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भीड़ का शिकार हुए संत सुशील गिरि सुल्तानपुर के रहने वाले थे, 12 साल की उम्र में पिता की डांट से क्षुब्ध होकर घर छोड़ा था

महाराष्ट्र के पालघर में मॉब लिंचिंग के शिकार हुए संत सुशील गिरि (35 साल) उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के रहने वाले थे। महज 12 साल की उम्र में उन्होंने घर छोड़ दिया था। संन्यास से पहलेलोग उन्हें प्यार से रिंकू दुबे कहते थे। हालांकि, परिवार ने शिवनारायण दुबे नाम रखा था। छह भाई-बहनों में सुशील गिरि सबसे छोटे थे। उनके दो भाई मुंबई में रहते हैं, लेकिन लॉकडाउन के चलते वे अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हो सके। सुशील की मौत से उनके परिवार औरगांव में हर कोई गमगीन है। सभी महाराष्ट्र सरकारसे दोषियों परकार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

बिना बताए घर से भाग निकले थे मुंबई

सुल्तानपुर जिला मुख्यालय से करीब 38 किमी दूर चांदा कस्बा है। जूना अखाड़े के संत सुशील गिरि यहीं के रहने वाले थे। सुशील गिरि महाराज ने 12 साल की उम्र में पिता की डांट से क्षुब्ध होकर घर छोड़ दिया था। ये बात वर्ष 1997 की है, तब वे कक्षा छह में पढ़ते थे। घर से निकलकर वेननिहाल पट्टी प्रतापगढ़ चले गए और वहां से बिना किसी को बताए एक ट्रेन से मुंबई पहुंच गए। यहां उनकी भेंट जूना अखाड़े के कुछ संतों से हुई।इसके बाद इन्होंने संन्यास ले लिया। वहां रामगिरि महाराज से दीक्षा लेकर पूजा-पाठ में रम गए।

संन्यास के बाद परिवार के साथ सुशील गिरिजी महाराज।

बचपन के मित्र ने समझाया पर नहीं लौटे घर

सुशील के भाई शेष नारायण दुबे ने बताया किसाल 2005 में वेकानपुर में एक सत्संग में आए थे।यहां उनके बचपन के मित्र ज्वाला दुबे से भेंट हुई।उन्होंने सुशील कोबहुत समझाया बुझाया तो वेघर आए और कुछ दिन रहकर चलेगए। इसके बाद से उसका आना-जाना था। आखिरी बार नवंबर-दिसंबर 2019 में वेयहां पास के एक गांव में शादीमें शामिल होने आए थे। रात में ही वापस चले गए थे, उनकी वाराणसी के बाबतपुर हवाई अड्डे से फ्लाइट थी।

16 अप्रैल की शाम भाइयों से हुई थी बात

भाई ने बताया कि उनके देहांत की सूचना सोशल मीडिया के माध्यम से मिली। 17 अप्रैल को जब मोबाइल पर देखा कि सुशील गिरी की हत्या हुई है, तब उन्हें फोन किया तो वह बंद जा रहा था। इससे पहले जिस दिन ये घटना हुई, उस दिन बड़े भाई से बात हुई थी तो उन्होंने बताया किसुशील सूरत जा रहे हैं, गुरुजी का देहांत हुआ है। मुंबई में हमारे दो भाई, बड़े वाले और तीसरे नंबर वाले मौजूद थे। वेलोग अंतिम संस्कार में शामिल होना चाहते थे लेकिन पास नहीं होने के कारण शामिल नहीं हो सके।

यह तस्वीर सुशील गिरिजी महाराज के युवावस्था की है।

क्या है मामला?
बीते 16 अप्रैल को महाराष्ट्र के पालघर के गड़चिनचले गांव में दो साधुओं समेत तीन की पीट-पीटकर हत्‍या कर दी गई थी। यह पूरी घटना वहां मौजूद कुछ पुलिसकर्मियों के सामने हुई। आरोपियों ने साधुओं के साथ पुलिसकर्मियों पर भी हमला किया। इसके बाद साधुओं को अस्पताल ले जाया गया, जहां मृत घोषित कर दिया गया। वैन चालक दोनों साधुओं को लेकर कांदिवली से सूरत जा रहा था। वहां एक अंतिम संस्कार में शामिल होना था। उन्होंने वैन किराए पर ली थी। लॉकडाउन के बीच वे 120 किमी का सफर तय कर चुके थे। गड़चिनचले के पास वन विभाग के एक संतरी ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद तीनों की निर्मम हत्या कर दी गई।



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सुशील गिरि महाराज जूना अखाड़े के संत थे।- फाइल फोटो




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11 मरीज ठीक होकर डिस्चार्ज हुए, अधिकारियों और अस्पताल स्टाफ ने सभी काे फूल देकर विदा किया

उत्तर प्रदेश में कोरोनावायरस का असर तेजी से फैलता जा रहा है। इस बीच संक्रमित मरीज भी ठीक हो रहे हैं। इस बीच वाराणसी के दीनदयाल अस्पताल के 11 कोरोना पॉजिटिव मरीज ठीक होकर मंगलवार को डिस्चार्ज हो गए। इसमें तीन महिलाएं भी शामिल थीं। जब मरीजों को डिस्चार्ज किया गया तो डीएम कौशल राज और कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने फूलों से स्वागत कर उनकोविदा किया। इसके साथ ही पूरे मेडिकल टीम को भी माला पहनाकर उनकेसराहनीय कार्य के लिए प्रोत्साहित किया गया।

डीएम कौशलराज ने बताया 11 लोगों ने अपनी बहादुरी से इस जंग को जीता है। इनसे प्रेरणा लेकर लोगों को जंग में जीतने का मन बनाना चाहिए। संक्रमण हो तो घबरा कर नहीं बल्कि सकारात्मक सोच के साथ लड़ना चाहिए। इनका मोरल बूस्टअप किया गया है।


कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने बताया कि वाराणासी, ग़ाज़ीपुर और जौनपुर के पेशेंट ठीक होकर घर को गए हैं। मंडल के 11 पेशेंट आज ठीक हो गए। अभी 7 मरीज और बचे हैं। किसी को डरने की जरूरत नही हैं। कोविड 19 कि जांच लक्षण दिखते ही करा लें। डरने की जरूरत बिल्कुल नहीं है। बेहतरीन मेडिकल टीम लगाई गई है।

स्टाफ ने हमेशा ही सहयोग किया

वहीं स्वस्थ होकर गए जौनपुर के मरीज ने बताया कि शरुआती दौर में मन में एक डर बना था। लेकिन स्टाफ इतने अच्छे हैं कि उन्होंने घर की तरह सेवा किया। हर समय वो हमारे साथ खड़े थे। कोई भी परेशानी होने पर डॉक्टर नर्स तुरंत मदद को आ रहे थे। हमारी जीने की उम्मीदों को हमेशा नई ऊंचाई दे रहे थे।



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वाराणसी में मंगलवार को कोरोना पॉजिटिव 11 मरीज स्वस्थ होने के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज हो गए। इस दौरान मरीजों ने कहा कि पहले मन में एक डर बना हुआ था लेकिन अस्पताल के स्टाफ के सहयोग से कोरोना के खिलाफ लड़ने में काफी मदद मिली।




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संक्रमितों की संख्या में लगातार हो रहा इजाफा; 13 नए मामले सामने आए, आंकड़ा 308 तक पहुंचा

उत्तर प्रदेश में कोरोनावायरस का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। शहर में मंगलवार सुबह ही 28 नए केस सामने आने से आंकड़ा 295 पर पहुंच गया था लेकिन वहीं देर रात आई रिपोर्ट के बाद 13 नए मरीज और बढ़ गए हैं। अब ताजनगरी में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 308 पर पहुंच गई है। वहीं कोरोना संक्रमित मरीजों को अस्पताल पहुंचा रहे 108 एंबुलेंस के चालक में भी कोरोना की पुष्टि हुई है। वह सीएमओ कार्यालय में एक कमरे में अपने साथी के साथ रह रहा था।

जिलाधिकारी प्रभु एन. सिंह के मुताबिक मंगलवार शाम को 13 केस बढ़े हैं। इनका उपचार कराया जा रहा है। इधर कन्नौज निवासी 26 साल के इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन ईएमटी अपने साथी ड्राइवर के साथ 28 दिन से कोरोना संक्रमित मरीजों को अस्पताल पहुंचा रहा था। ये दोनों सीएमओ कार्यालय में ही एक कमरे में रह रहे थे। उसकी एक रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी थी, दोबारा जांच के लिए सैंपल भेजे गए थे। इसमें कोरोना की पुष्टि हुई है।

वहीं, फव्वारा दवा बाजार में एसोसिएशन के पदाधिकारी की दुकान पर कार्यरत आवास विकास कॉलोनी निवासी कर्मचारी में कोरोना की पुष्टि होने के बाद काम करने वाले आठ कर्मचारियों के भी सैंपल लिए गए थे। इसमें से जीवनी मंडी निवासी 26 साल के कर्मचारी और लश्करपुर कमला नगर निवासी 25 साल के कर्मचारी की रिपोर्ट पॉजिटिव आइ है। एसएन में ही भर्ती 39 साल के रेलवे लाइन टूंडला निवासी युवक की रिपोर्ट भी पॉजिटिव है। 26 और 28 साल के गुर्दा रोगी की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।

भाई और दो बहन की रिपोर्ट पॉजिटिव
एसएन की महिला कर्मचारी में कोरोना की पुष्टि हुई थी जबकि खटीकपाडा निवासी महिला की 12 और छह साल की बेटी और 10 साल के बेटे की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। रकाबगंज क्षेत्र के हॉस्पिटल संचालक डॉक्टर और उनके डॉक्टर बेटे में गुरुग्राम में कोरोना की पुष्टि होने के बाद मरीज और कर्मचारियों को क्वारैंटाइन कर दिया था। इनकी पहली रिपोर्ट निगेटिव आइ थी, इन्हें घर भेजने से पहले दोबारा जांच कराई गई। इसमें से खेरागढ निवासी प्रसूता का पति, सास और बहनोई की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।



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आगरा में मंगलवार देर रात 13 नए लोगों में कोरोना के संक्रमण की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही नए इलाकों में मरीजों के मिलने से प्रशासन के सामने मुश्किलें बढ़ गई हैं। नए इलाकों को सील किया जा रहा है।




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अभी तक 1343 लोग संक्रमित, इनमें कुल 814 तब्लीगी जमाती; आगरा और लखनऊ में पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़ी

उत्तर प्रदेश में कोरोनावायरस के मरीज बढ़ते जा रहे हैं। बुधवार सुबह 12 नए मरीज सामने आए जिसमें लखनऊ के पांच और आगरा से 7 मरीज हैं। उत्तरप्रदेश में अभी भी कोरोना के 1343 संक्रमित मरीज मिले जिसमें 1166 एक्टिव केस हैं। इससे पहले मंगलवार को यूपी में देर रात तक 153 नए पॉजिटिव मरीज पाए गए हैं। इसमें रायबरेली में 33 नए कोरोना पॉसिटिव की रिपोर्ट पाई गई, इनकी पहली रिपोर्ट ननिगेटिव आई थी। यूपी में अब तक53 जिलों में से 9 जनपद कोरोना मुक्त हुए हैं। वहीं प्रदेश में अब तक कोरोना से कुल 21 मौतें हुईं: बस्ती, वाराणसी, बुलन्दशहर, कानपुर, लखनऊ, फिरोजाबाद व अलीगढ़ में 1-1, मुरादाबाद में 5, मेरठ में 3 एवं आगरा में कोरोना से अब तक कुल 6 मौतें हुईं है।

राज्य में मंगलवार देर रात तक आई रिपोर्ट के अनुसार आगरा में 41, रायबरेली 33, मुजफ्फरनगर 10, लखनऊ, गौतमबुद्ध नगर, औरैया, बिजनौर, सहारनपुर, अलीगढ़, में दो-दो , कानपुर नगर में तीन, वाराणसी, मेरठ, बस्ती, बुलंदशहर, फिरोजाबाद, बांदा, मथुरा, बदायूं, हापुड़, रामपुर, अमरोहा, सुल्तानपुर में एक एक मरीज पाए गए थे।

53 जिलों में से 9 जनपद कोरोना मुक्त हुए हैं

पीलीभीत, शाहजहांपुर, हाथरस, बरेली, हरदोई, महराजगंज, बाराबंकी, कौशाम्बी और प्रयागराज के कोरोना पेशेंट स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किए गए, वर्तमान में इन जनपदों में एक भी कोरोना पेशेंट नहीं हैं। प्रदेश में 89,131 लोगों ने सर्विलांस की 28 दिन की समय सीमा पूरी की गई हैं। प्रदेश में कुल 49,428 पैसेंजर्स को ऑब्जर्वेशन में रखा गया है।11,871 लोगों को इंस्टीट्यूशनल क्वॉरेंटाइन में रखा गया है।


पॉजिटिव केसों का जिलेवार विवरण:

अभी तक उत्तरप्रदेश के आगरा में 308, लखनऊ में 181, गौतमबुद्धनगर (नोएडा) में 102, मेरठ में 81, मुरादाबाद में 73, सहारनपुर में 72, फिरोजाबाद में 59, गाजियाबाद में 46, रायबरेली में 35, बिजनौर में 28, बुलंदशहर में 21, अमरोहा में 18, सीतापुर में 17, रामपुर में 16, बदायूं में 13, औरैया में 9, संभल-आजमगढ में 7-7, प्रतापगढ़-बरेली-गाजीपुर-मथुरा-कन्नौज में 6-6 मरीज, मुजफफरनगर-जौनपुर में पांच-पांच, लखीमपुर-हाथरस-मैनपुरी में चार-चार, कासगंज-एटा-मिर्जापुर-बांदा में तीन-तीन, पीलीभीत-हरदोई-कौशांबी-इटावा-अलीगढ़ में दो-दो, शाहजहांपुर-भदोही-उन्नाव-प्रयागराज-संतकबीरनगर-गोंडा-मऊ-सुल्तानपुर में एक-एक मरीज सामने आए हैं।

162 मरीज डिस्चार्ज हो चुके हैं

अब तक प्रदेश के विभिन्न जनपदों से 162 कोरोना पेशेंट स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किए गए। आगरा से 18, लखनऊ से 9, गाजियाबाद से 13, गौतमबुद्धनगर (नोएडा) से 43, लखीमपुर-खीरी से 4, कानपुर नगर से 1, पीलीभीत से 2, मोरादाबाद से 1, वाराणसी से 6, शामली से 2, जौनपुर से 4, मेरठ से 17, बरेली से 6, बुलन्दशहर से 2, गाजीपुर से 5, फ़िरोज़ाबाद से 3, हरदोई से 2, प्रतापगढ़ से 3, शाहजहांपुर से 1, महराजगंज से 6, हाँथरस से 4, बाराबंकी से 1, कौशाम्बी से 2, सीतापुर से 6 व प्रयागराज से 1 कोरोना पेशेंट्स को स्वस्थ करवाकर डिस्चार्ज किया गया।



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उत्तर प्रदेश में संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। आगरा और लखनऊ में सबसे अधिक मामले सामने आए हैं। आगरा में संक्रमित मरीजों की संख्या 300 को पार कर गई है।




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जौनपुर में भाजपा के 1 एमएलसी- 3 विधायक और 1 बसपा विधायक ने कोरोना से बचाव के लिए दी अपनी निधि वापस मांगी 

कोरोनावायरस (कोविड-19) को मात देने के लिए एक तरह जहां नेता-अभिनेता व समाजसेवी अपनी क्षमता के अनुसार दान दे रहे हैं, वहीं उत्तर प्रदेश के जौनपुर में हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां भाजपा के एमएलसी सहित चार विधायकों व बसपा की एक विधायक ने सीडीओ को पत्र लिखकर निधि की धनराशि का उपयोग करने से मना कर दिया है। बता दें कि, शासन ने एक साल की विधायक निधि स्थगित कर दी है।

अस्पतालों में उपकरणों के लिए दी थी धनराशि

सदर विधायक गिरीश चंद्र यादव व एमएलसी बृजेश सिंह प्रिंसू ने सीएमएस व जिला अस्पताल को निधि का पैसा आवंटित किया था, जबकि शेष आठ विधायकों ने अपने विधानसभा क्षेत्रों में सीएचसी पर उपकरण के लिए सीएमओ को राशि दी थी। वहीं, कोरोना संकट को देखते हुए सरकार ने विधायक निधि के साथ ही विधायकों के वेतन में 30 फीसदी कटौती का फरमान जारी किया था। इस आदेश के बाद पांच जनप्रतिनिधियों ने सीडीओ को पत्र भेजकर धनराशि खर्च न करने की बात कही है।

किस विधायक ने कितने दिए थे?

भाजपा एमएलसी विद्यासागर सोनकर ने एक करोड़, बदलापुर के भाजपा विधायक रमेश चंद्र मिश्रा ने 23 लाख, केराकत के भाजपा विधायक दिनेश चौधरी ने 10 लाख मुंगराबाद शाहपुर की बसपा विधायक सुषमा पटेल ने पांच लाख व जफराबाद के भाजपा विधायक डॉक्टर हरेंद्र प्रसाद सिंह ने 10 लाख रुपए दिए थे। फिलहाल सभी ने सीडीओ को पत्र भेजकर निधि की जारी धनराया के आदेश को निरस्त करने के लिए कहा है।

सीडीओ बोले- वापस दी गई धनराशि

मुख्य विकास अधिकारी अनुपम शुक्ल ने बुधवार को बताया कि बदलापुर, केराकत, मुंगराबादशाहपुर व जफराबाद क्षेत्रों के विधायकों ने पत्र भेजकर निधि से दिए गए रुपए वापस मांगा था। उन्होंने बताया कि पूर्व में दी गई धनराशि को वापस कर दी है।



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योगी सरकार ने सत्र 2020-21 की विधायक निधि स्थगित कर दी है। इसके बाद ही विधायकों ने पत्र लिखकर निधि का प्रयोग महामारी से बचाव पर खर्च करने के लिए पत्र जारी किया था। लेकिन अब वापस ले लिया है।




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14 घंटे के भीतर 10 कोरोना संदिग्ध फरार, पुलिस ने 8 को पकड़ा, भाजपा नेता के ड्राइवर के पिता की रिपोर्ट पॉजिटिव

उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में कोरोना का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। यहां अबतक 81 टेस्ट पॉजिटिव आ चुके हैं। ऐसे में एक चूक तमाम पर भारी पड़ सकती है। मंगलवार को 14 घंटे के भीतर कोरोना संदिग्ध 10 मरीज मेडिकल कॉलेज के क्वारैंटाइन सेंटर से फरार हो गए। इनमें दो महिलाएं भी शामिल थीं। रिपोर्ट निगेटिव आने पर इन्हें सुभारती मेडिकल कॉलेज भेजा जा रहा था। सूचना मिलने पर पुलिस ने छानबीन की तो 8 को पकड़ा गया है। हालांकि, अभी दो फरार हैं। वहीं, भाजपा के महानगर अध्यक्ष के ड्राइवर के पिता की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसके बाद पूरे परिवार को आइसोलेट किया गया है। अब उसकी ट्रेवेल हिस्ट्री तलाशी जा रही है। अनुमान लगाया जा रहा है कि, ड्राइवर का टेस्ट यदि पॉजिटिव आया तो मेरठ की पूरी भाजपा क्वारैंटाइन की जा सकती है।

जहर खाकर आया मरीज, बाेला मैं कोरोना पीड़ित, फिर फरार
मेरठ में लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज से मंगलवार की सुबह एक कोरोना संदिग्ध मरीज खिड़की से कूदकर फरार हुआ था। वह 19 अप्रैल को भर्ती हुआ था। उसने खुद को कोरोना मरीज बताया था, लेकिन जब उसकी जांच की गई थी तब पता चला था कि उसने जहरीले पदार्थ का सेवन किया था, जिस कारण उसकी तबियत खराब हो गई थी। जांच में उसकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई थी।

एक रोगी का पता दुरुस्त नहीं मिला

वहीं, मंगलवार की देर शाम मेडिकल अस्पताल से 14 मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उन्हें क्वारैंटाइन कराने के लिए सुभारती अस्पताल शिफ्ट किया जा रहा था। लेकिन इसी दौरान 9 मरीज लापता हो गए। जिसकी सूचना पुलिस को दी गई। रात में ही मेडिकल अस्पताल से मिली सूची के आधार पर फरार हुए मरीजों की जानकारी की गई। एसपी सिटी अखिलेश नारायण ने बताया कि इनमें से 6 मरीज अपने घर पर मिले, उन्हें वापस मेडिकल कॉलेज लाकर भर्ती कराया गया है। एक मरीज मेडिकल अस्पताल के क्वारैंटाइन सेंटर में ही मिल गया, जबकि एक सुभारती अस्पताल में मिला। एक का पता ठीक न होने के कारण उसका पता नहीं चल रहा है, उसकी भी तलाश की जा रही है।


मेरठ में अब तक 81 संक्रमित
कोरोना वायरस को लेकर उत्तरप्रदेश स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में अब तक 13 हजार130 लोगों में कोरोना जैसे लक्षण आए गए हैं। 53 जनपदों में अब तक कुल 1343 लोगों की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई। इनमें 814 लोग तब्लीगी जमात के हैं। मेरठ में 81 संक्रमित मिल चुके हैं।



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53 जनपदों में अब तक कुल 1343 लोगों की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई। इनमें 814 लोग तब्लीगी जमात के हैं। मेरठ में 81 संक्रमित मिल चुके हैं। 




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रायबरेली में 24 घंटे के भीतर ही 8 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए; जिले में कुल संख्या हुई 43, इनमें 18 तब्लीगी जमाती

उत्तर प्रदेश के रायबरेली में चौबीस घंटे के भीतर ही कोरोना पॉजिटिव के 8 और मरीज मिलने से पूरे जिले में दहशत फैल गई है। खबर लगते ही स्वास्थ्य महकमे की टीम कृपालु इंस्टिट्यूट में बने क्वारैंनटाइन सेंटर पहुंची है। अब टीम की निगरानी में सभी आठों पाजिटिव मरीजों को आगे मुख्य क्वारैंनटाइन सेंटर में भेजे जाने की तैयारी हो रही है।

एडीएम प्रशासन रायबरेली राम अभिलाष ने बताया कि जिले में बुधवार को कोरोना के 8 नए मामले सामने आए हैं। ये सभी कृपालु नर्सिंग इंस्टीट्यूट में क्वारैनटाइन किये गए थे, जिनकी रिपोर्ट आज एसजीपीजीआई से पाजिटिव आई है। वहीं मंगलवार शहर कोतवाली क्षेत्र के दक्षिण दरवाजा मोहल्ले से 30 संदिग्धों को लेकर पुलिस जिला अस्पताल पहुंची थी। जहां सभी का सैम्पल लेकर जांच के लिए लैब भेजा गया है।

इससे ठीक चौबीस घंटे पहले मंगलवार को एक दिन में 33 कोरोना पाजिटिव मरीज जिले में मिले थे। इनमें 16 जमाती थे, जो सहारनपुर जिले के हैं, इसके अलावा रायबरेली निवासी 17 लोगों की रिपोर्ट कोरोना पाजिटिव आई थी। ये सभी शहर के फातिमा मस्जिद एरीये में रह रहे थे, जबकि पूर्व में दो जमाती पाजिटिव पाए गए थे। पुलिस ने शहर के फातिमा मस्जिद एरीये और बछरावा क्षेत्र के एरीये को हाट स्पाट कर दिया गया है। सीमाएं सील कर सख्ती बढ़ा दी है।



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पिछले दो दिनों में रायबरेली कोरोना का बड़ा सेंटर उभरकर सामने आया है। मंगलवार को जहां 33 पॉजिटिव मरीज पाए गए थे वहीं बुधवार को आठ लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है।




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25 की टीम पर 20 लीटर मिला पानी; नहाने के लिए एक वॉशरूम, वीडियो जारी कर डॉक्टर ने कहा- हमें पिकनिक नहीं, सुरक्षा तो मिले 

लॉकडाउन के बावजूद देश में कोरोना से संक्रमण के मामले बढ़ते जा रहे हैं। इससे हमारे कोरोना वॉरियर्स भी अछूते नहीं है। इस बीच रायबरेली जिले में 43 कोरोना संक्रमितों के इलाज में लगे डॉक्टरों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। यहां बछरावां में बने आइसोलेशन सेंटर के डॉक्टर ने बुधवार को वीडियो जारी किया। आरोप लगाया कि, उन्हें न तो सही भोजन दिया जा रहा न ही पर्याप्त पानी। 25 की टीम पर 20 लीटर पानी मिल रहा है। सेंटर का बाथरूम चोक है। एक बाथरूम में 25 लोगों को नहाना पड़ रहा है। पीपीई किट भी संक्रमण रोक पाने में अक्षम है। डॉक्टरों ने साफ कहा कि, वे यहां पिकनिक मनाने नहीं आए हैं। लेकिन हमें सुरक्षा तो जरूर चाहिए। यदि कोई एक पॉजिटिव हो गया तो पूरी टीम संक्रमित हो जाएगी। आरोप है कि, शिकायत करने के बाद भी सुविधाएं नहीं दी गई हैं।

उठाए सवाल- क्या हमें पॉजिटिव करने के लिए यहां भेजा गया
डाक्टर ने बताया कि सोने की व्यवस्था ऐसे दी गई है कि एक स्कूल है। जिसमे बड़े-बड़े क्लास रूम हैं और उसमें चार बेड लगाकर दे दिए गए हैं। इसके अलावा यहां तीन जेंट्स वाशरूम हैं, और तीनो चोक हैं। शिकायत पर एक सचल शौचालय बाहर खड़ा कर दिया गया है। नहाने के लिए बाथरूम नहीं है। रात भर लाइट नहीं थी, सुबह से नाश्ता पानी कुछ नहीं आया। पीने का पानी नहीं है। एक बॉटल पानी 20 लीटर का 11:30 बजे दिया गया। कहा गया कि, 25 लोगों के स्टाफ पर प्रतिदिन इतना ही दिया जाएगा।

लाल पॉलीथीन में खाने के पैकेट लपेट दिया जा रहा।

डॉक्टर ने सवाल उठाते हुए कहा- हम जानना चाहते हैं कि हम लोग अगर मरीज को देख रहे हैं तो क्या एक्टिव क्वारैंटाइन के लिए यही मानक हैं? प्रशासन क्या हम लोगों की लाइफ से खिलवाड़ करना चाहता है या वो चाहता है कि डाक्टर जाए ड्यूटी करें, पाजिटिव होंगे तो हम बाद में इलाज कर लेंगे।

खाने में सूखी रोटी व सब्जी।

डाक्टर ने कहा कि जब हम लोगों ने प्रशासन के सामने ये बात रखी तो कहा गया कि हम इससे ज्यादा कुछ नहीं कर सकते। यहां फर्श पर बड़े-बड़े गढ्ढे हैं। उसको छिपाने के लिए दरी बिछा दी गई है। इस पर सैनिटाइजेशन हो ही नहीं सकता। सेनेटाइजेशन के मानक हैं हर तीन घंटे में सैनिटाइज किया जाए। आज कुछ लोग बाहर और कुछ मोबाइल टायलेट में गए हैं। प्रिंसिपल का आफिस है। वहां एक बाथरूम है। जिसमे 25 लोग नहाते हैं। पीपीई किट पर्याप्त नहीं है। एक तो ये प्लास्टिक का नहीं झिल्ली दार है। चश्मे भी जो मिले हैं वो छोटे साइज के हैं। शू कवर छोटा दिया गया है।

जिस कमरे में डॉक्टरों को ठहराया गया है, उसका ये हाल।

सीडीओ ने खड़े किए हाथ: डॉक्टर का आरोप

डॉक्टर ने कहा- मंगलवार की रात में एक रेड कलर की झिल्ली में पूड़ी डालकर उसे बांध दिया गया था। उसी तरह रेड झिल्ली में पेपर में सब्जी बांध दी गई थी। सुबह से 11 बजे तक चाय नहीं मिली। किंग जार्ज मेडकिल यूनिवर्सिटी से जारी डाक्टरों के चार्ट का वन पर्सेंट भी फालो नहीं हो रहा है। हमें फाइव स्टार व्यवस्था नहीं चाहिए, हम अपनी सुरक्षा मांग रहे हैं, हम यहां पिकनिक मनाने नहीं आए हैं। डाक्टर ने कहा के जब हम लोगों ने सीडीओ अभिषेक गोयल से मांग की तो उन्होंने हाथ खड़े कर दिए। हालांकि इस मामले पर कोई अधिकारी अब कुछ बोलने को तैयार नहीं है।



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रायबरेली में कोरोना संक्रमितों का इलाज कर रहे डॉक्टर ने वीडियो जारी कर बयान की प्रशासनिक उदासीनता।




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राज्य के 10 जनपद कोरोना मुक्त; प्रयागराज व झांसी में जल्द शुरू होगी पूल टेस्टिंग

लॉकडाउन के बीच उत्तर प्रदेश में कोरोना का संक्रमण तेजी से अपने पांव पसार रहा है। बुधवार की शाम तक राज्य के 53 जिलों में 1412 लोगों के टेस्ट कोरोना पॉजिटिव आ चुके हैं। इनमें 1226 एक्टिव केस हैं। अब तक 21 की जान गई है। हालांकि, राहत की बात है कि अब तक 165 मरीज ठीक होकर अस्पतालों से छुट्टी पा चुके हैं। दस जनपद कोरोना फ्री हो गए हैं। यहां अब एक भी एक्टिव केस नहीं है।

कहीं भी लॉकडाउन में नहीं मिलेगी ढील

अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने कहा- टेस्टिंग क्षमता बढ़ाने के लिए अधिक से अधिक मेडिकल टेक्नीशियन की ट्रेनिंग कराई जाएगी। 10 जनपद कोरोना मुक्त हो चुके हैं, लेकिन यहां लॉकडाउन में कोई ढील दी जाएगी।

उन्होंने बताया कि, पूरे प्रदेश में 77 फीसदी गेहूं की कटाई हो चुकी है। गन्ना व गेहूं की कटाई के लिए श्रमिकों की कोई दिक्कत नहीं है। अब तक 30 लाख क्विंटल गेहूं खरीदा जा चुका है, जो कुल लक्ष्य का 62 फीसदी है। राज्य में 119 चीनी मिल हैं, इनमें 96 अभी चल रही हैं। उन्होंने कहा- रमजान माह में डोर स्टेप डिलीवरी की जाएगी। लेकिन इफ्तार व सहरी के समय भीड़ इकट्ठा नहीं होनी चाहिए। वरना कठोर कार्रवाई की जाएगी।


ये जिले हुए कोरोना फ्री

प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि, पीलीभीत, लखीमपुरखीरी, हाथरस, बरेली, प्रयागराज, महाराजगंज, शाहजहांपुर, बाराबंकी, हरदोई और कौशांबी कोरोना मुक्त हो चुका है। उन्होंने बताया कि,पूल टेस्टिंग का काम लगतार चल रहा है।मेरठ और इटावा में भी पूल टेस्टिंग शुरू हो चुकी है।बहुत जल्द प्रयागराज व झांसी में भी पूल टेस्टिंग शुरूहोगी। अभी इस बीमारी की न कोई वैक्सीन है न दवा, बचाव ही सुरक्षा है।



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प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन ने कहा- मुख्यमंत्री के निर्देश पर पूल टेस्टिंग की क्षमता को बढ़ाने के लिए पैरा मेडिकल स्टॉफ को ट्रेनिंग दी जाएगी।




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11 घंटे के बाद पकड़ा गया तेंदुआ, ट्रेंकुलाइज करने के लिए महाराजगंज से मंगाई गई थी गन

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में लॉकडाउन के बीच बुधवार सुबह नोनहरा थाना क्षेत्र के शक्करपुर गांव में तेंदुआ दिखाई दिया। जिससे लोगों में दहशत मच गई। सूचना पाकर वनविभाग की टीम मौके पर पहुंची। ड्रोन कैमरे से तेंदुए के मूवमेंट पर नजर रखी गई। उसे पकड़ने के लिए वनकर्मियों ने जाल लगाया, जिसमें तेंदुआ फंसा। लेकिन उसके बाद वह जाल से निकलकर आबादी के बीच पहुंच गया। ट्रेंकुलाइज करने के लिए महाराजगंज से गन मंगाई गई। शाम करीब चार बजे तेंदुए को पकड़ लिया गया।बता दें हाल ही में इसी थाना क्षेत्र के सुसुंडी गांव में दो ग्रामीणों पर हमले के बाद लोगों ने एक तेंदुए को पीट-पीटकर मार डाला था।

नोनहरा क्षेत्र के शक्करपुर गांव के लोग बुधवार सुबह करीब पांच बजे खेतों की तरफ गए थे। तभी उन्हें गेहूं के खेतों में तेंदुए की हलचल दिखाई दी। यह देख किसान मौके से भाग निकले और वन विभाग को सूचना दी। मौके पर मौजूद वन विभाग की टीम ने ड्रोन कैमरे से देखे जाने के बाद तेंदुआ होने की पुष्टि की। तेंदुए के मूवमेंट के आसपास जाल बिछाया गया। जिसमें तेंदुआ करीब तीन घंटे तक फंसा रहा। लेकिन ट्रेंकुलाइज करने की व्यवस्था न होने के कारण वनकर्मी पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा सके।

इसके बाद तेंदुआ जाल से निकलकर शक्करपुर गांव की तरफ चला गया। इसके बाद गांव वाल अपने घरों में दुबक गए। फिलहाल मौके पर मौजूद प्रशासन की टीम डटी रही। मौके पर डीएम ओमप्रकाश आर्य, एसडीएम व क्षेत्राधिकारी फोर्स के साथ मौके पर मौजूद रहे। जिस इलाके से तेंदुआ गुजरा है, उसके चारों तरफ नाकाबंदी कर दी गई है। ग्रामीण कोचौकन्ना कर दिया गया।डीएफओ गिरीश चंद ने बताया कि तेंदुए को पकड़ लिया गया है। जिसका मेडिकल चेकअप करने के बाद उसे सुरक्षित स्थान पर भेजा जाएगा।



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वनकर्मियों ने 11 घंटे की मशक्कत के बाद तेंदुए को पकड़ लिया है।
वनकर्मियों के द्वारा खेत के चारों तरफ बिछाए गए जाल में फंसा तेंदुआ। लेकिन कुछ देर बाद वह आबादी की तरफ मूव कर गया। उसके पकड़ने के लिए वनकर्मी कॉबिंग कर रहे हैं।




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ड्यूटी पर जा रहे स्वास्थ्यकर्मी को सिपाही ने पीटा, मामूला तूल पकड़ते देख फूलों का गुलदस्ता देकर मांगी माफी 

उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले में सीएचसी पर ड्यूटी करने जा रहे एक स्वास्थ्य कर्मी को पुलिसकर्मियों ने लॉकडाउन के उलंघन के आरोप में पीट दिया। जबकि, स्वास्थ्यकर्मी अपना पहचान पत्र आदि दिखाता रहा। इस घटना के बाद नाराज सहकर्मियों ने आरोपी पुलिसकर्मी पर कार्रवाई की मांग करते हुए कार्य बहिष्कार कर ऐलान कर दिया। सीएमओ को भी अवगत कराया गया। हालांकि, मामला बिगड़ता देख आरोपी सिपाही ने पीड़ित स्वास्थ्यकर्मी को फूल देकर माफी मांग ली। इसके बाद मामले का पटाक्षेप हो गया। हालांकि, इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।

मैनपुरी के कथोली गांव निवासी कन्हैया दुबे वर्तमान में सौरिख सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर आईएचआईपी (कम्प्यूटर ऑपरेटर) पद पर कार्यरत हैं और वह कैम्पस में ही रह रहते हैं। मंगलवार को कन्हैया ग्राम भारानगला में आशा सुमन से मिलकर वापस आ रहा था। आरोप है कि बेहटा के पास बैरिकेडिंग पर तैनात पुलिस कर्मी ने उसे रोक लिया। कन्हैया ने अपना परिचय देते हुए पहचान पत्र दिखाया। लेकिन उसकी एक नहीं सुनी गई और उसको पीटना शुरू कर दिया।

इसके बाद उसने अपने साथ हुए दुर्व्यवहार की जानकारी अपने चिकित्सा अधिकारी अजहर सिद्दीकी को दी। जिसपर स्वास्थ्य कर्मचारी घटनास्थल पर पहुंच कर उसे स्वास्थ्य केन्द्र ले आए और मामले की जानकरी सीएमओ कृष्ण स्वरुप को दी। सीएमओ ने मामले की जानकारी पुलिस अधीक्षक को दी और दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की बात रखी। हालांकि, सिपाही ने ऑपरेटर से माफी मांगी और फूलों का गुलदस्ता भेंट किया। एसडीएम गौरव शुक्ला ने बताया कि बैरियर पर कहासुनी हो गई थी। सिपाही के माफी मांगने पर ऑपरेटर ने माफ कर दिया।



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पुष्पगुच्छ देकर सिपाही अपनी करतूत पर हुआ शर्मिंदा।




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106 साल जनसंघी भुलई भाई को पीएम ने किया फोन, पूछा हालचाल, लिया आशीर्वाद

कोरोना संकट काल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार अपने पुराने नेताओं, कोरोना वॉरियर्स व कोरोना फाइटर्स से फोन पर बातकर उनका हालचाल जान रहे हैं। इसी कड़ी में पीएम ने 106 साल के बुजुर्ग भाजपा नेता व जनसंघ के पूर्व विधायक श्रीनारायण उर्फ भुलई भाई से बात की और उनका हाल जाना। पीएम ने उनसे आशीर्वाद भी लिया। इसके बाद से पूर्व विधायक भुलई भाई काफी खुश नजर आ रहे हैं।

देवरिया के संघ प्रचारक भी रहे

दरअसल, कुशीनगर जिले में रामकोला थाना क्षेत्र के पगार छपरा निवासी श्रीनारायण 106 साल हैं। वे जनसंघ पार्टी से साल 1974 से 1980 तक तत्कालीन विधानसभा क्षेत्र नौरंगिया से विधायक रहे। वर्तमान में यह विधानसभा 2012 में परिसीमन के बाद खड्डा विधानसभा के नाम से जानी जाती है। श्रीनारायण संघ के देवरिया के जिला प्रचारक भी रह चुके हैं। साथ ही भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य भी थे।

आइए जानते हैं क्या बात हुई?

पीएम: हैलो...हैलो।
श्रीनारायण: (पूर्व विधायक के पाते ने फोन पकड़ाते हुए कहा पीएम साहब हैं) अच्छा अच्छा प्रणाम।
पीएम: नारायण जी प्रणाम।
श्रीनारायण: आप की कृपा से सबकुछ सही चल रहा है।
पीएम: आपने तो शताब्दी पूरी कर ली?
श्रीनारायण: हां 106 हो गया।
पीएम: बस यूं ही मन कर गया कि, चलिए आपने इतने शताब्दी देखा है। सोचा संकट के समय आशीर्वाद ले लूं।
श्रीनारायण: बहुत बहुत धन्यवाद। भगवान सबकुछ ठीक करें। जब तक आप स्वस्थ्य रहें, तब तक देश का नेतृत्व करें।
पीएम: आप का आशीर्वाद है। अच्छा करूं, आप लोगों से जो सीखा है वह देश काम आए बस यही बात है।
श्रीनारायण: बहुत अच्छा।
पीएम: तबियत अच्छी रहती है?
श्रीनारायण: बहुत अच्छा।
पीएम: पांच पीढी देखी होगी?
श्रीनारायण: जी।
पीएम: परिवार को प्रणाम कहिएगा। बहुत साल हो गए आपको देखा नहीं। अच्छा जी नमस्कार।
श्रीनारायण: नमस्कार।

इससे पहले पीएम ने काशी व आगरा के लोगों से बात की थी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इससे पूर्व अपने संसदीय क्षेत्र के महापौर समेत सात भाजपा नेताओं से बात की थी। उन्होंने मास्क न मिलने पर गमछे से चेहरे को ढंकने की सलाह दी थी। इसके अलावा उन्होंने अपने मन की बात कार्यक्रम में आगरा के कोरोना फाइटर्स के पिता से बात की थी।



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पीएम ने 106 साल के बुजुर्ग भाजपा नेता व जनसंघ के पूर्व विधायक श्रीनारायण उर्फ भुलई भाई से बात की।




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रोड पर फर्राटा भर रही लड़कियों को पुलिस ने रोका तो काटा हंगामा, सड़क पर फेंक दिया कागजात, गाड़ी का चालान 

कोरोनावायरस को मात देने के लिए तीन मई तक देश में लॉकडाउन है। लोगों के घरों से बाहर निकलने पर पाबंदी है। सिर्फ उन्हीं लोगों को बाहर निकलने की छूट हैं, जो इमरजेंसी सेवाओं से जुड़े हुए हैं। लेकिन कुछ लोग इसका उलंघन कर रहे हैं। कुछ ऐसा ही मामला बुधवार को राजधानी लखनऊ में देखने को मिला। यहां गौतमपल्ली थाना क्षेत्र में लोहिया पथ पर फर्राटा भर रही रईसजादी लड़कियों को पुलिस ने रोका तो उन्होंने जमकर हंगामा किया। लड़कियों ने गाड़ी के कागजात पुलिसवाले की तरफ फेंक दिया और गाड़ी से उतरकर सड़क पर बैठकर रोने लगीं। पुलिस ने गाड़ी का चालान कर दिया है।

दरअसल, बुधवार को गौतमपल्ली थाने की पुलिस लोहिया पथ पर बैरिकेडिंग कर आने जाने वाले वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी बीच एक कार आई तो पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया। गाड़ी में तीन लड़कियां बैठी थीं। जबकि, लॉकडाउन के बीच चौपहिया वाहनों पर सिर्फ दो लोगों के बैठने की अनुमति दी है। पुलिस ने लड़कियों से कागजात व पास मांगे। यह बात कार चला रही लड़की को इतना नागवार गुजरी कि, उसने कागजात पुलिसकर्मी की तरफ सड़क पर फेंक दिया और कहा कि, कर लो कागज चेक।

फिर गाड़ी से नीचे उतरकर काफी देर हंगामा किया। एक लड़की रोते राते बीच सड़क पर बैठ गई। हालांकि, पुलिसकर्मियों ने उसे वहां से गाड़ी में बैठने के लिए कहा। तब जाकर वह गाड़ी में बैठी। पुलिस का कहना है कि एक बैरियर पर पुलिस ने रोका था लेकिन वह बिना रुके फरार हो गई। जिसके बाद फोन पर सूचना के बाद अगले नाके पर लोहिया पथर पर पुलिस ने रोका। फिलहाल ट्रैफिक रुल के नियमों के तहत गाड़ी का चालान कर दिया गया और लड़कियों को जाने दिया गया।



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पुलिसकर्मी से बहस करती लड़की। इस बहसबाजी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।




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आज 24 नए केस; तब्लीगी जमात के संक्रमितों की संख्या 1000 के पार, मुरादाबाद में 35 पुलिसवाले क्वारैंटाइन

उत्तरप्रदेश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 1473 हो गई है। गुरुवार को 24 रिपोर्ट पॉजिटिव आईं। इनमेंकानपुर में14, आगरा में8 और लखनऊ में2 मरीजमिले। कुलसंक्रमितों मेंतब्लीगी जमातियों की संख्या 1004 है।राज्य में संक्रमितों की संख्या1473 हो गई है। इनमें से 1279 का इलाज चल रहा है। 173 मरीज ठीक हुए हैं, जबकि 21 की मौत हुई है।राहत की बात यहहै कि11 जिले कोरोना मुक्त हो चुके हैं।

प्रदेश में 472 की रिपोर्ट आना बाकी
संक्रामक रोग विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. विकासेंदु अग्रवाल ने बताया कि प्रदेश में सबसे ज्यादा 327 मरीज आगरा में हैं। इसके बाद लखनऊ में 182 मरीजहैं। यूपी में 42192 लोगों के सैम्पलजांच के लिए लैब में भेजे गए।इनमें से 40255 की रिपोर्ट निगेटिव आई। 472 मरीजों की रिपोर्ट आना अभी बाकी है। प्रतापगढ़, पीलीभीत, हाथरस, प्रयागराज, महाराजगंज, बरेली, लखीमपुर खीरी, बाराबंकी, शाहजहांपुर, हरदोई और कौशांबी जिले कोरोना मुक्त हो गए हैं।

कोरोना से संबंधित अहम अपडेट

  • मुरादाबाद:यहां 35 पुलिसकर्मियों को अलग-अलग होटलों मेंक्वारैंटाइन किया गया है। दरअसल,जिले में 15 अप्रैल को कोरोना से मारे गए व्यक्तिके परिजनको क्वारैंटाइन कराने गई स्वास्थ्य टीम पर हमला किया गया था। इस मामले में पुलिस ने 18 लोगों को हिरासत में लिया था। इनमें पांच लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए।
  • गौतम बुद्ध नगर:दिल्ली-नोएडा बॉर्डर सील कर दिया गया है। आपातकालीन सेवा में लगे वाहनों को ही आवाजाही की मंजूरी है। 20 अप्रैल को लॉकडाउन में सशर्त छूट दिए जाने के बाद यहां लोग सड़कों पर निकल आएथे। बॉर्डर पर जाम की स्थिति पैदा हो गई थी। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बॉर्डर सील करने का निर्देश दिया था।
  • बहराइच:जिले में गुरुवार को कोरोनावायरस के 8टेस्ट पॉजिटिव पाए गए। जिलाधिकारीने अफसरों के साथ इमरजेंसी मीटिंगकी। संक्रमितों में से 6 को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जबकि,एक को शेल्टर होम और एक को घर पर आइसोलेट किया गया है।
  • आगरा: जिले में लगातार कोरोना संक्रमित मिलने से प्रशासन औरशहरवासियों की चिंताएं बढ़गईहैं। बुधवार देर शाम कोराना के 19 नए मामले सामने आए। यहां संक्रमितों की संख्या 327 हो गई है। बताया जा रहा है किइनमें सब्जी वाले, दूध बेचने वाले, मेडिकल वाले और एंबुलेंस कर्मी भी शामिल हैं।
वाराणसी में गुरुवार सुबह किराना स्टोर पर ग्राहकों की लाइन लग गई। यहां लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते दिखे।

तीन नई लैब खोलने के लिए 13 करोड़ रुपए रिलीज
योगी सरकार ने अलीगढ़, मुरादाबाद और सहारनपुर में मॉलिक्युलर लैब खोलने के लिए 13 करोड़ रुपए की राशि मंजूर की है। इससे पहले 12 लैब खोलने के लिए 54 करोड़ रुपए मंजूर किए जा चुके हैं। राज्स में 15 लैब में पहले से ही कोरोना की जांच हो रही है।

प्रदेश में अब1473कोरोना पॉजिटिव

आगरा327, लखनऊ 182, गौतमबुद्धनगर (नोएडा) 103, सहारनपुर 98,मुरादाबाद 94, कानपुर नगर 91, मेरठ 82, फिरोजाबाद 65, गाजियाबाद 48, रायबरेली 43, बिजनौर 28, शामली 26, अमरोहा 23, बुलन्दशहर 22, बस्ती 20, वाराणसी 19, हापुड़ 18, सीतापुर 17, रामपुर 16, बागपत 15, बदायूं 13, मुजफ्फरनगर 12, औरैया9, बहराइच 8, संभल, आज़मगढ़ और मथुरा 7-7,महाराजगंज, प्रतापगढ़, गाजीपुर, कन्नौज औरबरेली 6-6,जौनपुर औरअलीगढ़ 5, एटा, लखीमपुर खीरी, हाथरस, मैनपुरी 4-4, मिर्जापुर, बांदा,कासगंज 3-3,पीलीभीत, कौशाम्बी, सुल्तानपुर,हरदोई, इटावा में2-2, भदोही, उन्नाव, शाहजहांपुर, संतकबीरनगर, गोंडा, मऊ, बाराबंकी,प्रयागराजमें एक-एककी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।

  • 173 डिस्चार्ज किएगए:आगरा 18, लखनऊ 9, गाजियाबाद 13, गौतमबुद्धनगर (नोएडा) 44, लखीमपुर-खीरी 4, कानपुर नगर 1, पीलीभीत 2, मुरादाबाद 1, वाराणसी 6, शामली 2, जौनपुर 4, मेरठ 17, बरेली6, बुलन्दशहर 2, गाजीपुर 5, आजमगढ़ 3, फिरोजाबाद 3, हरदोई 2, प्रतापगढ़ 6, शाहजहांपुर 1, महाराजगंज 6, हाथरस 4, बाराबंकी 1, कौशाम्बी 2, सीतापुर 6, प्रयागराज 1 औररामपुर 4 कोरोना मरीजों को डिस्चार्ज किया गया है।
  • अब तक 21 हो चुकी मौत: बस्ती, वाराणसी, बुलन्दशहर, कानपुर, लखनऊ, फिरोजाबाद और अलीगढ़ में 1-1, मुरादाबाद में 5, मेरठ में 3 औरआगरा में कोरोना से अब तक कुल 6 मौतें हुईं। 90,248 लोगों ने सर्विलांस की 28 दिन की समय सीमा पूरी की है। प्रदेश में कुल 62,946 पैसेंजर्स को ऑब्जर्वेशन में रखा गया है। 11,826 लोगों को इंस्टीट्यूशनल क्वारैंटाइन में रखा गया है।


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20 अप्रैल को लॉकडाउन में रियायत के बाद दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर जाम लग गया था। इसके बाद योगी सरकार के निर्देश पर इस सीमा को सील कर दिया गया है।




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15 जिलों में 1 हफ्ता कैंप करेंगे नोडल अफसर, प्रशासनिक व चिकित्सकीय खामियों की बनाएंगे रिपोर्ट

कोरोना के खिलाफ जारी जंग में गुरुवार को योगी सरकार ने 20 या उससे अधिक संक्रमितों वाले जिलों में दो नोडल अधिकारी तैनात करने का निर्णय लिया है। इसमें सीनियर आइएएस और मेडिकल अफसर शामिल होंगे। आइएएस अफसर जिले की प्रशासनिक खामियों को दूर करते हुए बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराएगा, जबकि मेडिकल अफसर स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करेंगे। संबंधित जिले में अपने आकलन के आधार पर शासन को रिपोर्ट सौंपी जाएगी। इस तरह राज्य के 15 जिलों में नोडल अधिकारी भेजे जाएंगे। ये वहां एक हफ्ते कैंप करेंगे।

माल वाहक गाड़ियों में बैठे मिले लोग तो होगी कार्रवाई

गुरुवार को टीम इलेवन के साथ समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लॉकडाउन को सख्ती से लागू कराने का निर्देश दिया है। सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर मिली रही शिकायतों पर सीएम ने नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा-शहरों के घनी आबादी वाले क्षेत्र व मंडी क्षेत्र में पेट्रोलिंग बढ़ाई जाएगी। उन्होंने डीएम व एसएसपी को हर हाल में सामाजिक दूरी का पालन कराए जाने का निर्देश दिया है। फील्ड में तैनात सभी अधिकारी नियमित पेट्रोलिंग करें। यह सुनिश्चित करें कि आवश्यक सप्लाई चैन से जुड़ी गाड़ियों को चेक किया जाए, अनाधिकृत रूप से ट्रकों में लोगों को बैठाने पर ट्रक जब्त कर लिया जाएगा मालवाहक गाड़ियों मेंकेवल ड्राइवर और क्लीनर गाड़ी में रहेंगे।यह भी कहा कि, क्वारैंटाइन सेंटर में पूल टेस्टिंग भी कराई जाए।

187 मरीज डिस्चार्ज, 21 की मौत

प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन ने बताया कि, प्रदेश के 56 जिलों में अब तक 1507 टेस्ट पॉजिटिव मिले हैं। जिनमें 1299 एक्टिव केस हैं। 11 जिलों में अब कोई भी कोरोना का एक्टिव केस नहीं है। 187 मरीज डिस्चार्ज हुए हैं। 21 की मौत हुई। जबकि, तब्लीगी जमाती व उनके संपर्क में आए 1004 लोग संक्रमित पाए गए हैं। इनमें 938 एक्टिव केस हैं। बताया कि, 3737 सैंपल बुधवार को लिए गए हैं। इनमें 3955 की जांच की गई। पूल टेस्टिंग भी लगातार हो रही है।



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स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के प्रमुख सचिव अमित मोहन ने कहा- जनसंख्या के लिहाज से प्रदेश की हालत बेहतर है।




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नेपाल से पैदल रामपुर पहुंचे 16 मजदूरों को पुलिस ने पकड़ा; दो अवैध अस्पताल सीज

उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में गुरुवार को नेपाल से पहुंचे 16 लोगों को पुलिस ने पकड़ा है। पुलिस ने सभी को क्वारैंटाइन कराया है। जहां सभी का मेडिकल चेकअप होगा। इसी बीच स्वास्थ्य विभाग ने तहसील स्वार के नरपतनगर में फर्जी तरीके से चल रहे नर्सिंग होम व बिजारखता में एचबीएल हेल्थकेयर को सील कर दिया गया है। ये दोनों केंद्र बिना लाइसेंस के अवैध तरीके से संचालित कर मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहे थे।

मेडिकल टीम करेगी चेकअप

दरअसल, रामपुर में शहजादनगर पुलिस लॉकडाउन में गुरुवार को जीरो पॉइंट पर चेकिंग कर रही थी। इस दौरान पुलिस ने पैदल आ रहे 16 लोगों को हाईवे पर पकड़ लिया। पुलिस सभी को थाने ले आई। इसकी सूचना मेडिकल टीम को दी गई। जिसके बाद सभी को क्वारैंटाइन किया गया है। शहजादनगर प्रभारी सत्येंद्र कुमार ने बताया कि यह लोग अजीमनगर, भोट और मिलक खानम थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। इसमें 7 पुरुष और 9 महिलाएं हैं।

जंगल रास्ते पैदल पहुंचे रामपुर
सभी नेपाल के बर्दिया जिले के जमनीपुर गांव स्थित एक ईंट भट्टे पर मजदूरी करते हैं। वहीं, पैदल आ रहे लोगों ने बताया कि लॉकडाउन के चलते काम बंद हो गया था। जब भट्टा मालिक से पैसे मांगे तो उसने मना कर दिया। जिसके बाद राशन की व्यवस्था के लिए स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई थी। मगर दो दिन तक राशन न मिलने पर 19 अप्रैल को जंगल के रास्ते पैदल घर के लिए निकल पड़े। रास्ते में कई जगह वाहनों का सहारा लेते हुए शहजादनगर जीरो पॉइंट पहुंचे थे।

नर्सिंग होम पर चेकिंग करते एसडीएम।

नर्सिंग होम संचालक पर एफआईआर
उपजिलाधिकारी राकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि, गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ नरपत नगर स्थित नर्सिंग होम पर छापेमारी की कार्रवाई की गई। जहां मानकों को दरकिनार कर नर्सिंग होम का संचालन किया जाना पाया गया। इस दौरान नर्सिंग होम में बैठे मरीजो में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी नहीं किया जा रहा था। नोडल अधिकारी देवेश कुमार चौधरी ने बताया कि बिना रजिस्ट्रेशन के नर्सिंग होम का संचालन किया जा रहा था। रजिस्ट्रेशन नहीं होने पर अस्पताल को सील करते हुए नर्सिंग होम संचालिका के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। वहीं, बिजारखता में एचबीएल हेल्थकेयर को सील किया गया है।




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नेपाल से आए मजदूरों को पुलिस ने क्वारैंटाइन कराया है।




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बेवजह घर निकले लोग तो पुलिस ने किसी को तपती सड़क पर लुढ़काया तो किसी ने एक-दूसरे का कान पकड़ लगाई उठक-बैठक 

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में गुरुवार को लॉकडाउन के बीच घरों से बेवजह बाहर निकलने वालों को पुलिस ने पकड़कर अनोखी सजा दी। पुलिस ने लॉकडाउन तोड़ने वालों को कड़ी धूप में रोड पर लुढ़कने का फरमान सुनाया। साथ ही एक-दूसरे के कान पकड़कर उठक बैठक कराई। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।

गुरुवार को कोविड-19 लैब से आई रिपार्ट में 11 लोग संक्रमित पाए गए हैं। शहर में संक्रमितो की संख्या 94 पहुंच गई है। हालांकि, राहत की बात है कि, इनमें सात लोगों को अस्पतालों से छुट्टी मिल चुकी है। जबकि, 2 संक्रमितों की मौत भी हुई है। शहर के 20 एरिया को हॉटस्पॉट घोषित किया जा चुके हैं। कोरोना का संक्रमण अब घनी अबादी वालों इलाकों में पैर पसार रहा है। इसके बावजूद लॉकडाउन तोड़कर लोग बड़ी संख्या में घरों से बाहर निकल रहे हैं।

गुरूवार को पनकी पुलिस ने लॉकडाउन तोड़ने वालों को तपती धूप में सड़क पर लेटाकर लुढ़ककर चलने की सजा दी। पुलिस ने बुजुर्गो और अधेड़ उम्र वालों के साथ तो कुछ रहम दिखाया। लेकिन बेवजह बाहर निकने वालों युवाओं को सड़क पर जमकर लुढ़काया। तपती धूप में सड़क भट्टी का काम कर रही थी। इसके साथ ही शहर के कई हिस्सों में पुलिस ने एक दूसरे के कान पकड़कर उठक बैठक कराई तो कहीं पर राहगीरों हाथ उपर कर खड़े रहने की सजा दी गई। बाइक पर सवार डबल सवारी घूम रहे युवकों पर पुलिस ने लाठियां भांजी।



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ये तस्वीर कानपुर में पनकी क्षेत्र की है। घर से बाहर निकले युवक को पुलिस ने धूप में तपती सड़क पर लुढ़कने की सजा दी।




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कोरोनावायरस से जंग के लिए 7 मंडल के 15 जिलों में नोडल अफसर नियुक्त; यहां 20 से अधिक संक्रमण के मामले

लॉकडाउन के बावजूद उत्तर प्रदेश में कोरोना का संक्रमण तेजी से अपने पांव पसार रहा है। नतीजा अबतक 1555 संक्रमित मिल चुके हैं। इनमें एक्टिव कुल केस 1299 में 946 एक्टिव तब्लीगी जमाती हैं। राज्य के 56 जिलों में संक्रमण के मामले सामने आए हैं। लेकिन सात मंडलों के 15 जिलों का हाल सबसे ज्यादा खराब है। यहां 20 से अधिक संक्रमण के केस पुष्ट हो चुके हैं। सबसे ज्यादा केस 342 आगरा में व सबसे कम केस अयोध्या में एक है। योगी सरकार ने इन 15 जिलों में नोडल अधिकारी तैनात कर दिए हैं।

सात मंडलों में नोडल अफसर नियुक्त-

मुख्यमंत्री योगी के निर्देश पर 20 या 20 से अधिक काेरोना संक्रमित मामलों वाले जिलों के लिए7 मंडलों के 15 जिलों में नोडल अधिकारी नामित किए गए हैं।अफसर जिले की प्रशासनिक खामियों को दूर करते हुए बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराएंगे।संबंधित जिले में अपने आकलन के आधार पर शासन को रिपोर्ट सौंपी जाएगी। ये वहां एक हफ्ते कैंप करेंगे।

शहर नोडल अधिकारी
आगरा आलोक कुमार- प्रमुख सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास
फिरोजाबाद अनिल कुमार- प्रमुख सचिव, होमगार्ड विभाग
लखनऊ दीपक कुमार- प्रमुख सचिव, आवास एवं शहरी नियोजन
रायबरेली मुकेश कुमार मेश्राम- मंडलायुक्त, लखनऊ
मेरठ टी. वेंकटेश- प्रमुख सचिव, सिंचाई एवं जल संसाधन
गाजियाबाद सुधीर गर्ग- प्रमुख सचिव वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन
गौतमबुद्धनगर नरेंद्र भूषण- मुख्य कार्यपालक अधिकारी, ग्रेटर नोएडा
बुलंदशहर अनीता मेश्राम- मंडलायुक्त, मेरठ
कानपुर नगर सुरेश चंद्रा- प्रमुख सचिव, श्रम एवं सेवायोजन विभाग
मुरादाबाद मनोज सिंह- प्रमुख सचिव, समाज कल्याण विभाग
बिजनौर अजय चौहान- आवास आयुक्त
अमरोहा सेंथिल पांडियन सी- प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम
सहारनपुर पी. गुरुप्रसाद- आबकारी आयुक्त
शामली संजय कुमार- मंडलायुक्त,सहारनपुर
बस्ती धीरज साहू- परिवहन आयुक्त

11 जनपद कोरोना फ्री-

जिले का नाम

पीलीभीत, लखीमपुर-खीरी, शाहजहांपुर, हाथरस, बरेली, हरदोई, प्रतापगढ़, महराजगंज, बाराबंकी, कौशाम्बी और प्रयागराज मेंअब कोई भी एक्टिव केस नहीं हैं। पीलीभीत में बीते 14 दिनों के भीतर कोई भी नया केस नहीं आया है।

कोरोना संक्रमितों का विवरण जिलेवार-

अभी तक उत्तरप्रदेश के आगरा में 342, लखनऊ में 174, गाजियाबाद में 52, गौतमबुद्धनगर (नोएडा) में 103, लखीमपुर खीरी में 4, कानपुर नगर में 96, पीलीभीत में 2, मुरादाबाद में 97, वाराणसी में 19, शामली में 26, जौनपुर में 5, बागपत में 15, मेरठ में 85, बरेली में 6, बुलन्दशहर में 22, बस्ती में 20, हापुड़ में 18, गाजीपुर में 6, आज़मगढ़ में 7, फिरोजाबाद में 66, हरदोई में 2, प्रतापगढ़ में 6, सहारनपुर में 98 व शाहजहांपुर में 1, बांदा में 3, महराजगंज में 6, हाथरस में 4, मिर्जापुर में 3, रायबरेली में 43, औरैय्या में 10, बाराबंकी में 1, कौशाम्बी में 2, बिजनौर में 29, सीतापुर में 17, प्रयागराज में 1, मथुरा में 7 व बदायूँ में 13, रामपुर में 16, मुजफ्फरनगर में 12, अमरोहा में 23, भदोहीं में 1, कासगंज में 3 व इटावा में 2, संभल में 8, उन्नाव में 1, कन्नौज में 6, संतकबीरनगर में 2, मैनपुरी में 4, गोंडा में 1, मऊ में 1, एटा में 3 व सुल्तानपुर में 2 व अलीगढ़ में 8, श्रावस्ती में 3, बहराइच में 8, बलरामपुर और अयोध्या में भी 1 पेशेंट की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।

206 मरीज ठीक होकर घर पहुंचे-

अब तक प्रदेश के विभिन्न जनपदों से 206 कोरोना पेशेंट स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किए गए हैं। इसमें आगरा से 18, लखनऊ से 9, गाजियाबाद से 14, गौतमबुद्धनगर (नोएडा) से 54, लखीमपुर-खीरी से 4, कानपुर नगर से 7, पीलीभीत से 2, मोरादाबाद से 1, वाराणसी से 6, शामली से 2, जौनपुर से 4, मेरठ से 31, बरेली से 6, बुलन्दशहर से 2, गाजीपुर से 5, आजमगढ़ से 3, फिरोजाबाद से 3, हरदोई से 2, प्रतापगढ़ से 6, शाहजहांपुर से 1, महराजगंज से 6, हाथरस से 4, बाराबंकी से 1, कौशाम्बी से 2, सीतापुर से 8, प्रयागराज से 1 व रामपुर से 4 कोरोना पेशेंट्स को स्वस्थ करवाकर डिस्चार्ज किया गया हैं।

प्रदेश में अब तक कोरोना से कुल 24 मौतें:बस्ती, वाराणसी, बुलन्दशहर, लखनऊ, फिरोजाबाद व अलीगढ़ में 1-1, मुरादाबाद में 5, मेरठ में 3, कानपुर में 3 व आगरा में कोरोना से अब तक कुल 7 मौतें हुई हैं। वहीं, प्रदेश में 90,369 लोगों ने सर्विलांस की 28 दिन की समय सीमा पूरी की है। प्रदेश में कुल 77,616 पैसेंजर्स को ऑब्जर्वेशन में रखा गया है। 12,032 लोगों को इंस्टीट्यूशनल क्वारैंटाइन में रखा गया है।



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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रतिदिन सुबह 11 बजे कोविड-19 के लिए बनी टीम इलेवन के साथ बैठक करते हैं। शुक्रवार को सीएम ने लॉकडाउन, डोर स्टेप डिलीवरी व टेस्टिंग क्षमता को बढ़ाने पर मंथन किया है।




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13 मदरसा छात्र व अनवरगंज थाने का हेड कांस्टेबल संक्रमित; 2 दरोगा व 12 सिपाही क्वारैंटाइन

गुरुवार को जिले में कोरोनावायरस के छह नए मामले सामने आए। ये सभी कुलीबाजार व उसके आसपास क्षेत्र के हैं। वहीं, गुरुवार देर रात केजीएमयू और जीएसवीएम से आई रिपोर्ट में 24 लोग संक्रमित पाए गए थे। इनमें अनवरगंज थाने में तैनात एक हेड कांस्टेबल व कुली बाजार के एक मदरसे के 13 छात्र भी शामिल हैं। हेड कांस्टेबल के संक्रमित मिलने के बाद थाने को सील कर दिया गया है। जबकि, दो दरोगा व 12 सिपाहियों को क्वारैंटाइन किया गया है। अब यहां संक्रमितों की संख्या 113पहुंच गई है। इनमें तीन की मौत हो चुकी है। सात को अस्पताल से डिस्चार्ज किया जा चुका है। वहीं, हैलट अस्पताल के बाल रोग विभाग में 18 माह की बच्ची की मौत के बाद इमरजेंसी ओपीडी को बंद कर दिया गया है। बच्ची में कोरोना के लक्षण थे। जांच के लिए उसका सैंपल भेजा गया है।

केजीएमयू व जीएसवीएम से आई रिपोर्ट
स्वास्थ्य विभाग ने 136 सैंपल लखनऊ के केजीएमयू जांच के लिए भेजे थे। इसमें 8 टेस्ट पॉजिटिव आए। वहीं, जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के कोविड-19 लैब में 178 नमूनों की रिपोर्ट दो चरणों में आई। जिसमें 16 लोग संक्रमित पाए गए। एक दिन में 24 लोग संक्रमित पाए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन में हलचल तेज हो गई है। संक्रमितों को कांशीराम ट्रामा सेंटर और हैलट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। वहीं, शुक्रवार को छह नए मामले सामने आए।

कुली बाजार का हॉटस्पॉट बना डेंजर जोन
इस हॉटस्पॉट एरिया से 53 कोरोना संक्रमित लोग पाए गए हैं। गुरूवार को देर रात आई रिपोर्ट में कुली बाजार के एक मदरसा के 13 छात्र पॉजिटिव मिले। यह सभी छात्र बिहार के हैं। इसके साथ ही कोरोना संक्रमित ब्रश कारोबारी के मृतक पिता की रिपोर्ट पॉजिटिव आई और उनका एक रिश्तेदार भी संक्रमित पाया गया। वहीं, कोरोना संक्रमण से मरे रोशन नगर के प्रापर्टी डीलर के 6 रिश्तेदार संक्रमित मिले हैं।

हॉटस्पॉट में ड्यूटी करना पड़ा भारी
अनवरगंज थाने में तैनात सिपाही की ड्यूटी हॉटस्पॉट एरिया कुली बाजार में स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ लगाई गई थी। 6 सिपाहियों के रैंडम सैंपल लिए गए थे। जिसमें हेडकॉस्टेबल पॉजिटिव पाया गया। जानकारी पाकर डीआईजी अंनतदेव तिवारी और डीएम ब्रह्मदेव राम तिवारी थाने पहुंचे। थाने को 48 घंटे के लिए सील कर दिया गया है। फिलहाल थाने को कुली बाजार चौकी में शिफ्ट किया गया है। पूरे थाने को कई बार सैनिटाइज कराने के आदेश दिए गए हैं।

डीआईजी अंनत देव ने बताया- संक्रमित सिपाही के संपर्क में आने वाले दो दरोगा व 12 सिपाहियों को एक होटल में क्वारैंटाइन किया गया है। मेडिकल टीम ने थाने के इंस्पेक्टर, सीओ समेत 56 पुलिस कर्मियों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे हैं। डीआईजी ने आदेश दिया है कि जिनके सैंपल लिए गए हैं वो पुलिसकर्मी 48 घंटे तक अपने घरों को नहीं जाएगें और परिवार के किसी सदस्य से नहीं मिलेंगे। रिपोर्ट आने के बाद ही आगे तय किया जाएगा कि क्या करना है?
18 माहीने की कोरोना संदिग्ध बच्ची की मौत
गुरूवार को हैलट अस्पताल के बालरोग विभाग की इमरजेंसी में 18 माह की बच्ची को एडमिट कराया गया था। बच्ची को एक हफ्ते से बुखार आ रहा था और उसे सांस लेने में दिक्कत थी। इमरजेंसी में उस दौरान 9 बच्चे और भर्ती थे। इमरजेंसी विभाग के डॉक्टरों को बच्ची में कोरोना जैसे लक्षण समझ आए तो उसे शिफ्ट करने की तैयारी कर रहे थे। उसी दौरान बच्ची की मौत हो गई। डाक्टरों ने बच्ची के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा है।

डॉक्टर, नर्स व बच्ची के परिजन क्वारैंटाइन
बालरोग विभागाध्यक्ष्य प्रोफेसर यशवंतराव ने कहा- रायपुरवा से एक बच्ची आई थी। जिसकी मौत हुई है। बच्ची के सैंपल को टेस्ट के लिए भेजा गया है। शुक्रवार को रिपोर्ट आएगी। फिलहाल बालरोग विभाग की इमरजेंसी को बंद कर दिया गया है और दूसरी जगह शिफ्ट की गई है। इमरजेंसी में इलाज करने वाले तीन जूनियर डाक्टर, दो स्टॉफ नर्स, वार्ड ब्वाय और स्वीपर और बच्ची के माता-पिता को क्वारैंटाइन किया गया है।



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ये तस्वीर कानपुर के अनवरगंज थाने के समीप की है। यहां हेड कांस्टेबल के संक्रमित पाए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने थाने में तैनात सभी पुलिसकर्मियों के सैंपल लिए हैं।




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अपने पुराने मरीजों को टेलीमेडिसिन की सुविधा देगा एम्स; फोन कर घर बैठे 13 विभागों से ली जा सकती है मदद

लॉकडाउन में मरीजों की समस्या दूर करने के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) गोरखपुर में टेलीमेडिसिन सुविधा देने की शुरूआत की गई है। एम्स की तरफ से नंबर भी जारी किए गए हैं। लेकिन नंबरों पर उन मरीजों को ही सुविधा मिलेगी, जिनका रजिस्ट्रेशन पहले से हैं। नए मरीजों के लिए यह सुविधा नहीं होगी। इमरजेंसी में भी इन नंबरों से कोई मदद नहीं मिल सकेगी।

ऑनलाइन ओपीडी का समय निर्धारित

ऐसा नहीं है कि मोबाइल नंबर के जरिए कभी भी सुविधा मिल सकेगी। बल्कि टेलीमेडिसीन के जरिए सोमवार से लेकर शुक्रवार के बीच सुबह नौ बजे से लेकर एक बजे तक ही डॉक्टर्स उपलब्ध रहेंगे। उसी समय पर आने वाली कॉल पर जानकारी दी जाएगी। संपर्क करने के लिए एम्स की तरफ से 0551-2205501, 0551-2205585 नंबर जारी किया गया है।


इन विभागों में शुरू की है सुविधा

मनोरोग चिकित्सा,सामान्य चिकित्सा,हड्डी रोग, श्वसन रोग,नाक, कान, गला रोग विभाग,शिशु रोग,स्त्री एवं प्रसूति रोग,नेत्र एवं चिकित्सा,त्वचा रोग,दंत चिकित्सा,शारीरिक चिकित्सा एंव पुर्नवास विभाग,विकिरण चिकित्सा,सामुदायिक मेडिसीन एवं फैमिली मेडिसीन विभाग के लिए यह सुविधा शुरू की गई है।

कैंसर रोगियों के लिए भी हुई व्यवस्था

गीता वाटिका स्थित हनुमान प्रसाद पोद्दार कैंसर हॉस्पिटल एवं शोध संस्थान में भी लॉकडाउन की वजह से ओपीडी बंद है। इसलिए मरीजों की सुविधा के लिए टेलीमेडिसिन की सुविधा दी जा रही है। संस्थान के सचिव उमेश कुमार सिंहानियां की तरफ से बताया गया कि सिर्फ गंभीर मरीजों का इमरजेंसी में उपचार किया जाएगा। इसके लिए सुबह 10 बजे तक पंजीकरण होगा। अन्य कैंसर रोगी सुबह 10 बजे से लेकर दो बजे तक 9369106142 और 9721526805 नंबर पर संपर्क कर सलाह ले सकते हैं।



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टेलीमेडिसिन की सुविधा देने के लिए एम्स की तरफ से 0551-2205501, 0551-2205585 नंबर जारी किया गया है। 




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ताजनगरी आगरा के एक पार्क में पड़े थे 10, 50 व 100 के नोट, उठाने की हिम्मत किसी की नहीं, बुलानी पड़ी पुलिस

ताजनगरी आगरा में अबतक 343 कोरोना केस मिल चुके हैं। जिससे लोगों में भय का माहौल है। इसका उदाहरण शुक्रवार को सुगह आवास विकास कॉलोनी के सेक्टर 8 में एक पार्क में देखने को मिला। पार्क में 10, 50 व 100 के नोट पड़े थे। लेकिन किसी ने उन रुपयों को उठाने की हिम्मत नहीं की। लोगों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस रुपए साथ ले गई और मामले की छानबीन कर रही है।

कहीं कोरोना न हो जाए, इसलिए नहीं उठाए रुपए

दरअसल, आवास विकास कॉलोनी के सेक्टर 8 में शुक्रवार तड़के एक युवक अपने मकान के बाहर टहल रहा था। तभी उसकी नजर कॉलोनी के पार्क की दीवार के पास पड़ी। वहां पर 10, 50 और 100 के नोट पड़े हुए थे। पहले तो युवक को लगा कि वह किसी के गिर गए होंगे, लेकिन कॉलोनी में आसपास पूछने पर भी नोटों के बारे में कोई कुछ नहीं बता सका। इस पर उस पर किसी साजिश का अंदेशा हुआ तो उसने पुलिस को सूचना दी।

मौके पर पहुंची पुलिस ने कॉलोनीवासियों से जानकारी ली, लेकिन कोई कुछ बता नहीं सका। पुलिसकर्मियों ने पहले नोटों को जलाने का निर्णय लिया। आशंका थी कि छूने से कहीं कोरोना न हो जाएं, लेकिन बाद में लोगों ने रुपए साथ ले जाने के लिए कहा। जिस पर पुलिसकर्मी एक पॉलिथिन में नोटों को रख कर ले गए। रुपए पार्क में कहां से आए हैं और किसके हैं? इस बारे में पुलिस छानबीन कर रही है।


आगरा में 342 केस, एसएन मेडिकल कॉलेज का डॉक्टर संक्रमित
उत्तर प्रदेश में कोरोना का संक्रमण तेजी से अपने पांव पसार रहा है। अब तक 1374 केस मिले हैं। अब तक 206 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया है। 24 की मौत हुई है। आगरा में अब तक 342 केस सामने आ चुके हैं। शुक्रवार को सहारनपुर में 12, कानपुर में छह,फिरोजाबाद में सात, बस्ती में तीन, मथुरा में एक नया पॉजिटिव केस मिले। वहीं, एसएन मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक भी कोरोना पॉजिटिव पाया गया। चिकित्सक 18 अप्रैल को मैनपुरी के करहल स्थित अपने आवास पहुंचे थे। तभी उनकी तबियत बिगड़ी थी। जिसके बाद जांच कराई गई। रिपोर्ट आने के बाद परिवार को क्वारैंटाइन कर दिया गया है। चिकित्सक को अस्पताल में भर्ती किया गया है।



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कूड़े के साथ कॉलोनी में पड़े रुपए।




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सेफ जोन में रहे प्रयागराज में 1 साथ 3 पॉजिटिव केस, लखनऊ में चंदन हॉस्पिटल में दो मरीज संक्रमित मिले

अभी तक सेफ जोन में रहे प्रयागराज में शुक्रवार को कोरोनावायरस के एक साथ तीन केस सामने आए। इससे पहले यहां इंडोनेशिया का एक जमाती पॉजिटिव पाया गया था, जो अब ठीक हो चुका है। प्रशासन ने संक्रमितों के घर के आसपास एक किमी क्षेत्र को सील करते हुए सैनिटाइजेशन व अन्य प्रक्रिया शुरू की है। वहीं, राजधानी लखनऊ में अयोध्या हाईवे पर स्थित चंदन अस्पताल में डायलिसिस कराने पहुंचे दो मरीज कोरोना पॉजिटिव पाए गए। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल को सील नहीं किया है।

चंदन अस्पताल में मिला एक श्रावस्ती जिले का

राजधानी लखनऊ में अब कोरोनावायरस गोमती नगर विस्तार तक पहुंच गया है। शुक्रवार को यहां अयोध्या हाईवे पर स्थित चंदन हॉस्पिटल में दो पॉजिटिव मरीज चिन्हित किए गए। इसमें एक मरीज गोमतीनगर विस्तार का है। जबकि दूसरा श्रावस्ती जिले का है। दोनों किडनी के मरीज हैं और डायलिसिस के लिए आए थे। अस्पताल ने एक निजी पैथॉलजी में मरीजों का कोविड टेस्ट करवाया। स्वास्थ्य विभाग को संबंधित पैथॉलजी की ओर से पहले ही सूचित किया गया। इसके बाद अस्पताल को सूचना मिली। सीएमओ डॉक्टर नरेंद्र अग्रवाल ने एक टीम अस्पताल भेजी है। हालांकि, अभी अस्पताल को बंद करने का आदेश सीएमओ द्वारा नहीं दिया गया है। अस्पताल को सैनिटाइज किया जा रहा है। अस्पताल के 35 कर्मियों की जांच होगी।

प्रयागराज में एक साथ मिले तीन पॉजीटिव
वहीं, प्रयागराज में शुक्रवार को गांव व शहर से पॉजिटिव केस सामने आए। जिसके बाद प्रशासन की नींद उड़ गई। जांच के लिए भेजे गए सैंपल में दो शंकरगढ़ व शिवकुटी क्षेत्र से एक युवक की रिपोर्ट पॉजीटिव आई है। एक साथ तीन नए केस आने के बाद प्रशासन पूरी सख्ती के साथ लॉकडाउन के नियमों का पालन करवाने में जुट गई है। अभी तक प्रयागराज ग्रीन जोन में माना जा रहा था। मगर अब संगम नगरी में पाबंदियां बढ़ाई जा सकती हैं। डीएम प्रयागराज भानुचन्द्र गोस्वामी ने बताया कि, संक्रमितों के आसपास का क्षेत्र सील कर दिया गया है। परिवारीजनों के भी सैंपल लिए जाएंगे। इससे पहले प्रयागराज में इंडोनेशिया के एक जमाती में संक्रमण मिला था। वह अब ठीक हो चुका है।


उप्र में 1604 केस, आगरा में सबसे अधिक 342 संक्रमित
उत्तर प्रदेश में कोरोना का संक्रमण तेजी से अपने पांव पसार रहा है। अब तक 1604 केस मिले हैं। अब तक 206 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया है। 24 की मौत हुई है। आगरा में अब तक 342 केस सामने आ चुके हैं। शुक्रवार को वाराणसी में छह, सहारनपुर में 19, कानपुर में 19,अमरोहा में एक, फिरोजाबाद में सात, बस्ती में तीन, मथुरा में एक नया पॉजिटिव केस मिले। वहीं, एसएन मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक भी कोरोना पॉजिटिव पाया गया। चिकित्सक 18 अप्रैल को मैनपुरी के करहल स्थित अपने आवास पहुंचे थे। तभी उनकी तबियत बिगड़ी थी। जिसके बाद जांच कराई गई। रिपोर्ट आने के बाद परिवार को क्वारैंटाइन कर दिया गया है। चिकित्सक को अस्पताल में भर्ती किया गया है।



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राजधानी लखनऊ के चंदन अस्पताल में मिले दोनों मरीजों को पीजीआई शिफ्ट किया गया है।




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24 घंटे में 37 कोरोना पॉजिटिव पाए गए, इनमें जमातियों के संपर्क में आए मदरसे के 23 छात्र शामिल; शहर में संक्रमितों की संख्या 144 पहुंची

कानपुर में बीते 24 घंटे में 37 कोरोना पॉजिटिव पाए जाने से स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की बेचैनी बढ़ गई है। हैरानी वाली बात है कि कुली बाजार हॉटस्पॉट एरिया से 28 संक्रमित पाए गए हैं। तब्लीगी जमातियों के संपर्क में रहे कुली बाजार के एक मदरसे से 23 छात्र संक्रमित मिले हैं। इसके साथ ही एक गर्भवती महिला और एक सिपाही समेत 37 लोगों की रिर्पोट पॉजिटिव आई है। शहर में संक्रमितों की संख्या 144 पहुंच गई है। जिसमें से 9 संक्रमितों को उपचार के बाद हॉस्पिटल से डिस्चार्ज कर दिया गया है और 3 की मौत हो चुकी है।

कुली बाजार का हॉटस्पॉट एरिया अब डेंजर जोन बन चुका है। शुक्रवार को कुली बाजार से ही 28 कोरोना पॉजिटिव मरीज सामने है। जिसमें जमातियों के संपर्क रहने वाले एक मदरसे के 23 छात्र संक्रमित पाए गए हैं। वहीं गुरूवार को कुली बाजार के मदरसे से 13 छात्र संक्रमित मिले थे। कुली बाजार हॉटस्पॉट एरिया से लगभग 80 कोरोना पॉजिटिव मरीज सामने आ चुके हैं।

कुली बाजार में तैनात एक और सिपाही संक्रमित पाया गया है। कैंट थाना क्षेत्र के आवासीय परिसर में रहने वाला सिपाही अभियोजन कार्यालय में तैनात था। कचहरी बंद होने की वजह से उसकी ड्यूटी बाजार में लगाई गई थी। सिपाही का सैंपल लिया गया था शुक्रवार को उसकी रिपोर्ट आई है। सिपाही को कोविड-19 हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। सिपाही के साथ रहने वाले परिवाजनों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया है। इसके साथ ही सिपाही की ट्रैवल हिस्ट्री की जानकारी जुटाई जा रही है। इसके साथ ही कैंट थाने को सील कर दिया गया है और आवासीय परिसर में बने 80 क्वार्टरों को सैनिटाइज किया जाएगा।

गर्भवती संक्रमित महिला को तलाशने में पुलिस के छूटे पसीने
कुली बाजार में रहने वाली गर्भवती महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। महिला और उसके पति का सैंपल लेने के बाद घर में ही क्वारैंटाइन कराया गया था । लेकिन महिला ने अपने पति के साथ रेलबाजार स्थित फेथफुलगंज चली गई थी। शुक्रवार को महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम उसे कई घंटे तक तलाश करती रही।

दरअसल महिला के अधारकार्ड पर लिखे पते पर पुलिस पहुंची तो पता चला कि अधार कार्ड में लिखा पता गलत है। इसके साथ उसमें लिखा मोबाइल नंबर भी गलत था। किसी तरह से महिला का पता लगाते हुए पुलिस महिला के मायके पहुंच गई और उसे पकड़कर कोविड-19 हॉस्पिटल मे एडमिट कराया। महिला की ट्रेवल हिस्ट्री के अनुसार 85 लोग संपर्क में आए है।

23 हॉटस्पॉट एरिया
शहर में जितनी तेजी से संक्रमितों की संख्या बढती जा रही है। उसी तेजी के साथ शहर में हॉटस्पॉट एरिया भी बढते जा रहे हैं। बीते शुक्रवार को आई रिपोर्ट में चार नए हॉटस्पॉट एरिया घोषित किए गए हैं। जिसमें शौकतअली पार्क, मीरपुर कैंट, चमनगंज का प्रेमनगर और मन्नापुरवा का इलाका है, जहां बैरिकेडिंग लगाकर पूरे एरिया को सील कर दिया गया है।



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कानपुर में 37 नए मरीज सामने आए हैं। इसके बाद शहर में संक्रमितों की संख्या 144 पहुंच गई है। जिसमें से 9 संक्रमितों को उपचार के बाद हॉस्पिटल से डिस्चार्ज कर दिया गया है।




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इंडो​नेशिया के 8 जमाती समेत 10 गिरफ्तार कर भेजे गए जेल, पॉजिटिव महिला ने बच्चे को दिया जन्म

उत्तर प्रदेश में कोरोनावायरस का असर तेजी से फैलता जा रहा है। इस बीच जिले के सरधना कसबे की एक मस्जिद में पकड़े गए 9 विदेशी जमामितयों में से 8 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। इनके साथ दो इनके ट्रांसलेटर भी जेल गए हैं, वह दोनों भारतीय हैं। इनके खिलाफ थाना सरधना में वीजा शर्तों का उल्लंघन और लॉकडाउन का पालन न करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था। वहीं जिले में एक कोरोना पॉजिटिव महिला ने भी एक बच्चे को जन्म दिया है।

इंडोनेशिया के 9 जमाती और उनके साथ दो ट्रांसलेटर सरधना की एक मस्जिद में लॉकडाउन की शर्तों का उल्लघन करते हुए बिना सूचना दिये यहां मिले थे। इनकी जब जांच करायी गई तो एक विदेशी समेत दो में कोरोना पॉजिटिव मिला था। जिसके बाद कोरोना पॉजिटिव मिले जमाती को मेडिकल अस्पताल में भर्ती कर दिया गया था और बाकि को सुभारती अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में क्वारैंटाइन ​कर दिया गया था।

पुलिस के मुताबिक शु्क्रवार को सुभारती में भर्ती इन इंडोनिशेया के जमातियों का क्वारेंटाइन पीरियड पूरा हो गया। सभी की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद इन्हें गिरफ्तार कर सर छोटूराम इंजीनियरिंग कॉलेज में बनायी गई अस्थायी जेल भेज दिया गया। इंडोनेशिया के 9 विदेशी और 2 ट्रांस्लेटरों के खिलाफ सरधना थाने में वीजा शर्तो का उल्लंघन और लॉक डाउन का पालन न करने की धाराओं में मुकद्दमा दर्ज किया गया था।

कोरोना पॉजिटिव महिला ने बच्चे को जन्म दिया

मेरठ में कोरोना पॉजिटिव निकली महिला ने शनिवार को एक बच्चे को जन्म दिया।

वहीं, जिले में कोरोना पॉजिटिव गर्भवती महिला ने अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया। बच्चा स्वस्थ्य है, फिलहाल उसे परिवार के लोगों को सौंप दिया गया है। हालांकि बच्चे को बिना जांच किये परिवार को सौंप दिये जाने पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। बच्चे की जांच पांच दिन बाद कराने की बात कही गई है।

कोरोना पॉजिटिव गर्भवती महिला का इलाज मेडिकल अस्पताल के कोरोना वार्ड में चल रहा है। रूटीन चेकअप के दौरान एक निजी अस्पताल में जांच के बाद उसकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आयी थी। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रजबन बाजार एरिया में रहने वाली इस महिला को भर्ती कर लिया गया था, जबकि उसके परिवार के लोगों को क्वारैंटाइन कर दिया था। परिवार के सभी लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आयी है।



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इंडो​नेशिया के 8 जमाती समेत 10 गिरफ्तार कर भेजे गए जेल भेज दिया गया। इन सभी लोगों पर विदेशी बीजा नियमों के उल्लंघन का आरोप था।




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शहर में आज 10 और पॉजिटिव मामले सामने आए, अब तक संकमित मरीजों की संख्या पहुंची 358

आगरा में कोरोना वायरस का प्रकोप थम नहीं रहा है। शनिवार सुबह 10 और लोगों की जांच रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है। जिले में अब संक्रमितों की संख्या 358 हो गई है। अब तक आठ संक्रमितों की मौत भी हो चुकी है और इनमें से 31 लोग ठीक होकर घर जा चुके हैं।वहीं आज 10 लोग और डिस्चार्ज किए जा सकते हैं। इनकी लगातार दूसरी रिपोर्ट निगेटिव आई है। उधर, ताजनगरी में कोरोना वायरस अब तक आठ लोगों की जान ले चुका है। 21 अप्रैल को एक सराफ और दूसरे 35 वर्षीय सेल्समैन की मौत हो गई। मौत के तीन दिन बाद शुक्रवार शाम को उनकी जांच रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है।


पुलिस लाइन में खाना बनाने वाला (फॉलोअर), कमला नगर का थोक दवा कारोबारी, एसएन मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर, वार्ड ब्वॉय और नर्स, लुहार गली का कपड़ा व्यापारी संक्रमित मिले हैं। फॉलोअर में कोरोना मिलने से पुलिस लाइन में हड़कंप मचा हुआ है। संक्रमित के संपर्क में आए लोगों की सूची तैयार हो रही है।

पुलिस लाइन में खाना बनाने वाला संक्रमित मिला

पुलिस में पहली बार कोई संक्रमित मिला है।इससे पहले हरीपर्वत थाना में संक्रमण की आशंका पैदा हुई थी, जब हवालात में रहा चोर संक्रमित मिला। लेकिन पुलिसकर्मियों की रिपोर्ट निगेटिव आई।एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि फॉलोअर संक्रमित मिला है। उसके साथियों की जांच कराई जाएगी।एसएन मेडिकल कॉलेज में तीन जूनियर डॉक्टर पहले ही संक्रमित मिल चुके हैं। अब एक और मिला है। हालांकि उसका सैंपल मैनपुरी से लिया गया। वो सात दिन पहले एसएन से छुट्टी लेकर गया था। यहां वार्ड ब्वॉय और नर्स भी संक्रमित मिले हैं।पहले भी चार वार्ड ब्यॉय कोरोना पॅाजिटिव मिल चुके हैं। इनके संपर्क में आए लोगों को भी क्वारंटीन किया गया है।

अभी तक 30 लोग ठीक हुए
शहर में कोरोना के मरीज भले ही लगातार बढ़ रहे हों, लेकिन ठीक होने वाले मरीज भी बढ़ रहे हैं। अभी तक 30 लोग ठीक होकर घर जा चुके हैं। खंदारी क्षेत्र के रहने वाले जूता कारोबारी और उनका मैनेजर उसकी पत्नी दिल्ली से ठीक होकर आए थे। चार मरीज जिला अस्पताल से डिस्चार्ज हुए हैं। बाकी के मरीज एसएन मेडिकल कॉलेज से ठीक हुए हैं।



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आगरा में 10 और पॉजिटिव पाए जाने के बाद यहां कीसंख्या 358 तक पहुंच चुका है। आगरा के जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि नए इलाकों को सील किया जा रहा है।




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यूपी सरकार ने 6 तरह के भत्तों पर लगाई रोक, 16 लाख से भी ज्यादा कर्मचारी व 11.82 लाख पेंशनर होंगे प्रभावित

उत्तर प्रदेश में कोविड-19 महामारी के मद्देनजर प्रदेश सरकार ने भी केंद्र की तरह अपने कर्मियों का जनवरी से प्रस्तावित महंगाई भत्ता व पेंशनरों के महंगाई राहत रोकने का एलान किया है। सरकार ने राज्य कर्मचारियों के 6 तरह के भत्तों पर रोक लगाई हैं। इसे 31 मार्च 2021 तक स्थगित रखा जाएगा। इसमें मंहगाई भत्ता विभागीय भत्ते, सचिवालय भत्ता, पुलिस भत्ता भी शामिल हैं।


16 लाख कर्मचारी व 11.82 लाख पेंशनर पर इसका असर पड़ेगा। प्रदेश सरकार केंद्र के फैसले पर हर संभव अमल का प्रयास करती है उसी क्रम में यह निर्णय लिया गया हैं। विधायकों व मंत्रियों के वेतन भत्ते व विधायक निधि में कटौती व स्थगन से लेकर सरकारी दफ्तरों को खोलने से जुड़े सभी निर्णय इसकी बानगी हैं। ऐसे में आर्थिक तंगी का सामना कर रही सरकार कर्मचारियों के महंगाई भत्ते व महंगाई राहत पर फैसला भी जल्दी ही ले सकती है। डेढ़ वर्ष का डीए व डीआर रोका जाता है तो 9 से 10 हजार करोड़ रुपये की बचत हो सकती है।

हर जिले में फोकस टीम बनाइए: सीएम
वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टीम 11 के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से कहा कि संक्रमण रोकने के लिए हर जिले में फोकस टीम बनाइए। किसी भी सूरत में वायरस के संक्रमण का प्रसार नहीं होना चाहिए। उन्होंने निर्देशित किया कि कोरोना योद्धाओं के लिए पीपीई किट्स N-95 मास्क की उपलब्धता सुनिश्चित करें।



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केंद्र सरकार की तरह ही अब योगी सरकार ने भी अपने कर्मचारियों के कई भत्तों पर रोक लगा दी है। इससे यूपी सरकार को करीब दस हजार करोड़ रुपए की बचत होने की उम्मीद है।




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देवबंद से आए युवक ने फैलाया संक्रमण; एक साथ 19 लोग पाए गए पॉजिटिव, जिले में 21पहुंचा मरीजों का आंकड़ा

उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण का मामला लगातार सामने आ रहा है। इस बीच संतकबीरनगर जिले में 19 और नए पॉजिटिव केस मिले हैं। जिसके बाद अधिकारियों में बेचैनी बढ़ गई है। शुक्रवार की रात आई रिपोर्ट में जिले में 19 और लोग कोरोना पॉजिटिव पाए हैं। इसमें 18 लोग मगहर और एक युवक बखिरा इलाके के तिलाठी गांव का है। अब तक जिले में कुल 21 लोग कोरोना पॉजिटिव मिल चुके हैं।

अधिकारियों के मुताबिक, इन सभी का नमूना मेडिकल कॉलेज में जांच को भेजा गया था। सीएमओ डॉक्टर हरि गोविंद सिंह ने बताया शुक्रवार की रात आई रिपोर्ट में 19 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। जिसमे 18 लोग मगहर के रहने वाले हैं। जबकि एक युवक बखिरा इलाके का निवासी है।

पूरे इलाके को सील करने का आदेश दिया गया

डीएम और एसपी शनिवार को तड़के ही मगहर और तिलाठी गांव पहुंचे और चारों तरफ से सील कराने का निर्देश दिया।देवबंद से आए मगहर का रहने वाला 23 वर्षीय युवक दो दिन पूर्व जांच में कोरोना पॉजिटिव मिला था। उसके परिवार के 30 लोग और संपर्क के 26 लोग जिला अस्पताल क्वारैंटाइन कराए गए थे।

एएसपी असित श्रीवास्तव ने बताया कि मगहर कस्बा और उसके इर्द गिर्द तीन किलोमीटर का दायरा सील करा दिया गया है। जबकि तिलाठी गांव को चारों तरफ से सील कराते हुए पुलिस की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।



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देवबंद से आया एक युवक दो दिन पहले ही पॉजिटिव पाया गया था। अब उसी परिवार से जुड़े 19 लोग पॉजिटिव पाए गए हैं। सभी के सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे जिनकी रिपोर्ट आज आयी।




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संक्रमित मरीज 1778, इनमें से 1504 एक्टिव केस; सरकार ने कहा- 82 बसों से 2224 मजूदरों को हरियाणा से वापस लाया गया

उत्तर प्रदेश में कोरोनावायरस संक्रमित मरीजों की संख्या दिनों दिन बढ़ती जा रही हैं। वहीं दूसरी ओर योगी सरकार ने यूपी के बाहर रहे हैं यहां के मजूदरों के लिए भी कारगर कदम उठाया है। उप्र सरकार के अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने कहा कि शनिवार को हरियाणा से 2224 मजदूरों को 82 बसों से यूपी लाया गया है। घर भेजने से पहले उन्हें क्वारैंटाइन में रखा जाएगा। वहीं,यूपी में संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 1778 तक पहुंच गई है। यूपी में अब तक 26 लोगों की मौत हो चुकी है।

उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव स्वासथ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि राज्य में सक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 1778 तक पहुंच गई है। इनमें 1504 एक्टिव केस हैं। अभी तक 243 लोगों को डिस्चार्ज किया गया है और अब तक यूपी में 26 लोगों की मौत हुई है।

226 कोरोना मरीजस्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज हुए: आगरा से 18, लखनऊ से 9, गाजियाबाद से 16, गौतमबुद्धनगर (नोएडा) से 56, लखीमपुर-खीरी से 4, कानपुर नगर से 7, पीलीभीत से 2, मोरादाबाद से 1, वाराणसी से 6, शामली से 15, जौनपुर से 4, बागपत से 1, मेरठ से 33, बरेली से 6, बुलन्दशहर से 2, गाजीपुर से 5, आज़मगढ़ से 3, फ़िरोज़ाबाद से 3, हरदोई से 2, प्रतापगढ़ से 6, शाहजहांपुर से 1, महराजगंज से 6, हाँथरस से 4, बाराबंकी से 1, कौशाम्बी से 2, सीतापुर से 8, प्रयागराज से 1 व रामपुर से 4 कोरोना पेशेंट्स को स्वस्थ करवाकर डिस्चार्ज किया गया है।

वहीं अभी तक उत्तरप्रदेश के आगरा में 358, लखनऊ में 205,कानपुर नगर में 125, सहारनपुर में 123, गौतमबुद्धनगर (नोएडा) में 112, 2, मुरादाबाद में 104, बरेली में फिरोजाबाद में 75 मामले शामिल आए हैं। इन जिलों ने शासन के अधिकारियों की मुश्किलें भी बढ़ा दी है।

यूपी में अभी तक26की मौतें: प्रदेश में अब तक कोरोना से कुल 26मौतें हुईं हैं। प्रदेश में 90,471 लोगों ने सर्विलांस की 28 दिन की समय सीमा पूरी की गई हैं। प्रदेश में कुल 91,719 पैसेंजर्स को ऑब्जर्वेशन में रखा गया है। 11,936 लोगों को इंस्टीट्यूशनल क्वॉरेंटाइन में रखा गया है।



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उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने कहा है कि उप्र सरकार हरियाणा से 2000 से अधिक मजदूरों को यूपी लाई है। उन्हें अलग-अलग जगहों पर क्वारैंटाइन कराया गया है।




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30 जून तक सार्वजनिक कार्यक्रमों पर प्रतिबंध, योगी सरकार ने 16 लाख कर्मचारियों का महंगाई भत्ता जून 2021 तक रोका

उत्तरप्रदेश में कोरोना केमरीजों की संख्या बढ़कर 1778 हो गई है। इनमें से 26 लोगों की मौत हुई, जबकि 243 मरीज ठीक हो चुके हैं। शनिवार सुबह तक लखनऊ में 19,कानपुर में 37 और आगरा में 23 नए संक्रमित मिले। मुख्यमंत्रीयोगी आदित्यनाथ ने 30 जून तक प्रदेश में सामूहिक कार्यक्रमों पर रोक लगाने के लिए निर्देश दिए हैं। सरकार ने कर्मचारियों का महंगाई भत्ता जून 2021 तक रोकने का भी फैसला लिया है। वहीं, हरियाणा में फंसे2 हजार 224 कामगार भी वापस प्रदेश लौटे हैं। इन्हें घर जाने से पहले क्वारैंटाइन किया गया है।

केंद्र की तरह यूपी सरकार ने भी अपने कर्मियों का जनवरी से प्रस्तावित महंगाई भत्ता व पेंशनरों का महंगाई राहत रोकने का ऐलान किया है। सरकार ने छह तरह के भत्ते भी स्थगित कर दिए हैं। यूपी सरकार ने महंगाई भत्ते (डीए) पर भी रोक लगा दी है। अब कर्मचारियों और पेंशनरों को डीए भी नहीं मिलेगा। एक जनवरी 2020 से जून 2021 तक डीए बंद रहेगा। इसके अलावा सचिवालय भत्ता, पुलिस भत्ता भी बंद कर दिया गया है। इससे यूपी में 16 लाख से ज्यादा कर्मचारी प्रभावित होंगे। वहीं, 11.82 लाख पेंशनरों को झटका लगा है। इस फैसले से करीब 10 हजार करोड़ रुपये की बचत हो सकती है।

लखनऊ: राजधानी में कोरोना का असर बढ़नेलगा है। शुक्रवार को बिरहाना में केबल ऑपरेटर की पत्नी समेत 19 लोगों में संक्रमित मिले। इनमें 6 जमाती औरएक कौशाम्बी का रहने वाला बताया गया। उर्दू फारसी विवि में क्वारैंटाइन6 जमातियों की दोबारा जांच में कोरोना पॉजिटिव की पुष्टि हुई। हालांकि इनकी पहली रिपोर्ट निगेटिव आई थी। अब तक राजधानी में मरीजों की संख्या 197 तक पहुंच गई। इनमें76 तब्लीगी जमात के लोगशामिल हैं।

वाराणसी:पुलिस को लाॅकडाउन पालन करवाने में मश्क्कत करनी पड़ रही है। प्रतिबंध के बावजूद शहर के सबसे वीआईपी इलाके छावनीमें मॉर्निंग वॉक करने के लिए लोग घरों से निकल रहे हैं। शनिवार कोपुलिस ने लोगों को हिदायत देकर वापस कराया।वहीं, पूर्वांचल की सबसे बड़ी दवा की मंडी सप्तसागर को 3 दिनों के लिए बंद कर दिया गया। शुक्रवार को मड़ौली निवासी एक दवा कारोबारी कोरोना पॉजिटिव पाया गया। लॉकडाउन के दूसरे चरण में मिली राहत के बाद बिजली उपकरण, स्टेशनरी की कुछ दुकानें भी खुल गई हैं।

वाराणसी में बिजली और स्टेशनरी की दुकानें खुलते ही वहां भी ग्राहक जमा हो गए।

नोएडा:गौतमबुद्धनगर जिलेमें शुक्रवार देर शाम एक साथ 6 मामलेसामने आए। इसके बाद जनपद में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 109 पहुंच गई। इनमें अबतक 56 मरीज ठीक हो चुके हैं।जबकि 53 लोगों का इलाज अलग-अलग आइसोलेशन वार्ड में चल रहा है।

मेरठ:मेरठ में एक और गर्भवती महिला में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई। सीएमओ डॉ. राजकुमार ने बताया किजिलेमें अब कोरोना के मरीजों की कुलसंख्या 87 हो ग। अब तक चार लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है। जबकि 30 मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं।

सहारनपुर: लॉकडाउन समेत अन्य नियमों का उल्लंघनके आरोप में अस्थाईजेल भेजेगए जमातियों में से एक कोरोना संक्रमित मिला। अब यहां 64 अन्य जमातियों केफिर से सैंपल लिएजाएंगे। संक्रमित जमाती कोकोरोना सर्विलांस टीम ने जांच करआइसोलेट करवाया।



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लखनऊ के बिरहाना में शुक्रवार देर शाम एक साथ 19 लोगों में कोरोनावायरस की पुष्टि होने के बाद इलाके को सील कराया गया। प्रशासन का कहना था कि बैरीकेड्स लगाकर आवागमन बंद किया जाएगा। आसपास सैनिटाइज किया जाएगा।




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राज्य कर्मचारियों के 6 तरह के भत्तों को रोकने पर करीब 10 हजार करोड़ रुपए की बचत का अनुमान, अलग-अगल ग्रेड पे के हिसाब से होगी कटौती

लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार ने कोविड19 महामारी में लॉकडाउन घोषित होने के बाद राज्य सरकार ने छह तरह के भत्ते पर रोक लगा दी हैं। राज्य कर्मचारियों के 6 तरह के भत्तों पर 31 मार्च 2021 तक स्थगित कर दिया गया हैं। इसमें मंहगाई भत्ता विभागीय भत्ते, सचिवालय भत्ता, पुलिस भत्ता भी शामिल हैं। इससे यूपी में 16 लाख से ज्यादा कर्मचारी प्रभावित होंगे। वहीं 11.82 लाख पेंशनरों को झटका लगा है। आर्थिक तंगी का सामना कर रही राज्य सरकार को कर्मचारियों के महंगाई भत्ते व महंगाई राहत पर फैसला लेने से करीब 10 हजार करोड़ रुपये की बचत होने का अनुमान हैं। वहीं इस कटौती का विरोध पेंशनर यूनियन और कर्मचारियों नेताओं ने किया है।

ये हैं छह भत्ते जिसको किया गया हैं रद्द

  • नगर प्रतिकर भत्ता: नगर प्रतिकर भत्ते को ग्रेड-पे में 1300 से 1800 ग्रेड-पे के कर्मचारियों को लेवल-1, 1900 से 2000 तक के ग्रेड पे वाले कर्मचारियों को लेवल-2 से लेवल-5 तक, 4200 से 4800 ग्रेड-पे वाले कर्मचारियों को लेवल-6 से लेवल-8 और 5400 से अधिक ग्रेड-पे वाले कर्मचारियों को लेवल-9 और ऊपर के लेवल में रखा गया है। इसमें शहर के हिसाब से 300 रुपये से लेकर 800 रुपये भत्ता मिलता हैं। अनुमान में करीब 80 करोड़ रुपये प्रत्येक माह यूपी में खर्च होते हैं।
  • सचिवालय भत्ता: करीब आठ हजार कर्मचारियों को मिलने वाला यह भत्ता 500 रुपया मिलता है।
  • पुलिस विभाग में अपराध शाखा, अनुसंधान विभाग, भ्रष्टाचार निवारण, सतर्कता अधिष्ठान, सुरक्षा शाखा एवं विशेष जांच शाखा में तैनात पुलिस कर्मियों में कटौती
  • अवर अभियन्ता को अनुमान्य भत्ता
  • लोक निर्माण विभाग में तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों के अनुमान्य रिसर्च भत्ता
  • सिचांई विभाग में तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों आई एंड पी भत्ता एवं अर्दली भत्ता

आदेश को वापस लेने और विचार करना चाहिए
सचिवालय संघ के अध्यक्ष यादवेंद्र मिश्र का कहना है राष्ट्रीय आपदा में कर्मचारी आर्थिक सहयोग प्रदान करने में पीछे नहीं है। मंहगाई भत्ते की फ्रीजिंग पर उसे अधिक आपत्ति नहीं थी लेकिन 6 भत्तों को मार्च, 2021 तक स्थगित करने से कर्मचारी जगत में काफी नाराजगी व्यक्त की है। वित्त विभाग के अधिकारी सरकार और कर्मचारी संगठनों को आमने सामने करने से बाज नहीं आ रहे हैं। मिश्र ने भत्तों के स्थगन संबंधी आदेश को वापस लेने पर सरकार को विचार करना चाहिए।

चपरासी की सैलरी से भत्ता कटने से तीन हजार सरकार को मिलेंगे: वित्त विभाग के एक कर्मचारी ने बताया कि, उत्तर प्रदेश में चपरासी की सैलरी का अनुमान करीब 30 हजार रुपये के आस पास हैं। इसमें करीब 2500 से 3000 रुपए की कटौती होगी। सीनियर और जूनियर के हिसाब से भत्ते में कटौती भी होगी। इसी तरह प्रत्येक श्रेणी के कर्मचारियों की सैलरी के हिसाब कटौती की जाएगी।



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योगी सरकार ने केंद्र सरकार की तरह ह सरकारी कर्मचारियों के डीए पर रोक लगा दी है। आर्थिक तंगी का सामना कर रही राज्य सरकार को कर्मचारियों के महंगाई भत्ते व महंगाई राहत पर फैसला लेने से करीब 10 हजार करोड़ रुपये की बचत होने का अनुमान है।




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भाजपा सांसद ने कहा- जो जमातियों की सूचना देगा उसे 11 हजार रुपए का इनाम मिलेगा, नाम गुप्त रखा जाएगा

सलेमपुर लोकसभा के भाजपा सांसद रविंद्र कुशवाहा ने अपने संसदीय क्षेत्र में कोरोना संदिग्धों, जमातियों व बीमारी तक पहुंचने के लिए अनोखी पहल की है। संदिग्ध जमातियों व बाहरी कोरोना मरीजों की जानकारी देने वाले को 11 हजार रुपया का इनाम घोषित किया है। इस संदर्भ में सूचना देने वाले का नाम व पता गुप्त रखा जायेगा किंतु संदिग्ध की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद ही इनाम की राशि दी जायेगी।

उन्होंने साथ ही संबंधित मरीज के इलाज व परिजनों के भरण पोषण का खर्चा देने का भी ऐलान किया है। सांसद उक्त सूचना का प्रचार लगातार सोशल साइट फेसबुक के माध्यम से कर रहे हैं। सांसद ने बाहरी संदिग्ध लोगों के छिपे होने की लगातार मिल रही शिकायतों से निपटने के लिए उक्त घोषणा किया है।

सांसद ने अपने क्षेत्र में तब्लीगी जमात या देश के किसी भी प्रांत के कोरोना प्रभावित क्षेत्र से आएं लोगों से अपील किया कि वे घरों या मस्जिदों में न छिपे। वे प्रशासन की मदद से अपना इलाज करवाएं और संक्रमित व्यक्ति एवं उसके परिवार के भरण पोषण हेतु वे स्वयं 5 हजार से 50 हजार रुपए तक की सहायता राशि देंगे। साथ ही प्रशासन का भी भरपूर सहयोग मिलेगा। इस पहल को भी सैकड़ों लोगों ने सराहा।

इससे पहले जौनपुर के डीएम ने की थी इनाम देने की घोषणा

जौनपुर जिले के डीएम ने छिपे हुए तब्लीगी जमातियों की सूचना देने वालों को 5100 रुपये इनाम देने का ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि दिल्ली मरकज से लौटकर कई जमाती यहां पर आए हैं, जो छिपे हुए हैं। उन्होंने जानकारी देने वाले का नाम गुप्त रखने का भी आश्वासन दिया है।इससे पहले 10 अप्रैल को आजमगढ़ के एसपी त्रिवेणी सिंह ने भी जमातियों की जानकारी देने पर 5 हजार रुपए देने का ऐलान किया था।



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सलेमपुर से भाजपा सांसद रवींद्र कुशवाहा ने ऐलान किया है कि जो छिपे हुएजमातियों के बारे में सूचना देगा उसे 11 हजार रुपए इनाम दिया जाएगा।




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मध्य प्रदेश में 1 लाख, छत्तीसगढ़ में 15 हजार शादियां टलीं; ज्वैलरी न बिकने से राजस्थान में 1.5 हजार करोड़ का नुकसान

हमारे देश में कोई भी शुभ काम शुरू करने से पहले शुभ मुहूर्त देखा जाता है। लेकिन, अक्षय तृतीया एक ऐसा दिन होता है, जब कोई भी शुभ काम शुरू करने के लिए किसी शुभ मुहुर्त की जरूरत नहीं होती। यही कारण है कि इस दिन देशभर में सबसे ज्यादा शादियां होती हैं।


एक अनुमान के मुताबिक, देश में हर साल 1 करोड़ से ज्यादा शादियां होती हैं। इनमें से ज्यादातर शादियां अक्षय तृतीया के दिन ही हो जाती है। लेकिन, इस बार कोरोनावायरस और लॉकडाउन की वजह से शादियां टल गई हैं।


शादियां टलने का असर ज्वैलरी बाजार पर भी पड़ना तय है। क्योंकि, वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की रिपोर्ट बताती है कि एक दुल्हन के लिए औसतन 200 ग्राम तक की ज्वैलरी खरीदी जाती है। इस दिन सोना खरीदना भी शुभ माना जाता है, इसलिए ज्यादातर लोग भी ज्वैलरी खरीदते हैं। पिछले साल ही अक्षय तृतीया पर 23 हजार किलो सोने की बिक्री हुई थी।


हालांकि, इस बार कोरोनावायरस ने सबकुछ खराब कर दिया। भास्कर ने जब उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश समेत 7 राज्यों में जाकर स्थिति समझने की कोशिश की तो पता चला कि अक्षय तृतीया पर शादी-विवाह और खरीददारी नहीं होने की वजह से 5 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा नुकसान होने की आशंका है।

1) मध्य प्रदेश : 1 लाख से ज्यादा शादियां टलीं, 2 से 3 हजार करोड़ का नुकसान
अक्षय तृतीया पर पूरे प्रदेश में 1 लाख से ज्यादा शादियां होती हैं। इस दौरान हर साल 2 से 3 हजार करोड़ रुपए का कारोबार भी होता है। लेकिन, शादियों के टलने से इस बार इतना कारोबार होने की जरा भी उम्मीद नहीं है।


इसी तरह, राज्य में मुख्यमंत्री कन्या विवाह-निकाह योजना के तहत 26 अप्रैल को 25 से ज्यादा शादियां होनी थीं, जिन्हें भी टाल दिया गया है। इन शादियों पर सरकार का 127 करोड़ रुपए खर्च होता।

सूरत के हीरा कारोबारी महेशभाई सवाणी ने 23 दिसंबर 2018 को 261 युवतियों की शादी करवाई थी। इनमें 6 मुस्लिम और तीन ईसाई थीं।

2) राजस्थान : लॉकडाउन में मौन रहेंगी शहनाइयां, 1.5 हजार करोड़ का होगा नुकसान
अक्षय तृतीया के दिन होने वाली 20 हजार से ज्यादा शादियां टल गई हैं। शादी-विवाह से जुड़े एक कारोबारी का अनुमान है, 16 से 30 अप्रैल तक राज्य में होने वाले 25-30 हजार शादी-विवाह पहले ही टल चुके हैं। इससे करीब 1.5 हजार करोड़ रुपए का नुकसान होने की आशंका है। राजस्थान किराया टेंट व्यापार व्यवसाय समिति के अध्यक्ष रवि जिंदल के मुताबिक, कोरोना का असर मई में होने वाली शादियों पर भी पड़ेगा।


3) छत्तीसगढ़ : 15 हजार शादियां होनी थीं, करोड़ों का कारोबार अटका
पिछले साल आचार संहिता और इस बार कोरोना की वजह से अक्षय तृतीया के दिन सरकार की तरफ से कराए जाने वाले शादी-विवाह टल गए हैं। इस साल सरकार की तरफ से 10 हजार और समाज की तरफ से 5 हजार शादी-विवाह होने थे, लेकिन सभी की तारीखें आगे बढ़ गई हैं। सरकार की ओर से होने वाले सामूहिक विवाह में हर जोड़े पर 25 हजार रुपए खर्च के हिसाब से 25 करोड़ रुपए का बजट तय था।


इसके साथ ही बैंड, टेंट, डीजे, सराफा, होटल, कपड़ों समेत हजार करोड़ रुपए का कारोबार अटक गया है। राजधानी रायपुर में ही सराफा कारोबारियों को एक दिन में 400 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।


4) उत्तर प्रदेश : लखनऊ में 501 शादियां टलीं, इसमें राष्ट्रपति भी आने वाले थे
लखनऊ के समाज कल्याण अधिकारी अमरनाथ के मुताबिक, 5 मई को सामूहिक विवाह योजना के तहत 501 जोड़ों की शादियां होनी थीं। इसमें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी शिरकत करने वाले थे। लेकिन, लॉकडाउन के कारण कार्यक्रम टल गया है।


लॉकडाउन की वजह से बाजार बंद पड़े हैं और सराफा दुकानों पर ताले लटके हैं। आदर्श सराफा व्यापार मंडल के अध्यक्ष राजेश सोनी बताते हैं, लॉकडाउन के कारण हर दिन कारोबारियों को 7 से 10 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है। अकेले अक्षय तृतीया के दिन ही 1200 करोड़ रुपए का नुकसान होने का आंकलन है। इस दिन लखनऊ में ही 200 करोड़ रुपए तक का कारोबार होता है, लेकिन इस बार इसके भी चांस नहीं हैं।

ये तस्वीर एक राजस्थानी महिला की है, जिसकी शादी पिछले साल अक्षय तृतीया के मौके पर अहमदाबाद में हुए सामूहिक विवाह समारोह में हुई थी।


5) बिहार : अक्षय तृतीया पर 100 करोड़ की ज्वैलरी बिकती है, लेकिन इस बार सब बंद
अक्षय तृतीया के मौके पर बाजारों में खूब रौनक रहती है, लेकिन लॉकडाउन की वजह से इस बार बाजार सूने हैं। पाटलिपुत्र सराफा संघ के अध्यक्ष विनोद कुमार ने बताया कि, पिछले साल अक्षय तृतीया पर 45 करोड़ रुपए का कारोबार हुआ था। लॉकडाउन नहीं रहता तो इस बार 50 करोड़ का कारोबार होने की उम्मीद थी। वहीं, राज्यभर में करीब 100 करोड़ रुपए की ज्वैलरी बिकती थी। इसके अलावा, इस बार शादियां टलने की वजह से कोई एडवांस ऑर्डर भी नहीं है।


6) महाराष्ट्र : ज्यादातर शादियां या तो कैंसिल हो गईं या आगे बढ़ गईं
कोरोना से बुरी तरह प्रभावित महाराष्ट्र में भी अक्षय तृतीया के दिन होने वाली शादियां टल गई हैं। यहां गुड़ी पड़वा के बाद इसी को शुभ मुहूर्त माना जाता है। लेकिन, गुड़ी पड़वा भी लॉकडाउन में गुजरा और अक्षय तृतीया में भी यही हालात हैं।


अकेले मुंबई की बात करें तो साउथ मुंबई में 55, सेंट्रल मुंबई में 49, वेस्टर्न मुंबई में 141, नॉर्थ मुंबई में 96, नॉर्थ-ईस्ट मुंबई में 65 और मुंबई से सटे ठाणे और नवी मुंबई में करीब 75 से ज्यादा रजिस्टर्ड मैरिज और बैंक्वेट हॉल हैं। जनवरी के पहले हफ्ते में इनमें से 70% बुक हो चुके थे। लेकिन, लॉकडाउन के बाद लोगों ने या तो शादी ही कैंसिल कर दी है या आगे बढ़ा दी है।


शादियां कैंसिल होने के बाद होटल्स भी बुकिंग के पैसे वापस कर रहे हैं।


7) पंजाब : 8 हजार शादियों की तारीख बदली
पंजाब की ढाई करोड़ की आबादी में से ज्यादातर लोग सिख मान्यता के अनुसार गुरुद्वारे में गुरु ग्रंथ साहिब को साक्षी मानकर शादी करते हैं। इसे आनंद कारज कहते हैं। यहां अक्षय तृतीया जैसे किसी मुहूर्त का कोई खास महत्व नहीं होता। हिंदू मान्यता मानने वाली सामाजिक संस्था विवाह करवाती हैं, लेकिन इस बार ऐसा कुछ भी देखने को नहीं मिल रहा।


राज्य में 16 से 30 अप्रैल के बीच 8 हजार से ज्यादा शादियां होनी थीं, लेकिन लॉकडाउन और कोरोना के कारण इन्हें टाल दिया गया है। इस बीच कुछ शादियां हुई भी हैं, लेकिन उनमें परिवार के दो-तीन सदस्य ही शामिल हुए।



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Akshaya Tritiya Jewellery Business 2020 and Coronavirus Lockdown Update | Mass Marriage Postponed In Madhya Pradesh Rajasthan Uttar Pradesh




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3 पुलिसकर्मियों समेत 21 नए पॉजिटिव पाए गए; हॉटस्पॉट इलाकों में बढ़ रहे मामले, शहर में संक्रमितों की संख्या 165 पहुंची

कानपुर में शहर के हॉटस्पॉट एरिया में तेजी संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है। शनिवार को दो चरणों में आई रिपोर्ट में 21 लोग संक्रमित पाए गए है। जिसमें शहर का डेंजर जोन बन चुके कुली बाजार से 12 लोग संक्रमित पाए गए है। इसके साथ ही तीन और सिपाही संक्रमित पाए है। शहर में पॉजिटिव मरीजों की संख्या 165 पहुंच गई है। जिसमें 9 पेसेंट डिस्चार्ज हो चुके है और तीन की मौत हो चुकी है। वहीं कोरोना ने पुलिस विभाग भी पैर पसारना शुरू कर दिया है। पांच पुलिस कर्मियों में संक्रमण की पुष्टी हो चुकी है।

शनिवार को शहर के तीन और पुलिसकर्मीयों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। जिससे पुलिस विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। कुली बाजार हॉटस्पॉट एरिया में तीनों सिपाहियों की ड्यूटी लगाई गई थी । तीनों सिपाहियों में दो अनवरगंज थाने की बैरक में रहते है और एक सिपाही कोतवाली थाने में बने अवासीय परिसर में परिवार के साथ रहता है। तीनों सिपाहियों को कोविड-19 हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। सिपाहियों के संपर्क में आने वालों सैंपल लेकर जांच के लिए जांच के लिए भेजा गया है। इसके साथ ही क्लोज संकर्प में आने वालों को क्वारैंटाइन कराया गया है। इसके साथ दो अन्य सिपाही भी संक्रमित पाए गए थे । इनकी भी ड्यूटी कुली बाजार एरिया में लगी थी।

हॉटस्पॉट इलाकों में आ रहे ज्यादा मामले

शहर का हॉटसपॉट एरिया कुली बाजार शहर का सबसे खतरनाक इलाका घोषित किया गया है। कुली बाजार के सबसे अधिक संक्रमित लोग पाए है। इस एरिया में तब्लीगी जमातियों का आना जाना था । जमातियों ने बड़ी संख्या में लोगों के घरों-घरों पर जाकर धार्मिक प्रचार किया था। इनके संपर्क मे आने वाले मदरसा छात्र , मस्जिद के मोअज्जिन और आम लोग हैं। कुली बाजार में बीते शनिवार को 12 नए संक्रमित मिले है। इस क्षेत्र से लगभग 91 संक्रमित सामने आ चुके हैं।

जिस प्रकार से कोरोना मरीजों की संख्या बढ रही है उसी प्रकार शहर में नए हॉटस्पॉट एरिया भी बढ रहे हैं। बीते शनिवार को दो संक्रमित नए मसवानपुर और तलाक महल से मिले हैं। पुलिस ने मसवानपुर और तलाक महल की एक किलोमीटर के एरिया को सील कर दिया हैं। यह दोनों इलाके हॉटस्पॉट घोषित किए गए हैं।



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पिछले 24 घंटोंं के भीतर तीन पुलिसकर्मियों समेत 21 लोग पॉजिटिव पाए गए हैं। यहां स्थिति नियंत्रण से बाहर होती जा रही है। ज्यादातार मामले हॉटस्पॉट इलाकों में ही सामने आ रहे हैं।




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कोर टीम की बैठक में योगी ने कहा- चिकित्साकर्मियों की सुरक्षा के लिए बनाएं डेडिकेटेड टीम, हर जिले में एल 1 अस्पताल विकसित करें

कोरोनावायरस के संक्रमण ने बड़ी महामारी का रूप ले लिया है। इस बीच सीएम योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए हैं कि चिकित्सा कर्मियों के बीच संक्रमण रोकने के लिए हर जिले में 'डेडिकेटेड टीम' बनाई जाए। इसके साथ ही प्रदेश के हर जिले में एक-एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को अतिरिक्त रूप से एल-1 अस्पताल के रूप में विकसित करें।

लॉकडाउन की समीक्षा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नेटीम-11 के वरिष्ठ अधिकारियों से कहा कि डॉक्टर सहित सभी चिकित्साकर्मियों को प्रत्येक दशा में कोविड-19 के संक्रमण से सुरक्षित रखना जरूरी है। मेडिकल इंफेक्शन को रोकने के लिए राज्य मुख्यालय और सभी प्रभावित जिलों में डेडीकेटेड टीम बनाई जाए। यह टीम सरकारी और निजी अस्पतालों में संक्रमण रोकने का कार्य करेगी। उन्होंने स्वास्थ्य के साथ ही साथ चिकित्सा शिक्षा विभाग को प्राथमिकता पर ऐसी टीमों का गठन करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कोविड अस्पतालों की श्रंखला तैयार करने, अस्पतालों में ऑक्सीजन की नियमित व सुचारू आपूर्ति रखने सहित प्रशिक्षण को और गति देने पर बल दिया। उन्होंने साफ कहा कि मेडिकल शिक्षा के विद्यार्थियों व आयुष आदि चिकित्सकों की भी मेडिकल ट्रेनिंग कराई जाए। उन्होंने एल-1, एल-2 और एल-3 अस्पतालों की संख्या में वृद्धि करने के लिए भी कहा है। अतिरिक्त सीएचसी को एल-1 अस्पताल बनाने के लिए एक-एक अधिकारी को भी नामित किया जाएगा। जिला स्तर पर कार्यो के लिए अधिकारी नामित करें, जिससे कार्य सुचारू चलें और जिम्मेदार की जवाबदेही तय हो।

औद्योगिक इकाइयों में निवेश की नई संभावनाओं की तलाश करें
सरकार प्रदेश में स्थापित औद्योगिक इकाइयों के लॉकडाउन के बाद फिर संचालन के साथ ही संभावनाओं की नई राह भी तलाश रही है। नया निवेश आकर्षित करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मौजूदा विभिन्न नीतियों की समीक्षा करने के साथ निर्देश दिए हैं।

उन्होंने श्रम कानूनों की समीक्षा और सुधार करने के लिए कहा है। उद्योगों की स्थिति पर रणनीति बनाने के तहत ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोविड-19 रिस्पॉन्स-एन इंडस्टियल रिवाइवल स्ट्रैटजी पर केंद्रित प्रस्तुतीकरण देखा।



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सीएम योगी ने कोविड 19 को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने कहा कि चिकित्साकर्मियों को संक्रमण सेबचाने के लिए डॉक्टरों की एक डेडिकेटेड टीम भी बनाई जाए। जो इन स्थितियों पर लगातार नजर रखेगी।




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1843 संक्रमित, 289 मरीज स्वस्थ हुए: सरकार ने कहा- गैर राज्यों से आने वाले लोगों को हर हाल में क्वारैंटाइन कराया जाएगा

उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस का असर दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है।उत्तर प्रदेश में अभी तक 1843 केस पॉजिटिव पाए गए हैं। इनमें से 289 लोग स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं। अभी तक उप्र में कुल 29 लोगों की मौत कोरोना संक्रमण से हुई है।इस मौके पर अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने कहा कि अभी तक यूपी में कुल 402 हॉटस्पॉट चिन्हित किए गए हैं और अब तक लॉकडाउन के दौरान 32000 वाहन सीज किए गए हैं। कहा कि सीएम ने राज्य में पूल टेस्टिंग को बढ़ावा देने का निर्देश जारी किया है।

अवस्थी ने रविवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कोरोना से मेडिकल टीम को संक्रमण से मुक्त करने के लिए कारगर कदम उठाए जाएंगे। जो भी गैर राज्यों से उप्र में आ रह हैं उन्हें हर हाल में क्वारैंटाइन कराया जाएगा। सभी नोडल अधिकारियों से रिपोर्ट लेकर भी आगे का काम शुरू किया जाएगा। अब तक जो औद्योगिक इकाइयां शुरू हुई हैं वहां सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराया जाएगा।

289कोरोना पेशेंट डिस्चार्ज किए गए: आगरा से 18, लखनऊ से 29, गाजियाबाद से 16, गौतमबुद्धनगर (नोएडा) से 59, लखीमपुर-खीरी से 4, कानपुर नगर से 7, पीलीभीत से 2, मुरादाबाद से 1, वाराणसी से 6, शामली से 15, जौनपुर से 4, बागपत से 1, मेरठ से 36, बरेली से 6, बुलन्दशहर से 2, गाजीपुर से 5, आज़मगढ़ से 3, फ़िरोज़ाबाद से 3, हरदोई से 2, प्रतापगढ़ से 6, सहारनपुर से 9, शाहजहांपुर से 1, महराजगंज से 6, हाँथरस से 4, बाराबंकी से 1, कौशाम्बी से 2, सीतापुर से 8, प्रयागराज से 1 व रामपुर से 4 कोरोना पेशेंट्स को स्वस्थ करवाकर डिस्चार्ज किया गया है।

कुल 29मौतें हुईं:यूपी में अब तक कोरोना संक्रमण से 29लोगों की मौत हो चुकी है जिसमें बस्ती, वाराणसी, बुलन्दशहर, लखनऊ, फिरोजाबाद व अलीगढ़ में 1-1, मुरादाबाद में 6, मेरठ में 5, कानपुर में 3 व आगरा में कोरोना से अब तक कुल 9 मौतें हुईं हैं।


प्रदेश में 90,606 लोगों ने सर्विलांस की 28 दिन की समय सीमा पूरी की हैं। प्रदेश में अब तक 18,890 लोगों में कोरोना जैसे लक्षण की वजह से क्वारैंटाइन किया गया है। प्रदेश के 57 जनपदों में अब तक कुल 1807 लोगों की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई, इनमें 1040 लोग तब्लीगी जमात से सम्बंधित हैं।उत्तरप्रदेश के 47 जनपदों में अभी भी कोरोना के 1512 एक्टिव केस हैं। प्रदेश में कुल 1,03,533 पैसेंजर्स को ऑब्जर्वेशन में रखा गया है। 11,715 लोगों को इंस्टीट्यूशनल क्वॉरेंटाइन में रखा गया है।



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उप्र में कोरोना मरीजों की संख्या 1800 को पार कर गई है। पिछले एक सप्ताह से कोरोना संक्रमण के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने रविवार को यह जानकारी दी।




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9 सूडानी जमाती समेत 15 को अस्थाई जेल भेजा गया, 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में रखने का आदेश

उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में पुलिस ने 15तब्लीगी जमातियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। सभी को फरीदीपुर में बने अस्थायी जेल में शिफ्ट किया गया है, ये सभी पहले से ही क्वारैंटाइन थे। जमातियों में 9 सूडानी नागरिक, उनके ट्रांसलेटर और कार्य करने वाले शामिल हैं।

31 मार्च को शहर के जामे इस्लामिया मदरसे में सूडान से आए 10 जमाती समेत कुल 15 लोगों को क्वारैंटाइन किया गया था। दूसरे दिन पुलिस ने सूडानी नागरिको के विरुद्ध वीजा नियमों के उल्लंघन व महामारी अधिनियम समेत अन्य आरोपों के तहत मुकदमा दर्ज किया। चार अप्रैल की रात इन जमातियों को मदरसे से जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां सैंपलिंग के बाद रिपोर्ट निगेटिव आने पर इन्हे वापस मदरसे में क्वारैंटाइन किया गया गया।

इसके बाद हाल ही में सभी सूडानी जमाती समेत उनके साथ चलने वालों को फरीदीपुर स्थित क्वारैटाइन सेंटर में ले जाकर रखा गया था। यहां दोबारा सैंपल लिया गया और एसजीपीजीआई लखनऊ भेजा गया। जिसमें एक सूडानी नागरिक की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। उसे कुड़वार सीएचसी के आईसोलेशन सेंटर में रखा गया। अन्य सभी सूडानी नागरिकों व उनके साथ रहने वाले कुल 15लोगों को मजिस्ट्रेट सिद्धार्थ वर्मा के समक्ष रविवार को पेश किया गया। जहां से मजिस्ट्रेट ने सभी को 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में रखे जाने का निर्देश दिया। इस पर सभी को फरीदीपुर क्वारैंटाइन सेंटर में बने अस्थाई जेल में लाकर रखा गया है।



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मजिस्ट्रेट सिद्धार्थ वर्मा के आदेश पर पुलिस ने की कार्रवाई।




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आज 28 मरीज डिस्चार्ज हुए; गोरखपुर में 3 माह के बच्चे ने तो ग्रेटर नोएडा में 82 साल की बुजुर्ग ने दी कोविड-19 को मात

उत्तर प्रदेश में रविवार को दोपहर चार बजे तक कोरोनावायरस के 36 नए केस सामने आए। जिससे पॉजिटिव केस की संख्या 1843 पहुंच गई। इनमें 29 की मौत हो चुकी है। हालांकि, राहत की बात है कि, अब संक्रमित रोगी के ठीक होने की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। रविवार को गोरखपुर में तीन माह के बच्चे के अलावा आगरा में 19, ग्रेटर नोएडा में 8 मरीज स्वस्थ होकर अस्पतालों से डिस्चार्ज किए गए। अब तक प्रदेश में 289 लोग ठीक हो चुके हैं।


तीन माह का बच्चा अपनी मां के साथ घर भेजा गया

बस्ती के रहने वाले एक युवक की बीते 29 मार्च को गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई थी। मौत के बाद उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इससे पहले ही मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने मृतक के शव को परिजनों को सौंप दिया था। जिसके अंतिम संस्कार में कई लोग शामिल हुए। जब इन लोगों की सैंपलिंग हुई तो पता चला कि, 19 लोग कोरोना पॉजिटिव हो चुके हैं। इनमें तीन माह का बच्चा व उसके माता-पिता भी शामिल थे। जिनका 12 अप्रैल से इलाज बीआरडी मेडिकल कॉलेज में चल रहा था। रविवार को डॉक्टरों व अन्य स्टॉफ ने ताली बजाकर बच्चे व उसकी मां को विदाई दी।

82 साल बुजुर्ग व नवजात शिशु ने कोरोना को दी मात

रविवार को ग्रेटर नोएडा के जिम्स (गवर्मनेट इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस) हॉस्पिटल से 8 कोरोना संक्रमित मरीजों को ठीककर डिस्चार्ज कर दिया गया। हालांकि ये सभी घर पर 14 दिन होम क्वारैंटाइन रहेंगे। रोगियों में 82 वर्षीय वृद्ध महिला भी शामिल थी। एक नवजात शिशु के साथ मां को भी अस्पताल से छुट्टी मिली। डीएम सुहास एलवाइ ने कहा- जिम्स हॉस्पिटल में अब तक 89 फीसदी कोरोना संक्रमित मरीजों को स्वस्थ कर घर भेज चुका है। अब यहां
सिर्फ 4 मरीज भर्ती हैं। पूरे देश मे नोएडा मरीजों को ठीक करने के मामले में सबसे ऊपर है। इस दौरान डीएम ने सभी डिस्चार्ज हुए मरीजों को गिफ्ट दिए और पूरे स्टाफ ने ताली बजाकर सभी का अभिनंदन किया।


अब तक 140 की रिपोर्ट निगेटिव, आज 19 डिस्चार्ज

यूपी में सबसे ज्यादा संक्रमित मरीज आगरा में हैं। यहां अब तक 372 मरीज मिल चुके हैं। जबकि 9 की जान गई है। लेकिन रविवार ताजनगरी वालों के लिए सुखद एहसास देने वाला रहा। यहां आज 19 संक्रमितों ने कोरोना को मात देकर अस्पताल से छुट्टी ली है। जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने बताया कि अभी तक 140 ऐसे लोग हैं जिनकी रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी हैं। जिन्हें चरणबद्ध तरीके से डिस्चार्ज किया जा रहा है। अब तक लगभग 65 मरीजो को डिस्चार्ज किया जा चुका है। आगरा में 46 मरीज अन्य शहरों और राज्यों के भर्ती हैं।



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गोरखपुर में रविवार को बीआरडी मेडिकल कॉलेज से तीन माह के बच्चे को उसकी मां के साथ घर भेजा गया। ये बच्चा बस्ती जिले का रहने वाला है।




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5 जिलों में 17 पुलिसकर्मी संक्रमण की चपेट में; एक्टिव 1624 केसेज में 1052 तब्लीगी जमाती

उत्तर प्रदेश में कोरोना कहर जारी है। अब यह कोरोना योद्धाओं को भी अपनी जद में ले रहा है। राज्य के 5 जिलों में 17 पुलिसकर्मी कोरोनावायरस सेसंक्रमित हैं। जिसमें वाराणसी, कानपुर में 7-7, मुरादाबाद, बिजनौर और आगरा में 1-1 पुलिसकर्मी शामिल हैं।डीजीपी मुख्यालय से सभी पुलिसकर्मियों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, प्रदेश के 58 जनपदों में कोरोना के 1880 मरीज हो गए हैं। बीते 24 घंटे में 88 नए मरीज प्रदेश भर में आए हैं। जिसमें 1624 एक्टिव केस हैं। इनमें 1052 लोग तब्लीगी जमात से सम्बंधित हैं।

लखनऊ में श्रावस्ती के मरीज की मौत

पीजीआइ में भर्ती 72 वर्षीय श्रावस्‍ती के एक मरीज की रविवार की रातमौत हो गई। उनके 30 वर्षीय बेटे और केजीएमयू में भर्ती उरई के डॉक्‍टर की पत्‍नी भी कोरोना पॉजिटिव मिली है। रविवार को तीन मरीजों में वायरस की पुष्‍ट‍ि के बाद राजधानी में अब कुल 208 मरीज हो गए हैं। वहीं, अब तक दो की मौत और 50 लोग ठीक हो चुके हैं। इसमें सबसे अधिक साढ़ामऊ अस्पताल में ठीक हुए। जिसमें लखनऊ निवासी कुल 30 मरीज हैं। बता दें, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शनिवार को 166 संदिग्धों के सैंपल भेजे थे। पहली मौत 15 अप्रैल को हुई थी। लखनऊ के नया गांव निवासी 64 वर्षीय बुजुर्ग की मौत केजीएमयू में हुई थी।


रिटायर्ड पुलिसकर्मी की हालात गंभीर: पीजीआइ में भर्ती गोमती नगर निवासी रिटायर्ड पुलिसकर्मी की हालत गंभीर है। यह पहले से गुर्दा पीडि़त रहे हैं, वहीं वायरस की चपेट में आने पर स्थिति बिगड़ती जा रही है।


तबीयत खराब होने के बावजूद नर्स सेकराई रह थी ड्यूटी

लखनऊ केनक्खास निवासी 40 वर्षीय नर्स केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर के पांचवें तल स्थित क्रिटिकल केयर मेडिसिन आइसीयू में तैनात है। 21 अप्रैल को उसे जुकाम, बुखार का अहसास हुआ। ऐसे में अगले दिन छुट्टी पर चली गई। लिहाजा, 22 से 24 अप्रैल वह ट्रॉमा सेंटर नहीं आई। वहीं, चर्चा है कि 25 अप्रैल को उसे नाइट ड्यूटी पर बुला लिया गया। वेंटिलेटर यूनिट में वह रात भर रही। उसका बुखार, जुकाम बढ़ता देख शनिवार को स्वैब कलेक्शन कर सैंपल भेज दिया गया, मगर उसे यूनिट से छुट्टी नहीं मिली। सुबह ड्यूटी कर वह घर चली गई। रविवार को वायरस की पुष्टि हुई। इसके चलते कई डॉक्टर, नर्स, मरीज, तीमारदारों में संक्रमण का खतरा है। इस दौरान क्रिटिकल केयर यूनिट की भर्ती बंद कर दी गई है।


58 में से 10 जनपद कोरोना मुक्त: पीलीभीत, लखीमपुर-खीरी, शाहजहांपुर, हाथरस, बरेली, हरदोई, प्रतापगढ़, महराजगंज, बाराबंकी और कौशाम्बी के कोरोना पेशेंट स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किए गए।वर्तमान में इन जनपदों में एक भी कोरोना पेशेंट नहीं हैं। वहीं प्रदेश में 90,702 लोगों ने सर्विलांस की 28 दिन की समय सीमा पूरी की। प्रदेश में कुल 1,12,404 पैसेंजर्स को ऑब्जर्वेशन में रखा गया है। 11,363 लोगों को इंस्टीट्यूशनल क्वारैंटाइन में रखा गया है।


पॉजिटिव केसों का जिलेवार विवरण-
अभी तक उत्तरप्रदेश के आगरा में 380, लखनऊ में 208, गाजियाबाद में 58, गौतमबुद्धनगर (नोएडा) में 117, लखीमपुर खीरी में 4, कानपुर नगर में 170, पीलीभीत में 2, मुरादाबाद में 101, वाराणसी में 37, शामली में 27, जौनपुर में 5, बागपत में 15, मेरठ में 89, बरेली में 6, बुलन्दशहर में 38, बस्ती में 23, हापुड़ में 25, गाजीपुर में 6, आज़मगढ़ में 8, फिरोजाबाद में 83, हरदोई में 2, प्रतापगढ़ में 6, सहारनपुर में 181, शाहजहांपुर में 1, बाँदा में 3, महराजगंज में 6, हाथरस में 4, मिर्जापुर में 3, रायबरेली में 43, औरैय्या में 10, बाराबंकी में 1, कौशाम्बी में 2, बिजनौर में 29, सीतापुर में 20, प्रयागराज में 4, मथुरा में 10 व बदायूँ में 14, रामपुर में 20, मुजफ्फरनगर में 18, अमरोहा में 25, भदोहीं में 1, कासगंज में 3 व इटावा में 2, संभल में 13, उन्नाव में 1, कन्नौज में 7, संतकबीरनगर में 21, मैनपुरी में 5, गोंडा में 1, मऊ में 1, एटा में 3 व सुल्तानपुर में 3, अलीगढ़ में 13, श्रावस्ती में 5, बहराइच में 9, बलरामपुर में 1, अयोध्या में 1 व जालौन में भी 1 पेशेंट की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई हैं।

327 कोरोना हुए डिस्चार्ज-

आगरा से 49, लखनऊ से 30, गाजियाबाद से 16, गौतमबुद्धनगर (नोएडा) से 71, लखीमपुर-खीरी से 4, कानपुर नगर से 7, पीलीभीत से 2, मोरादाबाद से 1, वाराणसी से 8, शामली से 18, जौनपुर से 4, बागपत से 1, मेरठ से 36, बरेली से 6, बुलन्दशहर से 5, बस्ती से 5, गाजीपुर से 5, आज़मगढ़ से 3, फ़िरोज़ाबाद से 3, हरदोई से 2, प्रतापगढ़ से 6, सहारनपुर से 10, शाहजहांपुर से 1, महराजगंज से 6, हाँथरस से 4, बाराबंकी से 1, कौशाम्बी से 2, सीतापुर से 12, प्रयागराज से 1, बदायूं से 1, रामपुर से 4 व मुजफ्फरनगर से 3 कोरोना पेशेंट्स को स्वस्थ पूर्णतया करवाकर डिस्चार्ज किया गया हैं।


कोरोना से कुल 31 मौतें हुईं: बस्ती, वाराणसी, बुलन्दशहर, लखनऊ में दो, फिरोजाबाद व अलीगढ़ में 1-1, मुरादाबाद में 6, मेरठ में 5, कानपुर में 3 व आगरा में कोरोना से अब तक कुल 10 मौतें हुईं हैं।



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डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी की तरफ से पुलिसकर्मियों को कोरोना से बचाव के एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए हैं।




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24 घंटे में 9 नए केस; संक्रमितों की संख्या 381 पहुंची, बुजुर्ग की मौत के बाद आई पॉजिटिव रिपोर्ट, अखिलेश बोले- वुहान न बन जाए

ताजनगरी आगरा में कोरोनावायरस के तेजी से बढ़ रहे संक्रमण व मौत के मामलों से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। रविवार की शाम यहां तीन दिन पहले मृत हुए 70 साल के दूध कोरोबारी की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। यह आगरा में कोरोनावायरस से 10वीं मौत है। वहीं, बीते 24 घंटे में 9 नए केस सामने आने के बाद संक्रमितों की संख्या 381 पहुंच गई है। वहीं, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर हमला बोलते हुए टि्वट किया है कि, आगरा मॉडल फेल है। ये कहीं वुहान न बन जाए।

23 अप्रैल को हुई थी बुजुर्ग की मौत

मोती कटरा निवासी 70 वर्षीय दूध कारोबारी की 22 अप्रैल को तबियत खराब हुई थी। इसके बाद परिजनों ने उन्हें एसएन अस्पताल में भर्ती करवाया। लेकिन 23 अप्रैल की सुबह मौत हो गई। शव को पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया गया। 24 अप्रैल को प्रशासन ने परिजनों को शव सौंप दिया था। बाद में विद्युत शवदाह ग्रह पर शव का अंतिम संस्कार करा दिया गया। रविवार को उनकी रिपोर्ट में कोरोना मिलने की पुष्टि हुई।

प्रमुख सचिव और एडीजी पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों के साथ लगातार बैठक ले रहे हैं। दोनों अफसरों ने मंटोला, नाई की मंडी समेत कई हॉटस्पॉट का निरीक्षण किया। इसके बाद हॉटस्पॉट क्षेत्रों में बदलाव किया गया है। इसका दायरा अब 800 मीटरे से बढ़ाकर 1 किमी कर दिया गया है। इस तरह 90 हॉटस्पॉट को मर्ज करके 33 कर दिया गया है। अब प्रशासन ने इन 33 हॉटस्पॉट को सैनिटाइज कराने में जुटा है।

अखिलेश बोले- जागो सरकार जागो
आगरा में कोरोनावायरस के बढ़ते संक्रमण को लेकर सपा अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने टि्वट कर लिखा- मुख्यमंत्री द्वारा बहुप्रचारित कोरोना से लड़ने का आगरा मॉडल मेयर के अनुसार फेल होकर आगरा को वुहान बना देगा। न जांच, न दवाई, न अन्य बीमारियों के लिए सरकारी या प्राइवेट अस्पताल, न जीवन रक्षक किट और उस पर क्वॉरैंटाइन सेंटर्स की बदहाली प्राणांतक साबित हो रही है। जागो सरकार जागो!



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उत्तर प्रदेश में अब तक 1880 केस मिल चुके हैं। इनमें 381 सिर्फ आगरा के हैं। प्रशासन ने यहां हालात संभालने के लिए प्रमुख सचिव आलोक कुमार, एडीजी अजय आनंद को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है।




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केजीएमयू में कोरोना संक्रमित डॉक्टर को दी गई पहली प्लाज्मा थैरेपी; गोरखपुर पहुंचे पंजाब से 250 मजदूर, 14 दिन में क्वारैंटाइन में रहना होगा

दिल्ली के बाद अब उत्तर प्रदेश में भी प्लाज्मा थैरेपी से कोरोना संक्रमितों के इलाज की शुरुआत हो गई है। रविवार को किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में भर्ती एक डॉक्टर की जान एक डॉक्टर ने प्लाज्मा डोनेट कर बचाई।इस बीच, दूसरे राज्यों से मजदूरों कावापस लौटना जारी है। उन्हें बसों से उनके गृह जनपद लाया जा रहा है।

शुक्रवार को उरई में तैनात एक एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉक्टर को केजीएमयू में भर्ती किया गया। उनकी तबियत लगातारबिगड़ती जा रही थी। इस पर उन्हें प्लाज्मा थैरेपी देने की योजना बनाई गई। संक्रमित डॉक्टर का ब्लड ग्रुप ओ था। वहीं, इससे पहले कनाडा से लौटी एक महिला डॉक्टर में कोरोना की पुष्टि बीते 11 मार्च को हुई थी। यह लखनऊ की पहली मरीज थी। संयोग से इनका भी ब्लड ग्रुप ओ था। ऐसे मेंकेजीएमयू के डॉक्टरों ने फोन कर उन्हें बुलाया।

कोरोना संक्रमित डॉक्टर को प्लाज्मा थैरेपी दी गई

ब्लड ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग की एचओडीडॉक्टर तूलिका चंद्रा ने महिला डॉक्टर का कोरोना टेस्ट के साथ अन्य जांचें कराई। इसक बाद उनके खून सेप्लाज्मा निकालकर कोरोना संक्रमित डॉक्टर को चढ़ाया गया।अब डॉक्टरों को उनकीहालत में सुधार का इंतजार है। बता दें कि, इससे पहले दिल्ली में प्लाज्मा थैरेपी से संक्रमितों का इलाज करने की शुरुआत हुई थी। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कोरोनावायरस के संक्रमण से ठीक हो चुके लोगों से प्लाज्मा डोनेट करने की अपील कर चुके हैं।

उत्तरप्रदेश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 1800 के पार

इधर, प्रदेश में अब मरीजों का आंकड़ा 1880पहुंच गया है। 1784 संदिग्ध मरीजों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती करवाया गया। अब तक 327 मरीज स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं।राज्य में सबसे अधिक 327 मरीज आगरा में हैं। दूसरे स्थान पर 207 मरीजों के साथ लखनऊ है। वहीं, कानपुर में बीते 24 घंटे में 26 मरीज मिलने के बाद अब वहां 191 संक्रमित हो गए हैं। 10 जिले कोरोना मुक्त हो चुके हैं।

कोरोना अपडेट्स

  • मुरादाबाद: जिले में एक पेट्रोल पंप ने कोरोनावायरस के प्रति जागरूकता के लिए अनोखी पहल शुरू की है। पेट्रोल पंप के मैनेजर संजय बिश्नोई ने बताया कि, लोगों को मास्क पहनने पर एक रुपए की छूट दी जा रही है। जबकि, स्वास्थ्य कर्मियों को दो रुपए की छूट दी जा रही है।
  • लखनऊ: रविवार की देर शाम पीजीआई में कोरोना पीड़ित 72 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई। वह श्रावस्ती जिले का रहने वाला था। उन्हें किडनी की समस्या थी। बेटे ने 22 अप्रैल को लखनऊ के चंदन अस्पताल में भर्ती कराया। यहां निजी लैब में वायरस से संक्रमित होने कीपुष्टि होने पर 24 अप्रैल कोपीजीआई के कोविड अस्पताल में शिफ्ट करा दिया गया। लेकिन रविवार शाम उनकी मौत हो गई। पिता का इलाज कराने आए 30 वर्षीय बेटे में भी कोरोना की पुष्टि हुई है।
  • झांसी: मेडिकल कॉलेज से आई रिपोर्ट में 59 साल का एक शख्स संक्रमित मिला है। इसके बाद जिला प्रशासन ने ओरछा गेट एरिया को सील करते हुए इसे हॉटस्पॉट घोषित किया है। वहीं, लॉकडाउन के कारण पैदा हुई दुश्वारियों के बीच झांसी में बने सरकारी और गैर सरकारी 80 सामुदायिक रसोईघर लाखों लोगों के लिए राहत का सबब बन गए हैं। ये कम्युनिटी किचन अब तक चार लाख अस्सी हजार से ज्यादा लोगों की भूख मिटा चुके हैं। इनकी गुणवत्ता परखने के लिए स्वयं जिला अधिकारी अलग-अलग जगह जाकर खाना खाते हैं।
  • गोरखपुर: लॉकडाउन के बीच दूसरेराज्यों में फंसे श्रमिकों को योगी सरकार अपने घर पहुंचा रही है। इसी क्रम में सोमवार सुबह रोडवेज की दस बसों से करीब 250 मजदूर गोरखपुर पहुंचे। ये सभी पंजाब में मजदूरी करते थे। सीओ कैंपियरगंज की अगुवाई में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सभी की जांच की। मजदूरों को जांच के बाद क्वारैंटाइन किया जा रहा है।
  • वाराणसी: जिले में कोरोनावायरस का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। रविवार देर शाम आयी रिपोर्ट में 3 नए पॉजिटिव मिले। जिसमें 1 सिगरा थाने की नगर निगम पुलिस चौकी का सिपाही है। अब जिले में 8 पुलिसकर्मी संक्रमित हो चुके हैं। जिले में 37 पॉजिटिव और 28 एक्टिव केस हो गए हैं। वहीं, सेवापुरी विकास खंड का ग्राम अर्जुनपुर 8वां हॉटस्पॉट हो गया है। 8 लोग स्वस्थ हुए हैं और 1 की मौत हो चुकी है। नए मिले दो लोग कोलकाता से ट्रक में छिपकर वाराणसी आए थे। ग्रामीणों ने सूझबूझ दिखाते हुए इन्हें गांव में घुसने नहीं दिया था। जिससे संक्रमण फैल नहीं सका।

24 घंटे 82 नए केस, 66 डिस्चार्ज हुए
उत्तर प्रदेश में बीते 24 घंटे में कोरोनावायरस के 82 नए केस सामने आए। इनमें लखनऊ, सहारनपुर व कानपुर में 21-21 वाराणसी में 11, हापुड़ में 7, गाजियाबाद में 5, नोएडा में 4, अलीगढ़ में दो और जालौन, बहराइच, श्रावस्ती, संभल, मुजफ्फरनगर, बदायूं, मथुरा, गोरखपुर, झांसी व आगरा में एक-एक मरीज मिला। इस दिन 66 मरीजों को अस्पतालों से डिस्चार्ज किया गया। यह प्रदेश में एक दिन में डिस्चार्ज होने वाले मरीजों का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। वहीं, मेरठ, आगरा व लखनऊ में 1-1 रोगी की मौत भी हुई।

ये फोटो मुरादाबाद के एक पेट्रोल पंप की है। कोरोना की जंग में लोगों को मास्क पहनने के लिए प्रेरित करने को एक रुपए की छूट दी जा रही है। वहीं स्वास्थ्य कर्मियों को दो रुपए की छूट मिली रही है।

अब तक 31 की गई जान: आगरा में 10, छह मुरादाबाद में, मेरठ में 5, कानपुर में 3, लखनऊ में दो और बस्ती, वाराणसी, बुलंदशहर, फिरोजाबाद, अलीगढ़ में एक-एक रोगी की कोरोना वायरस से जान गई है। अब तक 61799 सैंपल लैब भेजे जा चुके हैं। इनमें से 58,492 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। 984 लोगों की रिपोर्ट आना अभी बाकी है।



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यह तस्वीर गोरखपुर की है। यहां सोमवार सुबह पंजाब से 10 बसें मजदूरों को लेकर पहुंची हैं। एक बस में 25 श्रमिक बैठे थे। सभी की स्क्रीनिंग की गई है। इन्हें 14 दिन क्वारैंटाइन में रहना होगा।




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हर जिले में बनेंगे 15 से 20 हजार क्षमता वाले क्वारैंटाइन सेंटर, हरियाणा से अब तक 12.2 हजार श्रमिक वापस लाए गए

उत्तर प्रदेश में कोरोना से बचाव के लिए योगी सरकार ने युद्ध स्तर पर प्रयास शुरू कर दिया है। हर जिले में 15 से 25 हजार लोगों की क्षमता के क्वारैंटाइन सेंटर बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री योगी ने 10 से 15 लाख लोगों को क्वारैंटाइन केंद्रों में रखने की क्षमता का विस्तार करने का निर्देश दिया है। इन क्वारैंटाइन सेंटर्स की जियो टैगिंग होगी। योगी ने पीपीई किट, एन-95 मास्क हर जिले में उपलब्ध कराने के लिए कहा है।

हर श्रमिका का होगा मेडिकल टेस्ट

अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने कहा- 1 मई से फिर से राशन वितरण होगा।पिछले 2 चरणों मे जो राशन बांटा गया है, उसका पॉजिटिव रिस्पांस आया है। कोविड-19 के एल 1, एल 2 व एल 3 हास्पिटल बढ़ाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि, रविवार को हरियाणा में फंसे 9,992 श्रमिक यूपी आए हैं। हर श्रमिक का मेडिकल टेस्ट हुआ है। श्रमिकों को349 बसों से उनके गृह जनपद के क्वारैंटाइन सेंटर भेजा गया है।अभी तक कुल 12,200 श्रमिक हरियाणा से उत्तर प्रदेश आ चुके हैं।

प्रयागराज से करीब 10 हजार छात्रों को उनके घर भेजा जाएगा

अवस्थी ने कहा-प्रयागराज तमाम बच्चे सिविल सर्विसेज की तैयारी करते हैं। ये बच्चे भी लॉकडाउन में वहां फंसे हैं। इन छात्रों को भी चरणबद्ध तरीके से जनपदों में भेजा जाएगा। इनकी संख्या करीब 9 से 10 हजार है। 300 बसों से इन्हें भी चरणबद्ध तरीके से भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि, निर्णय लिया गया है कि, डिग्री कॉलेज से लेकर बेसिक शिक्षा स्तर तक के अध्यापकों को कोरोना से बचाव की ट्रेनिंग दी जाए।

1784 आइसोलेशन वार्ड में भर्ती

स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव अमित मोहन ने बताया कि, अब तक राज्य में कोरोना के 1955 टेस्ट पॉजिटिव मिल चुके हैं। इनमें 1589 एक्टिव केस हैं। कोरोना का संक्रमण राज्य के59 जिलों तक पहुंच चुका है। हालांकि, 9 जिलों में अभी कोई एक्टिव संक्रमित मरीज नहीं है। अब तक 335 मरीज हो डिस्चार्ज हो चुके हैं।31 लोगों की मौत हुई है।1784 मरीज आइसोलेशन में भर्ती हुए हैं। जबकि,11363 मरीज क्वारैंटाइन सेंटर में भर्ती हैं।



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अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने कहा- अन्य राज्यों से श्रमिकों को उत्तर प्रदेश में वापस लाया जाना एक बड़ी उपलब्धि है। उत्तर प्रदेश पहला ऐसा राज्य है, जिसने बसें भेजकर कोटा से बच्चों को सकुशल उनके घर तक पहुंचवाया है। प्रत्येक बच्चे को फोन करके उनका हाल-चाल भी लिया जा रहा है।




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छह स्वास्थ्यकर्मियों समेत 14 का टेस्ट पॉजिटिव, अब संक्रमितों की संख्या 129 पहुंची

तमाम प्रयासों के बावजूद गौतमबुद्धनगर (नोएडा/ग्रेटर नोएडा)में कोरोना का कहर थम नहीं रहा है। अब जिले के स्वास्थ्यकर्मी भी वायरस की चपेट में आने लगे हैं। जिला अस्पताल की वार्ड आया, चाइल्ड पीजीआई के कुक समेत 6 स्वास्थ्य कर्मियों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव मिली। अन्य आठ संक्रमितों मेंकुछ का ताल्लुक तब्लीगीजमातियों से है तो कुछ में संक्रमण फैलने काकारण अभी अज्ञात बना है। स्वास्थ्य विभाग की टीम सभी की ट्रेवेल हिस्ट्री खंगाल रही है।इसके साथ अब जिले में कोरोना पॉजिटिव मरीजों का आंकड़ा 129 पर पहुंच गया है।

बीते 22 अप्रैल को स्वास्थ्य विभाग ने स्वास्थ्य कर्मचारियों समेत 186 संदिग्धों के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे थे। इनमें 4 सैम्पल रिपीट किएगए थे। रविवार देर रात इन सैम्पलों का नतीजा स्वास्थ्य विभाग को मिला।इनमें 15 की रिपोर्ट पॉजिटिव आयी है। पॉजिटिव मरीजोंमें 6 स्वास्थ्यकर्मी सेक्टर 30 स्थित चाइल्ड पीजीआइ के हैं, इनमें कुक भी शामिल है। इसके अलावा जिला अस्पताल की वार्ड आया और सेक्टर 39 में बने क्वारैंटाइन वार्ड के प्लम्बर भी कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। एक मरीज कुलेसरा औरएक मरीज एच्छर गांव में मिला है। इनमें संक्रमण का कारण जमात है।

शेष सिरसा, सुपरटेक, ग्रेटर नोएडा, सेक्टर 63 में भी एक-एक कोरोना के मरीज मिले, जबकि 15वां मरीज दिल्ली का रहने वाला है। एक साथ 15 मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। स्वास्थ्य व प्रशासन के अधिकारी मीटिंग कर अस्पतालों व सेक्टरों को सील करने की तैयारी कर रहे हैं। सीएमओ डॉ. दीपक ओहरी का कहना है किपॉजिटिव मरीजो में एक महिला पहले से ही आइसोलेशन वार्ड में भर्ती है। उसकी पांचवीरिपोर्ट पॉजिटिव आयी है। 14 मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आयी है। इसी के साथ अब जिले में कोरोना मरीजो का आंकड़ा 129 पर पहुच गया है।



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स्वास्थ्य विभाग ने स्वास्थ्य कर्मचारियों समेत 186 संदिग्धों के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे थे। जिनकी रिपोर्ट मिली है।




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लॉकडाउन में युवक ने मुंबई से गांव तक पैदल नाप ली 1600 किमी की दूरी; क्वारैंटाइन सेंटर में हुई मौत

उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले में सोमवार को गांव के बाहर क्वारैंटाइन किए गए एक युवक की मौत हो गई। वह सुबह ही मुंबई से पैदल गांव आया था। लेकिन विद्यालय पहुंचने के करीब चार घंटे के बाद उसे उल्टी-दस्त शुरू हुई। इसके बाद उसने दम तोड़ दिया। प्रशासन ने परिवार के आठ लोगों को क्वारैंटाइन किया है। मृतक के सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद शव का अंतिम संस्कार कोविड-19 के प्रोटोकॉल के तहत होगा।

मल्हीपुर थाना क्षेत्र के मटखनवा गांव निवासी एक युवक सुबह करीब सात बजे बहराइच होकर पैदल अपने गांव आया। यहां उसे प्राथमिक विद्यालय में क्वारैंटाइन कर दिया गया। लेकिन तकरीबन साढ़े दस बजे उसे पेट दर्द के साथ उल्टी-दस्त शुरू हो गई। गांव के सेक्रेटरी ने युवक की हालत बिगडने की जानकारी भंगहा सीएचसी अधीक्षक डॉ. प्रवीर कुमार को दी। जब तक सीएचसी से एंबुलेंस पहुंचती। तब तक युवक ने दम तोड़ दिया।


प्रशासन को जब इस घटना की जानकारी हुई तो जिम्मेदारों में हड़कंप मच गया। सीएमओ डॉ. एपी भार्गव सहयोगियों के साथ क्वारैंटाइन स्थल पहुंचे। सीएमओ ने बताया कि मृतक युवक का सैंपल कोविड 19 जांच के लिए भेजा गया है। क्वारंटीन सेंटर में पहुंचने के बाद उसके संपर्क में आए परिवार के आठ लोगों को स्कूल में ही क्वारैंटाइन किया गया है। शव को पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया गया है। सैंपल रिपोर्ट आने के बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पर निर्णय लिया जाएगा।



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प्रशासन ने मृतक का सैंपल जांच के लिए भेजा है। मृतक के परिवार को क्वारैंटाइन कर दिया है।




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अब तक 1993 संक्रमित, इनमें 1089 तब्लीगी जमाती: कोरोनामुक्त 4 जिलों में भी नए मामले सामने आए

उत्तर प्रदेश में 1993 कोरोना पेशेंट्स में पूरे प्रदेश में सिर्फ आज कोरोना के 115 नए केस पॉजिटिव मिले हैं। जिसमें 1565 एक्टिव केस हैं। लखनऊ के मंगलवार सुबह 6 और सीतापुर में एक मरीज में पॉसिटिव पाया गया हैं। हाल ही में कोरोना मुक्त हुए 4 जनपदों में पुनः कोरोना पॉजिटिव मरीज आए हैं। प्रदेश के 60 जनपदों में अब तक कुल 1993 लोगों की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई, इनमें 1089 लोग तब्लीगी जमात से सम्बंधित हैं। वहीं केजीएमयू के सीसीएम विभाग में जिन दो रोगियों की मृत्यु हो गयी थी, उन दोनों में कोरोना संक्रमण नहीं मिला है। दोनों की कोविड जाँच निगेटिव पाया गया है।

अब तक यूपी में बस्ती, वाराणसी, बुलन्दशहर, लखनऊ, फिरोजाबाद, अलीगढ़ व श्रावस्ती में 1-1, मुरादाबाद में 6, मेरठ में 5, कानपुर में 3 व आगरा में कोरोना से अब तक कुल 12मौतें हुईं हैं।

399 कोरोना पेशेंट डिस्चार्ज: आगरा से 52, लखनऊ से 37, गाजियाबाद से 31, गौतमबुद्धनगर (नोएडा) से 71, लखीमपुर-खीरी से 4, कानपुर नगर से 7, पीलीभीत से 2, मुरादाबाद से 3, वाराणसी से 8, शामली से 18, जौनपुर से 4, बागपत से 11, मेरठ से 46, बरेली से 6, बुलन्दशहर से 9, बस्ती से 13, हापुड़ से 4, गाजीपुर से 5, आज़मगढ़ से 3, फ़िरोज़ाबाद से 3, हरदोई से 2, प्रतापगढ़ से 6, सहारनपुर से 10, शाहजहांपुर से 1, महराजगंज से 6, हाँथरस से 4, मिर्जापुर से 1, बाराबंकी से 1, कौशाम्बी से 2, बिजनौर से 1, सीतापुर से 12, प्रयागराज से 1, बदायूं से 1, रामपुर से 5, मुजफ्फरनगर से 3, अमरोहा से 5 व कन्नौज से 1 कोरोना पेशेंट्स को स्वस्थ पूर्णतया करवाकर डिस्चार्ज किया गया हैं।

  • ये जनपद हैं कोरोनामुक्त: अभी तक 11 जनपद कोरोना मुक्त हो चुके थे लेकिन 4 कोरोना मुक्त जनपदों में नए मामले पाए जाने के बाद अब 11 में सिर्फ 7 जनपद कोरोना मुक्त हैं, लखीमपुर-खीरी, शाहजहांपुर, हाँथरस, हरदोई, महराजगंज, बाराबंकी और कौशाम्बी के कोरोना पेशेंट स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किए गए, वर्तमान में इन जनपदों में एक भी कोरोना पेशेंट नहीं हैं। प्रदेश में 90,804 लोगों ने सर्विलांस की 28 दिन की समय सीमा पूरी की हैं। प्रदेश में कुल 1,18,293 पैसेंजर्स को ऑब्जर्वेशन में रखा गया है। 11,725 लोगों को इंस्टीट्यूशनल क्वॉरेंटाइन में रखा गया है।
  • पॉजिटिव केसों का जिलेवार विवरण: अभी तक उत्तरप्रदेश के आगरा में 384, लखनऊ में 204, गाजियाबाद में 58, गौतमबुद्धनगर (नोएडा) में 133, लखीमपुर खीरी में 4, कानपुर नगर में 197, पीलीभीत में 3, मुरादाबाद में 104, वाराणसी में 37, शामली में 27, जौनपुर में 5, बागपत में 15, मेरठ में 92, बरेली में 7, बुलन्दशहर में 50, बस्ती में 23, हापुड़ में 26, गाजीपुर में 6, आज़मगढ़ में 8, फिरोजाबाद में 100, हरदोई में 2, प्रतापगढ़ में 7, सहारनपुर में 181, शाहजहांपुर में 1, बाँदा में 3, महराजगंज में 6, हाँथरस में 4, मिर्जापुर में 3, रायबरेली में 43, औरैय्या में 10, बाराबंकी में 1 की मोत हुई है।
  • इसके अलावाकौशाम्बी में 2, बिजनौर में 30, सीतापुर में 20, प्रयागराज में 4, मथुरा में 10 व बदायूँ में 16, रामपुर में 21, मुजफ्फरनगर में 18, अमरोहा में 25, भदोहीं में 1, कासगंज में 3 व इटावा में 2, संभल में 13, उन्नाव में 1, कन्नौज में 7, संतकबीरनगर में 21, मैनपुरी में 5, गोंडा में 1, मऊ में 1, एटा में 3 व सुल्तानपुर में 3, अलीगढ़ में 23, श्रावस्ती में 5, बहराइच में 9, बलरामपुर में 1, अयोध्या में 1, जालौन में 2, झाँसी में 1 व गोरखपुर में भी 1 पेशेंट की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई हैं।


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यूपी में संक्रमित मरीजों की संख्या 1993 तक पहुंच गई है। कोरोना संक्रमण से मुक्त हो चुके 4 जिलों में फिर नए मामले सामने आए हैं।




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कोरोना पॉजिटिव 25 साल के युवक की मौत: जिले में 12 की जान गई, अब तक कुल 389 संक्रमित

शहरमें कोरोना वायरस का कहर थम नहीं रहा है। एसएन (सरोजिनी नायडू) मेडिकल कॉलेज में सोमवार को 25 वर्षीय कोरोना संक्रमित युवक की मौत हो गई। वहसांस की बीमारी से भी पीड़ित था। चिकित्सकों का कहना है कि दिल का दौरा पड़ने से जान गई। जिले में संक्रमित मृतकों की संख्या 12 हो गई है।आगरा में जगह-जगह हॉटस्पॉट बना दिए गए हैं। ऐसे में हर इलाके के हॉटस्पॉट पर पुलिस लगाना मुश्किल हो गया है। इस पर हॉटस्पॉट क्षेत्र का दायरा बढ़ा दिया गया है। जिले में संक्रमितों की संख्या 389 तक पहुंच गई है।

आगरा में सबसे कम उम्र के युवक की हुई मौत

एसएन मेडिकल कॉलेज में कोरोना उपचार के नोडल अधिकारी डॉ. आशीष गौतम ने बताया कि मस्ता की बगीची निवासी 25 वर्षीय युवक 23 अप्रैल को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया था। ताजनगरी में जान गंवाने वाले 12 संक्रमितों में यह सबसे कम उम्र का था। सोमवार को कोरोना के 16 नए मरीज मिले। इसके साथ अब संक्रमितों की संख्या 389 हो गई है। इनमें अब तक 54 लोगों को ठीक होने के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया है।रविवार को कोरोना संक्रमितों की संख्या में सिर्फ दो मरीज जुड़े थे।

उम्मीद थी कि सोमवार को भी ये आंकड़ा अधिक नहीं होगा। लेकिन सुबह आई रिपोर्ट में आठ नए मामले सामने आए। इसके बाद रात को आठ और लोगों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई। एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि हॉटस्पॉट की संख्या अब 33 हो गई है। दायरा बढ़ने से कम पुलिसकर्मियों को लगाया जा सकेगा। मानीटरिंग करने में भी आसानी होगी।

सब्जी विक्रेताओं को मुहैया कराया जाएगा टी-शर्ट

जिलाधिकारी पी एन सिंह की मानें तो सब्जी विक्रेताओं को जिला प्रशासन द्वारा अलग से टी-शर्ट मुहैया कराई जा रही है जिससे सब्जी विक्रेता आम जनता में अलग से चिन्हित हो पाएंगे। इस दौरान एसपी पूर्वी प्रमोद कुमार ने बताया कि ताजगंज क्षेत्र की बसई चौकी में इस तरह की पहल की गई है जिसके अंतर्गत स्वस्थ्य विभाग की मोबाइल वैन द्वारा सब्जी विक्रेताओं की कोरोना जांच की गई है। सब्जी विक्रेताओं की जांच करने आई

स्वास्थ विभाग की टीम में मौजूद चिकित्सक ने बताया कि 150 सब्जी विक्रेताओं के सैंपल लिए गए हैं और आगे ताज नगरी आगरा की अन्य सब्जी मंडियों में भी सैंपल लेने का काम बदस्तूर जारी रहेगा।

बसई सब्जी मंडी के सब्जी विक्रेता ने बताया कि प्रशासन द्वारा उन्हें कोरोना के प्रति पूर्ण रूप से जागरूक कर दिया गया है और उनका सैंपल भी लिया गया है प्रशासन द्वारा जो भी दिशा निर्देश दिए गए हैं सभी सब्जी विक्रेता उसका पालन करेंगे



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यूपी के आगरा में संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 389 तक पहुंच गया है। आगरा में कल देर रात कोरोना की वजह से 12वीं मौत हो गई। डीएम ने कहा कि सब्जी विक्रेताओं के लिए भी अब टी-शर्ट मुहैया कराया जाएगा ताकि उनकी पहचान की जा सके।




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प्रियंका गांधी ने कहा- यूपी में अप्रैल के 15 दिनों में 100 लोगों की हत्याएं हुईं, इनकी गंभीरता से जांच कराए योगी सरकार

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में दो साधुओं की हत्या किए जाने के मामले को लेकर कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्राने प्रदेश सरकार को घेरा है। प्रियंका ने कहा कि अप्रैल के पहले 15 दिनमें ही उत्तर प्रदेशमें 100 लोगों की हत्या हो गई।ऐसी जघन्य घटनाओं की गंभीरता से जांच होनी चाहिए।

प्रियंका गांधी का ट्वीट-

बुलंदशहर मेंदो साधुओं की पीट-पीटकर हत्या की गई
महाराष्ट्र के पालघर में दो साधुओं की मॉबलिंचिंग के बाद अब उत्तर प्रदेश में साधुओं की हत्या की घटना सामने आई। बुलंदशहर के अनूपशहर इलाके में दो साधुओं की मंदिर परिसर में सोते वक्त धारदार हथियार से हमला करके हत्या कर दी गई। वारदात में गांव के ही नशेड़ी युवक मुरारी का नाम सामने आया है। पुलिस हिरासत में लेकर उससे पूछताछ कर रही है।यहां पगोना गांव में घटना के बाद बुलंदशहर एसएसपी समेत पुलिस के तमाम आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और साक्ष्य इकट्‌ठे किए। पुलिस का दावा है कि हिरासत में लिया गया मुरारी लंबे समय से भांग के नशे का आदी है। आरोपी पर दो दिन पहले बाबा का चिमटा चुराने का भी आरोप लगा था। इसी बात को लेकर साधुओं और आरोपी मुरारी के बीच कहासुनी हुई थी। इस दौरान आरोपी मुरारी ने दोनों साधुओं को अंजाम भुगत लेने की धमकी भी दी थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी अभी नशे की हालत में है। दोनों संतो के शवों का पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है। घटनास्थल की फॉरेन्सिक जांच भी कराई गई।



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बुलंदशहर में दो साधुओं की हत्या के बाद प्रियंका गांधी ने यूपी में कानून व्यवस्था को लेकर सवाल किए हैं।




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टेप बनाने वाली कंपनी में लगी आग, दमकल की 14 गाड़ियों ने हालात पर काबू पाया

दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा में मंगलवार की सुबह टेप बनाने वाली एक कंपनी में भीषण आग लग गई। मामला बादलपुर थाना क्षेत्र का है। आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई और आग को बुझाने में जुट गई। दमकल की 14 गाड़ियों ने करीब ढाई घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं है। लेकिन कंपनी में लाखों के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।

बादलपुर थाना क्षेत्र के अच्छेजा में टेप बनाने वाली हिंदुस्तान एडहैसिव लिमिटिड कंपनी है। मंगलवार की सुबह करीब आठ बजे कंपनी की बिल्डिंग से धुआं उठता दिखाई दिया। इसकी तत्काल सूचना इलाकाई पुलिस व दमकल विभाग को दी गई।

अग्निशमन अधिकारी अरुण कुमार ने बताया कि, सुबह आठ बजे आग लगने की सूचना मिली थी। उसके तुरंत बाद दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंची। लेकिन आग इतनी भीषण थी कि, काबू पाने में कठिनाई हो रही थी। जिस पर और गाड़ियां बुलाई गईं। 14 गाड़ियों ने करीब 2 से ढाई घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया है। लेकिन इस दौरान कंपनी में लाखों के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। उन्होंने बताया कि, आग लगने के कारणों की जांच होगी, तभी कुछ कहा जा सकता है। हालांकि, शार्ट सर्किट से आग लगने का अंदेशा जताया जा रहा है।



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टेप फैक्ट्री से उठता धुआं।




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पुलिसकर्मियों पर थूकने वाला युवक गिरफ्तार, कुलीबाजार में पीएसी ने संभाला मोर्चा, यहां संक्रमितों की संख्या 199 पहुंची

उत्तर प्रदेश के कानपुर के चमनगंज हॉटस्पॉट क्षेत्र में सिपाही व होमगार्ड पर थूकने वाले एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पानी के विवाद को सुलझाने पहुंचे पुलिसकर्मियों पर युवक थूककर उन्हें संक्रमित करने का प्रयास कर रहा था। वहीं, अति संवेदनशील कुलीबाजार हॉटस्पॉट एरिया में पीएसी तैनात की गई है। यहां लोग शारीरिक दूरी के साथ लॉकडाउन के नियमों को भी तोड़ रहे थे। कानपुर में सबसे ज्यादा संक्रमित इसी क्षेत्र से हैं।

होमगार्ड की शिकायत पर हुआ एक्शन

दरअसल, बीते रविवार को होमगार्ड अमित पांडेय व सिपाही रोहित सिंह अति संवेदनशील हॉटस्पॉट चमनगंज में पड़ोसियों के बीच पानी को लेकर हुए झगड़े को सुलझाने पहुंचे थे। इसी दौरान एक मकान की छत पर खड़ा युवक होमगार्ड और सिपाही पर थूक रहा था। होमगार्ड ने इसकी शिकायत थाने में भी की थी। इस घटना से आहत होकर सिपाही ने पीआरवी प्रभारी निरीक्षक को पत्र लिख हॉटस्पॉट एरिया से ड्यूटी हटवाने की मांग की थी। होमगार्ड ने लिखा था कि मेरे छोटे बच्चे और बुजुर्ग मां हैं। यहां लोग थूकते हैं। मैं ऐसी जगह ड्यूटी नहीं करूंगा। सोमवार को प्रभारी निरीक्षक ने होमगार्ड को रिजर्व कर लिया था।

सीओ त्रिपुरारी पांडेय ने बताया कि, होमगार्ड अमित पांडेय के प्रकरण में चमनगंज निवासी एखलाक को गिरफ्तार किया गया है। इस पर थूकने का अरोप है। घटना की जांच कर कार्रवाई की जा रही है। वहीं, कुलीबाजार में पीएसी लगाई गई है।

चेस्ट हॉस्पिटल का वार्ड बॉय संक्रमित, 26 क्वारैंटाइन
कानपुर में मुरारीलाल चेस्ट हॉस्पिटल का एक वार्ड बॉय कोरोना पॉजिटिव निकला है।वह पिछले कई दिनों से लगातार मुरारी लाल चेस्ट अस्पताल के मरीजों की देखरेख कर रहा था। प्रशासन ने हिस्ट्री खंगाली तो पता चला कि,लगभग 26 लोग इस वार्ड बॉय के संपर्क में आए थे और सभी को क्वारैंटाइन किया गया है।जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की प्राचार्या डॉ. आरती लाल चंदानी ने बताया कि, वार्ड बॉय के कांटेक्ट में आने वाले सभी लोगों को क्वारैंटाइन कराया गया है।

शहर में तेजी से बढ़ रहा संक्रमण का दायरा
शहर में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। सक्रमितों की संख्या दोहरे शतक के करीब है। शहर में संक्रमितों की संख्या में 199 पहुंच गई है। जिसमें से 18 मरीज डिस्चार्ज हो चुके हैं और तीन लोगों की मौत हुई है। सोमवार को आई रिपोर्ट ने पुलिस विभाग में हड़कंप मचा दिया। कोरोना की चपेट की चपेट में एक खूफिया विभाग इंस्पेक्टर, आरआई लाइन और एक सिपाही संक्रमित पाए गए हैं। पुलिस विभाग के लिए सबसे सुरक्षित कही जाने वाली पुलिस लाइन में कोरोना की एंट्री से हलचल मची हुई है। लाइन में रहने वाले परिवार एक दूसरे को शक भरी नजर से देख रहे हैं।



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ये तस्वीर कानपुर में पुलिस हिरासत में खड़े युवक की है। इस पर पुलिसकर्मियों पर थूककर उन्हें संक्रमित करने का प्रयास करने का आरोप है।




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काशी की आर्टिस्ट ने किचेन व मेकअप के सामानों से बनाई ज्ञान व विज्ञान के संगम की पेंटिंग; कोरोना वॉरियर्स को किया समर्पित   

कोरोनावायरस से दुनिया ठहर सी गई है। इस वैश्विक महामारी को मात देने के लिए लोग घरों में कैद हैं। ऐसे में लोग घरों में रहकर नए-नए क्रिएटिव काम कर रहे हैं। कुछ ऐसा ही अनूठा काम बलिया की रहने वाली नेहा सिंह ने किया है। उन्होंने अपने मेकअप किट व किचन के मसालों से एक पेंटिंग बनाई है। जिसमें उन्होंने ज्ञान और विज्ञान का संगम को दर्शाया है। पेंटिंग में एक तरफ वैदिक ज्ञान का जिक्र है तो दूसरी तरह आज के भगवान डॉक्टरों को दिखाया गया है। नेहा ने अपनी ये पेंटिंग डॉक्टरों, वैज्ञानिकों को समर्पित किया है।

बीएचयू में छूट गया था पेंटिंग का सामान

नेहा सिंह वर्तमान में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के वैदिक विज्ञान केन्द्र में अध्ययन कर रही हैं। कोरोना संकट काल में जब लॉकडाउन का ऐलान हुआ तो वे अपने घर बलिया चली गई थीं। पेंटिंग की सामग्री काशी में ही छूट गई थी। ऐसी परिस्थिति में नेहा ने इस बात को भी सिद्ध किया कि परिस्थिति कैसी भी हो, अभाव कितना भी हो, हुनर किसी का मोहताज नहीं होता है।

ज्ञान व विज्ञान का संगम।

इन सामानों से बनी पेंटिंग

इसके बाद नेहा ने किचेन के मसालों जैसे हल्दी, दालचीनी, लौंग, अदरख, मिर्च व मेकअप के सामान सिंदूर, लिपिस्टिक, क्रीम, पाऊडर से पेंटिंग बनाने का निर्णय लिया। उन्होंनेआधुनिक विज्ञान व वैदिक ज्ञान को आधार मानकर अपनी उंगलियां फेरना शुरू किया तो एक ऐसी कला ने मूर्तरूप लिया, जो खुद में बहुत कुछ बयां कर रही थी। नेहा ने कहा- आज आधुनिक विज्ञान कितना भी आगे चला गया हो, कहीं न कहीं उसकी जड़ें वैदिक ज्ञान से ही जुड़ी हैं। ईशावास्योपनिषद इस बात को और स्पष्ट करती है। इसी सोच विचार पर आधारित एक चित्रांकन को घर बैठकर किया है।

लिपिस्टिक का इस्तेमाल करतीं नेहा सिंह।

वेद विज्ञान एक साथ तभी कोरोना हारेगा

नेहा ने कहा- घरेलू सामानों से एक ऋषि एवं उनके बगल में बैठकर ज्ञान प्राप्त करते हुए एक आधुनिक वैज्ञानिक का चित्रांकन किया है। ऋषि, मुनियों और ऊपर वाले के आशीर्वाद से ही कोरोना का जंग जीता जा सकता है।वेद एवं विज्ञान जब एक साथ रहेंगे, तभी कोरोना हारेगा।

नेहा के नाम दर्ज है दो रिकार्ड

नेहा ने अपनी कला के माध्यम से दो रिकॉर्ड भी अपने नाम किए हैं। उन्होंने पहला रिकॉर्ड16 लाख मोतियों से 10×11 फुट का भारत का नक्शा बनाकर वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ इंडिया में नाम दर्ज कराया था। इसके बाद449 फीट कपड़े पर उंगलियों के निशान से 38417 डॉट डॉट करके हनुमान चालीसा लिख कर यूरेशिया वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करा चुकी हैं।



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बलिया की रहने वाली नेहा सिंह वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ इंडिया व यूरेशिया वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर चुकी हैं।




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एक दिन में रिकॉर्ड 12 पॉजिटिव सामने आए ; दवा व्यवसायी से कई लोग हुए संक्रमित, मरीजों की संख्या 49 तक पहुंची

वाराणसी में कोरोनावायरस का संक्रमण तेजी से फैलता जा रहा है। पहली बार शहर में एक साथ 12 मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई है।शहर में कोरोना संक्रमितों की संख्या 49 हो गई है। इसमें आठ लोग इलाज के बाद स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं, जबकि एक व्यक्ति की कोरोना संक्रमण की वजह से मौत हो गई है। डीएम ने बताया कि नए मरीजों में संक्रमण एक दवा व्यवसायी की वजह से फैला है।

मढौली निवासी संक्रमित दवा व्यवसायी के परिवार में चार कोरोना मरीज मिले हैं। वाराणसी के मंडुआडीह थाना क्षेत्र के मढौली निवासी कोरोना संक्रमित दवा व्यापारी के परिवार के चार सदस्य और दुकान के तीन कर्मचारियों सहित 12 नए मरीज मंगलवार को सामने आए हैं। दवा व्यवसायी के संपर्क में आने से एक उपभोक्ता भी कोरोना की चपेट में आया है। इसके अलावा कर्नाटक के जमाती के संपर्क में आने से रेवड़ी तालाब और भेलूपुर में तीन लोग कोरोना संक्रमित हुए हैं। काजीपुर निवासी 60 वर्षीयएक अधिवक्ता भी कोरोना संक्रमित हो गए हैं।

दवा व्यवसायी की वजह से फैला संक्रमण
जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा ने बताया कि कोरोना संक्रमित दवा व्यवसायी के 50 वर्षीय पिता, 30 वर्षीय बहन, 24 वर्षीय पत्नी और डेढ़ साल की बेटी भी पॉजिटिव हैं। उसकी दुकान पर काम करने वाले तीन कर्मचारी और एक ग्राहकभी दवा व्यवसाई से संक्रमित हुए हैं।

रेवड़ी तालाब और भेलूपुर में तीन नए मरीज जमाती के संपर्क में आने से सामने आए हैं। सिगरा के काजीपुरा खुर्द निवासी 60 वर्षीय अधिवक्ता की अब तक कोई ट्रैवेल और कांटेक्ट हिस्ट्री नहीं मिली है। बुखार की शिकायत पर उन्हें रेफर किया गया था। नए मरीज सामने आने के बाद कुल संख्या 49 हो गई है। शहर में नए हॉटस्पॉट विकसित होंगे, इसके लिए अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक बुलाई गई है।



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वाराणसी में एक साथ 12 लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। अब तक एक साथ इतने मामले वाराणसी में सामने नहीं आए थे। डीएम ने कहा कि इसको लेकर बैठक बुलाई गई है। जिन इलाकों से मरीज मिले हैं उन्हें सील किया जाएगा।