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127 प्रवासियों की जांच कर किया क्वारेंटाइन

सूरत, छत्तीसगढ़, मुंबई, बंगलौर, यूपी राज्यों से आए कुल 127 प्रवासियों को गुरुवार को हजारीबाग लौटने के उपरांत संत कोलंबस मैदान में बनाये गए कैंप में सभी प्रवासियों का स्वाब सैंपल,थर्मल जाँच व स्टंप लगाते हुए प्रखंडों के विभिन्न पंचायतों,गांवों में होम क्वारेंटाइन के लिए भेज दिया गया। जिसमे सूरत से 81, मुंबई से 3,उत्तर प्रदेश से 2, हैदराबाद से 8, बंगलौर से 26 तथा छत्तीसगढ़ से 7 सहित 127 प्रवासी है। सभी लोगों की व्यक्तिगत जानकारी लेने के बाद श्रमिकों के हाथों में ठप्पा लगाकर होम क्वारेंटाइन भेज दिया गया। साथ ही जिनके घरो में सुविधाओं की कमी है उन्हें विभिन्न प्रखंडों में बने क्वारेंटाइन सेंटर में भेजने का निर्देश उपायुक्त ने मुखिया को दिया।



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साइबर अपराधी ने शिक्षक के खाते से उड़ाए 1.66 लाख रुपए, केस दर्ज

केरेडारी प्रखंड के प्रस्तावित उच्च विद्यालय गर्रीकला के शिक्षक रामजीवन महतो के खाते से साइबर अपराधियों ने एक लाख 66 हजार उड़ा लिए। यह घटना गत 30 अप्रैल व एक मई की है । इनका खाता बैंक ऑफ इंडिया गर्रीकला में है। इन्हें जानकारी बाद में मिली तब छह मई को केरेडारी थाना में मामला दर्ज कराया गया । शिक्षक इस घटना से काफी शर्मिंदा महसूस कर रहे हैं । इससे इस खबर को अख़बार में लाना उचित नहीं समझ रहे और ना ही घटना काे किसी से शेयर करना चाहते हैं, लेकिन थाना प्रभारी बमबम सिंह ने बताया कि इस ठगी से दूसरे को सतर्क रहने की जरूरत है।

शिक्षक रामजीवन महतो को साइबर अपराधी ने मोबाइल में मैसेज कर प्रलोभन में फंसाया फिर इनकी गोपनीय बात हासिल कर इनके खाते से रुपया उड़ा ले गया। जिससे उन्होंने कहा कि किसी को भी कोई गलत मैसेज प्रलोभन वाला आता है। बैंक या किसी विभाग के नाम फोन आता है जिसमे आपका आधार, पेन, खाता नम्बर आदि की मांग की जाती है तो उसे तुरंत काट दें। थाना प्रभारी ने बताया कि शिक्षक ने घटने की जानकारी थोड़ी देर से दी फिर भी इनके आवेदन पर जांच की जा रही है। ज्ञात हो कि इस एक माह के अंदर गर्रीकला के यह दूसरे शिक्षक हैं जिनके खाते से राशि उड़ाई गई है। पहले शिक्षक से 10 हजार उड़ा लिया गया था।



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कार्डधारियों के बीच प्रति व्यक्ति 10 किग्रा चावल व 1 किग्रा दाल का वितरण

खाद्य,आपूर्ति, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग, झारखंड सरकार के निर्देश पर जिला के सभी 86,229 राशन कार्डधारियों के बीच प्रति व्यक्ति निःशुल्क 10 किग्रा चावल और प्रति कार्ड 1 किग्रा निःशुल्क दाल का वितरण गुरुवार से शुरू हुआ। वर्तमान में कोरोना वायरस (कोविड-19) को लेकर पूरे राज्य में लॉकडाउन है। इस लोगों को खाद्यान्न की परेशानी नहीं हो, इसके लिए यह निर्णय लिया गया।


जिला आपूर्ति पदाधिकारी के अनुसार बुधवार तक नियमित राशन मई माह का 98.50 प्रतिशत वितरण कर लिया गया है। सूखा राशन के अंतर्गत जरूरतमंद लोगों को 2 किग्रा चूड़ा, आधा किलो गुड़ और आधा किग्रा चना उपलब्ध कराया जा रहा है। नाॅन-पीडीएस कार्डधारकों को अब तक कुल 7747 परिवारों को वितरण किया जा चुका है।



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पंजाब के लुधियाना व महुआड़ा से लोहरदगा लाए गए 19 मजदूर

जिला प्रशासन के द्वारा गुरूवार को पंजाब के लुधियाना व महुआड़ा में काम करने वाले कुल 19 मजदूरों को लोहरदगा लाया गया। वहीं राजस्थान के जयपुर से सड़क के रास्ते 02 लोग टूरिस्ट कैब के जरिये लोहरदगा पहुंचे। इसके अलावा रांची में रहने वाली एक युवती भंडरा पहुंची, सुंदरगढ़ (ओडिशा) से लौटे दो अन्य लोग के साथ (कुल 3) लोहरदगा लाया गया। सभी की स्क्रीनिंग सदर अस्पताल लोहरदगा में की गई। जिसके उपरांत सभी को क्वारेंटाइन सेंटर भेज दिया गया।
मौके पर सिविल सर्जन डाॅ. विजय कुमार, डॉ शंभू नाथ चौधरी, कार्यपालक दंडाधिकारी नारायण राम, अवर निबंधक मनोजित प्रसाद, लोहरदगा सीओ परमेश कुशवाहा, किस्को सीओ बुडाय सारू व अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद थे। सभी मजदूरों की स्वास्थ्य की जांच कर ली गई तथा टीम द्वारा स्क्रीनिंग की गई। उन्हें मास्क उपलब्ध कराई गई।



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19 laborers brought to Lohardaga from Ludhiana and Mahuada in Punjab




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प्रखंड कर्मियों ने कोविड-19 सहायता कोष में 50 हजार 300 रु. जमा कराया

सिसई प्रखंड कार्यालय अंतर्गत कार्यरत सरकारी कर्मियों द्वारा लॉकडाउन के दौरान जरूरतमंदों की सहायता हेतू उपायुक्त कोविड-19 सहायता कोष में कुल 50 हजार 300 रुपए की सहयोग राशि जमा कराई गई। इस बावत प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रवीण कुमार ने कहा वैश्विक महामारी कोरोना वायरस (कोविड-19) के रोकथाम व बचाव को लेकर देश में लॉकडाउन थ्री जारी है। महामारी संक्रमण से पुरा विश्व संक्रमण का दंश झेल रहा है। विश्व के वैज्ञानिक बिमारी के इलाज खोजने मे दिन-रात प्रयासरत है। बावजूद इसके वैश्विक महामारी का सार्थक इलाज अब तक नहीं मिल सका है।
लाॅकडाउन जारी रहने के कारण गरीब, असहाय, दिव्यांग, दैनिक मजदुर, छोटे-मोटे दुकानदार, रिक्शा चालक, मेहनत-मजदूरी कर परिवार चलाने वाले सभी जरूरतमंद लोगों के कठिनाइयों को दूर करने के लिए सभी को मिल-जुलकर सहयोग करने की जरूरत है।

लोगों को कम से कम कठिनाइयों का सामना करना पड़े और जरूरतमंदों तक राहत पहुंचाने के लिए सरकार एवं प्रशासन दिन-रात प्रयासरत है। इसी को लेकर प्रखंड कार्यालय में कार्यरत 59 कर्मियों द्वारा स्वेच्छा पूर्वक उपायुक्त गुमला कोविड-19 सहायता कोष में 50 हजार 300 रुपए जमा कराई गई है। जिससे की जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाई जा सके। उन्होंने प्रखंड के सभी समर्थवान नागरिकों से अपील किया की इस वैश्विक महामारी से रोकथाम व बचाव के लिए जाति धर्म, भेदभाव से ऊपर उठकर मानवता का परिचय देते हुए स्वेच्छा से जितना हो सके अपना योगदान करें। साथ ही आम जनमानस से भी अपील किया कि समय समय पर सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। सभी के सामूहिक प्रयास से हम इस महामारी को हरा पाने में अवश्य सफल होंगे।



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पैदल घाघरा पहुंचे डालटनगंज के 10 मजदूराें काे क्वारेंटाइन सेंटर में भोजन कराया गया

गुमला से पैदल चलकर घाघरा पहुंचे डालटनगंज के दस मजदूर को प्रखण्ड प्रशासन ने हाई स्कूल घाघरा में बने क्वारेंटाइन सेंटर में भोजन कराने के बाद उन्हें अपने घर भेज दिया। मजदूरों ने बताया कि सरकार द्वारा चलाई जा रही राहत बस में गिरिडीह से उनके घर डालटनगंज के लिए बैठाया गया था। लेकिन बस गुमला में देर रात लाकर छोड़ दिया। जहां सुरक्षाकर्मियों के सहयोग से सभी को सदर हॉस्पिटल गुमला में स्क्रीनिंग किया गया। उनके गांव कोई बस नहीं रहने की बात सुनकर वे लोग पैदल ही अपने गांव डालटनगंज के लिये निकल पड़े।


करीब 25 किलोमीटर दूरी पैदल घाघरा आने के बाद थकान से रुक गए। मजदूरों ने बीडीओ विष्णुदेव कच्छप को अपनी व्यथा से अवगत कराया। जिसपर बीडीओ ने जिला मुख्यालय गुमला में सूचना देते हुए सभी 10 मजदूरों को प्लस टू हाई स्कूल में बने क्वारेंटाइन सेंटर में भेज दिया। साथ ही उन्हें भोजन कराने के बाद डालटनगंज भेज दिया गया।



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साइकिल से दुमका जा रहे मजदूरों 18 काे संस्था ने कराया भाेजन

गुरुवार को महाराष्ट्र के नागपुर से साइकिल से दुमका व बिहार राज्य के बांका लौट रहे 18 प्रवासी मजदूरों के बीच स्वयं सेवी संस्था एराउज के डायरेक्टर फादर अनुरंजन पूर्ति के नेतृत्व में भोजन कराया गया। फादर अनुरंजन पूर्ति, पल्ली पुरोहित फादर जोरेम, फादर सिप्रियन कुल्लू, सिस्टर सितारा आदि ने भोजन परोसा। मजदूरों ने कहा कि वे सभी नागपुर में रहकर मेट्रो स्टेशन निर्माण कंपनी में काम करते थे। लॉकडाउन के बाद कंपनी में निर्माण कार्य ठप्प हो गया।
एक माह तक नागपुर में ही फंसे रहे। इस दौरान खाने पीने व रहने के लिए काफी परेशानी झेलनी पड़ी। कंपनी के मालिक सीपी सोसई ने तकलीफ में हाथ बांटने के बजाय खुद अपने हाथ खड़े कर दिए। थक हारकर वे सभी 29 मार्च को अपने अपने घर जाने के लिए साइकिल से निकल पड़े। साइकिल की व्यवस्था पर मजदूरों ने कहा कि कंपनी की साइकिल है।



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चंदवा पहुंचे 155 प्रवासी मजदूरों की हुई स्क्रीनिंग, किया गया होम क्वारेंटाइन

झारखंड राज्य से बाहर काम करने गए मजदूरों को झारखंड लाने की कवायद सरकार द्वारा जारी है। इसी क्रम में गुरुवार को बस द्वारा सैकड़ों मजदूर चंदवा पहुंचे। स्थानीय ख्रीस्त राजा उच्च विद्यालय परिसर में स्क्रीनिंग कैंप बनाया गया है। सभी मजदूरों की बारी-बारी से यहां स्क्रीनिंग की गई। कैंप में डीआरडीए निदेशक पंकज कुमार सिंह, बीडीओ अरविंद कुमार, सीओ मोहम्मद मुमताज अंसारी, पुलिस निरीक्षक मदन कुमार शर्मा, बीईईओ जवाहर प्रसाद, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. निर्मला शांति लकड़ा, डॉ. नंदकिशोर पांडेय, डॉ. रमेश गुप्ता समेत सभी चिकित्सा कर्मी एवं प्रखंड अंचल कर्मी पूरी तन्मयता से मजदूरों की सेवा में लगे हैं।

गुरुवार को यहां पहुंचनेवाले सभी मजदूर लातेहार जिले के थे। सबसे पहले बेंगलुरु से ट्रेन मार्ग द्वारा मजदूर बरकाकाना पहुंचे थे। बरकाकाना से सड़क मार्ग द्वारा सुबह में सभी लोग चंदवा पहुंचे। इनमें कुल 53 मजदूर शामिल थे। इन सबों की स्क्रीनिंग के बाद इन्हें लातेहार भेज दिया गया। इधर, हैदराबाद से मजदूरों को लेकर एक ट्रेन टाटानगर पहुंची थी। लातेहार के समीप सड़क मार्ग द्वारा 99 मजदूर चंदवा पहुंचे। इनकी भी स्क्रीनिंग के बाद इन्हें भी लातेहार रवाना कर दिया गया। इसके अलावे तीन मजदूर सूरत से पहुंचे थे। मौके पर लातेहार अंचल अधिकारी भी मौजूद थे।

वार्ड सदस्य, मुखिया एवं पंसस को उपायुक्त ने दिया निर्देश
बाहर से आनेवाले सभी मजदूरों को स्क्रीनिंग के पश्चात होम क्वारेंटाइन पर भेजा जा रहा है। ऐसे में अगर कोई संक्रमित जांच से छूट गया तो बड़ी मुश्किल हो सकती है। इसे लेकर जिला प्रशासन ने एहतियातन कदम उठाया है। उपायुक्त ने जिले के सभी वार्ड सदस्य, सभी पंचायत समिति सदस्य एवं सभी मुखियागण को पत्र प्रेषित कर कहा है कि अपने-अपने गांव-कस्बों में बाहर से लौट रहे सभी मजदूरों की स्थिति पर नजर रखें। मजदूरों को होम क्वारेंटाइन का निर्देश दिया गया है। अगर मजदूर बाहर निकलते हैं या बाहरी लोगों से मिलते-जुलते हैं तो इसकी सूचना तत्काल प्रशासन को देने की बात कही है।

ख्रीस्त राजा उवि में लगाया गया है स्क्रीनिंग कैंप
ख्रीस्त राजा उच्च विद्यालय परिसर में मजदूरों की जांच के लिए स्क्रीनिंग कैंप लगाया गया है। यहां आ रहे प्रवासी मजदूरों के लिए भोजन आदि की व्यवस्था मारवाड़ी युवा मंच के बैनर तले की गई है। मंच के सदस्य लगातार आनेवाले श्रमिकों को भोजन करवा रहे हैं। कैंप परिसर में ही मजदूरों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई थी। लगभग 155 मजदूर को यहां खाना खिलाया गया। मौके पर रविकांत गिनोडिया, शशिकांत किनोडिया, अनूप अग्रवाल, रोहित अग्रवाल, विक्रम शर्मा, मोनू अग्रवाल, किशोर कनोडिया समेत अन्य लोग शामिल थे।


होम क्वारेंटाइन में मजदूरों को रखना भी है चुनौती
गुरुवार को मजदूरों को लेकर आ रही बस चंदवा के इंदिरा गांधी चौक पर रुक गई। फिर क्या था, सभी मजदूर धड़ाधड़ नीचे उतर गए। यह हालत तब है जब मजदूर प्रशासनिक निगरानी में आ रहे हैं। फिर श्रमिक होम क्वारेंटाइन के सरकारी आदेश को वह कैसे मानेंगे, यह भी सरकार के लिए बड़ी चुनौती है।



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Screening of 155 migrant laborers reached the canopy, home quarantine done




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जिले के दूसरे कोरोना संक्रमित 17 वर्षीय युवक की तीसरी रिपोर्ट भी निगेटिव आई, कोविड अस्पताल से मिली छुट्टी

जिले के दूसरे कोरोना संक्रमित 17 वर्षीय युवक को तीसरी रिपोर्ट भी कोरोना नेगेटिव आने के बाद उसे बीरू अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। युवक को 14 दिनों तक होम क्वारेंटाइन में रहने को कहा गया है। जिले में अबतक 337 लोगों के सैंपल कोरोना टेस्ट के लिये लिये जा चुके हैं जिसमें से 263 की रिपोर्ट आ चुकी है। 67 लोगों की रिपोर्ट आनी बाकी है। जिले में अन्य प्रदेशों से लोगों का लौटना जारी है। इनमें कुछ लोग ऐसे भी हैं जो रेड जोन के रूप में चिन्हित स्थानों से लौट रहे हैं। प्रशासन इसे लेकर खास सतर्क है और इनकी समुचित जांच के बाद ही क्वारेंटाइन सेंटर या होम क्वारेंटाइन में भेजा जा रहा है। जनता भी समझ रही है कि कोरोना का खतरा बहुत बड़ा है और लंबे समय तक सतर्कता और सोशल डिस्टेंसिंग की जरूरत होगी।

क्वारेंटाइन सेंटर में ठीक से भोजन नहीं मिलने की शिकायत : केरल से लौटे मजदूरों को जिला मुख्यालय के क्वारेंटाइन सेंटर में रखा गया है। इन लोगों ने अपने परिजनों को फोन करके बताया कि केंद्र में उन्हें भोजन की बहुत तकलीफ है। उन्हें सुबह से लेकर दोपहर 2 बजे तक भी खाने के लिये कुछ नहीं मिला है। कोनमेंजरा निवासी गोपाल महतो ने अपने घर फोन कर खाना पहुंचाने को कहा। गोपाल के भाई मदन ने कृषक बंधु संस्था के सचिव प्रभात कुमार को बताया कि भूख से व्याकुल गोपाल बात भी नहीं कर पा रहा था। ज्ञान महतो, दीपक महतो, गोपाल महतो, फिरन महतो, लकुल महतो, मनोज महतो, सुनिल कुजूर के परिजनों ने कहा कि वे लोग अपने परिजन को क्वारेंटाइन सेंटर में ठीक से भोजन नहीं मिलने को लेकर चिंतित हैं।

मजदूराें का पैदल व साइकिलों से लौटने का सिलसिला जारी

ओड़िसा की ओर से पैदल और साइकिल से मजदूरों का सिमडेगा होकर गुजरना जारी है। पैदल जा रहे लोगों की स्थिति दयनीय दिखी। भूखे प्यासे जा रहे इन लोगों को महाबीर चौक में आनंद जैन ने अपने साथियों के साथ जलपान कराया। उधर 23 मजदूर की टोली कोलेबिरा पहुंची। ये सभी मजदूर ओडिशा के झारसुगड़ा में काम करते थे। सभी मजदूर लॉकडाउन में लंबे समय से अपने घर लौटने को लेकर बेताब थे। इसी बीच इन मजदूरों को स्थानीय प्रशासन द्वारा जब मदद नही मिली तो उनका धैर्य टूट गया। इसके बाद ओडिशा से दिन-रात साइकिल चला कर ये मजदूर अपने घर के लिए निकल पड़े है। शुरुआती समय मे तो इन मजदूरों को लगा कि शायद घर पहुंच भी पाएंगे या नही, परंतु इन मजदूरों ने हिम्मत दिखाते हुए धीरे-धीरे कोलेबिरा तक पहुंच गए।

मजदूरों से पूछने पर उन्होंने बताया कि वे दो दिन पहले ओडिशा के झारसुगड़ा से निकले है एवं उन्हें बिहार के पटना जिला जाना है। मजदूरों ने बताया कि रोजगार नहीं रहने और खाने पीने का सामान खत्म होने के कारण वे लोग मजबूरन साइकिल से अपने घर के लिए निकले है। दूसरे दल में 12 लोग थे, इन सभी मजदूरों ने बताया कि ये सभी भी ओडिशा से निकले है एवं इन्हें झारखंड के गढ़वा जिला जाना है।

रांची से पहुंचे दंपती की रिपोर्ट निगेटिव

कोलेबिरा वासियों के लिए गुरुवार की रात राहत भरी खबर आई। रांची की आजाद बस्ती से स्कूटर से कोलेबिरा पहुंचे दंपती की कोरोना टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव आई है। दंपति को उनके बच्चे के साथ आइसोलेशन में रखा गया था।

सिमडेगा में कोविड-19 कोरोना एक नजर में

भेजे गए कुल सैम्पल 337
सैम्पल रिजेक्ट 05
नेगेटिव 263
पॉजिटिव 02
रिपोर्ट पेंडिंग 67
डिस्चार्ज 02
क्वारंटाइन 54
होम क्वारंटाइन 416


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Third report of second corona infected 17-year-old youth of the district also came negative, leave from Kovid Hospital




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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा- अधिक संख्या में ट्रेनों का परिचालन हो, इसका प्रयास हो रहा 

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार लॉकडाउन में फंसे प्रवासी झारखंडवासियों को आश्वस्त करना चाहती है कि कुछ समय लगेगा लेकिन सभी को उनके घर अवश्य वापस लाया जाएगा। आपदा में सभी ने धीरज रखा, थोड़ा और धैर्य रखें। झारखंड सरकार अन्य राज्य की सरकारों से बात कर अधिक संख्या में ट्रेनों के परिचालन के लिए प्रयासरत है।

बताते चलें कि शु्क्रवार को भी दो ट्रेनें झारखंड पहुंची। एक ट्रेन लिंगमपल्ली से धनबाद तो दूसरी वेल्लौर से हटिया पहुंची। धनबाद पहुंचने वाली ट्रेन में श्रमिक व हटिया आने वाली ट्रेन में वैसे लोग शामिल थे, जो विभिन्न बीमारियों का इलाज कराने वेल्लौर गए थे पर लॉकडाउन की वजह से वहां फंस गए थे। झारखंड पहुंचने पर सभी लोगों ने सरकारी को धन्यवाद दिया।

रेल हादसे की खबर व्यथित करने वाली
इधर, मुख्यमंत्री ने औरंगाबाद रेल हादसे पर दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा घटना मन को व्यथित करने वाली है। परमात्मा दिवंगत लोगों की आत्मा को शांति प्रदान करें। यह दुःखद है। कोरोना और लॉकडाउन का सबसे बुरा असर गरीबों पर पड़ा है, जो दिनों दिन इसे झेलने को मजबूर हो रहें हैं।



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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन। (फाइल)




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11 ब्रांड के पान मसालों पर एक साल के लिए प्रतिबंध; बिक्री, भंडारण और इस्तेमाल पर रहेगी रोक

राज्य में पान पराग, रजनीगंधा, विमल समेत 11 ब्रांड के पान मसालों की बिक्री पर अगले एक साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस संबंध में स्वास्थ्य सचिव सह राज्य के खाद्य संरक्षा आयुक्त डॉ. नितिन कुलकर्णी की ओर से आदेश जारी किया गया है। पिछले साल राज्य में इन पान मसालों के 41 सैंपल जांचे गए थे। जांच में अधिकांश पान मसालों में खतरनाक मैग्निशियम कार्बोनेट रसायन पाया गया है।

रिपोर्ट में पता चला कि पान मसाले का टेस्ट तीखा करने के लिए मसाले में मैग्नीशियम कार्बोनेट मिलाए गए हैं, जिससे एक्यूट हाइपर और हार्ट अटैक होने की संभावना रहती है। जांच रिपोर्ट के आधार पर स्वास्थ्य सचिव ने इन पान मसालों की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। प्रतिबंध के दौरान इन पान मसालों की बिक्री, भंडारण और इस्तेमाल करते हुए पकड़े जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बताते चलें कि राज्य में गुटखा (तंबाकू युक्त पान मसाला) पर पहले से ही प्रतिबंध है।

इन ब्रांड के पान मसालों पर प्रतिबंध
पान पराग पान मसाला, शिखर, रजनीगंधा, दिलरूबा, राज निवास, मुसाफिर, मधु, विमल, बहार, सेहत, पान पराग प्रीमियम

झारखंड में 38.9 प्रतिशत लोग करते हैं तंबाकू का सेवन
सर्वे में झारखंड में तम्बाकू सेवन करने वाले लोगों का प्रतिशत 38.9% है। जिसमें चबानेवाले तम्बाकू सेवन करने वालों का प्रतिशत 34.5% है, जो राष्ट्रीय औषत से बहुत ज्यादा है। सरकार द्वारा यदि पान मसाला के प्रतिबंध को राज्य में सही ढंग से लागू किया जाएगा तो सूबे में तम्बाकू सेवन करने वालों के प्रतिशत में और कमी आएगी।



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इस संबंध में स्वास्थ्य सचिव सह राज्य के खाद्य संरक्षा आयुक्त डॉ. नितिन कुलकर्णी की ओर से आदेश जारी किया गया है। (फाइल)




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लॉकडाउन में छूट का निर्णय समय, परिस्थिति और संक्रमण पर निर्भर करेगा: हेमंत सोरेन 

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को एक बार फिर स्पष्ट किया कि झारखंड में लॉकडाउन में छूट का निर्णय समय, परिस्थिति और संक्रमण की स्थिति पर निर्भर करेगा। समय अने पर इसका आकलन करने के बाद ही सरकार इस बारे में निर्णय करेगी कि लॉकडाउन किन क्षेत्रों में किस रूप में कब तक चलेगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उन्होंने पहले भी कहा है कि प्रवासियों के आने के बाद चुनौतियां बढ़ेंगी। संक्रमितों की संख्या में भी थोड़ी वृद्धि हुई है। शासन-प्रशासन का पूरे मामले पर सजग है। आनेवाले प्रवासियों को उनके गंतव्य तक सुरक्षित पहुंचा देने के बाद ही सरकार सिद्दत के साथ सारे विषयों पर निर्णय लेगी। मुख्यमंत्री शुक्रवार को प्रोजेक्ट भवन से निकलते समय मीडिया से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने बताया कि 12 मई तक गुजरात, पंजाब, आध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पंजाब सहित कई अन्य राज्यों से लोग ट्रेन से आएंगे।

प्रवासियों के आने का सिलसिला कब तक जारी रहेगा के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल आने का ही सवाल नहीं है। झारखंड में फंसे लोगों को उनके गृह राज्य भेजने की भी व्यवस्था करनी है। अब तक 5.5 लाख लोगों ने आने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया है। झारखंड के नोडल अधिकारियों को यह सूची उपलब्ध करा दी गई है। अब वह दूसरे राज्यों के नोडल अधिकारियों के साथ संपर्क स्थापित कर उन्हें लाने की व्यवस्था कराएंगे। कब तक लाया जाएगा के सवाल पर सीएम ने कहा कि राज्य सरकार इस मुद्दे पर योजनावद्ध तरीके से काम कर रही है।

केंद्र सरकार के दिशा निर्देश के अनुसार जिस ट्रेन में 5000 लोग आसकते थे, 1000-1200 ही आरहे हैं। इसलिए इसमें थोड़ा वक्त लग रहा है। वह झारखंड के प्रवासियों से आग्रह करेंगे कि थोड़ा और धैर्य रखें, उन्हें सरकार घर तक सुरक्षित पहुंचाएगी। उन्होंने कहा कि लोग उतावलापन में पैदल चले आरहे हैं। पटरियों पर चल रहे हैं। इसमें कई तरह की घटनाएं भी हो गई हैं जो मर्माहत करती है। इसलिए वह उनसे जहां हैं, वहीं रहने का आग्रह भी कर रहे हैं।



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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन। (फाइल)




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राज्य में अब 155 कोरोना पॉजिटिव केस; चार स्पेशल ट्रेन से झारखंड पहुंचे 4845 लोग, बसों से घर भेजे गए लोग

झारखंड में शुक्रवार की देर रात 22 लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई। इनमें से गढ़वाके 20 व कोडरमा से दो लोग शामिल है। अब राज्य में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 155 हो चुकी है। इधर,झारखंड में शुक्रवार को चार ट्रेनों से 4845लोग अलग-अलग जिलों में पहुंचे। सभी को ट्रेन से लाए जाने के बाद सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराते हुए बसों से घर भेज दिया गया है। साथ ही उन्हें 14 दिन के होम क्वारैंटाइन में रहने को कहा गया है। चार ट्रेनों में से तीन में3645 श्रमिक गुजरात के मोरवी से कोल्हान (पूर्वी सिंहभूम-पश्चिमी सिंहभूम-सरायकेला खरसावां), गुजरात के सूरत सेजसीडीहऔर तेलंगाना के लिंगमपल्ली से धनबाद जबकि 1200 मरीज और वेल्लोर से रांची पहुंचे पहुंचे।

मुंबई से लौटे युवक में कोरोना संक्रमण की पुष्टि

मुंबई में कोरोना जांच के लिए सैंपल देकर रांची लौटे युवक में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। युवक को मुंबई से फोन पर उसके कोरोना पॉजिटिव होने की जानकारी दी गई। इसके बाद युवक ने रांची पुलिस को फोन किया और खुद के कोरोना संक्रमित होने की बात बताई। इसके बाद पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम युवक को रिम्स लेकर पहुंची जहां उसे कोविड-19 सेंटर में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।

वहीं गढ़वा में मिले तीन कोरोना संक्रमितों की तीसरी रिपोर्ट निगेटिव आई है। तीनों में से दो मरीजों को शुक्रवार दोपहर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई जबकि एक मरीज को किडनी की दिक्कत के कारण रांची के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

शुक्रवार को सबसे पहलेवेल्लौर स्टेशन से हटिया के लिए खुली श्रमिक स्पेशल ट्रेन पहुंची। 1200 मरीजों और उनके परिजनों को लेकर ट्रेन बुधवार की रात 10 बजे वेल्लौर स्टेशन से खुली थी। मरीजों और उनके परिजनों के हटिया स्टेशन पहुंचने के बाद उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर उन्हें बाहर निकाला गया। फिर उनकी स्क्रीनिंग कर एंबुलेंस और बसों के जरिए घरों की ओर भेजा गया। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से सभी को एतिहात के तौर पर होम क्वारैंटाइन में रहने को कहा गया है।

धनबाद स्टेशन पहुंचने के बाद मजदूर स्टेशन से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए बाहर निकले और बसों तक पहुंचे। फिर उन्हें प्रशासन की ओर से बसों के जरिए घरों के लिए रवाना किया गया।

वहीं दूसरी ट्रेन तेलंगाना के लिंगमपल्ली से 1250 प्रवासी श्रमिकों लेकर शुक्रवार को दिन के 12:30 बजे धनबाद पहुंची। उपायुक्त ने बताया- लिंगमपल्ली से आने वाली ट्रेन में गिरिडीह के 1197, हजारीबाग के 34 तथा धनबाद के 19 समेत कुल 1250 श्रमिक शामिल हैं। सभी को कोरोना संक्रमण से बचाव के तमाम नियमों को अपनाकर बसों तक पहुंचाया गया और फिर बसों के जरिए उनके घरों के लिए भेज दिया गया।वहीं तीसरी ट्रेनगुजरात के मोरवी से कोल्हान के 1187 मजदूरों को लेकर दोपहर करीब 3 बजेटाटानगर स्टेशन पहुंची। यहां से सभी की स्क्रीनिंग करकेबसों के जरिए घरों की ओर रवाना कर दिया गया। जबकि चौथी ट्रेन गुजरात के सूरत से 1208 श्रमिकों को लेकर देवघर के जसीडीह स्टेशन पहुंची।

जसीडीह स्टेशन परश्रमिकों के आगमन को लेकर उपायुक्त नैन्सी सहाय के निर्देशानुसार चिकित्सकों की विशेष टीम की प्रतिनियुक्ति भी की गयी थी, ताकि थर्मल स्कैनिंग और स्वास्थ्य जांच के साथ किसी भी अपात स्थिति में आने वाले लोगों के अन्य स्वास्थ्य संबंधी जांच की जा सके।

राजधानी रांची में अकेले 94 कोरोना संक्रमण का मामला अब तक सामने आ चुका है। वहीं कोरोना संक्रमित चार मरीजों की अब तक मौत हो चुकी है जबकि राज्य के विभिन्न जिलों के केविड-19 सेंटर से 49 मरीज स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। वायरस का संक्रमण राज्य के 12 यानी 50 फीसदी जिलों में पहुंच चुका है।

चक्रधरपुर के मुख्य सब्जी मंडी में प्रशासन ने शुक्रवार को सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों के तहत दुकानों को लगवाया। इस दौरान सब्जी विक्रेता और खरीदार दोनों सोशल डिस्टेंसिंग के प्रति जागरूक दिखे।

पॉजिटिव पाई गई रिम्स की नर्स के साथ क्वारैंटाइन में रहीं 15 अन्य नर्सों का भी शुक्रवार को सैंपल लिया जाएगा। रिम्स निदेशक डॉक्टर डीके सिंह ने बताया कि होटल के कर्मचारी तक की ट्रेसिंग की जा रही है। उधर, गुरुवार को आई कोरोना जांच रिपोर्ट के आधार पर पांच लोगों में संक्रमण की पुष्टि की गई। पांचों ही पलामू के रहने वाले हैं। इनमें से मनातू व नौडीहा से दो-दो और पाटन की एक महिला शामिल है। बताया जा रहा है कि ये सभी छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के बैकुंठपुर में क्वारैंटाइन सेंटर में थे, जहां से भागकर पलामू पहुंचे थे। पुलिस ने इन्हें 5 दिन पहले पकड़ा था और सरकारी क्वारैंटाइन सेंटर में रखा था।

गुमला में शुक्रवार को महिलाएं पोस्ट ऑफिस से रुपए निकालने पहुंची। इस दौरान महिलाओं ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया। न ही प्रशासन या बैंक का कोई भी कर्मी उन्हें समझाते दिखा।

कोरोना अपडेट्स

  • रांची: राज्य के रेड जोन में शामिल जिले में 94 लोगों में कोरोना संक्रमितों की पुष्टि हो चुकी है। रांची जिला में प्रवेश करने वाले बाहरी जिला और अन्य राज्य से आने वाले लोगों के लिए कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन सख्ती से कराने की तैयारी जिला प्रशासन ने की है। जो लोग रेड जोन से आएंगे, उनकी स्वाबिंग की जानी अनिवार्य होगी। स्वाबिंग के बाद उन्हें क्वारैंटाइन किया जाएगा।
  • बोकारो: जिले में अब तक 10 कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं, जिनमें एक की मौत हो चुकी है। अन्य 9 मरीजों के ठीक होने के बाद प्रशासन ने उन्हें घर भेज दिया है। बोकारो जिले में कोरोना का अब एक भी मरीज नहीं रह गया है। पिछले 17 दिनों में कोई नया केस सामने नहीं आया है। सीएस अशोक कुमार पाठक ने बताया- अगर 4 दिनों तक कोई नया मामला सामने नहीं आता है तो बोकारो ग्रीन जोन हो जाएगा।
  • धनबाद: जिले में अब तक मिले दो संक्रमित मरीज स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। कंटेनमेंट एरिया कुमारधुबी बाघाकुड़ी और डीएस कॉलोनी अजंतापाड़ा में 28 दिनों तक कर्फ्यू रहेगा। अगर इस अवधि में कोई कोरोना पॉजिटिव मरीज नहीं मिलता है तो कर्फ्यू हट जाएगा। कुमारधुबी के बाघाकुड़ी में 16 व डीएस कॉलोनी में 18 अप्रैल को कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले थे। बाघाकुड़ी एरिया में 14 मई तथा डीएस कॉलोनी में 16 मई को 28 दिनों की मियाद पूरी हो जाएगी।
  • जमशेदपुर: जमशेदपुर समेत राज्य के सभी निजी अस्पतालों में ई-ओपीडी (टेली कॉन्फ्रेंसिंग) सेवा जल्द शुरू होगी। साथ ही कोरोना की जांच के लिए ट्रूनेट मशीन लगाई जाएगी। मशीन का आर्डर दे दिया गया है। एमजीएम के वायरोलॉजी लैब में गुरुवार को 333 कोरोना संदिग्धों के सैंपल की जांच हुई। सभी की रिपोर्ट निगेटिव मिली है। इसमें कोल्हान सहित राज्य के दूसरे जिलों के भी शामिल हैं। यह एक दिन में अभी तक सबसे अधिक सैंपल की जांच रिपोर्ट है। वहीं, पूर्वी सिंहभूम जिले से कुल 75 संदिग्ध मरीजों का नमूना जांच के लिए भेजा गया है। जिले में अबतक कुल 2178 संदिग्धों का नमूना लिया जा चुका है। इसमें 1850 की रिपोर्ट निगेटिव है। 328 की रिपोर्ट शुक्रवार को आने की संभावना है। वहीं, एमजीएम के विशेष ओपीडी में 150 लोगों की जांच हुई, जबकि सर्विलांस केंद्र में 25 लोगों का नमूना लिया गया।
  • हजारीबाग: जिले में अबतक तीन लोग कोरोना पॉजीटिव पाए गए हैं। तीनों स्वस्थ्य भी हो चुके हैं। कोविड-19 महामारी के संक्रमण की रोकथाम के लिए गृह मंत्रालय ने कई आदेश राज्यों को दिए हैं। गृह मंत्रालय द्वारा प्रदत अनुदेशों को देखते हुए उपायुक्त डॉक्टर भुवनेश प्रताप सिंह ने संपूर्ण हजारीबाग जिला में 144 निषेधाज्ञा लागू करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि महामारी को नियंत्रित करने के उद्देश्य से पूरे जिले में धारा 144 लागू कर दी गई है, जो 17 मई तक प्रभावी रहेगा।
तस्वीर जमशेदपुर शहर के कदमा बाजार की है। शुक्रवार को बाजार में सुबह लोगों की चहल-पहल देखी गई। हालांकि, 10 बजे के बाद प्रशासन की सख्ती के बाद अधिकतर लोग घरों की ओर लौट गए।
  • कोडरमा: शुक्रवार की देर रात यहां दो लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि की गई।पॉजिटिव पाए गए लोगों में एक युवक डोमचांच का रहने वाला है, जो हाल ही में बनारस से लौटा था। जबकि दूसरा युवक तिलैया डैम का रहने वाला है, जो सूरत से लौटा है।
  • गढ़वा: यहां 20 लोगों में कोरोना का संक्रमण पाया गया है। इनसे अलग पहले मिलेतीनों कोरोना संक्रमित मरीज की तीसरी रिपोर्ट निगेटिव आई है। तीनों में से एक मरीज के किडनी में समस्या थी, जिसके बाद उसे बेहतर इलाज के लिए रांची के अस्पताल में भर्ती कराया गया है जबकि दूसरे और तीसरे मरीज को अस्पताल से शुक्रवार को छुट्टी दे दी गई है। इस अवसर पर सिविल सर्जन गढ़वा नंद किशोर रजक, बीडीओ मनोज कुमार तिवारी, सीओ यशवंत नायक सहित मेडिकल टीम ने कोरोना से ठीक हुए दोनों बच्चों को पुष्पगुच्छ देकर तथा ताली बजाकर स्वागत किया और उन्हें घर भेजा।
  • सिमडेगा: जिले के दूसरे कोरोना संक्रमित 17 वर्षीय युवक को तीसरी रिपोर्ट भी कोरोना नेगेटिव आने के बाद उसे बीरू अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। युवक को 14 दिनों तक होम क्वारेंटाइन में रहने को कहा गया है। जिले में अबतक 337 लोगों के सैंपल कोरोना टेस्ट के लिये लिये जा चुके हैं जिसमें से 263 की रिपोर्ट आ चुकी है। 67 लोगों की रिपोर्ट आनी बाकी है।
धनबाद का बैंक मोड़: ये लॉकडाउन के पहले की नहीं बल्कि शुक्रवार की तस्वीर है। सड़क पर वाहनों की भीड़ ऐसी दिखी जैसे यहां लॉकडाउन लगा ही ना हो।
  • पलामू: पलामू जिले में कोरोना के 5 नए केस मिले हैं। इसमें चार पुरुष और एक महिला शामिल है। ये सभी प्रवासी मजदूर, छत्तीसगढ़ के जिला कोरिया (बैकुंठपुर) से लौटे थे। सभी मजदूर बगैर लक्षण हैं। यहां पहला केस 25 अप्रैल को मिला था। जब लेस्लीगंज प्रखंड के मुंडरिया क्वारैंटाइन सेंटर में भर्ती तीन लोगों का सैंपल पॉजिटिव पाया गया था। हालांकि 2 मई को तीनों के भेजे गए सैंपल जांच में निगेटिव पाए गए थे। उसके बाद उनके सैंपल 7 मई को लेकर दोबारा भेजे गए हैं। अगर इस बार सैंपल जांच में निगेटिव निकलेगा तो उन लोगों को कोविड अस्पताल से छुट्टी कर दी जाएगी। उसके बाद उनको उनके घरों में 14 दिनों के लिए क्वारैंटाइन कर दिया जाएगा।
  • गिरिडीह: जिले के दोनों कोरोना संक्रमित मरीज ठीक होकर घर लौट चुके हैं। जिले में अब तक 556 सैंपल जांच के लिए भेजे जा चुके हैं जिनमें से दो रिपोर्ट पॉजिटिव जबकि 278 रिपोर्ट निगेटिव आई है। 278 रिपोर्ट का इंतजार है। वहीं, कुल 107 संदिग्धों को क्वारैंटाइन सेंटर जबकि 1607 लोगों को होम क्वारैंटाइन किया गया है।
  • दुमका: जिले के दो कोरोना संक्रमितों का बाल बनाने वाले नाई और परिजनों के साथ ही संक्रमितों के सम्पर्क में आने वाले कुल 25 लोगों को क्वारैंटाइन किया गया है। उनमें 12 लोगों का सैंपल कोरोना जांच के लिए लिया गया है जिसे पीएमसीएच धनबाद भेजा गया है। जिला प्रशासन ने सरैयाहाट के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय क्वारेंटाइन सेंटर के 500 मीटर परिधि को कंटेंमेंट जोन घोषित करते हुए कर्फ्यू लगा दिया गया है। इन गांवों में चेकपोस्ट लगा कर पुलिस तैनात कर दिया गया है।
तस्वीर चक्रधरपुर ओवरब्रिज की है। लॉकडाउन फेज-3 के पांचवे दिन शुक्रवार को सुबह 10 बजे के बाद ओवरब्रिज पर बिलकुल सन्नाटा पसर गया। एक-वाहन चालक ही दिखाई दे रहे हैं।

राज्य में कुल 155संक्रमित: रांची के 94, बोकारो 10, देवघर 04, पलामू 08, हजारीबाग में 3, गढ़वा में 23, कोडरमा,धनबाद-गिरिडीह-सिमडेगा-जामताड़ा-दुमका में 2-2 और गोड्डा में 1 मरीज में कोरोनावायरस के संक्रमण की पुष्टि हुई है।

राज्य में अब तक 04 की मौत: रांची में तीन जबकि बोकारो के एक मरीज की मौत हो चुकी है।

राज्य में स्वस्थ्य हुए 49 मरीज: रांची में 27, बोकारो में 9, धनबाद में दो, हजारीबाग में तीन, देवघर में दो, गिरिडीह में दो, सिमडेगा में दो जबकि राज्य के अन्य जिलों से संक्रमित मरीजों में 02 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं।



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वेल्लौर से मरीजों व उनके परिजनों के रांची के हटिया रेलवे स्टेशन पर पहुंचने के बाद सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर उन्हें बाहर निकाला गया। फिर स्क्रीनिंग कर उन्हें बसों और एंबुलेंस के जरिए घरों की ओर रवाना किया गया।




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जलांधर, लुधियाना और चतरा से हुसैनाबाद लौटे 134 मजदूर, सभी को किया गया क्वारेंटाइन

राज्य व केंद्र सरकार के संयुक्त प्रयास से जलांधर, लुधियाना व चतरा से गुरुवार देर रात व शुक्रवार को 134 मजदूर हुसैनाबाद लौटे। सभी मजदूरों को क्वारेंटाइन सेंटर भेजा गया है। विदित हो कि ये सभी मजदूर स्पेशल श्रमिक ट्रेन से मेदिनीनगर पहुंचे और वहां से जिला प्रशासन ने सुरक्षित बस के द्वारा हुसैनाबाद अनुमंडलीय अस्पताल भेजा, जहां उन्हें स्क्रीनिंग हुसैनाबाद अनुमंडलीय अस्पताल के प्रभारी डॉ. रत्नेश कुमार के मौजूदगी में डॉ. शशिभूषण, डॉ. अरुण सिंह ने की। स्क्रीनिंग के बाद उन्हें सीधा क्वारेंटाइन में भेजा गया।
उन्हें बताया गया है कि वह 14 दिनों तक क्वारेंटाइन में रहेंगे, इसके बाद जांच रिपोर्ट आने के बाद घर भेजा जाएगा। वही यह भी बताया गया कि क्वारेंटाइन के बाद घर जाने पर किसी तरह की स्वास्थ्य संबंधित परेशानी होने पर स्थानीय सहिया, एएनएम या आंगनबाड़ी सेविका के माध्यम से सूचना देने का काम करेंगे। जलांधर, लुधियाना व चतरा से अपने गृह स्थान पहुंचे मजदूरों में काफी खुशी है। उन्होंने राज्य व केंद्र सरकार को धन्यवाद किया है। हुसैनाबाद आने वाले मजदूरों ने बताया कि उन्हें बहुत ही अच्छी तरह से खाने पीने के साथ लाया गया है। उन्होंने बताया कि उनके लिए आज का दिन सबसे खास है।
उन्होंने सोचा भी नहीं था की वह लाॅकडाउन के दरम्यान घर पहुंच पायेंगे। मजदूरों की बस को रिसीव करने बीडीओ इमानुएल जय बिरस लकड़ा, थाना प्रभारी राजदेव प्रसाद, एसआई सच्चितानंद चौधरी, बीरबहादुर सिंह, बीपीओ अमन कुमार, डॉ. पीएन सिंह,कार्यक्रम प्रबंधक विभूति गुप्ता,स्वास्थ्य कर्मी समेत कई अधिकारी मौजूद थे।
10 संदिग्ध मरीजों का सैंपल भेजा गया रिम्स
हुसैनाबाद के नवनिर्मित अनुमंडलीय अस्पताल में बने क्वारेंटाइन सेंटर से 10 संदिग्ध मरीजों का सैंपल शुक्रवार को लिया गया और सभी का सैंपल जांच के लिए रिम्स भेजा गया है। विदित हो कि हुसैनाबाद अनुमंडल क्षेत्र से 100 से अधिक संदिग्ध मरीजों का सैंपल लेकर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रिम्स के लिए भेजा, जिसमें से एक भी रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं पाया गया, जो क्षेत्र के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है।



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134 workers returned to Hussainabad from Jalandhar, Ludhiana and Chatra, all quarantined




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मारपीट के बाद 19 लोगों के खिलाफ केस दर्ज

प्रतापपुर थाना क्षेत्र के मोन्या मे आपसी विवाद मे दो पक्षों के बीच मारपीट हो गई। इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से कुल 19 लोगों थाने मे मामला दर्ज कराया गया है। मोन्या के पूर्व मुखिया एवं वर्तमान मुखिया पति सीता यादव ने थाने मे आवेदन देकर मारपीट के खिलाफ तथा 9 लोगो पर मामला दर्ज करवाया है। जिन लोगो पर मामला दर्ज किया गया है,उनमें टुनटुन यादव ,पिन्कु यादव,अमीत यादव उर्फ लालू यादव (तीनो के पिता सतेन्द्र यादव),सतेन्द्र यादव,रामविलास यादव,यमूना यादव,मन्टूयादव (चारो के पिता रामदेव यादव),कलावति देवी पति सतेन्द्र यादव,तथा रेखा देवी पति यमुना यादव का नाम शामिल है।सभी मोन्या गांव के रहने वाले हैं। थाने मे दिये आवेदन मे कहा गया है कि दिल्ली से आए राहुल ठाकुर एवं राकेश ठाकुर को बाहर तथा अपने घर के पास घूमने से मना करने पर वाद विवाद बढ़ गया। बाद में दिल्ली से आए दोनों युवकों ने आरोपी बनाए गए लोगों को बुलाया। घर मे घुस गया कर महिलाओं से धक्का-मुक्की और मारपीट की। वही दूसरे पक्ष के टुनटुन यादव ने भी थाने मे आवेदन देकर मोन्या मुखिया सहित दस लोगों पर मुर्गी शेड एव कुंआ निर्माण का बकाया राशि मांगे जाने पर गाली गलाैज एवं मारपीट कर भगाने का आरोप लगाया है। टुनटुन यादव ने जिन लोगो पर मामला दर्ज करवाया है उनमें मोनिया पंचायत की मुखिया फुलमन्ती देवी, मुखिया पति सीता यादव, नारायण यादव, महादेव यादव, हरे कृष्णा यादव,रामाशंकर यादव,रोहित यादव सभी ग्राम मोन्या थाना प्रतापपुर,जबकि आरोपी बीरेन्द्र यादव हंटरगंज इन्द्राही ,दीपक कुमार बिहार इमामगंज के कोयरिया गांव तथा उपेन्द्र यादव प्रतापपुर थाना के कारूडीह गांव के निवासी हैं। प्रतापपुर पुलिस के द्वारा दोनों पक्षों के आवेदनों पर जांच कर रही है।



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मछली मारने के विरुद्ध 18 लोग नामजद

प्रखंड के तेलियाडीह गांव मे लॉक डाउन का उल्लंघन कर मछली मारने के मामले मे प्राथमिकी दर्ज किया गया। इस मामले मे प्रखंड विकास पदाधिकारी सह कोविड19 के प्रखंड प्रभारी प्रताप टोप्पो ने टंडवा थाना कांड संख्या 64/20 के तहत डेढ़ दर्जन लोगों को नामजद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराया। जिसमे जिसमे पूर्व जिला परिषद सदस्य बनवारी साव, संजय साव, जानकी साव, कामेश्वर साव, अशेषवर कुमार, वकील साव, दामोदर साव, जगु साव, भरत साव, अर्जुन भुइयां, गुलाब साव, संतोष साव, दासो साव, महाबीर साव, किशोर यादव, सुरेश सुंडी, नरेश साव, गुलाब सुंडी समेत अन्य पंद्रह सौ अज्ञात लोगो पर मामला दर्ज किया है। इस मामले मे दस लोगो को पुलिस ने गिरफ्तार कर थाने ले गई। सभी को थाना से ही जमानतदार के जमानत पर गिरफ्तार सभी 10 लोगों को देर शाम को छोड़ा गया।



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घोषणा के बाद भी नहीं मिल रहा है 10 किलो अनाज : भुवनेश्वर

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव पूर्व सांसद हजारीबाग ने प्रेस बयान जारी कर कहा कि सरकार की घोषणाओं के बावजूद जरूरतमंद लोगों को दस किलो अनाज नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि 10 अप्रैल को रांची में सर्वदलीय बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं खाद्य आपूर्ति मंत्री रामेश्वर उरांव ने सार्वजनिक तौर पर कहा था कि सभी जरूरतमंद लोगों को प्रति व्यक्ति दस किलो अनाज दिया जाएगा। उन्होंने कहा था कि जिसका कार्ड है उन्हें भी राशन , जिसका कार्ड अप्लाई है उन्हें भी राशन, जिसके पास कोई कार्ड नहीं है और जरूरतमंद हैं उन्हें भी राशन दिया जाएगा। आज तालाबंदी की स्थिति में किसानों, मजदूरों गरीबों के लिए आफत सा हो गया है और सरकार की जो सरकारी घोषणाएं हैं वह जमीन पर भी नहीं उतर रहा है। इसीलिए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी राज्य सरकार से जिला प्रशासन से मांग करती है की मुख्यमंत्री एवं खाद्य आपूर्ति मंत्री के सर्वदलीय बैठक में घोषित योजनाओं को जल्द से जल्द पूरा करें । उन्होंने मुख्यमंत्री मुख्य सचिव को पत्र लिखकर घोषित योजनाओं को पूरा करने की मांग की है।



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कटकमदाग के सभी बूथों पर बंटेगा 100-100 मास्क

हजारीबाग सांसद सह पूर्व नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री भारत सरकार जयंत सिन्हा के सौजन्य से पसई पंचायत भवन में कटकमदाग प्रखण्ड के सभी बूथों में सौ-सौ मास्क वितरण किया गया। मास्क वितरण विधान सभा सांसद प्रतिनिधि अशोक यादव की उपस्थिति में किया गया। सभी पंचायत प्रभारियों को मास्क उपलब्ध कराया गया। इस मौके पर मण्डल अध्यक्ष कवीन्द्र यादव, बीस सूत्री अध्यक्ष इन्द्र नारायण कुशवाहा, प्रखंड प्रमुख अशोक यादव, सांसद प्रतिनिधि अजय कुमार राणा, पूर्व मुखिया सह मंडल उपाध्यक्ष हुलास प्रसाद कुशवाहा, प्रखंड उपाध्यक्ष अरूण कुमार राणा, सतपाल सिंह, प्रखंड महामंत्री नवराज राम, युवा मोर्चा अध्यक्ष वीरेंद्र साव, लखन गोप, चेतलाल गोप, मनोज कुमार सिन्हा, धीरज कुमार राणा, जगन्नाथ प्रजापति, योगेन्द्र कुमार, अवध यादव के अलावे अन्य प्रमुख कार्यकर्ता उपस्थित थे।



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100-100 masks will be distributed at all booths in Katkamdag




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पंजाब में बंधक बने गुमला, लोहरदगा लातेहार और सिमडेगा के 100 मजदूर

पंजाब राज्य के पठानकोट जिला स्थित सपुरकानडी थाना क्षेत्र के सोमा कंपनी में राज्य के कई मजदूरों को लॉकडाउन के बीच भी ठेकेदारों द्वारा बंधक बनाए रखने का मामला प्रकाश में आया है। इनमें 100 से अधिक मजदूर गुमला, लोहरदगा व लातेहार व सिमडेगा जिले के रहने वाले हैं। इन मजदूरों में 14 मजदूर जो गुमला जिले के घाघरा, पालकोट व गुमला प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गांवों के रहने वाले हैं। सभी ने दैनिक भास्कर को फोन कर खुद को बंधक बनाये जाने की जानकारी देते हुए राज्य सरकार व जिला प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। बंधक बने घाघरा प्रखंड के कुहीपाठ पंचायत के बरवा टोली गांव निवासी हरिश्चंद्र उरांव, सुशील उरांव, बंदी उरांव, बलराम उरांव, दुर्गा उरांव, सोहराई उरांव, दीपक उरांव, संतोष गोप, गोविंदा उरांव, धनेश्वर भगत, बहुरा उरांव, लातेहार निवासी राजू मुंडा, राजेश्वर उरांव, लोहरदगा निवासी चमरा उरांव ने कहा कि वे सभी इसी वर्ष 12 जनवरी को काम के लिए पंजाब पहुंचे थे।

कोहीपाठ का सोहराई उरांव नामक दलाल सभी को पंजाब लेकर पहुंचा था। साथ ही सोमा कंपनी के अंदर काम करने वाले ठेकेदार कमल सिंह के पास सरिया निर्माण के काम में लगा दिया। चार माह बीतने के बाद भी अभी तक हाथ मे उन्हें माह का 12 हजार वेतन नहीं दिया गया है। हालांकि मजदूरों को लॉकडाउन के बीच मे भी खाने-पीने व रहने की दिक्कत नहीं है। उन्हें जून माह में होने वाली बरसात के दस्तक के बाद घर के खेतों में खेती करने की चिंता सता रही है। इसी चिंता के कारण वे अपने घर लौटना चाहते हैं। मगर ठेकेदार उन्हें बंधक बना कर अपना काम करवाता रहना चाहता है।



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100 workers of Gumla, Lohardaga Latehar and Simdega held hostage in Punjab




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मारपीट करने के आरोप में 10 के खिलाफ प्राथमिकी

थाना क्षेत्र के कुड़लौंगा गांव मे जमीन विवाद को लेकर छेदी साव ने लॉक डाउन तोड़ने व मारपीट करने का मामला दर्ज कराया है। जिसमे गांव के ही लखन साव, बलदेव साव, लक्ष्मण साव, चमन साव, राजदीप साव, उमेश साव, खेमलाल साव, गणेश साव, दशरथ साव तथा गुरुदयाल साव का नाम शामिल है। पुलिस ने टंडवा थाना कांड संख्या 63/20 के तहत मामला दर्ज कर जांच मे जुटी है।



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आंध्र प्रदेश के कुन्नूर से बरकाकाना पहुंचे 1128 प्रवासी श्रमिक, 12 अन्य राज्यों के शामिल

लॉकडाउन मेंदूसरे राज्यों में फंसे लोगों को ट्रेन के माध्यम से झारखंड लाने की मुहीम तेज हो गई है। आंध्र प्रदेश के कुन्नूर स्टेशन से 1140 प्रवासी मजदूरों को लेकर एकस्पेशल ट्रेन शनिवार की सुबह बरकाकाना जंक्शन पहुंची। ट्रेन से 19 जिलों के श्रमिक पहुंचे। जबकि इनके साथ 12 श्रमिक अन्य राज्यों के भी थे।श्रमिकों को प्लेटफॉर्म से सोशल डिस्टेंस का पालन कराते हुए स्टेशन के बाहर पार्किंग में लाया गया। उनकी स्क्रीनिंग की गई। इसके बाद यहां से 55 बसों में बैठाकर उन्हें गृह जिले की ओर रवाना कर दिया गया। स्टेशन पहुंचने वालों में बच्चों के साथ कई महिलाएं भी शामिल रहीं।


पलामू के 400 और रामगढ़ के 18 शामिल
बसों में ही श्रमिकों को मास्क, सैनिटाइजर और नाश्ते का पैकेट उपलब्ध कराया गया। इस दौरान माइक के जरिए एसपी प्रभात कुमार अधिकारियों को दिशा-निर्देश देते रहे। बरकाकाना पहुंचे प्रवासी श्रमिकों में रामगढ़ जिले के 18, बोकारो के 22, चतरा के 11, देवघर के 52, धनबाद 31, दुमका के 14, पूर्वी सिंहभूम के 13, गढ़वा के 398, गिरीडीह के आठ, गुमला के 17, हजारीबाग के 28, रांची के 16, कोडरमा के चार, लातेहार के 75, लोहरदगा के पांच, पाकुड़ के छह, पलामू के 400 औरसाहेबगंज के 12 शामिल थे।

नोडल अधिकारी सुनिश्चित करेंगे स्क्रीनिंग: एसपी
रामगढ़ एसपी प्रभात कुमार ने कहा कि ट्रेन से पहुंचे श्रमिकोंकी हर सुविधा का ध्यान रखा गया है। संक्रमण न हो इसके लिए प्रशासन पूरी तरह से सजग है। स्टेशन परिसर और बसों को सैनिटाइज किया जा रहा है। विशेष सतर्कता बरती जा रही है। सभी जिलों के नियुक्त नोडल पदाधिकारी अपने नागरिकों की स्क्रीनिंग सुनिश्चित कराएंगे।



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श्रमिकों को बसों के माध्यम से उनके संबंधित जिलों में भेजा गया।




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60 वर्षीय बुजुर्ग की पत्थर से कूचकर निर्मम हत्या, सरहुल मनाने गया था गांव

बिशुनपुर प्रखंड की अति सुदूरवर्ती गांव जालीम में 60 वर्षीय आदिम जनजाति बुजुर्ग टीमना असुर की बीती रात अज्ञात अपराधियों ने पत्थर से कूचकर निर्मम हत्या कर दी। शनिवार सुबह शव मिलने पर इसकी जानकारी पुलिस को दी गई। हत्या की वजहों के संबंध में फिलहाल कोई जानकारी नहीं मिल पाई है।

शुक्रवार कोजालिम गांव में सरहुल पर्व था। इसको लेकर टीमना असुर अपने घर से निकल कर गांव में सरहुल मनाने गया था। इसके बाद वो लौट कर नहीं आया। परिजनों को यह लगा कि वह गांव में ही किसी के घर में सो गया होगा।

इधर, शनिवार की सुबह पता चला कि हाडुप व जालिम के तीन सिमान पर टीमना का शव पड़ा हुआ है। इसके बाद आनन-फानन में परिजनों नेबिशुनपुर थाने पहुंचकर अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई।

महिला का अधजला शव बरामद

इधर,सिसई थाना क्षेत्र के सोंगरा गांव में शनिवार को कोयल नदी के किनारे जंगल में अज्ञात महिला का अधजला शव मिला। ग्रामीणों ने इसकी सूचना सिसई पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिसजांच पड़ताल में जुट गई है। उन्होंने शव के शिनाख्त की कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिली। थाना प्रभारी एस. एन. मंडल ने बताया की घटनास्थल सिसई और घाघरा के बोर्डर पर नदी के किनारे घने जंगल के बीच की है। अपराधियों द्वारा साक्ष्य छिपाने के मकसद से महिला का चेहरा कुचल कर जलाने का प्रयास किया गया है।



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शव को पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया है।




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रिम्स से पहली बार 23 और पलामू से तीन कोरोना संक्रमित हुए ठीक, राज्य में अब तक 155 पॉजिटिव केस

रांची रिम्स के कोविड-19 सेंटर से शनिवार को अच्छी खबर आई।यहां एक साथ 23 कोरोना संक्रमित ठीक हुए हैं। इस बारे में स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने ट्वीट कर जानकारी दी। उन्होंने ट्वीट कर लिखा किएक खुशखबरी हैं, रिम्‍स में एक साथ 23 कोरोना मरीज ठीक हुए हैं जो एक बड़ी उपलब्धि हैं। मुझे पूरा यकीन है कि हम सब मिलकर इस बीमारी से लड़कर जीतेंगे। राज्य के सभी स्वास्थ्य कर्मियों और कोरोना योद्धाओं को बधाई, ये सभी ठीक हुए मरीज आगे भी दिए गए निर्देशों का पालन करें। ये जंग जीतेंगे हम।

उधर, पलामू जिले के तीन कोरोना संक्रमित मरीजों के ठीक हो जाने के बाद शनिवार को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। तीनों कोरोना संक्रमितों की जांच रिपोर्ट 25 अप्रैल को पॉजिटिव आई थी जिसके बाद उनकातुंबागढ़ नवजीवन अस्पताल में इलाज चल रहा था।तीनों कोरोना पॉजिटिव की तीसरी रिपोर्ट शनिवार को निगेटिव आई। वहीं जिले के पांच कोरोना संक्रमितों का कोविड-19 सेंटर में इलाज जारी है।

उधर, गढ़वा जिले में शनिवार को स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की मदद से क्वारैंटाइन सेंटर में रखे गए 20 कोरोना संक्रमित मजदूरों को मेराल के कोविड-19 सेंटर में भर्ती किया गया। सभी मजदूर सूरत से लौटे है जिन्हें बंशीधरनगर में बनाए गए क्वारैंटाइन सेंटर में रखा गया था। शुक्रवार देर रात इनकी जांच रिपोर्ट आई थी जिसमें इन्हें पॉजिटिव बताया गया था। एक साथ 20 संदिग्धों में कोरोना की पुष्टि होने के बाद गढ़वा राज्य का दूसरा रेड जोन बन गया है। यहां पहले से तीन मरीज थे जिनमें से दो घर लौट चुके हैं जबकि तीसरा भी कोरोना मुक्त हो गया है। फिलहाल, उसे किडनी की समस्या थी जिसके बाद उसे रांची के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उधर, वहीं कोडरमा में भी देर रात दो लोगों में संक्रमण की पुष्टि के बाद शनिवार सुबह दोनों को कोविड-19 सेंटर में भर्ती किया गया है।

गढ़वा के मेराल में बनाया गया कोविड-19 हॉस्पिटल। शुक्रवार को मिले 20 कोरोना पॉजिटिव मरीजों को यहां शनिवार सुबह शिफ्ट किया गया है। साथ ही जिले में प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है।

अब राज्य में कुल पॉजिटिव केस बढ़कर 155 हो गए हैं। राजधानी रांची में अकेले 94 कोरोना संक्रमण का मामला अब तक सामने आ चुका है। वहीं कोरोना संक्रमित चार मरीजों की अब तक मौत हो चुकी है जबकि राज्य के विभिन्न जिलों के केविड-19 सेंटर से 52 मरीज स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। वायरस का संक्रमण राज्य के 13 जिलों में पहुंच चुका है।

आंध्र प्रदेश के कर्नूल से विशेष ट्रेन से करीब 1000 प्रवासी शनिवार को रामगढ़ के बरकाकाना रेलवे स्टेशन पहुंचे। प्रवासियों के लौटने के बाद सभी तरह के एतिहात बरतते हुए प्रशासन ने सभी को घर पहुंचाया और होम क्वारैंटाइन में रहने को कहा।

शनिवार को आंध्रप्रदेश से 1000 प्रवासी पहुंचे रामगढ़ स्टेशन
शनिवार सुबह करीब एक हजार प्रवासियों को आंध्रप्रदेश से लेकर एक ट्रेन शनिवार सुबह रामगढ़ के बरकाकाना स्टेशन पहुंची। यहां से सड़क मार्ग के जरिए प्रवासियों को उनके गृह जिला भेजा गया। इससे पहले ट्रेन से उतारने और स्टेशन से बाहर बस तक प्रवासियों को ले जाने के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया गया। साथ ही सभी प्रवासियों की स्क्रीनिंग भी की गई।


डॉक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों की छुट्‌टी 30 जून तक रद्द
राज्य भर के डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की छुट्टी 30 जून तक रद्द कर दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने अादेश में कहा है कि सभी चिकित्सा पदाधिकारी, निदेशक प्रमुख, प्राचार्य, अधीक्षक, जूनियर रेजिडेंट, स्वास्थ्य कर्मी, एनआरएचएम के तहत ठेका पर कार्यरत कर्मचारियों की छुट्टी रद्द की गई है। अध्ययन और मातृत्व अवकाश दायरे से बाहर हैं। विशेष परि‍स्थिति और चिकित्सा कारणों से डीसी की मंजूरी से छुट्टी ली जा सकती है।

तस्वीर गढ़वा के बंशीधरनगर में बनाए गए क्वारैंटाइन सेंटर की। यहां सूरत से लाए गए श्रमिकों को रखा गया था। शनिवार को क्वारैंटाइन सेंटर को सैनिटाइज्ड किया गया।

लॉकडाउन में छूट का निर्णय समय, परिस्थिति व संक्रमण देखकर : हेमंत
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्पष्ट किया है कि झारखंड में लॉकडाउन में छूट का निर्णय समय, परिस्थिति और संक्रमण की स्थिति पर निर्भर करेगा। उन्होंने कहा कि पहले भी कहा है कि प्रवासियों के आने के बाद चुनौतियां बढ़ेंगी। संक्रमितों की संख्या में भी वृद्धि हुई है। हेमंत ने कहा कि केवल आने का ही सवाल नहीं है। झारखंड में फंसे लोगों को उनके गृह राज्य भेजने की भी व्यवस्था करनी है।

कोरोना अपडेट्स

रांची: राज्य के रेड जोन में शामिल जिले में 94 लोगों में कोरोना संक्रमितों की पुष्टि हो चुकी है। रांची जिला में प्रवेश करने वाले बाहरी जिला और अन्य राज्य से आने वाले लोगों के लिए कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन सख्ती से कराने की तैयारी जिला प्रशासन ने की है। जो लोग रेड जोन से आएंगे, उनकी स्वाबिंग की जानी अनिवार्य होगी। स्वाबिंग के बाद उन्हें क्वारैंटाइन किया जाएगा।

बोकारो: जिले में अब तक 10 कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं, जिनमें एक की मौत हो चुकी है। अन्य 9 मरीजों के ठीक होने के बाद प्रशासन ने उन्हें घर भेज दिया है। जिले में 20 हजार से अधिक मजदूर दूसरे राज्यों से आएंगे। अभी तक रेड जोन से 600, ऑरेंज जोन से 500 और बाकी मजदूर ग्रीन जोन से आए हैं। रेड जोन से आ रहे मजदूरों पर विशेष नजर रखी जा रही है। बाहर से आए सभी मजदूरों व छात्रों को 14 दिन के लिए होम क्वारेंटाइन में रखा गया है।

धनबाद: जिले में अब तक मिले दो संक्रमित मरीज स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। कोविड-19 से बचाव और नियंत्रण को लेकर जिला प्रशासन ने शाम 7 बजे से सुबह 7 बजे तक पूरे जिले में निषेधाज्ञा लागू कर दी है। एसडीएम ने बताया कि दंड प्रक्रिया की संहिता की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा अगले आदेश तक जारी रहेगी। चिकित्सा कार्य को छोड़कर कोई भी व्यक्ति बाहर नहीं निकलेंगे। जिले में अब तक कोरोना जांच के लिए 1747 सैंपल लिए, 1229 की रिपोर्ट निगेटिव है जबकि 518 की रिपोर्ट पेंडिंग है।

तस्वीर जमशेदपुर के टाटानगर रेलवे स्टेशन के पास की। यहां शनिवार को ओड़िशा के महागढ़ में ईंट भट्टे पर काम करने वाले मजदूर पैदल धनबाद के लिए निकले। रास्ते में किसी भी चेक पोस्ट पर न तो इन्हें रोका गया और न ही इनकी जांच की गई।

जमशेदपुर: एमजीएम वायरोलाजी लैब में शुक्रवार को 330 सैंपल की जांच हुई और सभी रिपोर्ट निगेटिव पाए गए। दो दिन में 663 लोगों के सैंपल की जांच हो चुकी है। वहीं पूर्वी सिंहभूम जिले से शुक्रवार को कुल 283 संदिग्ध मरीजों का नमूना एमजीएम, टेल्को, बहरागोड़ा, मुसाबनी, कदमा सहित अन्य जगहों से लिया गया। जिले में अबतक 2279 लोगों का नमूना लिया है। इसमें 2069 का रिपोर्ट निगेटिव है। बाकि 210 का रिपोर्ट शुक्रवार को आने की संभावना है।

हजारीबाग: जिले में अबतक तीन लोग कोरोना पॉजीटिव पाए गए हैं। तीनों स्वस्थ्य भी हो चुके हैं। कोविड-19 महामारी के संक्रमण की रोकथाम के लिए गृह मंत्रालय ने कई आदेश राज्यों को दिए हैं। गृह मंत्रालय द्वारा प्रदत अनुदेशों को देखते हुए उपायुक्त डॉक्टर भुवनेश प्रताप सिंह ने संपूर्ण हजारीबाग जिला में 144 निषेधाज्ञा लागू करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि महामारी को नियंत्रित करने के उद्देश्य से पूरे जिले में धारा 144 लागू कर दी गई है, जो 17 मई तक प्रभावी रहेगा।

कोडरमा: शुक्रवार की देर रात यहां दो लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि की गई। पॉजिटिव पाए गए लोगों में एक युवक डोमचांच का रहने वाला है, जो हाल ही में बनारस से लौटा था। जबकि, दूसरा युवक तिलैया डैम का रहने वाला है, जो सूरत से लौटा है। इससे पहले कोडरमा अपने एकमात्र संक्रमित मरीज की अस्पताल से छुट्‌टी के बाद ग्रीन जोन में आ गया था, मगर अब वह वापस ऑरेंज जोन में चला गया है।

तस्वीर जमशेदपुर के मानगो आजाद नगर ओल्ड पुरुलिया रोड की। लॉकडाउन के चलते कई दिनों से मजूदरी करने वालों का काम बंद है। शनिवार को कई मजदूर यहां आकर इक्ट्ठा हो गए। कई लोग इन्हें काम के लिए भी ले गए।

गढ़वा: यहां 20 लोगों में कोरोना का संक्रमण पाया गया है। सभी को शनिवार को कोविड-19 सेंटर में भर्ती कराया गया है। इनसे अलग पहले मिले तीनों कोरोना संक्रमित मरीज की तीसरी रिपोर्ट निगेटिव आई है। तीनों में से एक मरीज के किडनी में समस्या थी, जिसके बाद उसे बेहतर इलाज के लिए रांची के अस्पताल में भर्ती कराया गया है जबकि दूसरे और तीसरे मरीज को अस्पताल से शुक्रवार को छुट्टी दे दी गई है।

सिमडेगा: जिले के दोनों कोरोना संक्रमित मरीज ठीक होकर घर लौट चुके हैं। उन्हें 14 दिनों तक होम क्वारैंटाइन में रहने को कहा गया है। जिले में अब तक 454 लोगों के सैंपल कोरोना टेस्ट के लिये लिये जा चुके हैं जिसमें से 282 की रिपोर्ट आ चुकी है। 165 लोगों की रिपोर्ट आनी बाकी है। अब तक यहां 29 लोगों को क्वारैंटाइन जबकि 632 लोगों को होम क्वारैंटाइन किया गया है।

पलामू: पलामू जिले में कोरोना के अब तक आठ केस मिले हैं। इनमें से तीन ठीक हो चुके हैं। शनिवार को तीनों ठीक हो चुके लोगों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।सभी को पलामू मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डेडीकेटेड कोविड केयर सेंटर में भर्ती किया गया है। शुक्रवार को 750 प्रवासी मजदूरों का सैंपल जांच के लिए भेजा गया। बताया गया कि अब तक पलामू जिले से कुल 2039 सैंपल को जांच के लिए भेजा गया है। इसमें से 1330 निगेटिव और 8 पॉजिटिव निकला है। शेष सैंपल का रिपोर्ट आना अभी बाकी है।

गिरिडीह: जिले के दोनों कोरोना संक्रमित मरीज ठीक होकर घर लौट चुके हैं। जिले में अब तक 705 सैंपल जांच के लिए भेजे जा चुके हैं जिनमें से दो रिपोर्ट पॉजिटिव जबकि 289 रिपोर्ट निगेटिव आई है। 415 रिपोर्ट का इंतजार है। वहीं, कुल 96 संदिग्धों को क्वारैंटाइन सेंटर जबकि 2459 लोगों को होम क्वारैंटाइन किया गया है।

तस्वीर धनबाद के कतरास स्थित लोयाबाद सब्जी मंडी की। शनिवार को सब्जी मंडी में लोगों की भीड़ जुटी रही। इस दौरान कोरोना से बचाव के लिए किसी भी तरह का एतिहात न तो सब्जी विक्रेताओं ने बरता और न ही खरीदादों ने।

राज्य में कुल 155 संक्रमित: रांची के 94, गढ़वा 23, बोकारो 10, पलामू 08, देवघर 04, हजारीबाग में 3, धनबाद 02, गिरिडीह 02, सिमडेगा 02, जामताड़ा 02, दुमका 02, कोडरमा 02 और गोड्डा में 1 मरीज में कोरोनावायरस के संक्रमण की पुष्टि हुई है।

राज्य में अब तक 04 की मौत: रांची में तीन जबकि बोकारो के एक मरीज की मौत हो चुकी है।

राज्य में स्वस्थ्य हुए 52 मरीज: रांची में 27, बोकारो में 9, धनबाद में दो, हजारीबाग में तीन, देवघर में दो, गिरिडीह में दो, सिमडेगा में दो, गढ़वा में 02 जबकि राज्य के अन्य जिलों से संक्रमित मरीजों में 03 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं।



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तस्वीर गुमला के साप्ताहिक बाजार की। राज्य में कोरोना संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ रही है, इसके बावजूद गुमला के बाजारों की स्थिति लॉकडाउन फेज-1 से ऐसी ही बनी हुई है। बाजारों में भीड़ कोरोना से बचाव को लेकर किसी भी तरह का एतिहात भी नहीं बरतती दिखती।




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नक्सलियों ने क्रशर प्लांट में 13 वाहनों को फूंका, बम विस्फोट कर मशीन को क्षतिग्रस्त किया

पिपरा थाना क्षेत्र के घासीखाप गांव में एनएच 98 के किनारे स्थित सिद्धार्थ कंस्ट्रक्शन क्रशर प्लांट में शुक्रवार की रात नक्सलियों ने धावा बोलकर 13 वाहनों को फूंक डाला। रात करीब 10:45 बजे एक दर्जन की संख्या में आए हथियार से लैस नक्सलियों ने नाइट गार्ड, हाइवा चालकों तथा अन्य कर्मियों को बंधक बना लिया। इसके बाद प्लांट में खड़े आठ हाइवा, एक लोडर, तीन ट्रेलरतथा एक 12 चक्का ट्रक कुल 13 वाहनों को आग के हवाले कर दिया। वहीं, क्रशर मशीन के प्राइमरी तथा सेकेंडरी हिस्सों को विस्फोट कर क्षतिग्रस्त कर दिया।

नक्सलियों ने मौके पर हस्तलिखित पर्चा छोड़कर घटना की जिम्मेवारी लेते हुए क्रशर संचालक से रंगदारी (लेवी) की मांग की है। नक्सली लगभग 45 मिनट तक घटना को अंजाम देते रहे। इस दौरान आग बुझाने का प्रयास करने वाले हाइवा के मालिक चंद्रवंश सिंह की पिटाई भी की। नाइट गार्ड मुन्ना सिंह ने बताया कि अत्याधुनिक हथियार से लैस 10 से 12 नक्सली प्लांट में घुस आए।

आते ही उन लोगों ने उसके साथ-साथ हाइवा चालक अमरेश कुमार, मंदीश कुमार सहित अन्य कर्मियों को बंधन बना लिया। साथ ही कहा कि तुम्हारा मालिक लेवी नहीं देता है। इसके बाद नक्सलियों ने प्लांट पर खड़े वाहनों से डीजल निकालकर सभी को आग के हवाले कर दिया। बाद में सभी नक्सली भाकपा माओवादी जिंदाबाद के नारे लगाते हुए दक्षिण पूर्व दिशा की ओर भाग गए।

घटना की सूचना मिलते ही छतरपुर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी शंभू कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल रात में ही घटनास्थल पर पहुंच कर पूछताछ तथा नक्सलियों की धरपकड़ के लिए छापेमारी भी की। शनिवार की सुबह पलामू एसपी अजय लिंडा, अभियान एसपी अरुण कुमार सिंह घटनास्थल पर आकर छानबीन की तथा नक्सलियों के खिलाफ अभियान चलाने के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिया। पुलिस व सीआरपीएफ द्वारा नजदीकी सुदूरवर्ती इलाकों में सर्च अभियान जारी है।

नितेश औरअभिजीत दस्ता ने दिया घटना को अंजाम : डीएसपी
डीएसपी शंभू कुमार सिंह ने बताया कि भाकपा माओवादी द्वारा लेवी को लेकर इस घटना को माओवादी नितेश तथा अभिजीत का दस्ता द्वारा अंजाम दिया गया है। हालांकि क्रशर मालिक रामाशीष सिंह के अनुसार इससे पहले नक्सलियों द्वारा लेवी की मांग नहीं की गई थी।



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क्रशर प्लांट में लगी गाड़ियों को नक्सलियों ने किया आग के हवाले।




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Displaced Somalis share Ramadan meal under shadow of COVID-19

In makeshift metal homes in a camp in Mogadishu, women wrapped in brightly patterned scarves are making savoury pastries and mixing flour for flatbreads.




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Nigerian comics fight COVID-19 with gags and slapstick slaps

Nigerian comedian Maryam Apaokagi has a sure-fire way of getting people to listen to her coronavirus health advice - she delivers it with a hard slap in the face.




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Bob Dylan announces first album of new music since 2012

Bob Dylan is releasing his first album of new music in eight years following a spurt of creativity from the man regarded as one of the world's most influential songwriters.




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Roy Horn of Las Vegas magic duo Siegfried and Roy dies of COVID-19 - report

Magician Roy Horn, who alongside Siegfried Fischbacher starred in a popular, long-running Las Vegas act built around rare tigers, died on Friday from of complications of COVID-19, the Las Vegas Review-Journal newspaper reported. He was 75.




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Russia records more than 10,000 new coronavirus cases in past day

Russian authorities said on Saturday they had recorded 10,817 new cases of the coronavirus in the last day, pushing the nationwide tally to 198,676.




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Indonesia reports 533 new COVID-19 cases, biggest in a day

Indonesia reported on Saturday 533 new coronavirus infections, the biggest daily increase, taking the total number to 13,645, health ministry official Achmad Yurianto said.




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Slovakia records no new coronavirus cases for first time since March 10

Slovakia on Friday recorded no new cases of coronavirus for the first time since March 10, government figures showed.




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Britain to quarantine travellers for 14 days, UK airlines association says

The British government has told airlines it will introduce a 14-day quarantine period for most people arriving from abroad to try to avoid a second peak of the coronavirus pandemic, an association representing the airlines said on Saturday.




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Australia's biggest states hold off on easing COVID-19 restrictions for businesses

Australia's most populous states held back from relaxing coronavirus restrictions on Saturday although other states began allowing small gatherings and were preparing to open restaurants and shops.




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More than 1,000 queue for food in rich Geneva amid virus shutdown

More than 1,000 people queued up on Saturday to get free food parcels in Geneva, underscoring the impact of the coronavirus epidemic on the working poor and undocumented immigrants even in wealthy Switzerland.




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कोरोना के नियंत्रण के लिए प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री ने केंद्र से मांगा 1200 करोड़ रुपए का राहत पैकेज

प्रदेश के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण औरगृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के जरिएकेन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन सेचर्चा की। मिश्रा नेकोविड-19 संक्रमण नियंत्रण के लिये 1200 करोड़ रूपये के राहत पैकेज के प्रस्ताव को अनुमोदित करने का अनुरोध किया है। इसके अलावा, आरएनए एक्स्ट्रेक्शन किट प्रदेश को उपलब्ध कराने की मांग की। मिश्रा ने बताया कि प्रदेश में ऑक्सीजन थैरेपी से कोरोना की बीमारी के उपचार में मदद मिली है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में केन्द्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे भी उपस्थित थे।

मंत्री मिश्रानेबताया कि चिरायु अस्पताल भोपाल में अब तक 600 मरीज भर्ती हुए हैं, इनमें 250 से अधिक स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं। अस्पताल में उपचार के दौरान एक भी मरीज काल-कवलित नहीं हुआ है। ऑक्सीजन थैरे‍पी के उपचार से यह संभव हुआ है।इस तकनीक से एम्स और इंदौर में भी उपचार किया जा रहा है। इससे मध्यप्रदेश में कोरोना संबंधी मृत्यु दर में भी कमी आई है। उन्होंने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री से ग्वालियर जिले को रेड जोन से हटाने की मांग की। उन्होंने बताया कि ग्वालियर में 4 कोरोना मरीज सामने आये थे, जो स्वस्थ हो चुके हैं। वर्तमान में जिले में कोई भी कोरोना पॉजीटिव मरीज नहीं है। प्रदेश में कोरोना संक्रमण नियंत्रण के लिये सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं और उनका सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जा रहा है।

50 हजार लोगों का कोरोना टेस्ट कराया

  • अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य मोहम्मद सुलेमान ने बताया कि प्रदेश में अब तक 800 पूर्ण स्वस्थ हो चुके है। प्रदेश में अब तक 50 हजार लोगों का कोरोना टेस्ट कराया जा चुका है। प्रदेश में 3 मई को 50 कोरोना संक्रमित मरीज सामने आये जबकि 174 मरीज स्वस्थ हुए हैं।
  • केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने प्रदेश में कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिये समीक्षा करते हुए डॉ. मिश्रा से कहा कि वे निरंतर दूरभाष पर संपर्क में बने रहे। अब तक कोरोना से अप्रभावी जिलों को सुरक्षित रखने के लिये साथ ही रेड जोन के जिलों को ऑरेंज जोन में लाने के लिये सभी आवश्यक प्रबंध करें।
  • ज्यादा से ज्यादा टेस्टिंग करवाएं। उन्होंने ऑक्सीजन थैरेपी से उपचार की प्रशंसा की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में प्रमुख सचिव स्वास्थ्य पल्लवी जैन गोविल, स्वास्थ्य आयुक्त फैज एहमद किदवई भी मौजूद थे।


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स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा।




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एम्स से 12 और चिरायु अस्पताल से 18 कोरोना संक्रमित ठीक होकर डिस्चार्ज हुए

सोमवार की शाम को एम्स अस्पताल से 12 और चिरायु अस्पताल से 18 कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति पूर्णतः स्वस्थ होकर अपने घर की ओर रवाना हुए। इन 18 व्यक्तियों में 5 रायसेन एवं एक व्यक्ति सीहोर से है। भोपाल से कुल 30 व्यक्ति पूर्ण रूप से स्वस्थ होकर अपने घर रवाना हुए। चिरायु अस्पताल के डायरेक्टर अजय गोयनका ने आज डिस्चार्ज हुए सभी व्यक्तियों को घर पर ही 14 दिवस होम क्वॉरेंटाइन की समझाइश दी। उन्होंने होम क्वॉरेंटाइन की अवधि समाप्त होने के पश्चात सभी से अपना प्लाज्मा डोनेट करने की अपील भी की।

आज डिस्चार्ज हुए अमित तिवारी ने जिला प्रशासन और चिरायु अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने बताया डॉक्टरों और स्टाफ ने पूरी सेवा और समर्पण भाव से हमारा इलाज किया जिस कारण आज हम स्वस्थ हुए हैं।13 वर्षीय सुमेला ने बताया कि उन्हें यहां महसूस ही नहीं हुआ कि वह अस्पताल में है। उन्हें घर जैसा माहौल मिला। जितेंद्र सुपे ने बताया कि उन्होंने सोचा नहीं था कि इस तरह की उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उन्हें मिलेगी।



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एम्स से डिस्चार्ज हुए मरीजों को डॉक्टर गेट तक छोड़ने आए।




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मिश्रा ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से मांगा 1200 करोड़ का पैकेज

कोरोना संकट से निपटने के लिए स्वास्थ्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने केंद्र से 1200 करोड़ रुपए का राहत पैकेज मांगा है। उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान यह मांग की। मिश्रा ने राहत पैकेज के प्रस्ताव के अनुमोदन का आग्रह किया। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में ऑक्सीजन थेरेपी से कोरोना वायरस की बीमारी के उपचार में मदद मिली है। भोपाल के चिरायु अस्पताल में इस थेरेपी से इलाज किया जा रहा है और यहां भर्ती हुए 600 मरीजों में से किसी की मृत्यु नहीं हुई है। एम्स व इंदौर में भी इस पद्धति से इलाज किया जा रहा है। केंद्र का कोई दल यहां आकर उस थेरेपी का अध्ययन करे, जिससे उसका लाभ देश के अन्य स्थानों पर भी मिल सके। हर्षवर्द्धन ने तत्काल इसके लिए निर्देशित किया।



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मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा




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अप्रैल में 100 परिवारों में गूंजी किलकारियां, 48 बेटियां और 52 बेटों को प्रसूताओं ने दिया जन्म

अप्रैल माह के 30 दिनों में 52 बालक व 48 बालिकाओं ने जन्म लिया। बालक बालिकाओं का जन्म होते ही अस्पताल परिसर नवजात बच्चों की किलकारियों से गूंज उठा।
कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर लगाए गए लॉकडाउन के दिनों में नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जन्म लेने वाले बच्चों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। नागरिक कोरोना वायरस के संक्रमण से स्वयं को बचाए जाने के लिए अनेक एहतियात बरत रहे हैं,लेकिन इन सब के बीच नगर के शासकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव कराने वाली प्रसुति महिलाओं की संख्या में इजाफा हुआ है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र यू तो चिकित्सकों सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है। इन सब के बीच अस्पताल स्टाफ के द्वारा उपचार हेतु आने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं सीमित संसाधनों के बीच उपलब्ध कराई जा रही है। तहसील और आसपास के गांवों से मरीज सरकारी अस्पताल में चिकित्सकों से विभिन्न बीमारियों का उपचार करा कर स्वस्थ्य हो रहे है। नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसुति सहायता योजना के प्रारंभ होने से लगातार अस्पताल में प्रसव कराने वाली महिलाओं की संख्या में इजाफा हो रहा है। कोरोना वायरस को लेकर लॉक डाउन लगाया गया है। लोग लॉक डाउन का पालन भी कर रहे हैं लेकिन सरकारी अस्पताल में प्रसव कराने हेतु प्रसुति महिलाओं के आने की संख्या लगातार बढ़ रही है। लॉक डाउन के दौरान अप्रैल माह मे रिकार्ड एक सौ प्रसव महिला स्वास्थ्य कर्मचारियों के द्वारा अस्पताल आने वाली प्रसुति महिलाओं के कराए गए। अस्पताल के रिकार्ड के अनुसार अप्रैल माह में कुल एक सौ बेटे बेटियों का जन्म होने से अस्पताल परिसर में बच्चों की किलकारियां गंूजी। जन्म लेने वालों में 52 बालक व 48 बालिकाएं शामिल है। प्रसव कराने वाले स्वास्थ्य कर्मचारियों के द्वारा प्रसुति महिलाओं को स्वास्थ्य परीक्षण किया जाकर आवश्यक दवाएं दी जाती है। प्रसव के बाद बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी से भी अवगत कराया जाता है। इसके अतिरिक्त अस्पताल में प्रसव कराने वाली प्रसुति महिलाओं को राज्य सरकार की तय आर्थिक योजना सहित अन्य योजनाओं का लाभ भी दिया जा रहा है।
आवागमन बंद होने से भी बड़ी संख्या : दरअसल लॉकडाउन के कारण आवागमन पूरी तरह से बंद है। न ही नगर के लोगों को सिलवानी से बाहर आने जाने की अनुमति मिल रही है। यही वजह है कि लोग सरकारी अस्पताल में डिलेवरी करवाने में दिलचस्पी ले रहे हैं। इससे पहले कई लोग रायसेन, विदिशा, भोपाल आदि में डिलेवरी करवाने के लिए जाते थे। अस्पताल में ग्रामीण अंचल की महिलाएं भी डिलेवरी करवाती थी।



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In April, 100 families gave birth to buzz killers, 48 daughters and 52 sons by maternity




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लॉकडाउन शुरू होने से डॉक्टर को ड्यूटी रूम में ही बिताना पड़े थे 15 दिन

कोरोना वायरस संक्रमण के अब तक 62 मरीज सामने आ चुके हैं। इन सबके बीच जिला अस्पताल में सुरक्षित प्रसव करवाना किसी खतरे से कम नहीं है, फिर भी महिला डॉक्टर जान जोखिम में डालकर न केवल सुरक्षित प्रसव करवा रही है, बल्कि जच्चा-बच्चा को भी संक्रमण से दूर रखने का प्रयास कर रही हैं।
हाल में ज्वॉइन करने वाली दो महिला डॉक्टरों को लॉकडाउन के कारण 15 दिनों तक ड्यूटी रूम में ही रहना पड़ा, हालांकि अब उन्होंने किराए का मकान लेकर वहां शिफ्ट हो गई। वहीं जिला अस्पताल में कंटेनमेंट एरिया से प्रसव कराने के लिए आने वाली महिलाओं के लिए प्रबंधन ने अलग से वार्ड बना दिया है।
वृद्ध मां और दो साल के भतीजे से बना ली दूरी : डॉ. प्रीति बाला
जिला अस्पताल की वरिष्ठ महिला चिकित्सक डॉ. प्रीति बाला कोरोना वायरस के संक्रमण के बीच न केवल गर्भवती महिलाओं का चेकअप करने के साथ ही सुरक्षित प्रसव भी करवा रही है। उन्होंने बताया कि कंटेनमेंट एरिया से भी प्रसव के लिए महिलाएं अस्पताल में आ रही है, इस दौरान उनकी चुनौती ज्यादा बढ़ गई है। एक कोरोना वायरस से पीडित महिला की डिलेवरी यहां पर पूरी सुरक्षा के बीच कराई है। जिससे उन्हें भी खतरा बना हुआ है, इस कारण उन्होंने अपनी वृद्ध मां और दो साल के भतीजे से घर में दूरी बना ली है।
खतरा है पर सुरक्षित प्रसव कराना धर्म : डॉ. सुनीता अतुलकर
जिला अस्पताल में पदस्थ सीनियर स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनीता अतुलकर का जवान बेटे का एक्सीडेंट में निधन हो गया, उसके गम से उभर भी नहीं पाई थी कि कोरोना वायरस के संक्रमण से लॉकडाउन प्रारंभ हो गया। इस कठिन दौर में उन्हें जिला अस्पताल में सभी प्रकार की सावधानियां बरते हुए सुरक्षित प्रसव करवाना पड़ रहे है। उन्होंने बताया कि अल्ली और महू पथरई गांव के साथ ही शहर के कंटेनमेंट एरिया की महिलाएं भी प्रसव के लिए आई है। इस कारण उन्हें प्रसूती गृह में ज्यादा ध्यान देना पड़ रहा है।
15 दिन तक ड्यूटी रूम में रहना पड़ा: डॉ. शशि श्रीवास्तव
जिला अस्पताल में ज्वॉइन करने वाली डॉ. शशि श्रीवास्तव ने बताया कि ज्वॉनिंग के बाद ही उनके सामने कठिन परिस्थितियां निर्मित हो गई। नया शहर था और कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए लॉकडाउन हो गया। इस दौरान उन्हें 15 दिन तक जिला अस्पताल के ड्यूटी रूम में ही रहना पड़ा। पहले तो टिफिन ले लेते थे, लेकिन जब टिफिन सेंटर से ही संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ा तो उन्होंने उसे बंद कर दिया। अब उन्हें किराए का मकान मिल गया है, वहां शिफ्ट हो गई है, लेकिन इन खतरों के बीच ड्यूटी करना किसी चुनौती से कम नहीं है।
महामारी में काम करने का मिल रहा अनुभव : डॉ. श्रेया त्रिपाठी
जिला अस्पताल में दो महीने पहले ज्वॉइन करने वाली महिला चिकित्सक डॉ. श्रेया त्रिपाठी ने बताया कि महामारी के बीच ड्यूटी करने से उन्हें अनुभव ही मिल रहा है। कठिन परिस्थितियों में कैसे इलाज करना है और अपने आपको को भी सुरक्षित रखना है, यह सब उन्हें सीखने को मिल रहा है। लॉकडाउन लगने से उन्हें भी 15 दिन अस्पताल के डयूटी रुम में रहना पड़ा था, अब जाकर स्थिति ठीक हुई है। मम्मी- पापा और बहन से फोन ही बात करती है और उनका हाल चाल लेते रहते हैं।



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The doctor had to spend 15 days in the duty room since the lockdown started




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एनएफएल के विंध्याचल क्लब और डीपीएस विजयपुर ने कोरोना रिलीफ फंड में दिए 1.81 लाख रुपए

कोरोना महामारी से लड़ाई में नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड, विजयपुर इकाई स्थित विंध्याचल क्लब एवं दिल्ली पब्लिक स्कूल नेे गुना कोरोना रिलीफ फंड में 1,25,000 रुपए तथा 56,148 रुपए की राशि का योगदान दिया है। यह राशि विंध्याचल क्लब के सदस्यों व दिल्ली पब्लिक स्कूल के स्टाफ द्वारा एकत्रित की गई।
जगदीप शाह सिंह, महाप्रबंधक प्रभारी द्वारा योगदान राशि के चेक एस. विश्वनाथन कलेक्टर एवं तरुण नायक पुलिस अधीक्षक गुना को सौंपे। इससे पूर्व भी नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड, विजयपुर इकाई के कर्मचारियों नेे गुना कोरोना रिलीफ फंड में एक लाख रुपए का योगदान दिया है। साथ हीं कंपनी के सभी कर्मचारियों ने एक दिन का वेतन जो कि तकरीबन 88 लाख रुपए बनता है पीएम केयर्स फंड में जमा कराया है।
इस तरह की मुश्किल स्थिति में भी एनएफएल अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए किसानों को उर्वरक की सुचारू और पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित कर रही है। नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड सार्वजनिक क्षेत्र की उर्वरक उत्पादन में देश की अग्रणी कंपनी है और समय पर समाज के प्रति अपने दायित्वों की पूर्ति विभिन्न माध्यमों से करती है।



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NFL's Vindhyachal Club and DPS Vijaypur gave Rs 1.81 lakh to Corona Relief Fund




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सोशल मीडिया ग्रुप के सदस्यों ने इलाज के लिए दिए 1.36 लाख

शहर के सोशल मीडिया ग्रुप के सदस्यों ने सिलेंडर फटने से लगी आग से झुलसे गरीब परिवार के तीन लोगों की इलाज के लिए मदद की है। इस दौरान एकत्र की गई राशि को जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों और अधिकारियों ने घायल व्यक्ति के बेटे को सौंपी है।
दरअसल शनिवार को कुशवाह कॉलोनी में सिलेंडर फटने से आग लग गई थी। घटना में ब्रजलाल कुशवाह, उसकी पत्नी उर्मिला और पुत्री रूपा गंभीर रूप से जल गए। घायलों को इलाज के लिए सिविल अस्पताल लाएं जहां गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल रैफर कर दिया। जिला अस्पताल में इलाज के बाद सभी को ग्वालियर रैफर किया गया। डॉ. योगेंद्र सिंह ने बताया कि आग लगने से पति ब्रजलाल 95 प्रतिशत, उसकी पत्नी उर्मिला और पुत्री 60 प्रतिशत जल गए। परिवार की आर्थिक हालत ठीक नहीं होने के कारण उन्हें इलाज कराने में परेशानी होती है। समाजसेवियों ने इसकी जानकारी सोशल मीडिया ग्रुप मुंगावली ब्रेकिंग पर डाल दी। इसके बाद शहर के समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने जनसहयोग से 1 लाख 36 हजार रुपए इकट्‌ठे किए। इस राशि को पूर्व विधायक ब्रजेंद्र सिंह यादव ने सोमवार को ब्रजलाल कुशवाह के 12 वर्षीय पुत्र को दी। इस मौके पर थाना प्रभारी रोहित दुबे, सीएमओ विनोद उन्नीतान, राजकुमार नरवरिया, रूपेश जैन, बंटी टुंडेले आदि मौजूद थे।

इन लोगों ने दी सहायता राशि
सांसद केपी यादव, पूर्व विधायक ब्रजेंद्र सिंह यादव, डॉ. दिनेश त्रिपाठी, दीपक पालीवाल, रूपेश जैन, राजकुमार नरवरिया, जितेंद्र राय, सीएमओ विनोद उन्नीतान, जितेंद्र शर्मा, नितेश भोपाली, राजाराम कुशवाह, जलील खान जमींदार, दीपक टुंडेले, कुलदीप नरवरिया, डॉ. पंकज सोनी, राजदीप अग्रवाल, सिरिल नरेश, सचिन यादव, सतेंद्र, राकेश, संतोष पाठक, अमित पांडे, मनीष सोनी, नरेंद्र कुशवाह, धर्मेंद्र जैन, दुष्यंत राजपूत, नारायण कुशवाह, मनीष राय, नरेश कुशवाह, विक्रम यादव, जाकिर खान, शिवजीत यादव, श्याम परिवार आदि शामिल हैं।



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Social media group members gave 1.36 lakhs for treatment




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एक साल बाद भी 346 मुस्लिम जोड़ों को नहीं मिली निकाह योजना की 1 करोड़ 76 लाख रुपए की राशि

मुख्यमंत्री निकाह योजना में जिले के 346 मुस्लिम जोड़ों ने सामूहिक रूप से निकाह कराया था। निकाह कराए करीब 1 साल हो गया लेकिन उन्हें शासन की योजना के अनुरूप अब तक 51 हजार रुपए की राशि नहीं मिली है। यह मुस्लिम जोड़े और उनके परिजन राशि प्राप्त करने के लिए अधिकारियों के चक्कर लगा रहे है, लेकिन उन्हें आश्वासन के अलावा अब तक कुछ नहीं मिल पाया है।
जिला सामाजिक न्याय विभाग के माध्यम से नगरीय निकाय द्वारा विवाह और निकाह सम्मेलन करवाए गए थे। मुख्यमंत्री निकाह योजना के तहत नगर पालिका के सम्मेलन में 104 मुस्लिम जोड़ों का निकाह हुआ था। जबकि शेष 242 निकाह जनपद क्षेत्र में हुए थे। इस तरह 346 जोड़ों के निकाह होने पर 51 हजार प्रति निकाह के मान से करीब 1 करोड 76 लाख 46 हजार रुपए की राशि मिलना है। तीन हजार रुपए प्रति कन्या के हिसाब टेंट खर्च, भोजन व निकाह सहित अन्य मदों पर खर्च होना थी, जबकि शेष 48 हजार रुपए प्रति जोड़े को दिए जाने थे, लेकिन निकाह कराने वाले जोड़ों को 48-48 हजार रुपए की राशि अब तक प्राप्त नहीं हुई है। जबकि यह राशि निकाह करने वाली कन्याअों के खातों में डाली जानी थी। इस संबंध में अंजुमन इस्लाम कमेटी सदर अलीम खान पप्पू ने बताया कि कई ऐसे परिवार हैं जिनको निकाह योजना की राशि नहीं मिली। कलेक्टर से बात कर राशि उपलब्ध कराई जाएगी।

ससुराल वाले कर रहे शक
अशफाक खान, हनीफ खां ने बताया कि निकाह योजना की राशि कन्याओं के खाते में नहीं पहुंचने पर बच्चियों के ससुराल वाले शक करते है कि कहीं कन्या ने राशि निकालकर अपने माता पिता को तो नहीं दे दी है। कई बार उन्हें बैंक ले जाकर पास बुक की इंट्री उनके सामने करवाने के बाद उन्हें संतुष्ट किया है।



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निमाड़ और मालवा तपे; ग्वालियर, चंबल, बुंदेलखंड में बारिश, खरगोन में पारा 44.5 और खंडवा में 43.1 डिग्री पर पहुंच गया

सोमवार को प्रदेश में मौसम ने दो रंग दिखाए। निमाड़ व मालवा क्षेत्र के इलाके खूब तपे। खरगोन में पारा 44.5 और खंडवा में 43.1 डिग्री पर पहुंच गया। भाेपाल में कुछ राहत रही। यहां तापमान करीब एक डिग्री गिरकर 41.2 डिग्री पर पहुंच गया। जबकि ग्वालियर-चंबल, बुंदेलखंड और विंध्य के कई शहरों में बारिश हुई। ग्वालियर में 15 मिलीमीटर पानी बरसा। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक एके शुक्ला ने बताया कि राजस्थान के पास बना चक्रवाती हवा का घेरा हरियाणा की तरफ से शिफ्ट हो गया। पूर्वी मध्य प्रदेश से लेकर पश्चिम बंगाल तक एक तरफ लाइन बनी हुई है एवं एक अन्य ट्रक लाइन भी यहां से होकर गुजर रही है। इन कारणों से तापमान बढ़ा और बारिश हुई।



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लॉकडाउन के बीच भोपाल के आसमान में भी बादल छाए रहे।




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41 डिग्री में 10 किलो बोझ लादे गर्म थपेड़ों में हजार किमी का पैदल सफर जारी है...

पौने दो साल के बच्चे को गोद में लिए, पीछे 5 से 10 किलो वजन का झोला या बैग, सरपट बढ़ते कदम। ललाट से लगातार बहता पसीना, धूप एेसी कि आंखें भी बराबर नहीं खुल रहीं। ऊपर से गर्म हवा के थपेड़े। इतनी विषमताओं से जूझते हुए पैदल पांच सौ से एक हजार किलोमीटर का सफर। लाॅकडाउन के कुछ दिन बाद से ही यह दृश्य बायपास पर देखे जा रहे हैं। मजदूरी के ठिकाने नहीं, रोजाना मांग कर खाना, किसी दिन भूखे ही सो जाना। कोरोना संक्रमण ने दिहाड़ी मजदूरों की कमर तोड़ कर रखी है। अपने घर (उत्तरप्रदेश, बिहार, राजस्थान) जाने के लिए चिलचिलाती धूप में यह महासफर रोंगटे खड़े कर देने वाला, झकझोर कर रख देने वाला है।
राऊ चौराहा से मांगलिया तक हर किमी पर ये दृश्य
राऊ चौराहा से मांगलिया तक के बायपास पर लगभग हर एक किलोमीटर की दूरी पर एेसे ही हजारों मिल की दूरी पैर-पैर पूरी करने वाले मिल रहे हैं। किसी का एक बच्चा गोद में है तो दूसरा नन्हे कदमों से लंबी दूरी खत्म करने में माता-पिता की मदद कर रहा है। किसी गांव से भोजन का पैकेट मिल गया तो कहीं से पानी भरकर 15 से 20 दिन की दूरी इसी तरह पूरी की जा रही है।
सीमा पार तक छुड़वाने की व्यवस्था में जुटा निगम
निगमायुक्त आशीष सिंह का कहना है कि लोगों की मदद के लिए हमने जगह-जगह स्टॉल लगा दिए हैं। पानी, भोजन की व्यवस्था के साथ-साथ इंदौर की सीमा खत्म होने तक छुड़वाने की व्यवस्था भी की है। एसपी वेस्ट महेशचंद्र जैन का कहना है कि हमने इंदौर में प्रवेश की हर सीमा पर टेंट-तंबू लगा दिए हैं। वहां पर पलायन करने वालों की मदद की जा रही है।



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प्रदेश से पलायन कर रहे लोगों के भोजन और पानी के इंतजाम के लिए नगर निगम ने अपनी तरफ से जगह-जगह टेंट लगाए हैं।




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भोपाल में 11 नए केस, एक मौत, 30 डिस्चार्ज

राजधानी में सोमवार को 11 नए कोरोना पाॅजिटिव मिले। इनमें से नौ शहर के नए हॉटस्पॉट मंगलवारा क्षेत्र से हैं। दो जमातियों के संक्रमित मिलने के बाद देर रात हज हाउस खाली करा लिया गया। एम्स में इलाज के दौरान ऐशबाग क्षेत्र के एक मरीज ने दम तोड़ दिया। इन सबके बावजूद दो राहत भरी खबरें भी हैं। पहली- 30 और कोरोना मरीज डिस्चार्ज हो गए। दूसरी- जिला प्रशासन ने 340 कंटेनमेंट क्षेत्रों को घटाकर अब 160 कर दिया है। सीएमएचओ डॉ. प्रभाकर तिवारी ने बताया कि रविवार रात एक हजार सैंपल की रिपोर्ट में सिर्फ 25 पॉजिटिव मिले। वहीं इंदौर में 43 नए संक्रमित मिले, जबकि 3 मरीजों की मौत हो गई। जबकि धार में एक दिन में 20 पॉजिटिव मिले। यहां अब 71 संक्रमित हो चुके हैं। उज्जैन में 17 मरीज मिले। 3 मृतकों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई।

बुरहानपुर विधायक की बहू, भतीजा, पोता संक्रमित; बड़नगर विधायक कोरोना संदिग्ध

बुरहानपुर में सोमवार को 16 नए मरीज मिले। इनमें निर्दलीय विधायक सुरेंद्र सिंह शेरा की बहू, भतीजा और सवा साल का पोता शामिल है। विधायक के भाई पहले ही संक्रमित हो चुके हैं। यहां कुल 34 संक्रमित हैं। इनमें पूर्व पार्षद और उनके परिवार के 10 सदस्य, दो डॉक्टर हैं। उधर बड़नगर में पांच पॉजिटिव मिले। जबकि कांग्रेसी विधायक मुरली मोरवाल और उनके बेटे शिवम की रिपोर्ट प्री-पॉजिटिव आई है। दोनों इंदौर इलाज कराने गए हैं। विधायक का कहना है कि उन्हें आरडी गार्डी अस्पताल की रिपोर्ट पर भरोसा नहीं है। वे फिर से जांच कराएंगे।



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भोपाल में सोमवार को 11 नए कोरोना पाॅजिटिव मिले। इनमें से नौ शहर के नए हॉटस्पॉट मंगलवारा क्षेत्र से हैं।




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रात 50 किमी की रफ्तार से चली हवा; 11 केवी लाइन का तार टूटा, आधा घंटे गुल रही बिजली

शहर में साेमवार रात 10 बजे 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चली। इस वजह से पुराने शहर में रायल मार्केट इलाके में ताज मार्केट के पास 11 केवी यानी बड़ी लाइन का तार टूट गया। इससे पूरे इलाके में आधा घंटे बिजली गुल रही। इसके अलावा भदभदा, सूरज नगर, एअरपाेर्ट राेड, भानपुर समेत कई इलाकाें में हवा के कारण बिजली गुल रही। रविवार रात 12 बजे कराेंद इलाके में ट्रुबा काॅलेज के पास के इलाके में दाे घंटे एवं छाेला इलाके में 15 मिनट बिजली गुल रही। इसके पहले रविवार की रात को भी शहर के कई इलाकों में दो घंटे तक बिजली गुल रहने की शिकायतें मिली हैं। वहीं, बिजली विभाग शहर के अलग-अलग इलाकों में प्री-मानसून मेंटेनेंस के लिए शटडाउन का शेड्यूल जारी कर रहा है।

बिजली कंपनी के डीजीएम डीके तिवारी का कहना है कि तेज हवा के दाैरान एहतियात के ताैर पर सप्लाई बंद करनी पड़ती है। चालू लाइन में यदि तार टकराते हैं ताे फाॅल्ट करंट ज्यादा हाेने के कारण तार टूटकर नीचे गिर सकते हैं। एेसे हालात में अप्रिय स्थिति से बचने के लिए एहतियात के ताैर पर सप्लाई बंद कर दी जाती है।

मौसम विभाग ने जारी किया 13 जिलों में यलो अलर्ट

अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बने प्रति चक्रवात के कारणगरज-चमकके साथ बारिश और ओलावृष्टिकी संभावना है। इससे आज भी राजधानी समेत अन्य जिलों में तेज आंधी और तूफान आ सकता है।भोपाल-मौसम विभाग ने जारी किया 4 संभाग और 13 जिलों में यलो अलर्ट। भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल संभाग और रीवा, सतना, सीधी, उमरिया, डिंडोरी, जबलपुर, नरसिंहपुर, दमोह, सागर, छतरपुर, होशंगाबाद, बैतूल और इंदौर में संभावना जताई गई है।



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भोपाल में सोमवार की रात को तेज आंधी से 11 केवी लाइन टूट गई, जिससे कई इलाकों में बिजली गुल रही। - फाइल फोटो




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कोरोना को मात देकर 17 लोग स्वस्थ होकर घर लौटे; रायसेन के कोविड केयर सेंटर से 12 और चिरायु से 5 डिस्चार्ज

यहां मंगलवार को12 लोग कोरोना संक्रमणसे स्वस्थ होने के बाद अपने घर चले गए। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.शशि ठाकुर के अनुसार, सभी लोगों की दूसरी रिपोर्ट भी निगेटिव आई है। इन लोगों को कोविड केयर सेंटर इंडियन चौराहे से घर भेजा गया। वहीं, 5 लोगों को चिरायु अस्पताल भोपाल से छुट्टी मिल गई है।रायसेन में इस समय कर्फ्यू लगा है।

इस तरह 12 घंटे के अंदर 17 मरीज कोरोना से मुक्त हो गए हैं। तीन लोग पहले ही ठीक हो चुके है। कोरोना से ठीक होने वाले लोगों की संख्या 20 हो गई। जिलेमें कोरोना से संक्रमित मरीजों की कुल संख्या 63 है। जबकि 2 लोगोंकी कोरोना से मौत हो गई। अब कुल 41 एक्टिव केसहैं। इन सभी लोगों का रायसेन और भोपाल में इलाज चल रहाहै।रायसेन में अग्रवाल परिवार में दो सगे भाईयों की मौत हो गई थी।इसके बाद उनका तीसरा भाई, तीन बहुएं, माता-पिता और तीन बच्चे कोरोना से संक्रमित हुए। इन सभी का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है।

मरीजों ने कहा- हमें अस्पताल आने के बाद नहीं लगा डर

डिस्चार्ज होने वाले मरीजों ने अस्पताल के डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ का आभार जताया। कहा- कोरोना पॉजिटिव होने के बाद डर ज्यादा लगा, लेकिन यहां आने के बाद हमारा डर चला गया और अब स्वस्थ होकर अपने घर जा रहे हैं। अस्पताल में हमें कभी परेशानी नहीं आई। डिस्चार्ज होने पर मेडिकल स्टॉफ ने मरीजों के लिए ताली बजाई और उनका सम्मान किया।



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रायसेन के कोरोना कोविड केयर सेंटर से आज 12 मरीजों को स्वस्थ होने पर डिस्चार्ज कर दिया गया।




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मध्यप्रदेश लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत एक दिन में मिलेंगी 18 सेवाएं, श्रम कानूनों में होंगे जरूरी बदलाव

प्रदेश में उद्योगों और श्रमिकों के हित में 4 केन्द्रीय और 3 राज्य अधिनियमों में संशोधन की अधिसूचना जारी की जा रही है। इसके साथ ही लोक सेवा प्रदाय गारंटी अधिनियम में 18 सेवाओं को एक दिन में देने का प्रावधान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों के साथ बैठक में विभिन्न अधिनियमों में प्रस्तावित संशोधनों में चर्चा कर कोरोना संकट के बाद उत्पन्न स्थिति में आगामी एक हजार दिनों में उद्योगों को विभिन्न रियायतें देने की जरूरत बताई थी। मुख्यमंत्री ने निवेश बढ़ाने और श्रमिकों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से श्रम कानूनों में आवश्यक संशोधन के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए थे।

निम्म अधिनियम हो रहे बदलाव

  • कारखाना अधिनियम 1948 के अंतर्गत कारखाना अधिनियम 1958 की धारा 6,7,8 धारा 21 से 41 (एच), 59,67,68,79,88 एवं धारा 112 को छोड़कर सभी धाराओं से नए उद्योगों को छूट रहेगी। इससे अब उद्योगों को विभागीय निरीक्षणों से मुक्ति मिलेगी। उद्योग अपनी मर्जी से थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन करा सकेंगे। रजिस्टर के संधारण में छूट मिलेगी। फेक्ट्री इंस्पेक्टर द्वारा जाँच एवं निरीक्षण से मुक्ति मिलेगी। उद्योग अपनी सुविधा में शिफ्टों में परिवर्तन कर सकेंगे।
  • मध्यप्रदेश औद्योगिक संबंध अधिनियम 1960 में संशोधन के साथ इस अधिनियम के प्रावधान उद्योगों पर लागू नहीं होंगे। इससे किसी एक यूनियन से समझौते की बाध्यता समाप्त हो जाएगी। औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 में संशोधन के बाद नवीन स्थापनाओं को एक हजार दिवस तक औद्योगिक विवाद अधिनियम में अनेक प्रावधानों से छूट मिल जाएगी। संस्थान अपनी सुविधानुसार श्रमिकों को सेवा में रख सकेगा। उद्योगों द्वारा की गईकार्यवाही के संबंध में श्रम विभाग एवं श्रम न्यायालय का हस्तक्षेप बंद हो जाएगा।
  • मध्यप्रदेश औद्योगिक नियोजन (स्थायी आदेश) अधिनियम 1961 में संशोधन के बाद 100 श्रमिक तक नियोजित करने वाले कारखानों को अधिनियम के प्रावधानों से छूट मिल जाएगी। इससे श्रमिक निष्ठापूर्वक उत्पादन में सहयोग करेंगे। मध्यप्रदेश श्रम कल्याण निधि अधिनियम 1982 के अंतर्गत जारी किये जाने वाले अध्यादेश के बाद सभी नवीन स्थापित कारखानों को आगामी एक हजार दिवस के लिएमध्यप्रदेश श्रम कल्याण मंडल को प्रतिवर्ष प्रति श्रमिक 80 रुपएके अभिदाय के प्रदाय से छूट मिल जाएगी। इसके साथ ही वार्षिक रिटर्न से भी छूट मिलेगी।
  • लोक सेवा प्रदाय गारंटी अधिनियम 2010 के अंतर्गत जारी अधिसूचना के अनुसार श्रम विभाग की 18 सेवाओं को पहले तीस दिन में देने का प्रावधान था। अब इन सेवाओं को एक दिन में देने का प्रावधान किया गया है। कारखाना अधिनियम 1948, दुकान एवं स्थापना अधिनियम 1958, ठेका श्रम अधिनियम 1970, अंतर्राज्यीय प्रवासी कर्मकार अधिनियम 1979, मोटर परिवहन कर्मकार अधिनियम 1961, मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार अधिनियम 1996 और बीड़ी एवं सिगार कामगार (नियोजन की शर्ते) अधिनियम 1966 में पंजीयन के लिएऑनलाइन आवेदन करने पर एक दिन में ही ऑनलाइन पंजीयन मिल जाएगा। इससे पंजीयन के लिये बेवजह कार्यालयों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी।
  • दुकान एवं स्थापना अधिनियम 1958 में संशोधन के बाद कोई भी दुकान एवं स्थापना सुबह 6 से रात 12 बजे तक खुली रह सकेगी। इससे दुकानदारों के साथ ही ग्राहकों को भी राहत मिलेगी। पचास से कम श्रमिकों को नियोजित करने वाले स्थापनाओं में श्रम आयुक्त की अनुमति के बाद ही निरीक्षण किया जा सकेगा। निरीक्षण में पारदर्शिता होगी। कारखानों को दो रिटर्न के स्थान पर एक ही रिटर्न भरना पड़ेगा।
  • ठेका श्रमिक अधिनियम 1970 में संशोधन के बाद ठेकेदारों को 20 के स्थान पर 50 श्रमिक नियोजित करने पर ही पंजीयन की बाध्यता होगी। 50 से कम श्रमिक नियोजित करने वाले ठेकेदार बिना पंजीयन के कार्य कर सकेंगे। इस अधिनियम में संशोधन के लिएप्रस्ताव केन्द्र सरकार को भेजा गया है।
  • कारखाना अधिनियम के अंतर्गत कारखाने की परिभाषा में विद्युतशक्ति के साथ 10 के स्थान पर 20 श्रमिक और बगैर विद्युत के 20 के स्थान पर 40 श्रमिक किया गया है। इस संशोधन का प्रस्ताव भी केन्द्र शासन को भेजा गया है। इससे छोटे उद्योगों को कारखाना अधिनियम के पंजीयन से मुक्ति मिलेगी। इसके पूर्व 13 केन्द्रीय एवं 4 राज्य कानूनों में आवश्यक श्रम संशोधन किए जा चुके हैं।


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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान




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राज्य में 3049 संक्रमित, सबसे ज्यादा इंदौर में 1654 मरीज; विधायक के परिवार के चार लोग कोरोना पॉजिटिव

लॉकडाउन फेज-3 के दौरान ऑरेंज और ग्रीन जोन में कुछ छूट मिलने की वजह से नियमों की धज्जियां उड़ रही हैं। सड़कोंपर सामान्य दिनों से ज्यादा भीड़ देखीजारही है। बाजार, सब्जी मंडी और बैंकों के अलावा मोहल्लों में भीऐसा नजारा देखने कोमिलरहा है, जैसे कोरोना से मुक्ति मिल गई हो। सोशल डिस्टेंसिंग को दूर की बात है, लोग मास्क भी नहीं लगा रहे हैं। जिला प्रशासन ने अभी पब्लिक ट्रांसपोर्ट की मंजूरी नहीं दी है, लेकिन लोग मिनी ट्रकोंसे आते-जाते दिखे। राज्य में संक्रमितों की संख्या 3049 हो गई है। इनमें सबसे ज्यादा मरीज इंदौर में 1654 हैं।

बुराहनपुर से निर्दलीय विधायक सुरेंद्र सिंह शेरा का परिवार भी कोरोना की चपेट में आ गया। तीन दिन पहले विधायक के भाई की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। सोमवार को विधायक की बहू, भतीजा, सवा साल केपोते की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई। उज्जैन के बड़नगर के कांग्रेस विधायक मुरली मोरवाल की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। विधायक की आपत्ति के बाद स्वास्थ्य विभाग ने उनके सैंपल को फिर से जांच के लिए भेजा है।

यह तस्वीर विदिशा की है। यहां सोमवार को लोग मिनी ट्रकों से आते-जाते देखे गए।

लॉकडाउन में छूट मिलते ही सब्र टूटा

  • सोमवार कोलॉकडाउन के पहले दिन दोपहर तक ग्रीन और ऑरेंज जोन वाले जिलों में हालत सामान्य थे। लोग पहले की तरह घरों में थे और लॉकडाउन का पालन कर रहे थे। लेकिन दोपहर बाद अचानकर बाजारों में भीड़ बढ़ गई। भीड़ इतनी बढ़ी कित्योहारी बाजार जैसा नजारा हो गया। गुना, अशोकनगर, सागर और विदिशा में तो प्रशासन ने एक्शन लेते हुए बाजार बंद कराए। गुना सदर बाजार में 20 मिनट तक जाम लगा रहा। गायत्री मंदिर पर सैकड़ों वाहन ट्रैफिक जाम में फंस गए। ऐसा ही हालसागर मेंदेखा गया।
  • सरकार ने नई व्यवस्था के तहत कलेक्टरों को मंगलवार से शराब और भांग की दुकानों के संचालन को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। रेड जोन में शराब की बिक्री नहीं होगी। लेकिन, व्यापारियों से सरकार के मतभेद के चलते अभी भी स्थिति स्पष्ट नहीं है कि दुकानें खुलेंगी या नहीं। सागर संभाग में कुछ दुकानों के खुले होने की खबर है। शिवपुरी, गुना आदि जिलों में अभी तक दुकानें नहीं खुली हैं।

जोनवार दुकानें खोलने की व्यवस्था

  • भोपाल, इंदौर, उज्जैन में शराब दुकानें बंद रहेंगी। जबलपुर, धार, बड़वानी, पूर्वी निमाड़, देवास, ग्वालियर के ग्रामीण क्षेत्रों में दुकानें खुलेंगी।
  • शहडोल, श्योपुर, डिंडौरी, बुरहानपुर, हरदा, बैतूल, विदिशा, मुरैना औररीवा के कंटेनमेंट क्षेत्र को छोड़कर बाकी जगहों पर दुकानें खुलेंगी।
  • ग्रीन जोन के सभी जिलों में सभी जगहों पर दुकानें खुलेंगी।
यह तस्वीर गुना की है। सोमवार को बाजार खुलते ही भीड़ उमड़ पड़ी।
    यह तस्वीर भोपाल के न्यू मार्केट की है। यहां सिर्फ जरूरी सामान की दुकानें खुल रही हैं।

    कोरोना अपडेट्स

    • भोपाल: राजधानी में सोमवार को 11 नए कोरोना पॉजिटिव मिले। इनमें 9शहर के नए हॉटस्पॉट मंगलवारा क्षेत्र से हैं। दो जमातियों के संक्रमित मिलने के बाद देर रात हज हाउस खाली करा लिया गया। एम्स में इलाज के दौरान ऐशबाग क्षेत्र के एक मरीज ने दम तोड़ दिया। इन सबके बावजूद दो राहत भरी खबरें भी हैं। पहली- 30 और कोरोना मरीज डिस्चार्ज हो गए। दूसरी- जिला प्रशासन ने 340 कंटेनमेंट क्षेत्रों को घटाकर अब 160 कर दिया है। सीएमएचओ डॉ. प्रभाकर तिवारी ने बताया कि रविवार रात एक हजार सैंपल की रिपोर्ट में सिर्फ 25 पॉजिटिव मिले। शहर में कुल मरीजों की संख्या 583 हो गई है।
    • इंदौर:एक निजी अस्पताल के 2 डॉक्टरों की कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आई। सोमवार को इस अस्पताल को सील किया गया। डॉक्टरों के पिछले 15 दिनों के संपर्कों की तलाश की जा रही है। रविवार रात आई रिपोर्ट में 43 नए मरीज मिले।पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़कर 1654 पर पहुंच गई। तीन लोगों की मौत भीहो गई। सोमवार को ही शहर के तीन अस्पतालों से 106 मरीज डिस्चार्ज हुए।
    • रायसेन: जिले के5 कोरोना से संक्रमित मरीजों के ठीक होने पर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इसके बाद सभी अपने-अपने घर आ गए। 12 अन्यलोगों की भीदूसरी रिपोर्ट निगेटिव आई। आज कोविड केयर सेंटर इंडियन चौराहे से सभी 12 लोगों की छुट्टी होगी। इस तरह एक दिन में जिले के 17 मरीज कोरोना से मुक्त हो जाएंगे। तीन लोग पहले हीठीक हो चुके हैं। कोरोना से ठीक होने वाले लोगों की संख्या 20 हो जाएगी। रायसेन में कोरोना से संक्रमित मरीजों की कुल संख्या 63 है।इनमें 20 लोगों केठीक होने के बाद 41 एक्टिव केस बचेंगे। 2लोगों की संक्रमण के चलते मौतहुई है। बचे हुए 41 मरीजों का भोपाल और रायसेन में इलाज चल रहाहै।
    • जबलपुर: मेडिकल अस्पताल में 3 दिन पहले जिस महिला की मौत हो गई थी, उसकी कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आई है। 2 मई की रात महिला को सांस लेने में तकलीफ के चलते गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। महिला को ब्लड प्रेशर और शुगर की शिकायत थी।

    स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक 3049 संक्रमित: इंदौर 1654, भोपाल 571, उज्जैन 184, जबलपुर 106, खरगोन 79, धार 75, रायसेन 63, खंडवा 49, होशंगाबाद-मंदसौर 36-36, बुरहानपुर 34, बड़वानी-देवास 26-26, मुरैना 17, रतलाम 16, विदिशा 13, आगर मालवा 12, शाजापुर 7, ग्वालियर-सागर और छिंदवाड़ा 5-5, श्योपुर 4, हरदा-अलीराजपुर-शहडोल-टीकमगढ़-अनूपपुर में 3-3, रीवा-शिवपुरी में 2-2, बैतूल, डिंडोरी, अशोकनगर, पन्ना-निवाड़ी में एक-एक संक्रमित मिला। अन्य राज्य के 2 मरीज हैं।

    • अब तक 176 की मौत: इंदौर 79, उज्जैन 40, भोपाल 16, खरगोन और देवास में 7-7, खंडवा 6, बुरहानपुर-जबलपुर-होशंगाबाद-रायसेन-मंदसौर में 3-3, धार, आगर मालवा, शाजापुर, छिंदवाड़ा, अशोकनगर, सतना में एक-एक की मौत हो गई।
    • स्वस्थ्य हुए 1000 मरीज: इंदौर 468, भोपाल 288, उज्जैन 26, जबलपुर 12, खरगोन 36, रायसेन 8, धार 12, खंडवा 32, होशंगाबाद 19, मंदसौर 5, बड़वानी 23, देवास 11, रतलाम 12, मुरैना और विदिशा 13-13, शाजापुर 6, श्योपुर में 4, अलीराजपुर में 3, छिंदवाड़ा-ग्वालियर-सागर-शिवपुरी 2-2, बैतूल 1 मरीज स्वस्थ हुए। (स्वास्थ्य विभाग द्वारा 5 मई को शाम 6 बजे जारी बुलेटिन के अनुसार)


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    यह तस्वीर अशोकनगर की है। लॉकडाउन फेज-3 में छूट मिलने के बाद बाजार में इतनी भीड़ उमड़ी कि ट्रैफिक जाम हो गया। लोग तीन घंटे तक फंसे रहे।




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    बाजार की हकीकत देखने पैदल ही निकले एसडीएम एक दुकानदार पर धारा 188 की कार्रवाई भी की

    लॉकडाउन में मुख्य बाजार की व्यवस्था में सुधार के लिए मंगलवार को एसडीएम और एसडीओपी पैदल ही भ्रमण पर निकले। इस दौरान पुरानी सब्जी मंडी में दुकान के भीतर से कपड़ा बेच रहे एक व्यापारी को भी उन्होंने पकड़ा। उन्होंने बिना मास्क पहने घूम लोगों को उठक-बैठक भी लगवाई।
    लॉकडाउन में ढील का कई दुकानदारों और आम नागरिकों द्वारा अनुचित फायदा उठाया जा रहा है। प्रशासन की चेतावनी के बाद भी दुकानदार मनमानी कर रहे हैं। इस मनमानी की हकीकत जानने के लिए मंगलवार को एसडीएम अनिल सोनी और एसडीओपी रोहित लखारे मुख्य बाजार में पैदल चलते हुए निकले। उन्होंने अपना वाहन थाना परिसर में रखा और पुराना कोर्ट एरिया से होते हुए मुख्य बाजार में पहुंचे।
    यहां पर दुकानदारों को मास्क पहनने और सोशल डिस्टेंस का पालन करने की हिदायत देते हुए पुरानी सब्जी मंडी में पहुंचे। यहां पर वे घर का दरवाजा खोल कर भीतर पहुंचे तो हैरत में पड़ गए। भीतर कपड़े की दुकान चल रही थी और बड़ी संख्या में ग्राहक भी मौजूद थे। एसडीएम ने पहले तो दुकानदार को समझाइश दी और इसके बाद उन्हें थाने पहुंचने का निर्देश दिया। इसके बाद वे छिपेटी बाजार और फिर मुख्य बाजार में पहुंचे। यहां पर एक जूता दुकान के विक्रेता को दुकान नहीं खोलने की हिदायत दी। इसी दौरान बिना मास्क पहने घूम रहे एक युवक से उन्होंने उठक-बैठक भी लगवाई। टीआई शकुंतला बामनिया ने बताया कि कपड़ा व्यापारी कृष्णमोहन मंगल पर धारा 188 का प्रकरण कायम किया गया है।



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    SDM also took action on a shopkeeper who came out on foot to see the reality of the market