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महाराष्ट्र विधानसभा परिषद की 9 सीटों पर चुनाव 21 मई को, मुख्यमंत्री की कुर्सी जाने का खतरा टला

महाराष्ट्र विधानसभा परिषद की 9 सीटों के लिए चुनाव 21 मई को होंगे। चुनाव आयोग ने शुक्रवार कोयहघोषणा की। इसकेपहले राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी की गुरुवार को चुनाव करवाने की सिफारिश आयोग से की थी। सभी 9 सभी सीटें 24 अप्रैल को खाली हुई थीं।

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के लिए यह चुनाव बेहद अहम है।वे न विधानासभा के और न विधान परिषद के सदस्य हैं। उनका छह महीने का कार्यकाल 28मई को खत्म हो रहा है। इस लिहाज से उनकी कुर्सी को खतरा था। दरअसल, ठाकरे ने 28 नवंबर, 2019 को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, वे अभी तक किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं। संविधान के मुताबिक- उन्हें छह महीने में विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य बनना जरूरी, अगर ऐसा नहीं होगा तो पद छोड़ना पड़ता।उद्धव ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात की थी।


कैबिनेट ने दो बार उद्धव को मनोनीत करने का प्रस्ताव भेजा था
राज्यपाल ने चुनाव आयोग से विधान परिषद के चुनाव कराने की सिफारिश गुरुवार को की। इसके पहले महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने दो बार प्रस्ताव पारित कर राज्यपाल से सिफारिश की थी कि वह उद्धव ठाकरे को विधान परिषद का सदस्य मनोनीत कर दें। लेकिन, राज्यपाल ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी। उद्धव ठाकरे को गवर्नर के मनोनीत कोटे से विधान परिषद का सदस्य बनाने के लिए कैबिनेट ने राज्यपाल के पास प्रस्ताव भेजा था। राज्य में इससे पहले दत्ता मेघे और दयानंद महास्के को भी मंत्री बनने के बाद राज्यपाल विधान परिषद के लिए मनोनीत कर चुके हैं।

विधान परिषद में ये निर्वाचित सदस्य

  • महाराष्ट्र विधान परिषद मेंकुल 78 सीटें हैं। इनमें से 66 सीटों पर निर्वाचन होता है, जबकि 12 सीटराज्यपाल कोटे सेमनोनीत की जाती हैं।
  • 30 सदस्यों को विधानसभा के सदस्य यानी एमएलए चुनते हैं। 7-7 सदस्य स्नातक निर्वाचन और शिक्षक कोटे के तहत चुने जाते हैं। इनमें राज्य के सात डिविजन मुंबई, अमरावती, नासिक, औरंगाबाद, कोंकण, नागपुर और पुणे डिविजन से एक-एक सीट होती है। 22 सदस्य स्थानीय निकाय निर्वाचन क्षेत्र के तहत चुने जाते हैं।

उद्धव से पहले 7 नेता बिना चुनाव जीते मुख्यमंत्री बने

  • आर अंतुले पहले ऐसे नेता थे। जून 1980 में मुख्यमंत्री बने। बाद में विधान परिषद के सदस्य बने।
  • वसंतदादा पाटिल एक सांसद के तौर पर इस्तीफा देने के बाद फरवरी 1983 में मुख्यमंत्री बने थे। बाद में विधान परिषद सदस्य बने।
  • शिवाजीराव निलंगेकर-पाटिल जून 1985 में मुख्यमंत्री बने थे। उस वक्त पाटिल किसी सदन के सदस्य नहीं थे। बाद में विधानसभा चुनाव जीतकर विधायक बने।
  • शंकरराव चव्हाण मार्च 1986 में मुख्यमंत्री बने। उस वक्त वे केंद्रीय मंत्री थे। बाद में विधान परिषद सदस्य बने।
  • 1993 में मुंबई दंगे की वजह से सुधाकरराव नाइक मुख्यमंत्री पद से हट गए। तब शरद पवार को मुख्यमंत्री बनाया। वे नरसिंह राव सरकार में रक्षा मंत्री थे। बाद में विधानसभा चुनाव जीतकर विधायक बने।
  • सुशील कुमार शिंदे 2003 में मुख्यमंत्री बने। तब वे किसी सदन के सदस्य नहीं थे। बाद में वो विधानसभा चुनाव जीतकर विधायक बने।
  • 2010 में पृथ्वीराज चव्हाण ने मनमोहन सिंह सरकार में कैबिनेट मंत्री का पद छोड़कर सीएम पद की शपथ ली थी। बाद में विधान परिषद सदस्य बने।


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मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने गुरुवार सुबह राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात की थी। इसके बाद राज्यपाल ने विधान परिषद के चुनाव कराने की सिफारिश चुनाव आयोग से की थी।




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मालेगांव में ड्यूटी पर तैनात हिंगोली के एसआरपीएफ के 25 और जवानों में कोरोना की हुई पुष्टि, संख्या 41 तक पहुंची

स्टेट रिजर्व पुलिस फोर्स (एसआरपीएफ) के 25 और जवान कोरोना संक्रमित हो गए हैं। इसको लेकर यहां 41 एसआरपीएफ कर्मियों में कोरोना संक्रमण फैल चुका है। इनमें से 20 जवानों को एसआरपीएफ क्वारंटीन सेंटर में रखा गया है जबकि 5 को जिला अस्पताल के आइसोलेशन वॉर्ड में भर्ती किया गया। जिला सिविल सर्जन किशोर प्रसाद श्रीनिवास ने बताया कि इन सभी जवानों की रिपोर्ट पहले निगेटिव आई थी।

33 मालेगांव में बंदोबस्त ड्यूटी पर तैनात थे

सिविल सर्जन ने बताया, 'अब तक 41 एसआरपीएफ जवान कोरोना वायरस संक्रमित पाए जा चुके हैं। इनमें से 33 मालेगांव में बंदोबस्त ड्यूटी पर तैनात थे, जबकि 8 मुंबई से हैं।' इसके अलावा हिंगोली में अखाड़ा बालापुर निवासी 25 साल का युवक भी कोरोना पॉजिटिव निकला। वह 23 अप्रैल को नांदेड़ के श्रद्धालुओं को पंजाब छोड़ने गया था और 28 अप्रैल को लौटने के बाद उसे सरकारी आयुर्वेदिक कॉलेज में क्वारंटीन किया गया था।

जिले में अब तक 47 कोरोना संक्रमित मरीज हैं

जिले में अब तक कुल 47 पॉजिटिव हो चुके हैं, जिसमें से एक डिस्चार्ज कर दिया गया है। इसके अलावा एक नांदेड़, एक औरंगाबाद के मेडिकल सेंटर में भर्ती किया गया और बाकी 45 को हिंगोली में भर्ती किया गया।



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राज्य में अब तक 100 से ज्यादा पुलिस कर्मियों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है और तीन पुलिसवालों की मौत हुई है।




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महाराष्ट्र में लॉकडाउन 17 मई तक बढ़ा, रेड जोन में आए 14 जिलों में कड़ाई से होगा नियम पालन, ग्रीन जोन में मिलेगी कई छूट

महाराष्ट्र समेत पूरे देश में लॉकडाउन 4 मई से 17 मई तक बढ़ा दिया गया है। यह 3 मई को खत्म हो रहा था। केंद्रसरकार ने बताया कि 14 दिन तक रेड जोन में कोई राहत नहीं दी जाएगी। लेकिन, ऑरेंज और ग्रीन जोन में थोड़ी रियायत दी जाएगी।इससे पहले कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुएसरकार ने अपनी रणनीति में बदलाव किया था। हर जिले में मौजूद कोरोना संक्रमितों की लिस्ट के आधार पर उसे रेड, ग्रीन और ऑरेंज जोन में रखा गया है। महाराष्ट्र के 36 जिलों में से पिछली बार की तुलना में रेड जोन की संख्या 11 से बढ़कर 14 तक पहुंच गई है। वहीं ग्रीन जोन की संख्या 9 से कम होकर 6 तक पहुंची है। इसके अलावा कुछ ऐसे भी जिले हैं, जो पहले रेड जोन में थे और वहां मरीजों की संख्या में हुई कमी के बाद इन्हें ऑरेंज जोन में डाल दिया गया है।

इस आधार पर हुआ जिलों का बंटवारा
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना मामलों की संख्या, डबलिंग रेट और परीक्षणों के हिसाब से जिलों की नई सूची तैयार की है। जिसमें बताया गया है कि कौन सा जिला किस जोन में आता है और वहां किस तरह की सख्ती बरती जाएगी। केंद्रीय गृह सचिव प्रीति सूडान ने कहा, 'सभी राज्यों से अनुरोध किया जाता है कि वे चिन्हित किए गए रेड और ऑरेंज जोन जिलों में कंटेनमेंट जोन और बफर जोन का परिसीमन करें और उन्हें सूचित करें। किसी जिले को तब ग्रीन जोन माना जाएगा जब वहां पिछले 21 दिनों में कोरोना का कोई भी नया मामला सामने नहीं आएगा।'

सूडान ने कहा, 'एक या अधिक नगर निगमों वाले, निगमों और जिले के अन्य क्षेत्रों को अलग-अलग इकाइयों के रूप में माना जा सकता है। यदि वे रेड या ऑरेंज जोन में आते हैं, यहां इनमें से एक या अधिक में पिछले 21 दिनों में कोई नया मामला दर्ज नहीं होता तो उन्हें आंचलिक वर्गीकरण में एक स्तर कम माना जा सकता है।'

उन्होंने आगे कहा, 'बफर जोन में स्वास्थ्य सुविधाओं में आईएलआई/ एसएआरआई मामलों की निगरानी के माध्यम से मामलों की व्यापक निगरानी की जानी चाहिए। राज्यों से अनुरोध किया जाता है कि वे चिन्हित रेड और ऑरेंज जोन जिलों में कंटेनमेंट जोन और बफर जोन का परिसीमन करके उन्हें सूचित करें।'

महाराष्ट्र में जोन की स्थिति

रेड जोन
मुंबई, मुंबई उपनगर, ठाणे, पालघर, नासिक, पुणे, सोलापुर, जलगांव, यवतमाल, सातारा, धुले, अकोला, औरंगाबाद और नागपुर शामिल हैं।

ऑरेंज जोन
रत्नागिरी, रायगढ़, परभणी, सांगली, बीड, अहमदनगर, नंदुरबार, कोल्हापुर, नांदेड़, जालना, हिंगोली, लातूर, अमरावती, यवतमाल, बुलढाणा, चंद्रपुर और भंडारा।

ग्रीन जोन
उस्मानाबाद, वासिम, सिंधुदुर्ग, गोंदिया, गढ़चिरौली और वर्धा शामिल हैं।



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Mumbai Pune Thane In Maharashtra Red Zone | Check Coronavirus Maharashtra Full List Of Red, Orange and Green Zones




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शहर में कोरोना वायरस संक्रमण के 751 नये मामले, कुल पॉजिटिव बढ़कर 7,625 हुए

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में शुक्रवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 751 नये मामले सामने आये। यहां किसी एक दिन में कोविड-19 का यह सर्वाधिक मामला है। नगर निकाय अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार को शहर में संक्रमण के 751 नये मामले आने से कोविड-19 के कुल मामले बढ़ कर 7,625 हो गये हैं। उन्होंने बताया कि आज कोविड-19 के पांच मरीजों की मौत हुई। यहां अब तक कुल 295 संक्रमित व्यक्तियों की मौत हो चुकी है। उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटे में 95 मरीजों को संक्रमण मुक्त होने के बाद अस्पतालों से छुट्टी दी गई।

इसी अवधि के दौरान कोविड-19 के 484 संदिग्ध मरीजों को अस्पतालों में भर्ती किया गया।



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आज 484 संदिग्ध मरीजों को अस्पतालों में भर्ती किया गया।




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संक्रमण के एक दिन में सबसे ज्यादा 1008 मामले सामने आए, 26 लोगों की जान गई

महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण से शुक्रवार को रिकॉर्ड 1008 मामले सामने आए। इसे मिलाकर राज्य में कुल संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 11,506 पहुंच गया। इससे पहले महाराष्ट्र में 25 अप्रैल को संक्रमण के 811 मामले सामने आए थे। इसके अलावा, शुक्रवार को राज्य में संक्रमण से 26 लोगों की मौत हुई। इनमें पुणे में 11, मुंबई में 6, जलगांव में 3, सिंधुदुर्ग, भिवंडी, ठाणे, नांदेड़, औरंगाबाद और परभणी में एक-एक की जान गई। मृतकों में 18 पुरुष और 8 महिलाएं हैं। 25 मृतकों की उम्र 40 से 60 साल के बीच थी, जबकि एक की उम्र 40 से कम थी। इसे मिलाकर राज्य में मृतकों की संख्या 485 पहुंच गई है।

मुख्यमंत्री ने फेसबुक के जरिए जनता से बात की

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार को महाराष्ट्र दिवस के मौके पर जनता से फेसबुक के जरिए बातचीत की। उन्होंने कहा कि राज्य में 3 मई के बाद से कई जिलों में शर्तों के साथ लॉकडाउन के नियम में ढील दी जाएगी। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन सिर्फ एक स्पीड ब्रेकर है और जल्द स्थितियां सामान्य हो जाएंगी।लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि तीन मई के बाद हम राज्य में शर्तों के सात कई जगह ढील देने जा रहे हैं। लेकिनऑरेंज और ग्रीन जोन के लोगभीसतर्क रहें और सहयोग करें, अन्यथा पिछले कुछ दिनों में हमने जो कुछ भी हासिल किया है, वह हम खो देंगे। इसलिए, हमधैर्य और सावधानी के साथ आगे बढ़ेंगे। उन्होंने आगे कहा कि मैं चाहता हूं कि लोग कोरोना से घबराएं नहीं। यह केवल समय पर उपचार शुरू करने के बारे में है। कुछ दिनों के बीच छोटे बच्चों से लेकर 83 साल के लोग इससे ठीक होकर घर गए हैं। वेंटिलेटर पर रहने वाले लोग भी ठीक हो गए हैं।'

हालांकि, शुक्रवार शाम को गृहमंत्रालय ने दो हफ्ते लॉकडाउन और बढ़ाने की घोषणा कर दी। लेकिन, इस बारऑरेंज और ग्रीन जोन में कई तरह की छूट रहेगी।

राज्य में अब तक 227 पुलिसकर्मी संक्रमित
महाराष्ट्र में 30 अधिकारियों सहित 227 पुलिसकर्मियों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। इनमें से 66 पुलिसकर्मी गुरुवार से शुक्रवार के बीच संक्रमित हुए हैं। 227 संक्रमित पुलिसकर्मियों में 22 आरक्षी और आठ पुलिस अधिकारी संक्रमण मुक्त हो चुके हैं जबकि 172 आरक्षी और 22 अधिकारियों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है।

प्लाज्मा थैरेपी के जरिए इलाज करवा रहे शख्स की हुई मौत
प्लाज्मा थैरेपी के जरिए इलाज करवा रहे 53 साल के मरीज की इन्फेक्शन के बाद मौत हो गई है। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह कोरोना से संक्रमित था। उसकी हालत काफी नाजुक थी।

    मुंबई के कांदिवली इलाके में सड़क पर निकले एक शख्स से पूछताछ करते पुलिसकर्मी।

    बीएमसी स्वास्थ्यकर्मियों के मानधन में बढ़ोतरी

    अपनी जान जोखिम में डालकर कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की सेवा करने वाली स्वास्थ्य स्वयंसेविकाओं के मानधन में प्रतिमाह 4000 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। इस तरह स्वयंसेविकाओं को अब हर महीने 9000 रुपये मानधन मिलेगा। इन्हें यह लाभ सितंबर 2019 से मिलेगा। साथ ही कोविड -19 के कारण जारी लॉकडाउन के दौरान जितने दिन यह स्वयंसेविकाएं काम करेंगी, उस हिसाब से प्रतिदिन 300 रुपएका अतिरिक्त मानधन मिलेगा। यह रकम मई में दी जाएगी।

    कुछ मजदूर मुंबई से कानपुर के लिए हैं। उनमें से एक ये महिला है।

    नागपुर जेल में भी हुआ लॉकडाउन, 7 जेल पहले से ही हैं बंद

    • कोरोना संक्रमण सेकैदियों को बचाने के लिए नागपुर सेंट्रल जेल को भी बंद कर दिया गया है। इस फैसले के बाद अब बाहर के किसी व्यक्ति को जेल के अंदर दाखिल होने की इजाजत नहीं मिलेगी साथ ही यहां तैनात अधिकारी और कर्मचारी भी बाहर नहीं जा सकेंगे। राज्य की सात जेलों को पहले ही बंद किया जा चुका है।
    • गृहमंत्री अनिल देशमुख ने बताया कि कोरोना प्रभावित इलाकों में स्थित मुंबई मध्यवर्ती कारागृह, ठाणे मध्यवर्ती कारागृह, येरवडा मध्यवर्ती कारागृह, भायखला जिला कारागृह, कल्याण जिला कारागृह, औरंगाबाद और नाशिक जेल में पहले ही लॉक डाउन का फैसला किया जा चुका था।


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    यह तस्वीर मुंबई की है। यहां लोग गुरुवार को सिलेंडर के लिए लाइन में दिखे। मुंबई संक्रमितों की संख्या 2 हजार से ज्यादा हो गई है और 250 से ज्यादा मौतें हो गई हैं।




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    मातोश्री में ड्यूटी पर तैनात 3 पुलिसवाले पॉजिटिव, 130 को क्वारैंटाइन किया गया; राज्य में अब तक 227 पुलिसकर्मी संक्रमित

    कोरोनावायरस मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरेके आवासमातोश्रीतक पहुंच गया है। यहांसुरक्षा ड्यूटी पर तैनात तीन पुलिसवालेकोरोना पॉजिटिव पाए गए। इसके बाद यहां तैनात 130 अन्य पुलिसवालों को सांताक्रूज में एक क्वारैंटाइन सेंटर भेज दिया गया है। सभी की कोरोना जांच भी करवाई जा रही है। आज शाम तक इनकी रिपोर्ट भी आ सकती है।

    पहले एक चायवालासंक्रमण हुआ था
    इससे पहले मुख्यमंत्री के घर के बाहर चाय का स्टॉल लगाने वाला एक शख्स कोरोना पॉजिटिव पाया गया था। मातोश्री पर तैनात पुलिसकर्मी वहां चाय पीते रहते थे। इसी को देखते हुए मातोश्री पर तैनात 130 पुलिसकर्मियों को ड्यूटी से हटाकर क्वारैंटाइन किया गया था। हालांकि, इसके बाद बीएमसी ने पूरे इलाके को सैनिटाइज करने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाया था।

    चायवाले के संक्रमित मिलने के बाद पूरे इलाके को सील करकेसैनिटाइजेशन का काम किया गया था।

    राज्य के 30 पुलिस अधिकारियों समेत 227 पुलिसवालों में कोरोना
    महाराष्ट्र में 30 अधिकारियों समेत 227 पुलिसकर्मी कोरोनावायरस से संक्रमित हुए हैं। इनमें 66 पुलिसकर्मी गुरुवार से शुक्रवार के बीच संक्रमित हुए। अधिकारी ने बताया कि संक्रमित पुलिस कर्मियों में नासिक जिले में अधिक संक्रमित स्थान (हॉटस्पॉट) के तौर पर चिह्नित मालेगांव में सुरक्षा के लिए तैनात रिजर्व पुलिस के जवान शामिल हैं। उन्होंने बताया कि 227 संक्रमित पुलिसकर्मियों में 22 आरक्षी और आठ पुलिस अधिकारी संक्रमण मुक्त हो चुके हैं।जबकि 172 आरक्षी और 22 अधिकारियों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। वहीं, तीन पुलिस अधिकारियों की मौत हुई है।



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    संक्रमण से बचने के लिए पुलिस के जवानों को ग्लव्स, फेस मास्क, फेस शील्ड दिया जा रहा है। इसके बावजूद अब तक 227 पुलिसकर्मी संक्रमित हो चुके हैं।




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    वायरस से संक्रमित 57 वर्षीय पुलिसकर्मी की मौत, अब तक यहां 12 पुलिसवाले हुए हैं पॉजिटिव

    पुलिस के57 वर्षीय एक सहायक उप निरीक्षक की सोमवार को एक निजी अस्पताल में कोरोनावायरस संक्रमण से मौत हो गई। पुणे में अब तक 12 पुलिसवाले कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। राज्य में तकरीबन 300 लोग इससे संक्रमित हो चुके हैं। पुणे में कोरोना संक्रमण से हुई किसी पुलिसकर्मी की मौत का यह पहला मामला है।

    पुणे के संयुक्त पुलिस आयुक्त रवींद्र शिसेवे ने बताया था कि अप्रैल के आखिरी सप्ताह में उनमें कोरोना संक्रमण पॉजिटिव मिला था। आज दोपहर एक बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। भारती अस्पताल के एक बयान में कहा गया था कि एएसआई मोटापे और उच्च रक्तचाप से पीड़ित था और 12 दिनों से वेंटिलेटर पर था।

    पुणे में हुई अबतक 112 लोगों की मौत
    कोरोना संक्रमण के चलते रेड जोन में रहे समस्त पुणे जिले में रविवार को कोरोना ग्रस्तों का आंकड़ा 1912 तक पहुंच गया। इनमें से अब तक जिले में से 112 मरीजों की मौत हो चुकी है। पूरे पुणे संभाग (पुणे, सातारा, सोलापुर, कोल्हापुर, सांगली जिला) में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 2147 तक पहुंच गया है। इनमें से 463 मरीज कोरोना मुक्त हुए हैं, उन्हें इलाज के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज दिया गया है।



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    राज्य में अब तक तकरीबन 300 पुलिसकर्मी संक्रमित हो चुके हैं। इसमें सबसे ज्यादा मुंबई से हैं।




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    पांच हजार लोगों ने महाराष्ट्र से घर वापसी की मांगी मदद, सीएम ने उद्धव काे लिखा पत्र

    महाराष्ट्र में काेराेना संक्रमण के बढ़ते मामलाें काे देखते हुए वहां फंसे पांच हजार से अधिक हिमाचल वासियों ने घर वापसी के लिए सरकार से मदद मांगी है। लाेगाें के आग्रह पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे काे पत्र लिख कर वहां फंसे हिमाचल के लोगों की मदद करने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है कि महाराष्ट्र में फंसे हिमाचलियों द्वारा सरकार काे आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाने के लिए कई काॅल्स आ रहे हैं।

    इनमें बहुत से लोग अपने घर वापिस आना चाहते हैं। लाॅकडाउन के कारण उत्पन्न हालाताें काे देखते हुए मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से वहां फंसे हिमाचलियों को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं, आश्रय और खाद्य वस्तुएं सुनिश्चित करवाने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार हिमाचल में फंसे अन्य राज्यों के लोगों को हर संभव सहायता कर रही है।

    एक हजार से अधिक लाेग वॉट्सएप पर मांग चुके हैं मदद

    फाेन काॅल्स के अलावा एक हजार से अधिक लाेग नाेडल अधिकारी के वाॅट्सएप पर मैसेज करके भी सरकार से मदद मांग चुके है। लाॅकडाउन के कारण वहां उत्पन्न हालाताें का हवाला दे कर लाेग घर वापिस आना चाह रहे हैं। कई लाेग सरकार से खाने की डिमांड कर रहे हैं, कई लाेग पैसे खत्म हाेने के कारण घर वापिस आना चाहते हैं तो कई लाेगाें का कहना है कि लाॅकडाउन के कारण उनकी नाैकरी पर संकट खड़ा हाे गया है, इसलिए वह घर आना चाहते हैं। इस स्थिति से निपटना अब सरकार के लिए बड़ी चुनाैती बन चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि फिर भी राज्य सरकार बाहरी राज्यों में फंसे प्रदेश के लोगों की हर संभव सहायता कर रही है।

    ट्राईसिटी से सोमवार को 1239 लोगों को हिमाचल लाया

    ट्राईसिटी में फंसे हिमाचल के चार जिलों के 1239 लोगों को 49 बसों के माध्यम से आज वापिस लाया गया। प्रदेश में वापिस लाए गए इन लोगों में 622 मंडी जिला, 365 बिलासपुर जिला, 191 कुल्लू जिला और 61 लाहौल-स्पिति जिला से संबंधित हैं। वापिस बुलाए गए सभी लोगों की स्वास्थ्य जांच की जाएगी, ताकि उनमें जुकाम जैसी बीमारी के लक्षणों का पता लगाया जा सके और उसके उपरांत उन्हें होम क्वारेंटाइन में रखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाहरी राज्यों विशेष कर रेड या ऑरेंज जोन से वापिस हिमाचल आने वाले लोगों को होम क्वारेंटाइन में रहना होगा। इसके अलावा, वे अपने परिजनों के साथ भी उचित दूरी बनाएं रखें।



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    फाेन काॅल्स के अलावा एक हजार से अधिक लाेग नाेडल अधिकारी के वाॅट्सएप पर मैसेज करके भी सरकार से मदद मांग चुके है,लाॅकडाउन के कारण वहां उत्पन्न हालाताें का हवाला दे कर लाेग घर वापिस आना चाह रहे हैं




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    771 नए संक्रमित मरीजों के साथ आंकड़ा 14,541 तक पहुंचा, एक पुलिसवाले समेत 35 लोगों की हुई मौत

    सोमवारको महाराष्ट्र मेंसंक्रमण के 771 नए मामले आए। इसको लेकरकुल संक्रमितों काआंकड़ा 14,541 हो गया। 24 घंटे में 35और लोगों की मौत हुई है। इसे मिलकरकुल 583लोगों की मौत अबतक हुई है।पुणे में कोरोना से एक पुलिसवाले की मौत हुई है। कोरोना संक्रमण से महाराष्ट्र में चौथे पुलिसकर्मी की मौत है।

    मुंबई में 510 नए मामले दर्ज किए गए और18 मौतें भी हुई हैं। पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 9123 हो गई है, मरने वालों की संख्या 361 हो गई है।धारावी में 42 नए पॉजिटिव मामले सामने आए। धारावी में कुल पॉजिटिव मामलों की संख्या बढ़कर 632 हो गई, जिसमें 20 मौतें भी शामिल हैं।

    पुणे में तैनात उप-निरीक्षक की मौत
    सोमवार को महाराष्ट्र पुलिस ने श्रद्धांजलि देते हुए बताया है कि दिलीप पोपट लोंढे (57) की कोरोना से लड़ते हुए मृत्‍यु हो गई। वह पुणे के फरसाना पुलिस स्‍टेशन में सहायक पुलिस उप-निरीक्षक थे।

    शराब की दुकानों के बाहर जमा लोगों पर हुआ लाठी चार्ज

    लॉकडाउन फेज तीन में राज्य सरकार ने मुंबई और पुणे को छोड़कर पूरे महाराष्ट्र में शराब की दुकानें खोलने का निर्णय लिया था। इसके बावजूद पुणे और मुंबई में भारी संख्या में लोग शराब की दुकानों के बाहर नजर आये। भीड़ बढ़ती देख मुंबई, पुणे समेत कई शहरों में पुलिस को लाठी चार्ज करना पड़ा।पुणे और मुंबई में प्राइवेट ऑफिस और उद्योग भी पूरी तरह बंद थे। सरकारी दफ्तरों में सिर्फ 33 फीसदी कर्मचारी को आने की मंजूरी दी गई थी। जिन इमारतों, गलियों यामोहल्लों में संक्रमित हैं, उन्हें सील कर दिया गया है। इन्हें कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है। राज्य के अन्य जिलों में कहां और क्या छूट मिलेगी, ये वहां के कलेक्टर तय करेंगे।

    मुंबई पुलिस के चेक पॉइंट्स पर सैनिटाइजेशन कराया गया। शुरुआत सिद्धिविनायक पुलिस चौकी से हुई।

    शराब की दुकान खोलने का विरोध
    औरंगाबाद से एआईएमआईएम सांसद इम्तियाज जलील ने शराब की दुकानें खोलने का विरोध किया है। उन्होंने कहा, “औरंगाबाद में अगर शराब की दुकानें खोली गई तो हम इन दुकानों को बंद कर देगें। यह शराब बेचने औरसमस्याएं पैदा करने का समय नहीं है।”

    धारावी में रहने वाली प्रवासी मजदूर फिटनेस सर्टिफिकेट के लिए प्राइवेट क्लिनिक के बाहर कतार में लगे हुए।

    पुणे-मुंबई में पूरी तरह बंद रहेंगे उद्योग और प्राइवेट ऑफिस
    राज्य के 14 जिले रेड जोन में हैं। इसमें शामिल एमएमआर (मुंबई) रीजन, पीएमआर (पुणे) रीजन, पिंपरी चिंचवड़ और मालेगांव महानगरपालिका क्षेत्र में उद्योग शुरू नहीं हो सकेंगे। प्राईवेट ऑफिसपूरी तरह बंद रहेंगे। सरकारी दफ्तरों में 33 प्रतिशत कर्मचारी काम करेंगे। ग्रीन और ऑरेंज जोन में आने वाले निजी दफ्तरों को 100 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ काम करने की इजाजत दी गई है।।

    25 प्रवासी मजदूरों को लेकर एक बस मुंबई के छत्रपति शिवाजी टर्मिनस से राजस्थान के लिए रवाना हुई।

    लॉकडाउन 3.0 में यहबदलाव

    मुंबई में कई कंटेनमेंट जोन होने के कारण यहां से दूसरे राज्यों के लिए फिलहाल कोई ट्रेन नहीं चलाईजाएगी। इलेक्ट्रॉनिक, मोबाइल, स्टेशनरी, कपड़े, चप्पल-जूते और शराब सहित अन्य सामान की दुकानें खोली जा सकेंगी। एक लेन में सिर्फ पांच दुकानों को खोलने की अनुमति होगी। ये पांच दुकानें जरूरी चीजों के अलावा होंगी।

    ई-कॉमर्स को इजाजत

    रेड जोन में कंटेंटमेंट एरिया को छोड़कर बाकी सभी जोन में ई-कॉमर्स कंपनियों को जरूरी चीजों की डिलीवरी करने की इजाजत दी गई है। शॉपिंग मॉल, शॉपिंग कॉम्पलेक्स, होटल, रेस्टोरेंट और सलून/ पार्लर खोलने नहीं खुलेेंगे। जिन रेड जोन में निर्माण कार्य को इजाजत दी गई है। उनमें निर्माण मजदूरों को उनकी साइट पर ही रहने की व्यवस्था करनी होगी।

    चीन की तर्ज पर बांद्रा में 1000 बेड के हॉस्पिटल का निर्माण
    मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्पलेक्स में चीन की तर्ज पर 1000 बेड वाला कोविड-19 अस्पताल बनाने का काम शुरू हो गया है। राज्य सरकार का दावा है कि अस्पताल महज 15 दिन में तैयार कर लिया जाएगा। यह अस्पताल सभी आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा, जो कोविड-19 के इलाज के लिए जरूरी हैं।



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    सोमवार को मुंबई में लॉकडाउन के दौरान शराब की दुकान खुलने की अफवाह के बाद भीड़ वाइन शॉप के बाहर जमा हो गई। भीड़ को हटाने के लिए पुलिस को लाठी चार्ज करना पड़ा।




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    10 मंजिला इमारत के 6वें फ्लोर पर लगी भीषण आग, दो महिलाओं को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया

    शहर के नापेन सी रोड इलाके में स्थित एटलस बिल्डिंग के 6वें फ्लोर पर मंगलवार सुबह करीब 5 बजे भीषण आग लग गई है। मौके पर दमकल की 9गाड़ियां पहुंची। इसके बाद करीब 4 घंटे की मेहनत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। बिल्डिंग में लगी आग पर काबू पाने के बादकूलिंग की गई। फिलहाल, हादसे मेंकिसी के हताहत होने की जानकारी नहीं है। बिल्डिंग में से दो महिलाएं ऊपरी फ्लोर में फंस गई थी, जिन्हेंसुरक्षित रेस्क्यू किया गया।

    आग सुबह 5 बजे के करीब लगी थी। इसपर काबू करने के लिए तकरीबन 4 घंटे का समय लगा।

    मुख्य अग्निशमन अधिकारी पी. राहंगडेल ने कहा, 'दो महिलाएं इमारत की ऊपरी मंजिलों पर फंसी हुई थीं। उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। बिल्डिंग में पानी डालकर उसे ठंडा किया जा रहा है।बिल्डिंग में आग लगने के बादलॉकडाउन की वजह से पुलिस ने आसपास रहने वाले लोगों को बाहर नहीं आने की हिदायत दी थी।इसके साथ ही, आग 6वें फ्लोर में लगी थी, ऐसे में बिल्डिंग में रहने वाले ज्यादातर लोग पहले ही बाहर निकल आए थे।



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    आग इमारत के 6वें फ्लोर पर लगी थी और इसपर काबू पाने में पूरे 4 घंटे का समय लगा।




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    एक महीने के दौरान मालेगांव में हुई 580 लोगों की मौत बनी पहेली, प्रशासन का दावा- कोरोना से यहां 12 की गई है जान

    महाराष्‍ट्र के मालेगांव में पिछले महीने यानीअप्रैल में हुई 580 मौतें एक बड़ी पहेली बनकर सामने आईं हैं। हालांकि, आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, यहां सिर्फ 12 मौतें कोरोना संक्रमण के चलते हुई है। नासिक जिले के मालेगांव में 8 अप्रैल को कोरोना संक्रमण का पहला केस सामने आया था। इसके बाद अब तक यहां 229 केस सामने आ चुके हैं। प्रशासन के अनुसार मालेगांव में 27 अप्रैल के बाद एक भी कोरोना संक्रमित की मौत नहीं हुई है।

    अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्‍सप्रेस में प्रकाशित खबर के मुताबिक, मालेगांव में पिछले साल अप्रैल में 277 लोगों की मौत दर्ज हुई थी। लेकिन इस बार अप्रैल में 580 लोगों की मौत हुई है। संदेह जताया जा रहा है कि इनमें से कई कोरोनावायरस संक्रमित भी हो सकते हैं। ऐसा हुआ तो मृतकों के परिजनों में भी कोरोना के वायरस हो सकते हैं।

    हालांकि, जिला प्रशासन का कहना है कि लॉकडाउन के कारण निजी अस्‍पतालों के बंद रहने से संभवतऐसा हुआ हो। वहीं, मामला सामने आने के बादराज्‍य सरकार ने मालेगांव में 10 अप्रैल के बाद मरने वाले लोगों के परिवार वालों की पहचान कर उनकी कोविड-19 जांच करने का निर्णय लिया है।

    गुरुवार को दफनाए गए 9 शव
    इंडियन एक्‍सप्रेस के मुताबिक, मालेगांव के बड़ा कब्रिस्‍तान में गुरुवार को दो घंटे के अंदर 9 लोगों के शव दफनाए गए हैं। बड़ा कब्रिस्‍तान के एडमिनिस्‍ट्रेटर रईस अहमद अंसारी के अनुसार सामान्‍य दिनों में यहां प्रतिदिन 6 से 7 लोगों के शव दफनाए जाते थे। लेकिन गुरुवार से पहले के तीन दिनों से प्रतिदिन ये आंकड़ा बढ़कर 30 शवों का हो गया है। इस साल अप्रैल में यहां 457 शवदफनाएगए। पिछले साल अप्रैल में यह संख्‍या 140 ही थी।

    प्रशासन ने जांच की बात कही
    इस मामले पर मालेगांव में कोविड 19 महामारी से निपटने के लिए बनाए गए इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर की निगरानी कर रहे आईएएस अफसर पंकज आशिया ने प्रतिक्रिया दी है। उन्‍होंने कहा, 'अप्रैल में मालेगांव में मौतों की संख्‍या बढ़ी है। बिना पूरी जांच पड़ताल किए ये नहीं कहा जा सकता है कि ये मौतें कोविड 19 के कारण हुई हैं। हम 10 अप्रैल के बाद मरने वाले सभी लोगों के परिवारों की मेडिकल जांच कराएंगे।'



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    मालेगांव के बड़े कब्रिस्तान में सिर्फ गुरुवार को 9 लोगों को दफनाया गया है। पिछले साल अप्रैल में 277 लोगों को दफनाया गया था।




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    मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का निर्देश- चाहे जितनी सख्ती बरतनी पड़े, 31 मई तक पूरा राज्य कोरोनामुक्त होना चाहिए

    महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने राज्य में तेजी से बढ़ते कोरोनासंक्रमण पर सख्त रूख कायम कर लिया है। उन्होंने सोमवार को सभी जिलों के अफसरों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की और उन्हें हर हाल में 31 मार्च तक राज्य को कोरोना मुक्त करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर अफसर को अपना इलाका ग्रीन जोनमें लाना होगा, भले चाहे इसके लिए कितनी भी सख्ती क्यों न करनी पड़े। उन्होंने कहा किकलेक्टर स्थानीय स्तर पर हर जरूरी फैसला ले सकते हैं, लेकिन कोरोनाको नियंत्रित करने में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    मंगलवार कोसंक्रमण से 34 की मौत

    वहीं,महाराष्ट्र में मंगलवार को संक्रमण से 34 लोगों की मौत हुई। इनमें मुंबई में 26, पुणे में 6 और औरंगाबाद और कोल्हापुर में एक-एक की जान गई। मृतकों में 24 पुरुष और 10 महिलाएं हैं। इनमें से 14 की उम्र 60 साल से अधिक, 16 की उम्र 40-60 साल के बीच और 4 की उम्र 40 साल से कम है। इसे मिलाकर राज्य में संक्रमण से अब तक617 लोगों की जान जा चुकी है। वहीं, मंगलवार को संक्रमण के 984 नए पॉजिटिव केस मिले। राज्य में अब संक्रमितों का आंकड़ा 15 हजार पार करके 15,525 पर पहुंच गया है।

    मुंबई के दादर रेलवे स्टेशन के पास कॉन्ट्रैक्ट वर्कर ने स्टेशन की सफाई की। इस दौरान उसने आंखों पर चश्मा लगा रखा था।

    मुंबई: बीडीडी चॉल अगले सात दिनों के लिए बंद की गई
    मुंबई के सबसे ज्यादा संक्रमण प्रभावित वर्ली इलाके में स्थित बीडीडी चॉल इमारतों को अगले सात दिनों के लिए बंद कर दिया गया है। इन इमारतों में अब तक 40 कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। पूरे वर्ली में 817 संक्रमित हैं। वर्ली और एनएम जोशी मार्ग मुंबई का सबसे अधिक कोरोना प्रभावित इलाका है। बीडीडी चॉल में रहने वाले लोग लॉकडाउन के बावजूद सड़कों पर घूम रहे थे।

    अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या बढ़ाई जा रही

    कोरोना के गंभीर मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या देखते हुए बृहन्मंबई म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन (बीएमसी) ने अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या बढ़ाने का फैसला लिया है। स्वास्थ्य विभाग अलग-अलग अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या 3 हजार से बढ़ाकर 4 हजार 750 करने की योजना पर काम कर रहा है। इसके तहत केईएम, नायर, सेंट जॉर्ज और सेवन हिल्स अस्पताल में बिस्तरों की संख्या बढ़ाई जाएगी।

    बीएमसी ने शुरू कीबुजुर्गों की जांच
    कोरोना की चपेट में बड़ी संख्या में बुजुर्गों के आने के बाद बीएमसीने घर-घर जाकर वरिष्ठ नागरिकों की जांच करनी शुरू की है। स्वास्थ्य कर्मियों ने अब तक झुग्गी बस्तियों में3 लाख 43 हजार 717 घरों में पहुंचकर 42 हजार 752 बुजुर्गों की जांच की।

    यह तस्वीर मुंबई की है। यहां कुछ लोग लकड़ी के फ्रूट बॉक्स अपने साथ ले जाते देखे गए। शहर के कई इलाकों में सुपर लॉकडाउन लगाया गया है।
    यह तस्वीर दादर रेलवे स्टेशन की है। यहां एक पुलिसकर्मी ने वॉल पेंटिंग बनाई। इस पेंटिंग का उद्देश्य कोरोना संक्रमण के प्रति लोगों को जागरूक करना है।

    मुंबई पहुंचा 3 लाख 61 हजार मीट्रिक टन सामान

    लॉकडाउन के 34 दिनों में समुद्र के रास्ते 3 लाख 61 हजार मीट्रिक टन सामान मुंबई पहुंचा। मुंबई पोर्ट ट्रस्ट के अनुसार, लॉकडाउन के बाद से पोर्ट पर 110 से अधिक कार्गो जहाज पहुंचे हैं। इन जहाजों के माध्यम से शक्कर, बेस ऑइल कंटेनर, गाड़ियां, लोहे के एंगल और लोहे के कोइल समेत अन्य सामान मुंबई में उतरे हैं। कोरोनावायरस के प्रभाव की वजह से पोर्ट पर यात्री जहाज की आवाजाही पर रोक लगी है।

    मुंबई के शिवाजी पार्क पुलिस चौकी पर अपने प्रदेश जाने के लिए नाम दर्ज करवाने पहुंचे दिहाड़ी मजदूर। मजदूरों को रजिस्ट्रेशन के बाद एक टोकन नंबर दिया जा रहा है।

    जेजे मार्ग पुलिस स्टेशन में 12 पुलिसकर्मीकोरोना संक्रमित

    मुंबई केजोन 1 स्थित जेजे मार्ग पुलिस स्टेशन में कार्यरत 6 पुलिस अधिकारी और6 सिपाही भी कोरोना की चपेट में आ गए। इसके अलावा 6 अधिकारियों और 48 कर्मचारियों को क्वारैंटाइन किया गया है। अभी तक मुंबई पुलिस के 211 पुलिसकर्मी कोरोना से संक्रमित हुए हैं। ताजा जानकारी के मुताबिक, डीसीपी रैंक केएक अधिकारी भी संक्रमण का शिकार हो गए हैं।

    मुंबई में कोरोना जांचके लिए मोबाइल बस तैयार की गई है। इस बस को अलग-अलग इलाकों में ले जाकर संक्रमितों की जांच की जा रही है।


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    लॉकडाउन के बीच मुंबई की एक बस्ती में घर के दरवाजे से झांकती बच्ची। यहां अब तक 9000 से ज्यादा संक्रमित मामले सामने आ चुके हैं।




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    आज संक्रमण से 34 की मौत, मरीजों की संख्या 16 हजार के पार; दो दिन की भीड़ देखने के बाद शराब की दुकानें फिर बंद

    महाराष्ट्र में संक्रमण बेकाबू होता जा रहा है।बुधवार को संक्रमण से राज्य में34 लोगों की जान गई। इनमें मुंबई में 26, पुणे और अकोला में 3-3 की मौत हुई। इसके अलावा, जलगांव और सोलापुर में एक-एक मरीज की जान गई। मृतकों में 21 पुरुष और 13 महिलाएं हैं। इनमें 18 की उम्र 60 साल से अधिक, 13 की उम्र 40 से 60 साल के बीच और 6 की उम्र 40 साल से कम है। 34 मृतकों में से 27 में डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग और किडनी जैसी बीमारियां थी। इसे मिलाकर राज्य में संक्रमण से मौत का आंकड़ा 651 तक पहुंच गया।

    1233 नए मामले आए

    वहीं, महाराष्ट्र में बुधवार को संक्रमण के 1233 नए मरीज सामने आए। इसे मिलाकर राज्य में कुल मरीजों की संख्या 16,758 तक पहुंच गई है। राज्य में बुधवार शाम तक कुल 1,90,879लोगों की कोरोनाजांच हुई है। इसमें से 1,73,838 की रिपोर्ट निगेटिव आई है, जबकि 16,758 पॉजिटिव आई है। वहीं,अब तक कुल 2,819 लोग कोरोना मुक्त हो चुके हैं।

    बुधवार को मुंबई के गोरेगांव में बॉम्बे एग्जीबिशन सेंटर में ऐसे संक्रमित मरीज जिनमें कोरोना के लक्षण नहीं हैं। उनके लिए एक हॉस्पिटल तैयार किया गया।

    मुंबई में शराब दुकानें बंद होंगी

    मुंबई में लगातार दो दिनशराब की दुकानों पर उमड़ी भीड़ को देखते हुए बीएमसी कमिश्नर प्रवीण परदेशी ने मंगलवार रात बड़ा फैसला लिया। उन्होंंने सभी प्रकार के गैर-जरूरी सामान और शराब की दुकानों को बंद करने का आदेश दिया है। हालांकि, किराना और मेडिकल स्टोर जैसे जरूरी सामान की दुकानेंखोलने की पहले की तरह छूट जारी रहेगी। इससे पहले, दुकानें खोलने को लेकर दो दिन तक भ्रम का माहौल बना रहा।

    सोमवार को 4 लाख लीटर शराब बिक्री हुई

    मुंबई के आसपास ठाणे, कल्याण और उल्हासनगर समेत अन्य शहरों में शराब की दुकानें पूरी तरह बंद रहीं। मुंबई में कई जगहों पर भीड़ बढ़ने पर पुलिस की मदद लेनी पड़ी। सोमवार को महाराष्ट्र में 4 लाख लीटर शराब बिकी। आम दिनों में करीब 24 लाख लीटर बिक्री होती है।

    मुंबई में शराब लेने के लिए पहुंचे एक शख्स को पुलिसवाले ने समझाइश दी। यहां दुकानों पर भीड़ की वजह से कई जगह पर पुलिस को लाठीचार्ज भी करना पड़ा है।

    शराबदुकानदारों ने फैसले का विरोधकिया
    बीएमसी के शराब दुकान बंद करने के फैसले पर फेडरेशन ऑफ रिटेल ट्रेडर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष वीरेन शाह ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरेको पत्र लिखा। इसमें उन्होंनेकहा-हम मुख्यमंत्रीद्वारा गैर जरूरी उत्पादों पर दी गई राहत के बाद अब बीएमसी के ऑर्डर को देखकर हैरान हैं। हमारे एसोसिएशन और सदस्यों ने कभी किसी राहत के लिए नहीं कहा, लेकिन जब सरकार ने इस बात की घोषणा की तो हमने यह सोचकर इसे स्वीकार किया कि इससे इकोनॉमी सुधरेगी। वाइन शॉप को शुरू करने का सरकार का फैसला अच्छा विकल्प था, क्योंकि इससे सरकार को राजस्व मिलता।

    पी डिमेलो मस्जिद से कल्याण के लिए बस का इंतजार करते कुछ प्रवासी मजदूर। सरकार ने रजिस्ट्रेशन के बाद इन्हें वापस अपने राज्यों तक जाने की मंजूरी दी है।

    राज्य में पहले यह आदेशथा
    महाराष्ट्र में अर्थव्यवस्था की गाड़ी पटरी पर लाने के लिए गैर-जरूरी सामानों की बिक्री करने वाली पांच दुकानें हर रोड पर खोलने का आदेश दिया गया था। मुंबई में इस संबंधमें फैसलालेने का पूरा अधिकार कमिश्नर के पास है। कई दुकानदार तो गैर-जरूरी सामान बेचने की तैयारी कर रहे थे, इस बीच इन दुकानों को पूरी तरह से बंद करने का फैसला कर दिया गया।

    धारावी की गंगा बिल्डिंग के लोगों की जांच करने के लिए बीएमसी की स्क्रीनिंग टीम पहुंची। यहां अब तक संक्रमण के600 से ज्यादा मामले सामने आए।

    हिंगोली में 36 एसआरपीएफ जवान संक्रमित
    महाराष्ट्र में राज्य पुलिस बल (एसआरपीएफ) के 36 जवानों के अलावा एक नर्स भी कोरोना से संक्रमित पाई गई। 1 मई के बाद कोरोनासे एक दिन में सर्वाधिक जवान संक्रमित हुए हैं।सोमवार रात 22 जवानों और एक नर्स की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी।

    मुंबई के धारावी इलाके में एक संस्था द्वारा प्रवासी मजदूरों के लिए खाना बांटा गया। इस दौरान लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए दूर-दूर बैठकर खाना खाते नजर आए।

    कोरोना अपडेट
    मुंबई:
    धारावी में बुधवार को 68 नए मामले सामने आए हैं। यहां एक मरीज की मौत भीहुई है। इसके बाद इलाके में कुल 773 केस सामने आ चुके हैं और अब तक 21 लोगों की जान जा चुकी है।

    मीरा भायंदर: महानगरपालिका के उपमहापौर हसमुख गहलोत ने कहा है कि कोरोना के मद्देनजर संपत्ति और जल कर में कटौती पर विचार किया जा रहा है। इस संबंधमें जल्द ही आयुक्त से चर्चा कर विशेष बैठक बुलाने की इजाजत मांगी जाएगी। गहलोत भाजपा के नगरसेवक हैं और महासभा में भाजपा का बहुमत है।

    भिवंडी: एक सर्वेक्षण में अभी तक 1700 से अधिक हाई रिस्कवाले व्यक्तियों की पहचान की गई है। भिवंडी मनपा इलाके में अभी तक कुल 19 कोरोना संक्रमित मरीज पाए, इनमें दो मरीज ठीक होकर घर भी आ गए हैं। इसके अलावा 293 लोगों को भिवंडी-कल्याण बाईपास पर रांजनोली गांव के टाटा आमंत्रण स्थित सरकारी क्वारैंटाइन में रखा गया है और 55 लोग होम क्वारैंटाइन में हैं।

    पुणे:11 साल के बच्चे समेत पांच और मरीजों ने कोरोना संक्रमण के कारण दम तोड़ दिया। सिर्फ मंगलवार को यहां 79 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए। कुल संक्रमितों का आंकड़ा 2,201 तक पहुंच गया। वारजे-मालवाड़ी इलाके के रहने वाले 11 वर्षीय बच्चे को 3 मई को पॉजिटिव पाए जाने के बाद भर्ती करवाया गया था। कोरोना से मृत होने वाला यह संभवतः सबसे कम उम्र का मरीज है।

    मुंबई के सीएसटी रेलवे स्टेशन के बाहर सेल्फी लेता राजस्थान का रहने वाला एक प्रवासी मजदूर। यहां आम दिनों में भारी भीड़ रहती है।
    लॉकडाउनमें मिली छूट के बाद मुंबई के वेस्टर्न एक्सप्रेस-वे पर भारी भीड़ नजर आई। लॉकडाउन फेज-3 में सरकार ने कई छूट दी हैं।


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    सोमवार और मंगलवार को मुंबई की ज्यादातर दुकानों पर इसी तरह की भीड़ शराब खरीदने पहुंची थी, जिसके बाद कई जगह लाठीचार्ज भी करना पड़ा।




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    राज्य में संक्रमितों की संख्या 18 हजार पार, 24 घंटे में 43 की मौत; मुंबई की ऑर्थर रोड जेल में 77 कैदी कोरोना पॉजिटिव मिले

    महाराष्ट्र में आज कोरोना संक्रमितों की संख्या 18 हजार के पार पहुंच गई। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने बताया कि गुरुवार को 1,362 नए मामले आए हैं। अब कोरोना संक्रमितों की संख्या 18 हजार 120 हो गई है। राज्य में अब तक 651 लोगों की जान कोरोना के चलते गई है। वहीं, मुंबई की ऑर्थर रोड जेल में 77 कैदी कोरोनावायरस पॉजिटिव पाए गए हैं। जेल के 26 कर्मचारी भी संक्रमित हैं। कुल 144 लोगों का टेस्ट किया गया था।
    इस बीच, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने शाम को सर्वदलीय बैठक की। इसमें राज्य में कोरोना से लड़ने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी गई और उपायों पर चर्चा भी की गई।

    मुंबई में 24 घंटे में 680 नए संक्रमित, 25 की मौत

    मुंबई में 24 घंटे में कोरोना पॉजिटिव 680 नए केस मिले, जबकि 25 मरीजों की मौत हुई। मुंबई में अब तक कुल संक्रमित 11394 और 437 मौत हो चुकी हैं। महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटों में 1216 पॉजिटिव केस मिले। पिछले 24 घंटे में 43 मरीजों की मौत हुई। महाराष्ट्र में अब तक कुल कोरोना मरीज 17974 और 694 मरीजों की मौत हो चुकी है। मृतकों में 24 पुरुष और 19 महिलाएं शामिल हैं। 29 मरीजों में डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग और किडनी की परेशानी थी।

    मजदूरों की घर वापसी पर मंत्री ने उठाए सवाल
    स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रवासी मजदूर अपने मूल स्थानों पर लौटना चाहते हैं, उन्हें अब मेडिकल सर्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं है। उनकी सिर्फ थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी। उन्होंने बताया कि डॉक्टरों के क्लीनिक के बाहर बड़ी कतार से बचने के लिए यह फैसला लिया गया है।
    राज्य कैबिनेट मंत्री छगन भुजबल ने अपनी ही सरकार पर सवाल उठाया है। भुजबल ने कहा कि महाराष्‍ट्र से मजदूरों के पलायन की तस्वीरें राज्य सरकार के लिए अशोभनीय हैं। लॉकडाउन के संबंध में प्रशासन के विरोधाभासी आदेशों के कारण अफरा-तफरी का माहौल है।

    दादर के स्लम इलाके में सरकार की तरफ से जरूरी सामान बांटा गया।

    पश्चिम रेलवे को 716 करोड़ रुपए का नुकसान

    लॉकडाउन में ट्रेनेंबंद होने से पश्चिम रेलवे को अब तक लगभग 716 करोड़ रुपए का नुकसानहुआ है। इसमें लंबी दूरी और मुंबई लोकल दोनों के नुकसान का आंकड़ा शामिल है।पश्चिम रेलवे को करीब 237 करोड़ रुपए रिफंड करने हैं। अकेले मुंबई डिवीजन से115 करोड़ रुपए का रिफंड किया जाएगा। पश्चिम रेलवे में अब तक 37.18 लाख यात्रियों के टिकट रद्द हुए हैं।

    धारावी में लॉकडाउन के बीच बुधवार को यहां के बाजार में भीड़ नजर आई। यहां अब तक 700 से ज्यादा संक्रमित मरीज सामने आ चुके हैं।

    धारावी में 700 से ज्यादा कोरोना संक्रमित, अब तक 21 की मौत

    • एशिया की सबसे बड़ी झोपड़पट्टी धारावी में बुधवार को कोरोना मरीजों का आंकड़ा 700 को पार कर गया। 6 मई को धारावी में कोरोना के 68 नए केस पाए गए। इस तरह यहां कोरोना मरीजों की संख्या 733 तक पहुंच गई। जबकि एक व्यक्ति की मौत होने सेयहां कोरोना से मरने वालोंकी संख्या 21 हो गई।
    बीएमसीके स्वास्थ्यकर्मी गुरुवार को नायक नगर इलाके मेंजांच के लिए पहुंचे। यहां छह दिनों से लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही।

    कल्याण-डोंबिवली, अंबरनाथ से मुंबई जा सकेंगे लोग

    कल्याण-डोंबिवली, उल्हासनगर, अंबरनाथ, बदलापुर महानगरपालिका ने रोजानामुंबई जाकर काम करने वाले लोगों केशाम कोवापस आने पर रोक लगाने का फैसला रद्द कर दिया है। यह आदेश 8 मई से लागू होनाथा। फैसले पर विवाद खड़ा होने परमनपा अधिकारियों ने कहा है कि मुंबई में काम करने वाले लोगों के रहने की वहां अभीव्यवस्था नहीं हो पाई है। इस कारण से आदेश कोफिलहाल वापस लिया जाता है।

    मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक (एमटीएचएल) के सेवरी मडफ्लैट्स पर फ्लेमिंगो पक्षी बड़ी संख्या में देखे जा रहे हैं। आमतौर पर इन दिनों मेंं इनकी संख्या यहां कम ही नजर आती है।

    ऑनलाइन देख सकेंगे चिड़ियाघर

    मुंबई में लॉकडाउन के बीच भायखला स्थित वीरमाता जीजाबाई भोसले उद्यान (रानीबाग) ने एक बड़ी पहल की है। अब आप यहां रहने वाले जानवरों, पक्षियों और प्रकृति का घर बैठे आनंद ले सकते हैं। इसके लिए प्राणी उद्यान प्रशासन अपना यूट्यूब चैनल और ट्विटर लिंक जारी करेगा।



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    मुंबई के धारावी में एक क्लीनिक के बाहर प्रवासी मजदूरों की भीड़। ये सभी फिटनेस सर्टिफिकेट लेने यहां आए थे।




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    शराब तस्करी रोकने के लिए अन्य राज्यों से लगी महाराष्ट्र की सभी सीमाएं सील, अब तक पकड़ी गई 12.63 करोड़ की शराब

    लॉकडाउन के दौरान पड़ोसी राज्यों से शराब की तस्करी रोकने की कवायद में महाराष्ट्र ने उनके साथ अपनी सीमाओं को सील कर दिया है और 12 जांच चौकियों परकर्मियों को तैनात किया है। आबकारी विभाग ने यह कदम कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए लगाई पाबंदियों में ढील के बाद उठाया है, जिसमें शराब की दुकानों को फिर से खोलना शामिल है।

    एक अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि महाराष्ट्र में शराब की मांग बढ़ने पर राज्यों में संगठित गिरोहों द्वारा शराब की तस्करी की आशंका है। उन्होंने कहा,इस देखते हुए आबकारी विभाग ने पड़ोसी राज्यों के साथ लगती सीमाओं पर स्थित जिलों में उड़न दस्तों और सतर्कता टीमों को तैनात किया है।

    12 चौकियों पर बढ़ाई गई चौकसी
    उन्होंने कहा, "इस अवधि के दौरान तस्करी से बचने के लिए हमने 12 जांच चौकियों पर चौकसी बढ़ा दी है और आसपास के राज्यों के साथ सीमाओं को सील कर दिया है।" अधिकारी ने बताया कि इससे शराब की तस्करी पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन लागू होने के बाद से अब तक शराब की अवैध आपूर्ति के कम से कम 4,829 मामले दर्ज किए गए और 438 वाहनों को जब्त किया गया। इसके अलावा ऐसे मामलों में कम से कम 2,104 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

    बंद के बाद से अब तक 12.63 करोड़ की शराब जब्त
    बंद के बाद से 12.63 करोड़ रुपएकी शराब तथा अन्य सामग्री जब्त की गई है। अधिकारी ने बताया कि आबकारी विभाग ने एक नियंत्रण कक्ष बनाया है, जहां लोग शराब के अवैध निर्माण या बिक्री के संबंध में सूचना मुहैया करा सकते हैं।



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    महाराष्ट्र से दूसरे राज्यों तक जाने के लिए 12 जांच चौकियां बनाई गई हैं। इन सभी को सील कर दिया गया है।




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    मध्य प्रदेश लौटने के लिए निकले 16 मजदूरों की औरंगाबाद के पास मालगाड़ी से कटकर मौत, 40 किमी पैदल चलने के बाद थककर पटरी पर सो गए थे

    महाराष्ट्र में औरंगाबाद के पासरेलवे ट्रैक पर 16प्रवासी मजदूरों की मालगाड़ी की चपेट में आने से मौत हो गई।सभी मजदूरमध्य प्रदेश जा रहे थे। हादसा औरंगाबाद में करमाड स्टेशन के पास हुआ। घटना उस वक्त हुई, जब मजदूर रेलवे ट्रैक पर सो रहे थे। 4 घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी घटना पर दुख जताया है। मध्य प्रदेशऔर महाराष्ट्र सरकार नेमृतकों के परिजन को 5-5 लाख रु. की सहायता देने का ऐलान किया है।

    मजदूरों को पता भी नहीं चला और उनकी जिंदगी खत्म हो गई।
    हादसे के बाद स्थानीय लोग मदद के लिए आ गए।

    रेल मंत्रालय ने बताया कि घटना बदनापुर और करनाड स्टेशन के बीच की है। यह इलाका रेलवे के परभणी-मनमाड़ सेक्शन में आता है।शुक्रवार तड़के मजदूर रेलवे ट्रैक पर सो रहे थे। मालगाड़ी के ड्राइवर ने उन्हें देख लिया था, बचाने की कोशिश भी की, पर हादसा हो गया। मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

    ट्रेन पकड़ने की आस में निकले थे मजदूर
    मजदूर जालना की एसआरजे स्टील फैक्ट्री में काम करते थे। औरंगाबाद से गुरुवार को मध्य प्रदेश के कुछ जिलों के लिए ट्रेन रवाना हुई थी। इसी वजह से जालना से ये मजदूर औरंगाबाद के लिए रवाना हुए। रेलवे ट्रैक के बगल में 40 किमी चलने के बाद वे करमाड के करीब थककर पटरी पर ही सो गए। औरंगाबाद ग्रामीण एसपी मोक्षदा पाटिल ने बताया,‘‘हादसे में 14 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। बाद में 2 और ने दम तोड़ दिया। एक की हालत गंभीर है। बचे 4 अन्य लोगों से बातचीत की जा रही है।’’ मृतक मध्य प्रदेश के शहडोल और उमरिया के हैं।

    रेलवे ट्रैक पर तफ्तीश करती पुलिस।

    मजदूरों का सब बिखर गया

    सफर लंबा था, मजदूरों ने भूख मिटाने के लिए रोटियां रख लीं, लेकिन शायद खाना नसीब में नहीं लिखा था।
    रेलवे ट्रैक के पास बिखरा पड़ा मजदूरों का सामान।
    ट्रैक बिखरी मजदूरों की रोटियां, कपड़े, चप्पलों को इकट्ठा किया गया।
    मजदूरों का सामान इकट्ठा करता एक पुलिसकर्मी।

    मोदी ने दुख जताया

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर दुख जताया है। लिखा कि रेल मंत्री पीयूष गोयल से बात की। स्थिति पर नजर रखी जा रही है। हरसंभव सहायतामुहैया कराई जाएगी।

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    शिवराज सिंह का ट्वीट

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    मृतकों में 10 शहडाेल के
    1) धन सिंह गोंड (शहडोल)
    2) निर्वेश सिंह गोंड (शहडोल)
    3) बुद्धराज सिंह गोंड (शहडोल)
    4) अच्छेलाल सिंह (उमरिया)
    5) रबेंन्द्र सिंह गोंड (शहडोल)
    6) सुरेश सिंह कौल (शहडोल)
    7) राजबोहरम पारस सिंह (शहडोल)
    8) धर्मेंद्र सिंह गोंड (शहडोल)
    9) बिगेंद्र सिंह चैनसिंग (उमरिया)
    10) प्रदीप सिंह गोंड (उमरिया)
    11) संतोष नापित
    12) बृजेश भैयादीन (शहडोल)
    13) मुनीम सिंह शिवरतन सिंह, (उमरिया)
    14) श्रीदयाल सिंह (शहडोल)
    15) नेमशाह सिंह (उमरिया)
    16) दीपक सिंह गौड़ (शहडोल)
    जख्मी: सज्जन सिंह माखन सिंह धुर्वे (खजेरी)



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    हादसा बदनापुर और करमाड के बीच हुआ। मजदूर ट्रेन पकड़ने के लिए औरंगाबाद जा रहे थे।




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    दिल्ली में तबलीगी जमात के कार्यक्रम में शामिल हुए 10 इंडोनेशियाई नागरिकों को मिली जमानत

    दिल्ली में तबलीगी जमात के कार्यक्रम में शामिल होने की बात छिपाने के आरोप में गिरफ्तार किए गए 10 इंडोनेशियाई नागरिकों को यहां की एक अदालत ने शुक्रवार को जमानत दे दी। दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित तबलीगी जमात का मुख्यालय कोरोना वायरस का एक ‘हॉटस्पॉट’ बनकर उभरा था।

    जमानत पाने वाले लोगों में छह महिलाएं भी शामिल हैं। ये सभी तबलीगी जमात के सदस्य हैं और मार्च में निजामुद्दीन मरकज में हुए कार्यक्रम में शामिल हुए थे। बाद में, यह ग्रुप मुंबई पहुंचा, लेकिन अधिकारियों को यह नहीं बताया कि वे कार्यक्रम में शामिल हुए थे।

    मुंबई पुलिस ने बाद में इन लोगों का पता लगा लिया और फिर क्वारैंटाइन सेंटर में भेज दिया था, जिसकी अवधि पूरी होने के बाद इन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। उपनगर बांद्रा स्थित अदालत से जमानत न मिलने पर इन लोगों ने सत्र अदालत में जमानत याचिका दायर की। कोरोना वायरस संबंधी जांच में ये सभी लोग संक्रमणमुक्त पाए गए। याचिका के तमाम पहलुओं पर विचार करने के बाद अदालत ने उन्हें जमानत दे दी।

    22 दिनों तक छिपते रहे ये लोग
    ये विदेशी नागरिक सात मार्च को मुंबई पहुंचे और 29 मार्च को अपार्टमेंट में रहने लगे। इसका मतलब यह हुआ कि वह 22 दिन तक घूमते रहे। उन्होंने बताया, 'चिकित्सीय जांच में 12 में से दो लोगों में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई। इसके बाद दस अन्य को 20 दिन के क्वारैंटाइन कक्ष में भेज दिया गया।' उन्हें 23 अप्रैल को अदालत में पेश कर बांद्रा पुलिस ने रिमांड में लिया था।



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    दिल्ली से वापस लौटने के बाद ये बांद्रा पश्चिम में एक अपार्टमेंट में रह रहे थे-फाइल फोटो




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    यस बैंक घोटाला में गिरफ्तार वधावन भाइयों की सीबीआई हिरासत को 10 मई तक बढ़ाया गया

    यस बैंक घोटाले के आरोप में गिरफ्तार दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (डीएचएफएल) और आरकेडब्ल्यू डेवलपर्स के प्रमोटर्स, वधावन भाइयों की सीबीआई हिरासत को 10 मई तक बढ़ा दिया गया है। सीबीआई ने उन्हें पिछले महीने महाराष्ट्र के महाबलेश्वर से गिरफ्तार किया था।

    शुक्रवार को दोनों भाइयों को मुंबई की स्पेशल कोर्ट में पेश किया हया था। सीबीआई की ओर से अदालत में दलील दी गई कि साजिश का खुलासा करने के लिए और कपूर के साथ उनके संबंधों का पता लगाने के लिए आगे भी छानबीन करने की जरूरत है। जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।

    यह है दोनों भाइयों पर आरोप
    अधिकारियों ने बताया कि वधावन बंधुओं को कपूर और अन्य द्वारा की गई बैंकिंग धोखाधड़ी के सिलसिले में सीबीआई की प्राथमिकी में नामजद किया गया है। जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि कपूर (62) ने खुद को और अपने परिवार को उनके मालिकाना हक वाली कंपनियों के मार्फत अनुचित फायदा पहुंचाने के एवज में यस बैंक के जरिये डीएचएफएल को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई थी। सीबीआई की प्राथमिकी के मुताबिक यह घोटाला अप्रैल से जून 2018 के बीच हुआ था, जब यस बैंक ने घोटाला प्रभावित डीएचएफएल के अल्प अवधि के ऋणपत्र में 3,700 करोड़ रुपये निवेश किये थे। इसके एवज में वधावन ने कथित तौर पर कपूर और उनके परिवार के सदस्यों को ऋण के रूप में 600 करोड़ रुपये की कथित तौर पर रिश्वत दी थी। सीबीआई के अलावा प्रवर्तन निदेशालय भी यस बैंक घोटाले के सिलसिले में दोनों भाइयों की भूमिका की जांच कर रहा है।



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    अदालत में पेशी के लिए जाते हुए धीरज और कपिल बधावन। इन्हें महाबलेश्वर से सीबीआई ने गिरफ्तार किया था।




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    150 रोटियां और चटनी लेकर चले थे 20 मजदूर, 16 के लिए आखिरी सफर बन गया; आंख खुली तो करीब रोटी और दूर लाशें दिखीं

    जालना की एक सरिया फैक्ट्री। 45 दिन पहले लॉकडाउन के चलते यह बंद हो गई। रोज कमाने-खाने वाले मजदूरों को दो वक्त की रोटी के लाले पड़ गए। ज्यादातर यूपी, बिहार और मध्य प्रदेश के थे। नाम की जमापूंजी थी। किसी तरह महीनाभर काम चलाया। फिर सामाजिक संगठनों और सरकार के भरोसे। पेट भरने की ये मदद दो या तीन दिन में एक बार ही नसीब हो रही थी। इस बीच एक खबर आई। पता लगा कि सरकार दूसरे राज्यों के मजदूरों को घर भेजने के लिए औरंगाबाद या भुसावल से कोई ट्रेन चलाने वाली है।

    जालना से औरंगाबाद की दूरी 50 किमी है। मध्य प्रदेश के 20 मजदूर रेलवे ट्रैक से सफर पर निकल पड़े। पास कुछ था तो बस, 150 रोटियां और एक टिफिन चटनी। 16 के लिए यहयात्रा, अंतिम यात्रा साबित हुई।

    सफर का सहारा : 150 रोटियां और एक टिफिन चटनी

    मजदूरों ने सोचा, घर पहुंच जाएंगे। गुरुवार शाम मिलकर 150 रोटियां बनाईं। एक टिफिन में चटनी भी थी। ताकि, सूखी रोटी मुंहसे पेट तक का सफर आसानी से कर सके। कुछ देर बाद सब भुसावल के लिए निकल पड़े। सभी की उम्र 21 से 45 साल के बीच थी। कुछ शहडोल के थे तो कुछ कटनी के। औरंगाबाद जिले के करमाड तक पहुंचे तो रात गहरी हो चली थी। सोचा, खाना खाकर कुछआराम कर लिया जाए।

    फिर सभी की नींद लग गई, कुछ की कभी नहीं खुलेगी

    सज्जन सिंह इसी जत्थे में शामिल थे। वो बच गए। कहते हैं, “भूख लगी थी साहब। ट्रैक पर ही बैठकर खाना खाने लगे। हमें वो साफ और सुरक्षित लगा। खाना खत्म हुआ। कुछ चाहते थे कि सफर फिर शुरू किया जाए। कुछ का दिल कर रहा था कि थोड़ा सुस्ता लिया जाए। सहमति आराम करने पर बनी। भूखे पेट को रोटी मिली थी। इसलिए, पटरी का सिरहाना और गिट्टियां भी नहीं अखरीं। सो गए। नींद खुली तो भयानक मंजर था। मेरे करीब इंटरलाल सो रहा था। उसने मुझे खींच लिया। मैं जिंदा हूं।”

    हादसा कितना भयावह था। ये तस्वीरें बयान करती हैं।

    इसलिए हुई गलती

    सज्जन आगे कहते हैं, “आंख खुली तो होश आया। देखा मेरा बैग ट्रेन में उलझकर जा रहा है। हमने सोचा था कि ट्रेनें तो बंद हैं। इसलिए, ट्रैक पर कोई गाड़ी नहीं आएगी। आसपास झाड़ियां थीं। लिहाजा, ट्रैक पर ही झपकी का ख्याल आया। ट्रेन जब रुकी तब तक तो सब खत्म हो चुका था। 16 साथियों के क्षत विक्षत शव ट्रैक पर पड़े थे। किसी को पहचान पाना मुश्किल था।”

    लोगों से मदद मांगी
    सज्जनके मुुताबिक, “ पहले तो लगा कि कोई बुरा सपना देखा है। पल भर में हकीकत पर यकीन हो गया। 20 में से चार जिंदा बचे। डर को थोड़ा दूर किया।ट्रैक से कुछ दूर बने एक घर पहुंचे। मदद मांगी। उन्होंने पानी पिलाया। फिर पुलिस को जानकारी दी।”

    अपनों का सामना कैसे करूंगा मैं
    आधे घंटे बाद पुलिस पहुंची। उसने अपना काम शुरू किया। रुंधे गले को संभालकर और भीगी आंखों को पोंछकर वीरेंद्र शांत आसमान की तरफ देखते हैं। फिर कहते हैं, “जिन लोगों के साथ कुछ घंटे पहले बैठकर रोटी खाई थी। अब उनकी लाशें मेरे सामने हैं। कुछ तो मेरे बहुत करीबी दोस्त थे। अब, क्या कहूंगा उनके घरवालों से? कैसे सामना करूंगा उनका? मेरा फोन, बैग सब गायब हैं। पीठ में चोट है। ये जख्म भर जाएगा। लेकिन, दिल में जो नासूर पैदा हो गया है, वो तो लाईलाज रहेगा। ताउम्र।”



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    महाराष्ट्र के औरंगाबाद में रेल हादसे के बाद ट्रैक पर बिखरी मजदूरों की ये रोटियां बहुत कुछ कहती हैं।




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    Trump says up to 100,000 Americans may die from coronavirus

    The president once again raised his forecast for how many Americans may die from COVID-19 as the toll continues to climb. This report produced by Zachary Goelman.




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    GM sets May 18 North American restart, profit falls 88%

    General Motors on Wednesday outlined plans for a May 18 restart of most of its North American plants shut down by the coronavirus pandemic as it reported a huge plunge in first-quarter profit. This report produced by Yahaira Jacquez.




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    डूंगरपुर के पॉजिटिव पिता-पुत्र की तबीयत नियंत्रण में, दुबई से लौटी युवती सहित 12 संदिग्ध भर्ती

    उदयपुर। एमबी अस्पताल के कोरोना वार्ड में भर्ती डूंगरपुर के कोरोना पॉजिटिव पिता-पुत्र की तबीयत नियंत्रण में है। एमबी अस्पताल अधीक्षक डॉ. आरएल सुमन ने बताया कि इन दाेनाें को अभी तक श्वांस लेने में कोई परेशानी नहीं है। कोरोना पॉजिटिव से निगेटिव में बदला प्रतापगढ़ का दंपती भी सुपर स्पेशियलिटी के अलग वार्ड में भर्ती है।

    इनकी दूसरी जांच रिपोर्ट भी निगेटिव आई है। इन्हेंसोमवार को डिस्चार्ज कर सकते हैं। यहघर जाकर 14 दिन तक क्वारेंटाइन रहेंगे। इसके बाद भर्ती होने की तारीख से 28 दिन तक जिला-पुलिस-चिकित्सा विभाग की निगरानी में रहेंगे। रविवार को सुपर स्पेशियलिटी विंग में उदयपुर के चार कोरोना संदिग्धों को भर्ती किया गया है।

    इसमें दुबई भ्रमण से लौटी शक्तिनगर निवासी 21 वर्षीय युवती, मुंबई से आए 21 वर्षीय युवक, नागपुर से लौटे 38 वर्षीय युवक सहित शहर का एक अन्य युवक शामिल हैं। इन चारों संदिग्धों की रिपोर्ट सोमवार को आएगी। फिलहाल सुपर स्पेशियलिटी विंग में 12 कोरोना संदिग्ध मरीज भर्ती हैं।

    इनमें से 8 संदिग्ध पहली रिपोर्ट में कोरोना निगेटिव निकले हैं। अस्पताल से छुट्टी दूसरी रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद ही मिलेगी। इन्हें बुखार-खांसी-जुकाम जैसे लक्षणों और बाहर से आने के चलते भर्ती किया गया है। इस दिन उदयपुर के 4, डूंगरपुर के 18, प्रतापगढ़ के 3, सिरोही के 4 और जोधपुर के 3 सहित 33 कोरोना संदिग्धों की जांच की गई और सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है।

    चित्रकूट नगर में 100 करोड़ की लागत से बना 100 बैड्स का ईएसआईसी अस्पताल भी अधिगृहीत किया जिला आपदा प्रबंध प्राधिकरण अध्यक्ष और कलेक्टर आनंदी ने कोरोना वायरस महामारी की रोकथाम के लिए अब चित्रकूट नगर स्थित करीब 100 करोड़ की लागत से नवनिर्मित 100 बैड्स के ईएसआईसी अस्पताल को अधिगृहीत करने के आदेश जारी किए हैं।

    इसमें तैनात सभी चिकित्सा स्टाफ को मय संसाधनों के अधिगृहीत कर लिया है। जो चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग उदयपुर के निर्देशानुसार कार्य करेंगे। विशेषज्ञ चिकित्सकों का कहना है कि अगर उदयपुर में कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों की संख्या ज्यादा हुई तो यह ईएसआईसी अस्पताल कारगर साबित होगा। संभागीय आयुक्त विकास एस भाले ने इसे अधिगृहीत करने का सुझाव दिया है।

    आदेश-सभी 37 हजार लोग होम क्वारेंटाइन रखें खुद को, वरना अब होगी सख्त कार्रवाई
    कलेक्टर आनंदी ने फिर सभी एएसडीआो को आदेश दिए हैं कि होम क्वारेंटाइन के निर्देशों की पालना नहीं करने वालों को संस्थागत क्वारेंटाइन किया जाएगा। जिलेभर में विदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली, झुंझुनूं, भीलवाड़ा व अन्य संक्रमित शहरों से आने वाले 37 हजार से ज्यादा संदिग्धों पर पुलिस भी नजर रख रही है।

    आदेश की पालना नहीं करने वाले लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई अलग से की जाएगी। कलेक्टर आनंदी काे कहना है कि होम क्वारेंटाइन किए गए लोग भले ही स्वस्थ हैं, लेकिन घरों में भी 14 दिन तक अपने परिजनों से भी सोशल डिस्टेंस बनाए रखें, क्योंकि कोरोना वायरस के लक्षण 14 दिन के अंदर उभरते हैं तब तक वायरस एक स्वस्थ दिखने वाले संक्रमित व्यक्ति से दूसरे स्वस्थ व्यक्ति में चला जाता है।

    अब आरएनटी में संभागभर के पीड़ितों का इलाज होगा
    चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग निदेशालय ने आदेश जारी किए हैं कि अब प्रदेशभर के सभी कोरोना पीड़िताें का इलाज संभाग मुख्यालय स्थित मेडिकल कॉलेज स्तर के बड़े अस्पतालों में किया जाएगा। अब आरएनटी मेडिकल कॉलेज में उदयपुर, राजसमंद, प्रतापगढ़, बांसवाड़ा, डूंगरपुर और चित्तौडग़ढ़ के कोरोना संक्रमितों का इलाज करना होगा। अब पाली, सिरोही, जालौर, बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर के रोगियों का इलाज डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज जोधपुर में किया जाएगा।



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    3 अप्रैल से 10 दिन तक कोई घर से बाहर न निकले, मीडिया के कर्फ्यू पास भी होंगे कैंसिल; कुल आंकड़ा 26 पहंचा

    भीलवाड़ा. सोमवार को भीलवाड़ा में कोरोना पॉजिटिव लोगों की संख्या 26पहुंच गई। यहां आज 40 साल के एक व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। जिन्होंने बांगड़ अस्पताल के ओपीडी में भर्ती थे।इससे पहले रविवार सुबह भी कॉरोना पॉजिटिव केस सामने आया था। जो भीलवाड़ा की 53 साल की महिला है। जिस महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव मिली है वो भी बांगड़ अस्पताल में भर्ती थी। जिनका बांगड़ अस्पताल की आईपीडी में डॉक्टर द्वारा इलाज किया जा रहा था। इनके हार्ट की एंजियोप्लास्टी की गई थी। वहीं कोरोनावायरस की दहशत के बीच राजस्थान के भीलवाड़ा ने इच्छाशक्ति के दम पर बड़े स्तर पर संदिग्धों की स्क्रीनिंग का नया माॉडल देश के सामने पेश किया है। उसने महज 9 दिन में 6 हजार टीमें लगाकर जिले के 24 लाख लोगों की स्क्रीनिंग कर दी है।

    भीलवाड़ा में 3 से 13 अप्रैल तक लगेगा महा कर्फ्य़ू, मीडिया पर भी बाहर निकलने पर रोक
    भीलवाड़ा में कोरोना के खिलाफ जिला प्रशासन का बड़ा कदम उठाने जा रही है। जिला कलेक्टर राजेंद्र भट्ट ने जानकारी दी की भीलवाड़ा शहर में 3 अप्रैल से 13 अप्रैल की रात 12:00 बजे तक रहेगा महा कर्फ्यू रहेगा। इस दौरान मीडिया विभिन्न संगठनों को जारी कर्फ्यू पास भी मान्य नहीं होंगे। भट्ट ने सभी से अपील की है कि इस अवधि में सभी घर में रहे और एक कदम भी बाहर ना रखें अन्यथा फिर पुलिस अपना काम करेगी। एक टाइम टेबल जारी किया जाएगा। जिसमें लिखा होगा की आपके एरिया में सब्जी और जरूरत के सामान की वेन कब आएगी। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग रखते हुए सामान लें। घर से बिल्कुल बाहर नहीं निकलें।

    यह कवायद 19 मार्च को उस समय शुरू की गई थी, जब एक साथ छह लोग पॉजिटिव मिले। तब हालात नियंत्रित करना प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती था। तब कलेक्टर राजेंद्र भट्ट ने ऊपर से आदेश का इंतजार किए बिना स्थिति को काबू करने के लिए कर्फ्यू लगा दिया। दूसरे ही दिन जिले की सीमाएं सील करते हुए 14 एंट्री पॉइंट्स पर चेक पोस्ट बनाई, ताकि कोई भी शहर से न बाहर जा सके और न अंदर आ सके। फिर जिले में एक-एक व्यक्ति की स्क्रीनिंग की तैयारी की। इस पर अमल के लिए 6 हजार टीमें बनाईं और पूरे जिले में स्क्रीनिंग शुरू कर दी। तब से महज 9 दिन यानी रविवार तक इन टीमों ने जी-जान लगाकर 24 लाख लोगों की स्क्रीनिंग कर ली। यह देश के किसी भी शहर में की गई अब तक की सबसे बड़ी स्क्रीनिंग है। स्क्रीनिंग के दौरान करीब 18 हजार लोगों में सर्दी-जुकाम के लक्षण पाए गए। इनकी जांच के लिए दूसरा चरण सोमवार को शुरू किया जाएगा। वैसे शहर में अब तक 25 मामले सामने आए हैं। इनमें से 7 लोग स्वस्थ हो चुके हैं, जबकि दो लोगों की मौत हुई।

    ऐप से निगरानी, बाहर निकलते ही पुलिस को जा रहा है अलर्ट
    क्वारेंटाइन के लिए संदिग्धों को थ्री स्टार होटल और रिजॉर्ट तक में रखा गया। कई जगह तो हर कमरे के लिए अलग गार्डन भी है। घर में क्वारेंटाइन 6445 लोगों की ऐप से निगरानी की जा रही है। सभी लोगों के मोबाइल में एप है। इस पर संबंधित व्यक्ति रोज दोपहर 12 बजे तक अपनी स्थिति अपडेट करता है। क्वारेंटाइन शख्स या घर का कोई भी सदस्य बाहर निकलता है तो तुरंत कंट्रोल रूम में अलर्ट जाता है। हालात बिगड़ने की आशंका से 13,100 बेड और तैयार करवाए जा रहे हैं।

    शहर छोड़कर दूसरे जिलों में भाग गए लोग

    भीलवाड़ा में संक्रमण का पहला केस बांगड़ अस्पताल के एक डॉक्टर में आया था। डॉक्टर अपने सऊदी से आए दोस्तों से मुलाकात के दौरान संक्रमित हुआ था। डॉक्टर को संक्रमण का पता नहीं था और वह लगातार हॉस्पिटल में आकर मरीजों को देखता और इलाज करता रहा। यहां संक्रमण के जो 24 केस आए हैं, वह सभी हॉस्पिटल से जुड़े हुए हैं यानी हॉस्पिटल के कर्मचारी हैं या फिर मरीज और उनके परिजन संक्रमित मिले हैं। संक्रमण का मामला सामने आने के बाद सरकार ने भीलवाड़ा की सीमाएं सील कर दी। इसके बावजूद कोरोना के खौफ के कारण बड़ी संख्या में यहां के लोग भागकर दूसरे जिलों में जा चुके हैं, उनसे भी कम्यूनिटी इंफेक्शन का खतरा है।

    कोरोना के डर के कारण रात को सो भी नहीं पा रहे लोग
    भीलवाड़ा कोरोना संक्रमण के लिहाज से देश का सबसे संवेदनशील जिला हो गया है। यहां जिन दो बुजुर्गों की मौत हुई है उस इलाके के लोग डरे हुए हैं। वह रात को सो नहीं पा रहे हैं। कारण यह है कि जब बुजुर्ग बीमार थे, तब उनका हाल-चाल लेने के लिए आसपास के लोग उनके घर गए थे। बाद में उनके कोरोना पॉजिटिव होने का पता चला। अब दोनों मृतकों के दो-दो परिजनों की कोरोना रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। इलाके के लोग अपने बच्चों को लेकर बहुत सहमे हुए हैं। उनको कोरोना संक्रमण फैलने का डर सता रहा है। इसलिए पुलिस ने दोनों एरिया को पूरी तरह सील कर दिया है।

    पूरे शहरी क्षेत्र को किया जा रहा सैनिटाइज

    भीलवाड़ा नगर परिषद की ओर से सोडियम हाईपोक्लोराइड का छिड़काव शहर में किया जा रहा है। इसके साथ कोरोना पॉजीटिव की मौत होने को लेकर एमजी अस्पताल, उसके मकान और आसपास क्षेत्र को फिर से सैनिटाइज करने के लिए छिड़काव किया गया। सभापति मंजू चेचाणी ने बताया कि शहर में जहां भी कोरोना पॉजीटिव मिले हैं उन कॉलोनियों में सुबह-शाम स्प्रे किया जाएगा।



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    भीलवाड़ा तैनात चिकित्साकर्मी।




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    सर्दी, जुकाम और बुखार की शिकायत वाले 18 हजार लोगों का घर जाकर किया जाएगा इलाज

    राजस्थान में भीलवाड़ा कोरोना का एपिसेंटर बन गया है। जिसे कोरोनाजोन भी कहा जा रहा है। यहां अब तक सबसे ज्यादा 26 मामले सामने आए हैं। जो सभी यहां केबांगड़ अस्पताल से जुड़े हैं। भीलवाड़ा में सबसे पहला संक्रमित बांगड़ हॉस्पिटल का डॉक्टर मिला था।अब संक्रमण की चेन को तोड़ने क लिए यहां तीन से 13 अप्रैल तकमहा कर्फ्यू लगाया जाएगा। मंगलवार से इसकी तैयारी शुरू हो गई है।हर कॉलोनी की सभी सीमाएं सील की जा रही हैं। हर बस्ती के बाहर बेरिकैडिंग की जा रही है। रेलवे स्टेशन चौराहे और बाजार के चारों तरफ रोड पर बल्ली लगाकर बंद कर दिया गया है। मंगलवार को प्रदेश के डीजीपी भी यहां पहुंचे थे।

    इस बीच भीलवाड़ा मेंघर-घर का सर्वे भी जारी है। सर्वे का दूसरा चरण शुरू हो चुका है। इस बार का सर्वे पिछले से अलग होगा। इस बार उन 18 हजार लोगों का सर्वे के साथ ही इलाज किया जाएगा, जो पिछले सर्वे में सर्दी, जुकाम, बुखार से पीड़ित मिले थे। इन्हें वापस सर्वे में शामिल करेंगे। इस बार सर्वे में पूछने के साथ ही इलाज के लिए नजदीकी डिस्पेंसरी या फिर पीएचसी ले जाया जाएगा। इससे सामान्य सर्दी, जुकाम और बुखार को ठीक करने के साथ ही किसी तरह के संदिग्ध होने पर पहचान भी आसान हो सकेगी। पिछले सर्वे में 6 हजार टीमें 24 लाख लोगों की स्क्रीनिंग 9 दिनों में हुई थी। इस दौरान पूरे जिले के लोगों में घर घर जाकर लोगों से जानकारी जुटाई गई थी। ताकि कोरोना प्रभावित, संदिग्धों और सामान्य बीमारों की पहचान हो सके। पहले सर्वे हिट रहा और प्रदेश भर में जिले के प्रशासन और चिकित्सा विभाग की सराहना की गई।

    अच्छी खबर: अब तक 11 पॉजिटिव रोगियों की रिपोर्ट आ चुकी नेगेटिव

    भीलवाड़ा में डर और दशहत के बीच एक राहत भरी खबर है। यहां हॉस्पिटल के आइसोलेश वार्ड में भर्ती चार और मरीज की कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आई है। इन चार को मिलाकर अब तक 11 पॉजिटिव मरीजों की रिपोर्ट नेगेटिव हो चुकी हैं। इन 11 मरीजों में 9 मरीज भीलवाड़ा के आइसोलेशन वार्ड में और दो जयपुर के एसएमएस हॉस्पिटल में भर्ती हैं। इन सभी मरीजों को जनरल वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। एमजी हॉस्पिटल के पीएमओ डॉक्टर अरुण गौड़ ने बताया कि इनकी एक और जांच नेगेटिव आने के बाद इनको हॉस्पिटल से डिस्चार्ज कर दिया जाएगा और होम आइसोलेशन में रखकर इनकी निगरानी की जाएगी।

    रिसर्च - भीलवाड़ा में काेराेना के नए केस मिलने की रफ्तार 333% राजस्थान में 233, झुंझुनूं में 133
    काेराेनाेजाेन भीलवाड़ा और राजस्थान में काेराेना संक्रमिताें की तेजी से बढ़ती संख्या ने सरकार काे चिंता में डाल दिया है। काेराेना वायरस से प्रदेश में सबसे ज्यादा प्रभावित भीलवाड़ा में पिछले 10 दिनाें में 333 फीसदी की रफ्तार से संक्रमण फैला। वहीं झुंझुनं में संक्रमण फैलने की रफ्तार 133 फीसदी रही। पूरे राजस्थान में संक्रमण फैलने की रफ्तार 233 फीसदी है जाे कि भीलवाड़ा से काफी कम है। जिस गति से भीलवाड़ा, झुुंझुनूं में पाॅजिटिव मरीज बढ़ रहे हैं उससे कहा जा सकता है कि यदि लाेग कुछ दिनाें तक और घराें में नहीं रहे ताे अभी और मुश्किलें आने वाली हैं, क्याेंकि भीलवाड़ा में काेराेना वायरस तीसरी स्टेज में चल रहा है और अब यह कम्यूनिटी स्टेज में पहुंच सकता है।



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    भीलवाड़ा में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे लोग।




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     आरएसबीसीएल बना रही सेनेटाइजर, 180 एमएल की बोटल 37.50 रुपए की

    (विपिन सोलंकी)कोरोना वायरस के आने के बाद से बाजारों में सेनेटाइजर की कमी है। बड़े ब्रांड्स के सेनेटाइजर भी बाजार में बमुश्किल मिल रहे हैं। साथ ही घटिया क्वालिटी के सेनेटाइजर और महंगे दामों में बेचे जाने की शिकायतों के बीच राहत भरी खबर है। उदयपुर स्थिबत सरकारी कंपनी राजस्थान स्टेट बीवरेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (आरएसबीसीएल) और निजी कंपनी यूनाइटेड स्प्रिट लिमेटेड ने सेनेटाइज का उत्पादन शुरू किया है। दोनों की ब्रीकी गुरुवार से शुरू हुई।

    आबकारी डीओ हेंमेंद्र सिंह ने बताया कि दोनों कंपनियों के उदयपुर के मादड़ी स्थित प्लांट में सेनेटाइजर का प्रोडक्शन चालू है। आरएसबीसीएल 400 पेटी सेनेटाइइजर डेली बनारहीहै।आरएसबीसीएलमेडिकल कॉलेज और अस्पताल को डेली 25 पेटी सेनेटाइजर उपलब्ध करा रहीहै। वहीं मेडिकल स्टोर्स को पांच पेटी, पंजीकृत संस्थाओं को 25 पेटी, गैर पंजीकृत संस्थाओं को पांच पेटी सेनेटाइजर उपलब्ध करा रहा है। हर पेटी में 180 एमएल की 48 बोटल हैं। इनकी कीमत है 37.50 रुपए प्रति सेनेटाइजर है। वहीं बाजार में इसकी कीमत 50 रुपए प्रति बोटल है।

    आरएसबीसीएल द्वारा बनाया गया सेनेटाइजर।



    इसके अलावा यूनाइटेड स्प्रिट लिमिटेड यूएसएल भी सेनेटाइजर बना रही है। यहां अभी तक 35 हजार लीटर सेनेटाइजर का प्रोडक्शन किया गया है। यहां कोर्पोरेट सोशल रेस्पांसिबिलिटी (सीएसआर) के तहत प्रोडक्शन किया गया है, यानी यह सेनेटाइजर निशुल्क दिया जा रहा है।

    सीएसआर के तहत उदयपुर, जयपुर, भीलवाड़ा, अजमेर और जोधपुर स्थित सरकारी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेज और उदयपुर स्थित सेना की छावनी में पांच-पांच हजार लीटर सेनेटाइजर उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं सिरोही, जालौर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर और प्रतापनगर मेडिकल कॉलेज में एक-एक हजार लीटर सेनेटाइजर इस फंड के तहत दिया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार दोनों ही कंपनियों के सेनेटाइज अच्छी क्वालिटी के हैं।

    यूनाइटेड स्प्रिट लिमिटेड यूएसएल दुवारा बनाया गया सेनेटाइजर फ्री उपलब्ध कराया जा रहा है।


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    Udaipur Coronavirus Outbreak Live | Rajasthan Udaipur Coronavirus Lockdown Latest Today News, Coronavirus COVID-19 Cases In Rajasthan Udaipur Live Updates




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    चार एक्सपर्ट, चार स्पेशलिस्ट, 11 लैब टेक्नीशियन की टीम सुबह 8 से रात 2 बजे तक लैब में कर रही है सैंपल्स की जांच

    (गिरीश शर्मा)जहां लोग कोरोना केनाम से डर रहे हैं वहीं आरएनटी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी डिपार्टमेंट के चार वैज्ञानिक, चार विशेषज्ञ चिकित्सक, 11 लैब तकनीशियन सहित 19 लोगों की टीम लैब में कोरोना के सैंपलों की जांच में जुटी है। यह टीम रोज सुबह आठ से रात दोबजे तक इस काम में बड़ी शिद्दत से जुटी रहती है।

    टीम अब तक उदयपुर के 117 सहित प्रदेश के 13 जिले के साथ-साथ महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के 522 कोरोना संदिग्ध मरीजों के नमूनों की जांच कर चुकी है। इनमें से प्रतापगढ़ के दंपती, डूंगरपुर के दादा-पिता-पुत्र सहित पांच रोगियों में कोरोना वायरस की पुष्टि कर चुकी है।

    कोरोना के खतरनाक संक्रमण से बचने के लिए टीम पीपीई किट पहनकर निगेटिव चैंबर में कोरोना वायरस के आरएनए की जांच करती है। टीम का कहना है कि जब सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आती है तो हमें बहुत खुशी होती है। हम सभी दिल से चाहते हैं कि कोई भी इस खतरनाक वायरस का शिकार ना हो।

    जैसे कुछ लोगों के नमूने पॉजिटिव आए हमें बड़ी निराशा हुई, लेकिन रिपीट टेस्ट में निगेटिव होने पर सुकून मिला। टीम ने बताया कि हमारे परिवार वाले भी हमारे जॉब को लेकर चिंतित रहते हैं, लेकिन उन्हें भी हमारे जॉब पर गर्व है। परिवार को लेकर हम घर पर भी काफी एहतियात बरतते हैं। परिवार की हिम्मत ही हमारी असली ताकत है।

    जोखिम इतना कि नमूनों की जांच में कदम-कदम पर बरतना होता है एहतियात
    विभागाध्यक्ष डॉ. अंशु शर्मा और इंचार्ज डॉ. सुशील कुमार साहू बताते हैं कि सबसे पहले चिकित्सक कोरोना संदिग्ध मरीजों के थ्रोट स्वाब के नमूने लेकर जांच कराने लैब में भेजते हैं। इन नमूनों की आर्टीथीसिया तकनीकी के आधार पर कोरोना वायरस के आरएनए की जांच करते हैं।

    सबसे पहले निगेटिव चैंबर में सैंपल के वायरस को कैमिकल्स से उसके विभिन्न अवयवों में विभाजित करते हैं। इसके बाद वायरस के आरएनए को बाहर निकालते हैं। मास्टर मिक्स के साथ आरएनए को मिलाकर रियल टाइम पीसीआर मशीन में उसका कई गुणा एम्लिफिकेशन यानी बहुगुणित करने का काम करते हैं। इस पूरी प्रक्रिया में चार से साढे चार घंटे का समय लगता है। निगेटिव प्रेशर रूम वहीं व्यक्ति प्रवेश कर सकता है जो सैंपल की उस समय जांच करता है। ना मोबाइल, ना ही किसी अन्य सामान को ले जाने की अनुमति है।

    यह टीम कर रही इस वायरस की जांच
    आरएनटी की लैब में कोरोना वायरस की जांच करने वालों में विभागाध्यक्ष डॉ. अंशु शर्मा, इंचार्ज डॉ. सुशील कुमार साहू, असिस्टेंट इंचार्ज डॉ. किरण मीणा, डॉ. संध्या मिश्रा, साइंटिस्ट डॉ. संगीता, डॉ. सुभांगी, डॉ. नीतेश चौहान, डॉ. शैलेश और लैब तकनीशियन जमना लौहार, रामकृष्ण टेलर, महेश लौहार, मनोज्ञ जोशी, जगदीश, श्रवण, राधाकृष्णा, नीतेश, विशाल पाटीदार, अजय प्रजापत, इंद्रजीत यादव शामिल हैं।

    सर्वाधिक उदयपुर के 117, राजसमंद के 83, प्रतापगढ़ के 50 नमूने जांचे
    यह टीम उदयपुर के 117, राजसमंद के 83, प्रतापगढ़ के 50, डूंगरपुर के 105, चित्तौडग़ढ़ के 68, सिरोही के 53, भीलवाड़ा के 16, बांसवाड़ा के 17, जोधपुर के 3, चुरु के 1, टोंक के 1, महाराष्ट्र के 3 मध्यप्रदेश के 3 सहित 522 मरीजों के जांच नमूने जांच चुकी है।



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    यह टीम कर रही इस जानलेवा वायरस की जांच।




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    तीन दिन से एक भी पॉजिटिव केस नहीं आया, यहां 26 संक्रमितों में से अब 13 की रिपोर्ट निगेटिव आई

    राजस्थान में भीलवाड़ा कोरोना का एपिसेंटर बना हुआ था। दो दिन पहले यानी सोमवार तक राज्य में संक्रमण के सबसे ज्यादा 26 मामले यहीं पर थे। लेकिन, सरकार की सख्ती के चलते अब यहां के हालात बदले हुए नजर आ रहे हैं। तीन दिनों से यहां संक्रमण का एक भी मामला सामने नहीं आया है। हालांकि, अभी खतरा कम नहीं हुआ है, जिसके चलते प्रशासन ने यहां 3 से 13 अप्रैल तक महा कर्फ्यू लगाने की घोषणा की है। इसके लिए शहर की सभी गलियों और कालोनियों की बैरिकेडिंग की जा रही है। स्थिति यह रहेगी कि लोग एक गली से दूसरी गली में भी नहीं जा सकेंगे।

    पहलेदोअच्छी खबर:

    1847 में से 1515 की रिपोर्ट निगेटिव:भीलवाड़ा में जबसे संक्रमण का मामला शुरू हुआ है तब से अब तक कुल 1847 सैंपल जांच के लिए भेजे गए। इनमें से 1515 की रिपोर्ट की निगेटिव आई है। जबकि 306 की रिपोर्ट आना बाकी है।26 सैंपल की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। यहां संक्रमण के बांगड़ हॉस्पिटल के डॉक्टर से फैला था। ऐसे में कम्युनिटी स्प्रेड की आशंका बन रही थी। लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हुआ है। जो लोग पॉजिटिव आए हैं वह सभी हॉस्पिटल का स्टाफ हैं या मरीज और उनकेपरिजन हैं।

    26 संक्रमितों में से 13 की रिपोर्ट निगेटिव: शहर में संक्रमण के अब तक 26 मामले सामने आए हैं। इनमें से इलाज के बाद 13 की कोरोनारिपोर्ट निगेटिव आई है। इन सभी कोआइसोलेशन वार्ड से जनरल वार्ड में शिफ्ट कर दिया है। वहीं दो की मौत हो चुकी है। अब 11 पॉजिटिव बचे हैं।इनमें सात भीलवाड़ा और चार जयपुर में भर्ती हैं। बाकी का इलाज चल रहा है। डॉक्टरों को उम्मीद है कि जल्द रिकवर कर लेंगे।

    कैसे किया नियंत्रण:
    निजी वाहनों को बंद किया गया: भीलवाड़ा में 20 मार्च को संकमण का पहला केस डॉक्टर मेंमिला था। अगले दिन उसी अस्पताल के तीन डॉक्टर और स्टाफ में संक्रमण की पुष्टि हुई थी। इसके बाद पूरे शहर मेंकर्फ्यू लगा दिया गया। पब्लिक ट्रांसपोर्ट को पूरी तरह से बंद कर दिया। इसमें रोडवेज बस से लेकर ऑटो-रिक्शा, टैक्सी सभी शामिल थी।
    छह हजार से ज्यादा लोगों को आइसोलेशन में रखा गया: डॉक्टर से संक्रमण फैलने का पता चलते ही हॉस्पिटल का स्टॉफ, उनके परिवार वाले, जो मरीज हॉस्पिटल में आए थे, उनके परिजन सभी की स्क्रीनिंग की गई। इनमें से शहर में करीब 11 हजार लोग संदिग्ध मिले। करीब 6445 को होम आइसोलेशन में रखा गया।
    77 हजार घरों का तीन बार सर्वे: शहर में संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए 77 हजार घरों का तीन बार सर्वे किया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक-एक घर में जाकर लोगों के स्वास्थ्य की स्क्रीनिंग की। इसमें पहले चरण में छह हजार टीमों ने 24 लाख लोगों की स्क्रीनिंग 9 दिनों में पूरी की। इसके दूसरे चरण में 18 हजार लोगों का सर्वे के साथ ही सर्दी, जुखाम का इलाज किया गया।
    थ्री स्टार होटल और रिजॉर्ट तक में किया क्वारैंटाइन: कोरोना संदिग्धों को भीलवाड़ा के थ्री स्टार होटल और रिजॉर्ट तक में रखा गया। कई जगह तो हर कमरे के लिए अलग गार्डन भी है। वहीं, घर में क्वारैंटाइन 6445 लोगों की ऐप से निगरानी की गई।

    अब आगे क्या:

    भीलवाड़ा में महा कर्फ्यू के लिए शहर की गलियों तक का सील किया जा रहा है।

    3 से 13 अप्रैल तक महा कर्फ्यू: शहर में तीन से 13 अप्रैल तकमहा कर्फ्यू लगाया जा रहा है।इसमें सिर्फ बेहद जरूरी सेवाओं से जुड़े लोगों एवं वाहनों को ही निकलने की अनुमति होगी। इसके लिए पहले से बने उनके पास मान्य होंगे। बाकी कर्फ्यू के दौरान जारी किए गए सभी पास को कैंसिल कर दिया गया। यहां तक मीडिया को भी बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी गई है।
    घर-घर सब्जी-दूध पहुंचाने की तैयारी: शहर में सरस डेयरी के 324 बूथों के माध्यम से घर-घर दूध पहुंचाने की व्यवस्था की गई हैं। सभी बूथों पर आलू-प्याज भी मिलेंगे। सब्जियों के लिए वाहन लगाए गए हैं, जो निर्धारित टाइम टेबल के मुताबिक कालोनियों में पहुंचेंगे। वहां सोशल डिस्टेंसिंग के साथ लोग खरीद सकेंगे। राशन भी इसी तरह से लोगों के दरवाजे तक पहुंचाया जाएगा।



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    भीलवाड़ा में बंद किए गए रास्ते।




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    उदयपुर-धौलपुर में भी घुसा कोरोना; अब प्रदेश के 33 में से 14 जिलों तक पहुंचा

    कोरोनावायरस प्रदेश में तेजी से पैर पसार रहा है। गुरुवार को भी 13 नए रोगी मिले। इनमें उदयपुर और धौलपुर का भी एक-एक पॉजिटिव शामिल हैं। इन दोनों जिलों में कोरोना रोगी मिलने के साथ ही प्रदेश के कुल 33 जिलों में से 14 में कोरोना एंट्री कर चुका है। नए रोगियों में जयपुर के रामगंज के 7 लोग, 3 तब्लीगी (झुंझुनूं, भरतपुर और धौलपुर से 1-1), जाेधपुर के दो और उदयपुर का एक नाबालिग शामिल है। अब प्रदेश में कुल 133 राेगी और तीसरी माैत हाे गई। डराने वाली बात यह है कि जयपुर में कुल 39 राेगी हैं। इनमें से 33 रामगंज में ही मिले हैं।


    वहीं, अलवर के काेरोना पॉजिटव 85 वर्षीय बुजुर्ग ने गुरुवार को दम तोड़ दिया। जयपुर के एसएमएस के बर्न वार्ड में एक दिन पहले ही उन्हें भर्ती कराया गया था। गांव को हाई रिस्क जोन घोषित कर मृतक के संपर्क में आए 3 परिजन, 4 डाॅक्टरों सहित कुल 11 लोगों को अलवर में क्वारेंटाइन किया गया है। बुजुर्ग ने कोई विदेश यात्रा नहीं की थी और न हीं वह किसी बाहरी व्यक्ति के संपर्क में आए थे।

    ऐसे में लोकल ट्रांसमिशन की आशंका ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। प्रदेश में अब तक कोरोना से तीन लोगों को मौत हो चुकी है।दो लोग भीलवाड़ा के थे। हालांकि, इसके अलावा इटली के एक नागरिक की भी मौत हो चुकी है, लेकिन वे कोरोना मुक्त हो चुके थे। दिल का दौरा पड़ने से उनकी मौत हुई थी। वहीं, प्रदेश में तब्लीगी जमात के अब तक 5 शहराें में कुल 14 राेगी मिल चुके हैं।बुधवार काे टाेंक में 4 तथा चूरू में 7 तब्लीगी कोरोना पॉजिटिव मिले थे। एसीएस हाेम ने प्रदेश में तब्लीगी जमात के 538 लाेगाें के आने की पुष्टि की थी। प्रदेश के 13 शहरों में पुलिस धरपकड़ अभियान चल रहा है।

    रैपिड किट से पर्यटन स्थलों, धार्मिक स्थलों का फिर कराएंगे रैंडम सर्वे : चिकित्सा मंत्री

    चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा ने बताया-अब तक प्रदेश में ओपीडी में 38 लाख लाेगाें की स्क्रीनिंग हुई है। इनमें 27 हजार लोगों की टीमों द्वारा घर-घर सर्वे के दाैरान की गई 4.23 लाख लोगों की स्क्रीनिंग भी शामिल है। तब्लीगी लोगों द्वारा नए स्तर पर संक्रमण को देखते हुए अब अलग से रैंडम सर्वे शुरू किया जा रहा है। रेपिड किट द्वारा धार्मिक स्थलों, पर्यटक स्थलों का रैंडम सर्वे कराएंगे। 12.43 लाख लाेगाें को काढ़ा भी पिला चुके हैं।

    उदयपुर : नाबालिग रोगी मिलने के बाद 2 डॉक्टर समेत 33 लोगों को करेंगे क्वारेंटाइन

    उदयपुर का पहला पॉजिटिव रजा कॉलोनी, मल्लातलाई निवासी 16 साल का किशाेर है। कॉलोनी सीज कर दी गई है। एक किमी की परिधि में घर-घर स्क्रीनिंग शुरू हो गई है। यह किशाेर 20 मार्च को इंदौर से उदयपुर आया था। एमबी अस्पताल के स्वाइन फ्लू वार्ड में फीमेल नर्स इस किशाेर की मौसी हैं, जो एक ही घर में रहते हैं। नर्स के अलावा दो डाॅक्टराें और18 नर्सिंग स्टाफ औरअन्य कर्मियों काे 14 दिन क्वारेंटाइन करने की तैयारी है।

    भरतपुर : तब्लीगी जमात में गया था, पॉजिटिव मिला, कर्फ्यू लगा

    भरतपुर के कामां तहसील के जुरहरी गांव में तब्लीगी जमात से जुड़ा 70 वर्षीय वृद्ध पाॅजिटिव मिला। इसके परिवार में माता-पिता समेत 8 सदस्य हैं। संक्रमण रोकने के लिए जुरहरी गांव में कर्फ्यू लागू कर दिया है।



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    जयपुर कमिश्नरेट की महिला पुलिस गश्त दल (निर्भया स्क्वाड) ने सुबह 9 से 11 बजे तक परकोटे के कर्फ्यू ग्रस्त क्षेत्र में फ्लेग मार्च किया।




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    24 संक्रमितों में अब तक 17 की रिपोर्ट निगेटिव आई, महा कर्फ्यू का उल्लंघन न हो इसके लिए तीन हजार जवान तैनात

    राजस्थान में भीलवाड़ा कोरोना का एपिसेंटर बना हुआ था। तीन दिन पहले यानी सोमवार तक राज्य में संक्रमण के सबसे ज्यादा 26 मामले यहीं पर थे। लेकिन, लोगों के अनुशासन, संयम और सरकार की सख्ती के चलते अब यहां के हालात बदले हुए नजर आ रहे हैं। चार दिनों से यहां संक्रमण का एक भी मामला सामने नहीं आया है। हालांकि, अभी खतरा कम नहीं हुआ है, जिसके चलते प्रशासन ने यहां तीन से 13 अप्रैल यानी आज से महा कर्फ्यू लगा दिया है। लोग महा कर्फ्यू का उल्लंघन न करें इसके लिए सड़कों पर तीन हजार जवान तैनात किए गए हैं। शहर की सभी गलियों और कालोनियों की बैरिकेडिंग की जा रही है। स्थिति यह रहेगी कि लोग एक गली से दूसरी गली में भी नहीं जा सकते हैं।

    पहले राहत की बात:
    1933 में से 1893 की रिपोर्ट निगेटिव: भीलवाड़ा में जबसे संक्रमण का मामला शुरू हुआ है तब से अब तक कुल 1933 सैंपल जांच के लिए भेजे गए। इनमें से 1893 की रिपोर्ट की निगेटिव आई है। जबकि 14 की रिपोर्ट आना बाकी है। 26 सैंपल की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। यहां संक्रमण के बांगड़ हॉस्पिटल के डॉक्टर से फैला था। ऐसे में कम्युनिटी स्प्रेड की आशंका बन रही थी। लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हुआ है। जो लोग पॉजिटिव आए हैं वह सभी हॉस्पिटल का स्टाफ हैं या मरीज और उनके परिजन हैं।

    26 संक्रमितों में से 17की रिपोर्ट निगेटिव: शहर में संक्रमण के अब तक 26 मामले सामने आए हैं। इनमें से इलाज के बाद 17की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई है। इन सभी को आइसोलेशन वार्ड से जनरल वार्ड में शिफ्ट कर दिया है। वहीं दो की मौत हो चुकी है। अब 7पॉजिटिव बचे हैं यह सभी भीलवाड़ा के एमजी हॉस्पिटल में भर्ती हैं। जयपुर में भर्ती डॉक्टर संपत्ति की रिपोर्ट भी गुरुवार को निगेटिव आने के बाद अब जयपुर में भर्ती भीलवाड़ा के चारों पॉजिटिव मरीज की रिपोर्ट निगेटिव हो चुकी है।

    अब सख्ती की बात:

    भीलवाड़ा में शुक्रवार से 10 दिन के लिएमहा कर्फ्यू लगा दिया है। लोगों को बाहर निकलने की सख्त मनाही है।

    घर से बाहर निकलने की सख्त मनाही: महा कर्फ्यू के दौरान तीन हजार जवानों को शहर में तैनात किया गया है। इसमें 50 से ज्यादा बाइक सवार भी हैं। यह शहर के अलग-अलग इलाकों में जाकर मार्च निकालेंगे। प्रशासन ने पहले ही साफ तौर पर कह दिया है कि महा कर्फ्यू का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई करेंगे।

    केवल बेहद जरूरी सेवाएं ही: बेहद जरूरी सेवाओं से जुड़े लोगों एवं वाहनों को ही निकलने की अनुमति होगी। इसके लिए पहले से बने उनके पास मान्य होंगे। बाकी कर्फ्यू के दौरान जारी किए गए सभी पास को कैंसिल कर दिया गया। यहां तक मीडिया को भी बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी गई है।

    घर-घर सब्जी-दूध पहुंचाई जाएगी: शहर में सरस डेयरी के 324 बूथों के माध्यम से घर-घर दूध पहुंचाने की व्यवस्था की गई हैं। सभी बूथों पर आलू-प्याज भी मिलेंगे। सब्जियों के लिए वाहन लगाए गए हैं, जो निर्धारित टाइम टेबल के मुताबिक कालोनियों में पहुंचेंगे। वहां सोशल डिस्टेंसिंग के साथ लोग खरीद सकेंगे। राशन भी इसी तरह से लोगों के दरवाजे तक पहुंचाया जाएगा।

    कैसे किया नियंत्रण:
    निजी वाहनों को बंद किया गया:
    भीलवाड़ा में 20 मार्च को संकमण का पहला केस डॉक्टर में मिला था। अगले दिन उसी अस्पताल के तीन डॉक्टर और स्टाफ में संक्रमण की पुष्टि हुई थी। इसके बाद पूरे शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया। पब्लिक ट्रांसपोर्ट को पूरी तरह से बंद कर दिया। इसमें रोडवेज बस से लेकर ऑटो-रिक्शा, टैक्सी सभी शामिल थी।
    छह हजार से ज्यादा लोगों को आइसोलेशन में रखा गया: डॉक्टर से संक्रमण फैलने का पता चलते ही हॉस्पिटल का स्टॉफ, उनके परिवार वाले, जो मरीज हॉस्पिटल में आए थे, उनके परिजन सभी की स्क्रीनिंग की गई। इनमें से शहर में करीब 11 हजार लोग संदिग्ध मिले। करीब 6445 को होम आइसोलेशन में रखा गया।
    77 हजार घरों का तीन बार सर्वे: शहर में संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए 77 हजार घरों का तीन बार सर्वे किया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक-एक घर में जाकर लोगों के स्वास्थ्य की स्क्रीनिंग की। इसमें पहले चरण में छह हजार टीमों ने 24 लाख लोगों की स्क्रीनिंग 9 दिनों में पूरी की। इसके दूसरे चरण में 18 हजार लोगों का सर्वे के साथ ही सर्दी, जुखाम का इलाज किया गया।
    थ्री स्टार होटल और रिजॉर्ट तक में किया क्वारैंटाइन: कोरोना संदिग्धों को भीलवाड़ा के थ्री स्टार होटल और रिजॉर्ट तक में रखा गया। कई जगह तो हर कमरे के लिए अलग गार्डन भी है। वहीं, घर में क्वारैंटाइन 6445 लोगों की ऐप से निगरानी की गई।



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    कोरोना संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए भीलवाड़ा में शुक्रवार से 10 दिनों का महा कर्फ्यू लगाया गया है। प्रशासन ने यहां की गलियों तक में बैरिकेडिंग लगवा दी है। सिर्फ आवश्यक सेवाएं चालू रहेंगी।




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    यहां चार दिन बाद आया एक नया केस, कुल आंकड़ा 27 पहुंचा; इसमें 17 की रिपोर्ट आ चुकी निगेटिव

    भीलवाड़ा. कोरोनाजोन बन चुके भीलवाड़ा में पांच दिन बाद नया कोरोना पॉजिटिव मरीज सामने आया। जो बांगड़ अस्पातल की ओपीडी में अपनी इलाज करा चुका था। इससे पहले संक्रमित मिले लोग भी इसी अस्पताल से संबंधित थे। भीलवाड़ा में अब तक कुल 27 लोग संक्रमित आ चुके हैं। जिसमें से 17 की रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी हैं। इनमें से 9 को शुक्रवार को डिस्चार्ज भी कर दिया गया। वहीं दो की मौत हो चुकी है।

    9 लोगों को डिस्चार्ज करते वक्त भीलवाड़ा कलेक्टर राजेंद्र भट्ट खुद मौजूद रहे। जिन्होंने गुलाब का फूल देकर सभी सही हुए लोगों को डिस्चार्ज किया। राजेंद्र भट्ट ने बताया कि 26 में से 17 पेशेंट्स निगेटिव आ चुके हैं। जिसमें से 9 को डिस्चार्ज किया जा रहा है। जो पूरी तरह वायरस फ्री हो चुके हैं। इनके तीन टेस्ट लगातार निगेटिव आए हैं।

    भीलवाड़ा में जबसे संक्रमण का मामला शुरू हुआ है तब से अब तक कुल 1933 सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। इनमें से 1893 की रिपोर्ट निगेटिव आई है। जबकि 14 की रिपोर्ट आना बाकी है। वहीं 26 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। यहां संक्रमण के बांगड़ हॉस्पिटल के डॉक्टर से फैला था। ऐसे में कम्युनिटी स्प्रेड की आशंका बन रही थी। लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हुआ है। जो लोग पॉजिटिव आए हैं वह सभी हॉस्पिटल का स्टाफ हैं या मरीज और उनके परिजन हैं।

    अब सिर्फ 8 पॉजिटिव बचे
    शहर में संक्रमण के अब तक 26 मामले सामने आए हैं। जिसमें दो की मौत हो गई। वहीं इलाज के बाद 17 की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई है। इन सभी को आइसोलेशन वार्ड से जनरल वार्ड में शिफ्ट किया गया था। जिसमे से 9 को डिस्चार्ज कर दिया गया है। अब 7 पॉजिटिव बचे थे। अब नया केस सामने आने के बाद संक्रमितों की संख्या 8 हो गई है। यह सभी भीलवाड़ा के एमजी हॉस्पिटल में भर्ती हैं। जयपुर में भर्ती डॉक्टर संपत्ति की रिपोर्ट भी गुरुवार को निगेटिव आने के बाद अब जयपुर में भर्ती भीलवाड़ा के चारों पॉजिटिव मरीज की रिपोर्ट निगेटिव हो चुकी है।

    क्वारंटाइन में रखे मरकज के 33 में से तीन भागे, पकड़ा
    भीलवाड़ा के मंगरोप रोड स्थित रिसोर्ट में क्वारंटाइन किए नई दिल्ली निजामुद्दीन मरकज से आए 33 लोगों में से तीन शुक्रवार को भाग गए। इससे प्रशासनिक, पुलिस व मेडिकल विभाग के अधिकारी सकते में आ गए। सूचना मिलते ही पुलिस और चिकित्सा विभाग की टीम तलाशने निकली। कुछ देर बाद तीनों भदाली खेड़ा के एक मकान में मिल गए। वहां से तीनों को एंबुलेंस से वापस रिसोर्ट में लाया गया।



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    भीलवाड़ा में 13 अप्रैल तक महा कर्फ्यू लागू है। जिसके चलते पुलिस सड़कों पर लगातार गश्त पर है। वहीं मेडिकल की टीमें भी तैनात की गई है।




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    एक 50 साल की महिला पॉजिटिव मिली, 72 घंटे में कुशलगढ़ कस्बे के 10 कोरोना मरीजों की पुष्टि

    जिले के कुशलगढ़ कस्बा कोरोना महामारी की जद में आ चुका है। बुधवार को यहां एक नया केस सामने आया। जिसमें 50 साल की महिला कोरोना संक्रमित मिली। जो पहले पॉजिटिव मिले लोगों से संपर्क में आई थीं। संक्रमितों में 6 महिलाएं हैं। बीते 72 घंटे में कस्बे में 10 कोरोना पॉजिटिव मरीजों की पुष्टि ने स्वास्थ्य विभाग से लेकर प्रशासन में हड़कंप मचा दिया है।

    मंगलवार को यहां 7 लोग पॉजिटिव मिले थे। सभी संक्रमित कुशलगढ़ कस्बे के एक ही वार्ड 12 के और एक ही समुदाय के है। संक्रमित आपस में एक-दूसरे के रिश्तेदार भी हैं। कुशलगढ़ में तैनात आरएनटी मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ चिकित्सकों की रेपिड रिस्पोंस टीम पिता-पुत्र के संपर्क आने वाले 200 लोगों की लिस्ट तैयार कर चुकी है। 300 अन्य लोगों की लिस्ट तैयार करने में जुटी हुई है।

    सबसे ज्यादा चिंता की बात ये है कि संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन कस्बे में कोरोना संक्रमण कैसे और किस रास्ते पहुंचा। संक्रमित खुद बाहर गए थे या कोई बाहरी व्यक्ति इन्हें संक्रमित कर गया, यह भी स्पष्ट नहीं है। हालांकि गुजरात और मुबई से आए लोगों से संक्रमण फैलने की आशंका मौटे तौर पर जताई जा रही है। 4 दिन पहले तक पूरे प्रदेश में बांसवाड़ा को कोरोना से सुरक्षित जिले के तौर पर जाना जा रहा था वहीं अब बांसवाड़ा प्रदेश में 8वें पायदान पर आ गया है। अब तक 155 सैंपल लिए जा चुके हैं, जिसमें 102 निगेटिव और 10 पॉजिटिव आए हैं। 45 की जांच पेंडिंग है।

    बरसी में हुआ था सामूहिक भोज
    17 मार्च को कस्बे में एक समुदाय विशेष में बरसी का कार्यक्रम हुआ था, जहां सामूहिक भोज हुआ। जिसमें स्थानीय लोगों के अलावा बाहरी लोग भी शामिल हुए। संक्रमित भी उस कार्यक्रम में शामिल हुए थे। सीएमएचओ डॉ. एचएल ताबियार ने बताया कि इस सामूहिक भोज में बाहर से भी लोगों के आने की आशंका है। जिसकी जानकारी जुटाई जा रही है। यहां भर्ती बुजुर्ग की कोरोना संदिग्ध पत्नी की 31 मार्च को मौत हो गई थी, जिसकी रिपोर्ट निगेटिव आई थी। मृतक महिला के जनाजे में शामिल होने वालों की भी तलाश की जा रही है।

    शादी समारोह में कुवैत से आए थे लोग
    मार्च में कुशलगढ़ में हुए एक शादी समारोह से वायरस फैलने की आशंका है। 26 फरवरी को शादी थी और एक मार्च को रिसेप्शन हुआ। इसी रिसेप्शन में बोहरा समुदाय के काफी लोग में शरीक हुए थे। समारोह में कुवैत से भी कुछ मेहमान आए थे। यहां से संक्रमण फैलने की आशंका इसलिए भी ज्यादा जताई जा रही है क्योंकि, इसी समारोह में कोरोना पॉजिटिव व्यापारी भी शामिल हुआ था। रेपिड रिस्पोंस टीमें इस दिशा में भी जांच में जुट चुकी है। मंगलवार को सामने आए पॉजिटिव रोगियों के भी इस शादी में जाने की बात सामने अा रही है। आरएनटी मेडिकल कॉलेज की टीम के विशेषज्ञों ने भी शादी में शामिल लोगों की जांच के लिए स्थानीय अधिकारियों को सुझाव दिए है।



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    कुशलगढ़ कस्बे में कर्फ्यू लगने के बाद पुलिस लगातार इलाके का जायजा ले रही है।




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    निगम ने बनाया ऑटोमेटिक सैनिटाइजर केबिन,10 सैकंड में आदमी हो जाएगा पूरा सैनिटाइज

    कोरोनावायरस के संक्रमण से बचने के लिए नगर निगम स्तर पर किए जा रहे प्रयास के तहत अब निगम ने ऑटोमेटिक सैनिटाइजर केबिन भी तैयार कर लिया है। इसको शुक्रवार को एमबी हॉस्पिटल परिसर में लगाना तय किया है। निगम की गैराज समिति के अध्यक्ष मनोहर चौधरी, शाखा प्रभारी बाबूलाल चौहान, विद्युत शाखा के एईएन हरकलाल माली के प्रयासों से अब निगम ने ऑटोमेटिक सैनिटाइजर केबिन तैयार किया है।

    10 सैकंड में आदमी हो जाएगा पूरा सैनिटाइज

    निगम के इस सिस्टम की खासियत यह है कि एक बार आदमी इस केबिन के अंदर जाने पर 10 सैकंड में वह फूल सैनिटाइज होकर बाहर निकलेगा। एमबी हॉस्पिटल परिसर में शुक्रवार को जगह तय कर इस केबिन को रखा जाएगा। निगम इससे पहले महाकाल मंदिर तिराहे, एमबी हॉस्पिटल परिसर में सुपर स्पेशियलिटी विंग बिल्डिंग के बाहर और भूपालपुरा क्षेत्र में सीएमएचओ ऑफिस जाने वाले रास्ते पर सैनिटाइजर शॉवर लगा चुके हैं।


    लोगो को सावधानी रखने की भी जरूरत
    आदमी के इस केबिन के अंदर जाने पर सेंसर ऑन होकर स्प्रे से सैनिटाइजर शुरू हो जाएगा। पानी और सोडियम हाइपोक्लोराइट के घोल का स्प्रे होगा। ऐसे में आदमी को 10 सैकंड तक आंख और मुंह बंद रखने की सावधानी रखनी होगी। संभव हो सके तो इन 10 सैकंड में सांस रोकने का प्रयास भी करना ठीक रहेगा। ताकि शरीर के अंदर इस रसायन का प्रवेश नहीं हाे



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    कोरोनावायरस के संक्रमण से बचने के लिए नगर निगम स्तर पर किए जा रहे प्रयास के तहत अब निगम ने ऑटोमेटिक सैनिटाइजर केबिन भी तैयार कर लिया है। इसको शुक्रवार को एमबी हॉस्पिटल परिसर में लगाना तय किया है।




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    इटली के दंपती के केस के बाद 80 टीमाें ने 1200 हाेटल चेक किए, शहर में चार पाॅजिटिव मिलने पर कर्फ्यू का सख्ती से पालना कराया- एसएसपी

    प्रदेश में काेराेना वायरस की शुरुआती दस्तक उदयपुर में घूमकर गए इटली के दल में शामिल दंपती के जयपुर में काेराेना पाॅजिटिव आए जाने काे लेकर हुई। इसके बाद यहां पुलिस और प्रशासन ने बड़ी मुस्तैदी के साथ इसे गंभीरता से लेते हुए क्विक एक्शन लिए। इसी का नतीजा है कि उदयपुर में यह वायरस कम्यूनिटी स्प्रेड की स्थिति में नहीं पहुंचा। हालांकि माैजूद वक्त में उदयपुर शहर में एक ही परिवार के चार स्थानीय लाेग काेराेना की जद में हैं, लेकिन इनमें संक्रमण के मूल स्राेत का अभी पता नहीं लग पाया है। वहीं रजा काॅलाेनी में रहने वाले इस परिवार के केस काे भी पुलिस ने गंभीरता से हैंडल किया।

    काेराेना काे लेकर पुलिस के एक्शन प्लान काे लेकर एसएसपी कैलाश चन्द्र बिश्नाेई ने भास्कर से खास बातचीत में बताया कि इटली के दंपती के केस की जानकारी मिलते ही, 240 पुलिसकर्मियाें की 80 टीम बनाकर हमने दाे दिन में 1200 हाेटल काे चैक किया। वहां पर ठहरे हुए विदेशियाें के रिकाॅर्ड लिए और उनके मूवमेंट की जानकारी रखी गई। साथ ही देश के संदिग्ध जिलाें औरराज्याें से आने वालाें काे हाेम क्वारैंटाइन किया औरउनकी निगरानी के लिए पुलिस अधिकारी और बीट कांस्टेबल काे तैनात किया।


    प्रश्न : चार पाॅजिटिव एक ही घर से मिलने के बाद क्या प्लानिंग की?
    जवाब -
    मल्लातलाई सहित 16 कर्फ्यू क्षेत्र में 15 जगहों पर कड़ी नाकाबंदी की गई। तीन शिफ्ट में 100 का जाब्ता लगाया जिसकी माॅनिटरिंग डीएसपी स्तर के अधिकारी काे दी गई। सभी सीधे मेरे संपर्क में हैं। कर्फ्यू का उल्लंघन करने पर तुरंत कार्रवाई की। जैसे बुधवार काे मस्जिद में इकट्ठा हाेने पर 9 लाेगाें के खिलाफ मुकदमा औरफैक्ट्री खुली हाेने पर व्यापारी पर मुकदमा दर्ज किया गया।

    प्रश्न : प्रदेश में सबसे ज्यादा 80000 लाेग उदयपुर जिले में क्वारेंटाइन हैं, कैसे व्यवस्था की जा रही है?
    जवाब-
    हां, उदयपुर में अभी 80000 लाेग क्वारैंटाइन हैं। विदेश, देश के अलग राज्याें औरजिलाें से आने वाले लाेगाें काे क्वारेंटाइन किया। घराें पर नाेटिस चस्पा किए। इनकी निरागनी पुलिस अधिकारी औरबीट कांस्टेबल कर रहे हैं। उल्लंघन पर मुकदमा भी दर्ज किया।


    प्रश्न :अचानक गुजरात से हजाराें मजदूर पलायन कर उदयपुर बाॅर्डर पर पहुंचे, इस चुनाैती से कैसे निपट रहे हैं?
    -जिले के नाकाें की संख्या बढ़ाई और परिवहन, चिकित्सा की टीमें लगी। यहां तक कि गुजरात से जिले में आने वाले कच्चे रास्ताें पर करीब 20 जगह नाकाबंदी कराई। स्क्रिनिंग कर 838 मजदूराें काे प्रशासन से निर्धारित 6 शेल्टर हाेम में भेजा। रतनपुर बाॅर्डर पर अंतरराज्यीय समन्वय बैठक के बाद पलायन रुका।


    प्रश्न :मार्च में प्रदेश में काेराेना की दस्तक के साथ ही शुरुआती प्लानिंग क्या रही?
    जवाब-
    संक्रमण की शुरुआत बाहरी लाेगाें से हाे रही थी इसलिए हाेटल, धर्मशाला, एयरपाेर्ट, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड पर जाब्ते काे भेजा। गुजरात से अाने वाले रास्ताें पर नाकाबंदी की। मेडिकल टीम काे साथ लेकर स्क्रिनिंग शुरू कर दी थी।


    प्रश्न :जिले में कितना जाब्ता है अाैर कितने की जरूरत, नाकाबंदियाें में कैसे व्यवस्था की?
    जवाब-
    जिले में पुलिस का 3000 और 500 से ज्यादा आरएसी औरएमबीसी का जाप्ता तैनात है, जाे फिलहाल कम नहीं है। पहले गुजरात, चित्ताैड़, सिराेही से लगती सीमा काे सील किया। शहर की बाहरी सीमा में लाॅक किया। शहर में भी 60 जगह नाकाबंदी लगाई। इन नाकाें पर 300 से अधिक पुलिस और450 हाेमगार्ड तैनात किए।


    प्रश्न : जयपुर में कर्फ्यू क्षेत्र में लगातार काेराेना के मामले सामने अा रहे हैं, यहां विस्फाेटक स्थिति बनने से कैसे राेका?
    जवाब -
    शुरू से ही सख्ती के कारण बेकाबू वाली स्थिति नहीं हाेने दी। एड्रेस सिस्टम और सायरन का यूज कर लाेगाें काे पालना के निर्देश दिए। उल्लंघन करने पर 28 मुकदमे दर्ज कर 33 लाेगाें काे गिरफ्तार किया। निराेधात्मक प्रावधानाें में 167 गिरफ्तार किए। अनावश्यक घर से निकलने पर 633 चालान और1822 वाहन जब्त किया।


    प्रश्न : एक हाथ से पुलिस कानून व्यवस्था कर रही अाैर दूसरे हाथ से जरूरतमंदों काे खाना दे रही?
    जवाब
    -प्रत्येक पुलिसकर्मी इस वक्त अपने दायित्वाें का निर्वहन कर रहा है। ड्यूटी के दाैरान जरूरतमंद व्यक्तियाें काे एनजीओ की सहायता से फूड पैकेट्स, खाद्य सामग्री, मास्क सेनेटाइजर बांट रहे हैं, वहीं लाॅकडाउन औरकर्फ्यू काे लेकर सख्ती भी बरती जा रही है।


    प्रश्न :14 मार्च तक लाॅकडाउन के बाद की क्या प्लानिंग है?
    जवाब -
    लाॅकडाउन का सरकार स्तर पर ही निर्णय लिया जाएगा। आगे लाॅकडाउन काे बढ़ाया जाएगा ताे भी इसी प्रकार से सख्ती रहेगी।



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    (फाइल फोटो) एसएसपी ने बताया कि संक्रमण की शुरुआत बाहरी लाेगाें से हाे रही थी इसलिए हाेटल, धर्मशाला, एयरपाेर्ट, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड पर जाब्ते काे भेजा। गुजरात से आने वाले रास्ताें पर नाकाबंदी की। मेडिकल टीम काे साथ लेकर स्क्रिनिंग शुरू कर दी थी।




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    दो बच्चों समेत 12 नए लोग पॉजिटिव मिले, एक गली में रहने वाले कुल 24 संक्रमित

    शुक्रवार सुबह कुशलगढ़ के 12 और कोरोना पॉजिटिव केस सामने आए हैं। इनमें दो बच्चे, पांच महिलाएं और पांच पुरुष हैं। अब तक सामने आए रोगी आमने-सामने एक ही गली के रहने वाले और आपस में रिश्तेदार हैं। कुशलगढ़ में 4 अप्रैल को पहली बार पिता-पुत्र पॉजिटिव पाए गए थे। इसके बाद एक ही सप्ताह में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 24 पर पहुंच गई है। बच्चे पहली बार संक्रमित पाए गए हैं। यह सभी एक समुदाय से और वार्ड-12 के हैं। सभी एक ही गली से सामने आने के बाद ये बात पुख्ता हो गई है कि संक्रमित लोग आपस में सामूहिक भोज और नमाज के दौरान आपस में मिले थे, इससे उनमें संक्रमण फैल गया।


    कुशलगढ़ में सभी संक्रमितवार्ड नंबर 12 में पाए गए है। यह सभी एक ही समुदाय के हैं। जिसके बाद भी यहां के लोग जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। यहां तक लोग घरों के बाहर ताला लगाकर अंदर कैद हो गए। अभी तक वार्ड के 525 लोगों में से 216 की स्क्रीनिंग हो पाई है। अब इसका अलग कारण सामने आया है, जिसमें बताया कि क्वारेन्टाइन वार्ड में व्यवस्थाएं बहुत खराब है। ऐसे में लोगों को डर है कि जांच कराने के लिए उन्हें वहां शिफ्ट कर दिया जाएगा।

    लोगों का कहना है कि बेहतर सुविधाओं वाली जगह पर शिफ्ट किया जाए तो सभी जांच के लिए सामने आ जाएंगे। विकल्प के रूप में बांसवाड़ा कस्बे की अब्दुल्ला पीर दरगाह, एमएसबी स्कूल अथवा डूंगरपुर जिले के गलियाकोट स्थित दरगाह की धर्मशाला का सुझाव दिया गया है।

    समुदाय का प्रतिनिधिमंडल मिलने पहुंचा
    जानकारी अनुसार प्रशासन और मेडिकल की टीमें जब घरों में सर्वे व जांच के लिए पहुंची तो उन्हें भीतर से कोई जवाब नहीं दिया जाता। उन्होंने बांसवाड़ा में समाज के लोगों से फोन पर बात कर सहायता की अपील की। इस पर बोहरा समाज का दो सदस्यी प्रतिनिधिमंडल गुरुवार दोपहर कलेक्टर कैलाश बैरवा और एडीएम नरेश बुनकर से मिलने पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को बताया कि मेडिकल जांच के बाद बोहरा समुदाय के जिन लोगों को प्रशासन ने क्वारेन्टाइन वार्ड में भेजा है। वहां की सुविधाओं का अभाव है। बोहरा समुदाय अच्छी जीवन शैली जीने के आदी हैं। उनके घरों में सारी सुख- सुविधाएं मौजूद हैं। टीएडी होस्टल में सवा सौ महिला-पुरुषों को रखा गया है। वहां दस शौचालय-बाथरूम आदि हैं। तेज गर्मी में और परेशानी बढ़ रही है। अत: इन लोगों को होटलों अथवा ऐसी अन्य जगहों पर रखा जाएं अटैच लेट-बाथ के साथ ही अन्य बेहतर सुविधाएं हो।

    1000 की ओपीडी वाले एमजी अस्पताल में इक्का-दुक्का मरीज
    यहां अस्पताल में सुबह 10 बजे इक्का-दुक्का मरीज ही नजर आए। आम दिनों में यहां सुबह ओपीडी के वक्त लंबी कतार लगी रहती है। लेकिन धारा 144 और लाॅकडाउन का असर जिले के सबसे बड़े एमजी अस्पताल में भी दिखाई दिया। 900 से 1000 की औसत ओपीडी वाले इस अस्पताल में अब रोजाना 100 से 150 तक ही मरीज पहुंच रहे है। पूरे अस्पताल को क्वारेंटाइन और आइसोलेशन वार्ड में तब्दील कर दिया गया है। 160 बैड इसके लिए रिजर्व कर लिए गए है। प्रवेश द्वार को भी बंद कर दिया गया है। सुरक्षा के तौर पर अस्पताल में प्रवेश से पहले और बाहर निकलने वालों के लिए ऑटो सेनेटाइज डोर बनाया गया है। यहां पर बाहरी किसी व्यक्ति को कड़ी पूछताछ के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है। सामान्य दिनों में अस्पताल में एक मरीज के साथ पांच से भी ज्यादा परिजन और रिश्तेदार पहुंचते थे अब उस पर भी सख्ती कर दी गई है। छुट्टी मिलने पर मरीज को प्रवेश पर द्वारा पर ही परिजनों के हवाले कर घर भेजा जा रहा है। इसके अलावा इस बात का खास ध्यान रखा जा रहा है कि बेहद जरूरी होने पर ही किसी मरीज को भर्ती किया जाए। मुख्य द्वारा पर जहां पहले ओपीडी काउंटर था वहां अब स्क्रिनिंग टीम तैनात रहती है।


    संकरी गलियों में कनात बांधकर रोका रास्ता, सब्जीमंडी वीरान
    कोरोनापॉजिटिव आने के बाद शहर में भी इसका असर दिखाई दिया। यहां नई आबादी, बोहरावाड़ी में स्थानीय लोगों ने खुद ही एहतियातन प्रवेश मार्गों पर बेरिकेडिंग लगा दी। संकरी गलियों में कनात बांध दिए और हर रास्ते पर निजी स्तर पर सुरक्षा कर्मी तैनात नजर आए। आने-जाने वाले हर व्यक्ति को सुरक्षाकर्मी पूरी जानकारी लेने के बाद ही एंट्री देते दिखाई दिए। हालांकि, एकाएक बदली इस व्यवस्था से रोजमर्रा की चीजों के लिए बाहर निकले कुछ लोगो को परेशान भी हाेना पड़ा। यहां पाला रोड से, कोतवाली वाली गली से उपाध्याय पार्क के पीछे के रास्ते से होकर नई आबादी की तरफ जाने वाले हर रास्ते पर प्रवेश रोक दिया गया। लॉकडाउन के बाद भी सुबह गोल चौराहा और बाकि इलाकों में थोड़ी बहुत चहल-पहल दिखाई देती थी लेकिन गुरुवार को यहा सड़कों पर पूरी तरह सन्नाटा पसरा दिखाई दिया। मौजूद केप्टन फरहज दत्त ने बताया कि सेल्फमोनिटरिंग की जा रही है। जिससे की संक्रमण न फैल पाए। हलांकि, इस संबंध में प्रशासन से जानकारी ली तो बताया गया कि शहर के किसी भी इलाके को अलग से सील करने के कोई आदेश जारी नहीं किए है। इससे सटी हुई सब्जीमंडी इन दिनों वीरान हैं। इसी वजह से इस इलाके में पूरे दिन चहल-पहल रहती थी।

    केवल किराणा, मेडिकल और दूध डेयरी ही खुली
    शहर की खांदू काॅलाेनी में लॉकडाउन के चलते केवल केवल किराणा, मेडिकल अाैर दूध डेयरी की खुली हैं। इसके अलावा सब्जीवाले घर-घर सब्जी देने जा रहे हैं। हालांकि कुछ सब्जीवालों की दुकानें भी खुली हैं। खासबात ये कि यहां कई शिवमंदिर भी हैं, जहां केवल पूजा के बाद ही मंदिर के पट बंद कर दिए जाते हैं। सुबह 8 बजे कुछ लाेग दूध अाैर सब्जियां लेने बाहर अाए। सुबह 11 बजे तक डिस्पेंसरी पर मरीज इलाज लेने अाैर दवाइयां लेने अाते रहे, लेकिन इसके बाद वहां की सड़कें सुनी हा़े गई। यहां चौराहे पर कुछ पुलिसकर्मी तैनात हैं। नर्सिंग स्टूडेंट्स घर-घर सर्वे कर रहे हैं। बाहुबली काॅलाेनी के बीच में ही जिनालय है, जहां कुछ सब्जी वाले बैठे हुए थे। इससे अागे हैंडपंप से कुछ लाेग पीने का पानी लेते नजर अाए। लेकिन इसके अलावा बेवजह लाेग बाहर नहीं निकले। काॅलाेनी के मुहाने पर तीन सब्जी अाैर फल विक्रेता के लाेग खड़े हुए थे। सुबह 11 बजे तक वहां से लाेग सब्जियां अाैर फल ले जाते नजर अाए। दाेनाें ही काॅलाेनी में अंधेरा हाेते ही लाेग टहलने निकल गए। हालांकि इस दाैरान उन्होंने साेशल डिस्टेंस की पालना की।

    सुबह-शाम ढीला लॉकडाउन दोपहर में पुलिस की सख्ती
    डूंगरपुर रोड और उदयपुर रोड प्रताप सर्किल। जहां सुबह 8 बजे से ही काफी लोगों की आवाजाही देखी गई। डूंगरपुर रोड पर पुलिस का बना प्वॉइंट है, लेकिन सुबह 8 बजे तक वहां कोई पुलिसकर्मी नहीं नजर आ रहा था। लोग डूंगरपुर रोड से गांवों से शहर में आ रहे थे। उसके बाद सुबह 9 बजे पुलिसकर्मी यहां पहुंचे। वहीं प्रताप सर्किल पर सुबह से ही कुछ पुलिसकर्मी थे जो धीरे धीरे समय गुजरता गया पुलिसकर्मियों की भी संख्या बढ़ती गई। लेकिन लोग घरों से बाहर निकलने से बाज नहीं आ रहे थे। लोग बैंक, अस्पताल, राशन, मेडिकल सहित कई जरूरी सामान की बात कहकर शहर में प्रवेश कर रहे थे। साथ ही कई लोग तो अपनी बाइक पर तीन तीन लोगों बैठाकर अंदर आना चाह रहे थे। महिलाएं अपनी मजबूरी का हवाला देते हुए अंदर आने की कोशिश कर रही थी। शहर के अंदर भी ऐसे ही हालात थे। बैंकों के बाहर काफी भीड़ देखने को मिल रही थी। उसके अलावा राशन की हर दुकान के बाहर 5-7 लोग थे, गैस एजेंसी के बाहर भीड़, बाइक से बाहर घूमते हुए लाेग। दोपहर 2 बजे के बाद वास्तव में शहर में लॉक डाउन जैसी स्थिति दिखती है।

    प्रशासन: सुबह से रात तक कुशलगढ़ क्षेत्र पर ही नजर
    जिला कलेक्ट्रेट कक्ष इन दिनों काेराेना महामारी से निपटने के लिए वार रूम बना हुआ है। जिला कलेक्टर कैलाश बैरवा, एडीएम नरेश बुनकर, जिला परिषद सीईओ गोविंद सिंह राणावत की टीम सुबह से रात तक यहीं से पूरे जिले की मॉनिटरिंग कर ही है। एडीएम बुनकर सुबह अाते ही सबसे पहले जिले के कुशलगढ़ बीडीओ से बात कर वहां की स्थिति की जानकारी लेते हैं। कर्फ्यूग्रस्त कुशलगढ़ के जिन तीन वार्डों काे पूरी तरह सील किया गया, वहां के लाेगाें की स्क्रीनिंग, उस इलाके में खाद्य सामग्री, दूध सहित आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति का अपडेट लिया जा रहा है। मेडिकल टीमों ने कितनों की स्क्रीनिंग कर ली, कहीं काेई परेशानी ताे नहीं। इसके साथ ही शेल्टर हाेम में रहने वाले लाेगाें की स्थिति, उनके खाने-पीने सहित अन्य जानकारियां। उनके उपचार व निगरानी में लगे कार्मिकों काे काेई परेशानी या सहायता की आवश्यकता के बारे में बातचीत। समस्या सामने आने पर तत्काल समाधान के लिए संबंधित अधिकारी काे निर्देश। सीईओ गोविंद सिंह राणावत रसद विभाग, एसडीएम, तहसीलदार, सभी बीडीओ व आवश्यकता हाेने पर ग्राम विकास अधिकारियों से बातचीत कर हर पात्र व्यक्ति के खाते में सरकारी सहायता राशि जमा कराने की कार्यवाही में व्यस्त। इस बीच जिला कलेक्टर इन अधिकारियों से रिपोर्ट लेकर अपने स्तर पर संबंधित से बातचीत कर आवश्यक निर्देश देते हैं। मतलब हर विभाग, हर अधिकारी इन दिनाें पूरा व्यस्त है, मकसद सिर्फ यह है कि जिला काेराेनामुक्त हाे।

    ढाई घंटे में 345 बाइक कार-जीप की आवाजाही
    मकोड़िया पुल पर पुलिस ने गश्ती बढ़ा दी। यहां सुबह 6 से दोपहर 2 बजे तक, दोपहर 2 से रात 10 और रात 10 से सुबह 6 बजे तक तीन शिफ्टों मंे 4-5 पुलिसकर्मी सेवा दे रहे हैं। हर अाने जाने वाले काे राेककर पूछताछ की जा रही है। जरूरी हाेने पर ही इन लाेगांे काे शहर में प्रवेश दिया जा रहा है। गुरुवार सुबह 9.30 से 11.30 बजे तक दाे घंटे अाैर दाेपहर 1 से 1.30 बजे तक कुल 345 वाहनाें की अावाजाही रही, इनमें बाइक, कार, जीप, पिकअप, ट्रैक्टर, ट्रक शामिल रहे। इनमें कार अाैर बाइक सवार अधिकांश लाेगाें से राेककर पूछताछ की ताे बताया कि वे बाजार मंे दवा लेने, निजी अस्पताल में बताने, बैंक और एटीएम से रुपए निकालने, किराणा और सब्जी खरीदने रहे हैं। यहां पर हर आने जाने वाले को पुलिस रोककर पूछ रही थी। पुलिस से पूछने पर बताया कि कुशलगढ़ में 12 कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। ऐसे में कुशलगढ़ से बांसवाड़ा और बांसवाड़ा से कुशलगढ़ जाने का एक मात्र रास्ता यही है। जरा सी लापरवाही तो कहीं कुशलगढ़ का कोरोना बांसवाड़ा में न घुस जाए। इसलिए इस चैकपोस्ट पर सभी को रोककर पूछताछ की जा रही है।



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    बांसवाड़ा के कुशलगढ़ क्षेत्र के वार्ड 12 में लगातार कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद यहां मेडिकल और पुलिस की टीम तैनात की गई।




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    अब नेत्रा क्यू-2 और वी-3 से लॉकडाउन की निगरानी, 150 मीटर की ऊंचाई से भी मिलेंगे साफ फोटो

    लॉकडाउन में निगरानी मजबूत करने के लिए सरकार ने शनिवार को उदयपुर पुलिस को दाे नए ड्राेन दिए हैं। एक नेत्रा वी3 और दूसरा नेत्रा क्यू-2सी है। एडवांस तकनीक से बने ये ड्रोन 200-500 मीटर ऊंचाई तक उड़ते हैं और 150 मीटर ऊंचाई से सड़क पर चलने वालों की साफ फाेटाे ले सकते हैं। प्रशिक्षित कांस्टेबल ने पुलिस लाइन में ड्राेन का टेस्ट भी किया। हालांकि तकनीकी समस्या आने पर नेत्रा वी3 का ट्रायल नहीं हो पाया।
    ड्रोन पहुंचने से पहले 7 कांस्टेबलों का तकनीकी प्रशिक्षण चित्ताैड़गढ़ के भूपालसागर में हुआ। बता दें कि पुलिस के पास नेत्रा क्यू 2 ड्रोन पहले से है। इसे दाे साल से कांस्टेबल मनाेज, प्रकाश और गाेपाल ऑपरेट कर रहे हैं। इसमें तकनीकी कमियां हाेने के कारण दाे नए ड्राेन आए हैं। तीन ड्राेन हाेने पर कांस्टेबल लाेकेश, भावेश, राेशन और शिवपाल काे भी प्रशिक्षण दिया गया। एसएसपी कैलाशचंद्र बिश्नोई ने बताया कि पहले से एक ड्राेन था जिसका रैलियाें, सभाओं आदि जगहाें पर उपयाेग में लिया गया। दाे एडवांस ड्राेन और मिले हैं, इन्हें ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए काम में लेंगे। अधिकारियाें का कहना है कि माॅडिफाइड लाॅकडाउन में ग्रामीण क्षेत्र में मूवमेंट कुछ बढ़ेगा। कानून व्यवस्था बनाने और लाॅकडाउन की पालना के लिए दाे ड्राेन काे ग्रामीण क्षेत्र में निगरानी के लिए लगाया जाएगा।

    यह है पुलिस के तीनाें ड्राेन की अलग-अलग खासियत

    • नेत्रा क्यू 2 : इसमें डिजिटल कैमरा, ऑपरेटर से 2 किलाेमीटर दूर तक ऑपरेट हाे सकता है। साथ में तीन बेटरी, प्रत्येक बैटरी 20 मिनट चलती है। कम्यूनिकेशन के लिए जीपीएस एंटीना एक ही है। ड्राेन के मूवमेंट बदलने पर काॅम्बाॅक्स काे घुमाना पड़ता है। 200 मीटर ऊंचाई तक उड़ सकता है। इसमें कम्यूनिकेशन में समस्या आती है।
    • नेत्रा क्यू 2 सी : इसमें एचडी कैमरा, सेंसर लगा है जाे आगे आनेवाली काेई भी वस्तु या पक्षी से नहीं टकराएगा। चार बैटरी है और प्रत्येक 40 मिनट तक चलती है। जीपीएस डबल एंटीना लगा हुआ है। ड्राेन के अनुसार काॅम्बाॅक्स ऑटाेमेटिक मूवमेंट करता है। 200 मीटर ऊंचाई और 2 किलोमीटर दूर तक ऑपरेट कर सकते हैं। कैमरा 45 से 90 डिग्री घूमता है।
    • नेत्रा वी - 3 : यह ड्राेन क्यू-2 और क्यू-2सी से ज्यादा एडवांस है। एचडी कैमरा, सेंसर, चार बैटरी जिसमें प्रत्येक एक घंटा चलती है। अलग-अलग दिशाओंमें शूट करने के लिए ड्राेन काे घुमाने की जरूरत नहीं, कैमरा घूमता है। 500 मीटर ऊंचाई और 5 किलोमीटर दूर से ऑपरेट हाे सकता है।


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    Now monitoring lockdown from NETRA Q-2 and V-3, clear photos from 150 meters height




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    कुशलगढ़ के 7 और मरीज स्वस्थ, उदयपुर के 168 संदिग्धों में भी संक्रमण नहीं

    एमबी अस्पताल की सुपर स्पेशियलिटी विंग में भर्ती बांसवाड़ा के कुशलगढ़ के सात और कोरोना संक्रमितों की दूसरी जांच रिपोर्ट भी निगेटिव आई है। एमबी अस्पताल अधीक्षक डॉ. आरएल सुमन ने बताया कि अब तक कुशलगढ़ के नौ मरीज कोरोना पॉजिटिव से पूरी तरह निगेटिव हो चुके हैं। इनमें से पिता-पुत्र को डिस्चार्ज किया जा चुका है। सात अन्य को भी डिस्चार्ज करने का प्लान तैयार कर लिया है। कुशलगढ़ के मरीज यहां से जाने के बाद 14 दिन वहां चिकित्सा दल की निगरानी में रहेंगे।

    सीएमएचओ डॉ. दिनेश खराड़ी ने बताया कि शनिवार को उदयपुर के 272 कोरोना संदिग्ध जांच में निगेटिव निकले हैं। राहत की बात यह है कि 204 संदिग्ध दूसरी जांच रिपोर्ट में भी निगेटिव निकले हैं। अधीक्षक डॉ. सुमन ने बताया कि एहतियात के तौर पर एमबी अस्पताल परिसर स्थित कैंटीन, जूस पार्लर, चाय की दुकान आदि पर काम के दौरान सैकड़ों लोगों के संपर्क में रहने वाले 39 लोगों की भी जांच कराई और सभी निगेटिव निकले हैं। रजा कॉलोनी के भाई-बहन, नर्स ताई-ताऊ अभी-भी सुपर स्पेशियलिटी में भर्ती हैं, जो निगेटिव रिपोर्ट आने के 14 दिन बाद तक भर्ती रखे जा सकते हैं।
    बोहरा गणेशजी में रोकी आवाजाही
    यूक्रेन से लौटकर छिपे कोरोना संदिग्ध एमबीबीएस छात्र के पकड़े जाने के बाद बोहरा गणेश जी क्षेत्र में देर शाम आवाजाही बंद कर दी गई। उसे प्रतापनगर थाना पुलिस ने पकड़ा था। जिस गली में युवक किराये के कमरे में ठहरा हुआ था, उस गली सहित आसपास के सभी रास्तों पर पुलिस का जाब्ता तैनात कर दिया गया।



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    7 more patients of Kushalgarh healthy, 168 suspects in Udaipur, no infection




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    1086 वाहन जब्त कर 31 लाेगाें काे किया गिरफ्तार, 358 लाेगाें काे भेजा क्वारैंटाइन

    काेराेनावायरस संक्रमण को राेकने के लिए लॉकडाउन के तहत जिले में लगाई धारा 144 का उल्लंघन करने के आरोप में जिलेभर में पुलिस ने सड़कों पर बिना काम के निकले 31 लोगों काे गिरफ्तार कर 1086 वाहन जब्त किए हैं। वहीं, बाहरी राज्याें से आए लाेगाें सहित बिना काम घूम रहे 358 लाेगाें काे जवाहर नवाेदय स्कूल में बनाए क्वारैंटाइन सेंटर पर भेजा है। वहीं बार-बार बिना काम या काम का बहाना बनाकर सड़क पर निकले और नाकाबंदी में 2403 लाेगाें के वाहनाें का चालान बनाकर 4 लाख 23 हजार 150 रुपए का जुर्माना वसूला गया।
    डीएसपी गोपालसिंह भाटी ने बताया कि लॉकडाउन में शनिवार सुबह 11 बजे तक शहर में लोगोंकी आवाजाही सहित किराणा और दूध लेने वालों की आवाजाही रही, जिसमें भी पुलिस ने किराणा की दुकानाें पर एक मीटर की दूरी पर गाेले बनाकर साेशल डिस्टेंस की पालना करवाई। इमरजेंसी सुविधाओं के साथ ही मेडिकल, दूध, गैस सहित दैनिक जरूरतों के सामान की दुकानें खुली रही। इस पर लोग खरीदारी के लिए बाजार पहुंचे। सुबह 11 बजे बाद पुलिस टीमों ने दुकानों को बंद करवा दिया। वहीं, बेवजह बाजार और सड़कों पर घूमने वाले लोगों को घर भेजा। लॉकडाउन की पालना नहीं करने वाले लाेगाें पर पुलिस हल्की सख्ती बरत रही है। शहर में जगह-जगह बैरिकेड लगाकर रास्ते बंद किए गए हैं और आने -जाने वाले लाेगाें से पूछताछ की जा रही है। जिले के प्रवेश मार्गों को बैरिकेड लगाकर सीलकर रखा है।



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    1086 vehicles seized, 31 arrested, quarantine 358 brought




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    कुआं धंसने से मलबे में दबे 12 साल के मासूम की मौत, 24 घंटे बाद निकाला जा सका शव

    कुआं धंसने से शनिवार रात मासूम की माैत हाे गई। कुआं धसने से मासूम मलबे में दब गया। 24 घंटे की मशक्कत के बाद शव को निकाला जा सका। शव का पोस्टमार्टम कर परिजन काे साैंप दिया गया। हादसा जूनापादर के पुनावली गांव में हुआ। हादसे में पुनावली निवासी 12 वर्षीय पूनाराम पुत्र लाता गमार की मौत हुई। जानकारी के अनुसार शनिवार शाम करीब पांच बजे मृतक पूनाराम को उसके पिता ने कुएं में आ रहे गंदे पानी को देखने भेजा। पूनाराम कुएं पर देखने पहुंचा। वहां लगा वाटर पंप नीचे गिर गया, जिसके साथ पूनाराम भी कुएं जा गिरा। इसके बाद चारों ओर से कुआं धंसने से मलबा अंदर गिर पड़ा। बताया गया कि करीब 10 फीट तक मलबा कुएं में मासूम के ऊपर जमा हो गया।

    सूचना मिलने पर उपखंड अधिकारी मंगलाराम पूनिया, विकास अधिकारी धनपतसिंह, तहसीलदार ममता यादव, मांडवा थानाधिकारी कर्मवीरसिंह, ग्राम विकास अधिकारी दुर्जनसिंह सहित अन्य माैके पर पहुंचे। हालात का जायजा लेते हुए मौके पर मलबा हटाने के लिए जेसीबी को बुलवाया गया। पूरा दिन मेहनत के बाद शाम 5 बजे शव को निकाला जा सका। कुएं में भरपूर पानी हाेने से भी दिक्कताें का सामना करना पड़ा। एेसे में पहले पानी को खाली करना बड़ी चुनाैती रहा। पानी को खाली करने के लिए चार वाटर पंपों को कुएं में लगाया गया। पानी निकालने के बाद मलबा निकाला जा सका।



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    12-year-old innocent killed in debris due to well sinking, body could be removed after 24 hours




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    चांसदा वन क्षेत्र में आग लगने से 150 हेक्टेयर जंगल जलकर राख

    कुराबड़ वन रेंज के अंतर्गत चासदा वन खंड में भीषण आग लग गई। क्षेत्रीय वन अधिकारी विजेंदर सिंह सिसोदिया ने बताया कि चासदा वन खण्ड में सुबह आग सुलग गई थी। मगर हवा के तेज होने के बाद आग ने विकराल रूप ले लिया। पूरे चासदा से झामर कोटड़ा माइंस तक आग फैल गई। वहीं चासदा से पूरी टीम मौके पर गई और आग बुझाने का प्रयास किया। मगर आग बढ़ गई। बाद में आरएसएमएम झामर कोटडा माइंस की दमकल के फेरे लगाने पर अाग पर काबू पाया गया। तकरीबन 5 से ज्यादा फेरे लगाने पर रोड़ के किनारे फैली आग पर काबू पाया गया। मगर पहाडिय़ों की तरफ फैली अाग काबू में नही आ पाई। इस दौरान 150 हेक्टेयर जंगल जलकर खाक हो गया।



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    150 hectares of forest burnt to ashes due to fire in Chansada forest area




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    कानोड़ में लॉकडाउन का पालन नहीं करने पर जब्त की 34 बाइक और दो कारें,10 लोग गिरफ्तार

    कस्बे में लॉकडाउन का पालन नहीं करने और बिना पास नगर में वाहनों के संचालन पर थानाधिकारी श्रवण जोशी ने कार्रवाई करते हुए 34 बाइक और दो कारों को सीज किया। साथ ही निरोधात्मक कार्रवाई करते हुए 10 लोगों को गिरफ्तार किया। थानाधिकारी जोशी ने कहा कि बिना मास्क, बिना पास नगर और थाना सर्किल में वाहन चलाने पर वाहनों को सीज करने की कार्यवाही की जाएगी। साथ नगर और पुलिस थाना कानोड़ सर्कल के समस्त किराणा स्टोर , फल-सब्जी, दूध-डेयरी, और अन्य आवश्यक सेवाएं हर दूसरे दिन सिर्फ सुबह 5 बजे से 10 बजे तक संचालित होगी।



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    34 people and 10 cars seized, 10 arrested for not following lockdown in Kanod




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    22 दिन से क्वारैंटाइन 107 मजदूर घर जाने पर अड़े, भूख हड़ताल पर बैठ गए, एसडीएम ने मनाया

    पीपलखूंट के राणा पूंजा भील आश्रम छात्रावास, रानी देवली मीणा बालिका आश्रम छात्रावास में क्वारेंटाइन में रखे एमपी के 107 मजदूराें ने मंगलवार काे घर भेजने की मांग करते हुए सांकेतिक भूख हड़ताल कर दी। हालांकि सूचना पर पीपलखूंट एसडीएम सहित चिकित्सा अधिकारी मौके पर पहुंचे और समझाइश कर इन्हें पोहे खिलवाए। लेकिन मजदूर घर जाने पर अड़े हुए हैं और बुधवार से भूख हड़ताल की चेतावनी दे रहे हैं। इन श्रमिकाें काे 30 मार्च से पीपलखूंट प्रशासन ने क्वारैंटाइन कर रखा है। सभी मजदूर रतलाम जिले की बाजना तहसील के संगेचरा के आसपास के गांवों के हैं। जो राजस्थान सीमा के नजदीक है। करीब 22 दिन बीत के बाद अब ये अपने घर जाने की जिद करने लगे हैं। वर्तमान स्थिति के अनुसार प्रदेश से बाहरी राज्यों में तो दूर एक से दूसरे जिले में लोगों को जाने की मनाही है। ऐसे में राज्य से बाहर भेजने की इनकी यह जिद प्रशासन, चिकित्सा, पुलिस को परेशानी में डाल रही है।
    प्रशासन ने पीपलखूंट के दो अलग-अलग छात्रावास में इन 107 मजदूरों को क्वारेंटाइन किया हुआ है। हालांकि क्वारेंटान की सीमा भी 28 दिन की है जबकि इन्हें अब तक 22 दिन हुए हैं। परिसर में बाहर आकर भूख हड़ताल की चेतावनी देने पर पीपलखूंट एसडीएम दिनेश मंडाेवरा मौके पर पहुंचे और समझाइश से सभी की भूख हड़ताल तुड़वाते हुए पोहे खिलवाए, लेकिन दोपहर तक वे बाहर ही बैठे रहे।



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    Quarantine 107 workers adamant on going home for 22 days, sat on hunger strike, SDM observed




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    जोधपुर से 21 मजदूर पैदल चलकर धरियावद आए,जांच के बाद सभी के रहने की व्यवस्था की गई

    सोमवार रात्रि को जाेधपुर-पाली से 21 मजदूर पैदल-पैदल धरियावद पहुंचे। उपखंड अधिकारी हेमंत कुमार, डीएसपी अरविंद विश्नाेई के नेतृत्व में सीआई भगवानलाल मेघवाल ने सभी मजदूरों के ठहरने की व्यवस्था की। चिकित्सा प्रभारी डॉ. अवधेश बैरवा के नेतृत्व में टीम ने सभी की जांच की। इसके बाद उन्हें भाेजन करवाया। ये सभी मजदूर बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ तहसील क्षेत्र के निवासी हैं, जाे लॉकडाउन होने के पश्चात खाना पानी की व्यवस्था नही होने पर अपने घर के लिए पैदल ही चल पड़े। लॉकडाउन तोड़ने और सोशल डिस्टेंसिंग की पालना नहीं करने के आरोप में मुख्य बाजार स्थित कपड़ा व्यापारी सुनील कुमार भाेपावत काे पकड़ा। माॅडीफाइड लाॅकडाउन की पालना कराने के लिए पुलिस काे खासी मशक्कत करनी पड़ रही है।



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    19 मोर मृत मिले, शिकार की आशंका नहीं, गर्मी या मौसमी बिमारी से हुई मौत

    (नरपत सिंह चौहान)। राजसमंद जिले में पर्वत खेड़ी की पहाड़ी पर बुधवार को 19 मोरों की मौत हो गई। तीन मोरों की हालत नाजुक है। मोरों की मौत कैसे हुई यह अभी पता नहीं चला है। पोस्टमार्टम के बाद ही मौत के कारणों का पता चलेगा। हालांकि माना जा रहा है कि या तो मौसमी बिमारी या फिर गर्मी के कारण राष्ट्रीय पक्षी की मौत हुई है।

    जानकारी के अनुसारतासोल के पास पर्वत खेड़ी की पहाड़ी पर ग्रामीणों ने एक साथ कई मोरों को मृत अवस्थामें पाया। तीन मोर हिल-डुल रहे थे। ग्रामीणों ने उनको पानी पिलाया। सूचना पर पर पुलिस व वन विभाग की टीम वहां पहुंची। वन विभाग की टीम ने पाया कि 19 मोरों की मौत हो चुकी है। आस-पास कोई दाना भी नहीं मिला जिससे यह लगे कि शिकारियों ने जहरीला दाना खिलाकर मोरों का शिकार कियाहो। अब पोस्टमार्टम के बाद मौत के कारणों का पता चलेगा।

    उल्लेखनीय है कि गत आठ अप्रैल को बीकानेरजिले में कोलायत के लोहिया गांव में जहरीला दाना खाने से 21 मोर व आठ तीतर सहित 32 पक्षियों की मौत हो गई थी। इससे पहले नागौर के जानना गांव में जहरीला दाना खाने से पांच मोरों के शव मिले थे। राष्ट्रीय पक्षी का शिकार लगातार जारी है।

    माना जा रहा है कि मोरों की मौत मौसमी बीमारी या गर्मी से हुई।


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    पर्वत खेड़ी की पहाड़ी पर मिले मोरों के शव। मौके पर जांच करती वन विभाग व पुलिस की टीम।




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    चार पुलिसकर्मियाें सहित 13 संदिग्ध, पहले से भर्ती एक ही परिवार के चार सदस्याें समेत 16 की रिपाेर्ट निगेटिव

    आरके अस्पताल में बुधवार को 4 पुलिसकर्मियाें सहित 13 नए संदिग्ध मरीजों काे आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया। जबकि मंगलवार काे देवगढ़ के एक ही परिवार के चार लाेगाें सहित मुंबई, बैंगलूरू, भीलवाड़ा से आए 16 लाेगाें की जांच रिपाेर्ट निगेटिव आई है। आरके अस्पताल से बुधवार काे 13 संदिग्ध लाेगाें के सैंपल जांच के लिए उदयपुर भेजे गए। जबकि नाथद्वारा अस्पताल से एक भी सैम्पल जांच के लिए नहीं भेजा। जिले में अब तक 297 लोगों के सैंपल निगेटिव आए हैं। सीएमएचओ डाॅ. जेपी बुनकर ने बताया कि बुधवार काे 13 लाेगाें के सैंपल जांच के लिए उदयपुर भेजे हैं। इनकी जांच रिपाेर्ट गुरुवार काे आए। जबकि अब तक 297 लाेगाें की सैंपल की जांच रिपोर्ट आ चुकी है।
    सभी की रिपाेर्ट निगेटिव आई है। आरके अस्पताल के पीएमओ डाॅ. ललित पुरोहित ने बताया कि मंगलवार को देवगढ़ के एक ही परिवार के 4 सदस्याें सहित प्रवासियाें की 16 संदिग्ध मरीजों को अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया था। इन सभी की रिपाेर्ट निगेटिव आई है। बुधवार काे भर्ती हुए संदिग्धाें में राजसमंद पुलिस लाइन से 25 साल का एक जवान 20 अप्रैल काे जयपुर से आया था। पुलिस लाइन में रहने वाले 19 साल के सिपाही बीकानेर से 20 अप्रैल काे आए।

    20 अप्रैल काे ही बीकानेर से आए 26 साल के पुलिसकर्मी, 20 अप्रैल काे अजमेर से आए पुलिस लाइन के 45 साल के जवान शामिल हैं। 19 अप्रैल से आए सिविल लाइन लक्ष्मीनगर के 26 साल के युवक, एक महीने पहले मुंबई से आए पीपली आचार्यान निवासी 20 साल के युवक, रेलमगरा में चराणा निवासी 25 साल के युवक, जवाजा अजमेर निवासी तीन युवक जाे 22 अप्रैल काे अहमदाबाद से आए थे। उदयपुर से 10 अप्रैल काे आए आमेट के 26 साल के युवक, शास्त्रीनगर कांकराेली निवासी बुजुर्ग दंपती शामिल है, जाे 22 अप्रैल काे मुंबई से अाए। हनुमानगढ़ से 22 अप्रैल काे आए हाउसिंग बाेर्ड निवासी युवक काे आरके अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है।



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    Report of 13 suspects including four policemen, 16 including four members of the same family already admitted




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    19 मोरों की मौत, 3 घायलों का उपचार जारी, प्रथम दृष्टया गर्मी के चलते मान रहे माैत, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

    तासोल के पर्वत खेडी में बुधवार सुबह बीड़ में 19 संदिग्ध माेराें की माैत हाे गई और 3 मोर घायल अवस्था में मिले। राष्टीय पक्षी मोर की मृत्यु पर पुलिस और वन विभाग सहित पशु चिकित्सकों की टीम माैके पर पहुंची और घायल माेराें का उपचार किया। मृत माेराें का पोस्टमार्टम कर वीश्रा सैंपल लेकर जयपुर प्रयोगशाला भेजा ताकि माेराें की माैत हाेने के कारणाें की जानकारी मिल सके। पोस्टमार्टम के दाैरान माेराें के शरीर से काेई दाना, बंदूक की गाेली और अन्य प्रकार की चाेट के निशान नहीं मिले। थानाधिकारी लालसिंह शक्तावत ने बताया कि वन विभाग की टीम को भी सूचना दी। पशु विभाग से डाक्टर सुनिल जाखड़, टीम मौके पर पहुंची।

    मृत, घायल मोरों को राजसमंद जिला मुख्यालय ले गए। ग्रामीण प्रकाश पालीवाल ने बताया कि सुबह करीब 9 बजे बड़ी संख्या में मोर उड़ते समय नीचे गिरने लगे। 15 मौत मृत थे और 7 घायल थे। चिकित्सा टीम पहुंची तब तक 4 मोर की और मौत हो चुकी थी। डाॅ. सुनील जाखड़ ने कहा कि अभी यह नहीं बता सकते है कि मौत कैसे हुई।
    अचानक बढ़ी गर्मी से हाे सकती है माैत : डीएफओवन्यजीव फतह सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया माेराें के माैत काेई जानकारी ताे नहीं लग पाई है लेकिन माेराें का शिकार नहीं किया है अाैर ना हीं जहरीले दाने खाने से माैत हुई हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे जानकारी हाे सकेगी। हाे सकता है कि अचानक गर्मी बढ़ने से भी पानी नहीं मिला हाे और माैत हाे गई।



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    Death of 19 peacocks, treatment of 3 injured continues, prima facie believing Maith, waiting for post mortem report




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    शराब बेचने और खरगाेश पकाने के आराेप में चार गिरफ्तार, 21 हजार रुपए जुर्माना भी लगा

    शहर के नाथद्वारा राेड साेमनाथ चाैराहा स्थित मातेश्वरी हाेटल में बुधवार सुबह छापा मार कर करीब 20 हजार रुपए की अंग्रेजी शराब और खरगाेश पकाते हुए चार युवकाें काे गिरफ्तार किया। वन विभाग ने वन्यजीव शिकार की धाराओं में कार्रवाई करते हुए 21 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। आबकारी पुलिस ने चाराें काे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से जमानत पर रिहा किया। कार्रवाई एसडीएम सुशीलकुमार, जिला आबकारी अधिकारी जगदीशप्रसाद रंगा, सहायक आबकारी अधिकारी विजय जाेशी के नेतृत्व में की गइर्।
    आबकारी थानाधिकारी अाेमसिंह चूंडावत ने बताया कि हाेटल संचालक कांकराेली निवासी दयाल टांक पुत्र शंभुलाल टांक, धाेईन्दा निवासी सुनील कुमावत पुत्र शांतिलाल कुमावत, अनिल पुत्र शांतिलाल कुमावत, गाेविंद पुत्र गाेवर्धन कुमावत काे अवैध शराब का व्यापार करते गिरफ्तार किया। आराेपी सभी लाॅकडाउन में प्रतिबंध हाेने के बाद भी हाेटल में अंग्रेजी शराब और बीयर बेच रहे थे। हाेटल की रसाेई में खरगाेश भी पका रहे थे। इस पर एसडीएम सुशीलकुमार ने वन विभाग के अधिकारियाें काे माैके पर बुलाया और कार्रवाई के निर्देश दिए। इस पर वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए हाेटल मालिक पर 21 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। चाराें काे आबकारी विभाग ने गिरफ्तार कर थाने ले गए। आबकारी विभाग ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से 70 बाेतल बीयर, 26 अद्दे, 25 पव्वे अंग्रेजी शराब के मिले थे।
    लम्बे समय से शराब बेचने की आ रही थी शिकायत: एसडीएम ने बताया कि साेमनाथ चाैराहा पर अंग्रेजी शराब बेचने की लम्बे समय से शिकायत आ रही थी। इस पर मुखबीर लगाया अाैर लाॅकडाउन में प्रतिबंध हाेने के बाद भी अंग्रेजी शराब और बीयर बेचने का सत्यापन हुआताे आबकारी विभाग काे साथ लेकर छापा मारा। करीब 20 हजार रुपए की विभिन्न कंपनियाें की अंग्रेजी शराब सहित बीयर बरामद हुई।
    चार गुना रेट पर बेच रहे शराब: लाॅकडाउन में शराब की दुकानें बंद हाेने पर शहर में शराब नहीं मिल रही है। ऐसे में शराब माफिया शराब का स्टाॅक निकालकर चार गुना दामाें में बेच रहे हैं। 500 रुपए में बिकने वाली शराब की बाेतल एक हजार से 1200 रुपए में बेच रहे हैं। 130 रुपए में बिकनी वाली बीयर की बाेतल 250 से 300 रुपए में बेच रहे हैं।



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    Four arrested for selling liquor and cooking misdemeanors, fined 21 thousand rupees




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    जनरल व्यापार संघ ने बच्चों के लिए दिए भाेजन 100 पैकेट

    बीडीओराकेश पुरोहित की अपील पर जनरल व्यापार संघ स्टेशन तथा व्यापार संघ रामद्वारा ने बच्चों के खाने के लिए भाेजन के 100 पैकेट दिए। इस दाैरान रमन कंसारा, धूलजी हिरण, मनोहरलाल पितलिया, नारायण सिंह भाटी, ने सहायता के लिए आश्वस्त किया। आमेट के अनिल त्रिवेदी ने बच्चों के लिए नाश्ते के 100 पैकेट पंचायत समिति को सुपुर्द किए।



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    General trade association gave 100 packets for children




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    चिकित्सीय सुविधाओं के लिए 21 लाख के प्रस्ताव पर सीएमएचओं ने जिला कलेक्टर काे लिखा पत्र

    वल्लभनगर विधायक और प्रदेश कांग्रेस महासचिव गजेन्द्र सिंह शक्तावत ने उपखंड कार्यालय वल्लभनगर में हुई अधिकारियों की बैठक में ब्लाॅक चिकित्सा अधिकारी महेन्द्र लोहार की मांग पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी दिनेश खराड़ी ने लगभग 21 लाख के प्रस्ताव को विधायक निधि स्वीकृति के लिए जिला कलेक्टर को पत्र लिखा। ब्लाॅक अध्यक्ष सुनील कुकड़ा ने बताया कि 21 लाख की स्वीकृति में वल्लभनगर विधान सभा क्षेत्र में एक एम्बुलेंस, वेंटिलेटर, बैड, कृत्रिम वातावरण से ऑक्सीजन लेने के उपकरण और अन्य छोटे-मोटे आवश्यकतानुसार उपकरण खरीदे जाएंगे।

    शक्तावत ने इसके अलावा कानोड़ चिकित्सालय में 50 बैड तक सुविधा राज्य सरकार के माध्यम से करवाई। इस माैके पर शक्तावत ने कहा की क्षेत्र में कोरोना महामारी के समय में किसी भी चीज की कमी नहीं हाेने दी जाएगी। साथ ही अन्य प्रदेशों में फंसे प्रवासियों को अपने घर वापसी काे लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट से भी वार्ता की जा रही है। शक्तावत ने कहा की कोरोना महामारी से घबराने की जरूरत नहीं है। सिर्फ सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने से प्रशासन और चिकित्सा विभाग की दी जा रही जानकारी के पालन से इसपर नियंत्रण किया जा सकता है।



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    CMH wrote a letter to the District Collector on the proposal of 21 lakhs for medical facilities




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    माही में दो युवकों की डूबने से मौत, दादी के निधन पर मुंडन करवाकर नदी में नहाने उतरे थे, वीडियो बनाते समय हुआ हादसा 

    (संजय बसेर)। डूंगरपुर जिले में निठाउवा थाना क्षेत्र के वलाई गांव के पास शुक्रवार को दो युवकों की माही नदी में डूबने मौत हो गई। दोनों अपनी दादी का निधन हो जाने पर सुतकारे (परिजनके निधन पर बाल देने का संस्कार) की क्रिया में शामिल होने के बाद नदी में नहा रहे थे। इस दौरान वीडियो बनाते समय दोनों की डूबने से मौत हो गई। मौत से कुछ मिनट पहले का वीडियो सामने आया है।

    जानकारी के अनुसार बांसवाड़ा जिले के मोटा गांव थाना क्षेत्र के चचेरे भाई कल्पेश उर्फ प्रिंस कलाल (19) पुत्र धनपाल और भाविक (20) कलाल पुत्र गोपाल की दादी का 15 अप्रैल को निधन हो गया था। निधन के आठवें दिन सुतकारा किया जाता है।

    कल्पेश उर्फ प्रिंस कलाल।

    सुतकारा के लिए दोनों अपने परिजनों के साथ बांसवाड़ा जिले में रणछोड़ मंदिर के पास स्थित श्मशान आए थे। बाल देने की क्रिया के बाद वे दोनों माही में नहाने उतरे थे। नदी का एक छोर बांसवाड़ा और दूसरा डूंगरपुर में पड़ता है जिसका विभाजन वलाई पुल से होता है।

    परिजनों ने सोचा मजाक कर रहे होंगे

    दोनों नहाते समय पुलिस के उस पार चले गए यानी डूंगरपुर वाले हिस्से में। इस दौरान दोनों वीडियो बनाने लगे और इस दौरान गहरे पानी में चले गए। वे डूबने लगे तो परिजनों ने सोचा मजाक कर रहे होंगे,लेकिन पांच मिनट तक पानी में ऊपर नहीं आए तो परिजनों ने उन्हें पानी से निकाला।

    भाविक कलाल।

    दोनों को किनारे लाया गया, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। सूचना पर पुलिस वहां पहुंची तथा आसपुर चिकित्सालय में पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौँप दिए।दोनों युवक परिवार के इकलौते पुत्र थे। दादी की मौत से परिवार में शोक डूबा था वहीं इस हादसे ने परिवार को हिला कर रख दिया। वहां मौजूद परिजनों सहित सभी लोगों का रो-रो कर बुरा हाल था।



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    माही में नहाने उतरे दो युवकों की डूबने से मौत हो गई। आसपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिए गए।




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    श्रीनाथजी मंदिर की सेवा वालों ने कोरोना सहायता कोष में दिए 1.51 लाख रुपए

    श्रीनाथजी मंदिर सभी निज सेवकों ने कोविड-19 महामारी में जरूरतमंदों की सहायतार्थ 1 लाख 51 हजार रुपए इकट्ठाकर मंदिर मंडल के सीईओ जितेंद्र ओझा को सौंपे। यह राशि तिलकायत राकेश महाराज की आज्ञा और विशाल बाबा की प्रेरणा से इकट्ठी कर मंदिर मंडल के माध्यम से अलग-अलग सहायता कोष में प्रदान की जाएगी। इस सहायता राशि में श्रीजी के बड़े मुखिया इंद्रवर्धन गिरनारा, श्रीनाथजी मंदिर के अधिकारी सुधाकर उपाध्याय, प्रदीप सांचीहर, नवनीतप्रियाजी के मुखिया घनश्याम सांचीहर, समाधानी दिनेश, प्रमोद सनाढ्य, श्रीजी के सभी भीतरिया, मनीष सांचीहर, सागरिया गिरिराज, प्रसादी भंडारी जुगल सनाढ्य, मनोज सनाढ्य, छड़ीदार जी कान्हा मुकुल, विट्ठल सनाढ्य, चेतन, उमंग, दिलीप गुर्जर, श्याम गुर्जर, विनोद उपाध्याय आदि ने राशि प्रदान की। इस अवसर पर श्रीजी के मुखिया इंद्रवर्धन गिरनारा, अधिकारी सुधाकर शास्त्री, संपदा अधिकारी चेतन त्रिपाठी, मीडिया प्रभारी गिरीश सांचीहर आदि माैजूद थे।



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