0 लॉकडाउन का उल्लंघन और कोरोना योद्धाओं पर हमले करने वालों के खिलाफ सख्त कानून बनाएगी उत्तर प्रदेश सरकार, सात साल की जेल और पांच लाख रुपए तक होगा जुर्माना By Published On :: Wed, 29 Apr 2020 07:49:44 GMT उत्तर प्रदेश सरकार लॉकडाउन का उल्लंघन करने और कोरोना योद्धाओं पर हमले करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए कड़े कानून बनाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदिनाथ ने इस संबंध में अपने वरिष्ठ अफसरों की टीम-11 से चर्चा की है। यहां पुराने एपीडेमिक एक्ट 1897 में संशोधन पर विचार किया जा रहा है। इसके तहत मेडिकल स्टाफ, पारा मेडिकल, क्लीनिंग स्टाफ और पुलिसकर्मियों समेत कोरोना वॉरियर्स की रक्षा के लिए कड़े कानून बनाए जाने की कवायद की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक कोरोना योद्धाओं पर हमले करने और उन पर थूकने जैसी घटनाओं को देखते हुए संशोधित कानून में सजा के कड़े प्रावधान किए जाएंगे।रिपोर्ट के अनुसार नए कानून को यूपी एपीडेमिक डिसीज कंट्रोल एक्ट 2020 के नाम से जाना जाएगा और इसे अध्यादेश के जरिये अमल में लाया जाएगा।सख्त होगी सजासूत्रों के मुताबिक नए कानून में यह सजा का प्रावधान होगा कि जो भी क्वारेंटाइन या आइसोलेशन के दौरान भागेगा या फिर लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन करेगा उसे जेल के साथ जुर्माना भी लगाया जाएगा। वहीं कोरोना वॉरियर्स पर हमले करने वालों को सात साल की जेल और पांच लाख रुपए तक जुर्माना लगाया जा सकेगा।केंद्र ने भी किया है संशोधनहाल ही में केंद्र ने एपीडेमिक 1897 एक्ट में अध्यादेश के जरिए संशोधन किया है। इसके तहत कोरोना वॉरियर्स की रक्षा के लिए जेल और जुर्माने का प्रावधान किया गया है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today यूपी में इस तरह लोगों ने अपने घरों की छतों से कोरोना योद्धाओं पर हमले किए थे। (फाइल फोटो) Full Article
0 लॉकडाउन का उल्लंघन करने वाले आरोपी को पकड़ने के बाद 4 पुलिसकर्मी हुए कोरोना संक्रमित, संख्या बढ़कर पहुंची 103 By Published On :: Wed, 29 Apr 2020 09:52:00 GMT फिरोजाबाद में लॉकडाउन का उल्लंघन करने वाले एक आरोपी को पकड़ने वालेचार पुलिसकर्मी भी कोरोना पॉजीटिव पाए गए हैं। इसके चलते जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 103 पर पहुंच गई है। एक्टिव केस अभी भी 90 हैं। सभी कोरोना पॉजीटिव पुलिसकर्मी एक ही थाने में तैनात थे।लॉकडाउन का उल्लंघन करने वाले एक आरोपी को पुलिसकर्मियों ने पकड़ा। बाद में वह संक्रमित पाया गया था। हालांकि बाद में उसे छोड़ दिया गया था।रामगढ़ थाना क्षेत्र का मामलाफिरोजाबाद के रामगढ़ थाने में पुलिस ने लॉकडाउन का उल्लंघन करने वाले एक आरोपी को पकड़ा था। बाद में जिसे छोड़ दिया गया था। जांच में आरोपी कोरोना संक्रमित पाया गया था। जिसके चलते थाने के 27 पुलिसकर्मियों को क्वारंटाइन कराते हुए रिपोर्ट जांच को भेजी गई थी। आज उनकी जांच रिपोर्ट आई जिसमें एक एसएसआई सहित तीन सिपाही कोरोना संक्रमित पाए गए।एडीजी पहुंचे फिरोजाबादइस मामले को लेकर एडीजी अजय आनंद फिरोजाबाद के टूंडला पहुंचे। जहां उन्होंने बताया कि थाने में आरोपी के संपर्क में आने से पुलिसकर्मियों को क्वारंटाइन कराया गया था। चार पुलिसकर्मियों में कोरोना की पुष्टि हुई है। उनका इलाज चल रहा है। उन्होंने जनता से अपील की कि वह लॉक डाउन का पालन करें और घर से बाहर न निकलें। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today फिरोजाबाद में चार पुलिसकर्मियों में कोरोना की पुष्टि हुई है। इसके बाद यहां का आंकड़ा 100 को पार कर गया है। Full Article
0 संक्रमित मरीजों की संख्या पहुंची 2115, इनमें 1602 एक्टिव केस: सरकार ने कहा- स्वास्थ्यकर्मियों पर हमले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे By Published On :: Wed, 29 Apr 2020 11:16:52 GMT उत्तर प्रदेश में कोरोनावायरस का संक्रमण तेजी से फैलता जा रहा है।उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने कहा कि उप्र में अब तक 2115 संक्रमित मरीज पाए गए हैं,इनमें एक्टिव मरीज की संख्या 1602 है। अभी तक60 ज़िलों में संक्रमण फैल चुका है और 7 ज़िलों में अभी कोई एक्टिव संक्रमित मरीज नहीं हैं। अभी तक 477 मरीज ठीक होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं जबकि 36 लोगों की हो चुकी है।अवस्थी ने पत्रकारों को बताया कि अबतक यूपी में 33000 एफआईआर दर्ज की गई है। सरकार ने तय किया है कि यदि स्वास्थ्य कर्मियों पर हमला होगा तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए सरकार अध्यादेश लाने जा रही है।उन्होंने बताया कि सीएम ने निर्देश दिया है कि अस्पतालों में बेड की क्षमता बढाकर 52000 की जाए। स्वास्थ्य विभाग में 17000 और चिकित्सा स्वास्थ्य में 35000 बेड बढ़ाए जाएंगे।अवस्थी ने कहा कि सीएम ने कहा है कि अधिकारी ये तय करें कि कहीं भी आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी न होने पाए। सीएम ने रेड जोन, ऑरेंज जोन ओर ग्रीन जोन की भी समीक्षा की है। उन्होंने कहा कि रेड जोन को ऑरेंज में बदलने के साथ ही ग्रीन जोन में बदलने का काम करें।इससे पहले बुधवार सुबह केजीएमयू की ओर से जारी की गई रिपोर्ट में 20 पॉजिटिव पाये गए थे।जिसमें लखनऊ के 4, आगरा में 9 और फ़िरोज़ाबाद 7 नए मरीज मिले हैं। प्रदेश के विभिन्न जनपदों से 462 कोरोना पेशेंट स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किए जा चुके हैं। यूपी मेंअब तक 34 लोग की मौतें हुई हैं जिसमेंबस्ती, वाराणसी, बुलन्दशहर, लखनऊ, फिरोजाबाद, अलीगढ़ व श्रावस्ती में 1-1, मुरादाबाद में 6, मेरठ में 5, कानपुर में 4 व आगरा में कोरोना से अब तक कुल 12 मौतें शामिल हैं।यूपी में डॉक्टरों से मारपीट पर सात साल की सजा : केंद्र की तर्ज पर यूपी में भी कोविड-19 अस्पतालों में क्वॉरेंटाइन के दौरान डॉक्टरों, स्वास्थ्य कर्मियों व अन्य देखभाल करने वालों के साथ मारपीट और तोड़फोड़ अब दंडनीय अपराध होगा। प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश महामारी कोविड-19 विनियमावली में पहला संशोधन कर दिया है। यह तत्काल प्रभाव से लागू हो गया हैं। इसमें आरोपी को दो लाख रुपये का जुर्माना बमव सात साल की सजा का प्रावधान है।7 जनपद कोरोना मुक्त: लखीमपुर-खीरी, शाहजहांपुर, हाँथरस, हरदोई, महराजगंज, बाराबंकी और कौशाम्बी के कोरोना पेशेंट स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किए गए, वर्तमान में इन जनपदों में एक भी कोरोना पेशेंट नहीं हैं। प्रदेश में 90,916 लोगों ने सर्विलांस की 28 दिन की समय सीमा पूरी की हैं। प्रदेश में कुल 1,24,808 पैसेंजर्स को ऑब्जर्वेशन में रखा गया है। 11,487 लोगों को इंस्टीट्यूशनल क्वॉरेंटाइन में रखा गया है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today यूपी में कोरोना से अब तक 34 लोगों की मौत हो गई है जबिक संक्रमित मरीजों का आंकडा दो हजार को पार कर गया है। Full Article
0 जौनपुर में 2 हादसे, 5 की मौत, इनमें चार एक ही परिवार के; महिलाओं के चीत्कार से गूंज उठा गांव By Published On :: Wed, 29 Apr 2020 11:20:00 GMT उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में बुधवार को हुए दो हादसे में एक परिवार के चार लोगों समेत पांच की मौत हो गई। मृतकों में दो सगे भाई-बहन थे। एक साथ पांच मौतों से हर तरफ चीत्कार व क्रंदन की आवाज सुनाई दे रही थी। यह हादसा बरसठी थाना क्षेत्र सरसरा गांव का है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। बरसठी थाना क्षेत्र के सरसरा गांव निवासी ननकू सरोज के घरवाले पड़ोसी के मकान से सटी जमीन से बुधवार सुबह नींव खुदाई कर रहे थे। अचानक पड़ोसी के मकान की दीवार भरभराकर ढह गई। जिसमें ननकू का बेटा अखिलेश सरोज (24 वर्ष) व मजदूर पंकज बिंद (27 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गए। जबकि, बेटी कपूरा देवी (39 वर्ष) के पैर में चोट आई। परिजन अखिलेश व पंकज को बोलेरो पर लादकर दोनों को भदोही जिला अस्पताल ले गए।जबकि, बहन कपूरा को परिवार के लक्ष्मीशंकर (26) व ऊषा देवी (35) बाइक पर बैठाकर मियांचक इलाज के लिए जा रहे थे। लेकिन रास्ते में विपरीत दिशा से आ रही सरकारी खाद्यान्न लदी पिकअप (यूपी 62 एटी 9913) ने बाइक को टक्कर मार दिया। जिससे तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।उधर, दीवार के मलबे में दबकर घायल हुए अखिलेश व एक अन्य मजदूर पंकज बिंद (27) ने भी दम तोड़ दिया। पुलिस ने पांचों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। गांव में मातम का माहौल है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today ये तस्वीर जौनपुर के बरसठी थाने की है। यहां शव पहुंचे तो महिलाओं के विलाप से पूरा थाना गूंज उठा। Full Article
0 शहर में कोरोना पॉजिटिव का चौथा मामला आया सामने: आज से शुरू होगी बीएसएल-3 लैब, हर रोज 400 सैंपल की होगी जांच By Published On :: Thu, 30 Apr 2020 04:50:15 GMT झांसी में वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के चलते जनपद प्रशासन की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही है। अब तक जनपद में कोरोनावायरस की 4 रिपोर्ट पॉजिटिव आ चुकी हैं। यह मरीज शहर कोतवाली क्षेत्र ओरछा गेट बाहर की रहने वाली महिला है। ऐसे में अब सैंपल लेने की स्पीड को और तेज किया जाएगा। महारानी लक्ष्मी बाई मेडिकल कॉलेज में आज से बीएसएल-3 लैब शुरू हो जाएगी।मिली जानकारी के मुताबिक, पहली कोरोना पॉजिटिव मिली महिला की पड़ोसन में संक्रमण की पुष्टि हुई है। प्रथम संक्रमित महिला के जेठ और बेटे में कल पुष्टि हो चुकी है। ऐसे में जिला प्रशासन ने सतर्कता बरतते हुए पूरे इलाके को सील करके सैनिटाइज शुरू कर दिया है।आज से मेडिकल कॉलेज में शुरू होगी बीएसएल-3 लैबवहीं, कोरोना संक्रमण की जांच के लिए आज से मेडिकल कॉलेज में बीएसएल-3 लैब शुरू हो जाएगी। जिसमें हर रोज 400 सैंपल की जांच की जाएगी। पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ प्रशासन की टीमों ने लोगों के सैंपल लेने का काम तेज कर दिया है। प्रयोगशाला की श्रेणी बायो सेफ्टी लेवल (बीएसएल)-2 रखी जाती थी। सुरक्षा की दृष्टि से प्रयोगशाला को अब अपग्रेड कर बीएसएल-3 बनाया जाने लगा है। इससे लैब में कार्य करने वाले पैरामेडिकल स्टाफ की सुरक्षा में बढ़ोतरी हो जाती है।जानकारी देते हुए डीएम आंद्रा वामसी बताते हैं कि मेडिकल कॉलेज में बीएसएल-3 लैब को बृहस्पतिवार से शुरू कर दिया जाएगा। अभी इसे मंडल भर के सैंपलों की जांच के लिए तैयार किया गया है। लेकिन इसमें प्राथमिक तौर पर झांसी महानगर में लिए जा रहे सैंपल जाचे जाएंगे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today यह तस्वीर झांसी की है जहां आपातकालीन हेल्पडेस्क बनाया गया है। लोग जरुरत पड़ने पर यहां से मदद ले सकते हैं। Full Article
0 शहर में 5 नए पॉजिटिव मामले सामने आए; संक्रमित मरीजों की संख्या पहुंची 102, जिन इलाकों मरीज मिले उन्हें हॉटस्पॉट बनाया गया By Published On :: Thu, 30 Apr 2020 05:42:00 GMT मेरठ में बुधवार को पांच और कोरोना पॉजिटिव मिलेहैं। जनपद में अब कोरोना के मरीजों की कुल संख्या 102 हो गई है। शहर में एक मरीज की पुष्टि एक निजी लैब से हुई, जबकि चार की पुष्टि मेडिकल कॉलेज की लैब में हुई है। इनमें जागृति विहार के रहने वाले फार्मासिस्ट के भाई और जेल चुंगी की रहने वाली महिला के परिवार का एक सदस्य भी कोरोना संक्रमित निकला।कोतवाली के गेट पर डाला हथकड़ी का ताला, अब अंदर प्रवेश नहीं कर सकेंगे फरियादी मेरठ में कोरोना के मरीजों की संख्या 102 तक पहुंच गईहै। इनमें से पांच की मृत्यु हो चुकी है, जबकि 48 लोगों की अस्पताल से छुट्टी हो गई है। मंगलवार को दो मरीजों की अस्पताल से छुट्टी हुई थी।मेरठ के सदर चाणक्यपुरी में एक व्यक्ति को कोरोना संक्रमण की पुष्टि होने के बाद देर रात चाणक्यपुरी को हॉटस्पॉट बना दिया गया। रात में ही सब्जी मंडी और दाल मंडी के व्यापारियों से बातचीत कर दोनों मंडी को फिलहाल बंद रखने के लिए कहा गया।चाणक्यपुरी हॉटस्पॉट घोषितएसओ सदर बाजार विजय गुप्ता के मुताबिक चाणक्यपुरी से दाल मंडी सटी हुई है। इसको देखते हुए दाल मंडी और सब्जी मंडी को पूरी तरह से बंद रहने पर सहमति जताई गई है। पुलिस ने रात में चाणक्यपुरी में माइक से एलान किया है कि पूरा इलाका हॉटस्पॉट बना दिया गया है। यहां पर किसी को आने-जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।एसपी सिटी अखिलेश नारायण सिंह ने देर रात चाणक्यपुरी और दोनों मंडियों का निरीक्षण किया। पूरे इलाके को रात में ही सील कर दिया गया और पुलिस फोर्स लगा दी गई है। फिलहाल मेरठ में 24 हॉटस्पाट बन गए हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today मेरठ में पांच पॉजिटिव मामले सामने आने के बाद पुलिस की सख्ती बढ़ गई है। यहां जिन इलाकों में संक्रमण मिला है उन्हें सील कर दिया गया है। Full Article
0 संक्रमित मरीजों की संख्या पहुंची 2145, इनमें 1590 एक्टिव केस: अब तक 39 लोगों की मौत, पुलिसकर्मियों के लिए हेल्पडेस्क का गठन By Published On :: Thu, 30 Apr 2020 06:48:06 GMT उत्तर प्रदेश में बीते 24 घंटे में 88 नए मामले मिलने से प्रदेश में संक्रमित हुए लोगों की संख्या बढ़कर 2145 हो गई है। 52 जनपदों में अभी भी कोरोना के 1590एक्टिव केस हैं। इनमें 1090 जमातियों की संख्या शामिल हैं। प्रदेश में अब तक 39 लोगों की जान जा चुकी हैं। वहीं 30 से ज्यादा पुलिस कर्मियों के कोरोना संक्रमित होने के वाद डीजीपी हितेश चन्द्र अवस्थी ने पुलिस कोरोना सहायता इकाई का गठन किया है।उत्तरप्रदेश के 60 जनपदों में कोरोना का संक्रमण फैल चुका लेकिन 15 जिलोंमें आज तक कोई भी संक्रमण नहीं पाया गया है। प्रदेश में अब तक 24,436 लोगों में कोरोना जैसे लक्षण मिले हैं। कोरोना से ग्रसित 60 जनपदों में भी अब 8 जनपद कोरोना मुक्त, भदोहीं बीते 24 घंटे पहले कोरोना मुक्त होने का दावा किया गया हैं।पुलिस कोरोना सहायता इकाईका गठन: डीजीपी हितेश चन्द्र अवस्थी ने पुलिसकर्मियों के कोरोना के चपेट में आने की स्थिति को देखते हुए "पुलिस कोरोना सहायता इकाई" का गठन किया हैं। कोरोना की रोकथाम में फ्रंट लाइन में ड्यूटी कर रहे पुलिस कर्मियों के लिए इकाई बनाई गई हैं। फ्रंट लाइन में ड्यूटी कर रहे पुलिस कर्मियों को परामर्श और मार्गदर्शन के लिए गठित की गई हैं। अपर पुलिस अधीक्षक साधना सिंह इकाई की नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया हैं। पुलिसकर्मी अपने और अपने परिवार के स्वास्थ्य और अन्य कठिनाइयों के विषय मे इकाई को जानकारी दे सकेंगे। 8 जनपद कोरोना मुक्त होने का दावा:लखीमपुर-खीरी, शाहजहांपुर, हाथरस, हरदोई, महराजगंज, बाराबंकी और कौशाम्बी के बाद भदोही भी कोरोना मुक्त हो गया। इन सभी जनपदों से कोरोना पेशेंट स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज कर दिए गए। वर्तमान में इन जनपदों में एक भी कोरोना पेशेंट नहीं है। प्रदेश में 91,182 लोगों ने सर्विलांस की 28 दिन की समय सीमा पूरी की है। प्रदेश में कुल 1,31,404 पैसेंजर्स को ऑब्जर्वेशन में रखा गया है। 11,748 लोगों को इंस्टीट्यूशनल क्वारैंटाइन में रखा गया है। पॉजिटिव केसों का जिलेवार विवरण:आगरा में 455, कानपुर नगर में 207, लखनऊ में 205, सहारनपुर में 182, गौतमबुद्धनगर (नोएडा) में 137, फिरोजाबाद में 110, मुरादाबाद में 109, मेरठ में 97, गाजियाबाद में 61, वाराणसी में 53, बुलन्दशहर में 50, रायबरेली में 44, बिजनौर-अलीगढ़ में 32-32, शामली में 27, हापुड़ में 26, अमरोहा में 25, रामपुर में 24, बस्ती-मुजफ्फरनगर-संतकबीरनगर में 23-23, सीतापुर में 20, संभल में 18, बदायूं में 16, बागपत में 15, मथुरा में 13, औरैया में 10, बहराइच में 9, जौनपुर-बरेली-आज़मगढ़ में 8-8, प्रतापगढ़-कन्नौज में 7, महराजगंज-गाजीपुर में 6-6, मैनपुरी-श्रावस्ती में 5-5, झांसी-प्रयागराज-बांदा-लखीमपुर खीरी-हाथरस में 4-4, पीलीभीत-मिर्जापुर-कासगंज-एटा-सुल्तानपुर में 3-3, हरदोई-कौशाम्बी-इटावा-गोंडा में 2-2, अयोध्या-शाहजहांपुर-बाराबंकी-भदोही-उन्नाव-मऊ-बलरामपुर-गोरखपुर में 1-1 पेशेंट की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण से लगातार मौतें हो रही हैं। यूपी में अब तक 39 लोगों की मौत कोरोना से हो चुकी है और संक्रमित मरीजों का आंकडा दो हजार को पार कर गया है। Full Article
0 20 जून तक लागू रहेगी निषेधाज्ञा, नहीं कर पाएंगे सार्वजनिक कार्यक्रम By Published On :: Thu, 30 Apr 2020 07:30:59 GMT उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिला प्रशासन ने साफ किया है कि जिले में आगामी 20 जून तक निषेधाज्ञा लागू रहेगी और किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी जाएगी।जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने गुरुवार को कहा कि बुद्धपूर्णिमा और ईद-उल-फितर मनाए जाने के अलावा नागरिक संशोधन अधिनियम के विरोध की आशंका के मद्देनजर जिले मे लोक व्यवस्था बनाए रखना बेहद जरूरी है।जुलूस, मीटिंग, प्रदर्शन की नहीं होगी अनुमतिउन्होंने कहा, कोविड-19 कोरोना वायरस के संक्रमण की मौजूदा स्थिति को देखते हुए दंड प्रक्रिया संहिता की धारा-144 के अतंर्गत निषेधाज्ञा जारी की गई है, जो अगले माह 20 जून तक लागू रहेगी। निषेधाज्ञा की अवधि में कोई भी व्यक्ति किसी प्रकार का जुलूस, प्रदर्शन, मीटिंग या जनसभा बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के नहीं करेगा।पांच या इससे अधिक व्यक्ति एक जगह नहीं एकत्रित होंगेजिले में सभी प्रकार के सामाजिक, राजनैतिक, सांस्कृतिक, धार्मिक जुलूस, खेल संबंधी, व्यापारिक प्रदर्शनी, रैली तथा इस प्रकार के अन्य सभी कार्यक्रम प्रतिबन्धित रहेंगे। पांच या अधिक व्यक्ति समूह के रूप में एक स्थान पर एकत्रित नहीं होंगे। कोरोना संक्रमण के दृष्टिगत शवयात्रा में 20 व्यक्तियों से अधिक व्यक्ति सम्मिलित नही होंगे। रमजान के दौरान सामूहिक रूप से मस्जिदों/अन्य स्थलों पर नमाज अदा करना प्रतिबन्धित रहेगा।प्रतिबंधित रहेंगे ये सामान ले जानाकोई भी व्यक्ति किसी भी भवन पर ईंट, पत्थर के टुकड़ों को जमा नहीं करेगा, किसी भी स्थान पर गली या सड़क पर लाठी, डंडा, तलवार, भाला या आग्नेयास्त्र, विस्फोटक पदार्थ, तेजाब या अन्य चीज जो हथियार के रूप में प्रयोग की जाती हो या जिसमें जान-माल का नुकसान हो सकता है, स्वयं या किसी सवारी आदि में न ले जाएगा और न किसी को ले जाने के लिए प्रेरित करेगा। यह प्रतिबंध सिक्खों के परम्परागत कृपाण/भाला लेकर चलने पर लागू नहीं होगा।अफवाह वाली पोस्ट पर होगी कार्रवाईउन्होंने कहा, कोई भी व्यक्ति रेलवे प्रतिष्ठान, रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, शिक्षा संस्थान, दुकान, अथवा सार्वजनिक स्थल /प्रतिष्ठान को जबरदस्ती बंद नहीं कराएगा और न तोड़फोड़ करेगा और न ही किसी को ऐसा करने के लिए प्रेरित करेगा। कोई भी व्यक्ति इस अवधि में पड़ने वाले किसी पर्व के अवसर पर किसी नई परम्परा को कायम नहीं करेगा और न ही किसी को नई परम्परा कायम करने के लिए प्रेरित करेगा। सोशल मीडिया पर ग्रुप एडमिन का उत्तरदायित्व होगा कि ग्रुप से जुड़ा कोई भी व्यक्ति भड़काऊ अथवा अफवाह फैलाने संबंधित कोई पोस्ट नही करेगा। यदि कोई भी ऐसा पोस्ट करता है तो ग्रुप एडमिन उसे तत्काल डिलीट कराते हुए संबंधित व्यक्ति को ग्रुप से बाहर करेगा और स्थानीय पुलिस को सूचित करेगा।संक्रमण की सूचना तत्काल देनी होगीजिलाधिकारी ने कहा कि कोरोना वायरस से संक्रमित किसी भी व्यक्ति की जानकारी होने पर तत्काल इसकी सूचना चिकित्सा विभाग/हॉस्पिटल को दी जाएगी और संक्रमित व्यक्ति जांच/मेडिकल के लिए स्वयं उपस्थित होगा। किसी भी प्रकार से इस तथ्य को छुपाया नहीं जाएगा। इसका उल्लंघन भारतीय दंड संहिता की धारा 188, 269, 270 के अतंर्गत दण्डनीय अपराध होगा। हाॅटस्पाॅट क्षेत्रों में आम नागरिकों का आवागमन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। यहां कोई भी धार्मिक /सांस्कृतिक /राजनीतिक अथवा सार्वजनिक कोई भी आयोजन नहीं किया जाएगा। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today मुरादाबाद जिला अधिकारी कार्यालय (फाइल फोटो) Full Article
0 पिता की दवा लेने के लिए बेटे ने 160 किमी साइकिल चलाई, कहीं बीमार बेटे को अस्पताल पहुंचाने के लिए पिता ने 18 किमी ठेला चलाया By Published On :: Thu, 30 Apr 2020 09:55:28 GMT लॉकडाउन ने देश में संक्रमण को काबू में रखने में मदद तो की है, लेकिन इसके चलते साधनों और पैसों की जो दिक्कतें खड़ी हुई हैं, उनके चलते लोगों को दुश्वारियों का सामना भी करना पड़ रहा है। उत्तर प्रदेश के तीन शहरों में ऐसी ही दुश्वारियों की 4 कहानियां मिली हैं। कहीं बीमार पिता की दवा लाने के लिए बेटे को 160 किलोमीटर साइकिल चलानी पड़ी तो कहीं बीमार बेटे को अस्पताल पहुंचाने के लिए पिता ने ही 18 किलोमीटर तक ठेला खींचा। 3 शहर, 3 कहानियां...बलरामपुर: बीमार बेटे को18 किलोमीटर दूर ठेले से पहुंचाया अस्पतालसोनपुर गांव में रहने वाले अंगनू के 15 साल के बेटे राजाराम की मंगलवार को तबीयत बिगड़ गई। पड़ोसियों ने एंबुलेंस के लिए टोल फ्री नंबर पर फोन किया, लेकिन कॉल नहीं लगी। बेटे की हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी, ऐसे में अंगनू उसे ठेले पर लादकर 18 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल पहुंचाया। यहां कुछ स्टाफ था, लेकिन उन्होंने कहा कि बच्चे को संयुक्त चिकित्सालय ले जाओ। अंगनू यहां से बेटे को लेकर दूसरे अस्पताल पहुंचा। इस अस्पताल से भी अंगनू के बेटे को बहराइच मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। अंगनून ने बताया कि बलरामपुर अस्पताल में डॉक्टरों ने भर्ती करने से मना कर दिया, एंबुलेंस की सुविधा भी नहीं मिली।सीएमएस एनके बाजपेई ने कहा कि मरीज को बेहोशी हालत में संयुक्त हॉस्पिटल लाया गया था। स्थिति गंभीर लगी इसलिए उसे बहराइच रेफर कर दिया गया था। इसके लिए उसके परिजन भी तैयार हो गए थे। उस वक्त एंबुलेंस की सुविधा भी दी गई।बलरामपुर निवासी अंगनू (तस्वीर में नहीं हैं) अपने बीमार बेटे व पत्नी को ठेले पर लादकर अस्पताल लाए।हरदोई: पिता की दवा लेने के लिए 160 किलोमीटर साइकिल चलाईरसूलपुर गांव निवासी राजेश कुमार के पिता स्वामी दायल (60) दिमागी तौर पर अस्वस्थ हैं। 20 साल से उनका बरेली से इलाज चल रहा है। लॉकडाउन के दौरान उनकी दवाएं खत्म हो गईं। बेटा राजेश हरदोई और सीतापुर की मेडिकल शॉप्स के चक्कर काटता रहा। राजेश से कहा गया कि दवाएं सिर्फ बरेली में मिलेंगी। राजेश को जब कोई साधन नहीं मिला तो वह साइकिल से ही 160 किलोमीटर दूर बरेली पहुंचा। पूरा दिन साइकिल चलाकर दवा उसे मिल गई। जब दवा विक्रेता दुर्गेश खटवानी को पता चला कि राजेश इतना लंबा सफर साइकिल से तय करके आया है, तो उन्होंने दवा के आधे पैसे लिए और खाने-पीने की भी व्यवस्था कर दी।हरदोई निवासी राजेश पिता की दवा लेने के लिए साइकिल से बरेली पहुंचे।बलरामपुर: सरकारी अस्पताल में पैसे लेकर डिलीवरी करवाई, नवजात ने दम तोड़ाबलरामपुर जिले के हरिहरगंज बाजार में रहने वाले गौतम सोनी ने पत्नी को प्रसव पीड़ा रहोने पर बुधवार सुबह करीब 9 बजे जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया। गौतम ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्यकर्मियों ने ऑपरेशन के लिए 10 हजार रुपए मांगे। ऑपरेशन कराने से इनकार कर दिया तो 35 सौ रुपए में नॉर्मल डिलीवरी करवाई। डिलिवरी के बाद नवजात रोया नहीं। प्रसूता को लेबर रूम से बाहर कर दिया गया और बेड भी नहीं दिया गया। गौतम की पत्नी अस्पताल के गेट पर तड़पती रही। नवजात का शरीर भी धीरे-धीरे नीला पड़ने लगा। स्वास्थ्यकर्मियों ने उसका इलाज नहीं किया और बच्चे की मौत हो गई।जिला महिला चिकित्सालय के सीएमएस डॉ पीके मिश्रा ने कहा- डिलीवरी के बाद करीब 24 घंटे हम मरीज को अंडर ऑब्जर्वेशन रखते हैं। उसे अस्पताल से बाहर निकालने का कोई मतलब ही नहीं है। अगर किसी ने डिलीवरी के नाम पर पैसे लिए हैं तो उसकी लिखित शिकायत मेरे पास की जाए। दोषी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।बलराम पुर में नवजात की मौत के बाद अस्पताल परिसर में बैठी प्रसूता (बीच में) और उसके परिजन। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today लॉकडाउन में एंबुलेंस न मिलने के कारण बलरामपुर निवासी अंगनू ने बीमार बेटे को अस्पताल पहुंचाने के लिए 18 किमी ठेलिया खींची। Full Article
0 अब 3 मई तक काशी में रहेगा टोटल लॉकडाउन, अब तक शहर में 60 पॉजिटिव पाए गए By Published On :: Thu, 30 Apr 2020 10:46:49 GMT उत्तर प्रदेश में कोरोना का संक्रमण 60 जिलों में फैल गया है। इस बीच वाराणसी में भी तेजी से बढ़ते कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए वाराणसी में तीन मई तक टोटल लॉकडाउन रहेगा। पुराने सभी आदेश निरस्त कर तीन मई की रात तक शहर में सभी तरह की दुकानों के खुलने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। राशन, सब्जी, गैस, दूध, दवाई की होम डिलीवरी प्रतिदिन शाम छह बजे तक कराई जा सकेगी।अब तक बनारस में कुल 60 मरीज सामने आ चुके हैं इनमें 8 ठीक होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं। अब तक एक कि मौत हो चुकी है।अधिकारियों के अनुसार पहले से जारी होम डिलीवरी दुकानों और होम डिलिवरी मैन के पास मान्य होंगे। दूध की आपूर्ति के लिए सुबह 11 से दोपहर 12 बजे तक दुकान का शटर बंद कर कैरेट बाहर रखकर बिक्री की जा सकेगी। किसी अन्य सामान की बिक्री पर दुकान सीज होगी।दवा और फोर्मेसी ही 24 घंटे खुली रहेंगीजिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया कि शहर में एक मई से आठ सब्जी मंडियां खोली जाएंगी। शहर में सभी सरकारी व प्राइवेट अस्पताल खुले रहेंगे। इसके साथ ही प्राइवेट अस्पतालों में स्थित दवा की दुकानें व फार्मेसी भी 24 घंटे खुल सकती हैं।बैंक, सरकारी कार्यालय जिनको खोलने के लिए अधिकृत किया गया है या जो आवश्यक कार्य कर रहे हैं, वे खुले रहेंगे। पेट्रोल पंप, भोजन पैकेट देने वाली सामाजिक संस्थाएं, सरकारी कार्य और व्यवस्था में लगे लोग प्रतिबंध से बाहर होंगे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today वाराणसी में लगातार मिल रहे पॉजिटिव मामलों की वजह से प्रशासन ने टोटल लॉकडाउन 3 मई तक बढ़ा दिया है। इस दौरान दवा और फार्मेसी की दुकाने ही 24 घंटे खुली रहेंगी। Full Article
0 मजदूरों को रोजगार दिया व भूखे बच्चों को दूध, कुछ ऐसा है इस कोरोना वॉरियर का आईडिया By Published On :: Thu, 30 Apr 2020 13:39:14 GMT (रवि श्रीवास्तव).कोरोनावायरस को लेकर जारी लॉकडाउन में जरुरतमंदों की मदद करने वाले कोरोना वॉरियर्स की लंबी फेहरिस्त है। उनमें से ही एक लखनऊ के रहने वाले संजीव कुमार भी एक हैं। संजीव देश के लीडिंग सोशल एंटरप्रेन्योर्स में शामिल है और इन्हें अशोका फेलोशिप से सम्मानित किया जा चुका है। संजीव पिछले कई सालों से 'द गोट ट्रस्ट' नामक संस्था चला रहे हैं। वे कहते हैं, लॉकडाउन में कुछ दिन गुजारने के बाद लगा कि कुछ मुझे भी करना चाहिए। मैं तो घर में पेट भर खाना खा रहा हूं, लेकिन कुछ लोगों को वह भी नहीं मिल रहा होगा। इसके लिए मैंने अपनी टीम से बात की और फिर हमारा काम शुरू हो गया।दूध खरीदकर बच्चों को पिलाने का उठाया बीड़ासंजीव कुमार ने लॉकडाउन में भी कुछ करने के लिए सोचा तो बकरी को ही माध्यम बनाया। संजीव कुमार यूपी छोड़कर 16 राज्यों में सरकार के साथ काम कर रहे हैं। वह मूलतः बिहार के रहने वाले हैं। लेकिन पिछले कई वर्षों से लखनऊ में रह रहे हैं। फिलहाल लॉकडाउन के दौरान अपनी जेब से दूध खरीदकर बच्चों को पिलाने का खर्च उठा रहे हैं। उन्होंने यह मुहिम लॉकडाउन के दौरान शुरू की है। बकरी का दूध निकालता पशुपालक।संजीव कुमार अपनी टीम के साथ मिलकर लखनऊ से 30 किमी दूर 5 से 6 गांवों में बकरी पालकों से दूध लेते हैं और फिर आसपास के कुपोषित बच्चों को वही दूध मुफ्त पिलाते हैं। संजीव बताते हैं कि, बुजुर्गों को पता है कि बकरी का दूध बच्चों और बड़ों के लिए कितना फायदेमंद होता है। लेकिन इस भागती दौड़ती जिंदगी में यह कहीं पीछे छूट गया है। यही नहीं, बकरी पलने के और भी फायदे हैं। कभी आपको रूपए की इमरजेंसी पड़ती है तो आप बकरी बेचकर पैसे भी पा सकते हैं। जबकि आपकी जमीन तुरंत नहीं बिकेगी। उन्होंने बकरी के दूध के फायदे बताते हुए बताया कि इसमें शरीर के लिए जरूरी कार्बोहाइड्रेट, लिपिड, विटामिन, न्यूट्रीशन, आयरन इत्यादि मिलता है। संजीव की टीम लखनऊ से सटे गांव बड़ा अनौरा, जामनशी, मदारपुर, अमराई और छोटा अनौरा के बकरी पालकों से दूध लेकर उसे डब्बों में बंद कर सामान ढोने वाली गाड़ियों से लेकर लखनऊ के फैजाबाद रोड स्थित गांव पर, जोकि चिनहट और देवा में स्थित है, वहां पहुंचाते हैं। संजीव बताते हैं कि मुश्किल तब आती है जब लॉकडाउन के दौरान हमें चेकिंग के लिए रोका जाता है। क्योंकि देर होने पर दूध खराब होने की समस्या रहती है।दूध निकालने से लेकर उसकी पैकिंग में सफाई का विशेष ख्याल रखा जाता है।कुपोषित श्रेणी के गांव को मुफ्त दूध वितरण के लिए चुनासंजीव ने बताया कि चिनहट के गोयला और ढाबा तकिया, जबकि बाराबंकी के देवा में प्रेम नगर, अचरीपुरवा और बड़ा ताल में अभी बच्चों के लिए दूध पहुंचा रहे हैं। इन गांव के बच्चे कुपोषित की श्रेणी में आते हैं। इसलिए हमने यह गांव चुना है। हमने शुरुआत 20 बच्चों से की थी जोकि अब 270 बच्चों से ज्यादा तक पहुंच गयी है। उन्होंने बताया कि हम बकरी पालकों से 50 रूपए लीटर दूध लेते हैं, जोकि 50 लीटर से ज्यादा होता है। फिर उसे बच्चों को एक एक गिलास बांटते हैं। इस एवज में बच्चों से कोई पैसा नहीं लिया जाता है।संजीव कुमार।दूध बेचकर कमाई हुई, बेटियों को मिल रहा मुफ्त दूधमदारपुर के रामतेज बताते हैं कि, हमारे पास कभी कभार बकरी के दूध की मांग आती थी, लेकिन अब रोज 4 लीटर दूध जाता है और उसका हर हफ्ते 50 रूपए लीटर के हिसाब से पेमेंट हो जाता है। वहीं, बड़ा ताल गांव के रहने वाले अजय कुमार की दो बेटियां आकांक्षा और आंचल हैं। दोनों को ही बहुत पौष्टिक भोजन नहीं मिल पाता है। पिता मजदूरी करते हैं, जोकि लॉकडाउन के समय बंद है। ऐसे में यह दूध बच्चों के लिए अमृत सामान होता है। अजय बताते हैं कि लगभग 7 से 8 के बीच गाड़ी आ जाती है और बच्चे गिलास लेकर खड़े हो जाते हैं। इनका पेट भर जाता है तो सुकून मिल जाता है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today लॉकडाउन में बच्चों की इम्युनिटी को बढ़ाने के लिए संजीव के द्वारा उन्हें बकरी का मुफ्त दूध पिलाया जा रहा है। Full Article
0 प्रदूषण कम हुआ तो सहारनपुर से दिखने लगीं हिमालय की चोटियां, कैमरे से 200 किमी दूर की तस्वीर ली By Published On :: Thu, 30 Apr 2020 16:43:28 GMT लॉकडाउन के चलते हर जगह वायु प्रदूषण खत्म सा हो गया है। दृश्यता इतनी बढ़ गई है कि उत्तराखंड के आसपास केजिलों से सैकड़ों किलोमीटर दूर स्थित हिमालय की पहाड़ियां साफ नजर आरही है। कुछ ऐसा ही नजारा यूपी केसहारनपुर में देखने को मिला। जहां कैमरे से अपर रेंज की हिमालयन पहाड़ियों के सुंदर दृश्य कैद किए गए। इन तस्वीरों को पेशे से इनकम टैक्स अफसर दुष्यंत कुमार सिंह ने रविवार को लिया।दुष्यंत ने बताया कि रविवार को बारिश हुई थी। जिसके बाद का दृश्य देख कर मैं चौंक गया। आसमान बिल्कुल साफ था। सामनेबर्फीली पहाड़ियां नजर आ रही थीं। उन्होंने बताया कि चकराता से ऊपर की ओर गंगोत्री यमुनोत्री पर्वत श्रंखला की बंदरपूंछ आदि की पहाड़ियां साफ दिखाई दे रही थीं, जिन्हें उन्होंने अपने कैमरे में कैद कर लिया।सहारनपुर में रविवार को बारिश के बाद कुछ ऐसा नजारा दिखा था।सहारनपुर के फॉरेस्ट कंजर्वेशन अधिकारी ने बताया कि 26 अप्रैल को बारिश के बाद आसमान साफ था। लॉकडाउन की वजह से प्रदूषण भी 35% कम हो गया है। ऐसे में गंगोत्री और त्रिशूल रेंज की हिमालयन पहाड़ियां साफ दिखाई दे रही थीं। हालांकि इन पहाड़ियों की सहारनपुर सेदूरीकरीब 200 किमी है। यमुनोत्री से सहारनपुर की एरियल डिस्टेंस 145 किमीहै, जबकि गंगोत्री से सहारनपुर की एरियल डिस्टेंस 175 किमी।विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मौसम पूरी तरह से साफ हो और बीच में कोई पहाड़ न हो, तो इतनी दूरी की पर्वत श्रंखलाओं को ऊंचाई से देखा जा सकता है। खासकर इस समय प्रदूषण में 40 फीसदी गिरावट दर्ज की गई है। एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी एक्यूआई70 है।आईएफएस रमेश पांडेय ने फोटो ट्वीट किए Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today ये नजारा हिमालय की पहाड़ियों का है। बीते रविवार को बारिश के बाद मौसम साफ हुआ तो सहारनपुर के इनकम टैक्स अफसर ने कैमरे में इसे कैद किया। Full Article
0 उत्तर प्रदेश में बढ़ी वीटीएम किट की डिमांड, सीएसआर के तहत मंगवाई गई 1000 किट By Published On :: Fri, 01 May 2020 04:30:00 GMT उत्तर प्रदेश में कोविड-19 का संक्रमण बढ़ता जा रहा है। हॉटस्पॉट के अलावा अन्य जगहों पर भीलोगों की जांच निरंतर जारी है। अधिकारियों का कहना है किजिस ट्यूब में कोरोना पॉजिटिव केस्वैब का सैंपलप्रयोगशाला तक भेजा जाता है। उसकिट की डिमांड निरंतर बढ़ती जा रही है। इसे वायरल ट्रांसपोर्ट मीडियम (वीटीएम) किट कहा जाता है। प्रदेश में यह किट सीएसआर के तहत एचसीएल उपलब्ध करा रहा है। हाल ही में एक हजार किट का आर्डर महाराष्ट्र की कंपनियों को दिया गया। लेकिन अब तक 157 किट ही मेडिकल सप्लाई को भेजी गई है। यहा से विभिन्न जिलों को भेज दी गई है।प्रदेश में कोविड-19 के मरीजों की संख्या 2 हजार का आकड़ा पार कर चुकी है। लोगों की जांच का दायरा भी बढ़ाया गया है। नई लैब स्थापित की जा रही है। हॉटस्पॉट क्षेत्र भी निरंतर बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में वीटीएम किट की डिमांड भी तेजी से बढ़ रही है। सीएसआर के तहत काफी पहले ही एक हजार किट का मंगवाने का आर्डर दे दिया गया था। यह आर्डर महाराष्ट्र की कंपनी को दिए गए है।दरअसल, यह किट प्रदेश में नहीं बनती है। महाराष्ट्र में ही इसका उत्पाद किया जाता है। ऐसे में वहां से किट आने में देरी होती दिख रही है। अब तक दो बार में कुल 157 किटों की सप्लाई हो सकी है। यह किट मेडिकल सप्लाई के जरिए प्रदेश के विभिन्न जिलों में भेजी जा रही है। लापरवाही के चलते कई बार सैंपल लेने वाले भी ठीक ढंग से सैंपल नहीं लेते ऐसे में सैंपल लीक हो जाता है। जनपद में भी ऐसा देखा गया करीब 2०० से ज्यादा सैंपल लीक भी हो चुके है। हालांकि दोबारा सैंपल लेकर इनको भेजा गया है।एक किट में होती है 50ट्यूब, एक हजार किट की सप्लाई शुरूवीटीएम की एक किट में 5० ट्यूब होती है। यानी एक किट से 50 लोगों का स्वेब सैंपल लेकर इसे प्रयोगशाला तक भेजा जा सकता है। जिला अस्पताल के पैथोलॉजिस्ट डा. एचएम लवानिया ने बताया कि 24 से 48 घंटे तक ट्यूब में सैंपल को रखा जा सकता है। इसे 2 से 8 डिग्री के तापमान में रख प्रयोगशाला भेजा जाता है।विशेषज्ञों की माने तो इस किट के जरिए तीन दिन तक का समय भी लग जाए तब भी सैंपल सूखता नहीं है साथ ही वह पर्यावरण के संपंर्क में नहीं आता।एक हजार किट महाराष्ट्रसे विभिन्न चरणों में आ जाएंगी ऐसे में कुल 50हजार लोगों के सैंपल लिए जा सकते है। पहले चरण में 157 किट प्रदेश के विभिन्न राज्यों में सप्लाई किए जा चुके है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today सीएसआर के तहत 1 हजार किट मंगवाई गई है। विशेषज्ञों की माने तो इस किट के जरिए तीन दिन तक का समय भी लग जाए तब भी सैंपल सूखता नहीं है। Full Article
0 अब तक 2230 संक्रमित, इनमें 1113 तब्लीगी जमाती: 551 मरीज स्वस्थ हुए, लखनऊ में पॉजिटिव की संख्या 200 के पार By Published On :: Fri, 01 May 2020 05:05:57 GMT उत्तर प्रदेश में बीते 24 घंटे में 89 नए पॉजिटिव मरीज सामने आए हैं। अब प्रदेश में कुल संक्रमित मरीजों की संख्या 2230 हो गई, जिसमें 1113 लोग तब्लीगी जमात शामिल हैं। प्रदेश में अभी भी कोरोना के 1630 एक्टिव केस हैं। केस बढ़ने वालों में आगरा में 46 सबसे ज्यादा हैं। अब आगरा में 479 संख्या हो गई हैं। केजीएमयू ने लखनऊ में सात मरीज पॉजिटिव पाए गए हैं, जिसके बाद यह संख्या बढ़कर 218 हो गई है। मृतकों की संख्या 43 हो गई हैं। अब तक 551 मरीजों को ठीक किया जा चुका है।24 घंटे में इन जिलों में आए नए केस: आगरा में 46, वाराणसी, 8, फिरोजाबाद व नोयडा में 4-4, लखनऊ, मेरठ, अलीगढ़ व कानपुर में तीन-तीन , ग़ाज़ियाबाद, बरेली व सिद्धार्थनगर में दो-दो, बुलंदशहर, महराजगंज, झांसी, बस्ती, प्रयागराज, मुरादाबाद, एटा,देवरिया व गोरखपुर में एक-एक कोरोना संक्रमित पाए गए हैं।कोरोना से कुल 43 मौतें हुईं: अमरोहा, बरेली, बस्ती, वाराणसी, बुलन्दशहर, लखनऊ, अलीगढ़, अमरोहा, श्रावस्ती व मथुरा में 1-1, फिरोजाबाद में 2, कानपुर में 4, मेरठ में 5, मुरादाबाद में 6, व आगरा में कोरोना से अब तक कुल 14 मौतें हुईं हैं।551 कोरोना पेशेंट स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किए गए: आगरा से 91, लखनऊ से 62, गाजियाबाद से 44, गौतमबुद्धनगर (नोएडा) से 88, लखीमपुर-खीरी से 4, कानपुर नगर से 17, पीलीभीत से 2, मुरादाबाद से 8, वाराणसी से 8, शामली से 24, जौनपुर से 4, बागपत से 13, मेरठ से 49, बरेली से 6, बुलन्दशहर से 9, बस्ती से 13, हापुड़ से 5, गाजीपुर से 5, आज़मगढ़ से 4, फ़िरोज़ाबाद से 10, हरदोई से 2, प्रतापगढ़ से 6, सहारनपुर से 13, शाहजहांपुर से 1, महराजगंज से 6, हाथरस से 4, मिर्जापुर से 2, औरैय्या से 4, बाराबंकी से 1, कौशाम्बी से 2, बिजनौर से 1, सीतापुर से 17, प्रयागराज से 1, मथुरा से 1, बदायूं से 1, रामपुर से 5, मुजफ्फरनगर से 9, अमरोहा से 6, भदोहीं से 1, इटावा से 1 व कन्नौज से 1 कोरोना पेशेंट्स को स्वस्थ पूर्णतया करवाकर डिस्चार्ज किया गया हैं। पॉजिटिव केसों का जिलेवार विवरण:कोरोना पॉजिआगरा में 479, लखनऊ में 218, गाजियाबाद में 62, गौतमबुद्धनगर (नोएडा) में 141, लखीमपुर खीरी में 4, कानपुर नगर में 210, पीलीभीत में 3, मुरादाबाद में 110, वाराणसी में 61, शामली में 27, जौनपुर में 8, बागपत में 15, मेरठ में 102, बरेली में 8, बुलन्दशहर में 51, बस्ती में 23, हापुड़ में 26, गाजीपुर में 6, आज़मगढ़ में 8, फिरोजाबाद में 111, हरदोई में 2, प्रतापगढ़ में 7, सहारनपुर में 187, शाहजहांपुर में 1, बाँदा में 4, महराजगंज में 7, हाथरस में 4, मिर्जापुर में 3, रायबरेली में 44, औरैय्या में 10, बाराबंकी में 1 मरीज शामिल है। इसके अलावा कौशाम्बी में 2, बिजनौर में 32, सीतापुर में 20, प्रयागराज में 4, मथुरा में 13 व बदायूं में 16, रामपुर में 24, मुजफ्फरनगर में 23, अमरोहा में 26, भदोहीं में 1, कासगंज में 3 व इटावा में 2, संभल में 18, उन्नाव में 1, कन्नौज में 7, संतकबीरनगर में 23, मैनपुरी में 5, गोंडा में 2, मऊ में 1, एटा में 4, सुल्तानपुर में 3, अलीगढ़ में 35, श्रावस्ती में 5, बहराइच में 9, बलरामपुर में 1, अयोध्या में 1, जालौन में 3, झांसी में 4 व गोरखपुर में 2 व कानपुर देहात में भी 1 पेशेंट की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। यूपी में अब तक 43 लोगों की मौत हो चुकी है। Full Article
0 अब तक 2230 संक्रमित: काशी में 2 दिन सख्ती के बाद थोड़ी छूट; 10वीं और 12वीं के छात्र दूरदर्शन की मदद से पढ़ाई कर सकेंगे By Published On :: Fri, 01 May 2020 11:47:05 GMT उत्तर प्रदेश में 24 घंटे में 93 नए पॉजिटिव मिले।आगरा में सबसे ज्यादा 46 केस सामने आए। यहांकुल 479 संक्रमित हो गए। लखनऊ में 7 केस मिले। यहां कुल संक्रमित अब 218 संक्रमित हैं। पूरे प्रदेश में अब तक 2230 संक्रमित मिले हैं। 1113 का तब्लीगी जमात से कनेक्शन रहा है। 1630 एक्टिव केस हैं।मरने वालों की संख्या 43 हो गई है। इसी दौरान 551 मरीज स्वस्थ भी हुए हैं। वाराणसी में दो दिनबाद थोड़ी छूट दीगई।योगी सरकार ने तय किया है किहाईस्कूल और इंटरमीडिएट के छात्रों कीअब दूरदर्शन के माध्यम से पढ़ाई कराई जाएगी।24 घंटे में प्रदेश मेंआगरा 46, वाराणसी8,लखनऊ 7, फिरोजाबाद औरनोएडा 4-4, मेरठ, अलीगढ़ औरकानपुर में तीन-तीन, गाजियाबाद, बरेली औरसिद्धार्थनगर में दो-दो, बुलंदशहर, महाराजगंज, झांसी, बस्ती, प्रयागराज, मुरादाबाद, एटा, देवरिया औरगोरखपुर में एक-एक कोरोना संक्रमित पाए गए।यूपी सरकार ने प्रयागराज में फंसे मजदूरों को बसों के जरिए उनके गृह जनपदों के लिए रवाना किया है।अपडेट्सवाराणसी: दो दिनबाद लोगों को टोटल लॉकडाउन से थोड़ी राहत मिली। सब्जियां महंगी बिकीं और दूध की भी किल्लत रही। जिले में आठ नए केसों के साथ संक्रमितों की संख्या 60 पहुंच गई। कुल 23 हो गए हैं।डीएम कौशल राज शर्मा के मुताबिक, दूध की दुकानें 3 मई तक सुबह 7 से 8 बजेऔर दवा की दुकानें सुबह 11 से 12 बजे तक ही खुलेंगी।तस्वीर लखनऊ की है। कुछ लोग गर्मी से राहत पाने के लिए नहर में नहा रहे हैं। इससे संक्रमण का खतरा है।लखनऊ:यूपी बोर्डके स्कूलों में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट छात्रों के लिए शुक्रवार से दूरदर्शन के स्वयंप्रभा चैनल पर शैक्षिक प्रसारण शुरू होगा। डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा ने बताया कि शैक्षिक प्रसारण हर दिन सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे तक और फिर इसी का पुन : प्रसारण शाम 4:30 बजे से शाम 6:30 बजे तक होगा। जिन स्टूडेंट के पास स्मार्टफोन नहीं हैं और वह ऑनलाइन क्लासेस में हिस्सा नहीं ले पा रहे हैं। इस टेलिकास्ट से उन्हें मदद मिल सकेगी।आगरा: संक्रमण के मामले मेंआगरा राज्य में एक और देश में 11वें नंबर पर आ चुका है। 13 दिनमें मरीजों की संख्या दोगुनी हुई है। गुरुवार को 46 नए पॉजिटिव केस मिले। कुल मामले 479 हो गए। 15 लोगों की मौत हो चुकी है।यूपी के आगरा में सबसे अधिक संक्रमण के मामले सामने आए हैं। यहां कई सब्जी बेचने वाले भी पॉजिटिव आ चुके हैं।मेरठ: यहां संक्रमितों की संख्या105 हो गई। 5 की मौत हो चुकी है। 48 स्वस्थ भी हुए। रिकवर होने वाले सभी मरीजों का 14 दिन क्वारैंटाइन में रहना जरूरी है।अब तक 2230 कोरोना संक्रमित: आगरा में 479, लखनऊ में 218, कानपुर नगर में 210, सहारनपुर में 187, गौतमबुद्धनगर (नोएडा) में 141, फिरोजाबाद में 111, मुरादाबाद में 110, मेरठ में 102, गाजियाबाद में 62, वाराणसी में 61, बुलंदशहर में 51, रायबरेली में 44, अलीगढ़ में 35, बिजनौर में 32, हापुड़-अमरोहा में 26-26, शामली में 27, रामपुर में 24, बस्ती-मुजफ्फरनगर-संतकबीरनगर में 23-23, सीतापुर में 20, संभल में 18, बदायूंमें 16, बागपत में 15, मथुरा में 13, औरैया में 10, बहराइच में 9, बरेली-जौनपुर-आजमगढ़ में 8-8, प्रतापगढ़-महाराजगंज-कन्नौज में 7-7, गाजीपुर में 6, मैनपुरी-श्रावस्ती में 5-5, हाथरस-लखीमपुर खीरी-प्रयागराज-झांसी-बांदा-एटा में 4-4, मिर्जापुर-जालौन-कासगंज-पीलीभीत-सुल्तानपुर में 3-3, कौशाम्बी, इटावा-गोंडा-हरदोई-गोरखपुर में 2-2,बलरामपुर, उन्नाव, शाहजहांपुर, मऊ, अयोध्या, भदोही, बाराबंकी, कानपुर देहात में भी एक-एक संक्रमित मिला। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Agra Lucknow (UP) Corona Cases Update | Uttar Pradesh Novel Coronavirus Cases Live Agra Kanpur Lucknow Firozabad Meerut Rae Bareli Corona Case Today Latest News यह तस्वीर वाराणसी की पंचकोशी सब्जी मंडी की है। टोटल लॉकडाउन के बाद शुक्रवार को थोड़ी राहत दी गई। टोटल लॉकडाउन 3 मई तक रहेगा। Full Article
0 पुलिस पर पथराव करने वाले अब तक 20 आरोपी गिरफ्तार, सबपर गैंगस्टर व एनएसए लगा By Published On :: Fri, 01 May 2020 11:47:17 GMT उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में बीते बुधवार को बजरिया इलाके में शौकत अली पार्क हॉटस्पॉट में कोरोना संदिग्ध 9 लोगों को क्वारैंटाइन कराने के विरोध में पुलिस पर पथराव के मामले में कार्रवाई तेज हो गई है। पुलिस ने अब तक 20 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के कुछ वीडियो भी सामने आए हैं। जिनमें पुलिस ने आरोपियों की पिटाई की है।डीएम ब्रह्मदेव तिवारी ने बताया कि, इन आरोपियों पर आपदा प्रबंधन एक्ट, महामारी अधिनियम, एनएसए व आईपीसी की कई धाराओं को लगाया गया है। बता दें, इस घटना का मुख्यमंत्री योगी ने संज्ञान लिया था। उन्होंने उपद्रवियों पर एनएसए लगाने के साथ सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया था।पुलिसकर्मियों पर फेंकी गई थी तेजाब की बोतलेंइस घटना के संबंध में थाना प्रभारी राममूर्ति यादव ने एफआईआर दर्ज कराई थी। जिसमें लिखा है कि, कांशीराम ट्रामा सेंटर में आइसोलेट हुए शौकत अली पार्क निवासी दो कोरोना संक्रमितों के घर वालों को प्रशासन के निर्देश पर क्वारैंटाइन कराने के लिए पुलिस व हेल्थ की टीम गई थी। टीम ने 9 लोगों को इलेक्ट्रिक लोको शेड ट्रेनिंग सेंटर में क्वारैंटाइन करा दिया। लेकिन तभी स्थानीय लोगों ने पुलिस पर पथराव किया। तेजाब से भरी व खाली कांच की बोतलें फेंकी गई। और फोर्स के पहुंचने पर मामला शांत हुआ। लेकिन दो पुलिसकर्मी घायल हो गए।पुलिस ने पथराव करने वाले आरोपियों की पहचान सार्वजनिक की है।अब तक 35 आरोपियों की हुई पहचानसीओ सीसामऊ त्रिपुरारी पांडेय ने बताया कि, एफआईआर में 100-125 लोगों का जिक्र है, उनमें 35 की पहचान हो चुकी है। 10 आरोपियों को गुरुवार सुबह गिरफ्तार किया गया था। दस आरोपी आज गिरफ्तार किए गए हैं। सभी को जेल भेज दिया गया है। सभी आरोपितों के खिलाफ गैंगस्टर और एनएसए लगाया गया है।आरोपियों की पहचान सार्वजनिक की गई। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today कानपुर पुलिस की गिरफ्त में उपद्रव करने वाले आरोपी। इन पर एनएसए लगाया गया है। Full Article
0 मध्य प्रदेश से प्रयागराज लाए गए 1200 मजदूर; कई घंटे भूख-प्यास के बाद जब मिले बिस्कुट केले तो लेने के लिए टूट पड़े लोग By Published On :: Fri, 01 May 2020 14:03:18 GMT उत्तर प्रदेश में क्वारैंटाइन सेंटर भेजे जा रहे संदिग्धों के साथ दुर्व्यहार के मामले थम नहीं रहे हैं। आगरा के बाद शुक्रवार को संगम नगरी प्रयागराज से जो तस्वीर सामने आई है, वो वाकई शर्मसार करने वाली है। दरअसल, यहांमजदूरों को उनके घर वापस भेजने के लिए कलेक्शन सेंटर बनाया गया है। जिसमें करीब 1200 मजदूर हैं। आरोप है कि, यहां मजदूरों को काफी देर तक भूखे प्यासे रखा गया। जब प्रशासन ने बिस्किट व केला मंगाया तो उसे लेने की होड़ मच गई। इस दौरान उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग का भी कोई ध्यान नहीं रहा। मौके पर मौजूद अधिकारी भी इस अव्यवस्था को दूर करने के बजाय दूर खड़े होकर मातहतों को निर्देश देने में ही लगे रहे।सीएवी इंटर कॉलेज में बनाया गया कलेक्शन सेंटरशहर के सीएवी इंटर कॉलेज में कलेक्शन सेंटर बनाया गया है। यहां मध्य प्रदेश से 39 बसों से लाएगए लगभग 1200 मजदूरों को रखा गया है।आरोप है कि, उन्हें कई घंटों तक भूखेप्यासे ही रखा गया है। पिछले कई घंटे से भूखे प्यासे मजदूरों के लिए प्रशासन की ओर से जब बिस्किट और केला मंगाया गया तो उसे लेने के लिए मजदूरों में होड़ सी मच गई। भूखे प्यासे मजदूर पार्क के अंदर से ही बिस्किट और केला पाने के लिए टूट पड़े। इस दौरान उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग का भी कोई ध्यान नहीं रहा।इस मामले का वीडियो भी सामने आया है। जिस पर डीएम प्रयागराज भानुचन्द्र गोस्वामी ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि ये क्वारैंटाइनसेंटर नहीं है, बल्कि सीएवी इंटर कालेज में प्रवासी मजदूरों के लिए कलेक्शन सेंटर बनाया गया है। जहां पर मध्य प्रदेश से आएमजदूरों को उनके गृह जिलों में भेजे जाने के पहले रोका गया है। उन्होंने कहा है कि भीड़ जुटने पर केले और बिस्किट वितरित करने का कार्य भी रोक दिया गया है और बसों में बैठने के बाद उन्हें खाने पीने के सामान मुहैया कराये गए हैं।आगरा में दूर से फेंककर दिया गया था पानी बिस्कुटइससे पहले आगरा जिले में स्थित हिंदुस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंटके क्वारैंटाइन सेंटर में संक्रमण के डर सेपीपीई किट पहनकर सरकारी कर्मचारी पानी की बोतल, बिस्किट लोगों को फेंकते नजर आए थे।यहां क्वारैंटाइन किए गए व्यक्ति चैनल गेट के भीतर से हाथ बाहर निकालकर खाने पीने की चीजों पर टूट पड़े थे।डीएम प्रभु नारायण सिंह ने इसका वीडियो सामने आने पर जांच के निर्देश दिए। जिसके बाद नोडल अधिकारी आलोक कुमार ने जांच में प्राथमिक तौर पर दोषी पाए गए बीडीओ मनीष को सस्पेंड करने का निर्देश दिया था। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today ये तस्वीर प्रयागराज के सीएवी इंटर कॉलेज की है। यहां मध्य प्रदेश से आए मजदूरों को रखा गया है। शुक्रवार की दोपहर बाद जब मजदूरों को खाने के लिए कुछ सामान मिला तो वे इसे लेने के लिए टूट पड़े। सोशल डिस्टेंसिंग का भी ख्याल नहीं रखा गया। कुछ ऐसी ही तस्वीर पिछले दिनों आगरा से भी आई थी। Full Article
0 लॉकडाउन में दिल्ली से बिहार जा रहे मजदूर की मौत, साइकिल से 1300 किमी के सफर पर छह साथियों के साथ निकला था By Published On :: Fri, 01 May 2020 14:25:17 GMT आज मजदूर दिवस है। लेकिन उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले से एक ऐसी खबर आई, जो झकझोर देने वाली है। लॉकडाउन से रोजी रोटी छिन जाने के बाद भी 34 दिन जैसे तैसे गुजार लिए, लेकिन जब लगा कि ये संकट काल एक अंधेरी सुरंग सरीखा है तो दिल्ली से बिहार तक 1300 किमी लंबे सफर पर सात मजदूर टोली बनाकर निकल पड़े। यह सफर अभी तो एक तिहाई ही पूरा हो पाया था कि शाहजहांपुर जिले में एक की मौत हो गई। उसकेसाथियों का कहना है कि मृतक अभी तो28 साल का था। उसे कोई बीमारी भी नहीं थी। फिलहाल,प्रशासन ने मृतक का सैंपल जांच के लिए भेज दिया है।वहीं, उसके साथियों को क्वारैंटाइन कर दिया है। बिहार के खगड़िया का रहने वाला था मृतक मजदूरमृतक का नाम धर्मवीर (28) है। वह बिहार के खगड़िया जिले के खरैता गांव का रहने वाला था।अपने जिले के रहने वाले अन्य मजदूरों के साथ ही दिल्ली में रहकर दिहाड़ी मजदूरी करताथा। कभी रिक्शा चलाताथातो कभी राजगीर का काम कर लेताथा। लेकिन लॉकडाउन के बाद इनका रोजगार छिन गया। कुछ पैसे जोड़े थे तो उससे राशन खरीद लिया। यह राशन करीब 10 दिन चला। इसके बाद आसपड़ोस से मांगकर पेट भरा गया।कई दिनों मांगकर खाना खाया, भूखे भी रहेमृतक के साथी मजदूर रामनिवास उर्फ छोटू ने बताया किदिल्ली सरकार से भी कोई मदद नहीं मिली। कई दिनों तक बिस्कुट खाकर पेट भरा। लेकिन जब लगा कि ये दिन कैसे गुजरेंगे? इससे बेहतर है किअपनों के बीच चला जाए। यहां रहे तो बीमारी से मरेया न मरेभूख से जरूर मर जाएंगे। मजबूरन 27 अप्रैल को धर्मवीर के साथ हम छह लोग साइकिल से अपने घर के लिए निकल पड़े। भूखे प्यासे चार दिन साइकिल चलाकर गुरुवार की रात शाहजहांपुर पहुंचे। यहां बरेली मोड़ स्थित एक होटल के बाहर ठहर गए।रास्ते में किसी तरह की कोई मदद नहीं मिली। शाहजहांपुर आने के बाद एक मंदिर से कुछ खाना मिल गया। शुक्रवार सुबह उनके साथी मजदूर धर्मवीर की हालत बिगड़ गई। उसे मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां उसने दम तोड़ दिया।'कोई बीमारी नहीं थी'हालांकि, धर्मवीर की मौत का कारण क्या है? यह बात किसी को समझ नहीं आ रही है। उसके साथियों ने बताया कि उसे कोई बीमारी नहीं थी। दिल्ली से आए मजदूर की मौत की सूचना पर प्रशासन के अधिकारीमेडिकल कॉलेज पहुंचे। मृतक के बारे में साथियों से जानकारी ली। उसका शव पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया।मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल अभय कुमार ने बताया कि शव सेसैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिया गया है। साथी मजदूरों को क्वारैंटाइन किया गया है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today ये तस्वीर शाहजहांपुर में पोस्टमार्टम हाउस के बाहर की है। ये मजदूर मृतक धर्मवीर के साथी हैं, जो साइकिल से दिल्ली से बिहार के लिए निकला था। लेकिन शाहजहांपुर में मौत हो गई। Full Article
0 आगरा में एक साथ 25 मामले सामने आए; संक्रमित मरीजों की संख्या 526 हुई, अभी तक 130 लोग हुए स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुए By Published On :: Sat, 02 May 2020 07:10:04 GMT उत्तर प्रदेश में कोरोनावायरस का संक्रमण तेजी से फैलता जा रहा है। पूरे यूपी में संक्रमित मरीजों की संख्या 2300 के आंकड़े को पार कर गई है जिसमें अकेले आगरा के 500 से अधिक मरीज शामिल हैं।आगरा में एक बार फिर कोरोना के मरीजो में हुआ इजाफा है। यहां संक्रमितों की संख्या 501 से बढ़कर हुए 526 पहुंच गई है। मंगलवार को एक साथ 25 नए मामले सामने हैं। इनमें से 396 मरीज एक्टिव हैं और 130 मरीज डिस्चार्ज हो चुके हैं। अब तक जिले में14 कोरोना के मरीजों की मौत हो चुकी है। आगरा में अब तक 10 से अधिक सब्जीवालों में कोरोना की पुष्टि हो चुकी है।ताजनगरी में कोरोना संक्रमण से साथ कोरोना से जंग जीतने की दर भी तेज है। शुक्रवार को चार और ठीक होकर घर चले गए। इन्हें खंदौली में रखा गया था। जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने बताया कि अब तक 126 स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं। 15 संक्रमित मरीजों की मौत भी हो चुकी है।शुक्रवार को मिले नए कोरोना मरीजों में सब्जी विक्रेता, केबिल ठीक करने वाले मैकेनिक और रिक्शा चालक शामिल हैं। पूल टेस्टिंग में ऑटो चालक की बेटी भी संक्रमित मिली है। संक्रमित सब्जी विक्रेताओं में बसई मंडी के चार और एक सिकंदरा सब्जी मंडी का है।हॉटस्पॉट में सामने आ रहे मामलेआगरा में 500 से ज्यादा लोग संक्रमित पाए गए हैं। यहां रोज संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। इसको लेकर पुलिस भी अब पहले से अधिक सख्त हो गई है।आगरा में कोरोना वायरस के 39 हॉटस्पॉट और 175 एपीसेंटर हैं। जो नये मामले सामने आए हैं, वे हॉटस्पॉट इलाकों से संबंधित हैं और करीबी संपर्क वाले व्यक्ति के संक्रमण का शिकार हुए हैं। एस एन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में कार्यरत एक कर्मी की रिपोर्ट पॉजीटिव आयी है। यहां की नर्सिंग स्टाफ और वार्ड ब्वाय की रिपोर्ट भी पॉजीटिव है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today आगरा में शुक्रवार देर रात तक संक्रमण के 22 मामले सामने आने के बाद यहां पॉजिटिव मरीजों की संख्या 500 को पार कर गई है। डीएम प्रभु एन सिंह ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि नए मामले हॉटस्पॉट वाले इलाकों में सामने आ रहे हैं। Full Article
0 24 घंटे के भीतर 10 पॉजिटिव मामले सामने आए, मेरठ के रहने वाले कोरोना संक्रमित की दिल्ली में मौत By Published On :: Sat, 02 May 2020 07:31:00 GMT उत्तर प्रदेश में कोरोनावायरस का संक्रमण तेजी से फैलता जा रहा है। इस बीच मेरठ में 24 घटें के भीतर कोरोना के 10 नए मरीज मिले हैं, जिनमे से एक की मौत हो गई है। मेरठ में कोरोना के मरीजों की संख्या 115 हो गई है। इनमें से 53 की छुट्टी हो चुकी है, जबकि छह की मौत, बाकी 56 का इलाज चल रहा है। नए मरीजों में 57 साल के व्यक्ति हैं, जो खरखौदा खासपुर के हैं। दिल्ली में भर्ती थे। इनकी आज सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई।जानकारी के मुताबिक, मेरठ में एक दिन पहले कोरोना संक्रमित आया व्यक्ति लॉकडाउन में भी बिरयानी बेचता रहा। तबीयत खराब होने पर हफ्तेभर पहले उसने बिरयानी का ठेला लगाना बंद किया। आशंका है कि संक्रमित होने के बावजूद उसने कई दिन तक बिरयानी बेची होगी। रोजाना इस ठेले पर बिरयानी खाने वाले सैकड़ों लोगों में अब दहशत की स्थिति है। उधर, स्वास्थ्य विभाग ने इसके संपर्क में आने वाले 32 लोगों को क्वारंटाइन कर दिया है।ब्रह्मपुरी क्षेत्र में भूमिया पुल निवासी एक व्यक्ति की कोरोना रिपोर्ट गुरुवार रात पॉजिटिव आई है। उसका इलाज मेरठ मेडिकल अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने ट्रेवल हिस्ट्री जुटानी शुरू की तो चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई। पता चला कि वह मेट्रो प्लाजा पर अन्नपूर्णा छोले-भटूरे वाले के पास ठेला लगाकर वेज बिरयानी बेचता था। लॉकडाउन होने के बाद उसने ठेला गौतमनगर सब्जी मंडी स्थित गली के बाहर खड़ा करना शुरू कर दिया।पुलिस की सख्ती के बाद गली में लगाता था ठेलापिछले दिनों पुलिस सख्ती हुई तो उसने ठेला गली के भीतर लगा लिया। कुल मिलाकर लॉकडाउन में वह लगातार वेज बिरयानी बेचता रहा। बताया कि एक सप्ताह पहले अचानक उसकी तबीयत खराब हो गई। इसके बाद से ही ठेला लगना बंद हुआ। पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने बिरयानी विक्रेता के चार परिजनों को क्वारंटाइन कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग मान रहा है कि किसी ग्राहक या सब्जी मंडी में वह संक्रमित हुआ है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today कोरोना संक्रमण के मामले मेरठ में लगातर बढ़ते जा रहे हैं। यहां पर पिछले 24 घंटों के में 10 लोग पॉजिटिव पाए गए। Full Article
0 बहराइच में एक पुलिस चौकी का ‘इनचार्ज’ बना 14 साल का लड़का, लॉकडाउन नियमों का उल्लंघन नहीं करने की दे रहा समझाइश By Published On :: Sat, 02 May 2020 08:31:00 GMT यहां एक पुलिस चौकीपर 14 साल का एक लड़का हाथ में डंडालेकर लोगों को यह समझा रहा है कि लॉकडाउन का उल्लंघन नहीं करें और फालतू घरों से नहीं निकलें। गमछा, रूमाल या फिर मास्क अपने चेहरे पर लगाएं और साबुन व सैनेटाइजर का बार-बार इस्तेमाल करें।नियमों का उल्लंघन करने वालों को जेल भेजूंगासौम्या अग्रवाल बताते हैं, लॉकडाउन का पालन किया जाना चाहिए। यदि कोई लॉकडाउन नियमों का उल्लंघन करता है तो मैं इस पुलिस चौकीका ‘इनचार्ज’ हूं, मैं उसके खिलाफ केस रजिस्टर करूंगा और अपराधीको जेल भेजा जाएगा।लोग मानते हैं सौम्य की अपीलमीठीपुरवा निवासी सौम्य की लीडरशिप क्वालिटी को देखकर पुलिस ने उसे यहां के थाने के‘इनचार्ज’ के रूप में पेश कियाहै। जब यह किशोर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कहे गए वाक्य दो गज दूरी बहुत जरूरी है को दोहराते हैं तो उसकी इस स्टाइल को यहां के लोग पसंद करते हैं और गंभीरता से लेते हैं।सफल प्रयोगपुलिस अधीक्षक विपिन मिश्रा कहते हैं, यह कम्युनिटी पुलिसिंग का जमाना है....हम नरमी बरत रहे हैं और अपने आपको लोगों को एक मददगारके रूप में भी बता रहे हैं। मोतीपुर पुलिस स्टेशन के एसएचओ जेपी शुक्ला कहते हैं, मीठीपुरवा पुलिस आउटपोस्ट के इनचार्ज अजय तिवारी को यह मालूम हुआ कि सौम्य पुलिस फोर्स ज्वाइन करना चाहता है तो उन्होंने यह प्रयोग किया। सौम्य को मीठीपुरवा पुलिस आउटपोस्ट का इनचार्ज घोषित किया गया था। अजय तिवारी की जगह सौम्य के साथ पुलिस टीम भेजी जाती है। अजय तिवारी ने कहा, प्रयोग सफल साबित हो रहा है और लोग लॉकडाउन नियमों का पालन कर रहे हैं।लोग लॉकडाउन के महत्व को समझेंगेबहराइच के सांसद अक्षयवर लाल इस प्रयोग की प्रशंसा करते हुए कहते हैं, इससे लोग लॉकडाउन के महत्व को समझेंगे। वे सौम्य की भी प्रशंसा करते हैं और उसे सलाह दी है कि वे अपना ख्याल भी रखें और अपनी पढ़ाई पर भी फोकस रखें। इससे वे पुलिस फोर्स में जाने के अपने सपने को पूरा कर सकेंगे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today डेमो फोटो Full Article
0 संक्रमित मरीजों की संख्या पहुंची 2499, इनमें 1765 एक्टिव केस; 24 घंटे में 180 मरीज सामने आए, अब तक 698 लोग स्वस्थ हुए By Published On :: Sun, 03 May 2020 05:42:00 GMT उत्तर प्रदेश में कोरोनावायरस का संक्रमण दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। पिछले 24 घंटे में 180 नए मरीज विभिन्न जिलों में बढ़े हैं। अब तक प्रदेश में 2499 मामले सामने आए हैं जिसमें 1765 एक्टिव केस शामिल हैं। इसमें 1129 लोग तब्लीगी जमात से सम्बंधित हैं। आंकडों के अनुसार अब तक प्रदेश में 43 मौतें हो चुकी हैं। अधिकारियों के मुताबिक यूपी के 64 जिलों में कोरोना का संक्रमण फैल चुका है।कोरोना से अब तक कुल 43 मौतें हुईं: गाजियाबाद, अमरोहा, बरेली, बस्ती, वाराणसी, बुलन्दशहर, लखनऊ, अलीगढ़, श्रावस्ती व मथुरा में 1-1, फिरोजाबाद में 2, कानपुर में 4, मेरठ में 6, मुरादाबाद में 7, व आगरा में कोरोना से अब तक कुल 14 मौतें हुईं हैं।698 कोरोना स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किए गए पेसेंट: आगरा से 104, गौतमबुद्धनगर (नोएडा) से 94, लखनऊ से 69, गाजियाबाद से 44, लखीमपुर-खीरी से 4, कानपुर नगर से 19, पीलीभीत से 2, मुरादाबाद से 45, वाराणसी से 8, शामली से 25, जौनपुर से 5, बागपत से 14, मेरठ से 53, बरेली से 6, बुलन्दशहर से 13, बस्ती से 13, हापुड़ से 6, गाजीपुर से 5, आज़मगढ़ से 4, फ़िरोज़ाबाद से 33, हरदोई से 2, प्रतापगढ़ से 6, सहारनपुर से 16, शाहजहांपुर से 1, बांदा से 3, महराजगंज से 6, हाँथरस से 4, मिर्जापुर से 2, औरैय्या से 4, बाराबंकी से 1, कौशाम्बी से 2, बिजनौर से 21, सीतापुर से 17, प्रयागराज से 1, मथुरा से 4, बदायूं से 2, रामपुर से 7, मुजफ्फरनगर से 9, अमरोहा से 12, भदोहीं से 1, कासगंज से 3, इटावा से 1, संभल से 1, कन्नौज से 3 व मैनपुरी से भी 3 कोरोना पेशेंट्स को स्वस्थ पूर्णतया करवाकर डिस्चार्ज किया गया।अब तक 2499 पॉजिटिव केसों का जिलेवार विवरण: आगरा में 536, लखनऊ में 222, कानपुर नगर में 227,सहारनपुर में 202, गौतमबुद्धनगर (नोएडा) में 159, फिरोजाबाद में 137, मेरठ, मुरादाबाद में 113, गाजियाबाद में 68, वाराणसी में 61, बुलन्दशहर में 54, रायबरेली में 44, अलीगढ़ में 41, अमरोहा में 30, बस्ती में 32, हापुड़ में 35, बिजनौर में 34, संतकबीरनगर-शामली में 27-27 , रामपुर में 25, मुजफ्फरनगर में 23, मथुरा में 22, सीतापुर में 20, संभल में 19, बागपत में 17 और बदायूं में 16 मामले सामने आए हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today उप्र में कोरोवायरस का संक्रमण तेजी से फैलता जा रहा है। यूपी में अब तक संक्रमण से 43 लोगों की मौत हो चुकी है और 64 जिलों में संक्रमण फैल चुका है। Full Article
0 लॉकडाउन 3.0 के दौरान रेडजोन वाले जिलों में नहीं मिलेगी कोई छूट, योगी ने अधिकारियों से कहा- लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी By Published On :: Sun, 03 May 2020 07:00:00 GMT उत्तर प्रदेश सरकार के तमाम प्रयास के बाद भी कोरोनावायरस का संक्रमण बढ़ता जा रहा है। लॉकडाउन फेज-2 का आज अंतिम दिन है। इसके साथ ही लॉकडाउन 3.0 में उत्तर प्रदेश सरकार रेड जोन में आने वाले 19 जिलों में कोई भी छूट नहीं दे रही है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने सभी डीएम के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में उनको इसका स्पष्ट निर्देश दिया है। योगी ने कहा कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।केंद्र सरकार के लॉकडाउन-3 को हर बार की तरह हर हाल में सफल बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों के आपसी समन्वय पर जोर देते हुए स्पष्ट कहा है कि इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। केंद्र सरकार ने लॉकडाउन के तीसरे चरण को लेकर जो गाइडलाइन दी हैं, उसके आधार पर रविवार को सरकार ने जिलों को अपना दिशा-निर्देश जारी किया।अधिकारियों के साथ सीएम ने की वीडियो कांफ्रेंसिंगलॉकडाउन के तीसरे चरण के पालन के संबंध में मुख्यमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से सभी जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक व मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिया। सीएम ने कहा कि सभी जिलों में मंडियां खुले स्थान पर संचालित हों, जहां शारीरिक दूरी हर हाल में रहे। साथ ही मंडियों को सुबह से शाम तक चलाएं, ताकि अचानक ज्यादा भीड़ न पहुंचे। मंडियों में व्यवस्था बनाए रखने के लिए पीआरडी के जवानों की भी सेवा ली जाए।सीएम ने कहा कि मंडी आने वाले लोगों में संक्रमण को चेक किया जाए। इससे सामुदायिक संक्रमण को रोका जा सकता है। वहीं, लोगों की सुविधा के लिए हॉटस्पॉट क्षेत्र के बाहर सब्जियों की दुकानें ज्यादा समय तक खोली जाएं।राशन, किराना, दवा की दुकानों पर ज्यादा भीड़ न लगने पाए। उन्होंने अन्य राज्यों से आने वाले श्रमिकों की पूरी जांच, क्वारंटाइन प्रोटोकॉल और होम क्वारंटाइन पर भेजे जाने वाले श्रमिकों को खाद्यान्न का पैकेट भी उपलब्ध कराने के लिए कहा। उल्लेखनीय है कि लॉकडाउन के बाद से मंडियां रात में ही खोली जा रही थीं।पुलिस को संक्रमण से बचाना बड़ी चुनौतीयोगी आदित्यनाथ ने कहा लॉकडाउन को प्रभावी बनाने में हमारे सभी पुलिस अधिकारियों की बड़ी भूमिका है। उन्हें संक्रमण से बचाना भी बड़ी चुनौती है। सभी पुलिस अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि वे ग्लव्स, मास्क, सैनिटाइजर आदि का उपयोग करते हुए स्वयं को सुरक्षित रखें। लॉकडाउन का सख्ती से पालन कराएं लेकिन, जनता का अनावश्यक उत्पीडऩ न किया जाए।उन्होंने सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने, अनावश्यक टिप्पणियां करने वालों को चिह्नित कर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही गोकशी, लूटपाट और महिला उत्पीडऩ जैसी घटनाएं भी न हों। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today उप्र के मुख्यमंत्री सीएम योगी आदित्यनाथ ने रविवार को अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग की। इस दौरान उन्होंने कहा कि रेडजोन वाले जिलों में कोई छूट नहीं मिलेगी। अधिकारियों की तरफ से लापरवाही भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। Full Article
0 अहमदाबाद से 1200 श्रमिक परिवारों लेकर कानपुर पहुंची स्पेशन ट्रेन; सोशल डिस्टेंसिंग कर थर्मल स्क्रीनिंग कराई By Published On :: Sun, 03 May 2020 08:47:10 GMT लॉकडाउन के बाद अहमदाबाद में फंसे 1200 मजदूरों को लेकर एक स्पेशल ट्रेन रविवार सुबह 9:10 बजे कानपुर सेंट्रल स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 9 पर पहुंची। स्टेशन पर उतरने के बाद मजदूरों के चेहरे खुशी से चमक उठे। प्लेटफार्म पर मौजूद मेडिकल टीम ने उनकी थर्मल स्क्रीनिंग कर स्वास्थ्य परीक्षण किया। यह सभी मजदूर प्रदेश के विभिन्न जनपदों के रहने वाले हैं। जिला प्रशासन सरकारी बसों से इन सभी मजदूरों को उनके जदपदों तक पहुंचाने का काम करेगा।कोरोनावायरस के संक्रमण से लोगों को बचाने के लिए पूरे देश में 25 मार्च को लॉकडाउन लगाया गया था। देशवासियों से अपील की गई थी कि जो जहां पर वहीं रहे। इस स्थिति में देश के विभिन्न राज्यों में काम करने वाले मजदूर फंस गए। लंबे समय से प्रवासी मजदूर परिजन यह मांग कर रहे थे कि अन्य जनपदों में फंसे लोगों को उनके घरों तक लाया जाए। इसके बाद गृह मंत्रालय ने प्रवासी मजदूरों को उनके राज्यों तक पहुंचाने के लिए स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला किया था।कानपुर सेंट्रल स्टेशन परअहमदाबाद से लौटे श्रमिकों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई, फिर उन्हें क्वारैंटाइन किया गया।कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर पहुंची स्पेशल ट्रेन से उतरे मजदूरों ने सोशल डिस्टेंसिग का उदाहरण पेश किया। सभी मजदूर एक लाइन से ट्रेन से उतरे। इसके बाद वहां मौजूद पुलिस टीम को अपने नाम पते और मोबाइल नंबर नोट कराए। इसके बाद मेडिकल कैंप में सभी प्रवासी मजदूरों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। जनपद रवाना होने वाले मजदूरों के हाथों पर होम क्वारैंटाइन की मुहर लगाई गई। मजदूरों को उनके जनपदों तक पहुंचाने के लिए सरकारी बसों की व्यवस्था की गई है।श्रमिकों का नाम व पता नोट करते पुलिसकर्मी।स्टेशन अधीक्षक आरपीएन त्रिवेदी ने बताया- साबरमती से कानपुर के लिए स्पेशल ट्रेन चलाईगई है। इसमें यूपी के विभिन्न जिलों के मजदूर हैं, प्रशासन की तरफ से बसों की व्यवस्था की गई है। मेडिकल परीक्षण के बाद जो जिस जनपद का है उसे वहां भेजा जाएगा। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today अहमदापुर से कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पहुंचे श्रमिकों की थर्मल स्क्रीनिंग हुई। इसके बाद उन्हें बसों से उनके जनपद तक भेजा जाएगा। Full Article
0 योगी ने कर्नल आशुतोष की शहादत को किया नमन, 50 लाख रुपए की मदद और परिवार को नौकरी देगी प्रदेश सरकार By Published On :: Sun, 03 May 2020 14:22:44 GMT जम्मू-कश्मीर के हंदवाड़ा में शनिवार हुए एनकाउंटर में सेना की 21 राष्ट्रीय रायफल्स (आरआर) के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल आशुतोष शर्मा समेत पांच जवान शहीद हो गए। कर्नल आशुतोष उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के परवाना गांव के रहने वाले थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहीद जवानों को नमन करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने शहीद आशुतोष के परिवार को 50 लाख की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। साथ ही एक परिजन को सरकारी नौकरीदी जाएगी।शहीदों को राष्ट्र सदैव याद रखेगा: सीएममुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा-राष्ट्र की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले शहीदों को राष्ट्र सदैव याद रखेगा। बता दें कि, सरकार ने आर्थिक सहयोग व सरकारी नौकरी के अलावा कर्नल आशुतोष की स्मृति में उनके पैतृक गांव में गौरव द्वार के निर्माण की भी घोषणा की है।वीरता के लिएदो बार मिला सेना मेडलकर्नल आशुतोष को उनकी वीरता के लिए दो बार सेना मेडल भी मिल चुका है।तकरीबन 8 साल पहले अपने बड़े भाई की नौकरी के चलते मां, भाई-भाभी व पत्नी-बच्चों सहित जयपुर शिफ्ट हो गए थे। गांव में चाचा का परिवार रहता है। बचपन से ही उनका सेना में जाने का सपना था। फौजियों की कहानियां बड़े बुजुर्गों से सुनते रहते थे।बंधक लोगों को छुड़ाया, दोनों आतंकी हुए ढेरहंदवाड़ा के जंगली इलाकों से 3 किमी दूर छाजीमुल्लाह गांव के एक घर में कुछ आतंकियों ने लोगों को बंधक बना लिया था। सुरक्षाबलों ने बंधकों को छुड़वाने के लिए ऑपरेशन शुरू किया। टीम का नेतृत्व 21 राष्ट्रीय राइफल्स के कमांडिग ऑफिसर आशुतोष शर्मा खुद कर रहे थे। उनके साथ एक मेजर और जम्मू-कश्मीर के पुलिस जवानों को मिलाकर 5 लोगों की टीम थी। जब जवान घर के भीतर गए तो आतंकी पास में बने गाय के बाड़े में छिपे थे। सुरक्षाबलों ने घर से लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। तभी आतंकियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। इस बीच सुरक्षाबलों से कोई भी खबर आनी बंद हो गई। कई घंटे तक सुरक्षाबलों से संपर्क कटा रहा। माना जा रहा है कि आतंकियों ने सुरक्षाबलों की कम्युनिकेशन डिवाइस ले ली थी। पूरी रात बारिश भी होती रही। रविवार सुबह 7 बजे के आसपास फायरिंग रुकी। इसके बाद सेना ने घर की छानबीन की। तब पता चला कि सेना की कार्रवाई में दो आतंकी मारे गए, लेकिन इस दौरान कर्नल आशुतोष शर्मा समेत 5 जवान शहीद भी हो गए। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today जम्मू-कश्मीर के हंदवाड़ा में शहीद 21 राष्ट्रीय रायफल्स (आरआर) के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल आशुतोष शर्मा उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के परवाना गांव के रहने वाले थे। Full Article
0 किसी ने कहा- पहली बार इतना आरामदायक सफर किया तो कोई गोद में बच्चा लिए 200 किमी पैदल चली By Published On :: Mon, 04 May 2020 03:46:29 GMT बीते 42 दिनों से सन्नाटे में रहे लखनऊ केचारबाग स्टेशन पर रविवार को कुछ चहलकदमी दिखाई दी। सायरन की आवाज भी आईतो स्टेशन पर ट्रेन काएनाउंसमेंट भी हो रहा था। स्टेशन के बाहर पुलिसकर्मी औरपीपीई किट में स्वास्थ्यकर्मी भी दिखाई दिए। दरअसल, रविवार को श्रमिक स्पेशल ट्रेन नासिक से 21 घंटे की यात्रा के बाद पहुंची थी। यह ट्रेन कई मायनों में अन्य ट्रेनों से अलग थी। ट्रेन की खिड़की से झांकते चेहरे ढके हुए थे तो आंखों में बाहर का नजारा देखने की ललक थी।हर बार की तरह श्रमिकों को ट्रेन की बोगियों मेंएक दूसरे के ऊपर चढ़ कर यात्रा नहीं करनी पड़ी। बल्कि आराम से एक-एक सीट पर लेट कर पहुंचे। ट्रेन रुकते ही कुछ ने पूछा- भैया यहां से जाने के लिए कोई साधन है क्या? जवाब हां, में मिलने पर उनके चेहरे पर एक अलग सुकून नजर आया। दरअसल, श्रमिक ट्रेन से आए सभीमजदूरनासिक में अलग-अलग सेंटरों मेंक्वारैंटाइन थे। कोई 15 दिन से तो कोई एक महीने से क्वारैंटाइनसेंटर में रहकर अंदर से टूट सा गया था। आस नहीं थी कि सरकार उनकी भी सुध लेगी। बहरहाल, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए मजदूरों की स्टेशन पर स्क्रीनिंग करवाई गई।फिर उन्हें बस सेघर के लिएरवाना किया गया। नासिक से घर लौटे 4 मजदूरों की कहानियां, उन्हीं की जुबानी:दिहाड़ी मजदूरी करते थे, रुपये-पैसे की किल्लत हुई तो पैदल ही निकले घर के लिएश्रावस्ती जिले के रहने वाले उमेश खिड़की के किनारे मुंह पर रुमाल लपेटे हुए बैठे हैं। वह बाहर जाने के लिए परेशान हैं, लेकिन पुलिस वालों की रौबीली आवाज सुनकर वहीं दुबके बैठे हैं। पूछने पर बताते हैं, 'हम नासिक में एक महीना से क्वारैंटाइनहैं। हमारे और भी साथी वहीं पर थे। 3-4 दिन से वहां अधिकारी कह रहे थे कि हम लोगों का भेजने की व्यवस्था हो रही है। अभी होली में घर से लौट कर गएथे। दिहाड़ी काम है तो बहुत ज्यादा कमाई नहीं हुई थी। लॉकडाउन में कुछ दिन काम तो चल गया, लेकिन बाद में दिक्कत होने लगी। हम 15 लोग मुंबई से उत्तर प्रदेश केश्रावस्ती के लिए पैदल हीनिकल लिए थे। लेकिन नासिक में हम लोगों को पुलिस ने पकड़ लिया और क्वारैंटाइन सेंटर में डाल दिया। तब से वहीं रहे। ट्रेन के बारे में एक दिन पहले ही बता दिया गया था और जितने लोग ट्रेन में हैं सभी नासिक के अलग अलग क्वारैंटाइन सेंटर से ही आए हैं। घर वालों को फोन पर बता दिया है तो कोई परेशानी नहीं है।'उमेश, श्रावस्ती।गोद में बच्चा लिए 200 किमी पैदल चली, नासिक में पुलिस ने पकड़ लियासिद्धार्थनगर की रहने वाली उर्मिला की गोद में लगभग 2 साल का बच्चा नींद में मस्त कंधे पर सर रखे लेटा हुआ है। थर्मल स्क्रीनिंग करने वाला व्यक्ति उसके शरीर का ताप मापना चाह रहा है। लेकिन बच्चे की गर्दन बार बार कंधे की तरफ सरक रही है। उर्मिला के पीछे ही उसका पति, भाई और बहन भी थे। उर्मिला कहती हैं, 'यहां रोजगार नहीं था तो पूरा परिवार मुंबई कमाने चला गया। सब मिलकर ठीक-ठाक कमा लेते हैं। गांव में ससुर हैं और मायके में मां बाप हैं। उनका खर्च भी इससे चल जाता है। जब लॉकडाउन हुआ तो हम लोग परेशान हो गए। लगा पता नही अब यहां काम कब मिलेगा। राशन पानी खत्म हो रहा था और परेशान अलग हो रहे थे तो हम अपने परिवार के साथ पैदल ही यूपी के लिए चल दिए। 29 मार्च को हम चले और 31 मार्च को नासिक बॉर्डर क्रॉस करने वाले थे तभी पुलिस ने हम सबको पकड़ कर सेंटर में डाल दिया। एक दिन हम लोगों को भूखा भी रहना पड़ा। बच्चे को बचा-खुचा बिस्कुट वगैरह खिलाकर। लेकिन सेंटर में आराम था। खाना पीना सब मिलता था। रोज चेकिंग भी होती थी। इधर दो दिन पहले हम लोगों को बताया गया कि हम लोग के लिए ट्रेन चलाई जाएगी।'उर्मिला, सिद्धार्थनगर।'लखनऊ पहुंच गए अब जल्द से जल्द झांसी जाना है'राम कुशवाहा अपने 15 साल के बेटे रूपेश और पत्नी सरोज के साथ नासिक से आए हैं। उन्हेंझांसी जानाहै। वहबताते हैं, 'हम लोग नासिक मंडी में बेलदार का काम करते हैं। मंडी बन्द होने की वजह से काम बंद हो गया था। इससे जेब खर्च मुश्किल हो गया था। हम लोग भी घर जाने के लिए पैदल ही निकले थे लेकिन हमें पकड़ लिया गया तो फिर सेंटर में डाल दिया। ट्रेन में बैठने से पहले बताया गया था कि एक सीट पर एक आदमी रहेगा। जबकि बाथरूम जाने के लिए एक-एक आदमी को परमिशन मिलेगी। मास्क लगाना जरूरी था। हालांकि पहली बार इतनी आराम से यात्रा करने का मौकामिला। नही हो हर बार भीड़ भाड़ में ही जाना पड़ता था। यहां से अब झांसी जाने की ही जल्दी है।'राम कुशवाहा, झांसी।'भैयाटिकट का 470 रुपया बचा रखा था नहीं तो आ भी नही पाते'प्रयागराज के रहने वाले फूलचंद कहते हैं, 'हम लोगों से 470 रुपए टिकट का लिया गया है। वह तो लॉकडाउन में कुछ पैसा बचाए थे, नही तो घर आने को भी नही मिलता। हम भी मुंबई में दिहाड़ी मजदूरी करतेहैं। एक बड़े कमरे में 17 लोग रहते हैं। लॉकडाउन के बाद जब सब पैदल चले तो हम भी चल दिए। अभी भी कई मजदूर पैदल ही आ रहे हैं। किस्मत अच्छी थी कि सेंटर पहुंच गए जहां खाने पीने की दिक्कत नहीं हुई और न ही लेटने बैठेने की। आराम से लखनऊ तक आ भी गए हैं। घर पर पत्नी है, बिटिया है, मां और पिता हैं। सब इंतजार कर रहे हैं। ये अच्छा है कि फोन चल रहा है। सबसे बात होती रहती है। तो कोई परेशानी नही हुई।'फूलचंद, प्रयागराज। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Uttar Pradesh Migrant Labourers News | Shramik Special Train (Nasik To Lucknow) Latest News Updates | Uttar Pradesh Migrant Labourers Speaks To Dainik Bhaskar Full Article
0 बुजुर्ग की मौत के तीन दिन बाद पॉजिटिव आई रिपोर्ट; दो संक्रमित प्रसूताओं का हुआ प्रसव, ऑपरेशन करने वाली टीम क्वारैंटाइन By Published On :: Mon, 04 May 2020 05:25:00 GMT उद्योग नगरी कानपुर में रविवार रात तीन दिन पहले मृत बुजुर्ग महिला की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई। दरअसल, बादशाही नाका थाना क्षेत्र के रंजीतपुरवा निवासी 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला को बुखार और सांस लेने में दिक्कत थी। परिजनों ने उसे 29 अप्रैल को हैलट के न्यूरो साइंस कोविड-19 अस्पताल में भर्ती में कराया था। डाक्टरों ने अगले दिन 30 अप्रैल को महिला के सैंपल को जांच के लिए भेजा था। लेकिन उसकी दिन बुजुर्ग की मौत हो गई थी। मृतका का अंतिम संस्कार कोविड-19 प्रोटोकॉल के तहत मेडिकल टीम की निगरानी में हुआ था। मौत के तीसरे दिन आई रिपोर्ट में मृतका में संक्रमण की पुष्टि हुई है।मृतकों की संख्या 5 पहुंची, अब तक 33 हॉटस्पॉट बनेमृतका के घर की तरफ जाने वाली सभी गलियों और रास्तों को बंद कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मृतका के परिजनों को घरों में रहने की सलाह दी है। सोमवार को परिजनों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जाएंगे और सभी को क्वारैंटाइन सेंटर भेजा जाएगा। महिला के घर के आसपास के एरिया को हॉटस्पॉट घोषित कर दिया गया है। शहर में 33 हॉटस्पॉट एरिया बनाए जा चुके हैं। जबकि, मृतकों की संख्या अब 5 पहुंच गई है।दो संक्रमित महिलाओं का प्रसवबीते 24 घंटे में केजीएमयू और जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की कोविड-19 लैब से आई रिपोर्ट में 18 लोग संक्रमित पाए गए। इसके साथ ही मरीजों का आंकड़ा 253 पहुंच गया है। जिसमें 19 मरीज डिस्चार्ज हो चुके हैं। शहर के डफरिन अस्पताल में भर्ती दो संक्रमित महिलाओं का ऑपरेशन कर सुरक्षित प्रसव कराया गया। प्रसव के बाद पूरे पैरामेडिकल स्टॉफ को क्वारैंटाइन कराया गया है। वहीं जच्चा-बच्चा दोनों ही सुरक्षित हैं। दोनों कुली बाजार हॉटस्पॉट एरिया की हैं। डॉक्टर रूचि जैन और कजली गुप्ता ने संक्रमित महिलाओं का प्रसव कराया। दोनों को आइसोलेश वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है।जिन्हें बचाने के लिए किया पथराव, उनमें चार निकले संक्रमितबीते 30 अप्रैल को बजरिया थाना क्षेत्र के हॉटस्पॉट एरिया जुगियाना मोहल्ले में एक कोरोना पॉजिटिव मरीज के परिजनों को क्वारैंटाइन कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीम पहुंची थी। इसी बीच स्थानीय लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया था। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 9 लोगों को क्वारैंटाइन कराकर उनकी सैंपलिंग कराई थी। रिपोर्ट आने पर 9 में से 4 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today ये तस्वीर कानपुर के कुलीबाजार हॉटस्पॉट की है। यहां हर दिन नए रोगी सामने आ रहे हैं। प्रशासन यहां हर एक नागरिक की स्कैनिंग करा रहा है। Full Article
0 महाराष्ट्र से 2127 श्रमिकों को लेकर पहुंची दो विशेष ट्रेन; थर्मल स्क्रीनिंग के बाद 60 बसों से घरों को हुए रवाना By Published On :: Mon, 04 May 2020 08:32:07 GMT कोरोनावायरस के प्रसार को रोकने के लिए देश में लॉकडाउन के कारण महाराष्ट्र में फंसे 2127 मजदूरों को लेकर दो श्रमिक स्पेशल ट्रेन गोरखपुर पहुंची हैं। प्लेटफार्म नंबर एक पर ट्रेन के पहुंचने के बाद यात्रियों की थर्मल स्कैनिंग की गई। जांच के बाद एक-एक यात्री का नाम दर्ज करके उन्हें बस में बैठाकर उनके खाने पीने का सामान देकर रवाना किया गया। प्रशासन ने मजदूरों को उनके घर भेजने के लिए 60 बसों का इंतजाम किया है।पहली ट्रेन रात ढेड़ बजे पहुंचीएडीएम सिटी आरके श्रीवास्तव ने बताया कि 23 मार्च के बाद रविवार को पहली श्रमिक स्पेशल देर रात 1:30 बजे के करीब गोरखपुर पहुंची। ये ट्रेन महाराष्ट्र के वसई और भिवंडी से रवाना हुई थी। दूसरी ट्रेन सोमवार सुबह 5.15 बजे प्लेटफार्म नंबर एक पर पहुंची। पहली ट्रेन में 1145 श्रमिक और दूसरी ट्रेन से 982 यात्री सवार थे। इनका थर्मल चेकअप करने के बाद नाम, पता, मोबाइल नंबर और अन्य विस्तृत जानकारी नोट की गई। इसके बाद उन्हें बसों से घर भेजा जा रहा है। ट्रेन में किया गया सोशल डिस्टेंसिंग का पालनएनडीआरएफ के इंस्पेक्टर गोपी गुप्ता ने कहा- ट्रेन में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो सके, इसके लिए एक बोगी में महज 54 लोगों को ही प्रवेश दिया गया था। रास्ते में किसी तरह की असुविधा से बचने के लिए आरपीएफ स्टाफ के साथ ही टीटीइ भी तैनात किए गए थे। बीच के स्टेशनों पर श्रमिकों के लिए जलपान की व्यवस्था की गई थी। लॉक डाउन में पहली बार गोरखपुर पहुंची यात्री ट्रेन को देखते हुए रेलवे के साथ ही जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद दिखी। महाराष्ट्र से गोरखपुर पहुंचे मजदूर।श्रमिकों ने जताई खुशी, बोले- खाने का था इंतजामइन यात्रियों में ज्यादातर गोरखपुर केखजनी, बांसगांव और गोला तहसील के रहने वाले हैं। भिवंडी के हथकरघा कारखाने में काम करने वाले मजदूर राम शबद ने कहा- मुझे खुशी है कि मैं आखिरकार अपने घर पहुंच गया। रास्ते में हमें खाना पीना दिया गया। ट्रेन में सवार होने से पहले हमारा आधार कार्ड और पता आदि से जुड़े दस्तावेजों की जांच की गई। गोरखपुर स्टेशन पर भी चेकिंग की गई। दस्तावेजों की जांच हुई। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today ये तस्वीर गोरखपुर की है। यहां दो स्पेशल ट्रेन महाराष्ट्र से चलकर पहुंचीं। जिनमें सवार यात्रियों को जांच के बाद उन्हें रोडवेज बसों से घर भेजा गया। Full Article
0 आज आएंगी श्रमिक स्पेशल पांच ट्रेन, राज्य में 11 लाख के क्वारैंटाइन की व्यवस्था हुई By Published On :: Mon, 04 May 2020 11:15:00 GMT प्रवासी श्रमिकों को उनके घरों तक पहुंचाने के लिए योगी सरकार जुटी है। आज गुजरात, महाराष्ट्र व कर्नाटक से पांच ट्रेनों का आवागमन होगा। इन ट्रेनों से आने वाले मजदूरों को 10 हजार बसों के जरिए उनके गृह जनपद तक छोड़ा जाएगा। सभी श्रमिकों एवं कामगारों की पहले क्वारैंटाइन सेंटर में हेल्थ चेकअप एवं मेडिकल स्क्रीनिंग होगी। इसके लिए पूरे प्रदेश में 50 हजार से अधिक मेडिकल टीमें लगाई गई हैं। अभी तक, सरकार द्वारा 11 लाख लोगों के क्वारैंटाइन सेंटर में ठहरने की व्यवस्था कर दी गई है। इन सभी को कम्युनिटी किचन के माध्यम से भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।क्वारैंटाइन सेंटर्स की होगी जियो टैगिंगराज्य के अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने बताया कि, प्रदेश के सभी कम्युनिटी किचन पहले से ही जियो टैग्ड हैं। सभी क्वारैंटाइन सेंटर्स को भी जियो टैग करने के निर्देश दे दिए गए हैं।जियो टैग होने से इन सभी सेंटर्स की निगरानी, राहत कंट्रोल रूम, लखनऊ से की जा सकेगी। यदि किसी जिले के क्वॉरेंटाइन सेंटर में श्रमिकों में कोरोना के लक्षण पाए जाते हैं तो उन्हें वहीं उपचार हेतु भर्ती किया जाएगा। क्वारैंटाइन सेंटर में किए गए टेस्ट के उपरांत जिन श्रमिकों में कोई लक्षण नहीं पाए जाएंगे, उनको होम क्वारंटाइन में भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि आगरा, लखनऊ, मेरठ, कानपुर, मुरादाबाद में अधिकरी लगातार कामों की समीक्षा करें।भारत सरकार की गाइडलाइन को पूरी तरह से पालन किया जाए।64 जिलों में 2743 संक्रमित मिलेस्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव अमित मोहन प्रसाद ने कहा- 64 जिलों में कोरोना का संक्रमण अपने पैर पसार चुका है। अब तक 2742 संक्रमित मिल चुके हैं। इनमें से 758 डिस्चार्ज किए गए हैं। बताया कि, 289 पूल टेट रविवार को हुए हैं। 3328 सैंपल टेस्ट के लिए भेजे गए। जबकि, 4021 कुल टेस्ट हुए हैं। अब तक प्रदेश में 90,821 टेस्ट हो चुके हैं। 50193 टीमों ने प्रदेश में 43,56,923 घरों का सर्विलांस किया है। जिससे 2,16,78,495 जनसंख्या को कवर किया गया है। 11049 मरीज क्वारैंटाइन सेंटर में भर्ती हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today अवनीश अवस्थी ने कहा- आगरा, लखनऊ, मेरठ, कानपुर, मुरादाबाद में सघन मॉनिटरिंग के लिए सीएम योगी ने अफसरों को निर्देश दिए हैं। Full Article
0 नैमिषारण्य में उड़ीसा और आंध्र प्रदेश के 59 श्रद्धालु 50 दिनों से फंसे, पैदल घर जाने के लिए निकले तो प्रशासन ने रोका By Published On :: Mon, 04 May 2020 13:27:30 GMT ऋषिभूमि नैमिषारण्य की यात्रा व भागवत कथा सुनने के लिए उड़ीसा व आंध्र प्रदेश से आए 59 श्रद्धालु बीते 50 दिनों से यहीं फंसे हुए हैं। इन तीर्थ यात्रियों ने घर वापसी के इंतजाम केलिए प्रशासन से कई बार मांग की, लेकिन अब तक कोई नतीजा नहीं निकला। आखिरकार सोमवार को ये श्रद्धालु पैदल ही अपने घर जाने के लिए निकल पड़े। लेकिन, जैसे ही यह बात प्रशासन को पता चली तो उन्हें समझा-बुझाकर वापस कराया गया। आश्वासन दिया गया है कि, शासन से बात कर जल्द वापस भेजने का इंतजाम होगा।60 साल के 30 लोग, तीन बच्चे भी शामिल16 मार्च को नैमिषारण्यस्थित उड़िया आश्रम (बंगाली मठ) में उड़ीसा के ब्लाइंगिर एवं पूरी गंजम जनपद से 51 श्रद्धालुयहां भागवत कथा का आयोजन करने आएथे। लेकिन, 22 मार्च कोकोरोनावायरस को लेकर जनता कर्फ्यूव उसके बाद लॉकडाउन लागू हो गया। सभी श्रद्धालु यहीं नैमिषारण्य में फंस गए।इन श्रद्धालुओं में 60 साल से अधिक उम्र के 30 लोगहैं, वहीं 3 बच्चे भी हैं। श्रद्धालुओं के टीम लीडर डीएम व एसडीएम से इस प्रकरण में कई बार वापस भेजने का अनुरोध कर चुके हैं पर अभी तक कोई निष्कर्ष नही निकल सका।इसके बाद आज इन श्रद्धालुओं के सब्र का बांध टूट गया और वो पैदल ही अपने घरों के लिए निकल पड़े थे। स्थानीय पुलिस ने उनसे काफी अनुनय विनय की। जिस पर श्रद्धालुओं का रोष कुछ कम हुआ और वे आश्रम वापस लौट आए।प्रशासन ने किया पत्राचारएसडीएम मिश्रित राजीव पाण्डे ने कहा-नैमिषारण्य में उड़ीसा के 51 और आन्ध्र प्रदेश के आठ लोग फंसे हुए हैं। इन्हें घर वापस भेजने के अनुरोध पर वहां की राज्य सरकारों से पत्राचार किया गया। किन्तु अभी तक कोई जवाब नहीं आया हैं। जैसे ही कोई पत्र प्राप्त होगा, उसी के अनुसार आगे की कार्रवाईकी जाएगी। फिलहाल इन सबके भोजन आदि की व्यवस्था प्रशासन द्वारा कराई जा रही है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today ये तस्वीर नैमिषारण्य में फंसे उड़ीसा के श्रद्धालुओं की है। ये सभी बीते 16 मार्च से यहां फंसे हुए हैं। सोमवार को इनका धैर्य जवाब दे गया तो पैदल ही अपने घरों को जाने के लिए निकल पड़े। हालांकि, प्रशासन ने उन्हें रोक लिया है। Full Article
0 नशेबाज दबंग ने दिव्यांग को गोली मारकर हत्या की, ग्रामीणों ने आरोपी की पिटाई करने के बाद पुलिस को सौंपा By Published On :: Tue, 05 May 2020 05:53:00 GMT उत्तर प्रदेश के कानपुर में सोमवार देर शाम एक दंबग ने नशे की हालत में पहले तो गांव के एक दिव्यांग पहले रास्ता रोका और विरोध करने पर देशी तमंचे से गोली मारकर हत्या कर दी। दिव्यांग की हत्या से पूरे गांव में तनाव की स्थित बन गई। ग्रामीणों ने आरोपी को पकड़कर जमकर पीटा। हत्या की सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह से आरोपी को ग्रामीणों के चुंगल से छुड़ाया। दरअसल दिव्यांग ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। इसके बाद भी ग्रामीण उसे अस्पताल ले गए जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया ।पुलिस के मुताबिक, बिल्हौर थाना क्षेत्र के निबौरी गांव में रहने वाले शंभूदयाल वर्मा के पांच बेटे है। दूसरे नंबर का सुशील वर्मा (33) एक पैर से दिव्यांग था। बीते सोमवार को सुशील पड़ोस के गांव से ट्रैक्टर से तरबूज लेकर लौट रहा था। दरअसल मंगलवार को तरबूज बाजार में बेचना था। सुशील जैसे ही गांव पहुंचा तो उसे नशे में धुत किशनपाल मिल गया। किशनपाल ने ट्रैक्टर को रोक लिया और गाली गलौज करने लगा। ट्रैक्टर चला रहे प्रांशू और सुशील ने इसका विरोध किया तो भागते हुए घर के अंदर गया और तमंचा ले आया।प्रांशू तो मौके से भाग गया लेकिन दिव्यांग होने की वजह से सुशील मौके से नहीं भाग पाया। किशनपाल ने दिव्यांग के सीने पर तमंचा सटाकर मार फायर कर दिया। सुशील लहुलुहान होकर मौके पर गिर पड़ा। कुछ ही देर में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। ग्रामीण दिव्यांग को लेकर हैलट अस्पताल पहुंचे जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।सुबह से ही शराब के नशे में था आरोपीग्रामीणों ने बताया कि लॉकडाउन की वजह से सभी शराब की दुकाने बंद थी। 40 दिनों बाद जब शराब की दुकानें खुली तो गांव का किशनपाल सुबह से ही शराब पी रहा था। नशे में धुत किशनपाल कह रहा था कि मैं ट्रैक्टर यहां से नहीं निकलने दूंगा। जबकि सुशील का कहना था कि यह आम रास्ता नहीं है। यहां से ट्रैक्टर नहीं जाएगा तो फिर कहां से जाएगा ।बिल्हौर थानाध्क्षय संतोष अवस्थी के मुताबिक आरोपी पुलिस हिरासत में है। जिस हथियार से वारदात को अंजाम दिया गया है उसे भी बरामद कर लिया गया है । मृतक के परिजनों की तहरीर पर विधिक कार्रवाई की जा रही है । Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today कानपुर में नशे की हालत में एक दबंग ने दिव्यांग को गोली मार दी। आनन फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया जहां उसकी मौत हो गई। Full Article
0 मज़दूरों के रेल किराए को लेकर राजनीति तेज, मायावती ने कहा- जब सरकारें हो जाएंगी नाकाम तो बसपा करेगी थोड़ा योगदान By Published On :: Tue, 05 May 2020 06:36:57 GMT कोरोनावायरस के चलते देश भर में जारी लॉकडाउन का तीसरा चरण जारी है। इस दौरान देश के विभिन्न राज्यों में अटके दूसरे राज्यों के श्रमिकों को घर वापस लाने के लिए रेलवे श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चला रहा है। लेकिन अब ट्रेन के किराए को लेकर राजनीति भी शुरू हो चुकी है। बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने मंगलवार को कहा कि श्रमिकों से ट्रेनों और बसों का किराया देने में यदि सभी सरकारें नाकाम साबित हो जाएंगी तब बसपा इसमें थोड़ा योगदान जरूर देगी।बसपा सुप्रीमों ने मज़दूरों के किराए को लेकर मंगलवार को दो टि्वट किए। मायावती ने कहा- यह अति-दुर्भाग्यपूर्ण है कि केन्द्र व राज्य सरकारें प्रवासी मज़दूरों को ट्रेनों व बसों आदि से भेजने के लिए, उनसे किराया भी वसूल रही हैं। सभी सरकारें यह स्पष्ट करें कि वे उन्हें भेजने के लिए किराया नहीं दे पाएंगी।बसपा सुप्रीमो ने आगे लिखा- ऐसी स्थिति में बी.एस.पी. का यह भी कहना है यदि सरकारें प्रवासी मज़दूरों का किराया देने में आनाकानी करती है तो फिर बसपा अपने सामर्थवान लोगों से मदद लेकर, उनके भेजने की व्यवस्था करने में अपना थोड़ा योगदान जरूर करेगी।केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी रेल किराए को लेकर कसा तंजइससे पहले सोमवार को कांग्रेस ने रेल का पूरा किराया देने की बात कही थी। इस पर आज केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह चुटकी लेते हुए कहा कि मजदूरों के रेल किराए का 85% केंद्र देगा और 15% राज्य, बाकी कांग्रेस देगी। गिरिराज सिंह ने मशहूर फिल्म शोले के उस सीन को ट्विटर पर पेश किया है। जिसमें असरानी आधे सिपाहियों को एक ओर और आधे को दूसरी तथा बाकी को अपने पीछे आने को कह रहे हैं। इसी तस्वीर पर लिखा गया है कि 85% केंद्र देगा और 15% राज्य, बाकी कांग्रेस देगी।Good one ..बाक़ी के कांग्रेस देगी । pic.twitter.com/sR1O4EjUMz##दरअसल सोमवार को ही भारतीय रेलवे की ओर से कहा गया था कि मजदूरों को किराया नहीं देना होगा, उनका 85 फीसदी खर्च रेलवे उठाएगी और 15 फीसदी राज्य उठाएंगे। श्रमिकों को वापस लाने के लिए शनिवार से शुरू हुई रेलवे की कवायद सोमवार को किराए के झमेले में फंस गई है। मज़दूरों से रेल किराया वसूले जाने की खबरों के बीच कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी का बयान सामने आया था कि कांग्रेस की राज्य कमेटियां वापस आए मज़दूरों का पूरा पैसा देंगी। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today बसपा सुप्रीमों ने मज़दूरों के किराए को लेकर मंगलवार को दो टि्वट किए। मायावती ने कहा- यह अति-दुर्भाग्यपूर्ण है Full Article
0 श्रमिकों से किराया लिए जाने के आरोप के बीच योगी ने कहा- जो लोग ग़रीबों का रुपए हड़प जाते थे, आज वो लोग बौखला गए हैं By Published On :: Tue, 05 May 2020 09:20:05 GMT उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गैर राज्यों से आ रहे मज़दूरों के किराए को लेकर हो रही सियासत को लेकर विरोधी दलों पर निशाना साधते हुए मंगलवार को कहा कि देश इस समय बेहद संकट के दौर से गुजर रहा है, ऐसे में भी कुछ लोग राजनीति से बाज नहीं आ रहे। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। योगी ने कहा कि प्रदेश सरकार इस समय बिना भेदभाव के सबके साथ खड़ी है। सभी कामगारों को वाहनों से उनके घर पहुंचाया जा रहा है। इसपर राजनीति करने वालों को जनता जरूर जवाब देगी।योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संकट की इस घड़ी में सरकार इतना कुछ कर रही है, फिर भी कुछ दल हर मुद्दे पर राजनीति करने का प्रयास कर रहे हैं। जो ग़रीबों का रुपये हड़प जाते थे, आज वह लोग बौखलाकर कर रहे राजनीति। अब तो इनके नकारात्मक रवैये का जवाब जनता स्वयं देगी।विरोधी दल कोरोना के खिलाफ लड़ाई कमजोर कर रहे हैं- योगीयोगी आदित्यनाथ ने आपात काल में निजी स्वार्थ की राजनीति करने वालों की घोर निंदा की है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमारे विरोधी दल कोरोना के खिलाफ देश की इस लड़ाई को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। कहा कि पहली बार देश के अंदर आपदा के समय में गरीबों, मजदूरों, महिलाओं, निराश्रितों के लिए एक लाख 70 हजार करोड़ के रूप में एक बड़ी राहत पीएम गरीब कल्याण पैकेज के रूप में घोषित हुई।कहा- मजदूर, गरीब व कामगारों पर तो जरा भी राजनीति नहीं होनी चाहिए। देश में यह पहली बार हो रहा है कि आपदा के समय एक बड़ा राहत पैकेज प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत घोषित हुआ। जो लोग अपने शासन काल में गरीब तथा महिलाओं का कल्याणकारी योजनाओं का पैसा हड़प जाते थे, वह तो कुछ भी बोलने के काबिल नहीं है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज जब पैसा उन गरीबों के खाते में पहुंच रहा है तो उनकी बौखलाहट बिल्कुल स्पष्ट दिखाई देती है।योगी ने दिया प्रदेश सरकार के कामों का ब्यौराप्रदेश सरकार के कामों का ब्यौरा देते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में 2 करोड़ 34 लाख किसानों के खाते में दो-दो हजार रुपया की पहली किस्त अप्रैल में और दूसरी किस्त इसी माह भेजी जा रही है। इसके अलावा तीन करोड़ 26 लाख महिलाओं के जनधन खाते में 1630 करोड़ रुपए अप्रैल में और 1630 करोड़ रुपए की धनराशि मई महिने में भेज दी गई है। प्रदेश के एक करोड़ 47 लाख परिवारों को नि:शुल्क रसोई सिलेंडर उपलब्ध कराया गया है।उन्होंने कहा कि इसके साथ ही 18 करोड़ गरीबों को दो बार नि:शुल्क खाद्यान्न वितरित किया गया है, तीसरी बार भी यह वितरण शुरू किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में निराश्रित, गरीब, रोज कमाने वाले, कामगार जैसे 30 लाख से अधिक गरीबों को सरकार ने एक हजार रुपये का भरण पोषण भत्ता और नि:शुल्क खाद्यान्न भी दिया है। इतना ही नहीं मनरेगा मजदूरों को बढ़े हुए पारिश्रामिक से भुगतान किया गया है। 88 लाख से अधिक पेंशन धारकों को दो महीनों की धनराशि एडवांस उपलब्ध करा दी गई है।पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने लगाए थे आरोपकोविड 19 महामारी के बीच दूसरे राज्यों से यूपी के श्रमिक वापस लौट रहे हैं। उनके लिए रेलवे ने विशेष ट्रेने चलवायी हैं। इस दौरान श्रमिकों से ट्रेन का किराया वसूलने को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपाई कहते फिर रहे हैं कि सरकार ट्रेन का किराया नहीं ले रही है लेकिन मजदूर लगातार अपनी टिकटें उनको दिखा रहे हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today योगी ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि विरोधी बौखलाकर संकट की इस घड़ी में भी ओछी राजनीति कर रहे हैं। Full Article
0 आगरा से भेजे गए 30 मरीजों ने कोरोना को दी मात, बोले- योगा, ध्यान व आयुर्वेदिक काढ़ा इस बीमारी में रामबाण By Published On :: Tue, 05 May 2020 09:25:00 GMT ताजनगरी आगरा द्वारा भेजे गए 70 कोरोना पॉजिटिव मरीजों में से 30 लोगों को सैफई चिकित्सा विश्वविद्यालय ने सोमवार रात डिस्चार्ज कर दिया। इनमें 17 पुरुष, 12 महिलाएं और एक11 माह की बच्ची भी थी। इससे पहले भी तीन मरीजों को यहां ठीक कर घर भेजा गया था। इन सभी मरीजों ने कोरोना को मात देकर नई जिंदगी हासिल की है। स्वस्थ्य होने के बाद घर जाने की खुशी मरीजों के चेहरे पर साफ दिख रही थी। मरीजों ने कहा- इलाज करने वाले डॉक्टर उनके लिए ईश्वर के समाान हैं। मजबूत इरादों के साथ योगा,ध्यान व आयुर्वेदिक काढ़ा के नियमित सेवन से इस बीमारी को हराया जा सकता है। मरीजों ने लोगों से लॉकडाउन का पालन करने व सोशल डिस्टेंसिंग के नियम को फॉलो करने की अपील की है।विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसरडा.राजकुमार ने कहा- ये सभी मरीज भी कोरोना वारियर्स हैं, जिन्होंने इलाज के दौरान अनुशासनपूर्वक इलाज के दौरान सहयोग किया। चिकित्सकों एवं हेल्थ केयर वर्कर्स द्वारा बताएगए जरूरी सलाह को माना। यहांसे जाने के बाद मरीज दो हफ्ते सेल्फ क्वारैंटाइन में रहेंगे। बताया कि, वर्तमान में अस्पताल में कुल 43 मरीज आइसोलेशन वार्ड में भर्ती हैं। इनमें से 38 मरीज आगरा प्रशासन द्वारा भेजे गएशेषहैं। 4 मरीज फिरोजाबाद से भेजे गएहैं, वो सभी आईसीयू में भर्ती हैं।कोरोना को मात देने वाले मरीजों ने कहा- हम यदि आज अपने घर लौट रहे हैं तो इसका पूरा श्रेय डाॅक्टर्स, मेडिकल स्टाफ तथा विश्वविद्यालय कोजाता है, जिन्होंने हमारी इतनी सेवा कर हमें ठीक किया। विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डा. रामाकन्त यादव ने कहा- इन सभी मरीजों के स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किएजाने की सूचना आगरा जिला प्रशासन को दे दी गयी है।कुलसचिव सुरेश चन्द्र शर्मा ने बताया कि विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा लिखी गई ‘‘व्यायाम एक आयाम‘‘ नामक पुस्तक, जिसका विमोचन पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री संजय पासवान द्वारा 21 फरवरी को किया गया था, उसकी प्रतियों को इन सभी मरीजों को डिस्ट्रीब्यूट किया गया और व्यायाम के महत्व को समझाया गया। इनके विदाई के समय चिकित्सकों एवं हेल्थ वर्कर्स टीम द्वारा फूल देकर एवं ताली बजाकर भेजा गया। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today ये तस्वीर सैफई चिकित्सा विश्वविद्यालय की है। यहां सोमवार रात 30 मरीजों को ठीक होने के बाद कोरोना वॉरियर्स ने विदाई दी। ये सभी मरीज आगरा के रहने वाले हैं। Full Article
0 सीएचसी अधीक्षक समेत 10 नए कोरोना पॉजिटिव मिले, यहां संक्रमितों की संख्या 17 पहुंची By Published On :: Tue, 05 May 2020 09:45:00 GMT जिले में कोरोना का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। मंगलवार को एक साथ नए 10 केस मिलने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। इनमें एक चिकित्सक भी शामिल हैं। प्रशासन सभी की ट्रैवेल हिस्ट्री खंगाल रहा है। साथ ही प्रभावित इलाकों को सील कर सैनिटाइजेशन व लोगों को क्वारैंटाइन कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।अब जिले मेंकोरोना पॉजिटिव मरीजो की कुल संख्या 17 हो गई है।राजकीय मेडिकल कॉलेज बांदा के प्रिंसपल डॉक्टर मुकेश यादव ने बताया कि, झांसी मेडिकल कॉलेज ने मंगलवार को दस मरीजों में कोविड-19 कीपॉजिटिव रिपोर्ट दी है। जिसमें तिंदवारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक भी हैं। ये शहर के बंगालीपुरा में कालूकुआ साइड की बस्ती में रहते थे। वह पिछले दिनों गांव माचा में कोरोना संक्रमितों की स्क्रीनिंग करने गए थे। इसके अलावातीन मजदूर चित्रकूट जनपद के हैं। जिनको बांदा में ही भर्ती किया गया है। अचानक 10 मामले आ जाने के बाद बांदा के लोग भी दहशत में है।इससे पहले बांदा में कोरोना के सात मामले थे, जिनमें से तीन स्वस्थ होकर घर जा चुके थे। 4 मामले एक्टिव थे। लेकिन अचानक 10 नए मामले आ जाने के बाद प्रशासन की नींद उड़ गई है। बता दें कि बुंदेलखंड में बड़ी संख्या में मजदूर दिल्ली, सूरत में कमाई करते हैं। अब यह सभी मजदूर धीरे-धीरे वापस लौट रहे हैं। जिसके चलते कोरोना का संकट बुंदेलखंड इलाके में बढ़ गया है।लौटने वाले मजदूर शक के दायरे में आ रहे हैं। इन मजदूरों को क्वारैंटाइन कराना और इनकी जांच कराना प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today बांदा में आज से पहले कोरोना के सात केस थे। इनमें से तीन स्वस्थ हो चुके हैं। लेकिन मंगलवार को आई रिपोर्ट से यहां अचानक कोरोना का ग्राफ बढ़ गया है। Full Article
0 गुजरात से स्पेशल ट्रेन 1250 श्रमिकों को लेकर पहुंची कानपुर; वडोदरा स्टेशन पर एक टिकट के वसूले गए 500 रुपए By Published On :: Tue, 05 May 2020 12:14:00 GMT कोरोना संकट काल मेंगुजरात में फंसे 1250 श्रमिकों को लेकर मंगलवार को एक श्रमिक स्पेशल ट्रेन कानपुर सेंट्रल स्टेशन पहुंची। यात्रियों के चेहरे पर अपने प्रदेश वापसी की खुशी साफ दिख रही थी। लेकिन इस दौरानटिकट के लिए हुई वसूली को लेकर उनमें आक्रोश भी था। श्रमिकों ने कहा- उनसे वडोदरा से कानपुर की बीच सफर के लिए 500 रुपए का टिकट दिया। श्रमिकों को आठ वर्गों में बांटकर उनकी थर्मल स्कैनिंग कराई जा रही है। इसके बाद प्रदेश के अलग अलग जिलों को उन्हें भेजा जाएगा।लॉकडाउन में अन्य प्रांतों में फंसे मजदूरों का उनके घरों तक पहुंचाने का काम प्रदेश सरकार द्वाराकिया जा रहा है। मंगलवार को कानपुर सेंट्रल स्टेशन पहुंचे श्रमिकों कोप्लेटफार्म नंबर 9 पर उतारा गया। इसके बाद उन्हें लंच पैकेट और मिनरल वाटर की बोतल दी गई। श्रमिक राज्य के 36 जिलों के रहने वाले हैं। सभी को श्रमिकों को परिवहन की बसों से उनके घरों तक भेजा जाएगा।श्रमिक अब्दुल कादिर और मोहम्मद इमरान ने कहा- हम बड़ोदरा गुजरात से आ रहे हैं। हमसे 500 रुपए लेकर टिकट दिया गया। बड़ोदरा में कहा गया था कि यह पैसा तुम्हारी सरकार को जाएगा। हम लोगों को मुज्जफरनगर जाना है, बीच रास्ते में हमें खाने के लिए दिया गया था। हम लोग तो मजबूर थे, जिसे फायदा उठाना था उसने फायदा उठा लिया। हम लोग क्या करते? इधर आना था तो देना पड़ा। इमरान ने बताया कि हमें शामली जाना था। जहां से हम लोग बैठे है, वहां पर टिकट के पांच सौ रुपए लिए गए हैं।टिकट दिखाता श्रमिक।सिटी मजिस्ट्रेट हिमांशु गुप्ता ने कहा- 1250 लोगों कोगोधरा से स्पेशल ट्रेन से लाया गया है।डॉक्टरों की टीम और मजिस्ट्रेट की टीम लगी है। यहां पर आठ काउंटर लगाए गए है। आठ हिस्सों में डिवाईड करके थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी। इसके बाद इनकी डिटेल नोट करके बाहर खड़ी 42 बसों से सोशलडिस्टेंसिंग का मानक पूरा करते हुए बसों में भेजा जाएगा। सभी को अपने-अपने जिलों में रवाना किया जाएगा। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today ये तस्वीर मंगलवार को गुजरात से कानपुर स्टेशन पहुंची श्रमिक स्पेशल ट्रेन की है। यहां जब प्लेटफार्म पर ट्रेन पहुंची तो यात्री कुछ इस तरह नजर आए। इन्हें बसों से उनके घर तक भेजा जाएगा। Full Article
0 टाटा समूह नोएडा में बनाएगा 250 बेड का कोविड अस्पताल, यहां दरोगा के संक्रमित होने से 50 से अधिक पुलिसकर्मी क्वारैंटाइन By Published On :: Tue, 05 May 2020 13:32:00 GMT कोरोनावायरस मरीजों के इलाज के लिए टाटा समूह ने गौतमबुद्धनगर के जिला अस्पताल को अब कोविड-19 अस्पताल में तब्दील करने का निर्णय लिया है। यह अस्पताल सेक्टर 39 में है। टाटा समूह ने इस अस्पताल का अधिग्रहण कर लिया है। यहां 250 मरीजों को भर्ती करने की व्यवस्था होगी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीपक ओहरी ने बताया कि अस्पताल के निर्माण में लगभग दो सप्ताह का समय लगेगा। इस दौरान कोरोना के मरीजों का चाइल्ड पीजीआई और शारदा अस्पताल में इलाज चलेगा। अस्पताल में बेहतर तकनीक के उपकरण लगाए जा रहे हैं और आईसीयू वार्ड की संख्या बढ़ाई जाएगी। इलाज के साथ सैंपल कलेक्शन भी किया जाएगा।प्लाज्माडोनेशन का बनेगा सबसे बड़ा केंद्रस्वास्थ्य विभाग के सूत्रों कि मानें तो सेक्टर 30 स्थित चाइल्ड पीजीआई को अनुमति मिली है कि वे कोरोना मरीजों का प्लाज्मा लेकर अन्य संक्रमितों का इलाज करें। वहीं, टाटा समूह के विशेषज्ञों ने भी जिला स्वास्थ्य विभाग को प्रस्ताव दिया है कि उनके पास एक बेहतर टीम है, जो प्लाज्मा से कोरोना मरीजों का इलाज करेगी। इसलिए अस्पताल में अलग से प्लाज्मा कलेक्शन सेंटर भी बनेगा, जो पश्चिमी उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा केंद्र होगा।जिले को मिल जाएंगे दो कोविड-19 अस्पतालजिले के लिए राहत भरी खबर यह है कि नोएडा में अब दो कोविड 19 के अस्पताल हो जाएंगे। इससे मरीजों की संख्या बढ़ने पर आसानी से इलाज किया जा सकेगा। वहीं, कोरोना के लक्षण दिखने वालों को होम क्वारैंटाइन पर ही रखा जाएगा। चाइल्ड पीजीआई के डॉ. बीपी सिह ने बताया कि वर्तमान में यहां कोरोना के लक्षण दिखने वाले लोगों के लिए ओपीडी चलाई जा रही है। सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक ओपीडी चलाई जा रही है।13 और मामले बढ़े, संक्रमितों की संख्या 192 पहुंचीमंगलवार को 13 नए मामलों के साथ यहा संक्रमितों की संख्या बढ़कर 192 पहुंच गई है। 109 मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं। 297 अभी भी क्वारैंटाइन सेंटर में है। दरअसल, मंगलवार को 52 रिपोर्ट प्राप्त हुई। नए संक्रमितों में सेक्टर-7 में एक, सेक्टर-8 में दो बिसरख सेक्टर-1 में चार, सेक्टर 31 में दो संक्रमित मिले हैं। इसके अलावा ग्रेटर नोएडा अल्फा-1, जिम्स अस्पताल, शारदा अस्पताल में एक-एक व सेक्टर-137 अजनारा डेफोडिल में एक महिला कोरोना संक्रमित मिली है। आज शारदा अस्पताल से सात मरीज ठीक होकर घर भी गए।दरोगा की रिपोर्ट पॉजिटिव, 50 से अधिक पुलिसकर्मी क्वारैंटाइनसेक्टर 8 में तैनात रहे एक दारोगा की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। पुलिस अधिकारी भी सकते में आ गए हैं। दारोगा की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद 50 से अधिक पुलिसकर्मी क्वारैंटाइन हो गए हैं। दारोगा को गाजियाबाद के एक अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today मंगलवार को नोएडा में सात मरीजों को अस्पताल से छुट्टी दी गई। यहां चाइल्ड पीजीआई में अब हर दिन सुबह आठ बजे से दो बजे तक कोरोना के संदिग्ध मरीजों के लिए ओपीडी चालू होगी। Full Article
0 उपचार के दौरान मरीज की मौत के बाद हंगामा; परिजनों का आरोप- कोरोना संदिग्ध बताकर डॉक्टरों ने अस्पताल में अंदर जाने नहीं दिया By Published On :: Wed, 06 May 2020 04:23:00 GMT उत्तर प्रदेश के झांसी में मेडिकल कॉलेज में एक मरीज की मंगलवार को उपचार के दौरान मौत हो गई थी। परिजनों का आरोप है कि प्रशासन ने यह कहकर उनको अस्पताल में जाने नहीं दिया कि कोरोना संदिग्ध के तौर पर उसका शव अस्पताल में रखा गया है। अब 24 घंटें बाद मृतक की रिपोर्ट निगेटिव आयी है जिसके बाद परिजनों ने जमकर बुधवार सुबह जमकर हंगामा किया।मंगलवार सुबह मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान एक मरीज की मौत हो गई। परिजनों भूख और प्यास की वजह मौत का कारण बता रहे हैं। लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजनों ने बुधवार को जेल चौराहे पर जमकर हंगामा किया। जैसे तैसे पुलिस ने हंगामा शांत कराया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।मिली जानकारी के मुताबिक, जनपद के प्रेम नगर थाना क्षेत्र के रहने वाले सेल्समैन भगवान दास साहू(58) कि 2 दिन पहले तबीयत खराब हो गई थी. उन्हें इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। मंगलवार सुबह तकरीबन 10 बजे उनकी मौत हो गई. मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा काटा।जेल चौराहे के पास शराब बिक्री को लेकर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करा रहे पुलिसकर्मियों के परिजनों ने पैर पकड़ लिए और रो-रो कर मृतक की आपबीती सुनाने लगे। परिजनों के मुताबिक मृतक मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान 2 दिन से भूखे और प्यासे थे वे फोन पर लगातार अपने घर वालों को हाल बता रहे थे। परिजनों ने मिलने की कोशिश की तो मेडिकल कॉलेज में उन्हें भगा दिया। पुलिस ने जैसे-तैसे उन्हें सांत्वना देकर कार्रवाई का आश्वासन देकर Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today झांसी मेडिकल कॉलेज में मंगलवार को एक व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। कोरोना संदिग्ध बताकर अस्पताल ने शव को रोक लिया था। 24 घंटे बाद आज सुबह मृतक की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर जेल चौराहे पर जमकर हंगामा किया। Full Article
0 कोरोना संक्रमित मृतक इंजीनियर की परिजन भी हैं संक्रमित, संक्रमण की ट्रेवल हिस्ट्री अभी तक नहीं खोज पाया स्वास्थ्य विभाग By Published On :: Wed, 06 May 2020 04:23:10 GMT उत्तर प्रदेश की संगम नगरी प्रयागराज में वैश्विक महामारी कोरोनावायरस संक्रमण से मंगलवार देर रात पहली मौत हो गई। बिना किसी ट्रैवल हिस्ट्री के कोरोना पॉजिटिव मिले आर्किटेक्ट इंजीनियर विरेंद्र सिंह ने शहर के लेवल 3 हॉस्पिटल एसआरएन में देर रात दम तोड़ दिया। उनके साथ भर्ती कोरोना पॉजिटिव उनकी पत्नी की हालत स्थिर बनी हुई है।शहर के लूकरगंज मोहल्ले में रहने वाले वीरेंद्र सिंह कोरोना संक्रमण की चपेट में कैसे आए फिलहाल इसका पता नहीं चल रहा है। आशंका है कि लॉकडाउन में ज़रूरतमंदों की मददगार बनाना ही आर्किटेक इंजीनियर वीरेंद्र सिंह के लिए अभिशाप बन गया और आखिरकार वह कोरोना की जंग में हार गए। मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, प्रयागराज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह ने इसकी पुष्टि की है। छह दिन पहले यानि 30 अप्रैल को तबीयत खराब होने पर इंजी. वीरेंद्र सिंह की जांच कराई गई थी।रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें पहले कोटवां-बनी स्थित कोविड-19 लेवल-1 हॉस्पिटल ले जाया गया था लेकिन सांस लेने में तकलीफ होने पर उन्हें पहले लेवल -2 बेली हॉस्पिटल और फिर लेवल-3 हॉस्पिटल स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय रेफर कर दिया गया था।परिजनों को नहीं दिया जाएगा शव, आज होगा अंतिम संस्कारइंजीनियर के परिवार में चार और लोग कोरोना पॉजिटिव हैं। तीन की रिपोर्ट मंगलवार को ही आई थी। कोरोना के नोडल ऑफिसर डॉ. ऋषि सहाय ने बताया कि उनका शव उनके परिजनों को नहीं दिया जाएगा। बुधवार को प्रोटोकॉल के अनुसार अंतिम संस्कार किया जाएगा।संक्रमण के सोर्स की नहीं मिली जानकारीइंजीनियर वीरेंद्र सिंह को यह बीमारी कैसे हुई इसके सोर्स का पता स्वास्थ्य विभाग आज तक नहीं लगा सका है। वह 28 अप्रैल को कांलिंदीपुरम स्थित इंस्टीट्यूशन क्वारैंटाइनसेंटर खुद ही गए और अपनी जांच कराई। रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो उन्हें कोटवां-बनी स्थित कोविड19 हॉस्पिटल भेज दिया गया था। वहां सांस लेने में तकलीफ हुई तो उन्हें दो मई को एसआरएन अस्पताल रेफर कर दिया गया। मंगलवार दोपहर में अचानक बिगड़ी तबियत, शाम को रखे गए वेंटिलेटर पर, देर रात हो उनकी मौत हो गई।पत्नी, सास, भाई और भाभी भी है संक्रमितइंजीनियर वीरेंद्र के शव को चिकित्सकीय प्रोटोकॉल के मुताबिक बुधवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा।एसआरएन चिकित्सालय में उनके साथ उनकी पत्नी भी कोरोना वार्ड में भर्ती हैं। जबकि सास, भाई और भाई की पत्नी कोटवा-बनी लेवल-1 हॉस्पिटल में भर्ती किया गया है।अब तक 1 संक्रमित हुआ स्वस्थ, 12 का इलाज जारीप्रयागराज में कोरोना संक्रमण की चपेट में अब तक 14 लोग आये हैं। जिनमें एक इंडोनेशियाई नागरिक स्वस्थ होकर कानूनी अभिरक्षा में है, जबकि 12 लोगों का अभी इलाज चल रहा है। जिनमें 5 कोरोना पॉजिटिव मंगलवार यानि 05 मई को ही सामने आए है। जिसमें मृत इंजीनियर वीरेंद्र सिंह की पत्नी सबसे ज्यादा गंभीर बताई जा रही है। हालाकी अभी उनकी स्थिति उनके पति से काफी बेहतर है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today प्रयागराज में कोरोना से पहली मौत के बाद प्रशासन अब सख्त हो गया है। नगर निगम की गाड़ियां शहर को सैनिटाइज करने में जुटी हुई है। जगह जगह दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है। Full Article
0 अब तक 2900 पॉजिटिव, इनमें 1152 तब्लीगी जमाती: 987 मरीज स्वस्थ होकर घर लौटे, लखनऊ में आज से खुलेंगी दुकानें By Published On :: Wed, 06 May 2020 05:31:00 GMT उत्तर प्रदेश में संक्रमण के लगातर मामले बढ़ते जा रहे हैं। प्रदेश में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़कर 2900 तक पहुंच गए हैं। यूपी के 66 जिलों में कोरोनावायरस का असर फैल चुका है जिसमें एक्टिव केस 1845 हो गए हैं। इसमें 1152 जमातियों की संख्या शामिल हैं। पूरे राज्य में मृतकों की संख्या 57 तक पहुंच गई हैं। अब तक 987 मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं।लखनऊ में आज आए खुलेंगी दुकानें: राजधानी में बुधवार से नाई की दुकानों, ब्यूटी पार्लर, मॉल, रेस्टोरेंट को छोड़कर अन्य दुकानें खुलेंगी। बस शर्त यहीं है कि, ये दुकानें एकल हों, बाज़ार में न हों और हॉटस्पॉट इलाकों में न हों। बाई, प्लम्बर, धोबी को भी काम करने के लिए अनुमति दे दी गई है।हालाकिं स्कूल-कॉलेज, कोचिंग, ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट, होटल, रेस्टोरेंट, सिनेमा हॉल, सभी धार्मिक संस्थानों पर प्रतिबंध जारी रहेगा।अब तक 2900 पॉजिटिव केसों का जिलेवार विवरण: आगरा में 640, कानपुर नगर में 276, लखनऊ में 233, सहारनपुर में 205, गौतमबुद्धनगर (नोएडा) में 193, फिरोजाबाद में 165, मेरठ में 163, मुरादाबाद में 116, गाज़ियाबाद में 104, वाराणसी में 68, बुलन्दशहर में 56, रायबरेली में 46, हापुड़ में 44, अलीगढ़ में 42, मथुरा, अमरोहा, बस्ती में 32, बिजनौर में 34, शामली में 29 , रामपुर में 25, संतकबीरनगर में 26, मुज़फ़्फरनगर में 24, सीतापुर में 20, संभल में 19, बागपत में 17 और बदायूं में 16 मरीज सामने आए हैं।वहीं बहराइच में 15, सिद्धार्थ नगर में 14, प्रतापगढ़-औरैय्या में 13, एटा में 11,बरेली-प्रयागराज में 10-10, झांसी, में 9, जौनपुर-मैनपुरी-आजमगढ़ में 8-8 पाए गए। बांदा-कन्नौज-हाथरस-श्रावस्ती-महाराजगंज में 7-7, गोंडा-ग़ाज़ीपुर में 6-6, लखीमपुर खीरी-इटावा में 4, पीलीभीत-मिर्जापुर-कासगंज-जालौन-गोरखपुर-सुल्तानपुर में 3-3, हरदोई- कौशाम्बी-गोंडा-भदोही-उन्नाव-बाराबंकी-महोबा-कानपुर देहात- देवरिया में दो-दो, शाहजहांपुर-मऊ-बलरामपुर- अयोध्या-अमेठी-कुशीनगर में एक-एक कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव पाए गए हैं।987 कोरोना स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किए गए: आगरा से 208, मुरादाबाद से 116,गौतमबुद्धनगर (नोएडा) से 109, लखनऊ से 71,सहारनपुर से 79, मेरठ से 55, गाजियाबाद से 50, कानपुर नगर से 34, फ़िरोज़ाबाद से 33, शामली से 27, बिजनौर से 21, सीतापुर से 17, बागपत से 14, बुलन्दशहर-वाराणसी-बस्ती से 13-13, अमरोहा से 12,मुजफ्फरनगर से 9, रामपुर से 7, बरेली-हापुड़-महराजगंज-प्रतापगढ़ से 6- 6, जौनपुर- गाजीपुर से 5-5 , लखीमपुर खीरी- आज़मगढ़-हाथरस-मथुरा-औरैया से 4-4, बांदा- मैनपुरी-कन्नौज-पीलीभीत से 3-3,हरदोई-बदायूं-कौशाम्बी से 2-2, शाहजहांपुर-बाराबंकी-कासगंज- प्रयागराज-भदोही-सम्भल-इटावा से 1-1, कोरोना पेशेंट्स को स्वस्थ पूर्णतया करवाकर डिस्चार्ज किया गया। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। यह आंकडा 2900 तक पहुंच गया है। अब तक यूपी में 57 लोगों की मौत हो चुकी है। Full Article
0 कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए पुलिस हुई सख्त: सार्वजनिक स्थान पर थूकते पकड़े गए 3 लोग, 1500 रुपए जुर्माना लगाया By Published On :: Wed, 06 May 2020 05:56:00 GMT उत्तर प्रदेश के नोएडा में कोरोनावायरस से संक्रमित मरीज़ों का आंकडा 200 के आंकड़े को भी पार कर गया है। संक्रमण को देखते हुए सार्वजनिक स्थान पर थूकने पर प्राधिकरण की तरफ से अब जुर्माना लगाया जाने लगा है। मंगलवार देर शाम को प्राधिकरण ने तीन लोगों पर 500-500 रुपए यानी कुल 1500 रुपए का जुर्माना लगाया है। साथ ही उनको हिदायत भी दी गई साथ ही कोविड-19 के प्रति जागरूक भी किया गया। ऐसा करते हुए पहली बार पकड़े गए इसलिए 500 रुपए का जुर्माना लगाया गया। दोबारा पकड़े जाने पर 1000 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा।जन स्वास्थ्य के वरिष्ठ परियोजना अभियंता एससी मिश्रा ने बताया कि ककराला में सलीम पर 500 रुपए का जुर्माना लगाया गया यहा ब्रह्मपाल सिंह की टीम ने उन्हे सार्वजनिक स्थान पर थूकते हुए पकड़ा। इसी तरह राहुल कुमार निवासी चौड़ा सेक्टर-21ए स्टेडियम के पास थूकते मिले इन पर राजेंद्र सिंह ने 500 रुपए का जुर्माना लगाया।वहीं, राजू कुमार निवासी नंगला गांव में थूकते हुए पकड़े गए इन पर ब्रह्मपाल ने 500 रुपए का जुर्माना लगाया। मुख्य कार्यपालक अधिकारी के निर्देश पर सार्वजनिक स्थानों पर पहली बार थूकने पर 500 रुपए और दूसरी बार थूकने पर 1000 रुपए जुर्माना लगाया जाएगा। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today नोएडा में फैलते कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए पुलिस अब सख्त हो गई है। सार्वजनिक जगहों पर थूकने वालों से 500 रुपए जुर्माना वसूला जा रहा है। Full Article
0 भाजपा सांसद ने शराब के ठेके खुलने का किया विरोध, योगी को पत्र लिखकर कहा- 40 दिनों की मेहनत पर फिर जाएगा पानी By Published On :: Wed, 06 May 2020 07:51:00 GMT देश के कई राज्यों में शराब बिक्री शुरू हो गई है। उत्तर प्रदेश में भी सोमवार से शराब के ठेके खुल गए। कानपुर के भाजपा सांसद सत्यदेव पचौरी ने शराब केठेके खुलने का विरोध किया है। उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर रेड जोन में शराब की बिक्री बंद करने का अनुरोध किया है।उन्होंने कहा है कि जो रेड जोन वाले जिले हैं वहां अभी शराब की दुकानें न खोली जाएं।कानपुर से बीजेपी सांसद सत्यदेव पचौरी ने योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर कहा है कि लॉकडाउन में शराब की दुकानों में भीड़ एकत्र हो रही है। लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं कर रहे हैं। सांसद ने सरकार की 40 दिनों की मेहनत खराब होने की आंशका भी व्यक्त की है।40 दिन के लॉकडाउन के परिणाम पर संकटमंत्री सत्यदेव पचौरी ने लिखा कि यूपी में जिस तरह कोविड-19 पर नियंत्रण पाया जा रहा है वह प्रशंसनीय है। शराब की बिक्री को लेकर छूट दी गई है, सुबह से ही शराब की दुकानों में जिस तरह भीड़ लग रही है, लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं कर रहे हैं उससे 40 दिनों के लॉकडाउन के परिणाम पर संकट गहराता नजर आ रहा है।सांसद ने लिखा, 'मेरा आपसे आग्रह है कि रेड जोन में आने वाले जिलों में लॉकडाउन के दौरान तक शराब की दुकानों पर पूर्व की भांति पूर्ण बंदी लागू की जाए। मैं कानपुर नगर की जनता की ओर से आपकी कर्मठता, योग्यता और क्षमता के लिए आपका बहुत-बहुत साधुवाद और अभिनंदन करता हूं।' Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today उप्र में कानपुर से सांसद सत्यदेव पचौरी ने सीएम योगी को पत्र लिखकर कहा है कि सरकार रेड जोन में शामिल जिलों में शराब की दुकानें न खोले। Full Article
0 अब तक 2900 पॉजिटिव, इनमें 1845 एक्टिव केस; प्रयागराज में कोरोना से पहली मौत, लखनऊ में एक साथ 45 मरीज डिस्चार्ज By Published On :: Wed, 06 May 2020 08:08:18 GMT उत्तर प्रदेश में मंगलवार देर रात तक 118 नए कोरोना संक्रमितमिले।प्रदेश में अब तक2900 केसहो गए हैं। इसमें1845एक्टिव हैं। कुल मरीजों में 1152 जमाती हैं।राज्य में मृतकों की संख्या 56 हो गई। अब तक 987 मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं। प्रयागराज में कोरोना से एक इंजीनियर की मंगलवार देर रात मौत हो गई, जबकि लखनऊ में एक साथ 45 लोगों को स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किया गया।लखनऊ में आज आए खुलेंगी दुकानेंराजधानी मेंबुधवार से सैलून, ब्यूटी पार्लर, मॉल, रेस्टोरेंट को छोड़कर अन्य दुकानें खुलेंगी। बस शर्त यहीहोगी कि ये दुकानें किसी शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में न हों। फिलहाल,हॉटस्पॉट जोन में दुकानें नहीं खुलेंगी। इधर,प्लम्बर, धोबी को भी काम करने की अनुमति दी गई हैं। हालांकि,स्कूल-कॉलेज, कोचिंग, ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट, होटल, रेस्टोरेंट, सिनेमा हॉल के अलावासभी धार्मिक संस्थाएं अभी नहीं खुलेंगी।कोरोना अपडेट्सप्रयागराज:लॉकडाउन में जरूरतमंदों की मददगार बने लूकरगंज के इंजीनियर वीरेंद्र सिंह कोरोना के खिलाफ लड़ाई में हार गए। मंगलवार देर रात उन्होंने स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में दम तोड़ दिया। शहर में कोरोना से यह पहली मौत है। 6दिन पहले उनकी तबियत खराब होने पर जांच कराई गई थी। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद पहले कोटवां-बनी स्थित कोविड-19 लेवल-1 हॉस्पिटल ले जाया गया था। लेकिन सांस लेने में तकलीफ होने पर स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय रेफर कर दिया गया था।लखनऊ:राजधानी के लिए मंगलवार का दिन राहत भरा रहा। यहां एक साथ 45 लोग स्वस्थ होने परडिस्चार्ज किए गए। इनमें लखनऊ के 14, सहारनपुर के 8, दिल्ली के 7, असम के 3 औरअण्डमान निकोबार का 1 और एकमरीज भी शामिल है।वाराणसी:जिले में अब तक 68 कोरोना मरीज मिले हैं। अभी लखनऊ केजीएमयू से 154 मरीजों की जांच रिपोर्ट आनी बाकी है। बुधवार सुबह से ही पुलिस यहां पुलिस सक्रिय नजर आने लगी। हरआने-जाने वालेसे पूछताछ की जा रही है।राशन की दुकानें भी रोजमर्रा की तरह खुलने लगी हैं। सीएमओ डॉ. वीबी सिंह ने बताया कि 22 हॉटस्पॉट इलाकों में 6753 लोगों की स्क्रीनिंग की गई है। 33 हजार से ज्यादा लोगों की स्क्रीनिंग इन इलाकों में हो चुकी है। 3 संदिग्ध मिले हैं।वाराणसी में एक बार फिर कोरोना के तीन संदिग्ध मिले, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस बीच, पुलिस ने भी लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया लिया है।शायर मुनव्वर राणा ने की मीट की दुकानें खोलने की अपीललॉकडाउन के तीसरे फेजमें शराब की दुकानें खुलने के बाद अब नॉनवेज की चाहत रखने वालों की उम्मीदें बढ़ गई हैं। मशहूर शायर मुनव्वर राना ने मुख्यमंत्रीयोगी आदित्यनाथ से गुजारिश की है कि मीट की दुकानों को खोला जाए।राणा का ट्वीट-अब तक 2900 पॉजिटिव केसों का जिलेवार विवरण: आगरा में 640, कानपुर नगर में 276, लखनऊ में 233, सहारनपुर में 205, गौतमबुद्धनगर (नोएडा) में 193, फिरोजाबाद में 165, मेरठ में 163, मुरादाबाद में 116, गाज़ियाबाद में 104, वाराणसी में 68, बुलन्दशहर में 56, रायबरेली में 46, हापुड़ में 44, अलीगढ़ में 42, मथुरा, अमरोहा, बस्ती में 32, बिजनौर में 34, शामली में 29 , संतकबीरनगर में 26, रामपुर में 25, मुज़फ़्फरनगर में 24, सीतापुर में 20, संभल में 19, बागपत में 17 और बदायूं में 16 मरीज सामने आए हैं।इसके अलावा बहराइच में 15, सिद्धार्थ नगर में 14, प्रतापगढ़-औरैया में 13, एटा में 11, बरेली-प्रयागराज में 10-10, झांसी, में 9, जौनपुर-मैनपुरी-आजमगढ़ में 8-8 पाए गए। बांदा-कन्नौज-हाथरस-श्रावस्ती-महाराजगंज में 7-7, गोंडा-ग़ाज़ीपुर में 6-6, लखीमपुर खीरी-इटावा में 4, पीलीभीत-मिर्जापुर-कासगंज-जालौन-गोरखपुर-सुल्तानपुर में 3-3, हरदोई- कौशाम्बी-गोंडा-भदोही-उन्नाव-बाराबंकी-महोबा-कानपुर देहात- देवरिया में दो-दो, शाहजहांपुर-मऊ-बलरामपुर- अयोध्या-अमेठी-कुशीनगर में एक-एक कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव पाए गए हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today प्रयागराज में मंगलवार देर रात कोरोना संक्रमित मरीज ने दम तोड़ दिया। शहर में यह पहली मौत है। प्रयागराज के हॉटस्पॉट इलाकों में पुलिस गाड़ियों को भी सैनिटाइज करने में जुटी हुई है। Full Article
0 योगी सरकार ने देशी व विदेशी मदिरा के दाम 20 से 400 रुपए बढ़ाए; वित्त मंत्री ने कहा- इससे 2,350 करोड़ का राजस्व मिलेगा By Published On :: Wed, 06 May 2020 09:29:29 GMT उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बुधवार कोशराब के साथ पेट्रोल व डीजल के दामों में बढ़ोत्तरी की है। सरकार ने वैट बढ़ाते हुए पेट्रोल की कीमत में दो रुपए प्रति लीटर व डीजल का दाम एक रुपए प्रति लीटर बढ़ाया है। इसके अलावा देशी व विदेशी शराब के मूल्य में 20 से 400 रुपए की बढ़ोत्तरी की गई है।शराब बंदी में लोगों ने सैनिटाइजर पी लिया, इसलिए बढ़ाए दामवित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा- लॉकडाउन के बीच प्रदेश में शराब बंदी रही। नतीजा कानपुर में 3 लोगों ने सैनिटाइजर पी लिया। जिससे उनकी मौत हो गई। इसी को देखते हुए आबकारी विभाग में भी वृद्धि की गई है। शराब पर बढ़े दाम से 2,350 करोड़ का राजस्व उत्तर प्रदेश सरकार को मिलेगा।डीजल-पेट्रोल के दाम बढ़ने से2,070 करोड़ का होगा फायदाउन्होंने बताया कि, सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर वैट बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके चलते पेट्रोल का दाम 2 रुपए प्रति लीटर बढ़ा है। वहीं, डीजल के दाम में 1 रुपए प्रति लीटर की वृद्धि की गई है। उन्होंने बताया कि, राज्य में पेट्रोल 73.91 रुपए प्रति लीटर और डीजल 63.86 रुपए में प्रति लीटर मिलेगा। यह नई दरें बुधवार रात 12 बजे से लागू होगी। बताया कि, राज्य में 470 करोड़ लीटर पेट्रोल व 1130 करोड़ लीटर डीजल की खपत हो रही है। दाम मेंवृद्धि होने से 2,070 करोड़ रुपए का राजस्व अधिक सरकार को प्राप्त होगा।शराब के दामों में इतने रुपए बढ़े- रेगुलर प्रीमियम विदेशी 180 एमएल तक 20 रुपए 180 एमएल तक 20 रुपए 180 एमएल तक 100 रुपए 500 एमएल तक 30 रुपए 500 एमएल तक 30 रुपए 500 एमएल तक 200 रुपए 500 एमएल से अधिक पर 50 रुपए 500 एमएल से अधिक पर 50 रुपए 500 एमएल से अधिक पर 400 रुपए दिल्ली सरकार ने 70 फीसदी कोरोना सेस लगाया थादरअसल, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बीते सोमवार से लॉकडाउन फेज-तीन में शराब की दुकानों को खोलने की अनुमति प्रदान की है। यह दुकानें सुबह दस बजे से शाम सात बजे खुलेंगी। लेकिन शराब के लिए दुकानों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के नियम भी हवा में उड़े। जबकि, हिदायत दी गई थी कि कंटेनमेंट को छोड़कर जहां भी शराब की दुकानें खुलेंगी वहां सोशल डिस्टेंसिंग का नियम पालन करना होगा। पांच से अधिक लोग इकट्ठा नहीं होंगे। वहीं,राजधानी में अरविंद केजरीवाल सरकार ने मंगलवार से शराब पर 70% अतिरिक्त टैक्स वसूलना शुरू कर दिया है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today प्रदेश सरकार के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने शराब, पेट्रोल व डीजल के दामों में बढ़ोत्तरी की जानकारी दी। Full Article
0 राजकोट से 1296 लोगों को लेकर बलिया पहुंची श्रमिक एक्सप्रेस ट्रेन, इसमें सवार 68 लोगों का टेंपरेचर 100 डिग्री से ज्यादा By Published On :: Wed, 06 May 2020 14:55:18 GMT गुजरात के राजकोट से बुधवार को उत्तर प्रदेश के बलिया पहुंची श्रमिक स्पेशल ट्रेन में सवार 68 कामगार बीमार मिले हैं। इससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। वहीं, एक श्रमिक की हालत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल में आइसोलेट किया गया है। जबकि, बाकी को क्वारैंटाइन सेंटर भेज दिया गया है। सभी की सैंपलिंग की जाएगी।एडिशनल सीएमओ डॉक्टर केडी प्रसाद ने बताया कि, सुबह करीब आठ बजे 32 जिलों के 1296 श्रमिक बलिया में ट्रेन से उतरे। यह कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी होते हुए बलिया पहुंची थी। जिनकी स्वास्थ्य विभाग की तरफ से स्क्रीनिंग की गई। इस दौरान 68 मजदूरों का तापमान 100 डिग्री फॉरेनहाइट से अधिक था। जबकि, एक श्रमिक की तबियत ज्यादा खराब होने के कारण उसे जिला अस्पताल में एडमिट कराया गया है। शेष 67 मजदूरों को जयपुरिया स्कूल में क्वारैंटाइन कर दिया गया है।एसीएमओ प्रसाद ने बताया कि, जिला अस्पताल में भर्ती मरीज की सैंपलिंग कर ली गई है। उसे जांच के लिए भेज दिया गया है। वहीं, क्वारैंटाइन किए गए मजदूरों की भी सैंपलिंग की जा रही है। उनकी स्वास्थ्य विभाग द्वारा निगरानी भी हो रही है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today ये तस्वीर बलिया रेलवे स्टेशन की है। यहां चेकिंग के बाद जो श्रमिक स्वस्थ मिले, उन्हें बसों से उनके घर भेज दिया गया। Full Article
0 एक दिन में 15 संक्रमित आए सामने; 17 मरीज हुए डिस्चार्ज, मदरसा छात्र बोले डॉक्टर हमारे लिए फरिश्तें हैं By Published On :: Thu, 07 May 2020 04:05:00 GMT उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के हैलट के मैटरनिटी विंग के कोविड-19 वार्ड से 17 मरीजों को बुधवार देर रात डिस्चार्ज कर दिया गया। पैरामेडिकल स्टॉफ ने तालियां बजाकर उनकों विदाई दी। इस दौरान स्वस्थ्य हुए मदरसा छात्रों ने सभी का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि यह डॉक्टर नहीं फरिश्ते हैं। असल तालीम इन फरिश्तों ने हासिल की है। इसके साथ ही बुधवार को 15 नए संक्रमण के मामले सामने आए हैं। सभी संक्रमितों को कोविड-19 अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शहर में संक्रमितों की संख्या बढकर 288 पहुंच गई है। वहीं 6 संक्रमितों की मौत हो चुकी है और 51 मरीज डिस्चार्ज हो चुके है ।शहर में लगातार कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। हॉटस्पॉट एरिया से संक्रमितों का आना जारी है। इसके साथ ही संक्रमण शहर अन्य स्थानों और ग्रामीण क्षेत्रों की तरफ बढ़ रहा है। बुधवार को जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की कोविड-19 लैब और लखनऊ के केजीएमयू से आई रिपोर्ट में 15 लोग सक्रमित पाए गए है। 15 में से 10 संक्रमित हॉटस्पॉट एरिया से पाए गए है। वहीं एक कपड़ा व्यापारी का तीन साल का बच्चा और उसके परिजनों में संक्रमण की पुष्टी हुई है।कोरोना के खिलाफ इस जंग में कानपुर का हैलट अस्पताल सबसे बेहतर काम कर रहा है। कानपुर बुंदेलखंड के सबसे बड़े हैलट अस्पताल में सबसे अधिक भार भी है। बुधवार को हैलट अस्पताल के मैटरनिटी विंग के कोविड-19 वार्ड से 17 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया। डिस्चार्ज किए गए पेसेंटों की दो कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई थी। 17 पेसेंटों में कुली बाजार , मछरिया , जाजमऊ मदरसा के छात्र समेत कर्नलगंज , किदवई नगर और कुलीबाजार की महिलाएं और पुरूष थे। शहर में अलग-अलग कोविड-19 अस्पतालों से 51 पेसेंट डिस्चार्ज किए जा चुके है। जिसमें से 39 पेसेंट सिर्फ हैलट अस्पताल से डिस्चार्ज हुए है। 11 पेसेंट सरसौल सीएचसी से और एक पेसेंट उर्सला अस्पताल से डिस्चार्ज हुए हैं।युवक के संक्रमित पाए जाने के बाद उसके दोस्तों की नींद उड़ीकानपुर में एक बड़ा ही अनोखा मामल सामने आया है। दोस्त की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के जानकारी दूसरे दोस्तों को हुई तो सभी में हड़कंप मच गया। संक्रमित युवक का एक दोस्त तो घर छोड़कर भाग गया । पुलिस ने उसे सर्विलांस के माध्यम से जंगलों के बीच पकड़कर लाना पड़ा। दरसल सूरत में काम करने वाले 12 दोस्त बीते 2 मई को एक साथ ट्रक से लौटे थे। कानपुर देहात के मनेथू निवासी में संक्रमित पाया गया तो दोस्तों में खलबली मच गई।बिधनू के बाबीपुरवा में रहने वाला युवक घर से भाग गया। पुलिस को सर्विलांस की मदद लेनी पड़ी। पुलिस ने भागे हुए युवक को जंगल से बरामद किया। युवक ने बताया कि मेरे साथ ट्रक में बिधनू के करौली गांव के 10 और रमईपुर के एक युवक ट्रक में शामिल थे। फिलहाल पुलिस ने सभी को नारायणा कॉलेज में क्वारैंटाइन कराया गया है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today कानपुर में एक साथ 15 लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है। यहां संक्रमित मरीजों का आंकड़ा लागतार बढ़ता जा रहा है। Full Article
0 अब तक 3159 पॉजिटिव पाए गए, इसमें एक्टिव केस 1824: आगरा में संक्रमितों का आंकड़ा 600 के पार पहुंचा By Published On :: Thu, 07 May 2020 04:49:00 GMT उत्तर प्रदेश में बीते 24 घंटे में 155 कोरोना पॉजिटिव मरीज पाए गए हैं। इसके साथ ही संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 3159 हो गई है। इसमें एक्टिव केस 1824 हैं और1152 जमाती शामिल हैं। दो कोरोना संक्रमित की मौत होने के बाद यह आंकड़ा 60 पहुंच गया है। वहीं यूपी सरकार ने 25 मार्च को पान मसाला पर प्रतिबंध लगाए जाने का फ़ैसला वापस लेते हुए केवल (निकोटिन) तंबाकू की बिक्री पर रोक जारी रखी है। तम्बाकू एवं निकोटीन युक्त पान मसाला व गुटखा पर प्रतिबंध जारी रहेगा।उत्तर प्रदेश में अब तक60 लोगों की मौत हो चुकी हैं।कोरोना की चपेट में सबसे बड़ा हॉटस्पॉट बनेआगरा में 16, मेरठ में 8, मुरादाबाद में 7, कानपुर में 5, मथुरा में चार, फिरोजाबाद में तीन, ग़ाज़ियाबाद, अलीगढ़ में 2-2 और कानपुर देहात, श्रावस्ती1, एटा, मैनपुरी, अमरोहा, प्रयागराज, बिजनौर, बस्ती, बुलंदशहर, बरेली में 1-1 मौत अब तक हुई हैं।अब तक 3159 पॉजिटिव केसों का जिलेवार विवरण: आगरा में 655, कानपुर नगर में 292, लखनऊ में 269,सहारनपुर में 205, गौतमबुद्धनगर (नोएडा) में 193,फिरोजाबाद में 177, मेरठ में 174, मुरादाबाद में 116, गाजियाबाद में 110, वाराणसी में 77, अलीगढ़ में 50, बुलन्दशहर में 57, रायबरेली में 46, हापुड़ में 47, मथुरा, अमरोहा, बस्ती में 36, बिजनौर में 34, संतकबीरनगर में 30, शामली में 29 , रामपुर में 25, मुजफ्फरनगर में 24, सीतापुर में 20, संभल में 19, सिद्धार्थनगर , बागपत में 17- 17 और बदायूं में 16 पॉजिटिव पाए गए हैं।वहीं प्रयागराज-बहराइच में 15-15, बांदा-प्रतापगढ़ में 14, औरैय्या में 13, एटा में 12,बरेली में 10, मैनपुरी- झांसी, में 9-9, श्रावस्ती- जालौन-जौनपुर-आजमगढ़ में 8-8 पाए गए। कन्नौज- हाथरस- महराजगंज में 7-7, गोंडा-ग़ाज़ीपुर में 6-6, लखीमपुर खीरी- इटावा में 4, पीलीभीत-मिर्जापुर-कासगंज-चित्रकूट-गोरखपुर-सुल्तानपुर में 3-3, हरदोई- कौशाम्बी-गोंडा-भदोही-उन्नाव- बाराबंकी- महोबा- कानपुर देहात-कुशीनगर- देवरिया में दो-दो, शाहजहांपुर-मऊ- बलरामपुर-अयोध्या-अमेठी,में एक-एक कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई हैं।1130 कोरोना स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किए गए: आगरा से 208, लखनऊ से 161, मुरादाबाद से 116,गौतमबुद्धनगर (नोएडा) से 111, सहारनपुर से 79, मेरठ से 55, गाजियाबाद से 50, कानपुर नगर से 34, फ़िरोज़ाबाद से 33 , अमरोहा से 26, शामली से 27, बस्ती से 20, बुलन्दशहर, बिजनौर से 21-21, मुजफ्फरनगर से 19, रामपुर से 16, सीतापुर से 17, बागपत से 14, , वाराणसी, से 13-13, , मुजफ्फरनगर से 9, बरेली-हापुड़-सम्भल-महराजगंज-प्रतापगढ़ से 6- 6, जौनपुर-गाजीपुर से 5-5, लखीमपुर- खीरी-मैनपुरी-कन्नौज-आज़मगढ़-हाथरस-मथुरा-औरैया-अलीगढ़ से4-4, बांदा-एटा-मैनपुरी-कन्नौज-पीलीभीत से 3-3, हरदोई-बदायूं-कौशाम्बी से 2-2, शाहजहांपुर-बाराबंकी-कासगंज-प्रयागराज-मऊ-उन्नाव-भदोही-सम्भल-इटावा से 1-1, कोरोना मरीज को स्वस्थ पूर्णतया करवाकर डिस्चार्ज किया जा चुका है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today उत्तर प्रदेश में कोविड -19 से संक्रमित मरीजों का आंकडा तीन हजार को पार कर गया है। इससे अब तक 60 लोगों की मौत हो चुकी है। सबसे अधिक आगरा में 600 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। Full Article
0 योगी ने राज्य सरकारों से मांगी प्रवासी कामगारों की जिलेवार सूची, कहा- वापस आए सभी श्रमिकों को रोजगार देने की व्यवस्था होगी By Published On :: Thu, 07 May 2020 05:55:00 GMT उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रदेश सरकार अपने राज्य के सभी श्रमिकों को लाना चाहती है। इसके लिए संबंधित राज्य सरकारें यूपी के प्रवासी कामगारों की जनपदवार सूची उपलब्ध करायें। जो राज्य सरकारें सूची उपलब्ध कराएं ताकिउन्हें लाने की व्यवस्था हम तत्काल दे सकें।उन्होंने कहा है कि अभी तक दूसरे प्रदेशों से प्मगारों को लेकर 37 ट्रेनें आ चुकी हैं। इससे क़रीब 30 हज़ार से अधिक प्रवासी श्रमिक कामगार आए हैं। इसके अलावा पिछले सप्ताह हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश से भी बसों से तीस हज़ार से अधिक श्रमिक एक लाए गए हैं।योगी ने कहा कि श्रमिकों को लेकर आज 20 ट्रेनें आ रही हैं। कल भी 25 से 30 ट्रेनें प्रवासीकामगारों को लेकर प्रदेश में आएंगी। उन्होंने कहा कि श्रमिकों को सुरक्षित घरों तक पहुंचाने के लिए परिवहन निगम की 10,000 से ज्यादा बसें लगाई गई हैं। हम यहाँ आने वाले हर श्रमिक को जांच के लिए क्वारैंटाइन सेंटर में रखने और उन्हें सुरक्षित घरों तक पहुँचाने की व्यवस्था कर रहे हैं। साथ ही प्रत्येक कामगार को खाद्यान्न और एक हज़ार रुपए का भरण पोषण भत्ता भी दे रहे हैं।यूपी में क्वारेंटाइन सेंटरों की क्षमता 12 लाख से ज्यादासीएम योगी ने बताया कि प्रदेश के क्वारैंटाइन सेंटरों की क्षमता अब 12 लाख से ज़्यादा की हो गई है। सभी के चेकअप के लिए 50 हज़ार से अधिक लोगों की मेडिकल टीमें लगाई गई हैं।योगी ने ज़िला प्रशासन को निर्देश दिया है कि वे सभी प्रवासी कामगारों से सहानुभूति पूर्ण सम्मान जनक व्यवहार करते हुए उन्हें समय से खाद्यान्न, भरण पोषण भत्ता व नौकरी रोज़गार उपलब्ध कराया जाए। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today योगी ने सभी राज्यों की सरकारों से यूपी के कामगारों की जिलेवार सूची मांगी है। योगी ने कहा है कि उनकी सूची तत्काल उपलब्ध कराएं ताकि उनको वापस बुलाया जा सके। Full Article
0 नोएडा में 30 परियोजनाओं का निर्माण कार्य शुरू, सोशल डिस्टेंसिंग का रखा जा रहा पूरा ख्याल By Published On :: Thu, 07 May 2020 06:36:00 GMT उत्तर प्रदेश में कोरोना महामारी को लेकर सरकार पूरी तरह से सतर्क है। संक्रमण फैलने के बाद से ही बंद हुई औद्योगिक परियोजनाओं का काम अब धीरे-धीरे शुरू हो रहा है। अधिकारियों के अनुसार नोएडा में कोविड-19 संक्रमण से बचाव के नियमों का पालन करते हुए बुधवार से प्राधिकरण ने 30परियोजनाओं का निर्माण कार्य शुरू कर दिया। इन सभी साइटों पर मजदूरों की दो बार थर्मल स्केनिंग की गई।प्राधिकरण महाप्रबंधक राजीव त्यागी ने चिल्ला एलिवेटड निर्माण साइट का निरीक्षण किया। इस दौरान साइट पर उनकी टीम की भी थर्मल स्कैनिंग की गई। जिसके बाद ही उन्हें साइट में प्रवेश दिया गया। आठ परियोजनाएं वर्क सर्किल-1 से 5 में व सर्किल-6 से 1० में शेष परियोजनाएं शामिल हैं। सभी में निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया। किसी प्रकार की कोताही न बरती जाए ऐसे में अधिकारियों ने साइटों का औचक निरीक्षण भी किया। बता दें कोरोना संक्रमण के चलते अब इन परियोजनाओं को समय से पूरा करना प्राधिकरण के लिए चुनौती है।14 ग्रुप हाउसिग वाली परियोजाओं को भी मंजूरीसरकारी के अलावा प्राधिकरण ने बुधवार को 5 बिल्डर परियोजनाओं के काम को मंजूरी दे दी। इससे पहले मंगलवार को 14 परियोजनाओं के काम शुरू करने को मंजूरी दी गई थी। ओएसडी का कहना है कि 7 आवेदन अभी लंबित रखे गए हैं क्योंकि ये कंटेन्टमेंट जोन में आते है। इस जोन से बाहर निकलने पर इनको भी मंजूरी दे दी जाएगी।नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक राजीव त्यागी ने बताया कि साइटों पर संक्रमण न फैले इसके लिए नियमों का पालन कराया जा रहा है। लापरवाही बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएग। समय समय पर औचक निरीक्षण किया जाता रहेगा। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today यह तस्वीर नोएडा के चिल्ला रेगुलेटर की है। यहां प्राधिकरण की मंजूरी के बाद काम निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। महाप्रबंधक राजीव त्यागी ने निर्माण कार्यों का जायजा भी लिया। Full Article
0 320 प्रवासी श्रमिकों को 16 बसों से राजस्थान भेजा गया, मजदूरों के चेहरों पर दिखी अपनों के बीच जाने की खुशी By Published On :: Thu, 07 May 2020 07:53:00 GMT राजस्थान सरकार के रजिस्ट्रेशन पोर्टल में रजिस्ट्रेशन कराने वाले 320 श्रमिकों को गुरुवार को कानपुर से राजस्थान भेजा गया। अपनों के बीच जाने की खुशी मजदूरों और महिलाओं में साफ देखी जा सकती थी। राजस्थान जाने से पहले महिलाओं ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का आभार भी प्रकट किया। सभी यात्रियों की झकरकटी बस अड्डे पर डॉक्टरों ने थर्मल स्क्रिनिंग कर रिपोर्ट कार्ड तैयार किया। इसके बाद सभी को लंच पैकेट के साथ 16 बसों से रवाना किया गया।लॉकडाउन के बाद कानपुर में राजस्थान के 320 लोग फंसे हुए थे। लगभग 280 श्रमिक थे और उनके परिवार के सदस्य थे। इसके साथ ही कुछ महिलाएं अपनी रिश्तेदारी में आई शहर आई थी। कुछ छात्राएं भी शामिल थी। बीते 45 दिनों से कानपुर फंसे लोग अपने प्रदेश जाने के लिए झकरकटी बस अड्डे पहुंची तो उनके चहरे खुशी से चमकने लगे।मां के इलाज के लिए आयी थी लेकिन लॉकडाउन में फंस गईछात्रा प्रिया शाह ने बताया कि मैं कानपुर अपनी मां के इलाज के लिए आई थी। लॉकडाउन लगने की वजह से हम लोग यहां पर 40 दिनों से फंसे हुए है। हम उत्तर प्रदेश सरकार का धन्यवाद करना चाहते है। हमें वापस अपने राज्य पहुंचाया जा रहा है। सुरभि चौहान ने कहा- मैं चित्तौडगढ से हूं। यहां पर पिछले डेढ महीनें से फंसी हुई हूं। अब मैं वापस जा रही हूं इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बहुत-बहुत धन्यवाद देती हूं।कानपुर में बस अडडे पर राजस्थान जाने से पहले लोगों की जांच करता स्वास्थ्यकर्मी। थर्मल स्कैनिंग के बाद ही लोगों को जाने की इजाजत दी गई।अपर नगर मजिस्ट्रेट अमित कुमार के मुताबिक प्रदेश सरकार के अवाहान पर और राजस्थान गवर्मेंट के रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर 320 प्रवासी मजदूरों ने जो यहां फंसे हुए थे। उन्होने रजिस्ट्रेशन कराया था जिसके संबध में 13 बसों से सोशल डिस्टेसिंग की गाइड लाइन से भेजा जा रहा है। प्रवासी श्रमिकों के लिए डॉक्टरों की टीम लगाकर थर्मल स्क्रिनिंग कराई जा रही है।उन्होंने कहा कि इसके साथ इनके लिए खाने और पीने के पानी की भी व्यवस्था कराई गई है। सुरक्षाकर्मियों के साथ भरतपुर बार्डर पर सभी को छोड़ा जाएगा। 320 यात्रियों के अलावा भी जाना चाहते है उन्हे भी भेजा रहा है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today यह तस्वीर कानपुर झकरकट्टी बस अड्डे की है। यहां से गुरुवार को श्रमिकों को सरकारी बसों से राजस्थान भेजा गया। इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं। Full Article