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कोरोना के आंकड़ों में 29 जून तक होगा सुधार, 31 जुलाई बाद 90% कम होगी मृतकों की संख्या : ऋषभचंद्र

सन् 1720 में महामारी प्लेग थी, 1820 में कालरा थी, 1920 में स्पेनिश फ्लू था और अब 2020 में कोविड-19 है। हर 100 वर्ष में कोई न कोई प्रकृति जन्य रोग होते हैं। कोरोना के आंकड़ों में 29 जून तक राहत के आंकड़े सुधरेंगे। 31 जुलाई के बाद इस रोग से मरने वालों की संख्या में 90% गिरावट आएगी। भूंकप जैसी विपदाएं भी अनेक देश देखेंगे। आचार्य विजय ऋषभचंद्र सूरि ने ज्योतिष के मुताबिक यह बताया। सोशल मीडिया के माध्यम से जारी पत्र में उन्होंने बताया ज्योतिष विज्ञान के रचयिता आचार्य भद्रबाहु स्वामी की रचना भद्रबाहु संहिता में कहा गया है कि शुक्र सूर्य के साथ असमय उदय हो तो महामारी फैलती है। 25 मार्च भारतीय संवत्सर से 31 जुलाई तक शुक्र
वृषभ राशि में उदय-अस्त-वक्री मार्गी 125 दिन एक राशि
में आगे-पीछे रहेगा, जो सामान्य रूप से 27 से 30 दिन ही किसी भी राशि में गोचर रहता है।
आंधी-तूफान, ओलावृष्टि होगी तो खत्म होने की ओर बढ़ेगी महामारी : ऋषभचंद्रजी के अनुसार मेरा ज्योतिष अनुमान है कि 30 अप्रैल से 15 मई तक आंधी-तूफान, ओलावृष्टि और बरसात होती है तो यह रोग समाप्ति की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा और जनमानस आंकड़ों में राहत महसूस करेगा। 29 जून तक राहत के आंकड़े सुधरेंगे। 31 जुलाई के बाद इस रोग से मरने वालों की संख्या में 90 प्रतिशत गिरावट आएगी।



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ऋषभचंद्




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55% सैंपल पॉजिटिव आ रहे थे, अब 6%; 286 सैंपल में से 19 पॉजिटिव, 3 की मौत

(नीता सिसौदिया) मध्य प्रदेश मेंकोरोना के हॉटस्पॉट बने इंदौर के लिए बुधवार को राहतभरी खबर आई। शहर में 286 सैंपल में 19 नए पॉजिटिव मरीज मिले हैं। 267 मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। यानी पॉजिटिव रेट 6.64% रह गया। इसके साथ ही कुल मरीजों की संख्या 1485 हो गई है। हालांकि, इसी दौरान तीन और लोगों की मौत भी हुई है। तीनों मृतक पुरुष हैं। इनकी उम्र 40 से 69 वर्ष के बीच है। लॉकडाउन के जिस दूसरे चरण ने इंदौर की चिंता बढ़ाई थी, उसी के अंतिम दौर में मरीजों की संख्या धीरे-धीरे कम होती जा रही है।

44 मरीज डिस्चार्ज

दूसरे चरण की शुरुआत में कुल सैंपल में पॉजिटिव की संख्या 55.59 प्रतिशत तक पहुंच गई थी। वो अब घटने लगी है। इसी बीच, बुधवार को तीन अस्पतालों से 44 मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया गया। अरबिंदो अस्पताल से 38, चोइथराम से 5 और एमआर टीबी अस्पताल से एक मरीज घर रवाना हुआ। सुदामा नगर निवासी श्रद्धा शर्मा ने बताया कि वो 16 अप्रैल को अरबिंदो अस्पताल में भर्ती हुई थीं। डॉक्टर्स, नर्स और स्टाॅफ की सेवा से स्वस्थ हुईं। कैलाश लहरी, सुरभि समाधिया, प्रवीण पोद्दार, संजू शर्मा औरजय रांका भी डिस्चार्ज हुए।



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इंदौर में पॉजिटिव मामलों की रफ्तार गिरी है। इसी दौरान स्वस्थ होने वालों की तादाद बढ़ी है।




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इंदौर में 2 मई से सैनिटाइज की गईं सब्जियां घर-घर मिलेंगी, एक पैकेट में 8 सब्जियां, रेट 150 रुपए होगा

नगर निगम की घर-घर सब्जी पहुंचाने की योजना 2 मई से शुरू होगी। लोगों को इसका ऑर्डर किराना वालों को देना होगा, जिनके नंबर नगर निगम द्वारा वितरित करवाएं गए है। जानकारी के अनुसार 2 मई से ही सब्जियों की डिलीवरी प्रारंभ हो जाएगी। 4 किलो के पैक में 8 तरह की सब्जियां होंगी, जिसका रेट 150 रुपए रहेगा।

खंडवा रोड पर 7 स्थानों पर इनकी पैकिंग के बाद अल्ट्रावॉयलेट किरणाें से सैनिटाइजेशन होगा। कलेक्टर मनीष सिंह और निगमायुक्त आशीष सिंह ने सभी 85 वार्ड के प्रभारियों के साथ बैठक कर योजना को फाइनल किया। ये पैकेट 10 रुपए डिलीवरी चार्ज जोड़कर 150 रुपए में लोगों को मिलेगा। फिलहाल एक व्यक्ति का एक ही ऑर्डर लिया जाएगा।

यह होगा पैक में- मिर्ची-200 ग्राम, अदरक-100 ग्राम, धनिया-200 ग्राम, नींबू-2, लौकी/गिलकी-1 किलो, भिंडी-500 ग्राम, टमाटर-1 किलो, सीजनल सब्जी 1 किलो (बैंगन, पालक, ककड़ी, गाजर, गोभी)



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कलेक्टर मनीष सिंह और निगमायुक्त आशीष सिंह ने सभी 85 वार्ड के प्रभारियों के साथ बैठक कर योजना को फाइनल किया।




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23 लोग स्वस्थ होकर घर लौटे, बोले- डॉक्टर और स्टाफ के कारण हम कोरोना से जीते, उनका दिल से शुक्रिया

कोरोनावायरस से जंग जीतकर स्वस्थ हुए 23 मरीजगुरुवार को अस्पताल से डिस्चार्ज हुए। घर लाैटने वालों में13 मरीज इंडेक्स अस्पताल से, 5 मरीज एमआरटीबी अस्पताल से और 5 मरीज अरबिंदो अस्पताल के शामिल हैं। इससे पहले बुधवार को तीन अस्पतालों से 44 मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया गया था। अरबिंदो अस्पताल से 38, चोइथराम से 5 और एमआर टीबी अस्पताल से एक मरीज घर रवाना हुआ।

घर रवाना होने से पहले अब्दुल रहीम ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ काे शुक्रिया कहा। उन्हाेंने कहा कि यहां 25 दिन बाद घर लाैट रहा हूं। यहां हर काम बहुत टाइम से हाेता है। कुछ डाॅक्टर, स्टाफ ताे बहुत ही मन सेलोगों की सेवा कर रहे हैं। अक्षत ने बताया कि उसे 11 अप्रैल को पता चला कि वह कोरोना पॉजिटिव हैं। थोड़ा निराश जरूर हुआ। सरकार ने हमारा फ्री में इलाज करवाया। सरकार और डॉक्टर के कारण ही आज हम अपने घर लौट रहे हैं। वहीं, लुकमान ने कहा कि सरकार ने फ्री में हमारा इलाज करवाया। उनके इस पहल से गरीबों को काफी फायदा हो रहा है। यहां खाने के साथ ही इलाज की बेहतर सुविधा है।

इंडेक्स हॉस्पिटल से अब तक70 से 80 मरीज ठीक होकर लौटे

इंडेक्स हॉस्पिटल के नोडल अधिकारी सुधीर मौर्य ने बताया कि अब तक इस कॉलेज में हमने साढ़े 300 कोरोना मरीजों का इलाज किया है। इतना ही नहीं, यहां से 70 से 80 मरीज ठीक होकर अपने घर लाैट चुके हैं। हमारे यहां अभी भी ढाई सौ के करीब मरीज भर्ती हैं। हमारा 11 बेड का अस्पताल है, जिसमें से करीब 900 बेड कोरोना पॉजिटिव मरीजों के लिए रखे गए हैं। पीपीई इंचार्ज सपना भदौरिया ने बताया कि हमारे यहां पर पीपीई किट की कमी नहीं है। हमारे लिए यह खुशी की बात है कि सबसे ज्यादा मरीज यहां पर एडमिट हुए और डिस्चार्ज होकर गए।

बुधवार की रिपोर्ट में मिली हल्की राहत

कोरोना के हॉटस्पॉट बने इंदौर के लिए बुधवार को राहतभरी खबर आई। शहर में 286 सैंपल में 19 नए पॉजिटिव मरीज मिले। 267 मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव आई। यानी पॉजिटिव रेट 6.64% रह गया। इसके साथ ही कुल मरीजों की संख्या 1485 हो गई। हालांकि तीन लोगों की मौत भी हुई है। तीनों मृतक पुरुष हैं और इनकी उम्र 40 से 69 वर्ष के बीच है। इधर, लॉकडाउन के जिस दूसरे चरण ने इंदौर की चिंता बढ़ाई थी, उसी के अंतिम दौर में मरीजों की संख्या धीरे-धीरे कम होती जा रही है। दूसरे चरण की शुरुआत में कुल सैंपल में पॉजिटिव की संख्या 55.59 प्रतिशत तक पहुंच गई थी, वह घटने लगी है।



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यहां से लौटे सभी मरीजों ने मुख्यमंत्री के साथ मेडिकल स्टाफ का शुक्रिया अदा किया।




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इंदौर अब बेहतर स्थिति में, अब सिर्फ 20 से 21 एरिया हॉट स्पॉट, करीब 25 लाख लोगों की स्क्रीनिंग हुई - सीएमएचओ

जिले में अब सिर्फ 20-21 हॉट स्पॉट एरिया हैं, जहां कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 10 से ज्यादा पाई गई है। पिछले दिनों से तुलना की जाए तो अब हम बेहतर स्थिति में हैं। अब तक इंदौर जिले में लगभग 25 लाख लोगों का स्वास्थ्य सर्वे किया जा चुका है। अभी जो लोग बचे हैं, दो से तीन दिन में उनके सर्वे भी कर लिए जाएंगे। सर्वे के दौरान करीब 9 हजार लोग ऐसे पाए गए थे, जिन्हें सर्दी-खांसी थी। डॉक्टरों द्वाराजांच में करीब 250 लोग संदिग्ध नजर आए, इनमें से जांच के बाद 100 लोगों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। पेंडिंग सैंपल की बात करें तोअबबचे हुए पुराने सैंपलों की जांचकरीब-करीब पूरीहो गई है। अब यह व्यवस्था होने जा रही है कि आए हुए सैंपलों की जांच उसी दिन कर ली जाए।कंटेनमेंट एरिया के सर्वे को पूरा कर लिया गया है। यह बातें गुरुवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रवीण जडिया ने कही।

उन्होंने बताया कि अब नई गाइड लाइन के अनुसार पॉजिटिव मरीजों के भर्ती को लेकर तीन श्रेणी बांटी गई है। इसमें लक्षण के अनुसार मरीजों को अलग-अलग रखा जाएगा। कोविड केयर सेंटर में उन्हें रखा जाएगा, जो पॉजिटिव तो हैं, लेकिन उन्हें किसी प्रकार की परेशानी नहीं है। वहीं, जिनमें कुछ ज्यादा लक्षण दिखाई दे रहे हैं, उन्हें डीसीएससी में रखा जाएगा। इसके अलावा ज्यादा गंभीर मरीजों को डीसीएच में रखा जाएगा।

अब तक 1485 लोग संक्रमित, 68 मरीजों ने तोड़ा दम
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि बुधवार को इंदौर में 286 टेस्ट लगाए गए थे, जिनमें से 267 सैंपल निगेटिव पाए गए। 19 टेस्ट पॉजिटिव आए। इस प्रकार अब जिले में पॉजिटिव मरीजों की संख्या 1485 हो गई है। 100 से ज्यादा लोगोंकी दूसरी रिपाेर्ट भी निगेटिव आ गई है। वहीं, अब तक 68 मरीजों की मौत हो चुकी है। सर्वे कार्य भी बफर जोन तक पहुंच चुका है। बहुत कम मात्रा में कोरोना के लक्षण वाले मरीज इस दौरान मिल रहे हैं। जो मिल रहे हैंउनके सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जा रहे हैं।



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नई गाइड लाइन के अनुसार अब पॉजिटिव मरीजों को लक्षण के आधार पर अलग-अलग भर्ती किया जाएगा।




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28 साल की पुलिस की नौकरी में पहली बार मिला वीकली ऑफ, पत्नी ने घर पर ही टीआई पति की कटिंग की

कोरोना के खिलाफ जंग मेंएक महीने से लगातारबिना रुके, बिना थके ड्यूटी करने वाले थानेदारों को अब वीकली ऑफ मिलने लगा है। गुरुवार को एमजी रोड टीआई राजेंद्र चतुर्वेदी को भी वीकली ऑफ मिला, तो वे खुद चौंक गए। बोले- 28 साल से नौकरी कर रहा हूं, आज पहली बार वीकली ऑफमिला है। अपने आईजी साहब का शुक्रगुजार हूं, जो हमें कोरोना में छुट्टी दी।

टीआई चतुर्वेदी ने कहा कि वे सुबह से बहुत खुश थे, क्योंकि आज उन्हें किसी भी तरह के लॉ एंड ऑर्डर का टेंशन नहीं था। पूरा दिन सिर्फ पत्नी औरखुद पर ही खर्च करना था, क्योंकि दोनों बच्चे भी विदेश में हैं। योग किया। सुबह पहली बार आराम से चाय पी, क्योंकि भागने की टेंशन नहीं थी। जब नहाने के लिए जाने लगा तो पत्नी बोली कि ठहरो। वह खुद कैंची-कंघा ले आईं। बोलीं- कोरोना बहुत घातक है। अब 3-4 महीने दुकान पर नहीं जाना है। इसलिए खुद ही कटिंग करने लगीं। फिर टीआई ने स्नान के बाद पूजन की। तब तक पत्नी ने दाल-बाटी बनाई। उसके बाद टीआई ने दिनभर सोकर खुद को फ्रेश किया।

चतुर्वेदी का कहना है कि अभी तक सुबह की चाय भी बड़े टेंशन में पीने को मिल रही थी।चाय के बाद तुरंत तैयार होना और फिर फील्ड में भागना। इधर, पत्नी भी दिनभर घर में अकेली रहती थीं। ऐसे में आज का दिन मेरे लिए हमेशा के लिएयादगार बनगया।


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बॉलीवुड गाने सुनते हुए टीआई ने पत्नी से बाल कटवाए। पूरा दिन घर पर ही बिताया।




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इंदौर के 72 में से 45 मृतकों को थी शुगर या अन्य बीमारी; कोरोना पॉजिटिव ने दिया बच्चे को जन्म, उसका भी होगा टेस्ट

इंदौर में कोरोना से जान गंवाने वाले 72 में से 45 मरीज ऐसे थे, जिन्हें शुगर, ब्लड प्रेशर सहित अन्य कई बीमारियां थीं। मृतकों में 40 मरीजों की उम्र 50 से 70 साल के बीच थी। इनमें बीमारी का घातक प्रसार क्यों हुआ, इसका पता लगाने के लिए एमजीएम मेडिकल कॉलेज डेथ ऑडिट करवा रहा है। वह इनके सैंपल नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी पुणे भेजेगा। टीमों ने गुरुवार को 550 सैंपल लिए, जो हर दिन के 300 से 400 सैंपल के मुकाबले ज्यादा हैं। दूसरी ओर वाटर लिली क्वारेंटाइन सेंटर से गुरुवार रात करीब 8 बजे एक मरीज भाग निकला। सुनेश पाहुजा नामक इस मरीज को हफ्तेभर पहले ही यहां लाए थे। सीएमएचओ डॉ. प्रवीण जडिया ने बताया कि अभी तक पाहुजा की रिपोर्ट नहीं आई है।
ज्यादा से ज्यादा टेस्ट लें : पीएस
चिकित्सा शिक्षा के प्रमुख सचिव संजय शुक्ला ने ज्यादा से ज्यादा सैंपल लेने और टेस्ट करने को कहा है। समीक्षा बैठक में शुक्ला ने मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम करने को कहा ताकि भविष्य में हर तरह की स्थिति से निपटा जा सके।

40 मृतक 50 से 70 सालके बीच के

  • 40 मृतकों की उम्र 50 से 70 साल के बीच थी। इनमें बीमारी का घातक प्रसार क्यों हुआ, पता लगाने के लिए एमजीएम सैंपल नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी पुणे भेजेगा।
  • 60% मरीज ए-सिम्प्टोमेटिक यानी बिना लक्षण वाले थे। इन्हें छींक भी नहीं आई, संक्रमित के संपर्क में आने से वे पॉजिटिव हो गए।
  • 1485 में से 80% पर बीमारी का अधिक असर नहीं हुआ। शहर में मिले मरीजों की औसत आयु 57 वर्ष के आसपास है।
  • हाई रिस्क ग्रुप को खतरा ज्यादा रहा। इसमें 5 साल से छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं, वृद्ध व बीमार शामिल हैं।
  • सीएमएचओ डॉ. प्रवीण जड़िया के मुताबिक, मरीज अन्य बीमारी से पीड़ित होता है तो उसकी प्रतिरोधी प्रणाली तुलनात्मक रूप से कमजोर हो जाती है।

कोरोना पॉजिटिव इमरा ने दिया बच्चे को जन्म, उसका भी होगा टेस्ट

कोरोना संक्रमण के खौफ के बीच 20 साल की इमरा के घर गुरुवार को खुशियों ने दस्तक दी। सेम्स कोविड अस्पताल में वह खुद कोरोना से लड़ रही हैं। फिलहाल मां और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। ग्रीन पार्क कॉलोनी निवासी 20 साल की इमरा और उनके पति दोनों कोरोना पॉजिटिव हैं। पीपीई किट से लैस डॉक्टरों और नर्सिंग टीम ने बुधवार रात इमरा की नाॅर्मल डिलीवरी करवाई। अब बच्चे का भी सैंपल भेजेंगे। बच्चे को मां के साथ ही रखा गया है।



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कोरोना संक्रमण के खौफ के बीच 20 साल की इमरा के घर गुरुवार को खुशियों ने दस्तक दी। सेम्स कोविड अस्पताल में वह खुद कोरोना से लड़ रही हैं।




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पूरे समय दूर होने का कहते रहे नायब तहसीलदार लेकिन 26 किसान घेर कर खड़े रहे, नहीं बन पाया सोशल डिस्टेंस

यह तस्वीर कुसमानिया के गेहूं खरीदी केंद्र क्रमांक एक की है। यहां गुरुवार काे नंबर काे लेकर किसानाें के बीच हुए विवाद के चलते नायब तहसीलदार पहुंचे थे। इस दाैरान नायबतहसीलदार साेशल डिस्टेंस का पालन नहीं करवा पाए और उनके अासपास करीब 26 किसान भीड़ लगाकरखड़े हाे गए। हालांकि नायब तहसीलदार उन्हें बार-बार साेशल डिस्टेंस का बाेलते रहे, लेकिन फिर भी किसान टस से मस नहीं हुए।


दरअसल सेवा सहकारी संस्था के माध्यम से कुसमानिया में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के लिए दाे केंद्र बनाए गए हैं। गुरुवार काे केंद्र क्रमांक एक पर नंबर काे लेकर किसानाें में विवाद हाे गया। किसान हरेंद्र सैंधव ने एसडीएम काे सूचना दी। उन्हाेंने तत्काल नायब तहसीलदार अविनाश साेनानिया काे माैके पर भेजा। नायब तहसीलदार ने केंद्र प्रभारी विनाेद जाेशी अाैर किसानाें से चर्चा की। किसानाें काे अपने ट्रैक्टर नंबर से तुलवाने की समझाइश दी। कुछ किसानाें काे फटकार भी लगाई। इसी दाैरान नायब तहसीलदार ने ताैल काटे पर बिना नंबर के लगे एक मिनी ट्रक काे हटवाया। साथ ही पटवारी काे निर्देश दिए कि शुक्रवार से किसानाें काे नंबर के लिए टाेकन दिए जाएं।

फासला रखने के लिए किसानाें काे कई बार दी समझाइश
इधर नायब तहसीलदार अविनाश साेसानिया ने बताया कि किसानाें के बीच नंबर काे लेकर विवाद हुआ था। इसी के चलते वहां पहुंचा था। रही बात साेशल डिस्टेंसिंग की ताे मैंने किसानाें से कई बार फासला रखकर बात करने काे कहा फिर भी वे भीड़ लगाकर खड़े रहे।



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Naib Tehsildar kept saying to get away the whole time, but 26 farmers surrounded him, could not become social distance




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बेवजह घूमते मिले 4 लोगों को अस्थाई जेल में डाला, 20 हजार रुपए के मुचलके पर दोपहर में छोड़ा

कर्फ्यू का पालन कराने के लिए पुलिस व प्रशासन की कार्रवाई दूसरे दिन भी जारी रही। सुबह से पुलिस का अमला जगह-जगह तैनात हो गया। पहले दिन की कार्रवाई का खौफ इतना था कि दूसरे दिन गुरुवार को कम ही लोग घरों से बाहर निकले।
एसडीओपी धीरज बब्बर, टीआई दिनेश सोलंकी, ट्रैफिक टीआई शिवम गोस्वामी, नपा से स्वच्छता परिवेक्षक धमेंद्र सोलंकी सड़कों पर कार्रवाई के लिए निकले। एमजी रोड, हाट गली, रणछोड़ राय मार्ग, बाहरपुर, बस स्टैंड आदि क्षेत्रों से पुलिस के वाहन निकले। इस दौरान बेवजह घूमने वाले 4 लोगों को पकड़ा गया। पुलिस वाहन में डालकर उन्हें बस स्टैंड लाए। यहां सभी के सैनिटाइजर से हाथ धुलकार उन्हें शरबत पिलाया और ले जाकर सर प्रताप स्कूल में बनाई गई अस्थाई जेल में डाल दिया गया। दोपहर बाद मुचलके पर उन्हें छोड़ दिया गया। दूसरे दिन की कार्रवाई की भी शहर में चर्चा रही। एसडीओपी धीरज बब्बर ने कहा कि कर्फ्यू का पालन सख्ती से कराएंगे। कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्हें लोगों से आह्वान किया कि वे घरों में रहे, स्वयं और अपने परिवार को सुरक्षित रखें। पुलिस प्रशासन सभी के साथ है आप सब भी घरों में रहकर सहयोग करें।
और... दोपहर बाद फिर सड़कों पर घूमते मिले लोग
सुबह की सख्ती के बाद पुलिस के वाहन तो घूमते रहे लेकिन कुछ लोग घरों से बाहर निकलने से बाज नहीं आए। सड़कों पर वाहन घूमते दिखाई दिए। जगह-जगह चौराहे पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोका। हांलाकि सही कारण बताने पर उन्हें छोड़ भी दिया गया। पुलिस ने लगभग हर गलियां सील कर दी है। लेकिन कई रास्ते अब भी खुले हैं। जहां से लोग निकलकर मुख्य सड़कों पर निकलते हैं और पुलिस के वाहन देखते ही गलियों में घुस जाते हैं।



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Inexplicably found 4 people roaming in temporary prison, left in the afternoon on a bond of 20 thousand rupees




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आधी आबादी मजदूर, मनरेगा में 20 हजार को मिला काम, लक्ष्य 40 हजार का ही जबकि जरूरत दो से ढाई लाख को

आज मजदूर दिवस यानी मई दिवस है। वैसे ही बुरे हाल में रहने वाले मजदूरों के इस साल के उनके दिन पर हाल और बुरे हैं। जहां काम कर रहे थे, वहां से लौटना पड़ा। घर पर काम नहीं है और जो अनाज मिल रहा है, उससे परिवार पल रहा है। दूसरे खर्च करने की हैसियत नहीं बची। कोरोना संकटकाल में गुजरात से बड़ी संख्या में मजदूर अपने गांवों में लौट आए। यहां अब काम की तलाश है और काम है नहीं। सरकार ने मनरेगा के काम चालू किए, लेकिन ये नाकाफी है। जिले की आधी आबादी किसी न किसी तरह के मजदूरी के काम में है। यानी 4 से 5 लाख लोग, लेकिन मनरेगा में फिलहाल 40 हजार लोगों को काम देने का लक्ष्य रखा है। उसमें से भी 20 हजार को अब तक काम दिया गया। जबकि 2 से ढाई लाख लोगों को काम की जरूरत है।
अनुमान है कि लगभग 1 लाख लोग गुजरात से लौट चुके हैं। ये लोग अब लौटकर नहीं जाना चाहते। कहते हैं, वहां बड़ा बुरा बर्ताव हुआ। खाने को नहीं था, मजदूरी दिए बगैर रवाना कर दिया गया। भूखे भी रहे। आखिर में घर आना पड़ा। यहां खाना तो मिला, लेकिन भविष्य की चिंता है। लौटकर वहां नहीं जाना चाहते। लेकिन करें क्या, मजबूरी है। काम भी तो वहीं मिलेगा। यहां से ज्यादा पैसा भी। लेकिन जब तक सब ठीक नहीं हो जाता, नहीं जाएंगे। महामारी का डर हमें भी है और वहां के लोगों को भी।
गुजरात से ठेकेदार ने बिना मजदूरी दिए रवाना कर दिया
धामनी कटारा गांव के किशन कटारा को गुजरात से ठेकेदार ने बिना मजदूरी दिए रवाना कर दिया। किशन ने बताया, जो पैसे पास थे वो कुछ ही दिन में खर्च हो गए। भाई ने अनाज दे दिया नहीं तो भूखे मरने की नौबत आ जाती। अभी भी भाई से पैसे उधार लेकर ग्राम पुंवाला की उचित मूल्य दुकान पर राशन लेने आया। किशन ने बताया, पत्नी के साथ गुजरात के राजकोट शहर गया था। एक निर्माणाधीन बिल्डिंग में मैं मिस्त्री था और पत्नी सविता मजदूर। लॉकडाउन हुआ और काम बंद हुआ तो ठेकेदार ने 30 हजार रुपए बकाया पैसा नहीं दिया। रास्ते के खर्च के पैसे देकर घर भेज दिया।
अब गुजरात नहीं जाना, यहां जो काम मिलेगा कर लूंगा
दलसिंह पिता छितूसिंह मेड़ा निवासी ग्राम खरडू बड़ी गुजरात के जामनगर में सिलावट का काम करता था। पत्नी बच्चों के साथ वहीं पर था। जैसे ही जनता कर्फ्यू का ऐलान हुआ उसके बाद वहां पर लोगों से सुना कि अब बहुत दिनों के लिए बंद हो जाएगा। इसलिए पत्नी, बच्चों को उस समय रवाना कर दिया। दलसिंह 21 अप्रैल को बस में बैठकर अपने गांव पहुंचा। दलसिंह ने बताया, समय पर नहीं आते तो हालत खराब हो जाती। अब वहां नहीं जाना है, लेकिन जाना तो पड़ेगा। लेकिन कम से कम 6 महीने ताे नहीं जाएंगे। यहां जो भी काम मिलेगा कर लेंगे।

3 हजार नए काम

जिला पंचायत सीईओ संदीप शर्मा ने बताया, 3 से 4 हजार के आसपास मनरेगा काम चल रहे हैं। हर तरह के काम शामिल किए गए हैं। इनमें 3 हजार नए काम हैं। मजदूरों को मास्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इन्हें आजीविका मिशन के स्व सहायता समूहों से बनवा रहे हैं। साबुन, पानी और सोशल डिस्टेंसिंग जरूरी की गई है। और भी काम आगे बढ़ाए जाएंगे।
राणापुर क्षेत्र में ठप काम शुरू हो रहे

पंचायतों में एक महीने से ठप पड़े काम धीरे-धीरे गति पकड़ने लगे हैं। 47 में से 44 ग्राम पंचायतों में काम शुरू हो गए हैं। अभी व्यक्तिगत काम ज्यादा चालू हुए हैं। जनपद पंचायत सीईओ जोशुआ पीटर ने बताया कि 542 कामों पर 2 हजार 905 मजदूर काम कर रहे हैं। जिनमें पीएम आवास के काम ज्यादा हैं। सामुदायिक कार्यों में सार्वजनिक कूप निर्माण हो रहे हैं।



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Half the population laborers, 20 thousand got work in MNREGA, target of 40 thousand only, whereas the requirement is two to two and a half lakh




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पिछले 12 दिन में एक भी नया मरीज नहीं मिला, डॉक्टरों से बोले टाटपट्‌टी बाखल के रहवासी- हम आप लोगों के लिए दुआ करेंगे

टाटपट्टी बाखल... यानी इंदाैर की अदब की गली। ठीक एक महीने पहले 1 अप्रैल को यहां मेडिकल टीम पर पथराव हुआ था। तब से यहां बहुत कुछ बदल गया। सेहत की बात करें तो यहां कोरोना के 37 मरीज मिले थे, जिनमें से 32 स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। चार ही अस्पताल में भर्ती हैं। एक की मौत हो चुकी है। वहीं, क्वारेंटाइन किए गए सभी 92 लोग घर लौट चुके हैं। इनमें गुरुवार को लौटे छह लोग भी शामिल हैं। पिछले 12 दिन में यहां एक भी नया मरीज नहीं मिला। जो मिले, वो चिह्नित में से ही मिले। वहीं, सोच में बदलाव यह आया कि जहां डॉक्टरों पर पत्थर फेंके गए थे, वहां गुरुवार को लोगों ने कहा कि हम कोरोना वॉरियर्स के प्रति नतमस्तक हैं। जो छह लोग क्वारेंटाइन सेंटर से घर आए, उन्होंने भी डॉ. जाकिया, डॉ. तृप्ति, तहसीलदार चरणजीतसिंह हुड्डा सहित सभी मेडिकल-प्रशासन टीम को शुक्रिया कहा। कहा कि हम आप लोगों के हक में दुआ करेंगे।

...और डॉक्टरों ने दिए मरीजों को पौधे
1 अप्रैल : टीम क्षेत्र में सर्वे के लिए पहुंची तो कुछ लोग पत्थर मारने दौड़ पड़े थे। डॉक्टरों ने भागकर जैसे-तैसे खुद को बचाया।
2 अप्रैल : पथराव के बावजूद डॉ. जाकिया अौर डॉ. तृप्ति लोगों के बीच पहुंचीं।
3. आठ दिन पहले राऊ के क्वारेंटाइन सेंटर से लौटे लोगों को डॉक्टरों ने पौधे सौंपे।

विरोध के बीच संक्रमण भी था चुनौती
प्रशासन ने रहवासियों की टीमें बनाईं। तीन से ज्यादा टीमों ने जांच की। घर-घर सर्वे किया। 500 से ज्यादा सैंपल लिए। मेडिकल टीमों ने भी समझाइश दी कि इस वायरस से घबराने की जरूरत नहीं है। समय पर जानकारी देने और इलाज करवाने से आप जल्द स्वस्थ हो जाओगे। तब जाकर लोग सहयोग को तैयार हुए।


बेमतलब सड़कों पर न घूमें, घर में रहकर ही इबादत करें

मस्जिदों में नमाज अदा करने के बाद एक अच्छी पहल हो रही है। रोजाना सेहरी और इफ्तारी के वक्त मस्जिदों से रोजा रखने वालों को हिदायत दी जा रही है कि लाॅकडाउन का पालन करें। इफ्तारी के बाद घरों में ही रहें। बाजार बंद हैं। जबरन घर से बाहर निकलने का मतलब नहीं। चंद्रभागा स्थित कलालकुई मस्जिद से पिछले तीन दिन से लगातार यह समझाइश माइक से दी जा रही है। दरअसल, सेहरी और इफ्तारी के बाद कुछ लोग बाहर निकल आए थे। मस्जिद में लाउड स्पीकर से अचानक घर मंें जाने की चेतावनी जारी हुई तो लोग हक्के-बक्के भी रह गए। इसी तरह खजराना, बंबई बाजार की मस्जिदों में भी नमाज के तत्काल बाद लोगों को घरों में रहकर इबादत करने, परिवार के साथ ही रहने का कहा जा रहा है। रोजा खुलने के एकाध घंटे बाद ही लॉकडाउन की सख्ती सुस्त होती दिखती है। पुलिस भी समझाकर घर भेजने के बजाए खड़ी रहती है। रमजान शुरू होने के बाद से ही खासकर इफ्तारी के वक्त लोग बाहर आ रहे हैं। बंबई बाजार, कागदीपुरा की गलियों में, चंद्रभागा, खजराना मेन रोड पर लोग समूह बनाकर खड़े रहते हैं।



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सेहत की बात करें तो यहां कोरोना के 37 मरीज मिले थे, जिनमें से 32 स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। चार ही अस्पताल में भर्ती हैं।




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इंदाैर में संक्रमिताें का आंकड़ा 1500 के पार पहुंचा, मृतकाें की संख्या भी 72 हुई

कोरोना संक्रमितोंके आंकड़े में इंदौर में लगातार इजाफा हो रहा है। गुरुवार देर रात आई रिपोर्ट में 28 और लोगों मेंकोरोना की पुष्टि हुई। 4 लोगों ने दम भी तोड़ा। इसके साथ संक्रमितों का आंकड़ा 1500 के पार पहुंच गया। जिले में अब तक 1513 लोग वायरस से संक्रमित हो चुके हैं। 72 लोगोंकी जान जा चुकी है।

गुरुवार को 285 सैंपल जांचे गए, इनमें 257 लोगोंकी रिपोर्ट निगेटिव आई। वहीं, अब तक जान गंवाने वाले 72 में से 45 मरीज ऐसे थे, जिन्हें शुगर, ब्लड प्रेशर समेत अन्य कई बीमारियां थीं। मरने वालों में 40 मरीजों की उम्र 50 से 70 साल के बीच थी। इनमें बीमारी का घातक प्रसार क्यों हुआ, इसका पता लगाने के लिए एमजीएम मेडिकल कॉलेज डेथ ऑडिट करवा रहा है। वह इनके सैंपल नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी पुणे भेजेगा।

187 लोग ठीक होकर घर लौटे

स्वास्थ्य टीमों ने गुरुवार को 550 सैंपल लिए, जो हर दिन के 300 से 400 सैंपल के मुकाबले ज्यादा हैं। अब तक 7926 सैंपलों की रिपोर्ट आ चुकी है। जिनमें से 1513 लोग संक्रमित पाए गए हैं। इनमें से जहां 187 लोग ठीक होकर अपने घर जा चुके हैं। वहीं, 1254 लोगों का इलाज जारी है। अब तक 1213 लोगों को क्वारैंटाइन हाउस से घर भेज दिया गया है। दूसरी, ओर वाटर लिली क्वारैंटाइन सेंटर से गुरुवार रात करीब 8 बजे एक मरीज भाग निकला। सुनेश पाहुजा नामक इस मरीज को हफ्तेभर पहले ही यहां लाए थे। सीएमएचओ डॉ. प्रवीण जडिया ने बताया कि अभी तक पाहुजा की रिपोर्ट नहीं आई है।


ज्यादा से ज्यादा टेस्ट लें : पीएस
चिकित्सा शिक्षा के प्रमुख सचिव संजय शुक्ला ने ज्यादा से ज्यादा सैंपल लेने और टेस्ट करने को कहा है। समीक्षा बैठक में शुक्ला ने मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम करने को कहा ताकि भविष्य में हर तरह की स्थिति से निपटा जा सके।

40 मृतक 50 से 70 साल के बीच के

  • 40 मृतकों की उम्र 50 से 70 साल के बीच थी। इनमें बीमारी का घातक प्रसार क्यों हुआ, पता लगाने के लिए एमजीएम सैंपल नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी पुणे भेजेगा।
  • 60% मरीज ए-सिम्प्टोमेटिक यानी बिना लक्षण वाले थे। इन्हें छींक भी नहीं आई, संक्रमित के संपर्क में आने से वे पॉजिटिव हो गए।
  • 1485 में से 80% पर बीमारी का अधिक असर नहीं हुआ। शहर में मिले मरीजों की औसत आयु 57 वर्ष के आसपास है।
  • हाई रिस्क ग्रुप को खतरा ज्यादा रहा। इसमें 5 साल से छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं, वृद्ध व बीमार शामिल हैं।
  • सीएमएचओ डॉ. प्रवीण जड़िया के मुताबिक, मरीज अन्य बीमारी से पीड़ित होता है तो उसकी प्रतिरोधी प्रणाली तुलनात्मक रूप से कमजोर हो जाती है।

कोरोना पॉजिटिव इमरा ने दिया बच्चे को जन्म, उसका भी होगा टेस्ट

कोरोना संक्रमण के खौफ के बीच 20 साल की इमरा के घर गुरुवार को खुशियों ने दस्तक दी। सेम्स कोविड अस्पताल में वह खुद कोरोना से लड़ रही हैं। फिलहाल मां और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। ग्रीन पार्क कॉलोनी निवासी 20 साल की इमरा और उनके पति दोनों कोरोना पॉजिटिव हैं। पीपीई किट से लैस डॉक्टरों और नर्सिंग टीम ने बुधवार रात इमरा की नाॅर्मल डिलीवरी करवाई। अब बच्चे का भी सैंपल भेजेंगे। बच्चे को मां के साथ ही रखा गया है।



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लॉकडाउन का पालन करवाने के लिए पुलिस ने खजराना और विजयनगर क्षेत्र में फ्लैग मार्च निकाला।




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प्रदेश के 9 रेड जोन जिलों में मालवा-निमाड़ के 6 जिले, हॉटस्पॉट शहर इंदौर में 1513, उज्जैन में 142 कोरोना पॉजिटिव

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव प्रीति सूदन ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर कोरोना के रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन के बारे में जानकारी दी है। देश के 130 जिलों में 3 मई के बाद भी सख्ती जारी रह सकती है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने इन्हें रेड जोन घोषित किया है। उन्होंने कहा है कि रिकवरी रेट बढ़ा है। इसी हिसाब से अब अलग-अलग इलाकों में जिलों को जोन वाइज बांटा जा रहा है। मध्यप्रदेश जोलिस्ट भेजी गई है,उसमें 52 में से 9 जिलों को रेड, 19 को ऑरेंज और 24 को ग्रीन जोन में रखा गया है। इसमें से रेड जोन में सबसे ज्यादा मालवा निमाड़ के 15 में से 6 जिले शामिल हैं। वहीं, ग्रीन जोन में केवल दो जिले हैं।

मालवा निमाड़ के 15जिलों के हाल

जिला जोन संक्रमित संख्या
इंदौर रेडजोन 1513
उज्जैन

रेडजोन

142
देवास

रेडजोन

26
खंडवा (ईस्ट निमाड़) रेडजोन 46

बड़वानी

रेडजोन

26
धार

रेडजोन

48
खरगोन ऑरेंज जोन 71
रतलाम ऑरेंज जोन 14
मंदसौर ऑरेंज जोन 19
शाजापुर ऑरेंज जोन 06
आगर-मालवा

ऑरेंज जोन

12
बुरहानपुर

ऑरेंज जोन

01
आलीराजपुर

ऑरेंज जोन

03
झाबुआ ग्रीनजोन 00
नीमच ग्रीनजोन 00
मध्य प्रदेश के जिलों में काेरोना संक्रमण की स्थिति।

    ये कैसा आकलन:खरगोन में 71 कोरोना संक्रमित, फिर भी ऑरेंज जोन में

    सीएमएचओ डॉ. दिव्येश वर्मा ने गुरुवार को हेल्थ बुलेटिन में बताया कि बीते 24 घंटे में 25 नए सैंपल भेजे गए। गुरुवार को 1 पॉजिटिव आया। अब जिले में 71 कोरोना संक्रमित हो गए।593 व्यक्ति निगेटिव मिले। जबकि 125 की रिपोर्ट शेष है। 8 सैंपल रिजेक्ट किए गए हैं। 7 लोगों की कोरोना संक्रमण से मौत हुई।22 लोग स्वस्थ्य हो चुके हैं। जिले में अब कुल 14 कंटेनमेंट एरिया घोषित हैं। 24 घंटे में 383 लोगों ने होम क्वारैंटाइन अवधि पूरी की है।

    रेड जोन में कंटेनमेंट क्षेत्र

    • इंदौर : जिले में कुछ 74 क्षेत्रों को कंटेनमेंट एरिया घोषित किया गया है। इनमें रानीपुरा, हाथीपाला, स्नेह नगर, खातीवाला टैंक, चंदन नगर, गुमास्ता नगर, टाटपट्‌टी बाखल, खजराना, मूसाखेड़ी, मनीषबाग, काेयला बाखल, निपानिया, लिंबोदी, आहिल्या पलटन, रवि नगर, सांईधाम काॅलोनी, एमआर 9, आजाद नगर, मनोरमागंज, वल्लभ नगर, पुलिस लाइन, मेडिकल कॉलेज गर्ल्स हॉस्टल, स्नेहलतागंज, उदापुरा, इकबाल कॉलोनी, गांधी नगर, अंबिकापुरी कॉलोनी, मोती तबेला, सागोर कुटी, सुखलिया, जवाहर मार्ग, पिंजारा बाखल, बंबई बाजार, गणेश नगर, उषागंज छवनी, लोहरपट्टी, जूना रिसाला, नयापुरा, समाजवाद नगर, नेहरू नगर, शिक्षक नगर, साकेत धाम, ब्रुकबांड कॉलोनी, सिद्वीपुरम कॉलोनी, ग्रीन पार्क, अनूप नगर, विद्या पैलेस, लोकमान्य नगर, साउथ तोड़ा, तिलक नगर, ब्रह्मबाग कॉलोनी, बुधबन कॉलोनी, सुदामा नगर, सैफी नगर, जबरन कॉलोनी, रूपराम नगर, पैलेस कॉलोनी, मरीमाता, विनोबा नगर, ओम विहार, लोधीपुरा, सांई रायल, सत्यदेव नगर, बड़वाली चौकी, साउथ बजरिया, विंध्यनगर, मिष्ती मोहल्ला, पल्हर नगर, शीतलामाता बाजार, लोकनायक नगर, छत्रीपुरा, कुशवाह नगर, प्रेम नगर, बीसीएम सिटी, एएसपी बंगला एरिया महू।
    • देवास : जिले में 18 केंटेनमेंट क्षेत्र घोषित किए गए हैं। इसमें जबरेश्वर मंदिर गली, शिमला कॉलोनी, स्टेशन रोड, पठानकुआं, पीठा रोड, नाहर दरवाजा, ग्राम लोहार पिपलिया, सिल्वर पार्क, स्वास्तिक नगर, रघुनाथपुरा, नई आबादी, सम्यक बिहार, आनंद नगर, वार्ड, हाटपिपल्या का क्रमांक 4 और वार्ड क्रमांक 9, टोंकखुर्द का वार्ड क्रमांक 1 और 2, कन्नौद का पनीगांव शामिल है।
    • खंडवा : जिले में कुल 18 कंटेनमेंट एरिया घोषित किए गए हैं। इसमें शहर के 12 और ग्रामीण के 6 क्षेत्र शामिल हैं। शहर में खानशाहवली संजय कॉलोनी, खड़कपुरा, मेडिकल कॉलेज, लाल चौकी, वार्ड क्रमांक - 43 मोघट थाने के पीछे, पदमकुंड वार्ड, संतोष नगर, आनंद नगर, गणेशतलाई, पड़ावा, बड़ाबम, रामेश्वर रोड श्रीमाली हॉस्पिटल के पीछे, हातमपुरा, परदेशीपुरा, पंधाना ब्लॉक के ग्राम गुड़ीखेडा रैयत, कुमठी, खिराला, बोरगांव बुजुर्ग, कृषि उपज मंडी पंधाना व ग्राम पाडल्या, तहसील खंडवा ग्राम दूगवाड़ा को कंटेनमेंट क्षेत्र घोषित किया गया है।
    • उज्जैन : जानसापुरा, अंबर काॅलाेनी, दानीगेट, काेट माेहल्ला, दिशावाल का बाड़ा, माेतीबाग, बेगमबाग, ताेपखाना, नागाैरी माेहल्ला, अमरपुरा, गांधाीनगर, कमरी मार्ग, केडी गेट, अवंतीपुरा, बंगाली काॅलाेनी, महानंदा नगर, सांई विहार काॅलाेनी, वल्लभ भाई मार्ग पटेल गली, मुनिनगर और कामदारपुरा शामिल
    • बड़वानी : बड़वानी जिले में रुकमणि नगर, रैदास मार्ग, सुतार गली, दर्जी मोहल्ला और पूजा स्टेट इसके अलावा सेंधवा में खलवाड़ी मोहल्ला, अमन नगर आदि।
    • धार : उतावद दरवाजा बख्तावर मार्ग, जानकी नगर, भाजी बाजार, पट्‌ठा चौपाटी, गांधी कॉलोनी, इस्लामपुरा, एलआईजी कॉलोनी,धरमपुरी तहसील के ग्राम बलवाडा, ए/एल 199 हाउसिंग काॅलोनी पीथमपुर और चौधरी काॅलोनी सागौर तहसील पीथमपुरआदि।


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    इंदौर में राज मोहल्ला क्षेत्र में रहवासी लाॅकडाउन के चलते छतों पर विभिन्न खेल जैसे क्रिकेट, पंतगबाजी, रस्सी कूद, हास्य, योग के जरिए खुद काे फिट रखने की कोशिश कर रहे हैं।




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    कोरोनावायरस से जंग जीतकर 40 लोग और घर लौटे, अब तक 291 मरीज ठीक हुए

    कोरोनावायरस के संक्रमण से स्वस्थ हुए 40 मरीजों को आज अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया। इनमें 20 मरीजों का उपचार नेमावर रोड स्थित इंडेक्स कॉलेज और 20 का उपचार अरबिंदो अस्पतालमें किया जा रहा था। अस्पताल के स्टाफ ने तालियां बजाकर इन्हें विदाई दी। शुक्रवार को अस्पताल से डिस्चार्ज हुए इन मरीजों के बादअबकोरोना के सक्रमण से स्वस्थ होने वालेमरीजों कीसंख्या बढ़कर 291 हो गई है।

    इससे पहलेगुरुवार को भी चार अस्पतालों से कोरोनावायरस की जंग जीतने वाले 30 मरीजों को छुट्‌टी दी गई थी।इंडेक्स अस्पताल से 13, एमआर टीबी से दो गर्भवती महिलाओं समेत 8, अरबिंदो से 5 और चोइथराम से 4 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया था। गुरुवार तक कुल 251 मरीज स्वस्थ हो चुके थे, जबकि शुक्रवार को कोरोना से स्वस्थ होने वालों की संख्या बढ़कर 291 हो गई है।

    उधर, गुरुवार रात प्राप्त रिपोर्ट में 28 नए मरीजों में कोरोनावायरस की पुष्टि हुई है। इसे मिलाकर इंदौर में कोरोना पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़कर 1513 हो गई है। अब तक इस बीमारी से 72 लोगों ने दम तोड़ दिया है।

    कोरोना पॉजिटिव इमरा ने दिया बच्चे को जन्म, उसका भी होगा टेस्ट

    कोरोना संक्रमण के खौफ के बीच 20 साल की इमरा के घर गुरुवार को खुशियों ने दस्तक दी। सेम्स कोविड अस्पताल में वह खुद कोरोना से लड़ रही हैं। फिलहाल, मां और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। ग्रीन पार्क कॉलोनी निवासी 20 साल की इमरा और उनके पति दोनों कोरोना पॉजिटिव हैं। पीपीई किट से लैस डॉक्टरों और नर्सिंग टीम ने बुधवार रात इमरा की नाॅर्मल डिलिवरी करवाई। अब बच्चे का भी सैंपल भेजेंगे। बच्चे को मां के साथ ही रखा गया है।



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    गुरुवार तक कुल 251 मरीज स्वस्थ हो चुके थे। शुक्रवार को कोरोना से स्वस्थ होने वालों की संख्या बढ़कर 291 हो गई।




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    21 दिन की बच्ची कोरोना पॉजिटिव, कम लोगों की मौजूदगी में की शादी; उधर न अर्थी को कंधा मिला न जनाजा गुलाब से सज सका

    शहर में 21 दिन की नवजात बच्ची भी कोरोना संक्रमण का शिकार हो गई। यह इतनी कम उम्र की इंदौर में और संभवत: मप्र में भी पहली मरीज है। उसे चोइथराम अस्पताल में भर्ती कराया है। उसके पिता एमवायएच के ब्लड बैंक में लैब टेक्नीशियन हैं और कुछ दिन पहले वे भी पॉजिटिव हो गए थे। इसके बाद प्रशासन ने उनकी पत्नी, नवजात और मां की जांच करवाई। इसमें बच्चे और उनकी मां में संक्रमण की पुष्टि हुई, पत्नी की तबीयत ठीक है। लैब टेक्नीशियन ने बताया कि वे ड्यूटी के दौरान दूसरे साथी से संक्रमित हुए थे। तबसे उनका एमआर टीबी अस्पताल में इलाज चल रहा है। रिपोर्ट आने के बाद उनकी मां को भी एमआरटीबी अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन समस्या ये है कि कोविड पीड़ित बच्चों के लिए उपचार की अलग व्यवस्था नहीं है। उनकी पत्नी चोइथराम अस्पताल लेकर पहुंची तो वहां राशि जमा करवाने को कहा। कलेक्टर तक मामला पहुंचा तो रेडक्रॉस से कुछ राशि दी गई।जन्म के समय बच्ची स्की डिलीवरी 21 दिन पहले हुई थी। तब वे स्वस्थ थे और वे ही पत्नी को साथ अस्पताल लेकर गए थे।

    मुहूर्त के दिन ही की शादी, घर में दूल्हा-दुल्हन के फेरे, छह लोग शामिल

    कुंदन नगर की योगिता नायक का विवाह विदुर नगर में रहने वाले राहुल संदोनी से तय हुआ था। 1 मई का मुहूर्त था। योगिता के घर में ही वर-वधू ने सात फेरे लिए। सिर्फ छह लोग शामिल हुए। भाई बनकर रस्म निभाने वाले सुमित साहनी के मुस्कान ग्रुप ने गृहस्थी का जरूरी सामान पेटी, मिक्सर, बर्तन, कपड़े आदि चीजें देकर शुभकामनाएं दीं।

    अंतिम दर्शन तो दूर, न अर्थी को कंधा मिला न जनाजा गुलाब से सज सका

    कोरोना से हो रही मौतों में न अर्थी को कंधा परिजन दे पा रहे हैं, न ही जनाजे को गुलाब से सजाने का मौका मिल रहा है। एक सफेद चादर में लिपटा शव श्मशान, क्रबिस्तान पहुंच रहे हैं। अन्य कारणों से हो रही मौत के मामले में भी यही हो रहा है। पुलिस की चेकिंग और बाजार बंद के बीच जगह-जगह घूमकर अंत्येष्टि का सामान इकट्ठा करना भी चुनौती है।
    अंतिम समय पूरा कुनबा भी श्रद्धांजलि नहीं दे पाया- पाटनीपुरा के रहने वाले मनोज का शव दनदनाती आई एंबुलेंस से सीधे मालवा मिल मुक्तिधाम पहुंचा। कंधा देने के लिए महज चार लोग थे। मटकी उठाने तक का संकट था। संक्रमण का खौफ एेसा कि पड़ोसी, रिश्तेदार भी अंतिम समय में मनोज को श्रद्धा के फूल अर्पित नहीं कर पाए। घर में मनोज की एक मुस्कराती तस्वीर को देखकर ही दुख मनता रहा। एमटीएच अस्पताल से परिजन ने केवल इतनी सूचना दे दी कि हम लोग श्मशान के लिए निकल रहे हैं।
    घर वाले की नजरें रोड पर ही लगी रही, वो सुपुर्दे खाक हो गए- ग्रीन पार्क में रहने वाले फिरदोस खान का इंतकाल हुआ। घर में कोहराम मच गया। रोते- बिलखते परिवार की नजर रोड पर थीं कि शव घर आएगा। इत्र, नए कपड़े पहनाकर विदा करेंगे, जनाजे को फूलों से सजाएंगे, लेकिन एमटीएच अस्पताल से सीधे क्रबिस्तान शव को भेज दिया गया। पीपीई किट, मास्क पहने चार लोगों में कौन रो रहा था, किसकी आवाज आ रही थी यह तक पता नहीं चल रहा था। एंबुलेंस से शव को उतारकर सीधे दफनाने के लिए भेज दिया।



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    शहर में 21 दिन की नवजात बच्ची भी कोरोना संक्रमण का शिकार हो गई। यह इतनी कम उम्र की इंदौर में और संभवत: मप्र में भी पहली मरीज है।




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    आखिर कौन हैं ये लोग: 42 किमी चले दंपती तब सवा किलो आटा, पावभर तेल मिला; भोजन के लिए 16 किमी चलती हैं मां-बेटी

    राहुल दुबे. रोज नया नाश्ता, सुबह और शाम अपनी पसंद का भोजन। दोपहर में लूडो और कैरम खेलना तो शाम को छत पर वाॅक करना। कोरोना काल के इस लाॅकडाउन में इतनी वैरायटी होने के बाद भी साधन संपन्न लोग बोरिंग और अवसाद का रोना रो रहे हैं, लेकिन आपको घर पर रहना अच्छा नहीं लग रहा है तो शहर की वीरान सड़कों पर सुबह से शाम तक घूम रहे इन लोगों की जिंदगी में झांक लीजिए।इनके लिए लाॅकडाउन कितनी कठिन परीक्षा लेकर आया हैै।

    केवल एक वक्त की रोटी के लिए कोई रोज 16 किलोमीटर पैदल चल रहा है तो कोई कई किलोमीटर दूर खेत में जाकर गेहूं का एक-एक दाना बीन रहा हैै। लंच पैकेट कहीं से बंटने की जानकारी मिल जाती है तो बाप, बेटी दौड़ लगाकर वहां जा रहे ताकि एक पैकेट मिल जाए। सड़कों पर तेज कदमों से सफर खत्म करते या पेड़ के नीचे कुछ मिनट सुस्ताते हुए लोगों से मैंने पूछा कि लाॅकडाउन और इतने भयानक संक्रमण के बीच आप क्या कर रहेे हैं? मास्क भी नहीं लगा रखा है! इतना पूछते ही सभी का दुख-दर्द फट पड़ा। रूआंसे होकर इन लोगों ने अपनी-अपनी पीड़ा बताई तो मैं दंग रह गया।

    ऐसी ही ये आठ कहानियां लाचारी और बेबसी की....

    दृश्य 1 : महीनेभर से आय नहीं, पत्नी-बेटी के लिए खाने की तलाश

    चोइथराम मंडी रोड पर 10 साल की बेटी के साथ ब्रजमोहन जोशी जाते हुए दिखे। दोनों के हाथ में एक-एक पैकेट था। पूछा कि आप एेसे क्यों घूम रहे हैं तो बोले- मंडी गेट पर खाना बंटने की खबर मिली तो यहां आ गए। मैं ज्योतिषी हूं। महीनेभर से एक रुपया भी नहीं मिला तो मजबूरी में पत्नी-बेटी के लिए लंच पैकेट तलाश रहे हैं। कच्चा अनाज भी मिला, लेकिन सिलेंडर, केरोसिन के पैसे नहीं हैंं।

    दृश्य 2 : एक वक्त भोजन, एक वक्त पानी पीकर काम चला रहे

    ब्रजमोहन के पीछे मदनलाल आ रहे थे। बोले- लाॅकडाउन के बाद दो-तीन दिन तो निकल गए। मैं वैसे तो 12-15 हजार रुपए महीना कमा लेता हूं, लेकिन 25 दिन से बहुत हालत खराब है। मजबूरी में एेसे लंच पैकेट लेकर गुजारा कर रहे हैं। एक वक्त भोजन कर रहे तो एक वक्त पानी पीकर काम चला रहे हैं। करीब चार बजे लंच पैकेट खाऊंगा ताकि शाम को भूख कम लगे। पानी पीकर सो जाएंगे।

    दृश्य 3 : गैस न केरोसिन, खाना पकाने के लिए बीन रही हैं लकड़ी

    तेजपुर गड़बड़ी की पुलिया पर बच्ची से लेकर अधेड़, बुजुर्ग महिलाएं दिखीं। सबके सिर पर लकड़ी का गट्ठर। पूछा- बीमारी फैल रही है। फिर क्यों घूम रही हो। इस पर सभी बोल पड़ी कि कच्चा राशन तो हमको मिल गया, लेकिन केरोसिन, गैस के पैसे नहीं हैं। कहीं भी मजदूरी नहीं मिल रही। इसलिए सूखी लकड़ी बीनने आए हैं। एक बार में इतनी लकड़ी ले जाते हैं कि दो-तीन दिन काम चल जाए।

    दृश्य 4 :16 किमी चलती हैं, कोई बचा खाना दे दे तो खा लेती हैं

    आईटी पार्क चौराहा पर लड्डू बाई और उनकी बेटी बेटी भगवती लिफ्ट मांग रही हैं। बोलीं हम विष्णपुरी के दो घरों में काम करती हैं। तेजाजी नगर के आगे हमारा घर है। रोज 16 किमी पैदल चलना पड़ रहा है, तब एक हजार रुपए महीना मिल पाता है। मां को चलने में दिक्कत है। तीन-चार बार रास्ते में बैठना भी पड़ता है। किसी घर से रात का बचा खाना मिल जाता है तो बैठकर वहीं खा लेते हैं।

    दृश्य 5 : सरकार ने राशन बांटा पर हमें तो कुछ भी नहीं मिला

    राजीव प्रतिमा पर कृष्णा बाई और पति मोहन मिल गए। पूछने पर कृष्णा बोलीं कि हम रेलवे स्टेशन के पास रहते हैं। राऊ तक आए थे ताकि खेतों में मजदूरी मिल जाए। दंपती 42 किमी चलकर सवा किलो आटा, पाव भर तेल, बेसन, मिर्च खरीद पाए। रोका तो इतना घबरा गए कि थैला खोल सामान देखने का बोलने लगे। बोले- सरकार ने कच्चा राशन बांटा, पर हमें नहीं मिला।

    दृश्य 6 : 13 किमी चलकर पगार के 500 रु. लेने गए, बैरंग लौटाया

    बिलावली तालाब के पास साईं धाम। मंदिर के बाहर कुंवरदेवी और जानकी देवी मिलीं। पूछा यहां क्यों बैठी हो तो कुंवरदेवी बोलीं- इंद्रपुरी के घरों में काम करती हैं। 12-13 किमी पैदल चलकर मार्च का पैसे लेने गए थे। किसी घर से 500 तो किसी से 700 लेना थे। हमारे मुंह पर कपड़ा देख किसी ने गेट से लौटा दिया तो कोई बोला अगले महीने आकर ले जाना।

    दृश्य 7 : महीनेभर से मजदूरी नहीं, शेड ही अब आशियाना

    जीपीओ तक आया तो टू व्हीलर वर्कशाॅप के शेड में तीन लोग बैठे मिले। पूछा यहां बैठकर खाना क्यों खा रहे हो। इनमें से एक भरत बोला कि हम नौलखा चौक पर मजदूरी करते हैं। खरगोन के रहने वाले हैं। पैदल गांव जाने की हिम्मत नहीं है। इसलिए महीनेभर से शेड के नीचे गुजर-बसर कर रहे हैं। पास में हनुमान मंदिर पर कोई न कोई खाना बांटने आता है। बस उसी से काम चल रहा है।

    दृश्य 8 : घराें का काम छूटा, खेतों से गेहूं बीनकर कर रहीं हैं गुजारा


    आईटी पार्क चौराहा से आगे मछली पालन केंद्र के गेट पर 11 महिलाएं मिलीं। मैंने पूछा यहां बैठकर गेहूं क्यों छान रही हो? रजनीदेवी बोलीं हम मांगने वाले नहीं हैं। घरों में झाड़ू-पाेछा कर रोटी बनाते हैं। लाॅकडाउन हुआ तो किसी ने पैसे नहीं दिए तो किसी ने गेट तक नहीं खोला। अब खंडवा रोड पर जिन खेतों में गेहूं कट गया है, वहां से गेहूं बीनते हैं। इसे साफ कर घर ले जाते हैं। इसी से भूख मिटा रहे हैं।



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    तेजपुर गड़बड़ी की पुलिया पर बच्ची से लेकर अधेड़, बुजुर्ग महिलाएं दिखीं।




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    2 मौत; 507 सैंपल में से 32 ही पॉजिटिव, हर दिन 500 सैंपल होंगे, सख्ती बरकरार

    शुक्रवार को शहर में कोरोना के 28 नए मरीज मिले। इसे मिलाकर पॉजिटिव मरीजों की संख्या 1545 हो गई है। कुल 507 सैंपल में से 453 निगेटिव आए। दो मरीजों की मौत भी हुई, अब तक 74 लोगों की जान जा चुकी है। इधर, शहर अब लॉकडाउन 3.0 के लिए तैयार है। इसके लिए प्रशासन ने तीन बिंदुओं सैंपलिंग, टेस्टिंग और सख्ती को फोकस कर रणनीति बनाई है, जिस पर शनिवार से ही अमल शुरू होगा। संभागायुक्त आकाश त्रिपाठी के मुताबिक, हर दिन औसत 400 सैंपल ले रहे हैं, उन्हें बढ़ाकर 500 करेंगे। इसमें कंटेनमेंट एरिया के सामान्य लोग के सैंपल भी रहेंगे। कलेक्टर मनीष सिंह ने बताया कि अब कोरोना कंट्रोल में आ रहा है, लिहाजा शहर में बेवजह घूमने वालों की गाड़ी जब्त करेंगे, उन्हें गिरफ्तार कर खुली जेल में भेजा जाएगा। तीनों बिंदुओं पर सख्ती से काम करेंगे, ताकि शहर कोरोना फ्री हो जाए।
    सेंट्रल जेल का मुख्य द्वार प्रहरी भी कोरोना पॉजिटिव

    सेंट्रल जेल के मुख्य द्वार पर ड्यूटी करने वाले प्रहरी की गुरुवार रात को रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। वहीं 68 वर्षीय एक कोरोना संदिग्ध कैदी की उपचार के दौरान शुक्रवार को मौत हो गई। नया पॉजिटिव मिलने से जेल से जुड़े 32 लोग कोरोना संक्रिमत हो चुके हैं। गुरुवार रात आई रिपोर्ट में प्रहरी सचिन द्विवेदी की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। कोरोना लक्षण दिखाई देने पर सैंपल जांच के लिए भेजा गया था। जेल में कोरोना के संक्रमण को देखते हुए प्रशासन ने असरावद खुर्द में अस्थाई जेल तैयार की है, इसमें 133 कैदियों को क्वारेंटाइन किया गया है। अब तक चार प्रहरी पॉजिटिव आ चुके हैं।



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    Indore Coronavirus News | Indore Coronavirus Lockdown 3.0 Latest News Updates | Corona Cases in Madhya Pradesh Indore rise to 1545; Death Toll at 74




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    होस्टल-कोचिंग बंद, 2 लाख लोगों की आवाजाही रुकी, भंवरकुआं का अब ये नजारा

    यह तस्वीर भंवरकुआं क्षेत्र में होलकर कॉलेज के सामने की है, जहां होलकर सहित दो बड़े कॉलेज, यूनिवर्सिटी, 10 से ज्यादा छोटे-बड़े शैक्षणिक संस्थान, 50 से अधिक कोचिंग क्लासेस और 200 से अधिक होस्टल हैं। इनकी वजह से यहां सुबह 6 से रात 12 बजे तक 2 लाख लोगों की आवाजाही होती है, पर इन दिनों लॉकडाउन के कारण पूरा क्षेत्र सूना है। दूसरा सकारात्मक पहलू ये है कि प्रदूषण कम होने से प्रकृति निखर गई है। हरियाली, सूनी सड़क के साथ खुले आसमान से नजारा खूबसूरत हो गया है।

    अगले हफ्ते के अंत में तापमान 42 डिग्री तक जाने के आसार

    पश्चिमी विक्षाेभ का असर प्रदेश के कुछ हिस्सों में शनिवार से शुरू हो गया है, लेकिन मालवा इससे बेअसर है। यही कारण है कि शनिवार को आसमान साफ रहा। सूर्योदय से सूर्यास्त तक धूप में कोई व्यवधान नहीं आया। हालांकि तापमान पर इसका कुछ असर हुआ है। तीन दिन से 41 डिग्री पर कायम पारा शनिवार को 40.4 डिग्री होकर सामान्य आंका गया। वैसे सप्ताह के अंत तक यानी 8 व 9 मई तक तापमान 42 डिग्री के आंकड़े को छू जाएगा। रात के तापमान में भी इजाफा होगा। यह भी 27 डिग्री के करीब होगा। गर्मी को प्रभावित करने वाला कोई कारण अगले 10 दिन तक नहीं है। हवा चलने से जरूर पसीने से तर शरीर को कुछ ठंडक मिल सकती है। शुक्रवार रात को न्यूनतम तापमान भी 24.9 डिग्री होकर सामान्य से 2 डिग्री अधिक रहा। इस सीजन में गर्मी का एहसास इसी महीने में हो रहा है, जब तापमान सामान्य से अधिक रिकॉर्ड हो रहा है। 30 अप्रैल से ही तापमान 41 डिग्री पर कायम है। यह सामान्य से 1 डिग्री ज्यादा है।



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    होलकर सहित दो बड़े कॉलेज, यूनिवर्सिटी, 10 से ज्यादा छोटे-बड़े शैक्षणिक संस्थान, 50 से अधिक कोचिंग क्लासेस और 200 से अधिक होस्टल हैं।




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    431 किसानाें से 33 हजार 378 क्विंटल खरीदा गेहूं, 239 किसानाें काे मिला भुगतान

    ई ऊपार्जन केंद्र बालाजी वेयर हाउस मनासा में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी 15 अप्रैल से की जा रही है। प्रबंधक राधेश्याम यादव ने बताया शुक्रवार तक 431 किसानाें से 33 हजार 378 क्विंटल गेहूं खरीदा जा चुका है। इसकी राशि 6 करोड़ 42 लाख 53 हजार 612 रु. होती है। इसमें से अब तक 239 किसानाें काे 2 करोड़ 46 लाख 21 हजार 48 रु. खाते में जमा की जा चुकी है।
    शेष 192 किसानों का भुगतान शीघ्र हाेगा। गेहूं की अावक बढ़ने से वेयर हाउस भर चुका है। बाहर ही गेहूं की बोरियां रखना पड़ रही हैं। 75 से अधिक किसानों के ट्रैक्टर-ट्राॅली कतार में खड़े हैं।



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    23 नए केस मिले, अब तक कुल 1568 संक्रमित; खजराना गणेश मंदिर के पुजारी के घर पर क्वारैंटाइन का नोटिस चस्पा

    इंदौर में कोरोनावायरस के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। शनिवार रात आई रिपोर्ट में 23 नए केसमिले। शहर में मरीजों की संख्या बढ़कर 1568 पर पहुंच गई। अब तक 76 मरीज दम तोड़ चुके हैं। खजराना गणेश मंदिर के पुजारी के परिवार में कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने पर उनके घर पर प्रशासन ने क्वारैंटाइन का नोटिस लगाया है।

    सीएमएचओ कार्यालय के अनुसार, शनिवार को कुल 515 सैंपल की जांच रिपोर्ट आई। इसमें492 की रिपोर्ट निगेटिव है। 23 संक्रमित हैं।दो मरीजों की मौत भी हुई। इधर, खजराना गणेश मंदिर के पुजारी भट्ट परिवार के एक सदस्य उमेश भट्ट (नानू महाराज) पॉजिटिव मिले हैं। परिवार के सभी 14 सदस्य होम क्वारैंटाइन हैं। हालांकि, पुजारी परिवार ने कहा कि हम सभी पूरी तरह से स्वस्थ हैं। दरअसल, मंदिर के पंडित अशोक भट्ट परिवार के सदस्यों की पिछले दिनों तबीयत खराब हुई थी।

    पुजारी परिवार में 3 लोगों की तबीयत बिगड़ी थी

    सबसे पहले इनके सबसे बड़े भाई धर्मेंद्र, फिर अशोक और दो दिन के बाद छोटे भाई उमेश भट्ट की तबीयत खराब हुई। एक हफ्ते के अंतराल में परिवार के लगभग सभी सदस्यों को बुखार आ गया। इसके बाद उन्होंने उपचार करवाया। तीन-चार दिनों में सभी सदस्यों की तबीयत भी ठीक हो गई। लेकिन उमेश भट्ट की तबीयत फिर बिगड़ गई। उन्हें बेचैनी और घबराहट होने लगी। पंडित अशोक भट्ट ने बताया कि उमेश की तबीयत अब ठीक है। वो चोइथराम अस्पताल में भर्ती हैं। हम सभी सदस्य पूरी तरह से होम क्वारैंटाइन हैं। प्रशासन के नियमों का पालन कर रहे हैं। उमेश जल्द ही स्वस्थ हो जाएंगे। उनकी दो रिपोर्ट आना बाकी हैं।

    भास्कर संवाददाता ने कोरोना से जंगजीती
    भास्कर संवाददाता देव कुंडल ने भी कोरोना से जंग जीत ली। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें 14 अप्रैल को अस्पताल में भर्ती किया गया था। इसके अलावा चार अस्पतालों और दो कोविड सेंटर से शनिवार को 121 मरीज डिस्चार्ज हुए, यह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। अरबिंदो से 54, एमआर टीबी से 1, चोइथराम से 8, वाटर लिली से 27, प्रेसीडेंट पार्क से 19, रॉबर्ट नर्सिंग होम से 11 मरीज घर लौटे। अब तक 350 मरीज कोरोना से जंग जीतकर घर लौट चुके हैं।



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    चार अस्पतालों और दो कोविड सेंटर से शनिवार को 121 मरीज डिस्चार्ज हुए। यह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है।




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    दुकान खोलकर सामान बेच रहा था, 2 हजार का लगाया जुर्माना

    कर्फ्यू के दौरान दुकानदार दुकानें खोलकर लोगों को सामान सप्लाय कर नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। रविवार को किराना व्यवसाय करते पाए जाने पर जोबट के किराना व्यापारी रमेश चंद्र चैन को राजस्व नगर पंचायत अमले ने 2000 का चालान काटकर दंंडित किया। तहसीलदार कैलाश सस्तीया ने बताया कि उक्त व्यापारी को पूर्व में भी राजस्व अमले ने तीन-चार बार चेतावनी दी थी। लेकिन उसके बाद भी व्यापारी द्वारा लाॅकडाउन का पालन नहीं करते हुए दुकान खोलकर सामान विक्रय करते हुए पाया गया, इसके बाद अमले ने जुर्माना वसूलने की कार्रवाई की।



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    Opening shop, selling goods, fined 2 thousand




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    रतलाम की सीमा पर 24 घंटे निगरानी, स्क्रीनिंग के बाद जिले में मिल रहा प्रवेश

    झाबुआ जिले के अंतिम छोर पर बसे ग्राम भाबरापाड़ा में रतलाम जिले की सीमा पर 24 घंटे निगरानी की जा रही है। यहां पर हर आने-जाने वाले लोगोंपर नजर रखी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, पुलिस जवान व कोटवार यहां ड्यूटी दे रहे हैं। रतलाम जिले से आने वाले लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है। साथ ही अनुमति देखकर ही उन्हें प्रवेश दिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम स्क्रीनिंग के बाद स्वस्थ होने का प्रमाण पत्र दे रही है। टीम के सदस्यों ने बताया रोजाना 300 लोग आ रहे हैं।



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    24-hour surveillance on the border of Ratlam, getting admission in the district after screening




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    लॉकडाउन-2 में संभला इंदौर, अब 3.0 में उबर सके इसलिए सख्ती जरूरी

    तीसरे लॉकडाउन की शुरुआत सोमवार से हो रही है। पिछले दो लॉकडाउन की तुलना करें तो सैंपलिंग दोगुना हो गई है। लेकिन रिकवरी दर में पांच गुना बढ़ोतरी हुई है और वहीं मृत्यु दर काफी कम हुई है। एेसे में संकेत हैं कि अब तीसरे लॉकडाउन के दौरान इंदौर में तेजी से सुधार होगा, क्योंकि टेस्ट पॉजिटिव रेट भी 10% के नीचे सैटल होते नजर आ रहा है। बीते चार दिनों से यह चार से दस फीसदी के बीच चल रहा है।

    पीपीई किट पहनने के बाद स्टाफ की तबीयत बिगड़ी, ताबड़तोड़ किट बदलवाए

    कोरोना से लड़ने के लिए चिकित्सकीय स्टाफ किन मुश्किलों से काम कर रहा है, इसका ताजा मामला एमवाय में सामने आया। फ्लू-ओपीडी में शनिवार सुबह स्टाफ के 2 कर्मचारी पीपीई पहनने के कुछ देर बाद घबरा गए। पसीना-पसीना हो गए। उन्हें तुरंत कैजुअल्टी ले जाया गया, जहां उनकी जांच की गई। इसी तरह की समस्या एमटीएच अस्पताल में भी एक कर्मचारी ने दर्ज करवाई।

    अस्पताल प्रशासन का कहना है कि यही किट स्टाफ के अन्य सदस्यों ने भी पहनी थी। सिर्फ दो लोगों को बेचैनी महसूस हुई। तत्काल उन्हें बदलकर दूसरी किट दे दी गई थी। जानकारी के अनुसार ओपीडी में शनिवार को एक वार्ड बॉय और शासकीय नर्सिंग कॉलेज की छात्रा को पीपीई किट पहनने के कुछ देर बाद ही घबराहट और बेचैनी महसूस होने लगी। चंद मिनटों में ही वह पसीना-पसीना हो गई और घबराहट के मारे गिरने की स्थिति में आ गई। अन्य स्टाफ दौड़ते हुए पहुंचा और उसे पंखे के नीचे लेटाया। इसकी सूचना अस्पताल प्रशासन को मिली। ताबड़तोड़ किट बदलकर दूसरी किट उपलब्ध करवाई गई। स्टाफ का कहना है कि किट की क्वालिटी अच्छी नहीं थी। इससे गर्मी बढ़ गई। यह प्लास्टिक के मटेरियल के बने थे। अंदर भी लेमिनेटेड लेयर थी। गर्मी बढ़ने से पसीना-पसीना हो गए और घबराहट होने लगी। वैसे भी इन दिनों तापमान 40 डिग्री के आसपास चल रहा है। ऐसे में पीपीई पहनकर काम करना दुरूह कार्य है।


    अधीक्षक डॉक्टर पीएस ठाकुर ने बताया कि किट की क्वालिटी में कोई खराबी नहीं है क्योंकि उस दिन सभी को यह किट उपलब्ध करवाई गई थी। अन्य स्टाफ ने भी यही किट पहनी थी। किसी को परेशानी नहीं हुई। दो लोगों को डिहाइड्रेशन की शिकायत हो गई थी। किट पहनने के बाद उन्हें गर्मी ज्यादा लगी। उन्हें बदलकर दूसरी किट दे दी गई थी।



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    तीसरे लॉकडाउन की शुरुआत सोमवार से हो रही है। पिछले दो लॉकडाउन की तुलना करें तो सैंपलिंग दोगुना हो गई है।




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    सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक किराना, कपड़ा व जनरल स्टोर्स खुलेंगे, पान की दुकानें, होटल, सैलून बंद रहेंगे, बसें भी अभी नहीं चलेंगी


    लॉकडाउन-3 का असर जिले में नहीं होगा। सोमवार से जिले में कुछ व्यापार को छोड़कर बाकी सारी दुकानें खोलने की अनुमति दे दी गई है। 43 दिन से शहर का बाजार नहीं खुला। बीच-बीच में थोड़ी-बहुत छूट दी गई, लेकिन 80 प्रतिशत बाजार अब भी बंद था। ग्रीन जोन में होने का फायदा जिले को मिला और लॉकडाउन में छूट मिल गई। बाजार सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक खुल पाएगा। दोपहर 2 बजे से सुबह 8 बजे तक बेवजह घूमने की छूट नहीं रहेगी। बसों और परिवहन साधनों का संचालन अभी बंद रहेगा। हालांकि रविवार को सभी जगह बाजार बंद रखना होंगे। व्यापार में पूरी तरह से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। दुकानदारों को दुकानों के बाहर ऑइल पेंट से एक-एक मीटर की दूरी पर गोले लगाना पड़ेंगे, जिनसे ग्राहकों से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराया जा सके। सैनिटाइजर रखना होगा और ग्राहकों को उपयोग कराना होगा। यानी दुकान से सामान खरीदने के पहले हाथों को सैनिटाइज करना जरूरी है।

    जिले में सभी दुकानें खुल सकेंगी। थोक सब्जी मंडी पाॅलिटेक्निक कॉलेज ग्राउंड में रहेगी। बाकी जगह एसडीएम स्कूलों या खेल मैदानों में सब्जी मंडी बनाएंगे। यहां निश्चित दूरी पर गोले बनाकर दुकानें लगाई जाएंगी। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं होता है तो कार्रवाई होगी।


    इन्हें अभी छूट नहीं

    • पान, गुटखा, तंबाकू दुकानें, होटल, रेस्टोरेंट, हलवाई, चाय दुकानें, कैंटीन नहीं खुलेंगे।
    • सैलून, पार्लर, ब्यूटी पार्लर अभी नहीं खुलेंगे।
    • सिनेमा घर, चाट-मसाला दुकानें खुलना प्रतिबंधित रहेगा।
    • सभी धार्मिक व सार्वजनिक गतिविधियां पहले की तरह प्रतिबंधित रहेंगी।
    • निर्देश की वजह से शराब दुकानें 17 मई तक बंद रहेंगी।
    • बसें, ऑटो, टैक्सी, टेम्पो को चलाने की इजाजत अभी नहीं दी गई है।

    बदलाव क्या हुआ
    ग्रामीण क्षेत्रों में किराना दुकानें खोलने की अनुमति 4 दिन पहले दे दी गई थी। अब शहरों में भी खुलेंगी। लॉकडाउन की शुरुआत से ही किराना, फल, सब्जी की होम डिलीवरी की इजाजत थी। पहला फेज खत्म होने के बाद इलेक्ट्रॉनिक, स्टेशनरी को भी इसमें शामिल कर दिया गया था।

    अब जिम्मेदारी हमारी कि जिला ग्रीन जोन में बना रहे

    जिले में लॉकडाउन खत्म हो गया। ये इसलिए हो सका, क्योंकि जिला ग्रीन जोन में है। अभी तक कोई पॉजिटिव नहीं मिला। इसके पीछे बड़ा कारण लॉकडाउन ही है, लेकिन अब जिम्मेदारी हम नागरिकों की है। हमें इस खतरे से खुद को, अपने परिवार को, अपने मोहल्ले-शहर को और जिले को बचाकर रखना है। इसलिए जरूरी है कि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। बहुत जरूरी होने पर ही बाजार जाएं या घर से बाहर निकलें। कहीं भीड़ न लगाएं और एक-दूसरे से कम से कम 1 मीटर की दूरी रखें। मास्क जरूर लगाएं, ये नियम है।

    22 मार्च से बंद है बाजार
    22 मार्च को जनता कर्फ्यू के दिन से जिले में बाजार बंद है। 23 मार्च से कलेक्टर ने लॉकडाउन की घोषणा 3 दिन के लिए कर दी थी, लेकिन 24 मार्च को देशव्यापी लॉकडाउन हो गया। 3 मई को 43 दिन पूरे हो गए।

    आपको ये करना है

    • जब तक घर से बाहर हैं, मास्क नहीं उतारें। घर आकर भी पहले अच्छे से हाथ धोकर ही मास्क उतारें। इसे हर दिन अच्छे से धोकर धूप में सुखाएं।
    • बाहर से सामान लाएं तो कोशिश ये करें कि अगर खराब होने जैसा सामान नहीं है तो कम से कम एक दिन इसे घर में एक जगह लाकर रख दें। सामान सैनिटाइज होने जैसा है तो कर लें।
    • बाजार में भी सामान चुनते वक्त कम से कम चीजों को हाथ लगाएं। दुकान से निकलते समय भी हाथों को सैनिटाइज कर लें।
    • बेवजह का सामान लेने बाजार न जाएं तो अच्छा है। किसी भी हाल में सैलून या पार्लर न जाएं, न इन्हें घर बुलाकर काम कराएं।
    • सोशल डिस्टेंसिंग से अलग कोई भी काम करने से पहले ये जरूर सोचें कि अगर जिले में कोरोना पॉजिटिव आ गया तो लॉकडाउन फिर लागू हो सकता है।


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    Grocery, textile and general stores will open from 8 am to 2 pm, paan shops, hotels, salons will remain closed, buses will also not run




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    जिले में 90% हुआ मूल्यांकन, ओएमआर शीट भरने का काम हुआ 20%

    वैश्विक महामारी कोविड-19 संक्रमण के चलते माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल द्वारा कक्षा 10वीं-12वीं की वार्षिक परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं का गृह मूल्यांकन कराया जा रहा है। कॉपिया जांचने की लिए 10 दिन की समयसीमा दी गई थी, हालांकि पूरा मूल्यांकन होने में अभी करीब एक सप्ताह और लग सकता है।जिले में 90 प्रतिशत कॉपियों का मूल्यांकन हो चुका है। चूंकि लॉकडाउन 17 मई तक आगे बढ़ा दिया गया है। लिहाजा जिस तरह शिक्षकों के घर-घर कॉपियां मूल्यांकन के लिए भेजी गई हैं, वैसे ही जमा भी कराई जाएंगी। सहायक समन्वयक एमके खुराना ने बताया प्रत्येक मूल्यांकनकर्ता शिक्षक से लगातार संपर्क हैं। रोजाना चैक होने वाली कॉपियों की गणना कर प्रतिदिन की अपडेट रिपोर्ट ली जा रही है। कॉपियां जांचने के लिए झाबुआ सहित राणापुर, पेटलावद, रामा, मेघनगर व थांदला विकासखंड के शिक्षकों को दी गई है। पूरी कॉपी जंचने में करीब एक सप्ताह और लग सकते हैं। इसके बाद इन्हें जमा करने का सिलसिला शुरू होगा। गौरतलब है कि लॉकडाउन 17 मई तक आगे बढ़ा दिया गया है। इस दौरान सभी शिक्षण संस्थान बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। इस कारण जिस तरह शिक्षकों के घरों में कॉपियां भेजी गई थी, उसी तरह जमा भी कराई जाएंगी।

    शुरू हुआ ओएमआर शीट भरने का काम
    झाबुआ विकासखंड में किए जा रहे मूल्यांकन कार्य के बाद ओएमआर शीट भरने का काम भी शुरू कर दिया गया है। शीट भरने का काम सभी विकासखंड के शिक्षकों को समन्वयक संस्था उत्कृष्ट विद्यालय झाबुआ आकर ही करना होगा। इसे प्रारंभिक अंक सूची भी कह सकते हैं। इसमें शिक्षकों को अंक भरना होंगे। ओएमआर शीट भरने का काम 20 प्रतिशत हो चुका है। खुराना ने बताया जांच गई कॉपी में से 10 प्रतिशत का मूल्यांकन डिप्टी हेड करेंगे। इसके अलावा शून्य अंक और 90 अंक व अधिक वाली कॉपियों का भी डिप्टी हेड को पुन: परीक्षण करना होगा।



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    जिले में 90% हुआ मूल्यांकन, ओएमआर शीट भरने का काम हुआ 20%

    वैश्विक महामारी कोविड-19 संक्रमण के चलते माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल द्वारा कक्षा 10वीं-12वीं की वार्षिक परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं का गृह मूल्यांकन कराया जा रहा है। कॉपिया जांचने की लिए 10 दिन की समयसीमा दी गई थी, हालांकि पूरा मूल्यांकन होने में अभी करीब एक सप्ताह और लग सकता है।जिले में 90 प्रतिशत कॉपियों का मूल्यांकन हो चुका है। चूंकि लॉकडाउन 17 मई तक आगे बढ़ा दिया गया है। लिहाजा जिस तरह शिक्षकों के घर-घर कॉपियां मूल्यांकन के लिए भेजी गई हैं, वैसे ही जमा भी कराई जाएंगी। सहायक समन्वयक एमके खुराना ने बताया प्रत्येक मूल्यांकनकर्ता शिक्षक से लगातार संपर्क हैं। रोजाना चैक होने वाली कॉपियों की गणना कर प्रतिदिन की अपडेट रिपोर्ट ली जा रही है। कॉपियां जांचने के लिए झाबुआ सहित राणापुर, पेटलावद, रामा, मेघनगर व थांदला विकासखंड के शिक्षकों को दी गई है। पूरी कॉपी जंचने में करीब एक सप्ताह और लग सकते हैं। इसके बाद इन्हें जमा करने का सिलसिला शुरू होगा। गौरतलब है कि लॉकडाउन 17 मई तक आगे बढ़ा दिया गया है। इस दौरान सभी शिक्षण संस्थान बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। इस कारण जिस तरह शिक्षकों के घरों में कॉपियां भेजी गई थी, उसी तरह जमा भी कराई जाएंगी।

    शुरू हुआ ओएमआर शीट भरने का काम
    झाबुआ विकासखंड में किए जा रहे मूल्यांकन कार्य के बाद ओएमआर शीट भरने का काम भी शुरू कर दिया गया है। शीट भरने का काम सभी विकासखंड के शिक्षकों को समन्वयक संस्था उत्कृष्ट विद्यालय झाबुआ आकर ही करना होगा। इसे प्रारंभिक अंक सूची भी कह सकते हैं। इसमें शिक्षकों को अंक भरना होंगे। ओएमआर शीट भरने का काम 20 प्रतिशत हो चुका है। खुराना ने बताया जांच गई कॉपी में से 10 प्रतिशत का मूल्यांकन डिप्टी हेड करेंगे। इसके अलावा शून्य अंक और 90 अंक व अधिक वाली कॉपियों का भी डिप्टी हेड को पुन: परीक्षण करना होगा।



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    जिले में 90% हुआ मूल्यांकन, ओएमआर शीट भरने का काम हुआ 20%

    वैश्विक महामारी कोविड-19 संक्रमण के चलते माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल द्वारा कक्षा 10वीं-12वीं की वार्षिक परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं का गृह मूल्यांकन कराया जा रहा है। कॉपिया जांचने की लिए 10 दिन की समयसीमा दी गई थी, हालांकि पूरा मूल्यांकन होने में अभी करीब एक सप्ताह और लग सकता है।जिले में 90 प्रतिशत कॉपियों का मूल्यांकन हो चुका है। चूंकि लॉकडाउन 17 मई तक आगे बढ़ा दिया गया है। लिहाजा जिस तरह शिक्षकों के घर-घर कॉपियां मूल्यांकन के लिए भेजी गई हैं, वैसे ही जमा भी कराई जाएंगी। सहायक समन्वयक एमके खुराना ने बताया प्रत्येक मूल्यांकनकर्ता शिक्षक से लगातार संपर्क हैं। रोजाना चैक होने वाली कॉपियों की गणना कर प्रतिदिन की अपडेट रिपोर्ट ली जा रही है। कॉपियां जांचने के लिए झाबुआ सहित राणापुर, पेटलावद, रामा, मेघनगर व थांदला विकासखंड के शिक्षकों को दी गई है। पूरी कॉपी जंचने में करीब एक सप्ताह और लग सकते हैं। इसके बाद इन्हें जमा करने का सिलसिला शुरू होगा। गौरतलब है कि लॉकडाउन 17 मई तक आगे बढ़ा दिया गया है। इस दौरान सभी शिक्षण संस्थान बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। इस कारण जिस तरह शिक्षकों के घरों में कॉपियां भेजी गई थी, उसी तरह जमा भी कराई जाएंगी।

    शुरू हुआ ओएमआर शीट भरने का काम
    झाबुआ विकासखंड में किए जा रहे मूल्यांकन कार्य के बाद ओएमआर शीट भरने का काम भी शुरू कर दिया गया है। शीट भरने का काम सभी विकासखंड के शिक्षकों को समन्वयक संस्था उत्कृष्ट विद्यालय झाबुआ आकर ही करना होगा। इसे प्रारंभिक अंक सूची भी कह सकते हैं। इसमें शिक्षकों को अंक भरना होंगे। ओएमआर शीट भरने का काम 20 प्रतिशत हो चुका है। खुराना ने बताया जांच गई कॉपी में से 10 प्रतिशत का मूल्यांकन डिप्टी हेड करेंगे। इसके अलावा शून्य अंक और 90 अंक व अधिक वाली कॉपियों का भी डिप्टी हेड को पुन: परीक्षण करना होगा।



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    छत्रीपुरा थाने के 22 जवानों की रिपोर्ट निगेटिव, तीन पुलिसकर्मियों के पॉजिटिव आने से आशंकित थे सिपाही

    छत्रीपुरा थाने के 22 पुलिसकर्मियों कीजांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। पिछले दिनों यहांतीन पुलिसकर्मियों की पॉजिटिव रिपोर्ट आने से थाने के स्टाफ में आशंकाएं थीं।

    टीआईआरएनएस भदौरिया के अनुसार, थाने से 22 पुलिसकर्मियों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे। इसमें 7 की रिपोर्ट पहले ही निगेटिव आ चुकी थी। अब शेष सभी सैंपलों की रिपोर्ट भी निगेटिवआई।पुलिसकर्मियों कोसैंपल के बादरिपोर्ट आने तक क्वारैंटाइन किया गया था। छत्रीपुरा के अलावा संयोगितागंज, एरोड्रम, डीआईजी ऑफिस, सीएसपी ऑफिस, जूनी इंदौर और अन्य जगह पुलिसकर्मी पॉजिटिव आ चुके हैं।

    15 दिन बाद आई थी रिपोर्ट

    छत्रीपुरा थाने के स्टाफ की कोरोना जांच के लिए 12 अप्रैल को सैंपल लिए गए थे। 15 दिन बाद सोमवार 27 अप्रैल की रात आई रिपोर्ट में सहायक थानेदार पर्वतसिंह सोलंकी, सिपाही अशोक मालवीय और थाने की गाड़ी चलाने वाला ड्राइवर कमलेश साेनगरा कोराना पॉजिटिव निकले थे। जांच के बादसे यह लोग क्षेत्र में काम कर रहे थे। इनमें ऐसे कोई भी लक्षण नजर नहीं आए थे कि जिससे पता चल सके कि यह कोरोना संदिग्ध हैं।



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    पुलिसकर्मियों द्वारा कोरोना प्रभावित क्षेत्रों में लगातार ड्यूटी की जा रही है।




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    निजी अस्पताल के 2 डॉक्टर कोरोना पॉजिटिव, अस्पताल को सैनिटाइज कर किया गया सील

    इंदौर में भले ही कोरोना की रफ्तार धीमी होने के दावे किए जा रहे हों, लेकिन जो नए मामले सामने आ रहे हैं वो प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की मुश्किलें बढ़ाने के लिए काफी हैं। दरअसल, इंदौर के एक निजी अस्पताल के दो डॉक्टरों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की मुश्किलें बढ़ गई हैं। डॉक्टरों के संक्रमित होने की सूचना के बाद अस्पताल को सैनिटाइज कर उसे सील कर दिया गया है।

    डॉक्टरों के पॉजिटिव आने के बाद सोमवार को जिला प्रशासन ने शहर के मध्य क्षेत्र राजबाड़ा के इमली बाजार स्थित निजी अस्पताल को सील करने का निर्णय लिया। इसके पहले प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल में भर्ती मरीजों को क्वारैंटाइन सेंटर भेज दिया है। इसके अलावा संक्रमित डॉक्टरों की कांटेक्ट हिस्ट्री के साथ ही केस हिस्ट्री भी पता की जा रही है, ताकि संपर्क में आए लोगों की जांच की जा सके। स्वास्थ्य विभाग की ड्यूटी डॉक्टर ने जानकारी दी है कि प्रशासन के आदेश के मुताबिक कार्रवाई की गई है। बता दें कि जिस अस्पताल को सील किया गया है। वह ग्रीन अस्पतालों की श्रेणी में रखा गया था।



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    मेडिकल टीम के साथ प्रशासन अस्पताल को सील करने पहुंचा। यहां भर्ती मरीजों को पहले क्वारैंटाइन किया गया।




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    ग्रीन श्रेणी में शामिल निजी अस्पताल के 2 डॉक्टर कोरोना पॉजिटिव, अस्पताल को सील किया

    प्रशासन द्वारा भले ही शहर में कोरोनावायरस की रफ्तार धीमी होने के दावे किए जा रहे हों, लेकिन जो नए मामले सामने आ रहे हैं, वेप्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की मुश्किलें बढ़ाने के लिए काफी हैं। इंदौर के एक निजी अस्पताल के 2 डॉक्टरों की कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आई है। सोमवार को इस अस्पताल को सील किया गया। डॉक्टरों के पिछले 15 दिनों के संपर्कों की तलाश की जा रही है। रविवार रात आई रिपोर्ट में कोरोनावायरस के 43 नए मरीज मिलने से पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़कर 1611 पर पहुंच गई।

    जानकारी के अनुसार, राजबाड़ा के पास स्थित अर्पण नर्सिंग होम के दो डॉक्टारों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इस अस्पताल को ग्रीन श्रेणी के अस्पताल में शामिल किया गया था। दोनों डॉक्टरों को उपचार के लिए अन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चूंकि, दोनों डॉक्टर अस्पताल में सेवाएं दे रहे थे, इसके चलते वहां अर्पण नर्सिंग होम में भर्ती औरउपचार के लिए आने वाले मरीजों उनके परिजनों और अस्पताल के स्टाफ की जांच की जाना है।

    सोमवार को जिला प्रशासन ने इस अस्पताल को सील करने का निर्णय लिया। इसके पहले प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल में भर्ती मरीजो को क्वारेंटाइन सेंटर भेज दिया। इसके अलावा संक्रमित डॉक्टरों की कांटेक्ट हिस्ट्री के साथ ही केस हिस्ट्री भी पता कि जा रही है ताकि संपर्क में आये लोग प्रशासन की नजरों में रहे और उनकी सैम्पलिंग की जा सके। स्वास्थ्य विभाग की ड्यूटी डॉक्टर ने जानकारी दी है कि एसडीएम के आदेश के मुताबिक कार्रवाई की गई है।



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    सोमवार को प्रशासन द्वारा अस्पताल को सील करने की कार्रवाई की गई।




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    17 मई तक लॉकडाउन बढ़ने से सीबीएसई बोर्ड 10वीं और 12वीं की परीक्षा भी टली

    देश में लगातार बढ़ रहे कोरोना वायरस संक्रमण के खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार ने तीसरी बार लॉकडाउन की अवधि बढ़ाकर 17 मई कर दी है। इस दौरान स्कूल कॉलेज भी बंद रहेंगे। सीबीएसई बोर्ड परीक्षाओं का इंतजार कर रहे अभिभावकों और विद्यार्थियों को अभी और इंतजार करना होगा।


    29 अप्रैल को सीबीएसई बोर्ड के अधिकारियों ने कहा था कि अगर सरकार उन्हें 10 से 12 दिन का समय दे तो बोर्ड 12वीं की बची हुई मुख्य विषयों की परीक्षाएं करा लेगा। लेकिन अब लॉकडाउन की अवधि फिर से बढ़ने के बाद परीक्षाएं कराने की योजना फिर ठंडे बस्ते में चली गई है। सीबीएसई के सचिव ने सोशल डिस्टेंसिंग के पालन के साथ सरकार से उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की इजाजत भी मांगी है।


    साथ ही मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा 2020 की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन शुरू करने के निर्देश दे दिए हैं। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के कारण जो स्थितियां पैदा हुई उनके सामान्य होने का इंतजार किया जा रहा है। इसके बाद परीक्षा की प्रक्रिया एक बार फिर शुरू हो जाएगी। कुल 82 में से लगभग 29 विषयों की परीक्षाएं अभी भी आयोजित की जानी हैं। इसके अलावा स्कूलों को फिर से खोलने का फैसला परिस्थितियों पर टास्क फोर्स से विचार करने के बाद लिया जाएगा।


    20 जून से शुरू हो सकता केंद्रीय विद्यालय : स्थानीय केंद्रीय विद्यालय में इन दिनों छुटि्टयां चल रही है। स्कूल 20 जून तक ही खुलने की संभावना है। बताया जा रहा है स्कूल खोलने का अंतिम फैसला केंद्रीय विद्यालय संगठन ही लेगा। वहां से जो भी निर्देश आएंगे उसी के अनुरूप केंद्रीय विद्यालय में कक्षाएं लगेगी।



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    27 ने शुरू किया रक्तदान, 2 साल में 424 डोनर जुड़े

    दो वर्ष पूर्व 27 लोगों से बनी ब्लड डोनेशन टीम से अब 424 रक्तदान जुड़ चुके हैं। येरक्तदाता जरूरत पड़ने पर एक फोन पर ही खून देने पहुंच जाते हैं। दो साल में ही टीम के सदस्यों ने जिले सहित अन्य राज्यों में जाकर रक्तदान किया। 4 मई को इस टीम को बने दो साल पूरे हो गए। आज के दिन वर्ष 2018 में ब्लड डोनेशन टीम बनाई गई थी। नगर के 27 ब्लड डोनर इसमें शामिल हुए थे। टीम का गठन थांदला क्षेत्र में ब्लड की कमी को देखते हुए किया गया था। अजय सेठिया, समर्थ उपाध्याय, प्रशांत उपाध्याय, श्याम मोरिया, आनंद चौहान, मनीष बघेल, स्वप्निल जैन, अर्पित जैन, आनंद राठौर, नीरज श्रीवास्तव ने इसकी शुरुआत की थी। इन युवाओं ने समय-समय पर रक्तदान किया। देखते ही देखते इनसे लोग जुड़ते गए।


    दो साल में आज इस टीम में 424 डोनर जुड़ गए हैं। येसभी हर जगह ब्लड उपलब्ध कराते हैं। अभी तक 385 रक्तदान इस टीम के सदस्य कर चुके हैं। अन्य प्रदेशों में भी रक्तदान के लिए जा चुके हैं। इस टीम को ब्लड डोनेशन के लिए अब तक 4 अवाॅर्ड भी मिल चुके हैं। इसके अलावा उत्कृष्ट सेवा कार्य के लिए भी ये सम्मानित हो चुके हैं। लॉकडाउन में भी टीम के सदस्य जरूरमंदों की मदद कर रहे हैं।



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    27 started blood donation, 424 donors added in 2 years




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    मवेशी चराने गए 10 साल के बालक पर जानवर का हमला, सिर में 23 टांके आए

    अपने सहयोगी के साथ मवेशी चराने गए 10 वर्षीय बालक पर तेंदुए ने हमला कर दिया। जिससे बालक गंभीर रूप से घायल हो गया। असपास के लोगों के शोर मचाने पर तेंदुआ वहां से भाग निकला। ग्रामीणों ने 108 को सूचना दी। जिससे घायल बालक को स्वास्थ्य केंद्र जोबट लाया गया। बालक बुरी तरह जख्मी है, सिर में 23 टांके आए हैं। मौके पर पहुंचे वनकर्मियों ने कहा कि तेंदुआ ही होगा। क्याेंकि तेंदुआ ही सिर और गले में वार करता है। घटना मंगलवार सुबह करीब 11 बजे जोबट से 6 किमी दूर उंडारी गांव के पटेल फलिया की है। इधर.. घटना के साढ़े 8 घंटे बाद शाम 7.30 बजे तक भी डीएफओ डूडवे को मामले की जानकारी नहीं थी। जिससे घटनास्थल के आसपास जंगल में अभी तक तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा नहीं रखा गया। वनविभाग की लापरवाही के कारण ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।


    जानकारी अनुसार ग्राम उंडारी के पटेल फलिया निवासी वीरेंद्र पिता केसरसिंह (10) अपने सहयोगी के साथ मवेशी चरा कर उन्हें पानी पिलाने के लिए छोटे डैम पर ले गया। उसी समय वहां छिपे तेंदुए ने उस पर हमला कर दिया। साथियों व आसपास के लोगों ने शोर मचाया। तेंदुआ बालक को छोड़कर भाग निकला। ग्रामीणों ने बताया कि उक्त जानवर तेंदुआ था। जिसके पूरे शरीर पर गोल धब्बे बने थे। सूचना पर डिप्टी रेंजर प्रकाश मकवाना, वन आरक्षक धर्मेंद्र चौहान ने बालक के घायल होने का पंचनामा बनाया।


    डिप्टी रेंजर मकवाना ने कहा तेंदुआ सदैव शिकार को गर्दन या सिर से पकड़ता है। इसलिए यह हमलावर तेंदुआ ही हो सकता है। हमने पंचनामा बनाकर वरिष्ठ अधिकारी को भिजवा दिया है। घायल बालक का उपचार शासकीय अस्पताल में किया जा रहा है। इसलिए फिलहाल सहायता नहीं मिल सकती। यदि बालक को इलाज के लिए यहां से अन्यत्र ले जाना पड़े तो दवाई का खर्च विभाग स्वीकृत करेगा।

    डीएस डूडवे, डीएफओ, वन विभाग ने कहा-टीम जंगल में होगी, इसलिए मुझे जानकारी नहीं
    मेरे संज्ञान में अब तक ऐसा कोई मामला नहीं आया है। कहां का मामला है मैं पता करवाता हूं। हमारी टीम जंगल में होगी। वहां नेटवर्क समस्या होती है इसलिए मुझे जानकारी नहीं मिल पाई है।’



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    10-year-old boy attacked cattle for cattle grazing, 23 stitches in his head




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    कुक्षी के 19 व डेहरी के 7 मरीजाें की रिपोर्ट आना बाकी, 15 धार रैफर, 42 क्वारेंटाइन

    कुक्षी सहित डेहरी में कोरोना मरीजाें की संख्या बढ़ी है। कुक्षी में सोमवार रात बढ़पुरा (सुभाष मार्ग) में रहने वाला एक व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव पाया गया। वहीं डेहरी में 29 वर्षीय काेराेना पाॅजिटिव युवक के परिवार के 14 व्यक्तियों की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। कुक्षी के कोरोना पॉजिटिव मृतक की मां और बहन सहित कुल 16 लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। अब तक कुक्षी में 8 और डेहरी में 15 लोग पॉजिटिव है।


    बढ़पुरा में 50 वर्षीय व्यक्ति की रिपोर्ट आने के बाद रात में ही एसडीएम बीएस कलेश, तहसीलदार सुनील कुमार डावर और थाना प्रभारी कमल सिंह पवार संबंधित क्षेत्र में पहुंच कर कंटेनमेंट एरिया घोषित किया। कुक्षी में हाईरिस्क श्रेणी में 19 और डेहरी में 7 लोग चल रहे हैं, जिनकी रिपोर्ट आना शेष है। ये लोग कुक्षी के क्वारेंटाइन सेंटर में है। वहीं लो रिस्क श्रेणी के 87 लोग हैं। जिला प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए कुक्षी बीएमओ राजेंद्र सिंह मंडलोई को हटाते हुए जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. नरेंद्र पवैया को प्रभार सौंपा है।


    क्राइसिस मैनेजमेंट के मनोज दुबे (बीआरसी डही) ने बताया आइसोलेशन व उपचार के लिए 15 लोगों को धार रैफर किया है। 42 नए लोग कुक्षी में क्वारेंटाइन किए गए हैं। इधर नए केस आने के बाद प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। पुलिस जवानाें के साथ महिला पटवारियों को चौराहे पर तैनात किया है। अधिकारी खुद सड़कों पर निकलकर पूरी तरह से कानून व्यवस्था पर नजर बनाते हुए सख्ती करते दिखे। सोमवार रात पुलिस प्रशासन ने फ्लैग मार्च निकाल कर लोगों से घरों में रहने की अपील की।

    प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिंघाना में कर्मचारियों के लिए सांसद छतरसिंह दरबार ने पीपीई किट, सैनिटाइजर एवं मास्क दिए। मेडिकल ऑफिसर डॉ. भूतल राठौर, कम्पाउंडर कुंवर पालसिंह, वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व जिला पंचायत निर्माण समिति अध्यक्ष देवराम पाटीदार, पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ धार जिलाध्यक्ष अशोक राठौर, सुरेश भाई साद डोंगरगांव, सुरेश पाटीदार देवगढ़ सहित अन्य कार्यकर्ता माैजूद थे।



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    Reports of 19 patients of Kukshi and 7 of Dehri are yet to come, 15 Dhar Refer, 42 Quarantine




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    25 केंद्राें पर 5823 किसानाें से 4.21 लाख क्विंटल की खरीदी, परिवहन नहीं हाेने से 20 जगह गेहूं खुले में पड़ा, बारदान की है कमी

    समर्थन मूल्य पर 25 केंद्राें पर गेहूं खरीदा जा रहा है। इसमें से 20 जगह खरीदा गेहूं परिवहन नहीं होने से गेहूं रखने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अब तक 5823 किसानों से 4 लाख 21 क्विंटल गेहूं खरीदा गया है। इसमें से 3 लाख क्विंटल का ही परिवहन हाे पाया है। 1 लाख 21 हजार क्विंटल गेहूं खुले में पड़ा है। जो मौसम में बदलाव से खराब होने का अंदेशा है। वहीं जिला मुख्यालय से मार्केटिंग फेडरेशन के अधिकारियों ने बारदान परिवहन नहीं किया। कई केंद्रों पर बारदान की कमी है। कुछ केंद्र प्रभारी ने स्वयं का वाहन भेज कर बारदान मंगवा कर खरीदी शुरू की है।


    काछीबड़ाेदा केंद्र पर गेहूं का परिवहन नहीं होने से सोमवार को खरीदी नहीं हुई। मैसेज मिलने पर उपज लेकर आए किसान परेशान होते रहे। केंद्र पर खुले में पड़े गेहूं को तिरपाल से ढंका गया है। सहकारिता अधिकारी वर्मा का कहना है गेहूं परिवहन के लिए वरिष्ठ अधिकारी को सूचित कर दिया है। वाहन की कमी होने से परिवहन में देरी होने से कई केंद्राें पर गेहूं का स्टाॅक पड़ा है। शीघ्र ही गेहूं उठवाया जाएगा।

    तलवाड़ा वेयर हाउस फूल, अब बगड़ी मंंडी परिसर में हाेगी खरीदी

    उपार्जन केंद्र तलवाड़ा वेयर हाउस में क्षेत्र के किसानों का गेहूं खरीदा जा रहा था। जहां दो संस्थाओं की खरीदी हाेने व परिवहन नहीं हाेने से वेयर हाउस पूरा भर गया। किसानों काे भी 7 से 15 किमी की दूरी तय कर तलवाड़ा जाना पड़ता था। किसानों ने एसडीएम सत्यनारायण दर्रो से चर्चा कर खरीदी केंद्र को बगड़ी में करने की मांग की थी। एसडीएम ने अधिकारियों से चर्चा कर खरीदी केंद्र बगड़ी किया है। अब बगड़ी संस्था के किसानों की उपज कृषि उप मंडी में खरीदी जाएगी। नायब तहसीलदार जितेंद्रसिंह तोमर ने गेहूं तुलाई के बाद प्रतिदिन परिवहन करने के लिए संबंधित अधिकारियाें काे निर्देश दिए। थाना प्रभारी बीएस वसुनिया, बीएमओ चमनदीप अरोरा ने भी खरीदी केंद्र का निरीक्षण कर संस्था प्रबंधन कृष्णा वर्मा, कालूराम वर्मा व किसानाें से चर्चा की।

    अधिक किसानाें काे बुलाने से लग रही भीड़
    ई-उपार्जन केंद्र पर ज्यादा किसान पहुंचने लगे हैं। भाेपाल से मैसेज मिलने के बाद उपज लेकर अाने से वाहनाें की कतार केंद्र के बाहर लग रही। खरीदी केंद्र पर भीड़ बनने से निश्चित दूरी का पालन नहीं हाे रहा। वंदना वेयर हाउस मनासा में कतार में वाहन आगे पीछे करने को लेकर किसानों के बीच विवाद हाे गया। 100 डायल व कानवन थाना बीट प्रभारी रवींद्र चाैधरी ने पहुंचकर किसानों को समझाइश दी। नागदा स्थित वेयर हाउस के बाहर वाहनाें की भीड़ बढ़ने से मंडी परिसर में खड़े कराए। नायब तहसीलदार मनीष जैन ने पहुंच कर भंडारण व रखरखाव को लेकर प्रभारी विजेंद्रसिंह बना से जानकारी ली। वेयरहाउस भर जाने से गेहूं बाहर पड़ा है। नायब तहसीलदार जैन ने किसानों से कहा कि अाप धैर्य के साथ सहयोग करें। सभी का गेहूं खरीदा जाएगा। मैसेज सीमित रखने के लिए प्रभारी बना को जीएसओ से चर्चा कर व्यवस्था बनाने की बात कही। पेयजल की व्यवस्था व निश्चित दूरी, मास्क का उपयाेग करने के निर्देश दिए। ई-उपार्जन केंद्र नागदा व मनासा में अब तक 633 किसानों से 49335 क्विंटल गेहूं खरीदा जा चुका है।



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    Purchased 4.21 lakh quintals from 5823 farmers at 25 centers, wheat was left in the open due to lack of transportation, there is shortage of gunny bags
    Purchased 4.21 lakh quintals from 5823 farmers at 25 centers, wheat was left in the open due to lack of transportation, there is shortage of gunny bags




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    लॉकडाउन के 43 दिन : 4 सेंटरों में 259 को किया क्वारेंटाइन, 174 डिस्चार्ज हुए

    पेटलावद ब्लॉक मुख्यालय पर बनाए गए 4 क्वारेंटाइन सेंटरों में 85 लोग बचे हैं। लॉकडाउन के करीब 43 दिनों में यहां बाहर से आए ढाई सौ से अधिक लोगोंको क्वारेंटाइन किया गया था। हालांकि जिनकी भी अवधि पूरी हो गई उन्हें यहां से जाने दिया था।


    कस्तूरबा बालिका विद्यालय सीनियर छात्रावास, कन्या शिक्षा परिसर, अंग्रेजी माध्यम बालिका आश्रम और बालक उत्कृष्ट छात्रावास को क्वारेंटाइन सेंटर में तब्दील किया गया है। इन्हें 1 मार्च से शुरू किया गया है। इन सेंटरों में अब तक कुल 259 व्यक्तियों को क्वॉरेंटाइन किया गया। जिनमें से 174 को डिस्चार्ज कर दिया है। जबकि 94 के ब्लड सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए थे। इनमें से 67 की रिपोर्ट निगेटिव आई। 7 विभिन्न कारणों से रिजेक्ट हो गई। उनमें से 2 पुनः सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। इन सेंटरों पर आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर मुन्नालाल चोपड़ा एवं उनकी टीम द्वारा प्राथमिक जांच कर सूची बनाकर इन सेंटरों में भेजा जाता है। साथ ही स्वास्थ्य विभाग की टीम प्रतिदिन इन सेंटरों पर स्वास्थ्य परीक्षण एवं आवश्यक दवाई आदि देने नियमित आती है। नगर परिषद द्वारा प्रतिदिन इन केंपस को सैनिटाइजे किया जाकर जल की आपूर्ति की जा रही है।


    आदिवासी विकास विभाग के कर्मचारी दे रहे ड्यूटी: इन क्वारेंटाइन सेंटरों में समस्त कर्मचारी आदिवासी विकास विभाग के शिक्षक व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है। इन सेंटरों की मॉनिटरिंग के लिए नोडल अधिकारी शासकीय कन्या उमावि पेटलावद के प्राचार्य ओंकारसिंह मेड़ा को बनाया गया है। प्रत्येक क्वारेंटाइन सेंटर पर दो अधीक्षक को मेस संचालन एवं अन्य व्यवस्थाओं संबंधी दायित्व सौंपे गए हैं।



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    कुत्तों को रोटी देने जाते वक्त मंदिर में बैठा दिखा मजबूर कैदी, समाजसेविका ने 20 दिन तक खाना दिया, अहमदाबाद घर भी भेजा

    कोरोना के कारण सेंट्रल जेल से 20 दिन पहले रिहा हुआ अहमदाबाद का एक कैदी लॉकडाउन में इंदौर में फंस गया। वह खंडवा रोड स्थित एक मंदिर में समय काट रहा था। इसी दाैरान रोजाना कुत्तों को रोटी देने आने वाली एक समाजसेविका की नजर उस पर पड़ी। उन्हाेंने उसकी समस्या जानी और उसे भी रोजाना भोजन देना शुरू कर दिया। जब अंतरराज्यीय ई-पास मिला तो उनके बेटे ने मशक्कत सेपास लिया और अहमदाबाद से आई एक कार वाले से संपर्क कर कैदी काे उसके घर भिजवा दिया।

    जवाहर को राधास्वामी डेरे पर जगह नहीं मिलने से मंदिर में रुकना पड़ा था।

    जानकारी के अनुसार, 15 अप्रैल को अहमदाबाद के कांकरिया का रहने वाला कैदी जवाहर रूपन जेल से रिहा हुआ, लेकिन लॉकाउडन में फंस गया। वह राधास्वामी डेरे पर गया, लेकिन जगह नहीं होने से उसे वहां नहीं रखा गया। इस पर वह वहां माैजूद एक अन्य मंदिर में अकेला रहने लगा। तभी वहां कुत्ताें काे राेटी देने वाली समाजसेविका और भाजपा नेत्री सरिता बहरानी से संपर्क हुआ। बहरानी ने रोजाना उसे रोटी देना शुरू किया। 20 दिन तक यही चलता रहा। सरिता का बेटा सन्नी भी जवाहर को अहमदाबाद भेजने के लिए लगा था। किस्मत से पता चला कि अहमदाबाद की एक कार भोपाल के मजदूर छोड़ने आई है। तभी सन्नी ने ई-पास के लिए अप्लाई किया। एसडीएम सुनील ओझा ने इस केस को इमरजेंसी जानते हुए तत्काल पास देने की अपील कर दी। चार घंटे में पास बन गया और फिर सन्नी ने जवाहर को कार तक पहुंचा दिया। सरिता ने पिछले दिनों माणिकबाग क्षेत्र में रहने वाली कैंसर पीड़िता की भी 15 दिन सेवा की थी। उसे अस्पताल पहुंचाया और जब उसकी मृत्युहो गई तो अपने परिचित के माध्यम से उनका अंतिम संस्कार भी करवाया।



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    समाजसेविका सरिता बहरानी ने अंतरराज्यीय ई-पास की व्यवस्था कर कैदी को घर भिजवाया।




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    खजराना समेत पांच हॉट स्पॉट में 300 मरीज; 200 से ज्यादा स्वस्थ, घर लौटे

    (गौरव शर्मा )शहर के पांच हॉट स्पॉट खजराना, टाटपट्टी बाखल, रानीपुरा क्षेत्र (दौलतगंज, हाथीपाला), चंदननगर, अहिल्या पल्टन। इन क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण में अब सुधार हो रहा है। कोरोना पॉजिटिव मरीज यहीं सबसे तेजी से बढ़े थे। अब उनमें से ज्यादातर ठीक होकर घर भी लौट आए हैं। टाटपट्टी बाखल में तो कोरोना के सभी मरीज ठीक होकर घर लौट चुके हैं। अब कोई भी अस्पताल में भर्ती नहीं है। रानीपुरा, दौलतगंज, हाथीपाला के सिर्फ दो कोरोना संक्रमित मरीज अस्पताल में भर्ती हैं, बाकी सभी लोग पूरी तरह ठीक हो गए हैं। खजराना, चंदननगर, अहिल्या पल्टन में से भी आधे से ज्यादा मरीज ठीक हो चुके हैं। जो भी मरीज ठीक होकर घर लौटे हैं, सभी होम क्वारेंटाइन हैं।
    टाटपट्टी बाखल : 37 में से एक मौत, बाकी सब ठीक
    टाटपट्टी बाखल में कुल 37 कोरोना पॉजिटिव आए थे। इनमें से एक की मौत हुई बाकी सभी 36 ठीक होकर घर लौट गए हैं। यहां पर कुल 92 लोगों को क्वारेंटाइन किया गया था। उनमें से भी सभी को सेंटर से घर भेज दिया है। खास बात ये है कि इस क्षेत्र में पिछले 15 दिनों में कोई भी नया मरीज सामने नहीं आया। चिह्नित मरीज में से ही पॉजिटिव सामने आए हैं। जिन चार मरीजों की अस्पताल से छुट्टी हुई वे जब क्षेत्र में पहुंचे तो यहां पर लोगों ने मेडिकल, पुलिस-प्रशासन के लिए तालियां बजाकर स्वागत भी किया।

    रानीपुरा क्षेत्र : 65 में से तीन की मौत, 2 भर्ती, बाकी सभी स्वस्थ
    रानीपुरा, दौलतगंज, हाथीपाला क्षेत्र में 65 पॉजिटिव थे। यहां तीन मौत हुई थी। बाकी 62 में से 60 लोग ठीक होकर घर लौट आए। 2 लोग अब भी भर्ती हैं। यहां के 180 लोगों को क्वारेंटाइन सेंटर भेजा था। वे सब भी ठीक होकर घर लौट आए हैं। पिछले एक सप्ताह में इस क्षेत्र से चिह्नित मरीज को छोड़ बाकी नया कोरोना केस नहीं आया है।
    चंदननगर : 24 में से 11 लोग घर लौटे, पूरे थाना क्षेत्र में 18 मौतें
    चंदननगर से ही कोरोना का मरीज डेढ़ महीने पहले सबसे पहले यहीं से आया था। यहां के कुल 24 मरीज में से 11 ठीक होकर घर लौट आए हैं। उधर, चंदननगर थाना क्षेत्र (गुमाश्तानगर, रामानंद नगर, सिरपुर सहित अन्य इलाकों) में कुल 105 लोगों में से 29 लोग ठीक होकर आ गए हैं। कोरोना से 18 मौत चंदननगर थाना क्षेत्र में हो चुकी है।
    खजराना : 155 में से 85 ठीक अहिल्या पल्टन के भी 15 लौटे
    इंदौर में कोरोना के सबसे ज्यादा मामले खजराना क्षेत्र में 155 हैं। यहां पर एक ही परिवार के नौ लोग पॉजिटिव भी आए थे। यहां के अब 85 मरीज ठीक होकर घर वापस आ गए हैं। अहिल्या पल्टन के भी 35 में से 15 लोग घर लौट आए हैं। पुलिस-प्रशासन ने यहां पूरे एरिया को सील किया हुआ है।



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    300 patients in five hot spots including Khajrana; More than 200 healthy, returned home




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    अंबाड़ा में पानी भरने की बात पर दाे पक्षाें में विवाद, पुलिस ने 12 लाेगाें पर किया केस दर्ज

    पास के गांव अंबाड़ा में मंगलवार को पानी भरने की बात पर दो पक्षों में विवाद हो गया। कन्नौद पुलिस के अनुसार एक पक्ष की ओर से फरियादी इरफान पिता दरिया खां (25) ने रिपोर्ट लिखवाई। दो दिन से पाइपलाइन टूट गई है। इसलिए मसजिद से पानी भर रहे हैं। मंगलवार दोपहर 3 बजे फरियादी का भाई आशिक मसजिद मेंपानी की मोटर बंद करने गया था। वापस लौटने पर आरोपी अकरम खां, अफसर खां, सेफू खां, पीर जी, जेनम पति सेफू खां, नब्बो पति पीर जी ने गाली-गलौज कर मारपीट की। जान से मारने की धमकी दी। दूसरे पक्ष की ओर से फरियादी शाबिर पिता सेफू खां (18) ने रिपोर्ट लिखवाई। फरियादी के पाइप से आरोपी इरफान खां, आशिक खां पानी भरने लगे थे। मना करने पर गाली-गलौज करने लगे। गांव के लोगों ने बीच-बचाव कर विवाद खत्म किया। इसके बाद फरियादी का भाई अकरम दोपहर 3 बजे मोटर चालू करने गया तो उसके साथ दरिया पिता भादर खां, इकबाल पिता गफूर खां, बश्कर पति इरफान खां, कुंवराबाई पति गफूर खां ने मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी। मामले मेंपुलिस ने दोनों पक्ष की ओर से प्रकरण दर्ज किया।



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    बेबस यात्रियाें से 2500-2500 रुपए किराया वसूला, बस चालक व कंडक्टर पर एफआईआर

    काेराेना संकट के दाैर में परेशान लाेगाें की सेवा में सब लगे हैं। इस बीच एक बस वाले ने बेबस यात्रियाें की मजबूरी का फायदा उठाकर पीथमपुर से रीवा के लिए बिना अनुमति बस चला दी और यात्रियाें से 2000 से 2500 रुपए तक किराया वसूल लिया।


    साेशल डिस्टेंस का भी ख्याल नहीं रखा और बस के अंदर और छत पर सवारी बैठा कर ले गया। बस का किसी ने सागर के पास वीडियाे बनाया। यह वीडियाे जब वायरल हुआ ताे जांच शुरू हुई। बस का रजिस्ट्रेशन नंबर देवास का हाेने से जिला परिवहन अधिकारी जया वसावा ने कार्रवाई की। मंगलवार रात काेतवाली थाने पर बस के चालक और कंडक्टर पर एफआईआर दर्ज करवाई गई। वसावा ने बताया वीडियाे वायरल हाेने पर कोतवाली टीआई एमएस परमार ने बस के नंबर की हमें जानकारी दी। बस बालाजी के नाम से संचालित है। मालिक संतोष चौहान इंदाैर के राऊ में रहता है। उनसे पूछा कि बस कहां है ताे बाेले किसी के कहने पर बस को मजदूरों को छोड़ने
    भेजा है। जब अनुमति मांगी गई तो बसमालिक ने जवाब दिया कि अनुमति नहीं है। कोतवाली में बस चालक और कंडक्टर पर एफआईआर दर्ज की है। बस का परमिट भी निरस्त किया जाएगा। वसावा ने बताया सरकार मजदूराें काे उनके घर तक छाेड़ रही है। इस दाैरान बसाें में साेशल डिस्टेंस का पालन किया जा रहा है, किराया नहीं लिया जा रहा है। जिन्हें अनुमति दी जा रही है, केवल वे ही बसें मजदूराें का छाेड़ रही हैं। बस मालिक ने बिना अनुमति बस चलाई, पाबंदी के बावजूद किराया लिया और साेशल डिस्टेंस का भी ख्याल नहीं रखा। सभी धाराओं में केस दर्ज किया है।



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    Rs 2500-2500 fare recovered from helpless passengers, FIR on bus driver and conductor




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    समर्थन मूल्य पर गेहूं की रिकाॅर्ड खरीदी, पिछले सीजन में 75 हजार मैट्रिक टन खरीदा, अब तक 1.25 लाख के पार

    इस साल जिले में गेहूं का रकबा बढ़ने के साथ ही उत्पादन भी बंपर हाे रहा, जिसका असर जिले में शुरू हुई समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी में देखने काे मिल रहा है। गत वर्ष पूरे सीजन में जिले में गेहूं की समर्थन मूल्य पर कुल खरीदी 75 हजार मैट्रिक टन हुई थी, जाे इस बार एक माह भी पूरा नहीं हाेने पर गेहूं की खरीदी का जिले भर का आंकड़ा 1.25 लाख मैट्रिक टन से अधिक हाे गया है।


    अगर इसी तरह से 31 मई तक जिले के सभी केंद्राें पर खरीदी चलती रही ताे इस साल सबसे ज्यादा खरीदी का रिकाॅर्ड बन जाएगा। जिले में 123 खरीदी केंद्र पर खरीदी हाेना थी, किंतु कंटेनमेंट क्षेत्र हाेने से 109 केंद्राें पर खरीदी की जा रही। कंटेनमेंट क्षेत्र के 14 खरीदी केंद्राें पर गेहूं तुलाई का कार्य शुरू हाेगा ताे बंपर गेहूं पैदावार का रिकाॅर्ड बन जाएगा। इसके अलावा साैदा पर्ची पर मंडी के व्यापारियाें के द्वारा भी खरीदी की जा रही है। प्रतिदिन मंडी से मिली जानकारी के अनुसार 5 से 8 हजार क्विंटल गेहूं व्यापारियाें के द्वारा खरीदा जा रहा है।


    साइलाें केंद्र के मैनेजर मनीष शुक्ला ने बताया इस बार गेहूं की आवक अधिक हाेने से केंद्र में स्थित 4 जार में से 12.50 हजार मैट्रिक टन का जार फूल हाे गया और दूसरे में भंडारण का काम शुरू कर दिया है। किसानाें के खेताें में गेहूं की पैदावार इतनी हाे रही है कि एक किसान 2-3 वाहनाें में गेहूं लेकर आ रहा है। सहायक खाद्य अधिकारी राजेंद्र माथुर के अनुसार जिले में पूरे सीजन में 75 हजार मैट्रिक टन गेहूं की खरीदी हुई थी, जाे इस बार 1.25 लाख मैट्रिक टन के पार हाे चुकी है। अभी ताे कई किसानाें का माल केंद्राें पर तुलना बाकी है।



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    Purchased record of wheat on support price, purchased 75 thousand metric tons last season, so far beyond 1.25 lakhs




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    महिलाएं बना रहीं मास्क, खरीद रही नगर निगम, अब तक निगम में 2500 मास्क महिलाओं द्वारा जमा

    नगर-निगम के द्वारा जीवन शक्ति योजना के तहत स्व. सहायता समूह की महिलाओं को मास्क बनाने का कार्य दिया है। योजना के तहत जिले की 142 शहरी महिलाओं का इस योजना में पंजीयन किया। प्रत्येक महिला को 200 मास्क बनाने का आदेश दिया गया।


    अब तक निगम में 2500 मास्क महिलाओं के द्वारा जमा किए गए। पूरे प्रदेश में 10000 महिलाओं का पंजीयन किया गया। शासन द्वारा यह मास्क महिलाअाें से 11 रुपए प्रति नग में खरीदा जाएगा। इसकी राशि उनके बैंक खाते में ऑनलाइन 2 -3 दिन में डाली जाएगी।



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    Women are making masks, municipal corporation is buying, so far 2500 masks deposited by women in corporation




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    साेनकच्छ में 20 मिनट बारिश, कुछ स्थानाें पर गिरे ओले, मंडी में खुले में पड़ा गेहूं भीगा

    क्षेत्र के कई हिस्सों में बुधवार काे बेमौसम बारिश होने से पारा 3 डिग्री तक गिर गया। सुबह 10 से दाेपहर 1 बजे तक तापमान 42 डिग्री तक पहुंच गया था,लेकिन 1.15 बजे अचानक मौसम बदला और बूंदाबांदी शुरू हाे गई। दाेपहर करीब 1.30 बजेसे तेज बारिश हाेने लगी, जाे 20 मिनट तक हुई। इस दाैरान कुछ स्थानाें पर चने के अाकार के ओले भी गिरे।


    इधर बारिश से मौसम में ठंडक घुल गई। मौसम जरूर ठंडा हुआ, लेकिन बारिश ने व्यापारी व किसानों की मुसीबत बढ़ा दी। अनाज मंडी में खुले में पड़ा गेहूं भीग गया। किसानों के लिए राहत की बात यह रही कि कई किसानों ने अपनी ट्रॉलियां नीलामी शेड के नीचे लगा रखी थीं इसके कारण उनका अनाज ज्यादा गीला नहीं हो सका। जबकि व्यापारियों का अनाज बड़ी मात्रा में भीग गया, जिसे व्यापारी के यहां कार्य कर रहे लोगों ने नालियों की ओर बहाया।
    मंडी में नहीं है पानी निकासी की उचित व्यवस्था :मंडी में कहीं से भी पानी निकासी की व्यवस्था नहीं है। जहां नालियों का निर्माण किया है वहां व्यापारी अनाज में से निकली धूल व कचरा डाल देते हैं। साथ ही नाली के ऊपर एक व्यापारी ने अतिक्रमण कर दुकान बना ली है। नाली जाम होने पर उसे साफ करने की व्यवस्था भी नहीं है। इसके अलावा एक नाली होने से पानी की निकासी नहीं हाे पाती है। इसके चलते मंडी परिसर में पानी भर जाता है।

    बूंदाबांदी से बढ़ी परेशानी, खुले में रखे आलू-प्याज भीगे

    नगर में बुधवार शाम 7 बजे हुई बूंदाबांदी ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी। खुले में रखेआलू-प्याज भीग गए। वहीं दुकानें बंद होने से फसल को पानी से बचाने के लिए बरसाती के लिए किसान भटकता रहा। खरीदी केंद्र पर गेहूं से भरी ट्रॉलियों को किसानों ने जैसे-तैसे पानी से बचाया।



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    20 minutes of rain in Saenkutch, hailstorms fell in some places, wheat lying in the open in the mandi




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    पुष्य योग गुरुवार को, मिलेंगे सकारात्मक परिणाम, 27 नक्षत्रों में आठवां श्रेष्ठ गुरुपुष्य नक्षत्र

    इस माह पुष्य योग गुरुवार को होने का बहुत ही विशिष्ट एवं महत्वपूर्ण योग बन रहा है। ज्योतिष विज्ञान में इस योग की बहुत महत्ता बताई गई है। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक इस योग के समय किए गए कार्यों में सफलता एवं शुभता में वृद्धि होगी। साथ ही व्यक्ति को सकारात्मक फलों की प्राप्ति होती है।


    पंडित हिमांशु शुक्ल के अनुसार इस तरह का संयोग बहुत कम ही बनता है। इस बार यह संयोग 27 मई की सुबह 7:26 बजे से 28 मई (गुरुवार) की सुबह 7:26 बजे तक रहेगा। यह पुष्य नक्षत्र 27 नक्षत्रों में आठवां नक्षत्र है, जिसे बहुत ही शुभ माना जाता है। इस नक्षत्र के साथ गुरुवार का दिन होना इसका महत्व और बढ़ाता है। माना जाता है कि इस नक्षत्र में जो भी कार्य किए जाते हैं, उसका परिणाम बेहतर ही होता है। इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्ति उदार, सहनशील और परोपकारी होते हैं। धर्म-कर्म में इनकी गहरी आस्था होती है, लेकिन बचपन में इन्हें काफी संघर्ष करना पड़ता है। हालांकि इसमें विवाह संबंध नहीं किए जाते हैं।

    गुरु को मंत्री का स्थान प्राप्त
    पं. शुक्ल ने बताया पुष्य नक्षत्र को सभी नक्षत्रों में श्रेष्ठ माना जाता है, जो स्थायी होता है। अर्थात इस नक्षत्र में किए गए कार्यों में स्थायित्व का भाव मौजूद होता है। यदि आपको कुछ ऐसे काम करने हैं, जिनमें आप जल्द से बदलाव की इच्छा न रखते हैं और उसकी स्थिरता चाहते हों तो इस नक्षत्र में कार्य करना बेहतर होगा। साथ ही गुरु (बृहस्पति) को ग्रहों में मंत्री का स्थान प्राप्त है और गुरु की दृष्टि को गंगाजल के समान पवित्र भी माना गया है।

    राहत देने वाला होगा: गुरुपुष्य और गुरु और शनि
    का वक्री होना देश दुनिया के लिए कुछ राहत देने वाला हो सकता है। कई अटकी योजनाएं और कार्य मई में बनेंगे। चिकित्सा के क्षेत्र में भी कुछ सुखद परिणाम प्राप्त होंगे। लोगों में क्षमताओं को बढ़ाने का जोश और उत्साह बढ़ेगा।

    गुरुपुष्य में किए जाने वाले कार्य

    यात्रा का आरंभ करना, विद्या ग्रहण करना, नए शिक्षण संस्थान में प्रवेश लेना हो या फिर गुरु से मंत्र शिक्षा पाना, आध्यात्मिक उन्नति, धार्मिक अनुष्ठान, राजकीय कार्यों में सफलता दिलाने के साथ ही यह नक्षत्र नेतृत्व की संभावना को बढ़ाता है। इस योग को अपनाने से पूर्व चंद्रमा कमजोर नहीं होना चाहिए। साथ ही गुरु शुक्र ग्रहों का अस्त होना, ग्रहण काल, श्राद्ध पक्ष इत्यादि पर भी ध्यान देने के बाद ही इस योग को ग्रहण करना लाभदायक होता है।



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    आबकारी ने तीन जगह दबिश देकर पकड़ी 20 लीटर अवैध कच्ची शराब, लबरावदा फाटा, किला मैदान व पीपलखेड़ा

    लॉकडाउन मैं अवैध शराब का कारोबार चल रहा है। इसी के चलते मंगलवार रात आबकारी ने तीन जगह दबिश दी है। आबकारी टीम ने करीब 20 लीटर आवेदन कच्ची शराब पकड़ी है। हालांकि पुलिस शराब बनाने वालों को पकड़ने में नाकाम रही।


    सूचना मिली थी की लबरावदा फाटा, किला मैदान व पीपलखेड़ा में अवैध कच्ची शराब बनाने का कारोबार चल रहा है। कलेक्टर श्रीकांत बनोठ के निर्देशन व आबकारी आयुक्त नागेश्वर सोनकेसरी के मार्गदर्शन में आबकारी टीम ने तीनों जगह दबिश दी। टीम के पहुंचते ही शराब बनाने वाले भाग गए, टीम को यहां से 20 लीटर कच्ची शराब मिली। आबकारी आयुक्त सोनकेसरी ने बताया मप्र आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(1)(क) के अंतर्गत 05 प्रकरण कायम किए गए। पकड़ी गई शराब की कीमत करीब 4000 रुपए है।


    अगले दिन भी नहीं खुली शराब दुकान
    बुधवार को भी शराब दुकान बंद रही। इससे स्पष्ट है की शराब ठेकेदारों में कोरोना का डर है। क्योंकि धार जिला रेड जोन में है ऐसी स्थिति में अगर शराब दुकान खुलती है तो कोरोना संक्रमण का खतरा और बढ़ेगा।



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    Excise arrested 20 liter illegal raw liquor at three places, Labravada Phata, Fort Ground and Pipalkheda




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    राजनगर इलाके में सड़क पर पड़ा दिखा 200 रुपए का नोट, दहशत में आए लोगों ने पुलिस को दी सूचना

    कोरोना वायरस के बीच शहर में कई जगह अब तक नोट मिलने से दहशत का माहौल बन चुका है। गुरुवार को इसी तरह चंदननगर थाना क्षेत्र के राजनगर में भी सड़क पर नोट मिले तो लोग दहशत में आ गए। लोगों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस नेयहां पड़े नोट कोसुरक्षित ढंग से उठाकर पॉलिथीन की थैली में रख लिया। नोट कोजांच के लिए भेजा जाएगा।

    घटना को लेकर चंदन नगर टीआई योगेश सिंह तोमर ने बताया कि क्षेत्र में वीणा वादिनी स्कूल के सामने नोट पड़े होने की सूचना मिली थी। इस पर तत्काल टीम को वहां भेज कर वहां से सड़क पर पड़े 200 के नोट को उठाया और जांच के लिए सुरक्षित ढंग से भेजा है। गौरतलब है कि इस तरह सड़कों पर नोट मिलने से दहशत का माहौल है। सुबह जब से नोट देखे गए हैं, तब से इलाके के लोगों ने कई बार पुलिस कंट्रोल रूम को शिकायत की, लेकिन आधे घंटे बाद पुलिस मौके पर आई और नोट उठाए। अब पुलिस पता लगा रही है कि यह नोट कोईफेंककर गया है या फिर किसी का गिर गया है।



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    सड़क किनारे ईंट के नीचे दबा हुआ था 200 का नोट।




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    पीथमपुर में गद्दा बनाने वाली फैक्ट्री में आग लगी, 2 कंपनियों तक पहुंची, 4 घंटे की मशक्कत के बाद काबू पाया

    धार जिले की औद्योगिक नगरी पीथमपुर में सेक्टर-3 स्थित केटी पॉलीमरगद्दा बनाने कीफैक्ट्री में गुरुवार को भीषण आग लग गई।अज्ञात कारण से लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। कुछ ही देर में आग ने पास स्थित दो अन्य फैक्ट्रियों को भी चपेट में ले लिया।इसमें कुरकुरे और चिप्स की पैकिंग का रैपर बनाने वाली सतीश प्रिंट पैक कंपनी में लगी आग से यहां रखा लाखोंकामाल जलगया। वहीं, एनबीआर कुलिंग में भी आग से नुकसान हुआ।

    आग की सूचना के बाद इंदौर, पीथमपुर और कुछ प्रायवेट कंपनियों कीकरीब 13 दमकल कीगाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर चार घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। फायर ब्रिगेड के अनुसार आग से कितने की नुकसानी हुई है। इसका सही आंकलन अभी नहीं हो पाया है। प्रारंभिक जानकारी में लाखों रुपए की नुकसानी का अनुमान है।आग को बढ़ता देख आसपास मौजूद फैक्ट्री संचालकों को भी आगाह कर दिया गया था। लॉकडाउन के कारणफैक्ट्री में मजदूरों की संख्या काफी कम बताई जा रही है।

    सबसे पहले केटी पॉलीमर कंपनी में आग लगी।

    11 केवी लाइन की चपेट में आया युवक
    गुरुवार काे राजाेद निवासी गाेपाल पिता रामचंद्र नायमा समीप ग्राम रामखेड़ा (रावलपाडा) में गेहूं भरने के लिए मिनी ट्रक लेकर जा रहा था। 11 केवी बिजली लाइन के तार नीचे झूल रहे थे। तार नीचे हाेने से मिनी ट्रक से टकरा गए। करंट फैलने से युवक की माैके पर ही माैत हाे गई। मिनी ट्रक के आगे का केबिन व ड्राइवर साइड का टायर भी जल गया। ग्रामीणों ने बताया 11 केवी लाइन को ऊंचा करने के लिए कई बार बिजली कार्यालय में आवेदन दिया,लेकिन काेई सुनवाई नहीं हुई।



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    आग का धुआं कई किलोमीटर दूर से नजर आ रहा था। आग बुझाने 13 दमकल की गाड़ियां पहुंचीं।




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    कोरोना को हराकर घर लौटे 2 माह के स्वराज की यह स्माइल

    (प्रणय चौहान).दो माह के स्वराज ने कोरोना को हरा दिया। बुधवार को मां के जन्मदिन पर वह डिस्चार्ज होकर घर लौटा तो परिवार की खुशियां दोगुना हो गई। मधुबन कॉलोनी निवासी स्वराज के पिता सौरभ तिवारी बताते हैं कि पिछले महीने 57 वर्षीय पड़ोसी की मौत हो गई थी। कुछ दिन बाद उनकी 70 वर्षीय मां ने भी दम तोड़ दिया। इसी दौरान कॉलोनी के 9 लोग पॉजिटिव हो गए। फिर हमने पूरे परिवार का सैंपल दिया। पिता व बहन पॉजिटिव निकले। 29 को स्वराज की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। 1 मई को बेटे व पत्नी को चोइथराम में भर्ती कर दिया। इसी दिन उसका दूसरा सैंपल निगेटिव आया। 4 मई को तीसरा सैंपल निगेटिव आने के बाद 6 को स्वराज घर लौट आया।



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    29 को स्वराज की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। 1 मई को बेटे व पत्नी को चोइथराम में भर्ती कर दिया। इसी दिन उसका दूसरा सैंपल निगेटिव आया। 4 मई को तीसरा सैंपल निगेटिव आने के बाद 6 को स्वराज घर लौट आया।




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    कनाेजिया परिवार पर काेराेना का कहर, हाेटल व्यवसायी की माैत के 36 घंटे के भीतर पिता भी जंग हारे, 2 सदस्य अब भी अस्पताल में

    हाेटल व्यवसायी की माैत के 36 घंटे के भीतर ही शहर में गुरुवार काे इंदाैर में उपचाररत उनके पिता की भी माैत हाे गई है। काेराेना संक्रमित मरीजाें की माैत की संख्या 12 पर पहुंच गई है। इसके अलावा सुबह आई आठ रिपाेर्टों में काेराेना के दाे नए मरीज भी सामने आए हैं। इनमें एक पत्ती बाजार व दूसरा यादव माेहल्ला का है। प्रशासन ने दाेनाें ही इलाकाें में कंटेनमेंट एरिया बनाकर पूरे क्षेत्र काे सील भी कर दिया है। काेराेना संक्रमित की संख्या भी 79 हो गई है। इधर संक्रमितों के मिलने के चलते शहर में कर्फ्यू भी जारी है। प्रशासन द्वारा दूध, किराना और सब्जी आदि मुहैया कराई जा रही है।


    शहर में गुरुवार सुबह मेडिकल बुलेटिन में कुल आठ लाेगाें की रिपाेर्ट आई है। इनमें छह लाेगाें की निगेटिव व दाे की पाॅजिटिव रिपाेर्ट मिली है। पाॅजिटिव रिपाेर्ट वाले दाेनाें मरीज नए इलाके के हाेने से प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन सुबह से ही यादव माेहल्ला व पत्ती बाजार एरिया में सील करने की कार्रवाई के साथ ही उनके परिजन काे क्वारेंटाइन करने की प्रक्रिया में दिनभर लगा रहा। इसी बीच बुधवार काे हाेटल व्यवसायी शशि कनाेजिया की माैत की घटना के 36 घंटे के भीतर ही गुरुवार दाेपहर 3 बजे करीब उनके पिता खूबचंद कनाेजिया की माैत भी इंदाैर में उपचार के दाैरान हाे गई। इस माैत की खबर के बाद कनाेजिया परिवार में अब तक दाे लाेगाें की माैत काेराेना से हाे गई है। वहीं परिवार के दाे सदस्य अब भी काेराेना संक्रमित हाेने के चलते इंदाैर में उपचाररत हैं।

    आवाजाही बंद

    बंडा बस्ती से भगाेरा जाने वाले मार्ग पर महू-सनावद मीटर गेज सेक्शन ट्रेन की आवाजाही के लिए लगाया रेलवे फाटक भी दिनभर बंद रहता है। इसके चलते यहां गांव से आने वाले दूध वाहनाें काे भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणाें ने बताया दूध वाहन काे लेकर उन्हें 5 किमी का लंबा चक्कर लगाकर महू आना पड़ रहा है। इसमें समय भी लग रहा है। इससे दूध वितरण प्रक्रिया शुरू करने में भी देरी हाे रही है।



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    Karenna's havoc on Kangeya family, father lost battle within 36 hours of the death of a hotelier, 2 members still in hospital




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    जवाहर नवोदय विद्यालय के 12 विद्यार्थी मणिपुर के लिए रवाना, पहले बस को किया सैनिटाइज फिर विद्यार्थी को बिठाया

    स्थानीय जवाहर नवोदय विद्यालय झाबुआ-II में लॉकडाउन के कारण फंसे हुए प्रवासी छात्र-छात्राओं को उनके गृह राज्य मणिपुर भेजा गया। इन सभी को गुरुवार सुबह यहां से जवाहर नवोदय विद्यालय माओ, सेनापति -I के लिए बस (एमपी 69 पी 0158) से सुबह 9 बजे रवाना किया गया।


    बस में कुल 11 विद्यार्थी है। इसमें 8 छात्र व 3 छात्राएं हैं। इनके साथ एक महिला संरक्षिका मनीष शास्त्री और एक पुरुष संरक्षक संतोष कुमार चौरसिया को भी भेजा गया है। रवाना होने से पहले नवोदय के पूर्व छात्र व पार्षद संदीप उपाध्याय की मदद से बस को पूरी तरह से सैनिटाइजर किया गया। सभी छात्र-छात्राओं एवं संरक्षक स्टाफ, बस चालक एवं परिचालक को हैंडवॉस, मास्क दिए गए। रास्ते के लिए खाने-पीने की भोजन सामग्री प्रदान की गई। बस का पहला स्टापेज जवाहर नवोदय विद्यालय सागर रहेगा। 8 मई को जवाहर नवोदय विद्यालय रीवा में रुकेंगे। 9 मई को जवाहर नवोदय विद्यालय पटना में पड़ाव रहेगा। बस का गंतव्य स्थल जवाहर नवोदय विद्यालय किशनगंज (बिहार) है। वहां से जवाहर नवोदय विद्यालय माओ, सेनापति-I की बस से प्रवासी छात्र आगे की यात्रा तय करेंगे। दोनों शिक्षक वापसी में झाबुआ जिले के 12 छात्र व छात्राओं को वहां से वापस लेके झाबुआ आएंगे।



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    12 students of Jawahar Navodaya Vidyalaya left for Manipur, first sanitized the bus and made the student sit