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चार एक्सपर्ट, चार स्पेशलिस्ट, 11 लैब टेक्नीशियन की टीम सुबह 8 से रात 2 बजे तक लैब में कर रही है सैंपल्स की जांच

(गिरीश शर्मा)जहां लोग कोरोना केनाम से डर रहे हैं वहीं आरएनटी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी डिपार्टमेंट के चार वैज्ञानिक, चार विशेषज्ञ चिकित्सक, 11 लैब तकनीशियन सहित 19 लोगों की टीम लैब में कोरोना के सैंपलों की जांच में जुटी है। यह टीम रोज सुबह आठ से रात दोबजे तक इस काम में बड़ी शिद्दत से जुटी रहती है।

टीम अब तक उदयपुर के 117 सहित प्रदेश के 13 जिले के साथ-साथ महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के 522 कोरोना संदिग्ध मरीजों के नमूनों की जांच कर चुकी है। इनमें से प्रतापगढ़ के दंपती, डूंगरपुर के दादा-पिता-पुत्र सहित पांच रोगियों में कोरोना वायरस की पुष्टि कर चुकी है।

कोरोना के खतरनाक संक्रमण से बचने के लिए टीम पीपीई किट पहनकर निगेटिव चैंबर में कोरोना वायरस के आरएनए की जांच करती है। टीम का कहना है कि जब सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आती है तो हमें बहुत खुशी होती है। हम सभी दिल से चाहते हैं कि कोई भी इस खतरनाक वायरस का शिकार ना हो।

जैसे कुछ लोगों के नमूने पॉजिटिव आए हमें बड़ी निराशा हुई, लेकिन रिपीट टेस्ट में निगेटिव होने पर सुकून मिला। टीम ने बताया कि हमारे परिवार वाले भी हमारे जॉब को लेकर चिंतित रहते हैं, लेकिन उन्हें भी हमारे जॉब पर गर्व है। परिवार को लेकर हम घर पर भी काफी एहतियात बरतते हैं। परिवार की हिम्मत ही हमारी असली ताकत है।

जोखिम इतना कि नमूनों की जांच में कदम-कदम पर बरतना होता है एहतियात
विभागाध्यक्ष डॉ. अंशु शर्मा और इंचार्ज डॉ. सुशील कुमार साहू बताते हैं कि सबसे पहले चिकित्सक कोरोना संदिग्ध मरीजों के थ्रोट स्वाब के नमूने लेकर जांच कराने लैब में भेजते हैं। इन नमूनों की आर्टीथीसिया तकनीकी के आधार पर कोरोना वायरस के आरएनए की जांच करते हैं।

सबसे पहले निगेटिव चैंबर में सैंपल के वायरस को कैमिकल्स से उसके विभिन्न अवयवों में विभाजित करते हैं। इसके बाद वायरस के आरएनए को बाहर निकालते हैं। मास्टर मिक्स के साथ आरएनए को मिलाकर रियल टाइम पीसीआर मशीन में उसका कई गुणा एम्लिफिकेशन यानी बहुगुणित करने का काम करते हैं। इस पूरी प्रक्रिया में चार से साढे चार घंटे का समय लगता है। निगेटिव प्रेशर रूम वहीं व्यक्ति प्रवेश कर सकता है जो सैंपल की उस समय जांच करता है। ना मोबाइल, ना ही किसी अन्य सामान को ले जाने की अनुमति है।

यह टीम कर रही इस वायरस की जांच
आरएनटी की लैब में कोरोना वायरस की जांच करने वालों में विभागाध्यक्ष डॉ. अंशु शर्मा, इंचार्ज डॉ. सुशील कुमार साहू, असिस्टेंट इंचार्ज डॉ. किरण मीणा, डॉ. संध्या मिश्रा, साइंटिस्ट डॉ. संगीता, डॉ. सुभांगी, डॉ. नीतेश चौहान, डॉ. शैलेश और लैब तकनीशियन जमना लौहार, रामकृष्ण टेलर, महेश लौहार, मनोज्ञ जोशी, जगदीश, श्रवण, राधाकृष्णा, नीतेश, विशाल पाटीदार, अजय प्रजापत, इंद्रजीत यादव शामिल हैं।

सर्वाधिक उदयपुर के 117, राजसमंद के 83, प्रतापगढ़ के 50 नमूने जांचे
यह टीम उदयपुर के 117, राजसमंद के 83, प्रतापगढ़ के 50, डूंगरपुर के 105, चित्तौडग़ढ़ के 68, सिरोही के 53, भीलवाड़ा के 16, बांसवाड़ा के 17, जोधपुर के 3, चुरु के 1, टोंक के 1, महाराष्ट्र के 3 मध्यप्रदेश के 3 सहित 522 मरीजों के जांच नमूने जांच चुकी है।



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यह टीम कर रही इस जानलेवा वायरस की जांच।




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तीन दिन से एक भी पॉजिटिव केस नहीं आया, यहां 26 संक्रमितों में से अब 13 की रिपोर्ट निगेटिव आई

राजस्थान में भीलवाड़ा कोरोना का एपिसेंटर बना हुआ था। दो दिन पहले यानी सोमवार तक राज्य में संक्रमण के सबसे ज्यादा 26 मामले यहीं पर थे। लेकिन, सरकार की सख्ती के चलते अब यहां के हालात बदले हुए नजर आ रहे हैं। तीन दिनों से यहां संक्रमण का एक भी मामला सामने नहीं आया है। हालांकि, अभी खतरा कम नहीं हुआ है, जिसके चलते प्रशासन ने यहां 3 से 13 अप्रैल तक महा कर्फ्यू लगाने की घोषणा की है। इसके लिए शहर की सभी गलियों और कालोनियों की बैरिकेडिंग की जा रही है। स्थिति यह रहेगी कि लोग एक गली से दूसरी गली में भी नहीं जा सकेंगे।

पहलेदोअच्छी खबर:

1847 में से 1515 की रिपोर्ट निगेटिव:भीलवाड़ा में जबसे संक्रमण का मामला शुरू हुआ है तब से अब तक कुल 1847 सैंपल जांच के लिए भेजे गए। इनमें से 1515 की रिपोर्ट की निगेटिव आई है। जबकि 306 की रिपोर्ट आना बाकी है।26 सैंपल की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। यहां संक्रमण के बांगड़ हॉस्पिटल के डॉक्टर से फैला था। ऐसे में कम्युनिटी स्प्रेड की आशंका बन रही थी। लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हुआ है। जो लोग पॉजिटिव आए हैं वह सभी हॉस्पिटल का स्टाफ हैं या मरीज और उनकेपरिजन हैं।

26 संक्रमितों में से 13 की रिपोर्ट निगेटिव: शहर में संक्रमण के अब तक 26 मामले सामने आए हैं। इनमें से इलाज के बाद 13 की कोरोनारिपोर्ट निगेटिव आई है। इन सभी कोआइसोलेशन वार्ड से जनरल वार्ड में शिफ्ट कर दिया है। वहीं दो की मौत हो चुकी है। अब 11 पॉजिटिव बचे हैं।इनमें सात भीलवाड़ा और चार जयपुर में भर्ती हैं। बाकी का इलाज चल रहा है। डॉक्टरों को उम्मीद है कि जल्द रिकवर कर लेंगे।

कैसे किया नियंत्रण:
निजी वाहनों को बंद किया गया: भीलवाड़ा में 20 मार्च को संकमण का पहला केस डॉक्टर मेंमिला था। अगले दिन उसी अस्पताल के तीन डॉक्टर और स्टाफ में संक्रमण की पुष्टि हुई थी। इसके बाद पूरे शहर मेंकर्फ्यू लगा दिया गया। पब्लिक ट्रांसपोर्ट को पूरी तरह से बंद कर दिया। इसमें रोडवेज बस से लेकर ऑटो-रिक्शा, टैक्सी सभी शामिल थी।
छह हजार से ज्यादा लोगों को आइसोलेशन में रखा गया: डॉक्टर से संक्रमण फैलने का पता चलते ही हॉस्पिटल का स्टॉफ, उनके परिवार वाले, जो मरीज हॉस्पिटल में आए थे, उनके परिजन सभी की स्क्रीनिंग की गई। इनमें से शहर में करीब 11 हजार लोग संदिग्ध मिले। करीब 6445 को होम आइसोलेशन में रखा गया।
77 हजार घरों का तीन बार सर्वे: शहर में संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए 77 हजार घरों का तीन बार सर्वे किया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक-एक घर में जाकर लोगों के स्वास्थ्य की स्क्रीनिंग की। इसमें पहले चरण में छह हजार टीमों ने 24 लाख लोगों की स्क्रीनिंग 9 दिनों में पूरी की। इसके दूसरे चरण में 18 हजार लोगों का सर्वे के साथ ही सर्दी, जुखाम का इलाज किया गया।
थ्री स्टार होटल और रिजॉर्ट तक में किया क्वारैंटाइन: कोरोना संदिग्धों को भीलवाड़ा के थ्री स्टार होटल और रिजॉर्ट तक में रखा गया। कई जगह तो हर कमरे के लिए अलग गार्डन भी है। वहीं, घर में क्वारैंटाइन 6445 लोगों की ऐप से निगरानी की गई।

अब आगे क्या:

भीलवाड़ा में महा कर्फ्यू के लिए शहर की गलियों तक का सील किया जा रहा है।

3 से 13 अप्रैल तक महा कर्फ्यू: शहर में तीन से 13 अप्रैल तकमहा कर्फ्यू लगाया जा रहा है।इसमें सिर्फ बेहद जरूरी सेवाओं से जुड़े लोगों एवं वाहनों को ही निकलने की अनुमति होगी। इसके लिए पहले से बने उनके पास मान्य होंगे। बाकी कर्फ्यू के दौरान जारी किए गए सभी पास को कैंसिल कर दिया गया। यहां तक मीडिया को भी बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी गई है।
घर-घर सब्जी-दूध पहुंचाने की तैयारी: शहर में सरस डेयरी के 324 बूथों के माध्यम से घर-घर दूध पहुंचाने की व्यवस्था की गई हैं। सभी बूथों पर आलू-प्याज भी मिलेंगे। सब्जियों के लिए वाहन लगाए गए हैं, जो निर्धारित टाइम टेबल के मुताबिक कालोनियों में पहुंचेंगे। वहां सोशल डिस्टेंसिंग के साथ लोग खरीद सकेंगे। राशन भी इसी तरह से लोगों के दरवाजे तक पहुंचाया जाएगा।



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भीलवाड़ा में बंद किए गए रास्ते।




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एमबी अस्पताल की चिकित्साकर्मी पॉजिटिव मिली, परिवार के 2 और संक्रमित, मेडिकल स्टाफ के लिए सैंपल

शुक्रवार को उदयपुर में कोरोना पॉजिटिव के तीन नए मामले सामने आए। जो शहर के मल्लातलाई क्षेत्र में पहले संक्रमित मिले 16 साल के किशोर के रिश्तेदार बताए जा रहे हैं। वहीं संक्रमित मिले परिवार के लोगों में एक महिला चिकित्साकर्मी बताई जा रही है। जिसके बाद कुल आंकड़ा 4 पर पहुंच गया है। साथ ही प्रशासन ने हाथीपोल, घंटाघर और अंबामाता थाना क्षेत्र के 16 कॉलोनियों में कर्फ्यू लगा दिया है। जो 16 अप्रैल तक रहेगा।

जानकारी अनुसार, आज पॉजिटिव मिले तीन लोगों में से एक महिला पहले संक्रमित मिले 16 साल के किशोर की मौसी है। जो उदयपुर के आरएनटी मेडिकल कॉलेज के एमबी अस्पताल में स्वाइन फ्लू वार्ड में इंचार्ज है। भीलवाड़ा के बाद उदयपुर राजस्थान में पहली ऐसी जगह है जहां किसी चिकित्साकर्मी में कोरोना पॉजिटिव मिला है। जिसके बाद महिला से संपर्क में आए 24 मेडिकल स्टाफ के भी सैंपल लिए गए हैं।

किशोर इंदौर से ट्रेन से आया था उदयपुर, बोगी में साथ बैठे लोगों की तलाश शुरू

सीएमएचओ डॉ. दिनेश खराड़ी ने बताया कि कोरोना पॉजिटिव किशोर इंदौर से ट्रेन से उदयपुर आया था, जो 21 मार्च को सुबह यहां पहुंचा था। यह ट्रेन के टिकिट से पता चला है। अब ट्रेन की उस बोगी में बैठे लोगों को तलाशा जा रहा है। किशोर के क्लोज कॉन्टेक्ट में परिवार के 12 लोगों के अलावा 5 अन्य लोग भी हैं। इनमें से 16 लोगों के सैंपल ले लिए गए हैं। 60 टीमों में क्षेत्र के 1888 घरों का सर्वे कर 9664 लोगों की स्क्रीनिंग की। इनमें से 6 लोग सर्दी-जुकाम से पीड़ित पाए गए हैं, जिनका उपचार किया गया है। आरएनटी मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ चिकित्सकों की रेपिड रिस्पोंस टीम ने किशोर के घर तथा नगर निगम की टीम ने रजा कॉलोनी क्षेत्र में डिसइन्फेक्शन किया है।

एमबी अस्पताल की नर्स बोलीं : जब ये उदयपुर आया था तब ठीक था, हो सकता है संक्रमण मुझसे लग गया हो
गुरुवार को एमबी अस्पताल के स्वाइन फ्लू वार्ड की इंजार्च फीमेल नर्स ने बताया था कि कोरोना पीड़ित किशोर उनकी बहिन का बेटा है। जो इंदौर में पढ़ता है। 20 मार्च को उदयपुर आया था। तब स्वस्थ था। हम सब एक ही घर में रहते हैं। हालांकि अलग-अलग कमरों में रहते हैं। हो सकता है कि किशोर को संक्रमण मेरे कपड़ों व अन्य माध्यम से लग गया होगा। मैं कोरोना वायरस वार्ड के नीचे ही स्वाइन फ्लू वार्ड में नौकरी करती आ रह हूं। मेरी बहिन का बेटा कोरोना पॉजिटिव निकल जाएगा इसकी कल्पना नहीं की थी। पिछले दो सप्ताह से एहतियात के तौर पर हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वीन दवा के डोज भी लिए हैं।

कंटेंट- गिरीश शर्मा



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उदयपुर में सड़कों पर तैनात की गई पुलिस। साथ में मेडिकल की टीम में जांच में जुटी।




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24 संक्रमितों में अब तक 17 की रिपोर्ट निगेटिव आई, महा कर्फ्यू का उल्लंघन न हो इसके लिए तीन हजार जवान तैनात

राजस्थान में भीलवाड़ा कोरोना का एपिसेंटर बना हुआ था। तीन दिन पहले यानी सोमवार तक राज्य में संक्रमण के सबसे ज्यादा 26 मामले यहीं पर थे। लेकिन, लोगों के अनुशासन, संयम और सरकार की सख्ती के चलते अब यहां के हालात बदले हुए नजर आ रहे हैं। चार दिनों से यहां संक्रमण का एक भी मामला सामने नहीं आया है। हालांकि, अभी खतरा कम नहीं हुआ है, जिसके चलते प्रशासन ने यहां तीन से 13 अप्रैल यानी आज से महा कर्फ्यू लगा दिया है। लोग महा कर्फ्यू का उल्लंघन न करें इसके लिए सड़कों पर तीन हजार जवान तैनात किए गए हैं। शहर की सभी गलियों और कालोनियों की बैरिकेडिंग की जा रही है। स्थिति यह रहेगी कि लोग एक गली से दूसरी गली में भी नहीं जा सकते हैं।

पहले राहत की बात:
1933 में से 1893 की रिपोर्ट निगेटिव: भीलवाड़ा में जबसे संक्रमण का मामला शुरू हुआ है तब से अब तक कुल 1933 सैंपल जांच के लिए भेजे गए। इनमें से 1893 की रिपोर्ट की निगेटिव आई है। जबकि 14 की रिपोर्ट आना बाकी है। 26 सैंपल की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। यहां संक्रमण के बांगड़ हॉस्पिटल के डॉक्टर से फैला था। ऐसे में कम्युनिटी स्प्रेड की आशंका बन रही थी। लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हुआ है। जो लोग पॉजिटिव आए हैं वह सभी हॉस्पिटल का स्टाफ हैं या मरीज और उनके परिजन हैं।

26 संक्रमितों में से 17की रिपोर्ट निगेटिव: शहर में संक्रमण के अब तक 26 मामले सामने आए हैं। इनमें से इलाज के बाद 17की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई है। इन सभी को आइसोलेशन वार्ड से जनरल वार्ड में शिफ्ट कर दिया है। वहीं दो की मौत हो चुकी है। अब 7पॉजिटिव बचे हैं यह सभी भीलवाड़ा के एमजी हॉस्पिटल में भर्ती हैं। जयपुर में भर्ती डॉक्टर संपत्ति की रिपोर्ट भी गुरुवार को निगेटिव आने के बाद अब जयपुर में भर्ती भीलवाड़ा के चारों पॉजिटिव मरीज की रिपोर्ट निगेटिव हो चुकी है।

अब सख्ती की बात:

भीलवाड़ा में शुक्रवार से 10 दिन के लिएमहा कर्फ्यू लगा दिया है। लोगों को बाहर निकलने की सख्त मनाही है।

घर से बाहर निकलने की सख्त मनाही: महा कर्फ्यू के दौरान तीन हजार जवानों को शहर में तैनात किया गया है। इसमें 50 से ज्यादा बाइक सवार भी हैं। यह शहर के अलग-अलग इलाकों में जाकर मार्च निकालेंगे। प्रशासन ने पहले ही साफ तौर पर कह दिया है कि महा कर्फ्यू का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई करेंगे।

केवल बेहद जरूरी सेवाएं ही: बेहद जरूरी सेवाओं से जुड़े लोगों एवं वाहनों को ही निकलने की अनुमति होगी। इसके लिए पहले से बने उनके पास मान्य होंगे। बाकी कर्फ्यू के दौरान जारी किए गए सभी पास को कैंसिल कर दिया गया। यहां तक मीडिया को भी बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी गई है।

घर-घर सब्जी-दूध पहुंचाई जाएगी: शहर में सरस डेयरी के 324 बूथों के माध्यम से घर-घर दूध पहुंचाने की व्यवस्था की गई हैं। सभी बूथों पर आलू-प्याज भी मिलेंगे। सब्जियों के लिए वाहन लगाए गए हैं, जो निर्धारित टाइम टेबल के मुताबिक कालोनियों में पहुंचेंगे। वहां सोशल डिस्टेंसिंग के साथ लोग खरीद सकेंगे। राशन भी इसी तरह से लोगों के दरवाजे तक पहुंचाया जाएगा।

कैसे किया नियंत्रण:
निजी वाहनों को बंद किया गया:
भीलवाड़ा में 20 मार्च को संकमण का पहला केस डॉक्टर में मिला था। अगले दिन उसी अस्पताल के तीन डॉक्टर और स्टाफ में संक्रमण की पुष्टि हुई थी। इसके बाद पूरे शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया। पब्लिक ट्रांसपोर्ट को पूरी तरह से बंद कर दिया। इसमें रोडवेज बस से लेकर ऑटो-रिक्शा, टैक्सी सभी शामिल थी।
छह हजार से ज्यादा लोगों को आइसोलेशन में रखा गया: डॉक्टर से संक्रमण फैलने का पता चलते ही हॉस्पिटल का स्टॉफ, उनके परिवार वाले, जो मरीज हॉस्पिटल में आए थे, उनके परिजन सभी की स्क्रीनिंग की गई। इनमें से शहर में करीब 11 हजार लोग संदिग्ध मिले। करीब 6445 को होम आइसोलेशन में रखा गया।
77 हजार घरों का तीन बार सर्वे: शहर में संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए 77 हजार घरों का तीन बार सर्वे किया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक-एक घर में जाकर लोगों के स्वास्थ्य की स्क्रीनिंग की। इसमें पहले चरण में छह हजार टीमों ने 24 लाख लोगों की स्क्रीनिंग 9 दिनों में पूरी की। इसके दूसरे चरण में 18 हजार लोगों का सर्वे के साथ ही सर्दी, जुखाम का इलाज किया गया।
थ्री स्टार होटल और रिजॉर्ट तक में किया क्वारैंटाइन: कोरोना संदिग्धों को भीलवाड़ा के थ्री स्टार होटल और रिजॉर्ट तक में रखा गया। कई जगह तो हर कमरे के लिए अलग गार्डन भी है। वहीं, घर में क्वारैंटाइन 6445 लोगों की ऐप से निगरानी की गई।



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कोरोना संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए भीलवाड़ा में शुक्रवार से 10 दिनों का महा कर्फ्यू लगाया गया है। प्रशासन ने यहां की गलियों तक में बैरिकेडिंग लगवा दी है। सिर्फ आवश्यक सेवाएं चालू रहेंगी।




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यहां चार दिन बाद आया एक नया केस, कुल आंकड़ा 27 पहुंचा; इसमें 17 की रिपोर्ट आ चुकी निगेटिव

भीलवाड़ा. कोरोनाजोन बन चुके भीलवाड़ा में पांच दिन बाद नया कोरोना पॉजिटिव मरीज सामने आया। जो बांगड़ अस्पातल की ओपीडी में अपनी इलाज करा चुका था। इससे पहले संक्रमित मिले लोग भी इसी अस्पताल से संबंधित थे। भीलवाड़ा में अब तक कुल 27 लोग संक्रमित आ चुके हैं। जिसमें से 17 की रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी हैं। इनमें से 9 को शुक्रवार को डिस्चार्ज भी कर दिया गया। वहीं दो की मौत हो चुकी है।

9 लोगों को डिस्चार्ज करते वक्त भीलवाड़ा कलेक्टर राजेंद्र भट्ट खुद मौजूद रहे। जिन्होंने गुलाब का फूल देकर सभी सही हुए लोगों को डिस्चार्ज किया। राजेंद्र भट्ट ने बताया कि 26 में से 17 पेशेंट्स निगेटिव आ चुके हैं। जिसमें से 9 को डिस्चार्ज किया जा रहा है। जो पूरी तरह वायरस फ्री हो चुके हैं। इनके तीन टेस्ट लगातार निगेटिव आए हैं।

भीलवाड़ा में जबसे संक्रमण का मामला शुरू हुआ है तब से अब तक कुल 1933 सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। इनमें से 1893 की रिपोर्ट निगेटिव आई है। जबकि 14 की रिपोर्ट आना बाकी है। वहीं 26 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। यहां संक्रमण के बांगड़ हॉस्पिटल के डॉक्टर से फैला था। ऐसे में कम्युनिटी स्प्रेड की आशंका बन रही थी। लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हुआ है। जो लोग पॉजिटिव आए हैं वह सभी हॉस्पिटल का स्टाफ हैं या मरीज और उनके परिजन हैं।

अब सिर्फ 8 पॉजिटिव बचे
शहर में संक्रमण के अब तक 26 मामले सामने आए हैं। जिसमें दो की मौत हो गई। वहीं इलाज के बाद 17 की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई है। इन सभी को आइसोलेशन वार्ड से जनरल वार्ड में शिफ्ट किया गया था। जिसमे से 9 को डिस्चार्ज कर दिया गया है। अब 7 पॉजिटिव बचे थे। अब नया केस सामने आने के बाद संक्रमितों की संख्या 8 हो गई है। यह सभी भीलवाड़ा के एमजी हॉस्पिटल में भर्ती हैं। जयपुर में भर्ती डॉक्टर संपत्ति की रिपोर्ट भी गुरुवार को निगेटिव आने के बाद अब जयपुर में भर्ती भीलवाड़ा के चारों पॉजिटिव मरीज की रिपोर्ट निगेटिव हो चुकी है।

क्वारंटाइन में रखे मरकज के 33 में से तीन भागे, पकड़ा
भीलवाड़ा के मंगरोप रोड स्थित रिसोर्ट में क्वारंटाइन किए नई दिल्ली निजामुद्दीन मरकज से आए 33 लोगों में से तीन शुक्रवार को भाग गए। इससे प्रशासनिक, पुलिस व मेडिकल विभाग के अधिकारी सकते में आ गए। सूचना मिलते ही पुलिस और चिकित्सा विभाग की टीम तलाशने निकली। कुछ देर बाद तीनों भदाली खेड़ा के एक मकान में मिल गए। वहां से तीनों को एंबुलेंस से वापस रिसोर्ट में लाया गया।



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भीलवाड़ा में 13 अप्रैल तक महा कर्फ्यू लागू है। जिसके चलते पुलिस सड़कों पर लगातार गश्त पर है। वहीं मेडिकल की टीमें भी तैनात की गई है।




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पांच दिन से लापता 22 साल के युवक का सड़ा-गला शव नहर के पास मिला, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप

(गौतम सिंह राठौड़)। बांसवाड़ा जिले मेंनवागांव कस्बे के बायीं मुख्य नहर के पास सोमवार को युवक का सड़ा-गला शव मिलने पर क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सड़ने के कारण शव में कीड़े पड़ गए थे तथा एक टांग की केवल हड्‌डी ही बची थी। पैर का एक पंजा भी शरीर से गायब था।मृतक पिछले पांच दिन से लापता था। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए शव उठाने से इनकार कर दिया। पुलिस के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के आश्वासन पर परिजन शव लेने को तैयार हुए।

जानकारी के अनुसार कुछ लोगों ने बायीं मुख्य नहर के पास एक शव देखा। सूचना पर बांसवाड़ा डिप्टी अनिल, सदर थाना पुलिस के अलावा आंबापुरा थाना जाप्ता, कलिजरा थाना जाप्ता, एमबीसी व रिजर्व पुलिस लाइन का जाप्ता मौके पर पहुंचा। शव भापोर के वडलीपाड़ा निवासी 22 साल का संतोष है। मृतक की पहचान उसके पिता छगनलाल दायमा ने की। वह पिछले पांच दिन से लापता था तथा परिजनों ने इस संबंध में पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी।

शव में पड़े कीड़े, एक टांग का मांस गायब
शव की हालात बड़ी ही गंभीर थी, पूरे शरीर मे कीड़े लग चुके थे। शव के 50 फिट से भी अधिक दूरी तक दुर्गंध आने से उसके पास जाना तक दूभर था। मृतक के एक पैर की हड्डी ही दिखाई दे रही थी। एक पैर का पंजा पूरा गायब था। परिजनों ने युवक की हत्या का आरोप भी लगाया तथा शव लेने से इनकार कर दिया। मामले की गंभीरता को देख डिप्टी ने स्वयं जांच कर आरोपापियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। इस पर परिजन शव उठाने को तैयार हुए।

हालत खराब होने के कारण फिनाइल का छिड़काव कर शव गाड़ी में रखकर बासवाड़ा मोर्चरी भिजवाया गया। मृतक के पिता ने उसके लड़के को अगुवा कर हत्या करने, व साक्ष्य छुपाने के मामले में सदर थाना में मुकदमा दर्ज करवाया। वही इस मामले में सदर थानाधिकारी बाबूलाल मुरारिया ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला हत्या का लग रहा है। शव पूरी तरह सड़-गल गया है। शव की हालत देखकर लगता है कि युवक को पांच से छह दिन पहले मारा गया है।



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बायीं मुख्य नहर के पास मिला पांच दिन से लापता युवक का शव। मौके पर कार्रवाई करती पुलिस।




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7 नए पॉजिटिव केस सामने आए, जो पहले से संक्रमित 2 लोगों के संपर्क में आए; संक्रमण कैसे आया अभी भी मिस्ट्री

जिले के कुशलगढ़ कस्बे में मंगलवार को यहां 7नए लोग पॉजिटिव पाए गए। जिसमें 28 साल का एक युवक,चार महिलाएं, वहींदो 55 और 45 साल के पुरुषशामिल हैं। सभी पहले पॉजिटिव पाए गए दो लोगों के परिवार से हैं या फिर संपर्क में आए। अब इस सभी को आइसोलेशन में रखा गया है। वहीं सबसे पहले संक्रमित पाए गए पिता-पुत्र की हिस्ट्री भी मेडिकल और प्रशासन की टीमों के लिए मिस्ट्री बन गई है। अब तक यह पता नहीं चल पाया है कि कोरोना कस्बे में कैसे आया। अब यहां संक्रमितों की संख्या 6 हो गई है।

जिले में अब तक 98 सैंपल लिए जा चुके हैं। जिसमें 62 लोगों की निगेटिव रिपोर्ट आई हैं। वहीं 30 सैंपलों की रिपोर्ट आनी अभी शेष है। कुशलगढ़ मेंपॉजिटिव केस आने के बाद लगातार 3 किमी क्षेत्र में सैंपलिंग ली जा रही है। इसी में यह 4 पॉजिटिव केस सामने आए हैं। अब इनकी ट्रेवलिंग हिस्ट्री जुटाई जा रही है। पिता-पुत्र कोरोना से संक्रमित कैसे हुए इसका पता अब तक नहीं चल पाया है। ऐसे में इन चार एक ही समुदाय के लोगों में पॉजिटिव रिपोर्ट आने से अब फिर से कम्यूनिटी स्प्रेट का खतरा बढ़ गया है।

अब 3 किमी के दायरे में होगी स्क्रीनिंग, कर्फ्यू में ड्रोन कैमरे से रखी जाएगी नजर
पहले स्क्रिनिंग और जांच का दायरा संक्रमित पिता पुत्र के घर से 1 किमी तक का रखा गया था जो अब बढ़ाकर 3 किमी तक कर दिया है। यानी 3 किमी तक के दायरे में रहने वाले लोगों की जांच की जा रही है। उधर, बांसवाड़ा में पिता-पुत्र की हिस्ट्री खंगाल रही आरएनटी मेडिकल कॉलेज की रेपिड रिस्पोंस टीम को पता लगा है कि वहां विभिन्न कार्यक्रम और नमाज के दौरान करीब 100 घरों के 500 लोग इनके संपर्क में आए, जिनकी लिस्टिंग और टेस्टिंग का काम चल रहा है। सोमवार को भी कुशलगढ़ में सड़कों पर सन्नाटा छाया रहा। कुशलगढ़ में कर्फ्यू की के दौरान निगरानी के लिए ड्रोन कैमरे की मदद ली जा रही है।

जाब्ते की कमी पर 600 पुलिस मित्रों की फौज तैयार

कुशलगढ़ में पॉजिटिव केस मिलने के बाद पड़ोसी आसपुर के पारड़ा सोलंकी और सीमलवाड़ा के कुछ हिस्से में भी कर्फ्यू है। कुशलगढ़ में 4 पॉजिटिव केस सामने आने पर चार दिन से कर्फ्यू लगा है। इस समय प्रदेशभर में पुलिस जाब्ते की जरूरत पड़ रही है। इसी स्थिति को भांपते हुए और आगे पुलिस जाब्ते की कमी न पड़े इसलिए बांसवाड़ा पुलिस ने पुलिस मित्रों की पूरी फौज तैयार कर दी है। थानेवार शहर, गांव और कस्बों से करीब 600 नौजवानों की एक पूरी बटालियन बनाई गई है। अब इन्हीं पुलिस मित्रों की मदद से रात का गश्त से लेकर जरूतमंदों तक भोजन पहुंचाने और पाइंट पर तैनात पुलिस तक जरूरी सामान पहुंचाने में सहयोग लिया जा रहा है।



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एडीजी भूपेंद्र दत्त और आईजी बिनीता ठाकुर कुशलगढ़ का दौरा करने पहुंचे। यहां तीन किलोमीटर के दायरे में लगातार सैंपलिंग की जा रही है।




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एक 50 साल की महिला पॉजिटिव मिली, 72 घंटे में कुशलगढ़ कस्बे के 10 कोरोना मरीजों की पुष्टि

जिले के कुशलगढ़ कस्बा कोरोना महामारी की जद में आ चुका है। बुधवार को यहां एक नया केस सामने आया। जिसमें 50 साल की महिला कोरोना संक्रमित मिली। जो पहले पॉजिटिव मिले लोगों से संपर्क में आई थीं। संक्रमितों में 6 महिलाएं हैं। बीते 72 घंटे में कस्बे में 10 कोरोना पॉजिटिव मरीजों की पुष्टि ने स्वास्थ्य विभाग से लेकर प्रशासन में हड़कंप मचा दिया है।

मंगलवार को यहां 7 लोग पॉजिटिव मिले थे। सभी संक्रमित कुशलगढ़ कस्बे के एक ही वार्ड 12 के और एक ही समुदाय के है। संक्रमित आपस में एक-दूसरे के रिश्तेदार भी हैं। कुशलगढ़ में तैनात आरएनटी मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ चिकित्सकों की रेपिड रिस्पोंस टीम पिता-पुत्र के संपर्क आने वाले 200 लोगों की लिस्ट तैयार कर चुकी है। 300 अन्य लोगों की लिस्ट तैयार करने में जुटी हुई है।

सबसे ज्यादा चिंता की बात ये है कि संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन कस्बे में कोरोना संक्रमण कैसे और किस रास्ते पहुंचा। संक्रमित खुद बाहर गए थे या कोई बाहरी व्यक्ति इन्हें संक्रमित कर गया, यह भी स्पष्ट नहीं है। हालांकि गुजरात और मुबई से आए लोगों से संक्रमण फैलने की आशंका मौटे तौर पर जताई जा रही है। 4 दिन पहले तक पूरे प्रदेश में बांसवाड़ा को कोरोना से सुरक्षित जिले के तौर पर जाना जा रहा था वहीं अब बांसवाड़ा प्रदेश में 8वें पायदान पर आ गया है। अब तक 155 सैंपल लिए जा चुके हैं, जिसमें 102 निगेटिव और 10 पॉजिटिव आए हैं। 45 की जांच पेंडिंग है।

बरसी में हुआ था सामूहिक भोज
17 मार्च को कस्बे में एक समुदाय विशेष में बरसी का कार्यक्रम हुआ था, जहां सामूहिक भोज हुआ। जिसमें स्थानीय लोगों के अलावा बाहरी लोग भी शामिल हुए। संक्रमित भी उस कार्यक्रम में शामिल हुए थे। सीएमएचओ डॉ. एचएल ताबियार ने बताया कि इस सामूहिक भोज में बाहर से भी लोगों के आने की आशंका है। जिसकी जानकारी जुटाई जा रही है। यहां भर्ती बुजुर्ग की कोरोना संदिग्ध पत्नी की 31 मार्च को मौत हो गई थी, जिसकी रिपोर्ट निगेटिव आई थी। मृतक महिला के जनाजे में शामिल होने वालों की भी तलाश की जा रही है।

शादी समारोह में कुवैत से आए थे लोग
मार्च में कुशलगढ़ में हुए एक शादी समारोह से वायरस फैलने की आशंका है। 26 फरवरी को शादी थी और एक मार्च को रिसेप्शन हुआ। इसी रिसेप्शन में बोहरा समुदाय के काफी लोग में शरीक हुए थे। समारोह में कुवैत से भी कुछ मेहमान आए थे। यहां से संक्रमण फैलने की आशंका इसलिए भी ज्यादा जताई जा रही है क्योंकि, इसी समारोह में कोरोना पॉजिटिव व्यापारी भी शामिल हुआ था। रेपिड रिस्पोंस टीमें इस दिशा में भी जांच में जुट चुकी है। मंगलवार को सामने आए पॉजिटिव रोगियों के भी इस शादी में जाने की बात सामने अा रही है। आरएनटी मेडिकल कॉलेज की टीम के विशेषज्ञों ने भी शादी में शामिल लोगों की जांच के लिए स्थानीय अधिकारियों को सुझाव दिए है।



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कुशलगढ़ कस्बे में कर्फ्यू लगने के बाद पुलिस लगातार इलाके का जायजा ले रही है।




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इटली के दंपती के केस के बाद 80 टीमाें ने 1200 हाेटल चेक किए, शहर में चार पाॅजिटिव मिलने पर कर्फ्यू का सख्ती से पालना कराया- एसएसपी

प्रदेश में काेराेना वायरस की शुरुआती दस्तक उदयपुर में घूमकर गए इटली के दल में शामिल दंपती के जयपुर में काेराेना पाॅजिटिव आए जाने काे लेकर हुई। इसके बाद यहां पुलिस और प्रशासन ने बड़ी मुस्तैदी के साथ इसे गंभीरता से लेते हुए क्विक एक्शन लिए। इसी का नतीजा है कि उदयपुर में यह वायरस कम्यूनिटी स्प्रेड की स्थिति में नहीं पहुंचा। हालांकि माैजूद वक्त में उदयपुर शहर में एक ही परिवार के चार स्थानीय लाेग काेराेना की जद में हैं, लेकिन इनमें संक्रमण के मूल स्राेत का अभी पता नहीं लग पाया है। वहीं रजा काॅलाेनी में रहने वाले इस परिवार के केस काे भी पुलिस ने गंभीरता से हैंडल किया।

काेराेना काे लेकर पुलिस के एक्शन प्लान काे लेकर एसएसपी कैलाश चन्द्र बिश्नाेई ने भास्कर से खास बातचीत में बताया कि इटली के दंपती के केस की जानकारी मिलते ही, 240 पुलिसकर्मियाें की 80 टीम बनाकर हमने दाे दिन में 1200 हाेटल काे चैक किया। वहां पर ठहरे हुए विदेशियाें के रिकाॅर्ड लिए और उनके मूवमेंट की जानकारी रखी गई। साथ ही देश के संदिग्ध जिलाें औरराज्याें से आने वालाें काे हाेम क्वारैंटाइन किया औरउनकी निगरानी के लिए पुलिस अधिकारी और बीट कांस्टेबल काे तैनात किया।


प्रश्न : चार पाॅजिटिव एक ही घर से मिलने के बाद क्या प्लानिंग की?
जवाब -
मल्लातलाई सहित 16 कर्फ्यू क्षेत्र में 15 जगहों पर कड़ी नाकाबंदी की गई। तीन शिफ्ट में 100 का जाब्ता लगाया जिसकी माॅनिटरिंग डीएसपी स्तर के अधिकारी काे दी गई। सभी सीधे मेरे संपर्क में हैं। कर्फ्यू का उल्लंघन करने पर तुरंत कार्रवाई की। जैसे बुधवार काे मस्जिद में इकट्ठा हाेने पर 9 लाेगाें के खिलाफ मुकदमा औरफैक्ट्री खुली हाेने पर व्यापारी पर मुकदमा दर्ज किया गया।

प्रश्न : प्रदेश में सबसे ज्यादा 80000 लाेग उदयपुर जिले में क्वारेंटाइन हैं, कैसे व्यवस्था की जा रही है?
जवाब-
हां, उदयपुर में अभी 80000 लाेग क्वारैंटाइन हैं। विदेश, देश के अलग राज्याें औरजिलाें से आने वाले लाेगाें काे क्वारेंटाइन किया। घराें पर नाेटिस चस्पा किए। इनकी निरागनी पुलिस अधिकारी औरबीट कांस्टेबल कर रहे हैं। उल्लंघन पर मुकदमा भी दर्ज किया।


प्रश्न :अचानक गुजरात से हजाराें मजदूर पलायन कर उदयपुर बाॅर्डर पर पहुंचे, इस चुनाैती से कैसे निपट रहे हैं?
-जिले के नाकाें की संख्या बढ़ाई और परिवहन, चिकित्सा की टीमें लगी। यहां तक कि गुजरात से जिले में आने वाले कच्चे रास्ताें पर करीब 20 जगह नाकाबंदी कराई। स्क्रिनिंग कर 838 मजदूराें काे प्रशासन से निर्धारित 6 शेल्टर हाेम में भेजा। रतनपुर बाॅर्डर पर अंतरराज्यीय समन्वय बैठक के बाद पलायन रुका।


प्रश्न :मार्च में प्रदेश में काेराेना की दस्तक के साथ ही शुरुआती प्लानिंग क्या रही?
जवाब-
संक्रमण की शुरुआत बाहरी लाेगाें से हाे रही थी इसलिए हाेटल, धर्मशाला, एयरपाेर्ट, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड पर जाब्ते काे भेजा। गुजरात से अाने वाले रास्ताें पर नाकाबंदी की। मेडिकल टीम काे साथ लेकर स्क्रिनिंग शुरू कर दी थी।


प्रश्न :जिले में कितना जाब्ता है अाैर कितने की जरूरत, नाकाबंदियाें में कैसे व्यवस्था की?
जवाब-
जिले में पुलिस का 3000 और 500 से ज्यादा आरएसी औरएमबीसी का जाप्ता तैनात है, जाे फिलहाल कम नहीं है। पहले गुजरात, चित्ताैड़, सिराेही से लगती सीमा काे सील किया। शहर की बाहरी सीमा में लाॅक किया। शहर में भी 60 जगह नाकाबंदी लगाई। इन नाकाें पर 300 से अधिक पुलिस और450 हाेमगार्ड तैनात किए।


प्रश्न : जयपुर में कर्फ्यू क्षेत्र में लगातार काेराेना के मामले सामने अा रहे हैं, यहां विस्फाेटक स्थिति बनने से कैसे राेका?
जवाब -
शुरू से ही सख्ती के कारण बेकाबू वाली स्थिति नहीं हाेने दी। एड्रेस सिस्टम और सायरन का यूज कर लाेगाें काे पालना के निर्देश दिए। उल्लंघन करने पर 28 मुकदमे दर्ज कर 33 लाेगाें काे गिरफ्तार किया। निराेधात्मक प्रावधानाें में 167 गिरफ्तार किए। अनावश्यक घर से निकलने पर 633 चालान और1822 वाहन जब्त किया।


प्रश्न : एक हाथ से पुलिस कानून व्यवस्था कर रही अाैर दूसरे हाथ से जरूरतमंदों काे खाना दे रही?
जवाब
-प्रत्येक पुलिसकर्मी इस वक्त अपने दायित्वाें का निर्वहन कर रहा है। ड्यूटी के दाैरान जरूरतमंद व्यक्तियाें काे एनजीओ की सहायता से फूड पैकेट्स, खाद्य सामग्री, मास्क सेनेटाइजर बांट रहे हैं, वहीं लाॅकडाउन औरकर्फ्यू काे लेकर सख्ती भी बरती जा रही है।


प्रश्न :14 मार्च तक लाॅकडाउन के बाद की क्या प्लानिंग है?
जवाब -
लाॅकडाउन का सरकार स्तर पर ही निर्णय लिया जाएगा। आगे लाॅकडाउन काे बढ़ाया जाएगा ताे भी इसी प्रकार से सख्ती रहेगी।



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(फाइल फोटो) एसएसपी ने बताया कि संक्रमण की शुरुआत बाहरी लाेगाें से हाे रही थी इसलिए हाेटल, धर्मशाला, एयरपाेर्ट, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड पर जाब्ते काे भेजा। गुजरात से आने वाले रास्ताें पर नाकाबंदी की। मेडिकल टीम काे साथ लेकर स्क्रिनिंग शुरू कर दी थी।




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दो बच्चों समेत 12 नए लोग पॉजिटिव मिले, एक गली में रहने वाले कुल 24 संक्रमित

शुक्रवार सुबह कुशलगढ़ के 12 और कोरोना पॉजिटिव केस सामने आए हैं। इनमें दो बच्चे, पांच महिलाएं और पांच पुरुष हैं। अब तक सामने आए रोगी आमने-सामने एक ही गली के रहने वाले और आपस में रिश्तेदार हैं। कुशलगढ़ में 4 अप्रैल को पहली बार पिता-पुत्र पॉजिटिव पाए गए थे। इसके बाद एक ही सप्ताह में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 24 पर पहुंच गई है। बच्चे पहली बार संक्रमित पाए गए हैं। यह सभी एक समुदाय से और वार्ड-12 के हैं। सभी एक ही गली से सामने आने के बाद ये बात पुख्ता हो गई है कि संक्रमित लोग आपस में सामूहिक भोज और नमाज के दौरान आपस में मिले थे, इससे उनमें संक्रमण फैल गया।


कुशलगढ़ में सभी संक्रमितवार्ड नंबर 12 में पाए गए है। यह सभी एक ही समुदाय के हैं। जिसके बाद भी यहां के लोग जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। यहां तक लोग घरों के बाहर ताला लगाकर अंदर कैद हो गए। अभी तक वार्ड के 525 लोगों में से 216 की स्क्रीनिंग हो पाई है। अब इसका अलग कारण सामने आया है, जिसमें बताया कि क्वारेन्टाइन वार्ड में व्यवस्थाएं बहुत खराब है। ऐसे में लोगों को डर है कि जांच कराने के लिए उन्हें वहां शिफ्ट कर दिया जाएगा।

लोगों का कहना है कि बेहतर सुविधाओं वाली जगह पर शिफ्ट किया जाए तो सभी जांच के लिए सामने आ जाएंगे। विकल्प के रूप में बांसवाड़ा कस्बे की अब्दुल्ला पीर दरगाह, एमएसबी स्कूल अथवा डूंगरपुर जिले के गलियाकोट स्थित दरगाह की धर्मशाला का सुझाव दिया गया है।

समुदाय का प्रतिनिधिमंडल मिलने पहुंचा
जानकारी अनुसार प्रशासन और मेडिकल की टीमें जब घरों में सर्वे व जांच के लिए पहुंची तो उन्हें भीतर से कोई जवाब नहीं दिया जाता। उन्होंने बांसवाड़ा में समाज के लोगों से फोन पर बात कर सहायता की अपील की। इस पर बोहरा समाज का दो सदस्यी प्रतिनिधिमंडल गुरुवार दोपहर कलेक्टर कैलाश बैरवा और एडीएम नरेश बुनकर से मिलने पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को बताया कि मेडिकल जांच के बाद बोहरा समुदाय के जिन लोगों को प्रशासन ने क्वारेन्टाइन वार्ड में भेजा है। वहां की सुविधाओं का अभाव है। बोहरा समुदाय अच्छी जीवन शैली जीने के आदी हैं। उनके घरों में सारी सुख- सुविधाएं मौजूद हैं। टीएडी होस्टल में सवा सौ महिला-पुरुषों को रखा गया है। वहां दस शौचालय-बाथरूम आदि हैं। तेज गर्मी में और परेशानी बढ़ रही है। अत: इन लोगों को होटलों अथवा ऐसी अन्य जगहों पर रखा जाएं अटैच लेट-बाथ के साथ ही अन्य बेहतर सुविधाएं हो।

1000 की ओपीडी वाले एमजी अस्पताल में इक्का-दुक्का मरीज
यहां अस्पताल में सुबह 10 बजे इक्का-दुक्का मरीज ही नजर आए। आम दिनों में यहां सुबह ओपीडी के वक्त लंबी कतार लगी रहती है। लेकिन धारा 144 और लाॅकडाउन का असर जिले के सबसे बड़े एमजी अस्पताल में भी दिखाई दिया। 900 से 1000 की औसत ओपीडी वाले इस अस्पताल में अब रोजाना 100 से 150 तक ही मरीज पहुंच रहे है। पूरे अस्पताल को क्वारेंटाइन और आइसोलेशन वार्ड में तब्दील कर दिया गया है। 160 बैड इसके लिए रिजर्व कर लिए गए है। प्रवेश द्वार को भी बंद कर दिया गया है। सुरक्षा के तौर पर अस्पताल में प्रवेश से पहले और बाहर निकलने वालों के लिए ऑटो सेनेटाइज डोर बनाया गया है। यहां पर बाहरी किसी व्यक्ति को कड़ी पूछताछ के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है। सामान्य दिनों में अस्पताल में एक मरीज के साथ पांच से भी ज्यादा परिजन और रिश्तेदार पहुंचते थे अब उस पर भी सख्ती कर दी गई है। छुट्टी मिलने पर मरीज को प्रवेश पर द्वारा पर ही परिजनों के हवाले कर घर भेजा जा रहा है। इसके अलावा इस बात का खास ध्यान रखा जा रहा है कि बेहद जरूरी होने पर ही किसी मरीज को भर्ती किया जाए। मुख्य द्वारा पर जहां पहले ओपीडी काउंटर था वहां अब स्क्रिनिंग टीम तैनात रहती है।


संकरी गलियों में कनात बांधकर रोका रास्ता, सब्जीमंडी वीरान
कोरोनापॉजिटिव आने के बाद शहर में भी इसका असर दिखाई दिया। यहां नई आबादी, बोहरावाड़ी में स्थानीय लोगों ने खुद ही एहतियातन प्रवेश मार्गों पर बेरिकेडिंग लगा दी। संकरी गलियों में कनात बांध दिए और हर रास्ते पर निजी स्तर पर सुरक्षा कर्मी तैनात नजर आए। आने-जाने वाले हर व्यक्ति को सुरक्षाकर्मी पूरी जानकारी लेने के बाद ही एंट्री देते दिखाई दिए। हालांकि, एकाएक बदली इस व्यवस्था से रोजमर्रा की चीजों के लिए बाहर निकले कुछ लोगो को परेशान भी हाेना पड़ा। यहां पाला रोड से, कोतवाली वाली गली से उपाध्याय पार्क के पीछे के रास्ते से होकर नई आबादी की तरफ जाने वाले हर रास्ते पर प्रवेश रोक दिया गया। लॉकडाउन के बाद भी सुबह गोल चौराहा और बाकि इलाकों में थोड़ी बहुत चहल-पहल दिखाई देती थी लेकिन गुरुवार को यहा सड़कों पर पूरी तरह सन्नाटा पसरा दिखाई दिया। मौजूद केप्टन फरहज दत्त ने बताया कि सेल्फमोनिटरिंग की जा रही है। जिससे की संक्रमण न फैल पाए। हलांकि, इस संबंध में प्रशासन से जानकारी ली तो बताया गया कि शहर के किसी भी इलाके को अलग से सील करने के कोई आदेश जारी नहीं किए है। इससे सटी हुई सब्जीमंडी इन दिनों वीरान हैं। इसी वजह से इस इलाके में पूरे दिन चहल-पहल रहती थी।

केवल किराणा, मेडिकल और दूध डेयरी ही खुली
शहर की खांदू काॅलाेनी में लॉकडाउन के चलते केवल केवल किराणा, मेडिकल अाैर दूध डेयरी की खुली हैं। इसके अलावा सब्जीवाले घर-घर सब्जी देने जा रहे हैं। हालांकि कुछ सब्जीवालों की दुकानें भी खुली हैं। खासबात ये कि यहां कई शिवमंदिर भी हैं, जहां केवल पूजा के बाद ही मंदिर के पट बंद कर दिए जाते हैं। सुबह 8 बजे कुछ लाेग दूध अाैर सब्जियां लेने बाहर अाए। सुबह 11 बजे तक डिस्पेंसरी पर मरीज इलाज लेने अाैर दवाइयां लेने अाते रहे, लेकिन इसके बाद वहां की सड़कें सुनी हा़े गई। यहां चौराहे पर कुछ पुलिसकर्मी तैनात हैं। नर्सिंग स्टूडेंट्स घर-घर सर्वे कर रहे हैं। बाहुबली काॅलाेनी के बीच में ही जिनालय है, जहां कुछ सब्जी वाले बैठे हुए थे। इससे अागे हैंडपंप से कुछ लाेग पीने का पानी लेते नजर अाए। लेकिन इसके अलावा बेवजह लाेग बाहर नहीं निकले। काॅलाेनी के मुहाने पर तीन सब्जी अाैर फल विक्रेता के लाेग खड़े हुए थे। सुबह 11 बजे तक वहां से लाेग सब्जियां अाैर फल ले जाते नजर अाए। दाेनाें ही काॅलाेनी में अंधेरा हाेते ही लाेग टहलने निकल गए। हालांकि इस दाैरान उन्होंने साेशल डिस्टेंस की पालना की।

सुबह-शाम ढीला लॉकडाउन दोपहर में पुलिस की सख्ती
डूंगरपुर रोड और उदयपुर रोड प्रताप सर्किल। जहां सुबह 8 बजे से ही काफी लोगों की आवाजाही देखी गई। डूंगरपुर रोड पर पुलिस का बना प्वॉइंट है, लेकिन सुबह 8 बजे तक वहां कोई पुलिसकर्मी नहीं नजर आ रहा था। लोग डूंगरपुर रोड से गांवों से शहर में आ रहे थे। उसके बाद सुबह 9 बजे पुलिसकर्मी यहां पहुंचे। वहीं प्रताप सर्किल पर सुबह से ही कुछ पुलिसकर्मी थे जो धीरे धीरे समय गुजरता गया पुलिसकर्मियों की भी संख्या बढ़ती गई। लेकिन लोग घरों से बाहर निकलने से बाज नहीं आ रहे थे। लोग बैंक, अस्पताल, राशन, मेडिकल सहित कई जरूरी सामान की बात कहकर शहर में प्रवेश कर रहे थे। साथ ही कई लोग तो अपनी बाइक पर तीन तीन लोगों बैठाकर अंदर आना चाह रहे थे। महिलाएं अपनी मजबूरी का हवाला देते हुए अंदर आने की कोशिश कर रही थी। शहर के अंदर भी ऐसे ही हालात थे। बैंकों के बाहर काफी भीड़ देखने को मिल रही थी। उसके अलावा राशन की हर दुकान के बाहर 5-7 लोग थे, गैस एजेंसी के बाहर भीड़, बाइक से बाहर घूमते हुए लाेग। दोपहर 2 बजे के बाद वास्तव में शहर में लॉक डाउन जैसी स्थिति दिखती है।

प्रशासन: सुबह से रात तक कुशलगढ़ क्षेत्र पर ही नजर
जिला कलेक्ट्रेट कक्ष इन दिनों काेराेना महामारी से निपटने के लिए वार रूम बना हुआ है। जिला कलेक्टर कैलाश बैरवा, एडीएम नरेश बुनकर, जिला परिषद सीईओ गोविंद सिंह राणावत की टीम सुबह से रात तक यहीं से पूरे जिले की मॉनिटरिंग कर ही है। एडीएम बुनकर सुबह अाते ही सबसे पहले जिले के कुशलगढ़ बीडीओ से बात कर वहां की स्थिति की जानकारी लेते हैं। कर्फ्यूग्रस्त कुशलगढ़ के जिन तीन वार्डों काे पूरी तरह सील किया गया, वहां के लाेगाें की स्क्रीनिंग, उस इलाके में खाद्य सामग्री, दूध सहित आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति का अपडेट लिया जा रहा है। मेडिकल टीमों ने कितनों की स्क्रीनिंग कर ली, कहीं काेई परेशानी ताे नहीं। इसके साथ ही शेल्टर हाेम में रहने वाले लाेगाें की स्थिति, उनके खाने-पीने सहित अन्य जानकारियां। उनके उपचार व निगरानी में लगे कार्मिकों काे काेई परेशानी या सहायता की आवश्यकता के बारे में बातचीत। समस्या सामने आने पर तत्काल समाधान के लिए संबंधित अधिकारी काे निर्देश। सीईओ गोविंद सिंह राणावत रसद विभाग, एसडीएम, तहसीलदार, सभी बीडीओ व आवश्यकता हाेने पर ग्राम विकास अधिकारियों से बातचीत कर हर पात्र व्यक्ति के खाते में सरकारी सहायता राशि जमा कराने की कार्यवाही में व्यस्त। इस बीच जिला कलेक्टर इन अधिकारियों से रिपोर्ट लेकर अपने स्तर पर संबंधित से बातचीत कर आवश्यक निर्देश देते हैं। मतलब हर विभाग, हर अधिकारी इन दिनाें पूरा व्यस्त है, मकसद सिर्फ यह है कि जिला काेराेनामुक्त हाे।

ढाई घंटे में 345 बाइक कार-जीप की आवाजाही
मकोड़िया पुल पर पुलिस ने गश्ती बढ़ा दी। यहां सुबह 6 से दोपहर 2 बजे तक, दोपहर 2 से रात 10 और रात 10 से सुबह 6 बजे तक तीन शिफ्टों मंे 4-5 पुलिसकर्मी सेवा दे रहे हैं। हर अाने जाने वाले काे राेककर पूछताछ की जा रही है। जरूरी हाेने पर ही इन लाेगांे काे शहर में प्रवेश दिया जा रहा है। गुरुवार सुबह 9.30 से 11.30 बजे तक दाे घंटे अाैर दाेपहर 1 से 1.30 बजे तक कुल 345 वाहनाें की अावाजाही रही, इनमें बाइक, कार, जीप, पिकअप, ट्रैक्टर, ट्रक शामिल रहे। इनमें कार अाैर बाइक सवार अधिकांश लाेगाें से राेककर पूछताछ की ताे बताया कि वे बाजार मंे दवा लेने, निजी अस्पताल में बताने, बैंक और एटीएम से रुपए निकालने, किराणा और सब्जी खरीदने रहे हैं। यहां पर हर आने जाने वाले को पुलिस रोककर पूछ रही थी। पुलिस से पूछने पर बताया कि कुशलगढ़ में 12 कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। ऐसे में कुशलगढ़ से बांसवाड़ा और बांसवाड़ा से कुशलगढ़ जाने का एक मात्र रास्ता यही है। जरा सी लापरवाही तो कहीं कुशलगढ़ का कोरोना बांसवाड़ा में न घुस जाए। इसलिए इस चैकपोस्ट पर सभी को रोककर पूछताछ की जा रही है।



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बांसवाड़ा के कुशलगढ़ क्षेत्र के वार्ड 12 में लगातार कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद यहां मेडिकल और पुलिस की टीम तैनात की गई।




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कोरोना पॉजिटिव से निगेटिव आ चुके 9 लोग डिस्चार्ज, अब 28 में से सिर्फ 2 अस्पताल में भर्ती

शनिवार को कोरोना से ठीक हुए 9 व्यक्तियों को किया डिस्चार्ज किया गया। ये लोग लगातार तीन जांच निगेटिव होने के बाद वायरस फ्री घोषित किए गए। जिसके बाद कलक्टर ने डिस्चार्ज टिकट दे सभी को विदा किया। अब डिस्चार्ज हुए लोग14 दिन अपने घर में क्वारैंटाइन में रहेंगे। गौरतलब है कि सभी एमजी अस्पताल केआइसोलेशन वार्ड में भर्ती थे। अब भीलवाड़ा में 28 में सिर्फ दो रोगी बचे हैं।

डॉक्टर ने बताया कि एमजी अस्पताल में आए 28 मरीजों में से चार को जयपुर भेज दिया गया था। दो की मौत हो गई। 20 मरीजों को डिस्चार्ज कियाजा चुका है। एक पेशेंन्ट निगेटिव है जो फिल्हाल जनरल वार्ड में भर्ती है। एक पॉजिटिव है जो आइसोलेशन में है।

पॉजिटिव केस में भीलवाड़ा प्रदेश में चौथे नंबर पर आया
रिकॉर्ड के अनुसार अब भीलवाड़ा कोरोना पॉजिटिव केस की संख्या के मामले में प्रदेश में चौथे स्थान पर आ गया है। सबसे ज्यादा 183 पॉजिटिव मरीजों के साथ जयपुर पहले, 42 संख्या के साथ जोधपुर दूसरे और 31 की संख्या के साथ झुंझूनूं तीसरे स्थान पर है। भीलवाड़ा में अब तक 28 पॉजिटिव केस आ चुके हैं।

शहर में होम आइसोलेशन में रह रहे 320 लोगों पर अब सरकारी कर्मचारी निगरानी रखेंगे। इसके लिए भीलवाड़ा एसडीएम ने सभी 320 लोगों के घरों पर तीन-तीन कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है। इन सभी कर्मचारियाें काे आठ-आठ घंटे तक संबंधित व्यक्ति के घर पर ड्यूटी देनी हाेगी और उन पर निगरनी रखनी हाेगी। कहीं ये लाेग घराें से बाहर ताे नहीं निकल रहे हैं। सुबह छह से दाेपहर दाे बजे, दाेपहर दाे से रात 10 बजे और रात 10 से सुबह छह बजे की तीन पारियाें में हर पारी में अलग-अलग कर्मचारी की ड्यूटी लगाई गई है। इन कर्मचारियाें में अधिकांश शिक्षक हैं।

सरकारी शिक्षक है आखिरी बचापीड़ित, कोई ट्रैवल हिस्ट्री भी नहीं

अब जो व्यक्ति पॉजिटिव बचा हैवह बापूनगर ए सेक्टर में रहता है।बेगूं क्षेत्र के सादी गांव के सरकारी स्कूल में शिक्षक (47) हैं। जानकारों के अनुसार शिक्षक को पिछले कुछ दिन से खांसी-जुकाम था। वह कुछ दिनों पहले बापूनगर डिस्पेंसरी में चैकअप कराने गया था लेकिन तबीयत में सुधार नहीं होने पर एक-दो दिन पहले उसने एमजी हॉस्पिटल जाकर सैंपल दिया था। जो पॉजिटिव निकला।

भीलवाड़ा मॉडल जिसकी हो रही चर्चा

  • कलेक्टर राजेंद्र भट्ट ने राज्य सरकार के किसी सरकारी आदेश का इंतजार किए बगैर ही जिले की सभी को 20 चेकपोस्ट बनाकर सील कर दिया। राशन सामग्री की सप्लाई सरकारी स्तर पर करने व जिले के हर व्यक्ति की स्क्रीनिंग का फैसला किया।
  • संक्रमण बांगड़ हाॅस्पिटल से फैला इसलिए सबसे पहले यह पता किया यहां कहां-कहां के मरीज आए। सूची निकलवाई ताे पता चला कि 4 राज्यों के 36 और राजस्थान के 15 जिलाें के 498 मरीज थे। इन सभी जिलाें के कलेक्टर काे एक-एक मरीज की सूचना
  • छह पाॅजिटिव केस मिलते ही भीलवाड़ा में कर्फ्यू लगा दिया ताकि लोग घरों में रहें। बांगड़ अस्पताल में आने वाले मरीजों की स्क्रीनिंग शुरू की। जिले में आने वाले सभी 20 रास्ताें पर चेक पाेस्ट बनाकर सीमाएं सील कर दीं ताकि काेई बाहर न जा सके।
  • छह हजार टीमें बना 25 लाख लोगों की स्क्रीनिंग शुरू करा दी। करीब 18 हजार लोग सर्दी-जुखाम से पीड़ित मिले। 1215 लाेगाें काे हाेम आइसाेलेट कर वहां कर्मचारी तैनात किए। करीब एक हजार संदिग्धों काे 20 हाेटलों में क्वारेंटाइन किया।
  • नगर परिषद काे शहर के 55 ही वार्डाें में दाे-दाे बार हाईपाे क्लाराेड 1 प्रतिशत के छिड़काव की जिम्मेदारी दी। ताकि संक्रमण फैल न सके।
  • लाेगाें काे परेशानी नहीं हाे इसलिए सहकारी उपभाेक्ता भंडार से खाद्य सामग्री की सप्लाई शुरू कर दी। राेडवेज बस बंद करवा दी। दूध सप्लाई के लिए डेयरी काे सुबह-सुबह दाे घंटे खाेला गया। हर वार्ड में हाेम डिलीवरी के लिए दाे-तीन किराना की दुकानाें काे लाइसेंस दिए। कृषि मंडी काे शहर में हर वार्ड के अनुसार सब्जियां और फल सप्लाई के लिए लगाया और यूआईटी काे कच्ची बस्तियाें में सूखी खाद्य सामग्री सप्लाई की जिम्मेदारी दी।


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एमजी अस्पताल के 9 लोगों को डिस्चार्ज किया गया। इसके बाद अस्पताल में अब दो लोग ही बचे हैं। जिसमें से 1 जनरल वार्ड में भर्ती है।




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2 और 9 साल की बच्ची समेत कुल 7 बच्चे संक्रमण की चपेट में, टोटल आंकड़ा 52 पर पहुंचा

कुशलगढ़ में कोरोना लगातार संक्रमित सामने आ रहे हैं। रविवार को यहां 15 नए केस पॉजिटिव मिले। इस बार 2 साल की मासूम भी कोरोना की चपेट में आ चुकी है। रिपोर्ट में 2 साल और 9 साल की बच्ची के अलावा 8 साल का बच्चा भी शामिल हैं। वहीं 84 साल के बुजुर्ग समेत 4 महिलाएं और 8 पुरुष हैं। कस्बे में अब तक 7 बच्चे कोरोना की चपेट में आ चुके हैं। कस्बे में कुल संक्रमितों की संख्या अब 52 तक जा पहुंची है। जिसके बाद छोटा सा कुशलगढ़ कस्बा प्रदेश में कोरोना पॉजिटिव शहरों में दूसरे नंबर पर आ गया है।

पहले सभी संक्रमित एक ही वार्ड 12 में मिले थे। अब संक्रमित वार्ड-11 और 14 से भी मिले हैं। पहली बार पड़ोसी वार्ड से दो मरीजों के मिलने ने चिंता बढ़ा दी है कि संक्रमण अब एक ही वार्ड तक सिमित नहीं रहा है। ऐसे में अब समुदायिक स्तर पर संक्रमण फैलने का खतरा ओर भी बढ़ गया है। हालांकि, अभी भी सभी संक्रमित एक ही समुदाय के सामने आए है। इसके अलावा सर्वाधिक वार्ड 12 से संक्रमित मिले है। स्वास्थ्य विभाग पॉजिटिवों की हिस्ट्री निकालने के लिए आरएनटी मेडीकल कॉलेज के विशेषज्ञों की टीम जुटी हुई है।

351 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव
कुशलगढ़ में अब तक411 लोगों के सैंपल लिए गए। जिसमें से 351 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव पाई गई। वहीं 52 पॉजिटिव मिले हैं। वहीं 8 की रिपोर्ट आना बाकी है।

लोगों को होम क्वारैंटाइन का निशान लगाया गया।

कुशलगढ़ में दमकल से कर रहे सेनेटाइज
पिछले दो दिन में कुशलगढ़ में 25 काेराेना पाॅजिटिव पाए गए। कुल मामले 37 पर पहुंच गए। यहां काेराेना विस्फाेट जैसी स्थिति हाे गई। लेकिन लगता है कि इस सबसे ओजरिया निजी सब्जी मंडी के विक्रेताओं और वहां आने वालाें काे काेई फर्क नहीं पड़ता। प्रशासन ने फैसला लिया था, मंडी सुबह 6 बजे खुलेगी। किसान शाम काे माल बेचने अाएंगे, लेकिन दाे दिन यह व्यवस्था चली और सबकुछ पहले जैसे हाे गया। रात दाे बजे से मंडी खुल रही है। किसान भी इसी दाैरान माल बेचने आ रहे है, ऐसे में फिर बेलगाम भीड़ हाे गई है। ओजरिया मंडी की यह डराती तस्वीर सुबह 4 बजे की है। यहां मंडी में दूरी बनाए रखने की भी काेई व्यवस्था नहीं की गई है। इसलिए शहर में यहां से संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है। पुलिस और प्रशासन भी इसे हल्के में ले रहा है।

संकरी गलियों में कनात बांधकर रोका रास्ता, सब्जीमंडी वीरान
कोरोना पॉजिटिव आने के बाद शहर में भी इसका असर दिखाई दिया। यहां नई आबादी, बोहरावाड़ी में स्थानीय लोगों ने खुद ही एहतियातन प्रवेश मार्गों पर बेरिकेडिंग लगा दी। संकरी गलियों में कनात बांध दिए और हर रास्ते पर निजी स्तर पर सुरक्षा कर्मी तैनात नजर आए। आने-जाने वाले हर व्यक्ति को सुरक्षाकर्मी पूरी जानकारी लेने के बाद ही एंट्री देते दिखाई दिए।



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यहां कुशलगढ़ में घर-घर जांच की जा रही है। इस दौरान लोगों को होम क्वारैंटाइन किया जा रहा है।




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अब नेत्रा क्यू-2 और वी-3 से लॉकडाउन की निगरानी, 150 मीटर की ऊंचाई से भी मिलेंगे साफ फोटो

लॉकडाउन में निगरानी मजबूत करने के लिए सरकार ने शनिवार को उदयपुर पुलिस को दाे नए ड्राेन दिए हैं। एक नेत्रा वी3 और दूसरा नेत्रा क्यू-2सी है। एडवांस तकनीक से बने ये ड्रोन 200-500 मीटर ऊंचाई तक उड़ते हैं और 150 मीटर ऊंचाई से सड़क पर चलने वालों की साफ फाेटाे ले सकते हैं। प्रशिक्षित कांस्टेबल ने पुलिस लाइन में ड्राेन का टेस्ट भी किया। हालांकि तकनीकी समस्या आने पर नेत्रा वी3 का ट्रायल नहीं हो पाया।
ड्रोन पहुंचने से पहले 7 कांस्टेबलों का तकनीकी प्रशिक्षण चित्ताैड़गढ़ के भूपालसागर में हुआ। बता दें कि पुलिस के पास नेत्रा क्यू 2 ड्रोन पहले से है। इसे दाे साल से कांस्टेबल मनाेज, प्रकाश और गाेपाल ऑपरेट कर रहे हैं। इसमें तकनीकी कमियां हाेने के कारण दाे नए ड्राेन आए हैं। तीन ड्राेन हाेने पर कांस्टेबल लाेकेश, भावेश, राेशन और शिवपाल काे भी प्रशिक्षण दिया गया। एसएसपी कैलाशचंद्र बिश्नोई ने बताया कि पहले से एक ड्राेन था जिसका रैलियाें, सभाओं आदि जगहाें पर उपयाेग में लिया गया। दाे एडवांस ड्राेन और मिले हैं, इन्हें ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए काम में लेंगे। अधिकारियाें का कहना है कि माॅडिफाइड लाॅकडाउन में ग्रामीण क्षेत्र में मूवमेंट कुछ बढ़ेगा। कानून व्यवस्था बनाने और लाॅकडाउन की पालना के लिए दाे ड्राेन काे ग्रामीण क्षेत्र में निगरानी के लिए लगाया जाएगा।

यह है पुलिस के तीनाें ड्राेन की अलग-अलग खासियत

  • नेत्रा क्यू 2 : इसमें डिजिटल कैमरा, ऑपरेटर से 2 किलाेमीटर दूर तक ऑपरेट हाे सकता है। साथ में तीन बेटरी, प्रत्येक बैटरी 20 मिनट चलती है। कम्यूनिकेशन के लिए जीपीएस एंटीना एक ही है। ड्राेन के मूवमेंट बदलने पर काॅम्बाॅक्स काे घुमाना पड़ता है। 200 मीटर ऊंचाई तक उड़ सकता है। इसमें कम्यूनिकेशन में समस्या आती है।
  • नेत्रा क्यू 2 सी : इसमें एचडी कैमरा, सेंसर लगा है जाे आगे आनेवाली काेई भी वस्तु या पक्षी से नहीं टकराएगा। चार बैटरी है और प्रत्येक 40 मिनट तक चलती है। जीपीएस डबल एंटीना लगा हुआ है। ड्राेन के अनुसार काॅम्बाॅक्स ऑटाेमेटिक मूवमेंट करता है। 200 मीटर ऊंचाई और 2 किलोमीटर दूर तक ऑपरेट कर सकते हैं। कैमरा 45 से 90 डिग्री घूमता है।
  • नेत्रा वी - 3 : यह ड्राेन क्यू-2 और क्यू-2सी से ज्यादा एडवांस है। एचडी कैमरा, सेंसर, चार बैटरी जिसमें प्रत्येक एक घंटा चलती है। अलग-अलग दिशाओंमें शूट करने के लिए ड्राेन काे घुमाने की जरूरत नहीं, कैमरा घूमता है। 500 मीटर ऊंचाई और 5 किलोमीटर दूर से ऑपरेट हाे सकता है।


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Now monitoring lockdown from NETRA Q-2 and V-3, clear photos from 150 meters height




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एटीएम पर संक्रमण का जोखिम...नकद निकासी के लिए सुबह-शाम 20 से अधिक ग्राहकों की आवाजाही, सैनिटाइजर की कमी

कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए लॉकडाउन .2 शुरू हुए भी तीन दिन हो चुके हैं। गली-नुक्कड़, बाजार-मॉल से लेकर चौराहों तक सावधानी बरती जा रही है, लेकिन आवश्यक सेवाओं में शामिल एटीएम काउंटरों पर संक्रमण से सुरक्षा नहीं के बराबर है। भास्कर ने शनिवार को इसकी टोह ली, क्योंकि नकद निकासी के लिए लोग इन एटीएम पर जब-तब जा रहे हैं। रिपोर्टर ने चेतक सर्कल से सुखेर तक करीब 5 किमी के अलावा साइफन, फतहपुरा, सहेली मार्ग, पंचवटी, मधुबन, कलेक्ट्रेट, देहलीगेट, सूरजपोल क्षेत्र में 30 एटीएम का जायजा लेने के लिए स्टेटमेंट निकाले। इनमें से महज 8 एटीएम ऐसे थे, जहां सैनिटाइजर की व्यवस्था मिली। बता दें कि शहर में 202 और जिलेभर में 476 एटीएम हैं। बैंक प्रबंधनों का दावा है कि सभी एटीएम और शाखाओं में सैनिटाइजर की व्यवस्था के लिए फंड जारी किया है।

शहर के 22 काउंटरों से आंखोदेखी : कहीं सुरक्षा गार्ड नहीं, जहां थे उनके पास नहीं था सैनिटाइजर
सुखेर-भुवाणा : क्षेत्र के 9 एटीएम में से इंडसइंड बैंक पर गार्ड ने हाथ सेनेटाइज करवाए। एसबीआई एटीएम पर गार्ड ने साबुन से हाथ धुलवाए। आईसीआईसीआई एटीएम पर गार्ड ने बताया कि थाेड़ी-थाेड़ी देर में एटीएम और दरवाजे काे सैनिटाइजर से साफ करते हैं।
फतहपुरा-साइफन राेड : क्षेत्र के 5 एटीएम में कहीं भी सेनेटाइजर नहीं मिला। कई जगह गार्ड भी नहीं थे। जहां थे, उन्हाेंने बताया कि सेनेटाइजर की पहले मिली बाेतल खत्म हाे चुकी है। इसके बाद नहीं मिली।
सहेली मार्ग, मधुबन, पंचवटी : क्षेत्र के 9 एटीएम में से 4 पर सैनिटाइजर मिला। सहेली राेड एसबीआई, इंडसइंड बैंक, फेडरल बैंक में गार्ड ने हाथ सैनिटाइज करवाए। चेतक एसबीआई शाखा पर हैंडवाश से हाथ धुलवाए।
कलेक्ट्री, सूरजपाेल, टाउनहाॅल राेड, देहली गेट : क्षेत्र के 7 एटीएम में से 2 पर सैनिटाइजर मिला। कलेक्ट्री के पास गार्ड ने मांगने पर हाथ सैनिटाइज करवाए। सिटी शाखा एसबीआई एटीएम पर गार्ड ने हाथ सैनिटाइज करने के बाद प्रवेश दिया। सूरजपाेल एटीएम पर गार्ड ने बताया कि सैनिटाइजर खत्म हाे चुका है। सुपरवाइजर काे बताया है।

इसलिए है जरूरी : दिनभर में कई लाेग नकद निकासी के लिए एटीएम पर पहुंचते हैं। ऐसे में एटीएम के कीपेड और दरवाजे काे कई बार छुआ जाता है। यह संक्रमण का वाहक बन सकता है। एेसे में हाथ सैनिटाइज करना बहुत जरूरी है। रियलिटी चेक के दौरान कुछ सुरक्षा गार्ड्स ने बताया कि इन दिनों लॉकडाउन के कारण दोपहर में लोगों की आवाजाही नहीं है। सुबह से 11 बजे के बीच हर एटीएम पर 25 से ज्यादा लोग आते हैं। शाम को मामूली आवाजाही रहती है।



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Risk of infection at ATMs ... More than 20 customers in the morning and evening for cash withdrawal, lack of sanitizer




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राजस्थान में कोरोना संक्रमण का एपिसेंटर रहे भीलवाड़ा में अब एक भी संक्रमित नहीं, 28 में से 26 ठीक हुए, दो की मौत

राजस्थान में कोरोना का एपिसेंटर रहे भीलवाड़ा में अब एक भी संक्रमित व्यक्ति नहीं बचा है। यह जानकारी भीलवाड़ा कलेक्टर राजेंद्र भट्ट ने दी। उन्होंने बताया कि यहां भर्ती दो रोगी ठीक हो चुके हैं। भीलवाड़ा में अब तक 28 केस आए थे, जिनमें से 26 ठीक हो गए जबकि 2 की मौत हो गई।

7दिन से कोई रिपाेर्ट पाॅजिटिव नहीं

17 अप्रैल को रात 9बजे तक की रिपोर्ट के अनुसार जिले में 5129 सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जा चुके हैं। अब रैंडमसैंपलिंग चल रही है। 10 अप्रैल से लेकर अब तक जिले में किसी की भी रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं आई है।वहीं,24मरीज जो ठीक होकर घर जा चुके हैं, उन्हें भी 14 दिन होमक्वारैंटाइन रखा जाएगा।

भीलवाड़ा मॉडल जिसकी चर्चा

  • कलेक्टर राजेंद्र भट्ट ने राज्यसरकार के किसी सरकारी आदेश का इंतजार किए बगैर ही जिले की सभी सीमाओं को 20 चेकपोस्ट बनाकर सील कर दिया। राशन सामग्री की सप्लाई सरकारी स्तर पर करने और जिले के हर व्यक्ति की स्क्रीनिंग का फैसला किया।
  • संक्रमण बांगड़ हाॅस्पिटल से फैला इसलिए सबसे पहले यह पता किया यहां कहां-कहां के मरीज आए। सूची निकलवाई ताे पता चला कि 4 राज्यों के 36 और राजस्थान के 15 जिलाें के 498 मरीज थे। इन सभी जिलाें के कलेक्टर काे एक-एक मरीज की सूचना दी।
  • छह पाॅजिटिव केस मिलते ही भीलवाड़ा में कर्फ्यू लगा दिया ताकि लोग घरों में रहें। बांगड़ अस्पताल में आने वाले मरीजों की स्क्रीनिंग शुरू की। जिले में आने वाले सभी 20 रास्ताें पर चेक पाेस्ट बनाकर सीमाएं सील कर दीं ताकि काेई बाहर न जा सके।
  • छह हजार टीमें बनाकर25 लाख लोगों की स्क्रीनिंग शुरू करा दी। करीब 18 हजार लोग सर्दी-जुकाम से पीड़ित मिले। 1215 लाेगाें काे हाेम आइसाेलेट करके वहां कर्मचारी तैनात किए। करीब एक हजार संदिग्धों काे 20 हाेटलों में क्वारैंटाइन किया।
  • नगर परिषद काे शहर के 55 ही वार्डाें में दाे-दाे बार हाईपाे क्लाराेड 1%के छिड़काव की जिम्मेदारी दीताकि संक्रमण फैल न सके।
  • लाेगाें काे परेशानी नहीं हाे इसलिए सहकारी उपभाेक्ता भंडार से खाद्य सामग्री की सप्लाई शुरू कर दी। राेडवेज बस बंद करवा दी। दूध सप्लाई के लिए डेयरी काे सुबह-सुबह दाे घंटे खाेला गया। हर वार्ड में हाेम डिलीवरी के लिए दाे-तीन किराना की दुकानाें काे लाइसेंस दिए। कृषि मंडी काे शहर में हर वार्ड के अनुसार सब्जियां और फल सप्लाई के लिए लगाया और यूआईटी काे कच्ची बस्तियाें में सूखी खाद्य सामग्री सप्लाई की जिम्मेदारी दी।


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तस्वीर भीलवाड़ा की है। जहां के एमजी अस्पताल में गुलाब देकर आखिरी बचे दो लोगों को डिस्चार्ज किया गया।




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कुआं धंसने से मलबे में दबे 12 साल के मासूम की मौत, 24 घंटे बाद निकाला जा सका शव

कुआं धंसने से शनिवार रात मासूम की माैत हाे गई। कुआं धसने से मासूम मलबे में दब गया। 24 घंटे की मशक्कत के बाद शव को निकाला जा सका। शव का पोस्टमार्टम कर परिजन काे साैंप दिया गया। हादसा जूनापादर के पुनावली गांव में हुआ। हादसे में पुनावली निवासी 12 वर्षीय पूनाराम पुत्र लाता गमार की मौत हुई। जानकारी के अनुसार शनिवार शाम करीब पांच बजे मृतक पूनाराम को उसके पिता ने कुएं में आ रहे गंदे पानी को देखने भेजा। पूनाराम कुएं पर देखने पहुंचा। वहां लगा वाटर पंप नीचे गिर गया, जिसके साथ पूनाराम भी कुएं जा गिरा। इसके बाद चारों ओर से कुआं धंसने से मलबा अंदर गिर पड़ा। बताया गया कि करीब 10 फीट तक मलबा कुएं में मासूम के ऊपर जमा हो गया।

सूचना मिलने पर उपखंड अधिकारी मंगलाराम पूनिया, विकास अधिकारी धनपतसिंह, तहसीलदार ममता यादव, मांडवा थानाधिकारी कर्मवीरसिंह, ग्राम विकास अधिकारी दुर्जनसिंह सहित अन्य माैके पर पहुंचे। हालात का जायजा लेते हुए मौके पर मलबा हटाने के लिए जेसीबी को बुलवाया गया। पूरा दिन मेहनत के बाद शाम 5 बजे शव को निकाला जा सका। कुएं में भरपूर पानी हाेने से भी दिक्कताें का सामना करना पड़ा। एेसे में पहले पानी को खाली करना बड़ी चुनाैती रहा। पानी को खाली करने के लिए चार वाटर पंपों को कुएं में लगाया गया। पानी निकालने के बाद मलबा निकाला जा सका।



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12-year-old innocent killed in debris due to well sinking, body could be removed after 24 hours




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गुजरात से पैदल लौटे 26 मजदूर, प्रशासन ने किया क्वारैंटाइन

पंचायत समिति नयागांव के ग्राम पंचायत सरेरा से गुजरात में गेहूं कटाई करने गए 26 मजदूर रविवार को पैदल लौट आए। सूचना पर आपदा प्रबंधन की टीम मौके पर पहुंची और मजदूरी कर लौटे ग्रामीणों को की स्क्रीनिंग कर हाेम क्वारैंटाइन किया गया। गुजरात के खुमानपुर क्षेत्र में गेहूं की कटाई करने गए 11 मजदूर 60 किलोमीटर पैदल यात्रा कर सरेरा के बंबला गांव पहुंचे। वहीं रविवार को 15 मजदूर और पहुंचे। सूचना पर ग्राम पंचायत सरेरा की आपदा प्रबंधन टीम के एएनएम भावना अहारी, उपसरपंच मोहन अहारी, आशा सहयोगिनी रेखा देवी, शिक्षा विभाग की और से डोर टू डोर सर्वे कर रहे शिक्षक सुरेश कुमार, दिलीप कुमार और शिवलाल सहित टीम मौके पर पहुंची और मजदूरों की स्क्रीनिंग कर 14 दिनों के लिए होम आइसोलेट किया गया।



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26 workers returned from Gujarat on foot, administration quarantined




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एक माह से बंद सिंटेक्स मिल शुरू, 20 श्रमिकों को बुलाया, मयूर बीएमडी ने शुरू नहीं किाय काम

कोरोना संक्रमण से बचने के लिए लागू लॉकडाउन के कारण करीब एक माह से बंद उद्योगों में सोमवार को आंशिक रूप से उत्पादन शुरू हो गया। हालांकि राज्य सरकार की गाइड लाइन की पालना करते हुए मिलों में सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए श्रमिकों को सेनिटाइज्ड कर, मास्क पहनाकर और हाथ धुलाने के बाद ही प्रवेश दिया। सिंटेक्स मिल के वाइस प्रेसीडेंट कार्मिक दीपक मेनारिया ने बताया कि सोमवार से मिल में दो शिफ्टों में काम शुरू किया है। 12-12 घंटे के लिए शुरू की गई शिफ्ट में केवल 20 प्रतिशत श्रमिकों को ही बुलाया जा रहा है। मिल की कॉलोनी और शहरी क्षेत्र में रहने वाले श्रमिकों और कर्मचारियों को ही काम के लिए बुलाया जा रहा है।

वहीं आरएसडब्ल्यूएम लिमिटेड बिजनेस हेड राजीव जैन ने एलएनजे ग्रुप भीलवाड़ा की ओर सेबताया कि उद्योगों को चलाने की एडवाइजरी आने के बावजूद हमने मयूर मिल के लोधा और मोरड़ी प्लांट को बंद रखने का निर्णय लिया है। कोरोना वायरस से छिड़ी इस लड़ाई में कोई भी रिस्क लिए बना ही जिला प्रशासन और सरकार के निर्देशों की पालना करते हुए सोशल डिस्टेंसिंग, सैनिटाइजिंग का ध्यान रखते हुए हम प्लांट शुरू करेंगे। बिजनेस से हो रहे बड़े नुकसान से भी बढ़कर कोरोना वायरस मुक्त देश बनाना ही हमारा उद्देश्य है और होना भी चाहिए। जब चलाने का निर्णय आएगा तब हम लगभग 25% ही अपने प्लांट को चलाएंगे।



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Rajasthan Jaipur Coronavirus Cases Update | Rajasthan Jaipur Coronavirus (COVID-19) Cases Today Latest News; Jodhpur Bikaner Bhilwara Dausa Jaisalmer Bharatpur Banswara




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22 दिन से क्वारैंटाइन 107 मजदूर घर जाने पर अड़े, भूख हड़ताल पर बैठ गए, एसडीएम ने मनाया

पीपलखूंट के राणा पूंजा भील आश्रम छात्रावास, रानी देवली मीणा बालिका आश्रम छात्रावास में क्वारेंटाइन में रखे एमपी के 107 मजदूराें ने मंगलवार काे घर भेजने की मांग करते हुए सांकेतिक भूख हड़ताल कर दी। हालांकि सूचना पर पीपलखूंट एसडीएम सहित चिकित्सा अधिकारी मौके पर पहुंचे और समझाइश कर इन्हें पोहे खिलवाए। लेकिन मजदूर घर जाने पर अड़े हुए हैं और बुधवार से भूख हड़ताल की चेतावनी दे रहे हैं। इन श्रमिकाें काे 30 मार्च से पीपलखूंट प्रशासन ने क्वारैंटाइन कर रखा है। सभी मजदूर रतलाम जिले की बाजना तहसील के संगेचरा के आसपास के गांवों के हैं। जो राजस्थान सीमा के नजदीक है। करीब 22 दिन बीत के बाद अब ये अपने घर जाने की जिद करने लगे हैं। वर्तमान स्थिति के अनुसार प्रदेश से बाहरी राज्यों में तो दूर एक से दूसरे जिले में लोगों को जाने की मनाही है। ऐसे में राज्य से बाहर भेजने की इनकी यह जिद प्रशासन, चिकित्सा, पुलिस को परेशानी में डाल रही है।
प्रशासन ने पीपलखूंट के दो अलग-अलग छात्रावास में इन 107 मजदूरों को क्वारेंटाइन किया हुआ है। हालांकि क्वारेंटान की सीमा भी 28 दिन की है जबकि इन्हें अब तक 22 दिन हुए हैं। परिसर में बाहर आकर भूख हड़ताल की चेतावनी देने पर पीपलखूंट एसडीएम दिनेश मंडाेवरा मौके पर पहुंचे और समझाइश से सभी की भूख हड़ताल तुड़वाते हुए पोहे खिलवाए, लेकिन दोपहर तक वे बाहर ही बैठे रहे।



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Quarantine 107 workers adamant on going home for 22 days, sat on hunger strike, SDM observed




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जोधपुर से 21 मजदूर पैदल चलकर धरियावद आए,जांच के बाद सभी के रहने की व्यवस्था की गई

सोमवार रात्रि को जाेधपुर-पाली से 21 मजदूर पैदल-पैदल धरियावद पहुंचे। उपखंड अधिकारी हेमंत कुमार, डीएसपी अरविंद विश्नाेई के नेतृत्व में सीआई भगवानलाल मेघवाल ने सभी मजदूरों के ठहरने की व्यवस्था की। चिकित्सा प्रभारी डॉ. अवधेश बैरवा के नेतृत्व में टीम ने सभी की जांच की। इसके बाद उन्हें भाेजन करवाया। ये सभी मजदूर बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ तहसील क्षेत्र के निवासी हैं, जाे लॉकडाउन होने के पश्चात खाना पानी की व्यवस्था नही होने पर अपने घर के लिए पैदल ही चल पड़े। लॉकडाउन तोड़ने और सोशल डिस्टेंसिंग की पालना नहीं करने के आरोप में मुख्य बाजार स्थित कपड़ा व्यापारी सुनील कुमार भाेपावत काे पकड़ा। माॅडीफाइड लाॅकडाउन की पालना कराने के लिए पुलिस काे खासी मशक्कत करनी पड़ रही है।



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शराब बेचने और खरगाेश पकाने के आराेप में चार गिरफ्तार, 21 हजार रुपए जुर्माना भी लगा

शहर के नाथद्वारा राेड साेमनाथ चाैराहा स्थित मातेश्वरी हाेटल में बुधवार सुबह छापा मार कर करीब 20 हजार रुपए की अंग्रेजी शराब और खरगाेश पकाते हुए चार युवकाें काे गिरफ्तार किया। वन विभाग ने वन्यजीव शिकार की धाराओं में कार्रवाई करते हुए 21 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। आबकारी पुलिस ने चाराें काे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से जमानत पर रिहा किया। कार्रवाई एसडीएम सुशीलकुमार, जिला आबकारी अधिकारी जगदीशप्रसाद रंगा, सहायक आबकारी अधिकारी विजय जाेशी के नेतृत्व में की गइर्।
आबकारी थानाधिकारी अाेमसिंह चूंडावत ने बताया कि हाेटल संचालक कांकराेली निवासी दयाल टांक पुत्र शंभुलाल टांक, धाेईन्दा निवासी सुनील कुमावत पुत्र शांतिलाल कुमावत, अनिल पुत्र शांतिलाल कुमावत, गाेविंद पुत्र गाेवर्धन कुमावत काे अवैध शराब का व्यापार करते गिरफ्तार किया। आराेपी सभी लाॅकडाउन में प्रतिबंध हाेने के बाद भी हाेटल में अंग्रेजी शराब और बीयर बेच रहे थे। हाेटल की रसाेई में खरगाेश भी पका रहे थे। इस पर एसडीएम सुशीलकुमार ने वन विभाग के अधिकारियाें काे माैके पर बुलाया और कार्रवाई के निर्देश दिए। इस पर वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए हाेटल मालिक पर 21 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। चाराें काे आबकारी विभाग ने गिरफ्तार कर थाने ले गए। आबकारी विभाग ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से 70 बाेतल बीयर, 26 अद्दे, 25 पव्वे अंग्रेजी शराब के मिले थे।
लम्बे समय से शराब बेचने की आ रही थी शिकायत: एसडीएम ने बताया कि साेमनाथ चाैराहा पर अंग्रेजी शराब बेचने की लम्बे समय से शिकायत आ रही थी। इस पर मुखबीर लगाया अाैर लाॅकडाउन में प्रतिबंध हाेने के बाद भी अंग्रेजी शराब और बीयर बेचने का सत्यापन हुआताे आबकारी विभाग काे साथ लेकर छापा मारा। करीब 20 हजार रुपए की विभिन्न कंपनियाें की अंग्रेजी शराब सहित बीयर बरामद हुई।
चार गुना रेट पर बेच रहे शराब: लाॅकडाउन में शराब की दुकानें बंद हाेने पर शहर में शराब नहीं मिल रही है। ऐसे में शराब माफिया शराब का स्टाॅक निकालकर चार गुना दामाें में बेच रहे हैं। 500 रुपए में बिकने वाली शराब की बाेतल एक हजार से 1200 रुपए में बेच रहे हैं। 130 रुपए में बिकनी वाली बीयर की बाेतल 250 से 300 रुपए में बेच रहे हैं।



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Four arrested for selling liquor and cooking misdemeanors, fined 21 thousand rupees




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केवड़े की नाल में आग लगने से 200, जयसमंद अभयारण्य का 50 हैक्टेयर जंगल जलकर राख

उदयपुर-जयसमंद स्टेट मेगा हाइवे पर स्थित केवड़े की नाल के जंगल मे आग लगने से करीब 200 से अधिक हैक्टेयर क्षेत्र और जयसमंद अभयारण्य में 50 हैक्टेयर क्षेत्र जलकर राख हो गया। जानकारी के अनुसार बुधवार दोपहर के बाद केवड़े की नाल में ऊपरी क्षेत्र की पहाड़ियों में लगी आग तेज हवा के कारण गुरुवार देर शाम तक करीब 200 हैक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फैल गई। आग से घास-फूस, सूखी वनस्पति, बांस के पौधे, पक्षियों के घोंसले जलकर राख हो गए। वहीं रेंगने वाले छोटे जीवों के भी नष्ट होने की आशंका जताई जा रही है। देर शाम तक आग पर काबू पाने मे छह वनकर्मी अाैर चार ग्रामीण लगे रहे। रेंजर मोहनलाल ने बताया कि हवा के कारण आग पर काबू पाने में परेशानी हो रही है। वहीं गुरुवार दोपहर जयसमंद अभयारण्य में कस्बे के समीप स्थित पहाड़ी क्षेत्र में आग लगने से करीब 50 हैक्टेयर क्षेत्र जलकर राख हो गया।

वनकर्मियों ने आग बुझाने का प्रयास किया। मगर देर रात तक पहाड़ी धधकती रही। आग से सूखी घास-फूस और वनस्पति को नुकसान पहुंचा। जानकारी के अनुसार करीब एक पखवाड़े से जयसमंद, केवड़ा, ओडा, खारवां, वगुरूवा, सालरघाटी, झामरकोटड़ा अाैर कुराबड़ वन क्षेत्र में आग लगने से काफी नुकसान होने की संभावना जताई जा रही है। वहीं करीब 1500 हैक्टेयर से अधिक जंगल को नुकसान पहुंचा है।



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200 by fire in Kevda's place, 50 hectare forest of Jayasamand Sanctuary burnt to ashes




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चिकित्सीय सुविधाओं के लिए 21 लाख के प्रस्ताव पर सीएमएचओं ने जिला कलेक्टर काे लिखा पत्र

वल्लभनगर विधायक और प्रदेश कांग्रेस महासचिव गजेन्द्र सिंह शक्तावत ने उपखंड कार्यालय वल्लभनगर में हुई अधिकारियों की बैठक में ब्लाॅक चिकित्सा अधिकारी महेन्द्र लोहार की मांग पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी दिनेश खराड़ी ने लगभग 21 लाख के प्रस्ताव को विधायक निधि स्वीकृति के लिए जिला कलेक्टर को पत्र लिखा। ब्लाॅक अध्यक्ष सुनील कुकड़ा ने बताया कि 21 लाख की स्वीकृति में वल्लभनगर विधान सभा क्षेत्र में एक एम्बुलेंस, वेंटिलेटर, बैड, कृत्रिम वातावरण से ऑक्सीजन लेने के उपकरण और अन्य छोटे-मोटे आवश्यकतानुसार उपकरण खरीदे जाएंगे।

शक्तावत ने इसके अलावा कानोड़ चिकित्सालय में 50 बैड तक सुविधा राज्य सरकार के माध्यम से करवाई। इस माैके पर शक्तावत ने कहा की क्षेत्र में कोरोना महामारी के समय में किसी भी चीज की कमी नहीं हाेने दी जाएगी। साथ ही अन्य प्रदेशों में फंसे प्रवासियों को अपने घर वापसी काे लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट से भी वार्ता की जा रही है। शक्तावत ने कहा की कोरोना महामारी से घबराने की जरूरत नहीं है। सिर्फ सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने से प्रशासन और चिकित्सा विभाग की दी जा रही जानकारी के पालन से इसपर नियंत्रण किया जा सकता है।



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CMH wrote a letter to the District Collector on the proposal of 21 lakhs for medical facilities




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कोटा से रोडवेज बस में आए 24 छात्रों को जांच के बाद क्वारैंटाइन सेंटर भेजा गया

राज्य सरकार की अनुमति के बाद कोटा से विद्यार्थियों का आना शुरू हो गया है। शनिवार सुबह रोडवेज बस से जिले के 24 छात्र-छात्राओं को कोटा से लाया गया। इनमें 16 छात्र और 8 छात्राएं हैं। सुबह करीब 5.30 बजे बस से आए विद्यार्थियों की अस्पताल में जांच की गई। सभी को 14 दिन के लिए प्रशासन की तरफ से लेउवा पटेल धर्मशाला में बने इंस्टीट्यूशनल क्वारैंटाइन सेंटर में रखा गया है।
जिले के ये छात्र-छात्राएं प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग के लिए कोटा में थे। लॉकडाउन में कोचिंग बंद होने के बाद से विद्यार्थी उन्हें अपने घर भेजने की मांग कर रहे थे।

इस पर राज्य सरकार की तरफ से विशेष सुविधा उपलब्ध करा कर सभी छात्रों को अपने-अपने घर भेजा गया, लेकिन नियमानुसार इन्हें अगले 14 दिन इंस्टीट्यूशनल क्वारेंटाइन सेंटर में रहना होगा। विद्यार्थियों ने बताया कि शुक्रवार शाम को उनके कोचिंग सेंटर से फोन आया था कि सरकार की तरफ से घर भेजा जा रहा है, अब 14 दिन यहीं रहना होगा। शनिवार सुबह आए विद्यार्थियों में नाथद्वारा तहसील का 1, रेलमगरा के 4, राजसमंद तहसील के 14, भीम के 1 और देवगढ़ के 4 विद्यार्थी हैं। सभी की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। जांच के बाद सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए अलग-अलग कमरों में ठहराया गया। इंस्टीट्यूशनल क्वारेंटाइन सेंटर में दिन में 3 बार चाय, सुबह-शाम नाश्ता और दो बार भोजन दिया जा रहा है। वहीं मनोचिकित्सक की सलाह, योग प्रशिक्षक से स्वास्थ्यवर्धक योग भी करवाए जा रहे हैं। हाईवे किनारे लेउवा पटेल धर्मशाला में बनाए गए इंस्टीट्यूशनल क्वारेंटाइन सेंटर में शनिवार को आए 24 विद्यार्थियों से पहले 75 लोगों को ठहराया हुआ है। यहां क्वारेंटाइन लोगों की संख्या कुल 99 हो गई हैं।



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गांव में पानी की कमी से लाेग परेशान, करीब 20 घरों को नहीं मिल रहा पानी

कालीवास के दामावाड़ी में गर्मी शुरू होते ही पीने के पानी की परेशानी शुरू हो गई। गांव में एक दिन छोड़कर पानी सप्लाई की जाती है। पांतरे भी इतना कम पानी आता है कि करीब 20 घरों की आबादी को पानी नहीं मिल रहा है। कम दबाव से पानी आने पर आधा से 1 घंटे में लोगों काे पानी बराबर नहीं मिल रहा है। महिलाएं आधा किलोमीटर दूर जाकर नल से पानी लाने को मजबूर हैं। गंगाबाई, मोलाबाई, निर्मला, इंदिरा आदि ने बताया कि पेयजल की समस्या करीब 15 दिन से आ रही हैं। सप्लाई करने वाले कर्मी को शिकायत करने के बावजूद पेयजल की समस्या का समाधान नही हो रहा है। लाेगाें ने पानी की व्यवस्था सुचारू कराने की मांग की।



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Due to lack of water in the village, people are worried, about 20 houses are not getting water




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पाॅजिटिव युवक को भेजा उदयपुर, पत्नी सहित क्वारैंटाइन सेंटर के 20 अध्यापक और कर्मी आइसोलेट, 48 परिजन होम क्वारैंटाइन

करोली गांव में मिले कोरोना पॉजिटिव युवक को उदयपुर भेज दिया है। युवक को जिस क्वारेंटाइन सेंटर में रखा गया था वहां के अध्यापकों, कर्मचारियों, खाना पहुंचाने वाले कुल 20 लोगों सहित युवक की पत्नी को नाथद्वारा अस्पताल में आइसोलेट किया है। इन 20 लोगों के 48 परिजनों को भी होम क्वारेंटाइन किया है। वहीं रविवार दोपहर से स्वास्थ्य विभाग की 29 टीमों के 58 सदस्यों ने करोली सहित 3 किलोमीटर की परिधि के सभी गांवों, ढाणी और भागल के घर-घर में सर्वे शुरू किया। इधर, पाॅजिटिव युवक का मावली के थामला निवासी साला भी पाॅजिटिव आया है।
इससे पूर्व शनिवार को देर शाम करोली गांव खासकर पॉजिटिव युवक के खटीक मोहल्ले और उसके घर की गली, कुएं की हेर में सेनेटाइजर का छिड़काव किया। गांव सहित आसपास के 3 किमी क्षेत्र में कर्फ्यू लगने से करीब 11 हजार लोग प्रभावित हुए हैं।

नाथद्वारा डिप्टी रोशन पटेल के नेतृत्व में 3 थानेदार, 1 सीआई सहित 40 जवान सुरक्षा व्यवस्था देख रहे हैं। करोली और आसपास के गांव में कर्फ्यू रहने तक अब पंचायत मुख्यालय पर केन्द्र बना कर खाद्य सामग्री की घर-घर सप्लाई होगी। उल्लेखनीय है कि करौली गांव में गत 23 अप्रेल को मुंबई से आया युवक कोरोना पॉजिटिव मिला है। युवक के पॉजिटिव होने की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया था। देर रात तक करोली गांव सहित आसपास के इलाके को सील कर दिया गया। युवक के आने-जाने तक की हिस्ट्री की जांच शुरू कर दी गई। उसके क्वारेंटीन सेंटर में रुकने, सेंटर में लोगों और कर्मियों से मिलने सहित परिजनों, दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ की हिस्ट्री निकाली गई।



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Udaipur sent to positive youth, 20 teachers and personnel isolate Quarantine Center with wife, 48 family home quarantine




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28 दिन बाद कोरोना को हराकर अस्पताल से घर पहुंचे रजा कॉलोनी के भाई-बहन, परिवार के साथ हैं... लेकिन दूर-दूर

शहर की रजा कॉलोनी के भाई-बहन 28 दिन बाद मंगलवार को कोरोना को हराकर अपने घर लौट गए हैं। सुपर स्पेशियलिटी विंग में तैनात स्टाफ ने तालियां बजाकर भाई-बहन का स्वागत किया। दोनों ने ही थैंक्स डॉक्टर्स बोलकर कोरोना वॉरियर्स का आभार प्रकट किया। इनकी नर्स ताई और ताऊ अभी-भी कोरोना वायरस से जंग लड़ रहे हैं, जिनकी पॉजिटिव होने की वजह से छुट्टी नहीं हो सकी। भाई-बहन 14 होम क्वारेंटाइन में रहेंगे।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को दल जैसे ही भाई-बहन को घर लेकर पहुंचा तो देखते ही मां की आंखों से खुशी के आंसू टपकने लगे, लेकिन एहतियात के तौर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया गया और मां अपने बेटे-बेटी को गले नहीं लगा सकी। मंगलवार काे कुशलगढ़ के भी 6 रोगियों को कोरोना पॉजिटिव से निगेटिव होने के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया है। सीएमएचओ डॉ. दिनेश खराड़ी ने बताया कि पॉजिटिव मिली एमबी अस्पताल के कोरोना निगेटिव वार्ड प्रभारी न्यू भूपालपुरा के पन्ना विहार निवासी 55 वर्षीय नर्स के क्लोज कॉन्टैक्ट में आने वाले 4 साल के दोहते, डायबिटीज पेशेंट पति, पारस जेके हॉस्पिटल के तीन मेल नर्स सहित सभी आठों संदिग्धों की रिपोर्ट निगेटिव आई है।
राहत : उदयपुर के 39 संदिग्ध निगेटिव निकले हैं, निम्बाहेड़ा का युवक तीसरे दिन भी वेंटिलेटर पर
सीएमएचओ डॉ. दिनेश खराड़ी ने बताया कि उदयपुरा के 39 लोगों संदिग्धों की जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई है। थामला के अलावा तीसरा सिंदू निवासी युवक की दो जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई है। नर्स के सम्पर्क में आए 8 संदिग्धों सहित मावली युवक के सम्पर्क में आई उसकी मां व बहन को भी नेगेटिव रिपोर्ट आने के बाद ओटीसी में क्वारेंटाइन कर दिया है। अहमदाबाद में पॉजिटिव पाए गए सलूंबर के बस्सी जूझावत गांव के 15 वर्षीय किशोर की दोनों रिपोर्ट देर रात को नेगेटिव आईं। एमबी अस्पताल अधीक्षक डॉ. आरएल सुमन ने बताया कि निम्बाहेड़ा का युवक तीसरे दिन भी वेंटिलेटर पर भर्ती है। अब इसकी पत्नी और 15 साल की बेटी को भी भर्ती करा दिया गया है। हालांकि उदयपुर के हार्ट पेशेंट की सांस में परेशानी के चलते मौत हो गई, जिसकी डेड बॉडी मोर्चरी में रखा दी गई है, जांच रिपोर्ट कोरोना निगेटिव आने के बाद ही डेडबॉडी परिजनों को सौंपी जाएगी।



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Raza Colony's siblings, who arrived home from the hospital after beating Corona 28 days later, are with the family ... but far away




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29 दिन से क्वारेंटाइन मध्यप्रदेश की बाजना तहसील के 107 मजदूरों को छोड़ा

कोराना वायरस महामारी के चलते लॉकडाउन के दौरान जयपुर से अपने घर लौट रहे मध्यप्रदेश के बाजना संगेचरा अाैर राजस्थान के कुशलगढ़ के 130 लोगों को रोडवेज बसों से जाते समय बांसवाड़ा जिले की खमेरा थाना पुलिस ने पीपलखूंट माही नदी के पार बसों से उतारकर पीपलखूंट थाना सर्कल मे भेज दिए था। पीपलखूंट प्रशासन द्वारा इन लोगों को 30 मार्च से राणा पूंजा भील बालक आश्रम छात्रावास अाैर रानी देवली मीणा बालिका आश्रम छात्रावासों मे क्वारेंटाइन किया गया। इनमें से कुशलगढ़ के 107 लोगों को राजस्थान सरकार के आदेशानुसार छोड़ दिया गया। गौरतलब है कि पूर्व में मध्यप्रदेश के मजदूरों को केन्द्र सरकार के आदेश नहीं मिलने पर 107 मजदूरों ने घर जाने के लिए भूख हड़ताल की थी। पीपलखूंट एसडीएम द्वारा समझाकर भूख हड़ताल तुड़वाई थी। 29 दिन बाद तीन बसों के साथ हर बस मे एक कांस्टेबल व एक इंचार्ज को साथ में भेजा गया।



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107 workers of Bajna Tehsil of Quarantine Madhya Pradesh left since 29 days




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आरके अस्पताल से 24 और नाथद्वारा से 28 सैंपल जांच के लिए भेजे, अब तक 590 सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव

कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए चिकित्सा विभाग मुस्तैद हो गया है। बाहर से आने वाले प्रवासियों के स्वास्थ्य जांच के साथ ही लगातार सैंपल लिए जा रहे हैं। आरके अस्पताल से बुधवार को 24 और नाथद्वारा अस्पताल से 28 संदिग्ध लोगों के सैंपल लेकर उदयपुर भेजे गए हैं। गौरतलब है कि नाथद्वारा के पास कराेली गांव के मुंबई से आए युवक में कोरोना पॉजिटिव होने के बाद उसके संपर्क में आए परिजनों और साथ में ट्रक में सफर करने वाले सभी लोगों के सैंपल जांच किए जा चुके हैं। सभी के सैंपल निगेटिव अाए हैं। सीएमएचओ डॉ. जेपी बुनकर ने बताया कि जिले से अब तक 724 संदिग्ध लोगों के सैंपल लिए जा चुके हैं। इनमें से करौली गांव के एक युवक का पॉजिटिव आया था, जबकि 590 लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। 134 लोगों की रिपोर्ट आना अभी शेष है। रेपिड रिस्पांस टीम की तरफ से डिप्टी सीएमएचओ डॉ. राजकुमार खोलिया और एपिडिमोलॉजिस्ट डॉ. हरीश कुमार लगातार रेंडम सैंपल ले रहे हैं। फरारा में 40 और देवगढ़ के पास पार्टी डांगली में 41 रेंडम सैंपल लिए गए। आरके अस्पताल के पीएमओ डॉ. ललित पुरोहित ने बताया कि आरके अस्पताल से 24 नए संदिग्ध रोगियों के सैंपल लिए हैं जबकि चार पुराने रोगियों के रिपीट सैंपल लिए हैं। आरके अस्पताल में 30 मरीज जबकि नाथद्वारा अस्पताल में 60 संदिग्ध मरीज आइसोलेशन में भर्ती है। 252 रोगी होम आइसोलेशन में है।
सांचौर से 50 प्रवासियों को लाए, संबंधित पंचायताें के क्वारेंटाइन सेंटर भेजा : प्रवासियाें की घर वापसी के निर्देश के बाद जिला प्रशासन बाहर से आने वाले प्रवासियों के लिए क्वारेंटाइन सेंटर में व्यवस्थाओं के लिए जुट गया है। मंगलवार देर रात जालौर जिले के सांचौर क्षेत्र से आए 50 प्रवासियों को राजसमंद लाया गया। जालौर जिला प्रशासन की तरफ से ही उनके लिए बसों का प्रबंध किया था। देर रात को प्रवासियों के राजसमंद आने के बाद उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इसके बाद उन्हें अपनी-अपनी पंचायताें में क्वारेंटाइन सेंटर पर भेज दिया गया। जहां उन्हें 14 दिन के लिए रखा जाएगा।
एसडीएम सुशील कुमार ने बताया कि प्रवासियाें में रेलमगरा, भीम आदि क्षेत्र के लाेग हैं। गौरतलब है कि मंगलवार सुबह भी गुजरात बॉर्डर पर फंसे 79 प्रवासियों को राजसमंद लाया गया था।



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24 samples sent from RK Hospital and 28 from Nathdwara for investigation, so far 590 sample reports are negative




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अपने 2 बच्चों के साथ गांव में घुसी पैंथर को ग्रामीणों ने दौड़ाया, एक शावक पहाड़ियो में छिपा, वन विभाग ने मां और एक शावक को ट्रेंकुलाइज कर जंगल में छोड़ा

(मनीष पुरोहित)। बड़ा भाणुजा ग्राम पंचायत में गुरुवार को एक मादा पैंथर अपने दो शावकों के साथ आबादी क्षेत्र में आ गई। पैंथर के आबादी क्षेत्र में आने से ग्रामीणों में हलचल मच गई। लोग लकड़ियां लेकर उनके पीछे भागने लगे।

इससे एक शावक खेतो में होकर पहाड़ी की तरफ भाग गया और एक शावक आबादी के पास खेतों में घायल होकर गिर गया। उदयपुर से पहुंची रेस्क्यू टीम मादा पैंथर व एक शावक को ट्रेंकुलाइज कर राजसमन्द लेकर गई जहां उनका स्वास्थ्य परीक्षण करवाकर वन क्षेत्र में छोड़ दिया। ट्रेंकुलाइज किए मादा पैंथर की उम्र चार वर्ष व मादा शावक की उम्र करीब एक वर्ष बताई जा रही है।

बड़ा भाणुजा में अस्पताल के पीछे की पहाड़ियों से एक मादा पैंथर अपने दो शावकों के साथ आबादी क्षेत्र में आ गई। सुबह बाड़े में काम कर रही महिलाओं ने पैंथर को देख हल्ला मचाना शुरू कर दिया। थोड़ी ही देर में बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए और तेंदुए और शावकों के पीछे लकड़िया लेकर दौड़ने लगे। इससे एक शावक जंगल की तरफ भाग गया और पैंथर आबादी क्षेत्र में होते हुए एक एक कमरे की खिड़की में घुस गई। मकान मालिक ने पैंथर को खिड़की में घुसते देख कमरे का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया। वहीं एक शावक के पीछे ग्रामीण दौड़ते हुए उसे जंगल की तरफ ले गए। कुछ दूरी पर शावक झाड़ियों के बीच घायल होकर गिर गया।

ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी जिस पर राजसमंद डीएफओ फतेह सिंह, सहायक वन संरक्षक विनोद कुमार राय, नाथद्वारा रेंजर मोहम्मद इस्माइल शेख, वनपाल राजेश कुमार मेहता, वनरक्षक रामचंद्र पालीवाल, वनपाल रतनलाल, सहायक वनपाल लोकेंद्र सिंह, वनरक्षक नंद लाल गमेती, शंभू नाथ वहां पहुंचे और कमरे में बंद पैंथर को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया।

पिंजरे में कुत्ते को बिठाकर पैंथर को पकड़ने की कोशिश की लेकिन वह बाहर नहीं आई। इसके बाद डीएफओ फतेह सिंह झाड़ियों में फंसे शावक के वहा पहुंचे। शावक झाड़ियों में फंसा हुआ था। शावक को पकड़ने जैसी स्थिति नहीं होने से डीएफओ ने उदयपुर के शूटर को सूचना दी। करीब डेढ़ घंटे बाद उदयपुर से शूटर डीपी शर्मा, वनरक्षक जितेंद्र सिंह, लाल सिंह, शैलेन्द्र सिंह मौके पर पहुंचे और शावक को ट्रेंकुलाइज किया। ट्रेंकुलाइज करने के करीब 30 मिनिट बाद भी शावक ने झाड़ियों में हलचल शुरू कर दी। उसे फिर ट्रेंकुलाइज किया गया। वन विभाग की टीम ने शावक को झाड़ियों से निकाल पिंजरे में डाल दिया।

पैंथर को ट्रेंकुलाइज करते वन विभाग के कर्मचारी।

फिर वन विभाग की टीम मकान के कमरे में फंसी पैंथर को पकड़ने के लिए गांव में गई। कमरे के गेट पर छेद कर कर पैंथर को देखा और उसे भी ट्रेंकुलाइज किया। शरीर में दवाई के जाने के करीब 30 मिनिट बाद वह खुद ही बाहर आकर पिंजरे में कैद हो गई। वन विभाग ने पिंजरे को बंद कर दिया। दोनों का पशु चिकित्सक डॉ कुल्दीप कौशिक ने स्वास्थ्य परीक्षण किया। वन विभाग की टीम दोनों को राजसमन्द ले गई जहां एक बार ओर स्वास्थ्य परीक्षण करवाकर शावक व उसकी मां को जंगल मे छोड़ दिया गया।



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पिंजरे में बंद पैंथर। मां और शाव को जंगल में छोड़ दिया गया।




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लॉकडाउन के दौरान 20 लीटर अवैध देशी हथकढ़ शराब और एक लाख की अवैध मिराज तम्बाकू बरामद, पांच गिरफ्तार

लॉकडाउन और धारा 144 के तहत दिवेर पुलिस ने नाकाबंदी के दाैरान एक लाख की अवैध मिराज तंबाकू ले जाते और 20 लीटर अवैध देशी हथकड़ शराब पकड़ी। थानाधिकारी लक्ष्मणसिंह चुंडावत ने बताया कि एएसआई नारायण सिंह की टीम ने बुधवार रात थाने के सामने नाकाबंदी कर रखी थी। इस दाैरान गौमती की तरफ से आ रही एक कार को रुकवा चैक किया तो कार में 5 कार्टन
में भरे 4200 मिराज तम्बाकू की पुड़िया भरी पाई गई, जिसकी लॉकडाउन के दौराने बाजार कीमत एक लाख रुपए बताया गया है। अवैध मिराज तम्बाकू व कार को जब्त किया। कार में सवार देवगढ़ निवासी रईस मोहम्मद पुत्र शफी मोहम्मद और अमीर साेहेल पुत्र साेहेल मोहम्मद काे गिरफ्तार किया।
इसी प्रकार गुरुवार काे हैड कांस्टेबल रामेश्वरलाल की टीम ने टोकरा रोड बांसाबारी जाने वाले रास्ते पर एक मोटर साइकिल पर बैठे मुकेश सिंह पुत्र नारायणसिंह रावत निवासी देवपुरिया थाना दिवेर अाैर राजपाल सिंह पुत्र किशन सिंह रावत निवासी देवपुरिया थाना दिवेर एक जरीकेन में 10 लीटर अवैध देशी हथकढ़ शराब ले जाते पकड़ा। शराब जब्त कर हर दोनों को गिरफ्तार किया अाैर न्यायालय में पेश किया, जहां से दाेनाें काे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया। हेड कांस्टेबल बलूराम की टीम ने कमेरी के पास धर्मनाथ पुत्र हमीरनाथ निवासी कमेरी थाना दिवेर को अवैध रूप से 10 लीटर देशी हथकढ़ शराब ले जाते पकड़ा। शराब जब्त कर अाराेपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जिसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया।



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During lockdown, 20 liters of illegal country handcuffs and one lakh illegal mirage tobacco recovered, five arrested




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जिलेभर में अब तक 428 सैंपल में से 387 आए निगेटिव, 39 की रिपाेर्ट आना बाकी, स्क्रीनिंग और डोर टू डोर सर्वे जारी

कोरोना के खिलाफ लड़ाई में लगे कोरोना वारियर की भी अब लगातार स्क्रीनिंग और जांचे की जा रही है। ताकि सुरक्षा की इस दीवार में कहीं सेंध न हो जाए। राज्य सहित भारत में पिछले दिनों में सुरक्षा कर्मियों, चिकित्साकर्मियों में भी कोरोना के लक्षण सामने आए थे। कोरोना के खिलाफ इस युद्ध में इन लोगों को अपनी जान तक गंवानी पड़ी थी। इसलिए जिले में अब सुरक्षा की दीवार में लगे प्रहरियों के स्वास्थ्य की भी लगातार जांचे की जा रही है।
चिकित्सा विभाग के साथ पैरा मेडिकल और नॉन मेडिकल स्टाफ मिलकर कोरोना के खिलाफ युद्ध में लगे हुए हैं। स्क्रीनिंग, डोर टू डोर सर्वे, मोबाइल ओपीडी से कोरोना को हराने के लिए कोशिशें तेज की गई है। बाहर से आने वालों पर भी चिकित्सा विभाग लगातार नजर रखे हुए है। अरनोद में शुक्रवार को पुलिसकर्मियों और खुद स्वास्थ्य कर्मियों की स्क्रीनिंग के साथ ही बाहर से आए मजदूरों के स्वास्थ्य की जांच और स्क्रीनिंग की गई।

मोबाइल ओपीडी के सहयोग से लॉकडाउन में घरों में रह रहे लोगों की मेडिकल जांच की जा रही है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. वीके जैन ने बताया कि अब तक जिले में 428 लोगों के सैंपल कोरोना जांच के लिए भेजे गए। इनमें से 387 की रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है जबकि 39 की जांच रिपोर्ट आना बाकी है। होम क्वारेंटाइन इन लोगों की संख्या अब बढ़कर 1033 हो गई है। इंस्टीट्यूशनल क्वारेंटाइन की संख्या 26 है।



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So far, 387 out of 428 samples in the district have come negative, 39 reports are yet to come, screening and door to door survey continue




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क्वारैंटाइन में 14 दिन पूरे होने पर जांच के बाद 2 युवकों को घर भेजा गया

ग्राम पंचायत मचींद के राउमावि में बने क्वारेंटाइन सेंटर में 2 युवकों को 14 दिन पूरे होने पर शुक्रवार को चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनजीत सिंह ओला, मेल नर्स नरेंद्र यादव, फार्मासिस्ट कमलेश श्रीमाली, पीईईओ अनिता दैया की मौजूदगी में स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। दोनों युवकों को डिस्चार्ज कर घर में रहने की हिदायत दी गई।



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On completion of 14 days in Quarantine, after investigation, 2 youths were sent home.




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गरीबों का हक मार रहे हैं सरकारी कर्मचारी, उठा रहे 2 रुपए किलो वाला गेहूं

राज्य सरकार की ओर से खाद्य सुरक्षा योजना गरीबों के लिए चलाई गई है ताकि वे अपना गुजारा कर सकें, लेकिन इसके विपरीत इस योजना का फायदा सरकारी कर्मचारी और अधिकारी, पेंशनर उठा रहे हैं, जिनके किसी बात की कमी नहीं है। ऐसा ही मामला कुंभलगढ़ उपखंड क्षेत्र में प्रशासनिक सर्वे में सामने आया है। यहां आयुर्वेद विभाग उदयपुर के उपनिदेशक से लेकर 115 सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के नाम इस योजना में शामिल हैं।
सरकार ने गरीबाें काे राहत देने के लिए खाद्य सुरक्षा याेजना चलाई, जिसमें उन्हें 2 रुपए किलाे गेहूं दिया जाता है। खाद्य सुरक्षा के तहत गरीबों का गेहूं पात्र लोगों को देने के लिए पंचायतवार उचित मूल्य की दुकान पर वितरण किया जाता है, लेकिन इस योजना में पंचायत के कई गरीब परिवार आज भी नाम नहीं होने से वंचित हैं और उन्हें अपने घर गुजारे के लिए बाजार से ऊंचे दामों में गेहूं खरीदना पड़ रहा है। वहीं सरकारी कर्मचारियों के साथ उच्च अधिकारी भी इस योजना का फायदा उठा रहे हैं। हाल ही में प्रशासन ने पंचायत वार कराए सर्वे में अपात्र लोगों की सूची बनाई, जिसमें सरकारी कर्मचारी भी इस योजना में पात्र बन कर गेहूं उठाते पाए हैं। इनमें से कई केवल पात्रता सूची में अपना नाम अंकित कराने के बाद शर्म के मारे गेहूं नहीं उठा रहे हैं।
प्रशासन के सर्वे में सामने आया कि 52 विभिन्न पद पर सरकारी कर्मचारी, 32 पेंशनर और 31 ऐसे परिवार जिनके सदस्य सरकारी नौकरी में हैं उनके नाम भी इस योजना में शामिल हैं। आश्चर्य की बात है कि समीचा पंचायत की खाद्य सुरक्षा सूची में राजसमंद आयुर्वेद विभाग के उपनिदेशक हीरालाल पानेरी का नाम भी आया है। सर्वे की सूची में शिक्षा विभाग के सबसे ज्यादा 34 नाम आए हैं, जिसमें कहीं सैकंड ग्रेड अध्यापक भी शामिल हैं। वहीं पंचायतीराज के 4 कार्मिक, डाक विभाग के 3, चिकित्सा विभाग के 3, बैंक के 2, पीडब्ल्यूडी, पीएचडी, आबकारी, पशुपालन, जीवन बीमा विभाग के एक-एक कार्मिक भी गेहूं उठा रहे हैं। वहीं 32 पेंशनर के साथ 31 ऐसे परिवार के मुखिया भी खाद्य सुरक्षा के गेहूं उठा रहे हैं, जिनके राशन कार्ड में परिवार के सदस्य सरकारी नौकरी में तैनात हैं।
एसडीएम परसाराम टांक ने बताया की ऐसे सरकारी कर्मचारियों की सूची बनाकर जिला प्रशासन को सौंप दी है, जो लंबे समय से सरकारी नौकरी में होते हुए भी खाद्य सुरक्षा के गेहूं उठा रहे हैं। उन्होंने बताया की इन सभी कर्मचारियों से उठाए गेहूं के 27 रुपए किलो के हिसाब से रिकवरी की जाएगी।



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कुंभलगढ़ पंचायत के सेंटरों पर अव्यवस्था, 327 प्रवासी पहुंचे, बोले- खाना बेकार, यहां रहे तो बीमार हो जाएंगे

यहां सीएचसी पर 2 दिन से प्रवासियों के आने का क्रम बना हुआ है। शुक्रवार को यहां सूरत, गुजरात से परिवार सहित 127 लोग आए, जिन्हें अपने-अपने पंचायतों के क्वारेन्टाइन सेंटरों पर भेज दिया। शनिवार दोपहर 3 बजे तक प्रवासियों के परिवारों के साथ कुल 200 लोग सीएचसी पहुंचे और जांच व स्क्रीनिंग की गई। ज्यादातर लोग कड़िया,संदूको का गुड़ा, ओडा, कांकरवा क्षेत्र से हैं। कड़िया राउमावि के क्वारेन्टाइन सेंटर पर अव्यवस्थाओं का आलम है।

यहां पर फर्श पर गद्दे बिखरे पड़े हैं। बेड़ नहीं हैं। यहां आए सूरत के करीब 70 लोगों का कहना है कि हम अब तक तो सही सलामत हैं पर यहां 14 दिन रहे तो जरूर बीमार पड़ जाएंगे। खाने को सूखी रोटी, बेकार सब्जी मिली है। लोगों के बीच मात्र एक शौचालय है जो गंदा है, एक भी व्यवस्था ठीक नहीं हैं। हम इसी गांव के रहने वाले हैं हमारे घर में बंद करके सरकार चाबी ले लेवे। हम बाहर नहीं निकलेंगे। हमने सब जगह पर जांच करवाई हैं। दाहोद गुजरात से आए परिवार का कहना है कि हमें 28 दिन दाहोद में क्वारेन्टाइन किया हमारे पास सर्टिफिकेट है वहां के कलेक्टर का। हमें व्यवस्था नहीं दे सकते तो घर में होम आइसोलेट करवा दो। केलवाड़ा के अंबेडकर छात्रावास में 6 पुलिस के जवान सहित केलवाड़ा तहसील का कर्मचारी क्वारेन्टाइन किया हैं।



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Chaos at Kumbhalgarh Panchayat centers, 327 migrants arrived, said - food is useless, if you stay here you will get sick




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अब सुबह 6 से दोपहर 2 बजे तक आवश्यक वस्तुओं के साथ मोबाइल, चश्मे, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक की दुकानें खुलेंगी

राजसमंद जिला ऑरेंज जोन में होने से अब मॉडिफाइड लॉकडाउन में राज्य व केंद्र सरकार के निर्देशानुसार कलेक्टर अरविंद कुमार पोसवाल ने कहा कि शहर में इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक, मोबाइल, चश्मा, स्टेशनरी, डेयरी, सीमेंट, निर्माण सामग्री, किराना और खाद्यान्न की दुकानें प्रतिदिन सुबह 6 से 2 बजे खुली रहेंगी। इसके साथ ही शराब की दुकानें राज्य सरकार द्वारा निर्धारित समय के अनुसार ही खुलेंगी। होम डिलीवरी पूर्व की भांति नियमित जारी रहेगी। दुकानदार और ग्राहक को मास्क पहनना अनिवार्य होगा।
रविवार दोपहर ढाई बजे जिले के विभिन्न व्यापारिक संगठनों की राजसमंद एसडीएम, राजसमंद बीडीओ भुवनेश्वर सिंह चौहान ने बैठक ली। बैठक में कपड़ा एसोसिएशन के दीपक जैन कपड़े के व्यापारियों को भी छूट देने की मांग की। एसडीएम ने कहा कि इस प्रकार की दुकान खोलने के लिए राज्य, केेंद्र सरकार से एडवाइजरी जारी नहीं हुई। ज्वैलर्स व्यापारी नवीन चोरडिय़ा ने कहा कि छोटे ज्वैलर्स जो आभूषण बनाते हैं उनको भी एक दिन छोड़कर दूसरे दिन दुकान खोलने की अनुमति देनी चाहिए।

जनरल मर्चेंट के लोकेश बाफना ने कॉसमेटिक, जनरल सामग्री, शूज आदि व्यापारियों को भी राहत देने की मांग की। बर्तन व्यापारी एसोसिएशन के नंदलाल पूर्बिया ने बर्तन के व्यापरियों को भी छूट देने की मांग की। प्रशासन ने बर्तन की दुकान नहीं खोलने की बात कही। राजनगर व्यापार महासंघ के अध्यक्ष प्रहलाद वैष्णव ने सभी प्रकार के दुकानों को एक दिन छोड़कर दूसरे दिन खोलने की मांग रखी। कांकरोली खाद्यान्न व्यापार मंडल के अध्यक्ष राकेश पूर्बिया ने भी दुकान खोलने का समय बढ़ाने की मांग की। बताया कि सुबह छह बजे दुकानें नहीं खुलती है। 6 से 11 बजे तक का समय बहुत कम होता है। इसको बढ़ाना चाहिए। जिला खाद्यान्न व्यापार मंडल अध्यक्ष प्रकाश जैन भी पूरे जिले में खाद्यान्न व्यापारियों का समय बढ़ाने की मांग रखी। बेकरी व्यापारी गोपाल परियाणी ने भी बेकरी आदि को भी प्रतिदिन खोलने की मांग रखी। इसके बाद एसडीएम ने रविवार शाम को कलेक्टर से चर्चा करके राहत देने का आश्वासन दिया था।



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Now mobile, glasses, electrical, electronic shops will open with essential items from 6 am to 2 pm




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राजसमंद में रेड जोन एरिया से प्रवासियों का आना जारी, आरके में 12 नए संदिग्ध भर्ती किए गए

जिले में रेड जोन एरिया से लोगों की आवाजाही लगातार बनी हुई है। ऐसे में जिला अभी ऑरेंज जोन में है, जबकि प्रशासन ने रेड जोन एरिया से प्रवासियों को नहीं आने देने के लिए पाबंद कर रखा था। इसके बावजूद लगातार मुम्बई, दिल्ली और जयपुर रेड जोन एरिया से आने वाले प्रवासियों की जिले में संख्या बढ़ रही है। आरके अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में रविवार को 12 नए संदिग्ध आने के साथ ही 24 संदिग्ध मरीज भर्ती हैं। इनमें से 8 संदिग्धों के सैम्पल उदयपुर भेजे गए। वहीं नाथद्वारा अस्पताल में 29 संदिग्ध भर्ती हैं। इसमें एक संदिग्ध रविवार को भर्ती हुआ है। वहां से कोई सैंपल उदयपुर नहीं भेजा गया।
रविवार को मुम्बई से आया पाली निवासी युवक (20), रेड जोन एरिया दिल्ली से आया भीम निवासी युवक (20), देवगढ़ पिपली नगर निवासी दो भाई, पत्नी, बच्ची- पति (30), पत्नी (24), बच्ची (2), भाई (28) सूरत से आए, एक युवक पिपली नगर निवासी भी सूरत से आया, भीलवाड़ा जिले के गंगापुर निवासी युवक (20) रविवार को सूरत से आया, चार युवक अलग-अलग जगहों से भीम आए, इसें दो युवक (30), (33) रविवार को सूरत से आए, एक युवक (19) रेड जोन एरिया जयपुर से रविवार को आया और एक युवक (23) को सर्दी जुकाम की शिकायत पर आरके अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करवाया गया। शनिवार को 35 सैम्पल भेजे गए थे, सभी निगेटिव आए हैं।
जिले में अब तक 943 सैंपल लिए : जिलें में कोरोना रोकथाम के लिए चिकित्सा विभाग ने अब तक कुल 943 सैम्पल लिए हैं। इनमें से कुल 893 सैम्पल की रिपोर्ट निगेटिव आई है। दो युवक कोरोना पॉजिटिव आए थे। इनमें से एक की रिपोर्ट वापस निगेटिव आई है। वहीं 48 संदिग्धों की रिपोर्ट आना शेष है।



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दूसरे राज्यों से प्रवासियों का आना जारी, अब तक 1426 पहुंचे राजसमंद

एक राज्य से दूसरे राज्य में आने-जाने की अनुमति देने के बाद रविवार को जिले में 1426 लोग आए। शुक्रवार रात 8 बजे से रविवार दोपहर 2 बजे तक 40 घंटे में जिले में कुल 2429 प्रवासी आए हैं। बाॅर्डर पर आने वाले प्रवासियों की 24 घंटे जांच की व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्यकर्मी लगातार ड्यूटी दे रहे हैं। बाॅर्डर पर प्रशासन की तरफ से सुविधा उपलब्ध नहीं होने पर डाॅक्टर और मेडिकल स्टाफ कार और टेंट में ही सो कर ड्यूटी दे रहे हैं।

जिले की उदयपुर से लगने वाली सीमा पर बने प्रशासन के चेक पोस्ट पर लोगों का आना लगातार जारी है। यहां तैनात चिकित्सा कर्मियों ने लोगों की स्क्रीनिंग की। पुलिसकर्मियों के साथ मिल कर सभी के नाम, पते, मोबाइल नंबर लिए गए। राजसमंद जिले के निवासियों को ही रोक कर उनकी जांच की जा रही है। अन्य जिले के निवासियों को आगे जाने दिया गया। बॉर्डर पर आने वाले प्रत्येक प्रवासी का रिकार्ड संधारण किया जा रहा है। शनिवार दोपहर 2 बजे से रविवार दोपहर 2 बजे तक बॉर्डर पर 1426 प्रवासी आए। प्रवासी रोडवेज बस, ट्रक, मोटरसाइकिल सहित अन्य साधनों से आ रहे हैं।
किस जगह के कितने प्रवासी आए : इनमें आमेट के 375, कुंभलगढ़ के 29, चारभुजा के 27, देलवाड़ा के 2, खमनोर के 37, नाथद्वारा के 54, देवगढ़ के 382, भीम के 184, राजसमंद के 230, कुंवारिया के 34 और रेलमगरा के 72 लोग सहित कुल 1426 लोग जिले की सीमा पर पहंुचे, जिनकी मेडिकल टीम द्वारा जांच करने के बाद उन्हें जिले में प्रवेश की स्वीकृति दी गई। सभी को अपने गांव, शहर में बनाए गए क्वारेंटाइन सेंटर में 14 दिनों के लिए रहना होगा।



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बंबोरी के 54 और पीपलखूंट के 25 लोगों के लिए जाएंगे कोरोना सैंपल, स्क्रीनिंग की

कोरोना वायरस संक्रमण के रविवार को आए नए मामलों के बाद बंबोरी और पीपलखूंट क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोगों को इंस्टीटयूशनल क्वारेंटीन किया गया है। बंबोरी में कोरोना पॉजिटिव आए व्यक्ति के परिचित और परिवार के 54, पीपलखूंट के पावटी पाडा के पॉजिटिव मरीज के 25 परिजन और पड़ासियों के सैंपल कोरोना टेस्ट के लिए भेजे जाएंगे। सोमवार को इनमें से 38 लोगों के सैंपल भेजे जा चुके हैं। जिनकी रिपोर्ट अभी आना बाकी है।
इसी तरह राजकीय अस्पतातल के जनरल वार्ड में भर्ती रहकर मरने वाले काेरोना पॉजिटिव के संपर्क संभावित 15 मेडिकल स्टाफ और वार्ड में भर्ती 30 के करीब लोगों के सैंपल भी चिकित्सा विभाग लेगा। इन्हें भी जांच के लिए भेजा जाएगा। अभी मेडिकल वार्ड में पिछले दिनों में भर्ती लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। गौरतलब है कि छोटीसादड़ी तहसील में बंबोरी निवासी व्यक्ति जबकि दूसरा पीपलखूंट में पावटीपाडा निवासी एक 35 वर्षीय युवक कोरोना पॉजिटिव निकले। पावटी पाडा निवासी युवक की शनिवार दोपहर में जिला अस्पताल में ही मौत हो गई। उसकी मौत के दौरान चिकित्सा विभाग के कार्मिकों को उसमें कोरोना के लक्षण नजर आए। मौत होने के बाद उसका सैंपल लेकर उदयपुर लैब भेजा गया था। इसमें रविवार सुबह उसके कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई थी। छोटीसादड़ी के बंबोरी में भी रविवार को जो कोरोना पॉजिटिव मरीज सामने आया, उसकी कांटेक्ट और ट्रेवल हिस्ट्री से पता चला है कि वह निंबाहेड़ा में कोरोना की चपेट में आने वाले मृतक के भाई के संपर्क में आया था। वह खुद भी निंबाहेड़ा में काम करता है और वहां लगातार आया और गया था। वहीं से उसे संक्रमण हुआ है। हालांकि चिकित्सा विभाग ने उसे पहले होम क्वारेंटीन किया। इसके बाद जब उसकी तबीयत बिगड़ी तो उसने खुद चिकित्सा विभाग को फोन कर जानकारी दी।

ट्रकों में भरकर छोटी सरवा पहुंचे श्रमिक

पुलिस ने कस्बे में मिनी ट्रक में जाते मजदूरों को रुकवाया। ये मजदूर छोटीसादड़ी से कुशलगढ़ के छोटीसरवा जा रहे थे। मेडिकल टीम ने स्क्रीनिंग के बाद उन्हें जाने दिया। इसी तरह बारावरदा से भी आए दिन मजदूरों के पैदल गुजर रहे हैं। निंबाहेड़ा से मजदूर परिवार अभी लगातार कच्चे रास्ते या अन्य रास्तों से यहां प्रवेश कर रहे हैं।
पाॅजिटिव युवक की माैत से एक ही दिन में ग्रीन से ऑरेंज जाेन में पहुंचा प्रतापगढ़

कोरोना वायरस के संक्रमण के बीच हुई लापरवाही के चलते जिला अब फिर से ग्रीन जोन से हटकर ऑरेंज जोन में आ चुका है। दो दिन तक ग्रीन जोन में रहने के चलते सोमवार से शुरू हुए लॉक डाउन 3.0 में काफी राहत मिलने की उम्मीद थी, लेकिन अब सभी उम्मीदें फिर से एक बार धूमिल हो चुकी है क्योंकि रविवार को जिले में कोरोना पॉजिटिव के दो मामले एक साथ आए और इनमें से एक की तो मौत ही हो गई। इसलिए राहत अब नहीं मिलेगी। कलेक्टर अनुपमा जोरवाल ने बताया कि जिले में जितनी सहुलियत पहले दी जा रही थी, वही बरकरार रखी जाएगी। केस आने वाली जगहों पर कर्फ्यू जारी रहेगा और दूसरी जगहों पर भी सख्ती जारी रहेगी।

कच्चे रास्ते खोदे तो बॉर्डर पर नए रास्ते बना लिए
अवलेश्वर क्षेत्र में मध्यप्रदेश बॉर्डर के नजदीक राजस्थान के लगते राजपुरिया गांव में बोर्डर के इस तरफ और उस तरफ के लोगों ने आने जाने के लिए नई तरीके पर निकाल दिए हैं। पुलिस और ग्रामीणों ने मिलकर यहां के कच्चे रास्तों को बंद कर दिया था। इसलिए अब आने जाने वाले या तो इन कच्चे रास्तों के ऊपर मिट्टी डालकर इन्हें वापस सही करके आ-जा रहे हैं या फिर खेतों में से नए रास्ते बनाकर उनका उपयोग करने में जुट गए हैं। ऐसे में प्रतापगढ़ जिले के लिए यह एक बड़ी समस्या है।

ट्रेवल हिस्ट्री तलाशने में लगा विभाग
सीएमएचओ डॉ. वीके जैन ने बताया कि मृतक की ट्रेवल हिस्ट्री और कांटेक्ट हिस्ट्री निकालने में विभाग लगा है। पुलिस की भी मदद ली जा रही है। हालांकि पिछले डेढ़ साल से वह टीबी की बीमारी से ग्रसित था। बांसवाड़ा के घाटोल में उसका उपचार चल रहा था। पिछले डेढ़ माह से वह कहीं बाहर नहीं गया ऐसे में ये संभव है कि उसके घर आए किसी व्यक्ति में कोरोना संक्रमण हो और उसी से उसे ये बीमारी लगी। इसके बारे में पता लगाया जा रहा है। इस युवक के परिजनों और मिलने वालों की मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद काफी हद तक स्थिति साफ हो जाएगी।



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Corona sample to be screened for 54 people of Bambori and 25 people of Peeplekhunt




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8 साल से उपयोग कर रहा था बिना सत्यापित कांटा, उपभोक्ताओं को 10 से 20 किलो तक कम दिया गेहूं

क्षेत्र की शिशवी ग्राम पंचायत में राशन डीलर के इलेक्ट्रिक कांटे में गड़बड़ी कर कम राशन देने पर सोमवार को प्रवर्तक निरीक्षक और विधिक बाट-माप अधिकारी दुकान पर पहुंचे और उपभोक्ताओं के राशन के कट्टे निकलवा कर उनका वजन किया, जिनमें 10 से 20 किलो गेहूं कम निकला। डीलर जिस कांटे का 8 साल से उपयोग कर रहा था वह विभाग से सत्यापित नहीं था। इस पर राशन डीलर के खिलाफ मामला दर्ज कर लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई की गई।
उल्लेखनीय है कि रविवार को राशन डीलर ने मई महीने का राशन दिया था। उपभोक्ताओं ने राशन डीलर प्रताप सिंह पर इलेक्ट्रिक कांटे में गड़बड़ी कर गेहूं और दाल कम देने का आरोप लगाया था। भास्कर में खबर प्रकाशित होने के बाद सोमवार को शिकायत की जांच को लेकर प्रवर्तक निरीक्षक लोकेश जोशी, विधिक बाट माप अधिकारी रामा अवतार पुनिया मौके पर पहुंचे और राशन डीलर की दुकान का ताला खुलवाया गया।
उपभोक्ताओं ने डीलर के व्यवहार को लेकर जताया असंतोष : मौके पर उपभोक्ताओं के बयान लिए। दुकान में पड़े उपभोक्ताओं के राशन के कट्टों को बाहर निकलवाकर वजन करवाया, जिसमें उपभोक्ता शंकरलाल गायरी को 30 किलो गेहूं मिलना था, उसके कट्टे में 25 किलो ही था। किशन गमेती को 80 किलो मिलना था और 60 किलो ही मिला। करीब सभी उपभोक्ताओं को 10 से 20 किलो गेहूं और 300 ग्राम दाल कम दी गई। प्रवर्तक निरीक्षक ने राशन डीलर से मौके पर उपस्थित उपभोक्ताओं को पूरा राशन दिलवाया। उपभोक्ताओं ने राशन डीलर के व्यवहार को लेकर असंतोष जताया। विधिक बाट माप अधिकारी ने राशन डीलर के कांटे की जांच की, जिसमें पता चला कि राशन डीलर पिछले 8 साल से बिना सत्यापित करवाए कांटे का उपयोग कर रहा था। विधिक माप विज्ञान अधिनियम 2009 का उल्लंघन करने पर मौके से कांटा जब्त किया। राशन डीलर के काटे में गड़बड़ी कर कम राशन देने पर डीलर के खिलाफ विभागीय प्रकरण दर्ज कर, लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई की गई।
जांच में शिकायत सही पाई गई
^जांच में शिकायत सही पाई गई है तथा संबंधित उचित मूल्य दुकानदार के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई प्रस्तावित है। कोरोना महामारी के संकट में कुछ राशन डीलरों द्वारा राशन वितरण में जो इस प्रकार की अनियमितता की जा रही है, वह मानवता को शर्मसार करने वाली है। उचित मूल्य दुकानदारों की राशन वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितताओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा सख्त कार्रवाई की जाएगी।-लोकेश जोशी, प्रवर्तक निरीक्षक, नाथद्धारा



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Been using for 8 years without verified fork, gave consumers less than 10 to 20 kg of wheat




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कुंवारिया सर्कल में 273 प्रवासी क्वारैंटाइन में रखे गए

कुंवारिया सर्कल में अभी तक कुल 273 प्रवासी आए हैं। इन सभी को क्वारेंटाइन में रखा गया है। कार्यवाहक संस्था प्रधान राकेश चपलोत ने बताया कि राउमावि क्वारेंटाइन सेंटर में 16 प्रवासियों को रखा गया, जिनकी नियमित जांच आदि जारी है। पिपली अहिरान में बनाए गए क्वारेंटाइन सेंटर में अब तक 66 प्रवासियों को रखा गया। इनमें अहमदाबाद से 43, सूरत से 23 प्रवासी आए हैं। सभी लोगों की रोजाना स्क्रीनिंग पीएचसी प्रभारी डाॅ. बृजराज गोचर कर रहे हैं।

मादड़ी के क्वारेंटाइन प्रभारी भवानी सिंह राव ने बताया कि मादड़ी स्कूल में 9 लोग व दो बच्चे क्वारेंटाइन में है। इनमें मुंबई से पांच, एमपी से तीन, एक युवक हैदराबाद से आया है। इसी तरह एएनएम अनिता चौधरी ने बताया कि घाटी में क्वारेंटाइन सेंटर पर दो महिला उदयपुर से, एक युवक अहमदाबाद से, एक युवक मुंबई से, एक महिला वलसाड से आई है। रावों खेड़ा में एक पुरुष रतनपुर बॉर्डर से, 26 लोग जोजावर पाली से, 4 लोग सूरत से आए। इसी तरह गलवा के क्वारेंटाइन प्रभारी महावीर प्रसाद मीणा ने बताया कि गलवा स्कूल में अब तक 51 लोग आए हैं। उसमें 32 पुरुष, 12 महिलाएं हैं, जो सूरत व मुम्बई से आए हैं। मुंबई से आने वाले युवकों का सैंपल लिया गया। इसी तरह फियावड़ी प्रभारी मनोज कुमारी ने बताया कि फियावड़ी में तीन सेंटर पर अब तक 94 प्रवासी आए, जिसमें सूरत, मुम्बई, गुजरात के लोग शामिल हैं।
लखमावताें का गुड़ा चेक पाेस्ट से 340 प्रवासी आए
कुंभलगढ़। उपखण्ड क्षेत्र मेंं 1550 प्रवासी होम क्वारेंटाइन हैं। कुंभलगढ़ तहसील के लखमावतों का गुड़ा मेंं बने चेकपोस्ट पर तैनात चिकित्सा अधिकारी लोगों की स्क्रीनिंग कर रहे हैं। 3 दिन में करीब 340 प्रवासियों ने प्रवेश किया। चेकपोस्ट पर प्रवासी निजी वाहन लेकर भी पहुंच रहे हैं।



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273 expatriates placed in quarantine in Kunwaria circle




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सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक खुलेंगी दुकानें

संशोधित नियमों के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में दुकानों के खुलने के समय में आंशिक परिवर्तन किया गया है। तहसीलदार पर्वतसिंह राठौड़ ने बताया कि चारभुजा, रीछेड़, गोमती चौराहे पर दुकानों का समय सुबह 8 से दाेपहर के 2 बजे तक रहेगा। इसमें सैलून, चाय की दुकानें, रेस्टोरेन्ट, धार्मिक स्थल, कपड़ा, फोटो स्टूडियो पर पूर्ण पाबंदी रहेगी। वहीं प्रोविजन स्टोर, स्टेशनरी, किराना, इलेक्ट्रीशियन, खाद-बीज, कृषि सम्बन्धित उपकरण, मेडिकल, सीमेंट की दुकानें खुलेंगी। आवश्यक सेवा वाली दुकानों का समय पूर्व में निर्धारित है वही रहेगा।



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देवगढ़ में सुबह 7 से 12 बजे तक खुलेंगी दुकानें

एसडीएम ने नगर में दुकानदारों को राहत दी है। एसडीएम शक्ति सिंह भाटी ने व्यापारियों के साथ बैठक की। बीज उर्वरक, कीटनाशक, कृषि उपकरण, पशु आहार, फल व सब्जी की दुकानें, मोबाइल रिचार्ज की दुकानें, सीमेंट, निर्माण सामग्री की दुकानें, इलेक्ट्रिकल व इलेक्ट्रॉनिक की दुकानें, स्टेशनरी की दुकानें प्रतिदिन सुबह 7 से दोपहर 12 बजे तक खुली रहेंगी। पूर्व की भांति होम डिलीवरी नियमित जारी रहेगी। होम डिलीवरी में समय की कोई पाबंदी नहीं होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिदिन सुबह 7 से शाम 7 बजे तक खुली रहेगी।



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कृषि जिंसों पर 2 फीसदी टैक्स लगाना किसानों, आमजन और व्यापारियों के साथ अन्याय : भाजपा

राज्य सरकार ने खाली खजाना भरने के लिए पेट्रोल डीजल पर वैट बढ़ाया। इसके बाद अब किसान कल्याण फीस के तौर पर सभी कृषि जिंसों की खरीद फरोख्त पर 2 फ़ीसदी टैक्स और लगा दिया गया है। इस संबंध में भाजपा जिला मीडिया प्रभारी अरुण छोरिया ने बताया कि भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल कुमावत ने राज्यपाल को पत्र लिखकर विरोध दर्ज कराया कि राजस्थान सरकार द्वारा कृषि विपणन बोर्ड ने मंगलवार शाम को एक अधिसूचना जारी करते हुए प्रदेश की मंडियों में कृषि जिंसों के कारोबार पर 2 फीसदी टैक्स और लगाने से 1.60 फ़ीसदी शुल्क समेत कुल 3.60 प्रतिशत टैक्स हो गया है। राजस्थान सरकार के इस कदम से आम जनता पर महंगाई की मार पड़ेगी।

अन्नदाता किसानों और व्यापारी वर्ग को भारी नुकसान होगा। राजस्थान सरकार ने जो यह दो प्रतिशत और किसान कल्याण शुल्क लागू किया है, इसे तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। राजस्थान सरकार किसानों के हित की बात करे। किसान कल्याण शुल्क बढ़ाने से किसानों का कल्याण नहीं होगा। इससे किसानों का अहित होगा। अन्नदाता किसानों के नुकसान की भरपाई राजस्थान सरकार भविष्य में कभी नहीं कर पाएगी। देश में राजस्थान ही ऐसा पहला राज्य है, जिसने इस प्रकार का टैक्स लगाया है। सभी कृषि जिंसों पर 3.60 फीसदी टैक्स होने से खाद्य वस्तुएं दूसरे राज्यों के मुकाबले महंगी होंगी। इस वजह से बड़ी मिलें व व्यापारी कीमतों में अंतर का फायदा उठाने के लिए दूसरे राज्यों से कम कीमत पर खाद्य वस्तुओं की खरीद फरोख्त करेंगे, जिसका असर किसानों पर होगा। वैसे ही किसान, आमजन और व्यापारी कोरोना के कारण परेशान हैं और सरकार ने ऐसी अधिसूचना जारी कर सभी को और ज्यादा परेशानी में डाल दिया।

भारतीय जनता पार्टी राजस्थान सरकार से मांग करती है कि जल्द से जल्द यह अधिसूचना निरस्त करें और किसानों और व्यापारियों के हित में निर्णय करे। कृषि जिंसों पर 2 फ़ीसदी किसान कल्याण शुल्क और बढ़ाने का पूर्व जनजाति मंत्री नंदलाल मीणा, चित्तौड़गढ़ सांसद सीपी जोशी, पूर्व मंत्री श्रीचंद कृपलानी, भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल कुमावत, धरियावद विधायक गौतमलाल मीणा, घाटोल विधायक हरेंद्र निनामा, बड़ीसादड़ी विधायक ललित ओस्तवाल, भाजपा नेता हेमंत मीणा, प्रदेश प्रतिनिधि सारिक मीणा, पारसमल जैन अादि भाजपा पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने विरोध किया और जल्द से जल्द इस अधिसूचना को निरस्त करने की मांग की।



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चारभुजा में क्वारैंटाइन सेंटर फुल, दाे दिन में मुंबई से 326 लाेग पहुंचे

क्षेत्र की पन्द्रह पंचायतों के प्रवासियाें के आने पर कस्बे में माहेश्वरी सेवा सदन, अंजली पैलेस, पूर्णिमा हॉउस, हिमाचल सूरी धर्मशाला में बनाए गए क्वारेंटाइन सेंटर प्रवासियों से भर गए हैं। व्यवस्थाओं, ठहराव को लेकर बुधवार को कुंभलगढ़ एसडीएम परसाराम टांक, चारभुजा तहसीलदार पर्वतसिंह राठौड़ ने चारों क्वारेंटाइन सेंटरों पर भोजन, पानी, साबुन, चाय-नाश्ता, तेल, आवास व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। एसडीएम टांक ने बताया कि 5, 6 मई को क्षेत्र के 316 प्रवासी चारभुजा पहुंच गए। इन्हें चारों क्वारेंटाइन सेंटरों पर रखा है।
मास्क नहीं पहनने पर किया जुर्माना : बिना वजह वाहनों पर घूमने, मास्क नहीं लगाने को लेकर चारभुजा पुलिस ने बुधवार को 20 लोगाें के चालान बनाकर जुर्माना वसूला। चालान तहसीलदार पर्वतसिंह राठौड़ ने बनाए। टीम में हेड कांस्टेबल प्रतापसिंह, कांस्टेबल सुरेश सारस्वत, भगवानलाल,देवीसिंह थे।



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रिटेलर सब्जी वाले को प्रति 100 रुपए पर देने होंगे 2 रुपए, किसान से लेने के बाद मंडी में ही सब्जी 10 प्रतिशत तक हो रही मंहगी

राज्यसरकार ने बुधवार से होलसेल सब्जी विक्रेताओं पर 2 प्रतिशत कृषक कल्याण टैक्स (केकेटी) लगा दिया है। होलसेल सब्जी विक्रेता अपने ग्राहक रिटेलर सब्जी वाले से 2 प्रतिशत लेगा। इससे किसान से लेने के बाद मंडी में ही सब्जी 10 प्रतिशत मंहगी हो जा रही है। रिटेलर सब्जी की खराबी, ट्रांसपोर्ट और अपना मुनाफा निकाल कर मंडी से 25 से 30 प्रतिशत तक मंहगी सब्जी बेच रहे हैं। कुछ सब्जी वाले अपना मुनाफा ही 50 प्रतिशत तक रख कर लोगों को लूट रहे हैं।
राज्य सरकार ने राजस्थान कृषि उपज मंडी अधिनियम 1961 (1961 के अधिनियम संख्या 38) की धारा 17- क के तहत मंडी में लाई गई कृषि उपज पर मंडी समितियों को 2 प्रतिशत टैक्स लेने के निर्देश दिए हैं। होलसेल विक्रेता अब रिटेलर सब्जी वाले से प्रति 100 रुपए पर 2 रुपए अतिरिक्त चार्ज करेंगे। इससे मंडी में ही सब्जी अब 10 प्रतिशत मंहगी हो जाएगी। अब तक रिटेलर सब्जी वाले मंडी में होलसेल विक्रेता को प्रति 100 रुपए पर 8 प्रतिशत दामी दे रहे थे। अब 2 प्रतिशत टैक्स लगने से किसान से लेते ही सब्जी 10 प्रतिशत मंहगी हो जा रही है। लोगो के पास आने तक सब्जी 25 से 50 प्रतिशत तक मंहगी हो रही है।



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Retailer vegetable will have to pay 2 rupees per 100 rupees, after taking it from the farmer, the vegetable will be 10 percent more expensive in the market.




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पुलिस ने मास्क नहीं पहनने पर 25 बाइक जब्त की

नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ पुलिस थाना केलवाड़ा ने कार्रवाई की। बिना मास्क दुपहिया वाहन चलाने पर करीब 25 बाइक को जब्त किया। क्षमता से अधिक सवारियां लेकर चलने वाले करीब 30 दुपहिया वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की। इनसे जुर्माना वसूला। थानाधिकारी शैतान सिंह नाथावत ने बताया लॉकडाउन के दौरान करीब 200 चालान, करीब 150 दुपहिया वाहनों को जब्त किया है।



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जामनगर से आए 27 प्रवासी गोगुंदा टोल नाके पर अटके, बोले-बॉर्डर पर नहीं थी कोई सुविधा

कस्बे के टोल नाके पर बुधवार को दोपहर को 27 प्रवासी घर पहुंचने को लेकर परेशान नजर आए। इन प्रवासियों को जामनगर गुजरात से राजस्थान के बॉर्डर पर छोड़ गया था। प्रवासियों का आरोप है कि बॉर्डर पर राजस्थान सरकार की तरफ से कोई व्यवस्था नहीं होने पर जैसे तैसे गोगुंदा टोल नाके पहुंचे। डूंगरपुर,भीलवाड़ा, चित्तौड़ के इन प्रवासियों को घर जाने के लिए दिनभर परेशान दिखे। इन प्रवासियों में छोटे बच्चे, युवा, बुजुर्ग सहित महिलाएं भी शामिल है। भीलवाड़ा के प्रवासी ने बताया कि 6 मई को जामनगर जिला प्रशासन ने अनुमति देकर घर भेजने के लिए रवाना किया। बस ने आबूरोड बॉर्डर पर छोड़ कर आगे राजस्थान सरकार द्वारा घर पहुंचाने की बात कहीं। लेकिन वहां इस प्रकार की कोई व्यवस्था नहीं थी।



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27 migrants from Jamnagar stuck at Gogunda toll road, there was no facility on the border




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कुंवारिया के वार्ड 2 में पानी का संकट, नई पाइप लाइन में कनेक्शन चालू करवाने की मांग

कस्बे के वार्ड 2 में पेयजल की समस्या के चलते माेहल्लेवासी काफी परेशान हैं। माेहल्ले के गणपतलाल सोलंकी, परमानंद दाधीच ने बताया कि वार्ड 2 में सबसे पहले नई पाइप लाइन बिछाई गई थी, लेकिन अभी तक नई पाइप लाइन से पानी सप्लाई नहीं की जा रही है। ऐसे में वर्तमान में पुरानी पाइप लाइन से सप्लाई हो रही है, जिसमें मोहल्लेवासियों को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। मात्र आधे घंटे तक पानी आता है। इसमें केवल पीने का पानी ही भर पाते हैं।

नहाने, कपड़े धोने के लिए पानी का टैंकर मंगवाना पड़ता है। अगर जलदाय विभाग नई पाइप लाइन में कनेक्शन जोड़कर सप्लाई शुरू करता है तो पेयजल की समस्या का समाधान हो सकता है। यही नहीं जलापूर्ति एक दिन छोड़कर दूसरे दिन की जाती है, ऐसे में पानी की भारी समस्या है। गिरीश दाधीच, अंबालाल लोहार, गणपतलाल आदि ने जल्द ही पेयजल की समस्या का समाधान करवाने की मांग की है ।



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बीपीएल परिवार की बेटी के विवाह के लिए राज्य सरकार ने आर्थिक सहायता 20 से बढ़ाकर 31 हजार की

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की तरफ से बीपीएल परिवार की बेटियों के विवाह के अवसर पर सहयोग के लिए “सहयोग एवं उपहार योजना” संचालित है। इसके तहत बीपीएल परिवार की बेटी के विवाह पर पहले जो 20 हजार रुपए मिलते थे वे अब बढ़ाकर 31 हजार रुपए कर दिए गए हैं। यह सहायता अधिकतम 2 बेटियों के विवाह पर दी जाती है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक गिरिश भटनागर ने बताया कि राज्य सरकार ने आदेश जारी कर इस योजनांतर्गत अनुसूचित जाति, अनु. जनजाति एवं अल्पसंख्यक वर्ग के बीपीएल परिवारों की 18 वर्ष या इससे अधिक आयु की कन्या के विवाह पर देय सहायता राशि 20 हजार रुपए से बढ़ाकर 31 हजार रुपए कर दी है। कन्या के 10वीं उत्तीर्ण होने एवं स्नातक पास होने पर अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि क्रमशः 10 हजार रुपए एवं 20 हजार रुपए यथावत रखी गई है। इसी प्रकार योजना के तहत अनु.जाति, जनजाति, अल्पसंख्यक वर्ग के बीपीएल परिवारों को छोड़कर शेष सभी वर्गों के बीपीएल परिवारों, अंत्योदय परिवार, आस्था कार्ड धारी परिवार, आर्थिक दृष्टि से कमजोर विधवा महिलाओं की 18 वर्ष या अधिक आयु की कन्या के विवाह पर पूर्व में देय 20 हजार रुपए के स्थान पर 21 हजार रुपए दिए जाएंगे। कन्या के दसवीं एवं स्नातक उत्तीर्ण होने पर प्रोत्साहन राशि क्रमशः 10 हजार एवं 20 हजार रुपए पृथक से देय होगी। उन्होंने बताया कि योजना के तहत 3 नई श्रेणियों को लाभ देने का निर्णय किया है। विशेष योग्यजन की पुत्रियाें, महिला खिलाड़ी के स्वयं के विवाह होने एवं पालनहार योजना की लाभार्थी कन्या जो 18 वर्ष या अधिक आयु की है, को भी विवाह पर 21 हजार रुपए की सहायता, दसवीं पास होने पर 10 हजार रुपए तथा स्नातक पास होने पर 20 हजार रुपए अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
योजनान्तर्गत आवेदन ई-मित्र के माध्यम से ऑनलाइन किया जाएगा। आवेदन विवाह दिनांक से छह माह तक किया जा सकेगा। विशेष योग्यजन आवेदकों के लिए 40 प्रतिशत या अधिक निशक्तता का प्रमाण पत्र होना आवश्यक होगा। महिला खिलाड़ी के लिए राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में पदक जीतने का प्रमाण पत्र आवश्यक होगा।



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