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10वीं पास युवाओं को रोजगार देगी सरकार, कर्ज की नियमित किस्त भरने वाले किसानों को 50 हजार का इन्सेंटिव

मुंबई. शुक्रवार को पेश अपने पहले बजट में उद्धव सरकार किसानों और युवाओं के लिए कई सौगातें पेश की। किसानों का जहां 2 लाख तक का कर्ज माफ़ किया गया, वहीं 10 पास 5 लाख युवाओं को कौशल विकास की ट्रेनिंग देकर रोजगार देने की बात भी सरकार की ओर से की गई है। सरकार की इस घोषणा पर किसानों और युवाओं ने खुशी जताई है।

किसानों के लिए सरकार का ऐलान

  • सितंबर 2019 तक कर्ज लेने वाले सभी किसानों का 'महात्मा ज्योतिराव फुले कर्ज मुक्ति योजना 2019' के तहत दो लाख रुपए तक का कर्ज माफ होगा। इसके अलावा जिन किसानों का कर्ज दो लाख से ज्यादा है, उन्हें सरकार दो लाख की सब्सिडी देगी। जिन किसानों ने 2018-19 में कर्ज लिया है और नियमित तौर पर अपनी किस्त भर रहे हैं, उन्हें 50 हजार रुपए का इंसेटिव दिया जाएगा। किसानों की कर्जमाफी के लिए सरकार ने कुल 22 हजार करोड़ का प्रावधान रखा है, जिसमें से 15 हजार करोड़ साल 2019-20 में और 7 हजार साल 2020-21 के लिए है।
  • सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को में 2 लाख के प्रस्ताव को बढ़ाने का आग्रह किया है। किसानों के लिए 10 हजार करोड़ के इरीगेशन प्रोजेक्ट को समयबद्ध तरीके से शुरू करने की बात कही है।
  • किसानों के लिए शुरू की गई मुख्यमंत्री जल सरंक्षण योजना के क्रियान्वयन के लिए 450 करोड़ देने का ऐलान किया गया है। सरकार ने किसानों के लिए नए बीज देने की योजना जल्द शुरू करने का ऐलान भी बजट में किया है।
  • किसानों के सोलर पंप लगाने के लिए सरकार ने 10 हजार करोड़ के बजट का प्रावधान रखा है। इसमें पांच साल में पांच लाख सोलर पंप लगाने की बात कही गई है। इसके तहत गांवों में बिजली की सप्लाई भी की जाएगी।


युवाओं के लिए सरकार का ऐलान

  • राज्य के 1500 प्राथमिक विद्यालयों को आदर्ष विद्यालय बनाने के लिए 500 करोड़ की आर्थिक मदद देने का ऐलान सरकार की ओर से किया गया है।
  • रायत शिक्षण संस्थान महोत्सव के लिए सरकार ने 11 करोड़ देने का ऐलान किया है।
  • राज्य में स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने के लिए तहसील स्तर पर दी जाने वाली सहायता राशि 1 करोड़ से बढ़ाकर 5 करोड़, जिला स्तर पर यह राशि 5 करोड़ से बढ़ाकर 25 करोड़ और विभाग स्तर पर इसे 24 करोड़ से बढ़ाकर 50 करोड़ करने का ऐलान किया गया।
  • छत्रपति शिवाजी महाराज बालेवाड़ी स्टेडियम में अंतरराष्ट्रीय क्रीड़ा विद्यापीठ की स्थापना की जाएगी।
  • राज्य के शिक्षा विभाग के लिए 2500 करोड रुपए और उच्च व तकनीकी शिक्षा विभाग के लिए 13 सौ करोड़ रुपए का प्रावधान बजट में रखा गया है।
  • दसवीं पास युवाओं को रोजगार देने के लिए 'महाराष्ट्र सिकाऊ उम्मीदवारी योजना' अगले पांच साल में क्रियान्वित की जाएगी। इसमें पांच लाख युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें 21 से 28 साल के सुशिक्षित बेरोजगार युवक-युवतियों को कौशल विकास की ट्रेनिंग दी जाएगी, उसके आधार पर उन्हें रोजगार दिया जाएगा। इसके लिए कुल 6000 करोड़ रुपये का बजट रखा गया।


स्थानीय युवाओं को रोजगार देने के लिए सरकार जल्द ही नया कानून लेकर आएगी।



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वित्त मंत्री अजित पवार(दाएं) ने आज विधानसभा में उद्धव सरकार का पहला बजट पेश किया।




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उद्धव सरकार ने दी 2,500 करोड़ रुपए की टैक्स राहत, वहीं 1,800 करोड़ रुपए वसूलने की व्यवस्था भी बनाई

मुंबई(विनोद यादव).उद्धव सरकार ने अपने पहले बजट में 2,500 करोड़ रुपए का टैक्स रिलीफ जनता को दिया है। हालांकि पेट्रोल-डीजल पर एक रुपए प्रति लीटर का अतिरिक्त कर लगाकर 1,800 करोड़ रुपए वसूलने की व्यवस्था भी बजट में की है

9,511 करोड़ रुपए का घाटे का बजट पेश

विधानसभा में शुक्रवार को वित्त मंत्री अजित पवार ने और विधान परिषद में वित्त राज्यमंत्री शंभूराजे देसाई ने वर्ष 2020-21 का बजट पेश किया। जिसमें 9,511 करोड़ रुपए का राजस्व घाटा होने का अनुमान व्यक्त किया गया है। मार्च में समाप्त हो रहे चालू आर्थिक वर्ष 2019-20 में महाराष्ट्र का राजस्व घाटा 31,443 करोड़ रुपए रहने वाला है। राज्य सरकार ने 2020-21 में 3,47,457 करोड़ रुपए का राजस्व मिलने, 3,56,968 करोड़ रुपए का राजस्व खर्च और54,618 करोड़ रुपए के राजकोषीय घाटे का अनुमान व्यक्त किया गया है।

एक हाथ दिया दूसरे हाथ लिया

महाराष्ट्र सरकार ने औद्योगीकरण इस्तेमाल की बिजली पर मौजूदा शुल्क को 97.5 फीसदी कर दिया है। इससे सरकारी तिजोरी पर 700 करोड़ रुपए का बोझ पड़ने वाला है। इसी तरह मुंबई के एमएमआर रिजन, पुणे के पिंपरी-चिंजवड और नागपुर मनपा क्षेत्र में मुद्रांक शुल्क व अन्य कार्यों पर लगने वाले कर को दो साल के लिए एक फीसदी घटा दिया गया है। इससे सरकार को 1,800 करोड़ रुपए के राजस्व से हाथ धोना पड़ेगा। इस तरह ठाकरे सरकार ने अपने पहले बजट में 2,500 करोड़ रुपए का टैक्स रिलीफ दिया है। मगर दूसरी ओर पेट्रोल-डीजल पर प्रति लीटर एक रुपए का अतिरिक्त कर लगाया गया है। जिससे 1,800 करोड़ रुपए का सालाना राजस्व मिलने का अनुमान है।

महाराष्ट्र की आर्थिक स्थिति..


राजस्व प्राप्ति :- 3,47,457 करोड़
राजस्व खर्च :- 3,56,968 करोड़
राजस्व घाटा :- 9,510.71 करोड़
राजकोषी घाटा :- 54,618.38 करोड़
महाराष्ट्र पर कर्ज :- 5,20,717 करोड़(2019-20 में राज्य पर 4,64,020 करोड़ का कर्ज था।)



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विधानसभा में बजट भाषण करते हुए वित्त मंत्री अजित पवार।




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मिलावटी दूध बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़, दो लोग गिरफ्तार, 271 लीटर दूध बरामद

मुंबई. क्राइम ब्रांच यूनिट 8 ने सहार गॉव में पैकेट के दूध में मिलावट करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ कर दो लोगों को गिरफ्तार किया है। ये नामी कंपनियों के पैकेट वाले दूध में शुद्ध दूध निकालकर उसमें मिलावटी दूध मिलाते थे। इस दूध को होटल्स, रेस्टोरेंट और चाय की दुकान पर सप्लाई करते थे। इनके पास से दो ब्रांडेड कंपनी के 271 लीटर मिलावटी दूध भी जब्त हुआ है।

मामले की जांच करने वाले डीसीपी अकबर पठान ने बताया कि अंधेरी पूर्व के सहारगांव में दो घरों पर छापा मारकर दो लोगों को गिरफ्तार किया है। बरामद दूषित दूध की कीमत साढ़े 10 हजार के आसपास है। इनके पास से भारी मात्र में पेंट, केमिकल और चूना बरामद हुआ है। जांच में सामने आया है कि इनके द्वारा तैयार दूध जहरीला भी होता था।

पुलिस को संदेह है कि इनके गिरोह में कई लोग शामिल हो सकते हैं, जिसमें होटल या रेस्टोरेंट के कुछ कर्मचारी भी शामिल हैं।



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जांच में सामने आया है ये पेंट, केमिकल का इस्तेमाल कर इस दूध जो बनाते थे।




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बिना दर्शकों के आईपीएल मैच कराने पर विचार कर रही महाराष्ट्र सरकार, राज्य में अब तक 11 मामले सामने आ चुके

मुंबई.महाराष्ट्र में अब तक कोरोनावायरस के 11 पॉजिटिव मामले सामने आ चुके हैं। तेजी से फैल रहे वायरस के डर से सरकार अब आईपीएल मैच बिना दर्शकों के कराने का मन बना रही है।स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने बताया कि आईपीएल क्रिकेट टूर्नामेंट29 मार्च से शुरू होनेजा रहाहै। इसे लेकर बैठक हुई।इसमें निर्णय लिया गया कि स्टेडियम में आईपीएल मैच बगैर दर्शकों के कराया जाए। ऐसी स्थिति मेंलोग स्टेडियम में मैच देखने की बजाय टीवी पर देख सकते हैं। हालांकि, अभीइस पर फैसला होना बाकी है।

कोरोनावायरसको वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन ने महामारी घोषित कर दिया है। महाराष्ट्र में अब तक मुंबई में 2, सबसे ज्यादा पुणे में 8 और नागपुर में 1 पॉजिटिव केस पाया गया है। कोरोनावायरस के संदेह मेंमुंबई में 18, पुणे में 15, नासिक में 2 और नागपुर में 3 को आइसोलेटेड वार्ड में रखा गया है। देश में 48 घंटों में कोरोनावायरस के 15 नए मरीज सामने आए हैं।

दुबई लौटे दंपती में मिले लक्षण

बीएमसी स्वास्थ्य विभाग के अडिशनल म्युनिसिपल कमिश्नर सुरेश काकानी ने बताया कि मंगलवार को जिन 6 लोगों को कस्तूरबा में भर्ती कराया गया, उनमें से 2 की रिपोर्ट पॉजिटिव है। जिन दो लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है, वे उपनगर से हैं। दोनों पति-पत्नी और सीनियर सिटिजन हैं। वे उन्हीं 40 लोगों में से हैं, जो हाल ही में दुबई से लौटे थे। शुरुआती जांच के मुताबिक, जिन लोगों में वायरस की पुष्टि हुई है, वे पुणे कपल के क्लोज कॉन्टैक्ट में थे।काकानी ने कहा कि पुणे में पुष्ट मामले आने के बाद हमने कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग शुरू की, जिसके बाद मुंबई के 6 लोगों को अस्पताल में मंगलवार को भर्ती किया। इन 6 लोगों में से दो लोगों में बीमारी की पुष्टि हुई है, जबकि 4 की रिपोर्ट निगेटिव है। बाकी के चार लोगों पर भी नजर रखी जा रही है।

कोरोनाका यहां पड़ा असर

  • विधानमंडल का बजट सत्र समय से पहले खत्म किया जाएगा।
  • संभवत: 14 मार्च को खत्म हो सकता है सत्र।
  • विधानसभा में प्रवेश के लिए पास जारी करना बंद।
  • सिर्फ विधायकों और अधिकारियों को प्रवेश की अनुमति होगी।
  • पैठण शहर में वार्षिक ‘नाथ षष्ठी यात्रा’ स्थगित कर दी गई है।
  • स्कूल, कॉलेज जरूरत पड़ने पर बंद किए जा सकते हैं।

अस्पतालों में रिजर्व बेड
रेलवे अस्पतालों को निर्देश दिया गया है कि कुल क्षमता के 10 प्रतिशत बेड संक्रमित रोगियों के लिए रिजर्व रखे जाएं। पश्चिम रेलवे ने सभी डिविजन में कुल 75 बेड और मुंबई के जगजीवन राम अस्पताल में 30 बेड संक्रमण के संदेहजनक व्यक्तियों के लिए आरक्षित रखे हैं। मध्य रेलवे ने भायखला और कल्याण के अस्पताल में 48 बेड तैयार रखे हैं।

सरकार के साथ विपक्ष: फडणवीस
विधानसभा में विरोधी दल के नेता देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि कोरोना से निपटने में विपक्ष राज्य सरकार की पूरी तरह से मदद करेगा। उन्होंने कहा कि वायरस को लेकर चिंतित होने की जरूरत नहीं है।बस, कोरोना के मद्देनजर सबको सतर्क रहना चाहिए, लेकिन इसके साथ ही यह सुनिश्चित करने की भी जरूरत है कि तनाव उत्पन्न न हो।

कर्नाटक में एक संदिग्ध की मौत
कर्नाटक के कलबुर्गी में कोरोनाके एक संदिग्ध की मौत हो गई। वह सऊदी से लौटे थे। अगर उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आती है, तो यह देश में इस बीमारी से मौत का पहला मामला होगा। वहीं, केरल में इस वायरस से संक्रमित 85 साल की बुजुर्ग महिला की स्थिति नाजुक है। महिला के 96 साल के कोरोनापीड़ित पति की हालत स्थिर है। सबसे ज्यादा 18 मामले राजस्थान से हैं।

120 देश चपेट में, तुर्की भी पहुंचा
दुनिया के 120 देश कोरोनावायरस की चपेट में हैं। बीमारी के अब तक 1.19 लाख से ज्यादा मामले सामने आए हैं। वहीं, 4300 लोग मारे जा चुके हैं। तुर्की में इसका पहला मामला मिला तो इंडोनेशिया में पहली मौत बुधवार को दर्ज की गई।



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आईपीएल क्रिकेट टूर्नामेंट 29 मार्च से होना है। - फाइल




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पिंपरी चिंचवाड़ में मिले कोरोना के 3 मरीज, राज्यभर में अब तक 12 इससे पीड़ित

पुणे. शहर से सटे जिले पिंपरी चिंचवाड़ में भी कोरोना वायरस के तीन मरीज मिले हैं। पांच संदिग्ध मरीजों को मंगलवार को महानगर पालिका के वाईसीएम हॉस्पिटल के आइसोलेशन वार्ड में रखा गया था। इनकी जांच के सैंपल पुणे एनआईवी लैब में भेजे गए थे, जिसमें से तीन मरीज की रिपोर्ट पॉजिटिव मिली है। ऐसे में महाराष्ट्र में कोरोना वायरस से पीड़ितों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है।

पुणे की बात करें तो यहां एक अन्य मरीज के बारे में गुरुवार को पता चला। अब तक पुणे और पिंपरी के 9 मरीजों में यह वायरस पाया गया है। सभी का नायडू हॉस्पिटल में इलाज जारी है। वहीं मुंबई में 2 और नागपुर में 1 मामला इससे जुड़ा सामने आया है।

31 मरीजों का लिया जा रहा फॉलोअप

मनपा के अतिरिक्त मुख्य स्वास्थ्य व चिकित्सा अधिकारी डॉ पवन सालवे ने इसकी पुष्टि की है। मनपा स्वास्थ्य विभाग की ओर से चीन व दूसरे देशों से आये पिंपरी चिंचवड़ शहर के 31 यात्रियों का फालोअप लिया जा रहा है। 20 यात्रियों के फॉलोअप के 15 दिन पूरे हो चुके हैं। जबकि पांच संदिग्ध मरीजों का इलाज चल रहा था।

शहर में आपदा प्रबंधन शिष्टाचार कानून लागू
पुणे में कोरोना संक्रमित मरीज मिलने से पूरे जिले में आपदा प्रबंधन शिष्टाचार कानून लागू कर दिया गया है। इसका अनुपालन सभी शहरवासियों को करना जरूरी व अनिवार्य है। कोरोना के मरीजों के लिए मनपा के वाईसीएम हॉस्पिटल में महिला व पुरुष मरीजों के लिए 5-5 बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। यहां दो वेंटिलेटर भी अलग से उपलब्ध कराए गए हैं। इसके साथ ही भोसरी में मनपा के नए अस्पताल में 40 बेड्स का करोनो आइसोलेशन वार्ड तैयार किया गया है। शहर के 7 अन्यनिजी अस्पतालों में 48 आइसोलेशन बेड्स और7 वेंटिलेटर तैयार रखे गए हैं।

डॉक्टरों से मांगी गई रिपोर्ट
कोरोना के बारे में जानकारी देने के लिए अतिरिक्त चिकित्सा अधिकारी, महिला चिकित्सा अधिकारी, सभी अस्पतालों के प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को समन्वयक के तौर पर नियुक्त किया गया है। मनपा की ओर से निजी डॉक्टरों व उनके संगठनों को आगाह किया गया है कि 6 फरवरी को जिन देशों में कोरोना का संक्रमण फैला, उन देशों से आये मरीजों के बारे में मनपा को ईमेल के जरिए सूचित करें।



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प्रतीकात्मक फोटो




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मुंबई समेत 4 शहरों में जिम-पूल और सिनेमाघर बंद, पुणे में स्कूलों को बंद किया; राज्य में 17 लोगों में कोरोना की पुष्टि

पुणे/मुंबई. महाराष्ट्र में कोरोना के बढ़ते संक्रमण के मद्देनजर राज्यसरकार ने मुंबई, पुणे, नासिक और नागपुर में सभी जिम, स्विमिंग पूल, सिनेमाघर और थियेटर को बंद रखने का आदेश दिया है।इसके अलावा पुणे और पिंपरी चिंचवाड़ में सभी स्कूलों को भी अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है। हालांकि, जिन स्कूलों में 10वीं और 12वीं की परीक्षा चल रही है वह खुले रहेंगे। सीएम उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार को विधानसभा में यह जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने कहा कि कोरोनावायरस सेडरने की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया किलोकल ट्रेन और बस सर्विसजारी रहेगी। हालांकि, सीएम के बाद स्वास्थ मंत्री राजेश टोपे मीडिया के सामने आये और कहा कि किसी भी मॉल या मल्टीप्लेक्स को बंद नहीं किया गया है।

राज्य में अब तक 17 लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य मेंकोरोना संक्रमण के5 नए मामले सामने आएहैं। इसमें एक पुणे, तीन नागपुर और एक ठाणे में हैं। ऐसे में अब राज्य में कोरोना संक्रमण कीपीड़ितों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है। पुणे में अमेरिका से लौटे युवक कोरोना संक्रमित मिले हैं। इसके बाद उन्हेंनायडू हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया है। अन्य लोगदुबई और फ्रांस से आए हैं।

सार्वजनिक कार्यक्रमों पर पाबंदी, कैदियों के लिए मास्क मंगाए गए

उद्धव ने यह भी बताया कि वे कंपनियों को कह रहे हैं कि वे अपने कर्मचारियों को घर से काम करने की मंजूरी दें। इसके अलावा पब्लिक गेदरिंग पर भी पाबंदी लगाने की बात कही है।पुणे में जेल प्रशासन ने जेल में बंद कैदियों के लिएभी सुरक्षाइंतजाम शुरू कर दिए हैं। पुणे जेल प्रशासन ने कैदियों के लिएकरीब दो हजार मास्क मंगाएहैं। इसके अलावा जेल के गेट पर सेनिटाइजर रखा गया है। हर कैदी जेल से बाहर जाते समय और अंदर आते समय इसका इस्तेमाल कर रहा है।

डीएम को कोरोनावायरस होने की झूठी अफवाह
पिछले दो दिन से अफवाह थी किनागपुर के जिलाधिकारी रविंद्र ठाकरे कोरोनासे ग्रसित हैं। सोशल मीडिया में उनके छींकने और खासने को वजह बताते हुए ऐसे दावे किए जा रहे थे। शुक्रवार कोमीडिया के सामने आएऔर बताया कि उन्हें कोरोना संकम्रणनहीं है। उनकी सेहत को लेकर झूठी अफवाह फैलाई जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि अफवाह फैलाने वालों के खिलाफकड़ी कार्रवाई की जाएगी।



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प्रतीकात्मक फोटो।




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सऊदी अरब से लौटे 71 साल के बुजुर्ग की महाराष्ट्र के बुलढाणा में मौत, कोरोना से संक्रमित होने का संदेह

मुंबई.सऊदी अरब से लौटे एक बुजुर्ग की शनिवार कोमहाराष्ट्र के बुलढाणा में मौत हो गई। संदेह है कि 71 साल के इस बुजुर्ग को कोरोनावायरस था। उनके सैम्पल की जांच रिपोर्ट रविवार या सोमवार तक आ सकती है। डॉक्टरों के मुताबिक, बुजुर्ग को डायबिटीज और हाइपर टेंशन की दिक्कत थी। इससे पहले शुक्रवार को दिल्ली में 69 साल की महिला की कोरोनावायरस के कारण मौत हो गई थी। इस महिला को भी डायबिटीज और हाइपर टेंशन की समस्या थी। वहीं, 12 मार्च को कर्नाटक में 76 साल के बुजुर्ग की कोरोनावायरस के चलते मौत हुई थी।

मेडिकल ऑफिसर प्रेमचंद पंडित ने बताया कि बुलढाणा के चिखली के रहने वाले बुजुर्ग शुक्रवार को सऊदी अरब से भारत लौटे थे। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल लाया गया। इसके बाद शनिवारसुबह कोरोना के लक्षण दिखने परआइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट किया गया। इलाज के दौरान शाम 4.20 बजे बुजुर्ग ने दम तोड़ दिया।उन्हें डायबिटीज और हाइपरटेंशन की शिकायत भी थी। मरीज का सैम्पल नागपुर में कोरोना जांच केंद्र में भेजा गया है। वहां से 15 या 16 मार्च को रिपोर्ट आ सकती है। प्रशासन ने बुजुर्ग के परिवार के अन्य सदस्यों को घर में ही रहने की सलाह दी है।

महाराष्ट्र में कोरोना के 26 मरीज
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे के मुताबिक, राज्य में 26 लोग कोरोनावायरस से संक्रमित हैं। शुक्रवार शाम तक कोरोनावायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 17 थी।

सभी स्कूल-कॉलेज बंद, परीक्षाएं जारी रहेंगी
महाराष्ट्र सरकार ने सभी सरकारी और गैर-सरकारी स्कूल-कॉलेजों में 31 मार्च तक छुट्‌टी का आदेश दिया है। 10वीं, 12वीं और यूनिवर्सिटी की परीक्षा शेड्यूल के अनुसार ही होगी।

महाराष्ट्र के कई शहरों में 30 मार्च तक सिनेमा हॉल बंद
कोरोनावायरस के खतरे को देखते हुए राज्य सरकार ने शुक्रवार को मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई, नागपुर, पुणे और पिंपरी-चिंचवड में 30 मार्च तक सिनेमा थिएटरों, जिमखानों, स्विमिंग पूल और पार्कों को बंद कर दिया है। मुंबई क्रिकेट संघ (एमसीए) ने अपने सभी मैच 31 मार्च तक कैंसिल करने का फैसला किया।



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यह तस्वीर चीन के वुहान शहर की है। कोरोनावायरस इसी शहर से पूरी दुनिया में फैला है। यहां अब तक सबसे ज्यादा 2239 लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि हालात में काफी तेजी से सुधार हो रहा है। शनिवार को यहां संक्रमण के 22 नए मामलों की पुष्टि हुई है जबकि 8 लोगों की मौत हुई है।




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सामना में शिवसेना ने पूछा- क्या पुणे में भी वुहान जैसी नाकेबंदी होनी चाहिए, धारा 144 लगाने की सोच रहा है प्रशासन

मुंबई. शिवसेना के मुखपत्र सामना केसोमवार के संपादकीय में कोरोना को लेकर केंद्र सरकार की तैयारियों पर सवालियानिशान लगाया गया है। शिवसेना ने सामना में लिखा है- इस महामारी के आगे देश-विदेश के सबसे ताकतवर नेता असहाय हो गए हैं। महासत्ता के नाम से घूमनेवालों की मस्ती एक विषाणु ने उतार दी है। महाराष्ट्र के पुणे में अब तक 16 मामले सामने आ चुके हैं। इस पर संपादकीय में लिखा गया- 'चीन के वुहान प्रांत की तरह पुणे की भी संपूर्ण नाकाबंदी की जाए क्या? इस पर निर्णय लेना आवश्यक है।

इस समय हिंदुस्तान में कोरोनावायरस दूसरे चरण का है। इसमें केवल कोरोनाग्रस्त देश से आए हुए व्यक्ति और उनके संपर्क में आए हुए मरीजों का समावेश है। कोरोना के संक्रमण को इसी चरण में रोकना जरूरी है। इसके आगे 30 दिन कोरोना को रोक कर रखना महत्वपूर्ण है। एक बार कोरोना संक्रमित रोगों की तरह फैलने लगा तो स्थिति हाथ से बाहर निकल जाएगी। इसलिए शासन को सख्त से सख्त उपाय करने की आवश्यकता है।

प्रशासनधारा 144 लगाने का सोच रहा है

कोरोनावायरस को फैलने से रोकने के लिए पुणे में जिला प्रशासन सीआरपीसी की धारा 144 लागू करने पर विचार कर रहा है। पुणे के मंडलायुक्त दीपक म्हाईसेकर ने कहा कि प्रशासन ने कोरोनावायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए इसके प्रसार को नियंत्रित करने के लिए अपनी रणनीति बदलने का फैसला किया है।सीआरपीसी की धारा 144 के तहत किसी भी राज्य या क्षेत्र के कार्यकारी मजिस्ट्रेट एक क्षेत्र में चार या अधिक लोगों के एकत्र होने को प्रतिबंधित करने का आदेश जारी कर सकते हैं। मंडलायुक्त ने कहा कि पुणे में कम से कम चार मामलों में संक्रमण का कारण प्रथम संपर्क है। उनमें से किसी ने विदेश यात्रा नहीं की थी।

नाना पाटेकर की फिल्म का डायलॉग दोहराया
संपादकीय में लिखा-"नाना पाटेकर का एक डायलॉग इस समय सबको याद आ रहा होगा, एक मच्छर आदमी को ... बना देता है!" संपादकीय में आगे लिखा गया है कोरोना वायरस मतलब मच्छर नहीं लेकिन इस वायरस ने सभी को असहाय और निराश कर दिया है। ट्रंप से लेकर मोदी तक सभी बेचैन और अस्थिर हो गए हैं। यह अस्थिरता संसार को कहां ले जाएगी?" सामना में आगे लिखा है, "यह संकट महामारी है। कोरोना का मुकाबला करने के लिए महामारी कानून का उपयोग करना पड़ रहा है। यह कानून अंग्रेजों का था। प्लेग से मुकाबला करने के लिए इसी कानून का उपयोग हुआ था।' महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा कोरोना वायरस से संक्रमित लोग हैं। हालांकि, किसी भी मरीज की हालत गंभीर नहीं बताई जा रही है लेकिन अखबार के संपादकीय में लिखा है कि कोरोना से भागने के लिए जमीन कम पड़ रही है।

लोग कैसे कमाएंगे, क्या खाएंगे: सामना
अखबार में राज्य सरकार की रणनीति के बारे में ज़िक्र करते हुए कहा गया है कि सतर्कता बरतते हुए उपायस्वरूप 31 मार्च तक राज्य के विद्यालय, कॉलेज, मॉल, थिएटर बंद कर दिए हैं। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने सार्वजनिक कार्यक्रमों का आयोजन न करने का आह्वान किया है। देश में कोरोना की प्रचंड दहशत फैली है। लोगों को उनकी जान प्यारी है लेकिन अंत में ऐसे बंद वगैरह लंबे समय तक चलता रहा तो लोग कमाएंगे कैसे? खाएंगे कैसे? यह समस्या है। कोरोना से तो बचाव होगा लेकिन भूख से लोग मर जाएंगे।



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प्रतीकात्मक फोटो




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कोरोना संक्रमण के 38 मामलों की पुष्टि, 31 मार्च तक स्कूल-कॉलेज बंद; बॉम्बे हाई कोर्ट में अब सिर्फ दो घंटे होगा काम

मुंबई. देश में सबसे ज्यादा कोरोनावायरस संक्रमण के मामले महाराष्ट्र में सामने आए हैं। यहां 38 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। सोमवार को उद्धव सरकार ने पूरे प्रदेश में स्कूल-कॉलेज को 31 मार्च तक के लिए बंद कर दिया है। हालांकि, 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं चलती रहेगी। इसके साथ ही, 19 जिलों की 1570 ग्राम पंचायतों में 29 मार्च को होने वाली वोटिंग को भी तीन महीने के लिए टाल दिया गया है। मुंबई में सिद्वि विनायक मंदिर को अनिश्चितकाल के लिएबंद कर दिया गया है।

वहीं, मुंबई पुलिस ने विदेशी या घरेलू पर्यटन स्थलों पर ग्रुप यात्रा कराने से टूर ऑपरेटरों को रोकने के लिए धारा-144 लागू कर दी है। बॉलीवुड ने भी सभी तरह की शूटिंग को 31 मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया है। इसमें टीवी सीरियल और सिनेमा दोनों की शूटिंग शामिल है। इससे पहले 13 मार्च को राज्य के पांच बड़े शहरों- मुंबई, पुणे, ठाणे, नासिक, पालघर और औरंगाबाद में स्कूलों को बंद किया गया था।

बॉम्बे हाई कोर्ट में सिर्फ दो घंटे होगा काम
बॉम्बे हाई कोर्ट और इसकी खंडपीठ नागपुर, औरंगाबाद और गोवा में 17 मार्च से सिर्फ दिन में केवल दो घंटे तक काम होगा। हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार एस बी अग्रवाल ने कहा कि कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश बी पी धर्माधिकारी और अन्य वरिष्ठ न्यायाधीशों की बैठक के बाद यह फैसला लिया गया है।

महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण के 38 मामलों की पुष्टि
सोमवार को प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने बताया कि कोरोना पीड़ितों की संख्या राज्य में बढ़कर 38 पहुंच चुकी है। इनमें सबसे ज्यादा 16 मामले पुणे में हैं। वहीं, मुंबई में 8, नागपुर में 4, यवतमाल में 3, नवी मुंबई में 3, ठाणे, कल्याण, अहमदनगर और औरंगाबाद में एक-एक मामले सामने आए हैं। ताजा मामला यवतमाल जिले का है। यहां दुबई से लौटे व्यक्ति कोरोना संक्रमित मिला है।

नियम तोड़ने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई
पुलिस उपायुक्त प्रणय अशोक ने कहा, "हमने कोविड-19 (कोरोनावायरस) को फैलने से रोकने के लिए सीआरपीसी की धारा-144 लगाई है। यह टूर ऑपरेटरों को लोगों के समूह को किसी भी यात्रा पर ले जाने से रोकेगा।" उन्होंने कहा, "यह मानव जीवन और सुरक्षा को खतरे में डालने से रोकने के उद्देश्य से एक बहुत ही कारगर आदेश है। यह 31 मार्च तक लागू रहेगा। इससे सीआरपीसी की धारा 144 के तहत जारी होने वाले नियमित आदेश को लेकर भ्रमित नहीं होना चाहिए।" उन्होंने कहा, "अगर कोई ऑपरेटर लोगों को यात्रा पर ले जाना चाहता है तो उसके लिए उसे पुलिस आयुक्त के कार्यालय से इजाजत लेनी होगी।"

बॉलीवुड में फिल्म निर्माण पर 31 मार्च तक रोक
मुंबई में फिल्म निर्माण की सारी गतिविधियां कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए 31 मार्च तक रोक देने का फैसला लिया गया है। इंडियन मोशन पिक्चर्स प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (इम्पा), वेस्टर्न इंडिया फिल्म प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (डब्लूआईएफपीए), इंडियन फिल्म एंड टीवी प्रोड्यूसर्स काउंसिल (आईएफटीपीसी), इंडियन फिल्म एंड टीवी डायरेक्टर्स एसोसिएशन (इफ्टडा) और फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एमप्लाईज (एफडब्लूआईसीई) की रविवार में मुंबई में हुई संयुक्त बैठक में कोरोना कोविड 19 वायरस के भारत में लगातार फैलते जाने की स्थिति पर चर्चा की गई। चर्चा के दौरान सभी संगठनों के प्रनितिधियों ने ये माना कि इन हालत में शूटिंग जारी रखना ठीक नहीं है क्योंकि हर फिल्म, टीवी या वेब सीरीज की शूटिंग के दौरान सैकड़ों लोग तक एक साथ मौजूद रहते हैं।

95 संदिग्ध मामले दर्ज किए गए
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार रविवार को राज्य के विभिन्न अस्पतालों में कोरोना वायरस के 95 संदिग्ध मामले दर्ज किए गए। स्वास्थ्य विभाग ने एक विज्ञप्ति में कहा, 'महिला कोरोना वायरस से संक्रमित पाई गई है। वह रूस और कजाखिस्तान की यात्रा करके लौटी थी। उसे औरंगाबाद में धूत अस्पताल में रखा गया है।' इनकी रिपोर्ट जांच के लिए भेजी गई है। रिपोर्ट आने के बाद ही संक्रमण को लेकर स्थिति साफ होगी।

पुणे में 16 पहुंचा कोरोना पीड़ितों का आंकड़ा
पिंपरी-चिंचवाड़ के नवीनतम मामले के साथ पुणे में संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 16 हो गई है। पुणे के कलेक्टर नवल किशोर राम ने रविवार को कहा, 'उस व्यक्ति को नायडू अस्पताल में 14 मार्च को भर्ती कराया गया था। राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान पुणे से उसके लार के नमूने की रिपोर्ट आई है जिसमें संक्रमण की पुष्टि हुई है। व्यक्ति का इलाज चल रहा है और उसकी हालत स्थिर है।' स्वास्थ्य विभाग के बयान के अनुसार उस व्यक्ति ने 23 फरवरी और 3 मार्च के दौरान जापान और दुबई की यात्रा की थी।



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महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कोरोना को लेकर किए गए फैसलों की जानकारी दी।




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पुणे के सभी होटल्स और बार 18 मार्च से तीन दिन के लिए रहेंगे बंद, राज्य के 60 हजार कैदियों की होगी स्वास्थ्य जांच

पुणे. पिंपरी चिंचवाड़ और पुणे में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए शहर के सभी होटल्स और बार को 18 मार्च से 20 मार्च तक बंद रखने का फैसला किया गया है। यह फैसला पुणे रेस्टोरेंट और होटल्स एसोसिएशन ने स्वेच्छा से लिया है। देश में यह पहली बार है जब किसी शहर में कोरोना को देखते हुए होटल और बार को बंद किया जा रहा है। महाराष्ट्रमें अब तक कोरोना वायरस के 39 मरीज पॉजिटिव मिले हैं। इनमें से पुणे और पिंपरी चिंचवाड़ में 17 मामले हैं।

पुणे रेस्टोरेंट और होटल्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट गणेश शेट्टी ने बताया-मंगलवार को एसोसिएशन के पदाधिकारियों और पुलिस कमिश्नर के बीच एक मीटिंग हुई। मीटिंग में हमने उनके सामने तीन दिनों तक होटलों और बार को बंद रखने काअपना फैसला बताया। इसके बाद एसोसिएशन ने होटल्स को तीन दिन के लिए बंद करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा- 'हम लोगों से आग्रह करेंगे कि वे एक जिम्मेदारी नागरिक की तरह हमारे इस फैसले के साथ खड़े रहें। हालांकि, इस फैसले से रेस्टोरेंट और फूड शॉप को अलग रखा गया है।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी कैदियों की सुनवाई
पुणे की यरवदा जेल में बंद कैदियों की सुनवाई अब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी। राज्य की सभी जेलों में बंद 60 हजार कैदियों की होगी स्वास्थ्य जांच। जिनमें कोरोना जैसे लक्षण होंगे उनका सैंपल जांच के लिए भेजा जाएगा।

पुणे की ज्यादातर दुकाने अगले तीन दिन तक बंद

महाराष्ट्र में फेडरेशन ऑफ पुणे ट्रेड एसोसिएशन ने कोरोनावायरस के प्रसार से बचने के लिए अगले तीन दिनों (19 मार्च तक) के लिए शहर में दुकानें बंद रखने का निर्णय लिया है।

कोरोनावायरस से बचाव के लिए वेबसाइट बनाई

पुणे जिला प्रशासन ने कोरोनावायरस को लेकर एक वेबसाइट बनाईहै। इस पर कोई भी नागरिक या डॉक्टर खुद को रजिस्टर कर सकता है और एक मोबाइल नंबर से वेबसाइट तक पहुंच सकता है। जिसे एक ओटीपी के माध्यम से सत्यापित किया जा सकेगा। इसमें इस बीमारी से जुड़ी सभी जानकारी मौजूद रहेगी।



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All the hotels and bars in Pune will remain closed for three days from March 18, the Hotels Association has taken a decision by voluntary




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जांच में नेगिटिव हुए लोगों को महाराष्ट्र सरकार ने 14 दिनों के लिए किया होम क्वारंटाइन, पहचान के लिए हाथ में लगाएं खास निशान

मुंबई. कोरोनावायरस से निपटने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने एक अनूठा तरीका निकाला है। सरकार ने टेस्टिंग के बाद नेगिटिव हुए लोगों को भी 14 दिनों तक अपने घरों में क्वारंटाइन करने निर्देश दिया है। इन लोगों की पहचान आसानी से हो सके इसलिए सरकार ऐसे लोगों की बाएं हाथ की हथेली पर काले रंग का एक निशान बना रही है। यह निशान 14 दिनों तक मिटाया नहीं जा सकता। इस बात की पुष्टि मंगलवार को राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने की है।

पत्रकारों को संबोधित करते हुए राजेश टोपे ने कहा-यह कदम जनता की भलाई के लिए उठाया गया है। सरकार द्वारा होम क्वारंटाइन किए गए लोगों पर नजर रखी जा रही है। इसके बावजूद अगर कोई संदिग्ध मरीज बाहर घूमता है तो जनता उसे पहचान लेगी और उससे दूरी बना लेगी। इसमें मरीज के हाथ पर वह तारीख भी लिखी गई है जब तक उसे होम क्वारंटाइन रहना है।

ग्रेटर मुंबई म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन ने जारी किया आदेश
सोमवार को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की अध्यक्षता में शीर्ष अधिकारियों की एक बैठक हुई थी, जिसमें लिए गए इस फैसले को सावधानी के नाते उठाया गया। इसके बाद सोमवार देर शाम को ग्रेटर मुंबई म्यूनिसिपल कमिश्नर प्रवीण परदेशी ने अस्पतालों और एयरपोर्टों पर तैनात सभी अधिकारियों को आदेश जारी कर घरों में क्वारैन्याइन किए गए संदिग्ध मरीजों के बाएं हाथ की हथेली की पुश्त पर ऐसी स्याही से आइसोलेशन में रखे जाने की तारीख समेत मुहर लगाने के लिए कहा गया, जो 14 दिन तक मिट नहीं पाए।



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इस तरह के स्टांप हाथों में लगाएं जा रहे हैं।




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कोरोना के डर के बीच नागपाड़ा में डटी हैं नागरिकता कानून का विरोध करने वाली महिलाएं, शहर में लागू है धारा 144

मुंबई. कोरोना को लेकर मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र में लोगों को भीड़भाड़ से बचने और सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल न होने की अपील की जा रही है। टूर और पिकनिक पर धारा 144 के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी जा रही है, वहीं दूसरी ओर नागपाड़ा इलाके में अब भी नागरिकता कानून के खिलाफ धरना जारी है। सड़क पर कई दर्जन महिलाएं डटी हुईं हैं। पुलिस कई बार उनसे धरना खत्म करने की अपील कर चुकी है। बुधवार सुबह तक महाराष्ट्र में कोरोना के 41 मामले सामने आ चुके हैं।

कोरोना से बचने के लिए उपाय कर रहे आयोजक
आयोजकों का दावा है कि धरना जारी रहेगा लेकिन बीमारी से बचने के लिए जरूरी एहतियात बरती जा रही है। सामाजिक कार्यकर्ता फिरोज मिठीबोरवाला ने कहा कि हम देश के लिए आंदोलन कर रहे हैं तो अपनी जिम्मेदारी भी समझते हैं। मुंबई में भी दिल्ली के शाहीन बाग की तर्ज पर धरना जारी रहेगा। लेकिन एहतियातन यहां सैनेटाइजर, हैंडवाश और मास्क के इंतजाम किए गए हैं।

बातचीत के जरिए हल निकलने के प्रयास में जुटी पुलिस
करीब 50 महिलाएं यहां अब भी धरने पर बैठी हैं। लोगों को बीमारी से बचाने के लिए उन्हें एक दूसरे से सुरक्षित दूरी पर भी बिठाया जा रहा है। वहीं मुंबई पुलिस के प्रवक्ता और पुलिस उपायुक्त प्रणय अशोक ने दावा किया कि पुलिस धरना खत्म करने के लिए लोगों को समझाने बुझाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा हम इसके लिए बातचीत के जरिए रास्ता निकालने की कोशिश कर रहे हैं।

बार और पब पर पाबंदी
लोगों की भीड़भाड़ रोकने के लिए मुंबई में डांस बार, आर्केस्ट्रा बार, डिस्कोथेक, पब, डीजे, लाइव बैंड आदि पर रोक लगा दी है। मंगलवार को इससे जुड़ा आदेश जारी किया गया। महानगर के सभी पुलिस उपायुक्तों और वरिष्ठ पुलिस निरीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि 31 मार्च तक वे अपने इलाकों में होने वाले सार्वजनिक मनोरंजन की जगहों पर कार्यक्रमों की इजाजत न दें।

कैदी तैयार कर रहे मास्क
कोरोना की वजह से मास्क की किल्लत को देखते हुए जेलों में बंद कैदी मास्क तैयार करने में जुट गए हैं। राज्य के गृहमंत्री अनिल देशमुख की योजना पर राज्य की सभी मध्यवर्ती जेलों में कैदी मास्क तैयार करने में जुटे हैं। क्योंकि अचानक मांग बढ़ने से मास्क की किल्लत पैदा हो गई है। आज से राज्य के 60 हजार कैदियों की स्क्रीनिंग शुरू हो रही है। जिनमें कोरोना के लक्षण मिलेंगे उनके जांच के नमूने लैब में भेजे जाएंगे और उन्हें आइसोलेशन में रखा जाएगा।



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ये महिलाएं जनवरी महीने से धरने पर बैठी हैं।




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कोरोना मरीजों की पहचान के लिए 70 टीमें घर-घर जाकर कर रही हैं जांच, अब तक यहां आ चुके हैं 18 पॉजिटिव मामले

पुणे. कोरोना का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। देश में महाराष्ट्र सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। मंगलवार को पुणे से सटे पिंपरी चिंचवड शहर में इस बीमारी का एक और मरीज मिला है। इसी के साथ यहां मरीजों की संख्या बढ़कर 18हो गई है। पुणे में कोरोना मरीजों की पहचान करने और उन्हें आइसोलेशन सेंटर तक लाने के लिए 70 टीमों का गठन किया गया है। इन टीमों ने घर-घर जाकर जांच का अकाम शुरू कर दिया है।

एक दिन में विदेश से पुणे में आये 1048 यात्री
यह मरीज अमेरिका से दुबई होकर मुंबई और उसके बाद पुणे पहुंचा था। गौरतलब हो कि, कोरोना के सर्वाधिक मरीज पूरे देश में महाराष्ट्र और महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा पुणे में पाए गए हैं। पुणे के संभागीय आयुक्त डॉ. दीपक म्हैसेकर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सोमवार से मंगलवार शाम तक विदेश से आये 1048 यात्री पुणे एयरपोर्ट पर उतरे थे। सभी को जांच के लिए आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है।

पुणे में 584 बसों को रद्द किया गया
पुणे में 1714 बसों में से 584 सिटी बसों को अगले आदेश तक रद्द करने का फैसला पुणे महानगर पालिका की ओर से लिया गया है। महाराष्ट्र में यह पहली बार है जब किसी शहर में सरकारी बसों को रद्द किया गया है।

मरीजों की तलाश के लिए 70 टीमें जुटी
पुणे में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए, पुणे और पिंपरी चिंचवड महानगरपालिका ने 70 टीमें बनाई हैं, जो घर-घर जाकर कोरोना वायरस संदिग्ध मरीजों की पहचान कर रही हैं। इस टीम को रैपिड रिस्पॉन्स टीम का नाम दिया आगे है। पुणे के संभागीय आयुक्त डॉ. दीपक म्हैसेकर ने बताया कि इन टीमों में वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। यह कोरोना के मरीजों की पहचान कर उन्हें हॉस्पिटल तक ले जाने का काम करेगी।

कैसे काम कर रही हैं यह टीम
यह टीम जिले के पर्यटन ऑफिस, ट्रैवल कंपनियों, होटलों, हवाई अड्डा प्राधिकरण, प्रयोगशाला, सेवा संस्थानों, सरकारी अस्पतालों और निजी अस्पतालों के साथ समन्वय रखकर जानकारी अपडेट करना तथा घर पर क्वारंन्टाइन व्यक्तियों से संपर्क रखकर उनकी जानकारी का अपडेट लेना आदि विभिन्न जिम्मेदारियां संभालेगी।

जेजुरी खंडोबा यात्रा रद्द
कोरोना के फैलाव को देखते हुए एहतियात के तौर पर 23 मार्च को पुणे स्थित जेजुरी गढ़ पर होने वाली प्रसिद्ध सोमवती यात्रा रद्द की गई है। जिले में होने वाली अन्य यात्राएं, जत्राएं तथा उत्सव भी रद्द किए गए हैं। जेजुरी गढ़ पर भगवान खंडोबा की होनेवाली सोमवती यात्रा काफी प्रसिद्ध है।

इस यात्रा के लिए राज्य के कोने कोने से हजारों भक्त जेजुरी गढ़ आते हैं। इस साल यह यात्रा 23 मार्च को थी, लेकिन फिलहाल कोरोना का फैलाव देखते हुए खंडोबा देवस्थान तथा ग्रामवासियों ने यात्रा रद्द करने का निर्णय लिया है। यात्रा के दिन होनेवाला खंडोबा का पालकी समारोह भी नहीं होगा।



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शहर में कई जगहों पर यह टीम काम कर रही है।




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कोरोना संक्रमितों की संख्या 42 हुई, अब तक 800 लोगों का हुआ टेस्ट; सबसे ज्यादा पुणे में 18 मामले

मुंबई. राज्य में कोरोना पीड़ितों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। बुधवार शाम 5 बजे तक यहां 42 मामले सामने आ चुके हैं। ताजा मामला पुणे से आया है, यहां एक महिला में देर रात कोरोना संक्रमणकी पुष्टि हुई है। फिलहाल उसका इलाज नायर हॉस्पिटल में जारी है। अब तक पुणेमें सबसे ज्यादा 18 मामले (9 पुणे और 10 पिंपरी) सामने आ चुके हैं।

सिर्फ 50 प्रतिशत सरकारी कर्मचारी आएंगे दफ्तर

महाराष्ट्र में कोरोनावाइरस संक्रमित मरीजों की संख्या को बढ़ने से रोकने के लिए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने सरकारी कार्यालयों में अब 50 प्रतिशत ही कर्मचारियों को आने का महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। इसके साथ ही रेलवे, सरकारी व प्राइवेट बसों और मेट्रो जैसे सार्वजनिक यातायात व्यवस्था को भी महज 50 फीसदी यात्री क्षमता से चलाने का प्रयत्न करने का निर्देश जारी किया है।

मुख्यमंत्री ठाकरे ने मुंबई मनपा की बेस्ट परिवहन बसों में खड़े होकर यात्रा करने पर रोक लगाने का आदेश दिया है। इतना ही नहीं बस के भीतर भी यात्रियों को दूर-दूर बैठने की सूचना अब दी जाएगी। उन्होंने कहा कि कोरोना वाइरस के प्रभाव को रोकने के लिए उसे फैलने से रोकना बेहद जरूरी है। यह सिर्फ भीड़ नियंत्रित करके ही संभव है। इसके लिए कुछ ऐतियातन कदम उठाने जरूरी हैं।

मुंबई में अब दुकानें अलग-अलग समय पर खुलेंगीः-

मुंबई में कोरोनावाइरस संक्रमित मरीजों की संख्या 8 हो गई है। जिसकी वजह से राज्य सरकार ने मुंबई सहित कुछ प्रमुख शहरों में दुकाने सुबह के वक्त अलग-अलग समय पर खोलने का निर्देश जारी किया है। इसके अलावा बाजार और भीड़-भाड़ वाले रास्तों को एक दिन बंद और एक दिन खुला रखने या फिर समय में बदलाव कर संचालित करने का विचार चल रहा है।

महारष्ट्र में खुलेंगी 8 जांच लैब
पुणे पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा,'राज्य में राज्य में 8 स्थानों पर जांच के लिए लैब का निर्माण किया जाएगा। राज्य में अभी तक 42 मामले सामने आये हैं। मुंबई में बी.जे मेडिकल कॉलेज में भी कोरोना पीड़ितों को उपचार के लिए रखा जाएगा। धुले, औरंगाबाद, सांगली और सोलापुर में भी जांच लैब खोली जाएगी। यहां एनआईवी की सहायता से मरीजों की जांच की जायेगी।

पुणे में कहां, कितने मरीज एडमिट
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि पुणे के नायडू हॉस्पिटल में 8 पेशेंट और 22 सस्पेक्टेड एडमिट हैं। वहीं वाईसीएम हॉस्पिटल में 10 पेशेंट और 11 सस्पेक्टेड एडमिट हैं। शहर के सरकारी ऑफिस में सिर्फ 50 प्रतिशत लोगों को बुलाया जा रहा है। पुणे की सभी आईटी कंपनियों में ज्यादातर कर्मचारी घर से काम कर रहे हैं।

राज्य में कहां-कितने मामले
कोरोना के पिंपरी- 10,पुणे- 8,मुंबई- 7,नागपुर-4,नवी मुंबई-3,यवतमाल-3,कल्याण-3,ठाणे-1,औरंगाबाद-1,अहमदनगर-1,रायगढ़-1 मामले सामने आ चुके हैं।

पुणे के सभी बार और शराबखाने 31 मार्च तक रहेंगे बंद
कोरोना के फैलाव को देखते हुए पुणे के जिलाधिकारी नवलकिशोर राम ने आदेश दिया है कि पुणे और पिंपरी चिंचवाड़ के सभी बार और शराबखाने बुधवार शाम से 31 मार्च तक बंद रहेंगे। बता दें कि 18 से 20 मार्च तक शहर के सभी होटल्स और बार को बंद रखने का स्वैक्षिक निर्णय पुणे होटल and रेस्ट्रोरेंट एसोसिएशन की ओर से लिया गया है।

अब तक 800 लोगों का टेस्ट हुआ
स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने बुधवार को मीडिया से बात करते हुए बताया- ‘हम ने अब तक 800 लोगों का टेस्ट किया, जिसमें से 42 लोग पॉजिटिव मिले हैं। हमने चार शहरों में लैब शुरू की है। राज्य में अब तक 760 लोगों का टेस्ट निगेटिव रहा है। विदेश से आने वाले उन्हीं लोगों का टेस्ट किया जा रहा है, जिसमें कोरोना जैसे लक्षण हैं। मैं आज नेशनल वायरोलॉजी इंस्टीट्यूट, पुणे जा रहा हूं। इस मामले को लेकर वहां के वैज्ञानिकों से बात करूंगा।’

पुणे में 584 बसों को रद्द किया गया
पुणे में 1714 बसों में से 584 सिटी बसों को अगले आदेश तक रद्द करने का फैसला पुणे महानगर पालिका की ओर से लिया गया है। महाराष्ट्र में यह पहली बार है जब किसी शहर में सरकारी बसों को रद्द किया गया है।

मुंबई में सड़क पर थूकने पर 1000 रुपए जुर्माना
बृहन मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) ने कोरोना से निपटने के लिए एक कड़ा कदम उठाया है। अब मुंबई में सड़कों पर या किसी भी सार्वजनिक जगह पर थूकने पर 1000 रुपएका जुर्माना वसूला जाएगा। इसके लिए मार्शल सड़कों पर निगरानी रखेंगे। इससे पहले महाराष्ट्र में मंगलवार को कोरोनावायरस के संक्रमण के चलते 64 साल के एक बुजुर्ग की मौत हो गई है। इस शख्स का बेटा और पत्नी भी कोविड 19 से संक्रमित है।

कोई भी सरकारी ऑफिस नहीं हुआ बंद
कोरोनावायरस के बढ़ते मामलों के लेकर उद्धव सरकार कैबिनेट की मंगलवार बैठक हुई। बैठक में यह तय हुआ कि फिलहाल किसी भी सरकारी ऑफिस की छुट्टी नहीं की जाएगी और न ही कोई बस या लोकल ट्रेन रोकी जाएगी। हालांकि, सीएम ने यह कहा कि प्रयास किया जा रहा है कि सिर्फ 50 फीसदी लोग ही ऑफिसों में काम करने जाएं। ठाकरे ने कहा- ‘मुंबई में सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक परिवहन को बंद नहीं किया जाएगा। अगर लोगों ने संयम नहीं बरता और गैर जरूरी यात्रा करने से परहेज नहीं किया तो हम कड़े फैसले लेने पर बाध्य हो जाएंगे।’



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Coronavirus Mumbai Pune | Coronavirus Maharashtra Today Total Case Updates; Mumbai Pune Nagpur Corona Covid-19 Positive Cases Death Toll




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31 मार्च तक खाड़ी देशों से मुंबई आने वाले हैं 26 हजार लोग, कई जगह हुआ क्वारंटाइन सेंटर का निर्माण

मुंबई. महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान में राज्य में 47 मरीज कोरोना से पीड़ित हैं। गुरुवार को दो नए मामले मुंबई और उल्हासनगर से सामने आये हैं। कोरोनावायरस के संक्रमण को रोकने के लिए महाराष्ट्र सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। स्कूल-कॉलेज को बंद करने से लेकर सरकारी कर्मचारियों की संख्या 50 प्रतिशत तक के कदम उठाए गए हैं। इस बीच राज्य सरकार पर आने वाले समय में एक बड़ी चुनौती सामने आने वाली है। 19 मार्च से 31 मार्च तक संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), कुवैत और ओमान जैसे खाड़ी देशों से तकरीबन 26 हजार लोग मुंबई आने वाले हैं। इन सभी को 14 दिनों तक क्वारंटाइन में रखना अनिवार्य है।

इन जगहों पर लोगों को रखने की है तैयारी
महाराष्ट्र में अब तक दुबई से आने वाले 16 लोगों में कोरोनावायरस की पुष्टि हो चुकी है। इसलिए खाड़ी देशों से आने वाले लोगों के लिए बीएमसी ने पवई में एक नवनिर्मित इंजीनियरिंग ट्रेनिंग सेंटर को क्वारंटाइन सेंटर में बदल दिया है। इसके अलावा, मरोल में सेवन हिल्स हॉस्पिटल में आइसोलेशन वार्ड की व्यवस्था है। पोवई वाले क्वारंटाइन सेंटर में कई कॉन्फ्रेंस रूम हैं जहां कुछ सौ बेड लगाए जा चुके हैं और काफी जगह बची हुई है। नगरपालिका अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी।

मीरा-भाईंदर में भी बनेगा 100 क्वारंटाइन कक्ष
कोरोना वायरस से बचाव के लिए मीरा-भाईंदर महानगरपालिका 100 बेड का क्वारंटाइन कक्ष बनाएगी। ये कक्ष भाईंदर पूर्व के इंद्रलोक क्षेत्र में बनाए जाएंगे। मीरा-भाईंदर महानगरपालिका (एमबीएमसी) आयुक्त चंद्रकांत डांगे ने बताया कि अब तक मीरा-भाईंदर में 85 संदिग्धों की पहचान हुई है, जिनमें से 25 संदिग्धों की रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है। आयुक्त ने बताया कि अब भी 60 लोगों को घर में ही रहने (होम क्वारंटाइन) किया गया है।


क्वारंटाइन कक्ष में होंगी सारी सुविधाएं
आयुक्त ने बताया कि क्वारंटाइन कक्ष में सभी प्रकार की जरूरी सुविधाएं होंगी। उन्होंने बताया कि यहां कोरोना के संदिग्धों के लिए टीवी, मैगजीन, न्यूजपेपर और 24 घंटे डॉक्टर की व्यवस्था रहेगी। इस दौरान होने वाला सारा खर्च प्रशासन वहन करेगा।



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26 thousand people coming to Mumbai from Gulf countries by 31 March, Quarantine Center built in many places




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मुंबई में 16 एसी लोकल ट्रेनें कल से बंद, डब्बावालों ने भी सर्विस की ठप, उद्धव बोले-राज्य में युद्ध जैसे हाल

मुंबई. महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने गुरुवार को बताया कि राज्य में 49 मरीज कोरोना से पीड़ित हैं। पिछले 12 घंटे में राज्य में 7 नए मामले सामने आये हैं। टोपे के मुताबिक, 49 में से 40 लोग विदेश से भारत आये हैं। राज्य में अब तक सिर्फ एक मौत 17 तारीख को हुई है। टोपे ने बताया कि अब तक राज्य में 958 लोगों की जांच हुई, जिसमें से 913 केस नेगेटिव आये हैं। अभी भी कुछ लोगों की जांच रिपोर्ट आनी है।

16 एसी लोकल ट्रेन बंद
कोरोनावायरस के फैलाव कोदेखते हुए पश्चिम रेलवे ने मुंबई में 16 एसी लोकल ट्रेनों को बंद करने का फैसला किया है। ट्रांस हार्बर रूट पर चलने वाली ये ट्रेनें 20 से 31 मार्च तक बंद रहेंगी।

राज्य में युद्ध जैसे हालात: उद्धव
कोरोनावायरस के बढ़ते मामलों के बीच गुरुवार को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने राज्य के नाम एक संदेश जारी कर कहा कि राज्य में युद्ध जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। लड़ाई में जैसे सायरन बजने पर हम घरों में छिप जाते थे, वैसे ही हमें अब अपने घरों में रहना है। सरकार हर संभव प्रयास कर रही है इस बिमारी से निपटने के लिए, लेकिन आपको भी सरकार का सहियोग करना चाहिए। उद्धव ने यह भी कहा कि इस संबंध में उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से बात की है और उन्होंने हर संभव मदद का वादा भी किया है।

मुंबई के डब्बावालों ने बंद की सर्विस
कोरोना के चलते मुंबई के 5000 डब्बावालों ने अपने काम को 31 मार्च तक ब्रेक दिया है। डब्बावाला एसोसिएशन की ओर से बताया गया कि वे एक अप्रैल से फिर से डब्बा सप्लाई की सर्विस को शुरू करेंगे। ये मुंबई में 60 किलोमीटर के दायरे में प्रतिदिन 2 लाख लोगों को टिफिन की सप्लाई करते थे।

राज्य में कोरोनापॉजिटिव रोगियों की स्थिति

पुणे - 8
पिंपरी-चिंचवाड़ - 11
मुंबई - 9
नागपुर - 4
यवतमाल - 3
कल्याण - 3
नवी मुंबई - 3
रायगढ़ - 1
ठाणे - 2
अहमदनगर - 1
औरंगाबाद - 1
रत्नागिरि - 1

मुंबई में मंदिरों में बाद चर्च भी बंद

कोरोना को देखते हुए सिद्धिविनायक मंदिर की पहल के बाद मुंबई के माहिम के चर्च में भी प्रार्थना सभा का आयोजन 31 मार्च तक नहीं होगा।

दुकानदारों को खुद समय तय करने के लिए कहा
सीएमठाकरे ने बताया कि सरकार ने दुकानदारों से अपील की है कि वे दुकानें के खोलने और बंद करने का समय खुद ही तय करें, ताकि भीड़ से बचा जा सके। इसके लिए यह उदाहरण दिया गया है कि अगर कोई दुकानदार सुबह के वक्त दुकान खोलता है, तो शाम के वक्त बंद रखे। इस बारे में फैसला उसे खुद करना है। दुकानदार एक दिन दुकान खोलकर दूसरे दिन बंद भी रख सकता है। मेडिकल स्टोर, दूध, खाद्य पदार्थ, सब्जी, किराना की दुकानों पर यह नियम लागू नहीं होगा।


खुले में थूकने वालों से वसूला एक लाख रुपए जुर्माना

कोरोनावायरस के बढ़ते मरीजों की संख्या को देखते हुए बीएमसी ने मुंबई और पीएमसी ने पुणे में सार्वजानिक स्थानों पर थूकने वालों से 1,000 रुपये जुर्माना वसूलना शुरू कियाहै। इसके लिए मार्शलों को खासतौर पर सतर्क रहने का आदेश दिया गया है। बीएमसी कमिश्नर प्रवीण परदेशी ने कहा- भीड़भाड़ वाले स्थानों पर थूकने से बीमारी फैलने की आशंका बढ़ जाती है। इसलिए इसे रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। सिर्फ मुंबई में एक दिन में यानि बुधवार शाम तक एक लाख 11 रुपए से ज्यादा का जुर्माना वसूला गया है।

प्राइवेट लैब में भी हो सकेगाटेस्ट
पुणे में समीक्षा बैठक के बाद स्वास्थ्य मंत्री टोपे ने बताया, ‘राज्य में प्राइवेट लैब्स को कोरोना टेस्ट की अनुमति दी जाएगी। इसके लिए प्राइवेट लैब वालों को अनुमति लेनी होगी और सभी सुविधाएं उन्हें ही मुहैया करानी होंगी। उन्हें जांच की फीस ज्यादा लेने की अनुमति नहीं मिलेगी।’ भारत सरकार 10 लाख नए किट्स खरीद रही है।

मुंबई में शराब की दुकानें बंद
कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव चलते जिलाधिकारी ने मंगलवार को पुलिस व मनपा अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की। इसके बाद जिलाधिकारी ने जिलेभर में शराब की दुकानें व बार-रेस्ट्राॅन्ट बंद करने का आदेश जारी किया।बुधवार सुबह पुलिस ने नायगांव, वसई, नालासोपारा व विरार में वाइन शॉप व बार संचालकों को बंद करने नोटिस दिया। यहां हर रोज शाम को खासी भीड़ देखी जाती है। जबकि सरकार ने भीड़ इकट्ठी न करने की अपील की है।

कोरोना के लिए कई हेल्पलाइन नंबर जारी

  • कोरोना अलर्ट- 1075(24x7 नैशनल हेल्पलाइन)
  • मुंबई में टोल फ्री नंबर 104
  • बीएमसीटोल फ्री नंबर 1916
  • स्टेट कंट्रोल रूम 020-26127394


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ट्रांस हार्बर रूट पर चलने वाली ट्रेनों को रद्द किया गया है।
आज से 31 मार्च तक डब्बावालों की सर्विस बंद रहेगी।
मुंबई में कोरोना के अब तक 8 मामले सामने आ चुके हैं।




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उल्हासनगर की जिस महिला में मिला कोरोनावायरस, दो दिन पहले 1500 लोगों के सत्संग में हुई थी शामिल

मुंबई. उल्हासनगर में एक महिला में कोरोनावायरस की पुष्टि हुई है। जांच में सामने आया है कि यह महिला दो दिन पहले एक सत्संग में शामिल हुई थी, जिसमें 1500 लोग मौजूद थे। जानकारी मिलने के बाद उल्हासनगर में हड़कंप मच गया गया है। नगर निगम ने जांच के आदेश दे दिए हैं और साथ ही एक स्पेशल टीम भी बनाई गई है।

गंभीर हाल में हॉस्पिटल में भर्ती है महिला
फिलहाल ये महिला मुंबई के कस्तूरबा हॉस्पिटल में भर्ती है और उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। ये 4 मार्च को ये महिला दुबई से लौटी थी। महिला ने उल्हासनगर के एक आश्रम में आयोजित एक सत्संग में भाग लिया था। अब ये पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि सत्संग के दौरान कौन-कौन लोग इनके संपर्क में आए थे। स्पेशल टीम को ये जिम्मेदारी दी गई है कि वो पता लगाए कि पिछले 15 दिनों में इनसे किन लोगों ने मुलाकात की।

महाराष्ट्र में 3 नए मामले
महाराष्ट्र में कोरोनावायरस के तीन नए मामले सामने आए हैं। शुक्रवार को नए मामले सामने आने के बाद राज्य में प्रभावितों की कुल संख्या 52 हो गई है। हालांकि, सीएम ने दावा किया है कि 8 मरीज लगभग ठीक होने की कगार पर हैं। ये सभी पुणे और मुंबई के अलग-अलग हॉस्पिटल में भर्ती हैं।



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The woman in Ulhasnagar, who was found coronavirus, was involved in a satsang of 1500 people two days ago.




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महाराष्ट्र में 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के 11 नए मामले सामने आए, संख्या बढ़कर 63 हुई; मुंबई, पुणे समेत चार शहरों में सन्नाटा

मुंबई.महाराष्ट्र में पिछले24 घंटों में कोरोना संक्रमण के 11 नए मामले सामने आए हैं। महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमित की संख्या 63 पहुंच गई है।स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने शनिवार को बताया- 'शुक्रवार शाम से अब तक 11 नए मामले सामने आए हैं। इनमेंमुंबई में 10 लोग कोरोना से पीड़ित हैं। हम अभी भी स्टेज-2 पर हैं। इसमें ज्यादातर लोग विदेश से यहां आने वाले हैं।'

इससे पहले शुक्रवार कोमुंबई, पुणे, नागपुर और पिंपरी चिंचवाड़ कोरात से लॉकडाउन कर दिया गया है। यह शहर 31 मार्च तक बंद रखे जाएंगे। चारों शहरों में किराना और मेडिकल स्टोर छोड़कर सभी दुकानों को बंद कर दिया गया है। इसके साथ ही, इन चारों शहरों में सरकारी दफ्तरों में सिर्फ 25 प्रतिशत कर्मचारी ही आएंगे। बसें, लोकल ट्रेन, ओला और उबर भी चलता रहेगा। पुणे में 2800 होमगार्ड की अतरिक्त तैनाती की गई है। ये शहर के हर बड़े चौराहे और बाजार पर नजर रखेंगे।

मुंबई मेंलोकल ट्रेन के साथ-साथ बसों में भी यात्रियों की संख्या गिरी

मुंबई में बेस्ट परिवहन की बसों में भी यात्रियों की लगातार कम हो रही है। गुरुवार को 22 लाख यात्रियों ने सफर किया। सामान्य दिनों में 32 लाख यात्री रोजाना सफर करते हैं। बेस्ट की बसों में सीटों की क्षमता से अधिक यात्रियों की अनुमति नहीं दी जा रही है।

सड़कों से लगभग गायब हुई टेक्सी
लगातार अपील के बाद लोगों की आवाजाही बहुत कम हुई है। लंबी दूरी से ट्रेनों और एयरपोर्ट से सवारी लेने वाले टैक्सी वालों का कहना है कि सवारी नहीं मिल रही है और बहुत टैक्सीवाले भीड़ वाले इलाकों में जाना भी नहीं चाहते हैं। सीएसएमटी से सवारी लेने वाले राधेश्याम मिश्रा बताते हैं कि धंधे में 70-80 प्रतिशत गिरावट हुई है।

ट्रेन और बसों को नहीं किया जा सकता बंद: उद्धव
शुक्रवार को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने सोशल मीडिया के माध्यम से महाराष्ट्र की जनता को संबोधित किया था। उन्होंने लोगों की घरों में ही रहने की अपील की। उन्होंने कहा, ‘मुंबई की लोकल ट्रेनों और बसों को बंद नहीं किया जा सकता, क्योंकि ये शहर की लाइफलाइन है।

राशन की दुकानों पर बढ़ रही है भीड़
कोरोनावायरस के बढ़ते मामलों और दुकानों के बंद होने की आशंका के चलते लोगों में दहशत का माहौल है। मुंबई, पुणे समेत अन्य शहरों मेंघबराए लोगों ने अपने घरों में राशन व जरूरी सामान इकट्‌ठा करनाशुरू कर दिया है। नतीजा यह हो रहा है कि राशन की दुकानों पर भारी भीड़है।

पहली से 8वीं तक की परीक्षा हुई रद्द

महाराष्ट्र की शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड़ ने शनिवार को बताया कि10 बोर्ड की सोमवार को होने वाली भूगोल की परीक्षा को अगले आदेश तक रद्द कर दिया गया है। इससे पहले शुक्रवार को कक्षा 1 से 8 तक की परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं और बिना परीक्षा के ही छात्रों को अगली क्लास में प्रमोट किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा है कि 9वीं से 11 वीं तक की परीक्षाएं 15 अप्रैल के बाद करवाई जाएंगी।



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मुंबई में शनिवार को सड़कों पर भी सन्नाटा पसरा हुआ है।




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मुंबई में फिलीपींस से आए 68 साल के बुजुर्ग की मौत, 12 मार्च को रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी, बाद में निगेटिव आई थी

मुंबई. सोमवार को मुंबई में फिलीपिंस से लौटे 68 साल के एक व्यक्ति की मौत हो गई। बुजुर्ग में संक्रमण की पुष्टि अभी नहीं हुई है। उनकी रिपोर्ट आना बाकी है।मुंबई के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, फिलीपींस से आये 68 वर्षीय नागरिक की रविवार रात मृत्यु हुई है। विदेश से आने के बाद 12 तारीख को यह कोरोना पॉजिटिव हुआ था। हालांकि, बाद में इसकी रिपोर्ट नेगेटिव आई। जिसके बाद उसे कस्तूरबा अस्पताल से एक प्राइवेट अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया। लंग्स के फेल हो जाने और स्वासनली में परेशानी के बाद इनकी मौत हुई है।


प्राइवेट हॉस्पिटल में किया था ट्रांसफर
बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने एक बयान में बताया कि व्यक्ति कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया था और उसका यहां कस्तूरबा अस्पताल में उपचार किया गया। उसकी जांच रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद उसे एक प्राइवेट हॉस्पिटल भेज दिया गया था। जिसके बाद रविवार रात को उस व्यक्ति हॉस्पिटल में मौत हो गई। 13 मार्च को कस्तूरबा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने बताया मरनेवाले व्यक्ति को डाईबिटिज और अस्थमा की शिकायत थी। साथ ही उसके गुर्दे भी खराब हो गए थे जिस कारण सांस लेने में दिक्कत हो रही थी।

आज से लोकल ट्रेन और एयरपोर्ट बंद

शहर में पिछले इन दिनों से जारी लॉकडाउन जैसे हाल के बीच रविवार आधी रात से मुंबई की लाइफलाइन कहलाने वालीं लोकल ट्रेनों को बंद कर दिया है। साथ ही मुंबई एयरपोर्ट को भी 31 मार्च तक के लिए बंद किया गया है।कोरोना को रोकने के लिए राज्य के शहरी क्षेत्रों में धारा 144 लागू कर दी गई हैं।हालांकि, इमरजेंसी के लिए बेस्ट कीकुछ बसें चालू रहेंगी। रेल मंत्रालय ने भी देश भर में यात्री ट्रेनों को बंद कर दिया है।

89 लोग संक्रमित

इस बीच राज्य में कोरोना संक्रमितों की संख्या 89 हो गई है।राज्य में रविवार सुबह से सोमवार सुबह तक 15 नए मामले सामने आए हैं। इसमें से 14 मामले सिर्फ मुंबई में और एक केस पुणे का है।

महाराष्ट्र के ये जिले लॉकडाउन
कोरोना के बढ़ते केसों के मद्देनजर महाराष्ट्र सरकार ने अहमदनगर, औरंगाबाद, मुंबई, नागपुर, मुंबई सब-अर्ब, पुणे, रत्नागिरी, रायगढ़, ठाणे, यवतमाल जिलों को लॉकडाउन कर दिया है। यानी जरूरी सेवाओं को छोड़कर सब कुछ बंद है।

यह सर्विस चलती रहेंगी
अस्पताल, नर्सिंग होम, दूध-राशन-सब्जियों की दुकानें, मेडिकल स्टोर, फोन, इंटरनेट सेवाएं, अग्निशमन सर्विस, बिजली आपूर्ति और वितरण केंद्र, पानी की आपूर्ति, पोर्ट, पेट्रोल पंप, सीएनजी स्टेशन, शेयर बाजार, बैंक और वित्तीय सेवाएं।

इन्हें किया गया बंद
लोकल ट्रेन, एसटी, मेट्रो, मोनो, एयरपोर्ट, स्कूल, कॉलेज, मॉल्स, दुकानें, स्विमिंग पूल, जिम, थिएटर।

करोना से लड़ाई सबसे कठिन दौर में: उद्धव
रविवार को सोशल मीडिया पर संबोधन में मुख्यमंत्री ठाकरे ने कहा, 'कोरोना वायरस से लड़ाई का सबसे कठिन दौर शुरू हो गया है, इसलिए राज्य में धारा 144 लगा दी गई है। लोग इससे घबराएं नहीं, बल्कि पूरे संयम से मुकाबला करें। रेल मंत्रालय ने देशभर की रेल सेवाओं और उपनगरीय रेल सेवाओं को बंद करने का निर्णय लिया है। राज्य में निजी और एसटी बस सेवाएं बंद की जा रही हैं। सिर्फ बहुत जरूरी सेवाएं जारी रखने के लिए बेस्ट की कुछ बसें चलती रहेंगी।'

नहीं आएगी गिरफ्तारी की नौबत: उद्धव
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा है कि किसी की गिरफ्तारी की नौबत नहीं आएगी, क्योंकि लोग कोरोना वायरस से लड़ने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। मुख्यमंत्री ने सभी से ‘मैं ही अपना रक्षक’ संदेश का पालन करने की बात कही है। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया, 'राज्य में जीवनावश्यक वस्तुओं की कमी नहीं होने देंगे। खाद्य वस्तुओं की दुकानें खुली रहेंगी, इसलिए अतिरिक्त सामान जमा करने के चक्कर में नहीं पड़ें। संकट गंभीर हैं, लेकिन सरकार जनता के साथ खड़ी है।'


राज्य में पूरी तरह सफल रहा कर्फ्यू
इससे पहले मुंबई, पुणे समेत राज्य के सभी शहरों में पीएम नरेंद्र मोदी की अपील पर ‘जनता कर्फ्यू’ लगभग 100 प्रतिशत सफल रहा। राज्य के ज्यादातर लोगों ने संक्रमित होने से बचने को खुद को घरों में कैद रखा। लेकिन दिन चढ़ते ही पाबंदियां लगने का सिलसिला शुरू हो गया। हालांकि, शाम बज बजे लोग अपनी बालकनियों और छतों पर बाहर आए और थाली और ताली बजाकर कोरोना वीरों का सम्मान बढ़ाया।



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लॉकडाउन के बाद मुंबई के गेट वे ऑफ़ इंडिया पर पसरा सन्नाटा।




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शाहीन बाग में 100 दिन से जारी सीएए विरोधी प्रदर्शन आज पूरी तरह खत्म; पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाया, कुछ गिरफ्तार भी किए

नई दिल्ली/मुंबई/लखनऊ.वैश्विक महामारी कोरोनावायरस देश के 23 राज्यों में फैल चुका है। कोरोनावायरस से निपटने के लिए दिल्ली में लॉकडाउन लगा दिया गया है। दिल्ली सरकार ने राज्य में पांच से ज्यादा लोगों की भीड़ जमा न करने की अपील की है।इस बीच नागरिकता संशोधनकानून (सीएए) के खिलाफ शाहीन बाग में 15 दिसंबर से जारी प्रदर्शन को खत्म कर दिया है। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को मंगलवार को वहां से हटाया और कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। इससे पहले सोमवार को दिल्ली के शाहीन बाग में पंडाल खाली मिले और यहां इक्का-दुक्कालोग ही नजर आए थे।

दिल्ली दक्षिण पूर्व के डीसीपी आरपी मीणा ने मंगलवार को कहा कि यहां लॉकडाउन के बावजूद लोगसीएए के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस ने पहले प्रदर्शनकारियों से हटने के लिए कहा।इसके बाद भी जब वे नहीं माने तो पुलिस ने कार्रवाई की। कुछ लोगों को गैर कानूनी ढंग से जुटने के लिए हिरासत में ले लिया गया।

दिल्ली:सीएए, एनआरसी और एनपीआरके खिलाफ शाहीन बाग में सैकड़ों प्रदर्शनकारी धरने पर बैठे थे। उन्हें हटाकर ओखला इलाके के रास्ते खाली कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने वार्ताकार नियुक्त किए थे। काफी कोशिशों के बाद भी धरनास्थल को खाली नहीं कराया जा सका था,लेकिन अब प्रदर्शन के इतने दिनके बाद लॉकडाउन के कारण प्रदर्शनकारियोंकी संख्या काफी कम हो गई थी। इससे पहले रविवार सुबह धरनास्थल के पास लगे बैरिकेड्स पर पेट्रोल बम फेंका गया था। हालांकि इस घटना में कोई नुकसान नहीं हुआ था। प्रदर्शनकारियों के दो गुटों में जनता कर्फ्यू का समर्थन करें या न करें, इसको लेकर शनिवार रात झड़प हो गई थी।

शाहीन बाग में रविवार को प्रदर्शनकारियों के पंडाल खाली हुए।

लखनऊ:यहां के घंटाघर पर पिछले करीब 66 दिन से सैकड़ों महिलाएं सीएए, एनआरसी और एनपीआर के खिलाफ धरने पर बैठी थीं। इसे भी कोरोना के खतरे और लॉकडाउन के मद्देनजर वापस ले लिया गया है। महिलाओं ने एक खत में कहा कि कोरोना खत्म होने पर प्रदर्शन फिर शुरू होगा। इस दौरान उन्होंने सांकेतिक तौर पर अपने दुपट्टे घंटाघर पर ही छोड़ दिए। रविवार रात प्रदर्शनकारियों ने यह जगह खाली कर दी, इसके बाद सोमवार सुबह प्रशासन ने घंटाघर और आसपास के इलाके की सफाई कराई।

लखनऊ के घंटाघर पर प्रदर्शनकारी महिलाएं सांकेतिक तौर पर अपने दुपट्टे छोड़कर गईं।

मुंबई:यहां के मोरलैंड रोड पर भी नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ पिछले 50 दिनों से प्रदर्शन चल रहा था। सोमवार को कोरोना संक्रमण के खतरे और लॉकडाउन को देखते हुए इसे भी रद्द कर दिया गया।

उत्तर प्रदेशके 4 शहरों में प्रदर्शन जारी

  • यूपी केमुरादाबाद, अलीगढ़ और प्रयागराज समेत 5 शहरों में प्रदर्शन चल रहा है। हालांकि, यहां महिला प्रदर्शनकारियों की संख्या कम है। सहारनपुर के धरने में महिलाएं कोरोना से बचाव के लिए सैनिटाइजर का इस्तेमाल कर रही हैं। हर प्रदर्शनकारी के बैठने के लिए 1-1 मीटर की दूरी पर तख्त रखे गए। प्रयागराज में भी कुछ इसी तरह के इंतजाम हैं।
  • दूसरी ओर, मुरादाबाद के धरने में जनता कर्फ्यू के दिन रविवार को आम दिनों की तुलना में ज्यादा भीड़ रही। कोरोना से बचाव के भी कोई इंतजाम नहीं थे। पुलिस-प्रशासन ने लोगों को 21 मार्च को धरना खत्म करने के निर्देश दिए थे, लेकिन इसे नजर अंदाज किया गया। अब 12 नामजद समेत अन्य प्रदर्शनकारियों के खिलाफ केस दर्ज करने की तैयारी चल रही है।


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Shaheen Bagh and other anti CAA protest called of temporarily amid lockdown COVID19
दिल्ली में शाहीन बाग से प्रदर्शनकारियों को हटाती पुलिस। यहां 15 दिसंबर से प्रदर्शन किया जा रहा था।
शाहीन बाग से प्रदर्शनकारियों को हटाती पुलिस।
लखनऊ में प्रदर्शनकारियों के हटने के बाद घंटाघर पर पुलिस तैनात।
दिल्ली के शाहीन बाग में प्रदर्शनकारियों के पंडाल खाली हुए।
लखनऊ में महिलाओं ने प्रशासन से कहा- कोरोना के हालत सुधरने पर फिर धरना देंगे।
दिल्ली के ओखला इलाके में शाहीन बाग की सड़क खाली हुई।




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कोरोना की पहली स्‍वदेशी टेस्टिंग किट के कमर्शियल प्रोडक्शन को मंजूरी, दावा- इससे प्राइवेट लैब में एक दिन में 1000 टेस्ट हो सकेंगे

पुणे. शहर की मायलैब डिस्कवरी सॉल्यूशंस कंपनी कोकोविड-19 (कोरोनावायरस) की टेस्ट किट के लिए सोमवार को कमर्शियलप्रोडक्शन की अनुमति मिल गई। परमिशन पाने वाली यह देश की पहली कंपनी है। कंपनी ने बताया कि कोरोनावायरस की जांच करने वाली उसकी ‘मायलैब पैथोडिटेक्ट कोविड-19 क्वॉलिटेटिव पीसीआर किट’ को केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने अनुमति दीहै।कंपनी का दावा है कि वे एक टेस्टिंग किट से 100 लोगों की जांच कर सकते हैं। इसके बाजार में आ जाने से एक प्राइवेट लैब में दिन में कोरोना के एक हजार टेस्ट किए जा सकेंगे। अभी एक लैब में औसतन दिनभर में 100 नमूनों की कोरोना जांच हो पाती है।

'मेक इन इंडिया' है यह किट

कंपनी के प्रबंध निदेशक हसमुख रावल ने कहा, 'स्थानीय और केंद सरकार से मिले सहयोग और ‘मेक इन इंडिया’ पर जोर देते हुए उसने कोविड-19 की जांच के लिए एक किट तैयार की है। इसे विश्व स्वास्थ्य संगठन और अमेरिका के सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल (सीडीसी) के दिशानिर्देशों के अनुरूप रिकॉर्ड समय में विकसित किया गया है। कोरोना वायरस की जांच किट को स्थानीय स्तर पर बनाने से इसकी मौजूदा लागत घटकर एक चौथाई रह जाएगी।'

ब्लड जांच से लेकर एचआईवी जांच के लिए किट बना चुकी है मायलैब
मायलैब वर्तमान में ब्लड बैंकों, अस्पतालों, एचआईवी जांच की किट बनाती है।मायलैब के कार्यकारी निदेशक शैलेंद्र कावडे ने कहा- हम अपने देश को अत्याधुनिक तकनीक, उचित और सस्ती कीमत पर उपलब्ध कराने के लिए पुरजोर कोशिश कर रहे हैं। चूंकि यह परीक्षण संवेदनशील तकनीक पर आधारित है, इसलिए प्रारंभिक चरण के संक्रमण का भी पता लगाया जा सकता है। इस किट से की गई जांच के परिणाम काफी सटीक हैं।

कोरोना जांच के मामले में भारत सबसे पीछे
वर्तमान में, भारत प्रति मिलियन जनसंख्या पर किए गए परीक्षण के मामले में सबसे नीचे है। यह आंकड़ा सिर्फ6.8 काहै। कोरोना संक्रमण से निपटने के लिएभारत सरकार ने जर्मनी से लाखों टेस्टिंगकिट आयातकी हैं। मायलैब का दावा है कि आने वाले समय मेंएक हफ्ते में एक लाख किट का बनाई जा सकेंगी।



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कोरोना टेस्टिंग की एक किट में 100 मरीजों की जांच हो सकती है।
इसे किट को बनाने वाली कंपनी ने दावा किया है कि वह एक हफ्ते में एक लाख किट बना सकती है।




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मुंबई में कोरोना संक्रमित 63 साल के बुजुर्ग की मौत, अब तक 3 लोगों की जान गई; 101 लोग कोरोना पॉजिटिव, देश में सबसे ज्यादा

मुंबई.दुबई से मुंबई आए63 साल के कोरोना संक्रमित की मंगलवार सुबह मौत हो गई है। वह कस्तूरबा हॉस्पिटल में भर्ती था। इस मौत के साथ ही महाराष्ट्र में कोरोना से मरने वालों की संख्या तीन हो गई है। महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण के सबसे ज्यादा मामले हो गए हैं। मंगलवारसुबह चार नए मामले सामने आए, जिसमें से 3 पुणे से और एक सांगली से है। सांगली में पहली बारकोई कोरोना पॉजिटिव केस सामने आया है। अब महाराष्ट्र में मरीजों की संख्या 101 हो गई है।

63 साल के जिस बुजुर्ग की आज मौत हुई वो 15 मार्च को यूएई से अहमदाबाद आया था। वहां से मुंबई पहुंचा। गले में तकलीफ और सांस लेने में परेशानी होने के चलते 20 मार्च को उसे अस्पताल में एडमिट किया गया। डॉक्टरों के मुताबिक मृत बुजुर्ग को डायबटीज था। उसे हाई ब्लडप्रेशर की भी शिकायत थी। कोरोना पॉजिटिव आने के बाद सोमवार को से कस्तूरबा हॉस्पिटल शिफ्ट किया गया। मृतक के परिवार के लोग अहमदाबाद और मुंबई में हैं। दोनों ही जगह उसके रिश्तेदारों को होम क्वारैंटाइन कर दिया गया है।

महाराष्ट्र में तीन मौतें, तीनों मुंबई के मामले
महाराष्ट्र में पिछले आठ दिन में कोरोना पॉजिटिव तीन लोगों की मौत हुई है। तीनों मामले मुंबई के हैं। तीनों ने ही मुंबई के कस्तूरबा हॉस्पिटल में दम तोड़ा। सबसे पहले 17 मार्च को 64 साल के कोरोना पॉजिटिव बुजुर्ग की मौत हुई। 22 मार्च को 69 साल के कोरोना संदिग्ध बुजुर्ग की मौत हुई। बाद में उसकी पॉजिटिव आई।

पूरे प्रदेश में कर्फ्यू

कोरोनावायरस के प्रसार को रोकने के लिए पूरे राज्य में लगाई गई धारा 144 के फेल होने के बाद सीएम उद्धव ठाकरे ने आज से पूरे राज्य में कर्फ्यू घोषित कर दिया है। इसी के साथ राज्य के सभी बॉर्डर और शहरों की सीमाओं को भी सील किया गया है। इससे दूसरे जिलों से निजी वाहन, बस और अन्य परिवहन सेवाओं की आवाजाही नहीं हो सकेगी।

कर्फ्यू के बावजूद लोगों ने किया मॉर्निंग वॉक

इस बीच कर्फ्यू के बावजूद आज मुंबई, पुणे और नागपुर के कई पार्कों और सड़क पर लोग नियमों का उल्लंघन करते हुए मॉर्निंगवॉक करते नजर आए। कर्फ्यू को सफल बनाने के लिए पुणे और मुंबई समेत कई शहरों में सुबह से ही लाउडस्पीकर से घोषणाएं की जा रही हैं।



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One more corona-infected person died in Mumbai, admitted to Kasturba Hospital, 101 cases have been reported so far




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महाराष्ट्र में संक्रमितों की संख्या देश में सबसे ज्यादा, अब तक 106 मरीज मिले; कर्फ्यू के बाद भी लोग बाहर निकले

मुंबई.महाराष्ट्र में कोरोना का कहर बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को राज्य में संक्रमित मरीजों की संख्या 106 पहुंच गई। यह आंकड़ा देश में अन्य राज्यों की तुलना में सबसे ज्यादा है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने बताया कि मंगलवार दोपहर संक्रमण के पांच नए मामलों की पुष्टि हुई है। इसमें तीन पुणे से और एक सांगली से है। सांगली में पहली बारकोई कोरोना पॉजिटिव केस सामने आया है।इन पांच संक्रमित लोगों में से तीन संक्रमित की ट्रैवल हिस्ट्री है यानी उन्होंने हाल ही में विदेश यात्रा की है।

63 साल के कोरोना संक्रमित की मौत

इससे पहले मंगलवार सुबहदुबई से मुंबई आए63 साल के कोरोना संक्रमित की मौत हो गई है। वह कस्तूरबा हॉस्पिटल में भर्ती था। इस मौत के साथ ही महाराष्ट्र में कोरोना से मरने वालों की संख्या तीन हो गई है।

संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए पहले राज्य सरकार ने पूरे प्रदेश में धारा-144 लगाई। लेकिन, इसके फेल रहने के बाद मंगलवार से पूरे राज्य में कर्फ्यू लगा दिया गया। शहरों की सीमाओं को सील कर दिया गया है, ताकि कोई भी व्यक्ति एक-शहर से दूसरे शहर में न आ सकें। इसी के साथ राज्य के सभी बॉर्डर को भी सील किया गया है।

पुणे के मार्केटयार्ड मंडी में हजारों लोग सब्जियां खरीदने पहुंचे।


कर्फ्यू के बाद भी नहीं माने लोग, मॉर्निंग वॉक की

प्रदेश में कर्फ्यू के बाद भी कई शहरों में लोग बाहर निकले। मुंबई, पुणे और नागपुर के कई पार्कों और सड़क पर लोग नियमों का उल्लंघन करते हुए मॉर्निंग वॉक की। कर्फ्यू को सख्ती से लागू करने के लिए पुणे और मुंबई समेत कई शहरों में लाउडस्पीकर से घोषणाएं की जा रही हैं। कर्फ्यू के नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में मुंबई पुलिस ने 112 केस दर्ज किए हैं। इनमें पान वाले, होटल , हॉकर और ट्रांसपोर्टर शामिल हैं। वहीं सांगली में बेवजह सड़कों पर घूम रहे युवकों को पुलिस ने मुर्गा बनाया। इससे पहलेमुंबई पुलिस ने धारा 144 तोड़ने पर 31 लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए थे।

वायरस से बचाव के लिए पुणे में हो रहा केमिकल का छिड़काव।

जीपीएस से निगरानी की तैयारी में बीएमसी

उधर, मुंबई मेंबृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) ने कहा है कि हम होम क्वारंटाइन में रह रहे लोगों पर नजर रखने के लिए जीपीएस तकनीक का उपयोग करने की योजना बना रहे हैं। क्योंकि उनमें से कई ने संक्रमण के प्रसार को बढ़ाने की आशंका है।बीएमसी के एक अधिकारी ने बताया कि बीएमसी पहले से कोरोना संक्रमण के संदिग्ध पर नजर रखने के लिएसेल फोन स्थान डेटा का उपयोग कर रही है।

कर्फ्यू में यह सेवाएं चलती रहेंगी

  • दवाई और चिकित्सा उपकरण, खाद्य पदार्थ, किराना दुकानें, दूध, ब्रेड, फल, सब्जियों, अंडे, मांस, मछली की दुकानें और उनके लिए परिवहन सेवा
  • कृषि वस्तुओं-उत्पादों के लिए परिवहन सेवाएं
  • अस्पताल, फार्मेसी और ऑप्टिकल दुकानें, फार्मास्यूटिकल्स कंपनियां और उनके डीलरों के लिए परिवहन सेवाएं
  • पेट्रोल पंप, एलपीजी गैस, तेल एजेंसियां
  • होम डिलिवरी सुविधा वाले रेस्तरां
  • बैंक, एटीएम, इंश्योरेंस, फिनटेक और संबंधित गतिविधियां
  • प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया
  • आईटी और दूरसंचार, डाक, इंटरनेट और डेटा सेवाओं सहित आईटीईएस
  • ई-कॉमर्स (आवश्यक वस्तुओं समेत खाद्य पदार्थ मंगाने की अनुमति)
  • बेकरी और पालतू जानवरों के लिए पशु खाद्य की दुकानें और चिकित्सा प्रतिष्ठान
  • राज्य सरकार के विभागों के कार्यालय

हेल्पलाइन नंबर

  • 24x7 नेशनल हेल्पलाइन-1075
  • मुंबई में टोल फ्री नंबर 104
  • बीएमसीटोल फ्री नंबर 1916
  • स्टेट कंट्रोल रूम 020-26127394


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सांगली में बेवजह सड़कों पर घूम रहे युवकों को पुलिस ने मुर्गा बनाया।




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महाराष्ट्र में नियम तोड़ने पर करवाई गई उठक-बैठक, कई जगह पुलिसवालों को चलानी पड़ी लाठियां, मुंबई में 112 लोगों पर केस दर्ज

पुणे/मुंबई. राज्य में कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 106 हो गई है। मंगलवार दोपहर 5 नए मामले सामने आये हैं। कोरोनावायरस के प्रसार को रोकने के लिए पूरे राज्य में लगाई गई धारा 144 के फेल होने के बाद सीएम उद्धव ठाकरे ने आज से पूरे राज्य में कर्फ्यू घोषित कर दिया है। इसी के साथ राज्य के सभी बॉर्डर और शहरों की सीमाओं को भी सील किया गया है। इससे दूसरे जिलों से निजी वाहन, बस और अन्य परिवहन सेवाओं की आवाजाही नहीं हो सकेगी।


नियम तोड़ने वालों को करवाई गई उठक-बैठक
इसके बावजूद लोग पुणे, मुंबई समेत कई शहरों में सड़कों पर नजर आये। हालांकि, ऐसे लोगों को सबक सिखाने के लिए महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने कड़े निर्देश दिए हैं। जिसका असर भी आज सड़कों पर नजर आया। पुणे में नियम तोड़ने वालों की बीच सड़क पुलिसवालों ने जमकर पिटाई की। वहीं डिप्टी सीएम अजित पवार के गृह नगर यानि बारामती में भी बिना कारण सड़कों पर घूम रहे लोगों से उठक-बैठक करवाई। ऐसा ही नजारा राज्य के लगभग हर शहर में नजर आया। गृह मंत्री अनिल देशमुख ने मंगलवार को बताया कि अभी सिर्फ लोगों को समझा कर जाने दिया जा रहा है। अगर वे नहीं माने तो आने वाले समय में उनपर कड़ी कार्रवाई होगी।

मुंबई में 112 लोगों पर केस दर्ज
इस बीच मुंबई में कर्फ्यू के नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में मुंबई पुलिस ने 112 लोगों पर केस दर्ज किए हैं। इनमें कई पान वाले, होटल संचालक, हाकर्स और ट्रांसपोर्टर शामिल हैं।



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सांगली में नियम तोड़ने वालों को करवाई गई उठक-बैठक।




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मुंबई में रिलांयस ने संक्रमितों के लिए 100 बेड का हॉस्पिटल बनाया, यह देश का पहला हॉस्पिटल

मुंबई.कोरोना से बढ़ते संक्रमण के मद्देनजर अब इससे निपटने की तैयारी तेज हो गई है। मुंबई में रिलायंस ने कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए 100 बेड का हॉस्पिटल बनाया है। रिलायंस ने बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के सहयोग से इस हॉस्पिटल को दो हफ्ते में तैयार किया है। यह देश का पहला हॉस्पिटल है, जो कि सिर्फ कोरोना संक्रमितों मरीजों के इलाज के लिए तैयार किया गया है।

इस हॉस्पिटल का नाम वायरस के नाम पर यानी कोविड-19 रखा गया है। एचएन रिलायंस फाउंडेशन ने इसे मुंबई के सेवन हिल्स हॉस्पिटल में तैयार किया है। फिलहाल, यह सेंटर मुंबई के उन मरीजों के लिए है जो कि कोरोना पॉजिटिव हैं।

हॉस्पिटल में क्या है खास
इस हॉस्पिटल में एक निगेटिव प्रेशर रूम शामिल है, जो क्रॉस कंटेमीनेशन यानी संक्रमण को फैलने से रोकता है। सभी बेड आवश्यक बुनियादी ढांचे, बायो मेडिकल उपकरण जैसे वेंटिलेटर,पेसमेकर, डायलिसिस मशीन से लैस है। साथ ही, रिलायंस ने लोधीवली में आइसोलेशन सेंटर बनाया है, जिसे सरकार को सौंप दिया है।

कंपनी ने सीएसआर के तहत लिए फैसले
कंपनी कोरोनावायरस महामारी को देखते हुए अपने मास्क के उत्पादन को भी बढ़ाकर एक लाख प्रतिदिन करने जा रही है। इतना ही कोरोनावायरस की लड़ाई शामिल वाहनों के लिए मुफ्त ईंधन और लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की करने जा रही है। यह सब फैसले कंपनी अपनी सामाजिक जिम्मेदारी (सीएसआर) के तहत ले रही है। कंपनी ने कहा है कि इस महामारी में यदि उसका काम प्रभावित भी होता है तब भी वह कर्मचारियों को पूरा वेतन देगी।

महाराष्ट्र में 101 कोरोना संक्रमित, अब तक 3 की हुई मौत
महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमितों की संख्या 101 हो गई है। प्रदेश में अब तक कोरोना संक्रमण से तीन लोगों की मौत भी हो गई है। कस्तूरबा हॉस्पिटल की एक डॉक्टर ने एक चैनल से बात करते हुए बताया कि यहां भर्ती 12 मरीज अब तक ठीक हो चुके हैं। हालांकि, अभी तक इसका आधिकारिक ऐलान होना है। इस बीच आज राज्य में जारी कर्फ्यू का पहला दिन है। पूरे राज्य के बॉर्डर सील हैं और शहरों की सीमाओं को बंद रखा गया है।



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सिर्फ कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए शुरू किया गया यह देश का पहला हॉस्पिटल है।




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कर्फ्यू का आज दूसरा दिन, सड़कों से भीड़ गायब, अब तक 122 केस पॉजिटिव, 14 केस नेगेटिव की स्टेज पर

मुंबई. कोरोनावायरस के चलते महाराष्ट्र मेंकर्फ्यू का आज दूसरा दिन है। बुधवार को कुछ अलग हाल नजर आ रहे हैं। आज पुणे-मुंबई में सड़कों पर सन्नाटा पसरा है। हालांकि, अभी भी दूध और बेकरी की दुकानों पर भीड़ लगी है। इस बीच महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या 122तक पहुंच गई है।इसमें 14से ज्यादा लोग नेगेटिव स्टेज पर हैं। हालांकि, अभी तक इन्हें डिस्चार्ज नहीं किया गया है। बुधवार को सांगली से पांच कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। ये सभी एक ही परिवार से हैं।

स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने ट्वीट कर यह जानकारी साझा की है।

लोग लगातार तोड़ रहे हैं नियम: मंत्री राजेश टोपे
स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा है कि लोग कर्फ्यू का पूरी तरह पालन करें। कर्फ्यू के बावजूद फल-सब्जियों, राशन और दवाओं की दुकानों में भीड़ देखी जा रही है। कई धार्मिक स्थलों पर लोग जमा हो रहे हैं। लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं कररहे हैं। कोई भी इन नियमों को न तोड़े। जरूरी सामान खरीदने के लिए भीड़ न करें। सरकार ऐसे सामान की सप्लाई में कोई कमी नहीं आने देगी। लोग शांति से घरों में रहें। उन्होंने कहा कि सोशल डिस्टनसिंग बनाए रखने के लिए और किसी तरह की पहल के बारे में वह मुख्यमंत्री से बात करेंगे।

ठीक हो रहे हैं मरीज: टोपे
स्वास्थ्य मंत्री टोपे ने कहा- ‘कोरोना के मरीज ठीक हो रहे हैं। लोगों को कोरोना से घबराने की नहीं, बल्कि सावधानी बरतने की जरूरत है। घर में रहें और बाहर नहीं निकलें। इसी तरीके से इस वायरस को फैलने से रोका जा सकता है।’

पुणे के पहले 2केस नेगेटिव
2 हफ्ते पहले कोरोना से पॉजिटिव पाए गए पुणे के एक दंपतीकी रिपोर्ट2बार नेगेटिव आईहै। दोनों को आज अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी। ये महाराष्ट्र में कोरोना के पहले 2 मामले थे। इनके कारण इनकी बेटी और एक ड्राइवर को भी कोरोना संक्रमण हुआ था। फिलहाल, ये दोनों नायडू हॉस्पिटल में भर्ती हैं।

कई डॉक्टरों ने बंद की डिस्पेंसरी
कोरोनावायरस के चलते मुंबई और महाराष्ट्र में कई डॉक्टरों ने डिस्पेंसरियां बंद कर दी हैं। सरकार ने डॉक्टरों से अपील की है कि वे डिस्पेंसरी कतई बंद न करें। टोपे ने कहा कि डॉक्टर अपनी डिस्पेंसरी बंद नहीं करें, बल्कि और ज्यादा समय के लिए खुली रखें, ताकि लोगों का इलाज होता जारी रहे।

पुणे , मुंबई में उमड़ी किराना और मेडिकल स्टोर पर भीड़
मंगलवार रात 8 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 21 दिन के लॉकडाउन की घोषणा करते ही पुणे, मुंबई, नागपुर, औरंगाबाद और नासिक समेत पूरे राज्य में सड़कों पर भीड़ जमा होना शुरू हो चुकी है। शहर के लगभग हर किराना स्टोर और मेडिकल स्टोर पर लोग जमा थे। हालांकि, कुछ जगहों पर लोग कतारों में लगे हुए हैं और एक-दूसरे से 1 मीटर की दूरी बनाने का प्रयास कर रहे थे। महाराष्ट्र खाद्य आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल ने कहा है कि वह किसी भी हाल में किराना या मेडिकल की दुकानों को बंद नहीं करेंगे। लोगों को पैनिक होने की कोई जरूरत नहीं है।



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सब्जी वालों ने कोरोना रोकने के लिए कुछ इस तरह का तरीका खोजा है।




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मुबंई में 65 की साल महिला की संक्रमण से जान गई, महाराष्ट्र में अब तक 128 लोग संक्रमित

मुंबई. महारष्ट्र में कोरोना से चौथी मौत हो गई है। वाशी की रहने वाली एक महिला की मृत्य 24 मार्च को हुई थी। मौत के दो दिन बाद महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव आईहै। महिला का मुंबई के एक सरकारी हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था। महाराष्ट्र में अब तक कोरोनावायरस के 128 पॉजिटिव केस आए हैं। राज्य में कोरोना के 15 नए मामलोंमें 9मुंबई से हैं।पिछले 2 दिन में बीमारी से पूरी तरह रिकवर होने के बाद राज्य में 10 मरीजों को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। बुधवार को पुणे के जिन 2मरीजों को इलाज के बाद छुट्टी मिली, वे राज्य के पहले मामले थे। ये दोनों मरीज कपल हैं और फरवरी के आखिरी महीने में दुबई से घूम कर आए थे।आज भी कुछ मरीजों को छुट्टी मिल सकती है।

महाराष्ट्र में चार मौतें, चारों मुंबई के मामले
महाराष्ट्र में पिछले नौ दिन में कोरोना पॉजिटिव चार लोगों की मौत हुई है। चारों मामले मुंबई के हैं। इन सभी ने मुंबई के कस्तूरबा हॉस्पिटल में दम तोड़ा। सबसे पहले 17 मार्च को 64 साल के कोरोना पॉजिटिव बुजुर्ग की मौत हुई। 22 मार्च को 69 साल के कोरोना संदिग्ध बुजुर्ग की मौत हुई। बाद में उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। 23 मार्चको भी महाराष्ट्र में एक व्यक्ति की मौत हुई थी।

सब्जी की दुकानों पर भीड़

महाराष्ट्र में कर्फ्यू का आज तीसरा दिन है। इस बीच सड़कों से वाहन गायब हैं, लेकिन लगभग सभी सब्जी मंडियों में सुबह से ही भीड़ जमा है। पुणे, मुंबई के कई इलाकों में सब्जी-फल मंडियों, किराना और दवा की दुकानों पर भीड़ उमड़ी रही। अस्पताल, नर्सिंग होम, राशन, दूध, साग-सब्जी की दुकानें, मेडिकल स्टोर्स, सीएनजी, एलपीजी, लैबोरेटरी, अंडे, मांस-मछली की दुकानें ही खुली रखी जाएंगी। इसके अलावा पेट्रोल-डीजल अतिआवश्यक सेवाओं में लगे लोगों को ही मिलेगा।



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Mumbai Cases Death Today Updates; Maharashtra Woman Dies Of Coronavirus; 13th Death In India




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कोरोना से पीड़ित महाराष्ट्र के पहले परिवार के ठीक होकर लौटने की पहली कहानी, बुरे सपने की तरह बीते उनके 17 दिन

पुणे.महाराष्ट्र का पहला कोरोनावायरस संक्रमित परिवार पूरी तरह से ठीक हो चुका है। परिवार के चारसदस्यों में से तीन को कोरोना का संक्रमण हुआ था, बुधवार शाम 4 बजे सभी घर लौट आए। हम यहां उनका नाम नहीं दे रहे, क्योंकि उन्होंने इसे साझा करने से मना कर दिया है। यह परिवार 5 मार्च को दुबई से मुंबई लौटा था और 9 मार्च यानी ठीक होली के दिन पता चला कि सबको कोरोनावायरस का संक्रमण है। फौरन पूरे परिवार को क्वारैंटाइन कर पुणे के डॉ. नायडू अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां 17 दिन बिताने के बाद बुधवार शाम उन्हें घर भेज दिया गया। इन 17 दिनों में परिवार पर क्या बीती ये तजुर्बाउन्होंने भास्कर से साझा किया। आपके लिए ज्यों का त्यों...

पूरा परिवार फिलहाल स्वस्थ है और 14 दिन के लिए होम क्वारेंटाइन है।

पहली बार हम लोग विदेश गए थे, हमारा 40 लोगों का ग्रुप था
दुबई जाने से पहले हमने कोरोना के बारे में बहुत नहीं सुना था। देश में भी इसका ज्यादा प्रभाव नहीं था। यह मेरे परिवार की पहली विदेश यात्रा थी। हम 40 लोगों के ग्रुप का हिस्सा थे। 6 मार्च को हम पति-पत्नी बच्चों समेत पुणे लौटे। हमें हल्का बुखार और खांसी सी थी। तभी फैमिली डॉक्टर से बात की और उनकी सलाह पर डॉ. नायडू हॉस्पिटल जाकर अपनीलार का नमूना दिया। तकरीबन 8 घंटे तक वहीं हॉस्पिटल के एक कमरे में बंद रहे। देर रात रिपोर्ट आई और पता चला हम चार में से तीन को कोरोनावायरस का संक्रमण हो गया है।

एक ही हॉस्पिटल में परिवार से अलग रहा लड़का
इस रिपोर्ट ने मेरे परिवार के ही नहीं पूरे सूबे के कान खड़े कर दिए। मेरे बाद मेरी इंजीनियर बेटी में भी कोरोना की पुष्टि हो गई। हालांकि, बेटे की रिपोर्ट नेगेटिव आई। इसके बावजूद उसे भी हॉस्पिटल के एक कमरे में 17 दिन तक बंद करके रखा गया। 10 मार्च को यह जानकारी देशभर में फैल गई। अगलेतीन-चार दिन किसी बुरे सपने से कम न थे। पहले दो दिन तो कुछ रिश्तेदारों ने बाहर से खाना लाकर दिया, फिर राज्य सरकार की पहल के बाद हॉस्पिटल में ही खाना मिलने लगा। खाने में किसी तरह का कोई खास परहेज तो नहीं था, पर डॉक्टरों ने ज्यादा तला-भुना खाने से मना किया था।

शुरू में तो लगा कि हमारी वजह से पूरे महाराष्ट्र में कोरोना फैल गया
कोरोना की पुष्टि हो जाने के बाद हमें बार-बार यह बात कचोटने लगी कि हमारी वजह से 40 अन्य लोगों को भी संक्रमण हो गया होगा। हालांकि, दो दिन बाद ही यह साफ हो गया कि ग्रुप के ज्यादातर लोग नेगेटिव हैं। शुरू में तो हमें ऐसा लग रहा था कि हम पूरे महाराष्ट्र में कोरोना फैलाने के जिम्मेदार हैं। कुछ करीबी दोस्तों को छोड़ दें तो ज्यादातर लोगों के रुख में बदलाव भी देखने को मिला।

कई दिन तक एक-दूसरे से अलग रहा पूरा परिवार
हॉस्पिटल के डॉक्टरों और नर्सों का रवैया पूरे 17 दिन तक बेहद अच्छा रहा। शुरुआती चार दिनों में मुझे, मेरी पत्नी और बेटी को अलग-अलग कमरों में रखा गया और उसके बाद हमें कोरोना मरीजों के लिए बने स्पेशल वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। इस वार्ड में मेरे बेड से दो बेड छोड़कर पत्नी को और उससे दो बेड छोड़कर बेटी को रखा गया था। दिन में तीन बार डॉक्टर और नर्स जांच के लिए आते थे। इसी दौरान दवाई भी दी जाती थी। 14 दिन हो जाने के बाद यानी 23 मार्च को फिर से कोरोना जांच की गई, इसमें हमारी रिपोर्ट पहली बार नेगेटिव आई। इसके बाद 25 मार्च को फिर से पूरे परिवार का चेकअप हुआ और सभी की रिपोर्ट नेगेटिव आई। इसके बाद हमें जान में जान आई।


न्यूज से दूरी बनाई, टाइम पास के लिए देखा कपिल शर्मा शो
हॉस्पिटल में रहने के दौरान हम जरूर क्वारैंटाइन थे, पर हॉस्पिटल के डॉक्टर और नर्सों ने परिवार के सदस्य की तरह हमारी सेवा की। हालांकि, हमें बाहर की कोई भी जानकारी नहीं दी जा रही थी। बस यही पता चलता था कि कोरोना का कोई नया पेशेंट हॉस्पिटल में आया है। हॉस्पिटल में न्यूज पेपर नहीं आता था। पर हमसे टीवी लगवाने के लिए पूछा था। हॉस्पिटल वालों का कहना था कि कोरोना के समाचार सुनने से नेगेटिविटी आएगी। हालांकि, टाइम पास करने के लिए हम मोबाइल और आईपैड पर कपिल शर्मा शो, नेट फ्लिक्स के शो और यू-ट्यूब देखा करते थे।पूरा परिवार वीडियो चैट के जरिए एक-दूसरे के संपर्क में रहता था। हालांकि, दो बार रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद मेरे बेटे को दूर से हमसे बात करने और देखने की मंजूरी मिल गई थी।

सोसाइटी में लोगों ने तालियां बजाकर स्वागत किया
पूरी तरह से नेगेटिव रिपोर्ट आने के बाद मैं और मेरी पत्नी बुधवार शाम और मेरी बेटी बुधवार रात को हॉस्पिटल से डिस्चार्ज कर दिए गए। डॉक्टर्स ने हमें फूल देकर विदा किया। हम एम्बुलेंस से ही अपनी सोसाइटी तक पहुंचे और कैंपस में कदम रखते ही लोगों ने बालकनी में आकर ताली, थाली और घंटी बजाकर हमारा स्वागत किया। यह सब देख हमारे आखों में आंसू थे और यह खुशी के आंसू थे। ऐसा लग रहा था कि हम बुरे दिनों से अच्छे दिनों में वापस आ गए हैं।

कोई जानबूझकर कोरोना से संक्रमित नहीं होता, लेकिन सावधानी जरूरी है
डॉक्टरों की सलाह है कि अभी हम और अगले 14 दिनों तक परिवार के साथ होम क्वारैंटाइन में ही रहें। हम अपने घरों में ही हैं। सभी को हमने अपने घर आने से मना कर दिया है। हमारी दुश्वारियों का समय अब खत्म हो चुका है। हमें उम्मीद है कि फिर से लोग हमें समाज में उसी तरह स्वीकार करेंगे, जैसे हम पहले थे। लोगों को समझना होगा कि कोरोनावायरस कोई जान बूझकर अपने अंदर नहीं लाता है। हमें नहीं पता था कि यह कैसे हमारे भीतर दाखिल हो गया। लेकिन मैं कहना चाहूंगा कि इससे संक्रमित 99% लोग नियम का पालन कर इससे मुक्ति पा सकते हैं।



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Pune Coronavirus Latest News | Pune Coronavirus Disease (COVID-19) Patient Recovery Story Latest Updates From Pune Amid Novel Cases Rise In Maharashtra Mumbai Nagpur
पूरा परिवार फिलहाल स्वस्थ है और 14 दिन के लिए होम क्वारंटाइन है।




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भूखे रहने की नौबत आई तो 135 किमी. पैदल चलकर नागपुर से चंद्रपुर पहुंचा मजदूर; हालत बिगड़ी तो पुलिस ने हॉस्पिटल में कराया भर्ती

नागपुर. महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य सरकार ने सोमवार शाम सेकर्फ्यू लगा दिया था।शहरों की सीमाओं को सील कर किया जा चुका है। इस बीच पुणे में काम कर रहे एक 26 वर्षीय मजदूर ने काम बंद हो जाने के बाद वापस अपने घर चंद्रपुर जाने की सोची। क्योंकि,काम बंद होने से मजदूर के पुणे मेंभूखे रहने की नौबत आ गई थी। वह किसी तरह पुणे से अंतिम ट्रेन पकड़करनागपुर पहुंच गया। हालांकि, नागपुर पहुंचकरउसकी परेशानी और बढ़ गई। क्योंकि, यहां से चंद्रपुर के बीच चलने वाली बस बंद कर दी गई थी। कोई और साधन भी नहीं था। ऐसे में मजदूर ने हिम्मत जुटाई और पैदल 135 किलोमीटर का सफर पूरा कर अपने घर पहुंचा।

पुणे में लॉकडाउन के बाद बढ़ी मुश्किलें

इतना लंबा पैदल सफर कर चंद्रपुर जिले की साओली तहसील स्थित जम्भ गांव में रहने वाले नरेंद्र शेलके पुणे में एक कंस्ट्रक्शन साइट परकाम करते हैं। शहर में लॉकडाउन की घोषणा के बाद से ही उनकी बिल्डिंग में काम बंद हो गया और दो दिन में भूखे रहने की नौबत आ गई। इस दौरान कोई सहायता पाने में असमर्थ रहा और उसके लिए कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा। शेल्के ने मंगलवार को चंद्रपुर में अपने गांव पहुंचने के लिए नागपुर-नागभीड रोड पर एक पैदल मार्च शुरू किया। उसने दो दिन कोई भोजन नहीं किया और वह सिर्फ पानी पर जिंदा रहा।

पुलिस ने अस्‍पताल में भर्ती कराया
बुधवार रात को शेलके सिंधवाही तहसील के शिवाजी चौराहे पर एक खाली आश्रय में पहुंचा। पुलिस स्टेशन के सहायक निरीक्षक निशिकांत रामटेके ने कहा कि जब पुलिस ने शेल्के से कर्फ्यू के उल्लंघन का कारण पूछा, उसने बताया कि वह अपने घर सिंधवाही तक पहुंचने के लिए पिछले दो दिनों से चल रहा है। जिसके बाद पुलिसकर्मियों ने उसे तत्‍काल सिंधवाही के ग्रामीण अस्‍पताल में भर्ती कराया।

पुलिसवाले ने खाना खिलाया
मेडिकल चेकअप के बाद पुलिस उप-इंस्पेक्टर रामटेके उसके लिए अपने घर से खाना लेकर आए। गुरुवार को हॉस्पिटल से डिस्चार्ज हो जाने के बाद उसे उसके गांव तक ले जाने के लिए एक वाहन की व्यवस्था की गई। हालांकि, घर जाने के बाद उसे 14 दिनों के लिए होम क्‍वारंटाइन पर रखा गया है।



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यह फोटो प्रतीकात्मक है।




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महाराष्ट्र में अब तक 128 संक्रमित, 10 लोगों को डिस्चार्ज किया गया, नियम तोड़ने वाले मुंबई के 141 लोगों पर केस

मुंबई.महाराष्ट्र में कोरोनावायरस के अब तक 128 पॉजिटिव केस सामने आए हैं। राज्य में कोरोना के 15 नए मामलोंमें 9 केवल मुंबई से हैं।पिछले 2 दिन में बीमारी से पूरी तरह रिकवर होने के बाद राज्य में 10 मरीजों को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। बुधवार को पुणे के जिन 2मरीजों को इलाज के बाद छुट्टी मिली, वे राज्य के पहले मामले थे। ये दोनों मरीज कपल हैं और फरवरी के आखिरी महीने में दुबई से घूम कर आए थे।आज भी कुछ मरीजों को छुट्टी मिल सकती है।

महाराष्ट्र में कर्फ्यू का आज तीसरा दिन है। इस बीच सड़कों से वाहन गायब हैं, लेकिन लगभग सभी सब्जी मंडियों में सुबह से ही भीड़ जमा है। पुणे, मुंबई के कई इलाकों में सब्जी-फल मंडियों, किराना और दवा की दुकानों पर भीड़ उमड़ी रही। अस्पताल, नर्सिंग होम, राशन, दूध, साग-सब्जी की दुकानें, मेडिकल स्टोर्स, सीएनजी, एलपीजी, लैबोरेटरी, अंडे, मांस-मछली की दुकानें ही खुली रखी जाएंगी। इसके अलावा पेट्रोल-डीजल अतिआवश्यक सेवाओं में लगे लोगों को ही मिलेगा।

नियम उल्लंघन के आरोप में 141 लोगों पर केस दर्ज

कोरोनावायरस के संक्रमण और फैलाव को देखते हुए मुंबई पुलिस ने बुधवार को मुंबई में धारा 188 का उल्लंघन करने के आरोप में 141 मामले दर्ज किए हैं। इनमें सबसे अधिक मामले नॉर्थ मुंबई से सामने आए हैं। मुंबई पुलिस के अनुसार, बुधवार शाम तक साउथ और नॉर्थ मुंबई से करोना से संबंधित कानून का उल्लंघन करने का एक-एक मामला, जबकि सार्वजनिक जगहों पर भीड़ जमा करने के आरोप में नॉर्थ और वेस्टर्न रीजन से 11-11 मामले दर्ज किए गए हैं।धारा 188 के तहत किसी आदेश को नहीं मानने वाले को सजा देने का प्रावधान किया गया है। इसमें 6 महीने तक की कैद या 1000 रुपए तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।

ट्रांसपोर्टरों के लिए सरकार ने गाइडलाइनजारी की
मुंबई सहित राज्य के कई हिस्सों में अतिआवश्यक खाद्य पदार्थों की आपूर्ति करने वालों के लिए सरकार ने कुछ गाइडलाइंस जारी की हैं। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अतिआवश्यक खाद्य पदार्थो की आपूर्ति करने वाले ट्रांसपोर्टरों से कहा है कि वे अपने वाहनों पर स्टिकर लगाकर चलें और उनके पास बिल सहित सभी कागजात होने चाहिए।

अतिआवश्यक वस्तुओं की राज्य में नहीं है कोई कमी
बुधवार को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र में खाद्य वस्तुओं की कोई कमी नहीं है। भरपूर मात्रा में खाद्य पदार्थ उपलब्ध हैं। किसी को भी खाद्य वस्तुओं को अतिरिक्त मात्रा में जमा करने की आवश्यकता नहीं है।

कोरोना से लड़ने के लिए 22,118 कमरे तैयार
संक्रमण के फैलाव को देखते हुए राज्य सरकार के लोक निर्माण विभाग ने राज्यभर में 22,118 कमरे तैयार किए हैं जिनमें 55,707 बेड्स लगाए जा सकेंगे। बुधवार को राज्य के लोक निर्माण मंत्री अशोक चव्हाण ने कहा कि कोरोना वायरस के हर परिस्थितियों का सामना करने के लिए सरकार तैयार है।

लॉकडाउन में जुहू बीच खामोश

जुहू बीच भी आज खामोश है। इसकी वजह है लॉकडाउन। कभी इस बीच पर चहल-पहल रहा करती थी और आज रेगिस्तान सी खामोशी है।



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मुंबई के मीरा रोड इलाके में राशन की दुकान के बाहर अपनी बारी का इंतजार करते लोग।




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कोरोना से लड़ाई में आगे आया शिर्डी साईं संस्थान, सीएम रिलीफ फंड में दान किए 51 करोड़ रुपए

शिर्डी. कोरोना संक्रमण से पूरे देश में 21 दिनों का लॉकडाउन है। लोग अलग-अलग ढंग से जरूरतमंदों की मदद को आगे आ रहे हैं। इसी कड़ी में शिर्डी साईं ट्रस्ट ने 51 करोड़ रुपए की मदद का ऐलान किया है। यह पैसे सीएम रिलीफ फंड में दिए गए हैं। शुक्रवार को यह जानकारी संस्‍थान के मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी अरुण डोंगरे ने दी। कोरोना वायरस और लॉकडाउन की वजह से साईं मंदिर अनिश्चितकाल के लिए बंद है।

भूखों को खाना खिला रहा संस्थान
डोंगरे ने कहा कि पूरा विश्व तथा देशभर में कहर ढानेवाले कोरोनावायरस का मुकाबला करने के लिएकेंद्र औरराज्‍य सरकार पूरी तरह से तैयार है। संस्‍थान द्वारा संचालित साई बाबा हॉस्पिटल और साईं प्रसादालय में अनाथ आश्रम के बच्चों, वृद्धाश्रम, मूक-बाधिरविद्यालय, पुलिसकर्मियों,बस स्टैंड के कर्मचारी और गरीब लोगों को खाना मिलेगा। इसके अलावा ग्रामीण हिस्सों में तैनात पुलिसकर्मियों तक फ़ूड पैकेट पहुंचाने का जिम्मा साईं संस्थान ने लिया है।

राज्य में अब तक सामने आए 147 केस
महाराष्ट्र में अब तक कोरोना वायरस के 147 मामले सामने आ चुके हैं। जबकि राज्य में अब तक पांच लोग इसकी वजह से अपनी जान गंवा चुके हैं। पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने पीएम और सीएम रिलीफ फंड में 25-25 लाख रुपएदिए हैं।महेंद्र सिंह धोनी ने भी पुणे में 100 से अधिक बच्चों के खाने कीजिम्मेदारी ली है।

कई उद्योगपतियों ने भी मदद केहाथ बढ़ाया
देश के कई उद्योगपतियों ने कोरोनावायरस के खिलाफ लड़ाई मेंमदद के लिए हाथ आगे बढ़ाया है। वेदांता के अनिल अग्रवाल ने 100 करोड़ देने की बात कही है। वहीं, मुकेश अंबानी के रिलायंस फाउंडेशन की ओर से मास्क का प्रोडक्शन बढ़ाने औरएक लाख से अधिक लोगों को खाना खिलाने की बात कही गई।



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कोरोना संक्रमण के चलते शिर्डी मंदिर को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है।




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1000 मेहमानों वाली शादी में शामिल हुआ कोरोना संक्रमित, लोगों की तलाश में जुटे निगम कर्मचारी

मुंबई. डोंबिवली के एक शख्स में बुधवार को कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है, जिसके बाद उसके परिवार को होम क्वारंटाइन कर दिया गया। अब जांच में सामने आया है कि 19 मार्च को इस शख्स के भाई की शादी थी और वह लगभग एक हजार लोगों को संपर्क में आया था। इस बारे में सूचना मिलते ही कल्याण-डोंबिवली म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (केडीएमसी) के लोग अब शादी में शामिल लोगों को तलाश रहे हैं।

15 मार्च को तुर्की गया था युवक
एक मल्टिनैशनल कंपनी में काम करने वाला यह 25 वर्षीय शख्स अपने 21 दोस्तों के साथ तुर्की गया था। 15 मार्च को वह भारत लौटा और चार दिन बाद ही अपने भाई की शादी में शामिल हुआ। युवक के उन 21 दोस्तों को भी ट्रैक किया जा रहा है।

शादी में सिर्फ 50 लोगों के आने की थी अनुमति
कोरोना पीड़ित शख्स को कस्तूरबा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। युवक के परिवार के तीन और लोगों का टेस्ट किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि शादी कार्यक्रमों में सिर्फ 50 लोगों की अनुमति है लेकिन 19 मार्च को हुई शादी में लगभग 1000 लोग जुटे थे। एक अधिकारी ने बताया कि शादी के बाद ही इस शख्स को दिक्कत शुरू हुई और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। कोरोना के लक्षण देखे जाने के बाद शख्स को कस्तूरबा हॉस्पिटल में भेज दिया गया।



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प्रतीकात्मक फोटो।




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भारतीय अब स्मार्टफोन पर 6% और टीवी पर 8% ज्यादा वक्त बिता रहे, 14 साल से कम उम्र के बच्चों का टीवी देखना 20% बढ़ा

मुंबई. कोरोनावायरस संकट की वजह से घरों में लॉकडाउन लोग अब 6% ज्यादासमय स्मार्टफोन पर और 8% ज्यादासमय टीवी देखने में बिताने लगे हैं। बीएआरसी इंडिया और नीलसन ने संयुक्त रूप से कोरोनावायरस संकट के दौरान टीवी और स्मार्टफोन उपभोक्ताओं के व्यवहार में आए बदलाव की सर्वे रिपोर्ट जारी की है। कोरोनावायरस संकट से पहले सप्ताह भर में व्यक्ति औसतन 23 घंटे 6 मिनट समय स्मार्टफोन पर बिताताथा, जिसमें अब 6%की वृद्धि हो गई है। देश में कोरोनावायरस का संकट बढ़ने पर लोगों ने औसतन सप्ताह भर में 25 घंटे समय बिताना शुरू किया है।

पीएम के लॉकडाउन की घोषणा को 19.7 करोड़ लोगों ने देखा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 मार्च को 21 दिनके लॉकडाउन की घोषणा की। इस दिन उन्हें 19.7 करोड़ लोगों ने टीवी परदेखा और सुना। यह आईपीएल फाइनल मैच के यूनिक 13.3 करोड़ के व्यूवरशिप से 6.4 करोड़ अधिक रहा।रिपोर्ट बताती है कि 8 नवंबर 2016 को प्रधानमंत्री के नोटबंदी केऐलानको 5.7 करोड़, 8 अगस्त 2019 को आर्टिकल 370 को खत्म करने के भाषण को 16.3 करोड़, 19 मार्च 2020 के जनता कर्फ्यू की अपील को 19.1 करोड़ लोगों ने टीवी पर देखा था।


अब हम रोजाना 3 घंटे 51 मिनट टीवी देख रहे हैं
देश में 11 जनवरी से 31 जनवरी के दौरान जब कोरोनावायरस का संकट नहीं था। तब औसतन सप्ताह भर में लोग 88,700 करोड़ (887 बिलियन) मिनट्सटीवी देखा करते थे। मगर 14 मार्च से 20 मार्च कोरोनावायरस का संकट बढ़ने पर जैसे ही लोग घरों में लॉकडाउन होना शुरू हुए,टीवी व्यूवरशिप में 8%की वृद्धि हो गई। अब औसतन लोग सप्ताह भर में 95,900 करोड़ (959 बिलियन) मिनट्सटीवी देख रहे हैं। इस तरह अब औसतन प्रति दिन व्यक्ति 3 घंटे 51 मिनट टीवी देख रहा है।

मेट्रो शहरों में 6%अधिक स्मार्टफोन पर बिताया जा रहा वक्त
कोरोनावायरस की वजह से देश भर में लोगों का घर से बाहर निकलना लगभग बंद है। इसकी वजह से मेट्रो शहरों में 6, मिनी मेट्रो में 8, टियर-1 शहरों में 2%और टियर-2 शहरों में 6% प्रतिशत अधिक समय स्मार्टफोन पर बिता रहे हैं। इसमें भी 35 से 44 वर्ष के लोग सर्वाधिक 11 मिनट स्मार्टफोन पर बिता रहे हैं। इसी प्रकार कोरोना संकट की वजह से लोगों ने सोशल मीडिया पर 25%अधिक समय बिताना शुरू किया है। इसमें फेसबुक पर 23%, वॉट्सअप पर 27%, इंस्ट्राग्राम पर 25%और टीक-टॉक पर 20%पहले से अधिक समय बिताया जा रहा है।इसी तरह प्रमुख टेलिविजन रेटिंग एजेंसी ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल इंडिया (बीएआरसी इंडिया) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनील लुल्ला और डॉली झा (कंट्री लीडर नीलसन ग्लोबल मीडिया, दक्षिण एशिया) ने शुक्रवार को कोरोनावायरस के इंपैक्ट पर सर्वे रिपोर्ट जारी की।



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Mumbai Coronavirus Lockown Update: Over 6 Percent Maharashtra Mumbai People More Time On Smartphones TV, All You Need To Know




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एक दिन में 21 लोग संक्रमित मिले, राज्य में मरीजों की संख्या 153 हुई; 19 मरीज डिस्चार्ज भी हुए

मुंबई. शुक्रवार दोपहर तक राज्य में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 153 हो गई है। ताजा मामले मुंबई से सामने आये हैं। यह एक साथ पांच लोग कोरोना से पीड़ित हैं। इससे पहले सांगली में 12, वाशी में एक, नागपुर में 5 और गोंदिया में एक मामला सामने आया था।

इस बीच राज्य में कोरोना संक्रमण से मरने वालों की संख्या 6 हो गई है। जिसमें से एक की रिपोर्ट अभी आना बाकी है।सीएम उद्धव ने भीड़ कम करने के लिए राज्य में आज से 24 घंटे दुकाने खोलने का निर्देश दिया है। स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे के मुताबिक- शुक्रवार सुबह तक राज्य के अलग-अलग शहरों से कुल 19 मरीजों में कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद हॉस्पिटल से डिस्चार्ज कर दिया गया।

नागपुर में 9 हुई कोरोना संक्रमितों की संख्या
कल लिए गए टेस्ट में 5 लोग पॉजिटिव पाए गए हैं। इन सभी का नागपुर के इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज में इलाज जारी है। वहां पहले से चार कोरोना संक्रमित लोग पहले से भर्ती हैं। इस हिसाब से शहर में कोरोनासंक्रमितों की संख्या बढ़कर 9 हो गई है।दिल्ली से लौटे नागपुर के एक शख्स में कोरोना का संक्रमण हुआ था और उसने परिवार के चार अन्य सदस्यों तक इस इन्फेक्शन को फैलाया। प्रशासन ने उसके घर के पड़ोस में रहने वाले लोगों को भी होम क्वारंटाइन रहने के लिए कहा है।

कोरोना से महाराष्ट्र में 2 और मौतें, अब तक 5
राज्य में कोरोनावायरस के कारण दो और मौते हुई हैं, इनके साथ ही राज्य में कोरोना वायरस की चपेट में आकर जान गंवाने वालों की संख्या 5 हो गई है। वहीं, खबर लिखे जाने तक कोरोना के पुष्ट मामलों की संख्या 125 थी। राज्य स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, 65 वर्षीय गोवंडी की एक महिला को उच्च रक्तचाप और डायबिटीज की शिकायत के बाद नवी मुंबई के एक अस्पताल में भर्ती किया गया था। जहां उसकी मौत 24 मार्च को हो गई थी, गुरुवार को आई जांच रिपोर्ट के अनुसार महिला कोरोना पॉजिटिव थी।

वहीं 65 वर्षीय एक अन्य महिला को 23 मार्च को कस्तूरबा अस्पताल में भर्ती किया गया था। महिला को सांस लेने में तकलीफ के साथ ही बुखार और खांसी की समस्या थी। इलाज के दौरान गुरुवार को इस महिला की भी मौत हो गई। बीएमसी स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, महिला को उच्च रक्तचाप और डायबिटीज की शिकायत थी।

कई मरीजों को छुट्टी दी गई
इस बीच, दो मरीजों को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी भी मिल गई। कस्तूरबा से अब तक 10 मरीजों को इलाज के बाद छुट्टी मिल चुकी है।

नाराज हैं फार्मासिस्ट, लगातार बरामद हो रहे मास्क
सरकार के मास्क को 10 से 20 रुपए में बेचने के फैसले पर नागपुर के फार्मासिस्ट बेहद नाराज हैं। उनका कहना है कि जब वे होल सेलर से 13/14 रुपए में मास्क खरीद रहे हैं तो वे कैसे इसे 10 रुपए में बेच सकते हैं। इस बीच राज्य के कई इलाकों से मास्क पकड़ने के जानकारी सामने आई है। जिसमें सबसे ताजा मामला पुणे का है, यहां शुक्रवार सुबह 4 लाख मास्क सोमवार पेठ के एक गोदाम से बरामद हुए हैं।

महाराष्ट्र में कहां-कितने मामले सामने आए

शहर संक्रमित मरीज
मुंबई 56
पुणे 20
पिंपरी चिंचवाड़ 12
नागपुर 09
सांगली 23
औरंगाबाद 01
अहमदनगर 03
नवी मुंबई 05
कोल्हापुर 02
यवतमाल 04
सातारा 02
रत्नागिरी 01
सिंधुदुर्ग 01
गोंदिया 01
ठाणे 05
कल्याण-डोम्बिवली 05
पनवेल 01
वसई विरार 02
कुल संख्या 153


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बैंकों से भारी मात्रा में कैश निकाल रहे हैं लोग, मार्च के पहले पखवाड़े में 53 हजार करोड़ निकाली नकदी, यह 16 महीने में सबसे ज्यादा

मुंबई. कोरोनावायरस का डर लोगों के जीवन के हर हिस्से को प्रभावित कर रहा हैं। आपात स्थिति की आशंका में लोग बैंकों से भारी मात्रा में कैश निकाल रहे हैं। रिजर्व बैंक की ओर से 13 मार्च को खत्म हुए पखवाड़े में जमाकर्ताओं ने 53,000 करोड़ रुपए की नकदी बैंकों से निकाली है। यह बीते 16 महीनेमें नकद निकासी का उच्चतम स्तर है।

आरबीआई के मुताबिक इतनी बड़ी निकासी सिर्फ त्यौहारों या चुनाव में होती है। बैंकिंग सिस्टम के जरिए जनता को करेंसी सप्लाई करने वाले केंद्रीय बैंक ने बताया कि उसने पिछले 15 दिन में इतना कैश जारी किया है। 13 मार्च तक लोगों के पास कुल 23 लाख करोड़ रुपए की मुद्रा थी। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि भले ही डिजिटल ट्रांजेक्शन बढ़ा है, लेकिन आपात स्थिति के चलते लोगों में सावधानी और डर का पहलू हावी है।

लॉकडाउन के दौरान ज्यादातर जरूरी चीजों की खरीदारी कैश में होगी

स्टेट बैंक के चीफ इकोनॉमिस्ट एसके घोष ने अपने हालिया रिसर्च नोट में लिखा था कि, लॉकडाउन के दौरान ज्यादातर जरूरी चीजों की खरीदारी कैश में होगी। अचानक से नकदी की डिमांड बढ़ने की स्थिति में बैंकों को कैश की डिलीवरी सुनिश्चित करनी होगी। विशेषज्ञों के मुताबिक, बैंकों से नकद निकासी में वृद्धि का बैंक जमाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। वित्तीय बाजार में उतार-चढ़ाव के समय के दौरान यह बाजार में तरलता की स्थिति को प्रभावित कर सकता है।

ऑनलाइन सर्विस कम होने से कैश की जरूरत बढ़ी

एक्सिस बैंक के चीफ इकोनॉमिस्ट सौगत भट्टाचार्य ने कहा कि लोग आशंकित थे कि इस हालात में वो बैंक और एटीएम तक पहुंच पाएंगे कि नहीं। लिहाजा एहतियात के तौर पर लोग ने भारी निकासी की। बैंक ऑनलाइन ट्रांजेक्शन को प्रमोट कर रहे हैं लेकिन फ्लिपकार्ट जैसी कई ई-कॉमर्स कंपनियों ने डिलीवरी सर्विस सीमित कर दी है। इस वजह से भी लोग ऑफलाइन खरीदारी कर रहे हैं, जिसके लिए कैश की जरूरत पड़ रही है। किराना सामान और दूसरे ऑनलाइन खरीदारी वाली चीजें अब लोकल दुकानदारों के पास शिफ्ट हो गई हैं।



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महाराष्ट्र में संक्रमित लोगों की संख्या 177 तक पहुंची, डर के कारण कई शहरों में प्राइवेट क्लिनिक, मेडिकल स्टोर हुए बंद

मुंबई. राज्य में कोरोनासंक्रमित लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। शनिवार दोपहर तक यहां 177 लोग कोरोनावायरस से संक्रमित हो चुके हैं। वही मृतकों की संख्या 5 तक पहुंची है। एक 85 वर्षीय डॉक्टर की मौत भी कोरोना के संदेह में हुई है। जांच रिपोर्ट आना अभी बाकी है। इनमें से 19 लोगों को स्वस्थ हो जाने बाद हॉस्पिटल से डिस्चार्ज भी किया गया है।

सबसे ज्यादा 63 संक्रमित मुंबई में

मुंबई में आज फिर एक ही परिवार के पांच लोगो कोरोना संक्रमित हुए। वहीं पुणे में चार दिन बाद कोई केस सामने आया है। वहीं नागपुर में दो और मरीज के भी टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। अब तक मुंबई में सबसे ज्यादा 63 कोरोना संक्रमित सामने आये हैं। इसके बाद सांगली और फिर पुणे और पिंपरी चिंचवाड़ का नंबर है। कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए प्रशासन ने पूरे राज्य में लॉकडाउन और कर्फ्यू लगा दिया है। हालांकि, इसके बावजूद भारी संख्या में लोग हर रोज सड़कों पर नजर आ रहे हैं।

डर के कारण प्राइवेट डॉक्टरों ने बंद किए क्लिनिक
कोरोना का डर प्राइवेट प्रैक्टिस कर रहे डॉक्टरों में भी घर कर गया है। एहतियातन, मीरा-भाईंदर में बड़ी संख्या में निजी डॉक्टरों ने अपने क्लिनिक बंद रखे हुए हैं। मीरा-भाईंदर समेत कई इलाकों में 30-40% प्रतिशत से अधिक निजी क्लिनिक बंद हैं। झोपड़पट्टी वाले इलाकों में यह अनुपात 75% तक है। काशिमीरा क्षेत्र की झोपड़पट्टी देवल इलाकों में 70% से अधिक निजी क्लिनिक बंद पड़े हुए हैं।

पथॉलजी लैब, सोनोग्रफी सेंटर भी बंद
निजी क्लिनिक के अलावा मुंबई, पुणे, नागपुर और औरंगाबाद में कई पथॉलजी लैब और सोनोग्रफी सेंटर भी बंद पड़े हैं। आरएनपी पार्क के विपिन उपाध्याय बताते हैं कि 3 दिन पहले उन्हें अपनी भाभी की सोनोग्रफी कराने के लिए बहुत मशक्कत करनी पड़ी।

कई मेडिकल स्टोर भी हैं बंद
निजी क्लिनिक बंद होने के कारण कई क्षेत्रों में मेडिकल स्टोर भी बंद पड़े हुए हैं। साहिल मिश्र बताते हैं कि पेणकरपाडा, काशिगांव, मासाचापाडा, मीरा-गांवठण के लोगों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

महाराष्ट्र में कहां-कितने मामले सामने आए

शहर संक्रमित मरीज
मुंबई 63
पुणे 20
पिंपरी चिंचवाड़ 13
नागपुर 11
सांगली 23
औरंगाबाद 01
अहमदनगर 03
नवी मुंबई 05
कोल्हापुर 01
यवतमाल 04
सातारा 02
रत्नागिरी 01
सिंधुदुर्ग 01
गोंदिया 01
ठाणे 05
कल्याण-डोम्बिवली 05
पनवेल 02
वसई विरार 01
कुल संख्या 161


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कर्फ्यू के नियमों का पालन करवाने के चक्कर में ग्रामीणों से पिटे पुलिसवाले, 14 लोग गिरफ्तार

पुणे.डिप्टी सीएम अजित पवार के गृह नगर बारामती में लॉकडाउन के नियमों का पालन करवाने का प्रयास कर रहे 10 पुलिसकर्मियों की स्थानीय लोगों ने जमकर पिटाई कर दी। इसमें दो पुलिसकर्मियों को गंभीर चोटें भी आई हैं। पुलिस ने मामला दर्ज करके 14 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें 4 महिलाएं भी शामिल हैं।

ऐसे शुरू हुआ विवाद

घटना गुरुवार देर शाम की है। सड़क पर बेवजह घूम रहे कुछ लोगों को पुलिसवालों ने घर जाने के लिए कहा। इससे नाराज युवकों और दो पुलिसकर्मियों के बीच बहस हो गई। कुछ देर में मामला बड़ा हो गया और 25 से 30 गांववाले मौके पर पहुंचे और पुलिसकर्मियों पर लाठी-डंडे और पत्थर से हमला कर दिया।इसमें 5 वरिष्ठ अधिकारी और 9 महिला कर्मियों सहित लगभग 9 पुलिस अधिकारी घायल हो गए। पुलिस ने दो दर्जन अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर 14 लोगों को अब तक पकड़ लिया है। अन्य की तलाश जारी है।



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इसमें दो महिला पुलिसकर्मियों के सिर में चोटें आईं हैं।




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देश में कोरोना का एपिसेंटर बना मुंबई, अब तक 4 डॉक्टरों समेत 110 लोग संक्रमित; 200 कैंसर पेशेंट फंसे

मुंबई. देश में कोरोना का एपिसेंटर मुंबई बना हुआ है। शहर में रविवार सुबह तक चार डॉक्टरों समेत 110 लोग कोरोना संक्रमित मिले हैं। रविवार सुबह मुंबई में कोरोना संक्रमित एक 40 साल की महिला की मौत हो गई। महिला को शनिवार को सांस लेने में दिक्कत के बाद हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया था। महिला को हाइपरटेंशन की शिकायत भी थी। इससे पहले शनिवार को 85 साल के सर्जन की भी मौत हुई थी। मुंबई में अब तक संक्रमण से सात लोगों की मौत हो चुकी है।

मुंबई में शनिवार से अब तक यानी 24 घंटे में संक्रमण के 26 नए मामले मुंबई में आए हैं। नए मामलों में से 16 क्लोज कॉन्टैक्ट, जबकि छह लोग विदेश से आए हुए हैं। शहर के कई हिस्सों को सैनिटाइज करने का काम शनिवार से जारी है।

मुंबई में 4 डॉक्टर कोरोना संक्रमित
शहर में जिन 110 लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है उनमें 4 डॉक्टर भी शामिल हैं। कथित तौर पर मरीजों के इलाज के दौरान ही डॉक्टर इस वायरस से संक्रमित हो गए। महाराष्ट्र मेडिकल काउन्सिल के अध्यक्ष डॉक्टर शिवकुमार उत्तुरे ने कहा, 'बड़े पैमाने पर सेफ्टी सामानों की खरीद नहीं होने से डॉक्टरों को खतरा हो गया है।' उन्होंने बताया कि आईएमए की तरफ से डॉक्टरों को क्लिनिक खोलने और अपॉइंटमेंट लेकर ही मरीजों को देखने को कहा है। साथ ही, टेलिफोन पर मरीजों को सलाह देने की व्यवस्था भी की गई है।

सर्जन की मौत, डॉक्टर बेटा संक्रमित
शनिवार को मुंबई के सैफी अस्पताल में काम करने वाले एक बड़े सर्जन की संक्रमण से मौत हो गई थी। इसके बाद जांच में उनके बेटे और पोते में भी कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। इसके बाद मुंबई के सैफी हॉस्पिटल के कई हिस्सों को सील कर दिया गया है। जिन मरीजों का डॉक्टर ने ऑपरेशन या इलाज किया गया था, उन्हें भी आइसोलेशन में भेजा गया है।

मुंबई में फंसे झारखंड के 200 मरीज
लॉकडाउन के कारण देशभर से मुंबई आने वाले मरीज यहां फंस गए हैं। उनके साथ उनके रिश्तेदार भी हैं। झारखंड से इलाज के लिए मुंबई आए मरीज राजिथ ने बताया कि वह यहां इलाज के लिए आए थे और 23 मार्च को उसकी वापसी की टिकट बुक थी। लेकिन लॉकडाउन की वजह से सब बंद हो गया और वो यहीं फंस गए हैं। उन्होंने बताया कि हमारे जैसे लगभग 200 लोग हैं जो यहां फंसे हुए हैं। हम किराया भी नहीं दे सकते और परिवहन की कमी के कारण अपने हम घर भी नही जा सकते। इसलिए, हम सड़कों पर रह रहे हैं, कुछ स्थानीय लोग हमारे लिए भोजन की व्यवस्था करते हैं।'

कोरोना से जिन सात की मौत हुई, उनमें से छह को डायबिटिज और एक को हाइपरटेंश की शिकायत थी
मुंबई में कोरोना संक्रमित सात लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से छह को डायबिटिज की शिकायत थी, जबकि एक महिला को हाइपरटेंशन की मरीज थी।

तारीख देश में मौत उम्र
17 मार्च पहली मौत 63 साल (महिला)
21 मार्च दूसरी मौत 63 साल
24 मार्च तीसरी मौत 65 साल
26 मार्च चौथी मौत 65 साल
27 मार्च पांचवीं मौत 65 साल (महिला)
28 मार्च छठवीं मौत 85 साल
29 मार्च सातवीं मौत 40 साल (महिला)


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मुंबई में अब तक 110 कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं।




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विदेश से लौटे लोगों ने पैरासिटामॉल से बुखार दबाया, राज्य में कुल संक्रमितों की संख्या 193, अब ऐप से नजर

(पुणे से मंगेश फल्ले/मुंबई से चंद्रकांत शिंदे).देश में महाराष्ट्र में सबसे बुरे हालात हैं। यहां मरीजों की संख्या 193 हो गई है। सात की मौत हुई है। 323 अस्पतालों में हैं। राज्य में 17 हजार 295 लोग होम क्वारैंटाइन और 5 हजार 928 संस्थाओं में क्वारैंटाइन में हैं। इस बीच विदेश यात्रा से लौटने वालों की गंभीर लापरवाही सामने आई है। अमेरिका, दुबई, लंदन, फ्रांस, जर्मनी से आए कई लोगों ने बुखार के लक्षणों को दबाने के लिए पैरासिटामॉल का इस्तेमाल किया और मुंबई एयरपोर्ट पर बुखार कीजांच से बच निकले।

इधर कुछ लोगों को होम क्वारैंटाइन के बावजूद बाहर घूमते देखा गया है। इससे निपटने के लिए पुणे प्रशासन ने ‘फेशियल रिकग्निशन सिस्टम’ आधारित ऐप बनवाया है। 1 हजार 276 लोगों पर 152 पुलिस टीमें नजर रख रही हैं। संदिग्ध लोगों को घड़ी के सामने खड़े होकर सेल्फी लेकर ऐप पर अपलोड करने कोकहा गया है। उस समय की उसकी लोकेशन भी ऐप पर दर्ज हो जाती है। ऐसा दिन में दो बार करवाया जा रहा है। ऐसा न करने पर पुलिस को तत्काल उसकी अनुपस्थिति पता चलती है। इस ऐप के इस्तेमाल के अच्छे नतीजे आने के बाद महाराष्ट्र के अन्य जिलों में भी इसका इस्तेमाल किया जा रहा है।

दिल्ली: चीन की स्थिति के आधार पर तैयारी की, रोज एक हजार मरीजों की भर्ती तक का प्लान

तैयारी के लिए दिल्ली सरकार की बनाई कमेटी के प्रमुख डॉ एसके सरीन ने बताया कि चीन के पहले 1000 मरीजों की स्थिति के आधार पर तैयारी की है। वहां 1000 मरीजों में 140 को भर्ती होना पड़ा। 50 को आईसीयू और 23 को वेंटिलेटर की जरूरत पड़ी। अस्पताल में एक मरीज 4 से 20 दिन भर्ती रहा। दिल्ली ने हर दिन 500 मरीज और हर दिन 1000 को भर्ती करने के हिसाब से प्लान बनाया है। निजी अस्पतालों की भी मदद लेने की तैयारी है। एक दिन में 100 मरीज आते हैं तो 14 को भर्ती करना पड़ेगा और इसके लिए पांच आईसीयू बेड और करीब करीब तीन वेंटिलेटर की जरूरत होगी। इसके लिए लोक नायक और राजीव गांधी सुपर स्पेशयलिटी अस्पताल में आईसीयू के 50-50 बेड और आइसोलेशन के 200-200 बेड तैयार हैं। जरूरत पड़ने पर लोक नायक अस्पताल में एक हजार और राजीव गांधी में 400 बेड हो सकते हैं। जीटीबी, डीडीयू और अंबेडकर अस्पताल में भी व्यवस्था है। 26 एंबुलेंस अलग रखी गई हैं। जरूरत पढ़ने पर 90 और एंबुलेंस हैं। रोज 3000 जांच की तैयारी है। 10 अप्रैल तक लॉकडाउन रहा तो संख्या बढ़ने के क्रम में कमी आने लगेगी।



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मुंबई में लॉकडाउन के दौरान बाजारों को सेनिटाइज किया जा रहा है।




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पुणे में 58 और मुंबई में 80 साल के बुजुर्ग ने दम तोड़ा, राज्य में मौत का आंकड़ा 10 पहुंचा

पुणे/मुंबई. महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण के कारण हालत बिगड़ते जा रहे हैं। सोमवार को राज्य में दो मौतों ने मृतकों का आंकड़ा बढ़ाकर 10 तक पहुंचा दिया। सोमवार सुबह पुणे में एक 52 साल के व्यक्ति की मौत हुई। यह पुणे में कोरोना संक्रमण से पहली मौत है। वह पुणे औरमुंबई के बीच अक्सर अपडटाउन करता था। मरीज कोडायबिटीज और हाइपरटेंशन की शिकायत थी। 25 मार्च को सांस लेने में दिक्कत के बाद उसे पुणे केदीनानाथ मंगेशकर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था।

वहीं, शाम को मुंबई में एक 80 वर्षीय बुजुर्ग की मौत की जानकारी सामने आई। उसे ह्रदय सम्बंधित बिमारी, डायबिटीज और हाइपरटेंशन था। राज्य में संक्रमण से सबसे ज्यादा 8 मौतें मुंबई में हुई है, जबकि एक-एक मौत पुणे और बुलढाणा में हुई है।रविवार कोबुलढाणा में संक्रमण से पीड़ित व्यक्ति की मौत हुई थी।

राज्य में संक्रमण के मामले 215 तक पहुंचे

राज्य में सोमवार दोपहर तक संक्रमित लोगों की संख्या का आंकड़ा 215 तक पहुंच गया है।सुबह पुणे में संक्रमण के पांच मामले सामने आए। इन्हें मिलाकर पुणे में संक्रमित लोगों की संख्या37 पर पहुंच गई है। इनमें से सातलोग ठीक हो चुके हैं। वहीं, मुंबई में संक्रमित लोगों की संख्या 110 से अधिक हो चुकी है। संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए उद्धव सरकार ने पिछले सोमवार को पूरे राज्य मेंकर्फ्यू लगा दिया था।

संक्रमण से जितने लोगों ने जान गंवाई, उन्हेंडायबिटिज या हाइपरटेंशन की शिकायत थी

राज्य में अब तक 10 लोगों की संक्रमण के चलते मौत हो चुकी है। इनमें नौलोगों को डायबिटिज की शिकायत थी, जबकि एक हाइपरटेंशन से पीड़ित रही है।

महाराष्ट्र में कहां-कहां हुई मौत

पहली मौत(17 मार्च):मुंबई में 64 साल के बुजुर्ग ने दम तोड़ा। वह उसी टैक्सी में बैठे थे, जिसमें सवारी 5 लोग पहले ही संक्रमित हो चुके थे। 64 साल के बुजुर्ग दुबई से लौटे थे और मुंबई के कस्तूरबा अस्पताल में भर्ती थे। उन्हें हिंदुजा से कस्तूरबा अस्पताल में शिफ्ट कराया गया था। मृतक की पत्नी और बेटे की भी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव थी। बुजुर्ग को हाइपरटेंशन और डायबिटीज था।

दूसरी मौत( 21 मार्च):मुंबई में शनिवार रात 63 साल के एक मरीज ने दम तोड़ा। उन्हें डायबीटीज, हाई ब्लडप्रेशर और दिल की बीमारी थी। उन्हें 19 मार्च को मुंबई के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती किया गया था। 21 मार्च की रात करीब 11 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। हालांकि, इसकी कोई भी विदेश यात्रा की हिस्ट्री नहीं थी।

तीसरी मौत(24 मार्च):65 वर्षीय एक मरीज को खांसी और सांस लेने में तकलीफ के कारण अस्पताल में भर्ती किया गया था। स्थिति खराब होने के कारण उसकी सोमवार को ही देर रात मौत हो गई। कोरोना के अलावा उसे डायबीटीज और उच्च रक्तचाप की भी शिकायत थी। हाल ही में यह मरीज यूएई से मुंबई लौटा था और कुछ दिन के लिए अहमदाबाद भी गया था।

चौथी मौत(26 मार्च):65 वर्षीय गोवंडी की एक महिला को उच्च रक्तचाप और डायबिटीज की शिकायत के बाद नवी मुंबई के एक अस्पताल में भर्ती किया गया था। जहां उसकी मौत हो गई, गुरुवार को आई जांच रिपोर्ट के अनुसार महिला कोरोना पॉजिटिव थी।

पांचवी मौत(27 मार्च):65 वर्षीय एक अन्य महिला को 23 मार्च को कस्तूरबा अस्पताल में भर्ती किया गया था। महिला को सांस लेने में तकलीफ के साथ ही बुखार और खांसी की समस्या थी। इलाज के दौरान गुरुवार को इस महिला की भी मौत हो गई। बीएमसी स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, महिला को उच्च रक्तचाप और डायबिटीज की शिकायत थी।

छठवीं मौत(28 मार्च):85 वर्षीय सर्जन की 26 मार्च को मुंबई के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में मौत हो गई थी। प्राइवेट लैब से आई रिपोर्ट में उसमें कोरोना के लक्षण थे, हालांकि बीएमसी ने सरकारी लैब से उसकी फिर से जांच करवाई और 28 मार्च को घोषित किया कि डॉक्टर की मौत कोरोना के कारण हुई है। उन्हें भी डायबिटीज की शिकायत थी और सांस लेने में दिक्कत के बाद हॉस्पिटल मुंबई के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया था।

सातवीं मौत(29 मार्च):40 वर्षीय महिला ने दम तोड़ा। इसे सीने में दर्द की शिकायत के बाद महानगरपालिका हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया था। महिला को हाइपरटेंशन की समस्या थी। उसे पिछले तीन दिनों से सांस लेने में दिक्कत और सीने में दर्द हो रहा था।

आठवीं मौत(29 मार्च):राज्य केबुलढाणामें भी 45 वर्षीय व्यक्ति की मौत संक्रमण के चलते हुई थी। उन्हें पहले निमोनिया की शिकायत बताई गई थी। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। रविवार को आई रिपोर्ट में पता चला कि वे कोरोना से संक्रमित थे।



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पुणे के दीनानाथ मंगेशकर हॉस्पिटल में भर्ती था मरीज।




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मुंबई में 12 घंटे में 72 संक्रमित मिले, शहर में आंकड़ा 164 पहुंचा; अब कम्युनिटी ट्रांसमिशन की आशंका

मुंबई.देश की आर्थिक राजधानीमुंबई अब देश में कोरोना संक्रमण का एपिसेंटर बन गई है।मंगलवार को यहां संक्रमण के 72 मामले सामने आए। यहां संक्रमितों का आंकड़ा अब 164 पर पहुंच गया है। यह देश में किसी शहर में संक्रमितों की सबसे बड़ी संख्या है। वहीं, महाराष्ट्र में संक्रमितों की कुल संख्या 302 हो गई है। राज्य में अब तक संक्रमण से 10 लोगों की मौत हुई है, जिनमें से 8 लोगों की मौत हो गई है। संक्रमण के कई माले मुंबई के कोलावडी इलाके में मिले हैं, जिसे अब सील कर दिया गया है। विशेषज्ञों को मुंबई में कम्युनिटी ट्रांसमिशन का खतरा नजर आ रहा है। मुंबई में मिले मामलों में अधिकांश कीट्रैवल हिस्ट्री नहीं है।

शहर के गोरेगांव इलाके को बीएमसी कर्मचारियों ने सैनेटाइज किया।

कोरोना वायरस प्रभावित इलाकों की जीआईएस मैपिंग
बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) ने शहर में कोरोना वायरस प्रभावित इलाकों की जीआईएस मैपिंग शुरू कर दी है। संक्रमण की निगरानी के लिए ‘वॉर रूम’ भी बनाया है। बीएमसी के आयुक्त प्रवीण परदेसी ने बताया कि जिन इलाकों में कोरोना संक्रमण के मामले ज्यादा हैं,उनकी जीपीएस मैपिंग करके बीएमसी की वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी, ताकि शहर के लोगों को इसकी जानकारी मिल पाए और वह उन इलाकों में जाने से बचे। उन्होंने कहा कि इससे संक्रमण वाले इलाकों में रहने वालेनिवासी सतर्क रहकर ज्यादा एहतियात बरत सकेंगे। वहीं, उद्धव ठाकरे ने दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों अश्विनी भिंडे और डॉ. रामास्वामी एन को प्रतिनियुक्ति पर बीएमसी भेजा है ताकि मुंबई में संक्रमण की चेन को रोका जा सके।

महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने मुंबई के कई इलाकों में पुलिस वालों को खाना बांटा।

सोशल डिस्टेंस बनाने के लिए मुंबई के घाटकोपर पंतनगर की नगरसेवक राखी जाधव ने सब्जी वालों को बिल्डिंग के नीचे से हटाकार ग्राउंड में सब्जी बेचने को कहा। यहां सुबह 9 से 11 बजे तक सब्जी बेची जाएगी।

कुछ संगठन एलटीटी स्टेशन के बाहर जमा लोगों को खाना दे रहे हैं।

मुंबई पुलिस ने साकीनाका इलाके में आज छापा मारकर नकली हैंड सैनिटाइजर बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया।

यहां से तकरीबन 5 लाख का सामान बरामद हुआ है।


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बीएमसी के कर्मचारी शहर के कई इलाकों को सैनिटाइज कर कर रहे हैं।




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मरकज में शामिल महाराष्ट्र के लोगों की तलाश हुई तेज, पुणे में 106 और मुंबई में 32 लोग ट्रेस किए गए

दिल्ली के निजामुद्दीन में आयोजित हुए इस्लामिक धार्मिक आयोजन (तब्लीगी जमात मरकज) के सदस्यों की तलाश महाराष्ट्र के अलग-अलग शहरों में जारी है। इनमें पुणे, मुंबई, अहमदनगर, नागपुर, ठाणे और पिंपरी चिंचवाड़ शामिल है। कई जिलों से इन्हें पकड़ा भी गया है और क्वारंटाइन करने का काम जारी है।


पुणे मंडल के 186 लोग जमात में हुए शामिल
विभागीय आयुक्त दीपक महेसकर के मुताबिक, पुणे डिविजन से कुल 182 लोग इस तब्लीगी जमात में शामिल हुए थे, जिसमें से 106 लोगों को ट्रेस कर लिया गया है। इसमें से 94 लोगों को क्वारंटाइन किया गया है। अन्य की तलाश के लिए 6 टीमों का गठन किया गया है। इसमें पुणे से 110, पिंपरी चिंचवाड़ से 26, सातारा से 5, सांगली से 3, सोलापुर से 17 और कोल्हापुर से 21 लोग शामिल हैं। कुछ लोगों की कॉल ट्रेस करने के बाद यह पता चला है कि वे इस समय दूसरे राज्य में हैं।

मुंबई में रुके 8 मलेशियाई नागरिक भी पकड़े गए
मुंबई पुलिस ने तब्लीगी जमात में भाग लेने वाले लोगों का पता लगाने के लिए पूरे शहर उनकी तलाश शुरु कर दी है। इसी कड़ी में बुधवार दोपहर मुंबई पुलिस ने बांद्रा में 12 लोगों और सांताक्रूज में 20 लोगों को ट्रेस किया है। इनमें से 8 मलेशियाई नागरिक हैं। सभी को होम क्वारंटाइन कर दिया गया है। नागपुर मंडल से 94 लोग इसमें शामिल हुए थे, सभी को सामने आकर जांच करवाने के लिए कहा गया है। वहीं ठाणे से पुलिस ने 12 संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा है। कहा जा रहा है कि ये भी जमात में शामिल थे।

अहमदनगर से 46 लोग इसमें हुए शामिल
अहमदनगर जिले से भी 46 लोग इस जमात में शामिल हुए थे, जिसमें से 35 लोगों को ट्रेस कर लिया गया है। इनमें से 2 के भीतर कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है।निजामुद्दीन इलाके में हुए इस्लामिक धार्मिक आयोजन (तब्लीगी जमात मरकज) के बाद एक ही बिल्डिंग में ठहरे सभी 2,361 लोगों को निकाल लिया गया है। 617 लोगों को हॉस्पिटल में भर्ती किया गया है और बाकी लोगों को क्वारैंटाइन किया गया है। इनमें से 24 लोग कोरोना पॉजिटिव भी पाए गए हैं। इन सब के बीच तब्लीगी जमात के मुखिया मोहम्मद साद का एक कथित ऑडियो वायरल हो रहा है। इसमें वे सरकार द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग के आदेश को मुस्लिम समुदाय के खिलाफ एक साजिश बता रहे हैं।



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दिल्ली के निजामुद्दीन में मरकज की इमारत से बाहर निकलते हुए कुछ लोग।




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मुंबई में 75 वर्षीय और पालघर में 50 साल के कोरोना संक्रमित की मौत, बीएमसी ने शहर के 191 इलाके सील किए

राज्य में कोरोना संक्रमित मृतकों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार देर रात मुंबई और पालघर जिले में एक-एक संक्रमित की मौत की जानकारी सामने आई है। इसी के साथ मरने वालों का आंकड़ा महाराष्ट्र में 12 तक पहुंच गया है। वहीं संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 320 तक पहुंच गई है।बीएमसी की ओर से मुंबई के विभिन्न स्थानों में 191 क्षेत्रों को 'कंटेंटमेंट एरिया' के रूप में चिह्नित किया गया है, जहां कोरोना पॉजिटिव रोगियों की पुष्टि हुई है। ऐसे सभी क्षेत्रों के लिए प्रवेश / निकास प्रतिबंधित है और क्षेत्र के निवासियों को घर से बाहर नहीं रहने के निर्देश दिए गए हैं।

पालघर में पहली मौत
मुंबई से बाहर पालघर जिले में कोरोना के चलते पहली मौत हुई है। यहां के ग्रामीण हॉस्पिटल में 28 मार्च को सांस लेने में दिक्कत के बाद एक 50 वर्षीय व्यक्ति को ग्रामीण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां मंगलवार दिन में उसमें कोरोना की पुष्टि हुई और देर शाम तक उसने दम तोड़ दिया। पीड़िता ठाणे की एक फैक्ट्री में काम करता था और उसका कोई अंतर्राष्ट्रीय या घरेलू यात्रा का इतिहास नहीं था। उसकी मौत के बाद फैक्ट्री के उन कर्मचारियों को ट्रेस कर उनकी जांच का काम किया जा रहा है, जो इसके संपर्क में आए थे।

सबसे ज्यादा प्रभावित वर्ली इलाके में हुई पहली मौत
मुंबई में कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत का आंकड़ा बढ़कर 9 तक पहुंच गया है। शहर के वर्ली इलाके में एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती 75 वर्षीय बुजुर्ग की सोमवार को मौत हुई थी। उसे डायबिटीज और सांस लेने में दिक्कत थी। मृत होने के बाद उसकी कोरोना की जांच की गई और मंगलवार रात को उसमें कोरोना की पुष्टि हुई। फिलहाल उसके पूरे परिवार को घर में रखा गया है। बता दें कि वर्ली मुंबई का वह इलाका है जहां अब तक सबसे ज्यादा 14 मामले सामने आए हैं। जिसके बाद यहां के कोलीवाड़ा इलाके को सील कर दिया गया है।

मुंबई की झुग्गी औरचॉल में फैला वायरस

मुंबई की झुग्गी-झोपड़ियां और चॉल में यह वायरस तेजी से फैल रहा है और यहां पर इसे काबू पाना प्रशासन की सबसे बड़ी चुनौती है। इस वायरस को रोकने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग सबसे अहम है और इन घनी बस्तियों में यह संभव नहीं हो पा रहा है। अब तक बस्तियों में आठ लोगों को कोरोना पॉजिटिव हो चुका है। परेल की एक चॉल में रहने वाले एक 65 वर्षीय, कलिना के जम्बलिपाडा स्लम के 37 वर्षीय व्यक्ति में कोरोना पॉजिटिव मिला। घाटकोपर में झुग्गी झोपड़ी के एक 25 वर्षीय व्यक्ति और उसी झुग्गी की 68 वर्षीय महिला के साथ चार अन्य लोगों को कोरोना वायरस की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आ चुकी है।

सबको ट्रैक करने में लगेंगे महीनों
घाटकोपर झुग्गी एक स्कॉयर किमी पर बसी है लेकिन इसमें 23,000 से अधिक लोग रहते हैं। स्वास्थ्य कर्मियों को हर उस व्यक्ति का पता लगाना होगा जो आदमी सामुदायिक शौचालय के पास संपर्क में आया होगा। अधिकारी ने कहा कि सभी को ट्रैक किया जाए, उनकी जांच की जाए और उन्हें 14 दिनों तक क्वॉरंटाइन किया जाएया, इसमें महीनों का समय लग सकता है।

जीआरपी एक कांस्टेबल में भी कोरोना वायरस मिले
सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) के एक 51 वर्षीय पुलिस कांस्टेबल में भी कोरोना की पुष्टि हुई है। जिसके बाद उसेकस्तूरबा अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। मुंबई के कमिश्नर रवींद्र सेंगांवकर ने कहा कि कांस्टेबल की पत्नी और दो बच्चों को अस्पताल में अलग-थलग रखा गया है।

महाराष्ट्र में और कहां-कहां हुई मौत

पहली मौत(17 मार्च):मुंबई में 64 साल के बुजुर्ग ने दम तोड़ा। वह उसी टैक्सी में बैठे थे, जिसमें सवारी 5 लोग पहले ही संक्रमित हो चुके थे। 64 साल के बुजुर्ग दुबई से लौटे थे और मुंबई के कस्तूरबा अस्पताल में भर्ती थे। उन्हें हिंदुजा से कस्तूरबा अस्पताल में शिफ्ट कराया गया था। मृतक की पत्नी और बेटे की भी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव थी। बुजुर्ग को हाइपरटेंशन और डायबिटीज था।

दूसरी मौत( 21 मार्च):मुंबई में शनिवार रात 63 साल के एक मरीज ने दम तोड़ा। उन्हें डायबीटीज, हाई ब्लडप्रेशर और दिल की बीमारी थी। उन्हें 19 मार्च को मुंबई के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती किया गया था। 21 मार्च की रात करीब 11 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। हालांकि, इसकी कोई भी विदेश यात्रा की हिस्ट्री नहीं थी।

तीसरी मौत(24 मार्च):65 वर्षीय एक मरीज को खांसी और सांस लेने में तकलीफ के कारण अस्पताल में भर्ती किया गया था। स्थिति खराब होने के कारण उसकी सोमवार को ही देर रात मौत हो गई। कोरोना के अलावा उसे डायबीटीज और उच्च रक्तचाप की भी शिकायत थी। हाल ही में यह मरीज यूएई से मुंबई लौटा था और कुछ दिन के लिए अहमदाबाद भी गया था।

चौथी मौत(26 मार्च):65 वर्षीय गोवंडी की एक महिला को उच्च रक्तचाप और डायबिटीज की शिकायत के बाद नवी मुंबई के एक अस्पताल में भर्ती किया गया था। जहां उसकी मौत हो गई, गुरुवार को आई जांच रिपोर्ट के अनुसार महिला कोरोना पॉजिटिव थी।

पांचवी मौत(27 मार्च):65 वर्षीय एक अन्य महिला को 23 मार्च को कस्तूरबा अस्पताल में भर्ती किया गया था। महिला को सांस लेने में तकलीफ के साथ ही बुखार और खांसी की समस्या थी। इलाज के दौरान गुरुवार को इस महिला की भी मौत हो गई। बीएमसी स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, महिला को उच्च रक्तचाप और डायबिटीज की शिकायत थी।

छठवीं मौत(28 मार्च):85 वर्षीय सर्जन की 26 मार्च को मुंबई के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में मौत हो गई थी। प्राइवेट लैब से आई रिपोर्ट में उसमें कोरोना के लक्षण थे, हालांकि बीएमसी ने सरकारी लैब से उसकी फिर से जांच करवाई और 28 मार्च को घोषित किया कि डॉक्टर की मौत कोरोना के कारण हुई है। उन्हें भी डायबिटीज की शिकायत थी और सांस लेने में दिक्कत के बाद हॉस्पिटल मुंबई के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया था।

सातवीं मौत(29 मार्च):40 वर्षीय महिला ने दम तोड़ा। इसे सीने में दर्द की शिकायत के बाद महानगरपालिका हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया था। महिला को हाइपरटेंशन की समस्या थी। उसे पिछले तीन दिनों से सांस लेने में दिक्कत और सीने में दर्द हो रहा था।

आठवीं मौत(29 मार्च):राज्य केबुलढाणामें भी 45 वर्षीय व्यक्ति की मौत संक्रमण के चलते हुई थी। उन्हें पहले निमोनिया की शिकायत बताई गई थी। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। रविवार को आई रिपोर्ट में पता चला कि वे कोरोना से संक्रमित थे।

नौवीं मौत(30 मार्च): सोमवार को पुणे में एक 52 साल के व्यक्ति की मौत हुई। यह पुणे में कोरोना संक्रमण से पहली मौत थी। वह पुणे और मुंबई के बीच अक्सर अपडटाउन करता था। मरीज को डायबिटीज और हाइपरटेंशन की शिकायत थी। 25 मार्च को सांस लेने में दिक्कत के बाद उसे पुणे के दीनानाथ मंगेशकर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था।

दसवीं मौत(30 मार्च): सोमवार शाम को मुंबई में एक 80 वर्षीय बुजुर्ग की मौत की जानकारी सामने आई। उसे ह्रदय सम्बंधित बिमारी, डायबिटीज और हाइपरटेंशन था।



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Mumbai Pune Coronavirus Outbreak Live | Corona Virus Cases in Maharashtra Nashik Nagpur (COVID-19) Cases Death Toll Latest News and Updates




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दो और मौतें, अब तक 12 की जान गई; पांच हजार लोग क्वारैंटाइन किए गए, मुंबई के 191 इलाके सील

महाराष्ट्र में तमाम कोशिशों के बाद भी कोरोना संक्रमण से हालत बिगड़ते जा रहे हैं। मुंबई और पालघर में संक्रमण से एक-एक और मौत हुई है। इसे मिलाकर बुधवार तक राज्य में संक्रमण से जान गंवाने वालों का आंकड़ा 12तक पहुंच गया। वहीं, बुधवार को संक्रमण के 15नए मामले आए हैं। इनमें 14मुंबई केऔर एक बुलढाणा का है। इसे मिलाकर राज्य में संक्रमितों की संख्या 335 तक पहुंच गई है। इनमें सबसे ज्यादा संक्रमित 194 मुंबई में हैं।

राज्‍य के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री राजेश तोपे ने बताया कि प्रदेश में पांच हजार लोगों को क्वारैंटाइन किया गया है। ये सभी 162 संक्रमित मिले लोगों के संपर्क में आए थे। उधर, मुंबई में संक्रमितों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने शहर के होटल, जिम, क्लब, स्कूल और कॉलेज में क्वारैंटाइन सेंटर बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। बीएमसी ने संक्रमण रोकने के लिए मुंबई के 191 इलाकों को भी पूरी तरह से सील कर दिया है। यह वह इलाके हैं जहां पॉजिटिव मरीज मिले हैं।

पालघर में 50 साल और मुंबई में 75 साल के बुजुर्ग की मौत
पालघर के हॉस्पिटल में 28 मार्च को सांस लेने में दिक्कत के बाद 50 साल के व्यक्ति को भर्ती कराया गया था। मंगलवार दिन में उसमें कोरोना की पुष्टि हुई और देर शाम तक उसने दम तोड़ दिया। पीड़ितठाणे की एक फैक्ट्री में काम करता था। उसकी कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं थी। मेडिकल हिस्ट्री के बारे में फिलहाल पता नहीं चल पाया है। वहीं, दूसरी मौत मुंबई के वर्ली इलाके के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में हुई। यहां भर्ती 75 साल के बुजुर्ग ने दम तोड़ा। उसे डायबिटीज और सांस लेने में दिक्कत थी। मंगलवार रात आई कोरोना रिपोर्ट में संक्रमण की पुष्टिहुई।

मुंबई में केईएम हॉस्पिटल के बाहरी इलाके को भी सैनिटाइज किया गया।

मुंबई यूनिवर्सिटी की परीक्षाओं को टाला गया
मुंबई विश्वविद्यालय ने ग्रेजुएशन और पीजी की परीक्षाओं को टाल दिया है। यह रोक 14 अप्रैल तक के लिए है। हालांकि, अभी तक एग्जाम की अगली तारीख के बारे में नहीं बताया गया है। इससे पहले भी यूनिवर्सिटी ने 31 मार्च तक के लिए पीजी और यूजी की परीक्षाओं को स्थगित कर दिया था।

मुंबई के मरोल इलाके में स्वास्थ्यकर्मी हर घर और सोसाइटी को सैनिटाइज कर रहे हैं।

बिना मतलब घूमने वालों पर कड़ी कार्रवाई: सरकार
डिप्टी सीएम अजित पवार ने बुधवार को कहा, 'लोगों को अमेरिका, इटली और स्पेन में कोरोनावायरस के बढ़ते संक्रमण से सबक लेना चाहिए और घरों से बाहर नहीं निकलना चाहिए। अगर लोग सड़कों पर घूमते रहे तो सरकार कड़े कदम उठाने पर विवश होगी। लोग सब्जियां और किराना खरीदने के बहाने बाहर निकल रहे हैं और अपनी और परिवार के लोगों की जान खतरे में डाल रहे हैं। ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

अब तेजी से सामने आ सकते हैं कोरोना के केस
राज्य में अब 13 प्राइवेट लैब में भी कोरोना की टेस्टिंग शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि राज्य में कोरोना मरीजों की संख्या तेजी से सामने आ सकती है। इसके लिए मुंबई में बीएमसी ने तैयारी शुरू कर दी है। बीएमसी अब खाली इमारत, मैरिज हॉल, होटल, लॉज, हॉस्टल, कॉलेज, धर्मशाला, जिम, क्लब को कब्जे में लेकर क्वारैंटाइन सेंटर बनाने की तैयारी कर रही है।

मुंबई में 191 इलाकेसील किए गए

मुंबई में बुधवार शाम तक194 संक्रमित मिले हैं। इसके बाद बीएमसी में शहर की191 इलाकों को सील कर दिया है। इनमेंगोरेगांव की बिंबसार नगर सोसायटी में एक कोरोना पॉजिटिव पाए जाने पर बीएमसी ने सोसायटी को मंगलवार को सील कर दिया है। यहां करीबदोहजार लोग रहते हैं। यहां के लोगों का बिना अनुमति आने-जाने पर बैन लगा दिया गया है। इसी तरह, सायन इलाके की जैन सोसायटी स्थित मनोहर निवास को भी सील कर दिया गया है। यहां भी कोरोना का पॉजिटिव मरीज पाया गया है। इससे पहले वर्ली के कोलीवाड़ा इलाके को भी सोमवार रात से सील कर दिया गया था।

मुंबई में कर्फ्यू लगा हुआ है। लोग घरों में बंद हैं। यहां मालाबार हिल इलाके में सड़कों पर मोर नजर आए।

महाराष्ट्र: मरकज में शामिल लोगों की तलाश, पुणे से 182 और नागपुर से 94 हुए थे शामिल
महाराष्ट्र से बड़ी संख्या में लोग निजामुद्दीन की तब्लीगी जमात के मरकज में शामिल हुए थे। पुणे से 182 लोगों के शामिल होने का पता चला है। इनमें से 94 लोगों को क्वारैंटाइन किया है। बाकी की तलाश के लिए छह टीमों का गठन किया गया है। वहीं, मुंबई में पुलिस ने बांद्रा में 12 और सांताक्रूज में 20 लोगों को ट्रेस किया है। इनमें आठ मलेशियाई नागरिक हैं। इन्हें भी होम क्वारैंटाइन किया है। इसके साथ ही, नागपुर से 94 लोग मरकज में शामिल हुए थे। सभी को आकर जांच करवाने के लिए कहा गया है।

किश्तों में मिलेगी तनख्वाह,डिप्टी सीएम ने केंद्र पर लगाया आरोप
राज्य के वित्त विभाग के शासनादेश के मुताबिक, राज्य के ए क्लास और बी क्लास के अफसरों को इस महीने सिर्फ 50 फीसदी वेतन मिलेगा। बाकी का 50 फीसदी अगली किश्त में दिया जाएगा। वहीं,सी क्लास के कर्मचारियों को इस महीने 75 फीसद वेतन मिलेगा और 25 फीसदी वेतन अगली किश्त में दिया जाएगा। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को पूरा वेतन मिलेगा। इसके अलावा, जनप्रतिनिधियों कोभी दो किश्तों सैलरीदी जाएगी। पेंशनरों को पूरी पेंशन मिलेगी। राज्य के उपमुख्यमंत्रीऔर वित्त मंत्री अजित पवार ने केंद्र सरकार को राज्य की कमजोर हुई वित्तीय स्थिति के लिएजिम्मेदार ठहराया है। पवार ने कहा कि केंद्र सरकार से राज्य सरकार को इस महीने के आखिर तक 16,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम मिलनी थी, जो अभी तक नहीं मिली है। इसीलिए राज्य सरकार को यह फैसला करना पड़ा।

लॉकडाउन के बीच ओडिशा के 40 कामगार पुणे में फंसे हैं।

ठाणे में शुरू होगा कोरोना के लिए अलग हॉस्पिटल
ठाणे शहर में कोरोना मरीजों की जांच और उनके उपचार के लिए सभी अलग अस्पताल बनाया जाएगा। ठाणे केआयुक्त ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अगरजरूरत पड़ी, तो इसके लिए किसी निजी अस्पताल को भी अधिग्रहित किया जा सकता है।

अब तक महाराष्ट्र में 6,331 लोगों का टेस्टहुआ
राज्य में अब तक 6,331 लोगों के सैंपल लिए जा चुके हैं, जिनमें से 335 पॉजिटिव पाए गए थे। इनमें से 39 मरीजों को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इनमें से ज्यादातर मरीजों की स्थिति स्थिर बताई गई है।



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हिंगोली जिले के एक मुहल्ले के लोगों ने बैरिकेडिंग लगाकर बंद कर दिया है।




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मरीजों की बढ़ती संख्या को देख पुणे के इंजीनियरों ने 12 घंटे में बना डाला वेंटीलेटर, कीमत 50 हजार रुपए

कोरोना के खिलाफ लड़ाई को लेकर पुणे से कई अच्छी खबर आई है। यहां की एनओसीसीए रोबोटिक्स प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी ने पोर्टेबल वेंटीलेटर तैयार किया है। खास बात यह है कि इस वेंटीलेटर की शुरुआती कीमत 50 हजार रखी गई है। आमतौर पर हॉस्पिटल में जो वेंटीलेटर इस्तेमाल होते हैं उनकी कीमत दो लाख से 13 लाख रुपए तक होती है। एनओसीसीए के फाउंडर हर्षित राठौड़ ने दैनिक भास्कर ने बात की। इसमें उन्होंने बताया कि उन्हें वेंटीलेटर बनाने का आइडिया कैसे आया?

सवाल: वेंटीलेटर बनाने का आइडिया कैसे आया?
हर्षित: दिनों-दिन कोरोना के पेशेंट्स बढ़ रहे हैं। उनके ट्रीटमेंट में वेंटीलेंटर अहम है। देश में वेंटीलेटर की भारी कमी के चलते मार्च में मैंने अपने पार्टनर निखिल कुरेले से ऐसा वेंटीलेटर बनाने के बारे में बात की जो पोर्टेबल हो और उसकी कीमत कम हो। हम दोनों ने यह आइडिया अपने इंजीनियरों से शेयर किया। फिर सिर्फ दो दिन में वेंटीलेटर बनाने की प्लानिंग पर काम शुरू हुआ। आने वाले समाय में हमें बड़ी संख्या में वेंटीलेटर्स की जरुरत पड़ने वाली है।

सवाल: बनाने में कितना समय लगा?
हर्षित: इस वेंटीलेटर के प्रोटोटाइप को सिर्फ 12 घंटे में मेरीटीम ने तैयार किया है। हालांकि, इसे पूर्ण रुप देने में दो दिन का समय लगा। हमने 24 मार्च को सुबह इसपर काम करना शुरू किया और तकरीबन 12 घंटे के प्रयास के बाद इसका प्रोटोटाइप तैयार कर लिया।

सवाल: क्या खास है इस वेंटीलेटर में?

हर्षित: यह वेंटीलेटर खासतौर पर कोरोना पेशेंट्स को ध्यान में रखकर बनाया गया है। नार्मल वेंटीलेटर में कई अन्य फीचर होते हैं जो इसमें नहीं होंगे। लेकिन कोरोना पेशेंट्स के लिए बेहद कारगर होगा। यही नहीं लंग्स की हर बीमार मरीज को इससे मदद मिल सकेगी। इसमें हम बाजार में पहले से मौजूद वेंटीलेटर्स के वे सारे फीचर डाल रहे हैं जो एक कोरोना मरीज के लिए मददगार रहेंगे। ये वेंटिलेटर पोर्टेबल हैं। वेंटीलेटर में किसी तरह की कोई कमी न रहे इसके लिए आईआईटी कानपुर के कुछ डॉक्टर्स प्रोफेसर को भी इस प्रोजेक्ट्स से जोड़ा गया है।

सवाल: अभी तक कुल कितने वेंटीलेटर का निर्माण हुआ?
हर्षित: हमारी टीम ने अभी तक 2 वेंटीलेटर का निर्माण कर लिया और आने वाले एक सप्ताह में 20-30 वेंटीलेटर बनाने की तैयारी है। हमारा मकसदहै कि पहले से वेंटीलेटर बना रही किसी बड़ी कंपनी के साथ जुड़कर इसका कमर्शियल उत्पादन शुरू करें । कंपनी आने वाले 10 से 15 दिन में इसका क्लीनिकल ट्रायल पूरा कर लेगी और भारत सरकार के स्वास्थ्य विभाग से अनुमोदनभी प्राप्त कर लेगी। पुणे जिला प्रशासन के अधिकारी भी आवश्यक अनुमति प्राप्त करने में हमारी मदद कर रहे हैं।

सवाल: किस स्तर पर होगा इसका उत्पादन
हर्षित: फिलहाल,हम एक महीने में कम से कम 10 हजार पीस का निर्माण करने की सोच रहे हैं।

दो साल पहले शुरू हुई है यह कंपनी
आईआईटी कानपुर के पासआउट औरकंपनी में पार्टनर निखिल बताते हैं कि दो साल पहले इस कंपनी को शुरू किया था। हम ऐसे रोबोट्स का निर्माण करतेहैं जो सोलर पैनेल्स को साफ करते हैं। लेकिन दुनिया में बढ़ रहे कोरोनावायरस संक्रमित लोगों की संख्या को देखते हुए हमने यह तय किया कि वे इसके पेशेन्टस के लिए खास वेंटीलेटर का निर्माण करेंगे।



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यह वेंटीलेटर पोर्टेबल है और इसे कहीं भी आसानी से ले जाया जा सकता है।
हर्षित और रोहित ने अपनी टीम के साथ मिलकर सिर्फ 12 घंटे में इसका प्रोटोटाइप तैयार किया है।




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राज्य में अब तक 19 मरीजों की हुई मौत, शहर के पांच हॉस्पिटल को पूरी या आंशिक तौर पर सील किया गया

महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण से गुरुवार तक 19 लोगों की जान जा चुकी है। इनमें 15 मौत मुंबई में हुई है। राज्य में पिछले 24 घंटों के दौरान छह लोगों की संक्रमण के चलते मौत हुई। इनमें पांच मुंबई के जबकि एक पालघर का है। प्रदेश में मुंबई कोरोना का एपिसेंटर बन गया है। शहर मेंअब तक 190 से ज्यादा संक्रमित मिल चुके हैं। स्थिति की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि शहर के पांच बड़े अस्पताल आंशिक या पूरी तरह से संक्रमण के चलते सील कर दिए गए हैं। मुंबई में चेंबूर स्थितसाईं हाॅस्पिटल को पूरी तरह से सील कर दिया गया है। वही, सैफी हॉस्पिटल, जसलोक हॉस्पिटल, भाभा हॉस्पिटल और हिंदुजा हॉस्पिटल को आंशिक तौर पर सील किया जा चुका है। मुंबई क अलावा राज्य में पुणे, परभणी और पालघर में भीएक-एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है।

धारावी में 56 साल के व्यक्ति की मौत, यहां एक बीएमसी कर्मचारी भी संक्रमित मिला

बुधवार रात को मुंबई में संक्रमण के चलतेएक 56 साल के व्यक्ति की मौत हो गई। वहएशिया की सबसे घनी स्लम बस्ती यानीधारावी में रहता था। उसकी मौत मुंबई के सायन इलाके में हुई है। इस मौत ने प्रशासन के हाथ-पांव फुला दिए हैं। इसके अलावा एक 62 वर्षीय बुजुर्ग कीअंधेरी(ईस्ट) इलाके में मौत हुई है। उसकी कोई ट्रेवल हिस्ट्री नहीं थी। इनके अलावा वोकहार्ड्ट हॉस्पिटल में एक 73 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हुई है। राज्य में बुधवार को जो मौत हुई, उसमें सिर्फ तीन कीस्वास्थ्य विभाग की ओर पुष्टि की गई है। अन्य तीन की पुष्टि सम्बंधित हॉस्पिटल्स के डॉक्टरों की ओर से की गई है।वहीं, धारावीइलाके में रहने वाला एक52 साल का बीएमसी कर्मचारी में कोरोना वायरस के लक्षण मिले हैं। उसके परिवार के सदस्यों समेत 23 लोगों को क्वॉरेंटाइन किया गया है।

राज्य में अब तक 338 मामले सामने आए

इस बीच गुरुवार सुबह तक पूरे राज्य में 338 नए कोरोना पॉजिटिव केस सामने आ चुके हैं, जिसमें से 3 नए मामले गुरुवार सुबह सामने आए हैं। इनमें एक बुलढाणा और दो केस पुणे से सामने आए हैं। वहीं मुंबई में बुधवार रात तक 30 नए लोग कोरोना से संक्रमित हुए थे। बीएमसी ने 191 इलाकों को पूरी तरह से सील कर दिया है। अब इन इलाकों से कोई अंदर या बाहर नहीं आ सकता है। इसमें सबसे ज्यादा इलाके आदित्य ठाकरे की विधानसभा यानि वर्ली से हैं। यहां अब तक 15 केस सामने आ चुके हैं। इसके अलावा डोमबीवली, वसई-विरार और पालघर के कुछ इलाके इसमें शामिल हैं।

महाराष्ट्र में और कहां-कहां हुई मौत:

पहली मौत(17 मार्च): मुंबई में 64 साल के बुजुर्ग ने दम तोड़ा। वह उसी टैक्सी में बैठे थे, जिसमें सवारी 5 लोग पहले ही संक्रमित हो चुके थे। 64 साल के बुजुर्ग दुबई से लौटे थे और मुंबई के कस्तूरबा अस्पताल में भर्ती थे। उन्हें हिंदुजा से कस्तूरबा अस्पताल में शिफ्ट कराया गया था। मृतक की पत्नी और बेटे की भी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव थी। बुजुर्ग को हाइपरटेंशन और डायबिटीज था।

दूसरी मौत( 21 मार्च): मुंबई में शनिवार रात 63 साल के एक मरीज ने दम तोड़ा। उन्हें डायबीटीज, हाई ब्लडप्रेशर और दिल की बीमारी थी। उन्हें 19 मार्च को मुंबई के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती किया गया था। 21 मार्च की रात करीब 11 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। हालांकि, इसकी कोई भी विदेश यात्रा की हिस्ट्री नहीं थी।

तीसरी मौत(24 मार्च): 65 वर्षीय एक मरीज को खांसी और सांस लेने में तकलीफ के कारण अस्पताल में भर्ती किया गया था। स्थिति खराब होने के कारण उसकी सोमवार को ही देर रात मौत हो गई। कोरोना के अलावा उसे डायबीटीज और उच्च रक्तचाप की भी शिकायत थी। हाल ही में यह मरीज यूएई से मुंबई लौटा था और कुछ दिन के लिए अहमदाबाद भी गया था।

चौथी मौत(26 मार्च): 65 वर्षीय गोवंडी की एक महिला को उच्च रक्तचाप और डायबिटीज की शिकायत के बाद नवी मुंबई के एक अस्पताल में भर्ती किया गया था। जहां उसकी मौत हो गई, गुरुवार को आई जांच रिपोर्ट के अनुसार महिला कोरोना पॉजिटिव थी।

पांचवी मौत(27 मार्च): 65 वर्षीय एक अन्य महिला को 23 मार्च को कस्तूरबा अस्पताल में भर्ती किया गया था। महिला को सांस लेने में तकलीफ के साथ ही बुखार और खांसी की समस्या थी। इलाज के दौरान गुरुवार को इस महिला की भी मौत हो गई। बीएमसी स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, महिला को उच्च रक्तचाप और डायबिटीज की शिकायत थी।

छठवीं मौत(28 मार्च): 85 वर्षीय सर्जन की 26 मार्च को मुंबई के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में मौत हो गई थी। प्राइवेट लैब से आई रिपोर्ट में उसमें कोरोना के लक्षण थे, हालांकि बीएमसी ने सरकारी लैब से उसकी फिर से जांच करवाई और 28 मार्च को घोषित किया कि डॉक्टर की मौत कोरोना के कारण हुई है। उन्हें भी डायबिटीज की शिकायत थी और सांस लेने में दिक्कत के बाद हॉस्पिटल मुंबई के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया था।

सातवीं मौत(29 मार्च): 40 वर्षीय महिला ने दम तोड़ा। इसे सीने में दर्द की शिकायत के बाद महानगरपालिका हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया था। महिला को हाइपरटेंशन की समस्या थी। उसे पिछले तीन दिनों से सांस लेने में दिक्कत और सीने में दर्द हो रहा था।

आठवीं मौत(29 मार्च): राज्य के बुलढाणा में भी 45 वर्षीय व्यक्ति की मौत संक्रमण के चलते हुई थी। उन्हें पहले निमोनिया की शिकायत बताई गई थी। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। रविवार को आई रिपोर्ट में पता चला कि वे कोरोना से संक्रमित थे।

नौवीं मौत(30 मार्च): सोमवार को पुणे में एक 52 साल के व्यक्ति की मौत हुई। यह पुणे में कोरोना संक्रमण से पहली मौत थी। वह पुणे और मुंबई के बीच अक्सर अपडटाउन करता था। मरीज को डायबिटीज और हाइपरटेंशन की शिकायत थी। 25 मार्च को सांस लेने में दिक्कत के बाद उसे पुणे के दीनानाथ मंगेशकर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था।

दसवीं मौत(30 मार्च): सोमवार शाम को मुंबई में एक 80 वर्षीय बुजुर्ग की मौत की जानकारी सामने आई। उसे ह्रदय सम्बंधित बिमारी, डायबिटीज और हाइपरटेंशन था।

ग्यारहवीं मौत(1 अप्रैल): पालघर जिले में कोरोना के चलते पहली मौत हुई है। यहां के ग्रामीण हॉस्पिटल में 28 मार्च को सांस लेने में दिक्कत के बाद एक 50 वर्षीय व्यक्ति को ग्रामीण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां मंगलवार दिन में उसमें कोरोना की पुष्टि हुई और देर शाम तक उसने दम तोड़ दिया। पीड़िता ठाणे की एक फैक्ट्री में काम करता था और उसका कोई अंतर्राष्ट्रीय या घरेलू यात्रा का इतिहास नहीं था। उसकी मौत के बाद फैक्ट्री के उन कर्मचारियों को ट्रेस कर उनकी जांच का काम किया जा रहा है, जो इसके संपर्क में आए थे।

बारहवीं मौत(1 अप्रैल): शहर के वर्ली इलाके में एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती 75 वर्षीय बुजुर्ग की सोमवार को मौत हुई थी। उसे डायबिटीज और सांस लेने में दिक्कत थी। मृत होने के बाद उसकी कोरोना की जांच की गई और मंगलवार रात को उसमें कोरोना की पुष्टि हुई। फिलहाल उसके पूरे परिवार को घर में रखा गया है। बता दें कि वर्ली मुंबई का वह इलाका है जहां अब तक सबसे ज्यादा 14 मामले सामने आए हैं। जिसके बाद यहां के कोलीवाड़ा इलाके को सील कर दिया गया है।

4 अन्य मौतें(1 अप्रैल): राज्य स्वास्थ्य विभाग से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि अन्य 5 लोगों की मौत मुंबई के अलग-अलग अस्पतालों में इलाज के दौरान हुई। मरने वालों की उम्र 51, 84, 63 और 50 साल है। मृतकों की मौत के कारण की विस्तृत रिपोर्ट अभी आनी बाकी है, लेकिन इसकी पुष्टि की जा चुकी है कि ये सभी कोरोना पॉजिटिव थे।



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राज्य में गुुुरुवार सुबह तक कोरोना संक्रमण के 338 मामले सामने आ चुके हैं।




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दो दिन में 10 की मौत, अब तक 19 की जान गई; राज्य में कोरोना संक्रमितों के लिए 30 नए हॉस्पिटल बनेंगे

महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण बेकाबू होता नजर आ रहा है। पिछले 48 घंटों में राज्य में संक्रमण से 10 लोगों की मौत हो गई। गुरुवार को 4 संक्रमितों की मौत हुई है। वहीं,बुधवार को राज्य में छह लोगों की जान संक्रमण से गई थी।इसे मिलाकर राज्य में संक्रमण से जान गंवाने वालों का आंकड़ा 19 तक पहुंच गया। वहीं, गुरुवार को 88 नए पॉजिटिव केस मिले हैं, इनमें सबसे ज्यादा 54 मुंबई के हैं। राज्य में अब संक्रमितों की संख्या 423पर पहुंच गई है।

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने बताया कि राज्य में कोरोना के लिए 30 डेडिकेटेड हॉस्पिटल बनाए जाएंगे। इनमें कुल 2350 बेड होंगे। वहीं, कांदिवली के शताब्दी अस्पताल के 40 स्टाफ को क्ववारैंटाइन किया गया है। यहां भर्ती एक मरीज की रिपोर्ट कोविड पॉजिटिव आई है। वहीं, बुधवार को धारावी के एक बुजुर्ग की मौत और यहां से एक संक्रमित मिलने के बाद इस इलाके के 300 घरों को सील कर दिया गया है। वहीं,लातूर में मॉर्निंग वॉक पर जाने वाले 120 लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है।

आज इन चार लोगों की हुई मौत
आज जिन चार लोगों की मौत हुई हैं उनमें मुंबई के नायर हॉस्पिटल में भर्ती एक 61 वर्षीय पुरुष शामिल है। उसे हाई ब्लड प्रेशर और कैंसर था। इनकी मौत कल दोपहर हुई है। इनके अलावा 29 मार्च को सायन के एक सरकारी हॉस्पिटल में भर्ती 58 वर्षीय पुरुष, मुंबई के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती 58 वर्षीय बुजुर्ग और कस्तूरबा हॉस्पिटल में भर्ती एक अन्य शख्स की मौत भी हुई है। इन सभी को हाई बल्ड प्रेशर और डायबिटीज था। इसके अलवा पुणे में भी एक महिला की मौत कोरोना के चलते हुई है। हालांकि, प्रशासन की ओर से उसकी मौत की पुष्टि होना बाकी है।

मुंबई में एक महिला और उसका दिन का बच्चा कोरोना पॉजिटिव मिला है।जानकारी के मुताबिक, महिला को प्रसव पीड़ा होने पर26 मार्च कोचेम्बूर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में महिला को एक बच्चा हुआ। बाद में दोनों की मां और बेटे की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। महिला के पति ने हॉस्पिटल पर आरोप लगाया कि उसकी पत्नी को कोरोना संक्रमित पाए गए व्यक्ति के बगल में बेड दिया था, जिससे वह संक्रमित हुई है।

कई स्वयंसेवी संस्थाएं हर दिन धारावी में हजारों लोगों के खाने का इंतजाम कर रही हैं।

एयरपोर्ट पर तैनात 5सीआईएसएफ जवानों को भी संक्रमण
कोरोनाकी चपेट में अब सीआईएसएफ के पांचजवान भी आ गए हैं। ये सभी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर तैनात थे। इससे पहले मुंबई के सीएसटी रेलवे पुलिस स्टेशन का एक कॉन्स्टेबल भी कोरोना से संक्रमित मिला था। रेलवे पुलिस के इस कॉन्स्टेबल को 30 मार्च को कल्याण के अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसका कोरोना टेस्ट की रिपोर्टपॉजिटिव आई है।

5,000 लोगों को क्वारैंटाइन किया गया: स्वास्थ्य मंत्री
राज्य में 5 हजार से ज्यादा लोगों की पहचान अधिक जोखिम वाले संदिग्ध कोरोना मरीजों के तौर पर की गई है। इन मरीजों को अलग-अलग क्वारैंटाइन सेंटर्स में रखा गया है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे यह जानकारी देते हुए कहा, 'इस बात के स्पष्ट संकेत हैं कि आने वाले दिनों में कोरोना वायरस से और लोग संक्रमित होंगे। क्योंकि जिन पांच हजार लोगों कोक्वारैंटाइन किया गया। वह सभी अब संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क में आए हुए लोग हैं।

पुणे के मांजरी इलाके में शिवसेना कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर खाना बांटा।

मुंबई में 191 इलाके सील
मुंबई में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। राज्य में सबसे अधिक कोरोना वायरस के संक्रमित मरीजों की संख्या मुंबई में ही है। बढ़ते मामलों को देखते हुए 191 से अधिक इलाके को सील कर दिया गया है। इनमें से 46 इलाके पश्चिम उपनगर और 48 इलाके पूर्वी उपनगर में हैं। दक्षिण मुंबई के 48 इलाकों में कोरोना वायरस के संक्रमित मरीज पाए गए हैं। इन क्षेत्रों में लोगों के आने-जाने पर पाबंदी लगा दी गई है। मुंबई पुलिस लगातार इन क्षेत्रों की निगरानी कर रही है और लोगों से घरों में ही रहने की अपील कर रही है। बीएमसी यहां लगातार कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कर रही है।।

पुणे में कई सेंटर पर ब्लड डोनेट करने वालों की भीड़ नजर आ रही है।

महाराष्ट्र में जमातियों की पहचान, 230 को किया क्वारैंटाइन
तबलीगी जमात के दिल्ली में हुए मरकज में महाराष्ट्र से शामिल होने वाले लोगों की पहचान का काम बुधवार कोतेजी से पूरे राज्य में की गई। राज्य के विभिन्न हिस्सों से बुधवार देर रात तक मिली जानकारी के मुताबिक, ठाणे पुलिस ने 25 लोगों को पकड़ा है, इनमें 13 बांग्लादेशी और 8 मलयेशियन नागरिक भी शामिल हैं। सभी को क्वारैंटाइन सेंटर भेज दिया गया है। अलावा इसके अहमदनगर से 29, औरंगाबाद से 47, पिंपरी-चिंचवड से 32, सोलापुर से 13, नांदेड से 16, अकोला से 10, परभणी से 3, चंद्रपुर से एक और नागपुर से 54 लोगों के तबलीगी जमात में शामिल होने की पुष्टि हुई है।

अहमदनगर की एक सब्जी मंडी के बाहर जमा भीड़। यहां लोगों में सोशल डिस्टेंसिंग नजर नहीं आई।

कोरोना संक्रमितों की तलाश के लिए बनाया ऐप
सरकार के अलग-अलग विभागों ने मिलकर एक ऐसा मोबाइल ऐप तैयार किया है, जिससे कोरोना मरीजों की पहचान आसानी से की जा सकेगी। यही नहीं, यह ऐप क्वारैंटाइन में रखे गए मरीजों पर भी नजर रखेगा। नासिक जिले में इसका ट्रायल सफल रहा है। अब इसे राज्य के अन्य हिस्सों में किया जाएगा।

पुणे के दादानगर में कर्फ्यू के बावजूद जमा भारी भीड़।

उद्धव से पीएम मोदी ने की बात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से फोन पर बातचीत की है। बताया जा रहा है कि पीएम नेउद्धव को पिछले महीने नई दिल्ली में तब्लीगी जमात के आयोजन से मुंबई और राज्य के अन्य हिस्से में पहुंचे लोगों का पता लगाने, जांच करने कोकहा है। गुरुवार को पीएम मोदी सभी राज्यों को मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोरनावायरस को लकेर चर्चा करेंगे।

धुले जिले में लॉकडाउन के नियम को समझाने के लिए पुलिस ने कुछ ऐसा तरीका खोजा है।
हैदराबाद से राजस्थान जा रहे चार ट्रकों को वाशिम जिले में पकड़ा गया। इसमें सवार 235 मजदूरों को हिरासत में लिया गया है।


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महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण के सबसे ज्यादा केस सामने आए हैं। राज्य में करीब पांच हजार लोगों को आइसोलेशन में रखा गया है।




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होम क्वारेंटाइन की मोहर के बावजूद बाहर घूम रहे एक ही परिवार के 15 सदस्यों को पकड़ा गया, केस दर्ज

होम क्वारेंटाइन की मोहर लगे होने के बावजूद सड़कों पर घूमने वाले एक ही परिवार के 15 लोगों को पुणे के मावल इलाके से पकड़ा गया है। सभी को हिरासत में लेकर गुरुवार दोपहर सरकारी क्वारेंटाइन सेंटर में ले गया। इनमें दो पुरुष, चार महिलाएं और 9 नाबालिग शामिल हैं। ये सभी एक मिनी बस में घूम रहे थे।पुराने पुणे-मुंबई हाइवे से पकड़े गए सभी लोगों के खिलाफ राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन कानून और महामारी रोग अधिनियम के उल्लंघन का केस दर्ज किया गया है।

अंतिम संस्कार में शामिल होने गए और उस्मानाबाद में फंस गए

पुलिस के मुताबिक, परिवार के सदस्य 21 मार्च को राज्य के उस्मानाबाद जिले में रुमगांव में एक रिश्तेदार के अंतिम संस्कार में शामिल होने गए थे। 22 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जनता कर्फ्यू घोषित किए जाने के चलते सभी लोग वहीं रुके रहे। उसके बाद महाराष्ट्र में लॉक डाउन की घोषणा की गई्। सभी लोग वापसी की योजना बना रहे थे कि एक बार फिर कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने से रोकने के लिए 21 दिनों के देशव्यापी लॉकडाउन की घोषणा कर दी गई्। इसके चलते ये परिवार उस्मानाबाद में ही रह गया। यहां उन्हें होम क्वारेंटाइन पर रहने की सूचना देकर उनके हाथों पर वैसी मुहर लगाई गई थी।

400 किलोमीटर तक पुलिस को दिया चकमा
अधिकारी ने बताया कि घर में कुछ दिन बिताने के बाद परिवार के सदस्यों ने पुणे लौटने की इजाजत मांगी जिससे, स्थानीय अधिकारियों ने इंकार कर दिया। मंगलवार की रात परिवार ने एक मिनी बस भाड़े पर ली और उस्मानाबाद से फरार हो गया। उन्होंने पूरे रास्ते में पुलिस को चकमा देते हुए 400 किलोमीटर की दूरी तय कर ली लेकिन जैसे ही वे पुणे-मुंबई हाइवे पर पहुंचे उनकी किस्मत दगा दे गई्।

ऐसे पकड़ा गया परिवार
वडगांव-तलेगांव फाटा में नकाबंदी के दौरान पुलिस ने वाहन को संदिग्ध देखकर पूछताछ की तो सारा मामला सामने आ गया। वाहन में दो पुरुष, चार महिलाएं और नौ नाबालिग समेत कुल 15 लोग सवार थे। पुणे ग्रामीण पुलिस ने अधिकारी ने कहा कि हमने अब सभी लोगों को सरकारी क्वारेंटाइन सेंटर में रखा है।

दो साल की हो सकती है जेल
मामले में मुंबई में कपड़ा व्यवसाय चलाने वाले परिवार के 29 वर्षीय एमएस शेख को आरोपी बनाकर वडगांव मावल पुलिस ने मामला दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक, क्वारेंटाइन अवधि पूरी होने के बाद मुकदमा चलाया जाएगा। आईपीसी की धारा 188 के तहत उल्लंघन करने पर दो साल तक जेल की सजा हो सकती है।



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pune Despite the quarantine stamp, 15 members of the same family roaming outside were arrested, case registered




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महाराष्ट्र सरकार ने कहा- लोग नहीं माने तो 14 अप्रैल के बाद भी जारी रहेगा लॉकडाउन, इसलिए नियमों का उल्लंघन न करें

लॉकडाउन के दौरान नियम तोड़ने वालों को कड़ी चेतावनी देते हुए महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने शनिवार को कहा कि महाराष्ट्र के लोग अगर अनुशासन में नहीं रहेंगे और कोविड-19 के मामले बढ़े तो राज्य में सरकार 14 अप्रैल को लॉकडाउन नहीं हटाएगी। टोपे ने लोगों से अनुरोध किया कि वे सख्त अनुशासन का पालन करें जिससे इस महामारी के मामलों में गिरावट आए, जिससे लॉकडाउन को हटाया ज सके।

चरणबद्ध तरीके से हटेगा लॉकडाउन
उन्होंने यह भी कहा- बंद भी लॉकडाउन हटाया जाएगा वह चरणबद्ध तरीके से होगा, ताकि सभी लोगों को एक साथ सड़क पर आने की इजाजत नहीं मिले। लोगों को सख्ती से अनुशासन बनाए रखना चाहिए। लेकिन अगर वे ऐसा नहीं करते हैं और मरीजों की संख्या बढ़ती है तब कोई और विकल्प नहीं बचेगा और लॉकडाउन को बढ़ाना होगा।इसलिए, लोगों को अनुशासन बनाए रखना चाहिए। अगर वे ऐसा करते हैं तो मरीजों की संख्या घटेगी तथा तब हम लॉकडाउनहटा सकते हैं।

हॉस्पिटल्समें 1500 वेंटीलेटर की व्यवस्था की गई
टोपे ने कहा,'हमने 25 हजार पर्सनल प्रोटेक्शन इक्विपमेंट(पीपीई) और 25 लाख एन95 मास्क का भंडारण किया है। इसके अलावा सरकारी हॉस्पिटल में 1500 की व्यवस्था की गई है। राज्य में शनिवार को कोविड-19 के 47 और मामले सामने आए। इससेसंक्रमित मरीजों की कुल संख्या 537 हो गई। राज्य में इस बीमारी से अब तक 30 लोगों की मौत हो चुकी है।

राज्य में 6.94 लाख क्विंटल अनाज वितरित किया गया: भुजबल
राज्य के मंत्रीछगन भुजबल ने बताया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के जरिए बुधवार से प्रदेश के 28.61 साथ राशन कार्ड धारकों को करीब 6.94 लाख क्विंटल अनाज वितरित किया गया।

लॉकडाउन के दौरान 2.82 करोड़ की शराब पकड़ी गई
कोरोना संकट के बीच शुरू हुए लॉकडाउन के दौरान राज्य सरकार के एक्साइज डिपार्टमेंट ने 1221 केस दर्ज कर 2.82 करोड़ की शराब जब्त की है। इस मामले में कुल 472 लोगों को गिरफ्तार कर 36 गाड़ियों को सीज किया गया है।



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यह मुंबई के धारावी की तस्वीर है। यहां तीन संक्रमित मिले हैं। इलाके को सील कर दिया गया है। लेकिन अंदरूनी इलाके में लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं कर रहे हैं।




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आज 6 मौतें हुई, अब तक 32 की जान गई; सरकार ने कहा- लोग नहीं माने लोग तो 14 अप्रैल से आगे बढ़ेगा लॉकडाउन

महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण बेकाबू होता जा रहा है। शनिवार को राज्य में संक्रमण से6 मौतें हुईं। इसमें पांचमुंबई जबकि एक अमरावती में हुई है। राज्य में अब तक 32 की जान जा चुकी है। इससे पहले शुक्रवार को भी छह लोगों की मौत हुई थी।वहीं, शनिवार शाम तक राज्य मेंसंक्रमितों का आंकड़ा बढ़कर 635 तक पहुंच गया है, जिसमें अकेले मुंबई में 454 मरीज हैं।इनमें सीआईएसएफ के 11 जवान भीशामिल हैं।

संकट के दौर में ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों और अधिकारियों के लिए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मौत होने पर 50 लाख रुपए की मदद का ऐलान किया है। वहीं, अभिनेता शाहरुख खान ने अपने ऑफिस की 4 मंजिला बिल्डिंग को क्वारैंटाइन सेंटर बनाने की पेशकश की है। इस पर बीएमसी ने उन्हें शुक्रिया कहा।

लोग नहीं माने तो 14 अप्रैल के बाद भी जारी रहेगा लॉकडाउन: राजेश टोपे

लॉकडाउन के दौरान नियम तोड़ने वालों को कड़ी चेतावनी देते हुए महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा कि महाराष्ट्र के लोग अगर अनुशासन में नहीं रहेंगे और कोविड-19 के मामले बढ़े तो राज्य में सरकार 14 अप्रैल को लॉकडाउन नहीं हटाएगी। टोपे ने लोगों से अनुरोध किया कि वे सख्त अनुशासन का पालन करें।

बीएमसी ने संवेदनशील इलाकों का मैप जारी किया

संकमण की चेन को तोड़ने के लिए मुंबई में बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने हाई रिस्क वाले इलाकों का एक मैप वेबसाइट वेबसाइट पर अपलोड किया। इन इलाकों में सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमित मिले हैं। इसमें मालाड, वरली, घाटकोपर, भायखला और शिवाजी नगर गोवंडी शामिल है। इससे पहले बीएमसी ने कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद मुंबई के 200 से ज्यादा इलाकों को पूरी तरह से सील कर दिया था।

बीएमसी ने कोरोना को लेकर संवेदनशील इलाकों का मैप जारी किया है। दूसरे इलाके के लोगों से इन इलाकों में न जाने की अपील भी की है।


कोरोनाधारावी में बड़ी चुनौती बना
एशिया की सबसे बड़ी स्लम एरिया धारावी सरकार और बीएमसी के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। यहां अब तक तीन कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं। 15 लाख की आबादी वाली इस झोपड़पट्टी में एक संक्रमित की मौत हो चुकी है। जो दो संक्रमित हुए हैं उनमें एक डॉक्टर और एक सफाईकर्मी है। ऐसे में संक्रमण रोकने के लिए धारावी के 300 फ्लैट्स और 50 दुकानों को सील किया जा चुका है। जबकि 100 से ज्यादा लोगों को होम क्वारैंटाइन किया गया है। यहां घनी बस्ती है। कई लोगों एक ही शौचालय का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में सोशल डिस्टेंसिंग को फॉलो करा पाना यहां बेहद मुश्किल है।

दादर में सोशल डिस्टेंसिंग के लिए सब्जी मंडी को अब नजदीक के एक मैदान में शिफ्ट कर दिया गया है ।

सीआईएसएफ के 11 जवान कोरोना पॉजिटिव
नवी मुंबई के खारघर में सीआईएसएफ के 6जवान कोरोना पॉजिटिव पाए गए। इससे पहले बुधवार को मुंबई एयरपोर्ट पर तैनात पांच सीआईएसएफ के जवानों में कोरोना का संक्रमण मिला था। इसके बाद यहां सीआईएसएफ के 146 अधिकारियों और कर्मचारियों को हॉस्पिटल में आइसोलेशन में भर्ती कराया गया है।

मुंबई के 20 क्लिनिक को बीएमसी का नोटिस
कोरोना के डर से मुंबई के कई प्राइवेट डॉक्टर्स ने अपने क्लिनिक बंद रखे हैं। ऐसे में बीएमसी ने मुंबई के 20 क्लिनिक चलाने वाले डॉक्टरों को एपिडेमिक डिजीज एक्ट का उल्लंघन करने के आरोप में नोटिस भेजा गया है। बीएमसी ने डॉक्टरों से क्लीनिक बंद रखने का कारण पूछा है। हालांकि, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के प्रदेश के प्रसिडेंट डॉ. अविनाश भोंडे ने बीएमसी के इस फैसले पर विरोध किया है। उन्होंने कहा कि निजी प्रैक्टिस करने वालों को पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्यूपमेंट (पीपीई) नहीं मिल रहा। इसके कारण उनमें बीमारी बढ़ने की संभावना अधिक है।इससे पहले मुख्यमंत्री उद्धव ने भी निजी डॉक्टरों से क्लीनिक बंद नहीं करने की अपील की थी।

नवी मुंबई पुलिस ने पैदल मार्च निकालकर लोगों को कोरोनावायरस के प्रति जागरूक किया।

मुंबई में शताब्दी हॉस्पिटल के 26 स्टाफ की रिपोर्ट निगेटिव
जानकारी के अनुसार, 26 मार्च को किडनी की समस्या के कारण एक मरीज शताब्दी हॉस्पिटल आया था। यहां उसे 26-28 मार्च तक भर्ती किया गया था। 31 मार्च को डायलिसिस के लिए उसे एक निजी सेंटर पर भेजा गया था। जहां मरीज में बुखार और अन्य लक्षण दिखने पर उसका कोरोना टेस्ट किया गया। अगले दिन उसमें कोरोना पॉजिटिव पाया गया। इसके बाद गुरुवार को 40 स्टाफ को क्वारैंटाइन कर इनकी भी कोरोना जांच करवाई गई। इसमें 26 रिपोर्ट अब तक आई है और सभी अभी तक निगेटिव हैं।

यह तस्वीर महाराष्ट्र के चंद्रपुर की है। यहां पुलिस ने सड़कों पर जगह-जगह संदेश भी लिखवाएं हैं। इसमें लिखा है- आप बेवजह आप बाहर घूम रहे हैं क्या। अगर ऐसा है तो आप अपने परिवार व शहर के लिए खतरनाक हैं।
पुणे में गैस एजेंसी के बाहर सिलेंडरों कोसैनिटाइज किया जा रहा है।


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यह तस्वीर मुंबई के धारावी की है। यहां तीन कोरोना पॉजिटिव मिले। इस इलाके को अब पूरी तरह से सील कर दिया गया है। हालांकि, अंदरूनी इलाके में लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं कर रहे हैं। सड़कों पर काफी भीड़ है।