2 102 मरीज ठीक हुए, अब केवल 14 कोरोना पाॅजिटिव By Published On :: Sat, 09 May 2020 00:08:00 GMT लॉकडाउन के बाद प्रवासियों का आना पिछले चार दिनाें से निरंतर जारी है। अलग-अलग प्रदेशों से सैकड़ों लोगों का आगमन तीन दिनों के अंतराल में हुआ है जो अन्य प्रदेशों से व राजस्थान में भी अलग-अलग जिलों में रहने वाले लोग शामिल हैं। बांगड़ अस्पताल के पीएमओ डॉ. जीके शर्मा ने बताया कि 3 तीनों में 258 लोगों के सैम्पल लिए जा चुके हैं, जो बाहर से आए हुए है। अभी तक 506 लोगों के लिए गए सैम्पल में 433 सैम्पल निगेटिव आ चुके हैं। 73 की रिपोर्ट आना बाकी है। प्रवासियों की स्क्रीनिंग कर जिसमें हल्के से लक्षण दिखाई देते हैं उन्हें तो बांगड़ स्कूल में क्वारेंटाइन किया जा रहा है व जो पूर्ण रूप से स्वस्थ दिखते हैं मगर फिर भी उन्हें 14 दिन के लिए होम आइसोलेट किया जा रहा है। अभी तक डीडवाना ग्रामीण क्षेत्र में 743 तो शहरी क्षेत्र में 301 लोग आ चुके हैं। मकराना से शुक्रवार को 50 लिएइधर..., परबतसर में भी 42 नए सैंपल लिए गएखण्ड मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. डीपी जोशी ने शुक्रवार को ग्राम भड़सिया के नाका व स्कूल में स्थापित क्वारेंटाइन सेंटर का निरीक्षण किया तथा सभी व्यवस्थाएं देखी। स्वास्थ्य कार्मिकों को मास्क व सेनिटाइजर उपलब्ध कराए। यहां व्यवस्थाएं सही पाई गई। होम क्वारेंटाइन किए गए लोगों के रेंडम सैम्पलिंग के निर्देश दिए गए। इसके पश्चात कालेटड़ा स्कूल के क्वारेंटाइन सेंटर को देखा व रिड़ तथा बाजवास में भी बाहर से आने वाले लोगों को चिकित्सा विभाग द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं व स्क्रीनिंग का कार्य देखा जो संतोषजनक पाया गया। ग्रामीण क्षेत्रों से लाए गए 38 लोगों की परबतसर में सैम्पलिंग की गई व 04 शहरी क्षेत्र के लोगों की भी सैम्पलिंग की गई। ग्रामीण स्वास्थ्य केन्द्रों से गठित टीम द्वारा डाॅ. शैलेष शर्मा के निर्देशन में कार्य किया गया। इस कार्य में राकेश गोरा (बीपीएम), बाबूलाल चौधरी, चेतनदान, डाॅ. वन्दना व्यास, बन्नाराम आदि ने सहयोग किया। इसी तरह सैंपलिंग का कार्य प्रातः 11ः00 बजे से दोपहर 02ः00 बजे तक किया जाएगा।वर्तमान में जिले से लिए 717 सैम्पल की रिपोर्ट बाकीजेएलएन में भर्ती कोरोना पाॅजिटिव मरीजों में से शुक्रवार को 20 की सैम्पल रिपोर्ट दो बार नेगिटिव आने पर डिस्चार्ज किया। अब 14 मरीज जेएलएन में है। सभी बासनी के है। इनमें एक दिन का शिशु अाैर तीन साल गाेसिया भी शामिल है। गांव में अब तक 106 संक्रमित पाए गए हैं, अब तक 93 की रिपोर्ट दो बार नेगेटिव आने के बाद वे ठीक हो चुके हैं। उल्लेखनीय है कि जिले से अब तक 4427 सैंपल लिए गए है, इनमें 3710 की रिपोर्ट मिल चुकी है। 3592 निगेटिव है। शुक्रवार को जिले में 379 सैंपल लिए गए। वर्तमान में 717 सैम्पल की रिपोर्ट आना शेष है Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
2 लाडनूं: खाद्य सुरक्षा सूची से 210 अपात्र व्यक्तियों के नाम हटाए By Published On :: Sat, 09 May 2020 00:10:00 GMT राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 के अन्तर्गत उपखंड अधिकारी द्वारा सर्वे के अनुसार अपात्र पाए गए 210 व्यक्तियों/परिवारों के नाम खाद्य सुरक्षा सूची से हटाए गए है। इन सभी अपात्र पाए गए व्यक्तियों से नियमानुसार वसूली की जाने के लिए जिला उद्योग केंद्र को लिखा गया है। उपखंड अधिकारी मुकेश चौधरी ने बताया कि खाद्य सुरक्षा सूची से अपात्र व्यक्तियों के नाम हटाए जाने के लिए भविष्य में भी सर्वे करवाया जाकर उन्हें सूची से निष्कासित किया जाएगा, जिसका अभियान निरन्तर जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि जो व्यक्ति निष्कासन श्रेणी में आते हैं अथवा राजकीय सेवा में होते हुए भी खाद्य सुरक्षा योजना का अनुचित लाभ ले रहे हैं, उन्हें स्वेच्छा से अपना नाम सूची से हटवा लेना चाहिए, ताकि पात्र लोगों को योजना का वास्तविक लाभ मिल सके। अन्यथा अपात्र पाए गए व्यक्तियों या राजकीय सेवारत कार्मिकों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
2 सभी योजनाओं में सैनिटाइजेशन स्टेशन, 25 हजार रु. प्रोत्साहन राशि भी मिलेगी By Published On :: Sat, 09 May 2020 00:10:00 GMT कोरोना से बचाव के लिए हाउसिंग बोर्ड मौजूदा आवासीय योजनाओं और निर्माणाधीन परियोजनाओं में मुख्य द्वार पर सेनेटाइजेशन स्टेशनों का निर्माण करवाएगा। हाउसिंग बोर्ड कमिश्नर पवन अरोड़ा ने बताया इस संबंध में उप आवासन आयुक्त और आवासीय अभियन्ताओं को आदेश जारी कर दिए गए हैं।अरोड़ा ने बताया कि योजनाओं में एक-एक सेनेटाइजेशन स्टेशन की स्थापना की जाएगी। इसके लिए रेजीडेंट वेलफेयर सोसायटियों को प्रेरित किया जाएगा। सोसायटियों द्वारा इनका निर्माण कर लिया जाएगा, उन्हें बोर्ड की ओर से 25 हजार की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। संबंधित योजना के आवासीय अभियन्ता की सिफारिश पर यह राशि दी जाएगी। स्टेशन पर सेंसर युक्त या पेडल युक्त मशीन लगाई जाएगी, जिनमें बिना हाथ लगाए लिक्विड सोप और पानी आएगा जिससे लोग हाथ धो सकेंगे। सेंसर युक्त या पेडल युक्त हैण्ड सेनेटाईजर मशीन भी लगाई जाएगी। यह स्टेशन कवर्ड होगा और योजना के मुख्य प्रवेश द्वार पर बनाया जाएगा। अरोड़ा ने प्रताप नगर और मानसरोवर आवासीय योजना में निर्माणाधीन चौपाटी, कोचिंग हब तथा मुख्यमंत्री शिक्षक एवं प्रहरी आवासीय योजना का निरीक्षण किया। मुख्य अभियन्ता के.सी. मीणा, एसीई नत्थूराम, उप आवासन आयुक्त सीताराम बरी मौजूद रहे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Sanitization station in all schemes, 25 thousand rupees. Incentives will also be available Full Article
2 अबकी बार शादियों पर कोरोना का असर, नवंबर–दिसंबर में सिर्फ 9 मुहूर्त, उसके बाद 22 अप्रैल से ही बज सकेंगे बैंडबाजे By Published On :: Sat, 09 May 2020 00:12:00 GMT कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए लगाए गए लॉकडाउन ने अप्रैल के सारे विवाह मुहूर्त तो व्यर्थ कर ही दिए हैं, लेकिन मई-जून में जो मुहूर्त हैं, वे भी संक्रमण के डर के चलते टाल दिए गए हैं। एक जुलाई को देवशयनी एकादशी के बाद से मांगलिक कार्यों पर पाबंदी लग जाएगी। यानि 25 नवंबर को देवउठनी एकादशी पर ही शहनाइयां बजेंगी। नवंबर में 2 दिन और दिसंबर में 7 दिन ही मुहूर्त रहेंगे। इसके बाद अगले वर्ष अप्रैल 2021 तक विवाह के लिए मुहूर्त का इंतजार करना होगा। राज्याचार्य पंडित प्रकाश चंद जती ने बताया कि नए साल में जनवरी से मार्च तक गुरु व शुक्र ग्रहों के अस्त रहने पर मुहूर्त नहीं रहेंगे। 17 मई तक लॉकडाउन बढ़ने के मई और जून में विवाह होने की कोई संभावना नजर नहीं आ रही है। हालांकि अनुमति मिलने पर कुछ विवाह चंद रिश्तेदारों की मौजूदगी में हो सकते हैं।जनवरी से अप्रैल तक थे 38 दिन मुहूर्तउन्होंने बताया कि इस साल 16 जनवरी से 22 व 29 से 31 जनवरी तक। फरवरी में 3 से 5, 9 से 20 व 25 से 27 तक। मार्च में 1 से 3, 7 से 13 तक और अप्रैल में 14, 15, 20 व 25 से 27 तक कुल 38 दिन विवाह मुहूर्त थे। हर वर्ष जनवरी-फरवरी में अधिक विवाह होते हैं, जबकि मार्च में होलाष्टक के कारण विवाह की संख्या घट जाती है। 2021 में गुरु अस्त रहेगा। इसके बाद शुक्र अस्त होगा, जो 21 अप्रैल को उदित होगा और 22 अप्रैल से मुहूर्त प्रारंभ होंगे।नवंबर-दिसंबर के बाद करना होगा 3 माह इंतजारराज्याचार्य पंडित प्रकाश चंद जती ने बताया कि 29 मई तक पांच और 30 जून तक 8 दिन विवाह मुहूर्त हैं। इसके बाद नवंबर में देवउठनी एकादशी पर 26 व 27 नवंबर को विवाह मुहूर्त हैं, जबकि दिसंबर में 1,2,6,7,8,9 व 11 तारीखों को ही विवाह के लिए मुहूर्त रहेंगे। इस तरह नवंबर-दिसंबर में देवउठनी एकादशी का दिन शामिल कर लिया जाए तो 10 दिन विवाह मुहूर्त रहेंगे। जिन के विवाह तिथियों में नहीं हो पाएंगे, उन्हें तीन माह बाद 22 अप्रैल तक इंतजार करना पड़ेगा। 16 फरवरी 2021 को वसंत पंचमी पर अबूझ मुहूर्त वाला दिन होने के कारण विवाह हो सकते हैं।लॉकडाउन के चलते अक्षय तृतीया पर नहीं हो सके विवाहउन्होंने बताया कि अगले साल 46 दिन ही रहेंगे विवाह के मुहूर्त- ज्योतिषियों के अनुसार अगले साल 22 अप्रैल 2021 से दिसंबर 2021 तक करीब 46 दिन मुहूर्त रहेंगे। अप्रैल में 6, मई में 10, जून में 11, जुलाई में 6, नवंबर में 7 और दिसंबर में 6 दिन मुहूर्त रहेंगे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
2 अब तक कुल 4427 सैंपल लिए, 3710 की रिपोर्ट प्राप्त By Published On :: Sat, 09 May 2020 00:31:00 GMT काेराेना काल में अब तक कुल 4427 सैम्पल लिए जा चुके है। जबकि 3710 सैम्पल की रिपोर्ट प्राप्त हाे चुकी है। अब तक लिए गए कुल सैम्पल में से 3592 की रिपोर्ट नेगिटिव है और जिले में शुक्रवार को एक ही दिन में 379 नए सैम्पल लिए गए। वर्तमान में 717 सैम्पल की रिपोर्ट आना शेष है। जिले में कुल 118 कोरोना पाॅजिटिव मरीजों में से 102 उपचार के बाद ठीक हो चुके हैं, जिन्हें अस्पताल आइसोलेशन से संस्थागत क्वारेंटाइन में भेज दिया गया है। जेएलएन अस्पताल से शुक्रवार कोे 135, राजकीय बांगड़ अस्पताल, डीडवाना में 73, राजकीय जी.आर. सरावगी अस्पताल लाडनूं में 32, राजकीय अस्पताल कुचामन में 19, राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, मकराना में 50 तथा सीएचसी परबतसर में 42 सैम्पल लिए गए। राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मूंडवा में भी पहली बार शुक्रवार को 28 सैम्पल लिए गए। उल्लेखनीय है कि एक दिन के नवजात ने भी कोरोना को हरा दिया। उसकी अब रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
2 27 हजार प्रवासी मजदूरों की हुई घर वापसी 21 हजार आए और 5 हजार 210 की रवानगी By Published On :: Sat, 09 May 2020 00:32:00 GMT लॉकडाउन के चलते फंसे प्रवासी मजदूरों का आवागमन जारी है। जिले में आने के लिए औसतन 62 हजार मजदूरों का ऑन लाइन पंजीयन हुआ है। इसके लिए पुलिस और प्रशासन की अपनी व्यवस्थाएं भी चाक चौबंद हैं। हालांकि अब मजदूरों का मूवमेंट थम जाएगा। क्योंकि अब तक उन्हीं मजदूरों का मूवमेंट हो रहा था जिनके 6 मई तक पास जारी हो चुके थे। ऐसे में नए मूवमेंट के अभी कोई दिशा-निर्देश नहीं हैं, लेकिन जो मजदूर आ रहे हैं उनका जिला सीमा पर बनाए गए चेक पोस्ट एवं ट्रांजिट शिविर में स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। इसके बाद पुलिस की मदद से घर भेजने या संस्थागत क्वारेंटाइन की सलाह जारी की जा रही है। वहीं जिले से बाहर जाने वाले मजदूरों को प्रशासन की मदद से रवाना किया जा रहा है।विभिन्न राज्यों से जिले में आने के लिए 62 हजार प्रवासियों का हुआ रजिस्ट्रेशनकार्यवाहक तहसीलदार रूघाराम सैन ने बताया उत्तर प्रदेश के श्रमिकों को शुक्रवार को दो रोड़वेज बसों से रवाना किया है। ये बसें भरतपुर सीमा तक जाएगी। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार की मदद से मजदूरों को उनके घर भेजने की व्यवस्था करवाई जा रही है। वहीं 9 बसे बिहार के मजदूरों को शनिवार सुबह अजमेर लेकर जाएगी। इसके बाद वहां से उनको ट्रेन की सहायता से घर भेजने की व्यवस्था है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ के मजदूरों को भी भेजने की योजना अभी बनाई जा रही है।राजस्थान एवं दूसरे प्रदेशों से भी बड़े पैमाने पर मजदूरों की घर वापसी हुई है। 29 अप्रैल से 7 मई तक जिले में औसतन 21 हजार 286 मजदूरों की घर वापसी हुई है। इनमें 6 हजार 146 मजदूर तो प्रदेश के दूसरे जिलों से आए हैं। जबकि 15 हजार 140 मजदूर राजस्थान के अलावा दूसरे प्रदेशों से पहुंचे हैं। जबकि ऑन लाइन रजिस्ट्रेशन औसतन 62 हजार मजदूरों का हुआ है।अब रुक जाएगा मूवमेंटपुलिस अधीक्षक डाॅ. विकास पाठक ने बताया अब नया मूवमेंट रुक जाएगा। क्योंकि छह मई तक जिन लोगों के पास जारी हुए थे उन्हीं को मूवमेंट करना था। ऐसे में अब केवल पास धारको को ही आवागमन की स्वीकृति मिलेगी। इसके चलते ट्रांजिट कैंप भी बंद होंगे। जिले के 17 थानों पर पुलिस के 27 नाके लगाए हैं, जिनसे लोगों का आवागमन हो सकता है। वहीं चोरी छिपे जाने-जाने वालों के खिलाफ धरपकड़ के लिए पुलिस के जवान तैनात हैं। गुरुवार को डीडवाना पुलिस ने दो कंटेनरों को रुकवाकर उसमें भरे 120 मजदूरों को निकाला। जो चोरी छिपे जिले में घुसने का प्रयास कर रहे थे। सभी मजदूरों को क्वारेंटाइन कर चालक को गिरफ्तार किया गया।सीमाएं बंद की हुई हैंभारी तादात में मजदूरों के आवागन के चलते जिले की सीमाएं सील हैं। सभी जगह पुलिस की नाकेबंदी के साथ मेडिकल टीम व शिक्षक तैनात हैं। प्रत्येक आवागमन पर नजरें गड़ाए हुए हैं। इसके अलावा देहात में कई टीमें लगी हुई हैं। जो गांव में आने जाने वालों का पता लगाती हैं। उल्लेखनीय है कि पहला लॉकडाउन 25 मार्च को लगा था। इसके बाद से सभी तरह के कारखाने एवं उद्योग धंधे बंद हो गए थे। इसके चलते ज्यादातर मजदूर वर्ग बेरोजगार हो गए। कईयों के सामने खाने-पीने का संकट भी गहराने लग गया था। निर्माणाधीन अंबुजा सीमेंट प्लांट के ढाई हजार मजदूरों ने पथराव कर विरोध प्रदर्शन तक कर दिया था। इसके बाद सरकार की मदद से मजदूरों को बाहर भेजना शुरू कर दिया गया था।28 अप्रैल से दो मई तक जिले से 5 हजार 210 प्रवासी मजदूरों की घर वापसी हो चुकी हैं। इनमें राजस्थान के अलावा उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, गुजरात, झारखंड एवं बिहार के श्रमिकों की संख्या ज्यादा है, जिनको अब तक घर भेजा जा चुका है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
2 देश का पहला वर्चुअल फेयर 1 जून से, 2500 एग्जीबिटर्स होंगे शामिल By Published On :: Sat, 09 May 2020 00:35:00 GMT एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट की ओर से देश का पहला वर्चुअल हैंडीक्राफ्ट फेयर लगाया जाएगा। इसमें 2500 एग्जीबिटर्स शामिल होंगे। यह कहना है ईपीसीएच के डायरेक्टर जनरल राकेश कुमार का। यह ऑनलाइन फेयर 1 से 9 जून तक लगेगा। राकेेश कुमार बताया कि कोरोना संक्रमण के चलते हैंडीक्राफ्ट का अप्रैल में होने वाला फेयर रद्द हो चुका है और भविष्य में निर्यातकों की स्थितियों को ध्यान में रखते हुए ईपीसीएच की बोर्ड मीटिंग में यह फैसला लिया गया है कि शीघ्र ही इंटरनेट बेस्ड वर्चुअल फेयर लगाया जाएगा। इससे निर्यातक अपने शहर में बैठे अपने प्रॉडक्ट का प्रस्तुतीकरण कर सकेंगे। इस फेयर से विश्वभर के ग्राहकों को जोड़ा जाएगा व इसके माध्यम से न केवल निर्यातकों को ऑर्डर दे सकेंगे, बल्कि उनसे संपर्क भी कर सकेंगे।ईपीसीएच ने इसका जिम्मा यूके की एक कंपनी को दिया है व इस फेयर में करीब 10 करोड़ रुपए का खर्च आएगा। उन्होंने बताया कि उनकी प्लानिंग है कि निर्यातकों के प्रॉडक्ट्स को अब देश में भी प्रमोट किया जाए ताकि यहां भी उनको ऑर्डर मिल सकें। गौरतलब है कि अप्रैल में होने वाले फेयर के आसपास चाइना में भी एक फेयर होता है, जो इस बार नहीं हो पाया, इस फेयर के नहीं होने की वजह से चाइना की ओर से भी 9 जून से वर्चुअल हैंडीक्राफ्ट फेयर आयोजित करने की तैयारी की जा रही है।अमेरिका से बिजनेस मिलने की उम्मीदराकेश कुमार ने बताया कि मौजूदा हालात में अमेरिका व चाइना के बीच ट्रेडवार चल रहा है। वहीं चाइना कोरोना के चलते कई देशों का विरोध भी झेल रहा है। ऐसे में उम्मीद है कि देश के निर्यातकों को अच्छा बिजनेस मिल सकता है।ईपीसीएच का ऑनलाइन वर्चुअल फेयर वर्तमान समय में अच्छा कॉन्सेप्ट है। यह फेयर कितना सफल रहेगा, यह कहना अभी जल्दबाजी है। इस कठिन समय में हम सरकार से इस फेयर में निर्यातकों के लिए विशेष योजना के तहत सब्सिडी की मांग भी करेंगे। - डाॅ. भरत दिनेश, अध्यक्ष, जोधपुर हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्ट्स एसोसिएशन Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
2 तजाकिस्तान में प्रदेश के 828 स्टूडेंट फंसे, देश लाने की मांग By Published On :: Sat, 09 May 2020 00:43:00 GMT ‘हम तजाकिस्तान में फंसे हुए हैं। कोरोना की वजह से हमारे दिन का चैन और रातों की नींद हराम हो गई है। घर में खाने-पीने का स्टॉक भी तेजी से खत्म हो रहा है। सात दिन से चाय-कॉफी के लिए दूध तक नहीं मिल पा रहा। फाइनल इयर के एग्जाम भी डरते-डरते देने पड़ रहे हैं।’ यह कहते हुए राजस्थान के ब्यावर की मुदिता गौड़ के चेहरे से हताशा साफ झलकती है। तजाकिस्तान में एमबीबीएस की पढ़ाई करने गए भारत के 1287 से ज्यादा स्टूडेंट्स फंसे हुए हैं। इनमें सबसे ज्यादा 828 राजस्थान के हैं।जम्मू-कश्मीर से लेकर बंगाल तक के छात्र अपने घर लौटने के लिए भारतीय दूतावास से लगातार मांग कर रहे हैं। तजाकिस्तान में कोरोना के 379 केस आ चुके हैं और अब तक आठ लोगों की मौत हो गई है। मुदिता गौड़ ने दैनिक भास्कर को बताया कि एमबीबीएस फाइनल इयर के एग्जाम अभी कैंसिल नहीं किए गए हैं। हम काफी डरे हुए हैं। भारतीय दूतावास से भी सिर्फ यही मैसेज आया कि आप घरों में ही रहें। एग्जाम देने के लिए प्राइवेट टैक्सी करके यूनिवर्सिटी जाना पड़ता है, साथ में मास्क, ग्लव्ज और सेनिटाइजर रखना होता है। यूनिवर्सिटी की तरफ से साफ कहा गया है कि अगर कोई भी स्टूडेंट मास्क व सेनिटाइजर साथ नहीं लाएगा तो उसे परीक्षा से बाहर कर दिया जाएगा। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
2 तोष जैन की स्मृति में 52 युवाओं ने किया रक्तदान By Published On :: Sat, 09 May 2020 00:44:00 GMT श्री तीर्थंकर नवयुवक जैन सेवा समिति की ओर से सामाजिक कार्यकर्ता तोष कुमार जैन की पहली पुण्यतिथि पर तीन दिवसीय स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया।तिजारा फाटक रेलवे ओवरब्रिज से सटी कर्मचारी कॉलोनी के पास स्थित जीवनधारा ब्लड बैंक में आयोजित शिविर में पहले दिन 52 युवाओं ने रक्तदान किया। 10 मई तक चलने वाले इस शिविर में कोई भी व्यक्ति स्वेच्छा से आकर सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक रक्तदान कर सकता है।समिति के प्रवक्ता धरणेन्द्र जैन व विशाल जैन ने बताया कि तीन दिन में 100 यूनिट रक्तदान का लक्ष्य रखा है। शिविर में सोशल डिस्टेंसिंग की पालना की गई। शिविर को सफल बनाने के लिए गुजारिश एक पहल संस्था, विजन संस्थान एवं जैन समाज की अन्य संस्थाएं सहयोग कर रही हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
2 आबूराेड में महिला मिली कोरोना संक्रमित, अहमदाबाद से 2 दिन पहले ससुराल आई थी By Published On :: Sat, 09 May 2020 01:04:00 GMT जिले में शुक्रवार को कोरोना का दूसरा पॉजिटिव केस सामने आया है। आबूरोड शहर के अंबाजी चौराहा के समीप निवासरत एक महिला की रिपाेर्ट पाॅजिटिव अाई है। अब जिले में दो पॉजिटिव केस हैं। इधर, सूचना मिलते ही कलेक्टर भगवतीप्रसाद कलाल, एसपी कल्याणमल मीणा, सीएमएचओ डॉ. राजेश कुमार, एसडीएम डॉ. रवींद्र गोस्वामी, बीसीएमओ डॉ. गौतम मोरारका, तहसीलदार दिनेश आचार्य, आबूरोड शहर पुलिस थानाधिकारी अनिल विश्नोई, नगरपालिका चेयरमैन सुरेश सिंदल एवं ईओ त्रिकमदान चारण मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आसपास के क्षेत्र में सोडियम हाइपोक्लोराइड का स्प्रे करवाया।शहर में कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए तत्काल प्रभाव से कर्फ्यू लागू कर गया। अधिकारियों ने बाजार क्षेत्र में निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। जानकारी के अनुसार महिला अपने पीहर, अहमदाबाद गई हुई थी। गत 6 मई को वह कार से आबूरोड आई थी। उसका भाई एवं ड्राइवर उसे यहां छोडक़र गया था। महिला काे उसी दिन होम क्वारेंटाइन कर दिया गया था। अगले दिन 7 मई को वह स्वयं सीएचसी आकराभट्टा पहुंची। सीएचसी प्रभारी डॉ. एमएल हिंडोनिया द्वारा उसका रूटीन सैंपल जांच के लिए भिजवाया गया था। शुक्रवार दोपहर को आई जांच रिपोर्ट में कोरोना पॉजिटिव पाई गई। इसके बाद रात करीब 8:30 बजे एक एंबुलेंस में महिला तथाा दूसरी एंबुलेंस में उसके पति, देवर व सास-ससुर को सिरोही लाया गया। इन दो दिनों में महिला करीब 15 लोगों के संपर्क में आई थी। इन सबको चिह्नित कर लिया गया है। इन्हें किवरली के समीप मानसरोवर आइसोलेशन में भेजा जाएगा।मेडिकल स्टोर्स के अलावा सभी प्रकार के व्यापारिक प्रतिष्ठान रहेंगे बंदशहर के सभी मार्गों को बंद कर दिया गया है। तरतोली मोड़ पर मेडिकल टीम एवं पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। शहर में आने वाले हर व्यक्ति को जांच के बाद ही प्रवेश मिलेगा। मेडिकल स्टोर के अलावा अन्य सभी प्रकार के व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहेंगे। दूध, किराणे व सब्जियों जैसे आवश्यक सामान की प्रशासन द्वारा घर-घर सप्लाई की जाएगी।शहर की सीमाएं सील, केवल मानपुर मार्ग से हो सकेगा प्रवेश कर्फ्यू लागू होते ही पूरे शहर की सीमाओं को सील कर दिया गया है। मानपुर मार्ग से ही आवाजाही हो सकेगी। शहर के रेलवे स्टेशन तिराहा, अंबाजी चौराहा, पारसीचाल तिराहा, गुरुनानक कॉलोनी-सिंधी कॉलोनी चौराहा, कोर्ट रोड चौराहा व अन्य क्षेत्रों में बेरिकेड्स लगाकर बंद कर दिया गया है। किसी को भी घरों से बाहर निकलने की इजाजत नहीं होगी।तीन किलोमीटर की परिधि में लागू रहेगा कर्फ्यू3 किमी की परिधि में कर्फ्यू रहेगा। किसी को भी घर से बाहर निकलने की इजाजत नहीं। दूध, किराणे व सब्जियां आदि जरूरत की सामग्री प्रशासन घर-घर पहुंचाएगा।- अनिल विश्नोई, थानाधिकारी, पुलिस थाना, आबूरोड शहर।डोर टू डोर सर्वे करवा रहे हैंकाेराेना मरीज सामने आने के बाद संक्रमण नहीं फैले, इसके लिए हर आवश्यक प्रबंध कर रहे हैं। सोडियम हाइपोक्लोराइड स्प्रे करवाने के साथ ही डोर टू डोर सर्वे करवा रहे हैं। किसी को सर्दी, जुकाम, बुखार व खांसी आदि की शिकायत होती है तो तत्काल चिकित्सक का परामर्श लेकर उपचार लें।- डॉ. रवींद्र गोस्वामी, एसडीएम, माउंटआबूआबूरोड के तलेटी क्षेत्र में उत्तप्रदेश निवासी बुजुर्ग की मौत, सैंपल लेकर कोरोना जांच के लिए भेजाशहर के तलेटी क्षेत्र में सांस लेने में तकलीफ को लेकर निजी क्लीनिक पहुंचे एक बुजुर्ग की मौत हो गई। सूचना मिलने पर सीएचसी प्रभारी डॉ. एमएल हिंडोनिया अाैर उनकी टीम ने मृतक का सैंपल लेकर कोरोना जांच के लिए भिजवाया। जानकारी के अनुसार उत्तरप्रदेश निवासी जीवनलाल (60) को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। तलेटी क्षेत्र स्थित निजी क्लीनिक में उनकी माैत हाे गई। सदर पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। इसके बाद चिकित्सा विभाग की टीम ने सैंपल लिया।नवाखेड़ा में युवक के संपर्क में आए 21 लोगों की रिपोर्ट आज आने की संभावनाइधर, नवाखेड़ा में एक दिन पहले मिले पॉजिटिव युवक के संपर्क में आए 21 लोगों की रिपोर्ट शनिवार काे आने की संभावना है। सीएमएचओ डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि इन सभी को क्वारेंटाइन सेंटर में रखा गया है। वहीं यह जिस बस में आया था उसमें सबसे अधिक जमारोतरा के 59 लोग सवार थे। इन सभी को मांडवा स्थित एक कॉलेज में बने क्वारेंटाइन सेंटर में रखा गया है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Woman found corona infected in Aburad, in-laws came 2 days before Ahmedabad Full Article
2 चाकसू से 62 व कोटखावदा से 19 लोग दो बसों से यूपी के लिए रवाना By Published On :: Sat, 09 May 2020 01:18:00 GMT लॉकडाउन के बाद चाकसू क्षेत्र में फंसे उत्तरप्रदेश के 62 लोगो को शुक्रवार को तहसीलदार अर्शदीप बरार ने रोडवेज की दो बसो से बरेली व शहजानपुर के लिए रवाना किया। तहसीलदार बरार ने बताया कि इनमें 4 व्यक्ति बरेली के तथा 58 व्यक्ति शहजानपुर के है। इन सभी 62 व्यक्ति की मेडिकल जांच करवा प्रमाण पत्र देकर रवाना किया। 62 लोगों में 35 पुरुष व 27 महिलाएं व 19 बच्चे भी शामिल है। इस अवसर पर ऑफिस कानूनगो प्रभुलाल बागडी, डॉ. शंकर सिंह भी उपस्थित थे।कोटखावदा| लॉकडाउन में अटके प्रवासी मजदूरों को घर वापसी भेजने के राज्य सरकार के फैसले को लेकर तहसील प्रशासन ने रोडवेज बस से यूपी पीलीभीत 19 प्रवासी मजदूरों महिला व बच्चों को तहसीलदार कोटखावदा मुकेश कुमार अग्रवाल ने बस में बिठा कर शुक्रवार को रवाना किया यूपी पीलीभीत के प्रवासी मजदूर कोटखावदा स्थित सांवरिया रोड पर ईंट भट्टे पर मजदूरी का काम करते थे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 62 people from Chaksu and 19 from Kotkhavada left for UP in two buses Full Article
2 सामान्य वर्ग को 50 के बजाय 46, ओबीसी को 21 के बजाय 17 प्रतिशत आरक्षण, एलडीसी भर्ती में गड़बड़ी By Published On :: Sat, 09 May 2020 01:28:00 GMT राजस्थान में एलडीसी-2018 भर्ती में आरक्षण प्रक्रिया में छेड़छाड़ की गई है। सिर्फ ओबीसी और सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के आरक्षण में ही 587 पदों में सीधे-सीधे छेड़छाड़ की गई है जबकि नोटिफिकेशन और जारी रिजल्ट की प्रेस रिलीज के आंकड़ों के अंतर को देखें तो 1271 पदों पर सवाल उठ रहे हैं। नॉन टीएसपी के 562 पदों के बारे में भी तथ्य सरकार की तरफ से छिपाए गए हैं।आरक्षण में छेड़छाड़ की स्क्रिप्ट कैसे लिखी गई, इसे समझने के लिए दैनिक भास्कर ने तमाम दस्तावेजों की पड़ताल की है। घोटाले की पूरी कहानी समझने के लिए दो साल पहले के आंकड़े देखने होंगे। 16 अप्रैल 2018 को राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने नोटिफिकेशन जारी कर 11,255 पदों के लिए भर्ती निकाली। यह भर्ती लिपिक ग्रेड-2 और जूनियर असिस्टेंट की भर्ती के लिए थी। इसमें स्टेट सेक्रेटेरिएट के लिए 329 सीट, राजस्थान लोक सेवा आयोग में नौ सीट और अधीनस्थ विभागों की 10917 सीटों के लिए आवेदन मांगे गए थे। एक मार्च 2018 को पदों की संख्या बढ़ाकर 12456 कर दी गई।यह पद इसलिए बढ़ाए गए, क्योंकि-प्रशासनिक सुधार विभाग ने 1175 पदों के लिए और अभिशंषा की। 12 अगस्त से 16 सितंबर 2018 तक चार पारियों में प्री-एग्जाम हुआ। एक मार्च 2019 को नया नोटिफिकेशन जारी हुआ। इसमें पदों की संख्या बढ़ाकर 12456 कर दिया गया। सात मार्च को तीन गुना अभ्यर्थियों को टाइपिंग व एफिशिएंसी टेस्ट के लिए पास किया गया। एक आरटीआई से पता चलता है कि ओबीसी के 227 और सामान्य वर्ग के 360 पदों पर आरक्षण छेड़छाड़ की गई है। क्योंकि-नियमों के अनुसार ओबीसी को 21 और सामान्य वर्ग को 50 फीसदी आरक्षण मिलना चाहिए।आरटीआई में खुलासा हुआ-ओबीसी व सामान्य वर्ग का आरक्षण करके 587 पद ही गायब कर दिए प्रशासनिक सुधार विभाग के पत्र में ओबीसी वर्ग के कुल पद 2093 बताए गए थे जबकि आरटीआई में इनकी संख्या 1866 दिखाई गई है। सवाल है-227 पद कहां गए? जबकि प्रशासनिक सुधार विभाग के पत्र में सामान्य वर्ग के 5303 पद दिखाए गए हैं, जबकि आरटीआई में इनकी संख्या 4943 ही है। अब सवाल-सामान्य वर्ग के 360 पद कहां गए? दरअसल, ओबीसी को 21 के बजाए 17 प्रतिशत और सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को 50 के बजाए 46 प्रतिशत आरक्षण ही दिया गया। ऐसा क्यों किया गया-अधीनस्थ सेवा चयन चुप है? 587 पदों का सीधा-सीधा छेड़छाड़ की गई है?सवाल इसलिएआरपीएससी की सभी भर्तियों में सामान्य को 50 और ओबीसी को 21 फीसदी आरक्षण मिला : आरपीएससी की एलडीसी 2013, स्कूल व्याख्याता 2018, ग्रेड सैकंड शिक्षक भर्ती 2018 और रीट में ओबीसी को 21, सामान्य को 50, एससी को 16 और एसटी को 12 फीसदी आरक्षण दिया गया है। जबकि अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड में ओबीसी व सामान्य वर्ग का आरक्षण कम दिया। यह किस नियम के तहत किया गया?2018 में 11,255 पदों के लिए निकाली भर्ती, बाद में बढ़ाकर 12906 किए, 2020 में भर्ती पूरे होते ही घट गए-एमबीसी में पांच फीसदी आरक्षण से 450 पद बढ़े, कुल पद हुए 12906 : भर्ती घोटाले की पूरी स्क्रिप्ट यही से लिखनी शुरू हुई। टाइपिंग व एफिशिएंसी टेस्ट के 15 दिन बाद यानी 23 जून 2019 को कार्मिक विभाग ने सभी प्रक्रियाधीन भर्तियों में एमबीसी यानी मोस्ट बैकवर्ड क्लास के लिए पांच प्रतिशत आरक्षण देने के आदेश जारी कर दिए। एमबीसी में गुर्जर, गाडिया लोहार, बंजारा, रेबारी व राइका समुदायों को शामिल किया गया है। हालांकि इस कैटेगरी को एक प्रतिशत आरक्षण पहले से ही दिया जा रहा था। इसलिए एलडीसी में भी 450 पद और बढ़ गए। एलडीसी भर्ती के लिए कुल पदों की संख्या 12906 हो गई।23 दिसंबर से 11 फरवरी 2020 तक दस्तावेजों का सत्यापन हुआ-25 अक्टूबर 2019 को खाली सीटों के मुकाबले डेढ़ गुना अभ्यर्थियों को दस्तावेज वेरिफिकेशन के लिए बुलाया गया। इसमें 17451 गैर अनुसूचित क्षेत्र और 977 अनुसूचित क्षेत्र के अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन किया गया। 23 दिसंबर 2019 से लेकर 11 फरवरी 2020 तक दस्तावेज सत्यापन हुआ।वर्गवार जानकारी नहीं दी14 फरवरी 2020 को फाइनल रिजल्ट जारी किया गया। इस रिजल्ट में यह बताया ही नहीं गया कि कुल कितनी सीटों पर भर्ती हुई है। इसमें विभागवार सफल अभ्यर्थियों और एमबीसी के पदों की जानकारी भी नहीं थी। 14 फरवरी को ही जारी प्रेस नोट पर नजर डालिए। इसकी हैड लाइन है-लिपिक ग्रेड द्वितीय के 11 हजार 322 पदों के लिए चयन सूची जारी। छह मार्च को द्वितीय चयन सूची में 313 अभ्यर्थियों के रोल नंबर और जारी किए गए। अब सवाल यह है कि 1271 पद कहां गए?वे सवाल, जिनके जवाब राजस्थान अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड को देने ही होंगे?-1. आरटीआई में अभ्यर्थी ने 14 फरवरी 2020 को एलडीसी भर्ती-2018 का अंतिम परिणाम एआरडी के नए वर्गीकरण के आधार पर जारी हुआ है। इसी आधार पर वर्गवार बताए। इसी के जवाब में 10732 पदों की संख्या बताई गई। यह नोन टीएसपी क्षेत्र में अधीनस्थ विभागों के ही आंकड़े है। इसमें टीएसपी के 1241 पदों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई। अगर हम आरटीआई के आंकड़ों में 1241 को भी जोड़ दे तो यह संख्या 11973 होती है। इसमें आरपीएससी के 36 और सचिवालय के 335 पदों को भी जोड़ना होगा।2. अंतिम अपडेट पदों की संख्या 12906 थी। सरकार ने 14 फरवरी 2020 को रिजल्ट जारी किया, उसमें चयनित अभ्यर्थियों की संख्या 11322 थी। छह मार्च 2020 को संख्या 313 बताई गई। इन्हें जोड़े तो यह संख्या 11635 होती है। सवाल उठता है कि 1271 पद कहां गए? Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
2 20 दिन में तीसरा पॉजिटिव केस मिला, 21 परिजन क्वारेंटाइन, कूकडे़ला गांव में कर्फ्यू By Published On :: Sat, 09 May 2020 01:39:00 GMT क्षेत्र में शुक्रवार को एक व्यक्ति की रिपोर्ट कोरोनो पॉजिटिव आने पर आसपास क्षेत्र में दहशत हो गई। पुलिस ने पाजिटिव व्यक्ति के घर के अासपास के अाधा किमी क्षेत्र काे सील कर दिया है। सूचना पर ब्लाॅक सीएमएचओ डॉ.मुकेश बैरवा, सीएचसी प्रभारी डॉ.रमेश शर्मा, मेडिकल टीम पॉजिटिव मरीज के घर पहुंचे ओर परिवार के 21 सदस्यों को होम क्वारेंटाइन किया। डॉ.शर्मा ने बताया कि पॉजिटिव व्यक्ति दो दिन पहले अस्पताल में दिखाने आया था। उसको जांच कराने के लिए कहा गया था। वह फोर्टिस अस्पताल में जाकर भर्ती हो गया जिसके हार्ट की मेडिसिन भी चल रही थी। जांच करवाने पर उसकी रिपोर्ट कोरोनो पॉजिटिव आई है। सूचना मिलते ही पॉजिटिव मरीज के घर मेडिकल टीम पहुंची अाैर परिजनाें काे होम क्वारेंटाइन कर दिया। क्षेत्र में 20 दिन में तीसरे व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इससे पहले 21 अप्रैल को पीली की तलाई निवासी एसएमएस हास्पिटल में कार्यरत कर्मचारी ओर 1 मई को सीआईएसएफ के सामने रहने वाला सब इंस्पेक्टर की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इन दाेनाें के परिवार वालों को भी होम क्वारेंटाइन किया गया था।रास्ते सील, पुलिस की नाकाबंदी, मेडिकल टीम की पैनी निगाहमैड़| ग्राम पंचायत भामोद अंतर्गत कूकड़ेला में कोरोना संक्रमण के दस्तक देने के बाद विराटनगर एसडीएम राजवीर सिंह यादव के निर्देश पर गांव में 1 किमी तक शुक्रवार को कर्फ्यू लगा दिया। इसके चलते गांव के मुख्य मार्ग सहित आम रास्तों को पूरी तरह सील कर नाकाबंदी कर दी गई। इलाके में पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। क्षेत्र में चिकित्सा महकमे की टीम ने 111 घरों में पहुंचकर 930 लोगों के स्वास्थ्य का परीक्षण कर स्क्रीनिंग की।एसडीएम ने बताया कि कूकड़ेला निवासी मंजू देवी अपनी बेटी अल्का देवी के कोरोना पॉजिटिव आने के बाद गांव में भी सतर्कता बढ़ा दी गई। मंजू 14 अप्रैल से बेटी के साथ रह रही है, तब से वह गांव नहीं आई है जिससे कोरोना वायरस फैलने का खतरा नहीं है। एहतियाती तौर पर कर्फ्यू लगाकर राशन सामग्री सहित मेडिकल टीम निगरानी रख रही हैं। नवरंगपुरा मोड़ से मनोहरपुर, कूकड़ेला जाने वाली सड़क को सील कर दिया गया। भामोद पंचायत मुख्यालय गांव से नवरंगपुरा मार्ग को बंद कर पुलिस जाब्ता तैनात कर दिया गया।ब्लॉक सीएमएचओ डॉ. सुनील कुमार सिसोदिया ने बताया कि कूकड़ेला निवासी महिला जो बहरोड़ में कोरोना पॉजिटिव अपनी बेटी के संपर्क में आने से कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद चिकित्सा दल ने पूरे इलाके में घर-घर सर्वे कर स्क्रीनिंग करने का कार्य कर दिया। स्वास्थ्य टीम ने भामोद, कूकडेला में 111 घर सहित मैड़ में 193 घरों में 1295 लोगों की स्क्रीनिंग की। शंकरलाल रैगर, माया देवी, आशा वर्मा, गायत्री शर्मा, रमा मीणा, गुलाब यादव, विनोद झिगानिया उपस्थित रहे। सरपंच लक्ष्मी कंवर ने लोगों से घरों में रहने की अपील की। एसडीएम ने बताया कि मैड़, नवरंगपुरा, पालड़ी व आसपास गांव में लॉकडाउन को लेकर उल्लंघन की शिकायत मिलते ही सख्ती से कार्यवाही होगी। इसके लिए पुलिस प्रशासन को निर्देश दे दिए है। थाना अधिकारी सुरेश चंद्र ने बताया कि बेवजह सड़क पर निकलने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Third positive case found in 20 days, 21 family quarantine, curfew in Kukdela village Full Article
2 पुलिस ने कामां में 22 ड्रमों में भरी 4 हजार और विलानचट्टपुरा में 2500 लीटर वाश नष्ट की By Published On :: Sat, 09 May 2020 01:50:00 GMT लॉकडाउन में हथकढ़ शराब के कारोबार की सूचना पर शुक्रवार को उच्चैन थाना पुलिस ने गांव विलाचट्टपुरा में अवैध हथकढ़ शराब के खिलाफ छापामार कार्रवाई कर ढाई हजार लीटर वाॅश व शराब बनाने की चार भट्टियों को नष्ट किया है। साथ ही मौके से 30 लीटर हथकढ़ शराब व एक बाइक को बरामद कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।उच्चैन एसएचओ जमील खान ने बताया कि पुलिस को गांव विलाचट्टपुरा में हथकढ़ शराब तैयार कर बेचने की सूचना मिली। जिस पर एसएचओ, एएसआई बृजभानसिंह, हैडकांस्टेबल बृजलाल, भरतसिंह के नेतृत्व में गठित टीमों ने शुक्रवार को गांव विलानचट्टपुरा में अलग-अलग रास्तों से पहुंचकर छापामार कार्रवाई की। जहां घरों व गैतबाडों में भट्टियों पर हथकढ़ शराब निर्मित होती हुई मिली। जिस पर पुलिस ने मौके पर ही चार भट्टियों को तोडकर मटकों व कैनों में भरी साढे ढाई हजार लीटर वाॅश को नष्ट कर दिया।पुलिस ने गांव विलानचट्टपुरा निवासी बिरजी पुत्र कमलसिंह, राधे पुत्र नवला कंजर को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से तीस लीटर हथकढ़ शराब को बरामद कर आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। साथ ही मौके पर लावारिस खड़ी बाइक को पुलिस एक्ट में जब्त किया है।एसपी हैदरअली जैदी के निर्देश पर कामां डीएसपी देवेंद्र सिंह राजावत ने जुरहरा के गांव बमनवाडी व खेड़ी में अवैध शराब माफियाओं पर कार्रवाई कर जंगलों में अवैध शराब निर्माण के लिए बनाई गई भट्टियां तोड़ चार हजार लीटर वाश नष्ट कराई।डीएसपी देवेंद्र सिंह राजावत ने बताया कि मेवात इलाके में शिकायते मिल रही थी कि अवैध शराब माफियाओं द्वारा जंगलों में अवैध हथकढ़ शराब बनाकर गांवों व शहरी इलाकों में शराब की सप्लाई की जा रही है। जिस पर जुरहरा थाना के गांव खेड़ी व बमनवाडी के जंगलों में कार्रवाई कर अवैध शराब निर्माण की भट्टियां तोड़कर 22 ड्रमों में भरी करीब चार हजार लीटर वाश नष्ट कराई। इसके अलावा कार्रवाई के दौरान मौके से बीस लीटर तैयार अवैध शराब भी बरामद की गई। कार्यवाही के दौरान शराब माफिया पुलिस के हाथ नहीं लग सके। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
2 राजस्थान में 11 दिन में दोगुने हो रहे थे केस, 21 अप्रैल के बाद रफ्तार घटी, पिछले 18 दिन में 1844 रोगी ही बढ़े By Published On :: Sat, 09 May 2020 02:27:50 GMT राजस्थान में कोरोना मरीजों की संख्या 3579 हो गई है लेकिन इस बीच राहत देने वाले कुछ आंकड़े भी सामने आए हैं।प्रदेश में अब कोरोना के नए केसों की रफ्तार या तो घट रही है या स्थिर है। पहले केसों के दोगुने होने की रफ्तार 11 दिन थी, लेकिन पिछले 18 दिन से इसमें लगाम लग गई है।आंकड़ों के अनुसार 14 अप्रैल तक प्रदेश में 1000 कोरोना मरीज थे लेकिन 11 दिन बाद ही 25 अप्रैल को कोरोना केस 2000 के पार पहुंच गए।इस हिसाब से अगले 11 दिन यानी 6 मई को ही प्रदेश में कुल कोरोना केस 4000 के पार पहुंचने चाहिए थे, लेकिन अभी कुल संख्या 3579 ही है। 21 अप्रैल तक प्रदेश में कुल एक्टिव केसों की संख्या 1435 थी। इसके बाद बीते 18 दिन में प्रदेशभर में केवल 1844 केस ही बढ़े हैं। अब 1465 एक्टिव केस ही बचे हैं।लगातार बढ़ रही है रिकवरी रेटराजधानी जयपुर में प्रदेश के सबसे अधिक 1145 रोगी हैं, लेकिन इनमें से अब 720 रिकवर हो चुके हैं। यानी प्रदेश के कुल मरीजों के 20 फीसदी। जयपुर की ही बात करें तो यहां अब तक 63 फीसदी रोगी रिकवर हो चुके हैं।जोधपुर-चित्ताैड़, अजमेर को छोड़ बाकी जगह रफ्तार कम जोधपुर, चित्तौड़ और अजमेर को छोड़ बाकी जगह केस घट रहे हैं जोधपुर में 21 अप्रैल तक 276 रोगी थे। अब तक 851 हो चुके। अजमेर में 59 रोगी थे। 18 दिन में मरीज बढ़े तो अब 196 हो चुके हैं चित्तौड़गढ़ में एक भी मामला नहीं था। अब 126 रोगी हो चुके हैं। जयपुर में ही बीते 15 दिन में सिर्फ 369 रोगी मिले। यानी रोज 24.6 5वें स्थान पर है राजस्थान देश में कुल संक्रमितों के मामले में। हमसे आगे महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु और दिल्ली है।लगातार बढ़ रही है रिकवरी रेट54.88 फीसदी रिकवरी रेट हो गई है प्रदेश की। रिकवरी के मामले में एक हजार से अधिक मरीजों वाले राज्यों की सूची में राजस्थान पहले नंबर पर है।{यहां अब तक 2012 रोगी रिकवर, 1770 डिस्चार्ज हो चुके हैं।21 अप्रैल, 20201435 कुल कोरोना पाॅजीटिव एक्टिव केस थे प्रदेश में, हर दिन पॉजिटिव बढ़ ही रहे थे।8 मई, 20201465 कुल एक्टिव केसेज हैं राजस्थान में, हालांकि कुल संक्रमितों की संख्या 3579 है। शुक्रवार को 122 रोगी रिकवर।एक मई को 145 रोगी कम मिलेसबसे बड़ी राहत 1 मई को मिली। पिछले दिन के मुकाबले 145 केस कम मिले। कुृल 9 दिनों में मरीज घटे, इन दिनाें में 381 रोगी कम मिले।मौतों पर लगाम कसने में नाकाम103 लोगों की मौत हो चुकी है प्रदेश में अब तक। इनमें सर्वाधिक 54 मौतें जयपुर में हुई।राहत... डेथ रेट 3 से नीचे ही है2.87 फीसदी मृत्युदर है प्रदेश में। यानी हर 100 में से करीब 3 लोगों को ही जान का खतरा है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today बीते 18 दिन में प्रदेशभर में केवल 1844 केस ही बढ़े हैं। अब 1465 एक्टिव केस ही बचे हैं। Full Article
2 जयपुर के एसएमएस में तैनात गार्ड की मौत, नगर निगम में सिविल डिफेंस कर्मचारी समेत 2 संक्रमित By Published On :: Sat, 09 May 2020 04:46:47 GMT प्रदेश में पहली बार कोरोना वॉरियर की ऑन ड्यूटी मौत हो गई। एसएमएस में गर्ल्स हॉस्टल के सामने मुख्य गेट पर ड्यूटी दे रहे एक्स सर्विसमेन हरीसिंह (65) अचानक बेहोश होकर गिरे और माैत हाे गई। बाद में कोरोना जांच की तो रिपोर्ट पॉजिटिव आई। जयपुर में मृतकों की संख्या 54 हो गई है। पूर्व सैनिक की मौत के बाद नजदीकी स्टाफ और अन्य की भी सैंपलिंग कर 15 को क्वारेंटाइन किया है। हरीसिंह वायुसेना में अपनी सेवाएं दे चुके थे।शुक्रवार को 34 नए केस सामने आए। मरीजों का आंकड़ा 1145 हो गया है। नए संक्रमितों में ठठेरों की बस्ती में एक ही परिवार के 11 लोग भी हैं। इसके अलावा महिला चिकित्सालय में भर्ती 8 दिन के एक बच्चे में भी काेरोना मिला है। मां के पॉजिटिव आने के बाद बच्चे के सैंपल लिए गए थे। नगर निगम के सांगानेर जोन में कार्यरत कार्मिक और निगम की ही सेनिटाइज करने वाली टीम में शामिल सिविल डिफेंस का कर्मचारी भी पॉजिटिव पाया गया। दो दिन के लिए निगम मुख्यालय बंद कर दिया गया है।मेडिसिन विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर, उनकी पत्नी और पीडियाट्रिक विभाग का रेजिडेंट भी कोरोना पॉजिटिव, असिस्टेंट प्रोफेसर की कोरोना बर्न वार्ड में ड्यूटी थी। पत्नी भी पीडियाट्रिक विभाग में फर्स्ट इयर की रेजिडेंट हैं।नगर निगम के सांगानेर जोन में कार्यरत कार्मिक और निगम की ही सैनेटाइज करने वाली टीम में शामिल सिविल डिफेंस के कर्मचारी के कोरोना पॉजिटिव आने से खतरे की नई घंटी बज गई है। एक साथ दो लोगों के कोरोना पॉजिटिव आने से नगर निगम की सैनिटाइजेशन टीम, जिला प्रशासन के भोजन वितरण में लगे कार्मिक, क्वारैंटाइन सेंटर्स की देखभाल और सूखी सामग्री वितरण करने वाले कर्मचारी नए सुपर स्प्रेडर के तौर पर सामने आने की आशंका बढ़ गई है। क्योंकि करीब साढ़े पांच हजार कर्मचारी रोजाना यह काम देख रहे हैं। इनके टेस्ट हो नहीं रहे हैं।अलग से जांच कराएंगे : सीएमएचओसीएमएचओ प्रथम डॉ नरोत्तम शर्मा बोले- वैसे तो जांच करवाई जा रही है। फील्ड में लगे कर्मचारियों की अलग से नियमित जांच की व्यवस्था की जाएगी। राशन सामग्री, भोजन वितरण, सैनिटाइजेशन टीम में सबसे अधिक कर्मचारी हैं और ये रोज हजारों के संपर्क में आते हैं। प्रशासन फील्ड में लगे हुए जिन लोगों के भरोसे कोरोना को हराने की जंग लड़ रहा है उन्हीं लोगों की जांच नहीं हो पा रही है। मंत्रालयिक कर्मचारी महासंघ की कलेक्ट्रेट शाखा के अध्यक्ष अमित जैन का कहना है कि 40 दिन में से अभी तक केवल एक दिन स्क्रीनिंग हुई है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today शुक्रवार को जयपुर में 34 नए केस सामने आए। मरीजों का आंकड़ा 1145 हो गया है। Full Article
2 छत्तीसगढ़ के 1.17 लाख श्रमिक 21 राज्य और 4 केंद्र शासित प्रदेश में फंसे, सरकार ने कहा- 28 ट्रेनें चलाएं By Published On :: Sat, 02 May 2020 12:21:40 GMT छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रेलमंत्री पीयूष गोयल को पत्र लिखकर 28 ट्रेनें चलाने की मांग रखी है। देश के विभिन्न शहरों से इन ट्रेनों का परिचालन किया जाए। जिससे वहां फंसे श्रमिकों की घर वापसी हो सके। साथ ही कोराेना संक्रमण के कारण हुए लॉकडाउन को देखते हुए मानवीयता के आधार पर इन ट्रेनों का परिचालन निशुल्क किया जाए और आने वाले श्रमिकों से टिकट नहीं लिया जाए।केंद्रीय मंत्री को लिखे पत्र में मुख्यमंत्री बघेल ने कहा है किपिछले कुछ दिनों के दौरान देशभर में कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई तेज हो गई है। छत्तीसगढ़ राज्य में भी इसका बहादुरी से मुकाबला किया जा रहा है। हमने अपने राज्य में इस महामारी के संक्रमण को रोकने में काफी हद तक सफलता पाई है। इस समय बड़ी संख्या में छत्तीसगढ़ के प्रवासी श्रमिक देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे हुए हैं।जिलेवार ट्रेनें चलाने के लिए सौंपा ब्यौरा स्थान ट्रेनों की संख्या जम्मू से रायपुर-बिलासपुर 7 लखनऊ से रायपुर-बिलासपुर 3 कानपुर से रायपुर-बिलासपुर 2 चेन्नई से रायपुर-बिलासपुर 1 बैंगलुरू से रायपुर-बिलासपुर 1 पुणे से रायपुर-बिलासपुर 2 इलाहाबाद से बिलासपुर 1 दिल्ली से रायपुर-बिलासपुर 3 हैदराबाद-सिकंदराबाद से रायपुर-बिलासपुर 3 विशाखापट्नम से रायपुर 1 सूरत-अहमदाबाद से रायपुर 1 कोलकाता से रायपुर 1 जयपुर से रायपुर 1 पटना से दुर्ग 1 ट्रेनों के परिचालन के बाद बढ़ सकता है आंकड़ामुख्यमंत्री बघेल ने लिखा कि हेल्पलाइन और अन्य माध्यमों से प्राप्त सूचना के आधार पर पता चला है कि करीब 1.17 लाख से भी अधिक प्रवासी कामगार देश के 21 राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों में फंसे हैं। परिवहन की प्रक्रिया शुरू होने के बाद यह संख्या बढ़ सकती है। इनमें छात्र, पर्यटक सहित अन्य लोगों को जोड़ते हैं तो यह संख्या बहुत बड़ी होगी। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रेलमंत्री पीयूष गोयल को पत्र लिखकर देश के विभिन्न जिलों में फंसे छत्तीसगढ़ के श्रमिकों को लाने के लिए 28 ट्रेनें चलाने का अनुरोध किया है। Full Article
2 3022 करोड़ के 857 काम मंजूर, मेंटेनेंस अब पांच साल By Published On :: Sat, 02 May 2020 23:30:00 GMT प्रदेश में 3022 करोड़ की लागत के 857 काम को सरकार ने मंजूरी दे दी है। ये काम जल्द शुरू हो जाएंगे। लोक निर्माण मंत्री ताम्रध्वज साहू ने शनिवार काे निवास कार्यालय में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में इनकी निविदा का काम जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। पिछले दिनों सीएम भूपेश बघेल ने मंजूर किये गए निर्माण कार्यो-सड़क, भवन, पुल-पुलिया, अंडरब्रीज-ओव्हर ब्रीज, राष्ट्रीय राजमार्ग एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्वीकृत कार्यो की निविदा प्रक्रिया पूर्ण कर शीघ्र कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता तथा सभी निर्माण कार्यों में थर्ड पार्टी निरीक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। मंत्री साहू ने बताया कि सड़कों-पुलों के एनुअल मेंटेनेंस कार्य की अवधि 3 साल से बढ़ाकर 5 साल कर दिया गया है। उन्होंने विभागीय जांच समिति बनाकर निर्माण कार्यों की आकस्मिक जांच कराने के भी निर्देश दिए। बैठक में ऐसे स्वीकृत कार्य जिनका निविदा आमंत्रित किया जाना है, उसकी संभागवार समीक्षा की गई। इस अवसर पर लोक निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव अमिताभ जैन, सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, प्रमुख अभियंता विजय कुमार भतपहरी एवं सभी मुख्य अभियंता उपस्थित थे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
2 राजिम शहर के पास पहुंचे 23 हाथी By Published On :: Sat, 02 May 2020 23:30:00 GMT कोरोना वायरस के भय के बीच अब राजिम क्षेत्र के गांवों में हाथियों की दहशत भी पहुंच गई है। सुबह 6 बजे हाथी राजिम से 6 किमी दूर बकली में घुसते देखे गए और राजिम से 10 किमी दूर महानदी की धार में बहुत देर तक ( शाम 5 बजे तक) रहने के बाद शाम करीब 7 बजे नदी किनारे बांस के पेड़ों के पास आराम कर रहे थे। हाथियों की संख्या 23 बताई गई है, जिनमें 6 शावक भी हैं। रेंजर एसएस तिवारी ने बताया कि वन व पुलिस के जवानों सहित 20 रेंजर एसएस तिवारी का अमला लगातार नदी किनारे डेरा डालकर निगरानी कर रहा है ताकि हाथी गांवों में न घुसें।12 से अधिक ग्रामों पितईबंद, बकली, कोमा, रावंड़, परसदा जोशी, पोखरा, रकशा, बासीन, किरवई, धमनी, अरंड के ग्रामीण इन दिनों हाथियों के एक दल के पहुंच जाने के बाद रतजगा कर रहे हैं । 23 हाथियों का दल इन गांवों के आसपास घूम रहा है। शनिवार को हाथियों ने खेतों में बोई रबी फसल के धान को तहस-नहस कर दिया। शनिवार की शाम 5 बजे तक हाथियों का दल महानदी की पानी की धार में ही बैठा था। संभवतया हाथी गर्मी से परेशान हैं। ज्ञातव्य हो कि गत वर्ष भी अप्रैल में चरभट्टी, बेलर, बहरापाल, बोरसी सहित दर्जनों ग्रामों में हाथियों के दल ने उत्पात मचाया था।नदी किनारे रेंजर एसएस तिवारी अपनी टीम के साथ पहरा दे रहे हैं। उनके साथ पुलिस थाना राजिम से भी दल मौके पर तैनात है। दोनों टीम हाथियों को आगे भगाने की कोशिश कर रही है। बताया जाता है कि हाथियों का दल सिरपुर जंगल से घूमते हुए आरंग, बह्मनी, टीला होते हुएरकशा जंगल पहुंचा है और यहां पर धान की खड़ी फसल को रौंदते हुए आगे बढ़ा है। शनिवार की सुबह राजिम क्षेत्र के ग्रामों टीला, रकशा, बासीन और अरंड, बकली से ग्राम दूतकैया, रावण होते हुए सुबह 8 बजे परसदा जोशी पहुंचा। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 23 elephants reached near Rajim city Full Article
2 15 तक जमा करें निगम कर, अब तक 62.16% वसूली By Published On :: Sat, 02 May 2020 23:30:00 GMT लॉकडाउन को करीब डेढ़ महीने हो गए। इस कारण नगर निगम राजस्व वसूली में इस साल पिछड़ गया है। 62.16 प्रतिशत ही कर वसूली हो पाई है। अब कर चुकाने की तारीख 30 अप्रैल से बढ़ाकर 15 मई कर दी गई है। शहरी क्षेत्र में करीब 20 हजार नल कनेक्शन है, लेकिन जलकर में 1.1 करोड़ और संपत्तिकर में 63.49 लाख रुपए टैक्स जमा होना बाकी है।नगर निगम क्षेत्र में करीब सवा लाख की जनसंख्या है। बड़ी मात्रा में राजस्व बकाया है। इसकी वसूली की जा रही है हालांकि निगम कर्मियों के पास अन्य काम भी हैं इस कारण वसूली पूरी नहीं हो पा रही है। धमतरी नगर निगम ने इस वित्तीय वर्ष में अब तक 62.16 प्रतिशत राजस्व वसूल कर लिया है। हालांकि अभी भी बड़ी मात्रा में कर बाकी है। इसमें संपत्तिकर, जलकर व अन्य कर बकाया है। कोरोना वायरस के कारण शासन ने सभी निकायों को शहर में नियंत्रण की जिम्मेदारी निगम कर्मियों को दी है।वर्ष 2018-19 का 1.18 करोड़ बाकी : नगर निगम के राजस्व शाखा के अनुसार वर्ष 2018-19 का राजस्व विभाग को 1.18 करोड़ रुपए बाकी है, जिनमें से सिर्फ 50.88प्रतिशत की वसूली की गई। कुल 240.61 लाख में से 122.43लाख रुपए की वसूली हो पाई है। अभी भी पुराना बकाया 118.18लाख रुपए है।कर्मचारियों का वेतन देने में होती है मुश्किलनिगम में 244 नियमित और 216 प्लसमेंट कर्मचारी हैं। नियमित कर्मचारियों को 70 लाख रुपए और प्लेसमेंट कर्मचारियों को 22 लाख रुपए का वेतन भुगतान हर महीने करना होता है। निगम को सालभर में टैक्स के माध्यम से लगभग 10 करोड़ मिलते हैं। ऐसे में हर महीने वेतन की समस्या आती है। इसलिए भुगतान 15 तारीख के बाद ही हो पाता है। टैक्स वसूली में थोड़ी कमी आने से वेतन भुगतान करना मुश्किल हो जाता है। यही कारण है कि कर वसूली को तेज हो रहा है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
2 कल से मिलेगी राहत, 2 सवारी के साथ ऑटो को छूट पर दुकानें 7 से 1 बजे तक ही खुलेंगी By Published On :: Sat, 02 May 2020 23:30:00 GMT लॉकडाउन-2 को 2 मई को 18 दिन पूरे हो गए है। शुक्रवार को केंद्र सरकार ने दो हफ्ते यानी 17 मई तक लॉकडाउन बढ़ा दिया है। ग्रीन जाेन वाले जिलों को कुछ छूट शर्ताें के साथ दी है। यह छूट 4 मई से लागू होंगी। धमतरी ग्रीन जोन में हैं इसलिए जिले के अंदर बसें शुरू हो सकती हैं लेकिन रायपुर रेड जोन होने से कारण वहां से बसें आना मुश्किल है। शहर में ऑटो शुरू हो जाएंगे। टैक्सी से भी लोग शर्तों के साथ यात्रा कर सकेंगे। लेकिन दुकानें सुबह 7 से 1 बजे तक ही खुलेंगी।पान व तंबाकू की दुकानें खुल सकेंगी। इन पर भी सोशल डिस्टेंसिंग व मास्क लगाना होगा। सिनेमा घर, होटल, रेस्टोरेंट्स, शॉपिंग मॉल, जिम, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, स्वीमिंग पूल, बार, सेलून व पार्लर ़़17 मई तक बंद ही रहेंगे। शराब दुकानें भी सोमवार से सोशल डिस्टेंसिंग के साथ खुल सकती हैं। अंतिम निर्णय 3 मई को राज्य सरकार बैठक में लेगी। सभी दुकानों में ग्राहकों के बीच सोशल डिस्टेंसिंग रखी जाए। 6 फीट की दूरी रखनी होगी।घाटे में बस चलाना भी मुश्किलमहेश ट्रेवल्स के संचालक महेश साहू व भास्कर ट्रेवल्स के संचालक नोबल देवांगन ने कहा कि राज्य सरकार 3 मई को क्या आदेश देती है, इसका इंतजार कर रहे है। वैसे रायपुर रेड जोन में है। सभी बसें रायपुर से धमतरी ही चलती है। 50 प्रतिशत यात्री भी बैठाकर भी गाड़ी चलाई जाए, तो घाटा होगा। डीजल के दाम भी बढ़े हुए है। घाटे में बस चलाना मुश्किल हाेगा।मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग अनिवार्यसोशल डिस्टेंसिंग और मास्क पहनने को लेकर कुछ व्यापारी और लोग लापरवाही बरत रहे है। व्यापारियों को स्पष्ट आदेश है कि दुकानों के बाहर सैनिटाइजर रखें लेकिन व्यापारी मान नहीं रहे है। सोशल डिस्टेंसिंग का तो पालन हो ही नहीं रहा है। सबसे ज्यादा नियम का उल्लंघन किराना दुकानों में ही हो रहा है। यदि ऐसी लापरवाही आगे भी जारी रही, तो संक्रमण का खतरा बढ़ जाएगा।सुबह 7 से 1 बजे तक खुलेंगी दुकानेंधमतरी ग्रीन जोन में है, लेकिन दूसरे राज्यों में फंसे मजदूरों को वापस लाने सरकार काम कर रही है। ऐसे में कोरोना संक्रमण का खतरा फिलहाल टला नहीं है। शहर में भीड़ और यातायात दबाव को नियंत्रण करना भी अफसरों के लिए चुनौती से कम नहीं है। इसलिए जिला प्रशासन अभी दुकानों को खोलने की छूट सुबह 7 से 1 बजे तक ही रहेगी। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Relief will be available from tomorrow, shops will be open at 2 to 7 pm with discounts on autos. Full Article
2 32 हजार मजदूर बाहर फंसे, 18 सौ ने किया संपर्क By Published On :: Sat, 02 May 2020 23:30:00 GMT महासमुंद जिले के करीब 32 हजार मजदूर अन्य राज्यों में फंसे हुए थे। इनमें से करीब 4 हजार मजदूर हाल-फिलहाल में वापस अपने गांव लौटे हैं, लेकिन अब भी 28 हजार मजदूर दीगर राज्यों में मौजूद हैं। इन मजदूरों को वापस लाने के लिए राज्य सरकार ने कार्रवाई शुरू कर दी है। मजदूरों से संबंधित जानकारी सभी कलेक्टर से मांगी गई है। वहीं जिला प्रशासन के पास जो डाटा है, उसके अनुसार महासमुंद जिले से केवल 1800 मजदूर दीगर राज्यों में फंसे हुए हैं।क्योंकि इतने ही लोगों ने अब तक वापसी के लिए उनसे संपर्क किया है। जिला श्रम अधिकारी डीके राजपूत ने बताया कि राज्य स्तरीय टोल फ्री नंबर और जिले के नंबर पर अब तक 1734 मजदूरों ने संपर्क कर फंसे होने की जानकारी दी है। हमारे पास रोजाना फोन आ रहे हैं, उसके अनुसार हम डाटा अपडेट कर रहे हैं। जिले से 32 हजार मजदूराें के बाहर होने संबंधी किसी तरह का डाटा हमारे पास नहीं है। कोई भी मजूदर यदि किसी राज्य में फंसा है तो वह या उनके परिजन राज्य स्तर पर 9109849992 और 0712443809 के साथ ही जिला स्तर पर 8839392840 पर संपर्क कर जानकारी दे सकता है।महासमुंद सांसद चुन्नीलाल साहू ने कुछ दिन पहले ही जिला प्रशासन को पत्र लिखकर अन्य राज्यों में फंसे जिले के मजदूरों की जानकारी मांगी थी। इस पर सभी जनपद पंचायत अधिकारियों ने विकासखंडवार जानकारी उपलब्ध कराई थी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार जिलेभर से करीब 32788 मजदूर दीगर राज्यों में काम करने गए हुए हैं। उनमें से करीब 4 हजार वापस लौट चुके हैं। इस जानकारी के बाद सांसद ने कलेक्टर को पत्र लिखकर वापस लौटने वाले मजदूरों को रखने और उनके जांच संबंधी तैयारी की जानकारी लेने भी पत्र लिखा था।जिले की सीमा में ही करेंगे स्वास्थ्य परीक्षणइधर, मजदूरों के वापस लौटने के पश्चात उनके स्वास्थ्य परीक्षण और उन्हें 14 दिन के लिए क्वारेंटाइन करने के संबंध में कलेक्टर ने सभी अनुविभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने बताया कि अन्य राज्यों से आने वाले मजदूरों का राज्य की सीमा में प्रवेश के समय ही स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद उन्हें 14 दिन के लिए क्वारेंटाइन किया जाएगा। इसके लिए तैयारी पूरी हो चुकी है। हमारे पास 135 आश्रम और छात्रावास हैं। इसके अलावा शासकीय स्कूल और अन्य भवनों में उन्हें क्वारेंटाइन करने की व्यवस्था की जाएगी। इसी तरह ओडिशा की सीमा से छत्तीसगढ़ में प्रवेश करने वाले अन्य जिलों के मजदूरों का सीमा में ही स्वास्थ्य जांच उपरांत बसों से उनके निवास के लिए भेज दिया जाएगा। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
2 1 महीने में 245 लोगों से 2 हजार लीटर शराब जब्त By Published On :: Sat, 02 May 2020 23:30:00 GMT सरायपाली थाना क्षेत्र के ग्राम काकेनचुंआ में दो युवक को पुलिस ने बड़ी मात्रा में महुआ शराब के साथ पकड़ा है। ये दोनों एक खेत में अवैध रूप से महुआ शराब ना रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने घेराबंदी कर कार्रवाई की है। इन आरोपियों से पुलिस ने 110 लीटर महुआ शराब, 06 नग एल्युमिनियम का गंजी एवं प्लास्टिक बाल्टी बरामद की है।जब्त शराब की कीमत 11 हजार रूपये आंकी गई है। इसी प्रकार तुमगांव पुलिस ने भी ग्राम मालीडीह में एक युवक से 10 लीटर महुआ शराब जब्त की है। जिसकी कीमत एक हजार रूपये है। पुलिस ने दोनों ही मामलों में आबकारी एक्ट की धारा 34 (2) के तहत अपराध दर्ज कर जांच में लिया है। ज्ञात हो कि अंग्रेजी व ओडिशा शराब की बिक्री बंद होने के बाद महुआ शराब की बिक्री बढ़ गई है। अधिक डिमांड को देखते हुए हर गांवों में लोगमहुआ शराब बना रहे हैं। वहीं पुलिस भी इन ओरापियों पर लगातार कार्रवाई कर रही है। जानकारी के अनुसार सरायपाली पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम काकेनचुंआ के खेत में अवैध रूप से महुआ शराब बनाया रहा है। सूचना मिलते ही टीम घटना स्थल पहुंचे, जहां देखा कि दो युवक अपने खेत में पीपल पेड के नीचे शराब बना रहे थे।पुलिस ने घेराबंदी कर सुरीतराम सिदार पिता लाभो सिदार एवं संपतराम पिता जलीधर साहू को पकड़ा। टीम ने इन दोनों से पूछताछ की तो, बताया कि दो जगह पर महुआ शराब बनाया जा रहा है। इसके बाद टीम ने दो जगहों से 200-200 लीटर के ड्राम में 100 लीटर व 5-5 लीटर वाले दो डिब्बे में 10 लीटर शराब जब्त की। इसी प्रकार तुमगांव पुलिस ने भी ग्राम मालीडीह निवासी अजगर पिता नारायण के मकान से 10 लीटर महुआ शराब जब्त की है।एक महीने में डेढ़ लाख का गांजा जब्तपुलिस अधीक्षक कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार शराब के साथ छुटपुट गांजा की भी तस्करी हो रही थी। लॉकडाउन के चलते तस्कर अधिक मात्रा में गांजा की तस्करी नहीं कर पा रहे थे। इसके बावजूद एक महीने में पुलिस ने 7 प्रकरण दर्ज किए है। जिसमें 12 व्यक्ति को गिरफ्तार कर इसके कब्ज से 20 किलो गांजा बरादम किया है। जिसकी कीम एक लाख 52 हजार रूपए बताई जा रही है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 2 thousand liters of alcohol seized from 245 people in 1 month Full Article
2 अर्धसैनिक बल का जवान बताकर कार दिलाने युवक से 92 हजार रुपए की ठगी By Published On :: Sat, 02 May 2020 23:58:00 GMT नांदघाट थाना के अंतर्गत ग्राम नारायणपुर में एक युवक से कार दिलाने के नाम पर 92 हजार रुपए की ठगी करने का मामला सामने आया है। पीड़ित युवक ने मारो चौकी में शिकायत दर्ज कराई है।पुलिस जांच में जुट गई है। नारायणपुर निवासी गिरीशचंद्र पिता राजकुमार पांडे (28) ने बताया कि वह एक फार्मेसी कंपनी में एमआर के पद पर है। उन्होंने 13 अप्रैल को फेसबुक में स्विफ्ट डिजायर वाहन क्रमांक सीजी 27 बी 6870 के बिक्री के लिए विज्ञापन देखा था। विज्ञापन में गाड़ी सहित क्रेता का मोबाइल नंबर भी लिखा हुआ था। गाड़ी खरीदने की इच्छा पर विज्ञापन में लिखे मोबाइल नंबर 6370686538 पर संपर्क किया। कॉल रिसीव करने वाला व्यक्ति अपना नाम विनोद कुमार डेविड बताया।साथ ही अपने स्वयं को अर्द्ध सैनिक बल का जवान बताते हुए नागपुर एयरपोर्ट में तैनात रहने की बात कही। कार खरीदने के बारे में उनसे पूछने पर गाड़ी की कीमत 2.80 लाख रुपए बताया। इस तरह दोनों के बीच 2.50 लाख रुपए में सौदे की बात हुई। पीड़ित ने युवक की बात मानकर ऑनलाइन पेमेंट बैंक के माध्यम से 92500 रुपए का भुगतान कर दिया। खाते में राशि जाने के बाद ठग ने कार को कंटेनर वाहन में भेज देने की बात कही। लेकिन कार नहीं मिली। पीड़ित युवक ने ठगी का अहसास होने पर शुक्रवार को मारो चौकी में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मोबाइल नंबर 6370686538 धारक ठग के खिलाफ धारा 420 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
2 अगर रेलवे मुफ्त में ट्रेनें नहीं देता है तो 2 करोड़ में सरकार वापस ला सकती है फंसे मजदूरों को By Published On :: Sun, 03 May 2020 01:13:36 GMT अमनेश दुबे|प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल दूसरे प्रदेशों में फंसे अपने मजदूरों की प्रदेश वापसी की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने केंद्र से मांग की है कि 16 शहरों से 28 ट्रेनें चलाई जाएं और यह निशुल्क हो। अब अगर केंद्र ने यह मांग नहीं भी मानी तो भी राज्य सिर्फ दो करोड़ के खर्च पर अपने मजदूरों को वापस बुलवा सकता है।स्लीपर क्लास की स्पेशल ट्रेनों के लिए रेलवे ने पिछले दिन शुक्रवार को ही किराए से संबंधित नया सर्कुलर जारी कर दिया है। रेलवे के इस नए फेयर सिस्टम के तहत भास्कर टीम ने किराए का पूरा आंकड़ा निकाला है। रेलवे के कॉमर्शियल अधिकारियों से किराए की जानकारी ली गई। बेसिक पैसेंजर फेयर के तहत ही 14 रूट से आने वाली ट्रेनों का किराया 1 करोड़ 90 लाख 21 हजार रुपए होगा। ऐसे में यदि रेलवे निशुल्क ट्रेन देने से मना भी करता है तो काफी किफायती दर पर मजदूरों को आसानी से लाया जा सकता है।बता दें कि रेल मंत्री पीयूष गोयल को सीएम ने मानवीय आधार पर मुफ्त में ट्रेनों के परिचालन के लिए पत्र लिखा है। लेकिन रेल मंत्रालय फिलहाल किसी भी राज्य को निशुल्क ट्रेन देने की मूड में नहीं है। बताया गया है कि झारखण्ड के लिए चलाई गई पहली ट्रेन के लिए भी रेलवे ने किराया वसूल किया है। इसके बाद केंद्र सरकार की छूट के बाद रेलवे ने सभी राज्यों के लिए स्पेशल ट्रेन चलान की मंजूरी दे दी है, लेकिन किराया देने की शर्त पर।28 ट्रेनों में 34 हजार आ सकेंगे श्रमिकमुख्यमंत्री ने रेलवे से 28 ट्रेनें चलाने की सूची भेजी है। एक ट्रेन में अधिकतम 24 कोच ही लग सकते हैं। चूंकि करोना संक्रमण से बचाव भी करना है, इसलिए फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन भी करना होगा। ऐसे में 72 बर्थ वाले एक स्लीपर कोच में अधिकतम 52 लोगों को ही बैठाया जाएगा। रेलवे अफसरों ने बताया कि एक ट्रेन में औसतन 1200 यात्री ही सफर कर सकेंगे। इस तरह से 28 ट्रेनों में अधिकतम 34 हजार मजदूरों को ही लाया जा सकता है। सीएम ने सबसे अधिक जम्मू से रायपुर व बिलासपुर के लिए सात ट्रेनें चलाने कही है, क्योंकि इसी राज्य में छत्तीसगढ़ के सबसे अधिक श्रमिक फंसे हुए हैं।सुपरफास्ट चार्ज सहित 50 रुपए एक्सट्रा जोड़ेगा रेलवेस्पेशल ट्रेनों को चलाने के लिए रेलवे स्लीपर क्लास का किराया राज्य सरकारों से लेगा। इसके अलावा किराए में सुपरफास्ट चार्ज 30 रुपए और अतिरिक्त चार्ज के तौर पर 20 रुपए जोड़े जाएंगे। बेसिक फेयर में 50 रुपए अतिरिक्त जोड़कर रेलवे ने स्पेशल ट्रेन का किराया तय किया है। इसी के तहत 28 ट्रेनों के लिए करीब दो करोड रुपए प्रदेश शासन को देने होंगे।पौने दो करोड़ रुपए में आए छात्रकोटा से प्रदेश तक लाए गए करीब 2200 छात्रों के लिए राज्य शासन ने पौने दो करोड़ रुपए खर्च किए हैं। प्रदेश से छात्रों को लाने के लिए 97 एसी बसें रवाना की गई थी। इसी तरह ट्रेनों के माध्यम से विभिन्न राज्यों से 3400 मजदूरों को लाने के लिए सिर्फ दो करोड़ रुपए ही खर्च होंगे।फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन अनिवार्य"रेलवे बोर्ड ने स्पेशल ट्रेन चलाने के लिए नया सर्कुलर जारी किया है। इसी के तहत ट्रेनों का किराया तय होगा। एक ट्रेन अधिकतम 24 कोच के साथ चलेगी और इसमें फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन अनिवार्य रहेगा।"-तन्मय मुखोपाध्याय, सीनियर डीसीएम, रायपुर मंडल Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today If the Railways does not provide trains for free, then the government can bring back the trapped laborers for 2 crores Full Article
2 केवल दो मरीजों ने किया 32 को संक्रमित, 7 जिलों में अब तक 45 पीड़ित By Published On :: Sun, 03 May 2020 01:21:14 GMT छत्तीसगढ़ में कोरोना के दो मरीजों ने 32 लोगों को संक्रमित कर दिया। प्रदेश के सात जिलों में कोरोना के 45 मरीज मिले हैं। इस हिसाब से प्रदेश के मरीज केवल दो संक्रमितों की देन है। बाकी आठ मरीज विदेश से लौटे थे। इनमें रायपुर से चार, भिलाई, कोरबा, राजनांदगांव व बिलासपुर के एक मरीज शामिल हैं। चार अन्य मरीजों में एक एम्स का नर्सिंग स्टाफ व रामनगर का 68 वर्षीय बुजुर्ग, बैकुंठपुर कोरिया में मिले झारखंड के दो मरीज शामिल हैं।प्रदेश में कोरोना का पहला मरीज 18 मार्च को समता कॉलोनी में मिला था। लंदन से लौटी 23 वर्षीय युवती को एम्स की जांच में कोरोना की पुष्टि हुई थी। उसके सात दिन बाद 31 मार्च तक कुछ पांच मरीज मिले गए। जबकि 24 अप्रैल को रायपुर में छठवां मरीज एम्स का नर्सिंग स्टाफ मिला। कटघोरा में कोरोना का पहला मरीज 4 अप्रैल को मिला।महाराष्ट्र कामठी का 16 वर्षीय बालक तब्लीगी जमात के लोगों से संपर्क में आने के बाद कटघोरा आया। उसी नाबालिग से संपर्क में आने वाले 26 लोगों संक्रमित हुए। ये 26 मरीज केवल 10 दिनों में सामने आए। यानी 14 अप्रैल तक कटघोरा में 27 मरीज मिले। सूरजपुर में 28 अप्रैल को गढ़वा झारखंड का एक मजदूर कोरोना से संक्रमित हुआ। ये मजदूर महाराष्ट्र से राजनांदगांव, कवर्धा होते हुए सूरजपुर पहुंचा था। वह क्वारेंटाइन सेंटर में था। उसके संपर्क में आने वाले दो मजदूर को अलावा पुलिस जवान, ग्राम सचिव व रसोईया संक्रमित हुआ। सूरजपुर में 28 अप्रैल को एक, 30 को दो व 1 मई को तीन मरीज मिले। वहीं 30 अप्रैल को ही बैकुंठपुर कोरिया में झारखंड के दो मजदूरों को कोराेना की पुष्टि हुई। उनकी जांच पं. जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में हुई थी। वे माइग्रेशन सेंटर बैकुंठपुर में रह रहे थे। स्वाब का सैंपल देने के बाद झारखंड चले गए थे। मजदूरों की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उनके संपर्क में आने चार संदिग्धों का सैंपल लिया गया। उनकी रिपोर्ट नेगेटिव आई, इसलिए स्वास्थ्य विभाग दोनों मजदूरों के आंकड़ों को कुल मरीजों में शामिल नहीं कर रहा है। चंूकि दोनों की जांच आरटीपीसीआर किट से हुई है, इसलिए उनका केस कंफर्म है।जिलों में मरीजजिले मरीजरायपुर 06कोरबा 28दुर्ग 01राजनांदगांव 01बिलासपुर 01सूरजपुर 06कोरिया 02कुल 45संपर्क में आने पर कर सकता है बीमारकोरोना मरीजों के संपर्क में आने के बाद अगर पर्याप्त सावधानी नहीं बरती गई तो यह बीमार कर सकता है। कटघोरा से लेकर सूरजपुर में इसका प्रमाण भी है। एम्स का नर्सिंग स्टाफ भी बीमार हुआ क्योंकि वह आइसोलेटेड वार्ड में ड्यूटी करता था। वह भी कटघोरा के मरीजों के संपर्क में आने के कारण बीमार हुआ। नर्सिंग आॅफिसर की ड्यूटी 4 से 14 अप्रैल तक एम्स में थी। रामनगर के बुजुर्ग क्यों बीमार हुए? इस पर सस्पेंस बना हुआ है। दरअसल उसकी कोई ट्रेवल हिस्ट्री भी नहीं थी। उनका बेटा जरूर जहां काम करता है, वहां के लोग दुबई से लौटे थे। विदेश से लौटे लोग वहां से वायरस लेकर आए थे। "कटघोरा व सूरजपुर में दो लोगों ने बाकी लोगों को संक्रमित किया, यह जांच में प्रमाणित हो चुका। एक संक्रमित कई लोगाें को संक्रमित कर सकता है, अगर पर्याप्त सावधानी न बरती जाए। इसलिए सोशल डिस्टेंसिंग से लेकर मॉस्क लगाना, सैनिटाइजर व साबुन का उपयोग करना जरूरी है।"डॉ. अखिलेश त्रिपाठी, मीडिया प्रभारी, कोरोना सेल Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Only two patients infected 32, 45 victims in 7 districts so far Full Article
2 ओले-बारिश से सब्जी की 500 एकड़ बाड़ियां बर्बाद, 2 करोड़ का नुकसान By Published On :: Sun, 03 May 2020 01:24:55 GMT किसानों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। कुछ दिनों पहले जहां सब्जी को बस्तर जिले को छोड़ अन्य जिलों में नहीं भेजने से परेशान किसान लोगों को मुफ्त में सब्जी बांट रहे थे वहीं एक पखवाड़े में हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि के कारण फसल बर्बाद होने से किसानों को दोहरी मार का सामना करना पड़ रहा है।लॉकडाउन के बीच बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने जिले के सब्जी उत्पादक किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी है। इस प्राकृतिक विपदा के कारण जिले में 250 हेक्टेयर यानि करीब 500 एकड़ रकबे में ली गई फसल बरबाद हो गई। इससे किसानों को 2 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।किसानों को नुकसान से राहत देने के लिए बार-बार मिल रही शिकायत के बाद उद्यानिकी विभाग की टीम ने फसल क्षति का आंकलन कर लिया है और इसकी रिपोर्ट इसकी रिपोर्ट संचालनालय को भेज दी है। किसानों को कब तक राहत मिलेगी। इस संबंध में अफसर कुछ नहीं बता रहे हैं । उद्यानिकी विभाग के उपसंचालक अजय कुशवाहा ने कहा कि यह बात सही है कि जिस समय किसानों को अपनी उपज बेचने का सबसे अच्छा मौका था उस समय हुई बारिश और ओलावृष्टि ने कई किसानों की फसलों को नष्ट कर दिया है। किसान अब बड़े पैमाने पर नुकसान होने से परेशान हैं।6 हजार हेक्टयेर में की गई थी खेतीजिले के किसान पिछले कुछ सालों से सब्जियों की खेती बड़े पैमाने पर कर रहे हैं। इस साल भी किसानों ने 6 हजार हेक्टेयर में खेती की थी। इसमें सबसे अधिक नुकसान मिर्च, बरबट्टी, लौकी, पपीता, बैगन और गोभी की फसलों को हआ है। बस्तर किसान कल्याण संघ के कोषाध्यक्ष रमेश चावड़ा ने कहा कि सब्जियों की खेती करने में किसानों को काफी पैसा खर्च करना पड़ता है। इस साल सब्जी उत्पादक किसानों को बड़े पैमाने पर नुकसान हआ है। केवल ओला और बारिश के चलते करीब दो करोड़ रूपए का नुकसान बस्तर के किसानों को हुआ है।बस्तर-बकांवड ब्लॉक में सबसे अधिक नुकसानतेज बारिश और ओले के चलते सबसे अधिक नुकसान बस्तर और बकावंड ब्लाक के किसानों को हुआ है। किसान कल्याण संघ और उद्यानिकी विभाग से मिली जानकारी के मुताबकि जहां बस्तर ब्लाक में करीब 80 एकड़ तो वहीं बकावंड ब्लाक में यह रकबा बढ़कर 350 एकड़ है। जबकि तोकापाल ब्लाक में यह रकबा 40 और जगदलपुर में करीब 30 एकड़ की फसल को नुकसान हुआ है।इन ब्लॉक के इन गांवों में को ज्यादा नुकसानबकावंडराजनगर, कौड़ावंड, बकावंड, सतलावंड, ओडि़यापाल, बोरीगांव, सोनपुर, नरावंड, डिमरापाल, सौतपुर, चिखलकमरी, मंगलनार।जगदलपुरबालीकोंटा, तितिरगांव, घाटपदमूर, कालीपुर।बस्तरसालेमेटा 1, पखनाकोंगेरा, खंडसरा।तोकापालकोएपाल, केशलूर, रायकोट, पलवा बारूपाट, आरापुर, डोगरी गुड़ा, बड़ेमारेंगा, तेली मारेंगा, कलेपाल, सिंगनपुर और डिमरापाल। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 500 acres of vegetable fence destroyed due to hailstorm, loss of 2 crores Full Article
2 सुनसान सड़क पर अचानक लोगों के सामने आकर करते थे चोरी, रायपुर पुलिस ने किया 2 युवकों को गिरफ्तार By Published On :: Sun, 03 May 2020 16:59:00 GMT शहर की सुनसान सड़कों लोगों को लूटने और चोरी करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार हुए हैं। मामला राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र का है। 19 अप्रैल को पुलिस जवान अजय ठाकुर शाम करीब 6 बजे बंद पड़े एक्सप्रेस वे के पास से गुजर रहा था। अचानक 3 युवक आरक्षक की गाड़ी के सामने आ धमके, जिससे हड़बड़ा कर वह आरक्षक अपनी बाइक से गिर गया। उसके बाद तीनों युवकों ने आरक्षक को धक्का मारते हुए उसका मोबाइल व पर्स चोरी किया और फरार हो गए।राजेन्द्र नगर थाना प्रभारी संजय पुढीर ने बताया कि आरक्षक की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी शंकरलाल विश्वकर्मा व पंकज साहू को इस मामले में गिरफ्तार किया है। इस गिरोह का एक साथी फरार है। यह गिरोह 13 अप्रैल को अमलीडीह बीएसयूपी कॉलोनी में हुए बलवे में भी शामिल था, उस मामले में भी उक्त आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है। यह लड़के सड़क के डिवाइडर पर बैठकर अपने शिकार का इंतज़ार करते थे,किसी भी व्यक्ति को अकेला देख अचानक सामने आकर चोरी की घटना को अंजाम देते थे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today इन वारदातों में शामिल एक युवक फरार है, जिसकी तलाश पुलिस कर रही है। Full Article
2 सरकारी दफ्तर और शराब को छोड़कर राजधानी वैसी ही चलेगी जैसी अभी, दोपहर 2 बजते ही सब कुछ बंद By Published On :: Sun, 03 May 2020 23:30:00 GMT रेड जोन में शामिल होने की वजह से राजधानी में लाॅकडाउन 2.0 के समापन यानी 4 मई, सोमवार को भी सरकारी दफ्तर और शराब दुकानों के अलावा वही सब चीजें चालू रहेंगी, जो अभी खुल रही हैं। ट्रांसपोर्ट से लेकर बाकी सारे कारोबार लाॅकडाउन-2 की तरह ही बंद रहेंगे। यही नहीं, धारा 144 पर उसी तरह अमल जारी रहेगा, यानी दोपहर 2 बजते ही शहरभर में पुलिस के सायरन गूंजने लगेंगे और सब कुछ बंद हो जाएगा। आला अफसरों के मुताबिक अब राजधानी में लाॅकडाउन से राहत तभी मिल सकती है, जब जिला रेड जोन से बाहर हो जाए या फिर राज्य सरकार कैबिनेट में राहत देने का फैसला कर ले। सोमवार से अंतर केवल यही नजर आएगा कि कलेक्टोरेट, नगर निगम, तहसील, आरटीओ, निगम के सभी जोन दफ्तर समेत सारे सरकारी दफ्तर खुलने लगेंगे। अफसर पूरे बैठेंगे, लेकिन कर्मचारी एक-तिहाई रहेंगे।रायपुर रेड जोन में होने की वजह से यह किसी भी तरह का पब्लिक ट्रांसपोर्ट शुरू नहीं हो सकेगा। सिटी बस, बसें, ऑटो, ई-रिक्शा, रिक्शा सभी तरह के ट्रांसपोर्ट सिस्टम बंद रहेंगे। सरकारी कर्मचारियों को भी अपने वाहनों से दफ्तर जाना होगा। शहर के बाजारों को राहत नहीं होगी। किराना और सब्जी बाजार सुबह 9 से दोपहर 2 बजे तक ही खुले रहेंगे। जिन दुकानों को कलेक्टर ने पहले छूट दी है केवल वही दुकानें सोमवार को भी खुलेंगी। इनके अलावा किसी भी तरह की दुकानें खोली गई तो उन पर कार्रवाई की जाएगी।शराब दुकानें खुलेंगी पूरी तैयारी के साथराजधानी में होटल, रेस्टोरेंट बंद रहेंगे, लेकिन शराब दुकानें खुल जाएंगी। शहर में 30 से ज्यादा शराब दुकानों में सोमवार को सुबह 8 से शाम 7 बजे तक शराब की बिक्री हो सकेगी। लोगों को नियंत्रित रखने के लिए दुकानों के बार बेरीकेड्स लगा दिए गए हैं। सोशल डिस्टेंसिंग के लिए हर दुकान के बाहर 3-3 फीट की दूरी पर व्हाइट पेंट से गोले बनाए गए हैं। लोगों को इन गोलों के अंदर रहकर ही अपनी बारी का इंतजार करना होगा। शराब बिक्री के दौरान किसी भी तरह से स्थिति बिगड़ती है तो दुकानें कुछ समय के लिए बंद कर दी जाएंगी। व्यवस्था के साथ ही शराब बिक्री के निर्देश दिए गए हैं।पान दुकानों पर फैसला नहीं केंद्र सरकार की ओर से रेड जोन में भी शराब और पान, गुटका खोलने की अनुमति दी गई है। केंद्र सरकार की गाइडलाइन में रेड जोन में शराब के साथ पान दुकानें खोलने के लिए भी कहा गया है। राज्य सरकार ने शराब दुकानें खोलने का फैसला तो कर लिया है, लेकिन पान-गुटखे पर निर्णय नहीं हुआ है। कलेक्टर ने बताया कि राज्य सरकार के आदेश के बाद ही पान दुकानें खोलने दी जाएंगी।तब तक रायपुर में पान मसाला, गुटखा, तंबाखू, गुड़ाखू बेचने पर रोक रहेगी।दोपहर 2 बजे के बाद सख्तीराजधानी में कुछ दुकानों को शाम 4 बजे तक की छूट है, लेकिन पुलिस समान रूप से दोपहर 2 बजे से सभी दुकानें सख्ती से बंद करवा रही है और यह सिलसिला अगले आदेश तक चलेगा। दोपहर के बाद बिना वजह घर से बाहर निकले लोगों पर भी कार्रवाई जारी रहेगी। बिना मास्क निकलने वाले लोगों से जुर्माना वसूल किया जाएगा। रजिस्ट्री के लिए और इंतजारछत्तीसगढ़ में कोरबा और रायपुर को छोड़कर बाकी सभी जिलों में रजिस्ट्री होगी। राजधानी में राज्य सरकार के अगले आदेश तक रजिस्ट्री नहीं की जाएगी। पंजीयन दफ्तर 3 मई तक बंद रहने का आदेश जारी किया गया था, अभी इसे अगले आदेश तक बढ़ा दिया गया है।गाइडलाइन पर काम : कलेक्टर^ केंद्र और राज्य सरकार की गाइडलाइन पर ही अमल होगा। केवल उन्हीं चीजों पर छूट है, जिसकी अनुमति मिली है। राजधानी में यही व्यवस्था अगले अादेश तक रहेगी।डॉ. एस भारतीदासन, कलेक्टर Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Except the government office and liquor, the capital will run like it is now, everything is closed as early as 2 in the afternoon. Full Article
2 गरियाबंद से 44 मजदूरों का पहला जत्था 2 बसों से निकला, रायपुर से झारखंड जाएंगे By Published On :: Sun, 03 May 2020 23:30:00 GMT केंद्र और राज्य सरकार के निर्देश पर लॉकडाउन में फंसे प्रवासियों को उनके प्रदेश भेजने की तैयारियां शुरू हो गई है। गरियाबंद जिले में भी इसका असर देखने को मिला है। गरियाबंद जिला प्रशासन ने 44 मजदूरों के पहले जत्थे को दो बसों से झारखंड के लिए रवाना किया है।मिली जानकारी के अनुसार गरियाबंद जिले के अलग-अलग हिस्सों में झारखंड के 44 मजदूर कार्यरत थे, जिन्हें रविवार को झारखंड का प्रभारी बनाए गए गरियाबंद जिले के रेशम विभाग के अधिकारी एसके कोल्हेकर के नेतृत्व में रायपुर रवाना किया गया है।प्रभारी अधिकारी ने बताया कि 44 मजदूरों को बस से रायपुर ले जाया जा रहा है, जहां से उन्हें झारखंड भेजा जाएगा। इधर, गरियाबंद के समाजसेवियों को जैसे ही मजदूरों के रवाना होने की जानकारी मिली तो वे बस स्टैंड पर पहुंचे और मजदूरों की मदद की। इस दौरान मौजूद नगर पालिका के एल्डरमैन रमेश चावड़ा, वरिष्ठ नागरिक हरीश भाई ठक्कर और किराना व्यापारी संघ के बंटी सिन्हा ने मजदूरों को रास्ते में दिक्क्त् न हो इसलिए केला, अंगूर, सेब और बिस्किट और अन्य सामानपैक कराकर दिया।हमारे प्रदेश के लोगों की वापसी की प्रक्रिया जल्दबता दें कि लंबे समय से लॉकडाउन में फंसे मजदूरों को अब उनके प्रदेश भेजने का सिलसिला शुरू हो गया है। गरियाबंद जिले के भी दूसरे प्रदेशों में फंसे मजदूरों को जल्द लाने की तैयारी राज्य और जिला स्तर पर की जा रही है। जिला प्रशासन तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा है। हालांकि दूसरे प्रदेश के गरियाबंद जिले में फंसे मजदूरों का आज पहला जत्था रवाना हो चुका है, जिसमें झारखंड के 44 मजदूरों को दो बसों में बैठाकर रवाना किया गया है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today गरियाबंद. बस स्टैंड से मजदूरों को रायपुर ले जाती बस। Full Article
2 पेंड्रा से 2 ट्रकों में आधी रात पहुंचे 72 मजदूर By Published On :: Sun, 03 May 2020 23:30:00 GMT दूसरे जिलो में फंसे मजदूरों के वापस लौटने का सिलसिला शुरू हो गया है। रविवार देर-रात को पेंड्रा से करीब 72 मजदूर 2 ट्रक में धमतरी लौटे। ये सभी मजदूर धमतरी, कुरूद, नगरी और मगरलोड ब्लॉक के अलग-अलग गांव के निवासी है। इन सभी को वहां के जिला प्रशासन ने इन मजदूरों को भेजा है।अन्य प्रदेशों में फंसे मजदूरों को लाने राज्य सरकार जल्द ही आदेश देगी। फिलहाल अभी जिलों से सूची मंगाई जा रही है। सर्विलांस अधिकारी डॉ. विजय फूलमानी ने बताया कि पेंड्रा से करीब 72 मजदूर देर-रात धमतरी लौटे हैं।सभी मजदूरों को गांव भेजने से पहले स्वास्थ्य विभाग ने जिले की सीमा संबलपुर में सर्दी, खांसी, फीवर सहित संदिग्ध लोगों की जांच की गई। रिपोर्ट निगेटिव आई है। सभी मजदूरों को पंचायत भवन, गांव के सामाजिक भवन में 14 दिन के लिए क्वारेंटाइन किया है। इनकी निगरानी की जिम्मेदारी प्राथमिक और उप स्वास्थ्य केंद्र के नर्स, एएनएम को दी गई है। रविवार को 4 और संदिग्ध मरीजों के सैंपल लेकर जांच के लिए रायपुर एम्स भेजे हैं। सर्दी, खांसी, वायरल फीवर के मरीजों की भी आरडी किट से जांच रविवार से शुरू कर दी है।रविवार को 48 संदिग्धों की जांच की गई। सभी की रिपोर्ट निगेटिव है। एक हफ्ते पहले 563 नग आरडी कि (रैपिड किट) मिली थी। इनमें से 294 लोगों की जांच की जा चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के स्टोर रूम में 967 आरडी किट है।जिले के 258 लोगों की रिपोर्ट निगेटिवजिले से कोरोना संदिग्ध 275 लोगों का सैंपल जांच के लिए रायपुर एम्स भेजे जा चुके है। इनमें से 258 लोगों का रिपोर्ट निगेटिव आई है। 17 लोगों के रिपोर्ट का इंतजार है।सबकी जानकारी जुटारहे: श्रम अधिकारीजिला श्रम पदाधिकारी अजय हेमंत देशमुख ने कहा कि जिले के कितने मजदूर कहां-कहां फंसे है, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। जिले से कितने मजदूर बाहर फंसे है, संख्या अभी नहीं मिली है।14 दिन के लिए होंगे क्वारेंटाइन: सीएमएचओसीएमएचओ डॉ. डीके तुर्रे ने कहा कि अन्य प्रदेशों से आने वाले सभी लोगों को 14 दिन के लिए क्वारेंटाइन किया जाएगा। सर्दी, खांसी, फीवर के मरीजों का आरडी किट से जांच होगी। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
2 लोग अलर्ट, 15 दिन में फीवर क्लीनिक से भेजे गए 127 सैंपल By Published On :: Sun, 03 May 2020 23:30:00 GMT कोरोना से बचाव व संदिग्धों की पहचान के लिए शासन अलग-अलग तरीके अपना रहा है। इनमें सर्दी, खांसी, बुखार के मरीजों को सामान्य मरीजों से अलग करने के लिए अस्पतालों में फीवर क्लीनिक चलाई जा रही है। पिछले 15 दिन में ही जिले में संचालित फीवर क्लीनिक में कुल 1446 मरीज पहुंचे हैं। ये सभी सर्दी खांसी, जुकाम, बुखार व श्वांस लेने में तकलीफ के मरीज हैं। इनमें 127 मरीजों के लक्षण संदिग्ध देखते हुए उनके सैंपल जांच के लिए मेडिकल काॅलेज जगदलपुर भेजे गए हैं। इसमें सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है।सामान्यत: सभी अस्पतालों की ओपीडी में एक साथ मरीज देखे जाते हैं। मरीजों में 70 फीसदी से अधिक लोग सर्दी, खांसी, बुखार से पीड़ित होते हैं। इनमें कोई कोरोना संक्रमित न हो, इसलिए एहतियातन जिले के 20 अस्पतालों में 14 अप्रैल से फीवर क्लीनिक चल रही है। यह सुबह 9 से दोपहर 1 बजे और शाम को 5 से 7 बजे तक संचालित है।अंंदरूनी इलाकों में जा रही मोबाइल टीम जिले के अंदरूनी इलाकों में मोबाइल टीम सैंपल कलेक्ट कर रही है। अंतागढ़ व कोयलीबेड़ा के संवेदनशील इलाके में ये टीम संदिग्ध मरीजों व क्वारेंटाइन लाेगों के सैंपल लेने के साथ लोगों को जागरूक भी कर रही है।पेड़ के नीचे पॉलीथिन से घेरकर बनाई क्लीनिकजिले के अधिकांश अस्पताल में भवन के बाहर ही पेड़ के नीचे पॉलीथिन से घेरकर फीवर क्लीनिक बनाई गई है। जहां फीवर क्लीनिक कमरों में लग रही है तो वहां भी मरीजों और स्टाफ के बीच पारदर्शी पॉलीथिन की दीवार है ताकि संक्रमित मरीज के संपर्क में आने से बचा जा सके। संदिग्ध मरीज का स्वाब सैंपल लिया जा रहा है। यहां तैनात स्टाफ जांच से सैंपल लेने तक में पूरी सावधानी बरत रहे हैं। अंतागढ़ बीएमओ डाॅ. भेषज रामटेके ने बताया कि सभी स्टाफ सैनिटाइजर भी उपयोग करे हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today कांकेर। अंतागढ़ अस्पताल में पेड़ के नीचे संचालित फीवर क्लीनिक। Full Article
2 24 सौ से ज्यादा लोगों की जांच की गई, एक भी पॉजिटिव नहीं By Published On :: Sun, 03 May 2020 23:30:00 GMT कोरोना संक्रमण के बीच बस्तर में अब तक एक भी कोरोना पॉजिटिव मरीज नहीं मिला है। अभी तक बस्तर में 24 सौ से ज्यादा संदिग्धों की जांच भी पूरी हो गई है चूंकि कोरोना पॉजिटिव मरीज नहीं मिलने से बस्तर ग्रीन जोन में है और सोमवार से प्रशासन कई छूट देने जा रहा है।प्रशासन की ओर से जो छूट दी जा रही है उसका मतलब बिल्कुल भी यह नहीं है कि बस्तर से कोरोना का खतरा टल गया है। हमारी जरा सी लापरवाही हमें तत्काल ग्रीन जोन से उठाकर रेड जोन में डाल सकती है। ऐसे में कुछ सावधानियां जरूर रखें। ग्रीन जोन में होने के कारण हमें कुछ छूट मिल रही है लेकिन इस दौरान इन बातों का विशेष ध्यान रखें।सावधानी के लिए इन बातों का भी ख्याल रखें ज्यादा जरूरी न हो तो घर पर ही रहें। बाहर निकलने पर हमेशा लोगों से सुरक्षित दूरी बनाकर रखें। हाथों को बार-बार धोएं। मुंह और नाक को हमेशा ढंककर रखें। आपके आसपास कोई बीमार है तो तुरंत इसकी जानकारी प्रशासन और पुलिस को दें। नियमित रूप से साबुन और पानी से या अल्कोहल वाले हैंड सैनिटाइज़र से 20 सेकंड तक हाथ धोएं। खांसने और छींकने के दौरान डिस्पोज़ेबल टिशू से या कोहनी को मोड़कर, अपनी नाक और मुंह को ढकें। जो लोग बीमार हैं उनसे (एक मीटर या तीन फ़ीट की) दूरी बनाए रखें। घर पर ही रहें और अगर आप बीमार हैं, तो खुद को परिवार के सभी लोगों से अलग कर लें। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
2 जमात के 11 समेत 22 लोगों को ओडिशा छोड़ने गई टीम को चांदली में लोगों ने घेरा By Published On :: Sun, 03 May 2020 23:30:00 GMT छत्तीसगढ़-ओड़िशा बार्डर पर धनपुंजी के पास ओडिशा के चांदली के क्वारेंटाइन सेंटर में शनिवार की रात गांव वालों ने जमकर हंगामा किया। दरअसल गांव वाले इस बात से नाराज थे कि उनके गांव के क्वारेंटाइन सेंटर में छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के किंरदुल से तबलीगी जमात के 11 लोगों को लाकर रखा गया है।इनके साथ करीब 11 अन्य मजूदर भी थे। छत्तीसगढ़ की ओर से इन लोगों को ओडिशा छोड़ने गए थे। पटवारी अजय कुमार मंडावी ने बताया कि ओडिशा के 22 लोगों को उनकी घर वापसी के लिए हम लोग दंतेवाड़ा से इन्हें लेकर ओडिशा बार्डर पहुंचे।अफसरों ने पहले से तय किया था कि छत्तीसगढ़ की ओर से इन लोगों को बार्डर तक पहुंचाया जाएगा और फिर आगे की व्यवस्था ओडिशा सरकार करेगी। इसके बाद हम शनिवार की रात चांदली बार्डर पर पहुंचे। हमारे साथ किंरदुल में फंसे ओडिशा के ब्रह्म्बरदा के रहने वाले तबलीगी जमात के 11 लोग थे। इसके अलावा मलकानगिरी के रहने वाले 11 मजदूर थे।ओडिशा के अफसरों ने हमें बताया कि इनके लिए गाड़ियों का इंतजाम सुबह होगा। ऐसे में सभी को चांदली के क्वारेंटाइन सेंटर में छोड़ दें। हमारी टीम इन्हें क्वारेंटाइन सेंटर में छोड़ने जैसे पहुंची। वैसे ही गांव के लोग यहां जमा हो गए और तबलीगी लोगों को यहां रखने का विरोध करने लगे। इसके बाद ओडिशा पुलिस ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए सभी को सुरक्षित कोटपाड़ तक भेजा।कोटपाड़ से पुलिस सुरक्षा में वापस आए टीम के लोगसभी को कोटपाड़ छोड़ने के लिए छत्तीसगढ़ के अफसर ही गए और वहां से पुलिस सुरक्षा में लौटे। बताया जा रहा है कि इस दौरान वहां के ग्रामीण काफी आक्रोश में आ गए थे। इन लोगों का किंरदुल से 22 को वापसी का टिकट था, जनता कर्फ्यू के कारण ये मस्जिद में रुक गए थे। तबलीगी विवाद हुआ था तो इन्हें क्वारेंटाइन मेंरखा गया था। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
2 लॉकडाउन 2.0 के अंतिम दिन दुर्ग-कवर्धा में मिले 14 मरीज By Published On :: Sun, 03 May 2020 23:40:00 GMT लाॅकडाउन 2.0 खुलने से ठीक पहले, रविवार की शाम दुर्ग में 8 और कवर्धा में 6 मजदूरों के कोरोना पाॅजिटिव निकलने से प्रदेश में खलबली मच गई है। जो लोग पाॅजिटिव निकले हैं, सभी दूसरे प्रदेशों में मजदूरी करने गए थे और वहां से लौटने के बाद से क्वारेंटाइन थे। इन्हें मिलाकर प्रदेश में कोरोना मरीजों की संख्या 59 हो गई है। इसमें एक्टिव केस 21 हैं, बाकी स्वस्थ होकर अस्पताल से डिस्चार्ज हो चुके हैं।एम्स में हुई जांच में रविवार को देर शाम कोरोना के 14 नए मरीज मिलने की पुष्टि हुई है। नियमित रूप से चल रही जांच में दुर्ग और कवर्धा के मजदूरों के सैंपल पाॅजिटिव निकले। शनिवार को दुर्ग जिले के 85 सैंपल और कवर्धा के 33 सैंपल की जांच बची थी। उसी में से ये मरीज निकले हैं। प्रारंभिक जानकारी के आधार पर कवर्धा में मिले मरीज महाराष्ट्र से आए प्रवासी हैं। इनमें 4 पुरुष व 2 महिलाएं हैं, जबकि दुर्ग जिले के सभी केस प्रवासी पुरुष मजदूर हैैं। इन सभी संक्रमितों को देर रात एम्स में भर्ती किया गया है।कवर्धा प्रदेश का अब वो नया जिला है, जहां पहली बार कोरोना केस मिले हैं। जबकि दुर्ग में इससे पहले एक पेशेंट मिला था, जो ठीक हो चुका है। पहले लॉकडाउन के बाद से दुर्ग जिले में अब तक सोलह सौ से ज्यादा सैंपल जांचे गए हैं। इनमें से पंद्रह सौ से ज्यादा निगेटिव रहे हैं। कवर्धा में इस दौरान लिए गए डेढ़ सौ से ज्यादा सैंपलों में करीब 140 निगेटिव पाए गए थे।जरूरी काम से निकलने पर जुर्माना नहीं: डीजीपीडीजीपी डीएम अवस्थी ने सभी एसपी को निर्देश दिए हैं कि जो लोग जरूरी सामान के लिए आना-जाना कर रहे हैं, उनसे जुर्माने की कार्रवाई स्थगित कर दी जाए। डीजीपी ने कहा है कि पहले से ही लोग लॉकडाउन के कारण परेशान हैं, उनसे जुर्माना वसूलना ठीक नहीं है। उन्हीं प्रकरणों में चालानी कार्रवाई की जाए जो उद्दंड और अनावश्यक घूमते हुए पाए जाते हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today रायपुर|कोरोना वारियर्स का सम्मान करने के लिए रविवार की सुबह वायुसेना के हेलिकॉप्टर ने एम्स अस्पताल के डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के ऊपर फूलों की बारिश की। इस दौरान लोगों ने एम्स के डॉक्टराें व स्टॉफ के सम्मान में तालियां भी बजाई। Full Article
2 राजधानी में पीलिया के मरीज 700 पार, 24 नए मरीज मिले By Published On :: Mon, 04 May 2020 23:30:00 GMT राजधानी में पीलिया मरीजों की संख्या सोमवार को 24 नए मरीज मिलने के साथ ही 700 के पार पहुंच गई है। इनमें ज्यादातर पीड़ित हीरापुर, तेलीबांधा और आमापारा इलाके के हैं। इन इलाकों में अब तक दर्जनों मरीज सामने आ चुके हैं। निगम प्रशासन लीकेज पाइप लाइन बदलने का काम भी कर रहा है। इसके बावजूद पीलिया अब तक पूरी तरह से कंट्रोल में नहीं आया है। दो की लोगों की मौत भी हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग एक महीने में 2749 संदिग्धों की जांच कर चुका है। पीलिया प्रभावित इलाकों की पहचान करने के साथ वहां ऐसे स्पाॅट भी तलाश किए जा चुके हैं, जहां से लीकेज था। उसी लीकेज से बैक्टीरिया नल के पानी में घुलकर पहुंच रहा था। इन स्पाॅट पर पाइप लाइन बदली जा चुकी है।इसके बावजूद रोज नए मरीज सामने आ रहे हैं। इसके कारणों का पता लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के अफसर मंथन कर रहे हैं, लेकिन अब तक वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। राजधानी में पिछले 30 दिनों से पीलिया का प्रकोप फैला है। सोमवार तक स्थिति इतनी बिगड़ चुकी है कि अब तक 719 लोग इससे पीड़ित हो गए। 76 मरीजों का अस्पतालों मंे इलाज चल रहा है। इनमें से 36 सरकारी तथा 40 निजी अस्पतालों में भर्ती है। स्वास्थ्य विभाग और निगम की टीम ने प्रभावित इलाके में एक-एक घर दस्तक देकर परिवार के हर सदस्य के स्वास्थ्य के संबंध में जानकारी ली। निगम के अफसरों का कहना है कि जांच के दौरान यह पता चला कि एक परिवार में एक-दो लोगों में पीलिया पाया गया, जबकि बाकी सदस्य स्वस्थ हैं। इससे यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि आखिर पीलिया किस वजह से फैल रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अफसर डा. अखिलेश त्रिपाठी ने कहा कि रोग प्रतिरोधक क्षमता हर किसी की अलग-अलग होती है। इसीलिए सभी को पीलिया होना आवश्यक नहीं। खासकर छोटे बच्चों, गर्भवतियों और बुजुर्गों में पीलिया संक्रमित होने का खतरा ज्यादा रहता है। बिलिरुबीन का स्तर बढ़ना और हैपेटाइटिस-ई व अन्य हैपेटाइटिस पाजिटिव दूषित पानी, पानी में बैक्टीरिया तथा खराब खाने की वजह से होता है। राजधानी में ज्यादातर जगहों पर नल की सप्लाई लाइन नालियों व नालों के ऊपर से है। ऐसे में लीकेज होने पर नाले का गंदा पानी घरों में पहुंचने लगता है। पीलिया फैलने की सबसे प्रमुख वजह यही मानी जा रही है। मेयर ढेबर ने ली बैठकमेयर एजाज ढेबर ने सोमवार को निगम स्वास्थ्य विभाग, जल विभाग के अफसरों की बैठक लेकर शुद्ध पानी की सप्लाई और पीलिया नियंत्रण के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहर में जहां-जहां पाइप लाइन को नाले और नालियों से अलग करने का काम बाकी है वहां जल्द पूरा किया जाए। मेयर ने अफसरों से यह भी कहा कि बारिश से पहले नालों की सफाई पूरी कर ली जाए। नालों में जलभराव होने पर पानी घरों तक पहुंचता है। इससे भी कई तरह की बीमारियां फैलने का खतरा रहता है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
2 237.70 लाख की वसूली अटकी, पालिका की आर्थिक स्थिति कमजोर By Published On :: Mon, 04 May 2020 23:30:00 GMT नगर में साफ-सफाई, जल प्रदाय, बिजली आदि की व्यवस्था और सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए नगर पालिका प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है, लेकिन पालिका अपनी राजस्व अाय के लिए करों की वसूली में बहुत पीछे चल रही है। चुनावी वातावरण के कारण साल 2019 के आखिरी और साल 2020 के शुरुआती महीनों में राजस्व वसूली में शिथिलता रही, इसके बाद इस कोरोना संक्रमण काल में लॉकडाउन की विषम परिस्थिति के चलते कर वसूली स्थगित है। इसके चलते 237.70 लाख की कर वसूली नहीं हो पाई है। वित्तीय वर्ष 2019-20 समाप्त हो चुका है। केवल इसी एक साल का पालिका को 290.35 लाख रुपए करों के रूप में वसूलने थे, जिसका 63.22 प्रतिशत यानी 183.57 लाख रुपए की ही वसूली हो पाई है। वहीं इस वित्तीय वर्ष के पूर्व का 177.55 लाख रुपए बकाया वसूलना था, जिसका मात्र 26.26 प्रतिशत यानी 46.63 लाख की ही वसूली हो पाई है। यदि दोनों को जोड़कर देखा जाए तो पालिका को कुल 467.90 लाख रुपए करों के रूप में वसूल करने थे, जिसमें मात्र 230.20 लाख रुपए यानी 49.20 प्रतिशत ही वसूल किया जा सका है। कर वसूली के लक्ष्य का 50 प्रतिशत भी हासिल नहीं हो पाया है। साथ पिछले कई महीनों से पालिका की राजस्व आय प्रभावित है। ऐसे में पालिका की आर्थिक स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। नगर पालिका अध्यक्ष प्रकाश चंद्राकर का कहना है कि पालिका की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। सभी जरूरी कार्य के लिए सामान की खरीदी भी क्रेडिट में की जा रही है। चूंकि आम जनता के लिए भी हालात अभी कठिन हैं, शासन ने नगरीय निकायों में संपत्ति कर अदा करने की अंतिम तिथि 15 मई तक बढ़ा दी है। पालिका को वित्तीय वर्ष 2019-20 का 70.89 लाख संपत्ति कर वसूलना है। वहीं 57.11 लाख रुपए संपत्ति कर का पूर्व बकाया है। दोनों को मिलाकर पालिका को संपत्ति कर की मांग 128 लाख रुपए है। जबकि वसूली 40.62 प्रतिशत ही हो पाई है।सबसे ज्यादा जल शुल्क की राशि बकायानगर पालिका को संपत्ति कर, समेकित कर, जल शुल्क, दुकानों के किराए व अन्य मदों से आय होती है। इसमें सबसे ज्यादा आय जल शुल्क से होती है और सबसे ज्यादा बकाया भी जल शुल्क का ही है। वित्तीय वर्ष 2019-20 में 110.50 लाख रुपए जल शुल्क होता है, वहीं पहले का 70.11 लाख रुपए का जल शुल्क बकाया है। यानी 180.61 लाख रुपए जल शुल्क की कुल मांग है। वसूली की स्थिति देखें तो सबसे ज्यादा जल शुल्क वसूल किया गया है, फिर भी चालू वर्ष की मांग की 50.48 प्रतिशत ही वसूली हुई है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
2 सीताफल कछार से कलेक्टोरेट के नजदीक पहुंचे 23 हाथी, टीम ने खदेड़ा, सालभर बाद हुआ ऐसा By Published On :: Mon, 04 May 2020 23:30:00 GMT सोमवार को शहर में उस वक्त हड़कंप मच गया जब 23 हाथियाें के दल को कलेक्टोरेट परिसर से महज 500 मीटर दूर घूमते हुए देखा गया। हालांकि इस वक्त तक वन विभाग की टीम को हाथियों की लोकेशन मिल गई थी और पूरी टीम मौके पर पहुंच गई थी। इसके बाद हाथियों को खदेड़ा गया। हाथियों का पूरा दल शहर से निकलकर पतेरापाली बांध पहुंचा और शाम तक यहीं मौजूद रहा। यह दूसरा मौका है जब शहर में हाथियों का दल पहुंचा। सालभर पहले मई महीने में ही दो दंतैल ठीक इसी स्थान पर पहुंचे थे, जहां सोमवार को हाथियों का देखा गया।रविवार की देर रात हाथियों का दल बम्हनी के सीताफल कछार से निकलकर चिंगरौद के करीब से होते हुए, लाफिन कला और खुर्द के बीच होते हुए सुबह करीब 4.30 बजे महासमुंद शहर के करीब पहुंचे। इसी दौरान एमई-4 चंदा हाथी का लेटेस्ट लाेकेशन वन विभाग को मिला, जो कलेक्टोरेट परिसर के ठीक पास था। यह देख विभागीय अफसरों के होश उड़ गए। टीम को अलर्ट किया गया। जिले के सबसे प्रशिक्षित हाथी मित्र दल के सदस्यों ने हाथियों को आगे खदेड़ा गया।दल के आगे और पीछे दंतैल, 1 वृद्धा घायलहाथियों के दल के आगे और पीछे दंतैल चल रहे थे। बीच में शेष हाथी और बच्चे शामिल थे। इसी बीच हाथियाें का दल पिटियाझर के पास पहुंचा था। वहीं पर सुभाष नगर निवासी कुमारी बाई खेत में काम रही थी। हाथियों को देख वो संभल पाती, उसके पहले ही दंतैल ने उसे सूंड से धक्का देकर उसे घायल कर दिया। कोतवाली प्रभारी राकेश खुंटेश्वर और उनकी टीम ने उसे जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी हालत सामान्य है।14 मई 2019 को आए थे राम-बलराम14 मई 2019 की सुबह भी कलेक्टोरेट परिसर से 300 मीटर की दूरी पर खेत में दो दंतैल को देखा गया था। ये दोनों दंतैल (राम-बलराम) ओडिशा से गरियाबंद जिले के लचकेरा होते हुए महासमुंद शहर पहुंच गए थे। सुबह 4 बजे लोगों ने हाथियों के चिंघाड़ने की आवास सुनी और इसकी सूचना वन विभाग को दी। मौके पर पहुंची टीम ने दिनभर हाथियों को खदेड़ने का प्रयास किया, लेकिन वे असफल रहे। देर रात दोनों दंतैल जिस रास्ते से आए थे, उसी रास्ते चले गए थे। ये दोनों दंतैल धमतरी, कांकेर होते हुए राजनांदगांव तक पहुंचे थे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 23 elephants reached near collectorate from Sitaphal Cachar, team chased, it happened after a year Full Article
2 आज से सुबह 9 से 2 तक दो दिन खुलेंगी सभी दुकानें, अगले सप्ताह से तीन दिन By Published On :: Mon, 04 May 2020 23:30:00 GMT लॉकडाउन 3.0 में आज से जिलेभर में सभी दुकानें फिर से शुरू हो जाएंगी। मेडिकल को छोड़कर अन्य दुकानों के लिए कैटेगरी वाइज अलग-अलग दिन तय किया गया है। यह दुकानें इस सप्ताह दो दिन सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक खुलेंगी। अगले सप्ताह से इन दुकानों को तीन दिन का समय दिया जाएगा।मेडिकल स्टोर्स पहले की तरह सुबह 9 से शाम 5 बजे तक खोली जा सकेंगी। व्यापारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि दुकान के बाहर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराना होगा, सैनिटाइजर और हाथ धोने की व्यवस्था करनी होगी। साथ ही मास्क पहनकर आने वालों को ही सामग्री देनी होगी।महासमुंद जिले में अब तक कोरोना के एक भी केस नहीं है। ऐसे में हमारा जिला ग्रीन जोन में है। इसलिए केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेशानुसार यहां व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को खोलने की अनुमति दी गई है। इस संबंध में सोमवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में चेंबर ऑफ कॉमर्स के साथ ही व्यापारियों की बैठक बुलाई गई थी। बैठक में कलेक्टर सुनील कुमार जैन, एसपी प्रफुल्ल ठाकुर, विधायक विनोद चंद्राकर, अपर कलेक्टर शरीफ मो. खान, एएसपी मेघा टेंभुरकर, एसडीएम सुनील कुमार चंद्रवंशी, पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्राकर, चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष शंभू साहू सहित व्यापारी संघ के प्रतिनिधि उपस्थित थे।उमड़ी व्यापारियों की भीड़, वापस भेजना पड़ादोपहर 12 बजे मीटिंग की सूचना पर शहर के सभी व्यापारी बड़ी संख्या में कलेक्टोरेट पहुंच गए थे। भीड़ देखकर वापस अपने चेंबर में लौट गए। एसडीएम सुनील कुमार जैन से व्यापारियों से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने कहा। कुछ व्यापारियों को बाहर भेज दिया गया। आखिरकार दोपहर 1 बजे मीटिंग शुरू हुई।शराब के लिए नियम नहीं, हमारे लिए कई क्लॉजचेंबर अध्यक्ष शंभू साहू ने बताया कि सभाकक्ष में मीटिंग शुरू होते ही व्यापारियों ने शराब दुकान खोले जाने पर नाराजगी जताई। व्यापारियों ने कहा कि शराब दुकान में न तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा रहा है और न ही हाथ धुलाया जा रहा है। उनके लिए कोई नियम नहीं है। व्यापारियों के दुकान खोलने पर कई तरह के क्लॉज लगा दिए जाते हैं।कौन सी दुकानें कब खुलेंगी टाइमिंग : सुबह 9 से दोपहर 2 तकछड़, सीमेंट की दुकानें रविवार, गुरुवार, होम डिलीवरी (शेष दिन), इलेक्ट्रॉनिक्स, फ्लैक्स मंगलवार, शनिवार, होम डिलीवरी (शेष दिन), स्टेशनरी, किताबें रविवार, गुरुवार, सराफा, कपड़ा, बर्तन सोमवार, बुधवार, वेल्डिंग, वर्कशाॅप, लेथ, फोटोकाॅपियर, फोटो स्टूडियो, पैकिंग सामग्री की दुकानें सोमवार, बुधवार, ऑटोमोबाइल, आॅटोपार्ट्स, साइकिल रिपेयरिंग रविवार, गुरुवार, हार्डवेयर, मोबाइल, फर्नीचर, पूजा सामाग्री मंगलवार, शनिवार, फैंसी स्टोर्स, चश्मा दुकान, जनरल स्टोर्स रविवार, गुरुवार, होटल-रेस्टोरेंट रविवार, गुरुवार( केवल पैक्ड फूड की डिलीवरी), दवा दुकानें रोजाना ( सुबह 9 से शाम 5 बजे तक)।17 मई तक बढ़ाई गई धारा-144कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी सुनील कुमार जैन ने धारा-144 की सीमा 17 मई तक बढ़ा दी है। इस संबंध में रविवार की देर रात आदेश जारी किया गया। जारी आदेश के अनुसार शाम 7 बजे से सुबह 7 बजे तक अनावश्यक भ्रमण और मूवमेंट पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। इसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today All shops will open two days from 9 am to 2 am today, three days from next week Full Article
2 सुबह से लग गई थी भीड़, 11 घंटे में 12 लाख रुपए की शराब बिक गई By Published On :: Mon, 04 May 2020 23:30:00 GMT राज्य शासन के आदेश पर 40 दिनों बाद मदिरालय सोमवार को खुलते ही मदिरा प्रेमियों की आधे किमी से भी ज्यादा लंबी लाइन शराब दुकान के सामने 11 घंटे तक लगी रही। शाम 4 बजे के बाद स्थिति बेकाबू हो गई। रेड जोन घोषित रायपुर जिले के नदी उस पार लगे गोबरा नवापारा से भी हजारों लोग शाम को शराब खरीदने राजिम पहुंचे थे।शाम 6 बजे के बाद भी भीड़ को देखते हुए शराब की दुकानें खुली रहीं। जबकि सुबह 8 से शाम 6 बजे तक खुलने का समय शासन ने रखा है। धक्का-मुक्की अौर लड़ाई-झगड़े होने के बाद अंततः शराब दुकान बंद कर दिया गया। इसके कारण सैकड़ों लोग बिना मदिरा खरीदे वापस चले गए। इस तरह के हालात से राजिम सहित ग्रामीण अंचलों में दहशत है। राजिम के देशी और विदेशी मदिरालय में लॉकडाउन के बाद पहले दिन दुकान खुलने पर 12 लाख रुपए की शराब लोग गटक गए। देशी शराब दुकान में 9 लाख रुपए तथा विदेशी में 3 लाख रुपए की बिक्री हुई।कीमतों में कई गुना वृद्धि : रेटों में इजाफा होने के बाद भी लोग शराब खरीद रहे। देशी शराब मसाला बोतल 270 की था, जो 320 रुपए, हाफ 140 थी जोे 170 रुपए, पौव्वा 70 था, जिसे 90 में बेचा गया। वहीं प्लेन में बोतल 230 थी जो 280, हाफ 120 की थी जो 150 अौर 60 का पौवा 80 रुपए में बेचा गया।बगैर सोशल डिस्टेंसिंग के आबकारी निरीक्षण ने बिकवाईज्ञात हो कि कोरोना वायरस के चलते पूरे देश एवं प्रदेश में 24 मार्च से लॉकडाउन है। तब से मदिरालय में भी ताला लगा था। इस दौरान जंगल इलाके से महुआ शराब की तस्करी बढ़ गई थी, जिसे पुलिस द्वारा पकड़ कर कार्रवाई भी की गई। मदिरालय में कोरोना वायरस से बचने नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है अौर ना ही यहां पर सैनिटाइजर रखा गया है। आबकारी उप निरीक्षक टेक बहादुर कुर्रे स्वयं दिनभर मदिरालय में रहकर शराब विक्रय कराए। लेकिन लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने में असमर्थ रहे। जबकि शराब दुकान के बाहर बांस बल्ली से 1 दिन पूर्व आने-जाने एकल रास्ता बनाया गया है। राज्य शासन के आदेश पर जिले की सभी 15 शराब दुकानें खुली, जिनमें राजिम, फिंगेश्वर, बासिन, छुरा, गरियाबंद, मैनपुर, अमलीपदर, उरमाल, सोना मुंडी शामिल हैं। कुर्रे ने बताया कि सुबह 8 बजे खुलने से पूर्व ही 7 बजे से लोगों की लाइन लगनी शुरू हो गई थी। रायपुर जिले रेड जोन में है, जहां पर गोबरा नवापारा के मदिरालय के खुलने का समय शाम 4 बजे तक है। वहां पर दुकान बंद होने के बाद राजिम में हजारों की भीड़ एकत्र हो गई थी। समय कम था इस वजह से अनेक लोगों को शराब लेने से वंचित होना पड़ा है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today There was a crowd since morning, liquor worth Rs 12 lakh was sold in 11 hours Full Article
2 24.5 करोड़ की कांकेर जल आवर्धन योजना हुई लेट, अब 20 मई को हो सकता है ट्रायल By Published On :: Mon, 04 May 2020 23:30:00 GMT 24 करोड़ 50 लाख रुपए की लागत से शहरवासियों के लिए अप्रैल महीने से शुरू होने वाले जल आवर्धन योजना पर कोरोना का असर पड़ गया है। जूझ लॉकडाउन के कारण यह एक बार फिर लेट हो गया। योजना के तहत कुछ काम बचे थे, लेकिन लॉकडाउन के कारण बंद हो गया था। अब पीएचई विभाग ने फिर से काम शुरू कर दिया है। विभाग के अधिकारी 20 मई से पानी के लिए ट्रायल शुरू करने की बात कह रहे हैं।दरअसल 24.5 करोड़ वाले कांकेर जल आवर्धन योजना की स्वीकृति 2013 में मिली थी। इसका काम 2016 में शुरू हुआ था। 2018 तक काम पूरा हो जाना था, लेकिन अभी तक काम पूरा हो जाना था। इस साल अभी तक की स्थिति में काम पूर्णता की ओर है। ग्राम दसपुर के जल शुध्दिकरण संयंत्र व बागोड़ के इनटेक में कुछ काम शेष है। यह काम अप्रैल तक पूरा करना था, लेकिन लॉकडाउन की वजह से 22 मार्च से काम बंद हो गया। पीएचई विभाग के अनुसार अब फिर से कुछ दिनों से जल शुध्दिकरण संयंत्र के भवन में फिनिशिंग का काम शुरू हो गया है। जल शुध्दिकरण संयंत्र में फिल्टर मशीन नहीं पहुंचा है, जो भंडारा से पहुंचेगा। इसके भी सप्ताह भर में पहुंच जाने की उम्मीद है। अभी जल शुध्दिकरण संयंत्र में ट्रांसफॉर्मर पहुंच चुका है और जिसके लिए फाउंडेशन खड़ा हो गया है, जिसे लगाने की तैयारी चल रही है। साथ ही इनटेक वेल में काम किया जा रहा है। जहां पंप डालने का काम शेष है। बिजली विभाग से हाई टेंशन तार नहीं लगाया गया है,जिसका काम शेष है। पीएचई विभाग 20 मई को जल सप्लाई के लिए ट्रायल करने की तैयारी कर रहा है। प्रति व्यक्ति 135 लीटर मिलेगा पानीशहर में महानदी से जल सप्लाई होने पर प्रति व्यक्ति 135 लीटर प्रति व्यक्ति पानी मिल पाएगा। इसमें शहर में 39 किलोमीटर का पाइपलाइन बिछाया गया है। इसका काम पूर्ण हो चुका है। जल वितरण प्रणाली पाइप लाइन में लागत 6 करोड़ 50 लाख रूपया का है। बागोड़ के महानदी में इनटेक 2 करोड़ 32 लाख रूपया का बनाया गया है। जल शुध्दिकरण संयंत्र 4 करोड़ 32 लाख रूपया का बनाया गया है। बागोड़ के महानदी से पानी दसपुर में बने जल शुध्दिकरण संयत्र में आएगा। जहां से पानी का शुध्दिकरण होगा। वहीं रॉ-वाटर में लागत 2 करोड़ 46 लाख रूपया है। शहर में चार टंकी नया बस स्टैंड, मुक्तिधाम, अलबेलापारा, श्रीराम नगर वार्ड में बनाई गई है। यहां पर दसपुर से शुध्द पानी जमा होगा। फिर शहर में पाइप लाइन से लोगों के घर में पानी पहुंचेगा। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Kanker water magnification scheme of 24.5 crore late, now trial on May 20 Full Article
2 अब 2 नहीं 3 दिन खुलेंगी दुकानें, समय भी बदला By Published On :: Mon, 04 May 2020 23:30:00 GMT जिला प्रशासन ने लॉकडाऊन के दौरान छूट प्राप्त अति आवश्यक के दायरे से बाहर के सामानों की दुकानों के खुलने कासमय व दिन में बदलाव किया है। जिसमें अब सप्ताह में दो दिन ये दुकानें खोली जा सकेंगी। इसके साथ ही सप्ताह के जिन दिनों में यह दुकानें खुलनी थीउसमें भी फेरबदल कर किया गया है। अन्य जरूरी सेवाओं के प्रतिष्ठान व दुकान पूर्व की तरह निर्धारित समय पर खोले जा सकेंगे।कलेक्टर केएल चौहान के नए आदेश के अनुसार अब सप्ताह में सोमवार, बुधवार व शुक्रवार को बर्तन, फर्नीचर, फोटो स्टुडियो, प्रिटिंग प्रेस, फ्लेक्स, मोबाइल दुकान खोली जाएगी। अब मोबाइल दुकान में मोबाइल की बिक्री भी की जा सकेगी। इसके अलावा मंगलवार, गुरूवार व शनिवार को कपड़ा, जूता चप्पल दुकान, ज्वेलरी शॉप, कप्यूटर हार्डवेयर, मनीहारी, फैसी स्टोर्स खोले जाएंगे।सप्ताह में तीन दिन खुलने वाली उपरोक्त सभी दुकान सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक खोली जाएगी। सभी दुकानों में वैद्य गुमाश्ता लाइसेंस होना अनिवार्य किया गया है। जिसकी कॉपी दुकान सामने चस्पा करनी होगी। इसके अलावा मिस्त्री, बढ़ाई, प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन, पंप मैकेनिक की सेवाएं जारी रहेगी।रोजाना खुलने वाली दुकानेंसब्जी, फल, अनाज, डेली नीड्स, किराना, खाद्यान, कृषि मशीनरी, स्पेयर पार्टस, छात्रों की किताब दुकान, पशुआहार, खाद, उर्वरक, कीटनाशक, चिकन, मटन, मछली, अंडा, हार्डवेयर, चश्मा दुकान, सायकल, बाईक व चार पहिया वाहन के पंचर, स्पेयर पार्टस, रिपेयर दुकान, आटा, दाल मिल, फोटो कॉपी सेंटर, स्टेशनरी, बिजल पंखे, कुलर, इलेक्ट्रानिक, इलेक्ट्रीकल समाग्री की दुकान व रिपेयर सेंटर, दर्जी दुकान आदि की दुकान रोज खोली जा सकेंगी। खाद्य पदार्थ बेचने के छोटे दुकान व होटल में सामान की सिर्फ पार्सल सुविधा होगी। वहां बैठ कर नाश्ता आदि करने की अनुमति नहीं होगी। ये सभी दुकान सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक होगा।ब्यूटी पार्लर व सैलून को सशर्त मिलेगी अनुमतिआदेश में हो गया है कि सेलून व ब्यूटी पार्लर के संचालन की अनुमति दी जा सकती है। लेकिन इसके लिए कार्यालय से जारी एडवायजरी का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य होगा।नहीं खुलेंगी ये दुकानेंइसके अलावा गुपचुप, चाट, आईसक्रीम एवं फास्ट फूड ठेला का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित होगा। इसके साथ ही तंबाकू उत्पाद व गुटखा, सामुदायिक भवन, माल, भी बंद रहेंगे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
2 27 रुपए का मिट्टी तेल 40 में बेचा, शिकायत के बाद नोटिस By Published On :: Mon, 04 May 2020 23:30:00 GMT ग्राम पंचायत भिंगीड़ार के उचित मूल्य दुकान संचालक द्वारा 27 रुपए का मिटटी तेल हितग्राहियों को 40 रुपए की दर से बेचा जा रहा है। जब इसकी जानकारी हितग्राहियों को लगी तो हितग्राहियों ने विक्रेता से इस संबंध में बात की।विक्रेता ने हितग्राहियों को अधिकारियों को खर्चा देने की बात कहते हुए अधिक राशि लेना बताया। इसके बाद हितग्राहियों ने इसकी शिकायत पखांजूर एसडीएम से करते हुए दुकान संचालक पर कार्रवाई की मांग की है। ग्राम भिंगीडार में उचित मूल्य की दुकान का संचालन ग्राम पंचायत द्वारा किया जाता है। समस्त राशन कार्डधारियों को मिट्टी तेल 40 रुपए लीटर की दर से बेचा जा रहा है। जबकि शासन द्वारा मिटटी तेल का मूल्य 27 रूपए निर्धारित किया गया है। ग्रामीण भुवन मंडल, नरोत्तम मंडल, हिरदास सरदार, हरिचांद बघेल, प्रताप जैन आदि ने बताया सेल्समैन द्वारा न सिर्फ मिट्टी तेल का अधिक रेट लिया जाता है, साथ ही तौल में कम सामान दिया जाता है।कार्रवाई की प्रक्रिया शुरूखाद्य निरीक्षक पखांजूर जतिन देवांगन ने बताया कि दुकानदार ने मिट्टी तेल 40 की दर में बेचा है। उसे नोटिस जारी कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
2 ग्रीन और ऑरेंज जोन में फंसे हैं 1655 मजदूर, इनके लिए 12 हजार क्षमता के 68 क्वारेंटाइन सेंटर तैयार By Published On :: Mon, 04 May 2020 23:30:00 GMT लॉकडाउन 3.0 सोमवार से शुरू हो गया है। इधर दूसरे राज्यों के ग्रीन व ऑरेंज जोन जिले में फंसे मजदूरों को लाने की तैयारी चल रही है। जबकि रेड जिलों में अभी प्रतिबन्ध है।राज्य से लेकर जिला व मैदानी अमला जुटा हुआ है। अभी प्रशासन ने जो सूची तैयार की है उसमें दंतेवाड़ा के 1655 मजदूर ग्रीन व ऑरेंज जोन जिले में हैं, जो दंतेवाड़ा आ सकते हैं, जबकि करीब 650 मजदूरों को अभी दंतेवाड़ा आने की अनुमति नहीं मिलेगी, क्योंकि वे रेड जोन जिलों में हैं। यह संख्या अभी बढ़ सकती है।मजदूरों को लाकर क्वारेंटाइन सेंटर में रखना है, इसके लिए जिले के 68 सरकारी स्कूल, आंगनबाड़ी, आश्रम जैसे भवनों को चिह्नांकित किया गया है। सरकार ने मजदूरों को वापस लाने की पहल की तो बाहर फंसे मजदूरों का आंकड़ा 2500 से 3300 पहुंच गया। हर दिन संख्या बढ़ती जा रही है। इनमें करीब 100 की सोमवार को वापसी भी हुई।ऐसे भी दे सकते हैं जानकारीघर वापसी के लिए दूसरे प्रदेशों में फंसे मजदूर cglabour.nic.in वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। इसके अलावा सरकार के हेल्पलाइन नम्बर 0771-2443809 या 9109849992 या 7587822800 पर सम्पर्क कर सकते हैं।इस तरह की गई व्यवस्था 68 क्वारेंटाइन सेंटर के लिए कर्मचारियों की अलग टीम बनी। इनमें खाना बनाने से लेकर स्वास्थ्यकर्मी तक शामिल। 14 दिन बाद फिर बदलेगी टीम और काम करने वाले कर्मचारी खुद भी होंगे आइसोलेट। कोरोना खतरे को देखते जनप्रतिनिधि, ड्यूटी के अतिरिक्त अफसर, कर्मी या अन्य किसी का जाना प्रतिबंधित।1255 मजदूर कहां पर हैं जानकारी जुटाना मुश्किलदूसरे राज्यों में फंसे मजदूरों को निकालना है, इसके पहले यह देखा जा रहा है कि वे राज्यों के किस जोन में फंसे हुए हैं। 1255 मजदूर ऐसे हैं, जिनके बारे में ये नहीं पता चल पा रहा कि वे तेलंगाना, आंधप्रदेश के किन जिलों में फंसे हुए हैं। यह प्रशासन के लिए बड़ा सिर दर्द बना हुआ है।दंतेवाड़ा के किस ब्लॉक मेंकितने क्वारेंटाइन सेंटर तैयार हो रहेब्लॉक का नाम सेंटर क्षमता दंतेवाड़ा 18 3110गीदम 17 2630कुआकोंडा 31 2280कटेकल्याण 17 4290 Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 1655 laborers stranded in green and orange zones, 68 quarantine centers of 12 thousand capacity ready for them Full Article
2 4 परिजन को एंट्री, 2 को पास खरीदना होगा By Published On :: Mon, 04 May 2020 23:30:00 GMT मेडिकल कॉलेज में कोरोना की आड़ में आम लोगों की जेब में डाका डालने की शुरुआत हो गई है। मेकॉज प्रबंधन ने सोमवार से भर्ती मरीजों के साथ आने वाले परिजन के लिए पास सिस्टम लागू किया है। मेकॉज प्रबंधन का कहना है कि हॉस्पिटल में इतनी भीड़ हो रही है कि भीड़ को मैनेज करने के लिए पास सिस्टम लागू करना पड़ रहा है जबकि ज्यादातर वार्डों में इलाज की व्यवस्था ठप पड़ी हुई है और आपात स्थिति में ही मरीजों का ऑपरेशन किया जा रहा है और तो और कोरोना के डर के चलते सामान्य बीमारी का इलाज करवाने के लिए भी मरीज हॉस्पिटल नहीं जा रहे हैं। इसी बीच कोरोना के नाम पर पास सिस्टम लागू कर दिया गया। यही नहीं पास के लिए बाकायदा राशि भी तय कर दी गई है।10 रुपए का मिल रहा पास, 3 दिन के लिए वैधकुछ अफसरों ने मिलकर खुद ही पास की कीमत भी तय कर ली। नए सिस्टम के अनुसार अब मेकॉज में एक मरीज के साथ सिर्फ 4 परिजन रह पाएंगे। इनमें से दो परिजनों को फ्री में पास दिया जाएगा जबकि बाकी के दो परिजन को दस रुपए में पास खरीदना होगा। जिसकी वैधता 3 दिन रहेगी। गौरतलब है कि अभी स्टाफ की बेहद कमी है। ऐसे में भर्ती मरीज को वॉशरूम तक ले जाने सहित सिटी स्केन, एक्स-रे और अन्य जांच के लिए ले जाने भी स्टाफ नहीं रहता। ऐसे में परिजन ही यह काम करते हैं। इस नए सिस्टम का विरोध शुरू होने लगा है।ट्रायबल क्षेत्र है, पास सिस्टम या पैसे न लें: विधायकविधायक रेखचंद जैन ने कहा कि उन्हें पास सिस्टम और पास के बदले पैसे लेने की कोई जानकारी नहीं है। बस्तर ट्रायबल क्षेत्र है और यहां ऐसा करना संभव नहीं है। हॉस्पिटल मनोरंजन का क्षेत्र नहीं है यहां लोग खुशी से नहीं आते हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में बस्तर कमिश्नर से जानकारी ली गई है लेकिन उनके पास भी इस मामले में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि गरीबों पर किसी भी प्रकार का अतिरिक्त भार न आए इसके लिए पास सिस्टम और पैसे लेने की प्रक्रिया को बंद करने कहा गया है। हॉस्पिटल अधीक्षक डॉ केएल आजाद ने बताया कि हॉस्पिटल में काफी भीड़ हो रही है इसे नियंत्रित करने पास सिस्टम लागू किया है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 4 family entry, 2 have to buy pass Full Article
2 प्रदेश में फिर एक युवक कोरोना संक्रमित मिला, अब एक्टिव केस 22 हुए; अन्य राज्य से लौटने वाले श्रमिकों का रेलवे को किराया देगी सरकार By Published On :: Tue, 05 May 2020 01:17:34 GMT लॉकडाउन का फेज-3 शुरू होने के साथ ही साेमवार को ढील बढ़ा दी गई है। वहीं शाम को एक और कोराना पॉजिटिवप्रदेश में मिला है।रायपुर के 24 वर्षीय एक युवक में संक्रमण कीपुष्टि एम्स ने की है। जानकारी के मुताबिक शहर के आमानाका क्षेत्र में निवासी युवक एक मैकेनिक है। प्रदेश में अब कोरोना के एक्टिव केस बढ़कर 22 हो गए हैं।दूसरी ओरप्रदेश में सूरजुपर के साथ दुर्ग और कवर्धा के रेड जोन में जाने की आशंका बढ़ गई है। रेड और ऑरेंज जोन कोरबा को छोड़कर अन्य जिलों में जनजीवन सामान्य रहेगा। प्रदेशमें कंटेनमेंट जोन को छोड़कर सभी जगह सरकारी दफ्तर और शराब की दुकानें खुल रही हैं। यहां जगह-जगह शराबदुकानों परसुबह 5 बजे से लाइन लगी देखी गई।प्रदेश में कोरोना संक्रमण छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण के अब तक 58 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें क्वारैंटाइन सेंटर से भागे झारखंड के पॉजिटिव दो मजदूरों को जाेड़ दें तो यह संख्या 60होती है। संक्रमितों में अब तक सबसे ज्यादा कोरबा जिले से 28, सूरजपुर 6, रायपुर 7, दुर्ग 8, कवर्धा 6, राजनांदगांव और बिलासपुर से एक-एक पॉजिटिव मरीज सामने आ चुके हैं। प्रदेश में अब एक्टिव केस की संख्या 22है। इसमें रायपुर एम्स का एक मेडिकल स्टाफ समेत पुलिस कांस्टेबल, पंचायत सचिव भी शामिल है। सभी एम्स में भर्ती हैं।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ऐलान किया है कि सरकार प्रदेश लौटने वाले श्रमिकों का रेलवे को किराया देगी। कहा- श्रमिकों को लाने वाली स्पेशल ट्रेन में जो भी राशि व्यय होगी, उसे सरकार वहन करेगी। कांग्रेस और सरकार संकट के समय में किसी को अकेला नहीं छोड़ सकती। हम सब एकजुट हैं। प्रतिबद्ध हैं। उधर, बिलासपुर में जिला प्रशासन ने सैलून, पान ठेले और स्पा सेंटर को भी खोलने की अनुमति दी है। रेड जोन : रायपुर ऑरेंज जोन : कोरबा ग्रीन जोन : प्रदेश के बाकी 26 जिले (सुबह 11 से दोपहर 2 बजे तक) : मेडिकल स्टोर, मेडिकल उपकरण और उनके रिपेयरिंग संस्थान, सभी अस्पताल और लैब, खाद, बीज और कृषि संबंधित सभी दुकानें,अनाज और सब्जी मंडी,आटा, तेल, राइस और दाल मिल,पेट्रोल पंप,गैस एजेंसियां,पंचर दुकानें,पशुओं का चारा, पालतू पशुओं के फूड स्टोर,बेकरी की दुकानें (लेकिन केवल होम डिलिवरी कर पाएंगे); सीमेंट, सरिया की दुकानें,प्लबंर, इलेक्ट्रिशियन, मोटर मैकेनिक, आईटी स्पेयर का काम करने वाले व्यक्ति चारपहिया वाहन में तीन लोग, दोपहिया वाहन में दो व्यक्ति यात्रा कर सकेंगे। सोशल डिस्टेंसिंग पर आधारित सभी बंदिशें लागू रहेंगी। चारपहिया वाहन में तीन लोग, दोपहिया वाहन में दो व्यक्ति यात्रा कर सकेंगे। टू-व्हीलर पर दो सवारी को छूट। बिना अनुमति कार्यक्रम नहीं होंगे। अनुमति सीमित लोगों की रहेगी। हर तरह की गतिविधि में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना जरूरी होगा। (सुबह 11 से दोपहर 1 बजे तक) : सब्जी और फल दुकान, चश्मे, किराना, अनाज और उससे संबंधित पैकेजिंग स्टोर, डेयरी, दूध, पनीर और केवल दूध से बनने वाली मिठाइयों की दुकानें,चिकन, मटन, मछली और अंडा दुकानें; स्टेशनरी शॉप बैंक-एटीएम; वॉटर सप्लाई (केन वाले); निगम सीमा के बाहर स्थित गोदाम और वेयर हाउस; हाईवे में स्थित ढाबे (चिह्नित ग्रामीण इलाकों में); प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया,बीमा से संबंधित सभी संस्थाएं, गैर बैंकिंग, वित्तीय। शराब दुकानें ही शाम 7 बजे बंद होगी। धारा-144 रायपुर और दुर्ग में 17 मई तक धारा 144 बढ़ा दी गई है। ये तीनों जोन में बंद ही रहेंगे स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्थान, होटल, रेस्टोरेंट्स, सिनेमा हॉल, शॉपिंग मॉल, जिम, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, स्वीमिंग पूल, एंटरटेनमेंट पार्क, थिएटर, बार, ऑडिटोरियम, राजनीतिक, धार्मिक, सांस्कृतिक, सामाजिक आयोजन, एक से दूसरे जिले में जाने की इजाजत नहीं, बसों की आवाजाही, हेयर सैलून, स्पा आदि। लाॅकडाउन के दौरान प्रदेशभर में 17 मई तक सभी प्रकार के सार्वजनिक परिवहन सेवाएं बंद रहेंगी। इसमें यात्री बस, सिटी बस, टैक्सी, ऑटो, ई-रिक्शा आदि नहीं चलेंगी। परिवहन आयुक्त कमलप्रीत सिंह द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि सभी कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों और समस्त क्षेत्रीय, अतिरिक्त क्षेत्रीय, जिला परिवहन अधिकारियों को इस आदेश का पालन करना होगा। यह तस्वीर भिलाई की है। शराब दुकानों पर सुबह से ही लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। दुर्ग जिले में एक रात पहले ही 8 कोरोना पाॅजिटिव सामने आए, लेकिन शराब के चस्के ने सब बातों को भुला दिया है।कवर्धा:पहली बार केस, दुर्ग में फिर बढ़ी सख्तीदुर्ग में पहला एक्टिव मरीज 23 मार्च को मिला था। इसके बाद से कोई केस नहीं आने के कारण जिला ग्रीन जोन में था। अब रविवार रात वहां एक साथ 8 नए मामले संक्रमण के सामने आए हैं। ग्रीन जोन में रहे कवर्धा में पहली बार ही 6 लोग कोरोना पॉजिटिव मिले। हालांकि सभी माइग्रेट वर्कर हैं और बाहरी राज्यों से आने के बाद उन्हें क्वारैंटाइन में रखा गया था। इनकी जांच के सैंपल भेजे जाने के बाद पुष्टि हुई। वहीं, जिले में धारा-144 बढ़ा दी गई है।चार राज्यों के मजदूरों के लिए कॉरिडोर बना रायपुरयूपी, बिहार, झारखंड और ओडिशा के मजदूर रायपुर होकर अपने राज्यों की ओर जा रहे हैं। यहां इनके सिर्फ नाम-पते नोट कर छोड़ा जा रहा है। सूरजपुर के बाद अब दुर्ग और कवर्धा में मजदूरों के पॉजिटिव मिलने के बाद इनके बिना रोक-टोक आने से चिंता बढ़ गई है। अफसरों का तर्क है कि बॉर्डर में जांच की जा रही है, तो यहां नहीं की जाती। जबकि बड़ी संख्या में ऐसे भी मजदूर हैं, जो जंगल या खेतों से होकर आ रहे हैं।कोरोना अपडेट्सरायपुर: शरीर के तापमान के जरिए कोरोना संदिग्ध की पहचान के लिए थर्मल सेंसर का उपयोग होगा। भीड़भाड़ वाली जगहों आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस यानी एआई तकनीक के जरिए कैमरे की मदद से स्कैनिंग की जाएगी। इसमें किसी व्यक्ति का बॉडी टेंपरेचर दो मीटर से ज्यादा दूरी से लिया जा सकेगा। इस सिस्टम का ट्रायल करके देख रहा है। तीन से चार दिन के ट्रायल के बाद इस पर फैसला होने की संभावनाएं भी जताई जा रही है।बिलासपुर: जिला प्रशासन से अपने राज्य वापस जाने का पास बनवा लेने के बाद भी लोग बॉर्डर पर फंसे हुए हैं। ऐसे सैकड़ों लोग वाड्रफनगर स्थित छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश बॉर्डर पर देखने को मिल जाएंगे। बॉर्डर पर दोनों तरफ बड़ी संख्या में लोग और गाड़ियां खड़ी हैं। यूपी से लोग छत्तीसगढ़ में प्रवेश कर रहे हैं लेकिन यहां से उत्तर प्रदेश जाने की अनुमति किसी को नहीं दी जा रही है। 2 दिन की जद्दोजहद के बाद रविवार से कुछ बसों का इंतजाम अंबिकापुर जिला प्रशासन ने किया है।यह तस्वीर बिलासपुर के वाड्रफनगर के करीब धनवार वनोपज जांच नाका की है। यहां उत्तर प्रदेश से आने-जाने वालों की गहनता से जांच की जा रही है। इस वजह से देर रात तक लोगों की लंबी कतारें लगी रहती हैं।रायगढ़: यह तस्वीर मजदूरों की बस से झारखंड के रांची रवानगी की है। मजदूरों को भेजते समय सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं कराया गया। बस की सभी सीटें फुल नजर आईं, जबकि नियमानुसार बस की आधी सीटों पर ही मजदूर को बैठाकर उनके घर रवाना किया जाना था। कुछ मजदूरों ने मास्क तक पहनना जरूरी नहीं समझा। ऐसे में उनमें कोरोना का संक्रमण आसानी से फैल सकता है।यह तस्वीर जशपुर की मजदूरों के बस से झारखंड जाने की है। नियमों को दरकिनार कर बस की सभी सीटों को फुल कर दिया गया है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today छत्तीसगढ़ का रायपुर रेड जोन में शराब दुकानें खुलने के आदेश के साथ ही यहां के माेवा इलाके में सुबह 5 बजे से लोगों की लाइन लग गई। Full Article
2 कटक से 17 मजदूर चोरी-छिपे पहुंचे पिथौरा के हरदी गांव धमतरी के खोरपा में 2 दिन पहले राजस्थान से लौटा युवक By Published On :: Tue, 05 May 2020 01:31:20 GMT ठाकुरराम यादव | मजदूरी करने छत्तीसकगढ़ के बाहर गए लोग चोरी-छिपे गांव में दाखिल होने लगे हैं। गांव के बाहर ही उन्हें रोकने की कोई व्यवस्था नहीं है। कोरोना लॉकडाउन के शुरुआती दिनों मंे कुछ गांव वालों ने बेरिकेड्स लगाकर बाहरी लोगों की आवाजाही बंद करने की कोशिश की, लेकिन अब यह व्यवस्था भी हटा ली गई है। इसलिए अब बाहर से आने वालों का पता नहीं चल रहा है। मुखबिरी या गांव के ही लोगों की सूचना के बाद ही ऐसे लोगों के चोरी-छिपे लौटने का मामला उजागर होने लगा है।4 मई से देश में रोकोना लॉकडाउन-3 शुरू हो चुका है। छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार एक तरफ दूसरे राज्यों से मजदूरों को लाने के लिए बसें और ट्रेनें चलाने की व्यवस्था कर रही है। हालांकि लोग खुद भी अपने साधन से या पैदल ही आ रहे हैं। दैनिक भास्कर ने सोमवार को राजधानी के आसपास गांवों की पड़ताल की तो कई चौकाने वाले मामले सामने आए। अभनपुर विकासखंड (धमतरी) जिले के खोरपा गांव में रविवार को राजस्थान से आकर अाकर एक युवक अपने घर पहुंच गया। सोमवार को जब आसपास के लोगों ने उसे देखा तब इसका खुलासा हुआ। बताया जा रहा है कि वह राजस्थान के चितौड़गढ़ जिले के चंदेरिया की किसी फैक्ट्री में काम करता था। फैक्ट्री की एक गाड़ी ही उसे गांव लेकर पहुंची थी। गांव से बाहर उतारकर वह लौट गई। युवक ने न तो राजस्थान प्रशासन से आने की अनुमति ली और न ही छत्तीसगढ़ में किसी को सूचना दी और परिवार के साथ रहने लगा। आसपास के लोगों से सूचना मिलने के बाद गांव की सरपंच, सचिव सहित अन्य पदाधिकारी उसके घर पहुंचे। पंचायत सचिव रमेश कुमार साहू ने बताया कि तहसीलदार को युवक के आने की जानकारी दी जा रही है। फिलहाल उन्हें घर में ही क्वारेंटाइन के लिए कहा गया है। प्रशासन के आदेश के बाद जरूरत हुई तो जांच इत्यादि की व्यवस्था कराई जाएगी। मजदूरी करने ओडिशा के कटक गए 17 मजदूर तीन दिन पहले ही गांव लौटे हैं। गांव के लोगों को इसकी जानकारी हुई, लेकिन उन्होंने पंचायत में सूचना नहीं दी। गांव के कुछ टीचर्स को इस बात का पता लगा तब उन्होंने अफसरों को सूचना दी और उसके बाद सभी को खाली स्कूल में क्वारेंटाइन किया गया है। सभी की जांच के लिए सैंपल भी लिया जा रहा है।बाहर से आने वालों के लिए गांव में ही बनाया क्वारेंटाइन सेंटरदैनिक भास्कर की टीम ने सोमवार को रायपुर जिले के आसपास कई गांव का दौरा किया। इस दौरान सभी गांवों ने बाहर से आने वाले लोगों के लिए क्वारेंटाइन सेंटर बनाए हैं। लेकिन ज्यादातर जगहों पर सेंटर गांव या बस्ती के आसपास ही बनाया गया है। इस बात की आशंका जताई जा रही है कि इन सेंटरों में सस्पेक्टेड लोगों को ठहराया भी जाता है तो उनके रिश्तेदार या परिचित मिलने पहुंच गए तो उन्हें अलग रखना ही विफल हो जाएगा। क्वारेंटाइन सेंटर गांव से बाहर बनाया जाना चाहिए। मानिक चौरी के पटवारी लेखराम देवांगन ने बताया कि बिना जानकारी के गांव में अब तक कोई नहीं आया है। छह मजदूरों का एक दल प्रशासन के माध्यम से अगले एक-दो दिन में आने वाला है। उनके लिए गांव में क्वारेंटाइन सेंटर बनाया गया है।मंदिरहसौद के पटवारी नीरज सिंह ने कहा कि मंदिरहसौद पूरी तरह शहर जैसा हो गया है। कोई भी चोरी-छिपे पहुंचे तो उसकी जानकारी मिलनी मुश्किल है, फिर भी कोटवार और अन्य जिम्मेदारों से नजर रखने कहा गया है। क्वारेंटाइन सेंटर भी बनाया गया है कि यदि कोई बाहर से आए तो उन्हें अलग रखा जाएगा।केस-1कटक (ओडिशा) से पिथौराओडिशा के कटक से 17 मजदूरों का एक दल पैदल पिथौरा के हरदी गांव पहुंचा। सभी वहां मजदूर थे, लेकिन लॉकडाउन के कारण काम बंद होने से सभी पैदल निकल गए और चोरी-छिपे यहां पहुंचे। गांव के सरपंच और पदाधिकारियों को तीन दिन बाद इसकी जानकारी मिली।केस-2चंदेरिया (राजस्थान) से अभनपुरराजस्थान चितौड़गढ़ के चंदेरिया थाना क्षेत्र में एक फैक्ट्री में काम करने गया युवक लॉकडाउन के कारण शनिवार को छत्तीसगढ़ लौट आया। यहां आने के बाद वह सीधे अपने घर में रहने लगा। सोमवार को सरपंच-पंचों को जानकारी मिली तो तहसीलदार को खबर दी।बार्डर के गांवों मेंखतरा ज्यादाछत्तीसगढ़ और दूसरे राज्यों के बार्डर वाले क्षेत्रों में चोरी-छिपे लोगों के आने की संभावना सबसे ज्यादा है। ज्यादातर लोग जंगलों या कच्चे रास्ते से छत्तीसगढ़ पहुंच रहे हैं। अंबिकापुर, बलरामपुर, कोरिया, महासमुंद, बीजापुर, बस्तर, कांकेर, राजनांदगांव, कवर्धा, मुंगेली, चिरमिरी आदि जिलों से लगे हुए गांव में बाहर से मजूदरों के आने की आशंका ज्यादा है।कचना में क्वारेंटाइनहुए थे मजदूरअभनपुर तहसील के कचना गांव के सरपंच पुरुषोत्तम चक्रधारी ने बताया कि लॉकडाउन शुरू होने के चार दिन बाद उत्तरप्रदेश से आ रहा एक परिवार बार्डर के पास पकड़े गए थे। वे एक ट्रक के भीतर बैठकर चोरी-छिपे पहुंचे थे। उन्हें 14 दिन के लिए गांव में क्वारेंटाइन किया गया था। गांव का कोई भी परिवार नहीं लौटा है, जो दूसरे राज्यों मेंकमाने-खाने गया । Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today अभनपुर के सारखी गांव में बनाया गया क्वारेंटाइन सेंटर Full Article
2 धार में पहली बार एक साथ 20 नए कोरोना संक्रमित, 9 की सेकंड रिपाेर्ट भी पाॅजिटिव, 39 निगेटिव अाने से कुछ राहत By Published On :: Tue, 05 May 2020 01:54:00 GMT साेमवार देर शाम काे आई रिपाेर्ट में जिले में 20 नए लाेगोंमें काेराेना संक्रमण की पुष्टि हुई है। धार में पहली बार इतनी संख्या में लोग एक साथ संक्रमित पाए गए हैं। 20 लोगों के पॉजिटिव आने से स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन में हड़कंप मच गया है। अब धार में पाॅजिटिव मरीजाें की संख्या अब 75 हाे गई है। इधर नाै लाेगाें की दूसरी रिपाेर्ट भी पाॅजिटिव पाई गई हैं। इसमें काेराेना काे हराकर ठीक हाे चुकी निजी अस्पताल की स्टाफ नर्स के भाई सहित पीथमपुर की महिला भी शामिल है। 39 लाेगाें की रिपाेर्ट निगेटिव अाने से थाेड़ी राहत है।नए संक्रमित मरीजाें में धार की पट्ठा चाैपाटी के पांच, कुक्षी का एक, जिले के डेहरी भगरू चाैपाटी के 14 मरीज शामिल हैं। इधर साेमवार काे दाेपहर में जिला अस्पताल पहुंची एक वृद्धा की माैत हाे गई। उसका सैंपल लिया गया था। पुलिस अभिरक्षा में उसकाे नगर पालिका के माध्यम से कब्रिस्तान में दफनाया गया।साेमवार काे 12 से 28 अप्रैल के बीच लिए गए सैंपल की रिपाेर्ट आई। ये सभी लाेग लंबे समय से रिपाेर्ट आने का इंतजार कर रहे थे। इनमें एक पाॅजिटिव मरीज की दूसरी रिपाेर्ट निगेटिव आई है। यदि उसकी तीसरी रिपाेर्ट भी निगेटिव आती है ताे उसे डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। पांच लाेगाें काे इनवेलिड माना गया है यानी उनके सैंपल काे मशीन ने स्वीकार नहीं किया। सिविल सर्जन डाॅ. अनिल वर्मा का कहना है कि यदि ऐसे लाेग 14 दिन से क्वारेंटाइन में हैं और उन्हें किसी प्रकार के लक्षण नहीं हैं ताे वे सामान्य माने जाएंगे, उनका रिसैंपल लेने की जरूरत नहीं रहेगी। गाैरतलब है कि साेमवार की रात में आई रिपाेर्ट में 20 लाेग संक्रमित पाए गए, जबकि पीथमपुर की रामरतन पटेल कॉलोनी की महिला की सेकंड रिपाेर्ट पाॅजिटिव आई है।महाजन अस्पताल के आइसाेलेशन सेंटर से काेराेना की जंग जीत कर ठीक हुए नाै साल के बालक राज काे साेमवार काे डिस्चार्ज कर दिया गया। उसे गुलदस्ता और गिफ्ट देकर तालियां बजाकर उसका स्वागत किया। राज इस बीच अपनी मां काे देखता रहा। एक क्षण के लिए मां भी अपने बेटे काे कई दिनाें बाद देखकर कुछ नहीं बाेल पाई। हालांकि उसकी मां अाैर दाेनाें बहनाें की रिपाेर्ट भी रविवार काे निगेटिव एई है। इसलिए उसे मां के साथ एंबुलेंस से मनावर भेजा गया। अस्पताल के बाहर राज की मां रेखाबाई ने बताया कि हम काफी समय से इंदाैर चले गए हैं। बच्चे वहीं पर पढ़ते हैं। सास-ससुर ने कहा था कि गांव आ जाओ यहां परेशानी हैं इसलिए आगए थे। बाद में गांव वालाें ने हमें घुसने नहीं दिया। मनावर से धार और धार से मनावर ही करते रहे। इसी दाैरान मेरे बेटे काे काेराेना हुआ। राज ने वी का चिन्ह दिखाया।जिन मजदूराें काे गुजरात छाेड़ा, उनमें दाे पाॅजिटिव आए, बस चालक काे क्वारेंटाइन कियाजिला महामारी नियंत्रण अधिकारी डाॅ. संजय भंडारी ने बताया कुछ दिन पहले धार से प्रशासन ने गुजरात के मजदूराें काे बस से दाहाेद पहुंचाया था। लेकिन वहां से जानकारी आई है कि इनमें से दाे मजदूर पाॅजिटिव पाए गए हैं, हालांकि वे गुजरात में ही गिने जाएंगे। इसके बाद हमने धार की गुलमाेहर काॅलाेनी के बस चालक और क्लीनर की जानकारी निकाली, चालक देवास में था, उसे धार बुलाकर जांच के बाद क्वारेंटाइन कर दिया है। दाेनाें हाईरिस्क में थे।रिपोर्ट आई नहीं और स्टाफ नर्स और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियोंकाे डिस्चार्ज कर हाेम क्वारेंटाइन कियाजिला अस्पताल की स्टाॅफ नर्साें और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियाें काे रिपाेर्ट दिए बगैर ही क्वारेंटाइन सेंटर से डिस्चार्ज कर हाेम क्वारेंटाइन कर दिया है। इन स्टाॅफ नर्स और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियाें में कुछ काे गले में खराश व खांसी की शिकायत है। रिपाेर्ट नहीं आने से इन कर्मचारियाें में काेराेना काे लेकर संशय बना हुआ है। रिपाेर्ट नहीं आने की बात से समस्त स्टाॅफ नर्स व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियाें ने पत्र के माध्यम से उच्चाधिकारियाें काे अवगत भी कराया है। फिलहाल काेई जवाब नहीं मिला है। जिला अस्पताल से सफाई दराेगा के काेराेना पाॅजिटिव निकलने के बाद एसएनसीयू वार्ड की स्टाॅफ नर्स व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों(50 से अधिक) के सैंपल लेकर भेजे गए थे। उनमें करीब 25 कर्मचारियाें की रिपाेर्ट आना बाकी है।तीन दिन में आना था रिपोर्ट, 17 दिन बाद भी नहीं आई 18 अप्रैल काे सैंपल भेजे गए थे। नियमानुसार तीन दिन में रिपाेर्ट आ जाना चाहिए थी, लेकिन अब तक रिपाेर्ट नहीं आई। 17 दिन हो गए पर रिपाेर्ट नहीं आने से चिंता और बढ़ गई है। नाम न छापने की शर्त पर नर्साें ने बताया कि हम शहर की एक पाॅश एरिया में किराए के मकान में रहती हैं। हाेम क्वारेंटाइन हाेने से वे घर से बाहर नहीं निकल पा रही हैं। सामान भी नहीं ला पा रहे हैं। एक अन्य नर्स का कहना है कि वे जब क्वारेंटाइन सेंटर से डिस्चार्ज हाेकर पहुंची ताे मकान मालिक ने पहले रिपाेर्ट मांगी। मकान मालिक बार-बार रिपाेर्ट काे लेकर पूछते रहते हैं।ऑक्सीजन का लेवल कम था, रैफर न करने पर अड़े रहे परिजनसिविल सर्जन डाॅ. अनिल वर्मा ने बताया कि साेमवार दाेपहर में गुलमाेहन काॅलाेनी की 65 साल की महिला काे परिजन लेकर आए थे। उन्हें सांस लेने में परेशानी थी। पहले से अस्थमा था। ऑक्सीजन लेवल बहुत कम था। इसलिए इंदाैर रैफर किया था। एंबुलेंस के साथ अन्य सभी सुविधा भी थी, लेकिन परिजन न ले जाने पर अड़े रहे। बाद में दम ताेड़ दिया, हालांकि उसका सैंपल लिया गया था। उसकाे पुलिस अभिरक्षा में धार के कब्रिस्तान में दफनाया गया।पति के बाद बावड़ीपुरा की महिला की दाे दिन पहले इंदाैर में माैतनालछा ब्लाॅक के बावड़ीपुरा 50 साल की महिला अाैर उसके पति काे जिला अस्पताल मंे भर्ती कराया गया था। लेकिन पति मगन की जिला अस्पताल में माैत हाे गई थी। उसकाे कोरोना संदिग्ध माना गया था। जिला अस्पताल में उसका सैंपल भी लिया गया था इसलिए प्रशासन द्वारा पुलिस अभिरक्षा में उसका अंतिम संस्कार कराया गया था। उसकी पत्नी काे इंदाैर भेजा गया था, जहां दाे दिन पहले इलाज के दौरान उसकी माैत हाे गई। इंदाैर प्रशासन ने वहीं पर अंतिम संस्कार कराया। डाॅ. वर्मा का कहना है कि अभी तक दाेनाें की रिपाेर्ट नहीं अाई है। बावड़ीपुरा में परिजन हाेम क्वारेंटाइन में हैं।डाॅ. अनिल वर्मा, सिविल सर्जन, धारने कहा -लापरवाही नहींजिनकाे हाेम क्वारेंटाइन किया गया है, उन्हें जल्द काम पर बुलाया जाएगा। गले में खराब एलर्जीक है, काेराेना वाले लक्षण नहीं है। रिपाेर्ट के बारे में कुछ नहीं कह सकते। यह शासन स्तर का काम है लापरवाही जैसी बात नहीं है।शैलेंद्र साेलंकी, अपर कलेक्टर, जिला धार ने कहाआईसीएमआर की गाइडलाइन के अनुसार हाेम क्वारेंटाइन हुए कर्मचारियाें काे काम करने की छूट है। इनमें कुछ शर्ते हैं जिनका पालन उन्हें करना हाेगा। इसकी कार्रवाई सीएमएचओ ही कर सकते हैं।डाॅ. आरसी पनिका, सीएमएचओ ने कहानर्साें की रिपाेर्ट के बारे में मैं कुछ नहीं बता सकता, आप सिविल सर्जन से इस संबंध में जानकारी लें। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today For the first time in Dhar, 20 new corona infected simultaneously, 9 second report is also positive, some relief from 39 negative eyes Full Article
2 महासमुंद पहुंचा 23 हाथियों का दल, एक दंतैल ने खेत में काम कर रही महिला को सूंड से पटका By Published On :: Tue, 05 May 2020 07:15:38 GMT सोमवार को शहर 23 हाथियों का दल घुस आया। हाथी कलेक्टोरेट परिसर से मजह 500 मीटर की दूरी पर विचरण करते दिखे। वन विभाग की टीम को हाथियों की लोकेशन मिल गई थी। इसके बाद हाथियों का खदेड़ा गया। हाथियों का पूरा दल शहर से निकलकर पतेरापाली बांध पहुंचा और शाम तक यहीं मौजूद रहा। यह दूसरा मौका है जब शहर में हाथियों का दल पहुंचा। सालभर पहले मई महीने में ही दो दंतैल ठीक इसी स्थान पर पहुंचे थे, जहां सोमवार को हाथियों का देखा गया।पुलिस विभाग को हाथियों के आने की सूचना दी गई। इसके बाद आगे का रास्ता खाली कराते हुए हाथियों को आगे खदेड़ा गया।दौरान हाथियों का दल जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के सामने से होते हुए भलेसर रोड स्थित मुक्तिधाम, सुभाष नगर होते हुए सितली नाला के पास से एनएच 353 को क्रॉस कर लभरा की ओर गया। डीएफओ मयंक पाण्डेय ने बताया कि टीम हाथियों के मूवमेंट की लगातार निगरानी कर रही है। सुभाष नगर निवासी कुमारी बाई खेत में काम रही थी। हाथियों को देख वो संभल पाती, उससे पहले ही एक दंतैल ने उसे सूंड से मार दिया। इससे वृद्ध महिला घायल हो गई। मौके पर मौजूद कोतवाली प्रभारी राकेश खुंटेश्वर और उनकी टीम ने महिला को अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी हालत सामन्य है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today तस्वीर महासमुंद के हाइवे की है जब हाथियों का झुंड यहां से गुजर रहा था। Full Article
2 आंधी-बारिश से 140 गांवों में 20 घंटे से अधिक समय तक बिजली गुल रही By Published On :: Tue, 05 May 2020 23:30:00 GMT सोमवार को आई आंधी बारिश के बाद शाम 5 बजे से 140 गांवों में बिजली आपूर्ति बंद रही। पूरे ब्लॉक के गांवों में 20 घंटे से अधिक समय तक बिजली बंद रही जिससे पूरा अंचल अंधेरे में रहा। बिजली बंद होने से मंगलवार सुबह लोगों को पानी के लिए बहुत तकलीफ उठानी पड़ी, लोगों को पीने तक का पानी नहीं मिला। नगर में करीब 17 घंटे बाद बिजली आई तब लोगों ने राहत की सांसें ली। इन पंक्तियों के लिखे जाने तक भी कई गांवों में बिजली बंद थी।बिजली विभाग के अधिकारी-कर्मचारी लगातार फाल्ट ठीक करने में लगे हैं। सोमवार को साम 5 बजे अचानक जोरदार आंधी-बारिश और ओले गिरने से बिजली प्रवाह बाधित हो गया क्योंकि मुख्य 33 केबी लाइन में कुकुर्दी से अमेरा तक 32 जगह तार टूटे एवं टांसफार्मर बस्ट हो जाने से बिजली सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई। विभाग के कर्मचारी फाल्ट ढूंढते रात भर खेत खलिहानों में घूमते रहे, कहीं तार टूटकर जमीन पर गिरे थे तो कहीं पेड़ पर लटककर उलझ गए थे। उलझे तारों को सुलझाने में 20 घंटे से अधिक का समय लग गया। इस संबंध में कार्यपालन यंत्री वीरेंद्र राठिया ने बताया कि फॉल्ट खोजने और उसे ठीक करने में 20 घंटे से अधिक का समय लग गया क्योंकि खेत खलिहानों में तार टूटने के कारण वहां तक पहुंचने में समय लगा।सोमवार को पूरी रात नहीं सो पाए लोगसोमवार की शाम आंधी तूफान के बाद रात भर बिजली नहीं आई जिससे लोग उमस, गर्मी और मच्छर के कारण लोग सो नहीं पाए। जिनके घरों में इनवर्टर थे वो भी कुछ घंटों के बाद बंद हो गए इसलिए उन्हें भी कोई फायदा नहीं मिला। लोग रात भर अधिकारियों-कर्मचारियों को फोन करके बिजली चालू होने का समय पूछते रहे।इन गांवों में नहीं आई रात भर बिजलीब्लॉक के 140 गांवों में पूरी तरह बिजली बंद थी जिसमें मुख्य रूप से पलारी, अमेरा, कोसमंदी, संडी, ओडान, गिधपुरी, ज़ारा, देवसुंदरा, ससहा, रोहांसी, दतान, देवसुंदरा, कोनारी, खरतोरा, जर्वे, कोदवा, वटगन, तेलासी, गिर्रा, सिसदेवरी, लटेरा, साहड़ा, भवानीपुर, नगपुरा, अछोली, बेल्हा,, परसाडीह, घिरघोल, कुसमी, घोटिया, कौड़िया आदि गांवों में बिजली रात भर बंद रही। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Thunderstorms ravaged electricity for more than 20 hours in 140 villages Full Article