2 जिलेभर में 22.7 मिमी बारिश, तेज हवा से खेतों में झुकी धान की फसल By Published On :: Thu, 07 May 2020 23:30:00 GMT गुरुवार को अलसुबह 3 बजे से मौसम ने करवट बदली। गरज-चमक के साथ जिलेभर में 22.7 मिमी बारिश हुई। इस दौरान 24 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चली। जिसके चलते खेतों में धान की फसल झुक गई। सुबह जब किसान पहुंचे तो बालियां बिखरी हुई मिली। घुमका-सांकरा के बीच खेतों में फसल की बर्बादी हुई। किसान भोजेश साहू,जागेश्वर, पन्नालाल, चिंताराम ने कहा कि इससे नुकसान तय है।इस वजह से मौसम बदलामौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा ने बताया कि मध्यप्रदेश में चक्रीय चक्रवाती घेरा व बिहार और तमिलनाड़ु में द्रोणिका बनने का असर यहां दिखा। मौसम में बदलाव के साथ बौछारें पड़ी।37 डिग्री तापमान, चली ठंडी हवागुरुवार को अधिकतम तापमान 37 डिग्री रहा। जो पिछले 24 घंटे की अपेक्षा 4 डिग्री कम है। सुबह 8 बजे के बाद मौसम साफ हुआ। ठंडी हवाएं चलने से सूर्य की तपिश, तेज गर्मी व उमस से राहत मिली।जानिए, आगे क्या होगाशुक्रवार को सुबह से दोपहर तक मौसम साफ रहेगा। हालांकि बादल छाए रहेंगे। लेकिन बारिश के आसार कम है, सिस्टम सक्रिय नहीं है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 22.7 mm of rain across the district, strong wind, paddy crop in the fields Full Article
2 15 दिन में महाराष्ट्र, हैदराबाद सहित दूसरे राज्यों से 424 लोग लौटे, परीक्षण के बाद हुए क्वारेंटाइन By Published On :: Thu, 07 May 2020 23:30:00 GMT कोरोना के कहर के बीच महाराष्ट्र, हैदराबाद सहित दूसरे राज्यों से अब तक जिले में लोगों के आने का सिलसिला जारी है। पिछले 15 दिन में 424 लोग यहां पहुंचे हैं। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद सभी को गांव के स्कूल व भवन में बनाए गए क्वारेंटाइन सेंटर में शिफ्ट किया गया है। दूसरे राज्यों से लौटने वाले बढ़ते जा रहे हैं। वहीं शासन की ओर से बाहर में फंसे लोगों को लाने की प्लानिंग भी बनी हुई है। ऐसे में यह आंकड़ा बढ़ते क्रम पर रहेगा।जिलेवासी चिंतित हैं क्योंकि छत्तीसगढ़ की अपेक्षा दूसरे राज्यों में कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है और वहीं से लोग आ रहे हंै। 22 अप्रैल काे 3529 लौटे थे। जो गुरुवार को बढ़कर 3953 पहुंच गया है। पहले जो दूसरे राज्य से आते थे, उन्हें 28 दिनों तक होम आइसोलेशन में रखते थे। कोरोना के केस बढ़ रहे तब आने वालों को क्वारेंटाइन सेंटर में शिफ्ट कर रहे हंै। सीएमएचओ डॉ. बीएल रात्रे ने कहा है कि स्वास्थ्य विभाग परीक्षण के अलावा रैपिड टेस्ट किट का उपयोग कर रही है ताकि संक्रमित मरीजों की जानकारी हो सके।विदेश से आने वाले सभी 65 सुरक्षित, सैंपल रिपोर्ट भी निगेटिव, लगातार नजर रखी हैजिलेवासियों के लिए राहतभरी खबर है कि विदेश से पहुंचे जिले के सभी 65 लोग सुरक्षित हैं। हालांकि सभी को सुरक्षा के लिहाज से लॉकडाउन तक घर से बाहर न निकलने की हिदायत दी गई है। जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट अनुसार दूसरे राज्यों से लौटे 3 हजार 953 लोगों को चिह्नांकित किया गया है। जिसमें 3 हजार 507 का होम आइसोलेशन पूरा हो चुका है। वहीं 446 लोगों को अब तक विशेष निगरानी में रखा गया है। जिसमें बालोद ब्लॉक के 29, डौंडी के 38, डौंडीलोहारा के 253, गुरूर के 40, गुंडरदेही ब्लॉक के 86 लोग शामिल है। इनमें अधिकांश महाराष्ट्र से लौटे हैं।कोटा से लौटे 31 छात्र 14 दिन के होम आइसोलेशन परकोटा (राजस्थान) से लौटे जिले के 31 छात्र-छात्राओं की घर वापसी के बाद इनका गुरुवार से होम आइसोलेशन शुरू हो गया है। इसके पहले बुधवार को स्वास्थ्य विभाग ने सभी छात्र-छात्राओं को हैंड सैनेटाइज कराकर स्वास्थ्य परीक्षण किया। विशेष निर्देशों के साथ उन्हें उनके पालकों को सौंपा गया। इससे पहले छात्र-छात्राओं को लेने उनके पालक सरदार वल्लभ भाई पटेल मैदान पहुंच गए थे। डिप्टी कलेक्टर एवं नोडल अधिकारी प्रेमलता चंदेल ने बताया कि सभी छात्र-छात्राओं को कोटा से वापसी के बाद बिलासपुर में स्वास्थ्य परीक्षण कराकर क्वारेंटाइन सेंटर में रखा गया था। उन्होंने कहा कि सभी छात्र-छात्राएं व उन्हें घर ले जाने आए पालक 14 दिनों तक अपने घर में होम आइसोलेशन में रहेंगे।लॉकडाउन के पहले की स्थिति- जब पहुंचे थे 505 लॉकडाउन के पहले 23 मार्च तक विदेश से लौटने वाले 23 व देश के दूसरे राज्यों से लौटने वाले 482 (कुल 505) की पहचान की गई थी। ऐसे में लॉकडाउन लगने के बाद 3 हजार 448 लोगों की पहचान की गई है। जो दूसरे राज्यों से लौटे हैं। स्वास्थ्य विभाग व जिला प्रशासन की ओर से गठित टीम घरों में पहुंचकर स्वास्थ्य संबंधित जानकारी ले रही है।सभी का स्वास्थ्य परीक्षण कर रहे हैं: सीएमएचओसीएमएचओ डॉ. बीएल रात्रे ने बताया कि दूसरे राज्यों से लौटने वालों की जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम को संबंधित तक पहुंचकर स्वास्थ्य परीक्षण करने निर्देश दिए है। अभी हमारे जिले में स्थिति सामान्य है। फिर भी जागरुकता जरुरी है, क्योंकि कई लोग दूसरे राज्यों से लौटने के बाद भी देरी से जानकारी दे रहे हंै। विभाग अलर्ट है।एहतियात: 782 में से 766 लाेगाें की सैंपल रिपोर्ट निगेटिव आईजिले में ज्यादा लोगों को चिन्हित कर सैंपल लेकर भेजा जा रहा है। कोरोना जांच के लिए रायपुर एम्स व मेडिकल कॉलेज के कोविड लैब में 782 सैंपल भेजे जा चुके हैं। जिसमें 766 लोगों की रिपोर्ट जिला स्वास्थ्य विभाग को मिल चुकी है। सभी निगेटिव है। 16 सैंपल का रिपोर्ट आना बाकी है। सीएमएचअाे डाॅ. बीएल रात्रे ने बताया कि जितनी सैंपल रिपोर्ट मिली है, वह निगेटिव है। मेडिकल कॉलेज में 14 व एम्स के कोविड लैब में 768 सैंपल भेज चुके हंै। आज भी भेजे हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 424 people returned from other states including Maharashtra, Hyderabad in 15 days, quarantine after trial Full Article
2 2085 लोग अब तक ट्रेस हुए सैंपल सिर्फ 799 का ही ले पाए By Published On :: Thu, 07 May 2020 23:42:00 GMT कोरोना वायरस के बीच स्वास्थ्य विभाग ने गुरुवार की देर शाम तक 2085 लोगों को ट्रेस किया लेकिन सैंपल लेने की कोई रुचि विभाग में नहीं है। अभी तक सिर्फ एक तिहाई यानी 799 लाेगाें के सैंपल ही लिए जा चुके हैं। इनमें 741 लाेगाें की रिपाेर्ट मिली है जिनमें से एक को छोड़कर बाकी सभी निगेटिव पाए गए। गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने 58 लोगों के सैंपल लिए। वहीं 1580 लोगों का पता लगाया गया जिन्होंने घरों में अपनी 28 दिन की क्वॉरेंटाइन अवधि को पूरा कर लिया है। इसके बावजूद भी इन सभी से घर में रहने के लिए कहा गया है। सीएमएचओ डॉ. प्रमोद महाजन के अनुसार बिलासपुर में कोराेना को लेकर स्थिति पूरी तरह ठीक है और पिछले 1 माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कोरोना को लेकर कोई नया मरीज सामने नहीं आया है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
2 पिछले साल 48, इस वर्ष सिर्फ 47 दिन निर्माण, 2021 में भी बहतराई स्टेडियम पूरा होना मुश्किल By Published On :: Thu, 07 May 2020 23:46:00 GMT सरकारी दुर्दशा से जूझ रहा बहतराई स्टेडियम 12 साल बाद भी अधूरा है। 2019 और 2020 में जिस गति से निर्माण हुआ अगर निर्माण की गति यही रही तो स्टेडियम 2021 में भी पूरा होना मुश्किल है। पीडब्ल्यूडी के जानकार खुद इस बात को मान रहे हैं। वर्ष 2019 में सिर्फ 48 दिन निर्माण कार्य चला और फिर बंद हो गया। इसी तरह 2020 में सिर्फ 47 दिन निर्माण कार्य चला और अब 18 मार्च से बंद है। इस वर्ष तो लॉकडाउन में निर्माण नहीं करा पाने का बहाना अफसरों ने बता दिया। पिछले वर्ष गर्मी और फिर बारिश में निर्माण नहीं करा पाने का बहाना बताकर बच गए थे। लेकिन दैनिक भास्कर ने पीडब्ल्यूडी के जानकारों से पूछा कि जिस गति से निर्माण चल रहा है, इस हिसाब से स्टेडियम पूरा कम बनेगा? जानकारों ने कहा कि इस वर्ष तो पूरा नहीं होगा। अगर काम की रफ्तार नहीं बढ़ी तो 2021 में भी बहतराई स्टेडियम पूरा होने की संभावना नहीं है। 2008 से बिलासपुर और प्रदेश के खिलाड़ी स्टेडियम के पूरे होने की आस लेकर बैठे हैं लेकिन उनका इंतजार बढ़ता ही जा रहा है। वर्ष 2018 में 8 महीने निर्माण चला और बारिश के कारण चार महीने बंद रहा। इस आठ महीनों में हॉकी स्टेडियम बनकर तैयार हो गया था लेकिन उसमें भी गैलरी और फ्लड लाइट नहीं लग पई। इसके अलावा इंडोर और आउटडोर में कुछ छोटे काम हुए।2019 में इंडोर में एसी और हॉकी में लगा था गोल पोस्टबीते वर्ष 2019 में 31 मार्च से निर्माण कार्य शुरू हुआ और फिर 10 मई को पूरी तरह बंद हो गया। इन 48 दिनों में आउटडोर स्टेडियम में डामरीकरण का काम हो पाया था। इंडोर में एसी का काम पूरा हुआ। फायर फाइटिंग और एकास्टिंग का काम पूरा हो पाया। हॉकी मैदान में गोल पोस्ट लगाया गया था। इसके अलावा अन्य छोटे काम हुए।2018 में हॉकी मैदान बनाया गयावर्ष 2018 में शुरू से निर्माण कार्य चला और बीच में चार महीन ले बारिश में बंद रहा। इन आठ महीनों में हॉकी स्टेडियम पूरा बनकर तैयार हुआ लेकिन गोल पोस्ट लगाया और फिर इसे निकालना पड़ा। फिर 2019 में इसे व्यवस्थित तरीके से लगाया गया। इसी वर्ष इंडोर में कुछ छोटे मोटे काम हो पाए। लेकिन आउटडोर में कोई काम नहीं हुआ।इस वर्ष सिर्फ सिंथेटिक का काम हो पाया2020 में 1 फरवरी से आउटडोर में एथलेटिक ट्रैक पर सिंथेटिक गाेंद बिछाने का काम शुरू हुआ और 18 मार्च तक यह काम पूरा हो पाया। इसके बाद लॉकडाउन की घोषणा हो गई और निर्माण पूरी तरह बंद हो गया। दिल्ली से आए एक्सपर्ट की टीम ने ट्रैक पर सिंथेटिक बिछाया। अभी ट्रैक पर मार्किंग का काम बचा है तो दिल्ली की टीम ही करेगी। जानकारों ने बताया कि यह काम इस वर्ष पूरा होना मुश्किल है।पैसों का इंतजार, मिलते ही जल्द होगा निर्माणपीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर एके मंधाना स्टेडियम कब पूरा होगा यह बताने से पल्ला झाड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभी तो लॉकडाउन में निर्माण रुका है। ठेकेदार का भुगतान नहीं हाेने के कारण कुछ काम रुके हैं। स्टीमेंट रिवाइज हुआ है, जिसकी स्वीकृति अभी तक शासन से नहीं मिली है। जब हमारे पास पैसे नहीं है तो निर्माण कैसे होगा। शासन की स्वीकृति हमारे हाथ में नहीं है। रह गई बात स्टेडियम की तो जो काम बचे हैं उन्हें जल्द किया जाएगा। स्टेडियम पूरा होने की निर्धारित निर्धारित तिथि इसलिए नहीं बता पा रहा हूं कि कुछ काम शासन स्तर के हैं जिन्हें पूरा होने में समय लगता है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Construction last year 48, just 47 days this year, completion of Bahtarai Stadium in 2021 is difficult Full Article
2 32 करोड़ से दोबारा बनेंगी पीएमजीएसवाय की 98 सड़कें, ऑपरेटर नहीं मिलने से सिर्फ 5 का ही काम शुरू By Published On :: Thu, 07 May 2020 23:48:00 GMT जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी 10 साल पुराने सड़कों को दोबारा बनाने 32 करोड़ रुपए की मंजूरी मिली है। इसके साथ ही पांचों ब्लाॅक में 98 सड़कों को नए सिरे से बनाया जाएगा। अब लॉकडाउन में निर्माण शुरू करने की छूट मिलने के बाद मशीन ऑपरेटर ही नहीं मिल रहे हैं। इसकी वजह से पांच सड़कों का निर्माण ही शुरू हो पाया है। बारिश के पहले सभी सड़कें बनना मुश्किल है। इन सड़कों के नहीं बनने से 3 लाख आबादी को फायदा होगा, लेकिन अभी बन रही सड़कों से मात्र 20 हजार को आवाजाही में सुविधा मिल पाएगी।मुख्य सड़कों के साथ ही ग्रामीण सड़कों की हालत ठीक नहीं है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 10 से 15 साल पुरानी सड़कें उखड़ गई हैं। जिसकी वजह से ग्रामीणों को आवाजाही में परेशानी होती है। पीएमजीएसवाय फेस-3 के तहत इन सड़कों को फिर बनाने का प्रस्ताव भेजा गया था। 98 सड़कों के लिए फंड की मंजूरी मिलते ही टेंडर की प्रक्रिया पूर्ण करा ली गई थी। लेकिन काम शुरू होता इसके पहले ही लॉकडाउन लग गया। अब जाकर काम शुरू कराया गया है। बारिश के पहले अधिकांश सड़कों की हालत नहीं सुधर पाएगी। इस मुख्य वजह ठेका कंपनियों के पास काम करने वाले ऑपरेटरों की कमी भी है। अधिकांश आॅपरेटर झारखंड, बिहार के होते हैं। जो लॉकडाउन में वापस लौट चुके हैं।सड़कों का काम पूरा कराने का प्रयास: ईईप्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के ईई कमल साहू का कहना है कि अभी 5 सड़कों का काम चल रहा है और भी काम शुरू हों, इसका प्रयास किया जा रहा है। ठेकेदारों से चर्चा की जा रही है। जो काम चल रहे हैं वह जून तक पूर्ण हो जाएगा। एक ठेकेदार के पास कई काम हैं इसलिए और भी सड़कों का रीनिवल हो जाएगा।जानिए किस ब्लाॅक में कितने किलोमीटर की सड़कें बनेंगीब्लाॅक संख्या लंबाई लागत (लाख में)करतला 19 55.43 730.79कोरबा 17 63.64 1013कटघोरा 16 36 563.83पोड़ी-उपरोड़ा 22 91.70 1345.13पाली 24 76.49 1103इन पांच सड़कों का चल रहा है निर्माण98 में से 5 सड़कों का काम चल रहा है। जिसमें बालको रिंगरोड से कुदरी तक 2.22 किलोमीटर, पोड़ी-उपरोड़ा ब्लाॅक में पडरापथरा सड़क, सेन्हा रोड, मदनपुर रजकम्मा के साथ बिंझरा सड़क शामिल है। इन सड़कों का काम जून तक पूर्ण हो जाएगा।पर्यटन केंद्र जाने सतरेंगा की सड़क अभी तीन महीने और नहीं बन पाएगीपर्यटन केन्द्र सतरेंगा जाने के लिए बालको से गढ़ उपरोड़ा तक सड़क बनाने 30 करोड़ मंजूर हैं। अभी मरम्मत के नाम पर गड्ढों को मिट्टी से पाटा गया है। अप्रैल में काम शुरू होने वाला था। लेकिन टेंडर प्रक्रिया लॉकडाउन की वजह से समय पर नहीं हो पाई। अब अनुबंध करने में ही समय लग जाएगा। तीन महीने बाद ही सड़क बनेगी।लेटलतीफी का यह होगा असर : लोगों को तीन माह फिर करना पड़ेगा इंतजारबारिश के पहले जून तक सड़कें नहीं बनीं तो तीन माह और इंतजार करना पड़ेगा। ग्रामीणों को खराब सड़कों पर ही चलने की मजबूरी होगी। खरवानी से सरईपाली तक 2 किलोमीटर की सड़क इतनी खराब है कि पैदल चलना मुश्किल हो जाता है। जिले की कई ग्रामीण सड़कों की यही हालत है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today PMGSY's 98 roads to be rebuilt from 32 crores, only 5 work started due to lack of operator Full Article
2 पैसे लौटाने धमकी दी, 24 घंटे बाद युवक की मौत, सूदखोर गिरफ्तार By Published On :: Fri, 08 May 2020 00:55:00 GMT कातुलबोड़ निवासी कैटरिंग व्यवसायी सूरज सिंह को धमकाने और परेशान करने वाले सूदखोर शैलेश उर्फ कमलेश के खिलाफ गुरुवार को मोहन नगर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने उसे जेल भेज दिया है। पुलिस के मुताबिक, बुधवार सुबह घर से आधा किलोमीटर दूरी पर व्यवसायी का शव पेड़ पर लटका मिला था। पुलिस ने व्यवसायी के जेब से एक सुसाइड नोट बरामद किया था। नोट में सूदखोर द्वारा परेशान करने का जिक्र था। सूदखोर व्यवसायी को पांच लाख रुपए ब्याज समेत लौटाने के लिए दो महीने से धमका रहा था। लॉक डाउन के दौरान कई बार घर पर आकर व्यवसायी और उसकी पत्नी को भी धमकी दे चुका था। मृतक के भाई संजय ने बताया कि लॉकडाउन के कारण भाई सुनील का कैटरिंग का व्यवसाय पूरी तरह बंद हो गया था। जिसके कारण मार्केट से पैसे नहीं मिल पा रहे थे। जिन ग्राहकों से पैसे मिलने थे, वे भी नहीं लौटा रहे थे। सूदखोर पैसे लौटाने के लिए मोहलत देने को तैयार नहीं था। पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है।युवक ने सुसाइडल नोट भी छोड़ा है...मोहन नगर पुलिस ने गुरुवार को कैटरिंग व्यवसायी सूरज निवासी कातुल बोर्ड के आत्महत्या मामले में सूदखोर कमलेश निवासी सेक्टर-10 के खिलाफ आईपीसी की धारा 306 के तहत केस दर्ज कर लिया है। टीआई नरेश पटेल ने बताया कि बुधवार सुबह करीब 5.30 बजे उपवन बार के सामने बबूल के पेड़ पर व्यवसायी का शव लटका मिला था। व्यवसायी ने पेड़ में रस्सी का फंदा बनाकर गर्दन में कस लिया था। उसके पास से मिले सुसाइड नोट के जरिए व्यवसायी की पहचान हो पाई थी। नोट पढ़ने से पता चला था कि सूदखोर से परेशान होकर व्यवसायी ने खुदकुशी की थी। व्यवसायी के भाई संजय ने बताया कि सूदखोर भाभी किरण और तीनों बच्चों को घर आकर कई बार धमका चुका था। भाई ने उससे लाखों रुपए ब्याज पर लिए थे। सुसाइडल नोट में युवक ने सूदखोर का नाम लिखा है।व्यवसायी के घर से लेनदेन के दस्तावेज जब्तपुलिस ने गुरुवार शाम कैटरिंग व्यवसायी के घर से पांच लाख रुपए के लेनदेन के दस्तावेज जब्त कर लिया है। कागजों में लिखापढ़ी के मुताबिक ,व्यवसायी ने 6 जनवरी को 2 लाख और 24 फरवरी को 3 लाख रु. सूदखोर से लिए थे। आरोपी ने व्यवसायी से 32 चैक भी ले लिए थे। पैसे मांगने के लिए आरोपी दो दिन पहले घर आकर धमकी देकर गया था। पत्नी व अन्य के बयान भी होंगे।गुंडे लेकर आता था आरोपी सामान भी ले गया थापुलिस के मुताबिक,दो महीनों में सूदखोर कई बार कैटरिंग व्यवसायी के घर पर धमकाने आ चुका था । वह गुंडे लाकर मारपीट करने के साथ घर का समान उठा ले जाने की धमकी देता था। इसी वजह से व्यवसायी डर गया था। पुलिस व्यवसायी की पत्नी,बच्चों समेत अन्य परिजन के भी बयान लेगी। पुलिस ने गुरुवार को आरोपी को रायपुर से पकड़कर जेल भेज दिया है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
2 3 करोड़ रु. बिल वसूलने 200 को बीएसपी ने थमाया नोटिस By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT बीएसपी के नगर सेवाएं प्रशासन की बिजली विभाग ने 3 करोड़ से अधिक बकाया बिजली बिल वसूलने के लिए इनकम टैक्स, बीएसएफ, पुलिस प्रशासन सहित 200 उपभोक्ताओं को नोटिस जारी किया है। इन्हें बकाया बिजली बिल का भुगतान करने 15 दिनों का समय दिया है। इस अवधि में भुगतान नहीं करने की स्थिति में बीएसपी प्रबंधन ने बिजली कनेक्शन काटने की चेतावनी दी है।बिजली विभाग ने ऐसे करीब 400 उपभोक्ताओं की सूची तैयार की है, जिन्होंने वर्षों से बिजली बिल का भुगतान नहीं किया है। इनमें इनकम टैक्स विभाग (9 लाख), बीएसएफ ( साड़ी 5 लाख) और पुलिस प्रशासन (7 लाख) जैसे उपभोक्ता शामिल हैं।नोटिस देकर ली जा रही है रिसिप्ट, चेतावनी भी दीबिजली विभाग पूर्व में बकायादारों को नोटिस तो जारी करता था लेकिन रिसीव कॉपी नहीं लेता था। इस बार विभाग ने इस प्रैक्टिस को बदलते हुए नोटिस थमाने के साथ ही रिसिप्ट भी ले रहा है। नोटिस में भुगतान के लिए 15 दिनों का समय दिया जा रहा है। कनेक्शन काटने की भी चेतावनी दी है।दोबारा लाइन जोड़ने पर भी वसूली जाएगी पेनाल्टीबिजली विभाग ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि 15 दिनों के भीतर भुगतान नहीं करने पर लाइन तो काटी जाएगी, इसके बाद भुगतान करने पर दोबारा लाइन जोड़ने के लिए भारी भरकम जुर्माना वसूला जाएगा। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
2 हाउसिंग बोर्ड टंकी का टेस्टिंग पूरा, पानी सप्लाई भी शुरू, अब 25 हजार परिवार को मिलेगी राहत By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT अमृत मिशन फेस टू के तहत नवनिर्मित हाउसिंग बोर्ड पानी टंकी और पाइप लाइन की टेस्टिंग का काम पूरा कर लिया गया है। साथ ही पानी की सप्लाई भी शुरू कर दी गई है। इस टंकी के निर्माण से हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र के करीब 25 हजार परिवार लाभान्वित होंगे। क्षेत्र के हर परिवार को पानी मिल सके। इसके लिए तेजी से नल कनेक्शन भी दिया जा रहा है। मेयर व विधायक देवेंद्र यादव ने पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश के बाद अधिकारियों ने यहां प्रोजेक्ट पूरा किया। 25 हजार लोगों को राहत मिलेगी।बिछाई गई नई पाइप लाइननवनिर्मित हाउसिंग बोर्ड पानी टंकी की टेस्टिंग की। इसके बाद टंकी में पानी भरने के साथ ही अमृत मिशन योजना के तहत हाउसिंग बोर्ड एरिया में जो नई पाइप लाइन बिछाई गई हैं।3500 घरों को मिलेगा रोज साफ पानीनव निर्मित हाउसिंग बोर्ड पानी टंकी की क्षमता 32 लाख लीटर की है। इसके अलावा हर घर तक पानी की सप्लाई की जा सके। इसके लिए नई वितरण पाइपलाइन लगभग 35 किलोमीटर तक बिछाई गई है। नई पाइप लाइन से नल कनेक्शन देने का काम भी जोरो से चल रहा है। क्षेत्र में करीब 3500 घर है। इसमें से 2600 घरों में नए पाइप से कनेक्शन दिया जा चुका है और मात्र करीब 1000 घर बचे है।भिलाई के हर घर तक पहुंचाएंगे पानीहाउसिंग बोर्ड में फेस-2 के तहत प्रोजेक्ट पूरा हो गया है। पानी सप्लाई शुरू हो गई है। पानी टंकी, फिल्टर प्लांट व पाइप लाइन बिछाई गई है। भिलाई के हर घर तक साफ पानी पहुंचेगा। -देवेन्द्र यादव, मेयर व विधायक, भिलाई Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Housing board tank testing completed, water supply also started, now 25 thousand families will get relief Full Article
2 शहर के 5 हजार छात्र 12वीं के बचे हुए एग्जाम देंगे By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा मंडल ने 12वीं के बचे हुए पर्चे की तिथियां घोषित कर दी हैं। इस बार सीबीएसई पैटर्न के अंतर्गत 12वीं की परीक्षा में ट्विनसिटी से करीब 5 हजार बच्चे शामिल हो रहे हैं। मार्च के अंतिम सप्ताह में लॉकडाउन की घोषणा होने के बाद उनके बचे हुए विभिन्न विषयों के 29 पर्चे स्थगित हो गए थे।इसमें भाषा और कुछ प्रमुख विषयों के पर्चे हैं। परीक्षाएं 1 से 15 जुलाई के बीच होंगी। परीक्षा पुराने समय के अनुसार होंगी। सिर्फ इसकी तिथियां बदली गई हैं। स्टूडेंट्स को एग्जाम के लिए 53 दिन ही मिलेंगे। ऐसे में स्टूडेंटस् को पूरी मेहनत के साथ और मन लगाकर पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी करनी होगी।12वीं का सीएस, आईटी, भूगोल के पर्चे हैं बचे: क्षेत्रीय समन्वयक आरएस पांडेय ने बताया कि मार्च के अंतिम सप्ताह तक 12वीं के भी अधिकांश पर्चे हो चुके थे, लेकिन भाषा, रीजनल लेंग्वेज और कुछ प्रमुख विषय के पर्चे नहीं हो पाए थे। लॉकडाउन की घोषणा के बाद परीक्षाएं स्थगित कर दी गई थी। नई समय सारणी के अनुसार अब बचे हुए 29 पर्चे होंगे। इसमें मुख्य विषय हैं बिजनेस स्टडी, कंप्यूटर साइंस, इंफर्मेशन टेक्नोलॉजी, भूगोल आदि। परीक्षा की तैयारी के लिए छात्रों को भरपूर समय दिया गया है। इस दौरान वह पर्चों की अच्छे से तैयारी कर सकेंगे।तैयारी के लिए मिल रहे हैं 53 दिन : 9 मई से 30 जून तक बच्चे परीक्षा की तैयारी कर सकते हैं। इस तरह उन्हें प्रिपरेशन के लिए 53 दिन मिलेंगे। स्थगित परीक्षाएं 1 जुलाई से होंगी। 15 जुलाई के बीच सारे बचे हुए पर्चे हो जाएंगे। इन दिनों मार्च में हुए पर्चों के मूल्यांकन का कार्य चल रहा है। परीक्षाओं के दौरान ही उनकी उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कराया जाएगा, ताकि जल्दी से जल्दी नतीजे घोषित करने में किसी तरह की परेशानी न हो और बच्चे अपनी इच्छानुसार अकादमिक या प्रोफेशनल कॉलेजों में प्रवेश ले सकेंगे। जबकि, बाहर जिलों से आए कई स्टूडेंट्स वापस चले गए हैं अपने घरट्विनसिटी में दुर्ग जिले समेत पूरे राज्य से बच्चे पढ़ने के लिए आते हैं। उनके साथ ओडिशा, झारखंड और मध्यप्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों के बच्चे भी ट्विनसिटी में ही रह कर 12वीं की परीक्षा के साथ प्रोफेशनल कोर्स में प्रवेश की तैयारी करते हैं। अभी सभी बच्चे छात्रावासों के बंद होने की वजह से अपने घर चले गए हैं। उनके बताए मोबाइल नंबरों पर परीक्षा की सूचना दी जाएगी। स्कूल के सूचना पटल पर भी समय सारणी चस्पा किया जाएगा। बता दें कि दुर्ग-भिलाई के स्टूडेंट्स ऑनलाइन क्लासेस से भी तैयारी कर रहे हैं।10वीं के बचे सभी पेपर की होगी इंटरनल मार्किंग10वीं के बचे हुए पर्चे नहीं होंगे। अधिकांश विषयों की परीक्षाएं हो चुकी हैं। सामान्य भाषा और संगीत के पर्चे बचे हैं। उसमें शामिल होने वाले बच्चों की इंटर्नल मार्किंग की जाएगी। यानी शिक्षा सत्र के दौरान यूनिट टेस्ट, हाफ ईयरली और मॉडल पेपर के साथ ही प्रैक्टिकल परीक्षा में जो मार्क्स मिले होंगे उसके अनुसार जिन विषयों की परीक्षाएं नहीं होंगी, उनमें छात्र-छात्राओं को अंक दिए जाएंगे। बताया जाता है कि अभी तक करीब 70 फीसदी कॉपियों का मूल्यांकन हो चुका है। सीबीएसई कॉपी चेक होने के बाद जल्द ही रिजल्ट भी जारी करेगा, ताकी आगे की पढ़ाई शुरू हो सके। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
2 फसल ली ही नहीं और उठा रहे बीमा का फायदा, 25 से 30 हजार रुपए तक भुगतान By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत उन किसानों को भी बीमा की राशि मिल गई है जिन्होंने धान की फसल ली ही नहीं। पटवारी ने फसल नुकसान की ऐसी रिपोर्ट बनाई कि अपात्रों को भी फायदा हो गया। ऐसा ही मामला लिटिया गांव में सामने आया है। यहां 6 किसानों को खेती के बिना ही बीमा योजना का लाभ मिल गया है।ग्रामीणों ने इसकी शिकायत भी कर दी है और हल्का पटवारी पर गड़बड़ी का आरोप लगाया है। कृषि विभाग के उप संचालक जीएस ध्रुव ने बताया कि ग्रामीणों को इस संबंध में बीमा कंपनी से शिकायत करनी होगी। बीमा राशि कंपनी के माध्यम से जारी हुई है। लिटिया में फसल बीमा की राशि आने के बाद जब चर्चा छिड़ी तब इस बात का खुलासा हुआ कि कुछ ऐसे किसान भी हैं जो कि तीन से चार साल से खेती नहीं कर रहे हैं और जमीन बेकार पड़ी है पर इन किसानों को बीमा की राशि मिली है। जबकि कुछ किसानों को नुकसान झेलने के बाद भी भुगतान नहीं हुआ है।बीमा लाभ के लिए पटवारी की रिपोर्ट जरूरीगांव के राजेन्द्र वर्मा ने बताया कि पटवारी के रिपोर्ट के आधार पर ही फसल बीमा का लाभ मिलता है। यह खुद पटवारी ने ही बताया है। पटवारी के पास जब कोई छोटा किसान बीमा संबंधित काम के लिए संपर्क करता हैं तो उसे टाल दिया जाता है। जबकि बड़े किसानों को पूरा तवज्जो दिया जा रहा है। ग्रामीण वीरेंद्र जंघेल ने बताया कि पटवारी की मिलीभगत से ही बड़े किसानों को खेती नहीं करने के बाद भी बीमा की राशि मिली है। इस संबंध में बताया कि जिस किसान को फायदा हुआ है, उसकी जमीन पांच साल से बेकार पड़ी है। ग्रामीणों ने बताया कि बार-बार इसकी शिकायत कर रहे हैं पर अफसर जांच करने सामने नहीं आ रहे हैं। बताया कि कृषि विभाग के अफसरों से संपर्क किया गया था पर लॉकडाउन का बहाना कर गांव ही नहीं आए। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
2 इंदौर क्षेत्र के 24 मजदूर पहुंचे, जिले में आते ही क्वारेंटाइन सेंटर में भेजे गए By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT मध्यप्रदेश के रेड जोन इंदौर में फंसे हुए क्षेत्र के 24 मजदूर शुक्रवार को जिले में पहुंच गए। 680 किमी के इस सफर को इन मजदूरों ने कभी पैदल तो कभी ट्रक चालकों से लिफ्ट लेकर 3 दिन में पूरा किया। राजनांदगांव में दाखिल होने के बाद वहां पुलिस चेकिंग के दौरान मजदूरों को पुलिस की ओर से ही किराए पर ई-रिक्शा उपलब्ध कराई गई। जिसके बाद मज़दूर 1000 रुपए सामूहिक किराया देकर ई रिक्शा से ही बालोद पहुंचे।इंदौर से आने वाले मजदूर ग्राम उमरादाह, सांकरा, जगन्नाथपुर, तवेरा के रहने वाले हैं। मजदूरों को फिलहाल उनके गांव के स्कूलों में क्वारेंटाइन पर रखा गया है। स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों ने उनकी जांच की है। लेकिन अभी सैंपल नहीं लिया गया है।एक-एक करके सभी मजदूरों को कोविड अस्पताल बालोद में भी जांच के लिए भेजा जाएगा।जगन्नाथपुर के सरपंच अरुण साहू, सांकरा की सरपंच वारुणी देशमुख ने कहा कि 16 मजदूरों को गांव के प्राइमरी और मिडिल स्कूल में ठहराया गया है।मजदूरों की जुबानी कैसे पहुंचे यहां तक बता रहे कहानीजगन्नाथपुर के मजदूर नीमकरण साहू व उनकी पत्नी परमेश्वरी साहू ने बताया कि 3 दिन पहले सुबह 4 बजे से इंदौर से निकले थे। इंदौर के आउटर तक लगभग 15 किमी पैदल चलने के बाद उन्हें ट्रक से लिफ्ट मिला। फिर कुछ दूरी तक पहुंचने के बाद 60 किमी दोबारा चलते रहे। ऐसे तैसे कभी लिफ्ट तो कभी पैदल चलते हुए 3 दिन में शुक्रवार को सुबह 6 बजे सभी राजनांदगांव पहुंचे। जहां फिर रिक्शा का इंतजाम पुलिस की ओर से किया गया लेकिन किराया सभी मजदूरों ने मिलकर दिया। फिर इसी से गांव पहुंचे। रहने खाने में हो रही थी दिक्कत इसलिए आना पड़ा सांकरा के मजदूर पोषण ने कहा कि इंदौर रेड जोन है रहने खाने में भी बहुत दिक्कत हो रही थी। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
2 कोरोना के बीच महाराष्ट्र में फंसे हैं बालाेद जिले के 1725 लोग By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT देश के 22 राज्यों में फंसे 4 हजार 227 लोगों ने ग्राम पंचायत में संपर्क कर और फोन से सूचना देकर घर वापसी के लिए जिला प्रशासन से लगाई गुहार है। जिसमें सिर्फ महाराष्ट्र राज्य में फंसे एक हजार 725 लोग शामिल हैं यानी जितने अब तक दूसरे राज्यों से पहुंचे है, उससे ज्यादा और पहुंचेंगे। जिला प्रशासन के अनुसार मार्च से 7 मई तक 3 हजार 953 लोग दूसरे राज्यों से पहुंचे हैं। वहीं 7 अप्रैल तक दूसरे राज्यों में फंसे 1308 लोगों की पहचान कर सूची तैयार की गई थी। इस हिसाब से एक माह में ही 2 हजार 919 लोगों की और पहचान हुई है। जो कोरोना के कहर के बीच घर वापस आना चाह रहे है।स्थानीय अफसरों का कहना है कि जिले के कितने लोग दूसरे राज्यों में फंसे है, इसकी जानकारी राज्य शासन को रोजाना दी जा रही है। घर कब तक पहुंचेंगे, इस संबंध में राज्य शासन स्तर पर निर्णय लिया जाएगा। कोरोना को लेकर देशभर में महाराष्ट्र संवेदनशील है, यहां 18 हजार से ज्यादा पॉजिटिव मरीज मिल चुके हैं। वहां फंसे लोग चाह रहे हैं कि जल्द गृह जिला पहुंचे। महाराष्ट्र के चिखलोली गांव में फंसे माहुद बी के तिलकराम, चितरंजन ने बताया कि किसी तरह भोजन मिल रहा है लेकिन अब हमें घर आना है, यहां केस बढ़ते ही जा रहे है, काम बंद है। प्रशासन, शासन से उम्मीद है कि जल्द हमें घर पहुंचाएंगे।स्कूल, सामुदायिक भवन आश्रम में ठहराया जा रहादूसरे राज्यों से वापस आने वाले श्रमिकों एवं परिवार के सदस्यों को क्वारेंटाइन में रखने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां जिला स्तर पर चल रही है। ताकि संक्रमण का खतरा न रहें। ग्राम स्तर पर गांव से दूर उपयुक्त भवन जैसे स्कूल, सामुदायिक भवन, आश्रम, छात्रावास को क्वारेंटाइन सेंटर बनाया गया है। मजदूरों की संख्या के आधार पर ग्राम पंचायत व शहरी क्षेत्र स्तर पर व्यवस्था की गई है। इसके लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।शहर में सीएमओ, ग्रामीण क्षेत्र में जिपं सीईओ नोडल अफसर छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव आरपी मंडल ने कलेक्टर को पत्र भेजकर निर्देश दिए है कि घर वापसी के लिए इच्छुक लोगों की जानकारी उपलब्ध कराएं। ताकि आगे की कार्रवाई कर सकें। कितनी संख्या में लोग, किस प्रदेश के किस जिले से कब आ रहे हैं या आने की संभावना है। अन्य राज्यों से प्राप्त डाटा जानकारी को कलेक्टर तत्काल राज्य नोडल अधिकारी से साझा करेंगे। कार्य योजना बनाने एवं क्रियान्वयन के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में जिपं सीईओ को, शहरीक्षेत्र में नपा सीएमओ को नोडल अफसर नियुक्त किए हैं। स्वास्थ्य परीक्षण कर क्वारेंटाइन में रखेंगेस्वास्थ्य विभाग को जिम्मेदारी दी गई है कि दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण करें और क्वारेंटाइन सेंटर में रखें। श्रमिकों की अधिकता की स्थिति में प्रदेश की सीमा क्षेत्र या नजदीकी जिले के अन्य निर्धारित स्थान पर स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। अपर कलेक्टर एके वाजपेयी ने बताया कि दूसरे राज्यों में 4 हजार से ज्यादा लोग फंसे है। जो घर वापस आना चाह रहे है। राज्य शासन के आदेशानुसार जरुरी कार्रवाई चल रही है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 1725 people stranded in Balade district in Maharashtra between Corona Full Article
2 कोरोना के बीच महाराष्ट्र में फंसे हैं बालाेद जिले के 1725 लोग By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT देश के 22 राज्यों में फंसे 4 हजार 227 लोगों ने ग्राम पंचायत में संपर्क कर और फोन से सूचना देकर घर वापसी के लिए जिला प्रशासन से लगाई गुहार है। जिसमें सिर्फ महाराष्ट्र राज्य में फंसे एक हजार 725 लोग शामिल हैं यानी जितने अब तक दूसरे राज्यों से पहुंचे है, उससे ज्यादा और पहुंचेंगे। जिला प्रशासन के अनुसार मार्च से 7 मई तक 3 हजार 953 लोग दूसरे राज्यों से पहुंचे हैं। वहीं 7 अप्रैल तक दूसरे राज्यों में फंसे 1308 लोगों की पहचान कर सूची तैयार की गई थी। इस हिसाब से एक माह में ही 2 हजार 919 लोगों की और पहचान हुई है। जो कोरोना के कहर के बीच घर वापस आना चाह रहे है।स्थानीय अफसरों का कहना है कि जिले के कितने लोग दूसरे राज्यों में फंसे है, इसकी जानकारी राज्य शासन को रोजाना दी जा रही है। घर कब तक पहुंचेंगे, इस संबंध में राज्य शासन स्तर पर निर्णय लिया जाएगा। कोरोना को लेकर देशभर में महाराष्ट्र संवेदनशील है, यहां 18 हजार से ज्यादा पॉजिटिव मरीज मिल चुके हैं। वहां फंसे लोग चाह रहे हैं कि जल्द गृह जिला पहुंचे। महाराष्ट्र के चिखलोली गांव में फंसे माहुद बी के तिलकराम, चितरंजन ने बताया कि किसी तरह भोजन मिल रहा है लेकिन अब हमें घर आना है, यहां केस बढ़ते ही जा रहे है, काम बंद है। प्रशासन, शासन से उम्मीद है कि जल्द हमें घर पहुंचाएंगे।स्कूल, सामुदायिक भवन आश्रम में ठहराया जा रहादूसरे राज्यों से वापस आने वाले श्रमिकों एवं परिवार के सदस्यों को क्वारेंटाइन में रखने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां जिला स्तर पर चल रही है। ताकि संक्रमण का खतरा न रहें। ग्राम स्तर पर गांव से दूर उपयुक्त भवन जैसे स्कूल, सामुदायिक भवन, आश्रम, छात्रावास को क्वारेंटाइन सेंटर बनाया गया है। मजदूरों की संख्या के आधार पर ग्राम पंचायत व शहरी क्षेत्र स्तर पर व्यवस्था की गई है। इसके लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।शहर में सीएमओ, ग्रामीण क्षेत्र में जिपं सीईओ नोडल अफसर छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव आरपी मंडल ने कलेक्टर को पत्र भेजकर निर्देश दिए है कि घर वापसी के लिए इच्छुक लोगों की जानकारी उपलब्ध कराएं। ताकि आगे की कार्रवाई कर सकें। कितनी संख्या में लोग, किस प्रदेश के किस जिले से कब आ रहे हैं या आने की संभावना है। अन्य राज्यों से प्राप्त डाटा जानकारी को कलेक्टर तत्काल राज्य नोडल अधिकारी से साझा करेंगे। कार्य योजना बनाने एवं क्रियान्वयन के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में जिपं सीईओ को, शहरीक्षेत्र में नपा सीएमओ को नोडल अफसर नियुक्त किए हैं। स्वास्थ्य परीक्षण कर क्वारेंटाइन में रखेंगेस्वास्थ्य विभाग को जिम्मेदारी दी गई है कि दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण करें और क्वारेंटाइन सेंटर में रखें। श्रमिकों की अधिकता की स्थिति में प्रदेश की सीमा क्षेत्र या नजदीकी जिले के अन्य निर्धारित स्थान पर स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। अपर कलेक्टर एके वाजपेयी ने बताया कि दूसरे राज्यों में 4 हजार से ज्यादा लोग फंसे है। जो घर वापस आना चाह रहे है। राज्य शासन के आदेशानुसार जरुरी कार्रवाई चल रही है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 1725 people stranded in Balade district in Maharashtra between Corona Full Article
2 कोरोना के बीच महाराष्ट्र में फंसे हैं बालाेद जिले के 1725 लोग By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT देश के 22 राज्यों में फंसे 4 हजार 227 लोगों ने ग्राम पंचायत में संपर्क कर और फोन से सूचना देकर घर वापसी के लिए जिला प्रशासन से लगाई गुहार है। जिसमें सिर्फ महाराष्ट्र राज्य में फंसे एक हजार 725 लोग शामिल हैं यानी जितने अब तक दूसरे राज्यों से पहुंचे है, उससे ज्यादा और पहुंचेंगे। जिला प्रशासन के अनुसार मार्च से 7 मई तक 3 हजार 953 लोग दूसरे राज्यों से पहुंचे हैं। वहीं 7 अप्रैल तक दूसरे राज्यों में फंसे 1308 लोगों की पहचान कर सूची तैयार की गई थी। इस हिसाब से एक माह में ही 2 हजार 919 लोगों की और पहचान हुई है। जो कोरोना के कहर के बीच घर वापस आना चाह रहे है।स्थानीय अफसरों का कहना है कि जिले के कितने लोग दूसरे राज्यों में फंसे है, इसकी जानकारी राज्य शासन को रोजाना दी जा रही है। घर कब तक पहुंचेंगे, इस संबंध में राज्य शासन स्तर पर निर्णय लिया जाएगा। कोरोना को लेकर देशभर में महाराष्ट्र संवेदनशील है, यहां 18 हजार से ज्यादा पॉजिटिव मरीज मिल चुके हैं। वहां फंसे लोग चाह रहे हैं कि जल्द गृह जिला पहुंचे। महाराष्ट्र के चिखलोली गांव में फंसे माहुद बी के तिलकराम, चितरंजन ने बताया कि किसी तरह भोजन मिल रहा है लेकिन अब हमें घर आना है, यहां केस बढ़ते ही जा रहे है, काम बंद है। प्रशासन, शासन से उम्मीद है कि जल्द हमें घर पहुंचाएंगे।स्कूल, सामुदायिक भवन आश्रम में ठहराया जा रहादूसरे राज्यों से वापस आने वाले श्रमिकों एवं परिवार के सदस्यों को क्वारेंटाइन में रखने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां जिला स्तर पर चल रही है। ताकि संक्रमण का खतरा न रहें। ग्राम स्तर पर गांव से दूर उपयुक्त भवन जैसे स्कूल, सामुदायिक भवन, आश्रम, छात्रावास को क्वारेंटाइन सेंटर बनाया गया है। मजदूरों की संख्या के आधार पर ग्राम पंचायत व शहरी क्षेत्र स्तर पर व्यवस्था की गई है। इसके लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।शहर में सीएमओ, ग्रामीण क्षेत्र में जिपं सीईओ नोडल अफसर छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव आरपी मंडल ने कलेक्टर को पत्र भेजकर निर्देश दिए है कि घर वापसी के लिए इच्छुक लोगों की जानकारी उपलब्ध कराएं। ताकि आगे की कार्रवाई कर सकें। कितनी संख्या में लोग, किस प्रदेश के किस जिले से कब आ रहे हैं या आने की संभावना है। अन्य राज्यों से प्राप्त डाटा जानकारी को कलेक्टर तत्काल राज्य नोडल अधिकारी से साझा करेंगे। कार्य योजना बनाने एवं क्रियान्वयन के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में जिपं सीईओ को, शहरीक्षेत्र में नपा सीएमओ को नोडल अफसर नियुक्त किए हैं। स्वास्थ्य परीक्षण कर क्वारेंटाइन में रखेंगेस्वास्थ्य विभाग को जिम्मेदारी दी गई है कि दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण करें और क्वारेंटाइन सेंटर में रखें। श्रमिकों की अधिकता की स्थिति में प्रदेश की सीमा क्षेत्र या नजदीकी जिले के अन्य निर्धारित स्थान पर स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। अपर कलेक्टर एके वाजपेयी ने बताया कि दूसरे राज्यों में 4 हजार से ज्यादा लोग फंसे है। जो घर वापस आना चाह रहे है। राज्य शासन के आदेशानुसार जरुरी कार्रवाई चल रही है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 1725 people stranded in Balade district in Maharashtra between Corona Full Article
2 जिले में 70 थैलेसीमिया पीड़ित बच्चे, माह में 2 बार होती है खून की जरूरत, परेशानी न हो इसलिए संस्था ने लिया गोद By Published On :: Sat, 09 May 2020 00:29:00 GMT थैलेसीमिया बच्चों को माता-पिता से अनुवांशिक तौर पर मिलने वाला रक्त रोग है। जिससे शरीर की हीमोग्लोबिन निर्माण प्रक्रिया ठीक से काम नहीं करती है। जिससे पीड़ित बच्चे के शरीर में रक्त की कमी होने लगती है। इस कारण बार-बार रक्त चढ़ाने की जरूरत पड़ती है। वर्तमान में जिले में लगभग 70 बच्चे थैलेसीमिया पीड़ित हैं। जिनमें 3 माह से लेकर 10 साल के बच्चे हैं। बीमारी के कारण प्रत्येक पीड़ित बच्चे को माह में 2 बार रक्त चढ़ाना पड़ता है। रक्त की जरूरत के समय परिजन परेशान न हो और बच्चों की जान मुसीबत में न पड़े इसके लिए सामाजिक संस्था छत्तीसगढ़ हेल्प वेलफेयर सोसाइटी ने थैलेसीमिया पीड़ित सभी बच्चों को गोद लिया है। बच्चों को जब भी रक्त की जरूरत पड़ती है संस्था द्वारा उपलब्ध कराया जाता है। जिला अस्पताल पहुंचने पर इन बच्चों समेत परिजनों के नाश्ता-खाना की व्यवस्था भी संस्था करती है। शुक्रवार को विश्व थैलेसीमिया दिवस के मौके पर संस्था द्वारा जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में रक्तदान किया गया।इस तरह थैलेसीमिया से हो सकता है बचावडॉक्टरों के अनुसार खून की जांच करवाकर रोग की पहचान कर सकते हैं। शादी का रिश्ता तय करने से पहले लड़के व लड़की के खून की जांच कराई जा सकती है। नजदीकी रिश्ते में शादी करने से बचना और गर्भ ठहरने के 4 माह के अन्दर भ्रूण की स्वास्थ्य जांच करवाने बीमारी से बच सकते हैं।3 माह बाद नजर आते हैं थैलेसीमिया के लक्षणजिला अस्पताल के एमडी (मेडिसीन) डॉ. प्रिंस जैन ने बताया कि थैलेसीमिया बीमारी से ग्रसित बच्चों में जन्म के 3 माह बाद ही लक्षण नजर आते हैं। कुछ बच्चों में 5 -10 साल के मध्य लक्षण दिखाई देते हैं। त्वचा, आंख, जीभ व नाखून पीले पड़ने लगते हैं। दांतों को उगने में दिक्कत और बच्चे का विकास रुक जाता है। थैलेसिमिया की गंभीर अवस्था में खून चढ़ाना जरूरी हो जाता है।स्वास्थ्य विभाग ने रक्तदान के लिए किया प्रोत्साहितलॉकडाउन के कारण स्वैच्छिक रक्तदाताओं के कम आने के साथ ही रक्तदान शिविर का आयोजन नहीं हो पाने की वजह से ब्लड बैंक में रक्त की कमी को देखते हुए जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा एनएसएस व स्काउट गाइड समेत अन्य समाज सेवी संस्थाओं से संपर्क करके रक्तदान के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। जिससे 3-4 दिनों के भीतर युवा वर्ग आगे आकर रक्तदान करने लगा है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
2 28 हाथियों के साथ पहुंचा दंतैल गणेश गिरारी में धान की फसल को रौंदा By Published On :: Sat, 09 May 2020 00:37:00 GMT वन परिक्षेत्र कुदमुरा में 28 हाथी फिर से लौट आए हैं। झुंड में दंतैल गणेश भी घूम रहा है। हाथियाें ने गुरुवार रात ग्राम गिरारी में धान की फसल को चौपट कर दिया। ग्रामीणों ने टार्च दिखाकर दंतैल को भगाने का प्रयास किया। लेकिन वह एक ही जगह खड़ा रहा।बुधवार की रात हाथी धरमजयगढ़ वनमंडल के बोरो रेंज चले गए थे। जो फिर से लौट आए हैं। हाथियों का झुंड गर्मी के समय कुदमुरा व करतला परिक्षेत्र में रहता है। इस बार एक महीने के अंतराल में हाथी क्षेत्र में पहुंचे। इस समय धान की फसल तैयार है। अब हाथियों को धान खाने की आदत पड़ गई है। सबसे अधिक डर दंतैल गणेश का रहता है। पिछले साल धरमजयगढ़ व कोरबा वनमंडल में एक दर्जन से अधिक ग्रामीणों पर हमला किया था। इसके बाद वन विभाग ने रेस्क्यू कर छाल रेंज में रेडियाे कॉलर आईडी लगाया था। लेकिन रेस्क्यू सेंटर तैमोर पिंगला ले जाते समय गणेश ने ट्रक को क्षतिग्रस्त कर दिया था। इसके बाद उसे कुदमुरा के गजराज रेस्ट हाउस लेकर पहुंचे थे। यहां भी ट्रक में लोड करने के दौरान जंजीर तोड़कर भाग गया था। बाद में उसके पैर से जंजीर को निकाला गया। इसके बाद वह कुदमुरा क्षेत्र में नहीं आ रहा था। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Dantail arrived with 28 elephants, thrashed paddy crop in Ganesh Girari Full Article
2 होल सेल व्यापारी से 200 पैकेट पान मसाला जब्त 47 दिन में 50 लाख का गुटखा 2 करोड़ में बिका By Published On :: Sat, 09 May 2020 00:41:00 GMT लॉकडाउन के दौरान 47 दिनों में प्रतिबंध के बावजूद 50 लाख का पान मसाला ब्लैक में 2 करोड़ में बिका, जबकि लॉकडाउन के कारण सभी पान दुकानें बंद हैं। मुख्यालय में पान मसाला के होल सेलर अब्दुला के यहां कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 200 पैकेट पान मसाला जब्त किया गया है।बताया जा रहा है अब्दुला पान मसाला विक्रेता के 5 अलग-अलग जगह गोदाम है, लेकिन पुलिस को पान मसाला कार में रखने की जानकारी मिली थी, जिसे पुलिस ने जब्त कर खाद्य और औषधि विभाग के अफसर को सत्यापन के लिए सौंप दिया है। पान मसाला की बड़ी खेप व्यापारी के यहां उतारी गई थी, लेकिन मौके पर पुलिस को 200 पैकेट पान मसाला ही कार से मिले। लोगों में इस बात की चर्चा है कि मामले को दबाया जा रहा है, जबकि लॉकडाउन के दौरान हर दिन प्रतिबंध के बाद भी पाउच सप्लाई की जा रही थी। जिले में कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने गुटखा, पान मसाला समेत अन्य कई एैसे उत्पाद की बिक्री पर कलेक्टर ने रोक लगाई है, जिसे खाने के बाद लोगों को द्वारा सार्वजनिक जगह व सड़कों पर थूंका जाता है। इससे कोरोना संक्रमण के फैलने का खतरा बना रहता है। पुलिस विभाग की कार्रवाई के बाद खाद्य व औषधि विभाग की टीम मामले की जांच करने में जुटी है। मध्यप्रदेश के कटनी छत्तीसगढ़ कोरिया से लगे बार्डर से आसानी से पान मसाला की सप्लाई लग्जरी गाड़ियों से की जा रही है। वहीं फुटकर दुकानों में पान मसाला के 5 रुपए का पाउच 20 रुपए में बिक रहा है। यहीं नही होल से में एक पाउच की कीमत 10 रुपए तक हो गई।पुलिस विभाग को सौंपेंगे प्रतिवेदन: एफएसओएफएसओ सागर दत्ता ने बताया कि पकड़े गए पान मसाला की जांच करने के बाद पुलिस विभाग को सौंपा जाएगा। यदि यह आवश्यक वस्तु अधिनियम के अंतर्गत शामिल नहीं होगा तो इसके खिलाफ धारा 188 के तहत कार्रवाई होगी। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
2 ओले से प्रभावित 529 को मिली 21 लाख 48 हजार की सहायता By Published On :: Sat, 09 May 2020 00:43:00 GMT राजस्व विभाग ओलावृष्टि से प्रभावितों को मुआवजा बांट रहा है। एसडीएम राजपूत ने बताया कि पत्थलगांव ब्लाक में ओलावृष्टि से लगभग 60 गांव में 2 हजार 720 मकान तथा 120 हेक्टेयर क्षेत्र पर खड़ी धान, मक्का, साग-सब्जी की फसल व्यापक रूप से प्रभावित हुई हैं। इसमे से 529 लोगों को 21 लाख 48 हजार से अधिक की राहत राशि बांटी गई है। कलेक्टर निलेशकुमार क्षीरसागर ने राजस्व अमले के साथ 27 अप्रैल को पत्थलगांव में ओलावृष्टि से प्रभावित गांवों का आकस्मिक निरीक्षण करके प्रभावित हितग्राहियों से मकान एवं फसल क्षति के बारे में तत्काल जानकारी ली थी। उन्होंनें राजस्व अमला को प्रभावितों के लिए मुआवजा राशि का प्रकरण बनाने के लिए निर्देश थे। जिस पर पत्थलगांव एसडीएम दशरथ सिंह राजपूत ने पटवारी, आरआई की टीम के साथ किसानों के खेतों में क्षति का आंकलन किया। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
2 एक डॉक्टर सहित 9 नए संक्रमित, 523 एक्टिव केस के साथ राजस्थान में पहले नंबर पर पहुंचा जोधपुर By Published On :: Fri, 08 May 2020 09:41:00 GMT मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के गृह नगर जोधपुर में कोरोना का फैलाव थमने का नाम नहीं ले रहा है। कुलांचे भर तेजी से फैलते कोरोना को लेकर शुक्रवार को अलबत्ता कुछ राहत मिली और 9 नए संक्रमित सामने आए। इनमें महात्मा गांधी अस्पताल में कार्यरत एक डॉक्टर भी शामिल है। वहीं 523 केस के साथ जोधपुर प्रदेश में एक्टिव केस के मामले में पहले स्थान पर पहुंच गया है।साथ ही बाहरी क्षेत्र में नए मरीज मिलने से प्रशासन की मशक्कत बढ़ गई है। शहर में अब तक 851 कोरोना संक्रमित मिल चुके है। इनमें से सोलह की मौत हो चुकी है। वहीं 291 लोग ठीक होकर अपने घर लौट चुके है। जोधपुर शहर में आज नई सड़क क्षेत्र से 3, मधुबन हाउसिंग बोर्ड से 3, बलदेव नगर, शांतिप्रिय नगर व भदवासिया स्कूल के पीछे से एक-एक संक्रमित मिला है।सबसे ज्यादा एक्टिव केस जोधपुर मेंआंकड़ों के अनुसार पिछले एक सप्ताह से प्रदेश में सबसे ज्यादा राेगी जोधपुर में ही मिल रहे हैं, जिससे जोधपुर में एक्टिव केस भी बढ़ गए हैं। जोधपुर ने एक्टिव केस के मामले में जयपुर को भी पीछे छोड़ दिया है। जोधपुर में 851 मरीजों में 523 एक्टिव केस हैं ताे जयपुर में 1137 केसों में 407 एक्टिव केस हैं, जाे जोधपुर से 116 कम हैं। अजमेर 130 एक्टिव केस के साथ तीसरे नंबर पर है, लेकिन ये आंकड़ा जोधपुर से चार गुना कम है। चौथे नंबर पर चित्तौड़गढ़ में 114 एक्टिव केस हैं।जयपुर-जाेधपुर में पॉजिटिव केस का अंतर भी घटाजयपुर और जोधपुर में पॉजिटिव केस का अंतर भी लगातार घटता जा रहा है। 25 अप्रैल काे जयपुर में कुल पॉजिटिव केस 792 थे और जोधपुर में 326 यानी जोधपुर में जयपुर से 466 मरीज कम थे, लेकिन पिछले 10 दिन में जोधपुर में तेजी से मरीज बढ़े हैं और अंतर घटकर 286 का ही रह गया। नए मरीज मिलने से ही एक्टिव केस के मामले में जोधपुर सबसे आगे निकल गया। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today कोरोना को मात देकर अपने घर लौटते लोग। Full Article
2 जयपुर एयरपोर्ट को लॉकडाउन के चलते हुआ 29 करोड़ के राजस्व का नुकसान By Published On :: Fri, 08 May 2020 11:56:00 GMT (शिवांग चतुर्वेदी).जयपुर एयरपोर्ट पर पिछले 40 दिनों से फ्लाइट्स का संचालन बंद है। ऐसे में एयरपोर्ट प्रशासन को बड़ा आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। पिछले 40 दिनों में एयरपोर्ट प्रशासन को करीब 29 करोड़ रुपए के राजस्व का नुकसान हुआ है। दरअसल कोरोना महामारी की वजह से दुनियाभर में फ्लाइट्स का संचालन प्रभावित हो रहा है।गौरतलब है कि इंटरनेशनल फ्लाइट्स का संचालन 22 मार्च से बंद कर दिया गया था।वहीं घरेलू फ्लाइट्स का संचालन 25 मार्च से बंद कर दिया गया। एयरपोर्ट प्रशासन को फ्लाइट्स के आवागमन के दौरान लैंडिंग चार्ज, नाइट हाल्ट चार्ज, यात्रियों से मिलने वाली पैसेंजर सर्विस फीस, यूजर डेवलपमेंट फीस और अन्य कमर्शियलगतिविधियों से राजस्व की प्राप्ति होती है।पिछले 40 दिन से सब बंद पड़ा है। जिससे जयपुर एयरपोर्ट कोकरीब 29 करोड़ रुपए के राजस्व का नुकसान हुआ है।लॉकडाउन के फेज-2 में केवल मेडिकल फ्लाइट्स का संचालन ही जयपुर एयरपोर्ट से हो सका है। कार्गो फ्लाइट्स का भी संचालन हो सकता है, लेकिन कमबुकिंग के चलते कोई कार्गो फ्लाइट संचालित नहीं हुई है।नॉन एयरोनॉटिकल रेवेन्यू भी हुई जीरो एरोनॉटिकल रेवेन्यू के अलावा जयपुर एयरपोर्ट प्रशासन को नॉन एयरोनॉटिकल रेवेन्यू भी प्राप्त होता है। इनमें सबसे ज्यादा कमाईकमर्शियलगतिविधियों के जरिए होती है। जयपुर एयरपोर्ट पर डिपार्चर और अराइवल एरिया में विभिन्न कंपनियों के काउंटर, रेस्टोरेंट्स और अन्य सुविधाओं की दुकानों से औसतन 80 लाख रुपए प्रति माह का किराया मिलता है। फिलहाल फ्लाइट बंद रहने से यह सभी गतिविधियां बंद पड़ी हुई हैं। पार्किंग ठेके में भी एयरपोर्ट प्रशासन को हर माह करीब 20 लाख रुपए का नुकसान झेलना पड़ रहा है।लॉकडाउन अभी 17 मई तक बढ़ गया है। विमानों का संचालन 31 मई से पहले शुरू होने की उम्मीद नहीं है। ऐसे में यह माना जा रहा है कि 31 मई तक जयपुर एयरपोर्ट प्रशासन का आर्थिक नुकसान 45 से 48 करोड़ रुपए तक हो सकता है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today जयपुर एयरपोर्ट पर डिपार्चर और अराइवल के साथ अन्य कमर्शियल गतिवधियां नहीं होने से बढ़ रहा नुकसान। Full Article
2 युवक की संदिग्धावस्था में मौत, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका; शव से 200 फीट दूर मिलीं चप्पलें, शरीर पर कई जगह घाव By Published On :: Fri, 08 May 2020 13:15:00 GMT (अशोक भारती)। तहसील के गांव बल्लभगढ़ निवासी एक युवक शुक्रवार तड़के गाय चराने जंगल में गया। सुबह 11 बजे उसका शव जंगल में संदिग्ध अवस्था में मिलने पर क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवाया।प्रथम दृष्टया मृतक के शरीर पर जगह-जगह घाव होने तथा उसकी चप्पल काफी दूर मिलने पर ग्रामीणों ने हत्या का शक जताया। हांलाकि पुलिस जांच में जुटी है और एफएसएल टीम ने मौके से सबूत जुटाए है। वहीं मृतक के बड़े भाई ने हत्या की आशंका जाहिर करते हुए परिवाद दिया है।गांव बल्लभगढ़ के ग्रामीणों ने बताया कि धर्मेन्द्र जाट (25) पुत्र फत्ते सिंह जाट प्रतिदिन गाय-भैंस चराने जंगल में जाता था। शुक्रवार को ग्रामीण महिलाओं ने धर्मेंद्र जाट के घर सूचना दी कि वह जंगल में एक खेत की मेढ़ पर पड़ा है।सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे तब तक क्षेत्र में सनसनी फैल गई। परिजन पुलिस को सूचित करते उसे अस्पताल लेकर गए जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मृतक के शव को मोर्चरी पर रखवाया। एफएसएल टीम को सूचित किया और जांच में जुट गई।थाना प्रभारी राजेश खटाना ने बताया कि बल्लभगढ़ निवासी वीरेन्द्र सिंह जाट ने दिए परिवाद में बताया कि घर पर कुछ महिलाएं आईं उन्होंने बताया कि उसका भाई धर्मेन्द्र बलवीर मीना के खेत की मेढ़ पर पड़ा है। सूचना मिलते ही परिजन के साथ वह धर्मेंन्द्र को अस्पताल लेकर गए जहां चिकित्सकों ने उसे मृतघोषित कर दिया। उसके शरीर पर जगह-जगह निशान मिले हैं। उन्हें उसकी हत्या की आशंका है। पुलिस जांच में जुटी है। मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Corona Lockdown In Bharatpur Updates; Man dies in suspicious condition In Rajasthan Ballabhgarh Full Article
2 आबूरोड के निकट दो कारों की जोरदार भिड़ंत में 6 की मौत, 2 घायल By Published On :: Fri, 08 May 2020 13:32:35 GMT संभाग के सिरोही जिले में आबूरोड के निकट शुक्रवार शाम दो कारों की जोरदार भिड़ंत में छह जनों की घटना स्थल पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। महाराष्ट्र से सिरोही आ रहे एक परिवार की कार डिवाइडर पार कर सामने से आ रही एक अन्य कार से जा भिड़ी। अभी यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि दोनों कारों में कितने-कितने लोग सवार थे।सिरोही पालनपुर हाइवे पर आज शाम महाराष्ट्र से सिरोही की तरफ आ रही एक इनोवा कार किंवरली के निकट बेकाबू हो गई। चालक कार पर से नियंत्रण खो बैठा और तेज रफ्तार के कारण कारण इनोवा डिवाइडर के उपर से होकर सामने से आ रही एक स्विफ्ट कार से जा टकराई। तेज रफ्तार के साथ हुई भिड़ंत के कारण दोनों कारें एक-दूसरे टकरा कर पूरी तरह से चकनाचूर हो गई। दोनों कारों में सवार लोग अंदर ही फंस गए। वहां से निकलने वाले अन्य वाहन चालकों ने ग्रामीणों की मदद से राहत कार्य शुरू कर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंच कारों में फंसे लोगों को बड़ी मुश्किल से बाहर निकलवाया। तब तक छह लोगों की मौत हो चुकी थी। गंभीर रूप से घायल दो जनों को इलाज के लिए अहमदाबाद रवाना किया गया। ऐसे में अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि मृतक कौन लोग थे। साथ ही दोनों कारों में कितने-कितने लोग सवार थे। हादसे की सूचना मिलते ही जिला कलेक्टर भगवती प्रसाद स्वयं मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू कराया। ऐसा माना जा रहा है कि लॉक डाउन में मिली छूट के तहत महाराष्ट्र से अनुमति लेकर एक परिवार के लोग अपने निजी वाहन से सिरोही लौट रहे थे।फोटो जयदीप पुरोहित, सिरोही Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today सिरोही जिले के आबूरोड के निकट हुए सड़क हादसे में क्षतिग्रस्त कारें। Full Article
2 मिर्धा अपहरण कांड के अभियुक्त आतंकी हरनेक सिंह को हाईकोर्ट से मिली 28 दिन की विशेष पैरोल, 2007 से जयपुर जेल में बंद है By Published On :: Fri, 08 May 2020 13:36:00 GMT (संजीव शर्मा)। कोर्ट ने राजेन्द्र मिर्धा अपहरण केस में जयपुर जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे आतंकी अभियुक्त हरनेक सिंह को सशर्त 28 दिन की विशेष पैरोल पर रिहा करने का निर्देश दिया है। वहीं राज्य सरकार के 17 अप्रैल 2020 के उस आदेश को रद्द कर दिया जिमें अभियुक्त को 13 अप्रैल को दी गई विशेष पैरोल पर रिहा करने का आदेश निरस्त कर दिया था।सीजे इन्द्रजीत महान्ति व जस्टिस एसके शर्मा की खंडपीठ ने यह आदेश शुक्रवार को हरनेक सिंह की आपराधिक याचिका पर दिया। अदालत ने कहा कि अभियुक्त 13 साल से ज्यादा की सजा काट चुका है और पूर्व में मिली पैरोल के तय समय में वापस आ गया था। उसे भी 13 अप्रैल के आदेश से 147 अन्य कैदियों के साथ राज्य स्तरीय पैरोल कमेटी की सिफारिश पर विशेष पैरोल मिली थी, लेकिन उसे पैरोल पर नहीं छोड़ा और बाद में 17 अप्रैल को पैरोल आदेश रद्द कर दिया। इस दौरान न तो परिस्थतियों में कोई बदलाव हुआ और न ही पैरोल रद्द करने का कोई उचित कारण दिया है। ऐसी स्थिति में प्रार्थी अभियुक्त को पैरोल मंजूर करने व राज्य सरकार का 17 अप्रैल का आदेश रद्द किया जाता है।प्रार्थी के अधिवक्ता विश्राम प्रजापति ने कोर्ट को बताया कि राज्य सरकार ने केवल इस आधार पर हरनेक की मंजूर की गई विशेष पैरोल को रद्द कर दिया था कि वह बाहरी राज्य का है और राजेन्द्र मिर्धा अपहरण कांड का अभियुक्त है। कानूनी रूप से दी गई पैरोल रद्द करने के लिए यह कोई आधार नहीं है। इसलिए प्रार्थी अभियुक्त को विशेष पैरोल पर रिहा किया जाए। हरनेक सिंह फरवरी 2007 से ही जयपुर जेल में बंद है।यह है मामलाप्रदेश में चर्चित रहे इस मामले में कांग्रेस के तत्कालीन वरिष्ठ नेता और पूर्व केन्द्रीय मंत्री रामनिवास मिर्धा के बेटे राजेन्द्र मिर्धा का 17 फरवरी, 1995 को सी-स्कीम स्थित घर से अपहरण हुआ था। आतंकियों ने मिर्धा का अपहरण खालिस्तान लिबरेशन फ्रंट के मुखिया देवेन्द्रपाल सिंह भुल्लर को रिहा करने के लिए किया था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए जयपुर के मॉडल टाउन कॉलोनी में मकान नंबर बी-117 पर छापा मारा और गोलीबारी की।पुलिस कार्रवाई में आतंकी नवनीत सिंह कांदिया मारा गया जबकि दयासिंह लाहौरिया व उसकी पत्नी सुमन सूद और हरनेक सिंह फरार हो गए थे। बाद में लाहौरिया व सुमन सूद अमेरिका भाग गए थे। इन दोनों को तीन फरवरी, 1997 को प्रत्यर्पित करके भारत लाया गया।कोर्ट ने लाहौरिया को उम्रकैद व सुमन को पांच साल कैद की सजा दी। इस दौरान पंजाब पुलिस ने हरनेक सिंह को 2004 में गिरफ्तार किया और 26 फरवरी 2007 को राजस्थान पुलिस के सुपुर्द किया। मिर्धा अपहरण कांड में महानगर की एडीजे कोर्ट ने 7 अक्टूबर 2017 को हरनेक सिंह को उम्रकैद की सजा दी। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Rajendra Mirdha kidnapping case accused harnek singh gets 8 days parole Full Article
2 रात पौने 12 बजे कराहती गर्भवती महिला को निजी गाड़ी से दो पुलिसकर्मियों ने अस्पताल पहुंचाया, परिजनों ने कहा- दोनों फरिश्ता बनकर आए By Published On :: Fri, 08 May 2020 14:12:38 GMT राजधानी जयपुर में कोरोना संक्रमण के चलते लॉकडाउन के दौरान गश्त पर मौजूद दो पुलिसकर्मियों ने दर्द से तड़प रही गर्भवती महिला की मदद की। रात पौने 12 बजेइन दोनों पुलिसकर्मियों नेमहिला की मदद कर निजी कार से उसे महिला चिकित्सालय पहुंचाया। वहीं, महिला के आस-पड़ोस में रहने वाले लोग उसकी मदद के लिए आगे नहीं आए। पुलिसकर्मियों की इस मदद की लोग सराहना कर रहे हैं।यह है पूरा मामलाजानकारी के अनुसार जयपुर पुलिस कमिश्नरेट के नार्थ जिले में जालुपरा थाने में मौजूद एएसआई सुनील कुमार रात्रिकालीन जाब्ता चेकिंग के इनचार्ज की ड्यूटी कर रहे थे। करीब पौने 12 बजे जालुपूरा निवासी साबिर की गर्भवतीपत्नी को तेज दर्द उठाऔर उसकी तबियत बिगड़ गई। ऐसे में परिवार के लोग घबरा गए।साबिर ने पड़ोसियोंसे मदद के लिए गाड़ी मांगी। ताकि वह अपनी पत्नी को जल्द से जल्द महिला चिकित्सालय पहुंचा सके,लेकिन किसी ने उन्हें अपनी गाड़ी नहीं दी।ऐसे में किसी तरह साबिर अपनी पत्नी को लेकरपरिवार के सदस्यों के साथकरीम होटल तक पहुंचे।घर से करीब 200 मीटर दूर तक पहुंचते वक्त बिगड़ गई हालतड्यूटी प्वाइंट पर एएआई सुनील कुमार व हेडकांस्टेबल दुर्गाप्रसाद नजर आए। होटल तक पहुंचने में गर्भवती महिला की तबियत और बिगड़ गई थी,तब उनके परिजनों नेपुलिसकर्मियों से किसी तरह अस्पताल पहुंचाने में मदद की गुहार लगाई,लेकिन वहां कोई गाड़ी नजर नहीं आई। ऐसे में एएसआई सुनील कुमार ने खुद अपनी निजी कार से गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाने का निर्णय लिया। उन्होंने बताया कि महिला अपने पति के साथ बाइक पर बैठकर हॉस्पिटल पहुंचने की स्थिति में नहीं थी।एएसआई सुनील कुमार नेसाथी हेडकांस्टेबल दुर्गाप्रसाद के साथ तत्काल महिला को कार से चांदपोल स्थित जनाना हॉस्पिटल पहुंचाया। जहां महिला का उपचार शुरू किया गया।एएसआई सुनील ने महिला के पति को किसी भी तरह की मदद के लिए अपने मोबाइल नंबर भीदिए। इसके बाद पुलिसकर्मियों की इस मानवीय मदद की चर्चा सुबह तक इलाके में पहुंच गई। परिवार के सदस्यों ने भी कहा- जब मदद के लिए पड़ोसीआगे नहीं आए,तब जालुपुरा थाने के ये दोनों पुलिसकर्मी फरिश्ता बनकर आए। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today जालूपूरा थाने के एएसआई सुनील कुमार व हेडकांस्टेबल दुर्गाप्रसाद, जिन्होंने रात 12 बजे दर्द से कराह रही गर्भवती महिला को कार से अस्पताल पहुंचाया। Full Article
2 राजस्थान में अभी तक सामान्य से 224 प्रतिशत अधिक बारिश हुई, अगले 48 घंटों में अधिकतम तापमान में होगी 4 डिग्री तक की बढ़ोतरी By Published On :: Fri, 08 May 2020 15:50:34 GMT राज्य में इस गर्मी के मौसम में अभी तक 224 प्रतिशत अधिक बरसात हो चुकी है। साथ ही प्रदेश में पिछले सप्ताह 305 प्रतिशत अधिक बरसात हुई है। अब अगले 48 घंटों में राज्य में अधिकतम तापमान में चार डिग्री तक की बढ़ोतरी होने का अनुमान है। इसके तापमान में गिरावट आएगी।मौसम विभाग के अनुसार राज्य में पिछले सप्ताह 30 अप्रैल से सात मई के बीच पश्चिमी राजस्थान में 4.8 मिमी बारिश हुई जो सामान्य 1.5 मिमी से 222 प्रतिशत अधिक है। पूर्वी राजस्थान में 5.7 मिमी बारिश हुई जो सामान्य 1.4 मिमी से 418 प्रतिशत अधिक है। यानी प्रदेश में 5.7 मिमी बारिश हुई जो सामान्य 1.4 मिमी से 305 प्रतिशत अधिक है।साथ ही राजस्थान में इस गर्मी के मौसम में अभी तक 224 प्रतिशत अधिक बरसात हो चुकी है।पश्चिमी राजस्थान में 29.9 प्रतिशत बारिश हो चुकी है जो सामान्य 10.9 मिमी से 174 प्रतिशत अधिक है। वहीं पूर्वी राजस्थान में 34.1 मिमी बारिश हो चुकी है जो औसत 8.5 मिमी से 3.1 प्रतिशत अधिक है। पूरे राजस्थान की बात करें तो अभी तक 31.8 मिमी बारिश हो चुकी है जो औसत 9.8 एमएम से 224 प्रतिशत अधिक है। मौसम विभाग के अनुसार कम दबाव के क्षत्र से पश्चिमी राजस्थान के ऊपर बना चक्रवाती परिसंचरण अब उत्तरपश्चिमी राजस्थान के ऊपर आ गया है। इसके प्रभाव से प्रदेश में मौसम इस प्रकार रहेगा -1 (8-14 मई)नौ मई से राज्य में बादल गरजने, धूलभरी आंधी, तथा बिजली गरजने के साथ 30 से 50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। इस दौरान वर्षा का औसत सामान्स से कम रहने का अनुमान है।2 (15-21 मई)दूसरे सप्ताह भी वर्षा का औसत सामान्स से कम रहने का अनुमान है।तापमान (8-14 मई)राज्य में अगले 48 घंटों में राज्य के कई स्थानों पर अधिकतम तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होगी। इसके बाद तापमान में गिरावट आएगी। नौ मई को जोधपुर संभाग में तापमान 44 से 45 डिग्री तक जा सकता है।राज्य में पहले सप्ताह में तापमान सामान्य से अधिक और दूसरे सप्ताह में तापमान सामान्य से कम रह सकता है। शुक्रवार को सबसे गर्म जैसलमेर रहाप्रदेश में लगातार जारी बारिश और ओलावृष्टि के बीच गर्मी अपना असर दिखाने लगी है। गुरुवार को सबसे अधिक तापमान जैसलमेर में 44.8 डिग्री रहा। बाड़मेर में 44.7, चूरू में 44.7 तथा कोटा में 44.1 डिग्री तापमान रहा। कोटा में तेज गर्मी से बचने के लिए जू में पानी का छिड़काव किया गया। बीती रात सबसे अधिका तापमान जोधपुर में 28.8 डिग्री रहा। बाड़मेर में 28.4 डिग्री तापमान रहा। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today जानवरों को गर्मी से बचाने के लिए कोटा के जू में पानी का छिड़काव किया गया। पैंथर के बाड़े में पानी का छिड़काव करता जू का कर्मचारी। फोटो : प्रवीण जैन Full Article
2 शादी में आए 42 लोगों को डेढ़ महीने बाद भी घर वापसी की अनुमति नहीं By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT चंद्रवरदाई नगर में एक शादी में भात भरने 18 मार्च को अजमेर आए 42 लोगों की डेढ़ महीने बाद भी घर वापसी नहीं हो पाई है।गत दिनों इन्होंने प्रशासन ने आगरा जिले एवं दिल्ली जाने के लिए अनुमति मांगी थी, जिला प्रशासन ने इंतजार करने के लिए कहा था। इसके बाद यह मामला पूर्व पार्षद ललित गुर्जर चौपड़ा के जरिए उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट तक पहुंचा था।बताया जा रहा है कि पायलट के दफ्तर से भी प्रशासन को इस संबंध में कुछ निर्देश जारी किए गए थे। शुक्रवार को इस मसले पर पीड़ित लोगों के प्रतिनिधि कलेक्ट्रेट कलेक्टर एवं एसडीएम से मिलने एवं अपनी पीड़ा बताने पहुंचे तो उन्हें कलेक्ट्रेट के बाहर की आरएसी तथा पुलिस के जवानों ने रोक लिया अैर अंदर जाने ही नहीं दिया। पूर्व पार्षद ललित गुर्जर चौपड़ा ने इस मामले में विरोध जताया है।गुर्जर का कहना है कि परेशान लोगों को अधिकारियों को अपनी पीड़ा और परेशानी बताने का मौका तक नहीं दिया गया। जब जायरीन, श्रमिकों को घर वापसी के लिए पास जारी किए जा चुके हैं तो इन लोगों को भी घर वापसी के लिए अनुमति देकर रवाना किया जाना चाहिए। यह लोग डेढ़ महीने से परेशान हो रहे हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
2 24 घंटे बाद आज से लोगों के लिए फिर खुलेगा सेटेलाइट अस्पताल By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT आदर्श नगर सैटेलाइट अस्पताल शनिवार सुबह आठ बजे से फिर आमजन के लिए शुरू हाे जाएगा। सेटेलाइट अस्पताल में गुरुवार रात दाे गर्भवती महिलाएं भर्ती हाेने के बाद अस्पताल प्रशासन ने पूरा अस्पताल खाली करवा दिया।यहां भर्ती गर्भवती व प्रसूताओं काे जनाना अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया, जबकि रात काे जिस वार्ड में दाेनाें पॉजिटिव गर्भवती महिलाएं भर्ती थी, वहां भर्ती सभी मरीजों काे जेएलएन में बनाए गए काेराेना के संदिग्ध मरीजों वाले वार्ड में भर्ती कर दिया गया है।अस्पताल अधीक्षक डॉ. राकेश पोरवाल ने बताया कि शुक्रवार काे अस्पताल परिसर देर शाम फिर सेनिटाइज करने के बाद फ्यूमीगेशन किया गया। अब इसे शनिवार से खोल दिया जाएगा।इनका कहना है...पूरे अस्पताल काे सेनिटाइज करने के बाद फ्यूमीगेशन करवा दिया गया है। शनिवार से अस्पताल आमजन के लिए खाेल दिया जाएगा।- डाॅ. राकेश पाेरवाल, अधीक्षक, सेटेलाइट अस्पताल अजमेर Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
2 जिले में 2 गर्भवती सहित 12 नए काेराेना पॉजिटिव By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT अजमेर जिले में शुक्रवार काे दाे गर्भवतियाें सहित 12 नए काेराेना पॉजिटिव सामने आए। इसमें से अजमेर शहर से 5, नसीराबाद से 3, ब्यावर, गेगल, घूघरा घाटी और नागाैर का एक-एक युवक शामिल है। इसके साथ ही अजमेर जिले में काेराेना पाॅजिटिव का आंकड़ा बढ़कर 199 पर पहुंच गया है।जानकारी के अनुसार आदर्श नगर स्थित सैटेलाइट हॉस्पिटल में गुरुवार रात काे दाे गर्भवती महिलाएं भर्ती हुई थीं।दाेनाें की प्रसव पूर्व कराई गई जांच में ये काेराेना पॉजिटिव निकली। इसका समाचार मिलते ही अस्पताल में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में दाेनाें काे जनाना अस्पताल रेफर किया गया। पूरे अस्पताल काे सेनिटाइज्ड करवाने के साथ फ्यूमीगेशन किया गया।अस्पताल में आम दिन की तरह ही शनिवार से फिर से काम शुरू हाेगा। इधर दाे दिन पूर्व नया बाजार हाेलीदड़ा निवासी वृद्ध की काेराेना पॉजिटिव से माैत हाेने के बाद उसके बेटे-बेटी की शुक्रवार काे आई जांच रिपोर्ट भी पॉजिटिव निकली। इसके साथ ही हाेलीदड़ा क्षेत्र में अब तक चार पॉजिटिव सामने आ चुके हैं। अभी वृद्ध की पत्नी की रिपोर्ट आना बाकी है। इसके अलावा वृद्ध के बाबू माेहल्ला, केसरगंज निवासी एक रिश्तेदार की रिपोर्ट भी पाॅजिटिव आई है। इसके बाद प्रशासन ने पूरे केसरगंज क्षेत्र काे सीज कर दिया है।एक सप्ताह बाद फिर पूरे जिले के लिए ब्लैक फ्राइडे बन गया शुक्रवारअजमेर जिले के लिए एक सप्ताह बाद शुक्रवार का दिन ब्लैक फ्राइडे के रूप में सामने अाया। शुक्रवार काे एक ही दिन में 12 पॉजिटिव सामने अाए। इससे पहले 29 अप्रैल काे 15 और 30 अप्रैल काे 10 पॉजिटिव एक ही दिन में सामने आ चुके हैं। एक सप्ताह बाद शुक्रवार काे 11 पॉजिटिव मिलने के बाद अजमेर का आंकड़ा 199 तक पहुंचा दिया है। जेएलएन मेडिकल काॅलेज में नागाैर व पाली के एक-एक युवक का उपचार चलने से दाे मरीजों की संख्या बढ़ गई। इसलिए अजमेर जिले के लिए यह आंकड़ा 199 दर्शाया जा रहा है।आंकड़ाें की जुबानी- जेएलएन अस्पताल के काेविड-19 वार्ड में भर्ती पॉजिटिव मरीजों की हालत में लगातार सुधार हाे रहा है। शुक्रवार काे पांच और मरीजों की तबीयत सही हाेने पर उन्हें अस्पताल से छुटटी मिल गई। अब तक अस्पताल से 69 मरीजों के दाेनाें सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव अाने के बाद अस्पताल प्रशासन ने उन्हें 14 दिनों के लिए क्वारेंटाइन सेंटर भेज दिया है।- काेविड-19 सस्पेक्ट वार्ड में 179 मरीज भर्ती हैं। नए मरीजों की जांच के सैंपल एकत्र किए गए हैं।-अस्पताल प्रशासन ने गुरुवार काे 460 मरीजों के जांच के सैंपल लिए थे। इस रिपोर्ट में 12 पॉजिटिव मिले हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 12 new Carena positive including 2 pregnant in the district Full Article
2 7 मरीज चंद्रघटा के; इस इलाके में 1 महीने से कर्फ्यू फिर भी 232 में 143 पॉजिटिव यहीं से By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT काेटा में एक बार फिर काेराेना संक्रमित नए मरीजाें की संख्या में वृद्धि हुई है। शुक्रवार काे एक ही दिन में 9 नए मरीज आए हैं। इसी के साथ काेटा में कुल मरीजाें का आंकड़ा 232 पहुंच गया है। नए मरीजाें में छह चंद्रघटा, एक इंदिरा मार्केट, एक बाेरखेड़ा के महालक्ष्मीपुरम व एक लाडपुरा के विक्रम चाैक का निवासी है। महालक्ष्मीपुरम में रहने वाला 35 वर्षीय व्यक्ति काेटा थर्मल का कर्मचारी है, जाे थर्मल की आवासीय काॅलाेनी में सिविल मेंटीनेंस का काम देखता है और अपनी ड्यूटी के तहत उसका कर्मचारियाें की क्वार्टराें में आना-जाना रहता है। इसकी सूचना मिलने के बाद थर्मल प्रबंधन में भी हड़कंप मच गया और चीफ इंजीनियर ने उन सभी लाेगाें की सूची बनाकर चिकित्सा विभाग काे भेज दी, जाे बीते कुछ दिनाें में उक्त कार्मिक के संपर्क में आए हैं। इसके संपर्क में आए कुछ सहकर्मियाें और इंजीनियराें काे भी आइसाेलेट किया गया है। यह कार्मिक संक्रमित कैसे हुआ? इसे लेकर चिकित्सा विभाग पड़ताल कर रहा है, इतना जरूर सामने आया है कि वह नियमित ड्यूटी जा रहा था।कम सैंपलिंग भी वायरस फैलने की वजहकोटा में कम सैंपलिंग भी संक्रमण फैलने की बड़ी वजह है। टेस्टिंग कम होने से समय पर मरीजों का पता नहीं लगता। इस दौरान वे अन्य लोगों को संक्रमित कर देते हैं। हालांकि पिछले 2 दिनों से सैंपलिंग की संख्या बढ़ी है।पैरेलल इन्वेस्टिगेशन:परकोटे में काेराेना आउटब्रेक के दाे बड़े कारण1.तंग गलियाें वाले इस इलाके में कर्फ्यू की पालना नहीं हाे रही है।2.राशन और दूध की लाइन में भी मिल रहा वायरस का इंफेक्शन2 मृतकों के 7 परिजन और किराएदार मिले पॉजिटिवनए आए मरीजाें में 7 उन 2 परिवाराें से संबंधित हैं, जिनके सदस्याें का काेराेना से निधन हाे गया था। इसमें इंदिरा मार्केट निवासी सर्राफा व्यवसायी की पत्नी (54) भी पाॅजिटिव आई है। सर्राफा व्यवसायी 4 मई काे पाॅजिटिव आए थे और उनकी 5 मई काे ही माैत हाे गई थी। वहीं, मकबरा निवासी जिस 76 वर्षीय वृद्ध की गुरुवार को मौत हुई थी, उनके परिवार से 42 वर्षीय पुरुष, 16 वर्षीय बच्चा, 35 वर्षीय महिला, 39 वर्षीय पुरुष, 40 वर्षीय पुरुष और 52 साल की महिला शामिल है। इनमें से कुछ किराएदार हैं।किराने की दुकान चलाता है लाडपुरा का मरीजविक्रम चौक लाडपुरा निवासी 60 वर्षीय वृद्ध कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। वे किराने की दुकान चलाते हैं। अभी उनको बीमारी के लक्षण नहीं हैं। इसकी दुकान पर दिनभर लोग सामान लेने आते-जाते रहते हैं। इस वजह से कई लोगों को इंफेक्शन की संभावना है।चंद्रघटा में एक माह से कर्फ्यू है, लेकिन इसके बावजूद इस एरिया में वायरस कंट्राेल नहीं हो रहा। भास्कर ने काेटा में अब तक आ चुके 232 मरीजाें का विश्लेषण किया ताे सामने आया कि इनमें से 143 मरीज काे अकेले चंद्रघटा एरिया से ही हैं। यानी कुल मरीजाें का 61.63 प्रतिशत। चंद्रघटा में सबसे पहले 6 अप्रैल काे यहां का रहने वाला एक टैक्सी ड्राइवर पाॅजिटिव आया था, उसी दिन से यहां कर्फ्यू लगा दिया गया था।मेन राेड पर ताे पुलिस तैनात है, लेकिन गलियाें में लाेग आराम से टहल रहे हैं। इस इलाके की गलियां इतनी तंग हैं कि साेशल डिस्टेंसिंग की पालना भी नहीं हाे रही। इस वजह से संक्रमण फैल रहा है।इस इलाके में जरूरी सामान की किल्लत है। इस वजह से सामान की वैन आते ही भीड़ लग जाती है। पुलिस साेशल डिस्टेंसिंग की सख्ती से पालना नहीं कराती इस वजह से लाेग आसपास ही खड़े रहते हैं और आसानी से संक्रमित हाे जाते हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
2 11 दिन में दोगुने हो रहे थे केस, 21 अप्रैल के बाद रफ्तार घटी, पिछले 18 दिन में 1844 रोगी ही बढ़े By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT राजस्थान में कोरोना मरीजों की संख्या 3579 हो गई है लेकिन इस बीच राहत देने वाले कुछ आंकड़े भी सामने आए हैं।प्रदेश में अब कोरोना के नए केसों की रफ्तार या तो घट रही है या स्थिर है। पहले केसों के दोगुने होने की रफ्तार 11 दिन थी, लेकिन पिछले 18 दिन से इसमें लगाम लग गई है।आंकड़ों के अनुसार 14 अप्रैल तक प्रदेश में 1000 कोरोना मरीज थे लेकिन 11 दिन बाद ही 25 अप्रैल को कोरोना केस 2000 के पार पहुंच गए।इस हिसाब से अगले 11 दिन यानी 6 मई को ही प्रदेश में कुल कोरोना केस 4000 के पार पहुंचने चाहिए थे, लेकिन अभी कुल संख्या 3579 ही है।21 अप्रैल तक प्रदेश में कुल एक्टिव केसों की संख्या 1435 थी। इसके बाद बीते 18 दिन में प्रदेशभर में केवल 1844 केस ही बढ़े हैं। अब 1465 एक्टिव केस ही बचे हैं।जयपुर की रिकवरी रेट से प्रदेश का औसत सुधराराजधानी जयपुर में प्रदेश के सबसे अधिक 1145 रोगी हैं, लेकिन इनमें से अब 720 रिकवर हो चुके हैं। यानी प्रदेश के कुल मरीजों के 20 फीसदी। जयपुर की ही बात करें तो यहां अब तक 63 फीसदी रोगी रिकवर हो चुके हैं।21 अप्रैल के बाद 9 दिन ऐसे थे जब मरीजों की संख्या पिछले दिन के मुकाबले घटी। मरीज बढ़ने की रफ्तार स्थिर भी रहती तो अब तक 3960 रोगी होते। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
2 72 की उम्र में भी चलाती है चक्की, औरों के लिए मिसाल By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT (राकेश पालीवाल) शहर के पास मेहंदवास कस्बे के बस स्टैण्ड पर रहने वाली ये है शांति देवी विजयवर्गीय। उम्र है 72 साल की। दोनों लॉकडाउन के दौरान घर से नहीं निकली। तीसरे लॉकडाउन में भी घर में ही रहकर घरेलू कामकाज निपटा रही है। यहां तक की आटा पिसाने भी नहीं गई। वे खुद बरसों पुरानी घर में रखी चाकी से आटा पीस रहीं हैं। कहती हैं पहले तो सभी घर की घटी में ही आटे से लेकर बेसन, मसाला, दलिया आदि पीसा करते थे। अब कोरोना महामारी के चलते वह खुद ही नहीं बेटे नोरतन, गोरी शंकर व चंद्रप्रकाश विजय को भी घर से बाहर नहीं निकलने दे रही। हालांकि तीसरा बेटा सरकारी सेवा में हाेने से उसे एहतियात बरतते हुए सरकारी कामकाज निपटाने को कह दिया है। शांति देवी रसोई भी खुद बनाती है। पिछले पौने दो महीने में करीब 35 किलो गेहूं, बेसन व दलिया आदि पीस लिए है। वह कहती है कि एक किग्रा गेहूं की पिसाई एक घंटे में कर लेती है।पौष्टिक-शुद्धता और शरीर भी स्वस्थबुजुर्ग ने बताया कि दालें भी घर पर खुद बना लेती हैं। मिर्च, धनिया, हल्दी जैसे मसाले भी बाजार से नहीं लाते। सर्दी के मौसम में बाजरी की पिसाई भी इसी घटी से करती हैं। शांति देवी ने बताया कि घटी के आटे से बनी रोटी स्वादिष्ट होती है। साथ ही इसमें पसीना बहाने से शरीर स्वस्थ रहता है।कहा- अस्पताल जाने की जरूरत नहींउन्होंने कहा कि उसका अनुभव है कि घटी फेरने वाली महिलाओं को कभी अस्पताल जाने की जरूरत नहीं पड़ती। साथ ही उनका कहना है कि गर्भावस्था में महिला को किसी समस्या का सामना भी नही करना पड़ता है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today टोंक| मेहंदवास में घटी से चना पीसती 72 साल की शांतिदेवी। Full Article
2 दुकानदार का रास्ता राेक हमला किया,23800 रुपए छीने, पांच लाेग नामजद By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT रामपुरा न्यौला के बाइक सवार दो जनों के साथ सादकवाला के नजदीक 23800 रुपए नगदी लूट ले जाने का मामला सामने आया है। थाने में सादकवाला के 5 लाेगाें के खिलाफ नामजद केस दर्ज किया गया है। रामपुरा न्यौला के संदीप कुमार शर्मा(28) पुत्र जगदीश प्रसाद ने एफआईआर दर्ज करवाई है। पुलिस के अनुसार संदीप अपने साथी प्रवीण कुमार पुत्र इंद्राज निवासी 3 एसएचपीडी दुकान बंद कर रात 8:40 बजे बाइक पर घर जा रहे थे। सादकवाला गांव से निकलने के बाद पुलिया के पास सामने से आ रहे बाइक चालक ने टक्कर मारी। उस बाइक से उतरे रघुवीर सिंह उर्फ सोनी पुत्र कृष्ण सिंह व उसके साथी शम्मी पुत्र करनैल सिंह, कृष्ण सिंह पुत्र जागीर सिंह ने दाेनाें से गाली गलौज किया। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
2 नौहरदा में कोरोना पॉजीटिव निकलने के बाद 128 संदिग्धों के लिए सैंपल By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT गांव नौहरदा निवासी राजा जाट के कोरोना पॉजीटिव निकलने के बाद कस्बे के राउमावि व किसान सेवा केंद्र के प्रांगण में भरतपुर से आई मेडिकल टीम ने पुलिस, न्यायिक, शिक्षा विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों सहित संदिग्ध 128 लोगो के सैंपल लिए। वही पुलिसकर्मियों को गांव खानसूरजापुर के लालसिंह राउमावि में कोरोंटाइज करके न्यायिक अधिकारी व कर्मचारियों को होम आइसोलेट किया गया हैं।बीसीएमओ डा. रामअवतार शर्मा ने बताया कि नौहरदा निवासी राजा जाट के कोरोना पॉजीटिव निकलने के बाद 128 लोगो के सैंपल लिए गए हैं। जिनमें न्यायिक मजिस्ट्रेट, न्यायिक कर्मचारी, थानाधिकारी, पुलिसकर्मी, चिकित्सक, 108 एंबुलेंस के कार्मिक, नौहरदा स्कूल में डयूटी देने वाले कार्मिक, पत्रकार, पूर्व सरपंच सहित राजा के संपर्क में आने वाले लोग हैं।वहीं ग्राम पंचायत नौहरदा की तीन किमी सीमा से सटे में गांवों व उनमेें रहने वाले सभी लोगों का 14 नर्सिंगकर्मी घर-घर जाकर सर्वे करेंगें तथा तीन प्रपत्रों में पूरी सूचना एकत्रित कर लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ कोरोना से बचाने का काम करेंगे। प्रशासन द्वारा पूरे परिक्षेत्र में कर्फ्यू लगाने के बाद घर-घर दमकल व मशीनों के जरिये सैनेटाइज का काम कराया जा रहा हैं।गांव नौहरदा व आसपास के कफर्यूग्रस्त गांवों में एएसपी एडीएफ सुरेश खींची, एसडीएम कमल सिंह यादव, सीओ बयाना खींवसिंह राठौर, तहसीलदार अल्का श्रीवास्तव गश्त कर लोगो से घरो में रहने व उनकी जरूरी सुविधाओं की पूर्ति का काम कर रहे हैं।मोबाइल यूनिट ने 95 जनो का किया स्वास्थ्य परीक्षणवैरकस्बा के कुम्हेर गेट वार्ड नम्बर 20 में मेडिकल मोबाइल यूनिट ने 95 जनो को स्वास्थ्य जांच कर दवाई वितरण की। टीम में डाॅ नरेन्द्र वर्मा, गोपेश कुमार धाकड़, मुरारी लाल शर्मा, राजेन्द्र शर्मा, कार्यकर्ता माया देवी व आशा लक्ष्मी देवी ने शिविर में सहयोग प्रदान किया। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
2 लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर 113 एफआईआर दर्ज, 259 लोग गिरफ्तार By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए घाेषित लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर जिले में पुलिस की ओर से लगातार कार्रवाई की जा रही है। एसपी हेमंत शर्मा ने बताया कि जिले में अब तक कुल 113 मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जिनमें 259 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा सीआरपीसी की धारा 151 के तहत 325 व्यक्तियों के खिलाफ 114 इस्तगासे से पेश किए गए हैं। अनावश्यक रूप से वाहन लेकर घूम रहे लोगों के खिलाफ भी बड़ी संख्या में मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।एसपी ने बताया कि अब तक 15 हजार 471 वाहनों के चालान काटे गए हैं और 3 हजार 652 वाहन सीज किए गए हैं। इन कार्यवाहियों के तहत 30 लाख 40 हजार 450 का जुर्माना वसूल किया गया है। राज्य सरकार की ओर से जारी किए गए महामारी आपदा प्रबंधन अध्यादेश 2020 के तहत जिले में अभी तक 320 व्यक्तियों की जुर्माना रसीदें पुलिस और प्रशासन द्वारा काटी गई हैं। यह रसीदें उन व्यक्तियों की काटी गई हैं जिन्होंने मास्क नहीं पहने हुए थे। इनसे 69800 का जुर्माना वसूल किया गया है। जिले में 381 व्यक्तियों के खिलाफ इस्तगासा किया गया है। जिले के रामसिंहपुर सिंहपुर थाना में लवप्रीत और मदनलाल नामक व्यक्तियों के मास्क नहीं पहने होने के कारण महामारी आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
2 पिकअप और मालगाड़ी में भिड़ंत, 2 लोग घायल By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT नेशनल हाइवे 11 बी स्थित सुनीपुर के पास एक पिकअप माल वाहक गाड़ी की टक्कर ट्रैक्टर से हो गई, जिसमे पिकअप में सवार दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें एनएचएआई एम्बुलेंस से सामान्य चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। जहां चिकित्सकों ने दोनोंं को जिला अस्पताल के लिये रैफर कर दिया है।एनएचएआई एम्बुलेंस के चालक सत्येंद्र मीणा ने बताया कि उन्हें सूचना मिली कि सुनीपुर के पास कोई दुर्घटना हुई है, जिस पर वह मौके पर पहुंचे तो वहां पिकअप ट्रैक्टर से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी, जिसमे अनवर पुत्र शकुर, सूरज पुत्र प्रेम निवासीगण चाकसू गम्भीर रूप से घायल पड़े हुए थे। घायलों को एम्बुलेंस से सामान्य चिकित्सालय पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उनकी गंभीर हालत को देखकर जिला चिकित्सालय रैफर कर दिया। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
2 कश्मीर से आए गुजरात के 12 व्यक्ति, 7:30 घंटे की जांच के बाद दी अनुमति By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT संदीपसिंह धामू साधुवाली चेक पोस्ट से. अंतरराज्यीय सीमाएं सील करने के बाद शुक्रवार को भी पंजाब से आवाजाही पर सख्ती रही। जम्मू-कश्मीर में लॉकडाउन के दौरान अटके गुजरात के पालनपुर के 12 यात्रियों को एंट्री के लिए अंतरराज्यीय बॉर्डर पर 7:30 घंटे की मशक्कत करनी पड़ी। प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद इन्हें एंट्री देकर गंतव्य की ओर रवाना किया गया। जिन लोगों ने राज्य के गृह विभाग से अनुमति ली थी, उन्हें ही राज्य सीमा में एंट्री दी गई। अंतरराज्यीय बॉर्डर पर स्थित साधुवाली चेक पोस्ट पर अन्य दिनों की अपेक्षा सख्ती रही। अबोहर से आए तीन मेडिकल इमरजेंसी प्रकरणों में भी हाथोंहाथ आवेदन करवा स्वीकृति जारी होने पर ही एंट्री दी गई। चेक पोस्ट पर खाली ट्रकों की निगरानी के लिए दो सीसीटीवी कैमरे और लगाए गए हैं।गुजरात के बनासकांठा जिले के पालनपुर निवासी यासीन अहमद, सद्दाम, फारुख, हामीद सहित 12 लोग 13 मार्च को जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले में गए। उन्हें एक माह रहने के बाद लौटना था। यासीन अहमद के अनुसार उन्होंने बड़ी मशक्कत के बाद जम्मू-कश्मीर प्रशासन से घर लौटने की अनुमति और गुजरात सरकार से एनओसी ली। गुरुवार रात 10 बजे वे गुजरात की बस से रवाना हुए। जम्मू-कश्मीर-पंजाब बॉर्डर पर उन्हें अनुमति पत्र की चेकिंग के बाद एंट्री दे दी गई। यासीन के अनुसार शुक्रवार सुबह 6 बजे वे साधुवाली स्थित पंजाब राजस्थान चेक पोस्ट पर पहुंचे। तब राजस्थान के प्रशासन ने उन्हें एंट्री नहीं दी। उन्होंने जम्मू-कश्मीर प्रशासन की ओर से दिया गया यात्रा का पास और गुजरात की एनअाेसी भी दिखाई लेकिन उन्हें आगे नहीं जाने दिया गया। चेक पोस्ट पर तैनात पुलिस कर्मियों व प्रशासनिक अमले ने अंतरराज्यीय इंट्री नहीं होने का हवाला देकर उन्हें रोक लिया। हालांकि उन्होंने राजस्थान में ठहराव नहीं करना था। उनके पास शिनाख्त के सभी दस्तावेज गुजरात के थे, फिर भी गर्मी में सात घंटे तक रोके रखा गया। जबकि उनके पास कोरोना टेस्ट की निगेटिव रिपोर्ट भी थी।श्रीगंगानगर से इलाज करवाने के लिए अबोहर कई लोग आए। सामान्य राेगियों को अनुमति नहीं होने पर लौटा दिया गया। डायलिसिस करवाने आए तीन रोगियों को गंभीरता के आधार पर मौके पर ही ई मित्र संचालक को बुलाकर आवेदन करवाया गया। तब प्रशासनिक अमले ने कलेक्टर शिवप्रसाद मदन नकाते को फोन कर अनुमति दिलवाई। कलेक्टर नकाते के अनुसार साधुवाली चेक पोस्ट पर एक ई मित्र संचालक भी रहेगा, जो मेडिकल इमरजेंसी मामलों में लोगों की आवेदन करने में मदद करेगा। राजस्थान में पंजाब की अपेक्षा किडनी रोगियों का डायलिसिस सस्ता होने की वजह से वहां के लोग श्रीगंगानगर आते हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 12 persons from Gujarat from Kashmir, permission given after 7:30 hours investigation Full Article
2 जिंसों का उठाव नहीं होने से मंडी 2 दिन बंद By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी की जा रही है। ऐसे में सुंवास गांव के ताेल केंद्र पर माल का उठाव ना होने व गाड़ियां खाली होने के कारण मंडिया बंद है। सुंवास ग्राम सेवा सहकारी समिति में राजफैड द्वारा की जा रही गेहूं की खरीदी 2 दिन से बंद है जिसके चलते हैं टोकन धारी किसान परेशान है। व्यवस्थापक युवराज सिंह ने बताया कि ठेकेदार द्वारा जमा गेहूं के कट्टाें का उठाव नहीं होने से नियमित मंडी परिसर में कट्टे रखने की जगह नहीं है। वहीं मौसम खराब होने से जिसें खराब हाेने का खतरा बना हुआ है, जिसके चलते 2 दिन से तोल बंद है। ठेकेदार का कहना है कि वेयर हाउस में गाड़ियां खाली न होने के कारण माल का उठाव नहीं हो रहा है। वहीं रायपुर में भी एफसीआई द्वारा की जा रही खरीद केंद्र पर भी 12000 कट्टे जमा होने से तोल केंद्र पर तुलाई बंद होने की संभावना है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Mandi closed for 2 days due to non-lifting of commodities Full Article
2 किसान कल्याण टैक्स के विरोध में सीकर मंडी बंद 2 दिन में 4 हजार बोरी अनाज का कारोबार प्रभावित By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT राज्य सरकार के द्वारा प्रदेश भर में मंडी टैक्स के साथ लागू किया गया किसान कल्याण टैक्स व्यापारी वर्ग के साथ किसानों की भी परेशानी बढ़ा रहा है।2% किसान कल्याण टैक्स लागू होने के साथ ही व्यापारी वर्ग पर वित्तीय भार बढ़ गया है तो विरोध में मंडी बंद होने के बाद किसानों के सामने उपज बेचने की समस्या खड़ी हो गई है। किसान इस बात को लेकर भी आशंकित हैं कि व्यापारी वर्ग पर लागू किया गया किसान कल्याण टैक्स उनकी उपज की कीमत को भी प्रभावित करेगा। खाद्य व्यापार संघ के अनुसार मंडी में 2 दिन में ही 4000 बोरी से दो करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ है। मंडी को भी प्रतिदिन दो लाख से ज्यादा टैक्स का नुकसान उठाना पड़ रहा है।कृषि उपज मंडी खाद्य व्यापार संघ अध्यक्ष नवरंग खीचड़ का कहना है कि किसान के नाम से की जाने वाली टैक्स की वसूली किसान की ही जेब से होगी। इसका भार किसान, कमीशन एजेंट व आम उपभोक्ता को वहन करना होगा। पूर्व विधायक अमराराम का कहना है कि यह सरकार की किसान व आमजन को लूटने की नीति है। यदि सरकार को किसान कल्याण कोष गठित करना था तो इसमें इनकम के लिए अलग से फंडिंग की व्यवस्था करनी चाहिए थी। इधर, मामले में मंडी सचिव देवेंद्रसिंह बारैठ का कहना है कि 2% टैक्स लागू होने से किसान कल्याण कोष मजबूत होगा। मंडियों से किसान कल्याण कोष में जमा होने वाली राशि किसानों के हित में ही खर्च की जाएगी। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
2 चना दाल के लिए 12 हजार परिवार फिर उतरेंगे सड़कों पर By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT जिला कोरोना वायरस के पॉजिटिव मरीजों के कारण रेड जोन में है। कोरोना संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ने से आधा शहर जीरो मोबिलिटी घोषित किया हुआ है, ताकि कोई घरों से बाहर नहीं निकले, लेकिन सरकार की राशन वितरण की व्यवस्था ही लोगों को सड़कों पर उतरने को मजबूर कर रही है।सरकार ने इस माह दोनों योजनाओं का गेहूं व चना दाल एक साथ बंटवाने के निर्देश दिए थे, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। अब चना दाल के लिए झालावाड़ व झालरापाटन के करीब 12 हजार परिवार फिर सड़कों पर उतरेंगे। इससे कोरोना का खतरा बढ़ने की संभावना है।केंद्र सरकार द्वारा हर माह मिलने वाले राशन के गेहूं के साथ प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना का गेहूं और एक किलो चना तीनों का वितरण एक साथ करवाने के निर्देश दिए थे, लेकिन सरकार ने गेहूं का उठाव तो समय पर कर दिया, लेकिन चना दाल का आवंटन समय पर जिले में नहीं हुआ है। ऐसे में 1 मई को केवल गेहूं का ही वितरण शुरू हो पाया। झालावाड़ व झालरापाटन के करीब 12 हजार परिवारों में करीब 80 प्रतिशत लोग दोनों योजनाओं का गेहूं ले जा चुके है, लेकिन अब चना दाल लेने के लिए उनको फिर राशन दुकानों पर आना पडे़गा। जबकि झालावाड़ व झालरापाटन दोनों का बड़ा एरिया जीरो मोबिलिटी क्षेत्र है। इन क्षेत्र में प्रशासन की होम डिलेवरी व्यवस्था भी फेल हो गई है। अभी भी उपभोक्ता राशन दुकानों पर आकर ही राशन प्राप्त कर रहे हैं।इसलिए उतरेंगे सड़कों परगेहूं का आवंटन तो समय पर हो गया, लेकिन चना दाल का आवंटन समय पर नहीं हुआ। शुरुआत में चना दाल आई थी, लेकिन वह केवल भवानीमंडी और आसपास के एरिया में ही आवंटित की गई। जबकि झालावाड़ व झालरापाटन शहर में चना दाल का आवंटन नहीं हुआ। गुरुवार को जाकर चना दाल का आवंटन हुआ है, लेकिन अभी तक दोनों शहरों में 12 हजार परिवारों में से 80 प्रतिशत लोग राशन ले जा चुके है। अब ये लोग चना दाल लेने दुबारा आएंगे तो कोरोना को नियंत्रण करना मुश्किल हो जाएगा।8737 क्विंटल चना दाल का आवंटन2 लाख 91 हजार परिवारों के लिए जिले में 8 हजार 797 की कि क्विंटल चना दाल का आवंटन हुआ है। यह चना दाल गंगानगर से आई है। जीरो मोबिलिटी क्षेत्र झालावाड़़ व झालरापाटन में आवंटित नहीं हुई।दोनों शहरों में 12 हजार परिवारखाद्य सुरक्षा योजना के तहत 2 लाख 91 हजार परिवार है, लेकिन झालावाड़ में 7100 और झालरापाटन में 5 हजार परिवार है। इन दोनों शहरों के 12 हजार परिवार है, जिनको अभी तक चना दाल का वितरण नहीं हुआ था। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
2 जिले में 2 नए कोरोना पॉजिटिव मिले, दोनों की कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं, बाजार में सामान खरीदते समय हुए संक्रमित By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। गुरुवार रात को आई 202 सैंपलों की रिपोर्ट में दो और नए कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। इनमें एक युवक झालावाड़ से और दूसरा झालरापाटन का है। दोनों युवकों की कोई ट्रेवल हिस्ट्री नहीं है। नए कोरोना संक्रमित मिलने पर दोनों शहरों में संक्रमित एरिया को जीरो मोबिलिटी घोषित कर सील कर दिया गया है।झालावाड़ मेडिकल कॉलेज के कार्यवाहक डीन डॉ. दीपक गुप्ता ने बताया कि माइक्रोबायोलॉजी की लैब में शुक्रवार को 202 सैंपल जांच के लिए आए थे, रात पौने 11 बजे आई रिपोर्ट में 2 युवक पॉजिटिव मिले हैं। इनमें एक झालावाड़ और दूसरा झालरापाटन से है। रात को ही दोनों संक्रमित युवकों के निवास एरिया में कर्फ्यू लगा दिया। पुलिस ने एरिया के प्रवेश द्वारा पर बेरिकेडिंग कर जगह-जगह पुलिस के जवान लगा दिए हैं। शुक्रवार को कलेक्टर सिद्धार्थ सिहाग ने दोनों शहरों के संक्रमित एरिया को जीरो मोबिलिटी घोषित कर दिया है। इससे इन एरिया के रहने वाले लोगों को घरों से बाहर निकलने पर प्रतिबंध रहेगा।बाजार में किसी से हुए संक्रमितजिले में गुरुवार रात को आए संक्रमितों की कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है। जानकारी करने पर सामने आया कि दोनों मरीज कहीं बाहर नहीं गए हैं। केवल शहर में जरूरी कार्य व घरेलू सामान खरीदने के लिए बाहर आते थे। ऐसे में लग रहा है कि रास्ते में ही किसी कोरोना पॉजिटिव के संपर्क में आने पर वे भी संक्रमित हो गए हैं।ये क्षेत्र रहेगा जीरो मोबिलिटी कोरोना पॉजिटिव मिलने पर झालावाड़ शहर में बस स्टैंड चौराहा के पूरे क्षेत्र को और झालरापाटन में गिंदौर गेट से सूरजपोल गेट के परकोटे के अंदर तक समस्त एरिया, सूरजपोल गेट से सेठों के चौराहा तक का संपूर्ण क्षेत्र जीरो मोबिलिटी घोषित किया गया है। इन क्षेत्रों में निवास करने वाले लोगों के घरों से बाहर निकलने पर प्रतिबंध रहेगा। जीरो मोबिलिटी क्षेत्र में दूध की सप्लाई झालावाड़ डेयरी द्वारा की जाएगी।मेडिकल टीमों ने संभाला मोर्चा, सैंपलिंग कीसंक्रमित एरियाओं में स्वास्थ्य विभागों की टीमों ने शुक्रवार सुबह ही मोर्चा संभाल लिया। दोनों शहरों के संक्रमित एरियाओं में डोर टू डोर स्क्रीनिंग शुरू की गई। इसके अलावा आसपास के लोगों के सैंपल लिए गए। शाम तक एरियाओं में सैंपल व स्क्रीनिंग का कार्य जारी रहा। सैंपलों को जांच के मेडिकल कॉलेज भेजा गया।80 सैंपलों की जांच रिपोर्ट निगेटिव, राहतजिले में कोरोना संदिग्ध के 80 सैंपलों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. दीपक गुप्ता ने बताया कि शुक्रवार को लैब में जांच के लिए प्रथम लाॅट में 80 सैंपल आए थे। जिनकी शाम को निगेटिव रिपोर्ट आई है। ये सैंपल झालावाड़ व झालरापाटन से लिए गए थे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 2 new corona positives found in the district, both have no travel history, infected while buying goods in the market Full Article
2 सुजानगढ़ में 200 लोगों ने पीएम केयर फंड में 5 लाख रु. दिए, चूरू में दिए एक लाख रुपए By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT लॉकडाउन में जरूरतमंदों की मदद व सेवा के लिए पीएम केयर्स में पांच हजार रुपए से अधिक रुपए अर्थदान करने वाले लोगों का शुक्रवार को भाजपा की ओर से सम्मान किया गया। पीएम केयर प्रभारी विजय चौहान ने बताया कि मंडल अध्यक्ष पवन माहेश्वरी के नेतृत्व में सभी का सम्मान किया गया। भाजपा कार्यकर्ताओं की प्रेरणा से 200 से ज्यादा दानदाताओं ने करीब पांच लाख रुपए से अधिक पीएम केयर्स फंड में अंशदान किया है। इस अभियान में कंचन देवी पींचा व सांवरमल खुडि़या ने एक-एक लाख रुपए, डॉ. नेहा अग्रवाल ने 51000, प्रमोद मंत्री, जगदीश जोशी ने 21-21 हजार, भारती सेठिया ने 10 हजार, विनीत सेठिया, वेदप्रकाश तिवाड़ी, भींवाराम पारीक, साेनू प्रजापत व सोनू प्रजापत ने पांच-पांच हजार रुपए का सहयोग किया।कार्यक्रम में भाजपा जिला प्रवक्ता एड. मनीष दाधीच, जिला मंत्री भाजयुमो रिछपाल बिजारणियां, शक्ति केंद्र प्रभारी राजकुमार पारीक, अशोक तिवाड़ी सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने सभी के घर जाकर अभिनंदन पत्र भेंट कर सम्मान किया।चूरू | सरदारशहर के वैद्य मदन लाल सैनी ने पीएम केयर फंड के लिए एक लाख रुपए का चेक जिला कलक्टर संदेश नायक को प्रदान किया। इस दौरान डीएलआर पवन कुमार तंवर, शिव भगवान सैनी आदि भी मौजूद थे। इधर, सरदारशहर के विकास राजीविका महिला ग्राम संगठन की अध्यक्ष मंजू एवं कोषाध्यक्ष बुदी ने इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी चूरू के खाते में 31 हजार रुपए का चेक कलेक्टर को भेंट किया है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 200 people in Sujangarh, Rs 5 lakh in PM Care Fund. One lakh rupees given in Churu Full Article
2 नौहरदा में कोरोना पॉजीटिव निकलने के बाद 128 संदिग्धों के लिए सैंपल By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT गांव नौहरदा निवासी राजा जाट के कोरोना पॉजीटिव निकलने के बाद कस्बे के राउमावि व किसान सेवा केंद्र के प्रांगण में भरतपुर से आई मेडिकल टीम ने पुलिस, न्यायिक, शिक्षा विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों सहित संदिग्ध 128 लोगो के सैंपल लिए। वही पुलिसकर्मियों को गांव खानसूरजापुर के लालसिंह राउमावि में कोरोंटाइज करके न्यायिक अधिकारी व कर्मचारियों को होम आइसोलेट किया गया हैं।बीसीएमओ डा. रामअवतार शर्मा ने बताया कि नौहरदा निवासी राजा जाट के कोरोना पॉजीटिव निकलने के बाद 128 लोगो के सैंपल लिए गए हैं। जिनमें न्यायिक मजिस्ट्रेट, न्यायिक कर्मचारी, थानाधिकारी, पुलिसकर्मी, चिकित्सक, 108 एंबुलेंस के कार्मिक, नौहरदा स्कूल में डयूटी देने वाले कार्मिक, पत्रकार, पूर्व सरपंच सहित राजा के संपर्क में आने वाले लोग हैं।ग्राम पंचायत नौहरदा की तीन किमी सीमा से सटे में गांवों व उनमेें रहने वाले सभी लोगों का 14 नर्सिंगकर्मी घर-घर जाकर सर्वे करेंगें तथा तीन प्रपत्रों में पूरी सूचना एकत्रित कर लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ कोरोना से बचाने का काम करेंगे। प्रशासन द्वारा पूरे परिक्षेत्र में कर्फ्यू लगाने के बाद घर-घर दमकल व मशीनों के जरिये सैनेटाइज का काम कराया जा रहा हैं।लोगों को जागरुक करते हुए मास्क लगाने के लिए प्रेरित किया जा रहाह है। गांव नौहरदा व आसपास के कफर्यूग्रस्त गांवों में एएसपी एडीएफ सुरेश खींची, एसडीएम कमल सिंह यादव, सीओ बयाना खींवसिंह राठौर, तहसीलदार अल्का श्रीवास्तव गश्त कर लोगो से घरो में रहने व उनकी जरूरी सुविधाओं की पूर्ति का काम कर रहे हैं।मोबाइल यूनिट ने 95 जनो का किया स्वास्थ्य परीक्षणवैर कस्बा के कुम्हेर गेट वार्ड नम्बर 20 में मेडिकल मोबाइल यूनिट ने 95 जनो को स्वास्थ्य जांच कर दवाई वितरण की। टीम में डाॅ नरेन्द्र वर्मा, गोपेश कुमार धाकड़, मुरारी लाल शर्मा, राजेन्द्र शर्मा, कार्यकर्ता माया देवी व आशा लक्ष्मी देवी ने शिविर में सहयोग प्रदान किया। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
2 निशुल्क जांच पर भी संकट, 3 में से 2 काउंटरों पर ताले By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT जिला अस्पताल में मुख्यमंत्री निशुल्क जांच योजना में सालों से काम कर रहे 17 संविदाकर्मियों को आरएमआरएस (राज. मेडिकल रिलीफ सोसाइटी) से हटाकर एनजीओ के अधीन करने के प्रयास हो रहे हैं। इससे सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में मरीजों की निशुल्क जांचें नहीं हो रही, उन्हें बाहर प्राइवेट लेब जाना पड़ रहा है।तीन रोज से ये संविदाकर्मी सुबह 8 से 2 बजे तक धरने पर रहते हैं। इन संविदाकर्मियों ने हाईकोर्ट में रिट लगाई है। ये कर्मचारी 24 घंटे अस्पताल में सेवा दे रहे थे। रोज 150 से 200 रोगियों की जांच करते थे, समय पर मरीजों को जांच रिपोर्ट दे रहे थे। पीएमओ ने सरकार के आदेश का हवाला देकर उन्हें आरएमआरएस से हटा दिया है। वे रोज अस्पताल आ रहे हैं, लेकिन उनसे जांचे नहीं करवाई जा रही। उनकी जगह सीएचसी-पीएससी से 5 लेब टेक्नीशियन बुलाए हैं, दो पहले से हैं, पर व्यवस्था संभल नहीं रही। तीन दिनों में 300 से 400 रोगी बाहर से जांच कराने जा चुके हैं। तीन निशुल्क जांच काउंटरों में से दो पर ताले लग चुके हैं। एक काउंटर खुला है, उसमें केवल भर्ती मरीजों के ही सैंपल लिए जा रहे हैं। ऐसे में गर्भवती महिलाओं के खून-पेशाब, शुगर, यूरिया क्रिएटिनिन और हीमोग्लोबिन जैसी जांचें नहीं हो रही। 3 दिन पहले जहां रोज 100 से 125 रोगियों की अलग-अलग तरह की 500 जांचें जिला अस्पताल में ही निशुल्क हो रही थीं, अब प्राइवेट जांच केंद्रों पर महंगी रेट में करवानी पड़ रही हैं। वहीं, राज्य विधानसभा में मुख्य सचेतक डॉ. महेश जोशी ने भी कलेक्टर को पत्र लिखा है।जो जांचें अस्पताल में मुफ्त, चुका रहे रकम: मार्केट में प्राइवेट लेब पर हैपेटाइटिस 150 रुपए, हैपेटाइटस सी-200 रुपए, एचआईवी की 200 रुपए, हीमोग्लोबिन की 50 रुपए, शुगर की 25, यूरिया की 60, क्रिएटिनिन की 60 रुपए, बिलीरुबीन की 60, प्रोटीन की 60, एल्बुमिन 60, यूरीन की जांच 50 रुपए में और प्रेग्नेंसी टेस्ट 50 रुपए में होता है। एक मरीज को कई तरह की जांचें करानी पड़ती हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
2 पुलिस ने कामां में 22 ड्रमों में भरी 4 हजार और विलानचट्टपुरा में 2500 लीटर वाश नष्ट की By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT लॉकडाउन में हथकढ़ शराब के कारोबार की सूचना पर शुक्रवार को उच्चैन थाना पुलिस ने गांव विलाचट्टपुरा में अवैध हथकढ़ शराब के खिलाफ छापामार कार्रवाई कर ढाई हजार लीटर वाॅश व शराब बनाने की चार भट्टियों को नष्ट किया है।साथ ही मौके से 30 लीटर हथकढ़ शराब व एक बाइक को बरामद कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। उच्चैन एसएचओ जमील खान ने बताया कि पुलिस को गांव विलाचट्टपुरा में हथकढ़ शराब तैयार कर बेचने की सूचना मिली। जिस पर एसएचओ, एएसआई बृजभानसिंह, हैडकांस्टेबल बृजलाल, भरतसिंह के नेतृत्व में गठित टीमों ने शुक्रवार को गांव विलानचट्टपुरा में अलग-अलग रास्तों से पहुंचकर छापामार कार्रवाई की। जहां घरों व गैतबाडों में भट्टियों पर हथकढ़ शराब निर्मित होती हुई मिली। जिस पर पुलिस ने मौके पर ही चार भट्टियों को तोडकर मटकों व कैनों में भरी साढे ढाई हजार लीटर वाॅश को नष्ट कर दिया।पुलिस ने गांव विलानचट्टपुरा निवासी बिरजी पुत्र कमलसिंह, राधे पुत्र नवला कंजर को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से तीस लीटर हथकढ़ शराब को बरामद कर आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। साथ ही मौके पर लावारिस खड़ी बाइक को पुलिस एक्ट में जब्त किया है।कामां| एसपी हैदरअली जैदी के निर्देश पर कामां डीएसपी देवेंद्र सिंह राजावत ने जुरहरा के गांव बमनवाडी व खेड़ी में अवैध शराब माफियाओं पर कार्रवाई कर जंगलों में अवैध शराब निर्माण के लिए बनाई गई भट्टियां तोड़ चार हजार लीटर वाश नष्ट कराई। डीएसपी देवेंद्र सिंह राजावत ने बताया कि मेवात इलाके में शिकायते मिल रही थी कि अवैध शराब माफियाओं द्वारा जंगलों में अवैध हथकढ़ शराब बनाकर गांवों व शहरी इलाकों में शराब की सप्लाई की जा रही है।जुरहरा थाना के गांव खेड़ी व बमनवाडी के जंगलों में कार्रवाई कर अवैध शराब निर्माण की भट्टियां तोड़कर 22 ड्रमों में भरी करीब चार हजार लीटर वाश नष्ट कराई। इसके अलावा कार्रवाई के दौरान मौके से बीस लीटर तैयार अवैध शराब भी बरामद की गई। कार्यवाही के दौरान शराब माफिया पुलिस के हाथ नहीं लग सके। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
2 नदबई में 9 से 12 बजे तक नहीं रहेगी बिजली By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT नदबई के 33 केवी मांझी फीडर पर रखरखाव कार्य के चलते 9 मई को सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक बिजली बंद रहेगी।डीग में नगर रोड रीको फीडर में 11 केवी बिजली ट्रांसफर शिफ्टिंग कार्य के चलते शनिवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक रीको सहित ओल्ड पान्हौरी फीडर की बिजली आपूर्ति 3 घंटे बाधित रहेगी। । Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
2 सीसवाली में 462 किसानों से हुई खरीद By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT कस्बे में लगे एफसीआई के तौल कांटे पर अब तक 462 किसानों से गेहूं की खरीद हुई है। एफसीआई के ताैल कांटे पर रोजाना करीब 20 से 25 किसानों से गेहूं की खरीद की जा रही है। एफसीआई क्वालिटी कंट्रोल प्रभारी राजेंद्र कुमावत ने बताया कि 16 अप्रैल से शुरू हुए कांटे पर अब तक 462 किसानों का 56 हजार 986 क्विंटल गेहूं की तुलाई हो चुकी है। गोदाम मैनेजर नितिन शर्मा ने बताया कि सीसवाली गोदाम में मांगरोल, सीसवाली, पाटाेंडा, बमोरी आदि चार मंडियों के 92 हजार कट्टे का अब तक गोदाम में भंडारण हो चुका है।प्रखर कौशल ने कहा- किसानों की पूरी उपज खरीदे सरकार: अंता. भारतीय जनता युवा मोर्चा के नेता तथा यूथ चला बूथ समिति के प्रदेश सहसंयोजक एवं पूर्व सांसद स्व रघुवीरसिंह कौशल के पौत्र प्रखर कौशल ने शुक्रवार को ईमेल से राज्यपाल को पांच सूत्रीय मांग पत्र भेजा है। इसमें बारां जिले के किसानों की उपज को पूरा मूल्य दिलवाए जाने के लिए संपूर्ण उपज समर्थन मूल्य पर खरीद की मांग की है। उन्होंने बारां जिले में समर्थन मूल्य का लाभ किसानों को नहीं मिल पाने की जानकारी ईमेल से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे, क्षेत्रीय सांसद दुष्यंत सिंह, नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया एवं भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया को भी दी है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Purchase from 462 farmers in Siswali Full Article
2 1921 पर मिस्ड कॉल देकर ले सकेंगे हेल्थ स्टेटस By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT भारत सरकार की ओर से कोरोना आपदा के तहत समस्त नागरिकों को हेल्थ स्टेटस संबंधी जानकारी से अपडेट रखने के लिए आरोग्य सेतु आईवीआरएस प्लेटफार्म लांच किया गया है। सूचना विज्ञान अधिकारी मनीष शर्मा ने बताया कि जिन लोगों के पास लैंड लाईन व साधारण मोबाइल है उनको आरोग्य सेतु आईवीआरएस प्लेटफार्म के नंबर 1921 पर एक मिस्ड कॉल देनी होगी। 1921 से संबंधित व्यक्ति को कॉल आएगा। आरोग्य सेतु एप कि तर्ज पर ही स्वास्थ्य संबंधी प्रश्न पूछे जाएंगे और दिए गए उत्तर के आधार पर संबंधित नागरिक को एक एसएमएस प्राप्त होगा जिसमें संबंधित नागरिक के हेल्थ स्टेटस के बारे में बताया जाएगा। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
2 डेयरी 2 हजार गांवों व मोहल्लों में जाकर बेचेगी सरस के उत्पाद, रोजाना जाएंगी 70 गाड़ियां By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT सरस डेयरी अब जिले के दो हजार गांवों में जाकर डेयरी के उत्पाद बेचेगी। इसके लिए शुक्रवार को डेयरी की 70 रूटों पर 70 गाड़ियां रवाना हुई।डेयरी के दूध, छाछ, श्रीखंड, घी सहित अन्य उत्पादों को बेचने के लिए चेयरमैन बन्नाराम मीणा ने झंडी दिखाकर गाड़ियों का रवाना किया। डेयरी चेयरमैन मीणा ने बताया कि कोरोना वायरस के कारण डेयरी उत्पादों को गांव-गांव बेचने के लिए सरस आपके द्वार पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है।गांवों में 70 गाड़ियों में सरस के उत्पाद जाएंगे, जो गांवों के मोहल्लों में सीधे बेच जाएंगे। इन्हें बेचने और मॉनिटरिंग के लिए डेयरी के कर्मचारी लगाए गए हैं। ये पायलट प्रोजेक्ट लॉकडाउन में सरस डेयरी के दूध व उत्पादों की बिक्री को बढ़ाने और डेयरी उत्पादों को उपभोक्ताओं का घर तक पहुंचाने क लिए शुरू किया है। अभी डेयरी के दूध की बिक्री रोजाना मात्र 95 हजार लीटर है, जो पिछले साल मई में करीब दो लाख लीटर थी।दूध की आवक लगातार करीब दो लाख लीटर बनी रहने और बिक्री कम होने के कारण अब भी पाउडर बनाया जा रहा है। अलवर शहर में भी दूध सप्लाई करने वाली गाड़ियों से उत्पादों की कॉलोनियों और मोहल्लों में पहुंचकर बिक्री की जाएगी। इससे लोगों को घर के पास ही डेयरी उत्पाद मिल सकेंगे। इस मौके पर डेयरी के एमडी एमएल जैन सहित कर्मचारी मौजूद रहे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
2 परीक्षक ऑनलाइन भिजवाएंगे 12वीं बोर्ड परीक्षार्थियों के अंक, जिले में 19 हजार परीक्षार्थियों ने दी राजस्थान बोर्ड की परीक्षा By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:56:00 GMT माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान की 12वीं और वरिष्ठ उपाध्याय परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं के अंक अब परीक्षक ऑनलाइन बोर्ड मुख्यालय भिजवाएंगे। अब तक परीक्षक उत्तर पुस्तिकाएं जांचने के बाद विद्यार्थियों को मिले अंक ओएमआर शीट के माध्यम से बोर्ड मुख्यालय भेजते थे।बोर्ड ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को ऑनलाइन अंक भेजने के निर्देश दिए हैं। बोर्ड ने कोरोना के कारण उपजे हालातों को देखते हुए इस बार विद्यार्थियों के अंक बोर्ड की वेबसाइट के पोर्टल पर अपलोड करने की व्यवस्था की गई है। सभी परीक्षक इसी पोर्टल पर विद्यार्थियों के अंक अपलोड करेंगे। बोर्ड परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाएं जांचने के लिए परीक्षकों को उनके घर पर भिजवाई गई है। अधिकांश परीक्षकों ने उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कर लिया है, लेकिन अंकों की ओएमआर शीट बोर्ड मुख्यालय में भिजवाने की कोई व्यवस्था नहीं है। इस समस्या के समाधान के लिए माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने बोर्ड की वेबसाइट पर व्यवस्था शुरू की है।21 तक भेजने होंगे विद्यार्थियों के सत्रांक नंबरराजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने विद्यार्थियों के सत्रांक भी बोर्ड मुख्यालय भिजवाने के लिए अंतिम तिथि बढ़ाकर 21 मई कर दी है। विद्यालयों की ओर से विद्यार्थियों को सत्रांक देने की व्यवस्था है। यह सत्रांक मुख्य परीक्षाओं के अंकों में जोड़े जाते हैं। अब तक अनेक विद्यालयों ने सत्रांक बोर्ड मुख्यालय नहीं भिजवाएं है। उनकी सुविधा के लिए अब सत्रांक भिजवाने की अंतिम तिथि 21 मई तय की गई है।फैक्ट फाइल : 12वीं बोर्ड परीक्षार्थी-18993, वरिष्ठ उपाध्याय में 139 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं।अब बोर्ड की साइट पर ही नंबर अपलोड किए जाएंगे^ राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने बोर्ड परीक्षा के अंक परीक्षकों द्वारा ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं। कोरोना के चलते डाक से नहीं भेज पा रहे हैं। ऐसे में अब बोर्ड की साइट पर ही परीक्षक नंबर अपलोड करेंगे।-घनश्याम बैरवा, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी, माध्यमिक, सवाईमाधोपुर Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
2 आज रात 12 बजे से 24 घंटे तक आप भी बनें बर्ड वॉचर्स और जीतें प्राइज By Published On :: Sat, 09 May 2020 00:04:00 GMT कोरोना लॉकडाउन के बीच प्रकृति व पक्षी प्रेमियों के लिए खुश खबर है। ग्लोबल बिग डे पर 24 घंटे की समयावधि में कोई भी व्यक्तिबर्ड वॉचर्स बनकर इनाम जीत सकता है।दरअसल, ई-बर्ड की ओर से हर वर्ष की भांति इस बार भी 9 मई की रात 12 से अगली रात्रि 12 बजे यानी 24 घंटे तक पक्षियों के अवलोकन व रिकॉर्ड संधारण का कार्य होता है। अबकी बार भारत सहित 174 देशों ने विभिन्न प्रजातियों की एक लाख पक्षियों की एंट्री का लक्ष्य निर्धारित किया है।गौरतलब है कि पक्षियों के अवलोकन व रिकॉर्ड संधारण के लिए प्रतिवर्ष 9 मई को ग्लोबल डे मनाया जाता है। इस बार वैश्विक महामारी कोरोना के चलते भारत में भी लॉकडाउन एवं स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों की पालना में बर्ड वॉचर्स यह कार्य करेंगे।करौली जिले के स्थानीय पक्षी विशेषज्ञ राव शिवराजपाल सिंह के अनुसार गत वर्ष 174 देशों के 35209 बर्ड वॉचर्स ने 92284 एंट्री दर्ज कीं, जिसमें 6331 प्रजाति के पक्षी देखे गए। लिहाजा, इस बार कोविड-19 के चलते विश्वभर में लॉकडाउन के चलते बाहर जाना भी संभव नहीं है।ऐसे में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों की पालना करते हुए घर में आने एवं आसपास में रहने वाले पक्षियों का ही रिकॉर्ड बनाकर एक लाख एंट्री का टारगेट हासिल करना है। इसमें आमजन भी सहभागिता निभाकर पक्षी प्रेमी के रूप में भूमिका निभा सकता है।पक्षियों के वीडियो या फोटो लेकर बन सकते हैं विजेता, मोबाइल से कराएं एंट्रीग्लोबल बिग डे पर जिले का कोई भी व्यक्ति अपने आसपास के पक्षियों के कलरव या अनूठी अवस्था में फोटो या आवाज दोनों मोबाइल से रिकॉर्ड कर इसमें एंट्री करा सकता है। करौली जिले में प्रकृति प्रेमी व पक्षी विशेषज्ञ राव शिवराजपाल सिंह को मोबाइल नं. 7728855553 पर कॉल अथवा वाट्सअप भी कर सकता है। इसके अलावा (ebird.org/ ebird.online या ebird.mobile) पर भी शेयर की जा सकती है। करौली में पक्षियों के प्रति प्रेम, लगाव व संरक्षण के प्रति जाग्रति पैदा करने के लिए करौली इंटेक चैप्टर की ओर से तीन सर्वश्रेष्ठ फोटो की एंट्री शामिल करने पर प्रतिभागियों को लॉकडाउन हटने के बाद सम्मानित भी किया जाएगा।24 घंटे विशेष रूप से कैमरों में कैद होंगे पक्षीअंतर्राष्ट्रीय स्तर पर 9 मई, शनिवार की रात 12 से अगली रात्रि 12 बजे तक पक्षियों के कलरव, अठखेलियां व उनकी दिनचर्या आदि का चित्रण पक्षी प्रेमियों के कैमरों में कैद होगा। ज्यादातर लोग अपने मोबाइल में भी इनके फोटो या वीडियो बनाकर अपनी सहभागिता निभाएंगे। हालांकि, कोरोना लॉकडाउन का ग्रहण लग जाने से अबकी बार ग्लोबल बिग डे व्यापक स्तर पर नहीं मन पाएगा,फिर भी पक्षी प्रेमी विशेषज्ञों में खास रुचि रहती है और लॉकडाउन की पालना करते हुए लक्षित एक लाख के एंट्री टारगेट को हासिल कर पिछले वर्ष के रिकॉर्ड को अवश्य तोडेंगे। करौली के पक्षी विशेषज्ञ राव शिवराजपाल सिंह भी घर व आसपास में रहने वाले पक्षियों का ही रिकॉर्ड बनाकर एक लाख से अधिक एंट्री का लक्ष्य पूरा करने को लेकर आश्वस्त हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article