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21 दिन से कोरोना का कोई केस नहीं, हसनपुर हवेली से हटेगा कंटेनमेंट का टैग, ग्रीन जोन में आएगा जिला

जिले में अब कोरोना का न कोई मरीज बचा है न ही बीते 21 दिनों में कोई केस सामने आया है। इसके साथ ही शहर के हसनपुर हवेली में बीते 7 अप्रैल से लगे कंटेनमेंट जोन के टैग को अब हटाने की तैयारी कर ली गई है। इसे लेकर सीएमएचओ व एसडीएम ने सहमति जताते हुए कलेक्टर को रिपोर्ट दे दी है। इसके साथ ही जिला भी स्वत: ही ऑरेंज जोन से निकलकर ग्रीन जोन में आ जाएगा।
7 अप्रैल को कोरोना का पहला मरीज शहर से सटे हसनपुर हवेली में मिला था, तभी से इस क्षेत्र काे कंटेनमेंट जोन में तब्दील कर दिया गया अाैर इसका 3 किमी का दायर प्रशासन ने सील कर दिया। इसके बाद श्योपुर जिला भी ग्रीन जोन से ऑरेंज जोन की श्रेणी में आ गया। यहां मिले 4 मरीज अब पूरी तरह से स्वस्थ हो गए हैं। वहीं 17 अप्रैल के बाद से कोई नया कोरोना संक्रमित भी सामने नहीं आया है। इसको शुक्रवार को 21 दिन पूरे हो गए है और शनिवार को 22 दिन हो जाएंगे। गाइडलाइन के तहत अगर 21 दिनों में कोई केस सामने नही आता है तो उक्त क्षेत्र के कंटेनमेंट जोन को सीएमएचओ व एसडीएम की रिपोर्ट के आधार पर खोल दिया जाता है। यह रिपोर्ट शुक्रवार को दे दी गई है, यानी अब हसनपुर हवेली, मठेपुरा, ग्वाड़ी और जैदा कंटेनमेंट जोन नहीं रहेंगे।

ग्रीन जोन में आने पर यह मिलेगा फायदा
ग्रीन जोन में सशर्त दुकानों को खोलने की अनुमति दी जाती है, जिसमें शहर के मुख्य बाजार सहित अन्य लेबर क्लास दुकानें भी खोली जा सकती है। हालांकि अंतिम अधिकार प्रशासन को ही है कि वह किस तरह से किन-किन दुकानों को छूट देगा।

व्यापारियों ने की मुख्य बाजार खोलने की मांग
शहर में दुकानें खोलने के लिए 3 मई को कलेक्टर की ओर से आदेश जारी किए गए थे। इसमें शहर के मुख्य बाजार, चूड़ी बाजार, टोड़ी बाजार, पुल दरवाजा से लेकर छह मजार तक किराना, मोबाइल रिचार्ज और रस्सी-बोरा की दुकानें खोलने की अनुमति नहीं दी गई थी। इसमें इलेक्ट्रिकल्स और जूते-चप्पल की थोक दुकानों की भी अनुमति नहीं थी। मुख्य बाजार में सबसे ज्यादा यही दुकानें है। ऐसे में व्यापारियों ने यहां ऑड-ईवन फॉर्मूले पर दुकानें खोलने की मांग की थी। इसी मांग को अब जिला व्यापार महासंघ ने फिर दोहराया है।

अब तक इन दुकानों को खोलने की अनुमति
सुबह 7 से शाम 7 बजे तक मुख्य बाजारों को छोड़कर गली-मोहल्ले व पाली रोड पर ही किराना, मोबाइल रिचार्ज, इलेक्ट्राेनिक्स और रस्सी-बोरा की दुकानें खोलने की अनुमति है। पूरे शहर में कृषि यंत्र, उर्वरक, मोटर मैकेनिक, सीमेंट, लोहा व निर्माण सामग्री दुकानें, दूध डेयरी, स्पेयर पार्ट्स, आटा चक्की, छलना दुकानें, धर्मकांटा, थोक जूते-चप्पल की दुकानें खोलने की अनुमति है। अन्य दुकानों को बंद रखने के आदेश हैं। इसके अलावा ग्रामीण इलाकों में सभी प्रकार की दुकानों को अनुमति दी गई है।
कंटेनमेंट जाेन खाेलने पर सहमति दी है
रूपेश उपाध्याय, एसडीएम, श्योपुर के मुताबिक, कंटेनमेंट जोन घोषित हुए काफी दिन हो गए हैं। अब यहां से कोई केस भी नहीं है। जिले में एक ही कंटेनमेंट जोन था, जिसे खोलने को लेकर सहमति देते हुए रिपोर्ट दे दी है।
बैठक में तय करेंगे क्या खुलेगा और क्या नहीं
राकेश कुमार श्रीवास्तव, कलेक्टर, श्योपुर के मुताबिक,कंटेनमेंट जोन को लेकर बैठक में चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही शहर में काैन सी दुकानें खुलेंगी और काैन सी नहीं, इस पर बैठक में फैसला लेंगे। मुख्य बाजार के व्यापारियों ने आवेदन दिया है। इस पर भी बैठक में ही विचार किया जाएगा।



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There is no Corona case for 21 days, the tag of container will be removed from Hasanpur Haveli, district will come in green zone




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कोरोना से मुक्ति के लिए हजारों जैन परिवार कर रहे हैं लगातार 13 घंटे णमोकार महामंत्र का अखंड पाठ

विश्व में कोरोना वायरस के महासंकट की घड़ी में जब संपूर्ण विश्व इसके खौफ में है। ऐसे में इस महामारी से बचाव व मुक्ति के लिए हजारों जैन परिवार घरों में 13 घंटे लगातार णमोकार महामंत्र के अखण्ड पाठ कर रहे हैं। जैन परिवार सुबह 8 बजे से पाठ शुरू करते हैं। फिर बारी-बारी से परिवार के सदस्य अखण्ड पाठ रात 9.00 बजे तक करते हैं। आरती के बाद पाठ सम्पन्न करते हैं। इस पाठ की शुरुआत से पहले प्रातः 7.55 बजे 13 घंटे के लिए कलश स्थापित करने के बाद लगातार जलने वाला दीपक प्रज्वलित किया गया।
सभी दम्पति सदस्य परिवार तय समय से 5 मिनट ज्यादा पाठ करते हैं। ताकि पाठ करने की अखण्डता बनी रहे। अखण्ड पाठ के समापन पर रात्रि 9.00 बजे पंचपरमेष्ठी एवं भगवान महावीर की सामूहिक आरती सभी घरों पर एक साथ की गई। पाठ में जैन सोश्यल ग्रुप मेट्रो जयपुर के 100 से अधिक परिवारों, दिगंबर जैन महासमिति मानसरोवर द्वितीय संभाग के अंतर्गत एसडीसी इकाई परिवारों सहित शहर के हजारों घरों में ये अखंड पाठ किए गए।



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Thousands of Jain families are doing uninterrupted recitation of Namokar Mahamantra for 13 hours continuously for the liberation from Corona




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पिछले महीने 214 रु. आ रही थी सब्सिडी, सिलेंडर 215 रुपए सस्ता होने से सब्सिडी आना हुई बंद

1 मई से घरेलू गैस सिलेंडर 215 रुपए सस्ता हो गया है। अब यह 603 रुपए में मिल रहा है। जबकि पिछले महीने यह 818 रुपए में मिल रहा था और ग्राहकों के अकाउंट में 214 रुपए सब्सिडी आ रही थी लेकिन अब उपभोक्ता गैस की बुकिंग कर रहे हैं। उनके अकाउंट में सब्सिडी नहीं आ रही है। सब्सिडी नहीं मिलने गैस उपभोक्ता एजेंसियों पर पहुंच रहे हैं। लेकिन वहां भी उन्हें कोई जवाब नहीं मिल रहा है। ऐसा पहली बार हुआ है जब उपभोक्ताओं के अकाउंट में सब्सिडी नहीं आ रही है।
शहर में 75 हजार गैस उपभोक्ता है। इन्हें बुकिंग करने पर पूरे दाम में गैस सिलेंडर मिलता है। इसके बाद सब्सिडी की राशि अकाउंट में आती है। सिलेंडर मिलने के बाद 3 दिन में राशि उपभोक्ताओं के अकाउंट में पहुंच जाती है लेकिन इस महीने 8 दिन बाद भी किसी उपभोक्ता के अकाउंट में राशि नहीं पहुंची है। इधर गैस एजेंसियां भी उपभोक्ताओं के घर सिलेंडर की डिलीवरी के बाद बिल में डिलीवर लिख रही है तो सब्सिडी की जगह ब्लैंक के मैसेज आ रहे हैं।
सब्सिडी हुई जीरो
आईओसी के सेल्स ऑफिसर विजय वर्तक ने बताया पिछले महीने उपभोक्ताओं के अकाउंट में जितनी सब्सिडी आ रही थी। गैस सिलेंडर उतना सस्ता हो गया है। इससे सब्सिडी जीरो हो गई है।

गैस एजेंसियां कंटेनमेंट एरिया में भी सिलेंडर की डिलीवरी दे रही है। मोचीपुरा, बोहरा बाखल, जावरा रोड, जवाहर नगर सहित सभी कंटेनमेंट एरिया में 40 से ज्यादा डिलीवरी दी जा रही है। वही एजेंसियां रविवार के दिन भी डिलीवरी दे रही है ताकि लोगों को परेशानी ना आए।



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214 in the previous month. Subsidies were coming, subsidy stopped due to cylinder being cheaper by Rs 215




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लिंबायत में फिर 18 केस, 271 टीमों ने 54 हजार घरों का किया एपीएक्स सर्वे

लिंबायत जोन में एपीएक्स सर्विलांस सिस्टम की नई शुरूआत की गई है। 271 टीम द्वारा 54000 घर का सर्वे किया गया है। जिसमें से 20 एआरआई के केस मिले हैं। इसके अलावा वराछा ए में 14 और सेंट्रल जोन में 10 एआरआई के केस मिले हैं। लिंबायत में शुक्रवार को 18 मामले सामने आए। अब तक के कुल 336 पॉजिटिव मामले लिंबायत में दर्ज हो चुके हैं। गुरुवार को 20 हजार और शुक्रवार को 1 लाख 20 हजार लोगों को होम्योपैथी दवा दी गई। स्लम विस्तार में 263 जगह वॉश बेसिन रखे गए हैं। जागरूकता फैलाने के लिए रिक्शा और डोर टू डोर कचरा गाड़ी फेरे लगा रही हैं।

कमिश्नर बंछानिधि पाणी ने बताया कि अब तक पॉजिटिव रेट 5.5 फीसदी हुआ है। रिकवरी रेट 49.5 फीसदी तक पहुंच गया है। समरस कोविड केयर सेंटर में 334, 1581 होम क्वाॅरेंटाइन और डीसेंट्रलाइज 449 को मिलाकर कुल 2020 लोग क्वाॅरेंटाइन किए गए हैं। अब तक 14809 टेस्टिंग की गई।

सर्विलांस के लिए 1425 टीम कार्यरत
शहर में सर्विलांस के लिए 1425 टीम कार्यरत है, जबकि कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग के लिए 186 टीम है। शहर के स्लम विस्तार में 36 फीवर क्लिनिक शुरू किए गए हैं। मनपा कमिश्नर ने अपील करते हुए कहा कि सामाजिक जिम्मेदारी निभाए। कुछ लोगों द्वारा जिम्मेदारी नहीं निभाई गई तो ये हालात बने हैं। अगले 21 दिन तक संपूर्ण लाॅकडाउन का पालन किया तो निजात मिल सकती है।



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सामग्री देने रवाना हुए 16 रथ, बांटेंगे 2225 खाद्य पैकेट

कोरोना लॉकडाउन- 3 में हरिशेवा धर्मशाला ट्रस्ट, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सेवा विभाग व सेवा भारती की अाेर से जरूरतमंदाें तक राहत सामग्री वितरण के छठे चरण की शुरुआत शुक्रवार काे हुई। इस चरण के लिए 16 रथ रवाना हुए जिन्हें महामंडलेश्वर हंसराम उदासीन महाराज ने रवाना किया। 5 मई को सूखी रसद सामग्री मंगवाई थी। इनसे 2225 पैकेट तैयार किए गए। 14 रथ सेवा भारती के हैं, जो शहर की 50 बस्तियों में जाएंगे। आश्रम के हेमन उस्ताद व उनके साथी 2 अन्नपूर्णा रथाें से राशन बांटेंगे। संत मयाराम, गोविंद, प्रांत कार्यवाह डॉ शंकरलाल माली, प्रांत सेवा प्रमुख नटवरलाल, विभाग कार्यवाह बनवारीलाल, महानगर संघचालक चांदमल सोमानी, रविंद्र जाजू अादि शामिल हुए। सह कार्यवाह ललित चिपड़ ने बताया कि 23 मार्च से अब तक 10 हजार 352 किट वितरित किए गए



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16 chariots left to deliver material, will distribute 2225 food packets




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बाइक पर 41 हजार की शराब लेकर जा रहे युवक को आबकारी टीम ने पकड़ा

गश्त के दौरान एक बाइक सवार को आबकारी टीम ने अवैध शराब के साथ पकड़ा। जिस पर आबकारी अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया। जबकि उसकी बाइक भी जब्त कर ली। यहां लॉक डाउन के बाद भी कराहल व जिले में अवैध शराब का कारोबार धड़ल्ले से किया जा रहा है।
जिला आबकारी अधिकारी योगेश कम्ठान ने बताया कि कराहल क्षेत्र में शुक्रवार को गश्त के दौरान आबकारी टीम को एक युवक बाइक से आता हुआ दिखाई दिया। उन्होंने जब बाइक को रोककर तलाशी ली तो बाइक चालक के पास बोरी के अंदर 24 पाउच के अंदर 12 लीटर भट्टी की बनी कच्ची शराब मिली। जिसकी कीमत करीब 41 हजार 800 रुपए आंकी गई है। पूछताछ करने पर युवक ने अपना नाम बंटी पुत्र मोहन सिंह पुत्र पंचम सिंह बताया। आबकारी पुलिस ने मप्र आबकारी अधिनियम की धारा 1915 के तहत आरोपी युवक के खिलाफ कार्रवाई की है। इस दौरान सहायक जिला आबकारी अधिकारी राकेश शर्मा, अशोक शर्मा, संजीव धुर्वे, कल्याण जादौन, नरेश पाराशर, राजेंद्र शर्मा, कोकसिंह रावत, विकास श्रीवास्तव लोग मौजूद रहे।



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1 और मरीज डिस्चार्ज, 36 में से 24 हो गए ठीक, 7 दिन से नया केस नहीं

कोरोना को हराकर घर लौटने वाले अब 24 लाेग हाे गए हैं। कस्तूरबा नगर में जिझौतिया भवन के पास रहने वाली रेशमा खान (32) काे शुक्रवार काे पवारखेड काेविड वार्ड से डिस्चार्ज कर दिया गया। 25 अप्रैल को रेशमा की रिपाेर्ट काेराेना पाॅजिटिव आई थी। हाॅटस्पाॅट इटारसी में कोरोना के 36 पॉजिटिव केस में अब 24 मरीज ठीक हो चुके है। इटारसी का रिकवरी रेट 67 प्रतिशत हाे गया है। इटारसी के अब 9 मरीज ऐसे हैं जिन्हें अपनी दोनों जांच रिपोर्ट निगेटिव आने का इंतजार है। इनमें एक मरीज जीन मोहल्ले के 72 वर्षीय बुजुर्ग भोपाल के चिरायु हॉस्पिटल में इलाज करवा रहे हैं जबकि 8 मरीज पवारखेड़ा के कोविड केयर सेंटर में हैं। इनमें सबसे कम उम्र का 7 साल का बच्चा है। हालांकि 3 की मौत हुई है।


इम्युनिटी के लिए दी दवा
पवारखेड़ा कोविड केयर सेंटर से शुक्रवार की शाम रेशमा पति शेर खान को लेकर एंबुलेंस डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पताल पहुंची। डॉक्टरों ने महिला मरीज की थर्मल स्क्रीनिंग की। इम्युनिटी के लिए जरूरी दवाइयां दी और 14 दिन क्वारेंटाइन रहने काे कहा। महिला ने भी यही भरोसा दिलाया।



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गोवा से 177 मजदूरों को लेकर श्रमिक एक्सप्रेस रवाना, लॉकडाउन के 45 दिन के बाद आज पहुंचेंगे श्योपुर

प्रवासी मजदूरों को लाने का काम देशभर में किया जा रहा है, यहां केरला व गोवा में लॉक डाउन के फेर में फंसे मजदूरों को श्रमिक एक्सप्रेस से ग्वालियर के लिए भेजा गया है, जिसमें श्योपुर के 177 मजदूर है। इन्हें कल श्योपुर लाने के लिए ग्वालियर बसें रवाना की जाएंगी। वहीं गुजरात के मोरबी से भी 75 मजदूरों को मप्र के बॉर्डर पर छोड़ा गया है, जिन्हें लाने के लिए बसें रवाना कर दी गई।
राजस्थान के बाद अब देश के अलग-अलग राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूरों को लाने की कवायद तेज हो गई है, जिसमें श्योपुर के मजदूरों को भी ट्रेन व बसों के माध्यम से लाया जा रहा है। यहां गुजरात के मोरबी में टाइल्स की फैक्ट्री में काम करने वाले व फसल कटाई के लिए करीब 75 मजदूरों झाबुआ जिले के पास पिटोल बॉर्डर पर छोड़ा गया। जहां स्थानीय प्रशासन द्वारा उन्हें भोजन कराया गया, साथ ही 45 मजदूरों को एक बस से बैठाकर श्योपुर के लिए रवाना कर दिया गया है। इसके साथ ही श्योपुर से भी बसें उक्त मजदूरों को लेने भेजी गई।
इसी तरह केरला व गोवा में फंसे 177 मजदूरों को शुक्रवार श्रमिक एक्सप्रेस ट्रेन बैठकर ग्वालियर के लिए रवाना हुए, जो कि शनिवार को ग्वालियर पहुंचेंगे। इन्हें लाने के लिए श्योपुर प्रशासन ने बसें ग्वालियर रवाना कर दी है। यहां मजदूरों को लाने के साथ ही उनकी स्क्रीनिंग की जाएगी और फिर होम क्वारेंटाइन कर दिया जाएगा।



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Shrampur Express will go to Goa after 45 days of lockdown with 177 workers from Goa




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अहमदाबाद से लौटे 19 लोगों में चार पाॅजिटिव बाइक-कार से पहुंचे...34 के संपर्क में आए थे

जिले में शुक्रवार काे एक महिला सहित चार व्यक्ति काेराेना पाॅजिटिव मिले। चिकित्सा विभाग के अनुसार काेराेना संक्रमित मिले महिला सहित चाराें व्यक्ति गुजरात के अहमदाबाद में काम करते थे और पिछले दिनाें अपनी बाइक और कार से भीलवाड़ा आए थे। चार संक्रमिताें में करेड़ा क्षेत्र के गाेमा का बाड़िया का एक व्यक्ति व सेणूंदा की महिला, रायला के छीपाें का बाड़िया और रायपुर के कुम्हार माेहल्ले का एक-एक व्यक्ति भी हैं। जिले में अब तक 43 मरीज सामने आ चुके हैं।
गाेमा का बाड़िया और रायपुर का व्यक्ति हाेटल में जबकि बाकी दाे हाेम क्वारेंटाइन में थे। चाराें के पाॅजिटिव आने की सूचना के बाद इनकाे एमजी हाॅस्पिटल के आइसाेलेशन वार्ड में भर्ती कराया है। चाराें गांवाें के 19 लाेग जिले में आए थे। इनमें से चार पाॅजिटिव मिले। ये अब तक 34 व्यक्तियों के संपर्क में आ चुके हैं।


चिंता : 18 दिन में 14 पाॅजिटिव राेगी मिले, इनमें 10 लाेग बाहर से आए और एक युवक के दाे रिश्तेदार उसके संपर्क में आने से संक्रमित हुए...

21 अप्रैल काे नई दिल्ली से आए युवक-युवती पाॅजिटिव मिले थे। 22 अप्रैल काे जयपुर से सब्जी के ट्रक में छिपकर गुलाबपुरा आया एक युवक पाॅजिटिव मिला। इस युवक से इसके दाे रिश्तेदार भी संक्रमित हाे गए। तीनाें अभी एमजी हाॅस्पिटल के स्टेप डाउन वार्ड में भर्ती हैं। 22 अप्रैल काे मांडल क्षेत्र के गाेविंदपुरा का एक व्यक्ति मुंबई पैदल ही गांव आ गया। जब उसकी जांच कराई ताे रिपाेर्ट पाॅजिटिव आई।

5 मई: सूरत से आए करेड़ा क्षेत्र के आमलदा गांव के दाे व्यक्तियाें की रिपाेर्ट पाॅजिटिव आई। आठ 8 मई काे अहमदाबाद से अलग-अलग गांवाें में आए एक महिला सहित चार व्यक्ति पाॅजिटिव मिले।
गाेमा का बाड़िया गांव : पोहे बेचता है, बाइक से गांव पहुंचे दाे युवक...संक्रमित मिला इस गांव का युवक अहमदाबाद में कांकरिया पार्क के बाहर पाैहे का ठेला लगाता था। उसके साथ रायपुर का एक और व्यक्ति भी था। दाेनाें बाइक से दाे मई काे अहमदाबाद से रवाना हुए और चार मई काे यहां पहुंचे।
सेणूदा गांव : कमठाने पर मजदूरी करती है महिला...इस गांव की महिला अपनी दाे बेटियाें के साथ अहमदाबाद के प्रेमनगर में रहती थी। यह महिला वहां पर कमठाने पर मजदूरी करती थी। चार मई काे तीनाें मां-बेटी और भानजा अहमदाबाद से गांव पहुंचे थे।
छीपाे का बाड़ा : धाेबी का काम करता था, परिवार सहित कार से लाैटा...रायला के इस क्षेत्र में रहने वाला व्यक्ति अहमदाबाद के सहारन में रहता था। वह वहां पर धाेबी का काम करता था। पांच मई काे वह व्यक्ति पत्नी, दाे बेटियाें व बेटे के साथ कार से यहां आए।
रायपुर : 8 लाेग 2 बाइक पर गांव पहुंचे, टाइल्स का काम करता है... कुम्हार माेहल्ले का व्यक्ति अहमदाबाद में मकानाें में टाइल्स लगाता है। वह पत्नी दाे बच्चाें और एक अन्य व्यक्ति सहित 8 लाेगाें के साथ गांव पहुंचे। ये 8 लाेग दाे बाइक से 2 मई काे अहमादाबाद से रवाना हुए 3 काे गांव पहुंचे।



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Out of 19 people who returned from Ahmedabad, four positive bike-cars arrived… 34 were in contact




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सेक्टर-21डी की आरडब्ल्यूए ने अखबार बांटने वाले सदस्यों को सम्मानित किया

सेक्टर-21डी की आरडब्ल्यूए ने अखबार बांटने वाले सदस्यों (हॉकर्स) को सम्मानित किया। ये हॉकर्स कोरोना के इस संक्रमण काल में भी निर्बाध रूप से घर-घर अखबार पहुंचा रहे हैं। ऐसे में इन्हें प्रोत्साहित तथा सम्मानित करने के लिए यहां के कम्युनिटी सेंटर में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिन सदस्यों को सम्मानित किया गया उनमें अजय चौहान, सत्यप्रकाश, उदयभान, उमेश, भाईराम, अजय राज आदि शामिल हैं। इन्हें अंगवस्त्र व फूलमाला पहनाकर सम्मानित किया गया। साथ ही इन्हें सम्मान स्वरूप मास्क भी दिए गए।

सबसे पहले सेनेटाइजर से इनके हाथ साफ कराए गए। आरडब्ल्यूए के पदाधिकारी जयप्रकाश शर्मा तथा राजीव जेटली ने इन्हें प्रोत्साहित करते हुए इनके कार्य की सराहना की। इस मौके पर जयप्रकाश शर्मा, दिनेश चौहान, आरके तिवारी, एसके गुप्ता, अनीता शर्मा, पुष्पा शर्मा, बीके भारद्वाज, गुरशरण सिंह, एनके शर्मा, रविन्द्र चौहान, प्रह्लाद सिंह तंवर, त्रिलोकचंद रोहिल्ला, इंदर सिंह सोरौत, आरएस नेगी आदि इस दौरान मौजूद थे।



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मीटर की फाेटो देख 148 यूनिट का नया बिल बनाया, सब्सिडी 0 कर दी, बिजली बिल सुधरवाने के लिए दफ्तर पहुंच रहे उपभोक्ता

बिजली बिलों में एवरेज बिलों के बाद सबसीडी खत्म करने की गड़बड़ी सामने आई है। बिजली कंपनी उपभाेक्ताओं से 150 यूनिट के भीतर खपत होने पर भी इसका लाभ नहीं दिया जा रहा है। गौरतलब है लाॅकडाउन में बिजली कंपनी ने बिना रीडिंग लिए मनमाने ढंग से अनुमानित बिल दे दिए हैं। अब उपभाेक्ता बिलाें काे सुधरवाने पहुंच रहे हैं तो उसमें अफसर अपने हिसाब से नियम बता रहे हैं।

बिजली कंपनी 23 दिन में दूसरी बार बिल वसूलने की तैयारी में है। 11 अप्रैल काे बिल देने के बाद कंपनी ने इस बार 4 मई काे फिर से बिल दे दिए। इस बार ऐसे बिल आए हैं जिसमें 100 यूनिट के अंदर और 150 के अंदर खपत पर मिलने वाली सब्सिडी भी देना बंद कर दिया है। बिजली अधिकारी इंदिरा ज्याेति याेजना बंद हाेने से भी इंकार कर रहे हैं और न उपभाेक्ता काे सब्सिडी का लाभ दे रहे हैं। कम रीडिंग के बिल देकर बाद में 150 से ऊपर यूनिट बनाकर लाेगाें काे ज्यादा भुगतान करने के लिए परेशान हाेना पड़ेगा।

भास्कर गाइड : mpcz वेबसाइट पर उपभोक्ता बिल केलकुलेटर कर सकते हैं

आपकाे यदि अपने बिजली बिल के बारे में डिटेल जानना है और खपत के आधार पर बिल कितना हाेना था, यह पता करना है ताे इसके लिए आपकाे बिजली कंपनी की साइट mpcz पर जाना होगा। इसमें बिल केलक्युलेटर काॅलम है। इसमें आपकाे अपने बिल की खपत यानी जली हुई बिजली यूनिट काे डालना है। साथ ही उसमें किलाेवाट भी लिखना है। जैसे घर के कनेक्शन मे अधिकांश दाे किलाेवाट हाेता है। इनकाे लिखने के बाद आपकाे साफ हाे जाएगा कि बिल सही है या नहीं। आपका बिल सबसीडी के दायरे में है या नहीं, यह भी स्पष्ट तौर पर इसमें लिखा आएगा।



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दूध चाय तक सीमित, खपत 60% घटी, डेयरी ने भाव 10 से 15 रुपए तक घटाए

22 मार्च जनता कर्फ्यू व 25 मार्च से जारी लॉकडाउन के कारण मिठाई दुकानें, मावा भटि्टयां, होटलें बंद हैं। ज्यादातर डेयरियां भी नहीं खुल रहीं। सारे रिसेप्शन व बड़े आयोजन बंद हैं। ऐसे में मावा, घी, मक्खन, पनीर, मट्ठा समेत दूध के अन्य उत्पाद की डिमांड घट गई है। दूध केवल घरों में चाय-कॉपी तक सीमित रह गया है। खपत 60 फीसदी घट गई। इसका सबसे बुरा प्रभाव सरकारी सेक्टर की डेयरी से जुड़े दूध उत्पादक किसानों पर पड़ा है। उज्जैन दुग्ध संघ लॉकडाउन के पहले तक 2.70 लाख लीटर दूर रोज खरीद रही थी जो मौजूदा स्थिति में आधे से कम रह गया। खपत कम होने से दूध आगे सप्लाई नहीं हो रहा तो सरकारी डेयरियां सप्ताह में तीन दिन खुल रही हैं। किसानों को 45 दिनों से भुगतान नहीं मिला। भाव 10-15 रुपए घट गए। इधर, प्राइवेट डेयरियों ने भी खरीदी दर 5 रुपए प्रति लीटर तक घटा दी लेकिन उपभोक्ताओं को पुराने रेट पर ही दूध बेचा जा रहा है। आमजन को कोई फायदा नहीं है।
उज्जैन दुग्ध संघ से रजिस्टर्ड 1600 डेयरियां हैं जिनमें से 1300 चालू है। लॉकडाउन के पहले रोज का दूध कलेक्शन 2.70 लाख रुपए था जो लॉकडाउन में एक लाख रुपए रह गया था। हाल ही में ग्रीन व अाॅरेंज जोन में छूट मिली और कुछ हद तक जिंदगी पटरी पर लौटी तो दूध की खरीदी थोड़ी बढ़ी और अभी 1.70 लाख लीटर दूध कलेक्शन होने लगा है लेकिन घी, मक्खन, पनीर, छाछ, मिठाइयां, रबड़ी, दूध पाउडर की खपत न के बराबर है इसलिए दुग्ध संघ 45 दिन से संबंधित डेयरियों से जुड़े किसानों को भुगतान नहीं कर पाया है। संघ के उपाध्यक्ष देवेंद्र शर्मा ने बताया पहले 70 हजार लीटर रोज की दूध बिक्री बड़े शहरों में थी लेकिन अभी ये 37 हजार लीटर रह गई है। दूध का उपयोग केवल चाय-कॉपी तक सीमित रह गया। बाकी प्रोडक्ट बंद हैं।

750 टन दूध पाउडर व 700 टन बटर स्टॉक में
सरकारी डेयरियों पर दूध सप्ताह में दो-तीन दिन ही खरीदा जा रहा है। भाव कम हो गए, ऐसे में दूध उत्पादन किसान घाटे में हैं। उन्हें सही भाव मिले, इसके लिए दूध की खपत बढ़ना जरूरी है। इसे लेकर दुग्ध संघ उपाध्यक्ष देवेंद्र शर्मा से पूछा तो वे बोले कि अभी दुग्ध संघ के पास 750 टन पाउडर और 700 टन बटर स्टॉक में है। सप्लाई बिल्कुल नहीं हो रही। जब तक दूध और इसके प्रोडक्ट नहीं बिकेंगे तब तक चाहकर भी हम मदद नहीं कर पाएंगे इसलिए हमने प्रधानमंत्री कार्यालय एवं मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान को पत्र ई-मेल किया। इसमें अनुरोध किया है कि गरीब बस्ती, बीपीएल व अन्य श्रेणी के ज़रुरतमंद परिवारों को सरकारी उचित मूल्य दुकानों से सस्ती दरों पर दूध पाउडर बांटे। आंगनवाड़ी से बंटने वाला दूध पाउडर घर-घर पहुंचाएं। इससे जरूरतमंद बच्चों को दूध पाउडर मिलने से कुपोषण मिटेगा और दुग्ध संघ का जो स्टॉक है, वह खत्म होकर सप्लाई बढ़ेगी तो अर्थव्यवस्था सुधरेगी। डेयरी घाटे से उभरेगी और किसानों को भी अच्छे भाव व समय पर भुगतान हो सकेगा।

15 हजार लीटर थी खपत, 5 हजार लीटर रह गई

जावरा शहर की बात करें तो 200 होटलें, टी-स्टॉल बंद हैं। 50 मिठाई दुकानें बंद हैं। 20 क्विंटल मावा रोज आता था जो बंद हो गया। बड़े आयोजन नहीं हो रहे। ऐसे में दूध खपत 15 हजार लीटर से घटकर 5 हजार लीटर प्रतिदिन रह गई है। प्राइवेट डेयरियों ने भी किसानों से खरीदे जा रहे दूध के भाव 5 रुपए प्रति लीटर तक घटा दिए लेकिन उपभोक्ता को वही भाव बेच रहे। इसके पीछे कारण बता रहे कि खर्चे वही है और बाकी प्रोडक्ट नहीं बिकने से आय कम हो गई। इसलिए उपभोक्ता का रेट कम नहीं कर सकते हैं।

केके सिंह ने भी सिंधिया को लिखा पत्र

उज्जैन सहकारी दुग्ध संघ संचालक केके सिंह कालूखेड़ा ने भी पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को पत्र लिखा। कहा कि 60 फीसदी दूध बचने से किसान परेशान हैं। दुग्ध संघ द्वारा उत्पादित पाउडर व अन्य प्रोडक्ट सरकार के माध्यम से जरूरतमंद व गरीब बस्ती में बंटवाएं। आंगनवाड़ी के बच्चों को दें। इससे रोटेशन बना रहेगा। किसानों को भाव मिलेंगे व जरूरतमंद बच्चों को पाेषण आहार। इससे कुपोषण भी दूर होगा।

रोजाना में तो डेयरी निजी फंड व बचत मद से कर रही है किसानों को भुगतान

रोजाना डेयरी से 186 किसान जुड़े है। यहां 950 लीटर दूध कलेक्शन होता है लेकिन लॉकडाउन में डेयरी सप्ताह में तीन दिन खुली। दूध के भाव 7 रुपए प्रति फेट से घटाकर 5.20 रुपए कर दिए। इससे जो दूध 50 से 55 रुपए लीटर जा रहा था, वह 35 से 40 रुपए तक आ गया है। डेयरी सचिव अर्जुन पाटीदार ने बताया उज्जैन दुग्ध संघ ने 45 दिन से 20 लाख रुपए रोक रखे हैं। हम तो निजी फंड और डेयरी की बचत मद में से किसानों को भुगतान कर रहे हैं, बाकी जगह तो किसानों को भुगतान ही नहीं मिल रहा है।





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Milk tea limited, consumption reduced by 60%, dairy reduced prices by 10 to 15 rupees




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काेराेना संक्रमण से बचाने के लिए देश का सबसे लंबा कश्मीर में दंगों के कारण 1990 में 175 दिन, 2016 में 52 दिन रहा था कर्फ्यू

काेराेना वायरस की महामारी में संक्रमण से बचने के लिए भीलवाड़ा में चल रहा कर्फ्यू देश का सबसे लंबा कर्फ्यू बन गया है। शुक्रवार काे भीलवाड़ा में कर्फ्यू काे रिकाॅर्ड 50 दिन पूरे हाे गए। जनता पिछले 50 दिन से घराें में है। 4 मई काे जिला प्रशासन ने एक दिन के लिए कर्फ्यू में कुछ शर्ताें के साथ ढील दी, लेकिन बाजार में भीड़ बढ़ने से चार घंटे बाद ही छूट खत्म कर दी। काेराेना महामारी में देश का सबसे लंबा कर्फ्यू भीलवाड़ा में हाे गया, लेकिन देश में अब तक लगे कर्फ्यू की जानकारी करने पर सामने आया कि 50 दिन के कर्फ्यू से भी अधिक समय के लिए दाे बार कर्फ्यू लग चुके हैं। दाेनाें सबसे लंबे कर्फ्यू का रिकाॅर्ड कश्मीर के नाम है। भीलवाड़ा और कश्मीर के कर्फ्यू में अंतर है। भीलवाड़ा में काेराेना वायरस से बचाने के लिए कर्फ्यू है जबकि कश्मीर में दाेनाें समय दंगा भड़कने से कर्फ्यू लगाए थे। देश का पहला सबसे लंबा कर्फ्यू कश्मीर में 1990 में 175 दिन का था और इसके बाद दूसरा सबसे लंबा कर्फ्यू 2016 में 52 दिन के लिए भी जम्मू कश्मीर में ही लगा था। भीलवाड़ा में 20 मार्च काे छह पाॅजिटिव राेगी पर पहले ही िदन कर्फ्यू लगाया था।
भीलवाड़ा 30 अप्रैल से ऑरेंज जाेन में
30 अप्रैल काे भीलवाड़ा ऑरेंज जाेन में आ गया। लाेगाें का कहना है भीलवाड़ा में पहले दिन से ही कर्फ्यू लगने से ही संक्रमण ज्यादा नहीं फैला। 43 में से 30 मरीज ठीक हो चुके हैं। हालांकि लाेगाें की यह भी राय है कि ऑरेंज जाेन में आने से कंटेंटमेंट एरिया काे छाेड़कर बाकी एरिया में कुछ समय के लिए दुकान खाेलने की अनुमति देनी चाहिए। यहां के चार प्रमुख औद्याेगिक संगठनाें ने सात मई काे मुख्यमंत्री के साथ हुई वीसी में टेक्सटाइल मार्केट और कपड़ा फैक्ट्री शुरू करने की मांग उठाई। उनका कहना है कंटेंटमेंट एरिया काे छाेड़कर टेक्सटाइल मार्केट व कपड़ा फैक्ट्रियाें काे शुरू करना चाहिए ताकि यहां की अर्थव्यवस्था पटरी पर लाैट सके।

जनता काे धैर्य रखना हाेगा। लाेगाें काे यह ध्यान में रखना चाहिए अब तक के अनुशासन के कारण ही हम सभी ने मिलकर जिले में काेराेना का संक्रमण फैलने से राेका है। चार मई काे कर्फ्यू में ढील दी थी लेकिन मार्केट में ज्यादा भीड़ आ जाने से छूट निरस्त करनी पड़ी। यदि जनता ने धैर्य और अनुशासन रखा ताे फिर कर्फ्यू में छूट दे सकते हैं। संक्रमण नहीं फैले इसलिए हम सभी के लिए यह जरुरी है। -राजेंद्र भट्ट, कलेक्टर
1990 : 175 दिन तक कर्फ्यू : कश्मीर पंडिताें के विस्थापन के समय लगा...कश्मीरी पंडितों काे जनवरी 1990 में जम्मू कश्मीर से घर छाेड़ने के लिए कहा गया था। कई कश्मीरी पंडितों को कश्मीर से पलायन करना पड़ा। उस दौरान कश्मीर में जनवरी से लेकर आगे करीब 175 दिनों तक कर्फ्यू लगा था। यह देश में अब तक का सबसे अधिक दिनों का कर्फ्यू है।
2016: 52 दिनों का कर्फ्यू : आतंकी बुरहान वानी की माैत के कारण लगा... हिज़्बुल मुजाहिदीन के कमांडर आतंकी बुरहान वानी की मुठभेड़ में मौत हाे गई थी। उसकी मौत के बाद दंगे भड़के। पत्थरबाजी, हिंसा और विरोध प्रदर्शन में कई लाेगाें की जानें गई। उस दौरान घाटी में करीब 52 दिन तक कर्फ्यू लगाया गया था। यह देश का दूसरा सबसे लंबा कर्फ्यू है।



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होशंगाबाद से खंडवा तक 190 किमी सड़क होगी चौड़ी, जल्द बनाया जाएगा प्लान

होशंगाबाद से खंडवा तक 190 किलोमीटर सड़क का चाैड़ीकरण किया जाएगा। अभी तक सड़क करीब 7 मीटर है, जिसे 10 मीटर चाैड़ी किया जाएगा। कृषि विकास व किसान कल्याण मंत्री कमल पटेल ने सड़क के चाैड़ीकरण के निर्देश शुक्रवार को मंत्रालय में मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड के महाप्रबंधक सुदाम खाड़े को दिए। उन्हाेंने कहा कि जल्द प्रक्रिया शुरू की जाए। होशंगाबाद से टिमरनी तक और हरदा से खंडवा तक अभी सिंगल सड़क ही थी। इससे आवागमन में दिक्कतें हाे रही थी। सड़क 10 मीटर चौड़ी होगी। कृषि विकास व किसान कल्याण मंत्री कमल पटेल ने कहा है कि होशंगाबाद से खंडवा तक 190 किमी की सड़क का निर्माण बीओटी (बिल्ड ऑपरेट एंड ट्रांसफर) के अंतर्गत किया जाएगा। इसमें खंडवा से हरदा तक 109 कि.मी. और टिमरनी से होशंगाबाद तक 81 कि.मी.की सड़क निर्मित होगी। कमिश्नर रजनीश श्रीवास्तव ने बताया सर्वे किया जाएगा। इसमें साफ हाेगा कि कितनी जमीन अधिगृहित हाेना है और कितने पेड़ आ रहे हैं। प्लान जल्द बनाया जाएगा।


कुछ दिन पहले डीपीआर मांगा गया था
एमपीआरडीसी के प्रबंधक प्रवीण निमजे ने बताया विभाग की ओर से सड़क का डीपीआर मांगा गया था। डीपीआर भोपाल मुख्यालय भेज दिया गया था। होशंगाबाद से हरदा और हरदा से खंडवा तक सड़क निर्माण की प्रक्रिया काफी पहले से चल रही थी। कार्रवाई शासन स्तर पर आगे बढ़ी हो, फिलहाल अधिकृत जानकारी नहीं है।



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अमेरिका में बेरोजगारी की दर बढ़कर 14.7 फीसदी पर पहुंची, 1933 की महामंदी के बाद सबसे खराब हालत

कोरोनावायरस के कारण अमेरिका में बेरोजगारी की दर अप्रैल में बढ़कर 14.7 फीसदी पर पहुंच गई। यह 1933 की महामंदी के बाद सबसे खराब आंकड़ा है। श्रम मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि वायरस को फैलने से रोकने के लिए कारोबारी गतिविधियों पर रोक लगाए जाने के कारण अमेरिका में अप्रैल में 2.05 लोग बेरोजगार हो गए हैं। करीब एक दशक में अमेरिका में जितना रोजगार बढ़ा था, वह सब सिर्फ एक महीने में बर्बाद हो गया। इससे पहले अगस्त 1932 में बेरोजगारी की दर 25.5 फीसदी दर्ज की गई थी। बेरोजगारी की ताजा दर 2007-09 के संकट के दिनों में दर्ज की गई बेरोजगारी दर के मुकाबले करीब दोगुनी है।


3.5 % बेरोजगारी दर के स्तर पर फिर से आने में अमेरिका को लगेंगे कई साल
मार्च और अप्रैल के दौरान अमेरिका के राष्ट्र्रपति डोनाल्ड ट्रंप और कई प्रांतीय व स्थानीय नेताओं ने लॉकडाउन के कदम उठाए थे, ताकि नए कोरोनावायरस (कोविड-19) को फैलने से रोका जा सके। इसके कारण कंपनियों ने अचानक लाखों लोगों को नौकरी से निकाल दिया। विश्लेषकों का अनुमान है कि फरवरी 2020 की 3.5 फीसदी बेरोजगारी दर के स्तर पर फिर से आने में अमेरिका को कई साल लग सकते हैं। ट्रंप ने शुक्रवार को एक साक्षात्कार में कहा कि अर्थव्यवस्था में तेजी से सुधार होगा। जल्द ही सबको नौकरी मिल जाएगी।


2021 में भी बेरोजगारी की दर करीब 10 फीसदी रहने की आशंका
अमेरिका के विभिन्न प्रांतों के गवर्नर इस बात पर बहस कर रहे हैं कि उनके प्रांत की अर्थव्यवस्था को कब से खोला जाए। माना जा रहा है कि जल्दी अर्थव्यवस्था को खोल देने से लोगों को नौकरी मिलनी शुरू हो जाएगी। लेकिन बेरोजगारी का स्तर इतना व्यापक है कि सभी कर्मचारियों के तुरंत वापस काम पर आ जाने की उम्मीद नहीं की जा सकती है। स्टीफेल के मुख्य अर्थशास्त्री लिंडसे पिग्जा ने कहा कि 2021 में भी बेरोजगारी की दर करीब 10 फीसदी रह सकती है।


भोजन के लिए लाखों लोग फूड बैंक्स पर हुए आश्रित
अचानक बेरोजगारी बढ़ने से लाखों लोग भोजन के लिए फूड बैंक्स पर आश्रित हो गए हैं और पहली बार सरकारी सहायता की मांग कर रहे हैं। कई लाख लोगों ने किराया देना बंद कर दिया है। कइयो का स्वास्थ्य बीमा बंद हो गया है और कई लाख लोग घर बेचने के लिए मजबूर हो गए हैं।


आतिथ्य उद्योग में 77 लाख लोग बेरोजगार हुए
बेरोजगारी की शुरुआत आतिथ्य सेक्टर से हुई। आतिथ्य सेक्टर में अप्रैल में 77 लाख लोग बेरोजगार हुए। अन्य उद्योग भी बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं। रिटेल सेक्टर में 21 लाख लोगों की नौकरी चली गई। मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर में 13 लाख लोग बेरोजगार हुए। व्हाइट कॉलर श्रमिक और सरकार कर्मचारियों को भी बेरोजगारी का सामना करना पड़ा। इस तरह की कंपनियों ने 21 लाख लोगों को नौकरी से निकाल दिया है। प्रांतीय और स्थानीय सरकारों ने करीब 10 लाख को नौकरी से हटा दिया है। आने वाले समय में सरकारी क्षेत्र में और नौकरियां जा सकती हैं, क्योंकि अधिकारियों को बजट में कमी का सामना करना पड़ रहा है। यहां तक कि स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में भी पिछले महीने 14 लाख कर्मचारी बेरोजगार हो गए।


अर्थशास्त्रियों के मुताबिक वास्तविक बेरोजगारी सरकारी आंकड़े से अधिक है
अप्रैल की बेरोजगारी का आंकड़ा हालांकि भयावह है, लेकिन अर्थशास्त्रियों का मानना है कि सरकारी आंकड़ा वास्तविकता से काफी कम है। श्रम मंत्रालय ने कहा कि जिन कर्मचारियों ने कहा है कि वे किसी अन्य वजह से काम पर नहीं पहुंच पा रहे हैं, यदि उन्हें भी बेरोजगार मान लिया जाए, तो बेरोजगारी की दर करीब 20 फीसदी है।


महिलाओं में बेरोजगारी की दर पुरुषों के मुकाबले 3 फीसदी अंक ज्यादा
इतना स्पष्ट है कि हस्पैनिक्स, अफ्रीकन-अमेरिकन और रेस्तरां व रिटेल सेक्टरों में कम मजदूरी पर काम करने वाले लोग बेरोजगारी से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। हस्पैनिक समुदाय में बेरोजगारी की दर अप्रैल में बढ़कर 18.9 फीसदी पर पहुंच गई। अफ्रीकी-अमेरिकी समुदायर में यह दर 16.7 फीसदी रही। श्वेत लोगों में बेरोजगारी की दर 14.2 फीसदी दर्ज की गई। महिला वर्ग में बेरोजगारी की दर पुरुषों की बेरोजगारी के मुकाबले करीब 3 फीसदी अंक ज्यादा है।


कम शिक्षितों में रिकॉर्ड 21.2 फीसदी बेरोजगारी
उच्च शिक्षित सफेद कॉलर श्रमिक तो घर से काम कर रहे हैं, लेकिन कम मजदूरी वाले लोगों के पास यह सुविधा नहीं है। जिन श्रमिकों के पास हाई स्कूल से नीचे की डिग्री है, उनमें बेरोजगारी की दर 21.2 फीसदी पर पहुंच गई। यह दर महामंदी के बाद दर्ज की गई दर से भी ज्यादा है। अमेरिकी कांग्रेस ने करीब 3 लाख करोड़ डॉलर की राहत योजना को मंजूरी दी है, लेकिन इसका लाभ बहुत लोगों तक नहीं पहुंच पाया है। वेबसाइट के फेल होने और टेलीफोन लाइन व्यस्त होने से लाखों लोग बेरोजगारी भत्ता हासिल नहीं कर पा रहे हैं।


अर्थव्यवस्था में तुरंत तेजी नहीं आने वाली
विशेषज्ञों के बीच आम सहमति बन रही है कि अर्थव्यवस्था में तुरंत तेजी नहीं आने वाली है। रिचमोंड के फेडरल रिजर्व के प्रेसिडेंट थोमस बार्किन ने गुरुवार को कहा कि तेज गिरावट के बाद तेज उछाल वाली स्थिति नहीं है। यह तेज गिरावट और धीमे-धीमे उछाल वाली स्थिति है। डार्टमाउथ में इकॉनोमिक्स के प्रोफेसर डैनी ब्लैंशफ्लावर ने कहा कि यह बहुत बड़ी विभीषिका है। जब पहाड़ी की ऊंचाई से कुछ गिरता है, तो तुरंत नहीं संभलता है।



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अगस्त 1932 में बेरोजगारी की दर 25.5 फीसदी दर्ज की गई थी। बेरोजगारी की ताजा दर 2007-09 के संकट के दिनों में दर्ज की गई बेरोजगारी दर के मुकाबले करीब दोगुनी है। विश्लेषकों का अनुमान है कि फरवरी 2020 की 3.5 फीसदी बेरोजगारी दर के स्तर पर फिर से आने में अमेरिका को कई साल लग सकते हैं




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नप के 127 सफाईकर्मियों के बीच बांटा गया राशन

लॉकडाउन के मद्देनजर शुक्रवार को जुस्को कंपनी की ओर से नगर परिषद चक्रधरपुर के 127 में सफाई कर्मियों के बीच राशन का वितरण किया गया। मौके पर अध्यक्ष केडी साह, कार्यपालक पदाधिकारी अभय कुमार झा, जुस्को के अरुण कुमार पाणिग्रही, सिटी मैनेजर धीरज कुमार, संदीप घोषाल माैजूद थे। उपस्थित थे। राशन किट में चावल, दाल, आलू, प्याज, हल्दी, नमक व तेल शामिल था।



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जोधपुर में एक साथ 71 राेगी डिस्चार्ज, 40% संक्रमित स्वस्थ हुए

शहर में शुक्रवार का दिन काेराेनाकाल का सबसे राहत भरा रहा। एक साथ 71 राेगी स्वस्थ हाेकर डिस्चार्ज हुए। इनमें से 44 काे बाेरानाडा के काेविड केयर सेंटर, 26 काे मथुरादास माथुर अस्पताल और एक काे संक्रामक राेग संस्थान से छुट्टी दी गई। साथ ही इस माह में पहली बार सबसे कम नौ नए राेगी ही सामने आए, जबकि सर्वाधिक 1299 सैंपल जांचें गए थे। कुल संक्रमिताें का आंकड़ा 851 पर पहुंच गया है।

इनमें से 39.83% की दर से 339 राेगी स्वस्थ हाेकर डिस्चार्ज हाे चुके हैं। हालांकि शुक्रवार शाम एक और संक्रमित की माैत हाे गई। एमडीएमएच में बीजेएस निवासी रामसिंह (47) ने दम ताेड़ दिया। उन्हें खून की उल्टी की शिकायत पर 3 मई को भर्ती किया गया था। जांच में वे कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। उन्हें रूम एयर पर रखा गया था। यह इस माह की 10वीं मौत है। अब तक 17 संक्रमित जान गंवा चुके हैं।
उत्तेसर के 5 में से 4 संक्रमित ठीक हाेकर घर लाैटे

जिले में सबसे पहले पॉजिटिव उत्तेसर गांव से ही मिले थे और शुक्रवार को यहां के लिए भी राहत की खबर आई। यहां के पांच कोरोना पॉजिटिव में से चार जने ठीक हो गए, जिन्हें घर भेज दिया गया। बीसीएमओ मोहनदान देथा ने बताया कि चार पॉजिटिव मरीजों को डिस्चार्ज कर घर भेज दिया है, जबकि एक की रिपोर्ट आनी बाकी है।
कलेक्टर ने 30 और चिकित्सा विभाग ने 39 को सम्मानित किया
कोरोनाकाल में फील्ड में काम करने वाले 69 वॉरियर्स डॉक्टर, एएनएम, बीएलओ व अन्य का शुक्रवार को कलेक्ट्रेट और टीबी अस्पताल जालोरी गेट पर सम्मान किया गया। कलेक्टर प्रकाश राजपुरोहित ने 30 वारियर्स को प्रशस्ति पत्र दिए। इसमें लैब टेक्निशियन किशन सिंह व डूंगरराम, सहायक पवनसिंह गहलोत, पंकज कच्छवाहा व भागीरथदान, एएनएम एलियाम्मा ऐसड, भगवतसिंह, उषा व संतोष, आशा सहयोगिनी मदीना, वरिष्ठ सहा. विकल्प गुप्ता व जितेंद्र माथुर, आयुष चिकित्सा अधिकारी राकेश सांखला, महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता रेणुका, डॉ. भूपत चौधरी, हेमाराम चौधरी, डॉ. मुकेश प्रजापत, किशनसिंह गहलोत, पार्वती विश्नोई, बीएलओ मंजू पंवार, ओम पंवार, ओमप्रकाश व सुपरवाइजर रोहित चौधरी शामिल हैं।
69कोरोना वॉरियर्स सम्मानित
शुक्रवार को सबसे अधिक बोरानाडा स्थित कोविड केयर सेंटर में 44 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया, वहीं एमडीएमएच से 26 और संक्रामक रोग संस्थान से दो बार नेगेटिव आने पर एक मरीज काे डिस्चार्ज किया गया। बोरानाडा कोविड केयर सेंटर पर डॉ. सुनील कुमार बिष्ट ने बताया कि सभी को होम क्वारेंटाइन में रहने और घर मंे भी समय-समय पर हाथ धोने और मास्क लगाने की सलाह दी है।



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कोरोनाकाल में फील्ड में काम करने वाले 69 वॉरियर्स डॉक्टर, एएनएम, बीएलओ व अन्य का शुक्रवार को कलेक्ट्रेट और टीबी अस्पताल जालोरी गेट पर सम्मान किया गया




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2017 में पहले ही दिन सबसे ज्यादा तपा था नौतपा, इस साल भी 45 डिग्री से ऊपर जा सकता है तापमान

गर्मी अब तेज हाेने लगी है। गर्मी काे देखते हुए इस बार भी नाैतपा ठीक-ठाक तपेगा। मौसम विभाग के अनुसार नौतपा इस बार भी ज्यादा तपने की संभावना है। तापमान इस बार भी 45 डिग्री के ऊपर ही रहेगा। पिछले बार भी तापमान 45.9 डिग्री तक गया था। इस बार 46 डिग्री तक जाने का पूरा अनुमान है। नौतपा 25 मई से शुरू हो रहा है और 2 जून तक चलेगा। इस बीच रविवार से फिर मौसम बदल रहा है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण बादल आएंगे और हल्की बारिश होने की संभावना है।

वैज्ञानिक पक्ष
मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो इस दौरान सूर्य की किरणें सीधी धरती पर आती हैं। इस कारण तपन ज्यादा हाेती है। मौसम वैज्ञानिक अजय शुक्ला ने बताया कि नाैतपा में सूर्य के तपने का यही सबसे बड़ा कारण हाेता है। 2 जून के बाद किरणें दूर हाेने लगती हैं। इसलिए धीरे-धीरे तपन कम हाेना शुरू हाे जाता है।

ज्याेतिषीय पक्ष
ज्याेतिषियाें की मानें ताे सूर्य वृषभ राशि में रहते हुए 10 हजार किरणाें के साथ धरती के करीब अाते हैं। पंडित साेमेश परसाई के अनुसार सूर्य की किरणें ज्यादा और खुद की राशि में सूर्य हाेने से नाैतपे में ज्यादा गर्मी हाेती है। राेहिण नक्षत्र में सूर्य ज्यादा गर्म हाेता है। धरती के करीब होने से नौतपा ज्यादा तपता है।

दो दिन बदला रहेगा मौसम
रविवार और साेमवार काे हल्की बारिश हाेने का अनुमान है। मप्र के ऊपर हवा के कम दबाव का क्षेत्र बनने से सिस्टम आ रहे हैं। इनसें नमी मिलेगी। शुक्रवार काे दिन का तापमान 42.3 डिग्री और रात का तापमान 26.6 डिग्री दर्ज हुआ है।



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जगतसिंहपुर से पैदल गांव काे निकले 14 लोग नाेवामुंडी पहुंचे

झारखंड के 14 प्रवासी मजदूर ओडिशा के कटक जगतपुर में फंसे हुए थे। वे सभी नाेवामुंडी में शुक्रवार काे पहुंचे। सभी मजदूर रांची के बेड़ो, जामताड़ा और देवघर के लिए निकले हैं। सभी मजदूर साढ़े चार सौ किमी तय करके शुक्रवार की सुबह नौ बजे नोवामुंडी पहुंचे थे। पूछताछ के दाैरान उन लाेगाें ने बताया कि जियो कंपनी की केबुल लाइन बिछाने के लिए गए हुए थे। लॉकडाउन के बाद काम बंद हो गया है। नोवामुंडी पहुंचते-पहुंचते सभी लोग भूख प्यास से बेहाल हो चुके थे।



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यहां के 70 फीसदी स्टूडेंट्स ई लर्निंग से जुड़े, मेवात 19वें और फरीदाबाद 15वें स्थान पर रहा

लॉकडाउन में घर से पढ़ाओ अभियान में गुड़गांव ने 70 फीसदी छात्रों के ऑनलाइन एजुकेशन में एक्टिव रहकर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त कर रिकॉर्ड कायम किया है।

खास बात है कि पिछले सप्ताह प्रदेश में गुड़गांव ने ई लर्निंग में दसवां स्थान प्राप्त किया था। लेकिन अब शिक्षा विभाग, अध्यापकों ने अभिभावकों और छात्रों काे जागरूक कर इस रिकॉर्ड को कायम किया है। यह शिक्षकों की मेहनत का ही नतीजा है कि प्रदेश में सबसे अधिक गुड़गांव के स्टूडेंट्स ऑनलाइन एजुकेशन का हिस्सा बन रहे हैं। एजुसेट, वाट्सएप, मैसेज व अन्य माध्यमों से छात्रों से जुड़कर उन्हें अध्ययन कराया जा रहा है। गुड़गांव के छात्रों ने इस विकल्प को बेहतरीन तरीके से अपनाया है। 70 फीसदी छात्र ऑनलाइन माध्यमों से जुड़ कर पढ़ रहे हैं।

इससे पहले झज्जर जिले ने 69 प्रतिशत की उपस्थिति के साथ पहला स्थान प्राप्त किया था। वहीं 40 फीसदी के साथ कुरुक्षेत्र अंतिम स्थान पर रहा। डीसी खत्री ने कहा कि यद्यपि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के पास साधन सीमित होते हैं, परंतु सीमित साधनों में भी जिला के शिक्षकों को ऑनलाइन शिक्षा का लाभ ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थियों तक पहुंचाने के प्रयास जारी रखने चाहिए।

सुधार के लिए ले रहे नियमित फीडबैक

प्रत्येक खंड शिक्षा अधिकारी रोजाना 20-20 विद्यार्थियों के मोबाइल नंबर पर संपर्क कर विद्यार्थियों तथा उनके अभिभावकों से फीड बैक ले रहा है। जिला के 80 विद्यार्थियों से फोन पर रोज बातचीत कर अध्यापन-कार्य में सुधार को लेकर बात होती है। जिला शिक्षा अधिकारी इंदु बोकन स्वयं इन 80 विद्यार्थियों में से किन्ही 20 को फोन करके ई-लर्निंग की गुणवत्ता सुनिश्चित करती हैं। पढ़ाने के लिए अध्यापकों द्वारा कई इनोवेटिव आइडियाज भी निकाले जा रहे हैं। कुछ अध्यापक बच्चों को ठीक से पढ़ाने के लिए अपने घरों के दरवाजों को ब्लैकबोर्ड की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं।
ऑनलाइन क्लासेज के फायदे

जिला शिक्षा अधिकारी इंदु बोकन ने बताया कि शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों के वाट्सएप पर ग्रुप बनाए गए हैं जिनके एडमिन क्लास टीचर को बनाया गया है। अध्यापक यू ट्यूब चैनलों तथा अपनी वीडियो बनाकर ग्रुप में अपलोड कर रहे हैं। विद्यार्थी अध्यापकों को वीडियो कॉल करके भी उनके संशय दूर कर रहे हैं। जूम एप के माध्यम से भी बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। विद्यार्थियों को दिशा एप, संपर्क बैठक, ई-पाठशाला, स्वयम पोर्टल के माध्यम से भी पढ़ाया जा रहा है। सक्षम सेल हरियाणा की तरफ से भी प्रतिदिन कक्षावार वीडियो लिंक और अभ्यास वर्कशीट भेजी जाती है।



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लॉकडाउन में फंसे श्रमिकों को घरों तक पहुंचाने के लिए दमण-दीव कांग्रेस ने तैयार की 10 बसें

दमण-दीव कांग्रेस प्रमुख ने शुक्रवार को प्रदेश में फंसे प्रवासी मजदूरों को उनके घरों तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए 10 बसों का इंतजाम किया है। दमण-दीव कांग्रेस प्रमुख ने दमण कलेक्टर डॉ राकेश मिन्हास को एक पत्र सौंपते हुए कहा है कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की अध्यक्षा सोनिया गांधी के आदेशानुसार देश के सभी प्रदेश अध्यक्षों को यह निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने राज्यों से जो भी परप्रांतीय श्रमिक कोवीड-19 के लॉकडाउन में फंसे हुए है उन्हें सुरक्षित उनके घरों तक पहुंचाया जाए, जिसके लिए तमाम वाहनों की व्यवस्था की जिम्मेदारी प्रदेश अध्यक्षों के कंधों पर साैंपी है। दमण-दीव से श्रमिक मजदूरों को उनके घरों तक पहुंचाने के लिए दमण-दीव कांग्रेस प्रमुख के तौर पर उन्होंने 10 बसों का इंतजाम किया है।

केतन पटेल ने कलेक्टर से अपील की है कि परप्रांतीय मजदूर श्रमिक जो कई महीनों से रोजी-रोटी रोजगार से जूझतिे हुए प्रदेश में फंसे हुए है और अपने घरों में सुरक्षित जाना चाहते है उन्हें किस तरह से आप प्रशासन सुरक्षित उनके घरों तक पहुंचाता है इसकी अतिशिघ्र आप व्यवस्था करें। आपके आदेशानुसार जिन 10 बसों का इंतजाम कांग्रेस की तरफ से किया है उसकी विधिवत सूची प्रशासन चाहे तब उन्हें सौंप दी जाएगी। यह मजदूर श्रमिक अतिशिघ्र अपने राज्य के घरों में पहुंचे उसकी त्वरीत व्यवस्था करें। बता दें कि, दानह में भी सैंकड़ों श्रमिक फंसे हुए है। उन श्रमिकों की मांग है कि उन्हें भी उनके वतन भेजने की व्यवस्था की जाए।



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रांची व रायपुर से 150 मजदूर चाईबासा पहुंचे, लिया गया सैंपल

जिले के करीब 150 मजदूर रायपुर व रांची से चाईबासा पहुंचे हैं। दाेपहर करीब 2 बजे सभी मजदूराें रांची से काे बस से लाया गया है। यहां सभी मजदूराें काे गर्म खाना खिलाने के बाद जांच की जा रही है। जांच प्रक्रिया देर शाम तक चलती रही। इसमें जाे मजदूर रेड जाेन से अाए हुए हैं उन मजदूराें काे स्वाब लिया गया है। इसके अलावा कुछ मजदूर बाेकाराे, गिरिडीह, गढ़वा, धनबाद समेत अन्य जिले भी यहां फंसे हुए हैं। चूंकि ये लाेग सभी बाहर जिले के रहने वाले हैं। जिसके कारण गंतव्य तक पहुंचाने में देरी हाे रही है।



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गुड़गांव में 5 लाख 12 हजार क्विंटल गेहूं तथा 2 लाख क्विंटल सरसों की हुई खरीद

गुड़गांव जिला में अब तक सरकारी एजेंसियों द्वारा 5 लाख 12 हजार 260 क्विंटल गेहूं तथा 2 लाख 5 हजार 980 क्विंटल सरसों की खरीद की जा चुकी है।

सरकारी एजेंसियों द्वारा मंडियों में खरीद प्रक्रिया निरंतर जारी है। जिले के डीसी अमित खत्री ने बताया कि जिला की मंडियों में खरीद कार्य व्यवस्थित व सुचारू चल रहा है। हरियाणा वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन द्वारा जिला में अब तक 2 लाख 2 हजार 730 क्विंटल व हैफेड द्वारा 3 लाख 9 हजार 530 क्विंटल गेहूं की खरीद की जा चुकी है। इसी प्रकार, हरियाणा वेयर हाउसिंग कारपोरेशन द्वारा अब तक जिला में 58 हजार 400 क्विंटल तथा हैफेड द्वारा 1 लाख 47 हजार 580 क्विंटल सरसों की खरीद की जा चुकी है।

देर सांय प्राप्त सरकारी आंकड़ों के अनुसार 7 मई को जिला की हेलीमंडी में 16 हजार 130 क्विंटल, खोर मंडी में 1190 क्विंटल तथा सोहना मंडी में 1660 क्विंटल गेहूं की खरीद की गई। इस प्रकार, जिला की मंडी में 18 हजार 980 क्विंटल गेहूं की खरीद की गई।

खत्री ने बताया कि जिला की फर्रुखनगर मंडी में 4759 क्विंटल, हेलीमंडी में 6450 क्विंटल , सोहना मंडी में 4710 क्विंटल सरसों की खरीद की गई। इस प्रकार जिले में एक दिन में 15 हजार 910 क्विंटल सरसों की खरीद हुई। डीसी ने बताया कि जिला में खरीद प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। किसानों की सुविधा के लिए मंडियों में व्यापक स्तर पर इंतजाम किए गए हैं ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी ना हो।



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पानीपत में तीसरी मौत, रेवाड़ी में पहली बार 3 केस, राज्य में अब तक 10 की जान गई, 28 नए पॉजिटिव

राज्य में कोरोना संकट गहराता जा रहा है। शुक्रवार को पानीपत में 20 साल की युवती की मौत हो गई। जिले में कोरोना से यह तीसरी मौत है, जबकि राज्य में 10वीं। 24 घंटे में 28 नए केस सामने आने के साथ अब संक्रमितों का आंकड़ा 657 पर पहुंच गया है। हालांकि राहत की बात यह भी है कि तीन दिन बाद हरियाणा में 24 मरीज ठीक होकर घर भी लौटे हैं। नए मामलों में गुड़गांव के 9, फरीदाबाद-सोनीपत में 4-4, रेवाड़ी-जींद में3-3, फतेहाबाद में दो, पानीपत, झज्जर व रोहतक का एक-एक केस शामिल है। जबकि फरीदाबाद से 11, झज्जर से पांच, नूंह से चार, सोनीपत से तीन और पानीपत में एक मरीज ठीक हुआ है। राज्य में ठीक होने वालों की संख्या 284 हो गई है। बता दें कि दिल्ली से सटे गुड़गांव में अब तक 126, फरीदाबाद में 88, सोनीपत में 76, झज्जर में 74 और नूंह में 41 अन्य जिलों की अपेक्षा सबसे ज्यादा मरीज मिले हैं।

24 घंटे का अपडेट
राज्य में 24 घंटे में 3251 संदिग्ध मरीजों के सैंपल लिए गए हैं। जबकि 431 लोगों ने अपना सर्विलांस का समय पूरा कर लिया है। सर्विलांस पर 21 नए लोगों को लिया गया है। राज्य में 2479 की रिपोर्ट निगेटिव आई है।

जानिए... आज तक की स्थिति

  • 22063 का सर्विलांस पूरा।
  • 15375 लोग हैं सर्विलांस पर।
  • 46495 के लिए गए हैं सैंपल।
  • 41495 सैंपल आए निगेटिव।
  • 657 हो चुकी है पॉजिटिव केसों की संख्या।
  • 5125 की रिपोर्ट का इंतजार है।

रिकवरी रेट 43.12 फीसदी

  • 1.45 प्रतिशत है पॉजिटिव रेट
  • 43.12 प्रतिशत है रिकवरी रेट
  • 1.24 प्रतिशत है फैटेलिटी रेट
  • 1 मीलियन पर हो रही 1962 लोग की टेस्टिंग
  • 8 दिन में डबल हो रहे मरीज

हरियाणा में सिर्फ दो पेशेंट ऑक्सीजन पर: विज

स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज का कहना है कि यह सही है कि कुछ दिनों से केस बढ़े हैं। इनकी बड़ी वजह दिल्ली है। लेकिन, अभी हमारे सिर्फ दो मरीज ऐसे हैं जो ऑक्सीजन पर हैं। बाकी सभी की हालत ठीक है। कुछ दिन लगेंगे। रिकवरी रेट सुधरेगा। अभी रैपिड टेस्ट किट को लेकर किए गए प्रयोग की रिपोर्ट सीएमओ से ली जा रही है।



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रोहतक : पीजीआईएमएस में 42 दिन से बंद चल रही ओपीडी 11 मई से शुरू होगी। शुक्रवार को न्यू ओपीडी ब्लाॅक के ग्राउंड, फर्स्ट और सेकंड फ्लोर पर मार्किंग की गई।




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निंबाहेड़ा में 85 वर्षीय महिला, तीन वर्षीय बच्चे सहित 10 और संक्रमित, जिले के 60 सैंपल फेल, दोबारा लिए

जिले के कोरोना हॉट स्पॉट निम्बाहेड़ा में संक्रमित मिलने का सिलसिला रुक नहीं रहा। शुक्रवार शाम आई रिपोर्ट में 10 और पॉजिटिव मिले। इनमें से एक का सैंपल उदयपुर में ही लिया था। शेष 9 सैंपल निंबाहेड़ा से भीलवाड़ा भेजे थे। नए संक्रमितों में से 7 एक और कांग्रेस पार्षद के परिवार या पड़ाेस से हैं। इन्हें मिलाकर निंबाहेड़ा में पॉजिटिव 126 हो गए। जिनमें से दो की मौत हो चुकी। हालात को देखते हुए सांसद सीपी जोशी के बुलावे पर केंद्रीय टीम पहुंची।
भीलवाड़ा मेडिकल कॉलेज से शुक्रवार शाम जारी रिपोर्ट में निंबाहेड़ा के 9 पॉजिटिव केस आए। इनमें छोटा कसाई मोहल्ला निवासी तीन वर्षीय बालक, 50 वर्षीय व्यक्ति, 48 वर्षीय महिला, 28, 24 व 18 वर्षीय युवक और 16 वर्षीय किशोर शामिल हैं। इनमें से 7 कांग्रेस पार्षद के परिवार से और एक पड़ाेसी है। इसी पार्षद का एक भाई व तीन पड़ाेसी 4 मई को संक्रमित मिले थे। लखारा गली निवासी अन्य कांग्रेस पार्षद सहित उसके परिवार के सात लोग पहले पॉजिटिव आ चुके। हालांकि इनमें से दो की पहली रिपोर्ट निगेटिव है। शाम को उदयपुर में भी निंबाहेड़ा का एक और पॉजिटिव केस सामने आया।
बताया गया कि पूर्व में पत्नी के पॉजिटिव आने से यह उसे लेकर उदयपुर चला गया था। वहां जाकर खुद का भी सैंपल दिया। इन 10 नए केस के साथ निंबाहेड़ा के संक्रमितों का आंकड़ा 126 हो गया। इधर, भादसोड़ा प्राकटय स्थल पर लिए 50 और निंबाहेड़ा में लिए 10 सैंपल रिजेक्ट होने से दोबारा लेने पड़े।

कलेक्टर ने केंद्रीय टीम को बताया: प्रथम केस के निकट संपर्क वाले 51 परिवारों में फैला अधिकतम संक्रमण
कोरोना हाट स्पॉट बने निंबाहेड़ा का जायजा लेने केंद्रीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम शुक्रवार दोपहर पहुंची। वहां मात्र 12 दिन में 116 पॉजिटिव केस की गंभीरता को देखते हुए सांसद सीपी जोशी ने केंद्रीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री से टीम भेजने का आग्रह किया था। दिल्ली से टीम चित्तौड़ पहुंची। राष्ट्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्था महामारी विज्ञान विभाग अध्यक्ष प्रो. जयंत कुमार दास, डॉ. दिपेन बनर्जी और राजस्थान प्रजननएवं शिशु स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त निदेशक लक्ष्मणसिंह ओला तीन बजे कलेक्ट्रेट में कलेक्टर चेतन देवडा व सांसद सीपी जोशी से मिले। एडीएम मुकेश कलाल, सीएमएचओ डाॅ इंदजीतसिंह, निंबाहेड़ा एसडीएम पंकज शर्मा व विशेषाधिकारी हेमेंद्र नागर सहित जिले के अधिकारियों के साथ अलग से बैठक की। टीम ने प्रशासन से कई रिपोर्ट लेकर मुख्य कारणों को समझने की कोशिश की। टीम निंबाहेड़ा का भी दौरा करेगी। कलेक्टर ने टीम को पूरी जानकारी दी। 51 परिवारों में ही अधिकतम संक्रमण फैला जो प्रथम संक्रमित व्यक्ति के निकट संपर्क या संबंध में थे। संक्रमितों में 55 प्रतिशत पुरुष और 45 प्रतिशत महिलाएं हैं। पहला केस मिलते ही कर्फ्यू लगा दिया था। निंबाहेड़ा में 59 सीसीटीवी कैमरे लगाकर स्थिति पर निगाह रखी जा रही है।
प्रभावी व्यक्तियों के साथ मिलकर जन जागरुकता पर फोकस का सुझाव
केंद्रीय स्वास्थ्य टीम के प्रमुख प्रो. दास ने जिला प्रशासन के साथ समीक्षा के बाद कहा कि प्रारंभ में फैले डर के बावजूद नियंत्रण का प्रभावी प्रयास किया। उनकी स्वयं की टीम को गंगरार चैकपोस्ट पर कड़े निरीक्षण से गुजरना पड़ा। दास ने समुदाय के प्रभावी व्यक्तियों के साथ मिलकर जनता को भी जागरूक करने का सुझाव दिया ताकि कोरोना संक्रमण को रोका जा सके। दास ने बिना लक्षणों वाले संक्रमितों को क्वारेंटाइन करने के बारे में जानकारी लेकर सुझाव दिया।
हॉट स्पॉट निंबाहेड़ा में संक्रमितों का आंकड़ा 126 पर पहुंचा, भादसोड़ा में लिए सभी सैंपल रिजेक्ट हुए
बरखेड़ा के संक्रमित के संपर्क में आए लोगों की जांच का नतीजा तीसरे दिन भी सामने नहीं आ पाया। कारण, सभी 50 सैंपल फेल हो गए। चिकित्सा विभाग ने 5 नए संदिग्धों सहित 55 सैंपल दोबारा लेकर भीलवाड़ा भेजे। पाॅजिटिव मरीज के संपर्क में आए 50 जनाें के सैंपल बुधवार को भीलवाड़ा भेजे थे। गुरुवार शाम तक भी प्रशासन को रिपोर्ट काइंतजार था। शाम को पता चला कि सैंपल रिजेक्ट हो गए। विभाग ने शुक्रवार सुबह प्राकट्य स्थल क्वारेंटाइन सेंटर पर इनके वापस सैंपल लिए। नए 5 संदिग्धों के भी सैंपल लिए। डाक्टर्स के अनुसार रिजेक्ट होने का कारण ट्रांसपोर्टेशन या सही प्रकार से सील पैक नहीं होना हो सकता है। क्वारेंटाइन सेंटर काएसडीएम अंशुल आमेरिया, तहसीलदार शिव सिंह ने निरीक्षण कर बीसीएमओ खेमचंद सैनी, डॉ मोहम्मद अलीम खा काे निर्देश दिए। एसएचओ भवानीशंकर सुथार, सरपंच शंभूलाल सुथार माैजूद रहे।
कैंची चौराहा निवासी 85 वर्षीय महिला में संक्रमण का कारण 23 वर्षीय दोहिता माना जा रहा है। महिला के पति का सैंपल पहले से जांच में है। उसके साथ रहने वाली 80 वर्षीय बहन दोनों पैर से विकलांग होने से अभी सैंपल देने नहीं जा सकी। चंदन चौक निवासी इनका दोहिता लखारा गली निवासी पार्षद परिवार के संपर्क में आने से संक्रमित हुआ था। बाद में उसके परिजन व पडौसी भी संक्रमित मिले। अब 85 वर्षीय महिला के सपति का सैंपल पहले से जांच में है।



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85-year-old woman in Nimbahera, 10 including three-year-old child and infected, 60 samples failed in district, again




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31 स्वयंसेवकों ने रक्तदान किया, इनमें तीन महिलाएं भी शामिल

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रकल्प सेवा भारती और स्व. भैया चैन्ने स्मृति सेवा न्यास इटारसी द्वारा शुक्रवार को रक्तदान शिविर लगाया गया। आयोजन नर्मदापुर नगर में शुक्रवार रेडक्रास पर किया गया। इसमें 31 स्वयंसेवकों ने रक्तदान किया। समें 3 मातृशक्ति भी थी। वहीं 50 से अधिक स्वयंसेवकों की रक्तदान के लिए सूची तैयार की गई, जो आवश्यकता पड़ने पर रक्तदान करेंगे। शिविर में संघ के नगर सेवा प्रमुख अधिवक्ता एसएस बमनाथ ने अपनी पत्नी के साथ विवाह की 17 वी वर्षगांठ पर दोनों ने साथ रक्तदान किया। इस आयोजन में सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखा गया। इस अवसर पर डॉ. रविंद्र गंगराड़े सिविल सर्जन जिला चिकित्सालय होशंगाबाद, एसडीएम आदित्य रिछारिया, शैलेंद्र बडो़निया तहसीलदार होशंगाबाद, डॉ. रवि शर्मा रक्त कोष अधिकारी, डॉ. प्रवीण शर्मा पैथोलॉजिस्ट, आरएसएस के विभाग संपर्क प्रमुख डॉ. अतुल सेठा, जिला कार्यवाह पिपरिया जीवन दुबे, जिला कार्यवाह नर्मदापुर देवी सिंह मीणा एवं अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे। स्वसंसेवकाें ने बताया कोरोना महामारी और अन्य बीमारी से पीड़ित मरीज की मदद के लिए रक्तदान किया है।



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14 दिन से घर नहीं गए, रोज 5 घंटे हॉट स्पॉट की सैंपलिंग

नगर में कोरोना पॉजिटिव आने के बाद भी मेडिकल टीम कर्मवीरता दिखाते हुए लगातार सैंपल लेने में जुटी है। हॉटस्पॉट नया बाजार, इंद्रा कॉलोनी, लखारा गली आदि जहां संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों के बस स्टैंड परिसर, पुराना रेफरल अस्पताल पुलिस चौकी के पास सैंपल लिए जा रहे। इस काम में हॉस्पिटल के एक मात्र लैब टेक्नीशियन इरशाद खान सबसे महत्वपूर्ण कोरोना वॉरियर्स है। जो अपने परिवार की चिंता किए बिना भारी भरकम सिक्योरिटी ड्रेस पहन लगातार चार से पांच 5 घंटे सैंपलिंग कर रहे है। इस कारण वह पिछले 13 दिन से अपने घर भी नहीं गए। बच्चे, माता-पिता व पत्नी से मोबाइल पर ही बात कर लेते हैं। यहां अब तक दो हजार से अधिक सैंपल लिए जा चुके हैं।
कर्मयोद्धा राकेश अहमदाबाद में कर रहा संक्रमितों की सेवा
जाटों का खेड़ा का युवक राकेश जाट अहमदाबाद में काेराेना संक्रमिताें की सेवा कर रहा है। नर्सिंगकर्मी राकेश लगातार प्रतिदिन 10 घंटे कोरोना संक्रमिताें की सेवा में लगा है। राकेश ने बताया कि प्रतिदिन विभिन्न स्थानों के सैंपल में पॉजिटिव आने वालाें की सेवा में कर रहा हूं। प्रतिदिन 10 घंटे काम करना पड़ता है। खाने का समय भी नहीं मिल पाता है। संक्रमिताें की बढ़ती संख्या को देखते खाने की इच्छा भी नहीं होती है। हमारा लक्ष्य संक्रमिताें की सेवा, पाॅजिटिव माहाैल देना और उनका हाैसला बढ़ाना है। इसी कारण अब तक पीड़ितों में से करीब 46 फीसदी लोग निगेटिव होकर घर जा चुके हैं। वृद्ध माता-पिता पर फोन पर बातचीत करते हैं। हालचाल पूछ लेता हूं। राकेश ने क्षेत्र के लोगों से अपील की है कि घर में ही रहें। आवश्यक कार्य होने पर ही बाहर निकले। मुंह पर मास्क या रूमाल जरूर लगाएं।
भारी भरकम सिक्योरिटी ड्रेस पहन लगातार चार से पांच 5 घंटे सैंपलिंग कर रहे है। इस कारण वह पिछले 13 दिन से अपने घर भी नहीं गए। बच्चे, माता-पिता व पत्नी से मोबाइल पर ही बात कर लेते हैं। यहां अब तक दो हजार से अधिक सैंपल लिए जा चुके हैं।



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हेड क्लर्क के खाते से हैकरों ने उड़ाए 11 लाख, अज्ञात के विरुद्ध दर्ज कराई एफआईआर

मोहनिया में पदस्थापित सिंचाई विभाग के एक हेड क्लर्क के अकाउंट से साइबर क्रिमिनलों ने एक 11 लाख रुपए हैक कर लिए। पीड़ित के मोबाइल पर कैश हैक होने के मैसेज की खबर जब पीड़ित को लगी वे स्तब्ध रह गए। इस मामले को लेकर पीड़ित क्लर्क ने सदर थाना भभुआ में अज्ञात साइबर क्रिमिनलों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई है। एफआईआर के आवेदन में पीड़ित हेड क्लर्क रवीश कुमार पांडेय ने कहा है कि मेरा वेतनभोगी खाता स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा भभुआ में है।

8 मई को मेरे मोबाइल नंबर 9431684 585 पर मेरे बैंक अकाउंट से कुल 11 लाख रुपए निकासी की सूचना मैसेज द्वारा प्राप्त हुआ जबकि उक्त निकासी मेरे द्वारा नहीं की गई है। थाने को दिए गए आवेदन में सिंचाई यांत्रिकी प्रमंडल के हेड क्लर्क ने कहा है कि वे तीन दिन पहले यानी 5 मई को मुगलसराय उत्तर प्रदेश में मेरे द्वारा एटीएम से कुल 10 हज़ार रुपए निकासी की गई। परंतु यह रुपया मुझे प्राप्त नहीं हुआ।

एनी डेस्क एप्लिकेशन इंस्टॉल करने के बाद हुआ हैक
पीड़ित ने कहा है कि एनी डेस्क एप्लीकेशन इंस्टॉल करने के पश्चात मेरा 10 हज़ार रुपए वापस तो नहीं आया, लेकिन 8 मई को खाते से कुल 11 लाख रुपए गलत तरीके से निकासी हो गई। इस मामले को लेकर पीड़ित ने अज्ञात साइबर क्रिमिनल के विरुद्ध एफआईआर का आवेदन देकर थाना पुलिस से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। सदर थाना इंस्पेक्टर रामानंद मंडल ने कहा है कि पुलिस वारदात की तफ्तीश में जुट गई है।



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महाराष्ट्र, तेलंगाना व हैदराबाद से आएप्रवासियों समेत 124 लोगों की स्क्रीनिंग

महाराष्ट्र, तेलंगाना व हैदराबाद के अलावे अन्य कई प्रान्तों से आए प्रवासियों व स्थानीय समेत कुल 124 लोगों की स्क्रीनिंग शुक्रवार को सदर अस्पताल भभुआ में की गई। दरअसल प्रवासी बीते दिनों दूसरे प्रांत से आए हैं।
इनमें शामिल महाराष्ट्र से आए भभुआ थाना क्षेत्र के अखलासपुर गांव निवासी परवेज़ खान, गुडगांव से अपने गांव तिवई आए महाबली, सिकंदराबाद से अखलासपुर गांव आए बबलू, हैदराबाद से ओदार गांव आए रंजन कुमार, तेलंगाना से गांव कोहारी आए रामभरोसे, हैदराबाद से दारौली गांव आए छठु प्रजापति, पंजाब से दारौली गांव आए पारसनाथ समेत स्थानीय लोगों की थर्मल जांच की गई। थर्मल जांच कर रहे थर्मासिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष से मिली जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को जिन 124 लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई उनमें महाराष्ट्र और हैदराबाद समेत विभिन्न प्रान्तों से कैमूर के विभिन्न गांव लौटे लोगों के अलावे स्थानीय लोग शामिल हैं।

शहर में संक्रमित क्षेत्र में चल रहा सैनिटाइज्ड अभियान
वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण का फैलाव शहर में न हो इसलिए सैनिटाइज्ड अभियान चलाया जा रहा है। दरअसल कोरोना का कहर भभुआ शहर से लेकर चैनपुर और जिले के दुर्गावती और नुआंव इलाके में भी पहुँच चुका है। इससे लोगों को नगर और जिला प्रशासन लागातार सचेत रहने के लिए चेता रही है। इधर, नगर को कोरोना से बचाव के लिए सेनेटाइज्ड किया जा रहा है। नगर के संक्रमित वार्ड के अलावे विभिन्न वार्डों में निवास करने वाले लोगों को वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए घरों में ही रहने की अपील जिला और नगर प्रशासन कर रहा है।



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लॉकडाउन में फंसे जरूरतमंद लोगों को दिया जाएगा 15 दिन का राशन, मास्क

कोरोना लॉकडाउन में कई लाेग आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। जरूरतमंद गरीब, और मजदूराें के लिए विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा के मार्गदर्शन में 45 दिनों से भोजन पैकेट वितरित किए जा रहे हैं। अब विधायक की पहल पर हर जरूरतमंद परिवार को 10 से 15 दिन की राशन सामग्री दी जाएगी। इसके लिए शुक्रवार काे विधायक ने प्रशासनिक अधिकारियाें के साथ बैठक की। राशन पैकेट में आटा, दाल, चावल, तेल मसाले साबुन और मास्क भी दिया जाएगा। इसकी माॅनिटिरिंग एसडीएम आदित्य रिछारिया, सीएमओ माधुरी शर्मा करेंगी। बैठक में पीयूष शर्मा, एसडीएम आदित्य रिछारिया, सीएमओ माधुरी शर्मा, तहसीलदार शैलेन्द्र बडोनिया, एसडीओपी मोहन सारवान, थाना प्रभारी विक्रम रजक, पीयूष शर्मा, प्रकाश शिवहरे, आनंद पारे, महेश चौकसे, लक्ष्मण सिंह, अशोक द्विवेदी, हरि शर्मा, मनोहर बढ़ानी, महेंद्र चौकसे, हंस राय, मुकेश श्रीवास्तव सहित बिल्डर एसोसिएशन, लोहा सीमेंट व्यापारी संघ, किराना व्यापारी संघ, सहित समाजसेवी शामिल रहे।



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रोज 7000 मास्क और 150 लीटर सेनेटाइजर की खपत

लॉकडाउन में मेडिकल स्टाेर पर किडनी एवं मानसिक राेगियाें की दवा की डिमांड बढ़ी है। जिलेभर के मेडिकल दूर से इन दिनाें सेटनेटाइजर एवं मास्क बेचने की दुकानाें की तरह नजर अा रहे हैं। जिले में 350 मेडिकल स्टाेर पर राेज 7000 मास्क एवं 150 लीटर सेनेटराइजर बिक रहा है। हालांकि ट्रांसपाेर्टेशन सुविधा जारी रहने से अब जिले में मास्क एवं सेनेटराइजर की कमी नहीं है। डाेर टू डाेर भी दवा पहुंचाने का सिलसिला जारी है। कैंसर एवं किडनी सहित गंभीर बीमारियाें से ग्रसित करीब 30 मरीजाेंकाे औसतन दवा उनके घर के पास के मेडिकलाें तक पहुंचाने की पहल भी वरदान साबित हाे रही है।
लाॅकडाउन के शुरुआत के दिनाें में ट्रांसपाेर्टेशन बंद था। भीलवाड़ा जिला काेराेना जाेन बना ताे हमारे जिला मुख्यालय के मेडिकल स्टाेर पर मास्क एवं सेनेटाइजर खत्म हाे गए थे। 10 रुपए वाले थ्री लेयर मास्क की कीमत भी 20 रुपए हाे गई थी। ट्रांसपाेर्टेशन चालू हाेने पर मास्क एवं सेनेटराइजर की सप्लाई पटरी पर आई। अब थ्री लेयर मास्क आसानी से 8-10 रुपए में मिलने लगे। इन दिनाें दर्द के साथ किडनी, कैंसर, शुगर की दवा पहले के मुकाबले अधिक बिक रही है। कारण गंभीर राेगी उदयपुर, अहमदाबाद या अन्य शहराें में जा नहीं पा रहे हैं। जिला मुख्यालय पर लाेगाें काे घर पर दवा उपलब्ध कराने के लिए अलग से कंट्राेल रूम भी है।
घर बैठे दवा पहुंचाने का जिम्मा अाैषधि नियंत्रक अधिकारी रामकृष्ण सिंह ने उठाया, पहुंचा रहे दवा
गांवाें में रहने वाले किडनी, मिर्गी, कैंसर व मानसिक राेगियाें काे घर बैठे दवा पहुंचाने का जिम्मा औषधि नियंत्रक अधिकारी रामकृष्ण सिंह ने उठा रखा है। उनके माेबाइल नंबर 9461782201 कंट्राेल रूम के लिए दे रखे हैं। जयपुर, अहमदाबाद, उदयपुर, काेटा से दवा मंगवाकर राेगी के गांव के पास वाले मेडिकल तक भिजवाई जा रही है। अब तक करीब 300 से अधिक मरीजाें काे दवा भेज चुके हैं। कंट्राेल रूम में ड्रग इंस्पेक्टर रामकृष्ण सिंह प्रभारी एवं अनुपम भंडारी सहायक प्रभारी है। कुंभानगर हाउसिंग बाेर्ड क्षेत्र में केमिस्ट एसाेसिएशन के सचिव सुशील अग्रवाल, सिटी क्षेत्र में ओम भंडारी, चामटीखेड़ा कैलाशनगर, नगर पालिका काॅलाेनी में जानकारीलाल साेनी, प्रतापनगर रेलवे स्टेशन क्षेत्र में धमण आनंद, सेंती क्षेत्र में प्रशांत डगवार, मधुवन सेगवा हाउसिंग बाेर्ड में भारत चांदवानी, चंदेरिया क्षेत्र में अरुण कुमार, गांधीनगर क्षेत्र में अनुराग द्विवेदी, महेशनगर, शास्त्रीनगर, कीरखेड़ा एवं भाेईखेड़ा क्षेत्र में अरविंद समदानी डाेर टू डाेर दवा उपलब्ध करा रहे।



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लाॅकडाउन के बाद रफ्तार बनी रहे इसलिए इटारसी में खड़े करीब 100 इंजन काे हर दूसरे दिन किया जा रहा वाॅर्मअप

इटारसी स्टेशन परिसर पर भले सन्नाटा है, लेकिन पटरियों पर इंजनों का शोर बता रहा है कि लॉकडाउन खुलने के बाद ट्रेनों की रफ्तार कम नहीं होगी। लाॅकडाउन में ट्रेनें बंद हैं, लेकिन ट्रेनों को रफ्तार देने वाले इंजनों को हर दूसरे दिन एक से दाे घंंटे तक वॉर्मअप किया जा रहा है। डीजल और इलेक्ट्रिक लोको (इंजन) की बैटरी न उतरे, काेई तकनीकी खराबी न आए इसलिए रेलकर्मी उन्हें स्टार्ट कर चेक कर रहे हैं। इटारसी में लगभग 100 इंजनाें का डीजल और एसी (विद्युत) लोको शेड के रेलकर्मी 45 दिन मेंटेनेंस कर रहे हैं। विद्युत लोको शेड, डीजल शेड, जीसी-4, जीसी-5 और रेलवे स्टेशन परिसर में जगह-जगह रेलवे ट्रैक पर दर्जनों डीजल और इलेक्ट्रिकल लोको एक के पीछे एक कतार में खड़े हैं।
लोको इंजन की बैटरी ना उतरे और खराबी ना आए इसके लिए करीब 15 रेलकर्मी (शंटर्स) कहीं 1 घंटे ताे कहीं 2 घंटे जरूरत के हिसाब से प्रतिदिन इंजनाें काे स्टार्ट करके रखते हैं। इन कर्मचारियाें की तीन शिफ्ट में ड्यूटी लगाई गई है।


इतने इंजनाें का मेंटेनेंस

  • डीजल शेड में 29 इंजन तैयार खड़े हैं।
  • एसी शेड में 6 इंजन तैयार हैं।
  • 11 इलेक्टिक इंजन का मेंटेनेंस हाे रहा है।
  • जीसी 5 शेड में 36, जीसी-4 में 10 अाैर करीब 10 इंजन स्टेशन के पास खड़े हैं।
  • 115 इंजन मालगाड़ी अाैर पार्सल ट्रेनाें मंे चल रहे हैं। शेड में अाने पर इनका मेंटेनेंस किया जाएगा।


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प्रदूषण का स्तर कई जिलों में बढ़कर हुआ दोगुना, राज्य के 6 जिलों में एक्यूआई पहुंचा 150 के पार

(सुशील भार्गव)लॉकडाउन में छूट दिए जाने के बाद प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ने लगा है। पिछले चार दिनों में ही यह कई जिलों में दोगुना हो गया है। छह जिले ऐसे हैं जहां पर यह 150 के पार पहुंच चुका है। हालांकि इन दिनों में यह अमूमन इससे भी अधिक होता रहा है। अबकी बार करीब 45 दिनों तक चले लॉकडाउन में यह सभी जिलोंमें 100 के नीचे पहुंच गया था। पर्यावरण वैज्ञानिकों के अनुसार ऐसा वर्ष 1970 से 1980 के बीच रहा है। वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है और इनसे जो धूल उड़ती है, इससे भी प्रदूषण बढ़ता है। औद्योगिक गतिविधियां भी शुरू हो गई हैं, वहीं रबी फसल की कटाई के बाद शुक्रवार को प्रदेशभर में 355 जगह फसल अवशेष जलाए गए। इससे भी प्रदूषण का स्तर बढ़ने लगा है।

8 मई को कहां अधिक जले फसल अवशेष

फतेहाबाद में 26, हिसार में 34, झज्जर में 98, जींद में 25, रोहतक में 34, पानीपत में 17, सिरसा मंे 21, सोनीपत में 40, कुरुक्षेत्र में 10, कैथल में 12 जगहों पर फसल अवशेष जलाए गए हैं।



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Pollution levels doubled in many districts, AQI reached 6 in 6 districts of the state




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7 दिनों में 100 ट्रेनें, 5000 बसों से गृह राज्यों में भेजे जाएंगे श्रमिक

राज्य सरकार द्वारा घर जाने के इच्छुक प्रवासी श्रमिकों को अगले सात दिनों में 100 रेलगाड़ियों व 5000 बसों के माध्यम से उनके गृह राज्यों में निशुल्क पहुंचाया जाएगा। प्रवासी श्रमिकों को उनके गृह राज्यों में भेजने के लिए चलाई जाने वाली रेलगाड़ियों व बसों का सारा खर्च हरियाणा सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।
बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश व पूर्वी उत्तर-प्रदेश के लिए 100 विशेष श्रमिक रेलगाड़ियां चलाई जाएंगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल-प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड में 5000 बसों के माध्यम से प्रवासी श्रमिकों को उनके गृह राज्यों में भेजा जाएगा। सीएम मनोहर लाल की हर प्रवासी श्रमिक और खेतीहर मजदूर को उनके गृह राज्यों में हरियाणा सरकार की ओर से मुफत भेजने के लिए की गई घोषणा के उपरांत अब तक 23452 ऐसे प्रवासी श्रमिकों को विभिन्न रेलगाड़ियों व बसों के माध्यम से उनके गृह राज्यों में पहुंचाया जा चुका है। अब तक राज्य से 13347 प्रवासी मजदूरों को उत्तर प्रदेश पहुंचाया गया है। इसी प्रकार, उत्तराखंड राज्य के 3133 प्रवासी मजदूरों को भेजा गया है, वहीं, 3593 प्रवासी मजदूरों को बिहार भेजा गया है। 2549 प्रवासी श्रमिकों को मध्य प्रदेश, 435 प्रवासी मजदूरों को राजस्थान, 221 प्रवासी मजदूरों को पंजाब, 54 प्रवासी मजदूरों को हिमाचल प्रदेश, 46 प्रवासी मजदूरों को केरल, 32 प्रवासी मजदूरों को असम, 23 प्रवासी मजदूरों को महाराष्ट्र और 19 प्रवासी मजदूरों को गुजरात पहुंचाया जा चुका है।
सूत्रों के अनुसार महज छह दिन में हरियाणा से करीब आठ लाख लोगों ने अपने राज्यों को लौटने के लिए पंजीकरण कराया है। गृह मंत्रालय के निर्देश पर हरियाणा सरकार ने पिछले रविवार को उन लोगों का पंजीकरण शुरू किया था जो लॉकडाउन के चलते अपने राज्यों को लौटना चाहते हैं। शुक्रवार दोपहर तक सरकार की इस साइट पर 7 लाख 95 हजार 465 लोगों ने पंजीकरण करवाया है। इनमें करीब 82.55 फीसदी यूपी व बिहार राज्यों के हैं, जबकि अन्य मध्यप्रदेश, झारखंड व तामिलनाडु के हैं। हरियाणा से पलायन करने वालों में 81.9 फीसदी व्यक्ति पानीपत, सोनीपत, गुड़गांव, फरीदाबाद, झज्जर, यमुनानगर और रेवाड़ी जिलों से संबंधित हैं। दूसरी ओर हरियाणा आने के लिए करीब डेढ़ लाख ने पंजीकरण कराया है।



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राेहतक: रोडवेज बसों में रोहतक लाए गए मजदूरों को स्पेशल ट्रेन से भेजा जाएगा।




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जालोर और सायला से यूपी के लिए नौ बसों से 381 मजदूरों को किया रवाना

शहर में ग्रेनाइट मजदूरी करने वाले उत्तर प्रदेश के श्रमिकों को शुक्रवार को बसों से रवाना किया गया। जालौर उपखंड क्षेत्र से 101 और सायला उपखंड से करीब 280 श्रमिकों को उनके राज्य के लिए रवाना किया गया। ये मजदूर पिछले काफी दिनों से अपने राज्य उत्तर प्रदेश जाने के लिए बेताब थे। लेकिन यूपी सरकार की ओर से हरी झंडी नहीं मिलने के कारण अभी तक उन्हें रवाना नहीं किया गया था। अब यूपी सरकार की ओर से परमिशन मिलने के बाद इन श्रमिकों को शुक्रवार को बसों से रवाना किया गया। जालोर उपखंड अधिकारी चंपालाल जीनगर ने बताया कि जालोर से 101 मजदूरों को बसों से रवाना किया गया। वहीं सायला उपखंड अधिकारी गोमती शर्मा ने बताया कि करीब 280 मजदूरों को शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के लिए रवाना किया गया। बसें रवाना होते समय पटवारी कैलाश माली, ग्रेनाइट एसोसिएशन के संरक्षक नरेन्द्र बालू, नूर मोहम्मद समेत मौजूद रहे। इस दौरान जालोर से 2 व सायला से 7 बसें रवाना हुई।जीवाणा | उप तहसील मुख्यालय से शुक्रवार को रवाना की गई। आरआई परबतदान ने बताया कि जीवाणा क्षेत्र के आसपास के गांवो मे मजदूरी करनें के लियें आए यूपी के मजदूरों को शुक्रवार को उनके गांव के लिये रवाना किया गया। राज्य के फंसे हुए मजदूर बेरोजगार हो गये है। इसके चलते राजस्थान सरकार ने इनको अपनें अपनें घर भेजने के लिये राजस्थान रोडवेज की बसें चलाई हैं। जिसमे पहले चरण में 30 मजदूरों को रवाना किया गया। उस समय सरपंच प्रतिनिधि जितेन्द्र सिंह पटवारी, दयाराम, रमेश राणा आदी मौजुद थे।



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बुंदेलखंड विवि छतरपुर ने परीक्षा फार्म जमा करने की तारीख 10 दिन बढ़ाई, 23 मई तक जमा होंगे

महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय छतरपुर ने पीजी के नियमित और प्राइवेट विद्यार्थियों द्वारा परीक्षा फार्म जमा किए जाने की तारीख 10 दिन बढ़ा दी है। अब विद्यार्थी एमपी ऑनलाइन पोर्टल के जरिए 23 मई तक परीक्षा फार्म जमा कर सकेंगे।

इस संबंध में विश्वविद्यालय ने संशोधित अधिसूचना भी जारी कर दी है। इससे पहले विश्वविद्यालय ने परीक्षा फार्म जमा करने की अंतिम तारीख 14 मई घोषित की थी। विश्वविद्यालय द्वारा जारी संशोधित अधिसूचना के अनुसार अब एमए, एमएससी, एमकॉम, एमएचएससी, एमबीए तथा स्वाध्यायी एमए, एमएससी, एमकॉम के द्वितीय तथा चतुर्थ सेमेस्टर के एटीकेटी व फेल हुए विद्यार्थी 23 मई तक सामान्य शुल्क के साथ परीक्षा फार्म जमा कर जून 2020 में होने वाली परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। जबकि बिलंब शुल्क सहित 27 मई तक परीक्षा फाॅर्म भरे जा सकेंगे।

विवेकानंद छात्र परिषद ने जताया दावा
विवेकानंद छात्र परिषद परीक्षा फाॅर्म जमा करने की तारीख बढ़वाने के लिए अपना दावा जताया है। परिषद के संरक्षक विकास केसरवानी ने विज्ञप्ति में कहा कि पिछले दिनों परिषद ने 5 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तथा महाराजा छत्रसाल विश्वविद्यालय के कुलपति को ईमेल के जरिए ज्ञापन सौंपा था। इसमें एक मांग परीक्षा फार्म भरने की तारीख बढ़ाने को लेकर थी। शेष चार मांगों पर कार्रवाई बाकी है। इनमें परीक्षा फीस माफ करना, स्नातक प्रथम, द्वितीय एवं स्नातकोत्तर प्रथम, द्वितीय, तृतीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों को जनरल प्रमोशन देकर अगली कक्षा में भेजना, आवश्यकतानुसार स्नातक तृतीय वर्ष, स्नातकोत्तर चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षाएं कराएं। सभी कॉलेजों में केवल स्नातक तृतीय वर्ष एवं स्नातकोत्तर चतुर्थ सेमेस्टर के छात्रों से फीस लेकर उनकी परीक्षाएं कराई जाएं तथा सभी कॉलेजों में नवीन छात्रों के प्रवेश दिनांक की सूची समय पर लागू करने की मांग की गई है।



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18 जिलों के मजदूरों को लेकर हरियाणा से सागर पहुंची ट्रेन, 1239 श्रमिक व 79 बच्चों की स्टेशन पर हुई जांच

कोरोना वायरस के चलते देश में लॉकडाउन से अन्य राज्यों में फंसे मप्र के मजदूरों की घर वापसी शुरू हो गई है। अलग-अलग राज्यों से श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही है। इसी क्रम में शुक्रवार को 1239 श्रमिकों को लेकर स्पेशल ट्रेन सागर पहुंची। श्रमिकों के साथ 79 बच्चे भी शामिल थे। ट्रेन में बुंदेलखंड समेत भिंड, रतलाम, कटनी आदि 18 जिलों के प्रवासी श्रमिक शामिल थे। जिनकी मेडिकल स्क्रीनिंग कर बसों से सभी को अपने-अपने जिले रवाना किया गया। सभी मजदूर अब क्वॉरेंटाइन रहेंगे। स्टेशन पर व्यवस्थाओं के लिए डॉक्टर, सफाईकर्मी, रेलकर्मी समेत अधिकारी व अन्य कर्मचारी भी मौजूद थे। सभी श्रमिकों को उनके जिलों के क्रमानुसार ही स्टेशन परिसर के बाहर खड़ी बसों से भेजा गया है।

22 मार्च जनता कर्फ्यू के बाद से ट्रेनों के संचालन बंद हैं। गिनती की मालगाड़ी और पार्सल ही पटरियों पर दौड़ रही है। शुक्रवार को स्टेशन पर 48 दिन बाद फिर चहल-पहल दिखाई दी। दरअसल, हरियाणा रेवाड़ी से सागर के लिए चली श्रमिक स्पेशल ट्रेन शुक्रवार सुबह 6.20 पर सागर पहुंची। ट्रेन में सवार सभी मजदूरों को उनके जिले के हिसाब से बैठाया गया था। सागर स्टेशन पर पहुंचते ही सभी की मेडिकल स्क्रीनिंग की गई। हालांकि मेडिकल स्क्रीनिंग में उनके नाम और मशीन से तापमान की ही जांच हुई है। इसके बाद उन्हेंरवाना कर दिया गया। श्रमिकों के साथ उनके छोटे-छोटे बच्चे भी थे। जिनकी भी जांच मेडिकल टीम द्वारा की गई है।

जैसे ही मेडिकल टीम के पास पहुंचे तो दिखाने लगे टिकट
48 दिनों से लॉकडाउन में फंसे श्रमिक सागर पहुंचे ही पुलिस व अन्य मेडिकल टीमों की ताम-झाम को देखकर चकित नजर आए है। जैसे ही निकासी पाइंट पर सभी कुछ मजदूर पहुंचे तो स्क्रीनिंग टीम को अपना टिकट दिखाने लगे। दरअसल श्रमिक समझ रहे थे कि यहां टिकट चैकिंग हो रही है।

  • 3.30 घंटे तक स्टेशन पर मजदूरों के रवाना करने का सिलसिला चलता रहा।
  • मजदूरों के जाने के बाद स्टेशन और ट्रेन कोे किया गया सैनिटाइज
  • अलग-अलग जिले से उनकी बसों के साथ पहुंचे थे प्रतिनिधि। खाने के पैकेट और पानी की बोतल भी दी।
  • सागर के 21 श्रमिकों को किया गया होम क्वॉरेंटाइनÁ श्रमिकों को भोजन, पानी की बोतल और मास्क भी बांटे गए।
  • कलेक्टर प्रीति मैथिल और एसपी अमित सांघी भी पहुंचे। अफसरों से की चर्चा

श्रमिक स्पेशल ट्रेनें के लिए इसलिए चिन्हित किया गया सागर स्टेशन
इस ट्रेन में अधिकांश अन्य जिलों के श्रमिक होने के बाद भी ट्रेन को सागर लाने के पीछे का मकसद क्या है? अफसरों के मुताबिक ट्रेन को अलग-अलग स्टेशन पर स्टॉपेज न देकर सीधे सागर स्टेशन को चिन्हित इसलिए किया गया है क्योंकि सबसे ज्यादा मजदूर बुंदेलखंड के थे। इसमें भी सबसे ज्यादा मजदूर छतरपुर के हैं। जबकि दतिया, भिंड, ग्वालियर, मुरैना, शिवपुरी, होशंगाबाद, रायसेन, जबलपुर, अलीराजपुर, रतलाम, कटनी, सतना और रीवा आदि के श्रमिकों की संख्या कम थी।

आज फिर आएगी ट्रेन
हरियाणा में लॉकडाउन में फंसे श्रमिकों की एक और ट्रेन शनिवार को सागर पहुंचेगी। इस ट्रेन में सागर के 16 श्रमिकों के साथ 18 जिलों के कुल 1280 श्रमिक सागर आएंगे। ट्रेन संख्या 09979 (हरियाणा रेवाड़ी- सागर) 8 मई को शाम 7.30 बजे रवाना होगी, जो 9 मई को सुबह 6 बजे सागर स्टेशन पहुंचेगी।



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Train reached Sagar from Haryana, laborers of 1239 laborers and 79 children were examined at the station with laborers from 18 districts




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11 से 15 मई तक खरीद सकेंगे सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड, ऑनलाइन आवेदन-पेमेंट पर मिलेगी प्रति ग्राम 50 रुपए की छूट

वित्त वर्ष 2021 में सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की दूसरी सीरीज सोमवार से निवेश के लिए खुल रही है। इसमें 11 से 15 मई तक गोल्ड बॉन्ड में निवेश किया जा सकता है। इसके तहत प्रति ग्राम सोने की कीमत 4,590 रुपए तय की गई है। जो लोग इनके लिए ऑनलाइन आवेदन करेंगे और डिजिटल पेमेंट के जरिए भुगतान करेंगे, उन्हें प्रति ग्राम 50 रुपए का डिस्काउंट मिलेगा। आइए यहां समझें कि क्या है सॉवरेन गोल्ड बांड और क्यों है यह निवेश का बेहतर विकल्प।

6 बार सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड होने थे जारी
सरकार ने अगले 6 महीने में यानी 20 अप्रैल से लेकर 4 सितबंर तक 6 बार सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (Sovereign Gold Bonds) जारी करने का फैसला किया है। अप्रैल में एक बार सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड जारी हो चुके हैं।सरकार ने 20 से 24 अप्रैल के बीच पहली सीरीज लॉन्च की थी। इसके तहत प्रति ग्राम सोने की कीमत 4,639 रुपए तय की गई थी।इन्हे बैंकों और बडे डाकघरों से खरीदा जा सकेगा।


निवेश के हिसाब से बेहतर विकल्प
अगर आप सोने में निवेश करना चाहते है तो यह फिजिकल गोल्ड खरीदने से बेहतर है। फिजिकल गोल्ड खरीदने पर आप सोने की कीमत तो चुकाते ही हैं, आप मेकिंग चार्ज भी चुकाते हैं। आप सोने की कीमत पर तीन फीसदी जीएसटी और मेकिंग चार्ज पर 5 फीसदी जीएसटी भी चुकाते हैं। इससे सोने की कीमत काफी बढ़ जाती है। सॉवरेन गोल्ड बांड में निवेश पर कोई जीएसटी नहीं लगता है। यह चूंकि बांड है इसलिए इस पर कोई मेकिंग चार्ज भी नहीं लगता।


शुद्धता और सुरक्षा की कोई चिंता नहीं
जब आप सोने की सिल्ली या सोने का आभूषण खरीदते हैं, तो आपको उसकी शुद्धता को लेकर संदेह हो सकता है। साथ ही उसे रखना भी सुरक्षित नहीं होता है। लेकिन सॉवरेन गोल्ड बांड में शुद्धता की चिंता करने की कोई जरूरत नहीं होती है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के मुताबिक गोल्ड बांड की कीमत इंडियन बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीरेए) द्वारा प्रकाशित 24 कैरेट शुद्धता वाले सोने की कीमत से लिंक होती है। इसके साथ ही इसे डीमैट रूप में रखा जा सकता है, जो काफी सुरक्षित है और उस पर कोई खर्च भी नहीं होता है।


इश्यू प्राइस पर 2.50 फीसदी ब्याज मिलता है
सॉवरेन गोल्ड बांड में इश्यू प्राइस पर हर साल 2.50 फीसदी का निश्चित ब्याज मिलता है। यह पैसा हर 6 महीने में अपने आप आपने खाते में पहुंच जाता है। फिजिकल गोल्ड और गोल्ड ईटीएफ पर आपको इस तरह का फायदा नहीं मिलता। एनएसई के वेबइसाट पर दी गई जानकारी के अनुसार सॉवरेन गोल्ड बांड में निवेश का एक फायदा यह भी है कि 8 साल के मैच्योरिटी पीरियड के बाद इससे होने वाले लाभ पर कोई टैक्स नहीं लगता है। इसके साथ ही हर छह महीने पर मिलने वाले ब्याज पर कोई टीडीएस भी नहीं लगता।


1 ग्राम से 4 किलो तक खरीद सकते हैं सोना
कोई शख्स एक वित्त वर्ष में मिनिमम 1 ग्राम और मैक्सिमम 4 किलोग्राम तक वैल्यू का बॉन्ड खरीद सकता है। हालांकि किसी ट्र्स्ट के लिए खरीद की अधिकतम सीमा 20 किग्रा है। कोई भी व्यक्ति एक फिस्कल ईयर में 500 ग्राम सोने के बॉन्ड खरीद सकता है। बॉन्ड का मेच्योरिटी पीरियड 8 साल का है। लेकिन निवेशकों को 5 साल के बाद बाहर निकलने का मौका मिलता है। यानी अगर आप निकालना चाहते हैं तो 5 साल के बाद निकाल सकते हैं। एनएसई के मुताबिक लोन लेने के दौरान कॉलैटरल के रूप में भी इन सॉवरेन गोल्ड बांड का उपयोग किया जा सकता है। इसके अलावा ये बांड एनएसई पर ट्रेड भी करते हैं।



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सरकार ने अगले 6 महीने में यानी 20 अप्रैल से लेकर 4 सितबंर तक 6 बार सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (Sovereign Gold Bonds) जारी करने का फैसला किया है।




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कोविड-19 के असर से उबरने के लिए वित्त वर्ष 2020-21 में ग्रॉस मार्केट बोरोइंग को बढ़ाकर 12 लाख करोड़ रुपए किया गया

कोविड-19 महामारी के झटकों से उबरने के लिए सरकार ने वित्त वर्ष 2020-21 के लिए अनुमानित सकल बाजार उधार (gross market borrowing) बढ़ा दिया है। इसे 7.8 लाख करोड़ रुपए के बजट से बढ़ाकर 12 लाख करोड़ रुपए कर दिया है। सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक ने दो अलग-अलग बयान में कहा, कि उधारी में संशोधन कोविड-19 महामारी के कारण आवश्यक हो गया है।


गिल्ट्स के जरिए सरकार उधार लेगी 6 लाख करोड़
वर्ष के लिए कुल उधारी अर्थात बोरोइंग में हुई वृद्धि के साथ-साथ वित्तीय वर्ष की पहली छमाही के शेष के लिए उधार कैलेंडर भी जारी किया गया है। संशोधित कैलेंडर के अनुसार सरकार साल की पहली छमाही के बचे हुए हिस्से से गिल्ट्स के जरिए बाजार से 6 लाख करोड़ रुपए उधार लेगी। प्रत्येक साप्ताहिक नीलामी के लिए नीलामी का आकार 11 मई के सप्ताह से बढ़कर 30,000 करोड़ रुपए हो जाएगा।


अप्रैल-सितंबर में सरकार लेगी आक्रामकरूप से उधार
भारत पिछले आठ हफ्तों से लॉकडाउन के दौर से गुजर रहा है, जिससे बड़े पैमाने पर आर्थिक नुकसान हुआ है। मूडीज ने इस साल देश के लिए 0 प्रतिशत की वृद्धि का पूर्वानुमान लगाया है। मार्च में आर्थिक मामलों के सचिव अतानु चक्रवर्ती ने कहा था कि सरकार कोविड-19 के प्रकोप को कम करने के लिए अप्रैल-सितंबर की अवधि में अनुमान से अधिक आक्रामक रूप से उधार लेने की योजना बना रही है। चक्रवर्ती ने कहा कि सरकार उद्योगों के पुनरुत्थान और वसूली के लिए जो कुछ भी आवश्यक होगा, वह करेगी। हमारे फंड जुटाने वाले संसाधन न केवल बाजारों से बल्कि बहुपक्षीय एजेंसियों से भी सक्षम हैं।


राजकोषीय घाटे को संशोधित करना होगा
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2020-21 के अपने बजट में नए वित्त वर्ष में 7.8 लाख करोड़ रुपए की सकल उधारी का अनुमान लगाया था, जो 2019-20 के लिए अनुमानित 7.1 लाख करोड़ रुपए से अधिक है। उधारी अनुमान में वृद्धि के साथ, सरकार को चालू वित्त वर्ष के लिए 3.5 प्रतिशत आंके गए अपने राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को और ज्यादा संशोधित करना होगा।


जीडीपी बुरी तरह प्रभावित, राहत पैकेज का इंतजार
बता दें कि सरकार को इस बार बजट गैप, राजकोषीय घाटा के साथ जीडीपी वृद्धि के मोर्चे पर काफी कुछ करना होगा। यह सभी कोविड-19 से बुरी तरह प्रभावित हैं। यही नहीं, तमाम रेटिंग एजेंसियों ने इस साल की जीडीपी की वृद्धि दर को जीरो तक घटा दिया है। सरकार अभी तक कोविड-19 के लिए केवल एक बार 1.70 लाख करोड़ रुपए का पैकेज जाहिर की है। अगर उसे ज्यादा पैकेज जारी करना पड़ा तो सरकार को आगे और भी उधार लेने की जरूरत पड़ेगी। हालांकि सरकार से दूसरे बड़े पैकेज की उम्मीद है, लेकिन यह अभी तक जाहिर नहीं हुआ है।



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मूडीज ने इस साल देश की जीडीपी के लिए 0 प्रतिशत की वृद्धि का पूर्वानुमान लगाया है।




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शिवसेना नेता संजय राउत का कटाक्ष- अंतिम संस्कार में सिर्फ 20 लोगों को छूट, शराब की दुकान पर 1000 लोग इकट्ठे हो सकते हैं

लॉकडाउन में शराब बिक्री की छूट देने पर शिव सेना सांसद संजय राउत ने सवाल उठाए हैं। राउत का कहना है कि अंतिम संस्कार में सिर्फ 20 लोगों के शामिल होने की इजाजत है लेकिन, शराब की दुकान पर 1 हजार लोग इकट्ठे हो सकते हैं। राउत ने कटाक्ष किया- मृत शरीर में आत्मा (स्पिरिट) नहीं होती और दुकानों में स्पिरिट (अल्कोहल) होता है! क्या इसलिए वहां ज्यादा लोगों को छूट दी जा रही है?

गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव पुण्य सलिल श्रीवास्तव ने 5 मई को सोशल डिस्टेंसिंग की गाइडलाइन बताई थीं। उन्होंने कहा था कि शादी के फंक्शन में 50 से ज्यादा लोग इकट्ठे नहीं हो सकते। वहीं अंतिम संस्कार में 20 लोगों से ज्यादा के शामिल होने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

महाराष्ट्र में शराब बिक्री की छूट नहीं
केंद्र सरकार ने 4 मई से शुरू हुए लॉकडाउन के तीसरे फेज में शर्तों के साथ शराब बिक्री की छूट दी है। महाराष्ट्र ने भी शराब की दुकानें खोलने का फैसला लिया था लेकिन, दुकानों पर भीड़ को देखते हुए फैसला वापस ले लिया। देशभर में शराब की दुकानों पर लंबी लाइनें लग रही हैं। कई जगह लोग सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान नहीं रख रहे। ऐसे में पुलिस को दुकानें बंद करवानी पड़ रही हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा- शराब की होम डिलीवरी पर विचार करें
शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि राज्य सरकारें सोशल डिस्टेंसिंग बनाए बनाए रखने के लिए शराब की होम डिलीवरी पर विचार करें। याचिकाकर्ता की दलील थी कि लॉकडाउन में शराब की बिक्री से आम आदमी की जिंदगी खतरे में न पड़े। गृह मंत्रालय को शराब की बिक्री पर राज्यों को सफाईदेनीचाहिए। इस याचिका परसुप्रीम कोर्ट ने कोई साफ आदेश तो नहीं दिया लेकिन, राज्यों को शराब की होम डिलीवरी की सलाह दी।



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शराब की दुकानों पर लॉकडाउन के नियमों की ध्वज्जियां उड़ रही हैं, संजय राउत ने इस पर सवाल उठाया है। (फाइल फोटो)




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भद्रकाली मंदिर के पुजारी का पोता पॉजीटिव, पूरा मंदिर क्वारेंटाइन 

भद्रकाली मंदिर के पुजारी के 26 वर्षीय पोते की रिपोर्ट पॉजीटिव आई है। इससे पूरे मंदिर को ही क्वारेंटाइन कर दिया गया है।

मंदिर में रहने वाले 8 लोग क्वारेंटाइन में
पुजारी का परिवार एलिसब्रिज के पास महालक्ष्मी मंदिर में रहता है। इस मंदिर के 8 लोगों को 20 मई तक क्वारेंटाइन कर दिया गया है। मंदिर के बाहर प्रतिबंधित इलाके का बोर्ड भी लगा दिया गया है।



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महालक्ष्मी मंदिर




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नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के मेगा आईपीओ में हो सकती है देरी, ग्रे मार्केट में वैल्यूएशन 10 प्रतिशत घटा

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के आईपीओ में देरी हो सकती है। खबर है कि अनलिस्टेड मार्केट में इसके वैल्यूएशन में 10 प्रतिशत की गिरावट पिछले कुछ समय में आई है।

50,000 करोड़ है वैल्यूएशन

निवेशकों से मिली जानकारी के मुताबिक अनलिस्टेड मार्केट में एनएसई के शेयरों की कीमत 950 रुपए के भाव पर कारोबार कर रहे हैं। इस तरह से इसका वैल्यूएशन 50,000 करोड़ रुपए लगाया गया है। इसके पहले अप्रैल में यह शेयर 1,050 रुपए पर कारोबार कर रहा था। कई घरेलू और विदेशी निवेशकों ने हाल के महीनों में एनएसई के शेयर को 1,200 रुपए प्रति शेयर के हिसाब से खरीदा है। इस भाव पर इसका वैल्यूएशन 60,000 करोड़ रुपए आंका गया है।

ढेर सारे ब्लू चिप स्टॉक में आई है गिरावट

विश्लेषकों के मुताबिक ढेर सारे ब्लू चिप स्टॉक्स के वैल्यूएशन में इसलिए गिरावट आई है क्योंकि बाजार में आईपीओ की समय सीमा को लेकर बड़े पैमाने पर अनिश्चितता बनी हुई है। साथ ही मार्केट का सेंटीमेंट भी इस समय ठीक नहीं है। इस तरह की ज्यादा मांग संस्थागत और अल्ट्रा एचएनआई ग्राहकों से आती है, पर यह मांग अभी सुस्त है। एनएसई के वैल्यूएशन में कमी की दूसरी वजह सेकेंडरी मार्केट में लगातार गिरावट भी है। बेंचमार्क सेंसेक्स इस साल में अब तक 24 प्रतिशत गिरा है। यह इसलिए क्योंकि निवेशकों ने सुरक्षित रास्ता अपनाया है और साथ ही कोविड-19 की महामारी और लॉकडाउन से आर्थिक गतिविधियां ठप हैं।

2021 की दूसरी छमाही में आईपीओ आने की उम्मीद

वैसे एनएसई में एक निवेशक होने की प्रक्रिया भी बहुत जटिल है। अगर आप इसके शेयर खरीदते या बेचते हैं तो आपको एनएसई के शेयरहोल्डर कमिटी में एक औपचारिक प्रपोजल भेजना होगा। यहां से आपकी डील को मंजूरी मिलेगी। हकीकत में एफआईआई और घरेलू निवेशकों का हिस्सा अलग-अलग किया जाता है, जहां पर दोनों एक दूसरे का शेयर नहीं खरीद सकते हैं। एनएसई के आईपीओ के बारे में अनुमान है कि यह वित्तीय वर्ष 2021 की दूसरी छमाही में आ सकता है। हालांकि पिछले तीन सालों से इसका आईपीओ अटका पड़ा है। इसका कारण यह है कि सेबी लगातार एनएसई और इसके टॉप अधिकारियों की जांच कर रहा था।

31 अक्टूबर तक सेबी ने लगाई है रोक

सेबी ने आरोप लगाया कि एनएसई के कुछ अधिकारी कुछ कारोबारियों और ब्रोकरों को को-लोकेशन की सुविधा दे रहे थे। यह सुविधा एक विशेष फीस पर दी जा रही थी। अप्रैल में सेबी ने एनएसई और इसके अधिकारियों के खिलाफ एक ऑर्डर पास किया जिसमें 31 अ्क्टूबर तक ये दोनों पूंजी बाजार में भाग नहीं ले सकते हैं। खबर है कि इनवेस्टमेंट बैंकर्स जल्द ही नियुक्त किए जा सकते हैं। दिसंबर में एनएसई ने इस संबंध में वित्त मंत्रालय से संपर्क किया था। हाल में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने एनएसई के 50 लाख शेयर 1,000 रुपए के मूल्य पर कनाडा के अरबपति प्रेम वात्सा को बेचा था।



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पिछले तीन सालों से अटका है एनएसई का आईपीओ




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प्रदेश में 10वीं मौत, कोरोना से जान गंवाने वाले दिल्ली पुलिस के जवान की पत्नी और बेटा भी पॉजिटिव

हरियाणा में लॉकडाउन फेज-3 का छठा दिन है। कोरोना की वजह से शुक्रवार शाम को प्रदेश में 10वीं मौत हो गई। पानीपत में अपनी बहन के घर ईलाज करवाने के लिए फरीदाबाद से आई 20 वर्षीय युवती की मौत हो गई। उसने खानपुर पीजीआई में दम तोड़ा, उसे टीबी भी थी। वहीं ईलाज न मिलने पर कोरोना से जान गंवाने वाले दिल्ली पुलिस के जवान अमित राणा की पत्नी और बेटे को भी कोरोना की पुष्टि हुई है। उन्हें आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर दिया गया है। हरियाणा के लिए चिंता की बात ये है कि अभी तक कोरोना से अछूते 22वें जिले रेवाड़ी में भी कोरोना के 3 मरीज मिले हैं।प्रदेश में अबकुल मरीजों की संख्या 650 पहुंच गई है। वहीं, राज्य में अब तक संक्रमण से 10 लोगों की मौत हो चुकी है।

जींद जिले के नरवाना में बाजार के अंदर वाहनों की संख्या देखकर साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि लोग कितनी संख्या में बाजार में खरीदारी के लिए निकले हुए हैँ।

माता-पिता फरीदाबाद में संस्कार नहीं करवाना चाहते
कोरोना से पानीपत में लगातार तीन दिनों में तीन की मौत हो गई है। 2 मई को पॉजिटिव मिली 20 साल की युवती ने खानपुर में दम तोड़ दिया है। उसके परिजन उसका संस्कार अपने यहां नहीं करवाना चाहते। डॉक्टरों के मुताबिक, फरीदाबाद निवासी परिजन कह रहे हैं कि संस्कार पानीपत में करें, तो वहीं मृतका की पानीपत में रहने वालीबहन-जीजा कह रहे हैं कि उसका अंतिम संस्कार फरीदाबाद में होना चाहिए। यह जिले में कोरोना से लगातार तीसरी मौत है। इससे पहले 5 मई को दीनानाथ कॉलोनी में 24 साल के युवक और 6 मई को समालखा के गांव झट्टीपुर गांव में 28 साल के युवक की मौत हो गई थी। इन दोनों की रिपोर्ट बाद में पॉजिटिव मिली थी। वहीं शुक्रवार को सब्जी मंडी में काम करने वाला 25 वर्षीय युवक कोरोना पॉजिटिव मिला है।

दिल्ली पुलिस के जवान की पत्नी और 3 साल का बेटा भी पॉजिटिव
कोरोना संक्रमण के चलते जान गंवाने वालेदिल्ली पुलिस के जवान अमित राणा की पत्नी और तीन साल काबेटा भी कोरोना पॉजिटिव मिलेहैं। वह हाल में सोनीपत मेंजवाहर नगर में मायके में रह रही है। जवान की पत्नी व तीन साल का बेटा पॉजिटिव मिलने पर स्वास्थ्य विभाग ने इनके संपर्क में आए परिवार व अन्य को क्वारैंटाइन किया है।

हरियाणा से लगातार प्रवासी मजदूरों को उनके राज्यों में भेजा जा रहा है। रेवाड़ी, रोहतक, हिसार आदि से ट्रेन में मजदूरों को यूपी व बिहार के लिए रवाना किया गया।

हरियाणा में 650 पहुंचा पॉजिटिव मरीजों का आंकड़ा

  • हरियाणा में अब तक गुड़गांव में 126, फरीदाबाद में 88, सोनीपत में 86, झज्जर में 74, नूंह में 59, अम्बाला में 41, पलवल में 36, पानीपत में 35, पंचकूला में 18, जींद में 17, करनाल में 14, यमुनानगर में 8, सिरसा में 6, फतेहाबाद में 7, हिसार, रोहतक में 4-4, भिवानी और रेवाड़ी में 3-3. महेंद्रगढ़, कुरुक्षेत्र और कैथल में 2-2, चरखी दादरी में एक पॉजिटिव मिला। इसके अलावा, मेदांता अस्पताल गुड़गांव में 14 इटली के नागरिकों को भी भर्ती करवाया गया था, जिन्हें हरियाणा ने अपनी सूची में जोड़ा है।
  • प्रदेश में अब कुल 279 मरीज ठीक हो गए हैं। नूंह में 57, गुड़गांव में 51, फरीदाबाद में 54, पलवल 32, पंचकूला में 17, अम्बाला में 11, सोनीपत में 9, पानीपत में 6, करनाल में 5, सिरसा में 4, यमुनानगर, भिवानी और हिसार में 3-3, कैथल, कुरुक्षेत्र, रोहतक में 2-2, चरखी दादरी, फतेहाबाद 1-1 मरीज ठीक होने पर घर भेजा गया। 14 मरीज इटली के भी ठीक हुए हैं। इनके समेत कुल आंकड़ा 241 हो जाता है।


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हरियाणा में लगभग बाजारों की यही हालत है कि वे आम दिनों की तरह भरे हुए हैं। जींद जिले के नरवाना में बाजार के बीच में खड़े ट्रैक्टर को स्टॉर्ट करके ले जाते हुए पुलिस।




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पहली बार ऑनलाइन आयोजित होगी एलएसएटी-इंडिया की प्रवेश परीक्षा, 14 जून को होगा ऑनलाइन टेस्ट

पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले चुकी कोविद -19 महामारी के कारण हुए लॉकडाउन के मद्देनजर लॉ स्कूल एडमिशन काउंसिल (एलएसएसी) ने पहली बार एलएसएटी-इंडिया प्रवेश परीक्षा 2020 का आयोजन ऑनलाइन करने का फैसला किया है। पेपर और पेंसिल को आधार पर होने वाली यह परीक्षा ऑफलाइन परीक्षा अब ऑनलाइन माध्यम से होगी। घर से परीक्षा आयोजित कराते समय सभी नियमों का कड़ाई से पालन किया जाएगा। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि स्टूडेंट्स किसी भी तरह की गलत एक्टीविटीज में न उलझें। इसके लिए आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस और रिमोट प्रोक्टोरिंग की मदद ली जाएगी।

14 जून को होगी परीक्षा

लॉ स्कूलों में प्रवेश लेने के इच्छुक उम्मीदवार दिनांक 14 जून, 2020 को एलसैट-इंडिया ऑनलाइन दे सकेंगे। पहले यह परीक्षा 07 जून को आयोजित की जानी थी, लेकिन लॉकडाउन के कारण इसकी तारीख में परिवर्तन किया गया है। यह परीक्षा आर्टिफिशल इंटेलिजेंस पर आधारित सॉफ्टवेयर की मदद से आयोजित की जाएगी। इसके अलावा परीक्षा प्रक्रिया के लिए उम्मीदवारों की परीक्षा की रिकॉर्डिंग भी की जाएगी। इससे पहले, जीएमएसी (GMAC) ने प्रबंधन प्रवेश परीक्षा जीएमएटी (GMAT) को समान प्रारूप में आयोजित करने की घोषणा की थी।

वर्चुअल होगा रजिस्ट्रेशन प्रोसेस

परीक्षा शामिल होने वाले स्टूडेंट्स को पहले वर्चुअल चेक-इन प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसमें उम्मीदवारों की आइडेंटिफिकेशन और ऑथेंटिकेशन प्रक्रिया पूरी की जाएगी। पहचान प्रक्रिया पूरी करने के बाद, उम्मीदवार सिक्योर ब्राउजर की मदद से टेस्ट दे पाएंगे। इस दौरान एक वेब कैमरा एआई-असिस्टेड तकनीक का उपयोग करके इन परीक्षाओं को रिकॉर्ड करेगा। परीक्षा के दौरान अगर कोई उम्मीदवार नकल करता पाया गया तो उसकी परीक्षा को वैलिड नहीं माना जाएगा। इसके अलावा रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद सभी स्टूडेंट्स को ऑनलाइन एग्जामिनेशन से जुड़ी जानकारी पर्सनली भी भेजी जाएगी।



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LSAT-India entrance exam will be held online for the first time due to lockdown, online test will be held on June 14




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2 महीने के लॉकडाउन के बाद कोरोना के एपीसेंटर में इंटर और एसी मिलान के खिलाड़ियों की ट्रेनिंग शुरू, यहीं 15 हजार जानें गईं हैं

इटली में 2 महीने के लॉकडाउन के बाद कोरोना के एपीसेंटर में दोबारा फुटबॉल की ट्रेनिंग शुरू हुई। यह उत्तरी इटली का वही लॉम्बार्डी क्षेत्र है, देश में हुई कुल 30 हजार मौतों में से आधी यहीं हुईं हैं।

इसी इलाके में इटैलियन फुटबॉल लीग सीरी-ए की दो बड़ी टीमेंइंटर और एसी मिलान के खिलाड़ी अभ्यास कर रहे हैं। टीम के कप्तान समीर हंडानोविक के अगुआई में बेल्जियम के स्ट्राइकर रोमेलु लुकाकु और अन्य खिलाड़ी मिलान के उत्तर पश्चिम में स्थित टीम के ट्रेनिंग सेंटर में पहुंचे। यहां ट्रेनिंग से पहले खिलाड़ियों का तापमान चेक किया गया। सभी खिलाड़ियों ने मास्क और दस्ताने पहने हुए थे।

एसी मिलान के कुछ खिलाड़ीअभी पूरी तरह ठीक नहीं हुए
एसी मिलान के टेक्निकल डायरेक्टर पाउलो माल्दिनी ने इस हफ्ते की शुरुआत में कहा था कि मैदान पर न लौटना बड़ी आपदा होगी। मिलान के युवा खिलाड़ी और टीम के पूर्व कप्तान माल्दिनी के 18 साल केबेटे डेनियल भी कोरोना को मात देकर एक फिर खेलने के लिए तैयार हैं।

माल्दिनी ने इंस्टाग्राम पर लाइव चैट में कहा कि हमें सतर्क रहने की जरूरत है और कोरोना के फैलाव से बचाव के सभी नियमों को ध्यान में रखा जाना जरूरी है।
मिलान को स्वीडिश स्टार ज्लाटन के लौटने का इंतजार
युवेंटस के स्टार स्ट्राइकर क्रिस्टियानो रोनाल्डो इटली लौट चुके हैं। उनकी टीम मंगलवार से ही अभ्यास शुरू कर चुकी है। वहीं, मिलान को स्वीडिश स्टार ज्लाटन इब्रोहिमोविच के लौटने के इंतजार है। वे आने वाले हफ्ते में टीम के साथ जुड़ जाएंगे।
दो क्लबों के 10 खिलाड़ी कोरोना पॉजिटिव
दो क्लबों फियोरेंटीना और सेम्पडोरिया की बैठक में यह खुलासा हुआ कि उनके खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के सदस्यों में से कुछ अभी भी कोरोना से संक्रमित हैं। उनकी हालिया रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसमें 7 खिलाड़ी शामिल हैं। बुधवार को भी टोरिनो क्लब के एक खिलाड़ी की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इन खबरों के बाद लीग के वक्त पर शुरू होने को लेकर संदेह हो रहा है।
18 मई से पहले टीम अभ्यास पर कोई फैसला नहीं
इटली के खेल मंत्री विन्सेन्जो स्पडाफोरा ने कहा कि टीम अभ्यास पर 18 मई के बाद ही कोई फैसला होगा। उन्होंने कहा कि इससे पहले वह टीम अभ्यास की इजाजत देकर कोई खतरा मोल लेना नहीं चाहते।
लीग शुरू करने को लेकर मतभेद
इधऱ, इटली में फुटबॉल शुरू करने को लेकर सभी पक्षों में एक राय नहीं बन पा रही है। इटली में फुटबॉल से जुड़े शीर्ष लोग देश में जर्मनी की तरह खेल शुरू करने की वकालत कर रहे हैं। जर्मनी में 16 मई से बुंदेसलीगा शुरू हो रही है।लेकिन साइंटिफिक कमेटी ने सुझाव दिया है कि जो भी खिलाड़ी या सपोर्ट स्टाफ कोरोना से संक्रमित पाया जाता है तो
उसे तुरंत आइसोलेट करना चाहिए।

खिलाड़ी के संक्रमित पाए जाने पर टीम आइसोलेट होगी

इटली में 18 मई के बाद टीमें एकसाथ ट्रेनिंग शुरू करेंगी।अगर तब कोई खिलाड़ी संक्रमित पाया जाता है तो पूरी टीम को ही आइसोलेशन में जाना होगा। इसके अलावा, लगातार स्क्रीनिंग का भी सुझाव दिया गया है। ऐसे में क्लबों को पर्याप्त मात्रा में टेस्टिंग किट का इंतजाम करना होगा। लेकिन लॉम्बर्डी जैसे क्षेत्र में इसका प्रबंध करना आसान नहीं होगा।



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फुटबॉल क्लब एसी मिलान के खिलाड़ियों ने ट्रेनिंग शुरू कर दी है। प्रैक्टिस सेशन के दौरान भी खिलाड़ी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे हैं।




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आईएनएस जलाश्व मालदीव से 698 भारतीयों को लेकर रवाना, इनमें 19 गर्भवती महिलाएं भीं; कल तक कोच्चि पहुंचने की संभावना

कोरोना महामारी की वजह से दुनियाभर में फंसे भारतीयों को हवाई और समुद्र मार्ग से घर लाया जा रहा है। इसके लिए केंद्र सरकार ने 'वंदे भारत मिशन'और 'ऑपरेशन समुद्र सेतु'शुरू किया है। ऑपरेशन समुद्र सेतु के तहत सबसे पहले मालदीव से भारतीयों को लाया जा रहा है। माले से 698 भारतीयों को लेकर आईएनएस जलाश्व रवाना हो चुका है। इसके 10 मई को कोच्चि पहुंचने की संभावना है।

आईएनएस जलाश्व के जरिए मालदीव से 595 पुरुष और 103 महिलाएं लौट रहे हैं। इनमें 19 गर्भवती महिलाएं भी हैं। नौसेना करीब 2000 लोगों को वापस लाने के लिए आईएनएस जलाश्व और आईएनएस मगर के जरिए ऑपरेशन चला रही है। दोनों युद्धपोत केरल के कोच्चि और तमिलनाडु के तूतीकोरिन से दो-दो बार माले जाएंगे। ऐसा बताया जा रहा है कि मालदीव से4500 लोगों ने भारत लौटने की इच्छा जताई है। मालदीव में करीब 27 हजार भारतीय रहते हैं।

आईएनएस मगर रविवार को माले से निकलेगा

मालदीवमें भारत के उच्चायुक्त संजय सुधीर ने बताया कि आईएनएस मगर रविवार को 200 भारतीय को लेकर तमिलनाडु के तूतीकोरिन जाएगा। अगले हफ्ते फिर माले आएगा।सुधीर ने बताया कि आईएनएस जलाश्व गुरुवार को माले पोर्ट पहुंचा था। भारतीयों की घर वापसी के पहले लॉकडाउन प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालन किया गया। सभी के स्वास्थ्य की जांच की गई है।

कितना बड़ा है ऑपरेशन समुद्र सेतु?

  • खाड़ी और दूसरे देशों से भारतीयों को लाने के लिए नेवी के 14 जहाज तैयार किए गए हैं। इनमें से दो मालदीवऔर एक दुबई पहुंचे थे। ये तीन जहाज सोशल डिस्टेंसिंग के साथ लोगों को ला रहे हैं। बाकी 11 जहाज स्टैंडबाय रखे गए हैं। इससे पहले नेवी ने 2015 में यमन से और 2006 में लेबनान से भारतीयों का रेस्क्यू किया था। वहां युद्ध से प्रभावित इलाकों में फंसे भारतीयों को लाया गया था।
  • लोगों को लाते वक्त संक्रमण न फैले इसका पूरा ध्यान रखा जाएगा। नौसैनिकों को पोतों पर सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखने के साथ दूसरे ऐहतियात बरतने होंगे। क्रू मेंबर को रेस्क्यू किए जाने वाले लोगों से मिलने की इजाजत नहीं होगी। सेलिंग के लिए भी सिर्फ जरूरी क्रू मेंबर्स जहाज पर होंगे। जहाज पर चढ़ने से पहले और भारत लौटने के बाद सभी यात्रियों की स्क्रीनिंग होगी। उन्हें क्वारैंटाइन भी किया जाएगा।


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आईएनएस जलाश्व गुरुवार को कोच्चि से माले पोर्ट पहुंचा था। अगले हफ्ते फिर भारतीयों की घर वापसी के लिए मालदीव जाएगा।




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मस्ती में जान्हवी कपूर ने बहन को किया जमकर परेशान, गुस्से में रोती नजर आईं खुशी 

लॉकडाउन के पहले ही खुशी कपूर लंदन से वापस आ चुकी हैं जिसके बाद से ही वो जान्हवी के साथ मस्ती करती नजर आ रही हैं। कुकिंग एक्सपैरिमेंट और मजेदार टिकटॉक वीडियोज के बाद अब जान्हवी ने बहन को परेशान करने के अलग अलग तरीके शेयर किए हैं।

जान्हवी ने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से मस्ती करते हुए कई तस्वीरें और वीडियोज शेयर किए हैं। इनमें जान्हवी कभी खुशी की सवारी करती दिख रही हैं तो कभी अजीब-अजीब आवाजें निकालते हुए उन्हें परेशान कर रही हैं। एक वीडियो में खुशी जान्हवी की मस्ती से परेशान होकर रोती हुईं भी दिख रही हैं।

इस पोस्ट के साथ जान्हवी ने कैप्शन में लिखा- ‘अपनी बहन को परेशान कैसे करें 101। क्वारैंटीन एडीशन’। इससे पहले भी दोनों कई बार अपने मजेदार वीडियोज शेयर कर चुके हैं। खुशी कपूर लंदन में रहती हैं मगर लॉकडाउन से पहले उन्हें वापस बुला लिया गया है। दोनों आपस में बहुत क्लोज हैं। इनकी बेहतरीन केमिस्ट्री को सोशल मीडिया पर खूब पसंद किया जा रहा है।



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Janhvi Kapoor annoys her sister with differen tricks, khushi kapoor gets upset and start crying




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प्रदेश में 1 जुलाई से खुलेंगे सभी स्कूल, ऑनलाइन शुरू होगी एडमिशन की प्रक्रिया, बोर्ड परीक्षाओं पर अभी फैसला नहीं

देशभर में जारी लॉकडाउन के बीच राजस्थान के शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह दोस्तारा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए करीब50 से ज्यादा शिक्षण संस्‍थाओं के साथ मीटिंग की। इस मीटिंग के दौरान मंत्री ने राज्य में पढ़ाई और परीक्षाओं से जुड़े कई अहम फैसले किए। इस मीटिंग के दौरान राज्य में सभी स्कूलों को 1 जुलाई से खोलने का फैसला भी लिया गया। जिसके बाद अब स्टूडेंट्स के लिए स्कूल 1 जुलाई से खुलेंगे, लेकिन टीचर्स को स्कूल खुलने से पहले ही 26 या 27 जून को स्कूलों में अपनी ड्यूटी के लिए रिपोर्ट करना होगा।

ऑनलाइन होंगे एडमिशन

इस दौरान यह भी बताया गया कि मौजूदा हालातों को देखते हुए एकेडमिक कैलेंडर में कुछ बदलाव किए जा सकते हैं। मंत्री ने आगे कहा कि इंग्लिश मीडियम स्कूलों में एडमिशन जल्द ही शुरू किए जाएंगे और एडमिशन की प्रक्रिया ऑनलाइन ही चलेगी। दरअसल, मीटिंग में टीचर ऑर्गेनाइजेशन ने सुझाव दिया कि कोरोनावायरस की वजह से पहले से ही देरी हो गई है। इसलिए अब स्कूलों में एडमिशन की प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जानी चाहिए।

बोर्ड परीक्षाओं पर फैसला

इस सुझाव पर मंत्री ने कहा कि इंग्लिश और हिंदी मीडियम स्कूलों में एडमिशन की प्रक्रिया ऑनलाइन ही चलेगी। वहीं, राज्य की बाकी बची हुई बोर्ड परीक्षाओं के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि 10वीं और 12वीं क्लास की बची हुई बोर्ड परीक्षा के बारे में निर्णय राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से बात-चीत करके लिया जाएगा।



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All schools will open in rajasthan from July 1, the process of admission will start online, not yet decided on board examinations




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कोहली के लिए यादगार लम्हा धोनी की कप्तानी में 2011 का विश्व कप जीतना; टीम इंडिया ने 28 साल बाद जीती थी ट्रॉफी

भारतीय कप्तान विराट कोहली 2011 वर्ल्ड कप फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ मिली जीत को आज तक नहीं भूले हैं। उनके पसंदीदा मुकाबलों की लिस्ट में यह सबसे ऊपर है।विराट ने स्टार स्पोर्ट्स के शो क्रिकेट कनेक्टेड शो में यह बात कही।

वहीं, 2016 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी-20 विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में मिली जीत भी उनके दिल के करीब है। तब मोहाली में विराट ने 82 रन की नाबाद पारी खेलकर
टीम को सेमीफाइनल में पहुंचाया था।

2016 टी-20 वर्ल्ड कप का सेमीफाइनल भारत हार गयाथा

कोहली ने कहा कि 2011 विश्व कप फाइनल के अलावा मेरा दूसरा फेवरेट मैच मोहाली में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी-20 विश्व कप का क्वार्टरफाइनल है। हालांकि, हम सेमीफाइनल में वेस्टइंडीज के हाथों सात विकेट से हारकर बाहर हो गए थे।

बिना फैन्स के रोमांच नहीं होगा: विराट
भविष्य में खाली स्टेडियम में मैच होने की संभावना है। इसको लेकर कोहली ने कहा था कि ऐसा हो सकता है, मुझे वाकई नहीं पता कि लोग इसे किस तरह लेने वाले हैं। क्योंकि ज्यादातर क्रिकेटर्स फैन्स के बीच खेलने के आदी हैं। ऐसे में अगर वे नहीं रहेंगे तो उनकी मौजूदगी से बनने वाले जादुई माहौल की खमी खलेगी।



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यह तस्वीर 2011 वर्ल्ड कप फाइनल जीतने के बाद की है। इसमें विराट कोहली ने अपने कंधों पर सचिन तेंदुलकर को उठा रखा है। (फाइल)




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उदयपुर में 23, जयपुर में 20 पॉजिटिव मिले; अजमेर में 13, जोधपुर में 6 और पाली में 4 संक्रमित

राजस्थान में कोरोनावायरस के हर दिन नए मामले सामने आ रहे हैं। शनिवार को 76 नए पॉजिटिव केस आए। इनमें उदयपुर में 23, जयपुर में 20, अजमेर में 13, जोधपुर में 6,पाली में 4, जालौर में 3,चूरू और राजसमंद में 2-2, कोटा, बाड़मेर और दौसा में 1-1 संक्रमित मिला। जिसके बाद कुल संक्रमितों का आंकड़ा 3655पहुंच गया।

इससे पहले शुक्रवार को कोरोना के 152 नए पॉजिटिव मामले सामने आए। जिसमें उदयपुर में 59, जयपुर में 34, चित्तौड़गढ़ में 10, कोटा में 9, जोधपुर में 9, अजमेर में 9, राजसमंद में 6, पाली में 5, भीलवाड़ा में 4, अलवर और झालावाड़ में 2-2, सिरोही, करौली और सीकर में 1-1 संक्रमित मिला। वहीं चार लोगों की मौत भी हो गई।

33 में से 31 जिलों में पहुंचा कोरोना
प्रदेश में संक्रमण के सबसे ज्यादा केस जयपुर में हैं। यहां 1169(2 इटली के नागरिक) संक्रमित हैं। इसके अलावा जोधपुर में 904 (इनमें 47 ईरान से आए), कोटा में 233, अजमेर में 209, टोंक में 136, नागौर में 119, चित्तौड़गढ़ में 126, भरतपुर में 116, बांसवाड़ा में 66, पाली में 59, जैसलमेर में 49 (इनमें 14 ईरान से आए), झालावाड़ में 47, झुंझुनूं में 42, भीलवाड़ा में 43, बीकानेर में 38, मरीज मिले हैं। उधर, उदयपुर में 102, दौसा में 22, धौलपुर में 21, अलवर में 20, चूरू में 16, राजसमंद में 15, हनुमानगढ़ में 11, सवाईमाधोपुर, डूंगरपुर और सीकर में 9-9,जालौर में 7, करौली में 5, प्रतापगढ़ में 4, बाड़मेर में 4 कोरोना मरीज मिल चुके हैं। सिरोही में 2, बारां में 1 संक्रमित मिला है। वहीं जोधपुर में बीएसएफ के 42 जवान भी संक्रमित हैं।

अब तक 103 लोगों की मौत
राजस्थान में कोरोना से अब तक 103 लोगों की मौत हुई है। इनमें 10 कोटा, 2 भीलवाड़ा, 2 चित्तौड़गढ़ 56 जयपुर (जिसमें दो यूपी से), 17 जोधपुर, 4 अजमेर, दो नागौर, दो सीकर, दो भरतपुर, एक करौली, एक प्रतापगढ़, एक अलवर, एक बीकानेर, एक सवाई माधोपुर और एक टोंक में हो चुकी है।

जयपुर-जोधपुर मेडिकल काॅलेजों को प्लाज्मा थैरेपी की स्वीकृति

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने बताया कि आईसीएमआर ने जयपुर के बाद जोधपुर के राजकीय मेडिकल कॉलेज को कोरोना से संक्रमित और गंभीर रूप से पीड़ित लोगों का प्लाज्मा थैरेपी से इलाज करने के ट्रायल की अनुमति दी है। अब प्रदेश में दो सरकारी और एक निजी चिकित्सा संस्थान में प्लाज्मा थैरेपी के जरिए इलाज करवाया जा सकेगा। डॉ. शर्मा ने बताया कि कोटा, बीकानेर, अजमेर और उदयपुर मेडिकल कॉलेज को आईसीएमआर से ट्रायल की अनुमति लेेने के निर्देश दिए हैं। इस थैरेपी के द्वारा इलाज से प्रदेश में कोरोना से होनी वाली मृत्यु दर पर कमी लाई जा सकेगी।

304 मरीज जिन्होंने सैंपलिंग में गलत पता दिया, ढूंढने में पुलिस को घंटों लग गए

6 मई तक आए 1075 मरीजों में से 304 मरीज यानी 28% ऐसे हैं जिन्होंने कोरोना के डर से टेस्ट तो कराया लेकिन अपना पता या फोन नंबर सही नहीं दिया। ताकि अस्पताल में भर्ती न होना पड़े। हालांकि केस पॉजिटिव मिलते ही स्वास्थ्य विभाग ने पुलिस को जानकारी दी और इनका पता लगाकर अस्पतालों मंे भर्ती कराया गया, लेकिन तब तक ये ‘कोरोना बम’ बाहर ही रहे। यही नहीं कई लोग ऐसे भी हैं जिन्होंने कोई जानकारी दिए बिना ही टेस्ट करा लिया या फाॅर्म में पता नहीं भरा। रैंडम सैंपलिंग के समय भी मरीज से कोई एड्रेस प्रूफ नहीं लिया जा रहा। ऐसे में मरीज के पॉजिटिव मिलते ही पुलिस को उसे ढूंढने में काफी समय लग जाता है। तब तक कई लोगों तक संक्रमण फैलने की आशंका रहती है। चिकित्सा विभाग ने ऐसे 304 लोगों को अन्य की सूची में डाला। इनमें से 121 सही हो चुके हैं। शेष अस्पतालों में भर्ती हैं।



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उदयपुर में बड़ी संख्या में लोगो के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद क्षेत्र में दौरा करते कलेक्टर और एसपी।