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चीता की गिरफ्तारी के बाद तेज होगी 532 किलो हेरोइन मंगवाने से जुड़े केस की जांच

11 महीने पहले अटारी में कस्टम महकमे की इंटीग्रेटेड चेकपोस्ट (आईसीपी) पर नमक की खेप के साथ 532 किलो हेरोइन मंगवाने के मुख्य आरोपी रणजीत सिंह राणा उर्फ चीता की गिरफ्तारी के बाद कई खुलासे होने की संभावना है। पुलिस ने उसके भाई गगनदीप को भी गिरफ्तार किया है। चीता के हाथ न लगने की वजह से 11 महीनों से यह केस ठंडा पड़ा था लेकिन अब उसकी गिरफ्तारी से जांच तेज होने की उम्मीद बंधी है। पुलिस चीता से यह जानने का प्रयास कर रही है कि हेरोइन मंगवाकर उसका पैसा आतंकियों तक पहुंचाने के इस खेल में लोकल लेवल पर उसके साथ और कौन-कौन लोग शामिल हैं।


29 जून 2019 को आईसीपी पर हेरोइन नमक की बोरियों में आई थी। यह नमक कनिष्क इंटरप्राइजेज के मालिक गुरपिंदर सिंह ने मंगवाया था। उससे यह खेप जम्मू-कश्मीर के तारिक अहमद लोन ने मंगवाई थी। हेरोइन बरामदगी के बाद उसे गिरफ्तार किया गया था मगर जेल में उसकी संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने उसकी मौत की ज्यूडिशियल जांच के आदेश दिए थे। यह जांच एडीसी हिमांशु अग्रवाल ने की थी।



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11 दिन रोज चलेंगी स्पेशल श्रमिक ट्रेनें, आज 2 गाड़ियां

प्रवासियों को उनके घरों तक पहुंचाने का काम जारी है। इसके लिए रविवार को दो ट्रेनें रेलवे स्टेशन से रवाना होंगी। रेलवे ने 20 मई तक ट्रेनें चलाए जाने का शेड्यूल भी जारी कर दिया है। दूसरी ओर प्रशासन की ने इन लोगों का मेडिकल करवाने का बंदोबस्त भी कर दिया है। जीटी रोड पर बनाए गए कैंप में इनका मेडिकल होगा और वहीं से इन्हें स्टेशन भेज दिया जाएगा। रविवार को दोपहर 12 बजे बरौनी के लिए और दूसरी ट्रेन शाम छह बजे उन्नाव को जाएगी। रेलवे अधिकारियों ने इसके लिए सारा बंदोबस्त कर लिया है।
जिला प्रशासन की ओर से जारी सूची के बाद रेलवे ने शेड्यूल जारी किया है। 11 मई को बहराईच (गौंडा रेलवे स्टेशन), 12 मई को आजमगढ़, 13 मई को अंबेडकर नगर (अकबरपुर रेलवे स्टेशन), 14 मई को गौरखपुर, 15 मई को अमेठी, 16 मई को सिद्धार्थ नगर, 17 मई को महाराजगंज, 18 मई को रायबरेली, 19 मई को जौनपुर और 20 मई को सुल्तानपुर के लिए ट्रेन रवाना होगी।

प्रशासन ने 24 घंटे पहले फोन, 12 घंटे पहले भेजा मैसेज, हर सेंटर पर 350 लोगों का मेडिकल

जिला प्रशासन की ओर से प्रवासियों को घर भेजने के लिए दो शिफ्ट में जाने वाली ट्रेनों को लेकर तैयारी पूरी कर ली गई है। सुबह और शाम के लिए अलग-अलग मेडिकल सेंटर जांच के लिए तैयार किए हैं। बिहार के प्रवासियों को गत शुक्रवार को ही कॉल करके सूचित कर दिया गया था और ट्रेन छूटने के 12 घंटे पहले एसएमएस कर किया था।

नोडल अधिकारी रजत ओबरॉय ने बताया कि बिहार के बरौनी जाने वाली ट्रेन के लिए जिन लोगों को मोबाइल पर मैसेज भेजा है उनका मेडिकल सुबह 6 बजे से शुरू हो जाएगा। वहीं, उत्तर प्रदेश के उन्नाव जाने वाली ट्रेन की सूचना मिलने के बाद प्रवासियों को दोपहर से ही फोन पर जानकारी दे दी गई और 12 घंटे पहले मोबाइल पर एसएमएस भेज दिया गया है। इसमें यात्रियों को मेडिकल सेंटर और ट्रेन की डिटेल दी गई है।

मेडिकल सेंटरों से ही स्वास्थ्य परीक्षण के बाद प्रमाण पत्र और टिकट दिए जाएंगे। लोगों को परेशान होने की कोई जरूरत नहीं है, सेंटर से ही बस रेलवे स्टेशन तक पहुंचाएगी। इस बार जो सेंटर तैयार किए गए हैं, वहां 300 से 350 लोगों का मेडिकल टेस्ट कराने की व्यवस्था की गई है। मेडिकल सेंटर उसी जगह पर बनाए गए हैं, जहां स्पेस अधिक है और सोशल डिस्टेंस का पालन हो सके। सभी सेंटरों पर मेडिकल और पुलिस की टीम तैनात रहेगी।

प्रवासियों को भेजने की तैयारी पूरी: ओबराय
नोडल अधिकारी रजत ओबराय ने बताया कि दो ट्रेनें भेजी जा रही है। प्रवासियों को उनका मैडिकल कराने के लिए कॉल एक दिन पहले ही करा दिया गया था। 12 घंटे पहले मोबाइल पर मैसेज के जरिए मेडिकल टेस्ट कराने व ट्रेन संबंधित अन्य जरूरी डिटेल भेज दी गई है। इस बार जो भी मैडिकल सेंटर बनाए गए हैं, वह एक दूसरे के नजदीक ही हैं। लोगों को पहुंचने में परेशानी नहीं हो इसका भी ध्यान रखा गया है।



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फार्मासिस्टों की कल इमरजेंसी सेवाएं बंद, 12 को फैसला न लिया तो मुकम्मल हड़ताल

पंजाबभर में ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग जिला परिषद के अधीन आती 1186 सेहत डिस्पेंसरियों में 14 साल से ठेके पर काम कर रहे ग्रामीण सेहत फार्मेसी अफसरों ने अपनी सेवाएं रेगुलर करने संबंधी सरकार की टालमटोल की नीति से तंग आकर 11 मई को राज्यभर में एक दिन इमरजेंसी सेवाएं बंद करने का ऐलान किया है।
एसोसिएशन के जिला प्रधान गुरदीप सिंह कलेर, वाइस चेयरमैन कमलजीत चौहान, उप-प्रधान नवजोत कौर ने कहा कि पंजाब में कोरोना महामारी में 1 महीने से समूह फार्मासिस्ट दिन-रात अमृतसर, एयरपोर्ट, दुर्ग्याणा मंदिर, दरबार साहिब, राजस्थान, पंजाब बाॅर्डर चैक पोस्ट, मोहाली एयरपोर्ट, जिला अस्पतालों के आइसोलेशन वार्डों, रेपिड रिस्पांस टीम, डोर टू डोर होम विजिट आदि इमरजेंसी पब्लिक प्लेस पर ड्यूटियां निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सर्विस कांट्रैक्ट आधारित है और सिर्फ 10 हजार रुपए वेतन मिलता है। इसके अलावा कोई भी मेडिकल सुरक्षा बीमा, डेथ ग्रेच्युटी लाभ नहीं मिलता है।

14 साल से कांट्रैक्ट आधारित असुरक्षित नौकरी कर रहे हैं। ऐसे हालातों में कोरोना जैसी भयानक बीमारी से फ्रंट लाइन पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन सरकार ने अभी तक उनकी सेवाएं रेगुलर करने संबंधी कोई फैसला नहीं लिया है। समूह फार्मासिस्ट के ड्यूटी के बाद परिवार बच्चों के संपर्क में आने से 24 घंटे इंफेक्शन होने का खतरा बना हुआ है। फार्मासिस्ट जिनकी कोई जॉब सिक्योरिटी नहीं है, जो सिर्फ 10 हजार रुपए महीने वेतन पर अपनी और अपने परिवार की जिंदगी दाव पर लगाकर ड्यूटियां कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि 1186 मुलाजिमों को पक्का करने में ही सरकार आनाकानी कर रही है, जबकि रेगुलर होने के लिए अपनी योग्यता भी पूरी करते हैं। उन्होंने चेतावनी देकर कहा कि मंगलवार को उच्च स्तरीय विभागीय मीटिंग में रेगुलर करने संबंधी फैसला न लिया गया तो मुकम्मल तौर पर हड़ताल की जाएगी।



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लॉकडाउन के चलते 18 कश्मीरी, 12 सिखों समेत 200 भारतीय पाक में फंसे

कोरोना महामारी के चलते हुए लॉकडाउन के कारण 200 भारतीय अभी भी पाकिस्तान में फंसे हुए हैं। इनमें 18 कश्मीरी बताए जा रहे हैं, जबकि 12 सिख हैं। इनके अलावा देश के दूसरे हिस्सों के हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोग पड़ोसी मुल्क में घर लौटने की राह देख रहे हैं।
हालांकि इनको लाने के लिए दोनों ही सरकारों की तरफ से कोशिश जारी है। मगर महामारी की भयावहता को देखते हुए अभी किसी निर्णय पर नहीं पहुंचा जा सका है। गौर हो कि इसमें शामिल कश्मीरी स्टूडेंट पढ़ाई करने को गए थे तो दूसरे मुस्लिम, सिख और हिंदू अपने रिश्तेदारों से मिलने गए थे और इसी दौरान लॉकडाउन हो गया। हालांकि पिछले दिनों कुछ कश्मीरी युवकों समेत दूसरे राज्यों के खिलाड़ियों को लाया गया था। कश्मीरी युवकों को अमृतसर स्थित क्वारंटाइन सेंटर में रखा गया था और इसके बाद जम्मू-कश्मीर भेज दिया गया।

कश्मीरी युवकों ने मांग की है कि उन लोगों को वतन लाया जाए, लेकिन उनको अमृतसर में क्वारंटाइन करने की बजाय उनके अपने गृह जिले में रखा जाए। ऐसे ही पाक में फंसे एक स्टूडेंट की मां अंजुम अफशान ने बताया कि पिछली बार 16 स्टूडेंट आए थे और उनको अमृतसर में ही क्वारंटाइन किया गया था। उनकी मांग है कि उनके बच्चों को जल्द वतन लाया जाए और उनको उनके घरों के आसपास क्वारंटाइन किया जाए।

वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान सतवंत सिंह ने बताया कि लॉकडाउन में फंसे सिख पेशावर, लाहौर और ननकाना साहिब में फंसे हैं। इसी तरह से दूसरे हिंदू और मुस्लिम भी कई जगहों पर घर लौटने का इंतजार कर रहे हैं। उनका कहना है कि सिखों की लिस्ट भारतीय दूतावास को सौंप दी गई है और उम्मीद है कि जल्द ही इस पर अमल होगा।



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12 नए पॉजिटिव, ट्रांसपोर्ट नगर तक पहुंचा वायरस जिन दो लोगों की मौत हो चुकी, उनकी चेन बढ़ रही

(प्रभमीत सिंह)12 नए मरीजों की पुष्टि होने से जिले में कोरोनावायरस मरीजों की गिनती 167 तक पहुंच गई है। इनमें 8 मरीज श्री हजूर साहिब से लौटे हैं, जिनकी पहचान मोहन नगर के रहने वाले 56 साल के व्यक्ति, फिल्लौर के गांव के रहने वाले 70 साल के व्यक्ति और 64 साल की महिला, नकोदर के रहने वाले 39 और 45 साल के दो व्यक्तियों और 37 की महिला के रूप में हुई है।
वहीं एक-एक मरीज करतारपुर के गांव घोना चक्क के रहने वाली 48 साल की महिला और गांव अठोला की रहने वाली 24 साल की महिला भी संक्रमित पाए गए हैं। इसके अलावा 4 अन्य मरीजों में दो मरीजों की पहचान बस्ती दानिशमंदां के मोहल्ला श्री गुरु रविदास नगर की 68 साल की महिला और न्यू रसीला नगर के रहने वाले 49 साल के व्यक्ति और बाकी दो न्यू गोबिंद नगर की 60 साल की महिला और बसंत नगर के रहने वाले 30 साल के पुरुष के रूप में हुई है।
सेहत विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक श्री हजूर साहिब से लौटे श्रद्धालुओं के अलावा जिन 4 मरीजों की पुष्टि हुई है। वह पहले से संक्रमित पाए गए लोगों के संपर्क में थे। बता दें शनिवार को 480 संदिग्ध मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव आई है।

थोड़ी राहत, पहली बार 480 निगेटिव, किसी की हालत गंभीर नहीं

सेहत विभाग की तरफ से जारी जिन संक्रमित मरीजों की पुष्टि हो रही है। उनमें से ज्यादातर मरीज उन मरीजों के संपर्क के सामने आ रहे हैं, जिनकी पिछले दिनों मौत हो चुकी है। मृतक मरीज काजी मोहल्ला और बस्ती गुजां के रहने वाले थे। वहीं सेहत विभाग की टीम का कहना है कि इन दोनों मरीजों के संपर्क में आने वाले 60 फीसदी लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आ रही है लेकिन जो मरीज सामने आ रहे हैं, वे मृतकों के क्लोज कांटेक्ट में हैं। इनमें बच्चे भी शामिल हैं। इसी के चलते सेहत विभाग की टीम ने काजी मोहल्ले के साथ सटे रस्ता मोहल्ला और ढन्न मोहल्ला के एरिया से कई संदिग्ध मरीजों के सैंपल लिए गए हैं।

सेहत विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक शनिवार को शहर के जिन संक्रमित मरीजों की पुष्टि हुई है। वे बस्तियात क्षेत्र के रहने वाले हैं। वहीं संक्रमित मरीजों की कांटेक्ट ट्रेसिंग टीम के सदस्यों का कहना है कि पिछले दिनों में काजी मोहल्ला को छोड़कर बाकी सेंट्रल एरिया जैसे पुरानी सब्जी मंडी, लावां मोहल्ला, नीला महल, राजा गार्डन, पक्का बाद से संक्रमित मरीज निकलने कम हो गए हैं। बता दें कि इन एरिया से करीब 30 से अधिक संक्रमित आ चुके हैं।

बड़ी चिंता : ट्रांसपोर्ट नगर एरिया से मिला संक्रमित मरीज, गुज्जा पीर एरिया में भी की जाएगी स्क्रीनिंग
संक्रमित मरीजों के आगे संपर्क में आने वाले लोगों की कांटेक्ट ट्रेसिंग कर रही टीम के डॉक्टरों का कहना है कि शनिवार को न्यू गोबिंद नगर के रहने वाली 50 साल महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। डॉक्टरों का कहना है कि शहर के घनी आबादी के एरिया के बाद पहले बार शहर के बाहरी एरिया यानी ट्रांसपोर्ट नगर के क्षेत्र से सटे न्यू गोबिंद नगर से मरीज सामने आने के बाद चिंता बढ़ गई है क्योंकि पहले से किसी भी संक्रमित मरीज के संपर्क में नहीं थी और वह सिविल अस्पताल आने से पहले शहर के दूसरे अस्पतालों में इलाज के लिए गई थी लेकिन दोनों अस्पतालों में महिला का इलाज नहीं हुआ। अब रविवार को गुज्जा पीर और ट्रांसपोर्ट नगर के एरिया में स्क्रीनिंग शुरू की जाएगी।

कुल संक्रमित 167 हुए
सिविल के सीनियर एनेस्थेटिक डॉ. परमजीत सिंह का कहना है कि अस्पताल में 167 मरीजों में से कोई भी मरीज शनिवार तक वेंटिलेटर पर नहीं है। दाखिल 95 फीसदी मरीजों मेंे कोई लक्षण नहीं है। वहीं शनिवार को कुल 408 मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। जिले में अब तक 4967 संदिग्ध मरीजों में से 3906 की रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है।
तैयारी : रविवार को बाहरी राज्यों से लौटेंगे 325 यात्री, इनमें से 17 शहरवासी, सभी के होंगे टेस्ट
पंजाब सरकार के आदेश पर रविवार को दूसरे राज्यों से 325 लोगों को रोडवेज बसों में लाया जा रहा है। इनमें 17 जालंधर के निवासी हैं। इन सभी को सरकारी क्वारेंटाइन सेंटरों में ही क्वारेंटाइन किया जाएगा।



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लुधियाना से उत्तरप्रदेश के प्रवासी मजदूरों के लिए चलेंगी 25 नई ट्रेनें

प्रवासी श्रमिकों को उनके घर तक भेजने के लिए राज्य सरकार की ओर से 25 नई ट्रेनें चलाई जा रही हैं। ये सभी ट्रेनें लुधियाना से उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के लिए 12 मई से 16 मई के बीच चलेगी। राज्य के सभी जिलों से यूपी जाने वाले श्रमिकों को बसों के माध्यम से लुधियाना तक लाया जाएगा। यहां से उन्हें ट्रेन में बैठाकर उनके घर भेजा जाएगा।

कहां के लिए कब चलेगी ट्रेन

हरदोई : 12, 13, 15 व 16 मई
रायबरेली: 12 और 16 मई
प्रतापगढ़ :12, 14 और 15 मई
उन्नाव: 12 और 13 मई
अमेठी: 12 मई
फतेहपुर : 13 और 15 मई
गोरखपुर: 13 मई
गोंडा : 13 14,15 और 16 मई
आजमगढ़: 14 मई
सुल्तानपुर: 14 और 16 मई
जौनपुर: 14 और 15 मई
अयोध्या: 16 मई



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सौतेले बेटे को 25 लाख बीमे का नॉमिनी बनाया तो मार डाला

पटियाला के 8 साल के गुरनूर की हत्या 5 दिन पहले उसकी सौतेली मां ने उसे 25 लाख के बीमा का नाॅमिनी बनाये जाने की वजह से की थी। खुलासा शुक्रवार को तब हुआ जब पुलिस ने सौतेली मां कुलविंदर कौर से दोबारा पूछताछ की। उसने माना कि उसके बेटे को नॉमिनी न बनाकर विनोद ने गुरनूर को नॉमिनी बनाया। इसी कारण उस ने गुरनूर को गांव के छप्पड़ में धक्का दे दिया। बाद में उसकी डूबने से मौत हो गई।

कुलविंदर को पुलिस ने शनिवार को उसका तीन दिन का रिमांड लिया है। गुरनूर गांव घड़ाम निवासी कंबाइन आपरेटर विनोद कुमार का पहली पत्नी से हुआ बेटा था। पहली पत्नी से ही उसकी 11 वर्षीय बेटी भी है। तीन साल पहले उसी ने विनोद की शादी राजपुरा की रहने वाली कुलविंदर कौर से करवाई जिसके पहले से ही दो बच्चे थे। विनोद अपनी जिम्मेदारी पर पहली पत्नी से भी दोनों बच्चों को अपने ही साथ ले आया था।

पुलिस की दोबारा सख्ती के बाद खुद ही माना अपराध

विनोद ने जब पुलिस पर दोबारा जांच के लिए दबाव बनवाया तो शुक्रवार को उनके घर पहुंची महिला पुलिस ने पहले बच्चों से पूछताछ की जिसके बाद कुलविंदर कौर से अकेले में सख्ती से पूछताछ की, उसने खुद ही मान लिया कि उसी ने बच्चे को छप्पड़ में फेंक कर मारा है।



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Killed step-son, made 25 lakh insurance nominee
Killed step-son, made 25 lakh insurance nominee




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महामारी को लेकर फ्रंट पर लाइन पर 24 घंटे लड़ रहीं इन 2 महिला काेरोना योद्धाओं काे सलाम

कोरोना महामारी के डर के बीच कुछ ऐसी भी माताएं हैं जो घर की जिम्मेदारी के साथ-साथ देश के लिए भी अपना फर्ज फ्रंट लाइन पर निभा रही हैं। दैनिक भास्कर इस मदर्स-डे पर पंजाब में दो महिला अफसरों के बारे में बता रहा है जो ड्यूटी के साथ घर की जिम्मेदारी भी निभा रही हैं। यह हैं रोपड़ की डीसी सोनाली गिरी और नवांशहर की एसएसपी अलका मीणा। सोनाली गिरी के पति विपुल उज्जवल भी आईएएस हैं। इस समय वह जॉइंट डवलपमेंट कमिशनर चंडीगढ़ में तैनात हैं। एसएसपी अलका मीणा के पति कुमार अमित पटियाला के डीसी हैं। दाेनाें अधिकारी 24 घंटे काम कर रही हैं पढ़िए दोनों की कहानी.....

जिम्मेदारी बड़ी है, 15 घंटे बाहर रहती हूं,11 माह के बेटे को फीडिंग भी नहीं करा पा रही

मेरा 11 माह का एक बेटा और एक 8 साल की बेटी है। दोनों बच्चों को महिला मेट ही संभालती हैं। इन दिनों इतनी व्यस्त हूं कि 11 माह के बेटे को अपना दूध भी नहीं पिला सकती। रोज सुबह 9 बजे घर से निकल जाती हूंलेकिन अगर कोई एमरजेंसी हो तो जल्दी जाना पड़ता है। घर लौटने का कोई समय नहीं है। कभी-कभी लंच के लिए 4 बजे घर आती हूं। जिस दिन गांव चतामली में संक्रमित व्यक्ति की मौत हुई थी तब रात को 2:30 बजे घर लौटी थी। नॉर्मल जब से कर्फ्यू लगा है, रात को 9 बजे के करीब घर आ जाती हूं। तब तब बेटा तो सो जाता है। लेकिन बेटी इंतजार करती है। फिर फ्रेश होकर ही बेटी से मिलती हूं। बेटी पूछती है मां इतनी देर तक क्या काम करती रहती हो तब उसे बताती हूं कि तेरे जैसे बच्चों को घर भेज रही हूं।सोनाली गिरी, डीसी रोपड़ ने जैसासंदीप वशिष्ट को बताया

घर आती हूंतो 25 मीटर पहले गाड़ी से उतरती हूं,ताकि बेटा गले न लगे

पंजाब में सबसे पहले कोरोना महामारी से हमारा जिला नवांशहर ही प्रभावित हुआ था। पंजाब में पहला हॉट स्पॉट बनने के बाद हमारे ऊपर काफी जिम्मेदारियां बढ़ गई थीं। रोज सैकड़ों लोगों के संपर्क में आती हूंलेकिन इसके बावजूद घर में एक मां का फर्ज भी निभा रही हूं। मेरा 5 साल का बेटा है। मैं पहले जब भी काम खत्म कर घर पहुंचती थी तो बेटा गाड़ी की आवाज सुन दौड़े चला आता था। तब उससे नहीं मिलती थी। अब जब घर लौटती हूं तो बेटा सीधे मेरे पास न आ जाए, इसलिए गाड़ी कोठी में ले जाने से 25 मीटर पहले रुकवा देती हूं। बेटे से मिलने से पहले वर्दी बदलती हूं, फिर जूते उतारती हूं. बाद में फ्रेश होने के बाद उसके पास जाती हूं।अलका मीणा, एसएसपी नवांशहर ने जैसा अमित शर्मा को बताया



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Salute to these 2 women Corona warriors who fought for 24 hours on the front line regarding the epidemic




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20 घंटे की ड्यूटी, घर पहुंचने पर बेटी मेरी ओर दौड़ती है; संक्रमित न हो इसलिए दूर से हेलो बोलती हूं, मुझे देखकर नानी की गोद में सो जाती है

कोरोना संकट की घड़ी में पुलिस, हेल्थ और जिला प्रशासन के तमाम अधिकारी घर-परिवार छोड़कर समाज सेवा में लगे हैं। ऐसी ही एक आईएएस महिला अधिकारी शीना अग्रवाल हैं। शीना जालंधर स्मार्टसिटी की सीईओ हैं और जिला प्रशासन ने उन्हें 2000 क्वारेंटाइन बेड और हेल्थ से संबंधित कई कमेटियों का नोडल ऑफिसर बनाया गया हैं। उनकी बेटी श्रव्या एक साल की है, ऐसे में उन्हाेंने मां की ममता के बजाय सामाज सेवा का फर्ज ऊपर रखा। हर दिन वह सेंटरों का निरीक्षण और मरीजों से मिलती हैं। 18 से 20 घंटे बाद घर जाती हूं तो बेटी संक्रमित न हो इसलिए दूर से हैलो बोलती हूं। मुझे देखने के बाद बेटी नानी की गोद में सो जाती है।

बेटी से मिलने से खुद को रोकना मुश्किल होता है, लेकिन फंसे लोग भी हमारा परिवार हैं

शीना जालंधर स्मार्टसिटी की सीईओ भी हैं। शीना बताती हैं कि कभी-कभी हालात ऐसे हो जाते हैं कि देर रात तक मीटिंग के बाद जब मैं घर वापस आती हूं तो बेटी के पास जाकर सोचती हूं कि बात करूं, लेकिन उसी समय कोई जरूरी फोन आ जाता है और जब तक बात करके फ्री होती हूं, बेटी देखते ही देखते सो जाती है। ऐसे समय मेें खुद को संभालना बहुत मुश्किल हो जाता है। सुबह फिर जल्दी उठकर काम में लगना, बीते 45 दिन से ऐसे ही पूरी दिनचर्या चल रही है।
मां को यमुनानगर से बुलाया ताकि ड्यूटी निभा सकूं

अपने फर्ज को निभाने के लिए शीना ने बेटी की देखरेख के लिए हरियाणा के यमुनानगर से मां को बुला लिया। अब श्रव्या की नानी ही उसकी देखरेख करती हैं। इस समय मेरी मां मेरी बेटी की भी मां गई हैं। शीना 2012 की पंजाब कैडर की आईएएस अधिकारी हैं। बेटी छोटी है, उन्हें अंदाजा नहीं था कि कोरोना के चलते स्थितियां इतनी गंभीर हो जाएंगी। लेकिन उन्होंने अपने मातृत्व के साथ ही फर्ज को भी अहमियत दी।

जालंधर से कोरोना को भगाने के बाद बेटी से मिलूंगी

शीना अधिकारी के रूप में अत्यंत्र सहज हैं और एक मां के रूप में बहुत संवेदनशील हैं। उनका कहना है जालंधर से कोरोना को भगाने के बाद ही बेटी से मिलूंगी। जब हमारे डिप्टी कमिश्नर वरिंदर शर्मा लोगों की सुरक्षा के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं तो वह अपना योगदान क्यों नहीं दे सकतीं। उनके फर्ज को निभाने में उनके आईएएस पति संयम अग्रवाल का रोल अहम है। वह भी इस समय लुधियाना जिले में स्मार्टसिटी के सीईओ हैं।



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20 hours duty, daughter rushes towards me when I get home; Do not get infected so I say hello from a distance, I fall asleep on my grandmother's lap




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सीबीएसई 10वीं और 12वीं की कॉपियों का मूल्यांकन आज से घर से ही करेंगे टीचर, गृह मंत्रालय ने दी मंजूरी

सीबीएसई 10वीं और 12वीं की शेष परीक्षाओं की तिथि घोषित करने के बाद मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने आयोजित हो चुके पेपरों की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन आज से शुरू हो रहा है। मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने शनिवार को कहा कि देश भर के 3000 सीबीएसई स्कूलों को 10वीं और12वीं बोर्ड परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन केंद्र के तौर पर चिह्नित किया गया है।

जिन विषयों की बोर्ड परीक्षापहले हो चुकी है, उनकी 1.5 करोड़ उत्तर पुस्तिकाएं मूल्यांकन के लिए शिक्षकों के घर पर भेजी जाएंगी।मूल्यांकन का काम शिक्षक अपने-अपने घरों में करेंगे। सभी उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन 50 दिन के भीतर पूरा होगा। 3000 मूल्याकंन केंद्रों से उत्तर पुस्तिकाएं शिक्षकों के घर रविवार से भेजी जाएंगी। इसके बाद अध्यापक इनका मूल्यांकन करेंगे और 50 दिन के अंदर ही करेंगे।

3000 मूल्याकंन केंद्रों से आज से भेजी जाएंगी उत्तर पुस्तिकाएं

गृह मंत्रालय से मूल्यांकन प्रक्रिया शुरू करने की मंजूरी मिलने के बाद रमेश पोखरियाल निशंक ने ट्वीट कर कहा- माननीय गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त करते हुए आप सभी को यह सूचित कर रहा हूं कि आज स्टूडेंट्स के हित में, गृह मंत्रालय के निर्देशानुसार देश के 3000 सीबीएसई स्कूलों को मूल्यांकन केंद्र के रूप में चिह्नित किया गया है।

मुझे विश्वास है कि हम 173 विषयों की 1.5 करोड़ उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन जल्दी करेंगे और जैसे ही 29 विषयों की परीक्षाएं 1 से 15 जुलाई के बीच में संपन्न होगी, उनके मूल्याकंन के बाद शीघ्र ही परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे। बतां दे कि आमतौर पर शिक्षकों को कॉपियां चेक करने के लिए मूल्यांकन केंद्र बुलाया जाता है लेकिन इस बार कॉपियां मूल्यांकन केंद्रों से उनके घर भिजवाईं जाएंगी।

सीबीएसई 10वीं और 12वीं की शेष परीक्षाएं 1 जुलाई से होंगी
इससे पहले शुक्रवार को एचआरडी मंत्रालय ने सीबीएसई की 10वीं और 12वीं की शेष परीक्षाओं की तिथियों की घोषणा कर दी थी। सीबीएसई 10वीं 12वीं की शेष परीक्षाएं 1 जुलाई से 15 जुलाई के बीच आयोजित होंगी। सीबीएसई ने नई परीक्षा तिथियां जेईई मेन और नीट एग्जाम के शेड्यूल को ध्यान में रखकर तय की हैं। जेईई मेन परीक्षा 18 जुलाई से शुरू होकर 23 जुलाई तक होगी। वहीं, नीट यूजी 2020 का आयोजन 26 जुलाई 2020 को किया जाएगा इससे परीक्षाओं को लेकर चल रहा छात्रों में असमंजस खत्म हो गया।



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CBSE 10th and 12th copies will evaluate teachers from home from tomorrow, home ministry gives approval




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राज्य में 20,228 संक्रमित, 779 की मौत; ब्रिटेन में फंसे 326 भारतीय नागरिकों का पहला जत्था मुंबई पहुंचा, बसें फिर होंगी शुरू

महाराष्ट्र में कुल मरीजों की संख्या 20,228 तक पहुंच गई है।कोरोना से अब तक राज्य में कुल 779 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। रोगमुक्त होने के बाद अब तक 3,800 लोग कोरोनामुक्त हो चुके हैं। कोरोना के डर के बीच व्यवस्थाएं सुचारू करने के लिए बसें चालू करने का फैसला सरकार ने लिया है। यह बसें महाराष्ट्र के बाहर नहीं जाएंगी।
मुंबई में 14 हजार संदिग्ध मरीज
कोरोनावायरस से संक्रमित 27 लोगों की मौत के बाद मुंबई मेंमरने वाले मरीजों की संख्या 489 हो गई है। यहां 722 नए मामले सामने आने से बीएमसी की चिंता और बढ़ गई है। नए पॉजिटिव मरीज मिलने के साथ ही मरीजों की संख्या 12,689 तक पहुंच गई है। रोज सैकड़ों की संख्या में कोरोना के संदिग्ध मामले भी सामने आ रहे है। बीएमसी के अनुसार, अब तक कुल 14,401 संदिग्ध पीड़ितों की पहचान की जा चुकी है।
ये फोटो मुंबई की है। यहां बैठे यूपी के प्रवासी घर जाने के लिए बस का इंतजार कर रहे हैं।

ब्रिटेन में फंसे 326 भारतीय नागरिकों का पहला जत्थामुंबई पहुंचा

दुनियाभर में लगी यात्रा पाबंदियों के कारण ब्रिटेन में फंसे 326 भारतीय नागरिकों को लेकर एयर इंडिया का बोइंग 777 विमानलंदन सेदेर रात करीब डेढ़ बजे मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे (सीएसएमआईए)पर उतरा।विमान में सवार एक यात्री ने ट्वीट किया, ‘‘पहला विमान मुंबई उतरा और क्रू सदस्यों का यात्रियों के साथ बहुत कम संपर्क रहा। सीट पर पहले ही रखे नाश्ते और भोजन के साथ रक्षात्मक किट भी दी गई थी। अब क्वारैंटाइनका वक्त है।’’

मुंबई के माहिम कोलीवाडा बीच पर लॉकडाउन के दौरान अपनी नाव पर उछल कूद करते कुछ युवक। माहिम इलाके में भी कोरोना संक्रमण के अब तक 400 से ज्यादा मामले आ चुके हैं।
इंटर स्टेट बसों को फिर से शुरू किया जाएगा

महाराष्ट्र में एक जिले से दूसरे जिले में आने-जाने की अनुमति नहीं है। इस प्रतिबंध में सरकार कुछ छूट देने जा जा रही है। महाराष्ट्र परिवहन निगम की बसें लोगों को निशुल्क उनके निवास स्थान पर पहुंचाएंगी, लेकिन यह सेवा सिर्फ एक सप्ताह तक के लिए दी जा रही है। कोरोना प्रभावित कंटेनमेंट एरिया में रहने वालों को यह सुविधा नहीं दी जाएगी।परिवहन मंत्री अनिल परब के अनुसार, राज्य में भी ऐसे कई सारे मामले सामने आ रहे हैं, जिनमें लोग अपने निवास से दूर दूसरे जिले में अटक गए हैं। उसमें आम आदमी से लेकर छात्र भी शामिल हैं। वे अपने घर जाना चाहते हैं, लेकिन सीमाएं सील होने से उनकी वापसी नहीं हो पा रही है। अब हम लोग ( एसटी महामंडल ) उन्हें उनके घर पहुंचाएंगे।

मुंबई में जारी लॉकडाउन के बीच वारकरी दिंडी स्टेचू के चेहरों को भी मास्क से ढंका गया है। ऐसा लोगों को जागरूक करने के लिए किया गया है।

लॉकडाउन उल्लंघन के आरोप में एक लाख लोगों पर केस दर्ज

महाराष्ट्र में बढ़े कोरोना के केसों को लेकर एक बात यह कही जा रही है कि यहां कई इलाकों में लॉकडाउन सख्ती से नहीं लागू किया गया। दूसरी ओर, राज्य पुलिस का दावा है कि उसने लॉकडाउन के उल्लंघन को लेकर एक लाख से अधिक मामले दर्ज किए हैं। पुलिस ने इस संबंध में 19,297 लोगों को गिरफ्तार भी किया है। शनिवार शाम तक पूरे राज्य में आईपीसी के सेक्शन 188 के तहत कुल एक लाख दो हजार मामले दर्ज किए गए थे। पुलिस ने यह कार्रवाई बावजूद इसके की, जिसमें उसके खुद के 714 कर्मी कोविड-19 से संक्रमित पाए गए। इनमें 81 अधिकारी हैं।

मुंबई के जुहू बीच पर आम दिनों में सैलानियों की भारी भीड़ नजर आती है, अब वहां पर कबूतर नजर आ रहे हैं।
मुंबई से 7 ट्रेनों को उत्तर प्रदेश रवाना किया गया
लॉकडाउन के दौरान महाराष्ट्र से लगातार प्रवासी मजदूरों को अपने राज्यों में भेजने का सिलसिला जारी है। इसी कड़ी मेंशनिवार को सीएसएमटीसे तीन, पनवेल से दो, ठाणे और एलटीटी से एक-एक ट्रेन रवाना की गई।सीएसएमटीसे लखनऊ, बस्ती और गोंडा के लिए ट्रेनें को रवाना किया गया। इसके अलावा ठाणे से बरौनी और एलटीटी से गोंडा के लिए ट्रेन रवाना की गई। पनवेल से तितलगढ़ के लिए एक ट्रेन रवाना की गई। मध्य रेलवे के अनुसार, सभी ट्रेनों में 1000 से ज़्यादा यात्री थे।
ठाणे रेलवे स्टेशन से श्रमिक एक्सप्रेस से बिहार के लिए प्रवासी मजदूरों का एक जत्थाशनिवारदेर शाम रवाना हुआ है।
कोरोना के चलते एक पुलिसकर्मी की हुई मौत
शनिवार देर रातविनोबा भावे नगर पुलिस स्टेशन में कार्यरत एक पुलिस अधिकारी की मौत कोरोना की वजह सेहो गई। जानकारीके अनुसार, सुनील करगुटकर एक सप्ताह सेबीमार थे। उन्हें झालावाड़ अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी कोरोना टेस्ट रिपोर्ट आने से पहले शनिवार सुबह उनकीमौत हो गई।
मुंबई के सबसे ज्यादा प्रभावित धारावी इलाके सेबस स्टैंड के लिए पैदल निकले कुछ प्रवासी मजदूर। राज्य सरकार जल्द ही इंटर स्टेट बस से शुरू करने वाली है।
एक्शन में दिखे नएबीएमसी कमिश्नर
बीएमसी कमिश्नर बन कर आए आई.एस. चहल ड्यूटी संभालते ही ऐक्शन में आ गए। शनिवार को चहल ने डिजास्टर वार रूम ,नायर हॉस्पिटल और धारावी का दौरा किया और चारों अडिशनल कमिश्नर, हेल्थ डीएमसी एवं ऑफिसर सहित कोरोना से सर्वाधिक प्रभावित इलाकों के वॉर्ड ऑफिसर्स से बात की।
मुंबई के नए पुलिस कमिश्नर इकबाल चलने शनिवार शाम सबसे ज्यादा प्रभावित धारावी इलाके का दौरा किया, इस दौरान उन्होंने वहां काम करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों से भी बात की।

मॉनसून की तैयारियों के लिए कमिश्नर ने दिया 15 दिन का समय

कोरोना संक्रमण काल के बीचनवी मुंबई मनपा आयुक्त अण्णासाहेब मिसाल ने 25 मई से पहले सभी मॉनसून पूर्व कार्यों को पूरा करने का आदेश जारी किया है। यह आदेश जारी करने से पहले उन्होंने उच्च अधिकारियों की एक बैठक बुलाई थी।
मुंबई में जारी लॉक डाउन के बीच भारी संख्या में सी गुल और फ्लेमिंगो पंछी विदेशों से यहां पहुंचे हुए हैं।


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पनवेल रेलवे स्टेशन पर श्रमिक स्पेशल ट्रेन में सवार एक प्रवासी मजदूर खिड़की से झांकता हुआ।  यहां से एक स्पेशल ट्रेन ओडिशा के लिए चलाई गई है।




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किराए के विवाद के चलते श्रमिक स्पेशल ट्रेनों की रफ्तार हुई कम, पिछले 9 दिन में 2 ही ट्रेन जयपुर से हुई संचालित

(शिवांग चतुर्वेदी)। केंद्र सरकार और विपक्षी दल कांग्रेस की ओर से ट्रेनों में श्रमिकों के आवागमन के दौरान किराए का मुद्दा बढ़ने के कारण अब श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन कम हो गया है। जयपुर जंक्शन से पिछले नौ दिनों में सिर्फ 2 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का ही संचालन हुआ है।

श्रमिकों को एक से दूसरे राज्य में भेजने के लिए स्पेशल ट्रेनें संचालित करने का सिलसिला श्रमिक दिवस पर एक मई से शुरू हुआ था। एक मई को ही जयपुर से पटना के लिए विशेष ट्रेन संचालित की गई थी, लेकिन इसके बाद श्रमिकों से किराया वसूलने को लेकर विवाद बढ़ गया। केंद्र सरकार ने कहा कि वह श्रमिकों से किराए की बड़ी राशि नहीं ले रही है।

श्रमिकों को किराए में 85% की छूट दी जा रही है जबकि राज्यों ने आरोप लगाया कि केंद्र टिकट के पूरे पैसे उनसे ले रहा है। रेलवे भी प्रति यात्री टिकट बुकिंग करने की बजाय पूरी ट्रेन बुक कर किराया जिला प्रशासन से वसूल कर रहा है। ऐसे में श्रमिकों का आरोप है कि उनसे किराए की पूरी राशि वसूल की जा रही है जिसे देखते हुए प्रदेश की गहलोत सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए श्रमिकों के किराए की पूरी राशि वहन करने की बात कही है।

ऐस में अब जयपुर और प्रदेश के अन्य हिस्सों से संचालित होने वाली ट्रेनों में किराए का भुगतान राज्य सरकार द्वारा किया जा रहा है। हालांकि पिछले नौ दिन में मात्र दो ट्रेनों का संचालन जयपुर जंक्शन से हो सका है। रेलवे से जुड़े सूत्र बताते हैं कि किराया विवाद के चलते आगामी दिनों में भी श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन कम ही होने के आसार हैं।

कब-कब चली श्रमिक स्पेशल ट्रेन :

  • 1 मई को जयपुर से करीब 1150 श्रमिकों को लेकर ट्रेन पटना के लिए रवाना हुई
  • 5 मई को 1149 श्रमिकों और परिजनों को लेकर ट्रेन कटिहार के लिए रवाना हुई
  • 5 मई को 1207 श्रमिकों को लेकर महाराष्ट्र के दहानू रोड से ट्रेन जयपुर पहुंची
  • 5 मई को 1194 श्रमिकों को लेकर महाराष्ट्र के भिवंडी से ट्रेन जयपुर पहुंची
  • 6 मई को 1318 विद्यार्थियों-श्रमिकों को लेकर बेंगलुरू के चिक्काबनावारा से ट्रेन जयपुर पहुंची


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Ashok Gehlot | Shramik Special Trains Fair In Jaipur News Updates On Ashok Gehlot Rajasthan Govt




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महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर युवाओं ने 32 यूनिट रक्त दान किया

महाराणा प्रताप जयंती के मौके पर सभापति अजय प्रजापत के सहयोग से टीम पर्यावरण जीवन रक्षक द्वारा विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया । महात्मा ज्योतिबा फुले उच्च माध्यमिक विद्यालय में आयोजित हुए विशाल रक्तदान शिविर में टीम सदस्यों सहित युवाओं ने बढ़ चढ़कर भाग लिया।इस दौरान 32 यूनिट रक्त संग्रह किया गया कार्यक्रम का शुभारंभ करौली एसडीएम देवेंद्र सिंह परमार ,विकास अधिकारी नीरज शर्मा , टीम पर्यावरण जीवन रक्षक के सचिव अभिषेक सिंह द्वारा महाराणा प्रताप के चित्रपट पर पुष्पांजलि कर किया। टीम पर्यावरण जीवन रक्षक के अभिषेक सिंह ने बताया कि लॉक डाउन के दौरान जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए नगर परिषद सभापति अजय प्रजापत के सहयोग से विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया । शिविर में टीम पर्यावरण जीवन रक्षक के सदस्यों सहित युवाओं ने रक्तदान कर मानवता का धर्म निभाया । इस दौरान करौली एसडीएम ने टीम पर्यावरण जीवन रक्षक द्वारा किए जा रहे समाज सेवा के कार्यों की सराहना की साथ ही रक्तदान कर रहे युवाओं की हौसला अफजाई की। इस दौरान चर्म रोग विशेषज्ञ आदर्श जिंदल के द्वारा भी रक्तदान किया गया साथ ही सभापति के छोटे भाई डॉ धीरज प्रजापत के द्वारा भी रक्तदान किया गया रक्तदान करता शेर सिंह बैसला की ओर से गमछे, सभापति अजय प्रजापति ओर से सैनीटाइजर और मास्क वितरित किए गए। कार्यक्रम के दौरान नगर परिषद सभापति अजय प्रजापत, समाजसेवी रामेश्वर ठेकेदार, संस्था प्रशासनिक अधिकारी गोपाल माली, भाजपा युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष पुस्पेंद्र सैनी, करोली शहर अध्यक्ष वैभवपाल, टीम जीवन रक्षक के अभिषेक सिंह चौहान, अनुराग पाल मृगेंद्र पाल, रुद्र प्रताप, जितेंद्र सिंह, पुष्पेंद्र मुद्गल, नरेंद्र सिंह, रामबाबू सैनी, श्याम सैनी, संतोष शर्मा, राजू प्रजापति, दिवाकर माली, शिवकुमार व महात्मा ज्योतिबा फुले उच्च माध्यमिक विद्यालय के पदाधिकारी और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।



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जिले में अब तक 2858 की सैंपलिंग, किसी की भी रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं

जिले में कोरोना का प्रसार नहीं हो, इसके लिए सभी प्रयास किए जा रहे है। प्रशासन, पुलिस एवं चिकित्सा विभाग द्वारा आपसी समन्वय एवं लोगों के सहयोग से कोरोना से लडी जा रही लडाई में काफी हद तक सफलता प्राप्त की है। इसी का परिणाम है कि शनिवार को जिले में कोरोना का कोई नया पाजिटिव केस नहीं आया है। जिले में अब तक 2858 सैंपल लिए गए, 2732 की जांच रिपोर्ट आई, 126 की जांच रिपोर्ट आनी शेष है। प्रशासन द्वारा कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए है। क्वारेंटीन सेंटरों पर खाने, पीने सहित अन्य सभी व्यवस्थाएं माकूल है। यह जानकारी शनिवार को कलेक्टर नन्नूमल पहाड़िया ने दी। कलेक्टर पहाडिया ने बताया बौंली उपखंड के मरमटपुरा, धोराला एवं पीलूखेडा में जीरो मोबिलिटी (कर्फ्यू) निषेधाज्ञा लागू है, वहां सभी आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता करवाई जा रही है। उन्होंने लोगों को धैर्य एवं संयम बनाए रखने की अपील की। कोरोना रूपी अदृश्य शत्रु से लडाई को जीतने के लिए प्रोटोकाल का पालन करें, बार-बार साबुन से हाथ धोएं, सेनिटाइजर का प्रयोग करें। कलेक्टर ने बताया कि जिले में अब तक 2 हजार 858 संक्रमितों के सैंपल लिए गए है। इसमें से 2 हजार 732 की जांच रिपोर्ट आई है तथा 126 की जांच रिपोर्ट आनी शेष है। जिले में अब तक कुल दस कोरोना पॉजिटिव दर्ज किए गए है, जिनमें से आठ रिकवर हो चुके है। वहीं एक की मृत्यु हो चुकी है।



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2858 sampling in the district so far, no report positive




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इम्युनिटी पावर बढ़ाने के लिए भामाशाह ने 2500 शीशी होम्योपैथिक दवा की वितरित

देवली शहर में भामाशाह ओसवाल परिवार की ओर से शुक्रवार को इम्युनिटी पावर बढ़ाने एवं कोरोना महामारी से बचाव के लिए होम्योपैथिक दवाई की ढाई हजार शीशी का वितरण किया गया। भामाशाह राकेश ओसवाल ने बताया कि इम्युनिटी पावर बढ़ाने के लिए कोरोना महामारी से बचाव के लिए 6000 होम्योपैथिक दवा की शीशी मंगवाई गई है ।जिनमें से शुक्रवार को 2500 दवा की शीशी का वितरण किया गया। होम्योपैथिक डॉ अनिल शर्मा के मार्गदर्शन और दिशानिर्देश में दवा को तैयार किया गया था।बाद में वितरण के दौरान भी मौजूद रहे।उन्होंने बताया कि होम्योपैथिक दवा से लोगों को इम्युनिटी बढ़ाने में सहायता मिलेगी। केंद्रीय आयुष मंत्रालय ने भी इसकी मांग की है शहर में दवा का वितरण कार्य एसडीएम की अनुमति से सुबह 8:00 बजे से 12:00 बजे तक किया गया। शहर के अंबेडकर सर्किल,नेहरू मार्केट,अग्रसेन बाजार, छतरी चौराहा,गणेश रोड,सदर बाजार,पुलिस स्टेशन के सामने होते हुए बस स्टैंड तक दवा का वितरण किया गया ।प्रतिदिन इसी प्रकार दवा वितरित की जाएगी।
एक तरफ जिम्मेदार ओर जागरूक व्यक्ति बन कर लॉकडाउन की सभी अवधि में असहाय, निर्धन, जरूरतमंद एवं पीड़ित आमजन को राहत प्रदान करने के लिए ओसवाल परिवार देवली गांव वाले विविध प्रकार की कोशिशें कर मददगार बन रहा है।जहां एक तरफ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शिता एवं संवेदनशीलता के चलते आज पूरे विश्व में कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण के अभूतपूर्व उपायों से एक मिसाल बनकर उभरा है। ऐसे ही भारतीय जनता पार्टी शहर मंडल अध्यक्ष राजेंद्र सिंह राणावत के मार्गदर्शन और दिशा निर्देशानुसार शहर के मुख्य बाजार में इम्युनिटी पावर बूस्टर के लिए होम्योपैथिक दवा का वितरण किया। राकेश ओसवाल ने बताया कि मेरी सोच एवं भावना के अनुरूप आत्मबल में अभिवृद्धि को सर्वाधिक ताकत मेरे पुत्र अनमोल जैन से मिलती है परिवार द्वारा लॉक डाउन के दूसरे दिन 23 मार्च से ही अनवरत सेवा कार्य चालू है। लॉक डाउन थर्ड में जनहित में किए जाने वाले सेवा कार्यों में सबसे महत्वपूर्ण है आमजन की इम्युनिटी पावर को बढ़ाने में आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक पद्धति के सहयोग से ताकत दिलवाना।



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जिले में कोरोना के 3 केस ही एक्टिव, 136 में से 132 मरीज नेगेटिव सूची में

कोरोना काल में जहां एक ओर शहर और बाजारों में लगातार सन्नाटा छाया हैं। लेकिन पिछले चार दिन में एक भी पॉजिटिव नही मिलना और कुल पॉजिटिव में से अधिकतर की नेगेटिव रिपोर्ट आना शहर ही नहीं जिलेवासियों के लिए राहत की बात हैं। अब तक आए 136 पॉजिटिव केसेज में से 132 नेगेटिव आ चुके हैं और 3 केस ही टोंक व जयपुर अस्पतालों में एक्टिव हैं। वहीं चिकित्सा विभाग की ओर से सतर्कता बरतते हुए क्वारेंटाइन सेंटर से स्वस्थ होकर लोटे लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया हैं। इधर शहर में कर्फ्यू के 36वें दिन सहित जिलेभर में लॉकडाउन 48 दिन पूरे होने से पिछले डेढ़ महीने से भी ज्यादा समय से लॉकडाउन और कर्फ्यू के पालना में शहर व बाजार सुनसान ही नजर आ रहे हैं। हालांकि जिला मुख्यालय को छोड़कर अन्य शहरों में जहां औद्योगिक गतिविधियां, मोबाइल, लेपटोप, स्टेशनरी, कपडे, केमिस्ट, चिकित्सा उपकरण, आयुष, पशु चिकित्सा दवाइयां आदि सोशल डिस्टेंस के साथ दुकानें खुली हैं। लेकिन वहां पर बिना कारण घुमने की अनुमति नही हैं। कलेक्टर केके शर्मा ने बताया कि जिले में अब तक लिए 4 हजार 316 लोगों के सेम्पल लिए गए हैं। वही 136 कोरोना पॉजिटिव हैं। कलेक्टर ने बताया कि सर्वे टीमों की ओर से शहर के कंटेनमेंट व बफर जोन में 16 लाख 75 हजार 704 लोगों को सर्वे किया जा चुका हैं। सर्वे में मिले आईएलआई मरीजों की क्लॉज मॉनिटरिंग कर किसी में लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सक टीम भेज कर स्क्रीनिंग व सेम्पलिंग की कार्यवाही की जाती हैं। फिलहाल 2474 होम आईसोलेशन और 68 क्वारेन्टाइन में हैं। सीएमएचओं डाॅ. अशोक कुमार यादव ने बताया कि लॉकडाउन की वजह से कर्फ्यूग्रस्त इलाकों में संचालित की जा रही मोबाइल मेडिकल ओपीडी के जरिए 5 हजार 600 लोगों की जांच एवं उपचार किया जा चुका हैं।
स्वस्थ्य होकर लोटे लोगों स्वास्थ्य परीक्षण कोरोना काल में मुस्तैदी से कार्य कर रहे चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग सतर्कता दिखाते हुए स्वस्थ होकर लौटे लोगों का भी स्वास्थ्य परीक्षण कर जा रहा हैं। डिप्टी सीएमएचओ डॉ. महबूब खान ने बताया कि शहर के एक निजी स्कूल स्थित छात्रावास में संचालित क्वारेंटाइन सेंटर सें स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुए 16 लोगों के घर जाकर चिकित्सा टीम ने निरीक्षण करने के साथ ही उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया। डॉ. खान ने बताया कि गाइड लाइन के अनुसार सभी को घर पर रहने को पाबंद करते हुए मुचलके भरवाए गए। साथ ही सभी को कोरोना के बचाव व रोकथाम संबधी जानकारी दी गई। इस मौके पर डॉ सादिक खान, सुपरवाइजर सलमान खान एवं पीपीएम कोऑर्डिनेटर मसर्रत मियां उपस्थित रहे।



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Only 3 corona cases active in the district, 132 out of 136 patients in the negative list




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21 परिवारों को राशन किट वितरित

कोरोना महामारी के संकट के दौरान डाॅ. भीमराव अंबेडकर जन सेवा सामाजिक समिति द्वारा जरूरतमंद 21 परिवारों को राशन के किट वितरित किए गए। संस्था के निदेशक भागचंद निकटपुरी ने बताया कि कोरोना वायरस के संक्रमण के दौरान लोगों के सामने रोजी रोटी का संकट पैदा हो गया है। ऐसे में समाजसेवियों व भामाशाहों को आगे आकर जरूरतमंद व असहाय लोगों की मदद करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि संस्था की ओर से पापड़दा, भांडारेज सहित अनेक जगहों पर राशन किट वितरित किए। इस अवसर पर कोषाध्यक्ष हरीश ठीकरिया, सदस्य कैलाश गुमानपुरा, जियालाल लोदवाल, हंसराज बंशीवाल और रवि निकटपुरी, पिंटू पापड़दा मौजूद थे।



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Ration kits distributed to 21 families




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सोशल डिस्टेंसिंग की पालना नहीं करना पड़ा भारी, 10 दिन बंद रहेंगी 2 दुकानें

रामगढ़ पचवारा मुख्यालय पर देवांश हॉस्पिटल में कोरोना संक्रमित मरीज के उपचार के बाद सीज किए गए अस्पताल व 102 लोगों के सैंपल लेकर की गई कार्रवाई के बाद लोगों में डर बना हुआ है ।वहीं दूसरी तरफ लॉक डाउन के तहत बाजार बंद रहे। जिससे बाजारो मे सन्नाटा बना रहा । इधर दूसरी तरफ लॉक डाउन के दौरान परचून की दुकानदारों द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग की नीति के पालन नहीं करने को लेकर उपखंड अधिकारी सरिता मल्होत्रा ने दो किराना की दुकानों को 10 दिन के लिए दुकान खोलने पर पाबंदी लगाई है।
57 जब्त, 14 वाहनों का चालान
दौसा| लॉकडाउन के दौरान शनिवार को पुलिस ने जिले में बेवजह सड़कों पर घूमने वाले लोगों के 57 वाहन जब्त किए तथा 11 वाहनों का चालान किया। यातायात पुलिस ने 32 वाहन जब्त किए तथा 10 वाहनों का चालान किया। सदर थाना पुलिस ने 1, बसवा थाना पुलिस ने 1 वाहन, मानपुर थाना पुलिस ने 6, मंडावर थाना पुलिस ने 2, नांगल राजावतान थाना पुलिस ने 5, रामगढ़ पचवारा थाना पुलिस ने 3, मंडावरी थाना पुलिस ने 4 व लवाण थाना पुलिस ने 2 वाहन जब्त किए।



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तीन शातिर चोर गिरफ्तार, अलवर-दौसा में 12 से अधिक वारदातों को दिया अंजाम

महवा थाना पुलिस ने प्रोडक्शन वारंट के तहत चोरी के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने दिसंबर 2019 में बालाहेडी कस्बे में अलग-अलग चोरी की दो वारदातों को अंजाम दिया था। थाना अधिकारी रजत खींची ने बताया कि वर्ष 2019 दिसंबर माह में आरोपी शिवदयाल मीणा, रमेश मीणा निवासी रायपुर पाखर थाना मंडावर जिला दौसा व जयसिंह राजपूत थाना कोतवाली अलवर ने बालाहेड़ी में मेडिकल स्टोर की दुकान व परचून की दुकान में सेंधमारी कर चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। जिसमें हजारों की नगदी भी शामिल थी। उन्होंने बताया कि तीनों आरोपियों को राजगढ़ अलवर थाना पुलिस ने चोरी की वारदातों को अंजाम देने के आरोप में गिरफ्तार किया था। जहां से मंडावर थाना पुलिस ने इनको प्रोडक्शन वारंट के आधार पर हिरासत में लिया। जिसके बाद निरंतर खुलती गई चोरी की वारदातों को लेकर पता चला कि बालाहेड़ी कस्बे में माह दिसंबर 2019 में हुई चोरी में भी इन्हीं तीनों आरोपियों का हाथ था। जिसे लेकर महवा थाना पुलिस प्रोडक्शन वारंट पर महवा लाई और पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया। जिसमें चोरी की वारदात को इन्होंने स्वीकार किया है। आरोपियों से कुछ सामान भी बरामद किया गया है। उन्होंने बताया कि शनिवार को आरोपियों को न्यायालय में पेश किया। जहां से उन्हें जेल भेजने के आदेश प्रदान किए।



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Three vicious thieves arrested, carried out more than 12 incidents in Alwar-Dausa




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जिले में संक्रमितों की संख्या हुई 21

जिले में 17 दिन बाद फिर एक कोरोना पॉजिटिव आने से अब संक्रमितों की संख्या 21 हो गई। हालाकि इनमें 20 मरीज ठीक हो गए। शनिवार को कालाखो के बाल किशन का बास निवासी एक महिला के जयपुर में हुई जांच में कोरोना पॉजिटिव आया है। इससे चिकित्सा विभाग व प्रशासन में हड़कंप मच गया। विभाग की टीम मरीज के गांव पहुंची तथा उसके संपर्क में आए लोगों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे हैं। बाल किशन का बास निवासी नहना देवी मीणा जयपुर में अस्पताल में भर्ती है। उसके जांच में कोरोना पॉजिटिव आया है। इससे जिले में अब कोरोना मरीजों की संख्या 21 हो गई। हालाकि 22 अप्रैल तक पॉजिटिव आए मरीज ठीक हो गए। उनकी अस्पतालों से भी छुट्टी हो गई। इससे लोगों ने राहत महसूस की थी, लेकिन अब फिर एक और कोरोना पॉजिटिव आने से विभाग में हड़कंप मच गया। विभाग की टीम इसके संपर्क में आए लोगों की जांच की। यूं बढ़ी मरीजों की संख्या जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ने लगी है। 37 दिन में 21 पॉजिटिव आ चुके हैं। पहला कोराेना पॉजिटिव 3 अप्रैल को आया था। इसके बाद 5 अप्रैल को 2, 6 को 3, 11 को 1, 13 को 3, 15 को 1, 17 को 1, 21 को 7 व 22 अप्रैल को एक कोरोना पॉजिटिव मिला था। इनमें सभी मरीज ठीक हो गए थे। इनको अस्पतालों से छुट्टी भी मिल गई। लोगों को उम्मीद थी कि जल्द ही जिला कोरोना मुक्त हो जाएगा, लेकिन शनिवार को एक महिला के कोरोना पॉजिटिव आया है।



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कलापुरा निवासी दपंती 2 मई को अहमदाबाद से आये थे गांव

जसवंतपुरा के कलापुरा निवासी दंपती 2 मई को अहमदाबाद से कलापुरा पहुंचे थे। गांव आने के बाद प्रशासन ने इनको होम क्वारेंटाइन किया। हालांकि दोनों को बुखार आने व कोरोना जैसे लक्षण नजर आने के बाद 5 मई को चिकित्सा विभाग की टीम ने उनके घर पर पहुंचकर दोनों का सैंपल लिया। इसकी रिपोर्ट में दोनों पॉजिटिव निकले। जानकारी के अनुसार संक्रमित मरीज अपने परिवार के साथ अहमदाबाद में ही रहता था, जहां पर सब्जी बेचता था। दंपती 51 लाेगाें के साथ एक मिनी ट्रक में सवार होकर गांव पहुंचे थे। अब इनके संपर्क में आए लाेगाें की पहचान की जा रही है, साथ ही ये दाेनाें जिनके संपर्क में आए उन्हें भी क्वारेंटाइन किया जाएगा।



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किराया विवाद में ट्रेनों की रफ्तार हुई कम, 9 दिन में सिर्फ 2 ही ट्रेन जयपुर से चली

केंद्र सरकार और विपक्षी दल कांग्रेस की ओर से ट्रेनों में श्रमिकों के आवागमन के दौरान किराए का मुद्दा बढ़ने के कारण अब श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन कम हो गया है। जयपुर जंक्शन से पिछले 9 दिनों में सिर्फ 2 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का ही संचालन हुआ है। श्रमिकों को एक से दूसरे राज्य में भेजने के लिए स्पेशल ट्रेनें संचालित करने का सिलसिला श्रमिक दिवस पर 1 मई से शुरू हुआ था। 1 मई को ही जयपुर से पटना के लिए विशेष ट्रेन संचालित की गई थी। लेकिन इसके बाद श्रमिकों से किराया वसूलने को लेकर विवाद बढ़ गया। केंद्र सरकार ने कहा कि वह श्रमिकों से किराए की बड़ी राशि नहीं ले रही है। श्रमिकों को किराए में 85% की छूट दी जा रही है। जबकि राज्यों ने आरोप लगाया कि केंद्र टिकट के पूरे पैसे उनसे ले रहा है। रेलवे भी प्रति यात्री टिकट बुकिंग करने की बजाय पूरी ट्रेन बुक कर किराया जिला प्रशासन से वसूल कर रहा है। ऐसे में श्रमिकों का आरोप है कि उनसे किराए की पूरी राशि वसूल की जा रही है। जिसे देखते हुए प्रदेश की गहलोत सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए श्रमिकों के किराए की पूरी राशि वहन करने की बात कही है। ऐस में अब जयपुर और प्रदेश के अन्य हिस्सों से संचालित होने वाली ट्रेनों में किराए का भुगतान राज्य सरकार द्वारा किया जा रहा है। हालांकि पिछले 9 दिन में मात्र 2 ट्रेनों का संचालन जयपुर जंक्शन से हो सका है। रेलवे से जुड़े सूत्र बताते हैं कि किराया विवाद के चलते आगामी दिनों में भी श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन कम ही होने के आसार हैं।



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राजस्थान में 129 नए रोगी मिले; चार की मौत भी हुई, अजमेर में चार गर्भवतियों सहित 14 संक्रमित

कोरोना ने झीलों की नगरी उदयपुर के मोहल्ले कांजी हाटा में तहलका मचा दिया है। यहां तीन दिन में 103 रोगी मिल चुके हैं। शनिवार को यहां 24 नए राेगी मिले। सभी राेगी कांजी हाटा माेहल्ले में मिले हैं। प्रदेश में शनिवार को 129 राेगी मिले, जबकि जयपुर में 3 व चूरू में एक माैत हुई। जयपुर में कोरोना फिर भड़क गया और एक साथ 51 नए रोगी मिले। जयपुर में कुल रोगी 1196 हो गए हैं, जबकि 57 जानें जा चुकी हैं।

जोधपुर में 11, चित्तौड़गढ़ में 10, अजमेर में 15, पाली में 5, जालाेर व चूरू में 3-3, राजसमंद में 2, कोटा, दाैसा, बाड़मेर, सिरोही और सवाईमाधोपुर में 1-1 रोगी मिला। अजमेर जिले में शनिवार को मिले 14 नए राेगियाें में 4 गर्भवती महिलाएं हैं। इनमें से एक ने ताे शनिवार काे ही बच्चे काे जन्म दिया है। बच्चा स्वस्थ है, लेकिन उसकी जांच रिपाेर्ट आना बाकी है। पिछले 24 घंटे में यहां 6 गर्भवती काेराेना की चपेट में आचुकी हैं। प्रदेश में अब तक 3708 राेगी मिल चुके हैं, जबकि 107 माैतें हाे चुकी हैं।
तीन साल की बच्ची स्वस्थ होकर लौटी
इस बीच खुशखबरी यह रही कि जयपुर के महात्मा गांधी अस्पताल में तीन साल की बच्ची कोरोना को हराकर स्वस्थ हो गई और उसको घर भेज दिया गया। शनिवार को सांगानेर के मुख्य बाजार में सबसे ज्यादा 8, रामगंज क्षेत्र में 7, शास्त्री नगर में 6, चांदपोल में 5, बापू बाजार के 5 सहित 19 इलाकों में 51 नए रोगी मिले।



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जयपुर में कुल रोगी 1196 हो गए हैं, जबकि 57 जानें जा चुकी हैं।




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किराया विवाद में श्रमिक स्पेशल धीमी हुई, 9 दिन में 2 ही ट्रेन गई

केंद्र और कांग्रेस द्वारा ट्रेनों में श्रमिकों के किराए का मुद्दा बढ़ने के कारण श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन कम हो गया है। जयपुर से 9 दिनों में 2 श्रमिक स्पेशल का संचालन हुआ है। श्रमिकों को उनके राज्य में भेजने के लिए 1 मई से ट्रेनों का संचालन शुरू हुआ था। 1 मई को पटना के लिए विशेष ट्रेन चलाई गई। लेकिन इसके बाद श्रमिकों से किराया वसूलने को लेकर विवाद बढ़ गया। केंद्र सरकार ने कहा कि वह श्रमिकों से किराए की बड़ी राशि नहीं ले रही है। श्रमिकों को किराए में 85% की छूट दी जा रही है। राज्यों ने आरोप लगाया कि केंद्र टिकट के पूरे पैसे उनसे ले रहा है। रेलवे भी प्रति यात्री टिकट बुकिंग करने की बजाय पूरी ट्रेन बुक कर किराया जिला प्रशासन से वसूल कर रहा है। ऐसे में प्रदेश की गहलोत सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए श्रमिकों के किराए की पूरी राशि वहन करने की बात कही है।



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4 साल की मासूम के मजबूत हौसले से हार गया कोरोना, अब तक रिकॉर्ड 772 रोगी रिकवर और 699 डिस्चार्ज हो चुके हैं

जयपुर में चार साल की मासूम ने कोरोना से जंग जीत लिया है। महात्मा गांधी अस्पताल से शनिवार को मासूम स्वस्थ होकर घर लौटी तो हर किसी के चेहरे पर खुशी और मुस्कान बिखेर गई। जयपुर और कोराेना की लड़ाई में अब हम संभल गए हैं। बीते 24 घंटे में 56 और रोगी रिकवर हुए जबकि 58 को डिस्चार्ज कर दिया गया। अब जयपुर में रिकॉर्ड 772 रोगी रिकवर व 699 डिस्चार्ज हो चुके हैं। सबसे सुखद बात यह है कि शनिवार को 52 नए केस आने के बाद भी एक्टिव केसों की संख्या कम हुई। शुक्रवार को 371 एक्टिव केस थे जबकि शनिवार को 368 ही बचे। कोरोना के एपिसेंटर रहे रामगंज में 70.92% मरीज स्वस्थ हो चुके हैं।

जयपुर में शनिवार को 52 नए मरीज मिले। 19 दिन बाद यह पहला मौका है जब एक दिन में 50 से अधिक मरीज मिले हों। सबसे बड़ी परेशानी यह है कि संक्रमितों में 6 सुपर स्प्रेडर्स भी शामिल हैं। सांगानेर में 4 सब्जी विक्रेता, मुरलीपुरा दादी का फाटक में किराना दुकानदार औैर डेयरी संचालक में कोरोना निकला। इसके अलावा एसएमएस अस्पताल में महिला रेजीडेंट व नर्स भी काेराेना पाॅजिटिव आई है। नए मामलाें के साथ ही शहर में काेराेना पाॅजिटिव का आंकड़ा 1196 पहुंच गया है। शनिवार को तीन कोरोना पॉजिटिव की मौत भी हो गई।



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महात्मा गांधी अस्पताल से शनिवार को मासूम स्वस्थ होकर घर लौटी तो हर किसी के चेहरे पर खुशी और मुस्कान बिखेर गई




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पुराने संक्रमित 12 जिलों में से 11 में ठीक होने वाले 20 गुना तक बढ़े, अब तक प्रदेश में 58% रोगी ठीक हो चुके है

पिछले दो माह में अति संक्रमित हाई रिस्क वाले 12 जिलों में 11 जिलों में ठीक होने वाले मरीज भर्ती राेगियाें की तुलना में 20 गुना तक बढ़ गए हैं। इन पुराने संक्रमित जिलाें में जोधपुर में पिछले दो सप्ताह में भारी संख्या में नए रोगी मिलने से समीकरण बिगड़े हैं। वहां भर्ती मरीजाें की संख्या ज्यादा है और ठीक होकर जाने वाले कम मरीज हैं। नए संक्रमित चार जिलाें अजमेर, चित्ताैड़गढ़, पाली व उदयपुर में पिछले एक सप्ताह में काेराेना उग्र हुआहै।

इनमें भर्ती मरीज ज्यादा है और ठीक होने वालों का 14 दिन बाद ही पता चल पाएगा। इस तरह प्रदेश के 16 जिलों में भारी संक्रमण हैं या रह चुका है। इनमें से 11 में हालात सुधरे हैं, जबकि 5 में बिगड़े हैं। तीन जिले ऐसे हैं जहां सारे रोगी ठीक हो चुके हैं। 2 जिले अब भी ग्रीन जोन में ही हैं। वहां 70 दिन में एक भी रोगी नहीं मिला। शुक्रवार तक छह जिले थे, जिनमें कोरोना रोगी ठीक हो गए, लेकिन 24 घंटे में ही चार शून्य रोगी वाले जिलों में फिर रोगी आ गए। अब सारे रोगी ठीक वाले जिले हनुमानगढ़ और झुंझुनूं रह गए हैं। अब तक श्रीगंगानगर और बूंदी में कोई भी कोरोना रोगी नहीं मिला है।
प्रदेश में 58% रोगी ठीक हो चुके
प्रदेश में 3708 रोगी हुए। इनमें से 2162 ठीक हो चुके हैं। यह कुल का 58.3% है। अब 1440 लोग भर्ती हैं। यह कुल का 38.8% है। 16 अप्रैल तक 14%, 26 अप्रैल तक 28% व इसके बाद 13 दिन में 9 मई तक ठीक होने वाले दोगुने 58.31% हुए।
13 जिले छिटपुट संक्रमण वाले
अलवर, बारां, जालौर, सिरोही, बाड़मेर, चूरू, दौसा, धौलपुर, डूंगरपुर, करौली, प्रतापगढ़, राजसमंद, सीकर में एक-दो रोगी रह-रह कर सामने आ रहे हैं। इनमें से किसी के भी एपि सेंटर बनने लायक खतरा नहीं दिख रहा। यहां 135 कोरोना रोगी हैं।



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नए संक्रमित चार जिलाें अजमेर, चित्ताैड़गढ़, पाली व उदयपुर में पिछले एक सप्ताह में काेराेना उग्र हुआ है।




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काेराेना में उलझ गया 200 करोड़ रुपए का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट

काेराेना वायरस संक्रमण का देशभर में लाॅक डाउन जारी है। इस बीच शहर से निकलने वाले सीवरेज के गंदे पानी का ट्रीट करने का प्लांट भी फाइलाें में ही लाॅक हाेे गया। नगर निगम ने प्लांट के लिए टैंडर प्रक्रिया भी पूरी कर ली थी। लेकिन जिम्मेदार अधिकारी काेराेना संक्रमण के कारण निगम मुख्यालय में नहीं अाने के कारण प्लांट की कार्य याेजना ही अटक गई। दरअसल नगर निगम द्वारा दहलावास में 90 एम-एलडी का नया एसटीपी प्लांट का काम लाॅक डाउन से पहले शुरू करना था। इससे पहले यहां पर एसटीपी की 2 यूनिट लगी हुई है। इन दोनों की क्षमता 62-62 एम-एलडी की है। इनमें से एक तो 15 साल पुराना हो गया, जो प्रोपर ट्रीट करने में असक्षम है।

वहीं दूसरी यूनिट 4 साल पहले लगाई गई थी। मौजूदा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट कम क्षमता का व पुराने होने की वजह से 45 एम-एलडी से अधिक सीवर का पानी बिना ट्रीट ही बायपास हो रहा है। 90 एम-एलडी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए 206 करोड़ की लागत तय की गई थी। टैंडर जारी हाेने के बाद भी निगम के अधिकारियाें ने चार माह से अभी तक प्लांट का काम शुरू नहीं किया है। दूसरी ओर, 90 एम-एलडी का प्लांट बनाने के साथ में पुराने प्लांट को नई तकनीक के हिसाब से अपग्रेड किया जाना था। इस पर 44 लाख खर्च हाेने थे, लेकिन अफसराें ने पुराने प्लांट काे भी अपग्रेड नहीं किया। जयसिंहपुरा खोर में स्थित एसटीपी 50 एम-एलडी क्षमता का है और ब्रह्मपुरी स्थित एसटीपी 8 एम-एलडी का बना हुआ है। जयसिंहपुरा में पहले 35 एलएलडी का था जिसकी क्षमता बढ़ा दी है। इनमें परकोटे क्षेत्र का सीवरेज जाता है।



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डेयरी से 2 लाख लीटर दूध की कम हुई सप्लाई

लॉकडाउन का असर जयपुर डेयरी पर भी नजर आने लगा है। लॉकडाउन के बाद जयपुर डेयरी की दूध सप्लाई 2 लाख लीटर घट गई है। घटे दूध का डेयरी आउट सोर्स के जरिए घी और पाउडर बनवा रहा है। दोनों की रेट मार्केट में गिरने की वजह से डेयरी को हर महीने करोड़ों रुपए का नुकसान हो रहा है। वहीं दूध की सप्लाई सुबह-शाम शुरू कर दे तो कुछ हद तक इस घाटे को कवर किया जा सकता है। डेयरी अभी परकोटे में शाम और बाकी जगह सुबह दूध सप्लाई कर रही है।

लॉकडाउन से पहले डेयरी के पास करीब 16 लाख लीटर दूध समितियों से आ रहा था। शहर में 8.5 लाख लीटर सप्लाई किया जा रहा था। वहीं 4 लाख लीटर दूध का पटियाला और यूपी में हाथरस घी और पाउडर बनवाया जा रहा था। अब 11.25 लाख लीटर दूध आ रहा है। वहीं 6.5 लाख लीटर शहर में सप्लाई किया जा रहा है। 1.5 लाख लीटर का दूध का हाथरस में घी और पाउडर बनवाया जा रहा है। इससे डेयरी को हर महीने करीब 20 करोड़ का नुकसान हो रहा है। दोनों समय दूध सप्लाई होने से करीब 1.5 लाख लीटर की मार्केट में खपत हो सकती है ओर घी-पाउडर बनने को रोक कर घाटा कम किया जा सकता है। दूसरी ओर, अफसरों का कहना है कि इस मामले में बीच का क्या रास्ता निकल सकता है तलाश करेंगे।



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शहर में 1206 व्यक्ति कोरोना संक्रमित, 10 नए पॉजिटिव केस सामने आए, एक और मरीज ने दम तोड़ा

शहर में रविवार को 10 नए कोराना पॉजिटिव केस सामने आए। इसके बाद संक्रमितों का आंकड़ा 1206पहुंच गया। रविवार को एक और मरीज ने दम तोड़ दिया। इससे कोरोना संक्रमितमृतकों का आंकड़ा57हो गया। रविवार को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग जारी कोरोना अपडेट्स के आंकड़ों के अनुसार शहर में अब तक 35 हजार 805 सैंपल लिए जा चुके है। वहीं, जयपुर में संक्रमित हुए कुल 1206 में से 772 मरीज रिकवर हो चुके हैं। अब उनकी मेडिकल रिपोर्ट नेगेटिव आ चुकी है। इनमें 699 मरीजों को डिस्चार्ज भी किया जा चुका है। इसके बाद अब 377एक्टिव केस बचे हैं, जिनकाअस्पताल में उपचार जारी है।

27 मार्च को रामगंज में 1केस आने पर 7 थाना क्षेत्रों में लगा था कर्फ्यू, अब 35 क्षेत्रों में कर्फ्यू लागू

आपको बता दें,राजधानी में लॉकडाउन 3.0 के दौरान अब शहर के 35थाना क्षेत्रों के चिन्हित इलाकों में कर्फ्यू लगा हुआ है। यहां कोरोना संक्रमित केस आने से एक किलोमीटर के दायरे मेंकर्फ्यू लगाया गया है। वहीं, परकोटे के सभी थाना इलाकों में कर्फ्यू जारी है। यहां एंट्री प्वाइंट्स पर नाकाबंदी जारी है।परकोटे के सात थाना क्षेत्रों में सबसे पहले 27 मार्च को कर्फ्यू लगाया गया था। इसके बाद अब शहर के 35 थाना क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण फैलने से यहां भी कर्फ्यू जारी है। शनिवारात को कोरोना संक्रमितों के नए केस आने के बाद मुरलीपुरा, करधनी व मुहानाथाना इलाकों में चिन्हित एरिया में कर्फ्यू लगाया गया।

एक दिन पहले चार सब्जी व फल बेचने वाले संक्रमित मिलने पर मच गया था हड़कंप

शनिवार को शहर के सांगानेर इलाके में चारसुपर स्प्रेंडर्स भी सामने आए। इनमें बाजार मेंठेले पर दो सब्जी बेचने वाले, एक फल बेचने वाला और एक उनका साथी है। इसके बाद पुलिस ने सांगानेर में इलाके को सील कर दिया और 120 लोगों को क्वारेंटाइन किया। ब्लॉक सीएमएचओ धनेश्वर शर्मा के मुताबिक मेडिकल टीम ने 80 सैंपल लिए थे। इनमें तीन फल सब्जी वाले पॉजिटिव आए। इनमें एक सब्जी वाला सांगानेर के पटेल मार्केट, पंचायत समिति के सामने मकान में किराए से रहता है। यहां 52 किराएदार और 20 मकान मालिक के पारिवारिक सदस्य है। इन सभी को क्वारेंटाइन किया गया है। पुलिस ने वहां सख्ती से लोगों की आवाजाही बंद कर दी।

शहर के 566 स्थानों पर सुबह व रात को नाकाबंदी जारी

अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर अजयपाल लांबा ने बताया कि शहर में 566 स्थानों पर सुबह व रात को नाकाबंदी जारी है। कर्फ्यूग्रस्त क्षेत्रों में पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया गया है। 3 मई से एक आदेश जारी कर शाम 7 से सुबह 7 बजे तक सभी क्षेत्रों में आवाजाही पर पूरी तरह से निषिद्ध किया गया है। शहर में लॉकडाउन के दौरान गारमेंट्स, ज्वैलर्स, बैंगल्स एवं हेयर ड्रेसर की दुकानों के खुलने पर कार्रवाई की जा रही है।

लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर अब तक जयपुर में 932लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसी तरह, शहर के विभिन्न इलाकों में ड्रोन से निगरानी जारी है। लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर अब तक 16 हजार 314वाहन जब्त किए गए हैं। वहीं, शहर के क्वारेंटाइन सेंटर्स में रखे गए लोगों की निगरानी के लिए आरएसी बल के जवानों कीतैनातगी जारी है।



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जयपुर के कोरोना एपीसेंटर रामगंज क्षेत्र में लिए गए फोटो में सूनी नजर आ रही रामगंज चौपड़, यहां पुलिस लगातार ड्रोन से निगरानी कर रही है।




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जयपुर में 10, उदयपुर-कोटा में 9-9 पॉजिटिव, पाली और अजमेर में 2-2 संक्रमित; एक की मौत

राजस्थान में कोरोनावायरस के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। रविवार को भी जयपुर में 10, उदयपुर और कोटा में 9-9, पाली और अजमेर में 2-2, डूंगरपुर में 1 संक्रमित पाया गया। जिसके बाद कुल संक्रमित लोगों की संख्या 3741 पहुंच गई। वहीं जयपुर में एक व्यक्ति की मौत भी हो गई। जिसके बाद मौत का कुल आंकड़ा 107 पहुंच गई।

इससे पहले शनिवार को 129 नए पॉजिटिव केस आए। इनमें उदयपुर में 24, जयपुर में 51, अजमेर में 15, चितौड़गढ़ में 10 जोधपुर में 11, पाली में 5, जालौर में 3, चूरू में 3, राजसमंद में 2, सिरोही, सवाई माधोपुर, कोटा, बाड़मेर और दौसा में 1-1 संक्रमित मिला। वहीं तीन मौत भी रिकॉर्ड की गई। इनमें 2 जयपुर और 1 चूरू में हुई।


33 में से 31 जिलों में पहुंचा कोरोना

प्रदेश में संक्रमण के सबसे ज्यादा केस जयपुर में हैं। यहां 1210 (2 इटली के नागरिक) संक्रमित हैं। इसके अलावा जोधपुर में 909 (इनमें 47 ईरान से आए), कोटा में 242, अजमेर में 213, टोंक और चित्तौड़गढ़ में 136-136, नागौर में 119, भरतपुर में 116, उदयपुर में 112, बांसवाड़ा में 66, पाली में 62, जैसलमेर में 49 (इनमें 14 ईरान से आए), झालावाड़ में 47, झुंझुनूं में 42, भीलवाड़ा में 43, बीकानेर में 38, मरीज मिले हैं। उधर, दौसा में 22, धौलपुर में 21, अलवर में 20, चूरू में 17, राजसमंद में 15, हनुमानगढ़ में 11, सवाई माधोपुर में 10, डूंगरपुर में 10, सीकर में 9, जालौर में 7, करौली में 5, प्रतापगढ़ और बाड़मेर में 4-4 कोरोना मरीज मिल चुके हैं। सिरोही में 3, बारां में 1 संक्रमित मिला है। इसके साथ जोधपुर में बीएसएफ के 42 जवान भी पॉजिटिव मिल चुके हैं।

अब तक 107 लोगों की मौत
राजस्थान में कोरोना से अब तक 106 लोगों की मौत हुई है। इनमें 10 कोटा, 2 भीलवाड़ा, 2 चित्तौड़गढ़ 59 जयपुर (जिसमें दो यूपी से), 17 जोधपुर, 4 अजमेर, दो नागौर, दो सीकर, दो भरतपुर, एक चूरू, एक करौली, एक प्रतापगढ़, एक अलवर, एक बीकानेर, एक सवाई माधोपुर और एक टोंक में हो चुकी है।

मुरलीपुरा, करधनी और मुहाना थाना क्षेत्र में कर्फ्यू
कोरोना पाॅजिटिव मिलने के बाद शनिवार को कमिश्नरेट के तीन थाना क्षेत्र के चिह्नित क्षेत्रों में कर्फ्यू लगाया गया है। मुरलीपुरा थाना क्षेत्र में दादी का फाटक विकास नगर सी कॉलोनी, करधनी थाना इलाके में नांगल जैसा बोहरा के रिद्धि-सिद्धि नगर और मुहाना थाना में अनिता कॉलोनी में कर्फ्यू लगाया गया है।

लॉकडाउन उल्लंघन में 61 वाहन जब्त, 35 गिरफ्तार
लाॅकडाउन का उल्लंघन करने पर 61 वाहन जब्त किए गए। वहीं कर्फ्यू उल्लंघन व विभिन्न प्रकरणों में 35 लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने अब तक 16,314 वाहन और 932 लोगों को गिरफ्तार किया है। कमिश्नरेट के 35 थाना क्षेत्रों में पूर्ण व आंशिक कर्फ्यू लागू किया गया है। 448 स्थानों पर दिन में व 118 स्थानों पर रात को नाकाबंदी कर लॉकडाउन की पालना कराई जा रही है।

रेड जोन वाले शिक्षकों को अब मुख्यालय नहीं बुलाएंगे
शिक्षा विभाग ने रेड जोन और आवागमन के लिए निषिद्ध क्षेत्रों में रह रहे शिक्षकों को राहत प्रदान की है। अब रेड जाेन में आवागमन की अनुमति नहीं मिलने तक एेसे शिक्षकाें काे मुख्यालय पर उपस्थिति नहीं देनी हाेगी। विकल्प होने की स्थिति में अब रोजेदार शिक्षकों की भी कोरोना में ड्यूटी नहीं लगाई जाएगी। दिव्यांग, असाध्य रोग से ग्रसित, विधवा, परित्यक्ता, एकल महिला, दो वर्ष से कम आयु की संतान वाली शिक्षिका, दो साल से कम सेवानिवृृत्ति की अवधि वाले कर्मचारियाें को भी कोरोना की ड्यूटी में नहीं लगाया जाएगा। शिक्षा मंत्री गाेविंद सिंह डाेटासरा के निर्देशाें के बाद शनिवार काे माध्यमिक शिक्षा निदेशक सौरभ स्वामी ने इस संबंध में आदेश जारी किए। इससे पहले शिक्षा विभाग ने गुरुवार काे आदेश जारी किया था कि मुख्यालय से बाहर रह रहे 54 हजार शिक्षकों को 15 मई तक मुख्यालय पर उपस्थिति देनी है।



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टोंक में क्वारैंटाइन सेंटर से स्वस्थ होकर घर गये लोगों की जांच करती चिकित्सा टीमl




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जल्द ही भारत में शुरू होगी आईफोन SE (2020) की बिक्री; फ्लिपकार्ट ने जारी किया टीजर बैनर, रजिस्ट्रेशन शुरू

पिछले महीने लॉन्च हु्ए एपल आईफोन SE (2020) की बिक्री जल्द ही भारतीय बाजार में शुरू होने वाली है। ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट ने अपनी मोबाइल ऐप पर इसका बैनर रिलीज कर दिया है। लोगों का रूझान जानने के लिए फ्लिपकार्ट ने रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया है। हालांकि कंपनी ने फिलहाल भारत में इसकी सेल डिटेल्स और उपलब्धता के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है। भारत में फोन की शुरुआती कीमत 42500 रुपए है। अमेरिका की तुलना में भारत में यह 39 फीसदी तक महंगा मिलेगा।

ऐप पर शुरू हुए रजिस्ट्रेशन

  • यह बैनर फ्लिपकार्ट ऐप पर दिखाई दे रहा है। इसमें नोटिफाई मी का बटन भी एक्टिव है जिसमें रजिस्ट्रेशन करने पर ग्राहकों तक भारत में बिक्री शुरू होने की जानकारी पहुंचेगी।
  • नोटिफिकेशन के लिए फ्लिपकार्ट इसके लिए ईमेल और फोन नंबर भरना होगा। फ्लिपकार्ट ने हाल ही में देश के ग्रीन और ऑरेंज जोन में गैर-जरूरी सामानों की बिक्री शुरू की है।
  • रेड जोन में अभी भी बिक्री पर बैन लगा है। आईफोन SE (2020) को भी ग्रीन और ऑरेंज जोन के ग्राहक खरीद सकेंगे।

आईफोन SE (2020): भारत में वैरिएंट वाइस कीमत

  • कंपनी ने इसे पिछले महीने ग्लोबली लॉन्च किया था और भारत में इसकी कीमतों के बारे में भी जानकारी दी थी। लॉकडाउन की वजह से उस समय इसकी बिक्री शुरू नहीं हो पाई।
  • इसके 64 जीबी स्टोरेज वैरिएंट की कीमत 42500 रुपए, 128 जीबी स्टोरेज वैरिएंट की कीमत 47800 रुपए और 256 जीबी स्टोरेज वैरिएंट की कीमत 58300 रुपए है।
  • भारत में यह ब्लैक, व्हाइट और प्रोडक्ट (रेड) कलर में उपलब्ध होगा।
  • बैनर को देखते हुए कहा जा रहा है कि इसे खासतौर से फ्लिपकार्ट पर बेचा जाएगा। हालांकि कंपनी ने डेट कंफर्म नहीं की है। फ्लिपकार्ट इसे 'फ्लिपकार्ट यूनिट' प्रोडक्ट कर रही है।

आईफोन SE (2020): अमेरिका की तुलना में भारत में 39% तक महंगा मिलेगा

  • यूएस में नए आईफोन SE (2020) के 64GB स्टोरेज वैरिएंट की कीमत $399 यानी लगभग 30600 रुपए, 128GB मॉडल की कीमत $499 यानी 38200 रुपए और 256GB मॉडल की कीमत $549 यानी लगभग 45000 रुपए है।
वैरिएंट भारत कीमत यूएस कीमत % मंहगा
64GB 42500 रु. 30600 रु. 39%
128GB 47800 रु. 38200 रु. 25%
256GB 58300 रु. 45000 रु. 30%

आईफोन SE (2020): बेसिक स्पेसिफिकेशन

  • फोन में 4.7 इंच रेटिना एचडी आईपीएस एलसीडी डिस्प्ले दिया गया है, जिसमें 750x1334 पिक्सल रेजोल्यूशन मिलता है। इसमें ट्रू टोन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया, जो व्हाइट बैलेंस को एडजस्ट करता है।
  • यह डोल्बी विजन साउंड और एचडीआर10 सपोर्ट करता है।आईफोन SE (2020) में ए13 बायोनिक चिपसेट दिया गया है, जो आईफोन 11 सीरीज में भी मिलता है।
  • फोटोग्राफी के लिए फोन में 12 मेगापिक्सल का सिंगल रियर कैमरा जिसके साथ एलईडी ट्रू टोन फ्लैश है। यह 60fps तक 4K वीडियो रिकॉर्डिंग सपोर्ट मिलता है और फोटो के लिए स्मार्ट एचडीआर सपोर्ट मिलता है। सेल्फी के लिए इसमें 7 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा है।
  • कनेक्टिविटी के लिए इसमें 4G VoLTE, वाई-फाई 802.11, वाई-फाई कॉलिंग, एनएपसी, ब्लूटूथ, जीपीएस और लाइटनिंग पोर्ट है। इसमें 3.5 एमएम का हेडफोन जैक नहीं मिलेगा। नए आईफोन में टच आईडी बटन दिया गया है।
  • इसमें एक्सीलेरोमीटर, एंबिएंट लाइट सेंसर, बारोमीटर, थ्री-एक्सिस जायरोस्कोप और प्रॉक्सिमिटी सेंसर मिलते हैं। इसे डस्ट और वॉटर रेजिस्टेंट के लिए IP67 रेटिंग दी गई है। यह 1 मीटर गहरे पानी में 30 मिनट तक काम कर सकता है।
  • हमेशा की तरह इस बार भी कंपनी ने बैटरी साइज और रैम के बारे में कोई बात नहीं की। लेकिन इतना जरूर बताया कि नए आईफोन SE 2020 में आईफोन 8 की तरह ही 13 घंटे का वीडिया प्लेबैक टाइम और 40 घंटे का ऑडियो प्लेबैक टाइम मिलेगा। फोन में 18 वॉट फास्ट चार्जिंग सपोर्ट मिलता है, जो 30 मिनट में 50 फीसदी तक बैटरी चार्ज करेगा। हालांकि बॉक्स में चार्जर नहीं मिलेगा। इसमें वायरलेस चार्जिंग सपोर्ट भी मिलता है।


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फ्लिपकार्ट ने फिलहाल भारत में आईफोन SE (2020) की सेल डिटेल्स और उपलब्धता के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है।




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देवगढ़ के क्वारैंटाइन सेंटरों में अब तक 3289 लाेग पहुंचे

उपखंड क्षेत्र में काेराेना संक्रमण के चलते बाहरी राज्याें में निवासरत प्रवासियों का आना लगातार बना हुआहै। उपखंड में अभी तक 3289 लाेग क्वारेंटाइन किए गए हैं। इसमें देवगढ़ नगर पालिका में 285 और घरों में 51 लाेगाें काे क्वारेंटाइन किया है।
2953 को ग्रामीण क्षेत्र के क्वारेंटाइन सेंटर में रखा है। अब तक लसानी में सबसे ज्यादा 445 और सबसे कम विजयपुरा में 55 जने पहुंचे हैं। संस्था प्रधान दीपक भारद्वाज ने बताया कि महाराष्ट्र से आने वाले सभी प्रवासियों के लिए स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल में क्वारेंटाइन सेंटर बनाया है जिसमें 96 लोगों को राेका हैं। नगर में शास्त्री नगर स्थित अम्बेडकर भवन को भी क्वारेन्टाइन सेंटर बनाया, जिसमें 12 लोग रह रहे हैं। शनिवार को 17 विभिन्न स्थानों पर प्रवासी ठहराए गए हैं।
इसमें आंजना में अब तक 235, दौलपुरा में 170, ईसरमंड में 327, जीरण में 76, कांकरोद में 121, कालेसरिया में 143, कुंदवा में 91, कुंआथल में 123, लसानी में 445, माद में 107, मदारिया में 131, मियाला में 133, नरदास का गुड़ा में 136, नराणा में 118, पारड़ी में 61, सांगावास में 144, स्वादड़ी में 105, ताल में 149, सोहनगढ़ में 83, विजयपुरा में 55 सहित अब तक बाहर से आए 2953 लोगों को क्वारेंटाइन किया। वहीं इन ग्राम पंचायतों में शनिवार को आंजना में 7, दौलुपरा में 25, जीरण में 7, कांकरोद में 19, कालेसरिया में 2, कुंदवा में 9, कुंवाथल में 4, लसानी में 42, माद में 1, मदारिया में 7, मियाला में 7, नरदास का गुड़ा में 7, पारड़ी में 6, नराणा में 20, सांगावास में 48, ताल में 9, सोहनगढ में 12, विजयपुरा में 7, स्वादड़ी में 3 सहित 242 लोग पहंुचे।



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So far 3289 people have reached Quarantine centers in Devgarh




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रायगढ़ में हुई थी 16 लाख की डकैती, 2 दिनों के भीतर पुलिस ने गिरफ्तार किया 3 आरोपियों को

पुलिस ने डकैती करने वाले तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। जिले के थाना घरघोड़ा के ग्राम टेण्डा नवापारा में यह घटना हुई थी। ओडिशा की विद्युतीकरण प्रोजेक्ट कम्पनी न्यू मार्डन टेक्नोमेक प्राइवेट लिमिटेड के ऑफिस बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया था। यहां से 16 लाख रुपए के सामान की डकैती हुई थी। पुलिस ने आरोपियों के पास से 14 लाख रुपए के लूटे हुए कॉपर ड्रम को बरामद किया है। लुटेरों की गाड़ी को जब्त किया गया है। इनसे बाकि के सामान को लेकर पूछताछ की जा रही है।


6 मई को यह वारदात हुई थी। पुलिस टीम ने कंपनी के ऑफिस में गार्ड का काम करने वाले सुरेश चौहान, त्रियंबक चौहान और बसंत राठिया से पूछताछ की। पुलिस को बसंत पर शक हुआ। बार-बार वह बयान बदल रहा था। जब पुलिस ने सख्ती की तो उसने डकैती की बात कबूली। उसने बताया कि कंपनी की गाड़ियों की देखरेख करने वाले राकेश के साथ मिलकर उसने प्लान बनाया। राकेश, नीरज और गंगा राम नाम के अपने साथियों के साथ कंपनी के दफ्तर में डकैत बनकर आया। यह सब पहले से बसंत जानता था। राकेश ने साथियों के साथ मिलकर सामान लूटा और भाग गया। पुलिस ने नीरज और गंगा को भी पकड़ लिया, फिलहाल राकेश फरार है।



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तस्वीर घरघोड़ा पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपियों की है, इनका एक साथी फरार है।




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दुर्ग जिले में 273 क्वारेंटाइन सेंटर, सभी जगह सुविधा बेहतर नहीं, यही रखेंगे बाहर से आने वाले 3000 मजदूर

जिले में मिले 10 कोरोना पॉजिटिव में 6 मजदूर हैं। वहीं प्रदेश में 21 प्रतिशत कोरोना पॉजिटिव मजदूरों में ही मिले हैं। अब अन्य राज्यों से 3000 से ज्यादा मजदूर आने वाले हैं। इसलिए हालात चिंताजनक होती जा रही है। हालांकि इन मजदूरों को क्वारेंटाइन करने के लिए जिले में 273 सेंटर बनाए हैं। प्रशासन ने सभी ग्राम पंचायतों को क्वारेंटाइन सेंटरों की तैयारी करने कहा है लेकिन कई ग्राम पंचायतों में इसे गंभीरता से नहीं लिया गया है।
दुर्ग सहित प्रदेशभर में 59 कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। इनमें सबसे ज्यादा मजदूर दुर्ग व कवर्धा जिले के हैं। दोनों ही जिले में छह-छह कोरोना पॉजिटिव निकले हैं। प्रदेश की स्थिति में 59 कोरोना पॉजिटिव में 14 श्रमिक है। अब 1200 मजदूर दुर्ग आएंगे।
बच्चों के बैठने की नई फर्नीचर पड़ी है बाहर, मजदूर आएंगे तो होगा खतरा

ग्राम पंचायत उमरपोटी के शासकीय उ. माध्यमिक शाला को क्वारेंटाइन सेंटर बनाया गया है। इस सेंटर के कमरे के बाहर धूल अटी पड़ी है। हाल यह है कि स्कूली विद्यार्थियों के बैठने के लिए नई फर्नीचर आई है। श्रमिक यहां क्वारेंटाइन होंगे तो इस फर्नीचर को छू सकते हैं। जिससे संक्रमण का खतरा होगा।
कर्नाटक से लौटे, पर अब तक जांच नहीं

ग्राम पंचायत पुरई सेंटर में कर्नाटक से पैदल लौटे श्रमिक उदय, उसकी पत्नी और डेढ़ साल का बच्चा क्वांरटाईन किए गए हैं। यहां दो दिन हो गए लेकिन उनकी न ही स्क्रीनिंग की गई है और न ही कोई जांच। खाना यहां खुद बनाते हैं।

यहां बेहतर इंतजाम... श्रमिकों के लिए बिछे गद्दे, पंखे और पानी की भी सुविधा

क्वारंटाईन सेंटर शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला घुघवा में श्रमिकों को क्वारेंटाइन के दौरान उनकी सुविधाओं के लिए बेहतर इंतजाम किया मिला। यहां बकायदा गद्दे , तकिए, चादर कमरों में बिछाए गए हैं। पंखे और पेयजल की सुविधा है। खाना बनाने के लिए गैस-चूल्हा रखा गया है।

जिले के 6 श्रमिकों की हिस्ट्री, जो बाहर से लौटे

  • कोरोना पॉजिटिव मिले शांतिपारा निवासी 37 वर्षीय व्यक्ति कारपेंटर हैं। वह मुंबई में काम करता था और दुर्ग लौटा।
  • कोरोना पॉजिटिव पुरानी बस्ती सुपेला निवासी 23 साल भी श्रमिक है। वह नागपुर महाराष्ट्र से लौटा है।
  • कोरोना पॉजिटिव 20 साल का युवक जामुल का रहने वाला है। वह मुंबई में ट्रक क्लीनिंग का काम करता है।
  • दुर्ग में मिला कोरोना पॉजिटिव 33 वर्ष अमृत मिशन योजना में मजदूरी करने वाला है। वह गोंदिया से लौटा।
  • कुम्हारी वार्ड 10 निवासी भी अहमदाबाद में रोजी- मजदूरी का काम करने वाला है।
  • बालोद निवासी 45 साल कोरोना पॉजिटिव भी श्रमिक है। वह हैदराबाद से यहां आया है।


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273 quarantine center in Durg district, facility not good everywhere, it will keep 3000 workers coming from outside




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बिलासपुर मंडी में पिछले साल की तुलना में 25% गेहूं की आवक कम

प्रदेश में गेहूं की बंपर फसल होने का दावा किया जा रहा है लेकिन बिलासपुर व रणजीतपुर अनाजमंडी में पिछले साल की तुलना में इस बार आवक 25 प्रतिशत कम रहने का अनुमान है। अभी तक मंडियों में पिछले साल की तुलना में 72 फीसदी आवक हुई है। बावजूद इसके इस बार पूरे सीजन उठान न होने से आढ़ती व किसान परेशान रहे। सीजन लगभग खत्म हो चुका है लेकिन किसानों को अपनी फसल का एक पैसा नहीं मिला। जानकारों का कहना है कि इस बार कोरोना वायरस के कारण हिमाचल व यूपी बाॅर्डर पर सख्ती है। वहां का गेहूं न आ पाने से खरीद कम लग रही है। वहीं मंडी के कर्मचारी व अधिकारी कम आवक का कारण ओलावृष्टि से फसल को हुए नुकसान को बता रहे हैं।बिलासपुर व रणजीतपुर की अनाजमंडी में पिछले साल 8 लाख 72 हजार 962 कट्टे गेहूं की आवक हुई थी। इसमें 6 लाख 46 हजार 204 व रणजीतपुर में दो लाख 26 हजार 758 कट्टे की आवक हुई थी। इस बार रणजीतपुर में केवल एक लाख 65 हजार कट्टे व बिलासपुर में चार लाख 80 हजार कट्टे की आवक रही। आढ़ती व मार्केट कमेटी आवक कम रहने का कारण क्षेत्र में हुई ओलावृष्टि व लेबर से गेहूं की कटाई को मान रहे हैं। हालांकि इसका बड़ा कारण यूपी से आने वाली गेहूं को भी बताया जा रहा है। आढ़तियों व जमींदारों का कहना है कि इस बार अधिकतर फसल की कटाई लेबर द्वारा मैनुअल तरीके से की गई है। कटाई के बाद हड़म्बा मशीन से निकाली गई जिसके बदले लेबर को गेहूं के रूप में ही मजदूरी दी गई। अधिकतर लोगों ने इस तरह कमाई हुई गेहूं मंडी न बेचकर अपने पास स्टोर कर रखी है। वहीं सरकार ने अभी तक नॉन रजिस्टर्ड किसानों की गेहूं भी नहीं खरीदी है। मार्केट कमेटी सचिव संत कुमार का कहना है कि सरकार ने अन रजिस्टर्ड किसानों की फसल 10 मई के बाद खरीदने की घोषणा की है। उनका कहना है कि सरकार का मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल खुला है। किसान जब चाहे रजिस्टर्ड करा सकता है। उनके अनुसार दो प्रतिशत से अधिक किसान ही अन रजिस्टर्ड हो सकते हैं।
मंडी में जमा डेढ़ लाख कट्टे
इस बार मौसम की बेरुखी के चलते किसानों की फसल कई बार मंडी में भीग चुकी है। अभी भी मौसम खराब हो रहा है। बिलासपुर की मंडी में करीब डेढ़ लाख कट्टा गेहूं उठान के लिए पड़ा है। खरीद एजेंसी वेयर हाउस के मैनेजर सुखदेव सिंह का कहना है कि ठेकेदार ने तीन लाख 40 हजार कट्टे का उठान कर लिया है। बाकी भी एक दो दिन में उठा लिया जाएगा।



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बिलासपुर|अनाजमंडी में उठान के लिए पड़े डेढ लाख कट्टे गेहूं।




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पंजाब व आंध्रा से लौटंगे श्रमिक, शहर में बनेंगे 21 क्वारेंटाइन सेंटर

दूसरे राज्यों में फंसे जिले के मजदूर दो-तीन दिन में मजदूर लाए जाएंगे। शहर में 12 नए क्वारेंटाइन सेंटर बनाए जाएंगे। इसके साथ ही पंचायतों में भी क्वारेंटाइन सेंटर बनाए जाएंगे। चिंता की बात यह है कि लौटने वाले श्रमिकों में ज्यादातर रेड जोन से आएंगे। झारखंड और बिहार में घर लौटे मजूदर कोरोना पॉजिटिव मिले हैं इसलिए हमें भी सावधान रहना होगा। ओडिशा के अंगुल में काम करने गए बरमकेला के 5 ईंट भट्‌ठा मजदूरों को जब कहीं से मदद नहीं मिली तो उन्होंने मिलकर बस किराए पर ले ली और गांव लौटे। इन्हें क्वारेंटाइन सेंटर में रखा गया है। शनिवार को पटरी पर चलकर बंगाल जा रहे मजदूर हैदराबाद से रायगढ़ पहुंचे।
ट्रेन से आएंगे मजदूर- मजदूरों को लेकर ट्रेनें सोमवार से चलेंगी। पहली ट्रेन 11 और दूसरी 12 मई को बिलासपुर पहुंचेगी। आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा से चलने वाली ट्रेन 13 मई को बिलासपुर आएगी। पठानकोट से चलने वाली ट्रेन 12 मई को चांपा पहुंचेगी। इसके बाद इनके मजदूरों को बस से रायगढ़ लाया जाएगा। रायगढ़ लाकर उन्हें क्वारेंटाइन सेंटरों में रखा जाएगा। बिलासपुर और चांपा से श्रमिकों को लाने के लिए बसों का अधिग्रहण भी किया जा रहा है। इसके साथ ही लखनऊ, मुजफ्फरपुर और दिल्ली से भी मजदूरों को लाने की तैयारी है। जिला पंचायत में हफ्तेभर पहले दूसरे राज्यों में फंसे मजदूरों की संख्या 7200 बताई थी। अब यह संख्या 10 हजार 200 हो चुकी है। शनिवार सुबह निगम आयुक्त और एसडीएम ने नए सेंटरों की जगह देखी।

राज्य स्तर पर मजदूरों को लाने की तैयारी
"दो-तीन दिन में मजदूरों की ट्रेनें आएगी, इनके लिए क्वारेंटाइन सेंटर बनाए जा रहे हैं। दूसरे राज्यों में फंसे मजदूरों की संख्या भी बढ़ी है। राज्य स्तर पर दूसरे राज्यों से मजदूरों को ट्रेनों से लाने की तैयारी चल रही है। मजदूरों के स्क्रीनिंग और हैल्थ चैकअप करने के बाद उन्हें क्वारेंटाइन सेंटरों में रखा जाएगा।''
-ऋचा प्रकाश चौधरी, सीईओ, जिला पंचायत

13-13 सौ रुपए जमा किए और किराए की बस लेकर गांव आए

डोंगरीपाली। शनिवार तड़के मजदूरों से भरी ओडी 35 सी 7089 नंबर की दुर्गा बस डोंगरीपाली के ग्राम गिंडोला आकर रुकी। पांच लोग उतरे, जिसमें दो महिला व एक युवती भी शामिल थी। सरपंच ने पंचायत भवन में बनाए गए क्वारेंटाइन सेंटर भेज दिया । गांव के संजय चौधरी को मजदूरों ने बताया कि बिना कुछ खाए ये लोग 12 घंटे का सफर कर ओडिशा के अंगुल से अपने गांव पहुंचे। रास्ते में कहीं भी होटल या ढाबे खुले नहीं मिले तो इन्हें खाना-पानी भी नसीब नहीं हुआ। लॉकडाउन के बाद ये लोग यहां फंस गए। ओडिशा में 200 लोग और फंसे हुए हैं।



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Most laborers are now in danger due to red zone




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सिलेंडर रीफिलिंग 221 रुपए कम करने से राहत, लेकिन नहीं मिलेगी सब्सिडी

सिलेंडर रीफिलिंग की कीमतों में गिरावट आते ही सरकार ने सब्सिडी बंद दी है। अब उपभोक्ताओं को सिलेंडर तय बेस रेट पर मिलेंगे। इसके आधार पर उनके खाते में केवल पांच रूपए ही जमा होंगे। वर्तमान में मंत्रालय ने प्रति सिलेंडर 603 रूपए बेस रेट तय किया है। इससे रीफिंग की रेट 221 रुपए कम हो गया है।
अब सब्सिडी व गैर सब्सिडी वाले सिलेंडर की कीमत एक समान हो गए हैं। इधर, लॉकडाउन के बाद कामर्शियल सिलेंडर की रीफिलिंग में भारी कमी आई है। होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट, चाय ठेला सहित अन्य दुकानें बंद हैं। केवल घरेलू व उज्जवला के कनेक्शनों की ही रीफिलिंग हो रहा है। रीफिलिंग में कमी आने के बाद सरकार ने सीधे कीमतों में कमी ला दी है। अब उपभोक्ताओं को सिलेंडर रीफलिंग कराने के लिए बेस रेट के अनुसार कीमत देना होगा। महासमुंद जिले के कई एजेंसियों में बसे रेट तय किए गए है। अब एजेंसी में इसी रेट के अनुसार उपभोक्ता रीफिलिंग कराएंगे। इधर, उज्जवला योजना के हितग्राहियों के खातों में रूपए आने के बाद रीफिलिंग बढ़ी है। उज्जवला के 52 प्रतिशत हितग्राहियों ने रीफिलिंग करा ली है। वहीं उनके दूसरे किश्त की राशि भी जमा हो गई है। अब वे मई महीने में रीफिलिंग करा सकते हैं। इसके बाद उन्हें जून में तीसरे महीने की किश्त उसके खाते में जमा होगी।



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24 घंटे में 1 इंच बारिश धान की बालियां झड़ीं

बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात के कारण शुक्रवार को जिले के चारों ब्लॉक में देर-शाम को खूब बारिश हुई। खेतों में तैयार रबी की खड़ी धान की फसल गिर गई है। बालियां झड़ने से धान खराब हो गई है। अंधड़ के कारण तार, पोल और ट्रांसफॉर्मर खराब होने से बिजली कंपनी को भी करीब 8 लाख का नुकसान हुआ है। 24 घंटे में जिले में करीब 1 इंच औसत बारिश हुई है। इसमें सबसे ज्यादा करीब 1 इंच से ज्यादा 31 मिलीमीटर बारिश नगरी में हुई है धमतरी में 10 व कुरूद ब्लाक में 5 मिमी बारिश हुई है। शनिवार रात को भी बारिश के साथ ओले भी गिरे।
चक्रवात के कारण बीते एक हफ्ते से आंधी, बारिश का सिलसिला चल रहा है। शुक्रवार को सुबह से दोपहर तक मौसम साफ था। दोपहर 3.30 बजे के बाद अचानक बदला और तेज गति से धूल भरी आंधी चली। करीब 4 घंटे रुक-रुककर बारिश हुई। तेज गर्जना के कारण कई जगह बिजली गिरी। अंधड़ से पेड़ की शाखाएं टूटकर बिजली तार में गिर गई। देर-रात तक बिजली बंद-चालू का सिलसिला चलता रहा।

आज भी अंधड़, ओलावृष्टि की चेतावनी
लालपुर रायपुर के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एचपी चंद्रा ने बताया कि मध्य प्रदेश से दक्षिण अंदरूनी कर्नाटक तक एक चक्रवात है। प्रदेश में बंगाल की खाड़ी से नमी युक्त हवा तेज गति से आ रही है। इसके प्रभाव से 10 मई को प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा या गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के मध्य और उत्तर भाग में बारिश का क्षेत्र और तीवता ज्यादा रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान में ज्यादा परिवर्तन होने की संभावना नहीं है। एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ अंधड़, बिजली और ओलावृष्टि की आशंका है।

सब्जी की फसल को भी भारी नुकसान हुआ
किसानों ने बताया कि शुक्रवार को हुई बारिश व अंधड़ के कारण खेत में लगी टमाटर, आलू, भिंडी सहित अन्य सब्जियों को भी नुकसान हुआ है। धान की खड़ी फसल भी खेतों में गिरने और बालियां झड़ने से किसानों काफी चिंचित है। सब्जी, धान की फसल खराब होने से किसानों को नुकसान उठाना पड़ेगा।

बारिश से बढ़ी उमस
बारिश के बाद तापमान में गिरावट आई, लेकिन धूप निकलने से उमस बढ़ गई है। शनिवार को दिन का अधिकतम तापमान 36 डिग्री दर्ज किया गया। दोपहर में तेज धूप निकलने के कारण लोग बेचैन भी रहे। मौसम विभाग ने 10 मई को भी आंधी, बारिश, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की आशंका जताई है।

बिजली कंपनी को करीब 8 लाख का नुकसान

ईई एसके किंडो ने बताया कि शुक्रवार के अंधड़ व बिजली गिरने के कारण कंपनी को करीब 8 लाख का नुकसान हुआ है। जिले में 8 पोल टूटे हैं। बिजली गिरने से 3 ट्रांसफार्मर खराब हो गए। 20 से अधिक जगह तार भी टूटे है। रातभर सुधार काम चला। शनिवार को भी कुछ जगह सुधार किया गया।



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1 inch rain paddy earrings showers in 24 hours




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मनरेगा के 29 मजदूरों पर मधुमक्खियों का हमला, 8 बेहोश, कांटे निकाले, स्वस्थ हुए

भूमि सुधार काम में लगे मनरेगा मजदूरों पर मधुमक्खियों ने हमला कर दिया। घटना के बाद करीब 21 लोग जान बचाकर मौके से भाग गए। 8 महिला, पुरुष बेहोश होकर खेत में गिर गए। संजीवनी एंबुलेंस की टीम ने सभी घायल मजदूरों को जिला अस्पताल लाया गया। इलाज के बाद सभी को छुट्टी दी गई।
रोजगार सहायक अरुण ध्रुव, तकनीकी सहायक मनीषा निषाद ने बताया कि भटगांव के मजदूर रोज तुमराबाहर के आश्रित गांव विश्रामपुर में मनरेगा काम करने जाते हैं। गांव में भूमि सुधार का काम चल रहा है। शनिवार को इसका अंतिम दिन था। इसलिए सभी मजदूर सुबह 5.30 बजे काम पर पहुंच गए थे। करीब 8.30 बजे काम रोककर खाना खाने एक पेड़ के पास लौट रहे थे। अचानक हवा चली और पेड़ के छत्ते में से मधुमक्खियों के झुंड ने मजदूरों पर हमला कर दिया। मौके पर 29 मजदूर थे, हमला होने पर 21 लोग जान बचाकर इधर-उधर भाग गए। 8 मजदूरों को मधुमक्खियों ने ज्यादा काटा, इस कारण वे बेहोश होकर गिर गए। घटना की सूचना 108 संजीवनी एंबुलेंस को दी गई। घायलों को इलाज के लिए सुबह 10 बजे जिला अस्पताल लाया गया। भटगांव निवासी अगेश्वरी ध्रुव (33), उदयराम सिन्हा (54), अनिता यादव (40), सोनीबाई ध्रुव (40), उषा बाई सिन्हा (48), अनसुईया ध्रुव (45), अनिता ध्रुव (40) व रुक्मणी साहू (49) को मधुमक्खियों ने ज्यादा काटा। ये सभी को बेहोश हो गए थे। इन्हें जिला अस्पताल इलाज के लिए लाया गया। यहां डॉक्टरों ने मधुमक्खियों के कांटे शरीर से निकालकर सभी का इलाज किया गया।



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बांटने के लिए निकाली गई क्लोरीन टैबलेट थी खराब, 423 डिब्बे जब्त, स्टोर रूम भी सील

नगर निगम धमतरी को शहर की गोविंद मेडिकल एजेंसी ने 423 डिब्बे क्लोरीन टेबलेट सप्लाई की थी यह पूरी तरह खराब निकली है। इसका खुलासा पीएचई की जांच रिपोर्ट से हुआ है। उपायुक्त ने सभी टेबलेट जब्त कर स्टोर रूम सील किया है। बताया गया कि कुछ डिब्बों पर नाॅट फाॅर सेल (सरकारी सप्लाई)लिखा है। मतलब सरकार द्वारा भेजी गई क्लोरीन टेबलेट थी। इसे निगम को बेच दिया गया। कमिश्नर ने मेडिकल एजेंसी को ब्लैक लिस्ट करने की बात कही है। इस मामले में निगम विभागीय अफसरों की मिलीभगत की सूचना है। इसलिए जांच टीम बनाई हैं, जो 3 दिन में रिपोर्ट कमिश्नर को देगी। इसके बाद विभागीय अफसरों पर भी कार्रवाई हो सकती है।
जानकारी के मुताबिक पीलिया सहित अन्य जलजनित बीमारियों से लोगों को बचाने के।लिए शहर के 40 वार्डों में घर-घर क्लोरीन टेबलेट बांटने की योजना नगर निगम ने बनाई है ताकि लोग घर में भी पानी को साफ कर सकें। लोगों को बांटने के लिए निगम के पास स्टॉक नहीं था। 19 अप्रैल 2020 को शहर के गोविंद मेडिकल एजेंसी से 423 डिब्बे क्लोरीन टेबलेट खरीदी की गई। बताया गया कि यह सप्लाई ठेकेदार के जरिए हुई है।

रिपोर्ट में खराब मिली टैबलेटः कमिश्नर
निगम कमिश्नर आशीष टिकरिहा ने बताया कि 19 अप्रैल को गोविंद मेडिकल एजेंसी से 423 डिब्बे क्लोरीन टेबलेट आई थी। शिकायत मिली की यह गुणवत्ताहीन है। पीएचई विभाग से जांच कराई। रिपोर्ट आ गई है।टैबलेट गुणवत्ताहीन है। गोविंद मेडिकल एजेंसी को ब्लैक लिस्ट किया जाएगा। आगे कार्रवाई भी होगी।
कुछ अफसरों के मिलीभगत का शक

उपायुक्त पंकज शर्मा ने बताया कि गुणवत्ताहीन क्लोरीन टेबलेट मामले में जल विभाग के अफसरों की भी मिलीभगत का संदेह है। जांच रिपोर्ट में मिलीभगत की पुष्टि हुई तो दोषी अफसर के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। मेडिकल एजेंसी को भुगतान भी रोका जाएगा।

दोषी मिले तो हो एफआईआर

नेता प्रतिपक्ष नरेंद्र रोहरा ने कहा कि नगर निगम में भ्रष्टाचार शुरू हो गया है। नाॅट फाॅर सेल लिखी गुणवत्ताहीन क्लोरीन टेबलेट का सप्लाई होना अफसरों की मिलीभगत की और इशारा करता है। कमिश्नर को मामले की गंभीरता से जांच करानी चाहिए। दोषी मिलने पर एजेंसी, सप्लायर व संबंधित अफसर पर एफआईआर कराई जानी चाहिए।

स्टोर रूम सील कर जब्त किए टेबलेट
उपायुक्त पंकज शर्मा शनिवार को सुबह निगम के स्टोर रूम गए। यहां से 423 डिब्बे क्लोरीन टेबलेट के जब्त किए। स्टोर रूम सील किया। कमिश्नर के आदेश पर उन्होंने क्लोरीन टेबलेट जांच के लिए पीएचई विभाग को दी गई। देर-शाम रिपोर्ट भी आ गई। इसमें टेबलेट खराब होने की।पुष्टि हो गई है।
...तो बच सकते हैं अफसर
क्लोरीन टेबलेट सप्लाई में जल विभाग के कुछ अफसरों की मिलीभगत की खबर है। मामला पूरी तरह भ्रष्टाचार से जुड़ा है। इसलिए कमिश्नर आशीष टिकरिहा ने मामले की जांच एई एसआर सिन्हा को जिम्मेदारी देकर 3 दिन में रिपोर्ट मांगी है। अब जांच रिपोर्ट आने पर दोषी अफसरों पर भी कार्रवाई हो सकती है।

ऐसे हुआ मामले का खुलासा
रायपुर में पीलिया तेजी से फैल रही है। धमतरी शहर में यह ना हो, इसलिए शहर के 40 वार्डों में घर-घर क्लोरीन टेबलेट बांटी जा रही हैं। शुक्रवार को कुछ वार्ड की मितानिनों को बुलाकर स्टोर रूम से क्लोरीन टेबलेट का डिब्बा वार्डों में बांटने दिए गए। मितानिन ने डिब्बे खोलकर देखे तो टेबलेट पिघलकर पानी बन गया था। इसकी जानकारी उन्होंने सीधे निगम कमिश्नर आशीष टिकरिहा को दी। कमिश्नर टिकरिहा ने तुरंत ही डिब्बे जब्त करने और जांच के लिए उपायुक्त पंकज शर्मा को स्टोर रूम भेजा।



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Chlorine tablets removed for distribution were defective, 423 boxes seized, store room also sealed




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24 गांवों में अब भी पानी का संकट

ड्राई जोन घोषित राजनांदगांव ब्लॉक के 24 गांवों में शिवनाथ नदी का पानी पहुंचाने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने समूह जल प्रदाय योजना के तहत 28.77 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। अफसरों की लापरवाही की वजह से चिन्हांकित गांवों में नियमित पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। सही जगह पर इंटकवेल निर्माण नहीं होने की वजह से हर गर्मी में यहां पानी का संकट रहता है। एनीकट में पानी का स्टोरेज ही नहीं होता।
ग्रामीणों ने बताया कि योजना स्वीकृति के बाद तय हुआ था कि धीरी एनीकेट में इंटक वेल निर्माण होना है जो कि क्षतिग्रस्त है जिसका निरीक्षण मुख्य अभियंता लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने किया। बताया कि एनीकेट जब से बना है तब से इसमें पानी नहीं रुकता। धीरी एनीकट के स्थान पर तिरगा झाेला एनीकेट में इंटकवेल निर्माण के लिए कार्यपालन अभियंता ने मुख्य अभियंता को स्थल निरीक्षण कराया।असहमति जताई गई थी: तिरगा एनीकट में इंटकवेल बनाने के लिए जो स्थल कार्यपालन अभियंता ने बताया था उसमें मुख्य अभियंता ने अपनी असहमति जताई। कार्यपालन अभियंता को निर्देशित किया कि जो स्थल दिखाया गया है वह इंटकवेल से काफी दूर है। ग्रामीणों ने बताया कि कार्यपालन अभियंता ने इतनी बड़ी योजना के लिए पानी की उपलब्धता को अनदेखा करते हुए संबंधित निर्माण एजेंसी को फायदा पहुंचाने के लिए बिना सोचे उसी स्थान पर निर्माण कराया जहां पर निर्माण एजेंसी चाह रही थी।
पानी देने से इंकार: जो इंकटवेल बना है उसमें जल उपलब्धता के लिए सिंचाई विभाग से सहमति पत्र भी प्राप्त नहीं किया गया। जिसके कारण सिंचाई विभाग ने पानी नहीं देने से स्पष्ट मना किया, जिसका खामियाजा बीते वर्ष इस योजना से प्रभावी 24 ग्रामों को ग्रीष्म ऋतु में पेयजल उपलब्धता नहीं हो पा रहा है। इस गर्मी भी लोगों को राहत नहीं मिली। भविष्य में भी उक्त समस्या यथावत रहेगी।



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Water crisis still in 24 villages




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अप्रैल में 426, मई के 8 दिन में 387 लोगों के सैंपल लिए

कोरोना जांच के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से रायपुर के एम्स व मेडिकल कॉलेज के कोविड लैब में जिले से 813 सैंपल भेजे जा चुके हैं। जिसमें 794 लोगों की रिपोर्ट मिल चुकी है। सभी निगेटिव है। 19 सैंपल का रिपोर्ट आना बाकी है। जो जिलेवासियों के लिए राहतभरी खबर है। सीएमएचअाे डाॅ. बीएल रात्रे ने बताया कि जितने लोगों की सैंपल रिपोर्ट मिली है, वह निगेटिव है। शुक्रवार को 31 सैम्पल भेजे गए हैं। रोजाना 30 से ज्यादा सैंपल लेकर भेज रहे है। जबकि पहले सैंपल लेने की रफ्तार कम थी।
दरअसल कोरोना वायरस के संक्रमण के बीच दूसरे राज्यों से मजदूरों के जिले में आने का सिलसिला जारी है। इसी के साथ स्वास्थ्य विभाग की ओर से सैंपल लेने की रफ्तार भी बढ़ गई है। इसका अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि मई के 8 दिन में 387 सैंपल भेजे जा चुके हैं। जबकि मार्च में महज 10 ही सैंपल भेजे गए थे। अप्रैल में कुल 416 सैंपल भेजे गए थे। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 9 मई तक 813 सैंपल भेजे जा चुके हैं। रोजाना सैंपल भेजने के बाद देर शाम या रात रिपोर्ट बनाकर जिला प्रशासन व राज्य शासन को भेजी जा रही है।दूसरे राज्यों से लोग पहुंच रहे है। कुछ दिन पहले दुर्ग में जो 8 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं।

स्वास्थ्य परीक्षण पर ही दिया जा रहा जोर

अप्रैल में रोजाना औसत 13 लोगों का सैंपल भेजा जा रहा था। जो अब बढ़कर 30 से ज्यादा हो गया है। मार्च में कोरोना जांच के लिए जरूरी वीटीएम किट व अन्य सामानों की कमी थी। इसलिए कम सैंपल भेजा गया। स्वास्थ्य परीक्षण पर ही जोर दिया जा रहा था। इसलिए तेज बुखार, सर्दी, खांसी, सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द की शिकायत पर सैंपल ले रहे थे लेकिन अब जो स्वस्थ हैं, उनका भी सैंपल लेकर भेज रहे हैं।



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2 नई पंचायतों की संपत्ति का बंटवारा

ब्लॉक में गठित 2 नई पंचायत कोपेडेरा और खम्हारटोला की संपत्तियाें का विधिवत बंटवारा शुक्रवार को पंचायत मुख्यालय में किया गया। खम्हारटोला को 1 लाख 54 हजार 700 रुपए और कोपेडेरा को 50 हजार रुपए नकद राशि के रूप में मिला। इसके साथ ही अन्य सामानों को सहमति से बांटे गए। जनपद पंचायत डौंडी के पंचायत निरीक्षक केआर चिन्दा ने बताया की छत्तीसगढ़ शासन के निर्देश पर पंचायत आम चुनाव के पहले ग्राम पंचायत कोपेडेरा और ग्राम पंचायत खम्हार टोला नवीन पंचायत के रूप में गठन हुआ है।
पहले कोपेडेरा नलकसा पंचायत में था तथा खम्हारटोला पथराटोला पंचायत का आश्रित ग्राम था। शासन के निर्देशानुसार प्राधिकृत अधिकारी के रूप में उनको बनाकर ग्राम पंचायत नलकसा भेजा गया था। ग्राम पंचायत पथराटोला के लिए करारोपण अधिकारी कुलेश भारद्वाज को पथरा टोला के लिए प्राधिकृत अधिकारी बनाया गया था। उन्होंने बताया कि दोनों पंचायत में पंचों की उपस्थिति में आपसी सहमति के साथ बंटवारा अचल और चल संपत्ति का हुआ।
ग्राम पंचायत कोपेडेरा और नलकसा को पंचायत के संपत्ति लोहा, प्लास्टिक कुर्सी, टेबल कंप्यूटर डाइनिंग, आलमारी आदि सामान को बराबर भागों में बांटा गया। ग्राम पंचायत पथराटोला और खम्हारटोला में भी आम सहमति से गांव के अचल संपत्ति तालाब, हैंडपंप, प्राथमिक शाला भवन, आंगनबाड़ी भवन, नल जल योजना, यात्री प्रतीक्षालय डायनिंग टेबल, कुर्सी, एसी, प्रोजेक्टर, कंप्यूटर फोटोकॉपी, मशीन प्रिंटर प्लास्टिक तथा लोहे की कुर्सी का बंटवारा किया गया। इसके अलावा पिछला खर्च काटकर दोनों पंचायत के हिस्से में राशि बांटा गया। मौके पर नलकसा सरपंच महरीन टेकाम, सचिव संतराम भुआर्य, कोपेडेरा सरपंच लोकेश्वरी उसेंडी, लीलदास, पथराटोला सरपंच विमल, कोमा सरपंच माहरा राम उर्वसा, सचिव अनिल कुमार उइके सहित गांव के लोग मौजूद थे।



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2 new Panchayat property distribution




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मयूरचूंदी में वनरक्षक पर हमला, वन भूमि पर कब्जा रोकने गए थे, 2 जेसीबी व 1 ट्रैक्टर जब्त

वन भूमि में अवैध तरीके से जेसीबी चलाकर भूमि को समतल कर रहे लोगों ने वनकर्मी की पिटाई कर दी है। पुलिस की टीम मौके पर पहुंचकर कार्रवाई कर रही है, वहीं वन विभाग ने भी भूमि समतलीकरण के कार्य में लगे जेसीबी और ट्रैक्टर को जब्त कर लिया है। मामला जिले के करडेगा चौकी क्षेत्र के मयूरचूंदी की है। मिली जानकारी के अनुसार शनिवार को करडेगा पुलिस चौकी क्षेत्र के मयूरचूंदी के वन भूमि में कुछ लोगों द्वारा झारखंड से जेसीबी लगाकर अवैध तरीके से भूमि समतलीकरण कर काम किया जा रहा है। इसकी जानकारी वन विभाग के कर्मचारियों को मिलने पर काम रुकवाने के लिए मौके पर पर पहुंचे थे। वनरक्षक ने जब अवैध काम को बंद करने के लिए कहा तो वहां मौजूद ईश्वर यादव वनरक्षक करनी शुरू कर दी। मारपीट करने पर वनरक्षक जब मौके से भागने लगा तो ईश्वर यादव ने वनरक्षक को अपने हाथ में पकड़े हुए हेलमेट चलाकर उसे मारा और पकड़ कर उसकी वर्दी भी फाड़ दी। सूचना करडेगा पुलिस को मिलने पर तत्काल मौके पर पहुंच कर वनकर्मी के ऊपर हमला करने वाले दो लोगांे को पकड़ लिया है।
वन भूमि में अवैध तरीके से झारखंड से दो जेसीबी और एक ट्रैक्टर लगा कर भूमि समतलीकरण किया जा रहा था। जो यह काम कर रहा था, उसके पास वन भूमि का पट्‌टा भी नहीं है। अवैध काम को रोकने गए वन रक्षक के साथ मारपीट के बाद मौके पर पहुंची पुलिस आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, वहीं वन विभाग ने भी अवैध कार्य में लगे दो जेसीबी और एक ट्रैक्टर को वन अधिनियम के तहत जब्त कर लिया।



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2 घंटे बेकरी व दूध की दुकानें खुलीं,सड़कों पर दिनभर सन्नाटा

सप्ताह के आखरी दो दिन होने वाले संपूर्ण लॉकडाउन का पहला दिन शहर सहित जिले भर में सफल रहा। शहर में सुबह से एक भी दुकानें बंद रहीं। शनिवार को शहर में सिर्फ दवा दुकानें खुलीं थी। सुबह दो घंटे के लिए बेकरी और दूध की दुकानें खुलीं थी। नागरिकों ने भी इस लॉकडाउन का गंभीरता से पालन किया। लोग अपने-अपने घरों में रहे, जिससे दिनभर शहर की सड़कों परवीरानी छाई रही।
शनिवार और रविवार को संपूर्ण लॉकडाउन को लेकर जिला प्रशासन ने शुक्रवार को ही निर्देश जारी करते हुए सभी को आगाह किया था। पुलिस प्रशासन ने साफ तौर पर चेतावनी दी थी कि यदि इस दो दिन के लॉकडाउन में कोई बेवजह घर से निकला हुआ पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज की जाएगी। इस चेतावनी का असर ही रहा कि लोग सुबह से ही अपने घरों में रहे। लॉकडाउन का पालन कराने के लिए पुलिस के जवान सुबह 6 बजे से ही ड्यूटी पर तैनात हो गए। कोतवाली के सामने, महाराजा चौक, बस स्टैंड, बिरसामुंडा चौक, सन्ना रोड शिव मंदिर चौक, कॉलेज रोड सहित अन्य स्थानों पर पुलिस के जवानों की तैनाती थी। इस वजह से सुबह मॉर्निंग वॉक के लिए भी कोई सड़क पर नहीं निकला। सुबह से ही पुलिस की गाड़ी सायरन बजाते हुए शहर में विभिन्न इलाकों में घूम रही थी, जिससे लोग घर बैठे लोगों को अंदाजा हो गया कि लॉकडाउन कैसा है। दुकानों के साथ सभी शासकीय व निजी कार्यालय भी शनिवार को बंद रहे। मेडिकल एमरजेंसी की छूट थी। मेडिकल सेवा में सिर्फ सरकारी अस्पताल शनिवार को खुले थे।
शराब की होम डिलीवरी सिर्फ 20- लॉकडाउन में शराब की दुकानें बंद थीं पर इसकी होम डिलीवरी सुविधा चालू थी। पर घर बैठे शराब पीने वालों की संख्या में जिले में बेहद कमी है। शनिवार को जिले के सभी मदिरा दुकानों से सिर्फ 20 लोगों ही ऑनलाइन ऑर्डर किए । होम डिलीवरी के जरिए शराब पहुंचाई गई है।

घरों के प्रवेश द्वार पर दिनभर लटकता रहा ताला

जिस तरह पहले दिन के लॉकडाउन का लोगों ने गंभीरता से पालन किया था, ठीक वैसे ही वीकएंड लॉकडाउन का भी लोग पालन करते हुए देखे गए। शनिवार को शहर के कई मकानों में मेन गेट का ताला खुला ही नहीं। दिनभर मेन गेट पर ताला ना खोलकर लाेगों ने यह संदेश दिया कि वायरस के संक्रमण से बचने का सबसे सुरक्षित स्थान उनका मकान है और कुछ नहीं। शाम के वक्त घरों से बाहर निकलकर मोहल्ले की सड़क पर टहलने वाले भी शनिवार को नजर नहीं आए। क्योंकि पुलिस की पेट्रोलिंग पार्टी में शाम के वक्त फिर से मोहल्लों में पेट्रोलिंग शुरू कर दी थी।
सब्जी दुकानें बंद, फेरीवाले भी नहीं पहुंचे

संपूर्ण लॉकडाउन का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि शनिवार को सब्जी की दुकानें भी पूरी तरह बंद रही। सामान्य दिनों में ठेले में या फिर अपने सिर पर टोकरियां रखकर जो फेरी वाले मोहल्लों में घूम-घूमकर सब्जियां बेचते थे वे भी शनिवार को अपने घरों से नहीं निकले। प्रशासन ने हाट बाजार पर भी प्रतिबंध लगाया था। बाहर निकलने पर कहीं कार्रवाई का शिकार ना होना पड़े इस डर से सब्जी वालों ने भी घूम-घूमकर सब्जियां नहीं बेची।
आज भी ऐसे ही करना होगा पालन
रविवार को भी जिले में संपूर्ण लॉकडाउन होगा। इसलिए आज भी दिनभर लॉकडाउन का पालन कराने के लिए विभिन्न चौक-चौराहों पर पुलिस के जवान तैनात रहेंगे। बिना काम से बाहर निकलने वालों पर कार्रवाई हो सकती है। दवाओं के लिए यदि कोई घर से बाहर निकलता है तो उसे दवा की पर्ची साथ लेकर निकलना होगा। दूध व अखबार के वितरण का समय सुबह 6:30 से 9:30 निर्धारित है।



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Bakery and milk shops open for 2 hours, silence on the streets throughout the day




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42 गरीब बच्चों को गोद ले मुफ्त में 10वीं तक पढ़ाने का उठाया जिम्मा

शहर की राधिका गुप्ता (60), जो पेशे से प्राइवेट स्कूल की संचालिका और शिक्षक हैं, निःस्वार्थ सेवाभाव से शिक्षा के क्षेत्र में काम कर रही है। आत्मनिर्भर बनाने 42 गरीब बच्चों को गोद लेकर निशुल्क नर्सरी से 10वीं तक अंग्रेजी मीडियम में पढ़ाने का जिम्मा इन्हांेने उठाया है।
वे कहती हैं मुझे टीचर नहीं मां और बड़ी मम्मी कहलाना पसंद है। मुझे बच्चे मां जैसा बड़ी मम्मी कहकर पुकारते हैं। मां जैसी सभी को प्यार देती हूं। 18 साल पहले जब प्राइवेट स्कूल खोली थी, तब से अब तक 42 बच्चों को गोद ले चुकी है। हर साल जरूरतमंदोंकी जानकारी मिलने के बाद वह पालकों की सहमति से बच्चों को अपने स्कूल में एडमिशन कराकर पढ़ाती है।
खास बात यह भी है कि स्कूल में काम करने वाली सभी महिलाएं हैं। इसमें 15 शिक्षिकाएं और 2 प्यून शामिल हैं। बच्चों को निशुल्क शिक्षा देने के लिए राधिका को 11 नेशनल अवाॅर्ड मिल चुके हैं। समाजसेवा के क्षेत्र में विशेष योगदान देने वाली राधिका गुप्ता को मातृ दिवस पर भुलाया नहीं जा सकता।
अंग्रेजी मीडियम में पढ़ने का मिला मौका
गोद लिए 42 में से 15 बच्चे यहां पढ़ाई पूरी कर चुके हैं। बाकी 27 बच्चे अब भी यहां पढ़ाई कर रहे हैं। अभी लॉकडाउन के कारण सभी अपने घर पर हैं। बालोद की कविता ने बताया कि बड़ी मम्मी यानी राधिका गुप्ता के कारण ही बिना फीस के अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई करने का मौका मिल रहा है। पैसे की तंगी के कारण परिवार वालों ने सोचा नहीं था कि अंग्रेजी माध्यम स्कूल में दाखिला हो पाएगा। पेन, कॉपी, किताब भी स्कूल में ही मिली है।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर काम कर रही: राधिका बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ थीम पर काम कर रही हैं। इसके तहत उन्हें विभिन्न कार्य करने के लिए अवाॅर्ड मिल चुके हैं। वे जरूरत पड़ने पर अपने वेतन से कई बेटियों को शिक्षित कर आत्मनिर्भर बनाने में मदद की है। शिक्षा जगत में 39 साल से जुड़ी हुई हैं। अधिकतर समय बच्चों के हित में काम करती है। इन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में एक अलग मुकाम हासिल की है।

गोद लेकर शिक्षा देने का यह है उद्देश्य

राधिका गुप्ता ने कहा कि गरीब बच्चों के पालक जो फीस नहीं दे पाते, पैसे की तंगी के कारण बच्चों को बेहतर शिक्षा नहीं दे पाते, ऐसे बच्चों को आगे बढ़ाकर शिक्षा देना मुख्य उद्देश्य है। हर पालक का यह सपना होता है कि उनके बच्चे अंग्रेजी माध्यम स्कूल में पढ़ाई करें। हीनता की भावना को दूर कर आत्मनिर्भर, स्वावलंबी बनाने मैं कार्य कर रही हूं, ताकि पैसे की कमी के कारण प्रतिभावान बच्चों का भविष्य अंधकारमय न हो। शादी से पहले कॉलेज में स्टूडेंट्स को पढ़ाती थी। हर स्तर पर मैंने बच्चों को पढ़ाया। बालोद में 30 साल से रह रही हूं। भिलाई मायका है। प्रत्येक व्यक्ति को शिक्षित होना चाहिए और इसके लिए अपनी संस्था के माध्यम से लगातार प्रयास कर रही हूं। हर कोई शिक्षित होना चाहता है। लेकिन महंगी शिक्षा के कारण पालक अपने बच्चों को अंग्रेजी माध्यम स्कूल में नहीं पढ़ा सकता, लेकिन मैं अपनी तक्षशीला एजुकेशन अकादमी में गरीब बच्चों को गोद लेकर अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा दे रही हूं और आगे भी देती रहूंगी। ताकि गरीब तबके से जुड़े बच्चे शिक्षित हो सकें।
यह अवाॅर्ड इनके नाम, हुईं सम्मानित
2019 में अंतरराष्ट्रीय विजय दिवस पर दिल्ली में आयोजित कायर्क्रम में 23 राज्यों के 153 लोगों का सम्मान हुआ था। जिसमें राधिका गुप्ता भी शामिल हैं। उन्हें इन्द्राणी राम अवाॅर्ड से सम्मानित किया गया था। भारतीय दलित साहित्य अकादमी रायपुर ने आदर्श शिक्षक 2016 के रूप में सम्मानित किया। 8 मार्च 2010 को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर बालोद जेसीरेट विंग ने सम्मानित किया।



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42 poor children adopted and raised to teach till 10th free




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कुलपतियों ने कहा - 20% कोर्स आनॅलाइन हो, वीडियो लेक्चर ऐसे हों, जिन्हें छात्र समझ सकें

कोरोना वायरस कोविड-19 ने उच्च शिक्षा विभाग को ठप कर दिया है। इस पर मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ के 7 कुलपतियों ने मंथन किया। वेबिनार का संचालन एयू के कंप्यूटर विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. एचएस होता, डॉ. सीमा बेलोरकर ने किया। इस पर सभी कुलपति ने कहा कि कम से कम 20 प्रतिशत कोर्स ऑनलाइन करना होगा। शिक्षकों के साथ-साथ छात्रों को भी ऑनलाइन शिक्षा के लिए ट्रेंड करना होगा। ऑनलाइन वीडियो लेक्चर ऐसे तैयार हों, जिसे ग्रामीण एरिया के छात्र भी आसानी से समझ सकें। ग्रामीण एरिया में इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या है, वहां के कॉलेजों में वीडियो लेक्चर पेनड्राइव या डीवीडी के माध्यम से भेजा जाए। वर्चुअल क्लास व लैब की तरफ सभी यूनिवर्सिटी को बढ़ना होगा। पीएचडी की आरडीसी, डीआरसी ऑनलाइन हो। ऑनलाइन शिक्षा के लिए स्कूल स्तर पर ही छात्रों को कंप्यूटर की शिक्षा देनी होगी। तकनीकी सिस्टम के तहत यूनिवर्सिटी को भी अपने आप को डेवलपर करने की जरूरत। कंप्यूटर विभाग के अलावा अन्य विभाग के शिक्षक व कर्मचारियों को प्रशिक्षित करना होगा। आभार प्रदर्शन कुलसचिव डॉ. सुधीर शर्मा ने किया। वेबिनार में कुल 153 शिक्षकों ने भाग लिया। डॉ. यूके श्रीवास्तव, डॉ. डीके श्रीवास्तव, डॉ. कावेरी दाभड़कर, इमरान अली ने प्रश्न पूछे।
प्रो.जीडी शर्मा, अटल यूनिवर्सिटी बिलासपुर
परीक्षा नहीं होने से छात्र तनाव में हैं। क्लास रूम शिक्षा का कोई विकल्प नहीं है, पर परिस्थिति को देखते हुए ऑनलाइन शिक्षा हमें अपनाना होगा। 40 प्रतिशत पाठ्यक्रम ऑनलाइन करने की जरूरत है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देनी होगी। ऑनलाइन परीक्षा के लिए सिलेबस में भी बदलाव करने की जरूरत है।
राघवेंद्र प्रताप तिवारी,डॉ हरिशंकर गौर सीयू सागर
टेक्नॉलॉजी को समग्र रूप में देखना होगा। ई-कंटेंट को बढ़ावा देना होगा। ओपन लर्निंग सिस्टम प्रारंभ करने की जरूरत है। लर्निंग आउटकम बेस पद्धति अपनाना ही होगा। यूजीसी ऑनलाइन के क्षेत्र में 18 प्रकार के प्लेटफार्म दी है, उसे अधिकारिक रूप से अपनाना होगा। ऑनलाइन पद्धति अपनाने से यूनिवर्सिटी, कॉलेज आने-जाने में छात्रों के पैसे व पेट्रोल खर्च हो रहे हैं। इसके पैसे भी बचेंगे। जो प्रदूषण के लिए अच्छा होगा।
डॉ. एमके वर्मा, स्वामी विवेकानंद यूनिवर्सिटी
कोविड-19 समस्या नहीं, अवसर है। शिक्षक को ऑनलाइन शिक्षा भी ऐसी देनी होगी कि शिक्षक व छात्रों के बीच क्लास रूम की तरह अनुभूति का अहसास हो। परीक्षा सब्जेक्टिव, ऑब्जेक्टिव या डिस्क्रिप्टिव हो, इस पर विचार करना सबसे ज्यादा जरूरी। क्योंकि अभी छात्र ऑनलाइन पढ़ाई के लिए तैयार नहीं है। हमें इन्हें ट्रेंड करना होगा।
डॉ. केशरीलाल वर्मा पं. रविशंकर यूनिवर्सिटी
शिक्षा में गुणवत्ता लाने हमें टेक्नॉलॉजी का उपयोग करना होगा। उच्च शिक्षा जीईआर बढ़ाने की बात कर रही है। नियमित छात्र से ज्यादा प्राइवेट छात्र अध्ययनरत हैं। आनॅलाइन पद्धति में जीईआर कम होगा। कोरोना वायरस ने अध्ययन-अध्यापन की दिशा बदल दी है। ये समय हमें नवीन तकनीकी अपनाने के लिए प्रेरित किया है।
डॉ. बंशगोपाल सिंह, ओपन यूनिवर्सिटी
4 पहले यूजीसी ने ऑनलाइन शिक्षा की शुरुआात कर दी है, इसे हमें अब अपनाना होगा। नई शिक्षा नीति के अनुसार 2030 तक जीईआर 50 प्रतिशत करना है, पर छत्तीसगढ़ में 34 प्रतिशत ओबीसी, एससी, एसटी छात्र अध्ययन करते हैं, ऐसे में नियमित शिक्षण नहीं होने से परेशानी आएगी और जीईआर भी घटेगा, गुणवत्ता भी प्रभावित होगी। कोविड-19 में हमें दिनचर्या व व्यवहार में परिवर्तन लाना होगा। शिक्षकों के साथ-साथ छात्रों को भी ऑनलाइन शिक्षा की ट्रेनिंग देनी होगी।
डॉ. पीयूष रंजन अग्रवाल, अवधेश प्रताप यूनिवर्सिटी रीवा:

यूनिवर्सिटी व कॅालेज में केवल कंप्यूटर विभाग के शिक्षक ही ट्रेंड होते हैं। इन पर सभी निर्भर रहते हैं। अब सभी विभाग के शिक्षकों को ट्रेंड होना की जरूरत है। स्टाॅफ, शिक्षक व छात्रों को ऑनलाइन पद्धति के लिए ट्रेंड करना होगा।
डॉ. प्रकाशमनी त्रिपाठी, अमरकंटक यूनिवर्सिटी:

हमें डिजिटल होना ही पड़ेगा। वर्चुअल क्लास रूम की तरफ हमें अब जाना चाहिए। वाइ-बा स्काइप के माध्यम से की जा सकती है, पर प्रायोगिक कार्य व मूल्यांकन ऑनलाइन कैसे हो इस पर विचार करने की जरूरत है।



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औद्योगिक संस्थानों में क्या होंगे बदलाव, कैसे करें नौकरी की तैयारी, इंजीनियरिंग कॉलेज के 20 पूर्व छात्र बताएंगे

गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों को 20 एल्युमिनी कोरोना के प्रभाव से देश और विदेश के औद्योगिक संस्थानों में क्या बदलाव होंगे इसकी जानकारी देंगे। इंजीनियरिंग के छात्र इस दौर में नौकरी की तैयारियां कैसे करें ग्लोबल टॉक सीरीज के जरिए वह बताएंगे। इसके लिए शनिवार का दिन फिक्स किया गया है। जो लाइव प्रोजेक्ट या लाइव फेसबुक पर अपने-अपने जगहों से बच्चों के सामने अपने विचार रखेंगे। कॉलेज के प्राचार्य डॉ बीएस चावला ने इसके लिए उन प्रमुख नामी कंपनी के बड़े अधिकारियों को तैयार कर लिया है जो भारत और दूसरे देशों में बड़े पदों पर बैठे हैं। आने वाले शनिवार से बच्चों को ऑनलाइन जानकारी देने का काम शुरू कर दिया जाएगा। सबसे पहले 1980 बैच के इंजीनियर बच्चों को एनटीपीसी के क्षेत्र में कोरोना वायरस के प्रभाव से नौकरियों में होने वाले बदलाव की जानकारी देंगे। इसके लिए नोएडा के जीएम कमल किशोर बच्चों से रूबरू होंगे। वे बताएंगे कि आने वाले दिनों में बच्चे किस तरह से आगे की पढ़ाई करें। आने वाले दिनों में उनके यहां संस्थान का सीन कैसा होगा। इसके अलावा कुछ और जरूरी जानकारियां भी बच्चों के समक्ष रखी जाएगी। प्राचार्य डॉ चावला का कहना है कि लॉकडाउन की स्थिति में उनके यहां से पढ़कर निकले छात्र बच्चों के कॅरिअर को लेकर काफी संजीदा हैं। इसलिए ही वे ऑनलाइन छात्रों को जरूरी जानकारियां देंगे।
इंजीनियरिंग कॉलेज में ऐसा पहली बार
यहां ऐसा पहली बार हो रहा है जब कॉलेज के कोई 500 छात्रों को सीधे तौर पर उन पूर्व के छात्रों से संवाद करने का मौका मिला है जो उन्हें भरपूर अनुभव देंगे। कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि इससे छात्रों का स्किल डेवलपमेंट होगा और लॉकडाउन के दौरान बड़े संस्थानों की नौकरियों की दिशा किस तरफ जा रही है। देश विदेशों का माहौल किस तरह तैयार हो रहा है यह जानने का अवसर मिलेगा।
अमेरिका व चीन से ऑनलाइन जानकारी देंगे
पहले चरण में एनटीपीसी नोएडा के जीएम कमल किशोर बच्चों से लाइव होने के बाद दूसरे चरण में अमेरिका के एल्युमिनी जुड़ेंगे। इसके बाद तीसरे चरण में चीन से बॉस कंपनी के मैनेजर आशीष गोरे बच्चों से रूबरू होंगे। इसका सीधा फायदा इंजीनियरिंग के क्षेत्र में पढ़ने वाले उन बच्चों को मिलेगा जो सीधे तौर पर इन एल्युमिनी से विचार विमर्श करेंगे। कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि इस दौरान बच्चों को सवाल करने का भी मौका दिया जाएगा।



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अब 6 शहरों से 13200 मजदूरों को 11 ट्रेनों से लाने की तैयारी, साबरमती से 2 ट्रेनें आएगी, राज्य सरकार ने यहां का 506 रु./व्यक्ति किराया भी जमा किया

अब 11 ट्रेनों से 13200 और मजदूरों को देश के 6 अन्य शहरों से लाने का प्लान तैयार किया गया है। यह ट्रेनें लखनऊ, दिल्ली, मुजफ्फरपुर, साबरमती, पठानकोट और विजयवाड़ा से यहां पहुंचेंगी। रायपुर रेलवे मंडल को इसे लेकर पत्र मिल गया है। संभवत: पहली ट्रेन साबरमती से रविवार या सोमवार शाम को बिलासपुर के लिए रवाना होगी। इसके लिए 506रुपए टिकट तय किया गया है। दोनाें ट्रेनों के लिए राज्य सरकार ने 14.52 लाख रुपए किराया चुकाया है।

छत्तीसगढ़ में पैदल मजदूरों के आने का सिलसिला जारी है। महिलाएं और पुरुषों के साथ छोटे-छोटे बच्चे भी सफर को तय कर रहे हैं। बिलासपुर में इन बच्चों को निगम की ओर से मास्क दिए गए। फिर बसों से घर भेजा गया।

सात ट्रेनों का भी किराया देने की चल रही तैयारी

  • दिल्ली से बिलासपुर, मुजफ्फरपुर से रायपुर के लिए एक-एक, लखनऊ से रायपुर तक 3 और लखनऊ से भाटापारा तक 2 ट्रेनें चलेंगी
  • पठानकोट से चांपा और फिर विजयवाड़ा से बिलासपुर वाली ट्रेन आएगी। विजयवाड़ा से बिलासपुर के लिए प्रति व्यक्ति 505 रुपए है।
  • लखनऊ से रायपुर और लगे हुए जिलों के 3600 मजदूरों को तीन ट्रेनों से लाने की तैयारी है।
  • राज्य सरकार ने इन ट्रेनों में सफर के लिए ऑनलाइन लिंक http:cglabour.nic.in/covid19MigrantRegistrationService.aspx जारी किया है।
  • हेल्पलाइन नंबर 0771-2443809, 9109849992, 7587821800, 7587822800, 9685850444, 9109283986 व 8827773986 पर संपर्क किया जा सकता है।

अन्य राज्यों से आने के लिए ई-पास जरूरी
दूसरे राज्यों में फंसे छत्तीसगढ़ में प्रवेश के लिए जिस जिले में जाना है, वहां के कलेक्टर से भी ई-पास लेना होगा। राज्य के अफसरों का कहना है कि छत्तीसगढ़ आने के लिए राज्य सरकार से अनुमति लेना जरूरी है। राज्य की सीमा पर फंसे लोगों का कहना है कि उन्होंने पहले छत्तीसगढ़ के ई- पास के लिए आवेदन किया था, लेकिन रिक्वेस्ट रिजेक्ट कर दिया गया। आवेदन क्यों रिजेक्ट किया गया। इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी गई।

रेड जोन से आने वालों को परमिशन नहीं
अपर मुख्य सचिव सीएम सुब्रत साहू का कहना है कि दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों को अपने गंतव्य जिले के कलेक्टर से भी यात्रा की अनुमति लेनी होगी। दूसरे राज्य के जिला कलेक्टर की अनुमति से कोई भी केवल राज्य की सीमा तक आ सकता है। अंदर आने के लिए राज्य की परमिशन जरूरी है। साहू ने बताया कि रेड जोन वाले जिलों के लोगों को किसी भी तरह का पास जारी नहीं किया जा रहा है।

ये तस्वीर 9 दिन पहले लखनऊ से आए परिवार की है। साइकिल से पूरा परिवार बिलासपुर पहुंचा तो यहां कोतवाली थाने के सामने उनका स्वास्थ परीक्षण किया गया। इसके बाद इनके गंतव्य मल्हार के लिए रवाना किया गया।

विदेश से आने वालों के लिए नियुक्त किए गए अधिकारी
विदेश में फंसे छत्तीसगढ़ के निवासियों की वापसी में मदद के लिए प्रेरणा अग्रवाल, एएलओ आवासीय कार्यालय नई दिल्ली को लायजन अधिकारी नियुक्त किया गया है। नई दिल्ली में क्वारैंटीन फैसलिटी, स्वयं के व्यय पर छत्तीसगढ़ आने के लिए टैक्सी, बस सेवा जैसी जानकारी के लिए मोबाइल नंबर 9821665267 औरछत्तीसगढ़ सदन की हेल्पलाइन नंबर 011-46156000 पर संपर्क किया जा सकता है। समन्वय के लिए गृह सचिव अरूण देव गौतम से मोबाइल नंबर 94791-90009 पर संपर्क किया जा सकेगा।

छत्तीसगढ़ में कोरोना एक्टिव अब 16

छत्तीसगढ़ में कोराेना संक्रमित पांचऔर मरीज शनिवारकोपूरी तरह से ठीक हो चुकेहैं। स्वस्थ होने वालों में 2 महिलाएं, 2 पुरुष और एक बच्चा शामिल है। बच्चा कबीरधाम का है। जबकि एक व्यक्ति दुर्ग और दूसरा सूरजपुर का रहने वाला है। प्रदेश में अब 16 एक्टिव केस हैं। अब तक कुल 59 संक्रमित पाए गए। अभी तक43 लोग स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं।

  • छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण के अब तक 59 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें क्वारैंटाइन सेंटर से भागे झारखंड के पॉजिटिव दो मजदूरों को जाेड़ दें तो यह संख्या 61 होती है।
  • संक्रमितों में अब तक सबसे ज्यादा कोरबा जिले से 28, सूरजपुर 6, रायपुर 7, दुर्ग 9, कवर्धा 6, राजनांदगांव और बिलासपुर से एक-एक पॉजिटिव मरीज सामने आ चुके हैं।
  • प्रदेश में अब एक्टिव केस की संख्या 16 है। अब सूरजपुर के 3, दुर्ग के 7, कवर्धा के 5 और रायपुर के एक मरीजका इलाज एम्स में चल रहा है।
  • कटघोरा में 16 अप्रैल के बाद कोई नया केस नहीं आया है। वहां के मरीज 4 अप्रैल से भर्ती होना शुरू हुए और सभी 27 की छुट्‌टी हो चुकी है।

ग्रामीण क्षेत्र के क्वारैंटाइन सेंटरों में गाड़ा जाएगा कचरा

प्रवासी मजदूरों के लिए जिले और ब्लॉक में बनाए जा रहे क्वारैंटाइन सेंटर में कोरोना संदिग्धों का कचरा जमीन में गाड़कर नष्ट किया जाएगा। संक्रमित कचरा नष्ट करने की यह तकनीकी पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। अब तक केवल दो ही संभाग रायपुर और बिलासपुर में कोरोना मरीजों के कचरे को गाइडलाइंस के मुताबिक नष्ट करने के सेटअप हैं। जानकारों का कहना है कि वेस्ट को नष्ट करने के लिए गड्ढा इतना गहरा खोदना होगा, ताकि मवेशी या जानवर इसे खोदकर बाहर न निकाल सकें।

कोरोना वेस्ट कोहजार डिग्री में जलाना चाहिए

  • अब तक प्रदेश में करीब 90 हजार से ज्यादा लोग क्वारैंटाइन पीरियड पूरा कर चुके हैं। केवल शहरों में ही नहीं, गांवों में भी लोगों को क्वारैंटाइन किया गया है।
  • कोरोना और क्वारैंटाइन वेस्ट को एक हजार डिग्री पर जलाकर नष्ट करने का प्रावधान है। जमीन में गड़ाए जाने पर खतरे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है।
  • कोरोना संक्रमण को खतरनाक मानते हुए केंद्र और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से इसको डिस्पोज करने का प्रोटोकॉल तय किया गया है।
  • क्वारैंटाइन में रखे गए लोग भी कोरोना के संदिग्ध माने जाते हैं, लिहाजा उनके द्वारा इस्तेमाल होने वाले किसी भी प्रकार की सामग्री के कचरे से संक्रमण की आशंका बनी रहती है।

कोरोना अपडेट्स

रायपुर : कोरोना से अब तक 6मरीज ठीक हो चुके हैं। इनमें काेई भी मरीज दोबारा बीमार नहीं पड़ा। किसी को न सर्दी, खांसी हुई और न बुखार। मार्च से अब तक कोई मरीज अस्पताल भी नहीं गया। विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना से ठीक होने के बाद दोबारा बीमार नहीं पड़ना राहत वाली बात है। चेस्ट एक्सपर्ट औरकोरोना कोर कमेटी के सदस्य डॉ. आरके पंडा औरनेहरू मेडिकल कॉलेज में माइक्रो बायोलॉजी विभाग के एचओडी डॉ. अरविंद नेरल ने बताया कि स्वस्थ हुए मरीज दोबारा बीमार नहीं पड़े।

बिलासपुर : सिम्स के कोरोना वार्ड में 6 लोग भर्ती थे। अब यहां तीन लोग ही बचे है। बाकी तीन की रिपोर्ट निगेटिव मिलने के बाद उन्हें दूसरे वार्डों में शिफ्ट कर दिया गया है। मीडिया प्रभारी आरती पांडेय के अनुसार, जो भर्ती किए गए हैं, बाहर से आए लोग है और इनमें कोरोना के लक्षण नहीं हैं। कोरोना संक्रमण संदेह पर जिले से कुल 933 सैंपल जांच के लिए भेजा गया था। इनमें707 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। बाहर से आए व्यक्तियों में से 1704 लोगों ने 28 दिन का क्वारैंटाइन पूरा कर लिया है।

भिलाई : ट्रेन से आने वाले मजदूरों की स्टेशन पर रैपिड किट से रेंडमली जांच की जाएगी। इसके लिए 4 डॉक्टरों समेत 21 स्वास्थ्य कर्मियों की टीम बनाई गई है। मजदूरों को आने के बाद सबको दी गई जिम्मेदारियों के संदर्भ में ट्रेंड भी कर दिया गया। उन्होंने बताया कि ट्रेन से आने वाले मजदूरों की संख्या 1000 से ज्यादा है, इसलिए सबकी जांच करना संभव नहीं। ऐसे में उन्होंने हर कोच से कम से कम चार लोगों की सिमटोमेटिक जांच करने की प्लान तैयार किया है।

रायगढ़ : मजदूरों से भरी बस ओडिशा से डोंगरीपाली के ग्राम गिंडोला पहुंची। इससे उतरे 5 लोगों को पंचायत भवन में बनाए गए क्वारैंटाइन सेंटर भेजा गया। ओडिशा में 200 लोग और फंसे हुए हैं। मजदूरों ने बताया कि 28 लोगों ने 1300-1300 रुपए जमा किए और किराए की बस लेकर वापस आए। वहीं, बिलासपुर औरचांपा से श्रमिकों को लाने के लिए बसों का अधिग्रहण भी किया जा रहा है। जिला पंचायत में हफ्तेभर पहले दूसरे राज्यों में फंसे मजदूरों की संख्या 7200 बताई थी। अब यह संख्या 10200 हो चुकी है।



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ये तस्वीर बिलासपुर की है। तेलंगाना के सिकंदराबाद से पैदल चलकर ये मजदूर बोकारो स्टील सिटी (झारखंड) के लिए निकले हैं। शहर में भोजन की तलाश में बैठे इन मजदूरों को प्रशासन की कोई मदद नही मिली। जिसके बाद ये आगे बढ़ गए।




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