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नौहरदा में कोरोना पॉजीटिव निकलने के बाद 128 संदिग्धों के लिए सैंपल

गांव नौहरदा निवासी राजा जाट के कोरोना पॉजीटिव निकलने के बाद कस्बे के राउमावि व किसान सेवा केंद्र के प्रांगण में भरतपुर से आई मेडिकल टीम ने पुलिस, न्यायिक, शिक्षा विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों सहित संदिग्ध 128 लोगो के सैंपल लिए। वही पुलिसकर्मियों को गांव खानसूरजापुर के लालसिंह राउमावि में कोरोंटाइज करके न्यायिक अधिकारी व कर्मचारियों को होम आइसोलेट किया गया हैं।

बीसीएमओ डा. रामअवतार शर्मा ने बताया कि नौहरदा निवासी राजा जाट के कोरोना पॉजीटिव निकलने के बाद 128 लोगो के सैंपल लिए गए हैं। जिनमें न्यायिक मजिस्ट्रेट, न्यायिक कर्मचारी, थानाधिकारी, पुलिसकर्मी, चिकित्सक, 108 एंबुलेंस के कार्मिक, नौहरदा स्कूल में डयूटी देने वाले कार्मिक, पत्रकार, पूर्व सरपंच सहित राजा के संपर्क में आने वाले लोग हैं।

वहीं ग्राम पंचायत नौहरदा की तीन किमी सीमा से सटे में गांवों व उनमेें रहने वाले सभी लोगों का 14 नर्सिंगकर्मी घर-घर जाकर सर्वे करेंगें तथा तीन प्रपत्रों में पूरी सूचना एकत्रित कर लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ कोरोना से बचाने का काम करेंगे। प्रशासन द्वारा पूरे परिक्षेत्र में कर्फ्यू लगाने के बाद घर-घर दमकल व मशीनों के जरिये सैनेटाइज का काम कराया जा रहा हैं।

गांव नौहरदा व आसपास के कफर्यूग्रस्त गांवों में एएसपी एडीएफ सुरेश खींची, एसडीएम कमल सिंह यादव, सीओ बयाना खींवसिंह राठौर, तहसीलदार अल्का श्रीवास्तव गश्त कर लोगो से घरो में रहने व उनकी जरूरी सुविधाओं की पूर्ति का काम कर रहे हैं।

मोबाइल यूनिट ने 95 जनो का किया स्वास्थ्य परीक्षण
वैरकस्बा के कुम्हेर गेट वार्ड नम्बर 20 में मेडिकल मोबाइल यूनिट ने 95 जनो को स्वास्थ्य जांच कर दवाई वितरण की। टीम में डाॅ नरेन्द्र वर्मा, गोपेश कुमार धाकड़, मुरारी लाल शर्मा, राजेन्द्र शर्मा, कार्यकर्ता माया देवी व आशा लक्ष्मी देवी ने शिविर में सहयोग प्रदान किया।



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लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर 113 एफआईआर दर्ज, 259 लोग गिरफ्तार

कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए घाेषित लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर जिले में पुलिस की ओर से लगातार कार्रवाई की जा रही है। एसपी हेमंत शर्मा ने बताया कि जिले में अब तक कुल 113 मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जिनमें 259 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा सीआरपीसी की धारा 151 के तहत 325 व्यक्तियों के खिलाफ 114 इस्तगासे से पेश किए गए हैं। अनावश्यक रूप से वाहन लेकर घूम रहे लोगों के खिलाफ भी बड़ी संख्या में मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।

एसपी ने बताया कि अब तक 15 हजार 471 वाहनों के चालान काटे गए हैं और 3 हजार 652 वाहन सीज किए गए हैं। इन कार्यवाहियों के तहत 30 लाख 40 हजार 450 का जुर्माना वसूल किया गया है। राज्य सरकार की ओर से जारी किए गए महामारी आपदा प्रबंधन अध्यादेश 2020 के तहत जिले में अभी तक 320 व्यक्तियों की जुर्माना रसीदें पुलिस और प्रशासन द्वारा काटी गई हैं। यह रसीदें उन व्यक्तियों की काटी गई हैं जिन्होंने मास्क नहीं पहने हुए थे। इनसे 69800 का जुर्माना वसूल किया गया है। जिले में 381 व्यक्तियों के खिलाफ इस्तगासा किया गया है। जिले के रामसिंहपुर सिंहपुर थाना में लवप्रीत और मदनलाल नामक व्यक्तियों के मास्क नहीं पहने होने के कारण महामारी आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।



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कश्मीर से आए गुजरात के 12 व्यक्ति, 7:30 घंटे की जांच के बाद दी अनुमति

संदीपसिंह धामू साधुवाली चेक पोस्ट से. अंतरराज्यीय सीमाएं सील करने के बाद शुक्रवार को भी पंजाब से आवाजाही पर सख्ती रही। जम्मू-कश्मीर में लॉकडाउन के दौरान अटके गुजरात के पालनपुर के 12 यात्रियों को एंट्री के लिए अंतरराज्यीय बॉर्डर पर 7:30 घंटे की मशक्कत करनी पड़ी। प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद इन्हें एंट्री देकर गंतव्य की ओर रवाना किया गया। जिन लोगों ने राज्य के गृह विभाग से अनुमति ली थी, उन्हें ही राज्य सीमा में एंट्री दी गई। अंतरराज्यीय बॉर्डर पर स्थित साधुवाली चेक पोस्ट पर अन्य दिनों की अपेक्षा सख्ती रही। अबोहर से आए तीन मेडिकल इमरजेंसी प्रकरणों में भी हाथोंहाथ आवेदन करवा स्वीकृति जारी होने पर ही एंट्री दी गई। चेक पोस्ट पर खाली ट्रकों की निगरानी के लिए दो सीसीटीवी कैमरे और लगाए गए हैं।
गुजरात के बनासकांठा जिले के पालनपुर निवासी यासीन अहमद, सद्दाम, फारुख, हामीद सहित 12 लोग 13 मार्च को जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले में गए। उन्हें एक माह रहने के बाद लौटना था। यासीन अहमद के अनुसार उन्होंने बड़ी मशक्कत के बाद जम्मू-कश्मीर प्रशासन से घर लौटने की अनुमति और गुजरात सरकार से एनओसी ली। गुरुवार रात 10 बजे वे गुजरात की बस से रवाना हुए। जम्मू-कश्मीर-पंजाब बॉर्डर पर उन्हें अनुमति पत्र की चेकिंग के बाद एंट्री दे दी गई। यासीन के अनुसार शुक्रवार सुबह 6 बजे वे साधुवाली स्थित पंजाब राजस्थान चेक पोस्ट पर पहुंचे। तब राजस्थान के प्रशासन ने उन्हें एंट्री नहीं दी। उन्होंने जम्मू-कश्मीर प्रशासन की ओर से दिया गया यात्रा का पास और गुजरात की एनअाेसी भी दिखाई लेकिन उन्हें आगे नहीं जाने दिया गया। चेक पोस्ट पर तैनात पुलिस कर्मियों व प्रशासनिक अमले ने अंतरराज्यीय इंट्री नहीं होने का हवाला देकर उन्हें रोक लिया। हालांकि उन्होंने राजस्थान में ठहराव नहीं करना था। उनके पास शिनाख्त के सभी दस्तावेज गुजरात के थे, फिर भी गर्मी में सात घंटे तक रोके रखा गया। जबकि उनके पास कोरोना टेस्ट की निगेटिव रिपोर्ट भी थी।
श्रीगंगानगर से इलाज करवाने के लिए अबोहर कई लोग आए। सामान्य राेगियों को अनुमति नहीं होने पर लौटा दिया गया। डायलिसिस करवाने आए तीन रोगियों को गंभीरता के आधार पर मौके पर ही ई मित्र संचालक को बुलाकर आवेदन करवाया गया। तब प्रशासनिक अमले ने कलेक्टर शिवप्रसाद मदन नकाते को फोन कर अनुमति दिलवाई। कलेक्टर नकाते के अनुसार साधुवाली चेक पोस्ट पर एक ई मित्र संचालक भी रहेगा, जो मेडिकल इमरजेंसी मामलों में लोगों की आवेदन करने में मदद करेगा। राजस्थान में पंजाब की अपेक्षा किडनी रोगियों का डायलिसिस सस्ता होने की वजह से वहां के लोग श्रीगंगानगर आते हैं।



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12 persons from Gujarat from Kashmir, permission given after 7:30 hours investigation




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बनी में राशन डीलर दे रहा था 10 किलो की बजाय 5 किलो गेहूं, लोगों ने जताया विरोध

सिंहपुर ग्राम पंचायत सैकंड बनी गांव का राशन डीलर लोगों को 10 किलो की बजाय 5 किलो ही गेहूं दे रहा था। इस पर लोगों ने हंगामा कर विरोध जताया।
सरकार ने इस लॉकडाउन को देखते हुए गरीब परिवारों को 10 किलो गेहूं प्रति व्यक्ति देने की स्वीकृति जारी की है, लेकिन डीलर जब पांच किलो ही गेहूं देने लगा तो लोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। ग्रामीण सीताराम मेघवाल, भागीरथ मेघवाल, बालूराम मेघवाल, लीलाबाई मेहर, दरियाव बाई, उदय राम मेघवाल, सज्जन भाई मेहर, नंदू बाई मेघवाल सहित अन्य ने बताया कि हमें पांच किलो ही प्रति परिवार गेहूं दिया जा रहा है। जबकि गेहूं दस किलो मिलना चाहिए था। इधर, डीलर नाथूलाल का कहना है कि उसको अतिरिक्त गेहूं का आवंटन नहीं हुआ है। इस कारण पांच किलो ही गेहूं दिया जा रहा है। इधर, रसद विभाग के अधिकारियों ने यहां निरीक्षण तक नहीं किया। इसी का नतीजा है कि निरीक्षण के अभाव में डीलर भी मनमर्जी करने लगे हैं।



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Ration dealer was giving 5 kg of wheat in Bani instead of 10 kg, people protested




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पुलिस ने साधुवाली तिराहे पर एक केंटर पकड़ा, 105 कट्टे जर्दा जब्त

पंजाब से श्रीगंगानगर एक केंटर में लाया गया जर्दा सैनी का बड़ा जखीरा पुलिस ने पकड़ा है। जवाहरनगर थाना पुलिस के एएसअाई महेंद्र कुमार के नेतृत्व में टीम ने साधुवाली तिराहे के पास शुक्रवार काे शाम एक केंटर काे रुकवाकर तलाशी ली। पहले चालक से केंटर में माैजूद माल के संबंध में पूछताछ की ताे वह काेई संताेषजनक जवाब नहीं दे सका। इस पर पुलिस ने केंटर की तलाशी ली ताे केंटर में अनेक कट्टे पड़े थे। कट्टाें काे खाेलकर देखा ताे उसमें जर्दे के पैकेट निकले।
एएसअाई महेंद्र कुमार ने बताया कि हेड कांस्टेबल अब्दुल जब्बार काे मुखबिर से सूचना मिली थी कि साधुवाली हाेते हुए जर्दे का जखीरा शहर के लिए अा रहा है। इस पर तुरंत टीम गठित कर माेके के लिए रवाना हाे गए। मुखबिर से मिली जानकारी के अनुसार केंटर काे रुकवाकर तलाशी ली ताे उसमें 105 कट्टे गणेश छाप जर्दे के निकले। प्रत्येक कट्टे में 84 पैकेट थे। इस पर जर्दा जब्त कर लिया गया तथा अबाेहर निवासी रामजीत पुत्र करनैल सिंह काे गिरफ्तार कर थाने ले अाए। पुलिस ने बताया कि मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। अागे जांच व पूछताछ के बाद ही पता चल सकेगा कि अाराेपी यह माल कहां बेचने की फिराक में था अाैर लाॅकडाउन के दाैरान जर्दा कहां से लाया, पूर्व में कहां बेचा गया।



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11 साल से फरार चल रहा 10 हजार का अंतरराज्यीय इनामी बदमाश गिरफ्तार

एसपी मृदुल कच्छावा के नेतृत्व व एसपी राजेन्द्र वर्मा एवं सीओ मनियां वासुदेव सिंह के सुपरविजन में जिले में डकैतों के उन्मूलन, अपराध और अपराधियों पर लगाम लगाने एवं अपराधियों की धरपकड़ हेतु चलाये जा रहे अभियान के अन्तर्गत डीएसटी टीम एवं थाना मनियां पुलिस को एक 10000 रुपये के ईनामी बदमाश राजवीर सिंह को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल हुई है।

एसपी मृदुल कच्छावा ने बताया है कि जिले को दस्यु व बदमाशों से मुक्त करने के लिए चलाए जा रहे विशेष धरपकड़ अभियान के अन्तर्गत गुरुवार को दिहौली थाना प्रभारी अभिजीत सिंह एवं डीएसटी प्रभारी सुमन कुमार के नेतृत्व में दिहौली पुलिस व डीएसटी टीम ने संयुक्त कार्यवाही करते हुए विभिन्न मुकदमों में वांछित व 11 से फरार चल रहे 10000 रुपये के अन्तर्राज्यीय ईनामी बदमाश राजवीर पुत्र हुकम सिंह उर्फ हुक्मा गुर्जर निवासी सामौर थाना दिहौली हाल महुखेडा थाना दिमनी जिला मुरैना मध्यप्रदेश को डीएसटी टीम के कानि. रामसहाय की सूचना पर कठूमरी के जंगलों से एक अवैध देशी कट्टा 315 बोर मय 04 जिन्दा कारतूस के गिरफ्तार किया है। जिसके विरूद्ध आर्म्स एक्ट में प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान व पूछताछ कराई जा रही है। जिससे अन्य वारदातों के खुलासे की सम्भावना है।

एसपी मृदुल कच्छावा ने बताया कि उक्त अन्तर्राज्यीय बदमाश राजवीर गुर्जर मारपीट, चोरी, हत्या का प्रयास, अपहरण व आदि के विभिन्न मुकदमों में राजस्थान व मध्यप्रदेश में करीब 11 साल से फरार चल रहा है जिसकी गिरफ्तारी के लिए धौलपुर पुलिस द्वारा 5000 रुपये वाह एमपी पुलिस द्वारा 5000 का इनाम घोषित है।



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इनर व्हील क्लब ने पीपीई किट के लिए दिए 11 हजार

जिले में कोरोना वायरस के नियंत्रण के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे है। इसमें कई संस्थाएं अपना सहयोग प्रदान कर रही है। इनर व्हील क्लब ने भी कोरोना मरीजों का इलाज करने वाले डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए पीपीई किट उपलब्ध कराने के लिए 11 हजार रुपए की राशि झालावाड़ मेडिकल कॉलेज प्रशासन को दी। शुक्रवार को क्लब की सदस्याओं ने झालावाड़ मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. दीपक गुप्ता व अस्पताल अधीक्षक डॉ. राजेंद्र गुप्ता से भेंट कर उनको 11 हजार रुपए की राशि का चेक सौंपा। इसके अलावा क्लब द्वारा 200 खाने के पैकिट भी वितरित किए गए। साथ ही क्लब की सदस्याओं द्वारा बनाए गए करीब 3500 मास्क भी जरूरत मंद लोगों को वितरित किए गए। क्लब सदस्याओं द्वारा लोगों को मास्क क्यों पहनना जरूरी है, ये भी समझाइश की गई। इस मौके पर क्लब अध्यक्ष शकुंतला जैन, डॉ. सुषमा पांडे व ममता मौजूद रहे।



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Inner Wheel Club gave 11 thousand for PPE kit




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कोराेना संक्रमित 13 मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव सागरपाड़ा और मदीना कॉलोनी से कर्फ्यू हटाया

जिले के लिए यह खुशी की ही बात है कि एक तरफ बढ़ते कोरोना पाॅजिटिव मरीजों की जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई है। रिपोर्ट नेगेटिव आने के साथ ही कलेक्टर राकेश कुमार जायसवाल ने किराना, जनरल स्टोर्स, फल एवं सब्जी की दुकानों के खुलने के समय को बढ़ाकर आमजन को राहत दी है। ऐसे में अब लोग अब दो घंटे अधिक खरीदारी कर सकेंगे।

कलेक्टर जायसवाल ने कहा कि दुकान के बाहर दुकानदार का नाम, मोबाइल नम्बर चस्पा करेंगे। जिस उपभोक्ता ने मास्क नहीं पहना उसको सामान नहीं मिलेगा। एक समय में छोटी दुकान में 2 से अधिक व बड़ी दुकान में 5 से अधिक उपभोक्ताओं को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। अन्य व्यक्ति सामाजिक दूरी का पालन करते हुए दुकान के बाहर पंक्ति में अपनी बारी की प्रतिक्षा करेंगे।

इसके साथ ही दुकान मालिक गोला बनाकर अथवा पेशानी बनाकर यह सुनिश्चित करेंगे कि सोशल डिस्टेंसिंग की पालना की जा रही है। इधर, सागर पाड़ा और मदीना कॉॅलोनी में 25 अप्रैल को कर्फ्यू घोषित किया था, जिसे शुक्रवार शाम को जिला कलेक्टर ने आदेश जारी कर हटा दिया है।

दूध का वितरण अब सुबह 7 बजे से 10 बजे तक और शाम 4 से 7 बजे तक
कलक्टर राकेश कुमार जायसवाल ने बताया कि जिले में समस्त किराना एवं जनरल प्रोवीजन स्टोर्स, फल एवं सब्जी की दुकाने व लॉक डाउन में अनुमत अन्य दुकानें आगामी आदेशों तक सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक संचालित रहेंगी। सब्जी मण्डी आगामी आदेशो तक सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक संचालित रहेगी। रेस्टोरंेट एवं भोजनालय आदि आगामी आदेशों तक सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक संचालित रहेंगे। रेस्टोरंेट एवं भोजनालय में केवल होम डिलीवरी रहेगी। रेस्टोरेंट एवं भोजनालय आदि में अन्दर या बाहर बैठकर अथवा खड़े होकर खाने में प्रतिबन्ध रहेगा। जिले में दूध का वितरण सुबह 7 बजे से सुबह 10 बजे तक व शाम 4 से शाम 7 बजे तक ही किया जा सकेगा। जिला कलक्टर ने बताया कि उक्त आदेश मेडीकल स्टोर्स पर लागू नहीं होगा। सभी होलसेल व रिटेलर होम डिलेवरी करने के लिए अनिवार्य रूप से बाध्य रहेंगे। अनुमत दुकानें यह सुनिश्चित करेगी कि उनके पास होम डिलीवरी व्यवस्थाएं हो।

बसईनवाब के एक ही परिवार के चार सदस्यों की रिपोर्ट भी नेगेटिव, एक की अभी पेंडिंग
कलक्टर ने बताया कि कोरोना संक्रमित पाए गए 21 व्यक्तियों में से 13 की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। जिले में पहला मरीज राठौर कॉलोनी में संक्रमित पाया गया था, जो ठीक होकर अपने घर जा चुका हैं। इसके अलावा जिले में 20 व्यक्ति कोरोना संक्रमित पाए गए थे, इनमें से 12 की रिपोर्ट पाॅजिटिव से नेगेटिव हो गई हैं। उन्होंने बताया कि बसईनबाब क्षेत्र में पाए गए एक ही परिवार के 5 कोरोना संक्रमित सदस्यों में से दोबारा जांच करवाने पर 4 की रिपोर्ट नेगेटिव आई है, जबकि एक सदस्य की रिपोर्ट आना शेष हैं। बसईनबाब क्षेत्र में हॉट स्पॉट क्षेत्र का खतरा न बने इसके लिये संक्रमित मरीजों के संपर्क में 74 लोगों की सेम्पलिंग करवाई गई थी, इन सभी लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव आई हैं। इसी प्रकार जिले के विभिन्न स्थानों सागरपाडा, मदीना कॉलोनी, दारासिंह नगर-2, लालपुर, कूकरा माकरा, भूतपुरा, दौपुरा एवं जिरौली से पाए गए संक्रमित व्यक्तियों के सम्पर्क में आए लोगो की रिपोर्ट भी नेगेटिव आई हैं।



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Report of 13 patients infected with Korena removed curfew from Negative Sagarapada and Madina colony




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चना दाल के लिए 12 हजार परिवार फिर उतरेंगे सड़कों पर

जिला कोरोना वायरस के पॉजिटिव मरीजों के कारण रेड जोन में है। कोरोना संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ने से आधा शहर जीरो मोबिलिटी घोषित किया हुआ है, ताकि कोई घरों से बाहर नहीं निकले, लेकिन सरकार की राशन वितरण की व्यवस्था ही लोगों को सड़कों पर उतरने को मजबूर कर रही है।
सरकार ने इस माह दोनों योजनाओं का गेहूं व चना दाल एक साथ बंटवाने के निर्देश दिए थे, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। अब चना दाल के लिए झालावाड़ व झालरापाटन के करीब 12 हजार परिवार फिर सड़कों पर उतरेंगे। इससे कोरोना का खतरा बढ़ने की संभावना है।
केंद्र सरकार द्वारा हर माह मिलने वाले राशन के गेहूं के साथ प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना का गेहूं और एक किलो चना तीनों का वितरण एक साथ करवाने के निर्देश दिए थे, लेकिन सरकार ने गेहूं का उठाव तो समय पर कर दिया, लेकिन चना दाल का आवंटन समय पर जिले में नहीं हुआ है। ऐसे में 1 मई को केवल गेहूं का ही वितरण शुरू हो पाया। झालावाड़ व झालरापाटन के करीब 12 हजार परिवारों में करीब 80 प्रतिशत लोग दोनों योजनाओं का गेहूं ले जा चुके है, लेकिन अब चना दाल लेने के लिए उनको फिर राशन दुकानों पर आना पडे़गा। जबकि झालावाड़ व झालरापाटन दोनों का बड़ा एरिया जीरो मोबिलिटी क्षेत्र है। इन क्षेत्र में प्रशासन की होम डिलेवरी व्यवस्था भी फेल हो गई है। अभी भी उपभोक्ता राशन दुकानों पर आकर ही राशन प्राप्त कर रहे हैं।
इसलिए उतरेंगे सड़कों पर
गेहूं का आवंटन तो समय पर हो गया, लेकिन चना दाल का आवंटन समय पर नहीं हुआ। शुरुआत में चना दाल आई थी, लेकिन वह केवल भवानीमंडी और आसपास के एरिया में ही आवंटित की गई। जबकि झालावाड़ व झालरापाटन शहर में चना दाल का आवंटन नहीं हुआ। गुरुवार को जाकर चना दाल का आवंटन हुआ है, लेकिन अभी तक दोनों शहरों में 12 हजार परिवारों में से 80 प्रतिशत लोग राशन ले जा चुके है। अब ये लोग चना दाल लेने दुबारा आएंगे तो कोरोना को नियंत्रण करना मुश्किल हो जाएगा।
8737 क्विंटल चना दाल का आवंटन

2 लाख 91 हजार परिवारों के लिए जिले में 8 हजार 797 की कि क्विंटल चना दाल का आवंटन हुआ है। यह चना दाल गंगानगर से आई है। जीरो मोबिलिटी क्षेत्र झालावाड़़ व झालरापाटन में आवंटित नहीं हुई।
दोनों शहरों में 12 हजार परिवार

खाद्य सुरक्षा योजना के तहत 2 लाख 91 हजार परिवार है, लेकिन झालावाड़ में 7100 और झालरापाटन में 5 हजार परिवार है। इन दोनों शहरों के 12 हजार परिवार है, जिनको अभी तक चना दाल का वितरण नहीं हुआ था।



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भामाशाह ने आरबीएम अस्पताल को उपलब्ध कराए 10 कम्प्यूटर

आरबीएम अस्पताल को सरकार एवं भामाशाहों के सहयोग से आधुनिक एवं सभी उपकरणों से सुसज्जित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इन प्रयासों के तहत शुक्रवार को सूर्या बिल्डर्स एवं सोसाइटी द्वारा 10 कम्प्यूटर उपलब्ध कराए हैं।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्य मंत्री डाॅ. सुभाष गर्ग द्वारा ने कहा कि जिला आरबीएम अस्पताल को आधुनिकतम चिकित्सा सुविधाओं से सुसज्जित कर संभाग स्तरीय अस्पताल बनाने के लिए राज्य सरकार, जनप्रतिनिधियों एवं भामाशाहों का हरसंभव सहयोग लिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि जिला आरबीएम अस्पताल में डाटा एंट्री एवं रिपोर्टिंग के कार्य को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए अस्पताल प्रशासन ने कम्प्यूटरों की आवश्यकता बताई थी।



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नौहरदा में कोरोना पॉजीटिव निकलने के बाद 128 संदिग्धों के लिए सैंपल

गांव नौहरदा निवासी राजा जाट के कोरोना पॉजीटिव निकलने के बाद कस्बे के राउमावि व किसान सेवा केंद्र के प्रांगण में भरतपुर से आई मेडिकल टीम ने पुलिस, न्यायिक, शिक्षा विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों सहित संदिग्ध 128 लोगो के सैंपल लिए। वही पुलिसकर्मियों को गांव खानसूरजापुर के लालसिंह राउमावि में कोरोंटाइज करके न्यायिक अधिकारी व कर्मचारियों को होम आइसोलेट किया गया हैं।

बीसीएमओ डा. रामअवतार शर्मा ने बताया कि नौहरदा निवासी राजा जाट के कोरोना पॉजीटिव निकलने के बाद 128 लोगो के सैंपल लिए गए हैं। जिनमें न्यायिक मजिस्ट्रेट, न्यायिक कर्मचारी, थानाधिकारी, पुलिसकर्मी, चिकित्सक, 108 एंबुलेंस के कार्मिक, नौहरदा स्कूल में डयूटी देने वाले कार्मिक, पत्रकार, पूर्व सरपंच सहित राजा के संपर्क में आने वाले लोग हैं।

ग्राम पंचायत नौहरदा की तीन किमी सीमा से सटे में गांवों व उनमेें रहने वाले सभी लोगों का 14 नर्सिंगकर्मी घर-घर जाकर सर्वे करेंगें तथा तीन प्रपत्रों में पूरी सूचना एकत्रित कर लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ कोरोना से बचाने का काम करेंगे। प्रशासन द्वारा पूरे परिक्षेत्र में कर्फ्यू लगाने के बाद घर-घर दमकल व मशीनों के जरिये सैनेटाइज का काम कराया जा रहा हैं।

लोगों को जागरुक करते हुए मास्क लगाने के लिए प्रेरित किया जा रहाह है। गांव नौहरदा व आसपास के कफर्यूग्रस्त गांवों में एएसपी एडीएफ सुरेश खींची, एसडीएम कमल सिंह यादव, सीओ बयाना खींवसिंह राठौर, तहसीलदार अल्का श्रीवास्तव गश्त कर लोगो से घरो में रहने व उनकी जरूरी सुविधाओं की पूर्ति का काम कर रहे हैं।

मोबाइल यूनिट ने 95 जनो का किया स्वास्थ्य परीक्षण

वैर कस्बा के कुम्हेर गेट वार्ड नम्बर 20 में मेडिकल मोबाइल यूनिट ने 95 जनो को स्वास्थ्य जांच कर दवाई वितरण की। टीम में डाॅ नरेन्द्र वर्मा, गोपेश कुमार धाकड़, मुरारी लाल शर्मा, राजेन्द्र शर्मा, कार्यकर्ता माया देवी व आशा लक्ष्मी देवी ने शिविर में सहयोग प्रदान किया।



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लॉकडाउन का उल्लंघन करते पाए जाने पर 11 गिरफ्तार

कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए जिले में घोषित लाॅक डाउन का उल्लंघन करते पाए जाने पर पुलिस ने शुक्रवार को 11 जनों को गिरफ्तार किया है।

बिना जरूरी काम के वाहनों पर घूमते पाए जाने और फल, सब्जी, किराना का सामान लेने के लिए वाहनों का उपयोग करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कार्यवाही की है। कार्रवाई के दौरान 29 वाहनों को जप्त किया गया है जबकि 64 वाहन चालन के बाद छोड़ दिए गए।



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नदबई में 9 से 12 बजे तक नहीं रहेगी बिजली

नदबई के 33 केवी मांझी फीडर पर रखरखाव कार्य के चलते 9 मई को सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक बिजली बंद रहेगी।

डीग में नगर रोड रीको फीडर में 11 केवी बिजली ट्रांसफर शिफ्टिंग कार्य के चलते शनिवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक रीको सहित ओल्ड पान्हौरी फीडर की बिजली आपूर्ति 3 घंटे बाधित रहेगी। ।



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शहर में 3 लाख आबादी, सिर्फ 38141 ने डाउनलोड किया आरोग्य सेतु एप

हम अपने स्वास्थ्य को लेकर कितने लापरवाह हैं, यह पता चल रहा है आरोग्य सेतु एप से। कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी के लिए आरोग्य सेतु एप को फोन में डाउनलोड करना अनिवार्य किया है ताकि संक्रमितों और कोरोना संदिग्धों की आसानी से जानकारी मिल सके। उनका समय पर इलाज हो और कोरोना पर जल्द से जल्द काबू पाया जा सके। लेकिन, भरतपुर में स्थितियां इसके एकदम उलट हैं।

शहर की आबादी वर्ष 2011 की जनगणना के मुताबिक 2.52 लाख और मौजूदा करीब 3 लाख है। इनमें से शुक्रवार रात 8 बजे तक शहर के 10 किलोमीटर एरिया में 38141 यानि करीब 1 फीसदी लोगों ने ही आरोग्य सेतु एप डाउन लोड किया था। इनमें से मात्र 741 लोगों ने स्व परीक्षण किया तो उनमें 53 लोग अस्वस्थ पाए गए हैं। ये हालात तो तब हैं जब कि हम रेड जोन में हैं। जबकि देश में 9.40 करोड़ लोग इस एप को डाउनलोड कर चुके हैं।

अब एसएमएस से भी मिलेंगे अलर्ट
जिला प्रशासन ने उन लोगों के लिए आरोग्य सेतु आईवीआरएस सेवा शुरू की है जिनके पास फीचर फोन और लैंडलाइन फोन हैं। ऐसे लोगों को अब इस टोल फ्री सेवा 1921 पर एक मिस्ड कॉल करनी है। इसके बाद उनके पास फोन आएगा। फिर उस फोन करने वाले को अपने स्वास्थ्य के बारे में पूछी जाने वाली सही जानकारी देनी है।



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1921 पर मिस्ड कॉल देकर ले सकेंगे हेल्थ स्टेटस

भारत सरकार की ओर से कोरोना आपदा के तहत समस्त नागरिकों को हेल्थ स्टेटस संबंधी जानकारी से अपडेट रखने के लिए आरोग्य सेतु आईवीआरएस प्लेटफार्म लांच किया गया है। सूचना विज्ञान अधिकारी मनीष शर्मा ने बताया कि जिन लोगों के पास लैंड लाईन व साधारण मोबाइल है उनको आरोग्य सेतु आईवीआरएस प्लेटफार्म के नंबर 1921 पर एक मिस्ड कॉल देनी होगी। 1921 से संबंधित व्यक्ति को कॉल आएगा। आरोग्य सेतु एप कि तर्ज पर ही स्वास्थ्य संबंधी प्रश्न पूछे जाएंगे और दिए गए उत्तर के आधार पर संबंधित नागरिक को एक एसएमएस प्राप्त होगा जिसमें संबंधित नागरिक के हेल्थ स्टेटस के बारे में बताया जाएगा।



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बारां में अब तक 1105 कोरोना सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव, 56 जांच पेंडिंग

काेरोना वायरस की रोकथाम के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है। सीएमएचओ संपतराज नागर ने बताया कि जिले में अब तक 1161 लोगों के कोरोना सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जा चुके हैं। इनमें 1105 की रिपोर्ट निगेटिव प्राप्त हुई है।
शुक्रवार को अस्पतालाें की ओपाीडी में 5 हजार 253 मरीजों की स्क्रीनिंग की गई, जिसमें 216 मरीज आईएलआई (इन्फ्लुएंजा लाइक इलनेस) के पाए गए हैं। डिप्टी सीएमएचओ राजेंद्र मीणा ने बताया कि शुक्रवार को 51 लोगों के कोरोना सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। वहीं शुक्रवार को 39 सैंपलों की रिपोर्ट प्राप्त हुई, जो निगेटिव है। चिह्नित होम क्वारेंटाइन में कुल 3851 व्यक्तियों को रखा गया है, जिसमें से कुल 1985 व्यक्तियों को डिस्चार्ज किया गया है। जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में 5 लोगों को भर्ती कर रखा है। शुक्रवार को टीमों की ओर से 28956 घरों का सर्वे किया गया है, सर्वे में 33 लोग आईएलआई के मरीज पाए गए हैं।



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बडौदामेव में 7 से दोपहर 1 बजे तक ही खुलेंगे बाजार, ढिगावड़ा में ढाबा बंद कराने की मांग

कोरोना महामारी काे रोकने के लिए लागू किए गए लॉकडाउन के बावजूद बेवजह घूमने वाले लोगों की संख्या कम नहीं हो रही।

मामले को देखते हुए शुक्रवार को थानाधिकारी दिनेश मीणा एवं प्रधानाध्यापिका कुसुम जैन की उपस्थिति में व्यापारियों की मीटिंग आयोजित की गई। इसमें सर्वसम्मति से कस्बे के बाजार सुबह 7 बजे से दोपहर 1 बजे तक खोलने का निर्णय लिया गया। थानाधिकारी ने बताया कि बाजार में लगी हुई अस्थाई सब्जी की दुकानों को भी हटाया जाएगा।

बाजार खुलने के 6 घंटे के समय में व्यवस्था बनाने के लिए प्रशासन सक्रिय रहेगा। कपड़ा, रेडीमेड एवं फुटवियर की छोटी दुकानों पर दो और बड़ी दुकानों पर पांच व्यक्तियों की ही अनुमति रहेगी। सुनार, हलवाई, दर्जी, सैलून एवं खोमचा की दुकानों पर प्रतिबंध रहेगा।

किसी भी दुकान पर भीड़ मिलने पर प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई की जाएगी। सभी व्यापारी अपनी दुकानों के बाहर स्थाई गोले, हाथ धुलवाने के लिय पानी की बाल्टी, मास्क की अनिवार्यता, मास्क वाले ग्राहक को ही सामान की बिक्री, सैनिटाइजर का उपयोग करना सुनिश्चित करें।

सरपंच ने सभी प्रतिष्ठान बंद करवाए, सात दिन बंद रहेगा बाजार

मालाखेड़ा सरपंच हिम्मत सिंह चौधरी ने कस्बे के समीपवर्ती गांव लीली में कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद सतर्कता दिखाते हुए शुक्रवार को कस्बे के व्यापारियों व दुकानदारों से आग्रह कर सभी प्रतिष्ठानों को बंद करवा दिया। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को कस्बे के हल्दीना रोड़, बस स्टैंड, मेन बाजार आदि जगह के सभी प्रतिष्ठान बंद करवा दिए। यह प्रतिष्ठान आगामी सात दिनों तक बंद रहेंगे।

राजगढ़ में ढिगावड़ा के राजीव गांधी सेवा केंद्र पर ग्राम पंचायत स्तरीय समिति की बैठक प्राचार्य कन्हैयालाल सैनी की अध्यक्षता में आयोजित हुई। समिति संयोजक बृजेंद्र सिंह बबेली ने बताया कि बैठक में सब्जी, किराना आदि दुकानों का समय तय किए जाने को लेकर ज्ञापन सौंपा।

समिति ने सभी दुकानें सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक खोलने के निर्देश दिए। साथ ही नियमों की पालना करने को कहा व इसकी निगरानी के लिए रामस्वरूप मीणा के नेतृत्व में तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया। इसके अलावा ग्रामवासियों ने बताया कि गांव में एक ढाबा संचालित हो रहा है जिसपर ट्रक ड्राइवर खाना खाने आते हैं जिससे वहां कोरोना संक्रमण होने की ज्यादा संभावना है। ग्रामीणों ने ढाबे को बंद करवाने की मांग की।



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पुष्कर में 163 व्यक्ति होम क्वारैंटाइन

कोरोना संक्रमण की रोकथाम व बचाव के लिए राज्य एवं जिले के बाहर से आने वाले हर शख्स की स्क्रीनिंग कर उन्हें होम क्वारेंटाइन किया जा रहा है।

पुष्कर में वर्तमान में कुल 163 व्यक्तियों काे होम आईसोलेट किया गया है। इनमें से 63 व्यक्ति बीते 8 दिनों के दौरान क्वारेंटाइन किए गए हैं।

चिकित्सा प्रभारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि होम क्वारेंटाइन किए गए लोगों की निगरानी के लिए वार्ड वार शिक्षक-शिक्षिकाओं की ड्यूटी लगाई गई है। डॉ. गुप्ता ने नगर वासियों से बाहर से आने वाले व्यक्ति की तत्काल सूचना एसडीओ ऑफिस, चिकित्सालय अथवा पुलिस थाने के कंट्रोल रूम पर देने की अपील की है।



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परीक्षक ऑनलाइन भिजवाएंगे 12वीं बोर्ड परीक्षार्थियों के अंक, जिले में 19 हजार परीक्षार्थियों ने दी राजस्थान बोर्ड की परीक्षा

माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान की 12वीं और वरिष्ठ उपाध्याय परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं के अंक अब परीक्षक ऑनलाइन बोर्ड मुख्यालय भिजवाएंगे। अब तक परीक्षक उत्तर पुस्तिकाएं जांचने के बाद विद्यार्थियों को मिले अंक ओएमआर शीट के माध्यम से बोर्ड मुख्यालय भेजते थे।
बोर्ड ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को ऑनलाइन अंक भेजने के निर्देश दिए हैं। बोर्ड ने कोरोना के कारण उपजे हालातों को देखते हुए इस बार विद्यार्थियों के अंक बोर्ड की वेबसाइट के पोर्टल पर अपलोड करने की व्यवस्था की गई है। सभी परीक्षक इसी पोर्टल पर विद्यार्थियों के अंक अपलोड करेंगे। बोर्ड परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाएं जांचने के लिए परीक्षकों को उनके घर पर भिजवाई गई है। अधिकांश परीक्षकों ने उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कर लिया है, लेकिन अंकों की ओएमआर शीट बोर्ड मुख्यालय में भिजवाने की कोई व्यवस्था नहीं है। इस समस्या के समाधान के लिए माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने बोर्ड की वेबसाइट पर व्यवस्था शुरू की है।
21 तक भेजने होंगे विद्यार्थियों के सत्रांक नंबर
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने विद्यार्थियों के सत्रांक भी बोर्ड मुख्यालय भिजवाने के लिए अंतिम तिथि बढ़ाकर 21 मई कर दी है। विद्यालयों की ओर से विद्यार्थियों को सत्रांक देने की व्यवस्था है। यह सत्रांक मुख्य परीक्षाओं के अंकों में जोड़े जाते हैं। अब तक अनेक विद्यालयों ने सत्रांक बोर्ड मुख्यालय नहीं भिजवाएं है। उनकी सुविधा के लिए अब सत्रांक भिजवाने की अंतिम तिथि 21 मई तय की गई है।
फैक्ट फाइल : 12वीं बोर्ड परीक्षार्थी-18993, वरिष्ठ उपाध्याय में 139 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं।
अब बोर्ड की साइट पर ही नंबर अपलोड किए जाएंगे
^ राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने बोर्ड परीक्षा के अंक परीक्षकों द्वारा ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं। कोरोना के चलते डाक से नहीं भेज पा रहे हैं। ऐसे में अब बोर्ड की साइट पर ही परीक्षक नंबर अपलोड करेंगे।
-घनश्याम बैरवा, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी, माध्यमिक, सवाईमाधोपुर



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आज रात 12 बजे से 24 घंटे तक आप भी बनें बर्ड वॉचर्स और जीतें प्राइज

कोरोना लॉकडाउन के बीच प्रकृति व पक्षी प्रेमियों के लिए खुश खबर है। ग्लोबल बिग डे पर 24 घंटे की समयावधि में कोई भी व्यक्तिबर्ड वॉचर्स बनकर इनाम जीत सकता है।दरअसल, ई-बर्ड की ओर से हर वर्ष की भांति इस बार भी 9 मई की रात 12 से अगली रात्रि 12 बजे यानी 24 घंटे तक पक्षियों के अवलोकन व रिकॉर्ड संधारण का कार्य होता है। अबकी बार भारत सहित 174 देशों ने विभिन्न प्रजातियों की एक लाख पक्षियों की एंट्री का लक्ष्य निर्धारित किया है।
गौरतलब है कि पक्षियों के अवलोकन व रिकॉर्ड संधारण के लिए प्रतिवर्ष 9 मई को ग्लोबल डे मनाया जाता है। इस बार वैश्विक महामारी कोरोना के चलते भारत में भी लॉकडाउन एवं स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों की पालना में बर्ड वॉचर्स यह कार्य करेंगे।
करौली जिले के स्थानीय पक्षी विशेषज्ञ राव शिवराजपाल सिंह के अनुसार गत वर्ष 174 देशों के 35209 बर्ड वॉचर्स ने 92284 एंट्री दर्ज कीं, जिसमें 6331 प्रजाति के पक्षी देखे गए। लिहाजा, इस बार कोविड-19 के चलते विश्वभर में लॉकडाउन के चलते बाहर जाना भी संभव नहीं है।
ऐसे में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों की पालना करते हुए घर में आने एवं आसपास में रहने वाले पक्षियों का ही रिकॉर्ड बनाकर एक लाख एंट्री का टारगेट हासिल करना है। इसमें आमजन भी सहभागिता निभाकर पक्षी प्रेमी के रूप में भूमिका निभा सकता है।
पक्षियों के वीडियो या फोटो लेकर बन सकते हैं विजेता, मोबाइल से कराएं एंट्री

ग्लोबल बिग डे पर जिले का कोई भी व्यक्ति अपने आसपास के पक्षियों के कलरव या अनूठी अवस्था में फोटो या आवाज दोनों मोबाइल से रिकॉर्ड कर इसमें एंट्री करा सकता है। करौली जिले में प्रकृति प्रेमी व पक्षी विशेषज्ञ राव शिवराजपाल सिंह को मोबाइल नं. 7728855553 पर कॉल अथवा वाट्सअप भी कर सकता है। इसके अलावा (ebird.org/ ebird.online या ebird.mobile) पर भी शेयर की जा सकती है। करौली में पक्षियों के प्रति प्रेम, लगाव व संरक्षण के प्रति जाग्रति पैदा करने के लिए करौली इंटेक चैप्टर की ओर से तीन सर्वश्रेष्ठ फोटो की एंट्री शामिल करने पर प्रतिभागियों को लॉकडाउन हटने के बाद सम्मानित भी किया जाएगा।

24 घंटे विशेष रूप से कैमरों में कैद होंगे पक्षी
अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर 9 मई, शनिवार की रात 12 से अगली रात्रि 12 बजे तक पक्षियों के कलरव, अठखेलियां व उनकी दिनचर्या आदि का चित्रण पक्षी प्रेमियों के कैमरों में कैद होगा। ज्यादातर लोग अपने मोबाइल में भी इनके फोटो या वीडियो बनाकर अपनी सहभागिता निभाएंगे। हालांकि, कोरोना लॉकडाउन का ग्रहण लग जाने से अबकी बार ग्लोबल बिग डे व्यापक स्तर पर नहीं मन पाएगा,फिर भी पक्षी प्रेमी विशेषज्ञों में खास रुचि रहती है और लॉकडाउन की पालना करते हुए लक्षित एक लाख के एंट्री टारगेट को हासिल कर पिछले वर्ष के रिकॉर्ड को अवश्य तोडेंगे। करौली के पक्षी विशेषज्ञ राव शिवराजपाल सिंह भी घर व आसपास में रहने वाले पक्षियों का ही रिकॉर्ड बनाकर एक लाख से अधिक एंट्री का लक्ष्य पूरा करने को लेकर आश्वस्त हैं।



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नियमाें में छूट देकर 1100 जवानों को दिया जा सकेगा प्रमाेशन

कांस्टेबल से लेकर एसआई तक के पद पर पदाेन्नत 1100 जवानाें काे लाॅक डाउन में ट्रेनिंग पूरी नहीं करवाई जा सकी है और पदाेन्नति परीक्षा भी नहीं हाे पाई है। ऐसे में पुलिस मुख्यालय ने नियमाें में शिथिलता देकर प्रमाेशन देने की सिफारिश कर फाइल गृह विभाग काे भेजी है। इसमें कहा गया है कि नियमाें में कुछ संशाेधन कर व शिथलता देकर याेग्यता रखने वाले जवानाें काे प्रमाेशन दे सकते हैं। अब फैसला सरकार को करना है। लाॅक डाउन में कांस्टेबल से हैड कांस्टेबल, हैड कांस्टेबल से एएसआई और एएसआई से एसआई पद के लिए पीसीसी नहीं हाे पाई है। साथ ही दाे से तीन माह तक भी इस तरह से पीसीपी कर इंडाेर व आउटडाेर ट्रेनिंग करना मुश्किल है।

जिसके चलते समय पर पदाेन्नति देने के लिए मु्ख्यालय ने गृह विभाग काे प्रमाेशन के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा है। दाे साल पहले भी मुख्यालय ने हैड कांस्टेबल के लिए सृजित पदाें पर पदाेन्नति संवर्ग पाठ्यक्रम पूरा किए बिना ही पदाेन्नति प्रस्ताव भेजा था और सरकार ने सहमति जता दी थी मगर उस समय पदाेन्नत जवान काे उसके पद के अनुसार वेतनमान उस स्थिति में देने का नियम लगा दिया था जिसमें जवान काे पुलिस मुख्यालय की ओर से तय किया गया काेर्स पूरा कर लिया हाे। मगर इस बार पुलिस मुख्यालय ने इस तरह के किसी पाठ्यक्रम काे पूरा करने के नियम रखने की सिफारिश नहीं की है।



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102 मरीज ठीक हुए, अब केवल 14 कोरोना पाॅजिटिव

लॉकडाउन के बाद प्रवासियों का आना पिछले चार दिनाें से निरंतर जारी है। अलग-अलग प्रदेशों से सैकड़ों लोगों का आगमन तीन दिनों के अंतराल में हुआ है जो अन्य प्रदेशों से व राजस्थान में भी अलग-अलग जिलों में रहने वाले लोग शामिल हैं। बांगड़ अस्पताल के पीएमओ डॉ. जीके शर्मा ने बताया कि 3 तीनों में 258 लोगों के सैम्पल लिए जा चुके हैं, जो बाहर से आए हुए है। अभी तक 506 लोगों के लिए गए सैम्पल में 433 सैम्पल निगेटिव आ चुके हैं। 73 की रिपोर्ट आना बाकी है। प्रवासियों की स्क्रीनिंग कर जिसमें हल्के से लक्षण दिखाई देते हैं उन्हें तो बांगड़ स्कूल में क्वारेंटाइन किया जा रहा है व जो पूर्ण रूप से स्वस्थ दिखते हैं मगर फिर भी उन्हें 14 दिन के लिए होम आइसोलेट किया जा रहा है। अभी तक डीडवाना ग्रामीण क्षेत्र में 743 तो शहरी क्षेत्र में 301 लोग आ चुके हैं। मकराना से शुक्रवार को 50 लिए
इधर..., परबतसर में भी 42 नए सैंपल लिए गए
खण्ड मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. डीपी जोशी ने शुक्रवार को ग्राम भड़सिया के नाका व स्कूल में स्थापित क्वारेंटाइन सेंटर का निरीक्षण किया तथा सभी व्यवस्थाएं देखी। स्वास्थ्य कार्मिकों को मास्क व सेनिटाइजर उपलब्ध कराए। यहां व्यवस्थाएं सही पाई गई। होम क्वारेंटाइन किए गए लोगों के रेंडम सैम्पलिंग के निर्देश दिए गए। इसके पश्चात कालेटड़ा स्कूल के क्वारेंटाइन सेंटर को देखा व रिड़ तथा बाजवास में भी बाहर से आने वाले लोगों को चिकित्सा विभाग द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं व स्क्रीनिंग का कार्य देखा जो संतोषजनक पाया गया। ग्रामीण क्षेत्रों से लाए गए 38 लोगों की परबतसर में सैम्पलिंग की गई व 04 शहरी क्षेत्र के लोगों की भी सैम्पलिंग की गई। ग्रामीण स्वास्थ्य केन्द्रों से गठित टीम द्वारा डाॅ. शैलेष शर्मा के निर्देशन में कार्य किया गया। इस कार्य में राकेश गोरा (बीपीएम), बाबूलाल चौधरी, चेतनदान, डाॅ. वन्दना व्यास, बन्नाराम आदि ने सहयोग किया। इसी तरह सैंपलिंग का कार्य प्रातः 11ः00 बजे से दोपहर 02ः00 बजे तक किया जाएगा।
वर्तमान में जिले से लिए 717 सैम्पल की रिपोर्ट बाकी
जेएलएन में भर्ती कोरोना पाॅजिटिव मरीजों में से शुक्रवार को 20 की सैम्पल रिपोर्ट दो बार नेगिटिव आने पर डिस्चार्ज किया। अब 14 मरीज जेएलएन में है। सभी बासनी के है। इनमें एक दिन का शिशु अाैर तीन साल गाेसिया भी शामिल है। गांव में अब तक 106 संक्रमित पाए गए हैं, अब तक 93 की रिपोर्ट दो बार नेगेटिव आने के बाद वे ठीक हो चुके हैं। उल्लेखनीय है कि जिले से अब तक 4427 सैंपल लिए गए है, इनमें 3710 की रिपोर्ट मिल चुकी है। 3592 निगेटिव है। शुक्रवार को जिले में 379 सैंपल लिए गए। वर्तमान में 717 सैम्पल की रिपोर्ट आना शेष है



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लाडनूं: खाद्य सुरक्षा सूची से 210 अपात्र व्यक्तियों के नाम हटाए

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 के अन्तर्गत उपखंड अधिकारी द्वारा सर्वे के अनुसार अपात्र पाए गए 210 व्यक्तियों/परिवारों के नाम खाद्य सुरक्षा सूची से हटाए गए है। इन सभी अपात्र पाए गए व्यक्तियों से नियमानुसार वसूली की जाने के लिए जिला उद्योग केंद्र को लिखा गया है। उपखंड अधिकारी मुकेश चौधरी ने बताया कि खाद्य सुरक्षा सूची से अपात्र व्यक्तियों के नाम हटाए जाने के लिए भविष्य में भी सर्वे करवाया जाकर उन्हें सूची से निष्कासित किया जाएगा, जिसका अभियान निरन्तर जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि जो व्यक्ति निष्कासन श्रेणी में आते हैं अथवा राजकीय सेवा में होते हुए भी खाद्य सुरक्षा योजना का अनुचित लाभ ले रहे हैं, उन्हें स्वेच्छा से अपना नाम सूची से हटवा लेना चाहिए, ताकि पात्र लोगों को योजना का वास्तविक लाभ मिल सके। अन्यथा अपात्र पाए गए व्यक्तियों या राजकीय सेवारत कार्मिकों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।



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अब तक कुल 4427 सैंपल लिए, 3710 की रिपोर्ट प्राप्त

काेराेना काल में अब तक कुल 4427 सैम्पल लिए जा चुके है। जबकि 3710 सैम्पल की रिपोर्ट प्राप्त हाे चुकी है। अब तक लिए गए कुल सैम्पल में से 3592 की रिपोर्ट नेगिटिव है और जिले में शुक्रवार को एक ही दिन में 379 नए सैम्पल लिए गए। वर्तमान में 717 सैम्पल की रिपोर्ट आना शेष है। जिले में कुल 118 कोरोना पाॅजिटिव मरीजों में से 102 उपचार के बाद ठीक हो चुके हैं, जिन्हें अस्पताल आइसोलेशन से संस्थागत क्वारेंटाइन में भेज दिया गया है। जेएलएन अस्पताल से शुक्रवार कोे 135, राजकीय बांगड़ अस्पताल, डीडवाना में 73, राजकीय जी.आर. सरावगी अस्पताल लाडनूं में 32, राजकीय अस्पताल कुचामन में 19, राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, मकराना में 50 तथा सीएचसी परबतसर में 42 सैम्पल लिए गए। राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मूंडवा में भी पहली बार शुक्रवार को 28 सैम्पल लिए गए। उल्लेखनीय है कि एक दिन के नवजात ने भी कोरोना को हरा दिया। उसकी अब रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है।



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27 हजार प्रवासी मजदूरों की हुई घर वापसी 21 हजार आए और 5 हजार 210 की रवानगी

लॉकडाउन के चलते फंसे प्रवासी मजदूरों का आवागमन जारी है। जिले में आने के लिए औसतन 62 हजार मजदूरों का ऑन लाइन पंजीयन हुआ है। इसके लिए पुलिस और प्रशासन की अपनी व्यवस्थाएं भी चाक चौबंद हैं। हालांकि अब मजदूरों का मूवमेंट थम जाएगा। क्योंकि अब तक उन्हीं मजदूरों का मूवमेंट हो रहा था जिनके 6 मई तक पास जारी हो चुके थे। ऐसे में नए मूवमेंट के अभी कोई दिशा-निर्देश नहीं हैं, लेकिन जो मजदूर आ रहे हैं उनका जिला सीमा पर बनाए गए चेक पोस्ट एवं ट्रांजिट शिविर में स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। इसके बाद पुलिस की मदद से घर भेजने या संस्थागत क्वारेंटाइन की सलाह जारी की जा रही है। वहीं जिले से बाहर जाने वाले मजदूरों को प्रशासन की मदद से रवाना किया जा रहा है।

विभिन्न राज्यों से जिले में आने के लिए 62 हजार प्रवासियों का हुआ रजिस्ट्रेशन

कार्यवाहक तहसीलदार रूघाराम सैन ने बताया उत्तर प्रदेश के श्रमिकों को शुक्रवार को दो रोड़वेज बसों से रवाना किया है। ये बसें भरतपुर सीमा तक जाएगी। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार की मदद से मजदूरों को उनके घर भेजने की व्यवस्था करवाई जा रही है। वहीं 9 बसे बिहार के मजदूरों को शनिवार सुबह अजमेर लेकर जाएगी। इसके बाद वहां से उनको ट्रेन की सहायता से घर भेजने की व्यवस्था है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ के मजदूरों को भी भेजने की योजना अभी बनाई जा रही है।
राजस्थान एवं दूसरे प्रदेशों से भी बड़े पैमाने पर मजदूरों की घर वापसी हुई है। 29 अप्रैल से 7 मई तक जिले में औसतन 21 हजार 286 मजदूरों की घर वापसी हुई है। इनमें 6 हजार 146 मजदूर तो प्रदेश के दूसरे जिलों से आए हैं। जबकि 15 हजार 140 मजदूर राजस्थान के अलावा दूसरे प्रदेशों से पहुंचे हैं। जबकि ऑन लाइन रजिस्ट्रेशन औसतन 62 हजार मजदूरों का हुआ है।
अब रुक जाएगा मूवमेंट
पुलिस अधीक्षक डाॅ. विकास पाठक ने बताया अब नया मूवमेंट रुक जाएगा। क्योंकि छह मई तक जिन लोगों के पास जारी हुए थे उन्हीं को मूवमेंट करना था। ऐसे में अब केवल पास धारको को ही आवागमन की स्वीकृति मिलेगी। इसके चलते ट्रांजिट कैंप भी बंद होंगे। जिले के 17 थानों पर पुलिस के 27 नाके लगाए हैं, जिनसे लोगों का आवागमन हो सकता है। वहीं चोरी छिपे जाने-जाने वालों के खिलाफ धरपकड़ के लिए पुलिस के जवान तैनात हैं। गुरुवार को डीडवाना पुलिस ने दो कंटेनरों को रुकवाकर उसमें भरे 120 मजदूरों को निकाला। जो चोरी छिपे जिले में घुसने का प्रयास कर रहे थे। सभी मजदूरों को क्वारेंटाइन कर चालक को गिरफ्तार किया गया।
सीमाएं बंद की हुई हैं
भारी तादात में मजदूरों के आवागन के चलते जिले की सीमाएं सील हैं। सभी जगह पुलिस की नाकेबंदी के साथ मेडिकल टीम व शिक्षक तैनात हैं। प्रत्येक आवागमन पर नजरें गड़ाए हुए हैं। इसके अलावा देहात में कई टीमें लगी हुई हैं। जो गांव में आने जाने वालों का पता लगाती हैं। उल्लेखनीय है कि पहला लॉकडाउन 25 मार्च को लगा था। इसके बाद से सभी तरह के कारखाने एवं उद्योग धंधे बंद हो गए थे। इसके चलते ज्यादातर मजदूर वर्ग बेरोजगार हो गए। कईयों के सामने खाने-पीने का संकट भी गहराने लग गया था। निर्माणाधीन अंबुजा सीमेंट प्लांट के ढाई हजार मजदूरों ने पथराव कर विरोध प्रदर्शन तक कर दिया था। इसके बाद सरकार की मदद से मजदूरों को बाहर भेजना शुरू कर दिया गया था।
28 अप्रैल से दो मई तक जिले से 5 हजार 210 प्रवासी मजदूरों की घर वापसी हो चुकी हैं। इनमें राजस्थान के अलावा उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, गुजरात, झारखंड एवं बिहार के श्रमिकों की संख्या ज्यादा है, जिनको अब तक घर भेजा जा चुका है।



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भारत में पहली बार 1 जून को आयोजित होंगे यूएस सर्टिफाइड पब्लिक एकाउंटेंट्स के एग्जाम

पूरी दुनिया में कोविड-19 महामारी के प्रकोप और इसके परिणामस्वरूप लागू लॉकडाउन के कारण होने वाली अनेक किस्म की परेशानियों के बावजूद हमारे देश भारत के फाइनेंस और एकाउंटिंग सेक्टर के पेशेवरों और यूएस सीपीए एग्जाम्स देने वाले भावी कैंडिडेट्स के लिए एक बहुत अच्छी खबर यह है कि, इस बार 1 जून को भारत में भी पहली बार यूएस सीपीए एग्जाम्स आयोजित किया जाएगा। अगर आप एक लाइसेंस्ड सर्टिफाइड पब्लिक अकाउंटेंट सीपीए बनना चाहते हैं तो आपको यूनिफार्म सीपीए एग्जाम पास करना होगा। सीपीए लाइसेंस्ड कैंडिडेट्स संयुक्त राज्य अमेरिका में पेशेवर अकाउंटेंसी और टैक्सेशन की निजी प्रैक्टिस शुरू कर सकते हैं। एक क्वालिफाइड और एक्सपर्ट सीपीए बनने के लिए, कैंडिडेट्स को 3-ई अर्थात एजुकेशन, एग्जाम और एक्सपीरियंस की शर्त को पूरा करना होता है। दरअसल, अमरीकन इंस्टीट्यूट ऑफ़ सर्टिफाइड पब्लिक एकाउंटेंट्स एआईसीपीए और नेशनल एसोसिएशन ऑफ़ स्टेट बोड्र्स ऑफ़ एकाउंटेंसी एनएएसबीए ने भारत के 8 प्रोमेट्रिक टेस्ट सेंटर्स में जून और सितंबर 2020 के यूएस सीपीए एग्जाम्स आयोजित करने का निर्णय लिया है ताकि कोरोना वायरस से उत्पन्न गंभीर परिस्थितयों में इंटरनेशनल ट्रेवल की आवश्कता न पड़े।
भारत के 8 प्रोमेट्रिक टेस्ट सेंटर्स
1. अहमदाबाद, 2. बैंगलोर, 3. चेन्नई, 4. हैदराबाद, 5. कोलकाता, 6. मुंबई, 7. नई दिल्ली, 8. त्रिवेंद्रम
यूएस सीपीए एग्जाम्सः ये हैं 4 सेक्शन्स-
इस सीपीए एग्जाम में चार सेक्शन होते हैं जिनकी अवधि 4 घंटे होती है. आपको ये सभी सेक्शन्स 18 महीने अर्थात डेढ़ साल के भीतर अवश्य पास करने होते हैं. हरेक सेक्शन के लिए कम से कम पासिंग स्कोर 75 माक्र्स हैं। यूएस सीपीए एग्जाम के सभी एग्जाम्स में दो प्रकार के प्रश्न पूछे जाते हैं, जो बहुविकल्पी मल्टीपल चॉइस - एमसीक्यू और कार्य-आधारित (टास्क-बेस्ड - टीबीएस) सिमुलेशन प्रकार के होते हैं. आमतौर पर इस एग्जाम में पूछे जाने वाले 60ः प्रश्न एमसीक्यू प्रकार के होते हैं, जबकि बाकी 40ः प्रश्न टीबीएस प्रकार के होते हैं.
> ऑडिटिंग एंड अटेस्टेशन एयूडी
> बिजनेस एनवायरनमेंट एंड कॉन्सेप्ट्स बीईसी
> फाइनेंशल एकाउंटिंग एंड रिपोर्टिंग एफएअार
> रेगुलेशन आरईजी
सीपीए एग्जाम शेड्यूल
आप निम्नलिखित चार ‘टेस्टिंग विंडोज़’ में से किसी एक विंडो अवधि के दौरान यह एग्जाम दे सकते हैं और इस एग्जाम के लिए अप्लाई करने के लिए एनएएसबीए के सीपीए सेंटर में विजिट कर सकते हैं।
> 01 जनवरी, 10 मार्च, 2020 (यह अवधि पहले ही समाप्त हो गई है.)
> 01 अप्रैल, 10 जून, 2020
(20क्यू2 टेस्टिंग विंडो की तिथि 10 जून, 2020 से बढ़ाकर 30 जून, 2020 कर दी गई है.)
> 01 जुलाई 10 सितंबर, 2020
> 01 अक्टूबर,10 दिसंबर, 2020.
महत्त्वपूर्ण सूचना
> 20क्यू2 टेस्टिंग विंडो की तिथि 10 जून, 2020 से बढ़ाकर 30 जून, 2020 कर दी गई है.
> 01 अप्रैल, 2020 से 30 जून, 2020 तक समाप्त होने वाले एनटीएस को एनएएसबीए 30 सितंबर, 2020 तक बढ़ायेगा.
> प्रोमेट्रिक अपनी सभी सभी पुनर्निर्धारित फीस माफ करेगा.
> 01 जुलाई, 2020 से टेस्टिंग विंडोज़ को बदलकर “कंटीन्यूअस टेस्टिंग ” कर दिया जाएगा जिसके बाद कैंडिडेट्स पूरे साल, किसी रुकावट के बिना पर अपने पहले के एग्जाम अटेम्प्ट्स के स्कोर्स हासिल करने की प्रतीक्षा किये बिना ही अपने एग्जाम्स दे सकेंगे.
भारत में यूएस सीपीए एग्जाम देने के लिए आवश्यक शर्त
भारत में यूएस सीपीए एग्जाम देने के लिए, आपको निम्नलिखित देशों की नागरिकता प्राप्त होनी चाहिए: भारत, भूटान, बांग्लादेश, म्यांमार, मालदीव, नेपाल, श्री लंका, अमेरीका



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चोरी मामले में 10 बार जेल जा चुके चोर ने बाइक चुरा कुएं में डाली, फिर गिरफ्तार

स्थानीय पुलिस ने शुक्रवार को एक शातिर वाहन चोर को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर कुएं के अन्दर से मोटरसाइकिल भी बरामद की है। थानाधिकारी देवीलाल बिश्नोई ने बताया कि गत सप्ताह थाना क्षेत्र के खजवाना गांव के अस्पताल के पास स्थित एक मकान से मोटरसाइकिल अज्ञात चोर द्वारा मोटरसाइकिल चुराकर ले जाने का मामला थाने में दर्ज कराया गया। जांच में खजवाना से मोटरसाइकिल चुराने के आरोपी ग्वालू निवासी पप्पूराम बावरी को थाने के हैड कांस्टेबल लाला राम, कांस्टेबल जगदीश जांगु, बलदेवराम बाना की टीम ने ग्वालू से गिरफ्तार कर पूछताछ के बाद उसकी निशानदेही पर ग्वालू गांव के कुएं में फेंकी गई मोटरसाइकिल बरामद की। थानाधिकारी बिश्नोई ने बताया कि आरोपी युवक खींवसर, भावण्डा, गोठन, भोपालगढ, सहित प्रदेश के कई थानों में मोटरसाइकिल चोरी के करीब 10 मामले में जेल जा चुका है। आरोपी आदतन चोर है। यह जेल से रिहा होते ही चोरी की वारदात को अंजाम देता है।



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देश का पहला वर्चुअल फेयर 1 जून से, 2500 एग्जीबिटर्स होंगे शामिल

एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट की ओर से देश का पहला वर्चुअल हैंडीक्राफ्ट फेयर लगाया जाएगा। इसमें 2500 एग्जीबिटर्स शामिल होंगे। यह कहना है ईपीसीएच के डायरेक्टर जनरल राकेश कुमार का। यह ऑनलाइन फेयर 1 से 9 जून तक लगेगा। राकेेश कुमार बताया कि कोरोना संक्रमण के चलते हैंडीक्राफ्ट का अप्रैल में होने वाला फेयर रद्द हो चुका है और भविष्य में निर्यातकों की स्थितियों को ध्यान में रखते हुए ईपीसीएच की बोर्ड मीटिंग में यह फैसला लिया गया है कि शीघ्र ही इंटरनेट बेस्ड वर्चुअल फेयर लगाया जाएगा। इससे निर्यातक अपने शहर में बैठे अपने प्रॉडक्ट का प्रस्तुतीकरण कर सकेंगे। इस फेयर से विश्वभर के ग्राहकों को जोड़ा जाएगा व इसके माध्यम से न केवल निर्यातकों को ऑर्डर दे सकेंगे, बल्कि उनसे संपर्क भी कर सकेंगे।

ईपीसीएच ने इसका जिम्मा यूके की एक कंपनी को दिया है व इस फेयर में करीब 10 करोड़ रुपए का खर्च आएगा। उन्होंने बताया कि उनकी प्लानिंग है कि निर्यातकों के प्रॉडक्ट्स को अब देश में भी प्रमोट किया जाए ताकि यहां भी उनको ऑर्डर मिल सकें। गौरतलब है कि अप्रैल में होने वाले फेयर के आसपास चाइना में भी एक फेयर होता है, जो इस बार नहीं हो पाया, इस फेयर के नहीं होने की वजह से चाइना की ओर से भी 9 जून से वर्चुअल हैंडीक्राफ्ट फेयर आयोजित करने की तैयारी की जा रही है।
अमेरिका से बिजनेस मिलने की उम्मीद
राकेश कुमार ने बताया कि मौजूदा हालात में अमेरिका व चाइना के बीच ट्रेडवार चल रहा है। वहीं चाइना कोरोना के चलते कई देशों का विरोध भी झेल रहा है। ऐसे में उम्मीद है कि देश के निर्यातकों को अच्छा बिजनेस मिल सकता है।
ईपीसीएच का ऑनलाइन वर्चुअल फेयर वर्तमान समय में अच्छा कॉन्सेप्ट है। यह फेयर कितना सफल रहेगा, यह कहना अभी जल्दबाजी है। इस कठिन समय में हम सरकार से इस फेयर में निर्यातकों के लिए विशेष योजना के तहत सब्सिडी की मांग भी करेंगे। - डाॅ. भरत दिनेश, अध्यक्ष, जोधपुर हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्ट‌्स एसोसिएशन



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बिना सूचना शादी करने पर 5 हजार व 50 से अधिक लोग शामिल तो 10 हजार जुर्माना

कोरोना महामारी के कारण केंद्र सरकार ने 4 मई से लॉकडाउन को 17 मई तक आगे बढ़ाया है। इसी के तहत राज्य सरकार ने कुछ गाइड लाइन जारी की है। इसकी पालना नहीं करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जाएगी। जारी आदेश अनुसार सार्वजनिक या कार्यस्थल पर मास्क पहनकर ही जाना होगा, नाक और मुंह अच्छी तरह से ढकना होगा। मास्क पहनकर दुकान पर आने वाले व्यक्ति को ही सामान देने को कहा। बिना सूचना के शादी समारोह करने, सार्वजनिक स्थानों पर गुटखा तंबाकू खाकर थूकने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा शादी समारोह में 50 से अधिक लोगों के शामिल होने और अंतिम संस्कार में 20 से अधिक लोगों के जाने पर पाबंदी रहेगी। लॉकडाउन के दौरान नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे, इसके लिए कैटेगरी वाइज जुर्माना राशि तय की गई है। जारी गाइडलाइन के अनुसार दुकानदारों, पुलिस प्रशासन, सहित अन्य विभाग के अधिकारियों को पूर्णत: पालना करवाने के आदेश दिए हैं। हालांकि सरकार इस गाइडलाइन को लॉकडाउन के समापन के बाद भी जारी रख सकती है। ऐसे में आमजन को कड़ाई से इन नियमों की पालना करनी होगी। अन्यथा जुर्माना राशि अदा करनी पड़ सकती है।
जानिए... लॉकडाउन-3 में किस गलती पर कितना जुर्माना

> सार्वजनिक या कार्यस्थल पर बिना मास्क या फेस कवर के जाने पर (200 रुपए)
> दुकानदार द्वारा किसी व्यक्ति को मास्क या फेस कवर न पहने हुए कोई वस्तु देने पर (500 रुपए)
> गुटखा, तंबाकू खाने के बाद थूकने पर (200 रुपए)
> सार्वजनिक स्थान पर शराब पीने पर अौर शराब, गुटखा तंबाकू बेचने वाले दुकानदार या दुकान में 5 से अधिक व्यक्ति मिलने पर (500 रुपए)
> सार्वजनिक स्थान पर पान, गुटखा तंबाकू खाते
पाए जाने पर (200 रुपए)
> सार्वजनिक स्थानों पर सामाजिक दूरी (न्यूनतम 6 फीट) नहीं बनाने पर (100 रुपए)
> बिना सूचना के शादी करने, इकट्‌ठा होने पर (5000 रुपए)
> विवाह संबंधी किसी समारोह में 50 से अधिक लोग मिलने पर (10 हजार रुपए)



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प्रधानमंत्री राहत कोष में दिए 51 हजार रुपए

जिला खाद-बीज व दवाई विक्रेता संघ ने शुक्रवार काे प्रधानमंत्री राहत कोष (पीएम केयर्स) में 51 हजार रुपए की सहायता राशि का डीडी भाजपा जिलाध्यक्ष संजय नरूका तथा विधायक संजय शर्मा को सौंपा।

इस अवसर पर संघ के अध्यक्ष नरेश गोयल, सचिव हितेश गुप्ता, काेषाध्यक्ष सुनील गोयल आदि उपस्थित रहे। इसी प्रकार महावर वैश्य महिला विकास समिति ने कोरोना पीड़ितों की सहायता के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में 51 हजार रुपए की राशि दी है।

समिति की अध्यक्ष कमला गुप्ता, वरिष्ठ उपाध्यक्ष शशि गुप्ता व मंत्री शिवानी गुप्ता ने बताया कि एडीएम प्रथम रामचरण शर्मा को सहायता राशि का चेक सौंपा गया।



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गाेल गप्पे बेचने वाले दूसरे राज्यों के 150 लाेग घर जाने को काट रहे चक्कर

शहर में चाट और गोलगप्पे बेचकर गुजारा करने वाले उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार के करीब 150 लोग अपने घर लौटना चाह रहे हैं। यहां पर लॉक डाउन के कारण काम धंधा बंद पड़ा है जिससे खाने-पीने की भी व्यवस्था नहीं हो रही है। पिछले 1 सप्ताह से प्रशासन और पुलिस के यहां चक्कर काट रहे हैं लेकिन भेजने की व्यवस्था नहीं होने से लोगों में रोष व्याप्त है। किराया मांग रहे मकान मालिकों के तानों से भी परेशान हो गए हैं। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा बताए गए उपायों के आधार पर ऑनलाइन आवेदन भी कर दिया है प्रशासन से लेकर पटवारी तक अपने लोगों की लिस्ट सौंप दी है फिर भी हर जगह से निराशा हाथ लगने से हताश हो गए हैं। यह लोग अब मांग कर रहे हैं कि प्रशासन उनको घर भेजने की व्यवस्था करें नहीं तो कलेक्ट्रेट पर आकर बैठ जाएंगे। जानकारी अनुसार एमपी यूपी और बिहार 3 राज्यों के 150 लोग अपने घर जाना चाह रहे हैं। कुम्हारी दरवाजा क्षेत्र में पांच- छह कमरों में रह रहे लोगों ने बताया कि घर में बैठे होने के कारण खाने पीने की व्यवस्था नहीं हो रही है। भामाशाह की ओर से 10 से 15 दिन में राशन आता है जो पर्याप्त नहीं हाे रहा है।



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दौसा जिले में बनेगा कोविड केयर सेंटर, 500 से 1000 बेड की क्षमता होगी

कोरोना से लोगों महफूज रहें इसके लिए जिले में कोविड केयर सेंटर बनाया जाएगा, जिससे संदिग्धों को हर सुविधा के इंतजाम किए जाएंगे। सेंटर की स्थापना के लिए कलेक्टर द्वारा एक पांच सदस्यीय समिति का गठन किया जाएगा। इस कमेटी में कलेक्टर का प्रतिनिधि, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग का प्रतिनिधि, लेखाधिकारी, नगर निगम/नगर पालिका/पंचायत समिति का प्रतिनिधि व सार्वजनिक निर्माण विभाग का एक प्रतिनिधि शामिल होगा। इसके लिए सेंटर पर चिकित्सा व्यवस्था के लिए सीएमएचओ नोडल अधिकारी नियुक्त करेंगे और अन्य व्यवस्था के लिए कलेक्टर की ओर से किसी भी राजपत्रित अधिकारी को नोडल अधिकारी मनोनीत किया जा सकेगा।
किन मरीजों को रखा जाएगा
कोरोना के दौरान अभी तक उपलब्ध आंकडों के अनुसार सरकार का मानना है कि 70 प्रतिशत पाॅजिटिव केस में या तो हल्के लक्षण पाए गए हैं या फिर लक्षण नहीं पाए गए। ऎसे केसेज की देखभाल के लिए इन सेंटर्स की स्थापना की जा रही है। इस केन्द्र पर असिम्टोमैटिक, मिड सिम्टोमैटिक और सस्पैक्टेड केसों को रखा जाएगा ताकि उनका स्वास्थ्य प्रबंधन बेहतर तरीके से किया जा सके।
इनकी रहेगी जिम्मेदारी
सेंटर पर भर्ती किए जाने वाले मरीजों को प्रतिदिन दो समय चाय, नाश्ता, भोजन, पानी डिस्पोजल में उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं साफ-सफाई, कचरा निस्तारण, सुरक्षा व्यवस्था, पंखे, कूलर, वाटर कूलर,पलंग, गद्दे, तकिए, चादर, बाल्टी, मग, साबुन, टूथपेस्ट, टूथब्रश, मास्क, हैंड सेनिटाइजर व अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का कार्य नगर परिषद, नगर पालिका या पंचायत समिति की होगी।
सेंटर की स्थापना के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं
सीएमएचओ डाॅ. पी.एम. वर्मा ने बताया कि सेंटर की स्थापना के लिए प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। सरकार की मंशा है कि इस सेंटर की स्थापना से कोविड 19 की रोकथाम और नियंत्रण का कार्य सुव्यवस्थित ढंग से हो सकेगा।
केयर सेंटर की स्थापना आबादी से दूर की जाएगी। सेंटर किसी सरकारी या निजी भवन में स्थापित किया जा सकेगा। इसमें आवश्यकतानुसार 500 से 1000 आइसोलेशन बेड की क्षमता होगी। पुरुष और महिलाओं के लिए अलग-अलग शौचालयों की व्यवस्था होगी और दस व्यक्तियों पर एक शौचालय, स्नान घर हो सकता है। सेंटर पर व्हील चेयर, रैंप और रेलिंग की व्यवस्था भी होना जरूरी है, ताकि दिव्यांग व्यक्तियों को आने-आने की सुविधा मिल सके। सभी रूम प्राकृतिक हवादार होंगे, जिनमें सूर्य का प्रकाश आता हो। संभव हो तो प्रत्येक व्यक्ति के लिए अलग रूम की उपलब्ध होगी, ऎसा नहीं होने की स्थिति में एक रूम में एक से अधिक व्यक्ति रखे जा सकेंगे, लेकिन दो बेड के बीच एक मीटर की दूरी जरूरी होगी। सेंटर पर सिंगल एंट्री, एग्जिट प्वाइंट, रिस्पेशन एरिया, सीसीटीवी, माईकिंग व्यवस्था, चिकित्सक कक्ष, सैंपल कलेक्शन कक्ष, दवा स्टोर, डोनिंग एवं डोफिंग कक्ष, व्हील चेयर, ट्राॅली, मनोरंजन के साधन भी उपलब्ध कराए जाएंगे।



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चाकसू से 62 व कोटखावदा से 19 लोग दो बसों से यूपी के लिए रवाना

लॉकडाउन के बाद चाकसू क्षेत्र में फंसे उत्तरप्रदेश के 62 लोगो को शुक्रवार को तहसीलदार अर्शदीप बरार ने रोडवेज की दो बसो से बरेली व शहजानपुर के लिए रवाना किया। तहसीलदार बरार ने बताया कि इनमें 4 व्यक्ति बरेली के तथा 58 व्यक्ति शहजानपुर के है। इन सभी 62 व्यक्ति की मेडिकल जांच करवा प्रमाण पत्र देकर रवाना किया। 62 लोगों में 35 पुरुष व 27 महिलाएं व 19 बच्चे भी शामिल है। इस अवसर पर ऑफिस कानूनगो प्रभुलाल बागडी, डॉ. शंकर सिंह भी उपस्थित थे।
कोटखावदा| लॉकडाउन में अटके प्रवासी मजदूरों को घर वापसी भेजने के राज्य सरकार के फैसले को लेकर तहसील प्रशासन ने रोडवेज बस से यूपी पीलीभीत 19 प्रवासी मजदूरों महिला व बच्चों को तहसीलदार कोटखावदा मुकेश कुमार अग्रवाल ने बस में बिठा कर शुक्रवार को रवाना किया यूपी पीलीभीत के प्रवासी मजदूर कोटखावदा स्थित सांवरिया रोड पर ईंट भट्टे पर मजदूरी का काम करते थे।



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62 people from Chaksu and 19 from Kotkhavada left for UP in two buses




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लाॅकडाउन बढ़ते ही ठेकेदार ने 100 मजदूरों को कंपनी से निकाला, न पगार दी न खाना, थाने पहुंचे तो मिली फटकार

लॉकडाउन बढ़ते ही 100 मजदूरों से ठेकेदार से नाता तोड़ दिया। मजदूरों को बिना तनख्वाह दिए ही कंपनी से बाहर निकाल दिया। अब मजदूर एक निजी स्कूल में रहकर रात गुजार रहे हैं। मजदूरों ने जब आपबीती बताई तो आंखों से आंसू छलक आए।
मजदूरों से जब भास्कर संवाददाता ने तकलीफ जानी तो बताया कि ठेकेदार ने बाहर निकाल दिया। जेब में पैसे नहीं है। खाने के लिए भामाशाहों पर निर्भर हैं। जिस दिन भामाशाह खाना देने नहीं आते उस दिन भूखा सोना पड़ता है। मजदूरों ने जब नरैना थाने में मदद की गुहार लगाई तो थाने से मदद की जगह फटकार मिली।
मजदूरों की मदद करेंगे
मेरी जानकारी में नहीं है। पता कर के मजदूरों की मदद की जाएगी। - राजकुमार कंस्वा, एसडीएम सांभरलेक
तहसीलदार को बता दिया
मेरे पास मदद के लिए आए थे। मैंने तहसीलदार को अवगत करा दिया| - रघुवीर सिंह, एसएचओ, नरैना



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As soon as the lockdown progressed, the contractor fired 100 workers from the company, neither paid nor had food, got reprimanded when they reached the police station.




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पांच दिन में समर्थन मूल्य पर काश्तकाराें से 31 लाख मूल्य के चना-सरसाें की खरीद

काश्तकारों को उनकी उपज का उचित दाम दिलाने के उद्देश्य से क्रय विक्रय सहकारी समिति द्वारा शहर के महाराजा उम्मेदसिंह कृषि उपज मंडी में एक मई से शुरू हुए खरीद केन्द्र पर पिछले पांच दिनाें में 31 लाख रुपए कीमत के जिंसाें की खरीद हुई।
मंडी स्थित छाेटी दुकान नंबर 108 पर शुक्रवार काे 6 किसानाें से 134.5 क्विंटल चने व 2 किसानाें से 35 क्विंटल सरसाे की खरीद की गई। समिति व्यवस्थापक करणसिंह ने बताया कि गत 4 मई से शुरू हुए खरीद केंद्र पर शुक्रवार तक 11 किसानाें से कुल 270 क्विंटल चना की खरीद की गई, जिसका समर्थन मूल्य के हिसाब से कीमत 13 लाख 16 हजार 250 रुपए है। उन्हाेंने बताया कि समर्थन मूल्य पर कुल 17 किसानाें से 17 लाख 63 हजार 362 रुपए की 398.50 क्विंटल सरसाें की खरीदी हुई। वहीं सांडेराव जीएसएस उपकेन्द्र पर अब तक 3 किसानाें से 111.5 क्विंटल सरसाें की खरीद हुई।
अब तक 150 किसानाें ने करवाया पंजीयन

कोरोना के चलते खरीद केंद्र 1 अप्रैल की जगह 1 मई से शुरू हुआ है। जिसके तहत एक मई से ही पंजीयन की ऑनलान प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई, जिसमें अब तक करीब 150 काश्तकाराें ने समर्थन मूल्य पर उपज बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया है। खरीद केंद्र से दूरभाष पर सम्पर्क कर सुविधा अनुसार किसानाें काे सामान बेचने के लिए बुलाया जा रहा है। इसके पीछे का उद्देश्य खरीद केंद्र में काश्तकारों की भीड़ ना पड़े।
समर्थन मूल्य में गत वर्ष की तुलना में हुई बढ़ोतरी
इस बार शुरू हो रहे खरीद केंद्र पर आने वाली उपज में 470 रुपए की समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी की है। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि खरीद केंद्र पर चना,गेहूं व सरसों की ही खरीद की जाएगी। जहां चना पर 4 हजार 875 रुपए प्रति क्विंटल व सरसों 4 हजार 425 रुपए प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य पर खरीद की जाएगी। जबकि पूर्व में चना 4 हजार 620 व सरसों 4 हजार 200 रुपए प्रति क्विंटन समर्थन मूल्य पर खरीद की गई थी। ऐसे में इस बार काश्तकारों को चने पर 255 व सरसाे पर 220 रुपए का लाभ प्राप्त होगा।
ई-मित्र पर होगा ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन
खरीद केंद्र पर अपनी उपज को बेचने के लिए काश्तकार को ई मित्र द्वारा ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा कर खरीद का टोकन प्राप्त करना होगा। काश्तकार सुबह 9 से शाम 6 बजे तक ही ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवा सकता है। इसके लिए काश्तकार को भामाशाह कार्ड, आधार कार्ड, बैंक पासबुक, गिरदावरी रिपोर्ट सहित काश्तकार को बायोमेट्रिक प्रणाली से खुद की उपस्थिति में अंगूठे का निशान देना होगा। इस बार काश्तकारों को खरीद केंद्र पर स्वंय आकर अपनी उपज का बेचान करना अनिवार्य होगा। रजिस्ट्रेशन के बाद जारी की गई तारीख के सात दिन के अंदर ही उपज की तुलाई करवानी होगी। काश्तकार को बैंक खाता,आईएफसी कोड, बैंक का नाम व शाखा का सही विवरण पंजीकरण के समय देना होगा। काश्तकार को राजफैड द्वारा ऑनलाइन भुगतान सीधा ही किसान के बैंक खाते में किया जाएगा।



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Purchase of 31 lakhs worth of gram-mustard from tenure at support price in five days




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सामान्य वर्ग को 50 के बजाय 46, ओबीसी को 21 के बजाय 17 प्रतिशत आरक्षण, एलडीसी भर्ती में गड़बड़ी

राजस्थान में एलडीसी-2018 भर्ती में आरक्षण प्रक्रिया में छेड़छाड़ की गई है। सिर्फ ओबीसी और सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के आरक्षण में ही 587 पदों में सीधे-सीधे छेड़छाड़ की गई है जबकि नोटिफिकेशन और जारी रिजल्ट की प्रेस रिलीज के आंकड़ों के अंतर को देखें तो 1271 पदों पर सवाल उठ रहे हैं। नॉन टीएसपी के 562 पदों के बारे में भी तथ्य सरकार की तरफ से छिपाए गए हैं।
आरक्षण में छेड़छाड़ की स्क्रिप्ट कैसे लिखी गई, इसे समझने के लिए दैनिक भास्कर ने तमाम दस्तावेजों की पड़ताल की है। घोटाले की पूरी कहानी समझने के लिए दो साल पहले के आंकड़े देखने होंगे। 16 अप्रैल 2018 को राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने नोटिफिकेशन जारी कर 11,255 पदों के लिए भर्ती निकाली। यह भर्ती लिपिक ग्रेड-2 और जूनियर असिस्टेंट की भर्ती के लिए थी। इसमें स्टेट सेक्रेटेरिएट के लिए 329 सीट, राजस्थान लोक सेवा आयोग में नौ सीट और अधीनस्थ विभागों की 10917 सीटों के लिए आवेदन मांगे गए थे। एक मार्च 2018 को पदों की संख्या बढ़ाकर 12456 कर दी गई।
यह पद इसलिए बढ़ाए गए, क्योंकि-प्रशासनिक सुधार विभाग ने 1175 पदों के लिए और अभिशंषा की। 12 अगस्त से 16 सितंबर 2018 तक चार पारियों में प्री-एग्जाम हुआ। एक मार्च 2019 को नया नोटिफिकेशन जारी हुआ। इसमें पदों की संख्या बढ़ाकर 12456 कर दिया गया। सात मार्च को तीन गुना अभ्यर्थियों को टाइपिंग व एफिशिएंसी टेस्ट के लिए पास किया गया। एक आरटीआई से पता चलता है कि ओबीसी के 227 और सामान्य वर्ग के 360 पदों पर आरक्षण छेड़छाड़ की गई है। क्योंकि-नियमों के अनुसार ओबीसी को 21 और सामान्य वर्ग को 50 फीसदी आरक्षण मिलना चाहिए।
आरटीआई में खुलासा हुआ-ओबीसी व सामान्य वर्ग का आरक्षण करके 587 पद ही गायब कर दिए प्रशासनिक सुधार विभाग के पत्र में ओबीसी वर्ग के कुल पद 2093 बताए गए थे जबकि आरटीआई में इनकी संख्या 1866 दिखाई गई है। सवाल है-227 पद कहां गए? जबकि प्रशासनिक सुधार विभाग के पत्र में सामान्य वर्ग के 5303 पद दिखाए गए हैं, जबकि आरटीआई में इनकी संख्या 4943 ही है। अब सवाल-सामान्य वर्ग के 360 पद कहां गए? दरअसल, ओबीसी को 21 के बजाए 17 प्रतिशत और सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को 50 के बजाए 46 प्रतिशत आरक्षण ही दिया गया। ऐसा क्यों किया गया-अधीनस्थ सेवा चयन चुप है? 587 पदों का सीधा-सीधा छेड़छाड़ की गई है?
सवाल इसलिए
आरपीएससी की सभी भर्तियों में सामान्य को 50 और ओबीसी को 21 फीसदी आरक्षण मिला : आरपीएससी की एलडीसी 2013, स्कूल व्याख्याता 2018, ग्रेड सैकंड शिक्षक भर्ती 2018 और रीट में ओबीसी को 21, सामान्य को 50, एससी को 16 और एसटी को 12 फीसदी आरक्षण दिया गया है। जबकि अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड में ओबीसी व सामान्य वर्ग का आरक्षण कम दिया। यह किस नियम के तहत किया गया?
2018 में 11,255 पदों के लिए निकाली भर्ती, बाद में बढ़ाकर 12906 किए, 2020 में भर्ती पूरे होते ही घट गए-
एमबीसी में पांच फीसदी आरक्षण से 450 पद बढ़े, कुल पद हुए 12906 : भर्ती घोटाले की पूरी स्क्रिप्ट यही से लिखनी शुरू हुई। टाइपिंग व एफिशिएंसी टेस्ट के 15 दिन बाद यानी 23 जून 2019 को कार्मिक विभाग ने सभी प्रक्रियाधीन भर्तियों में एमबीसी यानी मोस्ट बैकवर्ड क्लास के लिए पांच प्रतिशत आरक्षण देने के आदेश जारी कर दिए। एमबीसी में गुर्जर, गाडिया लोहार, बंजारा, रेबारी व राइका समुदायों को शामिल किया गया है। हालांकि इस कैटेगरी को एक प्रतिशत आरक्षण पहले से ही दिया जा रहा था। इसलिए एलडीसी में भी 450 पद और बढ़ गए। एलडीसी भर्ती के लिए कुल पदों की संख्या 12906 हो गई।
23 दिसंबर से 11 फरवरी 2020 तक दस्तावेजों का सत्यापन हुआ-
25 अक्टूबर 2019 को खाली सीटों के मुकाबले डेढ़ गुना अभ्यर्थियों को दस्तावेज वेरिफिकेशन के लिए बुलाया गया। इसमें 17451 गैर अनुसूचित क्षेत्र और 977 अनुसूचित क्षेत्र के अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन किया गया। 23 दिसंबर 2019 से लेकर 11 फरवरी 2020 तक दस्तावेज सत्यापन हुआ।
वर्गवार जानकारी नहीं दी
14 फरवरी 2020 को फाइनल रिजल्ट जारी किया गया। इस रिजल्ट में यह बताया ही नहीं गया कि कुल कितनी सीटों पर भर्ती हुई है। इसमें विभागवार सफल अभ्यर्थियों और एमबीसी के पदों की जानकारी भी नहीं थी। 14 फरवरी को ही जारी प्रेस नोट पर नजर डालिए। इसकी हैड लाइन है-लिपिक ग्रेड द्वितीय के 11 हजार 322 पदों के लिए चयन सूची जारी। छह मार्च को द्वितीय चयन सूची में 313 अभ्यर्थियों के रोल नंबर और जारी किए गए। अब सवाल यह है कि 1271 पद कहां गए?
वे सवाल, जिनके जवाब राजस्थान अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड को देने ही होंगे?-
1. आरटीआई में अभ्यर्थी ने 14 फरवरी 2020 को एलडीसी भर्ती-2018 का अंतिम परिणाम एआरडी के नए वर्गीकरण के आधार पर जारी हुआ है। इसी आधार पर वर्गवार बताए। इसी के जवाब में 10732 पदों की संख्या बताई गई। यह नोन टीएसपी क्षेत्र में अधीनस्थ विभागों के ही आंकड़े है। इसमें टीएसपी के 1241 पदों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई। अगर हम आरटीआई के आंकड़ों में 1241 को भी जोड़ दे तो यह संख्या 11973 होती है। इसमें आरपीएससी के 36 और सचिवालय के 335 पदों को भी जोड़ना होगा।
2. अंतिम अपडेट पदों की संख्या 12906 थी। सरकार ने 14 फरवरी 2020 को रिजल्ट जारी किया, उसमें चयनित अभ्यर्थियों की संख्या 11322 थी। छह मार्च 2020 को संख्या 313 बताई गई। इन्हें जोड़े तो यह संख्या 11635 होती है। सवाल उठता है कि 1271 पद कहां गए?



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चौमू में रक्तदान कर मनाई पुण्यतिथि, 103 यूनिट ब्लड जमा

रक्तदान करना महादान है। यह बात सिमरन निवास निठार वालो की ढाणी नांगल पुरोहितान में युवा सामाजिक कार्यकर्ता स्वर्गीय राजीव निठारवाल की प्रथम पुण्यतिथि पर स्वैच्छिक रक्तदान शिविर के मुख्य अतिथि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष में विधायक सतीश पूनिया ने कही।
रामपुरा डाबड़ी भाजपा मंडल अध्यक्ष पप्पू लाल सैनी ने कहा कि राजीव निठारवाल हमेशा रक्तदान शिविरों में अपनी भूमिका निभाते थे। चौमू विधायक रामलाल शर्मा, जीवन ज्योति मानवसेवा संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजीत सिंह यादव, कार्यक्रम आयोजक रमेश निठारवाल, कमल निठारवाल, मोहनलाल प्रसाद, मुकेश निठारवाल, गोवर्धन निठारवाल, हुकम सिंह निठारवाल सहित आदि ने भी संबोधित किया।
कार्यक्रम आयोजक रमेश निठारवाल ने अतिथियों को सोशल डिस्टेंस का ध्यान रखते हुए प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर पुष्पा देवी मेमोरियल ब्लड बैंक ,वडाला ब्लड बैंक के तत्वाधान में 103 यूनिट रक्तदान एकत्रित किया गया।



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अब गंगाशहर के साथ ही नूरानी मस्जिद इलाके में भी सुबह 10 से शाम 5 बजे तक छूट

पहले पाॅजिटिव राेगी रिपाेर्ट हाेने के बाद नूरानी मस्जिद क्षेत्र की जिन गलियाें में पहले कर्फ्यू और बाद में महाकर्फ्यू लगा दिया गया था वहां अब सुबह 10 से शाम पांच बजे तक की राहत दी गई है। सदरथाना क्षेत्र के इस इलाकाे काे पहले दी गई छूट में वंचित रखा गया था। जिला मजिस्ट्रेट कुमारपाल गाैतम ने शुक्रवार काे हालात की समीक्षा के बाद मस्जिद वाली गली और सांसियाें के माेहल्ले में छूट का आदेश दिया। इसके साथ ही गंगाशहर थाना क्षेत्र के भी कई इलाकाें में अब कर्फ्यू में छूट दी गई है। हरिरामजी मंदिर के पीछे पुरानी लाइन, टावरवाली गली सहित इसके एक किमी परिधि में छूट दी गई है।
कर्फ्यू में छूट के दाैरान लाेग अत्यावश्यक काम से इजाजत लेकर बाहर जा सकेंगे लेकिन पांच बजे से पहले लाैटना हाेगा। इस इलाके में सब्जी, राशन, दवाई, दूध, पंखा मिस्त्री अादि की दुकानें खुल सकेगी। पान-गुटखा, शराब की दुकान अादि यहां भी नहीं खुलेगी।



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20 दिन में तीसरा पॉजिटिव केस मिला, 21 परिजन क्वारेंटाइन, कूकडे़ला गांव में कर्फ्यू

क्षेत्र में शुक्रवार को एक व्यक्ति की रिपोर्ट कोरोनो पॉजिटिव आने पर आसपास क्षेत्र में दहशत हो गई। पुलिस ने पाजिटिव व्यक्ति के घर के अासपास के अाधा किमी क्षेत्र काे सील कर दिया है। सूचना पर ब्लाॅक सीएमएचओ डॉ.मुकेश बैरवा, सीएचसी प्रभारी डॉ.रमेश शर्मा, मेडिकल टीम पॉजिटिव मरीज के घर पहुंचे ओर परिवार के 21 सदस्यों को होम क्वारेंटाइन किया। डॉ.शर्मा ने बताया कि पॉजिटिव व्यक्ति दो दिन पहले अस्पताल में दिखाने आया था। उसको जांच कराने के लिए कहा गया था। वह फोर्टिस अस्पताल में जाकर भर्ती हो गया जिसके हार्ट की मेडिसिन भी चल रही थी। जांच करवाने पर उसकी रिपोर्ट कोरोनो पॉजिटिव आई है। सूचना मिलते ही पॉजिटिव मरीज के घर मेडिकल टीम पहुंची अाैर परिजनाें काे होम क्वारेंटाइन कर दिया। क्षेत्र में 20 दिन में तीसरे व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इससे पहले 21 अप्रैल को पीली की तलाई निवासी एसएमएस हास्पिटल में कार्यरत कर्मचारी ओर 1 मई को सीआईएसएफ के सामने रहने वाला सब इंस्पेक्टर की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इन दाेनाें के परिवार वालों को भी होम क्वारेंटाइन किया गया था।
रास्ते सील, पुलिस की नाकाबंदी, मेडिकल टीम की पैनी निगाह
मैड़| ग्राम पंचायत भामोद अंतर्गत कूकड़ेला में कोरोना संक्रमण के दस्तक देने के बाद विराटनगर एसडीएम राजवीर सिंह यादव के निर्देश पर गांव में 1 किमी तक शुक्रवार को कर्फ्यू लगा दिया। इसके चलते गांव के मुख्य मार्ग सहित आम रास्तों को पूरी तरह सील कर नाकाबंदी कर दी गई। इलाके में पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। क्षेत्र में चिकित्सा महकमे की टीम ने 111 घरों में पहुंचकर 930 लोगों के स्वास्थ्य का परीक्षण कर स्क्रीनिंग की।

एसडीएम ने बताया कि कूकड़ेला निवासी मंजू देवी अपनी बेटी अल्का देवी के कोरोना पॉजिटिव आने के बाद गांव में भी सतर्कता बढ़ा दी गई। मंजू 14 अप्रैल से बेटी के साथ रह रही है, तब से वह गांव नहीं आई है जिससे कोरोना वायरस फैलने का खतरा नहीं है। एहतियाती तौर पर कर्फ्यू लगाकर राशन सामग्री सहित मेडिकल टीम निगरानी रख रही हैं। नवरंगपुरा मोड़ से मनोहरपुर, कूकड़ेला जाने वाली सड़क को सील कर दिया गया। भामोद पंचायत मुख्यालय गांव से नवरंगपुरा मार्ग को बंद कर पुलिस जाब्ता तैनात कर दिया गया।

ब्लॉक सीएमएचओ डॉ. सुनील कुमार सिसोदिया ने बताया कि कूकड़ेला निवासी महिला जो बहरोड़ में कोरोना पॉजिटिव अपनी बेटी के संपर्क में आने से कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद चिकित्सा दल ने पूरे इलाके में घर-घर सर्वे कर स्क्रीनिंग करने का कार्य कर दिया। स्वास्थ्य टीम ने भामोद, कूकडेला में 111 घर सहित मैड़ में 193 घरों में 1295 लोगों की स्क्रीनिंग की। शंकरलाल रैगर, माया देवी, आशा वर्मा, गायत्री शर्मा, रमा मीणा, गुलाब यादव, विनोद झिगानिया उपस्थित रहे। सरपंच लक्ष्मी कंवर ने लोगों से घरों में रहने की अपील की। एसडीएम ने बताया कि मैड़, नवरंगपुरा, पालड़ी व आसपास गांव में लॉकडाउन को लेकर उल्लंघन की शिकायत मिलते ही सख्ती से कार्यवाही होगी। इसके लिए पुलिस प्रशासन को निर्देश दे दिए है। थाना अधिकारी सुरेश चंद्र ने बताया कि बेवजह सड़क पर निकलने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।



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Third positive case found in 20 days, 21 family quarantine, curfew in Kukdela village




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विधायक निर्मल कुमावत ने 171 परिवारों को दिए खाद्य सामग्री किट

मुडियागड में फुलेरा विधायक निर्मल कुमावत के द्वारा शुक्रवार को जरूरतमंद व असहाय लोगों को 70 राशन के किट वितरण किए गए। इस दौरान प्रशासक सुरेंद्र कुमार देवत, पटवारी मेनका चौधरी इत्यादि मौजूद रहे ।वही दूसरी ओर बीरमपुरा में भारत निर्माण राजीव गांधी सेवा केंद्र में शुक्रवार को बीरमपुरा वीर तेजा समिति पदाधिकारियों द्वारा जरूरतमंद लोगों के लिए 101 नि:शुल्क भोजन किट प्रशासक सुरेंद्र कुमार देवत व पटवारी मेनका चौधरी को सौंपे। समाजसेवी रामेश्वर बांगरवा ने बताया कि गरीबों की सहायतार्थ रमेश कुमार जाट ,कैलाश सिंह ,महेश कुमार,रमेश कुमार, लक्ष्मी नारायण काजला,ओमप्रकाश काजला, गोपाल लाल जाट, महावीर सेपट, बाबूलाल सेपट इत्यादि ने किट सौंपे है।



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कृषि मंत्री ने खाद्य सामग्री में 1000 आटे के कटे वितरित किए

झोटवाड़ा विधानसभा में शुक्रवार को कृषि मंत्री ने ग्राम पंचायत मांचवा में मजदूर और जरूरतमंद लोगों के लिए खाद्य सामग्री के पैकेट वितरित किए गए। सरपंच जगदीश वर्मा ने बताया कि लॉकडाउन के कारण कई लोग बेरोजगार हो गए हैं। ऐसी स्थिति में उनके पास खाने-पीने का सामान नहीं है। इसलिए कृषि मंत्री लालचंद कटारिया ने एक हजार आटे के कट्टे भिजवाए हैं।
सबसे बड़ी बात तो यह है कि कृषि मंत्री लालचंद कटारिया ने स्वयं आकर सरपंच जगदीश वर्मा को आटे के कट्टे मजदूरों में वितरण करने के लिए दिए हैं। इस अवसर पर सरपंच जगदीश वर्मा, उपसरपंच रामफूल चौधरी, जनसेवक गोपीराम बुरी, रामनिवास चौधरी, मांगीलाल कुड़ी, महेंद्र, रामबाबू ,कमलेश सहित कई लोग उपस्थित थे।



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तीन गांवों में केवल एक चिकित्सक, उसकी भी ड्यूटी कोविड-19 में

ग्राम पंचायत नांगल कोजू में चिकित्सा सुविधा के नाम पर मरीज आयुर्वेदिक औषधालय के भरोसे थे, लेकिन उसके डॉ.राजेश शर्मा को भी कोविड-19 में ड्यूटी लगा दी गई। इससे तीन गांवों के मरीजों को अब सामान्य उपचार के लिए करीब 6 किमी दूर निवाणा जाना पड़ेगा। ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत नांगल कोजू, कंवरपुरा, कुंभपुरिया में चिकित्सा सुविधा के नाम पर एकमात्र औषधालय है। इसमें चतुर्थश्रेणी कर्मचारी व चिकित्सक नियुक्त है। डॉ.राजेश शर्मा की ड्यूटी कोविड-19 में खेजरोली चेकपोस्ट पर लगाए जाने पर औषधालय चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के भरोसे रह गया है। ग्रामीणों ने चिकित्सक की व्यवस्था करने की मांग करते हुए रोष जताया है| कोविड-19 में बीएलओ श्रीहरि शर्मा ने बताया कि हमारे पास चिकित्सकों की कमी थी। ऐसे में नांगल कोजू चिकित्सक को खेजरोली चेकपोस्ट पर लगाया गया है।



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ठगाें ने खाताें से उड़ाए 1.83 लाख, पुलिस ने गेटवे का पता कर दिलाए 1.50 लाख रुपए

लाॅकडाउन में सायबर ठग खाताें पैसे उड़ाने के लिए सक्रिय हैं। फाेन पर परिचित बन लिंक भेजकर खाताें साफ कर रहे हैं। पुलिस भी मुस्तैदी से ठगी के प्रकरणाें से निपट रही है। कमिश्नरेट के चार थानाें में दर्ज सायबर ठगी के प्रकरणाें में पुलिस ने राशि रिफंड करवाई है। अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर अशाेक गुप्ता ने बताया पेमेंट गेटवे का पता कर दाे दिन में 1.83 लाख मेंसे 1.50 लाख रुपए रिफंड करवाए।

पहला मामला: जगदीश प्रसाद को फाेन पर ठगों ने खुद काे परिचित बताते हुए खाते में ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करने का लिंक भेजा। क्लिक करते पीड़ित और उसके बेटे के खाते से 99 हजार रुपए निकल गए।
दूसरा मामला : बरकत नगर निवासी त्रिलाेक चन्द्र के दाे खाताें से 40 हजार निकाल लिए। इधर, सेज थाना में संजय शर्मा के माेबाइल पर लिंक भेज 13 हजार रुपए उड़ा लिए।
फेसबुक आईडी हैक 20 हजार रुपए ठगे : इस तरह एक व्यक्ति की फेसबुक आईडी हैक कर रुपए मांगे। इस पर पीड़ित ने 20 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। पीड़ित के दाेस्त ने सायबर थाने में मामला दर्ज करवाया।



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शाहपुरा से दूसरे दिन भी रोडवेज की 3 बसों से 108 श्रमिक यूपी रवाना

शहर के श्रीकल्याणसिंह राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर से दूसरे दिन शुक्रवार को भी प्रशासन ने डेढ़ माह से घर वापसी का ब्रेसबी से इंतजार कर रहे उत्तरप्रदेश के 108 मजदूरों को रवाना किया। सहायक कलेक्टर सुनील शर्मा ने बताया कि उत्तरप्रदेश के विभिन्न जिलों के 108 श्रमिकों ने अपने घर जाने के लिए ईमित्र पर ऑनलाइन पंजीयन करवाया गया था। जिला कलेक्टर से अनुमति मिलने के बाद उपखंड क्षेत्र में अलग- अलग स्थानों पर रह रहे इन श्रमिकों को श्रीकल्याणसिंह राउमावि में एकत्र किया गया। यहां पर सभी की चिकित्सा टीम से स्क्रीनिंग एवं जांच की गई। जांच सही पाए जाने पर श्रमिकों को शाहपुरा यूनिट की तीन रोडवेज बसों में बैठाकर रवाना किया गया। श्रमिकों को खाने के पैकेट तथा भामाशाह पुनीत अग्रवाल व साहिल साैंपा जाएगा। गिरदावर मदनलाल मीणा, पटवारी कालूराम जाट, सहायक प्रोग्रामर सुनील मीणा, रोडवेज यूनिट के भवानी सिंह, रोडवेज चालक कैलाश चौधरी, रामचंद्र स्वामी, दिनेश चौधरी, परिचालक प्रकाश जाट, हरफूल जाट, संजय शर्मा मौजूद रहे। लॉकडाउन से मजदूरी नहीं मिलने से परेशान श्रमिकों में खुशी का माहौल नजर आया।
मजदूरों की घर वापसी के लिए बसाें से भेजा
जमवारामगढ़| एसडीएम विश्वामित्र मीणा व नारायण मीणा ने शुक्रवार को बस को हरी झंडी दिखाकर ईंट भट्ठा मजदूरों को उनके गांव बरेली व पीलीभीत उत्तर प्रदेश के लिए रवाना किया। उन्होंने मजदूरों को गांव भेजने की शुरुआत जीबीसी ईंट भट्टा लांगडियावास से की। रोडवेज बसों से प्रशासन ने दिनभर में 700 मजदूरों को घर भेजने का काम किया।



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108 workers from UP Road in 3 buses from Shahpura left for UP




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पूर्व निकाय सदस्यों की बहाली की सुनवाई अब 11 मई को

हाईकोर्ट ने जयपुर नगर निगम का कार्यकाल खत्म होने के बाद पूर्व में निकाय सदस्य रहे पार्षदों व पूर्व में काम कर रही समितियों को जारी रखने के मामले में प्रार्थी को याचिका की कॉपी एजी को देने का निर्देश देते हुए सुनवाई 11 मई तक टाल दी। अदालत ने यह अंतरिम निर्देश ओपी टांक की पीआईएल पर शुक्रवार को दिया। पीआईएल में कहा था कि राज्य सरकार ने नगर पालिका अधिनियम की धारा 320 के तहत दी शक्तियों का गलत उपयोग करते हुए केवल एक ही व्यक्ति को जयपुर की दोनों नगर निगमों का प्रशासनिक अधिकारी नियुक्त किया है।



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राजस्थान में 11 दिन में दोगुने हो रहे थे केस, 21 अप्रैल के बाद रफ्तार घटी, पिछले 18 दिन में 1844 रोगी ही बढ़े

राजस्थान में कोरोना मरीजों की संख्या 3579 हो गई है लेकिन इस बीच राहत देने वाले कुछ आंकड़े भी सामने आए हैं।प्रदेश में अब कोरोना के नए केसों की रफ्तार या तो घट रही है या स्थिर है। पहले केसों के दोगुने होने की रफ्तार 11 दिन थी, लेकिन पिछले 18 दिन से इसमें लगाम लग गई है।आंकड़ों के अनुसार 14 अप्रैल तक प्रदेश में 1000 कोरोना मरीज थे लेकिन 11 दिन बाद ही 25 अप्रैल को कोरोना केस 2000 के पार पहुंच गए।इस हिसाब से अगले 11 दिन यानी 6 मई को ही प्रदेश में कुल कोरोना केस 4000 के पार पहुंचने चाहिए थे, लेकिन अभी कुल संख्या 3579 ही है। 21 अप्रैल तक प्रदेश में कुल एक्टिव केसों की संख्या 1435 थी। इसके बाद बीते 18 दिन में प्रदेशभर में केवल 1844 केस ही बढ़े हैं। अब 1465 एक्टिव केस ही बचे हैं।

लगातार बढ़ रही है रिकवरी रेट
राजधानी जयपुर में प्रदेश के सबसे अधिक 1145 रोगी हैं, लेकिन इनमें से अब 720 रिकवर हो चुके हैं। यानी प्रदेश के कुल मरीजों के 20 फीसदी। जयपुर की ही बात करें तो यहां अब तक 63 फीसदी रोगी रिकवर हो चुके हैं।

जोधपुर-चित्ताैड़, अजमेर को छोड़ बाकी जगह रफ्तार कम

  • जोधपुर, चित्तौड़ और अजमेर को छोड़ बाकी जगह केस घट रहे हैं
  • जोधपुर में 21 अप्रैल तक 276 रोगी थे। अब तक 851 हो चुके।
  • अजमेर में 59 रोगी थे। 18 दिन में मरीज बढ़े तो अब 196 हो चुके हैं
  • चित्तौड़गढ़ में एक भी मामला नहीं था। अब 126 रोगी हो चुके हैं।
  • जयपुर में ही बीते 15 दिन में सिर्फ 369 रोगी मिले। यानी रोज 24.6
  • 5वें स्थान पर है राजस्थान देश में कुल संक्रमितों के मामले में। हमसे आगे महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु और दिल्ली है।

लगातार बढ़ रही है रिकवरी रेट

54.88 फीसदी रिकवरी रेट हो गई है प्रदेश की। रिकवरी के मामले में एक हजार से अधिक मरीजों वाले राज्यों की सूची में राजस्थान पहले नंबर पर है।
{यहां अब तक 2012 रोगी रिकवर, 1770 डिस्चार्ज हो चुके हैं।

21 अप्रैल, 2020

1435 कुल कोरोना पाॅजीटिव एक्टिव केस थे प्रदेश में, हर दिन पॉजिटिव बढ़ ही रहे थे।

8 मई, 2020

1465 कुल एक्टिव केसेज हैं राजस्थान में, हालांकि कुल संक्रमितों की संख्या 3579 है। शुक्रवार को 122 रोगी रिकवर।

एक मई को 145 रोगी कम मिले

सबसे बड़ी राहत 1 मई को मिली। पिछले दिन के मुकाबले 145 केस कम मिले। कुृल 9 दिनों में मरीज घटे, इन दिनाें में 381 रोगी कम मिले।

मौतों पर लगाम कसने में नाकाम

103 लोगों की मौत हो चुकी है प्रदेश में अब तक। इनमें सर्वाधिक 54 मौतें जयपुर में हुई।

राहत... डेथ रेट 3 से नीचे ही है

2.87 फीसदी मृत्युदर है प्रदेश में। यानी हर 100 में से करीब 3 लोगों को ही जान का खतरा है।



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बीते 18 दिन में प्रदेशभर में केवल 1844 केस ही बढ़े हैं। अब 1465 एक्टिव केस ही बचे हैं।




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छत्तीसगढ़ के 1.17 लाख श्रमिक 21 राज्य और 4 केंद्र शासित प्रदेश में फंसे, सरकार ने कहा- 28 ट्रेनें चलाएं

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रेलमंत्री पीयूष गोयल को पत्र लिखकर 28 ट्रेनें चलाने की मांग रखी है। देश के विभिन्न शहरों से इन ट्रेनों का परिचालन किया जाए। जिससे वहां फंसे श्रमिकों की घर वापसी हो सके। साथ ही कोराेना संक्रमण के कारण हुए लॉकडाउन को देखते हुए मानवीयता के आधार पर इन ट्रेनों का परिचालन निशुल्क किया जाए और आने वाले श्रमिकों से टिकट नहीं लिया जाए।

केंद्रीय मंत्री को लिखे पत्र में मुख्यमंत्री बघेल ने कहा है किपिछले कुछ दिनों के दौरान देशभर में कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई तेज हो गई है। छत्तीसगढ़ राज्य में भी इसका बहादुरी से मुकाबला किया जा रहा है। हमने अपने राज्य में इस महामारी के संक्रमण को रोकने में काफी हद तक सफलता पाई है। इस समय बड़ी संख्या में छत्तीसगढ़ के प्रवासी श्रमिक देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे हुए हैं।

जिलेवार ट्रेनें चलाने के लिए सौंपा ब्यौरा

स्थान ट्रेनों की संख्या
जम्मू से रायपुर-बिलासपुर 7
लखनऊ से रायपुर-बिलासपुर 3
कानपुर से रायपुर-बिलासपुर 2
चेन्नई से रायपुर-बिलासपुर 1
बैंगलुरू से रायपुर-बिलासपुर 1
पुणे से रायपुर-बिलासपुर 2
इलाहाबाद से बिलासपुर 1
दिल्ली से रायपुर-बिलासपुर 3
हैदराबाद-सिकंदराबाद से रायपुर-बिलासपुर 3
विशाखापट्नम से रायपुर 1
सूरत-अहमदाबाद से रायपुर 1
कोलकाता से रायपुर 1
जयपुर से रायपुर 1
पटना से दुर्ग 1

ट्रेनों के परिचालन के बाद बढ़ सकता है आंकड़ा
मुख्यमंत्री बघेल ने लिखा कि हेल्पलाइन और अन्य माध्यमों से प्राप्त सूचना के आधार पर पता चला है कि करीब 1.17 लाख से भी अधिक प्रवासी कामगार देश के 21 राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों में फंसे हैं। परिवहन की प्रक्रिया शुरू होने के बाद यह संख्या बढ़ सकती है। इनमें छात्र, पर्यटक सहित अन्य लोगों को जोड़ते हैं तो यह संख्या बहुत बड़ी होगी।



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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रेलमंत्री पीयूष गोयल को पत्र लिखकर देश के विभिन्न जिलों में फंसे छत्तीसगढ़ के श्रमिकों को लाने के लिए 28 ट्रेनें चलाने का अनुरोध किया है।




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प्रदेश में 3 हजार करोड़ से ज्यादा के निर्माण कार्य होंगे शुरू, मंत्री ताम्रध्वज साहू ने  काम में तेजी लाने के निर्देश दिए

छत्तीसगढ़ में 3022 करोड़ रूपए की लागत के 857 निर्माण कार्य जल्द ही शुरू होंगे। लोक निर्माण मंत्री ताम्रध्वज साहू ने शनिवार को रायपुर स्थित अपने आवास में एक बैठक ली। राज्य में सड़क, भवन, पुल-पुलिया, अंडरब्रीज-ओव्हर ब्रीज, राष्ट्रीय राजमार्ग और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्वीकृत कार्यों के टेंडर की प्रक्रिया को पूरा करते हुए काम शुरू करवाने के निर्देश दिए। मंत्री ने बताया कि सड़कों और पुलों के मेंटनेंस के लिए निर्धारित अवधि 3 साल से बढ़ाकर 5 साल कर दी गई है। उन्होंने विभागीय जांच समिति बनाकर निर्माण कार्यों की जांच कराने के भी निर्देश दिए।

इन कामों को लिए बड़े पैमाने पर अगले दो महीने में निविदा आमंत्रित की जायेगी। रायपुर जिले के चंदेरी से खौली तक, दुर्ग जिले के पुलगाव नाका से अंजोरा तक फोरलेन सड़क निर्माण, जिला दुर्ग के बसनी कन्हारपुरी तुमाकला बोरी पर 15 कि.मी की सड़क, बोरसी हनोदा कोकडी पाउवारा सड़क, तरीघाट कोही रानीतराई , उतई पाउवारा जंजगिरी, अंडा , छुईखदान में सड़कें बनेंगी। सभी कामों की हर अपडेट अधिकारी मंत्री को देंगे। यह तय किया गया है कि आने वाले दिनों में एक और समीक्षा बैठक के जरिए मॉनिटरिंग की जाएगी।



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यह तस्वीर शनिवार को आयोजित बैठक के दौरान ली गई, मंत्री व अधिाकारियों ने कुछ निर्माण कार्यों को मंजूरी भी दी।




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पीलिया से महिला की मौत, 15 नए मरीज, संकट गहराया

राजधानी में पीलिया के नए मरीज मिलने के साथ ही टाटीबंध इलाके में एक महिला की मौत हो गई। महिला को अंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। महिला की मौत के बाद टाटीबंध इलाके में पानी का दोबारा सैंपल लिया गया। नए सिरे से जांच कर बैक्टीरिया की जांच की जाएगी। पूरे इलाके में फिर संदिग्धों की खोज शुरू कर दी गई है। कैंप लगाकर ऑन द स्पॉट संदिग्धों का ब्लड सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा जा रहा है। रविवार को भी एक-एक घर में दस्तक देकर बीमारों के संबंध में जानकारी इकट्‌ठा की जाएगी।
निगम अफसरों के अनुसार पीलिया पीड़ित महिला की शुक्रवार को ही मौत हो चुकी थी। डाक्टरी रिपोर्ट का परीक्षण करने के बाद शनिवार को स्वास्थ्य विभाग ने उसकी मौत से संबंधित बुलेटिन जारी किया। पिछले तीन दिन में पीलिया से यह दूसरी मौत है। इस बीच 15 नए मरीज मिलने के साथ राजधानी में पीलिया के मरीजों की संख्या बढ़कर 695 पहुंच गई है। लगातार प्रयासों के बावजूद पीलिया के मरीज मिलने का सिलसिला बंद नहीं हुआ उल्टे अब मौत होनी शुरू हो गई है। इससे निगम के अमले में खासी खलबली मची है। पीलिया के नए मरीज वहीं मिल रहे हैं जहां पहले से लोग पीड़ित हैं हालांकि पिछले एक महीने के दौरान पाइप लाइनें बदली जा रही हैं। अमृत मिशन योजना के तहत 100 करोड़ केवल पाइप लाइन बदलने में खर्च किया जा रहा है। उसके बाद भी प्रभावित इलाकों में इसका प्रकोप कम नहीं हो रहा है। निगम कमिश्नर सौरभ कुमार के अनुसार पाइप लाइन के काम में और तेजी लायी जाएगी। फिल्टर प्लांट में 24 फिल्टर बेड में से 8 बदले जा चुके हैं। 16 बेड भी बदले जा रहे हैं। इसकी कवायद शुरू कर दी गई है।

एक दिन में सबसे कम मरीज मिले
शहर में पीलिया का प्रकोप फैलने के बाद से ही रोज औसतन 30 से 35 मरीज मिल रहे हैं। शनिवार को एक दिन में मरीजों की संख्या सबसे कम 15 बढ़ी है। अफसरों के अनुसार पाइप लाइन बदलने के साथ क्लोरीन की टेबलेट बांटी जा रही है। उसका असर अब सामने आएगा। गौरतलब है कि निगम प्रशासन दूसरी खेप में 100 से ज्यादा जगहों पर पानी का टेस्ट कर चुका है, इसमें पानी अब मानक मिल रहे हैं। अफसरों का कहना है कि धीरे-धीरे मरीज मिलने कम होंगे।
निगम के ड्राइवर ने दिया पीड़ित को खून
निगम के एक ड्राइवर ने शनिवार को पीलिया पीड़ित एक गर्भवती को खून देकर मदद की। दरअसल मठपुरैना की रहने वाली महिला सात माह की गर्भवती है। उसका अंबेडकर अस्पताल में इलाज चल रहा ह। वह 29 अप्रैल से भर्ती है। शनिवार को उन्हें बी पाजिटिव खून की जरूरत पड़ी।

इस दौरान निगम जोन-6 की पीलिया नियंत्रण अभियान की नोडल अधिकारी इंजीनियर निवृत्रि परमार व जोन स्वास्थ्य अधिकारी संजीव शर्मा निरीक्षण के लिए अंबेडकर अस्पताल पहुंचे थे। उन्हीं के सामने डाक्टरों ने खून की जरूरत बतायी। महिला के परिवार में किसी का ब्लड बी पाजीटिव ग्रुप का नहीं था। जोन-6 के ड्राइवर राजेश वर्मा ने आगे आगकर अपना खून देने की सहमति दी। निगम कमिश्नर सौरभ कुमार इसके राजेश वर्मा की तारीफ की।



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बारिश-ओलावृष्टि की दोहरी मार झेल रहा किसान गेहूं की 15% और चने की 60% फसल खराब

कोरोनाकाल में जब खेत मजदूरों के बगैर सूने पड़े हैं, मौसम ने इसमें दोहरी मार कर दी। एक तरफ खड़ी फसल पक रही है क्योंकि मजदूर नहीं हैं, वहीं दूसरी तरफ ओलावृष्टि ने सब्जियों और फलों को बुरी तरह प्रभावित किया है। ये पूरे प्रदेश का हाल है। फिलहाल के अनुमान के मुताबिक राज्य स्तर पर जो आंकड़े आए हैं, उसमें गेहूं की फसल को 15 प्रतिशत तक और चने की फसल को 60 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। गर्मी के कारण चना पक रहा है, जबकि मजदूर न होने के कारण कटाई नहीं हो पाई।
भास्कर ने पूरे प्रदेश में किसानों की खेती और सरकार द्वारा की जा रही जांच का ब्यौरा निकाला। आलम यह है कि कवर्धा, दुर्ग, धमतरी जिले के किसानों ने तो चने की फसल खेतों में ही छोड़ दी है, क्योंकि उन्हें फसल कटाई में लगने वाले मजदूरों की लागत निकलने का भी भरोसा नहीं है। कवर्धा जिले की किसान सुनीता बघेल के मुताबिक उसने 70 एकड़ में चने की फसल लगाई थी लेकिन फसल पूरी तरह खराब हो गई है। पांच से छह लाख रुपए डूब गए।
इधर, राज्य सरकार ने बेमौसम बारिश आैर ओलावृष्टि के कारण खराब हुई फसल के नुकसान का आंकलन के निर्देश सभी जिला कलेक्टरों को दिए हैं। कृषि विभाग के अपर संचालक एमएस केरकेट्‌टा ने बताया कि प्रदेश में इस बार चने की फसल को बहुत नुकसान हुआ है, लेकिन गेहूं की फसल ज्यादा प्रभावित नहीं होगी। बावजूद इसके यह अभी आकलन के दौर में है। फाइनल रिपोर्ट नहीं है। तकरीबन 60 फीसदी चने फसल खराब हो सकती है।
कृषि विभाग के अपर संचालक एमएस केरकेट्‌टा के मुताबिक सरगुजा, कवर्धा, रायगढ़, बलरामपुर, सूरजपुर, जशपुर-कांसाबेल, कोरिया-भरतपुर, बिलासपुर- पेंड्रा, गरियाबंद आैर धमतरी में गेहूं का उत्पादन होता है। प्रदेश में गेहूं का आैसत उत्पादन 10 से 12 क्विंटल प्रति हेक्टेयर होता है जबकि सरगुजा जिले में इसका उत्पादन 40 से 50 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक होता है।

जगदलपुर: 500 एकड़ में लगी सब्जी की फसल तबाह, राहत में जुटा सरकारी अमला

जगदलपुर जिले में 500 एकड़ में सब्जी की फसल को नुकसान पहुंचा है। सबसे ज्यादा नुकसान बकावंड ब्लाक में हुआ है। यहां पर करीब 400 एकड़ में लगी फसल नष्ट हो गई है, जिसमें लौकी, कुम्हड़ा, कुंदरू, करैला, बिन्स, मिर्च, बरबट्टी, टमाटर और पपीता शामिल है। सबसे ज्यादा नुकसान मिर्च की खेती करने वालों को हो रहा है। 15-20 रुपए थोक के रेट में बिकने वाली मिर्च 5-6 रुपए किलों में बिक रही है। उद्यानिकी विभाग के उपसंचालक अजय कुशवाहा ने बताया कि करीब 6 हजार हेक्टेयर में सब्जी की खेती की गई थी। नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। इधर बस्तर किसान कल्याण संघ के कोषाध्यक्ष रमेश चावड़ा के अनुसार बस्तर जिले के सब्जी उत्पादक किसानों को करीब 2 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।

मिर्च के रेट कम होने से कई किसान इसकी तुड़ाई नहीं करवा रहे हैं, क्योंकि मिर्च की कीमत से ज्यादा खर्च तुड़ाई का आ रहा है।

दुर्ग: किसानों ने मुफ्त बांटी सब्जियां, जानवरों को चराया
दुर्ग जिले में 31649 हेक्टेयर में गेंहू, चना, तिवरा, मक्का, उड़द की फसलों को नुकसान पहुंचा है। इससे 39819 किसान प्रभावित हुए। दुर्ग ब्लॉक में 5705 किसानों का 3484 हेक्टेयर व पाटन में 9569 किसानों का 20384 हेक्टेयर फसल बर्बाद हो गई। धमधा ब्लॉक में 24545 किसानों का 20384 हेक्टेयर फसल को क्षति पहुंची। यहां टमाटर सहित साग सब्जी 42699 हेक्टेयर में ली गई थी। जिसमें 21 हजार हेक्टेयर की टमाटर, लौकी, करेला, गोभी, मिर्च आदि क्षति हुई है। तीन दिन कर्फ्यू में मंडी बंद रहने से 2490 टन सब्जी इस्तेमाल करने लायक नहीं बची। जिसे मवेशियों को फार्मरों ने खिलाई। मुफ्त भी बांटे।

खेतों में यूं ही छोड़ दिए।

जांजगीर: 690 एकड़ धान व 250 एकड़ की सब्जी बर्बाद
जांजगीर में सब्जी, धान, मक्का, दलहन, तिलहन की फसल को नुकसान का आकलन चल रहा है। कृषि विभाग के सर्वे में 690 एकड़ के धान और 250 एकड़ में लगी सब्जी की फसल तथा 75 एकड़ में लगी मक्के की खेती को नुकसान हुआ है। जिले में इस बार 10 हजार हेक्टेयर में धान 54सौ हेक्टेयर में गेहूं, 2820 हेक्टेयर में सब्जी की फसल लगाई गई है। 650 हेक्टेयर में पहली बार मक्का भी लगाया गया गया है। अफसरों के मुताबिक मालखरौदा क्षेत्र में 26 हेक्टेयर में धान की फसल, जैजैपुर क्षेत्र में 250 हेक्टेयर में धान की फसल, 30 हेक्टेयर में मक्का और 100 हेक्टेयर में सब्जी की फसल को नुकसान हुआ है।

कोरबा: तीन हजार एकड़ की फसल को नुकसान
यहां सब्जी के साथ ही धान, उड़द, मटर की फसल प्रभावित है। सर्वे चल रहा है। लगभग एक हजार हेक्टेयर में लगे टमाटर, मखना व प्याज बारिश व ओले से खराब हो गए हैं। इसी तरह सूर्यमुखी, सरसो, चना व मटर की फसल को नुकसान हुआ है। पानी भरने से प्याज सड़ गया। सब्जी की फसल में लगभग 50 प्रतिशत नुकसान उठाना पड़ेगा। करतला व पाली ब्लाक में सबसे ज्यादा बारिश और ओले गिरे थे। नवापारा के किसान रामकुमार राठिया का कहना है कि हर साल सब्जी की फसल से 45 से 50 हजार तक कमाई हो जाती थी, इस साल 10 से 15 हजार हो जाए तो बहुत है।उत्पादन कम होने से सब्जी के दाम बढ़ेंगे। यहां उद्यानिकी विभाग व पटवारियों को सर्वे करने कहा गया है।

बिलासपुर: टमाटर की फसल तबाह, जो बचा उसका रेट नहीं
जिले में 14 मिलीमीटर औसत बारिश हुई, वहीं तखतपुर और कोटा के इलाके में कहीं-कहीं ओलावृष्टि भी हुई, लेकिन यहां उद्यानिकी विभाग कह रहा है कि सब्जी की फसल खराब नहीं हुई है। लेकिन ग्राम चोरभट्टी में 80 एकड़ में सब्जी उगाने वाले अयूब ने बताया कि कोरोना वायरस से वैसे ही इस बार सब्जी की कीमत नहीं मिल रही है। सेंदरी के किसान सुरेंद्र कश्यप, छतौना के शकील भाई, मोहनभाठा के प्रदीप गुप्ता भी लाखों का नुकसान होने की बात कह रहे हैं।इधर उद्यानिकी विभाग के उप संचालक राम चतुर्वेदी के मुताबिक गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में ओलावृष्टि से नुकसान हुआ होगा, बिलासपुर जिले में नहीं हुआ है। मजदूर भी लौटे हैं, और वे शायद ही जाना चाहेंगे। बता दें कि श्रम विभाग के मुताबिक जिले के करीब 50 हजार किसान पलायन करते हैं।
बालोद: गुरूर ब्लॉक में धान की बालियां गिरीं जमीन पर
बारिश और ओले से गुरूर ब्लॉक में धान को बहुत नुकसान हुआ है। सरकारी आंकलन के मुताबिक गुरूर तहसील के 6398 किसानों की कुल 4512 हेक्टेयर फसल नष्ट हुई है। किसानों के अनुमान मुताबिक 5 हजार से ज्यादा हेक्टेयर रकबे में लगी धान फसल को नुकसान हुआ है। 80 हजार से ज्यादा किसानों ने धान की फसल लगाई है। किसान महेश साहू, भोजेश साहू का कहना है कि फसल पककर तैयार होने वाली थी कि बारिश के साथ ओला गिर गया, इससे नुकसान तय है। लागत राशि भी नहीं मिल पाएगी। डिप्टी कलेक्टर हितेश्वरी बाघे ने बताया कि गुरूर में नुकसान पर सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
खरसिया: खरबूज तीन से चार रुपए किलो बिक रहा
खरसिया में लगभग 40 एकड़ में खरबूजे की खेती होती है, जो बे-मौसम बारिश और आंधी के कारण खराब हो गई सारंगढ़ और सरिया के इलाकों में थोड़ी बहुत तरबूज की फसल होती है। किसानों को तीन से चार रुपए किलो का भाव मिला।



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