1 सर... 12वीं पास होना जरूरी है नहीं तो घर वाले शादी करवा देंगे By Published On :: Thu, 07 May 2020 00:42:00 GMT शहर के आदर्श कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल को माशिमं ने मूल्यांकन केन्द्र बनाया है, लेकिन इस बार इस केन्द्र में उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन नहीं हो रहा। कोरोना संक्रमण की रोकथाम व सोशल डिस्टेंस को देखते हुए करीब 200 से अधिक मूल्यांकनकर्ता शिक्षकों के घर में उत्तरपुस्तिका भेजी गई। शिक्षक घर पर ही कक्षा 10वीं व 12वीं के विभिन्न विषयों की जांच कर रहे हैं।जांच के दौरान उत्तरपुस्तिका में बच्चों ने पास होने कई मानवीय अपील की है। इसमें एक ने लिखा कि सर... आपसे निवेदन है कि मुझे इस साल 12वीं पास होना जरूरी है। पास नहीं हुई तो घर वाले शादी करा देंगे। ये बातें हायर सेकंडरी स्कूल के स्टूडेंट् ने अपनी उत्तरपुस्तिका में लिखी है।उत्तरपुस्तिका की जांच के दौरान पढ़ाई में कमजोर छात्र पास होने अपील कर रहे हैं। नाम न छापने की शर्त पर मूल्यांकनकर्ता शिक्षक ने बताया कि कई बच्चे घरेलू परेशानी लिखे हैं, जैसे परीक्षा के एक दिन पहले मामा, नानी, दादी समेत परिवार के सदस्य की मृत्यु हो गई, इस कारण पढ़ नहीं सका। पास कर दिया तो स्टूडेंट की दुआ मिलेगी, समेत कई प्रकार की बातें लिखी मिल रही है। माशिमं ने पहले चरण में कक्षा 10वीं व 12वीं के 72 हजार 139 कॉपी भेजी है, जिसका मूल्यांकन पूरा हो गया है।बीते साल तो उत्तरपुस्तिका से नोट निकला था: बच्चे पास होने के लिए कई तरीके अपनाते हैं। बीते साल तो उत्तरपुस्तिका से नोट भी निकला था। इस बार घर पर ही मूल्यांकन होने के कारण नोट मिलने संबंधित जानकारी नहीं मिल पा रही है। केन्द्र में उत्तरपुस्तिका मूल्यांकन के दौरान एक कमरे में करीब 20 से 25 शिक्षक होते हैं, ऐसे में उत्तरपुस्तिका से नोट मिलने की जानकारी उस कमरे के शिक्षकाें को मिल जाती थी। बीते वर्ष जांच में कई उत्तरपुस्तिकाओं से 100 से 500 रुपए तक का नोट मिला था। इसे संबंधित स्टूडेंट्स ने सेलाे टेप चिपकाया था, लेकिन इस तरह की मानवीय अपील व रुपए मिलने पर मूल्यांकनकर्ता शिक्षकों पर कोई असर नहीं हो रहा। शिक्षक ईमानदारीपूर्वक उत्तरपुस्तिका की जांच कर रहे हैं। स्टूडेंट्स ने अपनी उत्तरपुस्तिका में जो सही उत्तर लिखा है, उसी के अाधार पर शिक्षक जांच कर अंक दे रहे हैं।सही उत्तर लिखने पर ही नंबर मिलते हैं: आरपी सिंहबच्चों द्वारा मानवीय अपील के संबंध में मूल्यांकन केन्द्र प्रभारी आरपी सिंह ने बताया कि उत्तरपुस्तिका जांच के दौरान मानवीय अपील काम नहीं आती। परीक्षार्थी जिन प्रश्नों का सही उत्तर लिखता है, उसी के आधार पर नंबर दिए जाते हैं। पहले चरण अंतर्गत मूल्यांकन कार्य पूरा हो गया है। अब दूसरे चरण के तहत 26 हजार से अधिक उत्तरपुस्तिकाओं की जांच की जा रही है। इसे 12 मई से पहले पूरा कर लिया जाएगा।हताश न हों छात्र, पास होने के कई मौके हैं आपके पासअगर कोई स्टूडेंट्स बोर्ड परीक्षा में फेल हो जाता है तो उन्हें फिक्र करने या निराश होने की जरूरत नहीं है। बोर्ड परीक्षा पास करने ऐसे परीक्षार्थियों को तीन और अवसर मिलेंगे। शैक्षणिक सत्र-2015 से लागू सीजी बोर्ड की क्रेडिट योजना का लाभ उन्हें मिल सकेगा। शहर के करपात्री स्कूल के प्राचार्य डीएस जोशी ने बताया कि इस योजना के तहत मुख्य परीक्षा में अगर दसवीं के परीक्षार्थी एक से लेकर छह विषय या 12वीं के परीक्षार्थी एक, दो या सभी पांच विषय में असफल हो जाते हैं तो भी उन्हें फेल नहीं किया जाएगा। उन्हें सत्र 2020 की पूरक परीक्षा में बैठने का मौका दिया जाएगा। इसके बाद भी जिन विषयों में वे फेल होंगे, उन्हें वर्ष 2021 की मुख्य परीक्षा व अंततः पूरक परीक्षा में पास होने का अंतिम अवसर प्रदान किया जाएगा।अब दूसरे चरण अंतर्गत 26 हजार कॉपियां पहुंचीइस मूल्याकंन केन्द्र में दो चरणों में कक्षा 10वीं व 12वीं के उत्तरपुस्तिका का मूल्यांकन होना है। पहले चरण का मूल्यांकन कार्य पूर्ण हो चुका है। वहीं अब दूसरे चरण अंतर्गत मूल्यांकन कार्य होना है। दूसरे चरण में 26 हजार 547 उत्तरपुस्तिका माशिमं की अोर से भेजी गई है। इसे भी शिक्षकों के घर तक पहुंचा दी गई है। वैसे ज्यादातर शिक्षक कवर्धा शहर में रहते हैं। ऐसे में मूल्यांकन केन्द्र के अफसरों को शिक्षकों के घर तक उत्तरपुस्तिका देने परेशानी नहीं होती। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Sir ... it is necessary to pass 12th, otherwise the family will get married Full Article
1 18 कैडेट्स को दी गई कोविड-19 की बेसिक ट्रेनिंग, देंगे आपातकालीन सेवा By Published On :: Thu, 07 May 2020 00:44:00 GMT कोविड-19 की रोकथाम व बचाव के लिए एनसीसी कैडेट्स के लिए ऑनलाइन प्रशिक्षण 5 मई 2020 को सीएमएचओ आफिस कवर्धा में आयोजित हुआ। प्रशिक्षण में कवर्धा के एनसीसी अधिकारियों व सीनियर कैडेट्स ने प्रशिक्षण लिया। इसमें शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कवर्धा के 13 कैडेट्स व शासकीय कृषि महाविद्यालय कवर्धा के 5 कैडेट्स सम्मिलित हुए।एनएचएम श्वेता आडिल व जिला चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी कवर्धा डॉ. सुरेश तिवारी के संयोजन में आईपीएस राजेश अग्रवाल, डॉ. प्रशांत श्रीवास्तव व डॉ. अलका गुप्ता ने कोविड-19 से सुरक्षा, बचाव व रोकथाम पर ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया। कैडेट्स को इन विषम परिस्थितियों में राष्ट्र सेवा का एक अद्भुत अवसर मिलने की बात कही। कैडेट्स की शंकाओं का समाधान भी किया गया। प्रशिक्षण में एनसीसी अधिकारी, पीजी कॉलेज से डॉ. अनिल शर्मा, शा. कृषि महाविद्यालय से शंकर नाग, स्वामी करपात्रीजी विद्यालय से फर्स्ट ऑफिसर जेके सिंह, कन्या शाला से हर्षिता तम्बोली व स्काउट जिला संगठन आयुक्त अजय चन्द्रवंशी ने हिस्सा लिया। जिला कलेक्टर व कमांडिंग आफिसर के निर्देशानुसार अब इनकी सेवाएं ली जा सकेंगी। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Kovid-19 basic training given to 18 cadets, will provide emergency service Full Article
1 मई में हर शनिवार-रविवार रहेगा लॉकडाउन, 5 दिन ही बिकेगी शराब, दुकान खोलने का समय 1 घंटे कम By Published On :: Thu, 07 May 2020 01:13:07 GMT छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए भूपेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। इसके मुताबिक मई में हर शनिवार व रविवार को पूरे प्रदेश में लॉकडाउन रहेगा। दरअसल गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने यह सुझाव दिया था, जिस पर सीएम भूपेश बघेल ने तत्काल फैसला लिया। अब शुक्रवार शाम से सोमवार को सुबह तक लॉकडाउन होगा। इस दौरान दूध, दवा, सब्जी व अस्पताल खुले रहेंगे। बाकी व्यापार बंद रहेगा। शराब दुकानें भी बंद रखी जाएंगी। इधर, सरकार ने शराब दुकान खुलने के समय में एक घंटे की और कटौती की है। अब तीन बजे तक ही शराब दुकानें खुलेंगी। मंगलवार को इसे 7 बजे से घटाकर चार बजे तक किया गया था।प्रदेश में कोरोना संक्रमण रोकने के उद्देश्य से सरकार ने एक अहम निर्णय लेते हुए हर शनिवार व रविवार को लॉकडाउन करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। सभी जिलों के कलेक्टर व एसपी को पालन करने कहा गया है। यह व्यवस्था मई महीने के लिए की गई है। लॉकडाउन में जरूरी सेवाओं को छोड़कर बाकी गतिविधियां बंद रहेंगी। इस तरह संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए 60 घंटे से ज्यादा का समयमिलेगा। बता दें कि राज्य सरकार ने केंद्र के निर्देश पर कई कारोबार को शुरू करने की अनुमति दी है। इसके बाद से लोगों की आवाजाही में वृद्धि हुई है। इसी तरह शराब दुकानों की भीड़ को देखते हुए भी लगातार दूसरे दिन समय में कटौती का फैसला लिया गया है।वापसी: गुजरात से ढाई हजार श्रमिक लेकर दो ट्रेनें कल और परसों आएंगी छत्तीसगढ़छत्तीसगढ़ के 1156 मजदूरों को लेकर गुजरात के खेड़ा और नडियाड से पहली ट्रेन गुरुवार को शाम 6 बजे रवाना होगी और प्रदेश में कहीं भी रुके बिना शुक्रवार शाम को बिलासपुर स्टेशन पहुंचेगी। इसी के अगले दिन यानी शुक्रवार एक और ट्रेन 1200 मजदूरों को लेकर इन्हीं स्टेशनों से रवाना होगी और शनिवार को बिलासपुर आएगी। नडियाड कलेक्टर आईके पटेल ने छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव को दोनों ट्रेनों की टाइमिंग और मजदूरों का ब्योरा भेज दिया है। छत्तीसगढ़ में अन्य राज्यों से मजदूरों की वापसी शुक्रवार से शुरू हो रही है। गौरतलब है, 15 मई से पहले तक एक लाख से ज्यादा मजदूरों को अलग-अलग राज्यों से ट्रेन से छत्तीसगढ़ लाया जाएगा। नडियाड कलेक्टर की ओर से छत्तीसगढ़ भेजे गए पत्र की प्रति भास्कर को मिली है, जिसमें बताया गया है कि दो दिन में गुजरात से छत्तीसगढ़ के करीब सभी 2509 मजदूर यहां भेज दिए जाएंगे। बिलासपुर जिले के श्रमिक अधिक: गुजरात से शुक्रवार को आने वाली पहली ट्रेन में बिलासपुर जिले के 788 मजदूर हैं। शनिवार की शाम आने वालीट्रेन में भी बिलासपुर और आसपास के 1 हजार से ज्यादा श्रमिक हैं। इसीलिए दोनों ट्रेनें वहीं रोकी जाएंगी। इन मजदूरों को गुजरात के अलग-अलग हिस्सों से खेड़ा-नडियाड स्टेशन लाया जा रहा है। वहां से छूटी ट्रेन रास्ते में दो-तीन जगह कामर्शियल या खाने-पीने के सामान के लिए ही रुकेगी और 1279 किमी की दूरी 20 घंटे में तय कर लेगी।तैयारी : अब हर हफ्ते तय होगा रेड, ग्रीन व ऑरेंज जोन के जिलेकेंद्र सरकार अब हर हफ्ते देशभर के जिलों के रेड, ग्रीन या ऑरेंज जोन में होने की सूची जारी करेगी। नए केस मिलने और संक्रमितों के स्वस्थ होने के आधार पर यह निर्धारण किया जाएगा। इस तरह कोरोना संक्रमण में सुधार होने पर व्यापारिक व अन्य गतिविधियां शुरू करने या गंभीर स्थिति में सख्ती का निर्णय लिया जा सकेगा। इस संबंध में केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को जानकारी भेज दी है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव प्रीति सूदन ने राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र भेजकर इसकी जानकारी दी है। एसीएस सुब्रत साहू के मुताबिक रायपुर को रेड जोन से निकालने के संबंध में केंद्र से कोई दिशा-निर्देश नहीं आया है।स्वास्थ्य सचिव का कहना है कि सभी प्रभावित राज्यों और जिलों की सतत निगरानी रखी जा रही है।खासकर संक्रमित लोगों की संख्या और उनके स्वास्थ्य में सुधार के मुताबिक ये जिले तय होंगे। राज्य सरकार ने रायपुर को रेड जोन में शामिल किए जाने पर नाराजगी जताई थी। इसे लेकर स्वयं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन से चर्चा कर रायपुर को रेड जोन से बाहर निकालने कहा था।कूलर मैकेनिक के माता-पिता और संपर्क वाले 16 लोगों की जांच रिपोर्ट निगेटिवराजधानी रायपुर के लिए राहत की खबर ये है कि कुकुरबेड़ा के जिस कूलर मैकेनिक में कोरोना निकला है, उसके साथ रहनेवाले बुजुर्ग माता-पिता और लगातार संपर्क वाले दोस्तों और पड़ोसियों समेत 16 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आगई है, यानी युवक के किसी भी करीबी में कोरोना नहीं है। उसके संपर्क में आए 38 और लोगों का सैंपल लिया गया है, जिसकी रिपोर्ट रात तक आएगी। गौर करनेवाली बात यह भी है कि राजधानी में इससे पहले छह मरीज और मिले थे, लेकिन उनके माता-पिता और भाई-बहन समेत सभी करीबियों में कोरोना का संक्रमण नहीं पाया गया था। सिर्फ रायपुर ही नहीं, राजनांदगांव, भिलाई, बिलासपुर व कोरबा में मिले मरीजों में भी यही देखा गया है। कूलर मैकेनिक 24 साल के युवक के परिजन और 16 करीबियों को निमोरा में क्वारेंटाइन किया गया है। बचे हुए 38 वे लोग हैं, जिनके यहां वह कूलर बनाने गया था। प्रशासन ने एहतियातन इनके सैंपल लिए हैं। इसके अलावा, प्रदेशभर में बुधवार शाम तक लिए गए कुल सैंपलों की संख्या 22188 हो चुकी है। इसमें 20873 सैंपलों की रिपोर्ट आई है, लेकिन बुधवार को पेंडेंसी बढ़कर 1256 हो गई है। मंगलवार को लंबित रिपोर्ट की संख्या 965 थी। एम्स से केवल 365 सैंपलों की रिपोर्ट आई।जबकि रायपुर, जगदलपुर मेडिकल कॉलेज व टीबी रिसर्च सेंटर से केवल 208 सैंपलों की जांच हुई।हफ्तेभर से जांच हुई धीमीस्वास्थ्य विभाग की रूटीन बैठक में कम रिपोर्ट आने पर चर्चा भी हुई। इस संबंध में एम्स, नेहरू मेडिकल कॉलेज व अन्य लैब से बात करने की बात कही गई। आखिर जांच धीमी होने की वजह क्या है, अधिकारियों को समझ में नहीं आ रहा है, जबकि उन लैब में जांच के लिए सैंपल पड़े हुए हैं। सप्ताहभर पहले तीन दिनों तक 1000 से ज्यादा सैंपलों की जांच प्रतिदिन की गई। ये जांच अब आधी रह गई है।क्वारेंटाइन की संख्या बढ़ीप्रदेश में होम व सरकारी क्वारेंटाइन में रहने वालों की संख्या बढ़ गई है। होम क्वारेंटाइन में 19136 है। जबकि सरकारी में 567 लोग क्वारेंटाइन है। इनमें प्रवासी मजदूर से लेकर वे लोग हैं, जो संदिग्ध है। आने वाले दिनों में सवा लाख मजदूरों के लौटने पर ये संख्या और बढ़ेगी।"माइक्रोबायोलॉजी विभाग की सभी मशीनें ठीक चल रही हैं। हो सकता है की जांच रिपोर्ट की संख्या कम ज्यादा हो। बुधवार को कोई रिपोर्ट पॉजीटिव नहीं आई है।"-डॉ. नितिन नागरकर, डायरेक्टर एम्स"कुकुरबेड़ा के युवक के माता-पिता व करीबियों की रिपोर्ट नेगेटिव है। दो दिनों से जांच रिपोर्ट की संख्या कम हो गई है। इस संबंध में संबंधित लैब से जानकारी ली जाएगी।"-डॉ. अखिलेश त्रिपाठी, मीडिया प्रभारी, कोरोना सेल Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today ये तस्वीर दंतेवाड़ा जिले की है। यहां तीन ट्रकों में भरकर करीब 324 मजदूर लाए गए। सोशल डिस्टेंसिंग कहीं नहीं। एक तरफ जिला प्रशासन को इनके आने की सूचना नहीं, तो दूसरी तरफ लोग कह रहे हैं कि आंध्र और तेलंगाना की सरकार ने उन्हें भेजा है। फोटो-प्रदीप गौतम Full Article
1 व्यावसायिक बिजली पर 3 माह डिमांड चार्ज नहीं, फिर 6 माह की किस्त में 1% डिलेड पेमेंट सरचार्ज से करना होगा भुगतान By Published On :: Thu, 07 May 2020 06:39:20 GMT कोरोना संक्रमण के कारण लगे लॉकडाउन के दौरान छत्तीसगढ़ सरकार ने गैर घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओंको बिजली बिल में राहत दी है। राज्य सरकार ने व्यावसायिक बिजली उपभोक्ताओं के लिए 3 माह का डिमांड चार्ज स्थगित करने का फैसला किया है। इसके बाद उपभोक्ताओं को 6 किस्त में भुगतान करना होगा। हालांकि इस पर डिलेड पेमेंट सरचार्ज को 1.5 से घटाकर 1 फीसदी कर दिया है।दरअसल, लॉकडाउन के दौरान व्यवसाय नहीं होने के कारण उद्योग लगातार बिजली के डिमांड चार्ज को माफ करने की मांग कर रहे थे। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश के घरेलू, व्यवसायिक, कृषि आधारित उद्योग समेत अन्य औद्योगिक उपभोक्ताओं के हित में गुरुवार को कई फैसले लिए हैं। इस पर छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग भी सहमती जताई है।औद्योगिक इकाईयों को ये सुविधाएं मिलेंगी व्यावसायिक व अन्य औद्योगिक विद्युत कनेक्शन के अप्रैल, मई और जून के बिलों पर डिमांड चार्जेज भुगतान को स्थगित कर दिया गया है। स्थगन अवधि (मॉरिटोरियम पीरियड) के बाद उक्त प्रभार की राशि को समान मासिक किश्तों में अगले 6 माह में बिजली बिल के साथ भुगतान करना होगा। इस दौरान इन तीन महीनों के बिलों पर डिलेड पेमेंट सरचार्ज देना होगा। जाे कि 1.5 प्रतिशत से घटाकर अब एक फीसदी ही लिया जाएगा। 23 मार्च से 30 जून 2020 के बीच क्रय की जाने वाली बिजली बिलों के भुगतान पर वर्तमान में लागू डिलेड पेमेंट सरचार्ज पर 50 फीसदी की कमी की गई है।घरेलू उपभोक्ताओं को भी बिल में राहतप्रदेश भर के सभी नगद बिल संग्रहण केंद्रों को अस्थाई रूप से बंद किया गया था। इसे देखते हुए ऐसे सभी घरेलू बिजली उपभोक्ता जिन्हें 23 मार्च से 3 मई की अवधि में बिल का भुगतान करना था, वे अब 31 मई तक बिल जमा कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें कोई सरचार्ज का भुगतान नहीं करना होगा। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today छत्तीसगढ़ में उद्योगों को राहत देने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बिजली के डिमांड चार्ज को तीन माह तक स्थगित कर दिया है। इसे किस्त में भुगतान करना होगा। इसके लिए डिलेड चार्ज भी 1 फीसदी कर दिया गया है। Full Article
1 एम्स से नर्सिंग कर्मचारी सहित दो लोगों को मिली छुट्टी, अब एक्टिव केस 21; संक्रमित महिला के साथ बच्चे नहीं जा सकेंगे अस्पताल By Published On :: Thu, 07 May 2020 12:48:38 GMT छत्तीसगढ़ में कोराेना संक्रमित दो और मरीज गुरुवार कोपूरी तरह से ठीक हो गए हैं। उन्हेंडिस्चार्ज करने की तैयारी की जा रही है। इस बात की पुष्टि एम्स की ओर से की गई है। इनमें से एक सूरजपुर से आया हुआ था, जबकि दूसरा एम्स का ही नर्सिंग स्टाफ है।प्रदेश में एक्टिव मरीजों की संख्या अब 21 हो गई है। अभी तक38 लोग स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं।प्रदेश में काेरोना संक्रमण छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण के अब तक 59 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें क्वारैंटाइन सेंटर से भागे झारखंड के पॉजिटिव दो मजदूरों को जाेड़ दें तो यह संख्या 61 होती है। संक्रमितों में अब तक सबसे ज्यादा कोरबा जिले से 28, सूरजपुर 6, रायपुर 7, दुर्ग 9, कवर्धा 6, राजनांदगांव और बिलासपुर से एक-एक पॉजिटिव मरीज सामने आ चुके हैं। प्रदेश में अब एक्टिव केस की संख्या 21है। अब सूरजपुर के 5, दुर्ग के 9, कवर्धा के 6 और रायपुर के एक मरीजका इलाज एम्स में चल रहा है। कटघोरा में 16 अप्रैल के बाद कोई नया केस नहीं आया है। वहां के मरीज 4 अप्रैल से भर्ती होना शुरू हुए और सभी 27 की छुट्टी हो चुकी है।हर हफ्ते तय होंगे रेड, ग्रीन और ऑरेंज जोन के जिलेअब हफ्ते जिलों के रेड, ग्रीन या ऑरेंज जोन को लेकर सूची तैयार की जाएगी। नए केस मिलने और संक्रमितों के स्वस्थ होने के आधार पर निर्धारण किया जाएगा। इसी आधार पर व्यापारिक औरअन्य गतिविधियां शुरू करने या सख्ती का निर्णय लिया जा सकेगा। वहीं, एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (एसीएस) सुब्रत साहू ने बताया कि रायपुर को अभी रेड जोन से निकालने के संबंध में केंद्र सरकार से कोई निर्देश नहीं मिला है।यह तस्वीर बिलासपुर की है। राजनांदगांव और आसपास के इलाकों से आए ये मजदूर एक ऑटो में भरकर अशोकनगर जा रहे थे। पुलिस ने इन्हें रोका। पुरूष मजदूरों को उतारा गया और सिर्फ महिलाओं और बच्चों को ऑटो से भेजा। बाद में ऑटो जब्त की गई।बच्चा पॉजिटिव, तभी जा पाएगा संक्रमित मां के साथ अस्पतालस्वास्थ्य विभाग ने मां के कोरोना संक्रमित मिलने पर उनके साथ छोटे बच्चे को अस्पताल नहीं भेजने के निर्देश दिए। अगर जांच में बच्चे की भी रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो ही उसे मां के साथ अस्पताल भेजा जाए। विभाग ने निर्देश दिया है-परिवार के अन्य सदस्य अगर बच्चे को नहीं रखना चाहते तो उसे सखी सेंटर या पालना घर क्वारैंटाइन के निर्देशों का पालन करते हुए भेजें औररखें। बच्चे की देखरेख के लिए प्रशिक्षित कार्यकर्ता या सहायिका की ड्यूटी लगाई जाए।क्वारैंटाइन जोन में सेल्फी : ये तस्वीर दुर्ग जिले की है। यहांके 138 स्टूडेंट्स कोटा से लौटे। सभी बिलासपुर में ठहरे थे। बीआईटी दुर्ग में सभी को उनके पैरेंट्स ने रिसीव किया। इस दौरान छात्राओं ने वहां भी सेल्फी ली। अब ये अपने-अपने घरों में क्वारैंटाइन रहेंगे।गुजरात से 2500 श्रमिक लेकर दो ट्रेनें 8 और9 मई को आएंगीछत्तीसगढ़ के 1156 मजदूरों को लेकर गुजरात के खेड़ा और नडियाड से पहली ट्रेन गुरुवार शाम 6 बजे रवाना होगी और शुक्रवार शाम को बिलासपुर स्टेशन पहुंचेगी। इसी के अगले दिन यानी शुक्रवार एक और ट्रेन 1200 मजदूरों को लेकर इन्हीं स्टेशनों से रवाना होगी और शनिवार को बिलासपुर आएगी। छत्तीसगढ़ के अन्य राज्यों से मजदूरों की वापसी शुक्रवार से शुरू हो रही है।अंबेडकर अस्पताल के डॉक्टर एम्स के काेराेना वार्ड में करेंगे ड्यूटीअंबेडकर अस्पताल के सभी विभागों के सीनियर और जूनियर डाक्टर अब एम्स के कोरोना वार्ड में ड्यूटी करेंगे। उनके अलावा नर्सिंग स्टाफ को भी गुरुवार से वहां ड्यूटी करनी होगी। इनकी चार बैच बनाई गई है। एक-एक बैच हफ्तेभर एम्स में ट्रीटमेंट का सिस्टम देखेगी। शेड्यूल खत्म होने के बाद उन्हें अगले ही दिन माना स्थित कोरोना अस्पताल में ड्यूटी करनी होगी, फिर 14 दिनों के लिए क्वारैंटाइन किया जाएगा।स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया आदेश एचओडी, जूनियर डॉक्टर समेत 75 नर्सिंग स्टाफ की ड्यूटी लगाई जाएगी। इसमें सात विभागों के एचओडी व 18 प्रोफेसर व एसोसिएट प्राेफेसरों के नाम हैं। इनके अलावा 25 जूडो व इतने ही नर्सिंग स्टाफ की ड्यूटी लगाई गई है। कोरोना वार्ड में ड्यूटी के लिए चार बैच बनाए गए हैं। बैच ए में शामिल डाक्टर्स और स्टाफ 7 से 13 मई तक ड्यूटी करेंगे। इनमें तीन एचओडी, एक एसोसिएट प्रोफेसर, चार जूडो व चार नर्सिंग स्टाफ शामिल हैं। यही बैच 14 से 20 मई तक माना स्थित कोरोना अस्पताल में सेवाएं देगा। इसी तरह बैच बी में चार एचओडी समेत जूडो व नर्सिंग स्टाफ को 14 से 20 मई एम्स में ड्यूटी करनी होगी। ड्यूटी का शेड्यूल खत्म होने के अगले ही दिन 21 से 27 मई तक सभी को माना के कोविड अस्पताल में ड्यूटी करनी होगी। हालांकि वहां अभी एक भी मरीज नहीं है।रायपुर : शहर के कुकुरबेड़ा के जिस कूलर मैकेनिक कोकोरोना पॉजिटिव पाया गया, उसके साथ रहने वाले बुजुर्ग माता-पिता और लगातार संपर्क वाले दोस्तों और पड़ोसियों समेत 16 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई। उसके संपर्क में आए 38 और लोगों का सैंपल लिया गया है, जिसकी रिपोर्ट रात तक आएगी। कूलर मैकेनिक 24 साल के युवक के परिजन और 16 करीबियों को निमोरा में क्वारैंटाइन किया गया है।जगदलपुर : एटीएम में सैनिटाइजर नहीं होने के कारण जगदलपुर कलेक्टर ने बैंकों के प्रबंधकों को नोटिस जारी किया है। बैंक और एटीएम को प्रतिबंधात्मक से छूट इस शर्त पर दी गई थी कि वो अपने यहां सैनिटाइजर की व्यवस्था करें, लेकिन जगदलपुर शहर के आसपास के एटीएम का जिला प्रशासन के निरीक्षण में पाया गया कि एटीएम में सैनिटाइजर की व्यवस्था नहीं की गई है। अब ऐसा मिला तो कार्यवाही की जाएगी।भिलाई : फरीदनगर की जिस महिला की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई, उसके साथ उसका पति भी महाराष्ट्र के धुलिया से लौटा था। दोनों साथ-साथ लौटे, लेकिन पति ने पूरी कहानी बदल दी। सिर्फ पत्नी को लेकर ही जानकारी दी। खुद की ट्रेवल हिस्ट्री छिपाकर वह दो दिनों तक फरीदनगर व आसपास इलाकों में घूमता रहा। पुलिस ने कोरोना पॉजिटिव महिला के पति नईम के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।लॉकडाउन की वजह से ट्रेनें बंद हैं। रेलवे ने सुपेला और ठगड़ाबांध उतई रोड स्थित रेलवे क्रासिंग के चार किमी लंबी ट्रैक पर बुधवार रात से मेंटेनेंस शुरू कर दिया है, जो गुरूवार सुबह 10 बजे तक चलेगा। इधर, सुपेला में भी रातभर मेंटेनेंस कार्य चला। सभी कर्मियों ने मास्क पहने रखा। ग्लब्स का भी उपयोग किया।बिलासपुर : खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम के तहत जिला प्रशासन ने बिना पंजीयन और लाइसेंस के भोज्य और तरल खाद्य पदार्थ बेचने वाले दुकानदारों पर कार्रवाईकरने केनिर्देश दिए हैं। दुकानों, ठेलों में भीड़ रोकने औरसोशल डिस्टेंसिंग के लिए कड़ाई से पालन करने कहा है। सहायक खाद्य औरऔषधि नियंत्रक ने बताया कि 12 लाख और उससे अधिक टर्नओवर वाले विक्रेताओं को लाइसेंस अनिवार्य है। कम वाले दुकानों को पंजीयन अनिवार्य है।रायगढ़ : जांजगीर-चांपा में कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए बिना अनुमति आवागमन को प्रतिबंधित किया गया है। ऐसे में जिले के 8 प्रवेश मार्गाें पर नाकाबंदी की गई है। इनमें अकलतरा-बिलासपुर फोरलेन, बलोदा-कोरबा, कनकी बैरियर कोरबा बॉर्डर, शिवरीनारायण शबरी पुल, चंदली चौक चंद्रपुर रायगढ़ सीमा, कुटीघाट-बिलासपुर बॉर्डर, महानदी पुल मंदिर तिराहा और मसानिया कला सक्ती रायगढ़ बॉर्डर शामिल हैं।यह तस्वीर रायगढ़ के दानसरा की है। कोरोना संक्रमण के डर से ग्रामीण में बच्चों की खेलकूद की स्टाइल भी बदल गई है। गांव के खेत में गिरे एक पेड़ पर बुधवार को इस तरह झूला झूलते दिखे बच्चे, दूर-दूर बैठे, बारी आने पर ही करीब आए। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today छत्तीसगढ़ के 1156 मजदूरों को लेकर गुजरात के खेड़ा और नडियाड से पहली ट्रेन शुक्रवार शाम को बिलासपुर स्टेशन पहुंचेगी। इसको लेकर तैयारियाें का जायजा लेने स्टेशन पर प्रशासनिक अधिकारी व रेलवे का अमला गुरुवार दोपहर को पहुंचा। हालांकि इस दौरान वे खुद ही सोशल डिस्टेंसिंग भूल गए। Full Article
1 तेज आंधी की वजह से लगभग 100 घरों के छप्पर उड़े, बिजली गिरने से 80 तोते की मौत By Published On :: Thu, 07 May 2020 13:37:00 GMT जिले में बुधवार की देर रात मौसम में आए बदलाव की वजह से बड़ा नुकसान हुआ। मध्यप्रदेश राज्य के बॉर्डर से लगे नेउर, महिडबरा और कुशियारी गांव में बीती रात आंधी ने जमकर तबाही मचाई। लगभग 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चली, जिससे इलाके के गांवों में लगभग 100 घरों के छप्पर उड़ गए। 20 से अधिक विशालकाय पेड़ गिर गए। जोरदार आवाज के साथ आकाशीय बिजली के गिरने की वजह से पेड़ पर मौजूद तोतों का झुंड मारा गया। करीब 80 तोते इसकी चपेट में आए।करीब 1 घंटे चली आंधी के डर से ग्रामीण रातभर नहीं सो पाए। बरामदे में बैठकर रात बिताई। इलाके में 14 से ज्यादा बिजली के खंबे भी गिर गए हैं। तार टूटने की वजह से 13 से अधिक गांवों में बुधवार रात से बिजली की सप्लाय बंद है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक दक्षिण पश्चिम राजस्थान में ऊपरी हवाओं में चक्रवात बनने के साथ ही दक्षिण पूर्व मध्यप्रदेश में भी ऊपरी हवाओं में चक्रवात बना हुआ है। पंडरिया के तहसीलदार संजय विश्वकर्मा ने बताया कि महीडबरा में आंधी से घरों को क्षति पहुंचने की जानकारी मिली है,पटवारी को सर्वे के लिये भेजा गया है। रिपोर्ट आने पर लोगों को मुआवजा दिया जाएगा। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today मारे गए तोते का लोगों ने अंतिम संस्कार किया, ग्रामीणों के छप्पर टूटने की वजह से आज रात भी वो जागकर ही बिताने को मजबूर हैं। Full Article
1 बलांगीर से चोरी-छिपे 11 लोग पहुंचे खम्हारी पारा एफआईआर दर्ज, 14 दिन क्वारेंटाइन किया गया By Published On :: Thu, 07 May 2020 23:30:00 GMT लॉकडाउन के कड़े नियमों और राज्य सरकार द्वारा सीमा सील करने के आदेश के बाद भी जिले में आसानी से बाहर से आनेवालों की घुसपैठ जारी है। आश्चर्य की बात है कि जब लोग सीमा क्षेत्र में प्रवेश कर 40 से50 किमी दूरी तय कर घर पहुंच जाते हैं, तब तक प्रशासन को इसकीभनक नहीं लगती। लेकिन जैसी आसपास से इसकी सूचना मिलती है, तब तत्काल एफआईआर दर्ज करने प्रशासनिक अमलापहुंच जाता है।हाल में ही कुछ दिन पहले ओडिशा के बलांगीर से 11 लोग चोरी-छिपे रसेला, पिपरछेड़ी मार्ग से होते हुए अपने गांव खम्हारी पारा पहुंचे थे। प्रशासन कोइसकी सूचना तब मिली, जबये सीमा क्षेत्र पार कर अपने गांव तक पहुंच गए थे। इसके बाद प्रशासन ने इनके खिलाफ लॉकडाउन उल्लंघन का मामला दर्ज किया। इसके बाद स्वास्थ्य अमला भी हरकत में आया और इन लोगों को गांव के ही एक स्कूल में 14 दिन के लिए क्वारेंटाइन कर दिया। दूसरा मामला 5 मई का है, जहां 11 मजूदरों को प्रशासन ने जिला मुख्यालय में ही रोककरइंडोर स्टेडियम में क्वारेंटाइन किया है। ये सभी मजदूर देवभोग और मैनपुर ब्लॉक के हैं, जो मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले से वापसचोरी-छिपे अपने गांव जा रहे थे। सभी मजूदरों के रहने-खाने की व्यवस्था फिलहाल स्थानीय प्रशासन द्वारा की जा रही है।लॉकडाउन खुलने और काम बंद होने से लौट रहेबाहर से आने वाले मजूदरों का कहना है कि कामकाज और रोजी रोटी की तलाश में वे बाहर गए हैं, परंतु कामकाज बंद होने और लॉकडाउन के बीच फिर से काम शुरू होने की समय सीमा ना देखते हुए वे वापस घर लौटरहे हैं। बाहर रहने के कारण एक ओर जहां भुखमरी की स्थिति बन रही है वहीं मकान किराना सहित अन्य खर्चो का वहन करने में असक्षम है। प्रशासन द्वाराभी कोई सहायता उपलब्ध नहीं कराई जा रही है, जिसके चलते विवश होकर उन्हें वापस घर लौटना पड़ रहा है। मजदूरों ने कहा कि बाहर रहकर बिना रोजी मजदूरी के परिवार का भरण पोषण मुश्किल है। कम से कम गांव वापस आ आए तो अपने परिवार, संगे संबंधियों की सहायता को मिल सकती है। इसलिए वापस घर आना ही उन्हें उचित लगता है। जिले से अब भी 3 हजार से अधिक बाहर फंसेप्रशासन के मुताबिक जिले के 3 हजार से अधिक मजदूर अलग-अलग राज्यों में फंसे हैं, जो वापस घर लौटने के लिए परेशान हैं। अन्य राज्यों में समुचित प्रशासनिक सहायता नहीं मिलने से एक से दो वक्त भूखा रहना पड़ रहा है। इसे देखते हुए मजदूर घर वापस आना चाहते हैं। प्रशासनिक स्तर पर इसके प्रयास भी किए जा रहे हैं राज्य और केंद्र सरकार की भी कोशिश कर रही है, परंतु अब मजूदरों के पास इंतजार करने का वक्त नहीं बचा है। इसलिए नजदीक राज्यों में फंसे मजदूर धीरे-धीरे अपने संसाधन से वापसघर आने में जुटे हैं। इनके पास चोरी-छिपे आने के अलावा कोई रास्ता भी नहीं बचा है।आस-पड़ोस की शिकायत पर प्रशासन को मिल रही सूचनाबाहर से चोरी-छिपे आने वाले ये लोग दो से तीन सौ किमी दूरी तय कर रहे हैं। दूसरे राज्य से पहले छत्तीसगढ़ में प्रवेश कर रहे फिर जिले में। इतनी दूरी तय करने के दौरान कई थाना क्षेत्र पार कर रहे हैं, परंतु इस बीच ना कोई लॉकडाउन की पाबंदी काम आ रही है ना ही सीमा क्षेत्र पर की गई सीमाबंदी। आसानी से लोग सीमा क्षेत्र पार कर जिले में प्रवेश कर रहे हैं। प्रशासन को इसकी भनक भी नहीं लग रही है। ये लोग जिले के सीमा में प्रवेश करने के बाद पैदल, दुपहिया या लिफ्ट मांग कर अपने घर पहुंच रहे हैं। घर पहुंचने के बाद भी एक-दो दिन बाद अास-पड़ोस की शिकायत पर ही इसकी सूचना प्रशासन को मिल रही है। इससे स्पष्ट है कि सीमाक्षेत्र में की गई पाबंदी का लाभ प्रशासन को नहीं मिल रहा है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 11 people arrived secretly from Balangir, Khamhari Para FIR lodged, 14 days quarantined Full Article
1 केंद्र ने 3 माह का राशन दिया, छग समेत 14 राज्यों ने सिर्फ एक माह का कोटा ही उठाया By Published On :: Thu, 07 May 2020 23:30:00 GMT राशन का उठाव करने में फूड कार्पोरेशन ऑफ इंडिया राज्यों को हर तरह की मदद कर रहा है। छत्तीसगढ़ समेत 14 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने केंद्र द्वारापीएम गरीब कल्याण योजना के तहत आवंटित राशन में से केवल एक माह के राशन का ही उठाव किया है। इनमें असम, बिहार, छत्तीसगढ़, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, नगालैंड, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल शामिल हैं।केवल पांच राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों ने ही तीन माह के कोटे के राशन का उठाव किया है। छत्तीसगढ़ को केंद्र की तरफ से 3 लाख 1155 मीट्रिक टन चावल का आवंटन अप्रैल- मई और जून माह के लिए किया गया है। राज्य सरकार ने अभी तक केवल एक लाख 95 हजार 788 मीट्रिक टन चावल का उठाव किया है। बता दें कि केंद्र सरकार ने कोरोना प्रभावित आबादी के बीच देश भर में 120 लाख मीट्रिक चावल बांटने के लिए सभी राज्यों के लिए कोटा तय किया है। अभी तक राज्यों ने केवल 69 लाख मीट्रिक टन राशन का ही उठाव किया है। योजना के तहत प्राथमिकता वाले परिवारों को उनके कोटे से दूना राशन दिया जाना है। अंत्योदय परिवारों को हर माह मिलने वाले 35 किलो के अलावा 5 किलो राशन अतिरिक्त दिया जाना है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
1 10वीं व 12वीं की 92 हजार कॉपियां जांच कर बोर्ड भेजे By Published On :: Thu, 07 May 2020 23:30:00 GMT पहले चरण के मूल्यांकन के लिए आई 92 हजार उत्तरपुस्तिकाओं की जांच पूरी होते ही माध्यमिक शिक्षा मंडल की टीम ने बुधवार को जमा कर बोर्ड ले गई। इधर, दूसरे चरण में मूल्यांकन के लिए आई उत्तरपुस्तिकाओं की जांच जारी है। शिक्षक अपने घरों में गोपनीयता बनाते हुए मूल्यांकन कर रहे हैं। लॉकडाउन के चलते हुए भी मूल्यांकन का काम बड़ी सावधानियां से पूरा हो रहा है।जिला समन्वयक केंद्र प्रभारी एस चंद्रसेन का कहना है कि पहले चरण में मूल्यांकन के लिए आए उत्तरपुस्तिकाओं का जांच पूरा हो गया है और से बोर्ड को सौंप कर दिया गया है। दूसरे चरण का मूल्यांकन कार्य भी सप्ताहभर के भीतर पूरा हो जाएगा। दूसरे चरण मे 19 हजार 132 कॉपियां भेजी गई है। इनका मूल्यांकन आगामी एक सप्ताह के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। इसमें हाई स्कूल के 7954 व हायर सेकेंडरी के 11178 उत्तरपुस्तिका है। बता दें कि जिले में बोर्ड परीक्षा के उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए एक ही केंद्र जिला मुख्यालय स्थित आदर्श उच्चतर माध्यमिक शाला को बनाया गया है।बोर्ड की दोनों कक्षाओं की परीक्षा अभी बाकीजानकारी के अनुसार अभी भी बोर्ड कक्षाओं की परीक्षा बाकी है। पहले व दूसरे चरण की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन के बाद तीसरे चरण की भी उत्तरपुस्तिकाएं जांच के लिए केंद्र आएगी। अभी दसवीं व बारहवीं की परीक्षा बाकी है। लॉकडाउन के चलते परीक्षा संपन्न नहीं हो पा रही है। 4 मई से बोर्ड के शेष विषयों की परीक्षा होनी थी, लेकिन तीसरे चरण का लॉकडाउन बढ़ते ही परीक्षा को स्थगित करना पड़ा। अभी नया आदेश नहीं आया है। जिला शिक्षा अधिकारी राबट मिंज ने बताया कि अब लॉकडाउन के बाद ही परीक्षा संपन्न कराई जाएगी। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
1 क्वारेंटाइन रहने के बजाय कोई गया मछली मारने तो कोई घूमने, ऐसे 16 लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ By Published On :: Thu, 07 May 2020 23:30:00 GMT जिले में अलग-अलग थाना क्षेत्रों में पुलिस ने बिना मास्क, तालाब में मछली मारने और क्वारेंटाइन के नियमों का पालन नहीं करने वाले 16 लोगों पर पुलिस ने धारा 188, 269, 270, 34 के तहत अपराध दर्ज कर जांच में लिया है। ये वे लोग है जो, अन्य प्रदेशों से अपने घर पहुंचे थे। इन सभी लोगों को स्कूलों में क्वारेंटाइन किया गया है। जब टीम इनके मेडिकल स्वास्थ्य चेकअप के लिए पहुंची तब उनके भागने का पता चला।जानकारी के अनुसार खल्लारी थाना क्षेत्र में के ग्राम आंवराडबरी में सरपंच ने हस्ताक्षरित सरपंच प्रतिनिधि द्वारा हैदराबाद से आए ग्राम बोइरगांव थाना खल्लारी निवासी महेश, सुखदेव, गोविंद एवं मनोज हैदराबाद काम करने गया था। 2 मई को आने के बाद उसे क्वारेंन्टाइन सेंटर आंवराडबरी(प्राथ.शा.भवन) में रखा गया था। जिसमें से दो व्यक्ति महेश पिता खोजु राम एवं सुखदेव पिता धन सिंग क्वारेंटाइन सेंटर से फरार हो गए। इस बात की जानकारी तब पता चली, जब उनके स्वास्थ्य चेकिंग के लिए आए रात में टीम आई थी। सरायपाली थाना क्षेत्र ग्राम भीखापाली में भी वहां के ग्रामीणों को अन्य प्रदेश से लाकर स्कूल में क्वारेंनटाइन किया था।मछली मारने गए पांच गिरफ्तारबसना पुलिस को धारा 144 का उल्लंघन करने वाले अमरकोटा निवासी देवानंद निषाद, गौरटेक निवासी जगदीश चौहान, बैशाखु बरिहा, दशरथ चौहान एवं सुन्दर साय निषाद के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। ये लोग एकजुट होकर फिजीकल डिस्टेंस रखने तथा मास्क लगाने की नियमों की अवमानना करते हुए मछली मारने के लिए तालाब में जाल बिछाने गए थे। इन लोगों से पुलिस ने जाल लंबाई करीबन 25 मीटर कीमती का जब्त कर गिरफ्तार किया है।अन्य प्रदेश के मजदूरों से करा रहा था कामपिथौरा में नगर पंचायत के कर्मचारी चंद्रशेख शुक्ला ने व्यापारी के खिलाफ धारा 144 का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है। जिस पर पुलिस ने व्यापारी के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार व्यवसायी राजेश अग्रवाल का अग्रसेन चौक के पास गोदाम व दुकान है। वह नियमों का उल्लंघन कर अन्य राज्यों से आए मजदूरों से रात में बिना मास्क लगाए कोरोना संक्रमण सोशल डिस्टेंस (फिजीकल दूरी) नहीं बनाकर काम करा रहे थे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
1 बलांगीर से चोरी-छिपे 11 लोग पहुंचे खम्हारी पारा एफआईआर दर्ज, 14 दिन क्वारेंटाइन किया गया By Published On :: Thu, 07 May 2020 23:30:00 GMT लॉकडाउन के कड़े नियमों और राज्य सरकार द्वारा सीमा सील करने के आदेश के बाद भी जिले में आसानी से बाहर से आनेवालों की घुसपैठ जारी है। आश्चर्य की बात है कि जब लोग सीमा क्षेत्र में प्रवेश कर 40 से50 किमी दूरी तय कर घर पहुंच जाते हैं, तब तक प्रशासन को इसकीभनक नहीं लगती। लेकिन जैसी आसपास से इसकी सूचना मिलती है, तब तत्काल एफआईआर दर्ज करने प्रशासनिक अमलापहुंच जाता है।हाल में ही कुछ दिन पहले ओडिशा के बलांगीर से 11 लोग चोरी-छिपे रसेला, पिपरछेड़ी मार्ग से होते हुए अपने गांव खम्हारी पारा पहुंचे थे। प्रशासन कोइसकी सूचना तब मिली, जबये सीमा क्षेत्र पार कर अपने गांव तक पहुंच गए थे। इसके बाद प्रशासन ने इनके खिलाफ लॉकडाउन उल्लंघन का मामला दर्ज किया। इसके बाद स्वास्थ्य अमला भी हरकत में आया और इन लोगों को गांव के ही एक स्कूल में 14 दिन के लिए क्वारेंटाइन कर दिया। दूसरा मामला 5 मई का है, जहां 11 मजूदरों को प्रशासन ने जिला मुख्यालय में ही रोककरइंडोर स्टेडियम में क्वारेंटाइन किया है। ये सभी मजदूर देवभोग और मैनपुर ब्लॉक के हैं, जो मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले से वापसचोरी-छिपे अपने गांव जा रहे थे। सभी मजूदरों के रहने-खाने की व्यवस्था फिलहाल स्थानीय प्रशासन द्वारा की जा रही है।लॉकडाउन खुलने और काम बंद होने से लौट रहेबाहर से आने वाले मजूदरों का कहना है कि कामकाज और रोजी रोटी की तलाश में वे बाहर गए हैं, परंतु कामकाज बंद होने और लॉकडाउन के बीच फिर से काम शुरू होने की समय सीमा ना देखते हुए वे वापस घर लौटरहे हैं। बाहर रहने के कारण एक ओर जहां भुखमरी की स्थिति बन रही है वहीं मकान किराना सहित अन्य खर्चो का वहन करने में असक्षम है। प्रशासन द्वाराभी कोई सहायता उपलब्ध नहीं कराई जा रही है, जिसके चलते विवश होकर उन्हें वापस घर लौटना पड़ रहा है। मजदूरों ने कहा कि बाहर रहकर बिना रोजी मजदूरी के परिवार का भरण पोषण मुश्किल है। कम से कम गांव वापस आ आए तो अपने परिवार, संगे संबंधियों की सहायता को मिल सकती है। इसलिए वापस घर आना ही उन्हें उचित लगता है। जिले से अब भी 3 हजार से अधिक बाहर फंसे हैंप्रशासन के मुताबिक जिले के 3 हजार से अधिक मजदूर अलग-अलग राज्यों में फंसे हैं, जो वापस घर लौटने के लिए परेशान हैं। अन्य राज्यों में समुचित प्रशासनिक सहायता नहीं मिलने से एक से दो वक्त भूखा रहना पड़ रहा है। इसे देखते हुए मजदूर घर वापस आना चाहते हैं। प्रशासनिक स्तर पर इसके प्रयास भी किए जा रहे हैं राज्य और केंद्र सरकार की भी कोशिश कर रही है, परंतु अब मजूदरों के पास इंतजार करने का वक्त नहीं बचा है। इसलिए नजदीक राज्यों में फंसे मजदूर धीरे-धीरे अपने संसाधन से वापसघर आने में जुटे हैं। इनके पास चोरी-छिपे आने के अलावा कोई रास्ता भी नहीं बचा है।आस-पड़ोस की शिकायत पर प्रशासन को मिल रही सूचनाबाहर से चोरी-छिपे आने वाले ये लोग दो से तीन सौ किमी दूरी तय कर रहे हैं। दूसरे राज्य से पहले छत्तीसगढ़ में प्रवेश कर रहे फिर जिले में। इतनी दूरी तय करने के दौरान कई थाना क्षेत्र पार कर रहे हैं, परंतु इस बीच ना कोई लॉकडाउन की पाबंदी काम आ रही है ना ही सीमा क्षेत्र पर की गई सीमाबंदी। आसानी से लोग सीमा क्षेत्र पार कर जिले में प्रवेश कर रहे हैं। प्रशासन को इसकी भनक भी नहीं लग रही है। ये लोग जिले के सीमा में प्रवेश करने के बाद पैदल, दुपहिया या लिफ्ट मांग कर अपने घर पहुंच रहे हैं। घर पहुंचने के बाद भी एक-दो दिन बाद अास-पड़ोस की शिकायत पर ही इसकी सूचना प्रशासन को मिल रही है। इससे स्पष्ट है कि सीमाक्षेत्र में की गई पाबंदी का लाभ प्रशासन को नहीं मिल रहा है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 11 people arrived secretly from Balangir, Khamhari Para FIR lodged, 14 days quarantined Full Article
1 12 मजदूर पहुंचे घर, 6 मई को धमतरी से हुए थे रवाना By Published On :: Thu, 07 May 2020 23:30:00 GMT पुलिस हाउसिंग बोर्ड रुद्री धमतरी में दूसरे जिले से मजदूर आए थे, लॉकडाउन में धमतरी में ही फंस गए। लॉकडाउन नहीं खुला, तब 4 मई को भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रामू रोहरा के नेतृत्व में जिला प्रशासन से घर वापस जाने की अनुमति मांगने के बाद वाहन की व्यवस्था की गई। 6 मई शाम को जिला प्रशासन द्वारा वाहन की व्यवस्था कर सभी को उनके घर भेज दिया गया।बिलासपुर, मुंगेली, बलौदाबाजार से कार्य करने 12 मजदूर धमतरी जिले में आए थे। 25 मार्च को लॉकडाउन के बाद उन्हें धमतरी में रुकना पड़ा। 25 मार्च से 14 अप्रैल तक लाॅकडाउन खुलने का इंतजार करते रहे। काम से जो कुछ रुपए कमाए थे, वह राशन में खत्म हो रहे थे। 14 अप्रैल के बाद फिर 3 मई तक लॉकडाउन की तारीख बढ़ा दी गई। जब मजदूरों का राशन खत्म हो गया, तब उन्होंने पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष रामू रोहरा से मिलकर अपनी व्यथा बताई। रामू रोहरा ने जिला प्रशासन से मजदूरों काे घर वापस भिजवाने के लिए ज्ञापन दिया। घर जाने के पूर्व रामू रोहरा ने मजदूरों को कुछ रुपए भी दिए।इन्हें पहुंचाया घरमुंगेली, बिलासपुर, बलौदाबाजार के भोलाराम कैवर्त, वीरेंद्र यादव, देवचरण यादव, शोभाराम केंवट, दीपक पटेल, बलदेव कैंवट, भास्कर पटेल, संजय यादव, शोभित, जितेंद्र, परसनाथ, कार्तिकमती ठेकेदार के साथ रुद्री आए थे। सभी वापस अपने घर पहुंच गए। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
1 24 घंटे में 10 मिमी बारिश, 4 डिग्री गिरा तापमान By Published On :: Thu, 07 May 2020 23:30:00 GMT मई में भी बारिश का सिलसिला रुका नहीं है। बीती रात जिले में गरज चमक के साथ बारिश हुई। गुरुवार को इसका असर अधिकतम तापमान पर पड़ा। बुधवार का अधिकतम तापमान 41 डिग्री से गिरकर गुरुवार को 37 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। गुरुवार को भी सुबह6से8बजे के बीच हल्की बूंदाबांदी हुई। बीते24घंटे में10.7मिमी औसत बारिश जिले में हुई है। धमतरी,नगरी व कुरूद ब्लॉक में ही बारिश हुई। मगरलोड ब्लॉक सूखा रहा। बीते साल मई के अंतिम सप्ताह में बारिश हुई थी।गर्मी के इस सीजन में6मई को तापमान41.2डिग्री दर्ज हुआ था।3अलग-अलग चक्रवात के कारण दिनभर सूर्य तपने के कारण शाम4बजे तेज आंधी चली। हल्की बूंदाबांदी हुई। रात में ठंडी हवा के कारण तापमान गिरा और आधी रात के मौसम बदला तो बारिश हुई। गुरुवार तड़के 3से5बजे के बीच हुई तेज बारिश के बाद तापमान कम हो गया। सुबह8बजे फिर बारिश हुई।20अप्रैल को बारिश के साथ ओलावृष्टि होने से धमतरी ब्लॉक के17गांवों व कुरूद के13गांव के1535.250हेक्टेयर फसल खराब हुई।आज बारिश की संभावनामौसम वैज्ञानिक डॉ.एचपी चंद्रा ने बताया कि एक द्रोणिका दक्षिण तमिलनाडु तक0.9किलोमीटर ऊंचाई तक स्थित है। इसके प्रभाव से8मई को प्रदेश के एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश,गरज-चमक के साथ छींटे या फिर ओलावृष्टि की संभावना है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 10 mm of rain in 24 hours, 4 degrees dropped Full Article
1 रेड जोन में शादी पर पाबंदी लेकिन हम ग्रीन जोन में इसलिए 10 शर्तों के साथ 291 शादियों की अनुमति By Published On :: Thu, 07 May 2020 23:30:00 GMT कोरोना संक्रमण के कारण रेड जोन में विवाह करने की भी अनुमति नहीं है। लेकिन हमारा जिला ग्रीन जोन में है इसलिए यहां शादी के लिए सशर्त अनुमति मिल रही है। मई में शादी के लिए अब तक जिले में 291 परिवारों को अनुमति मिली है। यह सभी विवाह संबंध ग्रीन जोन में हो रहे हैं। कोरोना संक्रमण में लॉकडाउन 1 और 2 की अवधि में इस साल रामनवमीं, अक्षय तृतीया और विवाह मुहूर्त में करीब 500 शादियां टल गईं। अब लॉकडाउन 3.0 में जिला प्रशासन ने शादी करने वालों को सशर्त अनुमति दी है। जिले के धमतरी, कुरूद और नगरी ब्लॉक के एसडीएम ने करीब 291 लोगों को शादी की सशर्त अनुमति अब तक दी हैं। 10 शर्तो में सामूहिक भोज, सड़क पर बारात निकालने, आतिशबाजी पर रोक लगाई है। शादी में मौजूद हर व्यक्ति सैनिटाइजर और मास्क का हर हाल में उपयोग करेगा। ऐसे में अब लोग बगैर तामझाम के शादी कर रहे हैं। रेड जोन से बारात आने वाले किसी भी को अनुमति नहीं दी है।बाइक से आया दूल्हा, सिर्फ 13 लोग शामिल हुएरावां में 13 लोगों की मौजूदगी मे बुधवार को 1 घंटे में शादी हो गई। भैसबोड़ निवासी युवराज पिता खेलन ढीमर अपने पिता और 3 और रिश्तेदार के साथ बाइक से रांवा बारात लेकर आया। पं. संतोष पाठक ने पुनारद ढीमर की बेटी पूर्णिमा की शादी युवराज के साथ कराई। विवाह की रस्म के दौरान सभी लोग मास्क पहने थे। सैनिटाइज का उपयोग किया। लॉकडाउन में बगैर तामझाम के करीब 15 हजार में शादी हो गई। दूल्हा-दुल्हन के पिता खेलन ढीमर, पुनारद ढीमर ने बताया कि उन्होंने शादी कार्ड भी नहीं छपवाए थे। लॉकडाउन में खर्च कम हुआ। शादी भी सादगी के साथ हुई।कार्ड भी नहीं छपवा रहे, फिजूलखर्च भी रुकाशादी के लगभग सभी मुहूर्त खत्म हो गए। ऐसे में अधिकतर लोगों ने शादियां टाल दी हैं। जो लोग शादी कर भी रहे हैं, उन्हें पहले प्रशासन से अनुमति लेकर मुश्किल से 15 लोग को बुलाना होगा। कई लोग शादी कार्ड भी नहीं छपवा रहे है। कार्ड का खर्च बच रहा है। डीजे, पॉर्टी, बैंड बाजा-धुमाल, सामूहिक भोज, बारात, माइक टेंट, कैमरे का भी खर्च बच रहा है।नियम के विरुद्ध शादी करने पर होगी एफआईआरकुरूद एसडीएम योगिता देवांगन, नगरी एसडीएम सुनील शर्मा ने बताया कि जिन लोगों ने आवेदन कर अपने विवाह की अनुमति मांगी है। उनमें ज्यादातर वे शादियां हैं, जो कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन 1 और लॉकडाउन 2 की अवधि में टाल दी गई थीं। विवाह के लिए महीनेभर में 291 आवेदन आए हैं। इनमें कुरूद में सबसे ज्यादा 225, नगरी में 16 और धमतरी में 50 आवेदन शामिल हैं। उन्होंने कहा कि नियम विरुद्ध शादी की सूचना पर तुरंत एफआईआर की जाएगी।ये शर्तें... सामूहिक भोज भी नहीं होगा शादी समारोह में वर-वधु, पंडित सहित दोनों पक्षों के अधिकतम 15 व्यक्ति शामिल होंगे। शादी समारोह के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना अनिवार्य हैं। सड़क पर बारात निकालने पर पूरी तरह से प्रतिबंध है। ध्वनि विस्तारक यंत्र की अनुमति नहीं होगी। विवाह में सामूहिक भोज पर प्रतिबंध होने के साथ ही आतिशबाजी पर रोक है। चार पहिया वाहन में ड्राइवर सहित 3 या 4 लोगों से ज्यादा को बैठाने की अनुमति नहीं है। सैनिटाइजर और मास्क लगाना अनिवार्य है। विवाह में शामिल होने वाले व्यक्तियों की जानकारी थाना, ग्राम व नगरीय निकाय में देना जरूरी हैं। अस्वस्थ व्यक्ति को विवाह में शामिल नहीं किया जा सकता है। दूसरे जिलों से आने वाले लोगों को संबंधित जिला प्रशासन से अनुमति लेकर आना होगा। डब्ल्यूएचओ की गाइडलाइन का पालन कराने की बात भी लिखी गई है।नवंबर- दिसंबर के बाद करना होगा 3 महीने इंतजारज्योतिषी पं. होमन शास्त्री के अनुसार 29 मई तक 5 और 30 जून तक 8 दिन मुहूर्त हैं। नवंबर में देवउठनी पर 26 व 27 को व दिसंबर में 1, 2, 6, 7, 8, 9 व 11 को मुहूर्त हैं। जिनके विवाह इन तिथियों में नहीं हो पाएंगे, उन्हें 3 माह बाद 22 अप्रैल 2021 तक रुकना पड़ेगा। 16 फरवरी 2021 को बसंत पंचमी पर अबूझ मुहूर्त के कारण विवाह हो सकते हैं।अगले साल तक शादी की तारीख टलीशहर में ज्यादातर लोगों ने अब नए साल में शादी करने इस साल शादी को रद्द कर दिया है। होटल संचालकों एवं मैरिज लॉन के मालिकों के अनुसार सारी बुकिंग कैंसिल होने के बाद लॉकडाउन के बीच सरकार की गाइडलाइन के बाद भी मई, जून में लोग शादी नहीं करना चाह रहे है। ज्यादातर लोगों धूमधाम से अगले साल शादी करेंगे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Ban on marriage in red zone but we allow 291 marriages in green zone with 10 conditions Full Article
1 आंधी में 80 घरों के छप्पर उड़े, बिजली गिरने से 100 से ज्यादा तोतों की मौत By Published On :: Thu, 07 May 2020 23:30:00 GMT पंडरिया ब्लॉक के वनांचल गांवों में बुधवार दरमियानी रात आंधी से जमकर तबाही हुई। लगभग 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चली, जिससे इलाके के गांवों में लगभग 80 घरों के छप्पर उड़ गए। सबसे ज्यादा नुकसान नेऊर से लगे ग्राम महिडबरा और कुशियारी में हुआ है। यहां 20 से अधिक विशालकाय पेड़ धराशायी हो गए हैं। वहीं गरज के साथ बिजली गिरने से 100 से अधिक तोते व अन्य पक्षियों की मौत हो गई है।करीब डेढ़ तक घंटे चली आंधी के डर से ग्रामीण रातभर नहीं सो पाए। घरों के बाहर आग सेंकते हुए ग्रामीणों ने रात बिताई। यही नहीं, आंधी चलने से 14 से अधिक बिजली खंभे भी गिर गए हैं। लाइन टूटने से कुई सब- स्टेशन अंतर्गत आने वाले 13 से अधिक गांवों में बुधवार रात से बिजली बंद है, जो गुरुवार दोपहर तक बहाल नहीं हो पाई थी। आंधी से क्षेत्र में ग्रामीणों को काफी नुकसान पहुंचा है। आंधी, बारिश से बड़ी संख्या में पेड़ गिर गए हैं।सूचना पर गुरुवार सुबह राजस्व विभाग की टीम सर्वे के लिए ग्राम महिडबरा और कुशियारी पहुंची। पटवारियों ने आंधी से टूटे घरों का सर्वे कर नुकसान का आंकलन किया। पंडरिया तहसीलदार संजय विश्वकर्मा ने बताया कि सर्वे रिपोर्ट आने पर शासन के नियमानुसार प्रभावितों को मुआवजा देंगे।मैनपुरा में बिजली गिरी, किसी को नुकसान नहींनगर से सटे मैनपुरा में बुधवारा रात करीब 11 बजे तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली गिरी। बिजली बस्ती में गिरी, लेकिन रात होने की वजह से किसी को नुकसान नहीं हुई। बिजली गिरने की आवाज इतनी तेज थी कि सुनकर लोगों भयभीत हो गए। पेड़ गिरने से घर का छप्पर ढह गया, राशन व सामान खराब हो गए, बढ़ी परेशानीग्राम महिडबरा में जागेश्वर धुर्वे व रमेश मरावी के घर पर पेड़ गिर गया। हगरु पन्द्राम के घर का छप्पर गिर गया और घर में रखे समान व राशन में पानी में भीग कर खराब हो गए। ग्रामीण काशीराम, झूल बाई, गुलाबा बाई, झमुराम, नंदराम, गुलाब, पुसाराम समेत कई लोगों के घर का छप्पर उड़ने से रतजगा करना पड़ा। इसी तरह ग्राम कुशियारी में महेश मरावी, सुखराम, मानसिंह बैगा, केवल बैगा और बुधराम समेत 10 घरों के छप्पर उड़ गए हैं।बोड़ला में 8 और पंडरिया में 4 मिमी बारिश दर्जरायपुर के मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा ने बताया कि कबीरधाम जिले के बोड़ला तहसील में 8 मिमी और पंडरिया तहसील में 4 मिमी बारिश का रिकॉर्ड दर्ज किया गया है। मौसम वैज्ञानिक के मुताबिक मौसम पर बदलाव उसकी गतिविधियों में प्रभाव डालने में खासकर 3 सिस्टम बन गए हैं। इनमें दक्षिण पश्चिम राजस्थान में ऊपरी हवाओं में चक्रवात बनने के साथ ही दक्षिण पूर्व मध्यप्रदेश में भी ऊपरी हवाओं में चक्रवात बना हुआ है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today More than 100 parrots died due to lightning in 80 homes Full Article
1 बिना जांच के राजनांदगांव से 3 बसों में भेज दिए 150 मजदूर, बढ़ी फिक्र By Published On :: Thu, 07 May 2020 23:30:00 GMT कोरोना के मामले में कबीरधाम जिला रेड जोन में पहुंच गया है। इस बीच दूसरे राज्यों से प्रवासी श्रमिकों की वापसी का सिलसिला शुरु हो चुका है। इससे भी कहीं अधिक चिंता का विषय यह है कि मजदूरों की घर वापसी को लेकर अफसरों में तालमेल की कमी है। इसकी बानगी बुधवार की रात लगभग दो बजे देखने को मिली। बिना जांच के राजनांदगांव से 3 बसों में 150 मजदूरों को कवर्धा भेज दिए । स्थानीय प्रशासन को इसकी खबर तक नहीं दी गई ।रात के अंधेरे में अचानक मजदूरों के पहुंचने की खबर से अफसरों के हाथ-पांव फूल गए। कवर्धा एसडीएम विपुल गुप्ता ने बताया कि राजनांदगांव से आए मजदूरों को किसी तरह उनके घर जाने से रोका गया और भागूटोला राहत शिविर में ठहराए।राजनांदगांव से एक बस मजदूरों को भेजने की सूचना थी। लेकिन रात में ही अचानक 2 अन्य बसों में लगभग 100 मजदूर पहुंच गए। कवर्धा-राजनांदगांव बॉर्डर पर मजदूरों को उतारकर बस वापस राजनांदगांव चली गई। बस से उतरने पर कई मजदूर झोला-गठरी लेकर अपने गांवों की ओर चल पड़े। तभी प्रशासन को इसकी खबर मिली। आनन-फानन में मजदूरों को रोका गया और भागूटोला में बने राहत शिविर में लेकर आए।नागपुर और हैदराबाद से लौटे थे सभी मजदूर : बुधवार की रात राजनांदगांव से बसों में कवर्धा पहुंचे सभी मजदूर कमाने-खाने के लिए नागपुर (महाराष्ट्र) और हैदराबाद (तेलंगाना) गए थे। लॉकडाउन के चलते पिछले एक महीने से वहां फंसे थे। उसके बाद पैदल चलकर राजनांदगांव पहुंचे। वहां से इन्हें बसों में बैठाकर कवर्धा भेजा गया। इनमें से ज्यादातर मजदूर कबीरधाम जिले के पंडरिया और मुंगेली जिले के विभिन्न गांवों के रहने वाले थे। कवर्धा पहुंचने पर मुंगेली के मजदूरों को वहां के लिए रवाना कर दिए। वहीं पंडरिया के मजदूरों को संबंधित क्षेत्र में बने सेंटर में क्वारेंटाइन किया गया है। उल्लेखनीय है कि लॉकडाउन में फंसे मजदूरों की घर वापसी का सिलसिला जारी हो गया है। इस दौरान कहीं-कहीं पर अव्यवस्था भी हो रही है।बगैर सूचना के 2 अन्य बसों में भेज दिए मजदूरकवर्धा एसडीएम विपुल गुप्ता ने बताया कि महाराष्ट्र और हैदराबाद से बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिक राजनांदगांव पहुंचे हैं। वहां से श्रमिकों की लिस्टिंग कर उन्हें उनके जिलों में भेजा जा रहा है। बुधवार को राजनांदगांव से सूचना दी थी कि एक बस में लगभग 40 मजदूरों को भेज रहे हैं, जो पंडरिया और मुंगेली के रहने वाले हैं। उनके आने के बाद अचानक दो अन्य बसों में आए मजदूरों को बॉर्डर पर उतार दिए। उसकी सूचना राजनांदगांव से नहीं दी गई थी।आज 500 मजदूरों को भेजेंगे, बॉर्डर पर निगरानी बढ़ाईराजनांदगांव में बड़ी संख्या में मजदूर पहुंचे हुए हैं। कबीरधाम जिले के 500 मजदूरों को शुक्रवार को राजनांदगांव से रवाना किया जाएगा। इसे लेकर जिले के बॉर्डर पर निगरानी बढ़ा दी गई है। ताकि बसों से उतरने के बाद मजदूर अपने घर न जा पाएं। एहतियात के लिए पहले उनकी स्क्रीनिंग कराई जाएगी। फिर 21 दिन के लिए अलग-अलग सेंटर में उन्हें क्वारेंटाइन करेंगे ।500 में से 337 लोगों की जांच रिपोर्ट आई निगेटिवरेंगाखार व समनापुर जंगल में एक साथ 6 कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कोविड- 19 की जांच के लिए सैंपल की संख्या बढ़ाई है। जिले में अब तक 500 से अधिक सैंपल भेजे जा चुके हैं। इनमें से 337 की जांच रिपोर्ट निगेटिव आने से राहत है। अब भी 150 से अधिक सैंपल की जांच रिपोर्ट आना बाकी है। सीएमएचओ डॉ. एसके तिवारी के मुताबिक कंटेनमेंट जोन में शामिल रेंगाखार, समनापुर जंगल, चमारी, तितरी गांव में लोगों की रैपिड किट से जांच की जाएगी। जांच के लिए अलग-अलग टीमें बनी है । Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 150 laborers sent in 3 buses from Rajnandgaon without investigation, worry increased Full Article
1 दूसरे राज्यों व जिलों में लॉकडाउन में फंसे 18 हजार मजदूर को लाने की तैयारी शुरू By Published On :: Thu, 07 May 2020 23:30:00 GMT लॉकडाउन में छूट मिलने के बाद जिले के मजदूरों को लाने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से कंट्रोल रूम बनाया गया है। मजदूरों के संबंध में जानकारी एकत्र करने की जिम्मेदारी श्रम विभाग को सौंपी गई है। मजदूरों को लाने के लिए नोडल अधिकारी, डिप्टी कलेक्टर अरुण सोनकर को बनाया गया है।आगामी दिनों में लगभग 18 हजार मजदूरों को लाया जाएगा। फिलहाल जिले के कवर्धा, बोड़ला, सहसपुर लोहारा व पंडरिया जनपद पंचायत कार्यालय से करीब 10 हजार मजदूरों की जानकारी मिल पाई है। इन मजदूरों के संबंध में जानकारी पटवारी व ग्राम पंचायत सचिव के माध्यम से एकत्र की जा रही है। जैसे-जैसे जानकारी मिल रही है, वैसे ही मजदूरों के नाम की एंट्री कर रहे हैं। पहुंचने वाले मजदूरों को उनके गांव में बने क्वारेंटाइन सेंटर में रखा जा रहा है। इन्हें 21 दिन तक रखा जाएगा। कलेक्टर की अनुमति के बाद इन्हें छुट्टी देंगे।07741-232609 में फोन पर दे सकते हैं जानकारीदेश के विभिन्न राज्यों में फंसे छत्तीसगढ़ के श्रमिकों, व्यक्तियों, छात्रों, तीर्थयात्रियों आैर अन्य की सुविधा के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए लिंक जारी किया गया है। श्रम विभाग द्वारा जारी लिंक http://cglabour.nic.in/covid19MigrantRegistrationService.aspx है। इस लिंक के माध्यम से वे सभी व्यक्ति स्वयं अथवा अपने परिचित जन अथवा किसी अन्य व्यक्ति के माध्यम से दिए गए लिंक का उपयोग कर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। संबंधित आवेदन की जानकारी राज्य सरकार द्वारा जिले के श्रम विभाग में दी जाएगी। वहीं जिले के कोई भी मजदूर या व्यक्ति जो दूसरे प्रदेश, शहर में लॉकडाउन के कारण फंसा है, वे कलेक्टोरेट के कंट्रोल रूम नंबर 07741-232609 में फोन कर जानकारी दे सकते हैं। कलेक्टोरेट अधीक्षक राजू धुर्वे ने बताया कि कंट्रोल रूम में सभी तरह के फोन की जानकारी संबंधित विभाग के पास फारवर्ड किया जाता है।जिले में ई-पास के लिए नोडल अधिकारी नियुक्तइधर छग राज्य के भीतर किसी भी जिले या कबीरधाम जिले में फंसे लोग अपने घर जा सकते हैं। इसके लिए सरकार ने ई-पास की व्यवस्था की है। इस मोबाइल एप में आवेदन करना होगा। इस संबंध में जिला प्रशासन ने कलेक्टोरेट के डिप्टी कलेक्टर वेदनाथ चन्द्रवंशी को नोडल बनाया है। इनके मोबाइल नंबर 94255-24531 में आमजन संपर्क कर सकते हैं। वेदनाथ चन्द्रवंशी ने बताया कि ई-पास के लिए यूजर को अपना पंजीयन मोबाइल नंबर से ही करना होगा। इसके बाद अपनी जानकारी और जहां जाना है बताना होगा। इसके लिए व्यक्ति को आवेदन पूर्ण करने से पूर्व अपना स्वयं का फोटो खींचना होगा और अपनी किसी पहचान पत्र का फोटो खींचना होगा। इसके साथ ही गुमाश्ता लाइसेंस, यदि व्यक्ति सब्जी व्यापारी है, तब किसी प्रकार का प्रमाण-पत्र देना होगा। इसके लिए गाड़ी नंबर का उल्लेख करना अनिवार्य है।कोरोना वारियर्स को ई-पास की कोई जरूरत नहींस्वास्थ्य कर्मचारी डाॅक्टर, नर्स, पैरामेडिकल कर्मचारी और ड्यूटी पर सरकारी अधिकारियों- कर्मचारियों को ई-पास के लिए आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है। ड्यूटी पर सरकारी अधिकारी-कर्मचारी, राज्य सरकार द्वारा जारी प्रचलित आदेशों निर्देशों के अनुसार काम करेंगे। यह ई-पास केवल वाहनों की आवाजाही के लिए ही होगा। एक वाहन में दो से अधिक व्यक्ति को यात्रा करने की अनुमति नहीं होगी। यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है।हेल्पलाइन नंबर जारीराज्य शासन की ओर से लोगों की सुविधा के लिए स्टेट हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। इसमें कोई भी व्यक्ति 24 घंटे फोन कर सकते है। फोन नंबर 0771-2443809, 9685850444, 9109849992, 9109283986, 7587821800, 7587822800, 8827773986 जारी किया है।राज्यवार मोबाइल नंबर मध्यप्रदेश व उत्तरप्रदेश - 75878-21800, 9685850444 दिल्ली और हरियाणा - 74772-13986 बिहार - 88199-53807 पश्चिम बंगाल और उत्तर पूर्वी राज्य - 83494-680069 से शाम 7 बजे तक फोन किया जा सकता है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
1 सभी जनपदों में बनाए जाएंगे 10 बिस्तर के क्वारेंटाइन होम By Published On :: Thu, 07 May 2020 23:30:00 GMT जिले के सभी जनपदों में 10-10 बिस्तर के क्वारेंटाइन सेंटर बनाए जाएंगे। संबंधित जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को सेंटर की व्यवस्था की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं दूसरे राज्यों से आने वाले प्रवासी मजदूरों को ब्लॉक स्तर के पंचायत के क्वारेंटाइन सेंटर में रहने होंगे।कलेक्टर केएल चौहान ने गुरुवार को नोवल कोरोना वायरस के नियंत्रण एवं रोकथाम के लिए दूसरे राज्यों से आने वाले मजदूरों के लिए क्वारेंटाइन सेंटर बनाने संबंधी मॉडल कॉलेज कोविड-19 अस्पताल में चिकित्सा अधिकारियों की बैठक ली। कलेक्टर ने जिले के दूसरे राज्यों में फंसे मजदूरों को वापस लाने एवं क्वारेंटाइन सेंटर बनाने के लिए चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए।इससे पहले विधायक शिशुपाल शोरी और कलेक्टर केएल चौहान ने मॉडल कॉलेज में कोविड-19 अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल में लगाई गई आईसीयू बिस्तरों को भी देखा। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कॉलेज के बीच में पौधारोपणऔर कारपेट घास लगाने सीएमओ को कहा।कलेक्टर ने सेंटर में मजदूरों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने, मास्क लगाने, साबुन से हाथ धोने संबंधी जानकारी देने के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने कहा गया है। कलेक्टर ने कहा ब्लॉकों में जनप्रतिनिधियों की बैठक लेकर व्यवस्था सुनिश्चित करें। उन्होंने सेंटर के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर सूची जिला कार्यालय में उपलब्ध कराने का आदेश दिया। बैठक में सीएमएचओ डॉ. जेएल उईके, डिप्टी कलेक्टर डॉ. कल्पना धु्रव, सिविल सर्जन डॉ. आरसी ठाकुर, डॉ. डीके रामटेके, नगर पालिका सीएमओ सौरभ तिवारी, डीपीएम डॉ. निशा मौर्य व सभी बीएमओ उपस्थित थे। मजदूरोंको क्वारेंटाइन सेंटर में ही रहना होगा 14 दिनअन्य राज्यों से आने वाले मजदूरों को 14 दिन क्वारेंटाइन सेंटर में ही रहना होगा। क्वारेंटाइन अवधि पूरा किए बिना उन्हें किसी भी कीमत पर घर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। क्वारेंटाइन सेंटर के आस-पास के क्षेत्र को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित होगा। मजदूर कौन से राज्य के किस जोन के जिले से आ रहे हैं। इसकी सूची बनाकर अधिकारियों को दी जाएगी। जनपद स्तर पर वॉलेंटियर्स की व्यवस्था एनसीसी, एनएसएस और रेडक्रॉस के माध्यम से होगा। ब्लॉक स्तर पर सीईओ, बीईओ, बीआरसी एवं अन्य कर्मचारियों की ड्यूटी होगी। जनपद स्तर पर आश्रम छात्रावासों, स्कूलों एवं पंचायत भवनों में क्वारेंटाइन सेंटर बनाकर सफाई, पेयजल, बिजली, भोजन की व्यवस्था होगी।क्वारेंटाइन सेंटर में कर्मचारियों की लगाई गई ड्यूटीक्वारंटाइन सेंटर बालक छात्रावास एवं विशिष्ट कन्या छात्रावास ईमलीपारा में आदिवासी विकास विभाग के उपायुक्त विवेक दलेला ने कर्मचारियों की क्वारेंटाइन सेंटर आवश्यक व्यवस्था एवं सहयोग के लिए ड्यूटी लगाई है। बालक छात्रावास में प्रीतराम मेरिया, सुशील पटेल, आनंदराम, माखन सलाम, आदि की ड्यूटी लगाई । Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 10 bed Quarantine Homes to be built in all districts Full Article
1 पहले 16 कोरोना मरीज मिले 23 दिन में अब इतने 5 दिन में ही By Published On :: Fri, 08 May 2020 01:18:30 GMT राजधानी में रामनगर के बाद कुकुरबेड़ा में मिले कोरोना मरीजों को संक्रमण किससे लगा, यह अब तक साफ नहीं हो सका है। सरकारी एजेंसियों का मानना है कि दोनों को किसी न किसी से संक्रमण मिला, अर्थात शहर में कोरोना के कैरियर हो सकते हैं जो अभी प्रशासन की नजर में नहीं हैं। इसलिए राजधानी में एक बार फिर अलग-अलग एजेंसियों ने मिलकर मरीजों की खोज की बड़ी मुहिम छेड़ी है। डाक्टरों की दूसरी चिंता ये है कि प्रदेश में पहले 16 मरीज 23 दिन में अाए थे लेकिन अंति 16 मरीज पिछले 5 दिन में ही निकल गए हैं। उनका कहना है कि अब कोरोना के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसलिए अब जांच में तेजी जरूरी हो गई है।प्रदेश में दूसरे राज्यों की तुलना में मरीज बहुत कम हैं। अभी तक किसी मरीज की मौत भी नहीं हुई है, इस लिहाज से छग सुरक्षित है। लेकिन बावजूद पिछले चार दिनों में 16 मरीज मिलने को अच्छा संकेत नहीं माना जा रहा है। इस तरह, एक दिन में चार मरीजों का औसत है, हालांकि ये प्रवासी मजदूर हैं। लेकिन रायपुर के दो मरीजों को लेकर प्रशासन में भारी संशय है। रामनगर के बाद कुकुरबेड़ा का संक्रमण भी डाक्टरों की समझ से बाहर है। विशेषज्ञों का कहना है कि दोनों ही युवक किसी न किसी कोरोना पॉजीटिव मरीज के संपर्क में आया हो। बिना संपर्क में आए कोई बीमार नहीं पड़ सकता। इसलिए तलाश जरूरी हो गई है।टीमें 800 घरों में पहुंचीं, डेढ़ हजार परिवारों की होगी जांचबिना स्त्रोत वाले दो मरीजों के मिलने के बाद कड़ियां जोड़ने के लिए हेल्थ विभाग की 20 टीमों ने केवल कुकुरबेड़ा कंटेनमेंट एरिया के 800 से ज्यादा घरों में सर्वे किया है। हेल्थ विभाग सर्वे के साथ कोरोना जैसे लक्षणों की सूरत में सैंपल भी कलेक्ट कर रही है। वहीं नगर निगम का स्वास्थ्य अमला पूरे इलाके को सेनिटाइज करने और ब्लीचिंग पाउडर छिड़काव के अभियान में जुटा है। हेल्थ विभाग ने डेढ़ हजार घरों तक सर्वे करने का टारगेट रखा है। इसके अलावा कंटेनमेंट जोन के बाहर भी संपर्क मिलने पर सर्वे सैंपल लिए जाएंगे। हेल्थ विभाग सर्वे के साथ लोगों के टेस्ट भी कर रहा है। एएनएम और मितानिनों की 20 टीमों में 60 हेल्थ वर्कर हैं।भास्कर नॉलेज : संक्रमण की तलाश इस तरहकिसी भी मामले में जब कोरोना पॉजिटिव केस की पुष्टि हो जाती है। तो संबंधित शख्स से उसके एक से दो हफ्ते के बीच में आए लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जाती है। कई बार मरीज को याद नहीं रहता, इसलिए ऐसी स्थिति में उसके बताए लोगों के जरिए बाकी लोगों तक पहुंचा जाता है। कोरोना के नियंत्रण में ट्रेसिंग और ट्रेकिंग की अहम भूमिका होती है। इसके माध्यम से ही संपर्क में सभी लोगों तक पहुंचने की कोशिश होती है।ऐसी टीमसैंपल लेने वाली टीम करीब 12 (एक टीम में औसतन दो से तीन लोग)जानकारी जुटाने वाली टीम 20 (एक टीम में औसतन तीन लोग)गर्मी का असर दिखा तो नहींपिछले एक हफ्ते में जिस तरह कोरोना के मरीज बढ़े हैं, उससे विशेषज्ञों की इस थ्योरी को धक्का पहुंचा है कि ज्यादा तापमान में कोरोना के वायरस मर जाएंगे। प्रदेश में रविवार को 14, सोमवार व मंगलवार को एक-एक मरीज मिला। ये मरीज दुर्ग, भिलाई व कवर्धा के हैं। सभी क्वारेंटाइन में दुर्ग में थे और वहां का तापमान 41 डिग्री से ज्यादा था। विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान के भरोसे ज्यादा रहने के बजाय अब सोशल डिस्टेंसिंग के साथ जरूरी सावधानी अपनानी होगी।"शुरुआती दिनों की तुलना में नए मरीज तेजी से मिल रहे हैं। ऐसे में ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है। तापमान के भरोसे न रहें। बाहर से आने वाले मजदूर कोई समस्या न बनें, इसके लिए जांच जरूरी है।"-डॉ. आरके पंडा, चेस्ट विशेषज्ञ व सदस्य कोर कमेटी कोरोना सेल Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today First 16 corona patients were found in 23 days, now in only 5 days Full Article
1 सर्चिंग पर निकली जवानों की टीम पर फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में घायल हुआ 1 लाख का इनामी नक्सली By Published On :: Fri, 08 May 2020 16:28:00 GMT दंतेवाड़ा-बीजापुर बॉर्डर पर एक बार फिर हुर्रेपाल के जंगल मे मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में एक लाख रुपए का इनामी नक्सली बामन मुचाकी घायल हो गया। ये यह नक्सलियों के एक ग्रुप का कमांडर बताया जा रहा है। दरअसल दंतेवाड़ा पुलिस को हुर्रेपाल व बेचापाल के बीच एक बार फिर नक्सलियों के मौजूदगी की सूचना मिली थी। इसी सूचना पर दंतेवाड़ा व बीजापुर से टीम निकली। पुलिस के पहुंचते ही फायरिंग शुरू हो गई।जवानों ने भी गोली का जवाब गोली से दिया। इसमें एक नक्सली के पैर पर गोली लगी। इस घायल को छोड़कर अन्य नक्सली भाग गए। घायल नक्सली को जवानों ने पकड़ लिया। इसके बाद उसे नेलसनार अस्पताल पहुंचाया। 16 अप्रैल को इसी इलाके में मुठभेड़ हुई थी। जिसमें एक नक्सली मारा गया था। एसपी डॉ.अभिषेक पल्लव ने बताया कि बामन के साथ एक और नक्सली भी घायल हुआ है।जिसे नक्सली अपने साथ ले गए। किरंदुल, बचेली में अलर्ट जारी कर दिया गया है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today पैर में गोली लगने की वजह से नक्सली भाग नहीं सका, हालांकि एक और घायल नक्सली को लेकर अन्य नक्सली भाग गए। (फाइल फोटो) Full Article
1 1 साल इंतजार के बाद 3636 छात्राओं को मिलेगी साइकिल By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT सत्र 2019-20 की साइकिल अब जल्द ही छात्राओं को मिलने वाली है। साइकिल की खरीदी कर ली गई है। एक-दो दिन में जिले में आ जाएगी। शिक्षा विभाग अब साइकिल आने का इंतजार कर रहा है। साइकिल आते ही इनके पुर्जे जोड़ने का काम भी शुरू हो जाएगा, इसकी तैयारी भी कर ली है। शिक्षा विभाग लाॅकडाउन खत्म होने के बाद स्कूलों को साइकिल देगा। स्कूल द्वारा अपने स्तर पर साइकिल वितरण शुरू कर दिया जाएगा। धमतरी जिले में 9वीं की 3 हजार 636 छात्राओं को सरस्वती साइकिल योजना के तहत साइकिल दी जाना है। छात्राओं को करीब एक साल बाद नए शिक्षा सत्र में साइकिल मिलेगी। सभी लड़कियां दसवीं में आ गईं हैं।प्रदेश में सरकार बदलने के बाद दूसरी बार छात्राओं को एक साल बाद साइकिल मिलेगी। इसके पहले सत्र 2018-19 की साइकिल भी शिक्षा सत्र बीतने के बाद मई माह में वितरण की गई थी। चुनाव आचार संहिता के स्कूल शिक्षा विभाग ने खरीदने में देरी की। सत्र 2019-20 में नई सरकार आने के बावजूद साइकिल खरीदी में देरी की गई। वर्ष 2020 में खरीदी की प्रक्रिया शुरू हुई। मार्च में साइकिल आनी थी, लेकिन इसी दौरान कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए लॉकडाउन किया गया। अब लॉकडाउन में छूट मिलने के बाद छात्राओं को साइकिल दी जाएंगी।सोशल डिस्टेंस का करेंगे पालन: शिक्षा अधिकारीप्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी विपिन देशमुख ने कहा कि सरस्वती साइकिल योजना के तहत 3 हजार 636 छात्राओं को साइकिल दी जानी है। धमतरी जिले में एक-दो दिन में आ जाएंगी। लॉकडाउन खत्म होने के बाद स्कूलों से साइकिल बांटी जाएगी। वितरण के दौरान सोशल डिस्टेंस का पालन किया जाएगा। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
1 गांवों में बनेगा गोठान, बाहर से आने वालों को क्वारेंटाइन में रहना होगा 14 दिन By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT कोरोना संकट से निपटने तथा जरूरतमंद लोगों को सहायता पहुंचाने में तीनों स्तर के पंचायत पदाधिकारियों एवं अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने दायित्वों का बखूबी निर्वहन किया है। यह बात वीडियो कॉन्फेंस के दौरान मंत्री ने जनपद पदाधिकारियों से कही। मंत्री ने कहा कि राज्य और जिले के बाहर से जो व्यक्तिगांव आएंगे उसके लिए गांव में किसी शासकीय या सामुदायिक भवन में क्वारेंटाइन सेंटर बनाकर रहने खाने की आवश्यक व्यवस्था किया जाए।14 दिन इस सेंटर में रहने के बाद रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद ही उसको घर जाने दिया जाएगा। जो व्यक्ति इस सेंटर में रहेंगे उनका गांव में घुमना, किसी से मिलना, तालाब में स्नान एवं खुले में शौच प्रतिबंधित रहेगा। सभी गांव में गोठान निर्माण किया जाएगा। स्थल चयन कर प्रस्ताव दिया जाए। मनरेगा में देश में नियोजित मजदूरों में छत्तीसगढ़ की सहभागिता 18% है।एनजीजीबी गांवों में बाड़ी विकास, उन्नत कृषि, पशुपालन एवं मछली पालन के गतिविधियों को समन्वय बनाकर किया जाए। मनरेगा में हर जाब कार्डधारी परिवार को रोजगार दिलाया जाए। मनरेगा 15 जून तक चलता है पर जरूरत पड़ी तो और आगे काम चलाने भारत सरकार से अनुमति ले ली जाएगी। इसलिए कार्ययोजना बनाकर रखे। वीसी के दौरान मुख्य रूप से मुख्य कार्य पालन अधिकारी पीआर साहू जनपद पंचायत नगरी व अध्यक्ष दिनेशवरी नेताम, उपाध्यक्ष हुमीत लिमजा व तीन जनपद सदस्य 10 सरपंच उपस्थिति थे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Gothan will be built in villages, those coming from outside will have to stay in Quarantine for 14 days Full Article
1 31 मई तक हर शनिवार, रविवार रहेगी तालाबंदी, गैर जरूरी दुकानें बंद रहेंगी By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT लॉकडाउन को पूरे 45 दिन हो गए। अब मई माह में हर शनिवार व रविवार को जिले की गैरजरूरी दुकानों पर पूरी तरह तालाबंदी होगी। यह आदेश कलेक्टर रजत बंसल ने शुक्रवार शाम जारी कर दिए हैं। इस दौरान दूध डेयरी, सब्जी व मेडिकल स्टोर खुले रहेंगे।जरूरी सेवाओं के लिए कोई समय सीमा निर्धारित नहीं की गई है।साथ ही निजी बसें, टैक्सी, ऑटो-रिक्शा, ई-रिक्शा, रिक्शा भी नहीं चलेंगे। केवल आवश्यक वस्तुओं, सेवाओं के उत्पादन एवं उनके परिवहन में लगे निजी वाहनों को ही सड़क में चलने की छूट रहेगी। नियम तोड़नेपर एफआईआर होगी।इन्हें लॉकडाउन से किया मुक्तकानून व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवा से संबंधित पदाधिकारी, कर्मी, सभी अस्पताल, मेडिकल काॅलेज, लाईसेंस प्राप्त पंजीकृत अस्पताल, दवा दुकान, चश्मा की दुकान, खाद्य पदार्थ, किराने का सामान, दूध, ब्रेड, फल एवं सब्जी, चिकन, मटन, मछली एवं अंडा बिक्री, दूध प्लांट, घर जाकर दूध बांटने वाले को तालाबंदी से मुक्त किया गया है। साथ ही न्यूज पेपर हाॅकर सुबह 6.30 से सुबह 9.30 बजे तक लाॅकडाउन मुक्त रहेंगे।इनके लिए कोईसमय सीमा नहींमेडिकल सेवाएं, पेट्रोल पंप, एटीएम, मीडिया संस्थान, टेलीफोन एवं इंटरनेट सेवाएं, फायर ब्रिगेड, पेयजल सुविधा, सफाई-स्वच्छता से जुड़ी सेवाएं, दवा, एटीएम, वाहन, एलपीजी गैस सिलेंडर का वाहन, बिजली, पानी, अग्निशमन सेवाएं, आईटी आधारित सेवाएं, मोबाइल रिचार्ज एवं सर्विसेस सेवाएं, एलपीजी, जीएनजी गैस परिवहन एवं भंडारण गतिविधि, दवा एवं चिकित्सा उपकरण सहित सभी आवश्यक वस्तुओं की ई-काॅमर्स आपूर्ति, सुरक्षा काम में लगी सभी एजेंसियां (निजी एजेंसियां सहित), प्रिंट एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया को छूट हैं।ये नियम अनिवार्य रूप से लागू सभी प्रकार के आयोजन प्रतिबंधित। धार्मिक स्थल बंद रहेंगे। अंत्येष्टि और अंतिम संस्कार में अधिकतम 20 लोग शामिल होंगे। सार्वजनिक स्थानों पर थूकना, बिना मुंह ढंके निकलने पर अर्थदंड लगाया जाएगा। सार्वजनिक स्थल पर सोशल डिस्टेंसिंग अनिवार्य है। दो पहिया वाहन पर एक और चार पहिया वाहन में 2 लोग ही आ-जा सकेंगे। विशेष परिस्थतियों में कार में ड्राइवर सहित 2 लोग और बैठ सकेंगे। इन पर पूरी तरह प्रतिबंधनाई की दुकानें, स्पा, सैलून बंद, सिनेमा हॉल, शॉपिंग मॉल, जिम, खेलकूद कॉप्लेक्स, स्वीमिंग पूल, पार्क, थियेटर, बार, सभागार, चाट-ठेले की दुकानें फिलहाल 17 मई तक बंद ही रहेंगी।मनरेगा काम होंगे, औद्योगिक संस्थान को भी छूटजिला प्रशासन के आदेश अनुसार मनरेगा का काम चालू रहेंगे। सभी औद्योगिक संस्थान इकाइयों एवं खान को इस प्रतिबंध से मुक्त रखा गया है। साथ ही कम कर्मचारियों को बुलाकर काम करने का आदेश है। आदेश का उल्लंघन पर कार्रवाई की जाएगी। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Lockdown will be held every Saturday, Sunday till May 31, non-essential shops will remain closed Full Article
1 ट्रक से 210 किमी तक लाने के वसूले 8 साै, फिर रास्ते में छोड़ा By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:30:00 GMT आंध्रप्रदेश और तेलंगाना से बड़ी संख्या में यहां के मजदूरों का वापस आना जारी है। सरकार इन्हें वापसी के लिए साधन मुहैया कराने का दावा कर रही है। लेकिन असलियत कुछ और बयां कर रही है। इन्हें आने के लिए बस की कोई व्यवस्था नहीं है। ये लोग सामान के साथ किसी तरह ट्रकों और पिकअप वाहन में बैठकर यहां पहुंच रहे हैं। इसमें भी इन मजदूरों से मनमाना किराया भी वसूल किया गया है। गुरुवार रात को आंध्रप्रदेश के तेलीपाका से 1 ट्रक, 2 मैजिक वाहन और 2 पिकअप वाहन से नकुलनार लौटे 164 मजदूरों से हर व्यक्ति का 8 सौ रुपए किराया वसूला गया, जबकि तेलीपाका से नकुलनार की दूरी करीब 200 किलोमीटर ही है।88 मजदूर 1 ट्रक और 2 मैजिक वाहन से नकुलनार पहुंच गए थे जिन्हें प्रशासन ने पोंदुम के क्वारेंटाइन सेंटर भेज दिया गया। लेकिन बाकी 76 मजदूरों को 2 पिकअप वाहन के चालक कुछ किलोमीटर पहले ही जंगल में छोड़कर वापस चले गए। ये 76 मजदूर रातभर नकुलनार के अासपास जंगल में ही भटक रहे थे। सुबह ही इन मजदूराें काे ठिकाना मिल सका और इन्हें कुआकाेंडा के पाेटाकेबिन-2 में बनाए गए क्वारेंटाइन सेंटर में शिफ्ट किया गया। ये सभी मजदूर टेटम, कोटरीपाल और ऐटेपाल गांव के हैं जो आंध्रप्रदेश में मजदूरी करने गए थे।76 मजदूरों ने जंगल में बिताई रात, सुबह सिर पर सामान लादकर पैदल गांव तक आएआसपास के जंगल में भटक रहे टेटम पंचायत के गंगा, काेसा, पांडू, मंगलू और साेमड़ू ने बताया कि ट्रक वाले ने हर व्यक्ति का किराया 8-8 साै रुपए वसूल किया है। इसके बाद भी उन्हें रास्ते पर ही छाेड़ दिया। जहां से उन्हें सिर पर सामान काे लादे पैदल ही गांव तक आना पड़ा। रात में हितावर के हुर्रापारा के जंगल में उन्होंने रात बिताई और सुबह उन्हें ठिकाना मिल सका। तहसीलदार विद्याभूषण साव ने बताया कि इन सभी मजदूरों के ठहरने और भोजन की व्यवस्था कराई गई है। रात में कोंटा बार्डर पार करने पर रोक लगाई जाएगी।सूचना मिलने पर कोंटा बॉर्डर भेजी जा रही बसेंकलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने बताया कि मजदूरों को सीधे दूसरे राज्यों से वापस लाने शासन स्तर से ही निर्णय लिया जा रहा है। वहां से जो भी निर्देश मिलेंगे कार्रवाई होगी। आंध्रप्रदेश और तेलंगाना की सरकारें व ठेकेदार ट्रकों व पिकअप वाहनों में मजदूरों को कोंटा बॉर्डर पर लाकर छोड़ रहे हैं। सूचना मिलने पर दंतेवाड़ा से बसें भेजी जा रही हैं। कोंटा बॉर्डर पर तहसीलदार व एसडीएम यह देख रहे हैं कि ये किन जिलों के हैं। पास के साथ मजदूरों को उन्हीं गाड़ियों में दंतेवाड़ा भेज रहे हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 8 sacks recovered from the truck for 210 km, then left on the way Full Article
1 31 मई आखिरी तारीख फिर भी समितियों में मक्का बेचने एक भी किसान नहीं पहुंचा By Published On :: Sat, 09 May 2020 00:52:00 GMT बस्तर जिले में नान द्वारा की जाने वाली मक्के की खरीदी पर लॉकडाउन का असर देखा जा रहा है। 31 मई खरीदी का अंतिम दिन है। अब तक एक भी किसान ने समितियों में मक्का नहीं बेचा है। तमाम कवायदों के बाद भी समर्थन मूल्य पर जहां पिछले साल सिर्फ 70 क्विंटल मक्का किसानों ने बेचा था, वहीं इस साल लगभग तीन महीने गुजरने के बाद भी अब तक एक क्विंटल मक्का भी नहीं बेचा है। इस वर्ष राज्य सरकार किसानों से 1760 रुपए प्रति क्विंटल की दर पर मक्का खरीद रही है, जबकि पिछले साल इसकी दर 1700 रुपए प्रति क्विंटल थी।किसानों का कहना है कि खुले बाजार की दर भांपने में नाकाम रही सरकार ने इस बार सिर्फ 60 रुपए बढ़ाकर समर्थन मूल्य 1760 रुपए तय किया है, लेकिन इसका कोई असर नहीं हो रहा है। गौरतलब है कि मक्के की खरीदी जिले में एक दिसंबर से 31 मई तक करने की व्यवस्था की गई है। इस समय सीमा के खत्म होने में केवल 24 दिन बचे हैं। इस बीच किसान मक्का बेचने के लिए खरीदी केंद्रों में पहुंचेंगे, इसकी संभावना कम ही नजर आ रही है। हालांकि किसान अपना मक्का मंडी में लेकर जरूर पहुंच रहे हैं।रेट सही मिले तो एक हेक्टेयर में 35 हजार तक मुनाफानान के प्रबंधक एससी दिवेदी ने कहा कि मक्के का उत्पादन सही हो और रेट सही मिले तो 35 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर लाभ होगा। प्रति हेक्टेयर 35 से 40 क्विंटल इस बार औसत मक्के का उत्पादन हुआ है। एक हेक्टेयर पर 20 से 25 हजार रुपए खर्च है। बावजूद इसके मक्का बेचने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं।किसानों के लिए लॉकडाउन बना मुसीबतभास्कर ने किसानों से समितियों में मक्का नहीं बेचने के कारणों की पड़ताल की। कुछ किसानों ने बताया कि सरकार द्वारा मक्का खरीदी का रेट बढ़ा दिया गया है, लेकिन मक्के में नमी और क्वालिटी को लेकर किसानों को परेशान होना पड़ रहा है। 14 प्रतिशत से अधिक नमी पर खरीदी नहीं की जाती है, जिसके चलते वे मक्का बेचने के लिए किसान समितियों में नहीं जा रहे हैं। वहीं कई किसानों ने कहाकि धान बेचने के बाद वे मक्का बेचने की तैयारी में थे, लेकिन अचानक लॉकडाउन के चलते वे अपने घरों सेनहीं निकल पाए। समय पर मक्के की तुड़ाई नहीं होने से सहकारी समितियों में मक्का नहीं बेच पाए।इस साल 19 नए किसानों ने कराया पंजीयनमक्के के बंपर उत्पादन के बाद भी किसान सहकारी समितियों में बेचने के लिए रुचि नहीं दिखा रहे हैं। जिले में इस बार 7 हजार 845 हजार हेक्टेयर में मक्के की खेती हुई है। पांच हजार से अधिक किसान मक्के की खेती कर रहे हैं। वहीं डेढ़ लाख क्विंटल तक उत्पादन का अनुमान है। हालत यह है कि इन किसानों में से केवल 431 किसानों ने ही मक्का बेचने के लिए पंजीयन कराया है। इसमें से इस साल केवल 19 नए किसान शामिल हैं। बाकी सब किसान पिछले साल के पंजीकृत हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today May 31 last date, yet not a single farmer selling maize in committees arrived Full Article
1 छूट मिली तो 6 दिन में हो गए 12 से ज्यादा हादसे By Published On :: Sat, 09 May 2020 01:01:00 GMT लॉकडाउन में जब लोगों का घर से निकलना बंद हुआ तो सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आ गई थी, लेकिन जैसे ही 20 अप्रैल के बाद हल्की छूट मिलने लगी और लॉकडाउन 2.0 खत्म होते तक थोड़ी ज्यादा रियायतें मिली तो दुर्घटनाओं के आंकड़े भी बढ़ने लगे हैं।पिछले 6 दिन में जिले में 15 से ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिसमें गमावाड़ा में एक ग्रामीण व जारम की घटना में एक महिला की घटना स्थल पर ही मौत हो गई। इन आंकड़ों ने ट्रैफिक विभाग को एक बार भी परेशानी में डाल दिया है, जबकि लॉकडाउन के वक्त 21 अप्रैल तक सिर्फ एक ही सड़क दुर्घटना हुई थी। अब हर दिनघटनाएं हो रही हैं।इसलिए बढ़ रहे हादसेलॉकडाउन 1 और 2 में बंिदश होने के कारण लोग घरों में बंद थे लेकिन लॉकडाउन 3 में छूट मिलने के बाद लोग बाहर निकल रहे है और इन कारणों से हादसे हो रहे है। तेज रफ्तार से गाड़ी चलाना। गाड़ी का किसी और कारण से अनियंत्रित होना। शराब पीकर गाड़ी चलाना।1 से 6 मई के बीच हुईं सड़क दुर्घटनाओं का ब्योराएक मई 2020- मई के पहले ही दिन दो जगह सड़क दुर्घटना में फूलनार के मंगलूराम व चितालूर की चैती गंभीर रूप से घायल हुई।2 व 4 मई 2020 - दो मई को चितालूर के बामदेव व 4 तारीख को हीरानार के साधुराम सड़क दुर्घटना में घायल हो गए।5 मई 2020 - एक ही दिन में जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में 3 दुर्घटनाओं में 3 लोग घायल हुए। इनमें बालूद में हुई सड़क दुर्घटना में हिड़मा, मारेंगा रोड़ में हुई दुर्घटना में सुखदेव व घोटपाल नागुल चौक में हुई घटना में अजय घायल हुआ है।6 मई 2020- इस दिन 4 दुर्घटनाएं हुईं, जिसमें ग्रामीण की मौत हो गई। वहीं लच्छू घायल हो गया। बालूद में सोमाराम जबकि बचेली में हुई घटना में रजनीश नवनीत जार्ज सहित दो युवक घायल हुए। बागमुंडी पनेडा में हुई घटना में भी एक युवक घायल हुआ। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today More than 12 accidents occurred in 6 days if discounted Full Article
1 सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन, 15 दुकानदारों पर जुर्माना By Published On :: Sat, 09 May 2020 01:04:00 GMT लॉकडाउन में ढील के बाद नियम का पालन नहीं करने वाले दुकानदारों पर प्रशासन ने कार्रवाई की है। वहीं बगैर मास्क लगाए सामान लेने वाले ग्राहकों को उठक-बैठक कराने के बाद मास्क पहनाया। एसडीएम प्रकाश भारद्वाज ने बिना मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन करने वाले 15 दुकानदारों से 500-500 रुपए जुर्माना लगाया। साथ ही कोराेना से बचाव के लिए जारी गाइडलाइन का शत प्रतिशत पालन करने को कहा।दरअसल ग्रीन जाेन में हाेने के कारण जिले में लॉकडाउन में कई तरह की ढील दी गई है। इसके तहत दुकानों को खोलने का समय भी तय किया गया है। इसके लिए कई शर्तें भी लागू की गई हैं। शर्तों में दुकान के बाहर हाथ धोने की व्यवस्था होनी चाहिए, साेशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाना चाहिए साथ ही दुकानदार और ग्राहक दाेनाें काे मास्क लगाना अनिवार्य किया गया है। इसके बावजूद इन नियमों का बराबर पालन नहीं किया जा रहा है, जिससे काेराेना महामारी से निपटने में बाधा आसकती है। नियमों की अनदेखी की सूचना पर नकुलनार पहुंचे एसडीएम प्रकाश भारद्वाज, तहसीलदार विद्याभूषण साव, एसडीओपी देवांश राठाैर और कुआकाेंडा के थाना प्रभारी सलीम खाखा ने दुकानदारों काे समझाइश दी। इसके साथ ही 15 दुकानदारों से 5-5 साै रुपए जुर्माना भी वसूला। एसडीएम ने कोरोना से बचाव के लिए सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क के प्रयोग पर जोर दिया साथ ही इस कोराेना से बचाव के लिए जारी गाइडलाइन का शत प्रतिशत पालन करने को कहा। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Violation of social distancing, 15 shopkeepers fined Full Article
1 दो राज्यों में समन्वय के अभाव में बिहार के 12 प्रवासी रातभर भूखे-प्यासे परेशान रहे By Published On :: Wed, 06 May 2020 00:29:00 GMT दो राज्यों की पुलिस के सहयोग के अभाव में बिहार के 12 लोग रात भर भूखे प्यासे परेशान रहने पर मजबूर हाे गए। ज्ञात हो कि जामताड़ा जिले के महेशमुंडा चौक स्थित झारखंड बंगाल बॉर्डर पर बंगाल तथा झारखंड पुलिस के बीच आपसी समन्वय के अभाव का खामियाजा बिहार से 12 यात्रियों को रात भर भूखे प्यासे झेलना पड़ा। सुबह लगभग 10:30 बजे जामताड़ा जिला प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद सभी यात्रियों का थर्मल स्कैनिंग के उपरांत झारखंड होते हुए बिहार भेजा गया। यात्रियों ने बताया कि वे लोग कोलकाता से बिहार के समस्तीपुर जिला के रोसड़ा जा रहे हैं। सोमवार रात को वे लोग बंगाल बॉर्डर क्रॉस कर झारखंड सीमा में प्रवेश करने लगे, तभी झारखंड पुलिस ने यह कहते हुए रोक दिया कि बंगाल पुलिस झारखंड के लोगों को प्रवेश करने नहीं देती है, इसलिए हम लोग भी किसी को झारखंड में प्रवेश करने नहीं देंगे।आप लोग पुनः वापस बंगाल लौट जाएं। जब वे लोग पुन: लौटकर बंगाल सीमा में जाने लगे तो तो बंगाल पुलिस ने यह कह कर रोक दिया की आप लोग एक बार बंगाल सीमा से निकल चुके हैं। इसलिए अब आपको दुबारा प्रवेश करने नही दिया जाएगा। जिस कारण रात भर सभी यात्री कभी बंगाल सीमा तो कभी झारखंड सीमा पर भटकते रहे। सुबह जब जामताड़ा डीडीसी को इस बात की जानकारी मिलने पर उन्होंने यात्रियों के कागजातों की जांच करवाने के बाद स्कैनिंग तथा वाहन को सैनिटाइज करवाने के बाद बिहार भेज दिया। वहीं इस संबंध में पूछे जाने पर मौके पर मौजूद पुलिस अवर निरीक्षक रामदुलाल नंदी ने बताया कि सभी को बिहार भेजा जा रहा है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Due to lack of coordination in two states, 12 migrants from Bihar remained hungry and thirsty overnight Full Article
1 सूरत से 1200 मजदूर पहुंचे धनबाद, श्रमिकों ने कहा- ट्रेन में टिकट के पैसे देने पड़े By Published On :: Wed, 06 May 2020 05:48:51 GMT सूरत से 1200 मजदूरों को लेकर एक श्रमिक स्पेशल ट्रेन बुधवार सुबह धनबाद पहुंची। सभी मजदूरों की सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाते हुए स्क्रीनिंग की गई। इसके बाद उनके संबंधित जिलों के लिए बसों से रवाना कर दिया गया। इस दौरान मजदूरों ने बताया कि उन्हें ट्रेन में टिकट खरीदकर बैठना पड़ा। इधर, धनबाद में पुलिस-प्रशासन लॉकडाउन को सख्ती से लागू कराने में जुटी हुई है। हालांकि कई जगहों पर लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करते हुए भी नजर आए।बुधवार काे सूरत से स्पेशल ट्रेन संख्या से प्रवासी श्रमिक सुबह धनबाद रेलवे स्टेशन पहुंचे। स्पेशल ट्रेन में कुल 22 बाेगियां थी, जिसमें विभिन्न जिलाें के प्रवासी मजदूर थे। इधर, पुलिस की सख्ती जारी है। सड़क पर बिना वजह निकलने वालों से जुर्माना वसूला गया।सूरत से धनबाद पहुंचे मजदूरों ने बताया कि उन्हें टिकट खरीदने में 720 रुपए खर्च करने पड़े।इधर, इलाहाबाद और रांची से अलग-अलग ट्रेन से मंगलवार को 46 श्रमिक धनबाद पहुंचे थे। 16 श्रमिक प्रयागराज से धनबाद पहुंचे, जबकि 30 मजदूर रांची से आएं। गाेल्फ ग्राउंड में सभी की मेडिकल जांच कराई गई। जांच के बाद उन्हें हाेम क्वारैंटाइन की स्याही लगाकर बस से घर भेज दिया गया।रणधीर वर्मा चौक पर वाहनों की जांच करती पुलिस। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today ट्रेन का टिकट दिखाता श्रमिक। Full Article
1 गुजरात के सूरत से गिरिडीह लौटे 1145 मजदूर, सभी को क्वारैंटाइन सेंटर में रखा By Published On :: Wed, 06 May 2020 10:34:51 GMT गुजरात के सूरत से स्पेशल श्रमिक ट्रेन के जरिए धनबाद लौटे प्रवासी मजदूरों को बुधवार सुबह बसों के जरिए धनबाद रेलवे स्टेशन से टुंडी के पास ताराटांड़ लाया गया। यहां हर मजदूर की स्क्रीनिंग की गई। इसके बाद सोशल डिस्टेंसिंग मेंटन करते हुए उनके घर भेजा गया। इस दौरान गिरिडीह उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा, एसपी सुरेन्द्र कुमार झा, एसडीओ प्रेरणा दीक्षित, डीडीसी मुकुंद दास समेत पुलिस फोर्स एवं मजिस्ट्रेट मौजूद रहे।जानकारी के मुताबिक, धनबाद रेलवे स्टेशन से 46 बसों के जरिए 1145 श्रमिकों को गांडेय प्रखंड के ताराटांड़ मैदान में लाया गया। गिरिडीह उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा ने बताया कि सरकार के निर्देश पर सभी मजदूरों को स्पेशल ट्रेन के जरिए गुजरात के सूरत से लाया गया है। स्पेशल ट्रेन के धनबाद पहुंचने के टाइम के मुताबिक यहां से पुलिस की टीम एवं मजिस्ट्रेट के साथ प्रशासन की टीम धनबाद स्टेशन पहुंची। ट्रेन के आने के बाद बसों के जरिए सभी को यहां लाया गया।उन्होंने बताया कि सभी मजदूरों को उनके प्रखंड स्थित क्वारैंटाइन सेंटर में रखा जाएगा। फिर सभी प्रवासी मजदूरों के जांच का सैंपल पीएमसीएच धनबाद भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के के बाद आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today सोमवार 11.15 बजे एक स्पेशल ट्रेन सूरत से झारखंड के मजदूरों को लेकर रवाना हुई थी। यह ट्रेन बुधवार सुबह करीब पांच बजे धनबाद रेलवे स्टेशन पर पहुंची। Full Article
1 बाड़ेदा के 211 ग्रामीणों को दिया 10-10 किग्रा चावल By Published On :: Wed, 06 May 2020 23:37:00 GMT कोरोना वायरस से बचाव को लेकर किए गए लॉक डाउन में गरीबों को राहत पहुंचाने के लिए बुधवार को फॉरेस्ट ब्लॉक पंचायत के सुदूरवर्ती जंगलों के बीच में बसे गाँव बाड़ेदा में 211 गरीब ग्रामीणों के बीच 10-10 किलोग्राम चावल विधायक रामदास ने एमओ सिद्धेश्वर पासवान के उपस्थिति में वितरण किया। इससे ग्रामीणों के चेहरे में खुशी की लहर दौड़ गई है। इस संबंध में विधायक रामदास सोरेन ने बताया कि लॉक डाउन में गरीबों को काफी मुश्किल हो रही है। ऐसे सुदूरवर्ती गाँव के ग्रामीणों को पिछले सरकार ने राशन कार्ड से वंचित कर दिया था। जिससे गरीबों को राशन का लाभ नहीं मिल पा रहा था। जबकि मुसाबनी प्रखंड में कुल 3,346 ग्रामीणों ने राशन कार्ड बनवाने को लेकर ऑन लाईन पंजीकरण कराया है। वहीं फॉरेस्ट ब्लॉक पंचायत के 211 ग्रामीणों ने भी राशन कार्ड बनाने हेतु पंजीकरण कराया है।लेकिन इन लोगों को राशन की सुविधा नहीं मिल रही थी। इस अवसर पर विधायक रामदास सोरेन के सौजन्य से 100 ग्रामीणों को फेस मास्क और छोटे छोटे बच्चों को बिस्कुट का भी वितरण किया गया। चावल वितरण कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्रखंड प्रमुख पान मुनी मुर्मू,झामुमो नेता कान्हू सामंत, के बी फरीद,प्रखंड अध्यक्ष प्रधान सोरेन,जिप सदस्य बाघराय मार्डी,जिला उपाध्यक्ष सागेन पूर्ति,सोमाय सोरेन,गोरांगो माहाली,कानू टुडू,राम चन्द्र मुर्मू,रविन्द्र नाथ मार्डी,पंसस पावर्ती सिंह,सुनील किस्कु,लखी हाँसदा,सुनील हाँसदा,प्रियनाथ बास्के,गोविंद बास्के सहित ग्रामीण उपस्थित थे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 211 villagers given 10-10 kg rice to Badeda Full Article
1 मिदनापुर के लिए निकले 17 मजदूर, बिना रोकटोक रांची से धालभूमगढ़ पहुंच गए By Published On :: Wed, 06 May 2020 23:44:00 GMT लाॅकडाउन में अपने क्षेत्र से पलायन करने वाले लोगों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। कोरोना की रोकथाम में लगे अधिकारी-कर्मचारियों से लेकर आम लाेग इसकी गंभीरता को नहीं समझ पा रहे हैं। इसकी एक बानगी बुधवार को देखने को मिली।रेड जोन बने रांची से 17 मजदूर कभी ट्रक तो कभी पैदल चलकर 180 किमी का रास्ता तय करके धालभूमगढ़ पहुंच गए। इस दौरान रास्ते में उनकी किसी तरह की जांच नहीं हुई। ये सभी पश्चिम बंगाल के मिदनापुर जाने के लिए रांची से निकले थे।धालभूमगढ़ में बाहरी लोगों को देख ग्रामीणों ने रोका तो कुछ मजदूर भाग खड़े हुए। थककर चूर दो मजदूर रूक गए और अपनी संघर्ष की दास्तां बयां की। लॉकडाउन से दो दिन पहले पहुंचे थे रांची : मजदूराें ने बताया- मिदनापुर का एक ठेकेदार लाॅकडाउन के दो दिन पहले उन्हें रांची ले गया था। वहां एक प्राइवेट स्कूल में काम करना था। लाॅकडाउन शुरू होने के कुछ दिन बाद ठेकेदार इकराम ने संपर्क करना छोड़ दिया। हमारे पास घर से लिए पैसे के अलावा कुछ नहीं था। रांची को रेड जोन घाेषित किए जाने के बाद ताे खाने के लाले पड़ने लगे। घर से काेई निकलने ही नहीं देता था। हमलाेगाें ने तय किया कि सड़क मार्ग से पश्चिम बंगाल की ओर निकलेंगे। चेकनाकाें पर गाड़ियाें की चेकिंग नहीं हाेने से हमारा काम आसान हो गया। रास्ते में कहीं पूछताछ नहीं हुई।मजदूर साहेब ने बताया- वे सभी पश्चिम बंगाल के पश्चिम मिदनापुर जिले के सबंग अनुमंडल के खड़िका गांव के रहने वाले हैं। वे सभी रांची के अशोकनगर में कारपेंटर का काम करते हैं। पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से उनके घर वापसी की पहल नहीं करने के कारण अब वहां के मजदूर रोज पलायन कर रहे हैं। वे सभी मंगलवार काे पैदल रांची से मिदनापुर के लिए निकलेे। वाहनों से लिफ्ट लेकर किसी तरह बुधवार सुबह जमशेदपुर पहुंचे। पारडीह में दो ट्रकों के चालकों से पश्चिम बंगाल तक ले जाने की बात हुई। वह साथी नावेद के साथ ट्रक पर चढ़ा ही था कि वाहन चल पड़ा। ट्रक चालक ने उन्हें धालभूमगढ़ रेलवे ओवरब्रिज के पास चाय दुकान पर छोड़ दिया। थोड़ी देर बाद अन्य साथी दूसरे ट्रक से पहुंचे। गाड़ी से उतरने के क्रम में किसी आदमी ने उन्हें आवाज दी तो वे डर से भाग निकले। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 17 laborers left for Midnapore, reached Dhalbhumgarh from Ranchi without stopping Full Article
1 राज्य के 1233 श्रमिक परिवार सूरत से पहुंचे धनबाद, कहा - 29:30 घंटे के सफर में पानी तक नहीं मिला By Published On :: Thu, 07 May 2020 00:06:00 GMT सूरत से स्पेशल ट्रेन से 1233 प्रवासी श्रमिक परिवार बुधवार काे धनबाद पहुंचे। 29:30 घंटे का सफर तय करने के बाद जब वे अपने राज्य पहुंचे ताे उनके चेहरे पर खुशी के साथ थकान और परेशानियाें का सबब भी था। सूरत से धनबाद की 1775 किमी यात्रा के लिए उन्हें 750-720 रुपए चुकना पड़ा। पैसे दिए तो ट्रेन की टिकट मिली। साेचा था सरकार की ओर से खाने-पीने का उत्तम व्यवस्था हाेगी, लेकिन खिचड़ी और बिरयानी खाकर भूख मिटानी पड़ी। चाय और नाश्ता तक नहीं मिला। इस तपती गर्मी में बूंद-बूंद पानी के लिए तरस गए।तमाम मुश्किलों के के बीच सुबह 4:35 बजे प्रवासी परिवार धनबाद रेलवे स्टेशन पहुंचे। सेनेटाइजर से हैंड वॉश कराया गया। मेडिकल जांच हुई, जिसमें सभी स्वस्थ्य पाए गए। इसके बाद फूल देकर स्वागत किया गया। सभी काे अल्पाहार दिया गया। स्टेशन परिसर में ही बसाें में बैठाकर गृह जिला के लिए भेज दिया गया। माैके पर उपायुक्त अमित कुमार एसएसपी अखिलेश बी वारियार और सीनियर डीसीएम अखिलेश कुमार पांडेय सहित प्रशासन, पुलिस विभाग व धनबाद रेल मंडल के अधिकारी और कर्मचारी माैजूद थे। सबसे अधिक 1157 यात्री गिरिडीह के थे | सूरत से आने वाली ट्रेन से प्रवासी श्रमिकों को सबसे आगे और सबसे पीछे की बोगी से प्लेटफॉर्म पर उतारा गया। सूरत से अाने वाले कामगाराें में सबसे अधिक 1157 प्रवासी गिरिडीह जिला के थे। जबकि देवघर के 40, धनबाद के 2, दुमका एवं हजारीबाग के 1- 1, कोडरमा के 5 तथा रांची के 27 श्रमिक थे।सूरत से 1198 लोगों काे लेकर आज भी आएगी ट्रेनगुजरात से धनबाद के लिए दूसरी ट्रेन भी खुल गई है। सूरत से खुली यह दूसरी स्पेशल ट्रेन गुरुवार को 1198 प्रवासी मजदूरों को लेकर सुबह 3:15 बजे धनबाद स्टेशन पहुंचेगी। डीसी अमित कुमार ने बताया कि सूरत से 22 बोगियों के साथ आने वाली ट्रेन में झारखंड के गिरिडीह, देवघर, कोडरमा, हजारीबाग, जामताड़ा, सिमडेगा, सरायकेला, पलामू, लातेहार, गढ़वा तथा चतरा जिले के प्रवासी मजदूर हैं। ट्रेन में सबसे अधिक गिरिडीह के 1094 मजदूर हैं। जबकि देवघर के 7, कोडरमा के 30, हजारीबाग के 11, जामताड़ा, सिमडेगा और सरायकेला के 1-1, पलामू के 29, लातेहार के 3, गढ़वा के 2 तथा चतरा के 5 श्रमिक ट्रेन में सवार हैं। सभी काे उनके गृह जिला पहुंचाने के लिए स्टेशन पर 56 बसाें की व्यवस्था की गई है।वेल्लाेर से ट्रेन चलाने की विधायक ने की मांगलाॅकडाउन के कारण वेल्लाेर में फंसे झारखंड के लाेगाें काे वापस लाने के लिए विधायक राज सिन्हा ने पीएम अाैर सीए को पत्र लिखा है। विधायक ने वेल्लाेर से धनबाद के लिए ट्रेन चलाने की मांग की है। विधायक ने कहा कि हजाराें की संख्या में लाेग वेल्लाेर में फंसे हुए हैं। वहां फंसे लाेगाें का जीवन-यापन मुश्किल हाे गया है।तेलंगाना से 1400 लोगों को लेकर आएगी ट्रेनतेलंगाना राज्य के लिंगमपाली से एक विशेष ट्रेन चलेगी। यह ट्रेन लगभग 14 साै मजदूराें काे लेकर शुक्रवार काे दाेपहर 12:30 बजे धनबाद पहुंचेगी। कुल 24 काेच हाेंगे। ट्रेन लिंगमपाली से खुलकर बल्हारशा, नागपुर, इटावा, कटनी, मानिकपुर, प्रयागराज, पंडित दीन दयाल उपाध्याय, गया हाेते हुए धनबाद पहुंचेगी। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 1233 laborers of the state reached Dhanbad from Surat, said - no water was found in 29:30 hours journey Full Article
1 कोरोना जांच के लिए चार मृतक समेत 127 लोगों का लिया स्वाब By Published On :: Thu, 07 May 2020 00:20:00 GMT जिले में बुधवार को चार मृतक समेत 127 लोगों का कोरोनावायरस जांच के लिए सैंपल लिया गया। सदर अस्पताल में 97और पीएमसीएच में 30 संदिग्ध का स्वाब लिया गया। वहीं, सूरत से लौटे धनबाद के दो लोगों को हॉस्पिटल क्वारेंटाइन में रखा गया। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार बुधवार को 159 संदिग्धों को क्वाेरंटाइन पर रखा गया है। इधर, कोविड-19 अस्पताल में भर्ती दो संक्रमित मरीजों की देखभाल व इलाज में लगाए गए 17 डॉक्टर्स व अन्य कर्मियों की रिपोर्ट निगेटिव मिली है। कर्मियों की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद विभाग ने राहत की सांस ली। धनबाद पीएमसीएच लैब से बुधवार को जारी किए गए रिपोर्ट के अनुसार कुल 155 सैंपलों की जांच की गई। इनमें सभी सैंपलों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। धनबाद में लिए गए स्वाब की जांच धीमी हो गई है। प्रतिदिन जिले में करीब 50 से 60 संदिग्धों का स्वाब लिया जा रहा है। ग्रीन जोन बनने के लिए तीन दिनों का इंतजारधनबाद ग्रीन जोन बनने के करीब है। 18 अप्रैल से धनबाद में एक भी नया पॉजिटिव मरीज नहीं मिला है। यह खबर धनबाद के लिए राहत भरी है। बता दें कि आगामी 9 मई तक अगर एक भी पॉजिटिव मामला सामने नहीं आया तो धनबाद ग्रीन जोन में शामिल हो जाएगा। इसके लिए जरूरी है कि लोग सोशल डिस्टेंस का पालन करें। अभी जिला ऑरेंज जोन में है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
1 एर्नाकुलम से स्पेशल ट्रेन के जरिए देवघर पहुंचे 1084 मजदूर, थर्मल स्क्रीनिंग के बाद होम क्वारैंटाइन में भेजा By Published On :: Thu, 07 May 2020 13:54:00 GMT केंद्र और राज्य सरकार के पहल के बाद लॉकडाउन के वजह से बाहर फंसे झारखंड के विभिन्न जिलों के 1084 श्रमिक गुरुवार को स्पेशल ट्रेन के जरिए से एर्नाकुलम से जसीडीह स्टेशन पहुंचे। इस दौरान उपायुक्त नैंन्सी सहाय एवं वरीय अधिकारियों के द्वारा सभी श्रमिकों का अभिनंदन किया गया एवं उनके सकुशल घर वापसी के लिए शुभकामनाएं दी गयी। यहां आने वाले सभी श्रमिकों को ट्रैन से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए उतारा गया एवं स्टेशन परिसर में स्वास्थ्य परीक्षण के लिए बने काउंटर परथर्मल स्क्रीनिंगव स्वास्थ्य जांच संबंधी अन्य सभी प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद उन्हें उनके गंतव्य तक जाने के लिए अलग-अलग जिलों की बस में बैठाकर रवाना किया गया।सुरक्षित व्यवस्था व विधि-व्यवस्था संधारण हेतु जसीडीह स्टेशन परिसर में पर्याप्त संख्या में चिकित्सकों की टीम के साथ दण्डाधिकारी एवं सुरक्षाकर्मियों की तैनाती पूर्व से ही की गई थी।गौरतलब है कि 24 जिलों के 1084 श्रमिकों में पलामू के 154 श्रमिक, देवघर के 130, कोडरमा के 120, बोकारो के 117, गढ़वा के 90, दुमका के 72, गिरीडीह के 59, जामताड़ा के 56, धनबाद के 46, लातेहार के 41, पाकुड़ के 37, सिमडेगा के 33, हजारीबाग के 31, गोड्डा के 15, रामगढ़ के 12, पश्चिमी सिंहभूम के 12, चतरा के 10, गुमला के 10, सरायकेला के 10, साहेबगंज के 9, खूंटी के 8, राँची के 6, पूर्वी सिंहभूम के 3 एवं लोहरदग्गा के 3 श्रमिक शामिल हैं।इस दौरान उपायुक्त नैंसी सहाय द्वारा एर्नाकुलम से आने वाले सभी श्रमिक बंधुओं के बीच नास्ता, पानी का वितरण करते हुए सभी को 14 दिनों तक होम क्वारैंटाइन के पालन का निर्देश दिया गया। इसके अलावे उन्होंने कहा कि मास्क का उपयोग कर व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करके ही हम कोरोना महामारी को हराकर इस पर जीत हासिल कर सकते हैं। इसलिए आवश्यक है कि हम सभी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन एवं चिकित्सकों द्वारा दिए गए चिकित्सकीय परामर्श का पालन करें एवं स्वस्थ, सतर्क व सुरक्षित रहें।स्वास्थ्य संबंधी जांच के बाद मजदूरों कोउनके गंतव्य तक जाने के लिए अलग-अलग जिलों की बस में बैठाकर रवाना किया गया।इसके अलावे उपायुक्त ने बताया कि एर्नाकुलम से यहां आने वाले सभी मजदूरों एवं यहां के लोगों के स्वास्थ्य सुरक्षा के दृष्टिकोण से जिला प्रशासन द्वारा सभी एहतियाती उपाय अपनाये गए हैं। इसलिए किसी भी व्यक्ति को घबराने या पैनिक होने की कोई आवश्यकता नहीं है। सुरक्षा के दृष्टिकोण से एर्नाकुलम से आने वाले सभी मजदूरों को उनके गंतव्य स्थान तक भेजने के लिए प्रयोग किये जाने वाले बसों को पूरी तरह से सेनेटाइज्ड कर सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखा गया है।सुरक्षा के दृष्टिकोण से रेलवे स्टेशन पर एहतियातन उठाये गए सभी कदमश्रमिकों के आगमन को लेकर जसीडीह रेलवे स्टेशन परिसर को पूर्ण रूप से सैनेटाइजड किया गया था एवं सोशल डिस्टेंसिंग के अनुपालन हेतु जगह-जगह बेरिकेड्स कर गोल घेरा का निर्माण कराया गया था। इसके अलावे सुरक्षित व्यवस्था व विधि-व्यवस्था संधारण हेतु जसीडीह स्टेशन परिसर में पर्याप्त संख्या में चिकित्सकों की टीम के साथ दण्डाधिकारी एवं सुरक्षाकर्मियों की तैनाती पूर्व से ही की गई थी।श्रमिकों के आगमन को लेकर जसीडीह रेलवे स्टेशन परिसर को पूर्ण रूप से सैनेटाइजड किया गया था।व्यवस्थित रूप से श्रमिकों को सेनेटाइजेड बस से भेजा गया अपने-अपने गृह जिला की ओरश्रमिकों के आने के बाद सबसे पहले स्वास्थ्य जांच के बाद सभी के लिए भोजन की व्यवस्था रेलवे स्टेशन पर ही की गई थी, जिसके उपरांत स्टेशन परिसर से अपने-अपने जिलों के लिए निर्धारित सेनेटाइज्ड बसों में बिठाकर मजदूरों को उनके घरों के लिए रवाना किया गया। वहीं इस दौरान सभी प्रवासी श्रमिकों को भोजन का पैकेट, पानी का बोतल आदि भी उपलब्ध कराया गया।कोविड-19 से बचाव के इस जंग में बेहतर टीम भावना के साथ कार्य करने हेतु सभी अधिकारियों व कर्मियों का आभारसाथ ही उपायुक्त द्वारा देवघर जिला के सभी अधिकारियों, चिकित्सक, स्वास्थ्य कर्मियों, सुरक्षाकर्मियों, सफाई कर्मियों, समाजसेवियों व अन्य सभी कर्मियों के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा गया कि कोविड-19 से बचाव के इस जंग में जिस प्रकार सभी ने बेहतर टीम भावना के साथ कार्य किया है। सभी के सहयोग से हम कोरोना का डटकर मुकाबला कर पा रहे हैं। संकट की इस घड़ी में सभी बेहतर कार्य कर रहे हैं।स्टेशन परिसर में स्वास्थ्य परीक्षण के लिए बने काउंटर पर मजदूरों की थर्मल स्क्रीनिंग व स्वास्थ्य जांच संबंधी अन्य सभी प्रक्रिया पूरी की गई। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today लॉकडाउन के वजह से बाहर फंसे झारखंड के विभिन्न जिलों के 1084 श्रमिक गुरुवार को स्पेशल ट्रेन के जरिए से एर्नाकुलम से जसीडीह स्टेशन पहुंचे। Full Article
1 सूरत से 1198 मजदूरों को लेकर धनबाद पहुंची स्पेशल ट्रेन, भेजे गए होम क्वारैंटाइन में By Published On :: Thu, 07 May 2020 15:54:36 GMT धनबाद. गुजरात के सूरत से एक स्पेशल ट्रेन के जरिए 1198 श्रमिक गुरुवार को धनबाद स्टेशन पहुंचे। इनमें सवार सभी श्रमिकों की स्वास्थ्य विभाग की ओर से थर्मल स्क्रीनिंग की गई फिर बसों से उनके घर भेज दिया गया। जहां उन्हें होम क्वारैंटाइन किया गया है। वहीं, धनबाद के साथ ही बोकारो भी अब कोरोना मुक्त शहर बन गया है। बीजीएच में भर्ती तीन कोरोना संक्रमित मरीजों की दूसरी रिपोर्ट भी निगेटिव आई। स्वस्थ होने के बादगुरुवार को इन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।वहीं, सूरत से 22 बोगियों के साथ आने वाली स्पेशल श्रमिक ट्रेन में झारखंड के गिरिडीह, देवघर, कोडरमा, हजारीबाग, जामताड़ा, सिमडेगा, सरायकेला, पलामू, लातेहार, गढ़वा तथा चतरा जिले के प्रवासी मजदूर सवार थे। बुधवार सुबह भी सूरत से एक श्रमिक ट्रेन धनबाद पहुंची थी।वाहनों के लिए मिलेगा अब ई-पास, घर बैठे करें आवेदनइधर, लाॅकडाउन में बाहर धनबाद के फंसे या दूसरे जिले-राज्य के धनबाद में फंसे लोगों के लिए राहत की खबर है। अब उन्हें वापस जाने या दूसरे राज्य-जिले से अपने परिवार को लाने के लिए फिर ई-पास जारी किया जाएगा। इसके लिए https://epassjharkhand.nic.in. पर आवेदन करना होगा। बुधवार शाम ही इसे शुरू कर दिया गया है। शहर में सुबह से ही वाहनाें की चेकिंगवहीं, लाॅकडाउन के दाैरान शहर में कई जगहाें पर पुलिस की सख्ती दिखी। रणधीर वर्मा चाैक पर वाहनाें की जांच की गई। वहां कई वाहनाें काे राेका गया। चालकाें से पूछताछ की गई। सड़क पर हाेने का स्पष्ट कारण नहीं बताने वाले कई लाेगाें काे पुलिस ने पकड़ा। उनपर जुर्माना भी लगाया गया। इधर, बोकारो चास में भी पुलिस सख्त नजर आई। चास में पुलिस बेवजह बाइक से घूमने वाले लोगों को सड़क पर दौड़ लगवाई।बोकारो में सैकड़ों महिलाएं सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ा कतार में लग गईं।वहीं, बैंक के सुविधा केंद्रमें जनधन योजना काखाता खुलवाने के लिए लोगों में होड़ मच गई है। बोकारो मेंसेक्टर नौ स्थित हरला थाना क्षेत्र के रामडीहमोड़ के स्टेट बैंक के सुविधा केंद्रमेंसैकड़ों महिलाएं सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ा कतार में लग गईं। इसके बाद सुविधा केंद्र के बाहर नोटिस चिपकाना पड़ा कि बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर बैंक बंद है। जबकि महिलाओं की भीड़ लगने से पहले यहां यह नोटिस चिपकाया गया था कि बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर बैंक बंद है। पर जनधन खाता खोला जाएगा। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today बोकारो के चास में पुलिस बेवजह बाइक से घूमने वाले लोगों को सड़क पर दौड़ लगवाई। Full Article
1 रांची से 12 साल बाद घर लौटे बुजुर्ग, बेटों ने होम क्वारेंटाइन के लिए नहीं दी जगह By Published On :: Fri, 08 May 2020 01:23:00 GMT चक्रधरपुर के जलेश्वर साहू (84) परिवार से दूर रहकर रांची में गुजारा कर जीवन जी रहे थे। वे पिछले 12 साल से रांची के खादगड़ा में अकेले किसी तरह गुजारा कर रहे थे। लॉकडाउन के कारण होटलों के बंद होने से उन्हें खाने के लाले पड़ गए। चक्रधरपुर में उनके तीन बेटे रहते हैं। इस बीच उन्हें चक्रधरपुर आने का मौका मिला तो वे तुरंत बैग लेकर चल पड़े। लेकिन यहां पहुंचते ही उल्टा हो गया। किसी ने उन्हें होम क्वारेंटाइन नहीं किया। फिर वे मायूस होकर सरकार के बने रैन बसेरा (क्वारेंंटाइन सेंटर) पहुंचे और क्वारेंटाइन हो गए। लेकिन यहां भी खाने की दिक्कत हो गई। गुरुवार दोपहर तीन बजे तक उन्हें खाने में कुछ नहीं मिला।जलेश्वर साहू बताते हैंवे 12 साल से परिवार से दूर रांची में रहे। रांची कोर्ट में अधिवक्ता और लोगों का सहयोग करते हुए दो जून की रोटी का जुगाड़ कर लेते थे। लॉकडाउन में समस्या हो गई। उनके चार बेटे हैं। तीन बेटे चक्रधरपुर के झुमका मोहल्ला में अलग-अलग रहते है। एक बेटा जमशेदपुर के बागबेड़ा में रहता है। उनका भरापूरा परिवार है। बेटों के परेशानी से वे रांची चला गया था। रांची से चाईबासा की बस आ रही ती तो उसमें चले आए। बुधवार रात नौ बजे वे चक्रधरपुर पहुंचे थे।लेकिन कोरोना को लेकर हर कोई डरा हुआ है। इस कारण बेटों ने होम क्वारेंटाइन के लिए घर में जगह नहीं दी। वे नहीं चाहते थे कि परिवार में किसी को तकलीफ नहीं हो, इसलिए बिना कुछ बोले क्वारेंटाइन सेंटर में रहने चले आए। चक्रधरपुर बस स्टैंड के रैन बसेरा को क्वारेंटाइन सेंटर बनाया गया है। वहां 28 से 30 लोग रहते हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Elderly children returned home after 12 years from Ranchi, sons did not provide space for home quarantine Full Article
1 1198 प्रवासी श्रमिक धनबाद पहुंचे, जांच के बाद घर भेजे गए By Published On :: Fri, 08 May 2020 01:43:00 GMT गुजरात में फंसे झारखंड के लोगों को झारखंड लाने का क्रम जारी है। गुरुवार को सूरत से 1198 कामगाराें काे लेकर दूसरी स्पेशल ट्रेन धनबाद पहुंची। ट्रेन सुबह 3.50 बजे धनबाद स्टेशन पहुंची। स्टेशन पर सभी काे कतारबद्ध कर ट्रेन से उतारा गया। सभी की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। इसके बाद उनका स्वागत किया गया। 27 घंटे का सफर कर पहुंचे कामगाराें काे लंच पॉकेट अाैर पानी देकर बस से गृह जिला रवाना कर दिया गया। उपायुक्त अमित कुमार के निर्देश पर प्रवासी श्रमिकों का सहयोग एवं मार्गदर्शन के लिए पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बल की तैनाती प्लेटफार्म पर की गई थी। श्रमिकों को उनके संबंधित जिले तक पहुंचाने के लिए 46 बड़ी बस, एक छोटी बस तथा 9 छोटे वाहनों की व्यवस्था की गई थी। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 1198 migrant workers reach Dhanbad, sent home after investigation Full Article
1 बीसीसीएल में 15 मई के बाद वेतन भुगतान की संभावना By Published On :: Fri, 08 May 2020 01:47:00 GMT बीसीसीएल में उत्पन्न वित्तीय संकट के कारण मई माह का वेतन भुगतान 15 मई के बाद हाेने की संभावना है। कोरोना काे लेकर जारी लाॅकडाउन के कारण वेतन मिलने पर अगले दाे तीन महीने तक संकट के बादल मंडराते रहेंगे। काेविड के कारण कल कारखानाें के बंद हाेने से पावर प्लांटाें का उत्पादन गिरा है। पावर प्लांटाें ने काेयला कंपनियाें से काेयले की खरीद कम कर दी है। अप्रैल माह में बीसीसीएल का डिस्पेच मात्र एक मिलियन टन ही हाे सका।डिस्पेच नहीं हाेने से कंपनी के पास काेयले का स्टॉक जमा हाे गया है। लाॅकडाउन का असर काेयला के आक्शन पर पड़ रहा है। ई-आक्शन रद्द हाेने से इस मद में भी राशि नहीं मिल रही है।भुगतान के लिए पावर प्लांटों पर दबावकंपनी की वित्तीय स्थिति को देखते हुए पावर प्लांटाें से भुगतान करने के लिए पत्राचार किया जा रहा है। व्यक्तिगत स्तर पर फाइनेंस और सेल्स विभाग के अधिकारियाें द्वारा संपर्क स्थापित किया जा रहा है, ताकि भुगतान प्राप्त हाे सके। सीएमडी पीएम प्रसाद ने बताया कि काेविड-19 से बीसीसीएल समेत सभी संस्थान प्रभावित हैं। काेविड के प्रभाव से कंपनी काे उबारने का प्रयास जारी है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
1 कंटेनमेंट एरिया कुमारधुबी में 14 और डीएस काॅलाेनी में 16 मई तक रहेगा कर्फ्यू By Published On :: Fri, 08 May 2020 01:49:00 GMT कंटेनमेंट एरिया कुमारधुबी बाघाकुड़ी और डीएस काॅलाेनी अजंतापाड़ा में 28 दिनाें तक कर्फ्यू रहेगा। डीसी अमित कुमार ने कहा कि काेराेनाे पॉजिटिव का मामला प्रकाश में आने के 28 दिनाें तक एपिक सेंटर के आसपास के एरिया काे सील कर रखना है। अगर इस अवधि में काेई काेराेना पॉजिटिव मरीज नहीं मिलता है ताे कर्फ्यू काे हटा लेना है। कुमारधुबी के बाघाकुड़ी में 16 व डीएस काॅलाेनी में 18 अप्रैल काे काेराेना पॉजिटिव मरीज मिले थे। 16 अप्रैल की आधी रात से बाघाकुड़ी माेहल्ला के एपिक सेंटर के तीन किलाेमीटर काे सील कर कर्फ्यू लगा दिया गया था। वहीं, डीएस काॅलाेनी अजंतापाड़ा में 18 अप्रैल की आधी रात से कर्फ्यू लगाया गया था। बाघाकुड़ी एरिया में 14 मई तथा डीएस काॅलाेनी में 16 मई काे 28 दिनाें की मियाद पूरी हाे जाएगी। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
1 सूरत व बेंगलुरु से 1094 प्रवासी घर लौटे, होम क्वारेंटाइन में भेजा गया By Published On :: Fri, 08 May 2020 01:51:00 GMT वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के बढ़ते प्रसार से बचाव और रोकथाम के लिए सूरत, गुजरात में फंसे गिरिडीह जिला के 1094 श्रमिकों की घर वापसी हुई। सभी श्रमिकों को लेकर सूरत, गुजरात से विशेष ट्रेन से 3.15 बजे धनबाद स्टेशन पहुंची। बैंगलोर, कर्नाटक से विशेष ट्रेन से गिरिडीह जिला के फंसे 62 व्यक्ति बड़काकाना, स्टेशन रामगढ़ पहुंचे। जसीडीह, देवघर से श्रमिकों को लाने के लिए 2 बसों तथा डालटेनगंज, पलामू से श्रमिकों को लाने के लिए 2 बसों को भेजा गया था।जिला प्रशासन द्वारा धनबाद स्टेशन से सभी श्रमिकों को लाने केलिए प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी धीरेंद्र कुमार, कार्यपालक दंडाधिकारी के साथ 9 दंडाधिकारियों के नेतृत्व में 45 सैनेटाइज बड़ी बस सम्मान रथ तथा बड़काकाना, रामगढ़ से श्रमिकों को लाने के लिए प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी लोकेश सिंह के नेतृत्व में 2 बड़ी बसों के साथ तथा डालटेनगंज पलामू से श्रमिकों का लाने के लिए प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी धर्मदेव मंडल सहायक अभियंता, पथ प्रमंडल, गिरिडीह के साथ 2 बसों के साथ तथा जसीडीहए देवघर से श्रमिकों को लाने के लिए प्रतिनियुक्त पदाधिकारी अनिल कुमार, जिला भू-अर्जन कार्यालय के साथ 2 बसों की व्यवस्था की गई थी।सूरत से धनबाद स्टेशन से गिरिडीह जिला के गिरिडीह प्रखंड के 70, बिरनी के 106, बेंगाबाद के 116, बगोदर के 03, देवरी के 280, गांडेय के 23, गांवा 17, जमुआ 156, राजधनवार 208, सरिया 6, तिसरी 70 और डुमरी के 24 लोग शामिल थे। डीसी ने कहा कि जिले में वापस लौटे सभी श्रमिकों का रिसीविंग सेंटर ताराटांड़ में स्वास्थ्य जांच व स्वास्थ्य विभाग का क्वारेंटाइन मुहर लगाकर सभी का निबंधन करते हुए होम क्वॉरेंटाइन में रहने के निर्देश के साथ जिला प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने का आदेश दिया गया। देवरी प्रखंड के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय देवरी में बाहर से आए प्रवासी मजदूरों को गुरुवार को जांच कर होम क्वारेंटाइन में भेज दिया गया। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 1094 expatriates returned home from Surat and Bengaluru, sent to home quarantine Full Article
1 सूरत से आए 1208 श्रमिकों का जसीडीह रेलवे स्टेशन पर स्वागत, स्वास्थ्य जांच के बाद 14 दिन के होम क्वारैंटाइन में भेजा By Published On :: Fri, 08 May 2020 12:16:00 GMT केंद्र और राज्य सरकार के पहल के बाद लॉकडाउन की वजह से बाहर फंसे श्रमिकों, छात्रों और अन्य लोगों की घर वापसी का सिलसिला लगातार जसीडीह स्टेशन पर जारी है। शुक्रवार को गुजरात के सूरत में फंसे झारखंड के विभिन्न जिलों के 1208 मजदूरों को स्पेशल ट्रेन से जसीडीह स्टेशन लाया गया। इस दौरान स्टेशन पर ट्रेन को पहले पूरी तरह से सैनिटाइज्ड किया गया, जिसके बाद सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए एक-एक कर सभी श्रमिकों का स्वागत उपायुक्त सह जिला दण्डाधिकारी नैंसी सहाय एवं वरीय अधिकारियों के द्वारा किया गया एवं उनके सकुशल घर वापसी के लिए शुभकामनाएं दी गयी। इसके अलावे स्टेशन परिसर में स्वास्थ्य जांच के लिए बने काउंटर पर श्रमिकों की थर्मल स्कैनिंग भी की गई।स्टेशन पहुंचने के बाद सभी श्रमिकों को प्रशासन की ओर से नाश्ता, पानी उपलब्ध कराया गया जिसके बाद उन्हें घर भेजा गया।उपायुक्त ने सभी श्रमिकों को 14 दिनों तक होम क्वारैंटाइन के नियमों का पालन करने का निर्देश दिया गया। साथ ही सभी को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन एवं चिकित्सकों द्वारा दिए गए चिकित्सकीय परामर्श का भी पालन करते हुए साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की बात कही है। उपायुक्त ने बताया कि श्रमिकों को उनके गंतव्य स्थान तक भेजने के लिए प्रयोग किये जाने वाले बसों को पूरी तरह से सैनिटाइज्ड कर सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखा गया। इसके अलावे ट्रेन के भीतर से लेकर प्लेटफॉर्म तक हर जगह सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा रहा है।श्रमिकों को ट्रैन से उतारे जाने के बाद स्टेशन परिसर में स्वास्थ्य जांच के लिए बनाए गए काउंटर पर सभी की स्क्रीनिंग की गई।चिकित्सकों की विशेष टीम की थी तैनातीश्रमिकों के आगमन को लेकर उपायुक्त के निर्देशानुसार चिकित्सकों की विशेष टीम की प्रतिनियुक्ति भी की गयी थी, ताकि थर्मल स्कैनिंग और स्वास्थ्य जांच के साथ किसी भी अपात स्थिति में आने वाले लोगों के अन्य स्वास्थ्य संबंधी जांच भी किये जा सके।श्रमिकों को घर भेजने से पहले सभी बसों को प्रशासन ने सैनिटाइज्ड कराया था। बस के अंदर भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए श्रमिकों को बैठाया गया।सुरक्षा के दृष्टिकोण से उठाये गए सभी कदमश्रमिकों के आगमन को लेकर जसीडीह रेलवे स्टेशन परिसर को पूर्ण रूप से सैनिटाइज्ड किया गया। साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग के पालन के लिए बैरिकेडिंग कर जगह-जगह पर गोल घेरा का निर्माण कराया गया है। इसके अलावे सुरक्षित व्यवस्था व विधि-व्यवस्था के लिए जसीडीह स्टेशन परिसर में पर्याप्त संख्या में चिकित्सकों की टीम के साथ रेलवे के अधिकारी, जिला स्तर के दण्डाधिकारी एवं सुरक्षाकर्मियों की तैनाती भी की गई थी। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today सभी को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन एवं चिकित्सकों द्वारा दिए गए चिकित्सकीय परामर्श का भी पालन करते हुए साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की बात कही है। Full Article
1 गुजरात के मोरवी से कोल्हान के 1187 मजदूर स्पेशल ट्रेन से पहुंचे जमशेदपुर, वेल्लौर से भी पहुंचे 115 लोग By Published On :: Fri, 08 May 2020 12:34:32 GMT गुजरात के मोरवी में फंसे कोल्हान के 1187 मजदूरों को लेकर श्रमिक स्पेशल ट्रेन शुक्रवार दोपहर 4 बजकर 11 मिनट परटाटानगर रेलवे स्टेशन पहुंची। मजदूरों को रिसीव करने और उनकी जांच के लिए स्टेशन पर पूरी तैयारी की गई थी। श्रमिक स्पेशल ट्रेन गुरुवार को सुबह 10.40 बजे मोरवी से खुली थी। उधर, इलाज के लिए सीएमएसी वेल्लौर गए 1200 मरीजों व उनके परिजनों को लेकर स्पेशल ट्रेन शुक्रवार को रांची के हटिया रेलवे स्टेशन पहुंचीइसमें 115 लोग पूर्वी सिंहभूम जिले के थे। इन्हें लाने के लिए जिला प्रशासन ने जमशेदपुर से 5 बसें गुरुवार देर रात रांची भेजी थी।शुक्रवार को इन्हें लाने के बाद जांच के बाद होम क्वारैंटाइन में भेज दिया गया।निजी अस्पतालों में ई-ओपीडी सेवा जल्द, लगेंगी ट्रूनेट मशीनजमशेदपुर समेत राज्य के सभी निजी अस्पतालों में ई-ओपीडी (टेली कॉन्फ्रेंसिंग) सेवा जल्द शुरू होगी। साथ ही कोरोना की जांच के लिए ट्रूनेट मशीन लगाई जाएगी। मशीन का आर्डर दे दिया गया है। यह जानकारी स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव नितिन मदन कुलकर्णी ने दी। कहा कि डायबिटीज, हाइपरटेंशन समेत बहुत सी बीमारियों के मरीजों को नियमित रूप से डॉक्टरी सलाह की जरूरत होती है। इसलिए निजी अस्पतालों में भी टेली कॉन्फ्रेंसिंग से परामर्श देने की सुविधा शुरू की जा रही है। कुलकर्णी ने बताया कि राज्य में कुल 51 हजार 935 गर्भवती महिलाओं की सूची तैयार की गई है। इनकी डिलिवरी मई माह में होनी है। इसमें से 14691 पूर्वी सिंहभूम जिले की हैं। जिन महिलाओं को कोरोना जांच की जरूरत है।चक्रधरपुर में ओवरब्रिज पर परसा सन्नाटा। शुक्रवार को सुबह 11 बजे के बाद ओवरब्रिज पर एक-दो वाहन ही दिखाई दे रहेे है।एमजीएम में रिकॉर्ड 333 सैंपल की जांच, सभी की रिपोर्ट निगेटिवएमजीएम के वायरोलॉजी लैब में गुरुवार को 333 कोरोना संदिग्धों के सैंपल की जांच हुई। सभी की रिपोर्ट निगेटिव मिली है। इसमें कोल्हान सहित राज्य के दूसरे जिलों के भी शामिल हैं। यह एक दिन में अभी तक सबसे अधिक सैंपल की जांच रिपोर्ट है। वहीं, पूर्वी सिंहभूम जिले से कुल 75 संदिग्ध मरीजों का नमूना जांच के लिए भेजा गया है। इसमें एमजीएम, टेल्को, बहरागोड़ा, मुसाबनी, कदमा सहित अन्य जगहों के सैंपल शामिल हैं। इस तरह जिले में अबतक कुल 2178 संदिग्धों का नमूना लिया जा चुका है। इसमें 1850 की रिपोर्ट निगेटिव है। 328 की रिपोर्ट शुक्रवार को आने की संभावना है। वहीं, एमजीएम के विशेष ओपीडी में 150 लोगों की जांच हुई, जबकि सर्विलांस केंद्र में 25 लोगों का नमूना लिया गया।लॉकडाउन फेज-3 के पांचवें दिने शुक्रवार को चक्रधरपुर के सब्जी मंडियों में एतिहातन सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया गया। यहां सब्जी विक्रेता और खरीदार सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर जागरुक दिखे।शहर में 70 मेगावाट बिजली खपत घटीलॉकडाउन के कारण बिजली की खपत भी गैर कंपनी इलाकों में घटी है। अप्रैल और मई में अभी मानगो और जमशेदपुर डिवीजन में 80 से 90 मेगावाट बिजली की आपूर्ति हो रही है, जबकि पिछले साल अप्रैल और मई में दोनों डिवीजन में 150 से 160 मेगावाट बिजली की खपत हुई थी। गैर कंपनी इलाकों मानगो, कदमा, बारीडीह, गोविंदपुर, जुगसलाई, परसुडीह, सुंदरनगर, बागबेड़ा समेत कई इलाकों में बिजली की खपत में कमी आई है। लॉकडाउन होने के कारण इन इलाकों में उद्योग धंधे और दुकानें बंद हैं। ऐसे में सामान्य दिनों में होने वाली बिजली खपत जो 150 से 160 मेगावट होती थी, उसमें 70 मेगावाट बिजली की खपत घटी है। ईई पीके विश्वकर्मा ने बताया कि जमशेदपुर डिवीजन में पिछले साल अप्रैल और मई में 115 मेगावाट खपत हुई थी।शहर में नो एंट्री के चलते मरीन ड्राइव पर कई गाड़ियों को खड़ा कर दिया गया। इस दौरान ट्रकों और बड़ी गाड़ियों की लंबी कतार लग गई।लॉकडाउन में को-ऑपरेटिव कॉलेज कैंपस से छह पेड़ काट ले गए चोरलॉकडाउन में को-ऑपरेटिव कॉलेज के बंद होने का फायदा उठाकर चोरों ने परिसर से यूकेलिप्टस के छह पेड़ काट ले गए। बुधवार को जब कॉलेज खुला, तो इसकी जानकारी हुई। प्रिंसिपल डॉक्टर वीके सिंह ने कॉलेज के दोनों गार्ड को शोकॉज जारी किया है। गार्ड का कहना है कि कॉलेज कैंपस बहुत बड़ा है और वे मुख्य गेट पर तैनात रहते हैं। जहां पेड़ काटा गया है वह वहां से बहुत दूर है। इसलिए उन्हें इस बारे में पता नहीं चल सका। वहीं, इस पूरे मामले की शिकायत कॉलेज प्रशासन पुलिस में भी करने की तैयारी कर रहा है। इस मामले ने कॉलेज की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। 36 एकड़ में फैले कैंपस दो गार्ड के भरोसे है। एक समय में एक गार्ड रहता है। जिसके लिए पूरे परिसर पर नजर रखना कतई संभव नहीं है।शुक्रवार को जमशेदपुर न्यायालय दो घंटे के लिए खुला। इस दौरान कोर्ट परिसर में थोड़ी भीड़ देखने को मिली।जैप जवानों के सैंपल नहीं लेने पर सदर अस्पताल के उपाधीक्षक को शोकॉजसिविल सर्जन डॉक्टर महेश्वर प्रसाद ने सदर अस्पताल के ओपीडी में जैप जवानों की कोरोना जांच नहीं होने पर उपाधीक्षक डॉक्टर आरएन झा को गुरुवार को शो-कॉज जारी किया है। उनसे जैप जवानों का सैंपल नहीं लेने का कारण पूछा है। बताते चलें कि बुधवार को सदर अस्पताल में जांच नहीं होने पर जैप जवान साकची स्थित सर्विलांस कार्यालय पहुंच गए। इसकी सूचना मिलने पर सीएस ने उपाधीक्षक को नोटिस देकर ओपीडी के ड्यूटी डॉक्टर की भी जानकारी मांगी गई है। सीएस ने गायब रह रहे डॉक्टरों की भी सूची मांगी है।शुक्रवार को शहर के कई बैंकों के बाहर महिलाओं की लंबी लाइन देखी गई। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया गया।असम में 45 दिनों से फंसे जवाहर नवोदय विद्यालय बहरागोड़ा के 21 छात्र और शिक्षक आज लौटेंगे शहरअसम के गुवाहाटी में लगभग 45 दिनों से फंसे पूर्वी सिंहभूम के बहरागोड़ा स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय के 21 छात्र और दो शिक्षक अब जमशेदपुर लौट सकेंगे। इसमें बहरागोड़ा के पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी ने मदद की। मालूम हो कि लॉकडाउन से पूर्व एक्सचेंज कार्यक्रम के तहत बहरागोड़ा जवाहर नवोदय विद्यालय के 21 छात्र और दो शिक्षक असम के गोलपारा स्थित नवोदय विद्यालय गए थे। लॉकडाउन के कारण सभी छात्र और शिक्षक दूसरे राज्य में फंस गए। बुधवार को असम के गोलपारा से बच्चों को लेकर जमशेदपुर लौट रही बस को गुवाहाटी प्रशासन ने रोक दिया। इसके बाद सभी 21 स्कूली बच्चों और दो शिक्षकों को पकड़कर गुवाहाटी में क्वारेंटाइन सेंटर भेज दिया गया। असम सरकार ने कुणाल षाड़ंगी के ट्वीट पर संज्ञान लेकर गुरुवार को सभी को बस को जमशेदपुर रवाना कर दिया। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today शुक्रवार को गुजरात के मोरावी से श्रमिकों के टाटानगर स्टेशन पहुंचने के बाद उनकी स्क्रीनिंग की गई और फिर बसों के जरिए घर भेजा गया। उपायुक्त पूर्वी सिंहभूम, एसएसपी पूर्वी सिंहभूम, उपायुक्त पश्चिमी सिंहभूम एवं एसपी पश्चिमी सिंहभूम रेलवे स्टेशन में मौजूद रहे। Full Article
1 विश्व रेडक्रॉस दिवस पर 251 रक्त यूनिट संग्रह By Published On :: Fri, 08 May 2020 23:33:00 GMT विश्व रेडक्रॉस दिवस पर रेड क्रॉस सोसायटी द्वारा चांडिल सामुदायिक भवन में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन कर 251 रक्त यूनिट संग्रह किया गया। एसडीओ चांडिल के उपस्थिति में उक्त कार्यक्रम हुई जिसमें जिले के स्वास्थ्य विभाग का महत्वपूर्ण योगदान रहा। रेड क्रॉस सोसाइटी के सचिव डॉ डीडी चटर्जी ने स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में शामिल होकर ब्लड देने वाले लोगों का हौसला बढ़ाया और उन्हें प्रशस्ति पत्र दी। उन्होंने कहा कि रेड क्रॉस सोसायटी द्वारा प्रत्येक वर्ष विश्व एड्स दिवस पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं। इस वर्ष केवल रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिले में रेड क्रॉस की गतिविधि काफी अच्छी है ।प्रत्येक वर्ष हजारों की संख्या में लोगों को मदद की जा रही है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
1 10 साल में पहली बार मई में भरपूर पानी, घाटशिला प्रखंड में 20 मीटर की गहराई पर भी मिल रहा पानी By Published On :: Sat, 09 May 2020 00:13:00 GMT पश्चिमी विक्षोभ के कारण अप्रैल व मई में कई दिन बारिश हुई है। मई में आसमान में भादो महीने जैसा बादल छाए हुए हैं। थोड़े अंतराल में तेज बारिश हो रही है। इस बेमौसम बारिश की बदौलत बीते दस साल में इस वर्ष मई में ग्राउंड वाटर लेवल सबसे अच्छा है। प्रखंड भर में 12 से 20 मीटर की गहराई में पानी मिल रहा है। हर साल गर्मी के दिनों में वाटर लेवल 35 से 50 मीटर तक चला जाता था। इस वर्ष बारिश ने गर्मी में न तो नदियों को सूखने दिया और न ही तालाब व कुएं सूखे हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि इस साल कहीं भी अब तक हैंडपंप सूखने की समस्या नहीं सुनी गई है। गर्मी में हो रही बारिश के चलते पूरे इलाके में भू-जल रिचार्ज हुआ है। इसका फायदा आने वाले कई सालों तक मिलेगा। शहर की बात करें तो इन दिनों शहर के तालाब में पानी कम जरूर हुए पर सूखे नहीं हैं। कटिंगपाड़ा व गोपालपुर के दोनों मुख्य तालाब भरे हुए हैं। शहर के कई इलाके ऐसे हैं, जहां 15 मीटर की खुदाई के बाद ही पानी निकल जा रहा है। इस वर्ष निजी कुओं से लोगों को पर्याप्त पानी मिल रहा है। हर साल गर्मी में सूख जाने वाले कुओं में भी पर्याप्त पानी है। ग्राउंड वाटर के रिचार्ज होने का सबसे अधिक फायदा जल व स्वच्छता विभाग को पहुंचा है।इस वर्ष शहर में जलापूर्ति नहीं हो रही बाधितहर साल गर्मी के दिनों में शहर में जलापूर्ति व्यवस्था चरमरा जाती थी। इसकी मुख्य वजह सुवर्णरेखा नदी में पानी कम हो जाना था। बीते साल नदी की धार पतली हो जाने के कारण दाहीगोड़ा स्थित इंटकवेल तक पानी नहीं पहुंच पा रहा था। इससे शहर में जलापूर्ति बार-बार ठप हो रही थी। इसके अलावा नलों में पर्याप्त पानी की सप्लाई नहीं हो पा रही थी। इस वर्ष नदी में पर्याप्त पानी होने से ऐसी समस्या नहीं है। शहर में जलापूर्ति के लिए फिल्टर प्लांट में नदी से पानी लाया जाता है। नदी के पानी की धार को इंटेकवेल की अोर करने के लिए बालू भरकर बोरियां नदी में डाली जाती थी। इस बार ऐसी स्थिति नहीं है।मार्च और अप्रैल में बारिश होने से गर्मी का नहीं हो रहा अहसासवर्ष 2020 में ऐसा कोई महीना नहीं है, जिसमें बारिश न हुई हो। जनवरी में पहले दस दिन बारिश का मौैसम बना रहा। फरवरी में भी करीब 20 दिन बारिश हुई। मार्च व अप्रैल में भी बारिश होने से इस वर्ष गर्मी का एहसास नहीं हुआ। शहर सहित जिले के कई इलाकों में बुधवार की शाम को जमकर बारिश हुई थी। मौसम वैज्ञानिकों ने 10 मई तक बारिश की संभावना जताई है।बीते दस साल में पहली बार हैंडपंप मरम्मत की नौबत नहींबीते दस साल में यह पहली बार हुआ है जब हैंडपंप सुधारने के लिए मिस्त्री को किसी गांव में नहीं जाना पड़ा हो। हर साल मार्च से ही हैंडपंप सूखने की समस्या पैदा हाेने लगती थी। एक दो अपवाद को छोड़कर कहीं भी पानी की समस्या नहीं है। हालांकि हैंडपंप खराब होने की सूचना प्राप्त करने के लिए कंट्रोल रूम स्थापित कर नंबर जारी किया गया है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today For the first time in 10 years, water is available in May, Ghatsila block is getting water even at a depth of 20 meters Full Article
1 काशीडीह स्कूल में 100 ग्रामीणों को मिला चावल By Published On :: Sat, 09 May 2020 00:25:00 GMT शुक्रवार को सोमयडीह के काशीडीह स्कूल परिसर में फॉरेस्ट ब्लॉक पंचायत के बीहड़ क्षेत्र के 100 ग्रामीणों को विधायक रामदास सोरेन द्वारा दस-दस किलो चावल का वितरण किया गया। विधायक ने बताया कि वैसे ग्रामीणों को चावल बांटा गया, जिनके पास राशन कार्ड नहीं था। राशन कार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन दिया है। लॉकडाउन के कारण दिहाड़ी मजदूरी करने वाले लोगों को काम नहीं मिलने से दिक्कत का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे राशन से वंचित गरीब लोगों के लिए सरकार सकारात्मक सोच रखते हुए राशन मुहैया करा रही है। मौके पर झामुमो नेता कान्हू सामंत, के बी फरीद, प्रखंड अध्यक्ष प्रधान सोरेन, जिप सदस्य बाघराय मार्डी, सोमाय सोरेन, गोरांगो महाली, रामचंद्र मुर्मू, रवींद्रनाथ मार्डी, कालीपद गोराई, पंसस पावर्ती सिंह सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित थे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
1 महिलाएं 1 किमी पैदल चलकर ला रही हैं पानी By Published On :: Sat, 09 May 2020 00:48:00 GMT काशिदा पुराना पंचायत भवन के निकट टाेला के दाे चापाकल खराब रहने से करीब 100 परिवार की महिलाओंकाे 1 किमी पैदल दूरी तय कर पानी लाना पड़ रहा है। गांव की महिला सरस्वती बेलदार, गुरुवारी कर्मकार, सुजाता कर्मकार, गंगा मनी कर्मकार ने बताया कि उनके टाेला में दाे चापाकल हैं, लंबे समय से एक चापाकल खराब है। जबकि दूसरा चापाकल दाे दिनाें पूर्व खराब हाे गई। इससे उन्हें पीने का स्वच्छ पानी लेने के लिए काशिदा एल्यूमीनियम फैक्ट्री के निकट पेयजल श्राेत से पानी लेने के लिए करीब 1 किमी पैदल दूरी तय करना पड़ रहा है। पंचायत के मुखिया पाेल्टू सरदार और पीएचईडी विभाग के कर्मियाें से खराब चापाकल दुरुस्त करने की मांग की गई है। लेकिन अब तक मामले में काेई पहल नहीं किए जाने से उन्हें परेशानी हाे रही है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Full Article
1 वेल्लाेर से आए 119 लोगों का शहर पहुंचते ही लिया स्वाब, 28 दिन रहेंगे होम क्वारेंटाइन By Published On :: Sat, 09 May 2020 00:52:00 GMT वेल्लोर में फंसे जिले के 119 लोगाें काे शुक्रवार काे रांची से छह बसाें में जमशेदपुर लाया गया। इनमेंे इलाज कराने वालाें के साथ मजदूर भी शामिल हैं। सभी बसें पहले बिष्टुपुर के लोयोला स्कूल मैदान पहुंची। वहां मेडिकल टीम ने एक-एक व्यक्ति की स्वास्थ्य जांच की और स्वाब का सैंपल लेकर 28 दिन के लिए हाेम कवारेंटाइन में भेज दिया।स्वाब का सैंपल लेकर जांच के लिए एमजीएम भेजा गया। जिले में पहली बार एक साथ कोरोना जांच के लिए इतनी संख्या में स्वाब का सैंपल कलेक्ट किया गया। इससे पहले सुबह में इन लाेगाें काे लेकर स्पेशल ट्रेन रांची पहुंची। इनमें ज्यादातर वेल्लोर इलाज कराने गए थे। लेकिन लॉकडाउन में फंस गए। जबकि जिले के कुछ मजदूर भी फंसे थे। रांची से इन्हें लाने के लिए जिला प्रशासन ने मजिस्ट्रेट के साथ छह बसें भेजी थी। हटिया रेलवे स्टेशन पर थर्मल स्कैनर से जांच के बाद इन्हें जमशेदपुर के लिए रवाना किया गया। इधर, लाेयला स्कूल पहुंचने पर सोशल डिस्टेंसिंग की पूरी व्यवस्था थी। सभी काे घर भेजने से पहले इनका नाम, पता, फोन नंबर भी नाेट किया गया। एडीएम एनके लाल ने बताया कि सैंपल की जांच रिपोर्ट आने के बाद संक्रमण का पता चलेगा। तब तक सभी होम क्वेंरटाइन में ही रहेंगे।तीन दिव्यांगाें को दी ट्राईसाइकिल वेल्लोर से जमशेदपुर पहुंचने वाले तीन दिव्यांग भी थे। जो इलाज के लिए वेल्लोर गए हुए थे। वे वहां से आए तो उनकी राहत मिली। तीन विकलांगों को जिला प्रशासन ने ट्राइसाइकिल प्रदान किया गया। इलाज करने गई महिला ने बताया कि लॉक डाउन की अवधि में काफी परेशानी हुई। अपना शहर आने से राहत मिली।16 लोग रांची में थे क्वेंरटाइन रांची से आई बस में 16 ऐसे लोग भी थे, जिन्हें रांची जिला प्रशासन ने 28 दिन क्वेंरटाइन सेंटर में रखा था। सभी लाेग बहरागोड़ा और गालूडीह के प्रवासी मजदूर हैं। जिनको रांची में रखा गया था। इनकी भी सैंपल लिया गया है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Swab taken by 119 people from Vellar as soon as they reach the city, will be home quarantine for 28 days Full Article
1 Australia to end most COVID-19 restrictions by July By feeds.reuters.com Published On :: Fri, 08 May 2020 17:33:19 +0530 Australia will ease social distancing restrictions implemented to slow the spread of the coronavirus in a three-step process, Prime Minister Scott Morrison said on Friday, with the aim of removing all curbs by July. Lauren Anthony reports. Full Article
1 Africans scale back funerals to curb COVID-19 By feeds.reuters.com Published On :: Fri, 08 May 2020 20:52:21 +0530 Across Africa, centuries-old cultural traditions are being foregone in the wake of the COVID-19 pandemic, which has seen governments impose restrictions on gatherings and other practices around death and burial. Francesca Lynagh reports. Full Article