14 दिन में संक्रमण से 13 लोगों की मौत हुई। वहीं, दो अप्रैल से 10 अप्रैल यानी 9 दिनों में 98 लोगों की जान गई।देश के संक्रमण में महाराष्ट्र की स्थिति-देश में संक्रमण के करीब सात हजार मामले हैं। वहीं, महाराष्ट्र में संक्रमितों का आंकड़ा 1500 से ज्यादाहै। यानी हर पांचवां मरीज महाराष्ट्र से है। राज्य के 36 में से 22 जिलों तक कोरोना का संक्रमण फैल चुका है।देश में मौत का आंकड़ा 255है। महाराष्ट्र में 108 मौत हो चुकी है। यानी हर 10 में चार मौत महाराष्ट्र में हुई है। महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा मौत मुंबई और पुणे में हुई है। मुंबई में अब तक 74 जबकि पुणे में 25 की मौत हो चुकी है।देश के 20% संक्रमित महाराष्ट्र मेंदेश के कुल संक्रमित मामलों में करीब 20%जबकि कुल मौतों में से 42% मामले महाराष्ट्र के हैं।राज्य में कोरोना संक्रमितों की मृत्युदर (सीएफआर) 7.11% है जबकि देश में यह 3.10% है। हालांकि, मृत्यु दर के मामले में महाराष्ट्र, पंजाब और गुजरात से पीछे है। यहां क्रमशः 7.92 और 7.69% मृत्यु दर रही है। वहीं सबसे खास यह है कि केरल, जहां कोरोना का पहला मामला सामने आया वहां अब तक सिर्फ 2 मौतें हुई और वहां मृत्यु दर सिर्फ 0.56% है।पुणे में तेजी से बढ़ा मृतकों का आकंड़ा, सिर्फ दो दिन में हुई 18 मौतेंराज्य में हुई 108 मौतों में से 74 यानिकी तकरीबन 70% मौतें मुंबई में हुई हैं।इसके बाद दूसरा नंबर पुणे का आता है। यहां अब तक 27 लोगों की जान जा चुकी है। खास यह है कि पुणे में मंगलवार के बाद से मृतकों के आकड़ों में तेजी से वृद्धि हुई है। मंगलवार को यहां मृतकों की संख्या सिर्फ 6 थी जो गुरुवार शाम तक बढ़कर 25 हो गई। यानि सिर्फ दो दिन में पुणे में 19 लोगों की मौत हुई है। पुणे में सबसे ज्यादा मौतें ससून हॉस्पिटल और मुंबई में कस्तूरबा हॉस्पिटल में हुईं हैं।महाराष्ट्र में कब कितनी हुई मौतें तारीख कितने की हुई मौत 17 मार्च 1 21 मार्च 1 25 मार्च 2 27 मार्च 4 29 मार्च 2 31 मार्च 2 1 अप्रैल 1 2 अप्रैल 7 3 अप्रैल 6 4 अप्रैल 6 5 अप्रैल 13 6 अप्रैल 7 7 अप्रैल 12 8 अप्रैल 16 9 अप्रैल 17 मृतकों में सबसे ज्यादा 62% पुरुषगुरुवार शाम तक संक्रमितों में 840 यानि 62% पुरुष और38% महिलाएं महिलाएं हैं। वहीं मृतकों में भी पुरुषों की संख्या सबसे ज्यादा 66 है। प्रतिशत की बात करें तो 68% पुरुष और 32 प्रतिशत महिलाओं की मौत हुई है। महिलाओं की मृत्यु दर जहां 5.94% है, वहीं पुरुषों की 7.89% है।21- 30 साल के बीच के लोग ज्यादा हुए संक्रमित21 से 30 साल के बीच के लोग ज्यादा संक्रमित हुए हैं। डॉक्टर इसका कारण इस उम्र के लोगों का घर से ज्यादा बाहर निकालना मानते हैं। ऐसे में संक्रमण का एक कारण यह भी हो सकता है। वहीं, सबसे कम 91-100 साल के बीच हैं। माना जा सकता है कि इस उम्र के लोग घरों में रहते हैं। ऐसे में संक्रमण से बचे रहे। 33 ऐसे भी मरीज हैं, जिनकी उम्र 1 से 10 साल के बीच है। उम्र(साल) मरीजों की संख्या 1-10 33 11-20 85 21-30 283 31-40 256 41-50 273 51-60 212 61-70 142 71-80 51 81-90 91-100 16 03 ज्यादा परीक्षण किए जाने के कारण सामने आए ज्यादा मामलेस्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे के मुताबिक, राज्य में लोगों का ज्यादा से ज्यादा परिक्षण हो रहा है, इसलिए यहां मरीजों की संख्या भी ज्यादा है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, मरने वालों में ज्यादातर देरी से हॉस्पिटल पहुंचे। इसलिए कोरोना की पुष्टि के कुछ ही दिनों या घंटों में उनकी मौत हो गई। कुछ मरीज तो ऐसे थे कि जिनमें मृत्यु के बाद कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है। फिलहाल कहां चूक रह गई इस मामले की पड़ताल जारी है।महाराष्ट्र में अधिक मामले मिलने का कारणनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी में चेन्नई के वैज्ञानिक तरुण भटनागर ने कहा, 'तार्किक व्याख्या यह है कि जितना ज्यादा परीक्षण होगा, उतने अधिक मामले मिलेंगे।’उन्होंने कहा कि जो राज्य वर्तमान दिशा-निर्देशों के साथ अधिक संख्या में संदिग्ध मामलों का परीक्षण कर रहे हैं, वे अधिक मामले पाएंगे। महाराष्ट्र ने मंगलवार तक 20,877 परीक्षण किए थे, जो भारत के कुल नमूनों का 16.8 प्रतिशत था। पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया के प्रोफेसर लाइफकोर्स महामारी विज्ञान गिरिधर आर बाबू के विश्लेषण से पता चलता है कि महाराष्ट्र ने प्रति 10 लाख लोगों पर 92.4 परीक्षण किए हैं।ज्यादा मौतों के लिए यह कारक हैं जिम्मेदारहेल्थ एक्सपर्ट्स की माने तो ज्यादा मौतों के लिए एक से ज्यादा बीमारी, उम्र, बीमारी की गंभीरता, देर से अस्पताल ले जाना और खराब स्वास्थ्य सुविधांए जिम्मेदार होती हैं।मुंबई में कई मामलेअस्पताल से संबंधित संक्रमणके हैं, जिन रोगियों को अन्य बीमारियों के लिए भर्ती कराया गया। बाद में उनकी टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके बाद संक्रमणस्वास्थ्य कर्मचारियों के बीच फैल रहा।बुधवार की प्रेस वार्ता में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि यदि मामलों का देर से पता चलता है तो यह अधिक संख्या में मौतों में एक भूमिका निभा सकते हैं।यही कारण है कि मामलों की प्रारंभिक पहचान महत्वपूर्ण है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today महाराष्ट्र में संक्रमितों का आंकड़ा 1500 से ज्यादा है। राज्य के 36 में से 22 जिलों तक कोरोना का संक्रमण फैल चुका है। राज्य में संक्रमण से 110 मौतें हो चुकी हैं। 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0 घर-घर स्क्रीनिंग शुरू, आज एक 80 वर्षीय बुजुर्ग की मौत, ड्रोन से हो रही है इलाके की निगरानी By Published On :: Sat, 11 Apr 2020 12:58:52 GMT एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी यानि धारावी में कोरोना विकराल रुप धारण करता जा रहा है। शनिवार को यहां के रहने वाले एक 80 वर्षीय बुजुर्ग की मुंबई के कस्तूरबा हॉस्पिटल में मौत हो गई। हॉस्पिटल सूत्रों के मुताबिक, इसकी किडनी में प्रॉब्लम थी और इसे हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज भी था। इसी के साथ धारावी में मरने वालों की संख्या अब तक 4 हो गई है। वही यहां 28 से ज्यादा मरीज संक्रमित पाए गए हैं।बीएमसी के अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया, '80 साल के कोरोना पॉजिटिव बुजुर्ग ने कस्तूरबा हॉस्पिटल में दम तोड़ दिया। इसके साथ ही धारावी में कोरोना की वजह से मरने वालों की संख्या बढ़कर 4 पहुंच गई है।' शुक्रवार को यहां 6 नए मरीज मिले हैं। इस बीच शनिवार से यहां डोर-टू- डोर स्क्रीनिंग शुरू हो गई है। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी पुलिसकर्मियों के साथ लोगों के घर -घर जाकर उनकी स्क्रीनिग कर रहे हैं।नए मरीजों में मरकज के दो सदस्य शामिलनए मरीजों में दिल्ली के निजामुद्दीन में पिछले महीने हुए जमात के कार्यक्रम से लौटकर आए दो लोग भी शामिल हैं। बीएमसी के अधिकारियों के मुताबिक, 11 नए मरीजों में से तीन महिलाएं हैं। उन्होंने बताया कि उनमें से एक महिला की उम्र 29 वर्ष है, जो वैभव नगर के पहले से सही संक्रमित एक डॉक्टर की पत्नी है, जबकि दूसरी महिला की उम्र 31 वर्ष है, जो कल्याणवाड़ी इलाके की रहने वाली है।बीएमसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा,‘शुक्रवार को कोरोना वायरस के पांच मामले सामने आने के बाद से छह और नए मामले सामने आए हैं। इन छह रोगियों में से पांच मुकुंद नगर के निवासी हैं जबकि 26 वर्षीय एक व्यक्ति राजीव गांधी चॉल में रहताहै।मुंबई का सबसे खतरनाक हॉटस्पॉट है धारावी, ड्रोन से हो रही निगरानीधारावी को मुंबई का सबसे खतरनाक हॉटस्पॉट माना जा रहा है, इसलिए धारावी के कई इलाकों को कन्टेनमेन्ट एरिया और बफर जोन में बांटा गया है।राज्य सरकार धारावी में डोर टू डोर चेकअप के लिए 150 डाक्टरों और नर्सों की टीम बनाने में जुटी है। वहीं पुलिस लॉकडाउन का सख्ती से पालन करवाने के लिए पूरे इलाक़े की ड्रोन से निगरानी कर रही है।पुलिस ने क्वॉरंटीन किए गए इलाक़ों के साथ तंग गलियों में भी ड्रोन तैनात किए हैं। जैसे ही किसी जगह पर लोग घर से बाहर दिखते हैं वैसे ही ड्रोन में लगे स्पीकर के जरिए उनको चेतावनी दी जाती है। इसके अलावा मुंबई के हॉटस्पॉट वाले इलाक़ों को निगरानी के लिए कंट्रोल रूम भी बनाया गया है।महाराष्ट्र में कुल मरीजों की संख्या 1666 पहुंचीबता दें कि देश भर में बढ़ते कोरोना वायरस के संक्रमण में महाराष्ट्र के हालात बेहद चिंताजनक है। महाराष्ट्र में मरीजों की कुल संख्या 1666 तक पहुंच गई है जिसमें केवल मुंबई में ही कोरोना संक्रमण के मरीजों की संख्या 1100 पहुंच गई है। मुंबई में आज 72 नए मामले सामने आए है। कल यानी शुक्रवार के आकंड़ों की बात करें तो मुंबई में कल 218 मामले मिले थे और 10 लोगों की इस महामारी से मौत हो गई थी। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today धारावी की एक बस्ती में स्क्रीनिंग करते स्वास्थ्यकर्मी। Full Article
0 30 दिन तक नौसेना के क्वारैंटाइन सेंटर में रहने के बाद ईरान से आए 44 लोगों को वापस घर भेजा गया By Published On :: Mon, 13 Apr 2020 09:40:51 GMT घाटकोपर के भारतीय नौसेना की क्वारैंटाइन सुविधा केंद्र में ईरान से बचाए गए 44 लोग को नेगेटिव पाए जाने के बाद 30 दिन तक क्वारैंटाइन रखा गया था और रविवार शाम को सभी को डिस्चार्ज कर दिया गया। इन्हें इंडियन एयरफोर्स के स्पेशल प्लेन से श्रीनगर रवाना किया गया। इनमें 22 महिलाएं भी शामिल थीं। यहां से जाने से पहले एक बार फिर सभी की स्क्रीनिंग नेवी के डॉक्टरों की ओर से की गई। नौसेना केक्वारैंटाइन सेंटर में एक मरीज की जांच करती नेवी की महिला डॉक्टर्स।नेवी के एक अधिकारी ने बताया कि सभी में 28 मार्च को कोविड-19 जांच में निगेटिव पाया गया था। नौसेना के चिकित्सा स्टाफ की एक टीम ने इनके स्वास्थ्य की लगातार निगरानी की। इन्हें एक खास क्वारैंटाइन सेंटर में रखा गया था। सभी के लिए पुस्तकालय, टीवी कक्ष, इनडोर स्पोर्ट्स, एक छोटा व्यायामशाला और सीमित क्रिकेट किट उपलब्ध करवाई गई थी।इनमें से कुछ लोग लद्दाख के रहने वाल भी हैं। श्रीनगर पहुंचने के बाद सेना की एक टीम उन्हें उनके घरों तक पहुंचाने का काम करेगी। वापसी की यात्रा से पहले सभी को पैक भोजन, जलपान और दो-दो हाथ से सिले मास्क दिए गए थे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today ईरान से लौटे 44 लोगों के ग्रुप में 22 महिलाएं शामिल हैं। श्रीनगर भेजने से पहले सभी की स्वास्थ्य जांच की गई। Full Article
0 देश में मुंबई पहला ऐसा शहर जहां 100 मौतें हुई; यहां 1549 कोरोना पॉजीटिव मरीज आ चुके हैं By Published On :: Mon, 13 Apr 2020 15:02:21 GMT सोमवार को कोरोना की वजह से मुंबई में 9 मरीजों की मौत हो गई है। इनमें से 7 में डायबिटीज और हाइपरटेंशन की समस्या थी, जबकि दो में अन्य बीमारियां थी। पिछले 96 घंटे में यहां 46 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं मृतकों का आंकड़ा बढ़कर मुंबई में बढ़कर 100 तक पहुंच गया है।मुंबई देश का पहला ऐसा शहर बन गया है जहां 100 से ज्यादा मौतें हुईं हैं। वर्तमान समय में यहांकुल 80 स्क्रीनिंग सेंटर चल रहे हैं।बीएमसी के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार- सोमवार को कोरोना के 150 नए मामले मुंबई में दर्ज हुए हैं। यहां कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 1549 हो गई है। सोमवार को जिनमरीजों की मौत हुई, उनमें सबसे कम की उम्र 42 साल और सबसे ज्यादा की 87 साल है। इनमें से 6 महिलाएं और तीन पुरुष हैं।बीएमसी ने जारी की एडवाइजरीबीएमसी ने एक एडवाइजरी जारी कर कहा है- जिन्हें भी डायबिटीज, हाइपरटेंशन, हॉर्ट की बीमारी है वह घर में ही रहे। बीएमसी की ओर से कहा गया है कि बुजुर्गों और जिनमें बुखार और खांसी के लक्षण हैं, वे तुरंत पास के जांच केंद्र में जाकर अपनी जांच करवाएं। बीएमसी की ओर से बताया गया है कि 87 परसेंट मौतें डायबिटीज और हाइपरटेंशन जैसी बीमारी के कारण ही हुई हैं। जबकि 7 से 8 परसेंट मौतें, हार्ट डिजीज और उम्र संबंधित बीमारियों के कारण हुई हैं।मुंबई के हॉस्पिटल बने कोरोना के हॉटस्पॉटमुंबई में सबसे अधिक कोरोना संक्रमित मरीजों के साथ ही अब यहां के अस्पताल कोरोना के गढ़ बनते जा रहे हैं। मुंबोई के ताड़देव स्थितभाटिया अस्पतालमें रविवार को 11 और स्वास्थ्यकर्मी कोरोना पॉजिटिव पाए गए। यहां अब तक कुल 25 स्वास्थ्यकर्मी कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। मुंबई केवॉकहार्ट अस्पतालके बाद भाटिया दूसरा कोरोना हॉटस्पॉट बन गया है। वॉकहार्ट से अब तक 52 स्वास्थ्यकर्मी कोरोना संक्रमित हो चुके हैं जिसके बाद उसे सील कर दिया गया था।अब ताजा मामला सेवन हिल्स हॉस्पिटल का है, जहां 2 डॉक्टरों में कोरोना की पुष्टि हुई है। इसके अलावा सायन हॉस्पिटल के डॉक्टर को भी कोरोनावायरस ने अपनी चपेट में ले लिया है। सायन हॉस्पिटल के डीन और सेवन हिल्स हॉस्पिटल के वर्तमान इंचार्ज डॉक्टर मोहन जोशी ने बताया कि शनिवार से रविवार तक सेवन हिल्स अस्पताल में दो डॉक्टरों में कोरोना की पुष्टि हुई है।मुंबई के किस हॉस्पिटल में कितने मरीज? अस्पताल कोविड-19 मरीज वॉकहार्ट अस्पताल 52 भाटिया अस्पताल 25 नूर अस्पताल 1 साबू सिद्धीकी अस्पताल 1 नायर अस्पताल 1 सैफी अस्पताल 1 सेवन हिल्स अस्पताल 2 सायन अस्पताल 1 Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today मुंबई में मृतकों की संख्या बढ़कर 100 के पार पहुंच चुकी है। Full Article
0 दूसरों तक टिफिन पहुंचाने वाले डब्बेवालों के सामने खड़ा हुआ खुद के खाने का संकट, 130 साल से दे रहे हैं सर्विस By Published On :: Tue, 14 Apr 2020 06:54:19 GMT (विनोद यादव) मुंबई के करीब 2 लाख लोगों तक समय से खाने का डब्बा पहुंचाने वाले 5 हजार डब्बेवालों के समक्ष खाद्य सामग्री का संकट गहराने लगा है। जिसकी वजह से मुंबई डब्बेवाला एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से मदद की गुहार लगाई है।इस तरह दोहरे संकट में फंसे डब्बेवालेएसोसिएशन के अध्यक्ष सुभाष तलेकर ने बताया कि मुंबई में डब्बेवालों की संख्या करीब 5 हजार के करीब है। इनमें से अधिकांश लोग पुणे जिले के मूल निवासी है। जिसकी वजह से उनका राशन कार्ड गांव के पते पर बना हुआ है। क्योंकि माता-पिता गांव में रहते हैं। कोरोनावायरस महामारी के प्रकोप की वजह से 130 साल से लाखों मुंबईकर के कार्यालयों में समय से खाने का डब्बा पहुंचा कर उनकी भूख मिटाने वाले डब्बेवालों के समक्ष अब खुद खाद्य सामग्री का संकट निर्माण हो गया है। क्योंकि सरकार राशन कार्ड देखकर अनाज जरूरतमंद लोगों को दे रही है।मुंबई के डब्बेवालों का राशन कार्ड गांव में है। लॉकडाउन की वजह से डब्बेवाले पुणे स्थित गांव जाकर अनाज भी नहीं ला सकते हैं। इसके अलावा मार्च में कुछ दिन ही कार्यालयों तक डब्बा पहुंचाए जाने की वजह से अधिकांश डब्बेवालों को मार्च महीने की पूरा तनख्वाह भी नहीं मिली है। अप्रैल महीने में तो एक पैसा हाथ में आने की कहीं से कोई उम्मीद डब्बेवालों को नजर नहीं आ रही है। तलेकर ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री को ई मेल कर निवेदन किया है कि वे डब्बेवालों और अन्य जरूरतमंद लोगों की इस तकनीकी समस्या का समधान निकालें और उन्हें अनाज उपलब्ध कराने की व्यवस्था करें।44 साल बाद बंद हुई है डब्बेवालोंकी सर्विसलॉकडाउन की वजह से 44 साल बाद मुंबई मेंडब्बेवालों की सर्विस बंद है। इससे पहले 1974 में मजदूर नेता जार्ज फर्नांडिस ने रेल रोको आंदोलन किया था, उस दौरानयह सर्विस बंद हुई थी।250-300 डब्बेवालों के एसोसिएशन ने की मददकोविड-19 महामारी और लॉकडाउन की वजह से भुखमरी के कगार पर पहुंचे 250-300 डब्बेवालों को एसोसिएशन की ओर से अनाज खरीद कर मुहैया कराया गया है। तलेकर बताते हैं कि यह मदद सत्य साईंबाबा के एक भक्त चंद्रशेखर व अन्य लोगों की सहायता से की गई है। इसके साथ ही जो डब्बेवाले मुंबई में हैं। उन्हें कहा गया है कि वे कुछ डब्बेवालों का छोटा सा ग्रुप बनाकर कर अपने करीब के किसी भी दुकान से राशन खरीदें और उसकी रसीद एसोसिएशन के पास वॉट्सअप करें। ताकि उन्होंने जो खाद्य सामग्री खरीदी है। उसका भुगतान एसोसिएशन की ओर से ऑनलाइन किया जा सके। एसोसिएशन की ओर से अभी तक तकरीबन 4.50 लाख रुपए की सामग्री डब्बेवालों को मदद के रूप में उपलब्ध कराई गई है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today मुंबई में वर्तमान समय में 5000 के आसपास डब्बेवाले हैं। ये हर दिन 2 लाख लोगों तो खाना पहुंचाने का काम करते थे। Full Article
0 16 दिन में 10 गुना बढ़कर 3 हजार के पार हुए संक्रमित, 70% मरीजों की उम्र 50 साल से कम By Published On :: Thu, 16 Apr 2020 12:29:00 GMT देश में कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित महाराष्ट्र की स्थिति बिगड़ती जा रही है। राज्य में गुरुवार को कोराना संक्रमण के165 नए मामले सामने आए। इसे मिलाकर संक्रमितों की संख्या 3,081 पर पहुंच गईहै। राज्य के 11 जिलों कोहॉटस्पॉट घोषित किए गएहैं। इसमेंमुंबई, पुणे, ठाणे, नागपुर, सांगली, अहमदनगर, यवतमाल, औरंगाबाद, बुलढाणा, मुंबई सबअर्बन, नासिक शामिल है। अगर संक्रमितों की बात की जाए तो महाराष्ट्र के बाद दिल्ली है जहां संक्रमण के 1550 से ज्यादा मामले हैं।महाराष्ट्र में 16दिन में बढ़े 10 गुना हुए केसमहाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण के केसपिछले 15 दिनों में 10 गुना की वृद्धि हुई है। राज्य में संक्रमण का पहला मामला नौ मार्च को पुणे में सामने आया था। यहां एक परिवार के तीन लोग पॉजिटिव मिले थे। इसके बाद 31 मार्च तक यानी 21 दिनों में संक्रमित केस की कुल संख्या 302 तक पहुंची थी। इन 21 दिनों में एक दिन में अधिकतम 27 पॉजिटिव केस मिले थे। लेकिन, एक अप्रैल से से 16 अप्रैल यानी 16 दिनों में संक्रमितों की संख्या में 10 गुना की वृद्धि के साथ आंकड़ा तीन हजार के पार पहुंच गया। इनमें 14 अप्रैल को सबसे ज्यादा 350 पॉजिटिव केस सामने आए।इस ग्राफ से समझिए केस की रफ्तार:यह डेटा महाराष्ट्र सरकार की वेबसाइट का है। इसमें 9 मार्च से 13 अप्रैल तक के आंकड़े हैं। 14 अप्रैल को राज्य में सबसे ज्यादा 350 केस सामने आए थे।70% मरीजों की उम्र 50 साल से कममहाराष्ट्र मेंसंक्रमण के2330 मरीजों का विश्लेषण राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने किया है। इससे पता चलता है कि70 फीसदी यानी1646 मरीजों की उम्र 21से 50 साल के बीच है।जबकि 684 की उम्र 50 साल से ज्यादा है। एक बात और इसमें सामने आई है कि50 से अधिक उम्र वर्ग के लोगों कोइस बीमारी से ज्यादा खतरा है। आंकड़े के अनुसार (14 मार्च तकहुई कुल 178 मौतों में से) इस आयु वर्ग के मृतकों की संख्या करीब 77%है। हालांकि, राज्य में गुरुवार तक 188 लोगों की संक्रमण से जान जा चुकी है।ज्यादा जांच हुई, इसलिए तेजी से मामले सामने आएमहाराष्ट्र में तेजी से संक्रमितों की संख्या सामने आने का एक बड़ा कारण यहां तेजी से जांच होना भी है। राज्य में अब तक24 हजार से अधिक सैंपल लिए जा चुके हैं। साथ ही, मुंबई केधारावी में मरीज मिलने के बाद करीब साढ़े सातलाख लोगों की स्क्रीनिंग हो रही है। राज्य सरकार अब रैपिड टेस्टिंग की तैयारी कर रही है। उम्मीद है कि जल्द ही राज्य में रैपिड टेस्टिंग शुरू हो जाएगी। इसके लिए राज्य सरकार ने विदेश से किट मंगवाई है। इसके बाद जांच की स्पीड भी बढ़ेगी। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today यह तस्वीर मुंबई के धारावी की है। धारावी में अब तक 50 से ज्यादा मामले आ चुके हैं। इसके बाद यहां घर-घर जाकर स्क्रीनिंग की जा रही है। Full Article
0 पुणे पुलिस ने बेवजह घूम रहे 200 लोगों को सड़क पर बैठाकर लॉकडाउन के नियम समझाए, योग भी करवाया By Published On :: Fri, 17 Apr 2020 06:19:28 GMT लॉकडाउन को लोग अभी भी गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।पुणेपुलिसगुरुवार को ऐसे ही200 लोगों कीक्लास ली।दरअसल ये सभीबेवजह सड़क और बाजार में घूम रहे थे। इनमें महिलाएं भी शामिल थीं।पुलिस ने सभी को सड़क पर बिठाया औरलॉकडाउन के नियम समझाए।पुलिस ने बताया कि लॉकडाउन कापालन करना क्यों जरूरी है। सिर्फ यही नहीं, पुलिस ने इन लोगों को योग भी करवाया और कान पकड़कर भविष्य में कभी ऐसा न करने का वादा लिया। इसके बाद इनकीफोटो खींचकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कीं।दरअसल, पुणे में संक्रमण से अब तक 49लोगों की मौत हो चुकी है। शहर के कई इलाके सील हैं।पुलिस ने चेतावनी देकर छोड़ दियाक्लास में शामिललोगों में ज्यादतर लोग मॉर्निंग वॉक करने के लिए निकले थे।पुलिसकर्मियों ने उनका वीडियो भी बनाया है और उनसे माफी भी मंगवाई और आगे से ऐसा नहीं करने की चेतावनी देकर छोड़ दिया है। इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी थीं। पुलिस ने सभी से अपील की है कि वे इस दौरान घर में ही फिटनेस का ध्यान रखें औरनियमों का पालन करें।यह तस्वीर पुणे के स्वारगेट इलाके की है। यह लॉकडाउन का बेवजह उल्लंघन करने वाले लोगों को सड़क पर घंटों बैठाकर पुलिस ने लॉकडाउन नियमों की क्लास लगाई।लॉकडाउन में मिलने का प्लान बना रहेदो दोस्तों को पुणे पुलिस ने जवाब दियालॉकडाउन में मिलने की प्लानिंग कर रहे दो दोस्तों को ट्विटर पर पुणे पुलिस ने बेहद मजेदार ढंग से जवाब दिया। यह जवाब सोशल मीडिया में खूब वायरल हो रहा है। पुणे के रहने वाले दो दोस्तों ने14 अप्रैल को खत्म हो रहेलॉकडाउन के बाद मिलने कीसोचा थी, लेकिन लॉकडाउन फेज-2 लगने कीखबर सुनते ही उन्होंने ट्विटर परपूछा कि 'क्या अब हम लोग मिल सकते हैं? तो पार्थ ने जवाब दिया 3 मई तक तो नहीं हो पाएगा। इसमें इनके और दोस्त ने ट्वीटर पर ही कहा कि उससे पहले भी मिल सकते हैं? दोस्तों के बीच सोशल मीडिया पर हो रही इस बातचीत परपुणे पुलिस ने भी अपना रिएक्शन देते हुए रिट्वीट किया। पुणे पुलिस ने ट्विटर पर लिखा, 'हम भी आपके प्लान में शामिल होना चाहते हैं? और आपको विश्वास दिलाते हैं कि हम आपका साथ लंबे समय तक देंगे।'कोल्हापुर में नियम तोड़ने वालों की सेल्फी खिंचवाई जा रही हैलॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन करने वालों को सजा देने के लिए मकोल्हापुर पुलिस ने एक नया तरीका निकाला है। इसके तहत सोशल मीडिया में ऐसे लोगों की सेल्फी डालकर उन्हें सार्वजनिक रूप से शर्मिंदा किया जा रहा है।##सोशल मीडिया के सहारे फनी मैसेज दे रही नागपुर पुलिसनागपुर पुलिस के ट्विटर हैंडल से किए गए एक ट्वीट में शोले फिल्म के चार कैरेक्टर नजर आ रहे हैं- सुरमा भोपाली, गब्बर सिंह, जय और अंग्रेजों के जमाने के जेलर का वफादार जासूस। ये ट्वीट नागपुर पुलिस ने उन लोगों के लिए किया है जिन्हें समझ नहीं आ रहा कि घर में रहकर क्या किया जाए। ट्वीट में कैप्शन देते हुए लिखा गया- 'लॉकडाउन में करने लायक काम।'##मुंबई पुलिस ने इस फनी ढंग से लोगों में कोरोना से जुड़ा संदेश दिया## Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today यह तस्वीर पुणे के हड़पसर इलाके की है। लॉकडाउन के बावजूद यह लोग मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे। इसके बाद पुलिस ने इनकी क्लास लगाई। Full Article
0 संक्रमण से मौत का आंकड़ा 200 के पार पहुंचा, राज्य सरकार ने मकान मालिकों से तीन महीने तक किराया नहीं लेने को कहा By Published On :: Fri, 17 Apr 2020 17:59:58 GMT महाराष्ट्र में शुक्रवार को कोरोना संक्रमण से सात मौत हुई। इसमें पांच मुंबई और दो की जान पुणे में गई। इसके साथ ही राज्य में मौत का आंकड़ा 200 की संख्या पार करते हुए 201 पर पहुंच गया। शुक्रवार को जिन सात की मौत हुई उन लोगों की उम्र 40 से 70 साल के बीच थी। इसमें पांच पुरुष और दो महिलाएं हैं। पांच को डायबिटीज और हाइपरटेंशन जैसी बीमारियां थीं, जबकि दो की मेडिकल हिस्ट्री के बारे में पता नहीं चल पाया है। राज्य में शुक्रवार को संक्रमण के 118 नए केस सामने आए। इसे मिलाकर संक्रमितों की कुल संख्या 3320 तक पहुंच गई।महाराष्ट्र सरकार ने मकान मालिकों से 3 महीने तक किराया न लेने को कहाइस बीच कोरोना संकट के मद्देनजरराज्य के आवासीय विभाग ने मकान मालिकों से कहा है कि लॉकडाउन के कारण उपजी स्थिति के चलते वे किराएदारों से कम से कम तीन महीने तक किराया न लें। शुक्रवार को जारी एक आदेश में राज्य केअतिरिक्त मुख्य सचिव (आवासीय विभाग) संजय कुमार ने मकान मालिकों से यह भी कहा कि यदि किराएदार किराया देने में असमर्थ हैं तो उन्हें इस समय घरों से न निकाला जाए। अधिकारी ने कहा कि बंद के कारण बाजार और कारखानों में वित्तीय लेनदेन नहीं हो पा रहा है और इस वजह से लोगों की आय और रोजगार प्रभावित हुआ है।20 अप्रैल से खेती से जुड़ कामों में ढीलउधर, राज्य सरकार ने 20 अप्रैल से खेती से जुड़े कामों में ढील देने का फैसला लिया है। इसके तहत, फसल खरीदने वाली संस्थाएं,कृषि उपकरण की बिक्री और मरम्मत वाली दुकानें, बीज, खाद की दुकानें को कारोबार करने की इजाजत होगी।कोरोना संक्रमित गर्भवती महिलाओं के लिए अलग हॉस्पिटल बनामुंबई में कोरोना पॉजिटिव गर्भवती महिलाओं के लिए एक अस्पताल अलग से तैयार किया गया है। मुंबई के घाटकोपर के रजवाड़ी हॉस्पिटल में कोरोना संक्रमित गर्भवती महिलाओं का इलाज होगा। दरअसल,मुंबई से एक 30 साल की कोरोना पॉजिटिव गर्भवती महिला की मौत का मामला सामने आ चुका है। इसके बाद बीएमसी ने गर्भवती महिलाओं के लिए अलग से इलाज कराने की योजना बनाई थी।कोरोना अपडेट: पुणे जिले के शिकारपुर गांव में एक सोनोग्राफी सेंटर के डॉक्टर की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद पिछले 6 दिनों के दौरान उनके सेंटर में आने वाले कई लोगों को क्वारैंटाइन किया गया है, जिसमें कई गर्भवती महिलाएं शामिल हैं। कोरोना का हॉटस्पॉट बने वर्ली इलाके से बढ़ते मरीजों के बीच एक राहत वाली खबर भी आई है। वर्ली कोलीवाडा से क्वारैंटाइन किए गए 371 लोगों में से 129 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई है, जिन्हें वापस घर भेज दिया गया। इन लोगों को पोद्दार हॉस्पिटल और विशाखा गेस्ट हाउस में क्वारैंटाइनकिया गया था। लगातार दूसरी जांच में इन 129 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद इन्हें घर भेजा गया। धारावी में गुरुवार को 26 नए कोरोना संक्रमित मरीज पाए गए, जिससे यहां मरीजों की संख्या बढ़कर 86 हो गई। धारावी की लक्ष्मी चॉल में कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति की गुरुवार कोमौत हो गई, जिसके बाद यहां मरने वालों का आंकड़ा नौहो गया। धारावी में मुकुंद नगर और मुस्लिम नगर में सर्वाधिक 18-18 कोरोना मरीज मिले हैं। केईएम अस्पताल के दो रेजिडेंट डॉक्टरों में कोरोना की पुष्टि के बाद हड़कंप मच गया है। इनमें एक कस्तूरबा में पोस्टेड थे, जबकि दूसरे केईएम में। बीएमसी प्रशासन ने पूरे हॉस्टल को सील कर दिया है। इस हॉस्टल के करीब 55 डॉक्टर अब क्वारैंटाइन हैं। राज्य में अगर कोरोना की स्पीड की बात की जाए तो 9 मार्च को पहला मामला सामने आने के बादएक महीने में एकहजार केस सामने आए। जबकि संक्रमितों की संख्यादोहजार तक पहुंचने में 6 दिन का समय लगा। वहीं 3 हजार तक की संख्या पर यह सिर्फ 4 दिन में पहुंच गई। वहीं, मुंबई में 6 दिन में संक्रमितों की संख्या दोगुने से ज्यादा बढ़ी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने देश भर में कोरोना के 170 हॉटस्पॉट घोषित किए हैं। इनमें मुंबई सहित महाराष्ट्र के 11 जिले भी शामिल हैं। मुंबई के अलावा सूची में पुणे, ठाणे, नागपुर, सांगली, अहमदनगर, यवतमाल, औरंगाबाद, बुलढाणा, मुंबई उपनगर और नासिक जिलों के नाम हैं। कोरोना के सबसे ज्यादा मरीज महाराष्ट्र में है। मुंबई शहर और मुंबई उपनगर जिले में ही राज्य के आधे से ज्यादा लोग संक्रमित हैं।पालघर जिले में बैंक ऑफ महाराष्ट्र की ब्रांच के बाहर लोगों की भीड़। ये पीएम सहायता निधि के पैसे निकालने पहुंचे थे।मुंबई में नहीं हुआ 'कम्युनिटी ट्रांसमिशन': बीएमसी मुंबई में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या दो हजार पार कर गई है। हालांकि, बीएमसी प्रशासन ने दावा किया है कि मुंबई में कोरोना वायरस अभी 'कम्युनिटी ट्रांसमिशन' के स्तर तक नहीं पहुंचा है। यह दावा मुंबई में शुरू किए गए 'फीवर क्लिनिक' में लोगों की जांच और उसके बाद पाए गए कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या के आधार पर किया गया है। मुंबई में कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बीएमसी 97 'फीवर क्लिनिक' चला रही है, जिसमें अब तक 3,585 लोगों की प्राथमिक जांच की गई। इनमें से 912 लोगों में कुछ लक्षण दिखाई देने पर उनके स्वाब को लैब में जांच के लिए भेजा गया था। उसमें से सिर्फ 5 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए।पुणे: ससून हॉस्पिटल की तीन नर्स संक्रमितमहाराष्ट्र सरकार द्वारा संचालित ससून अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में कार्यरत तीन नर्स कोरोना संक्रमित पाई गई हैं। एक अधिकारी ने बताया कि नर्सों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया है। साथ ही उक्त नसों के संपर्क में आए हॉस्पिटल स्टाफ के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।पुणे में लॉकडाउन के नियम तोड़ने वालों को इस तरह से सजा दी जा रही है।यह तस्वीर नासिक के एक हॉस्पिटल की है। यहां कोरोना को मात देकर घर जा रही महिला को डॉक्टरों ने तालियां बजाकर विदा किया। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today महाराष्ट्र में 1 मार्च से 15 अप्रैल के बीच कुल 56 हजार 673 लोगों की कोरोना जांच हुई। इनमें से 52 हजार 762 टेस्ट निगेटिव आए। Full Article
0 राज्य में मृत्युदर 6.05%, 17 दिन में 10 गुना बढ़े पॉजिटिव, सबसे ज्यादा संक्रमित 21 से 30 साल के बीच के By Published On :: Sat, 18 Apr 2020 09:56:39 GMT महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण बेकाबू होता जा रहा है। यहां शनिवार तकसंक्रमितों का आंकड़ा 3320 तक पहुंच गया है। वहीं, राज्य में अब तक 201 लोगों की मौत भी हो चुकी है। कोरोना के लक्षण को समझने के राज्य के मेडिकल एजुकेशन और ड्रग विभाग एक सर्वे रिपोर्ट तैयार कर रहा है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, 18 अप्रैल तक राज्य में कोरोना संक्रमित मरीजों कीमृत्यु दर 6. 05% है। वहीं, देश में यह आंकड़ा 3.34% है। इसके अलावा महाराष्ट्र से ज्यादा मृत्यु दर का आंकड़ामेघालय, झारखंड और पंजाब में है। यहां क्रमश: 11.11, 6.44 और 6.06 प्रतिशत मृत्यु दर है। वहीं, सबसे कम केरल में यह सिर्फ 0.76 प्रतिशत है। यहां सिर्फ 3 लोगों की मौत हुई है।अब तक किस राज्य में कितने सक्रमित:महाराष्ट्र के मेडिकल एजुकेशन और ड्रग विभाग द्वारा तैयार रिपोर्ट में 17 अप्रैल तक कहां कितने संक्रमित मरीज मिले हैं। इसका चार्ट तैयार किया गया है।महाराष्ट्र: 17दिन में 10 गुना हुए केसमहाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण के केस पिछले 17दिनों में 10 गुना की वृद्धि हुई है। राज्य में संक्रमण का पहला मामला नौ मार्च को पुणे में सामने आया था। यहां एक परिवार के तीन लोग पॉजिटिव मिले थे। इसके बाद 31 मार्च तक यानी 21 दिनों में संक्रमित केस की कुल संख्या 302 तक पहुंची थी।इन 21 दिनों में एक दिन में अधिकतम 27 पॉजिटिव केस मिले थे। लेकिन, एक अप्रैल से से 17 अप्रैल यानी 17 दिनों में संक्रमितों की संख्या में 10 गुना की वृद्धि हुई। यह आंकड़ा अब 3320 तक पहुंच गया है।इस ग्राफ से समझिए महाराष्ट्र में बढ़े कोरोनाकेस की रफ्तार:इस चार्ट में बताया गया है कि पहला केस 9 मार्च को मिला था। इसके बाद 31 मार्च के बाद संक्रमितों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है।मुंबई: सात दिन में 81% बढ़े कोरोना संक्रमित मरीज देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में पिछले सात दिनों में 81% कोरोनावायरस संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ गई है। जबकि मृतकों की संख्या 60.52 फीसदी बढ़ी है। अगर मुंबई की बात करें तो यहांमरीजों की मृत्युदर 5.8%5 है। वर्ली और धारावी सहित करीब 8 प्रमुख इलााकों कोहॉटस्पॉट घोषित किया जा चुका है।मुंबई के इन 8 हॉटस्पॉट वाले इलाके में इस वक्त 1,285 कोरोना मरीज हैं।21- 30 साल के बीच के लोग ज्यादा हुए संक्रमितमहाराष्ट्र में 21 से 30 साल के बीच के लोग सबसे ज्यादा संक्रमित हुए हैं। डॉक्टर इसका कारण इस उम्र के लोगों का घर से ज्यादा बाहर निकालना मानते हैं। वहीं, सबसे कम सिर्फ 1 संक्रमित 101-110 साल के बीच का है। इस शख्स की कुछ दिनों पहले मुंबई में मौत हो चुकी है। इसके बाद क्रमशः 91 और 81 साल के लोग सबसे कम संक्रमित हुए हैं। इस ग्राफ से इस ट्रेंड को समझ सकते हैं।संक्रमितों में सबसे ज्यादा 671 की उम्र 21 से 30 साल है जबकि इसके बाद 31 से 40 की उम्र के 634 लोग संक्रमित हुए हैं।राज्य में 95 % रिपोर्ट नेगेटिव आईमहाराष्ट्र स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, 17 अप्रैल तक राज्य में 55678 लोगों का कोरोना टेस्ट हुआ है। इसमें से 95 प्रतिशत की रिपोर्ट निगेटिव आई है। इनमें से 29128 टेस्ट सरकारी लैब में और 26550 टेस्ट प्राइवेट लैब में हुए हैं। प्राइवेट लैब में हुए96.23 प्रतिशत केस नेगेटिव आए हैं।एक तर्क यह भी,ज्यादा टेस्ट की वजह से ज्यादा केस सामने आएमहाराष्ट्र में तेजी से संक्रमितों की संख्या सामने आने का एक बड़ा कारण यहां तेजी से जांच होना भी है। 15 अप्रैल 2020 को रात 9 बजे तक देश 2 लाख 58 हजार 730 लोगों का टेस्ट कर चुका है। हालांकि, देश में प्रति 10 लाख लोगों में सिर्फ 203 लोगों के टेस्ट किए गए हैं और प्रति 10 लाख लोगों में से 8 लोग कोरोना पॉजिटिव निकले हैं। अन्य राज्यों से तुलना करें तो 16 अप्रैल तक तमिलनाडु में 22 हजार, दिल्ली में 15 हजार और केरल में 16 हजार टेस्ट हो चुके हैं।77 % मरीज सिर्फ मुंबई और पुणे से17 अप्रैल की सुबह तक संक्रमितों में सबसे ज्यादा 2073 मरीज मुंबई से हैं, इसके बाद 419 कोरोना पॉजिटिव पुणे से हैं। इस हिसाब से राज्य के तकरीबन 77% संक्रमित मरीज सिर्फ मुंबई और पुणे से हैं। वहीं,एनालिसिस में यह भी सामने आया है कि 2916 संक्रमितों में से 1178 यानि 40 % महिलाएं और 1738 यानि 60% प्रतिशत पुरुष हैं। मृतकों में 35% महिलाएं और 65% पुरुष हैं।मृतकों में सबसे ज्यादा 61-70 साल के बीचशनिवारसुबह तक महाराष्ट्र में कुल 201 लोगों की मौत हुई थी। संक्रमण के चलते जिन लोगों की मौत हुई है, उसमें 60लोगों की उम्र 51-60 साल के बीच थी। इसके बाद 61-70 साल के बीच के 53, 41-50 साल के बीच 33, 71-80 साल के बीच 23 लोगों की जान गई है। राज्य में एक 101 वर्षीय बुजुर्ग की मौत भी हुई है।इस ग्राफ से समझिए किस उम्र के लोगों की हुई सबसे काम या ज्यादा मौत: Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today एशिया की सबसे घनी बसी बस्ती में स्क्रीनिंग करता स्वास्थ्यकर्मी। यहां अब तक 10 लोगों की मौत और 60 के करीब संक्रमित हो चुके हैं। Full Article
0 ससून जनरल हॉस्पिटल के सीनियर डॉक्टर में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई, यहां कोरोना से हो चुकी है 40 लोगों की मौत By Published On :: Sat, 18 Apr 2020 13:02:33 GMT ससून जनरल अस्पताल का 52 वर्षीय डॉक्टर कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया है। ससून अस्पताल महाराष्ट्र के पुणे शहर में कोविड-19 के इलाज के लिए चिह्नित अस्पताल है और अभी तक इस अस्पताल में कोरोना वायरस से संबंधित 40 से अधिक मौत हुई हैं।अस्पताल के एक अधिकारी ने बताया, ‘‘संक्रमित व्यक्ति ससून में कोविड-19 मरीजों का इलाज करने वाला एक वरिष्ठ डॉक्टर है। कुछ दिनों पहले उन्होंने सांस लेने में दिक्कत की शिकायत की थी और खुद अस्पताल में भर्ती हो गए।’’उन्होंने बताया कि डॉक्टर के जांच नतीजों में बृहस्पतिवार को संक्रमण की पुष्टि हुई और उनकी हालत स्थिर है। अधिकारी ने बताया कि डॉक्टर के संपर्क में आए उच्च जोखिम वाले लोगों का पता लगा लिया गया है और उन्हें पृथक कर दिया गया है। हाल ही में पृथक वार्ड में काम कर रही तीन नर्स भी संक्रमित पाई गई थीं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today पुणे के ससून हॉस्पिटल में अब तक 40 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। Full Article
0 20 अप्रैल से कुछ जिलों में नियंत्रण के साथ शुरू होंगे उद्योग, मजदूरों से कहा-कोरोना संकट खत्म होते ही आपको घर पहुंचाऊंगा By Published On :: Sun, 19 Apr 2020 11:57:00 GMT महाराष्ट्रके मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने रविवार को कहा कि कोरोना वायरस के संबंध में चिह्नित किए गए ग्रीन और ओरेंज क्षेत्रों में उद्योगों को नियंत्रित तरीके से कामकाज बहाल करने की अनुमति दी जाएगी। एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि कुछ नियंत्रण के साथ इन जोन में उद्योगों को फिर से काम शुरू करने की इजाजत दी जाएगी। ठाकरे ने कहा, 'कोरोना संकट से बाहर आने के बाद हम वित्तीय संकट में पड़ जाएंगे, इसलिए हम कुछ व्यावसायिक गतिविधियों को सीमित तरीके से शुरू कर रहे हैं। अच्छी बात ये है कि हमारे कई जिलों में एक भी कोरोना का केस नहीं मिला है।'मजदूरों को आवासीय सुविधा मुहैया करवाने वालों को दिया जाएगाअनाजउन्होंने कहा कि हम ग्रीन और ऑरेंज जोन में आने वाले कुछ इंडस्ट्री को शुरू करने की इजाजत देते हैं।हमें इस अर्थचक्र को 20 अप्रैल से घुमाना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि लॉकडाउन के दौरान अपने कामगारों को आवास की सुविधा मुहैया कराने वाले उद्योगों को राज्य से अनाज की आपूर्ति की जाएगी और कच्चे माल की अनुमति दी जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘राज्य सरकार ग्रीन और ओरेंज क्षेत्रों के उद्योगों को नियंत्रित तरीके से उत्पादन और प्रसंस्करण की गतिविधियां शुरू करने की अनुमति दे रही है। उद्योगों को अपने कामगारों के लिए रहने की व्यवस्था करनी होगी। वे काम के लिए लंबी दूरी की यात्रा नहीं करेंगे।’सील रहेंगी राज्य और शहरों की सीमाएं’ग्रीन जोन में वे क्षेत्र आते हैं जहां कोरोना वायरस का एक भी मामला सामने नहीं आया जबकि ओरेंज जोन में वे क्षेत्र आते हैं जहां कम मामले सामने आए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आवश्यक सेवाओं की आवाजाही के अलावा सभी जिलों की सीमाएं सील रहेंगी।ठाकरे ने कहा कि राज्य सरकार ने उन लोगोंके लिए अलग से एक बैंक खाता खोला है जो सीएसआर फंड के जरिये कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में योगदान देना चाहते हैं। शनिवार तक महाराष्ट्र में इस संक्रामक रोग के 3,648 मामले सामने आए और 211 लोगों की मौत हो चुकी है।कोरोना संकट खत्म होने के बाद प्रवासी मजदूरों को उनके घर पहुंचाएगी सरकारराज्य में फंसे प्रवासी मजदूरों से उद्धव ठाकरे ने कहा कि मैं आपसे वादा करता हूं कि कोरोना संकट खत्म होते ही महाराष्ट्र सरकार आपको अपने घर पहुंचाएगी और हम चाहते हैं कि आप खुश होकर घर जाएं, डरकर नहीं।उन्होंने आगे कहा कि हम केंद्र के साथ बातचीत कर रहे हैं। मुझे विश्वास है कि आने वाले दिनों में एक समाधान निकलेगा। आप लोग चिंता मत कीजिए। हम धीरे-धीरे महाराष्ट्र में काम शुरू कर रहे हैं। अगर यह संभव है कि आप काम पर वापस आ सकते हैं, तो आप अपनी आजीविका जारी रख सकते हैं।राज्य में 95 प्रतिशत टेस्ट नेगेटिव साबित हुएउद्धव ठाकरे ने कहा कि हमने अब तक 66 हजार कोरोना टेस्ट किए हैं। इनमें से 95 फीसदी निगेटिवऔर लगभग 3600 पॉजिटिव पाए गए हैं। इनमें से लगभग 350 ठीक हो गए हैं। 75 प्रतिशत लोगों मे लक्षण नहीं हैं या फिर बहुत कम लक्षण हैं। 52 मरीज गंभीर हैं, हम लोगों का जीवन बचाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि 3 मई तक मुंबई में सबअर्बन ट्रेनें नहीं चेलेंगी।घरेलू हिंसा करने वालों को कड़ी चेतावनीलॉकडाउन के दौरान राज्य में घरेलू हिंसा के मामलों पर उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने महिलाओं से इसकी शिकायत दर्ज कराने की अपील की। इसके अलावा उन्होंने कहा कि मुंबई और पुणे में जो कि रेड जोन हैं, वहां घर-घर जाकर अखबार नहीं पहुंचाए जाएंगे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today सीएम उद्धव ठाकरे वीडियो सन्देश के माध्यम से जनता को संबोधित कर रहे थे। Full Article
0 पालघर मॉब लिंचिंग मामले में 110 लोग गिरफ्तार, भाजपा ने कहा- दो संतों और उनके ड्राइवर को बेरहमी से मारा गया By Published On :: Sun, 19 Apr 2020 21:43:54 GMT महाराष्ट्र के पालघर जिले के कासा इलाके में गुरुवार रात चोरी के शक में 3 लोगों की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी। रविवार को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के कार्यालय की ओर से जारी बयान में यह बताया गया कि पुलिस ने साधुओं की हत्या के सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। दरअसल, ग्रामीणों ने इन्हें देर रात गांव में संदिग्ध रूप से कार में घूमते हुए पकड़ा था। इसके बाद पत्थर और डंडों से इन पर हमला कर दिया। पुलिस ने बताया कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही तीनों की मौत हो चुकी थी। कार में एक ड्राइवर और दो साधु सवार थे।पुलिस ने बताया कि इस मामले में 110 लोगों को गिरफ्तार किया है। 101 आरोपियों को पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है जबकि 9 नाबालिगों को सुधार गृह भेजा गया है। इस घटना के बाद भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने भी वीडियो पोस्ट करके लिखा था किमहाराष्ट्र के पालघर में 2 संत और उनके ड्राइवर को बड़े ही बेरहमी से लिंचिंग कर मौत के घाट उतार दिया गया मगर सारे लिबरल खामोश हैं।घटना के दिन ही आरोपी गिरफ्तार- मुख्यमंत्री कार्यालयमहाराष्ट्र के मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से किए गए ट्वीट में बताया गया कि पालघर की घटना पर कार्रवाई की गई है। जिन लोगों ने 2 साधुओं, एक ड्राइवर और पुलिसकर्मियों पर हमला किया था, पुलिस ने घटना के दिन ही उन सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस अपराध और शर्मनाक कृत्य के अपराधियों को कठोर दण्ड दिया जाएगा।कार से मुंबई से आए थे तीनों संदिग्धकासा पुलिस स्टेशन के निरीक्षक आनंदराव काले ने बताया था कि घटना कर्फ्यू के दौरानगुरुवार को रात के 9.30 से 10 बजे के बीच यह घटना हुई है। तीनों की पहचान अभी तक नहीं की जा सकी है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए पालघर के सरकारी अस्पताल में भेज दिया गया है। जांच में सामने आया है कि तीनों एक कार से मुंबई से आए थे। यह कार गडचिंचाले के पास ढाबाड़ी-खानवेल मार्ग पर बरामद हुई है।कार से खींच कर बाहर निकाल की गई हत्याकाले ने बताया- जांच में यह भी सामने आया ही कि मृतकों को कार से बाहर निकाला गया औरउन पर पत्थर और लाठियाेंसे हमला कर दिया। मरने से पहले तीनों में से किसी एक ने पुलिस स्टेशन में फोन करके इसकी जानकारी दी थी। जब तक पुलिस वहां पहुंचती वह लोग गंभीर रूप से घायल हो चुके थे। पुलिस ने बड़ी मुश्किल से उन्हें भीड़ से छुड़ाया और कासा गवर्मेंट हॉस्पिटल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। तीनों के शरीर पर गंभीर चोटे थी। पुलिस ने 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ धारा 302, आपदा प्रबंधन अधिनियम2005और महामारी रोग अधिनियम1897 के तहत मामला दर्ज किया गया है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today हॉस्पिटल तक पहुंचाने से पहले ही तीनों की मौत हो चुकी थी। पालघर पुलिस इसी गाड़ी में तीनों के शवों को लेकर हॉस्पिटल तक आई थी। Full Article
0 1200 लोगों के गांव में सन्नाटा पसरा, 250 से ज्यादा गांववाले जंगल में छिपे, पूरे गांव में सिर्फ पुलिस नजर आ रही By Published On :: Mon, 20 Apr 2020 15:23:33 GMT महाराष्ट्र और गुजरात की सीमा पर स्थित गडचिंचले गांव में सिर्फ पुलिस की गाड़ियां हैं। 1200 की आबादी वाले गांव में 110 ग्रामीणों को गिरफ्तार कर लिया गया है। 9 नाबालिगों को बाल सुधार गृह में भेजा गया है। इनके अलावा करीब 250 लोग फरार हैं, इनके पास के जंगलों में छिपे होने की आशंका है। वारली और कोकणा आदिवासी समुदाय बहुल इस गांवमें गुरुवार रात को भी यदि ऐसा ही सन्नाटा होता तो स्वामी कल्पवृक्ष गिरी, स्वामीसुशील गिरी और उनके ड्राइवर नितिन तेलगिडे की जान बच सकती थी।दो पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गयाइस मामले पर राजनीति और पुलिस कार्रवाई का दबाव बढ़ने से दोपहर एक बजे तक घटना की जांच कर रहे कासा पुलिस थाने के एसआई आनंदराव काले के साथ-साथ इंस्पेक्टर सुधीर कटारे को निलंबित करने की खबरें पहुंचीं। पालघर के जिला मुख्यालय से 90 किलोमीटर दूर यह आदिवासी गांव गुजरात के सिलवासा से महज 13 किमी दूर है। पिछले कुछ दिनों से गांव में बच्चा चोर, किडनी चोरों के सक्रिय होने की अफवाह थी। कभी गांव में चोरों के घुसने की खबर आती तो कभी डाका पड़ने की।दादर नगर हवेली बॉर्डर से वापस लौटाया था कर्फ्यू की वजह से दिनभर घर में बैठे सारे लोग रात को देर तक गांव की सीमा पर पहरा देते हैं। गुरुवार रात दस बजे उन्हें उनके ही इलाके से दोनों साधुओं की गाड़ी गुजरते दिखीं। कांदिवली आश्रम से सूरत के लिए निकले स्वामी की गाड़ी कर्फ्यू की वजह से दादरा-नगर हवेली की सीमा से वापस लौटा दी गई थी। कर्फ्यू की वजह से हाईवे से लौटना संभव नहीं था, इसलिए वे खानवेल-दाभाड़ी के रास्ते से लौट रहे थे। गांव की सीमा पर पहरा देने वाले लोगों ने उन्हें रोका और चोर समझकर हमला कर दिया। इसमें दोनों स्वामियों और उनके ड्राइवर की मौत हो गई।सीएम ने सीआईडी जांच का आदेश दियाभीड़ इतनी हिंसक थी कि पुलिस की गाड़ी में भी तोड़फोड़ हुई। चार पुलिसकर्मी घायल हुए। उनकी मौजूदगी में ही तीनों की लाठियों, धारदार हथियारों से जान ली गई। सुबह तक पुलिस ने जंगल में छिपे सौ से अधिक लोगों को पकड़ा और उनके खिलाफ केस दर्ज किया। पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मांग पर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने इस प्रकरण की सीआईडी जांच के निर्देश दिए हैं।सीएम ठाकरे ने कहा-गलतफहमी की वजह से हुई हत्यामॉब लिंचिंग में साधुओं के मारे जाने पर पंच दशनाम जूना अखाड़ा, हिंदू जन-जागरण समिति जैसे संगठनों ने विरोध में आवाज बुलंद की है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से फोन पर बात की और जिम्मेदारअधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी मुख्यमंत्री ठाकरे से फोन पर बात की। ठाकरे ने फेसबुक लाइव में कहा कि साधुओं की हत्या धार्मिक विद्वेष की वजह से नहीं बल्कि गलतफहमी की वजह से हुई है।सारणी में बचाया, गडचिंचले में मारे गएपालघर के शिवसेना नेता कुंदन संखे ने बताया कि जिले का यह आदिवासी गांव दुर्गम हैं। अक्सर चोरी, डाके आदि की अफवाह की वजह से लोग पहरा देते हैं। गडचिंचले में हत्याकांड से दो दिन पहले डहाणू तहसील के सारणी गांव में भी ऐसा ही हुआ था। बाहर से गए विश्वास वलवी पर आदिवासियों ने हमला कर दिया था। उनके साथ जिला परिषद सदस्य जयंत दुबला मौजूद थे और उन्होंने तत्काल पुलिस से संपर्क साधकर अपनी जान बचाई थी। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today इसी गाड़ी में तीनों को बचाकर पुलिसवाले पुलिस स्टेशन तक ले जाना चाह रहे थे। ग्रामीणों ने उन्हें भी घेरकर गाड़ी में तोड़फोड़ की और पुलिसवालों के साथ मारपीट की। Full Article
0 लॉकडाउन के बीच राज्य की 1300 कंपनियों में फिर से काम-काज शुरू करने की मंजूरी मिली By Published On :: Tue, 21 Apr 2020 11:43:00 GMT राज्य की 1300 से अधिक कंपनियों को लॉकडाउन के बीच फिर से कामकाज शुरू करने की अनुमति मिल गई है। इन कंपनियों में विनिर्माण इकाइयां, कपड़ा कंपनियां, प्रसंस्करण एवं उत्पादन इकाइयां शामिल हैं। मंगलवार को इन्हें महाराष्ट्र उद्योग विकास निगम (एमआईडीसी) से प्रमाण पत्र मिल गया। एमआईडीसी राज्य सरकार की नोडल एजेंसी है जो उद्योगों के भूमि आवंटन, अनुमति देने एवं नीति निर्माण संबंधी कार्य करती है। इनमें ज्यादातर ऐसी कंपनियां हैं जो ग्रीन या ऑरेंज जोन वाले जिलों में शामिल हैं।एमआईडीसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि, 'हमें राज्यभर के करीब 3,000 उद्योगों से आवेदन प्राप्त हुआ है, जिनमें से 1,300 को उत्पादन, प्रसंस्करण या विनिर्माण फिर से शुरू करने के लिए राज्य से प्रमाण पत्र मिल गया है।' अधिकारी ने बताया कि इन कंपनियों के 20,000 कर्मी काम पर लौटेंगे जिनमें से 60 प्रतिशत लोगों को उनकी कंपनियों के निकट रहने का स्थान मिलेगा।काम के लिए कई नियम बनाए गएएमआईडीसी ने तीन अप्रैल को http://permission.midcindia.org पोर्टल शुरू किया था और कंपनियों से कामकाज पुन: आरंभ करने के लिए प्रस्ताव जमा करने को कहा था। एमआईडीसी ने काम के दौरान सामाजिक दूरी बनाए रखने, सैनिटाइजर की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और आगामी नोटिस दिए जाने तक कर्मियों के रहने के अस्थायी निवास की व्यवस्था करने को अनिवार्य कर दिया है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today आज जिन कंपनियों को मंजूरी मिली है उनमें कई वस्त्र उद्योग से जुड़ी कंपनियां भी शामिल हैं। Full Article
0 शहर में लॉकडाउन में चेहरे पर मास्क नहीं लगाने वाले 1300 लोगों पर कार्रवाई हुई By Published On :: Tue, 21 Apr 2020 12:21:00 GMT बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने सार्वजनिक स्थलों पर मास्क नहीं पहनने वाले 1300 लोगों पर कार्रवाई की है। मुंबई में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए आठ अप्रैल से मास्क लगाना या कपड़े से चेहरा ढंकना अनिवार्य कर दिया था। यह कार्रवाई सोमवार रात तक हुई है। इनमें से ज्यादातर मामले मध्य, पश्चिम और उत्तरी मुंबई क्षेत्रों से हैं।नगर निकाय ने चेतावनी दी थी कि अगर लोग सार्वजनिक स्थानों जैसे सड़कों, अस्पतालों, बाजारों, कार्यालयों आदि में बिना मास्क लगाए घूमते पाए जाएंगे तो उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत कार्रवाई की जाएगी।लॉकडाउन नियम तोड़ने वाले 8679 लोगों पर भी केस दर्जपुलिस ने लॉकडाउन के दौरान प्रतिबंधों का उल्लंघन करने पर 8679 लोगों के खिलाफ 4483 मामले दर्ज किए हैं। पुलिस ने 5505 लोगों को गिरफ्तार भी किया जिन्हें बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 8 अप्रैल से मुंबई में बाहर निकलने पर मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। Full Article
0 पिछले 31 दिनों में महाराष्ट्र में 60 हजार लोगों पर दर्ज हुए केस, अब तक 13 हजार से ज्यादा हुए गिरफ्तार By Published On :: Tue, 21 Apr 2020 14:04:22 GMT राज्य मेंलॉकडाउन के नियम तोड़ने वाले 60 हजार लोगों पर पिछले 31 दिनों के दौरान केस दर्ज हुए हैं। इनमें से 13,381 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। वहीं पुलिसवालों पर हमले के 121 केस दर्ज किए गए हैं, जिसमें अब तक 411 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अन्य आरोपियों में बिना अनुमति के गाड़ी चलाने वाले और लॉकडाउन नियम को तोड़ने वाले शामिल हैं। इन सभी पर आईपीसी की धारा 188 के तहत केस दर्ज किया गया है।राज्य में कोरोना संक्रमित पुलिसकर्मियों की संख्या 49 तक पहुंचीमंगलवार तक राज्य में कुल 49 पुलिसकर्मियों में कोरोना की पुष्टि हुई है, जिनमें 11 पुलिस अधिकारी शामिल हैं। इसके अलावा राज्य में 589 लोगों पर क्वारैंटाइन नियम तोड़ने का आरोप लगाया गया है। इसके अलावा 1062 लोगों के खिलाफ अवैध वाहन चलाने का केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने 41,769 गाड़ियों को पिछले 31 दिनों के दौरान जब्त किया है। इसके अलावा 74,115 मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।महाराष्ट्र में 23 मार्च की सुबह से पूरे प्रदेश में धारा 144 लागू है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 मार्च को देश मेंपहले 21 दिन का और फिर अब 3 मई तक के लिए लॉकडाउन घोषित किया है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today राज्य ने अब तक 49 पुलिसकर्मी भी कोरोना संक्रमित हो चुके हैं, जिनमें से 11 पुलिस अधिकारी शामिल हैं। Full Article
0 कोल्हापुर में चार साल के बच्चे को हुआ कोरोना, यहां अब तक सामने आए 10 मामले, 804 लोगों को किया गया क्वारैंटाइन By Published On :: Wed, 22 Apr 2020 08:04:00 GMT महाराष्ट्र में कोल्हापुर जिले के इचलकरंजी कस्बे में बुधवार सुबह चार वर्षीय बच्चे की कोरोना वायरस जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इचलकरंजी कस्बे के कोले माला निवासी 60 वर्षीय कोरोना संक्रमित बुजुर्ग के चार वर्षीय पोते की रिपोर्ट पॉजिटिव आयी है। हालांकि, उनके एक और 15 वर्षीय पोते की रिपोर्ट निगेटिव आयी है। परिवार के तीन अन्य सदस्यों की रिपोर्ट आनी शेष है।804 लोगों को किया गया क्वारैंटाइनआज चार वर्षीय लड़के की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के साथ ही जिले में मरीजों की संख्या बढ़कर 10 हो गयी है। कोल्हापुर में 11 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के निवासियों सहित कुल 804 लोगों को 15 संस्थागत केंद्रों में क्वारैंटाइन किया गया है। इन्हें शहर के कारवीर, कागल, हतकणंगले, शिरोल, गढ़िंगलाज और गगनबावड़ा तहसीलों में बनाया गया है।शहर के अलग-अलग इलाकों में इस तरह के 11क्वारैंटाइन कक्ष तैयार किए गए हैं। जहां 800 से ज्यादा मरीज रखे गए हैं।जिलाधिकारी दौलत देसाई ने मंगलवार को बताया कि इन 804 में से सर्वाधिक 245 व्यक्ति कर्नाटक के, इसके बाद तमिलनाडु के 206, राजस्थान के 86, उत्तर प्रदेश के 30, मध्य प्रदेश के 47, केरल के आठ, झारखंड के पांच, हरियाणा के चार, आंध्र प्रदेश के तीन, बिहार के दो और पुड्डुचेरी और पश्चिम बंगाल का एक-एक व्यक्ति है। शेष 166 व्यक्ति महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों के निवासी हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today महाराष्ट्र के कोल्हापुर में अब तक सिर्फ 10 कोरोना संक्रमित मिले हैं। हालांकि, प्रशासन लगातार यहां लोगों को क्वारैंटाइन कर रहा है। Full Article
0 आदित्य ठाकरे के विधानसभा क्षेत्र में कोरोना के सबसे ज्यादा मरीज, यहां सबसे ज्यादा 80 कंटेनमेंट जोन और यहीं ठीक हुए सबसे ज्यादा संक्रमित By Published On :: Thu, 23 Apr 2020 06:12:26 GMT मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बेटे एवं पर्यटन मंत्री आदित्य ठाकरे के निर्वाचन क्षेत्र यानि वर्ली में सर्वाधिक मरीजों वाला क्षेत्र होने के साथ ही यहां कंटेनमेंट एरिया भी सबसे अधिक है। ठाकरे के निर्वाधन क्षेत्र वर्ली के जी-दक्षिण मनपा वार्ड में कुल 80 प्रतिबंधित क्षेत्र हैं। इसी तरह यहां कुल 487 कोरोना संक्रमित मरीज भी हैं।यहां सबसे ज्यादा ठीक होने वाले मरीजकोरोना मरीजों के ठीक होने के मामले में वर्ली पूरे मुंबई में नंबर वन है। वर्ली में सबसे ज्यादा 67 लोग कोरोना के संक्रमण से ठीक होकर अपने घर जा चुके हैं। इसके बाद अंधेरी पूर्व में 38, मलबार हिल में 32, अंधेरी पश्चिम में 31 और भायखला में 31 लोग ठीक होकर लौट चुके हैं। ऐसे लोगों की कुल संख्या 408 हो गई है।मुंबई में कुल 730 कंटेनमेंट एरियामुंबई में इस वक्त कुल 730 कंटेनमेंट एरिया हैं। महाराष्ट्र की शिक्षा मंत्री धारावी विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करती हैं। इस एरिया के अंतर्गत जी-उत्तर मनपा वार्ड आता है। यहां मंगलवार की रात तक कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 251 थी जबकि 12 लोगों की मौत धारावी इलाके में हुई है। जी-उत्तर मनपा क्षेत्र में 14 कंटेनमेंट एरिया हैं। वरली का इलाका मुख्यमंत्री के बेटे का निर्वाचन क्षेत्र होने की वजह से यहां की जानकारी सार्वजनिक करने में मनपा अधिकारी कन्नी काटते हैं। जबकि इस इलाके के जीजामाता नगर में 150 से अधिक कोरोना संक्रमित मरीज हैं। इसके अलावा वरली कोलीवाडा, आदर्श नगर और जनता कॉलोनी में भी कोरोना संक्रमित मरीज हैं।धारावी में कोरोना के 9 नए मरीज मिलेमुंबई में पिछले 24 घंटों में कोरोना संक्रमित मरीजों के 232 नए मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही 10 लोगों की मौत हुई है। धारावी में 24 घंटों में 9 नए मरीज पाए गए हैं। बुधवार को यहां केंद्रीय पथक ने भी दौरा कर कोरोना नियंत्रण कार्यों का जायजा लिया। बता दें कि महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 5649 हो गई है जबकि मरने वालों की संख्या 269 तक पहुंच गई है। पिछले 24 घंटों में महाराष्ट्र में 431 नए मामले सामने आए और 18 मरीजों की मौत हुई है।मुंबई में कहां-कितने हैं संक्रमित मरीजमुंबई के किस इलाकों में कितने मरीज हैं। बीएमसी ने एक मैप जारी कर इसकी जानकारी सार्वजनिक की है।7 दिन में दोगुने हो रहे हैं मरीजमहाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा कि राज्य में पॉजिटिव मरीजों की संख्या 7 दिन में दोगुनी हो रही है। यह एक अच्छी बात है। उन्होंने यह भी दावा किया कि महाराष्ट्र टेस्टिंग के मामले में सबसे आगे है। स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा कि महाराष्ट्र में कोरोना जांच के लिए 38 लैंब हैं, जिनमें हर दिन 7112 टेस्ट हो रहे हैं। इसके साथ ही राज्य में हॉटस्पॉट्स की संख्या 14 से कम होकर 5 पर आ गई है. मुंबई, मुंबई महानगरीय क्षेत्र या एमएमआर, नागपुर, पुणे और मालेगांव ही 5 हॉटस्पॉट हैं, जहां कोरोना के मरीजों की संख्या ज्यादा है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today वर्ली के 80 इलाकों को कांटेंमेंट जोन घोषित कर दिया गया है। यहां हर दिन फागिंग और कीटनाशक का छिड़काव हो रहा है। Full Article
0 मालेगांव में 100-150 लोगों की भीड़ ने पुलिसवालों को दौड़ाया, कुर्सियां तोड़ी; लगातार प्रतिबंधों से नाराज थे लोग By Published On :: Thu, 23 Apr 2020 11:15:05 GMT नासिक से सटे मालेगांव में पुलिसवालों पर भीड़ द्वारा पुलिसवालों पर हमला किया गया है। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है,जिसमें सैंकड़ों लोग पुलिसवालों को दौड़ाते हुए नजर आ रहे हैं। हमला करने वाले लोग मालेगांव में लगातार बढ़ रहे प्रतिबंध से नाराज थे। वारदात गुरुवारसुबह 9 बजे के आसपास अल्लाम इकबाल ब्रिज के पास स्थित निषाद चौक पर हुई है। हमलावरों की संख्या तकरीबन 100-150 के करीब बताई जा रही है। हमलावार अचानक घरों से बाहर निकले और उन्होंने अल्लामा इकबाल पुल पर लगी बैरिकेड को तोड़कर, मोतीबाग नाका क्षेत्र तक पहुंचने की कोशिश की। इसके बाद राज्य रिजर्व पुलिस के जवानों ने भीड़ को तितर-बितर किया।भीड़ ने बैरिकेड और कुर्सियां तोड़ीइसके बाद पुलिस उपाधीक्षक मंगेश चव्हाण मौके पर पहुंचे और स्थानीय नागरिकों को समझाया। चव्हाण ने कहा है कि पुलिस पर किसी तरह का कोई पथराव नहीं हुआ है। पूरी स्थिति नियंत्रण में है और हम मामले में आगे की कार्रवाई कर रहे हैं। साथ ही नगर निगम के अधिकारियों से बात करके यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि लोगों तक जरूरत की चीजें सही समय पर पहुंचे।इसलिए नाराज हैं स्थानीय लोगमहाराष्ट्र के मालेगांव मे कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या 101 पहुंच गई है। गुरुवार को 5 नए मामले समाने आए। मालेगांव महाराष्ट्र के रेड जोन में आता है। यहां के 18 इलाकों को कैंटेनमेंट जोन घोषित कर पूरी तरह से सील कर दिया गया है। इनमें निषाद चौक भी शामिल है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इलाके को सील करने के कारण दैनिक उपयोग की वस्तुएं भी नहीं मिल रही हैं, जिनमें दवाइयां और किराना शामिल हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today भीड़ को अपनी ओर बढ़ता देख पुलिसवाले वहां से भागे । जिसके बाद भीड़ ने मौके बनी बैरीकेड और कुर्सियों को तोड़ा है। Full Article
0 संक्रमण रोकने के लिए सीएसआईआर ने बनाया पैर से ऑपरेट होने वाला वाश बेसिन, धारावी में लगाए जाएंगे 150 बेसिन By Published On :: Fri, 24 Apr 2020 13:06:00 GMT कोरोनावायरस को रोकने के लिए सीएसआईआर के खनिज एवं पदार्थ प्रौद्योगिकी संस्थान ने पैरों से चलने वाला वाश बेसिन तैयार किया है, जिसे मुंबई के धारावी इलाके में लगाया जाएगा। घनी आबादी वाले धारावी में अब तक कोरोना वायरस संक्रमण के तकरीबन 200 मामले सामने आए हैं।इस वाश बेसिन को इस्तेमाल करने वाले को पानी या साबुन लेने के लिए हाथ का इस्तेमाल नहीं करना पड़ेगा और इससे कोरोना वायरस संक्रमण का खतरा कम हो जाएगा। इस महीने की शुरुआत में प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के कार्यालय द्वारा जारी दिशा निर्देशों में विशेष रूप से धारावी के लिए पैरों से चलने वाले वाश बेसिन की सिफारिश की गयी थी।धारावी में लगाए जाएंगे 150 वाश बेसिनविज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत काम करने वाले 'वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद' (सीएसआईआर) ने ट्वीट किया है, 'सीएसआईआर आईएमएमटी ने हस्तमुक्त वाशिंग स्टेशन बनाकर कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में महत्वपूर्ण योगदान दिया है जिन्हें मुंबई के धारावी में लगाया जाएगा।' जानकारी के मुताबिक, शुरुआत में इनकी संख्या 150 होगी। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today इन बेसिनों को पहले धारावी में और फिर मुंबई के कई इलाकों में लगाने की तैयारी सीएसआईआर और बीएमसी की ओर से की जा रही है। Full Article
0 तब्लीगी जमात से जुड़े इंडोनेशिया के 10 सदस्यों हुए गिरफ्तार, 22 दिनों तक बांद्रा में छिपे रहने का था आरोप By Published On :: Mon, 27 Apr 2020 14:47:00 GMT दिल्ली में मार्च में निजामुद्दीन मरकज में आयोजित एक धार्मिक जलसे में हिस्सा लेने वाले तब्लीगीजमात के इंडोनेशिया के दस सदस्यों का क्वारैंटाइन पूरा होने के बाद आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया है। ये दस सदस्य इंडोनेशिया के 12 तब्लीगी सदस्यों के समूह का हिस्सा हैं, जो दिल्ली से वापस लौटने के बाद बांद्रा पश्चिम में एक अपार्टमेंट में 29 मार्च से रह रहे थे। इनमें छह महिलायें शामिल हैं।मुंबई पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस को इंडोनेशिया के इन लोगों के बारे में एक अप्रैल को पता चला था कि ये लोग बांद्रा में रह रहे हैं । उन्होंने बताया, 'हमें यह पता चला कि वे दो जत्थे में 29 फरवरी एवं तीन मार्च को भारत आये थे और बाद में जलसे में शामिल होने के लिये मरकज पहुंचे ।'22 दिनों तक छिपते रहे ये लोगअधिकारी ने बताया कि ये विदेशी नागरिक सात मार्च को मुंबई पहुंचे और 29 मार्च को अपार्टमेंट में रहने लगे। इसका मतलब यह हुआ कि वह 22 दिन तक घूमते रहे। उन्होंने बताया, 'चिकित्सीय जांच में 12 में से दो लोगों में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई। इसके बाद दस अन्य को 20 दिन के क्वारैंटाइन कक्ष में भेज दिया गया।' अधिकारी ने बताया कि उन्हें 23 अप्रैल को अदालत में पेश कर बांद्रा पुलिस ने रिमांड में लिया गया है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today दिल्ली से वापस लौटने के बाद ये बांद्रा पश्चिम में एक अपार्टमेंट में रह रहे थे। Full Article
0 पूरे शहर कंटेनमेंट जोन घोषित, सख्ती बढ़ाई जाएगी; अब तक 1384 संक्रमित, 80 की जान गई By Published On :: Tue, 28 Apr 2020 08:13:36 GMT संक्रमण के बढ़ते मामलों के बाद पूरे पुणे शहर को 3 मई तक कन्टेनमेंट जोन घोषित कर दिया गया है। पुणे महानगरपालिका पालिका के आयुक्त शेखर गायकवाड़ द्वारा जारी आदेश के बाद मंगलवार को पुलिस ने पहले से लागू प्रतिबंध को और कड़ा कर दिया है। मांजरी की सब्जी मंडी को बंद कर दिया गया है। सोमवार को पुणे में कोरोना वायरस के 84 मामले सामने आए जिसके बाद संक्रमण के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 1,384 हो गई और बीमारी से मरने वालों की संख्या बढ़कर 80 हो गई।पुणे के झुग्गी बस्ती वाले इलाकों में खास एतिहातपुलिस संयुक्त आयुक्त रवींद्र शिस्वे ने कहा, 'कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए हमने पुणे शहर में पहले से ही कर्फ्यू लागू किया है।' दिन में कुछ समय के लिए प्रतिबंध में ढील दी गई थी, ताकि लोग आवश्यक वस्तुएं खरीद सकें। हालांकि, लोग मान नहीं रहे हैं इसलिए अब कड़ाई और ज्यादा बढ़ा दिया गया है। घनी आबादी वाले इलाकों जैसे भवानी पेठ, कस्बा, शिवाजी नगर, ढोले पाटिल रोड और येरवडा इन सभी में झुग्गी बस्तियां बड़ी संख्या में हैं। जिसके बाद यहां खास एतिहात बरता जा रहा है। भवानी पेठ इलाके में अब तक 245 कोरोना संक्रमित मामले सामने आ चुके हैं। राज्य में मुंबई के बाद पुणे सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today After 1384 infected patients, the entire city was declared a contention zone, so far there have been more than 80 deaths. Full Article
0 औरंगाबाद में सामूहिक नमाज पढ़ने जा रहे 100 लोगों को रोकने गई पुलिस टीम पर पथराव, तीन पुलिसकर्मी घायल By Published On :: Tue, 28 Apr 2020 08:29:03 GMT महाराष्ट्र के औरंगाबाद में सामूहिक नमाज में शामिल होनेजा रहे लोगों को रोकने गई पुलिस टीम पर पथराव किया गयाहै। इसमें तीनपुलिसवाले घायल हुए हैं। इनमें एक अधिकारी और दो कांस्टेबल हैं। घायलों को जिले के घाटी हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया है। तनाव को देखते हुए इलाके में कर्फ्यू लगाया गया है। मामले में 15 से ज्यादा लोगों कोहिरासत में लियागयाहै।100 से ज्यादा लोग नमाज पढ़ने जा रहे थेसोमवार रात 8 बजे 100 से ज्यादा की संख्या में लोग शहर की संभाजी मार्ग पर स्थित एक मस्जिद में नमाज पढ़ने के लिए जा रहे थे। उन्होंने रोकने के लिए औरंगाबाद पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची। टीम ने लॉकडाउन का हवाला देकरसभी को अपने घर जाने की अपील की। इसी दौरानभीड़ में कुछ लोग भड़क गए और पुलिस से विवाद करने लगे।कुछ लोगों नेपुलिसवालों पर पथराव कर दिया। इससे वहां भगदड़ मच गई।शहर में अब तक 95 संक्रमितऔरंगाबाद मेंसंक्रमित मरीजों को संख्या बढ़कर 95 तक पहुंच गई। इसके बाद इसे रेड जोन में रखागया है। सामूहिक नमाज पढ़ने पर रोक लगी है। पिछले 24 घंटे के दौरान 42 नए पॉजिटिव केस सामने आए। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today औरंगाबाद में भीड़ के हमले में एक पुलिस अधिकारी और दो कांस्टेबल घायल हो गए। सभी को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। Full Article
0 55 साल से ऊपर के पुलिसवालों को मुंबई में ड्यूटी पर नहीं किया जाएगा तैनात, मृतकों के परिजनों को राज्य सरकार देगी 50 लाख रुपए By Published On :: Tue, 28 Apr 2020 13:40:00 GMT दिनों-दिन बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए मुंबई पुलिस ने एक बड़ा फैसला लिया है। पुलिस कमिश्नर ऑफिस से मिली जानकारी के अनुसार, अब 55 साल की उम्र से ज्यादा के पुलिसकर्मियों को आउटडोर ड्यूटी पर तैनात नहीं किया जाएगा। पिछले 4 दिनों के दौरन मुंबई में 3 पुलिस कांस्टेबलों की कोरोना संक्रमण के चलते मृत्यु हुई है। तीनों की उम्र 50 साल से ज्यादा की थी। महाराष्ट्र में अब तक कोरोना वायरस से 20 अधिकारियों सहित कम से कम 107 पुलिसकर्मी संक्रमित हो चुके हैं। इनमें से ज्यादातर पुलिसकर्मी मुंबई के हैं।ऐडवाइरी जारी करते हुए पुलिस कमिश्नर संजय बर्वे की ओर से कहा गया,'जिनकी उम्र 55 साल से ज्यादा है, वो बंदोबस्त में ना आए। साथ ही ऐसे पुलिसकर्मी जिनकी उम्र 52 साल से अधिक है और जिन्हें शुगर, बीपी, हृदय या अन्य मेडिकल संबंधी समस्याएं हैं, उनको भी घर पर रहना चाहिए।' कमिश्नर ऑफिस से ऐसे लोगों को छुट्टी पर जाने के लिए कहा गया है।रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली दवाइयां दी जा रहीमुंबई पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए 20,000 पुलिसकर्मियों को मल्टी-विटामिन और प्रोटीन सप्लीमेंट दिए जा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि मलेरिया रोधी दवा हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन (एचसीक्यू) की गोलियां 12,000 कर्मियों को डॉक्टरों की देखरेख में दी जा रही हैं। पुलिसकर्मियों के लिए विशेष अस्पताल नामित किए जा रहे हैं।मृतकों के परिजनों को मिलेंगे 50 लाख रुपएराज्य सरकार ने मृतक पुलिसकर्मियों के परिवारों को 50 लाख रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान की है। मुंबई के सभी कोविड-19 अस्पतालों में पुलिस कर्मियों के लिए बेड सुरक्षित हैं। इसके अलावा, सभी पुलिस कर्मियों को पर्याप्त संख्या में पीपीई, फेस मास्क, हैंड सैनिटाइजर, दस्ताने, फेस शील्ड प्रदान किए गए हैं। भोजन के पैकेट, राशन, गर्म पानी के बोतल, चेक प्वाइंट पर पंडाल भी पुलिस कर्मियों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today मुंबई पुलिस ने अपने सभी पुलिसकर्मियों के लिए ग्लव्स, मास्क और फेस शील्ड का इंतजाम किया है। Full Article
0 राज्य में 8,500 से ज्यादा कोरोना पॉजिटिव, यह संख्या 174 देशों में मिले संक्रमितों की तादाद से ज्यादा By Published On :: Tue, 28 Apr 2020 16:11:00 GMT महाराष्ट्र में मंगलवार तक कोरोना संक्रमितों की संख्या8,590 तक पहुंच गई। महाराष्ट्र में पूरी दुनिया के 174 देशों से ज्यादा संक्रमित मरीज हैं। वहीं, राजधानी मुंबई में दुनिया के 164 देशों से ज्यादा संक्रमित मरीज हैं। देश की बात की जाए तो मंगलवार को कुल संक्रमितों की संख्या 29 हजार 680 तक पहुंच गई। देश में948 लोगों की जान कोरोना से गई, इनमें369 मृतक महाराष्ट्र के हैं।ऑस्ट्रेलिया, द. अफ्रीका, थाईलैंड जैसे देशों से आगे महाराष्ट्रकोरोना के दुनियाभर के आंकड़े देने वाले वाली वेबसाइटवर्ल्डो मीटर के मुताबिक, महाराष्ट्र की तुलना जिन 174 देशों से की गई है, उनमें से 14 देशों में 10 से कम संक्रमित मिले हैं।52 ऐसे देश हैं, संक्रमितों की संख्या10 से 100 के बीच है। बचे हुए 102 देशों में संक्रमितों की तादाद 100 से 8,500 के बीच है। ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, थाईलैंड, फिलीपींस, बांग्लादेश, मलेशिया और कोलंबिया जैसे देशों में संक्रमितों की संख्या महाराष्ट्र से कम है। दुनिया में 37 देशहैं, जहां संक्रमितों की संख्यामहाराष्ट्र से ज्यादा है। इनमें सबसे ज्यादा 10 लाख संक्रमितअमेरिका में हैं। इसके बाद स्पेन, इटली, फ़्रांस, जर्मनी और ब्रिटेनका नंबर है।महाराष्ट्र में मृतकों की संख्या भी 142 देशों से ज्यादामहाराष्ट्र में संक्रमण से मौतों का आंकड़ा भीदुनिया के 142 देशों से ज्यादा। इन 142 देशों में61 देशों में मृतकों की संख्या 10 से कम है। 60 ऐसे देश हैं, जहां 10 से 99 के बीच संक्रमित मरीजों की मौत हुई है। 21 देशों में मृतकों की संख्या 100 से लेकर 337 के बीच है। दुनिया में सबसे ज्यादा मौतें अमेरिका में हुई है। यहां अब तक 56 हजार से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। 41 ऐसे देश हैं, जहां एक भी व्यक्ति की मौत नहीं हुई है।ग्राफ से समझिए महाराष्ट्र में मृतकों का आंकड़ापूरे देश की तुलना में महाराष्ट्र में मौत का ग्राफ थोड़ा कम जरूर नजर आ रहा है, लेकिन अन्य राज्यों की तुलना में हर दिन यहां सबसे ज्यादा मौत हुई है। नारंगी कलर महाराष्ट्र में हुई मौतों का दर्शा रहा है जबकि नीला रंग देश में हुई मौतों का आंकड़ा दर्शा रहा है।दुनिया मेंमृत्युदर6.90% और महाराष्ट्र में 4.30% महाराष्ट्र स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक,28 अप्रैल की सुबह तक भारत समेत पूरी दुनिया में 28 लाख 78 हजार 196 संक्रमित मरीज थे और 1 लाख 98 हजार 668 लोग अपनी जान गंवा चुके थे। भारत में यह संख्या 29 हजार 435 थी और यहां 934 लोगों की मौत हो चुकी है। मृत्यदर की बात करें तो पूरी दुनिया में कोरोना संक्रमितों की मृत्यु दर 6.90% है, वहीं महाराष्ट्र में यह दर 4.30% है।174 देशों में से 20 ऐसे देश, जहां संक्रमितों की संख्या महाराष्ट्र से कम देश संक्रमित मौतें सर्बिया 8275 162 फिलीपींस 7777 511 नॉर्वे 7599 205 चेक रिपब्लिक 7449 223 ऑस्ट्रेलिया 6,725 84 डोमिनिकन गणराज्य 6293 282 पनामा 6021 167 बांग्लादेश 5913 152 मलेशिया 5,820 99 कोलम्बिया 5597 253 दक्षिण अफ्रीका 4,793 90 मिस्र 4782 337 फिनलैंड 4695 193 मोरक्को 4,120 162 अर्जेंटीना 4003 197 लक्समबर्ग 3729 88 अल्जीरिया 3,517 432 माल्डोवा 3481 102 कुवैत 3,288 22 कजाकिस्तान 2,982 25 महाराष्ट्र:सात दिन में दोगुने होरहे हैंकेस राज्य के स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक,यहां एक सप्ताह में संक्रमित मरीज दोगुना हो रहे हैं। 20 अप्रैल को यहां 4200 मरीज थे जो 27 अप्रैल को लगभग दोगुनेहोकर 8,590 तक पहुंच गए। सातदिनों के दौरान राज्य में 4,390 नए केस मिले हैं। सिर्फ सोमवार को राज्य में 522 नए केस मिले हैं। 9 मार्च को पहला मामला सामने आने के बाद में 1000 तक संक्रमित मरीजों का आंकड़ा पहुंचने में कुल 29 दिन का समय लगा। हालांकि, इसके बाद सिर्फ 6 दिन यानि 14 अप्रैल तक यह दोगुनाहोकर 2000 तक पहुंच गया। इससे 6 दिन बाद यह 4 हजार के पार पहुंचा और सिर्फ 4 दिन में 6000 तक संक्रमित मरीज पूरे महाराष्ट्र में थे।पूरे देश में सबसे ज्यादा महाराष्ट्र में 1,282 पेशेंट ठीक हुए कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ने के साथ-साथ राज्य में इस बीमारी से ठीक होने वाले भी बढ़ रहे हैं। सोमवार को राज्यभर से 94 नए पेशेंट ठीक होकर अपने घर लौटे हैं। पूर प्रदेश में अब तक 1,282 पेशेंट नेगटिव हो चुके हैं। राज्य में 1 लाख 45 हजार 677 लोगों को होम क्वारैंटाइन किया गया है, जबकि 9,399 लोगों को इंस्टीट्यूशनल क्वारैंटाइन में रखा गया है। हेल्थ डिपार्टमेंट के मुताबिक, राज्य में अब तक कोरोना के सबसे ज्यादा मामले आने का बड़ा कारण यहां दूसरे राज्यों की तुलना में अधिक टेस्ट कराना भी है। राज्य में अब तक 1,21,562 लोगों का टेस्ट किया है। महाराष्ट्र में 21 से 30 साल के बीच के लोग सबसे ज्यादा संक्रमित हुए हैं। डॉक्टर इसका कारण इस उम्र के लोगों का घर से ज्यादा बाहर निकलना मानते हैं। सिर्फ 1 संक्रमित 101-110 साल के बीच के हैं। ग्राफ से इस ट्रेंड को समझ सकते हैं।संक्रमितों में सबसे ज्यादा 71830 की उम्र 21 से 30 साल है जबकि इसके बाद 31 से 40 की उम्र के 1697 लोग संक्रमित हुए हैं। नीचे उम्र है।राज्य में 1,677 कोरोना डेडिकेटेड हॉस्पिटल मंगलवार सुबह तक राज्य में 1,677 कोविड-19 डेडिकेटेड हॉस्पिटल तैयार कर लिए गए हैं। इनमें 1,76,357 आइसोलेशन बेड, 7,248 आईसीयू मौजूद हैं। इन हॉस्पिटल्स को तीन कैटेगरी में विभाजित किया गया है। एसिम्टोमैटिक (जिनमें कोरोना के एक भी लक्षण नहीं है), माइल्ड (जिनमें करोना का मामूली लक्षण हैं) और सीरियस (कोरोना संक्रमण के कारण जिनकी हालत गंभीर बनी हुई है)। राज्य में मंगलवार सुबह तक 572 कंटेंनमेंट जोन घोषित किए गए हैं। इसके अलावा 7,861 सर्वे टीम पूर राज्य में 32.28 लाख से ज्यादा लोगों की स्क्रीनिंग कर चुकी है। वर्तमान समय में राज्य में 9,399 कोरोना संदिग्ध अलग-अलग सेंटर में क्वारैंटाइन किए गए हैं। इसके अलावा 1,45,677 को होम क्वारैंटाइन किया गया है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today मुंबई के वर्ली इलाके में जाने से पहले सुरक्षा सूट पहनकर तैयार होते स्वास्थ्यकर्मी। वर्ली मुंबई का सबसे ज्यादा प्रभावित इलाका है। Full Article
0 देश में एक दिन में सबसे ज्यादा 2200 टेस्ट मुंबई के जेजे हॉस्पिटल में होंगे; राज्य में अब सिर्फ 3 ग्रीन जोन By Published On :: Tue, 28 Apr 2020 18:11:44 GMT महाराष्ट्र में कोरोनाका कहर बढ़ता जा रहा है। राज्य में मंगलवार कोकोरोना संक्रमण के कुल 729 नए संक्रमित मरीज सामने आए हैं। इसी के साथ राज्य में संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 9318 तक पहुंच गई है। वहीं, राज्य मेंकुल 31 मौतें हुई हैं। मृतकों में 25 मुंबई से , चार जलगांव से और दो पुणे से हैं। मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 400 तक पहुंच गया है।बीते 24 घंटे में सबसे ज्यादा 395मामले मुंबई में सामने आए, जबकि 15 लोगों की मौत हुई है। मुंबई में कोरोना के कुल 5589 केस हैं। वहीं,अब तक 219 लोगों की मौत हुई है।देश में सबसे ज्यादा 2200 टेस्ट मुंबई के जेजे हॉस्पिटल में होंगेकोरोना के खतरे को कम करने के लिए बीएमसी की ओर से महाराष्ट्र के सबसे बड़े जेजे हॉस्पिटल में एक दिन में 2200 टेस्ट करनेकी तैयारी की जा रही है। इतनी बड़ी संख्या में टेस्ट सुविधा वाला यह संभवतः देश का सबसे बड़ा सेंटर होगा। इसके लिए हॉस्पिटल को एक नई मशीन मिली है, जो रोज 2 हजार सैम्पल टेस्ट कर सकती है।फिलहाल, अस्पताल के लैब में रोज 200 सैम्पल की जांच होती है।महाराष्ट्र में हर दिन 8-10 हजार लोगों की जांच हो रहीमहाराष्ट्र में अब तक 1 लाख से अधिक लोगों की कोरोना जांच हो चुकी है, जो देश में सबसे ज्यादा है।राज्य में 48 सरकारी और निजी लैब हैं, पिछले कुछ दिनों में रोजाना करीब 8-10 हजार लोगों की जांच हो रही है। जेजे हॉस्पिटल में 2200 जांच शुरू होने के बाद यह संख्या बढ़कर 12 हजार तक पहुंच जाएगी।मुंबई के धारावी में खाना लेने के लिए जमा हुई भीड़। यहां करीब 250 लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं।ग्राउंड में बनाया जाएगा क्वारैंटाइन सेंटरबृहन मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) को आशंका है कि टेस्टिंग के बाद मरीजों की संख्या बढ़ सकती है। इसलिए उन्हें रखने के लिए बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) के एमएमआरडीए ग्राउंड पर 1000 बेड का क्वारैंटाइन सेंटर बनाया जाएगा, जिसमें ऑक्सीजन की सुविधा भी होगी।मुंबई के 25 प्रतिशत नर्सिंग होम के लाइसेंस रद्द होंगेबीएमसी के बार-बार कहने पर भी मुंबई के 25 प्रतिशत नर्सिंग होम नहीं खुले, जिससे कोरोना संकट का सामना कर रहे मुंबई के लोगों को कठिनाई झेलनी पड़ रही है। बीएमसी कमिश्नर प्रवीण परदेशी ने सोमवार को स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया कि ऐसे नर्सिंग होम का लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई शुरू की जाए।कोरोना को लेकर लोगों को जागरूक करने के लिए हर कोई अपने तरीकों से प्रयास कर रहा है। मुंबई के एक चौराहे पर लगी वारकरी दिंडी के पुतलों को मास्क पहनाया गया है।कामा हॉस्पिटल का कैंसर सेंटर सीलकामा हॉस्पिटल के स्टाफ में दो कोरोना मरीजों की पुष्टि होने के बाद अस्पताल केकैंसर विभाग सील कर दिया गया है। अस्पताल की दूसरी सुविधाएं फिलहाल जारी हैं। हॉस्पिटल के सुपरिटेंडेंट इंचार्ज डॉ. तुषार पालवे ने कहा कि यहां डिलीवरी समेत दूसरे मरीजों का इलाज हो रहा है।मुंबई के दो हॉस्पिटल्स में प्लाज्मा थैरेपी शुरू हुईकोरोना को हराने के लिए मुंबई के लीलावतीऔर सेवनहिल्स हॉस्पिटल में प्लाज्मा थैरेपी की शुरुआत की गई। अभी तक दोनों हॉस्पिटलमें एक-एक मरीज को प्लाज्मा चढ़ाया गया है। इन दोनों की हालत काफी खराब थी। फिलहाल, इनकी मॉनिटरिंग की जा रही है।मुंबई के कई इलाकों को पुलिस ने इसी तरह सील कर दिया है। जरूरी सामान के लिए सिर्फ एक व्यक्ति के आने-जाने लायक जगह छोड़ी गई है।राज्य में अब सिर्फ तीन जिले ही ग्रीन जोन में बचेराज्य के सिर्फ 3 जिले ही ग्रीन जोन में हैं, जबकि 14 ऑरेंज और 18 जिले रेड जोन में है। इन 18 जिलों में ही 8000 से ज्यादा कोरोनावायरस के मरीज हैं। जाहिर है कि इन इलाकों में सरकार लॉकडाउन खत्म करने का खतरा मोल नहीं लेगी।सरकार यहां लॉकडाउन बढ़ाने पर विचार कर रही है।कोटा में फंसे छात्रों को लाने के लिए 100 बसें भेजेगी सरकारमहाराष्ट्र के परिवहन मंत्री अनिल परब ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने लॉकडाउन की वजह से राजस्थान के कोटा में फंसे लगभग 2000 छात्रों को वापस लाने के लिए वहां 100 बसों को भेजने का फैसला किया है। परब ने सोमवार देर रात कहा कि महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) की बसों को अगले दो दिनों में कोटा भेजा जाएगा। विभिन्न प्रतियोगी प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए महाराष्ट्र के छात्र कोटा में रह कर पढ़ाई कर रहे हैं।अब तक तीन पुलिसकर्मियोंकी मौत, 100 से ज्यादा संक्रमितसोमवार को एक और पुलिसकर्मी की कोरोना संक्रमण के चलते मौत हो गई। राज्य में अब तकतीन कोरोना पॉजिटिव पुलिसकर्मी जान गंवा चुके हैं। पुलिस के अनुसार, कुर्ला ट्रैफिक डिविजन में तैनात 56 साल के पुलिस हवलदार का सोमवार को अस्पताल में निधन हो गया, वे कोरोना संक्रमित थे। इससे पहले नवी मुंबई निवासी एक 53 साल के हवलदार ने भी कोरोना से रविवार को दम तोड़ा था। वे रोजाना कमोठे से दक्षिण मुंबई स्थित ऑफिस बस से आते थे। शनिवार को भी वाकोला पुलिस में तैनात 57 साल के एक हवलदार की कोरोना से मौत हो गई थी। वे नायर अस्पताल में भर्ती थे और वर्ली स्थित पुलिस आवास में परिवार के साथ रहते थे। राज्य में वर्तमान समय में 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी कोरोना संक्रमित हैं।मुंबई के एक कंटेनमेंट जोन में कीटनाशक का छिड़काव करने पहुंचा बीएमसी कर्मचारी।मीरा-भायंदरमें बढ़ा 100% लॉकडाउनमीरा-भायंदरमें 100% लॉकडाउन की अवधि 28 अप्रैल को पूरी हो रही है। लेकिन कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए इसे आगे भी बढ़ाया गया है। इस पर महापौर-आयुक्त के बीच हुई बैठक में अंतिम फैसला लिया गया है। हालांकि, इसका आधिकारिक ऐलान होना बाकी है। इसके तहत राशन, दूध, सब्जी-फल आदि की दुकानें बंद रहेंगी और लोग इन्हें ऑनलाइन बुकिंग और होम डिलीवरी के जरिए मंगा सकते हैं।पुणे: पूरा शहर 3 मई तक कंटेनमेंट जोन, सख्ती बढ़ाई गईसंक्रमण के बढ़ते मामलों के बाद पूरे पुणे शहर को 3 मई तक कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया गया है। महानगरपालिका पालिका के आयुक्त शेखर गायकवाड़ द्वारा जारी आदेश के बाद मंगलवार को पुलिस ने पहले से लागू प्रतिबंध को और सख्त कर दिया है। मांजरी की सब्जी मंडी को बंद कर दिया गया है। सोमवार को पुणे में कोरोना के 84 मामले सामने आए। कुल मामलों की संख्या बढ़कर 1,384 हो गई। कोरोना से मरने वालों की संख्या बढ़कर 80 हो गई। पुलिस संयुक्त आयुक्त रवींद्र शिस्वे ने कहा- ‘कोरोना को फैलने से रोकने के लिए हमने पुणे शहर में पहले से ही कर्फ्यू लागू किया है।’ यहां भवानी पेठ इलाके में अब तक 245 कोरोना संक्रमित मिले हैं। राज्य में मुंबई के बाद पुणे सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र है।पुणे: बाहर टहलने से रोकने पर बाप-बेटों ने पुलिसवाले पर हमला किया, तीन गिरफ्तारपिंपरी-चिंचवाड़ के कालेवाडी इलाके में सोमवार शाम को ड्यूटी पर तैनात एक पुलिसकर्मी के साथ मारपीट के आरोप में तीन लोगों को मंगलवार सुबह गिरफ्तार किया गया है। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कुछ लोग एक पुलिसवाले संग हाथापाई करते देखे जा रहे हैं। आरोपियों की पहचान युनुस अत्तार (50), उसके 28 वर्षीय बेटे मतिन और 24 वर्षीय बेटे मोइन के रूप में हुई है। ये कोलेवाड़ी इलाके के रहने वाले हैं। आरोप है कि ये तीनों लॉकडाउन का नियम तोड़कर सड़क पर टहल रहे थे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today बॉम्बे एक्जीबिशन सेंटर को क्वारैंटाइन सेंटर बनाने की तैयारी में जुटे बीएमसी कर्मचारी। यहां करीब 500 बेड लगाए जाने हैं। Full Article
0 तीन और पुलिसकर्मियों को किया गया सस्पेंड, अब तक कुल 5 पर हुई कार्रवाई और 110 से ज्यादा आरोपी हुए गिरफ्तार By Published On :: Wed, 29 Apr 2020 13:25:00 GMT पालघर में दो साधुओं समेत तीन लोगों की भीड़ द्वारा पीट-पीट कर की गई हत्या के मामले में बुधवार को तीन और पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। इनमें एक असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर और 2 हेड कॉन्स्टेबल शामिल हैं, जो कि कासा पुलिस स्टेशन में तैनात थे।16-17 अप्रैल की रात मुंबई से सूरत की ओर जा रहे दो साधुओं और एक ड्राइवर की पालघर के गडचिंचले गांव में पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में अब तक 110 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, राज्य सरकार की ओर से सबसे पहले दो पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया था, वे एक थाना के इनचार्ज थे। वहीं, बीती रात करीब 35 पुलिसकर्मियों का एक साथ तबादला कर दिया गया था।गौरतलब है कि इस मामले को लेकर लगातार राजनीतिक बयानबाजी हुई थी और उद्धव सरकार विपक्ष के निशाने पर थी। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today इसी गाड़ी में तीनों को बचाकर पुलिसवाले पुलिस स्टेशन तक ले जाना चाह रहे थे। ग्रामीणों ने उन्हें भी घेरकर गाड़ी में तोड़फोड़ की और पुलिसवालों के साथ मारपीट की। Full Article
0 राज्य में संक्रमितों का आंकड़ा 10 हजार के पार, 24 घंटे में 27 की मौत; कोरोना के इलाज में प्रदेश की पहली प्लाज्मा थैरेपी सफल By Published On :: Thu, 30 Apr 2020 16:03:49 GMT महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है। गुरुवार को राज्य में583 नए केस सामने आए। इसके साथ ही संक्रमितों का आंकड़ा 10 हजार पार करके 10,498 तक पहुंच गया। वहीं,महाराष्ट्र में गुरुवार को संक्रमण से 27 लोगों की मौत हुई है। मृतकों में 20 मुंबई से, तीन पुणे से, दो ठाणे से और एक-एकनागपुर और रायगढ़ से हैं। इनमें 19 पुरुष और 8 महिलाएं हैं। महाराष्ट्र के स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, इनमें से 14 की उम्र 60 साल से अधिक, 13 की उम्र 40 से 60 साल के बीच है। इसे मिलाकर राज्य में मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 459 तक पहुंच गया है।प्रवासी मजदूरों को भेजनेके लिए 10 हजार बसें तैयारमहाराष्ट्र में फंसे मजदूरों को उनके राज्योंमें भेजने के लिए महाराष्ट्र परिवहन विभाग की 10 हजार बसेंतैयार हैं। मजदूरों को भेजने के लिए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने केंद्र सरकार से भी गुजारिश की थी। दूसरी ओर कोटा में फंसे महाराष्ट्र के ढाई हजार छात्रों को लाने के लिए भी बुधवार को 100 बसें रवाना हुई थीं।धारावी के मुकुंद नगर में एक बुजुर्ग की स्क्रीनिंग करती स्वास्थ्यकर्मी। यहां 250 से ज्यादा संक्रमित मिले हैं।प्लाज्मा थैरेपी का पहला इलाज रहा सफलस्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे के मुताबिक, कोरोना मरीजों के इलाज के लिए प्रायोगिक तौर पर शुरू की गई प्लाज्मा थैरेपी का पहलीट्रायल सफल रहीहै। ये ट्रायल मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती मरीज पर की गई।दूसरीट्रायल जल्द ही नायर अस्पताल में कीजाएगी।मुंबई के माहिम इलाके में स्वास्थ्यकर्मी डोर-टू-डोर जांच कर रहे हैं। रेड जोन में आने वाले इस इलाके में सुपर लॉकडाउन घोषित किया गया है।कोरोना से बीएमसी कर्मचारी की मौत का पहला मामलाबृहन मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) के 49 साल के कर्मचारी की बुधवार को मौत हो गई। मिशन धारावी ऑपरेशन से जुड़ा कर्मचारीबीएमसी के असेसमेंट डिपार्टमेंट में इंस्पेक्टर के पद पर तैनात थाऔर राशन बांटने वाली टीम में शामिल था। 23 अप्रैल को बोरिवली के एक निजी क्लीनिक में न्यूमोनिया का इलाज कराया था। हालत बिगड़ने पर सोमवार को सैंपल लिए गए। बुधवार को कस्तूरबा अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई।रेड जोन वाली मुंबई में साइकिल से जाता एक शख्स। यहां फोर व्हीलर और बाइक पर घूमने पर पाबंदी है।पुणे में कोरोना मरीजों को रोबोट की मदद से खाना दिया जा रहासरदार वल्लभ भाई पटेल कंटेंनमेंट जनरल हॉस्पिटल में कोरोनावायरस मरीजों को दिन में तीन बार खाना परोसने के लिए रोबोट का इस्तेमाल किया जा रहा है। अस्पताल के प्रमुख डॉक्टर वीडी गायकवाड़ ने बताया कि उन्हें ये आइडिया आईटीआई के छात्रों ने दिया। 45 हजार रुपए खर्च करकंटेंनमेंट बोर्ड के आईटीआई कॉलेज के प्रोफेसर विजय चौहान ने छात्रों की मदद से रोबोट तैयार किया।मुंबई के धारावी इलाके में कई मोहल्लों को पूरी तरह सील कर दिया गया है। इसके बावजूद लोग नियम तोड़कर बैरिकेड से बाहर आ-जा रहे हैं।लॉकडाउन खत्म होने के बाद होंगी यूनिवर्सिटी की परीक्षाएंराज्य में यूनिवर्सिटी और कॉलेज की परीक्षाएं लॉकडाउन खत्म होने के बाद होंगी। बुधवार को प्रदेश के उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री उदय सामंत ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता है कि मई महीने के आखिर तक परीक्षाएं हो पाएंगी। सामंत ने कहा कि परीक्षाओं के आयोजन के संबंध में यूजीसी से अगले दो से चार दिनों में दिशा निर्देश मिल जाएंगे।शहर के कांदीवली इलाके में पुलिस वैन के पास से गुजरता व्यक्ति। कोरोना के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए मुंबई पुलिस अपनी गाड़ियों पर भी बैनर लगा रही है।राज्य में बीसीजी से कोरोना के इलाज के लिए क्लिनिकल ट्रायल होगाहॉफकिन रिसर्च इंस्टिट्यूट के वैज्ञानिक यहां मेडिकल एजुकेशन डिपार्टमेंट (एमईडी) के साथ मिलकर बीसीजी से कोरोना के इलाज के क्लिनिकल ट्रायल की तैयारी कर रहे हैं। इस ट्रायल के जरिए यह पता लगाया जाएगा कि क्या इससे कोरोना के इन्फेक्शन को ठीक किया जा सकता है? 121 साल पुरानाहॉफकिन रिसर्च इंस्टीट्यूट यह ट्रायल कम संक्रमित लोगों पर करेगा। उन्हीं सरकारी मेडिकल कॉलेजों में यह ट्रायल किया जाएगा, जिनमेंराज्य सरकार और इंस्टीट्यूशलन एथिक्स कमिटी ने ट्रायल की इजाजत दी है।मुंबई में एक व्यक्ति बाज को खाना खिलाते हुए। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today धारावी में स्वास्थ्य कर्मी डोर-टू-डोर स्क्रीनिंग कर रहे हैं। इस दौरान पूरी तरह एहतियात बरता जा रहा है। मुकुंद नगर इलाके में बीएमसी के स्वास्थ्यकर्मी कुछ इस अंदाज में स्क्रीनिंग करते देखे गए। Full Article
0 अस्पताल में 20 दिन ड्यूटी के बाद नर्स घर लौटी, सोसाइटी में लोगों ने फूल बरसाए; मोदी ने कहा- यही है स्पिरिट ऑफ इंडिया By Published On :: Fri, 01 May 2020 12:46:43 GMT पिछले 20 दिन से सासून जनरल अस्पताल में कोरोना संक्रमितों का इलाज कर रहीनर्स राजश्री कानाडे बुधवारशाम अपने घर पहुंचीं। उन्होंने जैसे ही भोसरी स्थित अपनी सोसाइटी में कदम रखा, लोगों ने फूल बरसाकर, ताली-थाली बजाकर और पोस्टरों से उनका स्वागत किया। ऐसा सम्मान देखकर राजश्री अपने आंसू नहीं रोक सकीं। राजश्री ससून हॉस्पिटल के आईसीयू में ड्यूटी कर रही थीं।कोरोना की लड़ाई जीतने के लिए झेलनी होगी तकलीफ- राजश्रीसासून अस्पताल में कोरोना के सबसे ज्यादा 226 संक्रमित मरीज भर्ती हैं और यहां 57 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। 46 वर्षीय राजश्री ने बताया, 'अभीमेरी ज्यादा जरुरत हॉस्पिटल को है इसलिए मैं पिछले 20 दिन से वहां रह रही थी। हम अपनी शिफ्ट से ज्यादा ड्यूटी कर रहे थे। मुझे पता है कि अगर हमें यह लड़ाई जीतनी है तो थोड़ी तकलीफें झेलनी होंगी।'मोदी ने भी ट्वीट में राजश्री की तारीफ कीराजश्री के इस प्रयास की सरहाना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी की है। पीएम नेट्वीट किया-इस तरह के पल दिल को खुशियों से भर देते हैं। यह भारत की आत्मा है। हम साहसपूर्वक COVID-19 से लड़ेंगे। हम फ्रंटलाइन पर काम करने वालों पर गर्व है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today पुणे की ट्रिनिटी सोसाइटी में नर्स राजश्री ने जैसे ही कदम रखा, लोगों ने उनपर फूल बरसाए, थाली बजाई और पोस्टर दिखाकर उनका स्वागत किया। Full Article
0 संक्रमित मरीजों तक खाना और दवाइयां पहुंचाने के लिए सिर्फ 7 दिन में बना डाला रोबोट, खर्च आया सिर्फ 50 हजार रुपए By Published On :: Fri, 01 May 2020 15:35:45 GMT राज्य में बड़ी संख्या में कोरोना संक्रमितों के इलाज में जुटे स्वास्थ्यकर्मी भी पॉजिटिव पाए गए हैं। हॉस्पिटल के स्टाफ में संक्रमण न फैले इसको लेकर लगातार प्रयास किया जा रहा है। इसी कड़ी में पुणे के एक हॉस्पिटल में रोबोट का इस्तेमाल मरीजों तक खाना पहुंचाने के लिए शुरू हुआ है। इसे पुणे कैंटोनमेंट बोर्ड ने आईटीआई(ITI) के प्रोफेसरों के साथ मिलकर तैयार किया है। ऐसे आया रोबोट बनाने का आइडियापुणे कैंटोनमेंट बोर्ड के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर अमित कुमार ने दैनिक भास्कर से बात करते हुए बताया, 'हमारे स्वास्थ्य कर्मी, जिनमें वार्ड बॉय और नर्स शामिल हैं, दिन-रात कोरोना संक्रमितों के इलाज में जुटे हुए हैं। संक्रमण के खतरों के बीच वे मरीजों तक दवाइयां और खाना पहुंचा रहे हैं। ऐसे लोग हमारे लिए सच्चे कोरोना योद्धा हैं। इस खतरे से इन्हें बचाने के लिए ही हमने एक ऐसा रोबोट बनाया है, जो मरीजों तक दिन में तीन बार खाना-पानी और दवाइयां पहुंचाता है।'यह रोबोट एक बार के चार्ज में तकरीबन 8 घंटे तक चलता है। लगातार इसे 2 घंटे तक इस्तेमाल किया जा सकता है।बनाने में आया सिर्फ 50 हजार रुपए का खर्चसीइओ अमित कुमार ने बताया, 'आईटीआई के प्रिंसिपल विजय चौहान और दो अन्य प्रोफेसरों की टीम ने इस रोबोट को बनाने में सिर्फ 7 दिन का समय लिया। वे दिन में 10 से 12 घंटे काम करते थे। पूर्ण रूप से देसी तकनीक पर बने इस रोबोट के निर्माण में सिर्फ 50 हजार रुपए का खर्च आया है। खास यह है कि यह 50 हजार रुपए भी एक कांट्रेक्टर की ओर से स्वैक्षिक तौर पर दिए गए हैं।' अमित कुमार ने बताया कि मैंने इस कांसेप्ट पर कुछ लोगों से चर्चा की और उनमें से एक कांट्रेक्टर ने आगे आकर हमें सहियोग किया।इसपर पाथ फाइंडर कैमरा और टू वे कम्युनिकेशन के लिए माइक्रोफोन और स्पीकर लगा है।इस रोबोट की खासियतइसके निर्माण से जुड़े आईटीआई के प्रिंसिपल विजय चौहान ने बताया,'यह एक बैट्री ऑपरेटिंग रोबोट है। एक बार के चार्ज में यह 8 घंटे तक चल सकता है। इसे एक रिमोट से कंट्रोल किया जाता है। इस रोबोट पर ट्रे बना हुआ है, जिसमें खाने और दवाइयों के पैकेट रखे जाते हैं। रिमोट कंट्रोल से हर मरीज के पास इसे भेजा जाता है और मरीज उस ट्रे से खाने का पैकेट लेता हैं। इस रोबोट को इस्तेमाल में लाने के बाद पूरी तरह से इसे सैनिटाइज किया जाता है।' विजय ने आगे बताया,'इसपर पाथ फाइंडर कैमरा और टू वे कम्युनिकेशन के लिए माइक्रोफोन और स्पीकर लगा है। जिसके सहारे मरीज और डॉक्टर आपस में बात कर सकते हैं।'स्क्रीनिंग रोबोट बनाने की तैयारी में जुटा संस्थानसीईओ अमित कुमार ने बताया, 'फिलहाल हमने एक रोबोट का निर्माण एक्सपेरिमेंट के तौर पर किया है। अगर प्रयोग सफल रहा तो अन्य हॉस्पिटल्स में भी इस तरह के रोबोटो का इस्तेमाल किया जा सकता है। साथ ही हम अब प्रयास कर रहे हैं कि ऐसे रोबोट का निर्माण करें जो लोगों की स्क्रीनिग भी कर सकें। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today इसपर लगी ट्रे पर खाना और दवाइयां रखकर मरीजों तक पहुंचाया जाता है। इसे फिलहाल एक हॉस्पिटल में इस्तेमाल किया जा रहा है। Full Article
0 राज्य में 83 फीसदी मरीजों में बीमारी के लक्षण नहीं, 20 फीसदी स्वस्थ हुए By Published On :: Fri, 01 May 2020 16:48:00 GMT महाराष्ट्र में कोविड-19 के करीब 83 फीसदी मरीज ऐसे हैं, जिनमें बीमारी के लक्षण नहीं हैं और इनमें से 20 फीसदी स्वस्थ हो चुके हैं। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।टोपे ने कहा कि राज्य में इस महामारी से मृतकों की दर कम होकर 3.5 फीसदी पर आ गई है, जबकि संक्रमण के मामले दोगुने होने की औसत दर राष्ट्रीय औसत से अधिक है। उन्होंने जालना में संवाददाताओं से कहा कि महाराष्ट्र के 36 में से 14 जिले रेड जोन में हैं, 16 ओरेंज और छह जिले ग्रीन जोन में हैं।राज्य में 2 बिस्तर का हॉस्पिटल तैयारटोपे ने कहा कि मुंबई में एक 2,000 बिस्तरों का अस्पताल तैयार किया गया है, जहां घनी आबादी क्षेत्र में रहने वाले ऐसे बुजुर्ग नागरिकों को स्क्रीनिंग के बाद पृथक-वास में रखा जा सकेगा जोकि अन्य बीमारियों से ग्रसित हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में राज्यभर में 733 निषिद्ध क्षेत्र हैं। महाराष्ट्र में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले 10,000 के पार पहुंच चुके हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today महाराष्ट्र के 36 में से 14 जिले रेड जोन में हैं, 16 ओरेंज और छह जिले ग्रीन जोन में हैं। Full Article
0 संक्रमण के एक दिन में सबसे ज्यादा 1008 मामले सामने आए, 26 लोगों की जान गई By Published On :: Fri, 01 May 2020 17:31:30 GMT महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण से शुक्रवार को रिकॉर्ड 1008 मामले सामने आए। इसे मिलाकर राज्य में कुल संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 11,506 पहुंच गया। इससे पहले महाराष्ट्र में 25 अप्रैल को संक्रमण के 811 मामले सामने आए थे। इसके अलावा, शुक्रवार को राज्य में संक्रमण से 26 लोगों की मौत हुई। इनमें पुणे में 11, मुंबई में 6, जलगांव में 3, सिंधुदुर्ग, भिवंडी, ठाणे, नांदेड़, औरंगाबाद और परभणी में एक-एक की जान गई। मृतकों में 18 पुरुष और 8 महिलाएं हैं। 25 मृतकों की उम्र 40 से 60 साल के बीच थी, जबकि एक की उम्र 40 से कम थी। इसे मिलाकर राज्य में मृतकों की संख्या 485 पहुंच गई है।मुख्यमंत्री ने फेसबुक के जरिए जनता से बात कीमुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार को महाराष्ट्र दिवस के मौके पर जनता से फेसबुक के जरिए बातचीत की। उन्होंने कहा कि राज्य में 3 मई के बाद से कई जिलों में शर्तों के साथ लॉकडाउन के नियम में ढील दी जाएगी। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन सिर्फ एक स्पीड ब्रेकर है और जल्द स्थितियां सामान्य हो जाएंगी।लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि तीन मई के बाद हम राज्य में शर्तों के सात कई जगह ढील देने जा रहे हैं। लेकिनऑरेंज और ग्रीन जोन के लोगभीसतर्क रहें और सहयोग करें, अन्यथा पिछले कुछ दिनों में हमने जो कुछ भी हासिल किया है, वह हम खो देंगे। इसलिए, हमधैर्य और सावधानी के साथ आगे बढ़ेंगे। उन्होंने आगे कहा कि मैं चाहता हूं कि लोग कोरोना से घबराएं नहीं। यह केवल समय पर उपचार शुरू करने के बारे में है। कुछ दिनों के बीच छोटे बच्चों से लेकर 83 साल के लोग इससे ठीक होकर घर गए हैं। वेंटिलेटर पर रहने वाले लोग भी ठीक हो गए हैं।'हालांकि, शुक्रवार शाम को गृहमंत्रालय ने दो हफ्ते लॉकडाउन और बढ़ाने की घोषणा कर दी। लेकिन, इस बारऑरेंज और ग्रीन जोन में कई तरह की छूट रहेगी।राज्य में अब तक 227 पुलिसकर्मी संक्रमितमहाराष्ट्र में 30 अधिकारियों सहित 227 पुलिसकर्मियों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। इनमें से 66 पुलिसकर्मी गुरुवार से शुक्रवार के बीच संक्रमित हुए हैं। 227 संक्रमित पुलिसकर्मियों में 22 आरक्षी और आठ पुलिस अधिकारी संक्रमण मुक्त हो चुके हैं जबकि 172 आरक्षी और 22 अधिकारियों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है।प्लाज्मा थैरेपी के जरिए इलाज करवा रहे शख्स की हुई मौतप्लाज्मा थैरेपी के जरिए इलाज करवा रहे 53 साल के मरीज की इन्फेक्शन के बाद मौत हो गई है। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह कोरोना से संक्रमित था। उसकी हालत काफी नाजुक थी।मुंबई के कांदिवली इलाके में सड़क पर निकले एक शख्स से पूछताछ करते पुलिसकर्मी।बीएमसी स्वास्थ्यकर्मियों के मानधन में बढ़ोतरीअपनी जान जोखिम में डालकर कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की सेवा करने वाली स्वास्थ्य स्वयंसेविकाओं के मानधन में प्रतिमाह 4000 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। इस तरह स्वयंसेविकाओं को अब हर महीने 9000 रुपये मानधन मिलेगा। इन्हें यह लाभ सितंबर 2019 से मिलेगा। साथ ही कोविड -19 के कारण जारी लॉकडाउन के दौरान जितने दिन यह स्वयंसेविकाएं काम करेंगी, उस हिसाब से प्रतिदिन 300 रुपएका अतिरिक्त मानधन मिलेगा। यह रकम मई में दी जाएगी।कुछ मजदूर मुंबई से कानपुर के लिए हैं। उनमें से एक ये महिला है।नागपुर जेल में भी हुआ लॉकडाउन, 7 जेल पहले से ही हैं बंद कोरोना संक्रमण सेकैदियों को बचाने के लिए नागपुर सेंट्रल जेल को भी बंद कर दिया गया है। इस फैसले के बाद अब बाहर के किसी व्यक्ति को जेल के अंदर दाखिल होने की इजाजत नहीं मिलेगी साथ ही यहां तैनात अधिकारी और कर्मचारी भी बाहर नहीं जा सकेंगे। राज्य की सात जेलों को पहले ही बंद किया जा चुका है। गृहमंत्री अनिल देशमुख ने बताया कि कोरोना प्रभावित इलाकों में स्थित मुंबई मध्यवर्ती कारागृह, ठाणे मध्यवर्ती कारागृह, येरवडा मध्यवर्ती कारागृह, भायखला जिला कारागृह, कल्याण जिला कारागृह, औरंगाबाद और नाशिक जेल में पहले ही लॉक डाउन का फैसला किया जा चुका था। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today यह तस्वीर मुंबई की है। यहां लोग गुरुवार को सिलेंडर के लिए लाइन में दिखे। मुंबई संक्रमितों की संख्या 2 हजार से ज्यादा हो गई है और 250 से ज्यादा मौतें हो गई हैं। Full Article
0 मातोश्री में ड्यूटी पर तैनात 3 पुलिसवाले पॉजिटिव, 130 को क्वारैंटाइन किया गया; राज्य में अब तक 227 पुलिसकर्मी संक्रमित By Published On :: Sat, 02 May 2020 07:53:37 GMT कोरोनावायरस मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरेके आवासमातोश्रीतक पहुंच गया है। यहांसुरक्षा ड्यूटी पर तैनात तीन पुलिसवालेकोरोना पॉजिटिव पाए गए। इसके बाद यहां तैनात 130 अन्य पुलिसवालों को सांताक्रूज में एक क्वारैंटाइन सेंटर भेज दिया गया है। सभी की कोरोना जांच भी करवाई जा रही है। आज शाम तक इनकी रिपोर्ट भी आ सकती है।पहले एक चायवालासंक्रमण हुआ थाइससे पहले मुख्यमंत्री के घर के बाहर चाय का स्टॉल लगाने वाला एक शख्स कोरोना पॉजिटिव पाया गया था। मातोश्री पर तैनात पुलिसकर्मी वहां चाय पीते रहते थे। इसी को देखते हुए मातोश्री पर तैनात 130 पुलिसकर्मियों को ड्यूटी से हटाकर क्वारैंटाइन किया गया था। हालांकि, इसके बाद बीएमसी ने पूरे इलाके को सैनिटाइज करने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाया था।चायवाले के संक्रमित मिलने के बाद पूरे इलाके को सील करकेसैनिटाइजेशन का काम किया गया था।राज्य के 30 पुलिस अधिकारियों समेत 227 पुलिसवालों में कोरोनामहाराष्ट्र में 30 अधिकारियों समेत 227 पुलिसकर्मी कोरोनावायरस से संक्रमित हुए हैं। इनमें 66 पुलिसकर्मी गुरुवार से शुक्रवार के बीच संक्रमित हुए। अधिकारी ने बताया कि संक्रमित पुलिस कर्मियों में नासिक जिले में अधिक संक्रमित स्थान (हॉटस्पॉट) के तौर पर चिह्नित मालेगांव में सुरक्षा के लिए तैनात रिजर्व पुलिस के जवान शामिल हैं। उन्होंने बताया कि 227 संक्रमित पुलिसकर्मियों में 22 आरक्षी और आठ पुलिस अधिकारी संक्रमण मुक्त हो चुके हैं।जबकि 172 आरक्षी और 22 अधिकारियों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। वहीं, तीन पुलिस अधिकारियों की मौत हुई है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today संक्रमण से बचने के लिए पुलिस के जवानों को ग्लव्स, फेस मास्क, फेस शील्ड दिया जा रहा है। इसके बावजूद अब तक 227 पुलिसकर्मी संक्रमित हो चुके हैं। Full Article
0 पांच हजार लोगों ने महाराष्ट्र से घर वापसी की मांगी मदद, सीएम ने उद्धव काे लिखा पत्र By Published On :: Mon, 04 May 2020 16:26:13 GMT महाराष्ट्र में काेराेना संक्रमण के बढ़ते मामलाें काे देखते हुए वहां फंसे पांच हजार से अधिक हिमाचल वासियों ने घर वापसी के लिए सरकार से मदद मांगी है। लाेगाें के आग्रह पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे काे पत्र लिख कर वहां फंसे हिमाचल के लोगों की मदद करने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है कि महाराष्ट्र में फंसे हिमाचलियों द्वारा सरकार काे आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाने के लिए कई काॅल्स आ रहे हैं।इनमें बहुत से लोग अपने घर वापिस आना चाहते हैं। लाॅकडाउन के कारण उत्पन्न हालाताें काे देखते हुए मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से वहां फंसे हिमाचलियों को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं, आश्रय और खाद्य वस्तुएं सुनिश्चित करवाने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार हिमाचल में फंसे अन्य राज्यों के लोगों को हर संभव सहायता कर रही है।एक हजार से अधिक लाेग वॉट्सएप पर मांग चुके हैं मददफाेन काॅल्स के अलावा एक हजार से अधिक लाेग नाेडल अधिकारी के वाॅट्सएप पर मैसेज करके भी सरकार से मदद मांग चुके है। लाॅकडाउन के कारण वहां उत्पन्न हालाताें का हवाला दे कर लाेग घर वापिस आना चाह रहे हैं। कई लाेग सरकार से खाने की डिमांड कर रहे हैं, कई लाेग पैसे खत्म हाेने के कारण घर वापिस आना चाहते हैं तो कई लाेगाें का कहना है कि लाॅकडाउन के कारण उनकी नाैकरी पर संकट खड़ा हाे गया है, इसलिए वह घर आना चाहते हैं। इस स्थिति से निपटना अब सरकार के लिए बड़ी चुनाैती बन चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि फिर भी राज्य सरकार बाहरी राज्यों में फंसे प्रदेश के लोगों की हर संभव सहायता कर रही है।ट्राईसिटी से सोमवार को 1239 लोगों को हिमाचल लायाट्राईसिटी में फंसे हिमाचल के चार जिलों के 1239 लोगों को 49 बसों के माध्यम से आज वापिस लाया गया। प्रदेश में वापिस लाए गए इन लोगों में 622 मंडी जिला, 365 बिलासपुर जिला, 191 कुल्लू जिला और 61 लाहौल-स्पिति जिला से संबंधित हैं। वापिस बुलाए गए सभी लोगों की स्वास्थ्य जांच की जाएगी, ताकि उनमें जुकाम जैसी बीमारी के लक्षणों का पता लगाया जा सके और उसके उपरांत उन्हें होम क्वारेंटाइन में रखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाहरी राज्यों विशेष कर रेड या ऑरेंज जोन से वापिस हिमाचल आने वाले लोगों को होम क्वारेंटाइन में रहना होगा। इसके अलावा, वे अपने परिजनों के साथ भी उचित दूरी बनाएं रखें। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today फाेन काॅल्स के अलावा एक हजार से अधिक लाेग नाेडल अधिकारी के वाॅट्सएप पर मैसेज करके भी सरकार से मदद मांग चुके है,लाॅकडाउन के कारण वहां उत्पन्न हालाताें का हवाला दे कर लाेग घर वापिस आना चाह रहे हैं Full Article
0 10 मंजिला इमारत के 6वें फ्लोर पर लगी भीषण आग, दो महिलाओं को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया By Published On :: Tue, 05 May 2020 07:45:12 GMT शहर के नापेन सी रोड इलाके में स्थित एटलस बिल्डिंग के 6वें फ्लोर पर मंगलवार सुबह करीब 5 बजे भीषण आग लग गई है। मौके पर दमकल की 9गाड़ियां पहुंची। इसके बाद करीब 4 घंटे की मेहनत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। बिल्डिंग में लगी आग पर काबू पाने के बादकूलिंग की गई। फिलहाल, हादसे मेंकिसी के हताहत होने की जानकारी नहीं है। बिल्डिंग में से दो महिलाएं ऊपरी फ्लोर में फंस गई थी, जिन्हेंसुरक्षित रेस्क्यू किया गया।आग सुबह 5 बजे के करीब लगी थी। इसपर काबू करने के लिए तकरीबन 4 घंटे का समय लगा।मुख्य अग्निशमन अधिकारी पी. राहंगडेल ने कहा, 'दो महिलाएं इमारत की ऊपरी मंजिलों पर फंसी हुई थीं। उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। बिल्डिंग में पानी डालकर उसे ठंडा किया जा रहा है।बिल्डिंग में आग लगने के बादलॉकडाउन की वजह से पुलिस ने आसपास रहने वाले लोगों को बाहर नहीं आने की हिदायत दी थी।इसके साथ ही, आग 6वें फ्लोर में लगी थी, ऐसे में बिल्डिंग में रहने वाले ज्यादातर लोग पहले ही बाहर निकल आए थे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today आग इमारत के 6वें फ्लोर पर लगी थी और इसपर काबू पाने में पूरे 4 घंटे का समय लगा। Full Article
0 एक महीने के दौरान मालेगांव में हुई 580 लोगों की मौत बनी पहेली, प्रशासन का दावा- कोरोना से यहां 12 की गई है जान By Published On :: Tue, 05 May 2020 09:00:38 GMT महाराष्ट्र के मालेगांव में पिछले महीने यानीअप्रैल में हुई 580 मौतें एक बड़ी पहेली बनकर सामने आईं हैं। हालांकि, आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, यहां सिर्फ 12 मौतें कोरोना संक्रमण के चलते हुई है। नासिक जिले के मालेगांव में 8 अप्रैल को कोरोना संक्रमण का पहला केस सामने आया था। इसके बाद अब तक यहां 229 केस सामने आ चुके हैं। प्रशासन के अनुसार मालेगांव में 27 अप्रैल के बाद एक भी कोरोना संक्रमित की मौत नहीं हुई है।अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित खबर के मुताबिक, मालेगांव में पिछले साल अप्रैल में 277 लोगों की मौत दर्ज हुई थी। लेकिन इस बार अप्रैल में 580 लोगों की मौत हुई है। संदेह जताया जा रहा है कि इनमें से कई कोरोनावायरस संक्रमित भी हो सकते हैं। ऐसा हुआ तो मृतकों के परिजनों में भी कोरोना के वायरस हो सकते हैं।हालांकि, जिला प्रशासन का कहना है कि लॉकडाउन के कारण निजी अस्पतालों के बंद रहने से संभवतऐसा हुआ हो। वहीं, मामला सामने आने के बादराज्य सरकार ने मालेगांव में 10 अप्रैल के बाद मरने वाले लोगों के परिवार वालों की पहचान कर उनकी कोविड-19 जांच करने का निर्णय लिया है।गुरुवार को दफनाए गए 9 शवइंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, मालेगांव के बड़ा कब्रिस्तान में गुरुवार को दो घंटे के अंदर 9 लोगों के शव दफनाए गए हैं। बड़ा कब्रिस्तान के एडमिनिस्ट्रेटर रईस अहमद अंसारी के अनुसार सामान्य दिनों में यहां प्रतिदिन 6 से 7 लोगों के शव दफनाए जाते थे। लेकिन गुरुवार से पहले के तीन दिनों से प्रतिदिन ये आंकड़ा बढ़कर 30 शवों का हो गया है। इस साल अप्रैल में यहां 457 शवदफनाएगए। पिछले साल अप्रैल में यह संख्या 140 ही थी।प्रशासन ने जांच की बात कहीइस मामले पर मालेगांव में कोविड 19 महामारी से निपटने के लिए बनाए गए इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर की निगरानी कर रहे आईएएस अफसर पंकज आशिया ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, 'अप्रैल में मालेगांव में मौतों की संख्या बढ़ी है। बिना पूरी जांच पड़ताल किए ये नहीं कहा जा सकता है कि ये मौतें कोविड 19 के कारण हुई हैं। हम 10 अप्रैल के बाद मरने वाले सभी लोगों के परिवारों की मेडिकल जांच कराएंगे।' Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today मालेगांव के बड़े कब्रिस्तान में सिर्फ गुरुवार को 9 लोगों को दफनाया गया है। पिछले साल अप्रैल में 277 लोगों को दफनाया गया था। Full Article
0 बीएमसी ने 7 दिनों के लिए बीडीडी चॉल को किया बंद, यहां मिले हैं 40 से ज्यादा संक्रमित मरीज By Published On :: Tue, 05 May 2020 09:08:48 GMT शहर के सबसे ज्यादा प्रभावित वर्ली इलाके में स्थित बीडीडी चॉल इमारतों को अगले सात दिनों के लिए पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। चॉल की इमारतों में अब तक 40 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिल चुके हैं, साथ ही पूरे वर्ली इलाकेमें अब तक 817 कोरोना मरीज संक्रमित हैं,जिसके बाद मुंबई बीएमसी के असिटेंट कमिश्नर शरद उघडे ने मुंबई पुलिस को खत लिखकर इसे बंद करने की मांग की थी।वर्ली और एनएम जोशी मार्ग मुंबई का सबसे अधिक कोरोना प्रभावित इलाका है। बीडीडी चॉल में रहने वाले लॉकडाउन के बावजूद सड़कों पर घूम रहे थे,इसलिए इस इमारत को बंद करने की नौबत आई है। नियम को कड़ाई से पालन करवाने के लिए पुलिस का सहारा बीएमसी की ओर से लिया जा रहा है।वर्ली में हैं तकरीबन 121 बीडीडीचॉलवर्ली, नायगांव और एन एम जोशी (परेल) में स्थित कुल 195 बीडीडी चॉल 86.98 एकड़ क्षेत्र में फैले हुए हैं, जिसमें वर्ली बीडीडी चॉलों का क्षेत्रफल 59.68 एकड़ है। 195 बीडीडी चॉल्स में से, सबसे अधिक 121 चॉल वर्ली में हैं।वर्ली में है तकरीबन 100 कंटेनमेंट जोनइस इलाके को बंद करने से पहले मेयर किशोरी पेडणेकर ने इलाके में जाकर सैनिटेशन करवाया था। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे वर्ली सीट से ही विधायक हैं। लिहाजा कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या के बीच राज्य सरकार का पूरा महकमा यहां नियंत्रण करने में दिन-रात जुटा है। इस वार्ड में करीब 100 कंटेनमेंट जोन हैं।कोरोना कंट्रोल करने 42 हजार से अधिक की स्क्रीनिंगसहायक मनपा आयुक्त शरद उघडे बताते हैं कि वर्ली कोलीवाड़ा के 9000 से अधिक घरों के 34 हजार से ज्यादा लोगों की स्क्रीनिंग की गई। यहां शुरू में 10 दिनों में मरीज संख्या दोगुनी हो रही थी, अब 18 दिन लग रहे हैं। आदर्श नगर के 2 हजार से अधिक घरों के 8,700 लोगों की स्क्रीनिंग की गई। जीजामाता नगर समेत अन्य इलाकों में भी स्क्रीनिंग हो रही है। उन्होंने बताया कि यदि कोई कोरोना पॉजिटिव पाया जाता है, तो उसे क्वारैंटाइन कर दिया जाता है। इसके बाद उसके संपर्क में आए लोगों की तलाश कर अलग रखा जाता है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today मुंबई के वर्ली इलाके में 121 बीडीडी चाल में कई हजार लोग रहते हैं। Full Article