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69000 सहायक शिक्षक भर्ती मामला: योगी ने कहा - एक सप्ताह में सुनिश्चित कराएं 69 हजार शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया है कि कोर्ट के निर्णय के क्रम में एक सप्ताह के भीतर 69000 शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया सुनिश्चित कराएं। सीएम योगी ने कहा कि कोर्ट के निर्णय से शिक्षकों की भर्ती का मार्ग प्रशस्त हुआ है।उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के विद्यालयों को योग्य शिक्षक मिलेंगे। यह भी स्पष्ट हुआ है कि शिक्षक भर्ती के प्रकरण में राज्य सरकार का पक्ष और रणनीति सही थी। दरअसल हाईकोर्ट नेकोर्ट ने सरकार के फैसले को सही बताया है साथ ही तीन माह में भर्ती प्रक्रिया पूरी करने का आदेश दिया है।


परीक्षा नियामक प्राधिकारी अनिल भूषण चतुर्वेदी ने कहा कि उच्च न्यायालय का ऑर्डर वेबसाइट पर अपलोड नहीं हुआ है। ऑर्डर मिलने के बाद 69000 भर्ती मामले में आगे की कार्यवाही शुरू की जाएगी।


यह है मामला

हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने प्रदेश के प्राथमिक स्कूलों में 69000 सहायक शिक्षकों की भर्ती मामले में अपना अहम फैसला सुनाते हुए राज्य सरकार द्वारा बढ़ाए गए कटऑफ (सामान्य के लिए 65 फीसदी व आरक्षित के लिए 60 फीसदी अंक) पर मुहर लगा दी है। इससे योगी सरकार को बड़ी राहत मिली है।


न्यायमूर्ति पंकज कुमार जायसवाल व न्यायमूर्ति करुणेश सिंह पवार की खंडपीठ ने बुधवार को सरकार द्वारा तय किए गए मानकों पर मुहर लगाते हुए राज्य सरकार समेत अन्य अभ्यर्थियों की अपील पर फैसला सुनाया। कोर्ट ने सरकार के फैसले को सही बताया है साथ ही तीन माह में भर्ती प्रक्रिया पूरी करने का आदेश दिया है।महाधिवक्ता राघवेंद्र सिंह ने सरकार का पक्ष रखते हुए कोर्ट को बताया कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षकों के चयन के लिए कटऑफ बढ़ाए गए थे।



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69000 शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया के मामले को लेकर सीएम योगी ने कहा है कि हाईकोर्ट के फैसले से यह साबित हो गया है कि सरकार ने जो कदम उठाया था वह सही था।




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शराब के ठेके खुलने के बाद अखाड़ा परिषद ने की योगी से अपील, कहा- देवालयों के दरवाजे श्रद्धालुओं के लिए बंद क्यों 

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने शराब के ठेकों को खोलने की इजाजत दे दी है। इसे लेकर विधायक से लेकर साधु संत तक सरकार की आलोचना कर रहे हैं। प्रयागराज स्थित अखाड़ा परिषद ने लॉकडाउन में शराब की दुकानें खोले जाने के बाद अब मंदिरों को भी आम श्रद्धालुओं के लिए खोले जाने की मांग उठने लगी है। है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्रगिरी ने कहा है कि सरकार ने शराब की दुकानें खोली हैं तो आखिर देवालयों के दरवाजे श्रद्धालुओं के लिए अब तक क्यों बंद रखे गए हैं।

हरिद्वार के धर्माचार्यों और काशी विद्वत परिषद के बाद अब साधु-संतों की सर्वोच्च संस्था अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने भी लॉकडाउन में मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खोले जाने की मांग की है। उन्होंने सरकार से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए सभी छोटे-बड़े मंदिरों के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाने की मांग की है।

महंत नरेंद्र गिरी ने कहा है कि मंदिर खोले जाने की मांग को लेकर अखाड़ा परिषद के महामंत्री और पंच दशनाम जून अखाड़े के संरक्षक महंत हरि गिरि से बातचीत के बाद देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक पत्र भी लिखेंगे।

दो माह से मंदिरों कपाट बंद, पुजारियों और कर्मचारियों को नहीं मिल रहा वेतन
महंत नरेन्द्र गिरी ने कहा कि कोरोना को लेकर पिछले डेढ़ माह से लॉकडाउन है और लगभग दो माह से मंदिरों के कपाट बंद हैं। ऐसे में मंदिरों में पुजारियों और अन्य कर्मचारियों को वेतन देने में भी बहुत कठिनाई आ रही है। जब राजस्व के लिए सरकार शराब की दुकानें खोले जाने की अनुमति दे सकती है, तो उसे दूसरी दुकानें और मंदिरों को भी खोले जाने की अनुमति दे देनी चाहिए। जिससे लोगों की रोजी-रोटी भी चलती रहे।



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अखिल भारतीय अखाडा परिषद ने सीएम योगी से अपील की है कि शराब के ठेके खुलने के अब मंदिरों के कपाट भी खोलने की मंजूरी दी जाए जिससे साधु संतों की रोजी रोटी चल सके।




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उत्तर प्रदेश के लगभग हर जिले से 20 से ज्यादा घरेलू हिंसा की मिल रही सूचनाएं, अलग-अलग मोर्चों पर जूझ रही पुलिस के पास नई समस्या

कोरोना महामारी के कारण पिछले डेढ़ महीने से भी ज्यादा समय से जारी लॉकडाउन से लोगों में चिड़चिड़ापन बढ़ा है और घरेलू हिंसा की घटनाओं में भी इजाफा हुआ है। नगर के एक वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. विवेक अग्रवाल कहते हैं कि लगातार एक ही जगह या घर मे कैद रहने से स्वभाव मे चिड़चिड़ापन आ जाता है, जो हिंसा को बढ़ावा देता है। कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर अलग-अलग मोर्चों पर जूझ रही पुलिस को अब इस मोर्चे पर भी निपटना पड़ रहा है।

सामान्य दिनों से अधिक मामले

राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बिमला बाथम ने कहा कि राज्य के 75 जिलों में लगभग हर जिले से 20 से ज्यादा घरेलू हिंसा की सूचनाएं आ रही हैं, जो सामान्य दिनों से कहीं अधिक है। लॉकडाउन लागू होने के पहले घरेलू हिंसा की इतनी सूचना आयोग को नहीं मिलती थी, लेकिन अब इसमें आश्चर्यजनक रूप से इजाफा हो गया है। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन लागू होने के पहले आयोग को घरेलू हिंसा की 123 शिकायत मिली थीं, जो लॉकडाउन लागू होने के बाद बढ़कर करीब 250 हो गई हैं। अभी यह समय भी नहीं कि आयोग इस पर कार्रवाई शुरू कर दे। सोमवार से शराब की बिक्री शुरू होने के बाद नई मुसीबत शुरू हो गई है। इटावा मे एक युवक शराब के नशे मे नदी मे डूब गया तो रायबरेली मे छह नशेड़ियों ने शराब पीकर खूब हंगामा किया।

बच्चों का व्यवहार भी बदल रहा

मनोवैज्ञानिक मानते हैं कि लॉकडाउन से लोगों मे अवसाद के लक्षण बढ़ जाते हैं और ये अधिकतर कामकाजी पुरुष और महिलाओं मे होता है। जो महिला घर के काम मे ही लगी होती हैं, उनमें अवसाद के लक्षण कम पाए जाते हैं, लेकिन जो महिलाएं घर के साथ ऑफिस मे भी काम करती हैं, उनके लिए लॉकडाउन एक नई मुसीबत है। लॉकडाउन से बच्चों के व्यवहार मे बदलाव आ रहा है। वो जिद्दी और चिड़चिड़े होते जा रहे हैं।

पति-पत्नी के व्यवहार में बदलाव

घर मे पतियों और पत्नी के व्यवहार मे परिवर्तन आ रहा है। खासकर उन पतियों मे ज्यादा परिवर्तन नजर आ रहा है, जो शराब या किसी अन्य चीज का नशा करते हैं। ऐसे लोग ज्यादा आक्रामक व्यवहार करते हैं और अपना गुस्सा पत्नी और बच्चों पर निकालते हैं। घरेलू हिंसा के बढ़ने के मुख्य कारणों मे इसे गिना जा रहा है।

कोरोना से जल्दी मुक्ति नहीं
डॉक्टर अग्रवाल कहते हैं कि इससे मुक्ति का उपाय तो यह कि हालात जल्दी सामान्य हो और लोग आम दिनों की तरह पहले जैसी जिंदगी जीने लगें, लेकिन कोरोना से इतनी जल्द मुक्त होने के अभी लक्षण तो नजर नहीं आ रहे।



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डेमो फोटो




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सूरत से श्रमिकों को लेकर पहुंची ट्रेन, मजदूरों ने कहा- लॉकडाउन में काम बंद हो गया, गुजारे के लिए कर्ज लेना पड़ा 

उत्तर प्रदेश में गैर राज्यों से श्रमिकों के आने का सिलसिला जारी है। कई राज्यों से स्पेशल ट्रेनें कामगारों को लेकर यूपी के अलग-अलग जिलों में पहुंच रही हैं। इस बीच सूरत से श्रमिक स्पेशल ट्रेन वाराणसी रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार को सुबह ही 1200 लोगों को लेकर पहुंची। इस दौरान श्रमिकों ने कहा कि लॉकडाउन में काम बंद हो गया था जिसकी वजह से कर्ज लेकर किसी तरह गुजारा चल रहा था। अपने घर पहुंचने से काफी राहत महसूस हो रही है।

सोशल डिस्टेंसिंग के साथ ट्रेन से उतरने पर उनकी थर्मल स्कैनिंग की गई लोगों का डिटेल दर्ज किया गया उन्हें जूस और चिप्स का पैकेट दिया गया व पानी दिया गया सोशल डिस्टेंसिंग के साथ उन्हें बस पर बैठाकर रवाना किया जा रहा है।

मौके पर एडीएम सिटी और एसपी सिटी दिनेश सिंह मॉनिटरिंग कर रहे थे। पहुंचे लोगो का कहना है कि बस उनके मन मे एक ही इक्षा है कि वो अपने घरों को पहुंच जाएं।गाजीपुर ,जौनपुर,आज़मगढ़, बलिया,मऊ और अन्य जगहों पर लोगो को बसों से भेजा जा रहा है।मनोहर ने बताया कि सूरत में वो लूम चलाते थे। वहां सेठो ने पैसा देना बंद कर दिया था। कर्ज लेकर किसी तरह से जीवन कटा।

वही काशी में मरीजों की संख्या 77 जिसमे एक कि मौत 21 स्वस्थ हो गए है।272 लोगो के रिपोर्ट का इंतजार है।डीएम कौशल राज शर्मा ने कहा कि किताब और मोबाईल की दुकानें 7 से 2 बजे तक ही खुलेंगी। 10 मई से एकल चाय पान की दुकानें बंद रहेंगी। इसमें मेडिकल स्टोर,राशन गल्ला अंडा,पशु चारा की दुकानें 2 बजे तक ही रोज खुलेंगी।



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यह तस्वीर वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन की है जहां सूरत से पहुंचे कामगारों को जांच के बाद उन्हें बसों से घर भेजा गया।




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अब तक 3175 पॉजिटिव, इसमें 1765 एक्टिव केस: 67 जिलों में फैला संक्रमण, 1250 मरीज स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज हुए

उत्तर प्रदेश में कोरोनावायरस का संक्रमण तेजी से फैलता जा रहा है। पिछले 24 घण्टे में यूपी में 73 नए कोरोना संक्रमण के मरीज मिले हैं और कोरोना का संक्रमण राज्य के 67 जिलों में फैल गया है। सूबे में अब तक कुल 3175 कोरोना के पॉजिटिव केस सामने आए, जिनमें 1153 केस तब्लीगी जमाती शामिल हैं। कोरोना के 1765 एक्टिव केस हैं। अभी तक प्रदेश के विभिन्न जनपदों से 1250 कोरोना पेशेंट स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किए जा चुके हैं। अब तक कोरोना से 62 लोगों की मौत भी हो चुकी है।

कैसरबाग का मछली मोहल्ले का पूराइलाकासील: कैसरबाग के कुल 6 इलाके सील किए गए,लोगों के आने-जाने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई हैं। जरूरी सामान के लिए 2 वॉलंटियर नियुक्त किये गए हैं इस इलाके के हर व्यक्ति की जांच होगी। इस इलाके में 8 कोरोना के मरीज मिल चुके हैं।बीते 24 घंटे में आगरा में 11, लखनऊ में पांच, मेरठ में 10, कानपुर ने 6, अलीगढ़-बांदामें 4-4, झांसी 3, रामपुर-हाथरस-अमेठी-रामपुर-फिरोजाबाद-प्रयागराज, में 2-2, जालौन-हापुड़-मैनपुरी-सिद्धार्थ नगर-बिजनौर-मिर्जापुर-आजमगढ़-गोंडा-सहारनपुर-श्रावस्ती-सहारनपुर में 1-1 नए मरीज मिले हैं। वहीं आगरा में चार और मेरठ में एक मौत के बाद मरने वालों का आंकड़ा 62 पहुंच गया हैं।


अब तक 3175 पॉजिटिव केसों का जिलेवार विवरण: आगरा में 670, कानपुर नगर में 292, लखनऊ में 269, सहारनपुर में 205, गौतमबुद्धनगर (नोएडा) में 193,फिरोजाबाद में 178, मेरठ में 184, मुरादाबाद में 117, गाजियाबाद में 110, वाराणसी में 77, अलीगढ़ में 53, हापुड़ में 54, बुलन्दशहर में 57, रायबरेली में 47, मथुरा में 38, अमरोहा-बस्ती में 36-36, बिजनौर में 35, संतकबीरनगर में 30, शामली में 29 , रामपुर में 27, मुजफ्फरनगर में 24, संभल में 22, सिद्धार्थनगर ,सीतापुर में 20-20, बांदा-बागपत में 17- 17 और बदायूं में 16 मामले सामने आए हैं।

वहीं प्रयागराज-बहराइच में 15-15, प्रतापगढ़ में 14-14, औरैय्या में 13, एटा में 12, मैनपुरी-बरेली में 11-11, गोंडा में 10, हाथरस-झांसी में 9-9, श्रावस्ती-जालौन- जौनपुर-आजमगढ़ में 8-8 पाए गए। कन्नौज-महराजगंज में 7-7, ग़ाज़ीपुर 6, लखीमपुर खीरी-सुल्तानपुर-इटावा में 4-4, पीलीभीत-मिर्जापुर-कासगंज-अमेठी-चित्रकूट-गोरखपुर में 3-3, हरदोई-कौशाम्बी-गोंडा-भदोही-उन्नाव-बाराबंकी-महोबा-कानपुर देहात-कुशीनगर-बलरामपुर-देवरिया में दो-दो, शाहजहांपुर-मऊ-अयोध्या में एक-एक कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई हैं।

1250 कोरोना स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किए गए: आगरा से 220, लखनऊ से 161, मुरादाबाद से 116,गौतमबुद्धनगर (नोएडा) से 111, ,सहारनपुर से 79, मेरठ से 55, गाजियाबाद से 51, कानपुर नगर से 34, फ़िरोज़ाबाद से 33, अमरोहा से 27, शामली से 28, बस्ती से 20, बुलन्दशहर-बिजनौर से 21-21, मुजफ्फरनगर से 19, रामपुर से 16, सीतापुर से 17, बागपत से 15,वाराणसी से13, मुजफ्फरनगर से 9, बरेली, हापुड़-सम्भल-महराजगंज-प्रतापगढ़ से 6- 6, जौनपुर-गाजीपुर से 5-5, लखीमपुर खीरी-मैनपुरी-कन्नौज-आज़मगढ़-हाथरस-मथुरा-औरैया-अलीगढ़ से4-4, बाँदा-एटा-मैनपुरी-कन्नौज-पीलीभीत से 3-3, हरदोई-बदायूं-कौशाम्बी से 2-2, शाहजहांपुर-बाराबंकी-कासगंज-प्रयागराज-मऊ-उन्नाव-भदोही-सम्भल-इटावा से 1-1 कोरोना मरीज कोडिस्चार्ज किया गया है।



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उप्र में संक्रमित मरीजों की संख्या तीन हजार को पार कर गई है। हर दिन नए मामले सामने आ रह हैं। यूपी में कोरोना से अब तक 62 लोगों की मौत हो चुकी है।




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सिपाही समेत दो की रिपोर्ट आई पॉजिटिव: संक्रमितों की संख्या 290 पहुंची, 7 हॉटस्पॉट एरिया ग्रीन जोन में होगें शामिल

उत्तर प्रदेाश के कानपुर में गुरूवार का दिन शहर के लिए राहत भरा रहा। लगभग 20 दिनों बाद ऐसा हुआ है कि शहर में सिर्फ दो संक्रमित पाए गए। जिसमें कर्नलगंज थाने तैनात सिपाही और एक अन्य युवक जिसकी प्राइवेट लैब से रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। शहर में संक्रमितों की संख्या 290 पहुंच गई है। वहीं 51 पेसेंट डिस्चार्ज हो चुके है और 6 मरीजों की मौत हो चुकी है। इसके साथ ही शहर के 7 ऐसे हॉटस्पॉट एरिया जहां बीते 21 दिनों से एक भी पेसेंट सामने नहीं आया है। उन्हे ग्रीनजोन में तब्दील किया जाएगा।

जीएसवीए मेडिकल की कोविड-19 लैब से 245 और लखनऊ के केजीएमयू 55 आई रिपोर्ट में एक सिपाही संक्रमित पाया गया है। संक्रमित सिपाही कर्नलगंज थाने में तैनात था। उसकी ड्यूटी हॉटस्पॉट एरिया में लगी थी शहर में संक्रमित पुलिसकर्मियों संख्या बढकर 25 हो गई। संक्रमित सिपाही की टै्रवल हिस्ट्री जुटाई जा रही है। इसके साथ ही नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। वहीं दूसरा संक्रमित बाबूपुरवा का रहने वाला है। एक प्राइवेट लैब से कोरोना टेस्ट कराया था। गुरूवार को युवक की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।

अधिकारियों ने बैठक कर हालात की समीक्षा की

मंडलायुक्त ने स्वास्थ्य विभा, पुलिस प्रशासन और डीएम के साथ समीक्षा बैठक की। जिसमें शहर के 7 हॉटस्पॉट एरिया को ग्रीनजोन में बदलने का फैसला किया गया है। जिसमें जिसमें बाबूपुरवा की सुफ्फा मस्जिद का एरिया , घाटमपुर , सजेती , मछरिया का एरिया शामिल है। दरसल बीते 21 दिनों से इन हॉटस्पॉट एरिया में से एक भी पॉजिटिव पेसेंट सामने नही आया है। हॉटस्पॉट एरिया से ग्रीनजोन बनते ही पीएसी और पुलिस बल हटा लिया जाएगा। आने जाने वाले रास्ते खोल दिए जाएगें।

इसके साथ ही 27 हॉटस्पॉट एरिया को मर्ज करके 17 रेडजोन बना दिए गए हैं और 2 ऑरेंज जोन बनाए गए हैं। दरअसल जिस भी क्षेत्र से सक्रमित मिल रहे थे उनको हॉटस्पॉट एरिया बनाया जा रहा था। इस तरह से शहर में 34 हॉटस्पॉट बनाए जा चुके थे। इन सभी एरिया में प्रशासन जरूरी सामाग्री होम डिलीवरी के माध्यम से पहुंचाई जा रही थी। क्षेत्र में किसी प्रकार की छूट नहीं दी जा रही थी।



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कानपुर में एक पुलिसकर्मी समेत दो लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है। शहर में संक्रमित मरीजों का आंकडा 200 को पार कर गया है।




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सब्जी मंडी में उमड़े हजारों लोग: सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का हुआ उल्लंघन, समिति ने कहा- हमने भीड़ रोकने की पूरी कोशिश की 

उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) जिले में कोरोनावायरस का असर तेजी से फैलता जा रहा है। नोएडा में संक्रमण के मामले लगातार सामने आ रहे हैं लेकिन जनता है कि मान नहीं रही है। इसका नजारा शुक्रवार तड़के नोएडा सेक्टर 88 की एक सब्जी मंडी में दिखा जहां सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाई गईं। सब्जी मंडी में सैकड़ों लोग इकट्ठा हो गए। इसमें सब्जी खरीदने वालों के साथ-साथ बड़ी संख्या में खरीदार भी थे। इस तरह की और भी कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। दिल्ली की आजादपुर सब्जी मंडी में इसी तरह की भीड़ के बाद कई लोगों को कोरोना संक्रमित भी पाया गया था।

सभी कॉमेंट्स देखैंअपना कॉमेंट लिखेंसोशल डिस्टेंसिंग की जमकर धज्जियां उड़ाए जाने के बाद मार्केट कमिटी के सेक्रेटरी ने कहा, 'हम कल से 100 से 150 पास ही जारे करेंगे। अब से सिर्फ पास धारक रेहड़ी वालों को ही मार्केट में आने दिया जाएगा।' सामने आई तस्वीरों में देखा जा सकता है कि सैकड़ों की संख्या में सब्जी और फल के विक्रेता अपने ठेले के साथ मौजूद हैं और उनके आसपास ढेर सारी भीड़ जमा है।

मंडी समिति का दावा- हमने काफी हद तक भीड़ कंट्रोल किया
नोएडा सेक्टर 88 की मार्केट समिति के सेक्रेटरी संतोष ने आगे कहा, 'हमने एक हद तक भीड़ को कंट्रोल किया है लेकिन लॉकडाउन के बढ़ने के कारण ही कुछ और काम करने वाले मजदूर भी मंडियों में ही काम करने आने लगे हैं। कहीं और कुछ और काम करके कमाने वाले भी यहां आ रहे हैं। हमने मार्केट में करीब पांच हजार से छह हजार मास्क और ग्ल्वस भी बांटे हैं।'



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नोएडा के सेक्टर 88 में स्थित सब्जी मंडी में लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। मंडी समिति का कहना है कि यहां आने वाले सब्जी लेने के अलावा भी बहुत सारे लोग यहां आ जा रहे हैं इसीलिए यह भीड़ हो गई। समिति की तरफ से भीड़ को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश की गई।




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रेलवे ट्रैक के सहारे लखनऊ लौट रहे श्रमिक के साथ 1000 की लूटपाट; लोगों ने एक बदमाश को पकड़ पेड़ से बांधकर पीटा

लॉकडाउन के बीच प्रवासी मजदूर पैदल व अन्य संसाधनों से अपने घरों की तरफ पलायन कर रहे हैं। कुछ तो सुरक्षित अपनी मंजिल तक पहुंच रहे हैं तो वहीं कुछ के साथ आपराधिक वारदातें भी शुरू हो गई हैं। ताजा मामला मुरादाबाद जिले का है। यहां श्रमिक राम सिंह पर दो बदमाशों ने धारदार हथियार से हमला कर एक हजार रुपए लूट लिए। हालांकि, राम सिंह नेदिलेरी दिखाते हुए शोर मचाया तो स्थानीय लोगों ने एक को पकड़ लिया। जबकि, दूसरा बदमाश मौके से फरार हो गया। लोगों ने बदमाश युवक को पेड़ से बांधकर पीटा है। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने लुटेरे को अपनी सुपुर्दगी में लिया है।

पीड़ित राम सिंह ने बताया कि, वे बिजनौर जिले के चांदपुर से लखनऊ जा रहे थे। उनके साथ कुछ और लोग भी थे। लेकिन रास्ते में मुरादाबाद जिले के कटघर थाना क्षेत्र के गोविंद नगर इलाके में पहुंचे, तभी दो लुटेरों ने हमला कर दिया। बदमाशों ने जेब में रखे एक हजार रुपए लूट लिए। यह देख अन्य लोगों ने शोर मचाया। तब लूटपाट करने वाले बदमाश भागने लगे। हालांकि, एक बदमाश में पकड़ में आ गया।

जिसके बाद उसे पेड़ से बांधकर जमकर पिटाई की गई।कुछ लोगों ने लुटरे को बचाने की कोशिश की तो स्थानीय लोगों ने भी इसका विरोध किया।इस बात की सूचना जब पुलिस को लगी विभाग में हड़कंप मच गया।मौके पर पहुची पुलिस लुटेरे को अपने साथ थाने ले आयी और घायलों का उपचार कराया गया।

प्रवासी मजदूर राम सिंह ने इस बाबत थाने में तहरीर दी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। दूसरे फरार आरोपी की तलाश जारी है।



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ये तस्वीर मुरादाबाद की है। यहां एक श्रमिक से लूटपाट करने वाले बदमाश को लोगों ने पेड़ से बांधकर पीटा।




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श्रमिक स्पेशल ट्रेन से 1200 मजदूर वाराणसी पहुंचे, मायावती ने कहा- केंद्र और राज्य सरकार मजदूरों के साथ खराब व्यवहार कर रहीं

उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 3175 हो गई है। 62 लोगों की मौत हो चुकी है। शुक्रवार सुबह सूरत से 1200 मजदूर और प्रवासी लेकर श्रमिक स्पेशल ट्रेन वाराणसी पहुंची। सभी को जांच के बाद रोडवेज की बसों से उनके गृह जिलों मेंभेजा जाएगा। उधर, कोरोना संक्रमण सेआगरा में एक वरिष्ठ पत्रकार औरझांसी में 37 साल के युवक की मौत हो गई। उधर, बसपा नेता मायावती ने कहा कि प्रवासी मजदूर दुखी और परेशान हैं। केंद्र और राज्य सरकारें उनके साथ गलत और खराब व्यवहार कर रही हैं। उनके लिए न तो खाना और न रहने की व्यवस्था की जा रही है।

सूरत से श्रमिक स्पेशल ट्रेन वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन पर सुबह साढे़ 5 बजे पहुंची। कामगारों को सोशल डिस्टेंसिंग के साथ ट्रेन से उतारा गया और फिर उनकी थर्मल स्क्रीनिंग की गई। बाद में प्रशासन की तरफ से उन्हें जूस, चिप्स केपैकेट औरपानी दिया गया। गाजीपुर, जौनपुर, आजमगढ़, बलिया, मऊ और अन्य जगहों पर लोगों को बसों से भेजा जा रहा है। श्रमिक मनोहर ने बताया कि सूरत में वहलूम चलाते थे। वहां सेठों ने पैसा देना बंद कर दिया था। कर्ज लेकर किसी तरह से जीवन कटा।

काशी विश्वनाथ मंदिर के पंडितों का आरोप- प्रशासन ने पास रद्द किए
लॉकडाउन के बीच वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में सप्तर्षि आरतीकी गई। प्रशासन की तरफ सेइसका वीडियो भी जारी किया गया। दरअसल, काशी विश्वनाथ मंदिर में यह पूजा रोज होती है। इसके लिए प्रशासन की तरफ से पास जारी किए गए थे। कुछ पंडित का आरोप है कि उनके पास कैंसल कर दिए गए और उन्हें मंदिर में पूजा करने के लिए नहीं जाने दिया गया।

यह तस्वीर वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर की है।शुक्रवार को मंदिर के अर्चकों द्वारा बाबा विश्वनाथ की भव्य आरती की गई।

कोरोना अपडेट्स:

  • नोएडा:गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) जिले की एकसब्जी मंडीमें सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाई गईं। शुक्रवार तड़के सेक्टर 88 की मंडीमें सैकड़ों लोग इकट्ठा हो गए। इसमें सब्जी खरीदने वालों के साथ-साथ बड़ी संख्या में खरीदार भी थे। इससे पहले दिल्ली की आजादपुर सब्जी मंडी में इसी तरह की भीड़ के बाद कई लोगों कोकोरोनासंक्रमित पाया गया था। मार्केट कमिटी के सेक्रेटरी ने कहा- 'हम कल से 100 से 150 पास ही जारीकरेंगे। अब से सिर्फ पास धारक रेहड़ी वालों को ही मार्केट में आने दिया जाएगा।'
  • आगरा:आगरा में गुरुवार को कोविड-19 से संक्रमित दो लोगों की मौत हो गई। इनमें पत्रकार पंकज कुलश्रेष्ठ और एक महिला है। दोनों का आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा था। इसके साथ शहर में कोरोना से अब तक 20 लोग मारे जा चुके हैं। शहर में गुरुवार को संक्रमण के 11 नए मामले सामने आए थे। यहां संक्रमितों की संख्या बढ़कर 670 हो गई है।
  • झांसी:कोरोना की चपेट में आए 37 साल के युवक की महारानी लक्ष्मीबाईमेडिकल कॉलेज में मौत हो गई। इस मरीज़ को गुरुवारदेर रात मेडिकल कॉलिज में भर्ती कराया गया था। उसे क्षय रोग भी था।2 दिन पहले एक मरीज़ अपनी जान गंवा चुका है। अब झांसी में संक्रमितों की संख्या 20 हो गई है।

यह फोटो लखनऊ का है। यहां मजदूर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए निर्माण कार्य में लगे हुए हैं।


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यह तस्वीर वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन की है। सूरत से आए सभी मजदूरों की पहले थर्मल स्क्रीनिंग की गई उसके बाद उन्हें उनके घर रवाना रवाना किया गया।




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कोर टीम की बैठक में योगी ने कहा- अब तक 70 हजार श्रमिकों की वापसी हो चुकी, सभी को सुरक्षित घरों तक पहुंचाया जाएगा

उत्तर प्रदेश में गैर राज्यों से श्रमिकों के आने का सिलसिला जारी है। इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार उत्तर प्रदेश के हर श्रमिक एवं कामगार को सुरक्षित उनके घर तक लाएगी। यह प्रक्रिया मार्च के अंतिम सप्ताह से ही जारी है। जरूरत के अनुसार हम इसके लिए ट्रेन और बसों की मदद ले रहे हैं।


योगी ने सरकारी आवास पर टीम 11 के अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान यह बातें कही। उन्होंने बताया कि देश के अलग-प्रदेशों महाराष्ट्र, गुजरात, पंजाब, कर्नाटक, केरल और तेलंगाना आदि प्रदेशोंके श्रमिकों को लेकर चलीं 79 ट्रेनें रास्ते में हैं। शनिवार तक ये अपने-अपने गंतव्य तक पहुंच जाएंगी।योगी ने कहा कि 56 ट्रेनों से अब तक गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, पंजाब, आंध्र प्रदेश और केरल आदि राज्यों से करीब 70 हजार श्रमिकों की वापसी हो चुकी है।


ट्रेनों के अलावा उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की करीब 10 हजार बसें भी आने वालों को सुरक्षित उनके घरों तक पहुंचा रही हैं। शुक्रवार को भी हरियाणा से 30,000 श्रमिक अपने प्रदेश में पहुंचेगें।मुख्यमंत्री ने अपील की है कि खुद के स्वास्थ्य और सुरक्षा के नाते कोई भी श्रमिक पैदल, साइकिल या दो पहिया से अपने घर के लिए न निकले। ये सारी व्यवस्था उसके लिए ही की गई है। धैर्य रखें सरकार उन तक जल्दी ही पहुंचेगी।

क्वारैंटाइन सेंटर पर आवश्यक रूप से होगी सभी की जांच
योगी ने कहा-आने वाले हर प्रवासी के स्वास्थ्य की जांच उस जिले के क्वारैंटाइन सेंटर पर अनिवार्य रूप से हो रही है। स्वस्थ लोगों को उनके घर इस हिदायत के साथ भेजा जा रहा है कि वह घर पर होम क्वारंटीन के मानकों का अनुपालन करेंगे। संदिग्ध को पूरी जांच के लिए सेंटर में ही आइसोलेट किया जा रहा है। घर जाने वाले हर श्रमिक को अनिवार्य रूप से भरण-पोषण के लिए एक हजार रुपये और तय मात्रा में खाद्यान्न भी दिया जा रहा है।



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योगी ने टीम 11 की बेठक के दौरान कहा कि दूसरे राज्यों में रह रहे सभी श्रमिकों को वापस लाया जाएगा। अब तक लगभग 70 हजार लोगों को वापस लाया जा चुका है।




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पुलिसवालों ने बुजुर्ग दंपती की मनाई शादी की 50वीं सालगिरह; लॉकडाउन में नोएडा में फंसे इकलौते बेटे ने मांगी थी मदद

कोरोनावायरस वैश्विक महामारी को लेकर 17 मई तक देशव्यापी लॉकडाउन है। ऐसे में बुजुर्गों व बच्चोंको घर से निकलने की इजाजत नहीं है। लोग शादी-विवाह व अन्य आयोजनों को टाल दिया है। ऐसे मेंउत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में रहने वाले एक बुजुर्ग दंपती ने अपनी 50वीं सालगिरह मनाने की उम्मीद छोड़ दी थी। क्योंकि उनका इकलौता बेटा नोएडा में फंसा था और वे उससे दूरमुरादाबाद में थे। ऐसे में बेटे ने माता-पिता की इच्छाओं को पूरा करने के लिए इलाकाई पुलिस से मदद मांगी। पुलिसकर्मी माला, केक व अन्य सामान लेकर बुजुर्ग के घर पहुंच गए। यह सरप्राइज गिफ्ट देखकर बुजुर्ग दंपती की आंखें नम हो गईं। सभी ने दंपती को बधाई दी। दंपती ने भी पुलिसकर्मियों का आभार जताते हुए कहा- उनके बेटे ने सालगिरह को यादगार बना दिया।

कोतवाली इंस्पेक्टर ने दंपती व उनके बेटे को दी सरप्राइज

शहर के लोहागढ़ निवासी सुरेश चंद्र अग्रवाल की आज शादी की 50वीं सालगिरह है। लेकिन उनका इकलौता बेटा अनुज परिवार के साथ इन दिनों लॉकडाउन के चलते नोएडा में है। सबकी इच्छा थी कि, माता-पिता की 50वीं सालगिरह को यादगार बनाएंगे। लेकिन कोरोनावायरस के चलते देशव्यापी लॉकडाउन ने उनके अरमानों पर पानी फेर दिया। हालांकि, अनुज ने आस नहीं छोड़ी थी।

खाकीधारियों ने यादगार बनाया पल

अनुज ने सदर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक शक्ति सिंहको फोन कर मदद मांगी और अपनी पूरी बात बताई। उस वक्त शक्ति सिंह ने कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया। लेकिन शुक्रवार को वेचौकी इंचार्ज मंडी चौक एसआई संदीप कुमार और महिला कांस्टेबल के साथ फूलों की माला, फूल, केक लेकर बिना किसी पूर्व सूचना के बुज़ुर्ग दंपति के आवास पर पहुंच गए। सभी ने एक साथ मिलकर सुरेश चंद्र अग्रवाल एवं उनकी पत्नी सुषमा के साथ उनकी 50वीं शादी की सालगिरह को मनाया। सुरेश चंद्र अग्रवाल एवं उनकी पत्नी सुषमा ने पुलिस टीम का आभार जताया है।इसके बाद अनुज ने भी कॉल कर मुरादाबाद पुलिस को धन्यवाद दिया।



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ये तस्वीर मुरादाबाद की है। शुक्रवार को पुलिसकर्मियों ने बुजुर्ग दंपती की शादी की 50वीं सालगिरह मनाई।




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1200 श्रमिकों को लेकर सूरत से कानपुर पहुंची ट्रेन, यात्री बोले- टिकट के मूल्य पर वसूले गए 100 रुपए ज्यादा

लॉकडाउन के बीचसूरत में फंसे 1200 श्रमिकों को लेकर श्रमिक स्पेशल ट्रेन शुक्रवार को कानपुर पहुंची। मजदूर अपने प्रदेश पहुंचे तो उनके चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। लेकिन उनके दिल में बेरोजगारी के संकटकाल में तय मूल्य से ज्यादा टिकट के दाम की वसूली का दर्द भी था। मजदूरों ने कहा- हम टिकट देकर अपने घर लौटे हैं, इसमें कोई गम नहीं है। कभी भी आते तो रुपए तो खर्च करना ही पड़ता। लेकिन रेलवे 650 रुपए का टिकट 100 रुपए ज्यादा वसूलकर 750 रुपए में दिया है।

कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए पूरे देश में लॉकडाउन है। इसके साथ ही यह अपील भी की गई थी कि जो जहां है वहीं रहकर लॉकडाउन का पालन करें। लेकिन गैर राज्यों में फंसे श्रमिकों की मांग पर उन्हें घर पहुंचाने की पहल भी शुरू हुई है। इसी क्रम में शुक्रवार कोसूरत से 1200 श्रमिकों को लेकर स्पेशल ट्रेन कानपुर पहुंची।स्टेशन पर यात्रियों को लंच पैकेट और पानी दिया गया। सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का पालन कराते हुए यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग कराई गई। मेडिकल रिपोर्ट कार्ड तैयार करने के बाद सभी यात्रियों को स्टेशन के बाहर खड़ी बसों में बैठाकर उनके जनपदों को भेजा गया। लेकिन इस दौरान मजदूरों का दर्द भी छलक पड़ा।

टिकट पर 650 रुपए अंकित है। आरोप है कि, इससे 100 रुपए ज्यादा लिए गए।

दर्द-ए-सफर की कहानी-मजदूरों की जुबानी...

  • श्रमिक राजा सिंह ने कहा- सूरत से आ रहे हैं। रास्ते में एक बार सभी को खाना दिया गया था। हमसे टिकट के 750 रुपए लिए गए हैं। जबकि टिकट पर 650 रुपए लिखा हुआ है।
  • संगीता ने कहा- मुझे फतेहपुर जाना है। टिकट का रेट 650 रुपए है, लेकिन हम लोगों से 100 अधिक लिए गए हैं। मुझे लगता है कि हम लोगों को जो खाना पानी दिया गया है, उसके 100 रुपए अधिक चार्ज लिया गया है।
ट्रेन की खिड़की से बाहर देखता बच्चा।

हमनें पानी दिया, प्रशासन ने लंच पैकेट

स्टेशन डॉयरेक्टर हिमांशु शेखर ने बताया कि, रेलवे ने यात्रियों के लिए पानी की व्यवस्था की है और उनके लंच पैकट की व्यवस्था जिला प्रशासन ने की है। इसके साथ ही यहां गुजरने वाली ट्रेनों को हम खाना उपलब्ध करा रहे हैं। जिलाप्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगाई हैं। प्रवासी श्रमिकों का मेडिकल चेकअप कर रही हैं। थर्मल स्क्रीनिंग कर उनका रिपोर्ट कार्ड तैयार कर रही हैं। इसके साथ ही सभी यात्रियों की डिटेल नोट की जा रही है।



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1200 श्रमिक सूरत से कानपुर पहुंचे तो उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराते हुए उन्हें घर भेजा गया।




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कोयम्बटूर में फंसे बाराबंकी के 20 श्रमिक एक कमरे में रहने को मजबूर; घरवापसी के लिए मांगी मदद, कहा- यहां हो रहा भेदभाव

लॉकडाउन के बीचतमिलनाडु के कोयम्बटूर में फंसे 20 मजदूरों ने घर वापसी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व सीएम योगी आदित्यनाथ से मदद की गुहार लगाई है। ये सभी बाराबंकी जिले के टिकैतनगर कस्बे के रहने वाले हैं। मजदूरी के सिलसिले में वहां गए थे। लेकिन लॉकडाउन के बाद से बेरोजगार हैं और उनके पास अब खाने का संकट है। श्रमिकों ने वीडियो संदेश जारी कर कहा-10 फुट लंबे व इतने ही चौड़ाई के एककमरे में 20 रहने को मजबूर हैं। ऐसे मेंसोशल डिस्टेंसिंग का पालन कैसे करें? उनके पास पैसा, राशन सब खत्म है और उनके साथ भेदभाव भी किया जा रहा है। उनका समय मुश्किलों भरा है, उत्तर प्रदेश में सभी राज्यों के लोग वापस बुलाएजा रहे हैं, तो ऐसे में उन्हें घर वालों से दूर क्यों रखा जा रहा है?

किसी से मांगों पानी तो वह भगा देता है: मजदूरों का आरोप

मजदूरों ने कहा- वे मजदूरी के लिए तमिलनाडु के कोयम्बटूर गए हुए थे और लॉकडाउन में वहीं फंस गए हैं। तीन चरणों में बढ़ने वाले लॉकडाउन मेंयह आशा बंध जाती है कि इस बार का लॉक डाउन समाप्त होते ही वह घर जा सकेंगे, मगर एक चरण के खत्म होने के बाद लॉकडाउन अगले चरण के लिए शुरू हो जाता है।अब उनके पास कमाए गए पैसे भी खत्म हो चुके हैं और भूख सेमरने के दिन आ गए हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि,हिन्दी भाषी होने के नाते उनके साथ कोयम्बटूर मेंभेदभाव किया जाता है। अगर वह किसी से पानी की भी मदद की मांग करते हैं तो वह अपने दरवाजे से भगा देता है।

नहीं हुई पहल तो पैदल घर आने के लिए होंगे विवश

श्रमिकों ने अपने क्षेत्रीय विधायक सतीश शर्मा से भी घरवापसी के लिए पहल करने की अपील की है। श्रमिकों नेस्थानीय उद्यमियों को भी अपने इस वीडियो से आश्वस्त किया कि, वे रोजीरोटी की तलाश में यहां आए हैं, घर जाने के बाद वह लोग फिर वापस आएंगे और फिर से काम करेंगे। केन्द्र और प्रदेश की सरकार ने अगर अतिशीघ्र उनके घर भेजने की व्यवस्था न की तो वह लोग तमिलनाडु से बाराबंकी पैदल यात्रा करने को विवश होंगे।



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ये तस्वीर तमिलनाडु के कोयम्बटूर में फंसे बाराबंकी के मजदूरों की है। ये सभी लॉकडाउन में बेरोजगार हो चुके हैं। सभी एक कमरे में रहते हैं।




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 मठ- मंदिरों को खोलने की उठी आवाज: अखाड़ा परिषद ने योगी-मोदी को लिखा पत्र, कहा- तय गाइडलाइन के तहत देवालयों के ताले खुलवाए जांए

उत्तर प्रदेश में कोरोनावायरस का प्रकोप तेजी से फैलता जा रहा है। यूपी में शराब की दुकानें खुलने के बाद से ही एक तरफ तहां मुस्लिम धर्मगुरु मांस की दुकानों को खोलने की अपील कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर प्रदेश में बंद देवालयों को भी खोलने की मांग उठने लगी है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने लंबे इंतजार के बाद मंदिरों के ताले खुलवाने के लिए राज्य एवं केंद्र सरकार को पत्र लिखा है और मांग की है कि निर्धारित गाइडलाइन के तहत देवालयों के ताले खुलवाए जाएं।

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी और महामंत्री महंत हरी गिरी ने पीएम के साथ ही मुख्यमंत्री, गृहमंत्री, रक्षामंत्री को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि कोरोना वायरस के संक्रमण का प्रकोप धीरे-धीरे कम हो रहा है, लिहाजा मठ और मंदिरों के भी ताले खुलवाए जाएं । साथ ही वहां पर सोशल डिस्टेंसिंग एवं सैनिटाइजेशन का प्रबंध मठ और मंदिर के प्रबंध तंत्र के जरिए कराया जाए।

अखाड़ा परिषद ने दिया डब्लूएचओ की गाइडलाइन फालो करने का भरोसा

महंत हरिगिरि से इस मुद्दे पर विचार विमर्श के बाद पत्र लिखा गया है। पत्र में अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने कहा-डेढ़ माह से देश भर में सभी छोटे बड़े मठ-मंदिरों के द्वार बंद हैं। हालांकि परिसर में भगवान का पूजन पुजारी नियमित कर रहे हैं। कोरोना महामारी से निपटने के लिए लॉकडाउन का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साहसपूर्ण निर्णय लिया है। इससे महामारी का संकट अब कम हो रहा है। उन्होंने भरोसा दिया है कि मठ और मंदिर कोरोना से बचाव के लिए केंद्र सरकार और डब्लूएचओ के निर्देशों का पूरी तरह से पालन भी करेंगे।

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरी ने कहा कि कोरोना को लेकर पिछले डेढ़ माह से देश में लॉकडाउन है और लगभग दो माह से मंदिरों के कपाट बंद हैं। ऐसे में मंदिरों में पुजारियों और अन्य कर्मचारियों के वेतन देने में भी बहुत कठिनाई आ रही है। उन्होंने कहा है मंदिर खुलने से लोग यदि मंदिर में दर्शनों को जायेंगे तो अपने आराध्य से कोरोना को खत्म करने के लिए प्रार्थना भी करेंगे।



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अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी ने केंद्र और राज्य सरकार से अपील की है सभी मठ और मंदिरों को खोलने की इजाजत दी जाए।




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20 घंटे तक सड़क के किनारे पड़ा रहा भिखारी का शव, कोरोना संक्रमण से मौत के डर से किसी ने नहीं लगाया हाथ

उत्तर प्रदेश में कोरोना का कहर बढ़ता जा रहा है। कानपुर में एक अमानवीय घटना प्रकाश में आई है। एक अज्ञात शव 20 घंटे तक अंडरपास पर पड़ा रहा। संक्रमण से मौत की आशंकाहोने पर उसे किसी ने हाथ नहीं लगाया। पुलिस गई तो वो भी देखकर लौट आई। पुलिस ने यह कह कर पल्ला झाड़ लिया। स्वास्थ्य विभाग की टीम को सूचना दे दी गई है। वो जांच करेगी और फिर कोरोना प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार करेगी। लेकिन, स्वास्थ्य विभाग की टीम 20 घंटे बाद भी नहीं पहुंची। शव पूरी रात और शुक्रवार दोपहर तक उसी जगह पड़ा रहा है।

बर्रा थाना क्षेत्र केअंडरपास के पास लगभग40 वर्षीय शख्स भीखमांग कर अपना पेट भरता था। अंडरपास के नीचे रहता था।गुरुवार शाम लगभग 8 बजे उसकी मौत हो गई थी। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने को लोगों ने बताया कि मृतक काफी दिनों से बीमार था। हो सकता है कि कोरोना संक्रमण की वजह से इसकी मौत हुई हो।

पूरी रात अंडरपास के नीचे ही पड़ा रहा शव
रात से सुबह हो गई और सुबह से दोपहर मगर स्वास्थ्य विभाग टीम नहीं पहुंची। स्थानीय लोगों ने जब देखा कि 20 घंटे से ज्यादा समय बीत गया और शव उसी स्थान पर पड़ा है, तो उन्हे संक्रमण फैलने का खतरा सताने लगा। क्षेत्रीय लोगों ने इस घटना से आलाधिकारियों को अवगत कराया। दोपहर के वक्त दोबारा पहुंची पुलिस ने शव की शिनाख्त के प्रयास किए। जब उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी तो पुलिस ने सीमित संसाधनों में किसी तरह से उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

बर्रा इंस्पेक्टर रणजीत राय के मुताबिक लोगों ने लोग उसे कोरोना संदिग्ध बता रहे थे,इसलिए स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी गई थी। शव के पास रात में दो सिपाही लगाए गए थे। सुबह तक स्वास्थ्य विभाग की टीम नहीं आई तो शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।



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यह तस्वीर कानपुर में बर्रा के अंडरपास की है। यहां भीख मांगकर गुजारा करने वाले एक शख्स की शुक्रवार को ही मौत हो गई थी लेकिन उसका शव 20 घंटे तक लापरवाही की वजह से यहीं पड़ा रहा।




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कोरोना संक्रमण से नोएडा में दूसरी मौत, संक्रमितों का आंकड़ा पहुंचा 200 के पार

उत्तर प्रदेश में कोरेाना का संक्रमण तेजी से पांव पसार रहा है। इसकेचलते गौतमबुद्धनगर जिले में रहने वाले 65 वर्षीय व्यक्ति की शनिवार को मौत हो गई। कोरोना से मौत का जिले का यह दूसरा मामला है। हालांकि इनके अलावा गाजियाबाद के एक अन्य संक्रमित व्यक्ति की मौत भी नोएडा में इलाज के दौरान हुई थी।

नोएडा के राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) के निदेशक ब्रिगेडियर (रिटायर्ड) डॉ. राकेश गुप्ता ने बताया कि नोएडा में सेक्टर 66 के मामूरा गांव में रहने वाला 65 वर्षीय व्यक्ति गलगोटिया यूनिवर्सिटी में क्वारैंटाइन में रह रहा था। उसे गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया, लेकिन जब उसकी जांच की गई तो वह मृत पाया गया।

डॉ. गुप्ता ने बताया कि गौतमबुद्धनगर में रहने वाले कोविड-19 से संक्रमित यह दूसरे व्यक्ति की मौत है। उन्होंने बताया कि इससे पहले नोएडा के सेक्टर 22 में रहने वाले एक व्यक्ति की शुक्रवार सुबह संक्रमण के कारण मौत हो गई थी। इससे चार दिन पहले सेक्टर 137 स्थित फ्लिक्स अस्पताल में इलाज के दौरान गाजियाबाद के खोड़ा कॉलोनी के रहने वाले 47 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई थी।

नोएडा में कोरोना के 214 मरीज
नोएडा में शुक्रवार शाम तक कोविड-19 की आई जांच रिपोर्ट में 12 और लोग कोविड-19 संक्रमित पाए गए हैं। वहीं यहां के अलग-अलग अस्पतालों से इलाज के दौरान ठीक होने के बाद 10 मरीजों को घर भेज दिया गया है। यहां कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 214 हो गई है और दो व्यक्तियों की मौत भी हुई है।



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नोएडा में कोरोना के संक्रमण से शनिवार को दूसरी मौत हो गई। शहर में संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 200 को पार कर गया है।




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संक्रमित मरीजों का आंकड़ा पहुंचा 700 के पार, एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कैदी की कोरोना से मौत

आगरा में एक तरफ जहां संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 700 को पार कर गया है वहीं दूसरी ओर मृतकों की संख्या में भी लगातार इजाफा हो रहा है। आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत पर इलाज के लिए लाए गए सेंट्रल जेल के कैदी धीरेंद्र की शनिवार को कोरोना संक्रमण के चलते मौतहो गई है।शहर में यह 24वीं मौतहै। देवेंद्र इलाज के बाद तीसरे दिन आई रिपोर्ट में कोरोना पॉजिटिव पाया गया था। घटना के बाद जेल प्रशासन ने जेल को सैनिटाइज करवाया था और उसे आइसोलेट करने के साथ 14 अन्य कैदियों को क्वारैंटाइन किया गया था।

जेल अधीक्षक वीपी सिंह ने मौत की पुष्टि की है। उनका कहना है कि अन्य कैदियों की अभी रिपोर्ट नहीं आई है। कैदी के मौत के बाद सेंट्रल जेल के कैदी और बंदी रक्षकों के अंदर दहशत फैली हुई है। जेल के अंदर कोरोना का संक्रमण होने के बाद से अब जेलों की व्यवस्था करना भी एक बड़ी चुनौती बन गया है।

चिकित्सकों को दी जा रही इन्फेक्शन प्रिवेंटिव कंट्रोल की ट्रेनिंग

आगरा में अब निजी डॉक्टरों को भी ट्रेनिंग दी जा रही है। ये लोग आइसोलेशन वार्ड में काम कर रहे चिकित्सकों की मदद करेंगे।

इस बीच आगरा के निजी चिकित्सालयों के चिकित्सकों को इन्फेक्शन प्रिवेंटिव कंट्रोल के लिए ट्रेनिंग दिलाई जा रही है। इस दौरान एक बार में 13 से 25 लोगों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। डॉक्टरों को सीएमओ आगरा की देखरेख में ट्रेनिंग दी जा रही है। अभी तक 250 से ज्यादा निजी चिकित्सकों को ट्रेनिंग दी जा चुकी है। वहीं आगरा में कोरोना मरीजों का आंकड़ा 700 के पार चला गया।



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आगरा में संक्रमित मरीजों की संख्या 700 को पार कर गई है। इस दौरान शनिवार को केंद्रीय कारागार के एक बंदी की संक्रमण की वजह से मौत हो गई।




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1800 एक्टिव केस, इनमें 1399 लोग डिस्चार्ज हुए: अवनीश अवस्थी ने कहा- 20 लाख कामगारों को रोजगार देने के लिए तैयार हो रही कार्ययोजना

उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने शनिवार को कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बाहरी राज्यों से आने वाले कामगारों और श्रमिकों के लिए 20 लाख रोजगार मुहैया कराने के उद्देश्य से वृहद कार्ययोजना बनाएं। उन्होंने बताया कि श्रम कानून में संशोधन करने का कैबिनेट ने फैसला किया है, जल्द ही आदेश भी जारी कर दिया जाएगा। इस वृहद कार्ययोजना के तहत जो भी हमारे श्रमिक और कामगार बाहर से आ रहे हैं, उन्हें विभिन्न इकोनोमिक सेक्टर्स में रोजगार देने की व्यवस्था सुनिश्चित करें।

यह जानकारी शनिवार को यहां लोकभवन में कोरोना वायरस के संबंध में किए गए प्रेस कांफ्रेंस में अपर मुख्य सचिव, गृह अवनीश कुमार अवस्थी और प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने पत्रकारों को दी। अपर मुख्य सचिव, गृह ने बताया कि औद्योगिक इकाइयों में वेतन देने की कार्यवाही करते हुए 56,696 इकाइयों में 641 करोड़ रुपए वितरण किए गए हैं। अब तक 31 लाख 23 हज़ार कामगारों को 312 करोड़ की धनराशि का भुगतान किया जा चुका है।

प्रदेश में 1800 एक्टिव केस, 1399 लोग उपचारित होकर लौटे अपने घर : अमित मोहन प्रसाद

प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि प्रदेश में इस समय 1800 एक्टिव केस हैं और 1399 लोग उपचारित होकर अपने घर जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि कल 4525 नमूनों की जांच की गई साथ में 334 पूल टेस्टिंग भी कि गई, जिसमें 25 पूल पॉजिटिव पाए गए। अब तक प्रदेश में कुल 1 लाख 24 हज़ार 791 नमूनों की जांच हो चुकी है। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि संक्रमण से बचने के लिए लॉकडाउन के नियमों का कड़ाई से पालन करें, सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखें, साबुन-पानी से हाथ धोते रहें और मास्क से मुंह को ढककर रखें।

इस मौके पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान अवनीश अवस्थी ने बताया कि अन्य प्रदेशों से आने वाले श्रमिकों को लेकर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि श्रमिकों को सुरक्षित लाया जाए और कोई किसी भी हाल में पैदल ना निकलें।

अगले दो दिनों में 98 ट्रेने कामगारों को लेकर आएंगी

अवनीश अवस्थी ने बताया किशाम तक कुल मिलाकर 114 ट्रेनों में लगभग 1 लाख 20 हज़ार से अधिक लोग उत्तर प्रदेश पहुंच जाएंगे। इसके अतिरिक्त 98 ट्रेनों की अनुमति आगामी 2 दिवसों के लिए जारी कर दी गई है, यानि एक दिन में 40 से अधिक ट्रेनों को चलाने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि पिछले 2 दिनों में हरियाणा से लगभग 5 हज़ार से अधिक लोग और राजस्थान से लगभग 10 हज़ार से अधिक लोगों को लाया गया है। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि तृतीय चरण के पहले तक हम 1 लाख 66 हज़ार से अधिक लोगों को प्रदेश ला चुके हैं।

अपर मुख्य सचिव, गृह ने बताया कि प्रदेश में सबसे अधिक 11 ट्रेनें लखनऊ और गोरखपुर में आई हैं जोकि एक रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के उतरते ही क्वारैंटाइन सेंटर में सभी का मेडिकल चेकअप किया जाता है और इसके बाद उन्हें अपने-अपने जनपद तक छोड़ दिया जाता है।

अवनीश अवस्थी ने बताया किआयुष कवच मोबाइल ऐप को लोग काफी संख्या में डाउनलोड कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कोविड 19 कि जंग में महामारी से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए सरकारी विभागों, निगमों और अन्य संस्थानों के कर्मियों के कार्य को लेकर संतोष व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि तीसरे चरण में अब प्रदेश में 18 करोड़ लोगों के लिए राशन कि व्यवस्था कर दी गई है।

उप्र में मरीजों की रिकवरी दर 42 फीसदी

अपर मुख्य सचिव, गृह ने बताया कि मुख्यमंत्री ने मरीजों के रिकवरी प्रतिशत को और मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश का रिकवरी प्रतिशत 42 प्रतिशत है लेकिन अभी इसको और भी अधिक मजबूत करने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने 52 हज़ार कोविड अस्पतालों के एल 1, 2, 3 बेड के लक्ष्य को पूरा करने पर संतोष व्यक्ति किया है। उन्होंने इस व्यवस्था को और आगे ले जाने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूल टेस्टिंग में भी हमारा प्रदेश प्रथम स्थान पर है लेकिन इस व्यवस्था को भी मजबूत करने की आवश्यकता है।

अपर मुख्य सचिव, गृह ने बताया कि मुख्यमंत्री ने सभी जनपदों में पीपीई किट और मास्क के लिए निर्देशित किया है। उन्होंने जिलाधिकारी और सीएमओ को भी निर्देश दिया है कि आपातकालीन सेवा देने वाले अस्पतालों को व्यवस्थित रूप से चलाया जाए। उन्होंने कहा कि हॉटस्पॉट क्षेत्रों में मजबूती से कार्य करने की आवश्यकता है।



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उप्र में संक्रमित मरीजों का आंकडा तीन हजार को पार कर गया है। इसमें सबसे अधिक आगरा में 700 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने कहा कि सीएम ने 20 लाख मजूदरों को रोजगार देने की दृष्टि से कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया है।




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Cricket-England must 'make do' with limited T20 chances ahead of World Cup: Morgan

England's players would have to "make do" with limited chances to prepare for the Twenty20 World Cup scheduled for later this year in Australia due to the COVID-19 pandemic, limited-overs skipper Eoin Morgan said.




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Cricket chief warns of 380 mln pound hole if no matches played

English cricket is braced for losses of up to 380 million pounds if no matches are played this summer due to the coronavirus pandemic, according to Tom Harrison, CEO of The England and Wales Cricket Board.




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Cricket-England's Morgan goes to bat for T10 format at Olympics

England's World Cup winning captain Eoin Morgan says cricket's 10-overs format would be ideal for a global multi-sport event such as the Olympics as the entire tournament could be squeezed into 10 days.




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Rare Bob Dylan lyrics could fetch $19,000 in sale

A 1966 manuscript, on which a young Bob Dylan typed and wrote lyrics for a track on his "Blonde on Blonde" album and another song he later abandoned, went on sale at Sotheby's auction house from Tuesday.




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Bob Dylan announces first album of new music since 2012

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नप उपाध्यक्ष ने बांटे 1000 मास्क और साबुन

लॉकडाउन में सभी लोगों का स्वास्थ्य बना रहे इसके लिए रामगढ़ नगर परिषद उपाध्यक्ष मनोज महतो इन दिनो रोजाना जरूरतमंदों के बीच मास्क, साबुन तथा अनाज का वितरण कर रहे है। रविवार को भी उन्होंने क्षेत्र के वार्ड नं0 एक एवं दो के सांडी, तिलैया, धनहारा में करीब 1000 मास्क एवम साबुन का वितरण किया। मौके पर उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों का स्वास्थ्य बना रहे इसके लिए उनको हर संभव मदद किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से सोशल डिस्टेंस बनाकर रहने ,लॉकडाउन में घर से निकलने से पहले मास्क लगाने व खाना खाने से पहले साबुन से हाथ धोने की लोगों से बात कही । मौके पर आजसू जिला मीडिया प्रभारी जयकिशोर महतो, तीर्थलाल बेदिया, भीम महतो, युगल महतो, रामप्रसाद बेदिया आदि मौजूद थे।



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हरित ग्राम योजना के तहत गड्ढा खोदने और घेराव करने का कार्य 20 मई से पूर्व करें पूरा: डीडीसी

बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत योजना का स्थल चयन, स्वीकृति कराकर अविलंब कार्य शुरू करें। 20 मई के पहले गड्ढा खुदाई तथा घेराव का कार्य को पूर्ण किया जाए। यह निर्देश सोमवार को डीडीसी अनन्य मित्तल ने समाहरणालय सभागार में मनरेगा योजना की समीक्षा के दौरान कही। उन्होंने मुख्यमंत्री जल समृद्धि योजना के तहत ट्रेंच सह बंड, फील्ड बंड, नाला की सफाई, लूज बोल्डर स्ट्रक्चर,सोक पिट (सार्वजनिक स्थान के लिए) योजना को स्वीकृत कर कार्य प्रारंभ कराने का निर्देश सभी प्रखंडों को दिया गया।

अधिक से अधिक मजदूरों को कार्य में लगाने का निर्देश
सभी प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी को मनरेगा कार्य में तेजी लाने का निर्देशदिया गया। साथ ही अधिक मजदूरों को कार्य उपलब्ध कराने का निर्देशदिया गया ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो सके। मालूम हो कि राजधानी में चल रहे मनरेगा योजना के तहत 13 हजार से अधिक मजदूर कार्यरत है।

सोशल डिस्टेंसिंग का पालन अनिवार्य
मजदूरों को सोशल डिस्टेंनसिंग, नाक-मुंह को गमछा से ढंककर एवं हाथ की दूरी के साथ कार्य कराने का निर्देश दिया गया। डीडीसी ने स्पष्ट कहा कि कोरोना को देखते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन अनिवार्य है ताकि संक्रमण का खतरा किसी भी स्तर पर ना रहे। बैठक में निदेशक, डीआरडीए, भूमि संरक्षण पदाधिकारी, परियोजना पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जेएसएलपीएस उपस्थित थे। इसके अलावा
बैठक में जिला के सभी प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी उपस्थित थे।



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डीडीसी अनन्य मित्तल ने समाहरणालय सभागार में मनरेगा योजना की समीक्षा की।




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पुलिस की सख्ती और मौसम परिवर्तन ने लोगों को रोका घरों में, शहर को सैनिटाइज करने के लिए उतारे गए 20 वाहन

लॉकडाउन तीन की सोमवार से शुरुआत हो चुकी है। किसी भी क्षेत्र में कोई छूट नहीं दी गई है। रांची रेड जोन में है। ऐसे में यहां पुलिस की सख्ती बरकरार है। सोमवार की सुबह से माैसम परिवर्तन ने भी लोगों को घरों में रोके रहने में मददगार साबित हुआ। सुबह से हो रही बूंदाबांदी की वजह से सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। वहीं, शहर को सैनिटाइज करने के लिए 20 वाहनउतारे गए हैं।


राजधानी में चारों ओर कोरोना पॉजिटिव मरीज के मिलने के बाद नगर निगम ने सैनिटाइजेशन का दायरा बढ़ा दिया है। निगम की ओर से अब गली मुहल्लों के अलावा झुग्गी झोपड़ियों को भी सैनिटाइज किया जा रहा है। सोमवार को निगम ने 20 वाहनों को सैनिटाइजेशन अभियान में लगाया। मंगलवार से 28 वाहन और 500 स्प्रे मशीन से शहर के सभी वार्डों को सैनिटाइज करने का अभियान शुरू किया जाएगा।

राजधानी रांची का मौसम सुबह से ही बदला, तेज हवा के साथ हुई बूंदाबांदी
रांची में सुबह तेज हवा के साथ हल्की बूंदाबांदी हुई। ऐसे में सड़कों पर काफी कम वाहन दिखे । सरकारी कार्यालयों के कर्मचारी ही अधिकतर सड़कों पर नजर आए, जो दफ्तर जा रहे थे। अपर बाजार खाद्य सामग्री की दुकान भी इक्का-दुक्का ही खुली हुई है। चौक चौराहों पर पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है, जो वाहन सवारों को रोककर पूछताछ करने में जुटी हुई है।

हिंदपीढ़ी में सीआरपीएफ को बाहर खड़ा किया, अंदर रांची पुलिस की खुली छूट

वहीं, सीआरपीएफ भी हिंदपीढ़ी में लॉकडाउन पूरी तरह पालन नहीं करा पा रही है। हिंदपीढ़ी को शहर से जोड़नेवाली हर सड़क पर बैरिकेडिंग करके वहां सीआरपीएफ जवानों को तैनात किया गया है। इसके अलावा यहां 37 सीसीटीवी कैमरे, 7 ड्रोन और एक हजार पुलिस जवान लगाए गए हैं। इसके बावजूद पूर्ण लॉकडाउन का पालन नहीं हो पा रहा है। सीआरपीएफ जवान तो मुस्तैदी से ड्यूटी कर रहे हैं, लेकिन अंदर गलियों में तैनात जिला पुलिस सुस्त पड़ी हुई है। उसके सामने लोग भीड़ लगा रहे हैं, पर वह उन्हें रोकने के बजाय मूकदर्शक बनी हुई है।

हिंदपीढ़ी में स्क्रीनिंग की रफ्तार तेज हुई
इधर, जिला प्रशासन ने कोरोना हॉटस्पॉट हिंदपीढ़ी के लोगों की स्क्रीनिंग का काम तेज कर दिया है। लगातार तीसरे दिन रविवार को कंटेनमेंट जोन हिंदपीढ़ी में स्वास्थ्य विभाग की 35 टीमें पहुंचीं और डोर-टू-डोर जाकर लोगों की स्क्रीनिंग की। रविवार को हिंदपीढ़ी के ग्वालटोली, नूर नगर, मुजाहिद नगर, तीसरी गली, बांस पुल और निजाम नगर में स्क्रीनिंग का काम हुआ। इस दौरान मेडिकल टीम में शामिल डॉक्टर, एएनएम एवं सहिया ने घर-घर जा कर लोगों से कोरोना के लक्षणों के बारे में पूछताछ की। साथ ही, इंफ्रारेड थर्मल स्कैनर से बॉडी टेंपरेचर जांची गई।

निगम ने सैनिटाइजेशन के लिए 200 स्प्रे मशीन, 26 टैंकर मंगाए
राजधानी के 53 में से 10 वार्डों में कोरोना फैल चुका है। इससे पूरे शहर के लोगों में हड़कंप है। लोग रोज पूरे शहर को सैनिटाइज कराने की मांग कर रहे थे। इसे देखते हुए नगर निगम ने 4 मई से बड़े पैमाने पर सैनिटाइजेशन अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इसके लिए 200 नई स्प्रे मशीनों की खरीदारी की गई है। साथ ही, कुल 26 टैंकर और वाहनों को तैयार किया गया है।

नए राशन कार्ड का आवेदन दिए हैं तो 10 किलो चावल मिलेगा
वहीं, रांची जिले में नया राशन कार्ड बनाने के लिए आवेदन करने वालों को 10 किलो चावल मिलेगा। इसका लाभ लेने के लिए आवेदकों को राशन कार्ड के आवेदन के एक्नॉलेजमेंट नंबर की रसीद और आधार कार्ड संबंधित डीलर को दिखाना होगा। इसके बाद ₹ एक रुपए की दर से आवेदक को 10 किलो चावल दिया जाएगा। रांची जिले के 18 प्रखंड और चार अंचल क्षेत्र में चावल वितरण शुरू हो गया है। अभी तक करीब 617490 केजी चावल बंट गया है।



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शहर के विभिन्न हिस्सों को सैनिटाइज करने का काम जारी है।




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खेती और किसानों के लिए केंद्र से 3900 करोड़ रुपए का मांगा जाएगा सहयोग : बादल

कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने कहा कि लाकडाउन की स्थिति से उबरने के बाद कृषि विभाग किसानों को राहत देने के लिए लगातार विशेषज्ञों व कृषि वैज्ञानिकों से संपर्क में है। राज्य सरकार की और से केंद्र से भी 3900 करोड़ रुपए का सहयोग राशि आपदा में इस स्थिति से किसानों को राहत पहुंचाने के लिए मदद करने का प्रस्ताव भेजा जा रहा है। किसानों का समय पर बीज उपलब्ध हो इसके लिए टेंडर निकाला गया था। सिंगल संवेदक के भागीदारी से दोबारा टेंडर करना पड़ रहा है। बादल सोमवार को प्रदेश कांग्रेस भवन में कांग्रेस राहत निगरानी (कोविड-19) समिति की बैठक के बाद मीडिया से बात कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि लाकडाउन की वजह से गतिविधियों में शिथिलता आई है। इसके बावजूद राज्य और देश की अर्थव्यवस्था में हमेशा महत्वपूर्ण योगदान देने वाले कृषकों की मुश्किल दूर करने में सरकार पूरी तैयारी के साथ आगे बढ़ रही है।

प्रदेश प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे ने बताया कि प्रदेश कांग्रेस राहत निगरानी (कोविड-19) समिति की बैठक रांची स्थित प्रदेश कांग्रेस कंट्रोल रुम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉक्टर रामेश्वर उरांव की अध्यक्षता में हुई। इसमें एआईसीसी के महासिव सह प्रदेश कांग्रेस प्रभारी आरपीएन सिंह, संगठन प्रभारी केसी वेणुगोपाल, कोषाध्यक्ष अहमद पटेल ने प्रदेश अध्यक्ष डा. रामेश्वर उरांव से प्रवासी श्रमिकों की वापसी को लेकर विस्तृत कार्ययोजना पर फोन पर बातचीत की।



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प्रदेश कांग्रेस राहत निगरानी (कोविड-19) समिति की बैठक रांची स्थित प्रदेश कांग्रेस कंट्रोल रुम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉक्टर रामेश्वर उरांव की अध्यक्षता में हुई।




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आईडीएसपी का आकलन-अगले दो हफ्ते अहम...चूक हुई तो 350 तक पहुंच सकते हैं राज्य में कोरोना के केस

(पवन कुमार )झारखंड में सोमवार को लगातार दूसरे दिन कोई पॉजिटिव केस नहीं मिला। सुनने में तो ये खबर सुकून देने वाली लगती है, मगर राज्य में महामारी के सर्विलांस में लगे इंटिग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम (आईडीएसपी) की रिपोर्ट ये सुकून हवा कर देती है। आईडीएसपी का आकलन है कि अभी कोरोना मरीजों की संख्या काबू में है। सरकार ने लॉकडाउन को आगे बढ़ा इसे काबू में ही रखने की कोशिश भी शुरू कर दी है। मगर आने वाले 14-15 दिन काफी अहम होंगे। राज्य में कोरोना केसों की डबलिंग रेट और संक्रमण दर के अाधार पर आईडीएसपी की ओरसे तैयार प्रोजेक्शन रिपोर्ट के अनुसार अगले 14-15 दिनों में कोरोना केस की संख्या तीन गुनी हो सकती है। जो कि करीब 350 के आसपास होगी।

महाराष्ट्र में हर 100 टेस्ट पर 8 से ज्यादा मरीज मिल रहे हैं, झारखंड में 0.91...मगरवह हमसे 1056% ज्यादा टेस्ट कर चुका है, तभी मरीज मिलने की दर ज्यादा

झारखंड में अभी प्रति 100 टेस्ट पर 0.91 मरीज मिल रहे हैं। यह दर बहुत कम है। जबकि महाराष्ट्र में प्रति 100 टेस्ट अभी 8.12 मरीज मिल रहे हैं। हालांकि सच्चाई ये भी है कि महाराष्ट्र में अब तक 1.5 लाख से ज्यादा टेस्ट हो चुके हैं। यानी हमारे 13815 टेस्ट से 1056% ज्यादा टेस्ट हुए हैं।

प्रति 10 लाख की आबादी पर टेस्टिंग में हम पीछे : प्रति 10 लाख की आबादी पर टेस्टिंग के मामले में हम देश में बहुत पीछे हैं। हमसे बदतर स्थिति में सिर्फ चार राज्य पश्चिम बंगाल, बिहार, असम और नगालैंड ही हैं।

प्रति 10 लाख आबादी पर टेस्टिंग

राज्य टेस्ट कुल केस
दिल्ली 2574 3738
अांध्र प्रदेश 2050 1525
तमिलनाडु 1824 2526
राजस्थान 1456 2666
झारखंड 339 116
असम 336 43
नागालैंड 308 01
बिहार 220 471
प. बंगाल 215 795

डबलिंग रेट ज्यादा, फिर भी झारखंड में टेस्ट कम

वर्तमान में झारखंड में कोरोना केस के डबलिंग की रफ्तार 9 दिन की आसापास है। वहीं देश का डबलिंग रेट 12 है। इसके बाद भी झारखंड में जांच की संख्या में तेजी नहीं अा रही है। सबसे बड़े टेस्ट सेंटर रिम्स की लैब बंद होने से भी टेस्टिंग की रफ्तार काफी कम हो गई है। सोमवार को भी पीएमसीएच धनबाद, एमजीएम जमशेदपुर व आरोग्यशाला इटकी को मिलाकर कुल 479 ही सैंपल जांचे गए। जबकि सिर्फ रिम्स में ही रोज 350 के करीब टेस्ट होते हैं। टेस्टिंग के मामले में देश में झारखंड 24वें स्थान पर है।

3 दिन से बंद रिम्स की लैब आज खुलेगी...मगर टेस्टिंग शुरू होने पर संदेह
रिम्स के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में चल रही कोरोना टेस्टिंग लैब 3 दिन बाद मंगलवार को दोबारा खुलेगी। यहां सैंपल कलेक्शन तो होगा, मगर टेस्टिंग शुरू होने पान पर अभी संदेह है। कारण ये कि रिम्स में आउटसोर्सिंग पर काम कर रहे टेक्नीशियन हड़ताल पर हैं। 30 अप्रैल को कोरोना टेस्टिंग लैब के टेक्नीशियन के पॉजिटिव पाए जाने पर सभी टेक्नीशियन बेहतर किट और क्वारेंटाइन की मांग पर हड़ताल पर चले गए थे। अब 14 टेक्नीशियन ही काम पर लौट रहे हैं, जबकि 22 अब भी हड़ताल पर हैं।



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IDSP assessment - next two weeks important ... if missed, corona cases can reach 350 in the state




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कोरोना से लड़ रहे निगम कर्मियों का भी होगा ~50 लाख का बीमा

कोरोना संकट में जंग लड़ रहे स्वास्थ्य कर्मचारियों के साथ-साथ अब शहरी नगर निकाय कर्मियों को भी 50 लाख का जीवन बीमा कर दिया गया है। यह 30 मार्च से लागू है और 30 जून तक प्रभावी रहेगा। स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव डॉ. नितिन मदन कुलकर्णी ने इस संबंध में सोमवार को राज्य के सभी डीसी और सिविल सर्जन को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज योजना के तहत कोरोना की रोकथाम और इलाज में लगे लगभग 22.12 लाख सरकारी, निजी और अनुबंध पर काम कर रहे लोग दायरे में आएंगे। महामारी से लड़ने वाले और उसे खत्म करने में इन कर्मचारियों की भूमिका काफी अहम है। ऐसे में उनके मन में सुरक्षा की भावना आए और वे इस लड़ाई में उठा रहे जोखिम और किसी अनहोनी के प्रति पारिवारिक रूप से असुरक्षा के घेरे से दूर रहे, इसलिए सरकार ने यह कदम उठाया है। स्वास्थ्य सचिव डॉ. कुलकर्णी ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से इस संबंध में पत्र मिला है। इसमें कोरोना संकट से लड़ रहे कर्मचारियों के लिए 50 लाख रुपए का जीवन बीमा करने की बात कही गई है।

ये निजी-सरकारी कर्मी आएंगे दायरे में
सरकारी स्वास्थ्य प्रदाता, सामुदायिक स्वास्थ्य कर्मी, निजी अस्पताल कर्मी, सेवानिवृत्त स्वैच्छिक कर्मी, स्थानीय शहरी निकाय, 108 एंबुलेंस कर्मी, अनुबंध कर्मी, दैनिक मजदूर, एडहॉक, आउटसोर्सिंग कर्मचारी, डब्ल्यूएचओ, यूनिसेफ और यूएनडीपी के कर्मचारी।



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चेलंगदाग के खदान की डोजरिंग कर 10 टन कोयला बरामद किया

बड़कागांव पुलिस ने चेलंगदाग गांव स्थित बड़की नदी मांझी ग्वाट के पास अवैध कोयला खदान में छापेमारी की। छापेमारी में पुलिस ने अवैध खदान स्थल से 10 टन डंप किया गया कोयला बरामद किया। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने रात में ही जेसीबी मशीन लगाकर अवैध कोयला खदान को डोजरिंग कर भर दिया। थाना प्रभारी स्वप्न कुमार महतो ने कहा कि मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले में मुनेश्वर गंझू और सुखदेव गंझू को नामजद आरोपी बनाया गया है। दोनों अवैध ढंग से खदान से कोयले की निकासी कर कालाबाजारी कर रहे थे।



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10 tons of coal seized by dodging Chelangdag mine




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ओडिशा के क्वारेंटाइन सेंटरों से छूटे झारखंड व बिहार के 100 मजदूर पैदल जा रहे थे घर, जलडेगा सीमा पर फंसे

पूरे देश में जब राज्य सरकारें अन्य प्रदेशों में फंसे मजदूरों को वापस लाने और सुरक्षित भेजने में जुटी हैं ऐसे समय मे झारखंड से लगने वाली ओडि़शा सीमा पर बेहद तकलीफदेह स्थिति देखने को मिली। ओडि़शा के विभिन्न जिलों की पंचायतों में बने क्वारेंटाइन केंद्रों से पैदल ही रिलीज कर दिएे गए करीब एक सौ श्रमिक बॉर्डर पर भूखे प्यासे फंसे दिखे। झारखंड-बिहार के इन मजदूरों के लिये वहां न पानी है और न ही भोजन का कोई इंतजाम। इनके पास है सिर्फ वह कागज जो कह रहा है कि इन्होंने क्वारेंटाइन का 2- 3 हफ्ता गुजार लिया है। मुश्किल हालात में क्वारेंटाइन का दिन गुजारने के बाद मुक्त किए जा चुके इन लोगों को रखने के लिए अब ओडि़शा पुलिस प्रशासन तैयार नहीं है और झारखंड पुलिस अपने यहां पैदल घुसने देने को तैयार नहीं है।
इन सबके बीच बांसजोर के बीडीओ प्रभाकर ओझा से फोन पर सम्पर्क करने पर उन्होंने कहा कि ये लोग कहां क्वारेंटाइन थे और कहां जा रहे हैं यह छानबीन के बाद ही कुछ कह सकेंगे। इस स्थिति में वहां एक भी अधिकारी ऐसा नहीं मिला जो इन्हें यह दिलासा दे सके कि वे कुछ इंतजार करें, रहने और भोजन का इंतजाम हो जाएगा।
फंसे मजदूरों ने बताया कि वे रामगढ़, पलामू,बोकारो, डाल्टेनगंज, चक्रधरपुर तथा बिहार के समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, खगड़िया, गोड्डा, दुमका आदि जिलों के हैं। मजदूरों ने बताया कि उन्हें ओडिशा के क्वारेंटाइन सेंटर में रखा गया आज दिन में संबंधित क्षेत्र के मुखिया और बीडीओ ने उन्हें पैदल जाने की इजाजत दे दी। लेकिन सीमा पर रोक लिए गए तथा खाने को कुछ भी नहीं है।

13 मार्च को केरल से लौटे युवक की तबीयत बिगड़ी, आइसोलेशन वार्ड में कराया गया भर्ती

प्रखंड की हेठमा पंचायत निवासी एक युवक को कुरडेग के आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है। यह युवक मजदूरी करने के लिए केरल गया था और 13 मार्च को गांव वापस आया था। तबीयत खराब होने पर उसने 14 मार्च को बीरू अस्पताल में इलाज कराया था। उसे दवा देकर घर भेज दिया गया था। अब डेढ़ माह बाद युवक को सांस लेने में परेशानी, गले में ख़राश और बुखार होने की सूचना मिली है। बीडीओ मृत्युंजय कुमार को यह जानकारी मिलने पर युवक को कुरडेग के सीएचसी में लाया गया । जहां डाॅ. जगत बडाईक ने उसकी जांच की। युवक को आइसोलेशन वार्ड में रखते हुए गहन जांच की जा रही है। इधर युवक के परिवारवालों को निर्देश दिया गया है कि वे गांव में इधर- उधर न घूमें और घर में ही रहें। उनकी निगरानी के लिए कर्मचारी की नियुक्ति की गई है।

सिमडेगा : कोरोना एक नजर में

जिल सिमडेगा
भेजे गए कुल सैम्पल : 271
सैम्पल रिजेक्ट : 05
नेगेटिव : 237
पॉजिटिव : 02
रिपोर्ट पेंडिंग : 27
डिस्चार : 01
क्वारेंटाइन : 85
होम क्वारेंटाइन : 77

कंटेनमेंट जोन से मुक्त हुआठेठईटांगर

कंटेनमेंट जोन से मुक्त किए जाने के बाद ठेठईटांगर के लोग 21 दिन बाद घरों से निकले। बीडीअाे मनोज कुमार अाैर थाना प्रभारी सत्येंद्र कुमार सिंह ने कहा कि ठेठईटांगर और गड़गड़बहार निवासियों ने प्रशासन का भरपूर साथ दिया जिसका नतीजा यह हुआ कि प्रखंड में दोबारा कोरोना पॉजिटिव का कोई मामला नहीं आया। ठेठईटांगर वासियों ने कहा अभी भी सतर्कता बरतने की जरूरत है। प्रशासन के गाइड लाइन पर चलना है तभी हमारा क्षेत्र स्वस्थ रहेगा। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए कोरोना पर विजय प्राप्त करेंगे।

कर्नाटक से आज रांची पहुंचेंगे 23 मजदूर, लाने के लिए भेजी गई बस

साेमवार को सरकार की मदद से कर्नाटक से रांची आ रहे सिमडेगा जिला के 23 व्यक्तियों को रांची रेलवे स्टेशन से लाने हेतु सिमडेगा जिला प्रशासन के द्वारा विशेष बस रवाना की गई। जिला के 23 व्यक्ति रेलवे के माध्यम से रांची रेलवे स्टेशन पहुंचेंगे। जहां उन्हें जिला से प्रतिनियुक्त कर वाहन संग भेजे गए नोडल पदाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी के द्वारा उपायुक्त के आदेशानुसार सामाजिक दूरी का अनुपालन कराते हुए जिला लाया जाएगा।

पाकुड़ जा रही बस को रोका गया, की पूछताछ

जलडेगा|ओडिशा के झारसुगुड़ा से आ रही एक बस को बांसजोर चेकपोस्ट में रोककर उनके गंतव्य स्थान के बारे पूछताछ की गई। बस में 25 लोग बैठे हुए थे और पाकुड़ जा रहे थे। इन्हें पाकुड़ ले जाने के लिए प्रतिनियुक्त मजिस्ट्रेट संजीव कुमार ने बताया कि लॉकडाउन से चार दिन पूर्व ये लोग राजमिस्त्री का काम करने झारसुगुड़ा गए थे। लॉकडाउन लागू होने पर ये वहीं फंस गए थे। सबों का सत्यापन करने के बाद उन्हें जाने दिया गया।

कृषक बंधु की ओर से जरूरतमंदों में राशन और बच्चों काे दिए बिस्कुट

सिमडेगा | सदर प्रखंड के कोचेडेगा में असहाय लोगों के बीच राशन सामग्री का वितरण किया गया। कृषक बंधु संस्था के सचिव प्रभात कुमार ने राशन वितरण करते हुए सबों से लॉकडाउन और सामाजिक दूरी का पालन करने की अपील की। कहा, अभी की स्थिति में हर नागरिक को आगे आकर जरूरतमंदों की मदद करने की जरूरत है। लोगों से कहा गया कि वे अंधविश्वास और अफवाह पर ध्यान नहीं दें और पुलिस- प्रशासन के निर्देश का अनुपालन करें। इस अवसर पर छोटे-छोटे बच्चों के बीच बिस्कुट का वितरण किया गया।

मजदूर नेता ने मजदूरों के बीच अनाज वितरण किया

झारखंड मजदूर यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह की अाेर से तामड़ा पंचायत के बिरदोटोली गांव में मजदूरों के बीच में अनाज का वितरण किया गया। मौके पर राजेश कुमार सिंह ने कहा सभी मजदूरों का हित का ख्याल रखना उनका कर्तव्य है और क्षेत्र में किसी भी मजदूर को कोई भी प्रकार की समस्या होती है तो इन समस्याओं को अपनी समस्या समझते हुए दूर करने का प्रयास करूंगा। उन्होंने यह भी कहा कि लगातार लॉकडाउन के दौरान अलग-अलग क्षेत्रों में घूम घूमकर अनाज का वितरण किया गया है और आगे भी जारी रहेगी।



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100 workers of Jharkhand and Bihar, who were left from the quarantine centers of Odisha, were walking home, stranded on the Jaladega border




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एएनएम की सभी 60 छात्राओं का परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन

मदर टेरेसा एएनएम ट्रेनिंग स्कूल बानो में पढ़ रही चाईबासा की छात्रा बबीता सिंकू ने नर्सिंग प्रथम वर्ष की परीक्षा में पूरे राज्य में तृतीय स्थान प्राप्त कर अपने स्कूल का नाम रोशन किया है। साथ ही द्वितीय वर्ष की परीक्षा में सलबिना मुर्मू ने भी जिले में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। झारखंड नर्सिंग कौंसिल रिम्स रांची द्वारा आयोजित एएनएम की परीक्षा में मदर टेरेसा एएनएम स्कूल की कुल 60 छात्राओं ने भाग लिया था। इसमें सभी छात्राओं ने सर्वोच्च अंक प्राप्त कर पुनः अपने स्कूल का नाम रोशन किया है । इस स्कूल से 12 छात्राएं स्टेट टाॅपर होकर नर्सिंग के क्षेत्र में अपना परचम लहरा रही हैं। निदेशक डाॅ. प्रहलाद मिश्रा, उपनिदेशिका निभा मिश्रा ने बुके देकर बबीता सिंकू को सम्मानित करते हुए उज्जवल भविष्य की शुभकामना दी। प्राचार्या प्रभा सुरीन, को-आॅर्डिनेटर रविकांत मिश्रा , ट्यूटर्स एवं सभी स्टाफ ने सभी छात्राओं को बधाई देते हुए शुभकामना दी है।



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राजस्थान में फंसे 350 मजदूरों को रामगढ़ स्टेशन से लाया गया गढ़वा, 14 दिन क्वारैंटाइन में भेजा

कोविड- 19 कोरोना वायरस महामारी के कारण देश में घोषित लॉकडाउन के दौरान राजस्थान में फंसे 350 मजदूरों को मंगलवार को गढ़वा लाया गया। सभी मजदूर विशेष ट्रेन से राजस्थान के नागौर से झारखंड के बरकाकाना स्टेशन पहुंचे थे। जहां से जिला प्रशासन ने बसें भेज कर मजदूरों को जिला मुख्यालय स्थित एसएसजेएस नामधारी महाविद्यालय परिसर में लाया गया। उपायुक्त हर्ष मंगला के निर्देश पर सभी लोगों का स्क्रीनिंग कर स्वास्थ्य की जांच कराई गई और मजदूरों को होम क्वॉरेंटाइन का मुहर लगाया गया।

सदर एसडीओ प्रदीप कुमार ने कहा कि 4 मई को सभी श्रमिक मजदूरों को स्पेशल ट्रेन से रामगढ़ स्थित बरकाकाना स्टेशन लाया गया था। जहां सभी की थर्मल स्क्रीनिंग और मेडिकल जांच की गई थी। मजदूरों को गढ़वा लाने के लिए कुल 16 बसें भेजी गई थी। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए प्रत्येक बस में 24-25 लोगों को बैठाकर रामगढ़ से गढ़वा लाया गया। राजस्थान के नागौर के प्रवासी मजदूरों के अलावा छत्तीसगढ़ के कोरिया, ओडिसा के सुंदरगढ़ एवं कर्नाटक के श्रमिक मजदूर, विद्यार्थी एवं श्रद्धालुओं को भी जिला प्रशासन द्वारा गढ़वा में लाया गया। यात्रा के दौरान बस में सैनिटाइजर, मास्क, पानी की बोतल व नाश्ता की भी व्यवस्था प्रशासन द्वारा किया गया था। एसएसजेएस नामधारी महाविद्यालय के परिसर में सभी के लिए कुर्सियां लगाकर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए बैठने की व्यवस्था की गई थी। मजदूरों को भोजन कराया उन्हें घर भेजा गया। स्वास्थ्य जांच में सभी स्वस्थ और सामान्य पाए गए।

वहीं जांच के दौरान एक व्यक्ति में हल्का बुखार पाया गया। जिसे इलाज के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया। इसके बाद हाथ पर अमिट स्याही से होम क्वारैंटाइन की स्टैंपिंग की गई। एसडीओ ने कहा कि सभी श्रमिक मजदूरों, श्रद्धालुओं एवं विद्यार्थियों को अपने-अपने प्रखंडों के लिए छोटे वाहन से रवाना कर दिया गया। गढ़वा जिला के विभिन्न प्रखंडों के श्रमिकों, श्रद्धालुओं एवं विद्यार्थियों में गढ़वा प्रखंड के लिए 22 व्यक्ति, मेराल प्रखंड के 88, डंडई के 47, रमना के 25, बिशुनपुरा के 43, बंशीधर नगर के 13, सगमा के 2, खरौंधी 40, भवनाथपुर 27, केतार 14, मंझिआंव 38, कांडी 14, बरडीहा, चिनिया व रंका के 6-6, रमकंडा से 19, बड़गड़ के एक, भंडरिया के 4 और धुरकी प्रखंड के 20 लोगों को उनके अपने-अपने प्रखंडों में भेजा गया। लोगों को उनके घर तक पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा छोटी-छोटी वाहनों की व्यवस्था की गई थी। वापस अपने गृह जिला पहुंचे लोगों ने जिला प्रशासन तथा पुलिस प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है।

पुलिस प्रशासन ने सभी लोगों को अपने-अपने घरों में 14 दिनों तक होम क्वारैंटाइन रहने की अपील किया। वहीं नियम का पालन नहीं करने पर कानूनी कार्रवाई की भी चेतावनी दी गई। विदित हो कि 4 मई 2020 को राजस्थान के नागौर से अपने गृह राज्य झारखंड आ रहे श्रमिक मजदूरों को रामगढ़ से गढ़वा लाने के लिए नोडल पदाधिकारी डीआरडीए के डायरेक्टर ओनिल क्लेमेंट ओड़िया को नियुक्त किया गया था। जबकि सहायक नोडल पदाधिकारी के रूप में कार्यपालक दंडाधिकारी सह जिला जनसंपर्क पदाधिकारी अरुण उरांव को नियुक्त किया गया था। सभी को रामगढ़ से गढ़वा लाने के लिए गढ़वा जिला के विभिन्न प्रखंडों से विशेष रूप से 16 कर्मी रोजगार सेवक, कनीय अभियंता, प्रखंड समन्वयक आदि को दंडाधिकारी के रूप में प्रतिनियुक्त किया गया था। जिनकी देखरेख में सभी श्रमिक मजदूरों को गढ़वा लाया गया।



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पुलिस प्रशासन ने सभी लोगों को अपने-अपने घरों में 14 दिनों तक होम क्वारैंटाइन रहने की अपील किया। वहीं नियम का पालन नहीं करने पर कानूनी कार्रवाई की भी चेतावनी दी गई।




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10 और संदिग्धों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि, आठ रांची के हिंदपीढ़ी और दो दुमका से; राज्य में अब तक 126 पॉजिटिव केस

राज्य में मंगलवार को 10 नए कोरोना पॉजिटिव की पुष्टि हुई है। इनमें आठ मरीज रांची के हिंदपीढ़ी जबकि दो दुमका के निवासी हैं। कोरोना संक्रमित जिलों में दुमका की नयी एंट्री हुई है।नए मरीज मिलने के बाद रांची में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 92 हो गई है। वहीं राज्य में कुल आकड़ा बढ़कर 126 हो गया है।मंगलवार काे दुमका में दाे मरीज मिलने के साथ ही राज्य के 12 जिले अब काेराेना संक्रमण की चपेट में आ गए हैं।


स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव डाॅ. नितिन मदन कुलकर्णी ने बताया कि मंगलवार काे एमजीएम जमशेदपुर में छह, रिम्स रांची में दाे और पीएमसीएच धनबाद में दाे पाॅजिटिव मरीज मिले। रांची के जिन आठ लाेगाें में काेराेना की पुष्टि हुई है, उनमें तीन महिलाएं, चार पुरुष और एक सात साल का बच्चा है। हिंदपीढ़ी के हैदरी अपार्टमेंट में रहने वाले इस बच्चे के माता-पिता सहित परिवार के तीन लाेग पहले ही पाॅजिटिव मिले थे, जिनका रिम्स के काेविड सेंटर में इलाज चल रहा है। यह बच्चा रिम्स के आइसाेलेशन वार्ड में भर्ती था। उधर, दुमका में काेराेना पाॅजिटिव मिलने के बाद यह ग्रीन से ऑरेंज जाेन में आ गया है। इसके साथ ही ग्रीन जाेन के जिलाें की संख्या बढ़कर 11 हाे गई है।

वहींरिम्स के कोविड-19 सेंटर से मंगलवार को सात जबकि कोडरमा के कोविड-19 सेंटर से एकमरीज ठीक होकर अपने घर लौटे।राज्य में कोरोना पर विजय पाने वाले कुल मरीजों की संख्या अब 35 हो गई है।राज्य में कुल कोरोना पॉजिटिव मरीजों में से 4 की मौत हो चुकी है।बता दें कि पिछले दो दिन रविवार और सोमवार को कोरोना संक्रमण का एक भी मामला सामने नहीं आया था। इससे पहले राज्य में 21 अप्रैल को अंतिम बार ऐसा हुआ था कि एक दिन की जांच में कोई भी संक्रमित मरीज नहीं मिला था।

वहीं राज्य में महामारी के सर्विलांस में लगे इंटिग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम (आईडीएसपी) की रिपोर्ट का आकलन है कि आने वाले 14-15 दिन काफी अहम होंगे। रिपोर्ट के अनुसार अगले 14-15 दिनों में कोरोना केस की संख्या तीन गुनी हो सकती है। जो कि करीब 350 के आसपास होगी।

उधर, रेड जोन रांची के हॉट स्पॉट हिंदपीढ़ी व सटे इलाकों की हेल्थ स्क्रीनिंग फिर से शुरू हुई है। मेडिकल टीम घर-घर जाकर स्क्रीनिंग कर रही है। डीसी राय महिमापत रे ने बताया कि 6 मई तक यहां स्क्रीनिंग का लक्ष्य रखा गया है। बरियातू के जोड़ा तालाब रोड स्थित लेक व्यू हॉस्पिटल के सभी 54 डॉक्टरों और कर्मचारियों की दूसरी जांच रिपोर्ट भी निगेटिव आई है। जोड़ा तालाब के मधुमति अपार्टमेंट में रहने वाले पूर्व डीडीसी की मौत के बाद लेक व्यू हॉस्पिटल हॉस्पिटल को सील कर दिया गया था। यहां के स्टाफ और कर्मचारियों को हॉस्पिटल में ही क्वारैंटाइन किया गया था।

  • राज्य में कुल 126 संक्रमित: रांची के 92, बोकारो 10, पलामू 03, हजारीबाग 03, गढ़वा 03, धनबाद 02, गिरिडीह, 02, सिमडेगा 02, देवघर 04, जामताड़ा में 02, दुमका में 02 और गोड्डा में 01 मरीज में कोरोनावायरस के संक्रमण की पुष्टि हुई है।
  • राज्य में अब तक 04 की मौत: रांची में तीन जबकि बोकारो के एक मरीज की मौत हो चुकी है।
  • राज्य में स्वस्थ्य हुए 35 मरीज: रांची में 10, बोकारो में छह, धनबाद में दो, हजारीबाग में दो, देवघर में दो, सिमडेगा-कोडरमामें एक-एक जबकि राज्य के अन्य जिलों से संक्रमित मरीजों में 04 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं।


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राज्य में कुल कोरोना पॉजिटिव मरीजों में से 4 की मौत हो चुकी है। राज्य में कोरोना पर विजय पाने वाले कुल मरीजों की संख्या अब 27 हो गई है।




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राज्य में 10 और नए पॉजिटिव केस, अब तक 126 संक्रमण के मामले; कोविड-19 सेंटर से आठ और मरीज ठीक होकर लौटे घर

झारखंड में मंगलवार शाम 10 और संदिग्धों में कोरोनावायरस के संक्रमण की पुष्टि हुई है।नए मरीजों में आठ रांची के हिंदपीढ़ी के जबकि दो दुमका के निवासीहैं। कोरोना संक्रमित जिलों में दुमका की नयी एंट्री हुई है। उधर, कोडरमा के कोविड-19 सेंटर से एक जबकिरिम्स के कोविड-19 सेंटर से आज सात मरीज ठीक होकर अपने घर चले गए। राज्य में अब कोरोनावायरस के पॉजिटिव केस की संख्या बढ़कर 126 हो गई है। इनमें से 4 की मौत हो चुकी है। 35 मरीज स्वस्थ भी हुए हैं।

उधर, राज्य में महामारी के सर्विलांस में लगे इंटिग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम (आईडीएसपी) की रिपोर्ट का आकलन है कि आने वाले 14-15 दिन काफी अहम होंगे। रिपोर्ट के अनुसार अगले 14-15 दिनों में कोरोना केस की संख्या तीन गुनी हो सकती है,जो कि करीब 350 के आसपास होगी।

गुमला शहर के पालकोट रोड पर मंगलवार को सब्जी और फल दुकानों के पास लोगों की भीड़ जुटी।इस दौरान लोगों ने न तो सोशल डिस्टेंसिंग को मेंटन किया और न ही एतिहात के तौर पर मास्क वगैरह का प्रयोग किया।

कोरोना से लड़ रहे निगम कर्मियों का भी होगा 50 लाख रुपए का बीमा
कोरोना संकट में जंग लड़ रहे स्वास्थ्य कर्मचारियों के साथ-साथ अब शहरी नगर निकाय कर्मियों को भी 50 लाख का जीवन बीमा कर दिया गया है। यह 30 मार्च से 30 जून तक प्रभावी रहेगा। स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव डॉ. नितिन मदन कुलकर्णी ने इस संबंध में सोमवार को राज्य के सभी डीसी और सिविल सर्जन को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज योजना के तहत कोरोना की रोकथाम और इलाज में लगे लगभग 22.12 लाख सरकारी, निजी और अनुबंध पर काम कर रहे लोग दायरे में आएंगे। इनमें सरकारी स्वास्थ्य प्रदाता, सामुदायिक स्वास्थ्य कर्मी, निजी अस्पताल कर्मी, सेवानिवृत्त स्वैच्छिक कर्मी, स्थानीय शहरी निकाय, 108 एंबुलेंस कर्मी, अनुबंध कर्मी, दैनिक मजदूर, एडहॉक, आउटसोर्सिंग कर्मचारी, डब्ल्यूएचओ, यूनिसेफ और यूएनडीपी के कर्मचारी शामिल हैं।

कोरोना अपडेट्स

  • रांची: राज्य के रेड जोन में शामिल जिले में 92 लोगों में कोरोना संक्रमितों की पुष्टि हो चुकी है। हिंदपीढ़ी व सटे इलाकों की हेल्थ स्क्रीनिंग फिर से शुरू हुई है। मेडिकल टीम घर-घर जाकर स्क्रीनिंग कर रही है। डीसी राय महिमापत रे ने बताया कि 6 मई तक यहां स्क्रीनिंग का लक्ष्य रखा गया है। बरियातू के जोड़ा तालाब रोड स्थित लेक व्यू हॉस्पिटल के सभी 54 डॉक्टरों और कर्मचारियों की दूसरी जांच रिपोर्ट भी निगेटिव आई है।
  • बोकारो: जिले में अब तक 10 कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं जिनमें एक की मौत हो चुकी है जबकि छह स्वस्थ्य होकर घर लौट चुके हैं। कोटा से बोकारो लौटनेवाली तीन छात्राओं की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव निकली है। ये छात्राएं रविवार को कोटा से धनबाद पहुंची थीं। तीन छात्राओं को फीवर होने के कारण धनबाद में ही रोककर जांच के लिए स्वाब लिया गया था। सोमवार को लॉकडाउन में केरल ,राजस्थान और महाराष्ट्र में फंसे बोकारो के 156 मजदूर स्पेशल ट्रेन से यहां पहुंचे जिनमें से चार को क्वारैंटाइन सेंटर जबकि अन्य को होम क्वारैंटाइन कर दिया गया।
  • धनबाद: जिले में अब तक मिले दो संक्रमित मरीज स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। सोमवार को 809 लोगों की स्क्रीनिंग की गई। अब तक 417 लोगों को होम क्वारैंटाइन में रखा गया है। इनमें 44 संदिग्धों को सदर अस्पताल, 37 लोगों को पीएमसीएच, 18 लोगों को एसएसएलएनटी, एक को रेलवे अस्पताल जबकि 49 लोगों को निरसा पॉलिटेक्निक में बनाए गए क्वारैंटाइन सेंटर में रखा गया है। वहीं अब तक 1290 लोगों का सैंपल लिया जा चुका है। इनमें 1028 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आया है जबकि 262 लोगों का सैंपल आना बाकी है।
  • जमशेदपुर: कोल्हान विश्वविद्यालय व उसके सभी अंगीभूत कॉलेज मंगलवार से खुल गए, लेकिन यहां पढ़ाई नहीं होगी। विश्वविद्यालय के सभी अधिकारी, विभागाध्यक्ष व कॉलेजों के प्रिंसिपल अपने अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों में से 35% का रोस्टर बनाकर कार्यालय से संबंधित आवश्यक कार्यों को करेंगे। कर्मचारियों और पदाधिकारियों को हर हाल में मास्क व ग्लब्स पहनना होगा। एमजीएम मेडिकल कॉलेज के वायरोलॉजी लैब में सोमवार को कुल 190 सैंपल की जांच हुई। जांच में सभी रिपोर्ट निगेटिव पाया।
  • हजारीबाग: जिले में अबतक तीन लोग कोरोना पॉजीटिव पाए गए हैं। तीनों स्वस्थ्य भी हो चुके हैं। जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में सोमवार को कुल 91 लोगों का स्क्रीनिंग की गई। सोमवार को हुई स्क्रीनिंग में दो लोगों को क्वारैंटाइन किया गया है।84 लोग होम क्वारैंटाइन किए गए हैं। वहीं 106 लोगों का फैसिलटी क्वारैंटाइन क्लॉज किया गया। सोमवार को एक भी होम क्वारैंटाइन क्लोज नहीं हुआ।
  • कोडरमा: 4 मई तक जिला में 11 हजार 931 लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है।अब तक कुल 169 लोगों का सैंपल लिया गया, जिसमें 121 लोगों का रिपोर्ट निगेटिव आई है। वहीं 1 मरीज का रिपोर्ट पॉजिटिव आया था, मरीज का आर-2 का सैंपल लेकर भेजा गया है, रिपोर्ट का इंतजार है। जबकि 48 लोगों कीरिपोर्ट पेंडिंग है। होम क्वारैंटाइन में 6730 लोगों को रखा गया है, जबकि 7056 लोगों का 14 दिनों का होम क्वारैंटाइन पूरा हो गया है। क्वारैंटाइन सेंटर में 216 को रखा गया है। डोमचांच में बने कोविड केयर सेंटर में 44 लोगों को भर्ती किया गया है।
  • गढ़वा: जिले में अब तक 290 लोगों का सैंपल कोरोना संक्रमण की जांच के लिए इटकी के प्रयोगशाला में भेजा गया। इसमें 266 लोगों का रिपोर्ट निगेटिव आया है। उपायुक्त शशि रंजन ने बताया कि गुमला जिले से संदिग्धों का सैंपल नियमित रूप से भेजा जा रहा है। जहां भी ऐसे संदिग्धों के लक्षण की सूचना प्राप्त होती है उसका सैंपल एकत्र कर लैब में भेजी जा रही है।
  • सिमडेगा: जिले में अब तक 271 संदिग्धों के सैंपल भेजे जा चुके हैं जिसमें 237 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव जबकि दो रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। वहीं, एक कोरोना संक्रमित स्वस्थ्य होकर घर लौट चुका है। फिलहाल, 27 संदिग्धों की रिपोर्ट आनी बाकी है। अब तक जिले में 85 लोगों को क्वारैंटाइन जबकि 77 लोगों को होम क्वारैंटाइन सेंटर में रखा गया है।
  • पलामू: चार मई से लॉक डाउन 3.0 लागू हो गया है। इसके साथ ही पलामू पुलिस और भी सख्त हो गई हैं। जिले के लेस्लीगंज में अब तक तीन कोरोना संक्रमण के मरीज मिल चुके हैं। तीनों को इलाज के लिए कोविड-19 सेंटर में भर्ती किया गया है। कोरोना पॉजिटिव के परिवार, रिश्तेदारों और उसके साथ क्वारैंटाइन में रहने वाले सभी का सैंपल निगेटिव आया है। जिले में 44 चेकनाका बनाया गया है जहां पुलिस निरंतर आने जाने वालों पर नजर रखे हुए हैं।
  • गिरिडीह: जिले में अब तक दो कोरोना संक्रमण के केस मिल चुके हैं। दोनों का इलाज कोविड-19 सेंटर में चल रहा है। जिले के कोरोना पीड़ित महिला का स्वाब लेकर जांच के लिए पीएमसीएच धनबाद भेजा गया। जिले में अब तक 317 सैंपल जांच के लिए भेजे जा चुके हैं जिनमें से दो रिपोर्ट पॉजिटिव जबकि 276 रिपोर्ट निगेटिव आई है। 41 रिपोर्ट का इंतजार है। वहीं, कुल 358 संदिग्धों को होम क्वारैंटाइन किया गया है।
  • देवघर: जिले में शनिवार को दो नए कोरोना संक्रमित की पुष्टि हुई। कुल चार पॉजिटिव केस में से पहले के दो पॉजिटिव मरीजों के ठीक होने के बाद रविवार को उन्हें घर भेज दिया गया। अब तक जिले में 350 से ज्यादा संदिग्धों के सैंपल जांच के लिए भेजे जा चुके हैं जिसमें 228 की जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई है 116 लोगों की रिपोर्ट भी जल्द ही आ जाएगी।
  • जामताड़ा: जिले में अब तक दो संक्रमण के मामले सामने आ चुके हैं। दोनों का कोविड-19 सेंटर में इलाज चल रहा है। प्लस टू हाई स्कूल नाला क्वारैंटाइन सेंटर के पास 200 मीटर का एरिया सील किया गया है। साथ ही बाहरी लोगों के प्रवेश पर पाबंदी है। रेड जोन चिह्नित इलाके की दुकानों को भी बंद कराया गया है। केंद्र और राज्य सरकार की पहल के बाद लॉकडाउन की वजह से केरल में फंसे झारखण्ड के कुल 22 जिलों के 1129 मजदूर सोमवार को स्पेशल ट्रेन से तिरूअनंतपुरम से जसीडीह स्टेशन पहुंचे। स्टेशन परिसर में स्वास्थ्य परीक्षण हेतु बनाए गए काउंटर में थर्मल स्कैनिंग व स्वास्थ्य जांच संबंधी अन्य सभी प्रक्रिया पूरी की गई। सभी को 14 दिनों तक होम क्वारैंटाइन का पालन करने का निर्देश दिया।
सिविक एक्शन प्लान के तहत सीआरपीएफ की 154वीं बटालियन ने गिरिडीह के पारसनाथ पहाड़ की तराई में बसे उग्रवाद प्रभावित खुट्टा व खेजवाली गांव में मंगलवार को ग्रामीणों के बीच अनाज, मास्क, सैनिटाइजर, साबुन का वितरण किया।

राज्य में कुल 126 संक्रमित: रांची के 92, बोकारो 10, पलामू 03, हजारीबाग 03, गढ़वा 03, धनबाद 02, गिरिडीह, 02, सिमडेगा 02, देवघर 04, जामताड़ा में 02, दुमका में 02 और गोड्डा में 01 मरीज में कोरोनावायरस के संक्रमण की पुष्टि हुई है।

राज्य में अब तक 04 की मौत: रांची में तीन जबकि बोकारो के एक मरीज की मौत हो चुकी है।

राज्य में स्वस्थ्य हुए 35मरीज: रांची में 10, बोकारो में छह, धनबाद में दो, हजारीबाग में दो, देवघर में दो, सिमडेगा में एक जबकि राज्य के अन्य जिलों से संक्रमित मरीजों में 04 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं।



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गुमला शहर के मुख्य बाजार में मंगलवार को लगे साप्ताहिक सब्जी मंडी में लोगों की भीड़ उमड़ी। लॉकडाउन फेज वन से लेकर अब तक इस बाजार की ऐसी ही तस्वीरें सामने आती रही है।




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बिना राशन कार्ड वाले गरीबों को डेढ़ माह में मिला सिर्फ 10 किलो चावल

प्रखंड के कई गरीब परिवारों को राशन नहीं मिलने के मामले में कांग्रेस महामंत्री अशफाक आलम ने विधायक विक्सल कोंगाडी को आवेदन दिया है। गरीब परिवारों को चावल मिलना चाहिए मगर इसके पास राशन कार्ड भी नहीं है। अशफाक आलम ने यह भी बताया कि इन्हें जब से लॉक डाउन हुआ है तब से मात्र इन्हें एक बार 10 किलो चावल मुखिया द्वारा दिया गया था। जबकि सरकार द्वारा जिनके पास राशन कार्ड है उनको तीन-तीन माह का राशन दे दे देने के बावजूद अब दो 2 महीने का राशन एक साथ प्रत्येक कार्ड धारी को यानी कि कार्ड धारी में जितने लोग का नाम है सभी मेंबर को 10 - 10 केजी चावल दिया जा रहा है। जिस घर में 10 लोग हैं उस परिवार को एक कार्ड में 1 क्विंटल चावल दिया गया इस तरह से 3 माह का चावल पहले ही उन्हें प्रत्येक मेंबर को 15 -15 केजी दिया गया था। इस तरह से राशन कार्ड वालों के घर चावल भरपूर है जबकि जिनको नहीं है उन्हें मात्र 5 केजी से 10 केजी चावल देखकर मुखिया ने अपना कर्तव्य पूरा कर लिया है।



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200 जरूरतमंद परिवारों के बीच सीआरपीएफ ने बांटे अनाज

कोरोना महामारी में नक्सल अभियान के साथ-साथ सीआरपीएफ जरूरतमंद लोगों के घरों तक भोजन पहुंचाने का अभियान चला रही है। इसी कड़ी में सीआरपीएफ की 11वीं बटालियन के कमांडेंट विनय कुमार त्रिपाठी के निर्देश पर बरवाडीह थाना क्षेत्र के मंगरा पंचायत अंतर्गत चंद्रदहा विद्यालय में मंगलवार को सिविक एक्शन प्रोग्राम के तहत कंपनी कमांडर रूपेश सिंह के नेतृत्व में जरूरतमंद परिवारों के बीच खाद्य सामग्री का वितरण किया गया। इस दौरान 200 जरूरतमंद परिवारों के बीच चावल, दाल और आटा का पैकेट बनाकर वितरण किया गया। अनाज पाकर ग्रामीण खुश दिखे। मौके पर मौजूद कंपनी कमांडर रूपेश सिंह ने मौजूद ग्रामीणों को सोशल डिस्टेंस का पाठ पढ़ाते हुए लॉकडाउन का पालन करने की भी नसीहत दी। मौजूद ग्रामीणों को संबोधित करते हुए रुपेश सिंह ने कहा कि देश में संकट की घड़ी में जरूरतमंद परिवारों के समक्ष भुखमरी न हो, इसके लिए सीआरपीएफ के वरीय अधिकारियों द्वारा खाद्य सामग्री वितरण करने का कार्यक्रम चलाया जा रहा है।



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CRPF distributes grains among 200 needy families




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लॉकडाउन का पॉजिटिव इफेक्ट... 20 साल में पहली बार मई का पारा 400 के नीचे

काेराेना महामारी पर रोक लगाने के लिए जिले में 23 मार्च से लॉकडाउन हैं। इसके कारण 20 सालों में पहली बार प्रकृति में ऐसा बदलाव देखने को मिला है कि रैनशैडो जिला पलामू में मई माह में पारा 40 डिग्री सेल्सियस को पार नहीं किया है। पिछले 20 सालों में देखा जाए तो मई माह में जिले का 45 से ऊपर तापमान हो जाता था। लेकिन इस बार लॉकडाउन के कारण प्रकृति में बदलाव से जिले का तापमान 40 डिग्री से भी कम हो गया है। 5 मई दिन मंगलवार को करीब सुबह 6 बजे से 9 बजे तक जमकर गर्जन के साथ बारिश हुई। जिससे पारा में गिरावट तो नहीं हुई लेकिन गर्म हवा नहीं चली।

इससे लोगों को गर्मी का अहसास नहीं हुआ। सुबह में बारिश के समय ठंड का अहसास होने से मानो लोगों को ऐसा लगा रहा था कि गर्मी का मौसम अभी शुरू ही नहीं हुआ हो। इसके पहले 4 मई को दोपहर में भी हल्की बारिश हुई थी।गौरतलब है कि रैनशैडो एरिया होने के कारण मई माह में लोगों को सबसे ज्यादा गर्मी का अहसास होने लगता था। बीते 20 सालों में जिले में मई माह में तापमान 45 डिग्री से भी ऊपर चला जाता था लेकिन इस बार मई माह शुरू हो गया है और गर्मी का लोगों को ज्यादा अहसास नहीं हो रहा है। क्योंकि लॉकडाउन की वजह से इस बार तापमान में भारी गिरावट हुई है और तापमान 40 डिग्री से भी नीचे गिरा हुआ है, जिससे लोगों को इस बार मई माह में भी गर्मी का अहसास नहीं हो रहा है। हाल यह है कि मेदिनीनगर का अधिकतम तापमान 1 मई को 35.4, 2 मई को 33.8, 3 मई को 36.4, 4 मई को 32.2 और 5 मई को 36.4 डिग्री सेल्सियस रहा।

9 मई तक हल्के दर्जे की बारिश के आसार
बंगाल की खाड़ी में विक्षोभ बनने से मई माह की शुरुआत से ही आसमान में बादलों का डेरा लगा रहा। चार मई को दोपहर में हल्के दर्जे की बारिश हुई। उसके बाद पांच मई को सुबह में भी बारिश हुई। एक बार तो ऐसा लगा कि आज बारिश ही नहीं खुलेगी। लेकिन दस बजे के करीब मौसम खुल गया। मौसम विज्ञान केंद्र, रांची के निदेशक एसडी कोटाल के अनुसार, लॉकडाउन से प्रकृति में हुए बदलाव से मई माह में भी बारिश ने मौसम खुशनुमा बना दिया है, जिससे अभी तक गर्मी का नामोनिशान नहीं है। उन्होंने कहा कि 9 मई तक आसमान में बादल छाए रहेंगे। इस दरम्यान कहीं कहीं तेज हवा चलने के साथ हल्के दर्जे की बारिश भी हो सकती है।

लॉकडाउन की वजह से तापमान में गिरावट
जिले के तापमान में गिरावट का असर लॉकडाउन भी हो सकता है। 23 मार्च से लॉकडाउन होने के कारण ग्रामीण जंगल नहीं जा रहे हैं। पेड़ों की कटाई के साथ जंगल में आग लगने की घटनाएं भी इस वर्ष नहीं के बराबर हुई हैं। शहरों, कस्बों में प्रदूषण कम हुआ है, जिससे वहां का पर्यावरण सुधरा है। इसका असर जंगली क्षेत्र में भी देखने को मिल रहा है। इससे जंगल एक बार फिर हरा भरा नजर आ रहा है।जंगल हरा भरा होने के कारण और प्रकृति में बड़ा परिवर्तन होने के कारण प्रदूषण की मात्रा में भारी कमी आई है। जिससे सभी जंगल हरे भरे होने के कारण मौसम में ठंडक आ गई है। जिससे तापमान में भारी कमी आई है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक आगे भी बारिश व बादलों का मौसम बने रहने की संभावना है।



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Positive effects of lockdown ... May's mercury below 400 for the first time in 20 years




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लावालौंग में लाभुकों को 10-10 किलो चावल दिया गया

प्रखंड मुख्यालय स्थित लावालौंग मुख्य चौक के समीप मंगलवार को डीलर जगदेव प्रजापति ने लाभुकों के बीच 10-10 किलो चावल का वितरण किया। जानकारी देते हुए जगदेव प्रजापति ने बताया कि कोरोना को देखते हुए सरकार के द्वारा हमें जो भी निर्देश ग्रामीणों के सहयोग के लिए दिए जा रहे हैं हम उसी अनुरूप ग्रामीणों को राशन मुहैया करवा रहे हैं। आगे उन्होंने बताया कि जिन्होंने राशन कार्ड के लिए ऑनलाइन एप्लाई किया था उन्हें हमने पूर्व में ही राशन मुहैया करा दिया है। वितरण के दौरान मौके पर पूर्व सरपंच सरयू प्रजापति, शिक्षक अशोक सिंह एवं धर्मेन्द्र प्रजापति ने अहम भूमिका निभाई।



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महान दार्शनिक, विचारक कार्ल मार्क्स की 202वीं जयंती पर सीपीएम ने दी श्रद्धांजलि

महान दार्शनिक, विचारक कार्ल मार्क्स की 202वीं जयंती पर सीपीएम की ओर से याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
मौके पर कार्ल मार्क्स के चित्र पर पुष्पांजलि करते माकपा के राज्य सचिव मंडल सदस्य संजय पासवान ने कहा कि पुरी दुनिया में मजदूरों का राज कायम हो, मानव के द्वारा मानव का शोषण न हो और एक शोषण मुक्त समाजवादी व्यवस्था का निर्माण मार्क्सवाद का मूल सिद्धांत है।

उन्होंने कहा कि पीएम केयर फंड मे हजारों करोड़ रुपये जमा है, प्रवासी मजदूरों को उनके घर भेजने मे इस फण्ड का इस्तेमाल किया जाना चाहिए और प्रवासी मजदूरों व राज्य सरकारों से भाड़ा नहीं वसूलना जाना चाहिए। केन्द्र सरकार आंखें खोले और राशन कार्ड की अनिवार्यता खत्म कर सभी को अनाज दे। इनकम टैक्स देने वाले लोगों को छोड़कर सभी के खातों मे दस दस हजार का राहत पैकेज दे। कोरोना महासंकट मे बीमारी को कम करने व समाप्त करने की दिशा मे केरल मे तीन माह मे सिर्फ चार ही व्यक्ति की कोरोना से मौत हुई है। आज केरल मॉडल को पूरे देश मे लागू करने की आवश्यकता है।



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घाघरा में मनरेगा के तहत आम बागवानी के लिए 350 परिवारों को मिलेगा रोजगार

प्रदान के द्वारा घाघरा प्रखंड में 68 एकड़ भूमि पर आम बागवानी के लिए मंगलवार को घाघरा प्रखंड कार्यालय में प्रतिवेदन जमा किया। इस संबंध में प्रदान के कार्यक्रम पदाधिकारी जितेंद्र कुमार यादव ने बताया कि राष्ट्रीय लॉकडाउन के समय में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने और गांवों में रोजगार दिलाने के लिए खरीफ सीजन में मनरेगा के माध्यम से आम की बागवानी के लिए 68 एकड़ की प्रस्तावित सूची प्रखंड कार्यालय में जमा की है। बागवानी की यह खेती बुरहु, टोटांमबी, बदरी जैसे गांव में की जाएगी। इससे 350 परिवारों को रोजगार मिलेगा।



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350 families will get employment for mango horticulture under MNREGA in Ghaghra




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केरल व कर्नाटक से पहुंचे 70 श्रमिक मेडिकल स्क्रीनिंग के बाद भेजे गए घर

उपायुक्त शशि रंजन के नेतृत्व में मंगलवार को अहले सुबह धनबाद, जसीडीह (देवघर), रांची स्टेशनों से गुमला जिला के श्रमिकों को गुमला लाने का कार्य किया गया। देर रात तक चले स्क्रीनिंग के उपरांत सभी सभी श्रमिक का निबंधन, आने-जाने वाले स्थान का नाम, आधार कार्ड तथा संपर्क सूत्र प्राप्त करते हुए होम क्वॉरेंटाइन, इंस्टीट्यूशनल क्वारेंटाइन में रहने के आदेश के साथ सभी को मंगलवार की सुबह अपने-अपने गृह प्रखंड मुख्यालय पहुंचाया गया। प्रखंडों से बीडीओ के द्वारा आवश्यक कार्रवाई को पूरा करते हुए उनके गांव-घर तक वाहन के माध्यम से भेजा जा रहा है।


केरल, कर्नाटक से विशेष ट्रेन से धनबाद पहुंचे गुमला जिले के क्रमशः 56 और 14 श्रमिकों का सोमवार रात 2 बजे नगर भवन गुमला में जिला प्रशासन की ओर से स्वागत किया गया। नगर भवन में सामाजिक दूरी को ध्यान में रखते हुए सभी श्रमिकों का निबंधन किया गया। थर्मल गन और थर्मल स्कैनर से स्वास्थ्य जांच की गई। जांचोपरांत श्रमिकों के हाथों में होम, इंस्टीट्यूशनल क्वारेंटाइन का मुहर लगाया गया।

परिजनों से जल्द मिलने की श्रमिकों में दिखी बेचैनी

नगर भवन में श्रमिकों के स्वागत एवं जिला प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्था से श्रमिकों में खुशी देखी गई। प्रशासन की व्यवस्था की तारीफ की। इस अवसर पर जिला प्रशासन की ओर से सहायक समाहर्त्ता सह सहायक दंडाधिकारी मनीष कुमार, अपर समाहर्त्ता सुधीर कुमार गुप्ता, कार्यपालक दंडाधिकारी विभूति मंडल, श्रम अधीक्षक एतवारी महतो, सीओ कुशलमय केनेथ मुंडू एवं सदर अस्पताल की मेडिकल टीम के सदस्य उपस्थित थे।

जॉब कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई
नगर भवन में केरल, कर्नाटक से वापस लौटे श्रमिकों को जिले में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए जॉब कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई। श्रमिकों के मोबाइल में आरोग्य सेतु एप डाउनलोड कर इंस्टॉल कराया गया तथा सभी श्रमिकों को जिला प्रशासन के तरफ से सूखा राशन एवं मेडिकल किट प्रदान किया गया। मेडिकल किट में मास्क, ग्लव्ज, डिटॉल साबुन एवं बिस्किट आदि दिया गया।



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70 workers from Kerala and Karnataka sent home after medical screening




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लॉकडाउन में शादी पड़ी महंगी; दूल्हा दुल्हन समेत 50 पर मामला दर्ज, अनुमति लिए बिना हो रहा था आयोजन

तिलैया थाना क्षेत्र में लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन कर शादी करना दूल्हा-दुल्हन को भारी पड़ गया। पुलिस ने दूल्हा-दुल्हन समेत 10 नामजद जबकि 40 अज्ञात लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। बताया जा रहा है कि तिलैया थाना के एएसआई मंगलवार को गश्ती पर निकले थे। इस दौरान उन्हें इंदरवा बस्ती स्थित सूर्य मंदिर में कोविड-19 के गाइड लाइन का उल्लंघन कर शादी के आयोजन की जानकारी मिली। इसके बाद एएसआई ने इसकी सूचना थाना प्रभारी को दी।

थाना प्रभारी की ओर से कार्रवाई के लिए निर्देश मिलने के बाद एएसआई टीम के साथ इंदरवा के सूर्य मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने देखा कि शादी में करीब 50 लोगों की भीड़ है। वे सभी पुलिस की गाड़ी को देखकर भागने लगे।। इस दौरान शादी समारोह में शामिल लड़का पक्ष से सूरज यादव, बाबूलाल पांडेय, सुनीता देवी, राजेश यादव (तिलैया थाना क्षेत्र के इंदरवा निवासी ) और लड़की पक्ष की ओर से सुरेश यादव, धनेश्वर यादव, बालेश्वर यादव, डोली कुमार, अजय यादव, मोहन दास (सभी डोमचांच थाना क्षेत्र के मधुबन निवासी) को पकड़ लिया गया।

पुलिस ने इनसे शादी के लिए वैध अनुमति पत्र की मांग की लेकिन वे कोई कागजात नहीं दिखा पाए। उन्होंने बताया कि कोडरमा के प्रखंड विकास पदाधिकारी के पास शादी के आयोजन के लिए आवेदन दिया है। वैध अनुमति पत्र उनके पास नहीं है। एएसआई ने बताया कि दूल्हा-दुल्हन समेत लड़का पक्ष के चार और लड़की पक्ष से छह नामजद के खिलाफ कोरोनावायरस संक्रमण से बचाव के लिए जारी लॉकडाउन के नियमों के उल्लंघन का दोषी पाया गया। 10 नामजद औ र 40 अज्ञात के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।



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एएसआई ने बताया कि दूल्हा-दुल्हन समेत लड़का पक्ष के चार और लड़की पक्ष से छह नामजद के खिलाफ कोरोनावायरस संक्रमण से बचाव के लिए जारी लॉकडाउन के नियमों के उल्लंघन का दोषी पाया गया है।




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11 मई से 10 जून तक दूरदर्शन पर होगी हर दिन 3 घंटे पढ़ाई, शिक्षा विभाग ने दूरदर्शन के साथ किया करार

सरकारी स्कूल के बच्चे दूरदर्शन पर पढ़ाई करेंगे। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने इस संबंध में दूरदर्शन के साथ करार किया है। यह पढ़ाई 11 मई से 10 जून तक लगातार जारी रहेगी। नियमित रूप से सोमवार से शुक्रवार तक प्रतिदिन दो पालियों में तीन घंटे तक पढ़ाई होगी। कोरोना संक्रमण की वजह से स्कूलों के बंद होने पर विभाग ने यह पहल की है। सरकारी स्कूलों के बच्चों को दूरदर्शन के माध्यम से डिजिटल कंटेंट उपलब्ध कराए जाएंगे। बुधवार को झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद और दूरदर्शन के बीच करार हुआ। जेईपीसी के राज्य परियोजना निदेशक उमाशंकर सिंह और दूरदर्शन के प्रतिनिधियों के बीच यह एकरारनामा हुआ।

स्कूली बच्चों के लिए सोमवार से शुक्रवार तक हर दिन तीन घंटे तक दूरदर्शन में डिजिटल कंटेंट का प्रसारण होगा। सुबह 10 बजे से 12 बजे तक और दोपहर एक बजे से दो बजे तक इसका प्रसारण किया जाएगा। दूरदर्शन हर दिन एक घंटे का प्रसारण निशुल्क करेगा, जबकि दो घंटे के लिए झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद से 12 हजार और 18 प्रतिशत जीएसटी के साथ 14,160 रुपए प्रतिदिन के आधार पर लेगा। एक महीने में 2,83,200 रुपए का भुगतान दूरदर्शन को किया जाएगा। दूरदर्शन को कंटेंट उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी जेईपीसी ने डॉक्टर अभिनव कुमार और जेसीईआरटी के कीर्तिवास कुमार को दी गई है। साथ ही, दूरदर्शन के निदेशक से भी नोडल पदाधिकारी मनोनित करने की मांग की गई है। जेईपीसी के राज्य परियोजना निदेशक उमाशंकर सिंह ने डिजिटल कंटेंट तैयार कराने के लिए 6 लोगों की तकनीकी समिति भी गठित की है।

दूरदर्शन में पढ़ाई का शिड्यूल

  • 10 से 10:30 बजे तक : यूनिसेफ द्वारा तैयार मीना मंच और जीवन कौशल आधारित प्रसारण
  • 10:30 बजे से 11 बजे तक : पहली से पांचवी के लिए प्रसारण
  • 11:00 बजे से 12 बजे तक : छठी से नौवीं और 11वीं कक्षा के लिए प्रसारण
  • एक बजे से दो बजे तक : 10वीं और 12वीं के लिए प्रसारण

यूट्यूब पर भी होगा प्रसारण
दूरदर्शन पर होने वाले प्रसारण को यूट्यूब पर भी प्रसारित किया जाएगा ताकि अधिक संख्या में छात्र-छात्राएं इसका लाभ उठा सकें साथ ही सभी लोकल केबल नेटवर्क वालों को भी दूरदर्शन के चैनल को निशुल्क प्रसारित करने को कहा गया है। दूरदर्शन के जरिए उपलब्ध कराए जाने वाले डिजिटल कंटेंट की जानकारी दूरदर्शन और आकाशवाणी के माध्यम से दी जाएगी।



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दूरदर्शन हर दिन एक घंटे का प्रसारण निशुल्क करेगा, जबकि दो घंटे के लिए झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद से 12 हजार और 18 प्रतिशत जीएसटी के साथ 14,160 रुपए प्रतिदिन के आधार पर लेगा।




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दैनिक भास्कर व पुलिस की मदद से देवास में परिजनों से मिला 10 साल पहले खाेया बेटा

दस साल से लापता मध्यप्रदेश के बागली तहसील के चंवरागुवाड़ी का 20 वर्षीय देवी सिंह काेराेना की वजह से अपने परिवार काे मिल गया। 30 अप्रैल काे वह लातेहार जिले के वरवाटी थाना क्षेत्र में मिला था। मंगलवार काे परिजन युवक काे लातेहार से लेकर गांव पहुंचे। इससे पहले चापड़ा में लाेगाें ने युवक का पुष्प वर्षाकर और तालियां बजाकर स्वागत किया। दैनिक भास्कर ने 1 मई के अंक में देवी सिंह के संबंध में खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद बागली एसडीएम अजीत श्रीवास्तव, जनपद सीईओअमित व्यास व टीआई दिनेश चाैहान ने मामला संज्ञान में लिया और युवक काे झारखंड से ले जाने की कवायद शुरू की गई। मध्यप्रदेश के जिला प्रशासन ने युवक काे लाने की अनुमति के साथ वाहन के लिए डीजल की व्यवस्था करवाई। बागली से देव सिंह, सूरज और ओम यादव काे देवी सिंह काे लाने लातेहार गए। वहां एसआई उरांव से मिले। उन्हाेंने युवक काे परिजनाें के साथ रवाना कर दिया। मंगलवार दाेपहर करीब 2 बजे चापड़ा पहुंचने पर लाेगाें ने देवी सिंह का स्वागत किया।

युवक काे परिवार से मिलाने वाले असली हीराे एएसआई महादेव उरांव
युवक काे उसके परिवार वालाें से मिलाने में लातेहार के वरवाटी थाने के एएसआई महादेव उरांव की महत्वपूर्ण भूमिका रही। देवी सिंह काे भी झारखंड में क्वारेंटाइन किया गया था। क्वारेंटाइन पीरियड पूरा करने पर एएसआई उरांव ने जब युवक काे घर जाने का कहा ताे पता चला कि वह ताे मध्यप्रदेश के देवास जिले का रहने वाला है। इसके बाद उन्हाेंने दैनिक भास्कर के माध्यम से युवक के घर का पता लगवाया। इस तरह एएसआई ने युवक काे उसके परिवार वालाें से मिलाया।

घर पहुंचने पर बहन ने लगाया तिलक, पिता बाेले-आज जीवन का खुशी वाला दिन
मंगलवार का दिन चंवरागुवाड़ी के बुजुर्ग दंपती शेर सिंह व उनकी पत्नी प्रेमबाई के लिए खास रहा। क्योंकि दस साल से लापता बेटा देवी सिंह घर आरहा था। उसे देखते ही परिजनाें की आंखाें में आंसू झलक आए। बहनों ने खुशी-खुशी तिलक लगाकर पुष्पमाला पहनाई। युवक ने सबसे पहले अपने माता-पिता के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इस दाैरान बड़ी संख्या में ग्रामीण भी माैजूद थे। लॉकडाउन के चलते रिश्तेदार नहीं आ पाए, लेकिन उन्होंने फोन पर ही देवीसिंह के हालचाल पूछे। युवक की बहन मधु, देवका, सदू व दाे बड़े भाई देवकरण व छोटा देवराज है। भास्कर से चर्चा में पिता शेरसिंह ने कहा कि हमें उम्मीद ही नहीं थी कि हमारा बेटा कभी हमें मिल भी पाएगा। आज का दिन जीवन में सबसे ज्यादा खुशी देने वाला है। उसके मिलने की जानकारी मिलते ही उसके घर आने का इंतजार था।



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With the help of Dainik Bhaskar and the police, he met his family members in Dewas 10 years ago.




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140 किमी की रफ्तार से चली हवा... पेड़ पोल गिरे, बिजली और पानी की व्यवस्था ठप

मंगलवार की रात 9:30 बजे करीब अचानक 140 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी आई। इसके साथ ही करीब आधे घंटे तक मूसलाधार बारिश हुई। 14 से 15 मिनट के बीच चली आंधी से शहर समेत ग्रामीण क्षेत्रों में कई स्थानों पर कई पेड़ पौधे उखड़ गए और कई पेड़ों की टहनियां भी टूट गई। इसके साथ ही आम और महुआ के पेड़ों में बचे खुचे फल भी गिर गए। आंधी पानी से खेतों में लगी गरमा फसल और गरमा सब्जी की खेती को काफी नुकसान पहुंचा।

आधा घंटा के दौरान करीब 10 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। बारिश से प्लास्टिक और कचरा से भरी नालियों का पानी सड़क पर बहने लगा। हालांकि रात होने के कारण किसी को परेशानी नहीं हुई। बुधवार को नहीं हुई जलापूर्ति आंधी के बाद बिजली कटने से बेलवाटिका पंप हाउस में लगे पम्प को बिजली नहीं मिली। जिससे रात में पंप के नहीं चलने से पानी का स्टोरेज नहीं किया जा सका। इस कारण बुधवार को जलापूर्ति नहीं हो सकी। बताया गया कि बुधवार को दिन में बिजली मिलने के बाद पानी का स्टोरेज किया जाएगा। उसके बाद शाम को प्राथमिकता के आधार पर जलापूर्ति की जाएगी।

रात 9.30 बजे चली आंधी, बिजली गुल

आंधी से कई पेड़ उखड़ कर बिजली के पोल पर गिर गए और कई पेड़ की डाली टूट कर बिजली के तारों पर गिर गई। इससे शहरी क्षेत्रों में घंटों बिजली आपूर्ति ठप रही। सहायक विद्युत अभियंता (शहरी) अमित कुमार खेस्स ने बताया कि आंधी चलने से सुदना सब ग्रिड को रेड़मा सब स्टेशन से जोड़ने वाली 33 केवीए लाइन पर बीसफुटा पुल के पास पेड़ का डाली टूट कर गिर गया था। मौसम खुलने के बाद में रात में ही डाली को हटाकर टूटे तार को ठीक किया गया। उसके बाद रात के 1.30 बजे से विद्युत आपूर्ति बहाल हो गई। 11 केवीए हॉस्पिटल फीडर में परिसदन के पास तार पर गिरे पेड़ की टहनी को हटाया गया,तब जाकर 1:00 बजे रात से विद्युत आपूर्ति बहाल हो सकी।

आंधी से शहर में गायत्री मंदिर रोड में पेट्रोल पंप के पास, कचहरी परिसर में, वन विभाग परिसर में, भगवती अस्पताल, रांची रोड के पास, डीसी आवास के अंदर, पांकी रोड चरकी भाटा के पास बिजली के पोल, तार पर पेड़ और टहनी के जाने से विद्युत आपूर्ति बंद हो गई। वहीं कई स्थानों पर डिस्क पंचर हो गया। रात होने के कारण कई स्थानों पर फॉल्ट पता नहीं चला। बुधवार को युद्ध स्तर पर टूटे पोल और तार को बदलकर बिजली आपूर्ति बहाल करने का कार्य किया गया।

आंधी से 50 घराें काे हुआनुकसान

विश्रामपुर | आंधी से नप में 50 निर्धन परिवार का आशियाना उजड़ जाने से बेघर हो गए। बिजली के दर्जनाधिक खंबे उखड़ व टूट जाने तथा ट्रांसमिशन लाइन पर पेड़ गिर जाने से बिजली सप्लाई पूरी तरह बंद है। इससे वाटर सप्लाई भी ठप हो गया है। रेहला स्थित पावर सब स्टेशन के अधिकारी ने बताया सामान्य विद्युत व्यवस्था करने में पूरे सप्ताह लग जाएंगे। नप मुख्यालय व प्रमुख कस्बा रेहला में सीमित पावर सप्लाई के लिए कई लाइनमैन लगे हुए हैं। रेहला ग्रासिम संस्थान के एसबेस्टस बने छत को दूर उड़ा ले गया। गढ़वा रोड मॉडल स्टेशन और जोगीबीर कॉलोनी में चार पुराने पीपल के दरख्त उजड़कर रेलकर्मी के क्वार्टर पर जा गिरे।

इससे रेल विद्युत विभाग के कामगार व रेलवे यूनियन नेता सुनील सिंह के क्रमशः बाइक, फ्रिज व वाशिंग मशीन जद में आने से डैमेज हो गए। रेहला थाना में आधा दर्जन पेड़ भी गिर गए। स्टेशन चौक संतोषी माता मंदिर के सबसे पुराना बरगद का दरख्त रास्ते व मकान पर गिर जाने से आवागमन के लिए नप के जेसीबी को लगाया गया। गढ़वा रोड मॉडल स्टेशन कार्यालय व बगल के सिग्नल पोस्ट पर भी पेड़ गिरने से परेशानी हुई।

आंधी और बारिश से मौसम बना खुशनुमा

आंधी के साथ बारिश होने से बुधवार को मौसम खुशनुमा रहा। सोमवार दोपहर व मंगलवार को सुबह भी बारिश हुई थी। बारिश से सोमवार को अधिकतम तापमान में 4.2 डिग्री की गिरावट देखी गई थी। मंगलवार को 2 डिग्री का इजाफा हुआ।वही मंगलवार की रात में बारिश होने से बुधवार को मौसम खुशनुमा रहा। अधिकतम तापमान में 2 डिग्री की गिरावट हुई।



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Wind speeding 140 km ... tree poles fell, electricity and water system stalled




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लॉकडाउन में कर्नाटक में फंसे चतरा, पलामू व लातेहार 500 मजदूर

देश मे लगे लॉक डाउन के कारण टंडवा के चालीस प्रवासी मजदूर कर्नाटक में फंसे हैं। इसके अलावा पलामू व लातेहार जिले के साढ़े चार सौ प्रवासी मजदूर फंसे हैं। इस बाबत टंडवा हरिनगर निवासी श्रवण कुमार ने भास्कर को बताया कि झारखंड के चतरा समेत पलामू व लातेहार जिले के लगभग पांच सौ प्रवासी मजदूर कर्नाटक के बेंगलूरु में फंसे हैं। टंडवा प्रखंड के चालीस मजदूरों के अलावा लातेहार जिला के मनिका प्रखंड के साढ़े तीन सौ तथा पलामू जिला के पांकी प्रखंड के एक सौ प्रवासी मजदूर फंसे हैं।

समय बीतने के साथ हम सब के समक्ष खाने-पीने रहने आदि की समस्या भी बढ़ती जा रही है। हम सबने अपने घर वापसी को लेकर एक सप्ताह पहले झारखंड सरकार से अनुमति को लेकर अपना पंजीकरण कराया है, पर आज तक कर्नाटक के बेंगलूरु प्रशासन को किसी प्रकार का निर्देश व सूचना नही मिली है। जिससे महीनों से फंसे प्रवासी मजदूरों की परेशानियां बढ़ने के साथ मायूसी देखी जा रही है। हताश व मायूस प्रवासी मजदूरों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन व राज्य के श्रम नियोजन व प्रशिक्षण मंत्री सत्यानंद भोक्ता तथा सांसद सुनील कुमार सिंह से जल्द पहल कर प्रवासी मजदूरों को वापस लाने की मांग की।



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500 workers trapped in lockdown in Karnataka, Chatra, Palamu and Latehar




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बुढ़ापेे की पीड़ा: 500 रुपए की पेंशन के लिए 10 किमी का कठिन सफर

यह तस्वीर 80 वर्षीय सूरजी देवी की है। सूरजी देवी सदर प्रखंड के लरकूवा गांव की रहने वाली हैं। मंगलवार को पांच सौ रुपए वृद्धा पेंशन उठाने के लिए उसे दस किलोमीटर का मुश्किल सफर तय करना पड़ा।
सूरजी देवी को खटोला से बने डोली में बैठा कर उसके पुत्र सुकून भारती व सरयू भारती शहर लाए थे। दोनों बेटों ने वृद्ध को गांव से दस किलोमीटर दूर केनरा बैंक लाया। इसके बाद सूरजी देवी ने बैंक से पांच सौ रुपए की निकासी की।



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Aging of old age: 10 km difficult journey for pension of 500 rupees




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जिले में 309 लोगों की स्क्रीनिंग... 11 को आइसोलेशन, 52 किए गए कवारेंटाइन

जिले में बुधवार को विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में कुल 309 लोगों की स्क्रीनिंग की गई। इनमें 60 लोग राज्य के विभिन्न शहरों से आए हुए और 249 लोग दूसरे राज्य के महानगरों से आने वाले शामिल हैं। स्क्रीनिंग के बाद 11 लोगों को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है, जबकि 52 लोग फैसिलिटी क्वारेंटाइन में रखे गए हैं, वहीं 246 लोगों को होम क्वारेंटाइन किया गया। बुधवार को जिन स्वास्थ्य संस्थानों में स्क्रीनिंग की गई उनमें एचएमसीएच अस्पताल हजारीबाग में 39 लोग, बरही में 42, बरकट्ठा में 89, बड़कागांव में छह, चौपारण में 54 चुरचू में 10, इचाक में 10, कटकमसांडी में 14 ,केरेडारी में 12, विष्णुगढ़ में 25 और सदर सीएचसी 3 लोग शामिल हैं। इनमें रांची से वापस लौटे एक युवक और मुंबई से अपनी गाड़ी से लौटने वाले 3 लोग सहित गुजरात, सूरत से लौटने वाले शामिल हैं। बताया गया कि रांची के कांटा टोली में रहकर कैटरिंग का काम करने वाला चतरा जिले के पत्थलगडा निवासी युवक वापस लौटा था। इसकी सूचना प्रशासन को मिलने के बाद उसे स्क्रीनिंग के लिए एचएमसीएच अस्पताल भेजा गया। जहां स्क्रीनिंग के बाद उसे आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है। इनके अलावा 3 ऐसे लोग हैं जो हजारीबाग पेलावल ओपी क्षेत्र के रहने वाले हैं वे मुंबई में रहकर अपनी गाड़ी चलाया करते थे।



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गुमला में 100 कराेड़ की योजनाएं डेढ़ महीने से बंद, मजदूरों के पास काम नहीं

कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए देशभर में लागू लॉकडाउन के मद्देनजर केंद्र सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत रखने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों के छोटे उद्योगों को सशर्त प्रारंभ करने का आदेश जारी किया था। केंद्र सरकार ने रियायत संबंधी आदेश दूसरे लॉकडाउन अर्थात 14 अप्रैल को जारी किया था। उसमें ग्रामीण क्षेत्र के छोटे एवं कुटीर उद्योग के साथ साथ सड़क निर्माण एवं भवन निर्माण संबंधी कार्य प्रारंभ करने की छूट दी गई थी। किंतु गुमला जिला में उस रियायत का कोई असर भवन निर्माण विभाग के कार्यों पर नहीं पड़ा है।


गुमला जिले में भवन निर्माण विभाग के माध्यम से संचालित करीब एक सौ करोड़ से अधिक की एक दर्जन से अधिक योजनाओं पर कार्य बंद होने के कारण योजनाएं अधूरी पड़ी हुई है। सरकार द्वारा रियायत दिए जाने के बाद भी ठेकेदारों के पास पैसे की कमी और कार्य के लिए कुशल मजदूर नहीं मिलने के कारण डेढ़ महीना से कार्य पूर्णत: ठप है। इसमें अधिकांश शिक्षा क्षेत्र से जुड़े भवन निर्माण की योजनाएं शामिल है। झारखंड में कोरोना को लेकर लॉकडाउन थ्री प्रारंभ हो गया है। ऐसे में निकट भविष्य में भवन निर्माण की लंबित योजनाएं प्रारंभ होगी इसमें संशय बरकरार है।

भवन निर्माण में गुमला से बाहर के मजदूर करते हैं कार्य, लौटना मजबूरी
भवन निर्माण विभाग के सहायक अभियंता शिवशंकर प्रसाद ने बताया कि भवन निर्माण के विभिन्न कार्यों में गुमला से बाहर के कुशल मजदूर कार्य करते हैं। जैसे टाइल्स बिछाने के लिए ठेकेदार के द्वारा पलामू जिला के हुसैनाबाद के मजदूरो से कार्य कराया जा रहा था।वैसे ही अलग अलग योजनाओं में बाहर के मजदूरों से कार्य कराया जाता है। लॉकडाउन की स्थिति में मजदूरों के आवागमन पर रोक तथा काम करने के बाद भी मजदूरी भुगतान को लेकर संशय की स्थिति के कारण कार्य बंद है। करीब एक सौ करोड़ से अधिक की योजनाएं जिला में बंद है।

जिले की इन योजनाओं पर पड़ा लॉकडाउन का असर

जिले की इन योजनाओं पर पड़ा लॉकडाउन का असर गुमला जिले में भवन निर्माण से संबंधित गत वर्ष की कई योजनाएं लंबित है। उसमें सिसई में बीएन जालान डिग्री कॉलेज, गुमला के केओ कॉलेज में मल्टीपर्पस हॉल का निर्माण, गुमला में ही कोल्ड स्टोरेज का निर्माण , बिशुनपुर, घाघरा और बसिया प्रखंड में कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय का भवन निर्माण तथा बिशुनपुर में कल्याण विभाग के आवासीय विद्यालय का निर्माण संबंधी कार्य लॉक डाउन के कारण बंद है। सभी योजनाओं को भवन निर्माण विभाग द्वारा टेंडर के माध्यम से ठेकेदारों को कार्य आवंटित किया गया है।

राज्य सरकार ने भुगतान पर लगा रखी है रोक
एक तरफ केंद्र एवं राज्य सरकार ने लॉकडाउन के कुप्रभाव से बचने के लिए केंद्र के आदेश का पालन करते हुए भवन निर्माण के कार्य प्रारंभ करने की अनुमति तो प्रदान कर दी। किंतु दूसरी तरफ वेतन मद को छोड़कर शेष सभी प्रकार के विपत्रों पर रोक लगाने का रोक लगा दी है। राज्य में नई सरकार के गठन के साथ ही राज्य में वित्तीय संकट के मद्देनजर सभी प्रकार के बिलों के भुगतान पर रोक गत दिसंबर माह से ही लगा दी गई है। इस कारण ठेकेदार विवश होकर कार्य को बंद कर दिया है।



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Schemes of 100 crores in Gumla closed for one and a half months, laborers have no work