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गुजरात से स्पेशल ट्रेन 1250 श्रमिकों को लेकर पहुंची कानपुर; वडोदरा स्टेशन पर एक टिकट के वसूले गए 500 रुपए

कोरोना संकट काल मेंगुजरात में फंसे 1250 श्रमिकों को लेकर मंगलवार को एक श्रमिक स्पेशल ट्रेन कानपुर सेंट्रल स्टेशन पहुंची। यात्रियों के चेहरे पर अपने प्रदेश वापसी की खुशी साफ दिख रही थी। लेकिन इस दौरानटिकट के लिए हुई वसूली को लेकर उनमें आक्रोश भी था। श्रमिकों ने कहा- उनसे वडोदरा से कानपुर की बीच सफर के लिए 500 रुपए का टिकट दिया। श्रमिकों को आठ वर्गों में बांटकर उनकी थर्मल स्कैनिंग कराई जा रही है। इसके बाद प्रदेश के अलग अलग जिलों को उन्हें भेजा जाएगा।

लॉकडाउन में अन्य प्रांतों में फंसे मजदूरों का उनके घरों तक पहुंचाने का काम प्रदेश सरकार द्वाराकिया जा रहा है। मंगलवार को कानपुर सेंट्रल स्टेशन पहुंचे श्रमिकों कोप्लेटफार्म नंबर 9 पर उतारा गया। इसके बाद उन्हें लंच पैकेट और मिनरल वाटर की बोतल दी गई। श्रमिक राज्य के 36 जिलों के रहने वाले हैं। सभी को श्रमिकों को परिवहन की बसों से उनके घरों तक भेजा जाएगा।

श्रमिक अब्दुल कादिर और मोहम्मद इमरान ने कहा- हम बड़ोदरा गुजरात से आ रहे हैं। हमसे 500 रुपए लेकर टिकट दिया गया। बड़ोदरा में कहा गया था कि यह पैसा तुम्हारी सरकार को जाएगा। हम लोगों को मुज्जफरनगर जाना है, बीच रास्ते में हमें खाने के लिए दिया गया था। हम लोग तो मजबूर थे, जिसे फायदा उठाना था उसने फायदा उठा लिया। हम लोग क्या करते? इधर आना था तो देना पड़ा। इमरान ने बताया कि हमें शामली जाना था। जहां से हम लोग बैठे है, वहां पर टिकट के पांच सौ रुपए लिए गए हैं।

टिकट दिखाता श्रमिक।

सिटी मजिस्ट्रेट हिमांशु गुप्ता ने कहा- 1250 लोगों कोगोधरा से स्पेशल ट्रेन से लाया गया है।डॉक्टरों की टीम और मजिस्ट्रेट की टीम लगी है। यहां पर आठ काउंटर लगाए गए है। आठ हिस्सों में डिवाईड करके थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी। इसके बाद इनकी डिटेल नोट करके बाहर खड़ी 42 बसों से सोशलडिस्टेंसिंग का मानक पूरा करते हुए बसों में भेजा जाएगा। सभी को अपने-अपने जिलों में रवाना किया जाएगा।



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ये तस्वीर मंगलवार को गुजरात से कानपुर स्टेशन पहुंची श्रमिक स्पेशल ट्रेन की है। यहां जब प्लेटफार्म पर ट्रेन पहुंची तो यात्री कुछ इस तरह नजर आए। इन्हें बसों से उनके घर तक भेजा जाएगा।




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निर्दलीय विधायक अमनमणि निजी मुचलके पर रिहा, मगर अभी 14 दिन क्वारैंटाइन रहना होगा

महाराजगंज जिले की नौतनवा विधानसभा से निर्दलीय विधायक अमनमणि त्रिपाठी को बिजनौर पुलिस ने मंगलवार को कोर्ट में पेश किया। जहां उन्हें छह अन्य साथियों के साथ 20-20 हजार के निजी मुचलके पर जमानत मिल गई। हालांकि, वे अभी अपने घर नहीं जा पाएंगे। बिजनौर में ही विधायक व उनके साथियों को 14 दिनों के लिए क्वारैंटाइन किया जाएगा।

बद्रीनाथ जाते समय पुलिस ने पकड़ा था

दरअसल, नौतनवा विधायक अमनमणि त्रिपाठी ने सीएम योगी के पिता स्वर्गीय आनंद सिंह बिष्ट के पितृ कार्य के नाम पर उत्तराखंड मेंलॉकडाउन का उल्लंघन किया। जहां उन्हें बीते रविवार रात विधायक को उनके 10 अन्य साथियों के साथ मेंटिहरी जिले के मुनीकीरेती थाने की पुलिस ने गिरफ्तार किया। हालांकि, इसके बाद उन्हें निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया। आरोप है कि, विधायक ने तब पुलिस को एक पास दिखाते हुए कहा कि,वे यूपी के सीएम योगी के स्वर्गीय पिता के पितृ कार्य के निमिद्ध बद्रीनाथ जा रहे हैं। हालांकि, पुलिस ने आगे जाने नहीं दिया। कुछ देर हंगामा करने के बाद विधायक खुद लौट गए। ये पासउत्तराखंड के अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश व देहरादून के अपर जिलाधिकारी रामजी शरण के हस्ताक्षर से जारी हुए थे।

वहां से लौटते समय सोमवार कोबिजनौर पुलिस ने विधायक व उनके 6साथियों को गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार को सभी को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया।विधायक अमनमणिपूर्वांचल के बाहुबली नेता अमरमणि त्रिपाठी के बेटे हैं। मधुमिता हत्याकांड मेंअमरमणि वर्तमान में जेल में हैं।

विधायक ने कहा- महाराज हमारे गार्जियन

इस मामले में विधायक अमन मणि का कहना है कि एडमिनिस्ट्रेशन का आपस मेंकोई कंफ्यूज़न है। उन्होंने उत्तराखण्ड में पास के बारे में बताया कि उनके पास बद्रीनाथ, केदारनाथ जाने की अनुमति थी। लेकिन उसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पिताजी की तेहरवीं का भी जिक्र था।महाराज (योगी आदित्यनाथ) हमारे गार्जियनहैं। वो हमारे घर के कार्यक्रमोंमें आते रहे हैं।ऐसे में हमारी भी कुछ नैतिक जिम्मेदारी है।

योगी का नाम जुड़ने से सरकार ने दी थी सफाई

सोमवार को यह मामला तूल पकड़ने के बाद योगी सरकार ने सफाई दी थी। कहा था कि,अमनमणि अपने कृत्यों के लिए स्वयं जिम्मेदार हैं।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्य सरकार की तरफ से उन्हें कोई पास अधिकृत नहीं किया गया।उनके तथ्यों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ जोड़ना आपत्तिजनक है।



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पुलिस ने मंगलवार को महाराजगंज जिले में नौतनवा सीट से विधायक अमनमणि को कोर्ट में पेश करने के बाद क्वारैंटाइन कराने के लिए ले जाते हुए।




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 उपचार के दौरान मरीज की मौत के बाद हंगामा; परिजनों का आरोप- कोरोना संदिग्ध बताकर डॉक्टरों ने अस्पताल में अंदर जाने नहीं दिया 

उत्तर प्रदेश के झांसी में मेडिकल कॉलेज में एक मरीज की मंगलवार को उपचार के दौरान मौत हो गई थी। परिजनों का आरोप है कि प्रशासन ने यह कहकर उनको अस्पताल में जाने नहीं दिया कि कोरोना संदिग्ध के तौर पर उसका शव अस्पताल में रखा गया है। अब 24 घंटें बाद मृतक की रिपोर्ट निगेटिव आयी है जिसके बाद परिजनों ने जमकर बुधवार सुबह जमकर हंगामा किया।

मंगलवार सुबह मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान एक मरीज की मौत हो गई। परिजनों भूख और प्यास की वजह मौत का कारण बता रहे हैं। लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजनों ने बुधवार को जेल चौराहे पर जमकर हंगामा किया। जैसे तैसे पुलिस ने हंगामा शांत कराया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

मिली जानकारी के मुताबिक, जनपद के प्रेम नगर थाना क्षेत्र के रहने वाले सेल्समैन भगवान दास साहू(58) कि 2 दिन पहले तबीयत खराब हो गई थी. उन्हें इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। मंगलवार सुबह तकरीबन 10 बजे उनकी मौत हो गई. मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा काटा।

जेल चौराहे के पास शराब बिक्री को लेकर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करा रहे पुलिसकर्मियों के परिजनों ने पैर पकड़ लिए और रो-रो कर मृतक की आपबीती सुनाने लगे। परिजनों के मुताबिक मृतक मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान 2 दिन से भूखे और प्यासे थे वे फोन पर लगातार अपने घर वालों को हाल बता रहे थे। परिजनों ने मिलने की कोशिश की तो मेडिकल कॉलेज में उन्हें भगा दिया। पुलिस ने जैसे-तैसे उन्हें सांत्वना देकर कार्रवाई का आश्वासन देकर



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झांसी मेडिकल कॉलेज में मंगलवार को एक व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। कोरोना संदिग्ध बताकर अस्पताल ने शव को रोक लिया था। 24 घंटे बाद आज सुबह मृतक की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर जेल चौराहे पर जमकर हंगामा किया।




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कोरोना संक्रमित मृतक इंजीनियर की परिजन भी हैं संक्रमित, संक्रमण की ट्रेवल हिस्ट्री अभी तक नहीं खोज पाया स्वास्थ्य विभाग

उत्तर प्रदेश की संगम नगरी प्रयागराज में वैश्विक महामारी कोरोनावायरस संक्रमण से मंगलवार देर रात पहली मौत हो गई। बिना किसी ट्रैवल हिस्ट्री के कोरोना पॉजिटिव मिले आर्किटेक्ट इंजीनियर विरेंद्र सिंह ने शहर के लेवल 3 हॉस्पिटल एसआरएन में देर रात दम तोड़ दिया। उनके साथ भर्ती कोरोना पॉजिटिव उनकी पत्नी की हालत स्थिर बनी हुई है।

शहर के लूकरगंज मोहल्ले में रहने वाले वीरेंद्र सिंह कोरोना संक्रमण की चपेट में कैसे आए फिलहाल इसका पता नहीं चल रहा है। आशंका है कि लॉकडाउन में ज़रूरतमंदों की मददगार बनाना ही आर्किटेक इंजीनियर वीरेंद्र सिंह के लिए अभिशाप बन गया और आखिरकार वह कोरोना की जंग में हार गए। मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, प्रयागराज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह ने इसकी पुष्टि की है। छह दिन पहले यानि 30 अप्रैल को तबीयत खराब होने पर इंजी. वीरेंद्र सिंह की जांच कराई गई थी।

रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें पहले कोटवां-बनी स्थित कोविड-19 लेवल-1 हॉस्पिटल ले जाया गया था लेकिन सांस लेने में तकलीफ होने पर उन्हें पहले लेवल -2 बेली हॉस्पिटल और फिर लेवल-3 हॉस्पिटल स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय रेफर कर दिया गया था।

परिजनों को नहीं दिया जाएगा शव, आज होगा अंतिम संस्कार

इंजीनियर के परिवार में चार और लोग कोरोना पॉजिटिव हैं। तीन की रिपोर्ट मंगलवार को ही आई थी। कोरोना के नोडल ऑफिसर डॉ. ऋषि सहाय ने बताया कि उनका शव उनके परिजनों को नहीं दिया जाएगा। बुधवार को प्रोटोकॉल के अनुसार अंतिम संस्कार किया जाएगा।

संक्रमण के सोर्स की नहीं मिली जानकारी

इंजीनियर वीरेंद्र सिंह को यह बीमारी कैसे हुई इसके सोर्स का पता स्वास्थ्य विभाग आज तक नहीं लगा सका है। वह 28 अप्रैल को कांलिंदीपुरम स्थित इंस्टीट्यूशन क्वारैंटाइनसेंटर खुद ही गए और अपनी जांच कराई। रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो उन्हें कोटवां-बनी स्थित कोविड19 हॉस्पिटल भेज दिया गया था। वहां सांस लेने में तकलीफ हुई तो उन्हें दो मई को एसआरएन अस्पताल रेफर कर दिया गया। मंगलवार दोपहर में अचानक बिगड़ी तबियत, शाम को रखे गए वेंटिलेटर पर, देर रात हो उनकी मौत हो गई।

पत्नी, सास, भाई और भाभी भी है संक्रमित

इंजीनियर वीरेंद्र के शव को चिकित्सकीय प्रोटोकॉल के मुताबिक बुधवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा।

एसआरएन चिकित्सालय में उनके साथ उनकी पत्नी भी कोरोना वार्ड में भर्ती हैं। जबकि सास, भाई और भाई की पत्नी कोटवा-बनी लेवल-1 हॉस्पिटल में भर्ती किया गया है।

अब तक 1 संक्रमित हुआ स्वस्थ, 12 का इलाज जारी

प्रयागराज में कोरोना संक्रमण की चपेट में अब तक 14 लोग आये हैं। जिनमें एक इंडोनेशियाई नागरिक स्वस्थ होकर कानूनी अभिरक्षा में है, जबकि 12 लोगों का अभी इलाज चल रहा है। जिनमें 5 कोरोना पॉजिटिव मंगलवार यानि 05 मई को ही सामने आए है। जिसमें मृत इंजीनियर वीरेंद्र सिंह की पत्नी सबसे ज्यादा गंभीर बताई जा रही है। हालाकी अभी उनकी स्थिति उनके पति से काफी बेहतर है।



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प्रयागराज में कोरोना से पहली मौत के बाद प्रशासन अब सख्त हो गया है। नगर निगम की गाड़ियां शहर को सैनिटाइज करने में जुटी हुई है। जगह जगह दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है।




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अब तक 2900 पॉजिटिव, इनमें 1152 तब्लीगी जमाती: 987 मरीज स्वस्थ होकर घर लौटे, लखनऊ में आज से खुलेंगी दुकानें 

उत्तर प्रदेश में संक्रमण के लगातर मामले बढ़ते जा रहे हैं। प्रदेश में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़कर 2900 तक पहुंच गए हैं। यूपी के 66 जिलों में कोरोनावायरस का असर फैल चुका है जिसमें एक्टिव केस 1845 हो गए हैं। इसमें 1152 जमातियों की संख्या शामिल हैं। पूरे राज्य में मृतकों की संख्या 57 तक पहुंच गई हैं। अब तक 987 मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं।

लखनऊ में आज आए खुलेंगी दुकानें: राजधानी में बुधवार से नाई की दुकानों, ब्यूटी पार्लर, मॉल, रेस्टोरेंट को छोड़कर अन्य दुकानें खुलेंगी। बस शर्त यहीं है कि, ये दुकानें एकल हों, बाज़ार में न हों और हॉटस्पॉट इलाकों में न हों। बाई, प्लम्बर, धोबी को भी काम करने के लिए अनुमति दे दी गई है।हालाकिं स्कूल-कॉलेज, कोचिंग, ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट, होटल, रेस्टोरेंट, सिनेमा हॉल, सभी धार्मिक संस्थानों पर प्रतिबंध जारी रहेगा।


अब तक 2900 पॉजिटिव केसों का जिलेवार विवरण: आगरा में 640, कानपुर नगर में 276, लखनऊ में 233, सहारनपुर में 205, गौतमबुद्धनगर (नोएडा) में 193, फिरोजाबाद में 165, मेरठ में 163, मुरादाबाद में 116, गाज़ियाबाद में 104, वाराणसी में 68, बुलन्दशहर में 56, रायबरेली में 46, हापुड़ में 44, अलीगढ़ में 42, मथुरा, अमरोहा, बस्ती में 32, बिजनौर में 34, शामली में 29 , रामपुर में 25, संतकबीरनगर में 26, मुज़फ़्फरनगर में 24, सीतापुर में 20, संभल में 19, बागपत में 17 और बदायूं में 16 मरीज सामने आए हैं।

वहीं बहराइच में 15, सिद्धार्थ नगर में 14, प्रतापगढ़-औरैय्या में 13, एटा में 11,बरेली-प्रयागराज में 10-10, झांसी, में 9, जौनपुर-मैनपुरी-आजमगढ़ में 8-8 पाए गए। बांदा-कन्नौज-हाथरस-श्रावस्ती-महाराजगंज में 7-7, गोंडा-ग़ाज़ीपुर में 6-6, लखीमपुर खीरी-इटावा में 4, पीलीभीत-मिर्जापुर-कासगंज-जालौन-गोरखपुर-सुल्तानपुर में 3-3, हरदोई- कौशाम्बी-गोंडा-भदोही-उन्नाव-बाराबंकी-महोबा-कानपुर देहात- देवरिया में दो-दो, शाहजहांपुर-मऊ-बलरामपुर- अयोध्या-अमेठी-कुशीनगर में एक-एक कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव पाए गए हैं।

987 कोरोना स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किए गए: आगरा से 208, मुरादाबाद से 116,गौतमबुद्धनगर (नोएडा) से 109, लखनऊ से 71,सहारनपुर से 79, मेरठ से 55, गाजियाबाद से 50, कानपुर नगर से 34, फ़िरोज़ाबाद से 33, शामली से 27, बिजनौर से 21, सीतापुर से 17, बागपत से 14, बुलन्दशहर-वाराणसी-बस्ती से 13-13, अमरोहा से 12,मुजफ्फरनगर से 9, रामपुर से 7, बरेली-हापुड़-महराजगंज-प्रतापगढ़ से 6- 6, जौनपुर- गाजीपुर से 5-5 , लखीमपुर खीरी- आज़मगढ़-हाथरस-मथुरा-औरैया से 4-4, बांदा- मैनपुरी-कन्नौज-पीलीभीत से 3-3,हरदोई-बदायूं-कौशाम्बी से 2-2, शाहजहांपुर-बाराबंकी-कासगंज- प्रयागराज-भदोही-सम्भल-इटावा से 1-1, कोरोना पेशेंट्स को स्वस्थ पूर्णतया करवाकर डिस्चार्ज किया गया।



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उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। यह आंकडा 2900 तक पहुंच गया है। अब तक यूपी में 57 लोगों की मौत हो चुकी है।




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कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए पुलिस हुई सख्त: सार्वजनिक स्थान पर थूकते पकड़े गए 3 लोग, 1500 रुपए जुर्माना लगाया

उत्तर प्रदेश के नोएडा में कोरोनावायरस से संक्रमित मरीज़ों का आंकडा 200 के आंकड़े को भी पार कर गया है। संक्रमण को देखते हुए सार्वजनिक स्थान पर थूकने पर प्राधिकरण की तरफ से अब जुर्माना लगाया जाने लगा है। मंगलवार देर शाम को प्राधिकरण ने तीन लोगों पर 500-500 रुपए यानी कुल 1500 रुपए का जुर्माना लगाया है। साथ ही उनको हिदायत भी दी गई साथ ही कोविड-19 के प्रति जागरूक भी किया गया। ऐसा करते हुए पहली बार पकड़े गए इसलिए 500 रुपए का जुर्माना लगाया गया। दोबारा पकड़े जाने पर 1000 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा।

जन स्वास्थ्य के वरिष्ठ परियोजना अभियंता एससी मिश्रा ने बताया कि ककराला में सलीम पर 500 रुपए का जुर्माना लगाया गया यहा ब्रह्मपाल सिंह की टीम ने उन्हे सार्वजनिक स्थान पर थूकते हुए पकड़ा। इसी तरह राहुल कुमार निवासी चौड़ा सेक्टर-21ए स्टेडियम के पास थूकते मिले इन पर राजेंद्र सिंह ने 500 रुपए का जुर्माना लगाया।

वहीं, राजू कुमार निवासी नंगला गांव में थूकते हुए पकड़े गए इन पर ब्रह्मपाल ने 500 रुपए का जुर्माना लगाया। मुख्य कार्यपालक अधिकारी के निर्देश पर सार्वजनिक स्थानों पर पहली बार थूकने पर 500 रुपए और दूसरी बार थूकने पर 1000 रुपए जुर्माना लगाया जाएगा।



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नोएडा में फैलते कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए पुलिस अब सख्त हो गई है। सार्वजनिक जगहों पर थूकने वालों से 500 रुपए जुर्माना वसूला जा रहा है।




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अब तक 2900 पॉजिटिव, इनमें 1845 एक्टिव केस; प्रयागराज में कोरोना से पहली मौत, लखनऊ में एक साथ 45 मरीज डिस्चार्ज

उत्तर प्रदेश में मंगलवार देर रात तक 118 नए कोरोना संक्रमितमिले।प्रदेश में अब तक2900 केसहो गए हैं। इसमें1845एक्टिव हैं। कुल मरीजों में 1152 जमाती हैं।राज्य में मृतकों की संख्या 56 हो गई। अब तक 987 मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं। प्रयागराज में कोरोना से एक इंजीनियर की मंगलवार देर रात मौत हो गई, जबकि लखनऊ में एक साथ 45 लोगों को स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किया गया।

लखनऊ में आज आए खुलेंगी दुकानें

राजधानी मेंबुधवार से सैलून, ब्यूटी पार्लर, मॉल, रेस्टोरेंट को छोड़कर अन्य दुकानें खुलेंगी। बस शर्त यहीहोगी कि ये दुकानें किसी शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में न हों। फिलहाल,हॉटस्पॉट जोन में दुकानें नहीं खुलेंगी। इधर,प्लम्बर, धोबी को भी काम करने की अनुमति दी गई हैं। हालांकि,स्कूल-कॉलेज, कोचिंग, ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट, होटल, रेस्टोरेंट, सिनेमा हॉल के अलावासभी धार्मिक संस्थाएं अभी नहीं खुलेंगी।

कोरोना अपडेट्स

प्रयागराज:लॉकडाउन में जरूरतमंदों की मददगार बने लूकरगंज के इंजीनियर वीरेंद्र सिंह कोरोना के खिलाफ लड़ाई में हार गए। मंगलवार देर रात उन्होंने स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में दम तोड़ दिया। शहर में कोरोना से यह पहली मौत है। 6दिन पहले उनकी तबियत खराब होने पर जांच कराई गई थी। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद पहले कोटवां-बनी स्थित कोविड-19 लेवल-1 हॉस्पिटल ले जाया गया था। लेकिन सांस लेने में तकलीफ होने पर स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय रेफर कर दिया गया था।

लखनऊ:राजधानी के लिए मंगलवार का दिन राहत भरा रहा। यहां एक साथ 45 लोग स्वस्थ होने परडिस्चार्ज किए गए। इनमें लखनऊ के 14, सहारनपुर के 8, दिल्ली के 7, असम के 3 औरअण्डमान निकोबार का 1 और एकमरीज भी शामिल है।

वाराणसी:जिले में अब तक 68 कोरोना मरीज मिले हैं। अभी लखनऊ केजीएमयू से 154 मरीजों की जांच रिपोर्ट आनी बाकी है। बुधवार सुबह से ही पुलिस यहां पुलिस सक्रिय नजर आने लगी। हरआने-जाने वालेसे पूछताछ की जा रही है।राशन की दुकानें भी रोजमर्रा की तरह खुलने लगी हैं। सीएमओ डॉ. वीबी सिंह ने बताया कि 22 हॉटस्पॉट इलाकों में 6753 लोगों की स्क्रीनिंग की गई है। 33 हजार से ज्यादा लोगों की स्क्रीनिंग इन इलाकों में हो चुकी है। 3 संदिग्ध मिले हैं।

वाराणसी में एक बार फिर कोरोना के तीन संदिग्ध मिले, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस बीच, पुलिस ने भी लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया लिया है।

शायर मुनव्वर राणा ने की मीट की दुकानें खोलने की अपील

लॉकडाउन के तीसरे फेजमें शराब की दुकानें खुलने के बाद अब नॉनवेज की चाहत रखने वालों की उम्मीदें बढ़ गई हैं। मशहूर शायर मुनव्वर राना ने मुख्यमंत्रीयोगी आदित्यनाथ से गुजारिश की है कि मीट की दुकानों को खोला जाए।

राणा का ट्वीट-

अब तक 2900 पॉजिटिव केसों का जिलेवार विवरण: आगरा में 640, कानपुर नगर में 276, लखनऊ में 233, सहारनपुर में 205, गौतमबुद्धनगर (नोएडा) में 193, फिरोजाबाद में 165, मेरठ में 163, मुरादाबाद में 116, गाज़ियाबाद में 104, वाराणसी में 68, बुलन्दशहर में 56, रायबरेली में 46, हापुड़ में 44, अलीगढ़ में 42, मथुरा, अमरोहा, बस्ती में 32, बिजनौर में 34, शामली में 29 , संतकबीरनगर में 26, रामपुर में 25, मुज़फ़्फरनगर में 24, सीतापुर में 20, संभल में 19, बागपत में 17 और बदायूं में 16 मरीज सामने आए हैं।

इसके अलावा बहराइच में 15, सिद्धार्थ नगर में 14, प्रतापगढ़-औरैया में 13, एटा में 11, बरेली-प्रयागराज में 10-10, झांसी, में 9, जौनपुर-मैनपुरी-आजमगढ़ में 8-8 पाए गए। बांदा-कन्नौज-हाथरस-श्रावस्ती-महाराजगंज में 7-7, गोंडा-ग़ाज़ीपुर में 6-6, लखीमपुर खीरी-इटावा में 4, पीलीभीत-मिर्जापुर-कासगंज-जालौन-गोरखपुर-सुल्तानपुर में 3-3, हरदोई- कौशाम्बी-गोंडा-भदोही-उन्नाव-बाराबंकी-महोबा-कानपुर देहात- देवरिया में दो-दो, शाहजहांपुर-मऊ-बलरामपुर- अयोध्या-अमेठी-कुशीनगर में एक-एक कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव पाए गए हैं।



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प्रयागराज में मंगलवार देर रात कोरोना संक्रमित मरीज ने दम तोड़ दिया। शहर में यह पहली मौत है। प्रयागराज के हॉटस्पॉट इलाकों में पुलिस गाड़ियों को भी सैनिटाइज करने में जुटी हुई है।




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मथुरा में जल्द खुलेगी कोविड-19 टेस्टिंग लैब, मिलेगी त्वरित रिपोर्ट, संक्रमित मरीज का जल्द शुरू किया जा सकेगा इलाज

उत्तर प्रदेश के मथुरा में जल्द ही कोरोना वायरस (कोविड-19) की टेस्टिंग लैब में जल्द ही काम शुरू किया जाएगा।सूबे की कबीना मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी ने बुधवार को बताया कि दीनदयाल वेटेरिनरी यूनिवर्सिटी मथुरा में यह लैब तैयार हो रही है।उन्होंने बताया कि कोविड-19 वायरस के संक्रमण से निजात दिलाने के लिए इसकी त्वरित चिकित्सा आवश्यक होती है। जांच रिपोर्ट के आए बिना चिकित्सा शुरू नहीं की जा सकती, इसलिए इसकी त्वरित जांच रिपोर्ट आना आवश्यक है।

प्रयोगशालाओं को वॉट्सएप ग्रुप से जोड़ा गया
चौधरी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोविड-19 वायरस की टेस्टिंग की 19 प्रयोगशालाएं स्थापित करा दी हैं, कुछ पर और भी काम चल रहा है। इन सभी प्रयोगशालाओं को वॉट्सएप ग्रुप से जोड़ने की व्यवस्था की गई है, जिससे कहीं पर काम अधिक होने पर उसे ऐसी प्रयोगशाला में भेजा जा सके, जिसमें काम कम है। इस व्यवस्था से टेस्ट की रिपोर्ट जल्दी आ सकेगी और संक्रमित व्यक्ति का इलाज जल्दी शुरू हो सकेगा। उन्होंने बताया कि अभी तक मथुरा के कोविद-19 के नमूनों की जांच जे.एन.मेडिकल कालेज अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में हो रही थी, लेकिन वहां पर जांच की संख्या बढ़ने के कारण प्रायः जांच रिपोर्ट अति विलम्ब से आती थी,जिससे जहां एक ओर मरीज का इलाज शुरू होने में विलम्ब हो जाता था, दूसरी ओर कभी कभी असहज की स्थिति पैदा हो जाती थी।



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मथुरा में दीनदयाल वेटेरिनरी यूनिवर्सिटी, जहां तैयार किया जा रहा है लैब। (फाइल फोटो)




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योगी सरकार ने देशी व विदेशी मदिरा के दाम 20 से 400 रुपए बढ़ाए; वित्त मंत्री ने कहा- इससे 2,350 करोड़ का राजस्व मिलेगा

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बुधवार कोशराब के साथ पेट्रोल व डीजल के दामों में बढ़ोत्तरी की है। सरकार ने वैट बढ़ाते हुए पेट्रोल की कीमत में दो रुपए प्रति लीटर व डीजल का दाम एक रुपए प्रति लीटर बढ़ाया है। इसके अलावा देशी व विदेशी शराब के मूल्य में 20 से 400 रुपए की बढ़ोत्तरी की गई है।

शराब बंदी में लोगों ने सैनिटाइजर पी लिया, इसलिए बढ़ाए दाम

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा- लॉकडाउन के बीच प्रदेश में शराब बंदी रही। नतीजा कानपुर में 3 लोगों ने सैनिटाइजर पी लिया। जिससे उनकी मौत हो गई। इसी को देखते हुए आबकारी विभाग में भी वृद्धि की गई है। शराब पर बढ़े दाम से 2,350 करोड़ का राजस्व उत्तर प्रदेश सरकार को मिलेगा।

डीजल-पेट्रोल के दाम बढ़ने से2,070 करोड़ का होगा फायदा

उन्होंने बताया कि, सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर वैट बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके चलते पेट्रोल का दाम 2 रुपए प्रति लीटर बढ़ा है। वहीं, डीजल के दाम में 1 रुपए प्रति लीटर की वृद्धि की गई है। उन्होंने बताया कि, राज्य में पेट्रोल 73.91 रुपए प्रति लीटर और डीजल 63.86 रुपए में प्रति लीटर मिलेगा। यह नई दरें बुधवार रात 12 बजे से लागू होगी। बताया कि, राज्य में 470 करोड़ लीटर पेट्रोल व 1130 करोड़ लीटर डीजल की खपत हो रही है। दाम में
वृद्धि होने से 2,070 करोड़ रुपए का राजस्व अधिक सरकार को प्राप्त होगा।

शराब के दामों में इतने रुपए बढ़े-

रेगुलर प्रीमियम विदेशी
180 एमएल तक 20 रुपए 180 एमएल तक 20 रुपए 180 एमएल तक 100 रुपए
500 एमएल तक 30 रुपए 500 एमएल तक 30 रुपए 500 एमएल तक 200 रुपए
500 एमएल से अधिक पर 50 रुपए 500 एमएल से अधिक पर 50 रुपए 500 एमएल से अधिक पर 400 रुपए

दिल्ली सरकार ने 70 फीसदी कोरोना सेस लगाया था

दरअसल, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बीते सोमवार से लॉकडाउन फेज-तीन में शराब की दुकानों को खोलने की अनुमति प्रदान की है। यह दुकानें सुबह दस बजे से शाम सात बजे खुलेंगी। लेकिन शराब के लिए दुकानों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के नियम भी हवा में उड़े। जबकि, हिदायत दी गई थी कि कंटेनमेंट को छोड़कर जहां भी शराब की दुकानें खुलेंगी वहां सोशल डिस्टेंसिंग का नियम पालन करना होगा। पांच से अधिक लोग इकट्ठा नहीं होंगे। वहीं,राजधानी में अरविंद केजरीवाल सरकार ने मंगलवार से शराब पर 70% अतिरिक्त टैक्स वसूलना शुरू कर दिया है।



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प्रदेश सरकार के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने शराब, पेट्रोल व डीजल के दामों में बढ़ोत्तरी की जानकारी दी।




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वीजा उल्लंघन के आरोप में श्रीलंका के दो जमातियों समेत 13 को भेजा गया अस्थाई जेल

उत्तर प्रदेश में तब्लीगी जमातियों पर कार्रवाई जारी है। बुधवार को कन्नौज में 11 और अलीगढ़ में श्रीलंका मूल के दो विदेशी जमातियों को कोर्ट में पेश करने के बादअस्थाई जेल भेज दिया गया। इन दोनों पर वीजा टूरिस्ट के उल्लंघन का आरोप है। इन सभी पर जमात में शामिल होने की जानकारी छिपाने व बीमारी फैलाने का भीआरोप है।

कन्नौज: शामली के रहने वाले हैं जमाती

20 मार्च को दिल्ली के निजामुद्दीन मे मरकज में शामिल होने के बाद 11 जमाती कालिंदी एक्सप्रेस द्वारा कन्नौज पहुंचे थे, जो शहर की हाजी गंज में स्थित मक्का मस्जिद में ठहरे थे। यह सभीशामली के रहने वाले हैं। जिला प्रशासन ने इनको तिर्वा सीएचसी में मेडिकल जांच कराकर क्वारैंटाइन कर दिया था। 1 अप्रैल को पुलिस ने सदर कोतवाली में इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। अब 34 दिन बाद बुधवार कोजिला अस्पताल में सभी कामेडिकल कराया गया और उसके बाद मजिस्ट्रेट के सामने पेश कर पुलिस ने सभी जातियों को शहर में पुलिस लाइन के पास सेंट जेवियरहायर सेकेंडरी इंटर कॉलेज में बनाएगएअस्थाई जेल में भेजा गया। पुलिस अधीक्षक अमरेन्द्र प्रसाद सिंह नेबताया कि अस्थाई जेल के बाहर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

अलीगढ़: श्रीलंका के दो जमाती को हुई जेल

जिले में अभियान चलाकर तब्लीगी जमातियों की खोज की गई थी।इस दौरान नगर कोतवाली पुलिस ने रंगरेजान मस्जिद में मिले दो श्रीलंकाई मूल के जमाती मोहम्मद मुर्शीद वएमजे हपलूरहमानसहित 13 जमातियों को क्वारैंटाइन कर दिया था। विदेशी जमातियों के पासपोर्ट भी जब्त कर दूतावास को रिपोर्ट भेजी गई थी। दोनों टूरिस्ट वीजा पर भारत आए थे।2 दिन दिल्ली मरकज में शामिल होने के बाद ये दोनों 1 मार्च को अलीगढ़ पहुंच गए थे। जहांपहले ये शाहजमाल पहुंचे, फिर रंगरेजान मस्जिद आए थे। इन विदेशियों ने फार्म सी भी नहीं भरा था। क्वारैंटाइन अवधि पूरे होने पर दोनों को अस्थाई जेल भेज दिया।पुलिस ने श्रीलंका दूतावास को भी सूचित कर दिया है।एसपी सिटी अभिषेक ने बताया कि इन विदेशीजमातियों के अलावा पूरे जिले में72 जमाती पकड़े गए थे। इन्हें मस्जिदों में ही क्वारैंटाइन किया गया था।



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ये तस्वीर कन्नौज की है। यहां बुधवार को 11 जमातियों को जेल भेज दिया गया है। इन सभी पर बीमारी को छिपाने का आरोप है।




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लॉकडाउन के बीच गुजरात में फंसे 1191 श्रमिकों को लेकर गोरखपुर पहुंची ट्रेन, जांच के बाद भेजा गया घर

कोरोनावायरस को लेकर केंद्र सरकार ने 17 मई तक लॉकडाउन के फेज तीन को लागू किया है। इस बीच गैर राज्यों में फंसे श्रमिकों को उनके घर पहुंचाने का काम योगी सरकार द्वारा किया जा रहा है। बुधवार कोगुजरात के सूरत से 1,191 श्रमिकों को लेकर श्रमिक स्पेशल ट्रेन गोरखपुर पहुंची। यहां सोशल डिस्टेंसिंग काध्यान रखते हुए थर्मल स्क्रीनिंग और मेडिकल फिटनेस की जांच हुई।इसके बाद अलग-अलग जिलों के यात्रियों को बसों के माध्यम से उनके घर भिजवाने की व्यवस्था की गई।इस दौरान उन्हें खाने के लिए लंच पैकेट और बिस्किट, फल और पानी भी उपलब्ध कराया गया।


एडीएम सिटी आरके श्रीवास्तव ने बताया कि,सूरत से श्रमिक स्पेशल ट्रेन शाम 4:30 बजे गोरखपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म एक पर पहुंची। उन्होंने बताया कि, ट्रेन से आए 1191 यात्री अपना 14 दिनों का क्वारैंटाइन पीरियड पूरा कर चुके हैं। उन सभी के नाम, पता व अन्य डिटेल लिया गया है। श्रमिकों के बीच सोशल डिस्टेंसिंग बनी रहे, इसके लिए हर एक बोगी में महज 50 श्रमिक थे। उन्होंने बताया कि, ये चौथी ट्रेन जो अन्य राज्यों से श्रमिकों को लेकर आई है। अब तक करीब 4500श्रमिक गोरखपुर आ चुके हैं।

ये श्रमिक गोरखपुर के अलावा कुशीनगर, देवरिया, महाराजगंज समेत आसपास जिलों के हैं। इन सभी की स्टेशन पर स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जांच की गई। इसके बाद बसों से उन्हें घर भेजा गया। इस दौरान श्रमिकों को मास्क भी वितरित किया गया। सभी को घर पर क्वारैंटाइन रहने की हिदायत दी गई है।



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ये तस्वीर गोरखपुर रेलवे स्टेशन की है। यहां बुधवार की शाम सूरत से स्पेशल ट्रेन पहुंची। जिसमें श्रमिक सवार थे।




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राजकोट से 1296 लोगों को लेकर बलिया पहुंची श्रमिक एक्सप्रेस ट्रेन, इसमें सवार 68 लोगों का टेंपरेचर 100 डिग्री से ज्यादा

गुजरात के राजकोट से बुधवार को उत्तर प्रदेश के बलिया पहुंची श्रमिक स्पेशल ट्रेन में सवार 68 कामगार बीमार मिले हैं। इससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। वहीं, एक श्रमिक की हालत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल में आइसोलेट किया गया है। जबकि, बाकी को क्वारैंटाइन सेंटर भेज दिया गया है। सभी की सैंपलिंग की जाएगी।

एडिशनल सीएमओ डॉक्टर केडी प्रसाद ने बताया कि, सुबह करीब आठ बजे 32 जिलों के 1296 श्रमिक बलिया में ट्रेन से उतरे। यह कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी होते हुए बलिया पहुंची थी। जिनकी स्वास्थ्य विभाग की तरफ से स्क्रीनिंग की गई। इस दौरान 68 मजदूरों का तापमान 100 डिग्री फॉरेनहाइट से अधिक था। जबकि, एक श्रमिक की तबियत ज्यादा खराब होने के कारण उसे जिला अस्पताल में एडमिट कराया गया है। शेष 67 मजदूरों को जयपुरिया स्कूल में क्वारैंटाइन कर दिया गया है।

एसीएमओ प्रसाद ने बताया कि, जिला अस्पताल में भर्ती मरीज की सैंपलिंग कर ली गई है। उसे जांच के लिए भेज दिया गया है। वहीं, क्वारैंटाइन किए गए मजदूरों की भी सैंपलिंग की जा रही है। उनकी स्वास्थ्य विभाग द्वारा निगरानी भी हो रही है।



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ये तस्वीर बलिया रेलवे स्टेशन की है। यहां चेकिंग के बाद जो श्रमिक स्वस्थ मिले, उन्हें बसों से उनके घर भेज दिया गया।




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एक दिन में 15 संक्रमित आए सामने; 17 मरीज हुए डिस्चार्ज,  मदरसा छात्र बोले डॉक्टर हमारे लिए फरिश्तें हैं

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के हैलट के मैटरनिटी विंग के कोविड-19 वार्ड से 17 मरीजों को बुधवार देर रात डिस्चार्ज कर दिया गया। पैरामेडिकल स्टॉफ ने तालियां बजाकर उनकों विदाई दी। इस दौरान स्वस्थ्य हुए मदरसा छात्रों ने सभी का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि यह डॉक्टर नहीं फरिश्ते हैं। असल तालीम इन फरिश्तों ने हासिल की है। इसके साथ ही बुधवार को 15 नए संक्रमण के मामले सामने आए हैं। सभी संक्रमितों को कोविड-19 अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शहर में संक्रमितों की संख्या बढकर 288 पहुंच गई है। वहीं 6 संक्रमितों की मौत हो चुकी है और 51 मरीज डिस्चार्ज हो चुके है ।

शहर में लगातार कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। हॉटस्पॉट एरिया से संक्रमितों का आना जारी है। इसके साथ ही संक्रमण शहर अन्य स्थानों और ग्रामीण क्षेत्रों की तरफ बढ़ रहा है। बुधवार को जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की कोविड-19 लैब और लखनऊ के केजीएमयू से आई रिपोर्ट में 15 लोग सक्रमित पाए गए है। 15 में से 10 संक्रमित हॉटस्पॉट एरिया से पाए गए है। वहीं एक कपड़ा व्यापारी का तीन साल का बच्चा और उसके परिजनों में संक्रमण की पुष्टी हुई है।

कोरोना के खिलाफ इस जंग में कानपुर का हैलट अस्पताल सबसे बेहतर काम कर रहा है। कानपुर बुंदेलखंड के सबसे बड़े हैलट अस्पताल में सबसे अधिक भार भी है। बुधवार को हैलट अस्पताल के मैटरनिटी विंग के कोविड-19 वार्ड से 17 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया। डिस्चार्ज किए गए पेसेंटों की दो कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई थी। 17 पेसेंटों में कुली बाजार , मछरिया , जाजमऊ मदरसा के छात्र समेत कर्नलगंज , किदवई नगर और कुलीबाजार की महिलाएं और पुरूष थे। शहर में अलग-अलग कोविड-19 अस्पतालों से 51 पेसेंट डिस्चार्ज किए जा चुके है। जिसमें से 39 पेसेंट सिर्फ हैलट अस्पताल से डिस्चार्ज हुए है। 11 पेसेंट सरसौल सीएचसी से और एक पेसेंट उर्सला अस्पताल से डिस्चार्ज हुए हैं।

युवक के संक्रमित पाए जाने के बाद उसके दोस्तों की नींद उड़ी

कानपुर में एक बड़ा ही अनोखा मामल सामने आया है। दोस्त की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के जानकारी दूसरे दोस्तों को हुई तो सभी में हड़कंप मच गया। संक्रमित युवक का एक दोस्त तो घर छोड़कर भाग गया । पुलिस ने उसे सर्विलांस के माध्यम से जंगलों के बीच पकड़कर लाना पड़ा। दरसल सूरत में काम करने वाले 12 दोस्त बीते 2 मई को एक साथ ट्रक से लौटे थे। कानपुर देहात के मनेथू निवासी में संक्रमित पाया गया तो दोस्तों में खलबली मच गई।

बिधनू के बाबीपुरवा में रहने वाला युवक घर से भाग गया। पुलिस को सर्विलांस की मदद लेनी पड़ी। पुलिस ने भागे हुए युवक को जंगल से बरामद किया। युवक ने बताया कि मेरे साथ ट्रक में बिधनू के करौली गांव के 10 और रमईपुर के एक युवक ट्रक में शामिल थे। फिलहाल पुलिस ने सभी को नारायणा कॉलेज में क्वारैंटाइन कराया गया है।



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कानपुर में एक साथ 15 लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है। यहां संक्रमित मरीजों का आंकड़ा लागतार बढ़ता जा रहा है।




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अब तक 3159 पॉजिटिव पाए गए, इसमें एक्टिव केस 1824: आगरा में संक्रमितों का आंकड़ा 600 के पार पहुंचा

उत्तर प्रदेश में बीते 24 घंटे में 155 कोरोना पॉजिटिव मरीज पाए गए हैं। इसके साथ ही संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 3159 हो गई है। इसमें एक्टिव केस 1824 हैं और1152 जमाती शामिल हैं। दो कोरोना संक्रमित की मौत होने के बाद यह आंकड़ा 60 पहुंच गया है। वहीं यूपी सरकार ने 25 मार्च को पान मसाला पर प्रतिबंध लगाए जाने का फ़ैसला वापस लेते हुए केवल (निकोटिन) तंबाकू की बिक्री पर रोक जारी रखी है। तम्बाकू एवं निकोटीन युक्त पान मसाला व गुटखा पर प्रतिबंध जारी रहेगा।

उत्तर प्रदेश में अब तक60 लोगों की मौत हो चुकी हैं।कोरोना की चपेट में सबसे बड़ा हॉटस्पॉट बनेआगरा में 16, मेरठ में 8, मुरादाबाद में 7, कानपुर में 5, मथुरा में चार, फिरोजाबाद में तीन, ग़ाज़ियाबाद, अलीगढ़ में 2-2 और कानपुर देहात, श्रावस्ती1, एटा, मैनपुरी, अमरोहा, प्रयागराज, बिजनौर, बस्ती, बुलंदशहर, बरेली में 1-1 मौत अब तक हुई हैं।

अब तक 3159 पॉजिटिव केसों का जिलेवार विवरण: आगरा में 655, कानपुर नगर में 292, लखनऊ में 269,सहारनपुर में 205, गौतमबुद्धनगर (नोएडा) में 193,फिरोजाबाद में 177, मेरठ में 174, मुरादाबाद में 116, गाजियाबाद में 110, वाराणसी में 77, अलीगढ़ में 50, बुलन्दशहर में 57, रायबरेली में 46, हापुड़ में 47, मथुरा, अमरोहा, बस्ती में 36, बिजनौर में 34, संतकबीरनगर में 30, शामली में 29 , रामपुर में 25, मुजफ्फरनगर में 24, सीतापुर में 20, संभल में 19, सिद्धार्थनगर , बागपत में 17- 17 और बदायूं में 16 पॉजिटिव पाए गए हैं।

वहीं प्रयागराज-बहराइच में 15-15, बांदा-प्रतापगढ़ में 14, औरैय्या में 13, एटा में 12,बरेली में 10, मैनपुरी- झांसी, में 9-9, श्रावस्ती- जालौन-जौनपुर-आजमगढ़ में 8-8 पाए गए। कन्नौज- हाथरस- महराजगंज में 7-7, गोंडा-ग़ाज़ीपुर में 6-6, लखीमपुर खीरी- इटावा में 4, पीलीभीत-मिर्जापुर-कासगंज-चित्रकूट-गोरखपुर-सुल्तानपुर में 3-3, हरदोई- कौशाम्बी-गोंडा-भदोही-उन्नाव- बाराबंकी- महोबा- कानपुर देहात-कुशीनगर- देवरिया में दो-दो, शाहजहांपुर-मऊ- बलरामपुर-अयोध्या-अमेठी,में एक-एक कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई हैं।

1130 कोरोना स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किए गए: आगरा से 208, लखनऊ से 161, मुरादाबाद से 116,गौतमबुद्धनगर (नोएडा) से 111, सहारनपुर से 79, मेरठ से 55, गाजियाबाद से 50, कानपुर नगर से 34, फ़िरोज़ाबाद से 33 , अमरोहा से 26, शामली से 27, बस्ती से 20, बुलन्दशहर, बिजनौर से 21-21, मुजफ्फरनगर से 19, रामपुर से 16, सीतापुर से 17, बागपत से 14, , वाराणसी, से 13-13, , मुजफ्फरनगर से 9, बरेली-हापुड़-सम्भल-महराजगंज-प्रतापगढ़ से 6- 6, जौनपुर-गाजीपुर से 5-5, लखीमपुर- खीरी-मैनपुरी-कन्नौज-आज़मगढ़-हाथरस-मथुरा-औरैया-अलीगढ़ से4-4, बांदा-एटा-मैनपुरी-कन्नौज-पीलीभीत से 3-3, हरदोई-बदायूं-कौशाम्बी से 2-2, शाहजहांपुर-बाराबंकी-कासगंज-प्रयागराज-मऊ-उन्नाव-भदोही-सम्भल-इटावा से 1-1, कोरोना मरीज को स्वस्थ पूर्णतया करवाकर डिस्चार्ज किया जा चुका है।



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उत्तर प्रदेश में कोविड -19 से संक्रमित मरीजों का आंकडा तीन हजार को पार कर गया है। इससे अब तक 60 लोगों की मौत हो चुकी है। सबसे अधिक आगरा में 600 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं।




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दो पुलिसकर्मी सहित 3 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए, शहर में 18 पहुंची संक्रमित मरीजों की संख्या

उत्तर प्रदेश में झांसी मिले में कोरोना के मामले लगातार बढ़ते जा हर हैं। जिले में 3 नए मामले सामने आए हैं जिनमें से 2 पुलिसकर्मी और एक ग्रामीण शामिल है। कुल मामलों की संख्या 18 पहुंच चुकी है। इनमें से एक बुजुर्ग की मौत भी ही चुकी है। दोनों पुलिसकर्मियों की पैरामेडिकल कॉलेज स्थित क्वारैंनटाइनसेंटर में ड्यूटी लगाई गई थी। वे पुलिसकर्मी भी कोरोना पॉजिटिव निकले। फिलहाल सभी को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया है। नए मरीजों की संपर्क हिस्ट्री चेक की जा रही है। नए हॉटस्पॉट एरिया को पूरी तरह से सील कर दिया गया है। यहां सैनिटाइज का काम कराया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार जिले के गरौठा थाना क्षेत्र के जलालपुर गांव के रहने वाले एक व्यक्ति को मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए भर्ती किया गया था। उस व्यक्ति की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने से कोरोना संक्रमण की आंच ग्रामीण क्षेत्र तक पहुंच गई। अब जनपद में दो हॉटस्पॉट एरिया हो गए।

राजस्थान से श्रमिकों को लेकर आज आएंगी बसें

जिले में बृहस्पतिवार को राजस्थान से श्रमिकों की घर वापसी होगी। इसे लेकर जिले सेरोडवेज बसों को मथुरा भेजा गया है। जहां से श्रमिकों को लेकर बसें झांसी समेत प्रदेश के विभिन्न जिलों के लिए रवाना होंगी।
लॉकडाउन के दौरान बाहरी प्रदेशों से श्रमिकों की घर वापसी का सिलसिला चल रहा है। अब सरकार ने राजस्थान में फंसे श्रमिकों की घर वापसी के लिए राजस्थान सरकार से करार करते हुए मथुरा को केंद्र बनाया है। सीडीओ रोडवेजबसें मथुरा रवाना की गई हैं। जो राजस्थान से आ रहे श्रमिकों को लेकर झांसी और अन्य जिलों में पहुचेंगी।



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झांसी में दो पुलिसकर्मियों समेत 3 लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है, जिससे आंकड़ा बढ़कर 18 तक पहुंच गया है। सभी को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया है।




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योगी ने राज्य सरकारों से मांगी प्रवासी कामगारों की जिलेवार सूची, कहा- वापस आए सभी श्रमिकों को रोजगार देने की व्यवस्था होगी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रदेश सरकार अपने राज्य के सभी श्रमिकों को लाना चाहती है। इसके लिए संबंधित राज्य सरकारें यूपी के प्रवासी कामगारों की जनपदवार सूची उपलब्ध करायें। जो राज्य सरकारें सूची उपलब्ध कराएं ताकिउन्हें लाने की व्यवस्था हम तत्काल दे सकें।उन्होंने कहा है कि अभी तक दूसरे प्रदेशों से प्मगारों को लेकर 37 ट्रेनें आ चुकी हैं। इससे क़रीब 30 हज़ार से अधिक प्रवासी श्रमिक कामगार आए हैं। इसके अलावा पिछले सप्ताह हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश से भी बसों से तीस हज़ार से अधिक श्रमिक एक लाए गए हैं।

योगी ने कहा कि श्रमिकों को लेकर आज 20 ट्रेनें आ रही हैं। कल भी 25 से 30 ट्रेनें प्रवासीकामगारों को लेकर प्रदेश में आएंगी। उन्होंने कहा कि श्रमिकों को सुरक्षित घरों तक पहुंचाने के लिए परिवहन निगम की 10,000 से ज्यादा बसें लगाई गई हैं। हम यहाँ आने वाले हर श्रमिक को जांच के लिए क्वारैंटाइन सेंटर में रखने और उन्हें सुरक्षित घरों तक पहुँचाने की व्यवस्था कर रहे हैं। साथ ही प्रत्येक कामगार को खाद्यान्न और एक हज़ार रुपए का भरण पोषण भत्ता भी दे रहे हैं।

यूपी में क्वारेंटाइन सेंटरों की क्षमता 12 लाख से ज्यादा

सीएम योगी ने बताया कि प्रदेश के क्वारैंटाइन सेंटरों की क्षमता अब 12 लाख से ज़्यादा की हो गई है। सभी के चेकअप के लिए 50 हज़ार से अधिक लोगों की मेडिकल टीमें लगाई गई हैं।योगी ने ज़िला प्रशासन को निर्देश दिया है कि वे सभी प्रवासी कामगारों से सहानुभूति पूर्ण सम्मान जनक व्यवहार करते हुए उन्हें समय से खाद्यान्न, भरण पोषण भत्ता व नौकरी रोज़गार उपलब्ध कराया जाए।



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योगी ने सभी राज्यों की सरकारों से यूपी के कामगारों की जिलेवार सूची मांगी है। योगी ने कहा है कि उनकी सूची तत्काल उपलब्ध कराएं ताकि उनको वापस बुलाया जा सके।




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राजस्थान व झारखंड के 1494 मजदूरों को उनके घर भेज रहा प्रशासन, महिला ने कहा- खाली चावल खाकर गुजारे दिन

उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी काशी में भी कोरोना वायरस का प्रकोप जारी है। यहां अब तक 77 पॉजिटिव केस सामने आ चुके हैं। इनमें 20 ठीक हुए हैं, जबकि एक रोगी की मौत हो गई थी। इसी बीच यहां लॉकडाउन मेंराजस्थान व झारखंड केफंसे पर्यटक, विद्यार्थी व अन्य लोगों को प्रशासन गुरुवार को उनके घर भेज रहा है। राजस्थान की श्रमिक मधु ने कहा- खाली चावल खाकर कई दिनों रहना पड़ा है। अब जीते जी घर पहुंच जाए, यही इच्छा है। वहीं, मार्बल कटिंग का काम करने वाले मोहम्मद अली ने कहा- सेठ पैसा नहीं दे रहे हैं। काम भी नहीं हो रहा है। ऐसे में घर अपनों के बीच पहुंच जाएं, यही बहुत है।

1494 मजदूरों को भेजा हा रहा, सभी की जांच हुई

प्रशासन ने प्रवासी कामगारों को निशुल्क उनके घर भेज रहा है। इनमेंश्रमिकों के अलावा विद्यार्थी, तीर्थयात्री, पर्यटक शामिल हैं।डीएम कौशल राज शर्मा ने बताया कि निशुल्क रजिस्ट्रेशन के बाद ही लोगों कोभेजा जा रहा है। इसके लिए उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसों को लगाया गया है। संपूर्णानंद संस्कृत यूनिवर्सिटी और कैंट से बसों को भेजा जा रहा है। राजस्थान के 494 लोगों को भरतपुर और झारखंड के 900 लोगों को गढ़वा भेजा जा रहा है। सभी की स्क्रीनिंग की गईहै।बिहार के लोगों को रजिस्ट्रेशन कराना होगा। उनको 8 या 9 मई को रवाना किया जाएगा।

ये तस्वीर वाराणसी की है। यहां गुरुवार को राजस्था व झारखंड के श्रमिकों को भेजा गया।

बस ड्राइवर ने कहा- नहीं मिला खाना-पानी
वहीं बस के ड्राइवरों का आरोप है कि रात में ही हमें बुला लिया गया था। खाना पानी भी कुछ नहीं दिया गया। बसों को नालों के पास लगवा दिया। बदबू से पूरी रात सो नहीं सके। ड्राइवर राजा ने बताया कि, 30 गाड़ियों में 60 ड्राइवर थे। किसी ने पानी तक नहीं दिया। लम्बीदूरी तय करना है। आराम नहीं करेंगे तो जाएंगे कैसे? लेकिन सरकार के निर्देशों का पालन करना है।



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ये तस्वीर वाराणसी की है। यहां गुरुवार सुबह मजदूरों को रवाना करने से पहले उनकी स्कैनिंग की गई।




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अब तक 3159 संक्रमित; 3 हजार से ज्यादा मरीजों वाला देश का सातवां राज्य बना यूपी, सरकार ने पान मसाले पर लगा प्रतिबंध हटाया

उत्तर प्रदेश में बुधवार दोपहर से गुरुवार सुबह तक 155 कोरोना पॉजिटिव मरीज पाए गए हैं। इसके साथ राज्य में संक्रमितों की संख्या बढ़कर3159 हो गई। इसमें एक्टिव केस 1824 हैं। इसमें 1152 जमात से जुड़ेहैं। इधर,मैनपुरीजिलेके महमूदनगर और सिकंदरपुर में पकड़े गए 10जमातियों के विरुद्ध कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। सभी को पहले ही क्वारैंटाइन किया जा चुका है।

राज्य में कोरोना से मौत का आंकड़ा 60 हो गया हैं। वहीं, यूपी सरकार ने 25 मार्च को पान मसाला पर प्रतिबंध लगाने का फ़ैसला वापस लेते हुए केवल (निकोटिन) तंबाकू की बिक्री पर रोक जारी रखी है। तम्बाकू एवं निकोटीन युक्त पान मसाला व गुटखा पर प्रतिबंध जारी रहेगा।

ये फोटो लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन के बाहर का है। यहां स्पेशल ट्रेनों से प्रवासी मजदूर वापस लौट रहे हैं।

राज्य में संक्रमण के सबसे ज्यादा मामले आगरा में

आगरा में 655, कानपुर नगर में 292, लखनऊ में 269,सहारनपुर में 205, गौतमबुद्धनगर (नोएडा) में 193, फिरोजाबाद में 177, मेरठ में 174, मुरादाबाद में 116, गाजियाबाद में 110, वाराणसी में 77, अलीगढ़ में 50, बुलन्दशहर में 57, रायबरेली में 46, हापुड़ में 47, मथुरा, अमरोहा, बस्ती में 36, बिजनौर में 34, संतकबीरनगर में 30, शामली में 29, रामपुर में 25, मुजफ्फरनगर में 24, सीतापुर में 20, संभल में 19, सिद्धार्थनगर, बागपत में 17- 17 और बदायूं में 16, प्रयागराज-बहराइच में 15-15, बांदा-प्रतापगढ़ में 14, औरैयामें 13 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई।

कोरोना अपडेट्स

वाराणसी: वाराणसी में फंसे राजस्थान और झारखंड के लोगों कोवापस भेजा जा रहा है।इससेपहले सभी लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग कीजा रही है।जिला प्रशासन की ओर से सभी को संस्कृत यूनिवर्सिटी मैदान में इकठ्ठा किया गया। यहांसे स्वस्थलोगों कोयूपी रोडवेज की बसों से घरभेजा जा रहा है।इस दौरानसोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराया गया।

यूपी सरकार की तरफ से वाराणसी में फंसे लोगों को बसों से उनके घर भेजा रहा है। इनमें राजस्थान और झारखंड के मजदूर भी शामिल हैं।
  • आगरा: जिलेमें 27 नए मरीज मिले। बुधवार सुबह 13 की कोरोना की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके बाद रात में 14 और लोग संक्रमित पाए गए। जिले में कोविड-19 के 667 मरीज हो गए।
  • मेरठ: बुधवार रात को आई रिपोर्ट में 10 और मरीज कोरोना पॉजिटिव पाए गए।अब जिलेमें मरीजों की संख्या 186 हो गई। कानपुर में इलाज करा रहे मेरठ के मरीज को जोड़ दिया जाए तो यह संख्या 187 हो जाएगी।
  • हाथरस:जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार ने बताया कि मुरसान के करील का निवासी एक व्यक्ति आगरा में अपना उपचार करा रहा था। आगरा में ही उसके कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई। एहतियात के तौर पर हाथरस में उसके परिजनको भी क्वारैंटाइन किया गया है।
  • हापुड़: जिले में 6 नए कोरोना पॉजिटिव की पुष्टि हुई। सभी मरीज पहले से हॉटस्पॉट गांव कुराना के रहने वाले हैं। बुधवार सुबह भी मजीदपुरा निवासी एक महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी।
  • कानपुर: बुधवार को कोरोना के 15 नए मामले सामने आए। सीएमओ डॉ. अशोक शुक्ला ने बताया कि ये सभी लोग हॉटस्पॉट एरिया के हैं और कोरोना संक्रमितों के संपर्क में आए बताए जा रहे हैं। कानपुर में अब कोरोना संक्रमितों की संख्या 290 हो गई।
  • गाजियाबाद:जिले में बुधवार को भी 6नए मरीजों की पुष्टि हुई। इनमें 3मरीज खोड़ा केरहने वाले हैं। 2मरीज 3दिन पहले एक व्यक्ति की तबीयत खराब होने पर अस्पताल में भर्ती कराने आए थे। जांच में कोरोना पुष्टि होने के साथमरीजकी मौत हो गई थी।
  • मैनपुरी: जिलेके महमूदनगर और सिकंदरपुर में पकड़े गए 10जमातियों के विरुद्ध कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। सभी कोपहले ही क्वारैंटाइन किया जा चुका है। बताया गया कि यहांतब्लीगी जमात के मरकज में शामिल जमाती लॉकडाउनके बाद से महमूदनगर में छिपा हुआ था।उसने सभी से मरकजमें शामिल होने की बात छिपाई और लोगों से लगातार मिलता रहा। 4 अप्रैल को आगरा गेट चौकी इंचार्ज अतेंद्र सिंह ने जमाती हबीन खान को हिरासत में लेकरक्वारैंटाइन सेंटर भेजा था।
प्रयागराज रेलवे स्टेशन पर बाहर से आने वाले प्रवासियों की फोटो खींचता पुलिस का सिपाही।


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यह तस्वीर वाराणसी की है। गुरुवार को झारखंड और राजस्थान के लोगों को उनके गृह राज्य वापस भेजने से पहले थर्मल स्क्रीनिंग की गई।




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320 प्रवासी श्रमिकों को 16 बसों से राजस्थान भेजा गया, मजदूरों के चेहरों पर दिखी अपनों के बीच जाने की खुशी 

राजस्थान सरकार के रजिस्ट्रेशन पोर्टल में रजिस्ट्रेशन कराने वाले 320 श्रमिकों को गुरुवार को कानपुर से राजस्थान भेजा गया। अपनों के बीच जाने की खुशी मजदूरों और महिलाओं में साफ देखी जा सकती थी। राजस्थान जाने से पहले महिलाओं ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का आभार भी प्रकट किया। सभी यात्रियों की झकरकटी बस अड्डे पर डॉक्टरों ने थर्मल स्क्रिनिंग कर रिपोर्ट कार्ड तैयार किया। इसके बाद सभी को लंच पैकेट के साथ 16 बसों से रवाना किया गया।

लॉकडाउन के बाद कानपुर में राजस्थान के 320 लोग फंसे हुए थे। लगभग 280 श्रमिक थे और उनके परिवार के सदस्य थे। इसके साथ ही कुछ महिलाएं अपनी रिश्तेदारी में आई शहर आई थी। कुछ छात्राएं भी शामिल थी। बीते 45 दिनों से कानपुर फंसे लोग अपने प्रदेश जाने के लिए झकरकटी बस अड्डे पहुंची तो उनके चहरे खुशी से चमकने लगे।

मां के इलाज के लिए आयी थी लेकिन लॉकडाउन में फंस गई
छात्रा प्रिया शाह ने बताया कि मैं कानपुर अपनी मां के इलाज के लिए आई थी। लॉकडाउन लगने की वजह से हम लोग यहां पर 40 दिनों से फंसे हुए है। हम उत्तर प्रदेश सरकार का धन्यवाद करना चाहते है। हमें वापस अपने राज्य पहुंचाया जा रहा है। सुरभि चौहान ने कहा- मैं चित्तौडगढ से हूं। यहां पर पिछले डेढ महीनें से फंसी हुई हूं। अब मैं वापस जा रही हूं इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बहुत-बहुत धन्यवाद देती हूं।

कानपुर में बस अडडे पर राजस्थान जाने से पहले लोगों की जांच करता स्वास्थ्यकर्मी। थर्मल स्कैनिंग के बाद ही लोगों को जाने की इजाजत दी गई।

अपर नगर मजिस्ट्रेट अमित कुमार के मुताबिक प्रदेश सरकार के अवाहान पर और राजस्थान गवर्मेंट के रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर 320 प्रवासी मजदूरों ने जो यहां फंसे हुए थे। उन्होने रजिस्ट्रेशन कराया था जिसके संबध में 13 बसों से सोशल डिस्टेसिंग की गाइड लाइन से भेजा जा रहा है। प्रवासी श्रमिकों के लिए डॉक्टरों की टीम लगाकर थर्मल स्क्रिनिंग कराई जा रही है।

उन्होंने कहा कि इसके साथ इनके लिए खाने और पीने के पानी की भी व्यवस्था कराई गई है। सुरक्षाकर्मियों के साथ भरतपुर बार्डर पर सभी को छोड़ा जाएगा। 320 यात्रियों के अलावा भी जाना चाहते है उन्हे भी भेजा रहा है।



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यह तस्वीर कानपुर झकरकट्‌टी बस अड्‌डे की है। यहां से गुरुवार को श्रमिकों को सरकारी बसों से राजस्थान भेजा गया। इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं।




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सेंट्रल कारागार में निरुद्ध हत्या मामले का सजायाफ्ता कैदी संक्रमित मिला; संपर्क में आने वाले 14 बंदी क्वारैंटाइन

ताजनगरी आगरा में अब सेंट्रल जेल पर कोरोना वायरस का खतरा मंडराने लगा है। कारण यहां झांसी जिले के रहने वाले एक सजायाफ्ता कैदी की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। उसे हाई ब्लड प्रेशर व ब्रेन स्ट्रोक के चलते बीते दिनों से एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया था। इसके बाद उसके संपर्क में आए 14 अन्य कैदियों को क्वारैंटाइन कर दिया गया है। इनकी सैंपलिंग होगी।

ब्रेन स्ट्रोक होने पर एसएन मेडिकल कॉलेज में हुआ इलाज
झांसी क रहने वाला 60 वर्षीय बंदी हत्या के प्रकरण में आगरा सेंट्रल जेल में सजा काट रहा है। वह पिछले साल दिसंबर माह में यहां लाया गया था। जेल प्रशासन के अनुसार, तीन मई को ब्रेन स्ट्रोक होने पर उसे एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया था। उस समय बंदी का टेस्ट कराया गया था। बंदी तब से वहीं भर्ती है। बुधवार को उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।

डीआईजी बोले- संपर्क में आने वालों की होगी सैंपलिंग

डीआईजी जेल लव कुमार ने बताया कि, बंदियों की मुलाकात मार्च माह से बंद है। स्टॉफ को भी सैनिटाइज होने के बाद अंदर जाने दिया जाता है। बंदी के संपर्क में आए बैरक के 14 बंदियों को क्वारैंटाइन कर दिया गया है। इसके अलावा बंदी की दोबारा सैंपल लेकर कोरोना टेस्ट कराया जाएगा।

कैसे हुआ संक्रमित, उठे कई सवाल

बंदियों की मुलाकात बंद है। वह इलाज के लिए बाहर नहीं गया। इसके बाद वह कैसे संक्रमित हो गया? इसे लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। पहले यह आशंका जताई जा रही थी, कि वह एसएन में भर्ती होने के दौरान संक्रमित हुआ होगा, लेकिन बंदी का कोरोना टेस्ट भी चार मई को हुआ है। इतनी जल्दी पॉजिटिव रिपोर्ट आने में संशय है। आशंका यह भी है कि, जेल परिसर में ही किसी बंदी रक्षक के संपर्क में आकर वह संक्रमित हुआ है।

आगरा में अब तक 16 की जान गई
प्रदेश में बीते 24 घंटे में 155 कोरोना पॉजिटिव मरीज पाए गए हैं। इसके साथ ही संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 3159 हो गई है। इसमें एक्टिव केस 1824 हैं और 1152 जमाती शामिल हैं। मौतों का आंकड़ा 60 पहुंच गया है। कोरोना की चपेट में सबसे बड़ा हॉटस्पॉट बने आगरा में अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है। बीते 24 घंटे में यहां एक महिला सिपाही समेत तीन की मौत हुई। आगरा में अब तक 655 संक्रमित मिल चुके हैं।



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कोरोना की चपेट में सबसे बड़ा हॉटस्पॉट बने आगरा में अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है। बीते 24 घंटे में यहां एक महिला सिपाही समेत तीन की मौत हुई। आगरा में अब तक 655 संक्रमित मिल चुके हैं। 




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संपत्ति बंटवारे को लेकर सगे भाईयों में संघर्ष, चाचा ने भतीजी का गला रेत दिया, 16 दिन बाद होनी थी शादी

जिले केमाधवपुरवा गांव में जमीनी विवाद को लेकर गुरुवार दोपहर दो सगे भाईयों के बीच जमकर लाठी-डंडे चले। इस बीच चाचा ने अपनी भतीजी की हंसिया से गला रेतकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने मृतका के परिजनों की तहरीर पर चाचा-चाची समेत चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। जांच में पता चला है कि, मृतका की 23 मई को शादी तय थी। घटना के बाद मृतका के घर मातम पसरा है।एसएसपी देहात रवींद्र सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है।


हरदी थाना क्षेत्र में दहाव गांव के मजरा माधवपुरवा में गुरुवार को दशरथ यादव का अपने छोटे भाई राजमंगल, राजमन से जमीन के बंटवारे को लेकरपंचायत हो रहीथी। पंचायत में बात जमीन के कुछ हिस्से को लेकर कहासुनी होने लगी। इसके बाद लाठी-डंडे चलने लगे। इस पर दोनों परिवार के लोगभी आ गए और मामला बढता चला गया। इसी दौरान चाचा राजमगंल व राजमन ने अपनी 19 वर्षीय भतीजी ज्योति को पकड़कर उस परहंसिए से गले पर हमला कर दिया।

ज्योतिखून से लथपथ होकर मौके पर गिर पड़ी और घटना स्थल पर ही उसकी मौत हो गई। मारपीट में मृतका के भाई श्रवण कुमार व बहन शीला देवी को भी गंभीर चोटे आईं। घटना की सूचना पर एएसपी रवींद्र सिंह, सीओ शंकर प्रसाद व थानाध्यक्ष शिवानंद यादव घटना स्थल पर पहुंचे। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

एसपी विपिन मिश्रा ने बताया कि इस प्रकरण में मृतका के परिजनों के तहरीर पर चाचा-चाची समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं, मृतका ज्योति की मां अल्पना ने रोते हुए बताया कि बिटिया की शादी पड़ोस के बेलासपुर गांव निवासी दिनेश के साथ तय हुई थी। 23 मई को शादी होनी थी।



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ये तस्वीर बहराइच के माधवपुरवा गांव की है। यहां युवती की हत्या के बाद एसएसपी देहात ने पीड़ित परिवार से जानकारी ली।




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शराब के ठेके खुलने के बाद अखाड़ा परिषद ने की योगी से अपील, कहा- देवालयों के दरवाजे श्रद्धालुओं के लिए बंद क्यों 

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने शराब के ठेकों को खोलने की इजाजत दे दी है। इसे लेकर विधायक से लेकर साधु संत तक सरकार की आलोचना कर रहे हैं। प्रयागराज स्थित अखाड़ा परिषद ने लॉकडाउन में शराब की दुकानें खोले जाने के बाद अब मंदिरों को भी आम श्रद्धालुओं के लिए खोले जाने की मांग उठने लगी है। है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्रगिरी ने कहा है कि सरकार ने शराब की दुकानें खोली हैं तो आखिर देवालयों के दरवाजे श्रद्धालुओं के लिए अब तक क्यों बंद रखे गए हैं।

हरिद्वार के धर्माचार्यों और काशी विद्वत परिषद के बाद अब साधु-संतों की सर्वोच्च संस्था अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने भी लॉकडाउन में मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खोले जाने की मांग की है। उन्होंने सरकार से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए सभी छोटे-बड़े मंदिरों के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाने की मांग की है।

महंत नरेंद्र गिरी ने कहा है कि मंदिर खोले जाने की मांग को लेकर अखाड़ा परिषद के महामंत्री और पंच दशनाम जून अखाड़े के संरक्षक महंत हरि गिरि से बातचीत के बाद देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक पत्र भी लिखेंगे।

दो माह से मंदिरों कपाट बंद, पुजारियों और कर्मचारियों को नहीं मिल रहा वेतन
महंत नरेन्द्र गिरी ने कहा कि कोरोना को लेकर पिछले डेढ़ माह से लॉकडाउन है और लगभग दो माह से मंदिरों के कपाट बंद हैं। ऐसे में मंदिरों में पुजारियों और अन्य कर्मचारियों को वेतन देने में भी बहुत कठिनाई आ रही है। जब राजस्व के लिए सरकार शराब की दुकानें खोले जाने की अनुमति दे सकती है, तो उसे दूसरी दुकानें और मंदिरों को भी खोले जाने की अनुमति दे देनी चाहिए। जिससे लोगों की रोजी-रोटी भी चलती रहे।



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अखिल भारतीय अखाडा परिषद ने सीएम योगी से अपील की है कि शराब के ठेके खुलने के अब मंदिरों के कपाट भी खोलने की मंजूरी दी जाए जिससे साधु संतों की रोजी रोटी चल सके।




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1188 श्रमिकों को लेकर जालंधर से चली पहली श्रमिक स्पेशल ट्रेन अयोध्या पहुंची, थर्मल स्कैनिंग के बाद उन्हें भेजा गया

देश में लॉकडाउन की सीमा 17 मई तक बढ़ा दी गई है। इस बीच उत्तर प्रदेश में दूसरे राज्यों से श्रमिकों को लेकर रेलगाड़ियां अलग-अलग जिलों में पहुंच रही हैं। इस बीच गुरुवार को पंजाब के जालंधर जिला से करीब 1200 श्रमिकों को लेकर श्रमिक स्पेशल ट्रेन फैजाबाद पहुंच गई है। रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की थर्मल स्कैनिंग के बाद ही उन्हें रोडवेज बसों के माध्यम से गंतव्य तक भेजा गया।

पहुंचाने की व्यवस्था के लिए डीएम एके झा व एसएसपी आशीष तिवारी अन्य अधिकारियों की टीम के साथ पहले से ही मौजूद थे। फैजाबाद रेलवे जंक्शन पर ही उनको लंच पैकेट भी दिए गए। डीएम के मुताबिक पंजाब से यहां पहुंची जिले की पहली श्रमिक ट्रेन में सवार अयोध्या बस्ती संतकबीरनगर रायबरेली अमेठी गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्त,सुल्तानपुर व अंबेडकर नगर आजमगढ़ आदि जिलों के श्रमिक सवार थे। सभी को उनके घरों को भेजने के लिए रोडवेज बसों की व्यवस्था की गई है।श्रमिकों को सोशल डिस्टेसिंग का पालन करवाते हुए थर्मल स्क्रीनिंग करवाई गई है।

डीएम एके झा के मुताबिक, पंजाब सरकार व यूपी सरकार के कोआर्डिनेशन में श्रमिकों को लाया गया है। जिसमें कुल 1188 श्रमिक इस ट्रेन से पहुंचे हैं। जिसमें से 600 श्रमिक अयोध्या के ही हैं। सभी यात्रियों की थर्मल स्कैनिंग करवाने के बाद सूचीबद्ध कर उनके जिलों वे तहसीलों को भेजा जा रहा है जहां वहां की टीम की सुपुर्दगी में इनको दे दिया जाएगा। जो इनको होम क्वारैंटाइन व अन्य व्यवस्था करेगी।गांव तथा मोहल्ले स्तर पर बनी निगरानी समितियां इन पर निगरानी रखेंगी।



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यह तस्वीर अयोध्या की है जहां गुरुवार को पंजाब के जालंधर से श्रमिकों को लेकर एक ट्रेन यहां पहुंची। इसमें कई जिले के श्रमिक शामिल थे जिन्हें यहां से जांच के बाद उनके घरों को भेज दिया गया।




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16 हजार रुपए का डीजल भरकर दौड़ीं 9 बसें, कमाई हुई छह हजार; अब तक रोडवेज विभाग को 13 करोड़ का नुकसान

केंद्र सरकार ने कोरोनावायरस महामारी के बीचजारी लॉकडाउन फेज तीन में ग्रीन जोन में रोडवेज की 50 फीसदी बसों को संचालित करने की रियायत दी है। शाहजहांपुर जनपद ग्रीन जोन में है। इसलिए यहां प्रशासन ने बुधवार से 9 बसों को सड़कों पर दौड़ाया। लेकिन जब विभाग ने गुरुवार को नुकसान व लागत का गुणा गणित लगाया तो वे उनके होश उड़ गए। एक दिन में यहां महज 6 हजार रुपए की कमाई हुई। जबकि, विभाग को 16 हजार रुपए का डीजल बसों में डालना पड़ा था। ऐसे में यदि ऐसे ही हालात रहे तो विभाग को हर दिन लाखों रुपए का नुकसान तय है। बता दें, सामान्य दिनों मेंरोडवेज विभाग एक दिन में 30 लाख रूपएकी आमदनी करता था। इस तरह 46 दिन लॉकडाउन से विभाग को13 करोड़ 80 लाख रूपएका नुकसान उठाना पड़ा है।

1.20 करोड़ रुपए हर माह बंटती है सैलरी

25मार्च से शाहजहांपुर जिले में रोडवेज के पहिए ठप हैं।एआरएम एसके वर्मा ने बताया कि, बस में अधिकतम 25 सवारी बैठाने के आदेश दिएगए हैं। ताकि बसों में भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो सके। 6 मई के दिन 9 बसें चलीं। लेकिन सवारियों के नाम पर महज 180 लोगोंने सफर किया। जिनसे रोडवेज विभाग को महज 6,877 रूपएकी ही आमदनी हो सकी। जबकि 16 हजार रूपएका डीजल रोडवेज विभाग को डलवाना पड़ा था। यहां विभाग में 744 कर्मचारी कार्यरत हैं। जिनको 1 करोड़ 20 लाख रूपएप्रति माह सैलरी बांटी जाती है। लेकिन लाॅकडाउन से अब तक 13 करोड़ रुपए से अधिक राजस्व का नुकसान हो चुका है।अगर ऐसा ही रहा तो कर्मचारियों की सैलरी बांटना भी टेढ़ी खीर हो जाएगा।

एआरएम एसके वर्मा।

कुल 122 बसें, आधी मजदूरों को ढो रहीं

शाहजहांपुर में रोडवेज विभाग के पास 122 बसेहैं,जो अन्य जिलों और दूसरे राज्यों में जाने वाली हैं। लाॅकडाउन में 66 बसें सरकार ने मजदूरों को लाने के लिए हरियाणा वअन्य प्रदेशों मे भेजी है। आमदनी के नाम पर सिफर इस विभाग को उनके मेंटीनेंस पर भी खर्च करना भारी पड़ रहा है।

डिपो पर खड़ी बसें।

संविदा ड्राइवरों का अपना दर्द

विभाग में कई संविदा ड्राइवर भी हैं। जिनमें से किसी को 14 हजार रूपए तो कोई 10 हजार रूपए प्रतिमाहसैलरी पाता है। जिससे इनके परिवार का भरण पोषण होता है। लेकिन ड्राइवर हरिओम वाजपेयी और अमित कुमार का कहना है कि उनको बताया गया कि अब सैलरी में से तीन से चार हजार रूपएकाट लिएजाएंगे। उनका कहना है कि जब पीएम मोदी और सीएम योगी ने कहा था कि लाॅकडाउन में किसी भी कर्मचारियों की सैलरी नहीं काटी जाएगी तो फिर अब ऐसा क्यों किया जा रहा है।



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ये तस्वीर शाहजहांपुर रोडवेज अड्डे की है। यहां बसें लॉकडाउन में खड़ी हैं। महज 9 बसों को बुधवार को रोड पर चलाया गया।




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सूक्ष्म विषाणु कोविड-19 से लड़ने के लिए अनुशासित जीवनशैली ही होगी अचूक अस्त्र

दुनिया में दहशत का पर्याय बना सूक्ष्म विषाणु कोविड-19 से निपटने में फिलहाल अनुशासित जीवनशैली अचूक अस्त्र साबित हो सकती है। मेरठ के शोभित विश्वविद्यालय में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय स्तर के प्रख्यात सूक्ष्मजीव वैज्ञानिकों की ऑनलाइन संगोष्ठी (वेबिनार) में यह विचार व्यक्त किए गए।

टीका बनने तक मुश्किल
चीन में जिनजिंग मेडिकल यूनिवर्सिटी की पूर्व एमीरेट्स प्रोफेसर डॉ.अमीना अथर ने कहा कि दुनिया को कोरोना वायरस के खात्मे का इंतजार करने के बजाय उससे लड़कर ही जीना सीखना होगा। इसका सफल टीका बनने या प्रभावी उपचार मिलने तक पहले जैसा जीवन जीने के बारे में सोचना भी बेमानी होगी।

सोशल डिस्टेंसिंग का पालन ईमानदारी से करना होगा
ओल्डनबर्ग विश्वविद्यालय जर्मनी में वैज्ञानिक निर्देशक अनुसंधान के पद पर कार्यरत डॉ. अथर की कोरोना पर विशेष शोध करने पर चीन और यूरोपीय देशों द्वारा उनकी बड़े पैमाना पर सराहना की गई है। उन्होने कहा कि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन ईमानदारी से करने की जरूरत है। मास्क के बगैर घर से बाहर निकलना सूक्ष्म विषाणु का निमंत्रण देने के समान होगा। विवाह या अन्य किसी समारोह से परहेज, हाथ मिलाने को फिलहाल अलविदा कहकर और स्कूलों को एक तिहाई छात्र संख्या के आधार पर कई शिफ्टों में चलाने जैसी चीजों को निजी जिंदगी में शामिल करना होगा।

दिनचर्या में बदलाव से ही जंग जीतना संभव
शोभित विवि के कुलपति और जाने माने सूक्ष्मजीव विज्ञानी प्रो. डॉ. अमर प्रकाश गर्ग ने कहा कि सामाजिक और दिनचर्या में बदलाव की आदत डालकर ही कोरोना से जंग जीती जा सकती है। डॉ. गर्ग ने कहा, ‘जब तक कोरोना वायरस का प्रभावी उपचार मिले या सफल टीका बन जाए और हमारे देश के हर नागरिक को मिल जाए, तब तक तो मास्क के बगैर बाहर निकलना, विवाह समारोह जैसे सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल होना लोगों को भूलना ही होगा।’ उन्होंने कहा कि इस प्राकृतिक आपदा से निपटने में अभी कितने साल लगेंगे, कहा नहीं जा सकता, क्योंकि बेहद तेजी से संख्या वृद्धि होने के कारण ही कोरोना वायरस का टीका बनने में समय लग रहा है। लॉकडाउन खत्म होने के बाद भी सिर्फ अपनी जीवनशैली को फिलहाल बदलकर ही कोरोना को मात दी जा सकती है।

स्कूलों में मास्क अनिवार्य करना होगा
कोरोना के कहर से निकल चुके देशों की चर्चा करते हुए संगोष्ठी में सूक्ष्मजीव विज्ञानियों ने काफी बाद में कोरोना की चपेट में आए भारत जैसे देश के लोगों को सलाह दी कि वे सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए कोई कसर न छोड़ें वरना इसके खतरनाक परिणाम हो सकते हैं। शिक्षकों और छात्रों के लिए मास्‍क अनिवार्य करने के साथ ही एक तिहाई संख्या के आधार पर दो से तीन शिफ्टों में चलाए जाने की शर्त पर ही स्कूल खोलने की अनुमति दी जानी चाहिए।

प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाना होगा
संगोष्ठी में बताया गया कि दुनिया के अलग-अलग देशों में कोरोना संक्रमितों के मल से भी इसके अंश मिले हैं, जो संक्रमण चेन बना सकते हैं, जिसके मद्देनजर सीवेज को दशमलव पांच प्रतिशत क्लोरीन की रासायनिक प्रतिक्रिया से वायरस मुक्त किया जाना अत्यन्त जरूरी है। कोरोना के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने के लिए सात से आठ घंटे की नीं‍द, विटामिन-सी युक्त भोजन और योग आदि की भी सिफारिश की गई।



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फाइल फोटो




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गौतमबुद्धनगर जिले में 611 कपड़ा निर्यात इकाइयों को खोलने का रास्ता साफ; लॉकडाउन में 5 हजार करोड़ का ऑर्डर हुआ था रद्द

कोरोनावायरस वैश्विक महामारी के चलते देश व प्रदेश की आर्थिक व्यवस्था बेपटरी हो चुकी है। इसे पटरी पर लाने के लिए गुरुवार कोसूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। नोएडा-ग्रेटर नोएडा में 611 कपड़ा निर्यात इकाइयों को खोलने का निर्णय लिया गया है। प्रमुख सचिव नवनीत सहगल ने इस बाबत आदेशजारी कर दिया है। इससे उन कपड़ा निर्यातकों को बड़ी राहत मिली है, जिनके पास विदेशी ऑर्डर तो मौजूदथा, लेकिन लॉकडाउन में ऑर्डर पूराकर सप्लाई का संकट बना हुआ था। इस कारण करीब पांच हजार करोड़ रूपएसे अधिक का ऑर्डर हाल ही में विदेशी खरीदारों ने रद्दकर दिया था। इससे कपड़ा उद्योग वेंटीलेटर पर चला गया था, लेकिन सरकार एक फैसले ने उद्योग को संजीवनी प्रदान कर दी है।

गारमेंट्स एवं टेक्सटाइल उद्योग है जिले की पहचान

चार मई को प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन ने संयुक्त रूप से एक ऑनलाइन पोर्टल जारी किया था। इस पोर्टल पर कंटेनमेंट जोन के बाहर संचालित इकाइयों को कुछ शर्तों के साथ नोएडा-ग्रेटर नेएडा में संचालन की अनुमति प्रदान की जा रही थी, लेकिन इसमें उन इकाइयों को ही अनुमति जारी की गई थी, जो आकस्मिक सेवा और निरंतर चलने वाली इकाइयांथीं। इस पर नोएडा अपैरल एक्सपोर्ट कलस्टर ने आपत्ति जताते हुए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग को पत्र जारी किया था।

पत्र में लिखा गया कि गौतमबुद्धनगर एक जिला एक उत्पाद में गारमेंट्स एवं टेक्सटाइल उद्योग में दर्ज है। यहां पर तीन हजार से अधिक इकाइयां संचालित हो रही है। इसमें करीब 900इकाइयां गारमेंट्स एक्सपोर्ट ओरिएंटेड (ईओयू) हैं, लेकिन जो अनुमति ईओयू को प्रदान की जा रही है, उसमें केवल एनएसईजेड (नोएडा विशेष आर्थिक जोन) में संचालित इकाइयां शामिल हैं। विभाग इसके बाद संचालित इकाइयों को ईओयू मान ही नहीं रहा है। इसके बाद एमएसएमई एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग प्रमुख सचिव नवनीत सहगल ने मामले को तत्काल मुख्यमंत्री के समक्ष रखा और समस्या का समाधान कर आदेश पत्र जारी कर दिया।


2 हजार करोड़ रुपए का आर्डर किया जाएगा पूरा
नोएडा अपैरल एक्सपोर्ट कलस्टर चेयरमैन ललित ठुकराल ने बताया कि कपड़ा निर्यात उद्योग के लिए यह आदेश संजीवनी है। इससे कुछ निर्यातकों को बर्बाद होने से बचाया जा सकता है, क्योंकि करीब 2000करोड़ रूपएका ऑर्डर अभी भी पूरा किया जाना बाकी है। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन राष्ट्रीय सचिव राजीव बंसल ने बताया कि उनकी कंपनी में अभी करीब 300करोड़ रूपएका ऑर्डर पूरा किया जाना बाकी है। लॉकडाउन के कारण ऑर्डर को पूरा नहीं किया जा सका। अगले एक से डेढ़ माह में यह ऑर्डर सप्लाई कर दिया जाएगा।

कपड़ा निर्यातकों की हल हुई समस्या

जिला उद्योग केंद्र एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग के उपायुक्त अनिल कुमार ने बताया कि,विभाग के प्रमुख सचिव नवनीत सहगल के प्रयास से 24 घंटे से पहले ही नोएडा-ग्रेटर नोएडा में कपड़ा निर्यातकों की समस्या को हल कर आदेश जारी कर दिया है।

10नए मरीजों के साथ संक्रमित मरीजों का आकड़ा 202 पहुंचा
गुरुवार को नोएडा में कोरोनावायरस के 10 नए मामले सामने आए।स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, बीते24 घंटे में 124 लोगों की रिपोर्ट आई। इसमें 114 निगेटिव और 10पॉजिटिव आई।इनमें शारदा अस्पताल के तीन युवक, ग्रेटर नोएडा केमढिया गांव में चार साल की बच्ची व 15 साल की किशोरी के अलावा एक महिला भी संक्रमण का शिकार है। शहर के एपिसेंटर सेक्टर-8में एक किशोरी औरसेक्टर-137 फेलिक्स अस्पताल में महिला समेत दो नए केस आए। अब तक 3,854 लोगों के सैंपल लिए जा चुके हैं। इसमें से 202 केस पॉजिटिव हैं। 93 एक्टिव केस है।366 लोग क्वारैंटाइन सेंटर में हैं।



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गौतमबुद्धनगर एक जिला एक उत्पाद में गारमेंट्स एवं टेक्सटाइल उद्योग में दर्ज है। यहां पर तीन हजार से अधिक इकाइयां संचालित हो रही है।




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सूरत से श्रमिकों को लेकर पहुंची ट्रेन, मजदूरों ने कहा- लॉकडाउन में काम बंद हो गया, गुजारे के लिए कर्ज लेना पड़ा 

उत्तर प्रदेश में गैर राज्यों से श्रमिकों के आने का सिलसिला जारी है। कई राज्यों से स्पेशल ट्रेनें कामगारों को लेकर यूपी के अलग-अलग जिलों में पहुंच रही हैं। इस बीच सूरत से श्रमिक स्पेशल ट्रेन वाराणसी रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार को सुबह ही 1200 लोगों को लेकर पहुंची। इस दौरान श्रमिकों ने कहा कि लॉकडाउन में काम बंद हो गया था जिसकी वजह से कर्ज लेकर किसी तरह गुजारा चल रहा था। अपने घर पहुंचने से काफी राहत महसूस हो रही है।

सोशल डिस्टेंसिंग के साथ ट्रेन से उतरने पर उनकी थर्मल स्कैनिंग की गई लोगों का डिटेल दर्ज किया गया उन्हें जूस और चिप्स का पैकेट दिया गया व पानी दिया गया सोशल डिस्टेंसिंग के साथ उन्हें बस पर बैठाकर रवाना किया जा रहा है।

मौके पर एडीएम सिटी और एसपी सिटी दिनेश सिंह मॉनिटरिंग कर रहे थे। पहुंचे लोगो का कहना है कि बस उनके मन मे एक ही इक्षा है कि वो अपने घरों को पहुंच जाएं।गाजीपुर ,जौनपुर,आज़मगढ़, बलिया,मऊ और अन्य जगहों पर लोगो को बसों से भेजा जा रहा है।मनोहर ने बताया कि सूरत में वो लूम चलाते थे। वहां सेठो ने पैसा देना बंद कर दिया था। कर्ज लेकर किसी तरह से जीवन कटा।

वही काशी में मरीजों की संख्या 77 जिसमे एक कि मौत 21 स्वस्थ हो गए है।272 लोगो के रिपोर्ट का इंतजार है।डीएम कौशल राज शर्मा ने कहा कि किताब और मोबाईल की दुकानें 7 से 2 बजे तक ही खुलेंगी। 10 मई से एकल चाय पान की दुकानें बंद रहेंगी। इसमें मेडिकल स्टोर,राशन गल्ला अंडा,पशु चारा की दुकानें 2 बजे तक ही रोज खुलेंगी।



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यह तस्वीर वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन की है जहां सूरत से पहुंचे कामगारों को जांच के बाद उन्हें बसों से घर भेजा गया।




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अब तक 3175 पॉजिटिव, इसमें 1765 एक्टिव केस: 67 जिलों में फैला संक्रमण, 1250 मरीज स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज हुए

उत्तर प्रदेश में कोरोनावायरस का संक्रमण तेजी से फैलता जा रहा है। पिछले 24 घण्टे में यूपी में 73 नए कोरोना संक्रमण के मरीज मिले हैं और कोरोना का संक्रमण राज्य के 67 जिलों में फैल गया है। सूबे में अब तक कुल 3175 कोरोना के पॉजिटिव केस सामने आए, जिनमें 1153 केस तब्लीगी जमाती शामिल हैं। कोरोना के 1765 एक्टिव केस हैं। अभी तक प्रदेश के विभिन्न जनपदों से 1250 कोरोना पेशेंट स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किए जा चुके हैं। अब तक कोरोना से 62 लोगों की मौत भी हो चुकी है।

कैसरबाग का मछली मोहल्ले का पूराइलाकासील: कैसरबाग के कुल 6 इलाके सील किए गए,लोगों के आने-जाने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई हैं। जरूरी सामान के लिए 2 वॉलंटियर नियुक्त किये गए हैं इस इलाके के हर व्यक्ति की जांच होगी। इस इलाके में 8 कोरोना के मरीज मिल चुके हैं।बीते 24 घंटे में आगरा में 11, लखनऊ में पांच, मेरठ में 10, कानपुर ने 6, अलीगढ़-बांदामें 4-4, झांसी 3, रामपुर-हाथरस-अमेठी-रामपुर-फिरोजाबाद-प्रयागराज, में 2-2, जालौन-हापुड़-मैनपुरी-सिद्धार्थ नगर-बिजनौर-मिर्जापुर-आजमगढ़-गोंडा-सहारनपुर-श्रावस्ती-सहारनपुर में 1-1 नए मरीज मिले हैं। वहीं आगरा में चार और मेरठ में एक मौत के बाद मरने वालों का आंकड़ा 62 पहुंच गया हैं।


अब तक 3175 पॉजिटिव केसों का जिलेवार विवरण: आगरा में 670, कानपुर नगर में 292, लखनऊ में 269, सहारनपुर में 205, गौतमबुद्धनगर (नोएडा) में 193,फिरोजाबाद में 178, मेरठ में 184, मुरादाबाद में 117, गाजियाबाद में 110, वाराणसी में 77, अलीगढ़ में 53, हापुड़ में 54, बुलन्दशहर में 57, रायबरेली में 47, मथुरा में 38, अमरोहा-बस्ती में 36-36, बिजनौर में 35, संतकबीरनगर में 30, शामली में 29 , रामपुर में 27, मुजफ्फरनगर में 24, संभल में 22, सिद्धार्थनगर ,सीतापुर में 20-20, बांदा-बागपत में 17- 17 और बदायूं में 16 मामले सामने आए हैं।

वहीं प्रयागराज-बहराइच में 15-15, प्रतापगढ़ में 14-14, औरैय्या में 13, एटा में 12, मैनपुरी-बरेली में 11-11, गोंडा में 10, हाथरस-झांसी में 9-9, श्रावस्ती-जालौन- जौनपुर-आजमगढ़ में 8-8 पाए गए। कन्नौज-महराजगंज में 7-7, ग़ाज़ीपुर 6, लखीमपुर खीरी-सुल्तानपुर-इटावा में 4-4, पीलीभीत-मिर्जापुर-कासगंज-अमेठी-चित्रकूट-गोरखपुर में 3-3, हरदोई-कौशाम्बी-गोंडा-भदोही-उन्नाव-बाराबंकी-महोबा-कानपुर देहात-कुशीनगर-बलरामपुर-देवरिया में दो-दो, शाहजहांपुर-मऊ-अयोध्या में एक-एक कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई हैं।

1250 कोरोना स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किए गए: आगरा से 220, लखनऊ से 161, मुरादाबाद से 116,गौतमबुद्धनगर (नोएडा) से 111, ,सहारनपुर से 79, मेरठ से 55, गाजियाबाद से 51, कानपुर नगर से 34, फ़िरोज़ाबाद से 33, अमरोहा से 27, शामली से 28, बस्ती से 20, बुलन्दशहर-बिजनौर से 21-21, मुजफ्फरनगर से 19, रामपुर से 16, सीतापुर से 17, बागपत से 15,वाराणसी से13, मुजफ्फरनगर से 9, बरेली, हापुड़-सम्भल-महराजगंज-प्रतापगढ़ से 6- 6, जौनपुर-गाजीपुर से 5-5, लखीमपुर खीरी-मैनपुरी-कन्नौज-आज़मगढ़-हाथरस-मथुरा-औरैया-अलीगढ़ से4-4, बाँदा-एटा-मैनपुरी-कन्नौज-पीलीभीत से 3-3, हरदोई-बदायूं-कौशाम्बी से 2-2, शाहजहांपुर-बाराबंकी-कासगंज-प्रयागराज-मऊ-उन्नाव-भदोही-सम्भल-इटावा से 1-1 कोरोना मरीज कोडिस्चार्ज किया गया है।



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उप्र में संक्रमित मरीजों की संख्या तीन हजार को पार कर गई है। हर दिन नए मामले सामने आ रह हैं। यूपी में कोरोना से अब तक 62 लोगों की मौत हो चुकी है।




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सब्जी मंडी में उमड़े हजारों लोग: सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का हुआ उल्लंघन, समिति ने कहा- हमने भीड़ रोकने की पूरी कोशिश की 

उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) जिले में कोरोनावायरस का असर तेजी से फैलता जा रहा है। नोएडा में संक्रमण के मामले लगातार सामने आ रहे हैं लेकिन जनता है कि मान नहीं रही है। इसका नजारा शुक्रवार तड़के नोएडा सेक्टर 88 की एक सब्जी मंडी में दिखा जहां सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाई गईं। सब्जी मंडी में सैकड़ों लोग इकट्ठा हो गए। इसमें सब्जी खरीदने वालों के साथ-साथ बड़ी संख्या में खरीदार भी थे। इस तरह की और भी कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। दिल्ली की आजादपुर सब्जी मंडी में इसी तरह की भीड़ के बाद कई लोगों को कोरोना संक्रमित भी पाया गया था।

सभी कॉमेंट्स देखैंअपना कॉमेंट लिखेंसोशल डिस्टेंसिंग की जमकर धज्जियां उड़ाए जाने के बाद मार्केट कमिटी के सेक्रेटरी ने कहा, 'हम कल से 100 से 150 पास ही जारे करेंगे। अब से सिर्फ पास धारक रेहड़ी वालों को ही मार्केट में आने दिया जाएगा।' सामने आई तस्वीरों में देखा जा सकता है कि सैकड़ों की संख्या में सब्जी और फल के विक्रेता अपने ठेले के साथ मौजूद हैं और उनके आसपास ढेर सारी भीड़ जमा है।

मंडी समिति का दावा- हमने काफी हद तक भीड़ कंट्रोल किया
नोएडा सेक्टर 88 की मार्केट समिति के सेक्रेटरी संतोष ने आगे कहा, 'हमने एक हद तक भीड़ को कंट्रोल किया है लेकिन लॉकडाउन के बढ़ने के कारण ही कुछ और काम करने वाले मजदूर भी मंडियों में ही काम करने आने लगे हैं। कहीं और कुछ और काम करके कमाने वाले भी यहां आ रहे हैं। हमने मार्केट में करीब पांच हजार से छह हजार मास्क और ग्ल्वस भी बांटे हैं।'



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नोएडा के सेक्टर 88 में स्थित सब्जी मंडी में लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। मंडी समिति का कहना है कि यहां आने वाले सब्जी लेने के अलावा भी बहुत सारे लोग यहां आ जा रहे हैं इसीलिए यह भीड़ हो गई। समिति की तरफ से भीड़ को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश की गई।




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रेलवे ट्रैक के सहारे लखनऊ लौट रहे श्रमिक के साथ 1000 की लूटपाट; लोगों ने एक बदमाश को पकड़ पेड़ से बांधकर पीटा

लॉकडाउन के बीच प्रवासी मजदूर पैदल व अन्य संसाधनों से अपने घरों की तरफ पलायन कर रहे हैं। कुछ तो सुरक्षित अपनी मंजिल तक पहुंच रहे हैं तो वहीं कुछ के साथ आपराधिक वारदातें भी शुरू हो गई हैं। ताजा मामला मुरादाबाद जिले का है। यहां श्रमिक राम सिंह पर दो बदमाशों ने धारदार हथियार से हमला कर एक हजार रुपए लूट लिए। हालांकि, राम सिंह नेदिलेरी दिखाते हुए शोर मचाया तो स्थानीय लोगों ने एक को पकड़ लिया। जबकि, दूसरा बदमाश मौके से फरार हो गया। लोगों ने बदमाश युवक को पेड़ से बांधकर पीटा है। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने लुटेरे को अपनी सुपुर्दगी में लिया है।

पीड़ित राम सिंह ने बताया कि, वे बिजनौर जिले के चांदपुर से लखनऊ जा रहे थे। उनके साथ कुछ और लोग भी थे। लेकिन रास्ते में मुरादाबाद जिले के कटघर थाना क्षेत्र के गोविंद नगर इलाके में पहुंचे, तभी दो लुटेरों ने हमला कर दिया। बदमाशों ने जेब में रखे एक हजार रुपए लूट लिए। यह देख अन्य लोगों ने शोर मचाया। तब लूटपाट करने वाले बदमाश भागने लगे। हालांकि, एक बदमाश में पकड़ में आ गया।

जिसके बाद उसे पेड़ से बांधकर जमकर पिटाई की गई।कुछ लोगों ने लुटरे को बचाने की कोशिश की तो स्थानीय लोगों ने भी इसका विरोध किया।इस बात की सूचना जब पुलिस को लगी विभाग में हड़कंप मच गया।मौके पर पहुची पुलिस लुटेरे को अपने साथ थाने ले आयी और घायलों का उपचार कराया गया।

प्रवासी मजदूर राम सिंह ने इस बाबत थाने में तहरीर दी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। दूसरे फरार आरोपी की तलाश जारी है।



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ये तस्वीर मुरादाबाद की है। यहां एक श्रमिक से लूटपाट करने वाले बदमाश को लोगों ने पेड़ से बांधकर पीटा।




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श्रमिक स्पेशल ट्रेन से 1200 मजदूर वाराणसी पहुंचे, मायावती ने कहा- केंद्र और राज्य सरकार मजदूरों के साथ खराब व्यवहार कर रहीं

उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 3175 हो गई है। 62 लोगों की मौत हो चुकी है। शुक्रवार सुबह सूरत से 1200 मजदूर और प्रवासी लेकर श्रमिक स्पेशल ट्रेन वाराणसी पहुंची। सभी को जांच के बाद रोडवेज की बसों से उनके गृह जिलों मेंभेजा जाएगा। उधर, कोरोना संक्रमण सेआगरा में एक वरिष्ठ पत्रकार औरझांसी में 37 साल के युवक की मौत हो गई। उधर, बसपा नेता मायावती ने कहा कि प्रवासी मजदूर दुखी और परेशान हैं। केंद्र और राज्य सरकारें उनके साथ गलत और खराब व्यवहार कर रही हैं। उनके लिए न तो खाना और न रहने की व्यवस्था की जा रही है।

सूरत से श्रमिक स्पेशल ट्रेन वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन पर सुबह साढे़ 5 बजे पहुंची। कामगारों को सोशल डिस्टेंसिंग के साथ ट्रेन से उतारा गया और फिर उनकी थर्मल स्क्रीनिंग की गई। बाद में प्रशासन की तरफ से उन्हें जूस, चिप्स केपैकेट औरपानी दिया गया। गाजीपुर, जौनपुर, आजमगढ़, बलिया, मऊ और अन्य जगहों पर लोगों को बसों से भेजा जा रहा है। श्रमिक मनोहर ने बताया कि सूरत में वहलूम चलाते थे। वहां सेठों ने पैसा देना बंद कर दिया था। कर्ज लेकर किसी तरह से जीवन कटा।

काशी विश्वनाथ मंदिर के पंडितों का आरोप- प्रशासन ने पास रद्द किए
लॉकडाउन के बीच वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में सप्तर्षि आरतीकी गई। प्रशासन की तरफ सेइसका वीडियो भी जारी किया गया। दरअसल, काशी विश्वनाथ मंदिर में यह पूजा रोज होती है। इसके लिए प्रशासन की तरफ से पास जारी किए गए थे। कुछ पंडित का आरोप है कि उनके पास कैंसल कर दिए गए और उन्हें मंदिर में पूजा करने के लिए नहीं जाने दिया गया।

यह तस्वीर वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर की है।शुक्रवार को मंदिर के अर्चकों द्वारा बाबा विश्वनाथ की भव्य आरती की गई।

कोरोना अपडेट्स:

  • नोएडा:गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) जिले की एकसब्जी मंडीमें सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाई गईं। शुक्रवार तड़के सेक्टर 88 की मंडीमें सैकड़ों लोग इकट्ठा हो गए। इसमें सब्जी खरीदने वालों के साथ-साथ बड़ी संख्या में खरीदार भी थे। इससे पहले दिल्ली की आजादपुर सब्जी मंडी में इसी तरह की भीड़ के बाद कई लोगों कोकोरोनासंक्रमित पाया गया था। मार्केट कमिटी के सेक्रेटरी ने कहा- 'हम कल से 100 से 150 पास ही जारीकरेंगे। अब से सिर्फ पास धारक रेहड़ी वालों को ही मार्केट में आने दिया जाएगा।'
  • आगरा:आगरा में गुरुवार को कोविड-19 से संक्रमित दो लोगों की मौत हो गई। इनमें पत्रकार पंकज कुलश्रेष्ठ और एक महिला है। दोनों का आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा था। इसके साथ शहर में कोरोना से अब तक 20 लोग मारे जा चुके हैं। शहर में गुरुवार को संक्रमण के 11 नए मामले सामने आए थे। यहां संक्रमितों की संख्या बढ़कर 670 हो गई है।
  • झांसी:कोरोना की चपेट में आए 37 साल के युवक की महारानी लक्ष्मीबाईमेडिकल कॉलेज में मौत हो गई। इस मरीज़ को गुरुवारदेर रात मेडिकल कॉलिज में भर्ती कराया गया था। उसे क्षय रोग भी था।2 दिन पहले एक मरीज़ अपनी जान गंवा चुका है। अब झांसी में संक्रमितों की संख्या 20 हो गई है।

यह फोटो लखनऊ का है। यहां मजदूर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए निर्माण कार्य में लगे हुए हैं।


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यह तस्वीर वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन की है। सूरत से आए सभी मजदूरों की पहले थर्मल स्क्रीनिंग की गई उसके बाद उन्हें उनके घर रवाना रवाना किया गया।




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महाराष्ट्र एवं दिल्ली से आए मजूदरों में मिल रहा है संक्रमण , 5 दिन में संक्रमितों की संख्या पांच से 17 तक पहुंची

उत्तर प्रदेश की संगमनगरी प्रयागराज एक समय में कोरोना से मुक्त हो गया था लेकिन उसके बाद एक बार फिर यहां संक्रमितों के मिलने से अधिकारी परेशान हो गए हैं। महाराष्ट्र और दिल्ली से आए लोग कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ने का कारण बन रहे हैं। एक मई से सात मई तक सिर्फ पांच दिन में संक्रमितों की संख्या पांच से 17 हो गई। यानी सात दिन में कोरोना के 12 मरीज बढ़े। अब प्रवासियों की आमद से संक्रमण का खतरा बढ़ गया है।

अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल करीब 50 हजार लोगों के सर्वे और 28 हजार लोगों की जांच के साथ 531 लोगों को इंस्टीट्यूशनल क्वादरैंटाइन सेंटरों में रखा गया है।जिले में एक मई को चार संदिग्ध मरीजों में कोरोना संक्रमण होने के बाद इनकी संख्या पांच से नौ हो गई। दो मई को 278 सैंपलों की जांच की गई, जिसमें सभी निगेटिव रहे। तीन मई को 295 मरीजों की जांच रिपोर्ट में एक व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके साथ ही तीन दिन में यह संख्या चार से बढ़कर दस पहुंच गई।

पॉजिटिव मामलों की संख्या लगातार बढ़ी
चार मई को 84 लोगों की जांच में सभी निगेटिव रहे लेकिन पांच मई को मिली 39 लोगों की रिपोर्ट में पांच लोगों के पॉजिटिव मामले सामने आए। इसी दिन रात में कोरोना संक्रमित इंजीनियर की उपचार के दौरान जान चली गई। इससे जिले में कोरोना से हुई मौत का पहला मामला आंकड़ों में दर्ज किया गया।मई की छह तारीख को 139 नमूनों की जांच में सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई। वहीं सात मई को आई रिपोर्ट ने लोगों को चौंका दिया। बृहस्पतिवार को 147 नमूनों की जांच में दोकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। दिन भर में 182 नमूने जांच के लिए भेज गए।

सीएमओ मेजर डॉ. जीएस बाजपेयी के मुताबिक इंस्टीट्यूशनल क्वारैंटाइन सेंटरों में कुल 531 लोगों को रखा गया है। ब्लॉक स्तर पर क्वारैंटाइन सेंटरों के साथ शहर के अन्य स्थानों पर क्वारंटीन किए गए लोगों की संख्या इसमें शामिल नहीं हैं।



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प्रयागराज में संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। यहां संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 17 तक पहुंच गई है। लॉकडाउन के दौरान सैनिटाइजेशन का काम भी चल रहा है।




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मौलाना साद के ससुर की कोरोना रिपोर्ट हुई गायब, बाकी 14 अन्य की रिपोर्ट आई निगेटिव

तब्लीगीजमात के सर्वेसर्वा मौलाना साद के ससुर की कोरोना रिपोर्ट ही गायब हो गई है। साद के ससुर मौलाना सलमान के भाई विदेश से आए थे, उनका कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आया था। स्वास्थ्य विभाग ने मौलाना साद के ससुर मौलाना सलमान सहित करीब 15 लोगों का सैंपल नोएडा की लैब में जांच के लिए भेजा था। इस दौरान ये सभी लोग क्वारैंटाइन में रहे। इस बीच कोरोना सदिग्धों की रिपोर्ट निगेटिव आई, लेकिन इन रिपोर्ट्स में मौलाना साद के ससुर मौलाना सलमान की रिपोर्ट नहीं थी।

सहारनपुर के सीएमओ डॉ. बी एस सोढी ने इस मामले मे नोएडा लैब से सम्पर्क किया तो पता चला कि मौलाना सलमान की रिपोर्ट मिसिंग है। जांच में सामने आया कि मौलाना सलमान के अन्य परिवारवालों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। डॉ. सोढी ने कहा कियह कोई पहला मामला नहीं है, अब तक सहारनपुर से भेजे गए 21 से अधिक सैंपल मिस हो चुके हैं।

दोबारा भेजा जाएगा साद के ससुर का सैंपल
डॉ. सोढ़ी ने कहा कि सैंपल मिस होने के कई कारण हो सकते हैं, ओवरलोड भी इसका कारण हो सकता है। ऐसी स्थिति में दोबारा से सैंपल को टेस्टिंग के लिए भेजा जाता है। मौलाना सलमान का भी सैंपल फिर से भेजा जा रहा है। जिसकी एक सप्ताह में रिपोर्ट आने की संभावना है।



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तब्लीगी जमात से जुड़े सैकड़ों लोग संक्रमित मिले हैं, इसी वजह से जमात के प्रमुख मौलाना साद को पुलिस तलाश रही है।




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1200 श्रमिकों को लेकर सूरत से कानपुर पहुंची ट्रेन, यात्री बोले- टिकट के मूल्य पर वसूले गए 100 रुपए ज्यादा

लॉकडाउन के बीचसूरत में फंसे 1200 श्रमिकों को लेकर श्रमिक स्पेशल ट्रेन शुक्रवार को कानपुर पहुंची। मजदूर अपने प्रदेश पहुंचे तो उनके चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। लेकिन उनके दिल में बेरोजगारी के संकटकाल में तय मूल्य से ज्यादा टिकट के दाम की वसूली का दर्द भी था। मजदूरों ने कहा- हम टिकट देकर अपने घर लौटे हैं, इसमें कोई गम नहीं है। कभी भी आते तो रुपए तो खर्च करना ही पड़ता। लेकिन रेलवे 650 रुपए का टिकट 100 रुपए ज्यादा वसूलकर 750 रुपए में दिया है।

कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए पूरे देश में लॉकडाउन है। इसके साथ ही यह अपील भी की गई थी कि जो जहां है वहीं रहकर लॉकडाउन का पालन करें। लेकिन गैर राज्यों में फंसे श्रमिकों की मांग पर उन्हें घर पहुंचाने की पहल भी शुरू हुई है। इसी क्रम में शुक्रवार कोसूरत से 1200 श्रमिकों को लेकर स्पेशल ट्रेन कानपुर पहुंची।स्टेशन पर यात्रियों को लंच पैकेट और पानी दिया गया। सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का पालन कराते हुए यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग कराई गई। मेडिकल रिपोर्ट कार्ड तैयार करने के बाद सभी यात्रियों को स्टेशन के बाहर खड़ी बसों में बैठाकर उनके जनपदों को भेजा गया। लेकिन इस दौरान मजदूरों का दर्द भी छलक पड़ा।

टिकट पर 650 रुपए अंकित है। आरोप है कि, इससे 100 रुपए ज्यादा लिए गए।

दर्द-ए-सफर की कहानी-मजदूरों की जुबानी...

  • श्रमिक राजा सिंह ने कहा- सूरत से आ रहे हैं। रास्ते में एक बार सभी को खाना दिया गया था। हमसे टिकट के 750 रुपए लिए गए हैं। जबकि टिकट पर 650 रुपए लिखा हुआ है।
  • संगीता ने कहा- मुझे फतेहपुर जाना है। टिकट का रेट 650 रुपए है, लेकिन हम लोगों से 100 अधिक लिए गए हैं। मुझे लगता है कि हम लोगों को जो खाना पानी दिया गया है, उसके 100 रुपए अधिक चार्ज लिया गया है।
ट्रेन की खिड़की से बाहर देखता बच्चा।

हमनें पानी दिया, प्रशासन ने लंच पैकेट

स्टेशन डॉयरेक्टर हिमांशु शेखर ने बताया कि, रेलवे ने यात्रियों के लिए पानी की व्यवस्था की है और उनके लंच पैकट की व्यवस्था जिला प्रशासन ने की है। इसके साथ ही यहां गुजरने वाली ट्रेनों को हम खाना उपलब्ध करा रहे हैं। जिलाप्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगाई हैं। प्रवासी श्रमिकों का मेडिकल चेकअप कर रही हैं। थर्मल स्क्रीनिंग कर उनका रिपोर्ट कार्ड तैयार कर रही हैं। इसके साथ ही सभी यात्रियों की डिटेल नोट की जा रही है।



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1200 श्रमिक सूरत से कानपुर पहुंचे तो उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराते हुए उन्हें घर भेजा गया।




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 मठ- मंदिरों को खोलने की उठी आवाज: अखाड़ा परिषद ने योगी-मोदी को लिखा पत्र, कहा- तय गाइडलाइन के तहत देवालयों के ताले खुलवाए जांए

उत्तर प्रदेश में कोरोनावायरस का प्रकोप तेजी से फैलता जा रहा है। यूपी में शराब की दुकानें खुलने के बाद से ही एक तरफ तहां मुस्लिम धर्मगुरु मांस की दुकानों को खोलने की अपील कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर प्रदेश में बंद देवालयों को भी खोलने की मांग उठने लगी है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने लंबे इंतजार के बाद मंदिरों के ताले खुलवाने के लिए राज्य एवं केंद्र सरकार को पत्र लिखा है और मांग की है कि निर्धारित गाइडलाइन के तहत देवालयों के ताले खुलवाए जाएं।

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी और महामंत्री महंत हरी गिरी ने पीएम के साथ ही मुख्यमंत्री, गृहमंत्री, रक्षामंत्री को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि कोरोना वायरस के संक्रमण का प्रकोप धीरे-धीरे कम हो रहा है, लिहाजा मठ और मंदिरों के भी ताले खुलवाए जाएं । साथ ही वहां पर सोशल डिस्टेंसिंग एवं सैनिटाइजेशन का प्रबंध मठ और मंदिर के प्रबंध तंत्र के जरिए कराया जाए।

अखाड़ा परिषद ने दिया डब्लूएचओ की गाइडलाइन फालो करने का भरोसा

महंत हरिगिरि से इस मुद्दे पर विचार विमर्श के बाद पत्र लिखा गया है। पत्र में अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने कहा-डेढ़ माह से देश भर में सभी छोटे बड़े मठ-मंदिरों के द्वार बंद हैं। हालांकि परिसर में भगवान का पूजन पुजारी नियमित कर रहे हैं। कोरोना महामारी से निपटने के लिए लॉकडाउन का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साहसपूर्ण निर्णय लिया है। इससे महामारी का संकट अब कम हो रहा है। उन्होंने भरोसा दिया है कि मठ और मंदिर कोरोना से बचाव के लिए केंद्र सरकार और डब्लूएचओ के निर्देशों का पूरी तरह से पालन भी करेंगे।

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरी ने कहा कि कोरोना को लेकर पिछले डेढ़ माह से देश में लॉकडाउन है और लगभग दो माह से मंदिरों के कपाट बंद हैं। ऐसे में मंदिरों में पुजारियों और अन्य कर्मचारियों के वेतन देने में भी बहुत कठिनाई आ रही है। उन्होंने कहा है मंदिर खुलने से लोग यदि मंदिर में दर्शनों को जायेंगे तो अपने आराध्य से कोरोना को खत्म करने के लिए प्रार्थना भी करेंगे।



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अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी ने केंद्र और राज्य सरकार से अपील की है सभी मठ और मंदिरों को खोलने की इजाजत दी जाए।




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तेलंगाना से 1253 कामगारों को लेकर वाराणसी पहुंची श्रमिक ट्रेन, शहर में अब तक 23 क्लस्टरों में 2595 घरों का सर्वे किया गया

वाराणसी में कोरोनावायरस का असर तेजी से बढ़ रहा है। इसको रोकने के लिए प्रशासन की तरफ से लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। इस बीच डीएम के निर्देश के बाद कोविड-19 के पाजीटिव मरीज मिलने पर घोषित किये गये हॉट स्पाट क्षेत्रों में कार्यवाही करते हुये कान्टेक्ट ट्रेसिंग के अन्तर्गत पाजिटिव मरीज के घर के सदस्यों और उनके निकट सम्पर्क मे आने वाले व्यक्तियों को चिन्हित किया जा रहा है।इस बीच शनिवार सुबह पांच बजेर तेलंगाना के लिंगा पल्ली से वाराणसी स्पेशल श्रमिक ट्रेन पहुंची।जिसमें कुल 1253 व्यक्ति थे जिनमेंपूर्वांचल के 19 जनपदों के लोग शामिल थे। वहीं इसट्रेन में 66 व्यक्ति वाराणसी के थे।

अब तक 8581 व्यक्तियों की थर्मल स्कैनिंग की गयी।2 टीमों द्वारा 23 क्लस्टरों में 2595 घरों का सर्वे किया गया है। क्षेत्रीय निवासियों का भी स्वास्थ्य परीक्षण, थर्मल स्कैनिंग किया जा रहा है। पाजिटिव मरीज के परिवार के सदस्यों तथा उनके निकट सम्पर्क मे आने वालों कोहोम क्वारेंटाइन के लिए निर्देशित किया गया है। क्लस्टर कन्टेनमेन्ट में स्वास्थ्य विभाग की 92 टीमों द्वारा 23 क्लस्टरों में 2595 घरों का सर्वे किया गया, ताकि बाहर से यात्रा कर के आये व्यक्तियों और कोरोना संक्रमण से मिलते जुलते लक्षण वाले व्यक्तियों की पहचान हो सके

जिलाधिकारी कौशल राज ने बताया कि वर्तमान के 23 हॉट स्पाट क्षेत्रों में कई दिनों से चिकित्सकीय दल द्वारा कान्टेक्ट ट्रेसिंग होमकोरोनटाइन के निर्देशन, स्वास्थ्य परीक्षण, थर्मल स्कैनिंग तथा नमूना जॉच संग्रह का कार्य किया जा रहा है। 23 हॉट स्पाट क्षेत्रों मे यह कार्य किया गया है। ग्रामीण क्षेत्र के 05 हॉट स्पाट क्षेत्र (सेवापुरी ब्लाक क्षेत्रान्तर्गत अर्जुनपुर और काशीविद्यापीठ ब्लाक क्षेत्रान्तर्गत मड़ौली, सीर गोवर्धन, शिवाजी नगर, सूजाबाद) हैं।बाकी शहरी इलाके है।

डॉक्टरों की अलग-अलग टीमें कर रही हैं स्कैनिंग

उन्होंने बताया कि रेवड़ी तालाब में डा मनीषा पाण्डेय के नेतृत्व में हॉट स्पाट क्षेत्र में चिकित्सकीय दल द्वारा 259 व्यक्तियों का स्वास्थ्य परीक्षण, थर्मल स्कैनिंग की गयी। अब तक 2852 व्यक्तियों की थर्मल स्कैनिंग की गयी। मदनपुरा में डा सुधा शुक्ला के नेतृत्व में हॉट स्पाट क्षेत्र में चिकित्सकीय दल द्वारा 972 व्यक्तियों का स्वास्थ्य परीक्षण, थर्मल स्कैनिंग की गयी।

वाराणसी में आने-जाने वालों पर प्रशासन की कड़ी नजर

कोरोना संक्रमण को रोकने की कवायद में वाराणसी जिला प्रशासन ने बनारस से बाहर जाने वाले प्रवासियों के लिए 27 कॉलम का प्रपत्र अनिवार्य किया है। यदि किसी भी व्यक्ति ने किसी अन्य जनपद से पास लिया भी हो तो उसे भी काशी इंस्टीच्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मिर्जामुराद पहुॅचकर विवरण व मेडिकल परीक्षण कराना आवश्यक होगा।


जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने जिले के सभी अधिकारियों को पत्र जारी कर वाराणसी में बाहर से आने वाले व्यक्ति, प्रवासी श्रमिक, तीर्थयात्री, पर्यटक, छात्र एवं अन्य लोगों के स्वास्थ्य परीक्षण कराने का निर्देश दिया है। जिले की सीमा में आने वाले सभी बस, निजी वाहनों को सेक्टर मजिस्ट्रेट और पुलिस मिर्जामुरादा स्थित परीक्षण केंद्र पर पहुंचाएंगे।



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यह तस्वीर वाराणसी रेलवे स्टेशन की है जहां शनिवार सुबह तेलंगाना से एक श्रमिक ट्रेन मजदूरों को लेकर यहां पहुंची है। सभी का स्वास्थ्य परीक्षण कराने के बाद उन्हें रवाना किया गया।




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अब तक 3215 पॉजिटिव, इनमें 1761 एक्टिव केस, वाराणसी में बाहर से आए लोगों की पहचान की कवायद शुरू

उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 3215 हो गया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बीते 24 घंटे मेंप्रदेश में कोरोना के 155 नए मामले सामने आए,66 मौतें हुई। इनमें से 1761 मरीजों का इलाज चल रहाहै। उधर, वाराणसी में क्लस्टर जोन बनाकर बाहर से आएलोगों की पहचान करथर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है। इसके लिए बड़े स्तरपर सर्वे का काम किया जा रहा है।स्वास्थ्य विभाग की 92 टीमों ने23 क्लस्टर जोनमें 2595 घरों का सर्वे किया है।

वाराणसी में हॉटस्पाट क्षेत्रों में संक्रमित के घर के सदस्यों और उनके संपर्क में आने वालोंको चिह्नितकिया जा रहा है। इन सबको होम क्वारैंटाइन के लिए कहा गया है।आसपास के लोगाेंकाभी स्वास्थ्य परीक्षण औरथर्मल स्क्रीनिंग की जा रही।

वाराणसी में खुली पान की दुकान

वाराणसी में पान की दुकानें खुलने लगी हैं।लहुराबीर और लंका में लोग पान का स्वाद लेते नजर आ रहे हैं।करीब डेढ़ महीने बादलॉकडाउन फेज 3 में इन दुकानों को खोलने की मंजूरी दी गई है। हालांकि, राज्य सरकार ने अभी तंबाकू और तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर रोक जारी रखी है।

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लॉकडाउन में रियायत मिलने के बाद वाराणसी में पान की दुकानें खुलने लगी हैं। हालांकि, सरकार ने अभी तंबाकू उत्पादों के उत्पादन और बिक्री पर रोक लगा रखी है।

आगरा में निजी चिकित्सालयों के स्टाफ को दी जा रही ट्रेनिंग

कोरोनावायरस के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए आगरा के प्राइवेट हॉस्पिटलके डॉक्टरोंको इन्फेक्शन प्रिवेंटिव कंट्रोल की ट्रेनिंग दिलाई जा रही है। सीएमओ की देखरेख में एक बार में 13 से 25 लोगों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। अभी तक 250 से ज्यादा डॉक्टरोंकी ट्रेनिंग दी जा चुकी है। येसभी आईसोलेशन वार्ड में काम करने वाले डॉक्टरों की मदद करेंगे।

आगरा में प्राइवेट हॉस्पिटल के डॉक्टरों को भी कोरोना संक्रमण के मरीजों के इलाज की ट्रेनिंग दी जा रही है।इसकी निगरानी खुद सीएमओ कर रहे हैं।

नोएडा:सेक्टर 137 स्थित फ्लिक्स अस्पताल सील किया गया

नोएडा के जिला प्रशासन ने सेक्टर 137 स्थित फ्लिक्स अस्पताल को सील कर दिया है। 4 मई को गाजियाबाद केखोड़ा कॉलोनी का एक संक्रमित मरीज यहां भर्ती हुआ था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। बाद में इस अस्पताल की एक नर्स भी संक्रमित पाई गई।

पॉजिटिव केसों का जिलेवार विवरण: आगरा में 706, कानपुर नगर में 294, लखनऊ में 247, गौतमबुद्धनगर (नोएडा) में 211, सहारनपुर में 203, मेरठ में 196, फिरोजाबाद में 184, गाज़ियाबाद में 126, मुरादाबाद में 120, वाराणसी में 78, बुलंदशहर में 61, हापुड़ में 54, अलीगढ़ में 53, रायबरेली व मथुरा में 47-47, बस्ती में 35, अमरोहा में 34, बिजनौर में 33, सन्तकबीरनगर में 30, शामली में 29, रामपुर में 28, संभल में 27, मुज़फ़्फरनगर में 26, सीतापुर में 22, बागपत में 21, झांसी में 20, सिद्धार्थ नगर में 19 पॉजिटिव मरीज पाए गए हैं।

इनके अलावा, बांदा-प्रयागराज में 18-18, बहराइच-बदायूं में 17-17, औरैय्या में 13, प्रतापगढ़ में 12, बरेली-गोंडा- मैनपुरी में 11-11, जालौन में 10, जौनपुर-आजमगढ़-हाथरस-एटा-श्रावस्ती में 9-9, महराजगंज-कन्नौज में 7-7, गाजीपुर में 6, अमेठी में 5, लखीमपुर खीरी-पीलीभीत-कासगंज, सुल्तानपुर-मिर्जापुर में 4-4, गोरखपुर-चित्रकूट- इटावा-उन्नाव-देवरिया में 3-3, हरदोई-बाराबंकी-कौशाम्बी-भदोही-बलरामपुर-कानपुर देहात-महोबा-कुशीनगर- फतेहपुर में 2-2, शाहजहांपुर-मऊ-अयोध्या में 1-1 पेशेंट की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।



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यह तस्वीर वाराणसी की है। यहां क्लस्टर जोन बनाकर स्वास्थ्य विभाग की टीम सभी लोगों की जांच कर रही है। इसका मकसद बाहर से आए हुए ऐसे लोगों का पता लगाना है जो कोरोना से संक्रमित हैं।




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मायावती ने योगी सरकार पर साधा निशाना, कहा- आठ घंटे की जगह 12 घंटे काम लेने की व्यवस्था दुर्भाग्यपूर्ण

उत्तर प्रदेश में कोरोनावायरस संक्रमण के कारण लॉकडाउन के बाद खुले उद्योगों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के दौरान श्रमिकों से 12-12 घंटा काम कराने के प्रस्ताव के खिलाफ बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने बिगुल बजा दिया है। मायावती ने शनिवार को चार ट्वीट किया और कहा कि श्रमिकों का शोषण बर्दाश्त नहीं होगा। बसपा प्रमुख ने कहा कि श्रमिकों का पहले ही बुरा हाल है। आठ के स्थान पर 12 घंटे काम लेने की शोषणकारी व्यवस्था पुन: देश में लागू करना अति-दु:खद व दुर्भाग्यपूर्ण है।

मायावती ने कहा कि कोरोनावायरस के संक्रमण के कारण देश में गरीब, मजदूर, कामगार तथा श्रमिकों की स्थिति बेहद खराब है। यूपी सरकार के श्रम कानून को निलंबित करने असर का श्रमिकों पर पड़ेगा। कोरोना प्रकोप में मजदूरों एवं श्रमिकों का सबसे ज्यादा बुरा हाल है, फिर भी उनसे आठ के स्थान पर 12 घण्टे काम लेने की शोषणकारी व्यवस्था पुन: देश में लागू करना अति-दु:खद व दुर्भाग्यपूर्ण है।

बाब साहब अम्बेडकर की वजह से ओवरटाइम की व्यवस्था में परिवर्तन आया

मायावती ने कहा कि बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर ने श्रमिकों के लिए प्रतिदिन 12 नहीं बल्कि 8 घण्टे श्रम व उससे ज्यादा काम लेने पर ओवरटाइम देने की युगपरिवर्तनकारी काम तब किया था जब देश में श्रमिकों एवं मजदूरों का शोषण चरम पर था। इसे बदलकर देश को उसी शोषणकारी युग में ढकेलना क्या उचित है। देश में वर्तमान हालात के मद्देनजर श्रम कानून में ऐसा संशोधन करना चाहिये ताकि खासकर जिन फेक्ट्री एवं प्राइवेट संस्थानों में श्रमिक कार्य करते हैं वहीं उनके रूकने आदि की व्यवस्था हो।

बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि किसी भी स्थिति में वे भूखे ना मरे और ना ही उनन्हें पलायन की मजबूरी हो ऐसी कानूनी व्यवस्था होनी चाहिये। वैसे तो अभी काम का पता नहीं है, परन्तु सरकारें बेरोजगारी व भूख से तड़प रहे करोड़ों श्रमिकों/मजदूरोंके विरुद्ध शोषणकारी आदेश लगातार जारी करने पर तत्पर हैं। उन्होंने यह अति-दु:खद व सर्वथा अनुचित जबकि इस कोरोना के संकट में इन्हें ही सबसे ज्यादा सरकारी मदद व सहानुभूति की जरूरत है।

अखिलेश यादव भी कर चुके हैं आलोचना
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव मजदूरों को शोषण से बचाने वाले श्रम कानून के ज्यादातर प्रावधानों को तीन साल के लिए स्थगित किए जाने पर नाराजगी जता चुके हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा को गरीबों की नहीं पूंजीपतियों के हितों की चिंता है। भाजपा ने महंगाई बढ़ाने का कुचक्र तो रचा ही है, साथ ही मजदूरों के शोषण के लिए भी रास्ते खोल दिए हैं। भाजपा सरकार के इन जनविरोधी निर्णयों से जनता में गहरा आक्रोश है।



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मायावती ने शनिवार को एक के बाद एक चार टि्वट कर योगी और मोदी सरकार पर निशाना साधा।




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एक साथ 19 पॉजिटिव पाए गए; संक्रमित मरीजों की संख्या पहुंची 31, उरई के चिकित्सक की केजीएमयू में इलाज के दौरान हुई मौत

उत्तर प्रदेश में कोरोना का असर तेजी से फैलता जा रहा है। इस बीच राज्य के जालौन में शनिवार को झांसी मेडिकल कॉलेज से आई जांच रिपोर्ट में 19लोग संक्रमित पाए गए। इसके साथ ही जिले में संक्रमित मरीजों की संख्या 31तक पहुंच गई है। पॉजिटिव आए लोागें में जिले के एक अस्पताल में डायलिसिस कराने वाला हमीरपुर का युवक भी शामिल है। वहीं उरई के एक चिकित्सक की लखनऊ के केजीएमयू में इलाज के दौरान मौत हो गई। उनकी पत्नी भी पॉजिटिव पायी गई थीं लेकिन उनकी दो रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद आज डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।

जानकारी के मुताबिक, प्रशासन ने 7 मई तक 665 लोगों के नमूने लेकर जांच के लिये भेज थे, जिसमें से 580 लोगों की रिपोर्ट शुक्रवार तक आ गई थी, जिसमें 19मरीज पॉजीटिव पाये गये थे, और 77 की रिपोर्ट आनी शेष थी। आज शेष रिपोर्ट में कुछ की रिपोर्ट जिला प्रशासन के पास पहुंची, जिसमें से 19लोग पॉजिटिव पाए गये। जो लोग पॉजिटिव पाए गये है, उसमें एक पुलिसकर्मी भी शामिल है। जबकि हॉटस्पॉट एरिया में 7 लोग कोरोना पोजिटिव पाए गये हैं। जिसमें 4 मरीज कृष्णा नगर, 2 मरीज तिलक नगर और 1 मरीज पुलिस लाइन में तैनात कांस्टेबल है।

हॉटस्पॉट इलाके में 5 लोगों में कोरोना की पुष्टि
वहीं हॉटस्पॉट एरिया के बाहर कालपी नगर में 5 लोगों को कोरोना की पुष्टि हुई है। वही एक मरीज हमीरपुर जनपद के चिल्ली गांव का रहने वाला है जो उरई के कान्हा पैथोलॉजी में डायलिस कराने आया था। एक साथ 13 मरीजों की रिपोर्ट आने के बाद जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है साथ ही पॉजिटिव पाए जाने वाले लोगों के संपर्क में आने वाले सभी लोगों को क्वॉरेंटाइन किया जा रहा है साथ ही उनकी नमूने भी लिए जा रहे हैं जिससे उनकी रिपोर्ट झांसी मेडिकल कॉलेज भेजी जा सके वहीं जिला प्रशासन ने सभी मरीजों को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज झांसी के लिए रेफर किया है।

जिलाधिकारी डाक्टर मन्नान अख्तर ने बताया कि आज जालौनी के 12 मरीज आये है, सबसे अच्छी बात है कि उनके बारे में उन्हें पहले ही पता था, और उनका इलाज किया जा रहा था। एक मरीज पुलिस लाइन का पॉजीटिव पाया गया जो आगरा से आआया था। उसके संपर्क में आये लोगों को ट्रेस किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि जो 25 रिपोर्ट आई है उसमें एक मरीज हमीरपुर जनपद का उसका भी नमूना यही लिया गया था। वहीं उन्होंने बताया कि जिन जिन इलाकों में कोरोना पॉजिटिव निकले हैं, उन इलाकों को पूरी तरह से सैनिटाइज और सील किया जा रहा है, जिससे कि मरीजों की संख्या में इजाफा ना हो सके।

उरई के चिकित्सक की लखनऊ में इलाज के दौरान मौत

केजीएमयू के पीआरओ ने बताया कि 58 वर्षीय उरई निवासी चिकित्सक यहां केकोरोना वार्ड में भर्ती थे। शनिवार कोउनकी मृत्यु हो गयी है। इनकी पत्नी भी संक्रमित पाई गई थी।ये पहले रोगी थे, जिनको प्लाज्मा थेरेपी दी गयी थी। थेरेपी देने के बाद फेंफड़ों में बहुत सुधार आया था। वेंटीलेटर की आवश्यकता भी कम हो गयी थी। दुर्भाग्यवश यूरिन मेंइन्फेक्शन हो गया। इसके लिए उनका पूर्ण उपचार किया गया। रोगी की डायलिसिस भी की गई। आज इनकी दोनों बार की कोरोना जांच निगेटिवआ गयी थी।पत्नी की भी दोनों जांचे नेगेटिव आ गयी हैं। उन्हें आज डिस्चाजकर दिया जाएगा।



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जिले में एक साथ 13 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद जालौन में संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 25 तक पहुंच गई है।




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1800 एक्टिव केस, इनमें 1399 लोग डिस्चार्ज हुए: अवनीश अवस्थी ने कहा- 20 लाख कामगारों को रोजगार देने के लिए तैयार हो रही कार्ययोजना

उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने शनिवार को कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बाहरी राज्यों से आने वाले कामगारों और श्रमिकों के लिए 20 लाख रोजगार मुहैया कराने के उद्देश्य से वृहद कार्ययोजना बनाएं। उन्होंने बताया कि श्रम कानून में संशोधन करने का कैबिनेट ने फैसला किया है, जल्द ही आदेश भी जारी कर दिया जाएगा। इस वृहद कार्ययोजना के तहत जो भी हमारे श्रमिक और कामगार बाहर से आ रहे हैं, उन्हें विभिन्न इकोनोमिक सेक्टर्स में रोजगार देने की व्यवस्था सुनिश्चित करें।

यह जानकारी शनिवार को यहां लोकभवन में कोरोना वायरस के संबंध में किए गए प्रेस कांफ्रेंस में अपर मुख्य सचिव, गृह अवनीश कुमार अवस्थी और प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने पत्रकारों को दी। अपर मुख्य सचिव, गृह ने बताया कि औद्योगिक इकाइयों में वेतन देने की कार्यवाही करते हुए 56,696 इकाइयों में 641 करोड़ रुपए वितरण किए गए हैं। अब तक 31 लाख 23 हज़ार कामगारों को 312 करोड़ की धनराशि का भुगतान किया जा चुका है।

प्रदेश में 1800 एक्टिव केस, 1399 लोग उपचारित होकर लौटे अपने घर : अमित मोहन प्रसाद

प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि प्रदेश में इस समय 1800 एक्टिव केस हैं और 1399 लोग उपचारित होकर अपने घर जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि कल 4525 नमूनों की जांच की गई साथ में 334 पूल टेस्टिंग भी कि गई, जिसमें 25 पूल पॉजिटिव पाए गए। अब तक प्रदेश में कुल 1 लाख 24 हज़ार 791 नमूनों की जांच हो चुकी है। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि संक्रमण से बचने के लिए लॉकडाउन के नियमों का कड़ाई से पालन करें, सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखें, साबुन-पानी से हाथ धोते रहें और मास्क से मुंह को ढककर रखें।

इस मौके पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान अवनीश अवस्थी ने बताया कि अन्य प्रदेशों से आने वाले श्रमिकों को लेकर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि श्रमिकों को सुरक्षित लाया जाए और कोई किसी भी हाल में पैदल ना निकलें।

अगले दो दिनों में 98 ट्रेने कामगारों को लेकर आएंगी

अवनीश अवस्थी ने बताया किशाम तक कुल मिलाकर 114 ट्रेनों में लगभग 1 लाख 20 हज़ार से अधिक लोग उत्तर प्रदेश पहुंच जाएंगे। इसके अतिरिक्त 98 ट्रेनों की अनुमति आगामी 2 दिवसों के लिए जारी कर दी गई है, यानि एक दिन में 40 से अधिक ट्रेनों को चलाने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि पिछले 2 दिनों में हरियाणा से लगभग 5 हज़ार से अधिक लोग और राजस्थान से लगभग 10 हज़ार से अधिक लोगों को लाया गया है। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि तृतीय चरण के पहले तक हम 1 लाख 66 हज़ार से अधिक लोगों को प्रदेश ला चुके हैं।

अपर मुख्य सचिव, गृह ने बताया कि प्रदेश में सबसे अधिक 11 ट्रेनें लखनऊ और गोरखपुर में आई हैं जोकि एक रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के उतरते ही क्वारैंटाइन सेंटर में सभी का मेडिकल चेकअप किया जाता है और इसके बाद उन्हें अपने-अपने जनपद तक छोड़ दिया जाता है।

अवनीश अवस्थी ने बताया किआयुष कवच मोबाइल ऐप को लोग काफी संख्या में डाउनलोड कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कोविड 19 कि जंग में महामारी से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए सरकारी विभागों, निगमों और अन्य संस्थानों के कर्मियों के कार्य को लेकर संतोष व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि तीसरे चरण में अब प्रदेश में 18 करोड़ लोगों के लिए राशन कि व्यवस्था कर दी गई है।

उप्र में मरीजों की रिकवरी दर 42 फीसदी

अपर मुख्य सचिव, गृह ने बताया कि मुख्यमंत्री ने मरीजों के रिकवरी प्रतिशत को और मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश का रिकवरी प्रतिशत 42 प्रतिशत है लेकिन अभी इसको और भी अधिक मजबूत करने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने 52 हज़ार कोविड अस्पतालों के एल 1, 2, 3 बेड के लक्ष्य को पूरा करने पर संतोष व्यक्ति किया है। उन्होंने इस व्यवस्था को और आगे ले जाने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूल टेस्टिंग में भी हमारा प्रदेश प्रथम स्थान पर है लेकिन इस व्यवस्था को भी मजबूत करने की आवश्यकता है।

अपर मुख्य सचिव, गृह ने बताया कि मुख्यमंत्री ने सभी जनपदों में पीपीई किट और मास्क के लिए निर्देशित किया है। उन्होंने जिलाधिकारी और सीएमओ को भी निर्देश दिया है कि आपातकालीन सेवा देने वाले अस्पतालों को व्यवस्थित रूप से चलाया जाए। उन्होंने कहा कि हॉटस्पॉट क्षेत्रों में मजबूती से कार्य करने की आवश्यकता है।



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उप्र में संक्रमित मरीजों का आंकडा तीन हजार को पार कर गया है। इसमें सबसे अधिक आगरा में 700 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने कहा कि सीएम ने 20 लाख मजूदरों को रोजगार देने की दृष्टि से कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया है।




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नप उपाध्यक्ष ने बांटे 1000 मास्क और साबुन

लॉकडाउन में सभी लोगों का स्वास्थ्य बना रहे इसके लिए रामगढ़ नगर परिषद उपाध्यक्ष मनोज महतो इन दिनो रोजाना जरूरतमंदों के बीच मास्क, साबुन तथा अनाज का वितरण कर रहे है। रविवार को भी उन्होंने क्षेत्र के वार्ड नं0 एक एवं दो के सांडी, तिलैया, धनहारा में करीब 1000 मास्क एवम साबुन का वितरण किया। मौके पर उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों का स्वास्थ्य बना रहे इसके लिए उनको हर संभव मदद किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से सोशल डिस्टेंस बनाकर रहने ,लॉकडाउन में घर से निकलने से पहले मास्क लगाने व खाना खाने से पहले साबुन से हाथ धोने की लोगों से बात कही । मौके पर आजसू जिला मीडिया प्रभारी जयकिशोर महतो, तीर्थलाल बेदिया, भीम महतो, युगल महतो, रामप्रसाद बेदिया आदि मौजूद थे।



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अब तक 116 मरीज; अन्य राज्यों से 5 लाख लोग लौटकर आ सकते हैं, सरकार ने कहा- छूट दी तो संक्रमण फैल सकता है

झारखंड में अब तक 116 कोरोना संक्रमण के केस आ चुके हैं। रविवार की देर शाम मुख्य सचिव सुखदेव सिंह द्वारा लॉक डाउन थ्री में किसी प्रकार की छूट नहीं दिए जाने संबंधी आदेश जारी कर दिया। कोरोना प्रभावित दूसरे राज्यों से भारी संख्या में आ रहे श्रमिकों, छात्रों को देखते हुए झारखंड में एहतियातके तौर पर अभी कोई छूट नहीं दी जाएगी। 21 अप्रैल के बाद 3 मई को पहली बार कोई संक्रमित नहीं मिला था। अब तक4 लोगों की मौत हो चुकी है। राज्य में रविवार को 5 और मरीजों ने कोरोना को मात दे दी।

राजधानी रांची के रातू रोड चौक पर सोमवार को सख्ती बरती गई। इस दौरान पुलिस बैरिकेडिंग लगाकर चौराहे पर हर वाहन सवार को रोककर जांच पड़ताल की।

लॉकडाउन फेज-3 के पहले दिन सोमवार को राज्य के 11 संक्रमित जिलों विशेषकर रांची में सख्ती बरती जा रही है। वहीं अन्य जिलों में भी लॉकडाउन का पालन पुलिस-प्रशासन द्वारा सख्ती से कराया जा रहा है। सड़कों पर बैरिकेडिंग लगाकर शहर के अंदर और जिले की सीमा पर वाहनों की जांच की जा रही है। पर्याप्त कागजात होने पर वाहनों का आगे जाने दिया जा रहा है। वहीं लॉकडाउन फेज-3 को लेकर राज्य में आवश्यक खाद्य सामग्रियों की दुकान, दूध, फल, सब्जी, मेडिकल व पंखा की दुकानें ही खुलीं हैं। अन्य किसी भी तरह की दुकानों को खोलने पर पाबंदी है। इस दौरान सोशल डिस्टेंस बनाकार ही समानों की खरीदारी करनी है।

केरल के कालीकट से मजदूरों को लेकर धनबाद जा रही ट्रेन बोकारो स्टील सिटी स्टेशन पर कुछ देर के लिए खड़ी हुई। ट्रेन में धनबाद और पाकुड़ सहित अन्य जिलों के मजदूर सवार हैं। कई मजदूरों ने ट्रेन में चढ़ने के लिए टिकट भी दिखाया। मजदूरों ने कहा- उन्होंने पैसे देकर टिकट खरीदे हैं।

कोरोना अपडेट्स

  • रांची: राज्य के रेड जोन में शामिल जिले में 84 लोगों में कोरोना संक्रमितों की पुष्टि हो चुकी है। इनमें 50 से ज्यादा हॉट स्पॉट हिंदपीढ़ी से हैं। हिंदपीढ़ी व सटे इलाकों की हेल्थ स्क्रीनिंग फिर से शुरू हुई है। मेडिकल टीम घर-घर जाकर स्क्रीनिंग कर रही है। डीसी राय महिमापत रे ने बताया कि 6 मई तक यहां स्क्रीनिंग का लक्ष्य रखा गया है। उधर, ट्रैफिक पुलिस ने लॉकडाउन एक और लॉकडाउन दो के दौरान राजधानी में यातायात नियमों का उल्लंघन करने के मामले में 3 करोड़ 76 लाख रुपए का चालान काटा है। रांची नगर निगम ने सैनिटाइजेशन के लिए 200 नई स्प्रे मशीनेंखरीदीहैं।
  • बोकारो: जिले में अब तक 10 कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं, जिनमें एक की मौत हो चुकी है जबकि छह स्वस्थहोकर घर लौट चुके हैं। जिले में रविवार को कुल 32 सैंपल जांच के लिये भेजे गए। इसमें 10 साडम ओर 22 सैंपल तेलो से लिए गए हैं। लॉकडाउन में राजस्थान के कोटा में फंसे बोकारो के छात्र 187 छात्र स्पेशल ट्रेन से धनबाद पहुंचे। इनमें से तीन छात्रों को सदर अस्पताल स्थित क्वारैंटाइन सेंटर भेजा गया।
  • धनबाद: जिले में अब तक मिले दो संक्रमित मरीज स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। रविवार को पीएमसीएच में 210 संदिग्ध मरीज का कोरोना जांच के लिए स्वाब लिया गया। इसमें से सभी रिपोर्ट निगेटिव आई। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार जिले में अब तक 1200 से ज्यादा सैंपलों को जांच के लिए भेजा गया है। इसमें 1000 से ज्यादा सैंपलों की जांच की जा चुकी है। वहीं 200 से अधिक सैंपल की रिपोर्ट पेंडिंग है।
  • जमशेदपुर: राज्य सरकार की ओर से लॉकडाउन-3 में ढील नहीं दिए जाने के चलते टाटा स्टील समेत टाटा मोटर्स, टाटा कमिंस, टिमकेन आदि कंपनियों में चार मई से काम शुरू नहीं हो पाएगा।जिला प्रशासन की ओर से इन कंपनियों को सामान्य कामकाज शुरू नहीं करने का निर्देश दिया गया। इसके बाद इन कंपनियों ने एक रोज पहले जारी अपने सर्कुलर में बदलाव करते हुए आवश्यक सेवा को छोड़ पहले जैसी ही व्यवस्था बनाए रखने का निर्देश जारी कर दिया है।
  • हजारीबाग: जिले में अबतक तीन लोग कोरोना पॉजीटिव पाए गए हैं। तीनों स्वस्थ्य भी हो चुके हैं। जिले में कोरोनावायरस को लेकर किए जा रहे प्रारंभिक जांच स्क्रीनिंग का आंकड़ा रविवार तक 20,143 पर पहुंच गया। अब तक की जांच के बाद 55 लोगों को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है। 267 लोगों को क्वारेंटाइन में रखा गया था। जबकि 4,165 लोग होम क्वारेंटाइन में भेजे गए थे। रविवार तक वार्ड फैसिलिटी क्वारेंटाइन से 2,783 लोगों को मुक्त किया जा चुका है।जबकि 14 दिनों तक सर्विलांस के बाद होम क्वारेंटाइन से 12,561 लोग मुक्त किए गए हैं।
  • कोडरमा: डेडिकेटेड कोविड हेल्थ केयर अस्पताल होली फैमिली में भर्ती गिरिडीह जिले के राजधनवार थाना अंतर्गत जहनाडीह निवासी युवक की दूसरी बार भेजी गई सैंपल निगेटिव आई है। इससे मरीज के ठीक होने की संभावना काफी बढ़ गई है। कोरोना महामारी को लेकर जिला स्तर पर बनाए गए क्वारैंटाइन वार्ड में रखे गए 125 लोगों को रविवार को छुट्‌टी दे दी गई। इन लोगों को अगले 14 दिनों तक घरों में भी क्वारैंटाइन में रहने का निर्देश दिया गया है।इधर, कोडरमा सदर अस्पताल स्थित आइसोलेशन वार्ड से बीती रात एक कोरोना संदिग्ध मरीज भाग निकला। वो बिहार का रहने वाला था। मछरदानी के सहारे वो आइसोलेशन वार्ड से बाहर निकला और भाग गया।
  • गढ़वा: जिले में रविवार तक गढ़वा जिले के विभिन्न प्रखंडों से कुल 367 सैंपल लिए गए हैं। इनमें से कुल 358 सैंपल को जांच कराने हेतु रांची रिम्स भेजा गया है। जांच के क्रम में गढ़वा सदर प्रखंड से ही अभी तक कोविड-19 के 03 मामले पॉजिटिव पाए गए हैं, जबकि 272 सैंपल नेगेटिव पाए गए हैं एवं शेष 92 सैंपल का जांच लंबित है। जिले का पहला कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति दूसरी बार जांच में निगेटिव पाया गया है। अब एक निश्चित अंतराल पर दोबारा भी सैंपल लिया जाएगा। वहीं पहले संक्रमित मरीज से जुड़े दो अन्य पॉजिटिव मरीजों का दूसरा सैंपल भेजी गई है। जिसका रिपोर्ट आने का इंतजार है।
  • सिमडेगा: जिले में पॉजिटिव की संख्या दो है जिसमें से एक स्वस्थ्य होकर घर लौट चुका है। वहीं, रविवार तक जिले में कुल 270 सैंपल भेजे जा चुके हैं। इनमें 237 रिपोर्ट निगेटिव जबकि 26 रिपोर्ट का इंतजार है। वहीं अलग-अलग क्वारैंटाइन सेंटर में अब तक 109 लोगों को जबकि 65 लोगों को होम क्वारैंटाइन किया गया है।
  • पलामू: जिले के लेस्लीगंज में अब तक तीन कोरोना संक्रमण के मरीज मिल चुके हैं। तीनों को इलाज के लिए कोविड-19 सेंटर में भर्ती किया गया है। कोरोना पॉजिटिव के परिवार, रिश्तेदारों और उसके साथ क्वारैंटाइन में रहने वाले सभी का सैंपल निगेटिव आया है। पलामू जिला से अब तक 1331 सैंपल जांच के लिए रिम्स भेजा गया है। इसमें 1038 निगेटिव, 3 पॉजिटिव और 290 का जांच रिपोर्ट पेंडिंग हैं। 568 लोग होम और 776 क्वारैंटाइन सेंटर में हैं। जिले में 44 चेकनाका बनाया गया है जहां पुलिस निरंतर आने जाने वालों पर नजर रखे हुए हैं।
  • गिरिडीह: जिले में अब तक दो कोरोना संक्रमण के केस मिल चुके हैं। दोनों का इलाज कोविड-19 सेंटर में चल रहा है। जिले के कोरोना पीड़ित महिला का स्वाब लेकर जांच के लिए पीएमसीएच धनबाद भेजा गया। जिले में अब तक 304 सैंपल जांच के लिए भेजे जा चुके हैं जिनमें से दो रिपोर्ट पॉजिटिव जबकि 253 रिपोर्ट निगेटिव आई है। 51 रिपोर्ट का इंतजार है। वहीं, कुल 321 संदिग्धों को क्वारैंटाइन सेंटर में रखा गया है।
  • देवघर: जिले मेंकुल चार पॉजिटिव केस में से पहले के दो पॉजिटिव मरीजों के ठीक होने के बाद रविवार को उन्हें घर भेज दिया गया। अब तक जिले में 344 मरीजों के सैंपल जांच के लिए भेजे जा चुके हैं जिसमें 228 की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। 116 लोगों की रिपोर्ट भी जल्द ही आ जाएगी।
  • जामताड़ा: जिले में अब तक दो संक्रमण के मामले सामने आ चुके हैं। दोनों का कोविड-19 सेंटर में इलाज चल रहा है। प्लस टू हाई स्कूल नाला क्वारैंटाइन सेंटर के पास 200 मीटर का एरिया सील किया गया है। साथ ही बाहरी लोगों के प्रवेश पर पाबंदी है। रेड जोन चिह्नित इलाके की 30 दुकानों को भी बंद कराया गया है। साथ ही 35 लोगों के स्वाब का सैंपल जांच के लिए पीएमसीएच भेजा गया है। बंगाल सीमा स्थित गांवों के पास मुख्य सड़क को पूरी तरह से सील कर दिया गया है। वहां पुलिस बल के साथ अधिकारी को भी तैनात किया गया है। इधर, बंगाल से आ रहे वैसे लोग को क्वारैंटाइन करने का प्रयास जारी है।
जमशेदपुर में सोमवार सुबह शहर की कई सड़कों पर सैनिटाइजेशन किया गया। इस दौरान निगम की टीम लोगों से घरों में रहने की अपील भी करती दिखी।

राज्य में कुल 116 संक्रमित: रांची के 84, बोकारो 10, पलामू 03, हजारीबाग 03, गढ़वा 03, धनबाद 02, गिरिडीह, 02, सिमडेगा 02, देवघर 04, जामताड़ा में 02 और गोड्डा में 01 मरीज में कोरोनावायरस के संक्रमण की पुष्टि हुई है।

राज्य में अब तक 04 की मौत: रांची में तीन जबकि बोकारो के एक मरीज की मौत हो चुकी है।

राज्य में स्वस्थ्य हुए 27 मरीज: रांची में 10, बोकारो में छह, धनबाद में दो, हजारीबाग में दो, देवघर में दो, सिमडेगा में एक जबकि राज्य के अन्य जिलों से संक्रमित मरीजों में 04 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं।



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जमशेदपुर के साकची गोल चक्कर के पास सोमवार को गाड़ियों की जांच की गई। शहर के अंदर और बाहर जाने वाली हर गाड़ियों और बाइक सवारों के कागजात देखे गए। जरुरी होने पर उन्हें छोड़ा गया।




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बयानबाजी चलती रही... केरल-बेंगलुरु से झारखंड लौटे 3529 श्रमिकों से रेलवे ने वसूल लिया 31 लाख रु. किराया

लॉकडाउन 3.0 में मिली छूट के बाद अलग-अलग राज्यों से अपने घरों को लौट रहे श्रमिकों को ला रही ट्रेनों के किराये पर अब पूरे देश में बहस छिड़ गई है। सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आरोप लगाया कि इस मुश्किल वक्त में केंद्र सरकार और रेलवे मजदूरों से किराया वसूल रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की राज्य इकाइयां इन मजदूरों का किराया भरेंगी। उनके इस बयान के बाद झारखंड में रामेश्वर उरांव ने भी घोषणा कर दी कि मजदूरों का किराया कांग्रेस देगी। उधर, भाजपा नेताओं का कहना था कि मजदूरों के किराये में रेलवे 85% सब्सिडी दे रहा है, जबकि 15% किराया राज्य सरकारों को देना है। रेलवे ने भी आधिकारिक तौर पर कहा कि ट्रेनें राज्य सरकारों की मांग पर चलाई जा रही हैं, अत: किराया भी सरकारों को ही देना है। मगर तमाम बयानबाजी के बावजूद घर लौट रहे श्रमिकों को ही किराया देना पड़ रहा है। मंगलवार को तीन ट्रेनों से 3529 मजदूर झारखंड पहुंचे। बेंगलुरु से हटिया आए 1225 श्रमिकों को 900 रुपए का टिकट लेना पड़ा। दो ट्रेनों में 2304 श्रमिक केरल से लौटे। इनमें जस्सीडीह तक गई ट्रेन में श्रमिकों को 875 और धनबाद तक गई ट्रेन में 860 रुपए का टिकट कटाना पड़ा। यानी तमाम बयानबाजियों के बीच रेलवे ने इन मजदूरों से 31 लाख रुपए किराये में वसूल भी लिए।

रेलवे ने कहा था-राज्य किराया एकत्रित कर हमें देंगे...अब किराया वसूलने पर चुप्पी

रेलवे ने 2 मई के आदेश में कहा है कि श्रमिक स्पेशल ट्रेन रवाना करते वक्त यात्रियों की संख्या के मुताबिक गंतव्य के लिए टिकट प्रिंट करके राज्य सरकार को सौंपे जाएंगे। राज्य के अधिकारी यात्रियों को टिकट देंगे। राज्य के अधिकारी टिकटों का किराया एकत्रित कर रेलवे को सौंपेंगे। इस आदेश में यह स्पष्ट नहीं है कि किराया किससे वसूला जाएगा। रेलवे के कार्यकारी निदेशक राजेश दत्त बाजपेई का कहना है कि रेलवे की ओर से इस संबंध में एक गाइड लाइन पहले ही जारी की जा चुकी है, जिसमें राज्यों की मांग पर रेल मंत्रालय ट्रेन चलाएगा और राज्य सरकार उसका भुगतान रेलवे को करेंगी। मगर अब मजदूरों से किराया वसूले जाने पर अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। कोविड-19 रेलवे के झारखंड नोडल अधिकारी रांची रेल मंडल के डीआरएम नीरज अंबष्ठ ने कहा कि मजदूरों से वसूला गया किराया मामला पॉलिसी मैटर है। इसमें हम कुछ नहीं बोल सकते हैं।

रामेश्वर उरांव बोले-राज्य सरकार की अंडरटेकिंग पर ट्रेन चला रहा है रेलवे
वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने कहा कि रेलवे, राज्य सरकार की अंडरटेकिंग के बाद ही ट्रेन चला रहा है। अंडरटेकिंग का मतलब है कि किराया राज्य सरकार को भरना है। सूचना आ रही है कि रेलवे राज्यों से 15% राशि लेगा। विधिवत सूचना नहीं मिली है। ऐसा होता है तो राज्य शेष राशि ही जमा करेगा। आपदा प्रबंधन मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि 15% राशि भी कांग्रेस पार्टी राज्य सरकार को देगी।

उद्धव ने कहा- किराया नहीं ले केंद्र; बिहार में क्वारेंटाइन के बाद रिफंड
महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने केंद्र से आग्रह किया कि मजदूरों से ट्रेन का किराया न वसूला जाए। वहीं, बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि सरकार छात्राें के लिए सीधे रेलवे काे किराया दे रही है। वहीं, श्रमिकाें काे 21 दिन का क्वारेंटाइन पूरा करने के बाद यात्रा खर्च रिफंड किया जाएगा। साथ में 500 रुपए और दिए जाएंगे। दूसरी तरफ, साेनिया की घाेषणा के बाद राजस्थान अाैर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियाें ने घाेषणा की कि घर जाने वाले प्रवासियाें के लिए राज्य सरकार रेलवे काे भुगतान करेगी।

सीएम हेमंत बोले- छात्रों व मजदूरों से आने का नहीं लिया जाएगा कोई किराया
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि प्रवासी मजदूरों और छात्रों को सुरक्षित उनके घर तक पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इनका झारखंड अाना प्रारंभ भी हो गया है। जब तक वे सुरक्षित अपने घरों तक नहीं पहुंच जाते, तब तक किसी छूट पर सरकार का ध्यान ही नहीं है। जब तक मजदूर, छात्र सुरक्षित अपने घर तक नहीं पहुंच जाते, तब तक झारखंड में लॉकडाउन यथावत रहेगा। सरकार का स्पष्ट निर्णय है कि छात्रों और मजदूरों से किराया नहीं लिया जाएगा।



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The rhetoric kept going ... The Railways recovered 31 lakh rupees from 3529 workers who returned from Kerala-Bengaluru to Jharkhand. The rent