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23 राज्यों के ऑनलाइन पोर्टल में 13 के एड्रेस गलत

अन्य राज्यों में अलग-अलग कारणों से लॉकडाउन में फंसे प्रवासी बिहारियों की आखिरी उम्मीद के रूप में रविवार को बिहार सरकार ने जिन 23 राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों के ऑनलाइन पोर्टल / वेबसाइट के लिंक की पुष्टि की, उनमें 13 एड्रेस बेकार हैं। सरकार की ओर से जारी चंडीगढ़ की साइट पर प्रवासियों के लिए कोई लिंक नहीं है, जबकि दिल्ली के लिए जारी दिल्ली पुलिस की साइट पर एनसीआर के वाहन पास की ही व्यवस्था है। गुजरात, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, राजस्थान और यूपी में फंसे बिहारियों के लिए जारी वेब एड्रेस पर ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है। उड़ीसा और कर्नाटक की साइट पर होगी भी तो स्थानीय भाषा लिपि समझना संभव नहीं है। केरल का ऑनलाइन पता वहां लौटने वालों के लिए हैं। लद्दाख की साइट पर भी वाहन पास ही संभव है। महाराष्ट्र वाले पर कोरोना के सर्वे की व्यवस्था है। तेलंगाना का ऑनलाइन एड्रेस अत्यधिक दबाव के कारण ठप है। यह साइट सोमवार सुबह साढ़े 10 बजे से शुरू होगी। अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, गोवा, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब, तामिलनाडु, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल के ऑनलाइन पते सही निकले।

10 पतों पर ढूंढ़ने से मिला लिंक, ऐसे दो और लिंक मिले

पड़ताल में 13 ऑनलाइन पते पर प्रवासी झारखंडियों के लिए कोई सुविधा नहीं

मुसीबत : झारखंड में फंसे प्रवासी मजदूरों की सुध लेने वाला कोई नहीं

सभी राज्यों की सरकारें अपने प्रवासी मजदूरों को बुला रही हैं। इसके लिए विशेष श्रमिक ट्रेनें भी चल रही हैं। लेकिन कई ऐसे भी प्रवासी मजदूर हैं, जो झारखंड में काम करने आए थे और लॉकडाउन में यहां फंस गए हैं। अब ना तो अपने राज्य लौट पा रहे हैं और ना ही यहां इन्हें सुविधा मिल रही है। रांची में ही ऐसे हजारों मजदूर हैं। अब ये लोग जिला प्रशासन और मुख्यमंत्री से गुहार लगा रहे हैं कि उन्हें भी वापस भेजने का इंतजाम किया जाए। सरकार का दावा है कि थानों में प्रवासी लोगों के खाने की व्यवस्था है, लेकिन हकीकत यह है कि पुलिस प्रवासी मजदूरों को अपने राज्य लौट जाने की सलाह दे रही है।
भोपाल से छह माह पहले कमाने के लिए रांची आए थे... स्टेशन रोड स्थित एक होटल में छोटे-छोटे बच्चों के साथ 32 लोग पिछले 40 दिनों से फंसे हुए हैं। ये लोग भोपाल के रोनाया गांव के रहने वाले हैं। छह माह पहले कमाने के लिए रांची आए थे। यहां लोहे के औजार बनाकर बेचते थे। इन्हें जिस दिन लौटना था, उसी दिन पूरे देश में लॉकडाउन हो गया। अब इनके सब्र का बांध टूट गया है। अपने गांव लौटने के लिए मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन से लगातार गुहार लगा रहे हैं।



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Address of 13 in 23 state online portals incorrect




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दूर होगा खाद्यान्न संकट; 13 लाख एकड़ जमीन पर कराई जाएगी दाल, चावल, सब्जी की खेती

कोरोना महामारी जानें लील ही रही है। इससे बचाव के लिए लॉकडाउन के उपाय ने रोजी-रोटी का संकट खड़ा कर दिया है। दूसरे राज्य गए मज़दूर अपने घर-गांव लौट रहे हैं। अब उनके सामने भी जीविकोपार्जन की समस्या पैदा होने लगी है। लेकिन खुशखबरी है कि खाद्यान्न संकट को दूर करने के लिए कल्याण विभाग से जुड़े झारखंड ट्राइबल डेवलपमेंट सोसाइटी (जेटीडीएस) ने एक कारगर योजना बनाई है। सरकार को सार्थक सुझाव भी दिया है। योजना है कि दाल, चावल और सब्जी की सालों भर आदिवासी बहुल गांवों में दिक्कत नहीं होगी। इसकी तैयारी भी शुरू हो गई है। जेटीडीएस 14 जनजातीय जिलों में 13 लाख एकड़ जमीन पर खरीफ फसलों की खेती करवाना चाहती है। लगभग साढ़े 7 लाख जनजातीय गांवों तक योजना का लाभ पहुंचाना है।

7.5 लाख जनजातीय गांवों को लाभ

लॉकडाउन के बाद रोजगार के लिए दूसरे राज्य जाना संभव नहीं होगा। गांव पर आबादी का बोझ बढ़ेगा। जबकि आय के स्रोत कम होंगे। खाने-पीने की परेशानी बढ़ेगी। इन सभी संकट के समाधान के लिए विभाग ये कल्याणकारी योजना लेकर आया है। चिह्नित गांव में पहले बीज भेजा जाएगा। योजना के तहत 70-75 हजार एकड़ में धान, 25 हजार एकड़ में मक्का, 25 हजार एकड़ में अरहर, 10-12 एकड़ में मड़ुवा, 20 हजार एकड़ में तिलहन फसल उगाने की योजना है। लोग योजना का फायदा उठा सकें, इसके लिए ग्रामसभा की मदद ली जाएगी।
रोजगार के लिए हरित ग्राम योजना :आम, अमरूद व नींबू की होगी मिश्रित बागवानी

रांची जिले में बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत होने वाली बागवानी को लेकर स्थल चयन की प्रक्रिया रांची जिले में शुरू कर दी गई है। डीडीसी अनन्य मित्तल ने सोमवार को कलेक्ट्रेट में मनरेगा योजना की समीक्षा के दौरान पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि योजना स्वीकृत कराकर अविलंब कार्य शुरू करें। 20 मई के पहले गड्ढा खुदाई तथा घेराव का कार्य पूरा कराएं। मालूम हो कि बिरसा मुंडा बागवानी योजना के तहत पहले गरीब परिवारों की रैयती जमीन पर आम का पौधा लगाया जाता था। अब आम के अलावा अब अमरूद और नींबू आदि का मिश्रित पौधरोपण किया जा सकता है। डीडीसी ने कहा कि अधिक से अधिक मजदूरों को कार्य उपलब्ध कराएं, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो सके। मुख्यमंत्री जल समृद्धि योजना के तहत भी प्रखंडों में काम शुरू करें, ताकि लोगों को रोजगार मिले।



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Food crisis will be overcome; Pulses, rice, vegetable cultivation will be made on 13 lakh acres of land




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चेलंगदाग के खदान की डोजरिंग कर 10 टन कोयला बरामद किया

बड़कागांव पुलिस ने चेलंगदाग गांव स्थित बड़की नदी मांझी ग्वाट के पास अवैध कोयला खदान में छापेमारी की। छापेमारी में पुलिस ने अवैध खदान स्थल से 10 टन डंप किया गया कोयला बरामद किया। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने रात में ही जेसीबी मशीन लगाकर अवैध कोयला खदान को डोजरिंग कर भर दिया। थाना प्रभारी स्वप्न कुमार महतो ने कहा कि मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले में मुनेश्वर गंझू और सुखदेव गंझू को नामजद आरोपी बनाया गया है। दोनों अवैध ढंग से खदान से कोयले की निकासी कर कालाबाजारी कर रहे थे।



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10 tons of coal seized by dodging Chelangdag mine




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ओडिशा के क्वारेंटाइन सेंटरों से छूटे झारखंड व बिहार के 100 मजदूर पैदल जा रहे थे घर, जलडेगा सीमा पर फंसे

पूरे देश में जब राज्य सरकारें अन्य प्रदेशों में फंसे मजदूरों को वापस लाने और सुरक्षित भेजने में जुटी हैं ऐसे समय मे झारखंड से लगने वाली ओडि़शा सीमा पर बेहद तकलीफदेह स्थिति देखने को मिली। ओडि़शा के विभिन्न जिलों की पंचायतों में बने क्वारेंटाइन केंद्रों से पैदल ही रिलीज कर दिएे गए करीब एक सौ श्रमिक बॉर्डर पर भूखे प्यासे फंसे दिखे। झारखंड-बिहार के इन मजदूरों के लिये वहां न पानी है और न ही भोजन का कोई इंतजाम। इनके पास है सिर्फ वह कागज जो कह रहा है कि इन्होंने क्वारेंटाइन का 2- 3 हफ्ता गुजार लिया है। मुश्किल हालात में क्वारेंटाइन का दिन गुजारने के बाद मुक्त किए जा चुके इन लोगों को रखने के लिए अब ओडि़शा पुलिस प्रशासन तैयार नहीं है और झारखंड पुलिस अपने यहां पैदल घुसने देने को तैयार नहीं है।
इन सबके बीच बांसजोर के बीडीओ प्रभाकर ओझा से फोन पर सम्पर्क करने पर उन्होंने कहा कि ये लोग कहां क्वारेंटाइन थे और कहां जा रहे हैं यह छानबीन के बाद ही कुछ कह सकेंगे। इस स्थिति में वहां एक भी अधिकारी ऐसा नहीं मिला जो इन्हें यह दिलासा दे सके कि वे कुछ इंतजार करें, रहने और भोजन का इंतजाम हो जाएगा।
फंसे मजदूरों ने बताया कि वे रामगढ़, पलामू,बोकारो, डाल्टेनगंज, चक्रधरपुर तथा बिहार के समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, खगड़िया, गोड्डा, दुमका आदि जिलों के हैं। मजदूरों ने बताया कि उन्हें ओडिशा के क्वारेंटाइन सेंटर में रखा गया आज दिन में संबंधित क्षेत्र के मुखिया और बीडीओ ने उन्हें पैदल जाने की इजाजत दे दी। लेकिन सीमा पर रोक लिए गए तथा खाने को कुछ भी नहीं है।

13 मार्च को केरल से लौटे युवक की तबीयत बिगड़ी, आइसोलेशन वार्ड में कराया गया भर्ती

प्रखंड की हेठमा पंचायत निवासी एक युवक को कुरडेग के आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है। यह युवक मजदूरी करने के लिए केरल गया था और 13 मार्च को गांव वापस आया था। तबीयत खराब होने पर उसने 14 मार्च को बीरू अस्पताल में इलाज कराया था। उसे दवा देकर घर भेज दिया गया था। अब डेढ़ माह बाद युवक को सांस लेने में परेशानी, गले में ख़राश और बुखार होने की सूचना मिली है। बीडीओ मृत्युंजय कुमार को यह जानकारी मिलने पर युवक को कुरडेग के सीएचसी में लाया गया । जहां डाॅ. जगत बडाईक ने उसकी जांच की। युवक को आइसोलेशन वार्ड में रखते हुए गहन जांच की जा रही है। इधर युवक के परिवारवालों को निर्देश दिया गया है कि वे गांव में इधर- उधर न घूमें और घर में ही रहें। उनकी निगरानी के लिए कर्मचारी की नियुक्ति की गई है।

सिमडेगा : कोरोना एक नजर में

जिल सिमडेगा
भेजे गए कुल सैम्पल : 271
सैम्पल रिजेक्ट : 05
नेगेटिव : 237
पॉजिटिव : 02
रिपोर्ट पेंडिंग : 27
डिस्चार : 01
क्वारेंटाइन : 85
होम क्वारेंटाइन : 77

कंटेनमेंट जोन से मुक्त हुआठेठईटांगर

कंटेनमेंट जोन से मुक्त किए जाने के बाद ठेठईटांगर के लोग 21 दिन बाद घरों से निकले। बीडीअाे मनोज कुमार अाैर थाना प्रभारी सत्येंद्र कुमार सिंह ने कहा कि ठेठईटांगर और गड़गड़बहार निवासियों ने प्रशासन का भरपूर साथ दिया जिसका नतीजा यह हुआ कि प्रखंड में दोबारा कोरोना पॉजिटिव का कोई मामला नहीं आया। ठेठईटांगर वासियों ने कहा अभी भी सतर्कता बरतने की जरूरत है। प्रशासन के गाइड लाइन पर चलना है तभी हमारा क्षेत्र स्वस्थ रहेगा। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए कोरोना पर विजय प्राप्त करेंगे।

कर्नाटक से आज रांची पहुंचेंगे 23 मजदूर, लाने के लिए भेजी गई बस

साेमवार को सरकार की मदद से कर्नाटक से रांची आ रहे सिमडेगा जिला के 23 व्यक्तियों को रांची रेलवे स्टेशन से लाने हेतु सिमडेगा जिला प्रशासन के द्वारा विशेष बस रवाना की गई। जिला के 23 व्यक्ति रेलवे के माध्यम से रांची रेलवे स्टेशन पहुंचेंगे। जहां उन्हें जिला से प्रतिनियुक्त कर वाहन संग भेजे गए नोडल पदाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी के द्वारा उपायुक्त के आदेशानुसार सामाजिक दूरी का अनुपालन कराते हुए जिला लाया जाएगा।

पाकुड़ जा रही बस को रोका गया, की पूछताछ

जलडेगा|ओडिशा के झारसुगुड़ा से आ रही एक बस को बांसजोर चेकपोस्ट में रोककर उनके गंतव्य स्थान के बारे पूछताछ की गई। बस में 25 लोग बैठे हुए थे और पाकुड़ जा रहे थे। इन्हें पाकुड़ ले जाने के लिए प्रतिनियुक्त मजिस्ट्रेट संजीव कुमार ने बताया कि लॉकडाउन से चार दिन पूर्व ये लोग राजमिस्त्री का काम करने झारसुगुड़ा गए थे। लॉकडाउन लागू होने पर ये वहीं फंस गए थे। सबों का सत्यापन करने के बाद उन्हें जाने दिया गया।

कृषक बंधु की ओर से जरूरतमंदों में राशन और बच्चों काे दिए बिस्कुट

सिमडेगा | सदर प्रखंड के कोचेडेगा में असहाय लोगों के बीच राशन सामग्री का वितरण किया गया। कृषक बंधु संस्था के सचिव प्रभात कुमार ने राशन वितरण करते हुए सबों से लॉकडाउन और सामाजिक दूरी का पालन करने की अपील की। कहा, अभी की स्थिति में हर नागरिक को आगे आकर जरूरतमंदों की मदद करने की जरूरत है। लोगों से कहा गया कि वे अंधविश्वास और अफवाह पर ध्यान नहीं दें और पुलिस- प्रशासन के निर्देश का अनुपालन करें। इस अवसर पर छोटे-छोटे बच्चों के बीच बिस्कुट का वितरण किया गया।

मजदूर नेता ने मजदूरों के बीच अनाज वितरण किया

झारखंड मजदूर यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह की अाेर से तामड़ा पंचायत के बिरदोटोली गांव में मजदूरों के बीच में अनाज का वितरण किया गया। मौके पर राजेश कुमार सिंह ने कहा सभी मजदूरों का हित का ख्याल रखना उनका कर्तव्य है और क्षेत्र में किसी भी मजदूर को कोई भी प्रकार की समस्या होती है तो इन समस्याओं को अपनी समस्या समझते हुए दूर करने का प्रयास करूंगा। उन्होंने यह भी कहा कि लगातार लॉकडाउन के दौरान अलग-अलग क्षेत्रों में घूम घूमकर अनाज का वितरण किया गया है और आगे भी जारी रहेगी।



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100 workers of Jharkhand and Bihar, who were left from the quarantine centers of Odisha, were walking home, stranded on the Jaladega border




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16 साल से बिछड़ा युवक लॉकडाउन में परिवार से मिला, जाने से पहले परिजन बोले- शुक्रिया भास्कर

लॉकडाउन के दौरान बरवाडीह 10+2 विद्यालय में क्वारेंटाइन की अवधि पूरा करने के बाद मध्यप्रदेश का रहनेवाला देव सिंह सोमवार को अपने परिजनों के साथ वापस अपने घर लौट गया है। उसे वापस मध्यप्रदेश ले जाने के लिए सोमवार को बरवाडीह पहुंचे उसके भाई शिवकरण कचनारे, सूरज नायक व ओम यादव ने बताया कि वर्ष 2003 से मानसिक स्थिति अच्छी नहीं होने के कारण वह घर से लापता था, जिसे ढूंढ़ने का काफी प्रयास किया गया, लेकिन वह नहीं मिला। 16 साल बाद बरवाडीह पुलिस से जब देवी सिंह के बारे में जानकारी मिली और दैनिक भास्कर में छपी खबर देखी ताे खुशी का ठिकाना न रहा। बता दें कि लापता देव सिंह के क्वारेंटाइन सेंटर में रखे जाने की खबर को दैनिक भास्कर ने 03 मई, 2020 के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद देवी सिंह के परिजन मध्यप्रदेश और झारखंड सरकार की अनुमति के बाद सड़क मार्ग से बरवाडीह पहुंचे और कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद देवी सिंह को अपने साथ ले गए।

विदाई के दौरान परिजन बोले- कल्पना नहीं थी कि देवी मिलेगा
इस मौके पर बरवाडीह थाना प्रभारी दिनेश कुमार, सअनि महादेव उरांव, पंचायत सेवक बद्री प्रसाद, मुखिया सुनीता टोप्पो, आंगनबाड़ी सेविका मीना देवी, मानमती देवी ने देवी सिंह को शॉल भेंट करके उन्हें विदा किया। देवी के परिजन शिवकरण कचनारे, सूरज नायक व ओम यादव ने कहा कि कल्पना नहीं की थी कि उनका भाई देव सिंह अब दोबारा मिलेगा, लेकिन झारखंड पुलिस और दैनिक भास्कर की पहल से आज यह संभव हो पाया है, जिसका हमलोग जिंदगीभर शुक्रगुजार रहेंगे।



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The boy, who was separated for 16 years, met the family in lockdown, before leaving, the family said - thank you Bhaskar




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राजस्थान में फंसे 350 मजदूरों को रामगढ़ स्टेशन से लाया गया गढ़वा, 14 दिन क्वारैंटाइन में भेजा

कोविड- 19 कोरोना वायरस महामारी के कारण देश में घोषित लॉकडाउन के दौरान राजस्थान में फंसे 350 मजदूरों को मंगलवार को गढ़वा लाया गया। सभी मजदूर विशेष ट्रेन से राजस्थान के नागौर से झारखंड के बरकाकाना स्टेशन पहुंचे थे। जहां से जिला प्रशासन ने बसें भेज कर मजदूरों को जिला मुख्यालय स्थित एसएसजेएस नामधारी महाविद्यालय परिसर में लाया गया। उपायुक्त हर्ष मंगला के निर्देश पर सभी लोगों का स्क्रीनिंग कर स्वास्थ्य की जांच कराई गई और मजदूरों को होम क्वॉरेंटाइन का मुहर लगाया गया।

सदर एसडीओ प्रदीप कुमार ने कहा कि 4 मई को सभी श्रमिक मजदूरों को स्पेशल ट्रेन से रामगढ़ स्थित बरकाकाना स्टेशन लाया गया था। जहां सभी की थर्मल स्क्रीनिंग और मेडिकल जांच की गई थी। मजदूरों को गढ़वा लाने के लिए कुल 16 बसें भेजी गई थी। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए प्रत्येक बस में 24-25 लोगों को बैठाकर रामगढ़ से गढ़वा लाया गया। राजस्थान के नागौर के प्रवासी मजदूरों के अलावा छत्तीसगढ़ के कोरिया, ओडिसा के सुंदरगढ़ एवं कर्नाटक के श्रमिक मजदूर, विद्यार्थी एवं श्रद्धालुओं को भी जिला प्रशासन द्वारा गढ़वा में लाया गया। यात्रा के दौरान बस में सैनिटाइजर, मास्क, पानी की बोतल व नाश्ता की भी व्यवस्था प्रशासन द्वारा किया गया था। एसएसजेएस नामधारी महाविद्यालय के परिसर में सभी के लिए कुर्सियां लगाकर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए बैठने की व्यवस्था की गई थी। मजदूरों को भोजन कराया उन्हें घर भेजा गया। स्वास्थ्य जांच में सभी स्वस्थ और सामान्य पाए गए।

वहीं जांच के दौरान एक व्यक्ति में हल्का बुखार पाया गया। जिसे इलाज के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया। इसके बाद हाथ पर अमिट स्याही से होम क्वारैंटाइन की स्टैंपिंग की गई। एसडीओ ने कहा कि सभी श्रमिक मजदूरों, श्रद्धालुओं एवं विद्यार्थियों को अपने-अपने प्रखंडों के लिए छोटे वाहन से रवाना कर दिया गया। गढ़वा जिला के विभिन्न प्रखंडों के श्रमिकों, श्रद्धालुओं एवं विद्यार्थियों में गढ़वा प्रखंड के लिए 22 व्यक्ति, मेराल प्रखंड के 88, डंडई के 47, रमना के 25, बिशुनपुरा के 43, बंशीधर नगर के 13, सगमा के 2, खरौंधी 40, भवनाथपुर 27, केतार 14, मंझिआंव 38, कांडी 14, बरडीहा, चिनिया व रंका के 6-6, रमकंडा से 19, बड़गड़ के एक, भंडरिया के 4 और धुरकी प्रखंड के 20 लोगों को उनके अपने-अपने प्रखंडों में भेजा गया। लोगों को उनके घर तक पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा छोटी-छोटी वाहनों की व्यवस्था की गई थी। वापस अपने गृह जिला पहुंचे लोगों ने जिला प्रशासन तथा पुलिस प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है।

पुलिस प्रशासन ने सभी लोगों को अपने-अपने घरों में 14 दिनों तक होम क्वारैंटाइन रहने की अपील किया। वहीं नियम का पालन नहीं करने पर कानूनी कार्रवाई की भी चेतावनी दी गई। विदित हो कि 4 मई 2020 को राजस्थान के नागौर से अपने गृह राज्य झारखंड आ रहे श्रमिक मजदूरों को रामगढ़ से गढ़वा लाने के लिए नोडल पदाधिकारी डीआरडीए के डायरेक्टर ओनिल क्लेमेंट ओड़िया को नियुक्त किया गया था। जबकि सहायक नोडल पदाधिकारी के रूप में कार्यपालक दंडाधिकारी सह जिला जनसंपर्क पदाधिकारी अरुण उरांव को नियुक्त किया गया था। सभी को रामगढ़ से गढ़वा लाने के लिए गढ़वा जिला के विभिन्न प्रखंडों से विशेष रूप से 16 कर्मी रोजगार सेवक, कनीय अभियंता, प्रखंड समन्वयक आदि को दंडाधिकारी के रूप में प्रतिनियुक्त किया गया था। जिनकी देखरेख में सभी श्रमिक मजदूरों को गढ़वा लाया गया।



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पुलिस प्रशासन ने सभी लोगों को अपने-अपने घरों में 14 दिनों तक होम क्वारैंटाइन रहने की अपील किया। वहीं नियम का पालन नहीं करने पर कानूनी कार्रवाई की भी चेतावनी दी गई।




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10 और संदिग्धों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि, आठ रांची के हिंदपीढ़ी और दो दुमका से; राज्य में अब तक 126 पॉजिटिव केस

राज्य में मंगलवार को 10 नए कोरोना पॉजिटिव की पुष्टि हुई है। इनमें आठ मरीज रांची के हिंदपीढ़ी जबकि दो दुमका के निवासी हैं। कोरोना संक्रमित जिलों में दुमका की नयी एंट्री हुई है।नए मरीज मिलने के बाद रांची में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 92 हो गई है। वहीं राज्य में कुल आकड़ा बढ़कर 126 हो गया है।मंगलवार काे दुमका में दाे मरीज मिलने के साथ ही राज्य के 12 जिले अब काेराेना संक्रमण की चपेट में आ गए हैं।


स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव डाॅ. नितिन मदन कुलकर्णी ने बताया कि मंगलवार काे एमजीएम जमशेदपुर में छह, रिम्स रांची में दाे और पीएमसीएच धनबाद में दाे पाॅजिटिव मरीज मिले। रांची के जिन आठ लाेगाें में काेराेना की पुष्टि हुई है, उनमें तीन महिलाएं, चार पुरुष और एक सात साल का बच्चा है। हिंदपीढ़ी के हैदरी अपार्टमेंट में रहने वाले इस बच्चे के माता-पिता सहित परिवार के तीन लाेग पहले ही पाॅजिटिव मिले थे, जिनका रिम्स के काेविड सेंटर में इलाज चल रहा है। यह बच्चा रिम्स के आइसाेलेशन वार्ड में भर्ती था। उधर, दुमका में काेराेना पाॅजिटिव मिलने के बाद यह ग्रीन से ऑरेंज जाेन में आ गया है। इसके साथ ही ग्रीन जाेन के जिलाें की संख्या बढ़कर 11 हाे गई है।

वहींरिम्स के कोविड-19 सेंटर से मंगलवार को सात जबकि कोडरमा के कोविड-19 सेंटर से एकमरीज ठीक होकर अपने घर लौटे।राज्य में कोरोना पर विजय पाने वाले कुल मरीजों की संख्या अब 35 हो गई है।राज्य में कुल कोरोना पॉजिटिव मरीजों में से 4 की मौत हो चुकी है।बता दें कि पिछले दो दिन रविवार और सोमवार को कोरोना संक्रमण का एक भी मामला सामने नहीं आया था। इससे पहले राज्य में 21 अप्रैल को अंतिम बार ऐसा हुआ था कि एक दिन की जांच में कोई भी संक्रमित मरीज नहीं मिला था।

वहीं राज्य में महामारी के सर्विलांस में लगे इंटिग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम (आईडीएसपी) की रिपोर्ट का आकलन है कि आने वाले 14-15 दिन काफी अहम होंगे। रिपोर्ट के अनुसार अगले 14-15 दिनों में कोरोना केस की संख्या तीन गुनी हो सकती है। जो कि करीब 350 के आसपास होगी।

उधर, रेड जोन रांची के हॉट स्पॉट हिंदपीढ़ी व सटे इलाकों की हेल्थ स्क्रीनिंग फिर से शुरू हुई है। मेडिकल टीम घर-घर जाकर स्क्रीनिंग कर रही है। डीसी राय महिमापत रे ने बताया कि 6 मई तक यहां स्क्रीनिंग का लक्ष्य रखा गया है। बरियातू के जोड़ा तालाब रोड स्थित लेक व्यू हॉस्पिटल के सभी 54 डॉक्टरों और कर्मचारियों की दूसरी जांच रिपोर्ट भी निगेटिव आई है। जोड़ा तालाब के मधुमति अपार्टमेंट में रहने वाले पूर्व डीडीसी की मौत के बाद लेक व्यू हॉस्पिटल हॉस्पिटल को सील कर दिया गया था। यहां के स्टाफ और कर्मचारियों को हॉस्पिटल में ही क्वारैंटाइन किया गया था।

  • राज्य में कुल 126 संक्रमित: रांची के 92, बोकारो 10, पलामू 03, हजारीबाग 03, गढ़वा 03, धनबाद 02, गिरिडीह, 02, सिमडेगा 02, देवघर 04, जामताड़ा में 02, दुमका में 02 और गोड्डा में 01 मरीज में कोरोनावायरस के संक्रमण की पुष्टि हुई है।
  • राज्य में अब तक 04 की मौत: रांची में तीन जबकि बोकारो के एक मरीज की मौत हो चुकी है।
  • राज्य में स्वस्थ्य हुए 35 मरीज: रांची में 10, बोकारो में छह, धनबाद में दो, हजारीबाग में दो, देवघर में दो, सिमडेगा-कोडरमामें एक-एक जबकि राज्य के अन्य जिलों से संक्रमित मरीजों में 04 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं।


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राज्य में कुल कोरोना पॉजिटिव मरीजों में से 4 की मौत हो चुकी है। राज्य में कोरोना पर विजय पाने वाले कुल मरीजों की संख्या अब 27 हो गई है।




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राज्य में 10 और नए पॉजिटिव केस, अब तक 126 संक्रमण के मामले; कोविड-19 सेंटर से आठ और मरीज ठीक होकर लौटे घर

झारखंड में मंगलवार शाम 10 और संदिग्धों में कोरोनावायरस के संक्रमण की पुष्टि हुई है।नए मरीजों में आठ रांची के हिंदपीढ़ी के जबकि दो दुमका के निवासीहैं। कोरोना संक्रमित जिलों में दुमका की नयी एंट्री हुई है। उधर, कोडरमा के कोविड-19 सेंटर से एक जबकिरिम्स के कोविड-19 सेंटर से आज सात मरीज ठीक होकर अपने घर चले गए। राज्य में अब कोरोनावायरस के पॉजिटिव केस की संख्या बढ़कर 126 हो गई है। इनमें से 4 की मौत हो चुकी है। 35 मरीज स्वस्थ भी हुए हैं।

उधर, राज्य में महामारी के सर्विलांस में लगे इंटिग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम (आईडीएसपी) की रिपोर्ट का आकलन है कि आने वाले 14-15 दिन काफी अहम होंगे। रिपोर्ट के अनुसार अगले 14-15 दिनों में कोरोना केस की संख्या तीन गुनी हो सकती है,जो कि करीब 350 के आसपास होगी।

गुमला शहर के पालकोट रोड पर मंगलवार को सब्जी और फल दुकानों के पास लोगों की भीड़ जुटी।इस दौरान लोगों ने न तो सोशल डिस्टेंसिंग को मेंटन किया और न ही एतिहात के तौर पर मास्क वगैरह का प्रयोग किया।

कोरोना से लड़ रहे निगम कर्मियों का भी होगा 50 लाख रुपए का बीमा
कोरोना संकट में जंग लड़ रहे स्वास्थ्य कर्मचारियों के साथ-साथ अब शहरी नगर निकाय कर्मियों को भी 50 लाख का जीवन बीमा कर दिया गया है। यह 30 मार्च से 30 जून तक प्रभावी रहेगा। स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव डॉ. नितिन मदन कुलकर्णी ने इस संबंध में सोमवार को राज्य के सभी डीसी और सिविल सर्जन को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज योजना के तहत कोरोना की रोकथाम और इलाज में लगे लगभग 22.12 लाख सरकारी, निजी और अनुबंध पर काम कर रहे लोग दायरे में आएंगे। इनमें सरकारी स्वास्थ्य प्रदाता, सामुदायिक स्वास्थ्य कर्मी, निजी अस्पताल कर्मी, सेवानिवृत्त स्वैच्छिक कर्मी, स्थानीय शहरी निकाय, 108 एंबुलेंस कर्मी, अनुबंध कर्मी, दैनिक मजदूर, एडहॉक, आउटसोर्सिंग कर्मचारी, डब्ल्यूएचओ, यूनिसेफ और यूएनडीपी के कर्मचारी शामिल हैं।

कोरोना अपडेट्स

  • रांची: राज्य के रेड जोन में शामिल जिले में 92 लोगों में कोरोना संक्रमितों की पुष्टि हो चुकी है। हिंदपीढ़ी व सटे इलाकों की हेल्थ स्क्रीनिंग फिर से शुरू हुई है। मेडिकल टीम घर-घर जाकर स्क्रीनिंग कर रही है। डीसी राय महिमापत रे ने बताया कि 6 मई तक यहां स्क्रीनिंग का लक्ष्य रखा गया है। बरियातू के जोड़ा तालाब रोड स्थित लेक व्यू हॉस्पिटल के सभी 54 डॉक्टरों और कर्मचारियों की दूसरी जांच रिपोर्ट भी निगेटिव आई है।
  • बोकारो: जिले में अब तक 10 कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं जिनमें एक की मौत हो चुकी है जबकि छह स्वस्थ्य होकर घर लौट चुके हैं। कोटा से बोकारो लौटनेवाली तीन छात्राओं की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव निकली है। ये छात्राएं रविवार को कोटा से धनबाद पहुंची थीं। तीन छात्राओं को फीवर होने के कारण धनबाद में ही रोककर जांच के लिए स्वाब लिया गया था। सोमवार को लॉकडाउन में केरल ,राजस्थान और महाराष्ट्र में फंसे बोकारो के 156 मजदूर स्पेशल ट्रेन से यहां पहुंचे जिनमें से चार को क्वारैंटाइन सेंटर जबकि अन्य को होम क्वारैंटाइन कर दिया गया।
  • धनबाद: जिले में अब तक मिले दो संक्रमित मरीज स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। सोमवार को 809 लोगों की स्क्रीनिंग की गई। अब तक 417 लोगों को होम क्वारैंटाइन में रखा गया है। इनमें 44 संदिग्धों को सदर अस्पताल, 37 लोगों को पीएमसीएच, 18 लोगों को एसएसएलएनटी, एक को रेलवे अस्पताल जबकि 49 लोगों को निरसा पॉलिटेक्निक में बनाए गए क्वारैंटाइन सेंटर में रखा गया है। वहीं अब तक 1290 लोगों का सैंपल लिया जा चुका है। इनमें 1028 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आया है जबकि 262 लोगों का सैंपल आना बाकी है।
  • जमशेदपुर: कोल्हान विश्वविद्यालय व उसके सभी अंगीभूत कॉलेज मंगलवार से खुल गए, लेकिन यहां पढ़ाई नहीं होगी। विश्वविद्यालय के सभी अधिकारी, विभागाध्यक्ष व कॉलेजों के प्रिंसिपल अपने अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों में से 35% का रोस्टर बनाकर कार्यालय से संबंधित आवश्यक कार्यों को करेंगे। कर्मचारियों और पदाधिकारियों को हर हाल में मास्क व ग्लब्स पहनना होगा। एमजीएम मेडिकल कॉलेज के वायरोलॉजी लैब में सोमवार को कुल 190 सैंपल की जांच हुई। जांच में सभी रिपोर्ट निगेटिव पाया।
  • हजारीबाग: जिले में अबतक तीन लोग कोरोना पॉजीटिव पाए गए हैं। तीनों स्वस्थ्य भी हो चुके हैं। जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में सोमवार को कुल 91 लोगों का स्क्रीनिंग की गई। सोमवार को हुई स्क्रीनिंग में दो लोगों को क्वारैंटाइन किया गया है।84 लोग होम क्वारैंटाइन किए गए हैं। वहीं 106 लोगों का फैसिलटी क्वारैंटाइन क्लॉज किया गया। सोमवार को एक भी होम क्वारैंटाइन क्लोज नहीं हुआ।
  • कोडरमा: 4 मई तक जिला में 11 हजार 931 लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है।अब तक कुल 169 लोगों का सैंपल लिया गया, जिसमें 121 लोगों का रिपोर्ट निगेटिव आई है। वहीं 1 मरीज का रिपोर्ट पॉजिटिव आया था, मरीज का आर-2 का सैंपल लेकर भेजा गया है, रिपोर्ट का इंतजार है। जबकि 48 लोगों कीरिपोर्ट पेंडिंग है। होम क्वारैंटाइन में 6730 लोगों को रखा गया है, जबकि 7056 लोगों का 14 दिनों का होम क्वारैंटाइन पूरा हो गया है। क्वारैंटाइन सेंटर में 216 को रखा गया है। डोमचांच में बने कोविड केयर सेंटर में 44 लोगों को भर्ती किया गया है।
  • गढ़वा: जिले में अब तक 290 लोगों का सैंपल कोरोना संक्रमण की जांच के लिए इटकी के प्रयोगशाला में भेजा गया। इसमें 266 लोगों का रिपोर्ट निगेटिव आया है। उपायुक्त शशि रंजन ने बताया कि गुमला जिले से संदिग्धों का सैंपल नियमित रूप से भेजा जा रहा है। जहां भी ऐसे संदिग्धों के लक्षण की सूचना प्राप्त होती है उसका सैंपल एकत्र कर लैब में भेजी जा रही है।
  • सिमडेगा: जिले में अब तक 271 संदिग्धों के सैंपल भेजे जा चुके हैं जिसमें 237 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव जबकि दो रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। वहीं, एक कोरोना संक्रमित स्वस्थ्य होकर घर लौट चुका है। फिलहाल, 27 संदिग्धों की रिपोर्ट आनी बाकी है। अब तक जिले में 85 लोगों को क्वारैंटाइन जबकि 77 लोगों को होम क्वारैंटाइन सेंटर में रखा गया है।
  • पलामू: चार मई से लॉक डाउन 3.0 लागू हो गया है। इसके साथ ही पलामू पुलिस और भी सख्त हो गई हैं। जिले के लेस्लीगंज में अब तक तीन कोरोना संक्रमण के मरीज मिल चुके हैं। तीनों को इलाज के लिए कोविड-19 सेंटर में भर्ती किया गया है। कोरोना पॉजिटिव के परिवार, रिश्तेदारों और उसके साथ क्वारैंटाइन में रहने वाले सभी का सैंपल निगेटिव आया है। जिले में 44 चेकनाका बनाया गया है जहां पुलिस निरंतर आने जाने वालों पर नजर रखे हुए हैं।
  • गिरिडीह: जिले में अब तक दो कोरोना संक्रमण के केस मिल चुके हैं। दोनों का इलाज कोविड-19 सेंटर में चल रहा है। जिले के कोरोना पीड़ित महिला का स्वाब लेकर जांच के लिए पीएमसीएच धनबाद भेजा गया। जिले में अब तक 317 सैंपल जांच के लिए भेजे जा चुके हैं जिनमें से दो रिपोर्ट पॉजिटिव जबकि 276 रिपोर्ट निगेटिव आई है। 41 रिपोर्ट का इंतजार है। वहीं, कुल 358 संदिग्धों को होम क्वारैंटाइन किया गया है।
  • देवघर: जिले में शनिवार को दो नए कोरोना संक्रमित की पुष्टि हुई। कुल चार पॉजिटिव केस में से पहले के दो पॉजिटिव मरीजों के ठीक होने के बाद रविवार को उन्हें घर भेज दिया गया। अब तक जिले में 350 से ज्यादा संदिग्धों के सैंपल जांच के लिए भेजे जा चुके हैं जिसमें 228 की जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई है 116 लोगों की रिपोर्ट भी जल्द ही आ जाएगी।
  • जामताड़ा: जिले में अब तक दो संक्रमण के मामले सामने आ चुके हैं। दोनों का कोविड-19 सेंटर में इलाज चल रहा है। प्लस टू हाई स्कूल नाला क्वारैंटाइन सेंटर के पास 200 मीटर का एरिया सील किया गया है। साथ ही बाहरी लोगों के प्रवेश पर पाबंदी है। रेड जोन चिह्नित इलाके की दुकानों को भी बंद कराया गया है। केंद्र और राज्य सरकार की पहल के बाद लॉकडाउन की वजह से केरल में फंसे झारखण्ड के कुल 22 जिलों के 1129 मजदूर सोमवार को स्पेशल ट्रेन से तिरूअनंतपुरम से जसीडीह स्टेशन पहुंचे। स्टेशन परिसर में स्वास्थ्य परीक्षण हेतु बनाए गए काउंटर में थर्मल स्कैनिंग व स्वास्थ्य जांच संबंधी अन्य सभी प्रक्रिया पूरी की गई। सभी को 14 दिनों तक होम क्वारैंटाइन का पालन करने का निर्देश दिया।
सिविक एक्शन प्लान के तहत सीआरपीएफ की 154वीं बटालियन ने गिरिडीह के पारसनाथ पहाड़ की तराई में बसे उग्रवाद प्रभावित खुट्टा व खेजवाली गांव में मंगलवार को ग्रामीणों के बीच अनाज, मास्क, सैनिटाइजर, साबुन का वितरण किया।

राज्य में कुल 126 संक्रमित: रांची के 92, बोकारो 10, पलामू 03, हजारीबाग 03, गढ़वा 03, धनबाद 02, गिरिडीह, 02, सिमडेगा 02, देवघर 04, जामताड़ा में 02, दुमका में 02 और गोड्डा में 01 मरीज में कोरोनावायरस के संक्रमण की पुष्टि हुई है।

राज्य में अब तक 04 की मौत: रांची में तीन जबकि बोकारो के एक मरीज की मौत हो चुकी है।

राज्य में स्वस्थ्य हुए 35मरीज: रांची में 10, बोकारो में छह, धनबाद में दो, हजारीबाग में दो, देवघर में दो, सिमडेगा में एक जबकि राज्य के अन्य जिलों से संक्रमित मरीजों में 04 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं।



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गुमला शहर के मुख्य बाजार में मंगलवार को लगे साप्ताहिक सब्जी मंडी में लोगों की भीड़ उमड़ी। लॉकडाउन फेज वन से लेकर अब तक इस बाजार की ऐसी ही तस्वीरें सामने आती रही है।




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बिना राशन कार्ड वाले गरीबों को डेढ़ माह में मिला सिर्फ 10 किलो चावल

प्रखंड के कई गरीब परिवारों को राशन नहीं मिलने के मामले में कांग्रेस महामंत्री अशफाक आलम ने विधायक विक्सल कोंगाडी को आवेदन दिया है। गरीब परिवारों को चावल मिलना चाहिए मगर इसके पास राशन कार्ड भी नहीं है। अशफाक आलम ने यह भी बताया कि इन्हें जब से लॉक डाउन हुआ है तब से मात्र इन्हें एक बार 10 किलो चावल मुखिया द्वारा दिया गया था। जबकि सरकार द्वारा जिनके पास राशन कार्ड है उनको तीन-तीन माह का राशन दे दे देने के बावजूद अब दो 2 महीने का राशन एक साथ प्रत्येक कार्ड धारी को यानी कि कार्ड धारी में जितने लोग का नाम है सभी मेंबर को 10 - 10 केजी चावल दिया जा रहा है। जिस घर में 10 लोग हैं उस परिवार को एक कार्ड में 1 क्विंटल चावल दिया गया इस तरह से 3 माह का चावल पहले ही उन्हें प्रत्येक मेंबर को 15 -15 केजी दिया गया था। इस तरह से राशन कार्ड वालों के घर चावल भरपूर है जबकि जिनको नहीं है उन्हें मात्र 5 केजी से 10 केजी चावल देखकर मुखिया ने अपना कर्तव्य पूरा कर लिया है।



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19 मजदूरों काे लॉकडाउन तोड़ने के आराेप में जेल भेजा जाना उचित नहीं : विधायक

बोलबा प्रखंड प्रशासन द्वारा 19 मजदूरों के खिलाफ लॉकडाउन तोड़ने का मामला दर्ज करा जेल भिजवाए जाने को लोग उचित नहीं मान रहे हैं। जिले में 2 दिनों से सोशल मीडिया में इसकी खूब चर्चा है और मंगलवार को इस मामले से हुसैनाबाद के विधायक कमलेश सिंह द्वारा सीएम को अवगत कराए जाने के बाद यह और चर्चा में आ गया है। इससे पूर्व भी बोलबा प्रखंड में ही 5 लोगों को ऐसे ही मामले में जेल भेजा गया था। जबकि अन्य प्रखंड में लॉकडाउन तोड़ने के आरोपियों पर कुछ नरमी रखते हुए उन्हें क्वारेंटिंन किया गया था, जेल नहीं भेजा गया। सोशल मीडिया में इसे दोहरा मापदंड बताया जा रहा है।


हुसैनाबाद विधायक कमलेश कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ट्वीट कर सिमडेगा जेल में बंद हुसैनाबाद क्षेत्र के 5 मजदूरों के अलावा बिहार और उत्तरप्रदेश के कुल 19 मजदूरों को रिहा करने का आग्रह किया। विधायक को दैनिक भास्कर में छपी खबर से उक्त मामले की जानकारी मिली थी। उन्होंने सीएम को लिखा है कि ओडि़शा के झारसुगड़ा में भूषण स्टील प्लांट में मजदूरी करने वाले 19 मजदूर जो झारखण्ड के हुसैनाबाद, बिहार और उत्तरप्रदेश के रहने वाले हैं। ये लोग साइकिल से अपने घर जा रहे थे । इन लोगों को सिमडेगा के बोलबा प्रखंड में हिरासत में लेकर लॉकडाउन उल्लंघन के मामले में जेल भेज दिया गया था। सिंह ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि इन सभी मजदूरों को रिहा किया जाए और केस वापस लिया जाए।
मजदूरों ने खाने पीने की कमी के कारण मजबूरी में सैकड़ों किलोमीटर दूर अपने घर साइकिल से जाने का निश्चय किया था। इनके ऊपर केस दर्ज कर जेल भेजने को उन्होंने ज्यादती कहा है। साथ ही कहा कि जब पूरे भारत के राज्यों से मजदूर पैदल या साइकिल से अपने घर जा रहे हैं ।



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पीडीएस डीलर पर लगा दो लाख 16 हजार का जुर्माना

अपर समाहर्ता सह जिला आपूर्ति पदाधिकारी अमरेन्द्र कुमार सिन्हा ने सदर प्रखंड के बेन्दोजोर करंजटोली की राशन डीलर ईमानदनी कुजूर का लाइसेंस निलंबित कर दिया है। कार्यपालक दण्डाधिकारी द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन का अवलोकन करते हुए संबंधित डीलर को कम खाद्यान्न वितरण करने के जुर्म में निलंबित करते हुए कटौती किए गए अनाज का मूल्य प्रति किलाे 40 रुपए की दर से कुल 2 लाख 16 हजार 800 रुपए जुर्माना राशि जमा करने का सख्त निर्देश दिया गया। दो दिनों में जुर्माना राशि नहीं जमा करने की स्थिति में अनुज्ञप्ति संख्या को रद्द करते हुए प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी।


डीएसओने बताया कि डीलर कुजूर के द्वारा कार्डधारियों के बीच निर्धारित मात्रा से राशन की कटौती करते हुए कार्डधारियों के बीच कम खाद्यान्न वितरण किए जाने की शिकायत मिली थी। इस शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले की जांच कार्यपालक दण्डाधिकारी के द्वारा कराई गई। जांचोपरांत पाया गया कि डीलर द्वारा राशन कार्डधारियों के बीच 54 क्विंटल 20 किलाे कम खाद्यान्न का वितरण किया गया है।



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PDS dealer fined two lakh 16 thousand




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केरल से 55, बेंगलुरु से 25 और रायपुर से 12 मजदूर अपने घर लौटे

कोविड-19 के महामारी में लाॅकडाउन के दौरान राज्य के बाहर फंसे झारखण्ड वासियों को सरकार के मदद से केरल, बेंगलुरू तथा रायपुर से 92 मजदूराें काे जिला प्रशासन के द्वारा सिमडेगा लाया गया। एसएस प्लस टू हाई स्कूल में बनाए गए रिसिविंग सेंटर में सबाें काे बस से लाया गया। जहां प्रशासन के पदाधिकारियों ने मजदूरों का स्वागत किया। केरल से 55 मजदूर धनबाद रेलवे स्टेशन पहुंचे थे, बेंगलुरू से 25 मजदूर रांची रेलवे स्टेशन पहुंचे थे तथा रायपुर से 12 मजदूर सिमडेगा पहुंचे। उपायुक्त सिमडेगा मृत्युंजय कुमार बरणवाल के दिशा-निर्देश पर जिला प्रशासन के द्वारा धनबाद, रांची तथा रायपुर बसों को भेजकर मजदूरों को सिमडेगा लाया गया।


सिमडेगा आने के पश्चात मजदूरों की एस एस प्लस टू हाई स्कूल सिमडेगा में बनाए गए रिसिविंग सेन्टर में चिकित्सकों के द्वारा मेडिकल स्क्रीनिंग की गई। इस दौरान चिकित्सकों की टीम के द्वारा इंफ्रारेड थर्मामीटर के माध्यम से मजदूरों के बॉडी टेंपरेचर को नापा गया। साथ ही साथ खांसी, बुखार जैसे लक्षण की भी स्क्रीनिंग की गई। जांचोपरांत ठीक पाए जाने पर मजदूरों के हाथों में होम क्वारेंटाइन का मोहर लगा उन्हें होम क्वारेंटाइन में भेजा गया। होम क्वारेंटाइन में मजदूरों को 14 दिनों तक रहने का निर्देश दिया गया है। एसएस प्लस टू सिमडेगा में दूसरे राज्यों से आ रहे प्रवासी मजदूरों के लिए विभिन्न सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन हो इसके लिए उपायुक्त के निर्देश पर सभी काउंटरों के आगे सामान दूरी पर चेयर लगाए गए है। मेडिकल स्क्रीनिंग के बाद मजदूरों को संबंधित रिसिविंग सेन्टर में बनाये गए सुविधा काउन्टर में भेजा जा रहा है। जहां श्रमिकों का बायोटाडा लेते हुए उन्हें 14 दिनों के बाद मनरेगा से रोजगार मुहैया कराने की दिशा में पहल की गई। वहीं इस दिशा में श्रमिकों की राय भी ली गई।



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धनबाद, रांची और रायपुर से सिमडेगा के मजदूरों को बसों से लाया गया, 14 दिनों तक सभी होम क्वारेंटाइन में रहेंगे

लॉकडाउन के दौरान जब प्रवासी मजदूरों का अपने शहर-गांव वापसी शुरू हुई है तब सिमडेगा से होकर हर रोज दर्जनों लोग गुजर रहे हैं। ओडि़शा और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों से सड़क मार्ग से लौटने का रास्ता सिमडेगा होने के कारण झारखंड के अलावा बिहार और उत्तरप्रदेश के गरीब मजदूर फंसते-रुकते, भूखे प्यासे और गिरते-उठते यहां से गुजरते मिल रहे हैं। अपनी संवेदनशीलता के लिये हमेशा पहचान बनाने वाले सिमडेगा वासी कोरोना संकट की इस कठिन घड़ी में हर रोज सेवा की कई मिसाल पेश कर रहे हैं।


मंगलवार की सुबह 5 बजे सेवा भावना का यह सिलसिला शुरू हुआ। रामजानकी मंदिर पथ निवासी आनंद जैन जब सुबह घर से निकले तो उन्होंने साइकिल से 19 लोगों को आते देखा। ये लोग ओडि़शा के विभिन्न शहरों से निकल पलामू जिले के विभिन्न गांव जा रहे थे। पूछने पर पता चला कि रास्ते में खाने के लिये बहुत तकलीफ रही। जैन ने एक दुकान खुलवाकर सभी को बिस्किट और ब्रेड आदि दिया और रास्ते के लिये भी कुछ सामान दिए।

पैदल ही आसनसोल जा रहे थे 10 मजदूर सिमडेगा के लोगों ने की मदद, नाश्ता कराया
शाम साढ़े 4 बजे आनन्द भवन के निकट पैदल पहुंचे 10 लोगों की मदद आसपास के लोगों ने की। ये लोग ओडि़शा से आसनसोल जा रहे हैं। पिंटू अग्रवाल, मनोज अग्रवाल और गणेश कुलुकेरिया आदि युवकों ने इन्हें शीतल पेय और नाश्ता देने के बाद अंचलाधिकारी से संपर्क करके इनके लिये वाहन की व्यवस्था कराई। जिनके पास किराया देने के लिये पैसे नहीं थे उनके किराए का इंतजाम भी किया।

सिमडेगा : कोरोना एक नजर में

भेजे गए कुल सैम्पल 287
सैम्पल रिजेक्ट 05
नेगेटिव 245
पॉजिटिव 02
रिपोर्ट पेंडिंग 35
डिस्चार्ज 01
क्वारंटाइन 42
होम क्वारंटाइन 257

केरल से कुरडेग लौटे 5 मजदूरों को होम क्वारेंटाइन में भेजा गया
रोजगार के सिलसिले में केरल गए पाँच लोगों की वापसी के बाद उनकी स्वास्थ्य जाँच करते हुए उन्हें अपने घर भेजा गया।प्रखंड के विभिन्न गांवों से ये युवक मजदूरी करने केरल गए थे। कोरोना संकट के कारण देश व्यापी लॉक डाऊन में वे 40 दिनों तक फंसे रहे। सरकार द्वारा सभी मजदूरों को राँची तक लाया गया। सिमडेगा जिला प्रशासन द्वारा गाड़ी से सभी मजदूरों को कुरडेग पहुँचाया गया । बी डी ओ मृत्युंजय कुमार की उपस्थिति में सी एच सी में डाक्टर जगत बड़ाईक द्वारा सभी मजदूरों की स्वास्थ्य जाँच की गई। सभी को स्वस्थ पाया गया। इनके हाथ मे मोहर लगाकर होम क्वारेंटाइन में भेजा गया। बी डी ओ ने कहा कि सभी लोग 14 दिनों तक अपने घर में ही रहें। उन्हें इधर -उधर नही घूमना है।अगर ऐसा करते पाया गया तो सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



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Workers from Simdega from Dhanbad, Ranchi and Raipur were brought by buses, all the houses will remain in quarantine for 14 days




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पतरातू से 15 मजदूर पैदल देवघर के लिए हुए रवाना

पीवीयूएनएल पतरातू में काम कर रही हाईग्रे कंपनी के 15 मजदूर लॉकडाउन के दौरान पैसे की कमी, खाने पीने में दिक्कत और बढ़ती परेशानी से तंग आकर मंगलवार की सुबह पैदल हीं देवघर के लिए रवाना हो गए। इन मजदूरों का कहना था कि कंपनी की ओर से न वेतन दिया जा रहा था और न खाने-पीने की कोई सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही थी। ऐसे में लंबे समय तक रहना मुश्किल हा़े गया था। अब वे लोग अपने घर जा रहे हैं। वहां खेती और अन्य काम कर अपना गुजारा कर सकेंगे। मजदूर सुबह चार बजे पीटीपीएस के जनता नगर से मेन रोड होते हुए निकले।



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15 workers from Patratu leave for Deoghar




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बेंगलुरु से सकुशल वापस बरवाडीह पहुंचे 11 मजदूर

कोरोना वायरस विश्वव्यापी महामारी से बचाव को लेकर पूरे देशभर में लॉकडाउन लगा हुआ है, जिसकी वजह से बरवाडीह के भी दिहाड़ी मजदूर दूसरे राज्य में फंसे हुए थे। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पहल पर बेंगलुरू से 11 दिहाड़ी मजदूर मंगलवार को बरवाडीह पहुंचे। इसके बाद प्रशासन ने संबंधित पंचायत के मुखिया को सौंप दिया। सभी 11 मजदूर बेतला पंचायत के हैं। इनमें बेतला गांव नौ और पोखरीखुर्द के दो मजदूर शामिल हैं। पंचायत की मुखिया माया देवी ने सभी मजदूरों को उनके परिजनों को सौंप दिया है और उन्हें 14 दिन तक होम क्वारेंटाइन में रहने का निर्देश दिया है। सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन करने, हमेशा चेहरे पर मास्क लगाने तथा कोरोना से बचाव के लिए कई सलाह दी गयी।



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11 laborers from Bangalore safely return to Barwadih




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ओडिशा में फंसे 136 प्रवासी मजदूर पहुंचे घर, खुशी के आंसू छलके

देशव्यापी लाॅकडाउन के दौरान ओडिशा में फंसे जिले के 136 प्रवासी मजदूर मंगलवार को बस से लातेहार पहुंचे। लातेहार की धरती में कदम रखते ही उनके आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। चंदवा प्रखंड के बालदेव गंझू व सुरेन्द्र गंझु, बारियातू के यमुना गंझु, लातेहार के ललन पासवान, राजेन्द्र पासवान समेत कई प्रवासी मजदूरों ने लॉक डाउन के दौरान ओडिसा में गुजारे 40 दिन के दर्द को बयां किया। कहा, सरकार एवं जिला प्रशासन ने हमें नई जिंदगी दी है। इस एहसान को हमलोग कभी नहीं भूलेंगे।
इससे पहले उपायुक्त जिशान कमर समेत जिले के कई पदाधिकारियों ने जिला खेल स्टेडियम में प्रवासी मजदूरों का स्वागत किया। यहां मेडिकल टीम द्वारा सभी के स्वास्थ्य की जांच की गई।

जांच में सभी स्वस्थ पाए गए। सभी को चावल, दाल, सैनिटाइजर समेत जरूरत के अन्य सामान दिए गए। उपायुक्त कमर में प्रवासी मजदूरों से कहा शासन व प्रशासन अपना फर्ज निभाया है। इसी तरह आप सभी 14 दिनों तक अपने अपने घर में होम क्वारेंटाइन रहकर अपना फर्ज निभाएं। इसके बाद सभी प्रवासी मजदूरों को छोटे वाहन से घर के लिए रवाना किया गया। मौके पर अपर समाहर्ता आलोक शिकारी कच्छप, डीटीओ बंधन लांग, नगर पंचायत पदाधिकारी अमित कुमार, स्थापना उपसमाहर्ता कयूम अंसारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी रोहित कंडुलना, रितेश पाण्डेय, आशीष पाण्डेय, कलंदर आजाद समेत कई पदाधिकारी एवं कर्मी मौजूद थे।

दूसरे जिले के 5 मजदूर भी भेजे गए अपने घर
लाॅक डाउन में फंसे 136 प्रवासी मजदूरों को जिला प्रशासन द्वारा छह बस से लातेहार लाया गया। इसमें पलामू जिला के तीन, गुमला के एक व चतरा जिले का एक मजदूर शामिल थे। स्वास्थ्य जांच के बाद उन्हें भी सुरक्षित वाहन से संबंधित जिला भेजा गया।



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136 migrant laborers stranded in Odisha reach home, tears of joy spread




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बेंगलुरु से हुसैनाबाद आए 21 मजदूर, रहेंगे हाेम क्वारेंटाइन में

राज्य व केंद्र सरकार के संयुक्त प्रयास से बंगलुरु से हटिया, मेदिनीनगर होते हुए 21 मजदूर मंगलवार को सुबह 9 बजे हुसैनाबाद पहुंचे। उन्हें हटिया से बस द्वारा मेदिनीनगर लाया गया था।, जहां उनकी स्क्रीनिंग के बाद बस से हुसैनाबाद भेजा गया है। उनके हुसैनाबाद पहुंचने पर उनकी स्क्रीनिंग हुसैनाबाद अनुमंडलीय अस्पताल के प्रभारी डॉ रत्नेश कुमार के मौजूदगी में डॉ. शशिभूषण ने की। स्क्रीनिंग के बाद उन्हें अपने अपने घर भेजने के पहले कुछ सावधानियां रखने की हिदायत दी गई है। उन्हें बताया गया है कि वह 14 दिनों तक घर में ही क्वारेंटाइन रहेंगे। किसी तरह की स्वास्थ्य संबंधित परेशानी होने पर स्थानीय सहिया, एएनएम या आंगनबाड़ी सेविका के माध्यम से सूचना देने का काम करेंगे।

बंगलुरु से अपने घर पहुंचे मजदूरों में काफी खुशी है। उन्होंने राज्य व केंद्र सरकार को धन्यवाद किया है। हुसैनाबाद आने वाले मजदूरों ने बताया कि उन्हें बहुत ही अच्छी तरह से खाने पीने के साथ लाया गया है। उन्होंने बताया कि उनके लिए आज का दिन सबसे खास है। उन्होंने सोचा भी नहीं था की वह लाॅकडाउन के दरम्यान घर पहुंच पाएंगे। छात्रों की बस को रिसीव करने बीडीओ इमानुएल जय बिरस लकड़ा, थाना प्रभारी राजदेव प्रसाद, एसआई सच्चितानंद चौधरी, बीरबहादुर सिंह, बीपीओ अमन कुमार, डॉ. पीएन सिंह, कार्यक्रम प्रबंधक विभूति गुप्ता, स्वास्थ्य कर्मी समेत कई अधिकारी मौजूद थे।



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केरल, राजस्थान अाैर कर्नाटक से पलामू लौटे 271 मजदूर, अभी 14 दिनों तक रहेंगे हाेम क्वारेंटाइन में

सरकार की मदद से मंगलवार की सुबह कोझीकोड (केरल), नागौर (राजस्थान) तथा कोलार (कर्नाटक) से 271 मजदूर अपने घर पलामू पहुंचे। जीएलए कॉलेज में बनाए गए सहायता केंद्र में मौजूद जिला प्रशासन के पदाधिकारियों ने मजदूरों का स्वागत किया। बताते चलें कि कोझीकोड, केरल से 19 मजदूर धनबाद के रास्ते, नागौर (राजस्थान) से 162 मजदूर बरकाकाना के रास्ते तथा कोलार (कर्नाटक) से 90 मजदूर हटिया के रास्ते पलामू पहुंचे। उपायुक्त डॉ. शांतनु कुमार अग्रहरि के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा क्रमशः धनबाद, बरकाकाना तथा हटिया स्टेशन पर बसों को भेजकर मजदूरों को पलामू लाया गया।

पलामू आने के पश्चात मजदूरों की जीएलए कॉलेज में बनाए गए सहायता केंद्र में चिकित्सकों द्वारा मेडिकल स्क्रीनिंग की गई। इस दौरान चिकित्सकों की टीम के द्वारा इंफ्रारेड थर्मामीटर के माध्यम से मजदूरों के बॉडी टेंपरेचर को नापा गया। साथ ही साथ खांसी, बुखार जैसे लक्षण की भी स्क्रीनिंग की गई। जांच उपरांत ठीक पाए जाने पर मजदूरों के हाथों में होम क्वारेंटाइन का मोहर लगा उन्हें घर भेजा गया। होम क्वारेंटाइन में मजदूरों को 14 दिनों तक रहने का निर्देश दिया गया है। जिला समाज कल्याण पदाधिकारी आफताब आलम ने बताया कि जीएलए कॉलेज में बनाए गए सहायता केंद्र में दूसरे राज्यों से आ रहे प्रवासी मजदूरों के लिए विभिन्न सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन हो इसके लिए उपायुक्त के निर्देश पर सभी काउंटरों के आगे सामान दूरी पर सर्किल बनाकर चिह्नित किया गया है।

सबसे ज्यादा सदर के 40 व पांडू के 28 मजदूर आए थे
मंगलवार अहले सुबह पलामू पहुंचे 271 प्रवासी मजदूरों में सबसे ज्यादा सदर मेदिनीनगर के 40 हैं। लेस्लीगंज के 8, तरहसी के 9, पांकी के 25, मनातू के 14, पाटन के 17, पंडवा के 2, छत्तरपुर के 26, नौडीहा बाजार के 1, विश्रामपुर के 9, उंटारी रोड के 4, पाण्डु के 28, हरिहरगंज के 10, नाव बाजार के 1, पिपरा के 3, हुसैनाबाद के 21, हैदरनगर के 16, मोहम्मदगंज के 6, चैनपुर के 14, रामगढ़ के 9 तथा सतबरवा के 8 मजदूर भी आने वालाें में शामिल हैं।

काउंटर पर मजदूरों से कराया गया आरोग्य सेतु एप डाउनलोड
मेडिकल स्क्रीनिंग के बाद मजदूरों को संबंधित प्रखंडों के काउंटर भेजा जा रहा था। वहां मजदूरों को उनके प्रखंड जाने वाले वाहनों का नंबर बताया जा रहा था। इसके अलावा प्रखंड के काउंटरों पर मजदूरों से आरोग्य सेतु एप डाउनलोड तथा इंस्टॉल कराया गया। तत्पश्चात सभी मजदूरों को उनके प्रखंडों में जिला प्रशासन के द्वारा पहुंचाया गया। इसके लिए जिला प्रशासन के द्वारा 13 बसों का इस्तेमाल किया गया।



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271 laborers returned to Palamu from Kerala, Rajasthan and Karnataka, will stay in Ham Quarantine for 14 days




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लावालौंग में लाभुकों को 10-10 किलो चावल दिया गया

प्रखंड मुख्यालय स्थित लावालौंग मुख्य चौक के समीप मंगलवार को डीलर जगदेव प्रजापति ने लाभुकों के बीच 10-10 किलो चावल का वितरण किया। जानकारी देते हुए जगदेव प्रजापति ने बताया कि कोरोना को देखते हुए सरकार के द्वारा हमें जो भी निर्देश ग्रामीणों के सहयोग के लिए दिए जा रहे हैं हम उसी अनुरूप ग्रामीणों को राशन मुहैया करवा रहे हैं। आगे उन्होंने बताया कि जिन्होंने राशन कार्ड के लिए ऑनलाइन एप्लाई किया था उन्हें हमने पूर्व में ही राशन मुहैया करा दिया है। वितरण के दौरान मौके पर पूर्व सरपंच सरयू प्रजापति, शिक्षक अशोक सिंह एवं धर्मेन्द्र प्रजापति ने अहम भूमिका निभाई।



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दूसरे राज्यों में रह गए 12 मजदूर वापस टंडवा पहुंचे

देश मे लगे लॉकडाउन के बाद दूसरे राज्यों मे फंसे प्रखंड के दर्जन भर मजदूर सकुशल अपने घर पहुंचे। जिसमे पिपरवार क्षेत्र के होशिर गांव के तथा धनगडा, बीरबीर आदि जगहों के दस प्रवासी मजदूर तेलंगाना केरल तथा छत्तीसगढ से आए हैं। वहीं टंडवा का एक छात्र कोटा से वापस घर आया है। इनके घर आते ही परिजनों मे खुशी की लहर दौड़ गई। बीडीओ प्रताप टोप्पो ने बताया कि सभी लोगों को सकुशल घर भेज दिया। सभी लोगो की स्वास्थ जांच की गई है। जो सभी लोग स्वस्थ हैं। फिर एहतियात के तौर पर उन्हें चौदह दिनों के लिए होम क्वारेंटाइन मे रहने को कहा गया है।



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113 लोगों को बसों से लाया गया चतरा स्क्रीनिंग के बाद पहुंचाया उनके घर

लॉकडाउन के कारण बैंगलुरु, केरल, कोटा सहित विभिन्न राज्यों में फंसे झारखण्ड राज्य के 113 लोगों को बीती रात चतरा लाया गया। इनमें प्रवासी मजदूर,व्यक्ति ,छात्र एवं पर्यटक शामिल हैं। इन सभी को प्रतिनियुक्त मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में कोडरमा, धनबाद, बरकाकाना, हटिया सहित अन्य रेलवे स्टेशनों से पूरे ससम्मान के साथ रिसीव कर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते बस से चतरा लाया गया। चतरा पहुंचने पर सभी को स्क्रीनिंग के बाद उन्हें उनके घर पहुंचा दिया गया। इस तरह अब तक लाॅकडाउन में अन्य राज्यों में फंसे जिले के 192 लोगों को चतरा लाकर उनके घर तक पहुंचाया गया। इससे पहले दो मई को तेलंगाना से 33 मजदूर एंव तीन मई को कोटा से 46 छात्र एंव मजदूर चतरा लाकर उन्हें उनके घर तक पहुंचाया गयाथा।


उल्लेखनीय है कि लॉकडाउन के कारण बैंगलुरु, केरल, कोटा सहित विभिन्न राज्यों में फंसे झारखण्ड राज्य के मजदूर, व्यक्तियों व छात्रों को चरणबद्ध तरीके से रेल गाड़ी के माध्यम से राज्य वापस लाया जा रहा। यह सभी आए दिन राज्य के विभिन्न स्टेशनों पर पहुंच रहे हैं। उपायुक्त जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि वापस लौट रहे प्रवासी मजदूर,व्यक्तिय,छात्रों एवं पर्यटकों में चतरा जिले के भी लोगों के होने की सूचना पर समुचित व्यवस्था के साथ जिला प्रशासन द्वारा प्रतिनियुक्त मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में विभिन्न रेलवे स्टेशनों से उन्हें ससम्मान रिसीव किया जा रहा एवं बसों के माध्यम से सामाजिक दूरी का अनुपालन करते हुए चतरा लाया गया । चतरा पहुंचने पर सभी को नव निर्मित अनुमंडल कार्यालय भवन लाया गया। यहां स्वास्थ्य टीम द्वारा वापस लौटे लोगों की अच्छे से स्क्रीनिंग की गई।

स्क्रीनिंग में सामान्य पाए जाने पर उन्हें होम क्वारेंटाइन का मुहर लगाया गया। साथ ही संबंधित पदाधिकारियों ने राहत सामग्री देकर उन्हें घर तक छोड़ते हुए आगले 28 दिनों तक के लिए होम क्वारेंटाइन में रहने के निर्देश दिए । उल्लेखनीय है कि उपायुक्त स्वयं सभी प्रक्रियाओं की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने प्रवासी मजदूरों, व्यक्तियों, छात्रों एवं पर्यटकों को ससम्मान के साथ रिसीव करने, सुरक्षा व्यवस्था व विधि-व्यवस्था संधारण समेत समुचित व्यवस्था को लेकर दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की है। जिससे चतरा जिला लौट रहे लोगों को किसी भी प्रकार की समस्या न हो।



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113 people brought from buses to their home after Chatra screening




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दो दिन की छुट्टी पर बिहार गए पदाधिकारी 17 दिनों से लापता

नोडल पदाधिकारी मनरेगा बीपीओ विपन कुमार बीडीओ रविन्द्र कुमार गुप्ता से दाे दिन की मौखिक छुट्टी लेकर अपने घर हाजीपुर बिहार चले गए। अब 17 दिन बीत जाने के बाद भी कार्यलय में उपस्थित नहीं हुए है। जिससे मनरेगा सहित कोरोना महामारी की रोकथाम सम्बन्धी सभी कार्य धरातल में उतारने में प्रखण्ड कर्मियों को भारी समस्या हो रही है। इस संबंध में बीपीओ सह नोडल पदाधिकारी से दूरभाष पर बात करने पर कहा कि बीडीओ से छुट्टी लेकर घर आया हूं। वही बीडीओ रविन्द्र कुमार गुप्ता अब स्पष्टीकरण की मांग करते हुए बीपीओ के विरुद्ध आला अधिकारी को पत्र सौंपने की बात कह रहे हैं।


समाजसेवी ने जरूरतमंदों के बीच राहत सामग्री बांटी : गुमला शहरी क्षेत्र के करंज टोली बस्ती में मंगलवार को समाजसेवी सह कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष रमेश कुमार चीनी ने गरीब लोगों के बीच राहत सामग्री का वितरण किया। मौके पर चीनी ने कहा कि लॉकडाउन में गरीबों की सेवा करना जरूरी है। क्योंकि गरीबों को ही लॉकडाउन में सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।



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ऐसी गलती न करें... राज्य में 126 पॉजिटिव मरीज, फिर भी गुमलावासी बेफिक्र

राज्य में मंगलवार के आंकड़ों के मुताबिक कोरोना वायरस संक्रमण के 126 पॉजिटिव मरीज मिलने के बाद भी जिले में लोगों के बीच जागरूकता में भारी कमी दिख रही है। शहर के बाजार टांड में प्रत्येक शनिवार व मंगलवार को लगने वाले साप्ताहिक हाट में लॉकडाउन वन से लेकर थ्री के शुरूआत में भी अभी तक सोशल डिस्टेंसिंग उल्लंघन करने वाली तस्वीर उभर कर सामने आरही है।
कोरोना वायरस के बीच बाजार में उमड़ने वाली भीड़ की स्थिति देख कभी भी किसी मामले के सामने आने के बाद इसके घातक परिणाम से भी इंकार नहीं किया जा सकता है। इस बात से लोगों को अब चौकाने नहीं बल्कि चौकन्ना रहने की जरूरत है।
इधर बाजार टांड के अलावा शहर के विभिन्न मार्गों में प्रशासनिक आदेशों के बावजूद शहर के दुकानदार अब अपनी आदेशों पर चल रहे है। अहले सुबह 5 बजे से ही मेन रोड, सिसई रोड, थाना रोड, पालकोट रोड,जशपुर रोड, मधुबाला गली, लोहरदगा रोड समेत कई स्थानों में दुकानदार चोरी छुपे दुकानदारी करते नजर आते है।

जिसके कारण सड़कों में बेवजह भीड़ उमड़ रही है। साथ ही लॉकडाउन का उलंघन हो रहा है। लोगों की ये लापरवाही हजारों लोगों की जान को मुश्किल मेंं डाल सकती है। किसी कोरोना संक्रमित के संपर्क में आने से इसके तेजी से प्रवाह होने की बात से इंकार नहीं किया जा सकता है।

भीड़ वाली दुकानाें काे एसडीओने किया चिह्नित, कार्रवाई होगी
मंगलवार को ऐसे ही चोरी छुपे दुकान खोलने की सूचना के बाद सदर एसडीओ, बीडीओ ने सशस्त्र बल के साथ कई इलाकों में पहुंचकर दुकानों को चिह्नित किया। वहीं कई ट्रांसपोर्टर कंपनी भी राडार पर रहे। इसके बावजूद अधिकारियों ने भी ग्राहकों को रोक कर उनके हाथ मे पकड़े सामानों के आधार पर उसी दुकान के सामने खड़ा करते हुए कई दुकानों का वीडियो व फोटो ग्राफी की। इस कार्रवाई के बाद लोगों के बीच मे हड़कंप मच गया। इसके बाद लोग अपनी दुकानदारी बंद की।



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Do not make such a mistake ... 126 positive patients in the state, yet Gumlawasi is unaware




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जालंधर से 1188 श्रमिक स्पेशल ट्रेन से पलामू पहुंचे, मेडिकल स्क्रीनिंग के बाद भेजे गए क्वारैंटाइन सेंटर

जालंधर से श्रमिकों को लेकर एकस्पेशल ट्रेन बुधवार को पलामू पहुंची। इस ट्रेन में1188 श्रमिक सवार थे। प्लेटफॉर्म पर ट्रेन केरुकते ही श्रमिकों ने ताली बजाकर खुशी जाहिर की। डालटनगंज रेलवे स्टेशन पर उतरने के बाद सभी श्रमिकों का मेडिकल थर्मल स्क्रीनिंग कर स्वास्थ्य की जांच की गई। साथ ही श्रमिकों का हाथ सैनिटाइज कराते हुए उन्हें मास्कउपलब्ध कराया गया। श्रमिकों के साथ महिलाएं एवं बच्चे भी थे। स्टेशन से श्रमिकों को पलामू जिला प्रशासन ने बसों से स्थानीय चियांकी एयर बेस परिसर में बने सहायता केन्द्र में पहुंचाया। मौके पर पलामू के डीसी डॉ. शांतनु कुमार अग्रहरि एवं एसपी अजय लिंडा स्वयं सारी व्यवस्थाओं की निगरानी में थे।

सुरक्षा के दृष्टिकोण से की गई थी बैरिकेडिंग
श्रमिकों के आगमन को लेकर रेलवे स्टेशन पर बैरिकेटिंग की गई थी। कोई भी श्रमिक इधर-उधर नहीं जाए और सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन हो, इसके लिए बैरिकेटिंग की गई थी। साथ ही उसके आसपास पर्याप्त संख्या में सुरक्षा कर्मी लगाए गए थे।

स्टेशन व चियांकी हवाई हड्डा परिसर को किया गया था सैनिटाइज
स्पेशल ट्रेन से श्रमिकों को डालटनगंज आगमन को लेकर स्टेशन परिसर व उसके आसपास तथा चियांकी स्थित हवाई अड्डा परिसर को अग्निशमन केवाहन एवं टैंकर से सैनिटाइज किया गया था। ट्रेन आने के पूर्व स्टेशन के प्लेटफाॅर्म से लेकर बाहर तक सैनिटाइज किया गया।

क्वारैंटाइन सेंटर में भेजे गए पलामू के श्रमिक
श्रमिकों को पलामू आगमन को लेकर चियांकी हवाई अड्डा परिसर में विशेष व्यवस्था की गई थी। जालंधर से पलामू के डालटनगंज पहुंचे सभी श्रमिकों को रेलवे स्टेशन से बस के माध्यम सेसोशल डिस्टेंसिंग के साथ बैठाकर चियांकी स्थित हवाई अड्डा परिसर में बने सहायता केन्द्र स्थल तक पहुंचाया गया। वहां सभी श्रमिकों को फूडपैकेट एवं बोतल बंद पानी दिया गया। चियांकी हवाई अड्डा परिसर में सभी आवश्यक कार्रवाई पूर्ण किए जाने के बाद पलामू के श्रमिकों को विभिन्न प्रखंडों में बने क्वारैंटाइन सेंटर में भेजा गया।



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प्रतीकात्मक फोटो।




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अब तक 128 कोरोना पॉजिटिव केस; राज्य के 12 जिलों में पहुंचा कोरोना संक्रमण, रिम्स की नर्स में संक्रमण की पुष्टि

बुधवार को रांची के दो मरीजों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई। इनमें से एक हिंदपीढ़ी व दूसरी रिम्स की नर्स शामिल है। नर्स,रिम्स कोविड वार्ड में ड्यूटी पर थी। दोनों नए पॉजिटिव केस आने के बाद झारखंड में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर128हो गई है। जबकि रांची में कोरोना के मामले बढ़कर 94 हो गए हैं। वायरस का संक्रमण राज्य के 12 यानी 50 फीसदी जिलों में पहुंच चुका है। नए जिलों में दुमका की एंट्री हुई है।

उधर, दुमका में कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद यह ग्रीन से ऑरेंज जोन में आ गया है। इसके साथ ही ग्रीन जोन के जिलों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है।राज्य के कुल कोरोना संक्रमितों में से 4 की मौत हो चुकी है। 33 मरीज स्वस्थ भी हुए हैं। राजधानी रांची के हिंदपीढ़ी में मंगलवार शाम आठ नए मरीजों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी।

जमशेदपुर के साकची मेन सड़क पर बुधवार को सुबह 10 बजे पसरा सन्नाटा। यहां पुलिस की सख्ती के बाद एक-दो वाहन सड़क पर दिखे।

उधर, बुधवार सुबह तीन श्रमिक ट्रेन दूसरे राज्यों से झारखंड के अलग-अलग जिलों में पहुंची। इन ट्रेनों में एक धनबाद, एक पलामू के डालटनगंज जबकि एक रांची के हटिया स्टेशन पहुंची है। इनमें सवार श्रमिकों की स्वास्थ्य विभाग की ओर से थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी। इसके बाद सभी को बसों के जरिए घर भेजा जाएगा।

टेक्नीशियन हड़ताल पर, विभाग अब सैंपल जांचेगा, कलेक्शन नहीं करेगा
रांची के रिम्स में टेक्नीशियन के संक्रमित हो जाने के तीन दिनों बाद मंगलवार को माइक्रोबायोलॉजी लैब खुली। जांच शुरू हुई। लेकिन, आउटसोर्सिंग के 22 टेक्नीशियन चौथे दिन भी हड़ताल पर रहे। उनका कहना है कि जब तक स्थाई नियुक्ति नहीं होगी, तब तक ड्यूटी पर नहीं जाएंगे। फिलहाल लैब 12 परमानेंट तकनीशियनों के सहारे चल रहीहै। माइक्रोबायोलॉजी के विभागाध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि विभाग की जिम्मेवारी अब केवल कलेक्टेड सैंपलों की जांच करने की है। सैंपल कलेक्शन कराने कि जिम्मेवारी रिम्स अधीक्षक और टास्क फोर्स की टीम की है।

गुजरात के सूरत से श्रमिक स्पेशल ट्रेन बुधवार सुबह धनबाद पहुंची जिसमें करीब 1200 मजदूर सवार थे। सभी को स्टेशन से गोल्फ ग्राउंड ले जाया गया जहां से बसों के जरिए उनके घर भेजा गया।

कोरोना अपडेट्स

  • रांची: राज्य के रेड जोन में शामिल जिले में 94लोगों में कोरोना संक्रमितों की पुष्टि हो चुकी है। हिंदपीढ़ी व सटे इलाकों की हेल्थ स्क्रीनिंग फिर से शुरू हुई है। मेडिकल टीम घर-घर जाकर स्क्रीनिंग कर रही है। लगभग 12 हजार घरों के लोगो की स्क्रीनिंग हो चुकी है। सिविल सर्जन डॉ. विजय बिहारी प्रसाद ने बताया कि स्क्रीनिंग में घरवालों का डेटाबेस बनाया जा रहा है। लक्षण मिलने पर सैंपलिंग के लिए भेजा जा रहा है। अभी हिंदपीढ़ी, चुटिया, कांटाटोली, हरमू, बेड़ो, बुंडू, कांके में स्क्रीनिंग हो रही है।
  • बोकारो: जिले में अब तक 10 कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं जिनमें एक की मौत हो चुकी है। जबकि छह स्वस्थ्य होकर घर लौट चुके हैं। मंगलवार को जिले के कुल 80 संदिग्धों की रिपोर्ट आई। सभी रिपोर्ट निगेटिव रही। अभी तक कुल 550 लोगों के सैंपल लिए जा चुके हैं। उनमें से 10 कोरोना पॉजिटिव सहित कुल 492 सैंपलों की रिपोर्ट आ चुकी है। 482 रिपोर्ट नेगेटिव और 10 पॉजिटिव रही। ओडिशा के अंगुल, जगतसिंहपुर, क्योंझर और सुंदरगढ़ में फंसे 212 प्रवासी श्रमिकों व यात्रियों को सुरक्षित उनके गृहजिला बोकारो लाने के लिए मंगलवार को 10 बसों को रवाना किया गया।
  • धनबाद: जिले में अब तक मिले दो संक्रमित मरीज स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। केरल से लौटे 14 मजदूरों की जांच रिपोर्ट मंगलवार को आई। सभी की रिपोर्ट निगेटिव है। सभी को होम क्वारैंटाइन किया गया है। मंगलवार को कुल 67 लोगों का स्वाब जांच के लिए लिया गया। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार पांच अस्पतालों में अभी कुल 130 लोग क्वारैंटाइन हैं। पीएमसीएच में जिले में लिए गए 62 सैंपल की जांच की गई। सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई। वहीं, दुमका के दो मरीजों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि प्राचार्य डॉक्टर शैलेंद्र कुमार ने की। पीएमसीएच में मंगलवार को धनबाद समेत अन्य जिलों के कुल 146 सैंपलों की जांच रिपोर्ट निगेटिव मिली है।
  • जमशेदपुर: एमजीएम अस्पताल में कोरोना जांच के लिए आम लोगों की हो रही भीड़ को देखते हुए उसके लिए रजिस्ट्रेशन के समय में बदलाव किया गया है। बुधवार से सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। उपायुक्त कार्यालय के जनसुविधा केंद्र और जिला परिवहन पदाधिकारी कार्यालय में पास के लिए आवेदन जमा हो रहा है। डीसी ऑॉफिस के अलावा मानगो नगर निगम, जमशेदपुर अक्षेस कार्यालय, जुगसलाई नगर परिषद व घाटशिला अनुमंडल कार्यालय में आवेदन जमा होगा। भीड़ न हो इसलिए ऐसी व्यवस्था की है।
  • हजारीबाग: जिले में अबतक तीन लोग कोरोना पॉजीटिव पाए गए हैं। तीनों स्वस्थ्य भी हो चुके हैं। जिले में कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर मंगलवार को 390 लोगों की प्रारंभिक जांच की गई। जिले में अब तक 958 लोगो का कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर सैंपल जांच के लिए भेजा गया है। जिसमें 917 लोगों के जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। फिलहाल जिले में एक भी कोरोना के पॉजिटिव केस नहीं है।
  • कोडरमा: जिला के कोविड अस्पताल होली फैमिली में भर्ती कोरोना पीड़ित मरीज की दूसरी रिपार्ट आर-2 के निगेटिव आने के बाद मंगलवार को उसे डिस्चार्ज किया गया। अन्य राज्यों से प्रवासी मजदूर व अन्य लोगों का जिला में आगमन हो रहा है। ऐसे लोगों का जांच करके 28 दिनों के लिए होम क्वारैंटाइन के लिए भेजा जा रहा है। अब तक जिले में कुल 12136 लोगों की फ्लू कॉर्नर के माध्यम से कोरोना बीमारी के प्रारंभिक लक्षणों की जांच की गई है। मंगलवार को कुल 205 मरीजों की जांच की गई।
रांची के चान्हो स्थित हुटार बाजार में बुधवार को सोशल डिस्टेंसिंग को दरकिनार कर लोग खरीदारी करते रहे। इस दौरान उन्होंने एहतिहात के तौर पर मास्क भी नहीं लगाया। इस दौरान पुलिस-प्रशासन बाजार में नहीं दिखी।
  • गढ़वा: पिछले एक सप्ताह के दौरान कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी नहीं हुई है। वहीं पहले व उनसे संबंधित लोगों की दूसरी जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है।
  • सिमडेगा: जिले में अब तक 287 संदिग्धों के सैंपल भेजे जा चुके हैं जिसमें 245 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव जबकि दो रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। वहीं, एक कोरोना संक्रमित स्वस्थ्य होकर घर लौट चुका है। फिलहाल, 35 संदिग्धों की रिपोर्ट आनी बाकी है। अब तक जिले में 42 लोगों को क्वारैंटाइन जबकि 257 लोगों को होम क्वारैंटाइन सेंटर में रखा गया है।
  • पलामू: चार मई से लॉक डाउन 3.0 लागू हो गया है। इसके साथ ही पलामू पुलिस और भी सख्त हो गई हैं। जिले के लेस्लीगंज में अब तक तीन कोरोना संक्रमण के मरीज मिल चुके हैं। कोरोना पॉजिटिव के परिवार, रिश्तेदारों और उसके साथ क्वारैंटाइन में रहने वाले सभी का सैंपल निगेटिव आया है।
  • गिरिडीह: पड़ोसी कोडरमा जिला में करीब एक महीने से इलाजरत कोरोना पीड़ित अब घर लौट आया है। जिले में अब तक 317 सैंपल जांच के लिए भेजे जा चुके हैं जिनमें से दो रिपोर्ट पॉजिटिव जबकि 276 रिपोर्ट निगेटिव आई है। 41 रिपोर्ट का इंतजार है। वहीं, कुल 358 संदिग्धों को होम क्वारैंटाइन किया गया है।
  • दुमका: उपराजधानी दुमका में दो कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं। दुमका में कोरोना मरीज मिलने का यह पहला मामला है। दोनों मरीज गुड़गांव से लौटे थे। जिस क्वारैंटाइन सेंटर में दोनों मरीज रह रहे थे उसे सील कर दिया गया है। दोनों मरीजों की ट्रेवल हिस्ट्री खंगाली जा रही है। जानकारी के अनुसार दोनों मरीज जिले के सरैयाहाट प्रखंड अंतर्गत डुमरथर गांव के रहने वाले हैं।
  • देवघर: जिले में शनिवार को दो नए कोरोना संक्रमित की पुष्टि हुई। कुल चार पॉजिटिव केस में से पहले के दो पॉजिटिव मरीजों के ठीक होने के बाद रविवार को उन्हें घर भेज दिया गया। अब तक जिले में 350 से ज्यादा संदिग्धों के सैंपल जांच के लिए भेजे जा चुके हैं जिसमें 228 की जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई है 116 लोगों की रिपोर्ट भी जल्द ही आ जाएगी।
  • जामताड़ा: जिले में अब तक दो संक्रमण के मामले सामने आ चुके हैं। दोनों का कोविड-19 सेंटर में इलाज चल रहा है। प्लस टू हाई स्कूल नाला क्वारैंटाइन सेंटर के पास 200 मीटर का एरिया सील किया गया है। साथ ही बाहरी लोगों के प्रवेश पर पाबंदी है। रेड जोन चिह्नित इलाके की दुकानों को भी बंद कराया गया है।
बुधवार को जमशेदपुर यूटिलिटीज एंड सर्विसेज कंपनी लिमिटेड (जुस्को)श्रमिक यूनियन की ओर से सफाई कर्मियों को सम्मानित किया गया।

राज्य में कुल 128संक्रमित: रांची के 94, बोकारो 10, पलामू 03, हजारीबाग 03, गढ़वा 03, धनबाद 02, गिरिडीह, 02, सिमडेगा 02, देवघर 04, जामताड़ा में 02, दुमका में 02 और गोड्डा में 01 मरीज में कोरोनावायरस के संक्रमण की पुष्टि हुई है।

राज्य में अब तक 04 की मौत: रांची में तीन जबकि बोकारो के एक मरीज की मौत हो चुकी है।

राज्य में स्वस्थ्य हुए 33 मरीज: रांची में 15, बोकारो में छह, धनबाद में दो, हजारीबाग में दो, देवघर में दो, सिमडेगा में एक जबकि राज्य के अन्य जिलों से संक्रमित मरीजों में 04 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं।



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जमशेदपुर शहर के मानगो पुल पर बुधवार को भी जाम जैसी स्थिति हो गई। स्वर्णरेखा नदी पर बना यह पुल मानगो और जमशेदपुर के साकची इलाके को जोड़ता है। इस पुल पर रोजाना सुबह ऐसी स्थिति हो जाती है।




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11 मई से 10 जून तक दूरदर्शन पर होगी हर दिन 3 घंटे पढ़ाई, शिक्षा विभाग ने दूरदर्शन के साथ किया करार

सरकारी स्कूल के बच्चे दूरदर्शन पर पढ़ाई करेंगे। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने इस संबंध में दूरदर्शन के साथ करार किया है। यह पढ़ाई 11 मई से 10 जून तक लगातार जारी रहेगी। नियमित रूप से सोमवार से शुक्रवार तक प्रतिदिन दो पालियों में तीन घंटे तक पढ़ाई होगी। कोरोना संक्रमण की वजह से स्कूलों के बंद होने पर विभाग ने यह पहल की है। सरकारी स्कूलों के बच्चों को दूरदर्शन के माध्यम से डिजिटल कंटेंट उपलब्ध कराए जाएंगे। बुधवार को झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद और दूरदर्शन के बीच करार हुआ। जेईपीसी के राज्य परियोजना निदेशक उमाशंकर सिंह और दूरदर्शन के प्रतिनिधियों के बीच यह एकरारनामा हुआ।

स्कूली बच्चों के लिए सोमवार से शुक्रवार तक हर दिन तीन घंटे तक दूरदर्शन में डिजिटल कंटेंट का प्रसारण होगा। सुबह 10 बजे से 12 बजे तक और दोपहर एक बजे से दो बजे तक इसका प्रसारण किया जाएगा। दूरदर्शन हर दिन एक घंटे का प्रसारण निशुल्क करेगा, जबकि दो घंटे के लिए झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद से 12 हजार और 18 प्रतिशत जीएसटी के साथ 14,160 रुपए प्रतिदिन के आधार पर लेगा। एक महीने में 2,83,200 रुपए का भुगतान दूरदर्शन को किया जाएगा। दूरदर्शन को कंटेंट उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी जेईपीसी ने डॉक्टर अभिनव कुमार और जेसीईआरटी के कीर्तिवास कुमार को दी गई है। साथ ही, दूरदर्शन के निदेशक से भी नोडल पदाधिकारी मनोनित करने की मांग की गई है। जेईपीसी के राज्य परियोजना निदेशक उमाशंकर सिंह ने डिजिटल कंटेंट तैयार कराने के लिए 6 लोगों की तकनीकी समिति भी गठित की है।

दूरदर्शन में पढ़ाई का शिड्यूल

  • 10 से 10:30 बजे तक : यूनिसेफ द्वारा तैयार मीना मंच और जीवन कौशल आधारित प्रसारण
  • 10:30 बजे से 11 बजे तक : पहली से पांचवी के लिए प्रसारण
  • 11:00 बजे से 12 बजे तक : छठी से नौवीं और 11वीं कक्षा के लिए प्रसारण
  • एक बजे से दो बजे तक : 10वीं और 12वीं के लिए प्रसारण

यूट्यूब पर भी होगा प्रसारण
दूरदर्शन पर होने वाले प्रसारण को यूट्यूब पर भी प्रसारित किया जाएगा ताकि अधिक संख्या में छात्र-छात्राएं इसका लाभ उठा सकें साथ ही सभी लोकल केबल नेटवर्क वालों को भी दूरदर्शन के चैनल को निशुल्क प्रसारित करने को कहा गया है। दूरदर्शन के जरिए उपलब्ध कराए जाने वाले डिजिटल कंटेंट की जानकारी दूरदर्शन और आकाशवाणी के माध्यम से दी जाएगी।



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दूरदर्शन हर दिन एक घंटे का प्रसारण निशुल्क करेगा, जबकि दो घंटे के लिए झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद से 12 हजार और 18 प्रतिशत जीएसटी के साथ 14,160 रुपए प्रतिदिन के आधार पर लेगा।




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मोबाइल पर कॉल कर बैंक खाते से उड़ाए 18 हजार रुपए

कोरोना वायरस से बचाव के लिए लगाए गए लॉकडाउन में लोग जहां अपने घरों मे दुबके हैं, वहीं साइबर हैकर मोबाइल पर कॉल कर रुपये ऐंठने में लगे हैं। ऐसी घटना बारियातू बस्ती निवासी मो. अयूब के साथ घटी है। मो. अयूब से साइबर हैकरों ने मोबाइल पर फोन कर ओटीपी लेकर एसबीआई खाते से 18 हजार रुपये निकाल लिए। मो. अयूब ने बताया कि पांच मई को पूर्वाह्न करीब 11:30 बजे मेरे मोबाइल नंबर 8521209991 पर 7909018488 नंबर से कॉल आया कि आपका एसबीआई खाते से एलआईसी का प्रीमियम नहीं कट पाया है तो मैंने कहा कि आधे घंटे बाद फोन कीजिए। इसके बाद दोपहर 4:30 बजे मोबाइल नंबर 8670293625 से पुनः फोन कर कहा गया कि आपका एलआईसी का प्रीमियम नहीं कट रहा है। आप अपना आधार नंबर व एटीएम का पीछे लिखे तीन नंबर बताइये। इसके बाद मैंने अपना आधार नंबर व एटीएम के पीछे लिखा तीन अंकों का नंबर बताया। इसपर कहा गया कि आपके मोबाइल पर एक मैसेज गया है, उसका नंबर बताइये। मैंने मोबाइल पर आए पांच अंकों के ओटीपी नंबर को बता दिया। इसके पश्चात साइबर हैकरों ने बैंक खाता से एक बार में 17 हजार तथा दूसरी बार में एक हजार कुल 18 हजार रुपए की निकासी कर ली।



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दैनिक भास्कर व पुलिस की मदद से देवास में परिजनों से मिला 10 साल पहले खाेया बेटा

दस साल से लापता मध्यप्रदेश के बागली तहसील के चंवरागुवाड़ी का 20 वर्षीय देवी सिंह काेराेना की वजह से अपने परिवार काे मिल गया। 30 अप्रैल काे वह लातेहार जिले के वरवाटी थाना क्षेत्र में मिला था। मंगलवार काे परिजन युवक काे लातेहार से लेकर गांव पहुंचे। इससे पहले चापड़ा में लाेगाें ने युवक का पुष्प वर्षाकर और तालियां बजाकर स्वागत किया। दैनिक भास्कर ने 1 मई के अंक में देवी सिंह के संबंध में खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद बागली एसडीएम अजीत श्रीवास्तव, जनपद सीईओअमित व्यास व टीआई दिनेश चाैहान ने मामला संज्ञान में लिया और युवक काे झारखंड से ले जाने की कवायद शुरू की गई। मध्यप्रदेश के जिला प्रशासन ने युवक काे लाने की अनुमति के साथ वाहन के लिए डीजल की व्यवस्था करवाई। बागली से देव सिंह, सूरज और ओम यादव काे देवी सिंह काे लाने लातेहार गए। वहां एसआई उरांव से मिले। उन्हाेंने युवक काे परिजनाें के साथ रवाना कर दिया। मंगलवार दाेपहर करीब 2 बजे चापड़ा पहुंचने पर लाेगाें ने देवी सिंह का स्वागत किया।

युवक काे परिवार से मिलाने वाले असली हीराे एएसआई महादेव उरांव
युवक काे उसके परिवार वालाें से मिलाने में लातेहार के वरवाटी थाने के एएसआई महादेव उरांव की महत्वपूर्ण भूमिका रही। देवी सिंह काे भी झारखंड में क्वारेंटाइन किया गया था। क्वारेंटाइन पीरियड पूरा करने पर एएसआई उरांव ने जब युवक काे घर जाने का कहा ताे पता चला कि वह ताे मध्यप्रदेश के देवास जिले का रहने वाला है। इसके बाद उन्हाेंने दैनिक भास्कर के माध्यम से युवक के घर का पता लगवाया। इस तरह एएसआई ने युवक काे उसके परिवार वालाें से मिलाया।

घर पहुंचने पर बहन ने लगाया तिलक, पिता बाेले-आज जीवन का खुशी वाला दिन
मंगलवार का दिन चंवरागुवाड़ी के बुजुर्ग दंपती शेर सिंह व उनकी पत्नी प्रेमबाई के लिए खास रहा। क्योंकि दस साल से लापता बेटा देवी सिंह घर आरहा था। उसे देखते ही परिजनाें की आंखाें में आंसू झलक आए। बहनों ने खुशी-खुशी तिलक लगाकर पुष्पमाला पहनाई। युवक ने सबसे पहले अपने माता-पिता के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इस दाैरान बड़ी संख्या में ग्रामीण भी माैजूद थे। लॉकडाउन के चलते रिश्तेदार नहीं आ पाए, लेकिन उन्होंने फोन पर ही देवीसिंह के हालचाल पूछे। युवक की बहन मधु, देवका, सदू व दाे बड़े भाई देवकरण व छोटा देवराज है। भास्कर से चर्चा में पिता शेरसिंह ने कहा कि हमें उम्मीद ही नहीं थी कि हमारा बेटा कभी हमें मिल भी पाएगा। आज का दिन जीवन में सबसे ज्यादा खुशी देने वाला है। उसके मिलने की जानकारी मिलते ही उसके घर आने का इंतजार था।



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With the help of Dainik Bhaskar and the police, he met his family members in Dewas 10 years ago.




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17 मई तक सुबह 7 से शाम 7 बजे आवागमन पर राेक

झारखंड में लॉकडाउन-3.0 में किसी तरह की छूट नहीं दी गई है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने 17 मई तक सुबह 7 बजे से शाम 7 तक आवागमन और परिवहन पर पूरी तरह से राेक लगा दी है। उपायुक्त डॉ. शांतनु कुमार अग्रहरि ने बताया कि डाल्टनगंज रेलवे स्टेशन पर राज्य के विभिन्न क्षेत्रों के प्रवासी श्रमिकों का आवागमन लगातार हो रहा है। एेसे में कोविड-19 के संक्रमण से बचाव को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

यह व्यवस्था बुधवार शाम से सख्ती से लागू होगी। उन्होंने कहा कि 65 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों, 10 वर्ष से कम आयु के बच्चों और गर्भवती माताओं को किसी भी समय घर से बाहर निकलना प्रतिबंधित है। सिर्फ चिकित्सा कारणों से संबंधित व्यक्तियों को घर से बाहर निकलने की अनुमति रहेगी। कोरोना महामारी के नियंत्रण के लिए आपदा प्रबंधन में लगे सरकारी वाहन इस आदेश से मुक्त रहेंगे। विशेष परिस्थिति में सक्षम पदाधिकारी से अनुमति प्राप्त करना जरूरी होगा। आदेश का पालन नहीं करने पर आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा-51 से 60 तक और भारतीय दंड संहिता की धारा 188 व महामारी से संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।



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जालंधर से 1188 श्रमिक स्पेशल ट्रेन से पहुंचे, सरकार को कहा-शुक्रिया, स्क्रीनिंग के बाद भेजे गए क्वारेंटाइन सेंटर

कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण घोषित लॉक डाउन के दौरान उतर भारत में फंसे श्रमिकों को 6़ मई 2020 को पलामू लाया गया। डालटनगंज श्रमिक सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन जालंधर (पंजाब) से झारखंड राज्य के सभी प्रमंडल के प्रवासी श्रमिकों को लेकर झारखंड के पलामू स्थित डालटनगंज रेलवे स्टेशन पहुंची। इसमें 24 कोच लगाये गये थे। इस स्पेशल ट्रेन से 1188 श्रमिक पलामू पहुंचे हैं। यहां पहुंचे श्रमिकों में उत्साह का माहौल था। प्लेटफार्म पर ट्रेन को रुकते ही श्रमिकों ने ताली बजाकर खुशी जाहिर की। श्रमिकों के साथ महिलाएं एवं बच्चे भी थे। स्टेशन से श्रमिकों को पलामू जिला प्रशासन ने बसों से श्रमिकों को स्थानीय चियांकी एयर बेस परिसर में बने सहायता केन्द्र में पहुंचाया गया। मौके पर पलामू के उपायुक्त डॉ शांतनु कुमार अग्रहरि एवं पुलिस अधीक्षक अजय लिंडा स्वयं सारी व्यवस्थाओं की निगरानी में थे। डालटनगंज रेलवे स्टेशन पर उतरने के बाद सभी श्रमिकों का मेडिकल थर्मल स्क्रीनिंग कर स्वास्थ्य की जांच कराई गयी। साथ ही श्रमिकों का हाथ सेनेटाइज कराते हुए उन्हें मास्क उपलब्ध कराए गए।

स्पेशल ट्रेन प्रातः करीब 9ः30 बजे डालटनगंज रेलवे स्टेशन पहुंची थी। इसके पूर्व पलामू उपायुक्त डॉ. शांतनु कुमार अग्रहरि स्टेशन पहुंचकर सारी तैयारियों का जायजा लिया।उन्होंने श्रमिकों के आगमन को लेकर सोशल डिस्टेंसिंग संबंधी, मेडिकल स्क्रीनिंग, मास्क की उपलब्धता इत्यादि सभी आवश्यक तैयारियों को देखा और इसका सख्ती से अनुपालन करने का निदेश दिया। वहीं श्रमिकों पर विशेष ध्यान रखने की बातें कही। पुलिस अधीक्षक अजय लिंडा भी रेलवे स्टेशन पर मौजूद रहे। उनकी देखरेख में जवानों ने सुरक्षा की कमान संभाले हुए थे। स्टेशन पर पुलिस अधीक्षक सहित नगर आयुक्त दिनेश प्रसाद, अपर समाहर्ता प्रदीप कुमार प्रसाद, सिविल सर्जन डॉ. जॉन एफ केनेडी आदि पदाधिकारी भी मौजूद थे।

स्टेशन व चियांकी हवाई अड्डा परिसर को किया गया था सेनेटाइज
स्पेशल ट्रेन से श्रमिकों को डालटनगंज आगमन को लेकर स्टेशन परिसर व उसके आसपास तथा चियांकी स्थित हवाई अड्डा परिसर को अग्निसमन की वाहन एवं टैंकर से सेनेटाइज किया गया था। ट्रेन आने के पूर्व स्टेशन के प्लेटफार्म से लेकर बाहर तक सेनेटाइज किया गया। श्रमिकों को पलामू आगमन को लेकर चियांकी हवाई अड्डा परिसर में विशेष व्यवस्था की गयी थी। जालंधर से पलामू के डालटनगंज पहुंचे सभी श्रमिकों को रेलवे स्टेशन से सम्मान रथ पर सोशल डिस्टेंसिंग के साथ बैठाकर चियांकी स्थित हवाई अड्डा परिसर में बने सहायता केन्द्र स्थल पहुंचाया गया। वहां सभी श्रमिकों को भोजन पैकेट दिया गया। श्रमिकों को खाने के लिए हवाई अड्डा परिसर में मिल्स ऑन विल्स को लगाया गया था।



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1188 workers from Jalandhar arrived by special train, thanks to the government, quarantine center sent after screening




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140 किमी की रफ्तार से चली हवा... पेड़ पोल गिरे, बिजली और पानी की व्यवस्था ठप

मंगलवार की रात 9:30 बजे करीब अचानक 140 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी आई। इसके साथ ही करीब आधे घंटे तक मूसलाधार बारिश हुई। 14 से 15 मिनट के बीच चली आंधी से शहर समेत ग्रामीण क्षेत्रों में कई स्थानों पर कई पेड़ पौधे उखड़ गए और कई पेड़ों की टहनियां भी टूट गई। इसके साथ ही आम और महुआ के पेड़ों में बचे खुचे फल भी गिर गए। आंधी पानी से खेतों में लगी गरमा फसल और गरमा सब्जी की खेती को काफी नुकसान पहुंचा।

आधा घंटा के दौरान करीब 10 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। बारिश से प्लास्टिक और कचरा से भरी नालियों का पानी सड़क पर बहने लगा। हालांकि रात होने के कारण किसी को परेशानी नहीं हुई। बुधवार को नहीं हुई जलापूर्ति आंधी के बाद बिजली कटने से बेलवाटिका पंप हाउस में लगे पम्प को बिजली नहीं मिली। जिससे रात में पंप के नहीं चलने से पानी का स्टोरेज नहीं किया जा सका। इस कारण बुधवार को जलापूर्ति नहीं हो सकी। बताया गया कि बुधवार को दिन में बिजली मिलने के बाद पानी का स्टोरेज किया जाएगा। उसके बाद शाम को प्राथमिकता के आधार पर जलापूर्ति की जाएगी।

रात 9.30 बजे चली आंधी, बिजली गुल

आंधी से कई पेड़ उखड़ कर बिजली के पोल पर गिर गए और कई पेड़ की डाली टूट कर बिजली के तारों पर गिर गई। इससे शहरी क्षेत्रों में घंटों बिजली आपूर्ति ठप रही। सहायक विद्युत अभियंता (शहरी) अमित कुमार खेस्स ने बताया कि आंधी चलने से सुदना सब ग्रिड को रेड़मा सब स्टेशन से जोड़ने वाली 33 केवीए लाइन पर बीसफुटा पुल के पास पेड़ का डाली टूट कर गिर गया था। मौसम खुलने के बाद में रात में ही डाली को हटाकर टूटे तार को ठीक किया गया। उसके बाद रात के 1.30 बजे से विद्युत आपूर्ति बहाल हो गई। 11 केवीए हॉस्पिटल फीडर में परिसदन के पास तार पर गिरे पेड़ की टहनी को हटाया गया,तब जाकर 1:00 बजे रात से विद्युत आपूर्ति बहाल हो सकी।

आंधी से शहर में गायत्री मंदिर रोड में पेट्रोल पंप के पास, कचहरी परिसर में, वन विभाग परिसर में, भगवती अस्पताल, रांची रोड के पास, डीसी आवास के अंदर, पांकी रोड चरकी भाटा के पास बिजली के पोल, तार पर पेड़ और टहनी के जाने से विद्युत आपूर्ति बंद हो गई। वहीं कई स्थानों पर डिस्क पंचर हो गया। रात होने के कारण कई स्थानों पर फॉल्ट पता नहीं चला। बुधवार को युद्ध स्तर पर टूटे पोल और तार को बदलकर बिजली आपूर्ति बहाल करने का कार्य किया गया।

आंधी से 50 घराें काे हुआनुकसान

विश्रामपुर | आंधी से नप में 50 निर्धन परिवार का आशियाना उजड़ जाने से बेघर हो गए। बिजली के दर्जनाधिक खंबे उखड़ व टूट जाने तथा ट्रांसमिशन लाइन पर पेड़ गिर जाने से बिजली सप्लाई पूरी तरह बंद है। इससे वाटर सप्लाई भी ठप हो गया है। रेहला स्थित पावर सब स्टेशन के अधिकारी ने बताया सामान्य विद्युत व्यवस्था करने में पूरे सप्ताह लग जाएंगे। नप मुख्यालय व प्रमुख कस्बा रेहला में सीमित पावर सप्लाई के लिए कई लाइनमैन लगे हुए हैं। रेहला ग्रासिम संस्थान के एसबेस्टस बने छत को दूर उड़ा ले गया। गढ़वा रोड मॉडल स्टेशन और जोगीबीर कॉलोनी में चार पुराने पीपल के दरख्त उजड़कर रेलकर्मी के क्वार्टर पर जा गिरे।

इससे रेल विद्युत विभाग के कामगार व रेलवे यूनियन नेता सुनील सिंह के क्रमशः बाइक, फ्रिज व वाशिंग मशीन जद में आने से डैमेज हो गए। रेहला थाना में आधा दर्जन पेड़ भी गिर गए। स्टेशन चौक संतोषी माता मंदिर के सबसे पुराना बरगद का दरख्त रास्ते व मकान पर गिर जाने से आवागमन के लिए नप के जेसीबी को लगाया गया। गढ़वा रोड मॉडल स्टेशन कार्यालय व बगल के सिग्नल पोस्ट पर भी पेड़ गिरने से परेशानी हुई।

आंधी और बारिश से मौसम बना खुशनुमा

आंधी के साथ बारिश होने से बुधवार को मौसम खुशनुमा रहा। सोमवार दोपहर व मंगलवार को सुबह भी बारिश हुई थी। बारिश से सोमवार को अधिकतम तापमान में 4.2 डिग्री की गिरावट देखी गई थी। मंगलवार को 2 डिग्री का इजाफा हुआ।वही मंगलवार की रात में बारिश होने से बुधवार को मौसम खुशनुमा रहा। अधिकतम तापमान में 2 डिग्री की गिरावट हुई।



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Wind speeding 140 km ... tree poles fell, electricity and water system stalled




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बुढ़ापेे की पीड़ा: 500 रुपए की पेंशन के लिए 10 किमी का कठिन सफर

यह तस्वीर 80 वर्षीय सूरजी देवी की है। सूरजी देवी सदर प्रखंड के लरकूवा गांव की रहने वाली हैं। मंगलवार को पांच सौ रुपए वृद्धा पेंशन उठाने के लिए उसे दस किलोमीटर का मुश्किल सफर तय करना पड़ा।
सूरजी देवी को खटोला से बने डोली में बैठा कर उसके पुत्र सुकून भारती व सरयू भारती शहर लाए थे। दोनों बेटों ने वृद्ध को गांव से दस किलोमीटर दूर केनरा बैंक लाया। इसके बाद सूरजी देवी ने बैंक से पांच सौ रुपए की निकासी की।



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Aging of old age: 10 km difficult journey for pension of 500 rupees




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जिले में 309 लोगों की स्क्रीनिंग... 11 को आइसोलेशन, 52 किए गए कवारेंटाइन

जिले में बुधवार को विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में कुल 309 लोगों की स्क्रीनिंग की गई। इनमें 60 लोग राज्य के विभिन्न शहरों से आए हुए और 249 लोग दूसरे राज्य के महानगरों से आने वाले शामिल हैं। स्क्रीनिंग के बाद 11 लोगों को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है, जबकि 52 लोग फैसिलिटी क्वारेंटाइन में रखे गए हैं, वहीं 246 लोगों को होम क्वारेंटाइन किया गया। बुधवार को जिन स्वास्थ्य संस्थानों में स्क्रीनिंग की गई उनमें एचएमसीएच अस्पताल हजारीबाग में 39 लोग, बरही में 42, बरकट्ठा में 89, बड़कागांव में छह, चौपारण में 54 चुरचू में 10, इचाक में 10, कटकमसांडी में 14 ,केरेडारी में 12, विष्णुगढ़ में 25 और सदर सीएचसी 3 लोग शामिल हैं। इनमें रांची से वापस लौटे एक युवक और मुंबई से अपनी गाड़ी से लौटने वाले 3 लोग सहित गुजरात, सूरत से लौटने वाले शामिल हैं। बताया गया कि रांची के कांटा टोली में रहकर कैटरिंग का काम करने वाला चतरा जिले के पत्थलगडा निवासी युवक वापस लौटा था। इसकी सूचना प्रशासन को मिलने के बाद उसे स्क्रीनिंग के लिए एचएमसीएच अस्पताल भेजा गया। जहां स्क्रीनिंग के बाद उसे आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है। इनके अलावा 3 ऐसे लोग हैं जो हजारीबाग पेलावल ओपी क्षेत्र के रहने वाले हैं वे मुंबई में रहकर अपनी गाड़ी चलाया करते थे।



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दो दिनों में तीन दर्जन से अधिक मामला दर्ज, 1 लाख से अधिक फाइन की वसूली

एसपी कार्तिक एस ने जिले के लोगों से अपील की है कि कोरोना वायरस संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए लगाए गए लॉक डाउन कानून का इज्जत करें। उन्होंने दुपहिया वाहनों पर डबल और ट्रिपल लोड चलने वालों को चेतावनी देते हुए कहा कि लॉकडाउन उल्लंघन करने वालों पर प्राथमिकी दर्ज होनी शुरू हो गई है। साथ में फाइन भी लगाया जा रहा है। दो दिनों में तीन दर्जन से अधिक लोगों पर लॉकडाउन उल्लंघन को लेकर प्राथमिकी दर्ज की गई है। वही एक लाख से अधिक रुपए फाइन में वसूल किए गए हैं। शाम सात बजे से सुबह सात बजे तक पूरे जिले में 144 लागू कर दिया गया है। इस अवधि में लोग घर से बाहर नहीं निकले। दिन में अति आवश्यक काम पड़ने पर ही घर से मास्क लगाकर बाहर निकले। साथ में सामाजिक दूरी का पालन करें। कोरोना के खिलाफ लड़ाई घर में ही रहकर जीती जा सकती है। इसलिए घर में रहे सुरक्षित रहें और अपने जीवन को बचाएं।

टाटीझरिया में दाे गिरफ्तार, बोलेरो जब्त

कोरोना जैसे आपदा के समय में पुलिस प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। बुधवार को देर शाम में हजारीबाग से गिरिडीह जिले के सरिया जा रहे एक बोलेरो को बतौर मजिस्ट्रेट टाटीझरिया के सीओ विजय कुमार अाैर थाना प्रभारी चन्दन कुमार साव ने थाना के सामने चेकिंग में जब्त किया है। इस बोलेरो में सवार बरही के दो व्यक्ति को भी गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार दोनों व्यक्ति को थाना से ही फिलहाल जमानत पर छोड़ दिया गया। इस संबंध में देशव्यापी लाॅकडाउन को तोड़ने तथा इसका उल्लंघन करने के आरोप में टाटीझरिया थाना में मामला दर्ज किया गया है।

बड़कागांव : छह लोगों पर मामला दर्ज

बड़कागांव | बड़कागांव थाना में सीओ सह बीडीओ वैभव कुमार सिंह के आवेदन पर कोविड-19 से संबंधित लॉकडाउन 144 उल्लंघन मामले को लेकर छह लोगों पर मामला दर्ज किया गया है। मामले को लेकर थाना प्रभारी स्वपन कुमार महतो से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि बड़कागांव में छह लोगों पर लॉकडाउन धारा 144 उल्लंघन करने मामले में गुरुचट्टी निवासी महेंद्र महतो, चेपाखुर्द निवासी गुलाम गोस, जगरनाथ, कांडतरी निवासी रविंद्र कुमार, बड़कागांव निवासी अभय कुमार, चौधरी महतो पर मामला दर्ज किया गया है। बीडीओ ने प्रखंड के तमाम लोगों से अपील की है कि लोग घरों में रहें, बाहर नहीं निकले।



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छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश से 21 और केरल से लोहरदगा पहुंचे 12 प्रवासी मजदूर

जिले में प्रवासी मजदूरों को लाने को लेकर बनाए गए अलग अलग सेंटरों में कुल 33 मजदूरों को बुधवार शाम तक लाया गया। इस क्रम में 21 मजदूरों को छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश से बीएस कॉलेज स्टेडियम एवं सेन्हा में बनाए गए स्क्रीनिंग सेंटर पर स्क्रीनिंग किया गया। उनमें 10 सेन्हा के,1पेशरार, 7 लोहरदगा के और 2 किस्को और एक कुडू के थे। वहीं केरल से जिले के 12 मजदूरों को कुडू स्थित बनाए गए स्क्रीनिंग सेंटर पर लाया गया। उनमें कुडू के 10, कैरो के 01 तथा लोहरदगा के 01 शामिल थे। एमपी व छत्तीसगढ़ से लाए गए मजदूरों की जांच के क्रम में अपर समाहर्ता अंजनी मिश्रा, जिला परिवहन पदाधिकारी अमित बेसरा, नजारत उप समाहर्ता परमेश कुशवाहा, अवर निबंधक मनोजित प्रसाद, जिला योजना पदाधिकारी राजीव रंजन, नारायण राम सहित अन्य मेडिकल टीम व सुरक्षा बल उपस्थित थे। स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा डॉ शम्भू चौधरी के साथ सभी मजदूरों की स्वास्थ्य की जानकारी ली गई तथा टीम द्वारा थर्मल गन से तापमान की माप व अन्य स्क्रीनिंग की गई।

उन्हें मास्क उपलब्ध कराई गई। इस दौरान पदाधिकारियों ने सभी मजदूरों से घर जाने के बाद अनिवार्य रूप से 14 दिनों तक होम क्वारेंटाइन में रहने को कहा गया। वहीं केरल से कुडू सेंटर लाए गए मजदूरों को स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा जांच की गई तथा टीम द्वारा स्क्रीनिंग की गई। स्क्रीनिंग होने के बाद सभी मजदूरों को पदाधिकारियो एवं कर्मियों द्वारा अलग-अलग वाहनों से उनके घरों तक सुरक्षित उन्हें पहुंचाया गया।



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21 migrant laborers from Chhattisgarh, Madhya Pradesh and 12 from Kerala reached Lohardaga




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तेलंगाना में फंसे हैं गुमला के 41 मजदूर, वित्त मंत्री ने घर वापसी का दिलाया भरोसा

गुमला जिला के तीन प्रखंडों के 41 मजदूर तेलंगाना राज्य में फंसे हुए है। इसकी पुष्टि कांग्रेस के उपाध्यक्ष मानिकचंद्र साहू ने की है। उन्होंने मजदूरों की सूची कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सह वित्त मंत्री डॉक्टर रामेश्वर उरांव को भेज दी है। इसकी प्रतिलिपि कार्यकारी अध्यक्ष मानस सिन्हा, जोनल कॉर्डिनेटर रखा खलखो व जिलाध्यक्ष रोशन बरवा को भी दी गई है। मानिकचंद्र ने बताया कि सभी तेलंगाना राज्य के जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (श्री सलेम प्रोजेक्ट), डोमलपेंटा, थाना -अमरबाद मंडलम, जिला-नागरकर्णल (तेलंगाना) स्थित कंपनी में काम करने गए थे, जो लॉकडाउन में फंस गए है।


इनमें घाघरा प्रखंड के खंभिया गांव के मजदूर, गुमला प्रखंड अंतर्गत भंडरिया गांव एवं पालकोट प्रखंड के बघिमा नकटीटोली के मजदूर शामिल है। फंसे एक मजदूर खंभिया के बाबूलाल साहू ने उन्हें फोन कर इसकी जानकारी दी है। साथ ही अन्य मजदूरों का नाम, आधार नंबर, मोबाइल नंबर एवं मजदूरों का फोटो भी भेजा है। जिसके बाद इसकी जानकारी हासिल कर उन्होंने उन अप्रवासी मजदूरों को घर वापस लाने के लिए सूची डॉ रामेश्वर उरांव को भेजते हुए फोन पर भी इस संबंध में बातचीत की है। इसपर उरांव ने आश्वस्त किया कि उन लोगों को शीघ्र घर वापस लाया जाएगा।



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41 workers of Gumla stranded in Telangana, Finance Minister assured to return home




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गुमला में 100 कराेड़ की योजनाएं डेढ़ महीने से बंद, मजदूरों के पास काम नहीं

कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए देशभर में लागू लॉकडाउन के मद्देनजर केंद्र सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत रखने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों के छोटे उद्योगों को सशर्त प्रारंभ करने का आदेश जारी किया था। केंद्र सरकार ने रियायत संबंधी आदेश दूसरे लॉकडाउन अर्थात 14 अप्रैल को जारी किया था। उसमें ग्रामीण क्षेत्र के छोटे एवं कुटीर उद्योग के साथ साथ सड़क निर्माण एवं भवन निर्माण संबंधी कार्य प्रारंभ करने की छूट दी गई थी। किंतु गुमला जिला में उस रियायत का कोई असर भवन निर्माण विभाग के कार्यों पर नहीं पड़ा है।


गुमला जिले में भवन निर्माण विभाग के माध्यम से संचालित करीब एक सौ करोड़ से अधिक की एक दर्जन से अधिक योजनाओं पर कार्य बंद होने के कारण योजनाएं अधूरी पड़ी हुई है। सरकार द्वारा रियायत दिए जाने के बाद भी ठेकेदारों के पास पैसे की कमी और कार्य के लिए कुशल मजदूर नहीं मिलने के कारण डेढ़ महीना से कार्य पूर्णत: ठप है। इसमें अधिकांश शिक्षा क्षेत्र से जुड़े भवन निर्माण की योजनाएं शामिल है। झारखंड में कोरोना को लेकर लॉकडाउन थ्री प्रारंभ हो गया है। ऐसे में निकट भविष्य में भवन निर्माण की लंबित योजनाएं प्रारंभ होगी इसमें संशय बरकरार है।

भवन निर्माण में गुमला से बाहर के मजदूर करते हैं कार्य, लौटना मजबूरी
भवन निर्माण विभाग के सहायक अभियंता शिवशंकर प्रसाद ने बताया कि भवन निर्माण के विभिन्न कार्यों में गुमला से बाहर के कुशल मजदूर कार्य करते हैं। जैसे टाइल्स बिछाने के लिए ठेकेदार के द्वारा पलामू जिला के हुसैनाबाद के मजदूरो से कार्य कराया जा रहा था।वैसे ही अलग अलग योजनाओं में बाहर के मजदूरों से कार्य कराया जाता है। लॉकडाउन की स्थिति में मजदूरों के आवागमन पर रोक तथा काम करने के बाद भी मजदूरी भुगतान को लेकर संशय की स्थिति के कारण कार्य बंद है। करीब एक सौ करोड़ से अधिक की योजनाएं जिला में बंद है।

जिले की इन योजनाओं पर पड़ा लॉकडाउन का असर

जिले की इन योजनाओं पर पड़ा लॉकडाउन का असर गुमला जिले में भवन निर्माण से संबंधित गत वर्ष की कई योजनाएं लंबित है। उसमें सिसई में बीएन जालान डिग्री कॉलेज, गुमला के केओ कॉलेज में मल्टीपर्पस हॉल का निर्माण, गुमला में ही कोल्ड स्टोरेज का निर्माण , बिशुनपुर, घाघरा और बसिया प्रखंड में कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय का भवन निर्माण तथा बिशुनपुर में कल्याण विभाग के आवासीय विद्यालय का निर्माण संबंधी कार्य लॉक डाउन के कारण बंद है। सभी योजनाओं को भवन निर्माण विभाग द्वारा टेंडर के माध्यम से ठेकेदारों को कार्य आवंटित किया गया है।

राज्य सरकार ने भुगतान पर लगा रखी है रोक
एक तरफ केंद्र एवं राज्य सरकार ने लॉकडाउन के कुप्रभाव से बचने के लिए केंद्र के आदेश का पालन करते हुए भवन निर्माण के कार्य प्रारंभ करने की अनुमति तो प्रदान कर दी। किंतु दूसरी तरफ वेतन मद को छोड़कर शेष सभी प्रकार के विपत्रों पर रोक लगाने का रोक लगा दी है। राज्य में नई सरकार के गठन के साथ ही राज्य में वित्तीय संकट के मद्देनजर सभी प्रकार के बिलों के भुगतान पर रोक गत दिसंबर माह से ही लगा दी गई है। इस कारण ठेकेदार विवश होकर कार्य को बंद कर दिया है।



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Schemes of 100 crores in Gumla closed for one and a half months, laborers have no work




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मेडिकल टीम ने रांची जिले के 10,218 घरों में स्क्रीनिंग की

रांची जिले के हॉटस्पॉट हिंदपीढ़ी सहित सभी माइक्रो कंटेनमेंट जोन में हाउस-टू-हाउस सर्वे का काम बुधवार को पूरा कर लिया गया। कुल 10,218 घरों में जाकर मेडिकल टीम ने स्कीनिंग की। इसमें 52,344 लोगों के हेल्थ की जांच की गई। हिंदपीढ़ी में 30 स्थानों पर सर्वे हुआ, जिसमें कुल 7175 घरों में मेडिकल टीम ने जाकर 38,643 लोगों की स्क्रीनिंग की। इसके अलावा शहर के 11 माइक्रो कंटेनमेंट जोन के 415 घरों में रहनेवाले 6673 लोगों की स्क्रीनिंग की गई। ग्रामीण क्षेत्रों में बेड़ो प्रखंड के मोरो, केशा व करंजी, कांके प्रखंड के अरसंडे व बुंडू प्रखंड के ताऊ में मेडिकल टीम ने सर्वे किया। इन क्षेत्रों में 1628 घरों के 7028 लोगों की स्क्रीनिंग की गई। जिनमें कोरोना के लक्षण मिले हैं, उन्हें चिह्नित किया गया है। उनकी स्वाब टेस्टिंग की जाएगी।

निगम ने मशीनें बढ़ाईं, मच्छर मारने के लिए दूसरी टीम होगी

रांची में कोरोना का फैलाव बढ़ने के बाद विभिन्न क्षेत्रों को सेनिटाइज किया जा रहा है। निगम हिंदपिढ़ी, कांटाटोली व बरियातू सहित अन्य क्षेत्रों को लगातार सेनिटाइजेशन करा रहा है। एटीएम और बैंक की शाखाओं को भी सेनिटाइज किया जा रहा है। बुधवार को वार्ड नंबर 26 के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित बैंक, एटीएम व पेट्रोल पंप सेनिटाइज किए गएा। नगर निगम ने सेनिटाइजेशन जे करनेे के लिए वाहनों की संख्या बढ़ा दी है, अब 25 वाहनों से काम लिया जा रहा है। इसके अलावा सभी वार्डों में 10-10 स्प्रे मशीनें भी दी गई हैं। इधर, नगर आयुक्त मनोज कुमार ने बताया कि बहुत जल्द सेनिटाइजेशन और मच्छर मारने के लिए अलग-अलग टीम काम करेगी। मानसून से पहले शहर के नाले-नालियों की सफाई के लिए भी युद्धस्तर पर काम शुरू किया जाएगा।



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कोई भी पास कंटेनमेंट और माइक्रो कंटेनमेंट जोन में वैध नहीं, हिंदपीढ़ी में नए मजिस्ट्रेट की हुई प्रतिनियुक्ति

कंटेनमेंट जोन और माइक्रो कंटेनमेंट जोन में कोई भी पास की वैधता नहीं होगी। कोई भी व्यक्ति न तोकंटेनमेंट जोन और माइक्रो कंटेनमेंट जोन में प्रवेश कर सकते हैं और न ही वह उस क्षेत्र से निकल सकते हैं। इस नियम के मद्देनजर रांची जिला के सभी कंटेनमेंट जोन और माइक्रो कंटेनमेंट जोन में कोई भी ऑनलाइन पास की वैधता नहीं है। वहीं,हिंदपीढ़ी में नए मजिस्ट्रेटों की प्रतिनियुक्ति कर दी गई है। नए प्रतिनियुक्त मजिस्ट्रेट ने कार्य भी शुरू कर दिया। मालूम हो कि इससे पूर्व यहां कार्यरत करीब डेढ़ सौ पुलिसकर्मियों और वॉलिंटियर्स को चेंज किया गया था। यह जानकारी डीसी राय महिमापत रे गुरुवार को दी।

डीसी ने समाहरणालय सभागार में आयोजित कोरोना रोकथाम के लिए गठित विभिन्न टास्क फोर्स तथा कोषांग की बैठक की। बैठक में जानकारी दी गई कि सीएम राशन के वितरण का कार्य शुरू किया जाएगा। आवश्यकतानुसार किट की पैकिंग कर जरूरतमंद लोगों को उपलब्ध कराया जाएगा।इस बैठक में एसएसपी , उपविकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, एडीएम लॉ एंड आर्डर, एडीएम नक्सल, अनुमंडल पदाधिकारी रांची, अनुमंडल पदाधिकारी बुंडू समेत वरीय एवं नोडल पदाधिकारी उपस्थित थे।


डीसी ने निर्देश दिया कि रांची जिला से बाहर भेजी जाने वाले व्यक्ति की सूची होगी तैयार
ऐसे व्यक्ति जिन्हें रांची जिला से बाहर के जिला या किसी अन्य राज्य में भेजा जाना है। उनकी सूची तैयार कर जिला भू अर्जन पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी आपसी समन्वय स्थापित करेंगे। उन लोगों को भेजने के लिए जिला परिवहन पदाधिकारी पर्याप्त संख्या में गाड़ियों की व्यवस्था करेंगे।

रेड जोन से आने वाले व्यक्ति केस्वाबिंग की होगी जांच
रांची जिला में प्रवेश करने वाले बाहरी जिला एवं अन्य राज्य से आने वाले लोगों के लिए कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य होगा। जो लोग रांची जिला मेंरेड जोन से आने वाले हैं, उनकी स्वाबिंग की जानी अनिवार्य होगी। स्वाबिंग के पश्चात उन्हें क्वारैंटाइन किया जाएगा। सभी प्रतिनियुक्त पदाधिकारी कोविड-19 के प्रोटोकॉल का अक्षरशः पालन करना सुनिश्चित करेंगे। अन्य प्रदेशों केरेड जोन से ट्रेन से आनेवाले सभी लोगों को क्वारैंटाइन किया जाएगा। ग्रीन जोन और ऑरेंज जोन से आने वाले लोगों को शेल्टर होम में रखा जाएगा। अपर समाहर्ता, जिला मत्स्य पदाधिकारी और जिला कल्याण पदाधिकारी इस कार्य के सफल संचालन का निर्वहन करेंगे।



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डीसी ने समाहरणालय सभागार में आयोजित कोरोना रोकथाम के लिए गठित विभिन्न टास्क फोर्स तथा कोषांग की बैठक की।




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सात दिनों में राउरकेला से पैदल चल मांडर पहुंचे 10 मजदूरों को भेजा क्वारैंटाइन में 

ओडिसा के राउरकेला से सात दिनो में पैदल चल मांडर पहुंचे दस मजदूरों को मांडर पुलिस ने शेल्टर होम क्वारैंटाइन के लिए भेज दिया है। सभी लोग गढ़वा के कांडी थाना के रहने वाले हैं और राउरकेला मे दिहाड़ी मजदूरी करते थे।

लॉकडाउन के कारण खाने-पीने की परेशानी होने लगी तो पैदल ही घर के निकल पड़े थे। रास्ते में खाना बनाते और दिनभर पैदल चलते हुए सात दिनों में मांडर पहुंचे। मांडर थाना पुलिस की नजर इनपर पड़ी तो पूछताछ किया। इसके बाद थाना परिसर में ही सभी को खाना खिलाने के बाद मिशन स्थित शेल्टर होम भेज दिया।



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प्रतीकात्मक फोटो।




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लुधियाना से श्रमिक स्पेशल ट्रेन छह जिलों के 1161 मजदूरों को लेकर डाटनगंज पहुंची, भेजे गए क्वारैंटाइन में

लुधियाना-डालटनगंज श्रमिक सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन गुरुवार को प्रदेश के विभिन्न जिलों के 1161 मजदूरों को लेकर पलामू के डाटनगंज रेलवे स्टेशन पहुंची। इस दौरानमजदूरों के चेहरे पर खुशी दिखी। मजदूरों को टिकट का पैसा नहीं लगा। श्रमिकों ने कहा कि दूसरे राज्यों में काम-धंधा बंद हो गया था। ऐसे में वहां एक पल भी रहना मुश्किल था। पलामू पहुंचकर वे सुरक्षित महसूस करने लगे हैं।

इस ट्रेन सेआने वालों मेंपलामू के 739, हजारीबाग के 99, गिरीडीहके 58, रांची के 73, चतरा के 151 एवं बोकारो के 41 श्रमिक शामिल हैं।डालटनगंज रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या 3 पर स्पेशल ट्रेन के पहुंचने के बाद प्रवासी मजदूरों को बारी-बारी से उतारा गया। प्लटेफॉर्म संख्या-1 पर बनाए गए मेडिकल सेंटर पर सिविल सर्जन डॉ. जॉन एफ केनेडी के नेतृत्व में विशेषज्ञ चिकित्साकों की टीम द्वारा सभी के हाथों सैनिटाइज किया गया एवं मास्क उपलब्ध कराया गया। साथ ही थर्मल स्कैनर से सभी की स्क्रीनिंग कर प्रारंभिक स्वास्थ्य जांच की गई। पलामू को छोड़ अन्य जिलों के मजदूरों को बसों से उनके जिले में भेज दिया गया।

इसके बाद श्रमिकों के बीच सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन कराते हुए सुरक्षित एवं स्वच्छता पूर्वक चियांकी एयरफील्ड स्थित सहायता केंद्र तक पहुंचाया गया। एयरफील्ड परिसर में पलामू जिले के श्रमिकों के लिए प्रखंडवार काउंटर बनाया गया था। जहां पर श्रमिकों की स्क्रीनिंग व स्वास्थ्य जांच की गई। इसके बाद श्रमिकों के हाथों पर क्वारैंटाइन की मुहर लगा कर बस से क्वारैंटाइन सेंटर के लिए रवाना किया गया।



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सभी श्रमिकों की स्क्रीनिंग कर उन्हें क्वारैंटाइन में भेज दिया गया। इस दौरान स्टेशन पर प्रशासनिक अधिकारी व मेडिकल टीम मौजूद रही।




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पलामू के पांच संदिग्धों में कोरोनावायरस संक्रमण की पुष्टि, राज्य में अब तक 133 पॉजिटिव केस

झारखंड के पलामू जिले में गुरुवार शाम को पांच संदिग्धों की जांच रिपोर्ट में कोरोनावायरस के संक्रमण की पुष्टि हुई है। पांचों मरीजों में से चार पुरुष जबकि एक महिला है। फिलहाल, पांचों की कॉन्टैक्ट हिस्ट्री खंगाली जा रही है। उधर, पांच नए मरीज मिलने के बाद राज्य में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 133 हो गई है। वहीं पलामू में अब कोरोना संक्रमितों की संख्या आठ हो गई है।

पांचों मरीज में से दो मनातू गांव जबकि दो नौडीहा और एक महिला मरीज पाटन की निवासी है। बताया जा रहा है कि पांचों मरीज छत्तीसगढ़ से पलामू लौटे हैं।वहीं, गुरुवार को बोकारो से राहत भरी खबर आई। यहां बोकारो जनरल अस्पताल (बीजीएच) में भर्ती तीन कोरोना संक्रमित मरीजों के स्वस्थ होने पर उन्हें घर भेज दिया गया। अब बोकारो में एक भी कोरोना पॉजिटिव मरीज नहीं है।

उधर, सिमडेगा में भी गुरुवार शाम को एक मरीज के ठीक होने के बाद उसे घर भेज दिया गया। साथ ही 14 दिन के होम क्वारैंटाइन में रहने को कहा गया है। बता दें कि सिमडेगा में दो कोरोना पॉजिटिव केस मिले थे। दोनों स्वस्थ्य हो चुके हैं।

लेस्लीगंज में मिले थे तीन कोरोना पॉजिटिव
इससे पहले 25 अप्रैल को पलामू के लेस्लीगंज में कोरोना संक्रमण के तीन मामले सामने आए थे। तीनों कोरोना पॉजिटिव के दूसरा सैंपल की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। अब तीनों का तीसरा सैंपल जांच के लिए रिम्स भेजा गया है। फिलहाल, रिपोर्ट का इंतजार है। फिलहाल, तीनों संक्रमित नवजीवन अस्पताल तुंबागढ़ में भर्ती हैं। सेंटर में रहने वाले 19 लोगों, उनके संपर्क में आने वाले रिश्तेदार और परिजनों का सैंपल भी निगेटिव मिला है।

  • राज्य में कुल 133 संक्रमित: रांची के 94, बोकारो 10, देवघर 04, पलामू 08, हजारीबाग-गढ़वा में 3-3, धनबाद-गिरिडीह-सिमडेगा-जामताड़ा-दुमका में 2-2 और गोड्डा में 1 मरीज में कोरोनावायरस के संक्रमण की पुष्टि हुई है।
  • राज्य में अब तक 04 की मौत: रांची में तीन जबकि बोकारो के एक मरीज की मौत हो चुकी है।
  • राज्य में स्वस्थ्य हुए 42 मरीज: रांची में 19, बोकारो में 9, धनबाद में दो, हजारीबाग में दो, देवघर में दो, गिरिडीह में दो, सिमडेगा में दो जबकि राज्य के अन्य जिलों से संक्रमित मरीजों में 04 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं।


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रांची में 19, बोकारो में 9, धनबाद में दो, हजारीबाग में दो, देवघर में दो, गिरिडीह में दो, सिमडेगा में एक जबकि राज्य के अन्य जिलों से संक्रमित मरीजों में 04 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। 




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500 किमी चलकर कटक से टंडवा पहुंचे 18 मजदूर

देश मे लगे लॉक डाउन से उड़ीसा के कटक मे फंसे टंडवा तथा इसके आस पास गांवों के लगभग डेढ़ दर्जन प्रवासी मजदूर पैदल चलकर गुरुवार टंडवा पहुंचे। मजदूरों ने छः दिनों की कठिन यात्रा कर कटक से लगभग पांच सौ किलोमीटर की दूरी तय कर टंडवा पहुंचे। आए प्रवासी मजदूरों में टंडवा प्रखंड क्षेत्र के राहम के आठ, दुंदवा के दो, कुड़लौंगा के दो, गाड़ीलौंग के एक, बालुमाथ थाना क्षेत्र के मनातु गांव के दो तथा केरेडारी थाना क्षेत्र के दो मजदूर शामिल है।

टंडवा आए प्रवासी मजदूरों ने बताया कि हम सभी कटक मे एनसीसी कंपनी मे एक साथ काम करते थे। लॉक डाउन नहीं टूटने तथा कटक मे समस्याओं से घिरे प्रवासी मजदूरों ने पैदल यात्रा कर घर वापसी का निर्णय लेकर निकल पड़े। इस दौरान सभी मजदूरों ने खाने मुड़ही सतु तथा बिस्कुट का सहारा लेकर घर पहुंचे हैं। टंडवा पहुंचे प्रवासी मजदूरों पर पुलिस की नजर पड़ते ही सभी को टंडवा थाना ले गई। जिसकी सुचना कोविड19 नियंत्रण कक्ष के प्रभारी प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रताप टोप्पो को दी गई। इस बीच कटक से आए सभी मजदूरों को पुलिस ने सामुदायिक किचन मे भर पेट भोजन कराया। प्रशासन ने आए मजदूरों के स्क्रीनिंग व स्वास्थ जांच को लेकर अस्पताल ले जाया गया। जहां जांच के बाद सभी को चौदह दिनो तक होम क्वारेंटाइन मे रहने को कहा गया है।



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हाट-बाजारों मेें सोशल डिस्टेंसिंग के लिए 10 वॉलेंटियर तैनात करने का निर्देश

कोरोना वायरस से बचाव एवं रोकथाम को लेकर जिले में किये जा रहे उपाय को लेकर गुरुवार को बिरसा सांस्कृति भवन में उपायुक्त रमेश घोलप व पुलिस अधीक्षक डॉ एहतेशाम वकारिब ने संयुक्त रुप से बैठक की। उपायुक्त ने सभी बीडीओ, सीओ, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं थाना प्रभारियों को ब्लॉक मुख्यालय में चिन्हित किये गये बाजार, हॉट एवं अन्य स्थानों पर सतत निगरानी रखना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने बाजारों एवं हाटों में सब्जी और फल के दुकान लाने वालों के लिए क्रमवार स्थान चिन्हित करने का निर्देश दिये। सभी दुकानों के बीच 15 फीट की दूरी हो और सोशल डिस्टेसिंग का सख्ती से अनुपालन कराने की बात कही । उपायुक्त ने सभी बाजार, हाटों के लिए 10 वॉलेंटियर को चिन्हित करने और उन्हें बाजारों एवं हाटो में प्रतिनियुक्त करने का भी निर्देश दिया।

मौके पर उप विकास आयुक्त श्री आलोक त्रिवेदी, अपर समाहर्ता अनिल तिर्की, निदेशक डीआरडीए नेलसम एयोन बागे, कार्यपालक दण्डाधिकारी नरेश कुमार रजक, गोपनीय प्रभारी जयपाल सोय, जिला योजना पदाधिकारी, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार व अन्य लोग मौजूद थे। उपायुक्त ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि लॉक डाउन का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के साथ-साथ जुर्माना लगाये। उपायुक्त ने बाहरी राज्यों व अन्य जिलों से हमारे जिले में आ रहे लोगों पर सख्ती से निगरानी रखने का निर्देश दिया। उन्होंने सहिया, सेविका, पंचायत/ग्राम समन्वय समिति व मुखिया से लगातार संपर्क करते हुए बारह से आये हुए लोगों को सूची बनाने का निर्देश दिये। सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को बाहर से आये लोगों का स्क्रीनिंग करने का निर्देश दिये। साथ ही वैसे लोग, जिन्हे होम कोरोटाइन रहने की सलाह दी गयी है, उनपर सतत निगरानी रखें। उन्होंने निर्देश दिया अगर कोई भी होम क्वॉरोंटाइन का उल्लंघन करते हुए पाया जाए तो उनके खिलाफ आपदा अधिनियम के तहत कार्रवाई करना सुनिश्चित करें।


बिना पास के गाड़ियों को जिले में प्रवेश नहीं : एसपी

पुलिस अधीक्षक डॉ. एहतेशाम वकारिब ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जिले के अंदर बनाये गये चेकपोस्ट पर सतत निगरानी रखेंगे। बाहर से आ रहे लोगों की सूची बनाना सुनिश्चित करेंगे। बिना पास के गाड़ियों को जिले में प्रवेश नहीं दिया जायेगा। इसकी निगरानी रखना सुनिश्चित करने का निर्देश दिये। साथ ही बिना मास्क लगा कर अनावश्यक रुप से घूम रहे लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया।



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Instructions to deploy 10 volunteers for social distancing in hot markets




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आज 12 बसों में मप्र, छत्तीसगढ़ ओडिशा से 300 मजदूर आएंगे

लॉक डाउन के दौरान दूसरे व अन्य राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूरो की घर वापसी को लेकर जिला प्रशासन द्वारा सरकार के निर्देशानुसार कई राज्यों में बस भेज कर उन्हें वापस लाए जाने की व्यवस्था की गई है। इसे लेकर उपायुक्त रमेश घोलप ने गुरूवार को समाहरणालय परिसर से बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया । बसो में उसकी क्षमता के अनुसार मात्र 50 प्रतिशत सीटें की इस्तेमाल किये जाने के निर्देश दिए गए हैं।


यात्रियों को बीच सोशल डिस्टेसिंग का अनुपालन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उपायुक्त द्वारा बताया गया कि प्रथम चरण के लिए 6 राज्यों को चयनित किया गया है, जिसमें से आज मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और उड़ीसा के लिए बसों को रवाना किया गया। जहां से लगभग 300 प्रवासी मजदूरों को वापस लाया जाएंगा। उन्होंने बताया कि प्रवासी मजदूरो के घर वापसी को लेकर जिले में छह सेल बनाये गये है। इसमें प्रतिनियुक्त किये गये नोडल पदाधिकारी को दूसरे राज्यों में फंसे मजदूरों को वापस लाने के लिये वहां के प्रशासन से बात करने के निर्देश दिए गए है।
प्रशासन लगातार उनसे संपर्क बनाने के प्रयास में लगी है। उपायुक्त ने बताया कि जिले के अंदर भी क्वॉरेंटाइन सहित अन्य जगहों पर फंसे लोंगों को उनके घर तक पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है। फिलहाल जिले में बनाये गये क्वारेंटाइन में बंगाल के 91 व नेपाल के 9 लाेग रह रहे है। मौके पर पुलिस अधीक्षक डॉ. एहतेशाम वकारिब, उप विकास आयुक्त आलोक त्रिवेदी, अपर समाहर्ता अनिल तिर्की, निदेशक डीआरडीए नेलसम एयोन बागे, कार्यपालक दण्डाधिकारी नरेश कुमार रजक, गोपनीय प्रभारी जयपाल सोय, जिला योजना पदाधिकारी, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार व अन्य लोग मौजूद थे।


सेनेटाइजर, मास्क, मेडिकल किट की व्यवस्था
बाहरी राज्यों में फंसे कोडरमा के व्यक्तियों को लाने हेतु जा रही बसों में सेनेटाइजर, प्रचुर मात्रा में मास्क व खाद्यान्न सामग्री व मेडिकल किट की व्यवस्था है। बस में सभी लोगों को मास्क लगाना अनिवार्य रहेगा।
बसों में मजिस्ट्रेट व पुलिस बल की तैनाती
बसों में नोडल पदाधिकारी व पुलिस बल की तैनाती रहेगी। इन्हें निर्देशित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि समय-समय पर बसों की रुट के बारे में जानकारी देना सुनिश्चित करेंगे। साथ ही सभी यात्रियों को आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करवाना सुनिश्चित करेंगे।


जिलास्तरीय नोडल पदाधिकारी की नियुक्ति
कोडरमा जिले के लोगों को दूसरे राज्य से लाने हेतु जिले से एक-एक नोडल पदाधिकारी की नियुक्ति की गई है। जिसमें उत्तर प्रदेश हेतु निदेशक डीआरडीए, पश्चिम बंगाल हेतु अपर समाहर्ता, छत्तीसगढ़ हेतु कार्यपालक दण्डाधिकारी, मध्य प्रदेश हेतु जिला योजना पदाधिकारी (डीपीओ), बिहार के लिए श्रम अधीक्षक और उड़ीसा राज्य के लिए अनुमंडल पदाधिकारी को नोडल पदाधिकारी के रुप में नियुक्त किया गया है। उपायुक्त महोदय ने सभी नोडल पदाधिकारी को निर्देश दिया कि बाहरी राज्यों से लाये जा रहे प्रवासी मजदूर, छात्र व अन्य लोगो का डाटाबेस तैयार करना करना सुनिश्चित करेंगे।



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Today, 300 workers will come from Madhya Pradesh, Chhattisgarh, Odisha in 12 buses




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श्रीश्री आनंदमूर्ति का 100वां जन्मोत्सव मना

आनंद मार्ग के प्रवर्तक श्रीश्री आनंदमूर्ति का 100वां जन्मोत्सव गुरुवार को पूरे विश्व में मनाया गया। आनंद मार्ग के अनुयायी जिसे आनंद मार्गी कहा जाता है। 180 देशों में लाखों की संख्या में लाेगाें ने धूमधाम से आनंदमूर्ति का जन्मोत्सव मनाया। इसी क्रम में हजारीबाग जिले के आनंद मार्गी इस वैश्विक महामारी को देखते हुए सरकार के दिशा निर्देश का पालन करते हुए अपने अपने घरों में मनाया। सुबह 04:45 गुरु सकास, 05 से 05:30 पांच्जन्य, 06:07 बजे जन्मोत्सव के बाद प्रभात संगीत, वाणी पाठ के साथ किया।

हजारीबाग के सभी मार्गी हज़ारों की संख्या में अपने घरों में हज़ारीबाग, इचाक, नगवा, पदमा, हेदलाग, जलमा, नरसिंह स्थान, अंबाडीह में जन्मोत्सव मनाया। इन्होंने विश्व के सर्वात्मक कल्याण के लिए राजाधिराज योग, प्रगतिशील उपयोगी तत्व (प्रउत), 5018 प्रभात संगीत, आनंद मार्ग यूनिवर्सल रिलीफ टीम आदि दिए। यह आनंद मार्ग यूनिवर्सल रिलीफ टीम इस वैश्विक महामारी मे अपने स्वयंसेवक के साथ पूरे विश्व में अपना योगदान सुनिश्चित कर रहा है। इस अवसर पर सुरेश अग्रवाल, भीष्म गुप्ता, मनोज गुप्ता, रीता देवी, अनंदिता अग्रवाल, राजेंद्र राणा, दिलीप ठाकुर, जगदेव गुप्ता आदि मौजूद थे।



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Celebrating 100th Birth Anniversary of Shri Shri Anandamurthy




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केरेडारी में 103 वर्षीय समाजसेवी का निधन, बेटाें ने श्मशान पर लगाया पाैधा

केरेडारी के समाजसेवी सह आजसू पार्टी के प्रखंड अध्यक्ष वैद्यनाथ महतो के पिता हरिदयाल महतो 103 वर्ष की बुधवार को निधन हाे गया। वे अपने पीछे दो पुत्र तीन पुत्री, पत्नी व भरापूरा परिवार छोड़ गए। समाज सेवा करना उनकी नियति था। उनका अंतिम संस्कार गुरुवार को केरेडारी डैम किनारे स्थित श्मशान घाट में किया गया। मुखाग्नि बड़े पुत्र वैद्यनाथ महतो ने दी । इस दौरान उन्होंने यादगार के लिए व पर्यावरण सुरक्षा के ख्याल से श्मशान घाट में ही एक आम का पौधा लगाया । अंतिम यात्रा में सांसद प्रतिनिधि बालेश्वर कुमार, विधायक प्रतिनिधि सुरेश साव, मुखिया तापेश्वर साहू, रूपलाल महतो (पुत्र) समेत महेंद्र साव, पंकज साहा, तीरथ साव, रामकृष्ण राणा, गेंदों वर्मा, बसन्त कुशवाहा, आनन्द पासवान, महाबीर महतो, सूरज महतो, नारायण महतो, चुरामन महतो आदि कई लोग शामिल हुए।



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झापा पंचायत के 7 गांव में 17 चापानल खराब

चौपारण प्रखंड के झापा पंचायत के सात गांव में 17 चापानल विगत एक वर्ष से खराब पड़ा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि मुखिया से लेकर पीएचईडी विभाग के कनीय अभियंता तक शिकायत की गई । पंचायत के रंजीत सोनी ने बताया कि सभी संबंधित लोगों से संपर्क के बाद भी चापानल ठीक नहीं हुआ तब थक हार कर अंतिम विकल्प मुख्यमंत्री जन संवाद में शिकायत की। शिकायत के आलोक में पीएचडी विभाग का मिस्त्री तिलेश्वर रजक के घर के पास आकर चापाकल को खोल कर देखा और कहा कि इसमें पाइप और सिलेंडर बदलना होगा।

जो अभी लेकर नहीं आए है। उसके दूसरे दिन मिस्त्री सामान लेकर चापानल को ठीक कर दिया। गर्मी में पानी के लिए त्राहिमाम आमजनों ने चापानल ठीक करने की गुहार लगा रहे है। खराब चापानल को ठीक नही करवाने के संबंध में मुखिया प्रतिनिधि मुकुंद साव से पूछने पर कहा कि 17 लोगो मे कुछ का चापानल कुछ ही दिन पूर्व खराब हुआ है। जबकि कुछ वर्षों से खराब है, जो बनाना मुश्किल है।



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17 Chapanal spoils in 7 villages of Jhapa Panchayat




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17 मई तक जिले में धारा 144 लागू रहेगी : डीसी

कोविड-19 महामारी के संक्रमण की रोकथाम के लिए गृह मंत्रालय ने कई आदेश राज्यों को दिए हैं । गृह मंत्रालय द्वारा प्रदत अनुदेशों को देखते हुए उपायुक्त डॉ भुवनेश प्रताप सिंह ने संपूर्ण हजारीबाग जिला में 144 निषेधाज्ञा लागू करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि महामारी को नियंत्रित करने के उद्देश्य से पूरे जिले में धारा 144 लागू कर दी गई है, जो 17 मई तक प्रभावी रहेगा। इस दरम्यान पूरे हजारीबाग जिला में किसी भी व्यक्ति का शाम 7:00 बजे से सुबह 7:00 बजे तक घर से बाहर निकलना पूर्णतया प्रतिबंधित रहेगा ।

65 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों, 10 वर्ष से कम आयु के बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं का संपूर्ण दिन में किसी भी समय घर से बाहर निकलना पूर्णतया प्रतिबंधित रहेगा। सिर्फ चिकित्सा कारणों से संबंधित व्यक्तियों को घर से बाहर निकलने की अनुमति रहेगी। कोरोना महामारी के नियंत्रण हेतु आपदा प्रबंधन में लगे सरकारी वाहन उक्त अनुदेशकों से मुक्त रहेंगे। विशेष परिस्थिति में शव यात्रा के लिए सक्षम पदाधिकारी से अनुमति लेनी हाेगी। उक्त सभी आदेश 17 मई तक प्रभावी रहेगा। इस संबंध में दिए गए आदेशों का अनुपालन नहीं करने पर सुसंगत धाराओं के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी ।

रेड जोन से आने वाले लोगों पर विशेष ध्यान रखें मुखिया

कटकमदाग प्रखंड मुख्यालय में गुरुवार को उपायुक्त डाॅ. भुवनेश प्रताप सिंह ने बीडीओ व मुखिया को वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग में कई दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने कोरोना को लेकर क्षेत्र में लाॅकडाउन का पालन करने सहित अन्य बिंदुओं पर चर्चा की। उपायुक्त ने सभी मुखिया को निर्देश दिया कि आपके क्षेत्र में जो भी व्यक्ति दूसरे प्रदेशों से लौटते हैं। उन्हें तत्काल चिह्नित किया जाए। खास कर यदि दूसरे प्रदेश के रेड जोन जिले से यदि कोई भी छात्र या मजदूर वापस घर आते हैं तो उस पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। जैसे ही उनकी आने की सूचना हो तत्काल प्रखंड प्रशासन को सूचित करें। वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के बाद कटकमदाग बीडीओ जितेंद्र कुमार ने बताया कि उपायुक्त द्वारा दिए गए निर्देशों को सख्ती से पालन किया जाना है। मौके पर मुखिया गणेश तुरी, आशीष कुमार गुप्ता, इंद्रदेव कुमार दास, प्रतिनिधि शिवनारायण प्रसाद सहित अन्य मौजूद थे।



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Section 144 will remain in force in the district till May 17: DC




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11 हजार वाेल्ट तार की चपेट में आने से वृद्धा की मौत

केरेडारी के जोरदाग स्थित सियानी जंगल में गुरुवार अहले सुबह महुआ चुनने गई पचड़ा गांव की एक वृद्धा की 11 हजार वाेल्ट बिजली तार की चपेट में आने से माैत हो गई । मृतका पचड़ा निवासी स्व भुटक साव की 67 वर्षीय पत्नी रुकनी देवी थी । मृतका के दोनों पुत्र रूपलाल व भारी साव ने थाना में दिए आवेदन में कहा है कि उनकी मां अहले सुबह 5.00 बजे सयानी जंगल में महुआ चुनने गई थी। जहां 11 हजार वोल्ट का तार जमीन पर गिरा हुआ था। इस घटना को लेकर किसी पर भी दोषारोपण नहीं कर अंतिम संस्कार के लिए अनुमति लेकर दोनों पुत्रों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया। बताया जाता है कि महुआ चुनने गए अन्य लोगों को जंगल में अचानक धुआं निकलता देख वहां पहुंचे तो उसकी मौत हो चुकी थी।



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