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दिल्ली-उत्तरप्रदेश की तरह मुंबई में भी कोरोना संक्रमण रोकने के लिए 21 हॉटस्पॉट चुने गए, सालभर तक सभी विधायकों की सैलरी में 30% कटौती होगी

महाराष्ट्र सरकार ने दिल्ली और उत्तर प्रदेश की तरह पर कोरोना हॉटस्पॉट की पहचान कर वहां कर्फ्यू लगाने काफैसला लिया है। शुरुआत मुंबई से होगी,यहां 21 हॉटस्पॉट चिन्हित किए गए हैं। कैबिनेट मंत्री असलम शेख ने गुरुवार को कहा कि हम मुंबई के सभी हॉटस्पॉट में कर्फ्यू लगा रहे हैं। जरूरी सेवाओं से जुड़े लोगों को छोड़कर इन इलाकों में रहने वाले किसी भी व्यक्ति को घर से निकलने की इजाजत नहीं होगी। कर्फ्यू के दौरान सिर्फ दवा की दुकानें खुली रहेंगी। राज्य सरकार सभी जरूरी चीजों को घर पहुंचाएगी। हालांकि, सरकार ने इन हॉटस्पॉट के नामों का खुलासा नहीं किया है।


महाराष्ट्र में गुरुवार को सबसे ज्यादा 18 लोगों की जान गई। इसमें मुंबई और उसके आसपास 9, पुणे और उसके आसपास 7 लोगों की जान गई। वहीं, मालेगांव और रत्नागिरी में भी एक-एक की मौत हुई। इसी के साथ राज्य में मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 97 पहुंच गया। वहीं, राज्य में गुरुवार को संक्रमण के 229 मामले सामने आए। इसे मिलाकर संक्रमितों का आंकड़ा 1364 हो गया।

आर्थिक नुकसान की भरपाई के लिए विधायकों की सैलरी कटेगी

इधर,महाराष्ट्र कैबिनेट ने राज्य के सभी विधायकों और विधान परिषद के सदस्योंकी सैलरी में एक साल के लिए 30% की कटौती किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। गुरुवार को यह जानकारी राज्य के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने दी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने यह फैसलालॉकडाउन सेहोने वाले आर्थिक नुकसान को ध्यान में रखते हुए लिया है। वित्त मंत्रालय केप्रभारीउपमुख्यमंत्री पवार ने कहा कि अप्रैल 2020 से लेकर मार्च 2021 तक सभी एमएलए और एमएलसी के वेतन में 30% कटौती किए जाने का फैसला लिया गया है।

पवार की अध्यक्षता में हुईकैबिनेट बैठक में दो समितियों का गठन करने का निर्णय भी लिया गया है, जो उन बिंदुओं पर काम करेगी जिससेअर्थव्यवस्था को पटरी पर लाया जा सके। एक समिति में अर्थशास्त्री, उद्योगपति, रिटायर्ड ब्यूरोक्रेट्स और वित्त विभाग के सीनियर अधिकारी होंगे। वहीं, दूसरी समिति मेंअजीत पवार, वरिष्ठ मंत्री जयंत पाटिल, बालासाहब थोराट, छगन भुजबल, परब, एकनाथ शिंदे और अशोक चव्हाण शामिल होंगे।

धारावी में कम्युनिटी ट्रांसमिशन का खतरा

एशिया की सबसे बड़ी झोपड़पट्टी धारावी में अब तक 13 पॉजिटिव मिले हैं, जिनमें से दो की मौत हो चुकी है। यहां कम्युनिटी संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। हालांकि, पूरे इलाके को सील कर दिया गया है। जो भी लोग संक्रमित के संपर्क में थे उन सभी को क्वारैंटाइन किया गया है।बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) अब मुंबई मेंरैपिड टेस्टिंग शुरू करने की प्लानिंग की है। इसके लिए दक्षिण कोरिया से एक लाख टेस्टिंग किट मंगाई हैं।

क्या होती है रैपिड टेस्टिंग?
इसके जरिए 15-30 मिनट में ब्लड सैंपल की जांच होकर उसकी रिपोर्ट आ जाती है। जिसमें खून में मौजूद एंटीबॉडी का पता चलता है। एंटीबॉडी की उपस्थिति से संक्रमण का पता लगाया जा सकता है। डॉक्टरों के मुताबिक, रैपिड टेस्टिंग उन इलाकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है जो संक्रमण के हॉट स्पॉट हैं। वहां बड़ी आबादी की जांच के लिए इस तरह की टेस्टिंग अहम होती है।

पुणे के कात्रज इलाके में पुलिस ने बुधवार सुबह फ्लैग मार्च किया।
पुणे के कई इलाकों में पुलिस ने रैपिड फोर्स की तैनाती की गई है।

मुंबई:बाहर निकलने पर मास्क लगाना अनिवार्य

मुंबई में अब सार्वजनिक स्थान पर निकलने से पहले मास्क लगाना अनिवार्यहै। बीएमसी कमिश्नर ने साफ किया कि अगर कोई इसका उल्लंघन करता है तो उसकीगिरफ्तारी भी हो सकती है। तीन लेयर का या घर में बना अच्छी क्वॉलिटी का मास्क पहनना जरूरी है। रुमाल को मास्क के तौर पर नहीं इस्तेमाल किया जा सकता है।

मुक्ताईनगर में बैंक के बाहर पैसे निकालने वालों की भीड़ नजर आई।

मुंबई:वर्ली में एक दिन में कोरोना के 56मामले सामने आए
वर्ली कोरोनावायरस से प्रभावितों का हॉटस्पॉट बन चुकाहै। यहां बुधवार को 56नए मरीज मिले। इस इलाके में कोरोना संक्रमितों की संख्याबढ़कर 133 हो गई है। लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए जानकार आशंका जताने लगे हैं कि यहां अब वायरस संक्रमण का तीसरा स्टेज आ गया है। घनी बस्ती को देखते हुए यह खतरनाक है।

वर्ली के कोलीवाड़ा इलाके में बीएमसी ने फॉगिंग कराई।

25 हजार मजदूरों को सलमान ने भेजी पहली किस्त
फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडियन सिने एम्प्लॉईज (एफडब्ल्यूआईसीई) ने बुधवार को कहा कि बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान ने फिल्म उद्योग में काम करने वाले 25,000 दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को तीन-तीन हजार रुपएका प्रारंभिक भुगतान करना शुरू कर दिया है। यह भुक्तान किश्तों में किया जा रहा है।

रायगढ़ पुलिस मुख्यालय के बाहर कर्मचारियों को संक्रमण मुक्त बनाने के लिए खास टनल बनाई गई।

मुंबई में 40 से ज्यादा नर्सें कोरोना संक्रमित
मुंबईके निगम कमिश्नर प्रवीण परदेसीकह रहे हैं कि संक्रमित केस बढ़ने की वजह टेस्टिंगहै। उन्होंने यह भी दावा किया किदिल्ली में 10 लाख में से 96 लोगों की टेस्टिंग हो रही है जबकि मुंबई में 816 की। लेकिन यह भी सच है कि दूसरी ओर मेडिकल स्टाफ और सुरक्षाकर्मी कोरोना की चपेट में आ रहे हैं। मुंबई में 40 से ज्यादा नर्स संक्रमित हो चुकी हैं। अकेले मध्य मुंबई के वॉकहार्ट हॉस्पिटल में ही 25 से ज्यादा डॉक्टर, नर्स और कर्मचारी संक्रमित हैं। पूरा अस्पताल क्वारैंटाइन सेंटर में तब्दील हो गया है। यहां से न तो किसी को बाहर जाने और न ही किसी को अंदर आने की अनुमति है। बांद्रा के भाभा अस्पताल में नर्स की मौत के बाद बुधवार को कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। अस्पताल स्टाफ ने क्वारैंटाइन में जाने की मांग की।

कोरोना से बचाव के लिए नांदेड़ पुलिस को इस तरह के स्पेशल फेस कवर दिए गए।

'नर्सों कोकिट और मॉस्क नहीं लगाने की कहाथा'

मुंबई मेंमेडिकल स्टाफ संक्रमित हो रहा है। जसलोक और वॉकहार्ट अस्पताल सील कर दिए गए। यहां नर्सों के पास सेफ्टी किट (पीपीई) नहीं थी। वॉकहार्ट अस्पताल की नर्स के परिवार का आरोप है कि अस्पतालमें दो संक्रमितथे, जिनका जनरल वॉर्ड में ही इलाज चल रहा था। इसी वॉर्ड में 70 साल के अन्य बुजुर्ग की कोरोना से मौत हो गई। 28 मार्च को यहां की दो नर्सों में कोरोनाके लक्षण सामने आए। लेकिन उन्हें बोला गया कि वह किट और मास्क का प्रयोग न करें इससे मरीजों के बीच डर बैठ जाएगा।

रायगढ़ में इस तरह की चेतावनी वाले संदेश शहर के कई इलाकों में लिखे गए हैं।

जरूरी सामान की दुकानें सुबह 9 से शाम 5 बजे तक खुलेंगी

अब नवी मुंबई और पनवेल में सभी जरूरीसेवाएं दे रही दुकानें सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तकखुली रहेंगी। इनमें मेडिकल शॉप को छूट दी गई है।

लॉकडाउन के बीच चित्रकारचित्रकार रा.मु.पगार ने कई स्केच तैयार किए हैं, ये सोशल मीडिया में वायरल हो रहे हैं।


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मुंबई के वर्ली इलाके को पूरी तरह से सील कर दिया गया है। यहां बुधवार को आई रिपोर्ट में 56 लोग पॉजिटिव मिले थे।




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संक्रमितों की संख्या 1574 हुई; 9 दिन में 80% मामले सामने आए; लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर 27 हजार पर केस

देशव्यापी लॉकडाउन का आज 17वां दिन है।मुंबई में शुक्रवार को 12 लोगों की संक्रमण के चलते मौत हुई। मुंबई में 10, पनवेल और वसई विरार में एक-एक कोरोना संक्रमित की जान गई। इनकी उम्र 46 से 75 साल के बीच की है। मृतकों में 6 पुरुष और चार महिलाएं हैं। इसमें 9 को डायबिटीज, हाइपरटेंशन व अन्य बीमारी से जुड़ी समस्याएं थीं। जबकि 45 साल की एक महिला की सायन हॉस्पिटल में मौत हुई है। उनकी कोई मेडिकल हिस्ट्री नहीं है। महाराष्ट्र में इसे मिलाकर मौत का आंकड़ा 110पर पहुंच गयाहै। वहीं, महाराष्ट्र में शुक्रवार को संक्रमण के 210 नए मामले सामने आए। इसे मिलाकर राज्य में कुल संक्रमितों का आंकड़ा 1574 पर पहुंच गया। इससे पहलेगुरुवार को सबसे ज्यादा 229 नए केस सामने आए।संक्रमितों और मौतों की संख्या के मामले मेंमहाराष्ट्र देश में अव्वल है। गुरुवार को भी प्रदेश में संक्रमण से25 लोगों की मौत हुई थी।

मुंबई: धारावीमें 5 नए केस, अब तक 22 हुई संख्या

  • एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी यानीधारावी में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। शुक्रवार सुबह यहां 5 नए केस सामने आए। इनमें से दो मरीजों का तब्लीगी जमात से कनेक्शन मिला है। इसी के साथ यहां कुल संक्रमितों की संख्या 22 हो गई। यहां रहने वाले तीन की संक्रमण से मौत हो चुकी है।
  • धारावी के लिए सरकार ने विशेष इंतजाम किए हैं,क्योंकियहां छोटे-छोटे कमरों में 10-15 लोग रहते हैं। ऐसे में इलाके में स्थित कई बिल्डिंग को आइसोलेशन सेंटर बनाया गया है। इसके साथ ही, पूरे इलाके को सील कर दिया गया है। कुछ जगहों पर पैरामिलिट्री फोर्स भी लगवाई गई है। बीएमसी यहां अब घर-घर स्क्रीनिंग कर रही है।
  • मुंबई में कर्फ्यू लागू होने के बाद भी प्रशासन को कोरोना को नियंत्रित करने में सफलता नहीं मिल रही है। कोरोना केंटोनमेंटजोन में तेजी से इजाफा हो रहा है। पिछले सप्ताह मुंबई में 146 कंटेनमेंट जोन थे। ये बढ़कर 381 हो गए हैं। इन्हें सील कर दिया गया है।

कोरोना का ट्रेंड: राज्य में8 दिन में 80% नए मामले
महाराष्ट्र में पिछले एक महीने में कोरोना संक्रमण तेजी से फैला है। यहां एक महीने में सबसे ज्यादा 1,297 मामले सामने आए। कोरोना ट्रेंड को देखने से पता चलता है किइनमें से 80 प्रतिशत से ज्यादा मामले अप्रैल के महज आठ दिन में आए हैं। राज्य में 31 मार्च तक कोरोना पॉजिटिव 220 थे। एक से आठ अप्रैल के बीच 915 मामले आए। राज्य में 9मार्च को कोरोना वायरस संक्रमण के तीन मामलों की पुष्टि हुई थी।

लॉकडाउन: महाराष्ट्र केप्रमुख सचिव (विशेष)को छुट्टी पर भेजा गया

राज्य में जारीलॉकडाउन के बीच यस बैंक मामले से जुड़े डीएचएफएल के प्रमोटर्स कपिल वाधवानऔर उनका परिवार महाबलेश्वर पहुंच गया। इस मामले को राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने गंभीरता से लिया और गृह मंत्री अनिल देशमुख को निजी तौर पर इसे देखने के लिए कहा। इसके बादगृह विभाग में तैनात प्रधान सचिव (विशेष) अमिताभ गुप्ता को छुट्टी पर भेज दिया गया है। गुप्ता ने ही वाधवान परिवार के लिएपास जारी किए थे।

बीएमसी ने नेशनल स्पोर्ट्स क्लब ऑफ इंडिया में क्वारैंटाइन सेंटर तैयार किया है।

कर्फ्यू उल्लंघन पर 27 हजारपर केस

महाराष्ट्र में कर्फ्यू का उल्लंघन करने के 27,432 मामले दर्ज किए गए हैं। इन लोगों के 12,420 वाहन जब्त किए हैं। इसके अलावा95 लाख 56 हजार रुपए जुर्माने के तौर पर वसूल किए गए हैं।राज्यभर में पुलिस ने 1,886 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। राज्य के गृह विभाग के अनुसार, दर्ज किए कुल मामलों में पुणे शहर पहले नंबर पर हैं, जहां 3,255 मामले दर्ज किए गए। दूसरे नंबर पर सोलापुर शहर है, जहां 2,594 मामले और तीसरे नंबर पर अहमदनगर में 2,449 मामले और चौथे नबंर पर नागपुर शहर है, जहां 1,919 मामले दर्ज किए गए। इसके अलावा पिंपरी-चिंचवाड में 1,933 मामले दर्ज किए गए।

पालघर के वालीव पुलिस स्टेशन के बाहर इस तरह की टनल तैयार की गई है।

होम क्वारैंटाइन का पालन नहीं करने वाले483 के खिलाफ केस दर्ज

प्रदेश मेंपुलिस होम क्वारैंटाइन का पालन नहीं करने वालों के खिलाफकार्रवाई कर रही है। राज्य में ऐसे 483 लोगों पर मामले दर्ज किए गए हैं, जो होम क्वारैंटाइन का पालन नहीं किया।

नांदेड़ के विधायक प्रतापराव पाटील चिखलीकर ने लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग के नियम बताएं और राशन बांटा।

महाराष्ट्र: अब तक 30 हजार सैंपल की जांच
गुरुवार को राज्यभर में403 कोरोना संदिग्ध मरीजों को अस्पताल में भर्ती किया गया। इनकी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने कहा किगुरुवार तक कुल 30,766 लोगों के सैंपल की जांच हुई है।इसमें से 1,364 पॉजिटिव मिले और बाकीनिगेटिव पाए गए। इसके अलावा36,533 लोगहोम क्वारैंटाइन हैं जबकि4,731 लोगों को सरकार की तरफ से तैयार किए गए क्वारैंटाइन सेंटर पर रखा गया है।

औरंगाबाद सड़कों पर कोरोना से बचाव के लिएलिखा गया संदेश।

बीएमसी ने आज मुंबई के कई इलाकों की एरियल फोटो जारी की

फेक न्यूज को लेकर महाराष्ट्र सरकार की गाइडलाइन
फेक न्यूज को लेकर महाराष्ट्र साइबर सेल ने जरूरी गाइडलाइन जारी की है।इन्हें न मानने पर फेक न्यूज पोस्ट करने वाले के साथ ग्रुप एडमिन पर भी कानूनी कार्रवाई होगी। इसके मुताबिक, वॉट्सऐप ग्रुप के ऐडमिन यह सुनिश्चित करें कि उन्होंने जिसे भी ग्रुप में जोड़ा है, वह भरोसेमंद है। वह सिर्फ पुष्ट और सही सूचनाओं को ही शेयर कर रहा है या करेगा। एडमिन इस बारे में सभी सदस्यों को सूचित भी करें। अगर सदस्य आपत्तिजनक पोस्ट करें, तो उन्हें चेतावनी दें। वह ग्रुप में पोस्ट होने वाले कॉन्टेंट को मॉनिटर करें।



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मुंबई के धारावी इलाके में हेल्थ टीम अब घर-घर जाकर लोगों की स्क्रीनिंग कर रही है। यहां अब तक संक्रमण के 22 मामले सामने आ चुके हैं।




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राज्य में कोरोना संक्रमण से अब तक 110 लोगों की मौत, पूरे देश में 42% लोगों की जान यहीं गई

महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण से होने वाली मौत का आंकड़ा 100 पार कर गया। शुक्रवार को मुंबई में 12 लोगों की मौत हुई। इसी के साथ राज्य में मौतों का आंकड़ा 110 हो गया।वहीं, राज्य में संक्रमितों की संख्या 1574 तक पहुंच गई है। राज्य में संक्रमण से पहली मौत 17 मार्च को हुई थी। लेकिन दो अप्रैल के बाद मौत के आंकड़ों में बेहद तेजी रही। जहां 17 मार्च से एक अप्रैल तक यानी 14 दिन में संक्रमण से 13 लोगों की मौत हुई। वहीं, दो अप्रैल से 10 अप्रैल यानी 9 दिनों में 98 लोगों की जान गई।

देश के संक्रमण में महाराष्ट्र की स्थिति-
देश में संक्रमण के करीब सात हजार मामले हैं। वहीं, महाराष्ट्र में संक्रमितों का आंकड़ा 1500 से ज्यादाहै। यानी हर पांचवां मरीज महाराष्ट्र से है। राज्य के 36 में से 22 जिलों तक कोरोना का संक्रमण फैल चुका है।
देश में मौत का आंकड़ा 255है। महाराष्ट्र में 108 मौत हो चुकी है। यानी हर 10 में चार मौत महाराष्ट्र में हुई है। महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा मौत मुंबई और पुणे में हुई है। मुंबई में अब तक 74 जबकि पुणे में 25 की मौत हो चुकी है।

देश के 20% संक्रमित महाराष्ट्र में
देश के कुल संक्रमित मामलों में करीब 20%जबकि कुल मौतों में से 42% मामले महाराष्ट्र के हैं।राज्य में कोरोना संक्रमितों की मृत्युदर (सीएफआर) 7.11% है जबकि देश में यह 3.10% है। हालांकि, मृत्यु दर के मामले में महाराष्ट्र, पंजाब और गुजरात से पीछे है। यहां क्रमशः 7.92 और 7.69% मृत्यु दर रही है। वहीं सबसे खास यह है कि केरल, जहां कोरोना का पहला मामला सामने आया वहां अब तक सिर्फ 2 मौतें हुई और वहां मृत्यु दर सिर्फ 0.56% है।

पुणे में तेजी से बढ़ा मृतकों का आकंड़ा, सिर्फ दो दिन में हुई 18 मौतें
राज्य में हुई 108 मौतों में से 74 यानिकी तकरीबन 70% मौतें मुंबई में हुई हैं।इसके बाद दूसरा नंबर पुणे का आता है। यहां अब तक 27 लोगों की जान जा चुकी है। खास यह है कि पुणे में मंगलवार के बाद से मृतकों के आकड़ों में तेजी से वृद्धि हुई है। मंगलवार को यहां मृतकों की संख्या सिर्फ 6 थी जो गुरुवार शाम तक बढ़कर 25 हो गई। यानि सिर्फ दो दिन में पुणे में 19 लोगों की मौत हुई है। पुणे में सबसे ज्यादा मौतें ससून हॉस्पिटल और मुंबई में कस्तूरबा हॉस्पिटल में हुईं हैं।

महाराष्ट्र में कब कितनी हुई मौतें

तारीख कितने की हुई मौत
17 मार्च 1
21 मार्च 1
25 मार्च 2
27 मार्च 4
29 मार्च 2
31 मार्च 2
1 अप्रैल 1
2 अप्रैल 7
3 अप्रैल 6
4 अप्रैल 6
5 अप्रैल 13
6 अप्रैल 7
7 अप्रैल 12
8 अप्रैल 16
9 अप्रैल 17

मृतकों में सबसे ज्यादा 62% पुरुष

गुरुवार शाम तक संक्रमितों में 840 यानि 62% पुरुष और38% महिलाएं महिलाएं हैं। वहीं मृतकों में भी पुरुषों की संख्या सबसे ज्यादा 66 है। प्रतिशत की बात करें तो 68% पुरुष और 32 प्रतिशत महिलाओं की मौत हुई है। महिलाओं की मृत्यु दर जहां 5.94% है, वहीं पुरुषों की 7.89% है।

21- 30 साल के बीच के लोग ज्यादा हुए संक्रमित
21 से 30 साल के बीच के लोग ज्यादा संक्रमित हुए हैं। डॉक्टर इसका कारण इस उम्र के लोगों का घर से ज्यादा बाहर निकालना मानते हैं। ऐसे में संक्रमण का एक कारण यह भी हो सकता है। वहीं, सबसे कम 91-100 साल के बीच हैं। माना जा सकता है कि इस उम्र के लोग घरों में रहते हैं। ऐसे में संक्रमण से बचे रहे। 33 ऐसे भी मरीज हैं, जिनकी उम्र 1 से 10 साल के बीच है।

उम्र(साल) मरीजों की संख्या
1-10 33
11-20 85
21-30 283
31-40 256

41-50

273
51-60 212
61-70 142
71-80 51

81-90

91-100

16

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ज्यादा परीक्षण किए जाने के कारण सामने आए ज्यादा मामले
स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे के मुताबिक, राज्य में लोगों का ज्यादा से ज्यादा परिक्षण हो रहा है, इसलिए यहां मरीजों की संख्या भी ज्यादा है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, मरने वालों में ज्यादातर देरी से हॉस्पिटल पहुंचे। इसलिए कोरोना की पुष्टि के कुछ ही दिनों या घंटों में उनकी मौत हो गई। कुछ मरीज तो ऐसे थे कि जिनमें मृत्यु के बाद कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है। फिलहाल कहां चूक रह गई इस मामले की पड़ताल जारी है।

महाराष्ट्र में अधिक मामले मिलने का कारण
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी में चेन्नई के वैज्ञानिक तरुण भटनागर ने कहा, 'तार्किक व्याख्या यह है कि जितना ज्यादा परीक्षण होगा, उतने अधिक मामले मिलेंगे।’उन्होंने कहा कि जो राज्य वर्तमान दिशा-निर्देशों के साथ अधिक संख्या में संदिग्ध मामलों का परीक्षण कर रहे हैं, वे अधिक मामले पाएंगे। महाराष्ट्र ने मंगलवार तक 20,877 परीक्षण किए थे, जो भारत के कुल नमूनों का 16.8 प्रतिशत था। पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया के प्रोफेसर लाइफकोर्स महामारी विज्ञान गिरिधर आर बाबू के विश्लेषण से पता चलता है कि महाराष्ट्र ने प्रति 10 लाख लोगों पर 92.4 परीक्षण किए हैं।

ज्यादा मौतों के लिए यह कारक हैं जिम्मेदार
हेल्थ एक्सपर्ट्स की माने तो ज्यादा मौतों के लिए एक से ज्यादा बीमारी, उम्र, बीमारी की गंभीरता, देर से अस्पताल ले जाना और खराब स्वास्थ्य सुविधांए जिम्मेदार होती हैं।मुंबई में कई मामलेअस्पताल से संबंधित संक्रमणके हैं, जिन रोगियों को अन्य बीमारियों के लिए भर्ती कराया गया। बाद में उनकी टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके बाद संक्रमणस्वास्थ्य कर्मचारियों के बीच फैल रहा।बुधवार की प्रेस वार्ता में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि यदि मामलों का देर से पता चलता है तो यह अधिक संख्या में मौतों में एक भूमिका निभा सकते हैं।यही कारण है कि मामलों की प्रारंभिक पहचान महत्वपूर्ण है।



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महाराष्ट्र में संक्रमितों का आंकड़ा 1500 से ज्यादा है। राज्य के 36 में से 22 जिलों तक कोरोना का संक्रमण फैल चुका है। राज्य में संक्रमण से 110 मौतें हो चुकी हैं।




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जांच एजेंसियों से बचने खंडाला में छिपे थे वाधवान ब्रदर्स, परिवार के 21 लोगों के साथ पकड़े गए; इनकी मदद करने वाले आईपीएस अफसर छुट्टी पर भेजे गए

कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन के बीच महाराष्ट्र सरकार के शीर्ष अधिकारी की ओर से लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां गृह विभाग के प्रधानसचिव(विशेष) के तौर पर पदस्थ आईपीएस अधिकारी अमिताभ गुप्ता ने डीएचएफएल के प्रमोटर कपिलऔर धीरज वाधवान के परिवार के लिए इमरजेंसी पास जारी किया। इसी पास के आधार पर सीबीआई और ईडी से बचने के लिए खंडाला में छिपे वाधवान ब्रदर्स परिवार के 21 लोगों के साथ5 गाड़ियों में सवार बुधवार को महाबलेश्वर स्थित अपने फार्म हाउस जा रहे थे। लेकिन यहां पहुंचने से पहले ही पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। लापरवाही के मामले में आईपीएस गुप्ता को अनिवार्य छुट्टी पर भेजा गया है। पुलिस ने परिवारके खिलाफ लॉकडाउन के नियम तोड़ने पर केस दर्ज किया है।सभी लोग एक बिल्डिंग में क्वारैंटाइन है।

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले में जांच की मांग की थी। इसके अलावा भाजपा नेता किरीट सोमैया ने गुप्ता की ओर से जारी लेटर की कॉपी ट्वीट करते हुए लिखा- उद्धव ठाकरे सरकार वाधवान परिवार को वीवीआईपी ट्रीटमेंट दे रही है।

वाधवान फैमिली के महाबलेश्वर पहुंचने की जांच होगी

गृह मंत्री अनिल देशमुख नेकहा किवाधवान परिवार के 23 सदस्य महाबलेश्वर कैसे पहुंचे इसकी जांच होगी। उन्होंने ट्वीट किया, 'मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के साथ चर्चा के बाद प्रधान सचिवगुप्ता को उनके खिलाफ जांच जारी रहने तक अवकाश पर भेजा गया है। कानून सभी के लिए समान है।'

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आईपीएस गुप्ता ने लेटर में क्या लिखा था?

अमिताभ गुप्ता ने आधिकारिक पत्र मेंलिखा, 'निम्न लिखित (व्यक्ति) को मैं अच्छी तरह से जानता हूं क्योंकि वे मेरे पारिवारिक मित्र हैं और परिवार में इमरजेंसी के कारण वहपुणे के खंडाला से सतारा के महाबलेश्वरतक की यात्रा कर रहे हैं। इन्हें गंतव्य तक पहुंचने में सहयोग किया जाए।' इस पत्र में वाधवान परिवार के 5वाहनों की डिटेल भी दी गई थी। हालांकि उनके इस कदम से मुख्यमंत्री ठाकरे नाराज हो गए, क्योंकि सरकार सभी लोगों को घर में रहने की सलाह दे रही है।

खंडाला से भागकर महाबलेश्वर पहुंचे थे वाधवान ब्रदर्स

जांच में सामने आया है कि वाधवान भाइयों ने कोरोनावायरस को अपनी ढाल बनाकर ईडी और सीबीआई से बचने का प्रयास किया था। यस बैंक धोखाधड़ी मामले में उन्हें सीबीआई ने 7 मार्च को पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन वे नहीं गए। सीबीआई के सामने पेश नहीं होने पर उनके खिलाफ स्थानीय अदालत ने गैर-जमानती वारंट जारी किया था। जांच एजेंसियों से बचने के लिए वे मुंबई से बाहर भाग निकले। यह पूरा परिवार पिछले कई दिनों से खंडाला के एक गेस्ट हाउस में छिपा हुआ था। लॉकडाउन के बाद से गेस्ट हाउस का संचालक इन पर लगातार कमरे खाली करने का दबाव बना रहा था। जिसके बाद ये 8 अप्रैल को अमिताभ गुप्ता के पत्र को लेकर महाबलेश्वर की ओर निकले। सतारा पुलिस ने उन्हें महाबलेश्वर से कुछ किलोमीटर पहले पकड़ लिया। सूत्रों के मुताबिक, वाधवान का महाबलेश्वर में फार्म हाउस है और वे वहीं जा रहे थे। अब सीबीआईऔर ईडी पुलिस के संपर्क में हैं।

वधावन परिवार के पड़ोसी हैं अमिताभ गुप्ता
1992 बैच के आईपीएस अधिकारी अमिताभ गुप्ता एडीजी रैंक के अफसर हैं। अमिताभ गुप्ता ने ही अभिनेता शाइनी अहूजा को नौकरानी के साथ रेप केस में गिरफ्तार किया था। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले 51 साल के गुप्ता ने इलेक्ट्रिकल इंजिनियरिंग में बी.टेक किया है और वे वर्तमान में मुंबई के बांद्रा में वाधवान परिवार के पड़ोस में रहते हैं। यहीं से उनकी पहचान कपिल वाधवान और नीरज वाधवान से हुई। वे फिलहाल सरकार और पुलिस डिपार्टमेंट के बीच समन्वय के लिए महाराष्ट्र सरकार के गृह विभाग में काम कर रहे हैं।

कोरोना का सबसे ज्यादा कहर महाराष्ट्र में
महाराष्ट्र में संक्रमण के अब तक 1380 पॉजिटिव केस सामने आ चुके है, वहीं 97 की मौत हो चुकी है। देशभर में मौत और संक्रमण के अब तक सबसे ज्यादा मामले महाराष्ट्र में है। गुरुवार को ही राज्य में सबसे ज्यादा 229 नए केस सामने आए, जिसमें सबसे ज्यादा 79 केस मुंबई (बीएमसी क्षेत्र) के हैं।



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Maharashtra IPS issued emergency pass and sent 23 people of Wadhawan family to the farmhouse, sent on leave




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21 विदेशियों और कई जमातियों को पकड़ने वाले पुलिस इंस्पेक्टर पॉजिटिव, राज्य में पुलिसकर्मी में संक्रमण का पहला केस

21 विदेशी नागरिकों और तब्लीगी जमात के कई सदस्यों को पकड़ने वाले एक महाराष्ट्रपुलिस के एक इंस्पेक्टर में कोरोना वायरस पॉजिटिव आया है। इन्होंने दिल्ली के निजामुद्दीन में मरकज में शामिल होकर लौटे जमातियों को पकड़ने के एकअभियान का नेतृत्व किया था। महाराष्ट्र में पुलिसकर्मी में संक्रमण का यह पहला मामला बताया जा रहा है।रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद इंस्पेक्टर के साथ रहने वाले सभी स्टाफ को क्चारैंटाइन किया गया है। उनके स्वास्थ्य पर नजर रखी जा रही है।

टीम का किया था नेतृत्व

मुंब्रामें21 विदेशी नागरिकों को पकड़ने के लिए एक अभियान का नेतृत्व इंस्पेक्टर नेकिया था। इस दौरान 13 बांग्लादेशी और आठ मलेशियन नागरिकों को पकड़ा गयाथा। 21 विदेशी नागरिकों ने पहले तमिलनाडु और फिर महाराष्ट्र के मुंब्रा की यात्रा की थी। इसके बाद वह एक मस्जिद और एक स्कूल में छिपे हुए थे। मुंब्रा पुलिस ने मस्जिद और स्कूल के ट्रस्टियों के खिलाफ विदेशी नागरिकों को शरण देने और अधिकारियों को सूचित न करने को लेकर मामला दर्ज किया था।

नासिक में एडमिट हैं पुलिस इंस्पेक्टर
मुंब्रा में तब्लीगी जमात के सदस्यों को पकड़ने के बाद पुलिस इंस्पेक्टर ने इस बात को सुनिश्चित किया कि सभी 21 विदेशी नागरिकों और ट्रस्टियों को क्वारैंटाइन किया जाए और उनकी कोरोना जांच हो। जल्द ही पुलिस इंस्पेक्टर मेंकोविड-19 के लक्षण दिखाई देने लगे और उन्होंने इसकी जांच कराई। शुक्रवार को उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। वह फिलहाल नासिक के अपोलो अस्पताल में भर्ती हैं।

मुूंबई मेंसीआईएसएफ के 11 जवान हुए थेकोरोना पॉजिटिव
इससे पहलेनवी मुंबई के खारघर में सीआईएसएफ के 11 जवान कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। इससे से पांच मुंबई एयरपोर्ट पर तैनात थे। इसके बाद यहां सीआईएसएफ के 146 अधिकारियों और कर्मचारियों को हॉस्पिटल में आइसोलेशन में भर्ती कराया गया था।



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राज्य के अलग-अलग हिस्सों में महाराष्ट्र पुलिस के कई कर्मचारियों की जांच करवाई गई है।




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आज 22 मौतें, मुंबई के ताज होटल के 6 कर्मचारी पॉजिटिव; सरकार ने राज्य को तीन जोन में बांटा

महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण बेकाबू होता जा रहा है। रविवार को राज्य में संक्रमण से 22 लोगों की जान गई। यह राज्य में एक दिन में हुई सबसे ज्यादा मौतें हैं। इसमें 16 लोगों की मौतमुंबई में, तीन पुणे में, दो नवी मुंबई में और एक सोलापुर में हुई। मृतकों में 13 पुरुष और 9 महिलाएं हैं। इनमें 6 की उम्र 60 साल से अधिक है जबकि 15 की उम्र 40 से 60 साल के बीच और एक की उम्र 40 साल से कम है।

22 में से 20 मरीजों के भीतर डायबिटीज, हाइपरटेंशन अस्थमा जैसी बीमारी थी।

राज्य में अब तक संक्रमण से कुल 149 लोगों की जान जा चुकी है। इससे पहले राज्य में रविवार को संक्रमण के 221 नए केस सामने आए। इसे मिलाकर प्रदेश में कुल संक्रमितों की संख्या 1982 तक पहुंच गई है। शनिवार कोमुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने राज्य में लॉकडाउन 30 अप्रैल तक बढ़ाया था। उन्होंने इस बात केसंकेत भीदिए हैं कि लॉकडाउन पार्ट-2 अब और ज्यादा सख्त होगा। संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए राज्य को तीन जोन में बांटा गया है।

महाराष्ट्र को तीन जोन में बांटा गया:

संक्रमण सेनिपटने के लिए राज्य सरकार ने15 से ज्यादामरीजों वाले जिलों को रेड जोन में रखाहै। इससे कम वालों को ऑरेंज जोन और जहां एक भी मरीज नहीं है उसे ग्रीन जोन में रखा गया है। माना जा रहा है कि इसी के आधार पर अगलेलॉकडाउन का एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा।

रेड जोन: मुंबई, ठाणे, पालघर, पुणे, नागपुर, रायगढ़, सांगली और औरंगाबाद।

ऑरेंज जोन: रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, सातारा, कोल्हापुर, नाशिक, अहमदनगर, जलगांव, उस्मानाबाद, बीड, जालना, हिंगोली, लातूर, अमरावती, अकोला, यवतमाल, बुलढाणा, वाशिम और गोंदिया।

ग्रीन जोन: धुले, नंदुरबार, सोलापुर, परभणी, नांदेड़, वर्धा, चंद्रपुर, भंडारा और गढ़चिरौली शामिल हैं।

यह तस्वीर नागपुर की है। यहां लॉकडाउन का नियम तोड़ने वालों को रोकने के लिए आरएसएस के कार्यकर्ता भी सड़कों पर उतर गए हैं।

कोरोना अपडेट्स:

  • कोरोनावायरस और लॉकडाउन को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने 9वीं और 11वीं कक्षा की सेकंड सेमेस्टर की परीक्षाओं को रद्द कर दिया है। साथ ही,दसवीं बोर्ड के उस एग्जाम को भी रद्द कर दिया गया है जो स्कूल बंद होने के के चलते नहीं हो पाए थे। यह जानकारी आज राज्य की शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड़ ने दी है।

  • दक्षिण मुंबई में होटलताज महल पैलेस के कम से कम छह कर्मचारी कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। ताज होटल का संचालन करने वालीइंडियन होटल्स कंपनी (आईएचसी) ने कर्मचारियों में संक्रमण की पुष्टि की है। हालांकि, संख्या के बारे में स्पष्ट नहीं किया है। दरअसल,होटल ने कोरोनासंक्रमण से लड़ रहे स्वास्थ्य कर्मियों और चिकित्सकों को ठहरनेकी व्यवस्था की है। इसके बाद उसने अपने 500 कर्मचारियों की जांच कराई थी। इनमेंसे शनिवार को 6 में संक्रमण की बात सामने आई है।
  • मुंबई के धारावी में रविवार को 15 नए केस सामने आए हैं। इसी के साथ यहां कुल मरीजों की संख्या बढ़कर 43 हो गई है। अब तक यहां संक्रमण से चार लोगों की मौत भी हो चुकी है। इसमें दोतब्लीगी जमात से जुड़े हुए थे। शनिवार से यहां घर-घर स्क्रीनिंग की जा रही है। पूरे इलाके की ड्रोन से निगरानी की जा रही है।
  • मुंबई के दादर में दो नए मरीज मिले हैं। यहां कुल संक्रमितों की संख्या 13 पहुंच गई है। इसके आलवानासिक से सटे मालेगांव में पांचनए मरीज मिले हैं , इसके साथ यहां कुल मरीजों की संख्या 16 हो गई है।
  • राज्य सरकार के मुताबिक,मुंबई में 3 फरवरी से लोगों की जांच शुरू की गई। 10 अप्रैल तक यहां 19 हजार 541 लोगों की जांच हो चुकी थी। मुंबई में प्रति 10 लाख पर 1499 लोगों की अब तक जांच हुई है।यह औसत देश में सर्वाधिक है। देश सबसे पहला कोरोना मरीज केरल में मिला था, वहां अब तक 13 हजार लोगों की जांच हुई है। यहां प्रति 10 लाख में जांच का औसत 398 है। यह राज्य जांच के मामले में देश में दूसरे नंबर पर है। इसके बाद दिल्ली का नंबर आता है।
  • शनिवार कोमहाराष्ट्र में संक्रमण से 17 लोगों की मौत हुई। इसमें मुंबई में 12, पुणे में तीन और धुले और मालेगांव में एक-एक की जान गई। मृतकों में 11 पुरुष और 6 महिलाएं थीं। इनमें छह मृतकों की उम्र 60 साल से अधिक थी। आठ की उम्र 40 से 60 साल के बीच जबकि तीन की उम्र 40 से कम है।
नागपुर में लॉकडाउन को प्रभावी बनाने के लिए कई मोहल्लों को पूरी तरह से सील कर दिया गया है।

यह तस्वीर मुंबई के बांद्रा-वर्ली सी लिंक की है।

जनता के रुख पर तय होगा30 अप्रैल के बादलॉकडाउन
30 अप्रैल के बाद भी क्या लॉकडाउन जारी रहेगा।इस पर शनिवार को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कियह जनता पर निर्भर करता है। फिलहाल उस वक्त के हालात देखकर सरकार निर्णय लेगी। उधर, लॉकडाउन के चलते ईस्टर के मौके के बावजूद मुंबई के सभीगिरिजाघरों को बंद रखा गया है। इनमें माहिम स्थित सेंट माइकल चर्च भी शामिल है। यह पहली बार है जब इस चर्च में ईस्टर की सामूहिक प्रार्थना नहीं होगी। इसके बाद कुछ लोग चर्च के बाहर ही प्रार्थना करते नजर आए। ऐसा ही हाल पुणे, नागपुर और नासिक के चर्चों में भी देखने को मिले हैं।

मुंबई में ईस्टर के मौके पर लोगों ने चर्च के बाहर गेट से ही प्रार्थना की।

बांद्रा के कलानगर इलाके को सील कर दिया गया है और यहां पुलिस बल तैनात किया गया है।


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साउथ मुंबई में ताज ग्रुप के दो होटल हैं। दोनों खाली हैं। यहां उन डॉक्टर्स और मेडिकल स्टाफ को रहने की व्यवस्था की गई, जो कोरोना से विभिन्न अस्पताल में लड़ रहे हैं। इनकी देखभाल ताज के कर्मचारी कर रहे हैं।




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24 घंटे में 11 मौतें, संक्रमण के सबसे ज्यादा 352 नए केस सामने आए; बीएमसी में 4 और आईएएस तैनात किए

महाराष्ट्र में संक्रमण के चलते मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा है। सोमवार को राज्य में संक्रमण से 11 की मौत हुई। इसमें 10 मुंबई और इसके आसपास के इलाके में हुई जबकि एक की जान पुणे में गई है। इसके साथ ही राज्य में संक्रमण से होने वाली मौतों का आंकड़ा 160 पर पहुंच गया है। इसमें 100 मौतें मुंबई में हुई है। वहीं, राज्य के स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक शनिवार को संक्रमण के 352 नए केस सामने आए हैं। यह राज्य में एक दिन में सामने आए संक्रमण के सबसे ज्यादा मामले हैं। इसे मिलाकर राज्य में संक्रमितों की कुल संख्या 2334 पर पहुंच गई है।


इसी बीच, राज्य के आवास मंत्री जितेन्द्र आव्हाडने खुद को किया क्वारैंटाइन कर लिया है। इसकी जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया पर खुद दी। मंत्री ने कहा कि उनके संपर्क में रहने वााले एक पुलिस अधिकारी में संक्रमण की पुष्टि हुई है। उन्होंने खुद की जांच कराई तो रिपोर्ट निगेटिव आई है। लेकिन, एहतियात के तौर पर वह 14 दिन होम क्वारैंटाइन रहेंगे।

राज्य सरकार ने चार अतिरिक्त अफसर तैनात किए

मुंबई संक्रमण का एपिसेंटर बना हुआ है। मुंबई में संक्रमण पर काबू पाने के लिए बीएमसीमें9 आईएएस अफसरों को तैनात किया गया है। आमतौर पर बीएमसी में पांच आईएएस होते हैं। लेकिन, उद्धव सरकार ने चार अतिरिक्त अफसरों को यहां तैनात किया है।

नागपुर में एक दिन में 17 पॉजिटिव मिले

उधऱ,नागपुर में रविवार को 17 नए पॉजिटिव मिले। शहर में एक दिन में मिले संक्रमितों की यह अब तक की सबसे बड़ी संख्या है। सभी मरीज आइसोलेशन वार्ड मेंथे।शहर में अब44 संक्रमित हो गए हैं। इनमें से 8 इलाज के बाद स्वस्थ हो चुके हैं जबकिएक की मौत हुई है।

बीएमसी ने बुजुर्ग मरीजों को घर पर रहने की हिदायत दी

मुंबई में जिन अफसरों के पास मुंबई को संक्रमण से बचाने की जिम्मेदरी है उनमें,बीएमसी कमिश्नर प्रवीण परदेशी, एडिशनल कमिश्नर की जिम्मेदारी संभाल चुकीं मनीषा म्हैसकर, अश्विनी भिड़े, एम. रामास्वामी, सुरेश काकानी, आशुतोष सलिल, पी. वेलूरासू, ए. जरहाड, जयश्री भोज हैं।इस बीच, बीएमसी ने एडवाइजरी जारी कर कहा है कि जिन्हें भी डायबिटीज, हाइपरटेंशन औरदिल की बीमारी है वह घर में ही रहे। बीएमसी के मुताबिक शहर में 87% मृतकों को डायबिटीज और हाइपरटेंशन जैसी बीमारी थी। जबकि 7-8% दिल और उम्र संबंधित बीमारियों से पीड़ित थे। उधर,पुणे के ससून हॉस्पिटल में एक महिला और एक पुरुष की सोमवार को कोरोना से मौत हो गई। महिला मरीज की उम्र 40 जबकि पुरुष 50 साल का था। महिला को डायबिटीज और पुरुष को किडनी संबंधित बीमारी थी। महाराष्ट्र में आज कुल 11 मौतें हो चुकी हैं।

30 दिन पहले ईरान से भारत लाए गए 44 लोगों को घाटकोपर के एक आइसोलेशन सेंटर में रखा गया था। रविवार को इन्हें एयरफोर्स के विमान से जम्मू-कश्मीर भेजा गया। सभी इसी राज्य के निवासी हैं।

अपडेट्स:

  • मुंबई मेंएशिया की सबसे बड़ी स्लम बस्ती धारावी में सोमवार को एक और संक्रमित की मौत हुई। यहां मृतकों का आंकड़ा पांच हो गया। 15 नए मरीज हैं। अब कुल संक्रमित 47 हो गए हैं। पूरी बस्ती को सील कर दिया है। ड्रोन से निगरानी की जा रही है।
  • इंडियन नेवी द्वारा ईरान से लाए गए 44 भारतीयअपने राज्य जम्मू-कश्मीर लौट गए हैं। ये सभी 30 दिन से घाटकोपर के क्वारैंटाइन सेंटर में थे। इनमें से 22 महिलाएं हैं। सभी को वायुसेना के विशेष विमान सेश्रीनगर भेजा गया।
  • मुंबई मेंहिंदमाता ब्रिज के नीचे कैंप बना कर रखे गए टाटा हॉस्पिटल के मरीजों और उनके अटेंडेंट्स को अंधेरी के होटल कैपिटल भेज दिया गया। मेयर किशोरी पेडणेकर ने बताया, ‘मैंने वहां का दौरा किया और लोगों को भरोसा दिया कि उनके रहने-खाने का उचित प्रबंध किया जाएगा।’

  • मुंबई मेंवर्ली स्थित पोद्दार कॉलेज में शहर के पहले डिसइंफेक्शन चैंबर को शुरू किया गया है।
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस ने रविवार को धारावी में पांच हजार लोगों को राशन मुहैया कराया।

तीन पत्रकार पॉजिटिव
मुंबई में बड़े अखबार समूह से जुड़े तीन पत्रकार संक्रमित हो गए हैैं।ये सभी उस 40 सदस्यों की टीम के सदस्य थे जो बांद्रा के एक होटल में रुके हुए थे और हर दिन यहीं से ऑफिस जा रहे थे।घटना के बाद अन्य 37 लोगों को बांद्रा के एक होटल में क्वारैंटाइन कर दिया गया है।।

मास्क की अहमियत समझा रही पुलिस

वीजा नियमों का उल्लंघन : 156 विदेशियों पर एफआईआर

दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित मरकज में शामिल हुए जिन 156 विदेशियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है, उन पर वीजा नियमों के उल्लंघन के आरोप में भी कार्रवाई की गई है। गृहमंत्री अनिल देशमुख ने बताया कि इन लोगों के खिलाफ 5 एफआईआर दर्ज की गई हैं। सभी आरोपी पर्यटन वीजा परभारत आए थे। इसका उल्लंघन कर तब्लीगी जमात के कार्यक्रम में शामिल हुए।

केंद्र की तरह राज्यों को भी चाहिए सीएसआर
प्रधानमंत्री राहत कोष को दरकिनार कर बनाए गए 'पीएम केयर फंड' में सीएसआर का पैसा जमा कराए जाने की अनुमति दिए जाने के बाद राज्यों ने भी मुख्यमंत्री राहत कोष को सीएसआर का पैसा दिए जाने की मांग की है। राकांपा विधायक रोहित पवार ने कहा है कि 'पीएम केयर फंड' को अनुमति देना और मुख्यमंत्री राहत कोष को अनुमति न देना भेदभावपूर्ण फैसला है। नेता विपक्ष देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि सीएसआर कानून कांग्रेस सरकार ने बनाया था।

तस्वीर अहमदनगर की है। सोमवार सुबह यहां सब्जी मंडी में काफी भीड़ नजर आई। इस दौरान लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन नहीं किया।

12 कंपनियां बनाएंगी किट

राज्य की 12 कंपनियों को पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्यूपमेंट (पीपीई) और एन-95 मास्क का उत्पादन करने की अनुमति मिल गई है। जल्द ही कंपनियां उत्पादन शुरू करेंगी, जिससे आने वाले दिनों में राज्य में पीपीई और मास्क के लिए हो रही दिक्कत में कमी आ सकती है। कोरोना से लड़ाई में अकेलेबीएमसी यानी मुंबई में हीरोजाना 5 हजार पीपीई की जरूरत है।

पालघर : फैक्ट्री मेें ब्लास्ट, दो लोगों की मौत

महाराष्ट्र के पालघर के तारापुर केमिकल जोन की एक फैक्ट्री में सोमवार को ब्लास्ट हो गया। दो लोगों की मौत हो गई जबकिएक घायल है। केमिकल जोन में 105 कर्मचारी और अधिकारी मौजूद थे। इस फैक्ट्र में साबुन, डिटर्जेंट के साथ ही सैनिटाइजरबनाया जा रहा था। सरकार ने लॉकडाउन के दौरान जरूरी सामान बनाने वाली फैक्ट्रियों में काम की मंजूरी दे रखी है। जनवरी में तारापुर के इसी केमिकल जोन की एक अन्य फैक्ट्री में भी विस्फोट हुआ था। तब 6 लोगों की मौत हुई थी।



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तस्वीर मुंबई के हिंदमाता ब्रिज के नीचे रविवार को ली गई। यहां टाटा हॉस्पिटल में चेकअप कराने आए मरीज और उनके अटेंडेंट्स रुके हुए थे। ये सभी लॉकडाउन के चलते मुंबई में फंस गए थे। इसकी जानकारी जब मेयर को हुई तो उन्होंने सभी को अंधेरी के होटल में शिफ्ट कराया।




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शाहरुख खान ने 25 हजार पीपीई किट मुहैया करवाई, स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा- शुक्रिया

महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने स्वास्थ्यकर्मियों के लिए 25,000 व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) मुहैया कराने के लिए बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान का शुक्रिया अदा किया है। अभिनेता ने राज्य में कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ संघर्ष कर रहे चिकित्साकर्मियों के लिए सोमवार को पीपीई किट मुहैया कराई थी।

टोपे ने ट्वीट किया, "25,000 पीपीई किट मुहैया कराने के लिए शाहरुख खान का बहुत बहुत धन्यवाद। यह कोविड-19 के खिलाफ हमारे संघर्ष और चिकित्साकर्मियों की सुरक्षा में बहुत मदद करेंगे।"

मंत्री राजेश टोपे का ट्वीट..

पहले भी शाहरुख खान कर चुके हैं मदद

शाहरुख और उनकी पत्नी गौरी खान ने हाल में अपने चार मंजिला निजी कार्यालय में कोविड-19 मरीजों के उपचार के लिए स्थान मुहैया कराने का प्रस्ताव दिया था। खान इस संकट में देश की मदद के लिए पहले भी कई पहलों की घोषणा कर चुके हैं। शाहरुख की समूह कंपनियां रेड चिलीज एंटरटेनमेंट, रेड चिलीज वीएफएक्स, कोलकाता नाइट राइडर्स और मीर फाउंडेशन पीएम केयर्स फंड, महाराष्ट्र, दिल्ली और पश्चिम बंगाल के सीएम रिलीफ फंड में योगदान दिया था।



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शाहरुख की समूह कंपनियां रेड चिलीज एंटरटेनमेंट पहले भी कई मौकों पर लोगों की मदद कर चुकी है।




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पुणे पुलिस ने बेवजह घूम रहे 200 लोगों को सड़क पर बैठाकर लॉकडाउन के नियम समझाए, योग भी करवाया

लॉकडाउन को लोग अभी भी गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।पुणेपुलिसगुरुवार को ऐसे ही200 लोगों कीक्लास ली।दरअसल ये सभीबेवजह सड़क और बाजार में घूम रहे थे। इनमें महिलाएं भी शामिल थीं।पुलिस ने सभी को सड़क पर बिठाया औरलॉकडाउन के नियम समझाए।

पुलिस ने बताया कि लॉकडाउन कापालन करना क्यों जरूरी है। सिर्फ यही नहीं, पुलिस ने इन लोगों को योग भी करवाया और कान पकड़कर भविष्य में कभी ऐसा न करने का वादा लिया। इसके बाद इनकीफोटो खींचकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कीं।दरअसल, पुणे में संक्रमण से अब तक 49लोगों की मौत हो चुकी है। शहर के कई इलाके सील हैं।

पुलिस ने चेतावनी देकर छोड़ दिया

क्लास में शामिललोगों में ज्यादतर लोग मॉर्निंग वॉक करने के लिए निकले थे।पुलिसकर्मियों ने उनका वीडियो भी बनाया है और उनसे माफी भी मंगवाई और आगे से ऐसा नहीं करने की चेतावनी देकर छोड़ दिया है। इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी थीं। पुलिस ने सभी से अपील की है कि वे इस दौरान घर में ही फिटनेस का ध्यान रखें औरनियमों का पालन करें।

यह तस्वीर पुणे के स्वारगेट इलाके की है। यह लॉकडाउन का बेवजह उल्लंघन करने वाले लोगों को सड़क पर घंटों बैठाकर पुलिस ने लॉकडाउन नियमों की क्लास लगाई।

लॉकडाउन में मिलने का प्लान बना रहेदो दोस्तों को पुणे पुलिस ने जवाब दिया
लॉकडाउन में मिलने की प्लानिंग कर रहे दो दोस्तों को ट्विटर पर पुणे पुलिस ने बेहद मजेदार ढंग से जवाब दिया। यह जवाब सोशल मीडिया में खूब वायरल हो रहा है। पुणे के रहने वाले दो दोस्तों ने14 अप्रैल को खत्म हो रहेलॉकडाउन के बाद मिलने कीसोचा थी, लेकिन लॉकडाउन फेज-2 लगने कीखबर सुनते ही उन्होंने ट्विटर परपूछा कि 'क्या अब हम लोग मिल सकते हैं? तो पार्थ ने जवाब दिया 3 मई तक तो नहीं हो पाएगा। इसमें इनके और दोस्त ने ट्वीटर पर ही कहा कि उससे पहले भी मिल सकते हैं? दोस्तों के बीच सोशल मीडिया पर हो रही इस बातचीत परपुणे पुलिस ने भी अपना रिएक्शन देते हुए रिट्वीट किया। पुणे पुलिस ने ट्विटर पर लिखा, 'हम भी आपके प्लान में शामिल होना चाहते हैं? और आपको विश्वास दिलाते हैं कि हम आपका साथ लंबे समय तक देंगे।'

कोल्हापुर में नियम तोड़ने वालों की सेल्फी खिंचवाई जा रही है
लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन करने वालों को सजा देने के लिए मकोल्हापुर पुलिस ने एक नया तरीका निकाला है। इसके तहत सोशल मीडिया में ऐसे लोगों की सेल्फी डालकर उन्हें सार्वजनिक रूप से शर्मिंदा किया जा रहा है।

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सोशल मीडिया के सहारे फनी मैसेज दे रही नागपुर पुलिस
नागपुर पुलिस के ट्विटर हैंडल से किए गए एक ट्वीट में शोले फिल्म के चार कैरेक्टर नजर आ रहे हैं- सुरमा भोपाली, गब्बर सिंह, जय और अंग्रेजों के जमाने के जेलर का वफादार जासूस। ये ट्वीट नागपुर पुलिस ने उन लोगों के लिए किया है जिन्हें समझ नहीं आ रहा कि घर में रहकर क्या किया जाए। ट्वीट में कैप्शन देते हुए लिखा गया- 'लॉकडाउन में करने लायक काम।'

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मुंबई पुलिस ने इस फनी ढंग से लोगों में कोरोना से जुड़ा संदेश दिया

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यह तस्वीर पुणे के हड़पसर इलाके की है। लॉकडाउन के बावजूद यह लोग मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे। इसके बाद पुलिस ने इनकी क्लास लगाई।




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संक्रमण से मौत का आंकड़ा 200 के पार पहुंचा, राज्य सरकार ने मकान मालिकों से तीन महीने तक किराया नहीं लेने को कहा

महाराष्ट्र में शुक्रवार को कोरोना संक्रमण से सात मौत हुई। इसमें पांच मुंबई और दो की जान पुणे में गई। इसके साथ ही राज्य में मौत का आंकड़ा 200 की संख्या पार करते हुए 201 पर पहुंच गया। शुक्रवार को जिन सात की मौत हुई उन लोगों की उम्र 40 से 70 साल के बीच थी। इसमें पांच पुरुष और दो महिलाएं हैं। पांच को डायबिटीज और हाइपरटेंशन जैसी बीमारियां थीं, जबकि दो की मेडिकल हिस्ट्री के बारे में पता नहीं चल पाया है। राज्य में शुक्रवार को संक्रमण के 118 नए केस सामने आए। इसे मिलाकर संक्रमितों की कुल संख्या 3320 तक पहुंच गई।

महाराष्ट्र सरकार ने मकान मालिकों से 3 महीने तक किराया न लेने को कहा

इस बीच कोरोना संकट के मद्देनजरराज्य के आवासीय विभाग ने मकान मालिकों से कहा है कि लॉकडाउन के कारण उपजी स्थिति के चलते वे किराएदारों से कम से कम तीन महीने तक किराया न लें। शुक्रवार को जारी एक आदेश में राज्य केअतिरिक्त मुख्य सचिव (आवासीय विभाग) संजय कुमार ने मकान मालिकों से यह भी कहा कि यदि किराएदार किराया देने में असमर्थ हैं तो उन्हें इस समय घरों से न निकाला जाए। अधिकारी ने कहा कि बंद के कारण बाजार और कारखानों में वित्तीय लेनदेन नहीं हो पा रहा है और इस वजह से लोगों की आय और रोजगार प्रभावित हुआ है।

20 अप्रैल से खेती से जुड़ कामों में ढील

उधर, राज्य सरकार ने 20 अप्रैल से खेती से जुड़े कामों में ढील देने का फैसला लिया है। इसके तहत, फसल खरीदने वाली संस्थाएं,कृषि उपकरण की बिक्री और मरम्मत वाली दुकानें, बीज, खाद की दुकानें को कारोबार करने की इजाजत होगी।

कोरोना संक्रमित गर्भवती महिलाओं के लिए अलग हॉस्पिटल बना
मुंबई में कोरोना पॉजिटिव गर्भवती महिलाओं के लिए एक अस्पताल अलग से तैयार किया गया है। मुंबई के घाटकोपर के रजवाड़ी हॉस्पिटल में कोरोना संक्रमित गर्भवती महिलाओं का इलाज होगा। दरअसल,मुंबई से एक 30 साल की कोरोना पॉजिटिव गर्भवती महिला की मौत का मामला सामने आ चुका है। इसके बाद बीएमसी ने गर्भवती महिलाओं के लिए अलग से इलाज कराने की योजना बनाई थी।

कोरोना अपडेट:

  • पुणे जिले के शिकारपुर गांव में एक सोनोग्राफी सेंटर के डॉक्टर की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद पिछले 6 दिनों के दौरान उनके सेंटर में आने वाले कई लोगों को क्वारैंटाइन किया गया है, जिसमें कई गर्भवती महिलाएं शामिल हैं।
  • कोरोना का हॉटस्पॉट बने वर्ली इलाके से बढ़ते मरीजों के बीच एक राहत वाली खबर भी आई है। वर्ली कोलीवाडा से क्वारैंटाइन किए गए 371 लोगों में से 129 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई है, जिन्हें वापस घर भेज दिया गया। इन लोगों को पोद्दार हॉस्पिटल और विशाखा गेस्ट हाउस में क्वारैंटाइनकिया गया था। लगातार दूसरी जांच में इन 129 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद इन्हें घर भेजा गया।
  • धारावी में गुरुवार को 26 नए कोरोना संक्रमित मरीज पाए गए, जिससे यहां मरीजों की संख्या बढ़कर 86 हो गई। धारावी की लक्ष्मी चॉल में कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति की गुरुवार कोमौत हो गई, जिसके बाद यहां मरने वालों का आंकड़ा नौहो गया। धारावी में मुकुंद नगर और मुस्लिम नगर में सर्वाधिक 18-18 कोरोना मरीज मिले हैं।
  • केईएम अस्पताल के दो रेजिडेंट डॉक्टरों में कोरोना की पुष्टि के बाद हड़कंप मच गया है। इनमें एक कस्तूरबा में पोस्टेड थे, जबकि दूसरे केईएम में। बीएमसी प्रशासन ने पूरे हॉस्टल को सील कर दिया है। इस हॉस्टल के करीब 55 डॉक्टर अब क्वारैंटाइन हैं।
  • राज्य में अगर कोरोना की स्पीड की बात की जाए तो 9 मार्च को पहला मामला सामने आने के बादएक महीने में एकहजार केस सामने आए। जबकि संक्रमितों की संख्यादोहजार तक पहुंचने में 6 दिन का समय लगा। वहीं 3 हजार तक की संख्या पर यह सिर्फ 4 दिन में पहुंच गई। वहीं, मुंबई में 6 दिन में संक्रमितों की संख्या दोगुने से ज्यादा बढ़ी है।
  • केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने देश भर में कोरोना के 170 हॉटस्पॉट घोषित किए हैं। इनमें मुंबई सहित महाराष्ट्र के 11 जिले भी शामिल हैं। मुंबई के अलावा सूची में पुणे, ठाणे, नागपुर, सांगली, अहमदनगर, यवतमाल, औरंगाबाद, बुलढाणा, मुंबई उपनगर और नासिक जिलों के नाम हैं। कोरोना के सबसे ज्यादा मरीज महाराष्ट्र में है। मुंबई शहर और मुंबई उपनगर जिले में ही राज्य के आधे से ज्यादा लोग संक्रमित हैं।
पालघर जिले में बैंक ऑफ महाराष्ट्र की ब्रांच के बाहर लोगों की भीड़। ये पीएम सहायता निधि के पैसे निकालने पहुंचे थे।

मुंबई में नहीं हुआ 'कम्युनिटी ट्रांसमिशन': बीएमसी

  • मुंबई में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या दो हजार पार कर गई है। हालांकि, बीएमसी प्रशासन ने दावा किया है कि मुंबई में कोरोना वायरस अभी 'कम्युनिटी ट्रांसमिशन' के स्तर तक नहीं पहुंचा है। यह दावा मुंबई में शुरू किए गए 'फीवर क्लिनिक' में लोगों की जांच और उसके बाद पाए गए कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या के आधार पर किया गया है।
  • मुंबई में कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बीएमसी 97 'फीवर क्लिनिक' चला रही है, जिसमें अब तक 3,585 लोगों की प्राथमिक जांच की गई। इनमें से 912 लोगों में कुछ लक्षण दिखाई देने पर उनके स्वाब को लैब में जांच के लिए भेजा गया था। उसमें से सिर्फ 5 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए।

पुणे: ससून हॉस्पिटल की तीन नर्स संक्रमित
महाराष्ट्र सरकार द्वारा संचालित ससून अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में कार्यरत तीन नर्स कोरोना संक्रमित पाई गई हैं। एक अधिकारी ने बताया कि नर्सों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया है। साथ ही उक्त नसों के संपर्क में आए हॉस्पिटल स्टाफ के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।

पुणे में लॉकडाउन के नियम तोड़ने वालों को इस तरह से सजा दी जा रही है।

यह तस्वीर नासिक के एक हॉस्पिटल की है। यहां कोरोना को मात देकर घर जा रही महिला को डॉक्टरों ने तालियां बजाकर विदा किया।


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महाराष्ट्र में 1 मार्च से 15 अप्रैल के बीच कुल 56 हजार 673 लोगों की कोरोना जांच हुई। इनमें से 52 हजार 762 टेस्ट निगेटिव आए।




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राज्य में मृत्युदर 6.05%, 17 दिन में 10 गुना बढ़े पॉजिटिव, सबसे ज्यादा संक्रमित 21 से 30 साल के बीच के

महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण बेकाबू होता जा रहा है। यहां शनिवार तकसंक्रमितों का आंकड़ा 3320 तक पहुंच गया है। वहीं, राज्य में अब तक 201 लोगों की मौत भी हो चुकी है। कोरोना के लक्षण को समझने के राज्य के मेडिकल एजुकेशन और ड्रग विभाग एक सर्वे रिपोर्ट तैयार कर रहा है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, 18 अप्रैल तक राज्य में कोरोना संक्रमित मरीजों कीमृत्यु दर 6. 05% है। वहीं, देश में यह आंकड़ा 3.34% है। इसके अलावा महाराष्ट्र से ज्यादा मृत्यु दर का आंकड़ामेघालय, झारखंड और पंजाब में है। यहां क्रमश: 11.11, 6.44 और 6.06 प्रतिशत मृत्यु दर है। वहीं, सबसे कम केरल में यह सिर्फ 0.76 प्रतिशत है। यहां सिर्फ 3 लोगों की मौत हुई है।

अब तक किस राज्य में कितने सक्रमित:

महाराष्ट्र के मेडिकल एजुकेशन और ड्रग विभाग द्वारा तैयार रिपोर्ट में 17 अप्रैल तक कहां कितने संक्रमित मरीज मिले हैं। इसका चार्ट तैयार किया गया है।

महाराष्ट्र: 17दिन में 10 गुना हुए केस

महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण के केस पिछले 17दिनों में 10 गुना की वृद्धि हुई है। राज्य में संक्रमण का पहला मामला नौ मार्च को पुणे में सामने आया था। यहां एक परिवार के तीन लोग पॉजिटिव मिले थे। इसके बाद 31 मार्च तक यानी 21 दिनों में संक्रमित केस की कुल संख्या 302 तक पहुंची थी।इन 21 दिनों में एक दिन में अधिकतम 27 पॉजिटिव केस मिले थे। लेकिन, एक अप्रैल से से 17 अप्रैल यानी 17 दिनों में संक्रमितों की संख्या में 10 गुना की वृद्धि हुई। यह आंकड़ा अब 3320 तक पहुंच गया है।

इस ग्राफ से समझिए महाराष्ट्र में बढ़े कोरोनाकेस की रफ्तार:

इस चार्ट में बताया गया है कि पहला केस 9 मार्च को मिला था। इसके बाद 31 मार्च के बाद संक्रमितों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है।

मुंबई: सात दिन में 81% बढ़े कोरोना संक्रमित मरीज

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में पिछले सात दिनों में 81% कोरोनावायरस संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ गई है। जबकि मृतकों की संख्या 60.52 फीसदी बढ़ी है। अगर मुंबई की बात करें तो यहांमरीजों की मृत्युदर 5.8%5 है। वर्ली और धारावी सहित करीब 8 प्रमुख इलााकों कोहॉटस्पॉट घोषित किया जा चुका है।मुंबई के इन 8 हॉटस्पॉट वाले इलाके में इस वक्त 1,285 कोरोना मरीज हैं।

21- 30 साल के बीच के लोग ज्यादा हुए संक्रमित
महाराष्ट्र में 21 से 30 साल के बीच के लोग सबसे ज्यादा संक्रमित हुए हैं। डॉक्टर इसका कारण इस उम्र के लोगों का घर से ज्यादा बाहर निकालना मानते हैं। वहीं, सबसे कम सिर्फ 1 संक्रमित 101-110 साल के बीच का है। इस शख्स की कुछ दिनों पहले मुंबई में मौत हो चुकी है। इसके बाद क्रमशः 91 और 81 साल के लोग सबसे कम संक्रमित हुए हैं। इस ग्राफ से इस ट्रेंड को समझ सकते हैं।

संक्रमितों में सबसे ज्यादा 671 की उम्र 21 से 30 साल है जबकि इसके बाद 31 से 40 की उम्र के 634 लोग संक्रमित हुए हैं।

राज्य में 95 % रिपोर्ट नेगेटिव आई

महाराष्ट्र स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, 17 अप्रैल तक राज्य में 55678 लोगों का कोरोना टेस्ट हुआ है। इसमें से 95 प्रतिशत की रिपोर्ट निगेटिव आई है। इनमें से 29128 टेस्ट सरकारी लैब में और 26550 टेस्ट प्राइवेट लैब में हुए हैं। प्राइवेट लैब में हुए96.23 प्रतिशत केस नेगेटिव आए हैं।

एक तर्क यह भी,ज्यादा टेस्ट की वजह से ज्यादा केस सामने आए

महाराष्ट्र में तेजी से संक्रमितों की संख्या सामने आने का एक बड़ा कारण यहां तेजी से जांच होना भी है। 15 अप्रैल 2020 को रात 9 बजे तक देश 2 लाख 58 हजार 730 लोगों का टेस्ट कर चुका है। हालांकि, देश में प्रति 10 लाख लोगों में सिर्फ 203 लोगों के टेस्ट किए गए हैं और प्रति 10 लाख लोगों में से 8 लोग कोरोना पॉजिटिव निकले हैं। अन्य राज्यों से तुलना करें तो 16 अप्रैल तक तमिलनाडु में 22 हजार, दिल्ली में 15 हजार और केरल में 16 हजार टेस्ट हो चुके हैं।

77 % मरीज सिर्फ मुंबई और पुणे से

17 अप्रैल की सुबह तक संक्रमितों में सबसे ज्यादा 2073 मरीज मुंबई से हैं, इसके बाद 419 कोरोना पॉजिटिव पुणे से हैं। इस हिसाब से राज्य के तकरीबन 77% संक्रमित मरीज सिर्फ मुंबई और पुणे से हैं। वहीं,एनालिसिस में यह भी सामने आया है कि 2916 संक्रमितों में से 1178 यानि 40 % महिलाएं और 1738 यानि 60% प्रतिशत पुरुष हैं। मृतकों में 35% महिलाएं और 65% पुरुष हैं।


मृतकों में सबसे ज्यादा 61-70 साल के बीच

शनिवारसुबह तक महाराष्ट्र में कुल 201 लोगों की मौत हुई थी। संक्रमण के चलते जिन लोगों की मौत हुई है, उसमें 60लोगों की उम्र 51-60 साल के बीच थी। इसके बाद 61-70 साल के बीच के 53, 41-50 साल के बीच 33, 71-80 साल के बीच 23 लोगों की जान गई है। राज्य में एक 101 वर्षीय बुजुर्ग की मौत भी हुई है।

इस ग्राफ से समझिए किस उम्र के लोगों की हुई सबसे काम या ज्यादा मौत:



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एशिया की सबसे घनी बसी बस्ती में स्क्रीनिंग करता स्वास्थ्यकर्मी। यहां अब तक 10 लोगों की मौत और 60 के करीब संक्रमित हो चुके हैं।




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राज्य में 328 नए करोना संक्रमित सामने आए, 11 मौतें; भड़काऊ बयान देने के आरोप में एक्टर एजाज खान गिरफ्तार

महाराष्ट्र में शनिवार को328 नए करोना संक्रमित मरीज सामने आए।इसी के साथ राज्य मेंकुल मरीजों का आंकड़ा 3 हजार 648 हो गया है। आज 11 मरीजों ने दम तोड़ा। मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 211 तक पहुंचा गया है। इस बीच,उद्धव सरकार ने राज्य की 38 से ज्यादा चीनी के 1 लाख 31 हजार 500 मजदूरों को अपने गांव भेजने का फैसला किया है।यह लोगराहत शिविरों में रह रहे हैं। सरकार का कहना है किजिन मजदूरों को राहत शिविरों में रहते हुए 14 दिन या उससे ज्यादा का समय हो गया है। इन सभी की जांच कराई जाएगी। रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उन्हें घर भेजने की व्यवस्था की जाएगी। वहीं, मुंबई में लॉकडाउन के नियम तोड़ने औरभड़काऊ बयान देने के आरोप में एक्टर एजाज खान को मुंबई में गिरफ्तार कर लिया गया।

औरंगाबाद के जिला अस्पताल में कोरोना पॉजिटिव महिला ने स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। महिला का 12 अप्रैल से संक्रमण का इलाज चल रहा है। डॉ. कमलाकर मुदखेडकर और डॉ. कविता जाधव की टीम ने बच्ची की डिलीवरीकराई। इनका कहना थाकि बच्ची में कोरोना के कोई लक्षण नजर नहीं आए। वह स्वस्थ है और उसका वजन 3.20 किलोग्राम है।

डॉक्टर्स ने बताया कि बच्ची में कोरोना के कोई लक्षण नजर नहीं आए। उसका वजन 3.20 किग्रा है और वह स्वस्थ है।

औरंगाबादमेंपॉजिटिवमहिला की मौत

महाराष्ट्र केऔरंगाबादमें शनिवार सुबह65 साल की महिला की मौत हो गई। जिले में यह तीसरी मौत है। तीन दिन पहले इसकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। महाराष्ट्र में अब तक02लोगों की मौत होचुकी है। स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार को एक बजे तककोरोना रिपोर्ट जारी नहीं की।शुक्रवार को राज्य में 118 नए पॉजिटिव केस मिले थे। वहीं, 7 लोगों की मौत हुई थी। महाराष्ट्र में अब तक कुल 3320 कोरोना संक्रमित सामने आ चुके हैं।

कोरोना अपडेट्स

  • पुणे:लॉकडाउन में घरेलू हिंसा के बढ़ते केसों को देखते हुए पुणे जिला परिषद ने एक अनोखा फैसला लिया है। इसके मुताबिक, अगर कोई भी शख्स घरेलू हिंसा के मामलों में प्रथम दृष्टता: दोषी पाया जाता है, तो शुरुआती कार्रवाई के दौरान उसे 14 दिन के क्वारैंटाइन में रखा जाएगा। ऐसे मामलों पर रोक लगाने के लिए गांव के लोगों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की मदद भी ली जाएगी, जो कि हिंसा की ऐसी घटनाओं पर नजर रखेंगी।हेल्पलाइन नंबर 18002334130 जारी किया गया है।एक मनोवैज्ञानिककी व्यवस्था भी की गई है।
  • मुंबई:कोरोनावायरस ने भारतीय नौसेना को भी अपनी चपेट में ले लिया है। 21 नाविक कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इन सभी को मुंबई के कोलाबा में स्थित नौसेना अस्पताल आईएनएचएस अश्विनी में भर्ती कराया गया है। आर्मी के बाद नौसेना में संक्रमण का पहला मामला है। नेवी ने बताया कि ये सभी एक नाविक के संपर्क में आए थे, जिसका 7 अप्रैल को टेस्ट पॉजिटिव आया था। नेवी का कहना है कि शिप्स और सबमरीन पर कोई संक्रमण का केस सामने नहीं आया है।

  • ठाणे: शहर सेराहत की खबर है। ठाणे में जहां पॉजिटिव मरीजों की संख्या 300 के करीब है, तो वहीं इस बीमारी से ठीक होने वालों की संख्या 65 हो गई है। नवी मुंबई मनपा क्षेत्र के कुल 59 मरीजों में से 22 मरीज ठीक हुए हैं। मरीजों के ठीक होने के मामले में नवी मुंबई पहले नंबर पर है। दूसरे नंबर पर कल्याण-डोंबिवली मनपा के 61 मरीजों में 23 मरीज ठीक हुए हैं।

नागपुर की लकड़गंज पुलिस ने लोगों तक कोरोना की भयावहता को बताने के लिए इस तरह का पुतला मुख्य चौराहे पर लगाया है।


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    मुंबई में कोरोना प्रभावित इलाकों में स्लैब के नमूने लिए जा रहे हैं। यहां अब तक 2 हजार से ज्यादा कोरोना मरीज मिले।




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    20 अप्रैल से कुछ जिलों में नियंत्रण के साथ शुरू होंगे उद्योग, मजदूरों से कहा-कोरोना संकट खत्म होते ही आपको घर पहुंचाऊंगा

    महाराष्ट्रके मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने रविवार को कहा कि कोरोना वायरस के संबंध में चिह्नित किए गए ग्रीन और ओरेंज क्षेत्रों में उद्योगों को नियंत्रित तरीके से कामकाज बहाल करने की अनुमति दी जाएगी। एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि कुछ नियंत्रण के साथ इन जोन में उद्योगों को फिर से काम शुरू करने की इजाजत दी जाएगी। ठाकरे ने कहा, 'कोरोना संकट से बाहर आने के बाद हम वित्तीय संकट में पड़ जाएंगे, इसलिए हम कुछ व्यावसायिक गतिविधियों को सीमित तरीके से शुरू कर रहे हैं। अच्छी बात ये है कि हमारे कई जिलों में एक भी कोरोना का केस नहीं मिला है।'

    मजदूरों को आवासीय सुविधा मुहैया करवाने वालों को दिया जाएगाअनाज

    उन्होंने कहा कि हम ग्रीन और ऑरेंज जोन में आने वाले कुछ इंडस्ट्री को शुरू करने की इजाजत देते हैं।हमें इस अर्थचक्र को 20 अप्रैल से घुमाना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि लॉकडाउन के दौरान अपने कामगारों को आवास की सुविधा मुहैया कराने वाले उद्योगों को राज्य से अनाज की आपूर्ति की जाएगी और कच्चे माल की अनुमति दी जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘राज्य सरकार ग्रीन और ओरेंज क्षेत्रों के उद्योगों को नियंत्रित तरीके से उत्पादन और प्रसंस्करण की गतिविधियां शुरू करने की अनुमति दे रही है। उद्योगों को अपने कामगारों के लिए रहने की व्यवस्था करनी होगी। वे काम के लिए लंबी दूरी की यात्रा नहीं करेंगे।’

    सील रहेंगी राज्य और शहरों की सीमाएं

    ’ग्रीन जोन में वे क्षेत्र आते हैं जहां कोरोना वायरस का एक भी मामला सामने नहीं आया जबकि ओरेंज जोन में वे क्षेत्र आते हैं जहां कम मामले सामने आए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आवश्यक सेवाओं की आवाजाही के अलावा सभी जिलों की सीमाएं सील रहेंगी।ठाकरे ने कहा कि राज्य सरकार ने उन लोगोंके लिए अलग से एक बैंक खाता खोला है जो सीएसआर फंड के जरिये कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में योगदान देना चाहते हैं। शनिवार तक महाराष्ट्र में इस संक्रामक रोग के 3,648 मामले सामने आए और 211 लोगों की मौत हो चुकी है।

    कोरोना संकट खत्म होने के बाद प्रवासी मजदूरों को उनके घर पहुंचाएगी सरकार

    राज्य में फंसे प्रवासी मजदूरों से उद्धव ठाकरे ने कहा कि मैं आपसे वादा करता हूं कि कोरोना संकट खत्म होते ही महाराष्ट्र सरकार आपको अपने घर पहुंचाएगी और हम चाहते हैं कि आप खुश होकर घर जाएं, डरकर नहीं।उन्होंने आगे कहा कि हम केंद्र के साथ बातचीत कर रहे हैं। मुझे विश्वास है कि आने वाले दिनों में एक समाधान निकलेगा। आप लोग चिंता मत कीजिए। हम धीरे-धीरे महाराष्ट्र में काम शुरू कर रहे हैं। अगर यह संभव है कि आप काम पर वापस आ सकते हैं, तो आप अपनी आजीविका जारी रख सकते हैं।

    राज्य में 95 प्रतिशत टेस्ट नेगेटिव साबित हुए

    उद्धव ठाकरे ने कहा कि हमने अब तक 66 हजार कोरोना टेस्ट किए हैं। इनमें से 95 फीसदी निगेटिवऔर लगभग 3600 पॉजिटिव पाए गए हैं। इनमें से लगभग 350 ठीक हो गए हैं। 75 प्रतिशत लोगों मे लक्षण नहीं हैं या फिर बहुत कम लक्षण हैं। 52 मरीज गंभीर हैं, हम लोगों का जीवन बचाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि 3 मई तक मुंबई में सबअर्बन ट्रेनें नहीं चेलेंगी।

    घरेलू हिंसा करने वालों को कड़ी चेतावनी

    लॉकडाउन के दौरान राज्य में घरेलू हिंसा के मामलों पर उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने महिलाओं से इसकी शिकायत दर्ज कराने की अपील की। इसके अलावा उन्होंने कहा कि मुंबई और पुणे में जो कि रेड जोन हैं, वहां घर-घर जाकर अखबार नहीं पहुंचाए जाएंगे।



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    सीएम उद्धव ठाकरे वीडियो सन्देश के माध्यम से जनता को संबोधित कर रहे थे।




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    एक दिन में सबसे ज्यादा 552 संक्रमित मिले, 12 मौतें; सीएम ने कहा- 26 जिलों में कोरोना के केस कम, वहां औद्योगिक गतिविधियां शुरू होंगी

    महाराष्ट्र में संक्रमण पर काबू पाने की कोशिशें अब तक ज्यादा कामयाब नहीं हो सकी हैं। रविवार को यहां12 मरीजों की मौत हुई। इसमें मुंबई में 6, मालेगांव में 4, सोलापुर और अहमदनगर में एक-एक की जान गई। रविवार को 552 नए संक्रमित सामने आए। एक दिन में संक्रमितों का यह सबसे बड़़ा आंकड़ा है।इससे पहले 14 अप्रैल को राज्य में 350 संक्रमित मिले थे। प्रदेश में अब कुल संक्रमितों की संख्या 4200 हो गई है।संक्रमण के चलते रविवार को जान गंवाने वालों में 4 पुरुष और 8 महिलाएं हैं। मृतकों की उम्र 26 से 63 साल के बीच की थी। इसमें से 6 को डायबिटीज, ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियां भी थीं। बाकी छह मृतकों की मेडिकल हिस्ट्री के बारे में पता नहीं चल पाया है। इसे मिलाकर राज्य में संक्रमण से मृतकों का कुल आंकड़ा 223पहुंच गया।

    20 अप्रैल से औद्योगिक गतिविधियों को शुरू करेंगे:मुख्यमंत्री

    मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने रविवार को सोशल मीडिया के जरिएलोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि 20 अप्रैल से हम 26 जिलों(ग्रीन और ऑरेंज जोन वाले)में औद्योगिक गतिविधियों को शुरू कर रहे हैं। यह वे जिलेहैं, जहां कोरोना के कम केस हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में अब तक 66 हजार 896 टेस्ट हो चुके हैं, जिसमें से 95%नेगेटिव आए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में कृषि से जुड़े किसी भी काम को नहीं रोका जाएगा, लेकिन राज्यों के बॉर्डर सील ही रहेंगे। शहरों की सीमाओं को भी सील रखा जाएगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हमनेउद्योगपतियों से बात की है कि वह अपने यहां काम करने वाले कर्मचारियों और मजदूरों के रहने का भी उचित इंतजाम करें। हम राज्य में जितने भी बेघर मजदूर हैं, उन तक खाना पहुंचाने का इंतजाम कर रहे हैं। उन्होंने प्रवासी मजदूरों के लिए कहा कि राज्य सरकार इस बारे में केंद्र से बात कर रही है। जैसे ही यह समस्या खत्म होगी, आपकी समस्या का समाधान किया जाएगा।आपको अपने घर पहुंचाया जाएगा।

    महाराष्ट्र को तीन जोन में बांटा गया:

    संक्रमण से निपटने के लिए राज्य सरकार ने 15 से ज्यादा मरीजों वाले जिलों को रेड जोन में रखा है। इससे कम वालों को ऑरेंज जोन और जहां एक भी मरीज नहीं है उसे ग्रीन जोन में रखा गया है। माना जा रहा है कि इसी के आधार पर अगले लॉकडाउन और राहत का एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा।

    रेड जोन: मुंबई शहर, मुंबई उपनगर, ठाणे, पालघर, पुणे, नागपुर, रायगढ़, सांगली, औरंगाबाद, मालेगांव(नासिक) और अहमदनगर।

    ऑरेंज जोन: रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, सातारा, कोल्हापुर, नासिक शहर, जलगांव, उस्मानाबाद, बीड, जालना, हिंगोली, लातूर, अमरावती, अकोला, यवतमाल, बुलढाणा, वाशिम और गोंदिया।

    ग्रीन जोन: धुले, नंदुरबार, सोलापुर, परभणी, नांदेड़, वर्धा, चंद्रपुर, भंडारा और गढ़चिरौली शामिल हैं।

    कोरोना अपडेट्स:

    • मुंबई के जसलोक अस्पताल की 31 नर्सों और पांच डॉक्टरों में कोरोना वायरस (कोविड-19) का संक्रमण पाया गया है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि इन नर्सों को अस्पताल के हॉस्टल में क्वारंटीन कर दिया गया है। जिन नर्सों में संक्रमण पाया गया है, उनमें कोई लक्षण नजर नहीं आ रहे हैं। उनके स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जा रही है।
    • धारावी में 20 नए केस आए। इसे मिलाकर यहां संक्रमितों की संख्या 138 तक पहुंच गई है। यहां अब तक संक्रमण से 11 लोगों की मौत हो चुकी है।
    • मुंबई के बीवायएल नायर हॉस्पिटल में संक्रमित दो महिला गर्भवती ने स्वस्थबच्चे को जन्म दिया। डॉक्टर ने बताया कि दोनों नवजात का कोरोना टेस्ट निगेटिव आया है। दोनों महिलाओंं को एक हफ्ते पहले अस्पताल में भर्ती किया गया था। जहां टेस्ट के दौरान कोरोना पॉजिटिव की पुष्टि हुई थी।
    • नागपुर में आज 7 नए पॉजिटिव मिले। इसके साथ शहर में पॉजिटिव की संख्या 72 तक पहुंच गई है।
    • महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने बताया कि राज्य की जेलों में क्षमता से अधिक कैदीहैं। इसलिए हमने यह तय किया है कि वहां रहने वाले पुलिसवालों और अन्य कैदियों को अगले आदेश तक जेल में ही रहना पड़ेगा। इसे एक तरह का लॉकडाउन ही समझा जाए। इस आदेश के बाद अब जेलों से कोई न बाहर आ पाएगा और न अंदर जाएगा।
    • लॉकडाउन में आर्थिक संकट से जूझ रहे मजदूरों की मदद के लिए राज्य सरकार आगे आई है। सरकार ने निर्माण क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों को दो हजार रुपए की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया। यह रकम सीधे मजदूरों के बैंक खातों में जमा होगी। इसका फायदा करीब 12.5 लाख मजदूरों को होगा। करीब एक महीने से निर्माण से जुड़े काम काम बंद होने से इससे मजदूरों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है।
    • महाराष्ट्र सरकार सोमवार से लॉकडाउन में कुछ राहत देने जा रही है, लेकिन मुंबई, पुणे, पिंपडी-चिंचवड और नागपुर शहर को लॉकडाउन से कोई राहत नहीं मिलेगी। सरकार की राहत ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्र के उद्योगों और कृषि क्षेत्र के लिए है। यहां तक कि राज्य के महानगरपालिका क्षेत्र को भी रियायत नहीं दी गई है।
    • पिंपरी-चिंचवड़ म्यूनिसिपल कमिश्नर ने कहा कि रविवार रात 12 बजे से 27 अप्रैल तक पुणे म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन के अंतर्गत आने वाला क्षेत्र कंटेनमेंट जोन के रूप में पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा।

    यह तस्वीर मुंबई के धारावी की है। यहांमेडिकल कैंप लगाकर लोगों की जांच की जा रही है।

    पुणे में लॉकडाउन की वजह से फंसे बहरीन के 125 नागरिकों को शनिवार को स्पेशल प्लेन से रवाना किया गया।

    लॉकडाउन में 20 अप्रैल से इन चीजों की मिलेगी छूट, यह रहेंगे बंद

    • सोमवार से राज्य सरकार लॉकडाउन के नियमों में कुछ राहत दे रही है। हालांकि, कुछ चीजों पर पहले की तरह सख्त पाबंदी रहेगी- जैसेरेलवे, मेट्रो, पब्लिक ट्रांसपोर्ट पूरी तरह से बंद रहेगा। सोशल गेदरिंग, कार्यक्रम, उत्सव, पूजा-पाठ, मस्जिद में नजाम पढ़ने की अनुमति नहीं होगी।
    • लोगों की जरुरतों को देखते हुए सरकार ने ऑनलाइन बिजनेस को छूट दी है। यानी आप ऑनलाइनसामान मंगा सकते हैं। होम डिलीवरी चालू होगी। आटा-दाल चक्की, खाद्य तेल उत्पादन करने वाली लघुऔर मध्यम औद्योगिक इकाइयां, जरूरी चीजों की आपूर्ति के लिए परिवहन शुरू किया जाएगा।
    • खेती से जुड़े हुए सभी तरह के व्यापार को छूट दी गईहै। इसमें फसल की खरीदारी करने वालीसंस्थाएं, फसलों की पैकिंग से जुड़े व्यापार, बीज और खाद की दुकानों को भी राहत दी गई है। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट कर दिया कि प्रोटोकॉल का पूरी तरह से ध्यान रखा जाएगा।
    यहां लॉकडाउन बेअसर: मुंबई के तटीय इलाके में बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षी फ्लेमिंगो का आना शुरू हो गया है।

    सोमवार से वसूला जाएगा टोल, ट्रांसपोर्टर्स नाराज
    लॉकडाउन के दौरान बंद की गई टोल वसूली सोमवार से फिर राज्य में शुरू हो जाएगी। ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस केमिल्कीत सिंह कहते हैं, 'लॉकडाउन के दौरान ट्रक ड्राइवर और खलासी खतरा मोल लेकर डिलिवरी में लगे हुए हैं। इस कठिन दौर में ट्रांसपोर्ट उद्योग को राहत पैकेज की जरूरत है, लेकिन सरकार टोल वसूली जैसा आदेश निकालकर संकट को और गहरा कर रही है।'

    यह तस्वीर मुंबई के पोदार स्वाब टेस्टिंग सेंटर की है। यहां कोरोना जांच के लिए सैंपल लेने के लिए एक स्पेशल केबिन बनाया गया है।

    24 विदेशी नागरिक अहमदनगर से पकड़े गए

    दिल्ली केमरकज के कार्यक्रम में हिस्सा लेकर लौटे 24 विदेशी नागरिकों को अहमदनगर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनके साथ पांच ट्रांसलेटर भी हैं, जो अलग-अलग राज्यों से हैं। इनमें पांच विदेशी नागरिक कोरोना संक्रमित हैं, जो अस्पताल में भर्ती हैं। इससे पहले वीजा नियमों का उल्लंघन कर जमात के कार्यक्रम में शामिल हुए 156 विदेशी नागरिकों के खिलाफ मुंबई सहित ठाणे, नवी मुंबई, अमरावती, नांदेड़, नागपुर, पुणे, अहमदनगर, चंद्रपुर और गढ़चिरौली में केस दर्ज किए गए थे।



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    यह तस्वीर 16 अप्रैल की है। मुंबई में लॉकडाउन की वजह से बेघर मजदूर और कामगार रेलवे ट्रैक के पास समय बिता रहे हैं। सरकार ने निर्माण क्षेत्र से जुड़े 12.5 लाख मजदूरों को दो हजार रुपए देने का वादा किया है।




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    1200 लोगों के गांव में सन्नाटा पसरा, 250 से ज्यादा गांववाले जंगल में छिपे, पूरे गांव में सिर्फ पुलिस नजर आ रही

    महाराष्ट्र और गुजरात की सीमा पर स्थित गडचिंचले गांव में सिर्फ पुलिस की गाड़ियां हैं। 1200 की आबादी वाले गांव में 110 ग्रामीणों को गिरफ्तार कर लिया गया है। 9 नाबालिगों को बाल सुधार गृह में भेजा गया है। इनके अलावा करीब 250 लोग फरार हैं, इनके पास के जंगलों में छिपे होने की आशंका है। वारली और कोकणा आदिवासी समुदाय बहुल इस गांवमें गुरुवार रात को भी यदि ऐसा ही सन्नाटा होता तो स्वामी कल्पवृक्ष गिरी, स्वामीसुशील गिरी और उनके ड्राइवर नितिन तेलगिडे की जान बच सकती थी।

    दो पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया
    इस मामले पर राजनीति और पुलिस कार्रवाई का दबाव बढ़ने से दोपहर एक बजे तक घटना की जांच कर रहे कासा पुलिस थाने के एसआई आनंदराव काले के साथ-साथ इंस्पेक्टर सुधीर कटारे को निलंबित करने की खबरें पहुंचीं। पालघर के जिला मुख्यालय से 90 किलोमीटर दूर यह आदिवासी गांव गुजरात के सिलवासा से महज 13 किमी दूर है। पिछले कुछ दिनों से गांव में बच्चा चोर, किडनी चोरों के सक्रिय होने की अफवाह थी। कभी गांव में चोरों के घुसने की खबर आती तो कभी डाका पड़ने की।

    दादर नगर हवेली बॉर्डर से वापस लौटाया था
    कर्फ्यू की वजह से दिनभर घर में बैठे सारे लोग रात को देर तक गांव की सीमा पर पहरा देते हैं। गुरुवार रात दस बजे उन्हें उनके ही इलाके से दोनों साधुओं की गाड़ी गुजरते दिखीं। कांदिवली आश्रम से सूरत के लिए निकले स्वामी की गाड़ी कर्फ्यू की वजह से दादरा-नगर हवेली की सीमा से वापस लौटा दी गई थी। कर्फ्यू की वजह से हाईवे से लौटना संभव नहीं था, इसलिए वे खानवेल-दाभाड़ी के रास्ते से लौट रहे थे। गांव की सीमा पर पहरा देने वाले लोगों ने उन्हें रोका और चोर समझकर हमला कर दिया। इसमें दोनों स्वामियों और उनके ड्राइवर की मौत हो गई।

    सीएम ने सीआईडी जांच का आदेश दिया
    भीड़ इतनी हिंसक थी कि पुलिस की गाड़ी में भी तोड़फोड़ हुई। चार पुलिसकर्मी घायल हुए। उनकी मौजूदगी में ही तीनों की लाठियों, धारदार हथियारों से जान ली गई। सुबह तक पुलिस ने जंगल में छिपे सौ से अधिक लोगों को पकड़ा और उनके खिलाफ केस दर्ज किया। पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मांग पर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने इस प्रकरण की सीआईडी जांच के निर्देश दिए हैं।

    सीएम ठाकरे ने कहा-गलतफहमी की वजह से हुई हत्या
    मॉब लिंचिंग में साधुओं के मारे जाने पर पंच दशनाम जूना अखाड़ा, हिंदू जन-जागरण समिति जैसे संगठनों ने विरोध में आवाज बुलंद की है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से फोन पर बात की और जिम्मेदारअधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी मुख्यमंत्री ठाकरे से फोन पर बात की। ठाकरे ने फेसबुक लाइव में कहा कि साधुओं की हत्या धार्मिक विद्वेष की वजह से नहीं बल्कि गलतफहमी की वजह से हुई है।

    सारणी में बचाया, गडचिंचले में मारे गए
    पालघर के शिवसेना नेता कुंदन संखे ने बताया कि जिले का यह आदिवासी गांव दुर्गम हैं। अक्सर चोरी, डाके आदि की अफवाह की वजह से लोग पहरा देते हैं। गडचिंचले में हत्याकांड से दो दिन पहले डहाणू तहसील के सारणी गांव में भी ऐसा ही हुआ था। बाहर से गए विश्वास वलवी पर आदिवासियों ने हमला कर दिया था। उनके साथ जिला परिषद सदस्य जयंत दुबला मौजूद थे और उन्होंने तत्काल पुलिस से संपर्क साधकर अपनी जान बचाई थी।



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    इसी गाड़ी में तीनों को बचाकर पुलिसवाले पुलिस स्टेशन तक ले जाना चाह रहे थे। ग्रामीणों ने उन्हें भी घेरकर गाड़ी में तोड़फोड़ की और पुलिसवालों के साथ मारपीट की।




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    5 हजार संक्रमित मरीजों वाला पहला राज्य बना महाराष्ट्र, यहां हुई देश में सबसे ज्यादा 251 मौतें

    महाराष्ट्र में मंगलवार को 552 कोरोना संक्रमितों के मिलने के साथ ही राज्य में मरीजों की संख्या बढ़कर 5218 हो गई। वहीं, आज 19 मरीजों की मौत हुई है, जिसमें से 12 सिर्फ मुंबई से हैं। इसके अलावा तीनपुणे से, दो ठाणे और एक-एक सांगली और पिंपरी चिंचवाड़ से है। राज्य में अब तक कोरोना से मरने वाले लोगों की संख्या 251 हो गई है। मुंबई में भी संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 3451 तक पहुंच गई है। आज यहां 419 नए पॉजिटिव केस सामने आए हैं। मुंबई में देश के किसी भी राज्य की कुल मौतों के मुकाबले सबसे ज्यादा 151 मौतें हो चुकी हैं।

    महाराष्ट्र में देश के सबसे ज्यादा मरीज भी ठीक हुए
    आज हुई मौतों में नौमरीज 60 साल से अधिक उम्र के हैं। वहीं, 40 से 59 के बीच के नौऔर 40 उम्र के एक मरीज का समावेश है। मंगलवार को 151 मरीज उपचार के बाद डिस्चार्ज कर दिए गए और अब तक 722 मरीज अस्पतालों से घर भेजे जा चुके हैं।

    43 दिन में 5 हजार से ज्यादा मामले
    महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण का पहला मामला 9 मार्च को पुणे में आया था। दुबई से लौटे पति-पत्नी संक्रमित पाए गए थे। 43 दिन में संक्रमितों की संख्या 5 हजार को पार कर गई। 17 मार्च को राज्य में संक्रमण से पहली मौत हुई। 35 दिन में मौतों का आंकड़ा 250 को पार कर गया। देश में सबसे ज्यादा मौतें और सबसे ज्यादा मामले महाराष्ट्र में ही हैं।

    मुंबई-पुणे को लॉकडाउन में दी गई छूट वापस ली
    उधर मुंबई और पुणे में महाराष्ट्र सरकार ने लॉकडाउन मेंजो राहत दी थी उसे अब रद्द करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया, 'महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई और पुणे में लॉकडाउन के दौरान दी गई राहत और छूट को वापस लेने का फैसला लिया है क्योंकि लोग मनमानी कर रहे हैं। राज्य के बाकी हिस्सों में आंशिक ढील मिलती रहेगी।' सोमवार को महाराष्ट्र सरकार ने जब कुछ सहूलियत दी तो भारी संख्या में लोग सड़कों पर निकल आएथे।

    महाराष्ट्र में अधिक मामले मिलने का कारण
    नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी में चेन्नई के वैज्ञानिक तरुण भटनागर ने कहा, 'तार्किक व्याख्या यह है कि जितना ज्यादा परीक्षण होगा, उतने अधिक मामले मिलेंगे।’ उन्होंने कहा कि जो राज्य वर्तमान दिशा-निर्देशों के साथ अधिक संख्या में संदिग्ध मामलों का परीक्षण कर रहे हैं, वे अधिक मामले पाएंगे। महाराष्ट्र मेंमंगलवार तक 83,111 परीक्षण किए गए।

    ज्यादा मौतों के लिए यह कारक हैं जिम्मेदार
    हेल्थ एक्सपर्ट्स की माने तो ज्यादा मौतों के लिए एक से ज्यादा बीमारी, उम्र, बीमारी की गंभीरता, देर से अस्पताल ले जाना और खराब स्वास्थ्य सुविधाएं जिम्मेदार होती हैं। मुंबई में कई मामले अस्पताल से संबंधित संक्रमण के हैं।जिन रोगियों को अन्य बीमारियों के लिए भर्ती कराया गया, बाद में उनकी टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके बाद संक्रमण स्वास्थ्य कर्मचारियों के बीच फैल रहा है। बुधवार की प्रेस वार्ता में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि यदि मामलों का देर से पता चलता है तो यह अधिक संख्या में मौतों में एक भूमिका निभा सकते हैं। यही कारण है कि मामलों की प्रारंभिक पहचान महत्वपूर्ण है।



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    महाराष्ट्र में मंगलवार को भी 500 से ज्यादा मरीज पॉजीटिव पाए गए, जिसके बाद महाराष्ट्र में कुल मरीजों की संख्या 5,218 हो गई है




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    पति-पत्नी ने 21 दिन में अपने आंगन में ही पूरे गांव के लिए खोद डाला 25 फीट गहरा कुआं

    महाराष्ट्र के वाशिम जिले के कारखेड़ा गांव में रहने वाले गजानन पकमोड़े और उनकी पत्नी मजदूरी करते हैं। लॉकडाउन की वजह से काम-धंधा ठप है, इसलिए इन्होंने आंगन में ही कुआं खोदना शुरू कर दिया। शुरू में गांव वालों और रिश्तेदारों ने इनका मजाक भीउड़ाया लेकिन 21 दिन लगातार खुदाई के बाद इन्हें सफलता मिल गई। 25 फीट नीचे पानी निकल आया। गौरतलब है किगांव में एक भी कुआं नहीं था।गर्मी में भयंकर सूखा पड़ता है तो 15-20 दिन में एक बार टैंकर से पानी पहुंचता है।

    गजानन और उनकी पत्नी बताते हैं कि लोगों ने पहले हमारी इस कोशिश का मजाक उड़ाया था।

    गजानन ने बताया कि घर में बैठे रहने से बेहतर था कि कुछ ऐसा करें कि मिसाल बन जाए। यही सोचकर खुदाई शुरू की। लोगों ने बेशक हमारा मजाक उड़ाया, लेकिन ये कुआं सिर्फ हमारे लिए नहीं है। हमें यकीन है कि आने वाले कई सालों तक यह कुआं पूरे गांव की प्यास बुझाएगा।



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    लगातार 21 दिन खुदाई के बाद गजानन को सफलता मिली और 25 फीट नीचे पानी निकल आया।




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    महाराष्ट्र 12 अफसरों समेत 64 पुलिसकर्मियों में कोरोना की पुष्टि हुई, सबसे ज्यादा 34 पुलिसवाले मुंबई से

    महाराष्ट्र पुलिस के 64 पुलिसकर्मियों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है, जिनमें से 12 पुलिस अधिकारी और 52 कॉन्स्टेबल हैं। इनमें सबसे ज्यादा 34 पुलिस कर्मचारी मुंबई से हैं। इससे पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के मुंबई स्थित आधिकारिक आवास 'वर्षा' पर तैनात महिला पुलिसकर्मी कोरोना पॉजिटिव पाई गई हैं।

    महाराष्ट्र में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या 5 हजार पार कर गई है। कोरना से महाराष्ट्र में कुल 5,218 लोग संक्रमित हैं। 722 लोग ठीक होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं, वहीं 251 लोगों की मौत हो चुकी है। महाराष्ट्र में कोविड-19 के सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं।



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    कोरोना संक्रमित सबसे ज्यादा पुलिसवाले मुंबई पुलिस से हैं। फिलहाल सभी की स्थिति स्थिर है।




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    पुणे में 92 साल की महिला ने कोरोना को दी मात, सात महीने पहले हुईं थीं लकवाग्रस्त

    दुनियाभर में कोरोना के कहर के बीच कुछ राहत भरी खबरें भी हैं। ऐसी ही एक खबर गुरुवार को महाराष्ट्र के पुणे से आई। यहां 92 साल की एक महिला ने कोरोना को मात दी है। बुजुर्ग महिला के संक्रमण से मुक्त होकर अब घर पहुंच गई है। महिला को कोरोना का मात देना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सात महीने पहले वह लकवाग्रस्त हो गई थीं।

    अप्रैल के पहले हफ्ते में बुजुर्ग महिला और उनके परिवार के पांच सदस्य कोरोना संक्रमित हो गए थे। इसके बाद सभी को पुणे के सिंबायोसिस अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    अस्पताल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. विजय नटराजन ने कहा, "92 वर्षीय महिला और साढ़े तीन साल की उनकी परपोती सहित सभी चारों लोगों को जांच में संक्रमण नहीं पाए जाने पर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।"

    डॉक्टर ने कहा कि इससे समाज में संदेश जाएगा कि अगर 92 साल की महिला ठीक हो सकती है तो 60 साल से अधिक उम्र के भी लोग संक्रमण को मात दे सकते हैं। घबराने की कोई जरूरत नहीं है। वहीं, महिला के 55 वर्षीय बेटे ने कहा कि शुरुआत में परिवार को संक्रमण के बारे में जानकर झटका था। उन्होंने लोगों से दहशत में नहीं आने को कहा। महिला का बेटा संक्रमण के कारण फिलहाल सरकारी केईएम अस्पताल में है लेकिन उसकी हालत में भी सुधार हो रहा है।



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    महिला को अप्रैल के पहले सप्ताह में पुणे के सिंबोयसिस हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया था। फिलहाल वह पूरी तरह से स्वस्थ हैं-प्रतीकात्मक फोटो।




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    24 घंटे में रिकॉर्ड 778 नए केस आए, संक्रमण से 14 की मौत; विदेशी क्रूज पर फंसे 146 भारतीय मुंबई पोर्ट पर उतरे

    महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण बेकाबू होता जा रहा है। पिछले 22 घंटे में राज्य में रिकॉर्ड 778 पॉजिटिव मिले। इससे पहले 21 अप्रैल को 552 संक्रमित सामने आए थे। इसे मिलाकर राज्य में संक्रमितों का कुल आंकड़ा 6427 पर पहुंच गया है।
    उधर, गुरुवार को राज्य में संक्रमण के चलते 14 मौतें हुई। इसमें मुंबई में 6, पुणे में 5 और नंदुरबार, नवी मुंबई और धुले में एक-एक की जान गई। मृतकों में 8 पुरुष और 6 महिलाएं हैं। इनमें तीन की उम्र 40 साल से कम जबकि 11 की उम्र 40 से 70 साल के बीच थी। इसके अलावा, सात को डायबिटीज, हाइपरटेंशन, अस्थमा जैसी बीमारियां थीं। इसे मिलाकर राज्य में अब तक संक्रमण से 283 लोगों की जान जा चुकी है।

    विदेशी क्रूज पर समुद्र में फंसे 146 भारतीय मुंबई बंदरगाह पर उतरे

    इस बीच, एक विदेशी क्रूज मरीला डिस्कवरी पर समुद्र में फंसे 146 भारतीय गुरुवार को मुंबई बंदरगाह पर उतर गए।मुंबई पोर्ट ट्रस्ट (एमपीटी) के अध्यक्ष संजय भाटिया ने बताया किसभी को क्वारैंटाइन किया गया है।इनकी कोविड-19 की जांच कराई जाएगी। रिपोर्ट आने के बाद उन्हें घर भेजने या नहीं भेजने पर फैसला किया जाएगा। बता दें किविदेशी क्रूज पर फंसे भारतीयों कोमुंबई बंदरगाह पर उतरने की अनुमति देने के लिएमुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने खुद केंद्रीय जहाजरानी राज्यमंत्री मनसुख मांडविया से बात की थी। दरअसल, क्रूज को 2 से 6 अप्रैल के बीच कोचीन, न्यू मंगलोर, गोवा और मुंबई जाना था। क्रूज 12 अप्रैल को कोचीन पहुंच गया, लेकिन कोचीन में उतरने की इजाजत नहीं दी गई थी। इसके बाद 14 अप्रैल को क्रूज मुंबई पहुंचा था।

    यह तस्वीर विदेशी क्रूज मरीला डिस्कवरी की है। 12 अप्रैल से यह क्रूज मुंबई के समुद तट पर खड़ा हुआ था। इसमें 145 भारतीय थे, जो कि अब मुंबई में उतर गए हैं।

    राज ठाकरे की मांग- नैतिकता के मुद्दे पर न फंसे, राजस्व के लिए शराब की दुकानें खुलवाएं

    महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना(मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने लॉकडाउन के कारण खाली होती प्रदेश सरकार की तिजोरी पर चिंता जताई है।गुरुवार को राज ठाकरे ने इस संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने कहा कि लॉकडाउन अभी और कितने समय तक रहेगा, यह पता नहीं है। इसलिए सरकार को राज्य में शराब की दुकानों को फिर से शुरू करने का फैसला लेना चाहिए। इससे सरकार को कम से कम राजस्व मिलना शुरू हो सकेगा। राज ने कहा कि सरकार शराब की दुकानों को शुरू करने को लेकर नैतिकता के मुद्दे पर न फंसते हुए इस पर फैसला करें।

    मुस्लिम डिलीवरी बॉय से किराना लेने से मना करने पर केस दर्ज
    ठाणे के कश्मीरा इलाके मेंमुस्लिम डिलीवरी बॉय से सामान नहीं लेने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधिकारीसंजय हजारे ने बताया कि आरोपीगजानन चतुर्वेदी (51) के खिलाफ आईपीसी की धारा 295 ए के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसनेडिलीवरी बॉय से उसका नाम पूछाफिर सामान लेने से इनकार कर दिया।

    महाराष्ट्र: मुंबई और पुणे बड़ी चिंता, इसलिए इन दोनों शहरों को हार्ड रेड जोन में डाला

    • मुंबई में गुरुवार को 522 नए पॉजिटिव मिले। यहां स्थिति बिगड़ती जा रही है। यहां अब कुल संक्रमितों की संख्या 4205 तक पहुंच गई है। इसके अलावा 167 लोगों की जान जा चुकी है। मुंबई के कई इलाके सील करने के बाद भी संक्रमित मरीजों की संख्या में कमी नहीं आ रही है।
    • कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया किकेंद्रीय टीम का अनुमान है किमुंबई में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 15 मई तक 6.56 लाख तक पहुंच सकती है।साथ ही, 30 अप्रैल तक यह संख्या42 हजार हो सकतीहै।
    • वहीं, पुणे डिवीजन में अब तक 963 संक्रमित मिल चुके हैं। इनमें67 कीमौते हो चुकी है।सिर्फ पुणे के नगर निगम क्षेत्र में 734 संक्रमित हैं। शहर का भवानी पेठ इलाका कोरोना का हॉटस्पॉट है। यहां171 मरीज हैं।

    धारावी मेंअब तक 189 संक्रमित
    एशिया की सबसे बड़ी झोपड़पट्टी धारावी में भी मरीजों की संख्या बढ़ रही है। गुरुवार को यहां25 नए मामले सामने आने के बाद कुल संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 214 तक पहुंच गया है। वहीं, यहांअब तक 13लोगों की जान जा चुकी है। बुधवार को राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने केंद्रीय टीम के साथइलाके का दौरा किया था।

    मुंबई के धारावी में एक महिला की स्क्रीनिंग करता हुआ स्वास्थ्य कर्मचारी। यहां अब तक 189 संक्रमित केस सामने आ चुके हैं।
    यह तस्वीर नांदेड़ की है। यहां कोरोना जांच के लिए लैब को बनाया गया है। बुधवार को इस लैब में जांच हुई तो नांदेड़ में संक्रमण का पहला मामला सामने आया है।
    यह तस्वीर जालना की है। यहां कई इलाकों में बाहरी लोग न आ पाए, इसके लिए सड़क को इस तरह से ब्लॉक कर दिया गया।

    यह तस्वीर अमरावती जिले के मेलघाट की है। यहां पानी का संकट शुरू हो गया है। बुधवार को एक कुआं पर लोग पानी लेनेके लिए पहुंचे।



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    यह तस्वीर नागपुर की है। यहां सरकार ने प्रवासी मजदूरों को आश्रय स्थल पर ठहरा रखा है। उसी स्थल की खिड़कियों के झांकते हुए प्रवासी मजदूर। राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मजदूरों से कहा है कि लॉकडाउन खत्म होते ही प्रदेश सरकार उन्हें घर पहुंचाने के लिए समुचित इंतजाम करेगी।




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    482 कोचों को आइसोलेशन वार्ड बनाने के बाद मध्य रेलवे 25 हजार पीपीई किट बनाने में जुटा, कीमत होगी सिर्फ 422 रुपए

    (विनोद यादव).ट्रेनें शुरू होने का इंतजार कर रहे लाखों यात्रियों के लिए मध्य रेलवे की ओर से आंशिक राहत भरी खबर सामने औ है। मध्य रेलवे ने अपने 482 कोचों को आइसोलेशन व क्वारंटीन वार्ड में तब्दील करने का लक्ष्य पूरा कर लिया है। इसके साथ ही उसने बाजार से आधे दाम पर 25 हजार पीपीई किट बनाने की तैयारी शुरू कर दी है।

    422 रुपए में मिलेगा रेलवे का किट
    मध्य रेलवे के वरिष्ठ प्रवक्ता अनिल कुमार जैन ने बताया कि बाजार में एक पीपीई किट लगभग 808 रुपए में मिल रहा है। जबकि हमारे मध्य रेलवे के परेल व माटुंगा कारखाने में वैसा ही अतिसुरक्षित पीपीई किट का सैंपल 422 रुपए में तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि इन पीपीई किट के इस्तेमाल से फ्रंटलाइन रेलवे कर्मचारी कोरोनावायरस से संक्रमित होने से बच जाएंगे।

    रेलवे ने किया है ऑक्सीजन सिलेंडर ट्रॉलियों का भी निर्माण
    बता दें कि हाल ही में मध्य रेलवे के ही कारखाने में 50 ऑक्सीजन सिलेंडर ट्रॉलियों का भी निर्माण हुआ था। जिसे मध्य रेलवे के अस्पतालों में सप्लाय किया गया था। जैन ने बताया कि मध्य रेलवे जिन 25 हजार पीपीई किट का निर्माण अपने फ्रंटलाइन कर्मचारियों के लिए करने जा रही है। उसका कच्चा माल सरकार द्वारा मंजूर सप्लायर से लिया जाएगा। इसके अलावा यह किट उत्तर रेलवे द्वारा प्रस्तुत नमूने और डीआरडीओ ने जिन मानकों का अनुमोदन किया है। उसके आधार पर ही होगा।

    उद्धव ने उठाई है मजदूरों के लिए स्पेशल ट्रेन शुरू करने की मांग
    गौरतलब है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने परप्रांतीय मजदूरों को उनके गांव जाने के लिए लंबी दूरी की ट्रेनों को शुरू करने की मांग केंद्र सरकार से की हुई है। परंतु रेल प्रवासी संघ के सुभाष गुप्ता मध्य रेलवे द्वारा अपने 482 कोचों को आइसोलेशन वार्ड में तब्दील करना और कर्मचारियों के लिए 25 हजार पीपीई किट बनाने की तैयारी को रेलवे शुरू करने की पूर्व तैयारी के रूप में नहीं देखते हैं। उन्होंने कहा कि रेलवे अपनी जिम्मेदारियों को निभाने की कोशिश कर रही है। उसकी तैयारियों को रेल सेवा शुरू करने की पूर्व तैयारी से जोड़कर देखना जल्दबाजी होगा।



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    रेलवे के मुताबिक, पीपीई किट के इस्तेमाल से फ्रंटलाइन रेलवे कर्मचारी कोरोनावायरस से संक्रमित होने से बच जाएंगे।




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    महाराष्ट्र में पहली बार कोल्हापुर के एक संक्रमित शख्स की होगी प्लाज्मा थैरेपी, 28 अप्रैल को पुणे में होगा यह प्रयोग

    कोरोनावायरस के प्रभाव को कम करने के लिए कोल्हापुर के एक मरीज की प्लाज्मा थैरेपी की जाएगी। महाराष्ट्र सरकार इसको लेकर लगातार प्रयासरत थी। राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने केंद्र सरकार के पास एक प्रपोजल भी भेजा था। जिसे आज अनुमति मिल गई है। अब यह थैरेपी 28 अप्रैल को पुणे में कोरोना संक्रमण से ठीक हो चुके व्यक्ति के 550 मिलीलीटर प्लाज्मा की मदद से की जाएगी।


    उम्रदराज लोगों को ठीक करने में मिलेगी मदद
    मुंबई के संरक्षक मंत्री असलम शेख बताते है कि इससे सरकार उन मरीजों को ठीक कर सकता है जो काफी बीमार है, खासरकर धारावी और दूसरे मुंबई के इलाके में इसके जरिए काफी मदद मिलेगी।

    महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र ने राज्य सरकार को कोविड-19 के संदिग्ध मरीजों के नमूनों की ‘समूह में जांच’ करने की इजाजत दे दी है। साथ ही, कोरोना वायरस संक्रमण के इलाज के लिए ‘‘प्लाज्मा थैरेपी’’ के उपयोग को भी मंजूरी दी है। मंत्री ने कहा कि यह मंजूरी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने सभी राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों और सचिवों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये हुई एक बैठक के दौरान दी।

    दिल्ली में भी हुई चार लोगों की प्लाज्मा थैरेपी
    इससे पहले शुक्रवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि हमने चार मरीजों पर प्लाज्मा थैरेपी आजमाई है। इसके नतीजे उत्साहवर्धक रहे हैं। ये सभी मरीज यहां के लोक नायक जयप्रकाश नारायण अस्पताल (एलएनजेपी) में भर्ती हैं। केजरीवाल ने कहा कि एलएनजेपी के 2-3 मरीजों को यह थैरेपी और दी जानी है। अभी केंद्र से कुछ गंभीर मरीजों पर ही यह इलाज आजमाने की अनुमति मिली थी। इसे कुछ और मरीजों पर आजमाया जाना है। इसके बाद अगले हफ्ते सभी गंभीर रोगियों को यह इलाज देने की अनुमति ली जाएगी। मुख्यमंत्री ने पहले ठीक हो चुके मरीजों से ब्लड प्लाज्मा दान करने की अपील की है।


    क्या है प्लाज्मा थैरेपी?
    प्लाज्मा थेरेपी में संक्रमण से ठीक हुए मरीजों के रक्त से प्लाज्मा निकालना पड़ता है। ऐसे लोगों में एंटीबॉडीज की अच्छी मात्रा होने की संभावना रहती है। प्लाज्मा लेकर संक्रमित मरीज में इसे चढ़ाना होता है। प्लाज्मा की खुराक के साथ ही जारी दवाओं के कारण मरीज में प्रतिरोधकता बनने लगती है और वह संक्रमण से तेजी से ठीक हो जाता है। यही वजह है कि सरकार ने पहली प्लाज्मा थेरेपी कोल्हापुर के एक संक्रमित व्यक्ति के ऊपर करने का फैसला किया है।



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    इससे पहले शुक्रवार को दिल्ली में चार लोगों पर इस थैरेपी का ट्रायल उत्साहवर्धक रहा है।




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    पुलिस का दावा-बांद्रा भीड़ मामले में गिरफ्तार विनय दुबे के खाते में जमा हुए लाखों रुपए, 28 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में है आरोपी

    स्थानीय अदालत ने सोशल मीडिया के जरिए अफवाह फैलाने के मामले में आरोपी विनय दुबे को 28 अप्रैल तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया है। दुबे को पिछले दिनों बांद्रा पश्चिम इलाके में प्रवासी मजदूरों को लॉकडाउन तोड़कर गांव जाने के लिए भड़काने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद से ही दुबे पुलिस हिरासत में है।

    पुलिस का दावा-खाते में जमा हुए लाखों रुपए

    पुलिस ने हिरासत आवेदन में दावा किया था कि अभी भी प्रकरण की जांच जारी है। पुलिस अब दुबे के बैंक खाते से जुड़ी जानकारी खंगाल रही है। क्योंकि पुलिस को दुबे के बैंक खाते में पिछले साल लाखों रुपए जमा होने की जानकारी मिली है।

    पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि आखिर लाखों रुपए उसके खाते में कहां से आए। दुबे के संबंध में पुलिस की ओर से पेश किए गए हिरासत आवेदन पर गौर करने के बाद अदालत ने उसे 28 अप्रैल तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया। गौरतलब है कि दुबे पर सोशल मीडिया के जरिए मजदूरों को गांव जाने के लिए भड़काने का आरोप है।



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    मुंबई में अफवाह फैलाने के आरोप में पुलिस ने विनय दूबे को गिरफ्तार किया है। वह एनआरसी और एनपीआर के खिलाफ एक प्रदर्शन का भी आयोजन कर चुका है। यह तस्वीर उसी सभा के दौरान की है।




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    राज्य में कोरोना की जांच और इलाज मुफ्त; 24 घंटे में 811 कोरोना पॉजिटिव मिले, 22 की मौत, 22 मार्च से अब तक 69374 मामले दर्ज

    महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटे में 811 कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं, इनमें से 602 मरीज सिर्फ मुंबई में ही मिले हैं। महाराष्ट्र में शनिवार को 22 संक्रमित मरीजों की मौत हुई, इनमें 13 मुंबई के हैं। महाराष्ट्र में कुल मरीजों की संख्या 7628 और मृतकों की संख्या 232 हो गई है। इनमें मुंबई में 5049 संक्रमित हैं, जबकि यहां 191 की मौत हो चुकी है।महाराष्ट्र में शनिवार को मृत 22 मरीजों में से 13 मुंबई के, चार पुणे के, एक मालेगांव, एक पुणे ग्रामीण, एक पिंपरी चिंचवड़, एक धुले और एक सोलापुर से है। मृतकों में 16 पुरुष और 6 महिलाएं शामिल हैं। 13 मरीजों को डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग, टीवी डिटेक्ट हुआ है।

    22 मार्च से अब तक 69374 मामले दर्ज
    महाराष्ट्र पुलिस ने 22 मार्च से अब तक 69374 मामले लॉकडाउन के उल्लंघन के दर्ज किया है, जबकि 477 लोगों को पुलिस वालों पर हमले के मामलों में गिरफ्तार किया गया है। राज्य पुलिस का कहना है- 22 मार्च से अब तक 14,955 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, बंद के दौरान प्रतिबंधों के उल्लंघन के लिए 47,168 वाहनों का चालान किया गया है।

    महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में कोरोना की टेस्टिंग और इलाज मुफ्त कर दिया है। चिकित्सा शिक्षा मंत्री अमित देशमुख ने लातूर मेंशुक्रवार शाम को यह ऐलान किया। उन्होंने बताया कि सरकारी मेडिकल कॉलेजों, डेंटल कॉलेजों और इनसे जुड़े अस्पतालों में कोरोना से संबंधित सभी जांच और इलाज मुफ्त में किया जाएगा। उधर, सरकार ने रामजान के दौरान मुस्लिम बहुल इलाकों में ड्रोन से निगरानी करने के आदेश भी जारी किए। वहीं, नवी मुंबई में लॉकडाउन के दौरान बेवजह घर से बाहर घूमने वालों को छह महीने की सजा होगी।

    महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण के मरीजों में लगातार इजाफा हो रहा है। शुक्रवार को 394 नए केस आए। इसके साथ राज्य में मरीजों की संख्या 6817 हो गई है। वहीं, शुक्रवार को 18 लोगों की मौत हुई। अब तक 301 लोगों की जान जा चुकी है।

    एक दिन में 117 मरीज ठीक हुए
    महाराष्ट्र में शुक्रवार को 117 संक्रमित मरीज ठीक होकर घर गए। राज्य में ठीक होने वाले संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 957 हो गई है। शुक्रवार को संक्रमण के कारण माए गए 18 लोगों में से मुंबई के 11, पुणे के पांच और मालेगांव के दो हैं। इनमें 12 पुरुष और 6 महिलाएं हैं। 18 में से 12 मरीजों में डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट डिजीज और किडनी की समस्या थी। महाराष्ट्र में आज कोरोना संक्रमित मरीजों की मृत्यु दर 4.4 प्रतिशत तक पहुंच गई है।

    मंत्री ने कहा- ज्यादा पैसे खर्च होने के डर से लोग बीमारी छिपा रहे
    चिकित्सा शिक्षा मंत्री देशमुख ने कहा, 'कोरोना के मरीजों को आसानी से इलाज उपलब्ध हो सके और इलाज के लिए ज्यादा से ज्यादा संक्रमित मरीज खुद सामने आएं, इसके लिए यह मुफ्त इलाज का फैसला लिया गया है। उन्होंने कहा, 'कई मरीज सिर्फ इसलिए सामने नहीं आ रहे हैं, क्योंकि उन्हें ऐसा लग रहा है कि इसके इलाज पर बहुत पैसा खर्च करना पड़ सकता है। सरकार के इस फैसले से मरीजों की यह दुविधा खत्म हो जाएगी।

    रमजान के महीने में ड्रोन से होगी निगरानी
    लॉकडाउन के बीच शनिवार से रमजान का पवित्र महीना शुरू हो गया है। इस दौरान लोगों की भीड़ एक जगह जमा न हो इसलिए मुस्लिम बहुल इलाकों की ड्रोन से निगरानी करने का फैसला किया गया है। मुंबई पुलिस उस खबर को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि रमजान के महीने में पुलिस ने दोपहर 12 से तीन बजे तक दुकानें खोलने की अनुमति दी है। मुंबई पुलिस प्रवक्ता प्रणय अशोक ने कहा कि मुंबई पुलिस ने इस तरह का कोई भी आदेश नहीं निकाला है।

    यह तस्वीर धारावी की है। रमजान महीने के पहले शुक्रवार लोगों ने बाजार से जरूरी समान खरीदा। यहां अब तक 200 से ज्यादा संक्रमित मरीज सामने आ चुके हैं।
    जरूरी सामानों की आपूर्ति और सरकारी कर्मचारियों को ऑफिस पहुंचाने के लिए बेस्ट की बसों की सेवाएं ली जा रही हैं। एहतियात के तौर रोज बसों और उनके कर्मचारियों को सैनिटाइज किया जाता है।

    नवी मुंबई: बाहर घूमने वालों को होगी 6 महीने की जेल

    • नवी मुंबई में पुलिस और प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। बेवजह घरों के बाहर घूमने वालों और घरों की छतों पर इकट्ठे हो रहे लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पूरे शहर की निगरानी 16 ड्रोन कैमरों से की जा रही है।
    • लोगों पर कार्रवाई के लिए एक स्पेशल दस्ता गठित किया गया है। इसमें एक पुलिस निरीक्षक, तीन पुलिस कर्मचारी और 15 ड्रोन ऑपरेटर शामिल हैं। दोषी व्यक्तियों को 6 महीने तक की जेल अथवा 1000 रुपए के आर्थिक दंड अथवा दोनों सजा एक साथ भुगतनी पड़ सकती है। अभी तक पुलिस ने 10 आरोपियों और 14 सोसायटियों के विरुद्ध मामला दर्ज भी कर चुकी है।
    मुंबई में एक शख्स अपने घर की खिड़की से एक बाज को दाना खिलाता हुआ।

    सभी प्राइवेट क्लीनिक फिर से शुरू होंगे

    कोरोनावायरस के कारण दूसरी बीमारियों से जूझने वाले मरीजों कोमुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में बीएमसी स्वास्थ्य विभाग ने महनागर के सभी निजी क्लीनिक को फिर से खोलने का निर्देश दिया है। इन्हें कुछ दिन पहले डॉक्टरों में कोरोना के बढ़ते मामलों के बाद बंद कर दिया गया था। फिर से क्लीनिक शुरू करने वालों को सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क सहित दूसरी जरूरी नियमों का पालन करना होगा।

    मुंबई मेंकई इलाकों में हार्ड लॉकडाउन लगा है। इस वजह किराना दुकानों को भी सिर्फ एक से दो घंटे खोलने की मंजूरी दी गई है।

    जेलों में बंद 7 हजार कैदियों की पैरोल पर रिहाई होगी
    राज्य की विभिन्न जेलों में कैद लगभग 7 हजार कैदियों की पेरोल पर रिहाई जल्द होगी। बॉम्बे हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि वह उन कैदियों और विचाराधीन कैदियों की रिहाई की प्रक्रिया तेज करे, जिन्हें वैश्विक महामारी के चलते अंतरिम जमानत अथवा पैरोल पर अस्थाई रूप से रिहा करने के लिए चिह्नित किया गया है।

    मुंबई पुलिस की एक टीम ने शुक्रवार को मीनार मस्जिद इलाके में पैदल मार्च किया है। शहर के कई इलाकों की ड्रोन से निगरानी हो रही है।


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    यह तस्वीर मुंबई की। शनिवार से रमजान का पवित्र महीना शुरू हो गया है, जिसे देखते हुए सुरक्षा और पुख्ता की गई है। पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के दौरान लगाने के लिए फेस शील्ड दी गई।




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    तब्लीगी जमात से जुड़े इंडोनेशिया के 10 सदस्यों हुए गिरफ्तार, 22 दिनों तक बांद्रा में छिपे रहने का था आरोप

    दिल्ली में मार्च में निजामुद्दीन मरकज में आयोजित एक धार्मिक जलसे में हिस्सा लेने वाले तब्लीगीजमात के इंडोनेशिया के दस सदस्यों का क्वारैंटाइन पूरा होने के बाद आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया है। ये दस सदस्य इंडोनेशिया के 12 तब्लीगी सदस्यों के समूह का हिस्सा हैं, जो दिल्ली से वापस लौटने के बाद बांद्रा पश्चिम में एक अपार्टमेंट में 29 मार्च से रह रहे थे। इनमें छह महिलायें शामिल हैं।

    मुंबई पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस को इंडोनेशिया के इन लोगों के बारे में एक अप्रैल को पता चला था कि ये लोग बांद्रा में रह रहे हैं । उन्होंने बताया, 'हमें यह पता चला कि वे दो जत्थे में 29 फरवरी एवं तीन मार्च को भारत आये थे और बाद में जलसे में शामिल होने के लिये मरकज पहुंचे ।'

    22 दिनों तक छिपते रहे ये लोग
    अधिकारी ने बताया कि ये विदेशी नागरिक सात मार्च को मुंबई पहुंचे और 29 मार्च को अपार्टमेंट में रहने लगे। इसका मतलब यह हुआ कि वह 22 दिन तक घूमते रहे। उन्होंने बताया, 'चिकित्सीय जांच में 12 में से दो लोगों में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई। इसके बाद दस अन्य को 20 दिन के क्वारैंटाइन कक्ष में भेज दिया गया।' अधिकारी ने बताया कि उन्हें 23 अप्रैल को अदालत में पेश कर बांद्रा पुलिस ने रिमांड में लिया गया है।



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    दिल्ली से वापस लौटने के बाद ये बांद्रा पश्चिम में एक अपार्टमेंट में रह रहे थे।




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    अक्षय कुमार ने मुंबई पुलिस फाउंडेशन को दो करोड़ रुपये का सहयोग दिया, पहले पीएम फंड में दिए थे 25 करोड़ रुपए

    कोरोना वायरस से मुकाबले में देश का सहयोग करते हुए अभिनेता अक्षय कुमार ने मुंबई पुलिस फाउंडेशन को दो करोड़ रुपये दान किए हैं। मुंबई पुलिस आयुक्त परम बीर सिंह ने ट्वीट कर अक्षय कुमार को उनके योगदान के लिए धन्यवाद दिया। अक्षय कुमार नेइसके पहले पीएम-केयर्स में 25 करोड़ रुपये का सहयोग दिया था।

    परमबीर सिंह का ट्वीट..

    परमबीर सिंह ने लिखा, “मुंबई पुलिस फाउंडेशन में दो करोड़ रुपये के सहयोग के लिए मुंबई पुलिस अक्षय कुमार को धन्यवाद देती है। आपका सहयोग शहर की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध महिला एवं पुरुष पुलिस कर्मियों के जीवन में काफी मददगार साबित होगा।”

    अभिनेता अक्षय कुमार का जवाब

    ट्वीट के जवाब में अक्षय कुमार ने कोविड-19 से संक्रमित होकर अपनी जान गंवाने वाले हेड कांस्टेबल चंद्रकांत पेंडूरकर और संदीप सुर्वे को श्रद्धांजलि दी और अपने प्रशंसकों से फाउंडेशन में योगदान देने का आग्रह किया। उन्होंने ट्वीट किया, "मैं मुंबई पुलिस के हेड कांस्टेबल चंद्रकांत पेंडूरकर और संदीप सुर्वे को सलाम करता हूं जिन्होंने कोरोना से लड़ते हुए अपने जीवन का बलिदान दे दिया। मैंने अपना काम कर दिया है, आशा करता हूं आप भी करेंगे। हमें भूलना नहीं चाहिए कि हम उनकी वजह से सुरक्षित और जिंदा हैं।"

    अभिनेता अक्षय कुमार का ट्वीट..

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    अभिनेता अक्षय कुमार ने कुछ दिन पहले कोरोना की लड़ाई में जुड़े पुलिस और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए दिल से थैंक्यू कैम्पेनिंग की शुरुआत की थी।




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    राज्य में संक्रमण से सोमवार को 27 की मौत, मजदूरों को उनके राज्य भेजने की तैयारी शुरू, उद्धव बोले- अभी ट्रेन नहीं चलेंगी

    सोमवार को मुंबई में 27 कोरोना संक्रमित की मौत हो गई। आंकड़ा बढ़कर 369 तक पहुंच गया है। महारष्ट्र में 522 नए संक्रमित मरीज सामने आए हैं। राज्य में कुल पॉजिटिव केस 8590 तक पहुंच गए हैं। सोमवार को मरने वाले 27 मरीजों में से 15 मुंबई, 6 अमरावती, 4 पुणे, एक औरंगाबाद और एक जलगांव का है। संक्रमण से जान गंवाने वाले 22 लोगों को डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग और किडनी की समस्या थी।

    महाराष्ट्र सरकार 6 अन्य प्रदेशों के प्रवासियों को उनके राज्यों में वापस भेजने पर विचार कर रही है। प्रदेश के मुख्य सचिव अजॉय मेहता ने इस संबंध में यूपी समेत कई प्रदेशों के अधिकारियों से बात की है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भी सोशल मीडिया में लाइव आकर ऐसी ही कुछ जानकारी साझा की। उन्होंने कहा, ‘अभी ट्रेन सेवा बहाल नहीं होगी, क्योंकिभीड़ से महामारी तेजी से फैलेगी। इस मुकाम पर हम कोई जोखिम नहीं लेना चाहते।’ उन्होंने प्रवासी मजदूरों को भरोसा दिया कि उन्हें घर भेजने के लिए बस का इंतजाम किया जाएगा। इसके लिए केंद्र के साथ राज्य सरकार से बातचीत जारी है।

    ओडिशा के सीएम ने उद्धव से बातकी
    ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने रविवार को उद्धव ठाकरे से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात की। उन्होंने ठाकरे से अनुरोध किया कि वे महाराष्ट्र में फंसे ओडिशा के लोगों की सुरक्षित वापसी की व्यवस्था करें। इस दौरान केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी दिल्ली से चर्चा में शामिल हुए।

    मुंबई में माटुंगा स्टेशन के पास पटरियों पर बैठे रहवासी। लॉकडाउन की वजह से लोगों के बेवजह सड़क पर निकलने की पाबंदी है।

    लॉकडाउन में छूट पर फैसला 3 मई के बाद: सीएम
    उद्धव ठाकरे ने यह साफ कर दिया है कि महाराष्ट्र में लॉकडाउन में लगाई गई पाबंदियों में रियायत का फैसला3 मई के बाद लिया जाएगा। उन्होंने कहा किपाबंदियों में रियायत देने के बाद भीड़ उमड़ना तय है। ऐसा हुआ तो सारी तपस्या बेकार चली जाएगी। उन्होंने कहा कि लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। कोरोना वायरस एक छुपा हुआ दुश्मन है, जिसे संयम से ही मारा जा सकता है।

    लॉकडाउन के बीच औरंगाबाद में जालना के बाजार में मटके खरीदने पहुंचे लोग। यहां कोरोना संक्रमण के सिर्फ 2 मामले सामने आए हैं।

    नांदेड़ में फंसे 100 सिखों का पहला जत्था पंजाब रवाना
    इस बीच महाराष्ट्र के नांदेड़ में फंसे 3 हजार 800 सिखों में से 100 लोगों का पहला जत्था रविवार शाम को पंजाब के लिए रवाना हो गया। ये सभी तख्त हजूर साहब के दर्शन के लिए मार्च में यहां आए थे और लॉकडाउन के बाद से फंस गए थे। इन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह से संपर्क किया था। सिंह ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से बात की और इन्हें लाने के लिए पंजाब से 80 बसों को रवाना किया।

    महाराष्ट्र के नांदेड़ में 100 सिखों का पहला जत्था पंजाब रवाना हुआ। इनके लिए पंजाब सरकार ने 80 बसें भेजीं।

    बेस्ट की बसों को एम्बुलेंस के रूप में बदला जा रहा
    मुंबई में कोरोना मरीजों की तुलना मे एंबुलेंस की कमी है। ऐसे में अबबेस्ट की मिनी बसों को एम्बुलेंस के रूप में बदला जा रहाहै। ये सभी एसी बसें हैं।अब तक 20 बसों कोएम्बुलेंस के रूप में बदला गया है।

    लॉकडाउन के बीच मुंबई पुलिस के जवान सड़कों पर ड्यूटी के लिए जाते हुए। यहां अब तक 5 हजार से ज्यादा संक्रमित मामले सामने आ चुके हैं।

    ठाणे के कई इलाकों में सब्जी, दूध और किराना की दुकानें भी बंदहुईं
    ठाणे शहर के वागले इस्टेट प्रभाग समिति के अंतर्गत कोरोना के फैलाव को देखते हुए एहतियातन अधिकतर स्थानों पर 3 मई तक सब्जी, दूध और किराना की बिक्री पूरी तरह से बंद कर दी गईहै। इनमें किशन नगर, भटवाडी, गणेशचौक, शिवटेकडी, किसननगर नंबर 2 और 3, वागले एस्टेट रोड नंबर 16 और22 शामिल हैं। हालांकि, मेडिकल और अस्पताल को इस बंद से अलग रखा गया है।

    औरंगाबाद में जालना की मुख्य सब्जी मंडी में लोग सोशल डिस्टेंसिंग के नियम तोड़ते हुए नजर आए। यह जिला संक्रमण के ऑरेंज जोन में है।

    शरद पवार ने केंद्र से एक लाख करोड़ का पैकेजमांगा

    राकांपा प्रमुख शरद पवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर महाराष्ट्र के लिए एक लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की मांग की है।पवार ने अपने पत्र में उन पश्चिमी देशों का हवाला भी दिया है, जिन्होंने अपनी जीडीपी का 10 फीसदी हिस्सा राज्यों को देने की व्यवस्था की है। पवार ने कहा कि महाराष्ट्र का सालाना बजट 3 लाख 47 हजार करोड़ रुपये का है, लेकिन लॉकडाउन की वजह से राज्य की सारी आर्थिक गतिविधियां ठप पड़ी हैं। लॉकडाउन की वजह से राज्य को 1 लाख 40 हजार करोड़ रुपये का राजस्व घाटा हो रहा है, इसलिए केंद्र सरकार महाराष्ट्र को एक लाख करोड़ रुपये का आर्थिक पैकेज दे।

    लॉकडाउन के बीच सड़क पर निकले एक बुजुर्ग को समझाते मुंबई पुलिस के जवान। लॉकडाउन का पालन कराने के लिए पुलिस कई जगह सख्ती कर रही है।

    मुंबई एयरपोर्ट पर यात्रियों के बीच 1.5 मीटर की दूरी अनिवार्य हुई
    मुंबई एयरपोर्ट से सफर करने के लिए हर यात्री को दूसरे यात्री से 1.5 मीटर की दूरी बनाए रखना अनिवार्य होगा। मुंबई एयरपोर्ट प्रबंधन ने लॉकडाउन खत्म होने के बाद परिचालन शुरू करने के लिए मानक परिचालन नियमों (एसओपी) की घोषणा की है। साथ ही कड़ाई से थर्मल स्क्रीनिंग करना और एयरपोर्ट को सैनिटाइज करने का निर्णय लिया है। विमान पर चढ़ने के लिए गेट पर, फूड कोर्ट औरलाउंज एरिया मेंसोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के लिए निशान बनाए जाएंगे।

    नर्स का आरोप-ड्यूटी पर जाने के बाद बच्चे को पीटते हैं पड़ोसी
    जेजे अस्पताल में काम करने वाली नर्स पल्लवी वाघले ने ट्वीट करके बताया कि जब भी वह हॉस्पिटल के लिए निकलती हैं, उनके पड़ोसी उन पर तंज कसते हैंऔर कई बार गालियां तक देते हैं। उनका बच्चा पड़ोसियों के घर में न जाए, इसके लिए उसे पीटते भी हैं। इसी तरह, एक अन्य अस्पताल में काम करने वाले डॉक्टर रोहन सालुंके ने बताया, ‘हमारी बिल्डिंग और पास की बिल्डिंग के लोगों ने सोसाइटी के सामने बैरिकेडिंग कर रखी थी, ताकि न कोई बाहर जा सके और न ही अंदर आ सके।’



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    मुंबई में एक संस्था ने रमजान के मौके पर क्रॉफर्ड मार्केट में रहने वाले लोगों को फल बांटे।




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    देश में एक दिन में सबसे ज्यादा 2200 टेस्ट मुंबई के जेजे हॉस्पिटल में होंगे; राज्य में अब सिर्फ 3 ग्रीन जोन

    महाराष्ट्र में कोरोनाका कहर बढ़ता जा रहा है। राज्य में मंगलवार कोकोरोना संक्रमण के कुल 729 नए संक्रमित मरीज सामने आए हैं। इसी के साथ राज्य में संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 9318 तक पहुंच गई है। वहीं, राज्य मेंकुल 31 मौतें हुई हैं। मृतकों में 25 मुंबई से , चार जलगांव से और दो पुणे से हैं। मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 400 तक पहुंच गया है।बीते 24 घंटे में सबसे ज्यादा 395मामले मुंबई में सामने आए, जबकि 15 लोगों की मौत हुई है। मुंबई में कोरोना के कुल 5589 केस हैं। वहीं,अब तक 219 लोगों की मौत हुई है।

    देश में सबसे ज्यादा 2200 टेस्ट मुंबई के जेजे हॉस्पिटल में होंगे
    कोरोना के खतरे को कम करने के लिए बीएमसी की ओर से महाराष्ट्र के सबसे बड़े जेजे हॉस्पिटल में एक दिन में 2200 टेस्ट करनेकी तैयारी की जा रही है। इतनी बड़ी संख्या में टेस्ट सुविधा वाला यह संभवतः देश का सबसे बड़ा सेंटर होगा। इसके लिए हॉस्पिटल को एक नई मशीन मिली है, जो रोज 2 हजार सैम्पल टेस्ट कर सकती है।फिलहाल, अस्पताल के लैब में रोज 200 सैम्पल की जांच होती है।

    महाराष्ट्र में हर दिन 8-10 हजार लोगों की जांच हो रही
    महाराष्ट्र में अब तक 1 लाख से अधिक लोगों की कोरोना जांच हो चुकी है, जो देश में सबसे ज्यादा है।राज्य में 48 सरकारी और निजी लैब हैं, पिछले कुछ दिनों में रोजाना करीब 8-10 हजार लोगों की जांच हो रही है। जेजे हॉस्पिटल में 2200 जांच शुरू होने के बाद यह संख्या बढ़कर 12 हजार तक पहुंच जाएगी।

    मुंबई के धारावी में खाना लेने के लिए जमा हुई भीड़। यहां करीब 250 लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं।

    ग्राउंड में बनाया जाएगा क्वारैंटाइन सेंटर
    बृहन मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) को आशंका है कि टेस्टिंग के बाद मरीजों की संख्या बढ़ सकती है। इसलिए उन्हें रखने के लिए बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) के एमएमआरडीए ग्राउंड पर 1000 बेड का क्वारैंटाइन सेंटर बनाया जाएगा, जिसमें ऑक्सीजन की सुविधा भी होगी।

    मुंबई के 25 प्रतिशत नर्सिंग होम के लाइसेंस रद्द होंगे
    बीएमसी के बार-बार कहने पर भी मुंबई के 25 प्रतिशत नर्सिंग होम नहीं खुले, जिससे कोरोना संकट का सामना कर रहे मुंबई के लोगों को कठिनाई झेलनी पड़ रही है। बीएमसी कमिश्नर प्रवीण परदेशी ने सोमवार को स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया कि ऐसे नर्सिंग होम का लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई शुरू की जाए।

    कोरोना को लेकर लोगों को जागरूक करने के लिए हर कोई अपने तरीकों से प्रयास कर रहा है। मुंबई के एक चौराहे पर लगी वारकरी दिंडी के पुतलों को मास्क पहनाया गया है।

    कामा हॉस्पिटल का कैंसर सेंटर सील
    कामा हॉस्पिटल के स्टाफ में दो कोरोना मरीजों की पुष्टि होने के बाद अस्पताल केकैंसर विभाग सील कर दिया गया है। अस्पताल की दूसरी सुविधाएं फिलहाल जारी हैं। हॉस्पिटल के सुपरिटेंडेंट इंचार्ज डॉ. तुषार पालवे ने कहा कि यहां डिलीवरी समेत दूसरे मरीजों का इलाज हो रहा है।

    मुंबई के दो हॉस्पिटल्स में प्लाज्मा थैरेपी शुरू हुई
    कोरोना को हराने के लिए मुंबई के लीलावतीऔर सेवनहिल्स हॉस्पिटल में प्लाज्मा थैरेपी की शुरुआत की गई। अभी तक दोनों हॉस्पिटलमें एक-एक मरीज को प्लाज्मा चढ़ाया गया है। इन दोनों की हालत काफी खराब थी। फिलहाल, इनकी मॉनिटरिंग की जा रही है।

    मुंबई के कई इलाकों को पुलिस ने इसी तरह सील कर दिया है। जरूरी सामान के लिए सिर्फ एक व्यक्ति के आने-जाने लायक जगह छोड़ी गई है।

    राज्य में अब सिर्फ तीन जिले ही ग्रीन जोन में बचे
    राज्य के सिर्फ 3 जिले ही ग्रीन जोन में हैं, जबकि 14 ऑरेंज और 18 जिले रेड जोन में है। इन 18 जिलों में ही 8000 से ज्यादा कोरोनावायरस के मरीज हैं। जाहिर है कि इन इलाकों में सरकार लॉकडाउन खत्म करने का खतरा मोल नहीं लेगी।सरकार यहां लॉकडाउन बढ़ाने पर विचार कर रही है।

    कोटा में फंसे छात्रों को लाने के लिए 100 बसें भेजेगी सरकार
    महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री अनिल परब ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने लॉकडाउन की वजह से राजस्थान के कोटा में फंसे लगभग 2000 छात्रों को वापस लाने के लिए वहां 100 बसों को भेजने का फैसला किया है। परब ने सोमवार देर रात कहा कि महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) की बसों को अगले दो दिनों में कोटा भेजा जाएगा। विभिन्न प्रतियोगी प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए महाराष्ट्र के छात्र कोटा में रह कर पढ़ाई कर रहे हैं।

    अब तक तीन पुलिसकर्मियोंकी मौत, 100 से ज्यादा संक्रमित
    सोमवार को एक और पुलिसकर्मी की कोरोना संक्रमण के चलते मौत हो गई। राज्य में अब तकतीन कोरोना पॉजिटिव पुलिसकर्मी जान गंवा चुके हैं। पुलिस के अनुसार, कुर्ला ट्रैफिक डिविजन में तैनात 56 साल के पुलिस हवलदार का सोमवार को अस्पताल में निधन हो गया, वे कोरोना संक्रमित थे। इससे पहले नवी मुंबई निवासी एक 53 साल के हवलदार ने भी कोरोना से रविवार को दम तोड़ा था। वे रोजाना कमोठे से दक्षिण मुंबई स्थित ऑफिस बस से आते थे। शनिवार को भी वाकोला पुलिस में तैनात 57 साल के एक हवलदार की कोरोना से मौत हो गई थी। वे नायर अस्पताल में भर्ती थे और वर्ली स्थित पुलिस आवास में परिवार के साथ रहते थे। राज्य में वर्तमान समय में 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी कोरोना संक्रमित हैं।

    मुंबई के एक कंटेनमेंट जोन में कीटनाशक का छिड़काव करने पहुंचा बीएमसी कर्मचारी।

    मीरा-भायंदरमें बढ़ा 100% लॉकडाउन
    मीरा-भायंदरमें 100% लॉकडाउन की अवधि 28 अप्रैल को पूरी हो रही है। लेकिन कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए इसे आगे भी बढ़ाया गया है। इस पर महापौर-आयुक्त के बीच हुई बैठक में अंतिम फैसला लिया गया है। हालांकि, इसका आधिकारिक ऐलान होना बाकी है। इसके तहत राशन, दूध, सब्जी-फल आदि की दुकानें बंद रहेंगी और लोग इन्हें ऑनलाइन बुकिंग और होम डिलीवरी के जरिए मंगा सकते हैं।

    पुणे: पूरा शहर 3 मई तक कंटेनमेंट जोन, सख्ती बढ़ाई गई
    संक्रमण के बढ़ते मामलों के बाद पूरे पुणे शहर को 3 मई तक कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया गया है। महानगरपालिका पालिका के आयुक्त शेखर गायकवाड़ द्वारा जारी आदेश के बाद मंगलवार को पुलिस ने पहले से लागू प्रतिबंध को और सख्त कर दिया है। मांजरी की सब्जी मंडी को बंद कर दिया गया है। सोमवार को पुणे में कोरोना के 84 मामले सामने आए। कुल मामलों की संख्या बढ़कर 1,384 हो गई। कोरोना से मरने वालों की संख्या बढ़कर 80 हो गई। पुलिस संयुक्त आयुक्त रवींद्र शिस्वे ने कहा- ‘कोरोना को फैलने से रोकने के लिए हमने पुणे शहर में पहले से ही कर्फ्यू लागू किया है।’ यहां भवानी पेठ इलाके में अब तक 245 कोरोना संक्रमित मिले हैं। राज्य में मुंबई के बाद पुणे सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र है।

    पुणे: बाहर टहलने से रोकने पर बाप-बेटों ने पुलिसवाले पर हमला किया, तीन गिरफ्तार
    पिंपरी-चिंचवाड़ के कालेवाडी इलाके में सोमवार शाम को ड्यूटी पर तैनात एक पुलिसकर्मी के साथ मारपीट के आरोप में तीन लोगों को मंगलवार सुबह गिरफ्तार किया गया है। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कुछ लोग एक पुलिसवाले संग हाथापाई करते देखे जा रहे हैं। आरोपियों की पहचान युनुस अत्तार (50), उसके 28 वर्षीय बेटे मतिन और 24 वर्षीय बेटे मोइन के रूप में हुई है। ये कोलेवाड़ी इलाके के रहने वाले हैं। आरोप है कि ये तीनों लॉकडाउन का नियम तोड़कर सड़क पर टहल रहे थे।



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    बॉम्बे एक्जीबिशन सेंटर को क्वारैंटाइन सेंटर बनाने की तैयारी में जुटे बीएमसी कर्मचारी। यहां करीब 500 बेड लगाए जाने हैं।




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    आज राज्य में संक्रमण से सबसे ज्यादा 32 की जान गई, 4 कर्मचारियों में कोरोना की पुष्टि के बाद मंत्रालय बंद

    महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण बेकाबू होता जा रहा है। बुधवार को राज्य में संक्रमण से 32 मौतें हुई हैं। यह एक दिन में मौत का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इनमें 26 मौतें मुंबई में जबकि 3 पुणे में हुई। वहीं, सोलापुर, औरंगाबाद और पनवेल में संक्रमण से एक-एक की जान गई। मृतकों में 25 पुरुष और 7 महिलाएं हैं। मृतकों की उम्र 40 से 60 साल के बीच की है। मृतकों में से 18 में डायबिटीज, हाइपरटेंशन और हार्ट की प्रॉब्लम थी। इससे पहले मंगलवार को राज्य में 31 की जान संक्रमण से गई थी।इसी के साथ राज्य में मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 432 तक पहुंच गया है।वहीं, राज्य में बुधवार को 597 नए संक्रमित मरीज सामने आए हैं। इसे मिलाकर राज्य में कुल संक्रमित मरीजों की संख्या 9915 तक पहुंच गई है।


    मालेगांव में 24 घंटे में 48 नए मरीज मिले
    पिछले 24 घंटे के दौरान मालेगांव तहसील में कोरोना के 48 नए मामले सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। पूरे शहर को सुपर रेड जोन में डाल दिया गया है। यहां मेडिकल को छोड़कर बाकी सभी दुकानें बंद कर दी गई हैं। नए संक्रमितों में 2 पुलिसवाले भी शामिल हैं। अब तक यहां 193 लोगो में संक्रमण की पुष्टि हुई है।

    4 कर्मचारियों में कोरोना की पुष्टि के बाद 2 दिन के लिए मंत्रालय बंद
    कोरोना का संक्रमण यहां मंत्रालय में भी पहुंच गया है। मंत्रालय के 4 कर्मचारी कोरोना पॉजेटिव पाए गए हैं। इसके बाद अगले 2 दिन के लिए मंत्रालय बंद कर दिया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग का कहना है किमंत्रालय सैनिटाइजेशन के लिए 29 और 30 अप्रैल को बंद रहेगा। वैसे भी लॉकडाउन की वजह से मंत्रालय में न्यूनतम कर्मचारियों के साथ काम किया जा रहा है।

    मुंबई में कोरोना अपडेट:

    • एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती धारावी में मंगलवार को कोरोना के 42 मरीज सामने आए। धारावी में एक दिन में कोरोना के नए मरीजों का यह सबसे बड़ा आंकड़ा है। यहां अब तक 19 लोगों की मौत हो चुकी है।

    • कोरोना संक्रमितों की संख्या मुंबई में तेजी से बढ़ रही है, लेकिन मरीज बड़ी संख्या में ठीक भी हो रहे हैं। मंगलवार को 219 लोगों की इलाज के बाद अस्पताल से छुट्‌टी की गई। मुंबई में अब तक कुल 1,234 मरीज कोरोना से ठीक हो चुके हैं।
    • कोरोना वायरस से मुंबई में सबसे ज्यादा प्रभावित वर्ली, बीडीडी चॉल, लोअर परेल और करी रोड में बीएमसी ने मोबाइल वैन डिस्पेंसरी सेवा शुरू की है। इसके जरिए डॉक्टर घर-घर जाकर लोगों की जांच करके जरूरी होने पर दवाई दे रहे हैं।
    • मुंबई के नायर हॉस्पिटल में कोविड-19 संक्रमित 16 गर्भवती महिलाओं की सिजेरियन डिलीवरी कराई गई। जांच में सभी बच्चों की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई है। हॉस्पिटल के डीन डॉ. मोहन जोशी ने बताया कि हम संक्रमण से बचाव के लिए एहतियात बरत रहे हैं, इसलिए किसी भी नवजात में इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

    कोटा में फंसे छात्रों को लेने के लिए 100 बसें रवाना हुईं
    राजस्थान के कोटा में फंसे राज्य के विद्यार्थियों को लाने के लिए महाराष्ट्र सरकार की 100 बसें रवाना हो गई हैं। राज्य के परिवहन मंत्री अनिल परब ने बताया कि ये बसें मध्यप्रदेश के रास्ते कोटागई हैं। जिस रूट से बसें गई हैं, उसी रूट से वापस आएंगी। महाराष्ट्र में आने के बाद विद्यार्थियों का पहले टेस्ट किया जाएगा। इसके बाद 14 दिन के लिए उन्हें अलग रखा जाएगा। फिर दोबारा टेस्ट कराकर ही घर भेजा जाएगा।

    विदर्भ में धान खरीदी 30 अप्रैल तक होगी
    विदर्भ में धान खरीदी करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से 30 अप्रैल तक समय दिया गया है। प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल ने यह जानकारी दी। भुजबल ने कहा कि विदर्भ में 30 अप्रैल तक धान बेचने वाले किसानों को राज्य सरकार की ओर से दिए जाने वाले प्रोत्साहन अनुदान का लाभ दिया जाएगा। धान के लिए 1800 रुपए प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य और 700 रुपए प्रोत्साहन अनुदान राशि दी जाएगी।

    55 साल से ऊपर वाले पुलिसकर्मी रहेंगे घर पर
    कोरोना महामारी के चलते मुंबई के पुलिस कमिश्नर ने बड़ा अहम फैसला लिया है। उन्होंने मुंबई पुलिस के वरिष्ठ कर्मचारियों को घर पर ही रहने का आदेश दिया है। उनका कहना है कि जिनकी उम्र 55 साल से ज्यादा है वे बंदोबस्त में नआएं। साथ ही उन्होंने ऐसे पुलिसकर्मियों जिनकी उम्र 52 साल से अधिक है और जिन्हें शुगर, बीपी, हृदय या अन्य मेडिकल संबंधी समस्याएं हैं, उनको भी घर पर रहने के निर्देश दिए हैं। पिछले दिनों कोरोना महामारी से मुंबई पुलिस के तीन कर्मचारियों की मौत हो गई थी, जिसके बाद मुंबई पुलिस कमिश्नर ने यह आदेश दिया।



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    बीएमसी स्वास्थ्यकर्मी फुल बॉडी सूट पहनकर शास्त्री नगर इलाके में कोरोना संक्रमितों की जांच के लिए पहुंचे। यहां 10 से ज्यादा कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं।




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    राज्य में संक्रमितों का आंकड़ा 10 हजार के पार, 24 घंटे में 27 की मौत; कोरोना के इलाज में प्रदेश की पहली प्लाज्मा थैरेपी सफल

    महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है। गुरुवार को राज्य में583 नए केस सामने आए। इसके साथ ही संक्रमितों का आंकड़ा 10 हजार पार करके 10,498 तक पहुंच गया। वहीं,महाराष्ट्र में गुरुवार को संक्रमण से 27 लोगों की मौत हुई है। मृतकों में 20 मुंबई से, तीन पुणे से, दो ठाणे से और एक-एकनागपुर और रायगढ़ से हैं। इनमें 19 पुरुष और 8 महिलाएं हैं। महाराष्ट्र के स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, इनमें से 14 की उम्र 60 साल से अधिक, 13 की उम्र 40 से 60 साल के बीच है। इसे मिलाकर राज्य में मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 459 तक पहुंच गया है।


    प्रवासी मजदूरों को भेजनेके लिए 10 हजार बसें तैयार
    महाराष्ट्र में फंसे मजदूरों को उनके राज्योंमें भेजने के लिए महाराष्ट्र परिवहन विभाग की 10 हजार बसेंतैयार हैं। मजदूरों को भेजने के लिए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने केंद्र सरकार से भी गुजारिश की थी। दूसरी ओर कोटा में फंसे महाराष्ट्र के ढाई हजार छात्रों को लाने के लिए भी बुधवार को 100 बसें रवाना हुई थीं।

    धारावी के मुकुंद नगर में एक बुजुर्ग की स्क्रीनिंग करती स्वास्थ्यकर्मी। यहां 250 से ज्यादा संक्रमित मिले हैं।

    प्लाज्मा थैरेपी का पहला इलाज रहा सफल
    स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे के मुताबिक, कोरोना मरीजों के इलाज के लिए प्रायोगिक तौर पर शुरू की गई प्लाज्मा थैरेपी का पहलीट्रायल सफल रहीहै। ये ट्रायल मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती मरीज पर की गई।दूसरीट्रायल जल्द ही नायर अस्पताल में कीजाएगी।

    मुंबई के माहिम इलाके में स्वास्थ्यकर्मी डोर-टू-डोर जांच कर रहे हैं। रेड जोन में आने वाले इस इलाके में सुपर लॉकडाउन घोषित किया गया है।

    कोरोना से बीएमसी कर्मचारी की मौत का पहला मामला
    बृहन मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) के 49 साल के कर्मचारी की बुधवार को मौत हो गई। मिशन धारावी ऑपरेशन से जुड़ा कर्मचारीबीएमसी के असेसमेंट डिपार्टमेंट में इंस्पेक्टर के पद पर तैनात थाऔर राशन बांटने वाली टीम में शामिल था। 23 अप्रैल को बोरिवली के एक निजी क्लीनिक में न्यूमोनिया का इलाज कराया था। हालत बिगड़ने पर सोमवार को सैंपल लिए गए। बुधवार को कस्तूरबा अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई।

    रेड जोन वाली मुंबई में साइकिल से जाता एक शख्स। यहां फोर व्हीलर और बाइक पर घूमने पर पाबंदी है।

    पुणे में कोरोना मरीजों को रोबोट की मदद से खाना दिया जा रहा
    सरदार वल्लभ भाई पटेल कंटेंनमेंट जनरल हॉस्पिटल में कोरोनावायरस मरीजों को दिन में तीन बार खाना परोसने के लिए रोबोट का इस्तेमाल किया जा रहा है। अस्पताल के प्रमुख डॉक्टर वीडी गायकवाड़ ने बताया कि उन्हें ये आइडिया आईटीआई के छात्रों ने दिया। 45 हजार रुपए खर्च करकंटेंनमेंट बोर्ड के आईटीआई कॉलेज के प्रोफेसर विजय चौहान ने छात्रों की मदद से रोबोट तैयार किया।

    मुंबई के धारावी इलाके में कई मोहल्लों को पूरी तरह सील कर दिया गया है। इसके बावजूद लोग नियम तोड़कर बैरिकेड से बाहर आ-जा रहे हैं।

    लॉकडाउन खत्म होने के बाद होंगी यूनिवर्सिटी की परीक्षाएं
    राज्य में यूनिवर्सिटी और कॉलेज की परीक्षाएं लॉकडाउन खत्म होने के बाद होंगी। बुधवार को प्रदेश के उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री उदय सामंत ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता है कि मई महीने के आखिर तक परीक्षाएं हो पाएंगी। सामंत ने कहा कि परीक्षाओं के आयोजन के संबंध में यूजीसी से अगले दो से चार दिनों में दिशा निर्देश मिल जाएंगे।

    शहर के कांदीवली इलाके में पुलिस वैन के पास से गुजरता व्यक्ति। कोरोना के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए मुंबई पुलिस अपनी गाड़ियों पर भी बैनर लगा रही है।

    राज्य में बीसीजी से कोरोना के इलाज के लिए क्लिनिकल ट्रायल होगा
    हॉफकिन रिसर्च इंस्टिट्यूट के वैज्ञानिक यहां मेडिकल एजुकेशन डिपार्टमेंट (एमईडी) के साथ मिलकर बीसीजी से कोरोना के इलाज के क्लिनिकल ट्रायल की तैयारी कर रहे हैं। इस ट्रायल के जरिए यह पता लगाया जाएगा कि क्या इससे कोरोना के इन्फेक्शन को ठीक किया जा सकता है? 121 साल पुरानाहॉफकिन रिसर्च इंस्टीट्यूट यह ट्रायल कम संक्रमित लोगों पर करेगा। उन्हीं सरकारी मेडिकल कॉलेजों में यह ट्रायल किया जाएगा, जिनमेंराज्य सरकार और इंस्टीट्यूशलन एथिक्स कमिटी ने ट्रायल की इजाजत दी है।

    मुंबई में एक व्यक्ति बाज को खाना खिलाते हुए।


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    धारावी में स्वास्थ्य कर्मी डोर-टू-डोर स्क्रीनिंग कर रहे हैं। इस दौरान पूरी तरह एहतियात बरता जा रहा है। मुकुंद नगर इलाके में बीएमसी के स्वास्थ्यकर्मी कुछ इस अंदाज में स्क्रीनिंग करते देखे गए।




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    महाराष्ट्र विधानसभा परिषद की 9 सीटों पर चुनाव 21 मई को, मुख्यमंत्री की कुर्सी जाने का खतरा टला

    महाराष्ट्र विधानसभा परिषद की 9 सीटों के लिए चुनाव 21 मई को होंगे। चुनाव आयोग ने शुक्रवार कोयहघोषणा की। इसकेपहले राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी की गुरुवार को चुनाव करवाने की सिफारिश आयोग से की थी। सभी 9 सभी सीटें 24 अप्रैल को खाली हुई थीं।

    मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के लिए यह चुनाव बेहद अहम है।वे न विधानासभा के और न विधान परिषद के सदस्य हैं। उनका छह महीने का कार्यकाल 28मई को खत्म हो रहा है। इस लिहाज से उनकी कुर्सी को खतरा था। दरअसल, ठाकरे ने 28 नवंबर, 2019 को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, वे अभी तक किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं। संविधान के मुताबिक- उन्हें छह महीने में विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य बनना जरूरी, अगर ऐसा नहीं होगा तो पद छोड़ना पड़ता।उद्धव ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात की थी।


    कैबिनेट ने दो बार उद्धव को मनोनीत करने का प्रस्ताव भेजा था
    राज्यपाल ने चुनाव आयोग से विधान परिषद के चुनाव कराने की सिफारिश गुरुवार को की। इसके पहले महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने दो बार प्रस्ताव पारित कर राज्यपाल से सिफारिश की थी कि वह उद्धव ठाकरे को विधान परिषद का सदस्य मनोनीत कर दें। लेकिन, राज्यपाल ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी। उद्धव ठाकरे को गवर्नर के मनोनीत कोटे से विधान परिषद का सदस्य बनाने के लिए कैबिनेट ने राज्यपाल के पास प्रस्ताव भेजा था। राज्य में इससे पहले दत्ता मेघे और दयानंद महास्के को भी मंत्री बनने के बाद राज्यपाल विधान परिषद के लिए मनोनीत कर चुके हैं।

    विधान परिषद में ये निर्वाचित सदस्य

    • महाराष्ट्र विधान परिषद मेंकुल 78 सीटें हैं। इनमें से 66 सीटों पर निर्वाचन होता है, जबकि 12 सीटराज्यपाल कोटे सेमनोनीत की जाती हैं।
    • 30 सदस्यों को विधानसभा के सदस्य यानी एमएलए चुनते हैं। 7-7 सदस्य स्नातक निर्वाचन और शिक्षक कोटे के तहत चुने जाते हैं। इनमें राज्य के सात डिविजन मुंबई, अमरावती, नासिक, औरंगाबाद, कोंकण, नागपुर और पुणे डिविजन से एक-एक सीट होती है। 22 सदस्य स्थानीय निकाय निर्वाचन क्षेत्र के तहत चुने जाते हैं।

    उद्धव से पहले 7 नेता बिना चुनाव जीते मुख्यमंत्री बने

    • आर अंतुले पहले ऐसे नेता थे। जून 1980 में मुख्यमंत्री बने। बाद में विधान परिषद के सदस्य बने।
    • वसंतदादा पाटिल एक सांसद के तौर पर इस्तीफा देने के बाद फरवरी 1983 में मुख्यमंत्री बने थे। बाद में विधान परिषद सदस्य बने।
    • शिवाजीराव निलंगेकर-पाटिल जून 1985 में मुख्यमंत्री बने थे। उस वक्त पाटिल किसी सदन के सदस्य नहीं थे। बाद में विधानसभा चुनाव जीतकर विधायक बने।
    • शंकरराव चव्हाण मार्च 1986 में मुख्यमंत्री बने। उस वक्त वे केंद्रीय मंत्री थे। बाद में विधान परिषद सदस्य बने।
    • 1993 में मुंबई दंगे की वजह से सुधाकरराव नाइक मुख्यमंत्री पद से हट गए। तब शरद पवार को मुख्यमंत्री बनाया। वे नरसिंह राव सरकार में रक्षा मंत्री थे। बाद में विधानसभा चुनाव जीतकर विधायक बने।
    • सुशील कुमार शिंदे 2003 में मुख्यमंत्री बने। तब वे किसी सदन के सदस्य नहीं थे। बाद में वो विधानसभा चुनाव जीतकर विधायक बने।
    • 2010 में पृथ्वीराज चव्हाण ने मनमोहन सिंह सरकार में कैबिनेट मंत्री का पद छोड़कर सीएम पद की शपथ ली थी। बाद में विधान परिषद सदस्य बने।


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    मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने गुरुवार सुबह राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात की थी। इसके बाद राज्यपाल ने विधान परिषद के चुनाव कराने की सिफारिश चुनाव आयोग से की थी।




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    मालेगांव में ड्यूटी पर तैनात हिंगोली के एसआरपीएफ के 25 और जवानों में कोरोना की हुई पुष्टि, संख्या 41 तक पहुंची

    स्टेट रिजर्व पुलिस फोर्स (एसआरपीएफ) के 25 और जवान कोरोना संक्रमित हो गए हैं। इसको लेकर यहां 41 एसआरपीएफ कर्मियों में कोरोना संक्रमण फैल चुका है। इनमें से 20 जवानों को एसआरपीएफ क्वारंटीन सेंटर में रखा गया है जबकि 5 को जिला अस्पताल के आइसोलेशन वॉर्ड में भर्ती किया गया। जिला सिविल सर्जन किशोर प्रसाद श्रीनिवास ने बताया कि इन सभी जवानों की रिपोर्ट पहले निगेटिव आई थी।

    33 मालेगांव में बंदोबस्त ड्यूटी पर तैनात थे

    सिविल सर्जन ने बताया, 'अब तक 41 एसआरपीएफ जवान कोरोना वायरस संक्रमित पाए जा चुके हैं। इनमें से 33 मालेगांव में बंदोबस्त ड्यूटी पर तैनात थे, जबकि 8 मुंबई से हैं।' इसके अलावा हिंगोली में अखाड़ा बालापुर निवासी 25 साल का युवक भी कोरोना पॉजिटिव निकला। वह 23 अप्रैल को नांदेड़ के श्रद्धालुओं को पंजाब छोड़ने गया था और 28 अप्रैल को लौटने के बाद उसे सरकारी आयुर्वेदिक कॉलेज में क्वारंटीन किया गया था।

    जिले में अब तक 47 कोरोना संक्रमित मरीज हैं

    जिले में अब तक कुल 47 पॉजिटिव हो चुके हैं, जिसमें से एक डिस्चार्ज कर दिया गया है। इसके अलावा एक नांदेड़, एक औरंगाबाद के मेडिकल सेंटर में भर्ती किया गया और बाकी 45 को हिंगोली में भर्ती किया गया।



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    राज्य में अब तक 100 से ज्यादा पुलिस कर्मियों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है और तीन पुलिसवालों की मौत हुई है।




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    अस्पताल में 20 दिन ड्यूटी के बाद नर्स घर लौटी, सोसाइटी में लोगों ने फूल बरसाए; मोदी ने कहा- यही है स्पिरिट ऑफ इंडिया

    पिछले 20 दिन से सासून जनरल अस्पताल में कोरोना संक्रमितों का इलाज कर रहीनर्स राजश्री कानाडे बुधवारशाम अपने घर पहुंचीं। उन्होंने जैसे ही भोसरी स्थित अपनी सोसाइटी में कदम रखा, लोगों ने फूल बरसाकर, ताली-थाली बजाकर और पोस्टरों से उनका स्वागत किया। ऐसा सम्मान देखकर राजश्री अपने आंसू नहीं रोक सकीं। राजश्री ससून हॉस्पिटल के आईसीयू में ड्यूटी कर रही थीं।

    कोरोना की लड़ाई जीतने के लिए झेलनी होगी तकलीफ- राजश्री
    सासून अस्पताल में कोरोना के सबसे ज्यादा 226 संक्रमित मरीज भर्ती हैं और यहां 57 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। 46 वर्षीय राजश्री ने बताया, 'अभीमेरी ज्यादा जरुरत हॉस्पिटल को है इसलिए मैं पिछले 20 दिन से वहां रह रही थी। हम अपनी शिफ्ट से ज्यादा ड्यूटी कर रहे थे। मुझे पता है कि अगर हमें यह लड़ाई जीतनी है तो थोड़ी तकलीफें झेलनी होंगी।'

    मोदी ने भी ट्वीट में राजश्री की तारीफ की
    राजश्री के इस प्रयास की सरहाना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी की है। पीएम नेट्वीट किया-इस तरह के पल दिल को खुशियों से भर देते हैं। यह भारत की आत्मा है। हम साहसपूर्वक COVID-19 से लड़ेंगे। हम फ्रंटलाइन पर काम करने वालों पर गर्व है।



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    पुणे की ट्रिनिटी सोसाइटी में नर्स राजश्री ने जैसे ही कदम रखा, लोगों ने उनपर फूल बरसाए, थाली बजाई और पोस्टर दिखाकर उनका स्वागत किया।




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    शहर में कोरोना वायरस संक्रमण के 751 नये मामले, कुल पॉजिटिव बढ़कर 7,625 हुए

    देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में शुक्रवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 751 नये मामले सामने आये। यहां किसी एक दिन में कोविड-19 का यह सर्वाधिक मामला है। नगर निकाय अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार को शहर में संक्रमण के 751 नये मामले आने से कोविड-19 के कुल मामले बढ़ कर 7,625 हो गये हैं। उन्होंने बताया कि आज कोविड-19 के पांच मरीजों की मौत हुई। यहां अब तक कुल 295 संक्रमित व्यक्तियों की मौत हो चुकी है। उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटे में 95 मरीजों को संक्रमण मुक्त होने के बाद अस्पतालों से छुट्टी दी गई।

    इसी अवधि के दौरान कोविड-19 के 484 संदिग्ध मरीजों को अस्पतालों में भर्ती किया गया।



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    आज 484 संदिग्ध मरीजों को अस्पतालों में भर्ती किया गया।




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    राज्य में 83 फीसदी मरीजों में बीमारी के लक्षण नहीं, 20 फीसदी स्वस्थ हुए

    महाराष्ट्र में कोविड-19 के करीब 83 फीसदी मरीज ऐसे हैं, जिनमें बीमारी के लक्षण नहीं हैं और इनमें से 20 फीसदी स्वस्थ हो चुके हैं। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

    टोपे ने कहा कि राज्य में इस महामारी से मृतकों की दर कम होकर 3.5 फीसदी पर आ गई है, जबकि संक्रमण के मामले दोगुने होने की औसत दर राष्ट्रीय औसत से अधिक है। उन्होंने जालना में संवाददाताओं से कहा कि महाराष्ट्र के 36 में से 14 जिले रेड जोन में हैं, 16 ओरेंज और छह जिले ग्रीन जोन में हैं।

    राज्य में 2 बिस्तर का हॉस्पिटल तैयार

    टोपे ने कहा कि मुंबई में एक 2,000 बिस्तरों का अस्पताल तैयार किया गया है, जहां घनी आबादी क्षेत्र में रहने वाले ऐसे बुजुर्ग नागरिकों को स्क्रीनिंग के बाद पृथक-वास में रखा जा सकेगा जोकि अन्य बीमारियों से ग्रसित हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में राज्यभर में 733 निषिद्ध क्षेत्र हैं। महाराष्ट्र में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले 10,000 के पार पहुंच चुके हैं।



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    महाराष्ट्र के 36 में से 14 जिले रेड जोन में हैं, 16 ओरेंज और छह जिले ग्रीन जोन में हैं।




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    राज्य में अब तक 227 पुलिसकर्मी कोरोना वायरस से संक्रमित, तीन की मौत

    महाराष्ट्र में 30 अधिकारियों सहित 227 पुलिसकर्मियों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। इनमें से 66 पुलिसकर्मी बृहस्पतिवार से शुक्रवार के बीच संक्रमित हुए हैं। अधिकारी ने बताया कि संक्रमित पुलिस कर्मियों में नासिक जिले में अधिक संक्रमित स्थान (हॉटस्पॉट) के तौर पर चिह्नित मालेगांव में सुरक्षा के लिए तैनात रिजर्व पुलिस के जवान शामिल हैं। उन्होंने बताया कि 227 संक्रमित पुलिसकर्मियों में 22 आरक्षी और आठ पुलिस अधिकारी संक्रमण मुक्त हो चुके हैं जबकि 172 आरक्षी और 22 अधिकारियों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। वहीं तीन पुलिस अधिकारियों की मौत हुई है। ये सभी अधिकारी मुंबई के हैं।

    राज्य में कोरोना वायरस से संक्रमितों की संख्या बढ़कर 10 हजार के पार हो चुकी है। अधिकारी ने बताया कि महामारी को नियंत्रित करने के लिए पुलिस कर्मी 24घंटे काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस पर हमले की 167 घटनाएं सामने आई हैं और इन मामलों में 627 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

    अधिकारी ने बताया कि राज्य में भारतीय दंड संहिता की धारा 188 (सरकारी अधिकारी के कानूनी आदेश की अवेहलना) के तहत 87,391 मामले दर्ज किए गए हैं और 17,632 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने लॉकडाउन के दौरान 1,240 मामले गैर कानूनी ढंग से ढुलाई करने के मामले में दर्ज किया है और 50,827 अधिक वाहनों को जब्त किया है। उन्होंने बताया कि इस अवधि में तीन करोड़ दस लाख रुपये बतौर जुर्माना वसूला गया है।



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    पुलिस कर्मियों में नासिक जिले में अधिक संक्रमित स्थान (हॉटस्पॉट) के तौर पर चिह्नित मालेगांव में सुरक्षा के लिए तैनात रिजर्व पुलिस के जवान शामिल हैं




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    संक्रमण के एक दिन में सबसे ज्यादा 1008 मामले सामने आए, 26 लोगों की जान गई

    महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण से शुक्रवार को रिकॉर्ड 1008 मामले सामने आए। इसे मिलाकर राज्य में कुल संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 11,506 पहुंच गया। इससे पहले महाराष्ट्र में 25 अप्रैल को संक्रमण के 811 मामले सामने आए थे। इसके अलावा, शुक्रवार को राज्य में संक्रमण से 26 लोगों की मौत हुई। इनमें पुणे में 11, मुंबई में 6, जलगांव में 3, सिंधुदुर्ग, भिवंडी, ठाणे, नांदेड़, औरंगाबाद और परभणी में एक-एक की जान गई। मृतकों में 18 पुरुष और 8 महिलाएं हैं। 25 मृतकों की उम्र 40 से 60 साल के बीच थी, जबकि एक की उम्र 40 से कम थी। इसे मिलाकर राज्य में मृतकों की संख्या 485 पहुंच गई है।

    मुख्यमंत्री ने फेसबुक के जरिए जनता से बात की

    मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार को महाराष्ट्र दिवस के मौके पर जनता से फेसबुक के जरिए बातचीत की। उन्होंने कहा कि राज्य में 3 मई के बाद से कई जिलों में शर्तों के साथ लॉकडाउन के नियम में ढील दी जाएगी। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन सिर्फ एक स्पीड ब्रेकर है और जल्द स्थितियां सामान्य हो जाएंगी।लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि तीन मई के बाद हम राज्य में शर्तों के सात कई जगह ढील देने जा रहे हैं। लेकिनऑरेंज और ग्रीन जोन के लोगभीसतर्क रहें और सहयोग करें, अन्यथा पिछले कुछ दिनों में हमने जो कुछ भी हासिल किया है, वह हम खो देंगे। इसलिए, हमधैर्य और सावधानी के साथ आगे बढ़ेंगे। उन्होंने आगे कहा कि मैं चाहता हूं कि लोग कोरोना से घबराएं नहीं। यह केवल समय पर उपचार शुरू करने के बारे में है। कुछ दिनों के बीच छोटे बच्चों से लेकर 83 साल के लोग इससे ठीक होकर घर गए हैं। वेंटिलेटर पर रहने वाले लोग भी ठीक हो गए हैं।'

    हालांकि, शुक्रवार शाम को गृहमंत्रालय ने दो हफ्ते लॉकडाउन और बढ़ाने की घोषणा कर दी। लेकिन, इस बारऑरेंज और ग्रीन जोन में कई तरह की छूट रहेगी।

    राज्य में अब तक 227 पुलिसकर्मी संक्रमित
    महाराष्ट्र में 30 अधिकारियों सहित 227 पुलिसकर्मियों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। इनमें से 66 पुलिसकर्मी गुरुवार से शुक्रवार के बीच संक्रमित हुए हैं। 227 संक्रमित पुलिसकर्मियों में 22 आरक्षी और आठ पुलिस अधिकारी संक्रमण मुक्त हो चुके हैं जबकि 172 आरक्षी और 22 अधिकारियों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है।

    प्लाज्मा थैरेपी के जरिए इलाज करवा रहे शख्स की हुई मौत
    प्लाज्मा थैरेपी के जरिए इलाज करवा रहे 53 साल के मरीज की इन्फेक्शन के बाद मौत हो गई है। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह कोरोना से संक्रमित था। उसकी हालत काफी नाजुक थी।

      मुंबई के कांदिवली इलाके में सड़क पर निकले एक शख्स से पूछताछ करते पुलिसकर्मी।

      बीएमसी स्वास्थ्यकर्मियों के मानधन में बढ़ोतरी

      अपनी जान जोखिम में डालकर कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की सेवा करने वाली स्वास्थ्य स्वयंसेविकाओं के मानधन में प्रतिमाह 4000 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। इस तरह स्वयंसेविकाओं को अब हर महीने 9000 रुपये मानधन मिलेगा। इन्हें यह लाभ सितंबर 2019 से मिलेगा। साथ ही कोविड -19 के कारण जारी लॉकडाउन के दौरान जितने दिन यह स्वयंसेविकाएं काम करेंगी, उस हिसाब से प्रतिदिन 300 रुपएका अतिरिक्त मानधन मिलेगा। यह रकम मई में दी जाएगी।

      कुछ मजदूर मुंबई से कानपुर के लिए हैं। उनमें से एक ये महिला है।

      नागपुर जेल में भी हुआ लॉकडाउन, 7 जेल पहले से ही हैं बंद

      • कोरोना संक्रमण सेकैदियों को बचाने के लिए नागपुर सेंट्रल जेल को भी बंद कर दिया गया है। इस फैसले के बाद अब बाहर के किसी व्यक्ति को जेल के अंदर दाखिल होने की इजाजत नहीं मिलेगी साथ ही यहां तैनात अधिकारी और कर्मचारी भी बाहर नहीं जा सकेंगे। राज्य की सात जेलों को पहले ही बंद किया जा चुका है।
      • गृहमंत्री अनिल देशमुख ने बताया कि कोरोना प्रभावित इलाकों में स्थित मुंबई मध्यवर्ती कारागृह, ठाणे मध्यवर्ती कारागृह, येरवडा मध्यवर्ती कारागृह, भायखला जिला कारागृह, कल्याण जिला कारागृह, औरंगाबाद और नाशिक जेल में पहले ही लॉक डाउन का फैसला किया जा चुका था।


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      यह तस्वीर मुंबई की है। यहां लोग गुरुवार को सिलेंडर के लिए लाइन में दिखे। मुंबई संक्रमितों की संख्या 2 हजार से ज्यादा हो गई है और 250 से ज्यादा मौतें हो गई हैं।




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      मातोश्री में ड्यूटी पर तैनात 3 पुलिसवाले पॉजिटिव, 130 को क्वारैंटाइन किया गया; राज्य में अब तक 227 पुलिसकर्मी संक्रमित

      कोरोनावायरस मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरेके आवासमातोश्रीतक पहुंच गया है। यहांसुरक्षा ड्यूटी पर तैनात तीन पुलिसवालेकोरोना पॉजिटिव पाए गए। इसके बाद यहां तैनात 130 अन्य पुलिसवालों को सांताक्रूज में एक क्वारैंटाइन सेंटर भेज दिया गया है। सभी की कोरोना जांच भी करवाई जा रही है। आज शाम तक इनकी रिपोर्ट भी आ सकती है।

      पहले एक चायवालासंक्रमण हुआ था
      इससे पहले मुख्यमंत्री के घर के बाहर चाय का स्टॉल लगाने वाला एक शख्स कोरोना पॉजिटिव पाया गया था। मातोश्री पर तैनात पुलिसकर्मी वहां चाय पीते रहते थे। इसी को देखते हुए मातोश्री पर तैनात 130 पुलिसकर्मियों को ड्यूटी से हटाकर क्वारैंटाइन किया गया था। हालांकि, इसके बाद बीएमसी ने पूरे इलाके को सैनिटाइज करने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाया था।

      चायवाले के संक्रमित मिलने के बाद पूरे इलाके को सील करकेसैनिटाइजेशन का काम किया गया था।

      राज्य के 30 पुलिस अधिकारियों समेत 227 पुलिसवालों में कोरोना
      महाराष्ट्र में 30 अधिकारियों समेत 227 पुलिसकर्मी कोरोनावायरस से संक्रमित हुए हैं। इनमें 66 पुलिसकर्मी गुरुवार से शुक्रवार के बीच संक्रमित हुए। अधिकारी ने बताया कि संक्रमित पुलिस कर्मियों में नासिक जिले में अधिक संक्रमित स्थान (हॉटस्पॉट) के तौर पर चिह्नित मालेगांव में सुरक्षा के लिए तैनात रिजर्व पुलिस के जवान शामिल हैं। उन्होंने बताया कि 227 संक्रमित पुलिसकर्मियों में 22 आरक्षी और आठ पुलिस अधिकारी संक्रमण मुक्त हो चुके हैं।जबकि 172 आरक्षी और 22 अधिकारियों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। वहीं, तीन पुलिस अधिकारियों की मौत हुई है।



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      संक्रमण से बचने के लिए पुलिस के जवानों को ग्लव्स, फेस मास्क, फेस शील्ड दिया जा रहा है। इसके बावजूद अब तक 227 पुलिसकर्मी संक्रमित हो चुके हैं।




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      गिरफ्तार आरोपियों में से एक में मिला कोरोना वायरस का संक्रमण, 23 पुलिसवालों समेत 43 लोगों की जांच

      महाराष्ट्र के पालघर में साधुओं की पीट-पीट कर हत्या करने के मामले में गिरफ्तार 115 आरोपियों में से एक में कोरोनावायरस मिला है। इसके बाद उनके संपर्क में आने वाले 43 लोगों, जिनमें 23 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं कि जांच की जा रही है।

      पालघर ग्रामीण अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ दिनकर गावित ने बताया कि पालघर लिंचिंग केस में 55 साल का एक आरोपी पॉजिटिव पाया गया है। इसे 17 अप्रैल को पकड़ा गया था और यह वाड़ा पुलिस थाने में लॉकअप में बंद था। संक्रमित दहानु में दिव्य-वाकीपाड़ा का रहने वाला है। संक्रमित होने के बाद अब इसकी ट्रेवल हिस्ट्री खंगाली जा रही है और परिवार को भी होम क्वारैंटाइन किया गया है।

      14 मई तक पुलिस कस्टडी में था आरोपी
      इस कोरोना संक्रमित आरोपी को दहानु कोर्ट में पेश किया गया था और अन्य 114 आरोपियों के साथ 14 मई तक पुलिस कस्टडी की मांग की गई थी। अन्य सभी आरोपियों को वाडा, दहानू, कासा, विक्रमगढ़, तलासरी और अन्य पुलिस थानों में लॉकअप में रखा गया है ताकि कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण भीड़भाड़ से बचा जा सके।

      जेजे हॉस्पिटल के जेल वार्ड में किया जा रहा शिफ्ट
      डॉ. गावित ने कहा कहा कि 28 अप्रैल की सुबह आरोपी के गले का स्वाब टेस्ट लिया गया, जिसमें वह नेगेटिव पाया गया। मगर शनिवार सुबह एक और टेस्ट किया गया और इसमें वह कोरोना पॉजिटिव निकला। उसे आरएच में भर्ती कराया गया था, मगर उच्च अधिकारियों से अनुमति लेने के बाद आरोपी मरीज को मुंबई के जेजे अस्पताल के जेल वार्ड में स्थानांतरित किया जा रहा है।

      संक्रमित में नहीं है कोरोना के कोई भी लक्षण
      उन्होंने कहा कि आरोपी में कोरोना वायरस के अब तक कोई लक्षण नहीं दिखे हैं, मगर हम किसी तरह का कोई चांस नहीं ले सकते हैं। पालघर जिले में अब तक 170 कोरोना के मामले सामने आए हैं और 10 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं इस कोविड-19 से 59 लोग उबर भी चुके हैं।

      ऐसे हुई थी दो साधुओं और ड्राइवर की हत्या
      16 अप्रैल को मुंबई से सूरत जाने वाले दो साधुओं की कार को 200 से अधिक लोगों की भीड़ द्वारा रोका गया था। चोर होने के संदेह पर इस भीड़ ने कार पर हमला कर दिया और पत्थर एवं डंडों से हमला किया, जिसमें दोनों साधुओं की जान चली गई।



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      पालघर हिंसा में मौके पर पहुंची पुलिस टीम पर भी पथराव हुआ था। फिलहाल इस मामले में 115 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।




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      राज्य में सभी नागरिकों को मिलेगा कैशलेस हेल्थ इंश्योरेंस, आज 27 मरीजों ने दम तोड़ा और संक्रमण के 678 नए मामले सामने आए

      महाराष्ट्र में रविवार को संक्रमण से 27 मरीजों की मौत हो गई। इनमें 21 मुंबई से, 4 पुणे से, एक भिवंडी से और एक नवी मुंबई से है। मृतकों में 16 पुरुष और 11 महिलाएं हैं। इनमें से 14 की उम्र 60 साल से ज्यादा है जबकि10 की उम्र 40 से 60 साल के बीच और तीन की उम्र 40 साल से कम है। राज्य में मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 548 तक पहुंच गया है।

      वहीं, राज्य में संक्रमण के 678 केस सामने आए। इनमें मुंबई के 441 और धारावी के 94 मरीज शामिल हैं। अब मुंबी में कुल संक्रमितों का आंकड़ा 8613 पर पहुंच चुका है। राज्य में पॉजिटिव मरीजों की संख्या 12,974 तक पहुंच गई है।
      कल से शराब की दुकानें भी खुलेंगी
      महाराष्ट्र सरकार ने ऐसेक्षेत्रों में सोमवार से शराब समेत गैर जरूरी वस्तुओं की दुकानें खोलने की अनुमति दे दी है, जहां पिछले 1 महीने से कोरोना संक्रमण का नया मामला सामने नहीं आया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी भूषण गगरानी ने रविवार को पत्रकारों को यह जानकारी दी। गगरानी ने कहा, ''रेड ज़ोन में आने वाले जिलों में, कुछ ऐसे क्षेत्र हैं जहां बीते एक महीने से कोरोना वायरस संक्रमण का कोई मामला सामने नहीं आया है। इन क्षेत्रों को गैर-निषिद्ध क्षेत्र के रूप में जाना जाता है। ऐसेक्षेत्रों में कुछ छूट देते हुए कपड़े, जूते, शराब, स्टेशनरी जैसी गैर जरूरी वस्तुओं की बिक्री वाली दुकानों को खोलने की अनुमति दी गई है।''

      सभी नागरिकों को निशुल्क स्वास्थ्य बीमा देगी राज्य सरकार

      राज्य सरकार सभी नागरिकों को निशुल्क स्वास्थ्य बीमा देने जा रही है। स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे के मुताबिक, राज्य के सभी नागरिकों को महात्मा ज्योतिबा फुले जन आरोग्य योजना के तहत यह सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंनेकहा, 'वर्तमान में राज्य की 85 प्रतिशतMJPJAYके तहत कवर है। ये फायदा बाकी बची 15 प्रतिशत आबादी को भी दिया जाएगा। सरकारी, अर्द्धसरकारी कर्मचारियों और सफेद राशन कार्डधारकों को भी इसमें शामिल करने के लिए एक ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए जाएंगे, ताकि निजी अस्पताल रोगियों से अधिक पैसे नहीं वसूल सकें।'

      प्रवासी मजदूर एमएसआरडीसी सेंटर में स्नान करते हुए। हालांकि, यहां सोशल डिस्टेंसिग मार्क बनाए गए हैं।

      कोटा से छात्रों की वापसी
      राजस्थान के कोटा में अटके महाराष्ट्र के 1186 छात्रों की वापसी हो गई है। इसकेे लिए 72 बसें बुधवार को कोटा भेजी गईं थीं। शनिवार तक सभी छात्रअपने-अपने जिले पहुंच गए।

      शिरडी के कालिकानगर में राशन लेने पहुंचे लोगों की लंबी कतार नजर आई। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हुआ।

      मुंबई और पुणे मेंराहत नहीं
      कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों मुंबई और पुणे रीजन के अलावा पिंपडी-चिंचवड़ और मालेगांव में किसी तरह की रियायत नहीं मिलेगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया-जहां लॉकडाउन का कड़ाई से पालन नहीं किया जा रहा हैं, वहां पर अर्द्धसैनिक बल तैनात करने के बारे में भी विचार किया जा रहा है। लॉकडाउन से संबंधित नई गाइडलाइनसरकार ने जारी कर दी हैं। जहांमरीज कम हुए हैं, या नहीं हैं।वहां कुछ शर्तों के साथ रियायत दी गई है।

      हजारों की संख्या में दिहाड़ी प्रवासी मजदूर धारावी में अपना रजिस्ट्रेशन कराने पहुंचे। यहां तकरीबन 300 संक्रमित सामने आ चुके हैं।

      लॉकडाउन में वापस अपने घर जाने वालों के लिए गाइडलाइन

      • गांव जाने के लिए पुलिस के माध्यम से मंजूरी मिलेगी। इसके लिए सभी डेप्युटी कमिश्नर ऑफ पुलिस (डीसीपी) को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
      • https://covid19.mhpolice.in/registration पर ऑनलाइन तरीके से आवेदन पत्र भर रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। लोकल पुलिस स्टेशन में ऑफलाइन भी फॉर्म भरकर दिया जा सकता है।
      • समूह में जाने वाले लोगों को अपने लीडर (मुख्य आदमी) का चुनाव करना होगा। सभी सदस्यों के नाम, आधार कार्ड नंबर, यात्रा कहां से कहां तक करनी है, निजी वाहन या बस/ट्रेन से जाने का जिक्र, पंजीकृत डॉक्टर से मेडिकल रिपोर्ट और मोबाइल नंबर देना अनिवार्य है।
      • प्रशासकीय स्तर पर आपके फॉर्म की मंजूरी मिलने के बाद आपको पास जारी करने की हरी झंडी दी जाएगी। इस बारे में संबंधित व्यक्ति को ई-मेल या मोबाइल नंबर से सूचना दी जाएगी।
      • जिस राज्य में आप जाना चाहते हैं, वहां के भी अधिकारी को इसकी सूचना दी जाएगी और उसी अनुसार भेजने की तैयारी होगी। आपको यात्रा की सूचना भी विभिन्न माध्यमों से प्रशासन द्वारा दी जाएगी। तब तक आपको घर पर ही रहना होगा।
      • आपको निजी वाहन से जाने की अनुमति भी इसी तरह मिल सकती है। इसके लिए भी तय प्रक्रिया में आवेदन करना होगा, जिसमें गाड़ी का नंबर और ड्राइवर की जानकारी भी देनी होगी।

      प्राइवेट दफ्तरों को परमिशन नहीं
      सरकार की गाइडलाइन में कहा गया है कि 33 फीसदी स्ट्रेंथ के साथ भी प्राइवेट दफ्तरों को खोलने की अनुमति नहीं है।मुंबई में तो बिलकुल भी नहीं। हालांकि, राज्य सरकार ने यह भी कहा है कि कुछ दिनों के बाद 10 पर्सेंट स्ट्रेंथ के साथ कुछ दफ्तरों को खोलने की अनुमति दी जा सकती है। इसमें भी शर्त यह होगी कि कर्मचारी अपनी गाड़ी से आएं।

      रेड जोन में शराब की दुकाने बंद, ग्रीन और ऑरेंज जोन में कुछ छूट
      रेड जोन वाले इलाकों में शराब की दुकानें नहीं खोली जाएंगी। राज्य में सरकारी, देसी और आईएमएफएल स्टोर्स को मिलाकर कुल 4200 शराब दुकानें हैं। इनमें से 1400 दुकानें सिर्फ रेड जोन क्षेत्रों में हैं। इनके अलावा बाकी जिलों में डीएम और एक्साइज डिपार्टमेंट के अधिकारी स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार फैसला लेकर दुकानें खुलवा सकते हैं।

      घरेलू काम करने वालों को नहीं मिली छूट
      केंद्र सरकार ने घरेलू काम करने वालों को अनुमति दे दी लेकिन राज्य सरकार ने अभी इसपर कोई राय नहीं दी है। घरेलू काम के लिए जाने वालों को अभी भी कलेक्टर या पुलिस से परमिशन लेनी होगी। राज्य सरकार मानती है कि मेड्स जरूरी सर्विसेज का हिस्सा नहीं हैं। ऐसे में अगर वे गैर-कंटेनमेंट जोन से भी आती हैं, तब भी उन्हें अनुमति नहीं दी जाएगी।

      भिवंडी से गोरखपुर के लिए निकली स्पेशल ट्रेन
      भिवंडी रेलवे स्टेशन से गोरखपुर जिले के मजदूरों को ले जाने के लिए एक विशेष ट्रेन की व्यवस्था की गई थी। शनिवार रात तकरीबन 1:00 बजे 1200 मजदूरों को लेकर भिवंडी शहर से गोरखपुर के लिए यह ट्रेन रवाना हुई। इस ट्रेन की जानकारी मिलते ही भिवंडी शहर में उत्तर भारत के लोगों का हुजूम इकट्ठा हो गया। 1200 की जगह पर 4 से 5 हजार लोग इकट्ठा हो गए, ऐसे में पुलिस प्रशासन के लिए यह एक बहुत बड़ी चुनौती थी कि इन तमाम लोगों को रेलवे स्टेशन पर जाने से रोका जाए। इन लोगों को भिवंडी के अंजुर फाटा में बिठाया गया। सबकी थर्मल स्क्रीनिंग की गई।



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      शिरडी में राशन के लिए लाइन में लगे ग्रामीण। यहां साईं संस्थान समेत कई संगठन राशन का वितरण कर रहे हैं।




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      वायरस से संक्रमित 57 वर्षीय पुलिसकर्मी की मौत, अब तक यहां 12 पुलिसवाले हुए हैं पॉजिटिव

      पुलिस के57 वर्षीय एक सहायक उप निरीक्षक की सोमवार को एक निजी अस्पताल में कोरोनावायरस संक्रमण से मौत हो गई। पुणे में अब तक 12 पुलिसवाले कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। राज्य में तकरीबन 300 लोग इससे संक्रमित हो चुके हैं। पुणे में कोरोना संक्रमण से हुई किसी पुलिसकर्मी की मौत का यह पहला मामला है।

      पुणे के संयुक्त पुलिस आयुक्त रवींद्र शिसेवे ने बताया था कि अप्रैल के आखिरी सप्ताह में उनमें कोरोना संक्रमण पॉजिटिव मिला था। आज दोपहर एक बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। भारती अस्पताल के एक बयान में कहा गया था कि एएसआई मोटापे और उच्च रक्तचाप से पीड़ित था और 12 दिनों से वेंटिलेटर पर था।

      पुणे में हुई अबतक 112 लोगों की मौत
      कोरोना संक्रमण के चलते रेड जोन में रहे समस्त पुणे जिले में रविवार को कोरोना ग्रस्तों का आंकड़ा 1912 तक पहुंच गया। इनमें से अब तक जिले में से 112 मरीजों की मौत हो चुकी है। पूरे पुणे संभाग (पुणे, सातारा, सोलापुर, कोल्हापुर, सांगली जिला) में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 2147 तक पहुंच गया है। इनमें से 463 मरीज कोरोना मुक्त हुए हैं, उन्हें इलाज के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज दिया गया है।



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      राज्य में अब तक तकरीबन 300 पुलिसकर्मी संक्रमित हो चुके हैं। इसमें सबसे ज्यादा मुंबई से हैं।




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      एक महीने के दौरान मालेगांव में हुई 580 लोगों की मौत बनी पहेली, प्रशासन का दावा- कोरोना से यहां 12 की गई है जान

      महाराष्‍ट्र के मालेगांव में पिछले महीने यानीअप्रैल में हुई 580 मौतें एक बड़ी पहेली बनकर सामने आईं हैं। हालांकि, आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, यहां सिर्फ 12 मौतें कोरोना संक्रमण के चलते हुई है। नासिक जिले के मालेगांव में 8 अप्रैल को कोरोना संक्रमण का पहला केस सामने आया था। इसके बाद अब तक यहां 229 केस सामने आ चुके हैं। प्रशासन के अनुसार मालेगांव में 27 अप्रैल के बाद एक भी कोरोना संक्रमित की मौत नहीं हुई है।

      अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्‍सप्रेस में प्रकाशित खबर के मुताबिक, मालेगांव में पिछले साल अप्रैल में 277 लोगों की मौत दर्ज हुई थी। लेकिन इस बार अप्रैल में 580 लोगों की मौत हुई है। संदेह जताया जा रहा है कि इनमें से कई कोरोनावायरस संक्रमित भी हो सकते हैं। ऐसा हुआ तो मृतकों के परिजनों में भी कोरोना के वायरस हो सकते हैं।

      हालांकि, जिला प्रशासन का कहना है कि लॉकडाउन के कारण निजी अस्‍पतालों के बंद रहने से संभवतऐसा हुआ हो। वहीं, मामला सामने आने के बादराज्‍य सरकार ने मालेगांव में 10 अप्रैल के बाद मरने वाले लोगों के परिवार वालों की पहचान कर उनकी कोविड-19 जांच करने का निर्णय लिया है।

      गुरुवार को दफनाए गए 9 शव
      इंडियन एक्‍सप्रेस के मुताबिक, मालेगांव के बड़ा कब्रिस्‍तान में गुरुवार को दो घंटे के अंदर 9 लोगों के शव दफनाए गए हैं। बड़ा कब्रिस्‍तान के एडमिनिस्‍ट्रेटर रईस अहमद अंसारी के अनुसार सामान्‍य दिनों में यहां प्रतिदिन 6 से 7 लोगों के शव दफनाए जाते थे। लेकिन गुरुवार से पहले के तीन दिनों से प्रतिदिन ये आंकड़ा बढ़कर 30 शवों का हो गया है। इस साल अप्रैल में यहां 457 शवदफनाएगए। पिछले साल अप्रैल में यह संख्‍या 140 ही थी।

      प्रशासन ने जांच की बात कही
      इस मामले पर मालेगांव में कोविड 19 महामारी से निपटने के लिए बनाए गए इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर की निगरानी कर रहे आईएएस अफसर पंकज आशिया ने प्रतिक्रिया दी है। उन्‍होंने कहा, 'अप्रैल में मालेगांव में मौतों की संख्‍या बढ़ी है। बिना पूरी जांच पड़ताल किए ये नहीं कहा जा सकता है कि ये मौतें कोविड 19 के कारण हुई हैं। हम 10 अप्रैल के बाद मरने वाले सभी लोगों के परिवारों की मेडिकल जांच कराएंगे।'



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      मालेगांव के बड़े कब्रिस्तान में सिर्फ गुरुवार को 9 लोगों को दफनाया गया है। पिछले साल अप्रैल में 277 लोगों को दफनाया गया था।




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      जिस जेल में बंद था आतंकी कसाब, उस जेल के 72 कैदियों और 7 जेल स्टाफ में संक्रमण की पुष्टि हुई

      देश के सबसे सुरक्षित माने जाने ऑर्थर रोड जेल में बंद 72 कैदियों और 7 जेल स्टाफ में कोरोना की पुष्टि हुई है। इन सभी को मुंबई के जी.टी हॉस्पिटल और सेंट जार्ज हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया है। राज्य का यह पहला मामला है जब किसी जेल में कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं। आर्थर रोड जेल की सुरक्षा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसके अंडा सेल में 26/11 आतंकी हमले में पकड़ा गया अजमल कसाब को भी रखा गया था।

      जानाकारी के मुताबिक, संक्रमण की पुष्टि सबसे पहले 50 साल के एक विचाराधीन कैदी में हुई। जिसके बाद उसके कांटेक्ट में आए अन्य कैदियों की कोरोना जांच करवाई गई और गुरुवार दोपहर तक 72 कैदियों में इसकी पुष्टि हुई है।

      150 लोगों का हुआ कोरोना टेस्ट
      बॉम्बे हाई कोर्ट ने पिछले दिनों ही महाराष्ट्र सरकार से यह पूछा था कि क्या जेल के अंदर कोई ऐसा कैदी है जो कोरोना वायरस से संक्रमित है। ऐसे में जेल में कोरोना से संक्रमित कैदी के मिलने के बाद जेल प्रशासन सतर्क हो गया है. एहतियात के तौर पर जेल प्रशासन ने 150 से ज्यादा लोगों का कोरोना टेस्ट करवाया, जिसमें कैदी और जेल के अन्य कर्मचारी भी शामिल हैं।

      अंडरवर्ल्ड से जुड़े कई चर्चित चेहरे इस जेल में हैं बंद
      800 लोगों की क्षमता वाली जेल में इस समय 2000 से ज्यादा कैदी रह रहे हैं। ऑर्थर रोड जेल में कोरोना का मरीज मिलना इसीलिए भी चिंताजनक ही क्योंकि इस जेल में आम कैदियों के साथ अंडरवर्ल्ड से जुड़े कई अपराधी भी रहते हैं। इनमें 26/11 आतंकी हमले के सिलसिले में गिरफ्तार अबू जिंदाल, हाई प्रोफाइल हेमा उपाध्याय मर्डर केस का आरोपी चिंतन उपाध्याय, छोटा राजन का शार्प शूटर सतीश कालिया भी इस जेल में बंद हैं।

      महाराष्ट्र की पांच जेलों में भी है लॉकडाउन
      इससे पहले 9 अप्रैल को कैदियों में कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए मुंबई, पुणे और ठाणे जिलों के पांच केंद्रीय कारागारों को लॉकडाउन करने का आदेश जारी किया गया था। आदेश के मुताबिक किसी नए कैदी को यहां नहीं लाया जाएगा और किसी को बाहर भी नहीं जाने दिया जाएगा। यहां तक कि जेल के कर्मी भी यहां से बाहर नहीं जाएंगे। यह आदेश मुंबई की आर्थर रोड जेल तथा भायखला जेल, ठाणे और कल्याण की जेल और पुणे की यरवडा जेल के लिए था।

      ऐसी है मुंबई की आर्थर रोड जेल
      • आर्थर रोड जेल का निमार्ण सन् 1926 में किया गया था। यह शहर की सबसे पुरानी और बड़े जेल है। 1994 में इसे अपग्रेड कर केंद्रीय जेल बनाया गया। हालांकि आज भी इसे आर्थर रोड जेल के नाम से ही जाना जाता है।
      • यह करीब 2 एकड़ जमीन में फैली है। शुरुआत में इस जेल को 800 कैदियों के हिसाब से बनाया गया था। बाद में इसकी क्षमता बढ़ी।
      • इसमें भी बैरक नंबर-12 दोनों ही तरफ से बहुत सुरक्षित है और इसे स्टील स्ट्रक्चर लगाकर और अभेद बनायागया है।
      • ग्राउंड लेवल से बीस फीट ऊंचाई पर स्थापित इस जेल में तीन तरफ से हवा और रोशनी आती है और हर तरह से सुरक्षा व्यवस्था चौकस है।
      • इसे जेल के महज 3 से 4 किमी के दायरे में 6 बड़े अस्पताल हैं।
      जेल की सबसे सुरक्षित है अंडा सेल
      • छगन भुजबल जब गृहमंत्री थे, तब उन्होंने आर्थर रोड जेल में अंडा सेल बनवाया था। उसी अंडा सेल में गिरफ्तारी के बाद उन्हें भी रखा गया।
      • आर्थर रोड जेल में अंडा सेल को सबसे सुरक्षित माना जाता है। इस सेल का आकार अंडे की तरह है, इसलिए इसे अंडा सेल कहा जाता है। कसाब को इसी सेल में रखा गया था।
      • अंडा सेल पूरी तरह से बॉम्बप्रूफ है। इसमें एक बुलेटप्रूफ सुरंग भी है जो सीधे स्पेशल कोर्ट तक जाती है।
      • इसके अंदर 9 कमरे हैं। सभी आकार में छोटे हैं। खास बात ये है कि यहां बिजली नहीं दी जाती। कैदी को अंधेरे में ही रखा जाता है।
      • अंडा सेल के चारों तरफ इलेक्ट्रिक फेंसिंग है। इसमें अंदर चौबीसों घंटे गार्ड तैनात रहते हैं।
      • अंडा सेल में गैंगस्टर डीके राव, सतीश कालिया, अबू सावंत, अबू जिंदाल को भी रखा जा चुका है।
      हाईप्रोफाइल कैदियों को रखा जाता है यहां
      • हाईप्रोफाइल कैदियों को या तो पुणे की यरवडा जेल या फिर मुंबई की आर्थर रोड जेल में रखा जाता है। 26/11 को अंजाम देने वाले आतंकी अजमल कसाब को भी आर्थर रोड जेल में रखा गया था।
      • इसकी सेल बॉम्बप्रूफ और बुलेटप्रूफ थी। कसाब के बाद इस सेल में अभी 26/11 में ही केस का सामान कर रहे कथित आतंकी जबीउद्दीन अंसारी उर्फ अबू जिंदाल को रखा गया है।
      • दाऊद इब्राहिम का भाई इकबाल कासकर, मुस्तफा दोसा, यासीन भटकल, शीना बोरा हत्याकांड में मुख्य आरोपी और इंद्राणी मुखर्जी के पति पीटर मुखर्जी, महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम रहे छगन भुजबल, उनका भतीजा समीर भुजबल और अभिनेतासंजय दत्त भी रह चुके हैं।


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      आर्थर रोड जेल में अबू जिंदाल समेत कई बड़े अपराधी बंद हैं। जेल में कोरोना के मरीज मिलना जिला प्रशासन के लिए चिंता का विषय हैं।




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      राज्य में संक्रमितों की संख्या 18 हजार पार, 24 घंटे में 43 की मौत; मुंबई की ऑर्थर रोड जेल में 77 कैदी कोरोना पॉजिटिव मिले

      महाराष्ट्र में आज कोरोना संक्रमितों की संख्या 18 हजार के पार पहुंच गई। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने बताया कि गुरुवार को 1,362 नए मामले आए हैं। अब कोरोना संक्रमितों की संख्या 18 हजार 120 हो गई है। राज्य में अब तक 651 लोगों की जान कोरोना के चलते गई है। वहीं, मुंबई की ऑर्थर रोड जेल में 77 कैदी कोरोनावायरस पॉजिटिव पाए गए हैं। जेल के 26 कर्मचारी भी संक्रमित हैं। कुल 144 लोगों का टेस्ट किया गया था।
      इस बीच, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने शाम को सर्वदलीय बैठक की। इसमें राज्य में कोरोना से लड़ने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी गई और उपायों पर चर्चा भी की गई।

      मुंबई में 24 घंटे में 680 नए संक्रमित, 25 की मौत

      मुंबई में 24 घंटे में कोरोना पॉजिटिव 680 नए केस मिले, जबकि 25 मरीजों की मौत हुई। मुंबई में अब तक कुल संक्रमित 11394 और 437 मौत हो चुकी हैं। महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटों में 1216 पॉजिटिव केस मिले। पिछले 24 घंटे में 43 मरीजों की मौत हुई। महाराष्ट्र में अब तक कुल कोरोना मरीज 17974 और 694 मरीजों की मौत हो चुकी है। मृतकों में 24 पुरुष और 19 महिलाएं शामिल हैं। 29 मरीजों में डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग और किडनी की परेशानी थी।

      मजदूरों की घर वापसी पर मंत्री ने उठाए सवाल
      स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रवासी मजदूर अपने मूल स्थानों पर लौटना चाहते हैं, उन्हें अब मेडिकल सर्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं है। उनकी सिर्फ थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी। उन्होंने बताया कि डॉक्टरों के क्लीनिक के बाहर बड़ी कतार से बचने के लिए यह फैसला लिया गया है।
      राज्य कैबिनेट मंत्री छगन भुजबल ने अपनी ही सरकार पर सवाल उठाया है। भुजबल ने कहा कि महाराष्‍ट्र से मजदूरों के पलायन की तस्वीरें राज्य सरकार के लिए अशोभनीय हैं। लॉकडाउन के संबंध में प्रशासन के विरोधाभासी आदेशों के कारण अफरा-तफरी का माहौल है।

      दादर के स्लम इलाके में सरकार की तरफ से जरूरी सामान बांटा गया।

      पश्चिम रेलवे को 716 करोड़ रुपए का नुकसान

      लॉकडाउन में ट्रेनेंबंद होने से पश्चिम रेलवे को अब तक लगभग 716 करोड़ रुपए का नुकसानहुआ है। इसमें लंबी दूरी और मुंबई लोकल दोनों के नुकसान का आंकड़ा शामिल है।पश्चिम रेलवे को करीब 237 करोड़ रुपए रिफंड करने हैं। अकेले मुंबई डिवीजन से115 करोड़ रुपए का रिफंड किया जाएगा। पश्चिम रेलवे में अब तक 37.18 लाख यात्रियों के टिकट रद्द हुए हैं।

      धारावी में लॉकडाउन के बीच बुधवार को यहां के बाजार में भीड़ नजर आई। यहां अब तक 700 से ज्यादा संक्रमित मरीज सामने आ चुके हैं।

      धारावी में 700 से ज्यादा कोरोना संक्रमित, अब तक 21 की मौत

      • एशिया की सबसे बड़ी झोपड़पट्टी धारावी में बुधवार को कोरोना मरीजों का आंकड़ा 700 को पार कर गया। 6 मई को धारावी में कोरोना के 68 नए केस पाए गए। इस तरह यहां कोरोना मरीजों की संख्या 733 तक पहुंच गई। जबकि एक व्यक्ति की मौत होने सेयहां कोरोना से मरने वालोंकी संख्या 21 हो गई।
      बीएमसीके स्वास्थ्यकर्मी गुरुवार को नायक नगर इलाके मेंजांच के लिए पहुंचे। यहां छह दिनों से लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही।

      कल्याण-डोंबिवली, अंबरनाथ से मुंबई जा सकेंगे लोग

      कल्याण-डोंबिवली, उल्हासनगर, अंबरनाथ, बदलापुर महानगरपालिका ने रोजानामुंबई जाकर काम करने वाले लोगों केशाम कोवापस आने पर रोक लगाने का फैसला रद्द कर दिया है। यह आदेश 8 मई से लागू होनाथा। फैसले पर विवाद खड़ा होने परमनपा अधिकारियों ने कहा है कि मुंबई में काम करने वाले लोगों के रहने की वहां अभीव्यवस्था नहीं हो पाई है। इस कारण से आदेश कोफिलहाल वापस लिया जाता है।

      मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक (एमटीएचएल) के सेवरी मडफ्लैट्स पर फ्लेमिंगो पक्षी बड़ी संख्या में देखे जा रहे हैं। आमतौर पर इन दिनों मेंं इनकी संख्या यहां कम ही नजर आती है।

      ऑनलाइन देख सकेंगे चिड़ियाघर

      मुंबई में लॉकडाउन के बीच भायखला स्थित वीरमाता जीजाबाई भोसले उद्यान (रानीबाग) ने एक बड़ी पहल की है। अब आप यहां रहने वाले जानवरों, पक्षियों और प्रकृति का घर बैठे आनंद ले सकते हैं। इसके लिए प्राणी उद्यान प्रशासन अपना यूट्यूब चैनल और ट्विटर लिंक जारी करेगा।



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      मुंबई के धारावी में एक क्लीनिक के बाहर प्रवासी मजदूरों की भीड़। ये सभी फिटनेस सर्टिफिकेट लेने यहां आए थे।




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      शराब तस्करी रोकने के लिए अन्य राज्यों से लगी महाराष्ट्र की सभी सीमाएं सील, अब तक पकड़ी गई 12.63 करोड़ की शराब

      लॉकडाउन के दौरान पड़ोसी राज्यों से शराब की तस्करी रोकने की कवायद में महाराष्ट्र ने उनके साथ अपनी सीमाओं को सील कर दिया है और 12 जांच चौकियों परकर्मियों को तैनात किया है। आबकारी विभाग ने यह कदम कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए लगाई पाबंदियों में ढील के बाद उठाया है, जिसमें शराब की दुकानों को फिर से खोलना शामिल है।

      एक अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि महाराष्ट्र में शराब की मांग बढ़ने पर राज्यों में संगठित गिरोहों द्वारा शराब की तस्करी की आशंका है। उन्होंने कहा,इस देखते हुए आबकारी विभाग ने पड़ोसी राज्यों के साथ लगती सीमाओं पर स्थित जिलों में उड़न दस्तों और सतर्कता टीमों को तैनात किया है।

      12 चौकियों पर बढ़ाई गई चौकसी
      उन्होंने कहा, "इस अवधि के दौरान तस्करी से बचने के लिए हमने 12 जांच चौकियों पर चौकसी बढ़ा दी है और आसपास के राज्यों के साथ सीमाओं को सील कर दिया है।" अधिकारी ने बताया कि इससे शराब की तस्करी पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन लागू होने के बाद से अब तक शराब की अवैध आपूर्ति के कम से कम 4,829 मामले दर्ज किए गए और 438 वाहनों को जब्त किया गया। इसके अलावा ऐसे मामलों में कम से कम 2,104 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

      बंद के बाद से अब तक 12.63 करोड़ की शराब जब्त
      बंद के बाद से 12.63 करोड़ रुपएकी शराब तथा अन्य सामग्री जब्त की गई है। अधिकारी ने बताया कि आबकारी विभाग ने एक नियंत्रण कक्ष बनाया है, जहां लोग शराब के अवैध निर्माण या बिक्री के संबंध में सूचना मुहैया करा सकते हैं।



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      महाराष्ट्र से दूसरे राज्यों तक जाने के लिए 12 जांच चौकियां बनाई गई हैं। इन सभी को सील कर दिया गया है।




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      150 रोटियां और चटनी लेकर चले थे 20 मजदूर, 16 के लिए आखिरी सफर बन गया; आंख खुली तो करीब रोटी और दूर लाशें दिखीं

      जालना की एक सरिया फैक्ट्री। 45 दिन पहले लॉकडाउन के चलते यह बंद हो गई। रोज कमाने-खाने वाले मजदूरों को दो वक्त की रोटी के लाले पड़ गए। ज्यादातर यूपी, बिहार और मध्य प्रदेश के थे। नाम की जमापूंजी थी। किसी तरह महीनाभर काम चलाया। फिर सामाजिक संगठनों और सरकार के भरोसे। पेट भरने की ये मदद दो या तीन दिन में एक बार ही नसीब हो रही थी। इस बीच एक खबर आई। पता लगा कि सरकार दूसरे राज्यों के मजदूरों को घर भेजने के लिए औरंगाबाद या भुसावल से कोई ट्रेन चलाने वाली है।

      जालना से औरंगाबाद की दूरी 50 किमी है। मध्य प्रदेश के 20 मजदूर रेलवे ट्रैक से सफर पर निकल पड़े। पास कुछ था तो बस, 150 रोटियां और एक टिफिन चटनी। 16 के लिए यहयात्रा, अंतिम यात्रा साबित हुई।

      सफर का सहारा : 150 रोटियां और एक टिफिन चटनी

      मजदूरों ने सोचा, घर पहुंच जाएंगे। गुरुवार शाम मिलकर 150 रोटियां बनाईं। एक टिफिन में चटनी भी थी। ताकि, सूखी रोटी मुंहसे पेट तक का सफर आसानी से कर सके। कुछ देर बाद सब भुसावल के लिए निकल पड़े। सभी की उम्र 21 से 45 साल के बीच थी। कुछ शहडोल के थे तो कुछ कटनी के। औरंगाबाद जिले के करमाड तक पहुंचे तो रात गहरी हो चली थी। सोचा, खाना खाकर कुछआराम कर लिया जाए।

      फिर सभी की नींद लग गई, कुछ की कभी नहीं खुलेगी

      सज्जन सिंह इसी जत्थे में शामिल थे। वो बच गए। कहते हैं, “भूख लगी थी साहब। ट्रैक पर ही बैठकर खाना खाने लगे। हमें वो साफ और सुरक्षित लगा। खाना खत्म हुआ। कुछ चाहते थे कि सफर फिर शुरू किया जाए। कुछ का दिल कर रहा था कि थोड़ा सुस्ता लिया जाए। सहमति आराम करने पर बनी। भूखे पेट को रोटी मिली थी। इसलिए, पटरी का सिरहाना और गिट्टियां भी नहीं अखरीं। सो गए। नींद खुली तो भयानक मंजर था। मेरे करीब इंटरलाल सो रहा था। उसने मुझे खींच लिया। मैं जिंदा हूं।”

      हादसा कितना भयावह था। ये तस्वीरें बयान करती हैं।

      इसलिए हुई गलती

      सज्जन आगे कहते हैं, “आंख खुली तो होश आया। देखा मेरा बैग ट्रेन में उलझकर जा रहा है। हमने सोचा था कि ट्रेनें तो बंद हैं। इसलिए, ट्रैक पर कोई गाड़ी नहीं आएगी। आसपास झाड़ियां थीं। लिहाजा, ट्रैक पर ही झपकी का ख्याल आया। ट्रेन जब रुकी तब तक तो सब खत्म हो चुका था। 16 साथियों के क्षत विक्षत शव ट्रैक पर पड़े थे। किसी को पहचान पाना मुश्किल था।”

      लोगों से मदद मांगी
      सज्जनके मुुताबिक, “ पहले तो लगा कि कोई बुरा सपना देखा है। पल भर में हकीकत पर यकीन हो गया। 20 में से चार जिंदा बचे। डर को थोड़ा दूर किया।ट्रैक से कुछ दूर बने एक घर पहुंचे। मदद मांगी। उन्होंने पानी पिलाया। फिर पुलिस को जानकारी दी।”

      अपनों का सामना कैसे करूंगा मैं
      आधे घंटे बाद पुलिस पहुंची। उसने अपना काम शुरू किया। रुंधे गले को संभालकर और भीगी आंखों को पोंछकर वीरेंद्र शांत आसमान की तरफ देखते हैं। फिर कहते हैं, “जिन लोगों के साथ कुछ घंटे पहले बैठकर रोटी खाई थी। अब उनकी लाशें मेरे सामने हैं। कुछ तो मेरे बहुत करीबी दोस्त थे। अब, क्या कहूंगा उनके घरवालों से? कैसे सामना करूंगा उनका? मेरा फोन, बैग सब गायब हैं। पीठ में चोट है। ये जख्म भर जाएगा। लेकिन, दिल में जो नासूर पैदा हो गया है, वो तो लाईलाज रहेगा। ताउम्र।”



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      महाराष्ट्र के औरंगाबाद में रेल हादसे के बाद ट्रैक पर बिखरी मजदूरों की ये रोटियां बहुत कुछ कहती हैं।




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      बांगड़ अस्पताल में हार्ट की एंजियोप्लास्टी कराने वाली महिला की पॉजिटिव; कुल आंकड़ा 25 पर पहुंचा

      भीलवाड़ा. रविवार सुबह शहर में एक और कॉरोना पॉजिटिव केस सामने आया। जो भीलवाड़ा की 53 साल की महिला है। जिस महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव मिली है वो भी बांगड़ अस्पताल में भर्ती थी। जिनका बांगड़ अस्पताल की आईपीडी में डॉक्टर द्वारा इलाज किया जा रहा था। इनके हार्ट की एंजियोप्लास्टी की गई थी। वहीं इससे पहले शनिवार को यहां कॉरोना पॉजिटिव तीन नए केस सामने आए थे। ये तीनों बांगड़ अस्पताल के कर्मचारी हैं। इनमें एक 21 साल की युवती, 22 और 27 साल के युवक हैं। भीलवाड़ा में कुल संक्रमित लोगों की संख्या 25 पहुंच गई है। भीलवाड़ा में अब कम्यूनिटी इंफेक्शन यानी स्थानीय लोगों को एक-दूसरे से संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है। भीलवाड़ा में कोरोना संक्रमण तीसरी स्टेज में पहुंच गया है। भीलवाड़ा में गुरुवार को संक्रमित बुजुर्गों की मौत हो चुकी है।

      7 की रिपोर्ट आ चुकी नेगेटिव
      वहीं भीलवाड़ा के एमजी हॉस्पिटल के आइसोलेशन वार्ड से अच्छी खबर आई है। शनिवार को दो और पॉजिटिव मरीजों की दूसरी जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। इसी तरह जयपुर के एसएमएस हॉस्पिटल में भर्ती एक डॉक्टर व एक नर्सिंगकर्मी की दूसरी रिपोर्ट भी शनिवार को निगेटिव हो गई है। अब तक भीलवाड़ा 25 में सात मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव हो चुकी है। इनमें पांच भीलवाड़ा व दो जयपुर में भर्ती हैं।

      शहर छोड़कर दूसरे जिलों में भाग गए लोग

      भीलवाड़ा में संक्रमण का पहला केस बांगड़ अस्पताल के एक डॉक्टर में आया था। डॉक्टर अपने सऊदी से आए दोस्तों से मुलाकात के दौरान संक्रमित हुआ था। डॉक्टर को संक्रमण का पता नहीं था और वह लगातार हॉस्पिटल में आकर मरीजों को देखता और इलाज करता रहा। यहां संक्रमण के जो 24 केस आए हैं, वह सभी हॉस्पिटल से जुड़े हुए हैं यानी हॉस्पिटल के कर्मचारी हैं या फिर मरीज और उनके परिजन संक्रमित मिले हैं। संक्रमण का मामला सामने आने के बाद सरकार ने भीलवाड़ा की सीमाएं सील कर दी। इसके बावजूद कोरोना के खौफ के कारण बड़ी संख्या में यहां के लोग भागकर दूसरे जिलों में जा चुके हैं, उनसे भी कम्यूनिटी इंफेक्शन का खतरा है।

      कोरोना के डर के कारण रात को सो भी नहीं पा रहे लोग
      भीलवाड़ा कोरोना संक्रमण के लिहाज से देश का सबसे संवेदनशील जिला हो गया है। यहां जिन दो बुजुर्गों की मौत हुई है उस इलाके के लोग डरे हुए हैं। वह रात को सो नहीं पा रहे हैं। कारण यह है कि जब बुजुर्ग बीमार थे, तब उनका हाल-चाल लेने के लिए आसपास के लोग उनके घर गए थे। बाद में उनके कोरोना पॉजिटिव होने का पता चला। अब दोनों मृतकों के दो-दो परिजनों की कोरोना रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। इलाके के लोग अपने बच्चों को लेकर बहुत सहमे हुए हैं। उनको कोरोना संक्रमण फैलने का डर सता रहा है। इसलिए पुलिस ने दोनों एरिया को पूरी तरह सील कर दिया है।

      1950 लोगों की टीम ग्रामीण और 332 की टीम शहरी क्षेत्रों में कर रही स्क्रीनिं

      चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने बताया कि भीलवाड़ा में 24 लाख लोगों की स्क्रीनिंग का काम वहां चिकित्सा विभाग की टीम कर रही है। 1950 लोगों की टीम ग्रामीण क्षेत्रों में और 332 लोगों की टीम शहरी क्षेत्रों में काम कर रही है। शहर में तो 20 लोग ऐसे हैं, जिनकी दो-दो बार स्क्रीनिंग हुई है। कह सकते हैं कि हालात काबू में है। भीलवाड़ा की सीमाएं सील की हुई है।

      सिटी के 77 हजार घरों का तीसरी बार सर्वे करना पड़ रहा, 133 विदेश से आए लोग हाई रिस्क पर
      भीलवाड़ा में 11 हजार लोग संदिग्ध हैं, जिनमें से 6445 को होम आइसोलेशन में रखा गया है। उन पर अब पहरा बैठाया गया है। इस पूरे जिले के कम्यूनिटी इंफेक्शन की जड़ भीलवाड़ा का बांगड़ हॉस्पिटल है। यहां का संक्रमित डॉक्टर करीब सात हजार लोगों के संपर्क में आया। यह कुल 86 बेड का अस्पताल है। संक्रमित डॉक्टर से दूसरे डॉक्टर, कर्मचारी, मरीज और परिजनों तक संक्रमण का फैलता गया। हालात ऐसे बन गए कि शहर के 77 हजार घरों का तीसरी बार सर्वे करना पड़ रहा है। 650 को आइसोलेशन में लेकर सैंपलिंग की जा रही। 149 मरीज हाई रिस्क पर है। इसमें से 133 विदेश से लौटे हैं।

      पूरे शहरी क्षेत्र को किया जा रहा सैनिटाइज

      भीलवाड़ा नगर परिषद की ओर से सोडियम हाईपोक्लोराइड का छिड़काव शहर में किया जा रहा है। इसके साथ कोरोना पॉजीटिव की मौत होने को लेकर एमजी अस्पताल, उसके मकान और आसपास क्षेत्र को फिर से सैनिटाइज करने के लिए छिड़काव किया गया। सभापति मंजू चेचाणी ने बताया कि शहर में जहां भी कोरोना पॉजीटिव मिले हैं उन कॉलोनियों में सुबह-शाम स्प्रे किया जाएगा।



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      भीलवाड़ा के आइसोलेशन में मरीजों की सेवा करते कर्मी।




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      डूंगरपुर के पॉजिटिव पिता-पुत्र की तबीयत नियंत्रण में, दुबई से लौटी युवती सहित 12 संदिग्ध भर्ती

      उदयपुर। एमबी अस्पताल के कोरोना वार्ड में भर्ती डूंगरपुर के कोरोना पॉजिटिव पिता-पुत्र की तबीयत नियंत्रण में है। एमबी अस्पताल अधीक्षक डॉ. आरएल सुमन ने बताया कि इन दाेनाें को अभी तक श्वांस लेने में कोई परेशानी नहीं है। कोरोना पॉजिटिव से निगेटिव में बदला प्रतापगढ़ का दंपती भी सुपर स्पेशियलिटी के अलग वार्ड में भर्ती है।

      इनकी दूसरी जांच रिपोर्ट भी निगेटिव आई है। इन्हेंसोमवार को डिस्चार्ज कर सकते हैं। यहघर जाकर 14 दिन तक क्वारेंटाइन रहेंगे। इसके बाद भर्ती होने की तारीख से 28 दिन तक जिला-पुलिस-चिकित्सा विभाग की निगरानी में रहेंगे। रविवार को सुपर स्पेशियलिटी विंग में उदयपुर के चार कोरोना संदिग्धों को भर्ती किया गया है।

      इसमें दुबई भ्रमण से लौटी शक्तिनगर निवासी 21 वर्षीय युवती, मुंबई से आए 21 वर्षीय युवक, नागपुर से लौटे 38 वर्षीय युवक सहित शहर का एक अन्य युवक शामिल हैं। इन चारों संदिग्धों की रिपोर्ट सोमवार को आएगी। फिलहाल सुपर स्पेशियलिटी विंग में 12 कोरोना संदिग्ध मरीज भर्ती हैं।

      इनमें से 8 संदिग्ध पहली रिपोर्ट में कोरोना निगेटिव निकले हैं। अस्पताल से छुट्टी दूसरी रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद ही मिलेगी। इन्हें बुखार-खांसी-जुकाम जैसे लक्षणों और बाहर से आने के चलते भर्ती किया गया है। इस दिन उदयपुर के 4, डूंगरपुर के 18, प्रतापगढ़ के 3, सिरोही के 4 और जोधपुर के 3 सहित 33 कोरोना संदिग्धों की जांच की गई और सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है।

      चित्रकूट नगर में 100 करोड़ की लागत से बना 100 बैड्स का ईएसआईसी अस्पताल भी अधिगृहीत किया जिला आपदा प्रबंध प्राधिकरण अध्यक्ष और कलेक्टर आनंदी ने कोरोना वायरस महामारी की रोकथाम के लिए अब चित्रकूट नगर स्थित करीब 100 करोड़ की लागत से नवनिर्मित 100 बैड्स के ईएसआईसी अस्पताल को अधिगृहीत करने के आदेश जारी किए हैं।

      इसमें तैनात सभी चिकित्सा स्टाफ को मय संसाधनों के अधिगृहीत कर लिया है। जो चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग उदयपुर के निर्देशानुसार कार्य करेंगे। विशेषज्ञ चिकित्सकों का कहना है कि अगर उदयपुर में कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों की संख्या ज्यादा हुई तो यह ईएसआईसी अस्पताल कारगर साबित होगा। संभागीय आयुक्त विकास एस भाले ने इसे अधिगृहीत करने का सुझाव दिया है।

      आदेश-सभी 37 हजार लोग होम क्वारेंटाइन रखें खुद को, वरना अब होगी सख्त कार्रवाई
      कलेक्टर आनंदी ने फिर सभी एएसडीआो को आदेश दिए हैं कि होम क्वारेंटाइन के निर्देशों की पालना नहीं करने वालों को संस्थागत क्वारेंटाइन किया जाएगा। जिलेभर में विदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली, झुंझुनूं, भीलवाड़ा व अन्य संक्रमित शहरों से आने वाले 37 हजार से ज्यादा संदिग्धों पर पुलिस भी नजर रख रही है।

      आदेश की पालना नहीं करने वाले लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई अलग से की जाएगी। कलेक्टर आनंदी काे कहना है कि होम क्वारेंटाइन किए गए लोग भले ही स्वस्थ हैं, लेकिन घरों में भी 14 दिन तक अपने परिजनों से भी सोशल डिस्टेंस बनाए रखें, क्योंकि कोरोना वायरस के लक्षण 14 दिन के अंदर उभरते हैं तब तक वायरस एक स्वस्थ दिखने वाले संक्रमित व्यक्ति से दूसरे स्वस्थ व्यक्ति में चला जाता है।

      अब आरएनटी में संभागभर के पीड़ितों का इलाज होगा
      चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग निदेशालय ने आदेश जारी किए हैं कि अब प्रदेशभर के सभी कोरोना पीड़िताें का इलाज संभाग मुख्यालय स्थित मेडिकल कॉलेज स्तर के बड़े अस्पतालों में किया जाएगा। अब आरएनटी मेडिकल कॉलेज में उदयपुर, राजसमंद, प्रतापगढ़, बांसवाड़ा, डूंगरपुर और चित्तौडग़ढ़ के कोरोना संक्रमितों का इलाज करना होगा। अब पाली, सिरोही, जालौर, बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर के रोगियों का इलाज डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज जोधपुर में किया जाएगा।



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      3 अप्रैल से 10 दिन तक कोई घर से बाहर न निकले, मीडिया के कर्फ्यू पास भी होंगे कैंसिल; कुल आंकड़ा 26 पहंचा

      भीलवाड़ा. सोमवार को भीलवाड़ा में कोरोना पॉजिटिव लोगों की संख्या 26पहुंच गई। यहां आज 40 साल के एक व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। जिन्होंने बांगड़ अस्पताल के ओपीडी में भर्ती थे।इससे पहले रविवार सुबह भी कॉरोना पॉजिटिव केस सामने आया था। जो भीलवाड़ा की 53 साल की महिला है। जिस महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव मिली है वो भी बांगड़ अस्पताल में भर्ती थी। जिनका बांगड़ अस्पताल की आईपीडी में डॉक्टर द्वारा इलाज किया जा रहा था। इनके हार्ट की एंजियोप्लास्टी की गई थी। वहीं कोरोनावायरस की दहशत के बीच राजस्थान के भीलवाड़ा ने इच्छाशक्ति के दम पर बड़े स्तर पर संदिग्धों की स्क्रीनिंग का नया माॉडल देश के सामने पेश किया है। उसने महज 9 दिन में 6 हजार टीमें लगाकर जिले के 24 लाख लोगों की स्क्रीनिंग कर दी है।

      भीलवाड़ा में 3 से 13 अप्रैल तक लगेगा महा कर्फ्य़ू, मीडिया पर भी बाहर निकलने पर रोक
      भीलवाड़ा में कोरोना के खिलाफ जिला प्रशासन का बड़ा कदम उठाने जा रही है। जिला कलेक्टर राजेंद्र भट्ट ने जानकारी दी की भीलवाड़ा शहर में 3 अप्रैल से 13 अप्रैल की रात 12:00 बजे तक रहेगा महा कर्फ्यू रहेगा। इस दौरान मीडिया विभिन्न संगठनों को जारी कर्फ्यू पास भी मान्य नहीं होंगे। भट्ट ने सभी से अपील की है कि इस अवधि में सभी घर में रहे और एक कदम भी बाहर ना रखें अन्यथा फिर पुलिस अपना काम करेगी। एक टाइम टेबल जारी किया जाएगा। जिसमें लिखा होगा की आपके एरिया में सब्जी और जरूरत के सामान की वेन कब आएगी। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग रखते हुए सामान लें। घर से बिल्कुल बाहर नहीं निकलें।

      यह कवायद 19 मार्च को उस समय शुरू की गई थी, जब एक साथ छह लोग पॉजिटिव मिले। तब हालात नियंत्रित करना प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती था। तब कलेक्टर राजेंद्र भट्ट ने ऊपर से आदेश का इंतजार किए बिना स्थिति को काबू करने के लिए कर्फ्यू लगा दिया। दूसरे ही दिन जिले की सीमाएं सील करते हुए 14 एंट्री पॉइंट्स पर चेक पोस्ट बनाई, ताकि कोई भी शहर से न बाहर जा सके और न अंदर आ सके। फिर जिले में एक-एक व्यक्ति की स्क्रीनिंग की तैयारी की। इस पर अमल के लिए 6 हजार टीमें बनाईं और पूरे जिले में स्क्रीनिंग शुरू कर दी। तब से महज 9 दिन यानी रविवार तक इन टीमों ने जी-जान लगाकर 24 लाख लोगों की स्क्रीनिंग कर ली। यह देश के किसी भी शहर में की गई अब तक की सबसे बड़ी स्क्रीनिंग है। स्क्रीनिंग के दौरान करीब 18 हजार लोगों में सर्दी-जुकाम के लक्षण पाए गए। इनकी जांच के लिए दूसरा चरण सोमवार को शुरू किया जाएगा। वैसे शहर में अब तक 25 मामले सामने आए हैं। इनमें से 7 लोग स्वस्थ हो चुके हैं, जबकि दो लोगों की मौत हुई।

      ऐप से निगरानी, बाहर निकलते ही पुलिस को जा रहा है अलर्ट
      क्वारेंटाइन के लिए संदिग्धों को थ्री स्टार होटल और रिजॉर्ट तक में रखा गया। कई जगह तो हर कमरे के लिए अलग गार्डन भी है। घर में क्वारेंटाइन 6445 लोगों की ऐप से निगरानी की जा रही है। सभी लोगों के मोबाइल में एप है। इस पर संबंधित व्यक्ति रोज दोपहर 12 बजे तक अपनी स्थिति अपडेट करता है। क्वारेंटाइन शख्स या घर का कोई भी सदस्य बाहर निकलता है तो तुरंत कंट्रोल रूम में अलर्ट जाता है। हालात बिगड़ने की आशंका से 13,100 बेड और तैयार करवाए जा रहे हैं।

      शहर छोड़कर दूसरे जिलों में भाग गए लोग

      भीलवाड़ा में संक्रमण का पहला केस बांगड़ अस्पताल के एक डॉक्टर में आया था। डॉक्टर अपने सऊदी से आए दोस्तों से मुलाकात के दौरान संक्रमित हुआ था। डॉक्टर को संक्रमण का पता नहीं था और वह लगातार हॉस्पिटल में आकर मरीजों को देखता और इलाज करता रहा। यहां संक्रमण के जो 24 केस आए हैं, वह सभी हॉस्पिटल से जुड़े हुए हैं यानी हॉस्पिटल के कर्मचारी हैं या फिर मरीज और उनके परिजन संक्रमित मिले हैं। संक्रमण का मामला सामने आने के बाद सरकार ने भीलवाड़ा की सीमाएं सील कर दी। इसके बावजूद कोरोना के खौफ के कारण बड़ी संख्या में यहां के लोग भागकर दूसरे जिलों में जा चुके हैं, उनसे भी कम्यूनिटी इंफेक्शन का खतरा है।

      कोरोना के डर के कारण रात को सो भी नहीं पा रहे लोग
      भीलवाड़ा कोरोना संक्रमण के लिहाज से देश का सबसे संवेदनशील जिला हो गया है। यहां जिन दो बुजुर्गों की मौत हुई है उस इलाके के लोग डरे हुए हैं। वह रात को सो नहीं पा रहे हैं। कारण यह है कि जब बुजुर्ग बीमार थे, तब उनका हाल-चाल लेने के लिए आसपास के लोग उनके घर गए थे। बाद में उनके कोरोना पॉजिटिव होने का पता चला। अब दोनों मृतकों के दो-दो परिजनों की कोरोना रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। इलाके के लोग अपने बच्चों को लेकर बहुत सहमे हुए हैं। उनको कोरोना संक्रमण फैलने का डर सता रहा है। इसलिए पुलिस ने दोनों एरिया को पूरी तरह सील कर दिया है।

      पूरे शहरी क्षेत्र को किया जा रहा सैनिटाइज

      भीलवाड़ा नगर परिषद की ओर से सोडियम हाईपोक्लोराइड का छिड़काव शहर में किया जा रहा है। इसके साथ कोरोना पॉजीटिव की मौत होने को लेकर एमजी अस्पताल, उसके मकान और आसपास क्षेत्र को फिर से सैनिटाइज करने के लिए छिड़काव किया गया। सभापति मंजू चेचाणी ने बताया कि शहर में जहां भी कोरोना पॉजीटिव मिले हैं उन कॉलोनियों में सुबह-शाम स्प्रे किया जाएगा।



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      भीलवाड़ा तैनात चिकित्साकर्मी।




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      प्रिंट रेट से ज्यादा राशि वसूलने पर 2 व्यापारियों पर 25-25 हजार रुपए जुर्माना, एक की दुकान सीज

      (विपिन सोलंकी) उदयपुर. खाद्य सामग्री पर प्रिंट रेट से अधिक राशि वसूलने को लेकर पुलिस की कार्रवाई पर डीएसओ ने दो दुकानदारों पर 25-25 हजार रुपए जुर्माना लगाया और एक की दुकान सीज की है। थानाधिकारी हनवंत सिंह ने बताया कि कृषि मंडी स्थित भंवरलाल रंगलाल आइल्स प्राइवेट लिमीटेड के अरविन्द पुत्र जयंतीलाल जैन और आरबी ट्रेडिंग कंपनी के रविन्द्र पुत्र ब्रजलाल मोटवानी पर 25-25 हजार रुपए जुर्माना लगाया है।

      साथ ही सेक्टर 3 विवेक नगर स्थित जय झामेश्वर दूध डेयरी और जनरल स्टोर को सीज किया जिसका मालिक विनोद पुत्र केवा पटेल है। उन्होंने बताया कि शहर में खाद्य सामग्री पर प्रिंट रेट से ज्यादा राशि वसूलने की शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद एएसपी सिटी गोपाल स्वरूप मेवाड़ा ने जिला स्पेशल टीम और थाने के जाप्ते की टीम बनाई।

      मिल रहीं थीं शिकायतें
      कृषि मंडी में ज्यादा राशि लेने की शिकायत प्राप्त हुई तो मौके पर पहुंचे। वहां पर व्यापारी भंवरलाल रंगलाल आइल्स प्राइवेट लिमीटेड के अरविन्द और आरबी ट्रेडिंग कंपनी के रविन्द्र द्वारा सामग्री पर ज्यादा राशि वसूलने और बिल नहीं देना पाया गया।

      मौके पर डीएसओ जयमल सिंह राठौड़ और एसीटीओ श्यामप्रताप सिंह को बुलाया जिन्होंने कार्रवाई करते हुए 25000-25000 का जुर्माना लगाया। इसी प्रकार सेक्टर 3 विवेक नगर स्थित जय झामेश्वर दूध डेयरी और जनरल स्टोर को सीज किया।

      जांच में पाया कि मालिक विनोद पटेल अपनी दुकान से किराने के सामान पर अधिक राशि वसूल रहा था। एडिशनल डीएसओ जयमल सिंह राठौड और एसीटीओ श्याम प्रताप सिंह ने दुकान को सीज करने की कार्रवाई की।



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      प्रिंट रेट से ज्यादा राशि वसूलने पर डेयरी को सीज किया गया।