0

मेडिकल टीम ने रांची जिले के 10,218 घरों में स्क्रीनिंग की

रांची जिले के हॉटस्पॉट हिंदपीढ़ी सहित सभी माइक्रो कंटेनमेंट जोन में हाउस-टू-हाउस सर्वे का काम बुधवार को पूरा कर लिया गया। कुल 10,218 घरों में जाकर मेडिकल टीम ने स्कीनिंग की। इसमें 52,344 लोगों के हेल्थ की जांच की गई। हिंदपीढ़ी में 30 स्थानों पर सर्वे हुआ, जिसमें कुल 7175 घरों में मेडिकल टीम ने जाकर 38,643 लोगों की स्क्रीनिंग की। इसके अलावा शहर के 11 माइक्रो कंटेनमेंट जोन के 415 घरों में रहनेवाले 6673 लोगों की स्क्रीनिंग की गई। ग्रामीण क्षेत्रों में बेड़ो प्रखंड के मोरो, केशा व करंजी, कांके प्रखंड के अरसंडे व बुंडू प्रखंड के ताऊ में मेडिकल टीम ने सर्वे किया। इन क्षेत्रों में 1628 घरों के 7028 लोगों की स्क्रीनिंग की गई। जिनमें कोरोना के लक्षण मिले हैं, उन्हें चिह्नित किया गया है। उनकी स्वाब टेस्टिंग की जाएगी।

निगम ने मशीनें बढ़ाईं, मच्छर मारने के लिए दूसरी टीम होगी

रांची में कोरोना का फैलाव बढ़ने के बाद विभिन्न क्षेत्रों को सेनिटाइज किया जा रहा है। निगम हिंदपिढ़ी, कांटाटोली व बरियातू सहित अन्य क्षेत्रों को लगातार सेनिटाइजेशन करा रहा है। एटीएम और बैंक की शाखाओं को भी सेनिटाइज किया जा रहा है। बुधवार को वार्ड नंबर 26 के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित बैंक, एटीएम व पेट्रोल पंप सेनिटाइज किए गएा। नगर निगम ने सेनिटाइजेशन जे करनेे के लिए वाहनों की संख्या बढ़ा दी है, अब 25 वाहनों से काम लिया जा रहा है। इसके अलावा सभी वार्डों में 10-10 स्प्रे मशीनें भी दी गई हैं। इधर, नगर आयुक्त मनोज कुमार ने बताया कि बहुत जल्द सेनिटाइजेशन और मच्छर मारने के लिए अलग-अलग टीम काम करेगी। मानसून से पहले शहर के नाले-नालियों की सफाई के लिए भी युद्धस्तर पर काम शुरू किया जाएगा।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today




0

हमारी भी सुनो सरकार.... 50 हजार से अधिक लोग रांची से दूसरे जिला और राज्य जाने को तैयार, पर नहीं मिल रहा पास

रांची के कैलाशनगर की बुलबुल लॉकडाउन से पहले पारिवारिक समारोह में मायके आई थी। लॉकडाउन के बाद वह अपने एक वर्ष के बच्चे के साथ यहीं फंस गई। उसके पति सोनू ने उसे ले जाने के लिए हजारीबाग में पास के लिए आवेदन किया, लेकिन पास नहीं बना। अब बुलबुल बच्चों के साथ हजारीबाग जाने को बेकरार है, लेकिन नहीं जा सकती। थक कर उसने वार्ड 28 के पार्षद के यहां आवेदन दिया है। इसी तरह रांची के स्वर्ण जयंती नगर केे राजमिस्त्री विनय मुंडा बेरोजगार बैठे हुए हैं। तीन बच्चे और पत्नी के साथ वह लातेहार अपने घर जाना चाहते हैं, लेकिन न तो कोई व्यवस्था है और न अनुमति। उन्होंने भी पार्षद से घर भेजने की गुहार लगाई है। बुलबुल व विनय की तरह 50 हजार से अधिक लोग रांची में फंसे हैं। कोई झारखंड के दूसरे जिले में जाना चाहता है, तो कोई बिहार, यूपी और बंगाल। इसके लिए रोजाना सैकड़ों लोग डीसी कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन कहीं कोई रास्ता नहीं निकल रहा है।

5000 से अधिक लोगों ने दूसरे राज्यों के लिए मांगा पास

रांची के 5000 से अधिक लोगों ने दूसरे राज्यों में जाने के लिए पास मांगा है। इनमें बिहार, बंगाल, अोडिशा, छत्तीसगढ़, असम आदि के लोग हैं। जो आवेदन किए हैं, उनमें से अधिकतर के आवेदन रिजेक्ट हो गए। क्योंकि जब तक परिवहन सेवा शुरू नहीं होगी, तब तक दूसरे राज्य या जिले में जाना संभव नहीं है। इसलिए लोग पार्षद, बीडीओ-सीओ के कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं।

45 दिनों से अपने दो साल के बच्चे से मिलने को बेकरार है मां, नहीं मिला पास

पहले लॉकडाउन से ही एक मां अपने दो साल के बच्चे से मिलने को बेकरार है, लेकिन उसकी कोई मदद नहीं कर रहा। वह अपने बच्चे की तस्वीर को कभी चूमती है, तो कभी उससे लिपट कर रोती है। 45 दिन हो गए उसे अपने बच्चे को गोद में लेकर प्यार किए। आजाद बस्ती की नौशाबा परवीन का बेटा जोहान लॉकडाउन-1 से अपनी नानी के पास खंूटी में है। नौशाबा ने बताया कि 22 मार्च को उनकी मां जोहान को लेकर खूंटी चली गई। 23 मार्च से लॉकडाउन लग गया। वे लोग उसे नहीं ला पाए। नौशाबा ने बेटे के लौटने के लिए प्रशासन से अनुमति मांगी है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Listen to us, the government…. More than 50 thousand people are ready to go to another district and state from Ranchi, but are not getting close




0

4 जेलाें में शिफ्ट किए जाएंगे 200 कैदी

कारा महानिरीक्षक ने जेलाें में भीड़ कम करने के लिए चार जेलाें से 200 से अधिक कैदियों को स्थानांतरित करने का आदेश दिया है। इनमें सेंट्रल जेल पलामू से सेंट्रल जेल रांची में 60 कैदी, मंडल कारा चतरा से धनबाद में 69 कैदी, मंडल कारा साहिबगंज से उपकारा राजमहल में 26 कैदी अाैर मंडल कारा चाईबासा से उपकारा घाटशिला में 60 कैदियों को स्थानांतरित किया जा रहा है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today




0

कोई भी पास कंटेनमेंट और माइक्रो कंटेनमेंट जोन में वैध नहीं, हिंदपीढ़ी में नए मजिस्ट्रेट की हुई प्रतिनियुक्ति

कंटेनमेंट जोन और माइक्रो कंटेनमेंट जोन में कोई भी पास की वैधता नहीं होगी। कोई भी व्यक्ति न तोकंटेनमेंट जोन और माइक्रो कंटेनमेंट जोन में प्रवेश कर सकते हैं और न ही वह उस क्षेत्र से निकल सकते हैं। इस नियम के मद्देनजर रांची जिला के सभी कंटेनमेंट जोन और माइक्रो कंटेनमेंट जोन में कोई भी ऑनलाइन पास की वैधता नहीं है। वहीं,हिंदपीढ़ी में नए मजिस्ट्रेटों की प्रतिनियुक्ति कर दी गई है। नए प्रतिनियुक्त मजिस्ट्रेट ने कार्य भी शुरू कर दिया। मालूम हो कि इससे पूर्व यहां कार्यरत करीब डेढ़ सौ पुलिसकर्मियों और वॉलिंटियर्स को चेंज किया गया था। यह जानकारी डीसी राय महिमापत रे गुरुवार को दी।

डीसी ने समाहरणालय सभागार में आयोजित कोरोना रोकथाम के लिए गठित विभिन्न टास्क फोर्स तथा कोषांग की बैठक की। बैठक में जानकारी दी गई कि सीएम राशन के वितरण का कार्य शुरू किया जाएगा। आवश्यकतानुसार किट की पैकिंग कर जरूरतमंद लोगों को उपलब्ध कराया जाएगा।इस बैठक में एसएसपी , उपविकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, एडीएम लॉ एंड आर्डर, एडीएम नक्सल, अनुमंडल पदाधिकारी रांची, अनुमंडल पदाधिकारी बुंडू समेत वरीय एवं नोडल पदाधिकारी उपस्थित थे।


डीसी ने निर्देश दिया कि रांची जिला से बाहर भेजी जाने वाले व्यक्ति की सूची होगी तैयार
ऐसे व्यक्ति जिन्हें रांची जिला से बाहर के जिला या किसी अन्य राज्य में भेजा जाना है। उनकी सूची तैयार कर जिला भू अर्जन पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी आपसी समन्वय स्थापित करेंगे। उन लोगों को भेजने के लिए जिला परिवहन पदाधिकारी पर्याप्त संख्या में गाड़ियों की व्यवस्था करेंगे।

रेड जोन से आने वाले व्यक्ति केस्वाबिंग की होगी जांच
रांची जिला में प्रवेश करने वाले बाहरी जिला एवं अन्य राज्य से आने वाले लोगों के लिए कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य होगा। जो लोग रांची जिला मेंरेड जोन से आने वाले हैं, उनकी स्वाबिंग की जानी अनिवार्य होगी। स्वाबिंग के पश्चात उन्हें क्वारैंटाइन किया जाएगा। सभी प्रतिनियुक्त पदाधिकारी कोविड-19 के प्रोटोकॉल का अक्षरशः पालन करना सुनिश्चित करेंगे। अन्य प्रदेशों केरेड जोन से ट्रेन से आनेवाले सभी लोगों को क्वारैंटाइन किया जाएगा। ग्रीन जोन और ऑरेंज जोन से आने वाले लोगों को शेल्टर होम में रखा जाएगा। अपर समाहर्ता, जिला मत्स्य पदाधिकारी और जिला कल्याण पदाधिकारी इस कार्य के सफल संचालन का निर्वहन करेंगे।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
डीसी ने समाहरणालय सभागार में आयोजित कोरोना रोकथाम के लिए गठित विभिन्न टास्क फोर्स तथा कोषांग की बैठक की।




0

सात दिनों में राउरकेला से पैदल चल मांडर पहुंचे 10 मजदूरों को भेजा क्वारैंटाइन में 

ओडिसा के राउरकेला से सात दिनो में पैदल चल मांडर पहुंचे दस मजदूरों को मांडर पुलिस ने शेल्टर होम क्वारैंटाइन के लिए भेज दिया है। सभी लोग गढ़वा के कांडी थाना के रहने वाले हैं और राउरकेला मे दिहाड़ी मजदूरी करते थे।

लॉकडाउन के कारण खाने-पीने की परेशानी होने लगी तो पैदल ही घर के निकल पड़े थे। रास्ते में खाना बनाते और दिनभर पैदल चलते हुए सात दिनों में मांडर पहुंचे। मांडर थाना पुलिस की नजर इनपर पड़ी तो पूछताछ किया। इसके बाद थाना परिसर में ही सभी को खाना खिलाने के बाद मिशन स्थित शेल्टर होम भेज दिया।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
प्रतीकात्मक फोटो।




0

बभंडीह में कार्डधारियों को 40 की जगह 36 किलो मिल रहा है राशन

एक ओर जहां देश में फैली महामारी को लेकर केंद्र और राज्य सरकार जरूरतमंदों को राशन मुहैया कराने को लेकर लगातार अपनी सजगता दिखा रही है, वहीं दूसरी ओर बरवाडीह प्रखंड के बभंडीह ग्राम के जनवितरण प्रणाली केंद्र के संचालक सह पूर्व बीस सूत्री अध्यक्ष इकबाल सिंह द्वारा कार्डधारियों को कम राशन दिए जाने और दुर्व्यवहार करने का ताजा मामला सामने आया है। मामले को लेकर महामारी के लिए बनाई गई कांग्रेस पार्टी की निगरानी कमेटी के सदस्य और यूथ कांग्रेस के विधानसभा अध्यक्ष प्रिंस गुप्ता को मिली सूचना के बाद जनवितरण प्रणाली केंद्र में जांच के दौरान पाया गया कि कार्डधारकों को डीलर इकबाल सिंह द्वारा 40 किलो की जगह 36 किलो राशन दिया जा रहा है।

कार्डधारकों ने डीलर पर गलत व्यवहार करने का भी आरोप लगाया है। मामले को लेकर निगरानी समिति के सदस्य प्रिंस गुप्ता ने प्रखंड विकास पदाधिकारी से मामले की लिखित जांच रिपोर्ट देते हुए जल्द से जल्द डीलर पर कार्रवाई करने की मांग की है। प्रिंस गुप्ता ने कहा कि कई बार बीडीओ सह एमओ दिनेश कुमार के पास प्रखंड के कई डीलरों का मामला आया है, परंतु एमओ द्वारा मामला को लीपापोती कर दबा दिया जाता है। नतीजतन, डीलर का मनोबल बढ़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि मैं इसकी शिकायत झारखंड के वित्त एवं खाद्य आपूर्ति मंत्री रामेश्वर उरांव के पास करूंगा।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
In Bhabhandih, cardholders are getting 36 kg ration instead of 40




0

500 किमी चलकर कटक से टंडवा पहुंचे 18 मजदूर

देश मे लगे लॉक डाउन से उड़ीसा के कटक मे फंसे टंडवा तथा इसके आस पास गांवों के लगभग डेढ़ दर्जन प्रवासी मजदूर पैदल चलकर गुरुवार टंडवा पहुंचे। मजदूरों ने छः दिनों की कठिन यात्रा कर कटक से लगभग पांच सौ किलोमीटर की दूरी तय कर टंडवा पहुंचे। आए प्रवासी मजदूरों में टंडवा प्रखंड क्षेत्र के राहम के आठ, दुंदवा के दो, कुड़लौंगा के दो, गाड़ीलौंग के एक, बालुमाथ थाना क्षेत्र के मनातु गांव के दो तथा केरेडारी थाना क्षेत्र के दो मजदूर शामिल है।

टंडवा आए प्रवासी मजदूरों ने बताया कि हम सभी कटक मे एनसीसी कंपनी मे एक साथ काम करते थे। लॉक डाउन नहीं टूटने तथा कटक मे समस्याओं से घिरे प्रवासी मजदूरों ने पैदल यात्रा कर घर वापसी का निर्णय लेकर निकल पड़े। इस दौरान सभी मजदूरों ने खाने मुड़ही सतु तथा बिस्कुट का सहारा लेकर घर पहुंचे हैं। टंडवा पहुंचे प्रवासी मजदूरों पर पुलिस की नजर पड़ते ही सभी को टंडवा थाना ले गई। जिसकी सुचना कोविड19 नियंत्रण कक्ष के प्रभारी प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रताप टोप्पो को दी गई। इस बीच कटक से आए सभी मजदूरों को पुलिस ने सामुदायिक किचन मे भर पेट भोजन कराया। प्रशासन ने आए मजदूरों के स्क्रीनिंग व स्वास्थ जांच को लेकर अस्पताल ले जाया गया। जहां जांच के बाद सभी को चौदह दिनो तक होम क्वारेंटाइन मे रहने को कहा गया है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today




0

20 लोगों के सैंपल जांच के लिए भेजा गया

प्रवासी मजदूरो के घर वापसी की प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही कोरोना महामारी को लेकर संदिग्ध लोगों की सैंपलिंग की संख्या भी बढ़ने लगी है। गुरूवार को दूसरे राज्यों से आए कुल 20 लोगों को आइसोलेट करते हुए उनके सैंपल एकत्रित कर जांच के लिए भेजा गया। एसीएमओ डा. अभय भूषण ने बताया कि जिन 16 लोगों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे वह निगेटिव आया है। अब तक कुल 208 लोगों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए है, जिसमें 49 लोगों के रिपोर्ट पेंडिंग है। फिलहाल जिले में एक भी पॉजिटिव केस नहीं है। उन्होंने बताया कि बाहर से आए लोगों की विभिन्न सरकारी अस्पतालों में फ्लू कॉर्नर के माध्यम से स्क्रीनिंग की जा रही है, जिसके तहत 348 लोगों की जांच की गई। जिनमें सबसे अधिक जयनगर सीएचसी में 124 लोगों की जांच की गई। वहीं सतगावां में 68, मरकच्चो में 38, कोडरमा में 3 व सदर अस्पताल में 115 लोगों की गई स्क्रीनिंग शामिल है। जिले के सरकारी क्वारेंटाइन में वर्तमान में कुल 206 लोगों को रखा गया है। वहीं 1322 लोग होम क्वारेंटाइन में है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today




0

हाट-बाजारों मेें सोशल डिस्टेंसिंग के लिए 10 वॉलेंटियर तैनात करने का निर्देश

कोरोना वायरस से बचाव एवं रोकथाम को लेकर जिले में किये जा रहे उपाय को लेकर गुरुवार को बिरसा सांस्कृति भवन में उपायुक्त रमेश घोलप व पुलिस अधीक्षक डॉ एहतेशाम वकारिब ने संयुक्त रुप से बैठक की। उपायुक्त ने सभी बीडीओ, सीओ, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं थाना प्रभारियों को ब्लॉक मुख्यालय में चिन्हित किये गये बाजार, हॉट एवं अन्य स्थानों पर सतत निगरानी रखना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने बाजारों एवं हाटों में सब्जी और फल के दुकान लाने वालों के लिए क्रमवार स्थान चिन्हित करने का निर्देश दिये। सभी दुकानों के बीच 15 फीट की दूरी हो और सोशल डिस्टेसिंग का सख्ती से अनुपालन कराने की बात कही । उपायुक्त ने सभी बाजार, हाटों के लिए 10 वॉलेंटियर को चिन्हित करने और उन्हें बाजारों एवं हाटो में प्रतिनियुक्त करने का भी निर्देश दिया।

मौके पर उप विकास आयुक्त श्री आलोक त्रिवेदी, अपर समाहर्ता अनिल तिर्की, निदेशक डीआरडीए नेलसम एयोन बागे, कार्यपालक दण्डाधिकारी नरेश कुमार रजक, गोपनीय प्रभारी जयपाल सोय, जिला योजना पदाधिकारी, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार व अन्य लोग मौजूद थे। उपायुक्त ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि लॉक डाउन का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के साथ-साथ जुर्माना लगाये। उपायुक्त ने बाहरी राज्यों व अन्य जिलों से हमारे जिले में आ रहे लोगों पर सख्ती से निगरानी रखने का निर्देश दिया। उन्होंने सहिया, सेविका, पंचायत/ग्राम समन्वय समिति व मुखिया से लगातार संपर्क करते हुए बारह से आये हुए लोगों को सूची बनाने का निर्देश दिये। सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को बाहर से आये लोगों का स्क्रीनिंग करने का निर्देश दिये। साथ ही वैसे लोग, जिन्हे होम कोरोटाइन रहने की सलाह दी गयी है, उनपर सतत निगरानी रखें। उन्होंने निर्देश दिया अगर कोई भी होम क्वॉरोंटाइन का उल्लंघन करते हुए पाया जाए तो उनके खिलाफ आपदा अधिनियम के तहत कार्रवाई करना सुनिश्चित करें।


बिना पास के गाड़ियों को जिले में प्रवेश नहीं : एसपी

पुलिस अधीक्षक डॉ. एहतेशाम वकारिब ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जिले के अंदर बनाये गये चेकपोस्ट पर सतत निगरानी रखेंगे। बाहर से आ रहे लोगों की सूची बनाना सुनिश्चित करेंगे। बिना पास के गाड़ियों को जिले में प्रवेश नहीं दिया जायेगा। इसकी निगरानी रखना सुनिश्चित करने का निर्देश दिये। साथ ही बिना मास्क लगा कर अनावश्यक रुप से घूम रहे लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Instructions to deploy 10 volunteers for social distancing in hot markets




0

आज 12 बसों में मप्र, छत्तीसगढ़ ओडिशा से 300 मजदूर आएंगे

लॉक डाउन के दौरान दूसरे व अन्य राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूरो की घर वापसी को लेकर जिला प्रशासन द्वारा सरकार के निर्देशानुसार कई राज्यों में बस भेज कर उन्हें वापस लाए जाने की व्यवस्था की गई है। इसे लेकर उपायुक्त रमेश घोलप ने गुरूवार को समाहरणालय परिसर से बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया । बसो में उसकी क्षमता के अनुसार मात्र 50 प्रतिशत सीटें की इस्तेमाल किये जाने के निर्देश दिए गए हैं।


यात्रियों को बीच सोशल डिस्टेसिंग का अनुपालन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उपायुक्त द्वारा बताया गया कि प्रथम चरण के लिए 6 राज्यों को चयनित किया गया है, जिसमें से आज मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और उड़ीसा के लिए बसों को रवाना किया गया। जहां से लगभग 300 प्रवासी मजदूरों को वापस लाया जाएंगा। उन्होंने बताया कि प्रवासी मजदूरो के घर वापसी को लेकर जिले में छह सेल बनाये गये है। इसमें प्रतिनियुक्त किये गये नोडल पदाधिकारी को दूसरे राज्यों में फंसे मजदूरों को वापस लाने के लिये वहां के प्रशासन से बात करने के निर्देश दिए गए है।
प्रशासन लगातार उनसे संपर्क बनाने के प्रयास में लगी है। उपायुक्त ने बताया कि जिले के अंदर भी क्वॉरेंटाइन सहित अन्य जगहों पर फंसे लोंगों को उनके घर तक पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है। फिलहाल जिले में बनाये गये क्वारेंटाइन में बंगाल के 91 व नेपाल के 9 लाेग रह रहे है। मौके पर पुलिस अधीक्षक डॉ. एहतेशाम वकारिब, उप विकास आयुक्त आलोक त्रिवेदी, अपर समाहर्ता अनिल तिर्की, निदेशक डीआरडीए नेलसम एयोन बागे, कार्यपालक दण्डाधिकारी नरेश कुमार रजक, गोपनीय प्रभारी जयपाल सोय, जिला योजना पदाधिकारी, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार व अन्य लोग मौजूद थे।


सेनेटाइजर, मास्क, मेडिकल किट की व्यवस्था
बाहरी राज्यों में फंसे कोडरमा के व्यक्तियों को लाने हेतु जा रही बसों में सेनेटाइजर, प्रचुर मात्रा में मास्क व खाद्यान्न सामग्री व मेडिकल किट की व्यवस्था है। बस में सभी लोगों को मास्क लगाना अनिवार्य रहेगा।
बसों में मजिस्ट्रेट व पुलिस बल की तैनाती
बसों में नोडल पदाधिकारी व पुलिस बल की तैनाती रहेगी। इन्हें निर्देशित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि समय-समय पर बसों की रुट के बारे में जानकारी देना सुनिश्चित करेंगे। साथ ही सभी यात्रियों को आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करवाना सुनिश्चित करेंगे।


जिलास्तरीय नोडल पदाधिकारी की नियुक्ति
कोडरमा जिले के लोगों को दूसरे राज्य से लाने हेतु जिले से एक-एक नोडल पदाधिकारी की नियुक्ति की गई है। जिसमें उत्तर प्रदेश हेतु निदेशक डीआरडीए, पश्चिम बंगाल हेतु अपर समाहर्ता, छत्तीसगढ़ हेतु कार्यपालक दण्डाधिकारी, मध्य प्रदेश हेतु जिला योजना पदाधिकारी (डीपीओ), बिहार के लिए श्रम अधीक्षक और उड़ीसा राज्य के लिए अनुमंडल पदाधिकारी को नोडल पदाधिकारी के रुप में नियुक्त किया गया है। उपायुक्त महोदय ने सभी नोडल पदाधिकारी को निर्देश दिया कि बाहरी राज्यों से लाये जा रहे प्रवासी मजदूर, छात्र व अन्य लोगो का डाटाबेस तैयार करना करना सुनिश्चित करेंगे।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Today, 300 workers will come from Madhya Pradesh, Chhattisgarh, Odisha in 12 buses




0

श्रीश्री आनंदमूर्ति का 100वां जन्मोत्सव मना

आनंद मार्ग के प्रवर्तक श्रीश्री आनंदमूर्ति का 100वां जन्मोत्सव गुरुवार को पूरे विश्व में मनाया गया। आनंद मार्ग के अनुयायी जिसे आनंद मार्गी कहा जाता है। 180 देशों में लाखों की संख्या में लाेगाें ने धूमधाम से आनंदमूर्ति का जन्मोत्सव मनाया। इसी क्रम में हजारीबाग जिले के आनंद मार्गी इस वैश्विक महामारी को देखते हुए सरकार के दिशा निर्देश का पालन करते हुए अपने अपने घरों में मनाया। सुबह 04:45 गुरु सकास, 05 से 05:30 पांच्जन्य, 06:07 बजे जन्मोत्सव के बाद प्रभात संगीत, वाणी पाठ के साथ किया।

हजारीबाग के सभी मार्गी हज़ारों की संख्या में अपने घरों में हज़ारीबाग, इचाक, नगवा, पदमा, हेदलाग, जलमा, नरसिंह स्थान, अंबाडीह में जन्मोत्सव मनाया। इन्होंने विश्व के सर्वात्मक कल्याण के लिए राजाधिराज योग, प्रगतिशील उपयोगी तत्व (प्रउत), 5018 प्रभात संगीत, आनंद मार्ग यूनिवर्सल रिलीफ टीम आदि दिए। यह आनंद मार्ग यूनिवर्सल रिलीफ टीम इस वैश्विक महामारी मे अपने स्वयंसेवक के साथ पूरे विश्व में अपना योगदान सुनिश्चित कर रहा है। इस अवसर पर सुरेश अग्रवाल, भीष्म गुप्ता, मनोज गुप्ता, रीता देवी, अनंदिता अग्रवाल, राजेंद्र राणा, दिलीप ठाकुर, जगदेव गुप्ता आदि मौजूद थे।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Celebrating 100th Birth Anniversary of Shri Shri Anandamurthy




0

केरेडारी में 103 वर्षीय समाजसेवी का निधन, बेटाें ने श्मशान पर लगाया पाैधा

केरेडारी के समाजसेवी सह आजसू पार्टी के प्रखंड अध्यक्ष वैद्यनाथ महतो के पिता हरिदयाल महतो 103 वर्ष की बुधवार को निधन हाे गया। वे अपने पीछे दो पुत्र तीन पुत्री, पत्नी व भरापूरा परिवार छोड़ गए। समाज सेवा करना उनकी नियति था। उनका अंतिम संस्कार गुरुवार को केरेडारी डैम किनारे स्थित श्मशान घाट में किया गया। मुखाग्नि बड़े पुत्र वैद्यनाथ महतो ने दी । इस दौरान उन्होंने यादगार के लिए व पर्यावरण सुरक्षा के ख्याल से श्मशान घाट में ही एक आम का पौधा लगाया । अंतिम यात्रा में सांसद प्रतिनिधि बालेश्वर कुमार, विधायक प्रतिनिधि सुरेश साव, मुखिया तापेश्वर साहू, रूपलाल महतो (पुत्र) समेत महेंद्र साव, पंकज साहा, तीरथ साव, रामकृष्ण राणा, गेंदों वर्मा, बसन्त कुशवाहा, आनन्द पासवान, महाबीर महतो, सूरज महतो, नारायण महतो, चुरामन महतो आदि कई लोग शामिल हुए।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today




0

लॉकडाउन के 45 दिनों में 50 यूनिट रक्तदान

लोहरदगा के कुछ युवा आज रक्तदान के क्षेत्र में मिसाल कायम कर रहे है। इमरजेंसी केयर नामक वॉट्सअप ग्रुप के युवा रक्तदान के लिए हमेशा तैयार रहते है। हालांकि इसके लिए ग्रुप संचालकों को समय समय पर सदस्यों को रक्तदान कैम्प लगाकर और अन्य माध्यमों से मोटिवेशन करना पड़ता है। कोरोना महामारी के इस संकट काल में भी ग्रुप के सदस्य ग्रुप संचालक देशराज गोयल, विक्रम चौहान और सजल कुमार के नेतृत्व में अपना अमूल्य सहयोग दे रहे है। लॉकडाउन के इन 45 दिनों में ग्रुप के माध्यम से गुरुवार तक 50 यूनिट (एक यूनिट 350 एमएल) से ज्यादा रक्तदान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए किया गया। उक्त जरूरतमंद सिर्फ लोहरदगा के ही नहीं थे बल्कि उनमें बिहार, धनबाद, लातेहार, डाल्टेनगंज, रांची के भी लोग शामिल है।

रक्तदान के क्षेत्र में तत्परता ने दिलाया राष्ट्रीय सम्मान
ग्रुप के संचालक देशराज गोयल व सजल कुमार को रक्तदान के क्षेत्र में तत्पर रहने को लेकर फरवरी माह 2020 में राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान भी मिल चुका है। उड़ीसा के पुरी धाम में समर्पण रक्तदाता संस्था के द्वारा सम्मान समारोह में इन्हें सम्मान दिया गया है। देशराज ने 19 वर्षों में 60 बार रक्तदान कर जिले सहित राज्यभर में युवाओं के लिए प्रेरणादायक भी बने है।

2015 से अबतक 6 हज़ार से भी ज्यादा लोगों को मिल चुकी है मदद
ग्रुप संचालक देशराज ने बताया कि 2015 में यह वॉट्सअप ग्रुप बनाया गया था। जो अबतक लोहरदगा को छोड़ अन्य राज्यों में भी अपनी सेवा ग्रुप के टीम के माध्यम से दे रहा है। बताया कि अबतक ग्रुप के माध्यम से पांच वर्षों में 6 हज़ार से ज्यादा लोगों को रक्तदान के क्षेत्र में मदद किया गया है। जिसमें झारखण्ड के विभिन्न जिलों के अलावा, उड़ीसा, यूपी, सिक्किम, महाराष्ट्र, बिहार के जरूरतमंद लोग शामिल रहे है।


इस संकट के दौर में ग्रुप के इस जज्बे से प्रेरित होकर रेडक्रॉस सोसाइटी भी इसमें सहयोग की भूमिका निभा रहा है। इसके अलावा भी जीवन नामक वाट्सअप ग्रुप का संचालन उक्त ग्रुप से प्रेरित होकर किया जा रहा है। जिसके सदस्यों द्वारा भी रक्तदान के क्षेत्र में सहयोग दिया जा रहा है। ग्रुप संचालकों सहित अन्य बुद्धिजीवियाें के सहयोग से लॉकडाउन खुलने के पश्चात नीरज कुमार इमरजेंसी केयर ब्लड को ऑर्डिनेटर राज्य स्तरीय सम्मान समारोह का भी आयोजन किए जाने को लेकर तैयारी है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today




0

कार्डधारियों के बीच प्रति व्यक्ति 10 किग्रा चावल व 1 किग्रा दाल का वितरण

खाद्य,आपूर्ति, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग, झारखंड सरकार के निर्देश पर जिला के सभी 86,229 राशन कार्डधारियों के बीच प्रति व्यक्ति निःशुल्क 10 किग्रा चावल और प्रति कार्ड 1 किग्रा निःशुल्क दाल का वितरण गुरुवार से शुरू हुआ। वर्तमान में कोरोना वायरस (कोविड-19) को लेकर पूरे राज्य में लॉकडाउन है। इस लोगों को खाद्यान्न की परेशानी नहीं हो, इसके लिए यह निर्णय लिया गया।


जिला आपूर्ति पदाधिकारी के अनुसार बुधवार तक नियमित राशन मई माह का 98.50 प्रतिशत वितरण कर लिया गया है। सूखा राशन के अंतर्गत जरूरतमंद लोगों को 2 किग्रा चूड़ा, आधा किलो गुड़ और आधा किग्रा चना उपलब्ध कराया जा रहा है। नाॅन-पीडीएस कार्डधारकों को अब तक कुल 7747 परिवारों को वितरण किया जा चुका है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today




0

प्रखंड कर्मियों ने कोविड-19 सहायता कोष में 50 हजार 300 रु. जमा कराया

सिसई प्रखंड कार्यालय अंतर्गत कार्यरत सरकारी कर्मियों द्वारा लॉकडाउन के दौरान जरूरतमंदों की सहायता हेतू उपायुक्त कोविड-19 सहायता कोष में कुल 50 हजार 300 रुपए की सहयोग राशि जमा कराई गई। इस बावत प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रवीण कुमार ने कहा वैश्विक महामारी कोरोना वायरस (कोविड-19) के रोकथाम व बचाव को लेकर देश में लॉकडाउन थ्री जारी है। महामारी संक्रमण से पुरा विश्व संक्रमण का दंश झेल रहा है। विश्व के वैज्ञानिक बिमारी के इलाज खोजने मे दिन-रात प्रयासरत है। बावजूद इसके वैश्विक महामारी का सार्थक इलाज अब तक नहीं मिल सका है।
लाॅकडाउन जारी रहने के कारण गरीब, असहाय, दिव्यांग, दैनिक मजदुर, छोटे-मोटे दुकानदार, रिक्शा चालक, मेहनत-मजदूरी कर परिवार चलाने वाले सभी जरूरतमंद लोगों के कठिनाइयों को दूर करने के लिए सभी को मिल-जुलकर सहयोग करने की जरूरत है।

लोगों को कम से कम कठिनाइयों का सामना करना पड़े और जरूरतमंदों तक राहत पहुंचाने के लिए सरकार एवं प्रशासन दिन-रात प्रयासरत है। इसी को लेकर प्रखंड कार्यालय में कार्यरत 59 कर्मियों द्वारा स्वेच्छा पूर्वक उपायुक्त गुमला कोविड-19 सहायता कोष में 50 हजार 300 रुपए जमा कराई गई है। जिससे की जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाई जा सके। उन्होंने प्रखंड के सभी समर्थवान नागरिकों से अपील किया की इस वैश्विक महामारी से रोकथाम व बचाव के लिए जाति धर्म, भेदभाव से ऊपर उठकर मानवता का परिचय देते हुए स्वेच्छा से जितना हो सके अपना योगदान करें। साथ ही आम जनमानस से भी अपील किया कि समय समय पर सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। सभी के सामूहिक प्रयास से हम इस महामारी को हरा पाने में अवश्य सफल होंगे।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today




0

पैदल घाघरा पहुंचे डालटनगंज के 10 मजदूराें काे क्वारेंटाइन सेंटर में भोजन कराया गया

गुमला से पैदल चलकर घाघरा पहुंचे डालटनगंज के दस मजदूर को प्रखण्ड प्रशासन ने हाई स्कूल घाघरा में बने क्वारेंटाइन सेंटर में भोजन कराने के बाद उन्हें अपने घर भेज दिया। मजदूरों ने बताया कि सरकार द्वारा चलाई जा रही राहत बस में गिरिडीह से उनके घर डालटनगंज के लिए बैठाया गया था। लेकिन बस गुमला में देर रात लाकर छोड़ दिया। जहां सुरक्षाकर्मियों के सहयोग से सभी को सदर हॉस्पिटल गुमला में स्क्रीनिंग किया गया। उनके गांव कोई बस नहीं रहने की बात सुनकर वे लोग पैदल ही अपने गांव डालटनगंज के लिये निकल पड़े।


करीब 25 किलोमीटर दूरी पैदल घाघरा आने के बाद थकान से रुक गए। मजदूरों ने बीडीओ विष्णुदेव कच्छप को अपनी व्यथा से अवगत कराया। जिसपर बीडीओ ने जिला मुख्यालय गुमला में सूचना देते हुए सभी 10 मजदूरों को प्लस टू हाई स्कूल में बने क्वारेंटाइन सेंटर में भेज दिया। साथ ही उन्हें भोजन कराने के बाद डालटनगंज भेज दिया गया।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today




0

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा- अधिक संख्या में ट्रेनों का परिचालन हो, इसका प्रयास हो रहा 

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार लॉकडाउन में फंसे प्रवासी झारखंडवासियों को आश्वस्त करना चाहती है कि कुछ समय लगेगा लेकिन सभी को उनके घर अवश्य वापस लाया जाएगा। आपदा में सभी ने धीरज रखा, थोड़ा और धैर्य रखें। झारखंड सरकार अन्य राज्य की सरकारों से बात कर अधिक संख्या में ट्रेनों के परिचालन के लिए प्रयासरत है।

बताते चलें कि शु्क्रवार को भी दो ट्रेनें झारखंड पहुंची। एक ट्रेन लिंगमपल्ली से धनबाद तो दूसरी वेल्लौर से हटिया पहुंची। धनबाद पहुंचने वाली ट्रेन में श्रमिक व हटिया आने वाली ट्रेन में वैसे लोग शामिल थे, जो विभिन्न बीमारियों का इलाज कराने वेल्लौर गए थे पर लॉकडाउन की वजह से वहां फंस गए थे। झारखंड पहुंचने पर सभी लोगों ने सरकारी को धन्यवाद दिया।

रेल हादसे की खबर व्यथित करने वाली
इधर, मुख्यमंत्री ने औरंगाबाद रेल हादसे पर दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा घटना मन को व्यथित करने वाली है। परमात्मा दिवंगत लोगों की आत्मा को शांति प्रदान करें। यह दुःखद है। कोरोना और लॉकडाउन का सबसे बुरा असर गरीबों पर पड़ा है, जो दिनों दिन इसे झेलने को मजबूर हो रहें हैं।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन। (फाइल)




0

लॉकडाउन में छूट का निर्णय समय, परिस्थिति और संक्रमण पर निर्भर करेगा: हेमंत सोरेन 

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को एक बार फिर स्पष्ट किया कि झारखंड में लॉकडाउन में छूट का निर्णय समय, परिस्थिति और संक्रमण की स्थिति पर निर्भर करेगा। समय अने पर इसका आकलन करने के बाद ही सरकार इस बारे में निर्णय करेगी कि लॉकडाउन किन क्षेत्रों में किस रूप में कब तक चलेगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उन्होंने पहले भी कहा है कि प्रवासियों के आने के बाद चुनौतियां बढ़ेंगी। संक्रमितों की संख्या में भी थोड़ी वृद्धि हुई है। शासन-प्रशासन का पूरे मामले पर सजग है। आनेवाले प्रवासियों को उनके गंतव्य तक सुरक्षित पहुंचा देने के बाद ही सरकार सिद्दत के साथ सारे विषयों पर निर्णय लेगी। मुख्यमंत्री शुक्रवार को प्रोजेक्ट भवन से निकलते समय मीडिया से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने बताया कि 12 मई तक गुजरात, पंजाब, आध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पंजाब सहित कई अन्य राज्यों से लोग ट्रेन से आएंगे।

प्रवासियों के आने का सिलसिला कब तक जारी रहेगा के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल आने का ही सवाल नहीं है। झारखंड में फंसे लोगों को उनके गृह राज्य भेजने की भी व्यवस्था करनी है। अब तक 5.5 लाख लोगों ने आने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया है। झारखंड के नोडल अधिकारियों को यह सूची उपलब्ध करा दी गई है। अब वह दूसरे राज्यों के नोडल अधिकारियों के साथ संपर्क स्थापित कर उन्हें लाने की व्यवस्था कराएंगे। कब तक लाया जाएगा के सवाल पर सीएम ने कहा कि राज्य सरकार इस मुद्दे पर योजनावद्ध तरीके से काम कर रही है।

केंद्र सरकार के दिशा निर्देश के अनुसार जिस ट्रेन में 5000 लोग आसकते थे, 1000-1200 ही आरहे हैं। इसलिए इसमें थोड़ा वक्त लग रहा है। वह झारखंड के प्रवासियों से आग्रह करेंगे कि थोड़ा और धैर्य रखें, उन्हें सरकार घर तक सुरक्षित पहुंचाएगी। उन्होंने कहा कि लोग उतावलापन में पैदल चले आरहे हैं। पटरियों पर चल रहे हैं। इसमें कई तरह की घटनाएं भी हो गई हैं जो मर्माहत करती है। इसलिए वह उनसे जहां हैं, वहीं रहने का आग्रह भी कर रहे हैं।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन। (फाइल)




0

चेतमा व कुंदा से 5.50 लाख कीमत की 28 किलो अफीम बरामद, दो गिरफ्तार

सदर थाना पुलिस ने थाना क्षेत्र के चेतमा गांव से 20 किलो 500 ग्राम अफीम व 20 किलो डोडा के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार तस्कर कैलाश गंझू चेतमा गांव का ही रहने वाला है। कुंदा से 8 किलो अफीम के साथ एक व्यक्ति को पुलिस ने पकड़ा है। गीले अफीम की बाजार की कीमत साढ़े पांच लाख रुपए है। शुक्रवार को सदर थाना में आयोजित प्रेस वार्ता में एसडीपीओ वरुण रजक ने बताया कि एसपी ऋषभ कुमार झा को सूचना प्राप्त हुई थी कि थाना क्षेत्र के चेतमा में रामलाल गंझू व कैलाश गंझू के घर में काफी मात्रा में अफीम व डोडा रखा है। सूचना पर एक टीम का गठन किया गया। गठित टीम में सदर थाना प्रभारी प्रमोद कुमार पांडेय, पुअनि अनिल कुमार, प्रकाश सेठ, विद्यानंद शर्मा, हवलदार पप्पू कुमार यादव, रामदेव यादव, आरक्षी श्याम सुंदर पासवान व अजय कुमार को शामिल किया गया। टीम में शामिल अधिकारी व जवान शुक्रवार की सुबह चेतमा गांव पहुंचे और कैलाश गंझू व रामलाल गंझू के घर में छापेमारी किया।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today




0

लॉकडाउन उल्लंघन में 208 व्यक्तियों पर प्राथमिकी

लॉकडाउन का उल्लंघन करने के आरोप में पलामू जिले के तीनों अनुमंडल मेदिनीनगर, छतरपुर व हुसैनाबाद में अबतक 208 व्यक्तियों पर प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है। वहीं 431 वाहनों को जब्त करने एवं 1448 व्यक्तियों के खिलाफ शो-कॉज नोटिस जारी करने संबंधी कार्रवाई की गयी है। पलामू जिला प्रशासन की ओर से आईपीसी की धारा-188 के तहत कार्रवाई की गयी है। अपर समाहर्ता-सह-लॉक डाउन क्रियान्वयन कोषांग के वरीय पदाधिकारी प्रदीप कुमार प्रसाद ने बताया कि जिले के तीनों अनुमंडल क्षेत्र मेदिनीनगर सदर, छतरपुर एवं हुसैनाबाद अनुमंडल क्षेत्र में लॉक डाउन का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ आईपीसी की धारा-188 के तहत निरंतर कार्रवाई जारी है। कोटपा एक्ट के तहत पलामू में अबतक कार्रवाई कार्रवाई करते हुए 50 हजार रुपए का जुर्माना वसूला जा चुका है। उल्लेखनीय है कि सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पादन अधिनियम (कोटपा)-2003 की धरा-4 के तहत अनुसार सभी सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान प्रतिबंधित है। इसका उल्लंघन करने पर 200 रुपए तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान है। कोरोना वायरस से बचाव एवं जन स्वास्थ्य की रक्षा के लिए पलामू जिले के सभी सरकारी/गैर सरकारी कार्यालय एवं परिसर, सभी स्वास्थ्य संस्थान एवं परिसर, सभी शैक्षणिक संस्थान एवं परिसर तथा सभी थाना एवं परिसर में किसी भी प्रकार का तम्बाकू पदार्थ का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today




0

घोषणा के बाद भी नहीं मिल रहा है 10 किलो अनाज : भुवनेश्वर

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव पूर्व सांसद हजारीबाग ने प्रेस बयान जारी कर कहा कि सरकार की घोषणाओं के बावजूद जरूरतमंद लोगों को दस किलो अनाज नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि 10 अप्रैल को रांची में सर्वदलीय बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं खाद्य आपूर्ति मंत्री रामेश्वर उरांव ने सार्वजनिक तौर पर कहा था कि सभी जरूरतमंद लोगों को प्रति व्यक्ति दस किलो अनाज दिया जाएगा। उन्होंने कहा था कि जिसका कार्ड है उन्हें भी राशन , जिसका कार्ड अप्लाई है उन्हें भी राशन, जिसके पास कोई कार्ड नहीं है और जरूरतमंद हैं उन्हें भी राशन दिया जाएगा। आज तालाबंदी की स्थिति में किसानों, मजदूरों गरीबों के लिए आफत सा हो गया है और सरकार की जो सरकारी घोषणाएं हैं वह जमीन पर भी नहीं उतर रहा है। इसीलिए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी राज्य सरकार से जिला प्रशासन से मांग करती है की मुख्यमंत्री एवं खाद्य आपूर्ति मंत्री के सर्वदलीय बैठक में घोषित योजनाओं को जल्द से जल्द पूरा करें । उन्होंने मुख्यमंत्री मुख्य सचिव को पत्र लिखकर घोषित योजनाओं को पूरा करने की मांग की है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today




0

कटकमदाग के सभी बूथों पर बंटेगा 100-100 मास्क

हजारीबाग सांसद सह पूर्व नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री भारत सरकार जयंत सिन्हा के सौजन्य से पसई पंचायत भवन में कटकमदाग प्रखण्ड के सभी बूथों में सौ-सौ मास्क वितरण किया गया। मास्क वितरण विधान सभा सांसद प्रतिनिधि अशोक यादव की उपस्थिति में किया गया। सभी पंचायत प्रभारियों को मास्क उपलब्ध कराया गया। इस मौके पर मण्डल अध्यक्ष कवीन्द्र यादव, बीस सूत्री अध्यक्ष इन्द्र नारायण कुशवाहा, प्रखंड प्रमुख अशोक यादव, सांसद प्रतिनिधि अजय कुमार राणा, पूर्व मुखिया सह मंडल उपाध्यक्ष हुलास प्रसाद कुशवाहा, प्रखंड उपाध्यक्ष अरूण कुमार राणा, सतपाल सिंह, प्रखंड महामंत्री नवराज राम, युवा मोर्चा अध्यक्ष वीरेंद्र साव, लखन गोप, चेतलाल गोप, मनोज कुमार सिन्हा, धीरज कुमार राणा, जगन्नाथ प्रजापति, योगेन्द्र कुमार, अवध यादव के अलावे अन्य प्रमुख कार्यकर्ता उपस्थित थे।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
100-100 masks will be distributed at all booths in Katkamdag




0

झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कर्मियों को भी 50 लाख रुपए बीमा का लाभ

झारखंड राज्य के स्वास्थ्य सचिव नितिन मदन कुलकर्णी ने उपायुक्त व सिविल सर्जन को पत्र लिखकर प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज के अंतर्गत स्वास्थ्य कर्मियों को कोविड 19 के तहत 50 लाख रुपए का बीमा कवर झारखंड में भी किए जाने का उल्लेख किया है। डीसी और सीएस को भेजे पत्र में स्वास्थ्य सचिव ने कहा है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक ने कोविड 19 मरीजों की सेवा प्रदाता आउटसोर्स कर्मियों को भी 50 लाख रुपए बीमा कवर किया जाएगा। इसमें विश्व स्वास्थ्य संगठन के कर्मियों को आच्छादित किया जाएगा।

स्वास्थ्य सेवा प्रदाता भी कोविड 19 के मरीज की चिकित्सा सेवा में विभिन्न स्तरों पर सहयोग कर रहे हैं। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज का लाभ स्वास्थ्य सेवाओं में लगे उन सभी कर्मियों को भी बीमा कवर का लाभ मिलेगा जिनके बारे में इस पत्र में उल्लेख नहीं है। कोविड 19 के मरीज की चिकित्सा के क्रम में कर्मियों की मृत्यु होने पर उसका दावा समर्पित किया जाएगा। डीसी और सीएस को जिला में इस बारे में आवश्यक कार्रवाई करते हुए व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा गया है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today




0

पंजाब में बंधक बने गुमला, लोहरदगा लातेहार और सिमडेगा के 100 मजदूर

पंजाब राज्य के पठानकोट जिला स्थित सपुरकानडी थाना क्षेत्र के सोमा कंपनी में राज्य के कई मजदूरों को लॉकडाउन के बीच भी ठेकेदारों द्वारा बंधक बनाए रखने का मामला प्रकाश में आया है। इनमें 100 से अधिक मजदूर गुमला, लोहरदगा व लातेहार व सिमडेगा जिले के रहने वाले हैं। इन मजदूरों में 14 मजदूर जो गुमला जिले के घाघरा, पालकोट व गुमला प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गांवों के रहने वाले हैं। सभी ने दैनिक भास्कर को फोन कर खुद को बंधक बनाये जाने की जानकारी देते हुए राज्य सरकार व जिला प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। बंधक बने घाघरा प्रखंड के कुहीपाठ पंचायत के बरवा टोली गांव निवासी हरिश्चंद्र उरांव, सुशील उरांव, बंदी उरांव, बलराम उरांव, दुर्गा उरांव, सोहराई उरांव, दीपक उरांव, संतोष गोप, गोविंदा उरांव, धनेश्वर भगत, बहुरा उरांव, लातेहार निवासी राजू मुंडा, राजेश्वर उरांव, लोहरदगा निवासी चमरा उरांव ने कहा कि वे सभी इसी वर्ष 12 जनवरी को काम के लिए पंजाब पहुंचे थे।

कोहीपाठ का सोहराई उरांव नामक दलाल सभी को पंजाब लेकर पहुंचा था। साथ ही सोमा कंपनी के अंदर काम करने वाले ठेकेदार कमल सिंह के पास सरिया निर्माण के काम में लगा दिया। चार माह बीतने के बाद भी अभी तक हाथ मे उन्हें माह का 12 हजार वेतन नहीं दिया गया है। हालांकि मजदूरों को लॉकडाउन के बीच मे भी खाने-पीने व रहने की दिक्कत नहीं है। उन्हें जून माह में होने वाली बरसात के दस्तक के बाद घर के खेतों में खेती करने की चिंता सता रही है। इसी चिंता के कारण वे अपने घर लौटना चाहते हैं। मगर ठेकेदार उन्हें बंधक बना कर अपना काम करवाता रहना चाहता है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
100 workers of Gumla, Lohardaga Latehar and Simdega held hostage in Punjab




0

मारपीट करने के आरोप में 10 के खिलाफ प्राथमिकी

थाना क्षेत्र के कुड़लौंगा गांव मे जमीन विवाद को लेकर छेदी साव ने लॉक डाउन तोड़ने व मारपीट करने का मामला दर्ज कराया है। जिसमे गांव के ही लखन साव, बलदेव साव, लक्ष्मण साव, चमन साव, राजदीप साव, उमेश साव, खेमलाल साव, गणेश साव, दशरथ साव तथा गुरुदयाल साव का नाम शामिल है। पुलिस ने टंडवा थाना कांड संख्या 63/20 के तहत मामला दर्ज कर जांच मे जुटी है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today




0

60 वर्षीय बुजुर्ग की पत्थर से कूचकर निर्मम हत्या, सरहुल मनाने गया था गांव

बिशुनपुर प्रखंड की अति सुदूरवर्ती गांव जालीम में 60 वर्षीय आदिम जनजाति बुजुर्ग टीमना असुर की बीती रात अज्ञात अपराधियों ने पत्थर से कूचकर निर्मम हत्या कर दी। शनिवार सुबह शव मिलने पर इसकी जानकारी पुलिस को दी गई। हत्या की वजहों के संबंध में फिलहाल कोई जानकारी नहीं मिल पाई है।

शुक्रवार कोजालिम गांव में सरहुल पर्व था। इसको लेकर टीमना असुर अपने घर से निकल कर गांव में सरहुल मनाने गया था। इसके बाद वो लौट कर नहीं आया। परिजनों को यह लगा कि वह गांव में ही किसी के घर में सो गया होगा।

इधर, शनिवार की सुबह पता चला कि हाडुप व जालिम के तीन सिमान पर टीमना का शव पड़ा हुआ है। इसके बाद आनन-फानन में परिजनों नेबिशुनपुर थाने पहुंचकर अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई।

महिला का अधजला शव बरामद

इधर,सिसई थाना क्षेत्र के सोंगरा गांव में शनिवार को कोयल नदी के किनारे जंगल में अज्ञात महिला का अधजला शव मिला। ग्रामीणों ने इसकी सूचना सिसई पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिसजांच पड़ताल में जुट गई है। उन्होंने शव के शिनाख्त की कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिली। थाना प्रभारी एस. एन. मंडल ने बताया की घटनास्थल सिसई और घाघरा के बोर्डर पर नदी के किनारे घने जंगल के बीच की है। अपराधियों द्वारा साक्ष्य छिपाने के मकसद से महिला का चेहरा कुचल कर जलाने का प्रयास किया गया है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
शव को पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया है।




0

Bob Dylan announces first album of new music since 2012

Bob Dylan is releasing his first album of new music in eight years following a spurt of creativity from the man regarded as one of the world's most influential songwriters.




0

Russia records more than 10,000 new coronavirus cases in past day

Russian authorities said on Saturday they had recorded 10,817 new cases of the coronavirus in the last day, pushing the nationwide tally to 198,676.




0

Philippines' coronavirus deaths breach 700

The Philippines' health ministry reported on Saturday that coronavirus deaths have reached more than 700.




0

Slovakia records no new coronavirus cases for first time since March 10

Slovakia on Friday recorded no new cases of coronavirus for the first time since March 10, government figures showed.




0

More than 1,000 queue for food in rich Geneva amid virus shutdown

More than 1,000 people queued up on Saturday to get free food parcels in Geneva, underscoring the impact of the coronavirus epidemic on the working poor and undocumented immigrants even in wealthy Switzerland.




0

Worldwide coronavirus cases over 3.96 million, death toll over 273,000

More than 3.96 million people have been reported to be infected by the novel coronavirus globally and 273,974 have died, according to a Reuters tally. Infections have been reported in more than 210 countries and territories since the first cases were identified in China in December 2019.




0

कोरोना के नियंत्रण के लिए प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री ने केंद्र से मांगा 1200 करोड़ रुपए का राहत पैकेज

प्रदेश के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण औरगृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के जरिएकेन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन सेचर्चा की। मिश्रा नेकोविड-19 संक्रमण नियंत्रण के लिये 1200 करोड़ रूपये के राहत पैकेज के प्रस्ताव को अनुमोदित करने का अनुरोध किया है। इसके अलावा, आरएनए एक्स्ट्रेक्शन किट प्रदेश को उपलब्ध कराने की मांग की। मिश्रा ने बताया कि प्रदेश में ऑक्सीजन थैरेपी से कोरोना की बीमारी के उपचार में मदद मिली है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में केन्द्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे भी उपस्थित थे।

मंत्री मिश्रानेबताया कि चिरायु अस्पताल भोपाल में अब तक 600 मरीज भर्ती हुए हैं, इनमें 250 से अधिक स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं। अस्पताल में उपचार के दौरान एक भी मरीज काल-कवलित नहीं हुआ है। ऑक्सीजन थैरे‍पी के उपचार से यह संभव हुआ है।इस तकनीक से एम्स और इंदौर में भी उपचार किया जा रहा है। इससे मध्यप्रदेश में कोरोना संबंधी मृत्यु दर में भी कमी आई है। उन्होंने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री से ग्वालियर जिले को रेड जोन से हटाने की मांग की। उन्होंने बताया कि ग्वालियर में 4 कोरोना मरीज सामने आये थे, जो स्वस्थ हो चुके हैं। वर्तमान में जिले में कोई भी कोरोना पॉजीटिव मरीज नहीं है। प्रदेश में कोरोना संक्रमण नियंत्रण के लिये सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं और उनका सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जा रहा है।

50 हजार लोगों का कोरोना टेस्ट कराया

  • अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य मोहम्मद सुलेमान ने बताया कि प्रदेश में अब तक 800 पूर्ण स्वस्थ हो चुके है। प्रदेश में अब तक 50 हजार लोगों का कोरोना टेस्ट कराया जा चुका है। प्रदेश में 3 मई को 50 कोरोना संक्रमित मरीज सामने आये जबकि 174 मरीज स्वस्थ हुए हैं।
  • केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने प्रदेश में कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिये समीक्षा करते हुए डॉ. मिश्रा से कहा कि वे निरंतर दूरभाष पर संपर्क में बने रहे। अब तक कोरोना से अप्रभावी जिलों को सुरक्षित रखने के लिये साथ ही रेड जोन के जिलों को ऑरेंज जोन में लाने के लिये सभी आवश्यक प्रबंध करें।
  • ज्यादा से ज्यादा टेस्टिंग करवाएं। उन्होंने ऑक्सीजन थैरेपी से उपचार की प्रशंसा की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में प्रमुख सचिव स्वास्थ्य पल्लवी जैन गोविल, स्वास्थ्य आयुक्त फैज एहमद किदवई भी मौजूद थे।


Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा।




0

अपनी गाड़ी है, फिर भी दूसरे प्रदेशों में फंसे मप्र के 50 हजार लोग

मध्यप्रदेश के विभिन्न शहरों में 20 हजार लोग ऐसे फंसे हैं, जिनके पास खुद की गाड़ी है, लेकिन पास नहीं बन पाने के कारण वे अटके हुए हैं। इसी तरह मप्र के भी 50 हजार पर्यटक, व्यापारी स्टूडेंट्स और नौकरीपेशा ई-पास के चक्कर में दूसरे राज्यों में फंसे हुए हैं। अब सरकार ने इन सभी लोगाें को लाने-भेजने के लिए गाइडलाइन बना ली है। इन्हें जल्द ही नए ई-पास जारी किए जाएंगे।
गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि रेड जोन को छोड़कर ग्रीन और ऑरेंज जोन में फंसे लोगों को दूसरे प्रदेशों में उनके घर तक भेजने का प्रबंध किया जाएगा। कलेक्टर जिलों से अनुमति के लिए पास जारी कर सकेंगे। मिश्रा ने बताया कि दूसरे प्रदेशों में 50 हजार से ज्यादा लोग हैं, जो किसी वजह से लॉकडाउन में फंस गए हैं। इनके पास अपने वाहन हैं। इसलिए स्वयं के वाहन से फंसे लोगों को प्रदेश में आने की मंजूरी दी जाएगी। इसमें भी रेड जोन वाले जिलों में अनुमति नहीं दी जाएगी।

रेड जोन में अभी प्रतिबंध

ग्रीन जोन के 24 जिलाें में रजिस्ट्रियां होना शुरू

प्रदेश के ग्रीन जाेन के 24 जिलाें में व तहसीलों में प्राॅपर्टी की रजिस्ट्रियां शुरू हाे गई हैं। सोमवार से यहां पंजीयन कार्यालय खुल गए। राज्य सरकार की गाइडलाइन के अनुरूप सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखा जाएगा। केंद्र ने राज्य सरकारों से कहा है कि जिलों में क्राइसेस मैनेजमेंट ग्रुप कलेक्टर के आदेश द्वारा प्रत्येक दिन ग्रीन व आॅरेंज जोन की रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजेंगे। जबकि रेड जोन के भोपाल, इंदौर समेत नौ जिलों में अभी रजिस्ट्रियां बंद रहेंगी।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
शहरों में 20 हजार लोग ऐसे फंसे हैं, जिनके पास खुद की गाड़ी है, लेकिन पास नहीं बन पाने के कारण वे अटके हुए हैं।




0

होटल्स-रेस्तरां को लगी 200 करोड़ की चपत, शादियों की बुकिंग कैंसिल होने से मई-जून में गंवाएंगे 250 करोड़

राजधानी में 20 हजार से ज्यादा लोगों की रोजी रोटी का जरिया रहे 1000 से ज्यादा होटल्स और रेस्तरां 40 दिन से बंद हैं। इनके 1500 कमरे खाली पड़े हैं। इस सेक्टर को अब तक 200 करोड़ रुपए से अधिक का घाटा लग चुका है। केवल शादियों का सीजन ही खराब होने से इस सेक्टर को मई और जून में 250 करोड़ से अधिक का नुकसान हो सकता है। इस सेक्टर से जुड़े लोगों का मानना है कि अक्टूबर-नवंबर तक लोग होटल्स की ओर शायद ही लौटें। इसके चलते करीब 15-20% बड़े होटल्स, 50% रेस्तरां और करीब 70% रोड साइड रेस्तरां और ईटरीज बंद हो सकती है। सेक्टर से जुड़े लोगों ने सरकार से इस सेक्टर को खासतौर पर अलग से राहत देने की गुहार लगाई है।

कर्ज का बोझ भी... 15 से 20 फीसदी बड़े होटल्स पर बैंकों का बड़ा कर्ज

भोपाल होटल्स एंड रेस्तरां एसोसिएशन के अध्यक्ष तेजकुल पाल सिंह पाली ने बताया कि राजधानी के करीब 15-20% बड़े होटल्स ऐसे हैं जिन पर बैंक का बड़ा कर्ज है। ये होटल्स लंबे समय तक बंद रहने के बाद संभव है कि दोबारा कारोबार शुरू करने की स्थिति में ही न आ पाएं। इसके लिए सरकार वर्किंग कैपिटल के लिए आसान दरों पर कर्ज उपलब्ध कराए, जिसकी अदायगी कम से कम एक साल बाद शुरू हो।

ईएसआई, पीएफ और बिजली के बिल की मार

बड़े 80 होटल्स में ही करीब 8000 से ज्यादा कर्मचारी हैं। इनका हर माह ईएसआई और पीएफ जमा कराना होता है। होटल संचालकों का कहना है कि जब होटल पूरी तरह बंद हैं तो वे ईएसआई और पीएफ की राशि कहां से जमा कराएंगे। हर होटल्स को औसतन 20-25 हजार रुपए की राशि ईएसआई में जमा करानी पड़ रही है। इसके साथ हर होटल्स का बिजली बिल मिनिमम चार्ज के कारण मार्च-अप्रैल के माह में 1 लाख रुपए से लेकर 10 लाख रुपए तक आया है। होटल्स संचालक भी अन्य एमएसएएमई की तरह वास्तविक खपत के आधार पर बिल लेने की मांग कर रहे हैं।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
राजधानी में 20 हजार से ज्यादा लोगों की रोजी रोटी का जरिया रहे 1000 से ज्यादा होटल्स और रेस्तरां 40 दिन से बंद हैं।




0

कोरोना को मात... एम्स व चिरायु अस्पताल से 30 मरीजोंं की छुट्टी

कोरोना को मात देकर चिरायु अस्पताल से 18 व एम्स भोपाल से 12 मरीज सोमवार को घर पहुंचे। राजधानी के अलग-अलग अस्पतालाें से अब तक 334 मरीज ठीक हाे चुके हैं। चिरायु से रात करीब 9 बजे 18 मरीजाें काे छुट्टी दी गई। इन मरीजाें के सैंपल की दाे बार जांच कराई गई थी। दाेनाें रिपाेर्ट निगेटिव आने के बाद इन लाेगाें काे अस्पताल से छुट्टी दी गई। चिरायु से जिन मरीजाें की छुट्टी हुई उनमें 5 रायसेन के अाैर एक सीहाेर है। चिरायु अस्पताल के डायरेक्टर अजय गाेयनका ने सभी मरीजाें काे 14 दिन घराें में ही क्वारेंटाइन रहने को कहा।

सर्टिफिकेट बांटे
एम्स में मंगलवार काे 12 मरीजाें के सैंपल की दूसरी रिपाेर्ट भी निगेटिव अाई। इसके बाद इन मरीजाें काे एक साथ छुट्टी दी गई। इस दाैरान एम्स डायरेक्टर डाॅ. सरमन सिंह ने ठीक हाेकर घर जाने वाले सभी मरीजों काे काेराेना वॉरियर्स सर्टिफिकेट दिए गए।




Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
एम्स अस्पताल




0

मिश्रा ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से मांगा 1200 करोड़ का पैकेज

कोरोना संकट से निपटने के लिए स्वास्थ्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने केंद्र से 1200 करोड़ रुपए का राहत पैकेज मांगा है। उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान यह मांग की। मिश्रा ने राहत पैकेज के प्रस्ताव के अनुमोदन का आग्रह किया। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में ऑक्सीजन थेरेपी से कोरोना वायरस की बीमारी के उपचार में मदद मिली है। भोपाल के चिरायु अस्पताल में इस थेरेपी से इलाज किया जा रहा है और यहां भर्ती हुए 600 मरीजों में से किसी की मृत्यु नहीं हुई है। एम्स व इंदौर में भी इस पद्धति से इलाज किया जा रहा है। केंद्र का कोई दल यहां आकर उस थेरेपी का अध्ययन करे, जिससे उसका लाभ देश के अन्य स्थानों पर भी मिल सके। हर्षवर्द्धन ने तत्काल इसके लिए निर्देशित किया।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा




0

500 रुपए निकालने गेहूं से भरी ट्रॉली के नीचे बैठकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हितग्राही

केंद्र व राज्य सरकार ने गरीब व निर्धन परिवारों के खाते में सहायता राशि व वृद्धावस्था पेंशन डाली है जिसको निकालने के लिए हितग्राही अपनी जान हथेली पर रखकर लाईनों में लग रहे हैं या फिर अनाज से भरी ट्रॉलियों के नीचे बैठकर इंतजार कर रहे हैं। जिससे हादसा होने की आंशका बनी हुई है।
हितग्राही अपनी जान की परवाह न करते हुए धूप से बचने के लिए अनाज की भरी ट्रॉली के नीचे बैठकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं यदि ट्राली अनियंत्रित होकर गिरती है तो नीचे बेठे लोगों के साथ बड़ी घटना हो सकती है। बावजूद इसके लोग जानकर भी अनजान बने हुए हैं। उपज की नीलामी न होने के कारण किसान ने गेहूं के बोरों से भरी ट्राली घर के सामने लाकर खड़ी कर दी। किसान को नहीं पता था कि सुबह उसकी ट्रॉली नीचे लोग बैठ जाएंगे। अल सुबह से ही बैंक के सामने हितग्राही लाईन लगा लेते हैं। लाईन लंबी होने व धूप होने के कारण कुछ लोग यहां वहां बैठकर अपनी बारी का इंतजार करते है। सोमवार को भी दर्जनों लोग गेहूं से भरी ट्राली के नीचे बैठकर अपनी बारी का इंतजार करते हुए देखे गए। लेकिन प्रशासन या बैंक प्रबंधक ने इन्हें यहां से हटाने की कोशिश नहीं की। यदि हादसा हो जाता तो इसका जिम्मेदार कोन होता। इस मार्ग से रोजाना प्रशासनिक अफसरों को निकलना होता है लेकिन किसी का इस तरफ ध्यान नहीं है। पैसे निकालने वालों के नाम बाबूलाल अहिरवार समनापुर, बुद्धू जमनिया, हल्के वीर नोरिया रोड़ा, बृजलाल खमरिया, बुद्धू नोरिया ने बताया कि शासन द्वारा राशि आई है एवं वृद्धावस्था पेंशन निकालने के लिए हम लोग लाइन में लगे हुए हैं।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Beneficiaries waiting for their turn to sit under a trolley full of wheat extracting Rs 500




0

अप्रैल में 100 परिवारों में गूंजी किलकारियां, 48 बेटियां और 52 बेटों को प्रसूताओं ने दिया जन्म

अप्रैल माह के 30 दिनों में 52 बालक व 48 बालिकाओं ने जन्म लिया। बालक बालिकाओं का जन्म होते ही अस्पताल परिसर नवजात बच्चों की किलकारियों से गूंज उठा।
कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर लगाए गए लॉकडाउन के दिनों में नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जन्म लेने वाले बच्चों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। नागरिक कोरोना वायरस के संक्रमण से स्वयं को बचाए जाने के लिए अनेक एहतियात बरत रहे हैं,लेकिन इन सब के बीच नगर के शासकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव कराने वाली प्रसुति महिलाओं की संख्या में इजाफा हुआ है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र यू तो चिकित्सकों सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है। इन सब के बीच अस्पताल स्टाफ के द्वारा उपचार हेतु आने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं सीमित संसाधनों के बीच उपलब्ध कराई जा रही है। तहसील और आसपास के गांवों से मरीज सरकारी अस्पताल में चिकित्सकों से विभिन्न बीमारियों का उपचार करा कर स्वस्थ्य हो रहे है। नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसुति सहायता योजना के प्रारंभ होने से लगातार अस्पताल में प्रसव कराने वाली महिलाओं की संख्या में इजाफा हो रहा है। कोरोना वायरस को लेकर लॉक डाउन लगाया गया है। लोग लॉक डाउन का पालन भी कर रहे हैं लेकिन सरकारी अस्पताल में प्रसव कराने हेतु प्रसुति महिलाओं के आने की संख्या लगातार बढ़ रही है। लॉक डाउन के दौरान अप्रैल माह मे रिकार्ड एक सौ प्रसव महिला स्वास्थ्य कर्मचारियों के द्वारा अस्पताल आने वाली प्रसुति महिलाओं के कराए गए। अस्पताल के रिकार्ड के अनुसार अप्रैल माह में कुल एक सौ बेटे बेटियों का जन्म होने से अस्पताल परिसर में बच्चों की किलकारियां गंूजी। जन्म लेने वालों में 52 बालक व 48 बालिकाएं शामिल है। प्रसव कराने वाले स्वास्थ्य कर्मचारियों के द्वारा प्रसुति महिलाओं को स्वास्थ्य परीक्षण किया जाकर आवश्यक दवाएं दी जाती है। प्रसव के बाद बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी से भी अवगत कराया जाता है। इसके अतिरिक्त अस्पताल में प्रसव कराने वाली प्रसुति महिलाओं को राज्य सरकार की तय आर्थिक योजना सहित अन्य योजनाओं का लाभ भी दिया जा रहा है।
आवागमन बंद होने से भी बड़ी संख्या : दरअसल लॉकडाउन के कारण आवागमन पूरी तरह से बंद है। न ही नगर के लोगों को सिलवानी से बाहर आने जाने की अनुमति मिल रही है। यही वजह है कि लोग सरकारी अस्पताल में डिलेवरी करवाने में दिलचस्पी ले रहे हैं। इससे पहले कई लोग रायसेन, विदिशा, भोपाल आदि में डिलेवरी करवाने के लिए जाते थे। अस्पताल में ग्रामीण अंचल की महिलाएं भी डिलेवरी करवाती थी।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
In April, 100 families gave birth to buzz killers, 48 daughters and 52 sons by maternity




0

लॉकडाउन के 40 दिन बाद कुछ दुकानों को छोड़ कर खुला बाजार, लोगों ने खरीदा जरूरत का सामान

लॉकडाउन के 40 वें दिन बाद सोमवार से कुछ दुकानों को छोड़कर सुबह 7 बजे से लेकर शाम 7 बजे तक बाजार खोला गया। बाजार खुलने के बाद लोगों ने जमकर ख़रीदारी की। बाजार में दिन भर चहल पहल नजर आई।
ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में ग्रामीण शहर पहुंचे और अपनी जरुरत का सामान लिया। बाजार में लोग सोशल डिस्टेंस का उल्लंघन करते नजर आए। वहीं 1 बाइक पर एक सवारी की अनुमति होने के बावजूद एक से अधिक लोग बाइकों पर सामान के साथ घूमते हुए नजर आए। लेकिन ग्रस्त के दौरान पुलिस ने लोगों को सोशल डिस्टेंस बनाने एवं नियमानुसार खरीदी करने की समझाइश दी। इसके अलावा लोहा, सीमेंट, बिस्कट एवं ब्रेड के दुकानदारों ने विधायक महेश राय के पास पहुंचे और दुकानों को खुलवाने की मांग की ।


खरीदी के लिए लगी भीड़- लॉकडाउन के 40 दिन के बाद बाजार खोलने की घोषणा के बाद सोमवार को दुकानदार सुबह अपनी दुकान पहुंचे और दुकानों की साफ सफाई करने के बाद विधिवत तरीके से दुकान खोली। दुकानें खुलते ही राशन की दुकान, कृषि उपकरण, खाद्य बीज, कूलर, इलेक्टि्रक सहित अन्य दुकानों पर खरीदी करने के लिए बड़ी संख्या में लोग दुकानों पर पहुंचे। शहर के सर्वोदय चौक, गांधी तिराहा, महावीर चौक आदि भी भीड़ भाड़ रही ।


विधायक से दुकानें खुलवाने कही मांग

कलेक्टर गाइड लाइन अनुसार लोहा, सीमेंट सेंनेटरी, बिस्कट एवं ब्रेड की दुकानें नही खोले जाने के कारण लोहा,सीमेंट एवं सेंनेटरी व्यापारी संघ विधायक महेश राय के पास पहुंच कर दुकानों को एक निश्चित समय सीमा में खोलने की मांग की।व्यापारियों ने विधायक से कहा कि शासन से प्रधान मंत्री आवास के कार्य शुरु करने की अनुमति दे दी गई है। लेकिन बिना सामग्री के आवास का निर्माण कैसे संभव होगा।


साथ ही इस कार्य में बड़ी संख्या में मजदूर काम करते है। दुकानें खुलने के बाद लोगों को रोजगार मिल सकेगा। इसलिए कलेक्टर से इस दुकानों को खुलवाने के लिए अनुमति दी जाए। विधायक ने सभी को आश्वासन दिया कि कलेक्टर से आगामी बैठक में इन दुकानों को खाेले जाने पर चर्चा की जाएगी।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
40 days after lockdown, market opened except for a few shops, people bought goods of need




0

आंधी और बारिश के कारण 4000 वर्ग मीटर में फैला पाली हाउस हुआ नष्ट

रविवार देर शाम अचानक आए तेज आंधी तूफान और बारिश के कारण हरिपुर रोड ग्राम माधोपुरा में कृषक अवधेश श्रीवास्तव का पाली हाउस पाली हाउस नष्ट हो गया।उन्होने बताया की 4000 वर्ग मीटर में फैले इस पाली हाउस में गुलाब की खेती की जा रही थी।
चूंकि कोरोना संक्रमण के कारण लगे लॉक डाउन के दौरान गुलाब की फसल को पहले से ही काफी नुकसान उठाना पड़ रहा था। इसके बाद कल रविवार को आए इस आंधी तूफान के कारण पाली हाउस उखड़ कर नष्ट हो गया। कृषक अवधेश श्रीवास्तव ने प्रधानमंत्री कृषक योजना के तहत अपने पाली हाउस का निर्माण करवाया था जो 4000 वर्ग मीटर में फैला हुआ है। जिसमें गुलाब की खेती की जा रहीं थी परन्तु लॉकडाउन के चलते पिछले दिनों से गुलाब के फूल की बिक्री बंद थी जिसके कारण कृषक को अत्यधिक नुकसान उठाना पड़ रहा था। ऐसे में बीती अचानक आंधी तूफान ने पूरे पाली हाउस का विध्वंस कर दिया जिसमें पुरा पॉली हाउस नष्ट हो गया।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Poly house spread over 4000 square meters destroyed due to storm and rain




0

40 दिन बाद राहत, बाजार में खरीदारी करने आए लोग

लोकडाउन 3.0 के लागू होने का साथ ही औरेंज और ग्रीन जोन वाले इलाकों में आर्थिक गतिविधियां शुरू करने के उद्देश्य से शासन द्वारा दुकानदरों, व्यापारियों सहित अन्य लोगों को भी छूट प्रदान की। बाजार में निश्चित समय के लिए अपने-अपने प्रतिष्ठान खोलने के निर्देश दिए गए। जिससे लोगों ने राहत अनुभव की। इसी के साथ दुकानदारों ने बीमारी की गंभीरता को देखते हुए और शासन के निर्देशों का पालन करते हुए अपने अपने प्रतिष्ठान खोले और सोशल डिस्टेंसिंग सहित अन्य गतिविधियों पर ध्यान दिया।
वहीं जिन व्यवसायों और दुकानों को प्रतिबंधित किया था उनके खुले मिलने की सूचना मिलने पर उन्हें बंद कराया गया। बाजार में कपड़े की दुकानों पर अचानक लॉकडाउन खुलने से भीड़ बढ़ गई। लॉकडाउन में छूट मिलने से बाजार में रौनक आ गई परंतु छोटी सी लापरवाही होने से स्थिति गंभीर हो सकती है। इसके लिए दुकानदारों और प्रशासन को मिलकर योजनाबद्ध रूप से क्रियान्वयन किया जाना चाहिए। जिससे किसी भी वर्ग के व्यक्ति को परेशानी न हो और सभी कार्य सुचारू रूप से चलते रहें। जिन दुकानों पर लोग नियमों का पालन करते हुए नहीं देखे वहां नियमों को पालन कराने के लिए पुलिस दल बाजार में गश्त करता रहा। वहीं बैंकों के बाहर भी किसानों और अन्य लोगों की भीड़ देखी गई। मंडी खुलने से कुछ किसान अपनी फसल को बेच नई फसल की तैयारी में जुट गए। जिसके लिए बैंकों से पैसे निकाल बाजार में मोटर, पाइप सहित अन्य कृषि उपकरण खरीदते दिखे। वहीं कुछ किसानों की फसल अभी भी खुले आसमान के नीचे खलिहानों में रखी है जिसे मौसम की मार से बचाने के लिए बरसाती भी खरीदते मिले।
लॉकडाउन से व्यापार प्रभावित हुआ
जनरल स्टोर संचालक अमित कुमार ने बताया कि लंबे समय के बाद दुकान खुलने से राहत महसूस हो रही है। इसी के साथ ही हमने भी शादी, ब्याह के सीजन को देखते हुए दो-तीन माह पहले ही दुकान में सामान भरा था। लेकिन लॉकडाउन में बंद की वजह से काफी व्यापार प्रभावित हुआ है। दुकानदार सौम्य खंडेलवाल ने बताया कि सीजन को देखते हमने अपनी दुकान के नए-नए चूडी, कंगन और अन्य सामग्री क्रय की थी।
फिलहाल लॉकडाउन खुलने के बाद पहले दिन दुकान पर चहल पहल देखने को मिली है।

ऑनलाइन वालों के यहां पर कम दिखे ग्राहक
स्टेशनरी, मोबाइल शॉप और ऑनलाइन वालों के यहां बहुत कम रही ग्राहकों की भीड़, स्टेशनरी, ऑनलाइन शाप संचालक नमित कुमार ने बताया कि लॉकडाउन के बाद सभी स्कूल, कोचिंग सेंटर बंद है और गर्मी की छुट्टी भी लगभग शुरू हो चुकी है। जिससे लॉक डाउन खुलने के बाद कोई खास प्रभाव देखने को नहीं मिला परंतु जो भी ग्राहक दुकान पर सामग्री खरीदी के लिए आता है उसके लिए सेनिटाईजिंग की व्यवस्था हमारे द्वारा की गई है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Relief after 40 days, people come to shop in the market




0

शहर की तुलना में गांव के शिविर में 50 यूनिट ज्यादा रक्तदान

भास्कर संवाददाता | बमोरी
3 साल बाद बमोरी में फिर से रक्तदान शिविर लगा, इस बार लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में रक्त की कमी से स्थिति बिगड़ी हुई है। इसी को देखते हुए ग्रामीण क्षेत्र से भी रक्त जुटाने के लिए कलेक्टर एस विश्वनाथन ने योजना बनाई। इसके बाद बमोरी के उत्कृष्ट विद्यालय में शिविर का आयोजन सोमवार सुबह से ही किया गया। पूर्व सीएमएचओ डॉ. रामवीर सिंह रघुवंशी सबसे पहले पहुंचे। उन्होंने यहां सूचना लगा दी कि बिना मास्क के कोई भी शिविर स्थल पर न आए। बमोरी थाना, तहसील और स्वास्थ्य विभाग का अमला जुटा। सबसे पहले रक्तदान कौन करें? इसे लेकर चर्चा चलती रही। इसी बीच हाल में पदस्थ हुई नायब तहसीलदार सेलजा मिश्रा ने रक्तदान की इच्छा जताई। फिर तो एक के बाद एक अधिकारी, कर्मचारी और ग्रामीण भी आगे आ गए। गांव की ही एक महिला पति को लेकर पहुंची, बोली कि हम दोनों भी रक्तदान करेंगे क्योंकि मेरी जिंदगी भी इसी से 4 साल पहले जिला अस्पताल में बची है। इसमें खास बात ये हैं कि गुना में 10 दिन पहले लगे शिविर में 57 यूनिट ब्लड आया था पर गांव में यह आंकड़ा 107 पर पहुंच गया।
सीजर हुआ था, तब 5 यूनिट ब्लड गुना से मिला था : बमोरी निवासी रचना वर्मा अपने पति मुरली वर्मा को लेकर रक्तदान शिविर में पहुंची। उसने बताया कि हम दोनों पहली बार रक्तदान करने आए हैं। महिला ने कहा कि 4 साल पहले जिला अस्पताल में सीजर से डिलेवरी हुई थी। उस समय मुझे 5 यूनिट रक्त ब्लड बैंक से चढ़ा था, तब मेरी जिंदगी बची थी। तभी से सोच रही थी कि मुझे भी इस महादान में शामिल होना है। लेकिन बमोरी में शिविर लगने से मौका मिला। महिला ने अपने पति के साथ रक्तदान किया।
कलेक्टर की अपील करें रक्तदान: कलेक्टर एस विश्वनाथन ने लोगों से अपील की, वह ज्यादा से ज्यादा रक्तदान करें। क्योंकि जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में इसे स्टोरेज करके रखा जाता है। ज़रूरत पड़ने पर इससे कई लोगों की जिंदगी बताई जाती हैं।

3 साल पहले ग्रामीण अंचल में हुई थी शुरुआत
जिले में पहले सिर्फ शहर से ही रक्तदान शिविर लगाए जाने की परंपरा थी। लेकिन पूर्व सीएमएचओ डॉ. रामवीर सिंह रघुवंशी वर्ष 2017 में शिविर लगवाने शुरु किए। इसके बाद वह रिटायर्ड हो गए तो यह कार्य रुक गया। हालांकि कलेक्टर के दिशा-निर्देश मिलने के बाद फिर से इसकी शुरुआत उनके ही द्वारा की गई।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
50 units more blood donation in village camp than in city




0

लॉकडाउन के बाद पहली नीलामी; 500 ट्राॅली धनिया बिकी, गेहूं के अच्छे दाम नहीं मिले तो सौदा पत्रक से बेचा

लॉकडाउन में मिली छूट के बाद पहली बार मंडी में धनिया, गेहूं, चना और सरसों की खुली नीलामी हुई। इस दौरान बड़ी संख्या में किसान पहुंचे। 1200 से ज्यादा ट्राॅली पहुंच गई। धनिया के अधिकतम दाम 8200 रुपए रहे, वहीं सबसे कम 3800 रुपए रहे। गेहूं ज्यादातर सौदा पत्रक से ही बेचा गया। 500 ट्राॅली धनिया की नीलामी हुई तो 200 किसानों को अच्छे दाम नहीं मिले तो सौदा पत्रक से इसे विक्रय कर दिया। किसानों की इतनी ज्यादा भीड़ थी कि संभालना मुश्किल हो रहा था। मंडी समिति किसानों से आग्रह करती रही कि सामाजिक दूरी बनाए रखें, इसी का ख्याल रखते हुए नीलामी कराई। एसडीएम शिवानी गर्ग भी पूरी नीलामी प्रक्रिया पर नजर रखी रहीं ।

200 ग्राम बारदाने का ज्यादा वजन काटा
मंडी में एसडीएम शिवानी गर्ग ने तौल कांटों की जांच की। इस दौरान उन्होंने पाया कि आरोन के एक किसान ने 38 क्विंटल माल तुलाया था, लेकिन बारदाने का वजन 200 ग्राम ज्यादा काटा जा रहा था। यानी किसान को 200 ग्राम उपज का नुकसान था। इस वजह से एसडीएम ने व्यापारी से कहा कि किसान को पूरे उपज के दाम दिए जाएं। वहीं निर्देश दिए कि जितना वजन वारदाने का है, उतना ही काटा जाए।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
First auction after lockdown; 500 trolley coriander sold, if not good prices of wheat sold




0

समय के बाद दुकान खोलने पर तहसीलदार ने दो दुकानों पर लगाया 2500 रुपए का जुर्माना

लॉकडाउन 3 में हमारा जिला ग्रीन जोन में आने के कारण प्रशासन ने दुकानदारों को कई तरह की छूट दी। इस दौरान तय समय के बाद दुकान खोलने पर तहसीलदार ने दो दुकानों पर 2500 रुपए का जुर्माना लगाया। उन्होंने सभी दुकानदारों को हिदायत देते हुए कहा कि वह लॉकडाउन में सोशल डिस्टेंस का पालन करें और मुंह पर मॉस्क लगाकर बाहर निकलें।
सोमवार को बाजार खुलने के साथ ही बड़ी संख्या में लोग सामान खरीदने के लिए उमड़ पड़े। शहर में 40 दिन बाद जूते, कपड़े, इलेक्ट्रानिक, इलेक्ट्रिकल की दुकानें खुली थीं। दुकानों में खरीदारी के लिए ग्रामीण अंचल सहित शहर से बड़ी संख्या में लोग पहुंचगए। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का भी ध्यान नहीं रखा गया। कुछ दुकानदारों ने निर्धारित समय के बाद भी दुकानें खोलीं। इसको लेकर प्रशासन ने कार्यवाही की। तहसीलदार कमल सिंह मंडेलिया एवं थाना प्रभारी सुरेशचंद नागर ने शहर का निरीक्षण किया तथा अवैध रूप से दुकानें संचालित करते पाए जाने पर एक कूलर पंखे की दुकान पर 2 हजार रुपए और एक किराना दुकान पर चालान बना कर 500 रुपए की राशि वसूली। इससे पहले पुलिस ने सुबह से पूरी बस्ती में इस बात के लिए हिदायत भी दी थी कि लोग भीड़ ने लगाएं। सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखें। दुकानदार निर्धारित समय में ही अपनी दुकानें निर्देशों के पालन करते हुए खोलें।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Tehsildar imposed fine of Rs 2500 on two shops for opening shop after time




0

शहर की तुलना में गांव के शिविर में 50 यूनिट ज्यादा रक्तदान

3 साल बाद बमोरी में फिर से रक्तदान शिविर लगा, इस बार लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में रक्त की कमी से स्थिति बिगड़ी हुई है। इसी को देखते हुए ग्रामीण क्षेत्र से भी रक्त जुटाने के लिए कलेक्टर एस विश्वनाथन ने योजना बनाई। इसके बाद बमोरी के उत्कृष्ट विद्यालय में शिविर का आयोजन सोमवार सुबह से ही किया गया। पूर्व सीएमएचओ डॉ. रामवीर सिंह रघुवंशी सबसे पहले पहुंचे। उन्होंने यहां सूचना लगा दी कि बिना मास्क के कोई भी शिविर स्थल पर न आए। बमोरी थाना, तहसील और स्वास्थ्य विभाग का अमला जुटा। सबसे पहले रक्तदान कौन करें? इसे लेकर चर्चा चलती रही। इसी बीच हाल में पदस्थ हुई नायब तहसीलदार सेलजा मिश्रा ने रक्तदान की इच्छा जताई। फिर तो एक के बाद एक अधिकारी, कर्मचारी और ग्रामीण भी आगे आ गए। गांव की ही एक महिला पति को लेकर पहुंची, बोली कि हम दोनों भी रक्तदान करेंगे क्योंकि मेरी जिंदगी भी इसी से 4 साल पहले जिला अस्पताल में बची है। इसमें खास बात ये हैं कि गुना में 10 दिन पहले लगे शिविर में 57 यूनिट ब्लड आया था पर गांव में यह आंकड़ा 107 पर पहुंच गया।
सीजर हुआ था, तब 5 यूनिट ब्लड गुना से मिला था : बमोरी निवासी रचना वर्मा अपने पति मुरली वर्मा को लेकर रक्तदान शिविर में पहुंची। उसने बताया कि हम दोनों पहली बार रक्तदान करने आए हैं। महिला ने कहा कि 4 साल पहले जिला अस्पताल में सीजर से डिलेवरी हुई थी। उस समय मुझे 5 यूनिट रक्त ब्लड बैंक से चढ़ा था, तब मेरी जिंदगी बची थी। तभी से सोच रही थी कि मुझे भी इस महादान में शामिल होना है। लेकिन बमोरी में शिविर लगने से मौका मिला। महिला ने अपने पति के साथ रक्तदान किया। इसका असर यह हुआ कि गांव के अन्य लोग भी आगे आ गए।
कलेक्टर की अपील करें रक्तदान: कलेक्टर एस विश्वनाथन ने लोगों से अपील की, वह ज्यादा से ज्यादा रक्तदान करें। क्योंकि जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में इसे स्टोरेज करके रखा जाता है। ज़रूरत पड़ने पर इससे कई लोगों की जिंदगी बताई जाती हैं।

3 साल पहले ग्रामीण अंचल में हुई थी शुरुआत
जिले में पहले सिर्फ शहर से ही रक्तदान शिविर लगाए जाने की परंपरा थी। लेकिन पूर्व सीएमएचओ डॉ. रामवीर सिंह रघुवंशी वर्ष 2017 में शिविर लगवाने शुरु किए। इसके बाद वह रिटायर्ड हो गए तो यह कार्य रुक गया। हालांकि कलेक्टर के दिशा-निर्देश मिलने के बाद फिर से इसकी शुरुआत उनके ही द्वारा की गई।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
50 units more blood donation in village camp than in city




0

500 ट्राॅली धनिया बिकी, गेहूं के अच्छे दाम नहीं मिले तो सौदा पत्रक से बेचा

लॉकडाउन में मिली छूट के बाद पहली बार मंडी में धनिया, गेहूं, चना और सरसों की खुली नीलामी हुई। इस दौरान बड़ी संख्या में किसान पहुंचे। 1200 से ज्यादा ट्राॅली पहुंच गई। धनिया के अधिकतम दाम 8200 रुपए रहे, वहीं सबसे कम 3800 रुपए रहे। गेहूं ज्यादातर सौदा पत्रक से ही बेचा गया। 500 ट्राॅली धनिया की नीलामी हुई तो 200 किसानों को अच्छे दाम नहीं मिले तो सौदा पत्रक से इसे विक्रय कर दिया। किसानों की इतनी ज्यादा भीड़ थी कि संभालना मुश्किल हो रहा था। मंडी समिति किसानों से आग्रह करती रही कि सामाजिक दूरी बनाए रखें, इसी का ख्याल रखते हुए नीलामी कराई। एसडीएम शिवानी गर्ग भी पूरी नीलामी प्रक्रिया पर नजर रखी रहीं ।

200 ग्राम बारदाने का ज्यादा वजन काटा
मंडी में एसडीएम शिवानी गर्ग ने तौल कांटों की जांच की। इस दौरान उन्होंने पाया कि आरोन के एक किसान ने 38 क्विंटल माल तुलाया था, लेकिन बारदाने का वजन 200 ग्राम ज्यादा काटा जा रहा था। यानी किसान को 200 ग्राम उपज का नुकसान था। इस वजह से एसडीएम ने व्यापारी से कहा कि किसान को पूरे उपज के दाम दिए जाएं। वहीं निर्देश दिए कि जितना वजन वारदाने का है, उतना ही काटा जाए।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
500 trolley coriander sold, if not good prices of wheat sold




0

90% बाजार खुला, नियम तोड़े तो 32 पर जुर्माना

बीते 40 दिन में सोमवार को सबसे कम पाबंदियों के साथ बाजार खुला। लगभग 90 फीसदी दुकानें खुल गई। जो बची हैं उनमें, शराब व गुटका कारोबारियों काे छोड़ बाकी ने पाबंदियां हटाने की मांग उठाना शुरू कर दी। पहले दिन बाजार में त्याेहारी सीजन जैसी खरीददारी हुई। कई चीजोंं की खरीददारी 40 दिन से लंबित पड़ी थी। अभी जो अनिश्चितता बनी है उसे देखते हुए लोगों को यह आशंका भी है कि कहीं दोबारा लॉकडाउन न हो जाए। इसलिए अभी दो-तीन दिन बाजार में भीड़ ज्यादा रह सकती है।
इसके बावजूद लोग सावधान दिखे। ज्यादातर दुकानदारों ने मास्क लगा रखा था। वहीं खरीददार भी किसी न किसी कपड़े या मास्क से अपना चेहरा ढंके हुए थे। जो लोग लापरवाही दिखा रहे थे उन पर पुलिस व नपा की टीम नजर रखे हुए थे। इसलिए पूरे दिन में 32 चालान बनाए गए। रविवार को कलेक्टर एस. विश्वनाथन ने जो आदेश जारी किया, उसमें कई दुकानों को शामिल नहीं किया गया। जूते-चप्पल, फोटोग्राफी और सैलून की दुकानदारों ने उनके कारोबार काे खोलने की मांग की।

नपा व पुलिस की कड़ी नजर : 11 हजार 200 का जुर्माना वसूला
पाबंदियों में मिली छूट के दौरान हालात बेकाबू न हो जाएं, इसके लिए पुलिस और नपा की टीम दिनभर बाजार में घूमती रहीं। वे यह सुनिश्चित कर रही थीं कि कोई सार्वजनिक स्थल पर न थूके और सोशल डिस्टेंस के नियम का उल्लंघन न हो। इसलिए नपा और पुलिस की संयुक्त टीम ने सचिन स्टील सौलत गली, इंडिया बूट हाउस, राजीव मार्ट जैसी बड़ी दुकानों पर कार्रवाई की। शहर में आज की गई जुर्माने की कार्रवाई में छह व्यक्तियों पर सार्वजनिक स्थल पर थूकने के चालान बनाए गए और 32 लोगों को बगैर मास्क लगाने पर जुर्माना किया गया इस तरह से कुल 32 लोगों पर 11200 का जुर्माना लगाया गया।

पाबंदियां हटने से इन जगहों पर बढ़ी चिंता

भगत सिंह चौक : शास्त्री पार्क सब्जी मंडी बंद रहने की वजह से अब सारे दुकानदार भगत सिंह चौक और बोहरा मस्जिद रोड के आसपास जमा होने लगे हैं। लोगों का मानना है कि इन सब्जी वालों को वापस मंडी में शिफ्ट किया जाना चाहिए। वहां उन्हें दूर-दूर बिठाने का इंतजाम होना चाहिए। नियम तोड़ने पर सख्त जुर्माना लगाया जाए तो लोग अपने आप सुधर जाएंगे।
सदर बाजार : यहां दुकानों पर सोशल डिस्टेंस का पालन कराना आसान नहीं होगा। यहां सड़क पर घेरे बनाकर वहां ग्राहकों को खड़ा भी नही किया जा सकता। अगर ऐसा करने की कोशिश की गई तो बाजार में जाम लग जाएगा। अगर यहां वाहनों की आवाजाही को रोका जाए तो स्थिति बेहतर हो सकती है। यह मौका है जब बापू पार्क में पार्किंग की व्यवस्था लागू की जा सकती है। इसके अलावा वन वे लागू करके भी स्थिति ठीक की जा सकती है।
हाट रोड : यहां भी सोशल डिस्टेंसिंग की समस्या खड़ी हो गई। ठेले वाले फिर से सड़क के दोनों आकर खड़े हो गए। जबकि पुरानी गल्ला मंडी में उन्हें शिफ्ट करके यह समस्या हल की जा सकती है। इन दुकानदारों पर भी कड़ाई की जाए तो स्थिति में सुधार होने की संभावना है।

यातायात बढ़ने से एबी रोड पर लगे बेरीकेड हटाए
सोमवार को लगभग पूरा बाजार खुलने की वजह से सड़कों पर वाहनों की संख्या भी बढ़ गई। इसलिए लॉकडाउन के दौरान लगाए गए बेरिकेड्स हटान का काम भी शुरू कर दिया गया। एबी रोड पर जयस्तंभ चौराहे पर लगाई गईं रुकावटों को हटा दिया गया। हालांकि बाजार में अब भी बेरिकेड लगे हुए हैं और उन्हें तुरंत हटाए जाने की संभावना कम ही है।

ठेकेदार शराब दुकान खोलने के खिलाफ
कोरोनाकाल में जहां ज्यादा से ज्यादा कारोबारी यह उम्मीद लगाए बैठे हैं कि उनकी दुकानें व संस्थान को खोलने की अनुमति मिल जाए। वहीं शराब कारोबारी इसके ठीक उलटी मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि उनकी दुकानों को बंद रखा जाए। ऐसा नहीं है कि यह मांग सिर्फ गुना में उठ रही है बल्कि पूरे प्रदेश में यही हालत है। जिले के शराब कारोबारी विनोद राठौर ने बताया कि प्रदेश के सभी ठेकेदारों ने मिलकर तय किया है कि हम अपनी दुकान नहीं खोलेंगे। यही सवाल जब हमने आबकारी विभाग के जानकारों से पूछा तो उनका कहना था कि कोरोना काल में दुकानों की आमदनी घटेगी। क्योंकि सोशल डिस्टेंसिंग नियम और दुकान खोलने का समय कम रहेगा। वहीं कारोबारियों को तय ड्यूटी तो भरना ही होगी। उन्होंने उदाहरण देकर बताया कि गुना जिले का ठेका 1.62 लाख में गया है। इस लिहाज से हर माह 13 करोड़ से ज्यादा ड्यूटी सरकार को मिलना चाहिए। ठेकेदारों को लग रहा है कि इस समय इतनी आमदनी मुश्किल है। उन्होंने बताया कि इस बार वैसे भी ठेके बहुत ज्यादा राशि पर गए हैं।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
90% market opened, rules broken, fine imposed on 32




0

दुकानदार, ग्राहक भूले सोशल डिस्टेंसिंग का पालन, 4 दुकानें सील, 46 दुकानों व 28 वाहनों से वसूला 39600 रु. जुर्माना

लॉकडाउन में 43 दिन बाद मिली छूट से बाजार में गदर मच गया। जहां देखों वहां भीड़ ही भीड़ दिखाई दी। सुबह से बाजार में दीपावली पर खरीदारी का दृश्य जैसा दिखाई दिया। दोपहर बाद कलेक्टर डाॅ मंजू शर्मा ने निरीक्षण किया तो बाजार में ग्राहक, दुकानदार सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाते मिले। कई दुकानदार और बाइक चालकों पर जुर्माना वसूलते हुए 4 दुकानों को सील किया गया। सोमवार को बाजार में दृश्य को देखने के बाद वैश्विक महामारी कोविड-19 से बचाव के लिए नए प्लान बनने की संभावनाएं बढ़ गई हैं।
लॉकडाउन में मिली छूट और ग्राहकों की भीड़ देखकर सोमवार को दुकानदार भी कोरोना संक्रमण को भूल गए। दुकानों पर सोशल डिस्टेंसिंग तो दूर की बात, कई दुकानदार खुद मास्क लगाए नजर नहीं आए। लॉकडाउन में छूट कुछ शर्तों के आधार पर मिली थी जिसका पालन कम ही दुकानदारों ने किया। दोपहर को जब कलेक्टर डाॅ. शर्मा बाजार में निकली तो भीड़ इतनी थी कि उनका वाहन भी फंस गया। पैदल घूमकर बाजार का भ्रमण करने के बाद कलेक्टर ने अधिकारियों की टीम को सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन करने पर कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं उन्होंने इस दृश्य को देखने के बाद सोशल डिस्टेंस बना रहे, इसके लिए शीघ्र ही नया प्लान बनाए जाने की संभावना है। फिलहाल प्लान तैयार कर जनप्रतिनिधियों की सलाह और उनके परामर्श के बाद ही लागू होगा।

वे कारण, जिनसे उड़ी सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां
1.सब्जी, फल विक्रेता- शहर में सब्जी, फल विक्रेताओं को दोपहर 12 बजे तक की परमिशन लॉकडाउन में घूमकर सब्जी बेचने की थी। लेकिन सोमवार को 4 बजे तक परमिशन होने की वजह से कई स्थानों पर स्थाई खड़े होकर झुंड में सब्जी, फल बेचते रहे।
2.बाइक और वाहन- शहर में सोमवार को दोपहिया वाहनों की बाढ़ आ गई। सुबह से चारों तरफ बाइक, स्कूटर के अलावा ऑटो, टैक्सी, कारें भी सड़कों पर दौड़ती रहीं। इस दौरान शर्तों का उल्लंघन करते हुए बाइक पर दो से तीन लोग घूमते नजर आए।
3.दुकानदारों ने नहीं किया पालन- एक दिन में अधिक कमाने की वजह से दुकानदार 5 से अधिक लोगों को न बुलाने की शर्त भी भूल गए। दुकानों के अंदर भीड़ खड़ी रही। बाहर सोशल डिस्टेसिंग बनाए रखने के लिए गोले तक नहीं बनाए।
4. एक साथ सभी दुकानें खुलना- सोमवार को एक साथ ही सभी दुकानें खुल गईं। इस बीच मंडी भी चालू रही। वहीं 6 मई को तगड़ी लग्न होने की वजह से दुकानें खुलने का इंतजार कर रहे लोग भी बाजार में टूट पड़े। एक साथ पूरा बाजार खुलना और शादी-विवाह का सीजन भी एक बड़ा कारण रहा।

शर्तें न मानी तो इन सुविधाओं पर लग सकती है रोक

  • सप्ताह में दुकानों को रोस्टर के अनुसार खोलने के निर्देश जारी किए जा सकते हैं।
  • दाेपहिया वाहनों के शहर में चलाने पर प्रतिबंध लग सकता है।
  • सब्जी, फिल विक्रेताओं को फिर 12 बजे तक ही बेचने की परमिशन मिलने की संभावना।
  • किराना, मेडिकल दुकानों को भी नंबरिंग के आधार पर खोलने की बन सकती है योजना।

लोग माने नहीं, फिर किया जुर्माना
जब सुबह 9 से 1 बजे तक भी लोग नहीं माने तो कलेक्टर के निर्देश पर प्रशासनिक टीम ने कार्रवाई शुरू की। इस दौरान लवली फुट वियर, सांवरिया किराना, जिंद बाबा ऑटो पार्टस, श्रीराम कृषि सेवा केन्द्र की दुकानों को सील कर दिया। वहीं 46 दुकानों को शर्तों का उल्लंघन करने और 28 वाहनों पर कार्रवाई करते हुए 39600 का जुर्माना वसूला।
शर्तों का उल्लंघन देखकर कलेक्टर बोलीं, मान गए तो ठीक नहीं तो नया प्लान करेंगे लागू
सोमवार को बाजार की स्थिति खुद आंखों से देखने के बाद कलेक्टर डाॅ. मंजू शर्मा ने भास्कर से बातचीत में कहा कि हम ग्रीन जोन के लिए सोच रहे हैं, लेकिन ऐसी स्थिति तो संकट में डाल सकती है। उन्होंने कहा कि अगर मंगलवार को यही स्थिति रही तो जनप्रतिनिधियों की सलाह और सहमति से नया प्लान लागू करेंगे। उन्होंने दुकानदारों से अपील की वे स्वयं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें और ग्राहकों से करवाएं। अन्यथा की स्थिति में उन्होंने आर्डर बदलने की चेतावनी भी दी है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Shopkeepers, customers forgot social distancing, 4 shops sealed, 46 shops and 28 vehicles recovered Rs. 39600. Penalty




0

41 डिग्री में 10 किलो बोझ लादे गर्म थपेड़ों में हजार किमी का पैदल सफर जारी है...

पौने दो साल के बच्चे को गोद में लिए, पीछे 5 से 10 किलो वजन का झोला या बैग, सरपट बढ़ते कदम। ललाट से लगातार बहता पसीना, धूप एेसी कि आंखें भी बराबर नहीं खुल रहीं। ऊपर से गर्म हवा के थपेड़े। इतनी विषमताओं से जूझते हुए पैदल पांच सौ से एक हजार किलोमीटर का सफर। लाॅकडाउन के कुछ दिन बाद से ही यह दृश्य बायपास पर देखे जा रहे हैं। मजदूरी के ठिकाने नहीं, रोजाना मांग कर खाना, किसी दिन भूखे ही सो जाना। कोरोना संक्रमण ने दिहाड़ी मजदूरों की कमर तोड़ कर रखी है। अपने घर (उत्तरप्रदेश, बिहार, राजस्थान) जाने के लिए चिलचिलाती धूप में यह महासफर रोंगटे खड़े कर देने वाला, झकझोर कर रख देने वाला है।
राऊ चौराहा से मांगलिया तक हर किमी पर ये दृश्य
राऊ चौराहा से मांगलिया तक के बायपास पर लगभग हर एक किलोमीटर की दूरी पर एेसे ही हजारों मिल की दूरी पैर-पैर पूरी करने वाले मिल रहे हैं। किसी का एक बच्चा गोद में है तो दूसरा नन्हे कदमों से लंबी दूरी खत्म करने में माता-पिता की मदद कर रहा है। किसी गांव से भोजन का पैकेट मिल गया तो कहीं से पानी भरकर 15 से 20 दिन की दूरी इसी तरह पूरी की जा रही है।
सीमा पार तक छुड़वाने की व्यवस्था में जुटा निगम
निगमायुक्त आशीष सिंह का कहना है कि लोगों की मदद के लिए हमने जगह-जगह स्टॉल लगा दिए हैं। पानी, भोजन की व्यवस्था के साथ-साथ इंदौर की सीमा खत्म होने तक छुड़वाने की व्यवस्था भी की है। एसपी वेस्ट महेशचंद्र जैन का कहना है कि हमने इंदौर में प्रवेश की हर सीमा पर टेंट-तंबू लगा दिए हैं। वहां पर पलायन करने वालों की मदद की जा रही है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
प्रदेश से पलायन कर रहे लोगों के भोजन और पानी के इंतजाम के लिए नगर निगम ने अपनी तरफ से जगह-जगह टेंट लगाए हैं।