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अब तक 2005 पॉजिटिव; अयोध्या में 24 जून तक धारा 144; प्रयागराज से 10 हजार छात्रों को घर भेजा जाना शुरू

उत्तर प्रदेश में127 नए संक्रमित मिले। कुल आंकड़ा 2005 हो गया। 1556 एक्टिव केस हैं। 399 मरीज स्वस्थहोने के बाद डिस्चार्ज किए गए। अब तक 31 लोगों की मौत हो चुकी है। प्रयागराज में मौजूद छात्रों को इनके घर भेजने की प्रक्रिया सोमवार रात शुरू हो गई। एक अहम खबर अयोध्या से। यहां धारा 144 अब 24 जून तक जारी रहेगी।

मंगलवार को वाराणसी में एक दवा व्यापारी के संपर्क में आने वाले 12 लोग संक्रमित मिले। लखनऊ में6 औरसीतापुर में एक पॉजिटिव मिला। हाल ही में कोरोना मुक्त हुए 4 जनपदों में फिरसंक्रमित मिलेहैं। कुल 60 जनपदों में कोरोना केस पाए गए हैं। कुल 1089 संक्रमितों का जमात से कनेक्शन है। केजीएमयू में जिन दो मरीजों की मौत हुई। उन दोनों की रिपोर्टनिगेटिव आई है।

लखनऊ: छात्रों को घर भेजना शुरू

मुख्यमंत्रीयोगी आदित्यनाथके निर्देश पर अब प्रदेश के उन छात्रों को भी घर भेजाजा रहा है,जो प्रयागराज में पढ़ाई कर रहे हैं। करीब 10 हजार छात्रों को 300 बसों से उनके गृह जनपद तक भेजने की कवायद शुरू हो गईहै। इससे पहले हरियाणा में फंसे मजदूरों को उत्तर प्रदेश लाया गया था। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए हर जिले में 15 से 25 हजार क्षमता के क्वारैंटाइन सेंटरतैयार करने का निर्देश दिए गए हैं।

प्रयागराज में कई जिलों के छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। यहां से करीब 10 हजार छात्रों को उनके गृह जनपद भेजने की तैयारी है। सोमवार रात से इन छात्रों को बसों से उनके गृह जनपद तक भेजना शुरू कर दिया गया।

अयोध्या : 24 जून तक धारा 144

जिले में धारा 144 को 24 जून तक बढ़ाया गया है। आदेश में कोविड-19 प्रतिबंधों को भी जोड़ा गया है। गुटखा, मसाला और शराब की बिक्री पर प्रतिबंध जारी रहेगा। सोशल डिस्टेंस जरूरी होगी। बाइक पर एक औरकार मेंदो ही लोग और बेहद जरूरी होेने पर ही जा सकेंगे। मीडिया को डिबेट औरअन्य कार्यक्रमों के लिए मंजूरी लेनी होगी।

संतकबीरनगर: दो और पॉजिटिव

सोमवार रात यहां दो और कोरोना पॉजिटिव मिले। एक बखिरा का रहने वाला युवक है। मगहर की एक महिला को भी संक्रमित पाया गयाा। अब जिले में कुल 23 पॉजिटिव हो गए हैं।

संतकबीरनगर में सोमवार रात दो नए पॉजिटिव केस पाए गए। इसके बाद मरीजों के परिजन का हेल्थचेकअप कर क्वारैंटाइन कर दिया गया है।

झांसी: बॉर्डर परेशानी का सबब

यहांं यूपी - एमपी बॉर्डर परेशानी का कारणबनता जा रहा है।शिवपुरी हाइवे पर हैदराबाद, तेलंगाना, सूरत और इंदौर से हर रोज हजारों प्रवासी मजदूर घर जाने के लिए यहां जुट रहे हैं। पुलिस इन्हें झांसी सीमा में प्रवेश नहीं करने दे रही है। येछिपकर खेतों के रास्ते यूपी-एमपी बॉर्डर पार कर जाते हैं। पुलिस, पीएसी, एनसीसी और एरियल सर्विस के अलावा आसपास के गांव में प्रधानों ने बैरिकेडिंग लगाई है। इसके बावजूद कुछ मजदूर खेतों के रास्ते झांसी जनपद में आ जाते हैं। कुछ को बड़ागांव थाना क्षेत्र में लगी बेरीकडिंग पर रोक दिया जाता है। यहां से इन्हें क्वारैंटाइन सेंटर भेजा जा रहा है।

झांसी में सुरक्षा के बावजूद अन्य राज्यों से आने वाले प्रवासी मजदूर छिपकर खेतों के रास्ते जनपद की सीमा में प्रवेश कर रहे हैं। ऐसे मजदूरों को बड़ागांव थाना क्षेत्र में बेरीकेडिंग पर रोक लिया जाता है। इसके बाद इन्हे क्वारैंटाइन सेंटर भेजा जा रहा है।

प्रदेश में अब तक 1993 संक्रमित
आगरा 384, लखनऊ 204, गाजियाबाद 58, गौतमबुद्धनगर (नोएडा) 133, लखीमपुर खीरी 4, कानपुर नगर 197, पीलीभीत 3, मुरादाबाद 104, वाराणसी 49, शामली 27, जौनपुर 5, बागपत 15, मेरठ 92, बरेली 7, बुलन्दशहर 50, बस्ती 23, हापुड़ 26, गाजीपुर 6, आज़मगढ़ 8, फिरोजाबाद 100, हरदोई 2, प्रतापगढ़ 7, सहारनपुर 181, शाहजहांपुर 1, बाँदा 3, महाराजगंज 6, हाथरस 4, मिर्जापुर 3, रायबरेली 43, औरैया10, बाराबंकी 1, कौशाम्बी 2, बिजनौर 30, सीतापुर 20, प्रयागराज 4, मथुरा 10, बदायूं16, रामपुर 21, मुजफ्फरनगर 18, अमरोहा 25, भदोही1, कासगंज 3,इटावा 2, संभल 13, उन्नाव 1, कन्नौज 7, संतकबीरनगर 21, मैनपुरी 5, गोंडा 1, मऊ 1, एटा 3 औरसुल्तानपुर 3, अलीगढ़ 23, श्रावस्ती 5, बहराइच 9, बलरामपुर 1, अयोध्या 1, जालौन 2, झाँसी 1 औरगोरखपुर में भी 1 की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।



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अयोध्या जिला प्रशासन ने धारा 144 अब 24 जून तक बढ़ा दी है। (फाइल)




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आज 5 महिलाएं कोरोना पॉजिटिव मिलीं, संक्रमित मरीजों की संख्या 134 पहुंची

गौतमबुद्धनगर जिले में मंगलवार को पांच महिलाएं कोरोना पॉजिटिव पाई गई हैं। इनमें दो 18 वर्षीय युवतियां भी शामिल हैं। पांच नए मरीज मिलने के बाद जिले में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 134 पहुंच गई है। जबकि आज 8 मरीजों के डिस्चार्ज होने से अब तक 79 लोग ठीक भी हुए हैं।

नोएडा में 773 क्वारैंटाइन, 55 का चल रहा इलाज

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार मंगलवार को आई जांच रिपोर्ट में सेक्टर-34 में रहने वाली 45 वर्षीय महिला, सेक्टर-93 ए की 71 वर्षीय महिला व ग्रेटर नोएडा के बेगमपुर गांव में रहने वाली 50 वर्षीय महिला कोरोना पॉजिटिव मिली है। इसके अतिरिक्त सेक्टर-15 व सेक्टर-50 में 18 वर्षीय दो युवतियां भी कोरोना पॉजिटिव पाई गई हैं। विभाग इन सभी की हिस्ट्री खंगाल रहा है। सभी को फिलहाल आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करके इनके स्वजनों को होम क्वारैंटाइन किया गया है।

जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. सुनील दोहरे ने बताया कि बीते 24 घंटे में 190 लोगों की जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई है। इसमें पांच पॉजिटिव मिले है। मंगलवार को आठ लोगों को डिस्चार्ज किया गया है। इसमें चार लोग ग्रेटर नोएडा स्थित शारदा अस्पताल, एक-एक व्यक्ति जिम्स व चाइल्ड पीजीआई व दो व्यक्ति जो दिल्ली के अस्पताल में भर्ती थे। जिले में अब तक विदेश यात्रा करके लौटे 2161 लोगों को चिन्हित किया गया है। साथ ही 3531 लोगों की जांच की गई है। जिसमें 134 लोग पॉजिटिव मिले है। अब तक 79 लोग ठीक अपने घर जा चुके है। 55 मरीजों का भर्ती करके आइसोलेशन वार्ड में उपचार किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त 773 लोगों को क्वारैंटाइन किया गया है।

उप्र में 2043 रोगी मिले, 31 की जान गई

वहीं, उत्तर प्रदेश के 60 जिलों में अब तक 2043 कोरोना पॉजिटिव मिल चुके हैं। इनमें 1612 एक्टिव केस हैं। 7 जिलों में अभी कोई एक्टिव संक्रमित मरीज नहीं है। राज्य में 400 मरीज डिचार्ज किए गए हैं।31 लोगों की मौत हुई है।4384 सैंपल कल टेस्ट हुए हैं।11,725 मरीज क्वारैंटाइन सेंटर में हैं।



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उत्तर प्रदेश के 60 जिलों में अब तक 2043 कोरोना पॉजिटिव मिल चुके हैं। इनमें 1612 एक्टिव केस हैं।- प्रतीकात्मक फोटो




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संक्रमित महिला के बेटे व देवर की पॉजिटिव आई रिपोर्ट, हॉटस्पॉट में 100 नए सैंपल लिए जाएंगे

उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में कोरोनावायरस का संक्रमण बढ़ता जा रहा है। बुधवार को यहां दो नए केस मिले हैं। 2 दिन पहले एक महिला में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी। नई रिपोर्ट में उसका बेटा और देवर भी संक्रमित पाया गया है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र को सील कर दिया है।

जिलाधिकारी आंद्रा वामसी ने बताया कि 2 दिन पहले ओरछा गेट की रहने वाली एक 59 वर्षीय महिला में कोरोनावायरस के संक्रमण की पुष्टि हुई थी। उसकी अब हालत में तेजी से सुधार हो रहा है। मंगलवार रात ऑक्सीजन सपोर्ट भी हटा दिया गया। महिला के संपर्क में आने वाले 44 लोगों को चिन्हित कर उनकी जांच की गई। जांच में 42 मामले निगेटिव निकले और दो पॉजिटिव निकले हैं। पॉजिटिव निकलने वालों में से महिला का बेटा और देवर हैं।दोनों नए कोरोना पॉजिटिव मरीजो को भी आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करा दिया गया है। वहीं, आने वाले 2 दिनों में हॉटस्पॉट एरिया से 100 नए सैंपल और लिए जाएंगे।

झांसी मेडिकल कॉलेज में मंगलवार को 4 जनपदों के 119 नमूने जांच के लिए आए थे। इनमें बांदा से 38, जालौन से 28, ललितपुर व झांसी के 26-26 सैंपल शामिल थे। झांसी के दो सैंपल को छोड़कर शेष सभी निगेटिव पाए गए हैं।



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हॉटस्पॉट क्षेत्र गंज को सील कर दिया गया है। नगर निगम कर्मी इलाके को सैनिटाइज करने में जुटे हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा लोगों की जांच की जा रही है।




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प्रयागराज से छात्रों को कुशीनगर लेकर जा रही रोडवेज बस दुर्घटनाग्रस्त, 12 जख्मी लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया

उत्तर प्रदेश में अध्योध्या के पास छात्र-छात्राओं को ले जा रही एक रोडवेज बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में बस में सवार 12 लोग घायल हो गए। इसमें से ड्राइवर​ और दो छात्राओं की हालत गंभीर बताई जा रही है। इन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार यह बस प्रयागराज से कुशीनगर जा रही थी। बस में 27 छात्र-छात्राएं सवार थे। वहीं बस का ड्राइवर के अलावा बस में ड्यूटी पर तैनात सिपाही भी दुर्घटना में घायल हुआ है।

बताया जा रहा है कि यह बस प्रयागराज से पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले तक छात्र-छात्राओं ले जा रही थी। अयोध्या के निकट कोतवाली बीकापुर के बिलारी के पास रोडवेज की यह बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। बताया जा रहा है कि रोडवेज बस ने पीछे से ट्रक में टक्कर मार दी। जिसके चलते बस में सवार सभी 27 लोग घायल हो गए।

शुरु में घायलों को फस्टएड के लिए बीकापुर के स्वास्थ्य केंद्र में ले जाया गया। इनमें से 11 छात्र छात्राएं जिला अस्पताल में भर्ती करा दी गईं। फिलहाल सभी का इलाज चल रहा है। बस ड्राइवर व 2 छात्राओं की हालत नाजुक बताई जा रही है।

15 छात्र छात्राओं को इलाज के बाद मिली छुट्‌टी

डीएम अनुज झा ने जिला अस्पताल में घायलों का हालचाल लिया उन्होंने बताया कि ड्राइबर के घुटने फ्रैक्चर हो गया है। स्टूडेंट्स भी घायल हुए हैं पर गंभीर हालत में नहीं हैं। जैसे-जैसे ठीक रहे हैं उनको उनके घरों को भेजा जा रहा है। 10 छात्र छात्रा समेत 12 लोग जिला अस्पताल में भर्ती हैं। साधारण तौर पर घायल 15 छात्र-छात्राओं को जिला अस्पताल से बस लेकर कुशीनगर रवाना हो गई है।



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प्रयागराज से छात्रों को लेकर जा रही बस बीकापुर के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में 12 लोग जख्मी हो गए जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।




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15 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमितों का आंकड़ा पहुंचा 400 के पार, 2 सब्जी विक्रेता भी पॉजिटिव मिले

उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण तेजी से फैलता जा रहा है। इसमें आगरा पहले नंबर पर है। यहां पिछले 24 घंटे में 15 कोरोना मरीज पाए गए हैं। इनमें एक प्रशासनिक अधिकारी का सुरक्षाकर्मी भी शामिल है। इसके साथ ही आगरा में संक्रमितों का आंकड़ा 404 पर जा पहुंचा है। वहीं, संक्रमण के मामले में आगरा प्रदेश में पहले और देश में 11वें स्थान पर है। हालांकि प्रशासन के अनुसार 46 अन्य लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। सभी को आईसोलेशन वार्ड से क्वारंटाइन सेंटर भेज दिया गया है। तीसरी रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद सेंटर से उन्हें घर भेजा जाएगा।

आगरा में मंगलवार को कोरोनावायरस की दो बार रिपोर्ट आईं। इनमें प्रशासनिक अधिकारी का होमगार्ड पॉजिटिव होने की जानकारी मिलते ही हड़कंप मच गया। होमगार्ड दो अप्रैल को प्रशासनिक अधिकारी को आवंटित किया गया था। लेकिन तबियत खराब होने पर घर भेज दिया गया था। अब उसके साथी कर्मचारियों को होम और परिजनों को क्वारंटाइन सेंटर भेजा गया है।

जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने बताया कि संक्रमित 46 अन्य लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। सभी को आईसोलेशन वार्ड से क्वारंटाइन सेंटर भेज दिया गया है। तीसरी रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद सेंटर से उन्हें घर भेजा जाएगा। जारी रिपोर्ट के मुताबिक, न्यू आगरा के कौशलपुर निवासी दो भाई भी संक्रमित मिले हैं। इस इलाके से अब तक 10 से ज्यादा संक्रमित मिल चुके हैं। नगला महादेव सेवला जाट में दंपति संक्रमित मिला है। लेडी लॉयल में भर्ती टीला माईथान निवासी प्रसूता की रिपोर्ट भी संक्रमित आई है।

दो और सब्जी विक्रेता संक्रमित
संक्रमितों में सदर के नौलक्खा निवासी सब्जी विक्रेता चाचा-भतीजा भी हैं। दोनों सिकंदरा से सब्जी ले जाकर सदर में बेचते थे। इनसे पहले पांच सब्जी विक्रेता संक्रमित मिल चुके हैं। एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि उसके घर के पास बैरियर लगाकर आसपास के लोगों को जानकारी दे दी गई है। इसके अलावा सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज का एक और वार्ड ब्वॉय संक्रमित मिला है। इससे पहले एसएन मेडिकल कॉलेज के पांच और वार्ड ब्वॉय संक्रमित हो चुके हैं। यह जूता मंडी शाहगंज का निवासी है।



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आगरा में संक्रमित मरीजों की संख्या 400 के पार पहुंच गई है। इस बीच अधिकारी संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए पूरी कोशिश जुटे हुए हैं।




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रामपुर में पुलिस टीम पर हमला; हाथापाई कर दो आरोपियों को छुड़ाया; 10 नामजद पर एफआईआर

उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में मंगलवार रात दड़ियाल कस्बे की गलियों में लॉकडाउन का पालन कराने गई पुलिस टीम पर शरारती तत्वों ने हमला कर दिया। स्थानीय लोगों ने पुलिस से हाथापाई कर बाइक सवार दो युवकों को जबरन छुड़ा लिया। पुलिस ने बल प्रयोग किया तो भीड़ ने उन पर पथराव किया। प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति पर काबू पाया। इस मामले में 10 नामजद लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। बुधवार को पूरे इलाके में सन्नाटा नजर आया।

दरअसल, लॉकडाउन को सख्ती से लागू कराने को लेकर पुलिस व प्रशासनिक अमला दड़ियाल कस्बे की गलियों में देर रात गश्त पर था। इसी दौरान दो बाइक सवार लोगों को आता देख पुलिस ने उन्हें रोका। लेकिन बाइक सवार हंगामा करने लगे। इसी बीच उनको छुड़ाने के लिए महिलाएं भी सड़कों पर आ गईं और उन्होंने उन दोनों बाइक सवारों को पुलिस से जबरन छुड़वा लिया। इसके बाद पुलिस पर पत्थरों से हमला कर दिया। जिसमें सभी लोग बाल बाल बच गए।

पुलिस ने 10 लोगों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने वा लॉकडाउन का उल्लंघन करने का मामला पंजीकृत किया गया है। अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने कहा- वह लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर किसी भी सूरत में चाहे वह कितना भी रसूखदार व्यक्ति क्यों न हो? किसी को छोड़ा नहीं जाएगा। फिलहाल पुलिस उन अज्ञात लोगों को भी चिन्हित करने में लगी है। घटनास्थल पर बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात की गई है।



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ये तस्वीर उसी जगह की है, जहां मंगलवार रात पुलिस टीम पर हमला किया गया। प्रशासन ने आज सख्ती की है। इसलिए पूरी रोड पर सन्नाटा छाया रहा।




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लॉकडाउन का उल्लंघन और कोरोना योद्धाओं पर हमले करने वालों के खिलाफ सख्त कानून बनाएगी उत्तर प्रदेश सरकार, सात साल की जेल और पांच लाख रुपए तक होगा जुर्माना 

उत्तर प्रदेश सरकार लॉकडाउन का उल्लंघन करने और कोरोना योद्धाओं पर हमले करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए कड़े कानून बनाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदिनाथ ने इस संबंध में अपने वरिष्ठ अफसरों की टीम-11 से चर्चा की है। यहां पुराने एपीडेमिक एक्ट 1897 में संशोधन पर विचार किया जा रहा है। इसके तहत मेडिकल स्टाफ, पारा मेडिकल, क्लीनिंग स्टाफ और पुलिसकर्मियों समेत कोरोना वॉरियर्स की रक्षा के लिए कड़े कानून बनाए जाने की कवायद की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक कोरोना योद्धाओं पर हमले करने और उन पर थूकने जैसी घटनाओं को देखते हुए संशोधित कानून में सजा के कड़े प्रावधान किए जाएंगे।रिपोर्ट के अनुसार नए कानून को यूपी एपीडेमिक डिसीज कंट्रोल एक्ट 2020 के नाम से जाना जाएगा और इसे अध्यादेश के जरिये अमल में लाया जाएगा।

सख्त होगी सजा
सूत्रों के मुताबिक नए कानून में यह सजा का प्रावधान होगा कि जो भी क्वारेंटाइन या आइसोलेशन के दौरान भागेगा या फिर लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन करेगा उसे जेल के साथ जुर्माना भी लगाया जाएगा। वहीं कोरोना वॉरियर्स पर हमले करने वालों को सात साल की जेल और पांच लाख रुपए तक जुर्माना लगाया जा सकेगा।
केंद्र ने भी किया है संशोधन
हाल ही में केंद्र ने एपीडेमिक 1897 एक्ट में अध्यादेश के जरिए संशोधन किया है। इसके तहत कोरोना वॉरियर्स की रक्षा के लिए जेल और जुर्माने का प्रावधान किया गया है।



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यूपी में इस तरह लोगों ने अपने घरों की छतों से कोरोना योद्धाओं पर हमले किए थे। (फाइल फोटो)




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लॉकडाउन का उल्लंघन करने वाले आरोपी को पकड़ने के बाद 4 पुलिसकर्मी हुए कोरोना संक्रमित, संख्या बढ़कर पहुंची 103

फिरोजाबाद में लॉकडाउन का उल्लंघन करने वाले एक आरोपी को पकड़ने वालेचार पुलिसकर्मी भी कोरोना पॉजीटिव पाए गए हैं। इसके चलते जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 103 पर पहुंच गई है। एक्टिव केस अभी भी 90 हैं। सभी कोरोना पॉजीटिव पुलिसकर्मी एक ही थाने में तैनात थे।लॉकडाउन का उल्लंघन करने वाले एक आरोपी को पुलिसकर्मियों ने पकड़ा। बाद में वह संक्रमित पाया गया था। हालांकि बाद में उसे छोड़ दिया गया था।


रामगढ़ थाना क्षेत्र का मामला

फिरोजाबाद के रामगढ़ थाने में पुलिस ने लॉकडाउन का उल्लंघन करने वाले एक आरोपी को पकड़ा था। बाद में जिसे छोड़ दिया गया था। जांच में आरोपी कोरोना संक्रमित पाया गया था। जिसके चलते थाने के 27 पुलिसकर्मियों को क्वारंटाइन कराते हुए रिपोर्ट जांच को भेजी गई थी। आज उनकी जांच रिपोर्ट आई जिसमें एक एसएसआई सहित तीन सिपाही कोरोना संक्रमित पाए गए।

एडीजी पहुंचे फिरोजाबाद

इस मामले को लेकर एडीजी अजय आनंद फिरोजाबाद के टूंडला पहुंचे। जहां उन्होंने बताया कि थाने में आरोपी के संपर्क में आने से पुलिसकर्मियों को क्वारंटाइन कराया गया था। चार पुलिसकर्मियों में कोरोना की पुष्टि हुई है। उनका इलाज चल रहा है। उन्होंने जनता से अपील की कि वह लॉक डाउन का पालन करें और घर से बाहर न निकलें।



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फिरोजाबाद में चार पुलिसकर्मियों में कोरोना की पुष्टि हुई है। इसके बाद यहां का आंकड़ा 100 को पार कर गया है।




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संक्रमित मरीजों की संख्या पहुंची 2115, इनमें 1602 एक्टिव केस: सरकार ने कहा- स्वास्थ्यकर्मियों पर हमले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे

उत्तर प्रदेश में कोरोनावायरस का संक्रमण तेजी से फैलता जा रहा है।उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने कहा कि उप्र में अब तक 2115 संक्रमित मरीज पाए गए हैं,इनमें एक्टिव मरीज की संख्या 1602 है। अभी तक60 ज़िलों में संक्रमण फैल चुका है और 7 ज़िलों में अभी कोई एक्टिव संक्रमित मरीज नहीं हैं। अभी तक 477 मरीज ठीक होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं जबकि 36 लोगों की हो चुकी है।
अवस्थी ने पत्रकारों को बताया कि अबतक यूपी में 33000 एफआईआर दर्ज की गई है। सरकार ने तय किया है कि यदि स्वास्थ्य कर्मियों पर हमला होगा तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए सरकार अध्यादेश लाने जा रही है।

उन्होंने बताया कि सीएम ने निर्देश दिया है कि अस्पतालों में बेड की क्षमता बढाकर 52000 की जाए। स्वास्थ्य विभाग में 17000 और चिकित्सा स्वास्थ्य में 35000 बेड बढ़ाए जाएंगे।अवस्थी ने कहा कि सीएम ने कहा है कि अधिकारी ये तय करें कि कहीं भी आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी न होने पाए। सीएम ने रेड जोन, ऑरेंज जोन ओर ग्रीन जोन की भी समीक्षा की है। उन्होंने कहा कि रेड जोन को ऑरेंज में बदलने के साथ ही ग्रीन जोन में बदलने का काम करें।

इससे पहले बुधवार सुबह केजीएमयू की ओर से जारी की गई रिपोर्ट में 20 पॉजिटिव पाये गए थे।जिसमें लखनऊ के 4, आगरा में 9 और फ़िरोज़ाबाद 7 नए मरीज मिले हैं। प्रदेश के विभिन्न जनपदों से 462 कोरोना पेशेंट स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किए जा चुके हैं। यूपी मेंअब तक 34 लोग की मौतें हुई हैं जिसमेंबस्ती, वाराणसी, बुलन्दशहर, लखनऊ, फिरोजाबाद, अलीगढ़ व श्रावस्ती में 1-1, मुरादाबाद में 6, मेरठ में 5, कानपुर में 4 व आगरा में कोरोना से अब तक कुल 12 मौतें शामिल हैं।

यूपी में डॉक्टरों से मारपीट पर सात साल की सजा : केंद्र की तर्ज पर यूपी में भी कोविड-19 अस्पतालों में क्वॉरेंटाइन के दौरान डॉक्टरों, स्वास्थ्य कर्मियों व अन्य देखभाल करने वालों के साथ मारपीट और तोड़फोड़ अब दंडनीय अपराध होगा। प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश महामारी कोविड-19 विनियमावली में पहला संशोधन कर दिया है। यह तत्काल प्रभाव से लागू हो गया हैं। इसमें आरोपी को दो लाख रुपये का जुर्माना बमव सात साल की सजा का प्रावधान है।

7 जनपद कोरोना मुक्त: लखीमपुर-खीरी, शाहजहांपुर, हाँथरस, हरदोई, महराजगंज, बाराबंकी और कौशाम्बी के कोरोना पेशेंट स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किए गए, वर्तमान में इन जनपदों में एक भी कोरोना पेशेंट नहीं हैं। प्रदेश में 90,916 लोगों ने सर्विलांस की 28 दिन की समय सीमा पूरी की हैं। प्रदेश में कुल 1,24,808 पैसेंजर्स को ऑब्जर्वेशन में रखा गया है। 11,487 लोगों को इंस्टीट्यूशनल क्वॉरेंटाइन में रखा गया है।



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यूपी में कोरोना से अब तक 34 लोगों की मौत हो गई है जबिक संक्रमित मरीजों का आंकडा दो हजार को पार कर गया है।




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जौनपुर में 2 हादसे, 5 की मौत, इनमें चार एक ही परिवार के; महिलाओं के चीत्कार से गूंज उठा गांव  

उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में बुधवार को हुए दो हादसे में एक परिवार के चार लोगों समेत पांच की मौत हो गई। मृतकों में दो सगे भाई-बहन थे। एक साथ पांच मौतों से हर तरफ चीत्कार व क्रंदन की आवाज सुनाई दे रही थी। यह हादसा बरसठी थाना क्षेत्र सरसरा गांव का है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

बरसठी थाना क्षेत्र के सरसरा गांव निवासी ननकू सरोज के घरवाले पड़ोसी के मकान से सटी जमीन से बुधवार सुबह नींव खुदाई कर रहे थे। अचानक पड़ोसी के मकान की दीवार भरभराकर ढह गई। जिसमें ननकू का बेटा अखिलेश सरोज (24 वर्ष) व मजदूर पंकज बिंद (27 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गए। जबकि, बेटी कपूरा देवी (39 वर्ष) के पैर में चोट आई। परिजन अखिलेश व पंकज को बोलेरो पर लादकर दोनों को भदोही जिला अस्पताल ले गए।

जबकि, बहन कपूरा को परिवार के लक्ष्मीशंकर (26) व ऊषा देवी (35) बाइक पर बैठाकर मियांचक इलाज के लिए जा रहे थे। लेकिन रास्ते में विपरीत दिशा से आ रही सरकारी खाद्यान्न लदी पिकअप (यूपी 62 एटी 9913) ने बाइक को टक्कर मार दिया। जिससे तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।

उधर, दीवार के मलबे में दबकर घायल हुए अखिलेश व एक अन्य मजदूर पंकज बिंद (27) ने भी दम तोड़ दिया। पुलिस ने पांचों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। गांव में मातम का माहौल है।



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ये तस्वीर जौनपुर के बरसठी थाने की है। यहां शव पहुंचे तो महिलाओं के विलाप से पूरा थाना गूंज उठा।




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अब तक 2145 संक्रमित: आगरा में 22 नए केस मिले, यहां सबसे ज्यादा 455 कोरोना पॉजिटिव, कानपुर पथराव मामले में 5 गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश में कोरोनावायरस का असर तेजी से फैलता जा रहा है।24 घंटे में 88 नए मामले सामने आए हैं। सबसे ज्यादा आगरा में 22, जबकि कानपुर देहात में पहला मामला सामने आया। राज्य में 2145 कोरोना संक्रमित हो गए। 52 जिलों में अभी भी कोरोना के 1590 एक्टिव केस हैं। इनमें 1090 जमातियों की संख्या शामिल है। प्रदेश में अब तक 39 लोगों की जान जा चुकी है। 30 से ज्यादा पुलिसकर्मी संक्रमित हैं। वहीं डीजीपी हितेश चन्द्र अवस्थी ने पुलिस कोरोना सहायता इकाई का गठन किया है।

  • 8 जनपद कोरोना मुक्त होने का दावा : लखीमपुर-खीरी, शाहजहांपुर, हाथरस, हरदोई, महराजगंज, बाराबंकी और कौशाम्बी के बाद भदोही भी कोरोना मुक्त हो गया। इन सभी जनपदों से कोरोना पेशेंट स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज कर दिए गए। वर्तमान में इन जनपदों में एक भी कोरोना पेशेंट नहीं है। प्रदेश में 91,182 लोगों ने सर्विलांस की 28 दिन की समय सीमा पूरी की है। प्रदेश में कुल 1,31,404 पैसेंजर्स को ऑब्जर्वेशन में रखा गया है। 11,748 लोगों को इंस्टीट्यूशनल क्वारैंटाइन में रखा गया है।
  • पॉजिटिव केसों का जिलेवार विवरण: आगरा में 455, कानपुर नगर में 207, लखनऊ में 205, सहारनपुर में 182, गौतमबुद्धनगर (नोएडा) में 137, फिरोजाबाद में 110, मुरादाबाद में 109, मेरठ में 97, गाजियाबाद में 61, वाराणसी में 53, बुलन्दशहर में 50, रायबरेली में 44, बिजनौर-अलीगढ़ में 32-32, शामली में 27, हापुड़ में 26, अमरोहा में 25, रामपुर में 24, बस्ती-मुजफ्फरनगर-संतकबीरनगर में 23-23, सीतापुर में 20, संभल में 18, बदायूं में 16, बागपत में 15, मथुरा में 13, औरैया में 10, बहराइच में 9, जौनपुर-बरेली-आज़मगढ़ में 8-8, प्रतापगढ़-कन्नौज में 7, महराजगंज-गाजीपुर में 6-6, मैनपुरी-श्रावस्ती में 5-5, झांसी-प्रयागराज-बांदा-लखीमपुर खीरी-हाथरस में 4-4, पीलीभीत-मिर्जापुर-कासगंज-एटा-सुल्तानपुर में 3-3, हरदोई-कौशाम्बी-इटावा-गोंडा में 2-2, अयोध्या-शाहजहांपुर-बाराबंकी-भदोही-उन्नाव-मऊ-बलरामपुर-गोरखपुर में 1-1 पेशेंट की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई हैं।

कोरोना अपडेट्स

  • कानपुर: जिले के बजरिया थाने के गुलाब घोसी मस्जिद इलाके में पुलिसऔर स्वास्थ्यकर्मियों पर हमले के मामले में पांच लोगों को गिरफ्तारकिया गया है। पुलिस अधीक्षक (पश्चिम) अनिल कुमार ने बताया कि बुधवार शाम कोविड-19 संक्रमितमरीज के संपर्क में आए9 लोगों को लेने के लिए पुलिस और स्वास्थ्यकर्मियों की टीम पहुंची थी। जब स्वास्थ्यकर्मी और पुलिसकर्मी वहां से जाने लगे तो मोहल्ले के लोगों ने उन पर पथराव शुरू कर दिया। हमले के पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।जबकि 10 अन्य को संदेह के आधार पर हिरासत में लिया गया है ।
  • आगरा: जिले में कोरोनावायरस का प्रकोप थम नहीं रहा है। जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने बताया कि जांच रिपोर्ट में बुधवार देर रात 29 नए संक्रमित मिलेथे। सुबह 22 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। प्रशासन ने दावा किया है कि 74 लोगों को डिस्चार्ज किया जा चुका है। कोरोना संक्रमण मेंदेश में आगरा 11वें स्थान पर है।
आगरा में गुरुवार सुबह एक साथ 22 नए मामले मिले। यहां के जिलाधिकारी लगातार अधिकारियों के साथ स्थिति का जाएजा ले रहे हैं। बुधवार को उन्होंने कोविड-19 हॉस्पिटल में व्यवस्थाएं देखीं।

गोरखपुर: बुधवार देर रात जिले में एक और कोरोना मरीज मिला। बांसगांव की रहने वाली एक महिला पॉजिटिव पाई गई। उधर,गोरखनाथ एरिया के साकेतनगर में कानपुर से लौटे परिवार को क्वारैंटाइन किया गया है। बांसगांव एरिया काएक परिवारमंगलवार को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल से अपने गांव आई। उस परिवार के एक व्यक्ति के लीवर में संक्रमण है, जिसका दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उपचार चल रहा था। यह मरीजकई साल से परिवार समेत दिल्ली में रह रहा था। सफदरजंग अस्पताल में इलाज के बाद हालत में सुधार न होने पर परिजनने 23 हजार रुपए में एंबुलेंस बुककी और मंगलवार को गांव आ गए थे।

वाराणसी में लगातार पॉजिटिव मामले सामने आ रहे हैं। शहर को टोटल लॉकडाउन किया गया है। बाहर निकलने पर एफआईआर दर्ज की जाएगी।

  • वाराणसी:जिले में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़कर 52 हो गई। जिलाधिकारी कौशल राज ने 3 मई तक शहर को टोटल लॉकडाउनका आदेश दिया है।सब्जी, राशन, दवा के लिए होम डिलीवरी होगी।इसके लिए दर्जनों नम्बर जारी किए गए हैं। काशी में अब तक 16 हॉटस्पॉट बनाएगए। उन्होंने बताया कि दवा व्यवसायी से संक्रमित लोगों की संख्या 11 पहुंच गई।4 दिन की बंदीके लिए फैंटम दस्ता, पुलिस की जीप लगातार अनाउंस भी कर रही है। मेडिकल इमरजेंसी के अलावा कोई भी सड़कों पर निकला तो एफआईआरदर्ज कीजाएगी।
  • गाजियाबाद:जिले में बुधवार को 2 लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई। इनमें एक मरीज शांबी के निजी अस्पताल में भर्ती था। प्रशासन ने अस्पताल के संबंधित हिस्से को तीन दिन के लिए सील कर दिया है, जबकि मरीज का ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर समेत 5 लोगों का सैंपल लेकर होम क्वारैंटाइन किया है। दूसरा मामला डासना का है। यहां रहने वाली एक महिला में मेरठ मेडिकल कॉलेज में डिलिवरी के बाद कोरोना संक्रमण मिला। गाजियाबाद स्वास्थ्य विभाग महिला के संपर्क में आने वालों की तलाश में जुटा है। हालांकि विभाग अभी इस संबंध में अधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। अब गाजियाबाद में कन्फर्म केस की संख्या 62 हो गई है।


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कानपुर में बुधवार देर शाम बजरिया थाना क्षेत्र में कुछ उपद्रवियों ने पुलिस और स्वास्थ्य टीम पर हमला कर दिया। अब पुलिस ने इस मामले में देर रात पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया।




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शहर में 5 नए पॉजिटिव मामले सामने आए; संक्रमित मरीजों की संख्या पहुंची 102, जिन इलाकों मरीज मिले उन्हें हॉटस्पॉट बनाया गया

मेरठ में बुधवार को पांच और कोरोना पॉजिटिव मिलेहैं। जनपद में अब कोरोना के मरीजों की कुल संख्या 102 हो गई है। शहर में एक मरीज की पुष्टि एक निजी लैब से हुई, जबकि चार की पुष्टि मेडिकल कॉलेज की लैब में हुई है। इनमें जागृति विहार के रहने वाले फार्मासिस्ट के भाई और जेल चुंगी की रहने वाली महिला के परिवार का एक सदस्य भी कोरोना संक्रमित निकला।

कोतवाली के गेट पर डाला हथकड़ी का ताला, अब अंदर प्रवेश नहीं कर सकेंगे फरियादी मेरठ में कोरोना के मरीजों की संख्या 102 तक पहुंच गईहै। इनमें से पांच की मृत्यु हो चुकी है, जबकि 48 लोगों की अस्पताल से छुट्टी हो गई है। मंगलवार को दो मरीजों की अस्पताल से छुट्टी हुई थी।

मेरठ के सदर चाणक्यपुरी में एक व्यक्ति को कोरोना संक्रमण की पुष्टि होने के बाद देर रात चाणक्यपुरी को हॉटस्पॉट बना दिया गया। रात में ही सब्जी मंडी और दाल मंडी के व्यापारियों से बातचीत कर दोनों मंडी को फिलहाल बंद रखने के लिए कहा गया।


चाणक्यपुरी हॉटस्पॉट घोषित
एसओ सदर बाजार विजय गुप्ता के मुताबिक चाणक्यपुरी से दाल मंडी सटी हुई है। इसको देखते हुए दाल मंडी और सब्जी मंडी को पूरी तरह से बंद रहने पर सहमति जताई गई है। पुलिस ने रात में चाणक्यपुरी में माइक से एलान किया है कि पूरा इलाका हॉटस्पॉट बना दिया गया है। यहां पर किसी को आने-जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

एसपी सिटी अखिलेश नारायण सिंह ने देर रात चाणक्यपुरी और दोनों मंडियों का निरीक्षण किया। पूरे इलाके को रात में ही सील कर दिया गया और पुलिस फोर्स लगा दी गई है। फिलहाल मेरठ में 24 हॉटस्पाट बन गए हैं।



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मेरठ में पांच पॉजिटिव मामले सामने आने के बाद पुलिस की सख्ती बढ़ गई है। यहां जिन इलाकों में संक्रमण मिला है उन्हें सील कर दिया गया है।




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संक्रमित मरीजों की संख्या पहुंची 2145, इनमें 1590 एक्टिव केस: अब तक 39 लोगों की मौत, पुलिसकर्मियों के लिए हेल्पडेस्क का गठन

उत्तर प्रदेश में बीते 24 घंटे में 88 नए मामले मिलने से प्रदेश में संक्रमित हुए लोगों की संख्या बढ़कर 2145 हो गई है। 52 जनपदों में अभी भी कोरोना के 1590एक्टिव केस हैं। इनमें 1090 जमातियों की संख्या शामिल हैं। प्रदेश में अब तक 39 लोगों की जान जा चुकी हैं। वहीं 30 से ज्यादा पुलिस कर्मियों के कोरोना संक्रमित होने के वाद डीजीपी हितेश चन्द्र अवस्थी ने पुलिस कोरोना सहायता इकाई का गठन किया है।

उत्तरप्रदेश के 60 जनपदों में कोरोना का संक्रमण फैल चुका लेकिन 15 जिलोंमें आज तक कोई भी संक्रमण नहीं पाया गया है। प्रदेश में अब तक 24,436 लोगों में कोरोना जैसे लक्षण मिले हैं। कोरोना से ग्रसित 60 जनपदों में भी अब 8 जनपद कोरोना मुक्त, भदोहीं बीते 24 घंटे पहले कोरोना मुक्त होने का दावा किया गया हैं।

पुलिस कोरोना सहायता इकाईका गठन: डीजीपी हितेश चन्द्र अवस्थी ने पुलिसकर्मियों के कोरोना के चपेट में आने की स्थिति को देखते हुए "पुलिस कोरोना सहायता इकाई" का गठन किया हैं। कोरोना की रोकथाम में फ्रंट लाइन में ड्यूटी कर रहे पुलिस कर्मियों के लिए इकाई बनाई गई हैं। फ्रंट लाइन में ड्यूटी कर रहे पुलिस कर्मियों को परामर्श और मार्गदर्शन के लिए गठित की गई हैं। अपर पुलिस अधीक्षक साधना सिंह इकाई की नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया हैं। पुलिसकर्मी अपने और अपने परिवार के स्वास्थ्य और अन्य कठिनाइयों के विषय मे इकाई को जानकारी दे सकेंगे।

  • 8 जनपद कोरोना मुक्त होने का दावा:लखीमपुर-खीरी, शाहजहांपुर, हाथरस, हरदोई, महराजगंज, बाराबंकी और कौशाम्बी के बाद भदोही भी कोरोना मुक्त हो गया। इन सभी जनपदों से कोरोना पेशेंट स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज कर दिए गए। वर्तमान में इन जनपदों में एक भी कोरोना पेशेंट नहीं है। प्रदेश में 91,182 लोगों ने सर्विलांस की 28 दिन की समय सीमा पूरी की है। प्रदेश में कुल 1,31,404 पैसेंजर्स को ऑब्जर्वेशन में रखा गया है। 11,748 लोगों को इंस्टीट्यूशनल क्वारैंटाइन में रखा गया है।
  • पॉजिटिव केसों का जिलेवार विवरण:आगरा में 455, कानपुर नगर में 207, लखनऊ में 205, सहारनपुर में 182, गौतमबुद्धनगर (नोएडा) में 137, फिरोजाबाद में 110, मुरादाबाद में 109, मेरठ में 97, गाजियाबाद में 61, वाराणसी में 53, बुलन्दशहर में 50, रायबरेली में 44, बिजनौर-अलीगढ़ में 32-32, शामली में 27, हापुड़ में 26, अमरोहा में 25, रामपुर में 24, बस्ती-मुजफ्फरनगर-संतकबीरनगर में 23-23, सीतापुर में 20, संभल में 18, बदायूं में 16, बागपत में 15, मथुरा में 13, औरैया में 10, बहराइच में 9, जौनपुर-बरेली-आज़मगढ़ में 8-8, प्रतापगढ़-कन्नौज में 7, महराजगंज-गाजीपुर में 6-6, मैनपुरी-श्रावस्ती में 5-5, झांसी-प्रयागराज-बांदा-लखीमपुर खीरी-हाथरस में 4-4, पीलीभीत-मिर्जापुर-कासगंज-एटा-सुल्तानपुर में 3-3, हरदोई-कौशाम्बी-इटावा-गोंडा में 2-2, अयोध्या-शाहजहांपुर-बाराबंकी-भदोही-उन्नाव-मऊ-बलरामपुर-गोरखपुर में 1-1 पेशेंट की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई हैं।


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उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण से लगातार मौतें हो रही हैं। यूपी में अब तक 39 लोगों की मौत कोरोना से हो चुकी है और संक्रमित मरीजों का आंकडा दो हजार को पार कर गया है।




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20 जून तक लागू रहेगी निषेधाज्ञा, नहीं कर पाएंगे सार्वजनिक कार्यक्रम 

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिला प्रशासन ने साफ किया है कि जिले में आगामी 20 जून तक निषेधाज्ञा लागू रहेगी और किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी जाएगी।
जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने गुरुवार को कहा कि बुद्धपूर्णिमा और ईद-उल-फितर मनाए जाने के अलावा नागरिक संशोधन अधिनियम के विरोध की आशंका के मद्देनजर जिले मे लोक व्यवस्था बनाए रखना बेहद जरूरी है।
जुलूस, मीटिंग, प्रदर्शन की नहीं होगी अनुमति
उन्होंने कहा, कोविड-19 कोरोना वायरस के संक्रमण की मौजूदा स्थिति को देखते हुए दंड प्रक्रिया संहिता की धारा-144 के अतंर्गत निषेधाज्ञा जारी की गई है, जो अगले माह 20 जून तक लागू रहेगी। निषेधाज्ञा की अवधि में कोई भी व्यक्ति किसी प्रकार का जुलूस, प्रदर्शन, मीटिंग या जनसभा बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के नहीं करेगा।
पांच या इससे अधिक व्यक्ति एक जगह नहीं एकत्रित होंगे
जिले में सभी प्रकार के सामाजिक, राजनैतिक, सांस्कृतिक, धार्मिक जुलूस, खेल संबंधी, व्यापारिक प्रदर्शनी, रैली तथा इस प्रकार के अन्य सभी कार्यक्रम प्रतिबन्धित रहेंगे। पांच या अधिक व्यक्ति समूह के रूप में एक स्थान पर एकत्रित नहीं होंगे। कोरोना संक्रमण के दृष्टिगत शवयात्रा में 20 व्यक्तियों से अधिक व्यक्ति सम्मिलित नही होंगे। रमजान के दौरान सामूहिक रूप से मस्जिदों/अन्य स्थलों पर नमाज अदा करना प्रतिबन्धित रहेगा।
प्रतिबंधित रहेंगे ये सामान ले जाना
कोई भी व्यक्ति किसी भी भवन पर ईंट, पत्थर के टुकड़ों को जमा नहीं करेगा, किसी भी स्थान पर गली या सड़क पर लाठी, डंडा, तलवार, भाला या आग्नेयास्त्र, विस्फोटक पदार्थ, तेजाब या अन्य चीज जो हथियार के रूप में प्रयोग की जाती हो या जिसमें जान-माल का नुकसान हो सकता है, स्वयं या किसी सवारी आदि में न ले जाएगा और न किसी को ले जाने के लिए प्रेरित करेगा। यह प्रतिबंध सिक्खों के परम्परागत कृपाण/भाला लेकर चलने पर लागू नहीं होगा।
अफवाह वाली पोस्ट पर होगी कार्रवाई
उन्होंने कहा, कोई भी व्यक्ति रेलवे प्रतिष्ठान, रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, शिक्षा संस्थान, दुकान, अथवा सार्वजनिक स्थल /प्रतिष्ठान को जबरदस्ती बंद नहीं कराएगा और न तोड़फोड़ करेगा और न ही किसी को ऐसा करने के लिए प्रेरित करेगा। कोई भी व्यक्ति इस अवधि में पड़ने वाले किसी पर्व के अवसर पर किसी नई परम्परा को कायम नहीं करेगा और न ही किसी को नई परम्परा कायम करने के लिए प्रेरित करेगा। सोशल मीडिया पर ग्रुप एडमिन का उत्तरदायित्व होगा कि ग्रुप से जुड़ा कोई भी व्यक्ति भड़काऊ अथवा अफवाह फैलाने संबंधित कोई पोस्ट नही करेगा। यदि कोई भी ऐसा पोस्ट करता है तो ग्रुप एडमिन उसे तत्काल डिलीट कराते हुए संबंधित व्यक्ति को ग्रुप से बाहर करेगा और स्थानीय पुलिस को सूचित करेगा।
संक्रमण की सूचना तत्काल देनी होगी
जिलाधिकारी ने कहा कि कोरोना वायरस से संक्रमित किसी भी व्यक्ति की जानकारी होने पर तत्काल इसकी सूचना चिकित्सा विभाग/हॉस्पिटल को दी जाएगी और संक्रमित व्यक्ति जांच/मेडिकल के लिए स्वयं उपस्थित होगा। किसी भी प्रकार से इस तथ्य को छुपाया नहीं जाएगा। इसका उल्लंघन भारतीय दंड संहिता की धारा 188, 269, 270 के अतंर्गत दण्डनीय अपराध होगा। हाॅटस्पाॅट क्षेत्रों में आम नागरिकों का आवागमन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। यहां कोई भी धार्मिक /सांस्कृतिक /राजनीतिक अथवा सार्वजनिक कोई भी आयोजन नहीं किया जाएगा।



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मुरादाबाद जिला अधिकारी कार्यालय (फाइल फोटो)




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पिता की दवा लेने के लिए बेटे ने 160 किमी साइकिल चलाई, कहीं बीमार बेटे को अस्पताल पहुंचाने के लिए पिता ने 18 किमी ठेला चलाया

लॉकडाउन ने देश में संक्रमण को काबू में रखने में मदद तो की है, लेकिन इसके चलते साधनों और पैसों की जो दिक्कतें खड़ी हुई हैं, उनके चलते लोगों को दुश्वारियों का सामना भी करना पड़ रहा है। उत्तर प्रदेश के तीन शहरों में ऐसी ही दुश्वारियों की 4 कहानियां मिली हैं। कहीं बीमार पिता की दवा लाने के लिए बेटे को 160 किलोमीटर साइकिल चलानी पड़ी तो कहीं बीमार बेटे को अस्पताल पहुंचाने के लिए पिता ने ही 18 किलोमीटर तक ठेला खींचा। 3 शहर, 3 कहानियां...

बलरामपुर: बीमार बेटे को18 किलोमीटर दूर ठेले से पहुंचाया अस्पताल

सोनपुर गांव में रहने वाले अंगनू के 15 साल के बेटे राजाराम की मंगलवार को तबीयत बिगड़ गई। पड़ोसियों ने एंबुलेंस के लिए टोल फ्री नंबर पर फोन किया, लेकिन कॉल नहीं लगी। बेटे की हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी, ऐसे में अंगनू उसे ठेले पर लादकर 18 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल पहुंचाया। यहां कुछ स्टाफ था, लेकिन उन्होंने कहा कि बच्चे को संयुक्त चिकित्सालय ले जाओ। अंगनू यहां से बेटे को लेकर दूसरे अस्पताल पहुंचा। इस अस्पताल से भी अंगनू के बेटे को बहराइच मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। अंगनून ने बताया कि बलरामपुर अस्पताल में डॉक्टरों ने भर्ती करने से मना कर दिया, एंबुलेंस की सुविधा भी नहीं मिली।
सीएमएस एनके बाजपेई ने कहा कि मरीज को बेहोशी हालत में संयुक्त हॉस्पिटल लाया गया था। स्थिति गंभीर लगी इसलिए उसे बहराइच रेफर कर दिया गया था। इसके लिए उसके परिजन भी तैयार हो गए थे। उस वक्त एंबुलेंस की सुविधा भी दी गई।

बलरामपुर निवासी अंगनू (तस्वीर में नहीं हैं) अपने बीमार बेटे व पत्नी को ठेले पर लादकर अस्पताल लाए।

हरदोई: पिता की दवा लेने के लिए 160 किलोमीटर साइकिल चलाई
रसूलपुर गांव निवासी राजेश कुमार के पिता स्वामी दायल (60) दिमागी तौर पर अस्वस्थ हैं। 20 साल से उनका बरेली से इलाज चल रहा है। लॉकडाउन के दौरान उनकी दवाएं खत्म हो गईं। बेटा राजेश हरदोई और सीतापुर की मेडिकल शॉप्स के चक्कर काटता रहा। राजेश से कहा गया कि दवाएं सिर्फ बरेली में मिलेंगी। राजेश को जब कोई साधन नहीं मिला तो वह साइकिल से ही 160 किलोमीटर दूर बरेली पहुंचा। पूरा दिन साइकिल चलाकर दवा उसे मिल गई। जब दवा विक्रेता दुर्गेश खटवानी को पता चला कि राजेश इतना लंबा सफर साइकिल से तय करके आया है, तो उन्होंने दवा के आधे पैसे लिए और खाने-पीने की भी व्यवस्था कर दी।

हरदोई निवासी राजेश पिता की दवा लेने के लिए साइकिल से बरेली पहुंचे।

बलरामपुर: सरकारी अस्पताल में पैसे लेकर डिलीवरी करवाई, नवजात ने दम तोड़ा

बलरामपुर जिले के हरिहरगंज बाजार में रहने वाले गौतम सोनी ने पत्नी को प्रसव पीड़ा रहोने पर बुधवार सुबह करीब 9 बजे जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया। गौतम ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्यकर्मियों ने ऑपरेशन के लिए 10 हजार रुपए मांगे। ऑपरेशन कराने से इनकार कर दिया तो 35 सौ रुपए में नॉर्मल डिलीवरी करवाई। डिलिवरी के बाद नवजात रोया नहीं। प्रसूता को लेबर रूम से बाहर कर दिया गया और बेड भी नहीं दिया गया। गौतम की पत्नी अस्पताल के गेट पर तड़पती रही। नवजात का शरीर भी धीरे-धीरे नीला पड़ने लगा। स्वास्थ्यकर्मियों ने उसका इलाज नहीं किया और बच्चे की मौत हो गई।
जिला महिला चिकित्सालय के सीएमएस डॉ पीके मिश्रा ने कहा- डिलीवरी के बाद करीब 24 घंटे हम मरीज को अंडर ऑब्जर्वेशन रखते हैं। उसे अस्पताल से बाहर निकालने का कोई मतलब ही नहीं है। अगर किसी ने डिलीवरी के नाम पर पैसे लिए हैं तो उसकी लिखित शिकायत मेरे पास की जाए। दोषी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

बलराम पुर में नवजात की मौत के बाद अस्पताल परिसर में बैठी प्रसूता (बीच में) और उसके परिजन।


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लॉकडाउन में एंबुलेंस न मिलने के कारण बलरामपुर निवासी अंगनू ने बीमार बेटे को अस्पताल पहुंचाने के लिए 18 किमी ठेलिया खींची।




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मजदूरों को रोजगार दिया व भूखे बच्चों को दूध, कुछ ऐसा है इस कोरोना वॉरियर का आईडिया  

(रवि श्रीवास्तव).कोरोनावायरस को लेकर जारी लॉकडाउन में जरुरतमंदों की मदद करने वाले कोरोना वॉरियर्स की लंबी फेहरिस्त है। उनमें से ही एक लखनऊ के रहने वाले संजीव कुमार भी एक हैं। संजीव देश के लीडिंग सोशल एंटरप्रेन्योर्स में शामिल है और इन्हें अशोका फेलोशिप से सम्मानित किया जा चुका है। संजीव पिछले कई सालों से 'द गोट ट्रस्ट' नामक संस्था चला रहे हैं। वे कहते हैं, लॉकडाउन में कुछ दिन गुजारने के बाद लगा कि कुछ मुझे भी करना चाहिए। मैं तो घर में पेट भर खाना खा रहा हूं, लेकिन कुछ लोगों को वह भी नहीं मिल रहा होगा। इसके लिए मैंने अपनी टीम से बात की और फिर हमारा काम शुरू हो गया।

दूध खरीदकर बच्चों को पिलाने का उठाया बीड़ा

संजीव कुमार ने लॉकडाउन में भी कुछ करने के लिए सोचा तो बकरी को ही माध्यम बनाया। संजीव कुमार यूपी छोड़कर 16 राज्यों में सरकार के साथ काम कर रहे हैं। वह मूलतः बिहार के रहने वाले हैं। लेकिन पिछले कई वर्षों से लखनऊ में रह रहे हैं। फिलहाल लॉकडाउन के दौरान अपनी जेब से दूध खरीदकर बच्चों को पिलाने का खर्च उठा रहे हैं। उन्होंने यह मुहिम लॉकडाउन के दौरान शुरू की है।

बकरी का दूध निकालता पशुपालक।

संजीव कुमार अपनी टीम के साथ मिलकर लखनऊ से 30 किमी दूर 5 से 6 गांवों में बकरी पालकों से दूध लेते हैं और फिर आसपास के कुपोषित बच्चों को वही दूध मुफ्त पिलाते हैं। संजीव बताते हैं कि, बुजुर्गों को पता है कि बकरी का दूध बच्चों और बड़ों के लिए कितना फायदेमंद होता है। लेकिन इस भागती दौड़ती जिंदगी में यह कहीं पीछे छूट गया है। यही नहीं, बकरी पलने के और भी फायदे हैं। कभी आपको रूपए की इमरजेंसी पड़ती है तो आप बकरी बेचकर पैसे भी पा सकते हैं। जबकि आपकी जमीन तुरंत नहीं बिकेगी। उन्होंने बकरी के दूध के फायदे बताते हुए बताया कि इसमें शरीर के लिए जरूरी कार्बोहाइड्रेट, लिपिड, विटामिन, न्यूट्रीशन, आयरन इत्यादि मिलता है।

संजीव की टीम लखनऊ से सटे गांव बड़ा अनौरा, जामनशी, मदारपुर, अमराई और छोटा अनौरा के बकरी पालकों से दूध लेकर उसे डब्बों में बंद कर सामान ढोने वाली गाड़ियों से लेकर लखनऊ के फैजाबाद रोड स्थित गांव पर, जोकि चिनहट और देवा में स्थित है, वहां पहुंचाते हैं। संजीव बताते हैं कि मुश्किल तब आती है जब लॉकडाउन के दौरान हमें चेकिंग के लिए रोका जाता है। क्योंकि देर होने पर दूध खराब होने की समस्या रहती है।

दूध निकालने से लेकर उसकी पैकिंग में सफाई का विशेष ख्याल रखा जाता है।

कुपोषित श्रेणी के गांव को मुफ्त दूध वितरण के लिए चुना

संजीव ने बताया कि चिनहट के गोयला और ढाबा तकिया, जबकि बाराबंकी के देवा में प्रेम नगर, अचरीपुरवा और बड़ा ताल में अभी बच्चों के लिए दूध पहुंचा रहे हैं। इन गांव के बच्चे कुपोषित की श्रेणी में आते हैं। इसलिए हमने यह गांव चुना है। हमने शुरुआत 20 बच्चों से की थी जोकि अब 270 बच्चों से ज्यादा तक पहुंच गयी है। उन्होंने बताया कि हम बकरी पालकों से 50 रूपए लीटर दूध लेते हैं, जोकि 50 लीटर से ज्यादा होता है। फिर उसे बच्चों को एक एक गिलास बांटते हैं। इस एवज में बच्चों से कोई पैसा नहीं लिया जाता है।

संजीव कुमार।

दूध बेचकर कमाई हुई, बेटियों को मिल रहा मुफ्त दूध

मदारपुर के रामतेज बताते हैं कि, हमारे पास कभी कभार बकरी के दूध की मांग आती थी, लेकिन अब रोज 4 लीटर दूध जाता है और उसका हर हफ्ते 50 रूपए लीटर के हिसाब से पेमेंट हो जाता है। वहीं, बड़ा ताल गांव के रहने वाले अजय कुमार की दो बेटियां आकांक्षा और आंचल हैं। दोनों को ही बहुत पौष्टिक भोजन नहीं मिल पाता है। पिता मजदूरी करते हैं, जोकि लॉकडाउन के समय बंद है। ऐसे में यह दूध बच्चों के लिए अमृत सामान होता है। अजय बताते हैं कि लगभग 7 से 8 के बीच गाड़ी आ जाती है और बच्चे गिलास लेकर खड़े हो जाते हैं। इनका पेट भर जाता है तो सुकून मिल जाता है।



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लॉकडाउन में बच्चों की इम्युनिटी को बढ़ाने के लिए संजीव के द्वारा उन्हें बकरी का मुफ्त दूध पिलाया जा रहा है।




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उत्तर प्रदेश में बढ़ी वीटीएम किट की डिमांड, सीएसआर के तहत मंगवाई गई 1000 किट

उत्तर प्रदेश में कोविड-19 का संक्रमण बढ़ता जा रहा है। हॉटस्पॉट के अलावा अन्य जगहों पर भीलोगों की जांच निरंतर जारी है। अधिकारियों का कहना है किजिस ट्यूब में कोरोना पॉजिटिव केस्वैब का सैंपलप्रयोगशाला तक भेजा जाता है। उसकिट की डिमांड निरंतर बढ़ती जा रही है। इसे वायरल ट्रांसपोर्ट मीडियम (वीटीएम) किट कहा जाता है। प्रदेश में यह किट सीएसआर के तहत एचसीएल उपलब्ध करा रहा है। हाल ही में एक हजार किट का आर्डर महाराष्ट्र की कंपनियों को दिया गया। लेकिन अब तक 157 किट ही मेडिकल सप्लाई को भेजी गई है। यहा से विभिन्न जिलों को भेज दी गई है।

प्रदेश में कोविड-19 के मरीजों की संख्या 2 हजार का आकड़ा पार कर चुकी है। लोगों की जांच का दायरा भी बढ़ाया गया है। नई लैब स्थापित की जा रही है। हॉटस्पॉट क्षेत्र भी निरंतर बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में वीटीएम किट की डिमांड भी तेजी से बढ़ रही है। सीएसआर के तहत काफी पहले ही एक हजार किट का मंगवाने का आर्डर दे दिया गया था। यह आर्डर महाराष्ट्र की कंपनी को दिए गए है।

दरअसल, यह किट प्रदेश में नहीं बनती है। महाराष्ट्र में ही इसका उत्पाद किया जाता है। ऐसे में वहां से किट आने में देरी होती दिख रही है। अब तक दो बार में कुल 157 किटों की सप्लाई हो सकी है। यह किट मेडिकल सप्लाई के जरिए प्रदेश के विभिन्न जिलों में भेजी जा रही है। लापरवाही के चलते कई बार सैंपल लेने वाले भी ठीक ढंग से सैंपल नहीं लेते ऐसे में सैंपल लीक हो जाता है। जनपद में भी ऐसा देखा गया करीब 2०० से ज्यादा सैंपल लीक भी हो चुके है। हालांकि दोबारा सैंपल लेकर इनको भेजा गया है।

एक किट में होती है 50ट्यूब, एक हजार किट की सप्लाई शुरू
वीटीएम की एक किट में 5० ट्यूब होती है। यानी एक किट से 50 लोगों का स्वेब सैंपल लेकर इसे प्रयोगशाला तक भेजा जा सकता है। जिला अस्पताल के पैथोलॉजिस्ट डा. एचएम लवानिया ने बताया कि 24 से 48 घंटे तक ट्यूब में सैंपल को रखा जा सकता है। इसे 2 से 8 डिग्री के तापमान में रख प्रयोगशाला भेजा जाता है।

विशेषज्ञों की माने तो इस किट के जरिए तीन दिन तक का समय भी लग जाए तब भी सैंपल सूखता नहीं है साथ ही वह पर्यावरण के संपंर्क में नहीं आता।एक हजार किट महाराष्ट्रसे विभिन्न चरणों में आ जाएंगी ऐसे में कुल 50हजार लोगों के सैंपल लिए जा सकते है। पहले चरण में 157 किट प्रदेश के विभिन्न राज्यों में सप्लाई किए जा चुके है।



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सीएसआर के तहत 1 हजार किट मंगवाई गई है। विशेषज्ञों की माने तो इस किट के जरिए तीन दिन तक का समय भी लग जाए तब भी सैंपल सूखता नहीं है।




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अब तक 2230 संक्रमित, इनमें 1113 तब्लीगी जमाती: 551 मरीज स्वस्थ हुए, लखनऊ में पॉजिटिव की संख्या 200 के पार

उत्तर प्रदेश में बीते 24 घंटे में 89 नए पॉजिटिव मरीज सामने आए हैं। अब प्रदेश में कुल संक्रमित मरीजों की संख्या 2230 हो गई, जिसमें 1113 लोग तब्लीगी जमात शामिल हैं। प्रदेश में अभी भी कोरोना के 1630 एक्टिव केस हैं। केस बढ़ने वालों में आगरा में 46 सबसे ज्यादा हैं। अब आगरा में 479 संख्या हो गई हैं। केजीएमयू ने लखनऊ में सात मरीज पॉजिटिव पाए गए हैं, जिसके बाद यह संख्या बढ़कर 218 हो गई है। मृतकों की संख्या 43 हो गई हैं। अब तक 551 मरीजों को ठीक किया जा चुका है।

24 घंटे में इन जिलों में आए नए केस: आगरा में 46, वाराणसी, 8, फिरोजाबाद व नोयडा में 4-4, लखनऊ, मेरठ, अलीगढ़ व कानपुर में तीन-तीन , ग़ाज़ियाबाद, बरेली व सिद्धार्थनगर में दो-दो, बुलंदशहर, महराजगंज, झांसी, बस्ती, प्रयागराज, मुरादाबाद, एटा,देवरिया व गोरखपुर में एक-एक कोरोना संक्रमित पाए गए हैं।


कोरोना से कुल 43 मौतें हुईं: अमरोहा, बरेली, बस्ती, वाराणसी, बुलन्दशहर, लखनऊ, अलीगढ़, अमरोहा, श्रावस्ती व मथुरा में 1-1, फिरोजाबाद में 2, कानपुर में 4, मेरठ में 5, मुरादाबाद में 6, व आगरा में कोरोना से अब तक कुल 14 मौतें हुईं हैं।

551 कोरोना पेशेंट स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किए गए: आगरा से 91, लखनऊ से 62, गाजियाबाद से 44, गौतमबुद्धनगर (नोएडा) से 88, लखीमपुर-खीरी से 4, कानपुर नगर से 17, पीलीभीत से 2, मुरादाबाद से 8, वाराणसी से 8, शामली से 24, जौनपुर से 4, बागपत से 13, मेरठ से 49, बरेली से 6, बुलन्दशहर से 9, बस्ती से 13, हापुड़ से 5, गाजीपुर से 5, आज़मगढ़ से 4, फ़िरोज़ाबाद से 10, हरदोई से 2, प्रतापगढ़ से 6, सहारनपुर से 13, शाहजहांपुर से 1, महराजगंज से 6, हाथरस से 4, मिर्जापुर से 2, औरैय्या से 4, बाराबंकी से 1, कौशाम्बी से 2, बिजनौर से 1, सीतापुर से 17, प्रयागराज से 1, मथुरा से 1, बदायूं से 1, रामपुर से 5, मुजफ्फरनगर से 9, अमरोहा से 6, भदोहीं से 1, इटावा से 1 व कन्नौज से 1 कोरोना पेशेंट्स को स्वस्थ पूर्णतया करवाकर डिस्चार्ज किया गया हैं।

  • पॉजिटिव केसों का जिलेवार विवरण:कोरोना पॉजिआगरा में 479, लखनऊ में 218, गाजियाबाद में 62, गौतमबुद्धनगर (नोएडा) में 141, लखीमपुर खीरी में 4, कानपुर नगर में 210, पीलीभीत में 3, मुरादाबाद में 110, वाराणसी में 61, शामली में 27, जौनपुर में 8, बागपत में 15, मेरठ में 102, बरेली में 8, बुलन्दशहर में 51, बस्ती में 23, हापुड़ में 26, गाजीपुर में 6, आज़मगढ़ में 8, फिरोजाबाद में 111, हरदोई में 2, प्रतापगढ़ में 7, सहारनपुर में 187, शाहजहांपुर में 1, बाँदा में 4, महराजगंज में 7, हाथरस में 4, मिर्जापुर में 3, रायबरेली में 44, औरैय्या में 10, बाराबंकी में 1 मरीज शामिल है।
  • इसके अलावा कौशाम्बी में 2, बिजनौर में 32, सीतापुर में 20, प्रयागराज में 4, मथुरा में 13 व बदायूं में 16, रामपुर में 24, मुजफ्फरनगर में 23, अमरोहा में 26, भदोहीं में 1, कासगंज में 3 व इटावा में 2, संभल में 18, उन्नाव में 1, कन्नौज में 7, संतकबीरनगर में 23, मैनपुरी में 5, गोंडा में 2, मऊ में 1, एटा में 4, सुल्तानपुर में 3, अलीगढ़ में 35, श्रावस्ती में 5, बहराइच में 9, बलरामपुर में 1, अयोध्या में 1, जालौन में 3, झांसी में 4 व गोरखपुर में 2 व कानपुर देहात में भी 1 पेशेंट की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई हैं।


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उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। यूपी में अब तक 43 लोगों की मौत हो चुकी है।




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शहर में 13 दिनों में मरीजों की संख्या हुई दोगुनी: जिले में अब तक 496 पॉजिटिव मामले, हॉटस्पॉट इलाकों पर कड़ी नजर

उत्तर प्रदेश के आगरा में कोरोनावायरस के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। देश में 11वें नंबर पर आ चुका आगरा प्रदेश में नंबर एक पर है। शहर में बीते 13 दिनों में आगरा के कोरोनावायरस के मरीजों की संख्या दोगुनी हुई है। शुक्रवार को 17 नए मामलों के सामने आने के बाद आगरा में कोरोना संक्रमित मरीजों कीसंख्या496 तक पहुंच चुकी है।

एक दिन पहले ही आगरा के दो पुलिसवाले कोरोना पॉजिटिव मिले थे। इन दो सिपाहियों में से एक चीता मोबाइल में पोस्टेड था और उनकी ड्यूटी डायल 112 में सिकंदरा इलाके में लगी थी। दूसरा कॉन्स्टेबल ऐंटी रोमियो स्क्वॉयड में सिकंदरा थाने में ही तैनात था। दो पुलिसवालों के अलावा ताजगंज के बसई गांव में सात सब्जी विक्रेता भी पॉजिटिव मिले हैं। वहीं 12 केस स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं से जुड़े हैं।

एक ही गांव के रहने वाले हैं सब्जीवाले
अधिकारियों के लिए चिंता का विषय है कि ताजगंज के एक ही गांव में सात सब्जी वाले कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। अधिकारियों ने बताया कि पहले मिले अनुभव के आधार पर प्रशासन ने फैसला लिया था कि सब्जी वालों की पूल टेस्टिंग की जाए ताकि यह पता चल सके कि सब्जीवालों में यह वायरस फैला है कि नहीं। हालांकि अब सात मामले सामने आने के बाद प्रशासन ने कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग शुरू कर दी है और ज्यादा से ज्यादा सैंपल लिए जा रहे हैं।

आगरा में 39 हॉटस्पॉट पर क़ड़ी नजर
सीएमओ मुकेश कुमार वत्स ने कहा कि सभी कोरोना वायरस के पॉजिटिव मरीजों को आइसोलेशन वॉर्ड में भर्ती कर दिया गया है। डॉक्टरों की एक टीम उनके इलाज में लगा दी गई है। उनके संबंधित इलाकों में लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है। डीएम प्रभू एन सिंह ने कहा कि 102 लोग ठीक हो चुके हैं और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। जिले में 39 हॉटस्पॉट हैं जिन पर काम चल रहा है।



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आगरा में कोरोना संक्रमण के मामलों में तेजी से इजाफा हो रहा है। शुक्रवार को 17 नए मामलों के सामने आने के बाद आगरा में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 496 तक पहुंच चुकी है।




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अब तक 2230 संक्रमित: काशी में 2 दिन सख्ती के बाद थोड़ी छूट; 10वीं और 12वीं के छात्र दूरदर्शन की मदद से पढ़ाई कर सकेंगे

उत्तर प्रदेश में 24 घंटे में 93 नए पॉजिटिव मिले।आगरा में सबसे ज्यादा 46 केस सामने आए। यहांकुल 479 संक्रमित हो गए। लखनऊ में 7 केस मिले। यहां कुल संक्रमित अब 218 संक्रमित हैं। पूरे प्रदेश में अब तक 2230 संक्रमित मिले हैं। 1113 का तब्लीगी जमात से कनेक्शन रहा है। 1630 एक्टिव केस हैं।मरने वालों की संख्या 43 हो गई है। इसी दौरान 551 मरीज स्वस्थ भी हुए हैं। वाराणसी में दो दिनबाद थोड़ी छूट दीगई।योगी सरकार ने तय किया है किहाईस्कूल और इंटरमीडिएट के छात्रों कीअब दूरदर्शन के माध्यम से पढ़ाई कराई जाएगी।

24 घंटे में प्रदेश मेंआगरा 46, वाराणसी8,लखनऊ 7, फिरोजाबाद औरनोएडा 4-4, मेरठ, अलीगढ़ औरकानपुर में तीन-तीन, गाजियाबाद, बरेली औरसिद्धार्थनगर में दो-दो, बुलंदशहर, महाराजगंज, झांसी, बस्ती, प्रयागराज, मुरादाबाद, एटा, देवरिया औरगोरखपुर में एक-एक कोरोना संक्रमित पाए गए।

यूपी सरकार ने प्रयागराज में फंसे मजदूरों को बसों के जरिए उनके गृह जनपदों के लिए रवाना किया है।

अपडेट्स

वाराणसी: दो दिनबाद लोगों को टोटल लॉकडाउन से थोड़ी राहत मिली। सब्जियां महंगी बिकीं और दूध की भी किल्लत रही। जिले में आठ नए केसों के साथ संक्रमितों की संख्या 60 पहुंच गई। कुल 23 हो गए हैं।डीएम कौशल राज शर्मा के मुताबिक, दूध की दुकानें 3 मई तक सुबह 7 से 8 बजेऔर दवा की दुकानें सुबह 11 से 12 बजे तक ही खुलेंगी।

तस्वीर लखनऊ की है। कुछ लोग गर्मी से राहत पाने के लिए नहर में नहा रहे हैं। इससे संक्रमण का खतरा है।

लखनऊ:यूपी बोर्डके स्कूलों में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट छात्रों के लिए शुक्रवार से दूरदर्शन के स्वयंप्रभा चैनल पर शैक्षिक प्रसारण शुरू होगा। डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा ने बताया कि शैक्षिक प्रसारण हर दिन सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे तक और फिर इसी का पुन : प्रसारण शाम 4:30 बजे से शाम 6:30 बजे तक होगा। जिन स्टूडेंट के पास स्मार्टफोन नहीं हैं और वह ऑनलाइन क्लासेस में हिस्सा नहीं ले पा रहे हैं। इस टेलिकास्ट से उन्हें मदद मिल सकेगी।

आगरा: संक्रमण के मामले मेंआगरा राज्य में एक और देश में 11वें नंबर पर आ चुका है। 13 दिनमें मरीजों की संख्या दोगुनी हुई है। गुरुवार को 46 नए पॉजिटिव केस मिले। कुल मामले 479 हो गए। 15 लोगों की मौत हो चुकी है।

यूपी के आगरा में सबसे अधिक संक्रमण के मामले सामने आए हैं। यहां कई सब्जी बेचने वाले भी पॉजिटिव आ चुके हैं।

मेरठ: यहां संक्रमितों की संख्या105 हो गई। 5 की मौत हो चुकी है। 48 स्वस्थ भी हुए। रिकवर होने वाले सभी मरीजों का 14 दिन क्वारैंटाइन में रहना जरूरी है।

अब तक 2230 कोरोना संक्रमित: आगरा में 479, लखनऊ में 218, कानपुर नगर में 210, सहारनपुर में 187, गौतमबुद्धनगर (नोएडा) में 141, फिरोजाबाद में 111, मुरादाबाद में 110, मेरठ में 102, गाजियाबाद में 62, वाराणसी में 61, बुलंदशहर में 51, रायबरेली में 44, अलीगढ़ में 35, बिजनौर में 32, हापुड़-अमरोहा में 26-26, शामली में 27, रामपुर में 24, बस्ती-मुजफ्फरनगर-संतकबीरनगर में 23-23, सीतापुर में 20, संभल में 18, बदायूंमें 16, बागपत में 15, मथुरा में 13, औरैया में 10, बहराइच में 9, बरेली-जौनपुर-आजमगढ़ में 8-8, प्रतापगढ़-महाराजगंज-कन्नौज में 7-7, गाजीपुर में 6, मैनपुरी-श्रावस्ती में 5-5, हाथरस-लखीमपुर खीरी-प्रयागराज-झांसी-बांदा-एटा में 4-4, मिर्जापुर-जालौन-कासगंज-पीलीभीत-सुल्तानपुर में 3-3, कौशाम्बी, इटावा-गोंडा-हरदोई-गोरखपुर में 2-2,बलरामपुर, उन्नाव, शाहजहांपुर, मऊ, अयोध्या, भदोही, बाराबंकी, कानपुर देहात में भी एक-एक संक्रमित मिला।



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यह तस्वीर वाराणसी की पंचकोशी सब्जी मंडी की है। टोटल लॉकडाउन के बाद शुक्रवार को थोड़ी राहत दी गई। टोटल लॉकडाउन 3 मई तक रहेगा।




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गौतमबुद्धनगर में आज 17 नए केस, दो को अस्पताल से मिली छुट्टी; अब यहां 155 पहुंची संक्रमितों की संख्या

दिल्ली से सटेगौतमबुद्धनगर (नोएडा/ग्रेटर नोएडा) जिले में शुक्रवार को 17 नए केस सामने आए हैं। जिसके बाद जनपद में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 155 हो गई है। वहीं, दो मरीजों को ठीक होने पर डिस्चार्ज भी किया गया। इसके साथ यहां अब तक कुल 90 मरीज ठीक हो चुके हैं। 65 मरीजों का इलाज अलग-अलग आइसोलेशन वार्ड में किया जा रहा है।

सेक्टर आठ में दस एक साथ संक्रमित

शुक्रवार को 333 मरीजों की टेस्ट रिपोर्ट प्राप्त हुई। जिनमें से 316 रिपोर्ट निगेटिव आई।जबकि 17 रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इन मरीजों में सेक्टर-10 स्थित जेजे कॉलोनी में रहने वाला 25 वर्षीय युवक, सेक्टर-8 में रहने वाले 10 लोगों (पुरुष, बच्चे व महिलाएं), सेक्टर-9 में रहने वाला युवक, सेक्टर-150 स्थित ऐस गोल्फ सोसायटी में रहने वाले 71 वर्षीय बुजुर्ग, सेक्टर-55 में रहने वाले 76 वर्षीय बुजुर्ग, सेक्टर- 76 स्थित स्काईटेक माटरॉट सोसायटी में रहने वाला युवक, ग्रेटर नोएडा के पाई फर्स्ट स्थित एडवोकेट कॉलोनी में रहने वाले 55 वर्षीय बुजुर्ग और बिसरख गांव के 27 वर्षीय युवक शामिल हैं।

697 को क्वारैंटाइन किया जा चुका
जिला सर्विलांस अधिकारी ने बताया कि गौतमबुद्ध नगर में 17 और संदिग्धों की रिपोर्ट में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है। जिसके बाद जनपद में संक्रमित मरीजों की संख्या 155 हो गई है। वहीं दो मरीजों के ठीक होने पर उन्हें घर भेजा गया है। जिनमें 9 साल की बच्ची और 39 वर्षीय युवक शामिल हैं। इसके साथ ही अभी तक 90 मरीज ठीक होकर अपने घर जा चुके हैं। फिलहाल 65 एक्टिव केस हैं। अभी तक 3618 सैंपल स्वास्थ्य विभाग द्वारा लिए गए हैं। वहीं 697 संदिग्धों को क्वारैंटाइन किया गया है।



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गौतमबुद्धनगर जनपद में अभी तक 3618 सैंपल स्वास्थ्य विभाग द्वारा लिए गए हैं। वहीं 697 संदिग्धों को क्वारैंटाइन किया गया है। 




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मध्य प्रदेश से प्रयागराज लाए गए 1200 मजदूर; कई घंटे भूख-प्यास के बाद जब मिले बिस्कुट केले तो लेने के लिए टूट पड़े लोग

उत्तर प्रदेश में क्वारैंटाइन सेंटर भेजे जा रहे संदिग्धों के साथ दुर्व्यहार के मामले थम नहीं रहे हैं। आगरा के बाद शुक्रवार को संगम नगरी प्रयागराज से जो तस्वीर सामने आई है, वो वाकई शर्मसार करने वाली है। दरअसल, यहांमजदूरों को उनके घर वापस भेजने के लिए कलेक्शन सेंटर बनाया गया है। जिसमें करीब 1200 मजदूर हैं। आरोप है कि, यहां मजदूरों को काफी देर तक भूखे प्यासे रखा गया। जब प्रशासन ने बिस्किट व केला मंगाया तो उसे लेने की होड़ मच गई। इस दौरान उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग का भी कोई ध्यान नहीं रहा। मौके पर मौजूद अधिकारी भी इस अव्यवस्था को दूर करने के बजाय दूर खड़े होकर मातहतों को निर्देश देने में ही लगे रहे।

सीएवी इंटर कॉलेज में बनाया गया कलेक्शन सेंटर

शहर के सीएवी इंटर कॉलेज में कलेक्शन सेंटर बनाया गया है। यहां मध्य प्रदेश से 39 बसों से लाएगए लगभग 1200 मजदूरों को रखा गया है।आरोप है कि, उन्हें कई घंटों तक भूखेप्यासे ही रखा गया है। पिछले कई घंटे से भूखे प्यासे मजदूरों के लिए प्रशासन की ओर से जब बिस्किट और केला मंगाया गया तो उसे लेने के लिए मजदूरों में होड़ सी मच गई। भूखे प्यासे मजदूर पार्क के अंदर से ही बिस्किट और केला पाने के लिए टूट पड़े। इस दौरान उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग का भी कोई ध्यान नहीं रहा।

इस मामले का वीडियो भी सामने आया है। जिस पर डीएम प्रयागराज भानुचन्द्र गोस्वामी ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि ये क्वारैंटाइनसेंटर नहीं है, बल्कि सीएवी इंटर कालेज में प्रवासी मजदूरों के लिए कलेक्शन सेंटर बनाया गया है। जहां पर मध्य प्रदेश से आएमजदूरों को उनके गृह जिलों में भेजे जाने के पहले रोका गया है। उन्होंने कहा है कि भीड़ जुटने पर केले और बिस्किट वितरित करने का कार्य भी रोक दिया गया है और बसों में बैठने के बाद उन्हें खाने पीने के सामान मुहैया कराये गए हैं।

आगरा में दूर से फेंककर दिया गया था पानी बिस्कुट

इससे पहले आगरा जिले में स्थित हिंदुस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंटके क्वारैंटाइन सेंटर में संक्रमण के डर सेपीपीई किट पहनकर सरकारी कर्मचारी पानी की बोतल, बिस्किट लोगों को फेंकते नजर आए थे।यहां क्वारैंटाइन किए गए व्यक्ति चैनल गेट के भीतर से हाथ बाहर निकालकर खाने पीने की चीजों पर टूट पड़े थे।डीएम प्रभु नारायण सिंह ने इसका वीडियो सामने आने पर जांच के निर्देश दिए। जिसके बाद नोडल अधिकारी आलोक कुमार ने जांच में प्राथमिक तौर पर दोषी पाए गए बीडीओ मनीष को सस्पेंड करने का निर्देश दिया था।



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ये तस्वीर प्रयागराज के सीएवी इंटर कॉलेज की है। यहां मध्य प्रदेश से आए मजदूरों को रखा गया है। शुक्रवार की दोपहर बाद जब मजदूरों को खाने के लिए कुछ सामान मिला तो वे इसे लेने के लिए टूट पड़े। सोशल डिस्टेंसिंग का भी ख्याल नहीं रखा गया। कुछ ऐसी ही तस्वीर पिछले दिनों आगरा से भी आई थी।




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लॉकडाउन में दिल्ली से बिहार जा रहे मजदूर की मौत, साइकिल से 1300 किमी के सफर पर छह साथियों के साथ निकला था

आज मजदूर दिवस है। लेकिन उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले से एक ऐसी खबर आई, जो झकझोर देने वाली है। लॉकडाउन से रोजी रोटी छिन जाने के बाद भी 34 दिन जैसे तैसे गुजार लिए, लेकिन जब लगा कि ये संकट काल एक अंधेरी सुरंग सरीखा है तो दिल्ली से बिहार तक 1300 किमी लंबे सफर पर सात मजदूर टोली बनाकर निकल पड़े। यह सफर अभी तो एक तिहाई ही पूरा हो पाया था कि शाहजहांपुर जिले में एक की मौत हो गई। उसकेसाथियों का कहना है कि मृतक अभी तो28 साल का था। उसे कोई बीमारी भी नहीं थी। फिलहाल,प्रशासन ने मृतक का सैंपल जांच के लिए भेज दिया है।वहीं, उसके साथियों को क्वारैंटाइन कर दिया है।

बिहार के खगड़िया का रहने वाला था मृतक मजदूर

मृतक का नाम धर्मवीर (28) है। वह बिहार के खगड़िया जिले के खरैता गांव का रहने वाला था।अपने जिले के रहने वाले अन्य मजदूरों के साथ ही दिल्ली में रहकर दिहाड़ी मजदूरी करताथा। कभी रिक्शा चलाताथातो कभी राजगीर का काम कर लेताथा। लेकिन लॉकडाउन के बाद इनका रोजगार छिन गया। कुछ पैसे जोड़े थे तो उससे राशन खरीद लिया। यह राशन करीब 10 दिन चला। इसके बाद आसपड़ोस से मांगकर पेट भरा गया।

कई दिनों मांगकर खाना खाया, भूखे भी रहे

मृतक के साथी मजदूर रामनिवास उर्फ छोटू ने बताया किदिल्ली सरकार से भी कोई मदद नहीं मिली। कई दिनों तक बिस्कुट खाकर पेट भरा। लेकिन जब लगा कि ये दिन कैसे गुजरेंगे? इससे बेहतर है किअपनों के बीच चला जाए। यहां रहे तो बीमारी से मरेया न मरेभूख से जरूर मर जाएंगे। मजबूरन 27 अप्रैल को धर्मवीर के साथ हम छह लोग साइकिल से अपने घर के लिए निकल पड़े। भूखे प्यासे चार दिन साइकिल चलाकर गुरुवार की रात शाहजहांपुर पहुंचे। यहां बरेली मोड़ स्थित एक होटल के बाहर ठहर गए।रास्ते में किसी तरह की कोई मदद नहीं मिली। शाहजहांपुर आने के बाद एक मंदिर से कुछ खाना मिल गया। शुक्रवार सुबह उनके साथी मजदूर धर्मवीर की हालत बिगड़ गई। उसे मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां उसने दम तोड़ दिया।

'कोई बीमारी नहीं थी'

हालांकि, धर्मवीर की मौत का कारण क्या है? यह बात किसी को समझ नहीं आ रही है। उसके साथियों ने बताया कि उसे कोई बीमारी नहीं थी। दिल्ली से आए मजदूर की मौत की सूचना पर प्रशासन के अधिकारीमेडिकल कॉलेज पहुंचे। मृतक के बारे में साथियों से जानकारी ली। उसका शव पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया।मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल अभय कुमार ने बताया कि शव सेसैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिया गया है। साथी मजदूरों को क्वारैंटाइन किया गया है।



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ये तस्वीर शाहजहांपुर में पोस्टमार्टम हाउस के बाहर की है। ये मजदूर मृतक धर्मवीर के साथी हैं, जो साइकिल से दिल्ली से बिहार के लिए निकला था। लेकिन शाहजहांपुर में मौत हो गई।




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रेडजोन में शहर; संक्रमितों की संख्या 221 पहुंची, सैनिटाइजर पीने वाले संक्रमित युवक की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में शुक्रवार देर रात तक 12 कोरोना पॉजिटिव मरीज सामने आए हैं। शहर में तेजी से संक्रमितों की संख्या बढती जा रही है । उत्तर प्रदेश में आगरा के बाद कानपुर में सबसे अधिक कोरोना पॉजिटिव पेसेंट है। प्रदेश सरकार ने कानपुर को रेडजोन में रखा है। शहर के हालात लागतार बिगड़ते जा रहे हैं। प्रदेश सरकार कानपुर में अतिरिक्त मेडिकल टीम भेजने पर भी विचार कर रही है। कानपुर में संक्रमित मरीजों की सख्या 221 पहुंच गई है। जिसमें 17 मरीज डिस्चार्ज हो चुके है और चार संक्रमितों की मौत हो चुकी है। वहीं शुक्रवार को सैनिटाइजर पीने वाले संक्रमित युवक की उपचार के दौरान मौत हो गई है। मृतक युवक झारखंड कर रहने वाला था।

जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के कोविड-19 लैब से शुक्रवार शाम 287 सैंपल की रिपोर्ट आई। जिसमें से 12 लोगों में संक्रमण की पुष्टी हुई है और 275 निगेटिव पाए गए हैं। सकंमित पाए गए लोग हॉटस्पॉट एरिया के पाए गए हैं। जिसमें 7 संक्रमित कर्नलगंज और तीन सकंमित महिलाएं बजरिया के है। इसके साथ ही बजरिया थाने के एक सिपाही में संक्रमण की पुष्टी हुई है। शहर में 13 पुलिसकर्मी संक्रमित पाए जा चुके हैं। सभी संक्रमितों को कोविड-19 हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया है।

सैनिटाइजर पीने वाले कोरोना संक्रमित युवक की हैलट कोविड-19 अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। युवक के शव को अस्थाई मर्चुरी में रखा गया है। मृतक झारखंड का रहने वाला था उसके परिजनों को घटना की जानकारी देदी गई है। 28 वर्षीय मृतक मूलरूप से झारखंड के साहिबगंज जिले में भदोही झारकन गांव का रहने वाला था। जनपद कानपुर देहात की भोगनीपुर पुलिस ने रास्ते से पकड़कर एहतिहातन पास के क्रैंटाइन सेंटर में भर्ती कराया था।

बुखार और सांस लेने में दिक्कत के बाद भर्ती हुआ था मरीज

क्वारैंटाइन सेंटर में भर्ती युवक की बीते 26 अप्रैल की सुबह तबियत खराब होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसे बुखार और सांस लेने में दिक्कत थी। डाक्टरों ने युवक के सैंपल लेकर कानपुर मेडिकल कॉलेज जांच के लिए भेजा था। 27 अप्रैल दिन बुधवार की देर रात युवक की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने 28 अप्रैल तड़के सुबह संक्रमित युवक को कानपुर के सरसौल सीएचसी कोविड-19 हॉस्पिटल रिफर किया गया था।

हैलट अधीक्षक आरके मौया के मुताबिक संक्रमित होने की वजह से उसके शव को सील कर दिया गया है। पूरे वार्ड को सैनिटाइज कराया जा रहा है। वहीं सरसौल सीएचसी के अधीक्षक एसएल वर्मा का कहना है कि युवक को मिर्गी का दौरा आता था। उसने वार्ड में रखे सैनिटाइजर पी लिया था। उसे हैलट अस्पताल रिफर किया गया था। जहां शुक्रवार को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।



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कानपुर में संक्रमण के मामले लगातार बढ़ते जा रहेे हैं। यूपी में आगरा के बाद सबसे अधिक मामले कानपुर में ही सामने आए हैं। यहां मरीजों की संख्या 200 को पार कर गई है। शुक्रवार को सैनिटाइजर पीने वाले एक संक्रमित युवक की मौत हो गई।




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फेज-3 में भी नहीं मिलेगी छूट: 17 मई तक जिले की सीमाएं रहेंगी सील, नया केस नहीं आने पर ही बनेगी आगे की कार्ययोजना

उत्तर प्रदेश में लॉकडाउन-3 की घोषणा के साथ ही तीन मई के बाद की कार्ययोजना बनाने में जिला प्रशासन जुट गया है। फिलहाल लॉकडाउन-3 में भी वर्तमान व्यवस्था ही लागू रहेगी। शहर की सीमाएं 17 मई तक पूरी तरह सील रहेंगी और मेडिकल कारण के बिना किसी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।दुकानों को पूरी तरह बंद रखा जाएगा और होम डिलीवरी की सुविधा को प्रभावी बनाया जाएगा।कोरोना संक्रमण की आशंका के चलते प्रशासन लॉकडाउन-3 में किसी तरह की ढील नहीं देगा। मास्क लगाना अनिवार्य होगा और सोशल डिस्टेसिंग के पालन के लिए सख्ती की जाएगी।


गृह मंत्रालय की ओर से लॉकडाउन-3 की घोषणा के साथ ही प्रशासन भी आगे की कार्ययोजना बनाने में जुट गया है।दरअसल, आठ दिन में 42 केस सामने आने के बाद प्रशासन ने पूरे शहर में टोटल लॉकडाउन लागू किया है। प्रशासन की ओर से इसी टोटल लॉकडाउन को 17 मई तक लागू करने की योजना है।


इस दौरान संक्रमण को पूरी तरह रोकने के लिए कवायद होगी और नए केस नहीं आने पर शासन की गाइडलाइन पर आगे कार्ययोजना बनेगी। फिलहाल लॉकडाउन-3 में भी सरकारी व प्राइवेट अस्पताल और उनकी फार्मेसी 24 घंटे खुलेंगी। इसके अलावा पेट्रोल पंप, बैंक, सरकारी कार्यालयों को खोला जाएगा। इसके अलावा किसी अन्य दुकान और संस्थान को खोलने की अनुमति नहीं होगी।

बिना मास्क के निकलने पर होगी कार्रवाई
कोई भी बिना मास्क और आरोग्य एप डाउनलोड किये यदि घर से बाहर निकलेगा तो ऐसे लोगों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। शहर में होम डिलिवरी को ज्यादा से ज्यादा बढ़ावा देने के लिए और व्यापारियों को जोड़ा जाएगा। केंद्र सरकार ने कोरोना संक्रमण के लिहाज से जिलों को तीन भागों में बांटा है।

वाराणसी को रेड जोन में रखा गया है। नौ दिन पहले तक वाराणसी इस कैटेगरी के लिहाज से आरेंज जोन में था। मगर, इस दौरान 41 कोरोना के नए मरीज सामने आने के बाद स्थिति विकराल हो गई है। और वाराणसी रेड जोन में चला गया है।


होम डिलेवरी का दावा फेल साबित हो रहा है
काशी में होम डिलिवरी के दावे बहुत हद तक फेल साबित हो रहा है। लोगों का यह भी कहना है कि सब्जियां महंगी, ब्रेड गायब, तो दवाइयां भी पर्चियीं वाली नहीं मिल रही हैं। दालमंडी, नई सड़क, पातालेश्वर, पांडेय हवेली समेत दर्जनों इलाके में सब्जियां नही पहुंच रही,न राशन की दुकानें खुल रही है। मनोज सैनी ने बताया कि ब्रेड बिल्कुल नहीं मिल रहा,सब्जियां भी गलियों में नहीं आ रही हैं।



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वाराणसी में 3 मई तक टोटल लॉकडाउन है। उसके अनुपालन के लिए पुलिसकर्मियौं और अधिकारियों ने शहर के के मैदागिन चौराहे के पास पैदल मार्च किया।




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आगरा में एक साथ 25 मामले सामने आए; संक्रमित मरीजों की संख्या 526 हुई, अभी तक 130 लोग हुए स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुए

उत्तर प्रदेश में कोरोनावायरस का संक्रमण तेजी से फैलता जा रहा है। पूरे यूपी में संक्रमित मरीजों की संख्या 2300 के आंकड़े को पार कर गई है जिसमें अकेले आगरा के 500 से अधिक मरीज शामिल हैं।आगरा में एक बार फिर कोरोना के मरीजो में हुआ इजाफा है। यहां संक्रमितों की संख्या 501 से बढ़कर हुए 526 पहुंच गई है। मंगलवार को एक साथ 25 नए मामले सामने हैं। इनमें से 396 मरीज एक्टिव हैं और 130 मरीज डिस्चार्ज हो चुके हैं। अब तक जिले में14 कोरोना के मरीजों की मौत हो चुकी है। आगरा में अब तक 10 से अधिक सब्जीवालों में कोरोना की पुष्टि हो चुकी है।


ताजनगरी में कोरोना संक्रमण से साथ कोरोना से जंग जीतने की दर भी तेज है। शुक्रवार को चार और ठीक होकर घर चले गए। इन्हें खंदौली में रखा गया था। जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने बताया कि अब तक 126 स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं। 15 संक्रमित मरीजों की मौत भी हो चुकी है।


शुक्रवार को मिले नए कोरोना मरीजों में सब्जी विक्रेता, केबिल ठीक करने वाले मैकेनिक और रिक्शा चालक शामिल हैं। पूल टेस्टिंग में ऑटो चालक की बेटी भी संक्रमित मिली है। संक्रमित सब्जी विक्रेताओं में बसई मंडी के चार और एक सिकंदरा सब्जी मंडी का है।

हॉटस्पॉट में सामने आ रहे मामले

आगरा में 500 से ज्यादा लोग संक्रमित पाए गए हैं। यहां रोज संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। इसको लेकर पुलिस भी अब पहले से अधिक सख्त हो गई है।

आगरा में कोरोना वायरस के 39 हॉटस्पॉट और 175 एपीसेंटर हैं। जो नये मामले सामने आए हैं, वे हॉटस्पॉट इलाकों से संबंधित हैं और करीबी संपर्क वाले व्यक्ति के संक्रमण का शिकार हुए हैं। एस एन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में कार्यरत एक कर्मी की रिपोर्ट पॉजीटिव आयी है। यहां की नर्सिंग स्टाफ और वार्ड ब्वाय की रिपोर्ट भी पॉजीटिव है।



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आगरा में शुक्रवार देर रात तक संक्रमण के 22 मामले सामने आने के बाद यहां पॉजिटिव मरीजों की संख्या 500 को पार कर गई है। डीएम प्रभु एन सिंह ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि नए मामले हॉटस्पॉट वाले इलाकों में सामने आ रहे हैं।




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24 घंटे के भीतर 10 पॉजिटिव मामले सामने आए, मेरठ के रहने वाले कोरोना संक्रमित की दिल्ली में मौत

उत्तर प्रदेश में कोरोनावायरस का संक्रमण तेजी से फैलता जा रहा है। इस बीच मेरठ में 24 घटें के भीतर कोरोना के 10 नए मरीज मिले हैं, जिनमे से एक की मौत हो गई है। मेरठ में कोरोना के मरीजों की संख्या 115 हो गई है। इनमें से 53 की छुट्टी हो चुकी है, जबकि छह की मौत, बाकी 56 का इलाज चल रहा है। नए मरीजों में 57 साल के व्यक्ति हैं, जो खरखौदा खासपुर के हैं। दिल्ली में भर्ती थे। इनकी आज सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई।

जानकारी के मुताबिक, मेरठ में एक दिन पहले कोरोना संक्रमित आया व्यक्ति लॉकडाउन में भी बिरयानी बेचता रहा। तबीयत खराब होने पर हफ्तेभर पहले उसने बिरयानी का ठेला लगाना बंद किया। आशंका है कि संक्रमित होने के बावजूद उसने कई दिन तक बिरयानी बेची होगी। रोजाना इस ठेले पर बिरयानी खाने वाले सैकड़ों लोगों में अब दहशत की स्थिति है। उधर, स्वास्थ्य विभाग ने इसके संपर्क में आने वाले 32 लोगों को क्वारंटाइन कर दिया है।

ब्रह्मपुरी क्षेत्र में भूमिया पुल निवासी एक व्यक्ति की कोरोना रिपोर्ट गुरुवार रात पॉजिटिव आई है। उसका इलाज मेरठ मेडिकल अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने ट्रेवल हिस्ट्री जुटानी शुरू की तो चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई। पता चला कि वह मेट्रो प्लाजा पर अन्नपूर्णा छोले-भटूरे वाले के पास ठेला लगाकर वेज बिरयानी बेचता था। लॉकडाउन होने के बाद उसने ठेला गौतमनगर सब्जी मंडी स्थित गली के बाहर खड़ा करना शुरू कर दिया।

पुलिस की सख्ती के बाद गली में लगाता था ठेला
पिछले दिनों पुलिस सख्ती हुई तो उसने ठेला गली के भीतर लगा लिया। कुल मिलाकर लॉकडाउन में वह लगातार वेज बिरयानी बेचता रहा। बताया कि एक सप्ताह पहले अचानक उसकी तबीयत खराब हो गई। इसके बाद से ही ठेला लगना बंद हुआ। पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने बिरयानी विक्रेता के चार परिजनों को क्वारंटाइन कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग मान रहा है कि किसी ग्राहक या सब्जी मंडी में वह संक्रमित हुआ है।



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कोरोना संक्रमण के मामले मेरठ में लगातर बढ़ते जा रहे हैं। यहां पर पिछले 24 घंटों के में 10 लोग पॉजिटिव पाए गए।




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बहराइच में एक पुलिस चौकी का ‘इनचार्ज’ बना 14 साल का लड़का, लॉकडाउन नियमों का उल्लंघन नहीं करने की दे रहा समझाइश 

यहां एक पुलिस चौकीपर 14 साल का एक लड़का हाथ में डंडालेकर लोगों को यह समझा रहा है कि लॉकडाउन का उल्लंघन नहीं करें और फालतू घरों से नहीं निकलें। गमछा, रूमाल या फिर मास्क अपने चेहरे पर लगाएं और साबुन व सैनेटाइजर का बार-बार इस्तेमाल करें।

नियमों का उल्लंघन करने वालों को जेल भेजूंगा
सौम्या अग्रवाल बताते हैं, लॉकडाउन का पालन किया जाना चाहिए। यदि कोई लॉकडाउन नियमों का उल्लंघन करता है तो मैं इस पुलिस चौकीका ‘इनचार्ज’ हूं, मैं उसके खिलाफ केस रजिस्टर करूंगा और अपराधीको जेल भेजा जाएगा।

लोग मानते हैं सौम्य की अपील
मीठीपुरवा निवासी सौम्य की लीडरशिप क्वालिटी को देखकर पुलिस ने उसे यहां के थाने के‘इनचार्ज’ के रूप में पेश कियाहै। जब यह किशोर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कहे गए वाक्य दो गज दूरी बहुत जरूरी है को दोहराते हैं तो उसकी इस स्टाइल को यहां के लोग पसंद करते हैं और गंभीरता से लेते हैं।

सफल प्रयोग
पुलिस अधीक्षक विपिन मिश्रा कहते हैं, यह कम्युनिटी पुलिसिंग का जमाना है....हम नरमी बरत रहे हैं और अपने आपको लोगों को एक मददगारके रूप में भी बता रहे हैं। मोतीपुर पुलिस स्टेशन के एसएचओ जेपी शुक्ला कहते हैं, मीठीपुरवा पुलिस आउटपोस्ट के इनचार्ज अजय तिवारी को यह मालूम हुआ कि सौम्य पुलिस फोर्स ज्वाइन करना चाहता है तो उन्होंने यह प्रयोग किया। सौम्य को मीठीपुरवा पुलिस आउटपोस्ट का इनचार्ज घोषित किया गया था। अजय तिवारी की जगह सौम्य के साथ पुलिस टीम भेजी जाती है। अजय तिवारी ने कहा, प्रयोग सफल साबित हो रहा है और लोग लॉकडाउन नियमों का पालन कर रहे हैं।

लोग लॉकडाउन के महत्व को समझेंगे

बहराइच के सांसद अक्षयवर लाल इस प्रयोग की प्रशंसा करते हुए कहते हैं, इससे लोग लॉकडाउन के महत्व को समझेंगे। वे सौम्य की भी प्रशंसा करते हैं और उसे सलाह दी है कि वे अपना ख्याल भी रखें और अपनी पढ़ाई पर भी फोकस रखें। इससे वे पुलिस फोर्स में जाने के अपने सपने को पूरा कर सकेंगे।



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डेमो फोटो




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उत्तर प्रदेश की सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी के कोविड-19 अस्पताल में भर्ती 72 मरीजों को दी जा रही है एलोपैथिक के साथ आयुर्वेदिक दवा

उत्तर प्रदेश के इटावा स्थित सैफई मेडिकल यूनीवसिर्टी के कुलपति डॉ. राजकुमार ने कहा है कि कोविड-19 के मरीजों के इलाज में एलोपैथिक के साथ आयुर्वेदिक दवाओं का समायोजन कारगर साबित हो सकता है।
डॉ.राजकुमार ने शनिवार को यहां बताया कि सैफई मेडिकल यूनीवर्सिटी स्थित कोविड-19 अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती 72 मरीजों को एलोपैथ और आयुर्वेदिक के समायोजन से कारगर इलाज किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कोविड-19 के मरीजों के इलाज में एलोपैथिक चिकित्सा के साथ-साथ आयुर्वेदिक चिकित्सा प्रणाली को भी समाहित किया जा रहा है। उसके लिए रिस्क फैक्टर्स या मॉडरेट सिम्टम वाले मरीजों में ट्रायल बेसिस पर इसको आजमाया जाएगा। कोविड-19 पाॅजिटिव मरीजों को प्रतिदिन आयुर्वेदिक काढ़ा दिन में दो समय सुबह 11 बजे और सायं चार बजे दिया जा रहा है।
सकारात्मक परिणाम मिले
कुलपति ने बताया कि इस आयुर्वेदिक काढ़े में सोंठ, अदरक, हल्दी, दालचीनी, लौंग, इलायची, तुलसी और चीनी का मिश्रण किया गया है। उन्होंने बताया, अस्पताल में भर्ती 72 मरीजों में 67 एसिम्प्टमेटिक, चार मरीजों को माइल्ड सिम्टम और एक मरीज को ऑक्सीजन की जरूरत थी। आठ मरीज ही माइल्ड सिम्टम वाले हैं। किसी भी मरीज में मॉडरेट या सीवियर सिम्टम डेवलप नहीं हुए हैं और कोई भी मरीज ऑक्सीजन या वेंटीलेटर पर नहीं है। उन्होंने बताया, आयुर्वेदिक काढ़े के उपयोग से सकारात्मक परिणाम मिले हैं। जबकि गाइड लाइन के अनुसार मरीजों को एलोपैथ दवाइयां भी दी जा रही हैं। वह न्यूरो सर्जन होने के साथ न्यूरो आयुर्वेद में पीएचडीधारक आयुर्वेदाचार्य भी हैं। कोविड-19 अस्पताल के सुचारू संचालन के लिए गठित हॉस्पिटल मैनेजमेंट कमिटी, आइसोलेशन कमिटी, सेनिटेशन कमिटी, क्वारंटाइन कमिटी, लाॅजिस्टिक कमिटी पूरी मुस्तैदी से काम कर रही है। मरीजों के लिए तीनों टाइम पौष्टिक भोजन एवं सुबह-शाम आयुर्वेदिक काढ़ा के साथ ही अन्य सभी जरूरी व्यवस्थाएं मुहैया कराई जा रही हैं। मरीजों को ध्यान और जरूरी कुछ योगासन भी एक्सपट्स द्वारा कराए जा रहे हैं।
200-250 मरीज रोज देखे जा रहे हैं
कुलपति ने बताया कि कोरोना कन्ट्रोल रूम वर्तमान में 24 घंटे कोरोना-19 अस्पताल के हर व्यवस्था का संचालन गहनता से कर रहा है। कोविड-19 के मरीजों को सुबह-शाम व्यायाम और योगासन कराए जा रहे हैं। इस बात का ध्यान रखा जा रहा है कि किसी भी गतिविधि में मरीज को शारीरिक थकावट व सांस की गति में वृद्धि न हो। मरीज मास्क पहने रहते हैं। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय की इमरजेंसी ट्रामा व ट्रायज भी प्रतिदिन काम कर रही है। 200 से 250 मरीज प्रतिदिन देखे जा रहे हैं। हेड इंजरी वार्ड में 15 मरीज मेडिकल आइसीयू में, 17 बर्न वार्ड में, 47 गंभीर मरीजों का इलाज चल रहा है। स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग द्वारा प्रतिदिन 20 मरीजों की डिलीवरी की जा रही है। इस समय चिकित्सा टीम के 10 सदस्य क्वारेंटाइन में भी हैं।
यूनिवर्सिटी में 800 बेड तैयार किए गए हैं
प्रोफेसर राजकुमार ने बताया कि लाॅकडाउन के बावजूद विश्वविद्यालय में 800 बेड कोरोना से लड़ने के लिए युद्धस्तर पर तैयार किए गए हैं, जिनमें की कोविड-19 अस्पताल के लिए 200 बेड्स (आइसोलेशन वार्ड, ट्रायज, एवं आईसीयू मिलाकर) रिआर्गेनाइज किए गए हैं। इसके अलावा पेसेन्ट क्वारेंटीन के लिए 50 बेड तैयार किए गए हैं और हेल्थ केयर वर्कस क्वारंटीन के लिए 550 बेड्स तीन बिल्डिंग्स में बाथरूम समेत व्यवस्था अस्पताल प्रशासन द्वारा दिन-रात काम करके तैयार किए गए हैं। अन्य जरूरी संसाधनों जैसे फ्लू ओपीडी, कोविड-19 मरीजों के लिए अलग लाउन्ड्री व मार्चुरी इत्यादि की भी व्यवस्था की गई है। लाॅकडाउन के पाबन्दियों और तमाम प्रतिकूल परिस्थितियों को झेलते हुए नाना प्रकार के व्यवधानों के बावजूद एक महीने के समय में विश्वविद्यालय ने कोविड-19 का एल-3 लेवल सेन्टर तैयार कर दिखाया है। कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय में अब तक करीब 4627 मरीजों के सेम्पल का आरटीपीसीआर टेस्ट किया जा चुका है, जिनमें 146 पाॅजिटिव पाए गए हैं।



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फाइल फोटो




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अब तक 2455 संक्रमित, इनमें 1756 एक्टिव केस ; सरकार ने कहा- गैर राज्यों से आने वाले कामगारों के लिए व्यापक कार्य योजना तैयार की जा रही

गैर राज्यों में रह रहे यूपी के श्रमिक बड़ी संख्या में यूपी आ रहे हैं। ऐसे लोगों को रोजगार मुहैया कराना भी एक बड़ी चुनौती है। इसको देखते हुए सरकार कार्ययोजना बनाने में जुट गई है। उप्र के अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने शनिवार को कहा कि यूपी में 15 से 20 लाख रोजगार के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने कहा कि यूपी में आज अब तक2455 संक्रमित मरीज सामने आए हैं इनमें 1756 एक्टिव केस हैं। आजकुल127 नए मामले आए हैं। अभी तक656 मरीज डिस्चार्ज हुएहैं जबकि 43 लोगों की मृत्यु हो चुकी है।अब तक 4431 सैंपल का परीक्षण किया गया है।

उन्होंने कहा किप्रदेश में 286 थाने में कुल हॉटस्पॉट की संख्या 433 पहुंच गई है।फेक न्यूज़ पर भी लगतार कार्रवाई की जा रही है।कोई भी फेक न्यूज़ न चलाये। अवस्थी ने बताया कि पहली ट्रेन नासिक से आज सुबह 845 श्रमिकों को लेकर ट्रेन चली है जोगा झांसी कानपुर के रास्ते कल लखनऊ आ जाएगी।

अवस्थी ने बताया कि गुजरात समेत अन्य राज्यों से चर्चा कर ट्रेनों से श्रमिकों को लाया जाएगा पर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी श्रमिकों की सूची और उनकी स्क्रीनिंग कर उन्हें स्वस्थ होने का प्रमाण पत्र भी सरकारों के अधिकारियों से मांगा गया है। अवैध रूप से अंतर राज्य व अंतर्जनपदीय आवागमन को भी हर हाल में रोकने के निर्देश दिए हैं। ऐसे सभी श्रमिकों का डाटा दर्ज किया जाएगा, जो दूसरे राज्यों से आ रहे हैं वह किस कार्य में दक्ष है इसके भी आंकड़े दुरुस्त कर भविष्य में उन्हें काम देने का कार्य शुरू कर दिया जाए।

हॉटस्पॉट एरिया में खुल सकती हैं ये दुकानें: मुख्य सचिव आर के तिवारी ने बताया कि उत्तर प्रदेश में हॉटस्पॉट क्षेत्रों के बाहर ग्रामीण क्षेत्रों व छोटे कस्बों में स्थित दुकानें विशेष रूप से निर्माण सामग्री यथा ईंट, सीमेंट, मौरंग, बालू, सरिया, हार्डवेयर आदि तथा मोबाइल रिपेयर करने वाली दुकानों को सशर्त खोले जाने की अनुमति दी जाएगी। इन दुकानों में सोशल डिस्टेंसिंग व सैनिटाइजेशन के प्रावधानों तथा गृह मंत्रालय के निर्देशों का अनुपालन किया जाएगा।

श्रमिकों के काम के घंटे और वेतन तय करेगी सरकार

आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, सरकार अन्य राज्यों से लौटे श्रमिकों को रोजगार देने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। काम के दौरान इन्हें शोषण से बचाने के लिए अब प्रदेश सरकार जल्द ही एक अध्यादेश लाने की तैयारी में है। इसके जरिए श्रमिकों के काम के घंटे और वेतन तय किए जाएंगे। सीएम योगी ने जल्द ही अध्यादेश को तैयार करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिया है।

कोरोना के खिलाफ लड़ाई के लिए बनाई गई टीम-11 के साथ शनिवार को हुई बैठक में सीएम योगी बाहर से आए श्रमिकों को रोजगार देने की योजना पर चर्चा कर रहे थे। कोरोना लॉकडाउन के कारण अन्य राज्यों में फंसे उत्तर प्रदेश के करीब 15 लाख श्रमिक गृह राज्य वापस आ रहे हैं। इनमें से कुछ पहले ही बसों के जरिए आ चुके हैं। सीएम योगी ने सरकारी आवास पर टीम-11 के साथ लॉकडाउन की समीक्षा बैठक के दौरान कहा कि श्रमिकों के लिए एक अध्यादेश तैयार कर लें, जिसमें उनका वेतन और उनके कार्य करने का समय निर्धारित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि 15 लाख लोगों को रोजगार दिलाने का कार्य प्रारंभ कर देना चाहिए।

समीक्षा बैठक में योगी ने दिया कार्ययोजना बनाने के निर्देश
समीक्षा बैठक में सीएम योगी ने कहा कि जिस प्रकार से चीनी मिल और ईंट भट्टों को चालू किया गया है, ठीक वैसे ही अन्य उद्योगों को चलाने के लिए एक कार्ययोजना तैयार की जाए। उद्योगों को सावधानीपूर्वक शुरू किया जाए, साथ ही उद्योगों का प्रोटोकॉल भी निर्धारित किया जाए। उन्होंने कहा कि गृह विभाग राज्य सरकारों से बात करके ये स्पष्ट कर ले कि जिनका नाम उनके द्वारा भेजी गई सूची में नहीं होगा, उनको प्रवेश देना संभव नहीं होगा। मंडियों मे सोशल डिस्टेसिंग का पालन सुनिश्चित कर लें।



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उप्र सरकार के अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने शनिवार को कहा कि गैर राज्यों से आने वाले श्रमिकों का वहां की सरकारों से फिटनेस प्रमाण पत्र भी लिया जाएगा। भारी संख्या में यूपी आ रहे श्रमिकों के रोजगार के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की जा रही है।




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संक्रमित मरीजों की संख्या पहुंची 2499, इनमें 1765 एक्टिव केस; 24 घंटे में 180 मरीज सामने आए, अब तक 698 लोग स्वस्थ हुए

उत्तर प्रदेश में कोरोनावायरस का संक्रमण दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। पिछले 24 घंटे में 180 नए मरीज विभिन्न जिलों में बढ़े हैं। अब तक प्रदेश में 2499 मामले सामने आए हैं जिसमें 1765 एक्टिव केस शामिल हैं। इसमें 1129 लोग तब्लीगी जमात से सम्बंधित हैं। आंकडों के अनुसार अब तक प्रदेश में 43 मौतें हो चुकी हैं। अधिकारियों के मुताबिक यूपी के 64 जिलों में कोरोना का संक्रमण फैल चुका है।

कोरोना से अब तक कुल 43 मौतें हुईं: गाजियाबाद, अमरोहा, बरेली, बस्ती, वाराणसी, बुलन्दशहर, लखनऊ, अलीगढ़, श्रावस्ती व मथुरा में 1-1, फिरोजाबाद में 2, कानपुर में 4, मेरठ में 6, मुरादाबाद में 7, व आगरा में कोरोना से अब तक कुल 14 मौतें हुईं हैं।

698 कोरोना स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किए गए पेसेंट: आगरा से 104, गौतमबुद्धनगर (नोएडा) से 94, लखनऊ से 69, गाजियाबाद से 44, लखीमपुर-खीरी से 4, कानपुर नगर से 19, पीलीभीत से 2, मुरादाबाद से 45, वाराणसी से 8, शामली से 25, जौनपुर से 5, बागपत से 14, मेरठ से 53, बरेली से 6, बुलन्दशहर से 13, बस्ती से 13, हापुड़ से 6, गाजीपुर से 5, आज़मगढ़ से 4, फ़िरोज़ाबाद से 33, हरदोई से 2, प्रतापगढ़ से 6, सहारनपुर से 16, शाहजहांपुर से 1, बांदा से 3, महराजगंज से 6, हाँथरस से 4, मिर्जापुर से 2, औरैय्या से 4, बाराबंकी से 1, कौशाम्बी से 2, बिजनौर से 21, सीतापुर से 17, प्रयागराज से 1, मथुरा से 4, बदायूं से 2, रामपुर से 7, मुजफ्फरनगर से 9, अमरोहा से 12, भदोहीं से 1, कासगंज से 3, इटावा से 1, संभल से 1, कन्नौज से 3 व मैनपुरी से भी 3 कोरोना पेशेंट्स को स्वस्थ पूर्णतया करवाकर डिस्चार्ज किया गया।


ब तक 2499 पॉजिटिव केसों का जिलेवार विवरण: आगरा में 536, लखनऊ में 222, कानपुर नगर में 227,सहारनपुर में 202, गौतमबुद्धनगर (नोएडा) में 159, फिरोजाबाद में 137, मेरठ, मुरादाबाद में 113, गाजियाबाद में 68, वाराणसी में 61, बुलन्दशहर में 54, रायबरेली में 44, अलीगढ़ में 41, अमरोहा में 30, बस्ती में 32, हापुड़ में 35, बिजनौर में 34, संतकबीरनगर-शामली में 27-27 , रामपुर में 25, मुजफ्फरनगर में 23, मथुरा में 22, सीतापुर में 20, संभल में 19, बागपत में 17 और बदायूं में 16 मामले सामने आए हैं।



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उप्र में कोरोवायरस का संक्रमण तेजी से फैलता जा रहा है। यूपी में अब तक संक्रमण से 43 लोगों की मौत हो चुकी है और 64 जिलों में संक्रमण फैल चुका है।




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स्पेशल ट्रेन से 21 घण्टे की यात्रा कर लखनऊ पहुंचे 847 प्रवासी मजदूर, थर्मल स्कैनिंग के बाद बसों से घरों के लिए हुई रवानगी

उत्तर प्रदेश ही नहीं पूरे देश में लॉकडाउन को 17 मई तक बढ़ा दिया गया है। इस बीच श्रमिक स्पेशल ट्रेन से नासिक से 21 घंटे के सफ़र के बाद यूपी लौटे 847 प्रवासी मजदूरों का चेहरा खिला हुआ दिखा। लॉकडाउन के दौरान फंसे प्रवासी मजदूरों को घर पहुंचाने के लिए रेलवे ने नासिक से शनिवार सुबह 10:22 मिनट पर यह स्पेशल ट्रेन लखनऊ के चारबाग स्टेशन पर रविवार सुबह 5:50 मिनट पर पहुंचे। कुल 17 डिब्बों वाली इस ट्रेन में 847 प्रवासी मजदूर सवार थे। इनमें पांच साल से कम उम्र के 11 बच्चे भी शामिल रहे।

अधिकारियों के मुताबिक करीब 42 दिन बाद चारबाग स्टेशन पर कोई यात्री ट्रेन आई हैं। आखिरी बार 22 मार्च को यहां ट्रेन आई थी। वहीं लखनऊ के ऐशबाग स्टेशन से 23 मार्च को सुबह आखिरी ट्रेन गुजरी थी। नासिक से आए 847 प्रवासी मजदूरों की एक-एक करके थर्मल स्कैनिंग की जांच की गई हैं। नाम-पता मोबाइल नम्बर के साथ नोट किया जा रहा हैं। साथ ही जिला पूछकर इन्हें बसों में भेजा जा रहा है।

चारबाग रेलवे स्टेशन से बाहर निकलते श्रमिक। इनको जिलेवार अलग अलग कोच में रखा गया था। इनकी पूरी तरह से जांच की गई। उसके बाद भेजा गया।

17 रूटों के 38 जिलों को जाएंगे बसें: स्पेशल ट्रेनों से आने वाले प्रवासियों के लिए 17 रूटों पर परिवहन निगम बसों की व्यवस्था की गई थी। करीब 30 जिले बस से कवर होंगे जहां पर मजदूरों को छोडा जाएगा हालांकि इनमें अधिकतर बहराइच, श्रावस्ती और सिद्धार्थनगर के रहने वाले हैं। सभी की थर्मल स्क्रीनिंग होगी। हर बस में एक होमगार्ड और एक यूपी पुलिस के सिपाही को भी भेजा जाएगा। स्पेशल ट्रेन लखनऊ पहुंचने के बाद इसका खाली रैक मध्य रेलवे को वापस भेज दिया जाएगा।



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यह तस्वीर चारबाग रेलवे स्टेशन की है। यूपी के श्रमिक विशेष ट्रेन से नासिक से आज सुबह चारबाग स्टेशन पहुंचे। यहां उनकी थर्मल जांच की गई। इसके बाद उन्हें उनके घरों को भेजा गया।




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संक्रमित मरीजों की संख्या पहुंची 543, पूल टेस्टिंग में 12 सब्जी विक्रेताओं में संक्रमण की पुष्टि

उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में कोविड-19 के 25 नये मामले सामने आने के साथ जिले में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 536 हो गई है। जिले में अबतक कोविड-19 से 15 लोगों की मौत हुई है और 130 लोग ठीक हो चुके हैं। आगरा में नये संक्रमितों मेंसब्जी विक्रेता भी शामिलहैं और सिंकदरा और बसई की थोक सब्जी मंडी से सब्जी लाकर जिले के अलग-अलग स्थलों पर इसकी बिक्री करते हैं।

शनिवार को सुबह से रात तक 42 और लोगों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई। अब तक जिले में 543 कोरोना मरीज मिल चुके हैं। जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने इसकी पुष्टि की है।तीन दिनों में कोरोना के 110 नए मरीज मिल चुके हैं।30 अप्रैल को 46, एक मई को 22 और दो मई को 42 संक्रमित बढ़े। तीनों दिनों का औसत देखा जाए तो हर दिन 36 से ज्यादा मरीज मिले हैं।कोरोना संक्रमण से साथ कोरोना से जंग जीतने की दर भी तेज है। अब तक 134 लोग ठीक होकर अपने घर जा चुके हैं।15 संक्रमित मरीजों की मौत भी हो चुकी है।

सब्जी विक्रेताओं पर पुलिस की नजर

पूल टेस्टिंग में 12 और सब्जी विक्रेता संक्रमित मिले हैं। इनमें से पांच कोतवाली क्षेत्र के हैं और सात लोहामंडी के। ये बसई और सिकंदरा दोनों मंडी से सब्जी लाते थे। सिकंदरा, लोहामंडी, जयपुर हाउस में बेचते थे। अब तक 25 से ज्यादा सब्जी विक्रेता संक्रमित मिल चुके हैं।अब इनकी जांच का दायरा और बढ़ाया जाएगा।

सभी की स्क्रीनिंग अनिवार्य कर दी गई है। इनके सैंपल लोहामंडी, कोतवाली और सदर में लिए गए थे। सदर में लिए गए सैंपल में 10 से ज्यादा संक्रमित मिले। इनसे पहले एत्माद्दौला क्षेत्र में दूधिए संक्रमित मिले थे। फ्रीगंज, ताजगंज में सब्जी वाले पहले भी संक्रमित मिल चुके हैं।



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पूल टेस्टिंग में 12 और सब्जी विक्रेता संक्रमित मिले हैं। इनमें से पांच कोतवाली क्षेत्र के हैं और सात लोहामंडी के शामिल हैं।




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अहमदाबाद से 1200 श्रमिक परिवारों लेकर कानपुर पहुंची स्पेशन ट्रेन; सोशल डिस्टेंसिंग कर थर्मल स्क्रीनिंग कराई

लॉकडाउन के बाद अहमदाबाद में फंसे 1200 मजदूरों को लेकर एक स्पेशल ट्रेन रविवार सुबह 9:10 बजे कानपुर सेंट्रल स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 9 पर पहुंची। स्टेशन पर उतरने के बाद मजदूरों के चेहरे खुशी से चमक उठे। प्लेटफार्म पर मौजूद मेडिकल टीम ने उनकी थर्मल स्क्रीनिंग कर स्वास्थ्य परीक्षण किया। यह सभी मजदूर प्रदेश के विभिन्न जनपदों के रहने वाले हैं। जिला प्रशासन सरकारी बसों से इन सभी मजदूरों को उनके जदपदों तक पहुंचाने का काम करेगा।

कोरोनावायरस के संक्रमण से लोगों को बचाने के लिए पूरे देश में 25 मार्च को लॉकडाउन लगाया गया था। देशवासियों से अपील की गई थी कि जो जहां पर वहीं रहे। इस स्थिति में देश के विभिन्न राज्यों में काम करने वाले मजदूर फंस गए। लंबे समय से प्रवासी मजदूर परिजन यह मांग कर रहे थे कि अन्य जनपदों में फंसे लोगों को उनके घरों तक लाया जाए। इसके बाद गृह मंत्रालय ने प्रवासी मजदूरों को उनके राज्यों तक पहुंचाने के लिए स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला किया था।

कानपुर सेंट्रल स्टेशन परअहमदाबाद से लौटे श्रमिकों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई, फिर उन्हें क्वारैंटाइन किया गया।

कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर पहुंची स्पेशल ट्रेन से उतरे मजदूरों ने सोशल डिस्टेंसिग का उदाहरण पेश किया। सभी मजदूर एक लाइन से ट्रेन से उतरे। इसके बाद वहां मौजूद पुलिस टीम को अपने नाम पते और मोबाइल नंबर नोट कराए। इसके बाद मेडिकल कैंप में सभी प्रवासी मजदूरों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। जनपद रवाना होने वाले मजदूरों के हाथों पर होम क्वारैंटाइन की मुहर लगाई गई। मजदूरों को उनके जनपदों तक पहुंचाने के लिए सरकारी बसों की व्यवस्था की गई है।

श्रमिकों का नाम व पता नोट करते पुलिसकर्मी।

स्टेशन अधीक्षक आरपीएन त्रिवेदी ने बताया- साबरमती से कानपुर के लिए स्पेशल ट्रेन चलाईगई है। इसमें यूपी के विभिन्न जिलों के मजदूर हैं, प्रशासन की तरफ से बसों की व्यवस्था की गई है। मेडिकल परीक्षण के बाद जो जिस जनपद का है उसे वहां भेजा जाएगा।



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अहमदापुर से कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पहुंचे श्रमिकों की थर्मल स्क्रीनिंग हुई। इसके बाद उन्हें बसों से उनके जनपद तक भेजा जाएगा।




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एक साथ 9 पॉजिटिव मामले सामने आए; जिले में संक्रमित मरीजों की संख्या पहुंची 139, अब तक 39 लोग स्वस्थ हुए

उत्तर प्रदेश में कोरोनावायरस का संक्रमण तेजी से फैलता जा रहा है। इस बीच राज्य के फिरोजाबाद जिले में रविवार को एक साथ 9 लोग पॉजिटिव पाए गए, जिसके बाद यहां का आंकड़ा बढ़कर 139 तक पहुंच गया है। जिले में अब तक 39 मरीज ठीक होने के बाद डिस्चार्ज हो चुके हैं और दो लोगों की मौत हो चुकी है। अब जिले में फिलहाल 97 केस एक्टिव मोड में हैं।

इससे पहले फिरोजाबाद में शनिवार को कोरोना के 12नए केस मिले। इनमें पांच लोग कलक्ट्रेट के संक्रमित कर्मचारी के संपर्क में आने से संक्रमित हुए तो तीन तीन केस हॉटस्पॉट एरिया नेहरू नगर, दुर्गेश नगर से जुडे़ हैं। जिले में संक्रमित लोगों के संपर्क में आने से लोग संक्रमित होते जा रहे हैं।

गांधी नगर निवासी कलक्ट्रेट का कर्मचारी विगत 29 अप्रैल को संक्रमित मिला था। इसके बाद कर्मचारी के परिजनों और संपर्क में आए लोगों को क्वारैंटाइन कर सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे। शनिवार को आई रिपोर्ट में परिवार के तीन सदस्य और एक पड़ोसी पॉजिटिव आए। वहीं गांधी नगर का एक निजी चिकित्सक भी पॉजिटिव मिला था।



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फिरोजाबाद मे ंएक साथ 9 लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई। शनिवार को भी जिले में एक साथ 12 मामले सामने आए थे।




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एक साथ 25 केस और मिले, एक अधेड़ की मौत के बाद पॉजिटिव आई रिपोर्ट, अब यहां संक्रमितों की संख्या 142 पहुंची

उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में रविवार देर रात एक सा​थ 25 नए केस सामने आने से लोगों की चिंता अचानक बढ़ गई है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक 263 सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे, जिनमें से 238 की रिपोर्ट देर रात प्राप्त हुई। इनमें से 25 की रिपोर्ट पॉजिटिव आयी। इसके अलावा एक 58 वर्षीय मरीज की रिपोर्ट रविवार को दिन में ही मिल गई थी, वह भी पॉजिटिव थी। उस व्यक्ति की शनिवार रात ही अस्पताल में भर्ती कराने के कुछ देर बाद ही मौत हो गई थी। वह किदवई नगर का रहने वाला था। इससे मौत का आंकड़ा सात पहुंच गया है।

पहले मां, अब नवजात बच्चा व पति संक्रमित मिला

जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. विश्वास चौधरी ने बताया कि 25 नए पॉजिटिव केस में 12 लोग नवीन सब्जी मंडी के हैं। नवीन मंडी में पूल टेस्टिंग के लिए 63 सैंपल लिए गए थे। आरकेपुरम की रहने वाली महिला का नवजात बच्चा और उसके पति की रिपोर्ट पॉजिटिव आयी है। महिला की दो दिन पहले रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उसे निजी अस्पताल से मेडिकल कॉलेज में भर्ती कर लिया गया था।

घायल युवक कोरोना पॉजिटिव निकला

वहीं, एक अन्य निजी अस्पताल में घायल युवक का आपरेशन किया गया। सतर्कता के तहत उसकी सैंपलिंग कराई गई थी। उसकी रिपोर्ट भी कोरोना पॉजिटिव आने से अस्पताल में हड़कंप मचा है। अस्पताल को सैनिटाइज कराया जा रहा है, डॉक्टर और स्टॉफ को क्वारैंटाइन कर दिया गया है। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. विश्वास ने बताया कि मेरठ जिले में अब तक 142 पॉजिटिव केस मिले हैं, जिनमें से 56 इलाज के दौरान ठीक भी हुए।



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मेरठ जिले में अब तक 142 पॉजिटिव केस मिले हैं, जिनमें से 56 इलाज के दौरान ठीक भी हुए।जबकि सात की मौत हो चुकी है।




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बुजुर्ग की मौत के तीन दिन बाद पॉजिटिव आई रिपोर्ट; दो संक्रमित प्रसूताओं का हुआ प्रसव, ऑपरेशन करने वाली टीम क्वारैंटाइन 

उद्योग नगरी कानपुर में रविवार रात तीन दिन पहले मृत बुजुर्ग महिला की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई। दरअसल, बादशाही नाका थाना क्षेत्र के रंजीतपुरवा निवासी 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला को बुखार और सांस लेने में दिक्कत थी। परिजनों ने उसे 29 अप्रैल को हैलट के न्यूरो साइंस कोविड-19 अस्पताल में भर्ती में कराया था। डाक्टरों ने अगले दिन 30 अप्रैल को महिला के सैंपल को जांच के लिए भेजा था। लेकिन उसकी दिन बुजुर्ग की मौत हो गई थी। मृतका का अंतिम संस्कार कोविड-19 प्रोटोकॉल के तहत मेडिकल टीम की निगरानी में हुआ था। मौत के तीसरे दिन आई रिपोर्ट में मृतका में संक्रमण की पुष्टि हुई है।

मृतकों की संख्या 5 पहुंची, अब तक 33 हॉटस्पॉट बने
मृतका के घर की तरफ जाने वाली सभी गलियों और रास्तों को बंद कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मृतका के परिजनों को घरों में रहने की सलाह दी है। सोमवार को परिजनों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जाएंगे और सभी को क्वारैंटाइन सेंटर भेजा जाएगा। महिला के घर के आसपास के एरिया को हॉटस्पॉट घोषित कर दिया गया है। शहर में 33 हॉटस्पॉट एरिया बनाए जा चुके हैं। जबकि, मृतकों की संख्या अब 5 पहुंच गई है।


दो संक्रमित महिलाओं का प्रसव
बीते 24 घंटे में केजीएमयू और जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की कोविड-19 लैब से आई रिपोर्ट में 18 लोग संक्रमित पाए गए। इसके साथ ही मरीजों का आंकड़ा 253 पहुंच गया है। जिसमें 19 मरीज डिस्चार्ज हो चुके हैं। शहर के डफरिन अस्पताल में भर्ती दो संक्रमित महिलाओं का ऑपरेशन कर सुरक्षित प्रसव कराया गया। प्रसव के बाद पूरे पैरामेडिकल स्टॉफ को क्वारैंटाइन कराया गया है। वहीं जच्चा-बच्चा दोनों ही सुरक्षित हैं। दोनों कुली बाजार हॉटस्पॉट एरिया की हैं। डॉक्टर रूचि जैन और कजली गुप्ता ने संक्रमित महिलाओं का प्रसव कराया। दोनों को आइसोलेश वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है।

जिन्हें बचाने के लिए किया पथराव, उनमें चार निकले संक्रमित
बीते 30 अप्रैल को बजरिया थाना क्षेत्र के हॉटस्पॉट एरिया जुगियाना मोहल्ले में एक कोरोना पॉजिटिव मरीज के परिजनों को क्वारैंटाइन कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीम पहुंची थी। इसी बीच स्थानीय लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया था। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 9 लोगों को क्वारैंटाइन कराकर उनकी सैंपलिंग कराई थी। रिपोर्ट आने पर 9 में से 4 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है।



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ये तस्वीर कानपुर के कुलीबाजार हॉटस्पॉट की है। यहां हर दिन नए रोगी सामने आ रहे हैं। प्रशासन यहां हर एक नागरिक की स्कैनिंग करा रहा है।




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कोरोना संक्रमण के 5 नए मामले आए सामने, 14 हुई पॉजिटिव मरीजों की संख्या

उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में सोमवार कोकोरोना संक्रमण के 5 नए मामले सामने आए हैं। जबकि 9 मरीज पहले से पॉजिटिव है। अब मरीजों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है। बढ़ती संख्या जिला प्रशासन के लिए मुसीबत का सबब बनती जा रही है। सभी मरीज एक ही स्थान के हैं।

शहर कोतवाली क्षेत्र के ओरछा गेट स्थित एरिया के 28 लोगों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए थे। जिनमें से 23 की रिपोर्ट निगेटिव आई है और 5 कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। यहां 11 लोगों में महामारी के संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। भारी संख्या में बाहरी लोगों के आवागमन की वजह से यह स्थिति बन गई है। लॉकडाउन से पहले और बाद में झांसी में भारी संख्या में बाहरी लोगों का आवागमन जारी रहा। खासतौर पर हजारों की संख्या में यहां अन्य प्रदेशों से मजदूर पहुंचे। ये सिलसिला अब भी जारी है।

फिलहाल शहर कोतवाली क्षेत्र के ओरछा गेट का एरिया पूरी तरह से सील कर दिया गया है। यहां कड़ी सुरक्षा के बीच बैरिकेडिंग लगाए गए हैं और रास्तों को बंद किया गया है। सभी संक्रमित इसी क्षेत्र के हैं।पूरे एरिया को सैनिटाइज कराया जा रहा है। बताते चलें कि उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड में 7 जिले हैं, जिनमें से झांसी जालौन बांदा और महोबा में कोरोना संक्रमण अपनी दस्तक दे चुका है। महोबा में दो व जालौन में कोरोना के तीन सामने आ चुके हैं।



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ये तस्वीर सदर क्षेत्र की है। प्रशासन ने हाटस्पॉट ओरछा गेट इलाके को सील करते हुए यहां सैनिटाइजेशन करा रही है। पुलिस के अफसर भी यहां लॉकडाउन का पालन करा रहे हैं।




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पीलीभीत में टैंकुलाइज कर पकड़े गए बाघ की मौत, यहां छह साल के भीतर 11 की गई जान

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के गजरौला क्षेत्र में आतंक का पर्याय बने बाघ को वनकर्मियों ने रविवार की शाम टैंकुलाइज किया। लेकिन कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि, बाघ के शरीर में तीन गहरे जख्म थे। जिनमें कीड़े पड़ गए थे। इलाज हुआ, लेकिन जान नहीं बच सकी। लेकिन मौत के कारणों की पुष्टि के लिए सोमवार को पोस्टमार्टम होगा। टैंकुलाइज करते वक्त उसे कितना नशा दिया गया, इस पर भी सवाल उठ रहे हैं।

तीन दिनों से डेरा जमाए था बाघ

बीते शुक्रवार को गजरौला थाना क्षेत्र में माला रेंज की बानगंज बीट से एक बाघ आबादी में निकल आया था। बाघ ने तीन लोगों पर हमला कर उन्हें घायल किया। सूचना पाकर पहुंचे वनकर्मियों ने उसे पकड़ने के लिए कॉबिंग शुरू की, लेकिन सफलता नहीं मिली। हालांकि, तभी से टाइगर रिजर्व की टीम उसके मूवमेंट पर नजर रख रही थी। रविवार को फिर बाघ नजर आया। इसके बाद टाइगर रिर्जव की ट्रैंकुलाइज टीम मौके पर पहुंच गई। दो घंटे की घेराबंदी के बाद शाम पांच बजे डॉक्टर दक्ष व एसके राठौर की टीम ने उसे ट्रैंकुलाइज कर दिया गया। जिसके बाद बाघ बेहोश हो गया। उसे इलाज के लिए गढ़ा रेंज लाया गया, जहां इलाज के दौरान कुछ घंटे बाद उसकी मौत हो गई। वहीं, वन्य जीव प्रेमियों का कहना है कि, गर्मी की वजह से नशे की दवा का डोज अधिक होने के कारण बाघ की मौत हुई है।

बीते शुक्रवार को बाघ के हमले में घायल बुजुर्ग।

पहले से घायल था बाघ

डीएफओ नवीन खंडेलवाल ने कहा- बाघ पहले से घायल था। उसकी मौत ओवर डोज से नहीं हुई है। यदि वह पहले से घायल था तो मौत ट्रैंकुलाइजेशन के बाद बाद कैसे हुई? इस सवाल का जवाब तलाशने के लिए पोस्टमार्टम होगा।

छह साल में 11 बाघ की गई जान-

  • अक्टूबर 2014: महोफ रेंज में बाघ का शव बरामद किया गया।
  • अप्रैल 2015: पूरनपुर क्षेत्र में बाघ का शव नहर से बरामद किया गया।
  • जुलाई 2017: हरदोई ब्रांच में डूबने से हुई थी बाघिन की मौत ।
  • मई 2017: माला रेंज में मिले थे दो बाघ शावकों के शव।
  • मार्च 2018:शारदा सागर डैम में उतराता हुआ मिला बाघ का शव।
  • अप्रैल 2018: में रजबहा पटरी पर मिला बाघ का शव।
  • अप्रैल 2018: महोफ में मिला बाघ का शव।
  • मई 2018: रजवाह खारजा नहर की पटरी पर मिला बाघ का सड़ा गला शव ।
  • जुलाई 2018: बॉर्डर क्षेत्र के बाजार घाट सुतिया नाला में मिला था बाघ का सड़ा गला शव।
  • जुलाई 2019: पूरनपुर कोतवाली क्षेत्र के मटेहना में ग्रामीण और बाघ के बीच संघर्ष में बाघ की मौत।
  • मई 2020:गजरौला थाना क्षेत्र में माला रेंज की बानगंज बीट में टैंकुलाइज करने के बाद मौत।


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जंगल में मृत पड़ा बाघ। ये बीते तीन दिनों से पीलीभीत जिले के गजरौला थाना क्षेत्र में आतंक का पर्याय बना था। रविवार की शाम वनकर्मियों ने इसे टैंकुलाइज किया, लेकिन उसके बाद इसकी मौत हो गई।




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आज मिले 15 नए केस; संक्रमितों की संख्या पहुंची 612, यहां लॉकडाउन में कोई रियायत नहीं

ताजनगरी आगरा में कोरोना बेकाबू हो चुका है। सोमवार को यहां 15 नए केस सामने आए। अब तक यहां 612 पॉजिटिव केस मिल चुके हैं। इसके चलते हॉस्पॉट की संख्या में 5 अंकों की बढ़ोत्तरी के साथ 44 पहुंच हो गई है। यह जिला रेड जोन में है। इसी कारण आगरा में लॉकडाउन के फेज तीन में लोगों को कोई छूट नहीं दी गई है। जिलाधिकारी प्रभु नारायण सिंह ने कहा है कि यहां कोई नई रियायत नहीं मिलेगी। व्यक्तिगत विषय के आधार पर हॉटस्पॉट क्षेत्र को छोड़कर अलग से निर्णय लिया जाएगा। लॉकडाउन का और सख्ती से पालन कराया जाएगा।

ककुआ गांव बना नया हॉटस्पॉट
दरअसल, ग्वालिया रोड के ककुआ गांव में हार्डवेयर कारोबारी के कोरोना संक्रमित मिलने के बाद उसके परिजन व उनके संपर्क में आए लोगों के सैंपल लिए गए। इनमें से 16 संक्रमित हो चुके हैं। ककुआ गांव अब नया हॉटस्पॉट बन गया र्है। वहीं, अंबेडकर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर, एसएन के सीनियर रेजीडेंट, सांस संबंधी समस्या होने पर निजी अस्पताल में भर्ती दो मरीजों के साथ नौ माह की गर्भवती महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।

बीते 72 घंटे ममें कोरोना के 103 नए केस
ताजनगरी में कोरोना की चेन ब्रेक नहीं हो रही है। यहां हर घंटे दो या तीन केस मिल रहे हैं। पूल सैंपलिंग शुरू होने के बाद कोरोना संक्रमितों की संख्या में तेजी से उछाल आया है। बीते 72 घंटे में 103 नए केस सामने आए हैं। सबसे ज्यादा 20 सब्जी विक्रेता हैं। बता दें कि, आगरा में अब तक कुल 612 केस मिल चुके हैं। हालांकि, 197 लोग ठीक होकर अस्पतालों से छुट्टी पा चुके हैं। 15 की मौत हुई है। लेकिन अभी 415 का इलाज चल रहा है।



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ये तस्वीर ताजनगरी आगरा की है। यहां प्रशासन ने जगह-जगह बैरिकेडिंग कर लॉकडाउन में सख्ती की है। यहां अब तक 612 लोग संक्रमित मिल चुके हैं।




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महाराष्ट्र से 2127 श्रमिकों को लेकर पहुंची दो विशेष ट्रेन; थर्मल स्क्रीनिंग के बाद 60 बसों से घरों को हुए रवाना

कोरोनावायरस के प्रसार को रोकने के लिए देश में लॉकडाउन के कारण महाराष्ट्र में फंसे 2127 मजदूरों को लेकर दो श्रमिक स्पेशल ट्रेन गोरखपुर पहुंची हैं। प्लेटफार्म नंबर एक पर ट्रेन के पहुंचने के बाद यात्रियों की थर्मल स्कैनिंग की गई। जांच के बाद एक-एक यात्री का नाम दर्ज करके उन्हें बस में बैठाकर उनके खाने पीने का सामान देकर रवाना किया गया। प्रशासन ने मजदूरों को उनके घर भेजने के लिए 60 बसों का इंतजाम किया है।

पहली ट्रेन रात ढेड़ बजे पहुंची

एडीएम सिटी आरके श्रीवास्‍तव ने बताया कि 23 मार्च के बाद रविवार को पहली श्रमिक स्पेशल देर रात 1:30 बजे के करीब गोरखपुर पहुंची। ये ट्रेन महाराष्ट्र के वसई और भिवंडी से रवाना हुई थी। दूसरी ट्रेन सोमवार सुबह 5.15 बजे प्‍लेटफार्म नंबर एक पर पहुंची। पहली ट्रेन में 1145 श्रमिक और दूसरी ट्रेन से 982 यात्री सवार थे। इनका थर्मल चेकअप करने के बाद नाम, पता, मोबाइल नंबर और अन्‍य विस्‍तृत जानकारी नोट की गई। इसके बाद उन्‍हें बसों से घर भेजा जा रहा है।

ट्रेन में किया गया सोशल डिस्टेंसिंग का पालन

एनडीआरएफ के इंस्‍पेक्‍टर गोपी गुप्‍ता ने कहा- ट्रेन में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो सके, इसके लिए एक बोगी में महज 54 लोगों को ही प्रवेश दिया गया था। रास्ते में किसी तरह की असुविधा से बचने के लिए आरपीएफ स्टाफ के साथ ही टीटीइ भी तैनात किए गए थे। बीच के स्टेशनों पर श्रमिकों के लिए जलपान की व्यवस्था की गई थी। लॉक डाउन में पहली बार गोरखपुर पहुंची यात्री ट्रेन को देखते हुए रेलवे के साथ ही जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद दिखी।

महाराष्ट्र से गोरखपुर पहुंचे मजदूर।

श्रमिकों ने जताई खुशी, बोले- खाने का था इंतजाम

इन यात्रियों में ज्यादातर गोरखपुर केखजनी, बांसगांव और गोला तहसील के रहने वाले हैं। भिवंडी के हथकरघा कारखाने में काम करने वाले मजदूर राम शबद ने कहा- मुझे खुशी है कि मैं आखिरकार अपने घर पहुंच गया। रास्ते में हमें खाना पीना दिया गया। ट्रेन में सवार होने से पहले हमारा आधार कार्ड और पता आदि से जुड़े दस्तावेजों की जांच की गई। गोरखपुर स्टेशन पर भी चेकिंग की गई। दस्तावेजों की जांच हुई।



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ये तस्वीर गोरखपुर की है। यहां दो स्पेशल ट्रेन महाराष्ट्र से चलकर पहुंचीं। जिनमें सवार यात्रियों को जांच के बाद उन्हें रोडवेज बसों से घर भेजा गया।




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आज आएंगी श्रमिक स्पेशल पांच ट्रेन, राज्य में 11 लाख के क्वारैंटाइन की व्यवस्था हुई 

प्रवासी श्रमिकों को उनके घरों तक पहुंचाने के लिए योगी सरकार जुटी है। आज गुजरात, महाराष्ट्र व कर्नाटक से पांच ट्रेनों का आवागमन होगा। इन ट्रेनों से आने वाले मजदूरों को 10 हजार बसों के जरिए उनके गृह जनपद तक छोड़ा जाएगा। सभी श्रमिकों एवं कामगारों की पहले क्वारैंटाइन सेंटर में हेल्थ चेकअप एवं मेडिकल स्क्रीनिंग होगी। इसके लिए पूरे प्रदेश में 50 हजार से अधिक मेडिकल टीमें लगाई गई हैं। अभी तक, सरकार द्वारा 11 लाख लोगों के क्वारैंटाइन सेंटर में ठहरने की व्यवस्था कर दी गई है। इन सभी को कम्युनिटी किचन के माध्यम से भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।

क्वारैंटाइन सेंटर्स की होगी जियो टैगिंग
राज्य के अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने बताया कि, प्रदेश के सभी कम्युनिटी किचन पहले से ही जियो टैग्ड हैं। सभी क्वारैंटाइन सेंटर्स को भी जियो टैग करने के निर्देश दे दिए गए हैं।जियो टैग होने से इन सभी सेंटर्स की निगरानी, राहत कंट्रोल रूम, लखनऊ से की जा सकेगी। यदि किसी जिले के क्वॉरेंटाइन सेंटर में श्रमिकों में कोरोना के लक्षण पाए जाते हैं तो उन्हें वहीं उपचार हेतु भर्ती किया जाएगा। क्वारैंटाइन सेंटर में किए गए टेस्ट के उपरांत जिन श्रमिकों में कोई लक्षण नहीं पाए जाएंगे, उनको होम क्वारंटाइन में भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि आगरा, लखनऊ, मेरठ, कानपुर, मुरादाबाद में अधिकरी लगातार कामों की समीक्षा करें।भारत सरकार की गाइडलाइन को पूरी तरह से पालन किया जाए।

64 जिलों में 2743 संक्रमित मिले
स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव अमित मोहन प्रसाद ने कहा- 64 जिलों में कोरोना का संक्रमण अपने पैर पसार चुका है। अब तक 2742 संक्रमित मिल चुके हैं। इनमें से 758 डिस्चार्ज किए गए हैं। बताया कि, 289 पूल टेट रविवार को हुए हैं। 3328 सैंपल टेस्ट के लिए भेजे गए। जबकि, 4021 कुल टेस्ट हुए हैं। अब तक प्रदेश में 90,821 टेस्ट हो चुके हैं। 50193 टीमों ने प्रदेश में 43,56,923 घरों का सर्विलांस किया है। जिससे 2,16,78,495 जनसंख्या को कवर किया गया है। 11049 मरीज क्वारैंटाइन सेंटर में भर्ती हैं।




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अवनीश अवस्थी ने कहा- आगरा, लखनऊ, मेरठ, कानपुर, मुरादाबाद में सघन मॉनिटरिंग के लिए सीएम योगी ने अफसरों को निर्देश दिए हैं।




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लखनऊ समेत 18 जिलों में धूल भरी आंधी के बाद बारिश, कई जगह ओले भी गिरे

राजधानी लखनऊ व उसके आसपास जिलों में सोमवार की शाम अचानक मौसम बदल गया। धूल भरी आंधी के बाद तेज बारिश हुई। कहीं-कहीं ओले भी गिरे। इस आंधी-पानी से रबी फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। आम की फसल भी चौपट हो गई है। ऐसे में कोरोनावायरस को लेकर लॉकडाउन की मार झाल रहे किसान कोचौतरफा विपदा का सामना करना पड़ रहा है।

मौसम विभाग ने पहले ही चेताया गया

मौसमनिदेशक जेपी गुप्ता ने कहा- प्रदेश में आंधी-पानी का यह सिलसिला अभी तीन दिन और रहेगा। इस दौरानपूरे प्रदेश में तेज आंधी और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। वहीं, आंचलिक मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार इस दौरान पूर्वी और पश्चिमी यूपी में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चलेगी और गरज-चमक के साथ बारिश भी होगी। कई जिलों में ओले गिरने की भी संभावना है।

लखनऊ समेत 18 जिलों में बारिश का असर

राजधानी लखनऊ, बलरामपुर, सीतापुर, लखीमपुर, अंबेडकरनगर, बाराबंकी और रायबरेली समेत प्रदेश के 18 जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। वहीं लखनऊ, प्रयागराज, आजमगढ़, मिर्जापुर, फर्रुखाबाद और उन्नाव में बारिश के साथ ओले भी गिरे। जानकारी केमुताबिक उन्नाव, फर्रुखाबाद, कन्नौज, फतेहपुर, इटावा, औरैया और कानपुर देहात के बुंदेलखंड के सभी जिलों में गेहूं की फसल को भारी नुकसान हुआ है।

रबी की फसल और मंडियों में सब्जी का नुकसान

बेमौसम बारिश से रबी सीजन की उपज को मंडियों में बेचने में किसानों को दिक्कतें होने लगी है। सरकारी खरीद एजेंसियों के साथ निजी प्रतिष्ठानों पर भी दलहन, तिलहन और गेहूं की खरीद की रफ्तार को लगाम लग गई है। प्रदेश की कई मंडियों में बाहर पड़ा गेहूं बारिश के कारण भीग गया। हालांकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में हुई बेमौसम बारिश का संज्ञान लिया और किसानों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं। लेकिन मौसम विभाग का पूर्वानुमान आने वाले दिनों में किसानों की टेंशन और बढ़ाने वाला है। क्योंकि पश्चिमी विक्षोभ के कारण अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के मौसम में उतार चढ़ाव जारी रहेगा। साइक्लोन सर्किल का एक क्षेत्र उत्तर प्रदेश के ऊपरी हिस्से में बना हुआ है, जिसकी वजह से आंधी-तूफान के साथ जोरदार बारिश की संभावना है।



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ये तस्वीर लखनऊ की है। यहां सोमवार की शाम बारिश के साथ ओले गिरे। जगह-जगह जलभराव हो गया। इससे तापमान में भी गिरावट हुई है।




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कोरोना संक्रमित 63 साल के बुजुर्ग व्यक्ति की मौत;डायबिटीज से पीड़ित थे, शहर में सक्रमित मरीजों की संख्या 15

उत्तर प्रदेश में कोरोनावायरस का असर तेजी से फैलता जा रहा है। इस बीच झांसी में सोमवार देर शाम तक पांच नए मामले सामने आने के बाद मंगलवार सुबह कोरोना संक्रमित एक व्यक्ति ने दम तोड़ दिया। यहां अब तक 15 मरीज सामने आ चुके हैं जिनमें से एक की मौत हो चुकी है। मंगलवार सुबह शहर कोतवाली क्षेत्र में एक 63 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। आज ही इसकी जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी।

मृतक पहले से ही डायबिटीज और अन्य बीमारियों से ग्रस्त था। इसके अलावा पहली 59 वर्षीय महिला कोरोना संक्रमित मरीज के इलाज के बाद की दो रिपोर्ट नेगेटिव आ चुकी है।झांसी में ज्यादातर मामलों में कोरोना वायरस के लक्षण नहीं दिखे हैं। जबकि इन मरीजों में 2 साल के बच्चे से लेकर 63 साल के बुजुर्ग तक शामिल है। जबकि एक दूसरे के संपर्क में आने से लगातार संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ती गई। फिलहाल अभी कोरोना संक्रमण के सभी मामले एक ही क्षेत्र के हैं।

सोमवार को पांच पॉजिटिव मामले सामने आए थे

इससे पहले शहर में सोमवार को हॉटस्पॉट क्षेत्र के पास ओरछा गेट मुहल्ले में रहने वाले पांच लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही झांसी जिले में मरीजों की संख्या बढ़कर 15हो गई है।

हॉटस्पॉट, कंटेनमेंट जोन समेत झांसी के अलग-अलग क्षेत्रों के 28 लोगों की जांच रिपोर्ट महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज स्थिति कोविड लैब में भेजी गई थी। इनमें से 23 की रिपोर्ट निगेटिव आई, जबकि पांच लोग पॉजिटिव मिले हैं। सभी मरीजों को मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया जा रहा है।



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झांसी में मंगलवार को एक कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति की मौत हो गई थी। आज सुबह ही उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आयी थी




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नशेबाज दबंग ने दिव्यांग को गोली मारकर हत्या की, ग्रामीणों ने आरोपी की पिटाई करने के बाद पुलिस को सौंपा  

उत्तर प्रदेश के कानपुर में सोमवार देर शाम एक दंबग ने नशे की हालत में पहले तो गांव के एक दिव्यांग पहले रास्ता रोका और विरोध करने पर देशी तमंचे से गोली मारकर हत्या कर दी। दिव्यांग की हत्या से पूरे गांव में तनाव की स्थित बन गई। ग्रामीणों ने आरोपी को पकड़कर जमकर पीटा। हत्या की सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह से आरोपी को ग्रामीणों के चुंगल से छुड़ाया। दरअसल दिव्यांग ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। इसके बाद भी ग्रामीण उसे अस्पताल ले गए जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया ।

पुलिस के मुताबिक, बिल्हौर थाना क्षेत्र के निबौरी गांव में रहने वाले शंभूदयाल वर्मा के पांच बेटे है। दूसरे नंबर का सुशील वर्मा (33) एक पैर से दिव्यांग था। बीते सोमवार को सुशील पड़ोस के गांव से ट्रैक्टर से तरबूज लेकर लौट रहा था। दरअसल मंगलवार को तरबूज बाजार में बेचना था। सुशील जैसे ही गांव पहुंचा तो उसे नशे में धुत किशनपाल मिल गया। किशनपाल ने ट्रैक्टर को रोक लिया और गाली गलौज करने लगा। ट्रैक्टर चला रहे प्रांशू और सुशील ने इसका विरोध किया तो भागते हुए घर के अंदर गया और तमंचा ले आया।

प्रांशू तो मौके से भाग गया लेकिन दिव्यांग होने की वजह से सुशील मौके से नहीं भाग पाया। किशनपाल ने दिव्यांग के सीने पर तमंचा सटाकर मार फायर कर दिया। सुशील लहुलुहान होकर मौके पर गिर पड़ा। कुछ ही देर में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। ग्रामीण दिव्यांग को लेकर हैलट अस्पताल पहुंचे जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

सुबह से ही शराब के नशे में था आरोपी

ग्रामीणों ने बताया कि लॉकडाउन की वजह से सभी शराब की दुकाने बंद थी। 40 दिनों बाद जब शराब की दुकानें खुली तो गांव का किशनपाल सुबह से ही शराब पी रहा था। नशे में धुत किशनपाल कह रहा था कि मैं ट्रैक्टर यहां से नहीं निकलने दूंगा। जबकि सुशील का कहना था कि यह आम रास्ता नहीं है। यहां से ट्रैक्टर नहीं जाएगा तो फिर कहां से जाएगा ।

बिल्हौर थानाध्क्षय संतोष अवस्थी के मुताबिक आरोपी पुलिस हिरासत में है। जिस हथियार से वारदात को अंजाम दिया गया है उसे भी बरामद कर लिया गया है । मृतक के परिजनों की तहरीर पर विधिक कार्रवाई की जा रही है ।



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कानपुर में नशे की हालत में एक दबंग ने दिव्यांग को गोली मार दी। आनन फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया जहां उसकी मौत हो गई।




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मज़दूरों के रेल किराए को लेकर राजनीति तेज, मायावती ने कहा- जब सरकारें हो जाएंगी नाकाम तो बसपा करेगी थोड़ा योगदान 

कोरोनावायरस के चलते देश भर में जारी लॉकडाउन का तीसरा चरण जारी है। इस दौरान देश के विभिन्न राज्यों में अटके दूसरे राज्यों के श्रमिकों को घर वापस लाने के लिए रेलवे श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चला रहा है। लेकिन अब ट्रेन के किराए को लेकर राजनीति भी शुरू हो चुकी है। बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने मंगलवार को कहा कि श्रमिकों से ट्रेनों और बसों का किराया देने में यदि सभी सरकारें नाकाम साबित हो जाएंगी तब बसपा इसमें थोड़ा योगदान जरूर देगी।

बसपा सुप्रीमों ने मज़दूरों के किराए को लेकर मंगलवार को दो टि्वट किए। मायावती ने कहा- यह अति-दुर्भाग्यपूर्ण है कि केन्द्र व राज्य सरकारें प्रवासी मज़दूरों को ट्रेनों व बसों आदि से भेजने के लिए, उनसे किराया भी वसूल रही हैं। सभी सरकारें यह स्पष्ट करें कि वे उन्हें भेजने के लिए किराया नहीं दे पाएंगी।

बसपा सुप्रीमो ने आगे लिखा- ऐसी स्थिति में बी.एस.पी. का यह भी कहना है यदि सरकारें प्रवासी मज़दूरों का किराया देने में आनाकानी करती है तो फिर बसपा अपने सामर्थवान लोगों से मदद लेकर, उनके भेजने की व्यवस्था करने में अपना थोड़ा योगदान जरूर करेगी।

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी रेल किराए को लेकर कसा तंज

इससे पहले सोमवार को कांग्रेस ने रेल का पूरा किराया देने की बात कही थी। इस पर आज केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह चुटकी लेते हुए कहा कि मजदूरों के रेल किराए का 85% केंद्र देगा और 15% राज्य, बाकी कांग्रेस देगी। गिरिराज सिंह ने मशहूर फिल्म शोले के उस सीन को ट्विटर पर पेश किया है। जिसमें असरानी आधे सिपाहियों को एक ओर और आधे को दूसरी तथा बाकी को अपने पीछे आने को कह रहे हैं। इसी तस्वीर पर लिखा गया है कि 85% केंद्र देगा और 15% राज्य, बाकी कांग्रेस देगी।

Good one ..बाक़ी के कांग्रेस देगी । pic.twitter.com/sR1O4EjUMz

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दरअसल सोमवार को ही भारतीय रेलवे की ओर से कहा गया था कि मजदूरों को किराया नहीं देना होगा, उनका 85 फीसदी खर्च रेलवे उठाएगी और 15 फीसदी राज्य उठाएंगे। श्रमिकों को वापस लाने के लिए शनिवार से शुरू हुई रेलवे की कवायद सोमवार को किराए के झमेले में फंस गई है। मज़दूरों से रेल किराया वसूले जाने की खबरों के बीच कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी का बयान सामने आया था कि कांग्रेस की राज्य कमेटियां वापस आए मज़दूरों का पूरा पैसा देंगी।



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बसपा सुप्रीमों ने मज़दूरों के किराए को लेकर मंगलवार को दो टि्वट किए। मायावती ने कहा- यह अति-दुर्भाग्यपूर्ण है




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श्रमिकों से किराया लिए जाने के आरोप के बीच योगी ने कहा- जो लोग ग़रीबों का रुपए हड़प जाते थे, आज वो लोग बौखला गए हैं 

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गैर राज्यों से आ रहे मज़दूरों के किराए को लेकर हो रही सियासत को लेकर विरोधी दलों पर निशाना साधते हुए मंगलवार को कहा कि देश इस समय बेहद संकट के दौर से गुजर रहा है, ऐसे में भी कुछ लोग राजनीति से बाज नहीं आ रहे। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। योगी ने कहा कि प्रदेश सरकार इस समय बिना भेदभाव के सबके साथ खड़ी है। सभी कामगारों को वाहनों से उनके घर पहुंचाया जा रहा है। इसपर राजनीति करने वालों को जनता जरूर जवाब देगी।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संकट की इस घड़ी में सरकार इतना कुछ कर रही है, फिर भी कुछ दल हर मुद्दे पर राजनीति करने का प्रयास कर रहे हैं। जो ग़रीबों का रुपये हड़प जाते थे, आज वह लोग बौखलाकर कर रहे राजनीति। अब तो इनके नकारात्मक रवैये का जवाब जनता स्वयं देगी।

विरोधी दल कोरोना के खिलाफ लड़ाई कमजोर कर रहे हैं- योगी

योगी आदित्यनाथ ने आपात काल में निजी स्वार्थ की राजनीति करने वालों की घोर निंदा की है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमारे विरोधी दल कोरोना के खिलाफ देश की इस लड़ाई को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। कहा कि पहली बार देश के अंदर आपदा के समय में गरीबों, मजदूरों, महिलाओं, निराश्रितों के लिए एक लाख 70 हजार करोड़ के रूप में एक बड़ी राहत पीएम गरीब कल्याण पैकेज के रूप में घोषित हुई।

कहा- मजदूर, गरीब व कामगारों पर तो जरा भी राजनीति नहीं होनी चाहिए। देश में यह पहली बार हो रहा है कि आपदा के समय एक बड़ा राहत पैकेज प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत घोषित हुआ। जो लोग अपने शासन काल में गरीब तथा महिलाओं का कल्याणकारी योजनाओं का पैसा हड़प जाते थे, वह तो कुछ भी बोलने के काबिल नहीं है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज जब पैसा उन गरीबों के खाते में पहुंच रहा है तो उनकी बौखलाहट बिल्कुल स्पष्ट दिखाई देती है।

योगी ने दिया प्रदेश सरकार के कामों का ब्यौरा

प्रदेश सरकार के कामों का ब्यौरा देते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में 2 करोड़ 34 लाख किसानों के खाते में दो-दो हजार रुपया की पहली किस्त अप्रैल में और दूसरी किस्त इसी माह भेजी जा रही है। इसके अलावा तीन करोड़ 26 लाख महिलाओं के जनधन खाते में 1630 करोड़ रुपए अप्रैल में और 1630 करोड़ रुपए की धनराशि मई महिने में भेज दी गई है। प्रदेश के एक करोड़ 47 लाख परिवारों को नि:शुल्क रसोई सिलेंडर उपलब्ध कराया गया है।

उन्होंने कहा कि इसके साथ ही 18 करोड़ गरीबों को दो बार नि:शुल्क खाद्यान्न वितरित किया गया है, तीसरी बार भी यह वितरण शुरू किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में निराश्रित, गरीब, रोज कमाने वाले, कामगार जैसे 30 लाख से अधिक गरीबों को सरकार ने एक हजार रुपये का भरण पोषण भत्ता और नि:शुल्क खाद्यान्न भी दिया है। इतना ही नहीं मनरेगा मजदूरों को बढ़े हुए पारिश्रामिक से भुगतान किया गया है। 88 लाख से अधिक पेंशन धारकों को दो महीनों की धनराशि एडवांस उपलब्ध करा दी गई है।

पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने लगाए थे आरोप

कोविड 19 महामारी के बीच दूसरे राज्यों से यूपी के श्रमिक वापस लौट रहे हैं। उनके लिए रेलवे ने विशेष ट्रेने चलवायी हैं। इस दौरान श्रमिकों से ट्रेन का किराया वसूलने को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपाई कहते फिर रहे हैं कि सरकार ट्रेन का किराया नहीं ले रही है लेकिन मजदूर लगातार अपनी टिकटें उनको दिखा रहे हैं।



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योगी ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि विरोधी बौखलाकर संकट की इस घड़ी में भी ओछी राजनीति कर रहे हैं।




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सीएचसी अधीक्षक समेत 10 नए कोरोना पॉजिटिव मिले, यहां संक्रमितों की संख्या 17 पहुंची

जिले में कोरोना का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। मंगलवार को एक साथ नए 10 केस मिलने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। इनमें एक चिकित्सक भी शामिल हैं। प्रशासन सभी की ट्रैवेल हिस्ट्री खंगाल रहा है। साथ ही प्रभावित इलाकों को सील कर सैनिटाइजेशन व लोगों को क्वारैंटाइन कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।अब जिले मेंकोरोना पॉजिटिव मरीजो की कुल संख्या 17 हो गई है।

राजकीय मेडिकल कॉलेज बांदा के प्रिंसपल डॉक्टर मुकेश यादव ने बताया कि, झांसी मेडिकल कॉलेज ने मंगलवार को दस मरीजों में कोविड-19 कीपॉजिटिव रिपोर्ट दी है। जिसमें तिंदवारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक भी हैं। ये शहर के बंगालीपुरा में कालूकुआ साइड की बस्ती में रहते थे। वह पिछले दिनों गांव माचा में कोरोना संक्रमितों की स्क्रीनिंग करने गए थे। इसके अलावातीन मजदूर चित्रकूट जनपद के हैं। जिनको बांदा में ही भर्ती किया गया है। अचानक 10 मामले आ जाने के बाद बांदा के लोग भी दहशत में है।

इससे पहले बांदा में कोरोना के सात मामले थे, जिनमें से तीन स्वस्थ होकर घर जा चुके थे। 4 मामले एक्टिव थे। लेकिन अचानक 10 नए मामले आ जाने के बाद प्रशासन की नींद उड़ गई है। बता दें कि बुंदेलखंड में बड़ी संख्या में मजदूर दिल्ली, सूरत में कमाई करते हैं। अब यह सभी मजदूर धीरे-धीरे वापस लौट रहे हैं। जिसके चलते कोरोना का संकट बुंदेलखंड इलाके में बढ़ गया है।लौटने वाले मजदूर शक के दायरे में आ रहे हैं। इन मजदूरों को क्वारैंटाइन कराना और इनकी जांच कराना प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है।



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बांदा में आज से पहले कोरोना के सात केस थे। इनमें से तीन स्वस्थ हो चुके हैं। लेकिन मंगलवार को आई रिपोर्ट से यहां अचानक कोरोना का ग्राफ बढ़ गया है।




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गर्भवती पत्नी की अर्थी के लिए नहीं मिले चार कंधे, 27 हजार रुपए कर्ज लेकर 1137 किमी सफर तय कर गांव लाया शव

सनातनी परंपरा में मान्यता है कि यदि कोई किसी की अंतिम यात्रा में शामिल होता है, अर्थी को कंधा देता है तो उसे पुण्य की प्राप्ति होती है। लेकिन कोरोनावायरस के संकट काल में इसके मायने बदल गए हैं। कुछ ऐसा ही उत्तर प्रदेश केबलरामपुर के रहने वाले दद्दन के साथ हुआ। वह रोजी रोटी की तलाश में लुधियाना गया था। जहां उसकी 9 माह की गर्भवती पत्नी की मौत हो गई। डॉक्टरों ने कोविड-19 की जांच कराई तो रिपोर्ट निगेटिव आई। लेकिन, लोगों ने महिला के शव को कंधा देने से मना कर दिया। आखिरकार दद्दन को 27 हजार रुपए कर्ज लेकर 1,137 किमी दूर एंबुलेंस से पत्नी का शव गांव लाना पड़ा।

लुधियाना में परिवार के साथ रहता था दद्दन

बलरामपुर के कठौवा गांव निवासी दद्दन अपनी पत्नी गीता और तीन बच्चों के साथ लुधियाना में रहकर मजदूरी करता था। वह पीओपी यानीप्लास्टर ऑफ पेरिस के काम में माहिर है। इसलिए, परदेश में भी रोजी रोटी चल रही थी। उसकी पत्नी 9 माह के गर्भ से थी। पत्नी को वह गांव लाना चाहता था, लेकिन लॉकडाउन के बीच लुधियाना में ही फंस गया। इस बीच 26 अप्रैल को अचानक उसकीपत्नी की तबियत खराब हो गई। वह उसे अस्पताल ले गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। अस्पताल प्रशासन ने एहतियातन पत्नी की कोविड-19 संक्रमण की जांच के लिए सैंपल लैब को भेजा। इसके साथ ही शव को अपनी कस्टडी में ले लिया।

चार दिनों तक अस्पताल व घर के चक्कर लगाता रहा
चार दिनों तक दद्दन अपने मासूम बच्चों को लेकर अपना दर्द समेटे घर और अस्पताल के बीच भटकता रहा। 30 अप्रैल को कोरोना जांच रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद अस्पताल प्रशासन ने गीता का शव उसे सौंपा। लॉकडाउन के बाद आर्थिक तंगी से जूझ रहे दद्दन ने पहले शव का अंतिम संस्कार लुधियाना में करने का निर्णय लिया। लेकिन पड़ोसियों ने कोरोना और लॉकडाउन के कारण शव को कंधा देने से हाथ खड़े कर दिए। अब उसे यह समझ नहीं आ रहा था कि, वह क्या करे? कुछ देर तक सोचने समझने के बाद उसे पत्नी का अंतिम संस्कार अपनेगांव में करने का निर्णय लिया। लेकिन उसके पास इतने पैसे नहीं थे कि वह पत्नी का शव गांव तक ला सके। इसके लिए दद्दन ने अपने कुछ संबंधियों से 27 हजार रुपए कर्ज लिए और एम्बुलेंस का इंतजाम किया।

दद्दन की पत्नी गीता। -फाइल

20 घंटे का सफर मुश्किलों भरा था
एंबुलेंस का इंतजाम होने पर वह पत्नी का शव लेकर 1137 किलोमीटर का सफर तय करने के लिये अपने गांव निकल पड़ा। ये सफर जितना लंबा था, उससे कहीं अधिक पत्नी से जुदाई का गम था। चिरनिद्रा में लीन गीता को देखकर बच्चे पिता से पूछते थे कि मां को क्या हुआ है? इसका जवाब दद्दन के पास नहीं था। वह आंखों में आंसू लिए बच्चों को ढांढस बंधाता रहा। 20 घंटे लगातार सफर के बाद बीते शुक्रवार को दद्दन अपने गांव कठौवा पहुंचा। जहां उसने पत्नी के शव का अंतिम संस्कार किया।

कामगार दद्दन के बच्चे।

तीनों बच्चों के साथ दद्दन क्वारैंटाइन किया गया

दद्दन को परिवार के बीच रहने को नहीं मिला। बूढ़े मां-बाप को दद्दन अभी ये भी ठीक से बता नहीं पाया था कि, वे जिस अजन्मे बच्चे को लेकर कई तरह के सपने संजो रहे थे वह अब नहीं है। उसे 9 माह तक अपने गर्भ में पालने वाली उनकी बहू भी अब कभी नहीं लौटेगी। ग्राम प्रधान ने कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को प्रवासी मजदूर के गांव आने की सूचना दी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दद्दन और उसके तीन मासूम बच्चों मधु (7) सुमन (6) और शिवम (5) को गांव में बने क्वारैंटाइन सेंटर में भेज दिया है।



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ये तस्वीर बलरामपुर के रहने वाले दद्दन की है। वह परिवार के साथ लुधियाना में रहता था। बीते 26 मार्च को उसकी गर्भवती पत्नी की मौत हो गई। लेकिन शव को चार कंधे नहीं मिले तो 27 हजार का कर्ज लेकर वह एंबुलेंस से पत्नी का शव लेकर गांव पहुंचा।




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संक्रमित मरीजों की संख्या 2829, इसमें 1862 एक्टिव केस: सरकार ने कहा- अब तक 65 हजार लोगों को अलग-अलग प्रदेशों से लाया गया

उत्तर प्रदेश में कोरोनावायरस का संक्रमण तेजी से फैलता जा रहा है। योगी सरकार हर संभव संक्रमण को रोकने के प्रयास में जुटी हुई है। इस बीच राज्य के अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थीने कहा है कि सीएम ने टीम 11 की बैठक में केंद्र सरकार की गाइडलाइन के आधार पर शुरू करने का निर्देश जारी किया है। यूपी में संक्रमित मरीजों की संख्या अब 2829 तक पहुंच गई है जिसमें 1862 एक्टिव हैं। इनमें से 944 मरीज डिस्चार्ज किए जा चुके हैं। पूरे प्रदेश में 20 लैब में टेस्ट किए जा रहे हैं। अब क प्रदेश में 53 लोगों की मौत हो चुकी है।

अवस्थी ने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए यह बातें कही। उन्होंने कहा कि उद्योगों को गति देने के लिए नई नीति पर सरकार काम कर रही है। लेबर रिफार्म पर भी काम किए जाने का निर्देशदिया गया है। उन्होंने कहा कि अब तक 65 हजार लोगों को अलग-अलग प्रदेशों से लाया गया है। दूसरे देशों में फंसे यूपी के नागिरकों को भी यहां लाने के लिए राज्य सरकार लगातार केंद्र सरकार से सम्पर्क बनााए हुए है।लॉकडाउन का उल्लंघन करने के लिए अब तक 35500 वाहन सीज किए गए हैं।

पॉजिटिव केसों का जिले वार विवरण: आगरा में 628, कानपुर नगर में 266, लखनऊ में 226,सहारनपुर में 205, गौतमबुद्धनगर (नोएडा) में 180,फिरोजाबाद में 158, मेरठ में 139, मुरादाबाद में 116, गाज़ियाबाद में 94, वाराणसी में 64, बुलंदशहर में 55, रायबरेली, हापुड़ में 44, अलीगढ़ में 42, मथुरा में 31, अमरोहा, बस्ती में 32, बिजनौर में 34, शामली में 27 , रामपुर में 25, संतकबीरनगर में 26, मुज़फ़्फरनगर में 24, सीतापुर में 20, संभल में 19, बागपत में 17 और बदायू में 16 पॉजिटिव मरीजहैं।

वहीं बहराइच में 15, प्रतापगढ़-एटा में 11, औरैय्या में 12, बरेली, प्रयागराज, में 10-10, झांसी, में 9, जौनपुर, आजमगढ़ में 8-8 पाए गए। बाँदा-कन्नौज-मैनपुरी-हाथरस-श्रावस्ती-महराजगंज में 7-7, गोंडा-ग़ाज़ीपुर में 6-6, लखीमपुरखीरी- इटावा में 4, पीलीभीत-मिर्जापुर-कासगंज-जालौन-गोरखपुर-सुल्तानपुर, में 3-3, हरदोई-कौशाम्बी, गोंडा-सिद्धार्थनगर-भदोही-उन्नाव-बाराबंकी-महोबा-कानपुर देहात-देवरिया में दो-दो, शाहजहांपुर-मऊ-बलरामपुर- अयोध्या में एक-एक कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।

944 कोरोना स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किए गए: आगरा से 113, गौतमबुद्धनगर (नोएडा) से 102, लखनऊ से 71,मेरठ से 53,मुरादाबाद से 51, गाज़ियाबाद से 50, फ़िरोज़ाबाद से 33, शामली से 25, बिजनौर से 21,कानपुर नगर से 19, सीतापुर से 17, सहारनपुर से 16, बागपत से 14, बुलंदशहर,बस्ती से 13-13, अमरोहा से 12, मुज़फ़्फरनगर से 9, वाराणसी से 8, रामपुर से 7, बरेली-हापुड़-महाराजगंज-प्रतापगढ़ से 6- 6, जौनपुर-गाजीपुर से 5-5 , लखीमपुर-खीरी-आज़मगढ़-हाथरस-मथुरा-औरैयासे 4-4, बादा-मैनपुरी-कन्नौज-पीलीभीत से 3-3, हरदोई-बदायूं- कौशाम्बी से 2-2, शाहजहांपुर-बाराबंकी-कासगंज-प्रयागराज-भदोही-सम्भल-इटावा से 1-1, कोरोना पेशेंट्स को स्वस्थ पूर्णतया करवाकर डिस्चार्ज किया गया।



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यूपी में संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। पिछले छह दिनों में यहां 200 से अधिक मरीज सामने आए हैं। हालात बेकाबू होते देख आज केंद्र की एक टीम आगरा का दौरा करेगी। अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने कहा कि केंद्र की गाइडलाइन के आधार पर उद्योगों को चालू कराने का काम किया जाएगा।