1 मनरेगा ने 91 हजार 888 लाेगाें काे दिया राेजगार, यह 10 साल में सबसे अधिक By Published On :: Sat, 02 May 2020 23:30:00 GMT पंचायतों में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी के काम स्वीकृत किए हैं। इसमें भूमि सुधार, मिट्टी सड़क, नया तालाब, डबरी, तालाब गहरीकरण के काम कराए जा रहे हैं। इस दौरान रिकाॅर्ड 91 हजार 888 लाेगाें को रोजगार उपलब्ध कराया गया। यह पिछले 10 साल में सबसे अधिक है। कामाें काे जल संरक्षण एवं संवर्धन के कार्यो को प्राथमिकता के आधार पर कराया जा रहा है। अाने वाले मानसून में इन कामाें से जल स्तर बढ़ने की उम्मीद है। महिला मजदूर भी काम के लिए अा रहीं हैं।विकासखंड नगरी में प्रदान संस्था एवं मगरलोड विकासखंड में एग्रोकेट सोसायटी के द्वारा ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए कार्ययोजना बनाने में सहयोग किया जा रहा है। ग्राम पंचायत के साथ क्रियान्वयन एजेंसी वन विभाग, उद्यानिकी विभाग, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग, जल संसाधन विभाग द्वारा भी काम शुरू कराए जा रहे हैं। कलेक्टर रजत बंसल ने जिले में राेज 1 लाख लाेगाें काे काम देने का लक्ष्य रखा है।जिला पंचायत सीईओ नम्रता गांधी ने बताया कि जिले में एक दशक बाद 91 हजार 888 श्रमिक मनरेगा कार्य में लगे हैं। कार्यस्थल पर मनरेगा मजदूरों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने, मास्क लगाकर कार्य करने, स्वच्छता के लिए साबुन से हाथ धोने, छाया की व्यवस्था, पेयजल की व्यवस्था, मेडिकल किट सहित अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। धमतरी ब्लॉक में 19 हजार 201, कुरूद में 27 हजार 311, मगरलोड में 21 हजार 627, नगरी ब्लॉक में 23 हजार 749 मजदूर काम कर रहे हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today MNREGA has given 91 thousand 888 jobs, this is the highest in 10 years Full Article
1 पंजाब से हार्वेस्टर लेकर आए 13 लोग क्वारेंटाइन By Published On :: Sat, 02 May 2020 23:30:00 GMT जिले में ग्रीष्मकालीन फसल की कटाई शुरू हो गई है। अन्य प्रदेशों से हार्वेस्टर एवं मजदूर फसल कटाई के लिए धमतरी आ रहे है। शनिवार को हॉट-स्पॉट पंजाब और हरियाणा से 13 लोग हार्वेस्टर लेकर फसल काटने कुरूद पहुंचे। इसकी जानकारी प्रशासन को हुई तो सभी को तुरंत कुरूद के क्वारेंटाइन सेंटर पंचायत भवन ले जाकर 14 दिन के लिए क्वारेंटाइन किया गया। अब समय अवधि पूरा होने के बाद ही इन्हें काम करने की छूट होगी।आरडी किट से 246 लोगों की जांच, सभी निगेटिव : स्वास्थ्य विभाग को 563 नग आरडी किट मिली है। इसी से संदिग्धों की जांच कर तुरंत 20 से 25 मिनट में रिपोर्ट दे रहे है। बीते 3 दिन में 246 लोगों की जांच किया गया। सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है। शनिवार को 8 संदिग्धों के सैंपल लेकर स्वास्थ्य विभाग के जांच के लिए रायपुर एम्स भेजे है। अब तक 268 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव मिली है। पथर्रीडीह के क्वारेंटाइन सेंटर से 10 लोगों को छूटी देकर होम क्वारेंटाइन किया गया। वर्तमान में अब यहां 16 लोग स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में हैं।कलेक्टर ने अफसरों को दिए यह निर्देश कलेक्टर रजत बंसल ने सीएमएमओ, धमतरी, कुरूद, नगरी के एसडीएम व उप संचालक कृषि को निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि जिस गांव में हार्वेस्टर अथवा मजदूर अन्य प्रदेश से आते हैं, तो तत्काल ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एवं पटवारी संयुक्त रूप से एसडीएम एवं उप संचालक कृषि को सूचना दें। सीएमएचओ उस गांव में जाकर दूसरे प्रदेश से आने वाले व्यक्तियों का स्वास्थ्य परीक्षण करेंगे। उन्हें 14 दिनों तक क्वारेंटाइन किया जाएगा। इसके बाद जांच होगी। कोरोना वायरस संक्रमण नहीं होने की स्थिति में ही उनसे फसल कटाई का काम कराया जा सकेगा। हम जरा भी रिस्क नहीं उठाएंगेः सीएमएचओसीएमएचओ डॉ. डीके तुर्रे ने कहा कि अन्य प्रदेशों से आने वालों की हर हाल में स्वास्थ्य जांच किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग जरा भी रिस्क नहीं उठाएगी। पंजाब से शनिवार को 13 लोग हार्वेस्टर लेकर फसल काटने आए। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
1 15 तक जमा करें निगम कर, अब तक 62.16% वसूली By Published On :: Sat, 02 May 2020 23:30:00 GMT लॉकडाउन को करीब डेढ़ महीने हो गए। इस कारण नगर निगम राजस्व वसूली में इस साल पिछड़ गया है। 62.16 प्रतिशत ही कर वसूली हो पाई है। अब कर चुकाने की तारीख 30 अप्रैल से बढ़ाकर 15 मई कर दी गई है। शहरी क्षेत्र में करीब 20 हजार नल कनेक्शन है, लेकिन जलकर में 1.1 करोड़ और संपत्तिकर में 63.49 लाख रुपए टैक्स जमा होना बाकी है।नगर निगम क्षेत्र में करीब सवा लाख की जनसंख्या है। बड़ी मात्रा में राजस्व बकाया है। इसकी वसूली की जा रही है हालांकि निगम कर्मियों के पास अन्य काम भी हैं इस कारण वसूली पूरी नहीं हो पा रही है। धमतरी नगर निगम ने इस वित्तीय वर्ष में अब तक 62.16 प्रतिशत राजस्व वसूल कर लिया है। हालांकि अभी भी बड़ी मात्रा में कर बाकी है। इसमें संपत्तिकर, जलकर व अन्य कर बकाया है। कोरोना वायरस के कारण शासन ने सभी निकायों को शहर में नियंत्रण की जिम्मेदारी निगम कर्मियों को दी है।वर्ष 2018-19 का 1.18 करोड़ बाकी : नगर निगम के राजस्व शाखा के अनुसार वर्ष 2018-19 का राजस्व विभाग को 1.18 करोड़ रुपए बाकी है, जिनमें से सिर्फ 50.88प्रतिशत की वसूली की गई। कुल 240.61 लाख में से 122.43लाख रुपए की वसूली हो पाई है। अभी भी पुराना बकाया 118.18लाख रुपए है।कर्मचारियों का वेतन देने में होती है मुश्किलनिगम में 244 नियमित और 216 प्लसमेंट कर्मचारी हैं। नियमित कर्मचारियों को 70 लाख रुपए और प्लेसमेंट कर्मचारियों को 22 लाख रुपए का वेतन भुगतान हर महीने करना होता है। निगम को सालभर में टैक्स के माध्यम से लगभग 10 करोड़ मिलते हैं। ऐसे में हर महीने वेतन की समस्या आती है। इसलिए भुगतान 15 तारीख के बाद ही हो पाता है। टैक्स वसूली में थोड़ी कमी आने से वेतन भुगतान करना मुश्किल हो जाता है। यही कारण है कि कर वसूली को तेज हो रहा है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
1 कल से मिलेगी राहत, 2 सवारी के साथ ऑटो को छूट पर दुकानें 7 से 1 बजे तक ही खुलेंगी By Published On :: Sat, 02 May 2020 23:30:00 GMT लॉकडाउन-2 को 2 मई को 18 दिन पूरे हो गए है। शुक्रवार को केंद्र सरकार ने दो हफ्ते यानी 17 मई तक लॉकडाउन बढ़ा दिया है। ग्रीन जाेन वाले जिलों को कुछ छूट शर्ताें के साथ दी है। यह छूट 4 मई से लागू होंगी। धमतरी ग्रीन जोन में हैं इसलिए जिले के अंदर बसें शुरू हो सकती हैं लेकिन रायपुर रेड जोन होने से कारण वहां से बसें आना मुश्किल है। शहर में ऑटो शुरू हो जाएंगे। टैक्सी से भी लोग शर्तों के साथ यात्रा कर सकेंगे। लेकिन दुकानें सुबह 7 से 1 बजे तक ही खुलेंगी।पान व तंबाकू की दुकानें खुल सकेंगी। इन पर भी सोशल डिस्टेंसिंग व मास्क लगाना होगा। सिनेमा घर, होटल, रेस्टोरेंट्स, शॉपिंग मॉल, जिम, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, स्वीमिंग पूल, बार, सेलून व पार्लर ़़17 मई तक बंद ही रहेंगे। शराब दुकानें भी सोमवार से सोशल डिस्टेंसिंग के साथ खुल सकती हैं। अंतिम निर्णय 3 मई को राज्य सरकार बैठक में लेगी। सभी दुकानों में ग्राहकों के बीच सोशल डिस्टेंसिंग रखी जाए। 6 फीट की दूरी रखनी होगी।घाटे में बस चलाना भी मुश्किलमहेश ट्रेवल्स के संचालक महेश साहू व भास्कर ट्रेवल्स के संचालक नोबल देवांगन ने कहा कि राज्य सरकार 3 मई को क्या आदेश देती है, इसका इंतजार कर रहे है। वैसे रायपुर रेड जोन में है। सभी बसें रायपुर से धमतरी ही चलती है। 50 प्रतिशत यात्री भी बैठाकर भी गाड़ी चलाई जाए, तो घाटा होगा। डीजल के दाम भी बढ़े हुए है। घाटे में बस चलाना मुश्किल हाेगा।मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग अनिवार्यसोशल डिस्टेंसिंग और मास्क पहनने को लेकर कुछ व्यापारी और लोग लापरवाही बरत रहे है। व्यापारियों को स्पष्ट आदेश है कि दुकानों के बाहर सैनिटाइजर रखें लेकिन व्यापारी मान नहीं रहे है। सोशल डिस्टेंसिंग का तो पालन हो ही नहीं रहा है। सबसे ज्यादा नियम का उल्लंघन किराना दुकानों में ही हो रहा है। यदि ऐसी लापरवाही आगे भी जारी रही, तो संक्रमण का खतरा बढ़ जाएगा।सुबह 7 से 1 बजे तक खुलेंगी दुकानेंधमतरी ग्रीन जोन में है, लेकिन दूसरे राज्यों में फंसे मजदूरों को वापस लाने सरकार काम कर रही है। ऐसे में कोरोना संक्रमण का खतरा फिलहाल टला नहीं है। शहर में भीड़ और यातायात दबाव को नियंत्रण करना भी अफसरों के लिए चुनौती से कम नहीं है। इसलिए जिला प्रशासन अभी दुकानों को खोलने की छूट सुबह 7 से 1 बजे तक ही रहेगी। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Relief will be available from tomorrow, shops will be open at 2 to 7 pm with discounts on autos. Full Article
1 32 हजार मजदूर बाहर फंसे, 18 सौ ने किया संपर्क By Published On :: Sat, 02 May 2020 23:30:00 GMT महासमुंद जिले के करीब 32 हजार मजदूर अन्य राज्यों में फंसे हुए थे। इनमें से करीब 4 हजार मजदूर हाल-फिलहाल में वापस अपने गांव लौटे हैं, लेकिन अब भी 28 हजार मजदूर दीगर राज्यों में मौजूद हैं। इन मजदूरों को वापस लाने के लिए राज्य सरकार ने कार्रवाई शुरू कर दी है। मजदूरों से संबंधित जानकारी सभी कलेक्टर से मांगी गई है। वहीं जिला प्रशासन के पास जो डाटा है, उसके अनुसार महासमुंद जिले से केवल 1800 मजदूर दीगर राज्यों में फंसे हुए हैं।क्योंकि इतने ही लोगों ने अब तक वापसी के लिए उनसे संपर्क किया है। जिला श्रम अधिकारी डीके राजपूत ने बताया कि राज्य स्तरीय टोल फ्री नंबर और जिले के नंबर पर अब तक 1734 मजदूरों ने संपर्क कर फंसे होने की जानकारी दी है। हमारे पास रोजाना फोन आ रहे हैं, उसके अनुसार हम डाटा अपडेट कर रहे हैं। जिले से 32 हजार मजदूराें के बाहर होने संबंधी किसी तरह का डाटा हमारे पास नहीं है। कोई भी मजूदर यदि किसी राज्य में फंसा है तो वह या उनके परिजन राज्य स्तर पर 9109849992 और 0712443809 के साथ ही जिला स्तर पर 8839392840 पर संपर्क कर जानकारी दे सकता है।महासमुंद सांसद चुन्नीलाल साहू ने कुछ दिन पहले ही जिला प्रशासन को पत्र लिखकर अन्य राज्यों में फंसे जिले के मजदूरों की जानकारी मांगी थी। इस पर सभी जनपद पंचायत अधिकारियों ने विकासखंडवार जानकारी उपलब्ध कराई थी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार जिलेभर से करीब 32788 मजदूर दीगर राज्यों में काम करने गए हुए हैं। उनमें से करीब 4 हजार वापस लौट चुके हैं। इस जानकारी के बाद सांसद ने कलेक्टर को पत्र लिखकर वापस लौटने वाले मजदूरों को रखने और उनके जांच संबंधी तैयारी की जानकारी लेने भी पत्र लिखा था।जिले की सीमा में ही करेंगे स्वास्थ्य परीक्षणइधर, मजदूरों के वापस लौटने के पश्चात उनके स्वास्थ्य परीक्षण और उन्हें 14 दिन के लिए क्वारेंटाइन करने के संबंध में कलेक्टर ने सभी अनुविभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने बताया कि अन्य राज्यों से आने वाले मजदूरों का राज्य की सीमा में प्रवेश के समय ही स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद उन्हें 14 दिन के लिए क्वारेंटाइन किया जाएगा। इसके लिए तैयारी पूरी हो चुकी है। हमारे पास 135 आश्रम और छात्रावास हैं। इसके अलावा शासकीय स्कूल और अन्य भवनों में उन्हें क्वारेंटाइन करने की व्यवस्था की जाएगी। इसी तरह ओडिशा की सीमा से छत्तीसगढ़ में प्रवेश करने वाले अन्य जिलों के मजदूरों का सीमा में ही स्वास्थ्य जांच उपरांत बसों से उनके निवास के लिए भेज दिया जाएगा। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
1 1 महीने में 245 लोगों से 2 हजार लीटर शराब जब्त By Published On :: Sat, 02 May 2020 23:30:00 GMT सरायपाली थाना क्षेत्र के ग्राम काकेनचुंआ में दो युवक को पुलिस ने बड़ी मात्रा में महुआ शराब के साथ पकड़ा है। ये दोनों एक खेत में अवैध रूप से महुआ शराब ना रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने घेराबंदी कर कार्रवाई की है। इन आरोपियों से पुलिस ने 110 लीटर महुआ शराब, 06 नग एल्युमिनियम का गंजी एवं प्लास्टिक बाल्टी बरामद की है।जब्त शराब की कीमत 11 हजार रूपये आंकी गई है। इसी प्रकार तुमगांव पुलिस ने भी ग्राम मालीडीह में एक युवक से 10 लीटर महुआ शराब जब्त की है। जिसकी कीमत एक हजार रूपये है। पुलिस ने दोनों ही मामलों में आबकारी एक्ट की धारा 34 (2) के तहत अपराध दर्ज कर जांच में लिया है। ज्ञात हो कि अंग्रेजी व ओडिशा शराब की बिक्री बंद होने के बाद महुआ शराब की बिक्री बढ़ गई है। अधिक डिमांड को देखते हुए हर गांवों में लोगमहुआ शराब बना रहे हैं। वहीं पुलिस भी इन ओरापियों पर लगातार कार्रवाई कर रही है। जानकारी के अनुसार सरायपाली पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम काकेनचुंआ के खेत में अवैध रूप से महुआ शराब बनाया रहा है। सूचना मिलते ही टीम घटना स्थल पहुंचे, जहां देखा कि दो युवक अपने खेत में पीपल पेड के नीचे शराब बना रहे थे।पुलिस ने घेराबंदी कर सुरीतराम सिदार पिता लाभो सिदार एवं संपतराम पिता जलीधर साहू को पकड़ा। टीम ने इन दोनों से पूछताछ की तो, बताया कि दो जगह पर महुआ शराब बनाया जा रहा है। इसके बाद टीम ने दो जगहों से 200-200 लीटर के ड्राम में 100 लीटर व 5-5 लीटर वाले दो डिब्बे में 10 लीटर शराब जब्त की। इसी प्रकार तुमगांव पुलिस ने भी ग्राम मालीडीह निवासी अजगर पिता नारायण के मकान से 10 लीटर महुआ शराब जब्त की है।एक महीने में डेढ़ लाख का गांजा जब्तपुलिस अधीक्षक कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार शराब के साथ छुटपुट गांजा की भी तस्करी हो रही थी। लॉकडाउन के चलते तस्कर अधिक मात्रा में गांजा की तस्करी नहीं कर पा रहे थे। इसके बावजूद एक महीने में पुलिस ने 7 प्रकरण दर्ज किए है। जिसमें 12 व्यक्ति को गिरफ्तार कर इसके कब्ज से 20 किलो गांजा बरादम किया है। जिसकी कीम एक लाख 52 हजार रूपए बताई जा रही है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 2 thousand liters of alcohol seized from 245 people in 1 month Full Article
1 50% यात्री ही सफर कर सकेंगे, 35 सीट की बस में बिलासपुर जा सकेंगी 15 सवारी By Published On :: Sat, 02 May 2020 23:55:00 GMT कोरोना संक्रमण के बीच 3 मई को लॉकडाउन को दूसरा चरण खत्म हो रहा है। सरकार ने लॉकडाउन को 17 मई तक बढ़ाने की घोषणा कर दी है, लेकिन ग्रीन जोन वाले जिलों में अधिकांश पाबंदियों को हटा दिया गया है। कबीरधाम जिला भी ग्रीन जोन में है। यहां कोरोना के एक भी पॉजिटिव नहीं मिले हैं। लॉकडाउन- 3 में जाे रियायत मिली है, उससे हमारा जिला भी अछूता नहीं रहेगा।कबीरधाम में 50 फीसदी सवारी के साथ कल यानि 4 मई से बसों के संचालन की छूट दी गई है। लेकिन इस छूट से बस ऑपरेटर्स ज्यादा खुश नहीं हैं। बस ऑपरेटर करन बंजारे बताते हैं कि अगर 35 सीटर बस में 15 सवारी बैठकर बिलासपुर जाते हैं तो घाटा ही होगा। हम 17 मई तक का इंतजार करेंगे। इधर अपर कलेक्टर जेके ध्रुव ने बताया कि लॉकडाउन 17 मई तक बढ़ गई है। शासन के गाइडलाइन के अनुसार जो सेवाएं संचालित होंगी उसका पालन सुनिश्चित किया जाएगा।जानिए, लॉकडाउन- 3 में शहर में क्या खुलेंगे और क्या बंद रहेंगेये सेवाएं चालू रहेंगी: गाइडलाइन के मुताबिक 50 फीसदी यात्रियों के साथ बसें चलेंगी। इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर व कारपेंटर सेवाएं, मोबाइल-लैपटॉप, स्टेशनरी और कपड़े दुकानें खुल सकेगी। सेलून, शराब, गुटखा, पानी, दूध, सब्जी, किराना की दुकानें खोल सकेंगे। लेकिन वहां एक बार में 5 से ज्यादा लोग इकट्ठा नहीं हो सकेंगे और लोगों के बीच 6 फीट की दूरी बनाए रखनी हाेगी। शॉपिंग मॉल को छोड़कर सामान बेचने वाली सभी दुकानें खुली रहेंगी।निगरानी नहीं, क्वारेंटाइन सेंटर भेजे मजदूरों के बीच मारपीटदूसरे राज्यों से पैदल आ रहे मजदूरों को रोकने बोड़ला ब्लॉक के ग्राम पालक में स्कूल भवन को क्वारेंटाइन सेंटर बनाए हैं। सेंटर में बालाघाट के 10-12 मजदूरों को क्वारेंटाइन किया गया है। निगरानी नहीं होने से शनिवार को क्वारेंटाइन किए गए मजदूरों के बीच विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि मारपीट तक हो गई। इनमें महिलाएं भी शामिल थीं। बताया जा रहा है कि मजदूरों का 14 दिन का क्वारेंटाइन अवधि खत्म हो चुका है। पंचायत से उन्हें अपने घर जाने के लिए कहा जा रहा है, लेकिन मजदूर लॉकडाउन तक यही रहने की जिद पर अड़े हैं।बंद रहेंगे मंदिर-मस्जिद, शराब दुकानें खोलने की तैयारीसहसपुर लोहारा| लॉकडाउन का दूसरा चरण 3 मई को खत्म हो रहा है। वहीं तीसरे चरण का लॉकडाउन 17 मई तक रहेगा। इस दौरान भीड़ के मद्देनजर मंदिर और मस्जिद खोलने पर प्रतिबंध है, लेकिन शराब दुकानों को खोलने की तैयारी शुरु हो गई है। सहसपुर लोहारा में लॉकडाउन के बीच शनिवार को सरकारी शराब दुकान में भीड़ को रोकने के लिए बेरीकेड लगाने का कार्य शनिवार किया जा रहा था। इसे लेकर लोनिवि ने मजदूरों लगाए थे।यह तर्क दे रहे: डीजल का खर्चा ही नहीं निकाल पाएंगे ऑपरेटर तो होगा नुकसानकवर्धा.हमेशा भीड़ से भरा रहने वाला बस स्टैंड लॉकडाउन के चलते सूना नजर आ रहा है।ये पाबंदी 17 मई तक लागू ही रहेंगी: स्कूल, कॉलेज, एजुकेशन, ट्रेनिंग, कोचिंग इंस्टिट्यूट बंद ही रहेंगे। होटल, रेस्टोरेंट, सिनेमा हॉल, शॉपिंग मॉल, जिम, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, स्वीमिंग पूल बंद रहेंगे। हर तरह के राजनीतिक, धार्मिक, सांस्कृतिक, सामाजिक कार्यक्रमों के आयोजन पर रोक जारी रहेगी। धार्मिक स्थान भी बंद रहेंगे। धार्मिक मकसद से जमावड़ों पर रोक रहेगी। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Only 50% passengers will be able to travel, 15 passengers will be able to go to Bilaspur in 35 seat bus Full Article
1 15 मई तक पटा सकते हैं टैक्स By Published On :: Sun, 03 May 2020 00:58:00 GMT जिले के 4500 करदाताओं के लिए अच्छी खबर है कि संपत्ति, जल व अन्य करदाताओं को नगरीय प्रशासन ने राहत देते हुए 15 दिनों का और अतिरिक्त समय दिया है। 15 मई तक कर की राशि जमा करने में अब लोगों को किसी भी प्रकार का कोई सरचार्ज नहीं लगेगा। हालांकि कर की राशि में किसी प्रकार की छूट के लिए कुछ भी नहीं दिया गया है।नपा के राजस्व निरीक्षक हरिश कुमार साहू ने कहा कि कर की राशि जमा करने के लिए तिथि बढ़ाई गई है। नए आदेश के अनुसार अब 15 मई तक सभी प्रकार के कर जमा किए जा सकते हैं। विदित हो कि नगर पालिका में संपत्ति कर व जल कर सहित अन्य करों की राशि मार्च के अंत तक जमा करना रहता है लेकिन मार्च के अंत में लाॅकडाउन घोषित होने के बाद इस तिथि को बढ़ाते हुए 30 अप्रैल तक कर दिया गया था। चूंकि लाॅकडाउन पूरा अप्रैल भर रहा और 3 मई तक फिर बढ़ा दिया गया,ऐसी स्थिति में उक्त कर की राशि जमा करना लोगों के लिए मुसीबत थी। इस मुद्दे को भास्कर ने 28 अप्रैल को प्रकाशित किया था। नगर पालिका बलौदाबाजार में आॅनलाइन कर पटाने की व्यवस्था नहीं होने के चलते नगरीय प्रशासन द्वारा जारी पत्र मेंऑफलाइन कर जमा करने को कहा गया है।इसमें साफ कहा गया है कि कार्यालय में आकर नागरिकों द्वारा संपत्तिकर भुगतान करने की स्थिति में फिजिकल डिस्टेसिंग का पालन अनिवार्य कराया जाए। हालांकि नल कनेक्शन के लिए अभी नगर पालिका द्वारा घर-घर जाकर आवेदन और कनेक्शन शुल्क लिया जा रहा है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
1 प्रदेश में 100 साल पुराना आपदा प्रबंधन कानून लागू, थूकने पर रोक जैसे कानून भी 50 साल पुराने पर अमल पहली बार By Published On :: Sun, 03 May 2020 01:15:16 GMT जाॅन राजेश पाॅल।कोरोना को लेकर प्रदेश और देश में 100 बरसों से कानून की किताबों में दबे पड़े आपदा प्रबंधन नियम अचानक झाड़कर बाहर निकाले और लागू किए गए। कुछ नए नियम नौकरी व हेल्थ सेक्टर को ध्यान में रखकर भी लागू किए। थूकने पर अपराध व सजा के 50 साल पुराने कानून व शादियों की अनुमति के नियमों में कुछ में बदलाव करके लागू किए हैं। धारा 144 के भी मायने ही बदल गए। इस धारा ने तो सबसे लंबे वक्त अब तक 45 दिन तक रहने का इतिहास बना दिया। इसमें सबसे तगड़ा होकर उभरा सन 1897 का पुराना डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट यानी आपदा प्रबंधन कानून। डिजास्टर मैनेजमेंट के इस प्रभाव को कानून के जानकार इसे कानून पर ओवरराइड इफैक्ट कहते हैं। दिलचस्प यह भी है कि डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट छत्तीसगढ़ तो क्या कभी सेंट्रल जोन में तूफान, आंधी, बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं को लेकर लागू नहीं हुआ। इस एक्ट के सेक्शन 61 को पहली दफे इसे इतनी कड़ाई से लागू किया गया वह भी लोगों को घर में कैद रखने के लिए। आपदा भी प्राकृतिक न होकर कृत्रिम वह भी अदृश्य है। इस एक्ट के तह तीन स्तर पर कमेटियां बनती हैं। और डीएम ही हेड होते हैं। समाज को एकजुट रहने का संदेश देने वाले देश में इस महामारी के चलते घरों, दुकानों सभी जगह सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराया जा रहा है। आजादी के बाद यह पहला मौका है जब केवल लॉ एंड आर्डर को काबू में रखने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली धारा 144 का उपयोग आज तक (44 दिन) तक अब तक के सबसे लंबे समय के लिए किया गया।करीब पांच दशक पहले तुलसी कांड, 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या, 1992-93 में बाबरी मस्जिद के ढहाए जाने के बाद भी इतने लंबे समय तक यह धारा प्रभावी नहीं रही। महत्वपूर्ण बात यह भी कि पहली दफे धारा 144 के उल्लंघन में थोक में 1605 एफआईआर हुईं। ज्वाइंट कलेक्टर यूएस अग्रवाल के अनुसार इंदिरा हत्या कांड व बावरी मस्जिद के समय भी अविभाजित मध्यप्रदेश में प्रमुख शहरों में एक महीने तक ही यह धारा प्रभावशील रही। इसे केवल आठ दिनों के लिए लगाया जा सकता है। फिर इसमें समय-समय पर एक्सटेंशन कर जिला प्रशासन अधिकतम 60 दिनों तक लागू कर सकता है। इसके बाद उसे राज्य शासन की अनुमति लेनी होगी।एक और खास बात यह कि धारा 144 के मायने चार या अधिक लोगों के एक स्थान पर जमा होने से रोकने को लिए हैं। यहां इसका उपयोग लोगों को घरों में कैद रखने के लिए किया गया। यानी अकेले-दुकेले को भी निकलने व घूमने की मनाही। धर्मगुरु तो यहां तक कहते हैं किसी भी युग में शादियों और अंतिम संस्कार को लेकर सख्ती नहीं की गई जो इस कलयुग में देखने को मिल रही है। सभी धर्मों के त्योहार और धार्मिक संस्कार कोरोना की भेंट चढ़ गए।थूकने पर प्रतिबंध और डाक्टरों पर हमलाकोरोना के चलते सार्वजनिक स्थलों पर थूकने पर बैन लगाया है। हालांकि यह कानून 50 साल पहले से ही बना था। इसके बाद नया मंत्रालय ने डिजास्टर मैनेजमेंट एक की धारा 51 में इसका प्रावधान किया। थूकने को अपराध माना और ऐसा करते पाए जाने पर छह महीने की सजा का प्रावधान किया। इसका पालन करना और करवाना है दोनों ने ही इसे गंभीरता से नहीं लिया। कोरोना ने 16 अप्रैल 2020 से इसका सख्ती से पालन करवा दिया। डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट में यह ताकत है कि वह किसी भी गतिविधि को रोक या लागू कर सकता है। आजादी के बाद पहली दफे डाक्टरों पर हमले पर सजा का कानून का उपयोग हुआ। शादी-अंतिम संस्कार भी सरकारी अनुमति सेप्रशासन 144 का उपयोग शादियों और अंतिम संस्कार में भी कर रहा है। वर्तमान में शादियां भी पहली बार सरकार की मर्जी से हो रही है। शादियों के लिए अनुमित व मुहूर्त की तारीख तहसीलदार दे रहे हैं। कैपिटल डिस्ट्रिक्ट में करीब 40 लोगों को अनुमति दी जा चुकी है। जबकि दर्जनभर के आवेदनों पर विचार हो रहा है। शादियों में दुल्हा-दुल्हन समेत दस से अधिक लोगों के विवाह में शामिल होने की अनुमित नहीं दी जा रही है। लोग अपने परिजनों के अंतिम संस्कार में शामिल होने शहर के बाहर नहीं जा पा रहे हैं। रिश्तेदारों ने या परिवार की लड़कियों ने बेटों की जगह चिता को मुखाग्नि दी। विशेष बात यह कि अब भी कई अस्थियां इलाहाबाद या अन्य धार्मिक शहरों में ही विसर्जन के लिए रोककर रखी हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 100-year-old disaster management law implemented in the state, laws like banning spitting are also implemented for the first time. Full Article
1 ट्रेन से 1 घंटा पहले स्टेशन आना जरूरी, जांच के बाद ही सफर By Published On :: Sun, 03 May 2020 23:30:00 GMT अभी ये तय नहीं हुआ है कि यात्री ट्रेनें कब से चलेंगी, लेकिन रेलवे के जिस तरह निर्देश आ रहे हैं, उनसे यह बात साफ हो गई है कि ट्रेनों में सफर करना आसान नहीं होगा, बल्कि बहुत सावधानी बरती जाने वाली है। जोन ने तय किया है कि ट्रेन जब भी शुरू होगी, हर यात्री को इसके टाइम से एक घंटे पहले स्टेशन आना होगा, जैसा एयरपोर्ट में होता है। वहां पुख्ता जांच होगी, उसके बाद ही प्लेटफार्म में जाने की अनुमति मिलेगी। ऐसा कोरोना से बचाव केलिए किया जा रहा है।नए निर्देशों के तहत रायपुर स्टेशन में कई नए इंतजाम शुरू कर दिए गए हैं। रिजर्वेशन काउंटर भवन (पीआरएस) के पास एक होल्डिंग एरिया बनाया जा रहा है। यहां सभी तरह के वाहन रोक दिए जाएंगे। यहीं से यात्रियों को उतरकर फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए प्लेटफाॅर्मों तक जाना होगा। लेकिन जाने से पहले उनकी जांच पुख्ता तरीके से होगी। इसलिए यहां से प्लेटफार्म तक पहुंचने में लोगों को वक्त लगेगा। इसीलिए ट्रेन से घंटेभर पहले स्टेशन बुलाया जा रहा है। इस सिस्टम में किसी को छूट न मिले, इसलिए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और रेल पुलिस (जीआरपी) इसे मिलकर लागू करेंगे। सुरक्षाबलों की कमी को देखते हुए आरपीएफ अब आउट सोर्सिंग करेगा। 60 निजी सुरक्षाकर्मियों का प्रस्ताव जोन को मंडल ने भेजा है। 4 लाइनों में प्लेटफार्म जाएंगे यात्रियों को होल्डिंग एरिया से प्लेटफॉर्म तक पहुंचने के लिए 4 अलग-अलग लाइनों से जाना होगा। दो लाइन में ट्रेन पकड़ने वाले यात्रियों को भेजा जाएगा। दो लाइनें जनरल टिकट काउंटर तक जाएंगी। यात्रियों के बीच 1.5 मीटर गैप होगा। इसी हिसाब से मार्किंग की जा रही है। इसी तरह, गुढ़ियारी वाली एंट्री में चार की जगह तीन लाइनें बनेंगी, क्योंकि वहां से आने वालों की संख्या कम है।इसलिए पहुंचना होगा पहले सभी तरह के यात्री वाहनों को पीआरएस के पास रोक दिया जाएगा। होल्डिंग एरिया से प्लेटफॉर्म तक चार अलग-अलग लाइनें बनेंगी। यात्रियों को डेढ़ मीटर की दूरी बनाकर ही प्लेटफॉर्म तक जाना होगा। सभी गेट के पास यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग और लगेज स्कैनिंग। सेनेटाइजर टनल से गुजरना होगा, वीआईपी गेट से निकलेंगे बाहर।^ जब भी ट्रेनें शुरू होंगी, कोरोना संक्रमण से रोकथाम के तरीकों के साथ ही सफर करने दिया जाएगा। स्टेशन में इसकी तैयारी शुरू कर दी गई।तन्मय मुखोपाध्याय,सीनियर डीसीएम रायपुर Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today It is necessary to come to the station 1 hour before the train, travel only after checking Full Article
1 कृषि पीजी व पीएचडी एंट्रेंस टेस्ट के लिए आवेदन 17 मई के बाद By Published On :: Sun, 03 May 2020 23:30:00 GMT इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में संचालित पीजी व पीएचडी पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए एंट्रेंस टेस्ट आयोजित किया जाएगा। इसके लिए आवेदन की प्रक्रिया 17 मई के बाद शुरू होगी। पहले 15 अप्रैल से यह प्रक्रिया शुरू होने वाली थी लेकिन लॉकडाउन की वजह से इसे स्थगित किया गया।विश्वविद्यालय के अफसरों का कहना है कि लॉकडाउन की अवधि में आवेदन की प्रक्रिया शुरू होने से छात्रों को फायदा नहीं होता। बड़ी संख्या में छात्र आवेदन नहीं कर पाते। इसलिए पहले आवेदन नहीं मंगाए गए। 17 मई के बाद फिर से प्रक्रिया शुरू होगी। इसके लिए सूचना जल्द जारी होगी। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में कृषि, उद्यानिकी और कृषि अभियांत्रिकी के पीजी व पीएचडी पाठ्यक्रमों में प्रवेश होगा। इसके तहत पीजी में 310 और पीएचडी में 85 सीटें हैं। विवि के अफसरों का कहना है कि इस बार विश्वविद्यालय की ओर से ही संयुक्त प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी। अगले साल इसमें बदलाव होगा। प्रवेश परीक्षा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की ओर से आयोजित किया जाएगा। इसके नतीजों के आधार पर काउंसिलिंग से सीटें बांटी जाएंगी।बीएससी एग्रीकल्चर व हार्टीकल्चर के लिए व्यापमं से प्रवेश परीक्षा : कृषि के पीजी व पीएचडी पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए कृषि विवि से एंट्रेंस टेस्ट आयोजित किया जाएगा। लेकिन इसके स्नातक स्तरीय पाठ्यक्रम यानी बीएससी एग्रीकल्चर व हार्टीकल्चर के लिए छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) से प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसके लिए आवेदन की प्रक्रिया चल रही है। 15 मई तक आवेदन किए जाएंगे। कृषि के स्नातक स्तरीय पाठ्यक्रम में 2200 से अधिक सीटें हैं। व्यापमं की वेबसाइट vyapam.cgstate.gov.in से अावेदन किए जा सकते हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
1 एपी भर्ती परीक्षा पर 17 के बाद नई गाइडलाइन संभव By Published On :: Sun, 03 May 2020 23:30:00 GMT छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा 27 विभिन्न विषयों में ही 1384 सहायक प्राध्यापकों के लिए लिखित परीक्षा होगी। इसमें किसी तरह के बदलाव नहीं किए जाएंगे। इसलिए योग्य उम्मीदवार परीक्षा की तैयारी में जुटे रहें। पहले 4, 5 और 6 मई को दो-दो पालियों में लिखित परीक्षा तय कर दी गई थी, लेकिन बाद में लिखित परीक्षा स्थगित की गई। आयोग ने अभी तक कोई नई तिथि घोषित नहीं की है।अब 17 मई के बाद ही परीक्षा के संबंध में कोई नया आदेश आ सकता है। इसके बाद ही प्रवेश पत्र जारी किया जाएगा। इसके अलावा आयोग ने जल संसाधन विभाग के विभिन्न पदों कि ऑनलाइन आवेदन और त्रुटि सुधार के लिए मार्च व अप्रैल में विभिन्न तिथियों का निधार्रण किया था। इसमें व्यवहार न्यायाधीश अाैर पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ-2020 के लिए मांगे गए अावेदन प्रक्रिया से वंचित उम्मीदवाराें काे एक बार फिर से अवसर दिया जाएगा।एपी का टाइम टेबल बदलेगापूर्व के टाइम टेबल के मुताबिक 4 मई को सामान्य अध्ययन का पेपर होना था। इसके बाद 5 मई को पहली पाली में सुबह 9 से 11 बजे तक अंग्रेजी, अर्थ शास्त्र, भूगोल, बायो टेक्नोलॉजी और सूचना प्रौद्योगिकी का पेपर के लिए तिथि घोषित थी। इसी तरह अन्य विषयों के लिए भी परीक्षा का शेड्यूल तैयार किया गया था। वहीं अब सबकुछ नई तिथि व नए सिरे से तय होगा। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today New guideline possible after 17 on AP recruitment exam Full Article
1 धौराभाठा में 17 परिवार क्वारेंटाइन स्वास्थ विभाग ने नियमित जांच की By Published On :: Sun, 03 May 2020 23:30:00 GMT उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से 17 मजदूर परिवार दो दिन पहले ही साइकिल से पलारी ब्लॉक के ग्राम धौराभाठा लौटा। इस सभी को गांव के स्कूल में 14 दिनों तक क्वारेंटाइन किया गया है, जिसकी रोज स्वास्थ्य जांच स्वास्थ्य विभाग बारी-बारी से कर रहा है ताकि किसी तरह की कोई परेशानी न हो।दो दिन पहले ये सभी लोग जब पलारी पहुंचे थे तो वहां अस्पताल में इनकी जांच की गई थी। उसी का फालोअप करते हुए रविवार को डॉक्टर अौर लैब टेक्नीशियन ने स्कूल में सभी का टेस्ट किया और एक-दूसरे से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए गांव में किसी से भी 14 दिनों तक मेलजोल नहीं रखने का निर्देश दिया। जांच टीम में डॉ. कौशल कुमार नेगी, दिनेश चंद्राकर, लैब टेक्नीशियन इंद्राणी साहू, सरपंच दुर्पती मार्कण्डेय, खेलावन साहू अौर सतीश पटेल आदिमौजूद थे।लैब टेक्नीशियन ने बताया कि दो दिन पहले ही 17 लोग लखनऊ से साइकिल से गांव लौटे थे, जिनको गांव के स्कूल में ठहराया गया है। इनकी नियमत स्वास्थ्य जांच की जा रहा है, सभी लोग स्वस्थ हैं। इन लोगों की देखरेख का जिम्मा सरपंच और सचिव उपसरपंच को दिया गया है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today लखनऊ से धौराभाठा लौटे लोगों की जांच करता स्वास्थ्य अमला। Full Article
1 लॉकडाउन में प्रदूषण घटा, 10 साल में सबसे ठंडा रहा अप्रैल By Published On :: Sun, 03 May 2020 23:30:00 GMT इस साल मार्च के बाद से लॉकडाउन है। प्रदूषण कम है। शहर से निकले हाईवे से सैकड़ों ट्रक नहीं निकल रहे। उद्योग भी बंद हैं। यही कारण है कि बीते 10 साल में अप्रैल का महीना सबसे ठंडा रहा। केवल 2 दिन ही शहर का अधिकतम तापमान 40 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। इससे पहले 2010 में अप्रैल में अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया था। बाकी सालों में यह 42 से 43 डिग्री तक जाता रहा है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि प्रदूषण कम होने से पर्यावरण साफ हुआ हैं। इससे पर्यावरण में प्रदूषण का स्तर घटा। 2019 में अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था इस बार 40 डिग्री के पार नहीं जा सका।पिछले साल 42 तक पहुंच गया था पाराबीते साल से इस साल के तापमान के आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल के 28, 29 और 30 तक तापमान 40 या 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा था। स्थिति यह थी कि महीने में 3 से 4 बार तापमान 42 से 43 डिग्री तक दर्ज किया गया। इसके मुकाबले इस साल महज 2 दिन ही तापमान 40 डिग्री तक गया। बाकी के 26 दिन तापमान 35 से 37 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहा।कम गर्मी के ये 3 बड़े कारण अप्रैल में हर साल गर्म हवा राजस्थान की ओर से आनी शुरू हो जाती है। इस साल यह हवा नहीं आई। उद्योग बंद रहे। जमीन की गर्म तरंगों को रोकने वाले पार्टिकल एयरोसोल मौजूद नहीं है। इससे तापमान कम रहा। अप्रैल में लगातार समुद्री हवा सक्रिय रही। एक के बाद एक सिस्टम बने। बारिश से लगातार नमी बनी रही। इसकारण गर्मी का अहसास भी नहीं हुआ।एक्सपर्ट व्यू: उद्योग बंद, गाड़ियां कम चली, इसलिए तापमान कम पीजी कॉलेज के बॉटनी विभाग के प्रोफेसर डॉ. एनएस देहारी ने बताया कि तापमान कम हाेने की प्रमुख वजह प्रदूषण का स्तर कम हाेना है। ध्वनि और वायु प्रदूषण का स्तर दोनों में गिरावट आई है। बारिश भी हो रही है। उद्योगों के साथ माइंस गाडि़यां कम चल रही हैं। करीब 30 साल बाद अप्रैल महीने में पहली बार ऐसा देखने को मिला है।इस महीने बढ़ेगा तापमान, बारिश भीलालपुर रायपुर के मौसम वैज्ञानिक डॉ. हरिप्रसाद चंद्रा ने बताया कि मई में तापमान बढ़ने का अनुमान है। अभी अंडमान निकोबार में कम दबाव का क्षेत्र बना है। इससे मध्यभारत में नमी आएगी। इसकी वजह से कुछ समय बाद बारिश होने के साथ तेज आंधी चल सकती है। अगले हफ्ते अधिकांश समय बादल छाए रहेंगे। गरज-चमक के साथ बारिश होने के आसार भी हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
1 व्यापमं ने दूसरी बार बढ़ाई तारीख, अब 15 मई तक कर सकेंगे ऑनलाइन आवेदन By Published On :: Sun, 03 May 2020 23:30:00 GMT कोरोना वायरस संक्रमण का असर प्रवेश परीक्षाओं पर पड़ा है। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल ने आयोजित होने वाली प्रवेश परीक्षाओं के लिए आवेदन की तारीख एक बार फिर बढ़ा दी है। इसके पहले भी तारीख बढ़ाई जा चुकी है। छात्र अब 15 मई तक ऑनलाइन आवेदन की फार्म भर सकते हैं।पीईटी, प्री-फार्मेसी, प्री-पॉलीटेक्निक, प्री-एमसीए के लिए ऑनलाइन आवेदन 17 मार्च से ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हुई। 25 मार्च से देशभर में लॉकडाउन हो गया। आवेदन करने की अंतिम तारीख 12 अप्रैल निर्धारित थी। इसकी तारीख बढ़ाकर 3 मई निर्धारित की गई थी। अब इस तारीख को बढ़ाकर 15 मई तक किया गया है। लॉकडाउन में च्वाइस सेंटर बंद होने के कारण छात्र आवेदन नहीं कर पाए। इधर व्यापमं को भी कम आवेदन मिले हैं। इस कारण तारीख बढ़ाई गई है।परीक्षा की तिथि की घोषणा अब तक नहींछग व्यावसायिक परीक्षा मंडल के सलाहकार डॉ. प्रदीप चौबे ने प्रेस नोट जारी कर कहा है कि परीक्षाओं की तिथि अभी घोषित नहीं की गई। राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित किए जाने वाले प्रवेश परीक्षाओं के बाद ही तिथि की घोषणा होगी। इसकी सूचना व्यापमं की वेबसाइट में भेजी जाएगी।प्री-बीएड, डीएलएड की भी बढ़ी तारीखप्री-एग्रीकल्चर, प्री-वेटनरी पॉलीटेक्निक, प्री-बीएड, प्री डीएलएड के लिए 7 अप्रैल से आवेदन लेने की शुरुआत हुई। 3 मई को आॅनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि थी। इसकी तारीख भी बढ़ाकर अब 15 मई कर दी गई है। छात्रों को 11 दिन का और अतिरिक्त समय आवेदन करने के लिए मिला। प्रदेश में कई जिलों काे 4 मई से छूट मिल रही है। च्वाइस सेंटर भी खुलेंगे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
1 धान में कम डाला कीटनाशक, प्रति एकड़ 1 हजार बचे By Published On :: Sun, 03 May 2020 23:30:00 GMT लॉकडाउन के कारण देश-प्रदेश का जनजीवन अस्त-व्यस्त हुआ है। खेती भी प्रभावित हुई है। ऐसे में अब केंद्र सरकार लॉकडाउन के असर का अध्ययन वैज्ञानिकों से करा रही है। जिले के कृषि वैज्ञानिक केंद्र के वैज्ञानिक भी यह शोध कर रहे हैं। यहां जुटाई गई जानकारी में यह निष्कर्ष सामने आए हैं कि लॉकडाउन के कारण किसानों ने कीटनाशकों का कम उपयोग किया है। प्रति एकड़ करीब दो से तीन हजार रुपए लागत कम हुई है। लाख और मखाना की खेती इस समय में अप्रभावित रही है।जानकारी के मुताबिक किसान फसल में कीट नजर आते ही उस पर स्प्रे करने लगते हैं। उसके दुष्प्रभाव का अनुमान लगाए बगैर ही महंगा कीटनाशक खरीदकर छिड़काव करते हैं। लॉकडाउन के दौरान बाजार बंद रहा है। इस कारण किसानों को फसल में डालने के लिए कीटनाशक नहीं मिल पाए। इसका असर यह हुआ कि इस मौसम में लगाई गई धान सहित अन्य फसलों में कीटनाशक नहीं डाल पाए, इसका नुकसान कम फायदा ज्यादा हुआ है। फसल तो ठीक हुई ही, किसानों का कीटनाशक पर होने वाला खर्च बच गया। साथ ही जमीन व अनाज में कीटनाशक के रूप में जाने वाला जहर नहीं गया है। किसान एक फसल में करीब 3 से 6 बार कीटनाशक डालते हैं। इस बार फसल में 2 से 3 बार ही डाल पाए।कीटनाशक का उपयोग कम हुआ: कृषि वैज्ञानिककृषि विज्ञान केंद्र के कीट वैज्ञानिक शक्ति वर्मा ने बताया कि जिले में लॉकडाउन के कारण किसानों ने कीटनाशक का उपयोग कम किया है। उन्हें कीटनाशक व मजदूर नहीं मिले। इसके बाद भी फसल बेहतर हुई है। किसानों की लागत कम हुई। साथ ही किसानों ने वैज्ञानिकों से संपर्क बढ़ाया है।लाख और मखाना की खेती पर नहीं हुआ असरजिले में लाख व मखाना की खेती ऐसे फसलों के रूप में सामने आईं हैं जिन पर लॉकडाउन का विपरीत असर नहीं हुआ है। यानी विपरीत परिस्थतियों में भी दोनों बेहतर हुईं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today धमतरी. फसल बगैर कीटनाशक के भी बेहतर हुई है। Full Article
1 लोग अलर्ट, 15 दिन में फीवर क्लीनिक से भेजे गए 127 सैंपल By Published On :: Sun, 03 May 2020 23:30:00 GMT कोरोना से बचाव व संदिग्धों की पहचान के लिए शासन अलग-अलग तरीके अपना रहा है। इनमें सर्दी, खांसी, बुखार के मरीजों को सामान्य मरीजों से अलग करने के लिए अस्पतालों में फीवर क्लीनिक चलाई जा रही है। पिछले 15 दिन में ही जिले में संचालित फीवर क्लीनिक में कुल 1446 मरीज पहुंचे हैं। ये सभी सर्दी खांसी, जुकाम, बुखार व श्वांस लेने में तकलीफ के मरीज हैं। इनमें 127 मरीजों के लक्षण संदिग्ध देखते हुए उनके सैंपल जांच के लिए मेडिकल काॅलेज जगदलपुर भेजे गए हैं। इसमें सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है।सामान्यत: सभी अस्पतालों की ओपीडी में एक साथ मरीज देखे जाते हैं। मरीजों में 70 फीसदी से अधिक लोग सर्दी, खांसी, बुखार से पीड़ित होते हैं। इनमें कोई कोरोना संक्रमित न हो, इसलिए एहतियातन जिले के 20 अस्पतालों में 14 अप्रैल से फीवर क्लीनिक चल रही है। यह सुबह 9 से दोपहर 1 बजे और शाम को 5 से 7 बजे तक संचालित है।अंंदरूनी इलाकों में जा रही मोबाइल टीम जिले के अंदरूनी इलाकों में मोबाइल टीम सैंपल कलेक्ट कर रही है। अंतागढ़ व कोयलीबेड़ा के संवेदनशील इलाके में ये टीम संदिग्ध मरीजों व क्वारेंटाइन लाेगों के सैंपल लेने के साथ लोगों को जागरूक भी कर रही है।पेड़ के नीचे पॉलीथिन से घेरकर बनाई क्लीनिकजिले के अधिकांश अस्पताल में भवन के बाहर ही पेड़ के नीचे पॉलीथिन से घेरकर फीवर क्लीनिक बनाई गई है। जहां फीवर क्लीनिक कमरों में लग रही है तो वहां भी मरीजों और स्टाफ के बीच पारदर्शी पॉलीथिन की दीवार है ताकि संक्रमित मरीज के संपर्क में आने से बचा जा सके। संदिग्ध मरीज का स्वाब सैंपल लिया जा रहा है। यहां तैनात स्टाफ जांच से सैंपल लेने तक में पूरी सावधानी बरत रहे हैं। अंतागढ़ बीएमओ डाॅ. भेषज रामटेके ने बताया कि सभी स्टाफ सैनिटाइजर भी उपयोग करे हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today कांकेर। अंतागढ़ अस्पताल में पेड़ के नीचे संचालित फीवर क्लीनिक। Full Article
1 आंध्र, तेलगांना मिर्ची तोड़ने गए 180 मजदूर पहुंचे पामेड़ By Published On :: Sun, 03 May 2020 23:30:00 GMT कोरोना की सबसे ज्यादा किसी को मार लगी है तो वो मजदूर हैं । रविवार को भी जंगली रास्ते और पहाड़ी इलाकों से सैकड़ों किमी का पैदल सफर तय करके जिले के सैकड़ों मजदूर पामेड़ पहुंचे। ये सभी मजदूर आंध्र और तेलंगाना मिर्ची तोड़ने के लिए गए थे । लेकिन लंबे लॉकडाउन के बाद इनका सब्र टूट गया और ये पैदल ही चलकर यहां पहुंच गए । इनमें पेद्दाधर्मारम के 30,जीडपल्ली के 10 और कंचाल से 150 मजदूर पामेड़ के है। इन सभी को पामेड़ पोटाकेबिन में ठहराया गया है। इसकी जानकारी जिला पंचायत उपाध्यक्ष कमलेश कारम ने दी है।कारम ने बताया कि 180 मजदूरों के पामेड़ पहुंचने की सूचना मिली है। इन सभी मजदूरों का चेकअप स्वास्थ्य विभाग द्वारा किया जा रहा है। मुझे सूचना मिली है कि अभी तक 40 मजदूरों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है। किसी भी मजदूर में अभी तक सर्दी, खांसी और बुखार के लक्षण नहीं मिले है। जिन मजदूरो का स्वास्थ्य परीक्षण करने के बाद सामान्य रिपोर्ट आ रही है उन्हें छोड़ा जा रहा है और कल बाकी जो बचें मजदूर है उनका भी स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। जिनमें भी कोरोना के लक्षण मिलेंगे उन्हें वही रखा जाएगा। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 180 workers in Andhra, Telangana chilli went to Palmade Full Article
1 6 गांवों को कोरोना मुक्त रखने युवाओं ने बनाई चैंपियन-19 टीम By Published On :: Sun, 03 May 2020 23:30:00 GMT एक तरफ बीजापुर, नारायणपुर जिले के बॉर्डर तो दूसरी तरफ इंद्रावती नदी, इसी बीच बसे दंतेवाड़ा के 6 गांवों को कोविड-19 से सुरक्षित रखना है, इसलिए यहां चैंपियन-19 युवाओं की टीम बनी है। ये टीम कोरोना को मात देने क काम कर रही है। टीम में पाहुरनार, छोटे करका, तुमरीगुंडा, चेरपाल, कौरगांव व पदमेटा के पढ़े लिखे युवा हैं। भास्कर टीम दंतेवाड़ा के आखरी छोर में कौरगांव, चेरपाल पहुंची तो चैंपियन-19 टीम की मीटिंग चल रही थी। भास्कर टीम को आते देख युवाओं ने पूछताछ शुरू कर दी। भास्कर ने खुद के पास रखा सैनिटाइजर दिखाया, हैंडवाश किया, तब यह टीम बातचीत के लिए तैयार हुई।नहीं थी जागरूकता, देश में बढ़ने लगे केस तो हुए सतर्कलॉकडाउन 1.0 में यहां कोरोना को लेकर जागरुकता नहीं थी और न ही स्थानीय स्तर पर कोई खास काम हो रहे थे। लेकिन जब देश में केस बढ़ने लगे और लॉकडाउन बढ़ा तो ये गांव और यहां के ग्रामीण सुरक्षित रहें इसलिए छोटेकरका के शिक्षक जितेंद्र शर्मा ने गांव पहुंच टीम तैयार कर दी। बाकायदा टीम के युवाओं को काम कैसे करना है, इसकी विशेष ट्रेनिंग भी दी गई। टीम की मॉनिटरिंग ये खुद कर रहे हैं। टीम जो काम करती है हर दिन रिपोर्ट देती है।टीम ने युवाओं ने कहा- कोरोना हारेगा, जीतेंगे हमटीम के युवा पीलाराम यादव, संजय, पत्तूराम सहित अन्य ने बताया कि कोरोना के बारे में किसी को कोई खास जानकारी नहीं थी। शिक्षक ने जब टीम बनाने का सुझाव दिया तो 1-2 नहीं बल्कि 30 से ज्यादा युवा तैयार हो गए। कोविड 19 से लड़ना है इसलिए हमने टीम में 19 युवाओं को ही रखा। ये चैंपियन-19 टीम है। हम खुद जीतने व कोरोना को हराकर अपने गांवों को जिताने का काम कर रहे हैं।ये काम कर रही टीम जिलों के बॉर्डर पर बसे हैं गांव, दूसरे जिले के ग्रामीणों को गांव में आने की इजाजत नहीं। सिर्फ विशेष परिस्थिति में ही आने दिए जा रहे। 6 गांव के ग्रामीण एक दूजे गांव जा सकते हैं, लेकिन मास्क या गमछा बांधकर। ग्रामीणों के पास मास्क नहीं है। गमछा का इस्तेमाल करने पर ज़ोर। गांव के घरों में स्वच्छता बनाए रखने पर ज़ोर। बच्चों व बुजुर्गों पर विशेष निगरानी। घर पर रहने की सलाह। शहर जाकर आने वालों के नाम रजिस्टर में एंट्री कराने की ग्रामीणों से अपील। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today दंतेवाड़ा. चैंपियन-19 टीम में शामिल युवक-युवतियां, जो जिले के 6 गांवों में गश्त करने के साथ लोगों को जागरूक भी कर रहे हैं। Full Article
1 जमात के 11 समेत 22 लोगों को ओडिशा छोड़ने गई टीम को चांदली में लोगों ने घेरा By Published On :: Sun, 03 May 2020 23:30:00 GMT छत्तीसगढ़-ओड़िशा बार्डर पर धनपुंजी के पास ओडिशा के चांदली के क्वारेंटाइन सेंटर में शनिवार की रात गांव वालों ने जमकर हंगामा किया। दरअसल गांव वाले इस बात से नाराज थे कि उनके गांव के क्वारेंटाइन सेंटर में छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के किंरदुल से तबलीगी जमात के 11 लोगों को लाकर रखा गया है।इनके साथ करीब 11 अन्य मजूदर भी थे। छत्तीसगढ़ की ओर से इन लोगों को ओडिशा छोड़ने गए थे। पटवारी अजय कुमार मंडावी ने बताया कि ओडिशा के 22 लोगों को उनकी घर वापसी के लिए हम लोग दंतेवाड़ा से इन्हें लेकर ओडिशा बार्डर पहुंचे।अफसरों ने पहले से तय किया था कि छत्तीसगढ़ की ओर से इन लोगों को बार्डर तक पहुंचाया जाएगा और फिर आगे की व्यवस्था ओडिशा सरकार करेगी। इसके बाद हम शनिवार की रात चांदली बार्डर पर पहुंचे। हमारे साथ किंरदुल में फंसे ओडिशा के ब्रह्म्बरदा के रहने वाले तबलीगी जमात के 11 लोग थे। इसके अलावा मलकानगिरी के रहने वाले 11 मजदूर थे।ओडिशा के अफसरों ने हमें बताया कि इनके लिए गाड़ियों का इंतजाम सुबह होगा। ऐसे में सभी को चांदली के क्वारेंटाइन सेंटर में छोड़ दें। हमारी टीम इन्हें क्वारेंटाइन सेंटर में छोड़ने जैसे पहुंची। वैसे ही गांव के लोग यहां जमा हो गए और तबलीगी लोगों को यहां रखने का विरोध करने लगे। इसके बाद ओडिशा पुलिस ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए सभी को सुरक्षित कोटपाड़ तक भेजा।कोटपाड़ से पुलिस सुरक्षा में वापस आए टीम के लोगसभी को कोटपाड़ छोड़ने के लिए छत्तीसगढ़ के अफसर ही गए और वहां से पुलिस सुरक्षा में लौटे। बताया जा रहा है कि इस दौरान वहां के ग्रामीण काफी आक्रोश में आ गए थे। इन लोगों का किंरदुल से 22 को वापसी का टिकट था, जनता कर्फ्यू के कारण ये मस्जिद में रुक गए थे। तबलीगी विवाद हुआ था तो इन्हें क्वारेंटाइन मेंरखा गया था। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
1 लॉकडाउन 2.0 के अंतिम दिन दुर्ग-कवर्धा में मिले 14 मरीज By Published On :: Sun, 03 May 2020 23:40:00 GMT लाॅकडाउन 2.0 खुलने से ठीक पहले, रविवार की शाम दुर्ग में 8 और कवर्धा में 6 मजदूरों के कोरोना पाॅजिटिव निकलने से प्रदेश में खलबली मच गई है। जो लोग पाॅजिटिव निकले हैं, सभी दूसरे प्रदेशों में मजदूरी करने गए थे और वहां से लौटने के बाद से क्वारेंटाइन थे। इन्हें मिलाकर प्रदेश में कोरोना मरीजों की संख्या 59 हो गई है। इसमें एक्टिव केस 21 हैं, बाकी स्वस्थ होकर अस्पताल से डिस्चार्ज हो चुके हैं।एम्स में हुई जांच में रविवार को देर शाम कोरोना के 14 नए मरीज मिलने की पुष्टि हुई है। नियमित रूप से चल रही जांच में दुर्ग और कवर्धा के मजदूरों के सैंपल पाॅजिटिव निकले। शनिवार को दुर्ग जिले के 85 सैंपल और कवर्धा के 33 सैंपल की जांच बची थी। उसी में से ये मरीज निकले हैं। प्रारंभिक जानकारी के आधार पर कवर्धा में मिले मरीज महाराष्ट्र से आए प्रवासी हैं। इनमें 4 पुरुष व 2 महिलाएं हैं, जबकि दुर्ग जिले के सभी केस प्रवासी पुरुष मजदूर हैैं। इन सभी संक्रमितों को देर रात एम्स में भर्ती किया गया है।कवर्धा प्रदेश का अब वो नया जिला है, जहां पहली बार कोरोना केस मिले हैं। जबकि दुर्ग में इससे पहले एक पेशेंट मिला था, जो ठीक हो चुका है। पहले लॉकडाउन के बाद से दुर्ग जिले में अब तक सोलह सौ से ज्यादा सैंपल जांचे गए हैं। इनमें से पंद्रह सौ से ज्यादा निगेटिव रहे हैं। कवर्धा में इस दौरान लिए गए डेढ़ सौ से ज्यादा सैंपलों में करीब 140 निगेटिव पाए गए थे।जरूरी काम से निकलने पर जुर्माना नहीं: डीजीपीडीजीपी डीएम अवस्थी ने सभी एसपी को निर्देश दिए हैं कि जो लोग जरूरी सामान के लिए आना-जाना कर रहे हैं, उनसे जुर्माने की कार्रवाई स्थगित कर दी जाए। डीजीपी ने कहा है कि पहले से ही लोग लॉकडाउन के कारण परेशान हैं, उनसे जुर्माना वसूलना ठीक नहीं है। उन्हीं प्रकरणों में चालानी कार्रवाई की जाए जो उद्दंड और अनावश्यक घूमते हुए पाए जाते हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today रायपुर|कोरोना वारियर्स का सम्मान करने के लिए रविवार की सुबह वायुसेना के हेलिकॉप्टर ने एम्स अस्पताल के डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के ऊपर फूलों की बारिश की। इस दौरान लोगों ने एम्स के डॉक्टराें व स्टॉफ के सम्मान में तालियां भी बजाई। Full Article
1 रायपुर में 10 दिन बाद मिला पाॅजिटिव, वह 50 घरों में गया था, शहर का 7वां केस By Published On :: Mon, 04 May 2020 23:30:00 GMT राजधानी रायपुर के आमानाका इलाके की एक बस्ती में रहने वाले कूलर मैकेनिक में कोरोना पाॅजिटिव निकल गया है। उसके सैंपल की जांच के बाद एम्स ने इसकी पुष्टि की है। रायपुर में यह कोरोना का 7वां केस प्रदेश में 63वां संक्रमित है। युवक को एम्स में भर्ती किया जा रहा है, जहां मरीजों की संख्या 22 हो जाएगी। इधर, बस्तर में रैपिड किट से हुई जांच में कोरोना के तीन नए केस मिले हैं। इन्हें देर रात मेडिकल कॉलेज जगदलपुर लाया गया है। एडवांस टेस्ट के लिए इनके सैंपल लिए गए हैं। पीसीआर जांच के बाद ही कोरोना वायरस होने की पुष्टि हो सकेगी।वहीं मैकेनिक के कोरोना पाॅजिटिव निकलने के बाद प्रशासन की चिंता इसलिए बढ़ी है,क्योंकि वह पिछले 15 दिन में लगभग 50 लोगों के यहां कूलर सुधारने गया था। सभी के नाम-पते लेकर संपर्क करने की कवायद शुरू कर दी गई, ताकि उनका स्वास्थ्य जांचा जाए और जरूरत पड़ने पर सैंपल लिया जाए। आमानाका इलाके की जिस बस्ती में 24 साल का यह युवक रहता है, उसका कुछ हिस्सा सील कर दिया गया है। उसकी अब तक कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है, अर्थात महीनों से वह रायपुर में ही है, कहीं आया-गया नहीं। यहां तक कि उसके परिवार के लोग भी कहीं नहीं गए हैं। डाॅक्टरों का अनुमान है कि वह अपने काम के सिलसिले में ही किसी संक्रमित के संपर्क में आया होगा। उसके घरवालों के भी सैंपल लिए गए हैं, जिनकी जांच रिपोर्ट मंगलवार को आएगी। दूसरी ओर कटघोरा में 16 अप्रैल के बाद कोई नया केस नहीं आया है। वहां के मरीज 4 अप्रैल से भर्ती होना शुरू हुए और सभी 27 की छुट्टी हो चुकी है। अंतिम दो मरीज 30 अप्रैल को डिस्चार्ज किए गए। अब सूरजपुर के 6, दुर्ग के 8, कवर्धा के 6 और रायपुर के दो मरीजों का इलाज एम्स में चल रहा है। बैकुंठपुर कोरिया में भी कोरोना के दो मरीज मिले थे, पर दोनों सैंपल देकर झारखंड चले गए थे। एम्स के डायरेक्टर डॉ. नितिन एम नागरकर ने बताया कि युवक को भर्ती करने की प्रक्रिया चल रही है।दूसरे राज्यों से आए हैंकलेक्टर डॉ. अय्याज तंबोली ने बताया बताया कि कोंडागांव जिले के कोरमेल में पिछले 8 मार्च को एक व्यक्ति बिहार से आया था। वह क्वॉरेंटाइन में भी था, जबकि दूसरा अहमदाबाद से लौटा है। तीसरी महिला बिहार से आने वाले व्यक्ति की रिश्तेदार है। रैपिड किट से टेस्ट में तीनों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। पुष्टि के बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Found positive after 10 days in Raipur, he went to 50 houses, 7th case of the city Full Article
1 आखिरी अंक 0-1 वाले खातों में आए 500 By Published On :: Mon, 04 May 2020 23:30:00 GMT प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत खुले महिलाओं के खातों में केंद्र सरकार ने तीन महीने तक 500-500 रुपए देने का निर्णय किया है। पहले महीने का पैसा अप्रैल में आया था, इसे निकालने सभी बैंकों में भीड़ लगी थी। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो पा रहा था। पुलिस को व्यवस्था संभालनी पड़ी। अब मई महीने का पैसा भी सोमवार से खाते में आना शुरू हो गया।अप्रैल महीने में बैंकों में पहुंच रहे लोगों को खाता संख्या के अनुसार पैसा दिया गया था। इस महीने भी इसी प्रकार दिया जाएगा। 4 मई को केवल उन्हीं खातों के रुपए निकाले जाएंगे जिनके आखरी अंक 0 और 1 हैं। इनके खाते में रुपए आ गए। यदि इनके अलावा अन्य अंक वाले पैसे लेने आएंगे तो उन्हें रुपए नहीं दिए जाएंगे। ग्रामीण बैंक, सहकारी बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा के शाखाओं में अप्रैल में ज्यादा भीड़ लगी थी, इन बैंकों के अलावा अन्य बैंकों ने भी यह सुविधा भी शुरू कर दी है।20 प्रतिशत लोग ही कर रहे एटीएम का उपयोगयोजना के तहत खुले खाते में एटीएम की सुविधा भी दी गई है लेकिन लोग इसका उपयोग नहीं कर रहे। बैंकों से मिली जानकारी के अनुसार सिर्फ 20 प्रतिशत लोग ही एटीएम का उपयोग कर रहे हैं, 80 प्रतिशत बैंकों के बाहर कतार लगाकर रुपए निकाल रहे। बैंकों के नंबर का भी उपयोग भी नहीं कर पा रहे। इसका कारण अधिकतर महिलाओं के खाते मोबाइल से लिंक नहीं हैं या उन्हें मोबाइल चलाना नहीं आता। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 500 in the last numbered 0-1 accounts Full Article
1 जिले में पहली बार एक दिन में रिकॉर्ड, 1 लाख लोगों को दिया गया काम By Published On :: Mon, 04 May 2020 23:30:00 GMT जिले की 370 ग्राम पंचायत में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत काम चल रहे है। इन कामों में हर रोज रिकॉर्ड एक लाख लोगों को काम दिया जा रहा है। यह जिले में अब तक एक दिन में सबसे ज्यादा काम देने का रिकॉर्ड है। मनरेगा के तहत डबरी, नया तालाब, भूमि सुधार कार्य, तालाब गहरीकरण सह पचरी, नाला सफाई कार्य चल रहा है। लाॅकडाउन के दौरान गांव-गांव में मनरेगा कार्य खुलने से ग्रामीण मजदूरों को बड़ी राहत मिली है। धमतरी के इतिहास में पहली बार 1 लाख 3 हजार 213 मजदूरों को एक दिन में काम दिया गया है। जो एक उपलब्धि है।मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत नम्रता गांधी ने बताया कि मनरेगा कार्यों में मांग अनुसार मजदूरों को काम दिया जा रहा है। पंचायतों में 1306 काम चल रहे हैं। लाॅकडाउन के दौरान श्रमिकों को पलायन या आजीविका के लिए संघर्ष न करना पड़े इसलिए कार्ययोजना बनाकर काम कराए जा रहे हैं। ऐसी स्थिति में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना कार्य संचालित होने से मजदूरों को अपने ही पंचायत में भरपूर काम मिल रहा है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Record for the first time in the district, work given to 1 lakh people Full Article
1 सुबह से लग गई थी भीड़, 11 घंटे में 12 लाख रुपए की शराब बिक गई By Published On :: Mon, 04 May 2020 23:30:00 GMT राज्य शासन के आदेश पर 40 दिनों बाद मदिरालय सोमवार को खुलते ही मदिरा प्रेमियों की आधे किमी से भी ज्यादा लंबी लाइन शराब दुकान के सामने 11 घंटे तक लगी रही। शाम 4 बजे के बाद स्थिति बेकाबू हो गई। रेड जोन घोषित रायपुर जिले के नदी उस पार लगे गोबरा नवापारा से भी हजारों लोग शाम को शराब खरीदने राजिम पहुंचे थे।शाम 6 बजे के बाद भी भीड़ को देखते हुए शराब की दुकानें खुली रहीं। जबकि सुबह 8 से शाम 6 बजे तक खुलने का समय शासन ने रखा है। धक्का-मुक्की अौर लड़ाई-झगड़े होने के बाद अंततः शराब दुकान बंद कर दिया गया। इसके कारण सैकड़ों लोग बिना मदिरा खरीदे वापस चले गए। इस तरह के हालात से राजिम सहित ग्रामीण अंचलों में दहशत है। राजिम के देशी और विदेशी मदिरालय में लॉकडाउन के बाद पहले दिन दुकान खुलने पर 12 लाख रुपए की शराब लोग गटक गए। देशी शराब दुकान में 9 लाख रुपए तथा विदेशी में 3 लाख रुपए की बिक्री हुई।कीमतों में कई गुना वृद्धि : रेटों में इजाफा होने के बाद भी लोग शराब खरीद रहे। देशी शराब मसाला बोतल 270 की था, जो 320 रुपए, हाफ 140 थी जोे 170 रुपए, पौव्वा 70 था, जिसे 90 में बेचा गया। वहीं प्लेन में बोतल 230 थी जो 280, हाफ 120 की थी जो 150 अौर 60 का पौवा 80 रुपए में बेचा गया।बगैर सोशल डिस्टेंसिंग के आबकारी निरीक्षण ने बिकवाईज्ञात हो कि कोरोना वायरस के चलते पूरे देश एवं प्रदेश में 24 मार्च से लॉकडाउन है। तब से मदिरालय में भी ताला लगा था। इस दौरान जंगल इलाके से महुआ शराब की तस्करी बढ़ गई थी, जिसे पुलिस द्वारा पकड़ कर कार्रवाई भी की गई। मदिरालय में कोरोना वायरस से बचने नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है अौर ना ही यहां पर सैनिटाइजर रखा गया है। आबकारी उप निरीक्षक टेक बहादुर कुर्रे स्वयं दिनभर मदिरालय में रहकर शराब विक्रय कराए। लेकिन लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने में असमर्थ रहे। जबकि शराब दुकान के बाहर बांस बल्ली से 1 दिन पूर्व आने-जाने एकल रास्ता बनाया गया है। राज्य शासन के आदेश पर जिले की सभी 15 शराब दुकानें खुली, जिनमें राजिम, फिंगेश्वर, बासिन, छुरा, गरियाबंद, मैनपुर, अमलीपदर, उरमाल, सोना मुंडी शामिल हैं। कुर्रे ने बताया कि सुबह 8 बजे खुलने से पूर्व ही 7 बजे से लोगों की लाइन लगनी शुरू हो गई थी। रायपुर जिले रेड जोन में है, जहां पर गोबरा नवापारा के मदिरालय के खुलने का समय शाम 4 बजे तक है। वहां पर दुकान बंद होने के बाद राजिम में हजारों की भीड़ एकत्र हो गई थी। समय कम था इस वजह से अनेक लोगों को शराब लेने से वंचित होना पड़ा है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today There was a crowd since morning, liquor worth Rs 12 lakh was sold in 11 hours Full Article
1 पलारी के पास पहुंचा 17 हाथियों का झुंड By Published On :: Mon, 04 May 2020 23:30:00 GMT 17 जंगली हाथियों का झुंड 4 महीने बाद शुक्रवार की रात वापस रोहांसी के जंगल में आ धमका था। सोमवार की सुबह चारा-पानी की तलाश में दल यहां से निकल कर मैदानी इलाकों का रुख करते हुए पलारी के पास मुख्य मार्ग से 3 किमी अंदर कौड़िया गांव में घुस गया, जहां से सिसदेवरी, वट्गन, ओड़ान अौर साहड़ा गांवों तक जा धमका। सुबह-सुबह ग्राम कौड़िया के तालाब के पार में खड़े हाथियों को ग्रामीण बिसौहा वर्मा ने देख तो इसकी सूचना डीएसपी सिद्धार्थ बघेल व नायब तहसीलदार कुणाल पांडेय, रेंजर राकेश चौबे अौर डिप्टी रेंजर केशरी जायसवाल को दी।सूचना मिलने पर अधिकारी टीम के साथ कौड़िया पहुंचे, लेकिन तब तक झुंड गांव के तालाब से दूर सिसदेवरी कौड़िया नाला के पास पेड़ का छांव में विश्राम करता नजर आया। इसे देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। ग्रामीणों को खदेड़ने के लिए प्रशासन को काफी मशक्कत उठानी पड़ी। आखिर में अमले को हाथियों को रोहांसी जंगल में वापस खदेड़ने में सफलता मिली। लोगों को रास्ता छोड़ने की रेंजर चौबे लगातार अपील करते रहे ताकि हाथियों को वापस जंगल की तरफ मूवमेंट करा सके, मगर भीड़ सुनने को तैयार नहीं थी। तभी डीएसपी बघेल और नायब तहसीलदार पांडेय ने लोगों सख्त लहजे में समझाते हुए रास्ता छोड़ने को कहा। पुलिस और वन विभाग के जवानों ने लोगों को रास्ते से हटाकर ढोल बजाकर हाथियों को खदेड़े। इसके कारण झुंड नाला से निकलकर सिसदेवरी गांव तक जा पहुंचा और वहां से फिर टीम इनको वापस कराते हुए साहड़ा, वट्गन, ओड़ान और सेमरिया से होकर देर शाम रोहांसी के जंगल तक ले गए, जहां हाथियों ने वापस 30 नंवबर के बांस के जंगल रोहांसी में जाकर घुस गए। तक कहीं जाकर अधिकारियों ने रात की सांस ली। वहीं मैदानी इलाके में हाथियों के चले जाने से जनहानि का खतरा बढ़ गया है, क्योंकि खुले जगह में हाथी कहां जाए भरोसा नहीं है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Herd of 17 elephants reached Palari Full Article
1 160 में से 60 की रिपोर्ट आई, सभी निगेटिव By Published On :: Mon, 04 May 2020 23:30:00 GMT कोविड-19 के फैलाव से अभी भी ये जिला अप्रभावित है। जबकि यह जिला सीधे तेलंगाना और महाराष्ट्र की सीमा से जुड़ा है। अभी तक जिले में एक भी पाॅजिटिव केस सामने नहीं आए हैं। इधर बाॅर्डर पर बसे तारलागुड़ा और तिमेड़ पर प्रशासन ने शुरू से ही लोगों की आवाजाही पर सख्ती बरती हुई है। सूत्रों की मानें तो अब तक इस जिले में सात हजार से भी अधिक लोग महाराष्ट्र और तेलंगाना से आ चुके हैं और इनमें से आधे लोगों का 28 दिनों की क्वारेंटाइन की अवधि भी खत्म हो चुकी है। इनमें से तो करीब 2800 लोग केवल बीजापुर ब्लाॅक में ही हैं। हर ब्लाॅक में बीएमओ कार्यालय में कंट्रोल रूम बनाया गया है। इस रूम में हमेशा तीन से चार लोग रहते हैं और वे क्वारेंटाइन में रखे गए लोगाें, सरपंच, सचिव, मितानिन आदि से संपर्क में रहते हैं। बताया गया है कि जिले से अब तक मेकाज जगदलपुर में करीब 160 सैंपल भेजे गए थे। इनमें से 60 सैंपल की रिपोर्ट आ गई है सभी निगेटिव पाए गए हैं बाकी रिपोर्ट आना बाकी है।आश्रम में ठहराए गए हैं 90 लोग : जिले में इस समय सबसे संवेदनशील ब्लाॅक भोपालपटनम को माना गया है। क्योंकि इससे दो राज्यों की सीमा छूती हैं। बताया गया है कि हैदराबाद से 21 अप्रैल को पैदल निकले कालाहांडी व ओडिशा के 21 मजदूर शनिवार को भोपालपटनम पहुंचे। इन्हें बालक छात्रावास में रुकवाया गया है। इन लोगों के समेत मध्यप्रदेश के करीब 90 श्रमिकों को यहां रखा गया है। प्रशासन की ओर से इनके राशन की व्यवस्था की गई है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Reported 60 out of 160, all negative Full Article
1 ग्रीन और ऑरेंज जोन में फंसे हैं 1655 मजदूर, इनके लिए 12 हजार क्षमता के 68 क्वारेंटाइन सेंटर तैयार By Published On :: Mon, 04 May 2020 23:30:00 GMT लॉकडाउन 3.0 सोमवार से शुरू हो गया है। इधर दूसरे राज्यों के ग्रीन व ऑरेंज जोन जिले में फंसे मजदूरों को लाने की तैयारी चल रही है। जबकि रेड जिलों में अभी प्रतिबन्ध है।राज्य से लेकर जिला व मैदानी अमला जुटा हुआ है। अभी प्रशासन ने जो सूची तैयार की है उसमें दंतेवाड़ा के 1655 मजदूर ग्रीन व ऑरेंज जोन जिले में हैं, जो दंतेवाड़ा आ सकते हैं, जबकि करीब 650 मजदूरों को अभी दंतेवाड़ा आने की अनुमति नहीं मिलेगी, क्योंकि वे रेड जोन जिलों में हैं। यह संख्या अभी बढ़ सकती है।मजदूरों को लाकर क्वारेंटाइन सेंटर में रखना है, इसके लिए जिले के 68 सरकारी स्कूल, आंगनबाड़ी, आश्रम जैसे भवनों को चिह्नांकित किया गया है। सरकार ने मजदूरों को वापस लाने की पहल की तो बाहर फंसे मजदूरों का आंकड़ा 2500 से 3300 पहुंच गया। हर दिन संख्या बढ़ती जा रही है। इनमें करीब 100 की सोमवार को वापसी भी हुई।ऐसे भी दे सकते हैं जानकारीघर वापसी के लिए दूसरे प्रदेशों में फंसे मजदूर cglabour.nic.in वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। इसके अलावा सरकार के हेल्पलाइन नम्बर 0771-2443809 या 9109849992 या 7587822800 पर सम्पर्क कर सकते हैं।इस तरह की गई व्यवस्था 68 क्वारेंटाइन सेंटर के लिए कर्मचारियों की अलग टीम बनी। इनमें खाना बनाने से लेकर स्वास्थ्यकर्मी तक शामिल। 14 दिन बाद फिर बदलेगी टीम और काम करने वाले कर्मचारी खुद भी होंगे आइसोलेट। कोरोना खतरे को देखते जनप्रतिनिधि, ड्यूटी के अतिरिक्त अफसर, कर्मी या अन्य किसी का जाना प्रतिबंधित।1255 मजदूर कहां पर हैं जानकारी जुटाना मुश्किलदूसरे राज्यों में फंसे मजदूरों को निकालना है, इसके पहले यह देखा जा रहा है कि वे राज्यों के किस जोन में फंसे हुए हैं। 1255 मजदूर ऐसे हैं, जिनके बारे में ये नहीं पता चल पा रहा कि वे तेलंगाना, आंधप्रदेश के किन जिलों में फंसे हुए हैं। यह प्रशासन के लिए बड़ा सिर दर्द बना हुआ है।दंतेवाड़ा के किस ब्लॉक मेंकितने क्वारेंटाइन सेंटर तैयार हो रहेब्लॉक का नाम सेंटर क्षमता दंतेवाड़ा 18 3110गीदम 17 2630कुआकोंडा 31 2280कटेकल्याण 17 4290 Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 1655 laborers stranded in green and orange zones, 68 quarantine centers of 12 thousand capacity ready for them Full Article
1 वार्ड में काम करने वाले डाॅक्टर व स्टाफ अब 14 नहीं सिर्फ 7 दिनों तक रहेंगे क्वारेंटाइन By Published On :: Mon, 04 May 2020 23:30:00 GMT मेडिकल कॉलेज के कोरोना डिपार्टमेंट में काम करने वाले डाॅक्टर व स्टाफ नर्सों को अब 14 दिनों तक क्वारेंटाइन नहीं रहना पड़ेगा। इनके लिए मेकॉज प्रबंधन ने नई व्यवस्था लागू की है। इस नई व्यवस्था के तहत अब डाॅक्टर व अन्य स्टाफ सिर्फ सात दिन ही क्वारेंटाइन में रहेंगे। प्रशासन के इस फैसले का विरोध भी होने लगा है लेकिन एस्मा के डर से कोई भी डाॅक्टर या स्टाफ खुलकर इस मामले में नहीं बोल रहा है।मिली जानकारी के अनुसार मेकॉज में कोविड-19 के इलाज के लिए जब दो सौ बिस्तरों का अलग हॉस्पिटल तैयार किया गया था तब प्रबंधन ने यहां काम करने वाले डाॅक्टरों के लिए 7 दिन की ड्यूटी के बाद 14 दिनों तक हॉस्पिटल, होटल व अन्य स्थानों पर स्टाफ के क्वारेंटाइन की व्यवस्था की थी। इसी व्यवस्था के तहत पिछले चार से पांच हफ्तों से काम चल रहा था। अब इसमें बदलाव करते हुए क्वारेंटाइन का समय सात दिन कर दिया गया है।एक हफ्ते ड्यूटी के बाद डाॅक्टर, स्टाफ नर्स और वार्ड ब्वाय 14 दिन के क्वारेंटाइन में जा रहे थे और इसके बाद इन्हें सात दिनों की छुट्टी परिवार के साथ समय बिताने के लिए दी जा रही थी। इसी बीच सोमवार से अब नियमों को बदला गया है। हॉस्पिटल अधीक्षक डाॅ. केएल आजाद ने बताया कि अभी हमने क्वारेंटाइन के दिनों की संख्या कम की है। वार्ड में ड्यूटी के बाद स्टाफ को क्वारेंटाइन सेंटर में भेजा जा रहा है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Doctors and staff working in the ward will now be quarantined for 14 days, not just 14 Full Article
1 अब तक 1700 मोबाइल पर आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करा चुके स्वयंसेवी By Published On :: Tue, 05 May 2020 00:46:00 GMT कोरोना वायरस के इस संकट काल में लोगों को सुरक्षित रहने व आसपास के लोगों को भी सुरक्षित रखने के उद्देश्य से लांच किए गए आरोग्य सेतु एप डाउनलोड कराए जा रहे हैं। एनएसएस यानी राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवी इस दिशा में कार्य कर रहे हैं। वे विशेष तौर पर जारी आरोग्य सेतु एप मोबाइल में डाउनलोड करा रहे हैं और अब तक 1700 मोबाइल पर उन्होंने इस एप को डाउनलोड कराया है।एनएसएस के बेमेतरा व कबीरधाम जिला संगठक डॉ. केएस परिहार ने बताया कि बेमेतरा और कबीरधाम दोनों ही जिलों में स्वयंसेवी इस दिशा में कार्य कर रहे हैं। जिला बेमेतरा के महाविद्यालय की कार्य करने वाली इकाई में से लक्ष्मण प्रसाद वैद्य, शासकीय कन्या कॉलेज बेमेतरा में डॉ. विनिता गौतम की अगुवाई में 67, कबीरधाम जिले के 5 कॉलेज में से शास. स्नातकोत्तर कॉलेज कवर्धा में मुकेश कामले की अगुवाई में 368, प्रेमा कुमारी कुजूर की अगुवाई में शा.गजानन माधव मुक्तिबोध महा. सहसपुर लोहारा में 193, मंजूदेवी कोचे की अगुवाई में शास. स्ना. कॉलेज कवर्धा (महिला इकाई) ने 164, राजेश कुमार पाठक की अगुवाई में शास. स्वामी विवेकानंद महा. बोडला से 76 व शास. राजमाता विजया राजे सिंधिया कन्या महाविद्यालय कवर्धा से 28 मोबाइल पर इस एप को डाउनलोड कराया गया है।स्कूल की सात इकाई ने भी डाउनलोड कराएकबीरधाम जिले के हायर सेकंडरी स्कूल की 7 इकाई ने भी इस दिशा में कार्य किया है। इनमें सुजीत कुमार गुप्ता की अगुवाई में शा. उ. मा. वि. राजानवांगांव से 161, अशोक कुमार गुप्ता की अगुवाई में शा.उ.मा.वि. बिरकोना से 20, केदार चंद्रवंशी की अगुवाई में शा.उ.मा.वि. खैरबनाकला से 9, घनश्याम शर्मा की अगुवाई में महावीर स्वामी उ.मा.वि.,बैजलपुर से 5, रमेश सिंह पोर्ते की अगुवाई में शा.उ.मा.वि. कुकदूर से 28, द्वारिका यादव की अगुवाई में शा.उ.मा.वि.,तरेगांव जंगल से 49, हेमधर साहू की अगुवाई में शा.उ.मा.वि दशरंगपुर से 213 मोबाइल समेत रासेयो के वरिष्ठ स्वयंसेवक तुकाराम साहू, दीपेश जोशी, पाल सिंह धुर्वे, परमानंद वर्मा, सनत पटेल, आशीष जोशी, राकेश कुमार साहू, दीपक सोनी ने भी 319 मोबाइल में एप डाउनलोड कराए हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
1 धान में कम डाला कीटनाशक, प्रति एकड़ 1 हजार बचे By Published On :: Tue, 05 May 2020 01:12:00 GMT लॉकडाउन के कारण देश-प्रदेश का जनजीवन अस्त-व्यस्त हुआ है। खेती भी प्रभावित हुई है। ऐसे में अब केंद्र सरकार लॉकडाउन के असर का अध्ययन वैज्ञानिकों से करा रही है। जिले के कृषि वैज्ञानिक केंद्र के वैज्ञानिक भी यह शोध कर रहे हैं। यहां जुटाई गई जानकारी में यह निष्कर्ष सामने आए हैं कि लॉकडाउन के कारण किसानों ने कीटनाशकों का कम उपयोग किया है। प्रति एकड़ करीब दो से तीन हजार रुपए लागत कम हुई है। लाख और मखाना की खेती इस समय में अप्रभावित रही है।जानकारी के मुताबिक किसान फसल में कीट नजर आते ही उस पर स्प्रे करने लगते हैं। उसके दुष्प्रभाव का अनुमान लगाए बगैर ही महंगा कीटनाशक खरीदकर छिड़काव करते हैं। लॉकडाउन के दौरान बाजार बंद रहा है। इस कारण किसानों को फसल में डालने के लिए कीटनाशक नहीं मिल पाए। इसका असर यह हुआ कि इस मौसम में लगाई गई धान सहित अन्य फसलों में कीटनाशक नहीं डाल पाए, इसका नुकसान कम फायदा ज्यादा हुआ है। फसल तो ठीक हुई ही, किसानों का कीटनाशक पर होने वाला खर्च बच गया। साथ ही जमीन व अनाज में कीटनाशक के रूप में जाने वाला जहर नहीं गया है।कीटनाशक का उपयोग कम हुआ: कृषि वैज्ञानिककृषि विज्ञान केंद्र के कीट वैज्ञानिक शक्ति वर्मा ने बताया कि जिले में लॉकडाउन के कारण किसानों ने कीटनाशक का उपयोग कम किया है। उन्हें कीटनाशक व मजदूर नहीं मिले। इसके बाद भी फसल बेहतर हुई है। किसानों की लागत कम हुई। साथ ही किसानों ने वैज्ञानिकों से संपर्क बढ़ाया है।लाख और मखाना की खेती पर नहीं हुआ असरजिले में लाख व मखाना की खेती ऐसे फसलों के रूप में सामने आईं हैं जिन पर लॉकडाउन का विपरीत असर नहीं हुआ है। यानी विपरीत परिस्थतियों में भी दोनों बेहतर हुईं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Pesticides reduced in paddy, 1 thousand left per acre Full Article
1 दुकान खुलते ही 150 गांवों के लोग शराब लेने पहुंचे खरोरा By Published On :: Tue, 05 May 2020 01:18:00 GMT लॉकडाउन में छूट देने के बाद शराब दुकान खुलते ही लगभग 150 ग्रामों के मदिरा प्रेमी सैकड़ों की संख्या में नगर प्रवेश किए। अल सुबह से ही नगर स्थित शराब दुकान में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। शराब के लिए इस कदर की बेकरारी थी कि सुबह 5-6 बजे से काफी संख्या में मदिरा प्रेमी मदिरालय का पट खुलने का इंतजार करते नजर आए। शराब खरीदने के लिए लोगों की बेसब्री अौर अनुशासनहीनता ने प्रशासन की सारी तैयारियों को ध्वस्त कर दिया। खरोरा नगर निरीक्षक रमेश मरकाम अपने पुलिस जवानों के साथ मदिर प्रेमियों को नियंत्रित करने अौर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाने का प्रयास करते नजर आए। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार खरोरा अंग्रेजी शराब दुकान के मैनेजर शासकीय मूल्य से अधिक दर पर शराब बेचकर आज 45 हजार से अधिक रकम जमा किए हैं। वहीं देशी शराब दुकान 300 रुपए माइनस में रही।सरकार को खजाने की चिंता, छोटे दुकानदारों की नहींनगर के अधिकांश छोटे व्यवसायी बंधुओं में भी निराशा है। इनका शासन-प्रशासन से सीधा प्रश्न की है कि हमारे ऊपर इतना सख्ती क्यों? हमने कोरोना संक्रमण के चलते लॉकडाउन व शासन-प्रशासन के सभी निर्देश तथा आदेश का पालन किया। अपने आर्थिक हितों को दरकिनार कर जनहित अौर देशहित को सर्वोपरि माना। यथा संभव लॉकडाउन में प्रभावित हमारे निर्धन भाइयों के परिवार को आर्थिक मदद में सहभागिता निभाई और आवश्यकता पड़ने पर हम मदद के तत्पर रहेंगे। मगर अफसोस जनक पहलू यह की शासन को अपनी आर्थिक हानि की चिंता हो रही है। अवसर मिलते ही अपने आर्थिक उपार्जन के मुख्य स्रोत शराब दुकान खोलने में क्षण भर देर भी नहीं की पर हम छोटे व्यापारियों का क्या होगा? हमें कब राहत मिलेगी?कोचिया को दी गई 2 से 3 पेटी दारू: खरोरा नगर पंचायत क्षेत्र स्थित अंग्रेजी शराब दुकान 4 बजे तक से भी अधिक समय तक खुली रही। पिछले दरवाजे से कोचियों को 2 से 3 पेटी दारू सप्लाई की गई। अंग्रेजी शराब दुकान के मैनेजर द्वारा अवैध शराब विक्रय करने वाले कोचियों को दारू सुबह 8 बजे तक दारू उपलब्ध करवाई गई। अंग्रेजी शराब दुकान में अप्रैल में राज्य शासन द्वारा शराब का हर वित्तीय वर्ष में रेट बढ़ाया जाता है। उससे भी अधिक मूल्य पर शराब का विक्रय किया गया। खरोरा अंग्रेजी शराब दुकान से प्रति बोतल 40 से 50 पचास रुपए अधिक वसूला जा रहा है।लोगों को नशाखोरी में ढकेल रही सरकारनगर पंचायत, महिला समूह के निर्मला देवागंन, पुष्पा यादव, मधु निषाद, कांति सिन्हा, कल्पना मंडल सहित नगर की महिलाओं ने शराब दुकानें खोले जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शराब सदा महिलाओं के लिए अभिशाप रही है। शराब विक्रय शुरू किया जाना घरेलू हिंसा सहित अन्य असामाजिक कृत्यों को पुनः जन्म देगा। नशामुक्त राज्य निर्माण का एक अच्छा अवसर सरकार खोने को है। शराबबंदी से 40 दिनों में मदिरा प्रेमियों में शराबखोरी की लत से मुक्ति पाने की इच्छा शक्ति पैदा हो रही थी, मगर सरकार एकाएक शराब दुकान खोल कर उन्हें फिर नशाखोरी की दलदल मे ढकेल रही है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today People from 150 villages reached Kharora as soon as the shop opened Full Article
1 कटक से 17 मजदूर चोरी-छिपे पहुंचे पिथौरा के हरदी गांव धमतरी के खोरपा में 2 दिन पहले राजस्थान से लौटा युवक By Published On :: Tue, 05 May 2020 01:31:20 GMT ठाकुरराम यादव | मजदूरी करने छत्तीसकगढ़ के बाहर गए लोग चोरी-छिपे गांव में दाखिल होने लगे हैं। गांव के बाहर ही उन्हें रोकने की कोई व्यवस्था नहीं है। कोरोना लॉकडाउन के शुरुआती दिनों मंे कुछ गांव वालों ने बेरिकेड्स लगाकर बाहरी लोगों की आवाजाही बंद करने की कोशिश की, लेकिन अब यह व्यवस्था भी हटा ली गई है। इसलिए अब बाहर से आने वालों का पता नहीं चल रहा है। मुखबिरी या गांव के ही लोगों की सूचना के बाद ही ऐसे लोगों के चोरी-छिपे लौटने का मामला उजागर होने लगा है।4 मई से देश में रोकोना लॉकडाउन-3 शुरू हो चुका है। छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार एक तरफ दूसरे राज्यों से मजदूरों को लाने के लिए बसें और ट्रेनें चलाने की व्यवस्था कर रही है। हालांकि लोग खुद भी अपने साधन से या पैदल ही आ रहे हैं। दैनिक भास्कर ने सोमवार को राजधानी के आसपास गांवों की पड़ताल की तो कई चौकाने वाले मामले सामने आए। अभनपुर विकासखंड (धमतरी) जिले के खोरपा गांव में रविवार को राजस्थान से आकर अाकर एक युवक अपने घर पहुंच गया। सोमवार को जब आसपास के लोगों ने उसे देखा तब इसका खुलासा हुआ। बताया जा रहा है कि वह राजस्थान के चितौड़गढ़ जिले के चंदेरिया की किसी फैक्ट्री में काम करता था। फैक्ट्री की एक गाड़ी ही उसे गांव लेकर पहुंची थी। गांव से बाहर उतारकर वह लौट गई। युवक ने न तो राजस्थान प्रशासन से आने की अनुमति ली और न ही छत्तीसगढ़ में किसी को सूचना दी और परिवार के साथ रहने लगा। आसपास के लोगों से सूचना मिलने के बाद गांव की सरपंच, सचिव सहित अन्य पदाधिकारी उसके घर पहुंचे। पंचायत सचिव रमेश कुमार साहू ने बताया कि तहसीलदार को युवक के आने की जानकारी दी जा रही है। फिलहाल उन्हें घर में ही क्वारेंटाइन के लिए कहा गया है। प्रशासन के आदेश के बाद जरूरत हुई तो जांच इत्यादि की व्यवस्था कराई जाएगी। मजदूरी करने ओडिशा के कटक गए 17 मजदूर तीन दिन पहले ही गांव लौटे हैं। गांव के लोगों को इसकी जानकारी हुई, लेकिन उन्होंने पंचायत में सूचना नहीं दी। गांव के कुछ टीचर्स को इस बात का पता लगा तब उन्होंने अफसरों को सूचना दी और उसके बाद सभी को खाली स्कूल में क्वारेंटाइन किया गया है। सभी की जांच के लिए सैंपल भी लिया जा रहा है।बाहर से आने वालों के लिए गांव में ही बनाया क्वारेंटाइन सेंटरदैनिक भास्कर की टीम ने सोमवार को रायपुर जिले के आसपास कई गांव का दौरा किया। इस दौरान सभी गांवों ने बाहर से आने वाले लोगों के लिए क्वारेंटाइन सेंटर बनाए हैं। लेकिन ज्यादातर जगहों पर सेंटर गांव या बस्ती के आसपास ही बनाया गया है। इस बात की आशंका जताई जा रही है कि इन सेंटरों में सस्पेक्टेड लोगों को ठहराया भी जाता है तो उनके रिश्तेदार या परिचित मिलने पहुंच गए तो उन्हें अलग रखना ही विफल हो जाएगा। क्वारेंटाइन सेंटर गांव से बाहर बनाया जाना चाहिए। मानिक चौरी के पटवारी लेखराम देवांगन ने बताया कि बिना जानकारी के गांव में अब तक कोई नहीं आया है। छह मजदूरों का एक दल प्रशासन के माध्यम से अगले एक-दो दिन में आने वाला है। उनके लिए गांव में क्वारेंटाइन सेंटर बनाया गया है।मंदिरहसौद के पटवारी नीरज सिंह ने कहा कि मंदिरहसौद पूरी तरह शहर जैसा हो गया है। कोई भी चोरी-छिपे पहुंचे तो उसकी जानकारी मिलनी मुश्किल है, फिर भी कोटवार और अन्य जिम्मेदारों से नजर रखने कहा गया है। क्वारेंटाइन सेंटर भी बनाया गया है कि यदि कोई बाहर से आए तो उन्हें अलग रखा जाएगा।केस-1कटक (ओडिशा) से पिथौराओडिशा के कटक से 17 मजदूरों का एक दल पैदल पिथौरा के हरदी गांव पहुंचा। सभी वहां मजदूर थे, लेकिन लॉकडाउन के कारण काम बंद होने से सभी पैदल निकल गए और चोरी-छिपे यहां पहुंचे। गांव के सरपंच और पदाधिकारियों को तीन दिन बाद इसकी जानकारी मिली।केस-2चंदेरिया (राजस्थान) से अभनपुरराजस्थान चितौड़गढ़ के चंदेरिया थाना क्षेत्र में एक फैक्ट्री में काम करने गया युवक लॉकडाउन के कारण शनिवार को छत्तीसगढ़ लौट आया। यहां आने के बाद वह सीधे अपने घर में रहने लगा। सोमवार को सरपंच-पंचों को जानकारी मिली तो तहसीलदार को खबर दी।बार्डर के गांवों मेंखतरा ज्यादाछत्तीसगढ़ और दूसरे राज्यों के बार्डर वाले क्षेत्रों में चोरी-छिपे लोगों के आने की संभावना सबसे ज्यादा है। ज्यादातर लोग जंगलों या कच्चे रास्ते से छत्तीसगढ़ पहुंच रहे हैं। अंबिकापुर, बलरामपुर, कोरिया, महासमुंद, बीजापुर, बस्तर, कांकेर, राजनांदगांव, कवर्धा, मुंगेली, चिरमिरी आदि जिलों से लगे हुए गांव में बाहर से मजूदरों के आने की आशंका ज्यादा है।कचना में क्वारेंटाइनहुए थे मजदूरअभनपुर तहसील के कचना गांव के सरपंच पुरुषोत्तम चक्रधारी ने बताया कि लॉकडाउन शुरू होने के चार दिन बाद उत्तरप्रदेश से आ रहा एक परिवार बार्डर के पास पकड़े गए थे। वे एक ट्रक के भीतर बैठकर चोरी-छिपे पहुंचे थे। उन्हें 14 दिन के लिए गांव में क्वारेंटाइन किया गया था। गांव का कोई भी परिवार नहीं लौटा है, जो दूसरे राज्यों मेंकमाने-खाने गया । Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today अभनपुर के सारखी गांव में बनाया गया क्वारेंटाइन सेंटर Full Article
1 रायपुर में 15 शराब दुकानें बंद, प्रदेश में होम डिलीवरी शुरू, मगर आधार नंबर देना होगा; सूरजपुर में क्वारैंटाइन सेंटर खोलने का विरोध By Published On :: Tue, 05 May 2020 13:06:19 GMT छत्तीसगढ़ में मंगलवार से शराब की होम डिलीवरी शुरू हो गई है। लोग घर बैठे शराब मंगा सकते हैं, लेकिन इसके लिए 120 रुपए डिलीवरी चार्ज देना होगा। साथ ही आधार नंबर भी बताना पड़ेगा। वहीं, रायपुर में उमड़ी भीड़ को देखते हुए 15 दुकानें बंद करने का फैसला किया है। दूसरी ओर रैपिड टेस्ट में जांच के बाद बस्तर में तीन लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है।क्वारैंटाइन सेंटर खोलने का विरोध, ग्रामीणों ने रास्ते बंद किएसूरजपुर के प्रतापपुर पालिका क्षेत्र में जजावल से लगे ओड़गी ब्लाक के कालाजामन सहित दो गांवों में क्वारैंटाइन सेंटर खोलने का विरोध शुरू हो गया है। लोगों ने गांव में प्रवेश के सारे रास्ते बंद कर दिए हैं। डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल और हाईस्कूल को क्वारैंटाइन सेंटर बनाने की सूचना से लोगों में गुस्सा है। इससे पहले जजवाल में बने राहत केंद्र से ही कोरोना के 7 संक्रमित मिले थे।बिलासपुर में जमकर शराब बिक रही है। जो लाेग धूप से बचने के लिए लाइन में नहीं लग रहे, वे दूसरों से ही खरीदकर ले जा रहे हैं।शराब दुकानें खोलने का समय 3 घंटे कम, अब 4 बजे तक खुलेंगीराज्य सरकार ने प्रदेश में शराब दुकानों के खुलने समय को 3 घंटे कम कर दिया है। अब दुकानें शाम 4 बजे तक ही खुलेंगी। इसको लेकर सभी कलेक्टर को आदेश जारी कर दिए गए हैं। माना जा रहा है कि सोशल डिस्टेंसिंग नहीं होने और भीड़ के कारण समीक्षा के बाद सरकार ने यह फैसला लिया है। पहले दुकानों के खुलने का समय सुबह 8 बजे से शाम 7 बजे तक निर्धारित किया गया था।शराब दुकानों पर दो गज दूरी बनाने के हैं निर्देश रायपुर में मंगलवार से एक देशी और 10 विदेशी शराब दुकानें ही खोली जाएंगी। जबकि 4 देशी और 11 विदेशी दुकानें बंद रहेंगी। रायपुर समेत प्रदेश की 653 दुकानों से एक दिन में सोमवार को 35 करोड़ की शराब बिकी है। आबकारी विभाग ने होम डिलीवरी की अनुमति दी है। इसके लिए वेबसाइट http://csmcl.in या प्ले स्टोर से CSMCL APP डाउनलोड कर बुकिंग करा सकते हैं। शराब की बुकिंग के समय मोबाइल नंबर के साथ आधार कार्ड और पूरा पता भी दर्ज करना होगा। लॉगिन के बाद अपनी पास की 1 विदेशी दुकान, 1 देशी औरएक प्रीमियम दुकान लिंक कर सकेंगे।अकलतरा में महिलाओं ने नहीं खोलने दी शराब दुकानजांजगीर में अकलतरा के कापन गांव में महिलाओं ने पहले ही दिन शराब की दुकानें खोलने का विरोध कर दिया। सुबह से ही हाथों में शराब के विरोध का बैनर औरहाथों में लठ लिए महिलाएं शराब दुकान के पास पहुंच गईं थीं। अधिकारियों ने भी मौके पर महिलाओं को समझाने की कोशिश की और उन्हें कार्रवाई का डर दिखाया। इसके बावजूद महिलाएं अड़ी रहीं और शराब दुकान नहीं खुलने दी।रायपुर: 6 इलाके कंटेंटमेंट जोन घोषित, बाहर निकलने पर पाबंदीसोमवार को कोरोना पाॅजिटिव युवक मिलने के बाद सरस्वती नगर और उसके आसपास 6 जगह को कंटेंटमेंट जोन घोषित किया गया है। यहां रहने वालों का सैंपल लिया जाएगा और प्रत्येक की जांच होगी। आसपास के किमी के इलाके को पूरी तरह सील कर दिया गया। इसमें साइंस कॉलेज हॉस्टल रोड, रविशंकर यूनिवर्सिटी गेट, कुकुरबेड़ा मार्ग, डूमरतालाब आमानाका, ओवरब्रिज के नीचे का इलाका और पंडित दीनदयाल ऑडिटोरियम शामिल है। लोगों के बाहर निकलने पर भी पाबंदी लगा दी गई है। युवक के संपर्क में आए 16 लोगों को क्वारैंटाइन करते हुए निमोरा भेज दिया है।प्रदेश में काेरोना संक्रमण बस्तर में रैपिड किट जांच में कोरोना के तीन नए केस मिले। इन्हें देर रात मेडिकल कॉलेज जगदलपुर लाया गया है। पीसीआर जांच के बाद ही पुष्टि हो सकेगी। कोंडागांव के कोरमेल में बिहार से आया, दूसरा व्यक्ति अहमदाबाद और तीसरी महिला बिहार से आने वाले व्यक्ति की रिश्तेदार है। कटघोरा में 16 अप्रैल के बाद कोई नया केस नहीं आया है। वहां के मरीज 4 अप्रैल से भर्ती होना शुरू हुए और सभी 27 की छुट्टी हो चुकी है। छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण के अब तक 58 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें क्वारैंटाइन सेंटर से भागे झारखंड के पॉजिटिव दो मजदूरों को जाेड़ दें तो यह संख्या 60 होती है। संक्रमितों में अब तक सबसे ज्यादा कोरबा जिले से 28, सूरजपुर 6, रायपुर 7, दुर्ग 8, कवर्धा 6, राजनांदगांव और बिलासपुर से एक-एक पॉजिटिव मरीज सामने आ चुके हैं। प्रदेश में अब एक्टिव केस की संख्या 22 है। अब सूरजपुर के 6, दुर्ग के 8, कवर्धा के 6 और रायपुर के दो मरीजों का इलाज एम्स में चल रहा है।कोरोना अपडेट्सरायपुर : आमानाकाइलाके में मिलेकोरोना पॉजिटिव युवक की कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है। वह पिछले 15 दिन में करीब 50 लोगों के यहां कूलर सुधारने गया था। सभी के नाम-पते लेकर संपर्क करना शुरू कर दिया गया। प्रशासन ने बस्ती का कुछ हिस्सा सील कर दिया है। डाॅक्टरों का अनुमान है कि वह अपने काम के सिलसिले में ही किसी संक्रमित के संपर्क में आया होगा। उसके घरवालों के भी सैंपल लिए गए हैं, जिनकी जांच रिपोर्ट मंगलवार को आएगी।यह तस्वीर रायपुर के सदर बाजार की है। रायपुर रेड जोन में है, लेकिन यह नजारा आम है। नियम-कायदे सब हवा हो गए। बाइक पर एक नहीं, बल्कि तीन से चार लोग घूम रहे।बिलासपुर : जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूल अब लॉकडाउन के बीच भी खुल सकते हैं। प्रिंसिपल स्कूल के जरूरी काम जैसे अकाउंट, साफ सफाई और अन्य काम करने के लिए कुछ स्टाफ को भी बुला सकते हैं। हालांकि पैरेंट्स और बच्चों को अगले आदेश तक स्कूल में प्रवेश नहीं मिलेगा। स्कूल में किसी तरह की पढ़ाई नहीं होगी सिर्फ जरूरी काम और साफ-सफाई ही होगी।दुर्ग : जिले में 24 घंटों के अंदर 8 कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद सोशल ट्रांसमिशन का खतरा बढ़ा है। इसमें बड़ी चूक सामने आई है। संक्रमित मिले सभी 3 से 14 दिनों में 5 प्रदेशों से आए और उनकी बाॅर्डर पर जांच नहीं हुई। राहत शिविर से बाहर निकलकर लोग घूमते रहे। सिर्फ फाइलों में जिले की सीमाएं सील हुईं। जो पॉजिटिव मिले सभी बिना ई-पास के आए। रैपिड किट तक से जांच नहीं की गई। क्वारैंटाइन करने की जगह उन्हें राहत शिविर में भेजा गया।यह तस्वीर भिलाई की है। शराब लेने के लिए लोगों ने सड़कों तक पर भीड़ जुट गई। इससके चलते एक तरफ की पूरी सड़क ही बाधित हो गई। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में सड़कों पर लाइन से रखे ये थैले सोशल डिस्टेंसिंग सिखा रहे हैं। ये राशन लेने वाले लोगों की लाइन है, जो अपने थैले यहां रखकर दुकान खुलने के इंतजार में दूर जाकर खड़े हो गए। Full Article
1 महिलाओं ने उखाड़ी शराब दुकान की बैरीकेड, 6 लोगों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा और बलवा जैसी 10 धाराओं में केस दर्ज By Published On :: Tue, 05 May 2020 14:40:23 GMT शहर के रावाभाटा इलाके की शराब दुकान मंगलवार को नहीं खुली। यहां क्षेत्र के आम लोग पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन करने वालों में सबसे ज्यादा महिलाएं थीं। शराब दुकान को बंद कराने के नारों के बीच महिलाओं ने धावा बोल दिया। दुकान के बाहर लगी लकड़ी की बैरीकेडिंग को तोड़ दिया गया। कुछ देर बाद खमतराई पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को हटाया।काफी देर तक हुए हंगामे के बाद 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार होने वालों में इसी इलाके के रहने वाले प्रिंस सिंह परमार, डिकेंद्र, राजन मिश्रा, जय देवांगन, लोकेश साहू और सौरभ सिंह शामिल हैं। इनके खिलाफ सोशल डिस्टेंसिंग का पालन ना करने, शासकीय कर्मचारी के साथ मारपीट, बंधक बनाने, बलवा जैसी 10 धाराओं में केस दर्ज किया गया। क्षेत्र की महापौर अंबिका यदू ने कहा कि कार्रवाई सिर्फ भाजपा के लोगों पर हुई है। जबकि विरोध में कांग्रेसी भी शामिल थे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today तस्वीर रायपुर के रावाभाटा स्थित शराब दुकान की है। महिलाओं ने शराब लेने आए पुरुषों को भी भगा दिया। Full Article
1 लॉकडाउन में फंसे झारखंड के 11 जिलों के 730 मजदूर हुए रवाना By Published On :: Tue, 05 May 2020 23:30:00 GMT लॉकडाउन की वजह से रायपुर जिले में फंसे झारखंड के सात सौ तीस श्रमिकों, यात्रियों और नागरिकों को आज बसों से रवाना किया गया। इनमें झारखंड के 11 जिलों सराईकेला, बोकारो, खुटी, हजारीबाग, धनबाद, रामगढ़,सराईकेला, लातेहार, देवघर, चकरा, गोड्डा और गिरीडीह के श्रमिक शामिल हैं। इसके अलावा रांची के नागरिकों को भी इन बसों में भेजा गया है। इसके पहले राधास्वामी सत्संग न्यास धरमपुरा में झारखंड के श्रमिकों और नागरिकों का पंजीयन और भेजना जारी रहा।बस से आने की अनुमति दे सरकार: शर्माभाजयुमो के अध्यक्ष विजय शर्मा ने श्रमिकों की वापसी को लेकर सरकार को सुझाव दिए हैं। उन्होंने कहा कि यदि श्रमिक समूह खुद बस आदि करके आना चाहें तो उन्हें अनुमति दी जाए। सरकार इस खर्च को वहन करे। शर्मा ने कहा कि अनियंत्रित स्वयं श्रमिक आयेंगे तो सारा लॉक्डाउन व्यर्थ मान लें। सरकार की निगरानी में आने से जाँच, क्वॉरंटीन आदि विधि विधान से होगा। लगभग 50 श्रमिक समूह जिनमे कुल संख्या 2000 के क़रीब है, जो अन्य प्रदेशों में हैं उनसे मैं लगातार संपर्क में हूं। समझाने के बावजूद अनेक समूहों से पैदल चलना प्रारम्भ कर दिया है। कोई प्रदेश अन्य प्रदेश के श्रमिकों को अब रखना नहीं चाह रहे - श्रमिक भाग भी रहे हैं और उन्हें भगाया भी जा रहा है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
1 रोज धूप में 10 मिनट बैठेंगे और हर आधे घंटे में धोएंगे हाथ, जहां-तहांथूकेंगे नहीं By Published On :: Tue, 05 May 2020 23:30:00 GMT लॉकडाउन अभी खुला नहीं है, लेकिन आम जन जीवन चलता रहे इसलिए सरकार की तरफ से कुछ छूट दी गई है। कोरोना संक्रमण की चेन आगे न बढ़े, ऐसे में यह जरूरी हो जाता है कि हर व्यक्ति कुछ जरूरी सावधानियाें का ख्याल रखे। और लोगों में यही जागरूकता लाने का काम कर रहे हैं टिकरापारा नूतन स्कूल के 800 बच्चे। ये अपने-अपने इलाके में लोगों 11 जरूरी नियम बता रहे हैं। लोग इनका पालन करें, इसके लिए वे उनसे संकल्प पत्र भी भरवा रहे हैं। 24 दिन में बच्चे 3 हजार से ज्यादा लोगों को संकल्प दिलवा चुके हैं। रोज धूप में समय बिताना, हाथ धोते रहना और कहीं भी थूंकना नहीं जैसे संकल्प इसमें शामिल हैं।दरअसल, नूतन स्कूल ने यह अभियान 12 अप्रैल को जलियांवाला बाग हत्याकांड की 101वीं बरसी पर शुरू किया था। स्कूल में जितने भी बच्चे पढ़ते हैं वे सभी टिकरापारा और आसपास के इलाकों के रहने वाले हैं। इन इलाकों में नगर निगम के 7 वार्ड आते हैं और इनके अंतर्गत करीब 26 झुग्गी बस्तियां हैं। अभियान में सबसे ज्यादा सबसे ज्यादा फाेकस यहीं किया गया है। किरोड़ीमल अग्रवाल बताते हैं कि बच्चे बड़े उत्साह के साथ लोगों को जागरूक करने में जुटे हुए हैं। बच्चों का अभियान से जुड़ना इसलिए फायदेमंद है क्योंकि वे उनके अपने परिवार के सदस्य तो उनकी बात मान ही रहे हैं। आसपास के लोगों पर भी इसका काफी असर दिख रहे हैं।15 हजार मास्क बांटेराशन भी बांट रहे हैंनूतन स्कूल द्वारा 15 हजार से ज्यादा मास्क भी बांटे जा चुके हैं। ये मास्क स्कूली बच्चों द्वारा ही तैयार किए गए थे। प्रति मास्क के बदले बच्चों को 1 रुपए का भुगतान भी किया गया। इसके अलावा स्कूली बच्चों ने 100 जरूरतमंद परिवारों की जानकारी भी दी थी जिनके घर तक स्कूल प्रबंधन ने राशन और दूसरी जरूरी सामग्रियां पहुंचवाई। इस काम में स्कूल की प्राचार्या ममता पांडेय, कार्यक्रम प्रभारी चेतना ठाकुर, रमा मजूमदार, वैजंती, आरती यादव आदि सहयोग कर रहे हैं। बच्चों से संकल्प लेने के बाद लोग रोजमर्रा की जिंदगी में कई सकारात्मक बदलाव कर रहे हैं। मौजूदा परिस्थितियों में जागरूकता ही सबसे ज्यादा जरूरी भी है।ये संकल्प दिलवा रहे हैं... छींकते-खांसते वक्त हमेशा मुंह पर कपड़ा रखेंगे। जहां तहां नहीं थूंकेंगे क्योंकि ये संक्रमण की वजह। नोट गिनते या पन्ना पलटते वक्त थूंक नहीं लगाएंगे। पान-गुटखा का सेवन फिलहाल बंद ही कर देंगे। किसी भी साबुन से 30 की गिनती तक हाथ धाेएंगे। दोस्तों से हाथ मिलाने के बजाय नमस्ते से अभिवादन। घर के हर मोबाइल में आरोग्य सेतु एप इंस्टॉल करेंगे। हर बार मास्क को अच्छे से धोकर इस्तेमाल करेंगे। सुबह 8 से 9 बजे के बीच धूप में 10 मिनट बैठेंगे। रोज गुनगुना पानी पीने की आदत जरूर डालेंगे। किसी भी अफवाह की सूचना पुलिस को देंगे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Will sit for 10 minutes in the sun every day and wash hands every half an hour, will not spit everywhere Full Article
1 भीड़ जुटाने मना किया तो दी धमकी, 14 बंदी By Published On :: Tue, 05 May 2020 23:30:00 GMT कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने को लेकर देशभर में लागू किए गए लॉकडाउन का मंगलवार को 42वां दिन था। सरकार और प्रशासन की तमाम कोशिशों के बावजूद अभी भी बहुत से लोग ऐसे हैं, जो लॉकडाउन का पालन नहीं कर रहे हैं। ऐसे लोगों को सबक सिखाने सिटी कोतवाली पुलिस ने लॉकडाउन का उल्लंघन करने के आरोप में शहर के 14 लोगों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है।2 मई शनिवार को रमजान महीने में गरीब मुसलमानों की राशन सामग्री एवं खाने की व्यवस्था को लेकर मुस्लिम समाज के अध्यक्ष सैय्यद आरिफ अली, सचिव जिलानी मोहम्मद खान, कोषाध्यक्ष तनवीर अहमद एवं अब्दुल रज्जाक ने मीटिंग की थी। एक राय होकर मीटिंग स्थल पर पहुंचकर भीड़ इकट्ठा की थी।प्रार्थी द्वारा ऐसा न करने की समझाइश देने पर आरोपियों ने आक्रोशित होकर गालियां देते हुए प्रार्थी से मारपीट कर चोट पहुंचाई एवं जान से मारने की धमकी दी। प्रार्थी की रिपोर्ट पर पुलिस ने बलौदाबाजार निवासी शेख सलमान पिता शेख रोशन, गुलजू पिता शेख रोशन, शेख गुलफाम पिता शेख रोशन, अम्मू उर्फ मोहम्मद अमीन पिता मोहम्मद असफाक, जानू उर्फ सफीक खान पिता सुभान खान, नसीम खान पिता रमजान खान, इसराइल चौहान पिता मोहम्मद स्माइल, शेख गुलशन पिता शेख रोशन, सोहेल खान पिता यूनुस खान, सुभान खान पिता गुलाम खान, यूनुस बेग पिता स्व. नबील बेग, मोहम्मद जुनैद पिता अब्दुल जमीद चौहान , फैयाज खान उर्फ गुड्डा पिता स्व. जलील खान, मोहम्मद अशफाक पिता मोहम्मद अफजल को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Threatened mob gathering, threatened Full Article
1 आंधी-बारिश से 140 गांवों में 20 घंटे से अधिक समय तक बिजली गुल रही By Published On :: Tue, 05 May 2020 23:30:00 GMT सोमवार को आई आंधी बारिश के बाद शाम 5 बजे से 140 गांवों में बिजली आपूर्ति बंद रही। पूरे ब्लॉक के गांवों में 20 घंटे से अधिक समय तक बिजली बंद रही जिससे पूरा अंचल अंधेरे में रहा। बिजली बंद होने से मंगलवार सुबह लोगों को पानी के लिए बहुत तकलीफ उठानी पड़ी, लोगों को पीने तक का पानी नहीं मिला। नगर में करीब 17 घंटे बाद बिजली आई तब लोगों ने राहत की सांसें ली। इन पंक्तियों के लिखे जाने तक भी कई गांवों में बिजली बंद थी।बिजली विभाग के अधिकारी-कर्मचारी लगातार फाल्ट ठीक करने में लगे हैं। सोमवार को साम 5 बजे अचानक जोरदार आंधी-बारिश और ओले गिरने से बिजली प्रवाह बाधित हो गया क्योंकि मुख्य 33 केबी लाइन में कुकुर्दी से अमेरा तक 32 जगह तार टूटे एवं टांसफार्मर बस्ट हो जाने से बिजली सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई। विभाग के कर्मचारी फाल्ट ढूंढते रात भर खेत खलिहानों में घूमते रहे, कहीं तार टूटकर जमीन पर गिरे थे तो कहीं पेड़ पर लटककर उलझ गए थे। उलझे तारों को सुलझाने में 20 घंटे से अधिक का समय लग गया। इस संबंध में कार्यपालन यंत्री वीरेंद्र राठिया ने बताया कि फॉल्ट खोजने और उसे ठीक करने में 20 घंटे से अधिक का समय लग गया क्योंकि खेत खलिहानों में तार टूटने के कारण वहां तक पहुंचने में समय लगा।सोमवार को पूरी रात नहीं सो पाए लोगसोमवार की शाम आंधी तूफान के बाद रात भर बिजली नहीं आई जिससे लोग उमस, गर्मी और मच्छर के कारण लोग सो नहीं पाए। जिनके घरों में इनवर्टर थे वो भी कुछ घंटों के बाद बंद हो गए इसलिए उन्हें भी कोई फायदा नहीं मिला। लोग रात भर अधिकारियों-कर्मचारियों को फोन करके बिजली चालू होने का समय पूछते रहे।इन गांवों में नहीं आई रात भर बिजलीब्लॉक के 140 गांवों में पूरी तरह बिजली बंद थी जिसमें मुख्य रूप से पलारी, अमेरा, कोसमंदी, संडी, ओडान, गिधपुरी, ज़ारा, देवसुंदरा, ससहा, रोहांसी, दतान, देवसुंदरा, कोनारी, खरतोरा, जर्वे, कोदवा, वटगन, तेलासी, गिर्रा, सिसदेवरी, लटेरा, साहड़ा, भवानीपुर, नगपुरा, अछोली, बेल्हा,, परसाडीह, घिरघोल, कुसमी, घोटिया, कौड़िया आदि गांवों में बिजली रात भर बंद रही। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Thunderstorms ravaged electricity for more than 20 hours in 140 villages Full Article
1 एक ही परिवार के 14 लाेग संक्रमित पाए जाने से डेहरी में सन्नाटा, धार में 14 संक्रमित मरीज ठीक हाेकर घर पहुंचे By Published On :: Tue, 05 May 2020 23:30:00 GMT धार में मंगलवार को आइसाेलेशन सेंटर में भर्ती 14 लाेगाें की रिपाेर्ट निगेटिव आई। सभी काे शाम काे महाजन अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया। इधर 40 से अधिक संदिग्ध मरीजाें की रिपाेर्ट भी निगेटिव आई है, उन्हें भी डिस्चार्ज किया जाएगा। धार में अब तक कुल 26 काेराेना मरीज ठीक हाेकर घर जा चुके हैं।मंगलवार काे धार की एक महिला की रिपाेर्ट जरूर पाॅजिटिव पाई गई है। इस प्रकार दाे दिन में यहां संक्रमित मरीजाें की संख्या 21 हाे गई है। सभी संक्रमित पाए गए लाेगाें काे धार में शिफ्ट किया गया है। इधर डेहरी में एक ही परिवार के 14 लाेगाें के संक्रमित पाए जाने के बाद वहां सन्नाटा पसर गया है। लाेग अपने घराें में दुबक गए हैं। इधर कलेक्टर श्रीकांत बनोठ ने कुक्षी के 75 सुभाष मार्ग बड़पुरा मोहल्ला तथा 168 बुंदेलवाडी धार में कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति पाए जाने से क्षेत्र को कंटेनमेंट एरिया घोषित किया है। इधर मंगलवार काे 40 लाेगाें की रिपाेर्ट निगेटिव अाई है। यह राहत की बात है।नर्स बेटी इंदाैर से करती थी आना-जाना, अब मांहुई पाॅजिटिव, बेटी की रिपाेर्ट पेंडिंगजिला महामारी नियंत्रण अधिकारी डाॅ. संजय भंडारी के अनुसार बुंदेलवाड़ी की जिस महिला काे संक्रमित पाया गया है। उसकी कांटेक्ट हिस्ट्री में आया है कि उसकी बेटी बेटमा में स्टाफ नर्स है। वह कई बार इंदाैर से आना-जाना करती थी। तीन दिन पहले उसकी मां की तबीयत खराब हुई ताे अस्पताल लाए थे। उसका ऑक्सीजन लेवल कम था। उसका सैंपल लिया गया। साथ ही बेटी का भी सैंपल लिया। दाेनाें जिला अस्पताल में क्वारेंटाइन हैं। अब मां की रिपाेर्ट मंगलवार काे पाॅजिटिव आई है। बेटी की आना बाकी है। संभव है कि बेटी की वजह से ही उसे संक्रमण हुआ है। क्याेंकि मां कहीं आती-जाती नहीं है।12 संक्रमिताें की पहली रिपोर्ट निगेटिव, दूसरी आना बाकीमहाजन अस्पताल में भर्ती 12 संक्रमित लाेगाें की पहली रिपाेर्ट निगेटिव आई है। संभवत: एक-दाे दिन में उनकी दूसरी रिपाेर्ट भी आने वाली है। यदि उनकी दूसरी रिपाेर्ट भी निगेटिव आती है ताे वे भी काेराेना की बीमारी से मुक्त हाे जाएंगे।पट्ठा चाैपाटी का व्यक्ति सर्दी-खांसी होने पर जिला अस्पताल गया था, गंभीरता से नहीं लिया, उसी से पांच हुए संक्रमितसाेमवार देर रात आई रिपोर्ट में एक साथ 20 नए काेराेना संक्रमिताें में धार की पट्ठा चाैपाटी के एक ही परिवार के पांच लाेग भी शामिल हैं। इस मामले में सामने अाया है कि संक्रमण की शुरुअात परिवार के मुखिया से ही हुई थी। मुखिया अाॅटाे चलाकर अाजीविका चलाता है। सबसे पहले उसे ही सर्दी-खांसी की शिकायत हुई थी। इस पर वह इलाज कराने जिला अस्पताल गया भी था। मगर वहां डाॅक्टराें ने इलाज की बजाए टाल दिया। मरीज के साथ करीब दाे से तीन बार एेसा हुअा। बाद में जब मरीज की हालत ज्यादा बिगड़ी ताे स्वास्थ्य विभाग हरकत में अाया अाैर उसका सैंपल भेजा। साेमवार की रात जब अाॅटाे चालक सहित सभी पांचाें सदस्य काेराेना संक्रमित निकले ताे प्रशासन के हाेश उड़ गए।इधर परिवार के पांचाें सदस्याें काे यह भी नहीं पता कि वे संक्रमित कैसे हुए। उनसे पूछा भी गया कि वे पहले से पाॅजिटिव क्षेत्र की महिला के संपर्क में ताे नहीं अाए। इस पर इन लाेगाें का जवाब था कि उनका उस महिला के घर अाना जाना ही नहीं था। बता दें कि 17 अप्रैल की रात क्षेत्र की ही दूसरी महिला की रिपाेर्ट पाॅजिटिव अाने के बाद से प्रशासन ने इसे कंटेनमेंट एरिया घाेषित कर सील कर रखा है। एेसे में इसी क्षेत्र से दाेबारा नए संक्रमित मिलना चिंता की बात है।स्वास्थ्यकर्मी की भूमिका संदिग्ध : इस पूरे मामले में जिला अस्पताल के ही एक स्वास्थ्यकर्मी की भूमिका संदिग्ध रही है। जानकारी के अनुसार संक्रमित परिवार के घर के सामने ही स्वास्थ्यकर्मी रहता है। स्वास्थ्यकर्मी के उस परिवार से अच्छे संबंध हैं। स्वास्थ्यकर्मी द्वारा ही अाॅटाे चालक मरीज की तबीयत की बात दबाने की जानकारी सामने अा रही है, लेकिन जब मरीज की हालत ज्यादा बिगड़ी ताे स्वास्थ्य विभाग काे सैंपल लेना पड़ा।मृत्यु काे संदिग्ध मान परिवार के लाेगाें के सैंपल लिए थेडाॅ. संजय भंडारी के अनुसार पट्ठा चाैपाटी के एक व्यक्ति काे हालत िबगड़ने पर जिला अस्पताल लाए थे। लेकिन उसकी माैत हाे चुकी थी। उसकी संदिग्ध हालत काे देखते हुए उसके परिवार के पांच लाेगाें के सैंपल लिए गए थे। उन्हें क्वारेंटाइन किया था। साेमवार काे उनकी रिपाेर्ट पाॅजिटिव अाई है।डाॅ. आरसी पनिका, सीएमएचओ, जिला अस्पताल, धारपहले ही संक्रमित हाे चुका हैसर्दी-जुकाम से पहले ही व्यक्ति संक्रमित हाे चुका है। इसके बाद अगर वह बीमार हुअा है ताे जब तक वाे अन्य काे संक्रमित कर चुका हाेगा। रही बात समय पर उचित इलाज नहीं मिलने की ताे यह बात असत्य है। हर मरीज का इलाज किया जा रहा है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Silence in Dehri, 14 infected patients arrived home after being found 14 people infected by same family Full Article
1 14 दिन क्वारेंटाइन पूरा करने से पहले बच्चे घर रवाना किए By Published On :: Tue, 05 May 2020 23:30:00 GMT राजस्थान के कोटा से 28 अप्रैल को वापस छत्तीसगढ़ लौटे बच्चे अब क्वारेंटाइन की शेष अवधि घर पर पूरा करेंगे। मंगलवार की देर रात 46बच्चों को लेकर बसें बिरकोनी स्थित हायर सेकंडरी स्कूल परिसर में पहुंची। यहां बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इसके बाद परिजनों से शपथपत्र भरवाया गया कि उनके बच्चे शेष अवधि में होम क्वारेंटाइन पर रहेंगे। इस दौरान वे घर से बाहर नहीं निकलेंगे, लगातार मास्क का उपयोग करेंगे और स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त दिशा निर्देशों का पालन करेंगे। शपथ पत्र भरवाने के पश्चात बच्चों को परिजनों को सौंप दिया गया। इधर, इस संबंध में कलेक्टर सुनील कुमार जैन ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार आज कवर्धा से 46 छात्र-छात्राएं यहां पहुंचे हैं। बिरकोनी में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया। इसके बाद उन्हें परिजनों को सौंप दिया गया है। शेष अवधि का क्वारेंटाइन वे घर पर पूरा करेंगे।दरअसल, मंगलवार को कबीरधाम जिले में रोके गए बच्चों को वापस महासमुंद के लिए रवाना कर दिया गया। फिलहाल कबीरधाम जिले के कवर्धा और बोड़ला के क्वारेंटाइन सेंटर में रोके गए छात्र-छात्राओं को वापस भेजा गया है। वहीं बेमेतरा में रोके गए बच्चे बुधवार को महासमुंद के लिए रवाना होंगे। प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगलवार की सुबह अचानक कवर्धा के महाराजपुर स्थित शिक्षा परिसर में राेके गए छात्राओं से कहा गया कि वे अपना बैग पैक कर लें, उन्हें उनके घर रवाना किया जा रहा है। शाम 5 बजे सबसे पहले रायपुर के छात्रों की बस रवाना की गई। इसके बाद शाम 6.35 बजे महासमुंद की बस छात्रों को लेकर रवाना हुई।बेमेतरा में रोके गएबच्चे आज आएंगे वापसइसी तरह बेमेतरा के क्वारेंटाइन सेंटर में रोके गए कुल 51 बच्चों की वापसी बुधवार सुबह होगी। सुबह 10 बजे बच्चों की बसें रवाना होगी। इन बच्चों का भी बिरकोनी में स्वास्थ्य जांच किया जाएगा। साथ ही बच्चों के परिजनों से शपथ पत्र भरवाकर उन्हें होम क्वारेंटाइन पर भेजा जाएगा। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए परिजन एसडीएम महासमुंद सुनील कुमार चंद्रवंशी (75872-02092) और डिप्टी कलेक्टर पूजा बंसल से (93006-10136) संपर्क कर सकते हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Children left home before completing 14 days of quarantine Full Article
1 एक सीट पर 10 आवेदन, लॉटरी से होगा फैसला, अब भी जमा हो रहे आवेदन By Published On :: Tue, 05 May 2020 23:30:00 GMT आरटीई (शिक्षा का अधिकार) के तहत 1 मार्च से ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हुई। दो माह बीतने के बाद भी अब तक ऑनलाइन आवेदन लिए जा रहे हैं। पालक भी आवेदन कर रहे। जिले में आरटीई के लिए 205 स्कूलों में 1617 सीटें आरक्षित की गई, जिनके लिए अब तक 2036 अभ्यर्थियों ने 4 हजार 408 आवेदन किए हैं। कुल आरक्षित सीट के मुकाबले ढाई गुना से ज्यादा आवेदन आए है।एक अभ्यर्थी ने एक से अधिक स्कूलों में फार्म भरा है, इस कारण कुछ निजी स्कूलों में सीटों के मुकाबले 18 गुना तक आवेदन आ चुके हैं। लॉकडाउन में ज्यादा आवेदन नहीं किए, लेकिन अब धमतरी जिले में च्वाइस सेंटर को छूट मिलने के बाद पालक आवेदन करने आने लगे हैं। सोमवार को जिले में 106नए आवेदन आए।दो माह बाद भी 14 स्कूलों में एक भी आवेदन नहींजिले के 14 स्कूल ऐसे हैं, जहां पालकों ने एक भी आवेदन नहीं किया है। आवेदन करने की तारीख दो बार बढ़ाई जा चुकी है। अभी भी पालक आवेदन कर रहे। फिर भी 9 स्कूल ऐसे हैं, जहां पालकों ने बच्चों को एडमिशन दिलाने आवेदन ही नहीं किया है। सरस्वती शिशु मंदिर कुरूद, सशिमं चिंवरी, जीओडी कसपुर, गोंडवाना प्राइमरी विद्या मंदिर गुहाननाला, सशिमं संकरी, भारतीय संस्कृति विद्यालय भखारा, सशिमं अछोटी, सशिमं गोजी, दिव्यज्ञान इंग्लिश स्कूल केरेगांव, सशिमं नवागांव धमतरी, दीप ज्योति स्कूल कुकरेल, अजीमप्रेमजी फाउंडेशन शंकरदाह, सांईबाबा यूसीसी सांकरा, हॉली चाइल्ड स्कूल धमतरी में अब तक एक भी आवेदन नहीं आए।पालकों की बढ़ी परेशानीनया शिक्षा सत्र शुरू होने में अब डेढ़ माह बाकी है। निजी स्कूलों में आरटीई के लिए अब तक एडमिशन के लिए लॉटरी शुरू नहीं हो पाई है। पालकों ने ऑनलाइन आवेदन तो किया, पर हार्डकॉपी जमा नहीं कर पाए। लॉकडाउन में छूट मिलने के बाद पालक हार्डकॉपी जमा करने नोडल स्कूलों को खोलने की मांग कर रहे हैं।6 सीट पर 112 आवेदनधमतरी पब्लिक स्कूल में 6 सीटें आरक्षित है। 4 मई तक यहां 112 अभ्यर्थियों ने आवेदन किए हैं। सीटों के मुकाबले 18 गुना से अधिक आवेदन हैं। केन एकेडमी में 16 सीट पर 111, मेनोनाइट इंग्लिश स्कूल में 10 सीट पर 158, मॉडल इंग्लिश स्कूल में 20 सीटों पर 195, टैलेंट पब्लिक स्कूल में 10 सीटों 145, शिवोम विद्या पीठ धमतरी में 4 सीट पर 72 आवेदन आए। 40 स्कूल ऐसे हैं, जहां 10 गुना से अधिक आवेदन आ चुके हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
1 कोरोना हॉटस्पॉट कटघोरा और कवर्धा से लौटे 17 लोग, सभी क्वारेंटाइन, सैंपल एम्स भेजे By Published On :: Tue, 05 May 2020 23:30:00 GMT छूट मिलने से दूसरे जगह फंसे लोग लौट रहे हैं। मंगलवार को हॉटस्पॉट कवर्धा, कोरबा और कटघोरा क्षेत्र से 17 लोग लौटे हैं। सभी को 14 दिन के लिए क्वारेंटाइन किया गया है। ब्लड व स्वॉब का सैंपल जांच के लिए रायपुर एम्स भेजा है। सभी हॉटस्पॉट क्षेत्र से लौटे हैं इसलिए अफसर अलर्ट हैं। सभी का सैंपल एम्स भेजकर प्राथमिकता देने का आग्रह अफसरों ने किया है। इनके अलावा कोटा से 25 छात्र और धमतरी लौट रहे है। इनके 8 मई देर-शाम तक आने की संभावना हैं।निगरानी के लिए डॉक्टरों की लगी ड्यूटीस्वास्थ्य विभाग ने कुकरेल के पथर्रीडीह और कुरूद के पंचायत भवन को क्वारेंटाइन के लिए चुना है। पथर्रीडीह में 17 और कुरूद पंचायत भवन में 20 लोगों को क्वारेंटाइन किया है। हॉटस्पॉट क्षेत्र कोरबा से 22 लोग आए हैं। पेंड्रा से आए 75 लोगों में से 35 को पंचायत स्तर पर और 40 होम क्वारेंटाइन किया है। ऐसे में संक्रमण का खतरा बढ़ते देख अफसरों ने डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई है। हर 3 घंटे में इनकी निगरानी हो रही है।29 रिपोर्ट का इंतजारजिले से अब तक 292 सैंपल लिए हैं। इनमें से 263 सैंपल रिपोर्ट निगेटिव आई हैं। 29 लोगों की रिपोर्ट का इंजतार है। सोमवार को भेजे गए 4 की रिपोर्ट भी नहीं आई है। रैपिड किट से 367 लोगों की जांच की गई हैं। सभी की रिपोर्ट निगेटिव हैं।रेड जोन वाले होंगे जिला स्तर में क्वारेंटाइनरेड जोन से आने वालों को जिला स्तर के क्वारेंटाइन सेंटर में रखा जाएगा। ऑरेंज जोन वाले पंचायत व ग्रीन जोन वाले होम क्वारेंटाइन होंगे। सभी रोज पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और मितानिन के संपर्क में रहेंगे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 17 people returned from Corona hotspot Katghora and Kawardha, all quarantines, samples sent to AIIMS Full Article
1 दूसरे जिलों व राज्यों में फंसे हैं दंतेवाड़ा के 180 छात्र, अब इन्हें भी लाने की तैयारी By Published On :: Tue, 05 May 2020 23:30:00 GMT मजदूरों के अलावा दूसरे राज्यों व जिलों में फंसे छात्रों को भी घर वापस लाने की तैयारी की जा रही है। दंतेवाड़ा के 180 छात्र दूसरे जिले व राज्यों में फंसे हुए हैं। अब इनकी भी सूची प्रशासन बना रहा है कि ये बच्चे उन राज्यों के किस जोन वाले जिले में हैं। इधर बच्चों की घर वापसी का परिजन भी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। लगातार अफसरों से संपर्क भी कर रहे हैं।अभी प्रशासन के पास जिन बच्चों के नामों की सूची बनी है उनमें 12 राज्यों में बच्चों के फंसे होने की जानकारी है, जो वापस अपने घर आना चाहते हैं। इनमें तेलंगाना व आंध्रप्रदेश में दंतेवाड़ा के सबसे ज्यादा बच्चे हैं। ये बच्चे पढ़ाई या कोचिंग के सिलसिले में दूसरे प्रदेशों में रह रहे हैं। कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने बताया कि दूसरे जिले व राज्यों में फंसे बच्चों को भी लाने की तैयारी है। राज्य सरकार के दिशा निर्देश के अनुरूप काम हो रहा है। नोडल अधिकारी आस्था राजपूत ने बताया बच्चों की सूची बनाई जा रही है। हर दिन संख्या बढ़ रही है। गाड़ियां तैयार हैं। राज्य स्तर से निर्देश मिलने के बाद गाड़ियां भेज दी जाएंगी।दंतेवाड़ा में फंसे ओडिशा के लोगों को भेजा गया घर: दंतेवाड़ा के लोगों को बाहर से लाने की तैयारी तो है, लेकिन दंतेवाड़ा में फंसे बाहर के लोगों को भी घर भेजा जा रहा है। दूसरे जिले के करीब 100 मजदूरों को उनके घर भेज दिया गया है। इतना ही नहीं दंतेवाड़ा में फंसे ओडिशा के लोगों को भी प्रशासन ने घर भेज दिया है, लेकिन अब भी दूसरे राज्यों के 200 से ज्यादा लोग यहां फंसे हुए हैं।क्वारेंटाइन पूरा करने के बाद ही जा सकेंगे घरजो भी बच्चे दूसरे जिलों व राज्यों से लौटेंगे उन्हें क्वारेंटाइन मे रहना होगा। इसके बाद ही वे अपने घर जा सकेंगे। इधर हैदराबाद में बालिका शिक्षा योजना के तहत नर्सिंग की पढ़ाई करने वाली छात्राओं को भी वापस लाने पर अभी असमंजस की स्थिति है, क्योंकि हैदराबाद रेड जोन में है। कोटा से लौटे दंतेवाड़ा के 13 बच्चे भी क्वारेंटाइन में हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
1 संग्राहकों को 2018 के लाभांश के 750 करोड़ रुपए नहीं मिले हैं By Published On :: Wed, 06 May 2020 00:26:18 GMT अंचल में हरा सोना अर्थात तेंदूपत्ता की तुड़ाई एवं खरीदी की शुरूआत मंगलवार से हो गई। बागबाहरा वन परिक्षेत्र के अंतर्गत लघु वनोपज सहकारी समिति सुखरीडबरी में इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष स्मिता हितेश चंद्राकर के साथ सांसद प्रतिनिधि एवं लघु वनोपज संघ के पूर्व जिला अध्यक्ष हितेश चंद्राकर ने विधिवत पूजा-अर्चना कर खरीदी प्रक्रिया का शुभारंभ किया। वहीं दूसरी तरफ संग्राहकों को 2018 के लाभांश का 750 करोड़ रुपए तक नहीं मिला है। दीवाली के पूर्व ही संग्राहकों के खाता में पहुंच जाना था। जबकि यह राशि राज्य लघु वनोपज संघ में जमा है। संग्राहक-मजदूर दो साल से अपना हक लेने के लिए भटक रहे हैं।तेंदूपत्ता संग्राहक भरी दोपहरी में परिवार सहित मिलकर तोड़े गए तेंदूपत्ता की गड्डी बनाकर शाम 4 बजे इसे फड़ में पहुंचाते हैं। इसके तहत उन्हें मिलने वाला संग्रहण दर की राशि नहीं मिल रहा है। जिले का लगभग 20 करोड़ सहित प्रदेशभर का लाभांश 750 करोड़ रुपए आज तक वितरण की बजाय अनावश्यक रूप से रोक कर रखा गया है। यह सरकार की मनमानी है। इस मौके पर सुखरीडबरी समिति के देवनारायण महोबिया, खेदु चक्रधारी, गोपाल ध्रुव, केशव ध्रुव आदि मौजूद रहे।पूर्व मे संचालित योजनाओं को भी फिर से शुरू करेंसांसद प्रतिनिधि हितेश चंद्राकर ने कहा कि राज्य शासन द्वारा तेंदूपत्ता संग्राहकों को उनकी वाजिब हक की लाभांश राशि का तत्काल भुगतान किया जाए। ताकि इस आपदा के समय उन्हें राहत मिल सके। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए जारी अनेक योजनाओं को बंद कर उनके साथ कुठाराघात किया गया है। प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को मिलने वाली प्रोत्साहन (छात्रवृत्ति) को भी बंद कर दिया गया है। तेंदूपत्ता मजदूरों को उनके कमाई मे से दिये जाने वाले लाभांश राशि सहित पूर्व मे संचालित योजनाओं को पुनः लागू किये जाने की मांग की गई है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Here collectors have not received ~ 750 crores of 2018 dividend Full Article
1 ब्लॉक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सीएम रिलीफ फंड में दिए 1.17 लाख रुपए By Published On :: Wed, 06 May 2020 23:30:00 GMT मुख्यमंत्री राहत कोष में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी पिथौरा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने मदद राशि दी है। पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने फंड में 1,17,012 रुपए दिए हैं। इस मदद में गौरव ग्राम पंचायत बुंदेली 37601 रुपए, द्वारिकाधीश यादव विधायक खल्लारी विधायक मद के अतिरिक्त 10000, अनन्त सिंह वर्मा 2100, दिनेश नामदेव 2100, बुधेश्वर डड़सेना 1000,देवराज ठाकुर सरपंच 1000, गेंद राम ध्रुव उप सरपंच खेडीगाव 1000 रुपए दान किए।वहीं प्रेम सिन्हा उपाध्यक्ष ब्लाक कांग्रेस 500, संजय सिन्हा 500, कांशी राम शर्मा 500, डलेश्वर पटेल 500, सुमित सिंघल 500, अरविंदर सिंह छाबड़ा 500, कार्तिक राम ठाकुर जनपद सदस्य 500 ,दीपक सिन्हा पिथौरा 200, अजय नंद सदस्य जिला खनिज न्यास 1100, कुलेश्वर नायक सरपंच राजासेवैय्या खुर्द 5511, सुरेश पटेल 2000, पुनीत राम पटेल1100, तारा चंद बरिहा 500, प्रेम वल्लभ सूर्यवंशी 500, सन्तु बरिहा 500, मुन्नू बरिहा 500, श्याम कुमार नेताम 500, नगर पंचायत पिथौरा अध्यक्ष आत्मा राम यादव एक माह का मानदेय 4400, उपाध्यक्ष दिलप्रीत खनूजा 1100, पार्षदगण पद्मावती पटेल 500, रीना साहू 500, लोकेश ध्रुव 500, प्रेम राजन रौतिया 500, अनामिका शर्मा 500, तरून पांडे 500, खीर सागर निषाद 500, संतोष डड़सेना 500, राजू सिन्हा 500, देव सिंह निषाद पूर्व अध्यक्ष 2000, गायत्री घरड़े 500, ख़िरौद्र पटेल 500, हरदीप कौर डाली हरजिंदर सिंह सलूजा 500, कुलवंत खनूजा विधायक प्रतिनिधि 2100 दिया।इसी तरह आशीष शर्मा सांसद प्रतिनिधि 1100, दीपक सिन्हा प्रदेश सचिव पिछड़ा वर्ग कांग्रेस झगरेन्डीह, अमर प्रीत छाबड़ा 1100, राजा बग्गा प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (पिथौरा) 1100, नारद भोई 500, कल्याण सिंह राजपूत 500, खेम राज यादव मोहदा 500, कमलेश बारीक सरपंच किशनपुर 1000, सुरेश मलिक आदिवासी कांग्रेस ब्लाक अध्यक्ष 500, घासीराम नायक 200, ग्राम पंचायत कोदोपाली सरपंच सोम प्रकाश साहू, मोती राम पटेल, उपसरपंच एवं समस्त पंचगण 6000 रुपये, ग्राम पंचायत कोदोपाली के झाडूराम साहू, चोवा लाल ठाकुर, कोम सिंग ठाकुर, रुपचंद चक्रधारी, लाकेश कुमार बलिहार के द्वारा 15000 रुपये ब्लाक कांग्रेस पिथौरा में जमा किए। जिसे ब्लाक कांग्रेस पिथौरा द्वारा मुख्यमंत्री सहायता कोष में जमा किया गया। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Block Congress workers gave Rs 1.17 lakh in CM Relief Fund Full Article
1 9.20 लाख से ठाकुर तालाब का होगा गहरीकरण, 2.13 लाख से घाट निर्माण By Published On :: Wed, 06 May 2020 23:30:00 GMT ग्राम पंचायत सेमरा के आश्रित ग्राम भाटखार में 9.20 लाख की लागत से ठाकुर देव तालाब गहरीकरण और निर्मला घाट निर्माण शुरू हो गया है। तालाब के गहरीकरण पर 7.7 लाख और निर्मला घाट बनाने पर 2.13 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। तालाब गहरीकरण रोजगार गारंटी कार्य जारी हैं। ग्राम पंचायत सेमरा में नवनिर्वाचित जिला पंचायत सदस्य मीना बंजारे सोमवार को सेमरा भाटखार ठाकुर देव तालाब गहरीकरण कार्य देखने गए। मजदूरों से मिले। उन्होंने सभी मजदूरों का हाल चाल जाना एवं सोशल डिस्टेंस बनाकर कार्य करने को कहा।मजदूरों ने बताया कि ठाकुर देव तालाब में कार्य करने के लिए रोजगार गारंटी योजना के तहत कार्य करने के लिए मांग पत्र में अपना नाम एवं जाब कार्ड नंबर दर्ज कराया जा रहा हैं।इससे प्रति जाब कार्ड के प्रत्येक सदस्य को काम दिया जा रहा है। लॉकडाउन होने से लोगों की आर्थिक स्थिति चरमरा गई हैं। मजदूरों को रोजी रोटी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।ग्राम पंचायत सेमरा में लगभग 1600 मजदूरों का 700 जाब कार्ड बना है। सेमरा ग्राम पंचायत बड़ा ग्राम पंचायत होने के कारण मजदूरों की संख्या अधिक है, जिससे मजदूरों को बारी-बारी से काम कराया जा रहा है। सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखते हुए हर दिन लगभग 150 से 200 मजदूर काम कर रहे हैं। सेमरा सरपंच श्रवण कुमार ध्रुव, कुशल राम साहू वार्ड पंच, उपसरपंच घनश्याम साहू ने सभी लोगों ने मजदूरों से सोशल डिस्टेंस बनाकर काम करने कहा। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Thakur pond will be deepened from 9.20 lakhs, ghat construction from 2.13 lakhs Full Article
1 ओले से 80% धान को नुकसान, कुरूद व धमतरी में 1535 हेक्टेयर की फसल खराब By Published On :: Wed, 06 May 2020 23:30:00 GMT रबी फसल 2019-20 में धमतरी जिले में 27 हजार हेक्टेयर में धान की फसल ली गई। 20 अप्रैल को जिले में हुई ओलावृष्टि और बारिश ने धान की फसल खराब कर दी है। कृषि व राजस्व विभाग ने नुकसान का आकलन जारी किया है। इसमें धमतरी और कुरूद ब्लॉक में 35 से 80 प्रतिशत तक फसलों को नुकसान हुआ है। आकलन में बालियों से दाने ज्यादा गिरे हैं।ओलावृष्टि से फसल को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। धमतरी ब्लॉक के 17 गांवों में फसल को 35 प्रतिशत से अधिक नुकसान हुआ है। कुरूद ब्लॉक के 13 गांव में भी सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। दोनों ब्लॉक में 1535.250 हेक्टेयर की फसल बर्बाद हुई। मगरलोड और नगरी ब्लॉक में विभाग अब तक फसल क्षति का आकलन नहीं कर पाया है। 20 अप्रैल के बाद फिर चले आंधी तूफान व बारिश होने का कृषि व राजस्व विभाग द्वारा अंतिम आकलन किया जा रहा है।दलहन-तिलहन में 769 हेक्टेयर फसल में नुकसान हुआफरवरी माह में हुई बारिश से दलहन-तिलहन फसल को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। धमतरी ब्लॉक में 968 हेक्टेयर में चने की फसल ली गई थी, इसमें से 735 हेक्टेयर चने की फसल बर्बाद हुई। धमतरी ब्लॉक में गेंहूं की 9 हेक्टेयर की पूरी फसल बारिश से खराब हो गई। सब्जी फसल को भी भारी नुकसान हुआ है। विभाग के अनुसार सब्जी की फसल 1.800 हेक्टेयर में जिले में ली गई थी, धमतरी ब्लॉक में 4 हेक्टेयर की फसल को नुकसान हुआ है।5.7 करोड़ रुपए का कराया गया बीमाकृषि विभाग अनुसार जिले में दलहन-तिलहन व रबी धान के लिए 2121 किसानों ने 1928.89 हेक्टेयर का फसल बीमा कराया है। इन किसानों ने 5 करोड़ 78 लाख 33 हजार रुपए का बीमा कराया है। इसमें कृषक अंश राशि 86 हजार 8 लाख67 हजार 501 रुपए शामिलहै। फसल नुकसान होने केबाद किसान जिला प्रशासनको आवेदन सौंपकर जल्द मुआवजा राशि दिलाने की मांग करने लगे हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 80% paddy loss due to hail, 1535 hectare crop in Kurud and Dhamtari damaged Full Article
1 पहली बार तापमान 41 डिग्री पार, शाम 4 बजे चली धूल भरी आंधी By Published On :: Wed, 06 May 2020 23:30:00 GMT इस साल जिले में अब तक का सबसे गर्म दिन बुधवार रहा। तापमान दोपहर3बजे41 डिग्री तक गया। राजस्थान से आने वाली गर्म और सूखी हवा के कारण तापमान में बढ़ोतरी हुई। यहीं कारण है कि सुबह11बजे तक ही तापमान36डिग्री हो गया था। इसके बाद बढ़ता गया।तीन बजे तक 41 डिग्री तक गया इसके बाद नीचे आना शुरू हुआ। शाम4बजे धूल भरी तेज आंधी चली। मौसम विभाग ने अगले24घंटे में बारिश,आंधी और बिजली गिरने की आशंका जताई है। जिला में लॉकडाउन हैं। जिला प्रशासन ने दुकानों को खोलने की छूट सुबह8से4बजे तक दी है,लेकिन अंचल में बुधवार को धूप तेज रही। दोपहर1बजे ही सड़कों पर सन्नाटा रहा।गली-मोहल्लों में भी दोपहर के3से4घंटे अधिकांश घरों के दरवाजे बंद रहे। लोगों ने भीषण गर्मी में घर से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं की। दोपहर1.30से3बजे के बीच तापमान41 डिग्री के आसपास बना रहा। सुबह9बजे से शाम3बजे के बीच8किमी/घंटे की गति से गर्म हवा चलती रही।अगले 24 घंटे में बारिश के आसारएक चक्रवात 0.9 किलोमीटर ऊंचाई पर पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के ऊपर, दूसरा चक्रवात पूर्वी विदर्भ और उसके आसपास तथा एक द्रोणिका 0.9 किलोमीटर ऊंचाई पर पूर्वी विदर्भ से तमिलनाडु तक है। इसके प्रभाव से अगले 24 घंटे में बारिश, आंधी चलने, गरज चमक के साथ बौछारें पड़ने व बिजली गिरने की आशंका जताई जा रही है।तापमान43डिग्री सेऊपर नहीं जाएगामौसम विभाग के मुताबिक एक सप्ताह के अंदर सुबह से दोपहर तक गर्मी बढ़ेगीलेकिन तापमान में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं होगी। अधिकतम तापमान42से43डिग्री के आसपास ही रहेगा। इसका बड़ा कारण दूसरे राज्यों में चक्रवात व द्रोणिका सिस्टम का सक्रिय होना है। इसके असर से बादल बनेंगे। आने वाले एक सप्ताह में कभी भी गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today For the first time, the temperature crossed 41 degrees, dust storm occurred at 4 pm Full Article
1 संक्रमितों के संपर्क में आए 59 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव, 21 दिन रहेंगे क्वारेंटाइन By Published On :: Wed, 06 May 2020 23:30:00 GMT रेंगाखार और समनापुर जंगल में मिले 6 कोरोना संक्रमितों के सीधे संपर्क में आए 59 लोगों के सैंपल लिए गए थे । राहत की बात है कि सभी की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। फिर भी संबंधितों को 21 दिन तक क्वारेंटाइन में ही रखेंगे। इस दौरान उनकी दोबारा सैंपल लेकर जांच कराई जा सकती है, लेकिन अभी कोरोना का लक्षण बाद में भी दिख सकता है।संक्रमितों के मिलने पर स्वास्थ्य विभाग ने उनके सीधे संपर्क में आए परिजन, पड़ोसियों और क्वारेंटाइन में रह रहे 59 लोगों के सैंपल लिए थे। साथ ही सरपंच-सचिव, कोटवार, चौकीदार, तहसीलदार और एसडीएम समेत 26 अन्य लोगों के सैंपल लिए गए थे। सभी के सैंपल 4 मई को ही एम्स रायपुर भेजी गई थी, जिनकी जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है । रिपोर्ट से स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन ने राहत की सांस ली है। अब भी शेष 26 लोगों की रिपोर्ट आना है। ट्रैवल हिस्ट्री जुटाने पर पता चला है कि संक्रमित मिले 6 में से 3 लोग नागपुर (महाराष्ट्र) से पैदल राजनांदगांव होते हुए रेंगाखार पहुंचे थे। वहीं 3 अन्य लोग हैदराबाद (तेलंगाना) से अपने गांव लौटे थे।संक्रमण के डर से लोग घरों से बाहर नहीं निकल रहेकोरोना संक्रमितों के मिलने पर ग्राम रेंगाखार कला, समनापुर जंगल, चमारी, सुतिया और तितरी (वन गांव) को पूरी तरह से सील कर दिया गया है । कंटेनमेंट जोन में शामिल इन गांवों में पिछले 3 दिन से सन्नाटा पसरा हुआ है । संक्रमण के डर से लोग घरों से बाहर नहीं निकल रहे । गांवों में पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है। गांव से बाहर जाने और बाहर से अंदर आने वालों पर नजर रखी जा रही है। साप्ताहिक बाजार लगना बंद है। सिर्फ राशन व जरुरी वस्तुओं की दुकानें निर्धारित समय में खोली जा रही है।हैदराबाद से पहुंचे मजदूर, बॉर्डर से लगे मोहगांव में उतरेछग- मध्यप्रदेश बॉर्डर पर स्थित रेंगाखार व समनापुर जंगल में उस वक्त और हड़कंप मच गया, जब बॉर्डर से लगे ग्राम मोहगांव, मलाजखंड (मध्यप्रदेश) में मंगलवार को दो ट्रकों में भरकर 150 से ज्यादा मजदूर हैदराबाद (तेलंगाना) से पहुंचे। ट्रकों से उतरने के बाद मजदूर अपने-अपने गांवों की तरफ जाने लगे। इनमें छग के भी मजदूर शामिल थे। स्थानीय प्रशासन को जब इसका पता चला, तो हड़बड़ी में मजदूरों को रोकवाया। इसके बावजूद बहुत से मजदूर वहां से जा चुके थे। गंभीर बात तो यह है कि मलाजखंड के मोहगांव में जहां ट्रकों से मजदूर उतरे, वह समनापुर जंगल बॉर्डर से महज 15 से 16 किमी दूरी पर है। इससे इलाके के गांवों में लोगों की फिक्र और बढ़ गई।क्वारेंटाइन सेंटर में घुसा शराबी, बिस्तर पर सोया अब हवालात मेंग्राम पंचायत टाटीकसा के क्वारेंटाइन सेंटर में मंगलवार रात एक शराबी घुस आया। क्वारेंटाइन सेंटर में रह रहे मजदूरों के बिस्तर पर लेटा और शराब भी गिरा दिया। मजदूरों के शोर मचाने पर शराबी वहां से चला तो गया, लेकिन गांव में इधर-उधर घूमने लगा, जिससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई। घटना की जानकारी तहसीलदार रेखा चंद्रा से हुई, तो उन्होंने बाजार चारभाठा चौकी में शिकायत की। हरकत में आई पुलिस ने बुधवार को शराबी व्यक्ति को गांव से गिरफ्तार कर लिया है। चौकी प्रभारी गीतांजलि सिन्हा ने बताया कि आरोपी गोमती प्रसाद त्रिपाठी ग्राम टाटीकसा का रहने वाला है।500 से ज्यादा सैंपल लिए, 235 की रिपोर्ट आई निगेटिवसंक्रमण की रोकथाम के लिए विदेश यात्रा और दूसरे राज्यों व जिलों से आए 500 से ज्यादा लोगों के सैंपल लिए जा चुके हैं। इनमें से 235 की रिपोर्ट निगेटिव आई है। अब भी 55 फीसदी लोगों की जांच रिपोर्ट आना बाकी है। कोरोना पॉजिटिव मिलने पर सैंपलिंग में तेजी आई है। पिछले दो दिन में ही कंटेनमेंट जोन में शामिल गांवों से 211 लोगों के सैंपल लिए गए हैं ।घटना के बाद पूरे गांव को सैनिटाइज करायाघटना के बाद से ग्रामीण डरे हुए हैं । आरोपी गोमती प्रसाद को गांव से बाहर दूसरे जगह क्वारेंटाइन करने मांग की जा रही है । ताकि वह गांव में दहशत न फैलाए । इधर, घटना के बाद सरपंच ने पूरे गांव को सैनिटाइज कराया। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Report of 59 people exposed to infected is negative, quarantine will remain for 21 days Full Article