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55% सैंपल पॉजिटिव आ रहे थे, अब 6%; 286 सैंपल में से 19 पॉजिटिव, 3 की मौत

(नीता सिसौदिया) मध्य प्रदेश मेंकोरोना के हॉटस्पॉट बने इंदौर के लिए बुधवार को राहतभरी खबर आई। शहर में 286 सैंपल में 19 नए पॉजिटिव मरीज मिले हैं। 267 मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। यानी पॉजिटिव रेट 6.64% रह गया। इसके साथ ही कुल मरीजों की संख्या 1485 हो गई है। हालांकि, इसी दौरान तीन और लोगों की मौत भी हुई है। तीनों मृतक पुरुष हैं। इनकी उम्र 40 से 69 वर्ष के बीच है। लॉकडाउन के जिस दूसरे चरण ने इंदौर की चिंता बढ़ाई थी, उसी के अंतिम दौर में मरीजों की संख्या धीरे-धीरे कम होती जा रही है।

44 मरीज डिस्चार्ज

दूसरे चरण की शुरुआत में कुल सैंपल में पॉजिटिव की संख्या 55.59 प्रतिशत तक पहुंच गई थी। वो अब घटने लगी है। इसी बीच, बुधवार को तीन अस्पतालों से 44 मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया गया। अरबिंदो अस्पताल से 38, चोइथराम से 5 और एमआर टीबी अस्पताल से एक मरीज घर रवाना हुआ। सुदामा नगर निवासी श्रद्धा शर्मा ने बताया कि वो 16 अप्रैल को अरबिंदो अस्पताल में भर्ती हुई थीं। डॉक्टर्स, नर्स और स्टाॅफ की सेवा से स्वस्थ हुईं। कैलाश लहरी, सुरभि समाधिया, प्रवीण पोद्दार, संजू शर्मा औरजय रांका भी डिस्चार्ज हुए।



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इंदौर में पॉजिटिव मामलों की रफ्तार गिरी है। इसी दौरान स्वस्थ होने वालों की तादाद बढ़ी है।




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टाट पट्टी बाखल सहित 15 से ज्यादा स्थानाें पर पहुंची निगम टीम, मशीन से धुआं कर दवाई का छिड़काव किया

शहर में काेराेना संकट के बीच मच्छरोंका प्रकाेप बढ़ता जा रहा है। इनके काटने से डेंगू और मलेरिया सहित अन्य बीमारियां होने की आशंका बढ़ गई है। कोरोना के फैलते संक्रमण के साथ मच्छरों के काटने की वजह से लोग बीमार न हों, इसके लिए निगम स्वास्थ्य विभाग अमले ने मच्छराें काे मारने का अभियान चलाया है। इसी कड़ी में निगम की टीम शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में मच्छर मारने पहुंची और नदी-नालों सहित गली-मोहल्लों में दवाई का छिड़काव किया। इस दाैरान निगम टीम के साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम भी माैजूद रही।

काेराेना से बचाव के पूरे साधन के साथ पहुंची टीम ने पीपीई किट पहन रखी थी। निगमायुक्त आशीष सिंह के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग के अपर आयुक्त रजनीश कसेरा ने मच्छर मारने के अभियान की शुरुआत की है। कसेरा ने बताया कि गुरुवार काे 20 कर्मचारियों की टीम और दो धुआं मशीन के साथ टाट पट्टी बाखल, संपूर्ण लोधीपुरा, नरसिंह बाजार, कपड़ा मार्केट, शीतला माता मार्केट, मारोठिया बाजार, सिलावट पुरा, लोहार पट्टी, बड़ा सराफा, छोटा सराफा, बर्तन बाजार, बजाज खाना चौक, सत्ता बाजार, मालगंज क्षेत्र, एमजी रोड और मल्हारगंज में निगम द्वारा मच्छर नाशक दवाई का छिड़काव और मशीन से धुआं किया गया।

सैनिटाइजेशन में लापरवाही, मलेरिया विभाग इंचार्ज का 3 दिन का वेतन कटा
कोरोना और मच्छरों पर नियंत्रण के लिए सैनिटाइजेशन-फाॅगिंग में लापरवाही बरतने पर मलेरिया विभाग के इंचार्ज के तीन दिन का वेतन राजसात किया गया है। अपर आयुक्त स्वास्थ्य रजनीश कसेरा ने मलेरिया विभाग के इंचार्ज ब्रजलाल विश्नार से सैनिटाइजेशन-फाॅगिंग के संबंध में जानकारी मांगी तो वे जानकारी नहीं दे पाए। मामला निगमायुक्त आशीष सिंह तक पहुंचा तो उन्होंने लापरवाही मानते हुए विश्नार का 3 दिन का वेतन राजसात करने के निर्देश दिए। इसी प्रकार जोन 13 के कर्मचारी रमेश दत्तात्रय ने भी कार्य में असमर्थता जताते हुए ड्यूटी कैंसल करने का दबाव बनाया। उसका 7 दिन का वेतन राजसात किया गया।

निगम अधिकारी-कर्मचारी की तबीयत खराब हो तो 7440443321 पर बताएं
घर-घर जाकर स्क्रीनिंग कर रहे अधिकारी-कर्मचारी अस्वस्थ महसूस करने पर नोडल अधिकारी डॉ. नटवर शारडा से 7440443321 नंबर संपर्क कर सकते हैं। डाॅ. शारडा कलेक्टोरेट, सीएमएचओ ऑफिस, पुलिस को सूचित कर कर्मचारी की जांच व उपचार की व्यवस्था करेंगे। निगमायुक्त आशीष सिंह ने बताया निगम के विभिन्न विभागों, शाखा अधिकारी, कर्मचारी, सफाईकर्मी शहर में सफाई, सैनिटाइजेशन, किराना वितरण कार्य में लगे हैं। अब जोनल कार्यालयों के कर्मचारियों को भी घर-घर जाकर बीमारी संबंधी सर्वे में लगाया है। उनके स्वास्थ के लिए डॉ. शारडा जिम्मा सौंपा।



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नदी-नालों सहित गली-मोहल्लों में निगम ने दवाई का छिड़काव किया। इस दाैरान निगम टीम के साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम भी माैजूद रही।




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इंदौर में 2 मई से सैनिटाइज की गईं सब्जियां घर-घर मिलेंगी, एक पैकेट में 8 सब्जियां, रेट 150 रुपए होगा

नगर निगम की घर-घर सब्जी पहुंचाने की योजना 2 मई से शुरू होगी। लोगों को इसका ऑर्डर किराना वालों को देना होगा, जिनके नंबर नगर निगम द्वारा वितरित करवाएं गए है। जानकारी के अनुसार 2 मई से ही सब्जियों की डिलीवरी प्रारंभ हो जाएगी। 4 किलो के पैक में 8 तरह की सब्जियां होंगी, जिसका रेट 150 रुपए रहेगा।

खंडवा रोड पर 7 स्थानों पर इनकी पैकिंग के बाद अल्ट्रावॉयलेट किरणाें से सैनिटाइजेशन होगा। कलेक्टर मनीष सिंह और निगमायुक्त आशीष सिंह ने सभी 85 वार्ड के प्रभारियों के साथ बैठक कर योजना को फाइनल किया। ये पैकेट 10 रुपए डिलीवरी चार्ज जोड़कर 150 रुपए में लोगों को मिलेगा। फिलहाल एक व्यक्ति का एक ही ऑर्डर लिया जाएगा।

यह होगा पैक में- मिर्ची-200 ग्राम, अदरक-100 ग्राम, धनिया-200 ग्राम, नींबू-2, लौकी/गिलकी-1 किलो, भिंडी-500 ग्राम, टमाटर-1 किलो, सीजनल सब्जी 1 किलो (बैंगन, पालक, ककड़ी, गाजर, गोभी)



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कलेक्टर मनीष सिंह और निगमायुक्त आशीष सिंह ने सभी 85 वार्ड के प्रभारियों के साथ बैठक कर योजना को फाइनल किया।




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सेंट्रल जेल के एक और कैदी की कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट, अब तक 31 संक्रमित हुए

सेंट्रल जेल में बंद एक और कैदी की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसे मिलाकर जेल से जुड़े 31 लोगों को कोरोना संक्रमण हो चुका। इसके अलावा सेंट्रल जेल से 12 और कैदियों को अस्थाईजेल में शिफ्ट किया गया। अस्थाईजेल के 7 कैदियों को उपचार के लिए टीबी अस्पताल भेजा गया है।

बुधवार रात आई रिपोर्ट में सेंट्रल जेल में बंद सोनू नामक कैदी में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई। इससे पहले 27 अप्रैल की रात आई रिपोर्ट में 19 कैदियों में कोरोनावायरस की पुष्टि हुई थी। वहीं, 28 अप्रैल की रात आई रिपोर्ट में एक कैदी और एक प्रधान आरक्षक को कोरोना से पीड़ित बताया गया था। जिला जेल में बंद एक कैदी सद्दाम की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई थी। इस प्रकार अब तक जेल से जुड़े 31 लोगों में कोरोनावायरस की पुष्टि हो चुकी है।

जेल अधिकारियों के अनुसार, चंदननगर क्षेत्र में पत्थरबाजी करने वाले आरोपियों के जेल में आने के बाद से जेल में कोरोना की एंट्रीहुईथी। कोरोना के संक्रमण को देखते हुए असरावद खुर्द में अस्थाई जेल बनाई गई है, जहां 123 कोरोना पॉजिटिव और संदिग्ध कैदियों को रखा गया है। गुरुवार को सेंट्रल जेल में बंद 12 और कैदियों को सर्दी-खांसी की शिकायत के बाद अस्थाईजेल में शिफ्ट किया गया। अब अस्थाईजेल में कैदियों की संख्या बढ़कर 135 हो गई है। अस्थाईजेल के आइसोलेशन वार्ड में रह रहे 7 कैदियों को उपचार के लिए टीबी अस्पताल भेजा गया है।



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असरावद खुर्द स्थित अस्थाई जेल के आइसोलेशन वार्ड में कैदियों को रखा गया है।




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इंदौर अब बेहतर स्थिति में, अब सिर्फ 20 से 21 एरिया हॉट स्पॉट, करीब 25 लाख लोगों की स्क्रीनिंग हुई - सीएमएचओ

जिले में अब सिर्फ 20-21 हॉट स्पॉट एरिया हैं, जहां कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 10 से ज्यादा पाई गई है। पिछले दिनों से तुलना की जाए तो अब हम बेहतर स्थिति में हैं। अब तक इंदौर जिले में लगभग 25 लाख लोगों का स्वास्थ्य सर्वे किया जा चुका है। अभी जो लोग बचे हैं, दो से तीन दिन में उनके सर्वे भी कर लिए जाएंगे। सर्वे के दौरान करीब 9 हजार लोग ऐसे पाए गए थे, जिन्हें सर्दी-खांसी थी। डॉक्टरों द्वाराजांच में करीब 250 लोग संदिग्ध नजर आए, इनमें से जांच के बाद 100 लोगों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। पेंडिंग सैंपल की बात करें तोअबबचे हुए पुराने सैंपलों की जांचकरीब-करीब पूरीहो गई है। अब यह व्यवस्था होने जा रही है कि आए हुए सैंपलों की जांच उसी दिन कर ली जाए।कंटेनमेंट एरिया के सर्वे को पूरा कर लिया गया है। यह बातें गुरुवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रवीण जडिया ने कही।

उन्होंने बताया कि अब नई गाइड लाइन के अनुसार पॉजिटिव मरीजों के भर्ती को लेकर तीन श्रेणी बांटी गई है। इसमें लक्षण के अनुसार मरीजों को अलग-अलग रखा जाएगा। कोविड केयर सेंटर में उन्हें रखा जाएगा, जो पॉजिटिव तो हैं, लेकिन उन्हें किसी प्रकार की परेशानी नहीं है। वहीं, जिनमें कुछ ज्यादा लक्षण दिखाई दे रहे हैं, उन्हें डीसीएससी में रखा जाएगा। इसके अलावा ज्यादा गंभीर मरीजों को डीसीएच में रखा जाएगा।

अब तक 1485 लोग संक्रमित, 68 मरीजों ने तोड़ा दम
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि बुधवार को इंदौर में 286 टेस्ट लगाए गए थे, जिनमें से 267 सैंपल निगेटिव पाए गए। 19 टेस्ट पॉजिटिव आए। इस प्रकार अब जिले में पॉजिटिव मरीजों की संख्या 1485 हो गई है। 100 से ज्यादा लोगोंकी दूसरी रिपाेर्ट भी निगेटिव आ गई है। वहीं, अब तक 68 मरीजों की मौत हो चुकी है। सर्वे कार्य भी बफर जोन तक पहुंच चुका है। बहुत कम मात्रा में कोरोना के लक्षण वाले मरीज इस दौरान मिल रहे हैं। जो मिल रहे हैंउनके सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जा रहे हैं।



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नई गाइड लाइन के अनुसार अब पॉजिटिव मरीजों को लक्षण के आधार पर अलग-अलग भर्ती किया जाएगा।




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फंदे से उतारकर ले गई पत्नी, 15 दिन वेंटीलेटर पर रहने के बाद भी नहीं बच सका पति

बंबई बाजार में रहने वाले 30 वर्षीय एक युवक ने घर में रात को फांसी लगा ली, तभी उसकी पत्नी ने देख लिया। उसने शोर मचायाऔर परिवारवालों की मदद से पति को उतारकर निजी अस्पताल ले गई, जहां 15 दिन बाद पति ने दम तोड़ दिया।

पंढरीनाथ पुलिस के अनुसार, आशिक पिता अब्दुल समीर यहांकड़ाव घाट का रहने वाला था।उसने बुधवार देर रात को इलाज के दौरन बॉम्बे अस्पताल में तोड़ दिया। वह सरवटे बस स्टेंड क्षेत्र में पान की दुकान चलाता था। उसने 14 अप्रैल की रात को घर में फांसी लगा ली। तभी उसकी पत्नी की नींद खुल गई। उसने देखा पति फंदे पर झूल रहा है। उसने शोर मचाया और परिवार वालों को उठाया। परिजन उसे तत्काल निजी अस्पताल ले गए, जहां उसकी सांसें चल रही थी। उसे वेंटीलेटर पर रखा गया। आखिरकार 15 दिन बाद उसने अस्पातल में अंतिम सांसली। उसका एक बेटा है। परिजन का कहना है कि उन्हें आशिक की मौत का कारण नहीं पता, आखिर उसने आत्महत्या क्यों की है।



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परिजन का कहना है कि उन्हें नहीं पता आशिक ने आत्महत्या क्यों की। (प्रातीकात्मक फोटो)




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डॉक्टरों का मनोबल बढ़ाने के लिए दें अवॉर्ड,  हर मरीज भर्ती करें अस्पताल

स्वास्थ्य सेवाओं में शीर्ष पदों पर रहे 4 लोग और कोरोना से लड़ रहे अस्पतालों के प्रमुखों से बात करने, दूसरे शहरों की बेस्ट केस स्टडी देखने के बाद इन समस्याओं का समाधान ढूंढने की काेशिश

भास्कर हेल्थ एक्सपर्ट पैनल

1. कोरोना और नॉन कोरोना मरीजों को अस्पताल आते ही तवज्जो मिले, अभी ऐसा नहीं हो रहा, भटक रहे हैं लोग

हिना अंसारी को प्रसूति के लिए परिजन आयशा नर्सिंग होम ले गए। वहां बताया कि अस्पताल बंद है। पीसी सेठी अस्पताल चले जाओ, जबकि नौ महीने से हिना का इलाज वहीं की डॉ. नफीसा कर रही थीं। प्रसूति के ऐसे कई मामले हैं, जिनमें निजी अस्पताल वाले गर्भवती को सरकारी अस्पताल भेज रहे हैं। कोरोना और अन्य बीमारियों के मरीजों को भी कई अस्पतालों में भटकना पड़ रहा हैं। कुछ मामलों में तो मरीज की मौत भी हो गई। इनमें अस्पतालों पर लापरवाही का इल्जाम लगाया गया।
भास्कर सुझाव : कॉल सेंटर सिस्टम मजबूत हो, खाली बेड की जानकारी तुरंत मिले
सीएमएचओ कार्यालय सहित पुलिस, मेडिकल कॉलेज, एमवाय अस्पताल, कलेक्टोरेट में कॉल सेंटर व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत है। प्रशिक्षित कर्मचारियों की सेवाएं लेना होंगी। यलो और रेड कैटेगरी के अस्पतालों में बेड ऑक्यूपेंसी की जानकारी रोज स्वास्थ्य कार्यालय तक पहुंचना चाहिए, ताकि विभागीय अधिकारियों को पता रहे कि किस अस्पताल में कितने बेड खाली हैं। जिन लोगों के सैंपल लिए, उनकी रिपोर्ट जल्द मिले, ताकि संक्रमित मरीजों के साथ उन्हें अनावश्यक नहीं रुकना पड़े। वहीं, जगह-जगह लगे प्रदूषण बताने वाले डिस्प्ले बोर्ड पर अस्पतालों में मरीज, बेड की जानकारी दिखाई जाए।

2.डॉक्टर और नर्स को अद्भुत मनोबल, समर्पण से कोरोना से लड़ना चाहिए, अभी छुट्‌टी लेने जैसी बातें आ रही सामने

इसमें कोई शक नहीं कि डॉक्टर, नर्स और अन्य मेडिकल स्टाफ इस वक्त कोरोना से लड़ रहे हैं, लेकिन कई डॉक्टर इस लड़ाई में आगे ही नहीं आए। किसी ने अधिकारियों के फोन नहीं उठाए तो किसी ने छुट्‌टी ले ली। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के करीब 20 डॉक्टरों का वेतन रोकने और पांच आयुष डाॅक्टरों के पंजीयन निरस्ती के आदेश जारी हुए। वहीं, निजी डॉक्टर इसलिए इलाज करने नहीं जा रहे क्योंकि बिना लक्षण वाले मरीजों को पहचानना मुश्किल है। निजी अस्पतालों में आधा स्टाफ नहीं है।
भास्कर सुझाव : मेडिकल टीम को पुरस्कार दिए जाएं, अतिरिक्त भत्ते की व्यवस्था हो
हरियाणा में सरकार ने फ्रंट लाइन वर्कर्स के लिए प्रोत्साहन राशि का एेलान किया, लेकिन बाद में वहां के डॉक्टर और अन्य ने ही मना कर दिया। जबकि कोरोना वार्ड और फील्ड में काम करने वाले डॉक्टर और कर्मचारियों के लिए अतिरिक्त भत्ते की व्यवस्था होना चाहिए। हालांकि बात सिर्फ धन की नहीं है, लेकिन उन्हें यह अहसास करवाना अहम है कि वे हमारे लिए कितने महत्वपूर्ण हैं। यह भी अहसास करवाना जरूरी है कि वे सुरक्षित हंै। मेडिक्लेम की सुविधाएं मिलना चाहिए।उनके ठहरने के लिए अच्छे होटल का इंतजाम हो। पुरस्कार के जरिये उनका मनोबल बढ़ाया जा सकता है।

3. डॉक्टरों को पूरी सुरक्षा, भरोसा, प्रोत्साहन और हमारा समर्थन मिलना चाहिए, अभी इसमें भारी कमी है

अब तक 10 से ज्यादा डॉक्टर और आधा दर्जन नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ संक्रमण की चपेट में आ चुका है। एमवायएच और स्वास्थ्य विभाग के अस्पतालों से ड्यूटी लगाने में पक्षपात करने की शिकायतें आ रही हैं। दबे-छिपे हर कोई विरोध कर रहा है। ओपीडी में काम करने वाले स्टाफ को सिर्फ ग्लव्स और मास्क मिल पा रहा है। क्वारेंटाइन सेंटर में भी यही स्थिति है। नए स्टाफ को प्रशिक्षण दिए बिना ड्यूटी पर लगा दिया। डॉक्टर, नर्सों ने इसे लेकर सोशल मीडिया पर नाराजगी जताई।
भास्कर सुझाव : चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को भी मिले पीपीई किट, सुरक्षा का भरोसा दें
कई अस्पतालों के मेडिकल स्टाफ में सुरक्षा इंतजाम को लेकर डर का माहौल है। डर यह कि पीपीई किट केवल वार्ड में ड्यूटी करने वालों को मिल रहे हैं, जबकि जरूरत यह है कि सभी अस्पतालों में डॉक्टर से लेकर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को यह किट मिलना चाहिए। स्टाफ को यह भरोसा दिलाएं कि किट से संक्रमण होने कीआशंका जीरो हो जाती है। यानी, किट पहनने के बाद वे सुरक्षित हैं। सरकारी अस्पतालों में अच्छा वातावरण, वाशरूम और पानी की बेहतर सुविधाएं मिलना
चाहिए। सामान की खरीदी प्रक्रिया में फील्ड में काम करने वालों को शामिल किया जाना चाहिए।

4. नॉन कोरोना मरीज उपेक्षित नहीं हों, ये ध्यान रखना पड़ेगा, अभी ऐसे कुछ लोगों की इलाज न मिलने से मौत की खबरें

108 और अन्य एम्बुलेंस को कोरोना के मरीजों को शिफ्ट करने के काम में लगाया है, जबकि जरूरत 50 से ज्यादा एम्बुलेंस की है। एम्बुलेंस 108 की लाइन बिजी मिलती है। मरीजों की शिफ्टिंग भी इन्हीं से की जा रही है, जबकि दूसरी बीमारियों के मरीजों को एम्बुलेंस नहीं मिल पा रही है। उन्हें संक्रमण के डर से संदेह की दृष्टि से देखा जा रहा है। साेमवार को ही गंभीर रूप से बीमार पांडुराव चांदवे को परिजन क्लॉथ मार्केट अस्पताल लेकर पहुंचे। बताया गया कि यहां इलाज नहीं होगा। एम्बुलेंस नहीं मिली तो स्कूटी से लेकर एमवायएच पहुंचे। पांडुराव की तब तक मौत हो चुकी थी।
भास्कर सुझाव : एम्बुलेंस के लिए ऑनलाइन बुकिंग की जाए, अस्पतालों के अनिवार्य हो कि हर मरीज के लिए करें व्यवस्था
शहर के अस्पतालों में 85-90 एम्बुलेंस हैं। जिस तरह जुगनू, ओला और उबर कैब में यात्रियों की ऑनलाइन बुकिंग की जाती है, इसी तरह एम्बुलेंस में मरीजों को ले जाने के लिए केंद्रीकृत व्यवस्था की जाना चाहिए। अस्पताल में एक डेस्क बनाई जाए, जहां इनकी बुकिंग हों। अस्पतालों के लिए अनिवार्य होना चाहिए कि वे एम्बुलेंस मुहैया करवाएं।

5. कोरोना वार्ड ऐसे होने चाहिए कि मरीज को वहां रहना सजा न लगे, अभी बिस्तर और यूरिनल ही खस्ताहाल

शैल्बी अस्पताल के संक्रमित डॉक्टर को दूसरे अस्पताल में भर्ती किया तो वहां की हालत देख उन्होंने सोशल मीडिया पर पीड़ा बताई। कहा कि मैं यहां रहा तो बीमार हो जाऊंगा। टीबी अस्पताल से चार पॉजिटिव मरीज भाग गए और कई लोगों को संक्रमित किया। एमवाय के चेस्ट वार्ड से करीब छह संदिग्ध मरीज भाग गए। अमूमन सभी की पीड़ा यही है कि वार्ड में पीने के लिए गरम पानी
नहीं है। वॉशरूम गंदे हैं। बेडशीट नहीं बदली जाती। बेड के बीच दूरी नहीं है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
भास्कर सुझाव : मॉल-शॉपिंग कॉम्प्लेक्स जैसी सफाई हो अस्पतालों में, मनोरंजन के साधन हों, मरीजों में हो दूरी
जिस तरह मॉल्स और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में हजारों लोगों की आवाजाही के बावजूद सफाई रहती है, उसी तरह अस्पतालों में भी रहना चाहिए। वार्ड में मनोरंजन के साधन हों। स्वस्थ मरीजों के लिए अलग-अलग गतिविधियां होना चाहिए। वार्ड में जहां मरीजों को रखा जाता है, वहां पार्टिशन होना चाहिए।



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बाइक- ट्रक की भिड़ंत, 1 की माैत

राजगढ़ एवं दत्तीगांव के बीच गुरुवार देर शाम काे बाइक और ट्रक में भिड़ंत में एक की मौत हाे गई। एक गंभीर रूप से घायल हाे गया।जानकारी के अनुसार राजगढ़ थाना अंतर्गत चेतना डाबा के आगे मोड़ पर झाबुआ की अाेर से आ रहे ट्रक (जीजे 12 बीटी 5579) और राजगढ़ से झाबुआ की ओर जा रहे बाइक सवार में भिड़ंत हो गई। बाइक पर सवार दो लोगों को ट्रक ने रौंद दिया। ट्रक के अगले पहिए में अाने से बाइक पूरी तरह से चकनाचूर हो गई। एक व्यक्ति की मौत हो गई। उसके जेब से निकले आधार कार्ड में गिरधारी पिता गेंदालाल जामली रूपारेल जिला झाबुआ लिखा था। दूसरा व्यक्ति घायल हो गया।माैके पर सहायक उप निरीक्षक राजाराम भगोरे, निरीक्षक पेमा भूरिया पहुंचे। पुलिस ने बताया मृतक और घायल को सरदारपुर स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया है।



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105 मजदूराें काे पांच बसाें में बैठाकर इलाहाबाद और झांसी भेजा गया

इलाहाबाद और झांसी के मजदूराें काे 5 बसों में बैठाकर रवाना किया। मनावर, उमरबन, गंधवानी ब्लॉक के करीब 105 महिला, पुरुषों को भोजन के पैकेट देकर बस में निश्चित दूरी पर बैठाकर भेजा।
तहसीलदार सीएस धारवे ने बताया 3 बस इलाहाबाद, दो बस झांसी के लिए रवाना की गई है। इसमें तीनों ब्लॉकों के अप्रवासी लोग शामिल हैं। मनावर मांगलिक भवन में एक माह से रुके 16 लोगों को भी रवाना किया गया। उसमें एक महिला को 3 दिन पूर्व ही मनावर हॉस्पिटल में डिलीवरी हुई थी। जच्चा बच्चा दोनों स्वस्थ हाेने से उसे भी रवाना किया। इसके पूर्व मेला मैदान में सभी को एकत्रित कर जांच की।
बसों को सैनिटाइज किया। दूरी बना कर बैठाया। नायब तहसीलदार हितेंद्र भावसार, विजय तलवारे, जनपद सीईओ मोतीलाल काग, पटवारी नरेंद्र सिंह वास्केल व्यवस्था देख रहे थे।



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105 Majduras were sent to Allahabad and Jhansi after sitting in five settlements.




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पिछले 12 दिन में एक भी नया मरीज नहीं मिला, डॉक्टरों से बोले टाटपट्‌टी बाखल के रहवासी- हम आप लोगों के लिए दुआ करेंगे

टाटपट्टी बाखल... यानी इंदाैर की अदब की गली। ठीक एक महीने पहले 1 अप्रैल को यहां मेडिकल टीम पर पथराव हुआ था। तब से यहां बहुत कुछ बदल गया। सेहत की बात करें तो यहां कोरोना के 37 मरीज मिले थे, जिनमें से 32 स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। चार ही अस्पताल में भर्ती हैं। एक की मौत हो चुकी है। वहीं, क्वारेंटाइन किए गए सभी 92 लोग घर लौट चुके हैं। इनमें गुरुवार को लौटे छह लोग भी शामिल हैं। पिछले 12 दिन में यहां एक भी नया मरीज नहीं मिला। जो मिले, वो चिह्नित में से ही मिले। वहीं, सोच में बदलाव यह आया कि जहां डॉक्टरों पर पत्थर फेंके गए थे, वहां गुरुवार को लोगों ने कहा कि हम कोरोना वॉरियर्स के प्रति नतमस्तक हैं। जो छह लोग क्वारेंटाइन सेंटर से घर आए, उन्होंने भी डॉ. जाकिया, डॉ. तृप्ति, तहसीलदार चरणजीतसिंह हुड्डा सहित सभी मेडिकल-प्रशासन टीम को शुक्रिया कहा। कहा कि हम आप लोगों के हक में दुआ करेंगे।

...और डॉक्टरों ने दिए मरीजों को पौधे
1 अप्रैल : टीम क्षेत्र में सर्वे के लिए पहुंची तो कुछ लोग पत्थर मारने दौड़ पड़े थे। डॉक्टरों ने भागकर जैसे-तैसे खुद को बचाया।
2 अप्रैल : पथराव के बावजूद डॉ. जाकिया अौर डॉ. तृप्ति लोगों के बीच पहुंचीं।
3. आठ दिन पहले राऊ के क्वारेंटाइन सेंटर से लौटे लोगों को डॉक्टरों ने पौधे सौंपे।

विरोध के बीच संक्रमण भी था चुनौती
प्रशासन ने रहवासियों की टीमें बनाईं। तीन से ज्यादा टीमों ने जांच की। घर-घर सर्वे किया। 500 से ज्यादा सैंपल लिए। मेडिकल टीमों ने भी समझाइश दी कि इस वायरस से घबराने की जरूरत नहीं है। समय पर जानकारी देने और इलाज करवाने से आप जल्द स्वस्थ हो जाओगे। तब जाकर लोग सहयोग को तैयार हुए।


बेमतलब सड़कों पर न घूमें, घर में रहकर ही इबादत करें

मस्जिदों में नमाज अदा करने के बाद एक अच्छी पहल हो रही है। रोजाना सेहरी और इफ्तारी के वक्त मस्जिदों से रोजा रखने वालों को हिदायत दी जा रही है कि लाॅकडाउन का पालन करें। इफ्तारी के बाद घरों में ही रहें। बाजार बंद हैं। जबरन घर से बाहर निकलने का मतलब नहीं। चंद्रभागा स्थित कलालकुई मस्जिद से पिछले तीन दिन से लगातार यह समझाइश माइक से दी जा रही है। दरअसल, सेहरी और इफ्तारी के बाद कुछ लोग बाहर निकल आए थे। मस्जिद में लाउड स्पीकर से अचानक घर मंें जाने की चेतावनी जारी हुई तो लोग हक्के-बक्के भी रह गए। इसी तरह खजराना, बंबई बाजार की मस्जिदों में भी नमाज के तत्काल बाद लोगों को घरों में रहकर इबादत करने, परिवार के साथ ही रहने का कहा जा रहा है। रोजा खुलने के एकाध घंटे बाद ही लॉकडाउन की सख्ती सुस्त होती दिखती है। पुलिस भी समझाकर घर भेजने के बजाए खड़ी रहती है। रमजान शुरू होने के बाद से ही खासकर इफ्तारी के वक्त लोग बाहर आ रहे हैं। बंबई बाजार, कागदीपुरा की गलियों में, चंद्रभागा, खजराना मेन रोड पर लोग समूह बनाकर खड़े रहते हैं।



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सेहत की बात करें तो यहां कोरोना के 37 मरीज मिले थे, जिनमें से 32 स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। चार ही अस्पताल में भर्ती हैं।




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शुक्रवार को जारी रिपोर्ट में एक भी कोरोना पॉजिटिव नहीं, जिले में अब तक कुल 141 संक्रमित

रेड जोन में शामिल उज्जैन में शुक्रवार को एक भी कोरोनावायरस पॉजिटिव मरीज नहीं मिला। अब तक जिले में कुल141 कोरोना पॉजिटिव मरीज हैं। अब तक इस बीमारी से 24 मरीजों ने दम तोड़ दिया है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर अनुसूया गवली सिन्हा ने बताया किजिले सेभेजे गए सैंपलों में सभी18 की रिपोर्ट निगेटिव आई।शुक्रवार तक जिले से 3028 सैंपल कोरोना की जांच के लिए भेजे जा चुके हैं जिसमें से 2600 सैंपलों की रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है। कुल भेजे गए सैंपलों में से 335 सैंपलों को रिजेक्ट कर दिया गया था। शुक्रवार तक जिले में क्वारैंटाइन किए गए लोगों की संख्या 10712 है। कोरोना से ठीक होने पर चार मरीजों को डिस्चार्ज किया जा चुका है।

मैनेजर की मौत के साढ़े 3 घंटे बाद मिला शव, रात में अंतिम संस्कार

आरडी गार्डी में भर्ती ऑयल कंपनी के मैनेजर उम्र 57 साल निवासी नयापुरा जैन कॉलोनी की गुरुवार शाम 5 बजे मौत हो गई। अस्पताल से उनकी मौत की खबर परिवार के लोगों को टेलीफोन से मिली, लेकिन अस्पताल प्रबंधन के पास एंबुलेंस की व्यवस्था नहीं थी। रात 8.30 बजे शव को लाया जा सका और रात में अंतिम संस्कार करना पड़ा।


बुधवार दोपहर में उनकी तबीयत बिगड़ने पर परिवार के लोग सीएचएल मेडिकल सेंटर ले गए। यहां उन्हें आधे घंटे रखा और आरडी गार्डी भेज दिया। एंबुलेंस चालक और टीम के लोगों ने उनकी पत्नी को बीच में ही वाहन से उतार दिया। उस समय उनके पास मोबाइल तक नहीं था, वे पैदल ही अपने घर नयापुरा पहुंचीं। परिवार के लोगों को गुरुवार शाम सूचना मिली कि मरीज की मौत हो चुकी है। एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होने से शव शाम को नहीं लाया जा सका। रात में वाहन उपलब्ध होने पर शव को लाए। पत्नी को अंतिम दर्शन के लिए चक्रतीर्थ ले जाया गया। उसके बाद अंतिम संस्कार किया। मेडिकल कॉलेज के नोडल अधिकारी डॉ.अलोक सोनी का कहना है- शव की डबल पैकिंग होती है। एंबुलेंस उपलब्ध होने पर शव पहुंचाया जाता है। मरीज की हार्टअटैक से मौत हुई।



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पिछले कई दिनों से टावर चौक ऐसे ही सन्नाटे में डूबा है। यहां सभी रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी गई है। इस सन्नाटे की वजह से ही यह क्षेत्र अब तक कोरोना संक्रमण से मुक्त है।
सीएमएचओ कार्यालय द्वारा जारी रिपोर्ट।




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ड्यूटी पर नहीं आने वाले 10 डॉक्टरों को कारण बताओ नोटिस, विभागीय जांच के बाद कार्रवाई होगी

कलेक्टर मनीष सिंह ने 10 सरकारी डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरूकर दी। संबंधितडॉक्टर्सकई बार संपर्क करने के बाद भी काम पर नहीं आ रहे हैं। विभाग इन्हें नोटिस भी दे चुका है। बताया गया कि कारण बताओ नोटिस थमाने और विभागीय जांच के बाद आरोपी डॉक्टर्स कोनौकरी से बर्खास्त भी किया जा सकता।

स्वास्थ्य विभाग में ऐसे कई डॉक्टर्स हैं जो काम पर नहीं आ रहे हैं। कुछ तो फोन बंद किए हैं। पिछले महीने करीब 20 डॉक्टरों को नोटिस भी दिए गए थे। इसके बावजूद कई सीनियर डॉक्टर काम पर नहीं आ रहे हैं। इनडॉक्टर्सकी शिकायतें कलेक्टरेट पहुंचीं। एक स्त्री रोग विशेषज्ञ समेत सभी कोकारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। कलेक्टरका कहना कि सख्त कार्रवाई की जाएगी। अभी कारण बताओ नोटिस जारी करने के साथ ही इनकी विभागीय जांच भी शुरू करवा दीहै।



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विभाग द्वारा नोटिस जारी करने के बाद भी इनकी ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। (प्रतीकात्मक फोटो)




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इंदाैर में संक्रमिताें का आंकड़ा 1500 के पार पहुंचा, मृतकाें की संख्या भी 72 हुई

कोरोना संक्रमितोंके आंकड़े में इंदौर में लगातार इजाफा हो रहा है। गुरुवार देर रात आई रिपोर्ट में 28 और लोगों मेंकोरोना की पुष्टि हुई। 4 लोगों ने दम भी तोड़ा। इसके साथ संक्रमितों का आंकड़ा 1500 के पार पहुंच गया। जिले में अब तक 1513 लोग वायरस से संक्रमित हो चुके हैं। 72 लोगोंकी जान जा चुकी है।

गुरुवार को 285 सैंपल जांचे गए, इनमें 257 लोगोंकी रिपोर्ट निगेटिव आई। वहीं, अब तक जान गंवाने वाले 72 में से 45 मरीज ऐसे थे, जिन्हें शुगर, ब्लड प्रेशर समेत अन्य कई बीमारियां थीं। मरने वालों में 40 मरीजों की उम्र 50 से 70 साल के बीच थी। इनमें बीमारी का घातक प्रसार क्यों हुआ, इसका पता लगाने के लिए एमजीएम मेडिकल कॉलेज डेथ ऑडिट करवा रहा है। वह इनके सैंपल नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी पुणे भेजेगा।

187 लोग ठीक होकर घर लौटे

स्वास्थ्य टीमों ने गुरुवार को 550 सैंपल लिए, जो हर दिन के 300 से 400 सैंपल के मुकाबले ज्यादा हैं। अब तक 7926 सैंपलों की रिपोर्ट आ चुकी है। जिनमें से 1513 लोग संक्रमित पाए गए हैं। इनमें से जहां 187 लोग ठीक होकर अपने घर जा चुके हैं। वहीं, 1254 लोगों का इलाज जारी है। अब तक 1213 लोगों को क्वारैंटाइन हाउस से घर भेज दिया गया है। दूसरी, ओर वाटर लिली क्वारैंटाइन सेंटर से गुरुवार रात करीब 8 बजे एक मरीज भाग निकला। सुनेश पाहुजा नामक इस मरीज को हफ्तेभर पहले ही यहां लाए थे। सीएमएचओ डॉ. प्रवीण जडिया ने बताया कि अभी तक पाहुजा की रिपोर्ट नहीं आई है।


ज्यादा से ज्यादा टेस्ट लें : पीएस
चिकित्सा शिक्षा के प्रमुख सचिव संजय शुक्ला ने ज्यादा से ज्यादा सैंपल लेने और टेस्ट करने को कहा है। समीक्षा बैठक में शुक्ला ने मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम करने को कहा ताकि भविष्य में हर तरह की स्थिति से निपटा जा सके।

40 मृतक 50 से 70 साल के बीच के

  • 40 मृतकों की उम्र 50 से 70 साल के बीच थी। इनमें बीमारी का घातक प्रसार क्यों हुआ, पता लगाने के लिए एमजीएम सैंपल नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी पुणे भेजेगा।
  • 60% मरीज ए-सिम्प्टोमेटिक यानी बिना लक्षण वाले थे। इन्हें छींक भी नहीं आई, संक्रमित के संपर्क में आने से वे पॉजिटिव हो गए।
  • 1485 में से 80% पर बीमारी का अधिक असर नहीं हुआ। शहर में मिले मरीजों की औसत आयु 57 वर्ष के आसपास है।
  • हाई रिस्क ग्रुप को खतरा ज्यादा रहा। इसमें 5 साल से छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं, वृद्ध व बीमार शामिल हैं।
  • सीएमएचओ डॉ. प्रवीण जड़िया के मुताबिक, मरीज अन्य बीमारी से पीड़ित होता है तो उसकी प्रतिरोधी प्रणाली तुलनात्मक रूप से कमजोर हो जाती है।

कोरोना पॉजिटिव इमरा ने दिया बच्चे को जन्म, उसका भी होगा टेस्ट

कोरोना संक्रमण के खौफ के बीच 20 साल की इमरा के घर गुरुवार को खुशियों ने दस्तक दी। सेम्स कोविड अस्पताल में वह खुद कोरोना से लड़ रही हैं। फिलहाल मां और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। ग्रीन पार्क कॉलोनी निवासी 20 साल की इमरा और उनके पति दोनों कोरोना पॉजिटिव हैं। पीपीई किट से लैस डॉक्टरों और नर्सिंग टीम ने बुधवार रात इमरा की नाॅर्मल डिलीवरी करवाई। अब बच्चे का भी सैंपल भेजेंगे। बच्चे को मां के साथ ही रखा गया है।



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लॉकडाउन का पालन करवाने के लिए पुलिस ने खजराना और विजयनगर क्षेत्र में फ्लैग मार्च निकाला।




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प्रदेश के 9 रेड जोन जिलों में मालवा-निमाड़ के 6 जिले, हॉटस्पॉट शहर इंदौर में 1513, उज्जैन में 142 कोरोना पॉजिटिव

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव प्रीति सूदन ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर कोरोना के रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन के बारे में जानकारी दी है। देश के 130 जिलों में 3 मई के बाद भी सख्ती जारी रह सकती है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने इन्हें रेड जोन घोषित किया है। उन्होंने कहा है कि रिकवरी रेट बढ़ा है। इसी हिसाब से अब अलग-अलग इलाकों में जिलों को जोन वाइज बांटा जा रहा है। मध्यप्रदेश जोलिस्ट भेजी गई है,उसमें 52 में से 9 जिलों को रेड, 19 को ऑरेंज और 24 को ग्रीन जोन में रखा गया है। इसमें से रेड जोन में सबसे ज्यादा मालवा निमाड़ के 15 में से 6 जिले शामिल हैं। वहीं, ग्रीन जोन में केवल दो जिले हैं।

मालवा निमाड़ के 15जिलों के हाल

जिला जोन संक्रमित संख्या
इंदौर रेडजोन 1513
उज्जैन

रेडजोन

142
देवास

रेडजोन

26
खंडवा (ईस्ट निमाड़) रेडजोन 46

बड़वानी

रेडजोन

26
धार

रेडजोन

48
खरगोन ऑरेंज जोन 71
रतलाम ऑरेंज जोन 14
मंदसौर ऑरेंज जोन 19
शाजापुर ऑरेंज जोन 06
आगर-मालवा

ऑरेंज जोन

12
बुरहानपुर

ऑरेंज जोन

01
आलीराजपुर

ऑरेंज जोन

03
झाबुआ ग्रीनजोन 00
नीमच ग्रीनजोन 00
मध्य प्रदेश के जिलों में काेरोना संक्रमण की स्थिति।

    ये कैसा आकलन:खरगोन में 71 कोरोना संक्रमित, फिर भी ऑरेंज जोन में

    सीएमएचओ डॉ. दिव्येश वर्मा ने गुरुवार को हेल्थ बुलेटिन में बताया कि बीते 24 घंटे में 25 नए सैंपल भेजे गए। गुरुवार को 1 पॉजिटिव आया। अब जिले में 71 कोरोना संक्रमित हो गए।593 व्यक्ति निगेटिव मिले। जबकि 125 की रिपोर्ट शेष है। 8 सैंपल रिजेक्ट किए गए हैं। 7 लोगों की कोरोना संक्रमण से मौत हुई।22 लोग स्वस्थ्य हो चुके हैं। जिले में अब कुल 14 कंटेनमेंट एरिया घोषित हैं। 24 घंटे में 383 लोगों ने होम क्वारैंटाइन अवधि पूरी की है।

    रेड जोन में कंटेनमेंट क्षेत्र

    • इंदौर : जिले में कुछ 74 क्षेत्रों को कंटेनमेंट एरिया घोषित किया गया है। इनमें रानीपुरा, हाथीपाला, स्नेह नगर, खातीवाला टैंक, चंदन नगर, गुमास्ता नगर, टाटपट्‌टी बाखल, खजराना, मूसाखेड़ी, मनीषबाग, काेयला बाखल, निपानिया, लिंबोदी, आहिल्या पलटन, रवि नगर, सांईधाम काॅलोनी, एमआर 9, आजाद नगर, मनोरमागंज, वल्लभ नगर, पुलिस लाइन, मेडिकल कॉलेज गर्ल्स हॉस्टल, स्नेहलतागंज, उदापुरा, इकबाल कॉलोनी, गांधी नगर, अंबिकापुरी कॉलोनी, मोती तबेला, सागोर कुटी, सुखलिया, जवाहर मार्ग, पिंजारा बाखल, बंबई बाजार, गणेश नगर, उषागंज छवनी, लोहरपट्टी, जूना रिसाला, नयापुरा, समाजवाद नगर, नेहरू नगर, शिक्षक नगर, साकेत धाम, ब्रुकबांड कॉलोनी, सिद्वीपुरम कॉलोनी, ग्रीन पार्क, अनूप नगर, विद्या पैलेस, लोकमान्य नगर, साउथ तोड़ा, तिलक नगर, ब्रह्मबाग कॉलोनी, बुधबन कॉलोनी, सुदामा नगर, सैफी नगर, जबरन कॉलोनी, रूपराम नगर, पैलेस कॉलोनी, मरीमाता, विनोबा नगर, ओम विहार, लोधीपुरा, सांई रायल, सत्यदेव नगर, बड़वाली चौकी, साउथ बजरिया, विंध्यनगर, मिष्ती मोहल्ला, पल्हर नगर, शीतलामाता बाजार, लोकनायक नगर, छत्रीपुरा, कुशवाह नगर, प्रेम नगर, बीसीएम सिटी, एएसपी बंगला एरिया महू।
    • देवास : जिले में 18 केंटेनमेंट क्षेत्र घोषित किए गए हैं। इसमें जबरेश्वर मंदिर गली, शिमला कॉलोनी, स्टेशन रोड, पठानकुआं, पीठा रोड, नाहर दरवाजा, ग्राम लोहार पिपलिया, सिल्वर पार्क, स्वास्तिक नगर, रघुनाथपुरा, नई आबादी, सम्यक बिहार, आनंद नगर, वार्ड, हाटपिपल्या का क्रमांक 4 और वार्ड क्रमांक 9, टोंकखुर्द का वार्ड क्रमांक 1 और 2, कन्नौद का पनीगांव शामिल है।
    • खंडवा : जिले में कुल 18 कंटेनमेंट एरिया घोषित किए गए हैं। इसमें शहर के 12 और ग्रामीण के 6 क्षेत्र शामिल हैं। शहर में खानशाहवली संजय कॉलोनी, खड़कपुरा, मेडिकल कॉलेज, लाल चौकी, वार्ड क्रमांक - 43 मोघट थाने के पीछे, पदमकुंड वार्ड, संतोष नगर, आनंद नगर, गणेशतलाई, पड़ावा, बड़ाबम, रामेश्वर रोड श्रीमाली हॉस्पिटल के पीछे, हातमपुरा, परदेशीपुरा, पंधाना ब्लॉक के ग्राम गुड़ीखेडा रैयत, कुमठी, खिराला, बोरगांव बुजुर्ग, कृषि उपज मंडी पंधाना व ग्राम पाडल्या, तहसील खंडवा ग्राम दूगवाड़ा को कंटेनमेंट क्षेत्र घोषित किया गया है।
    • उज्जैन : जानसापुरा, अंबर काॅलाेनी, दानीगेट, काेट माेहल्ला, दिशावाल का बाड़ा, माेतीबाग, बेगमबाग, ताेपखाना, नागाैरी माेहल्ला, अमरपुरा, गांधाीनगर, कमरी मार्ग, केडी गेट, अवंतीपुरा, बंगाली काॅलाेनी, महानंदा नगर, सांई विहार काॅलाेनी, वल्लभ भाई मार्ग पटेल गली, मुनिनगर और कामदारपुरा शामिल
    • बड़वानी : बड़वानी जिले में रुकमणि नगर, रैदास मार्ग, सुतार गली, दर्जी मोहल्ला और पूजा स्टेट इसके अलावा सेंधवा में खलवाड़ी मोहल्ला, अमन नगर आदि।
    • धार : उतावद दरवाजा बख्तावर मार्ग, जानकी नगर, भाजी बाजार, पट्‌ठा चौपाटी, गांधी कॉलोनी, इस्लामपुरा, एलआईजी कॉलोनी,धरमपुरी तहसील के ग्राम बलवाडा, ए/एल 199 हाउसिंग काॅलोनी पीथमपुर और चौधरी काॅलोनी सागौर तहसील पीथमपुरआदि।


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    इंदौर में राज मोहल्ला क्षेत्र में रहवासी लाॅकडाउन के चलते छतों पर विभिन्न खेल जैसे क्रिकेट, पंतगबाजी, रस्सी कूद, हास्य, योग के जरिए खुद काे फिट रखने की कोशिश कर रहे हैं।




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    कोरोनावायरस से जंग जीतकर 40 लोग और घर लौटे, अब तक 291 मरीज ठीक हुए

    कोरोनावायरस के संक्रमण से स्वस्थ हुए 40 मरीजों को आज अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया। इनमें 20 मरीजों का उपचार नेमावर रोड स्थित इंडेक्स कॉलेज और 20 का उपचार अरबिंदो अस्पतालमें किया जा रहा था। अस्पताल के स्टाफ ने तालियां बजाकर इन्हें विदाई दी। शुक्रवार को अस्पताल से डिस्चार्ज हुए इन मरीजों के बादअबकोरोना के सक्रमण से स्वस्थ होने वालेमरीजों कीसंख्या बढ़कर 291 हो गई है।

    इससे पहलेगुरुवार को भी चार अस्पतालों से कोरोनावायरस की जंग जीतने वाले 30 मरीजों को छुट्‌टी दी गई थी।इंडेक्स अस्पताल से 13, एमआर टीबी से दो गर्भवती महिलाओं समेत 8, अरबिंदो से 5 और चोइथराम से 4 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया था। गुरुवार तक कुल 251 मरीज स्वस्थ हो चुके थे, जबकि शुक्रवार को कोरोना से स्वस्थ होने वालों की संख्या बढ़कर 291 हो गई है।

    उधर, गुरुवार रात प्राप्त रिपोर्ट में 28 नए मरीजों में कोरोनावायरस की पुष्टि हुई है। इसे मिलाकर इंदौर में कोरोना पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़कर 1513 हो गई है। अब तक इस बीमारी से 72 लोगों ने दम तोड़ दिया है।

    कोरोना पॉजिटिव इमरा ने दिया बच्चे को जन्म, उसका भी होगा टेस्ट

    कोरोना संक्रमण के खौफ के बीच 20 साल की इमरा के घर गुरुवार को खुशियों ने दस्तक दी। सेम्स कोविड अस्पताल में वह खुद कोरोना से लड़ रही हैं। फिलहाल, मां और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। ग्रीन पार्क कॉलोनी निवासी 20 साल की इमरा और उनके पति दोनों कोरोना पॉजिटिव हैं। पीपीई किट से लैस डॉक्टरों और नर्सिंग टीम ने बुधवार रात इमरा की नाॅर्मल डिलिवरी करवाई। अब बच्चे का भी सैंपल भेजेंगे। बच्चे को मां के साथ ही रखा गया है।



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    गुरुवार तक कुल 251 मरीज स्वस्थ हो चुके थे। शुक्रवार को कोरोना से स्वस्थ होने वालों की संख्या बढ़कर 291 हो गई।




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    21 दिन की बच्ची कोरोना पॉजिटिव, कम लोगों की मौजूदगी में की शादी; उधर न अर्थी को कंधा मिला न जनाजा गुलाब से सज सका

    शहर में 21 दिन की नवजात बच्ची भी कोरोना संक्रमण का शिकार हो गई। यह इतनी कम उम्र की इंदौर में और संभवत: मप्र में भी पहली मरीज है। उसे चोइथराम अस्पताल में भर्ती कराया है। उसके पिता एमवायएच के ब्लड बैंक में लैब टेक्नीशियन हैं और कुछ दिन पहले वे भी पॉजिटिव हो गए थे। इसके बाद प्रशासन ने उनकी पत्नी, नवजात और मां की जांच करवाई। इसमें बच्चे और उनकी मां में संक्रमण की पुष्टि हुई, पत्नी की तबीयत ठीक है। लैब टेक्नीशियन ने बताया कि वे ड्यूटी के दौरान दूसरे साथी से संक्रमित हुए थे। तबसे उनका एमआर टीबी अस्पताल में इलाज चल रहा है। रिपोर्ट आने के बाद उनकी मां को भी एमआरटीबी अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन समस्या ये है कि कोविड पीड़ित बच्चों के लिए उपचार की अलग व्यवस्था नहीं है। उनकी पत्नी चोइथराम अस्पताल लेकर पहुंची तो वहां राशि जमा करवाने को कहा। कलेक्टर तक मामला पहुंचा तो रेडक्रॉस से कुछ राशि दी गई।जन्म के समय बच्ची स्की डिलीवरी 21 दिन पहले हुई थी। तब वे स्वस्थ थे और वे ही पत्नी को साथ अस्पताल लेकर गए थे।

    मुहूर्त के दिन ही की शादी, घर में दूल्हा-दुल्हन के फेरे, छह लोग शामिल

    कुंदन नगर की योगिता नायक का विवाह विदुर नगर में रहने वाले राहुल संदोनी से तय हुआ था। 1 मई का मुहूर्त था। योगिता के घर में ही वर-वधू ने सात फेरे लिए। सिर्फ छह लोग शामिल हुए। भाई बनकर रस्म निभाने वाले सुमित साहनी के मुस्कान ग्रुप ने गृहस्थी का जरूरी सामान पेटी, मिक्सर, बर्तन, कपड़े आदि चीजें देकर शुभकामनाएं दीं।

    अंतिम दर्शन तो दूर, न अर्थी को कंधा मिला न जनाजा गुलाब से सज सका

    कोरोना से हो रही मौतों में न अर्थी को कंधा परिजन दे पा रहे हैं, न ही जनाजे को गुलाब से सजाने का मौका मिल रहा है। एक सफेद चादर में लिपटा शव श्मशान, क्रबिस्तान पहुंच रहे हैं। अन्य कारणों से हो रही मौत के मामले में भी यही हो रहा है। पुलिस की चेकिंग और बाजार बंद के बीच जगह-जगह घूमकर अंत्येष्टि का सामान इकट्ठा करना भी चुनौती है।
    अंतिम समय पूरा कुनबा भी श्रद्धांजलि नहीं दे पाया- पाटनीपुरा के रहने वाले मनोज का शव दनदनाती आई एंबुलेंस से सीधे मालवा मिल मुक्तिधाम पहुंचा। कंधा देने के लिए महज चार लोग थे। मटकी उठाने तक का संकट था। संक्रमण का खौफ एेसा कि पड़ोसी, रिश्तेदार भी अंतिम समय में मनोज को श्रद्धा के फूल अर्पित नहीं कर पाए। घर में मनोज की एक मुस्कराती तस्वीर को देखकर ही दुख मनता रहा। एमटीएच अस्पताल से परिजन ने केवल इतनी सूचना दे दी कि हम लोग श्मशान के लिए निकल रहे हैं।
    घर वाले की नजरें रोड पर ही लगी रही, वो सुपुर्दे खाक हो गए- ग्रीन पार्क में रहने वाले फिरदोस खान का इंतकाल हुआ। घर में कोहराम मच गया। रोते- बिलखते परिवार की नजर रोड पर थीं कि शव घर आएगा। इत्र, नए कपड़े पहनाकर विदा करेंगे, जनाजे को फूलों से सजाएंगे, लेकिन एमटीएच अस्पताल से सीधे क्रबिस्तान शव को भेज दिया गया। पीपीई किट, मास्क पहने चार लोगों में कौन रो रहा था, किसकी आवाज आ रही थी यह तक पता नहीं चल रहा था। एंबुलेंस से शव को उतारकर सीधे दफनाने के लिए भेज दिया।



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    शहर में 21 दिन की नवजात बच्ची भी कोरोना संक्रमण का शिकार हो गई। यह इतनी कम उम्र की इंदौर में और संभवत: मप्र में भी पहली मरीज है।




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    ड्यूटी नहीं दे रहे 10 डॉक्टरों को नोटिस, बर्खास्त भी हो सकते हैं

    भास्कर संवाददाता| इंदौर.कोरोना महामारी में ड्यूटी से गैरहाजिर रहने वाले 10 सरकारी डॉक्टरों को प्रशासन ने नोटिस जारी किया है। विभागीय जांच के बाद इन्हें नौकरी से बर्खास्त करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। इनमें से कुछ डॉक्टर्स तो फोन बंद करके बैठ गए हैं। पिछले महीने ऐसे 20 डॉक्टरों को नोटिस जारी किए गए थे। इन डॉक्टरों में पूर्व जिला अंधत्व निवारण कार्यक्रम अधिकारी डॉ. टीएस होरा भी शामिल हैं। पिछले साल शिविर के दौरान मोतियाबिंद ऑपरेशन में मरीजों की आंखों की रोशनी चली गई थी। सरकार ने कार्रवाई करते हुए डॉ. होरा को निलंबित कर दिया था।
    शेष | पेज 7 पर

    कोरोना संक्रमण के समय मेन पॉवर की कमी को देखते हुए डॉ. होरा का निलंबन बहाल किया था, लेकिन फिर भी डॉ. होरा ने काम करने में असमर्थता जता दी।
    कलेक्टर मनीष सिंह के मुताबिक डॉ. मधु भार्गव सिविल डिस्पेंसरी जूनी इंदौर, डॉ. रीना जायसवाल जिला चिकित्साल4य, डॉ. नीलम बरनवाल, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. टीएस होरा, डॉ. प्रीति शाह भंडारी अरण्य नगर, डॉ. मधु व्यास एमओजी लाइन, डॉ. भारती द्विवेदी जिला चिकित्सालय, डॉ. सतीश नेमा और डॉ. प्रियंका सखरिया पीएचसी होलकर कॉलेज के ड्यूटी पर नहीं आने की शिकायत मिली थी। एक अन्य स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. रुचि शेखावत को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

    आप इस संकट के समय में भी ड्यूटी क्यों नहीं करना चाहते?
    मैं ड्यूटी कर रहा था। नेहरू स्टेडियम की मीटिंग और जोन पर गया भी था, लेकिन फील्ड पर जाने में असमर्थता जताई थी।
    आपकी बहाली ही इसलिए हुई कि आप कोरोना के दौरान ड्यूटी कर सकें?
    मेरी उम्र 64 साल है। डायबिटीज और ब्लड प्रेशर की शिकायत है। पीपीई किट पहनकर इतनी देर रहना मेरे लिए संभव नहीं है। मैंने अपना पक्ष भी रखा। मैं प्रतिवेदन भेज चुका हूं, उम्र अधिक होने से फील्ड ड्यूटी के लिए मना कर रहा हूं।



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    विभागीय जांच के बाद इन्हें नौकरी से बर्खास्त करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।




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    जलूद में फॉल्ट से 16 कॉलोनियों में नहीं पहुंचा पानी

    जलूद में शुक्रवार काे बिजली फॉल्ट हो गया, जिसके कारण नर्मदा के तीनों चरण के पंप बंद हो गए। फॉल्ट तीन घंटे में सुधरा। इसके कारण 16 कॉलोनियों में पानी की सीधे अापूर्ति नहीं हाे सकी। नर्मदा प्रोजेक्ट के कार्यपालन यंत्री संजीव श्रीवास्तव ने बताया कि फाॅल्ट होने से पहले, दूसरे और तीसरे चरण के पंप सुबह 9.55 बजे बंद हो गए थे। सुधार कार्य पूरा होने के बाद 12.55 बजे पहले अाैर दूसरे चरण के पंप शुरू हुए। एक बजे तीसरे चरण से पानी की अापूर्ति शुरू हुई। इस देरी के कारण नर्मदा कंट्रोल रूम पर पहले और दूसरे चरण के पंप का पानी तीन बजे और तीसरे चरण का पानी साढ़े तीन बजे आ सका। इसके बाद टंकियां भरना शुरू हो सकी। पंप बंद होने से प्रिकांकाे कॉलोनी, मित्र नगर, प्रजापत नगर, सुदामा नगर, स्कीम 71, अन्नपूर्णा क्षेत्र, जानकी नगर, पवन नगर, पवनपुरी, चितावद, सिंधी कॉलोनी, अभिनव नगर, पालदा, त्रिवेणी, पालीवाल नगर, शीतल नगर कॉलोनी में सीधी सप्लाय प्रभावित हुई।



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    जलूद में शुक्रवार काे बिजली फॉल्ट हो गया, जिसके कारण नर्मदा के तीनों चरण के पंप बंद हो गए। फॉल्ट तीन घंटे में सुधरा।




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    जलूद में फॉल्ट से 16 कॉलोनियों में नहीं पहुंचा पानी

    जलूद में शुक्रवार काे बिजली फॉल्ट हो गया, जिसके कारण नर्मदा के तीनों चरण के पंप बंद हो गए। फॉल्ट तीन घंटे में सुधरा। इसके कारण 16 कॉलोनियों में पानी की सीधे आपूर्ति नहीं हाे सकी। नर्मदा प्रोजेक्ट के कार्यपालन यंत्री संजीव श्रीवास्तव ने बताया कि फाॅल्ट होने से पहले, दूसरे और तीसरे चरण के पंप सुबह 9.55 बजे बंद हो गए थे। सुधार कार्य पूरा होने के बाद 12.55 बजे पहले अाैर दूसरे चरण के पंप शुरू हुए। एक बजे तीसरे चरण से पानी की अापूर्ति शुरू हुई। इस देरी के कारण नर्मदा कंट्रोल रूम पर पहले और दूसरे चरण के पंप का पानी तीन बजे और तीसरे चरण का पानी साढ़े तीन बजे आ सका। इसके बाद टंकियां भरना शुरू हो सकी। पंप बंद होने से प्रिकांकाे कॉलोनी, मित्र नगर, प्रजापत नगर, सुदामा नगर, स्कीम 71, अन्नपूर्णा क्षेत्र, जानकी नगर, पवन नगर, पवनपुरी, चितावद, सिंधी कॉलोनी, अभिनव नगर, पालदा, त्रिवेणी, पालीवाल नगर, शीतल नगर कॉलोनी में सीधी सप्लाय प्रभावित हुई।



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    Water did not reach 16 colonies due to fault in Jalud




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    आखिर कौन हैं ये लोग: 42 किमी चले दंपती तब सवा किलो आटा, पावभर तेल मिला; भोजन के लिए 16 किमी चलती हैं मां-बेटी

    राहुल दुबे. रोज नया नाश्ता, सुबह और शाम अपनी पसंद का भोजन। दोपहर में लूडो और कैरम खेलना तो शाम को छत पर वाॅक करना। कोरोना काल के इस लाॅकडाउन में इतनी वैरायटी होने के बाद भी साधन संपन्न लोग बोरिंग और अवसाद का रोना रो रहे हैं, लेकिन आपको घर पर रहना अच्छा नहीं लग रहा है तो शहर की वीरान सड़कों पर सुबह से शाम तक घूम रहे इन लोगों की जिंदगी में झांक लीजिए।इनके लिए लाॅकडाउन कितनी कठिन परीक्षा लेकर आया हैै।

    केवल एक वक्त की रोटी के लिए कोई रोज 16 किलोमीटर पैदल चल रहा है तो कोई कई किलोमीटर दूर खेत में जाकर गेहूं का एक-एक दाना बीन रहा हैै। लंच पैकेट कहीं से बंटने की जानकारी मिल जाती है तो बाप, बेटी दौड़ लगाकर वहां जा रहे ताकि एक पैकेट मिल जाए। सड़कों पर तेज कदमों से सफर खत्म करते या पेड़ के नीचे कुछ मिनट सुस्ताते हुए लोगों से मैंने पूछा कि लाॅकडाउन और इतने भयानक संक्रमण के बीच आप क्या कर रहेे हैं? मास्क भी नहीं लगा रखा है! इतना पूछते ही सभी का दुख-दर्द फट पड़ा। रूआंसे होकर इन लोगों ने अपनी-अपनी पीड़ा बताई तो मैं दंग रह गया।

    ऐसी ही ये आठ कहानियां लाचारी और बेबसी की....

    दृश्य 1 : महीनेभर से आय नहीं, पत्नी-बेटी के लिए खाने की तलाश

    चोइथराम मंडी रोड पर 10 साल की बेटी के साथ ब्रजमोहन जोशी जाते हुए दिखे। दोनों के हाथ में एक-एक पैकेट था। पूछा कि आप एेसे क्यों घूम रहे हैं तो बोले- मंडी गेट पर खाना बंटने की खबर मिली तो यहां आ गए। मैं ज्योतिषी हूं। महीनेभर से एक रुपया भी नहीं मिला तो मजबूरी में पत्नी-बेटी के लिए लंच पैकेट तलाश रहे हैं। कच्चा अनाज भी मिला, लेकिन सिलेंडर, केरोसिन के पैसे नहीं हैंं।

    दृश्य 2 : एक वक्त भोजन, एक वक्त पानी पीकर काम चला रहे

    ब्रजमोहन के पीछे मदनलाल आ रहे थे। बोले- लाॅकडाउन के बाद दो-तीन दिन तो निकल गए। मैं वैसे तो 12-15 हजार रुपए महीना कमा लेता हूं, लेकिन 25 दिन से बहुत हालत खराब है। मजबूरी में एेसे लंच पैकेट लेकर गुजारा कर रहे हैं। एक वक्त भोजन कर रहे तो एक वक्त पानी पीकर काम चला रहे हैं। करीब चार बजे लंच पैकेट खाऊंगा ताकि शाम को भूख कम लगे। पानी पीकर सो जाएंगे।

    दृश्य 3 : गैस न केरोसिन, खाना पकाने के लिए बीन रही हैं लकड़ी

    तेजपुर गड़बड़ी की पुलिया पर बच्ची से लेकर अधेड़, बुजुर्ग महिलाएं दिखीं। सबके सिर पर लकड़ी का गट्ठर। पूछा- बीमारी फैल रही है। फिर क्यों घूम रही हो। इस पर सभी बोल पड़ी कि कच्चा राशन तो हमको मिल गया, लेकिन केरोसिन, गैस के पैसे नहीं हैं। कहीं भी मजदूरी नहीं मिल रही। इसलिए सूखी लकड़ी बीनने आए हैं। एक बार में इतनी लकड़ी ले जाते हैं कि दो-तीन दिन काम चल जाए।

    दृश्य 4 :16 किमी चलती हैं, कोई बचा खाना दे दे तो खा लेती हैं

    आईटी पार्क चौराहा पर लड्डू बाई और उनकी बेटी बेटी भगवती लिफ्ट मांग रही हैं। बोलीं हम विष्णपुरी के दो घरों में काम करती हैं। तेजाजी नगर के आगे हमारा घर है। रोज 16 किमी पैदल चलना पड़ रहा है, तब एक हजार रुपए महीना मिल पाता है। मां को चलने में दिक्कत है। तीन-चार बार रास्ते में बैठना भी पड़ता है। किसी घर से रात का बचा खाना मिल जाता है तो बैठकर वहीं खा लेते हैं।

    दृश्य 5 : सरकार ने राशन बांटा पर हमें तो कुछ भी नहीं मिला

    राजीव प्रतिमा पर कृष्णा बाई और पति मोहन मिल गए। पूछने पर कृष्णा बोलीं कि हम रेलवे स्टेशन के पास रहते हैं। राऊ तक आए थे ताकि खेतों में मजदूरी मिल जाए। दंपती 42 किमी चलकर सवा किलो आटा, पाव भर तेल, बेसन, मिर्च खरीद पाए। रोका तो इतना घबरा गए कि थैला खोल सामान देखने का बोलने लगे। बोले- सरकार ने कच्चा राशन बांटा, पर हमें नहीं मिला।

    दृश्य 6 : 13 किमी चलकर पगार के 500 रु. लेने गए, बैरंग लौटाया

    बिलावली तालाब के पास साईं धाम। मंदिर के बाहर कुंवरदेवी और जानकी देवी मिलीं। पूछा यहां क्यों बैठी हो तो कुंवरदेवी बोलीं- इंद्रपुरी के घरों में काम करती हैं। 12-13 किमी पैदल चलकर मार्च का पैसे लेने गए थे। किसी घर से 500 तो किसी से 700 लेना थे। हमारे मुंह पर कपड़ा देख किसी ने गेट से लौटा दिया तो कोई बोला अगले महीने आकर ले जाना।

    दृश्य 7 : महीनेभर से मजदूरी नहीं, शेड ही अब आशियाना

    जीपीओ तक आया तो टू व्हीलर वर्कशाॅप के शेड में तीन लोग बैठे मिले। पूछा यहां बैठकर खाना क्यों खा रहे हो। इनमें से एक भरत बोला कि हम नौलखा चौक पर मजदूरी करते हैं। खरगोन के रहने वाले हैं। पैदल गांव जाने की हिम्मत नहीं है। इसलिए महीनेभर से शेड के नीचे गुजर-बसर कर रहे हैं। पास में हनुमान मंदिर पर कोई न कोई खाना बांटने आता है। बस उसी से काम चल रहा है।

    दृश्य 8 : घराें का काम छूटा, खेतों से गेहूं बीनकर कर रहीं हैं गुजारा


    आईटी पार्क चौराहा से आगे मछली पालन केंद्र के गेट पर 11 महिलाएं मिलीं। मैंने पूछा यहां बैठकर गेहूं क्यों छान रही हो? रजनीदेवी बोलीं हम मांगने वाले नहीं हैं। घरों में झाड़ू-पाेछा कर रोटी बनाते हैं। लाॅकडाउन हुआ तो किसी ने पैसे नहीं दिए तो किसी ने गेट तक नहीं खोला। अब खंडवा रोड पर जिन खेतों में गेहूं कट गया है, वहां से गेहूं बीनते हैं। इसे साफ कर घर ले जाते हैं। इसी से भूख मिटा रहे हैं।



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    तेजपुर गड़बड़ी की पुलिया पर बच्ची से लेकर अधेड़, बुजुर्ग महिलाएं दिखीं।




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    लॉकडाउन में पत्नी से दहेज में 10 लाख मांगे, पति,सास-ससुर और जेठ पर केस

    लॉकडाउन के बाद भी महिलाओंको प्रताड़ित करने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। अब तक एक महीने में 50 से ज्यादा शिकायतें घरेलू हिंसा की आ चुकी हैं। शुक्रवार रात को विजयनगर पुलिस को एक महिला ने पति व ससुराल वालों के खिलाफ केस दर्ज करवाया, कहा कि वे उससे दस लाख रुपए की मांग कर रहे थे।

    विजय नगर पुलिस ने स्कीम नंबर - 54 में रहने वाली किरण चौहान की शिकायत पर उसके पति राजेश चौहान, सास मालती चौहान, ससुर परशुराम चौहान और जेठ संतोष के खिलाप दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज करवाया है। महिला ने बताया कि उसका पति सास-ससुर व जेठ ने उसे जमकर पीटा। आए -न धमकाते थे और फिर दहेज में 10 लाख रुपए लाने की मांग करने लगे। आखिर में उसे बहुत परेशान कर घर से निकाल दिया। उधर, अन्नपूर्णा पुलिस ने जनसेवा नगर की विनिता की रिपोर्ट पर भी ससुराल वालों के खिलाफ मारपीट और प्रताड़ना का केस दर्ज किया है।



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    प्रतीकात्मक फोटो।




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    लॉकडाउन बढ़ने के साथ ही हाईकोर्ट और अधीनस्थ कोर्ट में 17 मई तक नहीं होगी नियमित सुनवाई

    मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने शनिवार कोनई एडवाइजरी जारी कर प्रदेश की सभी अदालतों में 17 मई तक नियमित सुनवाई नही किए जाने के निर्देश दिए है। हाईकोर्टके रजिस्ट्रार जनरल राजेंद्र कुमार वाणी ने आज हाईकोर्ट के चीफ जस्टिसएके मित्तल के आदेश पर एकपरिपत्र जारी किया है। जिसके मुताबिक,हाईकोर्ट की मुख्य बेंच जबलपुर के अलावा इंदौरऔर ग्वालियर बेंचमेंकिसी का भी प्रवेश पर बैन लगा दिया गया है। कोई भी प्रशासनिक या न्यायिक कार्य ई-मेल के जरिए जबलपुरके रजिस्ट्रार जनरल या रजिस्ट्रार ज्यूडीशियल द्वारा दोनों बेंचोंके प्रिंसिपल रजिस्ट्रारों को भेजे जाएंगे।

    निचली अदालतों में आगामी आदेश तक प्रवेश पूरी तरह से बैन
    निचली अदालतों में भी आगामी आदेश तक प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। अर्जेन्ट मामले की सुनवाई हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस या जिला अदालतों में संबंधित जिला सत्र न्यायाधीशों या फैमिली कोर्ट के प्रिंसिपल जज की अनुमति के बिना नहीं हो सकेगी। अर्जेन्ट मामलों की अनुमति मिलने पर संबंधित वकील या उनके पक्षकार को बताया जाएगा कि उन्हें किस जगह पर जाकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपना पक्ष रखना है।

    न्यायिक अधिकारियों व कर्मचारियों को फोन एक्टिव रखना होगा
    पूर्व आदेश के अनुसार हाईकोर्टकी इंदौर बेंचमें अर्जेंट मामलों की सुनवाई नहीं किए जाने के संबंध में पारित आदेश को निलंबित कर दिया गया है। प्रदेश के सभी न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने मोबाईल फोन को एक्टिव मोड में रखना होगा। ऐसा इसलिए ताकि जरूरत पड़ने पर उनकी सेवाएं ली जा सकें। किसी भी अप्रत्याशित परिस्थिति में ऊपर दिए गए निर्दशों के तहत हाईकोर्ट या अन्यनिचली अदालतों में कामकाज हो सकेगा, लेकिन उसके पहले चीफ जस्टिस से अनुमति लेना जरूरी होगा। समय-समय पर केंद्र और राज्य सरकार द्वारा जारी किए जाने वाले दिशा-निर्देशों का सभी संबंधितों को अक्षरशः पालन करना होगा। किसी भी रूप में इन निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।



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    हाईकोर्ट ने लॉकडाउन दो हफ्ते बढ़ने के साथ नई एडवाइजरी जारी की है।




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    मिक्सर मशीन में छिपकर 14 मजदूर महाराष्ट्र से लखनऊ जा रहे थे, उज्जैन के पास पकड़े गए

    सीमेंट की मिक्सर मशीन में बैठकरमहाराष्ट्र से लखनऊ जा रहे 14 मजदूरों को उज्जैन के पास ट्रैफिक पुलिस ने शनिवार कोपकड़ लिया। ये मजदूर लॉकडाउन की वजह से कामकाज बंद होने के बाद परेशानियों का सामना कर रहे थे।

    लॉकडाउन की वजह से बस और ट्रेन बंद हैं। ऐसे में इन मजदूरों को अपने गृह राज्य तक पहुंचने के लिए कोई वाहन नहीं मिल रहा था।

    सूबेदार की सूझबूझ से पकड़ाए मजदूर

    डीएसपी ट्रैफिक उमाकांत चौधरी ने बताया कि शनिवार सुबह इंदौर उज्जैन सीमा के पंथपिपलाई बॉर्डर पर ट्रैफिक के जवानोंने एक मिक्सर मशीन को निकलते देखा। सूबेदार अमित यादव को लगा कि जब निर्माण के काम बंद हैं, ऐसे में यह मिक्सर मशीन इतने लंबे रूट पर क्यों जा रही है।ड्राइवर से चर्चा की। शक होने पर मिक्सर पर कान लगाकर सुना तो अंदर कुछ आवाज आ रही थीं। ढक्कन खुलवाया तो देखा कि उसमें14 लोग बैठे थे।


    चालक के खिलाफ केस दर्ज

    मजदूरों कोएक गार्डन में रोका गया है, जहां से जल्द ही बस से घर भेज दिया जाएगा। मिक्सर जब्त कर लिया गया है। उसके ड्राइवर के खिलाफ सांवेर थाने में केस दर्ज कर लिया गया है।



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    पुलिस ने मिक्सर रोका तो चालक घबरा गया। मशीन का ढक्कन खोला गया तो अंदर मजदूर छिपे बैठे थे।




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    उज्जैन में दो साल की बच्ची समेत 9 लोग कोराेना संक्रमित, अब तक कुल 156 पाॅजिटिव, 30 लाेगाें की जान गई

    धार्मिक नगर उज्जैन में कोरोना का संक्रमण लगातार पैर पसार रहा है। शनिवारजारी रिपोर्ट में 9नए मामले सामने आए। वहीं, तीनलोगों की मौत की पुष्टि हुई। इसे मिलाकर जहां संक्रमितों का आंकड़ा अब 156पहुंच गया है। वहीं, मरने वालों की संख्या 30 हो गई है। संक्रमितों में नागदा और बड़नगर के लोग भी शामिल हैं। उज्जैन में बेगम बाग की करीब दो सालबच्ची में भी कोरोना की पुष्टि हुई है। इसके अलावा ज्यादातर पाॅजिटिव मरीज कंटेनमेंट एरिया से ही हैं।


    केडी गेट व कमरी मार्ग सबसे ज्यादा संक्रमित
    सबसे ज्यादा असर भार्गव मार्ग, केडी गेट, कमरी मार्ग के कंटेनमेंट एरिया में है, जहां 29 पॉजिटिव हैं। दूसरा नागौरी मोहल्ला, तोपखाना, अमरपुरा कंटेनमेंट क्षेत्र है जहां 25 पॉजिटिव हैं। तीसरा बेगमबाग, जबरन कॉलोनी कंटेनमेंट है जहां 12 पॉजिटिव हैं। सबसे पहले कंटेनमेंट क्षेत्र बने जांसापुरा में 8, गीता कॉलोनी, पटेल मार्ग, रविंद्रनाथ टैगोर मार्ग एरिया में 7 पॉजिटिव हैं। 9 कंटेनमेंट एरिया में 1-1, 3 में 2-2 तथा 2 में 3-3, 1 में 4 तथा 2 में 5 पॉजिटिव मरीज मिले।


    10 लोगों को हाई बीपी और शुगर थी
    कोरोना पॉजिटिव सबसे ज्यादा 10 लोगों की मौत हाई बीपी, अस्थमा, दिल की बीमारियां, शुगर के कारण चपेट में आने से हुई है। कोरोना के लक्षणों वाली बीमारियों से 4 तथा 11 अन्य की मौत कोरोना के साथ हाईपरटेंशन व बीमारियों के कारण चपेट में आने से हुई। विश्लेषकों ने पीड़ितों की बीमारियों को 12 केटेगरी में रखा है। विश्लेषकों के अनुसार जिन मरीजों को पहले से हाइपरटेंशन, शुगर, अस्थमा, बीपी जैसी गंभीर बीमारियां हैं, उन्हें बहुत सावधान रहना चाहिए। यदि उन्हें कोरोना के प्रमुख लक्षण जैसे सर्दी, जुखाम, बुखार, सिरदर्द, सांस लेने में परेशानी आदि नजर आते हैं तो तुरंत जांच कराना चाहिए।


    23 अप्रैल- कोरोना ब्लॉस्ट का दिन
    25 मार्च को पहला पॉजिटिव मिला था। इन दिनों में 23 अप्रैल ऐसी तारीख है जो कोरोना विस्फोट के रूप में जानी जाएगी। इस दिन 43 पॉजिटिव मिले। इसके पहले 22 को 20 और इसके बाद 24 को 15 पॉजिटिव आए। 39 में से 15 दिन सुकून के थे जब एक भी पॉजिटिव नहीं आया।



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    वार्ड एक के पार्षद संजय कोरट अपने 10 कार्यकर्ताओं के साथ पारस नगर, राम नगर, कोलूखेड़ी, आबूखाना, तोड़ी बस्ती आदि क्षेत्रों में रोजाना 400 परिवारों तक भोजन व सूखी खाद्य सामग्री पहुंचाते थे। हालांकि बढ़ते संक्रमण की वजह से 5 कार्यकर्ताओं ने आना बंद कर दिया।




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    इंदौर में कोरोना से जंग जीतकर 115 लोग अस्पतालों से डिस्चार्ज, घर जाने से पहले पौधरोपण किया; भारत माता के जयकारे भी लगाए

    शनिवार को 6 अस्पतालों से 115 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया। इस मौके पर अरबिंदो अस्पताल प्रबंधन ने स्वस्थ हुए मरीजों से परिसर में पौधरोपण कराया। मरीजों ने घर जाने से पहले जय श्री राम, भारत माता की जय और वंदे मातरम के जयकारे भी लगाए। लोगों का कहना था कि हम यदि आज अपने घर लौट रहे हैं तो इसका पूरा श्रेय डॉक्टर्सऔर मेडिकल स्टाफ काे जाता है, जिन्होंने हमारी इतनी सेवा कर हमें ठीक किया।

    आज एमआरटीबी से एक, अरबिंदो हॉस्पिटलसे 54, प्रेसिडेंट पार्क से 19, चोइथराम हॉस्पिटलसे 3, वाटर लिली हॉस्पिटल से 27, रॉबर्ट नर्सिंग होम से11 मरीज स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किए गए। अरबिंदो के मरीजों ने डॉक्टर्स, नर्सेस, पैरामेडिकल और सफाईकर्मियों को काहाथ जोड़कर धन्यवाद किया।

    सिलावट ने माना टेस्टिंग किट की कमी, बोले-जल्द मंगवाएंगे

    कोरोना संकट से देशभर में सबसे ज्यादा प्रभावित शहरों में एक इंदौर में टेस्टिंग किट की कमी को जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने भी स्वीकार किया है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने माना कि अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है। उन्होंने टेस्टिंग किट बहुत जल्द उपलब्ध करवाने के लिए मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से चर्चा की बात कही। मंत्री ने कहा कि इंदौर रेड जोन में जरूर है, लेकिन अब तेजीसे काम हो रहा है। पीपीई किट से लेकर हर जरूरी सुविधा बढ़ाई जाएगी। अब ठीक होने वाले मरीज़ों की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है। सारे अस्पतालों पर भी सरकार की नजर है। हर शिकायत को भी गंभीरता से ले रहे हैं। सांवेर विधानसभा उपचुनाव की तैयारी के चलते ही वहां जाने के सवाल को वे टाल गए। सिर्फ यही कहा कि एक मंत्री के नाते लोगों तक पंहुचना और समस्या जानना मेरी जिम्मेदारी है।



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    अरविंदो अस्पताल से 53 मरीज डॉक्टर्स काे धन्यवाद देकर घर के लिए रवाना हुए।




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    पहले ही दिन 18 हजार घर पहुंची सब्जी; शिकायतें खराब व कम की

    नगर निगम ने किराना के बाद अब सब्जियां भी घर-घर पहुंचाने की व्यवस्था शनिवार काे शुरू की। पहले दिन 19522 ऑर्डर किराना व्यापारियों को मिले। शाम तक 19 जोन के 18068 घरों तक सब्जियां डिलीवर कर दीं। तीन जोन में सब्जियों के खराब होने, कम वजन और तय आठ आइटम में से दो या तीन कम होने की शिकायतें आईं। एक व्यक्ति ने फेसबुक पर खराब सब्जियों की पोस्ट डाल दी। उसकी सब्जियां तो निगम अधिकारियों ने बदलवा दी लेकिन बाकी लोगों को खराब ही रखना पड़ीं।
    संगम नगर : कम मात्रा में सब्जी पहुंचाने की भी शिकायतें
    संगम नगर और उसके आसपास के क्षेत्र में कई लोगों को सब्जियां तो मिलीं, लेकिन वो अधूरी थीं। असल में कुछ लोगों को सब्जी के पैकेट में भिंडी नहीं मिली तो कुछ को सब्जियों के वजन को लेकर शिकायत थी। इसके संबंध में लोगों ने सब्जी सप्लायर को शिकायत दर्ज करवाई। बताया गया कि कुछ पैकेट में भिंडी नहीं रखी तो सप्लायर ने उस कमी को पूरा करने के लिए दूसरी सब्जियाें का वजन बढ़ा दिया।
    जाेन 13 : पैकेट में टमाटर नहीं निकले, किराना व्यापारी ने अपने पास से दिए
    जोन 13 में कुछ घरों में सब्जी के पैकेट में टमाटर नहीं निकले। किराना व्यापारी ने अपने पास से ग्राहकों को टमाटर दिए। यहां की अलका राघव को खराब सब्जियां मिली। रूबी, संगीता, कशिश, वंदना गुप्ता, पांडे व अन्य लोगों ने टमाटर नहीं मिलने, गिलकी और लौकी खराब
    होने, सूखा धनिया, भिंडी नहीं मिलने की शिकायत की। चूंकि पहले ही कहा जा चुका था कि ऑर्डर वापस नहीं होगा तो किराना दुकानदार ने 150 रुपए चार्ज भी किए और लोग परेशान हुए।
    पहला दिन था, इसलिए हुई समस्या
    जोन 13 में भी सब्जी सप्लाय की जिम्मेदारी सब्जी विक्रेता शक्ति विरहे की थी। उन्होंने कहा पहला दिन था तो समस्या आई। 400 ऑर्डर थे तो नीचे की पन्नियों में समस्या आ गई। आगे से ऐसा नहीं होगा। ऐसे ही
    जोन 18 के वार्ड 63 में भी सब्जियां कम आने और खराब निकलने की शिकायतें आई हैं।
    स्थिति संभल जाएगी : अपर आयुक्त
    नगर निगम के अपर आयुक्त शृंगार श्रीवास्तव ने बताया कि ज्यादातर स्थानों पर सब्जियों की सप्लाय ठीक रही। जहां शिकायतें मिली हैं वहां के सप्लायरों को हमने व्यवस्था सुधारने का कह दिया है। कुछ लोगों ने सब्जियों का ऑर्डर इसलिए नहीं दिया कि उन्हें डर था कि सब्जियों के साथ कोरोना वायरस तो घर नहीं आ रहा है। इस पर निगमायुक्त आशीष सिंह ने कहा कि सब्जियां पूरी तरह से सैनिटाइज करके ही भिजवाई जा रही हैं। जल्द ही हमारे द्वारा अल्ट्रावायलेट लाइट से सब्जियों की ट्रॉलियों को पूरी तरह से वायरस और बैक्टीरिया फ्री कर भेजा जाएगा।
    बिना मंजूरी तरबूज बेचने जा रहा था, पुलिस ने जब्त किया लोडिंग रिक्शा
    चंदन नगर क्षेत्र में बेचने के लिए ले जाए जा रहे तरबूज से भरे एक लोडिंग वाहन को पुलिस ने जब्त किया है। टीआई योगेशसिंह तोमर ने बताया चौराहे पर सुबह 11 बजे एक लोडिंग वाहन निकला। उसे रोका तो तरबूज भरे थे। ड्राइवर योगेश निवासी दामोदर नगर ने बताया वह तरबूज क्षेत्र में ही बेचने ले जा रहा था, लेकिन उसके पास कोई अनुमति नहीं थी। इसलिए उसके खिलाफ कार्रवाई की गई। वहीं पुलिस ने मुजफ्फर निवासी अल्फिया मस्जिद के पास रानी पैलेस और गीता नगर निवासी एहमद रजा को पकड़ा है। ये दोनों रानी पैलेस क्षेत्र में लोगों को मांस बेच रहे थे।



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    बच्चा यादव ने फेसबुक पर पोस्ट की। इसमें कहा गया कि सब्जियों के नाम पर सिर्फ बैंगन ही निकले, धनिया खराब निकला। यह पोस्ट वायरल होने के बाद अधिकारी सक्रिय हुए और तत्काल जोनल अधिकारी सुमित अस्थाना मौके पर पहुंचे। इस जोन में सब्जी सप्लाय की जिम्मेदारी शक्ति विरहे और योगेश जैन की थी। योगेश जैन को अधिकारियों ने तलब किया और खराब सब्जी पहुंचाने पर नाराजी जाहिर की। योगेश जैन ने माफी मांगते हुए कहा कि पहला दिन था तो गड़बड़ी हो गई।




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    16 घंटे से फंसे मजदूरों का हंगामा, वाहन तोड़े

    गुजरात से लगे मप्र के पिटोल बाॅर्डर पर शुक्रवार देर रात उप्र, राजस्थान और मप्र के हजारों मजदूर जुट गए। जब खबर आई कि उप्र सरकार ने अपने मजदूरों को लेने से मना कर दिया है, तो शनिवार सुबह भूख-प्यास से मजदूरों के सब्र का बांध टूट गया। 16 घंटे से बॉर्डर पर फंसे उप्र के करीब तीन हजार मजदूरों ने बसों और पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ की। इसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज कर व्यवस्था संभालनी पड़ी। माहौल बिगड़ा तो दाहोद पुलिस ने इस तरफ आ रही गाड़ियों को गुजरात के कतवारा में ही रोकना शुरू कर दिया। तनाव काे देखते हुए गुजरात अाैर मध्य प्रदेश ने सुरक्षा बढ़ा दी है। उप्र के मजदूर इसलिए नाराज थे कि मप्र और राजस्थान के लोगों को आधार कार्ड देखकर जाने दिया जा रहा है। गुरुवार को यूपी सरकार ने मजदूरों को आने की इजाजत दे दी थी, लेकिन शुक्रवार रात उन्होंने आदेश वापस ले लिया। इससे मजदूर भड़क गए। दूसरी ओर, बड़वानी के बिजासन घाट पर भी महाराष्ट्र से लौट रहे उप्र के करीब 700 मजदूरों को रोक दिया गया। इससे मजदूरों ने हंगामा किया।

    दतिया में उत्तरप्रदेश पुलिस ने डंडे बरसाए

    दतिया| शनिवार को शिवपुरी-झांसी हाईवे पर सिकंदरा के पास उप्र पुलिस ने अपने ही प्रदेश के मजदूरों को लेकर पहुंचे ट्रक, बस अाैर मिनी बस ड्राइवरों पर डंडे बरसाए। बसों के कांच तक टूट गए। बाद में कलेक्टर रोहित सिंह पहुंचे। उन्होंने उप्र के अधिकारियों से चर्चा की, उसके बाद शनिवार दोपहर एक बजे वाहनों को यूपी की सीमा में जाने दिया। यहां 18 घंटे तक वाहनों में मजदूर फंसे रहे।



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    Commotion of laborers trapped for 16 hours, vehicles broken




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    431 किसानाें से 33 हजार 378 क्विंटल खरीदा गेहूं, 239 किसानाें काे मिला भुगतान

    ई ऊपार्जन केंद्र बालाजी वेयर हाउस मनासा में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी 15 अप्रैल से की जा रही है। प्रबंधक राधेश्याम यादव ने बताया शुक्रवार तक 431 किसानाें से 33 हजार 378 क्विंटल गेहूं खरीदा जा चुका है। इसकी राशि 6 करोड़ 42 लाख 53 हजार 612 रु. होती है। इसमें से अब तक 239 किसानाें काे 2 करोड़ 46 लाख 21 हजार 48 रु. खाते में जमा की जा चुकी है।
    शेष 192 किसानों का भुगतान शीघ्र हाेगा। गेहूं की अावक बढ़ने से वेयर हाउस भर चुका है। बाहर ही गेहूं की बोरियां रखना पड़ रही हैं। 75 से अधिक किसानों के ट्रैक्टर-ट्राॅली कतार में खड़े हैं।



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    शिकायत के बाद निगम ने फिंकवाई एक टन खराब सब्जियां, 150 रुपए में घर पहुंच रही हैं 8 तरह की सब्जियां

    नगर निगम के अधिकारियों ने रविवार सुबह घर-घर पहुंचाई जाने सब्जियों में से लगभग एक टन खरब सब्जियां फिंकवाई। नगर निगम ने शनिवार से घर-घर सब्जियां पहुंचाने की व्यवस्था शुरूकी थी। पहले ही दिन इसके तहत 19522 ऑर्डर किराना व्यापारियों के माध्यम से मिले थे। 19 जोन के 18068 घरों तक सब्जियां डिलीवरी की गई थी। हालांकि कई लोगों की शिकायत थी कि उन्हें खराब औरकम मात्रा में सब्जियां मिलीहैं जिसके बाद रविवार को निगम अधिकारियों ने उक्त कार्रवाई को अंजाम दिया।

    घर-घर सब्जी पहुंचाने की व्यवस्था के तहत तीन जोन में सब्जियों के खराब होने, कम वजन और तय आठ आइटम में से दो या तीन कम होने की शिकायतें निगम को मिलीथीं। एक व्यक्ति ने फेसबुक पर खराब सब्जियों की पोस्ट डाल दी। उसकी सब्जियां तो निगम अधिकारियों ने बदलवा दी लेकिन बाकी लोगों को खराब ही रखना पड़ीं थी। शिकायत के बाद निगमायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि वे पैकिंग स्थलों पर जाकर व्यवस्था को देखें और लोगों को खराब सब्जियां नहीं मिले इसका ध्यान रखें।

    इस पर रविवार को अधिकारी सब्जी पैकिंग के विभिन्न स्थलों पर पहुंचे और खराब सब्जियां अलग करवाई। सूत्राें के अनुसार लगभग एक टन खराब सब्जियों को फेंकने के निर्देश अधिकारियों द्वारा दिए गए। निगमायुक्त आशीष सिंह के अनुसार सब्जियां पूरी तरह से सैनिटाइज करके भिजवाई जा रही हैं। जल्द हीअल्ट्रावायलेट लाइट से सब्जियों की ट्रॉलियों को पूरी तरह से वायरस और बैक्टीरिया फ्री कर भेजा जाएगा।


    आठ तरह की सब्जियां, भाव 150 रुपए

    खंडवा रोड स्थित एक मैरिज गार्डन में सब्जियों के पैकेट तैयार किए जा रहे हैं। चार किलो के पैकेट में आठ तरह की सब्जियां तय की हैं। भाव 150 रुपए है। पैकिंग में मिर्ची 200 ग्राम, अदरक 100 ग्राम, धनिया 200 ग्राम, नींबू दाे, लौकी/गिलकी एक किलो, भिंडी 500 ग्राम, टमाटर एक किलो, सीजनल सब्जी एक किलो (बैंगन, पालक, ककड़ी, गाजर या गोभी) दी जा रही है।



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    खंडवा रोड स्थित एक मैरिज गार्डन में सब्जियों के पैकेट तैयार किए जा रहे हैं। चार किलो के पैकेट में आठ तरह की सब्जियां हैं।




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    लॉकडाउन में बेवजह घर से निकले लोगों से पुलिस ने उठक-बैठक लगवाई, 17 मई तक नहीं मिलेगी किसी भी तरह की छूट

    कोरोनावायरस के संक्रमण को रोकने के लिए शहर में लॉकडाउन के साथकर्फ्यू भी लागू है। इसके बावजूद कई लोग ऐसे हैं जो बेवजह सड़काें पर निकलकर संक्रमण को बढ़ावा दे रहे हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ रविवार को भी पुलिस की सख्त कार्रवाई जारी रही।

    पुलिस की सख्ती रविवार सुबह भी सड़कों पर दिखाई दी। एरोड्रम समेत कईथाना क्षेत्रों में पुलिस ने बिना कारण सड़कों पर घूमनेवालोंको सबक सिखाया। कुछ से कान पकड़कर उठक-बैठक लगवाई तो कुछ से गर्मी में पुशअप लगवाई। प्रशासन द्वारालोगों से अपील की गई- यह पाबंदी आपकी सुरक्षा के लिए है, इसे बंधन ना समझें। आपके सहयोग से हम इस महामारी से जल्दी ही जंग जीत लेंगे। आप लोग लॉकडाउन का पालन करें।

    पुलिस की सख्ती रविवार सुबह भी सड़कों पर दिखाई दी।

    17 मई तक शहर में किसी तरह की छूट नहीं मिलेगी

    लॉकडाउन 3.0 के लिए केंद्र सरकार की गाइडलाइन के बाद रेड जोन बने इंदौर में आपदा प्रबंधन कमेटी की बैठक और मुख्यमंत्री की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के बाद तय हुआ है कि 17 मई तक शहर में किसी तरह की छूट नहीं मिलेगी। सीएम ने प्रशासन को हालात देख निर्णय लेने को कहा। इसके बाद कलेक्टर मनीष सिंह ने बताया कि अगले दो सप्ताह में कोरोना की चेन तोड़ना है, तभी ऑरेंज और ग्रीन जोन में आ सकेंगे। शहर में पाबंदियां रहेंगी, जबकि ग्रामीण क्षेत्र में कुछ रियायतें दी जाएंगी। कलेक्टर के मुताबिक ग्रामीण क्षेत्र में मनरेगा के तहत निर्माण कार्य शुरू कर रहे हैं। वहां किराना व सब्जी दुकान को मंजूरी दी है। सोमवार से सांवेर, मंगलवार से देपालपुर और फिर महू की मंडी शुरू होगी। वहां शराब व पान की दुकान नहीं खुलेंगी। औद्योगिक गतिविधियों को सशर्त मंजूरी मिलेगी।

    ऑनलाइन शॉपिंग एजेंसियों को घर-घर सब्जियां देने की छूट
    ऑनलाइन शॉपिंग एजेंसियों को कलेक्टर मनीष सिंह ने घर-घर सब्जियां पहुंचाने की अनुमति दी है। इसमें ऑनडोर, मेट्रो, विशाल मेगा मार्ट, बेस्ट प्राइज, मोर मेगा स्टोर, बिग बाजार, रिलायंस मार्केट, तलाटी ब्रदर्स, बिग बाॅस्केट, फ्लिपकार्ट, डेली डोर्स, बोफर्स संस्थान, शॉप किराना, रतन ट्रेडर्स, रिलायंस मार्केटिंग, सेंट्रल पाइंट, रिलायंस रिटेल, जाेमेटो, स्वीगी, आरसी ट्रेडर्स कंपनी, ओनासी रिटेल केयरमार्ट, अरिहंत इंटरप्राइजेस, एम्स इंटरप्राइजेस, प्रताप स्नैकर्स, ईजी प्राइज, डेली नेरी, ब्रांड वाकेट, वल्लभ हब, फूड एकर्स, मेरीवेने, घर तक आदि शामिल हैं।



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    एरोड्रम सहित अन्य थाना क्षेत्रों में पुलिस ने बिना कारण सड़कों पर घूमने वालों को सबक सिखाया।




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    23 नए केस मिले, अब तक कुल 1568 संक्रमित; खजराना गणेश मंदिर के पुजारी के घर पर क्वारैंटाइन का नोटिस चस्पा

    इंदौर में कोरोनावायरस के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। शनिवार रात आई रिपोर्ट में 23 नए केसमिले। शहर में मरीजों की संख्या बढ़कर 1568 पर पहुंच गई। अब तक 76 मरीज दम तोड़ चुके हैं। खजराना गणेश मंदिर के पुजारी के परिवार में कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने पर उनके घर पर प्रशासन ने क्वारैंटाइन का नोटिस लगाया है।

    सीएमएचओ कार्यालय के अनुसार, शनिवार को कुल 515 सैंपल की जांच रिपोर्ट आई। इसमें492 की रिपोर्ट निगेटिव है। 23 संक्रमित हैं।दो मरीजों की मौत भी हुई। इधर, खजराना गणेश मंदिर के पुजारी भट्ट परिवार के एक सदस्य उमेश भट्ट (नानू महाराज) पॉजिटिव मिले हैं। परिवार के सभी 14 सदस्य होम क्वारैंटाइन हैं। हालांकि, पुजारी परिवार ने कहा कि हम सभी पूरी तरह से स्वस्थ हैं। दरअसल, मंदिर के पंडित अशोक भट्ट परिवार के सदस्यों की पिछले दिनों तबीयत खराब हुई थी।

    पुजारी परिवार में 3 लोगों की तबीयत बिगड़ी थी

    सबसे पहले इनके सबसे बड़े भाई धर्मेंद्र, फिर अशोक और दो दिन के बाद छोटे भाई उमेश भट्ट की तबीयत खराब हुई। एक हफ्ते के अंतराल में परिवार के लगभग सभी सदस्यों को बुखार आ गया। इसके बाद उन्होंने उपचार करवाया। तीन-चार दिनों में सभी सदस्यों की तबीयत भी ठीक हो गई। लेकिन उमेश भट्ट की तबीयत फिर बिगड़ गई। उन्हें बेचैनी और घबराहट होने लगी। पंडित अशोक भट्ट ने बताया कि उमेश की तबीयत अब ठीक है। वो चोइथराम अस्पताल में भर्ती हैं। हम सभी सदस्य पूरी तरह से होम क्वारैंटाइन हैं। प्रशासन के नियमों का पालन कर रहे हैं। उमेश जल्द ही स्वस्थ हो जाएंगे। उनकी दो रिपोर्ट आना बाकी हैं।

    भास्कर संवाददाता ने कोरोना से जंगजीती
    भास्कर संवाददाता देव कुंडल ने भी कोरोना से जंग जीत ली। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें 14 अप्रैल को अस्पताल में भर्ती किया गया था। इसके अलावा चार अस्पतालों और दो कोविड सेंटर से शनिवार को 121 मरीज डिस्चार्ज हुए, यह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। अरबिंदो से 54, एमआर टीबी से 1, चोइथराम से 8, वाटर लिली से 27, प्रेसीडेंट पार्क से 19, रॉबर्ट नर्सिंग होम से 11 मरीज घर लौटे। अब तक 350 मरीज कोरोना से जंग जीतकर घर लौट चुके हैं।



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    चार अस्पतालों और दो कोविड सेंटर से शनिवार को 121 मरीज डिस्चार्ज हुए। यह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है।




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    संक्रमितों के आंकड़े में नहीं हुआ इजाफा, एक पाॅजिटिव की मौत के साथ आंकड़ा बढ़कर 31 हुआ

    रविवार का दिन उज्जैनवासियों के लिए राहतभरा रहा।शनिवार को जिले में कोरोना के 9 नए पॉजिटिव औरतीन 3 लोगों की मौत के बाद रविवार को पॉजिटिव मरीजों की संख्या में कोई इजाफा नहीं हुआ। हालांकि एक मरीज की मौत के साथ मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 31 हो गया।जिले में पॉजिटिव रोगियों का आंकड़ा 157 पहुंच गया है। वहीं, अब तक 16 मरीज ठीक होकर अपने घर लौट चुके हैं।शनिवार कोजो पॉजिटिव आए थे,उनमें बेगमबाग की पौने दो साल की बच्ची, ब्राह्मण गली बहादुरगंज का 17 साल का किशोर भी था। शनिवार को 108 सैंपलों में से 90 निगेटिव और 9 की पॉजिटिव आए। 9 सैंपल रिजेक्ट किए।


    इनकी आई थीपॉजिटिव रिपोर्ट

    • बेगमबाग निवासी पौने दो साल की बच्ची।
    • शिकारी गली निवासी 22 वर्षीय युवक।
    • कमरी मार्ग निवासी 48 वर्षीय महिला।
    • सैफी मोहल्ला बोहराबाखल निवासी 68 वर्षीय वृद्ध।
    • ब्राह्मण गली बहादुरगंज निवासी 17 वर्षीय किशोर व 47 वर्षीय पुरुष।
    • मोतीबाग निवासी 50 वर्ष की महिला।
    • बड़नगर की 61 वर्षीय महिला।
    • नागदा का 62 वर्षीय वृद्ध।


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    जिस नानाखेड़ा बस स्टैंड से इंदौर के लिए हर पांच मिनट में बस खचाखच भर जाती हैं वहां अभी 40 दिन से ये नजारा है।




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    सोमवार से ऑरेंज और ग्रीन जोन में कुछ राहत मिलेगी, इंदौर और भोपाल के रेड जोन में पहले जैसी सख्ती बनी रहेगी

    लॉकडाउन फेज-2 का आज आखिरी दिन है। प्रदेश में शनिवार देर रात तक कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 2811 पर पहुंच गई। इनमें 153 की मौत हो गई है। इंदौर में 1568 और भोपाल में 539 मरीज हैं। सोमवार से फेज-3 शुरू हो जाएगा। आगे कहां क्या रियायतें और क्या बंदिशें रहेंगी यहतय करने का जिम्मा राज्य सरकार ने कलेक्टरों को सौंपा है। कलेक्टर जिला स्तर पर स्थिति की समीक्षा करकेदेर शाम तक आदेश जारी करेंगे। इधर, भोपाल और इंदौर कलेक्टर ने साफ कर दिया है कि दोनों ही स्थानों पर सख्ती जारी रहेगी। बेवजहलोग घरों से बाहर न निकलें।

    राज्य सरकार ने 4 मई के बाद कंटेनमेंट क्षेत्र के बाहर प्रदेशभर में छूट देने का प्लान बना लिया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को कोरोना समीक्षा के दौरान कलेक्टरों से कहा कि वे तीन दिन में नए सिरे से अपने जिलों का आकलन कर रिपोर्ट दें। आज फिर मुख्यमंत्री एक बार चर्चा करेंगे, इसके बाद जिलों को ढील के लिए अधिकृत किया जाएगा। लेकिन, शराब औरगुटखा शॉप को 4 मई के बाद शर्तों के साथ खोला जाएगा। आबकारी विभाग ने सभी कलेक्टरों को इसके निर्देश भेज दिए हैं। ग्रीन जोन में शराब की दुकानें खुल जाएंगी।ऑरेंज औररेड जोन में कहां दुकानें खुलनी हैं, कहां नहीं, इसका फैसला कलेक्टर लेंगे।

    ये मजदूर बिहार के हैं। राजधानी में भदभदा के पास बन रहे एक होटल में काम कर रहे थे। घर जाने की खुशी में स्टेशन के लिए पैदल ही चल दिए।

    शादी में 50 और अंत्येष्टि में 20 लोग शामिल हो सकेंगे

    राज्य सरकार ने सिनेमाघरों को दो सप्ताह के लिए और बंद कर दिया है। इधर, शादी-समारोह के लिए 4 मई से प्रस्तावित ढील को बढ़ा दिया गया है। पहले दूल्हा-दुल्हन के साथ 5 से 10 लोगों को मंजूरी थी, लेकिन अब इसे 50 किया जा रहा है। अंत्येष्टि में अधिकतम 20 लोग शामिल हो सकेंगे।


    सभी जोन में ये सब बंद रहेगा

    • स्कूल, कॉलेज, शैक्षणिक कार्य, कोचिंग बंद रहेंगी। पुलिस, शासकीय अधिकारी, स्वास्थ्य कर्मी और लॉकडाउन में फंसे लोगों के लिए हॉस्पिटेलिटी सेवाओं को छोड़कर बाकी हॉस्पिटेलिटी सेवाएं बंद रहेंगी।
    • सिनेमाहॉल, शॉपिंग मॉल, जिम्नेजियम, स्पोटर्स कॉम्प्लेक्स, स्वीमिंग पूल, मनोरंजन पार्क, थिएटर, बार, सभागृह। सामाजिक, राजनीतिक, एकेडमी, सांस्कृतिक, धार्मिक गतिविधियां भी बंद रहेंगी।
    • गैर जरूरी गतिविधियों के लिए आवाजाही पर शाम 7 से सुबह 7 बजे तक पाबंदी रहेगी। बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं, 10 साल से छोटे बच्चे बाहर नहीं निकलेंगे। कंटेनमेंट जोन में ओपीडी औरक्लीनिक बंद रहेंगे।

    रेड जोन में इनकी अनुमति

    • बाजार में आवश्यक सामान बेचने वाली दुकानें खुलेंगी। एकल दुकानें, मोहल्ले की दुकानें और आवासीय परिसर की दुकानें खुलेंगी। ग्रामीण क्षेत्रों में सभी दुकानें खुलेंगी। ऑनलाइन बाजार में सिर्फ आवश्यक वस्तुओं को ही अनुमति रहेगी।
    • निजी ऑफिस 33 फीसदी क्षमता के साथ चलेंगे। सरकारी दफ्तर उप सचिव स्तर तक के 100 फीसदी अफसर रहेंगे। शेष 33 फीसदी को अनुमति।
    • दोपहिया पर एक, चार पहिया में ड्राइवर औरदो लोगों की अनुमति। ग्रामीण क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधि। जूट उद्योग, औषधि, फार्मास्यूटिकल इकाइयां।

    ऑरेंज जोन-एक से दूसरे जिले में निजी परिवहन सशर्त मंजूर। कैब-टैक्सी ड्राइवर औरदो यात्री की अनुमति।

    ग्रीन जोन-50% बैठने की क्षमता के साथ बसें चल सकती हैं। ग्रामीण औरशहरी इलाकों में ऑफिस खुलेंगे।

    कोरोना अपडेट्स

    • भोपाल के बैरागढ़ में लॉकडाउन का उल्लंघन करके टहलने निकले 42 लोगों को गिरफ्तार किया गया। उनके खिलाफ केसदर्ज किया है। 25 से 30 लोग भागने में सफल हो गए। बैरागढ़ पुलिस ने बताया कि वन ट्री हिल्स इलाके में शाम को लोग टहलने निकलते थे, लेकिनपुलिस की गाड़ी देखकर घरों में छिप जाते थे।
    • भोपाल मेंपिछले एक सप्ताह से बंद नगर निगम का आईएसबीटी स्थित कॉल सेंटर रविवार से काम करना शुरू कर देगा। 27 अप्रैल को कॉल सेंटर की दो कॉलर की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद इसे बंद कर दिया गया था। इस कॉल सेंटर के नंबर 18002330014 पर सफाई, सीवेज, अतिक्रमण, अवैध निर्माण आदि से संबंधित शिकायतें दर्ज होती हैं।
    • पन्ना: यहां पहला कोरोना संक्रमित मिलने के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। इलाके को सील कर दिया गया है। सीएमएचओ डॉ. एलके तिवारी ने बताया कि 10 लोगों के सैम्पल जांच के लिए भेजे गए थे। पॉजिटिव मरीज का शुरुआती उपचार बनौली कोविड सेंटर में शुरू किया गया। इसके संपर्क में आए लोगों के सैम्पललिए गए हैं। जिले में अब तक 214 सैम्पलजांच के लिए भेजे गए। बाहर से आए 15345 लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है।
    • श्योपुर: कोतवाली पुलिस ने बताया कि पोस्ट ऑफिस के पास शनिवार शाम बाबूलाल विजयवर्गीय की दुकान में शटर डालकर ग्राहकों को कपड़ा बेचे जा रहे थे। पुलिस को मौके पर 15 ग्राहक और 10 से ज्यादा कर्मचारी मिले। दुकान सील कर दीगई। यहां से प्रमोद विजयवर्गीय और विनोद को हिरासत में ले लिया। दोनों के खिलाफ धारा 188 के तहत केस भी दर्ज किया गया।

    ये तस्वीर भोपालके जहांगीराबाद इलाके की है। यहां सबसे ज्यादा संक्रमित मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कैंप लगाया है।

    स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक 2837संक्रमित: इंदौर 1568, भोपाल 532, उज्जैन 156, जबलपुर 96, खरगोन 77, धार 55, खंडवा 47, रायसेन 57, होशंगाबाद 36, बड़वानी 26, देवास 26, बुरहानपुर 18, रतलाम16, मुरैना 16, विदिशा 13, आगर मालवा 12, मंदसौर 36, शाजापुर 7, सागर और छिंदवाड़ा 5-5, ग्वालियर 5, श्योपुर 4, हरदा-अलीराजपुर-शहडोल में 3-3, रीवा-शिवपुरी और टीकमगढ़ में 2-2, अनूपपुर 2,बैतूल, डिंडोरी, अशोकनगर, पन्ना-निवाड़ी में एक-एक संक्रमित मिला। अन्य राज्य के 2 मरीज हैं।

    • अब तक 156 की मौत: इंदौर 76, उज्जैन 30, भोपाल 15, खरगोन और देवास में 7-7, खंडवा 5, होशंगाबाद में 4, रायसेन 2, मंदसौर 3, धार, जबलपुर, आगर मालवा, शाजापुर, छिंदवाड़ा, अशोकनगर में एक-एक की मौत हो गई।
    • स्वस्थ्य हुए 798 मरीज: इंदौर 350, भोपाल 237, उज्जैन 18, जबलपुर 10, खरगोन 24, रायसेन 3, धार 11, खंडवा 32, होशंगाबाद 19, मंदसौर 5, बड़वानी 22, देवास 11, रतलाम 11,मुरैना और विदिशा 13-13, शाजापुर 6, सागर-अलीराजपुर और बैतूल 1-1, छिंदवाड़ा-ग्वालियर, शिवपुरी2-2, श्योपुर में 4मरीज स्वस्थ हुए।(स्वास्थ्य विभाग द्वारा 3मई को शाम 6 बजे जारी बुलेटिन के अनुसार)


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    गुना में लॉकडाउन और संक्रमण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए पुलिस ने मार्च निकाला। इसमें एक आरक्षक ने कोरोनावायरस का रूप रखा।




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    कुक्षी के गणगौर पैलेस व छात्रावास में 14 दिन पूर्व क्वारेंटाइन किए 53 लोगों काे घर भेजा, 4 नए केस मिलने के बाद 59 काे किया क्वारेंटाइन

    कुक्षी में काेराेना पाॅजिटिव मरीजाें की संख्या बढ़ने लगी है। अब तक यहां 9 मरीज काेराेना के मिले हैं जबकि इनके संपर्क में आए 59 लाेगाें काे क्वारेंटाइन किया गया है। पूर्व में मिले मरीजाें के संपर्क में रहे 53 लाेगाें काे गणगाैर पैलेस व छात्रावास में 14 दिन के लिए क्वारेंटाइन किया गया था। इनके स्वस्थ हाेने पर प्रशासन ने रविवार काे घर भेज कर हाेम आइसाेलेट में रहने की सलाह दी है।एमजी रोड (सुतार मोहल्ला) के एक कोरोना संक्रमित युवक के बाद उसके परिवार के चार सदस्यों की शनिवार रात में रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई। इससे प्रशासन रात से ही व्यवस्था संभालने में जुट गया। कुक्षी में अब एक ही परिवार के 5 लोग कोरोना पॉजिटिव आ चुके हैं। इससे कोरोना पॉजिटिव संख्या बढ़कर 9 हो गई है।


    हालांकि इनमें से एक की मृत्यु व एक की रिपोर्ट दोबारा में नेगेटिव आने से वर्तमान में 7 व्यक्ति कोरोना संक्रमित चल रहे हैं। इनमें शनिवार सुबह भट्टी मोहल्ले के दंपती कोरोना पॉजिटिव मिले थे। क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप के मनोज दुबे (बीआरसी डही) नेे बताया भट्टी मोहल्ले में दंपती के संपर्क में आने वाले 18 लोगों को बालक छात्रावास कुक्षी में क्वारेंटाइन किया है जबकि सुतार मोहल्ला व धान मंडी में कोरोना संक्रमित के संपर्क में आने वाले 41 लोगों को जैन धर्मशाला तालनपुर में क्वारेंटाइन किया है।


    कुक्षी के ग्रामीण क्षेत्र डेहरी में कोरोना पॉजिटिव युवक के संपर्क में आने वाले 26 लोगों को वहां के छात्रावास में क्वारेंटाइन किया गया है। इस तरह वर्तमान में 85 लोगों को प्रशासन ने क्वारेंटाइन किया है। गणगौर पैलेस व एक छात्रावास में 14 दिन पूर्व क्वारेंटाइन किए गए 53 लोगों को समय पूर्ण होने व स्वस्थ होने के चलते घर छोड़ा गया। इधर एसडीएम बीएस कलेश, तहसीलदार सुनील कुमार डावर, थाना प्रभारी कमलसिंह पंवार, नगर परिषद सीएमओ रवींद्र बोरदे लगातार हालात का जायजा लेकर व्यवस्था करने में जुटे रहे। साथ ही कर्फ्यू के दौरान कानून व्यवस्था पर भी मुस्तैदी से नजर बनाए हुए हैं।

    सीएम रिलीफ फंड में 10 लाख रुपए जमा कराए
    डही विकासखंड अंतर्गत पदस्थ अध्यापक संवर्ग व नियमित कर्मचारियों, शिक्षकों सहित बीईओ, बीआरसी कार्यालय के कर्मचारियों द्वारा एक दिन के वेतन से 10 लाख रु. सीधे मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा कराए गए हैं। मप्र ट्राइबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन के प्रांतीय मीडिया प्रभारी इरफान मंसूरी, प्रांतीय संयुक्त सचिव अरुण कुशवाह, ब्लॉक अध्यक्ष स्वरूपचंद मालवीया ने बताया विकासखंड से अध्यापक संवर्ग के कर्मचारियों के वेतन से 6 लाख रु. जबकि नियमित शिक्षकों व आदिम जाति कल्याण विभाग के कर्मचारियों के वेतन से 4 लाख रु. इस तरह 10 लाख रु. सीएम रिलीफ फंड में जमा कराए गए है। इसमें बीईअाे सतीशचंद्र पाटीदार, बीआरसी मनोज दुबे ने भी अपना एक दिन का वेतन जमा कराया है।



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    Sent home to 53 people who had quarantined 14 days ago in Gangaur Palace and Hostel of Kukshi, 59 quarantines done after getting 4 new cases




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    लॉकडाउन में 105 परिवारों को दिया जरूरी सामान व नकद राशि

    जरूरतमंदों को निरंतर खाद्य सामग्री व जरूरी उपयोग की वस्तुएं वितरित की जा रही हैं। लोकडाउन के दौरान मेहता परिवार द्वारा पहले 21 परिवारों को खाद्य सामग्री व अन्य जरूरी सामान वितरित किया गया। दूसरी बार 61 परिवारों को चिन्हित कर उन्हें राशन आवश्यक सामग्री दी। रविवार को 23 परिवारों को चिन्हित कर जरूरी सामग्री व सब्ज़ी क्रय करने के लिए नकद राशि का वितरण भी किया गया। इस तरह अब तक कुल 105 परिवारों की सहायता की।



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    किसान के साथ हुई मारपीट के विरोध में युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव अनशन पर बैठे

    युवाकांग्रेस के प्रदेश सचिव परितोष सिंह राठौड़ पिछले 8 वर्ष से श्योपुर में रह रहे हैं। पिछले महीने अपने गृह गांव काछीबड़ौदा आए थे। लाॅकडाउन में यहीं फंसने से गेहूं खरीदी केंद्र पर किसान के साथ तहसीलदार द्वारा मारपीट करने के विराेध में काछीबड़ौदा में शनिवार सुबह 9 बजे से अनशन पर बैठ गए हैं। किसान से मारपीट करने वाले तहसीलदार को सस्पेंड करने की मांग कर रहे है। परितोष सिंह राठौर ने बताया पिछले दिनों गेहूं उपार्जन केंद्र सलमान्या साइलो पर उपज लेकर गए किसान रमेश माली को प्रबंधक ने क्वालिटी अच्छी नहीं होना बताकर गेहूं का नमूना फेल कर दिया था। किसान को अपनी उपज वापस घर पर ले जाने के लिए कहा था। जिस पर कई किसानों ने केंद्र पर हंगामा किया था। हंगामे की सूचना तहसीलदार शिवराज मीणा को दी थी। तहसीलदार ने मंडला के किसान रमेश माली के साथ मारपीट की है। जिसके कारण उसके हाथ में चोट आई थी। घटना को लेकर किसानों में आक्रोश बढ़ने पर कलेक्टर ने तहसीलदार को तुरंत वहां से हटा दिया। राठौड़ इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है। जहां तक तहसीलदार को सस्पेंड नहीं किया जाता वहां तक अनशन पर बैठे रहने की बात कही।



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    State Secretary of Youth Congress sat on hunger strike in protest against the fight with farmer




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    तेरापंथी परिवार के सदस्य 14 घंटे कर रहे जप, 6 मई को दीक्षा दिवस मनाएंगे

    आचार्यश्री महाश्रमणजी के आशीर्वाद से अखिल भारतीय तेरापंथी महिला मंडल के निर्देश पर तेरापंथ महिला मंडल पेटलावद द्वारा कोरोना को हराना है, हर घर में जप-तप कराना है का कार्य चल रहा है। जप का महायज्ञ 1 अप्रैल से लगातार चल रहा है। इसमें सुबह 6 बजे से रात्रि 8 बजे तक समस्त तेरापंथी परिवार 14 घंटे के जप कर रहे हैं। समाजजन ने बताया 15 अप्रैल से एकासन की लड़ी शुरू हुई है जो अब भी चल रही है। इसके अलावा 25 अप्रैल को तेरापंथ महिला मंडल मंत्री हेमलता जैन एवं सभी वर्षीतप आराधकों के अनुमोदनार्थ ऑनलाइन चौबीसी का आयोजन किया गया था। इसमें महिला मंडल अध्यक्ष मनीषा पटवा सहित सभी बहनों ने ऑडियो एवं वीडियो रिकॉर्डिंग के माध्यम से चौबीसी की प्रस्तुति दी थी।इसी के चलते 2 मई को आचार्यश्री महाश्रमणजी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में उनके जीवन प्रसंगों पर आधारित धार्मिक आयोजन किया गया। समाजजनों ने अपने-अपने घरों में रहते हुए सामायिक पचरंगी किए। 3 मई पाटोत्सव पर मौन पचरंगी मनाया। आगामी 6 मई आचार्य प्रवर के दीक्षा दिवस पर द्रव्य सीमा यानी खाद्य पदार्थों की सीमा के माध्यम से अपने गुरु का अभिवादन किया जाएगा।



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    पिटोल बॉर्डर से यूपी के 91 लोगों को राणापुर भेजा

    गुजरात से प्रदेश में पिटोल बॉर्डर से आ गए उत्तर प्रदेश के 91 लोगों को राणापुर भेजा गया। यूपी सरकार द्वारा इन्हें वहां आने की अनुमति नहीं दिए जाने से ये लोग बार्डर पर अटके हुए थे। 31 लोगों को कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय छात्रावास में रखा गया। 60 लोगों की व्यवस्था बालक छात्रावास में की गई। इन 60 लोगों की मेडिकल टीम द्वारा स्क्रीनिंग की गई। उसके बाद इन लोगों ने होस्टल में अंदर जाने से इंकार कर दिया। सब बाहर ही खड़े हो गए।
    उनका कहना था कि वे लोग पैदल ही यूपी जा रहे थे। पुलिस ने उन्हें झूठ बोलकर गाड़ी में बिठाया कि वे उन्हें यूपी छोड़ देंगे। पुलिस धोखे से उन्हें यहां ले आई। इन लोगों को डर था कि उन्हें यहां 14 दिन रहना पड़ेगा। उनका कहना था कि 14 दिन बाद जब यहां से यूपी जाएंगे तो वहां फिर से 14 दिन के लिए उन्हें क्वारेंटीन किया जाएगा। ये लोग यहां से भाग निकलने का प्रयास कर रहे थे। स्थिति देखते हुए अधीक्षक ने पुलिस को बुलवा लिया। पुलिस द्वारा समझाइश के बाद ये लोग छात्रावास में दाखिल हुए।



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    91 people from UP sent to Ranapur from Pitol border




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    40 दिन से घर नहीं गए डॉक्टर भार्गव, रोज कर रहे 100 से ज्यादा मरीजों का इलाज

    प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उमरकोट में पदस्थ डॉक्टर व यहां का स्टाफ ग्रामीणों को कोराेना संक्रमण के प्रति जागरूक कर रहा है। सबसे अहम बात यह है कि यहां पदस्थ डॉ. जितिन भार्गव करीब 40 दिनों से अपने घर नहीं गए हैं। वे लगातार यहां मरीजों का उपचार कर रहे हैं। इस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहले करीब 50 मरीज इलाज के लिए आते थे। लेकिन इन दिनों इनकी संख्या 100 से ऊपरपहुंच गई है। क्योंकि लॉकडाउन में आसपास के क्षेत्र में निजीप्रेक्टिस करने वालों ने भी मरीजों को देखना बंद कर दिया है, जो लोग सरदारपुर जाते थे वे भी कोराेना संक्रमण के डर सेवहां नहीं जा रहे। ऐसे में इस स्वास्थ्य केंद्र पर मरीजों का दबाव बढ़ गया है।


    डॉ. भार्गव कहते हैं ग्रामीण डर के मारे सरदारपुर (धार) नहीं जा रहे हैं, क्योंकि संक्रमण का खतरा सबसे ज्यादा अस्पताल में ही रहता है। ऐसे में क्षेत्र के मरीज उमरकोट में ही आ रहे हैं, जिन्हें उपचार दिया जा रहा है। साथ ही उन्हें संक्रमण से बचने के उपाय बताए जा रहे हैं। गौरतलब है कि डॉ. भार्गव इंदौर के रहने वाले हैं, कोरोना के चलते वे भी 40 दिनों से लगातार यहीं पर ड्यूटी दे रहे हैं।

    छोटी-मोटी बीमारी में ना आएं अस्पताल
    डॉ. भार्गव ने बताया छोटी-मोटी बीमारी में भी लोग खतरा उठाकर स्वास्थ्य केंद्र आ रहे थे। ऐसे में उन्हें समझाइश दी कि वे ऐसी छोटी-मोटी परेशानी के लिए अस्पताल ना आएं। फोन पर ही मुझसे संपर्क करें। अगर कोई इमरजेंसी हो तो ही अस्पताल आएं। डॉ. भार्गव मोबाइल पर भी मरीजों को परामर्श दे रहे हैं। वे कहते हैं क्षेत्र में बाहर से आए लोगांे के घर जाकर उनकी स्क्रीनिंग की गई। जरूरत पड़ने पर उन्हें होम क्वारेंटाइन भी किया गया। ग्रामीणों को भी घर में रहने की समझाइश दी जा रही है।



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    Doctor Bhargava did not go home for 40 days, treating more than 100 patients daily




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    30 क्वारेंटाइन सेंटर से 1300 लोग घर पहुंचे, 450 और बचे

    शहर में कोरोना संकट के बीच एक अच्छी खबर। कोरोना के संक्रमित व संदिग्ध मरीज और उनके परिजन के लिए 46 क्वारेंटाइन सेंटर बनाए गए। इनमें से 30 सेंटरों के सभी 1300 से ज्यादा लोग क्वारेंटाइन अवधि पूरी कर घर जा चुके हैं। ये पूरी तरह ठीक हैं। अब 16 सेंटर में 450 लोग क्वारेंटाइन में हैं। इनमें से भी ज्यादातर लोगों को एक हफ्ते या उससे ज्यादा का समय पूरा हो चुका है। शहर में जो लोग कोरोना पॉजिटिव मिले थे, उनके परिजन (प्राथमिक संपर्क में आने वाले) को क्वारेंटाइन किया था। धीरे-धीरे यह आंकड़ा बढ़ता गया। स्थिति को देखते हुए क्वारेंटाइन सेंटर की संख्या भी बढ़ाई। हालांकि अब जिन सेंटर से लोग घर जा चुके, उन्हें खाली करवाकर सैनिटाइजेशन करवा दिया है। क्वारेंटाइन सेंटर प्रभारी विवेक श्रोत्रिय के अनुसार, अब सिर्फ 450 लोग क्वारेंटाइन सेंटर में हैं। इनकी संख्या भी कम हो रही है। अब जो लोग पॉजिटिव आ रहे हैं, उनके प्राथमिक संपर्क में आने वाले लोग सक्षम हैं तो उन्हें होम क्वारेंटाइन किया जा रहा है। बाकी को क्वारेंटाइन सेंटर लाया जा रहा है।

    आठ सेंटरों पर 25 से ज्यादा
    16 सेंटर में से चार पर 15-15 से ज्यादा लोग हैं। 25 से ज्यादा लोगों वाले आठ सेंटर हैं। सबसे ज्यादा 102 लोग निर्वाणा रिजॉर्ट में हैं। बाकी कुछ सेंटर पर दो, पांच और सात लोग भी हैं।
    आठ सेंटरों पर 25 से ज्यादा
    16 सेंटर में से चार पर 15-15 से ज्यादा लोग हैं। 25 से ज्यादा लोगों वाले आठ सेंटर हैं। सबसे ज्यादा 102 लोग निर्वाणा रिजॉर्ट में हैं। बाकी कुछ सेंटर पर दो, पांच और सात लोग भी हैं।
    पांच सेंटर को कोविड केयर सेंटर में बदला
    क्वारेंटाइन सेंटर में से ही 5 सेंटर को कोविड केयर सेंटर में बदल दिया है। यहां उन लोगों को रखा है, जिनकी रिपोर्ट पॉजिटिव है पर उन्हें सर्दी, खांसी, बुखार जैसे लक्षण नहीं हैं। डॉक्टर इनकी लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। दोनों तरह के सेंटर में रहने वाले लोगों को रोज काढ़ा, च्यवनप्राश, चाय-दूध, नाश्ता, खाना दिया जा रहा है। क्वारेंटाइन सेंटर में देखभाल के लिए 250 लोगों की टीम है।
    क्वारेंटाइन सेंटर में से ही 5 सेंटर को कोविड केयर सेंटर में बदल दिया है। यहां उन लोगों को रखा है, जिनकी रिपोर्ट पॉजिटिव है पर उन्हें सर्दी, खांसी, बुखार जैसे लक्षण नहीं हैं। डॉक्टर इनकी लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। दोनों तरह के सेंटर में रहने वाले लोगों को रोज काढ़ा, च्यवनप्राश, चाय-दूध, नाश्ता, खाना दिया जा रहा है। क्वारेंटाइन सेंटर में देखभाल के लिए 250 लोगों की टीम है।



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    तस्वीर शुभकारज मैरिज गार्डन की है। यहां 73 लोग थे। सभी अब घर चले गए। इन लोगों ने रोज योग किया। फोटो | ओपी सोनी




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    काेरोना से मुक्ति के लिए माता के दरबार में पहुंचे कलेक्टर, 1000 साल पुराने मंदिर में प्रार्थना की

    कलेक्टर शशांक मिश्र ने रविवार सुबह महाकाल वन के प्राचीन द्वार चौबीस खंभा के दोनों तरफ विराजित देवी महामाया और महालया का पूजन किया। कोरोना के संक्रमण के कारण रेड जोन में रखे गए उज्जैन जिले को इस आपदा से बचाने के लिए यह प्रतीकात्मक पूजन की गई। माना जाता है कि सम्राट विक्रमादित्य ने उज्जैन नगरी को आपदाओं से बचाने और नकारात्मक वातावरण को समाप्त करने के लिए भी यह पूजा की थी। इसके बाद हर साल शारदीय नवरात्रि की अष्टमी पर यह परंपरा निभाई जाती है। अभी वर्तमान में कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बाद धर्मशास्त्रों के विद्वान पं. आनंद शंकर व्यास से सांसद अनिल फिरोजिया ने परामर्श किया। इसके बाद कलेक्टर को नगर पूजा का सुझाव दिया। शहर के कई विद्वान नगर पूजा का सुझाव दे चुके हैं। कलेक्टर ने महामाया और महालया का पूजन करने के साथ महाकालेश्वर मंदिर में भी पूजा की।

    यह मंदिर करीब 1000 साल पुराना है। यहां पर आपदा-विपदा से लोग बचे रहे इसलिए नगर पूजा की जाती है।

    ऐसे करते हैं पूजन की शुरुआत
    यह मंदिर विश्व का संभवत: एक मात्र ऐसा मंदिर है, जहां महाअष्टमी के दिन माता को मदिरा चढ़ाई जाती है। सैकड़ों भक्तों की मौजूदगी में ढोल-ढमाकों के साथ गुदरी स्थित चौबीस खंभा माता मंदिर से नगर पूजा की शुरुआत की जाती है। कलेक्टर मदिरा की धार चढ़ाकर पूजा शुरू करते हैं। यह पूजा माता, भैरव व हनुमान मंदिर मिलाकर कुल 40 मंदिरों में होती है। 26 किलोमीटर की पैदल यात्रा के बाद संपन्न होने वाली इस पूजा में 5 किलो सिंदूर, दो डिब्बे तेल, 25 बोतल मदिरा सहित 39 प्रकार की विशेष पूजन सामग्री रखी जाती है। हालांकि इस वर्ष काेरोना संकट के कारण यह पूजा नहीं हो सकी थी।

    मदिरा का भोग लगाने की है परंपरा
    महाकाल वन के मुख्य प्रवेश द्वार पर विराजित माता महामाया औरमाता महालाया चौबीस खंभा माता मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है। यहां पर मंदिर के भीतर 24 काले पत्थरों के खंभे हैं, इसीलिए इसे 24 खंभा माता मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। यह उज्जैन नगर में प्रवेश करने का प्राचीन द्वार हुआ करता था। पहले इसके आसपास परकोटा हुआ करता था। तंत्र साधना के लिए प्रसिद्ध उज्जैन या प्राचीन अवंतिका के चारों द्वार पर भैरव तथा देवी विराजित हैं, जो आपदा-विपदा से नगर की रक्षा करते हैं। चौबीस खंभा माता भी उनमें से एक हैं। यह मंदिर करीब 1000 साल पुराना है। नगर की सीमाओं पर स्थित इन देवी मंदिरों में राजा विक्रमादित्य के समय से नगर की सुरक्षा के लिए पूजन और मदिरा चढ़ाए जाने की परंपरा चली आ रही है।



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    कलेक्टर शशांक मिश्र ने माता से जिले और देश को कोरोना से मुक्ति दिलाने की प्रार्थना की।




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    उज्जैन में कोरोना पॉजिटिव का आंकड़ा बढ़ा, 15 नए केस सामने आए, अब तक 173 लोग संक्रमित

    दाे दिन की राहत के बाद साेमवार काे धार्मिक नगरी उज्जैन में फिर से 17लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई। इसके साथपाॅजिटिव मरीजों का आंकड़ा बढ़कर 173हो गया है, जबकि इस वायरस से अब तक 35 लोगोंकी जान जा चुकी है। सुबह जारी बुलेटिन 10 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए, जबकि शाम को आई रिपोर्ट में 7 और लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई।

    रविवार को पार्षद समेत दो लोगों की जानगई थी
    भाजपा पार्षद सहित दो लोगों की रविवार को आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मौत हाे गई थी। भाजपा पार्षद मुजफ्फर हुसैन उम्र 55 साल निवासी तोपखाना वार्ड में गरीब लोगों को राशन वितरण के दौरान संक्रमित हुए थे। वार्ड में सैनिटाइज का कार्य भी उन्होंने अपनी मौजूदगी में करवाया था। 24 अप्रैल को तबीयत खराब होने पर उन्हें माधव नगर अस्पताल में लिया था, जहां से उन्हें मेडिकल कॉलेज शिफ्ट किया था। इलाज के दौरान के स्वास्थ्य में सुधार हो गया था। जिसके चलते उन्हें मक्सी रोड स्थित पुलिस ट्रेनिंग सेंटर बिल्डिंग में बनाए क्वारैंटाइन सेंटर में शिफ्ट कर दिया था।

    सांस लेने में तकलीफ के बाद शनिवार को उन्हें वापस मेडिकल कॉलेज लाया था। सीएमएचओ डॉ. अनुसुइया गवली ने बताया रविवार शाम उनकी मौत हो गई। डॉक्टर के अनुसार उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। हुसैन बेमिसाल बेकरी का संचालन भी करते थे। उनके अलावा जानसापुरा की 45 साल की महिला की भी मौत हो गई।

    पढ़िए पार्षद मुजफ्फर हुसैन के आखिरी वीडियो के अंश
    प्यारे भाइयों व बहनों... आरडी गार्डी में न तो साबुन अवेलेबल, न मास्क, न पानी अवेलेबल है, न बाथरूम में लाइट है, तो कैसे चलेगा यह? शहरवासियों से गुजारिश करता हूं कि लॉकडाउन का पालन करें, घरों से न निकलें और अच्छे से रहें, स्वास्थ्य का लाभ लें। और मैं कलेक्टर साहब से एक और गुजारिश करना चाहता हूं कि मुझे यहां योगा क्लास चलाने के लिए थोड़ी जगह दे दी जाएं, जहां आठ-दस लोग बैठ जाएं। मैं एक घंटे की योगा क्लास चला सकता हूं। इससे हम लोग जल्द बाहर आएंगे। कलेक्टर साहब से गुजारिश है यहां विजिट तो करें। देखें क्या हो रहा है यहां। मैं मुजफ्फर हुसैन पार्षद आप सभी का दिल से शुक्रिया अदा करता हूं, सभी भाई मुझे दुआ में याद रखें, इंशा अल्लाह, कम बैक करूंगा।

    ये लापरवाही भी आई सामने
    भाजपा पार्षद सत्यनारायण चौहान ने बताया कि ब्राह्मण गली के श्याम गोयल की मृत्यु को लेकर भी लापरवाही सामने आई है। निजी अस्पताल में खांसी का इलाज कराने गए तो उन्हें आरडी गार्डी भेज दिया। वहां कोरोना वार्ड में भर्ती कर दिया। परिवार वाले बताते रहे हरनिया की तकलीफ है, पर किसी ने नहीं सुनी। दूसरे दिन उनकी मौत हो गई। इस मामले में माली समाज सरकार के सामने मुद्दे को उठाएगा।



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    मुंगी तिराहे पर अगैर अनुमति के निकला युवक तो पुलिस ने पकड़कर उठक-बैठक लगवाई। युवक बोला- अब घर से नहीं निकलूंगा।




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    इंदौर में 106 स्वस्थ, दो डॉक्टर संक्रमित; नर्सिंग होम सील, मरीज शिफ्ट

    शहर में कोविड-19 अस्पतालों से सोमवार को कुल 106 मरीज स्वस्थ होकर घर रवाना हुए। इनमें इंडेक्स मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल से 48, अरबिंदो से 47, चोइथराम अस्पताल से 3 और वाटर लिली से 8 मरीजों को स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया। उधर, जिला प्रशासन की टीम ने राजबाड़ा स्थित अर्पण नर्सिंग होम को सील कर दिया। यहां के दो डॉक्टर्स पॉजिटिव आने के बाद ताबड़तोड़ प्रशासन की टीम पहुंची और मरीजों को शिफ्ट किया गया। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें होम-क्वारेंटाइन किया गया। भर्ती मरीजों व उनके परिजनों और स्टाफ की जांच की जानी है। बीते 15 दिनों की कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की जानी है।
    रावजी बाजार थाने के तीन सिपाही पॉजिटिव

    संक्रमित जोन में आ चुके रावजी बाजार थाने के तीन सिपाही कोरोना पॉजिटिव निकले हैं। उन्हें सोमवार को तत्काल चोइथराम अस्पताल में भर्ती किया गया है। इसके बाद उनसे संपर्क में आए 6 पुलिसकर्मियों को क्वारेंटाइन किया गया है। निगम द्वारा अन्य विभागों के साथ किए जा रहे सर्वे में अब तक 27.51 लाख लोगों का सर्वे पूरा हो चुका है। इसमें 8228 लोग हाईरिस्क पर निकले हैं। उनका ट्रीटमेंट शुरू किया गया है।

    धार : एक दिन में 20 नए कोरोना संक्रमित

    धार में साेमवार देर शाम आई रिपाेर्ट में जिले में 20 नए लाेगों में काेराेना संक्रमण की पुष्टि हुई है। धार में पहली बार इतनी संख्या में लोग एक साथ संक्रमित पाए गए हैं। अब यहां पाॅजिटिव मरीजाें की संख्या अब 75 हाे गई है। दाेपहर में जिला अस्पताल पहुंची एक वृद्धा की माैत हाे गई। उसका सैंपल लिया गया था। पुलिस अभिरक्षा में उसे कब्रिस्तान में दफनाया गया।

    ग्वालियर: स्क्रीनिंग कर लौटे डॉक्टर को पड़ोसियों ने मल्टी में घुसने से रोका

    ग्वालियर में काेराेना संदिग्ध लाेगाें की स्क्रीनिंग के लिए बनी रैपिड स्क्रीनिंग टीम के सदस्य डॉ. रवि गुप्ता काे न िसर्फ उनके फ्लैट में घुसने से रोका गया बल्कि उनसे यहां तक कहा गया कि उनकी वजह से दूसरे लोगों को संक्रमण हो सकता है इसलिए घर खाली कर दो। यह घटना सोमवार सुबह हरिशंकरपुरम स्थित साहिल अपार्टमेंट में हुई। डॉक्टर की शिकायत पर अपार्टमेंट पहुंचीं तहसीलदार शिवानी पांडेय और टीअाई रमेश शाक्य ने पहले तो मल्टी के लोगों को समझाया कि डॉक्टर से उन्हें कोई खतरा नहीं है। इसके बाद भी लोग नहीं माने तो दोनों अधिकारियों ने कहा कि अगर कोई डॉ. गुप्ता को उनके फ्लैट में घुसने से रोकेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद फ्लैट में रहने वाले लोगों ने डॉ. गुप्ता से माफी मांगी। इसके बाद डॉक्टर अपने फ्लैट में गए।



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    सोमवार को परिवार के 7 सदस्यों के साथ 6 माह की अश्मायरा भी डिस्चार्ज हुई। उसके पिता राजिक खान की 7 अप्रैल को कोरोना से मौत हो गई थी। 10 साल की बहन राहेमा अभी भर्ती है। फोटो : संदीप जैन




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    डिवाइडर क्राॅस कर रहे बाइक सवार काे मिनी ट्रक ने मारी टक्कर, 1 की माैत, 1 गंभीर

    लेबड़-जावरा फोरलेन पर माचकदा फाटे पर सोमवार सुबह करीब 9.30 बजे मिनी ट्रक ने बाइक सवार काे टक्कर मार दी। इसमें एक युवक की माैके पर ही माैत हाे गई, जबकि एक गंभीर घायल हाे गया। बाइक सवार अंतराय से माचकदा की ओर जा रहा था। वहीं मिनी ट्रक इंदौर से रतलाम तरफ जा रही था। गंभीर घायल काे एंबुलेंस 108 से पुलिस ने धार भेजा। जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।

    सादलपुर पुलिस के अनुसार ग्राम अंतराय का शबाब खां पिता खाजू खां (42) तथा नईम पिता अयूब बाइक से माचकदा की ओर जा रहे थे। माचकदा फाटे पर मिनी ट्रक (पीबी 13 बीसी 5530) ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ट्रक बाइक काे काफी दूर तक घसीटते हुए ले गया। जिससे मौके पर ही शबाब की मौत हो गई। घायल नईम को धार भेजा गया। मृतक युवक के सिर पर पहिया चढ़ जाने से सिर चकनाचूर हो गया। पुलिस ने अन्य ट्रक को रुकवाकर मिनी ट्रक को पीछे धकेला और मृतक का शव निकाला। लॉकडाउन चलने से फाेरलेन पर इक्का दुक्का वाहन ही निकल रहे हैं। बावजूद हादसा हाे गया। घटना के बाद चालक माैके से फरार हाे गया। पुलिस ने मिनी ट्रक काे जब्त कर चालक के खिलाफ केस दर्ज किया है।

    दूध ले जा रहा व्यक्ति बाइक की से टक्कर से घायल

    धामनाेद में बाइक चालक ने राहगीर काे टक्कर मार दी। पुलिस के मुताबिक देवेंद्र पिता रामनारायण निवासी कुम्हार गड्डा डेयरी पर दूध ले जा रहा था। तभी पीछे से आ रही बाइक (एमपी 10 एमडी 3783) के चालक ने देवेंद्र काे टक्कर मारकर घायल कर दिया। उसके पैर, सिर सहित शरीर के विभिन्न हिस्साें पर चाेट आई। पुलिस ने जितेंद्र पिता देवेंद्र की शिकायत पर बाइक चालक पर केस दर्ज किया है।



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    Mini truck collided by divider crossing bike, 1 beat, 1 serious




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    17 मई तक लॉकडाउन बढ़ने से सीबीएसई बोर्ड 10वीं और 12वीं की परीक्षा भी टली

    देश में लगातार बढ़ रहे कोरोना वायरस संक्रमण के खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार ने तीसरी बार लॉकडाउन की अवधि बढ़ाकर 17 मई कर दी है। इस दौरान स्कूल कॉलेज भी बंद रहेंगे। सीबीएसई बोर्ड परीक्षाओं का इंतजार कर रहे अभिभावकों और विद्यार्थियों को अभी और इंतजार करना होगा।


    29 अप्रैल को सीबीएसई बोर्ड के अधिकारियों ने कहा था कि अगर सरकार उन्हें 10 से 12 दिन का समय दे तो बोर्ड 12वीं की बची हुई मुख्य विषयों की परीक्षाएं करा लेगा। लेकिन अब लॉकडाउन की अवधि फिर से बढ़ने के बाद परीक्षाएं कराने की योजना फिर ठंडे बस्ते में चली गई है। सीबीएसई के सचिव ने सोशल डिस्टेंसिंग के पालन के साथ सरकार से उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की इजाजत भी मांगी है।


    साथ ही मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा 2020 की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन शुरू करने के निर्देश दे दिए हैं। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के कारण जो स्थितियां पैदा हुई उनके सामान्य होने का इंतजार किया जा रहा है। इसके बाद परीक्षा की प्रक्रिया एक बार फिर शुरू हो जाएगी। कुल 82 में से लगभग 29 विषयों की परीक्षाएं अभी भी आयोजित की जानी हैं। इसके अलावा स्कूलों को फिर से खोलने का फैसला परिस्थितियों पर टास्क फोर्स से विचार करने के बाद लिया जाएगा।


    20 जून से शुरू हो सकता केंद्रीय विद्यालय : स्थानीय केंद्रीय विद्यालय में इन दिनों छुटि्टयां चल रही है। स्कूल 20 जून तक ही खुलने की संभावना है। बताया जा रहा है स्कूल खोलने का अंतिम फैसला केंद्रीय विद्यालय संगठन ही लेगा। वहां से जो भी निर्देश आएंगे उसी के अनुरूप केंद्रीय विद्यालय में कक्षाएं लगेगी।



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    1 घंटे में रिपोर्ट देने वाली 30 मशीनें, अनुमति ही नहीं, ...जबकि जांचें बढ़ाने की हर संभावना तलाशनी चाहिए

    सुनील सिंह बघेल.कोविड-19 की जांच रिपोर्ट के लिए 3 से 10 दिन का इंतजार करना पड़ रहा है, जबकि प्रदेश में बैटरी चलित करीब 30 औरइंदौर में पांच मशीनें ऐसी भी हैं, जो 1 घंटे में संक्रमण का पता लगा सकती हैं। माइक्रो पीसीआर तकनीक की इन स्वदेशी मशीनों का उपयोग नहीं हो पा रहा क्योंकि आईसीएमआर ने सिर्फ निजी लैब संचालकों को महंगी आरटी पीसीआर मशीन भी खरीदने की शर्त लगा दी।

    सीनियर माइक्रोबायोलॉजिस्ट डॉक्टर नीरज कहते हैं कि किसी के पास पहले से आरटी पीसीआर है तो वह यह छोटी मशीन खरीदेगा ही क्यों। इस एक ट्रू-नेट मशीन से रोजाना 20 से 50 तक जांच की जा सकती है। इस मशीन का इस्तेमाल पहले भी देशभर में टीबी और दूसरे वायरस की जांच के लिए होता रहा है। इन्हें दूरदराज के क्षेत्रों में मोबाइल टेस्टिंग यूनिट की तरह भी इस्तेमाल किया जा सकता है। 40 डिग्री तापमान पर भी काम करने में सक्षम, प्रदेश में फिलहाल उपलब्ध ट्रू-नेट मशीनों से ही रोजाना 1 हजार से ज्यादा जांच की जा सकती हैं।

    इनमें एक बार सैंपल डालने के बाद जांच के लिए जरूरी आरएनए एक्सट्रैक्शन सहित सारी प्रक्रिया स्वचालित है । यही नहीं इन की स्थापना के लिए किसी विशेष कक्ष की जरूरत भी नहीं होती। संदिग्ध संक्रमित से लिए गए सैंपल को जिस वायरल ट्रांसपोर्ट मीडिया(वीटीएम) में रखने के बाद उससे संक्रमण की संभावना भी खत्म हो जाती है।


    आंध्र तमिलनाडु में 100 मशीनें कर रही काम
    दरअसल, आईसीएमआर ने माइक्रो पीसीआर तकनीक आधारित इन मशीनों से की गई कोरोना की जांच को मान्यता तो दे रखी है लेकिन वायरोलॉजी लैब से पुनः कंफर्मेशन की शर्त भी रख दी है। डॉक्टरों का कहना है कि 50 सैंपल की जांच में यदि 5 सैंपल पॉजिटिव आते हैं तो सिर्फ 5 सैंपल ही कंफर्मेशन के लिए वायरोलॉजी लैब भेजना होगा। इससे वायरोलॉजी लैब पर बोझ कम होगा। आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु सरकारें पहले से काम कर रही 100 मशीनों की संख्या 250 तक बढ़ा रही है। जबकि प्रदेश सरकार की ओर से ऐसी कोई पहल नजर नहीं आ रही।



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    माइक्रो पीसीआर तकनीक की इन स्वदेशी मशीनों का उपयोग नहीं हो पा रहा क्योंकि आईसीएमआर ने सिर्फ निजी लैब संचालकों को महंगी आरटी पीसीआर मशीन भी खरीदने की शर्त लगा दी।




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    मवेशी चराने गए 10 साल के बालक पर जानवर का हमला, सिर में 23 टांके आए

    अपने सहयोगी के साथ मवेशी चराने गए 10 वर्षीय बालक पर तेंदुए ने हमला कर दिया। जिससे बालक गंभीर रूप से घायल हो गया। असपास के लोगों के शोर मचाने पर तेंदुआ वहां से भाग निकला। ग्रामीणों ने 108 को सूचना दी। जिससे घायल बालक को स्वास्थ्य केंद्र जोबट लाया गया। बालक बुरी तरह जख्मी है, सिर में 23 टांके आए हैं। मौके पर पहुंचे वनकर्मियों ने कहा कि तेंदुआ ही होगा। क्याेंकि तेंदुआ ही सिर और गले में वार करता है। घटना मंगलवार सुबह करीब 11 बजे जोबट से 6 किमी दूर उंडारी गांव के पटेल फलिया की है। इधर.. घटना के साढ़े 8 घंटे बाद शाम 7.30 बजे तक भी डीएफओ डूडवे को मामले की जानकारी नहीं थी। जिससे घटनास्थल के आसपास जंगल में अभी तक तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा नहीं रखा गया। वनविभाग की लापरवाही के कारण ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।


    जानकारी अनुसार ग्राम उंडारी के पटेल फलिया निवासी वीरेंद्र पिता केसरसिंह (10) अपने सहयोगी के साथ मवेशी चरा कर उन्हें पानी पिलाने के लिए छोटे डैम पर ले गया। उसी समय वहां छिपे तेंदुए ने उस पर हमला कर दिया। साथियों व आसपास के लोगों ने शोर मचाया। तेंदुआ बालक को छोड़कर भाग निकला। ग्रामीणों ने बताया कि उक्त जानवर तेंदुआ था। जिसके पूरे शरीर पर गोल धब्बे बने थे। सूचना पर डिप्टी रेंजर प्रकाश मकवाना, वन आरक्षक धर्मेंद्र चौहान ने बालक के घायल होने का पंचनामा बनाया।


    डिप्टी रेंजर मकवाना ने कहा तेंदुआ सदैव शिकार को गर्दन या सिर से पकड़ता है। इसलिए यह हमलावर तेंदुआ ही हो सकता है। हमने पंचनामा बनाकर वरिष्ठ अधिकारी को भिजवा दिया है। घायल बालक का उपचार शासकीय अस्पताल में किया जा रहा है। इसलिए फिलहाल सहायता नहीं मिल सकती। यदि बालक को इलाज के लिए यहां से अन्यत्र ले जाना पड़े तो दवाई का खर्च विभाग स्वीकृत करेगा।

    डीएस डूडवे, डीएफओ, वन विभाग ने कहा-टीम जंगल में होगी, इसलिए मुझे जानकारी नहीं
    मेरे संज्ञान में अब तक ऐसा कोई मामला नहीं आया है। कहां का मामला है मैं पता करवाता हूं। हमारी टीम जंगल में होगी। वहां नेटवर्क समस्या होती है इसलिए मुझे जानकारी नहीं मिल पाई है।’



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    10-year-old boy attacked cattle for cattle grazing, 23 stitches in his head




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    धार के डेहरी में परिवार के 14 पॉजिटिव; उनकी दुकान झाबुआ में, तलाश में पहुंची टीम

    सोमवार रात प्रशासन को खबर मिली कि दुकान वाले दो लोग झाबुआ आए हैं। इसके बाद रात 11 बजे से तीन घंटे तक हुड़ा क्षेत्र और सज्जन रोड पर तलाश की गई लेकिन कोई नहीं मिला। दुकान मालिक से भी अफसरों ने बात की। पता चला, तकरीबन दो महीने से दुकान बंद है। काम करने वाले भी तभी चले गए थे। जो दुकान मालिक पॉजिटिव मिला, वो दो महीने से यहां नहीं आया।


    इसके बाद अफसरों की जान में जान आई। टीम एक घंटे तक दुकान मालिका के रिश्तेदारों और यहां काम करने वालो की तलाश में लगी रही। हालांकि बाद में जब ये तसल्ली हो गई कि यहां कोई नहीं है तो टीम लौट गई। डेहरी के जिस परिवार के 14 लोगों को कोरोना निकला, वो सभी आइसोलेशन में हैं। उनका इलाज चल रहा है। इन सभी की रिपोर्ट सोमवार को एक साथ आई। दुकान मालिक के अनुसार, दबंग कलेक्शन नाम की राजवाड़ा चाैक की इस दुकान पर मालिक कम ही आते हैं। ज्यादातर दुकान पर काम करने वाले कर्मचारी काम संभालते हैं। जब कोरोना संक्रमण फैलने लगा तो मार्च महीने के बीच ही सारे लोग चले गए थे। उन लोगों से अफसरों की वीडियो कालिंग भी कराई गई है।

    आज आ सकती है 27 रिपोर्ट

    29 अप्रैल को राजस्थान सीमा की नयागांव बॉर्डर से बस में आए दाहोद के कोरोना संक्रमित परिवार के 7 लोगों के साथ बैठकर आए जिले के मजदूरों के सैंपल की रिपोर्ट बुधवार शाम तक आ सकती है। सीएमएचओ बीएस बारिया ने बताया, 27 सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। अभी इन सभी लोगों को आइसोलेशन में रखा गया है और इनके परिवार वालों को होम क्वारेंटाइन किया गया।


    ये रिपोर्ट निगेटिव आई तो बड़ा खतरा टलेगा
    जिले के ग्रीन जोन में बने रहने के लिए इन 27 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आना जरूरी है। बस में 45 लोग आए थे। इनमें से 11 दाहोद के परिवार के सदस्य थे। बाकी 34 झाबुआ और आलीराजपुर जिले के थे। 30 तारीख को दाहोद के दो भाईयों के सैंपल लिए थे। रविवार को दोनों की पॉजिटिव रिपोर्ट आई थी। सोमवार को इसी परिवार के 5 और सदस्य पॉजिटिव मिले थे।


    सेंटर में रखे युवक को बुखार, खिड़की से लिया ब्लड सैंपल
    शहर के पास गोपालपुरा क्वारेंटाइन सेंटर में उत्तर प्रदेश के कुछ लोगों को रखा गया है। इनमें से एक युवक 17 साल के प्रदीप सुखराम को सोमवार शाम बुखार आ गया। खबर मिली तो एएनएम सीमा भूरिया पहुंची। कोरोना के खतरे के बीच खिड़की से ही मरीज का सैंपल लिया। डॉक्टरों का कहना है, कोरोना जैसे लक्षण नहीं है। सामान्य बुखार है। मलेरिया जांच के लिए ब्लड सैंपल लिया गया।



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    14 positives of the family in Dehri, Dhar; His shop in Jhabua, team reached in search




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    कुक्षी के 19 व डेहरी के 7 मरीजाें की रिपोर्ट आना बाकी, 15 धार रैफर, 42 क्वारेंटाइन

    कुक्षी सहित डेहरी में कोरोना मरीजाें की संख्या बढ़ी है। कुक्षी में सोमवार रात बढ़पुरा (सुभाष मार्ग) में रहने वाला एक व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव पाया गया। वहीं डेहरी में 29 वर्षीय काेराेना पाॅजिटिव युवक के परिवार के 14 व्यक्तियों की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। कुक्षी के कोरोना पॉजिटिव मृतक की मां और बहन सहित कुल 16 लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। अब तक कुक्षी में 8 और डेहरी में 15 लोग पॉजिटिव है।


    बढ़पुरा में 50 वर्षीय व्यक्ति की रिपोर्ट आने के बाद रात में ही एसडीएम बीएस कलेश, तहसीलदार सुनील कुमार डावर और थाना प्रभारी कमल सिंह पवार संबंधित क्षेत्र में पहुंच कर कंटेनमेंट एरिया घोषित किया। कुक्षी में हाईरिस्क श्रेणी में 19 और डेहरी में 7 लोग चल रहे हैं, जिनकी रिपोर्ट आना शेष है। ये लोग कुक्षी के क्वारेंटाइन सेंटर में है। वहीं लो रिस्क श्रेणी के 87 लोग हैं। जिला प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए कुक्षी बीएमओ राजेंद्र सिंह मंडलोई को हटाते हुए जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. नरेंद्र पवैया को प्रभार सौंपा है।


    क्राइसिस मैनेजमेंट के मनोज दुबे (बीआरसी डही) ने बताया आइसोलेशन व उपचार के लिए 15 लोगों को धार रैफर किया है। 42 नए लोग कुक्षी में क्वारेंटाइन किए गए हैं। इधर नए केस आने के बाद प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। पुलिस जवानाें के साथ महिला पटवारियों को चौराहे पर तैनात किया है। अधिकारी खुद सड़कों पर निकलकर पूरी तरह से कानून व्यवस्था पर नजर बनाते हुए सख्ती करते दिखे। सोमवार रात पुलिस प्रशासन ने फ्लैग मार्च निकाल कर लोगों से घरों में रहने की अपील की।

    प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिंघाना में कर्मचारियों के लिए सांसद छतरसिंह दरबार ने पीपीई किट, सैनिटाइजर एवं मास्क दिए। मेडिकल ऑफिसर डॉ. भूतल राठौर, कम्पाउंडर कुंवर पालसिंह, वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व जिला पंचायत निर्माण समिति अध्यक्ष देवराम पाटीदार, पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ धार जिलाध्यक्ष अशोक राठौर, सुरेश भाई साद डोंगरगांव, सुरेश पाटीदार देवगढ़ सहित अन्य कार्यकर्ता माैजूद थे।



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    Reports of 19 patients of Kukshi and 7 of Dehri are yet to come, 15 Dhar Refer, 42 Quarantine




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    25 केंद्राें पर 5823 किसानाें से 4.21 लाख क्विंटल की खरीदी, परिवहन नहीं हाेने से 20 जगह गेहूं खुले में पड़ा, बारदान की है कमी

    समर्थन मूल्य पर 25 केंद्राें पर गेहूं खरीदा जा रहा है। इसमें से 20 जगह खरीदा गेहूं परिवहन नहीं होने से गेहूं रखने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अब तक 5823 किसानों से 4 लाख 21 क्विंटल गेहूं खरीदा गया है। इसमें से 3 लाख क्विंटल का ही परिवहन हाे पाया है। 1 लाख 21 हजार क्विंटल गेहूं खुले में पड़ा है। जो मौसम में बदलाव से खराब होने का अंदेशा है। वहीं जिला मुख्यालय से मार्केटिंग फेडरेशन के अधिकारियों ने बारदान परिवहन नहीं किया। कई केंद्रों पर बारदान की कमी है। कुछ केंद्र प्रभारी ने स्वयं का वाहन भेज कर बारदान मंगवा कर खरीदी शुरू की है।


    काछीबड़ाेदा केंद्र पर गेहूं का परिवहन नहीं होने से सोमवार को खरीदी नहीं हुई। मैसेज मिलने पर उपज लेकर आए किसान परेशान होते रहे। केंद्र पर खुले में पड़े गेहूं को तिरपाल से ढंका गया है। सहकारिता अधिकारी वर्मा का कहना है गेहूं परिवहन के लिए वरिष्ठ अधिकारी को सूचित कर दिया है। वाहन की कमी होने से परिवहन में देरी होने से कई केंद्राें पर गेहूं का स्टाॅक पड़ा है। शीघ्र ही गेहूं उठवाया जाएगा।

    तलवाड़ा वेयर हाउस फूल, अब बगड़ी मंंडी परिसर में हाेगी खरीदी

    उपार्जन केंद्र तलवाड़ा वेयर हाउस में क्षेत्र के किसानों का गेहूं खरीदा जा रहा था। जहां दो संस्थाओं की खरीदी हाेने व परिवहन नहीं हाेने से वेयर हाउस पूरा भर गया। किसानों काे भी 7 से 15 किमी की दूरी तय कर तलवाड़ा जाना पड़ता था। किसानों ने एसडीएम सत्यनारायण दर्रो से चर्चा कर खरीदी केंद्र को बगड़ी में करने की मांग की थी। एसडीएम ने अधिकारियों से चर्चा कर खरीदी केंद्र बगड़ी किया है। अब बगड़ी संस्था के किसानों की उपज कृषि उप मंडी में खरीदी जाएगी। नायब तहसीलदार जितेंद्रसिंह तोमर ने गेहूं तुलाई के बाद प्रतिदिन परिवहन करने के लिए संबंधित अधिकारियाें काे निर्देश दिए। थाना प्रभारी बीएस वसुनिया, बीएमओ चमनदीप अरोरा ने भी खरीदी केंद्र का निरीक्षण कर संस्था प्रबंधन कृष्णा वर्मा, कालूराम वर्मा व किसानाें से चर्चा की।

    अधिक किसानाें काे बुलाने से लग रही भीड़
    ई-उपार्जन केंद्र पर ज्यादा किसान पहुंचने लगे हैं। भाेपाल से मैसेज मिलने के बाद उपज लेकर अाने से वाहनाें की कतार केंद्र के बाहर लग रही। खरीदी केंद्र पर भीड़ बनने से निश्चित दूरी का पालन नहीं हाे रहा। वंदना वेयर हाउस मनासा में कतार में वाहन आगे पीछे करने को लेकर किसानों के बीच विवाद हाे गया। 100 डायल व कानवन थाना बीट प्रभारी रवींद्र चाैधरी ने पहुंचकर किसानों को समझाइश दी। नागदा स्थित वेयर हाउस के बाहर वाहनाें की भीड़ बढ़ने से मंडी परिसर में खड़े कराए। नायब तहसीलदार मनीष जैन ने पहुंच कर भंडारण व रखरखाव को लेकर प्रभारी विजेंद्रसिंह बना से जानकारी ली। वेयरहाउस भर जाने से गेहूं बाहर पड़ा है। नायब तहसीलदार जैन ने किसानों से कहा कि अाप धैर्य के साथ सहयोग करें। सभी का गेहूं खरीदा जाएगा। मैसेज सीमित रखने के लिए प्रभारी बना को जीएसओ से चर्चा कर व्यवस्था बनाने की बात कही। पेयजल की व्यवस्था व निश्चित दूरी, मास्क का उपयाेग करने के निर्देश दिए। ई-उपार्जन केंद्र नागदा व मनासा में अब तक 633 किसानों से 49335 क्विंटल गेहूं खरीदा जा चुका है।



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    Purchased 4.21 lakh quintals from 5823 farmers at 25 centers, wheat was left in the open due to lack of transportation, there is shortage of gunny bags
    Purchased 4.21 lakh quintals from 5823 farmers at 25 centers, wheat was left in the open due to lack of transportation, there is shortage of gunny bags